चीन सांस्कृतिक पर्यटन उद्योग एक्सपो संपन्न, 11.5 अरब युआन के समझौते
बीजिंग, 7 सितंबर . चार दिवसीय 2026 चीन सांस्कृतिक पर्यटन उद्योग एक्सपो उत्तरी चीन के थ्येनचिन केंद्रशासित शहर में संपन्न हुआ. ‘संस्कृति और पर्यटन का गहरा एकीकरण, बुद्धिमत्ता के जरिए बेहतर जीवन का निर्माण’ विषय पर आयोजित इस एक्सपो में सांस्कृतिक और पर्यटन एकीकरण, नए डिजिटल कारोबारी मॉडल, सांस्कृतिक और पर्यटन उपकरण, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, थ्येनचिन ... Read more
Nepal Tourism: बाढ़ के बीच विदेशी पर्यटकों के लिए 'Nepal Calling' अभियान शुरू
काठमांडू, सात सितंबर नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के कारण पर्यटन पर पड़ने वाले असर को रोकने के लिए विदेशी पर्यटकों को भरोसा दिलाने के प्रयास तेज कर दिए हैं। सरकार का कहना है कि देश अब भी पर्यटकों के लिए खुला है और हिमालयी ट्रैकिंग मार्ग आगंतुकों के स्वागत के लिए तैयार हैं। नेपाल के पर्यटन मंत्री खड़ग राज पौडेल ने सोशल मीडिया पर ‘नेपाल कॉलिंग’ अभियान शुरू किया है। इसके जरिए उन्होंने विदेशी पर्यटकों से नेपाल आने की अपील करते हुए कहा है कि प्राकृतिक आपदा के बावजूद देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर स्थित सामान्य है। पौडेल ने सोशल मीडिया पर जारी वीडियो संदेश में कहा, ‘‘नेपाल अब भी खुला है... हमारे हिमालयी ट्रैकिंग मार्ग आपका इंतजार कर रहे हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘इस समय छुट्टियां बिताने के लिए आपके नेपाल आने से देश की मदद होगी जो विनाशकारी बाढ़ से जूझ रहा है।’’सरकारी आंकड़ों के अनुसार, नेपाल के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में पर्यटन क्षेत्र का प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष योगदान करीब 6.7 प्रतिशत है और इससे 10 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिलता है। पर्यटन क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए विदेशी पर्यटकों की संख्या में गिरावट का असर होटल, ट्रैकिंग एजेंसियों, गाइड, पोर्टर, विमानन कंपनियों, रेस्तरां और परिवहन सेवाओं पर पड़ सकता है। समाचार पोर्टल ‘एकांतिपुर डॉट कॉम’ की खबर के अनुसार 26 अगस्त को अचानक आई विनाशकारी बाढ़ से, सितंबर से नवंबर के बीच शुरू होने वाले पर्यटन के सबसे व्यस्त सीजन पर असर पड़ने की आशंका है। खबर के मुताबिक नेपाल में पूरे साल में जितने पर्यटक आते हैं, उनमें से करीब 40 प्रतिशत सितंबर से नवंबर के बीच आते हैं। नेपाल में अगस्त महीने में 85,444 विदेशी पर्यटक पहुंचे, जो पिछले साल इसी महीने की तुलना में 3.65 प्रतिशत कम थे। बाढ़ के बाद अगस्त के अंतिम सप्ताह में पर्यटन कारोबारियों ने खासी संख्या में बुकिंग रद्द होने की जानकारी दी है। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों के खिसकने से आई इस बाढ़ ने उत्तर और मध्य नेपाल के कई कस्बों और गांवों को प्रभावित किया। हिमालयी सीमा क्षेत्र से दक्षिण की ओर बहने वाली भोटेकोशी नदी में आए सैलाब ने घरों, वाहनों, सड़कों और पुलों को बहा दिया तथा जलविद्युत परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचाया। पर्यटन संकट को रोकने के लिए नेपाल सरकार ने अपने राजनयिक मिशनों और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों से यह संदेश पहुंचाने को कहा है कि आपदा केवल कुछ क्षेत्रों तक सीमित है और देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों तथा हवाई अड्डों पर स्थिति सामान्य है। विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने पिछले सप्ताह काठमांडू में राजनयिक मिशनों और विकास साझेदारों के प्रतिनिधियों को बताया कि काठमांडू घाटी, पोखरा, चितवन, लुंबिनी, जनकपुर, अन्नपूर्णा, सगरमाथा और बर्दिया पर्यटकों के लिए खुले हैं। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब बाढ़ के कारण पर्यटन बुकिंग प्रभावित होने की खबरें सामने आ रही हैं। नेपाल का पर्यटन उद्योग कोविड-19 महामारी के बाद अभी पूरी तरह उबर नहीं पाया है। इसके अलावा सितंबर 2025 में राजनीतिक अस्थिरता और पश्चिम एशिया में संघर्ष से जुड़ी चिंताओं ने भी क्षेत्र को प्रभावित किया है। काठमांडू के थमेल पर्यटन क्षेत्र स्थित डोम हिमालय होटल के प्रबंध निदेशक मंदीप गिरि ने कहा कि आपदा के एक सप्ताह के अंदर सितंबर-नवंबर पर्यटन सीजन के लिए करीब 20 प्रतिशत बुकिंग रद्द हो चुकी हैं। इनमें ऑनलाइन बुकिंग की हिस्सेदारी काफी अधिक रही। उन्होंने कहा, ‘‘बुकिंग हर दिन रद्द हो रही है।’’पर्यटन उद्योग को चिंता है कि बाढ़ से जुड़ी तस्वीरें, जिनमें जलमग्न सड़कें, टूटे पुल, फंसे लोग और नदियों से बरामद शव दिखाई दे रहे हैं, संभावित पर्यटकों के बीच यह गलत धारणा बना सकती हैं कि पूरा नेपाल प्राकृतिक आपदा से प्रभावित है। नेपाल होटल संघ के अध्यक्ष विनायक शाह ने संसद की एक समिति की बैठक में कहा, ‘‘विदेश में स्थित नेपाली दूतावासों और मिशनों के माध्यम से यह संदेश प्रभावी रूप से पहुंचाया जाना चाहिए कि नेपाल सुरक्षित है।’’संसद की अंतरराष्ट्रीय संबंध एवं पर्यटन समिति ने सरकार से नेपाल के पर्यटन बाजार में विश्वास बहाल करने के लिए तत्काल रणनीति तैयार करने को कहा है। समिति की अध्यक्ष सुमनिमा उदास ने कहा कि आपदा के बाद पर्यटन क्षेत्र को लेकर ‘‘सकारात्मक और विश्वसनीय’’ संदेश देना जरूरी है। सरकार विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए मुफ्त वीजा, होटल में छूट और यात्रा को आसान बनाने जैसे प्रोत्साहनों पर विचार कर रही है। नेपाल पर्यटन बोर्ड के कार्यवाहक प्रमुख हिमकत सिंह ऐर ने कहा कि राहत पैकेज में जरूरत पड़ने पर हवाई किराये और होटल में छूट भी शामिल की जा सकती है। बोर्ड पर्यटन मंत्रालय के साथ मिलकर ‘नेपाल कॉलिंग’ अभियान को और मजबूत करने की तैयारी कर रहा है। पौडेल ने लंबे समय में रसुवा क्षेत्र को ‘‘जलवायु विरासत क्षेत्र’’ के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव भी रखा है, ताकि इस आपदा को नेपाल के व्यापक जलवायु न्याय अभियान से जोड़ा जा सके।
Travel Tips: अगस्त-सितंबर में फूलों की घाटी की करें सैर, जानें Cost और Itinerary
उत्तराखंड में घूमने के लिहाज से एक से बढ़कर एक कई बेहतरीन जगहे हैं। वहीं उत्तराखंड के गढ़वाल की गोद में बसी खूबसूरत घाटी को 'Valley of Flowers' कहा जाता है। ऐसे में अगर आप भी रोजाना की भागदौड़ भरी जिंदगी से थक चुके हैं और पहाड़ों पर जाकर सुकून की तलाश में हैं। तो IRCTC का यह टूर पैकेज आपके लिए बेस्ट है। IRCTC आपके लिए 6 दिनों का टूर पैकेज आपके लिए बेस्ट है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको इस टूर पैकेज के बारे में विस्तार से जानकारी देने जा रहे हैं। वैली ऑफ फ्लावर्स ट्रेक अगस्त-सिंतबर में होने वाली इस वैली ऑफ फ्लावर्स ट्रेक की अवधि 6 दिन है। इस दौरान करीब 37 किमी की ट्रेकिंग करना होता है। वहीं ट्रेक का मैक्सिमम एल्टीट्यूड लेवल करीब 14,100 फीट है। इसकी डिफिकल्टी लेवल को ईजी टू मॉडरेट बताया गया है। इस ट्रिप की खासियत है कि प्रति व्यक्ति किराया 12,450 रखी गई है। इसे भी पढ़ें: Solo Traveler Safety Guide: अकेले घूमने से पहले जान लें ये 5 Essential Rules ट्रिप की जानकारी यह ट्रिप सुबह 06:00 बजे से ऋषिकेश के तपोवन स्थित बैक स्टेज होटल से शुरू होगी। वहीं पहले दिन करीब 9-10 घंटे की रोड ट्रिप तय करने के बाद आप 1,340 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पीपलकोटी पहुंचेंगे। यहां एक्स्ट्रा सामान को छोड़ने के लिए यहां पर क्लॉकरूम भी मौजूद है। इसके अगले दिन गोविंदघाट और पुलना तक गाड़ी से जाने के बाद आपका पैदल ट्रैक शुरू होगा। 9 किमी की ट्रैकिंग करने के बाद आप घांघरिया पहुंचेंगे। फिर अगले कुछ दिनों तक आपका यहीं पर स्टे होगा। फिर ट्रिप के तीसरे दिन आपको फूलों की घाटी के नजारे से रूबरू कराया जाएगा। यहां ब्लू पॉपी, हिमालयन रोज, रिवर एनेमोन और डॉग फ्लावर जैसे अद्भुत फूल आपका स्वागत करेंगे। वहीं ट्रिप के चौथे दिन पवित्र हेमकुंड साहिब की ट्रेकिंग करेंगे। ट्रिप के 5वें दिन घांघरिया से वापसी होगी। वहीं अच्छी बात यह है कि रास्ते में बिना किसी एक्स्ट्रा फेयर के आपको बद्रीनाथ धाम के दर्शन का भी मौका मिलेगा। वहीं ट्रिप के छठे दिन शाम को 06:30 से 07:30 बजे तक यात्रियों को वापस ऋषिकेश छोड़ दिया जाएगा। पहाड़ों पर मौसम कभी भी बिगड़ सकता है। इसलिए अपने टूर में 1 बफर डे जरूर रखें। वापसी की ट्रेन या फ्लाइट को छठे दिन की रात में 08:00 बजे के बाद ही बुक करें। फिटनेस है जरूरी अगर आपकी उम्र 9 साल या इससे ज्यादा है, वहीं आप पहली बार ट्रेकिंग कर रहे हैं, तो भी आप इस ट्रिप का हिस्सा बन सकते हैं। आप 45 मिनट में 5 किमी की जॉगिंग या 30 मिनट में 10 किमी साइकिल चलाने का दम रखते हों। अपना 10 से 12 किलो का बैग खुद उठाने की क्षमता होनी चाहिए। इसके अलावा आपका पल्स, बीपी और ब्रीदिंग रेट एकदम नॉर्मल होना चाहिए। दिल की बीमारी, अस्थमा, डायबिटीज और ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए यह ट्रेक नहीं है। वहीं असामान्य BMI या साइनस वाले लोग ट्रिप की बुकिंग से पहले एक्सपर्ट से सलाह जरूर ले लें। पैकेज में मिलने वाली सुविधाएं बता दें कि पीपलकोटी के हेस्ट हाउस और घांघरिया में सेफ टेंट में रहने की व्यवस्था है। पहले दिन के डिनर से लेकर 5वें दिन तक बेहतरीन वेज खाने के साथ चाय-स्नैक्स की व्यवस्था मिलेगी। सेफ्टी के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर, फर्स्ट-एड किट और तजुर्बेकार ट्रेक लीडर व शेफ रहेंगे। मुख्य सामान को उठाने के लिए खच्चर और ट्रेक पूरा करने पर एक सर्टिफिकेट मिलेगा। जानिए बुकिंग कैंसल करने के नियम अगर आप ट्रिप से 25 दिन पहले अपनी बुकिंग कैंसिल करते हैं, तो 5% कटौती होगी। वहीं 15 से 24 दिन के अंदर ट्रिप की बुकिंग कैंसिल करने पर 30% की कटौती होगी। 10 से 14 दिन पर बुकिंग कैंसिल करने पर 50% का नुकसान उठाना होगा। वहीं अगर आप ट्रिप शुरू होने से 9 दिन या इससे कम दिनों के अंदर अपनी बुकिंग को कैंसिल करते हैं, तो आपको कोई रिफंड नहीं मिलेगा। इसलिए प्लान हमेशा सोच-समझकर बनाएं। यहां तक कैसे आएं बता दें कि देहरादून का जॉली ग्रांट एयरपोर्ट या ऋषिकेश रेलवे स्टेशन यहां आने के बेस्ट ऑप्शन है। इसके अलावा आप दिल्ली से सरकारी या प्राइवेट बस से भी ऋषिकेश पहुंच सकते हैं।
Travel Tips: कर रहे हैं आप भी मथुरा वृंदावन की यात्रा तो सबसे पहले इन जगहों के करें दर्शन
इंटरनेट डेस्क। आप भी अगर मथुरा वृंदावन में हैं या फिर जाने की तैयारी कर रहे हैं तो आज हम आपको यह बताएंगे की आप यहा घूमने के लिए कहा जा सकते है। कई लोग साल में दो से तीन बार भी वृंदावन में भगवान कृष्ण के दर्शन के लिए जाते हैं। पर क्या आप जानते हैं यहां पहुंचते ही सबसे पहले किस मंदिर के दर्शन करना सबसे ज्यादा जरूरी होता है? सबसे पहले जाएं निधिवन यहां आप सुबह 5.30 बजे मंगला आरती में पहुंच जाएं। यहां ऐसा कुछ देखने को मिलेगा, जिसके बाद आपको अपनी आंखों पर यकीन नहीं होगा। इस दौरान देखेंगे लड्डू, पान, दातुन, ठाकुर जी के लिए जो रखे गए हैं, वो आधे इस्तेमाल हो रखे हैं। ऐसे में आपको यहा जरूर जाना चाहिए। यमुना जी के दर्शन इसके बाद आपको यमुना जी के दर्शन के लिए जाना चाहिए। यमुना जी के किनारे बैठकर कुछ देर राधा रानी का कीर्तन करें। यमुना का जल जरूर लेकर आए। pc- amar ujala
Festival Tourism: अगर गणेश चतुर्थी पर मुंबई-पुणे में हैं, तो इन 5 आइकोनिक पंडालों के दर्शन करना न भूलें
कम किराए के चक्कर में न बढ़ा लें ट्रैवल का खर्च, फ्लाइट बुकिंग में इन गलतियों से बचें!
