मंडला में पर्यटन सुविधाएं बढ़ाने के लिए बुधवार को 4.18 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया गया। नेहरू उद्यान में 1.90 करोड़ रुपए से बोट क्लब और कैफेटेरिया बनाया जाएगा, जबकि सहस्त्रधारा में 2.28 करोड़ रुपए के विकास और सौंदर्यीकरण कार्यों का लोकार्पण हुआ। पर्यटन से रोजगार बढ़ने की उम्मीद नेहरू उद्यान में निर्माण कार्य का भूमिपूजन मंत्री संपतिया उइके ने सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते की मौजूदगी में किया। मंत्री उइके ने कहा कि नर्मदा नदी, प्राकृतिक सुंदरता और जनजातीय संस्कृति मंडला की पहचान हैं। पर्यटन बढ़ने से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। सांसद कुलस्ते ने कहा कि पर्यटन से स्थानीय व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
'मैं ट्रैवल एजेंट नहीं हूं', राहुल गांधी की विदेश यात्रा के सवाल पर बोले शशि थरूर
राहुल गांधी की विदेश यात्रा पर पत्रकारों के सवाल पर शशि थरूर ने कहा कि वह ट्रैवल एजेंट नहीं हैं।
सिंगापुर में ITB एशिया 2026 में मध्य प्रदेश अपनी विरासत, वन्यजीव, आध्यात्मिक स्थलों और VR अनुभवों को ग्लोबल खरीदारों और ट
Travel Tips: नवंबर के महीनें में घूम आए आप भी इन खूबसूरत सी जगहों पर
इंटरनेट डेस्क। अक्टूबर का महीना चल रहा हैं और नवंबर में दिवाली का त्योहार भी आने वाला है। ऐसे में आप भी अगर इस त्योहार के मौसम में घूमने जाने का सोच रहे हैं तो फिर ये खबर आपके लिए काम की हैं। जी हां आज हम आपको यह बता रहे हैं कि आप घूमने के लिए कहा जा सकते है। यहां आकर आपको मजा ही आ जाएगा। अरुणाचल प्रदेश का जीरो आप घूमने के लिए अरुणाचल प्रदेश के ज़ीरो शहर जा सकते हैं। अक्तूबर में यहां की खूबसूरती अलग ही दिखती हैं। अगर आप शांति और सुकून की तलाश कर रहे हैं तो आप यहां घूमने जा सकते हैं। साथ ही साथ आपको वादियां पसंद हैं तो फिर आपका तो दिन बन जाएगा। लाचेन आप चाहे तो लाचेन का प्लान भी बना सकते है। यह एक बहुत ही खूबसूरत जगह है। इस शहर के चारों ओर बर्फीली घाटियां हैं। यहां की प्राकृतिक सुंदरता आपका मन मोहने के लिए काफी है। pc- danik bhaskar
Travel Tips: Dussehra पर रावण दहन नहीं, Bisrakh और Baijnath जैसे गांवों में होती है पूजा
भारत देश में आपको कई ऐसे अनोखे गांव मिल जाएंगे, जिनकी रहस्यमयी कहानियां सुनकर लोग हैरान रह जाते हैं। भारत अपनी अनोखी परंपराओं और प्राचीन मान्यताओं के लिए विदेशों में भी फेमस है। यहां पर आपको कदम-कदम पर इतिहास के अलग-अलग रंग देखने को मिल जाएंगे। वहीं दशहरे के मौके पर रावण, कुंभकरण और मेघनाद जैसे दानवों के पुतले जलाए जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में कुछ ऐसे गांव भी हैं, जहां पर रावण दहन नहीं बल्कि उनकी पूजा-अर्चना की जाती है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको इन अनोखे गांव के बारे में बताने जा रहे हैं। बैजनाथ, कांगड़ा हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित बैजनाथ में रावण ने घोर तपस्या करके भगवान शिव को प्रसन्न किया था। यहीं पर रावण ने महादेव को अपने 10 सिर अर्पित किए थे। वहीं दशानन की अटूट भक्ति की वजह से यहां के स्थानीय लोग रावण को महादेव का परम भक्त मानते हैं। यहां पर दशहरे के मौके पर रावण दहन की बजाय लोग दीपक जलाकर पूजा करते हैं। इसे भी पढ़ें: भारत-तिब्बत सीमा पर 3,450 मीटर ऊंचाई पर बसा है Chitkul, Kinnaur के इस गांव का रास्ता बिसरख गांव उत्तर प्रदेश के बिसरख गांव का नाम लंकापति रावण के पिता महर्षि विश्रवा के नाम पर पड़ा था। इसलिए इस गांव के लोग दशानन को अपना बेटा मानते हैं। यही वजह है कि यहां पर कभी रामलीला का आयोजन नहीं होता है और न ही दशहरा के मौके पर रावण दहन किया जाता है। इस गांव में दशहरा के दिन शोक का माहौल रहता है। वहीं रावण की आत्मा की शांति के लिए विशेष पूजा भी की जाती है। मंदसौर मध्य प्रदेश के मंदसौर के स्थानीय लोग दशानन रावण को अपने क्षेत्र का दामाद मानते हैं। इस जगह का प्राचीन नाम 'दशपुर' था। जिसको रावण की पत्नी मंदोदरी का मायका माना जाता है। मंदसौर के खानपुरा में दशहरे के दिन रावण दहन नहीं किया जाता है। वहीं महिलाएं जब रावण की प्रतिमा के सामने से गुजरती है, तो दामाद होने के नाते उसके सम्मान में घूंघट निकालती हैं। बस्तर और दक्षिण भारत मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में गोंड और बैगा आदिवासी समुदाय के लोग ताड़का को अपनी रक्षक और कुलदेवी के रूप में मानते हैं। वहीं कर्नाटक के कोलार और मांड्या जिले में भी ऐसे गांव हैं, जहां पर ताड़का की शक्तियों और रावण के ज्ञान का आदर किया जाता है। यहां के निवासी दीपक जलाकर उनकी पूजा करते हैं। कैसे पहुंचे इन अनोखे गांवों तक बता दें कि इस सभी जगहों पर आप ट्रेन या फ्लाइट के जरिए पहुंच सकती हैं। नजदीकी रेलवे स्टेशन या एयरपोर्ट पर पहुंचते ही आप कई लोकल टैक्सी या कैब आसानी से मिल जाएंगी। जिससे आप इन गांवों तक पहुंच सकती हैं।
इस अनोखी ट्रेन में मिलता है रोलर कोस्टर जैसा जबरदस्त एडवेंचर
दुनिया भर में सफर करने के शौकीन और एडवेंचर लवर्स हमेशा कुछ ऐसा तलाशते रहते हैं जो आम पटरियों से हटकर हो और रोंगटे खड़े कर देने वाला अनुभव दे। अगर आप भी ट्रेवलिंग के दौरान सिर्फ साधारण नजारों से ऊब चुके हैं और कुछ ऐसा देखना चाहते हैं जो किसी फिल्मी रोमांच से कम न हो, तो यह खबर आपके लिए ही है। दुनिया में एक ऐसी अनोखी और जादुई ट्रेन मौजूद है जो यात्रियों को किसी आम रेल यात्रा की बजाय एक असली 'रोलर कोस्टर' जैसा रोमांचक और सांसें थाम देने वाला अनुभव कराती है। ऑस्ट्रिया की खूबसूरत वादियों में दौड़ने वाली यह नैरो-गेज ट्रेन जब बर्फीले पहाड़ों, गहरी घाटियों, घुमावदार मोड़ों और ऐतिहासिक सुरम्य वादियों के बीच से गुजरती है, तो यात्रियों का दिल खुशी और रोमांच से झूम उठता है। ब्लू माउंटेन्स के नीले आसमान तले फैले जंगलों से लेकर रहस्यमयी डायनासोर वैली तक का यह सफर दुनिया के सबसे बेहतरीन और रोमांचक रेल रूट्स में शुमार किया जाता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि कौन सी है यह ट्रेन, कहां चलती है और इसकी क्या खास बातें हैं जो इसे दुनिया भर के पर्यटकों के बीच सबसे अलग बनाती हैं।ऑस्ट्रिया की प्रसिद्ध मारियाजेलर बान ट्रेन और इसका ऐतिहासिक रोमांचक सफरहम जिस अद्भुत ट्रेन की बात कर रहे हैं, उसका नाम 'मारियाजेलर बान' (Mariazellerbahn) है, जो मध्य यूरोप के खूबसूरत देश ऑस्ट्रिया में संचालित होती है। यह कोई साधारण एक्सप्रेस ट्रेन नहीं है, बल्कि यह एक ऐतिहासिक माउंटेन रेलवे है जो अपनी इंजीनियरिंग और प्राकृतिक सुंदरता के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। इस ट्रेन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह अल्पाइन पर्वतों की सबसे कठिन और दुर्गम पहाड़ियों के बीच से होकर गुजरती है। जब यह ट्रेन पटरियों पर दौड़ती है, तो इसके तीखे मोड़, ढलान और ऊंचाई पर चढ़ने का अंदाज बिल्कुल किसी थ्रिलर रोलर कोस्टर राइड जैसा अहसास कराता है। ट्रेन की खिड़कियों से बाहर झांकने पर ऐसा प्रतीत होता है मानो आप बादलों के बीच किसी जादुई दुनिया की सैर कर रहे हैं। ऑस्ट्रिया की यह हेरिटेज ट्रेन पर्यटकों को न केवल एक जगह से दूसरी जगह ले जाती है, बल्कि उन्हें प्रकृति के सबसे क्रूर और सुंदर रूपों से रूबरू कराती है, जिसे देखकर कोई भी मंत्रमुग्ध हो जाए।ब्लू माउंटेन्स की घाटियां और रहस्यमयी डायनासोर वैली के बीच गुजरता है ट्रैकइस रेल यात्रा के दौरान आने वाले प्राकृतिक दृश्य किसी पेंटिंग जितने खूबसूरत और सजीव लगते हैं। ट्रेन जब ऑस्ट्रिया के प्रसिद्ध ब्लू माउंटेन्स (Blue Mountains) के इलाके से गुजरती है, तो वहां की नीली धुंध और विशाल पहाड़ यात्रियों का मन मोह लेते हैं। इसके बाद इस यात्रा का सबसे रोमांचक और रहस्यमयी पड़ाव वह क्षेत्र आता है जिसे स्थानीय लोग और पर्यटक 'डायनासोर वैली' के नाम से जानते हैं। इस घाटी की भौगोलिक बनावट, प्राचीन चट्टानें और गहरे नाले इस बात की गवाही देते हैं कि यह क्षेत्र प्रागैतिहासिक काल से जुड़ा रहा है। इस वैली से गुजरते वक्त ट्रेन की रफ्तार और पटरियों की घुमावदार बनावट मिलकर ऐसा रोमांच पैदा करती है जो किसी भी एडवेंचर प्रेमी के रोंगटे खड़े कर सकता है। जंगलों के बीच से निकलती हुई यह रेलगाड़ी जब दर्जनों पुरानी सुरंगों और ऊंचे-ऊंचे पुलों को पार करती है, तो हर एक सेकंड एक नया कौतूहल पैदा करता है।आधुनिक तकनीक और पुरानी विरासत का मेल, दुनिया भर के पर्यटकों की है पहली पसंदमारियाजेलर बान ट्रेन केवल अपने रास्तों के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी आधुनिक सुविधाओं और ऐतिहासिक बोगी के बेहतरीन संयोजन के लिए भी जानी जाती है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस ऐतिहासिक रूट पर अब आधुनिक और पैनोरमिक खिड़कियों वाले कोच भी शामिल कर दिए हैं, ताकि पर्यटक बिना किसी रुकावट के चारों तरफ के खूबसूरत नजारों का आनंद ले सकें। फोटोग्राफी के शौकीनों और व्लॉगर्स के लिए यह रूट किसी जन्नत से कम नहीं है। यदि आप भी भविष्य में कभी यूरोप यात्रा की योजना बनाते हैं और अपनी इस बकेट लिस्ट में किसी हटके एडवेंचर को शामिल करना चाहते हैं, तो ऑस्ट्रिया की इस मारियाजेलर बान ट्रेन का सफर करना आपके जीवन के सबसे यादगार अनुभवों में से एक साबित होगा। रोलर कोस्टर जैसे झटकों और ब्लू माउंटेन्स की शीतलता के बीच बिताया गया यह वक्त आपके जेहन में हमेशा के लिए अमर हो जाएगा।
