अराकू को वैश्विक स्तर पर अग्रणी कॉफी गंतव्य बनाने की दिशा में सरकार: चंद्रबाबू नायडू
अराकू को वैश्विक स्तर पर अग्रणी कॉफी गंतव्य बनाने की दिशा में सरकार: चंद्रबाबू नायडू
तीन साल बाद लौटा मिजोरम का एंथुरियम फेस्टिवल, पर्यटन और संस्कृति का दिखेगा संगम
आइजोल, 1 अक्टूबर . तीन साल के अंतराल के बाद मिजोरम का तीन दिवसीय एंथुरियम फेस्टिवल Thursday से शुरू हो गया. ममित जिले के ऐलावंग और रेइक गांवों में आयोजित हो रहे इस महोत्सव में बागवानी, रोमांच, आदिवासी संस्कृति, संगीत और स्थानीय पर्यटन को एक साथ प्रस्तुत किया जा रहा है. मिजोरम पर्यटन विभाग ने ... Read more
भुवनेश्वर, 1 अक्टूबर . Odisha की उपChief Minister प्रवती परिदा ने Thursday को Odisha ट्रैवल बाजार (ओटीबी) 2026 के सातवें संस्करण की आधिकारिक घोषणा की. तीन दिवसीय यह आयोजन 3 से 5 अक्टूबर तक भुवनेश्वर स्थित मेफेयर सैंक्चुअरी में आयोजित किया जाएगा. Chief Minister मोहन चरण माझी इस आयोजन का उद्घाटन करेंगे. आयोजन की घोषणा ... Read more
महिलाओं के लिए विस्तारित मुफ्त बस यात्रा योजना दो अक्टूबर को शुरू करेंगे सीएम विजय
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Budget Travel Tips: केवल ₹5,000 में घूमें उत्तराखंड के ये 3 गांव, दिल्ली-NCR वालों के लिए बेस्ट लॉन्ग वीकेंड प्लान
Travel Tips: अक्टूबर में जा सकते हैं आप भी घूमने के लिए इस खूबसूरत जगह पर
इंटरनेट डेस्क। अक्टूबर का महीना शुरू हो चुका हैं और गर्मी भी एकदम कम हो चुकी हैं। ऐसे में आप भी अगर इस मौसम में कही घूमने जाने की सोच रहे हैं तो फिर ये खबर आपके लिए काम की होने वाली है। जी हां आज हम आपको बता रहे हैं की आप इस मौसम में घूमने के लिए कहा जा सकते है। ऋषिकेश, उत्तराखंड ऋषिकेश योग और अध्यात्म का केंद्र है और गंगा नदी के किनारे बसा यह शहर प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है। आपको एक बार यहां की यात्रा का आनंद लेना चाहिए। इसके अलावा, यहां पर आप कई एडवेंचर एक्टिविटीज भी कर सकते हैं, जैसे कैम्पिंग और रिवर राफ्टिंग आदी। मैक्लॉडगंज, हिमाचल प्रदेश तिब्बती संस्कृति और शांत वातावरण के लिए मशहूर मैक्लॉडगंज भी आपको खूब पसंद आएगा। यह आपके बजट में भी रहेगा। यहां आप तिब्बती फूड का मजा ले सकते हैं और पहाड़ों की खूबसूरती में शांति से रह सकते है। pc- news18
गर्मपानी के स्रोतों से पर्यटन बढ़ाने की तैयारी
ऐतिहासिक धारा-नौलों का पुरातन विधि से होगा पुनरुद्धार
सिवनी जिले के घंसौर विकासखंड में मानसून के बाद बरगी बांध के डूब क्षेत्र का खूबसूरत नजारा लोगों को आकर्षित कर रहा है। विशाल जलराशि के बीच हरी-भरी पहाड़ियों का प्रतिबिंब पानी में उतर आया है। बादलों से घिरे आसमान, शांत पानी और पहाड़ियों की हरियाली ने पूरे क्षेत्र को प्रकृति की तस्वीर जैसा बना दिया है। पानी में दिखी पहाड़ियों की परछाई बारिश के बाद घंसौर क्षेत्र की पहाड़ियां हरियाली से ढक गई हैं। वहीं बरगी बांध के बैकवाटर में पानी कई किलोमीटर तक फैला दिखाई देता है। पानी में पहाड़ियों का प्रतिबिंब और ऊपर छाए बादल इस दृश्य को और आकर्षक बना रहे हैं। गुरुवार सुबह यह नजारा देखने पहुंचे लोग प्राकृतिक वातावरण का आनंद लेते नजर आए। स्थानीय लोगों के मुताबिक सुबह और शाम के समय यहां का दृश्य खास तौर पर सुंदर दिखाई देता है। यही वजह है कि स्थानीय लोग और प्रकृति प्रेमी यहां की तस्वीरें और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं। बारिश के मौसम में क्षेत्र की खूबसूरती और बढ़ जाती है। पर्यटन का नया केंद्र बन सकता है क्षेत्र सिवनी की पहचान पेंच टाइगर रिजर्व और ‘मोगली की धरती’ के रूप में है। जिले में अमोदा गढ़ सहित कई प्राकृतिक स्थल भी पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। ऐसे में बरगी बांध का डूब क्षेत्र प्राकृतिक पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है। सुविधाएं बढ़ें तो रोजगार के अवसर क्षेत्र में सुरक्षित पहुंच मार्ग, व्यू प्वाइंट, बैठने की व्यवस्था, सूचना संकेतक और स्वच्छता जैसी सुविधाएं विकसित की जाएं तो पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और छोटे व्यवसाय के अवसर भी बढ़ सकते हैं। घंसौर तक फैला है बैकवाटर बरगी बांध नर्मदा नदी पर बना है और इसका बैकवाटर सिवनी के घंसौर क्षेत्र तक फैला है। बारिश के दौरान जलस्तर बढ़ने पर आसपास की पहाड़ियां और जलराशि मिलकर यहां का स्वरूप बदल देती हैं। व्यवस्थित विकास के साथ इस क्षेत्र को सिवनी के प्राकृतिक पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिल सकती है।
हरियाणा सरकार दिल्ली-एनसीआर के विशाल घरेलू पर्यटन बाजार को लक्षित कर रही है, जिसके लिए चुनिंदा पर्यटन स्थलों को पीपीपी मॉडल पर विकसित किया जाएगा।
Kangra News: पर्यटन-हॉस्पिटैलिटी में एआई की बढ़ती भूमिका बताई
राजकीय महाविद्यालय ढलियारा में बी-वॉक विभाग की ओर से विश्व पर्यटन दिवस के उपलक्ष्य में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
मंडला के कान्हा टाइगर रिजर्व में एक अक्टूबर से लौटेगा पर्यटन सीजन, शुरुआती दिनों की बुकिंग फुल
रायपुर की ओर से आने वाले पर्यटक सरही गेट से,नागपुर सिवनी की ओर से आने वाले पर्यटक मुक्की गेट व जबलपुर क्षेत्र से आने वाले पर्यटक खटिया गेट से पार्क भ्रमण कर सकते हैं। वैसे तो यह पर्यटक की सुविधा होती है कि वह किसी भी गेट से सफारी करने जा सकता है।
बांसवाड़ा के घाटोल क्षेत्र के सांगोली हनुमान मंदिर को धार्मिक पर्यटन का केंद्र बनाने का प्लान है। बुधवार को स्वच्छता ही सेवा पखवाड़े के तहत गांव मूंगाणा स्थित प्रसिद्ध हनुमान मंदिर परिसर में विशेष सफाई अभियान चला। विकास अधिकारी धनपत सिंह ने बताया- इस ऐतिहासिक मंदिर को सांवरिया सेठ और त्रिनेत्र गणेश मंदिर (थूर) की तर्ज पर विकसित किए जाने का प्लान है। ताकि यह मंदिर एक बड़े धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना सके। इससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर लोगों के लिए आजीविका के नए रास्ते खुलेंगे। ब्लॉक स्तरीय हाट बाजार स्थापित करने की योजना सरकार की ओर से स्वीकृत ब्लॉक स्तरीय हाट बाजार को यहीं स्थापित करने की योजना है, जिससे शनिवार को लगने वाले हाट बाजार का दायरा और अधिक विस्तृत हो सके। इससे लगभग 500 से 700 स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार और आजीविका का संबल मिलने की उम्मीद है। मंदिर में बढ़ती श्रद्धालुओं की श्रद्धा को देखते हुए ईको-टूरिज्म, ट्री-वॉकिंग, एडवेंचर टूरिज्म, पक्षियों के लिए चुग्घा घर, शौचालय, फेंसिंग (चारदीवारी), पार्किंग और भंडारे की सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं पर जोर दिया जा रहा है। इन तमाम गतिविधियों का मुख्य उद्देश्य मंदिर के विकास के साथ-साथ आम नागरिकों और स्थानीय युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा- सफाई कार्यक्रम राजस्थान बाल कल्याण समिति और रिलायंस फाउंडेशन के सहयोग से हुआ। ग्रामीणों ने सफाई में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान ग्रामीणों ने हनुमान मंदिर को प्लास्टिक-मुक्त बनाने की शपथ ली। साथ ही बाल-विवाह और नशा न करने का संकल्प लिया। तस्वीरों में देखें सफाई अभियान…
दिव्यांग यात्रियों को बस किराए में निर्धारित 50% छूट नहीं देना निजी बस संचालकों को अब महंगा पड़ सकता है। दिव्यांगजन आयुक्त डॉ. अजय खेमरिया के निर्देश के बाद परिवहन विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। ताजा मामला रायसेन का है, जहां दिव्यांग यात्री से पूरी किराया राशि वसूलने और अभद्र व्यवहार की शिकायत पर महादेव ट्रैवल्स के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई कर जुर्माना वसूला गया है। 11 सितंबर को दिए थे कार्रवाई के निर्देश दिव्यांगजन आयुक्त कार्यालय भोपाल ने 11 सितंबर को रायसेन के जिला परिवहन अधिकारी को पत्र भेजकर शिकायत की जांच और बस संचालक के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे। शिकायत में आरोप था कि महादेव ट्रैवल्स द्वारा दिव्यांग यात्रियों से निर्धारित 50% रियायत के बजाय पूरा किराया लिया जा रहा है। साथ ही उनके साथ अभद्र व्यवहार और दिव्यांगता का परिहास करने का भी आरोप लगाया गया था। आयुक्त कार्यालय ने इसे शासन के निर्देशों के साथ दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के प्रावधानों का उल्लंघन माना था। मोटरयान अधिनियम के तहत जुर्माना जिला परिवहन अधिकारी रायसेन ने 28 सितंबर को भेजी रिपोर्ट में बताया कि शिकायत के आधार पर महादेव ट्रैवल्स बस संचालक के खिलाफ मोटरयान अधिनियम, 1988 के तहत कार्रवाई कर जुर्माना वसूला गया है। साथ ही जिले के सभी बस संचालकों को परिवहन विभाग की 27 अक्टूबर 2016 की अधिसूचना के प्रावधानों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। परिवहन आयुक्त को भी भेजा पत्र दिव्यांगजन आयुक्त डॉ. अजय खेमरिया ने मामले में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए परिवहन आयुक्त, मध्यप्रदेश ग्वालियर को भी पत्र भेजा है। अधिकारियों का कहना है कि दिव्यांग यात्रियों को निर्धारित किराया रियायत का लाभ नहीं देने की शिकायतों पर अब कार्रवाई की जाएगी।
Punjab Tourism: Dangal से Jab We Met तक Punjab के इन मशहूर Shooting Locations की करें सैर
पंजाब सिर्फ अपने स्वादिष्ट खाने, मेहमानवाजी और संस्कृति के लिए ही नहीं जाना जाता है। बल्कि यहां पर कई ऐसी खूबसूरत और ऐतिहासिक जगहें भी हैं, जोकि बॉलीवुड फिल्मों में नजर आ चुकी हैं। कभी बॉलीवुड के सितारे इन खेतों में रोमांस करते दिखे, तो कभी पुरानी हवेलियों और किलों मे फिल्मों की कहानी को और भी ज्यादा खूबसूरत बनाया। यही कारण है कि फिल्मी लोकेशन पसंद करने वाले लोगों के लिए पंजाब की कुछ जगहें किसी ड्रीम डेस्टिनेशन से कम नहीं हैं। ऐसे में अगर आप भी पंजाब घूमने का प्लान कर रही हैं, तो हम आपको पंजाब की कुछ बेहद खूबसूरत जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं। पटियाला पंजाब का पटियाला शहर अपने ऐतिहासिक महलों, इमारतों और खूबसूरत गलियों के लिए जाना जाता है। फिल्म 'जब वी मेट' और 'बॉडीगार्ड' में शहर की शाही वास्तुकला देखने को मिलती है। ऐसे में आप भी अपने पार्टनर के साथ पटियाला घूमने के लिए जा सकती हैं। इसे भी पढ़ें: October में Kolkata Trip का बनाएं प्लान, Durga Puja के साथ घूमें ये प्रमुख जगहें अमृतसर अमृतसर, पंजाब के सबसे फेमस जगहों में से एक है। यहां पर स्वर्ण मंदिर यानी की गोल्डन टेंपल से लेकर पुरानी गलियों तक हर एक कोना अलग है। तापसी पन्नू की फिल्म 'मनमर्जियां' में पंजाब के अमृतसर का खूबसूरत नजारा दिखाया गया है। ऐसे में आप भी यहां जाने का प्लान बना सकती हैं। लुधियाना पंजाब की असली खूबसूरती देखने के लिए आपको लुधियाना और इसके आसपास के इलाकों को एक्सप्लोर करना चाहिए। सरसों के रंग, खेत और पंजाबी माहौल फिल्मों में खूब दिखाए जाते हैं। आपको यहां पर फिल्म 'रब ने बना दी जोड़ी' वाला रोमांटिक माहौल मिलेगा। गुज्जरवाल और नारंगवाल गांव बॉलीवुड की फिल्म दंगल की पंजाब और हरियाणा की कई जगहों पर शूटिंग हुई है। फिल्म में दिखाए जाने वाले कई सीन पंजाब के गांव गुज्जरवाल और नारंगवाल के हैं। ऐसे में अगर आप भी इस गांव के सुंदर नजारे देखना चाहती हैं, तो आप यह गांव घूमने के लिए जा सकती हैं। मोहाली पंजाब की यह जगह तब अधिक लोकप्रिय हुई थी, जब बॉलीवुड अभिनेता शाहिद कपूर की फिल्म की शूटिंग यहां हुई थी। इसके अलावा एक्ट्रेस तमन्ना भाटिया की फिल्म की भी यहां पर शूटिंग हो चुकी है। ऐसे में आप भी इस जगह को एक्सप्लोर कर सकते हैं।
Travel Tips: त्योहारों का मौसम होने वाला हैं शुरू, आप भी आ जाए घूमने के लिए जयपुर
इंटरनेट डेस्क। त्याहोरों का सीजन आने वाला हैं और आप भी परिवार के साथ कही घूमने जाने का प्लान कर रहे है तो फिर आपको इस अक्टूबर और नवंबर के महीने में आनी वाली छुट्टियों में घूमने जाने के लिए राजस्थान के गुलाबी शहर यानी के जयपुर को चुनना चाहिए। ऐसा इसलिए की नवरात्रि के साथ ही यहां त्योहार की रंगत जमने लगती है। ऐसे में आप अभी से प्लान बना ले। जयपुर आप परिवार के साथ जयपुर आ रहे है तो आपको यहां देखने और घूमने के खूबसारी और साथ में खूबसूरत जगह मिल जाएगी। यहां आप गोविंद देवजी मंदिर, मोती डूंगरी गणेश मंदिर, बिरला मंदिर जा सकते है। साथ ही आप यहां पर जयपुर के बाजारों में घूम सकते है और शॉपिंग के साथ राजस्थानी खाने का मजा भी उठा सकते है। क्या है देखने को जयपुर आ रहे है तो आप यहां के ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण भी कर सकते है। यहां आप नाहरगढ़, जयगढ़, आमेर जा सकते है। इसके साथ ही आप जलमहल, सिटी पैलेस, जतंर मंतर और हवा महल भी जा सकते है। pc- vogue.in
Deepti Bhatnagar Birthday: कभी मिथुन चक्रवर्ती संग किया काम, अब ट्रैवल व्लॉगिंग में बना रहीं पहचान
Deepti Bhatnagar Birthday: कभी मिथुन चक्रवर्ती संग किया काम, अब ट्रैवल व्लॉगिंग में बना रहीं पहचान
रशियन महिला ने जयपुर मेट्रो को दुबई मेट्रो जैसा बताया, ट्रैवल एक्सपीरिएंस को दी 10/10 रेटिंग' Video में देखें और क्या कहा
बदरीनाथ धाम डीजे विवाद पर उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री का अजीब बयान, शंख जानवर की हड्डी
कांग्रेस नेता सूर्यकांत धस्माना ने कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के बदरीनाथ में शंख न बजाने संबंधी बयान पर निशाना साधा है।
विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी राजगीर में आने वाले सैलानियों और आम जनता की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए वन पर्यटन स्थलों पर एक नई एवं सुगम पहल शुरू की गई है। जू सफारी, जेपी पार्क, वेणुवन तथा सोन भंडार में इंटीग्रेटेड पार्किंग सिस्टम लागू किया गया है। इस व्यवस्था के शुरू होने से पर्यटकों को हर पर्यटन स्थल पर पहुंचने के बाद अलग-अलग पार्किंग शुल्क चुकाने की बाध्यता और कतार में लगकर पर्ची कटवाने की परेशानी से पूरी तरह राहत मिल गई है। सैलानी इन चारों पर्यटन स्थलों में से किसी भी एक स्थान पर निर्धारित शुल्क देकर यह साझा टिकट प्राप्त कर सकते हैं। एक टिकट पर 8 घंटे तक चारों प्रमुख स्थलों पर वैध रहेगी पार्किंग इस नई व्यवस्था के तहत जारी किया गया पार्किंग टिकट पूरे 8 घंटे की समयावधि के लिए मान्य होगा। इस तय अवधि के भीतर पर्यटक उसी एक टिकट के माध्यम से चारों प्रमुख स्थलों पर अपने वाहन को बिना कोई अतिरिक्त शुल्क दिए सुगमता से पार्क कर सकते हैं। इससे पर्यटकों के बहुमूल्य समय की बचत हो रही है और वे बिना किसी रुकावट के राजगीर के ऐतिहासिक व प्राकृतिक स्थलों का आनंद ले पा रहे हैं। प्रशासन का मानना है कि इस व्यवस्था से पार्किंग प्रबंधन काफी सुव्यवस्थित और प्रभावी हो गया है। सभी श्रेणियों के वाहनों के लिए निर्धारित की गईं दरें प्रशासन की ओर से विभिन्न वाहनों के अनुसार 8 घंटे के लिए दरें भी तय कर दी गई हैं। इसके तहत साइकिल के लिए 10 रुपये, मोटरसाइकिल के लिए 30 रुपये, कार अथवा जीप के लिए 80 रुपये, मिनी बस के लिए 200 रुपये तथा बड़ी बस के लिए 300 रुपये का एकीकृत शुल्क तय किया गया है। इस दर निर्धारण से वाहन चालकों को बार-बार जेब से पैसे निकालने की जरूरत नहीं पड़ती और पूरा आवागमन सुचारू रूप से चल रहा है। सैलानियों ने व्यवस्था को सराहा, सुखद बन रहा सफर इंटीग्रेटेड पार्किंग सिस्टम को लेकर सैलानियों के बीच सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। पर्यटकों का कहना है कि पहले हर दर्शनीय स्थल पर अलग से पार्किंग शुल्क देना और वहां की व्यवस्था से जूझना काफी थकाऊ होता था, लेकिन अब एक ही पर्ची से चारों जगह वाहन लगाने की सुविधा मिलने से उनका सफर बेहद आसान बन गया है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य भी यही है कि वाहनों की कतारों को व्यवस्थित करने के साथ-साथ पर्यटकों के पूरे भ्रमण अनुभव को सहज और सुखद बनाया जा सके। यह व्यवस्था पर्यटकों के लिए बेहद सुविधाजनक और कारगर साबित हो रही है।
Kanpur News: छात्रों ने नाटकों से दर्शाईं पर्यटन की संभावनाएं
छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय में विश्व पर्यटन दिवस पर मंगलवार को छात्र-छात्राओं ने प्रोजेक्ट, संवाद और नाटकों के माध्यम से पर्यटन की संभावनाएं दर्शाईं।
Pilibhit News: तीन धार्मिक स्थलों को पर्यटन स्थल के रूप में मिलेगी पहचान
पीलीभीत। जिले के प्राचीन धार्मिक स्थलों को पर्यटन के रूप में संवारने के लिए शासन ने 4.2 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े तीन प्रमुख धार्मिक स्थलों का इस धनराशि से कायाकल्प किया जाएगा।
Mandi News: औट टनल में ट्रैवलर की चपेट में आया चरवाहा, एम्स ले जाते तोड़ा दम
मंडी-कुल्लू हाईवे पर औट टनल में मंगलवार को ट्रैवलर की चपेट में आने से नेपाली मूल के पुहाल (चरवाहे) की मौत हो गई।
रजरप्पा मंदिर विकास मामले में झारखंड हाई कोर्ट सख्त, पर्यटन सचिव और रामगढ़ डीसी को तलब किया
रांची, 29 सितंबर . Jharkhand के रामगढ़ जिले में रजरप्पा स्थित ऐतिहासिक धार्मिक स्थल मां छिन्नमस्तिका मंदिर के जीर्णोद्धार और बुनियादी सुविधाओं के विकास से जुड़े अवमानना मामले में Jharkhand हाई कोर्ट ने Tuesday को राज्य Government के रुख पर नाराजगी जताई. पिछली सुनवाई में दिए निर्देश के बावजूद पर्यटन विभाग के सचिव के अदालत ... Read more
विश्व पर्यटन दिवस पर उत्तराखंड में पर्यटन विकास पर जोर, सतपाल महाराज और सौरभ बहुगुणा हुए शामिल
देहरादून, 29 सितंबर 2026 । विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर उत्तराखंड में आयोजित कार्यक्रम में पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज और मंत्री सौरभ बहुगुणा शामिल हुए। इस दौरान राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय लोगों को इससे जोड़ने और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने पर चर्चा हुई। सतपाल महाराज ने […] The post विश्व पर्यटन दिवस पर उत्तराखंड में पर्यटन विकास पर जोर, सतपाल महाराज और सौरभ बहुगुणा हुए शामिल appeared first on Rashtriya Ujala .
