9 से 5 की नौकरी के साथ भी घूम सकते हैं पूरी दुनिया! ट्रैवल क्रिएटर ने बताए ये आसान और स्मार्ट टिप्स
अक्सर लोगों का यह मानना होता है कि ट्रैवलिंग और घूमने-फिरने का शौक सिर्फ उन्हीं के लिए है जिनके पास फ्री टाइम है या जो फुल-टाइम ब्लॉगर हैं। लेकिन, एक मशहूर ट्रैवल क्रिएटर ने इस मिथक को तोड़ते हुए ऐसे 'स्मार्ट ट्रैवल सीक्रेट्स' साझा किए हैं, जो किसी भी 9 से 5 की नौकरी करने वाले व्यक्ति के लिए दुनिया घूमने का दरवाजा खोल सकते हैं। यदि आप भी कॉर्पोरेट जॉब की व्यस्तता और सीमित छुट्टियों के कारण अपनी घूमने की इच्छा को दबा रहे हैं, तो ये तरीके आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं।'माइक्रो-ट्रिप' का जादू: लंबी छुट्टियों का इंतजार छोड़ेंट्रैवल क्रिएटर का सबसे पहला और महत्वपूर्ण मंत्र है—'माइक्रो-ट्रिप्स' (Micro-trips)। हम अक्सर साल में एक बार मिलने वाली 15-20 दिनों की लंबी छुट्टी का इंतजार करते हैं, जिसमें कई बार बजट या थकान आड़े आ जाती है। इसके बजाय, अपनी वीकेंड्स को छुट्टियों के साथ जोड़कर छोटे लेकिन फ्रीक्वेंट ट्रिप्स प्लान करें। शुक्रवार की शाम को निकलना और रविवार की रात वापस आना, आपको 48 घंटों में ही एक नया अनुभव दे सकता है। ऐसी ट्रिप्स न केवल सस्ती होती हैं, बल्कि आपको वर्क-लाइफ बैलेंस बनाए रखने में भी मदद करती हैं।ऑफिस की छुट्टियों को ऐसे करें स्मार्टली मैनेजअगर आप अपनी छुट्टियों को साल की शुरुआत में ही कैलेंडर के हिसाब से प्लान करते हैं, तो आप साल में 4 से 5 बार लंबी ट्रिप पर जा सकते हैं। सरकारी छुट्टियों और वीकेंड्स को मिलाकर 'ब्रिज हॉलिडे' (Bridge Holiday) का उपयोग करें। अगर आप शुक्रवार और सोमवार की छुट्टी ले लेते हैं, तो आपको लगातार 4 दिनों का समय मिलता है। ट्रैवल एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि छुट्टियों को लेकर अपने मैनेजर के साथ पारदर्शिता रखें और अपना काम पहले से शेड्यूल कर लें, ताकि आपके घूमने के दौरान ऑफिस के काम पर कोई असर न पड़े।काम के साथ तालमेल: 'वर्क फ्रॉम एनीवेयर' का लाभ उठाएंआज के दौर में कई कंपनियां 'हाइब्रिड वर्क कल्चर' अपना रही हैं। इसका फायदा उठाना सीखें! अगर आपके पास लैपटॉप है और इंटरनेट की सुविधा है, तो आप 'वर्क फ्रॉम माउंटेन' या 'वर्क फ्रॉम बीच' जैसे विकल्प चुन सकते हैं। एक शांत जगह पर जाकर काम करने से आपकी प्रोडक्टिविटी भी बढ़ेगी और शाम के समय आप उस जगह को एक्सप्लोर भी कर पाएंगे। इसे 'वर्कैशन' (Workation) कहा जाता है, जो आज के समय में कॉर्पोरेट कर्मचारियों के लिए घूमने का सबसे शानदार तरीका है।स्मार्ट बुकिंग और प्लानिंग: समय और पैसे दोनों की बचतएक स्मार्ट ट्रैवलर वह है जो अपनी बुकिंग्स को लेकर सतर्क रहता है। फ्लाइट और होटल की बुकिंग को 3-4 महीने पहले करने से भारी छूट मिलती है। इसके अलावा, ट्रैवल ऐप्स का उपयोग करें जो प्राइस अलर्ट (Price Alert) देते हैं। ट्रैवल क्रिएटर का कहना है कि यात्रा को लग्जरी बनाने के बजाय 'अनुभव केंद्रित' रखें। स्थानीय होमस्टे और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करना न केवल आपकी यात्रा को सस्ता बनाता है, बल्कि आपको उस जगह की संस्कृति से जुड़ने का मौका भी देता है।
जिंदगी में कुछ रोमांचक और लीक से हटकर करने का शौक रखने वाले लोगों के लिए पैराग्लाइडिंग (Paragliding) एक ऐसा एडवेंचर है, जो रोंगटे खड़े कर देने वाले अनुभव के साथ-साथ जिंदगी भर की यादें दे जाता है। बादलों के बीच तैरते हुए जब आप ठंडी हवाओं के थपेड़ों के साथ धरती को देखते हैं, तो वह नजारा किसी सपने जैसा लगता है। आसमान से दिखने वाले ऊंचे-ऊंचे बर्फ से ढके पहाड़, विशाल प्रशांत महासागर, नीली झीलें और हरी-भरी घाटियां प्रकृति का एक बिल्कुल अनोखा रूप पेश करती हैं।यदि आप भी एक अनुभवी एडवेंचरर हैं या पहली बार टेंडम फ्लाई (Tandem Fly) का मजा लेकर दुनिया को एक नए नजरिए से एक्सप्लोर करना चाहते हैं, तो ग्लोबल टूरिज्म मैप पर मौजूद इन 10 सबसे बेहतरीन पैराग्लाइडिंग डेस्टिनेशंस को अपने ट्रैवल बकेट लिस्ट में जरूर शामिल करें:1. गुदौरी (Gudauri), जॉर्जिया – कॉकस पर्वतों का रोमांचजॉर्जिया का गुदौरी क्षेत्र कॉकस पर्वत श्रृंखला (Caucasus Mountains) के बीच स्थित दुनिया के सबसे शानदार पैराग्लाइडिंग हब्स में से एक है।क्या है खास: यहाँ उड़ान भरते समय नीचे फैली गहरी हरी घाटियों और बर्फ की सफेद चादर से ढके पहाड़ों का एक मंत्रमुग्ध कर देने वाला 360-डिग्री व्यू मिलता है।प्रमुख आकर्षण: रूस-जॉर्जिया फ्रेंडशिप मॉन्यूमेंट, काज़बेगी और ऐतिहासिक गेर्गेती ट्रिनिटी चर्च।ट्रेवल गाइड: राजधानी टिब्लिसी से आप टैक्सी या बस द्वारा आसानी से यहाँ पहुँच सकते हैं। इस जगह को अच्छे से एक्सप्लोर करने के लिए 3 से 4 दिन का समय पर्याप्त है।लोकल फूड: पारंपरिक जॉर्जियन डिशेज जैसे 'खाचापुरी' (चीज ब्रेड), 'खिंकाली' (डंपलिंग्स), लोबियो और वहाँ की मशहूर वाइन का स्वाद लेना न भूलें।2. माउई (Maui), USA – प्रशांत महासागर के ऊपर उड़ानअमेरिका के हवाई (Hawaii) द्वीप समूह में स्थित माउई अपने सक्रिय और सुप्त ज्वालामुखियों, ऊंचे पहाड़ों और नीले समंदर के अद्भुत कॉम्बिनेशन के लिए जाना जाता है।क्या है खास: यहाँ पैराग्लाइडिंग करने का मतलब है विशाल प्रशांत महासागर (Pacific Ocean) और सुरम्य तटीय इलाकों को एक पंछी की नजर से देखना।प्रमुख आकर्षण: हालेआकाला नेशनल पार्क, रोड टू हाना, वैलिया बीच और मोलोकिनी क्रेटर।ट्रेवल गाइड: माउई को ठीक से घूमने के लिए कम से कम 5 से 7 दिन का समय रखें। यहाँ घूमने के लिए रेंटल कार (कार किराए पर लेना) सबसे आरामदायक विकल्प है।लोकल फूड: हवाईयन पोके बाउल, कलुआ पोर्क, फ्रेश सी-फूड और कड़क हवाईयन कॉफी यहाँ काफी लोकप्रिय हैं।3. बीर बिलिंग (Bir Billing), भारत – देश की पैराग्लाइडिंग राजधानीहिमाचल प्रदेश की गोद में बसा बीर बिलिंग भारत का सबसे प्रसिद्ध और दुनिया का दूसरा सबसे बेहतरीन पैराग्लाइडिंग टेक-ऑफ साइट माना जाता है।क्या है खास: यहाँ धौलाधार माउंटेन रेंज की ऊंची बर्फीली चोटियों, चाय के बागानों और खूबसूरत तिब्बती गांवों के ऊपर से उड़ने का एक जादुई अहसास होता है।प्रमुख आकर्षण: बीर मोनेस्ट्री, चोकलिंग मोनेस्ट्री, पालपुंग शेराब्लिंग मठ और बरोट वैली।ट्रेवल गाइड: दिल्ली या चंडीगढ़ से ओवरनाइट बस, ट्रेन या टैक्सी के जरिए यहाँ आराम से पहुंचा जा सकता है। वीकेंड ट्रिप या 3 से 5 दिनों की छुट्टी के लिए यह परफेक्ट है।लोकल फूड: गर्मागर्म तिब्बती मोमोज, थुकपा, पारंपरिक हिमाचली धाम और पहाड़ों की स्पेशल मैगी-चाय।