गया में शनिवार को विकास और जनहित से संबंधित दो महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठकें आयोजित की गईं। इनमें तालाबों के संरक्षण, मत्स्य पालन को बढ़ावा देने और बोधगया में पर्यटन को सुरक्षित व सुखद बनाने के उपायों पर चर्चा हुई। समाहरणालय में आयोजित मत्स्यजीवी समितियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने की। इस दौरान जिले के मत्स्य संसाधनों, विशेषकर पारंपरिक तालाबों की वर्तमान स्थिति और मत्स्य पालकों की समस्याओं पर गहन विचार-विमर्श किया गया। जिले के तालाब लुप्त समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि जिले के कई पारंपरिक तालाब या तो लुप्त हो गए हैं या उनका स्पष्ट रूप से पता नहीं चल पा रहा है। इसके अलावा, अनेक तालाबों पर अवैध अतिक्रमण की समस्या भी गंभीर पाई गई। इस पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी तालाबों का व्यापक सर्वेक्षण कराया जाए और उनकी वर्तमान स्थिति का सही आकलन किया जाए। उन्होंने अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने और तालाबों के पुनर्जीवन के लिए ठोस योजना बनाने का आश्वासन दिया। जल संसाधनों के संरक्षण के महत्व पर भी जोर दिया बैठक में जल संसाधनों के संरक्षण के महत्व पर भी जोर दिया गया। इसे न केवल पर्यावरणीय दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बताया गया, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में भी इसकी अहम भूमिका स्वीकार की गई। डॉ. प्रेम कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि मत्स्य पालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था का एक मजबूत स्तंभ है और इसका विकास सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मत्स्य पालकों और समितियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विशेष योजनाएं बनाई जाएं। आधारभूत संरचना जैसी सुविधाएं शामिल इन योजनाओं में तकनीकी प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और आधारभूत संरचना जैसी सुविधाएं शामिल हों। उन्होंने यह भी कहा कि मत्स्य पालकों को बाजार से बेहतर ढंग से जोड़ने के लिए ठोस प्रयास किए जाएंगे, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सके। दूसरी ओर, बोधगया में पर्यटन को सुरक्षित और सुखद बनाने के उद्देश्य से टूरिस्ट फर्स्ट (सेफ एंड प्लेजेंट टूरिज्म प्रोजेक्ट) के तहत सॉफ्ट स्किल डेवलपमेंट प्रशिक्षण कार्यक्रम पर भी विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार मत्स्यजीवी समुदाय के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है और उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। इस बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी, मत्स्यजीवी समितियों के प्रतिनिधि और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा इसी दिन बोधगया में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में “टूरिस्ट फर्स्ट” परियोजना के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का उद्देश्य बोधगया में आने वाले पर्यटकों को सुरक्षित, सुविधाजनक और सुखद अनुभव प्रदान करना था। इसके लिए सॉफ्ट स्किल डेवलपमेंट प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि बोधगया जैसे अंतरराष्ट्रीय महत्व के पर्यटन स्थल पर आने वाले पर्यटकों को एक सुरक्षित और स्वागतयोग्य वातावरण मिलना चाहिए। इसके लिए सभी संबंधित विभागों और संस्थाओं के बीच समन्वय और सहयोग को मजबूत बनाने की आवश्यकता बताई गई। पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा अधिकारियों ने कहा कि यह पहल न केवल पर्यटन सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाएगी, बल्कि बोधगया की सकारात्मक छवि को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूत करेगी। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
गर्मियों की छुट्टियों के देखते हुए रेलवे से इंदौर से मुंबई तक के लिए एक सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया है। ट्रेन संख्या 09079 मुंबई सेंट्रल-इंदौर स्पेशल प्रत्येक रविवार एवं मंगलवार को 23:20 बजे मुंबई सेंट्रल से प्रस्थान करेगी। अगले दिन दोपहर 1 बजे बजे इंदौर पहुंचेगी। पश्चिम रेलवे द्वारा यात्रियों की सुविधा तथा विशेष रूप से यात्रा की मांग को ध्यान में रखते हुए मुंबई सेंट्रल और इंदौर स्टेशनों के बीच विशेष किराये पर एसी सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया गया है। ट्रेन संख्या 09079/09080 मुंबई सेंट्रल–इंदौर एसी सुपरफास्ट स्पेशल दोनों दिशाओं में 17-17 फेरे चलेगी। यह ट्रेन 3 मई, 2026 से 28 जून, 2026 तक चलेगी। पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि ट्रेन संख्या 09080 इंदौर–मुंबई सेंट्रल स्पेशल प्रत्येक सोमवार एवं बुधवार को 17:00 बजे इंदौर से प्रस्थान करेगी। अगले दिन 7:10 बजे मुंबई सेंट्रल पहुंचेगी। यह ट्रेन 4 मई, 2026 से 29 जून, 2026 तक चलेगी। यह ट्रेन दोनों दिशाओं में बोरीवली, वापी, सूरत, वडोदरा, दाहोद, रतलाम एवं उज्जैन स्टेशनों पर ठहरेगी। इस ट्रेन में एसी 3-टियर कोच होंगे। ट्रेन संख्या 09079 एवं 09080 की बुकिंग सभी पीआरएस काउंटरों एवं आईआरसीटीसी वेबसाइट पर शुरू कर दी गई है।
कियारा आडवाणी-सिद्धार्थ मल्होत्रा का मालदीव वेकेशन, बेटी संग शेयर किए क्यूट पल
