कान्हा की नगरी वृन्दावन में ठाकुर श्री बांके बिहारी जी के भक्तों के लिए शुक्रवार का दिन ऐतिहासिक रहा। बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर' के निर्माण की दिशा में ठोस कदम बढ़ाते हुए भूमि की पहली रजिस्ट्री सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। उच्चतम न्यायालय के आदेश पर गठित हाई पावर्ड मैनेजमेंट कमेटी और जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से कॉरिडोर निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। इस परियोजना से न केवल दर्शन सरल होंगे, बल्कि समूचे ब्रज क्षेत्र के विकास को नई ऊंचाइयां मिलेंगी। स्थानीय परिवार ने की रजिस्ट्री श्री बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर निर्माण के लिए आज बिहारी पुरा क्षेत्र की संपत्ति संख्या- 25 के एक भाग (69.26 वर्ग मीटर) की रजिस्ट्री तहसीलदार सदर के पक्ष में की गई। यति गोस्वामी, अभिलाष गोस्वामी और अनिकेत गोस्वामी ने इस कार्य हेतु सहर्ष अपनी भूमि का विक्रय- विलेख (सेल डीड) निष्पादित किया। जिला मजिस्ट्रेट चन्द्र प्रकाश सिंह और अपर जिलाधिकारी डॉ पंकज कुमार वर्मा के प्रयासों से यह पहली रजिस्ट्री हुई। परंपरा और आधुनिकता का अनूठा मेल उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार गठित इस उच्चाधिकार प्राप्त समिति में न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) अशोक कुमार की अध्यक्षता में प्रशासन, पुलिस, पुरातत्व विभाग और गोस्वामी समाज के प्रतिनिधि शामिल हैं। समिति ने मंदिर के गोस्वामियों, सेवायतों, व्यापारियों और स्थानीय लोगों के साथ निरंतर बैठक कर सभी के सुझावों को इस योजना में शामिल किया है। यह कॉरिडोर वृंदावन की प्राचीन दिव्यता को बनाए रखते हुए आधुनिक जरूरतों को पूरा करेगा। इस भव्य निर्माण से ब्रज की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पटल पर एक नई पहचान मिलेगी और ठाकुर जी के भक्तों के लिए दर्शन की राह आसान हो जाएगी। प्रस्तावित कॉरिडोर में श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित वातावरण, बैठने की व्यवस्था, पेयजल और सुगम प्रवेश- निकासी द्वार बनाए जाएंगे, जिससे संकरी गलियों में होने वाली भीड़ का दबाव कम होगा। धार्मिक पर्यटन और रोजगार के खुलेंगे नए द्वार कॉरिडोर के निर्माण से वृन्दावन में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में भारी वृद्धि होने की उम्मीद है। इससे क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिसका सीधा लाभ स्थानीय अर्थव्यवस्था को होगा। नए होटलों, रेस्टोरेंटों और दुकानों के खुलने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। समिति ने यह भी घोषणा की है कि जो लोग स्वेच्छा से कॉरिडोर हेतु अपनी जमीन पहले प्रदान करेंगे, उन्हें भविष्य में दी जाने वाली सुविधाओं में वरीयता दी जाएगी। सुरक्षित और सुविधाजनक होंगे ठाकुर जी के दर्शन अभी तक श्रद्धालुओं को वृंदावन की संकरी गलियों के कारण भारी परेशानी और सुरक्षा जोखिमों का सामना करना पड़ता था। कॉरिडोर बनने के बाद श्री बांके बिहारी जी के दर्शन अत्यंत सुलभ हो जाएंगे। यह प्रोजेक्ट न केवल वृन्दावन की ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखेगा, बल्कि आधुनिक तीर्थयात्रियों की जरूरतों को भी पूरा करेगा। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि इस पवित्र कार्य में सभी अपना सहयोग दें ताकि ब्रज की महिमा वैश्विक पटल पर और अधिक चमके। स्थानीय निवासी जता रहे विरोध बांके बिहारी कॉरिडोर और मंदिर न्यास को लेकर मंदिर के गोस्वामी और स्थानीय निवासी अपना विरोध जता रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है मामला सर्वोच्च न्यायालय में है ऐसे शाशन और प्रशासन कैसे निर्णय ले सकता है। वहीँ स्थानीय निवासियों ने बताया कि जिस यति गोस्वामी नाम की महिला ने अपनी भूमि दी है उनका बांके बिहारी मंदिर गोस्वामी परिवार और मंदिर की सेवा पूजा से कोई लेना देना नहीं है।
करौली में पर्यटन विकास की नई इबारत: जिला कलेक्टर की अपील, सर्वेक्षण से खुलेगा खुशहाली का द्वार
करौली में भारत सरकार के 80वें एनएसएस दौर के तहत 'घरेलू पर्यटन व्यय सर्वेक्षण' का आगाज हो गया है। जिला कलेक्टर नीलाभ सक्सेना ने समस्त जनप्रतिनिधियों और आमजन से सांख्यिकी विभाग के कार्मिकों को सही जानकारी देकर सहयोग करने की अपील की है। जून 2026 तक चलने वाले इस सर्वेक्षण का उद्देश्य सटीक डेटा के माध्यम से बेहतर नीतियों का निर्माण और पर्यटन विकास को नई ऊंचाई देना है।
डीपीएस उदयपुर में तीन दिवसीय एडवेंचर कैंप का आगाज
उदयपुर|दिल्ली पब्लिक स्कूल, उदयपुर में तीन दिवसीय एडवेंचर कैंप का आयोजन किया जा रहा है। प्री-प्राइमरी से कक्षा आठ तक के करीब 900 विद्यार्थी इसमें भाग ले रहे हैं। पहले दिन हॉट एयर बैलून सहित विभिन्न साहसिक गतिविधियां आयोजित की गईं। प्राचार्य संजय नरवरिया ने बताया कि कैंप से विद्यार्थियों में सामाजिक मूल्यों का विकास होगा।
जशपुर जिले के विकासखंड बगीचा के लिए 15 जनवरी का दिन ऐतिहासिक रहा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बुनियादी ढांचा, खेल, स्वास्थ्य और जनकल्याण से जुड़े 46 विकास कार्यों का लोकार्पण, भूमिपूजन और अवलोकन किया। इन कार्यों की कुल लागत 110 करोड़ 47 लाख रुपए है। सीएम साय ने नगर पंचायत बगीचा में बस स्टैंड के पास तहसील चौक से हाई स्कूल चौक तक बनने वाले गौरव पथ का भूमिपूजन किया। नगरीय प्रशासन और विकास विभाग की इस परियोजना पर 12 करोड़ 79 लाख 77 हजार रुपए खर्च होंगे। गौरव पथ बनने से नगर की सुंदरता बढ़ेगी। मुख्यमंत्री ने बगीचा में 2 करोड़ 83 लाख रुपए की लागत से बन रहे आधुनिक बैडमिंटन कोर्ट का अवलोकन किया। इसमें दो वुडन कोर्ट, खिलाड़ियों के लिए ड्रेसिंग रूम, शौचालय और बैठने की बेहतर व्यवस्था होगी। अधिकारियों को मई माह तक निर्माण कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुसार पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ हर वर्ग तक पहुंच रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना, धान खरीदी, तेंदूपत्ता संग्रहण मूल्य, महतारी वंदन योजना जैसी योजनाओं से लोग सीधे लाभान्वित हो रहे हैं। मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, फिजियोथेरेपी कॉलेज, आर्चरी अकादमी और पर्यटन विकास से जशपुर जिले को नई पहचान मिलेगी। 