काशी में पिंडदान के लिए जा रहे हैं तो काम आएंगी ये बातें, दिल्ली से ऐसे बनाएं पूरा ट्रैवल प्लान
How to Reach Banaras from Delhi: पितृ पक्ष में काशी जाकर पिंडदान करने की योजना बना रहे हैं तो दिल्ली से वाराणसी पहुंचने के ट्रेन, फ्लाइट और बस विकल्प जान लें. साथ ही पिशाच मोचन कुंड, प्रयाग घाट और मणिकर्णिका घाट की धार्मिक मान्यताओं के बारे में जानें.
बांका के पर्यटन, धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों पर अब सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत की जाएगी। जिले के प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों का सूचीकरण कराया जा रहा है। इसमें मंदार पर्वत, जेठोरनाथ मंदिर, ओढ़नी डैम समेत अन्य प्रमुख स्थलों को शामिल किया जा रहा है। इन स्थानों पर नियमित पुलिस गश्ती की व्यवस्था करने की तैयारी है, ताकि पर्यटकों, श्रद्धालुओं और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। बांका पुलिस अधीक्षक अमितेश कुमार द्वारा यह सूचना जारी की गई है। नियमित निगरानी की बनाई जा रही योजना पुलिस की ओर से इन स्थलों पर ‘पुलिस दीदी’ समेत अन्य माध्यमों से नियमित निगरानी रखने की योजना बनाई जा रही है। इसके साथ ही संवेदनशील और अधिक भीड़ वाले स्थानों पर पुलिस की त्वरित पहुंच सुनिश्चित करने के लिए पुलिस बल को मोटरसाइकिल से लैस कर सक्रिय सुरक्षा व्यवस्था विकसित करने की योजना पर भी काम चल रहा है। इससे किसी घटना की सूचना मिलने पर पुलिस टीम कम समय में मौके पर पहुंच सकेगी। बताया गया कि बौसी थाना क्षेत्र के मंदार पर्वत पर हाल में युवती के साथ छेड़खानी की घटना सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक अमितेश कुमार ने पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए यह पहल शुरू की है। पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा की होगी व्यवस्था पुलिस अधीक्षक अमितेश कुमार ने बताया कि जिले के पर्यटन, धार्मिक एवं सार्वजनिक स्थलों को चिह्नित कर वहां नियमित गश्ती और निगरानी की व्यवस्था की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इससे ऐसे स्थलों पर आने वाले लोगों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराया जा सकेगा।
हिमाचल प्रदेश के पूर्व विधायक और पर्यटन मंत्री मेजर विजय सिंह मनकोटिया का मंगलवार सुबह निधन हो गया। अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल ले जाते समय उन्होंने दम तोड़ दिया।
बस्तर की पहचान सिर्फ घने जंगलों और प्राकृतिक खूबसूरती से नहीं, बल्कि यहां की सादगी, संस्कृति और मेहमान नवाजी से भी है। धुड़मारास का धुरवा डेरा होम स्टे इसी अनुभव को पर्यटकों तक पहुंचा रहा है। वर्ष 2022 में दो कमरों से शुरू हुआ यह छोटा-सा प्रयास अब ‘Best Homestay’ के सम्मान तक पहुंच गया है। विश्व पर्यटन दिवस 2026 के अवसर पर धुरवा डेरा को छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग एवं पर्यटन मंडल की ओर से 27 सितंबर को रायपुर में सम्मानित किया गया। यह सम्मान पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री छत्तीसगढ़ शासन राजेश अग्रवाल, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा, पर्यटन विभाग के सचिव डॉ एस भारतीदासन और पर्यटन मंडल के प्रबंध निदेशक सौमिल रंजन चौबे ने प्रदान किया। गौरतलब है कि इस अवार्ड के मिलने से पहले विश्व पर्यटन दिवस से पहले 23 सितंबर को पर्यटन बोर्ड के सचिव सहित अधिकारियों की टीम धुड़मारास पहुंची थी। टीम ने धुरवा डेरा में पर्यटकों को मिल रही सुविधाओं का जायजा लिया। इसके साथ आसपास के क्षेत्रों की पर्यटन संभावनाएं भी देखीं। धुरवा डेरा की शुरुआत वर्ष 2022 में सिर्फ दो कमरों से हुई थी। उस समय एक कमरे का किराया 1500 रुपए रखा गया था। धीरे-धीरे धुड़मारास आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ी और होम स्टे की पहचान भी बनी। वर्तमान में यहां तीन कमरे उपलब्ध हैं और एक कमरे का किराया 2500 रुपए है। धुरवा डेरा की खासियत है कि यहां आने वाले पर्यटकों को गांव के प्राकृतिक वातावरण, स्थानीय जीवनशैली और बस्तर की संस्कृति के करीब रहने का अवसर मिलता है। यही अनुभव इसे पारंपरिक होटल से अलग पहचान देता है। सम्मान सिर्फ एक होम स्टे का नहीं , समुदाय का कहा धुरवा डेरा प्रमुख मनीष और डेरा परिवार ने धुरवा डेरा से जुड़े और धुड़मारास को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने वाले मनीष बघेल ने कहा कि यह उपलब्धि केवल उनके लिए नहीं, बल्कि धुड़मारास के पूरे समुदाय के लिए गौरव का क्षण है। गांव की प्राकृतिक सुंदरता, स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक आतिथ्य और ग्रामीण पर्यटन से जुड़े लोगों के प्रयासों को भी इससे पहचान मिली है। इस सम्मान को अपने सदस्यों और धुड़मारास के समुदाय को समर्पित किया है होम स्टे में क्या खास होता हैहोम स्टे पर्यटकों को स्थानीय परिवार और समुदाय के बीच ठहरने का अनुभव देने पर आधारित है। होटल में जहां पर्यटक मुख्य रूप से कमरे और सुविधाओं तक सीमित रहता है, वहीं होम स्टे में उसे स्थानीय खान-पान, रहन-सहन, संस्कृति और आसपास के प्राकृतिक वातावरण को करीब से जानने का अवसर मिलता है। ग्रामीण पर्यटन के जरिए स्थानीय परिवारों के लिए आय के नए अवसर भी बनते हैं। धुड़मारास में धुरवा डेरा इसी सोच को आगे बढ़ाता नजर आ रहा है।
विश्व पर्यटन दिवस पर छत्तीसगढ़ के दो जिलों की अलग-अलग पर्यटन खूबियों को राज्यस्तरीय पहचान मिली। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही को प्राकृतिक, ऐतिहासिक, पुरातात्विक और सांस्कृतिक धरोहर के प्रचार-प्रसार के लिए सर्वश्रेष्ठ जिला प्रमोशन अवॉर्ड मिला, जबकि जशपुर की ट्रिप्पी हिल्स को एडवेंचर पर्यटन गतिविधियों के लिए सर्वश्रेष्ठ एडवेंचर टूरिज्म अवॉर्ड-2026 से सम्मानित किया गया। रायपुर में 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस पर आयोजित समारोह में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने पुरस्कार प्रदान किए। इसी अवसर पर जीपीएम की पुरातात्विक एवं सांस्कृतिक धरोहर धनपुर पर आधारित कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया गया। जीपीएम को यह सम्मान जिले की प्राकृतिक, ऐतिहासिक, पुरातात्विक एवं सांस्कृतिक विरासत को प्रभावी ढंग से देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करने के प्रयासों के लिए मिला। धनपुर पर आधारित कॉफी टेबल बुक में क्षेत्र के ऐतिहासिक महत्व, पुरातात्विक धरोहर और पर्यटन संभावनाओं को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। जशपुर की ट्रिप्पी हिल्स वर्ष 2019 से जिले की प्राकृतिक और साहसिक पर्यटन संभावनाओं को पर्यटकों तक पहुंचाने का काम कर रही है। संस्था ने ट्रेकिंग, रॉक क्लाइंबिंग, केव एक्सप्लोरेशन, वाटर एक्टिविटीज और कैंपिंग जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया है। स्थानीय युवाओं को गाइड के रूप में प्रशिक्षण देने और स्थानीय होमस्टे व पारंपरिक खान-पान को पर्यटन से जोड़ने पर भी काम किया गया है। जिला प्रशासन के सहयोग से ‘जशपुर जंबूरी’ जैसे एडवेंचर आधारित आयोजनों ने भी जिले की पर्यटन संभावनाओं को व्यापक मंच दिया है। धनपुर की कॉफी टेबल बुक का विमोचन पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा, पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, बोर्ड के प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे, जीपीएम कलेक्टर विजय दयाराम के. और जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे ने किया। छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों से 400 ट्रैवल एजेंसियां जुड़ींछत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को देश-विदेश के बाजार से जोड़ने के लिए अब टूर ऑपरेटर्स और ट्रैवल एजेंसियों के साथ सीधे कारोबारी रिश्ते बढ़ाए जाएंगे। विश्व पर्यटन दिवस पर नवा रायपुर के मे-फेयर लेक व्यू रिजॉर्ट में आयोजित ‘सेंट्रल इंडिया कनेक्ट छत्तीसगढ़ मार्केटप्लेस-2026’ में इसकी रणनीति पर चर्चा हुई। B2B बैठकों में नए टूर पैकेज बनाने, पर्यटक समूह लाने और निवेश की संभावनाएं तलाशी गईं। आयोजन में देश-विदेश के टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल एजेंट्स, होटल संचालक और पर्यटन संस्थाएं शामिल हुईं। प्रदेश के प्राकृतिक, आदिवासी, आध्यात्मिक और पुरातात्विक स्थलों को पर्यटन उत्पाद के रूप में प्रस्तुत किया गया।
विश्व पर्यटन दिवस: संवत सरना देवस्थल में िकया गया श्रमदान
भास्कर न्यूज़| बलरामपुर सेवा संकल्प अभियान 2026 के तहत स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम में विश्व पर्यटन दिवस पर शंकरगढ़ विकासखंड की ग्राम पंचायत डिपाडीहकला के संवत सरना देव स्थल में स्वच्छता श्रमदान हुआ। आयोजन जिला पंचायत सीईओ के निर्देश पर हुआ। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण की जिला समन्वयक के साथ जनपद पंचायत शंकरगढ़ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी वेद प्रकाश पाण्डेय के मार्गदर्शन में कार्यक्रम कराया गया। सरपंच, पंच, ग्रामीणों ने मिलकर देव स्थल परिसर की साफ-सफाई की। मौजूद लोगों को स्वच्छता की शपथ दिलाई गई। गांव को स्वच्छ और सुंदर रखने का संदेश दिया गया। स्वच्छता को रोजमर्रा की आदत बनाने की बात कही गई।
Kangra News: इस वीकेंड पर्यटन कारोबार को मिल सकती है रफ्तार
पर्यटन नगरी धर्मशाला में इस सप्ताह के दौरान पर्यटन कारोबार को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद जगी है।
उत्तराखंड के 36 युवा पर्वतारोही तीन प्रतिष्ठित हिमालयी चोटियों माउंट भागीरथी-द्वितीय, माउंट पंचाचूली-प्रथम और माउंट स्वर्गारोहिणी-प्रथम पर तिरंगा फहराने के लिए रवाना हुए।
पर्यटन विभाग के मंत्री केदार गुप्ता ने कहा कि डिजिटल नवाचार और सतत विकास के माध्यम से बिहार अपनी समृद्ध विरासत का संरक्षण करते हुए पर्यटकों के लिए नए अनुभव तैयार कर रहा है।
विश्व पर्यटन दिवस पर मां मुंडेश्वरी धाम परिसर में 'स्वच्छता ही सेवा 2026' अभियान के तहत विशेष सफाई की गई। जिला पदाधिकारी के निर्देश पर डीआरडीए निदेशक ने इसका नेतृत्व किया। इसका मकसद स्वच्छ पर्यटन और अच्छे नागरिक व्यवहार को बढ़ावा देना था। दुकानदारों और स्थानीय लोगों को जागरूक किया इस दौरान मंदिर परिसर, सीढ़ियों, परिक्रमा पथ, पार्किंग और मुख्य रास्तों की सफाई की गई। अधिकारियों, सफाई कर्मियों और स्वयंसेवकों ने श्रमदान किया। दुकानदारों और स्थानीय लोगों को गीले-सूखे कचरे को अलग करने के लिए जागरूक किया गया। लगातार सफाई बनाए रखने को कहा डीआरडीए निदेशक ने कहा कि मां मुंडेश्वरी धाम देश की ऐतिहासिक धरोहर है। उन्होंने श्रद्धालुओं और पर्यटकों से सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल न करने और कचरा डस्टबिन में डालने की अपील की। आखिर में सभी अधिकारियों, कर्मियों और श्रद्धालुओं को स्वच्छता की शपथ दिलाई गई। बीडीओ भगवानपुर, जिला समन्वयक, स्वच्छता पर्यवेक्षक और स्थानीय जनप्रतिनिधि इसमें शामिल थे। मंदिर समिति और दुकानदारों से भी परिसर में लगातार सफाई बनाए रखने को कहा गया।
इंदौर: हेरिटेज वॉक और किस्सागोई से बदल रहा मालवा का पर्यटन, खिंचे चले आ रहे विदेशी पर्यटक
इंदौर में विश्व पर्यटन दिवस पर मध्य प्रदेश ट्रैवल एसोसिएशन ने परिचर्चा आयोजित की। इसमें संघमित्रा सिंह और जफर अंसारी ने प्रदेश की ऐतिहासिक धरोहर, स्थापत्य संरक्षण और इंदौर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने पर महत्वपूर्ण विचार साझा किए।
नए पर्यटन सत्र में रणथंभौर से 109 सफारी वाहन होंगे बाहर, 11 साल से ज्यादा पुराने है
रणथंभौर नेशनल पार्क के नए पर्यटन सत्र में मॉडल कंडिशन के चलते 109 सफारी वाहन पार्क भ्रमण से बाहर होंगे। वन विभाग वर्ष 2014 मॉडल के सफारी वाहनों को प्रवेश नहीं देगा। 109 सफारी वाहनों के बाहर होने पर अब 458 वाहन ही सफारी के लिए उपलब्ध रहेंगे। उपवन संरक्षक पर्यटन संजीव शर्मा के अनुसार रणथंभौर का नया पर्यटन सत्र 1 अक्टूबर से प्रारंभ होगा। इसके चलते विभाग द्वारा वाहनों की फिटनेस जांच की जा रही है। विभागीय जानकारी के अनुसार साल 2014 मॉडल यानि 11 साल से ज्यादा पुराने 109 सफारी वाहन (जिप्सी-कैंटर) रणथंभौर में सफारी संचालन से बाहर होंगे। इनमें 84 जिप्सी एवं 25 कैंटर शामिल हैं। ऐसे में रणथंभौर में सफारी के लिए पंजीकृत 567 में से 458 वाहन ही रणथंभौर में सफारी के लिए उपलब्ध रहेंगे। वन विभाग ने नए सफारी वाहनों की फाइल उच्चाधिकारियों को भेजी है। वहां से स्वीकृति के बाद ही रणथंभौर में नए सफारी वाहन पंजीकृत होने की राह खुल सकेगी। पार्क में एक पारी में 90 सफारी वाहन को प्रवेश की अनुमति रणथंभौर नेशनल पार्क में एक पारी में सामान्यतः अधिकतम 90 सफारी वाहन (जिप्सी-कैंटर) को प्रवेश की अनुमति होती है। इसमें एडवांस बुकिंग के जरिए अधिकतम 70 वाहन (44 जिप्सी और 26 कैंटर) शामिल होते हैं। इसके अलावा लगभग 20 जिप्सी तात्कालिक (तत्काल/करेंट) कोटा के तहत बुक की जाती हैं। इस प्रकार प्रत्येक पाली में कुल 90 वाहन पार्क में जाते है। रणथंभौर में पहले पर्यटक वाहनों की मॉडल कंडीशन केवल 5 वर्ष निर्धारित थी। इसके बाद वर्ष 2019 में वन विभाग और एलएसी की बैठक में पर्यटकों की सुविधा और वाहनों की उपलब्धता को देखते हुए जिप्सी व कैंटर की मॉडल कंडीशन में 2 साल का इजाफा किया गया, जिससे यह अवधि बढ़ाकर 7 वर्ष कर दी गई। इसके बाद संचालन अवधि को 9 साल, 11 साल के लिए बढ़ा दिया गया। 11 साल मॉडल कंडीशन पूरी होने पर फिजिक्स वेरिफिकेशन के बाद सफारी वाहन बाहर निकले गए हैं। 109 सफारी वाहनों को मॉडल कंडीशन के अनुसार बाहर निकालने के बाद रणथंबोर में फिलहाल 458 वहां उपलब्ध रहेंगे।
विश्व पर्यटन दिवस: हेरिटेज वॉक, िक्वज और स्वच्छता गतिविधियां
विश्व पर्यटन दिवस पर पर्यटन विभाग ने जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने, पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति एवं विरासत से परिचित कराने तथा युवाओं एवं विद्यार्थियों में पर्यटन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से ‘डिजिटल एजेंडा एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टू रिडिजाइन टूरिज्म’ की थीम पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए। उप निदेशक मधुसूदन सिंह के निर्देशन में रेलवे स्टेशन पर पहुंचने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों का राजस्थान की पारंपरिक संस्कृति के अनुरूप तिलक एवं माल्यार्पण कर स्वागत किया। इस दौरान कच्ची घोड़ी सहित विभिन्न लोक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गई। पर्यटकों को जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों, ऐतिहासिक विरासत, वन्यजीव एवं स्थानीय संस्कृति के संबंध में भी जानकारी दी गई। पुरानी शहर में हेरिटेज वॉक: पर्यटन विभाग एवं इंटेक के संयुक्त तत्वावधान में भैरू दरवाजा से पुरानी सवाई माधोपुर शहर के ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व के स्थलों से गुजरते हुए गलता मंदिर तक हेरिटेज वॉक आयोजित की गई। विद्यार्थियों की क्विज प्रतियोगिता: कई स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए रणथम्भौर टाइगर रिजर्व एवं राजस्थान के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर आधारित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता कर विभिन्न पर्यटन स्थलों के बारे में जानकारी दी गई। धार्मिक पर्यटन स्थलों पर स्वच्छता का दिया संदेश: पर्यटन को स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए नेचर गाइड एसोसिएशन, ईडीसी गाइड एसोसिएशन, ट्रेवल एजेंसियों, होटलियर्स, पेइंग गेस्ट हाउस एवं होम-स्टे संचालकों/प्रबंधकों द्वारा गलता मंदिर परिसर में स्वच्छता गतिविधि में सहभागिता की गई। माय भारत युवा केन्द्र के स्वयंसेवकों ने भी पर्यटन स्थल पर स्वच्छता गतिविधियां की। स्वच्छता गतिविधियों में उत्कृष्ट सहभागिता करने वाले स्वयंसेवकों को अतिथियों ने प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर पर्यटक स्वागत केन्द्र के उप निदेशक मधुसूदन सिंह, इंटेक कन्वीनर पदम खत्री, विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, छात्र-छात्राएं, माय भारत युवा केन्द्र के स्वयंसेवक, पर्यटन क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि एवं अन्य प्रतिभागी उपस्थित रहे।
Aligarh News: गौमत, नया बास और सहारा खुर्द में पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा
विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर कमिश्नरी सभागार में इन्फ्लुएंसर मीट का आयोजन किया गया। पर्यटन सलाहकार ललित जोशी ने बताया कि जिले के गौमत, नया बास और सहारा खुर्द गांवों का चयन पर्यटन विकास के लिए किया गया है।
Rohtak News: डीसी ने लोगों को दी पर्यटन दिवस की बधाई
डीसी ने लोगों को दी पर्यटन दिवस की बधाई
Maharajganj News: विश्व पर्यटन दिवस पर लुंबिनी के होटलों में 15 प्रतिशत छूट की घोषणा
15% discount announced at Lumbini hotels on World Tourism Day.
