इलाज के लिए इन मरीजों को ट्रेन में मिलेगा फ्री ट्रैवल परमिट, SC सख्त
सुनवाई में याचिकाकर्ता ने बताया कि एक गंतव्य तक सीमित अनुमति, हर अस्पताल से अलग पत्र और हर शहर के लिए नई मंजूरी जैसी शर्तें इमरजेंसी इलाज और जल्दी मिलने वाले अपॉइंटमेंट में बड़ी रुकावट बन रही हैं.
पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने बुधवार शाम बांका परिसदन भवन में घोषणा की कि झारखंड स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम का विकास काशी विश्वनाथ मंदिर की तर्ज पर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बांका जिले के मंदार स्थित श्री काशी विश्वनाथ-त्रिपुरेश्वरी महादेव मंदिर का भी सौंदर्यीकरण और कायाकल्प कराया जाएगा। चौबे ने कहा कि धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के विकास से बिहार के पर्यटन को नई पहचान देने की दिशा में सरकार लगातार प्रयासरत है। उन्होंने एक पर्यटन सर्किट विकसित करने की योजना का भी जिक्र किया, जिसके तहत झारखंड के बाबाधाम, भागलपुर के विक्रमशिला और बांका के मंदार को आपस में जोड़ा जाएगा। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करना है। इस पहल से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी। चौबे ने मंदार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं है, बल्कि पौराणिक और ऐतिहासिक दृष्टि से भी इसका विशेष महत्व है। मंदिर के सौंदर्यीकरण से क्षेत्र में पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा उन्होंने जोर दिया कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए आधारभूत संरचनाओं को मजबूत करना आवश्यक है। मंदार स्थित श्री काशी विश्वनाथ-त्रिपुरेश्वरी महादेव मंदिर के विकास और सौंदर्यीकरण से क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय लोगों को सीधा लाभ मिलेगा और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह बांका की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत करेगा। बच्चों को सिर्फ किताबी शिक्षा देना पर्याप्त नहीं इस दौरान, पूर्व केंद्रीय मंत्री ने नई पीढ़ी के भविष्य पर भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि बच्चों को केवल किताबी शिक्षा देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके समग्र विकास के लिए नैतिक और वैचारिक शिक्षा भी आवश्यक है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की शिक्षा के साथ उनके संस्कार और अनुशासन पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया। चौबे ने कहा कि आज की पीढ़ी ही देश का भविष्य है, इसलिए बच्चों में जिम्मेदारी, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना महत्वपूर्ण है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन का भी उल्लेख किया और विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष छात्र हितों से जुड़े मुद्दों के समाधान पर गंभीरता से विचार करने के बजाय राजनीतिक लाभ लेने में व्यस्त रहा। छात्र और युवा देश की भविष्य की शक्ति हैं, इसलिए उनकी समस्याओं के समाधान के लिए गंभीर और सकारात्मक पहल होनी चाहिए। इथेनॉल और ई-20 पर शोध की जरूरत इथेनॉल और ई-20 ईंधन के संबंध में अश्विनी चौबे ने कहा कि देश को इसके बेहतर परिणाम मिल सकते हैं, लेकिन इसके लिए व्यापक शोध और वैज्ञानिक अध्ययन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वैकल्पिक ईंधन के क्षेत्र में संभावनाओं को तलाशते समय पर्यावरण, वाहनों और किसानों पर पड़ने वाले प्रभावों का गहराई से अध्ययन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सही तरीके से आगे बढ़ने पर वैकल्पिक ईंधन देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ कृषि क्षेत्र को भी नई दिशा दे सकता है। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष बृजेश मिश्रा, समाजसेवी राहुल डोकानिया, देवशीष पांडे, भाजपा कार्यकर्ता मुकेश सिन्हा सहित कई लोग मौजूद रहे।
हरियाली अमावस्या पर राजसमंद में उमड़ा आस्था और पर्यटन का सैलाब, मंदिरों में विशेष आयोजन
हरियाली अमावस्या पर राजसमंद में मंदिरों और पर्यटन स्थलों पर भीड़ उमड़ी। नौचोकी पाल पर मेला, भजन, झूले और विशेष आयोजन आकर्षण रहे।
Jhansi: हेरिटेज बांधों की सूची में शामिल हुआ डेढ़ सौ साल पुराना पारीछा बांध, पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
पारीछा बांध से उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के पांच जिलों को सिंचाई के लिए पानी मिलता है। हेरिटेज सूची में शामिल होने से यहां पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
देहरादून के गांवों में छिपे पर्यटन खजाने अब आएंगे सामने, बनेंगे आकर्षण का केंद्र
दून जिले में अब मसूरी व सहस्रधारा तक सीमित न रहकर गांवों के मंदिर, झरने और ऐतिहासिक स्थल नए पर्यटन केंद्र बनेंगे। ग्राम्य विकास विभाग ने 409 ग्राम पंचायतों में स्थलों की पहचान शुरू की है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
कूनो में चीतों के साथ पर्यटन भी बढ़ेगा: सफारी का प्रस्ताव
श्योपुर | कूनो नेशनल पार्क में चीतों की बढ़ती संख्या के साथ लंबे समय से अटकी सेसईपुरा चीता सफारी परियोजना अब फिर आगे बढ़ती नजर आ रही है। करीब दो साल से ठंडे बस्ते में चल रहे इस प्रोजेक्ट का प्रस्ताव जिला मुख्यालय से मध्यप्रदेश वन विभाग को भेज दिया गया है। अब शासन स्तर से जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद है। कूनो से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, मंजूरी मिलते ही डीपीआर तैयार करने का काम शुरू होगा। इसके बाद अगले छह महीने में परियोजना का काम धरातल पर शुरू करने का लक्ष्य है।
Hamirpur (Himachal) News: 13 रूटों पर टेंपो ट्रैवलर की राह साफ, 34 पर नहीं कोई दावेदार
Path cleared for Tempo Travellers on 13 routes; no bidders for 34 routes.
MACH Travel Q1 Results: ट्रैवल कंपनी का मुनाफा 307% बढ़ा, रेवेन्यू में भी तगड़ा उछाल
MACH Travel Q1 Results: मुंबई की मैक ट्रैवल सॉल्यूशंस लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा। रेवेन्यू में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई। मुनाफे में भी तेज उछाल आया।MACH Travel Solutions को पहले MACH Conference & Events Ltd के नाम से जाना जाता था। कंपनी का कहना है कि अब सिर्फ MICE कारोबार तक सीमित नहीं रहना चाहती। उसका फोकस टेक्नोलॉजी आधारित और अलग-अलग तरह की ट्रैवल सेवाओं वाला प्लेटफॉर्म बनाने पर है।मुनाफा 307% बढ़ाकंपनी का टैक्स के बाद मुनाफा यानी PAT भी तेजी से बढ़ा। यह सालाना आधार पर 307% बढ़कर ₹6.17 करोड़ हो गया। वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में कंपनी का PAT ₹1.52 करोड़ था।अन्य आय समेत EBITDA ₹8.92 करोड़ रहा। EBITDA मार्जिन 6.09% रहा। कंपनी ने बताया कि कारोबार के विस्तार और नए ग्रोथ वर्टिकल में निवेश से ऑपरेशनल प्रदर्शन को मदद मिली।रेवेन्यू 538% बढ़कर ₹144 करोड़जून 2026 को खत्म हुई तिमाही में कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू ₹144.33 करोड़ रहा। एक साल पहले की समान तिमाही में यह ₹22.62 करोड़ था।इस तरह रेवेन्यू में सालाना आधार पर करीब 538% की बढ़ोतरी हुई। कंपनी के मुताबिक, इसका फायदा उसके अलग-अलग बिजनेस वर्टिकल से मिला। तिमाही के दौरान कॉरपोरेट ट्रैवल, MICE, B2B, लेजर और सरकारी व संस्थागत प्रोजेक्ट्स से कारोबार को सपोर्ट मिला।GMV ₹252 करोड़ रहाMACH Travel Solutions ने इस तिमाही से पहली बार ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू यानी GMV का आंकड़ा देना शुरू किया है। Q1 FY27 में कंपनी का GMV करीब ₹252 करोड़ रहा। यह कंपनी के अलग-अलग बिजनेस में हुए कुल ट्रैवल ट्रांजैक्शन का पैमाना बताता है।कंपनी का कहना है कि GMV का आंकड़ा शेयरधारकों और निवेशकों को कारोबार के वास्तविक पैमाने को समझने में मदद करेगा।MICE से आगे बढ़ रही कंपनीMACH Travel Solutions का कारोबार पहले मुख्य रूप से MICE (Meetings, Incentives, Conferences and Exhibitions) पर केंद्रित था। अब कंपनी अपने कारोबार को दूसरे क्षेत्रों में भी फैला रही है। कॉरपोरेट ट्रैवल, B2B, लेजर और सरकारी व संस्थागत प्रोजेक्ट्स इसके नए ग्रोथ इंजन बन रहे हैं। कंपनी का कहना है कि इससे कारोबार के लिए ज्यादा व्यापक आधार तैयार हो रहा है।कंपनी ने तिमाही में बड़े घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स पर काम जारी रखा। साथ ही अपनी ऑपरेशनल पहुंच और टेक्नोलॉजी आधारित ट्रैवल मैनेजमेंट क्षमताओं को भी मजबूत किया।पिछले निवेश का असर दिखने लगाMACH Travel Solutions के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर अमित भाटिया ने कहा कि Q1 FY27 कंपनी के लिए अहम पड़ाव है। उन्होंने कहा कि कंपनी अब MICE-केंद्रित कारोबार से आगे बढ़कर कई ग्रोथ इंजन वाले टेक्नोलॉजी-इनेबल्ड ट्रैवल प्लेटफॉर्म की ओर बढ़ रही है।कंपनी को आने वाली तिमाहियों के लिए भी मजबूत बिजनेस पाइपलाइन की उम्मीद है। इससे कॉरपोरेट ट्रैवल, MICE, B2B, लेजर और सरकारी प्रोजेक्ट्स से ग्रोथ जारी रहने की संभावना है।मैक ट्रैवल सॉल्यूशंस का शेयर बुधवार को 1.76% बढ़कर 171 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 1 साल में स्टॉक 28.57% चढ़ा है।(ANI से इनपुट के साथ)IRCON Q1 Results: सरकारी रेल कंपनी का मुनाफा 44% घटा, रेवेन्यू और ऑपरेटिंग प्रॉफिट बढ़ाDisclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
