धूधेश्वर धाम विकास की बाट जोह रहा, अरावली की गोद में बसे पर्यटन स्थल की उपेक्षा
अरावली की गोद में बसे धूधेश्वर धाम के विकास के कई आश्वासन हुए, सर्वे और जीर्णोद्धार भी हुआ, फिर भी पर्यटन स्थल विकास से दूर है।
केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश में पर्यटन ढांचे को मजबूत करने के लिए 84 करोड़ वित्तीय सहायता मंजूर की है। इसमें चिंतपूर्णी मंदिर के लिए 56 करोड़ और सीमावर्ती क्षेत्र रकछम व काजा के विकास के लिए भी प्रावधान है।
Travel Tips: प्रकृति को करते हैं बहुत ज्यादा पसंद तो फिर घूम आए आप भी झारखंड के इन हिल स्टेशनों पर
इंटरनेट डेस्क। आप भी अगर झारखंड घूमने जाने की प्लानिंग कर रहे हैं तो फिर ये खबर आपके लिए काम की है। जी हां यहां भी घूमने लायक बहुत सी जगहें हैं जो ट्रिप को यादगार बना सकती हैं। झारखंड के घने-जंगल और पहाड़, खूबसूरत झरने नेचर लवर्स को अपनी ओर अट्रैक्ट करते हैं। तो चलिए आपको झारखंड के हिल स्टेशनों के बारे में बताते हैं। नेतरहाट झारखंड की राजधानी रांची से करीब 150 किलोमीटर की दूरी पर लातेहार जिले में स्थित नेतरहाट बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन है जिसका दूसरा नाम छोटा नागपुर की रानी भी है। यह हिल स्टेशन समुद्र तल से करीब 3,622 फीट की ऊंचाई पर बसा है, जो सनसेट और सनराइज के नजारों के लिए खूब मशहूर है। इसके अलावा, कोयल व्यू पॉइंट, मैग्नोलिया पॉइंट और घाघरी जलप्रपात मुख्य आकर्षण है। गिरिडीह हिल यह हिल स्टेशन झारखंड के गिरिडीह जिले में ही स्थित है, इसे पारसनाथ की पहाड़ी के नाम से भी जाना जाता है। इसके नाम से ही पता चल गया होगा कि यह स्थान जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर भगवान पारसनाथ की वजह से लोकप्रिय है। इस पहाड़ी की सबसे ऊंची चोटी सम्मेद शिखरजी है। वहीं, घूमने लायक जगहों की बात करें तो इसमें सम्मेद शिखरजी के साथ ही उसरी जलप्रपात, खंडोली पहाड़ी, बांध और मधुबन शामिल हैं। pc- curlytales.com
पहाड़ी पर रानी दुर्गावती के जीवन, शौर्य और गोंडवाना की विरासत को प्रदर्शित करने के लिए संग्रहालय, उद्यान, सौंदर्यीकरण और अन्य पर्यटन सुविधाएं विकसित की जाएंगी। अक्टूबर 2023 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वीरांगना रानी दुर्गावती स्मारक और उद्यान का भूमिपूजन किया था
चंदेरी को भगवान श्रीकृष्ण की बुआ श्रुति के बेटे शिशुपाल की राजधानी माना जाता है। उस दौरान इसका उल्लेख चेदी राज्य के रूप में मिलता है। चंदेरी की रणनीतिक स्थिति में इसके समृद्धि की बड़ी वजह रही। कभी चंद्रगिरि कहा जाने वाला चंदेरी, बुंदेलखंड और मालवा की सीमा पर बसा है। जिसका उल्लेख महाभारत में भी मिलता है। यहां पर मालवा के सुल्तानों और बुंदेल के राजपूतों द्वारा बनवाई गई तमाम इमारतें देखी जा सकती हैं। नदी किनारे गुफाओं में बने शैलचित्र सांस्कृतिक वैभव और कलात्मक सौंदर्य का परिचय देते हैं। यहां के शैलचित्रों को देखकर कहा जा सकता है कि चंदेरी प्रागैतिहासिक काल से एक जीवंत शहर है। चंदेरी साड़ियों से तो सभी वाकिफ हैं, चंदेरी साड़ियां अपने शिल्प और नफासत के लिए फेमस हैं। इसे भी पढ़ें: Monsoon Tourism 2026: भीड़भाड़ से दूर शांति देंगे ये 4 Budget Friendly Destinations, आज ही करें अपने ट्रिप का Plan जानें चंदेरी में कहां घूमें कोशक महल वहीं खिलजी वंश के शासनकाल में यह महल इस्लामी वास्तुकला का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। चतुर्भुज आकार में निर्मित इस त्रि-स्तरीय महल के विशाल द्वार, झरोखे, खुले गलियारे इसकी स्थायपत्य कला को अनुपम बनाते हैं। इस महल के छत से दिखने वाले प्राकृतिक दृश्य इसकी शोभा को दोगुना कर देती है। कोशल इमारत के हर कक्ष के छत की डिजाइन बेहद अनोखा है। शुरूआत में 7 मंजिला इमारत के रूप में यह ढांचा सिर्फ 3 मंजिलों तक पूरा हो सका। चंदेरी किला चंदेरी किला शहर से 71 मीटर ऊंची पहाड़ी पर स्थित यह किला अभी भी शान से खड़ा है। यह किला कभी अभेद्य दुर्ग की तरह रहा होगा। यह किला 5 किमी लंबी दीवार से घिरा है। किले तक पहुंचने के तीन रास्ते हैं: पहला पक्का रास्ता है, जिससे आप गाड़ी से किले तक जा सकते हैं। दूसरा रास्ता खूनी दरवाजा है, जहां से पैदल पहुंचा जा सकता है। खूनी दरवाजा लकड़ी का बड़ा द्वार है। इस पर मालवा के सुल्तान कैदियों के शवों को लटका देते थे। बताया जाता है कि जब बाबर ने किले की घेराबंदी की थी। तो यह सच में खून से नहा गया था। इसको आखिरी किला कहा जाता था, यानी जब शासक को पता होता था कि उसकी हार होना निश्चित है। वह यहीं से युद्ध करते थे, जिससे तहखाने से निकलकर सुरक्षित जा सकें। बत्तीसी बावड़ी चौकोर, गोल और समकोण बावड़ियों से भरा यह अफगान वास्तुकला की निशानी है। इसकी सुंदर सीढ़ियों के ऊपर बने बीच में स्वागत द्वारों ने इसको अधिक भव्य बनाया है। 60-60 फीट लंबी-चौड़ी बावड़ी आज भी पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। यहां पर आपको एक फारसी में लिखा शिलालेख भी मिलेगा। जिसका अर्थ है, जो स्वर्ग की झलक देखना चाहता है, वह यहां पर थोड़ा विश्राम करें, क्योंकि स्वर्ग इसी की तरह है। कटी घाटी इसको विशाल चट्टान को तराश कर बनाया गया है। चंदेरी के दक्षिणी किनारे पर स्थित यह मार्ग बुंदेलखंड और मालवा के बीच एक कड़ी का काम करता था। मालवा के सुल्तान ग्यासुद्दीन खिलजी के स्वागत के लिए इसको रातों-रात बनाया गया था। लेकिन इस दरवाजे में कुंडे या टिकाव के लिए राजमिस्त्री ने जगह नहीं छोड़ी थी। इस कमी को देखते हुए जिमन खान ने मिस्त्री को मेहनताना देने से इंकार दिया। इससे दुखी होकर मिस्त्री ने आत्महत्या कर ली। तब से यह कटी घाटी गेट बिना दरवाजे के खड़ा है। शहजादी का रोजा चंदेरी के गवर्नर की बेटी मेहरुनिस्सा और एक सेनापति के अमर प्रेम का प्रतीक यह मकबरा है। इसको 15वीं शताब्दी में गवर्नर ने बनवाया था। गवर्नर ने दोनों को अलग करने के लिए सेनापति को युद्ध में भेजा और सैनिकों को निर्देश दिए कि वह जीवित वापस न आ पाए। यह जानकारी मिलने पर शहजादी ने रोजे रखे थे। घायल होने के बाद भी सेनापति बच गया और वापस चंदेरी आ गया। जब मेहरुन्निसा उससे मिली, तो वह सेनापति अंतिम सांसे ले रहा था। उसी दौरान शहजादी ने भी प्राण त्याग दिए। रोजा रखने के कारण इस मकबरे का नाम 'शहजादी का रोजा' पड़ा। बाद में दोनों प्रेमियों को गवर्नर ने इस मकबरे में साथ दफनाया। यात्रा से जुड़ी जरूरी जानकारी यहां का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन ललितुर है। वहीं भोपाल एयरपोर्ट से कैब लेकर भी यहां तक आसानी से पहुंचा जा सकता है। बुंदेली खानों का स्वाद लें, जैसे मक्के की रोटी, दाल बाफला, रसखीर और सूजी के लड्डू। चंदेरी घूमने का सबसे सही समय अक्तूबर से लेकर मार्च के बीच का है। दो लोगों के एक दिन रहने और खाने का अनुमानित खर्च 2.5 से 3 हजार रुपए तक है। यहां का मौसम अधिकतम 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 15 से 20 डिग्री सेल्सियस तक रहता है।
Goa Tourism: जनवरी से जुलाई तक आए 61.38 लाख पर्यटक, मंत्री Rohan Khaunte ने दी जानकारी
गोवा में इस साल जनवरी से जुलाई के बीच 61.38 लाख पर्यटक आए। इस दौरान केवल जुलाई महीने में ही पर्यटकों की संख्या सालाना आधार पर 2.27 प्रतिशत बढ़ी। मानसून के दौरान आमतौर पर गोवा में पर्यटकों की संख्या कम रहती है लेकिन इस साल के आंकड़े कुछ अलग तस्वीर पेश कर रहे हैं। गोवा के पर्यटन मंत्री रोहन खाउंटे ने रविवार को बताया कि अब ध्यान केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ाने पर नहीं बल्कि बाजारों का दायरा बढ़ाने, अंतरराष्ट्रीय संपर्क में सुधार करने और ऐसे पर्यटन विकल्प विकसित करने पर केंद्रित है जो साल भर पर्यटकों को आकर्षित कर सकें। पर्यटक विभाग के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में जनवरी से जुलाई तक कुल 59.02 लाख घरेलू एवं 2.36 लाख अंतरराष्ट्रीय पर्यटक आए जो सालाना आधार पर 0.08 प्रतिशत की वृद्धि है। केवल जुलाई महीने में 6.94 लाख पर्यटक आए जो जुलाई 2025 के मुकाबले 2.27 अधिक है। खाउंटे ने कहा कि ये आंकड़े दर्शाते हैं कि गोवा अब भी एक प्रमुख पर्यटन स्थल बना हुआ है।
मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत अमृतसर से नए रूटों के लिए बसों का काफिला रवाना
मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत अमृतसर से नए रूटों के लिए बसों का काफिला रवाना
कब्ज के डर से ट्रैवल नहीं करते? न्यूट्रिशनिस्ट की ये Travel Gut Kit दिला सकती है राहत, देखें Video
Kabj Se Bachne Ke Liye Kya Khaye: सफर के दौरान कब्ज की समस्या से परेशान हैं? न्यूट्रिशनिस्ट राशि चौधरी ने बताया कि प्रून्स, चिया सीड्स, पानी और मैग्नीशियम जैसी चीजें पेट को स्वस्थ रखने में मदद कर सकती हैं.
