हर चंदेरी साड़ी पर लगेगा जीआई टैग:कलेक्टर की बैठक में संरक्षण, विपणन और पर्यटन बढ़ाने पर अहम फैसले
अशोकनगर जिले के चंदेरी स्थित हैंडलूम पार्क में शुक्रवार को कलेक्टर की अध्यक्षता में एसपीवी और मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग की संयुक्त बैठक हुई। इसमें चंदेरी साड़ियों के संरक्षण, विपणन और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में नकली चंदेरी साड़ियों की बिक्री रोकने के लिए प्रत्येक साड़ी पर जीआई (भौगोलिक संकेतक) टैग लगाने का सुझाव दिया गया। नगर के मास्टर वीवर्स और बुनकरों ने यह प्रस्ताव रखा। प्रस्तावित टैग में बुनकर का नाम, ताने-बाने का विवरण और साड़ी निर्माण में लगा समय अंकित होगा। कलेक्टर ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे शीघ्र लागू करने पर जोर दिया, जिससे साड़ियों की मौलिकता सुरक्षित रहेगी और नकली उत्पादों पर नियंत्रण होगा। कलेक्टर ने हथकरघा विभाग को हैंडलूम पार्क के लिए एक समर्पित वेबसाइट बनाने का निर्देश दिया। इसका उद्देश्य देश-विदेश के ग्राहकों को सीधे उच्च गुणवत्ता वाली असली चंदेरी साड़ियां खरीदने की सुविधा प्रदान करना है। इसके अतिरिक्त, मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) को नोडल एजेंसी नियुक्त किया गया है, जो डिजाइनिंग, मार्केटिंग और उत्पादन में तकनीकी सहयोग देगी। बैठक के दौरान चंदेरी साड़ी संग्रहालय की स्थापना और हैंडलूम पार्क में दुकानों के आवंटन पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग के स्थानीय गाइडों को चंदेरी पर्यटन के प्रचार-प्रसार में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया गया, और कलेक्टर ने नव प्रशिक्षित गाइडों को प्रमाण-पत्र वितरित किए। इस अवसर पर एसडीएम मनीष धनगर सहित हथकरघा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य संबंधित प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष और बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल ने शुक्रवार को पत्रकारों से चर्चा की। उन्होंने जिले के उद्योग, पर्यटन, खेल और बुनियादी सुविधाओं के विकास का पूरा खाका बताया। खंडेलवाल ने कहा कि आने वाले समय में बैतूल को उद्योग, पर्यटन और खेल गतिविधियों का बड़ा केंद्र बनाने की योजना है। खंडेलवाल ने कहा कि पहले बैतूल में सड़क, बिजली और पानी जैसी सुविधाओं की कमी के कारण उद्योग नहीं लग पाए थे। अब इन क्षेत्रों में सुधार हुआ है। सबसे बड़ी चुनौती उद्योग लगाने के लिए जमीन की उपलब्धता है, क्योंकि जिले का बड़ा हिस्सा वन क्षेत्र में आता है और जमीन बदलने की प्रक्रिया जटिल है, फिर भी इस पर काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि चार से पांच बड़े उद्योग समूह बैतूल में निवेश करने के लिए तैयार हैं। शुगर फैक्ट्री सहित अन्य बड़े उद्योग लगाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। उनका कहना है कि इससे रोजगार बढ़ेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। फॉरेस्ट कंजर्वेशन कॉरिडो बनेगा पर्यटन के विकास के लिए बैतूल-भोपाल मार्ग पर प्रदेश का पहला फॉरेस्ट कंजर्वेशन कॉरिडोर बनाया जाएगा। इसके लिए बजट की तैयारी की जा रही है। जिले में बर्ड सेंचुरी और बटरफ्लाई सेंचुरी बनाने के साथ वन्यजीव पर्यटन को भी बढ़ावा दिया जाएगा। कुकरू को एडवेंचर टूरिज्म हब बनाने की योजना पर काम चल रहा है। वन विभाग के साथ प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इसके अलावा मुक्तागिरी, चिखलधरा और मेलघाट को जोड़कर एक पर्यटन सर्किट बनाया जाएगा, जिसका केंद्र कुकरू होगा। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व का सारणी में बनाएंगे प्रवेश द्वारखंडेलवाल ने बताया कि सतपुड़ा टाइगर रिजर्व का एक प्रवेश द्वार सारणी क्षेत्र से शुरू करने की कोशिश की जा रही है। साथ ही एमपी टूरिज्म के होटल और अन्य सुविधाएं विकसित करने पर भी विचार चल रहा है। गढ़ा और बेला जैसे जलाशयों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए भी बैठकें की जा रही हैं। ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों का विकास करेंगे उन्होंने बताया कि खेड़ला किला, शाहपुर क्षेत्र के ऐतिहासिक स्थल और भैंसदेही के प्राचीन शिव मंदिर के संरक्षण और विकास की योजना बनाई जा रही है। जिले में एक बड़ा जनजातीय संग्रहालय (ट्राइबल म्यूजियम) बनाने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है। खेल और सुविधाओं का विकास युवाओं के लिए खेल गतिविधियों को बढ़ाने के लिए आधुनिक खेल मैदान बनाने और फूड जोन जैसी सुविधाएं तैयार करने की योजना है। शहर के बाहर अंतरराज्यीय बस स्टैंड बनाने की योजना है। रेलवे में स्टॉपेज बढ़ाने के लिए केंद्रीय स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। मेरे साथ न फॉलो गार्ड है, न कोई सरकारी बंगला खंडेलवाल ने कहा कि प्रदेशाध्यक्ष बनने के बाद भी उनके काम करने के तरीके में कोई बदलाव नहीं आया है। उन्होंने कहा, “मैं बैतूल के लिए आज भी वही हूं जो पहले था। मेरे साथ न फॉलो गार्ड है, न कोई सरकारी बंगला। मैं पहले की तरह जनता के बीच रहकर काम कर रहा हूं।”
मेरठ से नैनीताल घूमने गए एक परिवार की ट्रैवलर खाई में गिर गई। ट्रैवलर में 28 लोग सवार थे। ब्रेक फेल होने से गाड़ी खाई में गिरकर एक पेड़ से टकराई। इससे आगे का शीशा टूट गया और दो महिलाएं उछलकर बाहर गिर गईं। उन दोनों की ही मौत हो गई। हादसे की जानकारी पर पहुंची रेस्क्यू टीम ने सभी को अस्पताल में भर्ती कराया। मेरठ से भी परिवार के लोग नैनीताल रवाना हो गए। हादसा नैनीताल में कालाढूंगी मार्ग पर बुधवार की देर रात हुआ। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। कई घंटे तक चले राहत व बचाव अभियान के बाद सभी घायलों को खाई से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस के मुताबिक वाहन में कुल 28 लोग सवार थे। हादसे में दो महिलाओं नाजनीन (32) पत्नी शाकिर और फरहत बेगम (55) की मौत हुई है, जबकि अन्य घायलों का इलाज चल रहा है। घायलों में महिलाएं, पुरुष और बच्चे भी शामिल हैं। मृतकों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए हल्द्वानी भेज दिया गया है। 2 तस्वीर देखिए... अब विस्तार से पूरा मामला जानिए...