Jhansi News: 7.5 करोड़ से बना सांस्कृतिक, पर्यटन सूचना केंद्र पौने दो साल से पड़ा है बंद
झांसी। क्राफ्ट मेला मैदान में साढ़े सात करोड़ की लागत से बनकर तैयार बुंदेलखंड सांस्कृतिक एवं पर्यटन सूचना केंद्र में लगभग पौने दो साल से बंद पड़ा है। पहले एक साल तक स्मार्ट सिटी लिमिटेड और पिछले सवा साल से जेडीए संचालन शुरू नहीं करा पा रहा है।
Mohali News: रिपोर्ट न देने पर ट्रैवल फर्म का लाइसेंस तीन महीने के लिए निलंबित
Travel firm's license suspended for three months for failing to submit report
Srinagar News: केरन मेले में पर्यटन, संस्कृति की दिखी झलक
jammu and kashmir news
Sirmour News: विश्व पर्यटन दिवस पर पर्यटन कारोबारियों ने साझा किए अनुभव
विश्व पर्यटन दिवस पर पर्यटन कारोबारियों ने साझा किए अनुभव
Bageshwar News: कौसानी को जिम्मेदार और सुरक्षित गंतव्य बनाने का लिया संकल्प
कौसानी को जिम्मेदार और सुरक्षित गंतव्य बनाने का लिया संकल्प
Almora News: पर्यटन दिवस पर अल्मोड़ा में दिखी पहाड़ की सांस्कृतिक विरासत
पर्यटन दिवस पर अल्मोड़ा में दिखी पहाड़ की सांस्कृतिक विरासत
World Tourism Day: बजट में घूमने के लिए भारत की ये खूबसूरत जगहें हैं बेस्ट, दिल्ली से हैं नज़दीक
अगर आपको घूमना पसंद है तो आप दिल्ल से नज़दीक इन खूबसूरत जगहों पर घूमने जा सकते हैं। अच्छी बात यह है कि इन जगहों पर आप बजट में ही यात्रा कर सकते हैं।
पेरेंट्स के साथ घूमने का है मन? यहां देखिए ट्रैवल फ्रेंडली 5 ऑफबीट जगह
परिवार के साथ घूमने की बात आती हैं तो अक्सर जगह को लेकर कंफ्यूजन होता रहता है कि पेरेंट्स को लेकर कहां जाएं। ऐसे में यहां हम 5 ट्रैवल फ्रेंडली ऑफबीट जगहों के बारे में बता रहे हैं। जानिए-
विश्व पर्यटन दिवस- सागर पोखरा मंदिर परिसर में जागरूकता शिविर:मेडिएशन 3.0 से विवाद सुलझाने पर जोर
बेतिया में विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर 27 सितंबर को बेतिया के ऐतिहासिक सागर पोखरा मंदिर परिसर में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पश्चिम चंपारण की ओर से कानूनी जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर का उद्देश्य लोगों को उनके कानूनी अधिकारों, सरकारी विधिक योजनाओं और मुफ्त कानूनी सहायता के बारे में जानकारी देना था। नालसा-बालसा की योजनाओं की दी जानकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव धीरेंद्र कुमार पांडे ने बताया कि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कन्हैया जी चौधरी के नेतृत्व में शिविर का आयोजन किया गया। पैनल अधिवक्ता शेखर कुमार जोशी, राजेश राम तथा पीएलवी चंदन कुमार रजक और मौसी मियां ने लोगों को नालसा और बालसा की विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी। जरूरतमंदों को मिलती है मुफ्त कानूनी सहायता शिविर में बताया गया कि आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोगों को जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इसके लिए पात्र लोग प्राधिकार से संपर्क कर सकते हैं। मेडिएशन 3.0 से विवाद सुलझाने पर जोर कार्यक्रम के दौरान मेडिएशन 3.0 के बारे में भी लोगों को जागरूक किया गया। बताया गया कि मध्यस्थता के माध्यम से पक्षकार आपसी सहमति से विवादों का समाधान कर सकते हैं, जिससे समय और संसाधनों की बचत होती है। 21 नवंबर को एनआई एक्ट विशेष लोक अदालत सचिव धीरेंद्र कुमार पांडे ने लोगों से 21 नवंबर को बेतिया व्यवहार न्यायालय में आयोजित होने वाली एनआई एक्ट विशेष लोक अदालत का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि संबंधित मामलों के पक्षकार इस अवसर का उपयोग कर अपने विवादों का समाधान करा सकते हैं।
विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर बिहार के पर्यटन विकास को लेकर सिख हेरिटेज गुरुनानक भवन में सेमिनार आयोजित किया गया। कार्यक्रम का पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक, आधुनिक सुविधाओं और सतत पर्यटन के जरिए राज्य की पर्यटन क्षमता को आगे बढ़ाया जा रहा है। 2025 में 6.62 करोड़ से अधिक पर्यटक पहुंचे बिहार पर्यटन मंत्री ने बताया कि बिहार में पर्यटन क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है। वर्ष 2025 में राज्य में 6.62 करोड़ से अधिक पर्यटकों का आगमन दर्ज किया गया। धार्मिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक स्थलों के प्रति पर्यटकों के बढ़ते आकर्षण को देखते हुए पर्यटन परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है। सीतामढ़ी से सोनपुर और बोधगया तक कई बड़ी परियोजनाएं राज्य में कई महत्वपूर्ण पर्यटन परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इनमें सीतामढ़ी के पुनौराधाम में माता सीता की जन्मस्थली पर मंदिर, सोनपुर में बाबा हरिहरनाथ मंदिर कॉरिडोर, बोधगया में 165 करोड़ रुपये की लागत से बौद्ध ध्यान एवं अनुभव केंद्र, सहरसा की मत्स्यगंधा झील में ग्लास ब्रिज और पर्यटन सुविधाएं शामिल हैं। इसके अलावा पटना, वैशाली और राजगीर में फाइव स्टार होटल व इको-टूरिज्म सुविधाओं के विकास, पटना हाट सांस्कृतिक केंद्र और वाल्मीकिनगर में लव-कुश पार्क जैसी परियोजनाओं पर भी काम किया जा रहा है। धार्मिक सर्किट से जोड़े जा रहे प्रमुख स्थल पर्यटन विकास के तहत बिहार के धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को विभिन्न सर्किट से जोड़ा जा रहा है। रामायण सर्किट में पुनौराधाम, कुशेश्वरस्थान और सिंहेश्वर, जबकि बौद्ध सर्किट में बोधगया, राजगीर, नालंदा और वैशाली को शामिल किया गया है। वहीं फुलवारी और मनेर को सूफी सर्किट से जोड़ा गया है। ‘स्वदेश दर्शन 2.0’ के तहत सोनपुर के उन्नयन, अंबिका भवानी मंदिर में पर्यटक सुविधाओं और गया में बौद्ध ध्यान केंद्र के विकास की योजनाओं पर भी काम चल रहा है। राजगीर, वैशाली और पटना में फाइव स्टार होटल की योजना राज्य में लक्जरी पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पीपीपी मॉडल पर राजगीर में दो, वैशाली में एक और पटना में दो फाइव स्टार होटल विकसित करने की योजनाओं पर काम किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य पर्यटन के जरिए निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाना है। 2026-27 में पर्यटन को लेकर कई लक्ष्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में मत्स्यगंधा झील और वाल्मीकि पार्क को पूरा करने के साथ गया में 1,000 बेड की क्षमता वाले धर्मशाला परिसर के निर्माण का लक्ष्य रखा है। साथ ही बिहार को घरेलू पर्यटक आगमन के मामले में देश के शीर्ष 10 राज्यों में शामिल करने और विदेशी पर्यटक आगमन में शीर्ष पांच राज्यों में लाने की दिशा में काम किया जा रहा है। डिजिटल सुविधाओं पर भी जोर बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक नंद किशोर ने पर्यटन क्षेत्र में डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दिया। पर्यटकों की सुविधा के लिए वेबसाइट और मोबाइल ऐप, ऑनलाइन बुकिंग, जीपीएस आधारित सेवाओं और रियल टाइम पर्यटन संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। पर्यावरण संरक्षण के लिए ई-वाहनों और रोपवे जैसे पर्यावरण अनुकूल परिवहन साधनों को बढ़ावा देने की बात भी कही गई। पर्यटन निवेश के लिए सब्सिडी और विशेष पैकेज अधिकारियों के अनुसार पर्यटन क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने विभिन्न वित्तीय प्रोत्साहन दिए हैं। 10 करोड़ रुपये तक की परियोजनाओं पर 30 प्रतिशत तक और 50 करोड़ रुपये या उससे अधिक की परियोजनाओं पर 25 प्रतिशत तक पूंजीगत सब्सिडी का प्रावधान है। इसके अलावा एससी, एसटी, ईबीसी, बीसी, दिव्यांग और महिला उद्यमियों के लिए विशेष पैकेज की व्यवस्था की गई है। पर्यटन क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने के लिए नीति अवधि में एक लाख लोगों को कौशल प्रशिक्षण देने और एक लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य भी रखा गया है।
विश्व पर्यटन दिवस पर उपमुख्यमंत्री और पर्यटन मंत्री दीया कुमारी ने कहा- अगर मैं राजनेता नहीं होती तो अब मेरा दूसरा करियर ट्रैवल ब्लॉगर बनने का होता। उन्होंने कहा कि बचपन में मैं एस्ट्रोनॉट बनना चाहती थी। इसके बाद मैंने वकील बनने का सपना देखा। वहीं अब सोशल मीडिया पर ट्रैवल ब्लॉगिंग और कंटेंट क्रिएशन मुझे काफी आकर्षित करता है। टूरिज्म डिपार्टमेंट की ओर से रविवार को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में राजस्थान क्रिएटर्स कॉन्क्लेव-2026 का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य अतिथि दीया कुमारी ने यह कहा। कॉन्क्लेव में देशभर के 100 से अधिक ट्रैवल ब्लॉगर, सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर, स्कूल-कॉलेज के युवा और होटल इंडस्ट्री से जुड़े स्टेकहोल्डर्स शामिल हुए। कार्यक्रम में राजस्थान के पर्यटन को नए दौर के यात्रियों की पसंद और सोशल मीडिया के बदलते ट्रेंड के अनुरूप डवलप करने पर चर्चा हुई। प्रमुख ट्रैवल इन्फ्लुएंसर्स शशांक संघवी, प्रकृति अरोरा और आशीष शर्मा के साथ मंच पर चर्चा करते हुए दीया कुमारी ने अपनी बात रखी। ‘मैं भी आपका जॉब लेना चाहती हूं’ दीया कुमारी ने कंटेंट क्रिएटर्स से कहा- मैं ट्रैवल ब्लॉगर्स के काम से काफी प्रभावित हूं। अब मैं आपका जॉब लेना चाहती हूं। उन्होंने कहा- ट्रैवल ब्लॉगर्स जिस तरह किसी जगह, संस्कृति, खानपान और अनुभव को सोशल मीडिया पर प्रस्तुत करते हैं, वह काफी दिलचस्प है। कई बार मुझे भी लगता कि ये लोग किस तरह कंटेंट तैयार करते हैं और किसी जगह को इतनी रोचकता से कैसे दिखाते हैं। दीया कुमारी ने कहा- राजस्थान की सबसे बड़ी खूबी इसकी विविधता है। यहां अलग-अलग तरह के पर्यटन अनुभव एक ही राज्य में मिल जाते हैं। जयपुर की विरासत, आमेर, हवा महल और जंतर-मंतर से लेकर जोधपुर का मेहरानगढ़ और ब्लू सिटी, बीकानेर की अलग स्थापत्य शैली-खानपान, जैसलमेर के सैंड ड्यून्स-गोल्डन फोर्ट, उदयपुर की झीलें-महल और सवाई माधोपुर के टाइगर रिजर्व पर्यटकों को अलग-अलग अनुभव देते हैं। उन्होंने जयपुर के परकोटा क्षेत्र को भी खास बताते हुए कहा- यहां की छोटी-छोटी गलियां और अलग-अलग व्यवसायों के पारंपरिक बाजार शहर को विशिष्ट बनाते हैं। एक गली में किसी खास तरह के उत्पाद मिलना और दूसरी गली में किसी दूसरे कारोबार का केंद्र होना जयपुर की अलग पहचान है। यहां देखिए इवेंट के फोटोज… ‘अब पर्यटक सिर्फ स्मारक देखकर वापस नहीं जाना चाहते’ दीया कुमारी ने कहा- पर्यटन की परिभाषा तेजी से बदल रही है। अब पर्यटक केवल किसी स्मारक पर जाकर फोटो खिंचवाने और उसके बारे में जानकारी लेने सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि वे अनुभव करना चाहते हैं। उन्होंने कहा- ग्रामीण पर्यटन और होमस्टे इसका उदाहरण हैं। पर्यटक अब यह जानना चाहते हैं कि स्थानीय लोग कैसे रहते हैं। क्या खाते हैं। उनकी भाषा, संस्कृति और रहन-सहन कैसा है। इसी तरह वे स्थानीय त्योहारों का हिस्सा बनना और वहां की संस्कृति को करीब से अनुभव करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि स्मारक और संग्रहालय आज भी पर्यटन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, लेकिन इनके साथ नए अनुभव जोड़ना भी जरूरी है। ‘सरकार अकेले पर्यटन को आगे नहीं बढ़ा सकती’ पर्यटन मंत्री ने कहा- सरकार नीति बना सकती है। आधारभूत ढांचा विकसित कर सकती है। कनेक्टिविटी और सुरक्षा बेहतर कर सकती है, लेकिन पर्यटन में रचनात्मकता और नए अनुभव विकसित करने के लिए निजी क्षेत्र और स्थानीय लोगों की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने राजस्थान की पर्यटन नीति-2024 का उल्लेख करते हुए कहा कि कॉन्सर्ट और आयोजनों को प्रोत्साहित करने के लिए भी सरकार की ओर से कई तरह के प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। जयपुर में हुए आईफा अवॉर्ड्स का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार और निजी संस्थाओं के सहयोग से बड़े आयोजन संभव हुए। ‘नए पर्यटन स्थलों को सामने लाना जरूरी’ दीया कुमारी ने कहा- राजस्थान में कई ऐसे पर्यटन स्थल हैं, जिनके बारे में अभी पर्यटकों को पर्याप्त जानकारी नहीं है। ऐसे जगह का प्रचार-प्रसार करने की जरूरत है। इससे नए क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार तथा अर्थव्यवस्था को भी फायदा मिलेगा। उन्होंने नाइट टूरिज्म के साथ-साथ दिन और रात दोनों समय के पर्यटन को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा- पर्यटन के नए अनुभव विकसित करने के लिए स्थानीय लोगों को भी साथ लेकर चलना होगा। इन्फ्लुएंसर्स से पूछा- ‘कौन सी रील चलती है, कौन सी नहीं?’ दीया कुमारी ने कहा- ट्रैवल कंटेंट क्रिएटर्स को पता होता है कि दर्शकों को क्या पसंद आ रहा है। किस तरह की रील आगे बढ़ रही है और किस तरह की सामग्री पर लोगों की प्रतिक्रिया कम मिल रही है। इसी अनुभव का उपयोग राजस्थान के पर्यटन प्रचार में करने के लिए क्रिएटर्स के साथ संवाद किया गया। उन्होंने कहा कि स्कूल और कॉलेज के युवाओं को भी इस तरह के संवाद में शामिल किया गया, ताकि नई पीढ़ी की पसंद और पर्यटन से जुड़ी उनकी अपेक्षाओं को समझा जा सके। शेखावाटी पर भी फोकस दीया कुमारी ने कहा- शेखावाटी के लिए भी नई पर्यटन नीति लाई जा रही है। उन्होंने कहा- वहां पर्यटन विकसित करते समय स्थानीय लोगों को साथ लेकर चलना जरूरी होगा। कला-संस्कृति की हस्तियों को किया सम्मानित कॉन्क्लेव-2026’ में पर्यटन, कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभूतियों को सम्मानित किया गया। जयपुर के प्रसिद्ध चित्रकार और कलाविद रामू रामदेव को कला और संस्कृति के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ योगदान के लिए सम्मान मिला। देवांग अग्रवाल को नवीन पर्यटन स्थलों के विकास में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। वहीं राजस्थान पर्यटन को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने में उल्लेखनीय भूमिका के लिए कुलदीप चंदेला को सम्मान दिया गया। अपरंपरागत पर्यटन अनुभवों के क्षेत्र में विशेष पहचान बनाने वाले अभिमन्यु सिंह को सम्मानित किया गया। इसके अलावा सामाजिक पर्यटन और ग्राम पर्यटन के विकास में योगदान के लिए श्याम सुंदर पालीवाल को सम्मानित किया गया। लाखों फॉलोअर्स वाले ट्रैवल क्रिएटर्स पहुंचे कॉन्क्लेव में देश के प्रमुख ट्रैवल इन्फ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स भी शामिल हुए। इनमें शशांक संघवी के करीब 33 लाख फॉलोअर्स हैं। प्रकृति अरोड़ा, आशीष शर्मा के करीब 7 लाख फॉलोअर्स, अंकुश शर्मा और श्रेष्ठा शर्मा के करीब 10 लाख फॉलोअर्स हैं। इसके अलावा कृतिका गोयल के करीब 7 लाख सब्सक्राइबर और 1.80 लाख फॉलोअर्स है। वहीं लक्ष्मी शरत, जो हेरिटेज टूरिज्म पर राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त क्रिएटर हैं, उन्होंने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
सम्भल में विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर रविवार को 3 बजे बहजोई स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में रील निर्माण, पर्यटन स्थलों पर वीडियो पोस्टर डिजाइनिंग और पर्यटन प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता कराई गई। प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने जनपद के ऐतिहासिक, धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि स्वतंत्र प्रभार राज्य शिक्षा मंत्री गुलाबो देवी रहीं। कार्यक्रम संयोजक चन्द्रसेन राणा, जिला पंचायत अध्यक्ष अनामिका यादव, मुख्य विकास अधिकारी गोरखनाथ भट्ट,भाजपा जिला अध्यक्ष हरेंद्र सिंह समेत अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। अतिथियों ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। आयोजन का उद्देश्य जनपद के पर्यटन स्थलों को डिजिटल माध्यमों के जरिये व्यापक पहचान दिलाने के साथ युवाओं को अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना रहा। रील निर्माण और वीडियो पोस्टर प्रतियोगिता के माध्यम से प्रतिभागियों ने पर्यटन स्थलों की विशेषताओं को नए अंदाज में प्रस्तुत किया। वहीं पर्यटन प्रश्नोत्तरी के जरिये प्रतिभागियों ने जनपद की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से संबंधित अपनी जानकारी का प्रदर्शन किया।
कानपुर में विश्व पर्यटन दिवस पर सोसाइटी फॉर टूरिज्म डेवलपमेंट और मुस्कुराए कानपुर की ओर से एलेन फॉरेस्ट जू में ‘पर्यटन मंथन’ का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में कानपुर में पर्यटन विकास और शहर की विरासत को बढ़ावा देने पर विशेषज्ञों ने सुझाव दिए। शिक्षाविद एवं पर्यटन विशेषज्ञ डॉ. सिधांशु राय ने स्कूलों में टूरिज्म क्लब और पर्यटन एम्बेसडर बनाने की बात कही। फॉरेस्ट ऑफिसर फिरोज ने चिड़ियाघर को इको-टूरिज्म केंद्र के रूप में विकसित करने का सुझाव दिया। आनंद गुप्ता ने पर्यटन स्थलों, घाटों, मंदिरों, फूड स्ट्रीट और होटलों की जानकारी वाला क्यूआर कोड आधारित डिजिटल ब्रोशर तैयार करने की बात कही। विशेषज्ञों ने साप्ताहिक कानपुर दर्शन बस यात्रा, टूरिज्म वॉक और टूरिज्म टॉक शुरू करने, चिड़ियाघर में कानपुर की कलाकृतियों का संग्रहालय बनाने तथा कानपुर और बिठूर महोत्सव को नए स्वरूप में आयोजित करने के सुझाव दिए। तीन वर्ष का पर्यटन रोडमैप तैयार करने पर भी चर्चा हुई। डॉ. हेमंत मोहन और डॉ. पंकजा पांडे ने टूरिज्म वॉक का शुभारंभ किया। कार्यक्रम का संयोजन स्वयं नंदा और संचालन बृजेश शर्मा बिरजू ने किया। इस अवसर पर विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों समेत करीब 60 लोग मौजूद रहे।
Bihar: विश्व पर्यटन दिवस पर अररिया के कुसियारगाँव जैव विविधता उद्यान में विधिक जागरूकता शिविर
27 सितंबर, रविवार: अररिया के कुसियारगाँव जैव विविधता उद्यान में विश्व पर्यटन दिवस पर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित।
27 सितंबर, रविवार: विश्व पर्यटन दिवस पर कैमूर के मां मुंडेश्वरी धाम में नारे और जयकारे के साथ विशेष स्वच्छता अभियान चला।
Bihar: विश्व पर्यटन दिवस पर सासाराम में चला विशेष स्वच्छता अभियान, गुब्बारे उड़ाकर दिया संदेश
27 सितंबर, रविवार: सासाराम में विश्व पर्यटन दिवस पर विशेष स्वच्छता अभियान, गुब्बारे उड़ाकर दिया संदेश।
मुजफ्फरपुर में तैयार हो रहा पर्यटन का नया ठिकाना, नौका विहार, पिकनिक स्पाट और मंदिर दर्शन
मुजफ्फरपुर में बाबा गरीबनाथ सहित तीन मंदिरों और मणिका मन को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां नौकायान, रेस्तरां और पिकनिक स्पॉट जैसी सुविधाएं होंगी।
विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर रविवार को ग्वालियर के ऐतिहासिक किला परिसर में नगर निगम द्वारा स्वच्छता अभियान चलाया गया। इसमें शहरवासियों के साथ विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के सदस्यों, बच्चों और बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। लोगों ने किले के अलग-अलग हिस्सों में सफाई कर कचरा एकत्र किया और पर्यटन स्थलों को स्वच्छ रखने का संकल्प लिया। शहर और पर्यटन स्थलों की छवि से जुड़ी है स्वच्छता अभियान के दौरान लोगों ने सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फैलाने की अपील की। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने कहा कि ऐतिहासिक और पर्यटन स्थलों की सफाई सीधे तौर पर शहर की छवि से जुड़ी है। यदि पर्यटन स्थल साफ-सुथरे रहेंगे तो बाहर से आने वाले पर्यटकों के बीच ग्वालियर की अच्छी छवि बनेगी और स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। स्वच्छता के साथ पौधरोपण पर भी जोर अभियान के दौरान सफाई के साथ पौधरोपण पर भी जोर दिया गया। लोगों से अपील की गई कि वर्तमान मौसम पौधों के विकास के लिए अनुकूल है, इसलिए अधिक से अधिक पौधे लगाएं। इससे शहर में हरियाली बढ़ेगी और नागरिकों को स्वच्छ वातावरण व शुद्ध हवा मिल सकेगी। गीला-सूखा कचरा अलग रखने की सलाह कार्यक्रम में कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने की सलाह दी गई। साथ ही प्लास्टिक का उपयोग कम करने और बाजार जाते समय कपड़े के थैलों का इस्तेमाल करने पर जोर दिया गया। लोगों से कहा गया कि घरों से निकलने वाले सब्जी-भाजी के कचरे और प्लास्टिक वेस्ट को अलग रखने की आदत डालें, जिससे कचरे के बड़े ढेर न बनें। 'शहर को साफ रखना सिर्फ निगम का काम नहीं' अभियान में शामिल बाइक राइडर शबनम ने कहा कि शहर को साफ रखना सिर्फ नगर निगम का काम नहीं है। निगम कर्मचारी सुबह से रात तक सफाई में जुटे रहते हैं, जबकि कचरा हम लोग फैलाते हैं। उन्होंने अपील की कि लोग कहीं भी जाएं, कचरा सड़क पर फेंकने के बजाय निर्धारित डस्टबिन में ही डालें और सफाई कर्मचारियों का सहयोग करें।