दुनिया के अन्य 7 सबसे लोकप्रिय पैराग्लाइडिंग स्पॉट्सडेस्टिनेशन और देशयात्रा के लिए जरूरी दिनमुख्य यूएसपी (USP) और देखने लायक जगहेंक्या खाएं (Local Food)4. पोखरा (Pokhara), नेपाल4 से 5 दिनसारंगकोट से उड़ान भरते समय अन्नपूर्णा पर्वत श्रृंखला और फेवा झील का विहंगम नजारा। वर्ल्ड पीस पैगोडा यहाँ का मुख्य आकर्षण है।नेपाली थाली, सेल रोटी और मोमो5. शैमोनिक्स (Chamonix), फ्रांस4 से 6 दिनआल्प्स पहाड़ों के बीच यूरोप की सबसे ऊंची चोटी 'मों ब्लांक' और विशाल ग्लेशियरों के ऊपर से उड़ने का अनूठा एडवेंचर।फ्रेंच चीज, फोंड्यू, क्रेप्स और पेस्ट्री6. ओलुडेनिज़ (Oludeniz), तुर्की3 से 5 दिनबाबादाग पर्वत से सीधे नीले समंदर और तुर्की के मशहूर 'ब्लू लगून' (Blue Lagoon) के सफेद रेतीले तटों के ऊपर लैंडिंग।तुर्किश कबाब, बकलावा, गोजलेमे7. इंटरलाकेन, स्विट्ज़रलैंड4 से 6 दिनस्विस आल्प्स की चोटियों, लेक थून और लेक ब्रीएंज की नीली झीलों के बीच परियों जैसी वादियों में पैराग्लाइडिंग का अनुभव।स्विस चॉकलेट, रोस्ती, रैकलेट8. क्वीन्सटाउन, न्यूज़ीलैंड5 से 7 दिनदुनिया की एडवेंचर कैपिटल, जहाँ लेक वाकाटिपु और रिमार्केबल्स पहाड़ों के बीच स्काईलाइन से टेक-ऑफ किया जाता है।न्यूजीलैंड लैम्ब, मीट पाई, लोकल हनी9. वैले डे ब्रावो, मेक्सिको2 से 4 दिनघने जंगलों, पहाड़ियों और विशाल लेक एवांडारो के ऊपर मेक्सिकन वादियों का खूबसूरत विहंगम दृश्य।टैकोस, तमालेस, एनचिलाडास10. मिराफ्लोरेस (Miraflores), पेरू2 से 3 दिनलीमा शहर के ठीक बगल में स्थित पहाड़ों के बजाय सीधे प्रशांत महासागर की ऊंची क्लिफ्स (चट्टानों) से कोस्टल फ्लाई का रोमांच।पेरूवियन सेविचे, लोमो साल्टाडोएडवेंचर लवर्स के लिए जरूरी सलाह: पहली बार पैराग्लाइडिंग करने वाले हमेशा एक सर्टिफाइड पायलट के साथ 'टेंडम फ्लाइट' ही चुनें। इसके अलावा, किसी भी डेस्टिनेशन पर जाने से पहले वहाँ के स्थानीय मौसम (Weather) की जानकारी जरूर ले लें, क्योंकि तेज हवाओं या खराब मौसम में पैराग्लाइडिंग पूरी तरह प्रतिबंधित रहती है।
यात्रा करना किसे पसंद नहीं है, लेकिन अक्सर हम अपनी ट्रिप की प्लानिंग में बजट को लेकर परेशान हो जाते हैं। एक अच्छी ट्रिप के लिए केवल टिकट और होटल ही काफी नहीं होते, बल्कि सही ट्रैवल एक्सेसरीज का होना भी बहुत जरूरी है। अच्छी खबर यह है कि अब आपको अपनी यात्रा को सुविधाजनक बनाने के लिए हजारों रुपये खर्च करने की जरूरत नहीं है। बाजार में अब ऐसी 6 बेहतरीन ट्रैवल किट्स मौजूद हैं जिनकी शुरुआत मात्र ₹200 से होती है, और ये आपको प्रीमियम क्वालिटी का अहसास देती हैं। चाहे आप सोलो ट्रिप पर जा रहे हों या परिवार के साथ, ये किट्स आपके सफर को न केवल व्यवस्थित रखेंगी, बल्कि आपका पैसा भी बचाएंगी।1. पोर्टेबल टॉयलेटरी किट: साफ-सफाई का खास ख्यालयात्रा के दौरान सबसे बड़ी समस्या अपने पर्सनल हाइजीन प्रोडक्ट्स को रखने की होती है। ₹200 की रेंज में मिलने वाली यह टॉयलेटरी किट वाटरप्रूफ मटेरियल से बनी होती है। इसमें आप अपनी शैम्पू, कंडीशनर, टूथपेस्ट और फेस वॉश जैसी जरूरी चीजों को सुरक्षित और व्यवस्थित रख सकते हैं। इसकी प्रीमियम फिनिश इसे लंबे समय तक चलने लायक बनाती है।2. यूनिवर्सल एडॉप्टर और पावर किटआज के डिजिटल दौर में गैजेट्स को चार्ज रखना सबसे जरूरी है। यह ट्रैवल किट आपको बजट में एक ऐसा एडॉप्टर देती है जो लगभग हर देश के प्लग पॉइंट के साथ काम करता है। इसकी बिल्ड क्वालिटी बहुत मजबूत है, जो इसे बार-बार गिरने के झटकों से बचाती है। यह आपके इलेक्ट्रॉनिक सामान के लिए सबसे सस्ता और टिकाऊ निवेश है।3. प्रीमियम आई-मास्क और नेक पिलो कॉम्बोलंबे सफर, चाहे वो बस का हो या फ्लाइट का, थकान और नींद का सही न मिलना आम बात है। यह किट आपको बहुत कम दाम में मेमोरी फोम वाले नेक पिलो और अल्ट्रा-सॉफ्ट आई-मास्क के साथ मिलती है। यह आंखों पर बिना किसी दबाव के आपको बेहतरीन नींद देने में मदद करती है। इसका फैब्रिक इतना सॉफ्ट है कि आपको सफर में भी घर जैसा आराम मिलेगा।4. ऑर्गनाइजर पाउच सेट: कपड़ों को रखें व्यवस्थितट्रैवलिंग का एक बड़ा सिरदर्द सूटकेस के अंदर कपड़ों को ढूंढना है। ₹200 से शुरू होने वाले ये ऑर्गनाइजर पाउच सेट आपके सूटकेस के अंदर छोटे-छोटे हिस्सों में कपड़े, मोजे और अंडरगार्मेंट्स को अलग-अलग रखने में मदद करते हैं। यह प्रीमियम क्वालिटी के नायलॉन मटेरियल से बने होते हैं, जो वजन में बेहद हल्के और धोने में आसान होते हैं।5. मिनी फर्स्ट-एड किटसफर के दौरान कब तबीयत खराब हो जाए, कोई नहीं जानता। यह छोटी सी फर्स्ट-एड किट आपको ₹200 के अंदर मिल जाती है, जिसमें दर्द निवारक दवाएं, एंटीसेप्टिक क्रीम, बैंडेज और रुई जैसी बुनियादी चीजें होती हैं। इसकी पैकिंग बहुत कॉम्पैक्ट है, जिसे आप अपनी छोटी पॉकेट में भी आसानी से रख सकते हैं। यह हर यात्री के लिए सबसे जरूरी किट है।6. शू बैग्स का स्मार्ट कॉम्बोअक्सर जूते सूटकेस में बाकी कपड़ों को गंदा कर देते हैं। ये शू बैग्स आपकी यात्रा को हाइजीनिक बनाने में मदद करते हैं। इसमें न केवल जूते सुरक्षित रहते हैं, बल्कि यह धूल-मिट्टी को भी बाहर नहीं आने देता। इसकी सिलाई और जिप क्वालिटी काफी प्रीमियम है, जो आपको किसी महंगे ब्रांड के जैसा अनुभव देगी।जियोग्राफिकल और एआई सर्च के अनुसार ये किट्स क्यों हैं बेस्टदिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और लखनऊ जैसे बड़े शहरों में बढ़ते ट्रैवल ट्रेंड्स को देखते हुए, एआई सर्च इंजन 'Budget Travel Essentials' को सबसे ज्यादा सजेस्ट कर रहे हैं। आज के यात्री स्मार्ट शॉपिंग पर जोर दे रहे हैं। गूगल और बिंग जैसे आधुनिक जनरेटिव सर्च इंजनों का विश्लेषण कहता है कि कम कीमत में प्रीमियम क्वालिटी का विकल्प चुनना अब स्मार्ट ट्रैवलिंग का हिस्सा बन चुका है। यदि आप भी अगले कुछ दिनों में कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो इन किट्स को अपनी लिस्ट में जरूर शामिल करें, क्योंकि ये आपके सफर को न केवल सस्ता बल्कि काफी स्टाइलिश भी बनाएंगी।
मुंबई लौटे ऋतिक रोशन, गर्लफ्रेंड और बेटों संग मनाने गए थे वेकेशन
मुंबई, बॉलीवुड सुपरस्टार ऋतिक रोशन अपनी गर्लफ्रेंड सबा आजाद और अपने बेटों, रेहान और रिदान रोशन के साथ क्वालिटी टाइम बिताने के बाद मंगलवार सुबह मुंबई लौटते दिखे।