30 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का लोकार्पण सीएम साय ने 2 करोड़ 43 लाख 72 हजार रुपए की लागत से बने 30 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया। केंद्र में जनरल सर्जरी, ईएनटी, शिशु रोग, अस्थि रोग, स्त्री रोग सहित अन्य विशेषज्ञ सेवाएं और आधुनिक लैब जांच की सुविधा उपलब्ध है। इसके संचालन के लिए 100 मेडिकल-पैरामेडिकल स्टाफ की स्वीकृति दी गई है। दो लाख से अधिक लोगों को मिलेगा लाभ इस स्वास्थ्य केंद्र से बगीचा और आसपास के वनांचल क्षेत्रों की लगभग 2 लाख आबादी को लाभ मिलेगा, जिसमें करीब 14 हजार पहाड़ी कोरवा विशेष पिछड़ी जनजाति के लोग शामिल हैं। अब क्षेत्रवासियों को अपने ही इलाके में बेहतर और सुलभ इलाज मिल सकेगा। मेगा हेल्थ कैंप से हजारों को राहत नव निर्मित स्वास्थ्य केंद्र के साथ मेगा हेल्थ कैंप का शुभारंभ भी किया गया। शिविर में सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सकों ने विभिन्न बीमारियों की जांच की। आवश्यक लैब टेस्ट, निशुल्क दवाइयों का वितरण और गंभीर मरीजों को रेफर करने की व्यवस्था की गई। उज्ज्वला महोत्सव में महिलाओं को मिला लाभ मुख्यमंत्री उज्ज्वला महोत्सव में शामिल हुए, जहां 2 हजार से अधिक महिलाओं को घरेलू गैस कनेक्शन वितरित किए गए। उन्होंने कहा कि उज्ज्वला योजना से महिलाओं को चूल्हे के धुएं से मुक्ति मिली है और स्वास्थ्य में सुधार हुआ है। कार्यक्रम में मुद्रा लोन योजना के तहत चेक भी वितरित किए गए। नए विकास कार्यों की घोषणाएं इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बगीचा स्वामी आत्मानंद स्कूल में अतिरिक्त कक्ष निर्माण, बगीचा-बिंदे मार्ग और कनहर नदी पर पुल निर्माण, तथा बगीचा रेस्ट हाउस के उन्नयन की घोषणा की। 46 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन उज्ज्वला महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री ने 3 करोड़ 34 लाख 22 हजार रुपए की लागत के 9 कार्यों का लोकार्पण और 107 करोड़ 13 लाख 29 हजार रुपए की लागत के 37 कार्यों का भूमिपूजन किया। सड़क, पुल और खेल अधोसंरचना पर विशेष फोकस प्रमुख कार्यों में पोड़ीखुर्द-सुलेशा दनगरी घाट सड़क, सन्ना में आर्चरी अकादमी परिसर, जशपुर-सन्ना मार्ग पर घेरडेवा नदी पर पुल, बगीचा-बतौली मार्ग सहित कई सड़क व पुल निर्माण कार्य शामिल हैं। सोनक्यारी में निर्मित महतारी सदन का भी लोकार्पण किया गया।
जयपुर के हवामहल के सामने उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी की गरिमामयी उपस्थिति में काईट फेस्टिवल का भव्य समापन हुआ। आसमान में उड़ती हजारों लालटेन और शानदार आतिशबाजी ने गुलाबी नगरी को रौशनी से सरोबार कर दिया। राजस्थान पर्यटन विभाग के इस शानदार आयोजन ने मरुधरा की सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान दी है। पढ़ें इस जादुई शाम की पूरी रिपोर्ट।
कागजों में सर्वसम्मति, स्टेक होल्डर बेखबर, ट्रैवल मार्ट पर सवाल
लेकसिटी में हाल ही हुए ट्रैवल मार्ट के आयोजन को लेकर पर्यटन विभाग की कार्यशैली सवालों के घेरे में है। स्टेक होल्डर्स (हितधारकों) का कहना है कि विभाग ने न तो स्पष्ट संवाद किया और न निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता दिखाई दी। इससे यह असमंजस की स्थिति बन गई है कि विभाग आखिर ट्रैवल मार्ट को लेकर क्या दिशा अपनाना चाहता है। दरअसल, बजट घोषणा के तहत प्रस्तावित ट्रैवल मार्ट के आयोजन को लेकर गत वर्ष 16 मई को स्टेक होल्डर्स के साथ बैठक हुई थी। इसमें आयोजन स्थल को लेकर चर्चा हुई और यूसीसीआई, रेलवे ट्रेनिंग कॉलेज सहित अन्य स्थानों का निरीक्षण करने पर सहमति बनी। हालांकि इसके बाद न तो किसी स्थल का निरीक्षण किया गया और न ही कोई अनुवर्ती बैठक बुलाई गई। इसी बीच 26 मई को संयुक्त पर्यटन