लिसाड़ी गेट के ताला फैक्ट्री निवासी नफीस और उनके भाई अनीस किताबों की प्रिंटिंग और स्टेशनरी का कारोबार करते हैं। दोनों भाई अपने परिवार के साथ घूमने के लिए उत्तराखंड के नैनीताल गए थे। मंझले भाई रईस नहीं गए थे, उनकी पत्नी और बच्चे गए थे। अनीस के साथ उनकी पत्नी रुकसाना और बच्चे अमन व अलविया था। नफीस के साथ उनकी पत्नी शहनाज और तीन बच्चे तसबीहा, जरनीम और सुहेमा गए थे। छह परिवार के 28 लोग घूमने गए थे। वहां से बुधवार की रात सभी लोग घर वापस आ रहे थे। रास्ते में नैनीताल-कालाढूंगी मार्ग पर इनके ट्रैवलर का ब्रेक फेल हो गया। इससे गाड़ी अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। यह हादसा कालाढूंगी से एक किलोमीटर पहले लाल मिट्टी इलाके में हुई। गाड़ी को नईम चला रहा था। हादसे की जानकारी पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीम ने सभी घायलों को खाई से निकालकर अस्पताल पहुंचाया। इसमें नाजनीन और फरहत बेगम की माैत हाे गई। ड्राइवर ने पैरापिट से टकराना चाहा, कार अनियंत्रित होकर खाई में गिरी ट्रैवलर चला रहा ड्राइवर नईम भी घायल हुआ है। उसने अस्पताल में पुलिस को बताया कि रास्ते में उसकी गाड़ी का ब्रेक फेल हो गया। ब्रेक फेल होते ही उसने गाड़ी को नियंत्रित करने का पूरा प्रयास किया। गाड़ी की रफ्तार बढ़ती देख सब लोगों की सांसें अटक गईं। कालाढूंगी-नैनीताल मार्ग पर प्रिया बैंड के पास नईम ने गाड़ी रोकने के लिए उसे सड़क किनारे स्थित पैरापिट नुमा दिवार से टकराने की सोची, लेकिन तेज रफ्तार के कारण पैरापिट टूट गया और वाहन सीधे खाई में गिरा और पेड़ से जा टकराया। इससे वाहन का आगे का शीशा टूटा और दोनों महिलाएं वहीं गिर गईं। पीछे मौजूद लोगों ने उनका हाथ थामने की कोशिश भी की लेकिन वे उन्हें बचा नहीं सके। हादसे में यह घायल हुए हैं इस हादसे में परिवार के आशिक (24) पुत्र नवाबुद्दीन, सना (22) पत्नी आशिक, साबिर (2) पुत्र आशिक, साकिरा (15) पुत्री नवाब, आयशा (23) पत्नी मोमिन, अनीसा पत्नी निजामुद्दीन, फरहत (48) पत्नी इकबाल, नफीसा अहमद, शब्बीर अहमद (45), लाइस (30) पत्नी नईम, अलीया (25) पुत्री अनीस अहमद, रेशमा (40) पत्नी नवाब, रब्बाना (50) पत्नी अनीस अहमद, सुहेमा (8) पुत्री नफीस, तस्लीबिया (11) पुत्री इस्म, माहिरा (1) पुत्री नईमुद्दीन, मोमिन (30) पुत्र निजामुद्दीन घायल हुए हैं। मेरठ में पसरा मातमहादसे की सूचना मिलते ही मेरठ के ताला फैक्ट्री क्षेत्र में मातम छा गया। परिजन रातों-रात हल्द्वानी के लिए रवाना हो गए। अस्पताल के बाहर परिजनों की भीड़ जुटी हुई है और सभी घायल रिश्तेदारों की सलामती की दुआ कर रहे हैं। ------------------------- ये खबर भी पढ़ें राममंदिर कर्मचारी टिन्नू की पत्नी बोली- बदनाम किया जा रहा:SIT तीसरे दिन जांच के लिए पहुंची, BJP नेता बोले- बिना आग धुआं नहीं उठता अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में मंदिर ट्रस्ट के कर्मचारी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के बाद उनकी पत्नी पूनम यादव सामने आई हैं। उन्होंने कहा- 50 कमरे, हॉस्टल, होटल और लग्जरी गाड़ियों जैसी बातें पूरी तरह गलत हैं। हमें बदनाम किया जा रहा है। यह पति को फंसाने की साजिश है। अगर कोई सबूत है तो दिखाएं। पूरी खबर पढ़ें
मेरठ के 28 यात्रियों से भरी ट्रैवलर खाई में गिरी:2 की मौत, 24 घायल; सभी नैनीताल से लौट रहे थे
मेरठ के ताला फैक्ट्री क्षेत्र के एक परिवार की नैनीताल यात्रा दर्दनाक हादसे में बदल गई। बुधवार को नैनीताल-कालाढूंगी मार्ग पर लाल मिट्टी क्षेत्र के पास 28 लोगों से भरी टेंपो ट्रैवलर सैकड़ों फीट गहरी खाई में गिर गई। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 24 लोग घायल हो गए। जानकारी के मुताबिक ताला फैक्ट्री निवासी अनीस अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ तीन-चार दिन पहले नैनीताल घूमने गए थे। बुधवार को सभी लोग मेरठ वापस लौट रहे थे। इसी दौरान पहाड़ी रास्ते में एक मोड़ पर चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा और टेंपो ट्रैवलर खाई में जा गिरी। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। कई घंटे तक चले राहत एवं बचाव अभियान के बाद सभी घायलों को खाई से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस के मुताबिक वाहन में कुल 28 लोग सवार थे। हादसे में चार लोगों की मौत हुई है, जबकि अन्य घायलों का इलाज चल रहा है। घायलों में महिलाएं, पुरुष और बच्चे भी शामिल हैं। मृतकों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए हल्द्वानी भेज दिया गया है। पहाड़ी मोड़ पर अनियंत्रित होने की आशंका कालाढूंगी कोतवाली के प्रभारी अरुण कुमार सैनी ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में पहाड़ी मोड़ पर वाहन के अनियंत्रित होने की आशंका जताई जा रही है। मेरठ में पसरा मातमहादसे की सूचना मिलते ही मेरठ के ताला फैक्ट्री क्षेत्र में मातम छा गया। परिजन रातों-रात हल्द्वानी के लिए रवाना हो गए। अस्पताल के बाहर परिजनों की भीड़ जुटी हुई है और सभी घायल रिश्तेदारों की सलामती की दुआ कर रहे हैं। ------------------------- ये खबर भी पढ़ें राममंदिर कर्मचारी टिन्नू की पत्नी बोली- बदनाम किया जा रहा:SIT तीसरे दिन जांच के लिए पहुंची, BJP नेता बोले- बिना आग धुआं नहीं उठता अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में मंदिर ट्रस्ट के कर्मचारी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के बाद उनकी पत्नी पूनम यादव सामने आई हैं। उन्होंने कहा- 50 कमरे, हॉस्टल, होटल और लग्जरी गाड़ियों जैसी बातें पूरी तरह गलत हैं। हमें बदनाम किया जा रहा है। यह पति को फंसाने की साजिश है। अगर कोई सबूत है तो दिखाएं। पूरी खबर पढ़ें
