जब आप IRCTC की वेबसाइट या मोबाइल एप से ट्रेन टिकट बुक करते हैं, तो पेमेंट पेज पर जाने से पहले एक छोटा सा चेकबॉक्स आता है- क्या आप 45 पैसे में 10 लाख रुपए का ट्रैवल इंश्योरेंस लेना चाहते हैं? ज्यादातर लोग बिना सोचे-समझे टिक कर देते हैं, क्योंकि 45 पैसे में 10 लाख का बीमा बेहद सस्ता सौदा लगता है। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि सिर्फ टिकट बुक करते समय 'हां' भर देने से आपके परिवार को इस बीमा का फायदा नहीं मिलेगा? नए नियम के मुताबिक, नॉमिनी का नाम और पहचान के लिए एक सरकारी डॉक्यूमेंट की डिटेल देनी जरूरी है। ऐसा नहीं करने पर बीमा का फायदा नहीं मिलेगा। ट्रेन के अलावा अब फ्लाइट, बस और ओला-उबर जैसे ऑनलाइन कैब बुकिंग सेवाएं भी एक्सीडेंटल कवर देने लगी हैं। रिपोर्ट पढ़िए… ट्रेन टिकट बुकिंग में 90% यात्री करते हैं गलती ₹10 लाख वाला क्लेम केवल उन्हीं यात्रियों को मिलता है, जिन्होंने IRCTC वेबसाइट या ऐप से ऑनलाइन टिकट बुक करते समय 'Travel Insurance' के बॉक्स पर टिक लगाया हो। काउंटर (विंडो) से ली गई टिकटों पर यह बीमा लागू नहीं होता। टिकट बुक करते समय जब आप ट्रैवल इंश्योरेंस के ऑप्शन पर टिक करते हैं, तो आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी पर बीमा कंपनी की ओर से एक लिंक और पॉलिसी नंबर भेजा जाता है। इस लिंक को खोलकर नॉमिनी का नाम, उम्र और रिश्ता दर्ज करना होता है। अगर लिंक न मिले, तो आप IRCTC ऐप या वेबसाइट में 'Booked Ticket History' में जाकर भी नॉमिनी की डिटेल अपडेट कर सकते हैं। अगर यात्रा के दौरान कोई अनहोनी हो जाती है और नॉमिनी की डिटेल खाली है, तो बीमा कंपनी सीधे क्लेम नहीं देती। नॉमिनी को 'सक्सेशन सर्टिफिकेट' (उत्तराधिकार प्रमाणपत्र) के लिए कोर्ट के चक्कर काटने पड़ते हैं। ये जान लें कि बड़े ट्रेन हादसों के तुरंत बाद रेल मंत्री या सरकार जो तत्काल ₹10 लाख या ₹5 लाख की सहायता राशि घोषित करती है, वह अनुग्रह राशि होती है। यह इस इंश्योरेंस और सामान्य मुआवजे से बिल्कुल अलग होती है। फ्लाइट बुकिंग में ₹50 लाख तक का पर्सनल एक्सीडेंट कवर जब आप MakeMyTrip, EaseMyTrip, IRCTC Air या सीधे एयरलाइंस की वेबसाइट से फ्लाइट टिकट बुक करते हैं, तो वहां भी आपको 'डोमेस्टिक ट्रैवल इंश्योरेंस' का ऑप्शन मिलता है। टिकट बुक करने के बाद इंश्योरेंस पार्टनर के पोर्टल पर जाकर नॉमिनी डिटेल अपडेट करना जरूरी है। वरना क्लेम सेटलमेंट में परेशानी आ सकती है। फ्लाइट टिकट में इंश्योरेंस का प्रीमियम आमतौर पर ₹149 से ₹399 प्रति यात्री के बीच होता है। इसमें हवाई दुर्घटना में मौत या पूर्ण दिव्यांग होने पर ₹20 लाख से ₹50 लाख तक का पर्सनल एक्सीडेंट कवर मिलता है। सिर्फ दुर्घटना ही नहीं, फ्लाइट मिस होने पर ₹7,500 से ₹10,000, सामान खो जाने पर या मेडिकल इमरजेंसी के कारण ट्रिप कैंसिल होने पर भी रिफंड और रीइंबर्समेंट की सुविधा मिलती है। बस बुकिंग में मिलता है ₹7.5 लाख तक का एक्सीडेंटल कवर अगर आप RedBus, AbhiBus या किसी अन्य ऑनलाइन ऐप से प्राइवेट या सरकारी बसों की टिकट बुक कर रहे हैं, तो वहां भी एक्सीडेंटल इंश्योरेंस का ऑप्शन मिलता है। यह इंश्योरेंस Acko, Tune Protect जैसी कंपनियां देती हैं। बुकिंग के समय यह प्रीमियम ₹10 से ₹25 प्रति सीट के बीच होता है। बस का एक्सीडेंट होने पर मौत या दिव्यांगता की स्थिति (कंडिशन) में ₹5 लाख से ₹7.5 लाख तक का एक्सीडेंटल कवर मिलता है। इसके साथ ही अस्पताल में भर्ती होने पर ₹1 लाख से ₹2 लाख तक का खर्च और सामान की चोरी या बस कैंसिल (रद्द) होने पर भी कुछ निश्चित मुआवजा दिया जाता है। सरकारी बस में सफर करने पर मिलता है ₹1 लाख तक बीमा कवर अगर आप यूपी रोडवेज समेत किसी सरकारी बस में सफर करते हैं, तो आपके टिकट में दुर्घटना बीमा का लाभ पहले से शामिल होता है। इसके लिए अलग से प्रीमियम देने या कोई बॉक्स टिक करने की जरूरत नहीं पड़ती। टिकट किराए में ही ₹1 से ₹2 प्रति यात्री के हिसाब से बीमा प्रीमियम शामिल होता है। यूपी रोडवेज में दुर्घटना के दौरान यात्री की मौत होने पर आश्रितों को ₹5 लाख तक मुआवजा मिल सकता है। गंभीर चोट लगने पर ₹50 हजार से ₹1 लाख तक और मामूली चोट पर ₹10 हजार तक सहायता का प्रावधान है। क्लेम के लिए DM ऑफिस या परिवहन निगम के नजदीकी ऑफिस में टिकट, FIR और चिकित्सीय दस्तावेज (मेडिकल डॉक्यूमेंट) जमा