पूर्व रेलवे ने वित्त वर्ष 2026-27 में जुलाई तक 44.8 करोड़ यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाया और रिकॉर्ड 4,987 करोड़ रुपये का यात्री राजस्व अर्जित किया।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार में ईको टूरिज्म के समग्र विकास की समीक्षा की, जिसमें ट्रैकिंग, माउंटेनियरिंग और रॉक क्लाइंबिंग जैसी साहसिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
जमुई जिले में स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में कभी अति नक्सल प्रभावित रहे गुरमाहा और चोरमारा गांवों की बेटियों ने अपनी लोक कला के जरिए जिले की बदलती तस्वीर पेश की। इन इलाकों की बच्चियों ने पारंपरिक नृत्य और गीतों के माध्यम से शांति, विकास और पर्यटन का संदेश दिया। लोक नृत्य से गूंज उठा रावणेश्वर हॉल रावणेश्वर हॉल में आयोजित कार्यक्रम में गुरमाहा और चोरमारा गांव की बच्चियों ने सबसे पहले पारंपरिक लोक नृत्य प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुति पर पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा। इसके बाद बच्चियों ने जमुई के गांवों, प्राकृतिक सुंदरता और इको-टूरिज्म से जुड़े लोकगीत प्रस्तुत किए। लोक संस्कृति और प्रकृति से जुड़ी इस प्रस्तुति ने दर्शकों को भावुक कर दिया। सरकारी स्कूलों के बच्चों ने दिखाई प्रतिभा जिला प्रशासन की ओर से आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में सरकारी विद्यालयों के बच्चों ने गायन, वादन, नृत्य और अभिनय की शानदार प्रस्तुतियां दीं। जिला पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी में रावणेश्वर हॉल दर्शकों से खचाखच भरा रहा। रिकॉर्डेड म्यूजिक की जगह लाइव प्रस्तुति कार्यक्रम की खास बात यह रही कि बच्चों ने रिकॉर्डेड संगीत के बजाय लाइव गायन और वादन के साथ प्रस्तुतियां दीं। विद्यार्थियों के साथ संगीत शिक्षकों ने भी मंच पर सहयोग किया। इससे सरकारी विद्यालयों में संगीत शिक्षा के सकारात्मक परिणाम भी सामने आए। भगत सिंह और आजाद के बलिदान पर नाटक अन्य विद्यालयों के बच्चों ने भी देशभक्ति और सामाजिक मुद्दों पर आधारित कार्यक्रम प्रस्तुत किए। भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद के बलिदान पर आधारित नाटक के जरिए राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया गया। वहीं, बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति पर एक छात्रा की प्रस्तुति ने लोगों को भावुक कर दिया। कजरी, संथाली नृत्य और अन्य लोक प्रस्तुतियों ने भी दर्शकों का मन मोह लिया। सही अवसर मिले तो गांव के बच्चे भी छा सकते हैं यह कार्यक्रम इस बात का उदाहरण बना कि सरकारी विद्यालयों के बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर गांवों के बच्चे भी बड़े मंच पर अपनी पहचान बना सकते हैं। गुरमाहा और चोरमारा की बेटियों की प्रस्तुति ने जमुई में शांति, विकास और सामाजिक बदलाव की एक नई तस्वीर पेश की। कार्यक्रम से जुड़ी अन्य तस्वीरें…
श्रावण में गंगा महादेव का नजारा अलग ही रुप ले लेता है। मंदिर में शिवभक्तों की कतार और आसपास बहते झरने के कारण पूरा क्षेत्र आकर्षण का केंद्र बन जाता है।
करीना कपूर ने सैफ के बर्थडे पर शेयर की अनदेखी वेकेशन फोटोज, एक्ट्रेस ने वाइट बिकिनी में दिए पोज
करीना कपूर ने पति सैफ अली खान के 56वें जन्मदिन के मौके पर उन्हें खास अंदाज में विश किया है। एक्ट्रेस ने अपनी वेकेशन फोटोज शेयर कर सैफ को अपना सब कुछ बताया। देखिए सैफ और करीना की ये अनदेखी तस्वीरें यहां-
अशोकनगर जिले के चंदेरी में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री पर्यटन हेलीकॉप्टर सेवा के तहत चंदेरी हेलीपैड पर दो हेलीकॉप्टर एक साथ उतरे। इनमें से एक हेलीकॉप्टर भोपाल से छह पर्यटकों को लेकर आया, जबकि दूसरा ओरछा से दो पर्यटकों को चंदेरी लेकर पहुंचा।केंद्रीय मंत्री और क्षेत्रीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इन हेलीकॉप्टरों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं। उन्होंने इस घटना को चंदेरी के पर्यटन के लिए एक नई उड़ान बताया। सिंधिया ने चंदेरी के आसमान में इन हेलीकॉप्टरों का दिखना इस बात का संकेत है कि यह ऐतिहासिक नगरी पर्यटन के नए मानचित्र पर तेजी से अपनी पहचान बना रही है। सिंधिया ने अपनी पोस्ट में आगे कहा कि यह केवल दो हेलीकॉप्टरों का चंदेरी पहुंचना मात्र नहीं है। यह चंदेरी की समृद्ध विरासत, अनूठी वास्तुकला, प्राकृतिक सौंदर्य और विश्व प्रसिद्ध चंदेरी हैंडलूम को देश-दुनिया के पर्यटकों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस हेलीकॉप्टर सेवा के शुरू होने से चंदेरी आने वाले पर्यटकों को हवाई कनेक्टिविटी का एक नया विकल्प मिल गया है। उम्मीद है कि इससे ऐतिहासिक नगरी के पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर होटल, गाइड, हस्तशिल्प तथा हैंडलूम कारोबार को भी आर्थिक लाभ होगा।
सपना है विदेश घूमने का पर बजट है कम? भारत की ये 7 जगहे रहेगी बेस्ट
Best Travel Destinations in India: यूरोप घूमने का सपना है लेकिन बजट और वीजा की चिंता सता रही है? तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. भारत में ऐसी कई खूबसूरत जगहें है, जहां आप कम खर्च में फ्रांस, स्विट्जरलैंड और दूसरे यूरोपीय देशों जैसा शानदार ट्रैवल एक्सपीरियंस ले सकते हैं.
स्कूली शिक्षा में स्टूडेंट्स के विकास के साथ अब घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने की पहल की जा रही है। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुए मुख्य सचिवों के 5वें राष्ट्रीय सम्मेलन में तय प्राथमिकताओं के तहत स्कूलों के शैक्षणिक भ्रमण में देश के प्रमुख पर्यटन और सांस्कृतिक स्थलों को प्राथमिकता दी जाएगी। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सभी संभागीय संयुक्त निदेशकों को अपने-अपने क्षेत्र में जरूरी दिशा-निर्देश जारी कर उनकी सख्ती से पालना सुनिश्चित करने को कहा है। इससे टोंक के स्थानीय पर्यटन स्थलों को भी शैक्षणिक भ्रमण में शामिल किए जाने और उनकी सार-संभाल बढ़ने की उम्मीद है। मुख्य सचिवों के सम्मेलन के फैसले के बाद निर्देश प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में गत दिनों मुख्य सचिवों का 5वां राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया था। सम्मेलन में तय प्राथमिकताओं के अनुसार विद्यार्थियों के शैक्षणिक भ्रमण के जरिए घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने का फैसला किया गया। इसके तहत अब स्कूलों के शैक्षणिक भ्रमण में देश के प्रमुख पर्यटन और सांस्कृतिक स्थलों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। सभी संभागीय संयुक्त निदेशकों को दिए निर्देश माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में जिला शिक्षा अधिकारी (गुणवत्ता एवं नवाचार) डॉ. राम गोपाल शर्मा ने प्रदेश के सभी संभागीय संयुक्त निदेशकों (स्कूल शिक्षा) को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। उन्हें अपने-अपने क्षेत्राधिकार में जरूरी दिशा-निर्देश जारी करने और उनकी सख्ती से पालना सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। टोंक के पर्यटन स्थलों को भी मिलेगा फायदा शैक्षणिक भ्रमण में पर्यटन स्थलों को शामिल करने से टोंक के स्थानीय पर्यटन स्थलों की महत्ता भी बढ़ेगी। इन स्थलों को विद्यार्थियों के शैक्षणिक भ्रमण में शामिल करने से उनकी सार-संभाल भी बढ़ेगी। पर्यटन और शैक्षणिक महत्व वाले स्थानों को प्राथमिकता भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय और शिक्षा विभाग के दिशा-निर्देशों के तहत युवाओं और विद्यार्थियों के संगठित समूहों के माध्यम से देश में घरेलू पर्यटकों की संख्या बढ़ाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके तहत स्कूलों में होने वाले वार्षिक शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रमों में भ्रमण स्थलों का चयन करते समय पर्यटन और शैक्षणिक महत्व वाले स्थानों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। अंडमान-निकोबार बनेगा 'जीवंत कक्षा' अंडमान और निकोबार द्वीप समूह को विद्यार्थियों के लिए केवल एक पारंपरिक पर्यटन स्थल के बजाय 'जीवंत कक्षा' की तरह बताया गया है। यह द्वीप समूह प्राकृतिक, ऐतिहासिक और शैक्षणिक अवसरों का मिश्रण प्रस्तुत करता है। इससे विद्यार्थियों की अकादमिक अध्ययन यात्रा को अधिक समृद्ध और प्रभावकारी बनाने में मदद मिलेगी। सरकारी स्कूलों के स्टूडेंट्स को मिलेगा फायदा शिक्षक संघ रेसटा, राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने बताया कि प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित मुख्य सचिवों के 5वें राष्ट्रीय सम्मेलन से उत्पन्न राष्ट्रीय जनादेश को संगठित युवा और छात्र सहभागिता के माध्यम से घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लागू किया जा रहा है। इसी के तहत माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने सभी संयुक्त निदेशकों को निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि इसका फायदा सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे स्टूडेंट्स को मिलेगा।
मानसून खत्म होने से पहले घूमें ये 7 जगहें, यादगार बन जाएंगे पल
Monsoon Travel Destinations: बारिश के मौसम में घूमने-फिरने का अपना अलग ही मजा है. इस दौरान भारत की कई जगहें हरियाली, झरनों और खूबसूरत वादियों से और भी मनमोहक नजर आती हैं. आज हम आपको भारत की कुछ ऐसी जगहों के बारे में बताएंगे, जहां आप परिवार के साथ घूमने का प्लान बना सकते हैं.
दाभोसा ग्लास स्कायवॉक से पालघर के पर्यटन को मिलेगी नई पहचान, पालकमंत्री गणेश नाईक ने किया लोकार्पण
पालघर, 15 अगस्त . पालघर जिले के प्रसिद्ध दाभोसा जलप्रपात पर निर्मित आकर्षक ग्लास स्कायवॉक का वनमंत्री एवं पालघर जिले के पालकमंत्री गणेश नाईक ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लोकार्पण किया. इस नई पर्यटन परियोजना से जिले में देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है. साथ ही स्थानीय लोगों के ... Read more
Metro Travel: अब एक कार्ड से कई शहरों की मेट्रो में करें सफर! 15 अगस्त से शुरू हुई खास सर्विस, जानें कैसे मिलेगा कार्ड
सीमावर्ती गांव पर्यटन और आजीविका के नए केंद्र बन रहे: सीएम पेमा खांडू
ईटानगर, 15 अगस्त . अरुणाचल प्रदेश के Chief Minister पेमा खांडू ने Saturday को कहा कि राज्य के सीमावर्ती गांव पर्यटन, आजीविका और स्थानीय उद्यम के नए केंद्र के रूप में उभर रहे हैं. उन्होंने कहा कि ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ से सीमावर्ती समुदायों के लिए नए अवसर खुल रहे हैं. 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर ... Read more
क्या आप भी अगस्त में घूमने का बना रहे हैं प्लान और आपका बजट भी लिमिटेड है, तो यह लेख आपके लिए है। वैसे इस महीने के घूमने का एक अलग ही अनुभव होता है, हर तरफ हरियाली और सुकून वाला मौसम होता है। इस बार आप कम बजट में भी कम भीड़ वाली जगहों को एक्सप्लोर कर सकते हैं। आइए आपको इस लेख में बताते हैं कि किसी शांत और खूबसूरत जगहों पर जाने का प्लान। अगस्त में घूमने के लिए 4 बजट-फ्रेंडली डेस्टिनेशंस वैसे तो भारत में घूमने के लिए कई छिपी हुई जगहें, जहां पर काफी शांति देखने को मिलती है। आइए आपको इन जगहों के बारे में बताते हैं- जंजैहली घाटी (हिमाचल प्रदेश) शिमला और मनाली के शोर-शराबे से दूर आप हिमाचल प्रदेश के की इस खूबसूरत जगह पर जा सकते हैं। मंडी जिले में स्थित जंजैहली घाटी, जहां मानसून के समय सेब के बागान और हरे-भरे मखमली मैदान देखने के लायक होते है। यह जगह ट्रेकिंग और नेचर वॉक के लिए शौकीनों के लिए बेस्ट है। कैसे पहुंचे? - दिल्ली से जंजैहली घाटी पहुंचने के लिए सबसे पहले ISBT कश्मीरी गेट से मंडी/ओट के लिए सीधी HRTC या प्राइवेट वोल्वो बस पकड़ लें। - मंडी से जंजैहली की दूरी करीब 85 किमी है, आपको यहां से स्थानीय बस या प्राइवेट टैक्सी मिल जाएगी। - आप चाहे, तो दिल्ली से चंडीगढ़ या ऊना हिमाचल तक ट्रेन लें। इसके बाद बस या टैक्सी से करीब 5-6 घंटे में यहां पहुंच जाए। ओरछा और गढ़कुंडार (मध्य प्रदेश) मध्य प्रदेश या आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोग, यहां पर जरुर जाएं। यहां आपको बेतवा नदी के तट पर बसा ऐतिहासिक कस्बा ओरछा और पास ही स्थित गढ़कुंडार का किला देखने का गजब का अनुभव प्राप्त होगा। मानसून के समय जंगलों के बीच बने प्राचीन महल, छतरियां और नदियां आपके ट्रिप को यादगार बना देगी। जिन लोगों को फोटोग्राफी और इतिहास जानने का शौक है, वो लोग इस जगह को जरुर एक्सप्लोर करें। ऐसे पहुंचें - - ओरछा और गढ़कुंडार जाने के लिए आप झांसी वीरांगना लक्ष्मीबाई, झांसी रेलवे स्टेशन पहुंचना होगा। - स्टेशन के बाहर से ऑटो या टैक्सी आसानी से मिल जाएंगे। आप लोकल बस से भी यहां तक पहुंच सकते हैं। - यहां पहुंचने के लिए नजदीकी एयरपोर्ट ग्वालियर है। वहीं, एयरपोर्ट से ओरछा की दूरी करीब 130 किमी है। भंडारदरा और घाटघर (महाराष्ट्र) यदि आपको झरने देखने का काफी शौक है, तो आप अगस्त के महीने में आप इस जगह को जरुर एक्सप्लोर करें। मुंबई और पुणे के पास बसा भंडारदरा का घाटघर क्षेत्र घूमने के लिए सबसे बेस्ट है। मानसून के दौरान पूरी तरह धुंध और सैकड़ों मौसमी झरने देखने को मिलते हैं। यहां पर रंधा फॉल्स और आर्थर लेक अगस्त की बारिश में अपने पूरे शबाब पर होते हैं। कैसे पहुंचे? - इस जगह पर पहुंचने के लिए आपको नजदीकी बड़े शहर मुंबई, पुणे या नाशिक हैं। - आपको यहां आने के लिए मुंबई (BOM) पुणे (PNQ) या नाशिक (ISK) की डायरेक्ट फ्लाइट ले सकते हैं। - मुंबई से भंडारदरा करीब 165 किमी और नाशिक से लगभग 70 किमी दूर है। कसार देवी (उत्तराखंड) अगस्त के महीने में घूमने के लिए अल्मोड़ा के पास बसा कसार देवी भी एक बेहतरीन ऑप्शन हो सकता है। यहां मानसून के समय बादल पहाड़ियों को छूकर गुजरते हैं, जिससे नजारा काफी अद्भुत लगता है। कसार देवी अपनी चुंबकीय ऊर्जा और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। यहां पर आप दोस्तों और फैमिली के साथ घूमने जा सकते हैं। ऐसे पहुंचे - कसार देवी जाने के लिए आप काठगोदाम या हल्द्वानी स्टेशन तक जा सकते हैं। - स्टेशन पहुंचते ही आपको बहार अल्मोड़ा या कसार देवी के लिए शेयरिंग टैक्सी और बसें मिल जाएगी। - यहां का सबसे नजदीकी एयरपोर्ट पंतनगर (PGH) है, जो कि कसार देवी से करीब 125 किमी दूर है।
दमोह जिले में स्वतंत्रता दिवस का पर्व धूमधाम से मनाया गया। शहर के तहसील ग्राउंड में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने सुबह 9 बजे ध्वजारोहण किया। मंत्री लोधी ने परेड की सलामी ली, जिसमें पुलिस, होमगार्ड, एनसीसी और स्काउट के जवानों ने मार्च पास्ट किया। इस अवसर पर कलेक्टर प्रताप नारायण यादव, एसपी आनंद कलादगी, दमोह विधायक जयंत मलैया और सांसद राहुल सिंह सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। ध्वजारोहण के बाद मंत्री लोधी ने मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन किया। हल्की बारिश के बावजूद प्लाटून कमांडरों ने परेड को सलामी दी। इस दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। साथ ही, बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को भी मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। जिले के सभी ब्लॉकों में भी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों द्वारा ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किए गए। पथरिया के शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय परिसर में 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस का मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें जनपद अध्यक्ष के द्वारा ध्वजारोहणकर मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन किया। विधायक की ओर से मिलेगी मेधावी छात्राें को 11 हजार इस मौके पर पथरिया विधायक और मंत्री लखन पटेल के बेटे लकी पटेल ने अपने पिता की ओर से महत्वपूर्ण घोषणा की कि जो भी छात्र कक्षा 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करेगा उसे 11000 की राशि दी जाएगी। यह राशि मंत्री की ओर से छात्रों को मुहैया कराई जाएगी। मंत्री लखन पटेल के बेटे लकी पटेल ने कहा की शासन की ओर से छात्रों को जो सहायता राशि मिल रही है वह तो मिलेगी ही। उनके पिता ने यह संकल्प लिया है कि इस वर्ष से कक्षा 12वीं में शासकीय व निजी स्कूल के जो भी विद्यार्थी अच्छा प्रदर्शन करेंगे उन्हें 11000 की राशि मंत्री लखन पटेल की ओर से उपलब्ध कराई जाएगी।
काशी दर्शन करने वाले पर्यटकों व श्रद्धालुओं के लिए उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने ‘काशी हेरिटेज वॉक’ के तहत तीन टूर पैकेज तैयार किए हैं।
कांगड़ा पर्यटन की राजधानी, हमीरपुर को शिक्षा की राजधानी के रूप में करेंगे विकसित : सुक्खू
We will develop Kangra as the tourism capital and Hamirpur as the education capital: Sukhu
गुजरात: समुद्री पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए की गईं 17 प्रकाश स्तंभ में आधुनिक सुविधाएं
गुजरात: समुद्री पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए की गईं 17 प्रकाश स्तंभ में आधुनिक सुविधाएं
नैनीताल में 22 यात्रियों से भरा टेंपो ट्रैवलर खाई में गिरा, 2 की मौत
नैनीताल में रामगढ़ से मुक्तेश्वर की ओर लुक्ताधार के पास टेंपो ट्रैवलर खाई में गिर गया. हादसे में 2 लोगों की मौत हो गई, जबकि वाहन में सवार 20 यात्रियों को SDRF, NDRF और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने रेस्क्यू कर बाहर निकाला.