फ्लाइट से घूमने का प्लान बनाते समय अक्सर लोग सिर्फ एक ही वेबसाइट पर किराया देखकर या जल्दबाजी में टिकट बुक करने की गलती कर बैठते हैं, जिससे ज्यादा खर्चा हो जाता है। केवल टिकट की शुरुआती कम कीमत देखकर तुरंत बुकिंग करना सही फैसला नहीं है, क्योंकि बाद में बैगेज, सीट सिलेक्शन और अन्य छिपे हुए चार्ज (Hidden Charges) जुड़ने से कुल किराया काफी बढ़ जाता है। इसलिए, एक स्मार्ट ट्रैवलर की तरह टिकट बुक करने से पहले हमेशा अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना करें और सभी रूल को ध्यान से पढ़ें, ताकि आपका सफर पूरी तरह से आपके बजट में रहे।1. नजदीकी एयरपोर्ट का भी लें फायदाटिकट बुक करते समय सिर्फ अपने सबसे पास या बड़े एयरपोर्ट से ही फ्लाइट ढूंढना जरूरी नहीं है। यदि आपके आसपास कोई दूसरा एयरपोर्ट है, तो वहां से मिलने वाली फ्लाइट की कीमत भी देखें। कई बार दूसरे एयरपोर्ट से उड़ान काफी सस्ती मिल जाती है। लेकिन वहां तक पहुंचने का खर्च भी टिकट की कीमत में जोड़कर ही फैसला करें।2. टिकट की पूरी कीमत जानेंकई बार टिकट की शुरुआती कीमत बहुत कम दिखाई देती है, लेकिन बुकिंग के लास्ट में बैगेज, सीट चुनने, खाने या दूसरे चार्ज जुड़ जाते हैं। इसलिए सिर्फ शुरुआती किराया देखकर फैसला न करें। पेमेंट करने से पहले देखें कि टिकट की कुल कीमत कितनी है और उसमें क्या-क्या शामिल है।3. कई जगह देखें टिकट के दामकई लोग पहली वेबसाइट पर मिली कीमत देखकर टिकट बुक कर देते हैं। ऐसा करने से पहले अलग-अलग एयरलाइन और फ्लाइट बुकिंग वेबसाइट पर किराया जरूर चेक करें। Google Flights जैसे प्लेटफॉर्म पर अलग-अलग ऑप्शन की तुलना करने से आपको बेहतर डील मिल सकती है।4. राउंड ट्रिप से पहले वन-वे भी चेकहम अक्सर आने-जाने की जर्नी के लिए एक ही राउंड ट्रिप टिकट खोजते हैं। लेकिन हर बार यही सबसे सस्ता ऑप्शन हो, जरूरी नहीं है। अलग-अलग एयरलाइन की दो वन-वे टिकटों की कीमत भी चेक करें। कई बार इससे टोटल एक्सपेंसेस कम हो सकता है। साथ ही फ्लाइट का समय और सामान से जुड़े पॉलिसी भी जरूर देखें।5. सही समय पर करें बुकिंगफ्लाइट टिकट बुक करने का सही समय काफी मायने रखता है। कई महीने पहले टिकट लेने पर कभी-कभी किराया ज्यादा होता है। ट्रिप की तारीख बिल्कुल पास आने तक इंतजार करने पर भी टिकट महंगा हो सकता है। इसलिए ट्रैवल का प्लान बनते ही अलग-अलग तारीखों में किराया चेक करते रहें और सही कीमत मिलने पर बुकिंग करें।6. डेट बदलकर देखें किरायाआपकी ट्रैवल की तारीख फिक्स नहीं है, तो एक-दो दिन आगे-पीछे की तारीख भी जरूर देखें। शुक्रवार, रविवार या छुट्टियों के आसपास फ्लाइट का किराया ज्यादा हो सकता है। ऐसे में मंगलवार या बुधवार जैसे दिनों की उड़ान चेक करने पर कम कीमत का टिकट मिल सकता है।7. बुकिंग से पहले पढ़ें ये रूलटिकट बुक करने से पहले यह जरूर देख लें कि डेट बदलने या टिकट कैंसिल करने पर कितना चार्ज लगेगा। बहुत सस्ता टिकट कई बार नॉन-रिफंडेबल होता है या उसमें बदलाव करना महंगा पड़ सकता है। आपके पास एयरलाइन के रिवॉर्ड पॉइंट्स या माइल्स हैं, तो बुकिंग से पहले उन्हें इस्तेमाल करने का ऑप्शन भी जरूर चेक करें। इस तरह थोड़ी समझदारी और पहले से तैयारी करके आप अपने सफर का बजट बेहतर तरीके से संभाल सकते हैं। क्योंकि फ्लाइट टिकट बुक करना सिर्फ कम किराया देखना नहीं, बल्कि सही ऑप्शन चुनना भी जरूरी है। इसलिए टिकट लेते समय जल्दबाजी करने के बजाय सभी ऑप्शन को देखकर फैसला करें, ताकि जर्नी कम्फर्टेबल भी रहे और ज्यादा खर्च भी न हो।
मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का निधन झारखंड के पर्यटन क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति : कौशल मित्तल
जिला ट्रैवल एजेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष सह डायरेक्टर न्यू मित्तल ट्रेवल्स कौशल मित्तल, अंकित मित्तल ने कहा कि झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के आकस्मिक निधन का समाचार अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक है। उनके असामयिक निधन से झारखंड ने एक कर्मठ, ऊर्जावान, संवेदनशील एवं दूरदर्शी जनप्रतिनिधि को खो दिया है। विशेष रूप से झारखंड के पर्यटन क्षेत्र के लिए उनका निधन अपूरणीय क्षति है। उनके कार्यकाल में झारखंड के पर्यटन को नई दिशा और नई गति देने के प्रयास किए जा रहे थे। राज्य के प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक स्थलों, ऐतिहासिक धरोहरों, वन्य एवं सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया के पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में उनका विशेष ध्यान था। उन्होंने कहा कि पर्यटन स्थलों के विकास, प्रचार-प्रसार और राज्य की समृद्ध कला-संस्कृति को देश के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की दिशा में जिस गति से कार्य आगे बढ़ रहा था उनके निधन से पर्यटन जगत को गहरा आघात पहुंचा है।
पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि सुखना लेक के पीछे का वन क्षेत्र वन्यजीवों और जैव विविधता के लिए महत्वपूर्ण है, जिसे चंडीगढ़ और पंजाब के लिए पर्यटन का बड़ा आधार बनाया जा सकता है।
धार जिले के आदिवासी अंचल में अब रेल सुविधा पहुंचने जा रही है। छोटा उदयपुर-धार रेल परियोजना के तहत टांडा रोड रेलवे स्टेशन तक नई रेल लाइन का काम पूरा हो चुका है। 8 सितंबर को टांडा रोड स्टेशन से बड़ोदरा के प्रतापनगर स्टेशन के बीच नई ट्रेन सेवा शुरू की जाएगी। रेल मंत्री ने सांसद को कार्यक्रम में बुलाया नई रेल सेवा के शुभारंभ कार्यक्रम के लिए केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने धार सांसद सावित्री ठाकुर को आमंत्रित किया है। इसी दौरान बड़ोदरा में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का उद्घाटन भी किया जाएगा। कॉरिडोर पर चार मालगाड़ियों को भी रवाना किया जाएगा। 2014 से रेल कनेक्टिविटी के लिए प्रयास सांसद सावित्री ठाकुर 2014 में पहली बार सांसद चुने जाने के बाद से ही धार लोकसभा क्षेत्र को रेल सुविधा से जोड़ने के प्रयास करती रही हैं। उन्होंने क्षेत्र की रेल जरूरतों को लगातार रेल मंत्रालय और केंद्र सरकार के सामने रखा। अब टांडा रोड तक रेल लाइन का काम पूरा होने के बाद आदिवासी क्षेत्र के लोगों को रेल सुविधा मिलने का रास्ता साफ हो गया है। इससे क्षेत्र के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है। व्यापार, रोजगार और पर्यटन को मिलेगा फायदा टांडा रोड तक रेल पहुंचने से क्षेत्र में आवागमन आसान होने के साथ ही व्यापार, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। रेल कनेक्टिविटी से आदिवासी अंचल के लोगों को बड़े शहरों तक पहुंचने में भी सुविधा होगी। धार तक रेल पहुंचने की उम्मीद सांसद सावित्री ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि धार लोकसभा क्षेत्र के लोगों का वर्षों पुराना रेल का सपना अब पूरा हो रहा है। जल्द ही टांडा रोड से धार नगर तक रेल संपर्क का काम भी पूरा होने की उम्मीद है।
Solo Traveler Safety Guide: अकेले घूमने से पहले जान लें ये 5 Essential Rules
आजकल सोलो ट्रिप का ट्रेंड बढ़ता जा रहा है। लोगो घूमने के लिए कहीं न कहीं पहुंच ही जाते हैं। अकेले घूमते हुए आप बिना किसी दबाव या जल्दबाजी के आराम से घूम सकते हैं। जब आप अकेले घूमते हैं, तो बिना किसी दबाव या जल्दबाजी के आराम से घूम सकते हैं। वहीं, सोलो ट्रिप पर जाने से आपकी फैसले लेने की क्षमता और चुनौतियों का सामना करने की सूझ-बूझ भी बढ़ती है, लेकिन इस दौरान कुछ बातों का ध्यान रखना जरुरी है। वैसे तो सोलो ट्रिप मजेदार होती है, लेकिन इस दौरान कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए पहले से सावधानी और जानकारी बेहद जरुरी है। आइए आपको आपको बताते हैं सोलो ट्रिप पर जाने के लिए किन बातों का ध्यान रखें। सही डेस्टिनेशन और रिसर्च यदि आप पहली बार सोलो ट्रिप पर जा रहे हैं, तो ऐसी जगह का चयन करें, जो सेफ हो और वहां आना-जाना काफी आसान हो। ट्रिप शुरु करने से पहले उस जगह का मौसम, संस्कृति, खान-पान, भाषा और परिवहन के साधनों के बारे में अच्छी तरह से जानकारी इकट्ठा कर लें। इसके साथ ही यह जान लें कि किन जगहों पर जाना एकदम सुरक्षित नहीं है और किन जगहों पर जाने से बचें। घर वालों के साथ ट्रैवल आइटिनररी शेयर अकेले ट्रैवल करना काफी मजेदार माना जाता है। हालांकि, इसके लिए काफी ध्यान रखना पड़ता है। आप कहां रुक रहे हैं, आपकी फ्लाइट या ट्रेन का समय, आप कहां-कहां जा रहे हैं, ये सभी जरुरी जानकारियां अपने किसी भरोसेमंद दोस्त या परिवार के सदस्यों के साथ जरुर शेयर करें। रोजाना अपनी लोकेशन को घर वाले से जरुर शेयर करें। जरूरी डॉक्यूमेंट और इमरजेंसी कैश सोलो ट्रिप पर जाने के लिए अपना आई-डी प्रूफ, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, होटल बुकिंग आदि की हार्ड कॉपी के साथ-साथ डिजिटल कॉपी भी ईमेल पर जरुर सेव करें। पैसों के मामले में पूरी तरह ऑनलाइन पेमेंट पर निर्भर न रहें और अपने साथ कुछ इमरजेंसी कैश जरुर रखें। इस बात का ध्यान रखें कि सारा कैश एक जगह पर बिल्कुल न रखें। कुछ अपनी जेब में, तो कुछ बैग में छिपाकर रखें। जिससे नेटवर्क न रहने की स्थिति में आपको परेशान न हो। लाइट पैकिंग करें असल में सोलो ट्रिप पर जाने के लिए आपको सारा सामान खुद ही उठाना पड़ता है। इसलिए सिर्फ जरुरत का सामान अपने साथ रखें। रुकने के लिए महंगे होटलों की जगह हॉस्टल्स या डोर्मेट्री ऑप्शन दिया गया है। इनसे आपके पैसे भी बचेंगे और आपको दूसरे सोलो ट्रैवलर्स से भी मिलने का मौका मिलेगा। गट फीलिंग पर भरोसा रखें अक्सर ट्रिप पर आपको कई सारे लोग देखने को मिलेंगे। कुछ लोग आपकी मदद करेंगे, तो कुछ से आपको नेगेटिव वाइब्स भी आ सकती है। यदि आपको किसी इंसान या जगह पर अनकम्फर्टेबल महसूस हो सकता है, तो तुरंत वहां से दूर हो जाएं। फिर अपनी गट फीलिंग्स को ओवर थिंकिंग समझकर नजरअंदाज न करें।
हिमाचल की पर्वतारोही बलजीत कौर को तेनजिंग नोर्गे नेशनल एडवेंचर अवॉर्ड मिलेगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उन्हें सम्मानित करेंगी। जानें उनकी ऐतिहासिक उपलब्धियां।
गोवा-अमृतसर के बीच सीधी हवाई सेवा दोबारा शुरू होने की उम्मीद, अनछुए पर्यटन स्थलों को देश-विदेश में प्रमोट करने पर जोर
भदोही के ज्ञानपुर विधानसभा के सिखापुर गांव स्थित नर्मदेश्वर महादेव मंदिर परिसर में शनिवार को पर्यटन विकास कार्य का भूमि पूजन हुआ। करीब 92 लाख रुपए की लागत से होने वाले इस विकास कार्य को उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड की सोनभद्र इकाई कराएगी। भूमि पूजन कार्यक्रम में ज्ञानपुर विधायक विपुल दुबे मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। पर्यटन विकास कार्य के तहत मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यात्री हाल, मुख्य गेट, हाईमास्ट लाइट, बैठने के लिए बेंच, डस्टबिन और वाटर कूलर समेत कई सुविधाएं विकसित की जाएंगी। कार्य पूरा होने के बाद मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। मंदिर परिसर के विकास से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई गई। कार्यक्रम के दौरान विधायक विपुल दुबे ने कहा कि श्रद्धा, संस्कृति और विकास के संगम को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मंदिर परिसर में बढ़ेंगी श्रद्धालुओं की सुविधाएं विकास कार्य के तहत मंदिर परिसर में यात्री हाल बनाया जाएगा। इसके अलावा मुख्य गेट, हाईमास्ट लाइट, बैठने के लिए बेंच, डस्टबिन और वाटर कूलर लगाए जाएंगे। इससे मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को रुकने, बैठने, पेयजल और प्रकाश जैसी सुविधाएं मिल सकेंगी। धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण और सुविधाओं के विस्तार से नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है। इससे ज्ञानपुर विधानसभा क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय स्तर पर लोगों को रोजगार के अवसर मिलने की संभावना भी जताई गई। विधायक ने कहा- विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का प्रयास भूमि पूजन के दौरान विधायक विपुल दुबे ने कहा कि श्रद्धा, संस्कृति और विकास के इस संगम को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने मंदिर और धार्मिक स्थलों के विकास के साथ क्षेत्र के समग्र विकास पर भी जोर दिया। ग्रामीणों ने विकास कार्यों की सराहना की ग्रामीणों ने मंदिर के पर्यटन विकास कार्य के लिए विधायक के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ज्ञानपुर विधानसभा क्षेत्र में धार्मिक स्थलों के विकास के साथ सड़क, बिजली और अन्य क्षेत्रों में भी लगातार काम होना चाहिए। ग्रामीणों ने क्षेत्र को चौमुखी विकास की दिशा में आगे ले जाने वाले जनप्रतिनिधि की जरूरत भी बताई। कार्यक्रम में विनोद पाण्डेय, निजी सचिव राकेश पाठक, पूर्व प्रधान आनंद नारायण मिश्रा, समाजसेवी बाबा मिश्रा, दादू पाण्डेय, देवेश पाण्डेय, कमलेश पाण्डेय, मुन्ने पाण्डेय, बिवस मिश्र, शिवम पाण्डेय, आदर्श पाण्डेय, अमित पाण्डेय, दीपक तिवारी समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
आपदा पीड़ितों को तात्कालिक सहायता, अस्थायी आश्रय, स्वच्छ पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अगले 6 महीनों में न्यूनतम 8 अरब नेपाली रुपये की तत्काल आवश्यकता जताई गई है।
Gorakhpur News: साइनेज बताएगा कहां है पर्यटन स्थल
Signage will indicate the location of the tourist spot.
Mau News: दोहरीघाट के लक्ष्मण मंदिर के दिन बहुरेंगे, 87.59 लाख से पर्यटन विकास होगा
Fortunes to turn around for Dohrighat's Lakshman Temple; tourism development to take place with an investment of 87.59 lakh.