बॉलीवुड के लवली कपल कियारा आडवाणी और सिद्धार्थ मल्होत्रा इन दिनों अपने व्यस्त शेड्यूल से थोड़ा समय निकालकर अपनी बेटी सरायाह के साथ मालदीव में एक सुकून भरा वेकेशन मना रहे हैं। कियारा अपने वेकेशन की कई तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर शेयर कर रही हैं। हाल ही में कियारा आडवाणी ने अपने 'फोटो डंप' से फैंस का दिल जीत लिया है। इस पोस्ट में उन्होंने अपने 'मॉम एरा' की झलक दिखाई है और अपने जीवन के सबसे खास लोगों यानी सिद्धार्थ और उनकी प्यारी बेटी सरायाह मल्होत्रा के साथ बिताए खुशनुमा पलों को साझा किया है। A post shared by KIARA (@kiaraaliaadvani) कियारा आडवाणी ने मालदीव से जो तस्वीरें और वीडियो शेयर किए हैं, उनमें उनके परिवार के साथ बिताए गए बेहद खूबसूरत पल दिखाई दे रहे हैं। तस्वीरों में एक ओर जहां सरायाह के छोटे-छोटे हाथों की झलक है, तो वहीं दूसरी ओर उनके प्यारे हॉलिडे आउटफिट्स भी नजर आ रहे हैं। इस फोटो डंप में वे वीडियोज भी शामिल हैं, जिनमें कियारा समंदर के साफ पानी में तैरती हुई नजर आ रही हैं और सिद्धार्थ के साथ डांस के कुछ हल्के-फुल्के पल साझा कर रही हैं। अपनी पोस्ट को कैप्शन देते हुए कियारा ने लिखा, सन-किस्ड दिन, नमकीन बाल और मेरे जीवन के प्यार के साथ शांति से भरा दिल। A post shared by Sidharth Malhotra (@sidmalhotra) सिद्धार्थ मल्होत्रा ने भी इस ट्रिप के कुछ अनदेखे पल साझा किए हैं। तस्वीरों में कपल का रोमांटिक अंदाज और मालदीव की खूबसूरत, नीले पानी वाली लोकेशन दिखाई दे रही है। रिपोर्ट्स की मानें तो वे अपने वाटर विला में प्रकृति के बीच क्वालिटी टाइम बिता रहे हैं। फैंस इस बात से बेहद खुश हैं कि कपल अपनी बेटी के साथ बेहतरीन और यादगार लम्हे बना रहा है। कियारा ने एक ऐसी तस्वीर भी शेयर की है, जिसमें वे अपनी बेटी को समुद्र के जीवों के बारे में एक किताब पढ़कर सुना रही हैं। यह प्यारा पल फैंस को बहुत पसंद आ रहा है और वे कमेंट्स में इस मां-बेटी के रिश्ते की खूब तारीफ कर रहे हैं। कियारा और सिद्धार्थ की लव स्टोरी साल 2021 की फिल्म 'शेरशाह' के सेट से शुरू हुई थी। इस फिल्म की शूटिंग के दौरान ही दोनों एक-दूसरे के करीब आए और उनके बीच एक गहरा रिश्ता बन गया। कुछ सालों तक सीक्रेट रूप से डेट करने के बाद, उन्होंने फरवरी 2023 में राजस्थान के जैसलमेर के सूर्यगढ़ पैलेस में एक भव्य और बेहद निजी समारोह में शादी कर ली।
मधुबनी के विधायक माधव आनंद ने शनिवार को जानकारी दी कि मधुबनी में मिथिला हाट का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए बांसवाड़ा स्थित पोखर का चयन किया गया है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद इस परियोजना को स्वीकृति मिली है। चयनित पोखर की जमाबंदी, खाता और खेसरा संबंधी सभी कागजात पर्यटन विभाग को भेज दिए गए हैं। श्री आनंद के अनुसार, मधुबनी में मिथिला हाट बनने से पर्यटन क्षेत्र का विकास होगा और यहां पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। यह क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम होगा। इसके अतिरिक्त, विधायक आनंद ने शहरी और ग्रामीण इलाकों में गिरते भूजल स्तर के कारण पीने के पानी की कमी को दूर करने के लिए भी पहल की है। उन्होंने संबंधित विभाग से 200 चापाकल लगाने का आग्रह किया है, ताकि लोगों को पीने के पानी की सुविधा मिल सके। ये चापाकल शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में लगाए जाएंगे।
जयपुर से करीब 50 किलोमीटर दूर अग्नि तप और आमरण अनशन पर बैठे संतों ने शनिवार को जीवित समाधि लेने का ऐलान किया है। मामला भैराणा धाम में दादू दयाल महाराज की धरोहर और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा है। जयपुर पहुंचे भैराणा धाम के व्यवस्थापक राम रत्न दास स्वामी ने कहा- आंदोलन के बीच डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा भी पहुंचे थे। उन्होंने आश्वासन दिया था कि ये पर्यटन स्थल है। इसका विकास किया जाएगा। साल 2015-16 से वहां पर्यावरण संरक्षण करने का काम किया जा रहा है। सरकार की ओर से इस मामले में अब तक कोई सुनवाई नहीं की। 500 साल पुराना धार्मिक स्थल है भैराणा धाम दरअसल, दूदू के बिचून क्षेत्र स्थित लगभग 500 साल पुराने प्रसिद्ध धार्मिक स्थल भैराणा धाम के पास प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र को लेकर साधु संतो और स्थानीय लोगों में सरकार के प्रति नाराजगी देखने को मिल रही है। पर्यावरण संरक्षण और धार्मिक आस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर राजस्थान के ‘ट्री मैन’ अमर भहड़ा ने भी औद्योगिक क्षेत्र के प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया है। इसे तुरंत निरस्त करने की मांग उठाई है। अमर भहड़ा ने कहा- भैराणा धाम न केवल आस्था का प्रमुख केंद्र है, बल्कि यह क्षेत्र हरियाली और प्राकृतिक संतुलन के लिए भी जाना जाता है। यहां औद्योगिक क्षेत्र स्थापित होने से पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचेगा। स्थानीय जैव विविधता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। क्योकि लगभग 40000 से अधिक पेड़ और लाखों की संख्या में पशु पक्षी और जल स्त्रोत को भी पूरी तरह खत्म कर दिया है। उन्होंन कहा- वन क्षेत्र में औधोगिक इकाई लगती है तो कैसे तप और साधना होगी। सरकार का औरण क्षेत्र की जमीन पर मालिकाना हक संरक्षण का है। सरकार इस जमीन का किसी इंडस्ट्री को अलॉट नहीं कर सकती है। स्थानीय स्तर पर पेड़ पौधे काटने के बाद भी गलत रिपोर्ट पेश की गई। जिसका प्रत्यक्ष सबूत वहां कटे पेड़ यथास्थिति बताने के लिए काफी है। उन्होंने कहा- साधु संत 15 अप्रैल से लगातार अग्नि तप और आमरण अनशन पर बैठे है, यदि सरकार बात नहीं मानती है तो जिंदा समाधि लेंगे और जरूरत पड़ी तो जयपुर कूच करेंगे। दादू पंथी रामरतन दास महाराज और दादू पंथी देव उपस्थित रहे। दादू पंथी प्रकाश दास महाराज ने बताया कि साधु संतो और आमजन की मांग है कि भैराणा धाम को संरक्षित घोषित किया जाए। भैराणा धाम में काटे गए पेड़ों की जगह नए पेड़ लगाए जाएं। वहीं, भैराणा धाम साधु संतो का सम्मान करते हुए रीको को बंजर भूमि में स्थान्तरित करें। संत समाधि लेने को तैयार बैठे हैं, सरकार बात नहीं सुन रही। आप हमारी आवाज बने और सरकार हमारी बाते सुने। समाधि में आसपास से बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। उन्होनें बताया- मौके पर सरकार की अनदेखी के विरोध में संत द्वारा समाधि के लिए गड्ढा खोदने का भी दावा किया। उन्होंने कहा- जरूरत पड़ी तो मैं भी समाधि पर बैठूंगा। अमर भहड़ा ने प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि इस क्षेत्र को संरक्षित घोषित किया जाए। यहां किसी भी प्रकार के औद्योगिक विकास की योजना को रोका जाए। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो जन आंदोलन शुरू किया जाएगा।स्थानीय ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने भी इस प्रस्ताव के खिलाफ एकजुट होकर विरोध जताया है। उनका कहना है कि औद्योगिक गतिविधियों से प्रदूषण बढ़ेगा, जिससे धार्मिक स्थल की पवित्रता और आसपास के पर्यावरण दोनों को नुकसान पहुंचेगा। 16 दिन से अग्नी तप कर रहे संत बता दें कि जयपुर से करीब 50 किलोमीटर दूर बिचून के भैराणा धाम के संत 40 डिग्री तापमान में धूणी जलाकर तप कर रहे हैं। दादू संप्रदाय के संतों का ये अग्नितप राजस्थान स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एंड इंवेस्टमेंट कॉर्पोरेशन (रीको) के खिलाफ है। 15 अप्रैल से चल रहा ये तप सुबह 10 बजे से शुरू हो जाता है। इस दौरान कई साधु बेहोश भी हो रहे हैं, लेकिन तप जारी है। दरअसल रीको भैराणा धाम के पास फैले जंगल में अधिग्रहण कर इंवेस्टमेंट जोन बना रहा है। इसी को लेकर संत विरोध कर रहे हैं। दादू संप्रदाय के संतों का कहना है कि ये भूमि संत दादू दयाल की मोक्ष स्थली है। उनका आरोप है कि यहां पर हजारों की संख्या में पेड़ काटकर हरे-भरे जंगल को मरुस्थल में तब्दील कर दिया गया है। जीव-जंतुओं को भी दफनाया गया है। समतलीकरण करते हुए जीव-जंतुओं को जमीन में दफना दिया। संतों के अनुसार लगभग 400 साल पहले संत दादू दयाल ने यहां पेड़ लगाकर वन्य जीवों के लिए आश्रय स्थल बना दिया था। यहीं पर उन्होंने तप करते हुए समाधि ली थी। दादू पंथी इसे तपोभूमि मानते हैं। इसी के चलते स्थानीय लोग और साधु संत अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए हैं। जंगल के ऊपरी हिस्से में अरावली की पहाड़ी है, जिसे स्थानीय लोग भैराणा की पहाड़ी कहते हैं। इसी पर संत दादू दयाल का मंदिर भी बना हुआ है। यहां हर साल मेला भरता है। धरने पर बैठे स्थानीय ग्रामीण पांचूदास स्वामी बताते हैं, मैं 60 साल से यहां रह रहा हूं। बचपन से यहां हरा भर जंगल और जीव-जंतु देखे हैं। दादाजी और पिताजी का अंतिम संस्कार भी दादू धाम के पास इसी जगह पर किया था। अब यहां पर सिर्फ मरुस्थल है। दादू पंथियों के लिए ये जगह हरिद्वार जैसी : संघर्ष समिति भैराणा धाम संघर्ष समिति, संतों और स्थानीय दादू पंथी लोगों के अनुसार यहां पर दादू पंथ के साधु-संत भी समाधि लेते हैं। ये जगह दादू पंथियों के लिए हरिद्वार की तरह है। यहां बहने वाले प्राकृतिक नाले में ही उनकी अस्थियां विसर्जित की जाती है। ये नाला ऊपर की पहाड़ी से बहता हुआ नीचे तक आता है। समिति के अनुसार नाले के आगे के रास्ते को रीको ने मिट्टी डालकर अवरुद्ध कर दिया है। रीको के सर्वे में झाड़ियां, मौके पर पेड़ कटे पड़े रीको की सर्वे रिपोर्ट में जंगल में सिर्फ झाड़ियों को काटने का दावा किया गया। भास्कर टीम मौके पर पहुंची तो कटे पेड़ों के ठूंठ भी पड़े दिखाई दिए। संतों ने ये भी आरोप लगाया कि जमीन को समतल करते वक्त रीको ने कई सारे पेड़ों को जमीन में दबा दिया। उनके अनुसार मौके पर 500 से अधिक खेजड़ी के पेड़ काटे गए। संतों का दावा है कि यहां पर कई तरह के वन्य जीव-जन्तु रह रहे थे, जिनको समतलीकरण के समय जमीन के अंदर ही गाड़ दिया गया। क्या कहती है राजस्थान हिल्स पॉलिसी 2024 जहां रीको द्वारा इन्वेस्टमेंट जोन बनाया जा रहा है, वहां चारों तरफ अरावली पर्वतमाला की शृंखला है। दादू दयाल धाम के ऊपर की पहाड़ी से निकलने वाला बरसाती नाला भी बह कर नीचे तक जाता है। राजस्थान हिल्स पॉलिसी 2024 के तहत किसी भी बरसाती नाले का रास्ता रीको द्वारा अवरुद्ध नहीं किया जा सकता। वहीं पहाड़ी के आधार की दूरी से 30 मीटर तक नो कंस्ट्रक्शन जोन घोषित किया जाना जरुरी है। जहां पर इवेस्टमेंट जोन बनाया जा रहा है वहां पर चारों तरफ अरावली पर्वतमाला की शृंखलाएं हैं। चोटियों की ऊंचाई 100 मीटर से अधिक है। इसको लेकर भैराणा धाम संघर्ष समिति ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में मामले को ले जाने की बात भी कही है। अग्नि तप कर रहे संतों और संघर्ष समिति ने सरकार को 2 मई का अल्टीमेटम दिया है। समिति के अनुसार अगर कोई फैसला नहीं लिया जाता है तो बड़े स्तर पर आंदोलन का आह्वान किया जाएगा। वहीं संतों ने अग्नि तप के साथ आत्म दाह की चेतावनी भी दी है।
उदयपुर सहित मेवाड़ में गर्मी के तेवर लगातार बने हुए हैं। उदयपुर में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस और सलूंबर में 41 डिग्री तक पारा पहुंचा। तेज धूप और गर्म हवा के कारण दिनभर शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सन्नाटा पसरा रहा। वहीं शहर के कलेक्ट्रेट परिसर से लेकर जिला परिषद में भी लोगों की आवाजाही दिन के समय नहीं के बराबर है। हालांकि शाम ढलती ही शहर की रौनक लौट आती है। खासकर फतहसागर झील किनारे शाम करीब 6 बजे बाद पर्यटकों और स्थानीय लोगों की भीड़ बढ़ने लगती है। दिनभर की तपन के बाद लोग झील किनारे ठंडी हवा और लहरों के बीच सुकून के पल बिताते नजर आते हैं। वहीं मई के पहले सप्ताह में एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इससे बादल छाने, हल्की बारिश होने और तापमान में गिरावट होने के संकेत हैं। पहले सप्ताह पश्चिम विक्षोभ फिर होगा सक्रिय इससे पहले 30 अप्रैल को उदयपुर का अधिकतम तापमान 40 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इससे गर्मी का असर साफ देखा जा रहा है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. आर.एस. देवड़ा के अनुसार- आने वाले दो दिन तक मेवाड़ सहित प्रदेश में बादल छाए रहने और तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि मई के पहले सप्ताह में एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इससे फिर से बादल छाने, हल्की बारिश होने और तापमान में गिरावट आने के संकेत हैं। साथ ही पूरे सप्ताह तेज हवा चलने की भी संभावना जताई गई है।