राजस्थान की विरासत, संस्कृति और पर्यटन अनुभव अब लैटिन अमेरिका और कैरेबियाई देशों की डिजिटल दुनिया तक पहुंचेंगे
इंदौर के आसपास घूमने के लिए ये हैं 5 बेस्ट पर्यटन स्थल और पिकनिक स्पॉट, वीकेंड पर जरूर बनाएं प्लान
15 अगस्त की छुट्टी के अवसर पर यदि इंदौरी लोग घूमने की योजना बना रहे हैं, तो यहाँ इंदौर और उसके आसपास के प्रमुख पिकनिक स्पॉट्स एवं प्राकृतिक पर्यटन स्थलों की संक्षिप्त जानकारी दी जा रही है। 1. प्राकृतिक सौंदर्य, झरने और एडवेंचर (Nature & Waterfalls) पातालपानी जलप्रपात (35 किमी): 300 फीट की ऊंचाई से गिरता प्रसिद्ध झरना, घने जंगल और ऐतिहासिक रेलवे ट्रैक। तिंछा फॉल (25 किमी): ऊं चाई से गिरते झरने का प्राकृतिक नजारा; पिकनिक के लिए इंदौरवासियों की पसंदीदा जगह। जाम गेट (55 किमी): प हाड़ियों पर स्थित ऐतिहासिक द्वार, जहाँ से वादियों, कोहरे और सूर्योदय (Sunrise) का अद्भुत दृश्य दिखता है। हत्यारी खोह (30 किमी): गहरी घाटियाँ और प्राकृतिक झरने (यहाँ सावधानी और सुरक्षा निर्देशों का पालन जरूरी है)। चोरल डैम (45 किमी): शांत पानी और पहाड़ियों से घिरा जलाशय, जहाँ बोटिंग और पिकनिक का आनंद लिया जा सकता है। 2. वन्यजीव और इको-टूरिज्म (Wildlife & Ecotourism) रालामंडल अभयारण्य (12-15 किमी): शहर के करीब स्थित छोटा वन्यजीव अभयारण्य, जहाँ ट्रैकिंग, प्राचीन शिकारगाह (वॉच टॉवर), हिरण और नीलगाय देखे जा सकते हैं। गुलावत / लोटस वैली (35 किमी): एक विशाल झील जहाँ लाखों कमल के फूल खिलते हैं। 3. ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थल (Heritage & History) मांडू / मांडवगढ़ (90 किमी): विंध्याचल की पहाड़ियों पर बसा ऐतिहासिक शहर; जहाज महल, रानी रूपमती महल और हिंडोला महल यहाँ के मुख्य आकर्षण हैं। देवास टेकरी (35 किमी): पहाड़ी पर स्थित माताजी का प्रसिद्ध मंदिर; पिकनिक के साथ-साथ ट्राम/रोपवे का आनंद भी ले सकते हैं। 4. धार्मिक और आध्यात्मिक स्थल (Religious & Spiritual) उज्जैनी - नर्मदा-क्षिप्रा संगम (इंदौर के पास): पवित्र नदियों का संगम स्थल जहाँ स्नान के लिए सुंदर घाट बने हैं। छोटा अमरनाथ / खोदरा महादेव (55 किमी): विंध्याचल पर्वतमाला के बीच स्थित गुफा मंदिर, जहाँ प्राकृतिक रूप से शिवलिंग पर जल रिसता है। गंगा महादेव मंदिर (धार जिला): प्राकृतिक झरने के बीच स्थित सुंदर मंदिर और पिकनिक स्पॉट। नेमावर (110 किमी): नर्मदा नदी के किनारे स्थित पांडवकालीन प्राचीन शिव मंदिर और नर्मदा का नाभि स्थल। 5. फैमिली पिकनिक, एम्यूजमेंट और वाटर पार्क (Family & Entertainment) थीम व एग्रो पार्क: तफरीह एग्रो पार्क, सोमानीपुरम, चोखी ढाणी, नखराली ढाणी (पारंपरिक भोजन, सांस्कृतिक गतिविधियाँ और मनोरंजन)। वाटर व एम्यूजमेंट पार्क: मयंक ब्लू वाटर पार्क, शेल सिटी, क्रिसेंट वाटर एंड एम्यूजमेंट पार्क। हनुमंतिया द्वीप: इंदिरा सागर बांध के बैकवाटर पर स्थित वाटर स्पोर्ट्स और जल महोत्सव के लिए प्रसिद्ध एडवेंचर स्पॉट। यात्रा सुझाव (Quick Tips) इतिहास और वास्तुकला प्रेमियों के लिए: मांडू। झरने और लॉन्ग ड्राइव के लिए: जाम गेट, चोरल डैम या पातालपानी। धार्मिक और सुकून भरी यात्रा के लिए: देवास टेकरी, उज्जैनी या छोटा अमरनाथ।
नैनीताल के मुक्तेश्वर में पर्यटकों से भरा एक टेंपो ट्रैवलर करीब 50 फीट गहरी खाई में गिर गया। जिसमें 22 लोग घायल हुए हैं। गाड़ी सतबुंगा के पास अनियंत्रित होकर खाई में गिरी। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, जिला प्रशासन और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। ट्रैवलर में ड्राइवर समेत 22 लोग सवार थे। रेस्क्यू टीम ने 21 यात्रियों को एक-एक कर खाई से निकालकर एंबुलेंस से भवाली और नजदीकी सीएचसी भेजा। वहीं, एक यात्री के ट्रैवलर के नीचे दबे होने की जानकारी के बाद उसे निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। रेस्क्यू टीम ने ह्यूमन चेन बनाकर घायलों को खाई से सड़क तक पहुंचाया। सभी यात्री फरीदाबाद के बताए जा रहे हैं और मुक्तेश्वर घूमने के बाद ट्रैवलर से भवाली की ओर लौट रहे थे। गाड़ी का नंबर UP14QT9690 बताया गया है। 50 फीट गहरी खाई में गिरी ट्रैवलर मुक्तेश्वर के पास सतबुंगा क्षेत्र में ट्रैवलर अनियंत्रित होकर करीब 50 फीट गहरी खाई में जा गिरी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। रेस्क्यू टीम ने 21 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। सभी घायलों को एंबुलेंस से भवाली और नजदीकी सीएचसी भेजा गया। एक यात्री के ट्रैवलर के नीचे दबे होने की सूचना के बाद रेस्क्यू जारी है। NDRF-SDRF और पुलिस मौके पर हादसे की सूचना मिलते ही एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, जिला प्रशासन और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। सीओ भवाली रविकांत सेमवाल भी रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं। हम इस खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं…
केरल सरकार अरब पर्यटकों को लुभाने और पर्यटन से बड़ी कमाई करने की तैयारी में
कोच्चि, 14 अगस्त . Chief Minister सतीशन के नेतृत्व में केरल Government अरब देशों से और अधिक पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए एक बड़े अभियान पर काम कर रही है. Government का लक्ष्य लगभग तीन लाख अतिरिक्त पर्यटकों को लाना और अगले पांच वर्षों में इस सेक्टर से 25,000 करोड़ रुपए से अधिक की ... Read more
नैनीताल में खाई में गिरा फरीदाबाद के पर्यटकों का टैंपो ट्रैवलर, 2 की मौके पर मौत
नैनीताल के मुक्तेश्वर में दर्दनाक हादसा हो गया। फरीदाबाद के पर्यटकों का वाहन खाई में गिर गया। दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
Travel Tips: इस जन्माष्टमी पर आप नहीं जा पा रहे हैं मथुरा-वृंदावन तो फिर जा सकते हैं इन जगहों पर
इंटरनेट डेस्क। इस बार कृष्ण जन्माष्टमी 4 सितंबर को मनाई जाएगी। जन्माष्टमी का त्योहार मथुरा-वृंदावन में बहुत भव्य तरीके से मनाया जाता है। ऐसे में अगर आप भी जाने की सोच रहे हैं तो जा सकते है। अगर किसी कारण नहीं जा परहे हैं तो आपको कुछ ऐसे मंदिरों के बारे में बता देंगे जहां आप आराम से इस बार जन्माष्टमी मना सकते है। जयपुर जयपुर में भी राधा कृष्ण के भव्य मंदिर है। आप श्री राधा गोपीनाथ जी मंदिर में जन्माष्टमी के मौके पर जा सकते हैं। गोविंददेव जी के मंदिर जा सकते है। इसके अलावा कृष्ण बलराम मंदिर भी जा सकते है। पुरी आपको बता दें कि पुरी में जन्माष्टमी का जश्न तो हफ्ते भर पहले ही शुरू हो जाता है। यहां पर कई कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाता है। भगवान श्री कृष्ण की झांकियां तो देखने लायक होती हैं। pc-aaj tak
Travel Tips: बारिश के मौसम में जन्नत लगती हैं ये वादियां, Monsoon में एक्सप्लोर करें Hill Stations
बारिश के मौसम में घूमने का मजा ही अलग होता है। क्योंकि इस मौसम में चारों ओर हरियाली, बादलों से ढके पहाड़, ठंडी-ठंडी हवाएं और रिमझिम फुहारें लोगों को खूब भाती हैं। ऐसे में अगर आप भी इस मॉनसून कहीं घूमने का प्लान कर रही हैं, तो आप साउथ इंडिया के कुछ फेमस हिल स्टेशन को एक्सप्लोर कर सकती हैं। यहां बारिश में नेचर की खूबसूरती इस कदर बढ़ जाती है, जिसको देखकर लगता है मानो स्वर्ग में आ गए हों। साउथ इंडिया के हिल स्टेशन अपने चाय के बागानों, झरनों, हिल स्टेशनों और घने जंगलों के लिए जाना जाता है। यहां की वादियां खूबसूरत और हरी-भरी हो जाती हैं। वहीं कई जगहों पर बादल इतने नीचे आ जाते हैं कि ऐसा लगता है कि हम बादलों के बीच खड़े हैं। तो आइए जानते हैं साउथ इंडिया की इन खूबसूरत जगहों के बारे में। इसे भी पढ़ें: Travel Tips: Switzerland on a Budget? ये 4 Indian Destinations देंगे आपको यूरोप जैसी हसीन वादियों का अनुभव मुन्नार मॉनसून में केरल के मुन्नार की खूबसूरती भी गई गुना बढ़ जाती है। यहां चाय के खूबसूरत बागान, ठंडी-ठंडी हवाएं और धुंध से ढके पहाड़ लोगों की ट्रिप को यादगार बना देते हैं। बारिश के बाद यहां की हरियाली निखर जाती है। ऐसे में अगर आप भी नेचर लवर हैं, या फोटोग्राफी के शौकीन हैं, तो आपको यहां जरूर आना चाहिए। कूर्ग कर्नाटक का कूर्ग भी मॉनसून में देखने लायक होता है। इसकी खूबसूरती के कारण कूर्ग को भारत का स्कॉटलैंड भी कहा जाता है। मॉनसून में यहां पहाड़, कॉफी के बागानों और झरनों की खूबसूरती बढ़ जाती है। कूर्ग खूबसूरत होने के साथ शांत भी है। चिकमगलूर कर्नाटक का चिकमगलूर पिछले कुछ सालों से लोगों की पसंदीदा जगह बन चुकी है। मॉनसून में यहां हरी-भरी घाटियां और बादलों से ढके पहाड़ देखने को मिलेंगे। यहां आप शहर की भागदौड़ से दूर सुकून के कुछ पल बिता सकते हैं। यह एक शानदार डेस्टिनेशन है। कोडाइकनाल तमिलनाडु का कोडाइकनाल हिल स्टेशन मानसून में बेहद खूबसूरत लगने लगता है। यहां की घाटियां, झीलें और व्यू पॉइंट बारिश के मौसम में बहुत ज्यादार सुंदर नजर आते हैं। अगर आपको भी प्रकृति से प्यार है और नेचर के बीच समय बिताना अच्छा लगता है, तो यह जगह आपके लिए परफेक्ट है। वायनाड केरल की खूबसूरती के बारे में तो आप सभी ने सुना होगा। इसको God's Own Country भी कहा जाता है। वहीं केरल का वायनाड भी मॉनसून में बेहद खूबसूरत लगता है। यहां लेक, गुफाएं, घने जंगल और कई बेहद शानदार झरने देखने लायक होते हैं। अगर आपको ट्रेकिंग और नेचर वॉक पसंद है, तो यह जगह आपके लिए बेस्ट है। ऊटी तमिलनाडु का ऊटी हिल स्टेशन भी बेहद खूबसूरत है। मॉनसून में यहां के चाय के बागान, पहाड़ और बगीचे खिल उठते हैं। अगर आप भी ऊटी आती हैं, तो पायकारा फॉल्स जाना न भूलें। इन बातों का ध्यान बारिश में मौसम की जानकारी लेने के बाद ही ट्रिप प्लान करें। छाता, रेनकोट और अच्छी ग्रिप वाले शूज साथ रखें। लोकल गाइडलाइंस को जरूर फॉलो करें।
जवाई बांध राजस्थान: पश्चिमी राजस्थान का प्रमुख जलस्रोत और पर्यटन स्थल
जवाई बांध राजस्थान: पश्चिमी राजस्थान का प्रमुख जलस्रोत और पर्यटन स्थल
Royal Enfield ला रही नई एडवेंचर बाइक, इस दिन होगी लॉन्च
ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर बाइक दौड़ाने का शौक रखते हैं, तो रॉयल एनफील्ड आपके लिए कुछ नया लेकर आ रही है. रॉयल एनफील्ड ने अपनी नई एडवेंचर बाइक की लॉन्च डेट का ऐलान कर दिया है. ये बाइक 4 सितंबर को लॉन्च होने वाली है, जो मौजूदा हिमालयन 450 से नीचे आएगी. आइए जानते हैं अपकमिंग बाइक में रॉयल एनफील्ड क्या कुछ खास देने वाला है.
