चिल्फी में 12 को अंतिम मेला मड़ई संस्कृति, पर्यटन का दिखेगा संगम
भास्कर न्यूज | चिल्फी घाटी वनांचल क्षेत्र की प्रसिद्ध और ऐतिहासिक अंतिम मेला मंडई का आयोजन इस वर्ष 12 फरवरी को ग्राम पंचायत चिल्फी में होगा। यह मंडई आदिवासी समाज की आस्था, परंपरा और संस्कृति से जुड़ा एक महत्वपूर्ण आयोजन है, जो प्रत्येक वर्ष साप्ताहिक बाजार के दिन वर्ष में एक बार आयोजित किया जाता है। मंडई को लेकर ग्राम पंचायत द्वारा तैयारियां अंतिम चरण में हैं। आयोजन के दिन दूर-दराज के गांवों से आदिवासी समाज के लोग पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचकर देवी-देवताओं की पूजा करेंगे और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना करेंगे। मंडई में पारंपरिक लोक नृत्य, लोक गीत, देवी- देवताओं की झांकियां, हाट-बाजार और ग्रामीण व्यापार आयोजन की पहचान रहेंगे। आदिवासी समाज की सांस्कृतिक विरासत इस दिन पूरे वैभव के साथ देखने को मिलेगी। साथ ही हस्तशिल्प, कृषि उत्पाद और पारंपरिक वस्तुएं भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी। मंडई मेले में बच्चों और युवाओं के मनोरंजन के लिए बड़े झूले, नाव झूला, ब्रेक डांस, ड्रैगन झूला, मौत का कुआं खिलौना और मिठाई की दुकानें लगाई जा रही हैं। इसके साथ ही रस्साकसी, गुलेल प्रतियोगिता और बच्चों के पारंपरिक खेल भी होंगे।
उत्तर प्रदेश में होगा पर्यटन अवसंरचना का विकास, छोटे शहरों में भी राही टूरिस्ट लॉज का निर्माण
Uttar Pradesh news : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप प्रदेश में धार्मिक, सांस्कृतिक और इको टूरिज्म को नई पहचान मिली है। प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों काशी, मथुरा, आगरा, अयोध्या, प्रयागराज में पिछले कुछ सालों से देश-विदेश से आने वाले ...
भारतीय कला और संस्कृति के संरक्षण को लेकर कथक की वरिष्ठ गुरु एवं संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित प्रेरणा श्रीमाली ने सरकार की नीतियों पर सीधी और बेबाक राय रखी है। उन्होंने कहा कि जब तक कला एवं संस्कृति विभाग को स्वतंत्र मंत्री नहीं मिलेगा, तब तक इस क्षेत्र को न तो अपेक्षित बजट मिलेगा और न ही वह सम्मान, जिसकी वह हकदार है। राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित थिएटर एक्सपर्ट प्रियदर्शनी मिश्रा के संवाद कार्यक्रम बतियन की गली में प्रेरणा श्रीमाली ने कहा कि पहले समय में कला और संस्कृति जैसे महत्वपूर्ण विभाग प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री के अधीन होते थे, जिससे इन क्षेत्रों को सीधा संरक्षण और प्राथमिकता मिलती थी। उस दौर में सरकारें समझती थीं कि संस्कृति किसी राज्य या देश की आत्मा होती है। आज हालात यह हैं कि संस्कृति विभाग को पर्यटन के साथ जोड़ दिया गया है और सारा ध्यान पर्यटन पर चला गया है, जबकि कलाएं पीछे छूटती जा रही हैं। बजट की कमी से जूझ रही हैं कलाएं प्रेरणा श्रीमाली ने कहा कि कला संस्थानों और कलाकारों को लगातार बजट की कमी का सामना करना पड़ रहा है। आज शास्त्रीय और लोक कलाओं के लिए न तो पर्याप्त मंच हैं और न ही स्थायी योजनाएं। बजट की कमी के कारण प्रशिक्षण, शोध और प्रस्तुति तीनों ही प्रभावित हो रहे हैं। कार्यक्रम की परिकल्पक एवं युवा बिस्मिल्लाह खान अवार्डी प्रियदर्शिनी मिश्रा ने उनसे कला, संस्कृति और संस्थागत चुनौतियों पर सवाल किए। कार्यक्रम की शुरुआत प्रेरणा श्रीमाली की शिष्या, कथक नृत्यांगना मनीषा गुलयानी द्वारा गुरु वंदना से हुई। संवाद के दौरान प्रेरणा श्रीमाली ने कहा कि कला को हर काल में संरक्षण की आवश्यकता रही है। बिना संरक्षण और स्पष्ट दिशा के हमारी सांस्कृतिक विरासत को बचा पाना संभव नहीं है। जयपुर कथक केंद्र की स्थिति पर चिंता जयपुर कथक केंद्र की वर्तमान स्थिति पर चिंता जताते हुए प्रेरणा श्रीमाली ने कहा कि यह संस्थान पचास वर्षों से अधिक पुराना होने के बावजूद प्रदेश या राष्ट्रीय स्तर का कोई सशक्त कथक कलाकार तैयार नहीं कर पाया है। उन्होंने कहा कि किसी भी कला संस्थान की सफलता दूरदर्शी नेतृत्व और स्पष्ट नीति पर निर्भर करती है, जिसकी आज जयपुर कथक केंद्र को सख्त आवश्यकता