विश्व पर्यटन दिवस: पहाड़, समुद्र या जंगल? अपने मूड के हिसाब से चुनें भारत की ये शानदार डेस्टिनेशन
World Tourism Day 2026: विश्व पर्यटन दिवस पर हम आपको बताएंगे भारत की खूबसूरत और ऐतिहासिक जगहों के बारे में, जहां आपको कम से कम एक बार घूमने अवश्य जाना चाहिए।
बारां में प्रचार की कमी से पर्यटन पिछड़ा:सरकारी उदासीनता से टूरिज्म को नहीं मिल रही गति
बारां जिला प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक धरोहरों से भरपूर है, पर प्रचार की कमी से पर्यटन पिछड़ा है। पर्यटन सर्किट से जोड़ने की योजना सिर्फ कागजों में है, जिससे पर्यटकों की आवाजाही कम रहती है।साढ़े तीन दशक बाद भी बारां में पर्यटन विभाग का कार्यालय न खुलना सरकार की अनदेखी दिखाता है। जिले में रामगढ़ और शेरगढ़ जैसी अंतरराष्ट्रीय पहचान की क्षमता वाली जगहें हैं। रामगढ़ धाम में 10-12 किलोमीटर परिक्रमा मार्ग के लिए 10 करोड़ का बजट ऐलान हुआ, पर वन विभाग की अनुमति न मिलने से काम रुका। 7 करोड़ में से 4.5 करोड़ के काम ही हुए। रोप-वे से पर्यटक बढ़ सकते हैं।शेरगढ़ अभयारण्य में परवन नदी पर बोटिंग का सर्वे हो गया है। शाहाबाद में चीतों की आवाजाही से चीता हब बन सकता है। 17 हजार वर्ग किलोमीटर कॉरिडोर में शाहाबाद अहम है, पर लेपर्ड सफारी भी शुरू नहीं हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि इन तीनों को ट्राएंगल के रूप में विकसित कर बारां में पर्यटन कार्यालय खोला जाए, तभी पर्यटन को गति मिलेगी।
विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर जारी आंकड़े बताते हैं कि पंजाब के लोग सैर-सपाटे के काफी शौकीन हैं। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन को लेकर उत्साह अधिक है।
विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर पर्यटन विभाग की ओर से सवाई माधोपुर में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस साल दिवस की थीम ‘डिजिटल एजेंडा एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टू रिडिजाइन टूरिज्म’ रखी गई है। कार्यक्रमों के जरिए जिले की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पर्यटन विरासत को पर्यटकों और आमजन से जोड़ने का प्रयास किया गया। रेलवे स्टेशन पर पर्यटकों का स्वागत कार्यक्रमों की शुरुआत पर्यटक स्वागत केंद्र के उप निदेशक मधुसूदन सिंह ने रेलवे स्टेशन पर पर्यटकों का स्वागत कर की। इस दौरान पर्यटकों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। स्टेशन पर कच्ची घोड़ी नृत्य समेत कई सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए, जिन्हें देखकर पर्यटक आकर्षित हुए। भैरू दरवाजे से गलता मंदिर तक हेरिटेज वॉक पर्यटन विभाग और इंटेक की ओर से जिले के प्राचीन और ऐतिहासिक स्थलों से लोगों को रूबरू कराने के लिए हेरिटेज वॉक निकाली गई। यह भैरू दरवाजे से शुरू होकर शहर के प्रमुख ऐतिहासिक स्थल आमने-सामने का मंदिर होते हुए गलता मंदिर पहुंची। इसमें शामिल लोगों को क्षेत्र की ऐतिहासिक विरासत और स्थापत्य के बारे में जानकारी दी गई। गलता मंदिर परिसर में साफ-सफाई अभियान भी चलाया गया। इसके जरिए ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों को स्वच्छ रखने का संदेश दिया गया। विद्यार्थियों के बीच प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता कार्यक्रमों के तहत विद्यार्थियों के बीच प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी कराई गई। इसमें जिले के पर्यटन स्थलों, इतिहास, संस्कृति और विरासत की जानकारी देकर विद्यार्थियों को पर्यटन के प्रति जागरूक किया गया। विश्व पर्यटन दिवस पर हुए इन कार्यक्रमों का उद्देश्य जिले की समृद्ध पर्यटन विरासत को बढ़ावा देना और नई तकनीक व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए पर्यटन को नए स्वरूप से जोड़ना रहा।
विश्व नदी और पर्यटन दिवस पर नमामि गंगे ने दिया संदेश, नदियां स्वच्छ हाेंगी तो बढ़ेगा पर्यटन; VIDEO
विश्व नदी और पर्यटन दिवस पर नमामि गंगे ने दिया संदेश, नदियां स्वच्छ हाेंगी तो बढ़ेगा पर्यटन; VIDEO
उत्तर प्रदेश सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पैतृक स्थली बटेश्वर के विकास के लिए 21 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इस राशि से स्मारक निर्माण, पार्किंग, श्रद्धालुओं की सुविधाएँ और प्राचीन मंदिरों का संरक्षण किया जाएगा, साथ ही आगरा में अन्य पर्यटन स्थलों का भी विकास होगा।
फिरोजाबाद में पर्यटन को मिली नई रफ्तार:346 करोड़ से मंदिरों, जैन तीर्थों और ईको जोन का विकास
फिरोजाबाद की पहचान अब सिर्फ कांच उद्योग तक सीमित नहीं रह गई है। धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के साथ जिले को ईको टूरिज्म और ग्रामीण पर्यटन के केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी चल रही है। प्रदेश सरकार की पर्यटन विकास योजनाओं के तहत वित्तीय वर्ष 2020-21 से 2026-27 तक जिले में 346.42 करोड़ रुपए की परियोजनाओं पर काम कराया गया है। मंदिरों, जैन तीर्थों, आश्रमों और ऐतिहासिक स्थलों के साथ पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं। वर्ष 2020-21 में 2.82 करोड़ रुपए से यमुना किनारे स्थित प्राचीन शिव मंदिर, पाढ़म के पौराणिक स्थल, माता सियर देवी मंदिर, खप्पर वाले बाबा सेवा आश्रम, रूपाढी देवी और मदुआ माता मंदिर के विकास कार्य कराए गए। इसके बाद धार्मिक स्थलों को पर्यटन से जोड़ने का काम लगातार आगे बढ़ा। रपड़ी में ईको टूरिज्म, चंद्रवाड़ जैन तीर्थ पर काम वर्ष 2022-23 में 16.13 करोड़ रुपए से रपड़ी वन क्षेत्र में ईको टूरिज्म और चंद्रवाड़ जैन तीर्थ समेत वनखंडी मंदिर, खप्पर बाबा आश्रम और अन्य धार्मिक स्थलों का विकास कराया गया। वर्ष 2023-24 में 166.16 करोड़ रुपए की परियोजनाओं को मंजूरी मिली। इनमें चिंतामणि नंदेश्वर मंदिर, बालाजी मंदिर, मां सियर देवी मंदिर, गोपाल आश्रम और नीम करौली बाबा की जन्मस्थली नागऊ शामिल हैं। ग्लास म्यूजियम और पर्यटन सूचना केंद्र भी विकसित होंगे रूरिया में यमुना किनारे ईको टूरिज्म, ग्लास म्यूजियम, पर्यटन सूचना केंद्र और सांस्कृतिक संकुल जैसी परियोजनाएं भी शुरू की गईं। वर्ष 2024-25 में 34.74 करोड़ और 2025-26 में 74.88 करोड़ रुपए से पर्यटन अवस्थापना का विस्तार किया गया। रपड़ी ईको टूरिज्म क्षेत्र में रोशनी, पेयजल, सुलभ प्रसाधन, यात्री बेंच, क्यूआर कोड आधारित साइनेज और लैंडस्केपिंग की सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। 2026-27 में 51.70 करोड़ की नई परियोजनाएं वित्तीय वर्ष 2026-27 में 51.70 करोड़ रुपए की नई परियोजनाएं शुरू की गई हैं। टूंडला, फरिहा, चंद्रवाड़ और शिकोहाबाद के धार्मिक स्थलों पर बहुउद्देशीय हॉल, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, यात्री सुविधाएं और लैंडस्केपिंग का काम कराया जा रहा है। आर्य संस्कृति संकुल और नीम करौली बाबा आधारित म्यूजियम के दूसरे चरण का काम भी प्रस्तावित है। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह के अनुसार, आस्था, संस्कृति और स्थानीय विरासत को आधुनिक सुविधाओं से जोड़कर फिरोजाबाद को पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।
झारखंड सरकार पर्यटन विकास के साथ अपनी हजारों साल पुरानी आदिवासी चिकित्सा पद्धति 'होड़ोपैथी' को जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर काम कर रही है।
45 पर्यटन स्थलों से बदलेगी जिले की तस्वीर,चार श्रेणियों में बांट कर विकसित करने की है योजना
कभी छऊ की जीवंत परंपरा, कभी सदियों पुराने जगन्नाथ मंदिर की आस्था, कभी दलमा-चांडिल की पहाड़ियों व जलाशयों की प्राकृतिक खूबसूरती। सरायकेला-खरसावां के पास पर्यटन की ऐसी विरासत है, जिसे अब योजनाबद्ध तरीके से नई पहचान देने की तैयारी है। जिले के 45 पर्यटन स्थलों को चार श्रेणियों में बांटकर विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है। उद्देश्य केवल पर्यटन स्थलों को सुंदर बनाना नहीं है। यहां पहुंचने वाले पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे जिले की अर्थव्यवस्था और स्थानीय कला-संस्कृति को भी जोड़ा जाएगा। पर्यटन स्थलों को श्रेणी ए, बी, सी और डी में रखा गया है। श्रेणी ए में चांडिल एवं दलमा टूरिस्ट जोन को शामिल किया गया है। श्रेणी बी में जिला मुख्यालय स्थित छऊ कला केंद्र और जगन्नाथ मंदिर हैं। श्रेणी सी में शहीद पार्क, पलना डैम, जायदा मंदिर और नीमडी आर्ट एंड क्राफ्ट को स्थान दिया गया है। वहीं श्रेणी डी में जिले के अन्य 35 पर्यटन स्थलों को सूचीबद्ध किया गया है। जिला मुख्यालय के छऊ कला केंद्र के विकास की योजना इस पूरी कवायद का प्रमुख आकर्षण है। पर्यटन विभाग करीब 10 करोड़ की लागत से इसे उच्च स्तरीय कला केंद्र के रूप में विकसित करेगा। इसका डीपीआर तैयार हो चुका है। राशि भी प्राप्त हो चुकी है। इसी तरह आकर्षिणी मंदिर में करीब एक करोड़ रुपए की लागत से नीचे से ऊपर तक लाइटिंग की व्यवस्था की जा रही है। मंदिर के सुंदरीकरण के लिए भी अलग डीपीआर है। जल्द ही निविदा की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। जिला खेल पदाधिकारी अमित कुमार ने कहा कि पलना डैम को ईको-टूरिज्म के रूप में विकसित करने की तैयारी है। वन विभाग की डीपीआर के तहत पलना डैम और चांडिल डैम के विकास पर फिलहाल करीब छह करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। जिले में पर्यटन स्थलों के विकास का असर केवल पर्यटकों की संख्या तक सीमित नहीं रहेगा। बेहतर सुविधाओं के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और कारोबार के नए अवसर भी खुल सकते हैं। छऊ कला केंद्र के विकसित होने से कलाकारों को प्रदर्शन और प्रशिक्षण के लिए बेहतर मंच मिलेगा। छऊ मुखौटा और स्थानीय हस्तशिल्प से जुड़े कारीगरों को पर्यटकों से सीधे बाजार मिलने की संभावना है। चांडिल, दलमा और पलना डैम जैसे प्राकृतिक स्थलों के विकास से स्थानीय युवाओं के लिए गाइड, वाहन, खान-पान, होम-स्टे, पर्यटन सेवाओं से जुड़े रोजगार के रास्ते खुल सकते हैं। ईको रिसॉर्ट की योजना आगे बढ़ने पर स्थानीय स्तर पर ठहरने और खान-पान की सुविधाओं को भी बढ़ावा मिलेगा। पर्यटन स्थलों पर मनोरंजन और खेल गतिविधियों का विस्तार भी महत्वपूर्ण होगा। जिला खेल पदाधिकारी अमित कुमार समेत संबंधित विभागों की भूमिका अहम होगी। इस तरह 45 पर्यटन स्थलों का विकास जिले की कला, संस्कृति व अर्थव्यवस्था को जोड़ने का अवसर बन सकता है।
झारखंड को प्रकृति ने भरपूर संसाधन दिया है। पर्यटन के लिहाज से यहां काफी संभावना है। क्योंकि, प्रसिद्ध धार्मिक स्थल देवघर, गिरिडीह स्थित पारसनाथ, सिमडेगा स्थित रामरेखा धाम, गुमला में टांगीनाथ, रामगढ़ में मां छिन्नमस्तिका मंदिर में सालों भर पर्यटकों को आने के लिए विवश करती है। इसके अलावा झरना-पहाड़, नदी-डैम और जंगल, ऐतिहासिक धरोहर पर्यटकों को लुभाती है। इसी का नतीजा है कि झारखंड में साल दर साल पर्यटकों की संख्या बढ़ती जा रही है। झारखंड आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2023 में झारखंड के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर 3.58 करोड़ घरेलू पर्यटक पहुंचे। जबकि, वर्ष 2024 में यह संख्या बढ़कर 5.40 करोड़ पर पहुंच गई। वहीं, 2025 में दिसंबर तक पर्यटकों की संख्या करीब 5.42 करोड़ दर्ज की गई। इसे देखते हुए झारखंड सरकार पर्यटन की तस्वीर बदलने के लिए राज्य में इको टूरिज्म सर्किट बनाने की तैयारी कर रही है। पर्यटन विभाग रांची, सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम, गिरिडीह, लातेहार,हजारीबाग सहित अन्य जिलों में इको टूरिज्म विकसित करेगा। इतना ही नहीं आने वाले समय में पर्यटक जमीन के गर्भ में जाकर भूमिगत कोयला खदानों को देखेंगे और राजगीर की तर्ज पर ग्लास ब्रिज पर सैर करते हुए प्राकृतिक नजारा देखेंगे। इन योजनाओं से पर्यटन इंडस्ट्री को मिलेगी रफ्तार 1: व्यू प्वाइंट... पतरातू में स्काईवॉक, सोलर बोट और फ्लोटिंग रेस्टोरेंट: पतरातू घाटी को राज्य के प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। पतरातू में स्काईवॉक, व्यू प्वाइंट, जलाशय डैम में सोलर बोट और फ्लोटिंग रेस्टोरेंट बनाने की तैयारी है। यहां अन्य स्थलों पर रोपवे बनाने की संभावना भी तलाश की जा रही है। पर्यटन विभाग इसके लिए डीपीआर तैयार कराने में जुटा है। 2: एडवेंचर टूरिज्म... दशम-जोन्हा में ग्लास ब्रिज, हुंडरू में रोपवे: एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए दशम फॉल में ग्लास ब्रिज, जोन्हा फॉल में ग्लास ब्रिज और रोपवे और हुंडरू फॉल में रोपवे बनाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए सर्वे कराने और डीपीआर तैयार कराने का काम चल रहा है। अगले साल इसका निर्माण शुरू होगा। दूसरी ओर, खूंटी के पंचघाघ जलप्रपात में 7.5 करोड़ रुपए से सौंदर्यीकरण, फुटब्रिज, फुटपाथ और शौचालय का काम चल रहा है। 3: माइनिंग टूरिज्म... खदानों की सैर, तोपचांची झील बनेगा इंटरनेशनल डेस्टिनेशन: झारखंड पर्यटन विकास निगम और सीसीएल के बीच समझौते के बाद जुलाई 2025 में माइनिंग टूरिज्म की शुरुआत की गई है। पहले चरण में रांची-पतरातू-उरीमारी सर्किट के तहत नॉर्थ उरीमारी ओपन कास्ट कोयला खदान की गतिविधियां दिखाने की योजना है। वहीं तोपचांची झील को इंटरनेशनल डेस्टिनेशन बनाने की तैयारी है। यहां 184 करोड़ की लागत से पीपीपी मोड पर पर्यटन स्थल विकसित किया जाना है। 4: धार्मिक-हेरिटेज सर्किट... सभी धार्मिक स्थलों को विकसित करने की तैयारी: झारखंड में धार्मिक - हेरिटेज सर्किट बनाने पर भी काम चल रहा है। इसके तहत देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम, बासुकीनाथ धाम, दुमका स्थित मलूटी मंदिर,गिरिडीह स्थित पारसनाथ को जैन सर्किट और इटखोरी को बुद्ध सर्किट, रामगढ़ स्थित मां छिन्नमस्तिका मंदिर में सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम को 30 एकड़ में कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां यातायात, दर्शन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बेहतर बनाया जाएगा। बासुकीनाथ धाम में शिवगंगा सरोवर के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्से में आधुनिक मॉडल शेड बनाने की तैयारी है। रजरप्पा मंदिर और पारसनाथ में श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बढ़ाई जाएगी। रजरप्पा के लिए 100 करोड़ से अधिक की योजना बनाई गई है।
कुदरत ने बारां को दिए नायाब तोहफे पर्यटन बढ़ाने के प्रयास अब तक अधूरे
प्रकृति ने बारां जिले को जंगल, पहाड़, झरने, किले, प्राचीन मंदिर, वन्यजीव, आदिवासी संस्कृति और हजारों साल पुरानी भूगर्भीय संरचना जैसे नायाब तोहफे दिए है। बारां के पास पर्यटन के लिए वो सब कुछ है, जो किसी डेस्टिनेशन को अपनी पहचान दिला सकता है। सरकारी पर्यटन वेबसाइट भी रामगढ़ क्रेटर, शेरगढ़ किला-अभयारण्य, सीताबाड़ी, शाहाबाद, सोरसन, कपिलधारा और डोल मेले जैसे स्थलों को जिले के प्रमुख आकर्षणों में शामिल करती है। लेकिन सालों से यहां पर पर्यटकों के लिए कोई सुविधा ही उपलब्ध नहीं है। रामगढ़ क्रेटर को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की घोषणाएं लंबे समय से चल रही हैं, लेकिन वॉच टावर और पर्यटक हट्स जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। शेरगढ़ को आइकॉनिक टूरिस्ट डेस्टिनेशन विलेज के रूप में विकसित करने की योजना भी लंबे समय तक टेंडर प्रक्रिया में अटकी रही। अब ओर काम शुरू हुआ है। पर्यटन विभाग के अनुसार शेरगढ़ को आइकॉनिक टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनाने के लिए 149 लाख रुपए के वर्क ऑर्डर 18 सितंबर को जारी हो चुके है और काम शुरू हो गया है। रामगढ़ में वॉच टावर, पर्यटक हट्स सहित अन्य सुविधाओं के लिए वन विभाग ने तहसीलदार को पत्र भेजा है। अब वित्तीय स्वीकृति का इंतजार है। सोरसन में 10 साल से तैयार हट्स के संचालन के लिए अभी भी वन ग्राम समिति से बातचीत हर चल रही है। यह है बारां में पर्यटन स्थल रामगढ़ क्रेटर: भारत में ज्ञात चार इम्पैक्ट क्रेटरों में से एक। इसका व्यास करीब 3.5 किमी है। जियो-हेरिटेज साइट में शामिल। शेरगढ़ वाईल्डलाइफ: शेरगढ़ में वाईल्डलाइफ अभयारण्य और इसके बीच से परवन नदी गुजर रही है। यहां पर सफारी के लिए प्रस्ताव भी भेजे जा चुके है। शेरगढ़ विलेज: शेरगढ़ में किले पर आइकॉनिक ट्यूरिस्ट डेस्टिनेशन व हैरिटेज विलेज बनाने की तैयारी। सोरसन: काले हिरण के लिए प्रसिद्ध। खमनौर ब्रिडिंग सेंटर बनाया जा रहा है। पर्यटक हट्स के संचालन की कमी। शाहाबाद: हाड़ौती का सबसे सघन जंगल है। शाहाबाद किला व कुंडाखोह प्रपात। वाइल्ड लाइफ।
कुंभलगढ़ से नाथद्वारा तक बिखरे पर्यटन के अनोखे रंग
आज विश्व पर्यटन दिवस है। पर्यटन के महत्व और ऐतिहासिक, प्राकृतिक व सांस्कृतिक धरोहरों को दुनिया के सामने लाने के उद्देश्य से यह दिवस मनाया जाता है। राजसमंद जिला भी पर्यटन की इन खूबियों को एक साथ समेटे हुए है। कुंभलगढ़ दुर्ग, हल्दीघाटी, नाथद्वारा श्रीनाथजी मंदिर, कांकरोली द्वारकाधीश मंदिर, चारभुजा गढ़बोर और राजसमंद झील प्रमुख पर्यटन केंद्र हैं। कुंभलगढ़ दुर्ग की करीब 36 किमी लंबी परकोटा दीवार और महाराणा प्रताप की जन्मस्थली के रूप में खास पहचान है। 2017 में पहुंचे थे सबसे ज्यादा 4.56 लाख देशी: कुंभलगढ़ दुर्ग पर 2017 में सर्वाधिक 4.56 लाख देशी व 12,856 विदेशी पहुंचे। 2018 में 4.12 लाख देशी व 9,772 विदेशी आए। कोरोना के बाद 2021 में 2.85 लाख देशी व 4,063 विदेशी, 2022 में 3.62 लाख व 2,133, 2023 में 4.38 लाख व 6,565 और 2024 में 3.56 लाख व 6,168 पर्यटक पहुंचे। 2025 में 4 लाख देशी और करीब 5 हजार विदेशी पर्यटक आए। 2026 में सितंबर तक 2 लाख से अधिक देशी और 2,100 विदेशी पर्यटक पहुंच चुके हैं। इतिहासकार कुबेर सिंह सोलंकी के अनुसार, पर्यटकों को सही ऐतिहासिक जानकारी देने के लिए होटल स्टाफ को भी दुर्ग और क्षेत्र के इतिहास से परिचित कराने की पहल की जा रही है। कुंभलगढ़ में सालभर गुजरात, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश सहित राजस्थान के विभिन्न हिस्सों से पर्यटक पहुंचते हैं। मानसून और वीकेंड में करीब 60 होटल-रिसॉर्ट पर्यटकों से भर जाते हैं। जनवरी से मार्च 2026 के बीच कुंभलगढ़, नाथद्वारा, हल्दीघाटी और राजसमंद वाले अरावली पर्यटन सर्किट में 40 लाख 4 हजार 291 पर्यटक यात्राएं दर्ज हुईं। 2025 में राजस्थान में 2525.03 लाख यानी करीब 25.25 करोड़ घरेलू और 19.45 लाख विदेशी पर्यटक यात्राएं दर्ज हुईं। जनवरी-जून 2026 में प्रदेश में 10.92 करोड़ पर्यटक यात्राएं हुईं। आगे बढ़ेगा हेरिटेज-एडवेंचर पर्यटन: कुंभलगढ़ में बादल महल, नीलकंठ महादेव मंदिर, वेदी मंदिर, गोलेराव जैन मंदिर, वन्यजीव अभयारण्य, मामादेव और परशुराम महादेव प्रमुख स्थल हैं। जड़फा ट्रेकिंग पॉइंट भी आकर्षण है। कुंभलगढ़ महोत्सव और एडवेंचर टूरिज्म से पर्यटन का दायरा बढ़ रहा है। फोटो-अशोक सोनी
जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास शांति और स्थिरता का एक नया दौर शुरू हो चुका है।
दिल्ली में एक विदेशी पर्यटक और ऑटो रिक्शा चालक के बीच हुई दिल छू लेने वाली घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई है।
विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर रविवार को दिल्ली के प्रमुख ऐतिहासिक स्मारकों में पर्यटकों को निशुल्क प्रवेश मिलेगा।
Kanpur News: विश्व पर्यटन दिवस...पर्यटकों के दिल में भी बस रहा अपना शहर, हर साल बढ़ रही संख्या
कभी उद्योगों और कारखानों के लिए पहचाने जाने वाले मैनचेस्टर ऑफ ईस्ट कानपुर की तस्वीर अब बदल रही है। गंगा की लहरें, बिठूर की विरासत, चिड़ियाघर की हरियाली और भीतरगांव के प्राचीन मंदिर शहर को पर्यटन की नई पहचान दे रहे हैं।
Moradabad News: पार्कों से धाम तक... पर्यटन के लिए बदल रहा मुरादाबाद
पार्कों से धाम तक... पर्यटन के लिए बदल रहा मुरादाबाद
Mirzapur News: विंढम फॉल तक ईको-हेरिटेज वॉक, पर्यटन में एआई के इस्तेमाल पर मंथन
Eco-heritage walk to Wyndham Falls; deliberations on the use of AI in tourism.