दो दिन के वीकेंड पर इंदौर के आस-पास के सुंदर प्राकृतिक क्षेत्रों में ले सकते हैं पर्यटन का आनंद
स्वतंत्रता दिवस इस बार शनिवार को है और इसके अगले दिन रविवार की छुट्टी रहेगी। ऐसे में शहरवासियों के पास लगातार दो दिन घूमने-फिरने का मौका है। अगस्त में वर्षा के कारण मालवा की पहाड़ियां, जंगल, घाटियां और झरने हरियाली से भर गए हैं।
बागोर की हवेली, शिल्पग्राम जैसे पर्यटन स्थल बंद क्यों?
स्वतंत्रता दिवस और वीकेंड पर लेकसिटी घूमने आने वाले पर्यटकों के सामने पर्यटन स्थलों को लेकर अलग-अलग व्यवस्था रहेगी। शहर के कुछ प्रमुख पर्यटन स्थल खुले मिलेंगे, जबकि पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के बागोर की हवेली और शिल्पग्राम पर्यटकों के लिए बंद रहेंगे। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जब दूसरे विभागों के पर्यटन स्थल स्वतंत्रता दिवस पर पर्यटकों के लिए खोले जा रहे हैं, तो बागोर की हवेली और शिल्पग्राम को क्यों बंद रखा जा रहा। लेकसिटी में हर वीकेंड पर औसतन 15 से 20 हजार पर्यटक घूमने आते हैं। ओल्ड सिटी में घूमने आने वाले पर्यटक बागोर की हवेली में अक्सर जाते हैं। ग्रामीण कला-संस्कृति देखने के लिए शिल्पग्राम पर्यटक जाते हैं। यहां अलग-अलग राज्यों के दल को प्रस्तुति देते हुए देखा जा सकता है। लेकिन, इस अजीब फैसले से कला, संगीत और संस्कृति प्रेमी पर्यटकों को इस बार मायूसी उठानी पड़ेगी। इसलिए बंद रखा... राजकीय अवकाश के कारण कर्मचारी छुट्टी पर रहते हैं पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के बागोर की हवेली स्थित म्यूजियम और शिल्पग्राम बंद रहेंगे। जबकि बागोर की हवेली में शाम को धरोहर सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा। कारण यह है कि यह कार्यक्रम किसी फर्म को दे रखा है। इस कारण फर्म लगातार आयोजन कराता है। पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के निदेशक डॉ. अश्विन एम दलवी का कहना है कि हर सरकारी विभाग की तरह यहां भी ध्वजारोहण किया जाता है। सरकारी अवकाश होने के चलते कर्मचारी ध्वजारोहण करके चले जाते हैं। इस कारण केंद्र पर्यटकों के लिए बंद रहता है। स्वतंत्रता दिवस पर सर्वाधिक पर्यटक शहर में होंगे, फिर… स्वतंत्रता दिवस पर जब शहर के अन्य सरकारी पर्यटन स्थल पर्यटकों के लिए अपनी सेवाएं जारी रख सकते हैं, तो पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के इन प्रमुख पर्यटन स्थलों पर ही ताला क्यों। स्वतंत्रता दिवस का वीकेंड लेकसिटी के पर्यटन कारोबार के लिए अहम है। ऐसे में पर्यटकों की सुविधा को देखते हुए बागोर की हवेली और शिल्पग्राम को भी खोलने की व्यवस्था किए जाने की मांग उठ रही है।
स्वतंत्रता दिवस समारोह के मद्देनजर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है, जिससे रेलवे, मेट्रो, एयरपोर्ट और सड़कों पर कई बदलाव किए गए हैं।
पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने बुधवार शाम बांका परिसदन भवन में घोषणा की कि झारखंड स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम का विकास काशी विश्वनाथ मंदिर की तर्ज पर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बांका जिले के मंदार स्थित श्री काशी विश्वनाथ-त्रिपुरेश्वरी महादेव मंदिर का भी सौंदर्यीकरण और कायाकल्प कराया जाएगा। चौबे ने कहा कि धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के विकास से बिहार के पर्यटन को नई पहचान देने की दिशा में सरकार लगातार प्रयासरत है। उन्होंने एक पर्यटन सर्किट विकसित करने की योजना का भी जिक्र किया, जिसके तहत झारखंड के बाबाधाम, भागलपुर के विक्रमशिला और बांका के मंदार को आपस में जोड़ा जाएगा। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करना है। इस पहल से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी। चौबे ने मंदार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं है, बल्कि पौराणिक और ऐतिहासिक दृष्टि से भी इसका विशेष महत्व है। मंदिर के सौंदर्यीकरण से क्षेत्र में पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा उन्होंने जोर दिया कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए आधारभूत संरचनाओं को मजबूत करना आवश्यक है। मंदार स्थित श्री काशी विश्वनाथ-त्रिपुरेश्वरी महादेव मंदिर के विकास और सौंदर्यीकरण से क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय लोगों को सीधा लाभ मिलेगा और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह बांका की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत करेगा। बच्चों को सिर्फ किताबी शिक्षा देना पर्याप्त नहीं इस दौरान, पूर्व केंद्रीय मंत्री ने नई पीढ़ी के भविष्य पर भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि बच्चों को केवल किताबी शिक्षा देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके समग्र विकास के लिए नैतिक और वैचारिक शिक्षा भी आवश्यक है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की शिक्षा के साथ उनके संस्कार और अनुशासन पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया। चौबे ने कहा कि आज की पीढ़ी ही देश का भविष्य है, इसलिए बच्चों में जिम्मेदारी, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना महत्वपूर्ण है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन का भी उल्लेख किया और विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष छात्र हितों से जुड़े मुद्दों के समाधान पर गंभीरता से विचार करने के बजाय राजनीतिक लाभ लेने में व्यस्त रहा। छात्र और युवा देश की भविष्य की शक्ति हैं, इसलिए उनकी समस्याओं के समाधान के लिए गंभीर और सकारात्मक पहल होनी चाहिए। इथेनॉल और ई-20 पर शोध की जरूरत इथेनॉल और ई-20 ईंधन के संबंध में अश्विनी चौबे ने कहा कि देश को इसके बेहतर परिणाम मिल सकते हैं, लेकिन इसके लिए व्यापक शोध और वैज्ञानिक अध्ययन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वैकल्पिक ईंधन के क्षेत्र में संभावनाओं को तलाशते समय पर्यावरण, वाहनों और किसानों पर पड़ने वाले प्रभावों का गहराई से अध्ययन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सही तरीके से आगे बढ़ने पर वैकल्पिक ईंधन देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ कृषि क्षेत्र को भी नई दिशा दे सकता है। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष बृजेश मिश्रा, समाजसेवी राहुल डोकानिया, देवशीष पांडे, भाजपा कार्यकर्ता मुकेश सिन्हा सहित कई लोग मौजूद रहे।
Jhansi: हेरिटेज बांधों की सूची में शामिल हुआ डेढ़ सौ साल पुराना पारीछा बांध, पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
पारीछा बांध से उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के पांच जिलों को सिंचाई के लिए पानी मिलता है। हेरिटेज सूची में शामिल होने से यहां पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
देहरादून के गांवों में छिपे पर्यटन खजाने अब आएंगे सामने, बनेंगे आकर्षण का केंद्र
दून जिले में अब मसूरी व सहस्रधारा तक सीमित न रहकर गांवों के मंदिर, झरने और ऐतिहासिक स्थल नए पर्यटन केंद्र बनेंगे। ग्राम्य विकास विभाग ने 409 ग्राम पंचायतों में स्थलों की पहचान शुरू की है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
कूनो में चीतों के साथ पर्यटन भी बढ़ेगा: सफारी का प्रस्ताव
श्योपुर | कूनो नेशनल पार्क में चीतों की बढ़ती संख्या के साथ लंबे समय से अटकी सेसईपुरा चीता सफारी परियोजना अब फिर आगे बढ़ती नजर आ रही है। करीब दो साल से ठंडे बस्ते में चल रहे इस प्रोजेक्ट का प्रस्ताव जिला मुख्यालय से मध्यप्रदेश वन विभाग को भेज दिया गया है। अब शासन स्तर से जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद है। कूनो से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, मंजूरी मिलते ही डीपीआर तैयार करने का काम शुरू होगा। इसके बाद अगले छह महीने में परियोजना का काम धरातल पर शुरू करने का लक्ष्य है।
हरियाणा के पर्यटन और औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने के लिए सरकार ने कई बड़े प्रोजेक्टों को गति देने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पिंजौर की हवाई पट्टी के विस्तार की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, ऐतिहासिक यादविंद्रा गार्डन को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करते हुए यहां 100 कमरों का फाइव स्टार होटल बनाने की योजना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि टिक्करताल में एडवेंचर पार्क बनाया जाएगा, जबकि थापली के एडवेंचर पार्क को भी और विकसित किया जाएगा। यादविंद्रा गार्डन में हाई-एंड इंटीग्रेटेड वेडिंग, कन्वेंशन और हॉस्पिटेलिटी डेस्टिनेशन विकसित किया जाएगा। यह पूरा प्रोजेक्ट स्वदेश योजना-2 के तहत रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तैयार किया जा रहा है। ग्लोबल सिटी में दिसंबर तक पूरा होगा बाकी काम मुख्यमंत्री ने बताया कि 1000 एकड़ में विकसित की जा रही ग्लोबल सिटी में करीब 1000 करोड़ रुपए की लागत से भौतिक प्रगति का 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। शेष कार्य आगामी दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य है। ग्लोबल सिटी में शिक्षण और स्वास्थ्य संस्थानों के अलावा मॉल, थिएटर, लग्जरी होटल, सामुदायिक केंद्र और मैरिज पैलेस विकसित किए जाएंगे। यहां नमो भारत मेट्रो ट्रेन चलाने की भी योजना है। इसके अलावा विशेष वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और ग्रीन लेक बनाई जाएगी। ग्लोबल सिटी को द्वारका एक्सप्रेस-वे से भी जोड़ा जाएगा। नांगल चौधरी लॉजिस्टिक हब में 23 अगस्त से ट्रेन नांगल चौधरी के इंटीग्रेटेड मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब में बिजली, सिंचाई, सड़क, बाहरी रेल साइडिंग और आंतरिक रेल यार्ड का काम पूरा हो चुका है। आंतरिक इन-मोशन वे ब्रिज का निर्माण भी जारी है, जो अगले छह महीने में पूरा होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री 23 अगस्त को लॉजिस्टिक हब में चलने वाली विशेष ट्रेन का स्वागत करेंगे। हिसार IMC में डिफेंस से एग्रो फूड तक उद्योग हिसार में विकसित किए जा रहे इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) में बड़े स्तर पर बुनियादी ढांचा तैयार किया जा रहा है। यहां स्किल डेवलपमेंट सेंटर, कन्वेंशन सेंटर, एग्जीबिशन हॉल, लॉजिस्टिक पार्क और मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल के साथ डिफेंस एवं एयरोस्पेस, एग्रो फूड प्रोसेसिंग, गारमेंट और टेक्सटाइल उद्योग विकसित किए जाएंगे। एयरपोर्ट के लिए वाटर सप्लाई और 220 केवी बिजलीघर तैयार किया जा रहा है। एयरपोर्ट के प्रथम चरण में 1578 एकड़ भूमि की चारदीवारी बनाने का काम भी जारी है।
Hamirpur (Himachal) News: 13 रूटों पर टेंपो ट्रैवलर की राह साफ, 34 पर नहीं कोई दावेदार
Path cleared for Tempo Travellers on 13 routes; no bidders for 34 routes.