करना होता है। ओला-उबर पर भी मिलता है सुरक्षा कवच आजकल ओला, उबर और रैपिडो जैसी ऐप्स से कैब या बाइक बुक करते समय यात्रियों को बेहद कम कीमत में इंश्योरेंस का ऑप्शन भी मिलता है। ज्यादातर लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि ₹1 से ₹5 के छोटे से प्रीमियम पर ₹1 लाख तक का सुरक्षा कवर मिल सकता है। ओला में राइड के प्रकार के अनुसार ₹1 से ₹49 तक प्रीमियम लगता है। इसमें एक्सीडेंट में मौत या दिव्यांगता पर ₹5 लाख से ₹7.5 लाख तक का कवर मिलता है। उबर अपने यात्रियों (पैसेंजर्स) को करीब ₹3 प्रति ट्रिप में एक्सीडेंटल बीमा देता है। हादसे में मौत होने पर ₹10 लाख तक, अस्पताल खर्च के लिए ₹2 लाख तक का मुआवजा मिल सकता है। वहीं रैपिडो में 50 पैसे से ₹1 तक के प्रीमियम पर ₹5 लाख तक का एक्सीडेंटल कवर मिलता है। इसमें अस्पताल खर्च और कुछ मामलों में नुकसान की भरपाई भी शामिल होती है। इसलिए राइड बुक करते समय इंश्योरेंस ऑप्शन को अनदेखा करना भारी पड़ सकता है। ---------------------- ये खबर भी पढ़ें - योगी के 'जनता दर्शन' में कैसे पहुंचें, CM से मिलने के लिए क्या करें? कौन से डॉक्यूमेंट जरूरी; ये सामान मत ले जाएं यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लोगों की समस्याएं सीधे सुनने के लिए 'जनता दर्शन' लगाते हैं। लोग इसको जनता दरबार कहते हैं। यहां पहुंचने वाले लोग जमीन के झगड़े, पुलिस से होने वाली परेशानी, पेंशन न मिलना, सरकारी योजनाओं का फायदा न मिलना, इलाज के लिए आर्थिक मदद जैसी बातें मुख्यमंत्री को सीधे बता पाते हैं। पढ़िए पूरी खबर… UP में बिना ब्याज मिल रहा सरकारी लोन, युवाओं को बिजनेस के लिए ₹1 करोड़ तक का फंड यूपी में युवाओं को बिना ब्याज ₹5 लाख तक कर्ज मिल रहा है। वहीं, महिलाओं को 2.5 लाख और किसानों को 5 लाख रुपए तक लोन सिर्फ 4% ब्याज पर मिल रहा। महिलाओं को सस्ते कर्ज के लिए गारंटी देने की जरूरत भी नहीं है। ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना’ में युवाओं को बिजनेस के लिए लोन दिया जाता है। इसमें ब्याज और गारंटी की जरूरत नहीं होती। यहां पढ़ें पूरी खबर
राजमेरगढ़ पर्यटन स्थल पहुंचे पर्यटन मंडल के एमडी व चेयरपर्सन, विकास कार्यों की सराहना
भास्कर न्यूज | पेण्ड्रा छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य एवं चेयरपर्सन नीलू शर्मा ने गौरेला-पेण्ड्रा-मरवा ही जिले के प्रवास के दौरान जिले की पर्यटन गतिविधियों का जायजा लिया। इस अवसर पर उनका आत्मीय स्वागत किया गया तथा जिले की पर्यटन संभावनाओं और उपलब्धियों को दर्शाने वाली जीपीएम पर्यटन कॉफी टेबल बुक भेंट की गई। भ्रमण के दौरान अधिकारियों ने जिले में विकसित किए जा रहे प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन स्थलों, पर्यटन संवर्धन की योजनाओं तथा विभिन्न पर्यटन गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। इसके बाद प्रबंध संचालक एवं चेयरपर्सन ने जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल राजमेरगढ़ का भ्रमण कर वहां उपलब्ध पर्यटक सुविधाओं, पर्यटन समितियों द्वारा संचालित गतिविधियों तथा स्थानीय समुदाय की सहभागिता का अवलोकन किया। पर्यटन समितियों के प्रतिनिधियों ने अधिकारियों को बताया कि क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई नवाचार किए जा रहे हैं। प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने कहा कि स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी से पर्यटन को नई पहचान मिल रही है। उन्होंने कहा कि पर्यटन विकास तभी स्थायी हो सकता है, जब उसमें स्थानीय लोगों की सहभागिता सुनिश्चित हो। दौरे के दौरान पर्यटन स्थलों के समग्र विकास, पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और जिले की पर्यटन संभावनाओं को व्यापक स्तर पर पहचान दिलाने को लेकर भी चर्चा की गई।