नर्मदापुरम के प्राचीन सेठानी घाट, कोरी घाट और पर्यटन घाट पर भिक्षावृत्ति पर रोक लगाई गई है। नर्मदा के इन घाटों को भिक्षावृत्ति मुक्त करने के आदेश सिटी मजिस्ट्रेट देवेंद्र प्रताप सिंह ने दिए है। आदेश के चलते घाटों पर भिक्षा मांगने वाले लोगों को रोका जाएगा। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) द्वारा जारी निर्देशों में भिक्षावृत्ति में संलग्न निर्धन, अशिक्षित बच्चों, महिलाओं और दिव्यांग व्यक्तियों के संरक्षण और पुनर्वास के लिए विस्तृत परामर्श (Advisory) जारी की गई है। आदेशानुसार नगरीय निकायों एवं अन्य शासकीय विभागों के सहयोग से भिक्षावृत्ति में संलग्न व्यक्तियों को भिक्षावृत्ति से उन्मूलन एवं समग्र पुनर्वास, आश्रय, स्वास्थ्य एवं शिक्षा की व्यवस्था की जाएगी। इसी के चलते सिटी मजिस्ट्रेट देवेन्द्र प्रताप सिंह ने सेठानी घाट, कोरी घाट एवं पर्यटन घाट में भिक्षावृत्ति पर नियंत्रण, रोक लगाने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी किए। भिक्षावृत्ति समेत अन्य गतिविधियों को प्रतिबंधित करने के आदेश जारी किए। सिटी मजिस्ट्रेट देवेंद्र सिंह ने बताया आज से ही यह आदेश लागू हो चुका है। नगर पालिका, सामाजिक न्याय विभाग, श्रम विभाग की टीम के साथ मिलकर हम भिक्षा मांगने वालें लोगों को चिन्हित कर रोकेंगे। शाम को यह अभियान चलाएंगे।
पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए बिहार पर्यटन विभाग ने एक नई वेबसाइट लॉन्च की है। पर्यटकों को अब जानकारी और सुविधाएं दोनों एक ही प्लेटफार्म पर मिलेगी। इस वेबसाइट के जरिए टूरिस्ट घर बैठे 38 होटलों और विभिन्न टूर पैकेजों की बुकिंग कर सकते हैं, जिससे यात्रा की प्लानिंग करना आसान होगा। इस वेबसाइट https://bstdcmis.bihar.gov.in/ के जरिए पर्यटक घर बैठे अपने पसंद के स्थलों का चयन कर भ्रमण कर सकते हैं। होटलों से जुड़ी पूरी जानकारी ऑनलाइन मिलेगी इस वेबसाइट के जरिए से होटलों से जुड़ी पूरी जानकारी ऑनलाइन मिलेगी। पर्यटक अपनी पसंद के अनुसार होटल का चयन कर सकेंगे। इसमें सभी होटलों के नाम के साथ दी गई सुविधाओं के बारे में भी जिक्र किया गया है। इसमें रूम सर्विस, कैब सर्विस, फ्री वाई-फाई, इसमें लाउंज, हाउसकीपिंग, 24 घंटे फ्रंट डेस्क, रेस्टोरेंट, कार पार्किंग जैसे सुविधाओं के बारे में पूरी जानकारी दी गई है। बुकिंग की प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल होगी। 2600 से 3500 रुपये है टूर पैकेज की कीमत पर्यटक टूर पैकेज के जरिए पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर आनंद उठा सकते हैं। इसमें पटना, पावापुरी, ककोलत वाटरफॉल, नालंदा, राजगीर और बोधगया जैसे पर्यटन स्थल प्रमुख है। टूर पैकेज की कीमत 2600 से 3500 रुपये प्रति व्यक्ति तय की गई है। इस कीमत में पर्यटकों को नाश्ता, दोपहर का भोजन, शाम का नाश्ता, अनुभवी गाइड, शुद्ध जल के साथ स्मारकों में एंट्री टिकट के साथ वातानुकूलित बस से सफर करने का अवसर मिलेगा। टूर पैकेज के लिए 10 यात्रियों की बुकिंग अनिवार्य पर्यटन निगम के मुताबिक, प्रत्येक टूर का संचालन के लिए नियमित 10 यात्रियों की बुकिंग अनिवार्य है। ताकि यात्रा का प्रबंधन सुचारु रूप से किया जा सके। इस पैकेज के तहत पटना दर्शन को भी शामिल किया गया है। इसमें गांधी मैदान स्थित गांधीजी की प्रतिमा, बिहार संग्रहालय, बुद्ध स्मृति पार्क, जेपी गंगा पथ मरीन ड्राइव और इवनिंग क्रूज जैसी खास जगहों को शामिल किया गया है। वेबसाइट के जरिए राजगीर के रोपवे टिकट की बुकिंग कर सकते हैं। इसके साथ ही बांका के ओढ़नी डैम और वॉटर स्पोर्ट्स का भी आनंद ले सकते हैं।
वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की बुद्ध पूर्णिमा पर शुक्रवार को हजारों श्रद्धालुओं ने नर्मदा नदी में आस्था की डुबकी लगाई। सुबह 5 बजे से ही प्राचीन सेठानी घाट, विवेकानंद घाट, पर्यटन घाट, कोरी घाट, गोंदरी घाट, बांद्राभान समेत सभी घाटों पर स्नान का सिलसिला शुरू हो गया। स्नान के साथ ही पूजन और सत्यनारायण कथा का आयोजन किया गया। दोपहर में भंडारों के आयोजन होंगे। बुद्ध पूर्णिमा का महत्व सुबह से ही नर्मदा तटों पर भक्तों की भीड़ जुटने लगी थी। बुद्ध पूर्णिमा हर साल वैशाख शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को मनाई जाती है। इसी दिन भगवान बुद्ध का जन्म हुआ था। वर्षों की तपस्या के बाद बोधगया में बोधि वृक्ष के नीचे उन्हें ज्ञान प्राप्त हुआ था। इस दिन को वैशाख पूर्णिमा भी कहा जाता है। इस अवसर पर स्नान, दान और भगवान बुद्ध की शिक्षाओं के प्रचार का विशेष महत्व होता है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम नर्मदा के घाटों पर सुरक्षा के लिए सुबह से पुलिस, होमगार्ड और राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तैनात हैं। पुलिस और होमगार्ड के जवान लोगों को गहरे पानी में जाने से रोक रहे हैं। सेठानी घाट पर लगातार अनाउंसमेंट कर श्रद्धालुओं से किनारे पर ही स्नान करने की अपील की जा रही है।
यात्रियों की सुविधा एवं ग्रीष्मकालीन छुट्टियों के दौरान बढ़ती भीड़ को ध्यान में रख रेलवे मदार-मडगांव एवं वटवा-हावड़ा के बीच एक-एक फेरा वन वे स्पेशल ट्रेन चलाने जा रहा है। इन ट्रेनों का रतलाम रेल मंडल के रतलाम समेत अन्य स्टेशनों पर स्टॉपेज दिया है। मदार-मडगांव स्पेशल गाड़ी संख्या 09607 मदार-मडगांव स्पेशल 3 मई 2026 रविवार को 19.55 बजे मदार से चलेगी। मंगलवार को 04.40 बजे मडगांव पहुंचेगी। इस ट्रेन का रतलाम मंडल के चितौड़गढ़ (23.25/23.30) रविवार, नीमच (00.30/00.32) सोमवार, मंदसौर (01.10/01.12) सोमवार, एवं रतलाम (03.50/04.00) सोमवार को आगमन एवं प्रस्थान होगा। इस ट्रेन में एसी 2-टियर, एसी 3-टियर, एसी 3-टियर (इकोनॉमी), स्लीपर क्लास तथा जनरल सेकेंड क्लास कोच होंगे। यहां रहेगा स्टॉपेज यह ट्रेन रास्ते में अजमेर, बिजयनगर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, नीमच, मंदसौर, रतलाम जंक्शन, वडोदरा, भरूच, सूरत, वापी, वसई रोड, पनवेल, रोहा, माणगांव, खेड़, चिपलून, संगमेश्वर रोड, रत्नागिरी, राजापुर रोड, वैभववाड़ी रोड, कणकवली, कुडाल, सावंतवाड़ी रोड, थिविम, एवं करमाली रेलवे स्टेशनों पर रुकेगी। वटवा-हावड़ा स्पेशल गाड़ी संख्या 09481 वटवा-हावड़ा स्पेशल 1 मई शुक्रवार को 16.45 बजे वटवा से चलेगी। रविवार को 10 बजे हावड़ा पहुंचेगी। इस ट्रेन का रतलाम मंडल के रतलाम (22.35/22.45) एवं उज्जैन (00.35/00.45)शनिवार को आगमन एवं प्रस्थान होगा। इस ट्रेन में स्लीपर एवं जनरल सेकेंड क्लास कोच होंगे। यहां रहेगा स्टॉपेज यह ट्रेन रास्ते में छायापुरी, गोधरा, रतलाम जंक्शन, उज्जैन, संत हिरदाराम नगर (भोपाल), बीना, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, कानपुर सेंट्रल, प्रयागराज जंक्शन, पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, सासाराम, गया जंक्शन, कोडरमा, धनबाद, आसनसोल दुर्गापुर रेलवे स्टेशनों पर रुकेगी।