Sultanpur News: आस्था की राह में बढ़ी रौनक, पर्यटन से रोजगार की उम्मीद
आस्था की राह में बढ़ी रौनक, पर्यटन से रोजगार की उम्मीद
Bilaspur News: विद्यार्थियों को पर्यटन के महत्व, रोजगार की संभावनाओं की दी जानकारी
घुमारवीं (बिलासपुर)। राजकीय महाविद्यालय घुमारवीं के बी वॉक विभाग
कल फ्री में घूमें दिल्ली के ऐतिहासिक स्मारक, विश्व पर्यटन दिवस पर टूरिस्टों के लिए खास इंतजाम
विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर दिल्ली के प्रमुख ऐतिहासिक स्मारकों में पर्यटकों को नि:शुल्क प्रवेश मिलेगा। इस दौरान पर्यटन को बढ़ावा देने, विरासत से परिचित कराने और संरक्षण व स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए विशेष गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
विश्व पर्यटन दिवस : महेश्वर में अहिल्या लोक से बदलेगी तस्वीर, खुलेंगे रोजगार के नए द्वार
नर्मदा तट पर बसा यह नगर केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि जीवंत इतिहास है। जहां घाटों पर आस्था बहती है, किले की दीवारों में अहिल्याबाई होलकर का युग बोलता है और करघों पर चलती महेश्वरी साड़ी सदियों पुरानी परंपरा को जीवित रखती है।
आज के समय में राजस्थान के पर्यटन नक्शे की तस्वीर तेजी से बदल रही है। आप यह जानकार हैरान हो जाएंगे कि जनवरी से लेकर जून 2026 के बीच प्रदेश में 10.92 करोड़ पर्यटक यात्राएं दर्ज की गई हैं। इनमें 10.83 करोड़ घरेलू और 8.44 लाख विदेशी पर्यटक शामिल हैं। आंकड़े बताते हैं कि राजस्थान के पर्यटन कारोबार की सबसे बड़ी ताकत घरेलू पर्यटक हैं, लेकिन उनकी पसंद पारंपरिक पर्यटन केंद्रों से आगे बढ़ रही है। घरेलू पर्यटन में सीकर ने जयपुर को पीछे छोड़ा सबसे दिलचस्प बात यह है कि सीकर का शीर्ष पर पहुंचना राजस्थान के पर्यटन में बदलती पसंद का संकेत है। जिले में धार्मिक पर्यटन खासतौर पर खाटूश्यामजी आने वाले श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या ने फुटबॉल बढ़ाया है। साल 2026 की पहली छमाही में सीकर की घरेलू पर्यटक यात्राएं 1,56,18,987 रहीं। घरेलू पर्यटकों में चित्तौड़गढ़ की ऐतिाहासिक विरासत, जैसलमेर का रेगिस्तानी पर्यटन और सवाई माधोपुर का वन्यजीव पर्यटन भी बड़ी संख्या में सैलानियों को आकर्षित कर रहा है। आंकड़ों से साफ पता चलता है कि पर्यटन अब सिर्फ जयपुर, उदयपुर और जोधपुर जैसे पारंपरिक केंद्रों तक सीमित नहीं रह गया है। विदेशी पर्यटकों की पहली पसंद जयपुर आपको बताते चलें कि विदेशी पर्यटकों के मामले में तस्वीर काफी अलग है। जयपुर 2,56,293 विदेशी पर्यटकों यात्राओं के साथ सबसे अलग है। फिर उदयपुर में 1,84,045, जोधपुर में 82,846 और जैसलमेर में 66,433 विदेशी पर्यटकों ने यात्राएं की हैं। इतना ही नहीं, सवाई माधोपुर, अजमेर, दौसा, पाली, झुंझुनूं और बीकानेर भी विदेशी पर्यटकों की पसंद रही है। घरेलू सैलानी जहां धार्मिक, ऐतिहासिक, वन्यजीव और क्षेत्रीय पर्यटन स्थलों की तरफ बढ़ रहे हैं, वहीं विदेशी पर्यटकों का बड़ा हिस्सा अभी भी राजस्थान के मुख्य हेरिटेज शहरों से संबंधित है।
कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड ने जुलाना विधानसभा क्षेत्र के तीन तीर्थस्थलों की मरम्मत और सौंदर्यीकरण के लिए करीब पांच करोड़ रुपए के विकास कार्यों को मंजूरी दी है। जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इनमें आसन स्थित अश्वनी कुमार तीर्थ के लिए 1.99 करोड़ रुपए, रामराय स्थित रामहृदय तीर्थ के लिए 1.48 करोड़ रुपए और बराहकलां स्थित वराह तीर्थ के लिए 1.38 करोड़ रुपए तय किए गए हैं। इन तीर्थस्थलों का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व है। जुलाना रैली में सीएम ने की थी घोषणा हरियाणा समाज कल्याण बोर्ड के चेयरमैन कैप्टन योगेश बैरागी ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जुलाना विकास रैली में इन आस्था केंद्रों के विकास की घोषणा की थी। उन्होंने मुख्यमंत्री की घोषणा को लागू करने के लिए बोर्ड चेयरमैन रविंद्र सांगवान से पैसा जल्दी जारी करने का अनुरोध किया था। बैरागी ने कहा कि यह क्षेत्र की धार्मिक विरासत को बचाने की कोशिश है। विकास से जुलाना में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। रामराय, बराहकलां और आसन गांव के ग्रामीणों ने भी सरकार का आभार जताया।
उदयपुर में दिन का तापमान 37 डिग्री पहुंचा:गर्मी और उमस से लोग परेशान, पर्यटन स्थलों पर रौनक घटी
उदयपुर में दिन का तापमान 37 डिग्री पहुंच गया है वहीं रात का तापमान करीब 22 डिग्री सेल्सियस बना हुआ है। सुबह करीब 8-9 बजे से ही तेज धूप होने से गर्मी और उमस का असर दिखाई देने लगता है। दोपहर होते-होते गर्मी का असर बढ़ने लग जाता है। इसका सबसे ज्यादा असर पर्यटन स्थलों पर देखने को मिल रहा है। गर्मी के चलते पर्यटन स्थलों पर कम ही लोग दिखाई देते हैं। पिछले करीब एक सप्ताह से उदयपुर में बारिश नहीं हुई है। जिसके चलते झीलों और तालाबों के जलस्तर बढ़ने की बजाय धीरे-धीरे घटने लगा है। इस बार समय से पहले विदा मानसून: डॉ देवड़ा मौसम विशेषज्ञ डॉ आरएस देवड़ा ने बताया कि जब मानसून की समय से पहले विदाई हो जाती है या उसमें लंबा गैप आ जाता है। तब धरातल से नमी खत्म होते ही सूर्य की किरणें सीधे तापमान बढ़ाती हैं। इस बार मानसून उम्मीद से पहले ही विदा हो गया। अंतिम दिनों में बारिश की गतिविधियां पूरी तरह थम गई। जिससे अचानक तापमान में उछाल आया है।
World Tourism Day: ट्रिप के लिए कर रहे बैग पैक तो ये 10 हैक्स याद रखें
अकेले ट्रिप पर जाना चाहते हैं या फैमिली के साथ, किसी भी असुविधा से बचने के लिए इन 10 ट्रैवल हैक्स को जरूर याद रखें। वर्ल्ड टूरिज्म डे पर नोट कर लें घूमने की कर लें तैयारी।
अक्तूबर ट्रैवल प्लेसेज: कपल साथ घूमने का बना रहे प्लान? अक्तूबर में इन 7 जगहों को न करें मिस
October Travel Places: किसी जगह को चुनते समय मौसम, यात्रा की सुविधा, बजट और वहां की गतिविधियों को ध्यान में रखना जरूरी है। कपल्स के लिए शांत पहाड़ी शहरों से लेकर समुद्र किनारे के डेस्टिनेशन और ऐतिहासिक शहरों तक कई विकल्प मौजूद हैं।
जैसलमेर में सितंबर में पारा 40 डिग्री के पार:10 साल का रिकॉर्ड टूटा, पर्यटन और फसलों को नुकसान
जैसलमेर में इस बार सितंबर महीने की विदाई के वक्त मौसम अपने तीखे तेवरों से हर किसी को हैरान कर रहा है। अमूमन इस समय तक आसमान गुलाबी ठंडक की ओर अपने कदम बढ़ाने लगता है और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद बंध जाती है, लेकिन इस बार स्थिति बिल्कुल उलट है। सितंबर के महीने में पड़ रही इस कड़ाके की गर्मी और उमस से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है और राहत दूर-दूर तक नजर नहीं आ रही है। मौसम विभाग के पिछले 10 सालों के आंकड़े बताते हैं कि इतिहास में पहली बार सितम्बर के महीने में लगातार 6 दिनों तक पारा 40 डिग्री के पार टिका रहा। गर्मी से आम जनजीवन प्रभावित दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है और लोग घरों में ही रहने को मजबूर हैं। मौसम में आए इस अचानक बदलाव और भीषण गर्मी के कारण लोगों का घरों से बाहर निकलना मुहाल हो गया है। चिकित्सा विशेषज्ञों ने भी इस मौसम में लोगों को एहतियात बरतने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी है, ताकि इस बेमौसम गर्मी के प्रकोप से बचा जा सके। फसलें बर्बाद हो रही हैं जिले के नहरी और बारानी इलाकों के किसानों पर इस मौसम का सबसे घातक असर हुआ है। अगस्त महीने में हुई छिटपुट बारिश के बाद किसानों ने बाजरा, ग्वार, तिल और मूंग की बुवाई की थी, लेकिन बारिश नहीं होने से खड़ी फसलें जलकर नष्ट हो रही हैं। पर्यटन स्थलों पर पसरा सन्नाटा इस भयंकर गर्मी और चिलचिलाती धूप का सीधा असर जैसलमेर के पर्यटन उद्योग पर भी पड़ रहा है। आमतौर पर सितंबर के आखिरी हफ़्तों में देशी-विदेशी पर्यटकों की आवक शुरू हो जाती है और यहां के ऐतिहासिक किले, गड़ीसर झील और अन्य दर्शनीय स्थल गुलजार रहने लगते हैं। लेकिन इस बार गर्मी के टॉर्चर के चलते प्रमुख पर्यटन स्थल सूने पड़े हैं। पर्यटकों की कमी के कारण पर्यटन से जुड़े कारोबारियों, होटल व्यवसायियों और गाइडों के चेहरों पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती हैं।
2026 की पहली छमाही में राजस्थान में 10.92 करोड़ पर्यटक यात्राएं दर्ज हुईं। घरेलू पर्यटन में सीकर सबसे आगे रहा, जबकि विदेशी पर्यटकों की पहली पसंद जयपुर बना रहा।
जमुई, समस्तीपुर और बांका में छेड़खानी के वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के एसएसपी और एसपी को पर्यटन स्थलों व युवा आवागमन वाले स्थानों पर गश्ती बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
Bareilly News: 14.4 करोड़ से पर्यटन को लगेंगे पंख
जिले में धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक धरोहरों को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना तैयार कर ली।
Mohali News: दो ट्रैवल कंसल्टेंसी फर्मों के लाइसेंस रद्द, रिपोर्ट जमा न करने पर की कार्रवाई
Licenses of two travel consultancy firms cancelled; action taken for failure to submit reports
Kushinagar News: पर्यटन प्रबंधन के गुर सीखने पहुंचे आजमगढ़ विश्वविद्यालय के विद्यार्थी
विश्व पर्यटन दिवस से पहले शुक्रवार को महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय आजमगढ़ के पर्यटन एवं आतिथ्य प्रबंधन विभाग के विद्यार्थी शैक्षणिक भ्रमण पर कुशीनगर पहुंचे।
कानपुर के मंधना-गंगा बैराज मार्ग पर 7 करोड़ रुपये की लागत से 9 किलोमीटर में 575 जगुआर लाइटें लगाई जाएंगी। यह परियोजना बिठूर आने वाले श्रद्धालुओं और राहगीरों को रात में बेहतर आवागमन सुविधा प्रदान करेगी, साथ ही पर्यटन को भी बढ़ावा देगी।
अनूपपुर की पर्यटन स्थली अमरकंटक का कपिलधारा मार्ग खराब हालत में है। 5 किलोमीटर से ज्यादा लंबी इस सड़क का निर्माण कार्य एक साल बाद भी अधूरा है। इसे पांच से छह महीने में पूरा करने का दावा किया गया था। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे होने से यहां से गुजरने वाले लोगों को रोज परेशानी होती है। शहर की जीवनरेखा माना जाता है मार्ग कपिलधारा मार्ग अमरकंटक के मुख्य रास्तों में से एक है और इसे शहर की जीवनरेखा माना जाता है। इसी रास्ते पर शहर का मुख्य अस्पताल है, जहां मरीज, उनके परिजन और एम्बुलेंस लगातार आते-जाते हैं। इसके अलावा कपिलधारा जलप्रपात और दुग्धधारा जैसे कई धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थल भी इसी मार्ग पर हैं, जहां श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। बारिश में गड्ढों में भर जाता है पानी इस महत्वपूर्ण सड़क की खराब हालत अब एक गंभीर समस्या बन गई है। अधूरा निर्माण कार्य होने से आना-जाना मुश्किल हो गया है और वाहन चालकों को हर समय दुर्घटना का डर रहता है। बारिश के दिनों में सड़क पर बने गहरे गड्ढों में पानी भर जाता है, जिससे उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। कई जगहों पर सड़क और गड्ढों में फर्क करना भी कठिन हो जाता है। हादसे में बाइक सवार की हो चुकी मौत कुछ महीने पहले इसी सड़क पर एक बाइक सवार युवक की हादसे में मौत हो गई थी। इस मार्ग पर वाहनों और बसों को बहुत संभलकर चलना पड़ता है। मरीजों को लाने-ले जाने वाली एम्बुलेंस के लिए यह रास्ता सबसे ज्यादा चिंताजनक है, क्योंकि उन्हें खराब सड़क पर खतरनाक हालात में आना-जाना पड़ता है। सड़क की मौजूदा स्थिति दुर्घटनाओं की आशंका को और बढ़ा रही है। एक साल बाद भी निर्माण अधूरा स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सड़क निर्माण कार्य शुरू होने के समय लोगों में बेहतर आवागमन सुविधा मिलने की उम्मीद जगी थी। पांच से छह माह में निर्माण पूरा होने की बात कही गई थी, लेकिन लगभग एक वर्ष बीतने के बावजूद सड़क का अधूरा रहना चिंता का विषय है। लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य की धीमी गति और लंबे समय से बनी अव्यवस्था के बावजूद संबंधित विभाग द्वारा समस्या के निराकरण की दिशा में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। पर्यटन सीजन में बढ़ती है परेशानी अमरकंटक में पर्यटन सीजन के दौरान प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में कपिलधारा जैसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों को जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग की बदहाल स्थिति नगर की छवि पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है। बाहर से आने वाले पर्यटकों को जहां प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक स्थलों के दर्शन की अपेक्षा रहती है, वहीं जर्जर सड़क और गड्ढों से भरा रास्ता उनके सफर को असुविधाजनक बना रहा है। अस्पताल, पर्यटन और आम जनजीवन से सीधे जुड़े इस मार्ग की दुर्दशा ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता, कार्य की समयसीमा और संबंधित विभाग की जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिसंबर तक काम पूरा करने का दावा लोक निर्माण विभाग अनूपपुर के कार्यपालन यंत्री पीके लारिया का कहना है कि क्षेत्र में बारिश अधिक और लगातार होते रहने से काम प्रभावित हुआ है। गड्ढों की भराई के लिए कॉन्ट्रेक्टर को निर्देशित किया गया है। हम दिसंबर माह तक सड़क का काम पूरा कर देंगे।
विश्व पर्यटन दिवस 2026: अकेले घूमने का है सपना? पहली ट्रिप के लिए ये 5 जगहें रहेंगी यादगार
Solo Travel in India: अगर आपको पहाड़ पसंद हैं तो ऋषिकेश, मनाली और मैक्लोडगंज जैसे डेस्टिनेशन आकर्षित कर सकते हैं। वहीं समुद्र और आराम पसंद करने वाले यात्रियों के लिए गोवा एक लोकप्रिय विकल्प है।
Best Adventure Bikes: लंबी Road Trip के लिए ये 3 Adventure Bikes बन सकती हैं पहली पसंद
आज के दौर में एडवेंचर मोटरसाइकल सिर्फ बाइक नहीं, बल्कि रोमांच से भरी यात्राओं का साथी बन चुकी हैं। लंबी रोड ट्रिप, पहाड़ी सफर, पथरीले रास्ते या ऑफ-रोडिंग का शौक रखने वाले राइडर्स के बीच Adventure Bikes की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। SUV जहां आरामदायक सफर देती है, वहीं ADV बाइक राइडर को रास्ते के साथ सीधे जुड़ने और हर मोड़ को महसूस करने का अलग अनुभव देती है। मुश्किल रास्तों के लिए क्यों खास हैं Adventure Bikes? एडवेंचर मोटरसाइकल को खास तौर पर अलग-अलग तरह की सड़कों और कठिन परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाता है। इनमें ज्यादा ग्राउंड क्लीयरेंस, मजबूत सस्पेंशन, दमदार इंजन और बेहतर राइडिंग एर्गोनॉमिक्स मिलते हैं। यही खूबियां इन्हें टूटे-फूटे रास्तों, गड्ढों और पहाड़ी ट्रेल्स पर सामान्य मोटरसाइकलों से ज्यादा सक्षम बनाती हैं। हालांकि, अलग-अलग मॉडल की ऑफ-रोड क्षमता अलग होती है, इसलिए बाइक चुनते समय अपने इस्तेमाल को ध्यान में रखना जरूरी है। इसे भी पढ़ें: KTM 160 Duke vs Yamaha MT-15 V2: 2 लाख से कम में कौन सी बाइक है बेस्ट? 1. BMW R 1300 GS: प्रीमियम एडवेंचर का दमदार नाम BMW R 1300 GS उन राइडर्स के लिए शानदार विकल्प है, जो पावर, तकनीक और लंबी दूरी के आराम को एक साथ चाहते हैं। इसमें 1,300cc का बॉक्सर इंजन मिलता है, जो मजबूत टॉर्क के साथ हाईवे और चुनौतीपूर्ण रास्तों पर प्रभावशाली प्रदर्शन देने के लिए जाना जाता है। इसके एडवांस फीचर्स में राइडिंग मोड्स, क्रूज कंट्रोल और इलेक्ट्रॉनिक सस्पेंशन जैसी तकनीकें शामिल हैं। लंबी यात्राओं के साथ कठिन रास्तों पर भी इसकी क्षमता इसे प्रीमियम ADV सेगमेंट की खास बाइक बनाती है। 2. Triumph Tiger 1200: स्पीड और रोमांच का मेल Triumph Tiger 1200 उन लोगों को आकर्षित करती है जिन्हें एडवेंचर के साथ स्पोर्टी राइडिंग भी पसंद है। इसका तीन-सिलेंडर इंजन हाईवे पर शानदार प्रदर्शन देने के लिए जाना जाता है। बड़ा 21-इंच फ्रंट व्हील, शाफ्ट ड्राइव और लॉन्ग-ट्रैवल सस्पेंशन इसे कठिन रास्तों के लिए तैयार करते हैं। इसके कुछ वेरिएंट में बड़ा फ्यूल टैंक और ज्यादा ग्राउंड क्लीयरेंस भी मिलता है। लंबी दूरी की यात्रा और ऑफ-रोड रोमांच के बीच संतुलन चाहने वाले राइडर्स के लिए यह आकर्षक विकल्प है। 3. Royal Enfield Himalayan: पहाड़ों का भरोसेमंद साथी Royal Enfield Himalayan एडवेंचर बाइक की दुनिया में एक जाना-पहचाना नाम है। इसका फोकस सिर्फ तेज रफ्तार पर नहीं, बल्कि कठिन इलाकों में सहज और नियंत्रित राइडिंग पर भी है। मजबूत डिजाइन, उपयोगी ग्राउंड क्लीयरेंस और लंबी यात्रा के अनुकूल एर्गोनॉमिक्स इसे पहाड़ी सफर और ऑफ-रोडिंग के लिए उपयोगी बनाते हैं। हिमालयी रास्तों से लेकर पथरीले ट्रैक तक, यह बाइक अपने संतुलित व्यवहार और मजबूत सस्पेंशन के कारण एडवेंचर राइडर्स के बीच लोकप्रिय है। यही वजह है कि बजट और उपयोग के हिसाब से यह बड़े प्रीमियम ADV मॉडल्स का व्यावहारिक विकल्प बन सकती है। सफर के हिसाब से चुनें अपनी बाइक अगर आपका फोकस प्रीमियम फीचर्स और दमदार टूरिंग पर है तो BMW R 1300 GS आकर्षक विकल्प है। स्पोर्टी अंदाज और लंबी दूरी के रोमांच के लिए Triumph Tiger 1200 बेहतर लग सकती है, जबकि व्यावहारिक एडवेंचर और पहाड़ी यात्राओं के लिए Himalayan पर विचार किया जा सकता है। बाइक खरीदने से पहले कीमत, वजन, सर्विस लागत, सीट हाइट और अपने वास्तविक इस्तेमाल को जरूर ध्यान में रखें। - डॉ. अनिमेष शर्मा