पाली के 8वीं क्लास के स्टूडेंट राघव सोनी ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का परिचय देते हुए रोबोटिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और टाइम ट्रैवल पर आधारित एक विज्ञान-कथा पुस्तक लिखी है। यह पुस्तक विज्ञान, कल्पना और रोमांच का संगम प्रस्तुत करती है। कम साल की उम्र में लिखी गई यह पुस्तक अब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध है। भविष्य की दुनिया में पहुंच जाता है जैक पुस्तक की कहानी 'जैक' नाम के एक बालक के इर्द-गिर्द घूमती है। कहानी में जैक अचानक भविष्य की उस दुनिया में पहुंच जाता है, जहां अत्याधुनिक रोबोट्स ने पूरी मानव सभ्यता पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया है। उस दुनिया में सभी इंसान रोबोट्स के आदेशों का पालन करने को मजबूर हैं, लेकिन वर्तमान समय से पहुंचा जैक उनके नियंत्रण में नहीं आता। अपनी बुद्धिमत्ता, साहस और वैज्ञानिक सोच के दम पर वह रोबोट्स की शक्ति के मुख्य स्रोत का पता लगाता है और उनकी पावर सप्लाई बंद कर देता है। इसके बाद रोबोट्स का साम्राज्य समाप्त हो जाता है, मानवता स्वतंत्र हो जाती है और जैक सुरक्षित अपने समय में लौट आता है। इस तरह की कहानी पर हालीवुड में फिल्में भी बन चुकी हैं। तकनीक के जिम्मेदार उपयोग का संदेश यह पुस्तक बच्चों और युवाओं को यह संदेश देती है कि तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग मानवता के हित और कल्याण के लिए होना चाहिए, न कि उस पर शासन करने के लिए। यह रचना विज्ञान के प्रति जिज्ञासा, नवाचार, रचनात्मक सोच और तकनीक के जिम्मेदार उपयोग के लिए प्रेरित करती है। राघव सोनी, राजकीय मेडिकल कॉलेज पाली के पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. लक्ष्मण सोनी तथा माइक्रोबायोलॉजी विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रियंका सोनी के पुत्र हैं। ऑनलाइन उपलब्ध है पुस्तक राघव की यह पुस्तक BriBooks पर प्रकाशित हो चुकी है और विश्वभर के पाठकों के लिए ऑनलाइन उपलब्ध है। इच्छुक पाठक इसे इसी प्लेटफॉर्म के माध्यम से खरीद सकते हैं। कम उम्र में साहित्य सृजन के क्षेत्र में राघव की यह उपलब्धि अन्य स्टूडेंट्स के लिए भी प्रेरणा बन रही है।
झमाझम बरसती बारिश की बूंदें, पहाड़ों पर तैरते सफेद बादलों के टुकड़े, मिट्टी की सोंधी खुशबू और पहाड़ों से दूध की तरह नीचे गिरते झरनों (Waterfalls) का शोर— मानसून का मौसम भारत के प्राकृतिक सौंदर्य में चार चांद लगा देता है. यदि आप भी कंक्रीट के जंगलों और शहरों की उमस भरी गर्मी से तंग आ चुके हैं, तो भारत में कुछ ऐसी जादुई जगहें हैं जो बारिश के दिनों में किसी धरती के स्वर्ग जैसी दिखाई देने लगती हैं.पार्टनर के साथ रोमांटिक ट्रिप प्लान करनी हो या अकेले ही प्रकृति की गोद में खो जाना हो, मानसून के इस सुहाने मौसम में भारत के ये 5 सबसे खूबसूरत और बेस्ट टूरिस्ट डेस्टिनेशंस (Best Monsoon Travel Places in India) आपकी यात्रा को हमेशा के लिए यादगार बना देंगे.1. चेरापूंजी और मावलिननोंग (मेघालय) – बादलों का घरदुनिया में सबसे ज्यादा बारिश के लिए मशहूर मेघालय (Meghalaya) का यह हिस्सा मानसून प्रेमियों के लिए मक्का माना जाता है.नजारों की खूबी: बारिश के दिनों में यहाँ के 'नोहकलीकई' (Nohkalikai) जैसे विशाल झरने अपने पूरे शबाब पर होते हैं. बादलों के बीच से होकर गुजरती घुमावदार सड़कें और 'लिविंग रूट ब्रिज' (Living Root Bridges - पेड़ों की जड़ों से बने प्राकृतिक पुल) देखना एक अलग ही दुनिया का अहसास कराता है. इसके साथ ही एशिया का सबसे साफ गांव 'मावलिननोंग' भी इसी रूट पर है, जिसकी हरियाली देखने लायक होती है.2. वायनाड (केरल) – पश्चिमी घाट की मखमली चादरकेरल का यह खूबसूरत हिल स्टेशन (Wayanad Hill Station) मानसून के दौरान एक गहरे हरे रंग की मखमली चादर ओढ़ लेता है.नजारों की खूबी: चाय और कॉफी के बागानों के बीच बने ट्री-हाउस (Tree Houses) में रुककर बारिश की बूंदों को गिरते देखना बेहद रोमांटिक होता है. यहां का 'बाणासुर सागर बांध' और 'मीनमुट्टी वॉटरफॉल्स' मानसून के पानी से पूरी तरह लबालब हो जाते हैं. कोहरे से ढकी पहाड़ियों के बीच ट्रैकिंग करने का रोमांच यहां सबसे अलग होता है.3. लोनावला और महाबलेश्वर (महाराष्ट्र) – पश्चिमी घाट का जादूमुंबई और पुणे के निवासियों के लिए वीकेंड बिताने का यह सबसे पसंदीदा और प्राकृतिक रूप से समृद्ध गंतव्य है.नजारों की खूबी: मानसून शुरू होते ही लोनावला (Lonavala) और खंडाला की खाइयों से अनगिनत छोटे-बड़े झरने बहने लगते हैं. महाबलेश्वर (Mahabaleshwar) के 'विल्सन पॉइंट' या 'आर्थर सीट' से जब आप नीचे की घाटियों को देखते हैं, तो वे पूरी तरह बादलों और कोहरे से ढकी नजर आती हैं. भुट्टा (कॉर्न) खाते हुए यहां के घाटों पर लॉन्ग ड्राइव का मजा बेजोड़ है.4. कुर्ग (कर्नाटक) – भारत का स्कॉटलैंडकॉफ़ी के बागानों और मसालों की खुशबू से महकता कुर्ग (Coorg) बारिश के दिनों में प्रकृति प्रेमियों के लिए एक आदर्श आश्रय स्थल बन जाता है.नजारों की खूबी: मानसून में यहाँ का 'एब्बे फॉल्स' (Abbey Falls) और 'इरुप्पु फॉल्स' बहुत शक्तिशाली और खूबसूरत हो जाते हैं. कावेरी नदी के उद्गम स्थल 'तलकावेरी' की पहाड़ियों पर जब कोहरे की सफेद चादर बिछती है, तो वहां का नजारा देखते ही बनता है.5. लोध जलप्रपात और नेतरहाट (झारखंड) – छोटानागपुर की रानीअगर आप भीड़भाड़ से दूर किसी अनछुए और शांत हिल स्टेशन की तलाश में हैं, तो झारखंड का नेतरहाट (Netarhat) और लातेहार का इलाका आपको मंत्रमुग्ध कर देगा.नजारों की खूबी: झारखंड का सबसे ऊंचा झरना 'लोध फॉल्स' (Lodh Waterfalls) मानसून में जब 469 फीट की ऊंचाई से नीचे गिरता है, तो उसकी गूंज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई देती है. चीड़ (Pine) के घने जंगलों के बीच पहाड़ों पर गिरती बारिश और नेतरहाट का सनसेट व्यू (सूर्यास्त) पर्यटकों के दिल में उतर जाता है.यात्रियों के लिए जरूरी सेफ्टी एडवाइजरी (Monsoon Travel Safety Tips)जिस तरह म्यूचुअल फंड में निवेश करने से पहले मार्केट के जोखिमों को जानना जरूरी है, ठीक उसी तरह मानसून में पहाड़ों पर यात्रा करने से पहले कुछ सावधानियां बरतना अनिवार्य है:वेदर अपडेट: लैंडस्लाइड (भूस्खलन) या भारी बारिश वाले संवेदनशील पहाड़ी इलाकों (जैसे हिमाचल या उत्तराखंड के कुछ हिस्से) में जाने से पहले मौसम विभाग (IMD) का ताजा अलर्ट जरूर चेक करें.झरनों के करीब न जाएं: उफनते हुए नदी-नालों या झरनों के तेज बहाव में उतरकर रील्स बनाने या सेल्फी लेने की गलती बिल्कुल न करें, पानी का स्तर अचानक बढ़ सकता है.ग्रिप वाले जूते: पहाड़ों पर और चट्टानों पर काई जमने से फिसलन बढ़ जाती है, इसलिए यात्रा के दौरान अच्छी ग्रिप वाले ट्रैकिंग शूज ही पहनें.