हर किसी को घूमने-फिरने का शौक होता है और विदेश तो हर कोई जाना चाहता है। खासकर स्विट्जरलैंड जैसी खूबसूरत जगह, जहां बर्फ से ढके पहाड़, खूबसूरत नजारे, हरे-भरे मैदान देखने को मिलते हैं। लेकिन यहां जाना हर किसी के बस की बात नहीं होती है। होटल, फ्लाइट, खाना-पीना, घूमने आदि का खर्च लाखों में पहुंच जाता है। इस कारण कई लोगों का यह सपना अधूरा रह जाता है। लेकिन अच्छी बात यह है कि भारत में ऐसी कुछ जगहें हैं, जिनको देखकर आपको यूरोप वाली फीलिंग आएगी। इन जगहों पर आपको खूबसूरत लेक्स, बर्फीले पहाड़, हसीन वादियां और कलरफुल फ्लावर्स देखने को मिलेंगी। ऐसे में अगर आपका बजट कम है और ऐसी जगहों को एक्सप्लोर करना चाहती हैं, तो आपको ऐसा महसूस होगा कि आप स्विट्जरलैंड पहुंच गई हैं। इसे भी पढ़ें: Long Weekend Travel Plan: अगस्त की छुट्टियों में Udaipur और Coorg की हरियाली और Monsoon नजारों का उठाएं लुत्फ खज्जियार ज्यादातर लोग खज्जियार को भारत का 'मिनी स्विट्जरलैंड' कहते हैं। हिमाचल के चंबा में स्थित यह जगह हरी-भरी घास, देवदार के घने जंगलों और खूबसूरत मैदानों के लिए जानी जाती है। यहां का खज्जियार लेक वालर एरिया देखने में किसी यूरोपियन पोस्टकार्ड जैसा लगता है। मॉनसून और गर्मियों में यहां की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है। अगर आप भी प्रकृति के बीच समय बिताना पसंद करती हैं, तो आपको खज्जियार आना चाहिए। युमथांग वैली सिक्किम की युमथांग वैली को वैली ऑफ फ्लावर्स भी कहा जाता है। यह जगह स्विट्जरलैंड जैसी लगती है। यहां पर दूर-दूर तक फैले फूलों के मैदान, सुंदर नदियां, बर्फ से ढके पहाड़ किसी यूरोपियन देश वाला फील देती हैं। गर्मियों में यहां रंग-बिरंगे फूल खिलते हैं। जिससे पूरी वैली बेहद खूबसूरत दिखाई देती है। ऐसे में अगर आपको फोटोग्राफी का शौक है, तो आपको यहां जरूर आना चाहिए। गुलमर्ग माना जाता है कि अगर धरती पर कहीं स्वर्ग है, तो वह कश्मीर है। यहां के गुलमर्ग की गिनती भारत के सबसे खूबसूरत टूरिस्ट प्लेस में होती है। गुलमर्ग के बेहद खूबसूरत पहाड़, हरे-भरे घास के मैदान और ठंडी वादियां यहां आने वाले पर्यटकों को स्विट्जरलैंड की याद दिलाती हैं। गर्मियों में यहां की हरियाली और फूलों से भरे मैदान देखने लायक होते हैं। मुनस्यारी अगर आप किसी शांत जगह पर स्विट्जरलैंड वाला फील लेना चाहती हैं। तो आप मुनस्यारी जा सकती हैं। यह जगह अपने शांत वातावरण के लिए जानी जाती है। अगर आपको भी प्रकृति के बीच सुकून भरे पल बिताना चाहती हैं, तो आपको यहां जरूर आना चाहिए।
वर्ल्ड एलिफेंट डे पर वर्ल्ड एनिमल प्रोटेक्शन ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर आमेर किले में संचालित हाथी सवारी बंद करने की मांग की है। संस्था का कहना है कि हाथियों को पर्यटकों की सवारी के लिए इस्तेमाल करने की बजाय उनके लिए प्राकृतिक अभयारण्य जैसा वातावरण विकसित किया जाना चाहिए, जहां लोग उन्हें उनके स्वाभाविक व्यवहार के साथ सुरक्षित दूरी से देख सकें। इस मांग के समर्थन में संस्था के प्रतिनिधियों ने छोटे बच्चों के साथ हाथियों के संरक्षण के लिए नारे भी लगाए। यह कार्यक्रम जवाहर सर्किल पर आयोजित किया गया। संस्था ने बताया कि हर साल 12 अगस्त को विश्व हाथी दिवस हाथियों के संरक्षण और उनके प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। प्रशिक्षण प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल संस्था ने हाथियों को प्रशिक्षित करने के लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल उठाए। उनका दावा है कि जंगली हाथियों को इंसानी आदेशों का पालन कराने के लिए कई जगह कभी-कभी कठोर ट्रेनिंग से गुजरना पड़ता है। संस्था ने इसे ‘द क्रश’ यानी ‘The Crush’ नाम की प्रक्रिया से जोड़ा है। इससे हाथियों को शारीरिक और मानसिक पीड़ा झेलनी पड़ती है। संस्था का आरोप है कि आमेर में कुछ वृद्ध और बीमार हाथियों से भी काम करवाया जाता है। सुरक्षा के मुद्दे पर जताई चिंता वर्ल्ड एनिमल प्रोटेक्शन इंडिया के वाइल्डलाइफ कैम्पेन मैनेजर शुभोब्रतो घोष ने कहा कि यह केवल पशु कल्याण का नहीं, बल्कि पर्यटकों, महावतों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा का भी विषय है। हाथी बेहद बुद्धिमान, सामाजिक और संवेदनशील वन्यजीव हैं। लंबे समय तक तनाव और शारीरिक या मानसिक परेशानी झेलने के चलते उनका व्यवहार अप्रत्याशित हो जाता है। पिछले कुछ वर्षों में आमेर किले में तनावग्रस्त हाथियों के आक्रामक होने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे पर्यटकों, महावतों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ। चंचल हाथी का जिक्र वर्ल्ड एनिमल प्रोटेक्शन ने अपने बयान में चंचल नाम की हथिनी का भी जिक्र किया है। संस्था के अनुसार 2025 में एक फोटोशूट के दौरान रूसी कलाकार जूलिया बुरुलेवा ने चंचल को गुलाबी रंग से रंगा था। इसी साल उस हथिनी की मौत हो गई। संस्था ने बंदी हाथियों के कल्याण और उनके साथ होने वाले व्यवहार पर सवाल उठाए। क्रूरता-मुक्त पर्यटन मॉडल का सुझाव वर्ल्ड एनिमल प्रोटेक्शन का कहना है कि हमारा उद्देश्य केवल आमेर में हाथी की सवारी बंद करवाना नहीं है, बल्कि इसके स्थान पर एक स्थायी और क्रूरता-मुक्त पर्यटन मॉडल विकसित करना भी है। संस्था ने ऐसे मॉडल का प्रस्ताव रखा है जिसमें पर्यटकों को प्राकृतिक अभ्यारण्य जैसे वातावरण में हाथियों को देखने का अवसर मिले। इस मॉडल के तहत पर्यटक सुरक्षित दूरी से हाथियों को चलते, नहाते, भोजन तलाशते और दूसरे हाथियों के साथ सामाजिक व्यवहार करते हुए देख सकेंगे। संस्था के मुताबिक इससे पर्यटकों को हाथियों के प्राकृतिक व्यवहार और संरक्षण के बारे में जानकारी भी मिलेगी और वन्यजीव पर्यटन को अधिक जिम्मेदार बनाया जा सकेगा। महावतों की आजीविका को लेकर भी योजना संस्था ने प्रस्ताव दिया कि वर्तमान महावतों को विशेष ट्रेनिंग देकर अभ्यारण्य गाइड, शैक्षिक प्रशिक्षक और हाथियों की देखभाल से जुड़े कार्यों में लगाया जा सकता है। दुनिया भर में पर्यटक अब जिम्मेदार और नैतिक वन्यजीव पर्यटन को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसके लिए अधिक शुल्क देने को भी तैयार हैं। संस्था का मानना है कि इस तरह का बदलाव स्थानीय समुदायों के लिए लंबे समय तक आय का स्थायी स्रोत बन सकता है और जयपुर को जिम्मेदार एवं टिकाऊ विरासत पर्यटन के वैश्विक मॉडल के रूप में स्थापित कर सकता है। ‘राजस्थान निर्णायक कदम उठाए’ वर्ल्ड एनिमल प्रोटेक्शन के कंट्री डायरेक्टर गजेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि विश्व हाथी दिवस के मौके पर दुनिया की नजरें राजस्थान पर हैं। उन्होंने राजस्थान सरकार से आमेर किले में हाथी की सवारी को समाप्त कर हाथियों को सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन देने की दिशा में ठोस कदम उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि आमेर की हाथी सवारी समाप्त करना वन्यजीव संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता को मजबूत करेगा और हाथियों के लिए अधिक मानवीय भविष्य सुनिश्चित करेगा।
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले की लाइफलाइन पठानकोट-जोगिंद्रनगर नैरोगेज रेललाइन को ब्रॉडगेज में बदलने की दिशा में प्रक्रिया तेज हो गई है।
बीसीआई टूरिज्म के वर्क प्लेस विजिट में पर्यटन और संस्कृति पर हुआ मंथन
स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में बीसीआई टूरिज्म ने अर्बन स्क्वायर मॉल में विशेष वर्क प्लेस विजिट एवं देशभक्ति संवाद कार्यक्रम आयोजित किया। बीसीआई के फाउंडर एवं चेयरमैन मुकेश माधवानी, टूरिज्म अध्यक्ष डॉ. श्रद्धा गट्टानी और आर्किटेक्ट सुनील लढा के नेतृत्व में सदस्यों ने मॉल का दौरा कर पर्यटन, व्यापार, मनोरंजन और उदयपुर की ब्रांडिंग को लेकर चर्चा की। सदस्यों ने विशेष चित्रांकन में रंग भरकर एकता, देशप्रेम और सांस्कृतिक विरासत का संदेश दिया।
राजधानी दिल्ली को सिर्फ ट्रांजिट सिटी के बजाय देश-दुनिया के पर्यटकों के लिए पूर्ण पर्यटन गंतव्य बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने मंगलवार को चार नए आध्यात्मिक एवं विरासत पर्यटन सर्किट शुरू किए।
राजौरी की ऐतिहासिक लाह वाली बावली के जीर्णोद्धार और संरक्षण के लिए राज्य सरकार ने 5.78 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।
Kushinagar News: ईको-टूरिज्म का ‘आइकॉन’ अधूरा, हैंडओवर कर पर्यटन विभाग ने झाड़ा पल्ला
हाटा तहसील क्षेत्र के रामपुर सोहरौना ताल को प्रदेश के बड़े ईको-टूरिज्म ''''आइकॉन'''' के रूप में चमकाने का दावा किया गया था।
American Express Platinum Travel cardholders face major changes to milestone bonuses and lounge access starting September 2026. 10
