Bhiwani News: 17 साल से खाली पड़ी रेड रोबिन की जमीन पर खुलेगा पर्यटन निगम का पहला पेट्रोल पंप
17 साल से खाली पड़ी रेड रोबिन की जमीन पर खुलेगा पर्यटन निगम का पहला पेट्रोल पंप
पौनी-रियासी मार्ग सड़क हादसा, टेंपो ट्रैवलर और डंपर की टक्कर में चार लोग घायल
पौनी-रियासी मार्ग पर धनुआ जरडी क्षेत्र में एक टेंपो ट्रैवलर और डंपर की जोरदार टक्कर हो गई, जिसमें चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।
Mumbai Madh Island : अर्चना पूरन सिंह और परमीत सेठी ने मुंबई के मड आइलैंड में करीब 50 करोड़ रुपये का नया बंगला खरीदा है. गार्डन, गजेबो, बालकनी और लग्जरी इंटीरियर वाला यह घर किसी निजी वेकेशन स्पॉट जैसा नजर आता है.
इंदौर इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन से महेश्वर और मांडू आएंगे रेलवे पर्यटन के नक्शे पर
इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन के लिए पांच हजार करोड़ रुपए के टेंडर जारी हो गए हैं। महू से ग्यासपुरखेड़ी के बीच 72 किलोमीटर रेल लाइन चार साल में तैयार होगी। इसके बनने से मांडू और महेश्वर जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी।
Siddharthnagar News: नेपाल-भारत के बीच पर्यटन बढ़ाने का समझौताल
Nepal and India sign agreement to promote tourism
पलक तिवारी का रणथंभौर ट्रैवल डायरी में जंगल सफारी से राजस्थानी संस्कृति तक दिखा खास अंदाज
पलक तिवारी ने रणथंभौर यात्रा की तस्वीरें साझा कर सफारी, वन्यजीवन, राजस्थानी संगीत, नृत्य, खान-पान और रात में खुले आसमान के नीचे भोजन के अनुभवों की झलक दिखाई।
Seoni Tourism: बरगी बांध के बैकवाटर में दिखा कुदरत का अद्भुत नजारा, पानी में उतर आई पहाड़ियों की तस्वीर
जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से चंडीगढ़ जाने वाले हवाई यात्रियों के लिए राहत की खबर है। इंडिगो एयरलाइन की ओर से दोनों शहरों के बीच हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए नई फ्लाइट शुरू की जाएगी। इससे यात्रियों को सुबह और शाम के अलावा दोपहर में भी हवाई सफर करने का विकल्प मिलेगा। नई फ्लाइट शुरू होने के बाद जयपुर से चंडीगढ़ के बीच हर दिन संचालित होने वाली उड़ानों की संख्या बढ़कर तीन हो जाएगी। जयपुर से दोपहर में भरेगी उड़ान इंडिगो की फ्लाइट 6E-7516 जयपुर से दोपहर 1:15 बजे चंडीगढ़ के लिए उड़ान भरेगी। वापसी में फ्लाइट 6E-7517 चंडीगढ़ से शाम 4:15 बजे जयपुर पहुंचेगी। इस नई सेवा के शुरू होने से चंडीगढ़ जाने वाले यात्रियों को दिन के समय भी हवाई यात्रा का विकल्प उपलब्ध होगा। खासकर ऐसे यात्रियों को सुविधा मिलेगी, जिन्हें सुबह जल्दी या देर शाम की फ्लाइट के बजाय दोपहर के समय यात्रा करना ज्यादा सुविधाजनक लगता है। सुबह, दोपहर और शाम को मिलेगी फ्लाइट की सुविधा जयपुर और चंडीगढ़ के बीच हवाई कनेक्टिविटी बढ़ने से यात्रियों को यात्रा की बेहतर योजना बनाने में मदद मिलेगी। अभी तक इस रूट पर यात्रियों को सीमित समय के विकल्पों के अनुसार अपनी यात्रा तय करनी पड़ती थी। नई फ्लाइट शुरू होने के बाद सुबह, दोपहर और शाम के समय उड़ान उपलब्ध होने से यात्रियों के पास ज्यादा विकल्प होंगे। इससे व्यावसायिक कामकाज, सरकारी बैठकों, पर्यटन और निजी यात्राओं के लिए दोनों शहरों के बीच आने-जाने वाले लोगों को सुविधा मिल सकती है।
भीड़भाड़ से दूर सुकून की तलाश? दिल्ली के पास बसा है लैंडोर हिल स्टेशन, जानें ट्रैवल रूट और बेस्ट घूमने की जगहें
Travel Tips: परिवार के साथ आउटिंग के लिए जा सकते हैं आप भी वीकेंड में Trishla Farmhouse
इंटरनेट डेस्क। आप भी घर में रह रहकर बोर हो चुके हैं और चाहते हैं की परिवार के साथ आउटिंग हो जाए और वो भी किसी अच्छी सी जगह की तो फिर आ आ सकते हैं इस बार वीकेंड में फैमिली ट्रिप पर त्रिशला फार्महाउस पर। यहां आपको कई तरह की सुविधाएं मिलेगी साथ ही आपके खाने पीने से लेकर रहने तक हर चीज का ख्याल रखा जाएगा। इसके साथ ही स्वीमिंग पूल का भी आनंद ले सकते है। जा सकते हैं आप बता दें की जयपुर के गोनेर रिंग रोड के पास खिजूरिया ब्राहम्णान में बना ये फार्महाउस ऐसे इवेंट के लिए बहुत ही अच्छी जगह है। इसके साथ ही शहर की भीड़ से दूर है और यहां आपको एक बढ़िया सुविधा भी मिलती है। तो ऐसे में आप फैमिली ट्रिप पर त्रिशला फार्महाउस जा सकते है और यहां आराम से दो से तीन दिन रूक सकते है। कम बजट में मिल जाएगा आपको त्रिशला फार्महाउस कम ही बजट में उपलब्ध हो जाएगा। यहां आपको कई एक्टिविटीज भी करने का मौका मिलेगा। आप स्वीमिंग पूल का आनंद भी ले सकेंगे,स्पोटर्स का आनंद ले सकते है। ऐसे में आप टैरिफ से जुडी पूरी जानकारी के लिए व्हाट्सएप नंबर 9784461221 पर मैसेज कर के पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। कैसे पहुंचे आप राजस्थान के बाहर किसी शहर से हैं और एयरपोर्ट से यहाँ आ रहे हैं तो जानकारी के लिए बता दें कि जयपुर एयरपोर्ट से त्रिशला फार्म हाउस 22 किलोमीटर है। आप टैक्सी से आसानी से यहाँ पहुंच सकते हैं। ट्रेन से जयपुर आ रहे हैं तो रेलवे स्टेशन से त्रिशला फार्म हाउस की दूरी लगभग 28 किलोमीटर है। टेक्सी से आप यहां पहुंच सकते है और इसके साथ ही यह जगह अक्षयपात्र जगतपुरा से 15 किलोमीटर है।
भाजपा जिलाध्यक्ष रोहित दुबे ने केंद्रीय रेल राज्यमंत्री वी. सोमन्ना से कटड़ा से अंजी और चिनाब रेल ब्रिज तक पर्यटकों के लिए शटल ट्रेन सेवा शुरू करने की मांग की। इसका उद्देश्य चिनाब रेल ब्रिज को पर्यटन सर्किट से जोड़कर क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ाना है।
कृतिका कामरा पति गौरव कपूर संग वेकेशन एंजॉय कर रहीं हैं
एक्ट्रेस कृतिका कामरा वेकेशन पर हैं और उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी छुट्टियों की कई तस्वीरें शेयर की हैं। तस्वीरों में वह बीच, पूल और अलग-अलग लोकेशन पर नजर आईं।
घूमने से ज्यादा होटल में ठहरना पसंद कर रही Gen Z, जानिए क्या है ट्रैवल का नया ट्रेंड
छुट्टियां बिताने के लिए आप किसी जगह पर जाएं और घूमने फिरने की जगह सिर्फ होटल के रूम में समय बिताएं ये सुनना अजीब लग सकता है लेकिन आजकल के Gen Z ऐसा करना ही पसंद कर रहे हैं। ऐस में जानिए क्या है ट्रैवल का नया ट्रेंड ‘रूम रॉटिंग’।
लद्दाख में वेकेशन मना रहीं रुबीना-हिना, शेयर की खूबसूरत तस्वीरें
रुबीना दिलैक और हिना खान इन दिनों लद्दाख की खूबसूरत वादियों में वेकेशन मना रही हैं. माइनस डिग्री तापमान के बीच नुब्रा वैली में ऊंट की सवारी से लेकर बौद्ध मोनेस्ट्री दर्शन तक, उनकी इस खुशनुमा फैमिली ट्रिप की खूबसूरत तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब ट्रेंड कर रही हैं.
केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने आगामी पंचायतीराज चुनाव को लेकर भाजपा की जीत का दावा किया। शुक्रवार को भीलवाड़ा सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि प्रदेश के 70 प्रतिशत नगरीय निकायों में भाजपा के बोर्ड बने हैं और जल्द होने वाले पंचायतीराज चुनाव में भी कार्यकर्ताओं की मेहनत और केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों के आधार पर भाजपा को बहुमत मिलेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा का कमल खिलेगा। शेखावत के शुक्रवार के भीलवाड़ा दौरे और सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत की स्थानीय रिपोर्ट भी प्रकाशित हुई है। कांग्रेस हार का ठीकरा ईवीएम पर फोड़ती है कांग्रेस की ओर से चुनाव प्रक्रिया और ईवीएम को लेकर लगाए जाने वाले आरोपों के सवाल पर शेखावत ने कहा- चुनाव परिणाम आने के बाद कांग्रेस के पास दो विकल्प होते हैं या तो ईवीएम और व्यवस्था को दोष देना या प्रशासन के दुरुपयोग की चर्चा करना। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव के परिणाम आने के बाद भी कांग्रेस इसी तरह की चर्चा करेगी। उन्होंने दावा किया कि जनता ने कांग्रेस को नकार दिया है। राष्ट्रीय स्तर पर विपक्ष के आरोपों पर शेखावत ने कहा- इंडी गठबंधन ऐसे लोगों का सामूहिक एकत्रीकरण है, जिन्हें चुनाव मैदान में जनता ने बार-बार नकारा है। उन्होंने विपक्ष पर झूठ, अफवाह और तथ्यहीन बातें करने तथा संविधान को कमजोर करने की बात कहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष की ओर से सेनाओं पर भी बिना आधार टिप्पणी की जाती है। पर्यटन विकास की संभावनाओं पर बोले भीलवाड़ा में पर्यटन स्थलों के विकास के सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने कहा- पर्यटन स्थल आमतौर पर किसी प्रमुख आकर्षण के आसपास विकसित होते हैं। उन्होंने कहा कि भीलवाड़ा में कुछ ऐसे स्थल हैं, जहां इस तरह का विकास किया जा सकता है। शेखावत के अनुसार, यदि राज्य सरकार इस संबंध में प्रस्ताव बनाकर केंद्र को भेजती है तो भारत सरकार उस पर विचार करेगी और अपनी योजनाओं के अनुरूप सहायता उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर काम करेगी। पर्यटन विकास को लेकर शेखावत के इसी तरह के बयान की स्थानीय रिपोर्ट में भी पुष्टि हुई है। सेवा संकल्प यात्रा का पुष्पवर्षा से स्वागत इससे पहले शेखावत ने वडनगर से वाराणसी तक निकाली जा रही सेवा संकल्प यात्रा का रेलवे स्टेशन चौराहे पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने रेलवे स्टेशन चौराहा स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। यात्रा के दौरान भीलवाड़ा में विभिन्न स्थानों पर स्वागत और सेवा गतिविधियां आयोजित किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। भाजपा पदाधिकारियों ने स्वागत किया भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा, पूर्व सांसद सुभाष बहेड़िया, सहाड़ा विधायक लादूलाल पीतलिया, पूर्व विधायक विठ्ठल शंकर अवस्थी, महापौर जसवंत कंवर राणावत, उप महापौर राधेश्याम सोमानी सहित भाजपा पदाधिकारियों और कुंभा ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने केंद्रीय मंत्री शेखावत का स्वागत-अभिनंदन किया। कलेक्टर-एसपी ने की अगवानी सर्किट हाउस पहुंचने पर जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू और एसपी सागर राणा ने शेखावत को बुके भेंट कर अगवानी की। उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद मंत्री ने दोनों अधिकारियों से जिले में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की प्रगति को लेकर चर्चा की। सर्किट हाउस में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिए जाने की पुष्टि स्थानीय रिपोर्टों में भी हुई है।
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले को 'पर्यटन राजधानी' के रूप में विकसित करने की दिशा में पठानकोट-जोगिंदरनगर रेल लाइन का ब्रॉडगेज प्रस्ताव एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। करीब 200 किलोमीटर लंबे इस नैरोगेज रेलखंड को ब्रॉडगेज में बदलने के लिए रेलवे द्वारा मंजूर किए गए सर्वे और डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) पर काम तेजी से चल रहा है। पेशेवर एजेंसी द्वारा फील्ड सर्वे और ट्रैफिक स्टडी का काम पूरा कर लिया गया है।फिलहाल इस परियोजना की डीपीआर तैयार की जा रही है, जिसमें इसके तकनीकी और आर्थिक पहलुओं का गहनता से आकलन किया जा रहा है। करीब ₹26,638 करोड़ की अनुमानित लागत वाले इस प्रोजेक्ट को अभी अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है। डीपीआर पूरी होने के बाद राज्य सरकार और केंद्रीय वित्त मंत्रालय से इसे औपचारिक अनुमोदन दिया जाएगा। पर्यटन, व्यापार और रोजगार के लिए साबित होगा गेमचेंजर ब्रॉडगेज लाइन का निर्माण कांगड़ा के पर्यटन, स्थानीय व्यापार और रोजगार के लिए एक बड़ा कनेक्टिविटी कॉरिडोर बनकर उभरेगा। इससे धर्मशाला, मैक्लोडगंज, पालमपुर और बीड़-बिलिंग जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटन स्थलों तक पर्यटकों की पहुंच बेहद आसान हो जाएगी। इसका सीधा फायदा स्थानीय होटल, टैक्सी, होम-स्टे और पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों को मिलेगा। एजेंसी द्वारा किए गए सर्वे में आगामी 20 से 30 वर्षों की यातायात मांग और पर्यटन से जुड़े आंकड़ों का विशेष रूप से अध्ययन किया गया है। मंडी तक विस्तार का भी प्रस्ताव पठानकोट-जोगिंदरनगर सेक्शन को आगे मंडी तक ले जाने का प्रस्ताव भी चर्चा में है। रेल मंत्रालय ने संसद में दिए अपने जवाब में स्पष्ट किया है कि जोगिंदरनगर से आगे मंडी तक रेल लाइन के विस्तार का विषय सरकार के समक्ष उठाया गया है। किसानों और कारोबारियों को भी मिलेगा फायदा नैरोगेज के ब्रॉडगेज में बदलने से यात्री सुविधाओं के साथ-साथ माल ढुलाई की क्षमता में कई गुना इजाफा होगा। इससे कांगड़ा की प्रसिद्ध चाय, फल और कृषि-बागवानी उत्पादों को देश की बड़ी मंडियों तक सीधे और सस्ते रेल परिवहन के जरिए पहुंचाना आसान हो जाएगा। 2010-11 में अटक गई थी योजना उल्लेखनीय है कि कांगड़ा में ब्रॉडगेज लाइन की मांग दशकों पुरानी है। वर्ष 2010-11 में हुए पुराने सर्वे में अत्यधिक लागत और कम वित्तीय रिटर्न (ROI) के चलते इसे आगे नहीं बढ़ाया जा सका था। हालांकि, अब नए सर्वे और ट्रैफिक स्टडी का पूरा होना इस परियोजना की ओर एक बड़ा कदम है। डीपीआर तैयार होने के बाद ही रूट अलाइनमेंट, चरणबद्ध निर्माण और बजट की अंतिम तस्वीर साफ हो सकेगी।
Udhampur News: डोडा के अनछुए पर्यटन स्थलों को पहचान मिलने का इंतजार
डोडा के अनछुए पर्यटन स्थलों को पहचान मिलने का इंतजार
बाघों की वापसी से बक्सा में पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा : भूपेंद्र यादव
अलीपुरद्वार, 2 अक्टूबर . पश्चिम बंगाल में अलीपुरद्वार के बक्सा टाइगर रिजर्व में बाघों की वापसी पर केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने Chief Minister सुवेंदु अधिकारी की जमकर तारीफ की. गांधी जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि 2018 में बक्सा से बाघ विलुप्त हो गया था और पिछली Government ने ध्यान नहीं ... Read more
केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री रहे भीलवाड़ा के दौरे पर
केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत शुक्रवार को भीलवाड़ा जिले के दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने सेवा संकल्प अभियान यात्रा के आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया...
विवियन डीसेना ने वेकेशन की तस्वीरें की शेयर, फैंस से बोले- चुप था, लेकिन बिना वजह नहीं
मुंबई, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। टेलीविजन अभिनेता विवियन डीसेना परिवार संग वेकेशन मना रहे हैं। अभिनेता ने बताया कि वह इतने समय से परिवार के साथ क्वालिटी समय बिता रहे थे और जिंदगी के हसीन पलों को जी रहे थे।
अब पूरा शहर देखने की जिद छोड़ें, अपनाएं ‘One Neighbourhood Travel’ और जिएं लोकल की तरह हर पल
छुट्टियों के इस दौर में जब भी कोई व्यक्ति अपनी रोजमर्रा की भागदौड़ भरी जिंदगी से थोड़ा वक्त निकालकर किसी छोटी ट्रिप (Short Trip) पर जाने का प्लान बनाता है, तो उसके सामने सबसे बड़ी दुविधा यह होती है कि सीमित दिनों में किसी नए शहर के चप्पे-चप्पे को कैसे घूम लिया जाए। लोग अक्सर टूरिस्ट गाइड बुक्स, सोशल मीडिया रील्स और इंटरनेट पर उपलब्ध लंबी-चौड़ी सूचियों को देखकर एक ही ट्रिप में शहर के कोने-कोने तक भागने की कोशिश करते हैं, जिसके चक्कर में वे न तो किसी जगह का ठीक से आनंद ले पाते हैं और न ही मानसिक शांति पा सकते हैं। इसी भागदौड़ और तनाव से पर्यटकों को राहत दिलाने के लिए अब ट्रेवल की दुनिया में 'वन नेबरहुड ट्रैवल' (One Neighbourhood Travel) का एक नया, बेहद स्मार्ट और आधुनिक ट्रेंड तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इस अनोखी शैली के तहत आपको पूरे शहर को एक साथ देखने या हापुड़ से कन्याकुमारी जैसी लंबी दौड़ लगाने के बजाय किसी शहर के केवल एक या दो चुनिंदा स्थानीय इलाकों (Neighbourhoods) पर पूरा फोकस करना होता है। आज के इस विस्तृत, पर्यटन-विश्लेषणात्मक और जीवनशैली से जुड़े आलेख में हम आपको इसी नए ट्रैवल ट्रेंड, इसके फायदों और लोकल की तरह सफर का आनंद लेने के सभी तरीकों के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं।क्यों खतरनाक साबित होती है छोटी ट्रिप में पूरा शहर देखने की जल्दबाजी?