बिहार सरकार ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए नई पहल करने जा रही है। अब राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर आधुनिक हाट-बाजार विकसित किए जाएंगे, जहां जीविका दीदियों और किसानों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की बिक्री होगी। इससे स्थानीय उत्पादों को देश-विदेश तक पहचान मिलेगी और ग्रामीण परिवारों की आमदनी बढ़ेगी। आज ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने नाबार्ड और विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि ग्रामीण विकास की सभी योजनाओं में गरीब परिवारों के रोजगार और आजीविका को सबसे अधिक प्राथमिकता दी जाए। पर्यटन स्थलों पर बिकेंगे जीविका और किसानों के उत्पाद मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के प्रमुख पर्यटन केंद्रों पर अत्याधुनिक हाट-बाजार विकसित किए जाएं। इन हाटों में जीविका दीदियों और किसानों के उत्पादों की बिक्री होने से उन्हें बेहतर बाजार मिलेगा। इससे उत्पादों की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनेगी और ग्रामीण परिवार आर्थिक रूप से मजबूत होंगे। गांवों में बनेंगे आधुनिक हाट-बाजार बैठक में गांवों में आधुनिक सुविधाओं से लैस हाट-बाजार बनाने पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि जहां संभव हो, वहां पुराने और खाली पड़े सरकारी भवनों को विकसित कर हाट-बाजार बनाया जाए। उन्होंने अधिकारियों से पायलट प्रोजेक्ट के तहत विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कराने के लिए विशेषज्ञ एजेंसी की मदद लेने को भी कहा। पांच साल में हर पंचायत में एक हाट का लक्ष्य ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने अधिकारियों से कहा कि अगले पांच वर्षों के भीतर प्रत्येक ग्राम पंचायत में कम से कम एक हाट तैयार करने की दिशा में काम किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सभी हाटों को डिजिटल मार्केटिंग से जोड़ने की व्यवस्था की जाए, ताकि ग्रामीण उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री भी संभव हो सके। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक प्रखंड में कम से कम 10 महिलाओं और युवतियों को प्रशिक्षण दिया जाए। ये प्रशिक्षित महिलाएं आगे अन्य महिलाओं को भी प्रशिक्षण देंगी। प्लंबर प्रशिक्षण से मिलेगा रोजगार बैठक में ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को प्लंबर का प्रशिक्षण देने का भी निर्णय लिया गया। मंत्री ने कहा कि गांवों में प्लंबर की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में जरूरतमंद लोगों को प्रशिक्षण देकर रोजगार उपलब्ध कराया जा सकता है। पहाड़ी क्षेत्रों में बढ़ेगा बकरी पालन मंत्री श्रवण कुमार ने पश्चिम चंपारण, मुंगेर, नवादा सहित अन्य पहाड़ी इलाकों में बकरी पालन को बढ़ावा देने का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया। इन क्षेत्रों में पशुपालन रोजगार का बेहतर साधन बन सकता है। इससे गरीब परिवारों, खासकर महिलाओं और आदिवासी समुदायों की आय बढ़ेगी। अधिकारियों को लोगों को जागरूक करने और इस दिशा में विशेष योजना तैयार करने को भी कहा गया।
फिर चला साउथ का जादू: 'नागबंधम' बना शानदार मिथोलॉजिकल एडवेंचर, भव्य विजुअल रहस्य से भरपूर
साउथ फिल्म इंडस्ट्री ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि भारतीय पौराणिक कथाओं और संस्कृति को बड़े पर्दे पर भव्यता के साथ पेश करने में उसका कोई मुकाबला नहीं है। ऐसे समय में जब दर्शक भारतीय मिथकों पर आधारित बड़े विजुअल स्पेक्टेकल की तलाश में हैं, 'नागबंधम' एक महत्वाकांक्षी फिल्म के रूप में सामने आती है, जो रहस्य, पौराणिक कथाओं, फैंटेसी और एडवेंचर का शानदार संगम पेश करती है।
ईंधन बचाने का संदेश...:एक ही ट्रैवलर से कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री और मंत्री
आमतौर पर मुख्यमंत्री के काफिले में कम से कम 4 वाहन होते हैं। लेकिन, बुधवार को जबलपुर में नजारा अलग था। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ईश्वरदास रोहाणी की स्मृति में आयोजित 'गौरव शिखर सम्मान समारोह में पहुंचे सीएम डुमना एयरपोर्ट से सर्किंट हाउस और फिर कार्यक्रम स्थल तक मंत्री, सांसद, विधायक व अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ एक ही ट्रैवलर पर पहुंचे। इसे पीएम मोदी के ईंधन बचाने के संदेश से जोडकर देखा जा रहा है।