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार विकास और आस्था को एक साथ जोड़कर प्रदेश की तस्वीर बदल रही है। इसी कड़ी में पर्यटन विभाग ने प्रदेश के तीन जिलों—बुलंदशहर, चंदौली और चित्रकूट के लिए करीब 997 लाख रुपये का बजट जारी किया है। इस भारी-भरकम राशि से कुल 17 धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों का सुंदरीकरण किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य उन छोटे और कम मशहूर मंदिरों व तीर्थों को विकसित करना है, जहां बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण पर्यटक नहीं पहुंच पाते थे। बुलंदशहर: काल भैरव और मां आशवर देवी मंदिर संवरेंगे बुलंदशहर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 315 लाख रुपये की 5 परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। इसमें ऊंचागांव के प्रसिद्ध सिद्ध बाबा (काल भैरव) मंदिर के लिए 52 लाख और खुर्जा के बौद्ध संस्थान के लिए 88 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा डिबाई, शिकारपुर और अनूपशहर के ऐतिहासिक मंदिरों में भी श्रद्धालुओं के लिए नई सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे पश्चिमी यूपी में पर्यटन की रफ्तार बढ़ेगी। चंदौली और चित्रकूट: ग्रामीण और धार्मिक पर्यटन का संगम चंदौली जिले के लिए सरकार ने सबसे ज्यादा 476 लाख रुपये का बजट तय किया है। यहां मुगलसराय के शंकर मंदिर और सैयदराजा के काली मंदिर सहित 6 स्थलों का विकास होगा। खास बात यह है कि चकिया के औरवाटांड में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी अलग से बजट दिया गया है। वहीं, भगवान राम की तपोस्थली चित्रकूट में 206 लाख रुपये से वाल्मीकि घाट और आश्रम परिक्रमा पथ जैसे 6 महत्वपूर्ण कार्य किए जाएंगे। विरासत को सहेजना सरकार की प्राथमिकता पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार का जोर 'विरासत के साथ विकास' पर है। उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं से न केवल तीर्थयात्रियों को सुखद अनुभव मिलेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए व्यापार और रोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे। सरकार का संकल्प है कि उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को पूरी दुनिया के सामने मजबूती से रखा जाए।
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में विकास और आस्था को साथ लेकर चलने की नीति लगातार जमीन पर साकार हो रही है। इसी कड़ी में पर्यटन विभाग ने बुलंदशहर, चंदौली और चित्रकूट जनपदों में कुल 17 परियोजनाओं के लिए 997 लाख रुपये की धनराशि ...
जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस के संचालन को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और इसे क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है
जमुई में जिला प्रशासन और बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (BIA) ने एक दिवसीय आउटरीच कार्यक्रम अद्भुत जमुई पर्यटन एवं उद्योग विकास की नई दिशा का आयोजन किया। बुधवार को समाहरणालय स्थित संवाद कक्ष में हुए इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों, निवेशकों और अधिकारियों ने जिले को एक उभरते औद्योगिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने पर चर्चा की। 70 के दशक का 'स्लीपिंग टाउन' अब पर्यटन क्षेत्र BIA के अध्यक्ष सुनील कुमार सिंह ने कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए जमुई की समृद्ध विरासत और खनिज संपदा को जिले की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि सत्तर के दशक का 'स्लीपिंग टाउन' अब पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान बनाने के लिए तैयार है। सिंह ने हेरिटेज, विलेज और एडवेंचर टूरिज्म की अपार संभावनाओं पर जोर दिया। उन्होंने कुकुरझप डैम पर रोपवे निर्माण, पर्यटन स्थलों पर साइनेज लगाने और स्थानीय युवाओं को टूरिस्ट गाइड के रूप में प्रशिक्षित करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने होम-स्टे योजना के तहत मिलने वाले ऋण का लाभ उठाने की भी अपील की। BIA के पूर्व अध्यक्ष संजय गोयनका ने औद्योगिक निवेश के लिए सरकार की नीतियों और बैंकिंग सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जमुई में लगभग 7100 करोड़ रुपये के निवेश की योजना तैयार है, और कुछ परियोजनाओं पर काम शुरू हो चुका है। होटल उद्योग, सैटेलाइट सिटी और इको-टूरिज्म पार्क गोयनका ने होटल उद्योग, सैटेलाइट सिटी और इको-टूरिज्म पार्क के लिए भूमि अधिग्रहण में मिल रही रियायतों को निवेशकों के लिए एक बड़ा अवसर बताया। एक अन्य पूर्व अध्यक्ष के.पी. केशरी ने जमुई की भौगोलिक स्थिति को इसकी बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि देवघर और कोलकाता के निकट होने के कारण यह एक महत्वपूर्ण पर्यटन केंद्र बन सकता है। जिला नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त-DM जिला पदाधिकारी ने अपने संबोधन में जमुई को 'बिहार का कोहिनूर' बताया। उन्होंने कहा कि यह जिला अब नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त हो चुका है। जिला पदाधिकारी ने सिमुलतला में वेलनेस सेंटर स्थापित करने और जिले के समग्र विकास के लिए तेजी से कार्य करने की बात भी कही। कार्यक्रम के अंत में यह निष्कर्ष निकला कि प्राकृतिक सौंदर्य, खनिज संपदा और बेहतर कनेक्टिविटी के कारण जमुई निवेश और पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