जब आप केवल दो, तीन या चार दिन की छुट्टी लेकर किसी ऐतिहासिक या महानगर की यात्रा पर निकलते हैं, और आपकी यह योजना होती है कि आप उस शहर के हर मशहूर स्मारक, म्यूजियम, पार्क और बाजार को देख लेंगे, तो आप अनजाने में अपनी छुट्टी को एक ऑफिस के टास्क की तरह बना देते हैं। सुबह होटल से निकलकर कैब या मेट्रो पकड़ना, ट्रैफिक जाम में घंटों फंसे रहना, और एक पर्यटन स्थल से दूसरे पर्यटन स्थल तक भागते रहना आपकी शारीरिक ऊर्जा को पूरी तरह से चूस लेता है। शाम होने तक आप इतने थक जाते हैं कि न तो स्थानीय खाने का मजा ले पाते हैं और न ही उस शहर की असली रूह या संस्कृति को महसूस कर पाते हैं। पर्यटन विशेषज्ञों का यह मानना है कि भागदौड़ भरी इस यात्राशैली से छुट्टियां बिताने के बाद घर लौटने पर थकान और बढ़ जाती है, जबकि छुट्टियों का असल मकसद मानसिक और शारीरिक रूप से तरोताजा होना चाहिए था।क्या है ‘One Neighbourhood Travel’ का यह नया कॉन्सेप्ट और यह क्यों है इतना असरदार?'वन नेबरहुड ट्रैवल' का यह विचार इस सरल और स्पष्ट सिद्धांत पर काम करता है कि कम देखें, लेकिन बेहतरीन तरीके से देखें। इस आधुनिक ट्रेंड के तहत आप किसी बड़े शहर या पर्यटक स्थल के दर्जनों इलाकों में भटकने के बजाय केवल एक विशेष मोहल्ले, वार्ड या कम्युनिटी को अपनी पूरी यात्रा का केंद्र बनाते हैं। उदाहरण के लिए, यदि आप किसी बड़े ऐतिहासिक शहर में गए हैं, तो वहां के पूरे शहर का चक्कर लगाने के बजाय सिर्फ उस पुराने सांस्कृतिक मोहल्ले में अपना स्टे बुक करें जहां स्थानीय कैफे, पारंपरिक बाजार, कारीगरों की दुकानें और असली जीवनशैली देखने को मिलती है। एक ही इलाके में पैदल चलकर या साइकिल से घूमकर आप वहां के स्थानीय निवासियों, दुकानदारों और कलाकारों के साथ सीधे संवाद स्थापित करते हैं, जिससे आपको उस शहर की संस्कृति, इतिहास और खान-पान को गहराई से समझने का दुर्लभ अवसर मिलता है।लोकल की तरह जीना: किसी पर्यटक की तरह नहीं बल्कि स्थानीय निवासी बनकर बिताएं दिनजब आप किसी शहर के केवल एक ही मोहल्ले में दो-तीन दिन बिताते हैं, तो आप धीरे-धीरे उस जगह के बाहरी पर्यटक नहीं बल्कि वहां के एक अस्थायी स्थानीय निवासी (Temporary Local) बन जाते हैं। आप सुबह उठकर किसी बड़े होटल के महंगे बुफे में नाश्ता करने के बजाय उस नुक्कड़ की छोटी सी दुकान पर जाते हैं जहां शहर के सबसे बेहतरीन स्थानीय व्यंजन मिलते हैं, और वहां चाय की चुस्की लेते हुए स्थानीय बुजुर्गों से गपशप करते हैं। आप सुपरमार्केट के बजाय वहां के पारंपरिक वीकली मार्केट से खरीदारी करते हैं, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करते हैं और उस इलाके की संकीर्ण गलियों में बिना किसी नक्शे या गूगल मैप्स के भटकने का आनंद लेते हैं। इस तरह का अनुभव आपको न केवल भारी-भरकम खर्च से बचाता है, बल्कि आपके दिल और दिमाग पर एक ऐसी गहरी छाप छोड़ता है जो किसी भी लग्जरी रिसॉर्ट में नहीं मिल सकती।समय की बचत, मानसिक शांति और पर्यावरण के अनुकूल यात्रा का बेहतरीन तरीकाआज के इस आधुनिक युग में जहां सस्टेनेबल टूरिज्म (Sustainable Tourism) और जिम्मेदार यात्रा पर सबसे ज्यादा जोर दिया जा रहा है, 'वन नेबरहुड ट्रैवल' उसका सबसे बेहतरीन और व्यावहारिक उदाहरण है। जब आप एक ही इलाके में सीमित रहते हैं, तो आपको बार-बार लंबी दूरी की कैब बुक करने या निजी वाहनों से प्रदूषण फैलाने की जरूरत नहीं पड़ती, क्योंकि आप ज्यादातर जगहों पर पैदल या साइकिल से सफर करते हैं। इससे न केवल आपके परिवहन का खर्च शून्य के बराबर हो जाता है, बल्कि शहर के कार्बन फुटप्रिंट को कम करने में भी मदद मिलती है। सबसे बड़ी बात यह है कि बिना किसी भागदौड़ के आराम से समय बिताने के कारण आपके भीतर का तनाव पूरी तरह गायब हो जाता है, और आप अपनी छोटी ट्रिप से भी तरोताजा होकर लौटते हैं।अपनी अगली छुट्टी पर जरूर अपनाएं यह स्मार्ट तरीका और बनाएं सफर को यादगारअगली बार जब भी आप अपने परिवार, दोस्तों या अकेले किसी छोटी यात्रा पर जाने का मन बनाएं, तो अपनी पुरानी आदतों को थोड़ा बदलकर इस नई और स्मार्ट 'वन नेबरहुड ट्रैवल' शैली को जरूर आजमाकर देखें। इंटरनेट पर शहर की लंबी-चौड़ी लिस्ट बनाने के बजाय किसी एक ही खूबसूरत और जीवंत मोहल्ले को चुनें, वहां की स्थानीय संस्कृति में घुलमिल जाएं और बिना किसी तनाव के हर एक पल का खुलकर आनंद लें। यकीन मानिए, इस तरह की गई छोटी सी ट्रिप आपके जीवन की सबसे संतोषजनक और खूबसूरत यात्राओं में से एक बन जाएगी, जो आपको बार-बार उसी अंदाज में घूमने के लिए प्रेरित करेगी।
हापुड़ के NH-9 पर बेकाबू होकर पलटी श्रद्धालुओं की ट्रैवलर बस, 6 से अधिक घायल
तेज रफ्तार और चालक को झपकी आने से रामपुर फ्लाईओवर के पास हादसा हुआ, दिल्ली से कैंची धाम जा रहे थे यात्री।
अराकू को वैश्विक स्तर पर अग्रणी कॉफी गंतव्य बनाने की दिशा में सरकार: चंद्रबाबू नायडू
अराकू को वैश्विक स्तर पर अग्रणी कॉफी गंतव्य बनाने की दिशा में सरकार: चंद्रबाबू नायडू
Budget Travel Tips: केवल ₹5,000 में घूमें उत्तराखंड के ये 3 गांव, दिल्ली-NCR वालों के लिए बेस्ट लॉन्ग वीकेंड प्लान
गर्मपानी के स्रोतों से पर्यटन बढ़ाने की तैयारी
ऐतिहासिक धारा-नौलों का पुरातन विधि से होगा पुनरुद्धार
सिवनी जिले के घंसौर विकासखंड में मानसून के बाद बरगी बांध के डूब क्षेत्र का खूबसूरत नजारा लोगों को आकर्षित कर रहा है। विशाल जलराशि के बीच हरी-भरी पहाड़ियों का प्रतिबिंब पानी में उतर आया है। बादलों से घिरे आसमान, शांत पानी और पहाड़ियों की हरियाली ने पूरे क्षेत्र को प्रकृति की तस्वीर जैसा बना दिया है। पानी में दिखी पहाड़ियों की परछाई बारिश के बाद घंसौर क्षेत्र की पहाड़ियां हरियाली से ढक गई हैं। वहीं बरगी बांध के बैकवाटर में पानी कई किलोमीटर तक फैला दिखाई देता है। पानी में पहाड़ियों का प्रतिबिंब और ऊपर छाए बादल इस दृश्य को और आकर्षक बना रहे हैं। गुरुवार सुबह यह नजारा देखने पहुंचे लोग प्राकृतिक वातावरण का आनंद लेते नजर आए। स्थानीय लोगों के मुताबिक सुबह और शाम के समय यहां का दृश्य खास तौर पर सुंदर दिखाई देता है। यही वजह है कि स्थानीय लोग और प्रकृति प्रेमी यहां की तस्वीरें और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं। बारिश के मौसम में क्षेत्र की खूबसूरती और बढ़ जाती है। पर्यटन का नया केंद्र बन सकता है क्षेत्र सिवनी की पहचान पेंच टाइगर रिजर्व और ‘मोगली की धरती’ के रूप में है। जिले में अमोदा गढ़ सहित कई प्राकृतिक स्थल भी पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। ऐसे में बरगी बांध का डूब क्षेत्र प्राकृतिक पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है। सुविधाएं बढ़ें तो रोजगार के अवसर क्षेत्र में सुरक्षित पहुंच मार्ग, व्यू प्वाइंट, बैठने की व्यवस्था, सूचना संकेतक और स्वच्छता जैसी सुविधाएं विकसित की जाएं तो पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और छोटे व्यवसाय के अवसर भी बढ़ सकते हैं। घंसौर तक फैला है बैकवाटर बरगी बांध नर्मदा नदी पर बना है और इसका बैकवाटर सिवनी के घंसौर क्षेत्र तक फैला है। बारिश के दौरान जलस्तर बढ़ने पर आसपास की पहाड़ियां और जलराशि मिलकर यहां का स्वरूप बदल देती हैं। व्यवस्थित विकास के साथ इस क्षेत्र को सिवनी के प्राकृतिक पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिल सकती है।
हरियाणा सरकार दिल्ली-एनसीआर के विशाल घरेलू पर्यटन बाजार को लक्षित कर रही है, जिसके लिए चुनिंदा पर्यटन स्थलों को पीपीपी मॉडल पर विकसित किया जाएगा।
Kangra News: पर्यटन-हॉस्पिटैलिटी में एआई की बढ़ती भूमिका बताई
राजकीय महाविद्यालय ढलियारा में बी-वॉक विभाग की ओर से विश्व पर्यटन दिवस के उपलक्ष्य में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
बांसवाड़ा के घाटोल क्षेत्र के सांगोली हनुमान मंदिर को धार्मिक पर्यटन का केंद्र बनाने का प्लान है। बुधवार को स्वच्छता ही सेवा पखवाड़े के तहत गांव मूंगाणा स्थित प्रसिद्ध हनुमान मंदिर परिसर में विशेष सफाई अभियान चला। विकास अधिकारी धनपत सिंह ने बताया- इस ऐतिहासिक मंदिर को सांवरिया सेठ और त्रिनेत्र गणेश मंदिर (थूर) की तर्ज पर विकसित किए जाने का प्लान है। ताकि यह मंदिर एक बड़े धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना सके। इससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर लोगों के लिए आजीविका के नए रास्ते खुलेंगे। ब्लॉक स्तरीय हाट बाजार स्थापित करने की योजना सरकार की ओर से स्वीकृत ब्लॉक स्तरीय हाट बाजार को यहीं स्थापित करने की योजना है, जिससे शनिवार को लगने वाले हाट बाजार का दायरा और अधिक विस्तृत हो सके। इससे लगभग 500 से 700 स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार और आजीविका का संबल मिलने की उम्मीद है। मंदिर में बढ़ती श्रद्धालुओं की श्रद्धा को देखते हुए ईको-टूरिज्म, ट्री-वॉकिंग, एडवेंचर टूरिज्म, पक्षियों के लिए चुग्घा घर, शौचालय, फेंसिंग (चारदीवारी), पार्किंग और भंडारे की सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं पर जोर दिया जा रहा है। इन तमाम गतिविधियों का मुख्य उद्देश्य मंदिर के विकास के साथ-साथ आम नागरिकों और स्थानीय युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा- सफाई कार्यक्रम राजस्थान बाल कल्याण समिति और रिलायंस फाउंडेशन के सहयोग से हुआ। ग्रामीणों ने सफाई में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान ग्रामीणों ने हनुमान मंदिर को प्लास्टिक-मुक्त बनाने की शपथ ली। साथ ही बाल-विवाह और नशा न करने का संकल्प लिया। तस्वीरों में देखें सफाई अभियान…