निदेशक सुमिता सरोच ने पर्यटन आयुक्त, जयपुर को पत्र भेजकर यूसीसीआई में ट्रैवल मार्ट करने का प्रस्ताव भेज दिया। पत्र में स्टेक होल्डर्स की सहमति होने का उल्लेख किया गया तथा आयोजन की अनुमानित लागत करीब 1 करोड़ रुपए बताई गई। जबकि स्टेक होल्डर्स का दावा है कि न तो आयोजन स्थल को लेकर अंतिम सहमति बनी थी और न ही बजट पर कोई साझा निर्णय हुआ। बिना स्पष्ट सहमति के आयोजन स्थल तय किए जाने को लेकर दैनिक भास्कर ने संयुक्त निदेशक से संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन उनका पक्ष सामने नहीं आ सका। बता दें, गत सप्ताह तीन दिवसीय ट्रैवल मार्ट का आयोजन किया गया था, लेकिन विभाग की ओर से न तो लोगो सपोर्ट दिया और न कोई वित्तीय सहायता दी। असर ये हुआ रहा कि देश की प्रमुख फाइव स्टार होटल चेन ने इसमें भाग नहीं लिया। केवल मिड सेगमेंट होटलों ने ही स्टॉल लगाए, जबकि उदयपुर देशभर में अपनी लग्जरी होटल इंडस्ट्री के लिए जाना जाता है।
कोटा में पर्यटन का नया सवेरा: विदेशी मेहमानों की दस्तक और हाड़ौती को ग्लोबल हब बनाने की तैयारी
कोटा हाड़ौती ट्रैवल मार्ट की सफलता के बाद कोटा डिवीजन में देशी-विदेशी पर्यटकों का आगमन शुरू हो गया है। होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान द्वारा पर्यटकों के लिए विशेष 5-दिवसीय और 3-दिवसीय आइटनरी तैयार की गई है। विद्यार्थियों के लिए बजट फ्रेंडली हॉस्टल स्टे और हाड़ौती के वैभव को दुनिया तक पहुंचाने की इस नई मुहिम से पर्यटन क्षेत्र में क्रांति आने की उम्मीद है।
छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में एक नया पर्यटन स्थल विकसित हो रहा है, जिसे स्थानीय लोग 'मिनी गोवा' कहने लगे हैं। यह क्षेत्र कभी नक्सल प्रभावित था, लेकिन अब यहां के घने जंगल और प्राकृतिक सौंदर्य पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। नक्सलवाद के साए से बाहर निकलकर, कोंडागांव के वन क्षेत्र अब शांति और विकास की नई पहचान बन रहे हैं। भोर में जब सूर्य की किरणें जंगलों के बीच से निकलती हैं, तो यह दृश्य किसी समुद्री तट का एहसास कराता है, जिसके कारण इसे 'मिनी गोवा' नाम दिया गया है। दशकों तक कोंडागांव जिले के परोदा और मर्दापाल परिक्षेत्र के जंगल नक्सल गतिविधियों के कारण आम लोगों से दूर रहे थे। इन जंगलों के बीच बहती भंवरडीह नदी, प्राकृतिक चट्टानें, पहाड़ियों की हरियाली और शांति अब पर्यटकों को अपनी ओर खींच रही है। यह वही इलाका है जहां पहले नक्सलियों की मौजूदगी के कारण प्रशासनिक गतिविधियां भी सीमित थीं। अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। ईको-टूरिज्म हब के रूप में क्षेत्र को विकसित करने की तैयारी इस पूरे क्षेत्र को ईको-टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने की तैयारी चल रही है। इसके लिए 10 करोड़ रुपए का प्रस्ताव तैयार किया गया है। प्रदेश के वन मंत्री केदार कश्यप ने इस विकास में रुचि दिखाई है। पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि से स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। वे गाइड, होम-स्टे संचालक, सुरक्षाकर्मी, परिवहन सेवा प्रदाता और हस्तशिल्प विक्रेता के रूप में काम कर सकेंगे। इससे नक्सल प्रभावित इस क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी और ग्रामीणों का जीवन स्तर सुधरेगा। मर्दापाल रेंज के जंगल प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर दक्षिण वन मंडल कोंडागांव के वन मंडलाधिकारी चूड़ामणि सिंह ने बताया कि मर्दापाल रेंज के जंगल बेहद खूबसूरत हैं। उन्होंने कहा, 'प्रारंभिक तौर पर व्यू पॉइंट, बंबू राफ्टिंग, जंगल हट और सिट-आउट एरिया का निर्माण किया जा रहा है। 