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में कार सवार युवकों का खतरनाक स्टंट सामने आया है। जयनगर थाना थाना क्षेत्र में कोई चलती कार का दरवाजा खोलकर स्टंट करता नजर आया, तो कुछ युवक कार की खिड़की से बाहर निकलकर हंगामा और स्टंटबाजी करते दिखाई दिए। वहीं, अब स्टंटबाजी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो अजबनगर स्थित मोरभंज पर्यटन स्थल का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, रविवार को कुछ युवक कार से पिकनिक मनाने पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने चलती कार में जान जोखिम में डालकर खतरनाक स्टंट किए। वीडियो में कुछ युवक कार की खिड़की और दरवाजे से बाहर निकलकर स्टंट करते, जबकि कुछ हूटिंग करते नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है। उनका कहना है कि सार्वजनिक स्थानों और पर्यटन स्थलों पर इस तरह की स्टंटबाजी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। इस मामले में पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
बिहार में पर्यटन को नई गति देने और स्थानीय लोगों की आय के स्रोतों को विस्तार देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना का आगाज किया गया है। राज्य सरकार ने इस योजना के तहत 16 जिलों के 34 विशिष्ट पर्यटन स्थलों का चयन किया है, जिसमें ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध नालंदा जिले को सबसे बड़ी हिस्सेदारी मिली है। जिले के कुल 6 प्रमुख स्थलों को इस योजना के लिए चुना गया है, जिससे अब पर्यटकों को होटलों की चकाचौंध से इतर स्थानीय ग्रामीण संस्कृति और आतिथ्य का वास्तविक अनुभव मिल सकेगा। योजना के तहत चयनित स्थलों में प्राचीन नालंदा महाविहार के भग्नावशेष, पावापुरी का पवित्र जलमंदिर, राजगीर का रोपवे, जू सफारी, नेचर सफारी और विश्व प्रसिद्ध गर्म जलकुंड शामिल हैं। इन स्थलों के आसपास के घरों में होमस्टे की सुविधा विकसित की जाएगी, जिससे न केवल पर्यटकों को ठहरने के लिए नए विकल्प मिलेंगे, बल्कि वे बिहार की परंपराओं, स्थानीय खानपान और रहन-सहन को बेहद करीब से जान सकेंगे। आर्थिक सहायता और स्वरोजगार की राह सरकार ने इस योजना को प्रभावी बनाने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन का भी प्रावधान किया है। कोई भी इच्छुक व्यक्ति अपने पर्यटन स्थल से अधिकतम 5 किलोमीटर के दायरे में होमस्टे इकाई खोल सकता है। प्रत्येक इकाई के लिए अधिकतम आठ कमरों की स्वीकृति दी गई है, जिसके लिए सरकार प्रति कमरा 2.50 लाख रुपए तक की सहायता देगी। इस प्रकार एक संचालक अधिकतम 10 लाख रुपये का अनुदान प्राप्त कर सकता है। युवाओं और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए सरकार ने विशेष प्रावधान किए हैं, जिसके तहत महिला उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों और 18 से 25 वर्ष के युवा उद्यमियों को प्रति कमरे 25 हजार रुपए का अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि मिलेगी। आने वाले वर्षों में पर्यटन का नया चेहरा पर्यटन विभाग ने आगामी पांच वर्षों के भीतर राज्यभर में एक हजार कमरों के निबंधन का लक्ष्य रखा है। नालंदा जैसे पर्यटन हब में इस योजना के लागू होने से स्थानीय हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजन और परिवहन व्यवसायों को भी संबल मिलेगा। राजगीर और पावापुरी जैसे अंतरराष्ट्रीय महत्व के स्थलों के पास स्थित घरों में पर्यटकों के ठहरने से स्थानीय परिवारों की आय में इजाफा होगा और बेरोजगारी की समस्या दूर करने में मदद मिलेगी।
सीहोर में वर्षाकाल में संभावित हादसों को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने सभी वॉटरफॉल, डैम, जल पर्यटन स्थलों और अन्य जोखिमपूर्ण स्थानों पर प्रतिबंधात्मक आदेश लागू कर दिए हैं। कलेक्टर बालागुरु के. के निर्देश पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत यह कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने इन स्थानों पर राजस्व, वन, पुलिस और अन्य विभागों की संयुक्त टीमें तैनात की हैं। कलेक्टर के निर्देश पर अमरगढ़, दिंगंबर और कालियादेव वॉटरफॉल जैसे दुर्घटना संभावित स्थलों के पहुंच मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। तैनात टीमें पर्यटकों को प्रतिबंधित क्षेत्रों में जाने से रोकने के साथ ही सुरक्षा के प्रति जागरूक भी कर रही हैं। प्रशासन की टीमों ने अमरगढ़ वॉटरफॉल की ओर जा रहे 20 लोगों को रोककर प्रतिबंधात्मक आदेशों की जानकारी दी और उन्हें वापस लौटा दिया। प्रशासन का कहना है कि बारिश के दौरान इन क्षेत्रों में अचानक जलस्तर बढ़ने और फिसलन के कारण दुर्घटनाओं का खतरा रहता है। भोपाल से भी बड़ी संख्या में पहुंचते हैं पर्यटक कलेक्टर बालागुरु के. ने नागरिकों और पर्यटकों से अपील की है कि वे अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश न करें। उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वर्षाकाल में सीहोर के प्राकृतिक पर्यटन स्थलों पर जिले के अलावा भोपाल सहित आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। प्रशासन ने सभी लोगों से प्रतिबंधात्मक आदेशों का पालन करने और सुरक्षित व्यवहार अपनाने की अपील की है।
खंडवा नगर निगम के अमले ने रविवार को बस स्टैंड क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की हैं। पुलिस की मौजूदगी में जेसीबी मशीनों से ओटलों को तोड़ा गया। इस दौरान एक दर्जन दुकानों के बाहर से पक्का और टीनशैड का अतिक्रमण तोड़ा गया। मलबे और सामान को ट्रक में भरने के दौरान निगम अमले को विरोध का सामना भी करना पड़ा। बता दें कि, इन ओटलों के नीचे सरकारी नाला दबा हुआ था। बारिश में पानी निकासी की आफत होती, इससे पहले कार्रवाई को अंजाम दिया गया। कार्रवाई के दौरान हनी ट्रैवल्स एजेंसी पर कार्यरत महिला कर्मचारियों ने निगम अमले का विरोध किया। चार से पांच महिला कर्मचारी जेसीबी मशीन के आगे खड़ी हो गई। खुद मोबाइल से वीडियो बनाए और यहां तक कि कवरेज कर रहे मीडियाकर्मी और अतिक्रमण हटा रहे निगम कर्मचारियों से बदसलूकी भी की। हनी ट्रैवल्स का ओटला और छज्जा दोनों तोड़ा गया। आगे गीत ट्रैवल्स और आर्या बस सर्विस तक पक्के ओटलों को हटाया गया। सिटी मजिस्ट्रेट बोले- भंडारिया रोड़ पर जमीन देंगे नगर निगम की कार्रवाई का नेतृत्व कार्यपालन यंत्री राधेश्याम उपाध्याय कर रहे थे। बाद में सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर भी पहुंचे। सिटी मजिस्ट्रेट के पहुंचने पर उन्हें निगम अमले ने बताया कि, महिला कर्मचारियों ने बदसलूकी की हैं। यह सुनकर सिटी मजिस्ट्रेट भड़क गए और उन्होंने कहा कि ओटले यदि नहीं तोड़ने दे तो सभी दुकानों को भीतर तक तोड़ दो। इन्हें भंडारिया रोड़ पर जमीन के बदले जमीन दे देंगे।
महू के पर्यटन स्थल पर्यटकों पर भीड़ लगी:रविवार की छुट्टी मनाने जाम गेट-पातालपानी-जानापाव पर जाम लगा
महू इलाके के पिकनिक स्पॉट रविवार की छुट्टी पर सैलानियों से पूरी तरह भरे रहे। सुहावने मौसम का मजा लेने के लिए हजारों की संख्या में लोग परिवार और दोस्तों के साथ जाम गेट, पातालपानी, वांचू पॉइंट और जानापाव जैसी मशहूर जगहों पर पहुंचे। इंदौर, महू, धार और देवास समेत आस-पास के जिलों से बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचे थे। दोपहर होते-होते सभी मुख्य पर्यटन स्थलों पर भारी भीड़ जमा हो गई। कई जगहों पर पार्किंग की जगह गाड़ियों से खचाखच भर गई, तो वहीं मुख्य रास्तों पर गाड़ियों की लंबी-लंबी कतारें भी देखने को मिलीं। मौसम का लिया मजा, दुकानदारों के चेहरे खिले यहां आए लोगों ने हरियाली से भरी पहाड़ियों, झरनों और ठंडी हवा के बीच जमकर फोटोग्राफी की, सेल्फी ली और पिकनिक का मजा उठाया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी में मौसम को लेकर भारी उत्साह देखा गया। पर्यटकों की इस भारी भीड़ की वजह से स्थानीय दुकानदारों और छोटे व्यापारियों की कमाई भी अच्छी हुई। प्रशासन ने की संभलकर रहने की अपील बारिश के मौसम में महू इलाके की इन प्राकृतिक जगहों की खूबसूरती देखने लायक होती है, यही वजह है कि हर रविवार यहां भारी भीड़ उमड़ रही है। बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सुरक्षा नियमों का पालन करने और खतरे वाली जगहों (जैसे गहरी खाइयों और झरनों के पास) से दूर रहने की अपील की है।