दिव्यांग यात्रियों को बस किराए में निर्धारित 50% छूट नहीं देना निजी बस संचालकों को अब महंगा पड़ सकता है। दिव्यांगजन आयुक्त डॉ. अजय खेमरिया के निर्देश के बाद परिवहन विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। ताजा मामला रायसेन का है, जहां दिव्यांग यात्री से पूरी किराया राशि वसूलने और अभद्र व्यवहार की शिकायत पर महादेव ट्रैवल्स के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई कर जुर्माना वसूला गया है। 11 सितंबर को दिए थे कार्रवाई के निर्देश दिव्यांगजन आयुक्त कार्यालय भोपाल ने 11 सितंबर को रायसेन के जिला परिवहन अधिकारी को पत्र भेजकर शिकायत की जांच और बस संचालक के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे। शिकायत में आरोप था कि महादेव ट्रैवल्स द्वारा दिव्यांग यात्रियों से निर्धारित 50% रियायत के बजाय पूरा किराया लिया जा रहा है। साथ ही उनके साथ अभद्र व्यवहार और दिव्यांगता का परिहास करने का भी आरोप लगाया गया था। आयुक्त कार्यालय ने इसे शासन के निर्देशों के साथ दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के प्रावधानों का उल्लंघन माना था। मोटरयान अधिनियम के तहत जुर्माना जिला परिवहन अधिकारी रायसेन ने 28 सितंबर को भेजी रिपोर्ट में बताया कि शिकायत के आधार पर महादेव ट्रैवल्स बस संचालक के खिलाफ मोटरयान अधिनियम, 1988 के तहत कार्रवाई कर जुर्माना वसूला गया है। साथ ही जिले के सभी बस संचालकों को परिवहन विभाग की 27 अक्टूबर 2016 की अधिसूचना के प्रावधानों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। परिवहन आयुक्त को भी भेजा पत्र दिव्यांगजन आयुक्त डॉ. अजय खेमरिया ने मामले में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए परिवहन आयुक्त, मध्यप्रदेश ग्वालियर को भी पत्र भेजा है। अधिकारियों का कहना है कि दिव्यांग यात्रियों को निर्धारित किराया रियायत का लाभ नहीं देने की शिकायतों पर अब कार्रवाई की जाएगी।
बदरीनाथ धाम डीजे विवाद पर उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री का अजीब बयान, शंख जानवर की हड्डी
कांग्रेस नेता सूर्यकांत धस्माना ने कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के बदरीनाथ में शंख न बजाने संबंधी बयान पर निशाना साधा है।
विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी राजगीर में आने वाले सैलानियों और आम जनता की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए वन पर्यटन स्थलों पर एक नई एवं सुगम पहल शुरू की गई है। जू सफारी, जेपी पार्क, वेणुवन तथा सोन भंडार में इंटीग्रेटेड पार्किंग सिस्टम लागू किया गया है। इस व्यवस्था के शुरू होने से पर्यटकों को हर पर्यटन स्थल पर पहुंचने के बाद अलग-अलग पार्किंग शुल्क चुकाने की बाध्यता और कतार में लगकर पर्ची कटवाने की परेशानी से पूरी तरह राहत मिल गई है। सैलानी इन चारों पर्यटन स्थलों में से किसी भी एक स्थान पर निर्धारित शुल्क देकर यह साझा टिकट प्राप्त कर सकते हैं। एक टिकट पर 8 घंटे तक चारों प्रमुख स्थलों पर वैध रहेगी पार्किंग इस नई व्यवस्था के तहत जारी किया गया पार्किंग टिकट पूरे 8 घंटे की समयावधि के लिए मान्य होगा। इस तय अवधि के भीतर पर्यटक उसी एक टिकट के माध्यम से चारों प्रमुख स्थलों पर अपने वाहन को बिना कोई अतिरिक्त शुल्क दिए सुगमता से पार्क कर सकते हैं। इससे पर्यटकों के बहुमूल्य समय की बचत हो रही है और वे बिना किसी रुकावट के राजगीर के ऐतिहासिक व प्राकृतिक स्थलों का आनंद ले पा रहे हैं। प्रशासन का मानना है कि इस व्यवस्था से पार्किंग प्रबंधन काफी सुव्यवस्थित और प्रभावी हो गया है। सभी श्रेणियों के वाहनों के लिए निर्धारित की गईं दरें प्रशासन की ओर से विभिन्न वाहनों के अनुसार 8 घंटे के लिए दरें भी तय कर दी गई हैं। इसके तहत साइकिल के लिए 10 रुपये, मोटरसाइकिल के लिए 30 रुपये, कार अथवा जीप के लिए 80 रुपये, मिनी बस के लिए 200 रुपये तथा बड़ी बस के लिए 300 रुपये का एकीकृत शुल्क तय किया गया है। इस दर निर्धारण से वाहन चालकों को बार-बार जेब से पैसे निकालने की जरूरत नहीं पड़ती और पूरा आवागमन सुचारू रूप से चल रहा है। सैलानियों ने व्यवस्था को सराहा, सुखद बन रहा सफर इंटीग्रेटेड पार्किंग सिस्टम को लेकर सैलानियों के बीच सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। पर्यटकों का कहना है कि पहले हर दर्शनीय स्थल पर अलग से पार्किंग शुल्क देना और वहां की व्यवस्था से जूझना काफी थकाऊ होता था, लेकिन अब एक ही पर्ची से चारों जगह वाहन लगाने की सुविधा मिलने से उनका सफर बेहद आसान बन गया है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य भी यही है कि वाहनों की कतारों को व्यवस्थित करने के साथ-साथ पर्यटकों के पूरे भ्रमण अनुभव को सहज और सुखद बनाया जा सके। यह व्यवस्था पर्यटकों के लिए बेहद सुविधाजनक और कारगर साबित हो रही है।
Kanpur News: छात्रों ने नाटकों से दर्शाईं पर्यटन की संभावनाएं
छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय में विश्व पर्यटन दिवस पर मंगलवार को छात्र-छात्राओं ने प्रोजेक्ट, संवाद और नाटकों के माध्यम से पर्यटन की संभावनाएं दर्शाईं।
Pilibhit News: तीन धार्मिक स्थलों को पर्यटन स्थल के रूप में मिलेगी पहचान
पीलीभीत। जिले के प्राचीन धार्मिक स्थलों को पर्यटन के रूप में संवारने के लिए शासन ने 4.2 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े तीन प्रमुख धार्मिक स्थलों का इस धनराशि से कायाकल्प किया जाएगा।
Mandi News: औट टनल में ट्रैवलर की चपेट में आया चरवाहा, एम्स ले जाते तोड़ा दम
मंडी-कुल्लू हाईवे पर औट टनल में मंगलवार को ट्रैवलर की चपेट में आने से नेपाली मूल के पुहाल (चरवाहे) की मौत हो गई।
Ballia News: 3.40 करोड़ से चमकेंगे 3 प्रसिद्ध धार्मिक स्थल, पर्यटन विकास को मिली स्वीकृति
3 famous religious sites to get a facelift with 3.40 crore
बांका के पर्यटन, धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों पर अब सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत की जाएगी। जिले के प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों का सूचीकरण कराया जा रहा है। इसमें मंदार पर्वत, जेठोरनाथ मंदिर, ओढ़नी डैम समेत अन्य प्रमुख स्थलों को शामिल किया जा रहा है। इन स्थानों पर नियमित पुलिस गश्ती की व्यवस्था करने की तैयारी है, ताकि पर्यटकों, श्रद्धालुओं और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। बांका पुलिस अधीक्षक अमितेश कुमार द्वारा यह सूचना जारी की गई है। नियमित निगरानी की बनाई जा रही योजना पुलिस की ओर से इन स्थलों पर ‘पुलिस दीदी’ समेत अन्य माध्यमों से नियमित निगरानी रखने की योजना बनाई जा रही है। इसके साथ ही संवेदनशील और अधिक भीड़ वाले स्थानों पर पुलिस की त्वरित पहुंच सुनिश्चित करने के लिए पुलिस बल को मोटरसाइकिल से लैस कर सक्रिय सुरक्षा व्यवस्था विकसित करने की योजना पर भी काम चल रहा है। इससे किसी घटना की सूचना मिलने पर पुलिस टीम कम समय में मौके पर पहुंच सकेगी। बताया गया कि बौसी थाना क्षेत्र के मंदार पर्वत पर हाल में युवती के साथ छेड़खानी की घटना सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक अमितेश कुमार ने पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए यह पहल शुरू की है। पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा की होगी व्यवस्था पुलिस अधीक्षक अमितेश कुमार ने बताया कि जिले के पर्यटन, धार्मिक एवं सार्वजनिक स्थलों को चिह्नित कर वहां नियमित गश्ती और निगरानी की व्यवस्था की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इससे ऐसे स्थलों पर आने वाले लोगों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराया जा सकेगा।
हिमाचल प्रदेश के पूर्व विधायक और पर्यटन मंत्री मेजर विजय सिंह मनकोटिया का मंगलवार सुबह निधन हो गया। अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल ले जाते समय उन्होंने दम तोड़ दिया।
पेरेंट्स के साथ घूमने का है मन? यहां देखिए ट्रैवल फ्रेंडली 5 ऑफबीट जगह
परिवार के साथ घूमने की बात आती हैं तो अक्सर जगह को लेकर कंफ्यूजन होता रहता है कि पेरेंट्स को लेकर कहां जाएं। ऐसे में यहां हम 5 ट्रैवल फ्रेंडली ऑफबीट जगहों के बारे में बता रहे हैं। जानिए-
विश्व पर्यटन दिवस: पहाड़, समुद्र या जंगल? अपने मूड के हिसाब से चुनें भारत की ये शानदार डेस्टिनेशन
World Tourism Day 2026: विश्व पर्यटन दिवस पर हम आपको बताएंगे भारत की खूबसूरत और ऐतिहासिक जगहों के बारे में, जहां आपको कम से कम एक बार घूमने अवश्य जाना चाहिए।
विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर रविवार को दिल्ली के प्रमुख ऐतिहासिक स्मारकों में पर्यटकों को निशुल्क प्रवेश मिलेगा।
आज के समय में राजस्थान के पर्यटन नक्शे की तस्वीर तेजी से बदल रही है। आप यह जानकार हैरान हो जाएंगे कि जनवरी से लेकर जून 2026 के बीच प्रदेश में 10.92 करोड़ पर्यटक यात्राएं दर्ज की गई हैं। इनमें 10.83 करोड़ घरेलू और 8.44 लाख विदेशी पर्यटक शामिल हैं। आंकड़े बताते हैं कि राजस्थान के पर्यटन कारोबार की सबसे बड़ी ताकत घरेलू पर्यटक हैं, लेकिन उनकी पसंद पारंपरिक पर्यटन केंद्रों से आगे बढ़ रही है। घरेलू पर्यटन में सीकर ने जयपुर को पीछे छोड़ा सबसे दिलचस्प बात यह है कि सीकर का शीर्ष पर पहुंचना राजस्थान के पर्यटन में बदलती पसंद का संकेत है। जिले में धार्मिक पर्यटन खासतौर पर खाटूश्यामजी आने वाले श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या ने फुटबॉल बढ़ाया है। साल 2026 की पहली छमाही में सीकर की घरेलू पर्यटक यात्राएं 1,56,18,987 रहीं। घरेलू पर्यटकों में चित्तौड़गढ़ की ऐतिाहासिक विरासत, जैसलमेर का रेगिस्तानी पर्यटन और सवाई माधोपुर का वन्यजीव पर्यटन भी बड़ी संख्या में सैलानियों को आकर्षित कर रहा है। आंकड़ों से साफ पता चलता है कि पर्यटन अब सिर्फ जयपुर, उदयपुर और जोधपुर जैसे पारंपरिक केंद्रों तक सीमित नहीं रह गया है। विदेशी पर्यटकों की पहली पसंद जयपुर आपको बताते चलें कि विदेशी पर्यटकों के मामले में तस्वीर काफी अलग है। जयपुर 2,56,293 विदेशी पर्यटकों यात्राओं के साथ सबसे अलग है। फिर उदयपुर में 1,84,045, जोधपुर में 82,846 और जैसलमेर में 66,433 विदेशी पर्यटकों ने यात्राएं की हैं। इतना ही नहीं, सवाई माधोपुर, अजमेर, दौसा, पाली, झुंझुनूं और बीकानेर भी विदेशी पर्यटकों की पसंद रही है। घरेलू सैलानी जहां धार्मिक, ऐतिहासिक, वन्यजीव और क्षेत्रीय पर्यटन स्थलों की तरफ बढ़ रहे हैं, वहीं विदेशी पर्यटकों का बड़ा हिस्सा अभी भी राजस्थान के मुख्य हेरिटेज शहरों से संबंधित है।