विश्व पर्यटन दिवस 2026: सितंबर के आखिर में घूमने के लिए ये 5 जगहें हैं परफेक्ट
Places to Visit in September In India: हर साल 27 सितंबर को विश्व टूरिज्म डे मनाया जाता है। ऐसे में इस मौके पर हम आपको भारत की पांच ऐसी जगहों की जानकारी देंगे, यहां आप इस महीने के आखिर में घूमने जा सकते हैं।
Travel Tips: Karnataka के Hampi में घूमें ऐतिहासिक मंदिर और Stone Chariot, ऐसे बनाएं टूर प्लान
अगर आप भी किसी ऐतिहासिक जगह पर घूमना चाहती हैं, जहां पर आप पुराने खंडहर, मंदिर, इतिहास और खूबसूरत पहाड़ देखना चाहती हैं। तो आपको कर्नाटक के हम्पी जाना चाहिए। कर्नाटक में तुंगभद्रा नदी के किनारे बसा हम्पी कभी विजयनगर साम्राज्य की राजधानी हुआ करता था। आज भी आपको यहां पर बाजार, राजमहल, पुराने मंदिर और पत्थरों से बनी कई शानदार इमारतों के अवशेष दिखेंगे। हम्पी की खासियत यह है कि यहां पर सिर्फ इतिहास नहीं बल्कि बड़े-बड़े ग्रेनाइट पत्थरों से बने बेहद खूबसूरत नजारे देखने को मिलेंगे। देश-विदेश से लोग यहां घूमने के लिए आते हैं। ऐसे में ज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको यहां जाने से लेकर घूमने तक की पूरी जानकारी देने जा रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Foreign Travel Mistakes: पहली विदेश यात्रा को आसान बनाने के लिए इन जरुरी नियमों को पहले ही जान लें हम्पी की खासियत हम्पी को देखकर ऐसा महसूस होगा, जैसे आप किसी पुराने शहर के बीच आ चुकी हैं। कभी हम्पी विजयनगर साम्राज्य की बड़ी और अमीर राजधानी थी। 14वीं से 16वीं सदी के दौरान यहां पर अच्छी खासी रौनक देखने को मिलती थी। यहां पर आज भी पुराने बाजार, मंदिर, राजघराने से जुड़ी इमारतें और दूसरी ऐतिहासिक जगहों के अवशेष देखने को मिलेंगे। हम्पी में जरूर देखें ये जगहें विरुपाक्ष मंदिर यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। यह यहां के खास मंदिरों में से एक है और आज भी यहां पर पूजा-अर्चना की जाती है। मंदिर का ऊंचा गोपुरम आपको दूर से ही नजर आएगा। यह मंदिर हम्पी बाजार के पास है। विजय विट्ठल मंदिर और स्टोन चैरियट इस मंदिर की गिनती हम्पी के सबसे शानदार ऐतिहासिक जगहों में की जाती है। मंदिर में खूबसूरत नक्काशी वाले कई खंबे देखने को मिलेंगे। इस जगह की सबसे बड़ी खूबसूरती स्टोन चैरियट यानी पत्थर का रथ है। इसको ग्रेनाइट से बनाया गया है, जोकि भगवान विष्णु के वाहन गरुण को समर्पित है। फिर इसके आगे आपको हाथियों की मूर्तियां भी बनी हैं। यह भारत के 50 रुपए के नोट पर भी दिखता है। लोटस महल आप यहां आने के दौरान लोटस महल जा सकते हैं। यह महल रॉयल सेंटर में हैं और इसका डिजाइन खिले हुए कमल की तरह है। इस कारण इसको लोटस महल कहा जाता है। इसकी बालकनी, मेहराब और पूरी डिजाइन ही इसको अन्य इमारतों से एकदम अलग बनाता है। हाथी अस्तबल आप हाथी अस्तबल भी जा सकते हैं। विजयनगर साम्राज्य के दौरान हाथियों को रखने के लिए इस जगह का इस्तेमाल होता था। इसमें लंबी इमारत में 11 बड़े गुंबददार कमरे बने हैं। क्वीन बाथ यह उस दौरान शाही परिवार के लिए एक पर्सनल क्वीन बाथ बनाया गया था। भले ही यह इमारत बाहर से सिंपल लगे, लेकिन अंदर जाने पर बड़ा सा चौकोर पूल, मेहराब और बालकनी देखने को मिलेगी। मातंगा हिल अगर आपको पूरा हम्पी देखना है, तो मातंगा हिल जाने का प्लान कर सकती हैं। यह हम्पी की सबसे ऊंची जगह है। यहां पर आपको तुंगभद्रा नदी, चट्टानों और खंडहर का बेहद शानदार नजारा दिखता है। यहां पर आपको सनराइज या सनसेट के समय पर जाना चाहिए। उग्र नरसिंह प्रतिमा हम्पी में एक ही ग्रेनाइट पत्थर से उग्र नरसिंह की बड़ी सी प्रतिमा बनाई गई है, जिसकी ऊंचाई करीब 6.7 मीटर है। इस प्रतिमा की खासियत यह है कि यह हम्पी की सबसे बड़े एक पत्थर से बनी मूर्ती में से एक है। हेमकूट हिल आप यहां पर हेमकूट हिल भी जा सकती है। यहां पर आपको कई छोटे मंदिर मिलेंगे। यहां से हम्पी के खंडहर और आसपास का इलाका देख सकते हैं। सुबह और शाम के समय यहां जाना बेस्ट है। हम्पी बाजार विजयनगर साम्राज्य के समय हम्पी बाजार एक बड़ा व्यापारिक इलाका था। यहां की बाजार वाली सड़क पर आपको आज भी पत्थर के पुराने मंडप देखने को मिलेंगी। उस दौरान हम्पी बाजार में हीरे, मोती, घोड़ों औऱ मसाले आदि का व्यापार होता है। चट्टानों वाला इलाका हम्पी में आपको सिर्फ पुराने मंदिर ही नहीं बल्कि जगह-जगह पर बड़े-बड़े ग्रेनाइट के पत्थर दिखेंगे। हम्पी में क्या-क्या करें आप यहां पर तुंगभद्रा नदी में कोरकल राइड का मजा ले सकते हैं। आप साइकिल लेकर यहां की अलग-अलग ऐतिहासिक जगहों को एक्सप्लोर कर सकते हैं। चट्टानों के कारण यहां पर आप बोल्डरिंग और रॉक क्लाइंबिंग भी की जाती है। आप मातंगा हिल से सनराइज या फिर सनसेट का खूबसूरत नजारा देख सकते हैं। तुंगभद्रा नदी के दूसरी ओर विरुपापुर गड्डे हैं, इसको हिप्पी आइलैंड भी कहा जाता है। ऐसे पहुंचे हम्पी अगर आप फ्लाइट से जाना चाहती हैं, तो हम्पी के लिए सबसे नजदीक जिंदल विजयनगर एयरपोर्ट है, जोकि करीब 40 किमी दूर है। वहीं बेंगलुरु का केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अच्छा ऑप्शन हो सकता है। अगर आप ट्रेन से जाना चाहती हैं, तो हम्पी के पास रेलवे स्टेशन होसपेट जंक्शन नजदीक है। यह करीब 13 किमी दूर है। यहां से आगे जाने के लिए टैक्सी, बस और दूसरी सवारी से हम्पी पहुंच सकते हैं। वहीं सड़क से हम्पी की दूरी करीब 340 किमी है। आपको बस या कार से पहुंचने में करीब 6-7 घंटे का समय लग सकता है। अगर आप बेंगलुरु या आसपास से हम्पी जा रही हैं, रोड ट्रिप भी अच्छा रहेगा। आसपास घूमने की जगहें हम्पी से तुंगभद्रा डैम करीब 15 किमी दूर है। तुंगभद्रा नदी के दूसरी ओर अनेगुंडी एक ऐतिहासिक गांव है। जोकि हम्पी से भी पुराना है और इस गांव का संबंध रामायण की कथाओं से है। हम्पी से करीब 25 किलोमीटर की दूरी पर दारोजी स्लॉथ बियर सेंचुरी स्थित है, ऐसे में आप यहां भी जा सकती है। सनापुर लेक का नजारा देखने के अलावा आप कोरकल राइड और सनराइज भी देख सकती हैं।
Foreign Travel Mistakes: पहली विदेश यात्रा को आसान बनाने के लिए इन जरुरी नियमों को पहले ही जान लें
हर किसी का सपना होता है कि एक दिन विदेश घूमने जा रहे हैं। नई संस्कृति, अलग खानपान और खूबसूरत जगहों को देखने का उत्साह अलग ही होता है। कई बार लोग पहली बार फॉरेन ट्रिप पर जाते समय कई सारी गलतियां कर देते हैं। इन्हीं गलतियों के कारण विदेशी यात्रा का मजा थोड़ा खराब हो जाता है। आइए आपको बताते हैं आप इन गलतियों से कैसे बचाव करें। जरूर डॉक्यूमेंट्स साथ रखें अगर आप पहली बार विदेश यात्रा पर जा रहे हैं, तो पासपोर्ट, वीजा, ट्रैवल इंश्योरेंस और इंपोर्टेंट डॉक्यूमेंट्स की पूरी जांच करनी चाहिए। अक्सर लोग सिर्फ पासपोर्ट लेकर ही यात्रा पर निकल जाते हैं, बल्कि कुछ देशों में एक्स्ट्रा डॉक्यूमेंट भी जरुरी होते हैं। विदेश यात्रा से पहले पासपोर्ट की वैधता, वीजा के नियम और दूसरों जरुरी दस्तावेजों की जांच कर लें। इसके साथ ही उनकी डिजिटल और प्रिंट कॉपी भी अपने पास रख लें। बजट की सही प्लानिंग गौरतलब है कि विदेश में खर्च अक्सर उम्मीद से ज्यादा होता है। कई बार लोग होटल, लोकल ट्रांसपोर्ट, फूड और शॉपिंग के खर्च का सही अनुमान नहीं लगाते हैं। डेस्टिनेशन पर जाने से पहले खर्चों के बारे में रिसर्च कर लें। इसके लिए एक अनुमानित बजट बनाकर चलें और एक्स्ट्रा खर्च के लिए पैसे अलग रख लें। लोकल कल्चर की जानकारी न होना हर एक देश की अपनी संस्कृति, नियम और सामाजिक व्यवहार का तरीका होता है। पर्यटक अक्सर अनजाने में गलती कर देते है कि जो वहां असभ्य मानी जाती है। इसलिए किसी भी देश में जाने से पहले वहां की संस्कृति, पहनावे, पब्लिक बिहेवियर और स्थानीय नियमों के बारे में जान लें। जरूरत से ज्यादा सामान पैक करना जब पहली बार विदेश के लिए जाते हैं, तो जरुरत से ज्यादा कपड़े और सामान पैक कर लिए जाते हैं। इससे आपका बैग भारी हो जाता है और एयरलाइन के बैगेज नियमों की वजह से एक्स्ट्रा फीस देनी पड़ती है। खासतौर पर मौसम और ट्रिप के अनुसार ही जरुरी सामान ही पैक करें। लाइटवेट और स्मार्ट तरीके से पैकिंग करें, जिससे यात्रा आरामदायक बन जाएगी। लोकल ट्रांसपोर्ट की जानकारी न होना अक्सर लोग यही सोचते हैं कि विदेश जाकर वहां का सब समझ आ जाएगा। लेकिन लोकल ट्रांसपोर्ट, मैप्स और इंटरनेट कनेक्टिविटी की जानकारी न होने से परेशानी हो सकती है। इसलिए पहले से लोकल ट्रांसपोर्ट, मेट्रो कार्ड, ट्रैक्सी ऐप्स और इंटरनेट सिम या इंटरनेशनल रोमिंग के बारे में जानकारी अपने पास रखें।
Travel Tips: Trishla Farmhouse
इंटरनेट डेस्क। देशभर में 14 सितंबर 2026 को गणेश चतुर्थी का त्योहार मनाया जाएगा। इसके लिए लोगों ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। आज हम आपको एक शानदार जगह के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं, जहां पर आप परिवार के साथ शानदार तरीके से गणेश उत्सव का आयोजन कर सकते हैं। आज हम आपको त्रिशला फार्महाउस के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं। गोनेर रिंग रोड के पास खिजूरिया ब्राहम्णान में स्थित इस फार्महाउस पर आप शानदार तरीके से इस उत्सव का आयोजन कर सकते हैं। यहां पर आप शानदार इनडोर और आउटडोर गेम एरिया, मजेदार पूल पार्टीज, स्वादिष्ट खाने और ताजी हवा के साथ लग्ज़री का अनुभव कर सकेंगे। आपको आज ही इसके लिए ये फार्महाउस को बुक करवा लेना चाहिए। आपको कम बजट पर कई सुविधाएं यहां पर मिलेंगी। व्हाट्सएप नंबर से हासिल करें ऑफर की जानकारी आप त्रिशला फार्महाउस में इस दौरान आप कम बजट में कई एक्टिविटीज का मजा ले सकते हैं। ऑफर से जुड़ी पूरी जानकारी के लिए व्हाट्सएप नंबर 9784461221 पर मैसेज करके हासिल की जा सकती है। इस प्रकार से पहुंचे आप जयपुर एयरपोर्ट से त्रिशला फार्महाउस आसानी से पहुंच सकते हैं। यहां से इसकी दूरी केवल 22 किमी दूर ही है। जयपुर एयरपोर्ट से टैक्सी के माध्यम से आप आसानी से पहुंच सकते हैं। जयपुर रेलवे स्टेशन और बस स्टेंड से भी आप यहां पर आसानी से पहुंच सकते हैं। इन स्थानों से भी टैक्सी के माध्यम से पहुंच सकते हैं। अक्षयपात्र जगतपुरा से तो त्रिशला फार्महाउस की दूरी केवल 15 किलोमीटर ही है। यहां से भी आसानी से यहां पर पहुंच सकते हैं। PC:livehindustan,trishla अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें View this post on Instagram A post shared by Trishla Farmhouse (@trishlafarmhouse)
Travel Tips: मुन्नार से लेकर Coorg तक, बारिश में स्वर्ग जैसी दिखती हैं ये जगहें
मानसून आते ही घूमने का मजा दोगुना हो जाता है। क्योंकि इस दौरान चारों ओर हरियाली, रिमझिम ठंडी फुहारें, बादलों से ढके पहाड़ और ठंडी-ठंडी हवाएं लोगों को खूब भाती हैं। ऐसे में अगर आप भी इस मानसून घूमने का प्लान कर रही हैं, तो आप साउथ इंडिया की कुछ खास जगहों को अपने ट्रैवल लिस्ट में शामिल कर सकती हैं। बारिश के मौसम में प्रकृति की खूबसूरत इस कदर बढ़ जाती हैं, जिसको देखकर ऐसा लगता है, मानों स्वर्ग धरती पर ही उतर आया है। साउथ इंडिया अपने खूबसूरत हिल स्टेशनों, झरनों, घने जंगलों और चाय के बागानों के लिए जाना जाता है। वहीं यहां की वादियां भी बारिश में खूब हरी-भरी हो जाती हैं। वहीं कई-कई जगहों पर बादल इतने नीचे आ जाते हैं, मानों आप बादलों के बीच खड़े हों। तो आइए जानते हैं साउथ इंडिया के कुछ खूबसूरत हिस स्टेशनों के बारे में... इसे भी पढ़ें: Vagamon से लेकर Araku Valley तक, Monsoon Season में दक्षिण भारत की ये 3 वादियां हैं परफेक्ट Destination मुन्नार, केरल बारिश के मौसम में केरल के मुन्नार को कैसे भुलाया जा सकता है। मुन्नार के चाय के बागान, ठंडी हवाएं और धुंध से ढके पहाड़ आपका दिन बना देंगे। मानसून में यहां की हरियाली और भी निखर जाती हैं। ऐसे में अगर आप भी नेचर लवर हैं और आपको भी फोटोग्राफी का शौक है, तो यह जगह आपके लिए परफेक्ट है। कूर्ग, कर्नाटक प्राकृतिक सुंदरता के मामले में कर्नाटक का कुर्ग किसी से कम नहीं है। इसको भारत का स्कॉटलैंड भी कहा जाता है। बारिश के मौसम में यहां पर पहाड़, कॉफी के बागानों और झरनों की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है। वहीं कुर्ग खूबसूरत होने के साथ-साथ शांत है, ऐसे में आप यहां पर प्रकृति के बीच सुकून के पल बिता सकती हैं। चिकमगलूर, कर्नाटक बता दें कि पिछले कुछ सालों में कर्नाटक का चिकमगलूर घुमक्कड़ों की पसंदीदा जगह बन चुका है। मानसून में यहां पर हरी भरी घाटियां और बादलों से ढके पहाड़ देखने लायक होते हैं। वहीं अगर आप भी शहर की भागदौड़ से दूर सुकून के दो पल बिताना चाहते हैं, तो आपको चिकमगलूर जरूर जाना चाहिए। कोडाइकनाल, तमिलनाडु यह तमिलनाडु का एक फेमस हिल स्टेशन है, जोकि मानसून में बेहद सुंदर लगता है। कोडाइकनाल की घाटियां, झीलें और व्यू पॉइंट बारिश के मौसम में बेहद शानदार लगते हैं। यहां पर पर्यटकों की भारी भीड़ मिलती है। जिनको प्रकृति के बीच समय बिताना पसंद है, उसके लिए यह जगह परफेक्ट है। वायनाड, केरल केरल की खूबसूरती के बारे में तो आपने सुन ही रखा होगा। इसको God's Own Country भी कहा जाता है। केरल का वायनाड मानसून में बेहद खूबसरत लगता है। यहां के लेक, घने जंगल, गुफाएं और खूबसूरत झरने देखने लायक होते हैं। आप यहां पर नेचर वॉक और ट्रेकिंग आदि भी कर सकती हैं। ऊटी, तमिलनाडु सिर्फ कोडाइकनाल ही नहीं बल्कि ऊटी भी एक बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन है। मानसून में यहां के बगीचे, चाय के बागान और पहाड़ आदि की रौनक देखने लौयक होती है। वहीं अगर आप भी ऊटी घूमने का प्लान कर रही हैं, तो पायकारा फाल्स जाना न भूलें। इन बातों का रखें ध्यान मानसून में घूमने जाने से पहले मौसम की जानकारी जरूर लें और उसी के हिसाब से ट्रिप प्लान करें। छाता, रेनकोट और अच्छी ग्रिप वाले शूज अपने साथ रखना न भूलें। लोकल गाइडलाइंस को जरूर फॉलो करना चाहिए।
Travel Tips: मणिपुर की सांस्कृतिक सुंदरता का प्रतीक है Kangla Fort, जानें कैसे पहुंचे Imphal