छत्तीसगढ़ के शिमला कहे जाने वाले मैनपाट के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों के पास नई बॉक्साइट खदानें खोलने का कड़ा विरोध हो रहा है। बुधवार को रोपाखार और कमलेश्वरपुर में नई बॉक्साइट खदान खोलने के लिए पर्यावरण की जनसुनवाई हुई। विधायक रामकुमार टोप्पो ने कहा कि, पूर्ववर्ती कांग्रेस शासनकाल में ये खदानें स्वीकृत की गई हैं। सीएमडीसी ने मंदिरों और पर्यटन स्थलों की जानकारी दस्तावेजों में छिपाई है। इसे सदन में उठाया जाएगा, किसी को नहीं बख्शा जाएगा। मैनपाट में चार नई बॉक्साइट खदानें खोली जानी हैं। रोपाखार और कमलेश्वरपुर में खदानें खोलने के लिए पर्यावरणीय जनसुनवाई बुधवार को कमलेश्वरपुर में आयोजित की गई। जनसुनवाई में नई खदानों का जमकर विरोध किया गया। पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने भी जनसुनवाई में पहुंचकर ग्रामीणों के साथ नई खदानों का विरोध किया और कहा कि बॉक्साइट की खदानों से सिर्फ मैनपाट की बर्बादी हुई है। विधायक बोले- भूपेश सरकार ने दी खदानों की स्वीकृति जनसुनवाई में सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो भी पहुंचे, हालांकि तब तक पूर्व मंत्री अमरजीत भगत वापस जा चुके थे। विधायक रामकुमार टोप्पो ने मैनपाट में बॉक्साइट खदानें खुलने का इतिहास बताया और कहा कि जिन चार खदानों के लिए वर्तमान में पर्यावरणीय जनसुनवाई हो रही है, वे भूपेश सरकार में वर्ष 2021-22 में स्वीकृत हुई थीं। तब अमरजीत भगत यहां के विधायक और सरकार में मंत्री थे। रामकुमार टोप्पो ने तंज कसा कि अमरजीत भगत थोड़ा पहले गरजे होते तो अब बारिश अच्छी होती। विधायक ने कहा कि वे ग्राम सभाओं की सहमति और लोगों की सहमति के साथ हैं। यदि ग्रामसभा और स्थानीय ग्रामीण चाहेंगे तो ही खदानें खुलेंगी। सीएमडीसी ने जानकारी छिपाई, सदन में उठाएंगे मामला विधायक ने कहा कि, सीएमडीसी ने जानकारी छिपाकर बॉक्साइट खदान के लिए स्वीकृति प्राप्त की है। मैनपाट के कमलेश्वरपुर और रोपाखार में बौद्ध मंदिर, पर्यटन स्थलों की जानकारी सीएमडीसी के माइनिंग प्लान में छिपाई गई है। गलत जानकारी देकर खदान की स्वीकृति प्राप्त की गई है। वे इस मामले को सदन तक उठाएंगे। पंचायतों ने नहीं दी सहमति तो स्वीकृति कैसे रोपाखार के उप सरपंच रजनीश पांडेय ने कहा कि, पंचायत को रोपाखार और कमलेश्वरपुर में नई खदानों के स्वीकृति की जानकारी तक नहीं है। इन खदानों की स्वीकृति के लिए बौद्ध मंदिर, प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों और रिजर्व फारेस्ट की जानकारी को छिपाई गई है। रजनीश पांडेय ने कहा कि मैनपाट में रोज हजारों की संख्या में पर्यटक आते हैं। इनसे सैकड़ों लोगों को रोजगार जुड़ा है। सीएमडीसी द्वारा फर्जी तरीके से बताया गया है कि इसमें 50 से 60 स्थानीय लोगों को रोजगार दिया जाएगा। पहले से मैनपाट में सात खदानें स्वीकृत हैं, जिनमें सीएमडीसी के अधिकारी और निजी कंपनियों के मालिकों द्वारा मिलीभगत कर नियमों को ताक में रखकर माइनिंग की जा रही है। मजदूरों का शोषण हो रहा है। रजनीश पांडेय ने कहा कि इन खदानों की स्वीकृति किसी भी हाल में नहीं हो पाएगी और न ही सीएमडीसी को माइनिंग करने देंगे। गलत जानकारी देकर स्वीकृति कराई गई है, जिसका विरोध किया जाएगा। हंगामे के बीच जनसुनवाई पर्यावरणीय जनसुनवाई में लोगों ने बाक्साइट खदानों का विरोध करते हुए जमकर हंगामा किया। मां कुदरगढ़ी एलुमिना प्लांट द्वारा सीएमडीसी के खदानों से बॉक्साइट का उत्खनन किया जा रहा है। उनके कुछ लोगों ने खदानों का समर्थन दिया, लेकिन जमकर हंगामे और विरोध के बीच में जनसुनवाई पूरी की गई।
पंजाब में बठिंडा-बीकानेर नेशनल हाईवे पर बुधवार सुबह टेंपो ट्रैवलर सड़क पर खड़े ट्राला से टकरा गया। हादसे में 4 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 8 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा इतना खतरनाक हुआ कि टेंपो ट्रैवलर करीब 4 फीट तक पिचक गया। घायलों को तत्काल बठिंडा के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। शवों को बठिंडा के सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। राजस्थान से अमरनाथ जा रहे थे लोग जानकारी के अनुसार, राजस्थान से टेंपो ट्रैवलर में सवार होकर 11 से 12 लोग अमरनाथ यात्रा पर जा रहे थे। सुबह करीब 7 बजे उकना टेंपो ट्रैवलर बठिंडा के डाबा जोर गांव, जोधपुर रोमाना और गुरुसर सानेवाला के बीच पहुंचा, जहां पर पहले से ही सड़क किनारे एक ट्राला खड़ा हुआ था। जिसमें टेंपो ट्रैवलर पीछे से घुस गया और उसके परखच्चे उड़ गए। टेंपो ट्रैवलर करीब 3 से 4 फीट तक पिचक गया। उसके अंदर बैठे यात्रियों में चीख पुकार मंच गई। हादसे में करीब 4 लोगों ने दम तोड़ दिया, जबकि 8 लोग