World Tourism Day: ट्रिप के लिए कर रहे बैग पैक तो ये 10 हैक्स याद रखें
अकेले ट्रिप पर जाना चाहते हैं या फैमिली के साथ, किसी भी असुविधा से बचने के लिए इन 10 ट्रैवल हैक्स को जरूर याद रखें। वर्ल्ड टूरिज्म डे पर नोट कर लें घूमने की कर लें तैयारी।
अक्तूबर ट्रैवल प्लेसेज: कपल साथ घूमने का बना रहे प्लान? अक्तूबर में इन 7 जगहों को न करें मिस
October Travel Places: किसी जगह को चुनते समय मौसम, यात्रा की सुविधा, बजट और वहां की गतिविधियों को ध्यान में रखना जरूरी है। कपल्स के लिए शांत पहाड़ी शहरों से लेकर समुद्र किनारे के डेस्टिनेशन और ऐतिहासिक शहरों तक कई विकल्प मौजूद हैं।
विश्व पर्यटन दिवस 2026: अकेले घूमने का है सपना? पहली ट्रिप के लिए ये 5 जगहें रहेंगी यादगार
Solo Travel in India: अगर आपको पहाड़ पसंद हैं तो ऋषिकेश, मनाली और मैक्लोडगंज जैसे डेस्टिनेशन आकर्षित कर सकते हैं। वहीं समुद्र और आराम पसंद करने वाले यात्रियों के लिए गोवा एक लोकप्रिय विकल्प है।
Best Adventure Bikes: लंबी Road Trip के लिए ये 3 Adventure Bikes बन सकती हैं पहली पसंद
आज के दौर में एडवेंचर मोटरसाइकल सिर्फ बाइक नहीं, बल्कि रोमांच से भरी यात्राओं का साथी बन चुकी हैं। लंबी रोड ट्रिप, पहाड़ी सफर, पथरीले रास्ते या ऑफ-रोडिंग का शौक रखने वाले राइडर्स के बीच Adventure Bikes की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। SUV जहां आरामदायक सफर देती है, वहीं ADV बाइक राइडर को रास्ते के साथ सीधे जुड़ने और हर मोड़ को महसूस करने का अलग अनुभव देती है। मुश्किल रास्तों के लिए क्यों खास हैं Adventure Bikes? एडवेंचर मोटरसाइकल को खास तौर पर अलग-अलग तरह की सड़कों और कठिन परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाता है। इनमें ज्यादा ग्राउंड क्लीयरेंस, मजबूत सस्पेंशन, दमदार इंजन और बेहतर राइडिंग एर्गोनॉमिक्स मिलते हैं। यही खूबियां इन्हें टूटे-फूटे रास्तों, गड्ढों और पहाड़ी ट्रेल्स पर सामान्य मोटरसाइकलों से ज्यादा सक्षम बनाती हैं। हालांकि, अलग-अलग मॉडल की ऑफ-रोड क्षमता अलग होती है, इसलिए बाइक चुनते समय अपने इस्तेमाल को ध्यान में रखना जरूरी है। इसे भी पढ़ें: KTM 160 Duke vs Yamaha MT-15 V2: 2 लाख से कम में कौन सी बाइक है बेस्ट? 1. BMW R 1300 GS: प्रीमियम एडवेंचर का दमदार नाम BMW R 1300 GS उन राइडर्स के लिए शानदार विकल्प है, जो पावर, तकनीक और लंबी दूरी के आराम को एक साथ चाहते हैं। इसमें 1,300cc का बॉक्सर इंजन मिलता है, जो मजबूत टॉर्क के साथ हाईवे और चुनौतीपूर्ण रास्तों पर प्रभावशाली प्रदर्शन देने के लिए जाना जाता है। इसके एडवांस फीचर्स में राइडिंग मोड्स, क्रूज कंट्रोल और इलेक्ट्रॉनिक सस्पेंशन जैसी तकनीकें शामिल हैं। लंबी यात्राओं के साथ कठिन रास्तों पर भी इसकी क्षमता इसे प्रीमियम ADV सेगमेंट की खास बाइक बनाती है। 2. Triumph Tiger 1200: स्पीड और रोमांच का मेल Triumph Tiger 1200 उन लोगों को आकर्षित करती है जिन्हें एडवेंचर के साथ स्पोर्टी राइडिंग भी पसंद है। इसका तीन-सिलेंडर इंजन हाईवे पर शानदार प्रदर्शन देने के लिए जाना जाता है। बड़ा 21-इंच फ्रंट व्हील, शाफ्ट ड्राइव और लॉन्ग-ट्रैवल सस्पेंशन इसे कठिन रास्तों के लिए तैयार करते हैं। इसके कुछ वेरिएंट में बड़ा फ्यूल टैंक और ज्यादा ग्राउंड क्लीयरेंस भी मिलता है। लंबी दूरी की यात्रा और ऑफ-रोड रोमांच के बीच संतुलन चाहने वाले राइडर्स के लिए यह आकर्षक विकल्प है। 3. Royal Enfield Himalayan: पहाड़ों का भरोसेमंद साथी Royal Enfield Himalayan एडवेंचर बाइक की दुनिया में एक जाना-पहचाना नाम है। इसका फोकस सिर्फ तेज रफ्तार पर नहीं, बल्कि कठिन इलाकों में सहज और नियंत्रित राइडिंग पर भी है। मजबूत डिजाइन, उपयोगी ग्राउंड क्लीयरेंस और लंबी यात्रा के अनुकूल एर्गोनॉमिक्स इसे पहाड़ी सफर और ऑफ-रोडिंग के लिए उपयोगी बनाते हैं। हिमालयी रास्तों से लेकर पथरीले ट्रैक तक, यह बाइक अपने संतुलित व्यवहार और मजबूत सस्पेंशन के कारण एडवेंचर राइडर्स के बीच लोकप्रिय है। यही वजह है कि बजट और उपयोग के हिसाब से यह बड़े प्रीमियम ADV मॉडल्स का व्यावहारिक विकल्प बन सकती है। सफर के हिसाब से चुनें अपनी बाइक अगर आपका फोकस प्रीमियम फीचर्स और दमदार टूरिंग पर है तो BMW R 1300 GS आकर्षक विकल्प है। स्पोर्टी अंदाज और लंबी दूरी के रोमांच के लिए Triumph Tiger 1200 बेहतर लग सकती है, जबकि व्यावहारिक एडवेंचर और पहाड़ी यात्राओं के लिए Himalayan पर विचार किया जा सकता है। बाइक खरीदने से पहले कीमत, वजन, सर्विस लागत, सीट हाइट और अपने वास्तविक इस्तेमाल को जरूर ध्यान में रखें। - डॉ. अनिमेष शर्मा
Travel Tips: Karnataka के Hampi में घूमें ऐतिहासिक मंदिर और Stone Chariot, ऐसे बनाएं टूर प्लान
अगर आप भी किसी ऐतिहासिक जगह पर घूमना चाहती हैं, जहां पर आप पुराने खंडहर, मंदिर, इतिहास और खूबसूरत पहाड़ देखना चाहती हैं। तो आपको कर्नाटक के हम्पी जाना चाहिए। कर्नाटक में तुंगभद्रा नदी के किनारे बसा हम्पी कभी विजयनगर साम्राज्य की राजधानी हुआ करता था। आज भी आपको यहां पर बाजार, राजमहल, पुराने मंदिर और पत्थरों से बनी कई शानदार इमारतों के अवशेष दिखेंगे। हम्पी की खासियत यह है कि यहां पर सिर्फ इतिहास नहीं बल्कि बड़े-बड़े ग्रेनाइट पत्थरों से बने बेहद खूबसूरत नजारे देखने को मिलेंगे। देश-विदेश से लोग यहां घूमने के लिए आते हैं। ऐसे में ज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको यहां जाने से लेकर घूमने तक की पूरी जानकारी देने जा रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Foreign Travel Mistakes: पहली विदेश यात्रा को आसान बनाने के लिए इन जरुरी नियमों को पहले ही जान लें हम्पी की खासियत हम्पी को देखकर ऐसा महसूस होगा, जैसे आप किसी पुराने शहर के बीच आ चुकी हैं। कभी हम्पी विजयनगर साम्राज्य की बड़ी और अमीर राजधानी थी। 14वीं से 16वीं सदी के दौरान यहां पर अच्छी खासी रौनक देखने को मिलती थी। यहां पर आज भी पुराने बाजार, मंदिर, राजघराने से जुड़ी इमारतें और दूसरी ऐतिहासिक जगहों के अवशेष देखने को मिलेंगे। हम्पी में जरूर देखें ये जगहें विरुपाक्ष मंदिर यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। यह यहां के खास मंदिरों में से एक है और आज भी यहां पर पूजा-अर्चना की जाती है। मंदिर का ऊंचा गोपुरम आपको दूर से ही नजर आएगा। यह मंदिर हम्पी बाजार के पास है। विजय विट्ठल मंदिर और स्टोन चैरियट इस मंदिर की गिनती हम्पी के सबसे शानदार ऐतिहासिक जगहों में की जाती है। मंदिर में खूबसूरत नक्काशी वाले कई खंबे देखने को मिलेंगे। इस जगह की सबसे बड़ी खूबसूरती स्टोन चैरियट यानी पत्थर का रथ है। इसको ग्रेनाइट से बनाया गया है, जोकि भगवान विष्णु के वाहन गरुण को समर्पित है। फिर इसके आगे आपको हाथियों की मूर्तियां भी बनी हैं। यह भारत के 50 रुपए के नोट पर भी दिखता है। लोटस महल आप यहां आने के दौरान लोटस महल जा सकते हैं। यह महल रॉयल सेंटर में हैं और इसका डिजाइन खिले हुए कमल की तरह है। इस कारण इसको लोटस महल कहा जाता है। इसकी बालकनी, मेहराब और पूरी डिजाइन ही इसको अन्य इमारतों से एकदम अलग बनाता है। हाथी अस्तबल आप हाथी अस्तबल भी जा सकते हैं। विजयनगर साम्राज्य के दौरान हाथियों को रखने के लिए इस जगह का इस्तेमाल होता था। इसमें लंबी इमारत में 11 बड़े गुंबददार कमरे बने हैं। क्वीन बाथ यह उस दौरान शाही परिवार के लिए एक पर्सनल क्वीन बाथ बनाया गया था। भले ही यह इमारत बाहर से सिंपल लगे, लेकिन अंदर जाने पर बड़ा सा चौकोर पूल, मेहराब और बालकनी देखने को मिलेगी। मातंगा हिल अगर आपको पूरा हम्पी देखना है, तो मातंगा हिल जाने का प्लान कर सकती हैं। यह हम्पी की सबसे ऊंची जगह है। यहां पर आपको तुंगभद्रा नदी, चट्टानों और खंडहर का बेहद शानदार नजारा दिखता है। यहां पर आपको सनराइज या सनसेट के समय पर जाना चाहिए। उग्र नरसिंह प्रतिमा हम्पी में एक ही ग्रेनाइट पत्थर से उग्र नरसिंह की बड़ी सी प्रतिमा बनाई गई है, जिसकी ऊंचाई करीब 6.7 मीटर है। इस प्रतिमा की खासियत यह है कि यह हम्पी की सबसे बड़े एक पत्थर से बनी मूर्ती में से एक है। हेमकूट हिल आप यहां पर हेमकूट हिल भी जा सकती है। यहां पर आपको कई छोटे मंदिर मिलेंगे। यहां से हम्पी के खंडहर और आसपास का इलाका देख सकते हैं। सुबह और शाम के समय यहां जाना बेस्ट है। हम्पी बाजार विजयनगर साम्राज्य के समय हम्पी बाजार एक बड़ा व्यापारिक इलाका था। यहां की बाजार वाली सड़क पर आपको आज भी पत्थर के पुराने मंडप देखने को मिलेंगी। उस दौरान हम्पी बाजार में हीरे, मोती, घोड़ों औऱ मसाले आदि का व्यापार होता है। चट्टानों वाला इलाका हम्पी में आपको सिर्फ पुराने मंदिर ही नहीं बल्कि जगह-जगह पर बड़े-बड़े ग्रेनाइट के पत्थर दिखेंगे। हम्पी में क्या-क्या करें आप यहां पर तुंगभद्रा नदी में कोरकल राइड का मजा ले सकते हैं। आप साइकिल लेकर यहां की अलग-अलग ऐतिहासिक जगहों को एक्सप्लोर कर सकते हैं। चट्टानों के कारण यहां पर आप बोल्डरिंग और रॉक क्लाइंबिंग भी की जाती है। आप मातंगा हिल से सनराइज या फिर सनसेट का खूबसूरत नजारा देख सकते हैं। तुंगभद्रा नदी के दूसरी ओर विरुपापुर गड्डे हैं, इसको हिप्पी आइलैंड भी कहा जाता है। ऐसे पहुंचे हम्पी अगर आप फ्लाइट से जाना चाहती हैं, तो हम्पी के लिए सबसे नजदीक जिंदल विजयनगर एयरपोर्ट है, जोकि करीब 40 किमी दूर है। वहीं बेंगलुरु का केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अच्छा ऑप्शन हो सकता है। अगर आप ट्रेन से जाना चाहती हैं, तो हम्पी के पास रेलवे स्टेशन होसपेट जंक्शन नजदीक है। यह करीब 13 किमी दूर है। यहां से आगे जाने के लिए टैक्सी, बस और दूसरी सवारी से हम्पी पहुंच सकते हैं। वहीं सड़क से हम्पी की दूरी करीब 340 किमी है। आपको बस या कार से पहुंचने में करीब 6-7 घंटे का समय लग सकता है। अगर आप बेंगलुरु या आसपास से हम्पी जा रही हैं, रोड ट्रिप भी अच्छा रहेगा। आसपास घूमने की जगहें हम्पी से तुंगभद्रा डैम करीब 15 किमी दूर है। तुंगभद्रा नदी के दूसरी ओर अनेगुंडी एक ऐतिहासिक गांव है। जोकि हम्पी से भी पुराना है और इस गांव का संबंध रामायण की कथाओं से है। हम्पी से करीब 25 किलोमीटर की दूरी पर दारोजी स्लॉथ बियर सेंचुरी स्थित है, ऐसे में आप यहां भी जा सकती है। सनापुर लेक का नजारा देखने के अलावा आप कोरकल राइड और सनराइज भी देख सकती हैं।