40 परगनाओं की देवगुड़ियों को एक स्थान पर स्थापित करने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।' सिंह ने आगे कहा, 'हमारा उद्देश्य इस पूरे क्षेत्र को सुरक्षित, सुंदर और सांस्कृतिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना है। यह प्राकृतिक सौंदर्य सदियों तक लोगों की नजरों से दूर रहा था।'
कोहरे ने बिगाड़ा उड़ानों का शेड्यूल, इंडिगो ने जारी की ट्रैवल एडवाइजरी
दिल्ली-एनसीआर में कड़ाके की ठंड के साथ बुधवार की सुबह धुंध छाई रही। इसका असर फ्लाइट ऑपरेशन पर भी पड़ा है
नए साल में सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क से वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों के लिए खुश खबर आई है। पार्क में हाल ही दो मादा भेड़ियों ने 12 शावकों को जन्म दिया है। अब यहां भेड़ियों की संख्या 21 से बढ़कर 33 हो गई है। भेड़िया वर्तमान में संकटापन्न श्रेणी में है। आवास नष्ट होने व मानव-वन्यजीव संघर्ष के कारण इनकी देशभर में संख्या तेजी से घट रही है। ऐसे में बायो पार्क में एकसाथ 12 भेड़ियों का जन्म इनके संरक्षण की दिशा में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। भेड़िया एक स्वस्थ ईको-सिस्टम का संकेतक प्राणी है। अमेरिका के येलोस्टोन नेशनल पार्क में भेड़ियों के पुनर्वास से पूरे पारिस्थितिकी तंत्र में संतुलन लौटा था। देश के ग्रामीण क्षेत्रों में भेड़िये को जहर देकर, फंदा लगाकर भेड़ियों को मारने की घटनाएं भी सामने आती रहती हैं। क्योंकि, भेड़िये बकरी, गाय के बछ़डे आदि का शिकार कर देते हैं। भेड़ियों के प्रजनन के अनुकूल केंद्र के रूप में उभरा बायो पाकराजस्थान में भी कभी कुंभलगढ़ अभयारण्य भेड़ियों के लिए जाना जाता था, लेकिन बीते दशकों में इनकी संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई। ऐसे में बायो पार्क इनके प्रजनन के लिए अनुकूल केंद्र के रूप में उभरकर सामने आया है। भेड़ियों के कुनबे में हुई यह वृद्धि न केवल पार्क की जैव विविधता को समृद्ध करेगी, बल्कि वन्यजीव पर्यटन को भी नया आयाम देगी। इससे आने वाले समय में बायो पार्क की पहचान भेड़िया संरक्षण के एक सफल मॉडल के रूप में और मजबूत होने की उम्मीद है।
मोटरसाइकिल की सीट के नीचे से मिली 200 ग्राम हेरोइन, ट्रैवल एजेंट अरेस्ट
भास्कर न्यूज | जालंधर सीआईए स्टाफ (देहात) की टीम ने 37 साल के ट्रैवल एजेंट हरजिंदर सिंह उर्फ जौहन वासी गुरु अर्जुन पुरा (फगवाड़ा) को हेरोइन तस्करी में गिरफ्तार किया। पुलिस ने उसकी बाइक की सीट के नीचे से 200 ग्राम हेरोइन बरामद की है। थाना पतारा में आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 21-बी के तहत केस दर्ज किया गया है। उसे कोर्ट में पेश कर 2 दिन के रिमांड पर लिया है। आरोपी पर ट्रैवल एजेंटी के दो और 7 ग्राम हेरोइन का केस पहले से दर्ज है। डीएसपी इंदरजीत सिंह सैनी ने बताया कि इंचार्ज पुष्पबाली की टीम ने गांव जौहल के पास से आरोपी को उस समय पकड़ा जब वह सप्लाई देने आया था। प्राथमिक पूछताछ में आरोपी ने कहा-वह पहले फगवाड़ा में ट्रैवल एजेंटी का काम करता था। इस बीच उस पर दो केस दर्ज हो गए और उसे जेल जाना पड़ा। बेल पर आने के बाद उसने हेरोइन बेचनी शुरू कर दी। 