गौतम बुद्ध नगर के सांसद व पूर्व केंद्रीय पर्यटन व संस्कृति मंत्री डॉ महेश शर्मा आज अयोध्या और बस्ती के दौरे पर हैं। वे सुबह 10:40 पर महर्षि वाल्मीकि एयरपोर्ट पहुचेंगे।यहा भाजपा के नेता उनका स्वागत करेंगे।इसके बाद वे पार्टी नेताओं के साथ कार द्वारा बस्ती के लिए रवाना होंगे। डॉ महेश शर्मा भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी की दिवंगत मां को श्रद्धांजलि देंगे। वहां से लौटकर अयोध्या में राम मंदिर में दर्शन पूजन करेंगे। इसके बाद डॉ महेश शर्मा शाम 4:30 बजे महर्षि वाल्मीकि एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
ताजिकिस्तान के स्टैटिस्टिकल कॉलेज ऑफ वंदत सिटी में प्रो. अनुकृति शर्मा ने सांख्यिकी छात्रों को पर्यटन और यात्रा क्षेत्र में रोजगार के अवसरों की जानकारी दी।
व्यापार बढ़ेगा, शिक्षा और पर्यटन के क्षेत्र में होंगे फायदे
मंगलवार को ताड़ोकी-रावघाट रेल लाइन के शुभारंभ के साथ ही क्षेत्रवासियों को रावघाट से रायपुर के बीच पहली बार 12 बोगी वाली नई मेमू ट्रेन की बड़ी सौगात मिलने जा रही है। दोपहर 1:30 बजे रायपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 7 और रावघाट स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (दिल्ली से) और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय (रायपुर से) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस नई रेल सेवा का शुभारंभ करेंगे। डीआरएम दयानंद ने बताया कि उद्घाटन के बाद यह स्पेशल ट्रेन रावघाट से रवाना होकर दल्लीराजहरा और बालोद होते हुए रायपुर पहुंचेगी। बुधवार से ट्रेन अपने निर्धारित समय सारणी के अनुसार नियमित रूप से चलेगी। रेलवे द्वारा तय दरों के अनुसार रावघाट से रायपुर (219 किमी) का किराया 55 रूपए होगा। रायपुर से रावघाट: दोपहर 1.20 बजे रायपुर से चलेगी, शाम 4.06 बजे बालोद पहुंचेगी और मात्र 2 मिनट के ठहराव के बाद 4.40 बजे दल्ली राजहरा पहुंचेगी। वहां से यह ट्रेन 4.45 बजे छूटेगी और 7 बजे रावघाट पहुंचेगी। बालोद और दल्ली राहजरा के थोक व खुदरा व्यापारियों का सीधा संपर्क भानुप्रतापपुर और रावघाट क्षेत्र के हाट-बाजारों से जुड़ेगा। वनोपज और स्थानीय उत्पादों की आवाजाही आसान होगी, जिससे दोनों ओर के स्थानीय कारोबार को बड़ा सहारा मिलेगा। दुर्ग-भिलाई, रायपुर प्रदेश के प्रमुख एजुकेशन हब माने जाते हैं। रावघाट व अंदरूनी इलाकों के साथ बालोद जिले के छात्र-छात्राएं अब उच्च शिक्षा और कोचिंग के लिए इन शहरों तक आसानी से आ-जा सकेंगे। साथ ही, भिलाई स्टील प्लांट और रावघाट माइंस प्रोजेक्ट से जुड़े कर्मचारियों व तकनीशियनों के लिए सुरक्षित सफर का रास्ता साफ होगा। बालोद, बस्तर और कांकेर क्षेत्र की प्राकृतिक वादियों, जलप्रपातों और ऐतिहासिक धरोहरों तक रायपुर-दुर्ग-भिलाई के सैलानियों की पहुंच अब सीधी और सुरक्षित हो सकेगी। रावघाट से रायपुर: सुबह 6.30 बजे रावघाट से छूटेगी, और 8.02 बजे दल्ली राजहरा पहुंचेगी। यहां 5 िमनट के स्टॉपेज के बाद आगे 8.28 बजे बालोद पहुंचेगी। बालोद में मात्र 2 िमनट रूकने के बाद दुर्ग- भिलाई होते रायपुर के लिए रवाना होगी। यह ट्रेन दोपहर 1.05 बजे रायपुर पहुंचेगी।
Travelers Q3 Results: अंतरराष्ट्रीय बिजनेस में 12% उछाल, अमेरिका में सुस्ती
कंपनी ने Q3 में 1.947 अरब डॉलर की मुख्य आय दर्ज की, लेकिन अमेरिका में वाणिज्यिक बीमा दरों की रफ्तार धीमी पड़ी।
Travel Tips: दोस्तों के साथ आप भी जा सकते हैं नवंबर में घूमने के लिए इन खूबसूरत जगहों पर
इंटरनेट डेस्क। आप भी दोस्तों के साथ में नंवबर में घूमने जाने की प्लानिंग कर रहे है तो फिर आज ही इसकी तैयारी करनी चाहिए। आपको इस बार घूमने के लिए अभी टिकट बुक करवा देनी चाहिए। इसका कारण यह है आपको नवंबर के महीने में यहा भीड़ भी ज्यादा मिलेगी। ऐसे में आप तो आज ही जाने की तैयारी करले। मनाली इस बार आप देश के फेमस टूरिस्ट स्पॉट्स मनाली घूमने के लिए दोस्तों के साथ जा सकते है। यहां घूमने के लिए नवंबर का महीना बेस्ट होता है। ऐसा इसलिए की आमतौर पर सर्दियों में बर्फबारी का लुत्फ उठाने के लिए लाखों की तादाद में पर्यटक मनाली का रुख करते हैं। अमृतसर इसके अलावा आप चाहे तो पंजाब के मशहूर पर्यटन स्थलों में से एक अमृतसर भी आ सकते है। नवंबर में अमृतसर को एक्सप्लोर करना बेस्ट माना जाता है। इस दौरान आप यहां कई ऐतिहासिक इमारतों के साथ साथ गोल्डन टेंपल भी देख सकते है। pc- triptometer.com
VTR में पर्यटन सत्र के पहले दिन ही उमड़ी पर्यटकों की भारी भीड़
बिहार के इकलौते और प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) से वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों के लिए बेहद उत्साहजनक और रोमांचित करने वाली खबर सामने आ रही है। पर्यटकों के लंबे इंतजार के बाद जैसे ही इस नए सत्र के लिए वीटीआर के गेट सैलानियों के लिए खोले गए, वैसे ही प्रकृति की गोद में समाए इस रिजर्व में देश के कोने-कोने से पहुंचे पर्यटकों का तांता लग गया। सत्र के पहले ही दिन जंगल सफारी और नेचर ट्रेल का आनंद लेने के लिए भारी संख्या में पर्यटक पहुंचे, जिससे पूरे वन परिसर में एक अलग ही रौनक देखने को मिली। सबसे खास बात यह रही कि पहले ही दिन कई पर्यटकों को जंगल के राजा कहे जाने वाले रॉयल बंगाल टाइगर (बाघ), तेंदुए, जंगली सुअर और हिरणों के झुंड के बेहद करीब से दीदार हुए, जिन्हें देखकर सैलानी खुशी से झूम उठे और उनके चेहरे पर एक अलग ही रोमांच साफ झलक रहा था।मानसून ब्रेक के बाद पर्यटकों के लिए खुले वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के दरवाजेहर साल मानसून के मौसम (बरसात के दिनों) में वन्यजीवों के प्रजनन काल और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए देश के अधिकांश टाइगर रिजर्व की तरह वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में भी पर्यटकों की एंट्री और जंगल सफारी पर कुछ महीनों के लिए प्रतिबंध लगा दिया जाता है। इस दौरान जंगल अपनी प्राकृतिक रिकवरी करता है और घास-फूस तथा जल स्रोतों का विकास होता है। इस साल भी मानसून की समाप्ति के बाद प्रशासनिक तैयारियों को पूरा करते हुए जैसे ही वीटीआर के कपाट पर्यटकों के लिए दोबारा खोले गए, वैसे ही टूरिज्म इंडस्ट्री और स्थानीय कारोबारियों ने राहत की सांस ली। पहले दिन पर्यटकों के स्वागत के लिए वन विभाग के अधिकारियों ने विशेष इंतजाम किए थे, जिसमें पर्यटकों को पर्यावरण संरक्षण और जंगल के नियमों के बारे में जागरूक करने के साथ-साथ उनका पारंपरिक स्वागत भी शामिल था।पहले ही दिन पर्यटकों को मिले बाघ और वन्यजीवों के शानदार दीदारजंगल सफारी के दौरान पर्यटकों का सबसे बड़ा सपना किसी जंगली जानवर, खासकर बाघ को अपनी आंखों से देखने का होता है। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व इस मामले में बहुत भाग्यशाली साबित हुआ क्योंकि सत्र के पहले ही दिन जब जिप्सियां जंगलों के अंदरूनी रास्तों (जैसे गोनौली और मंगुराहा रेंज) की ओर बढ़ीं, तो कई भाग्यशाली पर्यटकों को बाघिन और उसके शावकों की कलकारी देखने को मिल गई। इसके अलावा खुले में दौड़ते हुए चीतल, सांभर, भालू और विभिन्न प्रजातियों के रंग-बिरंगे पक्षियों को देखकर सैलानियों ने अपने कैमरों और मोबाइल में इन पलों को हमेशा के लिए कैद कर लिया। पर्यटकों का कहना था कि उन्होंने जितनी उम्मीद की थी, उससे कहीं अधिक रोमांचक अनुभव उन्हें वीटीआर के पहले ही दिन मिल गया, जो उनके पूरे परिवार के लिए एक यादगार ट्रिप बन गया है।स्थानीय रोजगार और पर्यटन को मिल रही है एक नई रफ्तारवाल्मीकि टाइगर रिजर्व में पर्यटकों की यह भारी भीड़ केवल वन्यजीव प्रेमियों के लिए ही खुशी की बात नहीं है, बल्कि यह पश्चिम चंपारण क्षेत्र के स्थानीय लोगों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए भी बहुत बड़ा वरदान साबित हो रही है। वीटीआर के खुलने से स्थानीय युवाओं के लिए जिप्सियां चलाने, गाइडिंग करने, होमस्टे संचालित करने और पारंपरिक हस्तशिल्प बेचने के नए अवसर पैदा होते हैं। वन विभाग और जिला प्रशासन भी लगातार यह प्रयास कर रहा है कि यहां आने वाले पर्यटकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिल सकें ताकि वे बिना किसी परेशानी के प्रकृति का आनंद उठा सकें। इको-टूरिज्म (Eco-Tourism) को बढ़ावा मिलने से न केवल स्थानीय निवासियों की आजीविका चलती है, बल्कि जंगलों और वन्यजीवों के संरक्षण के प्रति स्थानीय लोगों की जागरूकता भी तेजी से बढ़ती है।इस सीजन वीटीआर आने का बना रहे हैं प्लान, तो इन बातों का रखें विशेष ध्यानयदि आप भी आने वाले छुट्टियों के दिनों में या विंटर सीजन में वाल्मीकि टाइगर रिजर्व घूमने का मन बना रहे हैं, तो यह समय वहां जाने के लिए सबसे उत्तम माना जाता है। इस दौरान यहां का मौसम सुहाना होता है और सुबह-शाम की ठंडक जंगल की सैर के मजे को दोगुना कर देती है। हालांकि, पर्यटकों की भारी मांग को देखते हुए वन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन जिप्सारी सफारी की बुकिंग पहले ही कर लेना समझदारी होगी। साथ ही, जंगल के भीतर प्रवेश करते समय प्लास्टिक के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध और वन विभाग के सभी नियमों का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य है। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व का यह शानदार आगाज इस बात की गवाही देता है कि इस बार का पर्यटन सत्र इतिहास के सबसे सफल सत्रों में से एक होने वाला है।