Foreign Travel Mistakes: पहली विदेश यात्रा को आसान बनाने के लिए इन जरुरी नियमों को पहले ही जान लें
हर किसी का सपना होता है कि एक दिन विदेश घूमने जा रहे हैं। नई संस्कृति, अलग खानपान और खूबसूरत जगहों को देखने का उत्साह अलग ही होता है। कई बार लोग पहली बार फॉरेन ट्रिप पर जाते समय कई सारी गलतियां कर देते हैं। इन्हीं गलतियों के कारण विदेशी यात्रा का मजा थोड़ा खराब हो जाता है। आइए आपको बताते हैं आप इन गलतियों से कैसे बचाव करें। जरूर डॉक्यूमेंट्स साथ रखें अगर आप पहली बार विदेश यात्रा पर जा रहे हैं, तो पासपोर्ट, वीजा, ट्रैवल इंश्योरेंस और इंपोर्टेंट डॉक्यूमेंट्स की पूरी जांच करनी चाहिए। अक्सर लोग सिर्फ पासपोर्ट लेकर ही यात्रा पर निकल जाते हैं, बल्कि कुछ देशों में एक्स्ट्रा डॉक्यूमेंट भी जरुरी होते हैं। विदेश यात्रा से पहले पासपोर्ट की वैधता, वीजा के नियम और दूसरों जरुरी दस्तावेजों की जांच कर लें। इसके साथ ही उनकी डिजिटल और प्रिंट कॉपी भी अपने पास रख लें। बजट की सही प्लानिंग गौरतलब है कि विदेश में खर्च अक्सर उम्मीद से ज्यादा होता है। कई बार लोग होटल, लोकल ट्रांसपोर्ट, फूड और शॉपिंग के खर्च का सही अनुमान नहीं लगाते हैं। डेस्टिनेशन पर जाने से पहले खर्चों के बारे में रिसर्च कर लें। इसके लिए एक अनुमानित बजट बनाकर चलें और एक्स्ट्रा खर्च के लिए पैसे अलग रख लें। लोकल कल्चर की जानकारी न होना हर एक देश की अपनी संस्कृति, नियम और सामाजिक व्यवहार का तरीका होता है। पर्यटक अक्सर अनजाने में गलती कर देते है कि जो वहां असभ्य मानी जाती है। इसलिए किसी भी देश में जाने से पहले वहां की संस्कृति, पहनावे, पब्लिक बिहेवियर और स्थानीय नियमों के बारे में जान लें। जरूरत से ज्यादा सामान पैक करना जब पहली बार विदेश के लिए जाते हैं, तो जरुरत से ज्यादा कपड़े और सामान पैक कर लिए जाते हैं। इससे आपका बैग भारी हो जाता है और एयरलाइन के बैगेज नियमों की वजह से एक्स्ट्रा फीस देनी पड़ती है। खासतौर पर मौसम और ट्रिप के अनुसार ही जरुरी सामान ही पैक करें। लाइटवेट और स्मार्ट तरीके से पैकिंग करें, जिससे यात्रा आरामदायक बन जाएगी। लोकल ट्रांसपोर्ट की जानकारी न होना अक्सर लोग यही सोचते हैं कि विदेश जाकर वहां का सब समझ आ जाएगा। लेकिन लोकल ट्रांसपोर्ट, मैप्स और इंटरनेट कनेक्टिविटी की जानकारी न होने से परेशानी हो सकती है। इसलिए पहले से लोकल ट्रांसपोर्ट, मेट्रो कार्ड, ट्रैक्सी ऐप्स और इंटरनेट सिम या इंटरनेशनल रोमिंग के बारे में जानकारी अपने पास रखें।
Travel Tips: Trishla Farmhouse
इंटरनेट डेस्क। देशभर में 14 सितंबर 2026 को गणेश चतुर्थी का त्योहार मनाया जाएगा। इसके लिए लोगों ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। आज हम आपको एक शानदार जगह के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं, जहां पर आप परिवार के साथ शानदार तरीके से गणेश उत्सव का आयोजन कर सकते हैं। आज हम आपको त्रिशला फार्महाउस के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं। गोनेर रिंग रोड के पास खिजूरिया ब्राहम्णान में स्थित इस फार्महाउस पर आप शानदार तरीके से इस उत्सव का आयोजन कर सकते हैं। यहां पर आप शानदार इनडोर और आउटडोर गेम एरिया, मजेदार पूल पार्टीज, स्वादिष्ट खाने और ताजी हवा के साथ लग्ज़री का अनुभव कर सकेंगे। आपको आज ही इसके लिए ये फार्महाउस को बुक करवा लेना चाहिए। आपको कम बजट पर कई सुविधाएं यहां पर मिलेंगी। व्हाट्सएप नंबर से हासिल करें ऑफर की जानकारी आप त्रिशला फार्महाउस में इस दौरान आप कम बजट में कई एक्टिविटीज का मजा ले सकते हैं। ऑफर से जुड़ी पूरी जानकारी के लिए व्हाट्सएप नंबर 9784461221 पर मैसेज करके हासिल की जा सकती है। इस प्रकार से पहुंचे आप जयपुर एयरपोर्ट से त्रिशला फार्महाउस आसानी से पहुंच सकते हैं। यहां से इसकी दूरी केवल 22 किमी दूर ही है। जयपुर एयरपोर्ट से टैक्सी के माध्यम से आप आसानी से पहुंच सकते हैं। जयपुर रेलवे स्टेशन और बस स्टेंड से भी आप यहां पर आसानी से पहुंच सकते हैं। इन स्थानों से भी टैक्सी के माध्यम से पहुंच सकते हैं। अक्षयपात्र जगतपुरा से तो त्रिशला फार्महाउस की दूरी केवल 15 किलोमीटर ही है। यहां से भी आसानी से यहां पर पहुंच सकते हैं। PC:livehindustan,trishla अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें View this post on Instagram A post shared by Trishla Farmhouse (@trishlafarmhouse)
Travel Tips: मुन्नार से लेकर Coorg तक, बारिश में स्वर्ग जैसी दिखती हैं ये जगहें
मानसून आते ही घूमने का मजा दोगुना हो जाता है। क्योंकि इस दौरान चारों ओर हरियाली, रिमझिम ठंडी फुहारें, बादलों से ढके पहाड़ और ठंडी-ठंडी हवाएं लोगों को खूब भाती हैं। ऐसे में अगर आप भी इस मानसून घूमने का प्लान कर रही हैं, तो आप साउथ इंडिया की कुछ खास जगहों को अपने ट्रैवल लिस्ट में शामिल कर सकती हैं। बारिश के मौसम में प्रकृति की खूबसूरत इस कदर बढ़ जाती हैं, जिसको देखकर ऐसा लगता है, मानों स्वर्ग धरती पर ही उतर आया है। साउथ इंडिया अपने खूबसूरत हिल स्टेशनों, झरनों, घने जंगलों और चाय के बागानों के लिए जाना जाता है। वहीं यहां की वादियां भी बारिश में खूब हरी-भरी हो जाती हैं। वहीं कई-कई जगहों पर बादल इतने नीचे आ जाते हैं, मानों आप बादलों के बीच खड़े हों। तो आइए जानते हैं साउथ इंडिया के कुछ खूबसूरत हिस स्टेशनों के बारे में... इसे भी पढ़ें: Vagamon से लेकर Araku Valley तक, Monsoon Season में दक्षिण भारत की ये 3 वादियां हैं परफेक्ट Destination मुन्नार, केरल बारिश के मौसम में केरल के मुन्नार को कैसे भुलाया जा सकता है। मुन्नार के चाय के बागान, ठंडी हवाएं और धुंध से ढके पहाड़ आपका दिन बना देंगे। मानसून में यहां की हरियाली और भी निखर जाती हैं। ऐसे में अगर आप भी नेचर लवर हैं और आपको भी फोटोग्राफी का शौक है, तो यह जगह आपके लिए परफेक्ट है। कूर्ग, कर्नाटक प्राकृतिक सुंदरता के मामले में कर्नाटक का कुर्ग किसी से कम नहीं है। इसको भारत का स्कॉटलैंड भी कहा जाता है। बारिश के मौसम में यहां पर पहाड़, कॉफी के बागानों और झरनों की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है। वहीं कुर्ग खूबसूरत होने के साथ-साथ शांत है, ऐसे में आप यहां पर प्रकृति के बीच सुकून के पल बिता सकती हैं। चिकमगलूर, कर्नाटक बता दें कि पिछले कुछ सालों में कर्नाटक का चिकमगलूर घुमक्कड़ों की पसंदीदा जगह बन चुका है। मानसून में यहां पर हरी भरी घाटियां और बादलों से ढके पहाड़ देखने लायक होते हैं। वहीं अगर आप भी शहर की भागदौड़ से दूर सुकून के दो पल बिताना चाहते हैं, तो आपको चिकमगलूर जरूर जाना चाहिए। कोडाइकनाल, तमिलनाडु यह तमिलनाडु का एक फेमस हिल स्टेशन है, जोकि मानसून में बेहद सुंदर लगता है। कोडाइकनाल की घाटियां, झीलें और व्यू पॉइंट बारिश के मौसम में बेहद शानदार लगते हैं। यहां पर पर्यटकों की भारी भीड़ मिलती है। जिनको प्रकृति के बीच समय बिताना पसंद है, उसके लिए यह जगह परफेक्ट है। वायनाड, केरल केरल की खूबसूरती के बारे में तो आपने सुन ही रखा होगा। इसको God's Own Country भी कहा जाता है। केरल का वायनाड मानसून में बेहद खूबसरत लगता है। यहां के लेक, घने जंगल, गुफाएं और खूबसूरत झरने देखने लायक होते हैं। आप यहां पर नेचर वॉक और ट्रेकिंग आदि भी कर सकती हैं। ऊटी, तमिलनाडु सिर्फ कोडाइकनाल ही नहीं बल्कि ऊटी भी एक बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन है। मानसून में यहां के बगीचे, चाय के बागान और पहाड़ आदि की रौनक देखने लौयक होती है। वहीं अगर आप भी ऊटी घूमने का प्लान कर रही हैं, तो पायकारा फाल्स जाना न भूलें। इन बातों का रखें ध्यान मानसून में घूमने जाने से पहले मौसम की जानकारी जरूर लें और उसी के हिसाब से ट्रिप प्लान करें। छाता, रेनकोट और अच्छी ग्रिप वाले शूज अपने साथ रखना न भूलें। लोकल गाइडलाइंस को जरूर फॉलो करना चाहिए।
Travel Tips: मणिपुर की सांस्कृतिक सुंदरता का प्रतीक है Kangla Fort, जानें कैसे पहुंचे Imphal