है। कर्मठ युवा सम्मान इस अवसर पर ओरियन ग्रीन और रोहन एंड मृदुल कंपनी के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में उभरते तबला वादक मेहराज हुसैन को उनकी सशक्त ताल-समझ, संवेदनशील संगत और निरंतर रियाज के लिए ‘कर्मठ युवा सम्मान’ से सम्मानित किया गया। आयोजकों ने इस सम्मान के माध्यम से युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम के दौरान बालिका वधू सीरियल फेम लेखक और प्रेरणा श्रीमाली के छोटे भाई पुरेंदु शेखर ने वीडियो संदेश के माध्यम से अपनी बहन की कथक यात्रा और कर्मठता को प्रेरणादायी बताया, जिससे माहौल भावुक हो गया। वहीं उनके बड़े भाई मनोज श्रीमाली ने स्वयं को गौरवान्वित भाई बताते हुए अपने अनुभव साझा किए। इस अवसर पर प्रोफेसर माया टांक, समाजसेविका दीपा माथुर, दूरदर्शन के प्रोड्यूसर चेतन बठेजा, सहित कई नामी कलाकार और कला प्रेमी मौजूद रहे।
बूंदी विधायक हरिमोहन शर्मा ने रविवार को बूंदी में 12.5 लाख रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इन कार्यों में आराध्य देवी मां चामुंडा माता मंदिर में नलकूप की स्थापना और डोगरा महादेव मंदिर में सोलर प्लेट एवं लाइट सिस्टम शामिल हैं। विधायक कोष से चामुंडा माता मंदिर में नलकूप स्थापना के लिए 10 लाख रुपए स्वीकृत किए गए थे। वहीं, डोगरा महादेव में 2.35 लाख रुपए की लागत से सोलर प्लेट और लाइट सिस्टम स्थापित किया गया है। इस अवसर पर बूंदी राज दरबार के वंशवर्धन सिंह, पीसीसी सदस्य सत्येश शर्मा सहित कई प्रमुख जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। विधायक शर्मा ने राजा वंशवर्धन सिंह के साथ मां चामुंडा माता की पूजा-अर्चना भी की। मंदिर परिवार ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए विधायक हरिमोहन शर्मा ने कहा कि आने वाले समय में बूंदी राजस्थान के प्रमुख पर्यटक स्थलों में से एक होगा। उन्होंने बूंदी को हरियाली और पहाड़ों से आच्छादित एक रमणीय स्थल बताया, जहां ऐतिहासिक, पौराणिक और धार्मिक स्थलों का संरक्षण एवं रखरखाव अत्यंत आवश्यक है। विधायक ने बताया कि चामुंडा माता मंदिर में नलकूप की स्थापना से दर्शनार्थियों, पर्यटकों, वन्यजीवों और स्थानीय निवासियों को पानी उपलब्ध होगा। इसी प्रकार, डोगरा महादेव मंदिर में सोलर एवं लाइट सिस्टम से कई वर्षों से चली आ रही बिजली की समस्या का समाधान हो गया है। शर्मा ने आम जनता से इन विकास कार्यों के रखरखाव में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने जोर दिया कि ये दोनों धार्मिक स्थल बूंदी के ऐतिहासिक और आस्था के केंद्र होने के साथ-साथ पर्यटकों के लिए भी मुख्य आकर्षण हैं। ये विकास कार्य वन विभाग के सहयोग से संपन्न हुए हैं, और भविष्य में भी आम जनता की मांग पर विकास कार्य जारी रहेंगे। राज दरबार ने विधायक शर्मा का आभार व्यक्त किया लोकार्पण समारोह के दौरान बूंदी विधायक हरिमोहन शर्मा का बूंदी राज दरबार वंशवर्धन सिंह ने इन दोनों विकास कार्यों को पूर्ण करवाए जाने पर आभार व्यक्त किया। राज दरबार ने कहा कि दोनों स्थानों पर इन कार्यो की विशेष मांग थी आमजन और पर्यटकों के लिए कार्यों का विशेष लाभ मिलेगा। रामगढ़ अभ्यारण में विचरण करने वाले वन्य जीव एवं पशु पक्षियों को भी जल उपलब्ध होगा! लोकार्पण समारोह में शहर अध्यक्ष शैलेश सोनी, वार्ड पार्षद टीकम जैन, सामाजिक कार्यकर्ता पुरुषोत्तम पारीक, लोकेश सुखवाल, संजय शर्मा नितेश शर्मा, दीपक शर्मा, पुजारी अभिषेक शर्मा, बंटी, संत प्रमुख सीताराम दास जी, भगवान नामा, आशुतोष शर्मा किरण अग्रवाल, गिरिराज शर्मा कमल खटाना, गुरमुख सिंह यशवंत दाधीच सहित बड़ी संख्या में मंदिर परिवार एवं श्रद्धालु गण मौजूद रहे।