अनियंत्रित पर्यटन और जलवायु परिवर्तन बना लद्दाख के नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र के लिए बड़ा संकट
5 सितंबर, शनिवार: मुजफ्फरपुर में बाबा गणिनाथ गोविंद जी महाराज के जन्मोत्सव पर ध्वजारोहण कर बिहार के पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने पलवैया मेला का शुभारंभ किया। भव्य उद्घाटन हुआ, पूजा के लिए महिला श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी।
कोलकाता, 5 सितंबर . पश्चिम बंगाल में इस बार दूर्गा पूजा को भव्य रूप से सेलिब्रेट करने के लिए प्रदेश Government Monday को एक बड़ी बैठक करेगी. इस बैठक में इस साल दुर्गा पूजा के जश्न को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने की तैयारियों पर चर्चा की जाएगी. त्योहार के दौरान कोलकाता में बड़े पैमाने ... Read more
इंटरनेट डेस्क। आप भी काम कर कर के बोर हो चुके है और चाहते हैं की दोस्तों के साथ में इस बोरिंग वीकेंड को इंटरेस्टिंग बनाया जाए तो फिर आप त्रिशला फार्महाउस पर जा सकते है। यहां आपको कई तरह की सुविधाएं मिलेगी साथ ही आपके खाने पीने से लेकर रहने तक हर चीज का ख्याल रखा जाएगा। इसके साथ ही स्वीमिंग पूल का भी आनंद ले सकते है। जा सकते हैं आप बता दें की जयपुर के गोनेर रिंग रोड के पास खिजूरिया ब्राहम्णान में बना ये फार्महाउस ऐसे इवेंट के लिए बहुत ही अच्छी जगह है। इसके साथ ही शहर की भीड़ से दूर है और यहां आपको एक बढ़िया सुविधा भी मिलती है। तो ऐसे में आप इस पार्टी के लिए त्रिशला फार्महाउस जा सकते है। कम बजट में मिल जाएगा आपको त्रिशला फार्महाउस कम ही बजट में उपलब्ध हो जाएगा। यहां आपको कई एक्टिविटीज भी करने का मौका मिलेगा। आप स्वीमिंग पूल का आनंद भी ले सकेंगे,स्पोटर्स का आनंद ले सकते है। ऐसे में आप टैरिफ से जुडी पूरी जानकारी के लिए व्हाट्सएप नंबर 9784461221 पर मैसेज कर के पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। कैसे पहुंचे आप राजस्थान के बाहर किसी शहर से हैं और एयरपोर्ट से यहाँ आ रहे हैं तो जानकारी के लिए बता दें कि जयपुर एयरपोर्ट से त्रिशला फार्म हाउस 22 किलोमीटर है। आप टैक्सी से आसानी से यहाँ पहुंच सकते हैं। ट्रेन से जयपुर आ रहे हैं तो रेलवे स्टेशन से त्रिशला फार्म हाउस की दूरी लगभग 28 किलोमीटर है। टेक्सी से आप यहां पहुंच सकते है और इसके साथ ही यह जगह अक्षयपात्र जगतपुरा से 15 किलोमीटर है।
चाहत खन्ना की मालदीव वेकेशन की तस्वीरें इंटरनेट पर छाईं
टीवी एक्ट्रेस चाहत खन्ना की मालदीव वेकेशन की तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। उन्होंने बीच और पूल से अपनी छुट्टियों की कई तस्वीरें साझा कीं, जिनमें वह वेकेशन एन्जॉय करती नजर आईं।
विजयानंद ट्रैवल्स ने वोल्वो को दिया अब तक का सबसे बड़ा ऑर्डर, बेड़े में शामिल होंगी 150 नई बस
प्राइवेट बस सर्विस ऑपरेटर विजयानंद ट्रैवल्स ने शुक्रवार को बतया कि उसने वोल्वो बसेज इंडिया को 150 लग्ज़री स्लीपर कोच का ऑर्डर दिया है। कंपनी अपनी प्रीमियम बस सर्विस का पूरे भारत में विस्तार करना चाहती है। कंपनी ने यह भी बताया कि इस ऑर्डर में शामिल अधिकांश कोच (लगभग 70-80) में ऑनबोर्ड वॉशरूम लगाए जाएंगे,जिन्हें खास तौर पर लंबी दूरी के रूट के लिए बनाया गया है।कंपनी ने बताया कि वह अभी देश के दक्षिणी,पश्चिमी और मध्य इलाकों में काम कर रही है और प्रीमियम इंटरसिटी ट्रैवल सेगमेंट में अपनी पैठ बढ़ा रही है। कंपनी ने यह भी कहा कि यह बस ऑर्डर किसी प्राइवेट बस ऑपरेटर की ओर से वोल्वो बसेज को दिया गया अब तक का सबसे बड़ा सिंगल ऑर्डर है।विजयानंद ट्रैवल्स प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर शिवा संकेश्वर ने कहा कि 150 वोल्वो 9600 स्लीपर कोच के इस ऑर्डर के साथ (जो किसी प्राइवेट बस ऑपरेटर का अब तक का सबसे बड़ा सिंगल ऑर्डर है) कंपनी अपने बेड़े को और मजबूत कर रही हैं और नए राज्यों में अपना विस्तार कर रही है।बताते चलें के वोल्वो 9600 प्लेटफ़ॉर्म को एक अवॉर्ड-विनिंग यूरोपियन डिजाइन से तैयार किया गया है और यह देश भर के अहम रूटों पर सफलतापूर्वक चलाई जा रही है। कर्नाटक के होसकोटे में VECV की अत्याधुनिक इकाई में बनाई जाने वाली वोल्वो 9600,'मेक इन इंडिया' पहल के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता का प्रमाण है।इस घोषणा पर खुशी जाहिर करते हुए,शिवा संकेश्वर ने कहा,वोल्वो के साथ हमारा जुड़ाव दशकों पुराना है और यह इस सिद्धांत पर टिका हुआ है कि हमारे ग्राहकों को सुरक्षा,भरोसे और आराम के सबसे हाई स्टैंडर्ड मिलने चाहिए। 150 वोल्वो बसों के इस ऑर्डर के साथ (जो किसी भी प्राइवेट बस ऑपरेटर द्वारा दिया गया अब तक का सबसे बड़ा सिंगल ऑर्डर है)हम अपने बेड़े को काफी मज़बूत कर रहे हैं,नए राज्यों में विस्तार कर रहे हैं और भारत के सबसे भरोसेमंद प्रीमियम इंटरसिटी ट्रैवल ब्रांड के तौर पर विजयानंद ट्रैवल्स की स्थिति को और मज़बूत कर रहे हैं। वोल्वो इस सफर में लंबे समय से हमारा पार्टनर रहा है और यह निवेश उनकी टेक्नोलॉजी,सेफ्टी इंजीनियरिंग और सर्विस इकोसिस्टम में हमारे लगातार बने भरोसे को दिखाता है।इस पार्टनरशिप पर बात करते हुए, VE कमर्शियल व्हीकल्स के MD और CEO, बी. श्रीनिवास ने कहा,विजयानंद ट्रैवल्स भारत में वोल्वो बसों के सबसे अहम और पुराने प्राइवेट ऑपरेटर पार्टनर में से एक है। यह बड़ा ऑर्डर दोनों के बीच कायम दशकों के भरोसे का एक मज़बूत सबूत है। हमें उन ऑपरेटर्स के लिए पसंदीदा प्लेटफॉर्म होने पर बहुत गर्व है जो यात्रियों की सुरक्षा, आराम और भरोसे के मामले में सबसे ऊंचे स्टैंडर्ड तय करते हैं। वोल्वो 9600 इंटरसिटी लग्ज़री का सबसे बेहतरीन उदाहरण है और इसे विजयानंद ट्रैवल्स की पूरे भारत में तेज़ी से विस्तार करने की महत्वाकांक्षी कहानी का अहम हिस्सा बनते देखना बहुत खुशी की बात है।
इंदौर से थाईलैंड के पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए टूरिज्म अथॉरिटी ऑफ थाईलैंड (TAT) की डिप्टी डायरेक्टर विपदा नोइपनिच ने शहर के ट्रैवल एजेंट्स के साथ चर्चा की। उन्होंने बैंकॉक, पटाया और फुकेत के अलावा थाईलैंड के कई ऐसे डेस्टिनेशन्स की जानकारी दी, जो भारतीय पर्यटकों के बीच अभी उतने चर्चित नहीं हैं। चियांग माई, चियांग राय, क्राबी, कोह समुई, खाओ लक और चोनबुरी जैसे पर्यटन स्थलों को लेकर भी चर्चा हुई। कार्यक्रम में ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (TAAI) के MP CG चैप्टर के चेयरमैन हेमेन्द्र सिंह जादौन ने इंदौर और मध्य प्रदेश से थाईलैंड के लिए बेहतर हवाई कनेक्टिविटी की जरूरत बताई। उन्होंने थाईलैंड के लिए इंदौर से फ्लाइट शुरू करने का अनुरोध किया। उनका कहना था कि बेहतर एयर कनेक्टिविटी होने से मध्य प्रदेश के यात्रियों के लिए थाईलैंड पहुंचना आसान होगा और दोनों क्षेत्रों के बीच पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। 'थाईलैंड में सिर्फ बैंकॉक-पटाया नहीं, ये जगहें भी देखने लायक हैं'TAT की डिप्टी डायरेक्टर ने बताया कि थाईलैंड को अक्सर भारतीय पर्यटक बैंकॉक, पटाया और फुकेत तक सीमित मानते हैं, जबकि देश में इससे कहीं ज्यादा पर्यटन विकल्प हैं। थाईलैंड को केवल हनीमून कपल्स या युवाओं के डेस्टिनेशन के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। यहां परिवारों, कपल्स, वरिष्ठ नागरिकों और एडवेंचर पसंद करने वाले यात्रियों के लिए अलग-अलग तरह के अनुभव मौजूद हैं। थाईलैंड में समुद्र तटों के साथ प्रकृति, संस्कृति, एडवेंचर, वेलनेस और मनोरंजन से जुड़े कई विकल्प हैं। इसी वजह से अलग-अलग उम्र और रुचि के पर्यटकों के लिए यहां घूमने के कई विकल्प मिलते हैं। इंदौर से फ्लाइट शुरू होने पर बढ़ेगा पर्यटनहेमेन्द्र सिंह जादौन ने कहा कि मध्य प्रदेश से थाईलैंड जाने वाले यात्रियों के लिए बेहतर हवाई कनेक्टिविटी जरूरी है। इंदौर से थाईलैंड के लिए फ्लाइट शुरू होने पर यात्रियों को कनेक्टिंग फ्लाइट पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। उन्होंने TAT की डिप्टी डायरेक्टर से मध्य प्रदेश, खासकर इंदौर से थाईलैंड के पर्यटन को बढ़ावा देने और एयर कनेक्टिविटी बेहतर करने की दिशा में काम करने का अनुरोध किया।
2017 के बाद धार्मिक पर्यटन में ऐतिहासिक उछाल, 6 करोड़ के पार पहुंची श्रद्धालुओं की संख्या
उत्तराखंड में 2017 के बाद धार्मिक पर्यटन में ऐतिहासिक उछाल आया है, जिसमें श्रद्धालुओं की संख्या 6 करोड़ के पार पहुंच गई है। चारधाम यात्रा, मानसखंड मिशन और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर ने राज्य की अर्थव्यवस्था और स्थानीय रोजगार को नई ऊंचाइयां दी हैं।
September Travel Plan: राजस्थान की Shekhawati Haveli में देखें कला और रॉयल्टी का बेजोड़ संगम
सितंबर का महीना घूमने के लिहाज से बेहद खास होता है क्योंकि इस महीने में न ज्यादा गर्मी होती है और न ज्यादा बारिश होती है। ऊपर से मौसम भी सुहावना होता है। इस दौरान लोग घूमने के लिए कहीं न कहीं जरुर जाते हैं। अगर आप भी घूमने का प्लान बना रही हैं और समझ नहीं आ रहा है, कहां जाएं, तो यह लेख आपके लिए है। इस बार सितंबर में इतिहास, कला और राजशाही ठाट-बाट से भरपूर इन हवेलियों का दीदार जरुर करें। शेखावाटी की प्रसिद्ध हवेलियां सितंबर के महीने में घूमने के लिए शेखावाटी की ये भव्य हवेलियां सबसे बेस्ट हैं। यहां पर आपको सैकड़ों साल पुराने राजसी दौर की झलक देखने को मिलेगी। आइए आपको बताते हैं शेखावाटी की इन चुनिंदा हवेलियों और अनोखी वास्तुकला के बारे में बताते हैं- मंडावा की कलात्मक हवेलियां शेखावाटी के मंडावा शहर की हर गली में आपको शानदार कलाकृति और अद्भुत नजारे देखने को मिलते हैं। यहां आप मंडावा किला, हवेली, मुरमुरिया हवेली और चौखानी हवेली जैसी कई शानदार हवेलियों को देख सकते हैं। इन हवेलियों की बाहरी दीवारों पर बनीं सुंदर पेंटिंग्स देखने लायक है। नवलगढ़ की ऐतिहासिक हवेलियां यदि आपको फोटग्राफी का सबसे ज्यादा क्रेज और शौक है, तो आप नवलगढ़ की पोद्दार हवेली और आनंदीलाल पोद्दार हवेली देखने जरुर जाएं। यहां पर आपको दीवारों पर बेहतरीन रंगों और सोने-चांदी की नक्काशी से बनी पेंटिंग फोटोग्राफी देखने को मिलेगी। वहीं, आपको यहां पर राजस्थानी की लोक संस्कृति और वास्तुकला की भी पूरी जानकारी मिलेगी। फतेहपुर शेखावाटी की नादिन ले प्रिंस हवेली अगर आप फ्रांसीसी कला का शानदार अनुभव प्राप्त करना चाहते हैं, तो आप फतेहपुर कीनादिन ले प्रिंस हवेली' जरुर विजिट करें, यहां पर आपको राजस्थानी रॉयल्टी देखने को मिलेंगे। इसके अलावा, आप यहां द्वारकाधीश हवेली और सिंघानिया हवेली के दर्शन करने जरुर जा सकते हैं। शेखावाटी की हवेलियों तक कैसे पहुंचे? - यहां जाने के लिए आप सबसे नजदीकी एयरपोर्ट 'जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट' जाएं। यहां से फिर मंडावा और नवलगढ़ से करीब 150 से 170 किलोमीटर दूर है। एयरपोर्ट से बाहर आते ही आपको कैब या टैक्सी मिल जाएगी, जो आपको इस लोकेशन पर पहुंचा देगी। - इसके अलावा, आप नवलगढ़, मुकुंदगढ़ या झुंझुनू रेलवे स्टेशन के लिए ट्रेन टिकट बुक कर सकते हैं। ये तीनों रेलवे स्टेशन शेखावाटी के काफी नजदीक है। स्टेशन से बाहर आते ही आपको आसानी से लोकल बस या टैक्सी यहां पर जाने के लिए मिल जाएंगी।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बंगाल पर्यटन का नया लोगो और ब्रांड पहचान जारी किया, जिससे राज्य के पर्यटन के खोए गौरव को लौटाने का संकल्प लिया गया है।
वेडिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की समिट में उठी पर्यटन नीति में वैवाहिक पर्यटन को शामिल करने की मांग, डेस्टिनेशन वेडिंग से चमकेगा पर्यटन, आठ लाख करोड़ की इंडस्ट्रीज में बढ़ेगी पर्यटन नगरी की हिस्सेदारी।
सलामतपुर में एक्सप्रेस ट्रेनों का स्टॉपेज हुआ बंद, पर्यटन और कारोबार पर ब्रेक
भास्कर संवाददाता| सलामतपुर रायसेन जिले के ऐतिहासिक सलामतपुर रेलवे स्टेशन पर लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव बंद होने से पर्यटन, स्थानीय कारोबार, दैनिक यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। सतधारा और सुनारी के बौद्ध स्तूपों के साथ सांची बौद्ध यूनिवर्सिटी भी क्षेत्र की पहचान है। यूनिवर्सिटी का निर्माण पूरा हो चुका है। नियमित कक्षाएं शुरू हैं। प्रमुख ट्रेनों के स्टॉपेज की कमी से यहां पहुंचना मुश्किल बना हुआ है। दूर-दराज से आने वाले पर्यटकों को भोपाल या विदिशा उतरकर बस या निजी वाहन से सांची और सतधारा जाना पड़ता है। इससे समय ज्यादा व खर्च बढ़ता है। सलामतपुर से भोपाल-विदिशा जाने वाले 400 से अधिक अपडाउनर्स, कॉलेज छात्र, कर्मचारी, मजदूर भी प्रभावित हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रमुख ट्रेनों का ठहराव शुरू होने से पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी। छोटे-बड़े कारोबारियों को काम मिलेगा। युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बनेंगे। कोरोना काल में बंद हुआ विंध्याचल एक्सप्रेस का स्टॉपेज अब तक बहाल नहीं हुआ है। सांची में भी कुछ महत्वपूर्ण ट्रेनों का ठहराव बंद है। नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने डीआरएम भोपाल को कई बार ज्ञापन दिए लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ। वरिष्ठ कांग्रेस नेता बब्लू पठान ने कहा कि पर्यटकों को भोपाल या विदिशा उतरकर बस से सांची या सतधारा जाना पड़ता है। स्टॉपेज शुरू होने से पर्यटन उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। रातातलाई सलामतपुर के रहवासी कैलाश गोस्वामी ने कहा कि अपडाउनर्स और नागरिक कई बार डीआरएम को ज्ञापन दे चुके हैं। एक्सप्रेस ट्रेनों के रुकने से बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिलेगा। शासन-प्रशासन को तुरंत ध्यान देना चाहिए। तीन पैसेंजर ट्रेनों के भरोसे सलामतपुर : वर्तमान में सलामतपुर में बिलासपुर-भोपाल, जोधपुर-भोपाल पैसेंजर और भोपाल-बीना मेमू रुकती हैं। पूर्व में इटारसी-भोपाल विंध्याचल एक्सप्रेस का नियमित ठहराव था, जो कोरोना काल में बंद हुआ और फिर शुरू नहीं हुआ। इससे दैनिक यात्रियों को महंगे साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। जनप्रतिनिधियों ने जताई चिंता: रघुवीर सिंह मीणा, सरपंच, ग्राम पंचायत रातातलाई ने कहा कि लंबी दूरी की ट्रेनों का स्टॉपेज न होने से यात्री और पर्यटक परेशान हैं। कई बार रेलवे अधिकारियों को ज्ञापन दिए, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