हर किसी को घूमने-फिरने का शौक होता है और विदेश तो हर कोई जाना चाहता है। खासकर स्विट्जरलैंड जैसी खूबसूरत जगह, जहां बर्फ से ढके पहाड़, खूबसूरत नजारे, हरे-भरे मैदान देखने को मिलते हैं। लेकिन यहां जाना हर किसी के बस की बात नहीं होती है। होटल, फ्लाइट, खाना-पीना, घूमने आदि का खर्च लाखों में पहुंच जाता है। इस कारण कई लोगों का यह सपना अधूरा रह जाता है। लेकिन अच्छी बात यह है कि भारत में ऐसी कुछ जगहें हैं, जिनको देखकर आपको यूरोप वाली फीलिंग आएगी। इन जगहों पर आपको खूबसूरत लेक्स, बर्फीले पहाड़, हसीन वादियां और कलरफुल फ्लावर्स देखने को मिलेंगी। ऐसे में अगर आपका बजट कम है और ऐसी जगहों को एक्सप्लोर करना चाहती हैं, तो आपको ऐसा महसूस होगा कि आप स्विट्जरलैंड पहुंच गई हैं। इसे भी पढ़ें: Long Weekend Travel Plan: अगस्त की छुट्टियों में Udaipur और Coorg की हरियाली और Monsoon नजारों का उठाएं लुत्फ खज्जियार ज्यादातर लोग खज्जियार को भारत का 'मिनी स्विट्जरलैंड' कहते हैं। हिमाचल के चंबा में स्थित यह जगह हरी-भरी घास, देवदार के घने जंगलों और खूबसूरत मैदानों के लिए जानी जाती है। यहां का खज्जियार लेक वालर एरिया देखने में किसी यूरोपियन पोस्टकार्ड जैसा लगता है। मॉनसून और गर्मियों में यहां की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है। अगर आप भी प्रकृति के बीच समय बिताना पसंद करती हैं, तो आपको खज्जियार आना चाहिए। युमथांग वैली सिक्किम की युमथांग वैली को वैली ऑफ फ्लावर्स भी कहा जाता है। यह जगह स्विट्जरलैंड जैसी लगती है। यहां पर दूर-दूर तक फैले फूलों के मैदान, सुंदर नदियां, बर्फ से ढके पहाड़ किसी यूरोपियन देश वाला फील देती हैं। गर्मियों में यहां रंग-बिरंगे फूल खिलते हैं। जिससे पूरी वैली बेहद खूबसूरत दिखाई देती है। ऐसे में अगर आपको फोटोग्राफी का शौक है, तो आपको यहां जरूर आना चाहिए। गुलमर्ग माना जाता है कि अगर धरती पर कहीं स्वर्ग है, तो वह कश्मीर है। यहां के गुलमर्ग की गिनती भारत के सबसे खूबसूरत टूरिस्ट प्लेस में होती है। गुलमर्ग के बेहद खूबसूरत पहाड़, हरे-भरे घास के मैदान और ठंडी वादियां यहां आने वाले पर्यटकों को स्विट्जरलैंड की याद दिलाती हैं। गर्मियों में यहां की हरियाली और फूलों से भरे मैदान देखने लायक होते हैं। मुनस्यारी अगर आप किसी शांत जगह पर स्विट्जरलैंड वाला फील लेना चाहती हैं। तो आप मुनस्यारी जा सकती हैं। यह जगह अपने शांत वातावरण के लिए जानी जाती है। अगर आपको भी प्रकृति के बीच सुकून भरे पल बिताना चाहती हैं, तो आपको यहां जरूर आना चाहिए।
वर्ल्ड एलिफेंट डे पर वर्ल्ड एनिमल प्रोटेक्शन ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर आमेर किले में संचालित हाथी सवारी बंद करने की मांग की है। संस्था का कहना है कि हाथियों को पर्यटकों की सवारी के लिए इस्तेमाल करने की बजाय उनके लिए प्राकृतिक अभयारण्य जैसा वातावरण विकसित किया जाना चाहिए, जहां लोग उन्हें उनके स्वाभाविक व्यवहार के साथ सुरक्षित दूरी से देख सकें। इस मांग के समर्थन में संस्था के प्रतिनिधियों ने छोटे बच्चों के साथ हाथियों के संरक्षण के लिए नारे भी लगाए। यह कार्यक्रम जवाहर सर्किल पर आयोजित किया गया। संस्था ने बताया कि हर साल 12 अगस्त को विश्व हाथी दिवस हाथियों के संरक्षण और उनके प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। प्रशिक्षण प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल संस्था ने हाथियों को प्रशिक्षित करने के लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल उठाए। उनका दावा है कि जंगली हाथियों को इंसानी आदेशों का पालन कराने के लिए कई जगह कभी-कभी कठोर ट्रेनिंग से गुजरना पड़ता है। संस्था ने इसे ‘द क्रश’ यानी ‘The Crush’ नाम की प्रक्रिया से जोड़ा है। इससे हाथियों को शारीरिक और मानसिक पीड़ा झेलनी पड़ती है। संस्था का आरोप है कि आमेर में कुछ वृद्ध और बीमार हाथियों से भी काम करवाया जाता है। सुरक्षा के मुद्दे पर जताई चिंता वर्ल्ड एनिमल प्रोटेक्शन इंडिया के वाइल्डलाइफ कैम्पेन मैनेजर शुभोब्रतो घोष ने कहा कि यह केवल पशु कल्याण का नहीं, बल्कि पर्यटकों, महावतों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा का भी विषय है। हाथी बेहद बुद्धिमान, सामाजिक और संवेदनशील वन्यजीव हैं। लंबे समय तक तनाव और शारीरिक या मानसिक परेशानी झेलने के चलते उनका व्यवहार अप्रत्याशित हो जाता है। पिछले कुछ वर्षों में आमेर किले में तनावग्रस्त हाथियों के आक्रामक होने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे पर्यटकों, महावतों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ। चंचल हाथी का जिक्र वर्ल्ड एनिमल प्रोटेक्शन ने अपने बयान में चंचल नाम की हथिनी का भी जिक्र किया है। संस्था के अनुसार 2025 में एक फोटोशूट के दौरान रूसी कलाकार जूलिया बुरुलेवा ने चंचल को गुलाबी रंग से रंगा था। इसी साल उस हथिनी की मौत हो गई। संस्था ने बंदी हाथियों के कल्याण और उनके साथ होने वाले व्यवहार पर सवाल उठाए। क्रूरता-मुक्त पर्यटन मॉडल का सुझाव वर्ल्ड एनिमल प्रोटेक्शन का कहना है कि हमारा उद्देश्य केवल आमेर में हाथी की सवारी बंद करवाना नहीं है, बल्कि इसके स्थान पर एक स्थायी और क्रूरता-मुक्त पर्यटन मॉडल विकसित करना भी है। संस्था ने ऐसे मॉडल का प्रस्ताव रखा है जिसमें पर्यटकों को प्राकृतिक अभ्यारण्य जैसे वातावरण में हाथियों को देखने का अवसर मिले। इस मॉडल के तहत पर्यटक सुरक्षित दूरी से हाथियों को चलते, नहाते, भोजन तलाशते और दूसरे हाथियों के साथ सामाजिक व्यवहार करते हुए देख सकेंगे। संस्था के मुताबिक इससे पर्यटकों को हाथियों के प्राकृतिक व्यवहार और संरक्षण के बारे में जानकारी भी मिलेगी और वन्यजीव पर्यटन को अधिक जिम्मेदार बनाया जा सकेगा। महावतों की आजीविका को लेकर भी योजना संस्था ने प्रस्ताव दिया कि वर्तमान महावतों को विशेष ट्रेनिंग देकर अभ्यारण्य गाइड, शैक्षिक प्रशिक्षक और हाथियों की देखभाल से जुड़े कार्यों में लगाया जा सकता है। दुनिया भर में पर्यटक अब जिम्मेदार और नैतिक वन्यजीव पर्यटन को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसके लिए अधिक शुल्क देने को भी तैयार हैं। संस्था का मानना है कि इस तरह का बदलाव स्थानीय समुदायों के लिए लंबे समय तक आय का स्थायी स्रोत बन सकता है और जयपुर को जिम्मेदार एवं टिकाऊ विरासत पर्यटन के वैश्विक मॉडल के रूप में स्थापित कर सकता है। ‘राजस्थान निर्णायक कदम उठाए’ वर्ल्ड एनिमल प्रोटेक्शन के कंट्री डायरेक्टर गजेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि विश्व हाथी दिवस के मौके पर दुनिया की नजरें राजस्थान पर हैं। उन्होंने राजस्थान सरकार से आमेर किले में हाथी की सवारी को समाप्त कर हाथियों को सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन देने की दिशा में ठोस कदम उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि आमेर की हाथी सवारी समाप्त करना वन्यजीव संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता को मजबूत करेगा और हाथियों के लिए अधिक मानवीय भविष्य सुनिश्चित करेगा।
अपनी अनूठी संरचना और ऐतिहासिक महत्व के बावजूद आज भी पर्यटन की मुख्यधारा से दूर है। अंग्रेजों के शासनकाल में लगभग 100 वर्ष पहले दो पहाड़ों को जोड़कर पत्थरों से निर्मित यह उदाहरण माना जाता है।
मुजफ्फरपुर में 'हर घर तिरंगा अभियान' के तहत भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। लेकफ्रंट के कम्युनिटी हॉल से शुरू हुई यात्रा शहीद खुदीराम बोस स्मारक स्थल, कंपनीबाग तक पहुंची। यात्रा में जिले के 11 स्कूलों के सैकड़ों छात्र-छात्राओं के साथ अधिकारी, जनप्रतिनिधि और शहर के गणमान्य लोग शामिल हुए। हाथों में तिरंगा लेकर बच्चे पूरे उत्साह के साथ 'वंदे मातरम्' और 'जय हिंद' के नारे लगाते हुए आगे बढ़े। यात्रा की शुरुआत बिहार सरकार के पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता और जिलाधिकारी कुमार गौरव ने गुब्बारे उड़ाकर की। इस दौरान वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा, नगर विधायक रंजन कुमार समेत जिले के कई वरिष्ठ अधिकारी, पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। करीब एक किलोमीटर तक चली यात्रा के दौरान पूरा माहौल देशभक्ति के रंग में नजर आया। खुदीराम बोस स्मारक पर राष्ट्रगान के साथ हुआ समापन तिरंगा यात्रा कंपनीबाग स्थित शहीद खुदीराम बोस स्मारक स्थल पर पहुंची, जहां राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। यात्रा में जिला स्कूल, चापमैन स्कूल, महिला समेत 11 स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। बच्चों में तिरंगा यात्रा को लेकर खास उत्साह देखने को मिला। ‘तिरंगा स्वाभिमान, एकता और बलिदान का प्रतीक’ पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने कहा कि तिरंगा हमारे स्वाभिमान, एकता और स्वतंत्रता के लिए दिए गए बलिदान का प्रतीक है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि हर घर में तिरंगा जरूर लगाएं और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी व सम्मान को प्रदर्शित करें। जिलाधिकारी कुमार गौरव ने कहा कि प्रधानमंत्री के 'हर घर तिरंगा अभियान' के तहत यह यात्रा आयोजित की गई है। इसमें छात्र-छात्राओं के साथ बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। उन्होंने जिलेवासियों से अपने घरों पर तिरंगा लगाने की अपील की। वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा ने कहा कि तिरंगा यात्रा में बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा था। आजादी के आंदोलन के दौर में भी प्रभात फेरी के माध्यम से लोगों को जोड़ा जाता था। इस तरह की यात्राएं आज भी समाज को जोड़ने और देशभक्ति की भावना को मजबूत करने का काम करती हैं। वहीं, नगर विधायक रंजन कुमार ने कहा कि तिरंगे की शान और राष्ट्रभक्ति के उत्साह से सराबोर यह यात्रा सभी के मन में देशप्रेम की भावना को और प्रगाढ़ करने वाली रही।
प्रमुख पर्यटन व आकर्षण केंद्र के रूप में विकसित होगा जबलपुर का वेस्ट टू वंडर पार्क
मियावकी पद्धति से कम क्षेत्रफल में अधिक संख्या में पौधे लगाकर घना शहरी जंगल विकसित किया जा सकता है। इससे पार्क को हरित क्षेत्र और ऑक्सीजन हब के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।
Rekha Gupta ने दिल्ली में 4 टूरिज्म सर्किट लॉन्च किए, बढ़ाएंगे पर्यटन