शिवपुरी जिले की ऐतिहासिक नगरी नरवर में रविवार को नरवर किले पर एक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस अभियान का उद्देश्य किले को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखना था। यह कार्यक्रम प्राइवेट स्कूल्स एसोसिएशन और अन्य सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में आम नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्कूली बच्चों ने भाग लिया। स्वच्छता अभियान की शुरुआत नरवर के खम्मी बाजार से हुई और यह ऐतिहासिक नरवर किले तक पहुंचा। इसके बाद किले परिसर और पसरदेवी माता मंदिर क्षेत्र में साफ-सफाई की गई। इस दौरान स्वच्छता से जुड़ी जागरूकता गतिविधियां भी आयोजित की गईं। अभियान में लगभग 200 लोगों और 50 स्कूलों के विद्यार्थियों ने श्रमदान किया। जन भागीदारी समिति के अध्यक्ष धीरज गुप्ता ने इस अवसर पर कहा कि नरवर किला केवल एक ऐतिहासिक धरोहर नहीं, बल्कि क्षेत्र की पहचान है। उन्होंने बताया कि देश के विभिन्न हिस्सों से पर्यटक यहां आते हैं, इसलिए किले और आसपास के धार्मिक स्थलों की स्वच्छता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने नरवर आने वाले हर व्यक्ति से गंदगी न फैलाने की अपील की, ताकि यहां से स्वच्छता का सकारात्मक संदेश जाए। इस कार्यक्रम में प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन नरवर-मंगरौनी के ब्लॉक अध्यक्ष पंकज कुशवाह, उपाध्यक्ष सिरदार सिंह कुशवाह, सचिव संजय भार्गव, कोषाध्यक्ष नवीन जैन और विधायक प्रतिनिधि पोहरी अशोक रावत सहित कई गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता और युवा उपस्थित रहे। आयोजकों ने जानकारी दी कि भविष्य में भी नरवर किले जैसे ऐतिहासिक और पर्यटन स्थलों पर ऐसे स्वच्छता अभियान नियमित रूप से चलाए जाएंगे। इसका लक्ष्य नरवर को एक स्वच्छ, सुंदर और आदर्श पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना है।
नंदनवन पक्षी विहार का संचालन अब रायपुर वनमंडल को सौंप दिया गया है। इससे पहले इसका संचालन जंगल सफारी प्रबंधन के पास था। हाल ही में वनमंत्री केदार कश्यप और क्षेत्रीय विधायक राजेश मूणत ने नंदनवन पक्षी विहार का निरीक्षण किया था। तब वन मंत्री ने नंदनवन का संचालन रायपुर वनमंडल को देने के निर्देश दिए थे। रायपुर वन मंडल के अधिकार क्षेत्र में आते ही नंदनवन के लिए 30 लाख रुपए का बजट पास किया गया है। रायपुर वन मंडलाधिकारी लोकनाथ पटेल ने बताया कि, नंदनवन में लोगों को कई नई सुविधा मिलेगी। जिसमें 50 फीट से लेकर 150 फीट तक की जिप लाइन और बोटिंग मुख्य है। जरूरत के अनुसार नए बोट्स भी मंगाए जाएंगे। जिसमें प्रकृति के बीच लोग बोटिंग का मजा ले सके। मेल-फीमेल पक्षियों के अनुपात को किया जाएगा समान वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, नंदनवन में सैकड़ो की संख्या में पक्षी हैं। जिसमें एमू, मटककली कबूतर, सिल्वर पिजन गोल्ड़न पिजन, ऑस्ट्रेलियन स्काई ब्लु पैरेट जैसे विदेशी पक्षी भी हैं। इन पक्षियों में मेल-फीमेल पक्षियों के अनुपात में अंतर आ गया है। जिसे एक समान किया जाएगा। भविष्य में कुछ नए पक्षियों को भी पक्षी विहार में शामिल किया जाएगा। नंदनवन प्रबंधन ने लोगों को बेहतर व्यू में पक्षी देख सके। इसके लिए केज के फ्रंट में ग्लास लगाया जाएगा। जिससे लोगों को बर्ड वॉच करने में सहूलियत हो। मिलेट्स कैफे भी होगा चालू नंदनवन के परिसर में मिलेट्स कैफे भी चालू किया जाएगा। जिससे लोग लोकल फूड का भी आनंद ले सकेंगे। इसके अलावा कैफे में नॉर्थ इंडियन साउथ इंडियन जैसे फूड भी मिलेंगे। प्रबंधन का दावा है कि फूड का रेट भी सीमित रखा जाएगा। जिससे कम दाम में लोगों को स्वादिष्ट भोजन का लाभ मिल सके। 30 लाख का बजट पारित 31 जनवरी 2026 को नंदनवन पक्षी विहार को औपचारिक रूप से रायपुर वनमंडल को सौंप दिया गया है। निर्णय के अनुसार बाड़े में मौजूद पक्षियों की सुरक्षा, देखरेख और रख-रखाव की पूरी जिम्मेदारी अब रायपुर वनमंडल की होगी। वनमंत्री ने नंदनवन को नए सिरे से विकसित करने के निर्देश भी दिए हैं। इसके लिए शुरुआती तौर पर 30 लाख रुपए का बजट स्वीकृत किया गया है। चूहों की समस्या के लिए होगा समाधान नंदनवन में चूहों की बढ़ती संख्या भी एक बड़ी समस्या बनी हुई थी। यहां चूहों ने सैकड़ों की संख्या में बिल बना लिए थे। पिछले दिनों दाना चुगने के दौरान चूहों के कुतरने से कई विदेशी पक्षियों की मौत हो गई थी। इसके बाद जंगल सफारी प्रबंधन विदेशी पक्षियों को नंदनवन से हटाकर जंगल सफारी ले जाने की तैयारी कर रहा था। पक्षियों को शिफ्ट करने की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने नंदनवन पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और पक्षियों को ले जाने से रोक दिया। हालांकि वन विभाग के अधिकारियों की चर्चा के बाद ग्रामीणों के साथ सहमति बनी है। अधिकारियों का कहना है कि नंदनवन के बाहर लोकल लोगों को भी रोजगार मिल सके इसका भी ध्यान रखा जाएगा। कई परिवार नंदनवन की भरोसे अपना घर चला रहे हैं।