हाड़ौती की विरासत और कोटा की लाइफलाइन कहे जाने वाले ऐतिहासिक चंबल गार्डन का अब कायाकल्प होने जा रहा है। चंबल गार्डन और किशोरपुरा मुक्तिधाम के पुनर्विकास के लिए शनिवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने करीब 100 करोड़ रुपए के कार्यों का शिलान्यास किया। ओम बिरला ने कहा कि 50 साल पुराने इस ऐतिहासिक स्थल को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर नया स्वरूप दिया जाएगा। आगामी दो वर्षों में यह गार्डन देश और प्रदेश के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में अपनी अलग पहचान बनाएगा। सिर्फ कोचिंग सिटी नहीं, खेल और पर्यटन का हब बनेगा कोटा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि कोटा के विकास का जो सपना हमने देखा था, वह अब धरातल पर उतर रहा है। आने वाले समय में कोटा सिर्फ कोचिंग सिटी ही नहीं, बल्कि खेल, स्वास्थ्य, पर्यटन और कनेक्टिविटी के मामले में देश के अग्रणी शहरों में शामिल होगा। कोटा-बूंदी संसदीय क्षेत्र आने वाले समय में सबसे बेहतरीन कनेक्टिविटी वाला इलाका होगा। लोकसभा अध्यक्ष ने प्रशासनिक सुधारों पर जोर देते हुए कहा कि राज्य सरकार के सहयोग से नगर निगम और कोटा विकास प्राधिकरण (KDA) की कार्यप्रणाली को और सरल किया जाएगा। कोटा को मिल रही है नई वैश्विक पहचान: यूडीएच मंत्री खर्रास्वायत्त शासन एवं नगरीय विकास (UDH) मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष के विजन के कारण ही आज कोटा की पर्यटन परियोजनाओं को नई दिशा मिल रही है। रिवर फ्रंट और चंबल गार्डन जैसे प्रोजेक्ट्स के जरिए कोटा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर मजबूती से स्थापित किया जा रहा है। आने वाले वर्षों में कोटा विकास का नया मॉडल बनेगा। उन्होंने यह भी कहा कि 'सफेद हाथी' साबित हो रहे रिवर फ्रंट को लेकर भी आगे काम करवाए जाएंगे।
राजस्थान सरकार ने शुक्रवार देर रात डीएफओ और एसीएफ अधिकारियों की तबादला सूची जारी कर दी। इसका असर रणथंभौर टाइगर रिजर्व और सामाजिक वानिकी विभाग पर भी देखने को मिलेगा। जारी सूची में रणथंभौर टाइगर रिजर्व के पर्यटक डीएफओ सहित कई एसीएफ और रेंजर के तबादले किए गए हैं। खास बात यह है कि रणथंभौर टाइगर रिजर्व के पर्यटक डीएफओ का पद फिलहाल रिक्त रखा गया है। इन डीएफओ के हुए तबादले तबादला सूची के अनुसार रणथंभौर टाइगर रिजर्व में पर्यटक डीएफओ के पद पर कार्यरत संजीव कुमार शर्मा का तबादला डीएफओ रणथंभौर टाइगर रिजर्व सेकेंड के पद पर किया गया है। वहीं डीएफओ सूचना का अधिकार हैड ऑफ फॉरेस्ट के पद पर कार्यरत अरूण कुमार शर्मा को डीएफओ विकास रणथंभौर टाइगर रिजर्व लगाया गया है। इसके अलावा विष्णु कुमार गुप्ता को डीएफओ विस्थापन रणथंभौर टाइगर रिजर्व के पद पर लगाया गया है। एसीएफ स्तर पर भी हुए बदलाव एसीएफ की तबादला सूची में महेश कुमार शर्मा, जो एसीएफ रणथंभौर टाइगर रिजर्व फर्स्ट के पद पर कार्यरत थे, उनका तबादला एसीएफ केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान के पद पर किया गया है। योगेश कुमार को अलवर से वन्यजीव मुख्यालय बाघ परियोजना प्रथम सवाई माधोपुर लगाया गया है। वहीं अजय कुमार सत्तावन को सामाजिक वानिकी से रणथंभौर टाइगर रिजर्व में लगाया गया है। रेंजर स्तर पर भी जारी हुए आदेश रेंजर फर्स्ट ग्रेड की तबादला सूची में रणथंभौर टाइगर रिजर्व की फलोदी रेंज के रेंजर विजय कुमार मीणा को खंडार रेंजर लगाया गया है। हेमंत कुमार मीणा को बेगू से रेंजर सामाजिक वानिकी सवाई माधोपुर लगाया गया है। वहीं सामाजिक वानिकी सवाई माधोपुर के रेंजर कैलाश शर्मा का तबादला हिंडोली रेंजर के पद पर किया गया है। उल्लेखनीय है कि रणथंभौर टाइगर रिजर्व के पर्यटक डीएफओ जैसे महत्वपूर्ण पद को इस तबादला सूची में रिक्त रखा गया है।
नई दिल्ली के आलीशान होटल ताज पैलेस में आयोजित 'राष्ट्रीय हितधारक परामर्श 2026' के दूसरे दिन झारखंड के भविष्य को लेकर एक बड़ी और ऐतिहासिक चर्चा हुई. इस सत्र का मुख्य विषय 'डेस्टिनेशन झारखंड – पर्यटन निवेश एवं समावेशी विकास को गति' था. देश भर से आए नीति-निर्माताओं, बड़े उद्योगपतियों और पर्यटन क्षेत्र के दिग्गजों ने एक सुर में माना कि अब झारखंड को सिर्फ कोयले और खनिज का राज्य समझना भूल होगी. यह राज्य अब पूर्वी भारत का सबसे बड़ा और आकर्षक टूरिस्ट हब बनने के लिए पूरी तरह तैयार है.पर्यटन को मिला उद्योग का दर्जा, 5 करोड़ से ज्यादा पहुंचे सैलानीइस महामंथन में सामने आए आंकड़े चौंकाने वाले और उम्मीद जगाने वाले हैं. साल 2024 में झारखंड में रिकॉर्ड 5.85 करोड़ पर्यटक पहुंचे, जिनमें से 4.40 करोड़ लोग केवल धार्मिक और आध्यात्मिक यात्रा के लिए आए थे. सैलानियों की इस भारी तादाद को देखते हुए सरकार ने पर्यटन को बाकायदा 'उद्योग' का दर्जा दे दिया है. इस बड़े फैसले से अब प्राइवेट इंवेस्टर्स के लिए वित्तीय मदद और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के रास्ते पूरी तरह साफ हो गए हैं. सरकार अब देवघर या सम्मेद शिखर जैसे धार्मिक स्थलों के आगे बढ़कर इको-टूरिज्म, एडवेंचर स्पोर्ट्स, वॉटर स्पोर्ट्स और देश के पहले 'माइनिंग टूरिज्म' जैसी अनूठी परियोजनाओं पर काम कर रही है.आ रही है 'पर्यटन नीति-2026', स्काईवॉक और फ्लोटिंग रेस्तरां का दिखेगा जलवानिवेशकों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए हेमंत सोरेन सरकार जल्द ही 'पर्यटन नीति-2026' लॉन्च करने जा रही है. कागजी कार्रवाई और लालफीताशाही को खत्म करने के लिए 'डिजिटल सिंगल विंडो पंजीकरण व्यवस्था' लागू की जा रही है. केंद्र सरकार की 'प्रसाद' (PRASHAD) और 'स्वदेश दर्शन' योजनाओं के तालमेल से राज्य में सड़कों और बुनियादी सुविधाओं को चमकाया जा रहा है. सरकार ने निवेशकों को राज्य में लक्जरी होटल, रिसॉर्ट, रोपवे, एडवेंचर स्काईवॉक और फ्लोटिंग रेस्तरां बनाने के लिए बंपर सब्सिडी और आकर्षक प्रोत्साहन पैकेज का ऑफर दिया है.रोजगार का नया फॉर्मूला: 100 होमस्टे से 500 लोगों को मिलेगी आजीविकाइस मौके पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री सुदिव्य कुमार ने राज्य की नई सोच को सामने रखा. उन्होंने रोजगार का एक बहुत ही व्यावहारिक गणित समझाते हुए कहा कि एक बड़ा फाइव स्टार होटल करीब 200 लोगों को सीधा रोजगार देता है, लेकिन अगर हम गांव-गांव में 100 होमस्टे (Homestay) विकसित कर दें, तो लगभग 500 परिवारों को उनके घर पर ही आजीविका मिल जाएगी. इसी सोच के साथ सरकार 'होमस्टे नीति-2026' ला रही है, जो झारखंड को देश का सबसे पसंदीदा होमस्टे डेस्टिनेशन बनाएगी.मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में चल रहे इस मिशन को गति देने के लिए कैबिनेट मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, संजय प्रसाद यादव, इरफान अंसारी और शिल्पी नेहा तिर्की भी इस राष्ट्रीय परामर्श में मौजूद रहीं. सभी ने संकल्प लिया कि झारखंड को बेहद कम समय में पूर्वी भारत का सबसे पसंदीदा, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल (Eco-Friendly) पर्यटन स्थल बनाया जाएगा.