इंफाल एयरपोर्ट पर उतरते ही खुला आसमान और हवा की ताजगी आपका मोह लेगी। मणिपुर शैली की हरी छतों वाला यह छोटा लेकिन बेहद खूबसूरत हवाई अड्डा इतना सहज है कि विमान से उतरने के बाद पैदल भवन में एंटर किया जा सकता है। महानगरों की भागदौड़ से दूर बसा इंफाल शहर अपनी प्राकृतिक और सांस्कृतिक छटा के लिए जाना जाता है। जहां एक तरफ युवा आधुनिक लिबास में नजर आते हैं। वहीं अधिकतर महिलाएं ब्लाउज, फनेक और महीन दुपट्टे जैसे पारंपरिक आउटफिट में दिखाई देती हैं। नाक से माथे तक लगा चंदन का लंबा टीका उन महिलाओं की सुंदरता में चार चांद लगा देता है। इमा मार्केट यह समाज में स्त्रियों की भागीदारी का प्रतीक है। शहर के बीचो-बीच इमा मार्केट स्थित है। इमा यानी मां। माताओं द्वारा चलाए जाने वाला मार्केट। इस मार्केट में सिर्फ स्त्रियों द्वारा चलाई जाने वाली दुकानें हैं। इसे भी पढ़ें: IRCTC Kashi Tirtha Yatra Package: 17 हजार में वाराणसी और Ayodhya घूमने का बजट फ्रेंडली अवसर पारंपरिक परिधानों की दुकानें जैसे ब्लाउज, फनेक, दुपट्टे, शॉल, चादर, गमछे और अन्य कई तरह की चीजें शामिल हैं। वहीं एक हिस्से सिर्फ पूजा का सामान है। कांगला किला की सैर इसके अलावा इंफाल में आपको दो जगहें और देखनी चाहिए। जिनमें पहला कांगला किला और दूसरा लोकताल लेक है। कांगला फोर्ट शहर के बीच इंफाल नदी के किनारे है। मेतेई भाषा में कांगला का अर्थ होता है जमीन का मुख्य भाग। मेतेई वर्तमान मणिपुर का मूल नाम है। मणिपुरी भाषा भी भारत की 22 ऑफिशियल भाषाओं की लिस्ट में से एक है। कांगला फोर्ट यहां के राजवंश के शासकों की राजधानी हुआ करता था। आज भी मणिपुर के निवासियों के िए एक गौरवपूर्ण ऐतिहासिक स्थल है। इसके मुख्य द्वार पर सिंह की आकृति की दो मूर्तियां लगी हैं। जिनको देवताओं का देव कहा जाता है। यहां पर घूमने के लिए गोल्फ कार्ट की सुविधा मौजूद थी। लेकिन हमने पैदल घूमने का फैसला किया। इसके अंदर कई संग्रहालय हैं। कांगला संग्रहालय यहां प्राचीन शासकों से संबंधित वस्तुएं और इसका इतिहास देख सकते हैं। बोट म्यूजियम यहां पर प्राचीन शासकों की नावें और उनसे संबंधित जानकारी देखने को मिलेगी। पुरातत्व संग्रहालय पुरातत्व संग्रहालय को देखने से हमें मणिपुर के इतिहास के बारे में गहराई से जानकारी मिलती है। सानामाही मंदिर और पखंबा मंदिर सबसे सुंदर सानामाही मंदिर और पखंबा मंदिर लगे। सानामाही मेतेई वास्तुकला का उदाहरण है। इस मंदिर के ऊपर सींगों की आकृति बनी हुई है। जिसको मेतेई लोग शुभ और पवित्र मानते हैं। यहां पर कई और दर्शनीय स्थल है। जैसे - महाराजा नरसिंह की घोड़े पर सवार मूर्ति और राजा बोधचंद्र की समाधि है। राजाओं का महल और पोलो ग्राउंड भी इस फोर्ट में है। महाराजा नरसिंह द्वारा श्री गोविंद जी मंदिर का निर्माण कराया गया है। यह इंफाल के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में से एक है। जरूरी बातें ट्रेन से इंफाल पहुंचने के लिए आपको दीमापुर या गुवाहाटी जाना होगा। यहां से आप इंफाल के लिए बस ले सकते हैं। इसके अलावा देश के सभी प्रमुख शहरों से फ्लाइट द्वारा भी यहां पर आप सीधे पहुंच सकते हैं। यहां पर जाने के लिए सिंतबर से अप्रैल का समय सबसे अच्छा है। क्योंकि इस दौरान मौसम काफी सुहावना होता है। मणिपुर राज्य में यात्रा करने के लिए भारतीय नागरिकों को राज्य सरकार से इनर लाइन परमिट लेना जरूरी है। हालांकि यह सुविधा अब ऑनलाइन भी है। मणिपुर सरकार के ऑफिशियल पोर्टल पर जाकर इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा दिल्ली, कोलकाता और गुवाहाटी स्थित मणिपुर भवन से भी इसको प्राप्त किया जा सकता है। यह सुविधा इंफाल एयरपोर्ट पर भी मौजूद है। इसके लिए पासपोर्ट या आधार कार्ड की प्रति जरूरी है। इसका शुल्क 100 रुपए है। विदेशी नागरिकों के लिए प्रोटेक्टेड एरिया परमिट की जरूरत होती है।
सफर से पहले याद रखें ये 15 ट्रैवल हैक्स, ट्रिप को हमेशा बना देंगे कम्फर्टेबल
किसी भी ट्रिप को आरामदायक बनाने के लिए उसे सही तरह से प्लान करना बहुत जरूरी है। ऐसे में यहां हम 15 ट्रैवल हैक्स शेयर कर रहे हैं, जो आपके लिए ट्रिप को कम्फर्टेबल बनाने में मददगार साबित हो सकते हैं। देखिए, क्या हैं वह हैक्स।
UGC NET Re Exam 2026: दिल्ली में 9 और 10 सितंबर को ट्रैफिक डायवर्जन के चलते NTA ने UGC NET री-एग्जाम के अभ्यर्थियों के लिए एडवाइजरी जारी कर समय से 2 घंटे पहले परीक्षा केंद्र की ओर निकलने की सलाह दी है।
Travel Tips: अगस्त-सितंबर में फूलों की घाटी की करें सैर, जानें Cost और Itinerary
उत्तराखंड में घूमने के लिहाज से एक से बढ़कर एक कई बेहतरीन जगहे हैं। वहीं उत्तराखंड के गढ़वाल की गोद में बसी खूबसूरत घाटी को 'Valley of Flowers' कहा जाता है। ऐसे में अगर आप भी रोजाना की भागदौड़ भरी जिंदगी से थक चुके हैं और पहाड़ों पर जाकर सुकून की तलाश में हैं। तो IRCTC का यह टूर पैकेज आपके लिए बेस्ट है। IRCTC आपके लिए 6 दिनों का टूर पैकेज आपके लिए बेस्ट है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको इस टूर पैकेज के बारे में विस्तार से जानकारी देने जा रहे हैं। वैली ऑफ फ्लावर्स ट्रेक अगस्त-सिंतबर में होने वाली इस वैली ऑफ फ्लावर्स ट्रेक की अवधि 6 दिन है। इस दौरान करीब 37 किमी की ट्रेकिंग करना होता है। वहीं ट्रेक का मैक्सिमम एल्टीट्यूड लेवल करीब 14,100 फीट है। इसकी डिफिकल्टी लेवल को ईजी टू मॉडरेट बताया गया है। इस ट्रिप की खासियत है कि प्रति व्यक्ति किराया 12,450 रखी गई है। इसे भी पढ़ें: Solo Traveler Safety Guide: अकेले घूमने से पहले जान लें ये 5 Essential Rules ट्रिप की जानकारी यह ट्रिप सुबह 06:00 बजे से ऋषिकेश के तपोवन स्थित बैक स्टेज होटल से शुरू होगी। वहीं पहले दिन करीब 9-10 घंटे की रोड ट्रिप तय करने के बाद आप 1,340 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पीपलकोटी पहुंचेंगे। यहां एक्स्ट्रा सामान को छोड़ने के लिए यहां पर क्लॉकरूम भी मौजूद है। इसके अगले दिन गोविंदघाट और पुलना तक गाड़ी से जाने के बाद आपका पैदल ट्रैक शुरू होगा। 9 किमी की ट्रैकिंग करने के बाद आप घांघरिया पहुंचेंगे। फिर अगले कुछ दिनों तक आपका यहीं पर स्टे होगा। फिर ट्रिप के तीसरे दिन आपको फूलों की घाटी के नजारे से रूबरू कराया जाएगा। यहां ब्लू पॉपी, हिमालयन रोज, रिवर एनेमोन और डॉग फ्लावर जैसे अद्भुत फूल आपका स्वागत करेंगे। वहीं ट्रिप के चौथे दिन पवित्र हेमकुंड साहिब की ट्रेकिंग करेंगे। ट्रिप के 5वें दिन घांघरिया से वापसी होगी। वहीं अच्छी बात यह है कि रास्ते में बिना किसी एक्स्ट्रा फेयर के आपको बद्रीनाथ धाम के दर्शन का भी मौका मिलेगा। वहीं ट्रिप के छठे दिन शाम को 06:30 से 07:30 बजे तक यात्रियों को वापस ऋषिकेश छोड़ दिया जाएगा। पहाड़ों पर मौसम कभी भी बिगड़ सकता है। इसलिए अपने टूर में 1 बफर डे जरूर रखें। वापसी की ट्रेन या फ्लाइट को छठे दिन की रात में 08:00 बजे के बाद ही बुक करें। फिटनेस है जरूरी अगर आपकी उम्र 9 साल या इससे ज्यादा है, वहीं आप पहली बार ट्रेकिंग कर रहे हैं, तो भी आप इस ट्रिप का हिस्सा बन सकते हैं। आप 45 मिनट में 5 किमी की जॉगिंग या 30 मिनट में 10 किमी साइकिल चलाने का दम रखते हों। अपना 10 से 12 किलो का बैग खुद उठाने की क्षमता होनी चाहिए। इसके अलावा आपका पल्स, बीपी और ब्रीदिंग रेट एकदम नॉर्मल होना चाहिए। दिल की बीमारी, अस्थमा, डायबिटीज और ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए यह ट्रेक नहीं है। वहीं असामान्य BMI या साइनस वाले लोग ट्रिप की बुकिंग से पहले एक्सपर्ट से सलाह जरूर ले लें। पैकेज में मिलने वाली सुविधाएं बता दें कि पीपलकोटी के हेस्ट हाउस और घांघरिया में सेफ टेंट में रहने की व्यवस्था है। पहले दिन के डिनर से लेकर 5वें दिन तक बेहतरीन वेज खाने के साथ चाय-स्नैक्स की व्यवस्था मिलेगी। सेफ्टी के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर, फर्स्ट-एड किट और तजुर्बेकार ट्रेक लीडर व शेफ रहेंगे। मुख्य सामान को उठाने के लिए खच्चर और ट्रेक पूरा करने पर एक सर्टिफिकेट मिलेगा। जानिए बुकिंग कैंसल करने के नियम अगर आप ट्रिप से 25 दिन पहले अपनी बुकिंग कैंसिल करते हैं, तो 5% कटौती होगी। वहीं 15 से 24 दिन के अंदर ट्रिप की बुकिंग कैंसिल करने पर 30% की कटौती होगी। 10 से 14 दिन पर बुकिंग कैंसिल करने पर 50% का नुकसान उठाना होगा। वहीं अगर आप ट्रिप शुरू होने से 9 दिन या इससे कम दिनों के अंदर अपनी बुकिंग को कैंसिल करते हैं, तो आपको कोई रिफंड नहीं मिलेगा। इसलिए प्लान हमेशा सोच-समझकर बनाएं। यहां तक कैसे आएं बता दें कि देहरादून का जॉली ग्रांट एयरपोर्ट या ऋषिकेश रेलवे स्टेशन यहां आने के बेस्ट ऑप्शन है। इसके अलावा आप दिल्ली से सरकारी या प्राइवेट बस से भी ऋषिकेश पहुंच सकते हैं।
चाहत खन्ना की मालदीव वेकेशन की तस्वीरें इंटरनेट पर छाईं
टीवी एक्ट्रेस चाहत खन्ना की मालदीव वेकेशन की तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। उन्होंने बीच और पूल से अपनी छुट्टियों की कई तस्वीरें साझा कीं, जिनमें वह वेकेशन एन्जॉय करती नजर आईं।
September Travel Plan: राजस्थान की Shekhawati Haveli में देखें कला और रॉयल्टी का बेजोड़ संगम
सितंबर का महीना घूमने के लिहाज से बेहद खास होता है क्योंकि इस महीने में न ज्यादा गर्मी होती है और न ज्यादा बारिश होती है। ऊपर से मौसम भी सुहावना होता है। इस दौरान लोग घूमने के लिए कहीं न कहीं जरुर जाते हैं। अगर आप भी घूमने का प्लान बना रही हैं और समझ नहीं आ रहा है, कहां जाएं, तो यह लेख आपके लिए है। इस बार सितंबर में इतिहास, कला और राजशाही ठाट-बाट से भरपूर इन हवेलियों का दीदार जरुर करें। शेखावाटी की प्रसिद्ध हवेलियां सितंबर के महीने में घूमने के लिए शेखावाटी की ये भव्य हवेलियां सबसे बेस्ट हैं। यहां पर आपको सैकड़ों साल पुराने राजसी दौर की झलक देखने को मिलेगी। आइए आपको बताते हैं शेखावाटी की इन चुनिंदा हवेलियों और अनोखी वास्तुकला के बारे में बताते हैं- मंडावा की कलात्मक हवेलियां शेखावाटी के मंडावा शहर की हर गली में आपको शानदार कलाकृति और अद्भुत नजारे देखने को मिलते हैं। यहां आप मंडावा किला, हवेली, मुरमुरिया हवेली और चौखानी हवेली जैसी कई शानदार हवेलियों को देख सकते हैं। इन हवेलियों की बाहरी दीवारों पर बनीं सुंदर पेंटिंग्स देखने लायक है। नवलगढ़ की ऐतिहासिक हवेलियां यदि आपको फोटग्राफी का सबसे ज्यादा क्रेज और शौक है, तो आप नवलगढ़ की पोद्दार हवेली और आनंदीलाल पोद्दार हवेली देखने जरुर जाएं। यहां पर आपको दीवारों पर बेहतरीन रंगों और सोने-चांदी की नक्काशी से बनी पेंटिंग फोटोग्राफी देखने को मिलेगी। वहीं, आपको यहां पर राजस्थानी की लोक संस्कृति और वास्तुकला की भी पूरी जानकारी मिलेगी। फतेहपुर शेखावाटी की नादिन ले प्रिंस हवेली अगर आप फ्रांसीसी कला का शानदार अनुभव प्राप्त करना चाहते हैं, तो आप फतेहपुर कीनादिन ले प्रिंस हवेली' जरुर विजिट करें, यहां पर आपको राजस्थानी रॉयल्टी देखने को मिलेंगे। इसके अलावा, आप यहां द्वारकाधीश हवेली और सिंघानिया हवेली के दर्शन करने जरुर जा सकते हैं। शेखावाटी की हवेलियों तक कैसे पहुंचे? - यहां जाने के लिए आप सबसे नजदीकी एयरपोर्ट 'जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट' जाएं। यहां से फिर मंडावा और नवलगढ़ से करीब 150 से 170 किलोमीटर दूर है। एयरपोर्ट से बाहर आते ही आपको कैब या टैक्सी मिल जाएगी, जो आपको इस लोकेशन पर पहुंचा देगी। - इसके अलावा, आप नवलगढ़, मुकुंदगढ़ या झुंझुनू रेलवे स्टेशन के लिए ट्रेन टिकट बुक कर सकते हैं। ये तीनों रेलवे स्टेशन शेखावाटी के काफी नजदीक है। स्टेशन से बाहर आते ही आपको आसानी से लोकल बस या टैक्सी यहां पर जाने के लिए मिल जाएंगी।