राजस्थान सरकार की वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना-2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया जल्द शुरू होने जा रही है। देवस्थान विभाग की बैठक में मंत्री जोराराम कुमावत ने अधिकारियों को पोर्टल में जरूरी बदलाव कर आवेदन प्रक्रिया जल्द शुरू करने के निर्देश दिए हैं। योजना के तहत 60 साल या उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को सरकारी खर्च पर देश और विदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों की यात्रा करवाई जाएगी। इस बार करीब 50 हजार वरिष्ठ नागरिकों को ट्रेन से, जबकि 6 हजार लोगों को हवाई यात्रा के जरिए नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर के दर्शन करवाए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य उन बुजुर्गों को धार्मिक यात्रा की सुविधा देना है, जो आर्थिक कारणों से तीर्थ यात्रा नहीं कर पाते हैं। ट्रेन से किन-किन जगहों की करवाई जाएगी यात्रा योजना के तहत ट्रेन से कई धार्मिक स्थलों की यात्रा करवाई जाएगी। इसमें हरिद्वार, ऋषिकेश, अयोध्या, वाराणसी, सारनाथ, मथुरा, वृंदावन, द्वारका, सोमनाथ, तिरुपति, कामाख्या, गंगासागर, जगन्नाथपुरी, रामेश्वरम, वैष्णो देवी, अमृतसर, उज्जैन, ओंकारेश्वर, त्र्यंबकेश्वर, बिहार शरीफ, पटना साहिब और नांदेड़ जैसे तीर्थ स्थल शामिल हैं। आवेदक आवेदन के समय अपनी पसंद के 3 तीर्थ स्थल चुन सकेंगे। हवाई जहाज से कहां ले जाया जाएगा हवाई यात्रा के तहत चयनित यात्रियों को नेपाल के काठमांडू स्थित पशुपतिनाथ मंदिर के दर्शन करवाए जाएंगे। यात्रियों को पहले जयपुर से बस के जरिए दिल्ली ले जाया जाएगा। वहां से हवाई जहाज के माध्यम से नेपाल भेजा जाएगा। पूरी यात्रा सरकार की ओर से तय व्यवस्था के अनुसार करवाई जाएगी। कैसे होगी यात्रा और क्या रहेगा खर्च योजना में यात्रा का पूरा खर्च सरकार उठाएगी। यात्रियों के साथ डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, अनुरक्षक और सरकारी अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। ट्रेन के हर कोच में व्यवस्था संभालने के लिए स्टाफ रहेगा। हवाई यात्रा में भी यात्रियों के साथ सरकारी अनुरक्षक भेजे जाएंगे। यात्रियों को केवल अपने घर से तय रेलवे स्टेशन या एयरपोर्ट तक अपने खर्च पर पहुंचना होगा। आवेदन करते समय किन दस्तावेजों की जरूरत होगी ऑनलाइन आवेदन के दौरान आवेदक को मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट अपलोड करना होगा। इसमें सरकारी चिकित्सा अधिकारी से प्रमाणित होना चाहिए कि व्यक्ति यात्रा के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से सक्षम है। साथ ही 2 आपातकालीन संपर्क व्यक्तियों के नाम और मोबाइल नंबर भी देने होंगे। लॉटरी से होगा यात्रियों का चयन आवेदन संख्या अधिक होने पर जिला स्तर पर कंप्यूटराइज्ड लॉटरी निकाली जाएगी। चयनित यात्रियों की सूची जिला कलेक्टर कार्यालय और देवस्थान विभाग की वेबसाइट पर जारी की जाएगी। चयनित व्यक्ति ही यात्रा कर सकेगा और उसके स्थान पर कोई दूसरा व्यक्ति यात्रा नहीं कर पाएगा। पति-पत्नी और सहायक को भी मिल सकती है सुविधा आवेदक अपने साथ जीवनसाथी या सहायक को ले जा सकता है। यदि आवेदक की उम्र 70 साल से अधिक है तो वह सहायक को साथ ले जाने के लिए आवेदन कर सकता है। सहायक की उम्र 21 से 50 साल के बीच होनी चाहिए। पति-पत्नी दोनों एक साथ यात्रा कर सकते हैं, लेकिन ऐसे में अलग सहायक की सुविधा नहीं मिलेगी। योजना की निगरानी के लिए बनी 7 सदस्यीय कमेटी वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के संचालन और निगरानी के लिए सरकार ने 7 सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। कमेटी की अध्यक्षता देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत करेंगे। समिति में गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, अल्पसंख्यक मामलात विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, देवस्थान विभाग के शासन सचिव, पर्यटन विभाग के शासन सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख शासन सचिव और देवस्थान विभाग के आयुक्त को सदस्य बनाया गया है। यह कमेटी यात्रा व्यवस्था, सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और योजना के बेहतर संचालन पर नजर रखेगी।
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में स्थित शक्तिपीठ श्री नैना देवी मंदिर से दर्शन कर लौट रहे दिल्ली के श्रद्धालुओं का एक टेंपो ट्रैवलर पलट गया। यह हादसा कोला वाला टोबा के पास संनटीना यात्री निवास के समीप हुआ, जिसमें कई श्रद्धालु घायल हो गए। इसमें 15 लोगों के घायल होने की सूचना है। जानकारी के अनुसार, दिल्ली से आए श्रद्धालु माता नैना देवी के दर्शन करने के बाद वापस जा रहे थे, तभी उनका वाहन अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे लुढ़क गया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और घायलों की मदद की। घायलों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में करवाया भर्ती थाना कोट के पुलिस प्रभारी हरनाम सिंह ने अपनी टीम के साथ घायलों को समीपवर्ती प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा। थाना प्रभारी हरनाम सिंह ने बताया कि टेंपो ट्रैवलर में लगभग 15 लोग सवार थे, जिनमें तीन-चार छोटे बच्चे भी शामिल थे। सभी घायलों का उपचार चल रहा है। इस हादसे में किसी प्रकार की जानमाल की हानि नहीं हुई।
बदल रहा पर्यटन का स्वरूप; पुरानी सभ्यता और संस्कृति को जानना चाहते हैं सैलानी