कैमूर: प्रमुख पर्यटन स्थल करमचट डैम में दिखा मगरमच्छ, मोटरबोट की सुविधा वाले जलाशय में बढ़ा खतरा
3 सितंबर, गुरुवार: कैमूर के करमचट डैम में मगरमच्छ तैरता दिखाई दिया। डैम में मोटरबोट की सुविधा होने से पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
प्रशांत किशोर को बिहार विधानसभा में मिली जिम्मेदारी, बनाए गए पर्यटन उद्योग समिति के सदस्य
जन सुराज पार्टी के सूत्रधार और बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर को बिहार विधानसभा की पर्यटन उद्योग समिति का सदस्य बनाया गया है। यह नियुक्ति चालू वित्तीय वर्ष की शेष सात माह की अवधि के लिए है, जिसकी अध्यक्षता जदयू विधायक मनोरंजन सिंह कर रहे हैं।
Firozabad News: पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह स्वाइन फ्लू से संक्रमित, लखनऊ आवास में हुए आइसोलेट
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह स्वाइन फ्लू से संक्रमित, लखनऊ आवास में हुए आइसोलेट
शादी के बाद न्यूली वेड का सबसे पहला ड्रीम यही होता है कि वह हनीमून पर जाएं। अगर आपकी भी जल्द शादी होने वाली है, तो एक बार सबसे बेहतरीन हनीमून डेस्टिनेशन को जरुर देख लें। इस लेख में हम आपको भारत के बाहर उन देशों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो हनीमून के लिए आजकल काफी ट्रेंड में जगहें है। कपल्स की पहली पसंद बन रही हैं, ये जगहें। तो चलिए आपको बताते हैं हनीमून के लिए दुनिया के सबसे बेस्ट देशों के बारे में, यहां धीरे-धीरे टूरिज्म भी बढ़ रहा है। ग्रीस दक्षिण यूरोप में बसा ग्रीस एक खूबसूरत देश है। यह अपने एतिहासिक मॉन्यूमेंट्स, खूबसूरत बीचेस, बेस्ट सनराइज और टेस्टी फूड के लिए जाना जाता है। वैसे हनीमून के लिए यह डेस्टिनेशन सबसे खूबसूरत है। यहां पर आप एथेंस का एक्रोपोलिस, अपोलो टेंपल, मेटियोरा और कार्फू का पुराना शहर जैसी जगहें काफी फेमस है। यहां की सबसे मस्त नाइटलाइफ है। आइसलैंड अगर आप हनीमून के लिए किसी जन्नत जैसी जगहों की तलाश में हैं, तो आप आइसलैंड जरुर जाएं। यहां की कैफे नाइटलाइफ और सुंदर बीच आपका मन मोह लेंगी। कपल्स के लिए यहां पर हेल्दी एनवायरमेंट हैं। यह जगह नॉर्दन लाइट देखने के लिए काफी फेमस है। इसे देखने के लिए हर एक टूरिस्ट बेचैन रहता है। इसको औरोरा बोरेलिस (Aurora Borealis) कहा जाता है, जो कि आमतौर पर एक प्राकृतिक घटना है। यहां पर आसमान का रंग हरे, गुलाबी और बैंगनी रंग में बदल जाता है। हवाई आइलैंड हनीमून को स्पेशल बनाने के लिए आप हवाई आईलैंड भी जा सकते हैं। यहां की सुंदरता, शांति और रोमांटिक वाइब कपल्स को काफी पसंद आएगी। जिन लोगों की नई-नई शादी हुई, वे लोग इस जगह पर जरुर जाएं। यहां आपको रोमांटिक बीचेस और सुंदर जंगलों के नजारे देखने को मिलेंगे, जो कि दुनियाभर में फेमस है। यहां पर आप एक्टिव ज्वालामुखी देख सकते हैं। बहामास अगर आपके पास हनीमून का मोटा बजट है, तो आप कैरेबियन देश बहामास हनीमून के लिए घूमने जा सकते हैं। यह डेस्टिनेशन अन्य देशों से थोड़ी महंगी है। लेकिन यहां आकर आप अपने हनीमून को खास बना सकते हैं। सनबाथ के लिए यहां की बीचेस काफी फेमस है। यहां पर आप अपने पार्टनर के साथ हार्बर आइलैंड, पिग बीच, और पैराडाइज आइलैंड घूम सकते हैं। हनीमून के लिए यह जगह बेहद ही शानदार है।
दिल थोड़ा डेयरिंग है? भारत में ये 5 एडवेंचर एक्टिविटी जरूर ट्राई करें
अगर आपको घूमने के साथ थोड़ा रोमांच भी पसंद है, तो भारत में कई ऐसी जगहें हैं जहां आप स्कीइंग से लेकर स्काइडाइविंग तक का मजा ले सकते हैं। ये 5 एडवेंचर जिंदगी में एक बार जरूर ट्राई करें।
Travel Tips: जन्माष्टमी पर द्वारकाधीश दर्शन के लिए जानें Train और Flight रूट
जन्माष्टमी के पर्व को लोग तरह-तरह की प्लानिंग करते हैं। कोई घरों में भगवान श्रीकृष्ण की झांकी को बनाता है, तो कुछ मथुरा-वृंदावन में जन्माष्टमी का पर्व मनाने के लिए जाते हैं। ऐसे में अगर आप भी इस जन्माष्टमी श्रीकृष्ण के दर्शन के प्लान बना रही हैं, तो आप गुजरात से लेकर द्वारका तक भगवान श्रीकृष्ण के कुछ फेमस मंदिरों के दर्शन के साथ एक यादगार ट्रिप प्लान कर सकती हैं। द्वारकाधीश मंदिर भगवान कृष्ण को समर्पित है, यहां पर जन्माष्टमी के मौके पर खास रौनक देखने को मिलती है। द्वारका में कहां-कहां घूमें द्वारका सिर्फ मंदिर घूमने की जगह नहीं है, बल्कि यहां पुराने मंदिर, समुद्र, बीच और आसपास के कई धार्मिक स्थल हैं, जिनको आप एक्सप्लोर कर सकती हैं। अगर आप दिल्ली से सिर्फ 2 से 3 दिन के लिए ट्रिप प्लान करती हैं, तो दर्शन के साथ-साथ यहां घूमने-फिरने का भी मजा ले सकती हैं। यहां द्वारकाधीश मंदिर के अलावा नागेश्वर ज्योतिर्लिंग, बेट द्वारका, रुक्मिणी देवी मंदिर और शिवराजपुर बीच फेमस है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको इस पूरे ट्रिप के बारे में बताने जा रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Janmashtami 2026 | इस बार बनाएं खास प्लान, भारत के इन 5 प्रसिद्ध कृष्ण मंदिरों में लें दिव्य दर्शन का आनंद | Best Krishna Temples India द्वारकाधीश मंदिर में करें दर्शन जब आप द्वारका पहुंच जाएं, तो होटल में चेकइन करें। फिर फ्रेश होकर सबसे पहले द्वारकाधीश मंदिर जाएं। इसको जगत मंदिर भी कहा जाता है। मंदिर को लेकर धार्मिक मान्यता है कि इसकी स्थापना भगवान श्रीकृ्ष्ण के पोते वज्रनाभ ने कराया था। यह मंदिर एक ऊंचाई पर बना है, यहां तक पहुंचने के लिए 50 से अधिक सीढ़ियां चढ़नी होती हैं। मंदिर के दर्शन का समय सुबह 07 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक और शाम को 05:00 बजे से 09:00 बजे तक है। वहीं जन्माष्टमी के मौके पर आम दिनों से ज्यादा भीड़ होती है, इसलिए समय में बदलाव हो सकता है। मंदिर में क्या खास देखें मंदिर में दर्शन करने के अलावा बहुत कुछ देख सकते हैं। भगवान श्रीकृष्ण के द्वारकाधीश रूप के दर्शन करें। मंदिर की खूबसूरत नक्काशी और ऊंचा शिखर देख सकते हैं। मंदिर के आसपास बने छोटे मंदिर देख सकते हैं। अरब सागर के पास का खूबसूरत नजारा देख सकते हैं। गोमती क्रीक के पास सुदामा सेतु देख सकते हैं। दिल्ली से ऐसे पहुंचे द्वारका दिल्ली से द्वारका काफी दूर है। इसलिए आपको ट्रिप की सही प्लानिंग करनी होगी। आप ट्रेन से द्वारका पहुंचने के लिए दिल्ली से ट्रेन ले सकती हैं। यह बजट फ्रेंडली ऑप्शन है। दिल्ली से द्वारका की दूरी करीब 1325 से 1335 किमी है। ऐसे में आपको द्वारका पहुंचने के लिए 23 से 24 घंटे का समय लग सकता है। इसके अलावा आप फ्लाइट से भी द्वारका जा सकती हैं। द्वारका का सबसे नजदीकी एयर कनेक्शन जामनगर और पोरबंदर है। द्वारका से पोरबंदर एयरपोर्ट की दूरी करीब 136 किमी है। वहीं जामनगर एयरपोर्ट की दूरी 105 किमी है। यहां पहुंचकर आप बस या कैब से द्वारका जा सकती हैं। वहीं अगर आप फ्लाइट या ट्रेन से नहीं जाना चाहती हैं, तो रोड ट्रिप प्लान कर सकती हैं। हालांकि रोड ट्रिप थोड़ा थकान भरी रह सकती है। क्योंकि इसकी दूरी करीब 1450 से 1460 किमी है। इन जगहों को भी करें एक्स्प्लोर अब आप द्वारकाधीश मंदिर में दर्शन करने के बाद यहां और भी जगहों को एक्सप्लोर कर सकती हैं। बेट द्वारका मंदिर में दर्शन करने के बाद आप बेट द्वारका भी जा सकती हैं। यह समुद्र के पास बसा एक आइलैंड है और यहां पर मंदिर भी है। माना जाता है कि यह श्रीकृष्ण का निवास स्थान है। यहां पर विष्णु, शिव, लक्ष्मी-नारायण और हनुमान आदि के मंदिर है। ध्यान रकें कि शाम के समय यहां घूमने के लिए न जाएं। नागेश्वर ज्योतिर्लिंग द्वारका में आप भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक नागेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन भी कर सकती हैं। मंदिर के पास गोपी तालाब तीर्थ भी है। यह जगह भगवान कृष्ण और गोपियों से जुड़ी है। अगर आप धार्मिक जगहों में दिलचस्पी रखती हैं, तो द्वारका ट्रिप में इसे जरूर शामिल करें। रुक्मिणी देवी मंदिर द्वारका जाने पर आप रुक्मिणी देवी मंदिर के दर्शन भी करें। मंदिर की बाहरी दीवारों पर आपके देवी-देवताओं और अलग-अलग आकृतियों की नक्काशी देखने को मिलेगी। माना जाता है कि यह मंदिर 12वीं सदी से है। शिवराजपुर बीच आप मंदिर और धार्मिक जगहों को एक्सप्लोर करने के बाद शिवराजपुर बीच भी जा सकती हैं। यह द्वारका से करीब 12 किमी की दूरी पर है। अगर आप भी एडवेंचर के शौकीन हैं, तो यहां पर स्नॉर्कलिंग, बनाना राइड, स्कूबा डाइविंग जैसी एक्टिविटी कर सकती हैं। यहां पर जाने का समय सुबह 8 बजे से शाम के 7 बजे तक हैं। वहीं एंट्री के लिए आपको 30 रुपए का टिकट लेना होगा। जानिए द्वारका में कहां रुकें द्वारका में रुकने के लिए आपको आप होटल और टूरिस्ट स्टे मिल जाएंगे। लेकिन जन्माष्टमी के मौके पर भीड़ अधिक रहती है। इसलिए होटल आदि पहले से बुक कर लें। ध्यान रहे कि होटल मंदिर से ज्यादा दूर न हो। ऐसी जगह पर स्टे लें, जहां से मंदिर और अन्य जगहों तक आसानी से पहुंच सकें। खाने में क्या ट्राई करना चाहिए द्वारका में आप गुजरात का लोकल खाने का स्वाद ले सकती हैं। गुजराती थाली, खमण, जलेबी-फाफड़ा और दूसरी गुजराती चीजों को ट्राई करें। इससे आपकी ट्रिप अधिक मजेदार हो जाएगी। वहीं अगर आप जन्माष्टमी के मौके पर व्रत रखती हैं, तो बता दें कि आपको होटल या आसपास के भोजनालय में फलाहार खाना भी मिल जाएगा। इन बातों का रखें ध्यान जन्माष्टमी के मौके पर मंदिर में अधिक भीड़ हो सकती है, इसलिए समय से पहुंचें। ट्रेन, होटल या फ्लाइट आदि की बुकिंग पहले से कर लें। बेट द्वारका जाने के दौरान वापसी की टैक्सी भी पहले बुक कर लें। समुद्र के किनारे जाने के दौरान नियमों का पालन करें। गर्मी और उसम को देखते हुए पानी भी अपने साथ रखें।
उत्तराखंड सरकार ने नई राज्य पर्यटन नीति जारी की है, जिसका उद्देश्य निजी निवेश और स्वरोजगार को बढ़ावा देना है। यह नीति सतत विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक, साहसिक और वेलनेस पर्यटन जैसे नए क्षेत्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित करेगी।
विकास और निवेश का नया केंद्र बना उत्तराखंड, MSME, स्टार्टअप और पर्यटन के लिए नई नीतियां लागू
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री धामी के प्रशासन में उत्तराखंड विकास और निवेश का नया केंद्र बन गया है। राज्य ने MSME, स्टार्टअप और पर्यटन क्षेत्रों के लिए नई नीतियां लागू की हैं, जिसमें वित्तीय प्रोत्साहन और संस्थागत सहयोग शामिल है।
यूपी में पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह को स्वाइन फ्लू, प्रदेश में संक्रमितों की संख्या 700 के करीब पहुंची
उत्तर प्रदेश में स्वाइन फ्लू का मामला लगातार बढ़ता ही जा रहा है। अब पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह भी फ्लू की जकड़ में आ गए हैं। केजीएमयू में कराई गई जांच में पुष्टि के बाद खुद को कोरंटीन हो गए हैं।
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में स्वाइन फ्लू का प्रकोप बढ़ रहा है, फिरोजाबाद और बदायूं में दो लोगों की मौत हो गई है। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह भी संक्रमित पाए गए हैं, जबकि उन्नाव और नोएडा में भी नए मामले सामने आए हैं।
Amethi News: जायसी की जन्मस्थली बनेगी साहित्य व पर्यटन का केंद्र
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मुनि की रेती और तपोवन क्षेत्र में पर्यटन कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। स्थानीय स्तर पर करीब 1000 छोटे-बड़े होटल और होमस्टे संचालित होने का दावा है, जबकि पर्यटन विभाग के रिकॉर्ड में केवल 500 से 600 प्रतिष्ठान पंजीकृत बताए जा रहे हैं।