घुमक्कड़ लोगों को घूमने का सिर्फ मौका ही चाहिए। अगर आप भी अगस्त में घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो आपको बता दें कि, इस महीने में लंबी छुट्टी मिलने वाली है। दरअसल, 15 अगस्त को शनिवार है और इसके अगले दिन रविवार है। वहीं, आप 14 अगस्त यानी के शुक्रवार की एक छुट्टी ले लें तो आपके पास करीब तीन दिनों का समय हो जाएगा। इन तीन दिनों में आप किसी भी अच्छी जगह पर घूमने जा सकते हैं। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि अगस्त के महीने में किन जगहों पर घूमने जा सकते हैं। आइए आपको बताते हैं Independenc Day Weekend पर 3 दिन की छोटी-सी ट्रिप का प्लान बना सकती हैं। मसूरी उत्तराखंड यदि आप शहर की भीड़ और शोर से दूर, कहीं सुकून भरी जगह पर घूमने जा रहे हैं, तो आप मसूरी जा रही है। अगस्त में यहां पर बारिश होती है। जिससे पहाड़िया हरी-भरी नजर आती हैं। बादलों से घिरे पहाड़ और ठंडा मौसम आपको शांति का एहसास कराएगा। तीन दिन में आप माल रोड पर बिंदास होकर घूम सकते हैं, आसपास के नजारे देख सकते हैं। ध्यान रखें कि मौसम को देखकर ही ट्रिप का प्लान बनाएं। क्योंकि इस दौरान यहां बारिश भी हो सकती है। मुन्नार, केरल बरसात के मौसम में केरल के मुन्नार का नजारा भी काफी खूबसूरत देखने को मिलता है। मुन्नार अपने चाय के बागानों और पहाड़ी नजारों के लिए काफी लोकप्रिय है। ऐसे में आप आपको हरियाली पसंद है, तो आप 3 दिन के लिए यहां जा सकती हैं। बारिश में मुन्नार जाते समय छाता और रेनकोट साथ जरुर रख लें। कूर्ग, कर्नाटक मानसून के समय कूर्ग का घूमने का एक अलग ही मजा होता है। कर्नाटक टूरिज्म के अनुसार, बरसात के समय यहां का मौसम कॉफी के बागान हरे-भरे हो जाते हैं और धुंध से पहाड़ियों का नजारा और भी सुंदर दिखता है। सुंदर से हरे-भरे कॉफी के बगान, पहाड़ और झरने देख सकती हैं। Abbey Falls कूर्ग की सबसे खूबसूरत जगह है। आप यहां जरुर जाएं। जब आप यहां जाने का प्लान बनाएं, तो एक बार मौसम की जानकारी जरुर लें। उदयपुर, राजस्थान मानसून के समय आप झील, महल और सुंदर शहर देखना चाहते हैं, तो आप इस बार स्वतंत्रता दिवस की लॉन्ग छुट्टियों पर राजस्थान के उदयपुर जा सकती हैं। अगस्त में यहां की खूबसूरती देखने के लायक होती है। तीन की ट्रिप के अंदर आप सिटी पैलेस, पिछोला लेक और पुराने शहर के आसपास घूम सकते हैं। ट्रिप पर जाने से पहले इन चीजों पर ध्यान दें - अगस्त के समय पहाड़ों पर भारी बारिश होती है, इसलिए जाने से पहले मौसम का हाल और रास्ते जरुर चेक करें। - ट्रेन और फ्लाइट की टिकट पहले ही बुक कर लें। इसके साथ ही होटल रुम पहले से बुक कर लें। - बरसात से बचने के लिए आप वॉटरप्रूफ बैग, छाता, रेनकॉट और क्विक-ड्राय कपड़े अपने साथ ले जाएं। - बरसात के समय रास्तों में फिसलन अधिक देखने को मिलती है, इसलिए अच्छी ग्रिप वाले स्पोर्ट्स या ट्रैकिंग शूज ही पहनें।
दिल्ली से उज्जैन पहुंचने का सबसे सस्ता तरीका कौन सा? जानिए किराया और पूरा ट्रैवल प्लान
Ujjain Travel Plan: सावन के दिनों में महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन जाने का प्लान कर रहे हैं, तो हम आपको बताएंगे दिल्ली से जाने पर कितना खर्चा आएगा। चलिए आपको पूरा ट्रैवल प्लान समझाते हैं।
सावन का विशेष महीना भगवान शिव को समर्पित है। इस दौरान भक्तजन भगवान शिव के मंदिरों के दर्शन करने जाते हैं। हर साल लाखों श्रद्धालु 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक महाकालेश्वर उज्जैन के दर्शन के लिए मध्य प्रदेश जरुर आते हैं। दरअसल, उज्जैन की यात्रा न केवल महाकाल मंदिर तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इस शहर के कोने-कोने में अध्यात्म, पौराणिक कथाएं और अद्भुत वास्तुकला की झलक देखने को मिलती है। अगर आप भी उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन का प्लान बना रहे हैं, तो महाकाल दर्शन के अलावा बाद आप इन 5 प्रमुख स्थलों का भी भ्रमण करती है। महांकाल मंदिर के आसपास घूमने की 5 जगह मंगलनाथ मंदिर यदि आप उज्जैन महाकाल मंदिर जा रहे हैं, तो शिप्रा नदी के किनारे पहाड़ी पर स्थित मंगलनाथ मंदिर भी जा सकते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस पवित्र स्थान को मंगल ग्रह (मंगल देव) का जन्मस्थान माना जाता है। जिन लोगों की कुंडली में मंगल दोष या मांगलिक दोष होता है, वे यहां जरुर आएं और विशेष भात पूजा व शांति अनुष्ठान पूजा करवाएं। यदि आप महाकाल मंदिर से ऑटो या कैब बुक कर इस मंदिर तक जा सकते हैं। प्राचीन चिंतामन गणेश मंदिर उज्जैन शहर से थोड़ी दूरी पर स्थित चिंतामन गणेश मंदिर सबसे लोकप्रिय और प्राचीन है। माना जाता है कि यहां श्रद्धापूर्वक दर्शन करने से भक्तों की सभी चिंताएं दूर हो जाती है और मनोकामनाएं भी पूर्ण होती है। अगर आप नए काम की शुरुआत या गाड़ी खरीदने पर लोग सबसे पहले यहां आशीर्वाद लेने जरुर आएं। इस मंदिर तक पहुंचने के लिए आपको सबसे पहले महाकाल मंदिर से लोकल ई-रिक्शा मिल जाएगा। ऐतिहासिक गोमती कुंड अगर आप उज्जैन जा रहे हैं, तो महर्षि सांदीपनि आश्रम परिसर स्थित गोमती कुंड एक प्राचीन जलकुंड है। पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक, अपने गुरु की सेवा और उनकी इच्छा पूरी करने के लिए भगवान श्री कृष्ण ने सभी पवित्र नदियों के जल को यहां एकत्रित किया था। वैसे आज भी इस कुंड का पानी पवित्र माना जाता है। यहां पर जाने के लिए आप रिक्शा लेकर जा सकते हैं। इस्कॉन मंदिर उज्जैन का इस्कॉन मंदिर घूमने के लिए एकदम परफेक्ट है। ऐसे में आप महाकाल दर्शन के बाद यहां जरुर जा सकती हैं। संगमरमर के पत्थरों से बने इस मंदिर में भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी विराजमान हैं। यहां का शांत वातावरण, हरी-भरी वाटिका और शाम की आरती में होने वाला कीर्तन भक्ति में डूबो देता है। आप महाकाल मंदिर से सीधा कैब करके यहां पहुंच सकते हैं। भव्य चार धाम मंदिर उज्जैन के महाकाल मंदिर मार्ग के नजदीक स्थित चार धाम मंदिर एक अनोखा और सुंदर धार्मिक स्थल है। इस मंदिर की स्थापना इसलिए की गई थी कि जो लोग देश के चार मुख्य धामों की यात्रा नहीं कर पाए, वे एक ही स्थान पर चारों धाम के दर्शन कर सकें। आपको इस मंदिर में बद्रीनाख, द्वारका, जगन्नाथ पुरी और रामेश्वरम की मूर्तियां स्थापित की गई हैं। यहां पर वैष्णो देवी के जैसी गुफा भी स्थित है। कैसे पहुंचे उज्जैन? उज्जैन जाने के लिए आप किसी भी रेलवे स्टेशन से उज्जैन जंक्शन तक की टिकट बुक कर सकते हैं। इसके अलावा, आप हवाई जहाज से भी जा सकते हैं, तो उज्जैन के लिए सबसे नजदीकी एयरपोर्ट इंदौर का देवी अहिल्याबाई होलकर अंतर्राष्टीय हवाई अड्डा है। जब आप इंदौर-उज्जैन पहुंच जाएंगे, तो वहां से बस या कैब को बुक कर सकते हैं।
Travel Tips: पहले ज्योतिर्लिंग की भव्यता का अनुभव, जानें Diu Airport और Veraval से पहुंचने का रास्ता
सावन में भगवान शिव के दर्शन के लिए इस बार अगर आप भी गुजरात के सोमनाथ मंदिर जाने का सोच रही हैं। तो आपको मंदिर से जुड़ी जानकारी पता होनी चाहिए। भगवान शिव को समर्पित सोमनाथ मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में पहला ज्योतिर्लिंग माना जाता है। यह मंदिर अपने शांत वातावरण, भव्य वास्तुकला और समुद्र किनारे स्थित होने की वजह से देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको सोमनाथ मंदिर में दर्शन से जुड़े नियमों के बारे में और यहां तक कैसे पहुंचे, इसकी जानकारी देने जा रहे हैं। ऐसे जाएं गुजरात के सोमनाथ मंदिर सोमनाथ मंदिर पहुंचने के लिए सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन वेरावल या सोमनाथ है। इस दौरान आप दीव एयरपोर्ट से भी दर्शन के लिए आ सकती हैं। सोमनाथ मंदिर तक जाने के लिए भारत के करीब सभी बड़े शहरों से सीधी ट्रेन और फ्लाइट मिल जाती है। लेकिन अगर बजट में यहां आना चाहती हैं, तो ट्रेन से आना चाहिए। गुजरात राज्य के सोमनाथ जिले में वेरावल स्टेशन है। यहां से मंदिर की दूरी करीब 6 से 7 किमी है। दीव एयरपोर्ट से मंदिर की दूरी करीब 82 किमी है। यहां तक पहुंचने में आपको 1 घंटे का समय लग जाएगा। इसे भी पढ़ें: Travel Tips: अगस्त में लद्दाख की हसीन वादियों का उठाएं लुत्फ, जानें Booking Details और Full Cost मंदिर के दर्शन से जुड़े जरूरी नियम सोमनाथ मंदिर में कैमरा, मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान लेकर जाने की अनुमति नहीं है। एंट्री गेट के पास ही आपको क्लॉक रूम मिलेगा, यहां पर सामान जमा करवाना होगा। मंदिर में प्रवेश से पहले सिक्योरिटी जांच कराना जरूरी है। मंदिर दर्शन के लिए मर्यादित कपड़े पहनकर जाने पर ही एंट्री मिलेगी। दर्शन के लिए आपको लंबी लाइन में लगना पड़ सकता है। मंदिर परिसर में फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की इजाजत नहीं है। वहीं नियम फॉलो न करने पर आप पर फाइन लग सकता है। आरती के दौरान भक्तों की संख्या ज्यादा होती है। इसलिए समय से पहले पहुंचें। सोमनाथ मंदिर में दर्शन का समय सोमनाथ मंदिर की ऑफिशियल वेबसाइट https://somnath.org/ के मुताबिक मंदिर रोजाना सुबह 06:00 बजे से लेकर रात को 10:00 बजे तक खुला रहता है। मंदिर में रोजाना 3 बार आरती होती है। ऐसे में आप अपने हिसाब से दर्शन का समय प्लान कर सकती हैं। जिससे कि आपको आरती में शामिल होने का मौका मिल जाए। मंगला आरती का समय - सुबह 7:00 बजे राजभोग आरती का समय - दोपहर 12:00 बजे संध्या आरती का समय - शाम 7:00 बजे मंदिर में शाम को लाइट एंड शो भी होता है। रात को 08:00 बजे से 09:00 बजे तक इस शो का आयोजन होता है। हालांकि मौसम के हिसाब से इसका समय बदल सकता है। सोमनाथ मंदिर दर्शन के लिए गुजरात गए लोग अगले दिन भालका तीर्थ, गीता मंदिर, त्रिवेणी संगम, बाण स्तंभ और प्रभास पाटन संग्रहालय भी घूम सकते हैं।
Travel Tips: अगस्त में लद्दाख की हसीन वादियों का उठाएं लुत्फ, जानें Booking Details और Full Cost