Travel Tips: राजस्थान के Bera में लें बजट Night Safari और Jawai Dam का अद्भुत आनंद
राजस्थान अपने रेतीले टीले और ऐतिहासिक महलों के लिए जाना जाता है। अक्सर लोग छुट्टियां मिलने पर राजस्थान की फेमस जगहों पर घूमने के लिए निकल जाते हैं। लेकिन कुछ ज्यादा फेमस जगहों पर पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। ऐसे में अगर आप सुकून के पल बिताने के साथ नाइट जंगल सफारी का मजा लेना चाहती हैं। तो आपको राजस्थान के पाली जिले में बसा छोटा सा कस्बा 'बेरा' जाना चाहिए। यह जगह आपके लिए बेस्ट डेस्टिनेशन साबित हो सकता है। राजस्थान की खास जगह यह इलाका जवाई बांध और अरावली की ग्रेनाइट पहाड़ियों के आसपास फैला हुआ है। जोकि पूरे देश में तेंदुओं की आबादी के लिए जाना जाता है। जैसलमेर या जोधपुर के महंगे टूर पैकेजों की जगह आप बजट में बेहतरीन नाइट जंगल सफारी का एक्सपीरियंस लेने के लिए राजस्थान की इस फेमस जगह बेरा जा सकती हैं। इसे भी पढ़ें: लुधियाना में है मां महागौरी का यह सिद्ध शक्तिपीठ मंदिर, महाअष्टमी पर करें दर्शन; जानें कैसे पहुंचे और क्या है खास? नाइट जंगल सफारी अक्सर लोग महंगे नेशनल पार्कों और कोर टाइगर रिजर्व्स में जाते हैं। लेकिन इसकी जगह बेरा में सफारी का एक अगल ही मजा है। यहां पर बाकी जगहों की तुलना में काफी कम खर्च होगा और आपकी ट्रिप यादगार बन सकती है। जैसलमेर या रणथंभौर की महंगी सफारी के चक्कर में पड़ने की जगह बेरा में स्थानीय गाइडों के साथ खुली जीप में आसानी से नाइट सफारी प्लान कर सकती हैं। यहां पर सरकारी सफारी की एडवांस बुकिंग को लेकर परेशान नहीं होना होगा। होमस्टे और कैंपिंग जब आप जोधपुर या जैसलमेर जैसी जगहों पर जाती हैं, तो यहां पर आप महंगे हेरिटेज होटल की बजाय बेरा और उसके आसपास के गांवों में होमस्टे में रुक सकते हैं। यब आपको आसानी से बजट में मिल जाएंगे। होमस्टे में आपको 800 से 1,500 रुपए तक में रहने के लिए अच्छे कमरे मिल जाएंगे। यहां आप रात में कैंपफायर का मजा लेने के साथ-साथ पारंपरिक राजस्थानी भोजन का स्वाद ले सकते हैं। देखें जवाई बांध और प्राकृतिक नजारे रात के समय सफारी के दौरान आपको तेंदुए के अलावा जंगल कैट, लोमड़ी, सियार और लकड़बग्घा जैसे जानवर देखने को मिल सकते हैं। जानवरों के अलावा आप बेरा के बेहद खूबसूरत प्राकृतिक नजारों का भी लुत्फ उठा सकती हैं। इस इलाके में फेमस जलाशय 'जवाई बांध' भी है। यहां पर आपको सैकड़ों मगरमच्छ पानी के किनारे धूप सेंकते दिख जाएंगे। ऐसे पहुंचे राजस्थान के बेरा गांव यहां पहुंचने का सबसे नजदीकी हवाई अड्डा उदयपुर महाराणा प्रताप एयरपोर्ट है। जोकि करीब 150 किमी दूर है। वहीं जोधपुर एयरपोर्ट करीब 170 किमी दूर है। इसके अलावा यहां का नजदीकी रेलवे स्टेशन 'जवाई बांध' और 'फालना' है। यहां से आपको सीधी टैक्सी या बसें मिल जाएंगी।
दीपावली पर उदयपुर का जलवा, देश के टॉप-10 पर्यटन स्थलों में मिला दूसरा स्थान; झीलों और महलों की खूबसूरती बनी आकर्षण
अंतरराष्ट्रीय राखीगढ़ी महोत्सव 2026 में सोमवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी हिसार पहुंचे। उनके आगमन के साथ महोत्सव की गतिविधियों को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। मुख्यमंत्री के साथ पर्यटन मंत्री अरविंद शर्मा, हांसी के विधायक विनोद भ्याणा, नलवा विधायक रणधीर पनिहार, भाजपा जिला अध्यक्ष अशोक सैनी सहित बड़ी संख्या में भाजपा नेता मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने राखीगढ़ी संग्रहालय का अवलोकन कर यहां की ऐतिहासिक विरासत और प्राचीन सभ्यता से जुड़ी जानकारियां हासिल कीं। इसके बाद उन्होंने महोत्सव स्थल पर लगाई गई विभिन्न प्रदर्शनी स्टॉलों का निरीक्षण किया। संग्रहालय में देखी प्राचीन सभ्यता की विरासत मुख्यमंत्री ने राखीगढ़ी संग्रहालय का अवलोकन कर इस ऐतिहासिक स्थल की पुरातात्विक महत्ता को करीब से देखा। राखीगढ़ी हड़प्पा सभ्यता के प्रमुख स्थलों में शामिल है और इसकी ऐतिहासिक पहचान देश-विदेश के शोधकर्ताओं तथा पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रही है। महोत्सव के माध्यम से इस प्राचीन विरासत को व्यापक स्तर पर प्रदर्शित करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदर्शनी स्टॉलों के अवलोकन के दौरान मुख्यमंत्री ने महोत्सव में प्रस्तुत विभिन्न गतिविधियों को भी देखा। कुश्ती दंगल में पहलवानों से की मुलाकात महोत्सव में आयोजित कुश्ती दंगल ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दंगल में पहुंचकर पहलवानों से मुलाकात की और उनका उत्साह बढ़ाया। इस दौरान उन्होंने विक्की हुड्डा, मिर्चपुर और राहुल दादरी के बीच होने वाले कुश्ती मुकाबले की शुरुआत करवाई। मुख्यमंत्री की मौजूदगी से दंगल में पहुंचे खेल प्रेमियों और ग्रामीणों में उत्साह नजर आया। कुश्ती जैसे पारंपरिक खेल हरियाणा की खेल संस्कृति और ग्रामीण परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इतिहास, संस्कृति और खेल का संगम बना महोत्सव अंतरराष्ट्रीय राखीगढ़ी महोत्सव प्राचीन हड़प्पाकालीन सभ्यता, पुरातात्विक धरोहर और हरियाणा की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को एक मंच पर प्रस्तुत कर रहा है। संग्रहालय के अवलोकन, प्रदर्शनी स्टॉलों और कुश्ती दंगल जैसी गतिविधियों के जरिए आगंतुकों को राखीगढ़ी के ऐतिहासिक महत्व के साथ क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान देखने का अवसर मिल रहा है। मुख्यमंत्री के दौरे से महोत्सव को विशेष महत्व मिला है।
धर्मशाला में रविवार को निजी होटलों में 40 फीसदी और एचपीटीडीसी के होटलों में 60 फीसदी ऑक्यूपेंसी दर्ज की गई। दीपावली और दुर्गा पूजा की छुट्टियों के दौरान बुकिंग बढ़ने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को उज्जैन में सिंहस्थ कुंभ की तैयारियों और चल रहे कार्यों की समीक्षा की। वे सुबह करीब 11:30 बजे सिंहस्थ मेला कार्यालय में बैठक लेने पहुचे। समीक्षा बैठक में प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, सिंहस्थ मेला प्राधिकरण अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल, नगर निगम अध्यक्ष कलावती यादव, कमिश्नर आशीष सिंह, एडीजी राकेश गुप्ता, डीआइजी नवनीत भसीन, कलेक्टर रोशन सिंह सहित आला अधिकारी मौजूद रहे। सीएम ने सिंहस्था के चल रहे कार्यो का प्रजेंटेशन देखा, इस दौरान उन्होंने सभी कार्यों को तय समय पर और गुन्वात्तापूर्ण पूरा करने के निर्देश दिए। सीएम ने बैठक के बाद प्रदेशवासियों को दशहरा पर्व पर की शुभकामना देते हुए कहा कि आज सिंहस्थ कार्यो की समीक्षा की है। करीब 30 करोड़ लोगो के लिए उज्जैन स्थाई कार्य किये जा रहे है , ताकि मेले के बाद भी शहर वासियो को सुविधा मिलती रहे। महाकाल लोक के बाद बीते तीन वर्षो में ही उज्जैन में धर्मिक पर्यटन 16 गुना बढ गया है। सीएम ने कहा कि उज्जैन में बनने वाले एयरपोर्ट सहित अन्य कार्यी की समीक्षा की गई है और अब कार्यो की हर महीने समीक्षा की जाएगी। पहले भी दो बार कर चुके बैठक मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इससे पहले भी उज्जैन में सिंहस्थ कुंभ को लेकर दो बार बैठक कर चुके हैं। सोमवार को होने वाली बैठक में सीएस, एसीएस और उज्जैन के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बड़नगर में कार्यक्रमों में हुए शामिल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को उज्जैन आए थे। इस दौरान वे बड़नगर में भूमि पूजन और लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल हुए। शाम को उज्जैन पहुंचने के बाद उन्होंने महाअष्टमी पर्व पर मां नगरकोट महारानी माता मंदिर में दर्शन किए। मुख्यमंत्री ने माता का पूजन-अर्चन कर आरती की। इसके बाद वे शहर के विभिन्न गरबा पंडालों में भी गए।
सरकार ने जम्मू-कश्मीर के 25 शहरों और कस्बों के मास्टर प्लान को चालू वित्त वर्ष के अंत तक अंतिम रूप देने का लक्ष्य रखा है। हालांकि, जम्मू मास्टर प्लान की समीक्षा अंतिम चरण में है।
भारत घूमने आने से डर रही थी विदेशी महिला ट्रैवलर, बोली- जीवनभर याद रहेगा ये अनुभव