7 ग्राम के साथ पकड़ा था। दूसरी बार जेल गया तो उसके तार तरनतारन व कपूरथला में सक्रिय हेरोइन नेटवर्क से जुड़ गए थे। बेल पर आने के बाद उसने फिर से नशा बेचना शुरू कर दिया। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी से गहनता से मामले को लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने बताया कि प्रशासन नशे की रोकथाम के लिए पूरी मुस्तैदी के साथ काम रहा है। किसी भी दोषी को किसी हालत में नहीं छोड़ा जाएगा।
बैठक में पर्यटन हित धारकों ने बताया विकसित राजस्थान @2047 का रोडमैप
उदयपुर| पर्यटन विभाग द्वारा विकसित राजस्थान @2047 के रोडमैप को लेकर मंगलवार को शास्त्री सर्कल स्थित आरटीडीसी होटल कजरी में पर्यटन क्षेत्र से जुड़े हित धारकों के साथ परामर्श कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पर्यटन विभाग के विजन, भावी योजनाओं, नीति निर्धारण, आधारभूत संरचना, मानव संसाधन विकास एवं पर्यटन की गुणवत्ता सुधार पर विस्तृत चर्चा हुई। पर्यटन व्यवसाय से जुड़े होटल व्यवसायियों, टूर ऑपरेटर्स, गाइड्स, ट्रैवल एजेंट्स एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने सुझाव दिए। संयुक्त निदेशक सुनीता सरोच ने बताया कि दीर्घकालिक पर्यटन विकास के लिए व्यवहारिक सुझाव प्राप्त करना कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य रहा। हित धारकों ने पर्यटन को मूल शिक्षा से जोड़ने, जागरूकता बढ़ाने तथा पर्यटन क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों के लिए न्यूनतम योग्यता एवं प्रशिक्षण अनिवार्य करने जैसे सुझाव रखे। उन्होंने बताया कि प्राप्त सुझावों को विकसित राजस्थान @2047 के रोडमैप में शामिल कर पर्यटन को नई दिशा दी जाएगी। कार्यक्रम में उपनिदेशक शिखा सक्सेना सहित होटल एसोसिएशन, गाइड्स, टूर ऑपरेटर्स, एयरपोर्ट अथॉरिटी व अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
संभाग स्तरीय उत्सव आज, झील-गढ़ समेत 4 पर्यटन स्थलों पर होगी पतंगबाजी
उदयपुर } सीएम के निर्देशानुसार मकर संक्रांति के अवसर पर बुधवार को प्रदेशभर में संभागीय मुख्यालयों एवं प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पतंग उत्सव आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में उदयपुर संभाग मुख्यालय पर भी संभाग स्तरीय पतंग उत्सव आयोजित होगा। कलेक्टर नमित मेहता के निर्देशन में अतिरिक्त जिला कलेक्टर शहर जितेंद्र ओझा ने अधिकारियों की बैठक ली। इसे सफल बनाने में आमजन की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। पर्यटन विभाग की उपनिदेशक शिखा सक्सेना ने बताया कि चार प्रमुख पर्यटन स्थलों-फतहसागर की पाल, गणगौर घाट, मोती मगरी और सज्जनगढ़ दुर्ग पर पतंगबाजी होगी। श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागी सम्मानित होंगे। नोडल अधिकारियों को पतंगों की उपलब्धता, पेयजल व्यवस्था, उपस्थित आमजन के लिए तिल के लड्डू वितरण सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। समय शाम 4 बजे से 5:30 बजे तक निर्धारित किया गया है।