क्या आप भी रोजमर्रा की भागदौड़ से थक गए हैं और किसी ऐसी जगह जाना चाहते हैं। जहां पर आसमान सीधे जमीन से मिलता है। ऐसा सुकून मिले, जो आपकी सारी थकान को मिटा दे। नीली झीलें, सुकून भरी ठंडी हवाएं और ऊंचे-ऊंचे पहाड़। दरअसल, हम लद्दाख की बात कर रहे हैं, जो हर घुमक्कड़ की बकेट लिस्ट का अल्टीमेट सपना है। अगर आप भी इस दुनिया को अपनी आंखों से देखने का मन बना रहे हैं, तो आपके लिए एक शानदार खबर है। बता दें कि IRCTC ने आपकी इस ख्वाहिश को पूरा करने के लिए बेहद खास टूर पैकेज पेश किया है, जिसका नाम 'लेह विद तुरतक' है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको इस ट्रिप की पूरी जानकारी देने जा रहे हैं। इसे भी पढ़ें: किन्नौर कैलाश यात्रा का हुआ आगाज: Registration से लेकर Trekking तक, Delhi से जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए पूरी Travel Guide टूर पैकेज की डिटेल्स यह टूर पैकेज 6 रात और 7 दिन का है जोकि 'कम्फर्ट' क्लास का फिक्स्ड डिपार्चर फ्लाइट पैकेज है। इसकी शुरूआत हैदराबाद से होगी। यह ट्रिप 13 अगस्त 2026 को शुरू होगा। इस सफर में पर्यटक लद्दाख की सबसे खूबसूरत और फेमस जगहों को एक्सप्लोर कर सकेंगे। कहां-कहां घूमेंगे यात्री पहले दिन लेह पहुंचकर यात्री आराम करेंगे। जिससे कि वहां के मौसम में ढल सकें। शाम को लोकल मार्केट को एक्सप्लोर करेंगे और अगले दिन लेह पैलेस, शांति स्तूप और भारतीय सेना को समर्पित 'हॉल ऑफ फेम' दिखाया जाएगा। शाम वैली यहां पर यात्रियों को गुरुद्वारा पत्थर साहिब के दर्शन होंगे और आप 'मैग्नेटिक हिल' के उस रहस्यमयी खिंचाव को स्वयं महसूस कर सकेंगे। नुब्रा वैली यात्रा के तीसरे दिन आपको दीक्षित और हुंडर गांव ले जाया जाएगा। यहां आप अपने खर्च पर ऊंट की सवारी का लुत्फ ले सकते हैं। तुरतुक वहीं यात्रा के चौथे दिन भारत के सबसे उत्तरी कोने में बसे तुरतुक गांव को एक्सप्लोर करेंगे। यहां की लाइफस्टाइल और संस्कृति बेहद अनोखी है। पैंगोंग झील वहीं यात्रा के 5वें दिन 120 किमी लंबी, खारे पानी की उस अद्भुत पैंगोंग झील को देखेंगे। यह झील फिल्म '3 इडियट्स' के बाद से टूरिस्ट्स की पहली पसंद बन गई है। यह झील भारत और चीन दोनों देशों में फैली है। वापसी का सफर पैंगोंग से लेग वापस आते समय रास्ते में थिकसे मॉनेस्ट्री, चांगला पास और शे पैलेस के नजारे भी देखने को मिलेंगे। पैकेज में क्या-क्या मिलेगा हैदराबाद से लेह तक आने-जाने की फ्लाइट की टिकट है। स्टे का पूरा इंतजाम है, लेह में 3 रातें, 2 रातें नुब्रा और 1 रात पैंगोंग में स्टे होगा। इस पूरे ट्रिप में 6 बार सुबह का नाश्ता, 6 बार दोपहर का खाना और 6 बार रात का डिनर होगा। घूमने-फिरने के लिए शेयरिंग वाली नॉन-एसी गाड़ी की सुविधा मिलेगी। जरूरी इनर लाइन परमिट, ट्रैवल इंश्योरेंस और स्मारकों की टिकट उपलब्ध होंगे। दूसरे दिन से लेकर छठे दिन तक टूर गाइड और एक खास कल्चरल शो देखने को मिलेगा। हर व्यक्ति को हर दिन एक लीटर पानी की बोतल मिलेगी। इमरजेंसी के लिए गाड़ी में ऑक्सीजन सिलेंडर और सफर में सहायता के लिए IRCTC टूर मैनेजर होंगे। कितना आएगा खर्च अगर आप अकेले सफर पर जाने हैं, तो आपको 55,640 रुपए देने होंगे। वहीं दोनों लोगों के यात्रा करने पर प्रति व्यक्ति किराया 54,380 रुपए देने होंगे। वहीं तीन लोगों संग यात्रा करने पर 48,730 रुपए देने होंगे। अगर आपके साथ 5 से 11 साल का बच्चा है, तो बेड के साथ 36,970 रुपए देने होंगे। लेकिन बच्चों के साथ बिना बेड के 35,780 रुपए देने होंगे। वहीं ट्रिप पर 2 से 4 साल के बच्चे का किराया 35,720 रुपए है। इन बातों का रखें ध्यान ज्यादा ऊंचाई और कम ऑक्सीजन के कारण 'एक्यूट माउंटेन सिकनेस' की समस्या हो सकती है। इसलिए लेह पहुंचने का पहला दिन पूरी तरह से आराम के लिए रखा जाता है। यात्रा से निकलने से पहले आप डॉक्टर से पूछकर कुछ दवाओं को अपने साथ रखें। शरीर को हाइड्रेटेड रखें, इसके लिए समय-समय पर इलेक्ट्रोलाइट्स, ग्लूकोज और पानी आदि पीते रहें। वहीं इस दौरान ज्यादा खाना, शराब और एंटी डिप्रेसेंट दवाओं को लेने से बचना चाहिए। नुब्रा और पैंगोंग के टेंट/कैंप्स लाइट सिर्फ कुछ घंटों के लिए आती है। सुबह नहाने के लिए सोलर या बाल्टी में गर्म पानी मिलता है। पैंगोंग में वाई-फाई, एटीएम, मोबाइल नेटवर्क, बैंक या पेट्रोल पंप की सुविधा नहीं है। इसलिए अपने साथ जरूरी दवाएं और कैश लेकर आएं। अगर आप ट्रिपल शेयरिंग का रूम लेते हैं, तो तीसरे व्यक्ति के लिए सिर्फ एक एक्स्ट्रा गद्दा दिया जाएगा।
सावन का महीना शुरु हो चुका है। ऐसे में शिव भक्त अलग-अलग तीर्थस्थल पर जाने का प्लान करते हैं। इन्हीं में से एक है किन्नौर कैलाश यात्रा। यहां पर जाने का हर किसी का सपना होता है। हिमाचल प्रदेश की प्रसिद्ध किन्नौर कैलाश यात्रा है, जहां हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। वैसे यहां पर पहुंचने के लिए कठिन ट्रेक से गुजरना पड़ता है। यदि आप इस बार किन्नौर कैलाश जाने का प्लान बना रहे हैं, तो पहले इस बारे में सभी जानकारी जान लें। बता दें कि, इस साल 30 जुलाई से किन्नौर कैलाश यात्रा शुरु हो चुकी है, जो कि 10 अगस्त तक चलने वाली है। बिना रजिस्ट्रेशन के किसी भी श्रद्धालु को यात्रा की अनमुति नहीं दी जाएगी। यद आप दिल्ली से यहा पर जाने का प्लान बना रहे हैं, तो एक बार यह ट्रैवल गाइड को जरुर देंख लें। किन्नौर कैलाश यात्रा क्यों है खास? आपको बताते चलें कि, हिमाचल प्रदेस के किन्नौर जिले में स्थित किन्नौर कैलाश भगवान शिव का पवित्र धाम है। यहां पर मौजूद प्राकृतिक शिवलिंग जैसी विशाल चट्टान श्रद्धालुओं के लिए आस्था केंद्र हैं। हर साल सावन में हजारों यहां पर हजारों भक्तजन आते हैं। आपको बता दें कि, यह ट्रेक आसान नहीं है, इसलिए बेहद जरुरी है फिजिकली फिट होना। दिल्ली से कैसे जाएं? पहला स्टेज- दिल्ली से शिमला बता दें कि, दिल्ली से शिमला की दूरी करीब 340-360 किलोमीटर है। इधर से आप बस से भी जा सकते हैं। दूसरा स्टेज- शिमला से रिकांग पियो जब आप शिमला पहुंच जाएंगे, तो रिकांग पियो जाना होगा। जिसकी दूरी करबी 220 किलोमीटर है। यहां से आपको हिमाचल रोडवेज और प्राइवेट बसें दोनों ही मिल जाएंगी। चाहे आप टैक्सी से भी जा सकते हैं। तीसरा स्टेज- रिकांग पियो से टांगलिंग गांव टांगलिंग गांव ही यात्रा का बेस कैंप माना जाता है। बता दें कि, यहीं से किन्नौर कैलाश ट्रेक शुरु होता है। कितना कठिन ट्रैक है? दरअसल, किन्नौर कैलाश ट्रेक की गिनती सबसे कठिन ट्रेक में से एक है। ट्रेकिंग की शुरुआत टांगलिंग गांव से होती है। रास्ते में मिलिंग खाटा और पार्वती कुंड जैसे कहई पड़ाव आते हैं। फिर यहां पर भक्तजन पहुंचते हैं। बता दें कि, यहां की ऊंचाई बहुत ज्यादा है, जिस कारण से सांस फूलना और थकान महसूस होना आम बात है। इसलिए जल्दबाजी करने की बजाय धीरे-धीरे चढ़ाई करें। सबसे जरुरी रजिस्ट्रेशन कराना - आप बिना रजिस्ट्रेशन के यात्रा नहीं कर सकते हैं। - मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट मैंडेटरी है। - प्रत्येक दिन 375 श्रद्धालुओं को ही जाने की अनुमति मिलेगी। - आप ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरह से आप रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। यात्रा में क्या-क्या साथ रखें? - अपने साथ रेनकोट या पोंचो रखें - मौसम बदलता रहता है इसलिए वुलेन जैकेट रखें। - अच्छी ग्रिप वाले ट्रेकिंग शूज पहनें। - टॉर्च अपने साथ रखें। - पानी की बॉटल, जरुरी दवाइयां। - ट्रेकिंग स्टिक - इसके साथ ही खाने के लिए स्नैक्स अपने साथ रखें। यात्रा के समय किन बातों का ध्यान रखें - भूलकर भी शॉर्टकट रास्ते पर न जाए। - अकेले ट्रेक करने से बचें। - प्लास्टिक और कचरा को रास्ते में न फेंके। - यदि मौसम खराब है, तो आगे बढ़ने की कोशिश न करें। - प्रशासन और लोकल गाइड के निर्देशों का पालन करें। - अगर आपको ट्रेकिंग के दौरान कोई परेशानी महसूस हो तो तुरंत आराम करें। कितने दिन का प्लान बनाएं? -पहला दिन: दिल्ली से शिमला - दूसरा दिन: शिमला से रिकांग पियो - तीसरा दिन- टांगलिंग पहुंचकर ट्रेक की शुरुआत होगी - चौथा दिन- किन्नौर कैलाश दर्शन और वापसी - पांचवां दिन: रिकांग पियो से दिल्ली की वापसी
आजकल युवाओं में घूमने-फिरने का चलन काफी बढ़ गया है। लोग भीड़-भाड़ वाली जगहों से दूर किसी शांत प्लेस को एक्सप्लोर करना पसंद करते हैं। मानसून के समय हर कोई हरियाली से भरपूर, बादल, झरने और सुकून हो वाली जगहों पर घूमने का प्लान बनाते हैं। इस बार आप बरसात के समय भारत के कुछ खूबसूरत गांव को एक्सप्लोर कर सकते हैं। इस मौसम में यहां पर पहाड़ हरे रंग को हे जाते हैं, बादल घरों के बीच से गुजरने नजर आते हैं और हर तरफ आपको ताजगी का माहौल देखने को मिलता है। इस बार आप भी इन जगहों का आनंद जरुर लें। चलिए आपको इस लेख में बताते हैं मेघालय का मावल्यान्नॉन्ग, नागालैंड का खोनोमा और अरुणाचल प्रदेश की जीरो वैली आपके लिए सबसे बेहतरीन रहने वाली है। आइए आपको बताते हैं इन तीन गांवों में ऐसा क्या खास है,जो आपको मानसून के समय जरुर विजिट करना चाहिए। मावल्यान्नॉन्ग (मेघालय) आपको बताते चलें कि मेघालय का मावल्यान्नॉन्ग गांव अपनी साफ-सफाई के लिए दुनियाभर में काफी फेमस है। इसकी गिनती एशिया के सबसे साफ गांव में मानी जाती है। यहां पर रहने वाले सभी लोग इस गांव को हमेशा साफ रखते हैं। बरसात के मौसम में चारों तरफ हरियाली छा जाती है। पेड़-पौधे, फूल और बारिश से धुले रास्ते गांव की खूबसूरती को और बढ़ा देते हैं। यहां आप इन जगहों पर विजिट कर सकते हैं- - लिविंग रुट ब्रिज - बांस से बना स्काई व्यू पॉइंट - छोटे-छोटे झरने - खासी गांव की लाइफस्टाइल खोनोमा (नागालैंड) अगर आप नेचर लवर हैं, नागालैंड के खोनोमा गांव में जरुर विजिट करें। यहां की नेचुरल ब्यूटी और पर्यावरण संरक्षण बेहद लोकप्रिय है। बता दें कि, इसे भारत के पहले ग्रीन विलेज में गिना जाता है। बरसात के समय यहां पर सीढ़ीदार वाली खेती, पहाड़ और जंगल के काफी खूबसूरत नजर आते हैं। बादलों से घिरे पहाड़ भी इस गांव की खूबसूरती को बढ़ा देते हैं। यहां पर इन जगहों को एक्सप्लोर कर सकते हैं। - गांव में पैदल वॉक करना - सीढ़ीदार खेत देखना - लोकर नागा कल्चर को करीब से देख सकते हैं - नेचर वॉक और बर्ड वॉचिंग जीरो (अरुणाचल प्रदेश) मानसून के समय अरुणाचल प्रदेश की जीरो वैली में घूमने का प्लान जरुर बनाएं। यह जगह अपनी नेचुरल ब्यूटी और अपतानी जनजाति की अनोखी कल्चर के लिए जानी जाती है। इधर मानसून के समय काफी खूबसरत लगता है। बरसात के समय धान के खेत, पहाड़ और हल्का कोहरा मिलकर ऐसा नजारा बनाते हैं, जिसे देखकर मन एकदम खुश ही हो जाती है। यहां आप क्या-क्या कर सकती हैं- - हरे-भरे धान के खेतों को देख सकती हैं - अपतानी जनजाति के पारंपरिक गांव को एक्सप्लोर कर सकती है - खूबसूरती पहाड़ी रास्ते - यहां लोकल बाजार और खाने का जायका लेना मानसून के समय इन गांव में यात्रा करने से पहले जानें जरुरी बातें - बरसात से बचने के लिए रेनकोट और बढ़िया क्वालिटी की छतरी साथ रखें। - इस दौरान फिसलन ज्यादा हो सकती है, इसलिए मजबूत ग्रिप वाले शूज ही पहनें। - मौसम का अपडेट देखकर ही ट्रिप प्लान करें। - वहां के नियमों का पालन जरुर करें। - दरअसल, पहाड़ी इलाकों में शाम जल्दी हो जाती है, इसलिए समय का भी ध्यान जरुर रखें। - प्लास्टिक या कचरा कहीं भी ने फेंकें, ताकि इन गांवों के सुंदरता बनीं रहे।
दिल्ली से केदारनाथ कैसे जाएं और कितना होगा खर्चा? जानिए पूरा बजट और ट्रैवल प्लान