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फिरोजाबाद में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत रविवार को सिरसागंज में सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया गया। इसमें 111 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधे। इनमें 93 जोड़ों का विवाह हिंदू रीति-रिवाज से हुआ, जबकि 18 जोड़ों का निकाह मुस्लिम परंपरा के अनुसार कराया गया। रविवार दोपहर 2 बजे पहुंचे पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने नवदंपतियों को आशीर्वाद दिया और उनके सुखद दांपत्य जीवन की कामना की। गरीब परिवारों की बेटियों की शादी में मदद कर रही सरकार मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह में सहयोग कर रही है। सामूहिक विवाह योजना से जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक मदद मिल रही है। इससे बेटियों को नए जीवन की शुरुआत करने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि कन्यादान भारतीय संस्कृति की महत्वपूर्ण परंपरा है। सरकार अभिभावक की भूमिका निभाते हुए गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह में सहायता कर रही है। प्रति जोड़े एक लाख रुपये की सहायता का प्रावधान मंत्री ने बताया कि योजना के तहत प्रति जोड़े के विवाह पर एक लाख रुपये की सहायता का प्रावधान है। इसमें विवाह सामग्री और उपहार, आयोजन की व्यवस्था तथा वधू के बैंक खाते में दी जाने वाली धनराशि शामिल है। यह सहायता नवदंपतियों को गृहस्थ जीवन शुरू करने में मदद करती है। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने दी शुभकामनाएं कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी शत्रोहन वैश्य और भाजपा जिलाध्यक्ष उदय प्रताप सिंह ने भी नवदंपतियों को शुभकामनाएं दीं। समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष, स्थानीय जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन के अधिकारी और समाज कल्याण अधिकारी राजमती मौजूद रहीं। परियोजना निदेशक सुभाष चंद्र त्रिपाठी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार समेत अन्य अधिकारियों ने भी नवविवाहित जोड़ों के सुखी और समृद्ध जीवन की कामना की।
‘विंध्य त्रिकोण’ से यूपी में शक्तिपीठ पर्यटन को मिल रही रफ्तार, दो साल में 60 प्रतिशत बढ़े श्रद्धालु
मीरजापुर, 18 अक्टूबर . विंध्याचल में धार्मिक पर्यटन का दायरा मां विंध्यवासिनी मंदिर से आगे बढ़कर संपूर्ण ‘विंध्य त्रिकोण’ तक विस्तारित हो रहा है. मां विंध्यवासिनी, मां काली…
'विंध्य त्रिकोण' से यूपी में शक्तिपीठ पर्यटन को मिल रही रफ्तार, दो साल में 60 प्रतिशत बढ़े श्रद्धालु
'विंध्य त्रिकोण' से यूपी में शक्तिपीठ पर्यटन को मिल रही रफ्तार, दो साल में 60 प्रतिशत बढ़े श्रद्धालु
पानीपत के सेक्टर 13-17 स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में लिव-इन पार्टनर के साथ रह रहे टूर एंड ट्रैवल संचालक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने उसके साथ लिव-इन में रह रही गर्लफ्रेंड पर जहरीला पदार्थ देने का आरोप लगाया है। बताया जा रहा है कि ट्रैवल कंपनी संचालक को रात के समय गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। शव निजी अस्पताल के शवगृह में रखा है। पत्नी से 8 साल पहले तलाक लेने के बाद वो गर्लफ्रेंड के साथ लिव-इन में रह रहा था। उसकी एक बेटी भी है। पिता के मुताबिक, उन्हें सुबह पड़ोसी ने फोन कर बेटे की मौत की सूचना दी। उधर, पुलिस ने पिता की शिकायत के बाद केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रात को अस्पताल लेकर पहुंची गर्लफ्रेंड और अन्य लोग परिजनों के मुताबिक, लोकेश (33) की मौत शनिवार रात हुई। उसे गंभीर हालत में पानीपत के निजी अस्पताल ले जाया गया था। पिता राज को सुबह पड़ोसी से सूचना मिली कि उनके बेटे की जहर से मौत हो गई है। इसके बाद वह अस्पताल पहुंचे। पिता का कहना है कि वहां पता चला कि बेटे के साथ रह रही महिला और कुछ अन्य लोग लोकेश को अस्पताल लेकर आए थे। पिता ने गर्लफ्रेंड पर लगाया जहर देने का आरोप राज ने बेटे की मौत के लिए उसके साथ रह रही गर्लफ्रेंड को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने इस संबंध में पुलिस को शिकायत दी है और कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, गर्लफ्रेंड पर लगाए गए आरोपों की अभी पुष्टि नहीं हुई है। मौत की असल वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। 8 साल पहले पत्नी से तलाक हुआ था परिजनों के अनुसार, लोकेश मूल रूप से नूरवाला का रहने वाला था और टूर एंड ट्रैवल का काम करता था। उसकी शादी करीब 12 साल पहले हुई थी। उसकी 10 साल की बेटी है, जो नूरवाला में अपने दादा-दादी के साथ रहती है। परिजनों के मुताबिक, करीब 8 साल पहले पत्नी से तलाक होने के बाद लोकेश अलग रहने लगा था। वह पिछले कई साल से सेक्टर 13-17 की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में महिला के साथ रह रहा था। शवगृह पहुंचे DSP-SHO, जांच जारी मामले की जानकारी मिलने के बाद DSP मुकेश जाखड़ और सेक्टर 13-17 थाना प्रभारी दीपक शवगृह पहुंचे। वहां परिजनों और पुलिस के बीच बातचीत हुई। परिजन शव के पोस्टमॉर्टम का इंतजार कर रहे हैं। अब पोस्टमॉर्टम और पुलिस जांच के बाद मौत का कारण साफ हो पाएगा।
पश्चिम रेलवे का बड़ा फैसला: उधना-जयनगर की 3 अनारक्षित स्पेशल ट्रेनों के बदले मार्ग और गंतव्य
पश्चिम रेलवे ने उधना-जयनगर की तीन अनारक्षित स्पेशल ट्रेनों के गंतव्य और मार्ग में बदलाव किया है। जानें 18 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 तक परिचालन की तारीखें, प्रस्थान-आगमन का समय और प्रमुख ठहराव।
Yamuna Nagar News: आदिबद्री क्षेत्र को पर्यटन स्थल बनाने पर मंथन
आदिबद्री क्षेत्र को पर्यटन स्थल बनाने पर मंथन
Panchkula News: 92.50 करोड़ के पर्यटन प्रोजेक्ट अटके, पिंजौर गार्डन और टिक्कर ताल के टेंडर रद्द
92.50 करोड़ के पर्यटन प्रोजेक्ट अटके, पिंजौर गार्डन और टिक्कर ताल के टेंडर रद्द
सीवान के जीरादेई प्रखंड स्थित ऐतिहासिक तीतिर बौद्ध स्तूप को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की संभावनाओं का अध्ययन करने के लिए शनिवार को जिला पदाधिकारी विजय प्रकाश मीणा ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ स्थल का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने स्तूप के इतिहास, पुरातात्त्विक महत्व और विकास की संभावनाओं की जानकारी शोधार्थियों, जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय ग्रामीणों से प्राप्त की। भ्रमण के दौरान शोधार्थी सह इतिहासकार डॉ. कृष्ण कुमार सिंह, मुखिया प्रतिनिधि नवाब अंसारी तथा ग्रामीणों ने जिलाधिकारी के समक्ष स्तूप के संरक्षण एवं समग्र विकास से संबंधित प्रस्ताव प्रस्तुत किया। उन्होंने तीतिर स्तूप को बौद्ध एवं विरासत पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की मांग की। योजनाबद्ध विकास की आवश्यकता पर जोर प्रस्ताव में स्तूप का वैज्ञानिक सीमांकन, पुरातात्त्विक संरक्षण, पहुंच मार्ग का विकास, सुरक्षा व्यवस्था और पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही गई। साथ ही व्याख्या केंद्र एवं लघु संग्रहालय स्थापित करने का सुझाव भी दिया गया। शोधार्थी डॉ. कृष्ण कुमार सिंह ने बताया कि वर्ष 2018 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की ओर से तीतिर स्तूप में परीक्षण उत्खनन कराया गया था। इस दौरान महत्वपूर्ण पुरातात्त्विक साक्ष्य प्राप्त हुए थे। उन्होंने स्थल के ऐतिहासिक और पुरातात्त्विक महत्व को रेखांकित करते हुए इसके वैज्ञानिक संरक्षण तथा योजनाबद्ध विकास की आवश्यकता पर जोर दिया। पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद उनके अनुसार, उचित संरक्षण और बेहतर सुविधाओं से यह स्थल पर्यटन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहचान बना सकता है। प्रस्ताव में तीतिर स्तूप को जीरादेई स्थित देशरत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों तथा सीवान जिले के अन्य महत्वपूर्ण ऐतिहासिक एवं बौद्ध स्थलों से जोड़ने की मांग की गई। इसके तहत ‘तीतिर स्तूप–जीरादेई बौद्ध एवं विरासत पर्यटन सर्किट’ विकसित करने का सुझाव दिया गया। इससे जिले में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई गई। प्रस्तावित कार्ययोजना में बौद्ध पर्यटन, ध्यान एवं आध्यात्मिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने, स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण देने, पर्यटन आधारित रोजगार के अवसर सृजित करने और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने जैसे बिंदु भी शामिल किए गए। भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा ने तीतिर स्तूप स्थित बौद्ध मंदिर में पूजा-अर्चना भी किया।
इटली में रोमांटिक वेकेशन पर जहीर खान और सागरिका
एक्ट्रेस सागरिका घाटगे और पूर्व क्रिकेटर जहीर खान ने इटली वेकेशन की तस्वीरें इंटरनेट पर शेयर की हैं. दोनों ने वहां के खूबसूरत नजारे भी दिखाए हैं. कपल ने इटली के टस्कन में सुकून के पल बिताए.