नैनीताल-कालाढूंगी मार्ग पर बुधवार देर शाम पर्यटकों से भरी एक टेंपो ट्रैवलर खाई में गिर गई। हादसे में दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि कई यात्री घायल हो गए। घायलों को हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। वाहन में सवार सभी लोग उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस मृतकों की पहचान और परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया में जुटी है। हादसे से जुड़ी PHOTOS… 3 पॉइंट्स में पढ़िए पूरी घटना... 1. नैनीताल तिराहे के पास अनियंत्रित हुआ वाहन बुधवार देर शाम टेंपो ट्रैवलर कालाढूंगी से करीब एक किलोमीटर ऊपर नैनीताल तिराहे के पास अचानक अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वाहन के ब्रेक फेल होने की आशंका जताई जा रही है। 2. स्थानीय लोगों ने शुरू किया बचाव कार्य हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया। सूचना मिलने पर पुलिस, एसडीआरएफ और अन्य रेस्क्यू टीमें भी पहुंच गईं। घायलों को खाई से निकालकर एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया। 3. 29 लोग थे सवार, सभी मेरठ के निवासी टेंपो ट्रैवलर में कुल 29 लोग सवार थे। सभी यात्री मेरठ जिले के बताए जा रहे हैं, जो नैनीताल भ्रमण के बाद घर लौट रहे थे। पुलिस यात्रियों और मृतकों का पूरा विवरण जुटाने में लगी है। डीएम-एसएसपी ने संभाली कमान हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन सक्रिय हो गया। जिलाधिकारी (डीएम) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी शुरू कर दी। मेडिकल और रेस्क्यू टीम ने घायलों को हल्द्वानी स्थित डॉक्टर सुशीला तिवारी चिकित्सालय पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों की विशेष टीम को अलर्ट पर रखा गया है। मृतक संख्या बढ़ने की आशंका अस्पताल सूत्रों के अनुसार कई घायलों को गंभीर चोटें आई हैं और कुछ की हालत चिंताजनक बनी हुई है। ऐसे में मृतक संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है। हालांकि प्रत्यक्षदर्शियों ने ब्रेक फेल होने की आशंका जताई है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
राजस्थान होटलियर क्लब आयोजित करेगा प्रमुख ट्रैवल एजेंटों का फेम ट्रिप
राजस्थान होटलियर क्लब की मासिक बैठक माली कॉलोनी स्थित निजी होटल में हुई। इसमें उदयपुर के पर्यटन विकास, संगठन विस्तार और आगामी गतिविधियों पर चर्चा हुई। क्लब के संस्थापक सदस्य रजनीकांत शर्मा, सुरेंद्र सिंह और नरेंद्र मेहता, उपाध्यक्ष लाल सिंह झाला तथा कोषाध्यक्ष नरपत सिंह ने उद्योग को मजबूत करने के सुझाव रखे। बैठक में आगामी पर्यटन सीजन को ध्यान में रखते हुए देश के प्रमुख ट्रैवल एजेंटों के लिए फेम ट्रिप आयोजित करने का निर्णय लिया गया। क्लब का कहना है कि इस पहल से एजेंटों को शहर के होटल, पर्यटन स्थल, सांस्कृतिक विरासत और आतिथ्य सेवाओं का प्रत्यक्ष अनुभव मिलेगा, जिससे घरेलू और विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने में मदद मिलेगी। योजना को अंतिम रूप देने के लिए विशेष समिति बनाकर कार्ययोजना तैयार की जाएगी। बैठक में होटल व्यवसायियों की एकजुटता और आपसी सहयोग पर भी जोर दिया गया। बैठक में पर्यटन व संगठन विस्तार पर चर्चा
खासतौर पर ऐसी कई सफर होते हैं जो किसी खास मौसम से जरुर जुड़े होते हैं। भारत में मॉनसून की रोड ट्रिप भी ऐसी ही एक यात्रा है। बारिश के दौरान रोड ट्रिप करने का अलग ही मजा होता है। बारिश से सड़कों से मिट्टी गायब हो जाती है, अचानक से कई जगहों पर झरने दिखाई देने लगते हैं। हाईवे पर अचानक से किसी फिल्म के सीन जैसे लगते हैं। मॉनसून के मौसम में ड्राइव का आनंद लेने का एक अलग ही मजा होता है। इस दौरान सफर करने से काफी सुकून मिलता है। मॉनसून के मौसम में चारों तरफ हरियाली, मनमोहक झरने और धुंध से ढके पहाड़ देखने को मिलते हैं। इस लेख में हम आपको भारत की सबसे खूबसूरत रोड ट्रिप्स के बारे में बताते हैं, जिनका सबसे ज्यादा मजा बरसात के मौसम में आता है। मुंबई से लोनावला बारिश के मौसम में मुंबई से लोनावला का रास्ता मॉनसून में गाड़ी चलाने के लिए सबसे बेहतरीन है। यहां बरसात में वेस्टर्न घाट हरे-भरे एकदम स्वर्ग जैसे नजर आने लगते हैं, यहां जगह-जगह पर झरने और तैरते हुए बादल दिखाई देते हैं। खंडला घाट के आस-पास का सफर और भी जादुई लगता है, जहां पहाड़ों पर धुंध छा जाती है और सड़के किनारे बेचने वाले गरमा-गरम भुट्टा और कटिंग चाय का आनंद आ जाता है। यह सफर खूबसूरती और ताजगी से भरा होता है। यह जगह भारत की पसंदीदा जगहों में से एक है। यहां पहुंचने के लिए करीब 1 घंटा 50 मिनट लगता है। बेंगलुरु से कूर्ग मॉनसून के मौसम में बेंगलुरु से कूर्ग का रास्ता बेहद खूबसूरत हो जाता है। हल्की बारिश में चमकने कॉफी के बागान चमकने लगते हैं, जंगल और भी घने हो जाते हैं और हवा मिट्टी का ताजी व भीनी-भीनी खुशबू घुल जाती है। मॉनसून के दौरान कूर्ग के झरने और भी खूबसूरत हो जाती हैं, जिससे रास्ते में रुकना बहुत सुखद अनुभव बन जाता है। यहां का ठंडा मौसम और घुमावदार सड़कें इसे आराम से घूमने-फिरने के लिए बेहतरीन जगह बनाते हैं। बेंगलुरु से कूर्ग जाने के लिए कम से कम 5 घंटे का समय लगता है। दिल्ली से लैंसडाउन यदि आप उत्तर भारत में रहते हैं और मॉनसून सीजन का आनंद लेना चाहते हैं, तो आप दिल्ली से लैंसडाउन तक की ड्राइव कर सकते हैं। भीड़-भाड़ वाले हिल स्टेशनों के मुकाबले मॉनसून में शांति से घूमने का एक अच्छा डेस्टिनेशन है। जैसे ही सड़के गढ़वाल की पहाड़ियों पर ऊपर की ओर जाती है, नजारा बहुत ही सुंदर दिखाई देता है। शहर की भागदौड़ शोर-शराबे की जगह धुंध में लिपटे चीड़ के जंगल बहुत ही खूबसूरत लगते हैं। बरसात के मौसम में यहां काफी शांति देखने को मिलती है। दिल्ली से लैंसडाउन पहुंचने के लिए लगभग 6 घंटे लगते हैं। ईस्ट कोस्ट रोड से चेन्नई से पुडुचेरी चेन्नई और पुडुचेरी को जोड़ने वाली ईस्ट कोस्ट रोड साल भर खूबसूरत रहती है, लेकिन मॉनसून के दौरान यहां की समुद्री सुंदरता और भी खास हो जाती है। इस रोड ट्रिप पर एक तरफ बंगाल की खाड़ी और दूसरी तरफ बारिश से भीगी सड़कें, यहां गाड़ी चलाने का अनुभव सुकून देने वाला और किसी फिल्म के सीन जैसा लगता है। आसमान में छाए बादल, टकराती लहरें और समुद्र की हवा मिलकर ऐसा माहौल बनाते हैं, जैसा किसी और मौसम में मिलना मुश्किल है। यहां जाने के लिए लगभग 7.5 घंटे लगते हैं। शिलांग से चेरापूंजी शिलांग और चेरापूंजी के बीच का सफर शायद ही भारत की सबसे बेहतरीन मॉनसून रोड ट्रिप है। दुनिया में सबसे ज्यादा बारिश मेघालय में होती है और मॉनसून के दौरान यह इलाका अविश्वसनीय रूप से हरा-भरा हो जाता है। सड़कों पर बादल तैरते हैं, झरने पूरे जोर-शोर से बहने लगते हैं और यहां की घाटियों धुंध में आप खो जाएंगे। हर मोड़ किसी पोस्टकार्ड जैसा सुंदर लगता है, जिससे नेचर लवर के लिए यह सफर यादगार बन जाएगा। शिलांग से चेरापूंजी पहुंचने में करीब 1 घंटा 40 मिनट लगते हैं। जयपुर से उदयपुर मानसून का नाम सुनते ही शायद राजस्थान का ख्याल सबसे पहले न आए, लेकिन जयपुर से उदयपुर तक की यात्रा इस रेगिस्तानी राज्य का एक अलग और सुकून भरा दर्शाती है। बरसात के दौरान अरावली की पहाड़ियां हरी-भरी हो जाती हैं, झीलें पानी से भर जाती हैं और मौसम ठंडा होने के कारण घूमना-फिरना बहुत सुखद हो जाता है। मानसून उदयपुर के महलों और झील के नजारों में एक रोमांटिक एहसास भी घोल देता है।