जबलपुर के विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भेड़ाघाट में प्रस्तावित हेलीपैड की सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर मकान बनाने और खेती करने का मामला सामने आया है। सोमवार को जिला प्रशासन ने पुलिस और नगर परिषद की टीम के साथ कार्रवाई करते हुए करीब डेढ़ एकड़ सरकारी जमीन को कब्जे से मुक्त कराया। जमीन का अनुमानित मूल्य करीब 60 लाख रुपए बताया गया है। अनुविभागीय राजस्व अधिकारी गोरखपुर अनुराग सिंह के मुताबिक भेड़ाघाट स्थित शासकीय भूमि खसरा नंबर 32 के अंश भाग पर अमीन खान ने कब्जा कर डेयरी संचालित कर रखी थी। संयुक्त दल ने अतिक्रमित संरचना और सामग्री हटाकर जमीन को मुक्त कराया। 80 लाख की जमीन पर मकान और खेती इसी कार्रवाई के दौरान गोपालपुर निवासी छोटा यादव द्वारा किए गए अतिक्रमण को भी हटाया गया। उसने सरकारी जमीन पर मकान बना लिया था और कृषि कार्य कर रहा था। प्रशासन के मुताबिक कब्जे वाली जमीन की कीमत करीब 80 लाख रुपए है। अधिकारियों ने बताया कि दोनों मामलों में विधिवत सुनवाई की प्रक्रिया पूरी करने के बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। कार्रवाई कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देश पर की गई। पर्यटन के लिए बनेगा हेलीपैड एसडीएम अनुराग सिंह ने बताया कि नगर परिषद भेड़ाघाट की कब्जामुक्त कराई गई जमीन पर पर्यटन विभाग द्वारा हेलीपैड बनाने का प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना है। कार्रवाई के दौरान अतिरिक्त तहसीलदार गोरखपुर ललित ग्वालवंशी, नगर परिषद भेड़ाघाट के मुख्य नगर पालिका अधिकारी विक्रम झरिया सहित राजस्व, पुलिस और नगर परिषद के अधिकारी मौजूद रहे।
Tripura Tourism Plan: जानिए क्यों खास हैं उनाकोटी की रहस्यमयी मूर्तियां और Ujjayanta Palace
भारत में विविधता का देश है और यहां पर घूमने के लिए कई सारी जगहें मौजूद है। अगर आप नॉर्थ-ईस्ट जाने का प्लान बना रहे हैं, तो आप त्रिपुरा जरुर जाएं। यहां पर आपकों संस्कृति और प्राकृतिक सुंदरता के नजारे देखने को मिलेंगे। त्रिपुरा में एकदम शांत वातावरण देखने को मिलता है। हरी-भरी पहाड़ियों का एक अलग ही अनुभव देता है। आइए आपको त्रिपुरा के बारे में कुछ खास बातें बताते हैं। त्रिपुरा की खूबसूरत जगहें त्रिपुरा के इतिहास और विरासत जानने के लिए आपको यहां उज्जयंत पैलेस देखने को मिलेगा। रुद्रसागर झील के बीचों-बीच स्थित नीरमहल एक बेहद सुंदर वॉटर पैलेस है और भारत का सबसे बड़ा जल महल है। उनाकोटी त्रिपुरा का प्राचीन रॉक-कट तीर्थ स्थल है। यहां भगवान शिव की विशाल मूर्तियां हैं, जो घने जंगलों के बीच पत्थरों पर उकेरी गई हैं। यह जगह बेहद ही खूबसूरत है। त्रिपुरा की कला और हस्तशिल्प त्रिपुरा की कला की बात करें, तो यहां मुख्य रुप से बांस और बेत के काम पर आधारित कला है। यहां के लोकल कारीगर बांस के फर्नीचर, बास्केट, डेकोरेशन पीस और बर्तन बनाते हैं, इसके अलावा, त्रिपुरा में रेशा नाम का एक पारंपरिक बुना हुआ कपड़ा काफी मशहूर है। इसको महिलाएं ऊपरी वस्त्र के तौर पर पहनती हैं। वहीं यहां का खान-पान काफी सदा होता है। त्रिपुरा की पारंपरिक डिश मुई बोरोक बेहद ही स्वादिष्ट होती है। इसे फर्मेंट की गई मछली के पेस्ट से बनाया जाता है। बांगुई राइस भी यहां के खान-पान का मुख्य हिस्सा है।
अगर आपकी सेक्स लाइफ थोड़ी बोरिंग या एक जैसी हो गई है, तो पार्टनर के साथ कहीं घूमने जाना अच्छा आइडिया हो सकता है। रोज की भागदौड़ से दूर छुट्टियों का माहौल आपको और आपके पार्टनर को एक-दूसरे के साथ क्वालिटी टाइम बिताने का मौका देता है। नए माहौल में रोमांस और नजदीकियां रिश्ते में एक नई ताजगी ला सकती हैं। लेकिन छुट्टियों में इंटीमेसी को बेहतर बनाने के लिए कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना जरूरी है। आइए जानते हैं ऐसे ही 10 आसान टिप्स, जो आपके कपल टाइम को और खास बना सकते हैं। अपनी पसंद की चीजें साथ लेकर जाएं अगर आपके लिए कोई खास चीज रोमांटिक माहौल बनाने में मदद करती है, तो उसे ट्रिप पर साथ ले जा सकते हैं। यह आपकी पसंद की कोई रोमांटिक एक्सेसरी, परफ्यूम, आरामदायक नाइटवियर या दूसरी पसंदीदा चीज हो सकती है। ध्यान रखें कि जो भी चीज आप इस्तेमाल करें, उसमें दोनों पार्टनर की सहमति और सहजता सबसे जरूरी है। सिर्फ बेड तक सीमित न रहें होटल का कमरा सिर्फ सोने के लिए नहीं होता। छुट्टियों में आप कमरे के माहौल को थोड़ा अलग और रोमांटिक बना सकते हैं। कमरे की लाइटिंग, खुशबू और म्यूजिक जैसी छोटी चीजें भी मूड को बेहतर कर सकती हैं। हालांकि, किसी भी तरह की एक्टिविटी में होटल की संपत्ति और सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है। इसे भी पढ़ें: Long Distance Relationship में बढ़ रही हैं दूरियां? नजदीकियां बढ़ाने में मदद कर सकता है Phone Sex दोपहर का समय भी आजमाएं रोजमर्रा की जिंदगी में कपल्स अक्सर अपनी व्यस्त दिनचर्या के हिसाब से ही इंटीमेट होते हैं। छुट्टियों में आपके पास समय की थोड़ी ज्यादा आजादी होती है। इसलिए अगर आमतौर पर आपके पास सिर्फ रात या सुबह का समय होता है, तो छुट्टी के दौरान दिन में भी एक-दूसरे के साथ रोमांटिक समय बिताया जा सकता है। जल्दबाजी न करें काम, घर और रोज की जिम्मेदारियों के बीच कपल्स के पास अक्सर एक-दूसरे के लिए पर्याप्त समय नहीं होता। छुट्टियां इस रफ्तार को थोड़ा धीमा करने का अच्छा मौका देती हैं। एक-दूसरे के साथ आराम से समय बिताएं, बातचीत करें और बिना किसी जल्दबाजी के पल को एंजॉय करें। यहां मकसद किसी तरह का दबाव बनाना नहीं, बल्कि साथ में अच्छा समय बिताना है। छुट्टियों में काम को थोड़ा दूर रखें अगर आप छुट्टियों पर भी लगातार ईमेल, ऑफिस चैट या काम के मैसेज चेक करते रहेंगे, तो आपका दिमाग पूरी तरह रिलैक्स नहीं हो पाएगा। इसलिए जहां संभव हो, काम से ब्रेक लें। लैपटॉप और ऑफिस नोटिफिकेशन को कुछ समय के लिए दूर रखना आपको और आपके पार्टनर को एक-दूसरे पर ध्यान देने में मदद कर सकता है। अपने शरीर और भावनाओं पर ध्यान दें छुट्टियां खुद को रिलैक्स करने और अपने पार्टनर के साथ जुड़ने का अच्छा समय होती हैं। अपने आसपास के माहौल को महसूस करें और पार्टनर के साथ बिताए जा रहे समय पर ध्यान दें। नए माहौल, नई जगह और पार्टनर की मौजूदगी को महसूस करने से रोमांटिक कनेक्शन और बेहतर हो सकता है। ल्यूब्रिकेंट का इस्तेमाल कर सकते हैं इंटीमेसी के दौरान ल्यूब्रिकेंट का इस्तेमाल आराम और सुविधा बढ़ाने में मदद कर सकता है। खासतौर पर अगर ड्रायनेस या असहजता महसूस हो रही हो, तो सही ल्यूब्रिकेंट उपयोगी हो सकता है। ट्रिप पर जाने से पहले इसे साथ रखना भी एक अच्छा विकल्प है। अगर किसी प्रोडक्ट से जलन या परेशानी हो, तो उसका इस्तेमाल बंद कर दें। खुद को पूरी तरह रिलैक्स रखें कई बार इंटीमेसी के दौरान लोग काम, तनाव या दूसरी बातों के बारे में सोचते रहते हैं। इससे वे उस पल को पूरी तरह एंजॉय नहीं कर पाते। छुट्टियों में खुद को थोड़ा रिलैक्स करने की कोशिश करें। किसी तरह की परफॉर्मेंस या उम्मीद का दबाव न बनाएं और अपने पार्टनर के साथ सहज तरीके से समय बिताएं। इसे भी पढ़ें: Couples Special: बोरिंग Sex Life को रोमांचक बनाने के लिए ट्राई करें ये 4 नई Sex Positions यह न गिनें कि कितनी बार इंटीमेट हुए छुट्टियों में ज्यादा रोमांस होना अच्छी बात है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आपको हर दिन या बार-बार इंटीमेट होना ही चाहिए। हर कपल की पसंद और कम्फर्ट अलग होता है। इसलिए खुद पर या पार्टनर पर कोई दबाव न डालें। अगर छुट्टी के माहौल में ढलने में थोड़ा समय लग रहा है, तो यह बिल्कुल सामान्य है। कुछ नया आजमाने की कोशिश करें छुट्टियां रिश्ते में कुछ नया करने का अच्छा मौका हो सकती हैं। आप कोई नया रोमांटिक आइडिया, नई एक्टिविटी या ऐसी चीज आजमा सकते हैं जिसे दोनों पार्टनर पहले से करने की इच्छा रखते हों। लेकिन यहां भी दोनों की सहमति और सहजता सबसे जरूरी है। अगर किसी एक पार्टनर को कोई चीज पसंद नहीं है, तो उसे करने का दबाव नहीं होना चाहिए। छुट्टियों में रोमांस का असली मतलब वेकेशन सेक्स या छुट्टियों में इंटीमेसी का मतलब सिर्फ सेक्स नहीं है। असल में यह अपने पार्टनर के साथ बिना रोजमर्रा के तनाव के क्वालिटी टाइम बिताने और रिश्ते में नजदीकी बढ़ाने का मौका है। इसलिए छुट्टी के दौरान खुद पर किसी तरह का दबाव न डालें। साथ में घूमना, बातें करना, एक-दूसरे को समय देना और छोटे-छोटे रोमांटिक पल भी रिश्ते को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
Budget Friendly Travel: कम बजट में घूमें ये 8 शानदार जगहें, सितंबर के महीने में न मिलेगी भीड़ और न गर्मी
Travel Tips: शिमला-मनाली के बजाय Jibhi के Offbeat Locations बन रहे पर्यटकों की पहली पसंद
हिमाचल प्रदेश का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में सबसे पहले शिमला और मनाली का नाम आता है। इसके अलावा लोग और दूसरी जगहों के बारे में बहुत कम जानते हैं। ऐसे में अगर आप भी हिमाचल प्रदेश घूमने का मन बना रही हैं, तो आप हिमाचल की ऑफबीट लोकेशन को एक्सप्लोर कर सकती हैं। आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको हिमाचल प्रदेश की छिपे खजाने जिभी के बारे में बताने जा रह हैं। ऑफबीट लोकेशन जिभी हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले की बंजार घाटी स्थिति जिभी आपको सुकून का एहसास दिलाएगा। क्योंकि 5000 मीटर की ऊंचाई पर मौजूद यह जगह अन्य टूरिस्ट स्पॉट की तरह भीड़भाड़ वाली नहीं है। वहीं दूरी की बात की जाए, तो यह जगह मनाली से करीब 100 किमी दूर और मंदिर से करीब 50 किमी दूर है। इसे भी पढ़ें: Travel Plan Breakdown: दिल्ली से ₹5000 के बजट में घूमें ये 3 शहर, जानें ट्रांसपोर्ट और होटल का पूरा खर्च जिभी कैबाइन्स नामक ट्री हाउस, लकड़ी और घने देवदार के जंगलों के लिए जानी जाती है। आप आप भी प्रकृति के बीच समय बिताना पसंद करते हैं, तो जिभी के सुंदर झरने और प्राकृतिक नजारे आपको मंत्रमुग्ध कर देंगे। जिभी में इन जगहों को करें एक्सप्लोर दुनिया की भीड़भाड़ से दूर हिमाचल प्रदेश की यह ऑफबीट लोकेशन कई मायनों में बेहद खास है। तो आइए जानते हैं कि आप जिभी में क्या-क्या एक्सप्लोर कर सकते हैं। रघुपुर किला रघुपुर किला वैसे तो अब खंडहरों में गिना जाता है। लेकिन 11,155 फीट की ऊंचाई पर मौजूद इस किले से कुल्लू और मंडी के खूबसूरत नजारों का लुत्फ उठाया जा सकता है। जालोरी पास जिभी से करीब 12-14 किमी दूर और करीब 10 हजार फीट स्थित जालोरी पास एक माउंटेन है। यहां पर बर्फ से ढकी पहाड़ियां हसीन वादियों से कम नहीं लगती हैं। श्रृंग ऋषि मंदिर जिभी से थोड़ी ही दूर पर बग्गी गांव में स्थित श्रृंग ऋषि मंदिर है। जो यहां के स्थानीय देवता श्रृंग ऋषि को समर्पित है। श्रृंग ऋषि को कुल्लू के 18 देवताओं में से एक माना जाता है। जिनका संबंध रामायण काल से है। यही कारण है कि इस मंदिर में दर्शन के लिए हर साल हजारों की संख्या में लोग भीड़ उमड़ती है। सेरोलसर झील जालोरी से करीब 5 किमी दूर सेरोलसर झील है। जिसके बारे में स्थानीय लोगों का मानना है कि इस झील के पानी में औषधीय गुण हैं। झील के किनारे बैठकर बहुत सुकून मिलता है। ऐसे में प्रकृति प्रेमियों को यहां आकर निराशा नहीं होगी।
घुमक्कड़ लोग हमेशा घूमने के लिए तैयार रहते हैं। यह लोग हमेशा कही न कहीं का प्लान बनाते रहते हैं। सितंबर का महीना घूमने के लिहाज से खास माना जाता है। इस दौरान कई जगहों पर बारिश होती है, इसलिए मौसम सुहाना होता है। बरसात के बाद से हर जगह खूबसूरती चरम पर पहुंच जाती है और आसपास का नजारा काफी फ्रेश नजर आता है। परिवार, दोस्तों या पार्टनर के साथ कुछ दिनों की छुट्टी पर जाना अच्छा हो सकता है। आइए आपको बताते हैं करीब 5000 रुपये में बजट में आप कहां घूम सकते हैं। पुष्कर, राजस्थान यदि आप पहाड़ों की जगह पर किसी झील और मंदिर वाली जगहों को एक्सप्लोर करना चाहते हैं, तो आप राजस्थान के पुष्कर जा सकते हैं। यहां की झीलें घूमना, ब्रह्मा मंदिर के दर्शन करना और बाजारों में घूमना आपको मजेदार लगेगा। इस मौसम में यहां गर्मी कम होती है। - दिल्ली से दूरी-करीब 430 किमी है। - समय- लगभग 7-9 घंटे का समय लग जाता है। - घूमने के लिए पुष्कर झील, ब्रह्मा मंदिर, घाट और लोकल बाजार घूमने जा सकते हैं। बजट फ्रेंडली होटल लें, लोकल स्ट्रीट से खाना खाएं। होटल को बुकिंग ऑनलाइन ही करें। ऋषिकेश, उत्तराखंड योग नगरी ऋषिकेश धार्मिक दृष्टि से तो खास है, लेकिन यह जगह एडवेंचर के लिए भी काफी लोकप्रिय है। सुबह की आरती से लेकर मंदिरों के दर्शन तक, यहां पर आप सब कुछ देख सकते है। रिवर राफ्टिंग कर सकते हैं और भी कई एक्टिविटीज कर सकते हैं। - दिल्ली से दूरी करीब 240 किमी। - समय- लगभग 5 से 6 घंटे का समय लग जाता है। - होटल के लिए कम से कम 1200 से 1500 रुपये में रुम मिल जाएगा। - 5000 हजार में ट्रिप को करने के लिए पैदल या शेयरिगं ऑटो से घूमें और महंगे कैफे से बचें। अमृतसर, पंजाब बजट फ्रेंडली ट्रिप के लिए आप पंजाब घूमने जा सकते हैं। अमृतसर में धार्मिक और ऐतिहासिक दोनों तरह की जगहें देखने को मिल जाएगी। सबसे फेमस यहां पर स्वर्ण मंदिर है, जिसकी खूबसूरती काफी देखने के लायक है और माहौल भी शांत देखने को मिलेगा। वहीं, आप अटारी-वाघा बॉर्डर भी घूमने जा सकते हैं। -दिल्ली से दूरी- लगभग 450 किमी -समय- लगभग 7 से 8 घंटे लग सकते हैं। इस ट्रिप के दौरान आप खाने पर खर्च बचा सकते हैं, गुरुद्वारे में खाना खा सकते हैं। वहीं, आप लोकल स्ट्रीट पर फूड खा सकते हैं। महंगे होटल पर खाना खाने से बचें।
जन्माष्टमी पर दिल्ली से द्वारका कैसे जाएं और कितना होगा खर्चा? जानिए पूरा बजट और ट्रैवल प्लान
जन्माष्टमी के दिन द्वारकाधीश के दर्शन करने का प्लान कर रहे हैं, तो दिल्ली से द्वारका तक जाने का पूरा ट्रैवल प्लान जान लीजिए। हम आपको आने-जाने और ठहरने का खर्चा बताने जा रहे हैं।