राजस्थान के कोटा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर शनिवार सुबह भीषण सड़क हादसे में मध्य प्रदेश के भोपाल और बैतूल के 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 17 यात्री घायल हो गए। यात्रियों से भरा टैंपो ट्रैवलर (मिनी बस) अनियंत्रित होकर पुलिया से करीब 15 फीट नीचे गिर गया। हादसा कोटा शहर से करीब 35 किलोमीटर दूर सिमलिया थाना क्षेत्र में कराड़िया टोल के पास सुबह करीब 6 बजे हुआ। ट्रैवलर में सवार लोग भोपाल से राजस्थान के खाटूश्यामजी दर्शन करने जा रहे थे। सिमलिया थाना प्रभारी नंद सिंह के मुताबिक, हादसे में जान गंवाने वाले लोगों में बैतूल जिले के मुलताई, साईंखेड़ा और पाटन क्षेत्र के निवासी शामिल हैं। वहीं, मृतकों की सूची में भोपाल के राजीव नगर और भोपाल निवासी लोगों के नाम भी हैं। हादसे में महिलाओं के साथ युवा भी शामिल हैं। सीटों के बीच फंसे थे शव, खिड़कियां तोड़कर निकाले घायल हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे। सुबह अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में कुछ देरी हुई। स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, ट्रैवलर के पुलिया से नीचे गिरने के बाद कई यात्री वाहन के अंदर फंस गए थे। कुछ मृतकों के शव सीटों के बीच फंसे हुए थे, जिन्हें काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया। वहीं, घायलों को बाहर निकालने के लिए वाहन की खिड़कियां तोड़नी पड़ीं। हादसे में घायल 17 लोगों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। मृतकों में 25 और 22 साल के युवा भी शामिल हादसे में जान गंवाने वालों में युवा और महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतकों में 25 वर्षीय वैष्णवी गावंडे, 22 वर्षीय त्रिशा गोडकी और 27 वर्षीय सचिन गिरी के नाम शामिल हैं। इनके अलावा 55 वर्षीय कृष्णाराव गोडके और 50 वर्षीय अनिता की भी मौत हुई है। मृतकों में बैतूल जिले के अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों के साथ भोपाल के निवासी भी शामिल हैं। पुलिस ने जारी किए मृतकों के नाम सिमलिया थाना प्रभारी नंद सिंह से मिली जानकारी के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वाले 8 लोगों के नाम इस प्रकार हैं अरुणा : पत्नी कमलेश, निवासी मुलताई, थाना मुलताई, जिला बैतूल, मध्य प्रदेश। वैष्णवी गावंडे (25) : पुत्री यादुराव गावंडे, निवासी मीरापुर, थाना साईंखेड़ा, जिला बैतूल, मध्य प्रदेश। त्रिशा गोडकी (22) : पुत्री कृष्णाराव गोडकी, जाति कुन्बी, निवासी पाटन, थाना पाटन, जिला बैतूल, मध्य प्रदेश। कृष्णाराव गोडके (55) : पुत्र बिट्टुभाई गोडके, जाति कुन्बी, निवासी पाटन, थाना पाटन, जिला बैतूल, मध्य प्रदेश। अनिता (50) : पत्नी राजकुमार, जाति कुन्बी, निवासी सेक्टर-ए, राजीव नगर, भोपाल, मध्य प्रदेश। सचिन गिरी (27) : पुत्र कमलेश गिरी, निवासी भोपाल, मध्य प्रदेश। ओम सूर्यवंशी (26) : पुत्र रामकिशोर, जाति किराड़, निवासी सरा, थाना मुलताई, जिला बैतूल, मध्य प्रदेश। राजुराम उर्फ राजकुमार (करीब 50 वर्ष) : पुत्र गेंदाराव। इनके पते की पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं है। भोपाल और बैतूल में पसरा मातम भोपाल से खाटूश्यामजी दर्शन के लिए निकले यात्रियों के साथ हुए इस हादसे में 8 लोगों की मौत से उनके परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मृतकों की सूची में भोपाल और बैतूल, दोनों जगहों के लोगों के नाम शामिल हैं। हादसे में 17 अन्य यात्री घायल हुए हैं। दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। पुलिस के अनुसार, मृतकों के नाम और पते की जानकारी सिमलिया थाना प्रभारी नंद सिंह ने दी है।
कोटा में 25 यात्रियों से भरी ट्रैवलर नाले में गिरी, 8 लोगों की मौत की आशंका
कोटा में 25 यात्रियों से भरी ट्रैवलर नाले में गिरी, 8 लोगों की मौत की आशंका
कोटा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर 25 से ज्यादा पैसेंजर्स से भरी मिनी बस (टेम्पो ट्रैवलर) नाले में गिर गई। हादसे में मध्य प्रदेश के बैतूल के रहने वाले 8 लोगों की मौत हो गई। एक्सीडेंट शनिवार सुबह 6 बजे सिमलिया थाना क्षेत्र में हुआ। SHO नंद सिंह ने बताया कि बस भोपाल से खाटूश्यामजी जा रही थी। कराड़िया टोल से कुछ किमी दूर पुलिया से 15 फीट नीचे गिर गई। एक्सीडेंट में 17 पैसेंजर्स घायल हुए हैं। सबसे पहले- हादसे से जुड़ी PHOTOS एक्सीडेंट की पल-पल की अपडेट के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
Backpackers और Solo Travelers के लिए Dharamshala के करीब Naddi Village बना नया ठिकाना
बारिश और ठंड के बीच का मौसम बेहद सुहावना होता है। ज्यादातर लोग इस मौसम में काम से छुट्टी लेकर फैमिली या फिर दोस्तों के साथ घूमने के लिए जाते हैं। इस मौसम में हिमाचल प्रदेश की हसीन वादियों में बसा धर्मशाला एक्सप्लोर करने लायक होता है। हालांकि अधिकतर लोग छु्ट्टियों में धर्मशाला या मैक्लोडगंज जाने का प्लान करते हैं। लेकिन इन जगहों पर पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको एक ऐसी खूबसूरत जगह के बारे में बताने जा रहे हैं, जोकि धर्मशाला से करीब 15 किमी की दूरी पर है। बैकपैकर्स, ब्लॉगर्स और सोलो ट्रैवलर्स के लिए यह ऑफबीट डेस्टिनेशन जन्नत साबित हो सकती है। इसे भी पढ़ें: Travel Tips: कम बजट में 2 दिन का सुकून देंगे Delhi NCR के पास स्थित Morni Hills और Sariska नड्डी गांव अक्सर लोग छुट्टियों पर भीड़भाड़ वाली जगह पर जाने से कतराते हैं। ऐसे में अगर आपका भी धर्मशाला या मैक्लोडगंज जाने का प्लान भारी भीड़, ट्रैफिक जाम और महंगे होटलों की वजह से कैंसिल हो रहा है। तो आपको धर्मशाला से कुछ ही दूरी पर मौजूद एक बेहद खूबसूरत जगह पर जाना चाहिए। धर्मशाला और मैक्लोडगंज में हमेशा आपको पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिलेगी। इस वजह से यहां के होटल भी काफी महंगे होते हैं। लेकिन आप धर्मशाला से कुछ किमी दूर स्थित नड्डी गांव जा सकती हैं। यह गांव कल-कल बहती पहाड़ी नदियों, खूबसूरत झरनों के दृश्यों और देवदार के लंबे पेड़ों के लिए जाना जात है। आप यहां पर सिर्फ 300 से 500 रुपए में होमस्टे या बेड बुक कर सकती हैं। यहां पर आप पहाड़ों की विशाल चोटियों के खूबसूरत नजारों को निहार सकती हैं। ट्रैकिंग और लोकल फूड नड्डी गांव में कई बेहद खूबसूरत ट्रैकिंग और हाइकिंग रूट्स बने हुए हैं। जोकि खासकर ट्रैकिंग पसंद करने वाले लोगों के लिए बेस्ट हैं। वहीं इन रास्तों पर आपको छिपे हुए पहाड़ी नाले, झरने और हरे-भरे जंगल देखने को मिलेंगे। आप यहां पर पारंपरिक खाने का स्वाद ले सकती हैं। यहां पर आपको मोमोज और सिड्डू जैसी कई स्वादिष्ट पहाड़ी डिशेज खाने को मिल जाएंगी। ऐसे जाएं नड्डी गांव बता दें कि यहां का नजदीकी एयरपोर्ट कांगड़ा एयरपोर्ट है, जोकि धर्मशाला से करीब 13 किमी दूर है। वहीं सबसे नजदीक पठानकोट रेलवे स्टेशन है। आप दिल्ली या चंडीगढ़ से सीधे स्लीपर बस से धर्मशाला पहुंच सकती हैं। फिर आप कैब या शेयरिंग ऑटो बुक करके इस खूबसूरत गांव पहुंच सकती हैं।
राखीगढ़ी महोत्सव 19 से 25 अक्तूबर तक आयोजित होगा। यह सात दिवसीय महोत्सव इतिहास, पुरातत्व, शिक्षा, ग्रामीण जीवन और हरियाणवी लोक संस्कृति का संगम होगा।
Chamba News: युवा संसद में गूंजे पर्यावरण, स्वास्थ्य और पर्यटन से जुड़े मुद्दे
राजकीय अध्यापक शिक्षा महाविद्यालय (बीएड कॉलेज) धर्मशाला में वीरवार को आयोजित युवा संसद में विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य, सतत विकास और पर्यटन जैसे अहम मुद्दों पर खुलकर विचार रखे।
अक्टूबर में पहली बर्फबारी से ठंड बढ़ी, भद्रवाह घाटी में शीतकालीन पर्यटन की उम्मीदें जगीं
Kushinagar News: पर्यटन को मिलेगी रफ्तार, हिरण्यवती नदी के सुंदरीकरण कार्य में आई तेज
Tourism set to gain momentum as beautification work on the Hiranyavati River picks up pace.
गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने जगद्गुरु स्वामी सतीशाचार्य महाराज से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान सीएम ने महाराज के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए आध्यात्मिक पर्यटन, भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार, पर्यावरण संरक्षण तथा पर्यटन को नई दिशा देने जैसे विषयों पर चर्चा की। बातचीत में उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के विकास मॉडल को गोवा में अपनाने, अयोध्या, काशी और मथुरा जैसे धार्मिक स्थलों की तर्ज पर मंदिरों के निर्माण और यूपी से आने वाले पर्यटकों के लिए विशेष सुविधाएं विकसित करने जैसे विषय शामिल रहे। चर्चा के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि गोवा आने वाले देशभर के युवाओं को केवल मनोरंजन और समुद्र तटों तक सीमित न रखते हुए उन्हें आध्यात्मिक पर्यटन से भी जोड़ा जाए। गोवा देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है, जहां बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में पर्यटन के साथ भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक परंपराओं और धार्मिक विरासत का अनुभव उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर विचार किया गया। जगद्गुरु स्वामी सतीशाचार्य महाराज ने कहा कि गोवा में उत्तर प्रदेश की तर्ज पर धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन से जुड़े स्थलों के विकास पर भी चर्चा हुई। अयोध्या, काशी और मथुरा जैसे धार्मिक केंद्रों की पहचान और उनके विकास से प्रेरणा लेते हुए गोवा में भी चार मंदिरों के निर्माण पर विचार किया गया।
Travel Tips: कम बजट में 2 दिन का सुकून देंगे Delhi NCR के पास स्थित Morni Hills और Sariska
वीकेंड आते ही दिल्ली की भागदौड़ से दूर किसी शांत और सुकून वाली जगह पर जाने का मन करता है। लेकिन इसमें बजट और समय दोनों ही बाधा बनते हैं। अगर आपके पास सिर्फ दो दिन का समय है और करीब 5000 रुपए का ही बजट है, तो आप दिल्ली-एनसीआर से कई बेहद खूबसूरत और शांत जगहों पर जाने का प्लान कर सकती हैं। वहीं इन ट्रिप के लिए लंबी छुट्टी और ज्यादा खर्च की भी जरूरत नहीं होगी। दिल्ली के आसपास कई ऐसी जगहें हैं, जहां पर आपको एक ही ट्रिप में झील, जंगल, पहाड़ और हरियाली देखने को मिल सकती है। ऋषिकेश गंगा, पहाड़ और एडवेंचर का अनुभव एक साथ लेने के लिए ऋषिकेश एक बेहतरीन जगह है। अगर आपकी लिस्ट में पहाड़ों के अलावा रोमांच और नदी भी शामिल है, तो आपके लिए ऋषिकेश परफेक्ट जगह है। दिल्ली से बस के जरिए यहां पहुंचना आसान है। इसे भी पढ़ें: Navratri पर Kanpur के Ghatampur स्थित मां कूष्मांडा मंदिर के दर्शन करने की Travel Guide मोरनी हिल्स मोरनी हिल्स पर आपको पहाड़ और झील दोनों का अनुभव मिल सकता है। दिल्ली से वीकेंड ट्रिप के लिए यह एक परफेक्ट ऑप्शन है। पंचकूला जिले में स्थित हरियाणा का यह प्रमुख हिल स्टेशन है। यहां आप पहाड़ियों के अलावा टिक्कर ताल की खूबसूरती को निहार सकेंगे। झील के आसपास का पहाड़ी वातावरण और हरियाली आपको सुकून देने का काम करती है। दो दिन की ट्रिप में यहां घूमना और आसपास के इलाकों को देखना संभव है। बजट कम रखना हो, तो आपको परिवहन और होमस्टे का ऑप्शन चुना जा सकता है। लैंसडाउन जंगल और शांत पहाड़ के बीच सुकून की छुट्टियां बिताने के लिए लैंसडाउन बेहद खूबसूरत जगह हैं। उत्तराखंड के लैंसडाउन उन लोगों के लिए खास आकर्षण है, जो कि भीड़भाड़ से दूर शांत पहाड़ी माहौल में समय बिताना चाहते हैं। देवदार के पेड़, आसपास के जंगल और पहाड़ी रास्ते इस जगह को खास बनाते हैं। यहां पर आप वीकेंड में जा सकते हैं। वहीं बजट में यात्रा के लिए होमस्टे और यात्रा पर खर्च को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है। नैनीताल अगर आप भी थोड़ा लंबा सफर करने के लिए तैयार हैं, तो आपको नैनीताल में झील और पहाड़ दोनों मिल जाएंगे। आप नैनी झील के आसपास घूम सकते हैं, पहाड़ी नजारे देख सकते हैं और माल रोड पर वॉक करते हुए अपने समय को खास बना सकते हैं। हालांकि पीक सीजन में यहां के होटल और परिवहन आदि महंगे हो सकते हैं। इसलिए 5 हजार के बजट में आने-जाने के लिए ऑफ-पीक डेट, बस यात्रा और बजट स्टे चुनना ज्यादा सही रहेगा। सरिस्का दिल्ली के आसपास जंगल सफारी के साथ-साथ वीकेंड ट्रिप का मजा लेने के लिए आप सरिस्का जा सकते हैं। अगर आपको भी पहाड़ों से ज्यादा जंगल पसंद हैं, तो राजस्थान के सरिस्का जाना चाहिए। सरिस्का टाइगर रिजर्व में आप जंगल सफारी का मजा ले सकते हैं। आप आसपास के ऐतिहासिक स्थलों और अरावली के प्राकृतिक वातावरण को भी देख सकेंगे। हालांकि जंगल सफारी की फीस और उपलब्धता अलग हो सकती है, इसलिए पहले ऑफिशियल जानकारी देखना सही होगा।
बॉलीवुड के सबसे चहेते और पावर कपल्स में शुमार कियारा आडवाणी और सिद्धार्थ मल्होत्रा इन दिनों अपनी जिंदगी के बेहद खूबसूरत फेज का आनंद ले रहे हैं। पहली बार माता-पिता बनने के लगभग एक साल बाद यह कपल अब अपने दूसरे बच्चे का स्वागत करने के लिए पूरी तरह ...
Travel Tips: Vrindavan के Chhatikara में स्थित Char Dham Mandir में करें चार धामों के दर्शन
वृंदावन का नाम आते ही लोगों के मन में सबसे पहले राधा-कृष्ण और मंदिरों के बारे में ख्याल आता है। यहां पर देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु के दर्शन के लिए आते हैं। लेकिन वृंदावन के छटीकरा इलाके में एक ऐसा मंदिर भी हैं, जहां पर आपको एक ही स्थान पर अलग-अलग देवी-देवताओं के दर्शन हो सकते हैं। इसको चारधाम मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। यहां पर आपको राधा-कृष्ण धाम, शिव धाम, शनि धाम और वैष्णो माता धाम देखने को मिलेंगे। चार धाम मंदिर बड़ा होने के साथ-साथ काफी ज्यादा बड़ा भी है। ऐसे में अगर आप भी वृंदावन जाने का प्लान कर रही हैं, तो आप चार धाम को भी अपनी ट्रिप में शामिल कर सकती हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको इस बारे में पूरी जानकारी देने जा रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Lepchajagat में WBFDC लॉज और Homestay से निहारें Kanchenjunga, प्रकृति प्रेमियों के लिए बेस्ट वृंदावन में चार धाम मंदिर वृंदावन के छटीकरा इलाके में चार धाम मंदिर है। मथुरा और आगरा की ओर जाते समय NH-2 से इस जगह की बड़ी मूर्तियां दूर से ही नजर आने लगती हैं। यहां पर भगवान शिव और मां वैष्णो देवी की बड़ी मूर्तियां शामिल हैं। जो इस मंदिर की खास पहचान है। यहां पर एक बड़ा धार्मिक परिसर है, जिसको अलग-अलग देवी-देवताओं के दर्शन के लिए बनाया गया है। एक जगह कर सकेंगे चार धामों के दर्शन इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां पर आपको चार अलग-अलग धामों के दर्शन एक साथ हो जाएंगे। इसमें राधा-कृष्ण धाम, शनि धाम, शिव धाम और वैष्णो देवी धाम शामिल हैं। शनि धाम चार धाम मंदिर के शनि धाम में आप शनिदेव के भी दर्शन कर सकते हैं। यहां पर शनिवार को बड़ी संख्या में भक्त आते हैं और शनिदेव पर तेल अर्पित कर पूजा करते हैं। तो वहीं कई लोग परिवार की सुख-समृद्धि और जीवन में स्थिरता की कामना लेकर मंदिर में आते हैं। यहां की खासियत है कि आपको यहां भरपूर शांति मिलेगी। राधा-कृष्ण धाम राधा-कृष्ण धाम भी इस मंदिर का बेहद खूबसूरत हिस्सा है। यहां पर भगवान कृष्ण और राधारानी की सुंदर प्रतिमाएं हैं। यह तो सभी लोग जानते हैं कि वृंदावन का संबंध भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं से जुड़ा है। इसलिए यहां पर बने इस राधा-कृष्ण धाम को लोग देखने क लिए आते हैं। यहां पर भजन-कीर्तन और आरती होती है, वहीं राधाष्टमी और जन्माष्टमी के मौके पर इस मंदिर को विशेष रूप से सजाया जाता है। शिव धाम यहां पर शिव धाम में शिवलिंग और महादेव की खूब बड़ी प्रतिमा है। भगवान भोलेनाथ की मूर्ति की ऊंचाई करीब 175 फीट है। ऐसे में जो भी वृंदावन आता है, वह यहां पर आकर भगवान शिव के दर्शन जरूर करता है और कई लोग तो फोटो भी क्लिक कराते हैं। वैष्णो माता धाम चार धाम मंदिर में वैष्णो देवी का धाम भी है। यहां पर आप माता के अलग-अलग स्वरूपों के दर्शन कर सकते हैं। नवरात्रि के दौरान यहां पर खास आयोजन होते हैं। इस दौरान लोग बड़ी संख्या में मंदिर पहुंचते हैं। वहीं यहां पर आपको महादेव के साथ माता की 141 फीट ऊंची मूर्ती देखने को मिलेगी। ऐसी है मंदिर की बनावट चार धाम मंदिर में आपको पुरानी पारंपरिक मंदिर शैली के साथ-साथ मॉडर्न डिजाइन का बेहतरीन कॉम्बिनेशन देखने को मिलेगा। यहां एक बड़ा सा मेन गेट, सुंदर सा परिसर और अलग-अलग देवी-देवताओं की मूर्तियां लगी हैं। मंदिर में अच्छी खासी लाइटिंग की भी व्यवस्था है। साथ ही देवी-देवताओं की सुंदर मूर्तियां और सजावट के कारण यहां की खूबसूरती देखने लायक होती है। चार धाम मंदिर जाने का समय और अन्य जानकारी अगर आप भी वृंदावन के चार धाम मंदिर जाने का प्लान कर रही हैं, तो उससे पहले ये जरूरी बातें नोट कर लें। स्थान - छटीकरा, वृंदावन दर्शन का समय - सुबह 7 बजे से दोपहर 1 बजे तक शाम का समय - शाम को 4 बजे से रात 8:30 बजे तक यहां पर कोई एंट्री फीस नहीं है।
घूमने से ज्यादा होटल में ठहरना पसंद कर रही Gen Z, जानिए क्या है ट्रैवल का नया ट्रेंड
छुट्टियां बिताने के लिए आप किसी जगह पर जाएं और घूमने फिरने की जगह सिर्फ होटल के रूम में समय बिताएं ये सुनना अजीब लग सकता है लेकिन आजकल के Gen Z ऐसा करना ही पसंद कर रहे हैं। ऐस में जानिए क्या है ट्रैवल का नया ट्रेंड ‘रूम रॉटिंग’।
Budget Travel Tips: केवल ₹5,000 में घूमें उत्तराखंड के ये 3 गांव, दिल्ली-NCR वालों के लिए बेस्ट लॉन्ग वीकेंड प्लान
Punjab Tourism: Dangal से Jab We Met तक Punjab के इन मशहूर Shooting Locations की करें सैर