गंभीर घायल हैं। सहारा जन सेवा संस्था के कार्यकर्ता संदीप सिंह ने बताया कि सुबह उन्हें कंट्रोल रूम में सूचना मिली। इसके बाद वह मौके पर पहुंचे। जिसके बाद सभी घायलों के तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। जहां उनका इलाज चल रहा है। घायलों को एम्स में कराया भर्ती सिविल अस्पताल के इमरजेंसी डॉ. लवदीप सिंह ने बताया कि सहारा जन सेवा संस्था द्वारा लाए गए इस मामले में तीन लोगों की मौत सिविल अस्पताल में हुई है, जबकि एक मृतक को एम्स भेजा गया था। सभी घायल यात्रियों का इलाज एम्स अस्पताल में किया जा रहा है। *********** ये खबर भी पढ़ें: जालंधर में 2 कारें भिड़ी, 4 की मौत: इनमें एक ही परिवार के 3 लोग शामिल, 5 घायल; बेकाबू बलेनो डिवाइडर पार कर क्रेटा से टकराई जालंधर में जम्मू नेशनल हाईवे पर क्रेटा और बलेनो कार की टक्कर हो गई। बलेनो सवार 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि क्रेटा सवार 5 लोग गंभीर घायल हैं। मृतकों में 2 साल का बच्चा, फौजी, उनकी पत्नी और एक अन्य महिला शामिल है। (पढ़ें पूरी खबर)
पीलीभीत टाइगर रिजर्व (PTR) में बाघों के कुनबे में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। हाल ही में संपन्न हुए चूका ईको टूरिज्म सत्र 2025-26 के दौरान 4 बाघिनों के साथ कुल 10 नन्हे शावक देखे गए, जिसने वन्यजीव प्रेमियों को आकर्षित किया। इस सत्र में रिकॉर्ड संख्या में पर्यटक पहुंचे और वन विभाग को भारी राजस्व प्राप्त हुआ। 1 नवंबर 2025 से शुरू हुए इस पर्यटन सत्र की सबसे बड़ी उपलब्धि बाघ के शावकों का लगातार दिखना रहा। घने जंगलों में सैलानियों को इस सीजन में 4 अलग-अलग बाघिनों के साथ 10 शावक अठखेलियां करते हुए दिखाई दिए। यह नजारा पूरे सत्र का प्रमुख आकर्षण साबित हुआ। प्रभागीय वनाधिकारी मनीष सिंह के अनुसार, शावकों के दीदार के कारण इस वर्ष रिकॉर्ड 56,783 पर्यटक चूका बीच पहुंचे। इनमें 56,567 भारतीय और 216 विदेशी मेहमान शामिल थे। पर्यटकों की इस रिकॉर्ड आमद से वन विभाग को ₹1,62,02,707 का राजस्व प्राप्त हुआ है, जो पिछले सभी वर्षों की तुलना में सर्वाधिक है। सैलानियों में आम जनता के अलावा देश के नामचीन राजनेता, अभिनेता, उच्च प्रशासनिक अधिकारी और न्यायाधीश भी शामिल थे। इस वर्ष भारत में पहली बार 'दिव्य दर्शन' कार्यक्रम के तहत एक अनूठी पहल भी की गई। इसके अंतर्गत दिव्यांग बच्चों और उनके अभिभावकों को पीलीभीत मुख्यालय से हरी झंडी दिखाकर निशुल्क ईको पर्यटन स्थल का भ्रमण कराया गया और वन्यजीवों के दर्शन कराए गए। पर्यटकों के आराम के लिए चूका में 4 थारू हट, बैम्बू हट और ट्री हट के साथ-साथ शारदा सागर डैम में मोटर बोट सफारी संचालित की गई। 110 कुशल... टूरिस्ट गाइडों और ईको विकास समितियों के माध्यम से स्थानीय कैंटीन और 03 होम स्टे चलाकर ग्रामीणों को सीधे रोजगार से जोड़ा गया, जिसने स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत किया है।
सिवनी स्थित पेंच टाइगर रिजर्व का कोर एरिया मंगलवार को पर्यटकों के लिए अंतिम दिन खुला रहेगा। 1 जुलाई से 30 सितंबर तक मानसून अवधि के दौरान कोर क्षेत्र के तीनों प्रवेश द्वार पर्यटकों के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इस दौरान केवल बफर क्षेत्र में निर्धारित मार्गों पर पर्यटन गतिविधियां जारी रहेंगी। वन्यजीवों के प्रजनन, उनके प्राकृतिक आवास के संरक्षण और जंगल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर साल वर्षाकाल में कोर एरिया को तीन महीने के लिए बंद किया जाता है। पेंच प्रबंधन ने मानसून सत्र के लिए सुरक्षा और निगरानी की व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। वन्यजीवों की सुरक्षा, अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने और वन संपदा के संरक्षण के लिए विशेष गश्ती अभियान चलाया जाएगा। दुर्गम क्षेत्रों में हाथियों की मदद से पेट्रोलिंग की जाएगी, जबकि कोर और बफर क्षेत्र का वन अमला सीमावर्ती जंगलों में संयुक्त रूप से गश्त करेगा। संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर उन पर विशेष निगरानी रखने की योजना भी बनाई गई है। वन विभाग आधुनिक तकनीक का भी व्यापक उपयोग करेगा। लगभग 150 कैमरा ट्रैप विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर लगाए जा रहे हैं, जिनकी मदद से वन्यजीवों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी। हाल ही में इन्हीं कैमरों के माध्यम से गोरखपुर वन क्षेत्र में मिले बाघ के शावक का सफल रेस्क्यू किया गया था। बरघाट परियोजना क्षेत्र के मऊ जंगल में महिला पर हुए बाघ के हमले के बाद संबंधित बाघ की निगरानी भी कैमरा ट्रैप के जरिए लगातार की जा रही है। 