बारां कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर ने 'पंच गौरव' योजना के तहत अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने जिले में चिह्नित पर्यटन स्थलों, उत्पादों, खेलों और फसलों के विकास के संबंध में निर्देश दिए। इस योजना के तहत रामगढ़ क्रेटर (पर्यटन स्थल), लहसुन (उत्पाद), फुटबॉल (खेल), चिरौंजी (उपज) और लहसुन (फसल) को विशिष्ट पहचान दिलाने पर जोर दिया गया। अपने कक्ष में बैठक के दौरान जिला कलेक्टर ने कहा कि इन 'पंच गौरव' को विशिष्ट पहचान दिलाने के लिए इनका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। साथ ही, इनकी गुणवत्ता और प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं। उन्होंने बताया कि 'पंच गौरव' योजना से जिले में पर्यटन और खेल का विकास होगा। इसके अतिरिक्त, लहसुन और चिरौंजी उत्पादकों को भी इसका लाभ मिलेगा। कलक्टर ने अधिकारियों को योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने और इस योजना के माध्यम से जिले को लाभान्वित करने के निर्देश दिए। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
आगामी 13 से 16 फरवरी के बीच होने वाली वैश्विक पक्षी गणना 'ग्रेट बैकयार्ड बर्ड काउंट' (जीबीबीसी) से पहले बिहार में पक्षी प्रेमियों और पर्यावरणविदों की गतिविधियां तेज हो गई है। पिछले वर्ष की तुलना में राज्य में इस नागरिक विज्ञान कार्यक्रम में भागीदारी दोगुनी से अधिक होने की संभावना है। बिहार में लगातार बढ़ रही भागीदारी 2021 में जहां केवल 17 बर्ड वॉचर्स ने 33 चेकलिस्ट के साथ 133 प्रजातियों को दर्ज किया था, वहीं 2025 के प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार 49 बर्ड वॉचर्स ने 500 चेकलिस्ट सबमिट करते हुए 224 प्रजातियों को रिकॉर्ड किया है। यह वृद्धि राज्य के 15 जिलों से दर्ज की गई है। राज्य समन्वयक राहुल कुमार बताते हैं कि 2024 में बिहार ने देश के 37 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चेकलिस्ट में 24वां स्थान हासिल किया था। हालांकि यह प्रगति उत्साहजनक है, लेकिन राज्य की वास्तविक क्षमता इससे कहीं अधिक है। भारत की वैश्विक मौजूदगी पिछले वर्ष (14 से 17 फरवरी 2025) भारत ने विश्व स्तर पर प्रभावशाली प्रदर्शन किया था। लगभग 6,500 बर्ड वॉचर्स ने 66,155 चेकलिस्ट सबमिट कर देश को दूसरे स्थान पर पहुंचाया, जबकि 1,086 प्रजातियों के साथ भारत तीसरे स्थान पर रहा। नालंदा के जलाशय: संकट में पारिस्थितिकी धरोहर इस बढ़ती भागीदारी के बीच नालंदा जिले के महत्वपूर्ण जलाशयों की दुर्दशा चिंता का विषय बन गई है। गिद्धि जलाशय (कुंडलपुर-बेगमपुर), पुष्पकर्णी जलाशय (सूरजपुर), पंचाने नदी (गिरियक), पावापुरी जल मंदिर और गिरियक डैम जैसे महत्वपूर्ण आद्रभूमि क्षेत्र गंभीर खतरे में हैं। पर्यावरणविदों का कहना है कि इन जलाशयों पर अवैध अतिक्रमण, लीज पर दिया जाना और उचित प्रबंधन के अभाव में पक्षियों की आबादी में लगातार गिरावट आ रही है। ये आद्रभूमियां न केवल पक्षियों के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि स्थानीय समुदायों को सिंचाई, जल आपूर्ति, भूजल स्तर बनाए रखने और प्रदूषण नियंत्रण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। पर्यटन की अपार संभावनाएं विशेष रूप से गिद्धि और पुष्पकर्णी जलाशय नालंदा विश्वविद्यालय के भग्नावशेष, ह्वेन त्सांग मेमोरियल हॉल और कुंडलपुर मंदिर के निकट स्थित हैं, जो इनके महत्व को और बढ़ा देता है। यहां पर्यावरणीय पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं, लेकिन पहले इनके पारिस्थितिकीय महत्व को संरक्षण देने की जरूरत है। तत्काल कार्रवाई की मांग पर्यावरणविद् इन जलाशयों को लीज मुक्त करने, घेराबंदी करने और अवैध अतिक्रमण से मुक्त कराने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि तत्काल प्रयास नहीं किए गए तो ये क्षेत्र पक्षी विहीन हो जाएंगे, जिससे पारिस्थितिकीय असंतुलन पैदा होगा।