प्रेग्नेंट दीपिका और बेटी दुआ को लेकर वेकेशन पर निकले रणवीर सिंह! बेबी बंप फोटोज देख चहक उठे फैंस
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क्या आप कभी भारत के ऐसे इलाके में घूमने गए हैं, जहां की सड़कें एकदम जिगजैग हों। ऐसा सफर देखकर या सोचकर ही रोमांचक लगता है। कुछ ऐसा ही है सिक्किम का ऑफ बीट लोकेशन है। जिसका नाम जुलूक है। अगर आप भी हिमाचल प्रदेश या उत्तराखंड जाकर ऊब चुके हैं, तो इस बार आपको सिक्कम जाने का प्लान करना चाहिए। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको सिक्किम के छोटे से गांव जुलूक के बारे में बताने जा रहे हैं। सिक्किम का जन्नत भारत के सिक्किम राज्य के पूर्वी जिले में स्थित एक बेहद छोटा और खूबसूरत गांव जुलूक है। जुलूक आपको जन्नत की सैर इसी धरती पर करा सकता है। बादलों के ऊपर बसा यह गांव समुद्र तल से करीब 10,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। इसको आप हनीमून डेस्टिनेशन या फैमिली ट्रिप बना सकती हैं। आपको यहां आकर निराशा नहीं होगी। इसे भी पढ़ें: IRCTC Northeast Package: अब किस्तों में चुकाएं पैसे, मुंबई से Gangtok-Darjeeling ट्रिप में Flight और Guide भी शामिल सिल्क रूट का हिस्सा शायद आपको पता न हो जुलूक कभी सिल्क रूट का हिस्सा था। इसके व्यापार मार्ग की बात करें, तो यह मार्ग जेलेपा मुख्य पहाड़ी दर्रे को तिब्बत के ल्हासा तक जोड़ता था। जुलूक में क्या करें एक्सप्लोर अगर आप भी जुलूक घूमने का मन बना रहे हैं, तो आपको इन खास जगहों को जरूर एक्सप्लोर करना चाहिए। थंबी व्यू पॉइंट थंबी व्यू पॉइंट से आपको कंचनजंघा की चोटियां साफ देखने को मिल सकती हैं। क्योंकि थंबी व्यू पॉइंट से कंचनजंघा सिर्फ 10 से 12 किमी की दूरी पर है। नाथंग वैली नाथंग वैली पर जाकर आप एक गाना तो जरूर गुनगुनाएंगे, 'बादल पर पांव हैं', क्योंकि वाकई में आपके पैर बादलों के बीच होंगे। एलीफेंट लेक ओल्ड सिल्क रूट पर आपको सिर्फ बादल ही नहीं बल्कि एलिफेंट लेक भी देखने को मिलेगी। इसको कुपूप झील या बिटांग छो भी कहते हैं। इस झील का आकार कुछ-कुछ हाथी जैसा दिखता है। जिग-जैग रास्ते यहां जाकर अगर आप रोड ट्रिप पर नहीं गए हैं तो मतलब आपने जुलूक को सही से नहीं एक्सप्लोर किया। यहां के जिग-जैग मोड़ ही इसकी सबसे बड़ी पहचान है। जानें कब और कैसे जाएं यहां पर जाने के लिए मार्च से लेकर मई और सितंबर से नवंबर तक का समय बेस्ट है। अगर आप ट्रेन से जा रहे हैं, तो न्यू जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन और हवाई मार्ग के लिए बागडोगरा एयरपोर्ट पहुंचे। इसके बाद गंगटोक और रोंगली होते हुए सड़क यात्रा करनी होगी।
Travel Tips: तुर्कमेनिस्तान का वह नरक द्वार जहाँ 1971 से नहीं बुझी आग, जानिए Karakum Desert का सच
दुनिया में आपको कई ऐसी अनोखी जगहें मिलेंगी, जिनके बार में जानकर हर कोई हैरान रह जाएगा। ऐसी ही एक जगह मध्य एशियाई के देश तुर्कमेनिस्तान में है। यहां पर काराकुम रेगिस्तान को नरक का दरवाजा भी कहा जाता है। क्योंकि यहां पर कोई पैर नहीं रख सकता है। काराकुम रेगिस्तान में डेवरेज गांव के पास में यह रेगिस्तान में है। जिसको 'शाइनिंग काराकुम' के नाम से भी जाना जाता है। ऐसा इसलिए भी क्योंकि रेगिस्तान का एक हिस्सा हमेशा आग की तरह चमकता रहता है। ऐसे में अगर आप भी यह सोच रहे है कि इसको नरक का दरवाजा क्यों कहा जाता है, तो आज इस आर्टिकल में हम आपको इस जगह के बारे में बताने जा रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Raksha Bandhan 2026: भारतीय रेलवे का बड़ा तोहफा, इन Routes पर चलेंगी Raksha Bandhan Special Trains क्यों कहते हैं नरक का दरवाजा साल 1971 में मध्य एशिया के काराकुम रेगिस्तान में एक ऐसी घटना हुई। जिस कारण रेगिस्तान में आग लगाना पड़ा। साल 1971 में तेल भंडार की खोज में सोवियत संघ के भूवैज्ञानिक का एक ग्रुप काराकुम रेगिस्तान आया था। यहां पर उनको एक ऐसी जगह मिल भी गई। जहां पर वैज्ञानिकों को लगा कि तेल भंडार होगा। उन्होंने प्राकृतिक गैस के एक बड़े भंडार के ऊपर खुदाई करना शुरू किया। लेकिन उनको इसके नतीजे के बारे में नहीं पता था। जब खुदाई के लिए उन्होंने उस हिस्से पर भारी मशीनें लगाईं। तो जमीन मशीनों का जोर न सह पाए और जमीन अंदर की ओर धंसने लगी। जिस कारण कई जगहों पर गड्ढा बनता चला गया। एक गड्ढे से निकलने लगी गैस बता दें कि रेगिस्तान में जगह-जगह गड्ढे बन रहे थे। लेकिन एक गड्ढा सबसे बड़ा था। यह गड्ढा करीब 230 फीट चौड़ा और 65 फीट गहरा था। जिसके बाद वैज्ञानिकों को चिंता सताने लगी। क्योंकि इस गड्ढे से लगातार प्राकृतिक गैस बाहर निकल रही थी। हालांकि यह गैस जहरीली नहीं थी, लेकिन फिर भी यह ऑक्सीजन को बदल देती थी। जिस कारण सांस ले पाना मुश्किल हो जाता है। इससे सबसे ज्यादा परेशानी रेगिस्तान में रहने वाले जानवरों को होती थी। क्योंकि गड्ढे में गिरने से जानवर की फौरन मौत हो जाती। ऐसे में वैज्ञानिकों ने सोचा कि अगर यहां ब्लास्ट करना हो तो सिर्फ 5% मीथेन की मात्रा काफी होगी। इसलिए उन्होंने सोचा कि इसमें आग लगा दी जाए। अभी तक जल रही आग आपको जानकर हैरानी होगी कि यह आग अभी तक जल रही है। तुर्कमेनिस्तान के वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि जब गड्ढे में मौजूद प्राकृतिक गैस खत्म हो जाएगी, तो यह आग अपने आप बुझ जाएगी। लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ है और यह आग जल रही है। साल 2010 में तुर्कमेनिस्तान के राष्ट्रपति कुरबानगुली बर्डीमुखामेदोव भी इस गड्ढे का दौरा करने के लिए यहां पहुंचे थे। रेगस्तान में भभकने वाली इस आग को देखकर उन्होंने भी चिंता जताई थी। इससे आसपास के गैस क्षेत्रों को भी खतरा हो सकता है।
वियतनाम भारतीय पर्यटकों द्वारा सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली जगहों में से एक है। इसकी सबसे बड़ी वजह यहां पर्यटकों को मिलने वाली हर तरह की सुविधा है। जिन यात्रियों को समुद्र के किनारे समय बिताना अच्छा लगता है, उनके लिए यहां पर कई खूबसूरत बीच हैं। एडवेंचर और ऐतिहासिक जगहों पर घूमने के लिए कई जगहें हैं। वियतनाम की संस्कृति भी पर्यटकों का काफी आकर्षित करती है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको वियतनाम की खासियत के बारे में बताने जा रहे हैं। जिस कारण हर साल लाखों की संख्या में भारतीय पर्यटक यहां पर घूमने के लिए आते हैं। इसे भी पढ़ें: Delhi to Agra Travel Guide: मानसून की फुहारों के बीच ताजमहल और Baby Taj का दीदार, एक दिन की छुट्टी के लिए परफेक्ट One-Day Trip आसान वीजा प्रोसेस वियतनाम जाने के लिए भारतीयों को वीजा प्रोसेस के लिए ज्यादा भागदौड़ नहीं करनी पड़ती है। ई-वीजा के जरिए आवेदन करने पर 90 दिनों के अंदर आप वियतनाम यात्रा पर जा सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन के कारण भारतीयों को वीजा के लिए बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ते हैं। ऑनलाइन आवेदन करने के दौरान भारतीयों को पासपोर्ट नंबर, जारी होने की तारीख, एक्सपायरी डेट, पासपोर्ट साइज फोटो, पासपोर्ट के बायोडाटा की फोटो और पर्सनल जानकारी जैसी जानकारी देनी होती है। वहीं यात्रा से 2 सप्ताह पहले आवेदन करना सही होता है। घूमना है आसान वियतनाम की मुद्रा को डोंग कहते हैं, जोकि भारत के रुपए के मुकाबले सस्ती है। भारतीय रुपए की तुलना में वियतनाम के डोंग की वैल्यू काफी कम है। भारतीय 1 रुपया करीब 275 वियतनामी डोंग के बराबर है। अगर आप 100 रुपए खर्चा करती हैं, तो यह 27,500 वियतनामी डोंग के बराबर होगा। इसलिए यहां पर भारतीयों को घूमना सस्ता पड़ता है। वहीं यहां पर रहना, खाना, घूमना आदि भारतीय पर्यटकों को सस्ता लगता है। कई बेहद खूबसूरत जगहें वियतनाम जाने का एक कारण यह भी है कि यहां पर खूबसूरत जगहों की भरमार है। यहां समुद्र तट, नदियां, पहाड़, गुफाएं और ऐतिहासिक स्थल आदि सभी चीजें आपको एक ही जगह पर मिल जाती है। इस तरह से आपका विदेश ट्रिप पूरा लगता है। यहां का हा लॉन्ग बे जगह नीले पानी और चूना पत्थर की के लिए काफी फेमस माना जाता है। वहीं दा नांग एक बेहद खूबसूरत बीच है। आप हो ची मिन्ह सिटी में शॉपिंग कर सकती हैं। तो हनोई में वियतनाम की संस्कृति को बेहद करीब से देखने और समझने का मौका मिलता है।
Gaurav Khanna माता-पिता के साथ मसूरी वेकेशन पर निकले, बारिश में फंसे तो ऐसे किया एन्जॉय
एक्टर गौरव खन्ना सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं। एक्टर लगातार अपने फैंस के साथ अपनी जिंदगी से जुड़े अपडेट शेयर कर रहे हैं। हाल ही में गौरव ने एक नया वीडियो शेयर कर बताया कि वह अपने माता-पिता के साथ मसूरी वेकेशन पर गए हैं। गौरव ने वीडियो में उस कार की झलक भी दिखाई, जिसमें वह अपनी मां और पिता के साथ सफर कर रहे हैं। पहाड़ों की ओर जाते हुए गौरव काफी खुश नजर आए। वीडियो में उन्होंने कहा, बादलों के बीच में जाते हुए। इस वीडियो के साथ उन्होंने मसूरी का नाम भी लिखा। बारिश में फंसे गौरव खन्ना मसूरी पहुंचने के बाद गौरव ने एक और वीडियो शेयर किया, जिसमें वह बारिश का मजा लेते नजर आए। उन्होंने बताया कि वहां बारिश काफी तेज हो रही थी। गौरव ने कहा कि उन्होंने छतरी भी ली थी, लेकिन तेज बारिश की वजह से उनके हाल खराब हो गए। इसके बाद गौरव एक रेस्टोरेंट में चाय पीते नजर आए। उन्होंने कहा कि ट्रिप पर इतनी बारिश में आएंगे तो ऐसा होना ही है, लेकिन यही तो ट्रिप का मजा है। वीडियो के आखिर में गौरव ने मजाकिया अंदाज में कहा, मजा भी है। इसे भी पढ़ें: Tumbbad 2 की रेकी के दौरान हुआ बड़ा खुलासा: उसी खौफनाक हवेली में टीम को मिला 8 साल पुराना रहस्यमयी खजाना! फैंस ने गौरव के वेकेशन को बताया जरूरी गौरव खन्ना के ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। फैंस को उनका अपने माता-पिता के साथ समय बिताना काफी पसंद आ रहा है। कई फैंस का मानना है कि गौरव को इस तरह के ब्रेक और वेकेशन की जरूरत थी। कुछ फैंस ने गौरव और उनकी पत्नी आकांक्षा चमोला के रिश्ते को लेकर भी कमेंट किए। फैंस का कहना है कि आकांक्षा से अलग रहने के बाद गौरव के लिए परिवार के साथ समय बिताना और घूमना अच्छा है। इसे भी पढ़ें: Pune में घर खरीदने के बाद अब शादी की जिम्मेदारियों पर क्या बोले Parth Samthaan गौरव खन्ना और आकांक्षा चमोला का अभी तक नहीं हुआ तलाक गौरव खन्ना और आकांक्षा चमोला की शादी और तलाक को लेकर लंबे समय से चर्चा होती रही है। लॉकअप 2 में गौरव, आकांक्षा को सपोर्ट करने पहुंचे थे। उस दौरान एक्टर ने बताया था कि दोनों अभी भी कानूनी तौर पर शादीशुदा हैं और उनका तलाक नहीं हुआ है। वहीं, लॉकअप 2 के बाद आकांक्षा चमोला ने भी बताया था कि अभी तक तलाक के पेपर साइन नहीं हुए हैं। फिलहाल दोनों अपने-अपने प्रोजेक्ट्स में बिजी हैं। इस बीच गौरव अपने माता-पिता के साथ मसूरी ट्रिप का आनंद लेते नजर आ रहे हैं।
क्या आप भी दिल्ली की भागदौड़ में परेशान हो गए हैं। बस आपको एक दिन ब्रेक लेना है, तो यह लेख आपके लिए है। वीकेंड पर घूमने के लिए आप दिल्ली से बेहद नजदीक इस जगह पर जरुर जा सकते हैं। यहां पर आपको इतिहास, खूबसूरती और अच्छा खाना तीनों एक साथ मिल जाएंगे। इस ट्रिप के लिए आपको ज्यादा दिन की छुट्टी लेनी की भी जरुरत नहीं है। आगरा में कई मशहूर जगहें जहां आप जरुर जाएं। मानसून के समय आगरा का मौसम बेहद प्यारा और खूबसूरत रहता है, तो चलिए बिना देर किए आपको बताते हैं एक दिन की छोटी ट्रिप के बारे में- आगरा में देखें ताजमहल आगरा जाएं और आप ताजमहल न देखें, ऐसा कुछ हो नहीं सकता। सफेद संगमरमर से बना हुआ यह मकबरा मुगल बादशाह शाहजहां ने अपनी पत्नी मुमताज महल की याद में बनवाया था। आपको बताते चलें कि यह यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज साइट की लिस्ट में शामिल है। मानसून के दौरान जब काले बादल छाए रहते हैं, तो ताजमहल का नजारा और भी खूबसूरत दिखता है। फोटो क्लिक करने के लिए शानदार व्यू बन जाता है। आगरा फोर्ट घूमें दिल्ली से आगरा की दूरी करीब 230 से 240 किलोमीटर है। ताजमहल घूमने के बाद आप आगरा फोर्ट देखने जरुर जाएं। लाल बलुआ पत्थर से बना हुआ यह किला यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट की लिस्ट में शामिल हैं। एक समय में यह मुगल बादशाहों के लिए सत्ता और रहने की जगह थी। वैसे यह ताजमहल से ज्यादा दूर नहीं है। किले के अंदर बड़े आंगन, महल और मुगर दौर की चीजें देखने को मिलती है। मेहताब बाग में मिलेगा ताज का अलग नजारा भीड़ से हटकर घूमना चाहती हैं, तो मेहताब बाग जा सकती हैं। यहां से दूर बैठकर ताजमहल के दीदर किए जा सकते हैं। खासतौर पर यह यमुना नदी के दूसरी तरफ बना मुगल गार्डन है और यहां से ताजमहल सबसे सुंदर नजर आता है। बेबी ताज भी देख सकती हैं आप यदि आप ट्रिप का समय का मैनेज कर लें, तो आप इत्माद-उद-दौला का मकबरा देखने भी जा सकते हैं। इसको बेबी ताज कहा जाता है। सफेद मार्बल, डिजाइन और काम इसको और भी सुंदर बना दिया है। जिन लोगों को भीड़ दूर रहना पसंद उनके लिए यह जगह बेहद खास है। मानसून में ट्रिप प्लान करते समय रखें ये बातें सबसे बढ़िया समय है मानसून के दौरान ट्रिप प्लान करने का। इस बात का ध्यान रखें कि पूरे दिन का शेड्यूल न रखें। आप भी एक दिन के लिए ऐसे ट्रिप का प्लान कर सकती हैं। - सुबह दिल्ली से आगरा के लिए निकलें। - सबसे पहले आप ताजमहल देखने जाएं। - दोपहर के समय खाना और थोड़ा आराम करें। - शाम के समय आप मेहताब बाग घूम सकते हैं। - अगर समय बचे तो बेबी ताज देख सकते हैं। - रात के समय दिल्ली के लिए वापस निकलें।