बरसात के मौसम में घूमने का एक अलग ही आनंद होता है। मॉनसून में चारों तरफ हरियाली, ठंडी हवाएं और पानी की हल्की बौछर मन को सुकून देती है। इस मौसम में कई लोग ट्रिप पर जरुर जाते हैं। हालांकि, मॉनसून में कई समस्याएं भी देखने को मिलती है। जब हम कहीं घूमने जाते हैं, तो काफी दिक्कतों का सामना भी करना पड़ सकता है। अगर आप बारिश के समय ट्रैवलिंग करने का प्लान बना रहे हैं, तो कुछ चीजों को अपने पास जरुर रखें, ताकि आपको ट्रिप पर किसी भी प्रकार की समस्या न आए। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि ट्रैवल बैग में कुछ जरुरी चीजों को शामिल करें, जिससे आपकी ट्रिप आसान और सुरक्षित बन जाए। रेनकोट मॉनसून ट्रैवलिंग में सबसे जरुरी है रेनकोट अपने बैग में रखना। अचानक होने वाली तेज बारिश से बचने के लिए रेनकोट बहुत जरुरी है। इसके अलावा, आप फोल्डेबल छाता रख सकते हैं, जो फैशन का ध्यान रखने के साथ-साथ आपको बारिश से भी बचाएगा। एक्सट्रा कपड़े यदि आप बारिश में भीग जाते हैं, तो लंबे समय तक गीले कपड़े पहनना नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए अपने बैग में डार्क कलर के ड्राई फिट या कॉटन के कपड़े पहन सकते हैं। जब आपके कपड़े भीग जाएं, तो इन्हें पहन सकते हैं। माइक्रोफाइबर तौलिया कपड़ो के साथ ही अपने बैग में माइक्रोफाइबर तौलिया जररु रखें जो बहुत ही हल्की होती है। इसके साथ ही यह बैग में कम जगह घेरती है और आसानी से रखी जा सकती है। अगर आपके साथ बच्चे ट्रैवल कर रहे है, तो भी आपके काफी काम आ सकती है। वॉटरप्रूफ बैग कवर कहीं आप ट्रिप पर जाएं, तो अपने साथ वॉटरप्रूफ बैग कवर जरुर साथ लें जाएं। ऐसा करने से आपका बैग भीगने से बच जाएगा और उसके अंदर का जरुरी सामान भी सुरक्षित रहेगा। जिससे आपका सामान सुरक्षित रहेगा और आप आराम से मौसम का आनंद ले सकेंगे। जिप लॉक बैग मॉनसून की ट्रिप पर जाने के लिए सबसे जरुरी है कि जिप लॉक बैग अपने पास रखें। मोबाइल फोन, वॉलेट, जरुरी कार्ड्स, रुपए और कीमती चीजों को आप जिप लॉक बैग में रख सकते हैं। इस बैग में आप किसी भी तरह का सामान रख सकते हैं जो पानी से खराब हो सकता है। फर्स्ट एड किट हमेशा अपनी ट्रिप को सुरक्षित और यादगार बनाने के लिए अपने पास फर्स्ट एड किट रख सकते हैं। किसी को भी कोई भी छोटी-मोटी हेल्थ प्रॉब्लम हो, तो उपचार कर सकते हैं। क्योंकि अक्सर ट्रैवलिंग के दौरान मेडिकल स्टोर आसानी से नहीं मिलती हैं पावर बैंक मॉनसून ट्रिप के लिए अपने साथ हमेशा पावर बैंक जरुर रखें। कई बार बारिश-तूफान के चलते काफी समस्या हो जाती है या फिर लाइट चली जाती है, तो ऐसे में ट्रैवल के दौरान पावर बैंक जरुर रखें, जिससे आप अपने फोन चार्ज कर सकते हैं। अगर आपके फोन की बैटरी लंबे समय तक नहीं चलती हैं, तो आप फोन चार्ज करने के लिए बैग में पावर बैंक जरुर रख सकते हैं।
27 दिन के समर वेकेशन के बाद आज मंगलवार से प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में फिर से रौनक लौट आई। स्कूल पहुंचने पर तिलक लगाकर स्टूडेंट्स का स्वागत हुआ। कुछ जगह आरती भी उतारी गई और गिफ्ट देकर उनका वेलकम किया गया।हालांकि, पहले दिन विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति सामान्य दिनों की तुलना में कुछ कम रही, लेकिन जो बच्चे पहुंचे उनका जोरदार स्वागत हुआ। छुट्टियों के बाद स्कूल पहुंचे सहपाठियों और शिक्षकों से मिलकर काफी खुश नजर आए। पहले देखिए तस्वीरें.. पहले दिन उत्सव की तरह मनाएं बेसिक शिक्षा विभाग ने विद्यालय खुलने के पहले दिन को उत्सव की तरह मनाने की तैयारी की गई थी। शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे विद्यालय पहुंचने वाले बच्चों और उनके अभिभावकों का आत्मीय स्वागत करें और सकारात्मक और उत्साहपूर्ण वातावरण का निर्माण करने को कहा गया था। लंबे अवकाश के बाद विद्यालय लौट रहे बच्चों को सहज महसूस कराने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे, ताकि वे पूरे उत्साह के साथ पढ़ाई में पुनः जुड़ सकें। पहले दिन प्रार्थना सभा के माध्यम से बच्चों को नई कक्षा, पाठ्यक्रम और विद्यालय की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी भी देने के निर्देश जारी किए गए थे। सभी व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश जारी विद्यालय खुलने के साथ ही नियमित शिक्षण कार्य, खेलकूद गतिविधियां, पुस्तकालय संचालन, मिड डे मील योजना और अन्य सह-शैक्षणिक कार्यक्रम भी प्रारंभ हुए। विभाग ने सभी विद्यालयों को साफ-सफाई, नामांकन सत्यापन, छात्र उपस्थिति और शिक्षण सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही छात्र-छात्राओं के लिए सुरक्षित और अनुकूल शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया है। भीषण गर्मी को देखते हुए विद्यालयों में पेयजल, विद्युत व्यवस्था, स्वच्छ शौचालय सुनिश्चित करने के निर्देश भी जारी किए गए हैछात्राओं और दिव्यांग बच्चों के लिए आवश्यक सुविधाओं के विकास के साथ ऑपरेशन कायाकल्प के कार्यों को भी प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है।