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘स्पिरिचुअल एंड हेरिटेज टूरिज्म कॉन्क्लेव-2026’ के दौरान मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी के चार आध्यात्मिक और विरासत पर्यटन सर्किट की शुरुआत की। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई है। बयान के मुताबिक, अक्षरधाम मंदिर में आयोजित इस सम्मेलन की थीम ‘दिल्ली: द कैपिटल ऑफ स्पिरिचुअलिटी, हेरिटेज एंड एक्सपीरियंसेज’ है और इसका उद्देश्य दिल्ली की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को एकीकृत पर्यटन अनुभव के रूप में देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करना और राजधानी को ‘ट्रांजिट सिटी’ से ‘डेस्टिनेशन सिटी’ के रूप में विकसित करना है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने दिल्ली के चार आध्यात्मिक और विरासत पर्यटन सर्किट की शुरुआत की। इस दौरान आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने बताया कि इन चार सर्किट के जरिए दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में स्थित धार्मिक, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थलों को एक यात्रा अनुभव के रूप में जोड़ा गया है। उसने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि दिल्ली आने वाले पर्यटक केवल कुछ प्रमुख स्मारकों को देखकर वापस न लौटें, बल्कि राजधानी की विविध आस्था, इतिहास, वास्तुकला, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं को करीब से अनुभव करें और यहां अधिक समय बिताएं। गुप्ता ने कहा, “दिल्ली को केवल कुछ प्रसिद्ध स्मारकों तक सीमित करके नहीं देखा जा सकता। यह भारत की विविध संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिक चेतना का जीवंत प्रतिबिंब है। इंद्रप्रस्थ से लेकर विभिन्न ऐतिहासिक कालखंडों तक दिल्ली ने भारत के इतिहास को अपने भीतर संजोया है और राजधानी का प्रत्येक क्षेत्र अपने भीतर कोई न कोई कहानी, परंपरा और विरासत समेटे हुए है।”उन्होंने कहा कि दिल्ली की पहचान केवल लाल किला, पुराना किला और हुमायूं के मकबरे जैसे ऐतिहासिक स्मारकों तक सीमित नहीं है। गुप्ता ने कहा कि यहां अक्षरधाम जैसे विश्वस्तरीय आध्यात्मिक एवं वास्तुशिल्प स्थल हैं, वहीं मंदिरों, गुरुद्वारों, चर्चों, मस्जिदों, बौद्ध और जैन धार्मिक स्थलों की समृद्ध परंपरा भी मौजूद है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की सबसे बड़ी खूबसूरती इसकी विविधता में एकता है। उन्होंने कहा कि देश के लगभग हर राज्य के लोग दिल्ली में रहते हैं और अपनी संस्कृति, परंपराओं एवं त्योहारों को यहां जीवंत रखते हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इन सर्किट का उद्देश्य केवल अलग-अलग पर्यटन स्थलों को जोड़ना नहीं, बल्कि दिल्ली को एक पूर्ण पर्यटन अनुभव के रूप में विकसित करना है। उन्होंने कहा, “पर्यटक यहां दिल्ली की आध्यात्मिकता, इतिहास, वास्तुकला, संस्कृति, खान-पान, लोक परंपराओं और विविध आस्थाओं को महसूस कर सकें। सरकार का प्रयास है कि दिल्ली आने वाला पर्यटक केवल कुछ घंटों या एक दिन के लिए यहां न रुके, बल्कि अधिक समय तक ठहरे और राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में घूमे। इससे होटल, रेस्तरां, टूर ऑपरेटर, स्थानीय गाइड, कलाकार, कारीगर और छोटे उद्यमियों के लिए रोजगार तथा आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर भी पैदा होंगे।
बीसीआई टूरिज्म के वर्क प्लेस विजिट में पर्यटन और संस्कृति पर हुआ मंथन
स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में बीसीआई टूरिज्म ने अर्बन स्क्वायर मॉल में विशेष वर्क प्लेस विजिट एवं देशभक्ति संवाद कार्यक्रम आयोजित किया। बीसीआई के फाउंडर एवं चेयरमैन मुकेश माधवानी, टूरिज्म अध्यक्ष डॉ. श्रद्धा गट्टानी और आर्किटेक्ट सुनील लढा के नेतृत्व में सदस्यों ने मॉल का दौरा कर पर्यटन, व्यापार, मनोरंजन और उदयपुर की ब्रांडिंग को लेकर चर्चा की। सदस्यों ने विशेष चित्रांकन में रंग भरकर एकता, देशप्रेम और सांस्कृतिक विरासत का संदेश दिया।
राजधानी दिल्ली को सिर्फ ट्रांजिट सिटी के बजाय देश-दुनिया के पर्यटकों के लिए पूर्ण पर्यटन गंतव्य बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने मंगलवार को चार नए आध्यात्मिक एवं विरासत पर्यटन सर्किट शुरू किए।
राजौरी की ऐतिहासिक लाह वाली बावली के जीर्णोद्धार और संरक्षण के लिए राज्य सरकार ने 5.78 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।
Kushinagar News: ईको-टूरिज्म का ‘आइकॉन’ अधूरा, हैंडओवर कर पर्यटन विभाग ने झाड़ा पल्ला
हाटा तहसील क्षेत्र के रामपुर सोहरौना ताल को प्रदेश के बड़े ईको-टूरिज्म ''''आइकॉन'''' के रूप में चमकाने का दावा किया गया था।
जयपुर को पंच गौरव कार्यक्रम में 287.77 लाख की मंजूरी, महिला सशक्तिकरण से पर्यटन तक बढ़ेगा दायरा
जयपुर में पंच गौरव कार्यक्रम के तहत 287.77 लाख रुपये स्वीकृत, महिला सशक्तिकरण, आंवला, लिसोड़ा, कबड्डी और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
American Express Platinum Travel cardholders face major changes to milestone bonuses and lounge access starting September 2026. 10
घुमक्कड़ लोगों को घूमने का सिर्फ मौका ही चाहिए। अगर आप भी अगस्त में घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो आपको बता दें कि, इस महीने में लंबी छुट्टी मिलने वाली है। दरअसल, 15 अगस्त को शनिवार है और इसके अगले दिन रविवार है। वहीं, आप 14 अगस्त यानी के शुक्रवार की एक छुट्टी ले लें तो आपके पास करीब तीन दिनों का समय हो जाएगा। इन तीन दिनों में आप किसी भी अच्छी जगह पर घूमने जा सकते हैं। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि अगस्त के महीने में किन जगहों पर घूमने जा सकते हैं। आइए आपको बताते हैं Independenc Day Weekend पर 3 दिन की छोटी-सी ट्रिप का प्लान बना सकती हैं। मसूरी उत्तराखंड यदि आप शहर की भीड़ और शोर से दूर, कहीं सुकून भरी जगह पर घूमने जा रहे हैं, तो आप मसूरी जा रही है। अगस्त में यहां पर बारिश होती है। जिससे पहाड़िया हरी-भरी नजर आती हैं। बादलों से घिरे पहाड़ और ठंडा मौसम आपको शांति का एहसास कराएगा। तीन दिन में आप माल रोड पर बिंदास होकर घूम सकते हैं, आसपास के नजारे देख सकते हैं। ध्यान रखें कि मौसम को देखकर ही ट्रिप का प्लान बनाएं। क्योंकि इस दौरान यहां बारिश भी हो सकती है। मुन्नार, केरल बरसात के मौसम में केरल के मुन्नार का नजारा भी काफी खूबसूरत देखने को मिलता है। मुन्नार अपने चाय के बागानों और पहाड़ी नजारों के लिए काफी लोकप्रिय है। ऐसे में आप आपको हरियाली पसंद है, तो आप 3 दिन के लिए यहां जा सकती हैं। बारिश में मुन्नार जाते समय छाता और रेनकोट साथ जरुर रख लें। कूर्ग, कर्नाटक मानसून के समय कूर्ग का घूमने का एक अलग ही मजा होता है। कर्नाटक टूरिज्म के अनुसार, बरसात के समय यहां का मौसम कॉफी के बागान हरे-भरे हो जाते हैं और धुंध से पहाड़ियों का नजारा और भी सुंदर दिखता है। सुंदर से हरे-भरे कॉफी के बगान, पहाड़ और झरने देख सकती हैं। Abbey Falls कूर्ग की सबसे खूबसूरत जगह है। आप यहां जरुर जाएं। जब आप यहां जाने का प्लान बनाएं, तो एक बार मौसम की जानकारी जरुर लें। उदयपुर, राजस्थान मानसून के समय आप झील, महल और सुंदर शहर देखना चाहते हैं, तो आप इस बार स्वतंत्रता दिवस की लॉन्ग छुट्टियों पर राजस्थान के उदयपुर जा सकती हैं। अगस्त में यहां की खूबसूरती देखने के लायक होती है। तीन की ट्रिप के अंदर आप सिटी पैलेस, पिछोला लेक और पुराने शहर के आसपास घूम सकते हैं। ट्रिप पर जाने से पहले इन चीजों पर ध्यान दें - अगस्त के समय पहाड़ों पर भारी बारिश होती है, इसलिए जाने से पहले मौसम का हाल और रास्ते जरुर चेक करें। - ट्रेन और फ्लाइट की टिकट पहले ही बुक कर लें। इसके साथ ही होटल रुम पहले से बुक कर लें। - बरसात से बचने के लिए आप वॉटरप्रूफ बैग, छाता, रेनकॉट और क्विक-ड्राय कपड़े अपने साथ ले जाएं। - बरसात के समय रास्तों में फिसलन अधिक देखने को मिलती है, इसलिए अच्छी ग्रिप वाले स्पोर्ट्स या ट्रैकिंग शूज ही पहनें।
Travel Tips: बारिश के इस मौसम में जा सकते हैं आप भी घूमने के लिए इन जगहों पर
इंटरनेट डेस्क। अगस्त का चल रहा हैं इस महीने में आपको छुट्टिया मिलने वाली है और इन छुट्टी में आप चाहे तो घूमने के लिए जा सकते है। ऐसे में आज हम आपको बता रहे है की आप कहा जा सकते है। ये जगह आपकों घूमने के लिए खूब पसंद आएगी। ऐसे में आपको बता रहे है आप कहा जा सकते है। खजुराहो का मंदिर आप इस बार चाहे तो खजुराहो के मंदिर देखने जा सकते है। यह अपनी खूबसूरत चित्रकारी और नक्काशी के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। यह मंदिर मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित है। यहा की वास्तुकला और मूर्तियां पर्यटकों को काफी आकर्षित करती हैं। चिकमंगलूर इसके अलावा आप चाहे तो घूमने के लिए आप चिकमंगलूर जा सकते है। यह कर्नाटक राज्य के दक्षिण पश्चिम भाग में स्थित है। आपको प्रकृति पसंद है और आप प्रकृति प्रेमी हैं तो आपको इस जगह की यात्रा जरूर करनी चाहिए। pc- mahabalipuram.org
New Delhi, 11 अगस्त . दिल्ली की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को पर्यटन के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक अहम पहल करते हुए Chief Minister रेखा गुप्ता ने Tuesday को अक्षरधाम मंदिर परिसर में चार नए टूरिज्म सर्किट लॉन्च किए. इस कार्यक्रम में संबंधित मंत्रालय के विशेष अधिकारियों समेत, ... Read more
दिल्ली अक्षरधाम में 'आध्यात्मिक एवं विरासत पर्यटन सम्मेलन 2026': सीएम रेखा गुप्ता ने लॉन्च किए चार नए टूरिज्म सर्किट
दिल्ली से उज्जैन पहुंचने का सबसे सस्ता तरीका कौन सा? जानिए किराया और पूरा ट्रैवल प्लान
Ujjain Travel Plan: सावन के दिनों में महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन जाने का प्लान कर रहे हैं, तो हम आपको बताएंगे दिल्ली से जाने पर कितना खर्चा आएगा। चलिए आपको पूरा ट्रैवल प्लान समझाते हैं।
जम्मू-कश्मीर में खिलेगा पर्यटन का कारोबार, 6 परियोजनाओं के लिए 524 करोड़ रुपये मंजूर
केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना के तहत जम्मू-कश्मीर को 524.49 करोड़ रुपये की छह पर्यटन परियोजनाएं मंजूर की गई हैं।
Issue of tourism development in Chandauli raised in Rajya Sabha; demand made to include Rajdari-Devdari in Swadesh Darshan 2.0.