उमरिया जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच नदी, झरने, डैम और अन्य पर्यटन स्थलों पर हादसों का खतरा बढ़ गया है। इसके बावजूद अधिकांश संवेदनशील स्थानों पर पर्यटकों को सतर्क करने के लिए चेतावनी या सांकेतिक बोर्ड नहीं लगाए गए हैं। पिछले वर्ष छोटी तुम्मी झरने में एक युवक की मौत के बाद तत्कालीन कलेक्टर ने सुरक्षा इंतजाम के निर्देश दिए थे, लेकिन एक साल बाद भी उनका पालन नहीं हो सका। भास्कर टीम ने किया ग्राउंड निरीक्षण दैनिक भास्कर की टीम ने झोझाफाल झरना और मछडार डैम का जायजा लिया। झोझाफाल में कई युवक ऊंची और फिसलन भरी चट्टानों पर बैठकर फोटो खिंचवाते नजर आए, जबकि मछडार डैम पर भी लोग बारिश के बीच बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के घूमते और मस्ती करते दिखे। कहीं नहीं दिखे चेतावनी बोर्ड दोनों पर्यटन स्थलों पर खतरे की चेतावनी देने वाले बोर्ड, सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश या प्रतिबंधात्मक सूचना बोर्ड नहीं मिले। बारिश के दौरान जलस्तर अचानक बढ़ने, तेज बहाव और फिसलन के कारण यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। पिछले साल हुई थी युवक की मौत पिछले वर्ष छोटी तुम्मी झरने में एक युवक की मौत के बाद तत्कालीन कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन ने जिले के सभी संवेदनशील पर्यटन स्थलों पर चेतावनी बोर्ड लगाने और सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। संबंधित विभागों को जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी, लेकिन अधिकांश स्थानों पर अब तक यह व्यवस्था नहीं हो सकी है। कलेक्टर बोलीं- कराएंगे जांच मामले में कलेक्टर राखी सहाय ने कहा कि पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था और चेतावनी बोर्ड नहीं होने के मामले की जांच कराई जाएगी। आवश्यक निर्देश जारी कर सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।
नागौर जिले की ग्राम पंचायत भूंडेल स्थित लोकदेवता वीर हड़बूजी महाराज की जन्मस्थली का पर्यटन विभाग अजमेर की टीम ने निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र का जायजा लेकर श्रद्धालुओं के लिए यात्री सुविधाओं के विकास की संभावनाएं देखीं। स्थानीय लोगों से लिए सुझावउप निदेशक पर्यटन योगेश कुमार खत्री, आर्किटेक्ट विमल सिंघारिया और सिविल इंजीनियर अमन सचदेवा ने निरीक्षण के दौरान मंदिर परिसर का अवलोकन किया। उन्होंने विश्राम स्थल, पेयजल, शौचालय, पार्किंग, सौंदर्यीकरण और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से सुझाव भी लिए। निरीक्षण के आधार पर बनेगा प्रस्तावअधिकारियों ने बताया कि धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस स्थल के समग्र विकास की संभावनाओं का अध्ययन किया जा रहा है। निरीक्षण के आधार पर आवश्यक प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे, ताकि भविष्य में यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। ग्रामीण और समिति के सदस्य रहे मौजूदनिरीक्षण के दौरान हड़बूजी जन्मस्थली विकास समिति के अध्यक्ष एवं प्रशासक धर्मेंद्र गौड़, दलपत सिंह चौहान, पुजारी भोम सिंह उड़ सहित समिति के सदस्य, ग्रामीण और अन्य लोग मौजूद रहे।
खगड़िया में पर्यटन विकास को गति देने के उद्देश्य से जिलाधिकारी विक्रम विरकर ने गुरुवार को विभिन्न प्रस्तावित पर्यटन स्थलों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने चौथम प्रखंड स्थित प्रसिद्ध मां कात्यायनी धाम और कसरैया धार पहुंचकर विकास योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया और अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्यों को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। निरीक्षण की शुरुआत जिलाधिकारी ने मां कात्यायनी मंदिर परिसर से की। यहां उन्होंने पर्यटन की दृष्टि से प्रस्तावित विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया। आधारभूत सुविधाओं की प्रगति की जानकारी ली उन्होंने परिसर के सौंदर्यीकरण, स्वच्छता व्यवस्था, सुगम आवागमन, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और पार्किंग सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं की प्रगति की जानकारी ली। मौके पर मौजूद प्रभारी पदाधिकारी प्रवीण कुमार ने प्रस्तावित योजनाओं की वर्तमान स्थिति से जिलाधिकारी को अवगत कराया। इसके बाद जिलाधिकारी कसरैया धार पहुंचे, जहां उन्होंने प्राकृतिक पर्यटन की संभावनाओं का आकलन किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्थल की प्राकृतिक सुंदरता और भौगोलिक विशेषताओं को संरक्षित रखते हुए इसे एक आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। साथ ही आवश्यक अधोसंरचना विकसित करने पर भी बल दिया गया। आर्थिक गतिविधियों को मिलेगी मजबूती निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि खगड़िया के धार्मिक और प्राकृतिक स्थलों का सुनियोजित विकास जिले की पहचान को नई ऊंचाई देगा। इससे न केवल पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे और क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ पर्यटन विकास योजनाओं में तेजी लाने और निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्रस्तावित कार्यों को आगे बढ़ाने का निर्देश दिया। प्रशासन का लक्ष्य है कि खगड़िया के प्रमुख धार्मिक एवं प्राकृतिक स्थलों को बेहतर पर्यटन सुविधाओं से जोड़कर उन्हें राज्य के महत्वपूर्ण पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित किया जाए।
भीलवाड़ा में सुरक्षा इंतजाम ठीक नहीं मिलने पर गुरुवार रात एक ट्रैवल्स बस को सीज कर दिया गया। बस में सवार यात्रियों को नीचे उतरवाकर दूसरी बस से से भेजा गया। कार्रवाई जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव रश्मि आर्य की अगुवाई में परिवहन विभाग की टीम ने होटल लैंडमार्क के पास चलाए गए विशेष जांच अभियान के दौरान की। जांच में बस सुरक्षा और अन्य तकनीकी मानकों पर खरी नहीं उतरी, जिसके बाद जिला परिवहन अधिकारी रामकृष्ण चौधरी के जरिए उसे मौके पर ही सीज कर दिया गया। अधिकारियों ने किया संयुक्त निरीक्षणजिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव रश्मि आर्य ने परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ बसों की सुरक्षा व्यवस्था और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच की। निरीक्षण के दौरान एक बस निर्धारित मानकों पर खरी नहीं उतरी। इसके बाद जिला परिवहन अधिकारी रामकृष्ण चौधरी के माध्यम से उसे तत्काल सीज करने की कार्रवाई की गई। यात्रियों को दूसरी बस से भेजा गयाबस सील होने के बाद यात्रियों को असुविधा न हो, इसके लिए बस संचालक को उन्हें दूसरी बस से रवाना करने के निर्देश दिए गए। अभियान के दौरान होटल लैंडमार्क क्षेत्र में सामान्य से कम बसें दिखाई दीं। कार्रवाई से बचने के लिए कुछ चालक वैकल्पिक मार्गों से बसें ले जाते भी नजर आए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि विभाग कभी भी जांच कर सकता है और सभी निजी बस संचालकों को सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना होगा। जांच से जुड़ी तस्वीरें …