चंदेरी को भगवान श्रीकृष्ण की बुआ श्रुति के बेटे शिशुपाल की राजधानी माना जाता है। उस दौरान इसका उल्लेख चेदी राज्य के रूप में मिलता है। चंदेरी की रणनीतिक स्थिति में इसके समृद्धि की बड़ी वजह रही। कभी चंद्रगिरि कहा जाने वाला चंदेरी, बुंदेलखंड और मालवा की सीमा पर बसा है। जिसका उल्लेख महाभारत में भी मिलता है। यहां पर मालवा के सुल्तानों और बुंदेल के राजपूतों द्वारा बनवाई गई तमाम इमारतें देखी जा सकती हैं। नदी किनारे गुफाओं में बने शैलचित्र सांस्कृतिक वैभव और कलात्मक सौंदर्य का परिचय देते हैं। यहां के शैलचित्रों को देखकर कहा जा सकता है कि चंदेरी प्रागैतिहासिक काल से एक जीवंत शहर है। चंदेरी साड़ियों से तो सभी वाकिफ हैं, चंदेरी साड़ियां अपने शिल्प और नफासत के लिए फेमस हैं। इसे भी पढ़ें: Monsoon Tourism 2026: भीड़भाड़ से दूर शांति देंगे ये 4 Budget Friendly Destinations, आज ही करें अपने ट्रिप का Plan जानें चंदेरी में कहां घूमें कोशक महल वहीं खिलजी वंश के शासनकाल में यह महल इस्लामी वास्तुकला का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। चतुर्भुज आकार में निर्मित इस त्रि-स्तरीय महल के विशाल द्वार, झरोखे, खुले गलियारे इसकी स्थायपत्य कला को अनुपम बनाते हैं। इस महल के छत से दिखने वाले प्राकृतिक दृश्य इसकी शोभा को दोगुना कर देती है। कोशल इमारत के हर कक्ष के छत की डिजाइन बेहद अनोखा है। शुरूआत में 7 मंजिला इमारत के रूप में यह ढांचा सिर्फ 3 मंजिलों तक पूरा हो सका। चंदेरी किला चंदेरी किला शहर से 71 मीटर ऊंची पहाड़ी पर स्थित यह किला अभी भी शान से खड़ा है। यह किला कभी अभेद्य दुर्ग की तरह रहा होगा। यह किला 5 किमी लंबी दीवार से घिरा है। किले तक पहुंचने के तीन रास्ते हैं: पहला पक्का रास्ता है, जिससे आप गाड़ी से किले तक जा सकते हैं। दूसरा रास्ता खूनी दरवाजा है, जहां से पैदल पहुंचा जा सकता है। खूनी दरवाजा लकड़ी का बड़ा द्वार है। इस पर मालवा के सुल्तान कैदियों के शवों को लटका देते थे। बताया जाता है कि जब बाबर ने किले की घेराबंदी की थी। तो यह सच में खून से नहा गया था। इसको आखिरी किला कहा जाता था, यानी जब शासक को पता होता था कि उसकी हार होना निश्चित है। वह यहीं से युद्ध करते थे, जिससे तहखाने से निकलकर सुरक्षित जा सकें। बत्तीसी बावड़ी चौकोर, गोल और समकोण बावड़ियों से भरा यह अफगान वास्तुकला की निशानी है। इसकी सुंदर सीढ़ियों के ऊपर बने बीच में स्वागत द्वारों ने इसको अधिक भव्य बनाया है। 60-60 फीट लंबी-चौड़ी बावड़ी आज भी पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। यहां पर आपको एक फारसी में लिखा शिलालेख भी मिलेगा। जिसका अर्थ है, जो स्वर्ग की झलक देखना चाहता है, वह यहां पर थोड़ा विश्राम करें, क्योंकि स्वर्ग इसी की तरह है। कटी घाटी इसको विशाल चट्टान को तराश कर बनाया गया है। चंदेरी के दक्षिणी किनारे पर स्थित यह मार्ग बुंदेलखंड और मालवा के बीच एक कड़ी का काम करता था। मालवा के सुल्तान ग्यासुद्दीन खिलजी के स्वागत के लिए इसको रातों-रात बनाया गया था। लेकिन इस दरवाजे में कुंडे या टिकाव के लिए राजमिस्त्री ने जगह नहीं छोड़ी थी। इस कमी को देखते हुए जिमन खान ने मिस्त्री को मेहनताना देने से इंकार दिया। इससे दुखी होकर मिस्त्री ने आत्महत्या कर ली। तब से यह कटी घाटी गेट बिना दरवाजे के खड़ा है। शहजादी का रोजा चंदेरी के गवर्नर की बेटी मेहरुनिस्सा और एक सेनापति के अमर प्रेम का प्रतीक यह मकबरा है। इसको 15वीं शताब्दी में गवर्नर ने बनवाया था। गवर्नर ने दोनों को अलग करने के लिए सेनापति को युद्ध में भेजा और सैनिकों को निर्देश दिए कि वह जीवित वापस न आ पाए। यह जानकारी मिलने पर शहजादी ने रोजे रखे थे। घायल होने के बाद भी सेनापति बच गया और वापस चंदेरी आ गया। जब मेहरुन्निसा उससे मिली, तो वह सेनापति अंतिम सांसे ले रहा था। उसी दौरान शहजादी ने भी प्राण त्याग दिए। रोजा रखने के कारण इस मकबरे का नाम 'शहजादी का रोजा' पड़ा। बाद में दोनों प्रेमियों को गवर्नर ने इस मकबरे में साथ दफनाया। यात्रा से जुड़ी जरूरी जानकारी यहां का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन ललितुर है। वहीं भोपाल एयरपोर्ट से कैब लेकर भी यहां तक आसानी से पहुंचा जा सकता है। बुंदेली खानों का स्वाद लें, जैसे मक्के की रोटी, दाल बाफला, रसखीर और सूजी के लड्डू। चंदेरी घूमने का सबसे सही समय अक्तूबर से लेकर मार्च के बीच का है। दो लोगों के एक दिन रहने और खाने का अनुमानित खर्च 2.5 से 3 हजार रुपए तक है। यहां का मौसम अधिकतम 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 15 से 20 डिग्री सेल्सियस तक रहता है।
Travel Tips: बारिश के मौसम में जन्नत लगती हैं ये वादियां, Monsoon में एक्सप्लोर करें Hill Stations
बारिश के मौसम में घूमने का मजा ही अलग होता है। क्योंकि इस मौसम में चारों ओर हरियाली, बादलों से ढके पहाड़, ठंडी-ठंडी हवाएं और रिमझिम फुहारें लोगों को खूब भाती हैं। ऐसे में अगर आप भी इस मॉनसून कहीं घूमने का प्लान कर रही हैं, तो आप साउथ इंडिया के कुछ फेमस हिल स्टेशन को एक्सप्लोर कर सकती हैं। यहां बारिश में नेचर की खूबसूरती इस कदर बढ़ जाती है, जिसको देखकर लगता है मानो स्वर्ग में आ गए हों। साउथ इंडिया के हिल स्टेशन अपने चाय के बागानों, झरनों, हिल स्टेशनों और घने जंगलों के लिए जाना जाता है। यहां की वादियां खूबसूरत और हरी-भरी हो जाती हैं। वहीं कई जगहों पर बादल इतने नीचे आ जाते हैं कि ऐसा लगता है कि हम बादलों के बीच खड़े हैं। तो आइए जानते हैं साउथ इंडिया की इन खूबसूरत जगहों के बारे में। इसे भी पढ़ें: Travel Tips: Switzerland on a Budget? ये 4 Indian Destinations देंगे आपको यूरोप जैसी हसीन वादियों का अनुभव मुन्नार मॉनसून में केरल के मुन्नार की खूबसूरती भी गई गुना बढ़ जाती है। यहां चाय के खूबसूरत बागान, ठंडी-ठंडी हवाएं और धुंध से ढके पहाड़ लोगों की ट्रिप को यादगार बना देते हैं। बारिश के बाद यहां की हरियाली निखर जाती है। ऐसे में अगर आप भी नेचर लवर हैं, या फोटोग्राफी के शौकीन हैं, तो आपको यहां जरूर आना चाहिए। कूर्ग कर्नाटक का कूर्ग भी मॉनसून में देखने लायक होता है। इसकी खूबसूरती के कारण कूर्ग को भारत का स्कॉटलैंड भी कहा जाता है। मॉनसून में यहां पहाड़, कॉफी के बागानों और झरनों की खूबसूरती बढ़ जाती है। कूर्ग खूबसूरत होने के साथ शांत भी है। चिकमगलूर कर्नाटक का चिकमगलूर पिछले कुछ सालों से लोगों की पसंदीदा जगह बन चुकी है। मॉनसून में यहां हरी-भरी घाटियां और बादलों से ढके पहाड़ देखने को मिलेंगे। यहां आप शहर की भागदौड़ से दूर सुकून के कुछ पल बिता सकते हैं। यह एक शानदार डेस्टिनेशन है। कोडाइकनाल तमिलनाडु का कोडाइकनाल हिल स्टेशन मानसून में बेहद खूबसूरत लगने लगता है। यहां की घाटियां, झीलें और व्यू पॉइंट बारिश के मौसम में बहुत ज्यादार सुंदर नजर आते हैं। अगर आपको भी प्रकृति से प्यार है और नेचर के बीच समय बिताना अच्छा लगता है, तो यह जगह आपके लिए परफेक्ट है। वायनाड केरल की खूबसूरती के बारे में तो आप सभी ने सुना होगा। इसको God's Own Country भी कहा जाता है। वहीं केरल का वायनाड भी मॉनसून में बेहद खूबसूरत लगता है। यहां लेक, गुफाएं, घने जंगल और कई बेहद शानदार झरने देखने लायक होते हैं। अगर आपको ट्रेकिंग और नेचर वॉक पसंद है, तो यह जगह आपके लिए बेस्ट है। ऊटी तमिलनाडु का ऊटी हिल स्टेशन भी बेहद खूबसूरत है। मॉनसून में यहां के चाय के बागान, पहाड़ और बगीचे खिल उठते हैं। अगर आप भी ऊटी आती हैं, तो पायकारा फॉल्स जाना न भूलें। इन बातों का ध्यान बारिश में मौसम की जानकारी लेने के बाद ही ट्रिप प्लान करें। छाता, रेनकोट और अच्छी ग्रिप वाले शूज साथ रखें। लोकल गाइडलाइंस को जरूर फॉलो करें।
सावन का महीना भगवान शिव की पूजा-अर्चना के लिए सबसे पहले खास होता है। इस दौरान शिवभक्तों की मंदिरों में भारी भीड़ देखने को मिलती है। अगर आप भी इस महीने कहीं घूमने के साथ-साथ भोलेनाथ के दर्शन करना चाहती हैं। तो हिमाचल प्रदेश एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है। यहां कई ऐसे मंदिर हैं, जो ऊंचाई पर बने हुए हैं। इस शिव मंदिरों तक पहुंचने का सफर उतना ही खूबसूरत होता है, जितने सुंदर यहां के नजारे होते हैं। बिजली महादेव मंदिर कुल्लू में ऊंचे पहाड़ों पर स्थित बिजली महादेव मंदिर हिमाचल प्रदेश का सबसे फेमस शिव मंदिर है। यह मंदिर करीब 2,460 मीटर की ऊंचाई पर है। यहां से कुल्लू और पार्वती वैली का खूबसूरत नजारा बेहद साफ दिखता है। मंदिर की मान्यता है कि समय-समय पर शिवलिंग पर बिजली गिरती है। फिर पारंपरिक तरीके से पुजारी शिवलिंग को जोड़ते हैं। यही कारण है कि इस मंदिर का नाम बिजली महादेव रखा गया है। इसे भी पढ़ें: Amarnath Yatra Rituals: कैसे करें बाबा बर्फानी की पूजा और क्या है प्रसाद वितरण का सही तरीका बैजनाथ शिव मंदिर हिमाचल के कांगड़ा जिले में बैजनाथ मंदिर भी है। जो भोलेनाथ को समर्पित है। यह धौलाधार पर्वत की तलहटी में बना हुआ है। भगवान शिव का यह मंदिर अपनी खूबसूरत पत्थर की नक्काशी और अपने पुराने इतिहास के लिए जाना जाता है। माना जाता है कि रावण भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए यहीं पर तपस्या की थी। सावन के महीने में यहां पर बड़ी संख्या में लोग दर्शन के लिए आते हैं। मणिमहेश चंबा जिले में स्थित मणिमहेश भगवान भोलनाथ का सबसे पवित्र स्थल है। यहां मणिमहेश लेक और इसके पीछे दिखने वाली मणिमहेश पीक बेहद खूबसूरत लगती है। सावन और जन्माष्टमी के आसपास यहां पर मणिमहेश यात्रा भी निकलती है। समुद्र तल से मणिमहेश कैलाश चोटी की ऊंचाई करीब 5,653 मीटर बताई जाती है। अर्द्धनारीश्वर मंदिर हिमाचल प्रदेश के मंडी शहर को छोटी काशी भी कहा जाता है। क्योंकि यहां पर कई प्राचीन मंदिर हैं। इनमें से एक अर्द्धनारीश्वर मंदिर है। जोकि भगवान शिव और मां पार्वती की शक्ति का प्रतीक है। पहाड़ों के बीच बसे इस शहर का धार्मिक माहौल सावन के महीने में अधिक खास हो जाता है। इन बातों का रखें ध्यान अगर आप भी सावन के महीने में हिमाचल के ऊंचाई वाले शिव मंदिरों में जाने का प्लान बना रहे हैं। तो मौसम की जानकारी पहले ले लें। क्योंकि बारिश की वजह से कई जगह सड़कें फिसलने वाली हो सकती है। इसलिए अच्छी ग्रिप वाले जूते पहनें। साथ में छाता या रेनकोट रख लें। ट्रैकिंग वाले मंदिरों में तब जाएं, जब आप फिजिकली फिट हों।
हर किसी को घूमने-फिरने का शौक होता है और विदेश तो हर कोई जाना चाहता है। खासकर स्विट्जरलैंड जैसी खूबसूरत जगह, जहां बर्फ से ढके पहाड़, खूबसूरत नजारे, हरे-भरे मैदान देखने को मिलते हैं। लेकिन यहां जाना हर किसी के बस की बात नहीं होती है। होटल, फ्लाइट, खाना-पीना, घूमने आदि का खर्च लाखों में पहुंच जाता है। इस कारण कई लोगों का यह सपना अधूरा रह जाता है। लेकिन अच्छी बात यह है कि भारत में ऐसी कुछ जगहें हैं, जिनको देखकर आपको यूरोप वाली फीलिंग आएगी। इन जगहों पर आपको खूबसूरत लेक्स, बर्फीले पहाड़, हसीन वादियां और कलरफुल फ्लावर्स देखने को मिलेंगी। ऐसे में अगर आपका बजट कम है और ऐसी जगहों को एक्सप्लोर करना चाहती हैं, तो आपको ऐसा महसूस होगा कि आप स्विट्जरलैंड पहुंच गई हैं। इसे भी पढ़ें: Long Weekend Travel Plan: अगस्त की छुट्टियों में Udaipur और Coorg की हरियाली और Monsoon नजारों का उठाएं लुत्फ खज्जियार ज्यादातर लोग खज्जियार को भारत का 'मिनी स्विट्जरलैंड' कहते हैं। हिमाचल के चंबा में स्थित यह जगह हरी-भरी घास, देवदार के घने जंगलों और खूबसूरत मैदानों के लिए जानी जाती है। यहां का खज्जियार लेक वालर एरिया देखने में किसी यूरोपियन पोस्टकार्ड जैसा लगता है। मॉनसून और गर्मियों में यहां की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है। अगर आप भी प्रकृति के बीच समय बिताना पसंद करती हैं, तो आपको खज्जियार आना चाहिए। युमथांग वैली सिक्किम की युमथांग वैली को वैली ऑफ फ्लावर्स भी कहा जाता है। यह जगह स्विट्जरलैंड जैसी लगती है। यहां पर दूर-दूर तक फैले फूलों के मैदान, सुंदर नदियां, बर्फ से ढके पहाड़ किसी यूरोपियन देश वाला फील देती हैं। गर्मियों में यहां रंग-बिरंगे फूल खिलते हैं। जिससे पूरी वैली बेहद खूबसूरत दिखाई देती है। ऐसे में अगर आपको फोटोग्राफी का शौक है, तो आपको यहां जरूर आना चाहिए। गुलमर्ग माना जाता है कि अगर धरती पर कहीं स्वर्ग है, तो वह कश्मीर है। यहां के गुलमर्ग की गिनती भारत के सबसे खूबसूरत टूरिस्ट प्लेस में होती है। गुलमर्ग के बेहद खूबसूरत पहाड़, हरे-भरे घास के मैदान और ठंडी वादियां यहां आने वाले पर्यटकों को स्विट्जरलैंड की याद दिलाती हैं। गर्मियों में यहां की हरियाली और फूलों से भरे मैदान देखने लायक होते हैं। मुनस्यारी अगर आप किसी शांत जगह पर स्विट्जरलैंड वाला फील लेना चाहती हैं। तो आप मुनस्यारी जा सकती हैं। यह जगह अपने शांत वातावरण के लिए जानी जाती है। अगर आपको भी प्रकृति के बीच सुकून भरे पल बिताना चाहती हैं, तो आपको यहां जरूर आना चाहिए।