गर्मियों में सीमा पार पर्यटन लोकप्रिय
बीजिंग, 10 अगस्त . अब गर्मियों में घूमने का पीक सीजन है. सीमा पार पर्यटन और पारिवारिक यात्रा लोकप्रिय बनी हुई है. 8 और 9 अगस्त को चीन के क्वांगतोंग प्रांत के चूहाई शहर और मकाओ विशेष प्रशासनिक क्षेत्र के बीच स्थित कोंगपेई पोर्ट पर गर्मियों की छुट्टियों के बाद से लोगों की भारी भीड़ ... Read more
राजस्थान : 306 करोड़ रुपए से विकसित होंगे जनजातीय और महाराणा प्रताप पर्यटन सर्किट
jaipur, 10 अगस्त . Rajasthan Government जनजातीय क्षेत्रों को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने के लिए बड़े स्तर पर पर्यटन विकास कार्य कर रही है. इसके तहत प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण, पारंपरिक हस्तशिल्प और लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ-साथ जनजातीय क्षेत्रों में 306 करोड़ रुपए से अधिक की पर्यटन ... Read more
संस्कार कांवड़ यात्रा में शामिल हुए मुख्यमंत्री: बोले- ‘नर्मदा के हर कण में शंकर’, धार्मिक पर्यटन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर सरकार का फोकस
राजस्थान में आदिवासी पर्यटन को नई उड़ान, 306 करोड़ की परियोजनाओं से बदलेगा अंचल
राजस्थान में ट्राइबल टूरिज्म को नई पहचान देने के लिए 306 करोड़ से अधिक की परियोजनाएं, ट्राइबल और महाराणा प्रताप टूरिस्ट सर्किट होंगे विकसित।
जन्माष्टमी से पहले कृष्ण भक्तों को सौगात: UP में शुरू हुआ 3 दिन-2 रात का ‘कृष्ण लीला’ टूर पैकेज, ब्रज दर्शन कराएगा पर्यटन निगम
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 के अंतर्गत राजधानी जयपुर में 19 से 22 अगस्त 2026 तक आयोजित होने वाली अंतरराष्ट्रीय 'ब्रिक्स पर्यटन बैठकों' की तैयारियों को लेकर सोमवार को शासन सचिवालय में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रमुख शासन सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग नवीन जैन ने की।
पन्ना में ‘क्वीन इन मेकिंग’, नई बाघिन के राज की तैयारी; पर्यटन सीजन में बढ़ेगा आकर्षण
आगामी पर्यटन सीजन में पर्यटकों और वन्यजीव प्रेमियों की नजर इस युवा बाघिन पर विशेष रूप से रहेगी। अब देखना होगा कि ‘डायमंड पन्ना’ की धरती पर यह नई पीढ़ी की बाघिन कब अपने स्वतंत्र साम्राज्य की स्थापना करती है और भविष्य में पन्ना की अगली ‘क्वीन’ के रूप में उभरती है।
एक्ट्रेस कृतिका कामरा और गौरव कपूर ने 11 मार्च को शादी की थी। दोनों हाल ही में ग्रीस ट्रिप पर गए थे, जिसकी खूबसूरत झलकियां एक्ट्रेस ने अपने इंस्टाग्राम पर शेयर की हैं। जानिए पोस्ट में क्या कुछ है खास।
पूर्वी लद्दाख के चांगथांग नोमेडिक मेले में उपराज्यपाल ने 1,200 से अधिक पश्मीना पालकों को 1.10 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित की।
पहलगाम हमले के बाद पर्यटन स्थलों की सुरक्षा पर जोर: जम्मू-कश्मीर में क्या बदलेगा; संसदीय समिति ने दिए ये सुझाव
CCTV, हाईटेक निगरानी... जम्मू कश्मीर पर्यटन स्थलों पर बढ़ेगी सुरक्षा
एक संसदीय समिति ने जम्मू कश्मीर के पर्यटन स्थलों की सुरक्षा को लेकर रिपोर्ट सौंपी है. इसमें CCTV कवरेज बढ़ाने, हाईटेक निगरानी और नियमित ऑडिट करने की बात कही गई है.
पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक में 63 साल बाद ट्रैकलेस ट्राम सेवा शुरू करने की योजना पर सरकार विचार कर रही है। यह संकरी सड़कों पर परिवहन सुविधा बढ़ाने और ऐतिहासिक क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने में मदद करेगी।
सीतामढ़ी में बन रहा माता जानकी का मंदिर विश्वस्तरीय होगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ऐलान किया है कि यह मंदिर 31 दिसंबर 2028 तक बनकर तैयार हो जाएगा। पुनौराधाम के विकास से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी।
लखनऊ के धार्मिक पर्यटन को मिलेगी नई पहचान, रक्षा मंत्री ने 16 तीर्थ स्थलों के विकास का भेजा प्रस्ताव
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ में 16 धार्मिक स्थलों के विकास का प्रस्ताव पर्यटन विभाग को भेजा है। इनमें श्री संकट मोचन हनुमान जी मंदिर, खाटू श्याम मंदिर और कई अन्य प्राचीन मंदिर व गुरुद्वारा शामिल हैं, जिनके जीर्णोद्धार और सुविधाओं में सुधार का कार्य होगा।
जम्मू-कश्मीर के पर्यटन स्थलों पर अब एक नया और अभेद्य सुरक्षा घेरा बनेगा। संसद की गृह मामलों की स्थायी समिति की सिफारिशों के बादयह कदम उठाया जा रहा है।
सावन का विशेष महीना भगवान शिव को समर्पित है। इस दौरान भक्तजन भगवान शिव के मंदिरों के दर्शन करने जाते हैं। हर साल लाखों श्रद्धालु 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक महाकालेश्वर उज्जैन के दर्शन के लिए मध्य प्रदेश जरुर आते हैं। दरअसल, उज्जैन की यात्रा न केवल महाकाल मंदिर तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इस शहर के कोने-कोने में अध्यात्म, पौराणिक कथाएं और अद्भुत वास्तुकला की झलक देखने को मिलती है। अगर आप भी उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन का प्लान बना रहे हैं, तो महाकाल दर्शन के अलावा बाद आप इन 5 प्रमुख स्थलों का भी भ्रमण करती है। महांकाल मंदिर के आसपास घूमने की 5 जगह मंगलनाथ मंदिर यदि आप उज्जैन महाकाल मंदिर जा रहे हैं, तो शिप्रा नदी के किनारे पहाड़ी पर स्थित मंगलनाथ मंदिर भी जा सकते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस पवित्र स्थान को मंगल ग्रह (मंगल देव) का जन्मस्थान माना जाता है। जिन लोगों की कुंडली में मंगल दोष या मांगलिक दोष होता है, वे यहां जरुर आएं और विशेष भात पूजा व शांति अनुष्ठान पूजा करवाएं। यदि आप महाकाल मंदिर से ऑटो या कैब बुक कर इस मंदिर तक जा सकते हैं। प्राचीन चिंतामन गणेश मंदिर उज्जैन शहर से थोड़ी दूरी पर स्थित चिंतामन गणेश मंदिर सबसे लोकप्रिय और प्राचीन है। माना जाता है कि यहां श्रद्धापूर्वक दर्शन करने से भक्तों की सभी चिंताएं दूर हो जाती है और मनोकामनाएं भी पूर्ण होती है। अगर आप नए काम की शुरुआत या गाड़ी खरीदने पर लोग सबसे पहले यहां आशीर्वाद लेने जरुर आएं। इस मंदिर तक पहुंचने के लिए आपको सबसे पहले महाकाल मंदिर से लोकल ई-रिक्शा मिल जाएगा। ऐतिहासिक गोमती कुंड अगर आप उज्जैन जा रहे हैं, तो महर्षि सांदीपनि आश्रम परिसर स्थित गोमती कुंड एक प्राचीन जलकुंड है। पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक, अपने गुरु की सेवा और उनकी इच्छा पूरी करने के लिए भगवान श्री कृष्ण ने सभी पवित्र नदियों के जल को यहां एकत्रित किया था। वैसे आज भी इस कुंड का पानी पवित्र माना जाता है। यहां पर जाने के लिए आप रिक्शा लेकर जा सकते हैं। इस्कॉन मंदिर उज्जैन का इस्कॉन मंदिर घूमने के लिए एकदम परफेक्ट है। ऐसे में आप महाकाल दर्शन के बाद यहां जरुर जा सकती हैं। संगमरमर के पत्थरों से बने इस मंदिर में भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी विराजमान हैं। यहां का शांत वातावरण, हरी-भरी वाटिका और शाम की आरती में होने वाला कीर्तन भक्ति में डूबो देता है। आप महाकाल मंदिर से सीधा कैब करके यहां पहुंच सकते हैं। भव्य चार धाम मंदिर उज्जैन के महाकाल मंदिर मार्ग के नजदीक स्थित चार धाम मंदिर एक अनोखा और सुंदर धार्मिक स्थल है। इस मंदिर की स्थापना इसलिए की गई थी कि जो लोग देश के चार मुख्य धामों की यात्रा नहीं कर पाए, वे एक ही स्थान पर चारों धाम के दर्शन कर सकें। आपको इस मंदिर में बद्रीनाख, द्वारका, जगन्नाथ पुरी और रामेश्वरम की मूर्तियां स्थापित की गई हैं। यहां पर वैष्णो देवी के जैसी गुफा भी स्थित है। कैसे पहुंचे उज्जैन? उज्जैन जाने के लिए आप किसी भी रेलवे स्टेशन से उज्जैन जंक्शन तक की टिकट बुक कर सकते हैं। इसके अलावा, आप हवाई जहाज से भी जा सकते हैं, तो उज्जैन के लिए सबसे नजदीकी एयरपोर्ट इंदौर का देवी अहिल्याबाई होलकर अंतर्राष्टीय हवाई अड्डा है। जब आप इंदौर-उज्जैन पहुंच जाएंगे, तो वहां से बस या कैब को बुक कर सकते हैं।
HP Police: महिला ट्रैवलर को 112 इंडिया एप से मिलेगा सुरक्षा कवच, आपातकाल में तुरंत पहुंचेगी मदद
हिमाचल पुलिस ने इसके लिए 112 इंडिया एप के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया है। यह आधुनिक तकनीक आधारित एप महिलाओं, छात्राओं और अकेले यात्रा करने वाले पर्यटकों के लिए डिजिटल सुरक्षा कवच है।
उत्तराखंड की बदलेगी तस्वीर: 350 करोड़ की केंद्रीय योजनाओं से संवर रहा पर्यटन का ढांचा