कैमूर: प्रमुख पर्यटन स्थल करमचट डैम में दिखा मगरमच्छ, मोटरबोट की सुविधा वाले जलाशय में बढ़ा खतरा
3 सितंबर, गुरुवार: कैमूर के करमचट डैम में मगरमच्छ तैरता दिखाई दिया। डैम में मोटरबोट की सुविधा होने से पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
प्रेग्नेंट दीपिका और बेटी दुआ को लेकर वेकेशन पर निकले रणवीर सिंह! बेबी बंप फोटोज देख चहक उठे फैंस
Ranveer Singh Deepika Padukone Photos Fact Check:
Gaurav Khanna माता-पिता के साथ मसूरी वेकेशन पर निकले, बारिश में फंसे तो ऐसे किया एन्जॉय
एक्टर गौरव खन्ना सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं। एक्टर लगातार अपने फैंस के साथ अपनी जिंदगी से जुड़े अपडेट शेयर कर रहे हैं। हाल ही में गौरव ने एक नया वीडियो शेयर कर बताया कि वह अपने माता-पिता के साथ मसूरी वेकेशन पर गए हैं। गौरव ने वीडियो में उस कार की झलक भी दिखाई, जिसमें वह अपनी मां और पिता के साथ सफर कर रहे हैं। पहाड़ों की ओर जाते हुए गौरव काफी खुश नजर आए। वीडियो में उन्होंने कहा, बादलों के बीच में जाते हुए। इस वीडियो के साथ उन्होंने मसूरी का नाम भी लिखा। बारिश में फंसे गौरव खन्ना मसूरी पहुंचने के बाद गौरव ने एक और वीडियो शेयर किया, जिसमें वह बारिश का मजा लेते नजर आए। उन्होंने बताया कि वहां बारिश काफी तेज हो रही थी। गौरव ने कहा कि उन्होंने छतरी भी ली थी, लेकिन तेज बारिश की वजह से उनके हाल खराब हो गए। इसके बाद गौरव एक रेस्टोरेंट में चाय पीते नजर आए। उन्होंने कहा कि ट्रिप पर इतनी बारिश में आएंगे तो ऐसा होना ही है, लेकिन यही तो ट्रिप का मजा है। वीडियो के आखिर में गौरव ने मजाकिया अंदाज में कहा, मजा भी है। इसे भी पढ़ें: Tumbbad 2 की रेकी के दौरान हुआ बड़ा खुलासा: उसी खौफनाक हवेली में टीम को मिला 8 साल पुराना रहस्यमयी खजाना! फैंस ने गौरव के वेकेशन को बताया जरूरी गौरव खन्ना के ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। फैंस को उनका अपने माता-पिता के साथ समय बिताना काफी पसंद आ रहा है। कई फैंस का मानना है कि गौरव को इस तरह के ब्रेक और वेकेशन की जरूरत थी। कुछ फैंस ने गौरव और उनकी पत्नी आकांक्षा चमोला के रिश्ते को लेकर भी कमेंट किए। फैंस का कहना है कि आकांक्षा से अलग रहने के बाद गौरव के लिए परिवार के साथ समय बिताना और घूमना अच्छा है। इसे भी पढ़ें: Pune में घर खरीदने के बाद अब शादी की जिम्मेदारियों पर क्या बोले Parth Samthaan गौरव खन्ना और आकांक्षा चमोला का अभी तक नहीं हुआ तलाक गौरव खन्ना और आकांक्षा चमोला की शादी और तलाक को लेकर लंबे समय से चर्चा होती रही है। लॉकअप 2 में गौरव, आकांक्षा को सपोर्ट करने पहुंचे थे। उस दौरान एक्टर ने बताया था कि दोनों अभी भी कानूनी तौर पर शादीशुदा हैं और उनका तलाक नहीं हुआ है। वहीं, लॉकअप 2 के बाद आकांक्षा चमोला ने भी बताया था कि अभी तक तलाक के पेपर साइन नहीं हुए हैं। फिलहाल दोनों अपने-अपने प्रोजेक्ट्स में बिजी हैं। इस बीच गौरव अपने माता-पिता के साथ मसूरी ट्रिप का आनंद लेते नजर आ रहे हैं।
राजधानी दिल्ली को सिर्फ ट्रांजिट सिटी के बजाय देश-दुनिया के पर्यटकों के लिए पूर्ण पर्यटन गंतव्य बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने मंगलवार को चार नए आध्यात्मिक एवं विरासत पर्यटन सर्किट शुरू किए।
कड़कड़ाती सर्दी में बिकिनी पहन पूल में उतरीं रुबीना दिलैक, जापान वेकेशन की दिखाई झलक
टीवी की संस्कारी बहू रुबीना दिलैक रियल लाइफ में काफी ग्लैमरस हैं। वह अक्सर फैंस के साथ अपनी हॉट एंड सिजलिंग तस्वीरें शेयर करती रहती हैं। रुबीना वह छोटे पर्दे की हाई पेड एक्ट्रेसेस में शुमार है। हाल ही में रुबीना ने अपनी जापान ट्रिप की तस्वीरें फैंस ...
स्विमिंग पूल किनारे मोनालिसा का सिजलिंग अंदाज, वेकेशन से शेयर की बोल्ड तस्वीरें
भोजपुरी एक्ट्रेस मोनालिसा हिंदी टीवी इंडस्ट्री में भी अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी मोनालिसा की जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। वह अपनी ग्लैमरस तस्वीरों से तहलका मचाती रहती हैं। मोनालिसा इन दिनों थाइलैंड में वेकेशन एंजॉय कर रही ...
कैंसर के ट्रीटमेंट जंग के बीच वेकेशन मनाने मालदीव पहुंचीं हिना खान, शेयर की खूबसूरत तस्वीरें
टीवी एक्ट्रेस हिना खान भले ही कैंसर से जंग लड़ रही हैं, लेकिन वह अपनी लाइफ को खुलकर जी रही हैं। इस गंभीर बीमारी से जंग लड़ते हुए वह लाइफ का हर पल एंजॉय कर रही हैं। हिना खान इन दिनों मालदीव में वेकेशन एंजॉय कर रही हैं। मालदीव में वेकेशन मनाते हुए ...
Tejasswi Praksh-Karan Kundrra नहीं हुए अलग,रोमांटिक वेकेशन एन्जॉय कर रहा है कपल करीबी दोस्त ने खोला राज
सोशल मीडिया पर भारतीय क्रिकेट टीम के हरफनमौला खिलाड़ी हार्दिक पंड्या और उनकी पत्नी नतासा स्टेनकोविक के अलग होने की अफवाहें जोरों पर हैं। यह सब तब शुरू हुआ जब नतासा ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से 'पांड्या' उपनाम हटा दिया। प्रशंसकों ने यह भी देखा कि वह आईपीएल मैचों के दौरान स्टैंड्स से गायब थीं। हालांकि, तमाम अटकलों के बावजूद इस जोड़े ने इस मामले पर चुप्पी साध रखी है। दूसरी ओर, एक ताजा रिपोर्ट से पता चलता है कि हार्दिक विदेश में किसी अज्ञात स्थान पर छुट्टियां मना रहे हैं। विस्तार से जानने के लिए आगे पढ़ें। इसे भी पढ़ें: Shabana Azmi ने Shashi Kapoor के साथ इंटीमेट सीन करने से किया था इंकार, सुपरस्टार ने कह दिया था एक्ट्रेस को 'बेवकूफ लड़की' | Read All About नताशा स्टेनकोविक से अलगाव की अफवाहों के बीच हार्दिक पंड्या विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं हार्दिक पंड्या की पत्नी नतासा स्टेनकोविक के साथ निजी जिंदगी हाल ही में चर्चा का विषय बनी हुई है। क्रिकबज द्वारा रविवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि अलगाव की अफवाहों के बीच क्रिकेटर विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं। अभी लोकेशन का नाम सामने नहीं आया है। इसे भी पढ़ें: Anant Ambani और Radhika Merchant Pre-Wedding Party! तारों भरी रात से लेकर टोगा पार्टी तक, जानें इस बार क्या-क्या होगा खास यह बताया गया है कि इंडियन प्रीमियर लीग से अपनी टीम के बाहर होने के बाद क्रिकेटर ने देश छोड़ दिया। कठिन अवधि के बाद तरोताजा होने के लिए, उन्होंने विदेश में एक सप्ताह की छुट्टी का विकल्प चुना। हार्दिक के शीघ्र ही न्यूयॉर्क में टी20 विश्व कप 2024 के अभ्यास सत्र के लिए भारतीय टीम में फिर से शामिल होने की उम्मीद है। विशेष रूप से, आईपीएल 2024 में मुंबई इंडियंस के लिए रोहित शर्मा की जगह हार्दिक के नेतृत्व की काफी आलोचना हुई। पूरे सीज़न में भारतीय क्रिकेटर को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। इस बीच, वह पेशेवर असफलताओं से जूझ रहे थे। उनकी निजी जिंदगी सुर्खियों में आ गई। कुछ दिन पहले हार्दिक ने अपने सोशल मीडिया पर ढेर सारी तस्वीरें और वीडियो शेयर किए थे। वीडियो में उन्हें पूल में तैरते हुए अच्छा समय बिताते हुए दिखाया गया, जबकि फोटो में वह एक खूबसूरत बैकग्राउंड के साथ पोज दे रहे थे। इसे छोटा और सरल रखते हुए, उन्होंने पोस्ट को कैप्शन दिया था, रिचार्जिंग। पोस्ट के जवाब में, कई प्रशंसकों ने उनके टिप्पणी अनुभाग में बाढ़ ला दी, अपना अटूट समर्थन दिखाया और आगामी विश्व कप के लिए उनकी जय-जयकार की। एक यूजर ने लिखा, “हार्दिक पंड्या जल्द ही टी20 वर्ल्ड कप में वापस आ रहे हैं,” एक अन्य फैन ने लिखा, “हार्दिक टी20 में अपने पुराने मॉडल के साथ आएं और अपने नफरत करने वालों को चुप करा दें। जबकि एक तीसरे फैन ने लिखा, “मजबूत वापसी भाई।” इसके अतिरिक्त, एक प्रशंसक ने लिखा, अपना भाई शेर था और रहेगा तू टेंशन माउंट लेना रे। एक अन्य प्रशंसक ने कहा, कोई बात नहीं हम सब आपके साथ हार्दिक हमारे हीरो हैं। एक अन्य प्रशंसक ने कहा, हार्दिक भाई विश्व कप में वापसी करेगा। हार्दिका पंड्या की पत्नी नतासा ने अलगाव की अफवाहों पर प्रतिक्रिया दी दूसरी ओर, अलगाव की अफवाहों के बीच हार्दिक की पत्नी को शनिवार को पहली बार शहर में देखा गया। अपनी नवीनतम आउटिंग में, उन्हें एक कैफे से बाहर निकलते समय एक करीबी दोस्त के साथ देखा गया था। जाने से पहले एक्ट्रेस ने शटरबग्स के लिए पोज दिए। दरअसल, एक पिता ने उनसे तलाक के बारे में पूछा। हालांकि, इसके जवाब में एक्ट्रेस ने सवाल को नजरअंदाज करने का फैसला किया और सम्मानजनक चुप्पी बनाए रखी. जाने से पहले, उसने बस इतना कहा, बहुत-बहुत धन्यवाद और अपनी प्रतीक्षारत कार की ओर बढ़ गई। अपनी नवीनतम आउटिंग के दौरान, जब वह अपने दोस्त के साथ एक कैफे से बाहर निकली, तो उसे गुलाबी शर्ट के साथ सफेद टॉप और शॉर्ट्स पहने देखा गया। दो महीने पहले एक नौका पर बॉलीवुड अभिनेत्री को प्रस्ताव देने के बाद, हार्दिक और नतासा ने लगभग चार साल पहले 31 मई, 2020 को शादी कर ली थी। उनके पहले बच्चे, अगस्त्य का जन्म 30 जुलाई, 2020 को हुआ था। अपनी तीसरी शादी की सालगिरह मनाते हुए, हार्दिक और नतासा ने उदयपुर में एक भव्य समारोह के साथ अपनी प्रतिज्ञाओं को भी नवीनीकृत किया था। View this post on Instagram A post shared by Hardik Himanshu Pandya (@hardikpandya93) View this post on Instagram A post shared by Viral Bhayani (@viralbhayani)
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