जलाशयों के समीप शोध और संरक्षण केंद्र स्थापित करने की भी मांग की जा रही है, जो जागरूकता और शिक्षा को बढ़ावा दे सके। यह एक सतत प्रक्रिया है जिसमें आम नागरिक, सरकार, विभाग, संस्थाएं, पर्यावरणविद और पक्षी प्रेमी सभी को शामिल होना होगा। ई-बर्ड और मर्लिन ऐप से आसान भागीदारी इस वैश्विक कार्यक्रम में भाग लेना अब पहले से कहीं आसान हो गया है। पक्षी प्रेमी ई-बर्ड फोन ऐप पर अपनी गणना दर्ज कर सकते हैं, जबकि मर्लिन बर्ड आईडी ऐप पक्षियों की पहचान में मदद करती है। यह ऐप पक्षियों की आवाज, तस्वीर या आकार, रंग और स्थान की जानकारी के आधार पर प्रजातियों की पहचान बता सकती है। प्रधानमंत्री के सतत विकास और वन्यजीव संरक्षण के सपने को साकार करने के लिए इन जलाशयों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। अन्य जिलों में सरकारी पहल और पक्षी प्रेमियों के प्रयास प्रशंसनीय रहे हैं, नालंदा में भी इसी तरह के प्रयासों की दरकार है।
दक्षिण वन मंडल कोंडागांव ने विश्व आर्द्रभूमि दिवस के अवसर पर अमरावती रेंज में एक अनुकरणीय पहल की है। ऐतिहासिक जंगलों के बीच स्थित उपेक्षित दलदली भूमि और विशाल तालाब को एक आकर्षक पर्यटन स्थल और जैव विविधता केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। यह स्थान अब प्रकृति प्रेमियों, पर्यटकों और प्रवासी पक्षियों के लिए एक नया ठिकाना बन गया है। घने वनों की हरियाली के बीच विकसित यह क्षेत्र न केवल आम नागरिकों को आकर्षित कर रहा है, बल्कि हजारों किलोमीटर दूर साइबेरिया जैसे ठंडे देशों से आने वाले प्रवासी साइबेरियन पक्षियों का भी सुरक्षित आश्रय बन गया है। हर वर्ष सर्दियों के मौसम में ये पक्षी लंबी यात्रा तय कर यहां पहुंचते हैं, खासकर प्रजनन काल के दौरान, और बच्चों के साथ वापस लौट जाते हैं। दक्षिण वन मंडलाधिकारी चूड़ामणि सिंह ने इस पहल पर प्रकाश डालते हुए कहा, “दलदली भूमि प्रकृति की धरोहर है। इसे संरक्षित कर हम न केवल वन्यजीवों बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित कर रहे हैं। अमरावती रेंज का यह विकास कार्य पर्यावरण और पर्यटन के बीच संतुलन का एक अच्छा उदाहरण है।” रेंजर प्रतीक वर्मा ने बताया, “यह क्षेत्र अब सिर्फ जंगल नहीं, बल्कि लोगों के लिए सीखने और प्रकृति से जुड़ने का केंद्र बन गया है। प्रवासी पक्षियों की बढ़ती संख्या इस बात का संकेत है कि हमारा संरक्षण कार्य सही दिशा में है।”
बिहार बजट 2026-27 ने ऐतिहासिक नालंदा जिले के लिए विकास के नए द्वार खोल दिए हैं। 3.47 लाख करोड़ रुपए के इस महत्वाकांक्षी बजट में पर्यटन, शिक्षा और रोजगार पर विशेष जोर देते हुए जिले को बिहार के विकास की नई कहानी का केंद्र बनाने का प्रयास किया गया है। बौद्ध सर्किट से पर्यटन को नई पहचान बजट में राजगीर को बौद्ध सर्किट से मजबूती से जोड़ने और नालंदा विश्वविद्यालय के विस्तार की महत्वाकांक्षी योजनाओं को शामिल किया गया है। जानकारों का मानना है कि इससे पर्यटन उद्योग में अभूतपूर्व वृद्धि होगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अनगिनत अवसर पैदा होंगे। नालंदा की समृद्ध ऐतिहासिक विरासत को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की इस पहल से होटल, परिवहन और हस्तशिल्प उद्योगों को भी गति मिलने की संभावना है। किसानों के लिए बड़ी राहत बजट में कृषि क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी गई है। जिले के 1.74 लाख किसानों को कर्पूरी सम्मान निधि का लाभ मिलेगा। पीएम किसान सम्मान निधि के साथ मिलाकर अब प्रत्येक किसान को सालाना 9,000 रुपए की आर्थिक सहायता मिलेगी, जिससे खेती की बढ़ती लागत से जूझ रहे किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। ऊर्जा क्रांति की तैयारी पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत जिले के 4.21 लाख बिजली उपभोक्ताओं को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना से न केवल बिजली बिल में भारी कमी आएगी, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया जा सकेगा। शिक्षा में डिजिटल क्रांति बजट में शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव की परिकल्पना की गई है। जिले की 231 पंचायतों में एक-एक मॉडल स्कूल स्थापित किए जाएंगे, जहां स्मार्ट क्लासरूम और डिजिटल लाइब्रेरी की अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है। युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर कौशल विकास मिशन के विस्तार और स्टार्टअप फंड में वृद्धि से युवाओं के सपनों को पंख लगेंगे। छोटे और मध्यम उद्योगों को आसान ऋण और तकनीकी सहायता प्रदान करने का प्रावधान किया गया है, जिससे स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा। कृषि आधारित उद्योगों और पर्यटन सेवाओं के विकास से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था में नई जान आने की उम्मीद है। ग्रामीण बुनियादी ढांचे का कायाकल्प बजट में ग्रामीण सड़कों को एक लेन से दो लेन में विकसित करने की योजना शामिल की गई है। यह पहल गांवों को शहरों से बेहतर तरीके से जोड़ेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगी। जनता का उत्साह जिले के उद्यमियों, युवाओं और प्रबुद्ध नागरिकों ने इस बजट को रोजगार और औद्योगिक विकास को नई दिशा देने वाला बताया है। कपड़ा व्यवसायियों, स्वर्ण कारोबारियों और स्थानीय निवासियों ने एकमत से माना कि यह बजट विकसित बिहार की मजबूत नींव रखेगा।
पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने नंगल से कीरतपुर साहिब तक राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना को मंजूरी दिलाई है। श्री आनंदपुर साहिब विधानसभा क्षेत्र के विधायक हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि इस परियोजना की वर्षों पुरानी मांग अब पूरी होने जा रही है। इसके जल्द शुरू होने से क्षेत्र में यातायात व्यवस्था और सुरक्षा में सुधार की उम्मीद है। यह मार्ग पंजाब और हिमाचल प्रदेश की सीमा को जोड़ता है। यह माता बगलामुखी, बाबा बालक नाथ और माता चिंतपूर्णी जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर जाने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण है। लगातार सड़क हादसों के कारण स्थानीय लोग इसे 'किलर रोड' भी कहते रहे हैं। परियोजना पूरी होने के बाद सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने की संभावना है। 2022 में हुआ था सड़क का सर्वे मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने जानकारी दी कि जुलाई 2022 में इस सड़क परियोजना का सर्वे कराया गया था। इसके उपरांत केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को सड़क की गंभीर स्थिति से अवगत कराया गया। वर्ष 2023 में परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की गई, जिसके बाद सभी आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक स्वीकृतियां प्राप्त की गईं। उन्होंने बताया कि 21 जनवरी को उन्होंने दिल्ली में मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने का आग्रह किया। अब रिकॉर्ड समय में भूमि अधिग्रहण किया जाएगा और अगले दो महीनों के भीतर किसानों के खातों में मुआवजे की राशि जमा करा दी जाएगी। इसके तुरंत बाद निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। मंत्री बोले- पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा मंत्री बैंस ने कहा कि इस परियोजना से क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और आसपास के 100 से 150 गांवों की अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ होगा। उन्होंने यह भी बताया कि क्षेत्र में अन्य विकास कार्य भी तेजी से जारी हैं।
कोहरे के कारण इंडिगो सहित कई उड़ानों पर असर, यात्रियों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की गई
देश के कई हिस्सों में खराब मौसम के कारण विमान सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। इसी कड़ी में देश की प्रमुख एयरलाइन इंडिगो ने मंगलवार को यात्रियों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है।