केंद्र सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उत्तराखंड में करीब 350 करोड़ रुपये के निवेश से पर्यटन अवसंरचना को मजबूत कर रही है। इसका उद्देश्य पर्यटकों का अनुभव बेहतर बनाना, सतत पर्यटन को बढ़ावा देना और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना है।
उदयपुर में ट्रैवल मेला कल, टूर पैकेजों पर मिलेगी छूट
उदयपुर | घूमने-फिरने के शौकीनों के लिए 9 अगस्त को मेक माय ट्रिप उदयपुर स्टोर अशोक नगर स्थित कार्यालय में ट्रैवल मेला आयोजित करेगा। सुबह से शाम तक चलने वाले मेले में ट्रैवल कार्निवल फ्रीडम सेल के तहत ग्रुप टूर पैकेजों पर विशेष छूट और हर बुकिंग पर गारंटेड गिफ्ट दिए जाएंगे। स्टोर संचालक मेहुल नागोरी ने बताया कि पैकेजों में गारंटेड डिपार्चर, होटल, वीजा असिस्टेंस और अनुभवी टूर मैनेजर जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। जैन समाज और शुद्ध शाकाहारी यात्रियों के लिए विशेष जैन फूड व प्योर वेज टूर भी उपलब्ध रहेंगे। मेले में वियतनाम, जापान, बाली, यूरोप, अमेरिका, सिंगापुर-मलेशिया, स्विस-पेरिस, साउथ अफ्रीका और श्रीलंका समेत कई अंतरराष्ट्रीय पैकेज पेश किए जाएंगे।
बालाघाट मुख्यालय के उत्कृष्ट विद्यालय सभागार में शुक्रवार को पर्यटन क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूली बच्चों की टीमों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। मुख्य रूप से पर्यटन पर आधारित यह क्विज दो चरणों में आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में स्कूली विद्यार्थियों और शिक्षकों ने भाग लिया। प्रतियोगिता दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक चली। मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग प्रतिवर्ष स्कूली विद्यार्थियों को राज्य के इतिहास, संस्कृति, पर्यटन स्थलों और प्राकृतिक धरोहर से परिचित कराने के उद्देश्य से इस क्विज प्रतियोगिता का आयोजन करता है। शुक्रवार को आयोजित इस प्रतियोगिता में जिले के सभी 10 विकासखंडों के शासकीय और अशासकीय विद्यालयों की कुल 207 टीमों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता का पहला चरण लिखित परीक्षा के रूप में आयोजित किया गया। इसमें से चयनित शीर्ष छह टीमों ने मल्टीमीडिया राउंड में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस राउंड में शासकीय स्कूल बिरसा की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि शासकीय स्कूल परसवाड़ा की टीम द्वितीय और शासकीय स्कूल वारासिवनी नेवरगांव की टीम तृतीय स्थान पर रही। प्रतियोगिता के नोडल अधिकारी विकास कुमार रघुवंशी ने बताया कि विजेता और उपविजेता टीमों को मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम की ओर से पर्यटन भ्रमण कूपन और मेडल प्रदान किए जाएंगे। जिला स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली टीम को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में बालाघाट जिले का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने यह भी बताया कि इस आयोजन को पर्यटन और स्कूल शिक्षा विभाग संयुक्त रूप से करते हैं।
VIDEO: विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश, पर्यटन मंत्री ने की मंडलीय समीक्षा, निर्माण कार्यों की समीक्षा की
Travel Tips: पहले ज्योतिर्लिंग की भव्यता का अनुभव, जानें Diu Airport और Veraval से पहुंचने का रास्ता
सावन में भगवान शिव के दर्शन के लिए इस बार अगर आप भी गुजरात के सोमनाथ मंदिर जाने का सोच रही हैं। तो आपको मंदिर से जुड़ी जानकारी पता होनी चाहिए। भगवान शिव को समर्पित सोमनाथ मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में पहला ज्योतिर्लिंग माना जाता है। यह मंदिर अपने शांत वातावरण, भव्य वास्तुकला और समुद्र किनारे स्थित होने की वजह से देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको सोमनाथ मंदिर में दर्शन से जुड़े नियमों के बारे में और यहां तक कैसे पहुंचे, इसकी जानकारी देने जा रहे हैं। ऐसे जाएं गुजरात के सोमनाथ मंदिर सोमनाथ मंदिर पहुंचने के लिए सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन वेरावल या सोमनाथ है। इस दौरान आप दीव एयरपोर्ट से भी दर्शन के लिए आ सकती हैं। सोमनाथ मंदिर तक जाने के लिए भारत के करीब सभी बड़े शहरों से सीधी ट्रेन और फ्लाइट मिल जाती है। लेकिन अगर बजट में यहां आना चाहती हैं, तो ट्रेन से आना चाहिए। गुजरात राज्य के सोमनाथ जिले में वेरावल स्टेशन है। यहां से मंदिर की दूरी करीब 6 से 7 किमी है। दीव एयरपोर्ट से मंदिर की दूरी करीब 82 किमी है। यहां तक पहुंचने में आपको 1 घंटे का समय लग जाएगा। इसे भी पढ़ें: Travel Tips: अगस्त में लद्दाख की हसीन वादियों का उठाएं लुत्फ, जानें Booking Details और Full Cost मंदिर के दर्शन से जुड़े जरूरी नियम सोमनाथ मंदिर में कैमरा, मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान लेकर जाने की अनुमति नहीं है। एंट्री गेट के पास ही आपको क्लॉक रूम मिलेगा, यहां पर सामान जमा करवाना होगा। मंदिर में प्रवेश से पहले सिक्योरिटी जांच कराना जरूरी है। मंदिर दर्शन के लिए मर्यादित कपड़े पहनकर जाने पर ही एंट्री मिलेगी। दर्शन के लिए आपको लंबी लाइन में लगना पड़ सकता है। मंदिर परिसर में फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की इजाजत नहीं है। वहीं नियम फॉलो न करने पर आप पर फाइन लग सकता है। आरती के दौरान भक्तों की संख्या ज्यादा होती है। इसलिए समय से पहले पहुंचें। सोमनाथ मंदिर में दर्शन का समय सोमनाथ मंदिर की ऑफिशियल वेबसाइट https://somnath.org/ के मुताबिक मंदिर रोजाना सुबह 06:00 बजे से लेकर रात को 10:00 बजे तक खुला रहता है। मंदिर में रोजाना 3 बार आरती होती है। ऐसे में आप अपने हिसाब से दर्शन का समय प्लान कर सकती हैं। जिससे कि आपको आरती में शामिल होने का मौका मिल जाए। मंगला आरती का समय - सुबह 7:00 बजे राजभोग आरती का समय - दोपहर 12:00 बजे संध्या आरती का समय - शाम 7:00 बजे मंदिर में शाम को लाइट एंड शो भी होता है। रात को 08:00 बजे से 09:00 बजे तक इस शो का आयोजन होता है। हालांकि मौसम के हिसाब से इसका समय बदल सकता है। सोमनाथ मंदिर दर्शन के लिए गुजरात गए लोग अगले दिन भालका तीर्थ, गीता मंदिर, त्रिवेणी संगम, बाण स्तंभ और प्रभास पाटन संग्रहालय भी घूम सकते हैं।
पाली शहर में आरयूआईडीपी के पंचम चरण के तहत 73.17 करोड़ रुपए के विकास कार्य प्रस्तावित हैं। इन कार्यों को लेकर जिला कलक्ट्रेट सभागार में ‘आरयूआईडीपी संवाद’ कार्यक्रम हुआ। इसमें जनप्रतिनिधियों, पूर्व पार्षदों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों और अन्य स्टेक होल्डर्स ने हिस्सा लेकर प्रस्तावित कार्यों पर सुझाव और फीडबैक दिए। इस दौरान जनप्रतिनिधियों ने शहर की सीवरेज व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पहले सीवरेज व्यवस्था ठीक की जाए, इसके बाद नए निर्माण कार्य करवाए जाएं। सीवरेज व्यवस्था को लेकर जनप्रतिनिधियों ने जताई नाराजगी कार्यक्रम के दौरान शहर की बदहाल सीवरेज व्यवस्था को लेकर जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों के सामने समस्या रखी। उन्होंने कहा कि शहर का ऐसा कोई वार्ड नहीं है, जहां लोग सीवरेज की समस्या से परेशान न हों। पूर्व सभापति महेंद्र बोहरा, पूर्व पार्षद हकीम भाई, शिवजीराम जाट, पूर्व उपसभापति मूलसिंह भाटी, ललित प्रितमानी सहित कई जनप्रतिनिधियों ने कहा कि शहर की सीवरेज व्यवस्था को पहले ठीक किया जाना चाहिए। इसके बाद नए निर्माण कार्य करवाए जाएं। 73.17 करोड़ रुपए से प्रस्तावित हैं अलग-अलग काम कार्यक्रम में बताया गया कि आरयूआईडीपी के पंचम चरण के तहत पाली शहर में करीब 73.17 करोड़ रुपए की लागत से अलग-अलग विकास कार्य प्रस्तावित हैं। इनमें एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) के वित्तपोषण से 44.89 करोड़ रुपए की लागत से अपशिष्ट जल प्रबंधन और शोधित अपशिष्ट जल के दोबारा उपयोग से जुड़े काम किए जाएंगे। इसके अलावा 11.78 करोड़ रुपए से बाढ़ प्रबंधन और ड्रेनेज के काम प्रस्तावित हैं। वहीं 16.50 करोड़ रुपए की लागत से कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (सीसीसी), विरासत संरक्षण और पर्यटन से जुड़े काम किए जाएंगे। अपशिष्ट जल और ड्रेनेज के साथ ट्रैफिक पर भी काम अधिकारियों ने बताया कि आरयूआईडीपी के पंचम चरण में शहरों और उनके आसपास के सैटेलाइट नगरों का सुनियोजित और सतत विकास किया जाएगा। इसके तहत अपशिष्ट जल प्रबंधन, ठोस कचरा प्रबंधन, शहरी यातायात सुधार, बाढ़ प्रबंधन, विरासत संरक्षण, पर्यटन विकास और कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जुड़े काम किए जाएंगे। जरूरत के अनुसार कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) से जुड़े काम भी किए जाएंगे। 