7 करोड़ से ज्यादा का राजस्व पर्यटन की दृष्टि से भी पेंच टाइगर रिजर्व का यह सत्र काफी सफल रहा है। पिछले पर्यटन सत्र में 1.80 लाख से अधिक पर्यटक पहुंचे थे, जिससे 7.72 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ था। इस वर्ष मई माह तक लगभग 1.90 लाख पर्यटक आ चुके हैं और 10.55 करोड़ रुपए से अधिक का राजस्व अर्जित हो चुका है। अधिकारियों को उम्मीद है कि आगामी पर्यटन सत्र में यह आंकड़ा और बढ़ेगा। पेंच टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर पुनीत गोयल ने बताया कि 1 जुलाई से 30 सितंबर तक कोर एरिया पर्यटकों के लिए बंद रहेगा, जबकि बफर क्षेत्र में पर्यटन पूर्ववत संचालित होगा।
खासतौर पर ऐसी कई सफर होते हैं जो किसी खास मौसम से जरुर जुड़े होते हैं। भारत में मॉनसून की रोड ट्रिप भी ऐसी ही एक यात्रा है। बारिश के दौरान रोड ट्रिप करने का अलग ही मजा होता है। बारिश से सड़कों से मिट्टी गायब हो जाती है, अचानक से कई जगहों पर झरने दिखाई देने लगते हैं। हाईवे पर अचानक से किसी फिल्म के सीन जैसे लगते हैं। मॉनसून के मौसम में ड्राइव का आनंद लेने का एक अलग ही मजा होता है। इस दौरान सफर करने से काफी सुकून मिलता है। मॉनसून के मौसम में चारों तरफ हरियाली, मनमोहक झरने और धुंध से ढके पहाड़ देखने को मिलते हैं। इस लेख में हम आपको भारत की सबसे खूबसूरत रोड ट्रिप्स के बारे में बताते हैं, जिनका सबसे ज्यादा मजा बरसात के मौसम में आता है। मुंबई से लोनावला बारिश के मौसम में मुंबई से लोनावला का रास्ता मॉनसून में गाड़ी चलाने के लिए सबसे बेहतरीन है। यहां बरसात में वेस्टर्न घाट हरे-भरे एकदम स्वर्ग जैसे नजर आने लगते हैं, यहां जगह-जगह पर झरने और तैरते हुए बादल दिखाई देते हैं। खंडला घाट के आस-पास का सफर और भी जादुई लगता है, जहां पहाड़ों पर धुंध छा जाती है और सड़के किनारे बेचने वाले गरमा-गरम भुट्टा और कटिंग चाय का आनंद आ जाता है। यह सफर खूबसूरती और ताजगी से भरा होता है। यह जगह भारत की पसंदीदा जगहों में से एक है। यहां पहुंचने के लिए करीब 1 घंटा 50 मिनट लगता है। बेंगलुरु से कूर्ग मॉनसून के मौसम में बेंगलुरु से कूर्ग का रास्ता बेहद खूबसूरत हो जाता है। हल्की बारिश में चमकने कॉफी के बागान चमकने लगते हैं, जंगल और भी घने हो जाते हैं और हवा मिट्टी का ताजी व भीनी-भीनी खुशबू घुल जाती है। मॉनसून के दौरान कूर्ग के झरने और भी खूबसूरत हो जाती हैं, जिससे रास्ते में रुकना बहुत सुखद अनुभव बन जाता है। यहां का ठंडा मौसम और घुमावदार सड़कें इसे आराम से घूमने-फिरने के लिए बेहतरीन जगह बनाते हैं। बेंगलुरु से कूर्ग जाने के लिए कम से कम 5 घंटे का समय लगता है। दिल्ली से लैंसडाउन यदि आप उत्तर भारत में रहते हैं और मॉनसून सीजन का आनंद लेना चाहते हैं, तो आप दिल्ली से लैंसडाउन तक की ड्राइव कर सकते हैं। भीड़-भाड़ वाले हिल स्टेशनों के मुकाबले मॉनसून में शांति से घूमने का एक अच्छा डेस्टिनेशन है। जैसे ही सड़के गढ़वाल की पहाड़ियों पर ऊपर की ओर जाती है, नजारा बहुत ही सुंदर दिखाई देता है। शहर की भागदौड़ शोर-शराबे की जगह धुंध में लिपटे चीड़ के जंगल बहुत ही खूबसूरत लगते हैं। बरसात के मौसम में यहां काफी शांति देखने को मिलती है। दिल्ली से लैंसडाउन पहुंचने के लिए लगभग 6 घंटे लगते हैं। ईस्ट कोस्ट रोड से चेन्नई से पुडुचेरी चेन्नई और पुडुचेरी को जोड़ने वाली ईस्ट कोस्ट रोड साल भर खूबसूरत रहती है, लेकिन मॉनसून के दौरान यहां की समुद्री सुंदरता और भी खास हो जाती है। इस रोड ट्रिप पर एक तरफ बंगाल की खाड़ी और दूसरी तरफ बारिश से भीगी सड़कें, यहां गाड़ी चलाने का अनुभव सुकून देने वाला और किसी फिल्म के सीन जैसा लगता है। आसमान में छाए बादल, टकराती लहरें और समुद्र की हवा मिलकर ऐसा माहौल बनाते हैं, जैसा किसी और मौसम में मिलना मुश्किल है। यहां जाने के लिए लगभग 7.5 घंटे लगते हैं। शिलांग से चेरापूंजी शिलांग और चेरापूंजी के बीच का सफर शायद ही भारत की सबसे बेहतरीन मॉनसून रोड ट्रिप है। दुनिया में सबसे ज्यादा बारिश