इंफाल एयरपोर्ट पर उतरते ही खुला आसमान और हवा की ताजगी आपका मोह लेगी। मणिपुर शैली की हरी छतों वाला यह छोटा लेकिन बेहद खूबसूरत हवाई अड्डा इतना सहज है कि विमान से उतरने के बाद पैदल भवन में एंटर किया जा सकता है। महानगरों की भागदौड़ से दूर बसा इंफाल शहर अपनी प्राकृतिक और सांस्कृतिक छटा के लिए जाना जाता है। जहां एक तरफ युवा आधुनिक लिबास में नजर आते हैं। वहीं अधिकतर महिलाएं ब्लाउज, फनेक और महीन दुपट्टे जैसे पारंपरिक आउटफिट में दिखाई देती हैं। नाक से माथे तक लगा चंदन का लंबा टीका उन महिलाओं की सुंदरता में चार चांद लगा देता है। इमा मार्केट यह समाज में स्त्रियों की भागीदारी का प्रतीक है। शहर के बीचो-बीच इमा मार्केट स्थित है। इमा यानी मां। माताओं द्वारा चलाए जाने वाला मार्केट। इस मार्केट में सिर्फ स्त्रियों द्वारा चलाई जाने वाली दुकानें हैं। इसे भी पढ़ें: IRCTC Kashi Tirtha Yatra Package: 17 हजार में वाराणसी और Ayodhya घूमने का बजट फ्रेंडली अवसर पारंपरिक परिधानों की दुकानें जैसे ब्लाउज, फनेक, दुपट्टे, शॉल, चादर, गमछे और अन्य कई तरह की चीजें शामिल हैं। वहीं एक हिस्से सिर्फ पूजा का सामान है। कांगला किला की सैर इसके अलावा इंफाल में आपको दो जगहें और देखनी चाहिए। जिनमें पहला कांगला किला और दूसरा लोकताल लेक है। कांगला फोर्ट शहर के बीच इंफाल नदी के किनारे है। मेतेई भाषा में कांगला का अर्थ होता है जमीन का मुख्य भाग। मेतेई वर्तमान मणिपुर का मूल नाम है। मणिपुरी भाषा भी भारत की 22 ऑफिशियल भाषाओं की लिस्ट में से एक है। कांगला फोर्ट यहां के राजवंश के शासकों की राजधानी हुआ करता था। आज भी मणिपुर के निवासियों के िए एक गौरवपूर्ण ऐतिहासिक स्थल है। इसके मुख्य द्वार पर सिंह की आकृति की दो मूर्तियां लगी हैं। जिनको देवताओं का देव कहा जाता है। यहां पर घूमने के लिए गोल्फ कार्ट की सुविधा मौजूद थी। लेकिन हमने पैदल घूमने का फैसला किया। इसके अंदर कई संग्रहालय हैं। कांगला संग्रहालय यहां प्राचीन शासकों से संबंधित वस्तुएं और इसका इतिहास देख सकते हैं। बोट म्यूजियम यहां पर प्राचीन शासकों की नावें और उनसे संबंधित जानकारी देखने को मिलेगी। पुरातत्व संग्रहालय पुरातत्व संग्रहालय को देखने से हमें मणिपुर के इतिहास के बारे में गहराई से जानकारी मिलती है। सानामाही मंदिर और पखंबा मंदिर सबसे सुंदर सानामाही मंदिर और पखंबा मंदिर लगे। सानामाही मेतेई वास्तुकला का उदाहरण है। इस मंदिर के ऊपर सींगों की आकृति बनी हुई है। जिसको मेतेई लोग शुभ और पवित्र मानते हैं। यहां पर कई और दर्शनीय स्थल है। जैसे - महाराजा नरसिंह की घोड़े पर सवार मूर्ति और राजा बोधचंद्र की समाधि है। राजाओं का महल और पोलो ग्राउंड भी इस फोर्ट में है। महाराजा नरसिंह द्वारा श्री गोविंद जी मंदिर का निर्माण कराया गया है। यह इंफाल के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में से एक है। जरूरी बातें ट्रेन से इंफाल पहुंचने के लिए आपको दीमापुर या गुवाहाटी जाना होगा। यहां से आप इंफाल के लिए बस ले सकते हैं। इसके अलावा देश के सभी प्रमुख शहरों से फ्लाइट द्वारा भी यहां पर आप सीधे पहुंच सकते हैं। यहां पर जाने के लिए सिंतबर से अप्रैल का समय सबसे अच्छा है। क्योंकि इस दौरान मौसम काफी सुहावना होता है। मणिपुर राज्य में यात्रा करने के लिए भारतीय नागरिकों को राज्य सरकार से इनर लाइन परमिट लेना जरूरी है। हालांकि यह सुविधा अब ऑनलाइन भी है। मणिपुर सरकार के ऑफिशियल पोर्टल पर जाकर इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा दिल्ली, कोलकाता और गुवाहाटी स्थित मणिपुर भवन से भी इसको प्राप्त किया जा सकता है। यह सुविधा इंफाल एयरपोर्ट पर भी मौजूद है। इसके लिए पासपोर्ट या आधार कार्ड की प्रति जरूरी है। इसका शुल्क 100 रुपए है। विदेशी नागरिकों के लिए प्रोटेक्टेड एरिया परमिट की जरूरत होती है।
सफर से पहले याद रखें ये 15 ट्रैवल हैक्स, ट्रिप को हमेशा बना देंगे कम्फर्टेबल
किसी भी ट्रिप को आरामदायक बनाने के लिए उसे सही तरह से प्लान करना बहुत जरूरी है। ऐसे में यहां हम 15 ट्रैवल हैक्स शेयर कर रहे हैं, जो आपके लिए ट्रिप को कम्फर्टेबल बनाने में मददगार साबित हो सकते हैं। देखिए, क्या हैं वह हैक्स।
UGC NET Re Exam 2026: दिल्ली में 9 और 10 सितंबर को ट्रैफिक डायवर्जन के चलते NTA ने UGC NET री-एग्जाम के अभ्यर्थियों के लिए एडवाइजरी जारी कर समय से 2 घंटे पहले परीक्षा केंद्र की ओर निकलने की सलाह दी है।
Travel Tips: अगस्त-सितंबर में फूलों की घाटी की करें सैर, जानें Cost और Itinerary
उत्तराखंड में घूमने के लिहाज से एक से बढ़कर एक कई बेहतरीन जगहे हैं। वहीं उत्तराखंड के गढ़वाल की गोद में बसी खूबसूरत घाटी को 'Valley of Flowers' कहा जाता है। ऐसे में अगर आप भी रोजाना की भागदौड़ भरी जिंदगी से थक चुके हैं और पहाड़ों पर जाकर सुकून की तलाश में हैं। तो IRCTC का यह टूर पैकेज आपके लिए बेस्ट है। IRCTC आपके लिए 6 दिनों का टूर पैकेज आपके लिए बेस्ट है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको इस टूर पैकेज के बारे में विस्तार से जानकारी देने जा रहे हैं। वैली ऑफ फ्लावर्स ट्रेक अगस्त-सिंतबर में होने वाली इस वैली ऑफ फ्लावर्स ट्रेक की अवधि 6 दिन है। इस दौरान करीब 37 किमी की ट्रेकिंग करना होता है। वहीं ट्रेक का मैक्सिमम एल्टीट्यूड लेवल करीब 14,100 फीट है। इसकी डिफिकल्टी लेवल को ईजी टू मॉडरेट बताया गया है। इस ट्रिप की खासियत है कि प्रति व्यक्ति किराया 12,450 रखी गई है। इसे भी पढ़ें: Solo Traveler Safety Guide: अकेले घूमने से पहले जान लें ये 5 Essential Rules ट्रिप की जानकारी यह ट्रिप सुबह 06:00 बजे से ऋषिकेश के तपोवन स्थित बैक स्टेज होटल से शुरू होगी। वहीं पहले दिन करीब 9-10 घंटे की रोड ट्रिप तय करने के बाद आप 1,340 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पीपलकोटी पहुंचेंगे। यहां एक्स्ट्रा सामान को छोड़ने के लिए यहां पर क्लॉकरूम भी मौजूद है। इसके अगले दिन गोविंदघाट और पुलना तक गाड़ी से जाने के बाद आपका पैदल ट्रैक शुरू होगा। 9 किमी की ट्रैकिंग करने के बाद आप घांघरिया पहुंचेंगे। फिर अगले कुछ दिनों तक आपका यहीं पर स्टे होगा। फिर ट्रिप के तीसरे दिन आपको फूलों की घाटी के नजारे से रूबरू कराया जाएगा। यहां ब्लू पॉपी, हिमालयन रोज, रिवर एनेमोन और डॉग फ्लावर जैसे अद्भुत फूल आपका स्वागत करेंगे। वहीं ट्रिप के चौथे दिन पवित्र हेमकुंड साहिब की ट्रेकिंग करेंगे। ट्रिप के 5वें दिन घांघरिया से वापसी होगी। वहीं अच्छी बात यह है कि रास्ते में बिना किसी एक्स्ट्रा फेयर के आपको बद्रीनाथ धाम के दर्शन का भी मौका मिलेगा। वहीं ट्रिप के छठे दिन शाम को 06:30 से 07:30 बजे तक यात्रियों को वापस ऋषिकेश छोड़ दिया जाएगा। पहाड़ों पर मौसम कभी भी बिगड़ सकता है। इसलिए अपने टूर में 1 बफर डे जरूर रखें। वापसी की ट्रेन या फ्लाइट को छठे दिन की रात में 08:00 बजे के बाद ही बुक करें। फिटनेस है जरूरी अगर आपकी उम्र 9 साल या इससे ज्यादा है, वहीं आप पहली बार ट्रेकिंग कर रहे हैं, तो भी आप इस ट्रिप का हिस्सा बन सकते हैं। आप 45 मिनट में 5 किमी की जॉगिंग या 30 मिनट में 10 किमी साइकिल चलाने का दम रखते हों। अपना 10 से 12 किलो का बैग खुद उठाने की क्षमता होनी चाहिए। इसके अलावा आपका पल्स, बीपी और ब्रीदिंग रेट एकदम नॉर्मल होना चाहिए। दिल की बीमारी, अस्थमा, डायबिटीज और ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए यह ट्रेक नहीं है। वहीं असामान्य BMI या साइनस वाले लोग ट्रिप की बुकिंग से पहले एक्सपर्ट से सलाह जरूर ले लें। पैकेज में मिलने वाली सुविधाएं बता दें कि पीपलकोटी के हेस्ट हाउस और घांघरिया में सेफ टेंट में रहने की व्यवस्था है। पहले दिन के डिनर से लेकर 5वें दिन तक बेहतरीन वेज खाने के साथ चाय-स्नैक्स की व्यवस्था मिलेगी। सेफ्टी के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर, फर्स्ट-एड किट और तजुर्बेकार ट्रेक लीडर व शेफ रहेंगे। मुख्य सामान को उठाने के लिए खच्चर और ट्रेक पूरा करने पर एक सर्टिफिकेट मिलेगा। जानिए बुकिंग कैंसल करने के नियम अगर आप ट्रिप से 25 दिन पहले अपनी बुकिंग कैंसिल करते हैं, तो 5% कटौती होगी। वहीं 15 से 24 दिन के अंदर ट्रिप की बुकिंग कैंसिल करने पर 30% की कटौती होगी। 10 से 14 दिन पर बुकिंग कैंसिल करने पर 50% का नुकसान उठाना होगा। वहीं अगर आप ट्रिप शुरू होने से 9 दिन या इससे कम दिनों के अंदर अपनी बुकिंग को कैंसिल करते हैं, तो आपको कोई रिफंड नहीं मिलेगा। इसलिए प्लान हमेशा सोच-समझकर बनाएं। यहां तक कैसे आएं बता दें कि देहरादून का जॉली ग्रांट एयरपोर्ट या ऋषिकेश रेलवे स्टेशन यहां आने के बेस्ट ऑप्शन है। इसके अलावा आप दिल्ली से सरकारी या प्राइवेट बस से भी ऋषिकेश पहुंच सकते हैं।
Solo Traveler Safety Guide: अकेले घूमने से पहले जान लें ये 5 Essential Rules
आजकल सोलो ट्रिप का ट्रेंड बढ़ता जा रहा है। लोगो घूमने के लिए कहीं न कहीं पहुंच ही जाते हैं। अकेले घूमते हुए आप बिना किसी दबाव या जल्दबाजी के आराम से घूम सकते हैं। जब आप अकेले घूमते हैं, तो बिना किसी दबाव या जल्दबाजी के आराम से घूम सकते हैं। वहीं, सोलो ट्रिप पर जाने से आपकी फैसले लेने की क्षमता और चुनौतियों का सामना करने की सूझ-बूझ भी बढ़ती है, लेकिन इस दौरान कुछ बातों का ध्यान रखना जरुरी है। वैसे तो सोलो ट्रिप मजेदार होती है, लेकिन इस दौरान कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए पहले से सावधानी और जानकारी बेहद जरुरी है। आइए आपको आपको बताते हैं सोलो ट्रिप पर जाने के लिए किन बातों का ध्यान रखें। सही डेस्टिनेशन और रिसर्च यदि आप पहली बार सोलो ट्रिप पर जा रहे हैं, तो ऐसी जगह का चयन करें, जो सेफ हो और वहां आना-जाना काफी आसान हो। ट्रिप शुरु करने से पहले उस जगह का मौसम, संस्कृति, खान-पान, भाषा और परिवहन के साधनों के बारे में अच्छी तरह से जानकारी इकट्ठा कर लें। इसके साथ ही यह जान लें कि किन जगहों पर जाना एकदम सुरक्षित नहीं है और किन जगहों पर जाने से बचें। घर वालों के साथ ट्रैवल आइटिनररी शेयर अकेले ट्रैवल करना काफी मजेदार माना जाता है। हालांकि, इसके लिए काफी ध्यान रखना पड़ता है। आप कहां रुक रहे हैं, आपकी फ्लाइट या ट्रेन का समय, आप कहां-कहां जा रहे हैं, ये सभी जरुरी जानकारियां अपने किसी भरोसेमंद दोस्त या परिवार के सदस्यों के साथ जरुर शेयर करें। रोजाना अपनी लोकेशन को घर वाले से जरुर शेयर करें। जरूरी डॉक्यूमेंट और इमरजेंसी कैश सोलो ट्रिप पर जाने के लिए अपना आई-डी प्रूफ, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, होटल बुकिंग आदि की हार्ड कॉपी के साथ-साथ डिजिटल कॉपी भी ईमेल पर जरुर सेव करें। पैसों के मामले में पूरी तरह ऑनलाइन पेमेंट पर निर्भर न रहें और अपने साथ कुछ इमरजेंसी कैश जरुर रखें। इस बात का ध्यान रखें कि सारा कैश एक जगह पर बिल्कुल न रखें। कुछ अपनी जेब में, तो कुछ बैग में छिपाकर रखें। जिससे नेटवर्क न रहने की स्थिति में आपको परेशान न हो। लाइट पैकिंग करें असल में सोलो ट्रिप पर जाने के लिए आपको सारा सामान खुद ही उठाना पड़ता है। इसलिए सिर्फ जरुरत का सामान अपने साथ रखें। रुकने के लिए महंगे होटलों की जगह हॉस्टल्स या डोर्मेट्री ऑप्शन दिया गया है। इनसे आपके पैसे भी बचेंगे और आपको दूसरे सोलो ट्रैवलर्स से भी मिलने का मौका मिलेगा। गट फीलिंग पर भरोसा रखें अक्सर ट्रिप पर आपको कई सारे लोग देखने को मिलेंगे। कुछ लोग आपकी मदद करेंगे, तो कुछ से आपको नेगेटिव वाइब्स भी आ सकती है। यदि आपको किसी इंसान या जगह पर अनकम्फर्टेबल महसूस हो सकता है, तो तुरंत वहां से दूर हो जाएं। फिर अपनी गट फीलिंग्स को ओवर थिंकिंग समझकर नजरअंदाज न करें।
चाहत खन्ना की मालदीव वेकेशन की तस्वीरें इंटरनेट पर छाईं
टीवी एक्ट्रेस चाहत खन्ना की मालदीव वेकेशन की तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। उन्होंने बीच और पूल से अपनी छुट्टियों की कई तस्वीरें साझा कीं, जिनमें वह वेकेशन एन्जॉय करती नजर आईं।
September Travel Plan: राजस्थान की Shekhawati Haveli में देखें कला और रॉयल्टी का बेजोड़ संगम
सितंबर का महीना घूमने के लिहाज से बेहद खास होता है क्योंकि इस महीने में न ज्यादा गर्मी होती है और न ज्यादा बारिश होती है। ऊपर से मौसम भी सुहावना होता है। इस दौरान लोग घूमने के लिए कहीं न कहीं जरुर जाते हैं। अगर आप भी घूमने का प्लान बना रही हैं और समझ नहीं आ रहा है, कहां जाएं, तो यह लेख आपके लिए है। इस बार सितंबर में इतिहास, कला और राजशाही ठाट-बाट से भरपूर इन हवेलियों का दीदार जरुर करें। शेखावाटी की प्रसिद्ध हवेलियां सितंबर के महीने में घूमने के लिए शेखावाटी की ये भव्य हवेलियां सबसे बेस्ट हैं। यहां पर आपको सैकड़ों साल पुराने राजसी दौर की झलक देखने को मिलेगी। आइए आपको बताते हैं शेखावाटी की इन चुनिंदा हवेलियों और अनोखी वास्तुकला के बारे में बताते हैं- मंडावा की कलात्मक हवेलियां शेखावाटी के मंडावा शहर की हर गली में आपको शानदार कलाकृति और अद्भुत नजारे देखने को मिलते हैं। यहां आप मंडावा किला, हवेली, मुरमुरिया हवेली और चौखानी हवेली जैसी कई शानदार हवेलियों को देख सकते हैं। इन हवेलियों की बाहरी दीवारों पर बनीं सुंदर पेंटिंग्स देखने लायक है। नवलगढ़ की ऐतिहासिक हवेलियां यदि आपको फोटग्राफी का सबसे ज्यादा क्रेज और शौक है, तो आप नवलगढ़ की पोद्दार हवेली और आनंदीलाल पोद्दार हवेली देखने जरुर जाएं। यहां पर आपको दीवारों पर बेहतरीन रंगों और सोने-चांदी की नक्काशी से बनी पेंटिंग फोटोग्राफी देखने को मिलेगी। वहीं, आपको यहां पर राजस्थानी की लोक संस्कृति और वास्तुकला की भी पूरी जानकारी मिलेगी। फतेहपुर शेखावाटी की नादिन ले प्रिंस हवेली अगर आप फ्रांसीसी कला का शानदार अनुभव प्राप्त करना चाहते हैं, तो आप फतेहपुर कीनादिन ले प्रिंस हवेली' जरुर विजिट करें, यहां पर आपको राजस्थानी रॉयल्टी देखने को मिलेंगे। इसके अलावा, आप यहां द्वारकाधीश हवेली और सिंघानिया हवेली के दर्शन करने जरुर जा सकते हैं। शेखावाटी की हवेलियों तक कैसे पहुंचे? - यहां जाने के लिए आप सबसे नजदीकी एयरपोर्ट 'जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट' जाएं। यहां से फिर मंडावा और नवलगढ़ से करीब 150 से 170 किलोमीटर दूर है। एयरपोर्ट से बाहर आते ही आपको कैब या टैक्सी मिल जाएगी, जो आपको इस लोकेशन पर पहुंचा देगी। - इसके अलावा, आप नवलगढ़, मुकुंदगढ़ या झुंझुनू रेलवे स्टेशन के लिए ट्रेन टिकट बुक कर सकते हैं। ये तीनों रेलवे स्टेशन शेखावाटी के काफी नजदीक है। स्टेशन से बाहर आते ही आपको आसानी से लोकल बस या टैक्सी यहां पर जाने के लिए मिल जाएंगी।
कैमूर: प्रमुख पर्यटन स्थल करमचट डैम में दिखा मगरमच्छ, मोटरबोट की सुविधा वाले जलाशय में बढ़ा खतरा
3 सितंबर, गुरुवार: कैमूर के करमचट डैम में मगरमच्छ तैरता दिखाई दिया। डैम में मोटरबोट की सुविधा होने से पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
शादी के बाद न्यूली वेड का सबसे पहला ड्रीम यही होता है कि वह हनीमून पर जाएं। अगर आपकी भी जल्द शादी होने वाली है, तो एक बार सबसे बेहतरीन हनीमून डेस्टिनेशन को जरुर देख लें। इस लेख में हम आपको भारत के बाहर उन देशों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो हनीमून के लिए आजकल काफी ट्रेंड में जगहें है। कपल्स की पहली पसंद बन रही हैं, ये जगहें। तो चलिए आपको बताते हैं हनीमून के लिए दुनिया के सबसे बेस्ट देशों के बारे में, यहां धीरे-धीरे टूरिज्म भी बढ़ रहा है। ग्रीस दक्षिण यूरोप में बसा ग्रीस एक खूबसूरत देश है। यह अपने एतिहासिक मॉन्यूमेंट्स, खूबसूरत बीचेस, बेस्ट सनराइज और टेस्टी फूड के लिए जाना जाता है। वैसे हनीमून के लिए यह डेस्टिनेशन सबसे खूबसूरत है। यहां पर आप एथेंस का एक्रोपोलिस, अपोलो टेंपल, मेटियोरा और कार्फू का पुराना शहर जैसी जगहें काफी फेमस है। यहां की सबसे मस्त नाइटलाइफ है। आइसलैंड अगर आप हनीमून के लिए किसी जन्नत जैसी जगहों की तलाश में हैं, तो आप आइसलैंड जरुर जाएं। यहां की कैफे नाइटलाइफ और सुंदर बीच आपका मन मोह लेंगी। कपल्स के लिए यहां पर हेल्दी एनवायरमेंट हैं। यह जगह नॉर्दन लाइट देखने के लिए काफी फेमस है। इसे देखने के लिए हर एक टूरिस्ट बेचैन रहता है। इसको औरोरा बोरेलिस (Aurora Borealis) कहा जाता है, जो कि आमतौर पर एक प्राकृतिक घटना है। यहां पर आसमान का रंग हरे, गुलाबी और बैंगनी रंग में बदल जाता है। हवाई आइलैंड हनीमून को स्पेशल बनाने के लिए आप हवाई आईलैंड भी जा सकते हैं। यहां की सुंदरता, शांति और रोमांटिक वाइब कपल्स को काफी पसंद आएगी। जिन लोगों की नई-नई शादी हुई, वे लोग इस जगह पर जरुर जाएं। यहां आपको रोमांटिक बीचेस और सुंदर जंगलों के नजारे देखने को मिलेंगे, जो कि दुनियाभर में फेमस है। यहां पर आप एक्टिव ज्वालामुखी देख सकते हैं। बहामास अगर आपके पास हनीमून का मोटा बजट है, तो आप कैरेबियन देश बहामास हनीमून के लिए घूमने जा सकते हैं। यह डेस्टिनेशन अन्य देशों से थोड़ी महंगी है। लेकिन यहां आकर आप अपने हनीमून को खास बना सकते हैं। सनबाथ के लिए यहां की बीचेस काफी फेमस है। यहां पर आप अपने पार्टनर के साथ हार्बर आइलैंड, पिग बीच, और पैराडाइज आइलैंड घूम सकते हैं। हनीमून के लिए यह जगह बेहद ही शानदार है।