84 शहरों में 9500 करोड़ रुपए के काम बताया गया कि राज्य सरकार की बजट घोषणा 2025-26 के अनुसार आरयूआईडीपी का पंचम चरण प्रक्रियाधीन है। इसके तहत प्रदेश के 84 शहरों में करीब 9500 करोड़ रुपए की लागत से स्मार्ट और टिकाऊ शहरी विकास के काम किए जाएंगे। इन कार्यों को एशियन डेवलपमेंट बैंक से वित्तपोषित राजस्थान अर्बन लिवेबिलिटी इम्प्रूवमेंट प्रोजेक्ट (RULIP) और विश्व बैंक से वित्तपोषित सस्टेनेबल अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन ऑफ राजस्थान एक्सेलरेटेड (SUTRA) परियोजनाओं के माध्यम से कराया जाएगा। सुझावों को परियोजना में शामिल करने का आश्वासन कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और अन्य स्टेक होल्डर्स ने प्रस्तावित कार्यों को लेकर अपने सुझाव दिए। अधिकारियों ने कहा कि सभी सुझावों की जांच की जाएगी और जरूरी सुझावों को परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन में शामिल किया जाएगा। परियोजना के जरिए शहरों में सुरक्षित, सुव्यवस्थित, पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ शहरी सुविधाएं विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसका उद्देश्य विकसित भारत-2047 और विकसित राजस्थान-2047 के लक्ष्यों में योगदान देना है। ये रहे मौजूद कार्यक्रम में पाली विधायक भीमराज भाटी, पूर्व सभापति महेंद्र बोहरा, पूर्व उपसभापति मूलसिंह भाटी, पूर्व उपसभापति ललित प्रितमानी, रामकिशोर साबू, त्रिलोक चौधरी, अतिरिक्त जिला कलेक्टर डॉ. बजरंग सिंह, उपखंड अधिकारी विमलेन्द्र राणावत सहित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
जबलपुर में पर्यटन क्विज आज, 303 स्कूलों के 909 छात्र दिखाएंगे ज्ञान का दम
प्रतियोगिता में शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों की कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थी शामिल होंगे। प्रत्येक विद्यालय से तीन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की टीम बनाई गई है।
मुज़फ़्फ़रनगर। कांवड़ यात्रा अपने अंतिम और सबसे संवेदनशील चरण में पहुंच चुकी है। लाखों-करोड़ों शिवभक्तों की सुरक्षित और सुचारु यात्रा सुनिश्चित करने के लिए शासन और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है। गुरुवार देर रात करीब 12 बजे मेरठ जोन के एडीजी भानु भास्कर ने सहारनपुर रेंज के डीआईजी अभिषेक सिंह, जिलाधिकारी उमेश कुमार मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के साथ कांवड़ मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने विभिन्न सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया, अधीनस्थ अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और रास्ते में शिवभक्तों से बातचीत कर उनकी यात्रा का हाल भी जाना। इस बार की कांवड़ यात्रा में सुरक्षा व्यवस्था का सबसे अलग और महत्वपूर्ण पहलू शहर की हृदयस्थली शिव चौक पर पहली बार बनाया गया पुलिस मोर्चा रहा। आबकारी पुलिस चौकी के ठीक बाहर विशेष रूप से यह मोर्चा तैयार किया गया है, जहां जमीन से लगभग चार से पांच फुट ऊंचा रैंप बनाकर उस पर मिट्टी से भरे बोरे लगाए गए हैं। इस अस्थायी सुरक्षा संरचना पर हथियारों से लैस पुलिसकर्मी लगातार तैनात रहकर पूरे क्षेत्र पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। पुलिस के अनुसार शिव चौक कांवड़ यात्रा का सबसे व्यस्त और संवेदनशील स्थानों में शामिल है, जहां चौबीसों घंटे लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है। इसी को देखते हुए इस बार पारंपरिक सुरक्षा व्यवस्था से आगे बढ़कर अतिरिक्त रणनीतिक इंतजाम किए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जा सके। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने पहली बार कांवड़ यात्रा के दौरान इस तरह की बॉर्डर जैसी सुरक्षा व्यवस्था देखी है। इससे पहले कभी शिव चौक पर इस प्रकार का पुलिस मोर्चा नहीं बनाया गया था। कांवड़ यात्रा के दौरान जनपद पुलिस, प्रशासन, पीएसी, एटीएस, डॉग स्क्वॉड और अन्य सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। देर रात हुए निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था का सूक्ष्म परीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को सतर्कता के साथ ड्यूटी निभाने के निर्देश भी दिए।
Travel Tips: अगस्त में लद्दाख की हसीन वादियों का उठाएं लुत्फ, जानें Booking Details और Full Cost
क्या आप भी रोजमर्रा की भागदौड़ से थक गए हैं और किसी ऐसी जगह जाना चाहते हैं। जहां पर आसमान सीधे जमीन से मिलता है। ऐसा सुकून मिले, जो आपकी सारी थकान को मिटा दे। नीली झीलें, सुकून भरी ठंडी हवाएं और ऊंचे-ऊंचे पहाड़। दरअसल, हम लद्दाख की बात कर रहे हैं, जो हर घुमक्कड़ की बकेट लिस्ट का अल्टीमेट सपना है। अगर आप भी इस दुनिया को अपनी आंखों से देखने का मन बना रहे हैं, तो आपके लिए एक शानदार खबर है। बता दें कि IRCTC ने आपकी इस ख्वाहिश को पूरा करने के लिए बेहद खास टूर पैकेज पेश किया है, जिसका नाम 'लेह विद तुरतक' है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको इस ट्रिप की पूरी जानकारी देने जा रहे हैं। इसे भी पढ़ें: किन्नौर कैलाश यात्रा का हुआ आगाज: Registration से लेकर Trekking तक, Delhi से जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए पूरी Travel Guide टूर पैकेज की डिटेल्स यह टूर पैकेज 6 रात और 7 दिन का है जोकि 'कम्फर्ट' क्लास का फिक्स्ड डिपार्चर फ्लाइट पैकेज है। इसकी शुरूआत हैदराबाद से होगी। यह ट्रिप 13 अगस्त 2026 को शुरू होगा। इस सफर में पर्यटक लद्दाख की सबसे खूबसूरत और फेमस जगहों को एक्सप्लोर कर सकेंगे। कहां-कहां घूमेंगे यात्री पहले दिन लेह पहुंचकर यात्री आराम करेंगे। जिससे कि वहां के मौसम में ढल सकें। शाम को लोकल मार्केट को एक्सप्लोर करेंगे और अगले दिन लेह पैलेस, शांति स्तूप और भारतीय सेना को समर्पित 'हॉल ऑफ फेम' दिखाया जाएगा। शाम वैली यहां पर यात्रियों को गुरुद्वारा पत्थर साहिब के दर्शन होंगे और आप 'मैग्नेटिक हिल' के उस रहस्यमयी खिंचाव को स्वयं महसूस कर सकेंगे। नुब्रा वैली यात्रा के तीसरे दिन आपको दीक्षित और हुंडर गांव ले जाया जाएगा। यहां आप अपने खर्च पर ऊंट की सवारी का लुत्फ ले सकते हैं। तुरतुक वहीं यात्रा के चौथे दिन भारत के सबसे उत्तरी कोने में बसे तुरतुक गांव को एक्सप्लोर करेंगे। यहां की लाइफस्टाइल और संस्कृति बेहद अनोखी है। पैंगोंग झील वहीं यात्रा के 5वें दिन 120 किमी लंबी, खारे पानी की उस अद्भुत पैंगोंग झील को देखेंगे। यह झील फिल्म '3 इडियट्स' के बाद से टूरिस्ट्स की पहली पसंद बन गई है। यह झील भारत और चीन दोनों देशों में फैली है। वापसी का सफर पैंगोंग से लेग वापस आते समय रास्ते में थिकसे मॉनेस्ट्री, चांगला पास और शे पैलेस के नजारे भी देखने को मिलेंगे। पैकेज में क्या-क्या मिलेगा हैदराबाद से लेह तक आने-जाने की फ्लाइट की टिकट है। स्टे का पूरा इंतजाम है, लेह में 3 रातें, 2 रातें नुब्रा और 1 रात पैंगोंग में स्टे होगा। इस पूरे ट्रिप में 6 बार सुबह का नाश्ता, 6 बार दोपहर का खाना और 6 बार रात का डिनर होगा। घूमने-फिरने के लिए शेयरिंग वाली नॉन-एसी गाड़ी की सुविधा मिलेगी। जरूरी इनर लाइन परमिट, ट्रैवल इंश्योरेंस और स्मारकों की टिकट उपलब्ध होंगे। दूसरे दिन से लेकर छठे दिन तक टूर गाइड और एक खास कल्चरल शो देखने को मिलेगा। हर व्यक्ति को हर दिन एक लीटर पानी की बोतल मिलेगी। इमरजेंसी के लिए गाड़ी में ऑक्सीजन सिलेंडर और सफर में सहायता के लिए IRCTC टूर मैनेजर होंगे। कितना आएगा खर्च अगर आप अकेले सफर पर जाने हैं, तो आपको 55,640 रुपए देने होंगे। वहीं दोनों लोगों के यात्रा करने पर प्रति व्यक्ति किराया 54,380 रुपए देने होंगे। वहीं तीन लोगों संग यात्रा करने पर 48,730 रुपए देने होंगे। अगर आपके साथ 5 से 11 साल का बच्चा है, तो बेड के साथ 36,970 रुपए देने होंगे। लेकिन बच्चों के साथ बिना बेड के 35,780 रुपए देने होंगे। वहीं ट्रिप पर 2 से 4 साल के बच्चे का किराया 35,720 रुपए है। इन बातों का रखें ध्यान ज्यादा ऊंचाई और कम ऑक्सीजन के कारण 'एक्यूट माउंटेन सिकनेस' की समस्या हो सकती है। इसलिए लेह पहुंचने का पहला दिन पूरी तरह से आराम के लिए रखा जाता है। यात्रा से निकलने से पहले आप डॉक्टर से पूछकर कुछ दवाओं को अपने साथ रखें। शरीर को हाइड्रेटेड रखें, इसके लिए समय-समय पर इलेक्ट्रोलाइट्स, ग्लूकोज और पानी आदि पीते रहें। वहीं इस दौरान ज्यादा खाना, शराब और एंटी डिप्रेसेंट दवाओं को लेने से बचना चाहिए। नुब्रा और पैंगोंग के टेंट/कैंप्स लाइट सिर्फ कुछ घंटों के लिए आती है। सुबह नहाने के लिए सोलर या बाल्टी में गर्म पानी मिलता है। पैंगोंग में वाई-फाई, एटीएम, मोबाइल नेटवर्क, बैंक या पेट्रोल पंप की सुविधा नहीं है। इसलिए अपने साथ जरूरी दवाएं और कैश लेकर आएं। अगर आप ट्रिपल शेयरिंग का रूम लेते हैं, तो तीसरे व्यक्ति के लिए सिर्फ एक एक्स्ट्रा गद्दा दिया जाएगा।