मेघालय में होती है और मॉनसून के दौरान यह इलाका अविश्वसनीय रूप से हरा-भरा हो जाता है। सड़कों पर बादल तैरते हैं, झरने पूरे जोर-शोर से बहने लगते हैं और यहां की घाटियों धुंध में आप खो जाएंगे। हर मोड़ किसी पोस्टकार्ड जैसा सुंदर लगता है, जिससे नेचर लवर के लिए यह सफर यादगार बन जाएगा। शिलांग से चेरापूंजी पहुंचने में करीब 1 घंटा 40 मिनट लगते हैं। जयपुर से उदयपुर मानसून का नाम सुनते ही शायद राजस्थान का ख्याल सबसे पहले न आए, लेकिन जयपुर से उदयपुर तक की यात्रा इस रेगिस्तानी राज्य का एक अलग और सुकून भरा दर्शाती है। बरसात के दौरान अरावली की पहाड़ियां हरी-भरी हो जाती हैं, झीलें पानी से भर जाती हैं और मौसम ठंडा होने के कारण घूमना-फिरना बहुत सुखद हो जाता है। मानसून उदयपुर के महलों और झील के नजारों में एक रोमांटिक एहसास भी घोल देता है।
बरसात के मौसम में घूमने का एक अलग ही आनंद होता है। मॉनसून में चारों तरफ हरियाली, ठंडी हवाएं और पानी की हल्की बौछर मन को सुकून देती है। इस मौसम में कई लोग ट्रिप पर जरुर जाते हैं। हालांकि, मॉनसून में कई समस्याएं भी देखने को मिलती है। जब हम कहीं घूमने जाते हैं, तो काफी दिक्कतों का सामना भी करना पड़ सकता है। अगर आप बारिश के समय ट्रैवलिंग करने का प्लान बना रहे हैं, तो कुछ चीजों को अपने पास जरुर रखें, ताकि आपको ट्रिप पर किसी भी प्रकार की समस्या न आए। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि ट्रैवल बैग में कुछ जरुरी चीजों को शामिल करें, जिससे आपकी ट्रिप आसान और सुरक्षित बन जाए। रेनकोट मॉनसून ट्रैवलिंग में सबसे जरुरी है रेनकोट अपने बैग में रखना। अचानक होने वाली तेज बारिश से बचने के लिए रेनकोट बहुत जरुरी है। इसके अलावा, आप फोल्डेबल छाता रख सकते हैं, जो फैशन का ध्यान रखने के साथ-साथ आपको बारिश से भी बचाएगा। एक्सट्रा कपड़े यदि आप बारिश में भीग जाते हैं, तो लंबे समय तक गीले कपड़े पहनना नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए अपने बैग में डार्क कलर के ड्राई फिट या कॉटन के कपड़े पहन सकते हैं। जब आपके कपड़े भीग जाएं, तो इन्हें पहन सकते हैं। माइक्रोफाइबर तौलिया कपड़ो के साथ ही अपने बैग में माइक्रोफाइबर तौलिया जररु रखें जो बहुत ही हल्की होती है। इसके साथ ही यह बैग में कम जगह घेरती है और आसानी से रखी जा सकती है। अगर आपके साथ बच्चे ट्रैवल कर रहे है, तो भी आपके काफी काम आ सकती है। वॉटरप्रूफ बैग कवर कहीं आप ट्रिप पर जाएं, तो अपने साथ वॉटरप्रूफ बैग कवर जरुर साथ लें जाएं। ऐसा करने से आपका बैग भीगने से बच जाएगा और उसके अंदर का जरुरी सामान भी सुरक्षित रहेगा। जिससे आपका सामान सुरक्षित रहेगा और आप आराम से मौसम का आनंद ले सकेंगे। जिप लॉक बैग मॉनसून की ट्रिप पर जाने के लिए सबसे जरुरी है कि जिप लॉक बैग अपने पास रखें। मोबाइल फोन, वॉलेट, जरुरी कार्ड्स, रुपए और कीमती चीजों को आप जिप लॉक बैग में रख सकते हैं। इस बैग में आप किसी भी तरह का सामान रख सकते हैं जो पानी से खराब हो सकता है। फर्स्ट एड किट हमेशा अपनी ट्रिप को सुरक्षित और यादगार बनाने के लिए अपने पास फर्स्ट एड किट रख सकते हैं। किसी को भी कोई भी छोटी-मोटी हेल्थ प्रॉब्लम हो, तो उपचार कर सकते हैं। क्योंकि अक्सर ट्रैवलिंग के दौरान मेडिकल स्टोर आसानी से नहीं मिलती हैं पावर बैंक मॉनसून ट्रिप के लिए अपने साथ हमेशा पावर बैंक जरुर रखें। कई बार बारिश-तूफान के चलते काफी समस्या हो जाती है या फिर लाइट चली जाती है, तो ऐसे में ट्रैवल के दौरान पावर बैंक जरुर रखें, जिससे आप अपने फोन चार्ज कर सकते हैं। अगर आपके फोन की बैटरी लंबे समय तक नहीं चलती हैं, तो आप फोन चार्ज करने के लिए बैग में पावर बैंक जरुर रख सकते हैं।
बीते दिनों कुछ ऐसी खबरें देखने और सुनने मिली हैं, जिनसे पर्यटन पर नयी बहस शुरु होने की गुंजाइश बनी है। पर्यटन की भारत में प्राचीन परंपरा रही है।
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कैंसर के ट्रीटमेंट जंग के बीच वेकेशन मनाने मालदीव पहुंचीं हिना खान, शेयर की खूबसूरत तस्वीरें
टीवी एक्ट्रेस हिना खान भले ही कैंसर से जंग लड़ रही हैं, लेकिन वह अपनी लाइफ को खुलकर जी रही हैं। इस गंभीर बीमारी से जंग लड़ते हुए वह लाइफ का हर पल एंजॉय कर रही हैं। हिना खान इन दिनों मालदीव में वेकेशन एंजॉय कर रही हैं। मालदीव में वेकेशन मनाते हुए ...