पर्यटन का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। अब सैलानी सिर्फ महल-किलों तक सीमित नहीं रहना चाहते। वे भारत की पुरानी सभ्यता और संस्कृति को करीब से समझना चाहते हैं। इसी वजह से टूर पैकेज भी नए ट्रेंड के हिसाब से तैयार किए जा रहे हैं। सैलानी अब हमारे खान-पान, पहनावे और पानी के पारंपरिक रिसोर्स जैसे जोहड़, बावड़ी और टांका को समझने में रुचि दिखा रहे हैं। वे शहरों के साथ गांवों तक जाकर उनकी बनावट और इस्तेमाल को करीब से देखना चाहते हैं। सीतापुरा स्थित जेईसीसी में आयोजित तीन दिवसीय जीआईटीबी में इस तरह के ट्रेंड सामने आए। इवेंट में 10,000 से ज्यादा प्री-शेड्यूल्ड और ऑर्गेनाइज्ड B2B मीटिंग्स हुईं। करीब 50 देशों के 195 से अधिक टूर ऑपरेटर्स ने बायर्स के रूप में हिस्सा लिया। देश-दुनिया से आए टूर ऑपरेटर्स और होटेलियर्स ने टूरिज्म के बदलते सिनेरियो पर चर्चा की। होटल इंडस्ट्री के एक्सपर्ट्स ने बताया कि कोविड के बाद टूरिज्म में कई बदलाव देखने को मिले हैं। रेयर इंडिया की फाउंडर पार्टनर शोभा रुद्रा ने बताया कि डोमेस्टिक और इंटरनेशनल ट्रैवलर्स अब भारतीय सभ्यता को एक्सप्लोर करना चाहते हैं। इसी कारण उनके लिए खास आइटिनरी बनाई जा रही है। इसमें राजस्थान में जल संरक्षण के पारंपरिक तरीकों को गांवों में ले जाकर समझाया जाता है। मंगलवार को जीआईटीबी का आखिरी दिन रहा। टूर के तीन रूट तय किए गए हैं खातीपुरा स्टेशन पर खड़ी पैलेस ऑन व्हील्स को देखने पहुंचे टूर ऑपरेटर जयपुर → कोटा → उदयपुर → देवगढ़ → जयपुर जयपुर → आभानेरी → सरिस्का → सवाई माधोपुर → रणथम्भौर → जयपुर जयपुर → पुष्कर → जोधपुर → जैसलमेर → बीकानेर → मंडावा → जयपुर }गोंड आर्ट को शामिल करने का प्रस्ताव : एमपी टूरिज्म बोर्ड के युवराज पडोले ने कहा कि राज्य में गोंड और भील समुदायों के बीच गोंड कला तैयार की जाती है। इसमें प्राकृतिक रंग और प्रकृति व जीवन से जुड़ी चीजें दिखाई जाती हैं। इसे यूनेस्को के क्रिएटिव सिटीज नेटवर्क में शामिल करने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। इसे जल्द इस सूची में शामिल किया जा सकता है। }विदेशी टूर ऑपरेटर्स ने पैलेस ऑन व्हील्स देखा : GITB के अंतिम दिन खातीपुरा रेलवे स्टेशन पर विदेशी टूर ऑपरेटर्स को लग्जरी ट्रेन ‘द पैलेस ऑन व्हील्स’ दिखाई गई। उन्होंने ट्रेन के अंदर राजस्थानी विरासत से प्रेरित इंटीरियर्स, लग्जरी केबिन, डाइनिंग सुविधाएं और ऑनबोर्ड सेवाएं देखीं। कई टूर ऑपरेटर्स ने इसे अपने ट्रैवल पैकेज में शामिल करने में रुचि दिखाई। आज से शुरू होगा फैमिलियराइजेशन टूर : राटो के अध्यक्ष महेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि जीआईटीबी के बाद विदेशी टूर ऑपरेटर्स को राजस्थान के पर्यटन स्थलों का फैमिलियराइजेशन टूर कराया जाएगा। यह टूर 29 अप्रैल को सुबह 8 बजे होटल ललित से रवाना होगा। इसमें करीब 90 विदेशी टूर ऑपरेटर्स शामिल होंगे।
BMW मोटोराड ने भारत में अपनी पॉपुलर एडवेंचर टूरर बाइक F 450 GS को भारत में लॉन्च कर दिया है। बाइक 48hp पावर वाला 420cc का पैरेलल-ट्विन इंजन से लैस है। इसमें सेफ्टी के लिए ABS प्रो और ट्रैक्शन कंट्रोल जैसे फीचर्स दिए गए हैं। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 4.70 लाख रुपए है, जो टॉप वैरिएंट के लिए 5.30 लाख रुपए तक जाती है। यह नई बाइक कंपनी की पुरानी G 310 GS की जगह लेगी और इसे TVS के होसुर प्लांट में बनाया जा रहा है। बाइक की बुकिंग शुरू हो चुकी है और ग्राहकों को इसकी डिलीवरी जून 2026 से मिलना शुरू होगी। BMW F 450 GS को तीन वैरिएंट्स- बेस, एक्सक्लूसिव और GS ट्रॉफी में पेश किया गया है। बेस और एक्सक्लूसिव वैरिएंट सिर्फ कॉस्मिक ब्लैक कलर में मिलेंगे, जबकि टॉप-एंड GS ट्रॉफी वैरिएंट को BMW के क्लासिक ट्राइकलर (रेसिंग ब्लू मेटालिक) पेंट स्कीम में उतारा गया है। पावरफुल 420cc का इंजन और परफॉर्मेंस इस एडवेंचर बाइक में 420cc का लिक्विड-कूल्ड, पैरेलल-ट्विन इंजन दिया गया है। यह इंजन 8,750rpm पर 48hp (47.5PS) की पावर और 6,750rpm पर 43Nm का टॉर्क जनरेट करता है। इसे 6-स्पीड गियरबॉक्स के साथ जोड़ा गया है। इसमें स्लिपर क्लच और बाई-डायरेक्शनल क्विकशिफ्टर की सुविधा दी गई है। खास बात यह है कि इसके ट्रॉफी वैरिएंट में 'ईजी राइड क्लच' (ERC) मिलता है, जो क्लच ऑपरेशन को ऑटोमैटिक तरीके से मैनेज करता है। डिजाइन और सेफ्टी फीचर्स F 450 GS का डिजाइन कंपनी की फ्लैगशिप बाइक R 1300 GS से प्रेरित है, जिसमें सिग्नेचर क्वाड-LED डे-टाइम रनिंग लैंप्स (DRLs) और X-शेप्ड लुक दिया गया है। सेफ्टी के लिए इसमें ABS प्रो, डायनेमिक ब्रेक कंट्रोल (DBC) और ट्रैक्शन कंट्रोल जैसे फीचर्स दिए गए हैं। बाइक का वजन 178 किलोग्राम है और इसमें 14 लीटर का फ्यूल टैंक मिलता है। इसकी सीट की ऊंचाई 845mm है। स्मार्ट फीचर्स और कनेक्टिविटी बाइक में 6.5-इंच का TFT डिस्प्ले दिया गया है, जो स्मार्टफोन कनेक्टिविटी, नेविगेशन और कॉल/SMS अलर्ट को सपोर्ट करता है। इसमें रेन, रोड और एंड्यूरो जैसे मल्टीपल राइडिंग मोड्स मिलते हैं। एक्सक्लूसिव और GS ट्रॉफी वैरिएंट में अतिरिक्त 'एंड्यूरो प्रो' मोड भी दिया गया है। इसके अलावा हीटेड ग्रिप्स, एडजस्टेबल लीवर्स और इंजन ड्रैग टॉर्क कंट्रोल जैसे फीचर्स इसे प्रीमियम बनाते हैं। वैरिएंट के अनुसार मुख्य अंतर मार्केट में इनसे होगा मुकाबलाभारतीय बाजार में BMW F 450 GS का सीधा मुकाबला होंडा NX500 से होगा। इसके अलावा यह रॉयल एनफील्ड हिमालयन 450 और KTM 390 एडवेंचर जैसी सिंगल-सिलेंडर बाइक्स को भी चुनौती देगी। कंपनी इसके साथ क्रॉस-स्पोक व्हील्स, अलग-अलग विंडस्क्रीन और लगेज सिस्टम जैसी एक्सेसरीज के ऑप्शन भी दे रही है।
Astro-tourism: राशि के अनुसार करें इन स्थानों की यात्रा, होगा बड़ा लाभ, कमोर ग्रह होंगे बलवान
Astro-Tourism: 2026 में दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते पर्यटन ट्रेंड्स में से एक है। वर्तमान दौर में एस्ट्रो-टूरिज्म का चलन हो चला है। अब केवल ग्रह नक्षत्र या सितारे देखने ही ज्योतिष सीमित नहीं रहा है; यह विज्ञान, आध्यात्मिकता और एडवेंचर का एक अनोखा ...
कड़कड़ाती सर्दी में बिकिनी पहन पूल में उतरीं रुबीना दिलैक, जापान वेकेशन की दिखाई झलक
टीवी की संस्कारी बहू रुबीना दिलैक रियल लाइफ में काफी ग्लैमरस हैं। वह अक्सर फैंस के साथ अपनी हॉट एंड सिजलिंग तस्वीरें शेयर करती रहती हैं। रुबीना वह छोटे पर्दे की हाई पेड एक्ट्रेसेस में शुमार है। हाल ही में रुबीना ने अपनी जापान ट्रिप की तस्वीरें फैंस ...