Kedarnath Yatra Travel Plan: सावन के महीने में लोग 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक पवित्र धाम केदारनाथ के दर्शन के लिए जाते हैं। अगर आप भी भगवान शिव के दर्शन करने का मन बना रहे हैं, तो यहां पूरा बजट प्लान और रूट जान लीजिए।
क्या आप पार्टी के लिए दमदार बेस वाला और ट्रैवलिंग में आसानी से साथ ले जाने वाला ब्लूटूथ स्पीकर ढूंढ रहे हैं? Amazon पर बजट प्राइस में मिलने वाले इन बेहतरीन पोर्टेबल स्पीकर्स की लिस्ट देखें, जो आपकी हर ट्रिप और पार्टी को धमाकेदार बना देंगे।
क्या आप भी अगस्त में घूमने का प्लान बना रहे हैं। बरसात के मौसम में घूमने का एक अलग ही मजा होता। चारों तरफ हरियाली और सुकून भरा मौसम होता है। इस बीच, भारतीय रेलवे ने अगस्त 2026 के कई टूर पैकेज को लाइव किया है। इन पैकेज की सबसे बड़ी खासियत यह ही कि इनमें भारत के फेमस हिल स्टेशन, प्राकृतिक पर्यटन स्थल, धार्मिक स्थल और सांस्कृतिक विरासत से संबंधित कई जगहों पर घूमने का अवसर प्राप्त होगा। मानसून के दौरान शिमला, मनाली, दार्जिलिंग, ऊटी, मुन्नार और नैनीताल जैसी जगहों पर भी इन पैकेज के जरिए मस्त घूमा जा सकता है। आइए आपको इस लेख में बताते हैं मानसून के समय घूमने का शानदार पैकेज। IRCTC के अगस्त टूर पैकेज से सिक्किम जाएं घूमने बारिश के मौसम में सिक्किम का नजारा देखने लायक होता है। अगस्त के महीने में यदि आप भी सुंदर पहाड़ी और बदलों के बीच खोना चाहते हैं, तो आप सिक्किम टूर पैकेज जरुर बुक करें। यहां के खूबसूरत झरने, हरे-भरे पहाड़ और करीब से उड़ते हुए बादल आपको देखने को मिल जाएंगे। वैसे यह जगह प्राकृतिक सुंदरता के लिए जानी जाती है, इसके साथ ही यहां पर शांति काफी देखने को मिलती है। पैकेज की डिटेल्स - पैकेज का नाम SIKKIM SILVER - पैकेज कोड: EHH121 - समय: 5 रातें/6 दिन - पैकेज की शुरुआत: बागडोगरा / न्यू जलपाईगुड़ी - डेस्टिनेशन (घूमने की जगहें): दार्जिलिंग / गंगटोक / कलिम्पोंग - पैकेज की शुरुआत: 03 अगस्त 2026 - यात्रा कैसे होगी? बस सिक्किम टूर पैकेज फीस क्या है? गौरतलब है कि सिक्किम में गाड़ियों का किराया काफी ज्यादा होता है, ऐसे में आप पैकेज से जाएंगी ,तो आपको काफी फायदा मिलेगा। इस पैकेज में आपको 5 रातें/6 दिन के लिए होटल, घूमना-खाना और इंश्योरेंस जैसी तमाम सुविधाएं इसमें शामिल है। वैसे आप अलग बुक करेंगी तो आपको काफी महंगा पड़ सकता है। पैकेज फीस - 2 लोगों के साथ यात्रा करने पर प्रति व्यक्ति फीस ₹29,350 है। - 3 लोगों के साथ यात्रा करने पर पैकेज फीस प्रति व्यक्ति ₹22,700 है। - 4 लोगों का ग्रुप: ₹22,500 प्रति व्यक्ति - 6 लोगों का ग्रुप: ₹18,610 प्रति व्यक्ति Deluxe कैटेगरी - 2 लोगों के साथ यात्रा करने पर ₹37,350 प्रति व्यक्ति फीस होगी। - 3 लोगों के साथ यात्रा करने पर ₹28,700 प्रति व्यक्ति फीस देनी होगी। - 4 लोगों का ग्रुप: ₹30,500 प्रति व्यक्ति -6 लोगों का ग्रुप: ₹26,610 प्रति व्यक्ति सिक्किम पैकेज में क्या सुविधाएं मिल रही हैं? दरअसल, पिक-सीजन के मुकाबले प्रति व्यक्ति 8000 से 10,000 रुपये की सीधी बचत देखने को मिलेगी। इसके अतिरिक्त कई जगहों के लिए परमिट बनवाना पड़ता है। इस पैकेज को बुक करने से ट्रांसपोर्ट और होटल का मैनेजमेंट टूर कंपनी करती है। इसलिए आपका समय और मेहनत दोनों ही बच जाएंगे। - होटल प्रति व्यक्ति के अनुसार है। - जहां भी आप इस पैकेज में घूमने जाएंगे, वहां आप शेयरिंग वाहन से जाएंगे। - नाश्ता और रात का भोजन शामिल है। - इस पैकेज में आपको यात्रा बीमा भी मिलेगा।
बीते दिनों कुछ ऐसी खबरें देखने और सुनने मिली हैं, जिनसे पर्यटन पर नयी बहस शुरु होने की गुंजाइश बनी है। पर्यटन की भारत में प्राचीन परंपरा रही है।
कड़कड़ाती सर्दी में बिकिनी पहन पूल में उतरीं रुबीना दिलैक, जापान वेकेशन की दिखाई झलक
टीवी की संस्कारी बहू रुबीना दिलैक रियल लाइफ में काफी ग्लैमरस हैं। वह अक्सर फैंस के साथ अपनी हॉट एंड सिजलिंग तस्वीरें शेयर करती रहती हैं। रुबीना वह छोटे पर्दे की हाई पेड एक्ट्रेसेस में शुमार है। हाल ही में रुबीना ने अपनी जापान ट्रिप की तस्वीरें फैंस ...
स्विमिंग पूल किनारे मोनालिसा का सिजलिंग अंदाज, वेकेशन से शेयर की बोल्ड तस्वीरें
भोजपुरी एक्ट्रेस मोनालिसा हिंदी टीवी इंडस्ट्री में भी अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी मोनालिसा की जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। वह अपनी ग्लैमरस तस्वीरों से तहलका मचाती रहती हैं। मोनालिसा इन दिनों थाइलैंड में वेकेशन एंजॉय कर रही ...
गोवा में वेकेशन एंजॉय कर रहीं कृष्णा श्रॉफ, शेयर की खूबसूरत तस्वीरें
कृष्णा श्रॉफ निश्चित रूप से जानती हैं कि लोगों का ध्यान कैसे आकर्षित करना है- चाहे वह उनकी MMA चॉप्स हों या उनकी वेकेशन की तस्वीरें। कृष्णा इस दिनों गोवा की धूप और बीच पर छुट्टियां मना रही हैं। इसी बीच कृष्णा श्रॉफ ने सोशल मीडिया पर अपनी ट्रॉपिकल ...
कैंसर के ट्रीटमेंट जंग के बीच वेकेशन मनाने मालदीव पहुंचीं हिना खान, शेयर की खूबसूरत तस्वीरें
टीवी एक्ट्रेस हिना खान भले ही कैंसर से जंग लड़ रही हैं, लेकिन वह अपनी लाइफ को खुलकर जी रही हैं। इस गंभीर बीमारी से जंग लड़ते हुए वह लाइफ का हर पल एंजॉय कर रही हैं। हिना खान इन दिनों मालदीव में वेकेशन एंजॉय कर रही हैं। मालदीव में वेकेशन मनाते हुए ...
Tejasswi Praksh-Karan Kundrra नहीं हुए अलग,रोमांटिक वेकेशन एन्जॉय कर रहा है कपल करीबी दोस्त ने खोला राज
सोशल मीडिया पर भारतीय क्रिकेट टीम के हरफनमौला खिलाड़ी हार्दिक पंड्या और उनकी पत्नी नतासा स्टेनकोविक के अलग होने की अफवाहें जोरों पर हैं। यह सब तब शुरू हुआ जब नतासा ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से 'पांड्या' उपनाम हटा दिया। प्रशंसकों ने यह भी देखा कि वह आईपीएल मैचों के दौरान स्टैंड्स से गायब थीं। हालांकि, तमाम अटकलों के बावजूद इस जोड़े ने इस मामले पर चुप्पी साध रखी है। दूसरी ओर, एक ताजा रिपोर्ट से पता चलता है कि हार्दिक विदेश में किसी अज्ञात स्थान पर छुट्टियां मना रहे हैं। विस्तार से जानने के लिए आगे पढ़ें। इसे भी पढ़ें: Shabana Azmi ने Shashi Kapoor के साथ इंटीमेट सीन करने से किया था इंकार, सुपरस्टार ने कह दिया था एक्ट्रेस को 'बेवकूफ लड़की' | Read All About नताशा स्टेनकोविक से अलगाव की अफवाहों के बीच हार्दिक पंड्या विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं हार्दिक पंड्या की पत्नी नतासा स्टेनकोविक के साथ निजी जिंदगी हाल ही में चर्चा का विषय बनी हुई है। क्रिकबज द्वारा रविवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि अलगाव की अफवाहों के बीच क्रिकेटर विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं। अभी लोकेशन का नाम सामने नहीं आया है। इसे भी पढ़ें: Anant Ambani और Radhika Merchant Pre-Wedding Party! तारों भरी रात से लेकर टोगा पार्टी तक, जानें इस बार क्या-क्या होगा खास यह बताया गया है कि इंडियन प्रीमियर लीग से अपनी टीम के बाहर होने के बाद क्रिकेटर ने देश छोड़ दिया। कठिन अवधि के बाद तरोताजा होने के लिए, उन्होंने विदेश में एक सप्ताह की छुट्टी का विकल्प चुना। हार्दिक के शीघ्र ही न्यूयॉर्क में टी20 विश्व कप 2024 के अभ्यास सत्र के लिए भारतीय टीम में फिर से शामिल होने की उम्मीद है। विशेष रूप से, आईपीएल 2024 में मुंबई इंडियंस के लिए रोहित शर्मा की जगह हार्दिक के नेतृत्व की काफी आलोचना हुई। पूरे सीज़न में भारतीय क्रिकेटर को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। इस बीच, वह पेशेवर असफलताओं से जूझ रहे थे। उनकी निजी जिंदगी सुर्खियों में आ गई। कुछ दिन पहले हार्दिक ने अपने सोशल मीडिया पर ढेर सारी तस्वीरें और वीडियो शेयर किए थे। वीडियो में उन्हें पूल में तैरते हुए अच्छा समय बिताते हुए दिखाया गया, जबकि फोटो में वह एक खूबसूरत बैकग्राउंड के साथ पोज दे रहे थे। इसे छोटा और सरल रखते हुए, उन्होंने पोस्ट को कैप्शन दिया था, रिचार्जिंग। पोस्ट के जवाब में, कई प्रशंसकों ने उनके टिप्पणी अनुभाग में बाढ़ ला दी, अपना अटूट समर्थन दिखाया और आगामी विश्व कप के लिए उनकी जय-जयकार की। एक यूजर ने लिखा, “हार्दिक पंड्या जल्द ही टी20 वर्ल्ड कप में वापस आ रहे हैं,” एक अन्य फैन ने लिखा, “हार्दिक टी20 में अपने पुराने मॉडल के साथ आएं और अपने नफरत करने वालों को चुप करा दें। जबकि एक तीसरे फैन ने लिखा, “मजबूत वापसी भाई।” इसके अतिरिक्त, एक प्रशंसक ने लिखा, अपना भाई शेर था और रहेगा तू टेंशन माउंट लेना रे। एक अन्य प्रशंसक ने कहा, कोई बात नहीं हम सब आपके साथ हार्दिक हमारे हीरो हैं। एक अन्य प्रशंसक ने कहा, हार्दिक भाई विश्व कप में वापसी करेगा। हार्दिका पंड्या की पत्नी नतासा ने अलगाव की अफवाहों पर प्रतिक्रिया दी दूसरी ओर, अलगाव की अफवाहों के बीच हार्दिक की पत्नी को शनिवार को पहली बार शहर में देखा गया। अपनी नवीनतम आउटिंग में, उन्हें एक कैफे से बाहर निकलते समय एक करीबी दोस्त के साथ देखा गया था। जाने से पहले एक्ट्रेस ने शटरबग्स के लिए पोज दिए। दरअसल, एक पिता ने उनसे तलाक के बारे में पूछा। हालांकि, इसके जवाब में एक्ट्रेस ने सवाल को नजरअंदाज करने का फैसला किया और सम्मानजनक चुप्पी बनाए रखी. जाने से पहले, उसने बस इतना कहा, बहुत-बहुत धन्यवाद और अपनी प्रतीक्षारत कार की ओर बढ़ गई। अपनी नवीनतम आउटिंग के दौरान, जब वह अपने दोस्त के साथ एक कैफे से बाहर निकली, तो उसे गुलाबी शर्ट के साथ सफेद टॉप और शॉर्ट्स पहने देखा गया। दो महीने पहले एक नौका पर बॉलीवुड अभिनेत्री को प्रस्ताव देने के बाद, हार्दिक और नतासा ने लगभग चार साल पहले 31 मई, 2020 को शादी कर ली थी। उनके पहले बच्चे, अगस्त्य का जन्म 30 जुलाई, 2020 को हुआ था। अपनी तीसरी शादी की सालगिरह मनाते हुए, हार्दिक और नतासा ने उदयपुर में एक भव्य समारोह के साथ अपनी प्रतिज्ञाओं को भी नवीनीकृत किया था। View this post on Instagram A post shared by Hardik Himanshu Pandya (@hardikpandya93) View this post on Instagram A post shared by Viral Bhayani (@viralbhayani)
शादी के तीन महीने बाद हनीमून पर निकलेRakul Preet Singh औरJackky Bhagnani, वेकेशन से वायरल हुई एक्ट्रेस की तस्वीरें