दिल्ली-मुंबई सुपर एक्सप्रेसवे पर मंगलवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। बडोदामेव के पास सुबह करीब 6:30 बजे एक तेज रफ्तार ट्रैवलर आगे चल रहे ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रैवलर में सवार 18 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में 8 महिलाएं और 10 पुरुष शामिल हैं। ये सभी लोग हरिद्वार से दर्शन कर जयपुर लौट रहे थे। गंभीर रूप से घायलों को अलवर के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कैसे हुआ हादसा: टायर फटते ही बेकाबू हुआ ट्रक चश्मदीदों और पुलिस के मुताबिक, हादसा बडोदामेव क्षेत्र में एक्सप्रेसवे पर हुआ। आगे चल रहे एक ट्रक का अचानक चलते-चलते टायर फट गया। टायर फटते ही ड्राइवर नियंत्रण खो बैठा और ट्रक हाईवे पर ही लहराने लगा। इसी दौरान पीछे से आ रही तेज रफ्तार ट्रैवलर को संभलने का मौका नहीं मिला और वह सीधे ट्रक के पिछले हिस्से से जा टकराई। चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल टक्कर होते ही हाईवे पर चीख-पुकार मच गई। ट्रैवलर का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और यात्री अंदर ही फंस गए। सुबह का वक्त होने के कारण आसपास के लोग और राहगीर तुरंत मौके पर दौड़े। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस भी जाप्ते के साथ मौके पर पहुंची। अलवर जिला अस्पताल रेफर पुलिस ने एम्बुलेंस की मदद से सभी 18 घायलों को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल यात्रियों को अलवर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। पुलिस ने दोनों दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हाईवे से हटाकर किनारे किया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
दिल्ली-मुंबई सुपर एक्सप्रेसवे पर मंगलवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। बडोदामेव के पास सुबह करीब 6:30 बजे एक तेज रफ्तार ट्रैवलर आगे चल रहे ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रैवलर में सवार 18 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में 8 महिलाएं और 10 पुरुष शामिल हैं। ये सभी लोग हरिद्वार से दर्शन कर जयपुर लौट रहे थे। गंभीर रूप से घायलों को अलवर के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कैसे हुआ हादसा: टायर फटते ही बेकाबू हुआ ट्रक चश्मदीदों और पुलिस के मुताबिक, हादसा बडोदामेव क्षेत्र में एक्सप्रेसवे पर हुआ। आगे चल रहे एक ट्रक का अचानक चलते-चलते टायर फट गया। टायर फटते ही चालक नियंत्रण खो बैठा और ट्रक हाईवे पर ही लहराने लगा। इसी दौरान पीछे से आ रही तेज रफ्तार ट्रैवलर को संभलने का मौका नहीं मिला और वह सीधे ट्रक के पिछले हिस्से से जा टकराई। चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल टक्कर होते ही हाईवे पर चीख-पुकार मच गई। ट्रैवलर का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और यात्री अंदर ही फंस गए। सुबह का वक्त होने के कारण आसपास के लोग और राहगीर तुरंत मौके पर दौड़े। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस भी दल-बल के साथ मौके पर पहुंची। अलवर जिला अस्पताल रेफर पुलिस ने एम्बुलेंस की मदद से सभी 18 घायलों को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल यात्रियों को अलवर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। पुलिस ने दोनों दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हाईवे से हटाकर किनारे किया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
जब वैकल्पिक व्यवस्था तैयार होती है, तो इसी तरह के परिणाम सामने आते हैं। जिसका जो काम है और जो उसके योग्य है, उसे ही वह कार्य सौंपा जाना चाहिए। अधिकारी जो मंदिर की देखरेख करते हैं, उनकी नजर में मंदिर पर्यटन स्थल से ज्यादा कुछ नहीं हैं, इसलिए अब मांग उठ रही है कि सनातन बोर्ड का गठन किया जाए। यह कहना है द्वारका पीठ के शंकाराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती का। उन्होंने अयोध्या के राम मंदिर के दानपात्रों से चढ़ावे की 200 करोड़ की चोरी होने पर भी चिंता जाहिर की है, जिसमें कि नोटों की गिनती से जुड़े करीब 50 कर्मचारी संदेह के घेरे में हैं। उन्होंने कहा आयोध्या में हुई यह घटना आस्था के साथ खिलवाड़ है। परमहंसी गंगा आश्रम जाने से पहले जबलपुर में कुछ देर रुके शंकाराचार्य ने कहा कि यह काम उन लोगों का नहीं है, जो लोग इसे कर रहे थे। हम लोगों को यही तो आपत्ति है कि सनातन धर्मालंबियों के हिंदुओं के जितने भी मंदिर हैं पूरे देश में वो शासनाधीन है, जो अधिकारी हैं, कर्मचारी हैं उनका परिवर्तन होता रहता है, तबादला होता हैं। उनको धार्मिकता का अनुभव नहीं होता है, शास्त्र का ज्ञान नहीं होता है, विधिनिषेध का ज्ञान नहीं होता है, पाप पुण्य का ज्ञान नहीं होता है, ये सब मंदिरों को पर्यटक स्थल के दृष्टिकोण से देखते हैं, जबकि हम लोग वहां जाने वाले सनातन धर्मावलंबी, हिंदू यात्री दर्शन करने के लिए जाते हैं। हमारा दृष्टिकोण तपोभूमि होता है। द्वारका पीठ के शंकाराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती ने कहा कि हमारी यह मान्यता है कि मंदिर और धर्म स्थान, जहां धर्म और ब्रह्म की सत्ता विद्यमान होती है, सकारात्मक ऊर्जा होती है, आध्यात्मिक शक्ति होती है। उसे प्राप्त करने के लिए लोग जाते हैं, अपनी गाढ़ी खून पसीना की कमाई वहां अर्पण करके आते हैं। मंदिर में उसका अच्छा सदुपयोग होना चाहिए, ईमानदार व्यक्तियों की नियुक्ति होनी चाहिए। अयोध्या में जिन्होंने भी यह चोरी जैसा अपराध किया है, उन्हें कठोर दंड दिया जाना चाहिए, ताकि दूसरी बार वहां भी और अन्य दूसरे मंदिरों में इस तरह की प्रवृत्ति न हो और उस पर रोक लगा सके। शंकाराचार्य ने कहा कि देश और विदेश की जनता के बीच यह समाचार अच्छा नहीं है। कल तक राम मंदिर निर्माण के बाद लोगों को जो प्रसन्नता का अनुभव हो रहा था, इस घटना के बाद उस पर चोट लगी है। उन्होंने कहा कि हम लोग चाहते हैं कि सनातन धर्म संरक्षण समिति या सनातन धर्म बोर्ड का निर्माण हो और सारे धार्मिक जितने भी विषय हैं, धार्मिक स्थल हैं, वह सब उन सबको सौंप दिया जाएं, क्योंकि जिन लोगों को जिस विषय का ज्ञान है वही उसे समस्या का हल कर सकते हैं। स्वामी सदानंद सरस्वती ने यह भी कहा कि मंदिर संचालन वो कर सकता है, जिनको अनुभव हो। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार वो लोग इसलिए करते हैं कि पाप-पुन्य का उन्हें भय नहीं है। धर्म-अधर्म का ज्ञान नहीं है। देश की स्वतंत्रता के बाद लोगों ने विचार किया था कि अपनी विचारधारा, संस्कृति, धरोहर, भारतीय शिक्षा पद्धति का पालन कर पाएंगे, पर ऐसा नहीं हो पाया। मंदिरों की जो आवक है उससे गौशाला, पाठशाला, यज्ञशाला, धर्मशाला, औषधालय इन सबका निर्माण होना चाहिए। जहां-जहां मंदिर स्थित है, वहां विकास होना चाहिए। सरकारों को मंदिरों का धन व्यय करने का कोई अधिकार नहीं होना चाहिए। शासन का कर्तव्य है कि प्राचीन धरोहर का संरक्षण करे।
प्रदेश में मानसून मैजिक : पर्यटन बढ़ाने को तैयार पहाड़, किले-झरने