गोवा में वेकेशन एंजॉय कर रहीं कृष्णा श्रॉफ, शेयर की खूबसूरत तस्वीरें
कृष्णा श्रॉफ निश्चित रूप से जानती हैं कि लोगों का ध्यान कैसे आकर्षित करना है- चाहे वह उनकी MMA चॉप्स हों या उनकी वेकेशन की तस्वीरें। कृष्णा इस दिनों गोवा की धूप और बीच पर छुट्टियां मना रही हैं। इसी बीच कृष्णा श्रॉफ ने सोशल मीडिया पर अपनी ट्रॉपिकल ...
कैंसर के ट्रीटमेंट जंग के बीच वेकेशन मनाने मालदीव पहुंचीं हिना खान, शेयर की खूबसूरत तस्वीरें
टीवी एक्ट्रेस हिना खान भले ही कैंसर से जंग लड़ रही हैं, लेकिन वह अपनी लाइफ को खुलकर जी रही हैं। इस गंभीर बीमारी से जंग लड़ते हुए वह लाइफ का हर पल एंजॉय कर रही हैं। हिना खान इन दिनों मालदीव में वेकेशन एंजॉय कर रही हैं। मालदीव में वेकेशन मनाते हुए ...
Tejasswi Praksh-Karan Kundrra नहीं हुए अलग,रोमांटिक वेकेशन एन्जॉय कर रहा है कपल करीबी दोस्त ने खोला राज
सोशल मीडिया पर भारतीय क्रिकेट टीम के हरफनमौला खिलाड़ी हार्दिक पंड्या और उनकी पत्नी नतासा स्टेनकोविक के अलग होने की अफवाहें जोरों पर हैं। यह सब तब शुरू हुआ जब नतासा ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से 'पांड्या' उपनाम हटा दिया। प्रशंसकों ने यह भी देखा कि वह आईपीएल मैचों के दौरान स्टैंड्स से गायब थीं। हालांकि, तमाम अटकलों के बावजूद इस जोड़े ने इस मामले पर चुप्पी साध रखी है। दूसरी ओर, एक ताजा रिपोर्ट से पता चलता है कि हार्दिक विदेश में किसी अज्ञात स्थान पर छुट्टियां मना रहे हैं। विस्तार से जानने के लिए आगे पढ़ें। इसे भी पढ़ें: Shabana Azmi ने Shashi Kapoor के साथ इंटीमेट सीन करने से किया था इंकार, सुपरस्टार ने कह दिया था एक्ट्रेस को 'बेवकूफ लड़की' | Read All About नताशा स्टेनकोविक से अलगाव की अफवाहों के बीच हार्दिक पंड्या विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं हार्दिक पंड्या की पत्नी नतासा स्टेनकोविक के साथ निजी जिंदगी हाल ही में चर्चा का विषय बनी हुई है। क्रिकबज द्वारा रविवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि अलगाव की अफवाहों के बीच क्रिकेटर विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं। अभी लोकेशन का नाम सामने नहीं आया है। इसे भी पढ़ें: Anant Ambani और Radhika Merchant Pre-Wedding Party! तारों भरी रात से लेकर टोगा पार्टी तक, जानें इस बार क्या-क्या होगा खास यह बताया गया है कि इंडियन प्रीमियर लीग से अपनी टीम के बाहर होने के बाद क्रिकेटर ने देश छोड़ दिया। कठिन अवधि के बाद तरोताजा होने के लिए, उन्होंने विदेश में एक सप्ताह की छुट्टी का विकल्प चुना। हार्दिक के शीघ्र ही न्यूयॉर्क में टी20 विश्व कप 2024 के अभ्यास सत्र के लिए भारतीय टीम में फिर से शामिल होने की उम्मीद है। विशेष रूप से, आईपीएल 2024 में मुंबई इंडियंस के लिए रोहित शर्मा की जगह हार्दिक के नेतृत्व की काफी आलोचना हुई। पूरे सीज़न में भारतीय क्रिकेटर को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। इस बीच, वह पेशेवर असफलताओं से जूझ रहे थे। उनकी निजी जिंदगी सुर्खियों में आ गई। कुछ दिन पहले हार्दिक ने अपने सोशल मीडिया पर ढेर सारी तस्वीरें और वीडियो शेयर किए थे। वीडियो में उन्हें पूल में तैरते हुए अच्छा समय बिताते हुए दिखाया गया, जबकि फोटो में वह एक खूबसूरत बैकग्राउंड के साथ पोज दे रहे थे। इसे छोटा और सरल रखते हुए, उन्होंने पोस्ट को कैप्शन दिया था, रिचार्जिंग। पोस्ट के जवाब में, कई प्रशंसकों ने उनके टिप्पणी अनुभाग में बाढ़ ला दी, अपना अटूट समर्थन दिखाया और आगामी विश्व कप के लिए उनकी जय-जयकार की। एक यूजर ने लिखा, “हार्दिक पंड्या जल्द ही टी20 वर्ल्ड कप में वापस आ रहे हैं,” एक अन्य फैन ने लिखा, “हार्दिक टी20 में अपने पुराने मॉडल के साथ आएं और अपने नफरत करने वालों को चुप करा दें। जबकि एक तीसरे फैन ने लिखा, “मजबूत वापसी भाई।” इसके अतिरिक्त, एक प्रशंसक ने लिखा, अपना भाई शेर था और रहेगा तू टेंशन माउंट लेना रे। एक अन्य प्रशंसक ने कहा, कोई बात नहीं हम सब आपके साथ हार्दिक हमारे हीरो हैं। एक अन्य प्रशंसक ने कहा, हार्दिक भाई विश्व कप में वापसी करेगा। हार्दिका पंड्या की पत्नी नतासा ने अलगाव की अफवाहों पर प्रतिक्रिया दी दूसरी ओर, अलगाव की अफवाहों के बीच हार्दिक की पत्नी को शनिवार को पहली बार शहर में देखा गया। अपनी नवीनतम आउटिंग में, उन्हें एक कैफे से बाहर निकलते समय एक करीबी दोस्त के साथ देखा गया था। जाने से पहले एक्ट्रेस ने शटरबग्स के लिए पोज दिए। दरअसल, एक पिता ने उनसे तलाक के बारे में पूछा। हालांकि, इसके जवाब में एक्ट्रेस ने सवाल को नजरअंदाज करने का फैसला किया और सम्मानजनक चुप्पी बनाए रखी. जाने से पहले, उसने बस इतना कहा, बहुत-बहुत धन्यवाद और अपनी प्रतीक्षारत कार की ओर बढ़ गई। अपनी नवीनतम आउटिंग के दौरान, जब वह अपने दोस्त के साथ एक कैफे से बाहर निकली, तो उसे गुलाबी शर्ट के साथ सफेद टॉप और शॉर्ट्स पहने देखा गया। दो महीने पहले एक नौका पर बॉलीवुड अभिनेत्री को प्रस्ताव देने के बाद, हार्दिक और नतासा ने लगभग चार साल पहले 31 मई, 2020 को शादी कर ली थी। उनके पहले बच्चे, अगस्त्य का जन्म 30 जुलाई, 2020 को हुआ था। अपनी तीसरी शादी की सालगिरह मनाते हुए, हार्दिक और नतासा ने उदयपुर में एक भव्य समारोह के साथ अपनी प्रतिज्ञाओं को भी नवीनीकृत किया था। View this post on Instagram A post shared by Hardik Himanshu Pandya (@hardikpandya93) View this post on Instagram A post shared by Viral Bhayani (@viralbhayani)
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