राजधानी दिल्ली को सिर्फ ट्रांजिट सिटी के बजाय देश-दुनिया के पर्यटकों के लिए पूर्ण पर्यटन गंतव्य बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने मंगलवार को चार नए आध्यात्मिक एवं विरासत पर्यटन सर्किट शुरू किए।
घुमक्कड़ लोगों को घूमने का सिर्फ मौका ही चाहिए। अगर आप भी अगस्त में घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो आपको बता दें कि, इस महीने में लंबी छुट्टी मिलने वाली है। दरअसल, 15 अगस्त को शनिवार है और इसके अगले दिन रविवार है। वहीं, आप 14 अगस्त यानी के शुक्रवार की एक छुट्टी ले लें तो आपके पास करीब तीन दिनों का समय हो जाएगा। इन तीन दिनों में आप किसी भी अच्छी जगह पर घूमने जा सकते हैं। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि अगस्त के महीने में किन जगहों पर घूमने जा सकते हैं। आइए आपको बताते हैं Independenc Day Weekend पर 3 दिन की छोटी-सी ट्रिप का प्लान बना सकती हैं। मसूरी उत्तराखंड यदि आप शहर की भीड़ और शोर से दूर, कहीं सुकून भरी जगह पर घूमने जा रहे हैं, तो आप मसूरी जा रही है। अगस्त में यहां पर बारिश होती है। जिससे पहाड़िया हरी-भरी नजर आती हैं। बादलों से घिरे पहाड़ और ठंडा मौसम आपको शांति का एहसास कराएगा। तीन दिन में आप माल रोड पर बिंदास होकर घूम सकते हैं, आसपास के नजारे देख सकते हैं। ध्यान रखें कि मौसम को देखकर ही ट्रिप का प्लान बनाएं। क्योंकि इस दौरान यहां बारिश भी हो सकती है। मुन्नार, केरल बरसात के मौसम में केरल के मुन्नार का नजारा भी काफी खूबसूरत देखने को मिलता है। मुन्नार अपने चाय के बागानों और पहाड़ी नजारों के लिए काफी लोकप्रिय है। ऐसे में आप आपको हरियाली पसंद है, तो आप 3 दिन के लिए यहां जा सकती हैं। बारिश में मुन्नार जाते समय छाता और रेनकोट साथ जरुर रख लें। कूर्ग, कर्नाटक मानसून के समय कूर्ग का घूमने का एक अलग ही मजा होता है। कर्नाटक टूरिज्म के अनुसार, बरसात के समय यहां का मौसम कॉफी के बागान हरे-भरे हो जाते हैं और धुंध से पहाड़ियों का नजारा और भी सुंदर दिखता है। सुंदर से हरे-भरे कॉफी के बगान, पहाड़ और झरने देख सकती हैं। Abbey Falls कूर्ग की सबसे खूबसूरत जगह है। आप यहां जरुर जाएं। जब आप यहां जाने का प्लान बनाएं, तो एक बार मौसम की जानकारी जरुर लें। उदयपुर, राजस्थान मानसून के समय आप झील, महल और सुंदर शहर देखना चाहते हैं, तो आप इस बार स्वतंत्रता दिवस की लॉन्ग छुट्टियों पर राजस्थान के उदयपुर जा सकती हैं। अगस्त में यहां की खूबसूरती देखने के लायक होती है। तीन की ट्रिप के अंदर आप सिटी पैलेस, पिछोला लेक और पुराने शहर के आसपास घूम सकते हैं। ट्रिप पर जाने से पहले इन चीजों पर ध्यान दें - अगस्त के समय पहाड़ों पर भारी बारिश होती है, इसलिए जाने से पहले मौसम का हाल और रास्ते जरुर चेक करें। - ट्रेन और फ्लाइट की टिकट पहले ही बुक कर लें। इसके साथ ही होटल रुम पहले से बुक कर लें। - बरसात से बचने के लिए आप वॉटरप्रूफ बैग, छाता, रेनकॉट और क्विक-ड्राय कपड़े अपने साथ ले जाएं। - बरसात के समय रास्तों में फिसलन अधिक देखने को मिलती है, इसलिए अच्छी ग्रिप वाले स्पोर्ट्स या ट्रैकिंग शूज ही पहनें।
दिल्ली से उज्जैन पहुंचने का सबसे सस्ता तरीका कौन सा? जानिए किराया और पूरा ट्रैवल प्लान
Ujjain Travel Plan: सावन के दिनों में महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन जाने का प्लान कर रहे हैं, तो हम आपको बताएंगे दिल्ली से जाने पर कितना खर्चा आएगा। चलिए आपको पूरा ट्रैवल प्लान समझाते हैं।
सावन का विशेष महीना भगवान शिव को समर्पित है। इस दौरान भक्तजन भगवान शिव के मंदिरों के दर्शन करने जाते हैं। हर साल लाखों श्रद्धालु 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक महाकालेश्वर उज्जैन के दर्शन के लिए मध्य प्रदेश जरुर आते हैं। दरअसल, उज्जैन की यात्रा न केवल महाकाल मंदिर तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इस शहर के कोने-कोने में अध्यात्म, पौराणिक कथाएं और अद्भुत वास्तुकला की झलक देखने को मिलती है। अगर आप भी उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन का प्लान बना रहे हैं, तो महाकाल दर्शन के अलावा बाद आप इन 5 प्रमुख स्थलों का भी भ्रमण करती है। महांकाल मंदिर के आसपास घूमने की 5 जगह मंगलनाथ मंदिर यदि आप उज्जैन महाकाल मंदिर जा रहे हैं, तो शिप्रा नदी के किनारे पहाड़ी पर स्थित मंगलनाथ मंदिर भी जा सकते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस पवित्र स्थान को मंगल ग्रह (मंगल देव) का जन्मस्थान माना जाता है। जिन लोगों की कुंडली में मंगल दोष या मांगलिक दोष होता है, वे यहां जरुर आएं और विशेष भात पूजा व शांति अनुष्ठान पूजा करवाएं। यदि आप महाकाल मंदिर से ऑटो या कैब बुक कर इस मंदिर तक जा सकते हैं। प्राचीन चिंतामन गणेश मंदिर उज्जैन शहर से थोड़ी दूरी पर स्थित चिंतामन गणेश मंदिर सबसे लोकप्रिय और प्राचीन है। माना जाता है कि यहां श्रद्धापूर्वक दर्शन करने से भक्तों की सभी चिंताएं दूर हो जाती है और मनोकामनाएं भी पूर्ण होती है। अगर आप नए काम की शुरुआत या गाड़ी खरीदने पर लोग सबसे पहले यहां आशीर्वाद लेने जरुर आएं। इस मंदिर तक पहुंचने के लिए आपको सबसे पहले महाकाल मंदिर से लोकल ई-रिक्शा मिल जाएगा। ऐतिहासिक गोमती कुंड अगर आप उज्जैन जा रहे हैं, तो महर्षि सांदीपनि आश्रम परिसर स्थित गोमती कुंड एक प्राचीन जलकुंड है। पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक, अपने गुरु की सेवा और उनकी इच्छा पूरी करने के लिए भगवान श्री कृष्ण ने सभी पवित्र नदियों के जल को यहां एकत्रित किया था। वैसे आज भी इस कुंड का पानी पवित्र माना जाता है। यहां पर जाने के लिए आप रिक्शा लेकर जा सकते हैं। इस्कॉन मंदिर उज्जैन का इस्कॉन मंदिर घूमने के लिए एकदम परफेक्ट है। ऐसे में आप महाकाल दर्शन के बाद यहां जरुर जा सकती हैं। संगमरमर के पत्थरों से बने इस मंदिर में भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी विराजमान हैं। यहां का शांत वातावरण, हरी-भरी वाटिका और शाम की आरती में होने वाला कीर्तन भक्ति में डूबो देता है। आप महाकाल मंदिर से सीधा कैब करके यहां पहुंच सकते हैं। भव्य चार धाम मंदिर उज्जैन के महाकाल मंदिर मार्ग के नजदीक स्थित चार धाम मंदिर एक अनोखा और सुंदर धार्मिक स्थल है। इस मंदिर की स्थापना इसलिए की गई थी कि जो लोग देश के चार मुख्य धामों की यात्रा नहीं कर पाए, वे एक ही स्थान पर चारों धाम के दर्शन कर सकें। आपको इस मंदिर में बद्रीनाख, द्वारका, जगन्नाथ पुरी और रामेश्वरम की मूर्तियां स्थापित की गई हैं। यहां पर वैष्णो देवी के जैसी गुफा भी स्थित है। कैसे पहुंचे उज्जैन? उज्जैन जाने के लिए आप किसी भी रेलवे स्टेशन से उज्जैन जंक्शन तक की टिकट बुक कर सकते हैं। इसके अलावा, आप हवाई जहाज से भी जा सकते हैं, तो उज्जैन के लिए सबसे नजदीकी एयरपोर्ट इंदौर का देवी अहिल्याबाई होलकर अंतर्राष्टीय हवाई अड्डा है। जब आप इंदौर-उज्जैन पहुंच जाएंगे, तो वहां से बस या कैब को बुक कर सकते हैं।
बीते दिनों कुछ ऐसी खबरें देखने और सुनने मिली हैं, जिनसे पर्यटन पर नयी बहस शुरु होने की गुंजाइश बनी है। पर्यटन की भारत में प्राचीन परंपरा रही है।
स्विमिंग पूल किनारे मोनालिसा का सिजलिंग अंदाज, वेकेशन से शेयर की बोल्ड तस्वीरें
भोजपुरी एक्ट्रेस मोनालिसा हिंदी टीवी इंडस्ट्री में भी अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी मोनालिसा की जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। वह अपनी ग्लैमरस तस्वीरों से तहलका मचाती रहती हैं। मोनालिसा इन दिनों थाइलैंड में वेकेशन एंजॉय कर रही ...
गोवा में वेकेशन एंजॉय कर रहीं कृष्णा श्रॉफ, शेयर की खूबसूरत तस्वीरें
कृष्णा श्रॉफ निश्चित रूप से जानती हैं कि लोगों का ध्यान कैसे आकर्षित करना है- चाहे वह उनकी MMA चॉप्स हों या उनकी वेकेशन की तस्वीरें। कृष्णा इस दिनों गोवा की धूप और बीच पर छुट्टियां मना रही हैं। इसी बीच कृष्णा श्रॉफ ने सोशल मीडिया पर अपनी ट्रॉपिकल ...
कैंसर के ट्रीटमेंट जंग के बीच वेकेशन मनाने मालदीव पहुंचीं हिना खान, शेयर की खूबसूरत तस्वीरें
टीवी एक्ट्रेस हिना खान भले ही कैंसर से जंग लड़ रही हैं, लेकिन वह अपनी लाइफ को खुलकर जी रही हैं। इस गंभीर बीमारी से जंग लड़ते हुए वह लाइफ का हर पल एंजॉय कर रही हैं। हिना खान इन दिनों मालदीव में वेकेशन एंजॉय कर रही हैं। मालदीव में वेकेशन मनाते हुए ...
Tejasswi Praksh-Karan Kundrra नहीं हुए अलग,रोमांटिक वेकेशन एन्जॉय कर रहा है कपल करीबी दोस्त ने खोला राज
सोशल मीडिया पर भारतीय क्रिकेट टीम के हरफनमौला खिलाड़ी हार्दिक पंड्या और उनकी पत्नी नतासा स्टेनकोविक के अलग होने की अफवाहें जोरों पर हैं। यह सब तब शुरू हुआ जब नतासा ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से 'पांड्या' उपनाम हटा दिया। प्रशंसकों ने यह भी देखा कि वह आईपीएल मैचों के दौरान स्टैंड्स से गायब थीं। हालांकि, तमाम अटकलों के बावजूद इस जोड़े ने इस मामले पर चुप्पी साध रखी है। दूसरी ओर, एक ताजा रिपोर्ट से पता चलता है कि हार्दिक विदेश में किसी अज्ञात स्थान पर छुट्टियां मना रहे हैं। विस्तार से जानने के लिए आगे पढ़ें। इसे भी पढ़ें: Shabana Azmi ने Shashi Kapoor के साथ इंटीमेट सीन करने से किया था इंकार, सुपरस्टार ने कह दिया था एक्ट्रेस को 'बेवकूफ लड़की' | Read All About नताशा स्टेनकोविक से अलगाव की अफवाहों के बीच हार्दिक पंड्या विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं हार्दिक पंड्या की पत्नी नतासा स्टेनकोविक के साथ निजी जिंदगी हाल ही में चर्चा का विषय बनी हुई है। क्रिकबज द्वारा रविवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि अलगाव की अफवाहों के बीच क्रिकेटर विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं। अभी लोकेशन का नाम सामने नहीं आया है। इसे भी पढ़ें: Anant Ambani और Radhika Merchant Pre-Wedding Party! तारों भरी रात से लेकर टोगा पार्टी तक, जानें इस बार क्या-क्या होगा खास यह बताया गया है कि इंडियन प्रीमियर लीग से अपनी टीम के बाहर होने के बाद क्रिकेटर ने देश छोड़ दिया। कठिन अवधि के बाद तरोताजा होने के लिए, उन्होंने विदेश में एक सप्ताह की छुट्टी का विकल्प चुना। हार्दिक के शीघ्र ही न्यूयॉर्क में टी20 विश्व कप 2024 के अभ्यास सत्र के लिए भारतीय टीम में फिर से शामिल होने की उम्मीद है। विशेष रूप से, आईपीएल 2024 में मुंबई इंडियंस के लिए रोहित शर्मा की जगह हार्दिक के नेतृत्व की काफी आलोचना हुई। पूरे सीज़न में भारतीय क्रिकेटर को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। इस बीच, वह पेशेवर असफलताओं से जूझ रहे थे। उनकी निजी जिंदगी सुर्खियों में आ गई। कुछ दिन पहले हार्दिक ने अपने सोशल मीडिया पर ढेर सारी तस्वीरें और वीडियो शेयर किए थे। वीडियो में उन्हें पूल में तैरते हुए अच्छा समय बिताते हुए दिखाया गया, जबकि फोटो में वह एक खूबसूरत बैकग्राउंड के साथ पोज दे रहे थे। इसे छोटा और सरल रखते हुए, उन्होंने पोस्ट को कैप्शन दिया था, रिचार्जिंग। पोस्ट के जवाब में, कई प्रशंसकों ने उनके टिप्पणी अनुभाग में बाढ़ ला दी, अपना अटूट समर्थन दिखाया और आगामी विश्व कप के लिए उनकी जय-जयकार की। एक यूजर ने लिखा, “हार्दिक पंड्या जल्द ही टी20 वर्ल्ड कप में वापस आ रहे हैं,” एक अन्य फैन ने लिखा, “हार्दिक टी20 में अपने पुराने मॉडल के साथ आएं और अपने नफरत करने वालों को चुप करा दें। जबकि एक तीसरे फैन ने लिखा, “मजबूत वापसी भाई।” इसके अतिरिक्त, एक प्रशंसक ने लिखा, अपना भाई शेर था और रहेगा तू टेंशन माउंट लेना रे। एक अन्य प्रशंसक ने कहा, कोई बात नहीं हम सब आपके साथ हार्दिक हमारे हीरो हैं। एक अन्य प्रशंसक ने कहा, हार्दिक भाई विश्व कप में वापसी करेगा। हार्दिका पंड्या की पत्नी नतासा ने अलगाव की अफवाहों पर प्रतिक्रिया दी दूसरी ओर, अलगाव की अफवाहों के बीच हार्दिक की पत्नी को शनिवार को पहली बार शहर में देखा गया। अपनी नवीनतम आउटिंग में, उन्हें एक कैफे से बाहर निकलते समय एक करीबी दोस्त के साथ देखा गया था। जाने से पहले एक्ट्रेस ने शटरबग्स के लिए पोज दिए। दरअसल, एक पिता ने उनसे तलाक के बारे में पूछा। हालांकि, इसके जवाब में एक्ट्रेस ने सवाल को नजरअंदाज करने का फैसला किया और सम्मानजनक चुप्पी बनाए रखी. जाने से पहले, उसने बस इतना कहा, बहुत-बहुत धन्यवाद और अपनी प्रतीक्षारत कार की ओर बढ़ गई। अपनी नवीनतम आउटिंग के दौरान, जब वह अपने दोस्त के साथ एक कैफे से बाहर निकली, तो उसे गुलाबी शर्ट के साथ सफेद टॉप और शॉर्ट्स पहने देखा गया। दो महीने पहले एक नौका पर बॉलीवुड अभिनेत्री को प्रस्ताव देने के बाद, हार्दिक और नतासा ने लगभग चार साल पहले 31 मई, 2020 को शादी कर ली थी। उनके पहले बच्चे, अगस्त्य का जन्म 30 जुलाई, 2020 को हुआ था। अपनी तीसरी शादी की सालगिरह मनाते हुए, हार्दिक और नतासा ने उदयपुर में एक भव्य समारोह के साथ अपनी प्रतिज्ञाओं को भी नवीनीकृत किया था। View this post on Instagram A post shared by Hardik Himanshu Pandya (@hardikpandya93) View this post on Instagram A post shared by Viral Bhayani (@viralbhayani)
शादी के तीन महीने बाद हनीमून पर निकलेRakul Preet Singh औरJackky Bhagnani, वेकेशन से वायरल हुई एक्ट्रेस की तस्वीरें
एक बार फिर सिनेमा घरो में दस्तक देने जा रही है क्रिस्टोफ़र नोलन की स्पेस एडवेंचर फिल्मInterstellar,10वीं सालगिरह पर होगी री-रिलीज़