खासतौर पर ऐसी कई सफर होते हैं जो किसी खास मौसम से जरुर जुड़े होते हैं। भारत में मॉनसून की रोड ट्रिप भी ऐसी ही एक यात्रा है। बारिश के दौरान रोड ट्रिप करने का अलग ही मजा होता है। बारिश से सड़कों से मिट्टी गायब हो जाती है, अचानक से कई जगहों पर झरने दिखाई देने लगते हैं। हाईवे पर अचानक से किसी फिल्म के सीन जैसे लगते हैं। मॉनसून के मौसम में ड्राइव का आनंद लेने का एक अलग ही मजा होता है। इस दौरान सफर करने से काफी सुकून मिलता है। मॉनसून के मौसम में चारों तरफ हरियाली, मनमोहक झरने और धुंध से ढके पहाड़ देखने को मिलते हैं। इस लेख में हम आपको भारत की सबसे खूबसूरत रोड ट्रिप्स के बारे में बताते हैं, जिनका सबसे ज्यादा मजा बरसात के मौसम में आता है। मुंबई से लोनावला बारिश के मौसम में मुंबई से लोनावला का रास्ता मॉनसून में गाड़ी चलाने के लिए सबसे बेहतरीन है। यहां बरसात में वेस्टर्न घाट हरे-भरे एकदम स्वर्ग जैसे नजर आने लगते हैं, यहां जगह-जगह पर झरने और तैरते हुए बादल दिखाई देते हैं। खंडला घाट के आस-पास का सफर और भी जादुई लगता है, जहां पहाड़ों पर धुंध छा जाती है और सड़के किनारे बेचने वाले गरमा-गरम भुट्टा और कटिंग चाय का आनंद आ जाता है। यह सफर खूबसूरती और ताजगी से भरा होता है। यह जगह भारत की पसंदीदा जगहों में से एक है। यहां पहुंचने के लिए करीब 1 घंटा 50 मिनट लगता है। बेंगलुरु से कूर्ग मॉनसून के मौसम में बेंगलुरु से कूर्ग का रास्ता बेहद खूबसूरत हो जाता है। हल्की बारिश में चमकने कॉफी के बागान चमकने लगते हैं, जंगल और भी घने हो जाते हैं और हवा मिट्टी का ताजी व भीनी-भीनी खुशबू घुल जाती है। मॉनसून के दौरान कूर्ग के झरने और भी खूबसूरत हो जाती हैं, जिससे रास्ते में रुकना बहुत सुखद अनुभव बन जाता है। यहां का ठंडा मौसम और घुमावदार सड़कें इसे आराम से घूमने-फिरने के लिए बेहतरीन जगह बनाते हैं। बेंगलुरु से कूर्ग जाने के लिए कम से कम 5 घंटे का समय लगता है। दिल्ली से लैंसडाउन यदि आप उत्तर भारत में रहते हैं और मॉनसून सीजन का आनंद लेना चाहते हैं, तो आप दिल्ली से लैंसडाउन तक की ड्राइव कर सकते हैं। भीड़-भाड़ वाले हिल स्टेशनों के मुकाबले मॉनसून में शांति से घूमने का एक अच्छा डेस्टिनेशन है। जैसे ही सड़के गढ़वाल की पहाड़ियों पर ऊपर की ओर जाती है, नजारा बहुत ही सुंदर दिखाई देता है। शहर की भागदौड़ शोर-शराबे की जगह धुंध में लिपटे चीड़ के जंगल बहुत ही खूबसूरत लगते हैं। बरसात के मौसम में यहां काफी शांति देखने को मिलती है। दिल्ली से लैंसडाउन पहुंचने के लिए लगभग 6 घंटे लगते हैं। ईस्ट कोस्ट रोड से चेन्नई से पुडुचेरी चेन्नई और पुडुचेरी को जोड़ने वाली ईस्ट कोस्ट रोड साल भर खूबसूरत रहती है, लेकिन मॉनसून के दौरान यहां की समुद्री सुंदरता और भी खास हो जाती है। इस रोड ट्रिप पर एक तरफ बंगाल की खाड़ी और दूसरी तरफ बारिश से भीगी सड़कें, यहां गाड़ी चलाने का अनुभव सुकून देने वाला और किसी फिल्म के सीन जैसा लगता है। आसमान में छाए बादल, टकराती लहरें और समुद्र की हवा मिलकर ऐसा माहौल बनाते हैं, जैसा किसी और मौसम में मिलना मुश्किल है। यहां जाने के लिए लगभग 7.5 घंटे लगते हैं। शिलांग से चेरापूंजी शिलांग और चेरापूंजी के बीच का सफर शायद ही भारत की सबसे बेहतरीन मॉनसून रोड ट्रिप है। दुनिया में सबसे ज्यादा बारिश मेघालय में होती है और मॉनसून के दौरान यह इलाका अविश्वसनीय रूप से हरा-भरा हो जाता है। सड़कों पर बादल तैरते हैं, झरने पूरे जोर-शोर से बहने लगते हैं और यहां की घाटियों धुंध में आप खो जाएंगे। हर मोड़ किसी पोस्टकार्ड जैसा सुंदर लगता है, जिससे नेचर लवर के लिए यह सफर यादगार बन जाएगा। शिलांग से चेरापूंजी पहुंचने में करीब 1 घंटा 40 मिनट लगते हैं। जयपुर से उदयपुर मानसून का नाम सुनते ही शायद राजस्थान का ख्याल सबसे पहले न आए, लेकिन जयपुर से उदयपुर तक की यात्रा इस रेगिस्तानी राज्य का एक अलग और सुकून भरा दर्शाती है। बरसात के दौरान अरावली की पहाड़ियां हरी-भरी हो जाती हैं, झीलें पानी से भर जाती हैं और मौसम ठंडा होने के कारण घूमना-फिरना बहुत सुखद हो जाता है। मानसून उदयपुर के महलों और झील के नजारों में एक रोमांटिक एहसास भी घोल देता है।
बरसात के मौसम में घूमने का एक अलग ही आनंद होता है। मॉनसून में चारों तरफ हरियाली, ठंडी हवाएं और पानी की हल्की बौछर मन को सुकून देती है। इस मौसम में कई लोग ट्रिप पर जरुर जाते हैं। हालांकि, मॉनसून में कई समस्याएं भी देखने को मिलती है। जब हम कहीं घूमने जाते हैं, तो काफी दिक्कतों का सामना भी करना पड़ सकता है। अगर आप बारिश के समय ट्रैवलिंग करने का प्लान बना रहे हैं, तो कुछ चीजों को अपने पास जरुर रखें, ताकि आपको ट्रिप पर किसी भी प्रकार की समस्या न आए। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि ट्रैवल बैग में कुछ जरुरी चीजों को शामिल करें, जिससे आपकी ट्रिप आसान और सुरक्षित बन जाए। रेनकोट मॉनसून ट्रैवलिंग में सबसे जरुरी है रेनकोट अपने बैग में रखना। अचानक होने वाली तेज बारिश से बचने के लिए रेनकोट बहुत जरुरी है। इसके अलावा, आप फोल्डेबल छाता रख सकते हैं, जो फैशन का ध्यान रखने के साथ-साथ आपको बारिश से भी बचाएगा। एक्सट्रा कपड़े यदि आप बारिश में भीग जाते हैं, तो लंबे समय तक गीले कपड़े पहनना नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए अपने बैग में डार्क कलर के ड्राई फिट या कॉटन के कपड़े पहन सकते हैं। जब आपके कपड़े भीग जाएं, तो इन्हें पहन सकते हैं। माइक्रोफाइबर तौलिया कपड़ो के साथ ही अपने बैग में माइक्रोफाइबर तौलिया जररु रखें जो बहुत ही हल्की होती है। इसके साथ ही यह बैग में कम जगह घेरती है और आसानी से रखी जा सकती है। अगर आपके साथ बच्चे ट्रैवल कर रहे है, तो भी आपके काफी काम आ सकती है। वॉटरप्रूफ बैग कवर कहीं आप ट्रिप पर जाएं, तो अपने साथ वॉटरप्रूफ बैग कवर जरुर साथ लें जाएं। ऐसा करने से आपका बैग भीगने से बच जाएगा और उसके अंदर का जरुरी सामान भी सुरक्षित रहेगा। जिससे आपका सामान सुरक्षित रहेगा और आप आराम से मौसम का आनंद ले सकेंगे। जिप लॉक बैग मॉनसून की ट्रिप पर जाने के लिए सबसे जरुरी है कि जिप लॉक बैग अपने पास रखें। मोबाइल फोन, वॉलेट, जरुरी कार्ड्स, रुपए और कीमती चीजों को आप जिप लॉक बैग में रख सकते हैं। इस बैग में आप किसी भी तरह का सामान रख सकते हैं जो पानी से खराब हो सकता है। फर्स्ट एड किट हमेशा अपनी ट्रिप को सुरक्षित और यादगार बनाने के लिए अपने पास फर्स्ट एड किट रख सकते हैं। किसी को भी कोई भी छोटी-मोटी हेल्थ प्रॉब्लम हो, तो उपचार कर सकते हैं। क्योंकि अक्सर ट्रैवलिंग के दौरान मेडिकल स्टोर आसानी से नहीं मिलती हैं पावर बैंक मॉनसून ट्रिप के लिए अपने साथ हमेशा पावर बैंक जरुर रखें। कई बार बारिश-तूफान के चलते काफी समस्या हो जाती है या फिर लाइट चली जाती है, तो ऐसे में ट्रैवल के दौरान पावर बैंक जरुर रखें, जिससे आप अपने फोन चार्ज कर सकते हैं। अगर आपके फोन की बैटरी लंबे समय तक नहीं चलती हैं, तो आप फोन चार्ज करने के लिए बैग में पावर बैंक जरुर रख सकते हैं।
बीते दिनों कुछ ऐसी खबरें देखने और सुनने मिली हैं, जिनसे पर्यटन पर नयी बहस शुरु होने की गुंजाइश बनी है। पर्यटन की भारत में प्राचीन परंपरा रही है।
कड़कड़ाती सर्दी में बिकिनी पहन पूल में उतरीं रुबीना दिलैक, जापान वेकेशन की दिखाई झलक
टीवी की संस्कारी बहू रुबीना दिलैक रियल लाइफ में काफी ग्लैमरस हैं। वह अक्सर फैंस के साथ अपनी हॉट एंड सिजलिंग तस्वीरें शेयर करती रहती हैं। रुबीना वह छोटे पर्दे की हाई पेड एक्ट्रेसेस में शुमार है। हाल ही में रुबीना ने अपनी जापान ट्रिप की तस्वीरें फैंस ...