दौसा के सांसद मुरारीलाल मीणा ने हाल ही में लोकसभा में अपने संसदीय क्षेत्र की धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री की ओर से छोटे शहरों के ऐतिहासिक स्थलों को प्राथमिकता देने की घोषणा को ध्यान में रखते हुए, दौसा के प्रमुख स्थलों को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा संरक्षित स्मारक घोषित करने की मांग की गई है। ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों की पहचान सांसद मुरारीलाल मीणा ने अपने भाषण में कई महत्वपूर्ण स्थलों का उल्लेख किया, जिनमें शामिल हैं- वीर शिरोमणि राणा सांगा का ऐतिहासिक चबूतरा, महाभारतकालीन पांडूपोल, नारायणी माता मंदिर, पपलाज माता मंदिर, झांझीरामपुरा गोमुख। उन्होंने कहा कि ASI संरक्षण से इन धरोहरों का मरम्मत, संरक्षण और सौंदर्यीकरण संभव होगा, जिससे पर्यटन को भी नई दिशा मिलेगी। सांसद ने यह भी बताया कि उनका लक्ष्य दौसा की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना और मजबूत करना है। परंपराओं को बनाए रखना जरूरी पूर्वी राजस्थान की लोक संस्कृति पर बात करते हुए सांसद ने मीणावाटी क्षेत्र की पारंपरिक लोक विधाओं पद दंगल, कन्हैया दंगल और सुड्डा दंगल को क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान बताया। परंपराओं को मान्यता देकर संरक्षित करना बेहद जरूरी है। सांसद ने कहा- प्रधानमंत्री और राहुल गांधी अपने दौरों के दौरान जिले के मीणा हाईकोर्ट में पारंपरिक लोक संस्कृतियों से परिचित हो चुके हैं, जो इस क्षेत्र की सांस्कृतिक समृद्धि का प्रमाण है। उनका कहना है कि विरासत संरक्षित होगी तो पहचान और पर्यटन दोनों में वृद्धि होगी।
ग्रीनलैंड के टॉप 10 पर्यटन स्थल: सुंदर प्रकृति, बर्फ, फजॉर्ड और रोमांच की अनोखी दुनिया
ग्रीनलैंड आर्कटिक का एक अद्भुत देश है, जो अपने विशाल ग्लेशियरों, तैरते हिमखंडों (Icebergs), और रंगीन घरों के लिए प्रसिद्ध है। यहां की प्राकृतिक सुंदरता और साहसिक गतिविधियां इसे अनोखा बनाती हैं। यहाँ घूमने के लिए 10 बेहतरीन जगहें हैं।
कॉरिडोर में कृष्ण: 'कुंज गलियों' का पर्यटन
15 मई 2025 को, भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने उत्तरप्रदेश सरकार को मथुरा के बांके बिहारी मंदिर के आसपास 5 एकड़ भूमि अधिग्रहित करने की अनुमति दी थी
स्विमिंग पूल किनारे मोनालिसा का सिजलिंग अंदाज, वेकेशन से शेयर की बोल्ड तस्वीरें
भोजपुरी एक्ट्रेस मोनालिसा हिंदी टीवी इंडस्ट्री में भी अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी मोनालिसा की जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। वह अपनी ग्लैमरस तस्वीरों से तहलका मचाती रहती हैं। मोनालिसा इन दिनों थाइलैंड में वेकेशन एंजॉय कर रही ...
गोवा में वेकेशन एंजॉय कर रहीं कृष्णा श्रॉफ, शेयर की खूबसूरत तस्वीरें
कृष्णा श्रॉफ निश्चित रूप से जानती हैं कि लोगों का ध्यान कैसे आकर्षित करना है- चाहे वह उनकी MMA चॉप्स हों या उनकी वेकेशन की तस्वीरें। कृष्णा इस दिनों गोवा की धूप और बीच पर छुट्टियां मना रही हैं। इसी बीच कृष्णा श्रॉफ ने सोशल मीडिया पर अपनी ट्रॉपिकल ...
कैंसर के ट्रीटमेंट जंग के बीच वेकेशन मनाने मालदीव पहुंचीं हिना खान, शेयर की खूबसूरत तस्वीरें
टीवी एक्ट्रेस हिना खान भले ही कैंसर से जंग लड़ रही हैं, लेकिन वह अपनी लाइफ को खुलकर जी रही हैं। इस गंभीर बीमारी से जंग लड़ते हुए वह लाइफ का हर पल एंजॉय कर रही हैं। हिना खान इन दिनों मालदीव में वेकेशन एंजॉय कर रही हैं। मालदीव में वेकेशन मनाते हुए ...
Tejasswi Praksh-Karan Kundrra नहीं हुए अलग,रोमांटिक वेकेशन एन्जॉय कर रहा है कपल करीबी दोस्त ने खोला राज
सोशल मीडिया पर भारतीय क्रिकेट टीम के हरफनमौला खिलाड़ी हार्दिक पंड्या और उनकी पत्नी नतासा स्टेनकोविक के अलग होने की अफवाहें जोरों पर हैं। यह सब तब शुरू हुआ जब नतासा ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से 'पांड्या' उपनाम हटा दिया। प्रशंसकों ने यह भी देखा कि वह आईपीएल मैचों के दौरान स्टैंड्स से गायब थीं। हालांकि, तमाम अटकलों के बावजूद इस जोड़े ने इस मामले पर चुप्पी साध रखी है। दूसरी ओर, एक ताजा रिपोर्ट से पता चलता है कि हार्दिक विदेश में किसी अज्ञात स्थान पर छुट्टियां मना रहे हैं। विस्तार से जानने के लिए आगे पढ़ें। इसे भी पढ़ें: Shabana Azmi ने Shashi Kapoor के साथ इंटीमेट