पंजाब सिर्फ अपने स्वादिष्ट खाने, मेहमानवाजी और संस्कृति के लिए ही नहीं जाना जाता है। बल्कि यहां पर कई ऐसी खूबसूरत और ऐतिहासिक जगहें भी हैं, जोकि बॉलीवुड फिल्मों में नजर आ चुकी हैं। कभी बॉलीवुड के सितारे इन खेतों में रोमांस करते दिखे, तो कभी पुरानी हवेलियों और किलों मे फिल्मों की कहानी को और भी ज्यादा खूबसूरत बनाया। यही कारण है कि फिल्मी लोकेशन पसंद करने वाले लोगों के लिए पंजाब की कुछ जगहें किसी ड्रीम डेस्टिनेशन से कम नहीं हैं। ऐसे में अगर आप भी पंजाब घूमने का प्लान कर रही हैं, तो हम आपको पंजाब की कुछ बेहद खूबसूरत जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं। पटियाला पंजाब का पटियाला शहर अपने ऐतिहासिक महलों, इमारतों और खूबसूरत गलियों के लिए जाना जाता है। फिल्म 'जब वी मेट' और 'बॉडीगार्ड' में शहर की शाही वास्तुकला देखने को मिलती है। ऐसे में आप भी अपने पार्टनर के साथ पटियाला घूमने के लिए जा सकती हैं। इसे भी पढ़ें: October में Kolkata Trip का बनाएं प्लान, Durga Puja के साथ घूमें ये प्रमुख जगहें अमृतसर अमृतसर, पंजाब के सबसे फेमस जगहों में से एक है। यहां पर स्वर्ण मंदिर यानी की गोल्डन टेंपल से लेकर पुरानी गलियों तक हर एक कोना अलग है। तापसी पन्नू की फिल्म 'मनमर्जियां' में पंजाब के अमृतसर का खूबसूरत नजारा दिखाया गया है। ऐसे में आप भी यहां जाने का प्लान बना सकती हैं। लुधियाना पंजाब की असली खूबसूरती देखने के लिए आपको लुधियाना और इसके आसपास के इलाकों को एक्सप्लोर करना चाहिए। सरसों के रंग, खेत और पंजाबी माहौल फिल्मों में खूब दिखाए जाते हैं। आपको यहां पर फिल्म 'रब ने बना दी जोड़ी' वाला रोमांटिक माहौल मिलेगा। गुज्जरवाल और नारंगवाल गांव बॉलीवुड की फिल्म दंगल की पंजाब और हरियाणा की कई जगहों पर शूटिंग हुई है। फिल्म में दिखाए जाने वाले कई सीन पंजाब के गांव गुज्जरवाल और नारंगवाल के हैं। ऐसे में अगर आप भी इस गांव के सुंदर नजारे देखना चाहती हैं, तो आप यह गांव घूमने के लिए जा सकती हैं। मोहाली पंजाब की यह जगह तब अधिक लोकप्रिय हुई थी, जब बॉलीवुड अभिनेता शाहिद कपूर की फिल्म की शूटिंग यहां हुई थी। इसके अलावा एक्ट्रेस तमन्ना भाटिया की फिल्म की भी यहां पर शूटिंग हो चुकी है। ऐसे में आप भी इस जगह को एक्सप्लोर कर सकते हैं।
World Tourism Day: बजट में घूमने के लिए भारत की ये खूबसूरत जगहें हैं बेस्ट, दिल्ली से हैं नज़दीक
अगर आपको घूमना पसंद है तो आप दिल्ल से नज़दीक इन खूबसूरत जगहों पर घूमने जा सकते हैं। अच्छी बात यह है कि इन जगहों पर आप बजट में ही यात्रा कर सकते हैं।
पेरेंट्स के साथ घूमने का है मन? यहां देखिए ट्रैवल फ्रेंडली 5 ऑफबीट जगह
परिवार के साथ घूमने की बात आती हैं तो अक्सर जगह को लेकर कंफ्यूजन होता रहता है कि पेरेंट्स को लेकर कहां जाएं। ऐसे में यहां हम 5 ट्रैवल फ्रेंडली ऑफबीट जगहों के बारे में बता रहे हैं। जानिए-
विश्व पर्यटन दिवस: पहाड़, समुद्र या जंगल? अपने मूड के हिसाब से चुनें भारत की ये शानदार डेस्टिनेशन
World Tourism Day 2026: विश्व पर्यटन दिवस पर हम आपको बताएंगे भारत की खूबसूरत और ऐतिहासिक जगहों के बारे में, जहां आपको कम से कम एक बार घूमने अवश्य जाना चाहिए।
आज के समय में राजस्थान के पर्यटन नक्शे की तस्वीर तेजी से बदल रही है। आप यह जानकार हैरान हो जाएंगे कि जनवरी से लेकर जून 2026 के बीच प्रदेश में 10.92 करोड़ पर्यटक यात्राएं दर्ज की गई हैं। इनमें 10.83 करोड़ घरेलू और 8.44 लाख विदेशी पर्यटक शामिल हैं। आंकड़े बताते हैं कि राजस्थान के पर्यटन कारोबार की सबसे बड़ी ताकत घरेलू पर्यटक हैं, लेकिन उनकी पसंद पारंपरिक पर्यटन केंद्रों से आगे बढ़ रही है। घरेलू पर्यटन में सीकर ने जयपुर को पीछे छोड़ा सबसे दिलचस्प बात यह है कि सीकर का शीर्ष पर पहुंचना राजस्थान के पर्यटन में बदलती पसंद का संकेत है। जिले में धार्मिक पर्यटन खासतौर पर खाटूश्यामजी आने वाले श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या ने फुटबॉल बढ़ाया है। साल 2026 की पहली छमाही में सीकर की घरेलू पर्यटक यात्राएं 1,56,18,987 रहीं। घरेलू पर्यटकों में चित्तौड़गढ़ की ऐतिाहासिक विरासत, जैसलमेर का रेगिस्तानी पर्यटन और सवाई माधोपुर का वन्यजीव पर्यटन भी बड़ी संख्या में सैलानियों को आकर्षित कर रहा है। आंकड़ों से साफ पता चलता है कि पर्यटन अब सिर्फ जयपुर, उदयपुर और जोधपुर जैसे पारंपरिक केंद्रों तक सीमित नहीं रह गया है। विदेशी पर्यटकों की पहली पसंद जयपुर आपको बताते चलें कि विदेशी पर्यटकों के मामले में तस्वीर काफी अलग है। जयपुर 2,56,293 विदेशी पर्यटकों यात्राओं के साथ सबसे अलग है। फिर उदयपुर में 1,84,045, जोधपुर में 82,846 और जैसलमेर में 66,433 विदेशी पर्यटकों ने यात्राएं की हैं। इतना ही नहीं, सवाई माधोपुर, अजमेर, दौसा, पाली, झुंझुनूं और बीकानेर भी विदेशी पर्यटकों की पसंद रही है। घरेलू सैलानी जहां धार्मिक, ऐतिहासिक, वन्यजीव और क्षेत्रीय पर्यटन स्थलों की तरफ बढ़ रहे हैं, वहीं विदेशी पर्यटकों का बड़ा हिस्सा अभी भी राजस्थान के मुख्य हेरिटेज शहरों से संबंधित है।
World Tourism Day: ट्रिप के लिए कर रहे बैग पैक तो ये 10 हैक्स याद रखें
अकेले ट्रिप पर जाना चाहते हैं या फैमिली के साथ, किसी भी असुविधा से बचने के लिए इन 10 ट्रैवल हैक्स को जरूर याद रखें। वर्ल्ड टूरिज्म डे पर नोट कर लें घूमने की कर लें तैयारी।
अक्तूबर ट्रैवल प्लेसेज: कपल साथ घूमने का बना रहे प्लान? अक्तूबर में इन 7 जगहों को न करें मिस
October Travel Places: किसी जगह को चुनते समय मौसम, यात्रा की सुविधा, बजट और वहां की गतिविधियों को ध्यान में रखना जरूरी है। कपल्स के लिए शांत पहाड़ी शहरों से लेकर समुद्र किनारे के डेस्टिनेशन और ऐतिहासिक शहरों तक कई विकल्प मौजूद हैं।
विश्व पर्यटन दिवस 2026: अकेले घूमने का है सपना? पहली ट्रिप के लिए ये 5 जगहें रहेंगी यादगार
Solo Travel in India: अगर आपको पहाड़ पसंद हैं तो ऋषिकेश, मनाली और मैक्लोडगंज जैसे डेस्टिनेशन आकर्षित कर सकते हैं। वहीं समुद्र और आराम पसंद करने वाले यात्रियों के लिए गोवा एक लोकप्रिय विकल्प है।
Best Adventure Bikes: लंबी Road Trip के लिए ये 3 Adventure Bikes बन सकती हैं पहली पसंद
आज के दौर में एडवेंचर मोटरसाइकल सिर्फ बाइक नहीं, बल्कि रोमांच से भरी यात्राओं का साथी बन चुकी हैं। लंबी रोड ट्रिप, पहाड़ी सफर, पथरीले रास्ते या ऑफ-रोडिंग का शौक रखने वाले राइडर्स के बीच Adventure Bikes की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। SUV जहां आरामदायक सफर देती है, वहीं ADV बाइक राइडर को रास्ते के साथ सीधे जुड़ने और हर मोड़ को महसूस करने का अलग अनुभव देती है। मुश्किल रास्तों के लिए क्यों खास हैं Adventure Bikes? एडवेंचर मोटरसाइकल को खास तौर पर अलग-अलग तरह की सड़कों और कठिन परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाता है। इनमें ज्यादा ग्राउंड क्लीयरेंस, मजबूत सस्पेंशन, दमदार इंजन और बेहतर राइडिंग एर्गोनॉमिक्स मिलते हैं। यही खूबियां इन्हें टूटे-फूटे रास्तों, गड्ढों और पहाड़ी ट्रेल्स पर सामान्य मोटरसाइकलों से ज्यादा सक्षम बनाती हैं। हालांकि, अलग-अलग मॉडल की ऑफ-रोड क्षमता अलग होती है, इसलिए बाइक चुनते समय अपने इस्तेमाल को ध्यान में रखना जरूरी है। इसे भी पढ़ें: KTM 160 Duke vs Yamaha MT-15 V2: 2 लाख से कम में कौन सी बाइक है बेस्ट? 1. BMW R 1300 GS: प्रीमियम एडवेंचर का दमदार नाम BMW R 1300 GS उन राइडर्स के लिए शानदार विकल्प है, जो पावर, तकनीक और लंबी दूरी के आराम को एक साथ चाहते हैं। इसमें 1,300cc का बॉक्सर इंजन मिलता है, जो मजबूत टॉर्क के साथ हाईवे और चुनौतीपूर्ण रास्तों पर प्रभावशाली प्रदर्शन देने के लिए जाना जाता है। इसके एडवांस फीचर्स में राइडिंग मोड्स, क्रूज कंट्रोल और इलेक्ट्रॉनिक सस्पेंशन जैसी तकनीकें शामिल हैं। लंबी यात्राओं के साथ कठिन रास्तों पर भी इसकी क्षमता इसे प्रीमियम ADV सेगमेंट की खास बाइक बनाती है। 2. Triumph Tiger 1200: स्पीड और रोमांच का मेल Triumph Tiger 1200 उन लोगों को आकर्षित करती है जिन्हें एडवेंचर के साथ स्पोर्टी राइडिंग भी पसंद है। इसका तीन-सिलेंडर इंजन हाईवे पर शानदार प्रदर्शन देने के लिए जाना जाता है। बड़ा 21-इंच फ्रंट व्हील, शाफ्ट ड्राइव और लॉन्ग-ट्रैवल सस्पेंशन इसे कठिन रास्तों के लिए तैयार करते हैं। इसके कुछ वेरिएंट में बड़ा फ्यूल टैंक और ज्यादा ग्राउंड क्लीयरेंस भी मिलता है। लंबी दूरी की यात्रा और ऑफ-रोड रोमांच के बीच संतुलन चाहने वाले राइडर्स के लिए यह आकर्षक विकल्प है। 3. Royal Enfield Himalayan: पहाड़ों का भरोसेमंद साथी Royal Enfield Himalayan एडवेंचर बाइक की दुनिया में एक जाना-पहचाना नाम है। इसका फोकस सिर्फ तेज रफ्तार पर नहीं, बल्कि कठिन इलाकों में सहज और नियंत्रित राइडिंग पर भी है। मजबूत डिजाइन, उपयोगी ग्राउंड क्लीयरेंस और लंबी यात्रा के अनुकूल एर्गोनॉमिक्स इसे पहाड़ी सफर और ऑफ-रोडिंग के लिए उपयोगी बनाते हैं। हिमालयी रास्तों से लेकर पथरीले ट्रैक तक, यह बाइक अपने संतुलित व्यवहार और मजबूत सस्पेंशन के कारण एडवेंचर राइडर्स के बीच लोकप्रिय है। यही वजह है कि बजट और उपयोग के हिसाब से यह बड़े प्रीमियम ADV मॉडल्स का व्यावहारिक विकल्प बन सकती है। सफर के हिसाब से चुनें अपनी बाइक अगर आपका फोकस प्रीमियम फीचर्स और दमदार टूरिंग पर है तो BMW R 1300 GS आकर्षक विकल्प है। स्पोर्टी अंदाज और लंबी दूरी के रोमांच के लिए Triumph Tiger 1200 बेहतर लग सकती है, जबकि व्यावहारिक एडवेंचर और पहाड़ी यात्राओं के लिए Himalayan पर विचार किया जा सकता है। बाइक खरीदने से पहले कीमत, वजन, सर्विस लागत, सीट हाइट और अपने वास्तविक इस्तेमाल को जरूर ध्यान में रखें। - डॉ. अनिमेष शर्मा
चाहत खन्ना की मालदीव वेकेशन की तस्वीरें इंटरनेट पर छाईं
टीवी एक्ट्रेस चाहत खन्ना की मालदीव वेकेशन की तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। उन्होंने बीच और पूल से अपनी छुट्टियों की कई तस्वीरें साझा कीं, जिनमें वह वेकेशन एन्जॉय करती नजर आईं।
कैमूर: प्रमुख पर्यटन स्थल करमचट डैम में दिखा मगरमच्छ, मोटरबोट की सुविधा वाले जलाशय में बढ़ा खतरा
3 सितंबर, गुरुवार: कैमूर के करमचट डैम में मगरमच्छ तैरता दिखाई दिया। डैम में मोटरबोट की सुविधा होने से पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
प्रेग्नेंट दीपिका और बेटी दुआ को लेकर वेकेशन पर निकले रणवीर सिंह! बेबी बंप फोटोज देख चहक उठे फैंस
Ranveer Singh Deepika Padukone Photos Fact Check:
राजधानी दिल्ली को सिर्फ ट्रांजिट सिटी के बजाय देश-दुनिया के पर्यटकों के लिए पूर्ण पर्यटन गंतव्य बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने मंगलवार को चार नए आध्यात्मिक एवं विरासत पर्यटन सर्किट शुरू किए।
कड़कड़ाती सर्दी में बिकिनी पहन पूल में उतरीं रुबीना दिलैक, जापान वेकेशन की दिखाई झलक
टीवी की संस्कारी बहू रुबीना दिलैक रियल लाइफ में काफी ग्लैमरस हैं। वह अक्सर फैंस के साथ अपनी हॉट एंड सिजलिंग तस्वीरें शेयर करती रहती हैं। रुबीना वह छोटे पर्दे की हाई पेड एक्ट्रेसेस में शुमार है। हाल ही में रुबीना ने अपनी जापान ट्रिप की तस्वीरें फैंस ...