उदयपुर } मानसून में पर्यटन गतिविधियों को नई गति देने के लिए पर्यटन विभाग ने व्यापक मार्केटिंग अभियान शुरू कर दिया है। जून के अंत तक मानसून सीजन की शुरुआत होने की संभावना है। इस अवधि में राजस्थान में घरेलू पर्यटकों की आवाजाही में बढ़ोतरी देखने को मिलती है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग की ओर से ‘मानसून मैजिक ऑफ राजस्थान’ थीम के तहत प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। इसके जरिए वीकेंड पर्यटन को बढ़ावा देने और पर्यटकों को मानसून में राज्य के प्रमुख प्राकृतिक और ऐतिहासिक स्थलों की ओर आकर्षित करने पर फोकस किया गया है। अभियान में पहाड़, नदियां, तालाब, किले और झरनों जैसे प्राकृतिक व ऐतिहासिक स्थलों को प्रमुखता से दिखाया जा रहा है। पर्यटन विभाग का उद्देश्य मानसून के दौरान राज्य के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या बढ़ाना है। वीकेंड डेस्टिनेशन के रूप में प्रमोट कर रहे 7 जिलों की ये लोकेशंस मानसून सीजन में वीकेंड टूरिज्म के लिए जगमेरू हिल्स - बांसवाड़ा, गराड़िया महादेव - कोटा, बाहुबली हिल्स - उदयपुर, नाहरगढ़ किला - जयपुर, जगमंदिर - उदयपुर, भीमलत झरना - बूंदी, बाला किला - अलवर आैर कुंभलगढ़ किला - राजसमंद को विशेष रूप से प्रचारित किया जा रहा है, ताकि प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों को और अधिक मजबूत किया जा सके। विभाग का मानना है कि मानसून के प्राकृतिक सौंदर्य के चलते राजस्थान देशभर के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनता है। पर्यटन मंत्रालय के साझे में विभाग कर रहा मार्केटिंग प्रदेश के 8 स्थानों में उदयपुर से बाहुबली हिल और जगमंदिर को कर रहे प्रमोट पर्यटन विभाग केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के साझे में मानसून यात्रा की मार्केटिंग कर रहा है, जिससे देशभर के पर्यटक मानसून में आकर्षित हों। उदयपुर सहित प्रदेश में सितंबर माह से विदेशी पर्यटकों की आवाजाही शुरू हो जाती है। इस तरह मानसून सीजन में उदयपुर में पर्यटन बूम पर रहता है। इस दौरान हर माह एक से डेढ़ लाख पर्यटक घूमने पहुंचते हैं।
जालंधर में पिम्स अस्पताल के पास स्थित 'किंगडम कंसलटेंटी' ट्रैवल एजेंट के दफ्तर के बाहर पीड़ित परिवारों ने जमकर हंगामा किया। पीड़ितों का आरोप है कि कनाडा भेजने और वीजा लगवाने के नाम पर एजेंट ने उनसे लाखों रुपये ठग लिए हैं। पैसे लेने के बाद भी न तो उन्हें विदेश भेजा गया और न ही उनकी रकम वापस की जा रही है। दफ्तर के चक्कर काट-काट कर परेशान हो चुके परिवारों ने अब थाना 7 की पुलिस को शिकायत देकर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। सोशल मीडिया पर विज्ञापन देकर फंसाया जाल में पीड़ित महिला मंजू ने बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया पर 'किंगडम कंसलटेंटी' ट्रैवल एजेंट का विज्ञापन देखा था। विज्ञापन देखने के बाद वे एजेंट के जालंधर स्थित दफ्तर पहुंचे। वहां एजेंट ने उन्हें झांसा दिया कि वह उन्हें विदेश (कनाडा) भेज देगा। इस झांसे में आकर उन्होंने एजेंट को 7.40 लाख रुपये दे दिए। स्टाफ ने की बदतमीजी और पैसे देने से मुकरा मंजू का आरोप है कि मोटी रकम ऐंठने के बाद भी एजेंट ने न तो उनका वीजा लगवाया और न ही पैसे वापस किए। जब भी वे अपने पैसों के बारे में पूछते, एजेंट टालमटोल करता रहा। थक-हारकर जब पीड़ित परिवार दोपहर को ट्रैवल एजेंट के दफ्तर पहुंचा, तो वहां मौजूद स्टाफ उनके साथ गाली-गलौज और बुरा व्यवहार करने लगा। स्टाफ ने साफ शब्दों में पैसे देने से मना कर दिया, जिसके बाद परिवार ने थाना 7 की पुलिस में ठगी की शिकायत दर्ज कराई। परमजीत कौर से भी माइनर वीजा के नाम पर 4 लाख ठगेठगी का शिकार हुई नंगलपुर की रहने वाली परमजीत कौर ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि उन्होंने साल 2025 में किंगडम कंसलटेंटी से कनाडा जाने के लिए माइनर वीजा की फाइल लगवाई थी। उस समय दफ्तर के स्टाफ ने उन्हें पूरा भरोसा दिया था कि 3 महीने के भीतर उनका वीजा आ जाएगा। लेकिन समय बीत जाने के बाद भी वीजा नहीं आया और एजेंट ने उनके 4 लाख रुपये भी हड़प लिए। कंट्रोल रूम की सूचना पर पहुंची पुलिस, स्टाफ दफ्तर बंद कर भागाइस पूरे मामले पर थाना 7 के जांच अधिकारी एएसआई (ASI) पलविंदर सिंह ने बताया कि पुलिस को कंट्रोल रूम के जरिए सूचना मिली थी कि पिम्स अस्पताल के सामने मार्केट में स्थित एक ट्रैवल एजेंट के दफ्तर के बाहर कुछ लोग भारी हंगामा कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने शुरू की मामले की जांच जांच अधिकारी पलविंदर सिंह ने आगे बताया कि यह विवाद परिवार और ट्रैवल एजेंट के बीच पैसों के लेनदेन को लेकर हुआ है। हालांकि, पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले ही ट्रैवल एजेंट और उसका पूरा स्टाफ दफ्तर पर ताला लगाकर फरार हो चुका था। पुलिस ने पीड़ित परिवारों के बयान दर्ज कर शिकायत ले ली है और मामले की गंभीरता को देखते हुए उचित कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का ग्रीष्मकालीन अवकाश समाप्त हो गया है। सोमवार 15 जून से हाईकोर्ट की सभी निर्धारित बेंचों में नियमित सुनवाई शुरू होगी। इसके साथ ही हाईकोर्ट प्रशासन ने अधिकारियों और कर्मचारियों को ईंधन की बचत करने और सरकारी वाहनों का साझा उपयोग करने की सलाह दी है। हाईकोर्ट प्रशासन की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता में सुधार हुआ है, लेकिन अनावश्यक खर्च से बचना अभी भी जरूरी है। न्यायिक अधिकारियों से कहा गया है कि जरूरत पड़ने पर ही सरकारी वाहनों का उपयोग करें। वाहन साझा करने की सलाह हाईकोर्ट और जिला न्यायपालिका के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जहां संभव हो, वे अपने सरकारी वाहनों का उपयोग अन्य अधिकारियों के साथ साझा करें। इससे ईंधन की बचत होगी और संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा। 18 मई से था ग्रीष्मकालीन अवकाश हाईकोर्ट में 18 मई से ग्रीष्मकालीन अवकाश शुरू हुआ था। इस दौरान जरूरी मामलों की सुनवाई के लिए वेकेशन बेंचों का गठन किया गया था। प्रत्येक सप्ताह डिवीजन बेंच और सिंगल बेंच में निर्धारित दिनों पर सुनवाई जारी रही। जारी हुई नई कॉज लिस्ट हाईकोर्ट प्रशासन ने 15 जून से शुरू होने वाले सप्ताह की कॉज लिस्ट भी जारी कर दी है। नियमित कामकाज शुरू होने के साथ ही लंबित मामलों की सुनवाई फिर से सामान्य तरीके से की जाएगी। वर्क फ्रॉम होम खत्म, कोर्ट में होगी सीधी पैरवी हाईकोर्ट प्रशासन ने वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था भी समाप्त कर दी है। अब अधिवक्ता पहले की तरह कोर्ट रूम में उपस्थित होकर अपने मामलों की पैरवी करेंगे। हालांकि, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा पूर्व की तरह उपलब्ध रहेगी, जिससे जरूरत पड़ने पर वर्चुअल माध्यम से भी सुनवाई में शामिल हुआ जा सकेगा।