सीन करने से किया था इंकार, सुपरस्टार ने कह दिया था एक्ट्रेस को 'बेवकूफ लड़की' | Read All About नताशा स्टेनकोविक से अलगाव की अफवाहों के बीच हार्दिक पंड्या विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं हार्दिक पंड्या की पत्नी नतासा स्टेनकोविक के साथ निजी जिंदगी हाल ही में चर्चा का विषय बनी हुई है। क्रिकबज द्वारा रविवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि अलगाव की अफवाहों के बीच क्रिकेटर विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं। अभी लोकेशन का नाम सामने नहीं आया है। इसे भी पढ़ें: Anant Ambani और Radhika Merchant Pre-Wedding Party! तारों भरी रात से लेकर टोगा पार्टी तक, जानें इस बार क्या-क्या होगा खास यह बताया गया है कि इंडियन प्रीमियर लीग से अपनी टीम के बाहर होने के बाद क्रिकेटर ने देश छोड़ दिया। कठिन अवधि के बाद तरोताजा होने के लिए, उन्होंने विदेश में एक सप्ताह की छुट्टी का विकल्प चुना। हार्दिक के शीघ्र ही न्यूयॉर्क में टी20 विश्व कप 2024 के अभ्यास सत्र के लिए भारतीय टीम में फिर से शामिल होने की उम्मीद है। विशेष रूप से, आईपीएल 2024 में मुंबई इंडियंस के लिए रोहित शर्मा की जगह हार्दिक के नेतृत्व की काफी आलोचना हुई। पूरे सीज़न में भारतीय क्रिकेटर को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। इस बीच, वह पेशेवर असफलताओं से जूझ रहे थे। उनकी निजी जिंदगी सुर्खियों में आ गई। कुछ दिन पहले हार्दिक ने अपने सोशल मीडिया पर ढेर सारी तस्वीरें और वीडियो शेयर किए थे। वीडियो में उन्हें पूल में तैरते हुए अच्छा समय बिताते हुए दिखाया गया, जबकि फोटो में वह एक खूबसूरत बैकग्राउंड के साथ पोज दे रहे थे। इसे छोटा और सरल रखते हुए, उन्होंने पोस्ट को कैप्शन दिया था, रिचार्जिंग। पोस्ट के जवाब में, कई प्रशंसकों ने उनके टिप्पणी अनुभाग में बाढ़ ला दी, अपना अटूट समर्थन दिखाया और आगामी विश्व कप के लिए उनकी जय-जयकार की। एक यूजर ने लिखा, “हार्दिक पंड्या जल्द ही टी20 वर्ल्ड कप में वापस आ रहे हैं,” एक अन्य फैन ने लिखा, “हार्दिक टी20 में अपने पुराने मॉडल के साथ आएं और अपने नफरत करने वालों को चुप करा दें। जबकि एक तीसरे फैन ने लिखा, “मजबूत वापसी भाई।” इसके अतिरिक्त, एक प्रशंसक ने लिखा, अपना भाई शेर था और रहेगा तू टेंशन माउंट लेना रे। एक अन्य प्रशंसक ने कहा, कोई बात नहीं हम सब आपके साथ हार्दिक हमारे हीरो हैं। एक अन्य प्रशंसक ने कहा, हार्दिक भाई विश्व कप में वापसी करेगा। हार्दिका पंड्या की पत्नी नतासा ने अलगाव की अफवाहों पर प्रतिक्रिया दी दूसरी ओर, अलगाव की अफवाहों के बीच हार्दिक की पत्नी को शनिवार को पहली बार शहर में देखा गया। अपनी नवीनतम आउटिंग में, उन्हें एक कैफे से बाहर निकलते समय एक करीबी दोस्त के साथ देखा गया था। जाने से पहले एक्ट्रेस ने शटरबग्स के लिए पोज दिए। दरअसल, एक पिता ने उनसे तलाक के बारे में पूछा। हालांकि, इसके जवाब में एक्ट्रेस ने सवाल को नजरअंदाज करने का फैसला किया और सम्मानजनक चुप्पी बनाए रखी. जाने से पहले, उसने बस इतना कहा, बहुत-बहुत धन्यवाद और अपनी प्रतीक्षारत कार की ओर बढ़ गई। अपनी नवीनतम आउटिंग के दौरान, जब वह अपने दोस्त के साथ एक कैफे से बाहर निकली, तो उसे गुलाबी शर्ट के साथ सफेद टॉप और शॉर्ट्स पहने देखा गया। दो महीने पहले एक नौका पर बॉलीवुड अभिनेत्री को प्रस्ताव देने के बाद, हार्दिक और नतासा ने लगभग चार साल पहले 31 मई, 2020 को शादी कर ली थी। उनके पहले बच्चे, अगस्त्य का जन्म 30 जुलाई, 2020 को हुआ था। अपनी तीसरी शादी की सालगिरह मनाते हुए, हार्दिक और नतासा ने उदयपुर में एक भव्य समारोह के साथ अपनी प्रतिज्ञाओं को भी नवीनीकृत किया था। View this post on Instagram A post shared by Hardik Himanshu Pandya (@hardikpandya93) View this post on Instagram A post shared by Viral Bhayani (@viralbhayani)
शादी के तीन महीने बाद हनीमून पर निकलेRakul Preet Singh औरJackky Bhagnani, वेकेशन से वायरल हुई एक्ट्रेस की तस्वीरें
एक बार फिर सिनेमा घरो में दस्तक देने जा रही है क्रिस्टोफ़र नोलन की स्पेस एडवेंचर फिल्मInterstellar,10वीं सालगिरह पर होगी री-रिलीज़