गोवा में वेकेशन एंजॉय कर रहीं कृष्णा श्रॉफ, शेयर की खूबसूरत तस्वीरें
कृष्णा श्रॉफ निश्चित रूप से जानती हैं कि लोगों का ध्यान कैसे आकर्षित करना है- चाहे वह उनकी MMA चॉप्स हों या उनकी वेकेशन की तस्वीरें। कृष्णा इस दिनों गोवा की धूप और बीच पर छुट्टियां मना रही हैं। इसी बीच कृष्णा श्रॉफ ने सोशल मीडिया पर अपनी ट्रॉपिकल ...
कैंसर के ट्रीटमेंट जंग के बीच वेकेशन मनाने मालदीव पहुंचीं हिना खान, शेयर की खूबसूरत तस्वीरें
टीवी एक्ट्रेस हिना खान भले ही कैंसर से जंग लड़ रही हैं, लेकिन वह अपनी लाइफ को खुलकर जी रही हैं। इस गंभीर बीमारी से जंग लड़ते हुए वह लाइफ का हर पल एंजॉय कर रही हैं। हिना खान इन दिनों मालदीव में वेकेशन एंजॉय कर रही हैं। मालदीव में वेकेशन मनाते हुए ...
Tejasswi Praksh-Karan Kundrra नहीं हुए अलग,रोमांटिक वेकेशन एन्जॉय कर रहा है कपल करीबी दोस्त ने खोला राज
सोशल मीडिया पर भारतीय क्रिकेट टीम के हरफनमौला खिलाड़ी हार्दिक पंड्या और उनकी पत्नी नतासा स्टेनकोविक के अलग होने की अफवाहें जोरों पर हैं। यह सब तब शुरू हुआ जब नतासा ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से 'पांड्या' उपनाम हटा दिया। प्रशंसकों ने यह भी देखा कि वह आईपीएल मैचों के दौरान स्टैंड्स से गायब थीं। हालांकि, तमाम अटकलों के बावजूद इस जोड़े ने इस मामले पर चुप्पी साध रखी है। दूसरी ओर, एक ताजा रिपोर्ट से पता चलता है कि हार्दिक विदेश में किसी अज्ञात स्थान पर छुट्टियां मना रहे हैं। विस्तार से जानने के लिए आगे पढ़ें। इसे भी पढ़ें: Shabana Azmi ने Shashi Kapoor के साथ इंटीमेट सीन करने से किया था इंकार, सुपरस्टार ने कह दिया था एक्ट्रेस को 'बेवकूफ लड़की' | Read All About नताशा स्टेनकोविक से अलगाव की अफवाहों के बीच हार्दिक पंड्या विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं हार्दिक पंड्या की पत्नी नतासा स्टेनकोविक के साथ निजी जिंदगी हाल ही में चर्चा का विषय बनी हुई है। क्रिकबज द्वारा रविवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि अलगाव की अफवाहों के बीच क्रिकेटर विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं। अभी लोकेशन का नाम सामने नहीं आया है। इसे भी पढ़ें: Anant Ambani और Radhika Merchant Pre-Wedding Party! तारों भरी रात से लेकर टोगा पार्टी तक, जानें इस बार क्या-क्या होगा खास यह बताया गया है कि इंडियन प्रीमियर लीग से अपनी टीम के बाहर होने के बाद क्रिकेटर ने देश छोड़ दिया। कठिन अवधि के बाद तरोताजा होने के लिए, उन्होंने विदेश में एक सप्ताह की छुट्टी का विकल्प चुना। हार्दिक के शीघ्र ही न्यूयॉर्क में टी20 विश्व कप 2024 के अभ्यास सत्र के लिए भारतीय टीम में फिर से शामिल होने की उम्मीद है। विशेष रूप से, आईपीएल 2024 में मुंबई इंडियंस के लिए रोहित शर्मा की जगह हार्दिक के नेतृत्व की काफी आलोचना हुई। पूरे सीज़न में भारतीय क्रिकेटर को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। इस बीच, वह पेशेवर असफलताओं से जूझ रहे थे। उनकी निजी जिंदगी सुर्खियों में आ गई। कुछ दिन पहले हार्दिक ने अपने सोशल मीडिया पर ढेर सारी तस्वीरें और वीडियो शेयर किए थे। वीडियो में उन्हें पूल में तैरते हुए अच्छा समय बिताते हुए दिखाया गया, जबकि फोटो में वह एक खूबसूरत बैकग्राउंड के साथ पोज दे रहे थे। इसे छोटा और सरल रखते हुए, उन्होंने पोस्ट को कैप्शन दिया था, रिचार्जिंग। पोस्ट के जवाब में, कई प्रशंसकों ने उनके टिप्पणी अनुभाग में बाढ़ ला दी, अपना अटूट समर्थन दिखाया और आगामी विश्व कप के लिए उनकी जय-जयकार की। एक यूजर ने लिखा, “हार्दिक पंड्या जल्द ही टी20 वर्ल्ड कप में वापस आ रहे हैं,” एक अन्य फैन ने लिखा, “हार्दिक टी20 में अपने पुराने मॉडल के साथ आएं और अपने नफरत करने वालों को चुप करा दें। जबकि एक तीसरे फैन ने लिखा, “मजबूत वापसी भाई।” इसके अतिरिक्त, एक प्रशंसक ने लिखा, अपना भाई शेर था और रहेगा तू टेंशन माउंट लेना रे। एक अन्य प्रशंसक ने कहा, कोई बात नहीं हम सब आपके साथ हार्दिक हमारे हीरो हैं। एक अन्य प्रशंसक ने कहा, हार्दिक भाई विश्व कप में वापसी करेगा। हार्दिका पंड्या की पत्नी नतासा ने अलगाव की अफवाहों पर प्रतिक्रिया दी दूसरी ओर, अलगाव की अफवाहों के बीच हार्दिक की पत्नी को शनिवार को पहली बार शहर में देखा गया। अपनी नवीनतम आउटिंग में, उन्हें एक कैफे से बाहर निकलते समय एक करीबी दोस्त के साथ देखा गया था। जाने से पहले एक्ट्रेस ने शटरबग्स के लिए पोज दिए। दरअसल, एक पिता ने उनसे तलाक के बारे में पूछा। हालांकि, इसके जवाब में एक्ट्रेस ने सवाल को नजरअंदाज करने का फैसला किया और सम्मानजनक चुप्पी बनाए रखी. जाने से पहले, उसने बस इतना कहा, बहुत-बहुत धन्यवाद और अपनी प्रतीक्षारत कार की ओर बढ़ गई। अपनी नवीनतम आउटिंग के दौरान, जब वह अपने दोस्त के साथ एक कैफे से बाहर निकली, तो उसे गुलाबी शर्ट के साथ सफेद टॉप और शॉर्ट्स पहने देखा गया। दो महीने पहले एक नौका पर बॉलीवुड अभिनेत्री को प्रस्ताव देने के बाद, हार्दिक और नतासा ने लगभग चार साल पहले 31 मई, 2020 को शादी कर ली थी। उनके पहले बच्चे, अगस्त्य का जन्म 30 जुलाई, 2020 को हुआ था। अपनी तीसरी शादी की सालगिरह मनाते हुए, हार्दिक और नतासा ने उदयपुर में एक भव्य समारोह के साथ अपनी प्रतिज्ञाओं को भी नवीनीकृत किया था। View this post on Instagram A post shared by Hardik Himanshu Pandya (@hardikpandya93) View this post on Instagram A post shared by Viral Bhayani (@viralbhayani)
शादी के तीन महीने बाद हनीमून पर निकलेRakul Preet Singh औरJackky Bhagnani, वेकेशन से वायरल हुई एक्ट्रेस की तस्वीरें
एक बार फिर सिनेमा घरो में दस्तक देने जा रही है क्रिस्टोफ़र नोलन की स्पेस एडवेंचर फिल्मInterstellar,10वीं सालगिरह पर होगी री-रिलीज़