स्विमिंग पूल किनारे मोनालिसा का सिजलिंग अंदाज, वेकेशन से शेयर की बोल्ड तस्वीरें
भोजपुरी एक्ट्रेस मोनालिसा हिंदी टीवी इंडस्ट्री में भी अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी मोनालिसा की जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। वह अपनी ग्लैमरस तस्वीरों से तहलका मचाती रहती हैं। मोनालिसा इन दिनों थाइलैंड में वेकेशन एंजॉय कर रही ...
गोवा में वेकेशन एंजॉय कर रहीं कृष्णा श्रॉफ, शेयर की खूबसूरत तस्वीरें
कृष्णा श्रॉफ निश्चित रूप से जानती हैं कि लोगों का ध्यान कैसे आकर्षित करना है- चाहे वह उनकी MMA चॉप्स हों या उनकी वेकेशन की तस्वीरें। कृष्णा इस दिनों गोवा की धूप और बीच पर छुट्टियां मना रही हैं। इसी बीच कृष्णा श्रॉफ ने सोशल मीडिया पर अपनी ट्रॉपिकल ...
कैंसर के ट्रीटमेंट जंग के बीच वेकेशन मनाने मालदीव पहुंचीं हिना खान, शेयर की खूबसूरत तस्वीरें
टीवी एक्ट्रेस हिना खान भले ही कैंसर से जंग लड़ रही हैं, लेकिन वह अपनी लाइफ को खुलकर जी रही हैं। इस गंभीर बीमारी से जंग लड़ते हुए वह लाइफ का हर पल एंजॉय कर रही हैं। हिना खान इन दिनों मालदीव में वेकेशन एंजॉय कर रही हैं। मालदीव में वेकेशन मनाते हुए ...
Tejasswi Praksh-Karan Kundrra नहीं हुए अलग,रोमांटिक वेकेशन एन्जॉय कर रहा है कपल करीबी दोस्त ने खोला राज
सोशल मीडिया पर भारतीय क्रिकेट टीम के हरफनमौला खिलाड़ी हार्दिक पंड्या और उनकी पत्नी नतासा स्टेनकोविक के अलग होने की अफवाहें जोरों पर हैं। यह सब तब शुरू हुआ जब नतासा ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से 'पांड्या' उपनाम हटा दिया। प्रशंसकों ने यह भी देखा कि वह आईपीएल मैचों के दौरान स्टैंड्स से गायब थीं। हालांकि, तमाम अटकलों के बावजूद इस जोड़े ने इस मामले पर चुप्पी साध रखी है। दूसरी ओर, एक ताजा रिपोर्ट से पता चलता है कि हार्दिक विदेश में किसी अज्ञात स्थान पर छुट्टियां मना रहे हैं। विस्तार से जानने के लिए आगे पढ़ें। इसे भी पढ़ें: Shabana Azmi ने Shashi Kapoor के साथ इंटीमेट सीन करने से किया था इंकार, सुपरस्टार ने कह दिया था एक्ट्रेस को 'बेवकूफ लड़की' | Read All About नताशा स्टेनकोविक से अलगाव की अफवाहों के बीच हार्दिक पंड्या विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं हार्दिक पंड्या की पत्नी नतासा स्टेनकोविक के साथ निजी जिंदगी हाल ही में चर्चा का विषय बनी हुई है। क्रिकबज द्वारा रविवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि अलगाव की अफवाहों के बीच क्रिकेटर विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं। अभी लोकेशन का नाम सामने नहीं आया है। इसे भी पढ़ें: Anant Ambani और Radhika Merchant Pre-Wedding Party! तारों भरी रात से लेकर टोगा पार्टी तक, जानें इस बार क्या-क्या होगा खास यह बताया गया है कि इंडियन प्रीमियर लीग से अपनी टीम के बाहर होने के बाद क्रिकेटर ने देश छोड़ दिया। कठिन अवधि के बाद तरोताजा होने के लिए, उन्होंने विदेश में एक सप्ताह की छुट्टी का विकल्प चुना। हार्दिक के शीघ्र ही न्यूयॉर्क में टी20 विश्व कप 2024 के अभ्यास सत्र के लिए भारतीय टीम में फिर से शामिल होने की उम्मीद है। विशेष रूप से, आईपीएल 2024 में मुंबई इंडियंस के लिए रोहित शर्मा की जगह हार्दिक के नेतृत्व की काफी आलोचना हुई। पूरे सीज़न में भारतीय क्रिकेटर को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। इस बीच, वह पेशेवर असफलताओं से जूझ रहे थे। उनकी निजी जिंदगी सुर्खियों में आ गई। कुछ दिन पहले हार्दिक ने अपने सोशल मीडिया पर ढेर सारी तस्वीरें और वीडियो शेयर किए थे। वीडियो में उन्हें पूल में तैरते हुए अच्छा समय बिताते हुए दिखाया गया, जबकि फोटो में वह एक खूबसूरत बैकग्राउंड के साथ पोज दे रहे थे। इसे छोटा और सरल रखते हुए, उन्होंने पोस्ट को कैप्शन दिया था, रिचार्जिंग। पोस्ट के जवाब में, कई प्रशंसकों ने उनके टिप्पणी अनुभाग में बाढ़ ला दी, अपना अटूट समर्थन दिखाया और आगामी विश्व कप के लिए उनकी जय-जयकार की। एक यूजर ने लिखा, “हार्दिक पंड्या जल्द ही टी20 वर्ल्ड कप में वापस आ रहे हैं,” एक अन्य फैन ने लिखा, “हार्दिक टी20 में अपने पुराने मॉडल के साथ आएं और अपने नफरत करने वालों को चुप करा दें। जबकि एक तीसरे फैन ने लिखा, “मजबूत वापसी भाई।” इसके अतिरिक्त, एक प्रशंसक ने लिखा, अपना भाई शेर था और रहेगा तू टेंशन माउंट लेना रे। एक अन्य प्रशंसक ने कहा, कोई बात नहीं हम सब आपके साथ हार्दिक हमारे हीरो हैं। एक अन्य प्रशंसक ने कहा, हार्दिक भाई विश्व कप में वापसी करेगा। हार्दिका पंड्या की पत्नी नतासा ने अलगाव की अफवाहों पर प्रतिक्रिया दी दूसरी ओर, अलगाव की अफवाहों के बीच हार्दिक की पत्नी को शनिवार को पहली बार शहर में देखा गया। अपनी नवीनतम आउटिंग में, उन्हें एक कैफे से बाहर निकलते समय एक करीबी दोस्त के साथ देखा गया था। जाने से पहले एक्ट्रेस ने शटरबग्स के लिए पोज दिए। दरअसल, एक पिता ने उनसे तलाक के बारे में पूछा। हालांकि, इसके जवाब में एक्ट्रेस ने सवाल को नजरअंदाज करने का फैसला किया और सम्मानजनक चुप्पी बनाए रखी. जाने से पहले, उसने बस इतना कहा, बहुत-बहुत धन्यवाद और अपनी प्रतीक्षारत कार की ओर बढ़ गई। अपनी नवीनतम आउटिंग के दौरान, जब वह अपने दोस्त के साथ एक कैफे से बाहर निकली, तो उसे गुलाबी शर्ट के साथ सफेद टॉप और शॉर्ट्स पहने देखा गया। दो महीने पहले एक नौका पर बॉलीवुड अभिनेत्री को प्रस्ताव देने के बाद, हार्दिक और नतासा ने लगभग चार साल पहले 31 मई, 2020 को शादी कर ली थी। उनके पहले बच्चे, अगस्त्य का जन्म 30 जुलाई, 2020 को हुआ था। अपनी तीसरी शादी की सालगिरह मनाते हुए, हार्दिक और नतासा ने उदयपुर में एक भव्य समारोह के साथ अपनी प्रतिज्ञाओं को भी नवीनीकृत किया था। View this post on Instagram A post shared by Hardik Himanshu Pandya (@hardikpandya93) View this post on Instagram A post shared by Viral Bhayani (@viralbhayani)
शादी के तीन महीने बाद हनीमून पर निकलेRakul Preet Singh औरJackky Bhagnani, वेकेशन से वायरल हुई एक्ट्रेस की तस्वीरें