उदयपुर में तेज गर्मी का असर लगातार बना हुआ है। रविवार सुबह कुछ देर चली ठंडी हवा से लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली, लेकिन दिन चढ़ने के साथ ही धूप और तपन का असर बढ़ता गया। दोपहर बाद तेज धूप के कारण सड़कों पर आवाजाही काफी कम हो गई और लोग लू के थपेड़ों से बचाव करते नजर आए। हालांकि, मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में बारिश की संभावना जताई है। गर्मी के चलते उदयपुर की प्रसिद्ध फतेहसागर झील की पाल, सहेलियों की बाड़ी और सज्जनगढ़ सहित अन्य पर्यटन स्थलों पर रविवार (छुट्टी का दिन) होने के बावजूद पर्यटकों की संख्या बेहद कम रही। हालांकि, शाम को मौसम थोड़ा सुहावना होने पर लोग घूमने और झील में बोटिंग के लिए पहुंचे। अधिकतम तापमान 37.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आगामी दिनों में बारिश की संभावना मौसम विभाग के मुताबिक, आगामी दिनों में तापमान में मामूली उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। 15 जून से तेज हवा के साथ बारिश की संभावना है। इस दौरान आसमान में हल्के बादल छाए रह सकते हैं। कहीं-कहीं बारिश होने और तापमान में गिरावट आने के आसार हैं।
एक समय था जब लोगों, खासकर युवा पीढ़ी के बीच डिजिटल साधनों और सोशल मीडिया अपनाने की होड़ थी। लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। डिजिटल साधनों, ज्यादा स्क्रीन टाइम और ऑनलाइन रहने से लोगों के बीच डिजिटल थकान बढ़ने लगी है। भारत-अमेरिका सहित कई देशों में हुए अलग-अलग सर्वे के मुताबिक नई पीढ़ी लगातार नोटिफिकेशन, सोशल मीडिया और डिजिटल थकान से बचने के लिए ‘डिजिटल मिनिमलिज्म’ को अपना रही है। कुछ लोग विनाइल रिकॉर्ड, सीडी और रिकॉर्ड प्लेयर खरीद रहे हैं। कुछ लोग 2000 के दशक की पुरानी चीज माने जाने वाले फ्लिप फोन या कीपैड वाले फीचर फोन इस्तेमाल कर रहे हैं। कई बॉलीवुड और हॉलीवुड के सेलेब्स समय-समय पर डिजिटल डिटॉक्स लेते रहते हैं। कुछ सेलेब्स ने सोशल मीडिया अकाउंट तक छोड़ दिए हैं। कई देशों की सरकारों ने छात्रों के लिए स्क्रीन टाइम सीमित करने के नियम बनाए हैं। भारत में भी ऐसी पहल हो रही हैं। कर्नाटक ने छात्रों के लिए मनोरंजन संबंधी स्क्रीन टाइम प्रतिदिन एक घंटे तक सीमित करने का प्रस्ताव रखा है। वहीं चंडीगढ़ में संडे अनप्लग टू रिकनेक्ट अभियान शुरू किया गया है। महत्वपूर्ण पलों में डिजिटल साधनों से दूरी परिवारों को जोड़ने में कारगर - 91% बच्चों के मुताबिक फोन दूर रखे जाते हैं तो परिवार की आपसी बातचीत आसान हो जाती है। - 87% बच्चे फोन -फ्री डिनर के दौरान खुलकर बात करने में अधिक सहज महसूस करते हैं - 81% माता-पिता कहते हैं कि बिना फोन के बच्चों के साथ उनका रिश्ता ज्यादा मजबूत महसूस होता है। - 47% माता-पिता और 30% बच्चे साधारण फोन अपना रहे। - 54% माता-पिता और 49% बच्चे स्क्रीन टाइम कम करने की कोशिश कर रहे। - 51% माता-पिता और 41% बच्चे कुछ घंटों के लिए सोशल मीडिया ब्लॉक करते हैं। - 49% माता-पिता और 50% बच्चे गैर-जरूरी नोटिफिकेशन बंद कर रहे। - 59%- माता-पिता और 47% बच्चों ने कहा कि डिजिटल व्यवहार पर ज्यादा नियंत्रण हुआ। वीवो-सीएमआर स्विच ऑफ स्टडी 2025 - वीवो इंडिया और सीएमआर द्वारा हर साल किए जाने वाले स्विच ऑफ अध्ययन के ताजा आंकड़ों के मुताबिक लोग डिजिटल साधनों से दूरी बनाने लगे हैं। वीवो इंडिया के कॉरपोरेट कम्युनिकेशन अधिकारी, गीताज चन्नाना कहते हैं, ‘स्विच ऑफ अध्ययन के निष्कर्ष बताते हैं कि परिवार महत्वपूर्ण क्षणों में डिजिटल डिस्कनेक्ट का विकल्प चुन रहे हैं।’ बिना फोन-मोबाइल वाले पर्यटन का उभार ट्रैवल इंडस्ट्री में ऑफ-ग्रिड ट्रैवल तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। पोलारिस मार्केट रिसर्च के मुताबिक डिजिटल डिटॉक्स हॉलिडे का वैश्विक बाजार 6 लाख करोड़ रु. से ज्यादा का है। ये 2034 तक 24.5% सालाना बढ़कर करीब 44 लाख करोड़ का हो सकता है। ट्रैवल ई-सिम एप सेली के सर्वे में एक चौथाई वयस्क अब बिना फोन या इंटरनेट के यात्रा करना पसंद कर रहे। व्यवसाय के नए अवसर देख रहीं कंपनियां डिजिटल डिटॉक्स एक नई लाइफस्टाइल और बड़ा व्यावसायिक अवसर बनकर उभर रहा है। डंब.को, डंबफोन्स इंडिया और किकबैक जैसी कंपनियां इसी मांग पर आधारित बिजनेस बना रहे हैं। ये पुराने सीडी प्लेयर और फीचर फोन्स बेच रही हैं। इन फोन में कॉल, मैसेज, वाट्सएप्स, यूपीआई और मैप जैसी सुविधाएं होती हैं, लेकिन सोशल मीडिया नहीं होता। उद्योग समूह भी आयोजित करवा रहे डिजिटल डिटॉक्स रिट्रीट डिटॉक्स ट्रैवल उपलब्ध कराने वाली बेंगलुरु की फर्म ट्रांसफॉर्मिंग ट्रैवल्स की फाउंडर चांदनी अग्रवाल बताती हैं, ‘हमें कॉर्पोरेट समूहों से अपनी टीमों के लिए डिजिटल डिटॉक्स रिट्रीट आयोजित करने की मांग मिलती है। इसमें लोग अपने मोबाइल फोन, लैपटॉप और सोशल मीडिया से दूरी बनाते हैं। रिट्रीट में भाग लेने वाले अधिकांश लोग 30 से 60 आयु वर्ग के होते हैं। इनमें करीब 70-80% महिलाएं होती हैं। 90% ग्राहक लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और स्पीति घाटी जैसे क्षेत्रों में रिट्रीट आयोजित करना पसंद करते हैं।’
बीते दिनों कुछ ऐसी खबरें देखने और सुनने मिली हैं, जिनसे पर्यटन पर नयी बहस शुरु होने की गुंजाइश बनी है। पर्यटन की भारत में प्राचीन परंपरा रही है।
कड़कड़ाती सर्दी में बिकिनी पहन पूल में उतरीं रुबीना दिलैक, जापान वेकेशन की दिखाई झलक
टीवी की संस्कारी बहू रुबीना दिलैक रियल लाइफ में काफी ग्लैमरस हैं। वह अक्सर फैंस के साथ अपनी हॉट एंड सिजलिंग तस्वीरें शेयर करती रहती हैं। रुबीना वह छोटे पर्दे की हाई पेड एक्ट्रेसेस में शुमार है। हाल ही में रुबीना ने अपनी जापान ट्रिप की तस्वीरें फैंस ...