सावन का महीना शुरु हो चुका है। ऐसे में शिव भक्त अलग-अलग तीर्थस्थल पर जाने का प्लान करते हैं। इन्हीं में से एक है किन्नौर कैलाश यात्रा। यहां पर जाने का हर किसी का सपना होता है। हिमाचल प्रदेश की प्रसिद्ध किन्नौर कैलाश यात्रा है, जहां हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। वैसे यहां पर पहुंचने के लिए कठिन ट्रेक से गुजरना पड़ता है। यदि आप इस बार किन्नौर कैलाश जाने का प्लान बना रहे हैं, तो पहले इस बारे में सभी जानकारी जान लें। बता दें कि, इस साल 30 जुलाई से किन्नौर कैलाश यात्रा शुरु हो चुकी है, जो कि 10 अगस्त तक चलने वाली है। बिना रजिस्ट्रेशन के किसी भी श्रद्धालु को यात्रा की अनमुति नहीं दी जाएगी। यद आप दिल्ली से यहा पर जाने का प्लान बना रहे हैं, तो एक बार यह ट्रैवल गाइड को जरुर देंख लें। किन्नौर कैलाश यात्रा क्यों है खास? आपको बताते चलें कि, हिमाचल प्रदेस के किन्नौर जिले में स्थित किन्नौर कैलाश भगवान शिव का पवित्र धाम है। यहां पर मौजूद प्राकृतिक शिवलिंग जैसी विशाल चट्टान श्रद्धालुओं के लिए आस्था केंद्र हैं। हर साल सावन में हजारों यहां पर हजारों भक्तजन आते हैं। आपको बता दें कि, यह ट्रेक आसान नहीं है, इसलिए बेहद जरुरी है फिजिकली फिट होना। दिल्ली से कैसे जाएं? पहला स्टेज- दिल्ली से शिमला बता दें कि, दिल्ली से शिमला की दूरी करीब 340-360 किलोमीटर है। इधर से आप बस से भी जा सकते हैं। दूसरा स्टेज- शिमला से रिकांग पियो जब आप शिमला पहुंच जाएंगे, तो रिकांग पियो जाना होगा। जिसकी दूरी करबी 220 किलोमीटर है। यहां से आपको हिमाचल रोडवेज और प्राइवेट बसें दोनों ही मिल जाएंगी। चाहे आप टैक्सी से भी जा सकते हैं। तीसरा स्टेज- रिकांग पियो से टांगलिंग गांव टांगलिंग गांव ही यात्रा का बेस कैंप माना जाता है। बता दें कि, यहीं से किन्नौर कैलाश ट्रेक शुरु होता है। कितना कठिन ट्रैक है? दरअसल, किन्नौर कैलाश ट्रेक की गिनती सबसे कठिन ट्रेक में से एक है। ट्रेकिंग की शुरुआत टांगलिंग गांव से होती है। रास्ते में मिलिंग खाटा और पार्वती कुंड जैसे कहई पड़ाव आते हैं। फिर यहां पर भक्तजन पहुंचते हैं। बता दें कि, यहां की ऊंचाई बहुत ज्यादा है, जिस कारण से सांस फूलना और थकान महसूस होना आम बात है। इसलिए जल्दबाजी करने की बजाय धीरे-धीरे चढ़ाई करें। सबसे जरुरी रजिस्ट्रेशन कराना - आप बिना रजिस्ट्रेशन के यात्रा नहीं कर सकते हैं। - मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट मैंडेटरी है। - प्रत्येक दिन 375 श्रद्धालुओं को ही जाने की अनुमति मिलेगी। - आप ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरह से आप रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। यात्रा में क्या-क्या साथ रखें? - अपने साथ रेनकोट या पोंचो रखें - मौसम बदलता रहता है इसलिए वुलेन जैकेट रखें। - अच्छी ग्रिप वाले ट्रेकिंग शूज पहनें। - टॉर्च अपने साथ रखें। - पानी की बॉटल, जरुरी दवाइयां। - ट्रेकिंग स्टिक - इसके साथ ही खाने के लिए स्नैक्स अपने साथ रखें। यात्रा के समय किन बातों का ध्यान रखें - भूलकर भी शॉर्टकट रास्ते पर न जाए। - अकेले ट्रेक करने से बचें। - प्लास्टिक और कचरा को रास्ते में न फेंके। - यदि मौसम खराब है, तो आगे बढ़ने की कोशिश न करें। - प्रशासन और लोकल गाइड के निर्देशों का पालन करें। - अगर आपको ट्रेकिंग के दौरान कोई परेशानी महसूस हो तो तुरंत आराम करें। कितने दिन का प्लान बनाएं? -पहला दिन: दिल्ली से शिमला - दूसरा दिन: शिमला से रिकांग पियो - तीसरा दिन- टांगलिंग पहुंचकर ट्रेक की शुरुआत होगी - चौथा दिन- किन्नौर कैलाश दर्शन और वापसी - पांचवां दिन: रिकांग पियो से दिल्ली की वापसी
दिल्ली से केदारनाथ कैसे जाएं और कितना होगा खर्चा? जानिए पूरा बजट और ट्रैवल प्लान
Kedarnath Yatra Travel Plan: सावन के महीने में लोग 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक पवित्र धाम केदारनाथ के दर्शन के लिए जाते हैं। अगर आप भी भगवान शिव के दर्शन करने का मन बना रहे हैं, तो यहां पूरा बजट प्लान और रूट जान लीजिए।
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क्या आप भी अगस्त में घूमने का प्लान बना रहे हैं। बरसात के मौसम में घूमने का एक अलग ही मजा होता। चारों तरफ हरियाली और सुकून भरा मौसम होता है। इस बीच, भारतीय रेलवे ने अगस्त 2026 के कई टूर पैकेज को लाइव किया है। इन पैकेज की सबसे बड़ी खासियत यह ही कि इनमें भारत के फेमस हिल स्टेशन, प्राकृतिक पर्यटन स्थल, धार्मिक स्थल और सांस्कृतिक विरासत से संबंधित कई जगहों पर घूमने का अवसर प्राप्त होगा। मानसून के दौरान शिमला, मनाली, दार्जिलिंग, ऊटी, मुन्नार और नैनीताल जैसी जगहों पर भी इन पैकेज के जरिए मस्त घूमा जा सकता है। आइए आपको इस लेख में बताते हैं मानसून के समय घूमने का शानदार पैकेज। IRCTC के अगस्त टूर पैकेज से सिक्किम जाएं घूमने बारिश के मौसम में सिक्किम का नजारा देखने लायक होता है। अगस्त के महीने में यदि आप भी सुंदर पहाड़ी और बदलों के बीच खोना चाहते हैं, तो आप सिक्किम टूर पैकेज जरुर बुक करें। यहां के खूबसूरत झरने, हरे-भरे पहाड़ और करीब से उड़ते हुए बादल आपको देखने को मिल जाएंगे। वैसे यह जगह प्राकृतिक सुंदरता के लिए जानी जाती है, इसके साथ ही यहां पर शांति काफी देखने को मिलती है। पैकेज की डिटेल्स - पैकेज का नाम SIKKIM SILVER - पैकेज कोड: EHH121 - समय: 5 रातें/6 दिन - पैकेज की शुरुआत: बागडोगरा / न्यू जलपाईगुड़ी - डेस्टिनेशन (घूमने की जगहें): दार्जिलिंग / गंगटोक / कलिम्पोंग - पैकेज की शुरुआत: 03 अगस्त 2026 - यात्रा कैसे होगी? बस सिक्किम टूर पैकेज फीस क्या है? गौरतलब है कि सिक्किम में गाड़ियों का किराया काफी ज्यादा होता है, ऐसे में आप पैकेज से जाएंगी ,तो आपको काफी फायदा मिलेगा। इस पैकेज में आपको 5 रातें/6 दिन के लिए होटल, घूमना-खाना और इंश्योरेंस जैसी तमाम सुविधाएं इसमें शामिल है। वैसे आप अलग बुक करेंगी तो आपको काफी महंगा पड़ सकता है। पैकेज फीस - 2 लोगों के साथ यात्रा करने पर प्रति व्यक्ति फीस ₹29,350 है। - 3 लोगों के साथ यात्रा करने पर पैकेज फीस प्रति व्यक्ति ₹22,700 है। - 4 लोगों का ग्रुप: ₹22,500 प्रति व्यक्ति - 6 लोगों का ग्रुप: ₹18,610 प्रति व्यक्ति Deluxe कैटेगरी - 2 लोगों के साथ यात्रा करने पर ₹37,350 प्रति व्यक्ति फीस होगी। - 3 लोगों के साथ यात्रा करने पर ₹28,700 प्रति व्यक्ति फीस देनी होगी। - 4 लोगों का ग्रुप: ₹30,500 प्रति व्यक्ति -6 लोगों का ग्रुप: ₹26,610 प्रति व्यक्ति सिक्किम पैकेज में क्या सुविधाएं मिल रही हैं? दरअसल, पिक-सीजन के मुकाबले प्रति व्यक्ति 8000 से 10,000 रुपये की सीधी बचत देखने को मिलेगी। इसके अतिरिक्त कई जगहों के लिए परमिट बनवाना पड़ता है। इस पैकेज को बुक करने से ट्रांसपोर्ट और होटल का मैनेजमेंट टूर कंपनी करती है। इसलिए आपका समय और मेहनत दोनों ही बच जाएंगे। - होटल प्रति व्यक्ति के अनुसार है। - जहां भी आप इस पैकेज में घूमने जाएंगे, वहां आप शेयरिंग वाहन से जाएंगे। - नाश्ता और रात का भोजन शामिल है। - इस पैकेज में आपको यात्रा बीमा भी मिलेगा।