Tejasswi Praksh-Karan Kundrra नहीं हुए अलग,रोमांटिक वेकेशन एन्जॉय कर रहा है कपल करीबी दोस्त ने खोला राज
सोशल मीडिया पर भारतीय क्रिकेट टीम के हरफनमौला खिलाड़ी हार्दिक पंड्या और उनकी पत्नी नतासा स्टेनकोविक के अलग होने की अफवाहें जोरों पर हैं। यह सब तब शुरू हुआ जब नतासा ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से 'पांड्या' उपनाम हटा दिया। प्रशंसकों ने यह भी देखा कि वह आईपीएल मैचों के दौरान स्टैंड्स से गायब थीं। हालांकि, तमाम अटकलों के बावजूद इस जोड़े ने इस मामले पर चुप्पी साध रखी है। दूसरी ओर, एक ताजा रिपोर्ट से पता चलता है कि हार्दिक विदेश में किसी अज्ञात स्थान पर छुट्टियां मना रहे हैं। विस्तार से जानने के लिए आगे पढ़ें। इसे भी पढ़ें: Shabana Azmi ने Shashi Kapoor के साथ इंटीमेट सीन करने से किया था इंकार, सुपरस्टार ने कह दिया था एक्ट्रेस को 'बेवकूफ लड़की' | Read All About नताशा स्टेनकोविक से अलगाव की अफवाहों के बीच हार्दिक पंड्या विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं हार्दिक पंड्या की पत्नी नतासा स्टेनकोविक के साथ निजी जिंदगी हाल ही में चर्चा का विषय बनी हुई है। क्रिकबज द्वारा रविवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि अलगाव की अफवाहों के बीच क्रिकेटर विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं। अभी लोकेशन का नाम सामने नहीं आया है। इसे भी पढ़ें: Anant Ambani और Radhika Merchant Pre-Wedding Party! तारों भरी रात से लेकर टोगा पार्टी तक, जानें इस बार क्या-क्या होगा खास यह बताया गया है कि इंडियन प्रीमियर लीग से अपनी टीम के बाहर होने के बाद क्रिकेटर ने देश छोड़ दिया। कठिन अवधि के बाद तरोताजा होने के लिए, उन्होंने विदेश में एक सप्ताह की छुट्टी का विकल्प चुना। हार्दिक के शीघ्र ही न्यूयॉर्क में टी20 विश्व कप 2024 के अभ्यास सत्र के लिए भारतीय टीम में फिर से शामिल होने की उम्मीद है। विशेष रूप से, आईपीएल 2024 में मुंबई इंडियंस के लिए रोहित शर्मा की जगह हार्दिक के नेतृत्व की काफी आलोचना हुई। पूरे सीज़न में भारतीय क्रिकेटर को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। इस बीच, वह पेशेवर असफलताओं से जूझ रहे थे। उनकी निजी जिंदगी सुर्खियों में आ गई। कुछ दिन पहले हार्दिक ने अपने सोशल मीडिया पर ढेर सारी तस्वीरें और वीडियो शेयर किए थे। वीडियो में उन्हें पूल में तैरते हुए अच्छा समय बिताते हुए दिखाया गया, जबकि फोटो में वह एक खूबसूरत बैकग्राउंड के साथ पोज दे रहे थे। इसे छोटा और सरल रखते हुए, उन्होंने पोस्ट को कैप्शन दिया था, रिचार्जिंग। पोस्ट के जवाब में, कई प्रशंसकों ने उनके टिप्पणी अनुभाग में बाढ़ ला दी, अपना अटूट समर्थन दिखाया और आगामी विश्व कप के लिए उनकी जय-जयकार की। एक यूजर ने लिखा, “हार्दिक पंड्या जल्द ही टी20 वर्ल्ड कप में वापस आ रहे हैं,” एक अन्य फैन ने लिखा, “हार्दिक टी20 में अपने पुराने मॉडल के साथ आएं और अपने नफरत करने वालों को चुप करा दें। जबकि एक तीसरे फैन ने लिखा, “मजबूत वापसी भाई।” इसके अतिरिक्त, एक प्रशंसक ने लिखा, अपना भाई शेर था और रहेगा तू टेंशन माउंट लेना रे। एक अन्य प्रशंसक ने कहा, कोई बात नहीं हम सब आपके साथ हार्दिक हमारे हीरो हैं। एक अन्य प्रशंसक ने कहा, हार्दिक भाई विश्व कप में वापसी करेगा। हार्दिका पंड्या की पत्नी नतासा ने अलगाव की अफवाहों पर प्रतिक्रिया दी दूसरी ओर, अलगाव की अफवाहों के बीच हार्दिक की पत्नी को शनिवार को पहली बार शहर में देखा गया। अपनी नवीनतम आउटिंग में, उन्हें एक कैफे से बाहर निकलते समय एक करीबी दोस्त के साथ देखा गया था। जाने से पहले एक्ट्रेस ने शटरबग्स के लिए पोज दिए। दरअसल, एक पिता ने उनसे तलाक के बारे में पूछा। हालांकि, इसके जवाब में एक्ट्रेस ने सवाल को नजरअंदाज करने का फैसला किया और सम्मानजनक चुप्पी बनाए रखी. जाने से पहले, उसने बस इतना कहा, बहुत-बहुत धन्यवाद और अपनी प्रतीक्षारत कार की ओर बढ़ गई। अपनी नवीनतम आउटिंग के दौरान, जब वह अपने दोस्त के साथ एक कैफे से बाहर निकली, तो उसे गुलाबी शर्ट के साथ सफेद टॉप और शॉर्ट्स पहने देखा गया। दो महीने पहले एक नौका पर बॉलीवुड अभिनेत्री को प्रस्ताव देने के बाद, हार्दिक और नतासा ने लगभग चार साल पहले 31 मई, 2020 को शादी कर ली थी। उनके पहले बच्चे, अगस्त्य का जन्म 30 जुलाई, 2020 को हुआ था। अपनी तीसरी शादी की सालगिरह मनाते हुए, हार्दिक और नतासा ने उदयपुर में एक भव्य समारोह के साथ अपनी प्रतिज्ञाओं को भी नवीनीकृत किया था। View this post on Instagram A post shared by Hardik Himanshu Pandya (@hardikpandya93) View this post on Instagram A post shared by Viral Bhayani (@viralbhayani)
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