स्विमिंग पूल किनारे मोनालिसा का सिजलिंग अंदाज, वेकेशन से शेयर की बोल्ड तस्वीरें
भोजपुरी एक्ट्रेस मोनालिसा हिंदी टीवी इंडस्ट्री में भी अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी मोनालिसा की जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। वह अपनी ग्लैमरस तस्वीरों से तहलका मचाती रहती हैं। मोनालिसा इन दिनों थाइलैंड में वेकेशन एंजॉय कर रही ...
गोवा में वेकेशन एंजॉय कर रहीं कृष्णा श्रॉफ, शेयर की खूबसूरत तस्वीरें
कृष्णा श्रॉफ निश्चित रूप से जानती हैं कि लोगों का ध्यान कैसे आकर्षित करना है- चाहे वह उनकी MMA चॉप्स हों या उनकी वेकेशन की तस्वीरें। कृष्णा इस दिनों गोवा की धूप और बीच पर छुट्टियां मना रही हैं। इसी बीच कृष्णा श्रॉफ ने सोशल मीडिया पर अपनी ट्रॉपिकल ...
कैंसर के ट्रीटमेंट जंग के बीच वेकेशन मनाने मालदीव पहुंचीं हिना खान, शेयर की खूबसूरत तस्वीरें
टीवी एक्ट्रेस हिना खान भले ही कैंसर से जंग लड़ रही हैं, लेकिन वह अपनी लाइफ को खुलकर जी रही हैं। इस गंभीर बीमारी से जंग लड़ते हुए वह लाइफ का हर पल एंजॉय कर रही हैं। हिना खान इन दिनों मालदीव में वेकेशन एंजॉय कर रही हैं। मालदीव में वेकेशन मनाते हुए ...
सोशल मीडिया पर भारतीय क्रिकेट टीम के हरफनमौला खिलाड़ी हार्दिक पंड्या और उनकी पत्नी नतासा स्टेनकोविक के अलग होने की अफवाहें जोरों पर हैं। यह सब तब शुरू हुआ जब नतासा ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से 'पांड्या' उपनाम हटा दिया। प्रशंसकों ने यह भी देखा कि वह आईपीएल मैचों के दौरान स्टैंड्स से गायब थीं। हालांकि, तमाम अटकलों के बावजूद इस जोड़े ने इस मामले पर चुप्पी साध रखी है। दूसरी ओर, एक ताजा रिपोर्ट से पता चलता है कि हार्दिक विदेश में किसी अज्ञात स्थान पर छुट्टियां मना रहे हैं। विस्तार से जानने के लिए आगे पढ़ें। इसे भी पढ़ें: Shabana Azmi ने Shashi Kapoor के साथ इंटीमेट सीन करने से किया था इंकार, सुपरस्टार ने कह दिया था एक्ट्रेस को 'बेवकूफ लड़की' | Read All About नताशा स्टेनकोविक से अलगाव की अफवाहों के बीच हार्दिक पंड्या विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं हार्दिक पंड्या की पत्नी नतासा स्टेनकोविक के साथ निजी जिंदगी हाल ही में चर्चा का विषय बनी हुई है। क्रिकबज द्वारा रविवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि अलगाव की अफवाहों के बीच क्रिकेटर विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं। अभी लोकेशन का नाम सामने नहीं आया है। इसे भी पढ़ें: Anant Ambani और Radhika Merchant Pre-Wedding Party! तारों भरी रात से लेकर टोगा पार्टी तक, जानें इस बार क्या-क्या होगा खास यह बताया गया है कि इंडियन प्रीमियर लीग से अपनी टीम के बाहर होने के बाद क्रिकेटर ने देश छोड़ दिया। कठिन अवधि के बाद तरोताजा होने के लिए, उन्होंने विदेश में एक सप्ताह की छुट्टी का विकल्प चुना। हार्दिक के शीघ्र ही न्यूयॉर्क में टी20 विश्व कप 2024 के अभ्यास सत्र के लिए भारतीय टीम में फिर से शामिल होने की उम्मीद है। विशेष रूप से, आईपीएल 2024 में मुंबई इंडियंस के लिए रोहित शर्मा की जगह हार्दिक के नेतृत्व की काफी आलोचना हुई। पूरे सीज़न में भारतीय क्रिकेटर को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। इस बीच, वह पेशेवर असफलताओं से जूझ रहे थे। उनकी निजी जिंदगी सुर्खियों में आ गई। कुछ दिन पहले हार्दिक ने अपने सोशल मीडिया पर ढेर सारी तस्वीरें और वीडियो शेयर किए थे। वीडियो में उन्हें पूल में तैरते हुए अच्छा समय बिताते हुए दिखाया गया, जबकि फोटो में वह एक खूबसूरत बैकग्राउंड के साथ पोज दे रहे थे। इसे छोटा और सरल रखते हुए, उन्होंने पोस्ट को कैप्शन दिया था, रिचार्जिंग। पोस्ट के जवाब में, कई प्रशंसकों ने उनके टिप्पणी अनुभाग में बाढ़ ला दी, अपना अटूट समर्थन दिखाया और आगामी विश्व कप के लिए उनकी जय-जयकार की। एक यूजर ने लिखा, “हार्दिक पंड्या जल्द ही टी20 वर्ल्ड कप में वापस आ रहे हैं,” एक अन्य फैन ने लिखा, “हार्दिक टी20 में अपने पुराने मॉडल के साथ आएं और अपने नफरत करने वालों को चुप करा दें। जबकि एक तीसरे फैन ने लिखा, “मजबूत वापसी भाई।” इसके अतिरिक्त, एक प्रशंसक ने लिखा, अपना भाई शेर था और रहेगा तू टेंशन माउंट लेना रे। एक अन्य प्रशंसक ने कहा, कोई बात नहीं हम सब आपके साथ हार्दिक हमारे हीरो हैं। एक अन्य प्रशंसक ने कहा, हार्दिक भाई विश्व कप में वापसी करेगा। हार्दिका पंड्या की पत्नी नतासा ने अलगाव की अफवाहों पर प्रतिक्रिया दी दूसरी ओर, अलगाव की अफवाहों के बीच हार्दिक की पत्नी को शनिवार को पहली बार शहर में देखा गया। अपनी नवीनतम आउटिंग में, उन्हें एक कैफे से बाहर निकलते समय एक करीबी दोस्त के साथ देखा गया था। जाने से पहले एक्ट्रेस ने शटरबग्स के लिए पोज दिए। दरअसल, एक पिता ने उनसे तलाक के बारे में पूछा। हालांकि, इसके जवाब में एक्ट्रेस ने सवाल को नजरअंदाज करने का फैसला किया और सम्मानजनक चुप्पी बनाए रखी. जाने से पहले, उसने बस इतना कहा, बहुत-बहुत धन्यवाद और अपनी प्रतीक्षारत कार की ओर बढ़ गई। अपनी नवीनतम आउटिंग के दौरान, जब वह अपने दोस्त के साथ एक कैफे से बाहर निकली, तो उसे गुलाबी शर्ट के साथ सफेद टॉप और शॉर्ट्स पहने देखा गया। दो महीने पहले एक नौका पर बॉलीवुड अभिनेत्री को प्रस्ताव देने के बाद, हार्दिक और नतासा ने लगभग चार साल पहले 31 मई, 2020 को शादी कर ली थी। उनके पहले बच्चे, अगस्त्य का जन्म 30 जुलाई, 2020 को हुआ था। अपनी तीसरी शादी की सालगिरह मनाते हुए, हार्दिक और नतासा ने उदयपुर में एक भव्य समारोह के साथ अपनी प्रतिज्ञाओं को भी नवीनीकृत किया था। View this post on Instagram A post shared by Hardik Himanshu Pandya (@hardikpandya93) View this post on Instagram A post shared by Viral Bhayani (@viralbhayani)
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एक बार फिर सिनेमा घरो में दस्तक देने जा रही है क्रिस्टोफ़र नोलन की स्पेस एडवेंचर फिल्मInterstellar,10वीं सालगिरह पर होगी री-रिलीज़