देश के ज्यादातर राज्यों में मानसून ने दस्तक दे दी है। कई जगहों पर बारिश से मौसम बेहद सुहावना हो गया है। तो कहीं बादल आफत बनकर बरसते हैं, तो कई पहाड़ी इलाकों पर लैंडस्लाइड, सड़कें बंद होने की समस्याएं देखने को मिल रही है। ऐसे में अगर आप भी इन जगहों पर घूमने की प्लानिंग कर रहे थे, तो इस यात्रा को टालना बेहतर होगा। लेकिन अच्छी बात यह है कि आपको अपनी छुट्टियां पूरी तरह से कैंसिल करने की जरूरत नहीं है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको 4 ऐसे हिल स्टेशन के बारे में बताने जा रहे हैं कि मानसून के दौरान आप इन जगहों को एक्सप्लोर कर सकते हैं। वहीं यह जगहें सेफ भी हैं और आपकी ट्रिप भी यादगार बनेगी। शिमला मॉनसून में घूमने के लिए शिमला अच्छी जगह है। पहाड़ों की रानी कहलाने वाला शिमला मॉनसून के दौरान बेहद खूबसूरत नजर आता है। यहां पर आप जाखू मंदिर के दर्शन कर सकते हैं। चाय के साथ पहाड़ों पर तैरते बादलों और मनमोहक नजारों का आनंद ले सकते हैं। इसे भी पढ़ें: Travel Tips: मानसून सीजन में बना लें तमिलनाडु के इन 5 हिल स्टेशंस का प्लान, हमेशा कि लिए यादगार बन जाएगी ट्रिप कूनूर मॉनसून में आप तमिलनाडु में स्थित कुनूर भी घूमने के लिए जा सकते हैं। यह एक बेहद खूबसूरत और शांत हिल स्टेशन है। यहां पर हरे-भरे चाय के बागान और भी अधिक खूबसूरत दिखते हैं। यहां पर सिम्स पार्क एक्सप्लोर कर सकते हैं। इसके अलावा आप लैम्ब्स रॉक और डॉल्फिन्स नोज जैसे शानदार नजारों का आनंद ले सकते हैं। वहीं आप फेमस नीलगिरि रेलवे की सवारी का मजा ले सकती हैं। अगर आप भी फोटोग्राफी के शौकीन हैं, तो यह जगह आपके लिए परफेक्ट है। माउंट आबू बारिश के मौसम में आप माउंट आबू भी घूमने जा सकते हैं। यह राजस्थान का ऐसा हिल स्टेशन है, जो बारिश के मौसम में हरियाली से खिल उठता है और इसकी खूबसूरती भी देखने लायक होती है। ऐसे में अगर आप भी किसी ऐसी जगह घूमने जाना चाहते हैं, जहां पर लैंडस्लाइड न हो। तो यह एक परफेक्ट जगह है। सापुतारा मॉनसून में शांति का अनुभव करने के लिए आप गुजरात के सापुतारा हिल स्टेशन को एक्सप्लोर कर सकते हैं। बारिश के मौसम में इस हिल स्टेशन की खूबसूरती दोगुनी हो जाती है। वहीं यहां की हरियाली और झरनों की खूबसूरती आपका दिल जीत लेगी। सातपुरी झील में आप बोटिंग भी कर सकते हैं। वहीं रोपवे की सवारी कर शानदार दृश्य देख सकते हैं।
बीते दिनों कुछ ऐसी खबरें देखने और सुनने मिली हैं, जिनसे पर्यटन पर नयी बहस शुरु होने की गुंजाइश बनी है। पर्यटन की भारत में प्राचीन परंपरा रही है।
कड़कड़ाती सर्दी में बिकिनी पहन पूल में उतरीं रुबीना दिलैक, जापान वेकेशन की दिखाई झलक
टीवी की संस्कारी बहू रुबीना दिलैक रियल लाइफ में काफी ग्लैमरस हैं। वह अक्सर फैंस के साथ अपनी हॉट एंड सिजलिंग तस्वीरें शेयर करती रहती हैं। रुबीना वह छोटे पर्दे की हाई पेड एक्ट्रेसेस में शुमार है। हाल ही में रुबीना ने अपनी जापान ट्रिप की तस्वीरें फैंस ...
स्विमिंग पूल किनारे मोनालिसा का सिजलिंग अंदाज, वेकेशन से शेयर की बोल्ड तस्वीरें
भोजपुरी एक्ट्रेस मोनालिसा हिंदी टीवी इंडस्ट्री में भी अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी मोनालिसा की जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। वह अपनी ग्लैमरस तस्वीरों से तहलका मचाती रहती हैं। मोनालिसा इन दिनों थाइलैंड में वेकेशन एंजॉय कर रही ...
गोवा में वेकेशन एंजॉय कर रहीं कृष्णा श्रॉफ, शेयर की खूबसूरत तस्वीरें
कृष्णा श्रॉफ निश्चित रूप से जानती हैं कि लोगों का ध्यान कैसे आकर्षित करना है- चाहे वह उनकी MMA चॉप्स हों या उनकी वेकेशन की तस्वीरें। कृष्णा इस दिनों गोवा की धूप और बीच पर छुट्टियां मना रही हैं। इसी बीच कृष्णा श्रॉफ ने सोशल मीडिया पर अपनी ट्रॉपिकल ...
Tejasswi Praksh-Karan Kundrra नहीं हुए अलग,रोमांटिक वेकेशन एन्जॉय कर रहा है कपल करीबी दोस्त ने खोला राज
सोशल मीडिया पर भारतीय क्रिकेट टीम के हरफनमौला खिलाड़ी हार्दिक पंड्या और उनकी पत्नी नतासा स्टेनकोविक के अलग होने की अफवाहें जोरों पर हैं। यह सब तब शुरू हुआ जब नतासा ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से 'पांड्या' उपनाम हटा दिया। प्रशंसकों ने यह भी देखा कि वह आईपीएल मैचों के दौरान स्टैंड्स से गायब थीं। हालांकि, तमाम अटकलों के बावजूद इस जोड़े ने इस मामले पर चुप्पी साध रखी है। दूसरी ओर, एक ताजा रिपोर्ट से पता चलता है कि हार्दिक विदेश में किसी अज्ञात स्थान पर छुट्टियां मना रहे हैं। विस्तार से जानने के लिए आगे पढ़ें। इसे भी पढ़ें: Shabana Azmi ने Shashi Kapoor के साथ इंटीमेट सीन करने से किया था इंकार, सुपरस्टार ने कह दिया था एक्ट्रेस को 'बेवकूफ लड़की' | Read All About नताशा स्टेनकोविक से अलगाव की अफवाहों के बीच हार्दिक पंड्या विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं हार्दिक पंड्या की पत्नी नतासा स्टेनकोविक के साथ निजी जिंदगी हाल ही में चर्चा का विषय बनी हुई है। क्रिकबज द्वारा रविवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि अलगाव की अफवाहों के बीच क्रिकेटर विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं। अभी लोकेशन का नाम सामने नहीं आया है। इसे भी पढ़ें: Anant Ambani और Radhika Merchant Pre-Wedding Party! तारों भरी रात से लेकर टोगा पार्टी तक, जानें इस बार क्या-क्या होगा खास यह बताया गया है कि इंडियन प्रीमियर लीग से अपनी टीम के बाहर होने के बाद क्रिकेटर ने देश छोड़ दिया। कठिन अवधि के बाद तरोताजा होने के लिए, उन्होंने विदेश में एक सप्ताह की छुट्टी का विकल्प चुना। हार्दिक के शीघ्र ही न्यूयॉर्क में टी20 विश्व कप 2024 के अभ्यास सत्र के लिए भारतीय टीम में फिर से शामिल होने की उम्मीद है। विशेष रूप से, आईपीएल 2024 में मुंबई इंडियंस के लिए रोहित शर्मा की जगह हार्दिक के नेतृत्व की काफी आलोचना हुई। पूरे सीज़न में भारतीय क्रिकेटर को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। इस बीच, वह पेशेवर असफलताओं से जूझ रहे थे। उनकी निजी जिंदगी सुर्खियों में आ गई। कुछ दिन पहले हार्दिक ने अपने सोशल मीडिया पर ढेर सारी तस्वीरें और वीडियो शेयर किए थे। वीडियो में उन्हें पूल में तैरते हुए अच्छा समय बिताते हुए दिखाया गया, जबकि फोटो में वह एक खूबसूरत बैकग्राउंड के साथ पोज दे रहे थे। इसे छोटा और सरल रखते हुए, उन्होंने पोस्ट को कैप्शन दिया था, रिचार्जिंग। पोस्ट के जवाब में, कई प्रशंसकों ने उनके टिप्पणी अनुभाग में बाढ़ ला दी, अपना अटूट समर्थन दिखाया और आगामी विश्व कप के लिए उनकी जय-जयकार की। एक यूजर ने लिखा, “हार्दिक पंड्या जल्द ही टी20 वर्ल्ड कप में वापस आ रहे हैं,” एक अन्य फैन ने लिखा, “हार्दिक टी20 में अपने पुराने मॉडल के साथ आएं और अपने नफरत करने वालों को चुप करा दें। जबकि एक तीसरे फैन ने लिखा, “मजबूत वापसी भाई।” इसके अतिरिक्त, एक प्रशंसक ने लिखा, अपना भाई शेर था और रहेगा तू टेंशन माउंट लेना रे। एक अन्य प्रशंसक ने कहा, कोई बात नहीं हम सब आपके साथ हार्दिक हमारे हीरो हैं। एक अन्य प्रशंसक ने कहा, हार्दिक भाई विश्व कप में वापसी करेगा। हार्दिका पंड्या की पत्नी नतासा ने अलगाव की अफवाहों पर प्रतिक्रिया दी दूसरी ओर, अलगाव की अफवाहों के बीच हार्दिक की पत्नी को शनिवार को पहली बार शहर में देखा गया। अपनी नवीनतम आउटिंग में, उन्हें एक कैफे से बाहर निकलते समय एक करीबी दोस्त के साथ देखा गया था। जाने से पहले एक्ट्रेस ने शटरबग्स के लिए पोज दिए। दरअसल, एक पिता ने उनसे तलाक के बारे में पूछा। हालांकि, इसके जवाब में एक्ट्रेस ने सवाल को नजरअंदाज करने का फैसला किया और सम्मानजनक चुप्पी बनाए रखी. जाने से पहले, उसने बस इतना कहा, बहुत-बहुत धन्यवाद और अपनी प्रतीक्षारत कार की ओर बढ़ गई। अपनी नवीनतम आउटिंग के दौरान, जब वह अपने दोस्त के साथ एक कैफे से बाहर निकली, तो उसे गुलाबी शर्ट के साथ सफेद टॉप और शॉर्ट्स पहने देखा गया। दो महीने पहले एक नौका पर बॉलीवुड अभिनेत्री को प्रस्ताव देने के बाद, हार्दिक और नतासा ने लगभग चार साल पहले 31 मई, 2020 को शादी कर ली थी। उनके पहले बच्चे, अगस्त्य का जन्म 30 जुलाई, 2020 को हुआ था। अपनी तीसरी शादी की सालगिरह मनाते हुए, हार्दिक और नतासा ने उदयपुर में एक भव्य समारोह के साथ अपनी प्रतिज्ञाओं को भी नवीनीकृत किया था। View this post on Instagram A post shared by Hardik Himanshu Pandya (@hardikpandya93) View this post on Instagram A post shared by Viral Bhayani (@viralbhayani)
शादी के तीन महीने बाद हनीमून पर निकलेRakul Preet Singh औरJackky Bhagnani, वेकेशन से वायरल हुई एक्ट्रेस की तस्वीरें
एक बार फिर सिनेमा घरो में दस्तक देने जा रही है क्रिस्टोफ़र नोलन की स्पेस एडवेंचर फिल्मInterstellar,10वीं सालगिरह पर होगी री-रिलीज़