दिल थोड़ा डेयरिंग है? भारत में ये 5 एडवेंचर एक्टिविटी जरूर ट्राई करें
अगर आपको घूमने के साथ थोड़ा रोमांच भी पसंद है, तो भारत में कई ऐसी जगहें हैं जहां आप स्कीइंग से लेकर स्काइडाइविंग तक का मजा ले सकते हैं। ये 5 एडवेंचर जिंदगी में एक बार जरूर ट्राई करें।
Travel Tips: जन्माष्टमी पर द्वारकाधीश दर्शन के लिए जानें Train और Flight रूट
जन्माष्टमी के पर्व को लोग तरह-तरह की प्लानिंग करते हैं। कोई घरों में भगवान श्रीकृष्ण की झांकी को बनाता है, तो कुछ मथुरा-वृंदावन में जन्माष्टमी का पर्व मनाने के लिए जाते हैं। ऐसे में अगर आप भी इस जन्माष्टमी श्रीकृष्ण के दर्शन के प्लान बना रही हैं, तो आप गुजरात से लेकर द्वारका तक भगवान श्रीकृष्ण के कुछ फेमस मंदिरों के दर्शन के साथ एक यादगार ट्रिप प्लान कर सकती हैं। द्वारकाधीश मंदिर भगवान कृष्ण को समर्पित है, यहां पर जन्माष्टमी के मौके पर खास रौनक देखने को मिलती है। द्वारका में कहां-कहां घूमें द्वारका सिर्फ मंदिर घूमने की जगह नहीं है, बल्कि यहां पुराने मंदिर, समुद्र, बीच और आसपास के कई धार्मिक स्थल हैं, जिनको आप एक्सप्लोर कर सकती हैं। अगर आप दिल्ली से सिर्फ 2 से 3 दिन के लिए ट्रिप प्लान करती हैं, तो दर्शन के साथ-साथ यहां घूमने-फिरने का भी मजा ले सकती हैं। यहां द्वारकाधीश मंदिर के अलावा नागेश्वर ज्योतिर्लिंग, बेट द्वारका, रुक्मिणी देवी मंदिर और शिवराजपुर बीच फेमस है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको इस पूरे ट्रिप के बारे में बताने जा रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Janmashtami 2026 | इस बार बनाएं खास प्लान, भारत के इन 5 प्रसिद्ध कृष्ण मंदिरों में लें दिव्य दर्शन का आनंद | Best Krishna Temples India द्वारकाधीश मंदिर में करें दर्शन जब आप द्वारका पहुंच जाएं, तो होटल में चेकइन करें। फिर फ्रेश होकर सबसे पहले द्वारकाधीश मंदिर जाएं। इसको जगत मंदिर भी कहा जाता है। मंदिर को लेकर धार्मिक मान्यता है कि इसकी स्थापना भगवान श्रीकृ्ष्ण के पोते वज्रनाभ ने कराया था। यह मंदिर एक ऊंचाई पर बना है, यहां तक पहुंचने के लिए 50 से अधिक सीढ़ियां चढ़नी होती हैं। मंदिर के दर्शन का समय सुबह 07 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक और शाम को 05:00 बजे से 09:00 बजे तक है। वहीं जन्माष्टमी के मौके पर आम दिनों से ज्यादा भीड़ होती है, इसलिए समय में बदलाव हो सकता है। मंदिर में क्या खास देखें मंदिर में दर्शन करने के अलावा बहुत कुछ देख सकते हैं। भगवान श्रीकृष्ण के द्वारकाधीश रूप के दर्शन करें। मंदिर की खूबसूरत नक्काशी और ऊंचा शिखर देख सकते हैं। मंदिर के आसपास बने छोटे मंदिर देख सकते हैं। अरब सागर के पास का खूबसूरत नजारा देख सकते हैं। गोमती क्रीक के पास सुदामा सेतु देख सकते हैं। दिल्ली से ऐसे पहुंचे द्वारका दिल्ली से द्वारका काफी दूर है। इसलिए आपको ट्रिप की सही प्लानिंग करनी होगी। आप ट्रेन से द्वारका पहुंचने के लिए दिल्ली से ट्रेन ले सकती हैं। यह बजट फ्रेंडली ऑप्शन है। दिल्ली से द्वारका की दूरी करीब 1325 से 1335 किमी है। ऐसे में आपको द्वारका पहुंचने के लिए 23 से 24 घंटे का समय लग सकता है। इसके अलावा आप फ्लाइट से भी द्वारका जा सकती हैं। द्वारका का सबसे नजदीकी एयर कनेक्शन जामनगर और पोरबंदर है। द्वारका से पोरबंदर एयरपोर्ट की दूरी करीब 136 किमी है। वहीं जामनगर एयरपोर्ट की दूरी 105 किमी है। यहां पहुंचकर आप बस या कैब से द्वारका जा सकती हैं। वहीं अगर आप फ्लाइट या ट्रेन से नहीं जाना चाहती हैं, तो रोड ट्रिप प्लान कर सकती हैं। हालांकि रोड ट्रिप थोड़ा थकान भरी रह सकती है। क्योंकि इसकी दूरी करीब 1450 से 1460 किमी है। इन जगहों को भी करें एक्स्प्लोर अब आप द्वारकाधीश मंदिर में दर्शन करने के बाद यहां और भी जगहों को एक्सप्लोर कर सकती हैं। बेट द्वारका मंदिर में दर्शन करने के बाद आप बेट द्वारका भी जा सकती हैं। यह समुद्र के पास बसा एक आइलैंड है और यहां पर मंदिर भी है। माना जाता है कि यह श्रीकृष्ण का निवास स्थान है। यहां पर विष्णु, शिव, लक्ष्मी-नारायण और हनुमान आदि के मंदिर है। ध्यान रकें कि शाम के समय यहां घूमने के लिए न जाएं। नागेश्वर ज्योतिर्लिंग द्वारका में आप भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक नागेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन भी कर सकती हैं। मंदिर के पास गोपी तालाब तीर्थ भी है। यह जगह भगवान कृष्ण और गोपियों से जुड़ी है। अगर आप धार्मिक जगहों में दिलचस्पी रखती हैं, तो द्वारका ट्रिप में इसे जरूर शामिल करें। रुक्मिणी देवी मंदिर द्वारका जाने पर आप रुक्मिणी देवी मंदिर के दर्शन भी करें। मंदिर की बाहरी दीवारों पर आपके देवी-देवताओं और अलग-अलग आकृतियों की नक्काशी देखने को मिलेगी। माना जाता है कि यह मंदिर 12वीं सदी से है। शिवराजपुर बीच आप मंदिर और धार्मिक जगहों को एक्सप्लोर करने के बाद शिवराजपुर बीच भी जा सकती हैं। यह द्वारका से करीब 12 किमी की दूरी पर है। अगर आप भी एडवेंचर के शौकीन हैं, तो यहां पर स्नॉर्कलिंग, बनाना राइड, स्कूबा डाइविंग जैसी एक्टिविटी कर सकती हैं। यहां पर जाने का समय सुबह 8 बजे से शाम के 7 बजे तक हैं। वहीं एंट्री के लिए आपको 30 रुपए का टिकट लेना होगा। जानिए द्वारका में कहां रुकें द्वारका में रुकने के लिए आपको आप होटल और टूरिस्ट स्टे मिल जाएंगे। लेकिन जन्माष्टमी के मौके पर भीड़ अधिक रहती है। इसलिए होटल आदि पहले से बुक कर लें। ध्यान रहे कि होटल मंदिर से ज्यादा दूर न हो। ऐसी जगह पर स्टे लें, जहां से मंदिर और अन्य जगहों तक आसानी से पहुंच सकें। खाने में क्या ट्राई करना चाहिए द्वारका में आप गुजरात का लोकल खाने का स्वाद ले सकती हैं। गुजराती थाली, खमण, जलेबी-फाफड़ा और दूसरी गुजराती चीजों को ट्राई करें। इससे आपकी ट्रिप अधिक मजेदार हो जाएगी। वहीं अगर आप जन्माष्टमी के मौके पर व्रत रखती हैं, तो बता दें कि आपको होटल या आसपास के भोजनालय में फलाहार खाना भी मिल जाएगा। इन बातों का रखें ध्यान जन्माष्टमी के मौके पर मंदिर में अधिक भीड़ हो सकती है, इसलिए समय से पहुंचें। ट्रेन, होटल या फ्लाइट आदि की बुकिंग पहले से कर लें। बेट द्वारका जाने के दौरान वापसी की टैक्सी भी पहले बुक कर लें। समुद्र के किनारे जाने के दौरान नियमों का पालन करें। गर्मी और उसम को देखते हुए पानी भी अपने साथ रखें।
प्रेग्नेंट दीपिका और बेटी दुआ को लेकर वेकेशन पर निकले रणवीर सिंह! बेबी बंप फोटोज देख चहक उठे फैंस
Ranveer Singh Deepika Padukone Photos Fact Check:
Gaurav Khanna माता-पिता के साथ मसूरी वेकेशन पर निकले, बारिश में फंसे तो ऐसे किया एन्जॉय
एक्टर गौरव खन्ना सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं। एक्टर लगातार अपने फैंस के साथ अपनी जिंदगी से जुड़े अपडेट शेयर कर रहे हैं। हाल ही में गौरव ने एक नया वीडियो शेयर कर बताया कि वह अपने माता-पिता के साथ मसूरी वेकेशन पर गए हैं। गौरव ने वीडियो में उस कार की झलक भी दिखाई, जिसमें वह अपनी मां और पिता के साथ सफर कर रहे हैं। पहाड़ों की ओर जाते हुए गौरव काफी खुश नजर आए। वीडियो में उन्होंने कहा, बादलों के बीच में जाते हुए। इस वीडियो के साथ उन्होंने मसूरी का नाम भी लिखा। बारिश में फंसे गौरव खन्ना मसूरी पहुंचने के बाद गौरव ने एक और वीडियो शेयर किया, जिसमें वह बारिश का मजा लेते नजर आए। उन्होंने बताया कि वहां बारिश काफी तेज हो रही थी। गौरव ने कहा कि उन्होंने छतरी भी ली थी, लेकिन तेज बारिश की वजह से उनके हाल खराब हो गए। इसके बाद गौरव एक रेस्टोरेंट में चाय पीते नजर आए। उन्होंने कहा कि ट्रिप पर इतनी बारिश में आएंगे तो ऐसा होना ही है, लेकिन यही तो ट्रिप का मजा है। वीडियो के आखिर में गौरव ने मजाकिया अंदाज में कहा, मजा भी है। इसे भी पढ़ें: Tumbbad 2 की रेकी के दौरान हुआ बड़ा खुलासा: उसी खौफनाक हवेली में टीम को मिला 8 साल पुराना रहस्यमयी खजाना! फैंस ने गौरव के वेकेशन को बताया जरूरी गौरव खन्ना के ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। फैंस को उनका अपने माता-पिता के साथ समय बिताना काफी पसंद आ रहा है। कई फैंस का मानना है कि गौरव को इस तरह के ब्रेक और वेकेशन की जरूरत थी। कुछ फैंस ने गौरव और उनकी पत्नी आकांक्षा चमोला के रिश्ते को लेकर भी कमेंट किए। फैंस का कहना है कि आकांक्षा से अलग रहने के बाद गौरव के लिए परिवार के साथ समय बिताना और घूमना अच्छा है। इसे भी पढ़ें: Pune में घर खरीदने के बाद अब शादी की जिम्मेदारियों पर क्या बोले Parth Samthaan गौरव खन्ना और आकांक्षा चमोला का अभी तक नहीं हुआ तलाक गौरव खन्ना और आकांक्षा चमोला की शादी और तलाक को लेकर लंबे समय से चर्चा होती रही है। लॉकअप 2 में गौरव, आकांक्षा को सपोर्ट करने पहुंचे थे। उस दौरान एक्टर ने बताया था कि दोनों अभी भी कानूनी तौर पर शादीशुदा हैं और उनका तलाक नहीं हुआ है। वहीं, लॉकअप 2 के बाद आकांक्षा चमोला ने भी बताया था कि अभी तक तलाक के पेपर साइन नहीं हुए हैं। फिलहाल दोनों अपने-अपने प्रोजेक्ट्स में बिजी हैं। इस बीच गौरव अपने माता-पिता के साथ मसूरी ट्रिप का आनंद लेते नजर आ रहे हैं।
राजधानी दिल्ली को सिर्फ ट्रांजिट सिटी के बजाय देश-दुनिया के पर्यटकों के लिए पूर्ण पर्यटन गंतव्य बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने मंगलवार को चार नए आध्यात्मिक एवं विरासत पर्यटन सर्किट शुरू किए।
कड़कड़ाती सर्दी में बिकिनी पहन पूल में उतरीं रुबीना दिलैक, जापान वेकेशन की दिखाई झलक
टीवी की संस्कारी बहू रुबीना दिलैक रियल लाइफ में काफी ग्लैमरस हैं। वह अक्सर फैंस के साथ अपनी हॉट एंड सिजलिंग तस्वीरें शेयर करती रहती हैं। रुबीना वह छोटे पर्दे की हाई पेड एक्ट्रेसेस में शुमार है। हाल ही में रुबीना ने अपनी जापान ट्रिप की तस्वीरें फैंस ...
स्विमिंग पूल किनारे मोनालिसा का सिजलिंग अंदाज, वेकेशन से शेयर की बोल्ड तस्वीरें
भोजपुरी एक्ट्रेस मोनालिसा हिंदी टीवी इंडस्ट्री में भी अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी मोनालिसा की जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। वह अपनी ग्लैमरस तस्वीरों से तहलका मचाती रहती हैं। मोनालिसा इन दिनों थाइलैंड में वेकेशन एंजॉय कर रही ...
गोवा में वेकेशन एंजॉय कर रहीं कृष्णा श्रॉफ, शेयर की खूबसूरत तस्वीरें
कृष्णा श्रॉफ निश्चित रूप से जानती हैं कि लोगों का ध्यान कैसे आकर्षित करना है- चाहे वह उनकी MMA चॉप्स हों या उनकी वेकेशन की तस्वीरें। कृष्णा इस दिनों गोवा की धूप और बीच पर छुट्टियां मना रही हैं। इसी बीच कृष्णा श्रॉफ ने सोशल मीडिया पर अपनी ट्रॉपिकल ...
कैंसर के ट्रीटमेंट जंग के बीच वेकेशन मनाने मालदीव पहुंचीं हिना खान, शेयर की खूबसूरत तस्वीरें
टीवी एक्ट्रेस हिना खान भले ही कैंसर से जंग लड़ रही हैं, लेकिन वह अपनी लाइफ को खुलकर जी रही हैं। इस गंभीर बीमारी से जंग लड़ते हुए वह लाइफ का हर पल एंजॉय कर रही हैं। हिना खान इन दिनों मालदीव में वेकेशन एंजॉय कर रही हैं। मालदीव में वेकेशन मनाते हुए ...
Tejasswi Praksh-Karan Kundrra नहीं हुए अलग,रोमांटिक वेकेशन एन्जॉय कर रहा है कपल करीबी दोस्त ने खोला राज
सोशल मीडिया पर भारतीय क्रिकेट टीम के हरफनमौला खिलाड़ी हार्दिक पंड्या और उनकी पत्नी नतासा स्टेनकोविक के अलग होने की अफवाहें जोरों पर हैं। यह सब तब शुरू हुआ जब नतासा ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से 'पांड्या' उपनाम हटा दिया। प्रशंसकों ने यह भी देखा कि वह आईपीएल मैचों के दौरान स्टैंड्स से गायब थीं। हालांकि, तमाम अटकलों के बावजूद इस जोड़े ने इस मामले पर चुप्पी साध रखी है। दूसरी ओर, एक ताजा रिपोर्ट से पता चलता है कि हार्दिक विदेश में किसी अज्ञात स्थान पर छुट्टियां मना रहे हैं। विस्तार से जानने के लिए आगे पढ़ें। इसे भी पढ़ें: Shabana Azmi ने Shashi Kapoor के साथ इंटीमेट सीन करने से किया था इंकार, सुपरस्टार ने कह दिया था एक्ट्रेस को 'बेवकूफ लड़की' | Read All About नताशा स्टेनकोविक से अलगाव की अफवाहों के बीच हार्दिक पंड्या विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं हार्दिक पंड्या की पत्नी नतासा स्टेनकोविक के साथ निजी जिंदगी हाल ही में चर्चा का विषय बनी हुई है। क्रिकबज द्वारा रविवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि अलगाव की अफवाहों के बीच क्रिकेटर विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं। अभी लोकेशन का नाम सामने नहीं आया है। इसे भी पढ़ें: Anant Ambani और Radhika Merchant Pre-Wedding Party! तारों भरी रात से लेकर टोगा पार्टी तक, जानें इस बार क्या-क्या होगा खास यह बताया गया है कि इंडियन प्रीमियर लीग से अपनी टीम के बाहर होने के बाद क्रिकेटर ने देश छोड़ दिया। कठिन अवधि के बाद तरोताजा होने के लिए, उन्होंने विदेश में एक सप्ताह की छुट्टी का विकल्प चुना। हार्दिक के शीघ्र ही न्यूयॉर्क में टी20 विश्व कप 2024 के अभ्यास सत्र के लिए भारतीय टीम में फिर से शामिल होने की उम्मीद है। विशेष रूप से, आईपीएल 2024 में मुंबई इंडियंस के लिए रोहित शर्मा की जगह हार्दिक के नेतृत्व की काफी आलोचना हुई। पूरे सीज़न में भारतीय क्रिकेटर को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। इस बीच, वह पेशेवर असफलताओं से जूझ रहे थे। उनकी निजी जिंदगी सुर्खियों में आ गई। कुछ दिन पहले हार्दिक ने अपने सोशल मीडिया पर ढेर सारी तस्वीरें और वीडियो शेयर किए थे। वीडियो में उन्हें पूल में तैरते हुए अच्छा समय बिताते हुए दिखाया गया, जबकि फोटो में वह एक खूबसूरत बैकग्राउंड के साथ पोज दे रहे थे। इसे छोटा और सरल रखते हुए, उन्होंने पोस्ट को कैप्शन दिया था, रिचार्जिंग। पोस्ट के जवाब में, कई प्रशंसकों ने उनके टिप्पणी अनुभाग में बाढ़ ला दी, अपना अटूट समर्थन दिखाया और आगामी विश्व कप के लिए उनकी जय-जयकार की। एक यूजर ने लिखा, “हार्दिक पंड्या जल्द ही टी20 वर्ल्ड कप में वापस आ रहे हैं,” एक अन्य फैन ने लिखा, “हार्दिक टी20 में अपने पुराने मॉडल के साथ आएं और अपने नफरत करने वालों को चुप करा दें। जबकि एक तीसरे फैन ने लिखा, “मजबूत वापसी भाई।” इसके अतिरिक्त, एक प्रशंसक ने लिखा, अपना भाई शेर था और रहेगा तू टेंशन माउंट लेना रे। एक अन्य प्रशंसक ने कहा, कोई बात नहीं हम सब आपके साथ हार्दिक हमारे हीरो हैं। एक अन्य प्रशंसक ने कहा, हार्दिक भाई विश्व कप में वापसी करेगा। हार्दिका पंड्या की पत्नी नतासा ने अलगाव की अफवाहों पर प्रतिक्रिया दी दूसरी ओर, अलगाव की अफवाहों के बीच हार्दिक की पत्नी को शनिवार को पहली बार शहर में देखा गया। अपनी नवीनतम आउटिंग में, उन्हें एक कैफे से बाहर निकलते समय एक करीबी दोस्त के साथ देखा गया था। जाने से पहले एक्ट्रेस ने शटरबग्स के लिए पोज दिए। दरअसल, एक पिता ने उनसे तलाक के बारे में पूछा। हालांकि, इसके जवाब में एक्ट्रेस ने सवाल को नजरअंदाज करने का फैसला किया और सम्मानजनक चुप्पी बनाए रखी. जाने से पहले, उसने बस इतना कहा, बहुत-बहुत धन्यवाद और अपनी प्रतीक्षारत कार की ओर बढ़ गई। अपनी नवीनतम आउटिंग के दौरान, जब वह अपने दोस्त के साथ एक कैफे से बाहर निकली, तो उसे गुलाबी शर्ट के साथ सफेद टॉप और शॉर्ट्स पहने देखा गया। दो महीने पहले एक नौका पर बॉलीवुड अभिनेत्री को प्रस्ताव देने के बाद, हार्दिक और नतासा ने लगभग चार साल पहले 31 मई, 2020 को शादी कर ली थी। उनके पहले बच्चे, अगस्त्य का जन्म 30 जुलाई, 2020 को हुआ था। अपनी तीसरी शादी की सालगिरह मनाते हुए, हार्दिक और नतासा ने उदयपुर में एक भव्य समारोह के साथ अपनी प्रतिज्ञाओं को भी नवीनीकृत किया था। View this post on Instagram A post shared by Hardik Himanshu Pandya (@hardikpandya93) View this post on Instagram A post shared by Viral Bhayani (@viralbhayani)
शादी के तीन महीने बाद हनीमून पर निकलेRakul Preet Singh औरJackky Bhagnani, वेकेशन से वायरल हुई एक्ट्रेस की तस्वीरें
एक बार फिर सिनेमा घरो में दस्तक देने जा रही है क्रिस्टोफ़र नोलन की स्पेस एडवेंचर फिल्मInterstellar,10वीं सालगिरह पर होगी री-रिलीज़