राज्य सरकार के आदेश पर बुधवार को मकर संक्रांति पर्व पर उदयपुर में संभागस्तरीय पतंग महोत्सव का आयोजन होगा। शहर के 4 पर्यटन स्थलों पर शाम 4 से 5 बजे तक इसका आयोजन होगा। प्रशासन ने महोत्सव में आमजन से अधिक से अधिक भागीदारी की अपील की है। इसमें श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वालों को सम्मानित किया जाएगा। इस संबंध में कलेक्टर नमित मेहता के निर्देशन में एडीएम शहर जितेंद्र ओझा ने अधिकारियों की बैठक ली। इसमें संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी देते हुए आयोजन को सफल बनाने के निर्देश दिए। पर्यटन विभाग की उपनिदेशक शिखा सक्सेना ने बताया- बुधवार को शहर के चार प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पतंगबाजी होगी। इनमें फतहसागर झील की पाल, गणगौर घाट, मोती मगरी एवं सज्जनगढ़ दुर्ग शामिल हैं। आयोजन को सफल बनाने के लिए प्रत्येक स्थल पर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। पतंग महोत्सव में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया जाएगा। आयोजन स्थल पर पतंगों की उपलब्धता, पेयजल व्यवस्था, आमजन में तिल के लड्डू वितरण की व्यवस्था की जाएगी।
मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड ने ‘ग्वालियर फूलबाग एक्सपीरियंस जोन’ के काम की शुरुआत कर दी है। बैजाताल की तरफ मोतीमहल के बाहरी हिस्से की दीवारों का संरक्षण करने का काम शुरू कर दिया है। साथ ही बैजाताल के इस हिस्से के पाथवे को नए सिरे से बनाने के लिए कॉबल स्टोन (पत्थर के चौकोर टुकड़े) हटाए जाने लगे है। यहां पर फीचर वॉल भी बनाने की तैयारी है। ये काम मप्र पर्यटन बोर्ड 17 करोड़ की राशि में करा रहा है। केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत पिछले दिनों बोर्ड ने मोतीमहल के पुराने डाकघर को पर्यटन टूरिस्ट सेंटर बनाने का काम शुरू कर दिया था। अब इसी कड़ी में बैजाताल की तरफ काम किया जाने लगा है। यहां पर भविष्य में पर्यटक विंटेज कार, ऊंट-घोड़ा गाड़ी और बैटरी चलित वाहन दौड़ते नजर आएंगे। इसके लिए बैजाताल के एक हिस्से को वाहनों के लिए बंद कर दिया जाएगा। पर्यटन निगम के अधीक्षण यंत्री राजीव श्रीवास्तव ने बताया कि यहां टूरिस्ट इंफॉरमेशन सेंटर के साथ फीचर वॉल, पाथवे आदि बनाया जाएगा। 1.8 किमी में दौड़ेगी विंटेज कार, ई-व्हीकल केंद्र सरकार ने डेढ़ साल पहले प्रदेश के दो शहरों को स्वदेश दर्शन योजना-2 का हिस्सा बनाया था। इनमें ग्वालियर और चित्रकूट को चुना गया है। फूलबाग जोन को विकसित करने पर 17 करोड़ रुपए की राशि खर्च होगी। इसमें बैजाताल को संवारा जाएगा। साथ ही इटालियन गार्डन, गोपाल मंदिर, परिषद भवन, चिड़ियाघर के सामने के एरिया में हेरिटेज को ध्यान में रखकर काम होगा। ‘ग्वालियर फूलबाग एक्सपीरियंस जोन’ पर्यटकों को लगभग 1.8 कि.मी के क्षेत्र को विंटेज कार या फिर ई-व्हीकल्स से सैर कराई जाएगी। पर्यटकों के लिए मोतीमहल में संगीत संग्रहालय बनेगा। बैजाताल के समक्ष फूडजोन, मूर्तिकला केन्द्र और इटालियन गार्डन क्षेत्र का सौंद्रर्यीकरण कार्य भी योजना में शामिल है। कहां पर क्या होगा काम
सलूंबर में 17-18 जनवरी को पंच गौरव महोत्सव:खेल, संस्कृति, पर्यटन और परंपरा का होगा महासंगम
सलूंबर राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी पंच गौरव कार्यक्रम के तहत सलूंबर जिले में पहली बार दो दिवसीय पंच गौरव महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। जिला प्रशासन के निर्देशानुसार यह महोत्सव 17 व 18 जनवरी 2026 को रा.उ.मा.वि. सलूंबर एवं जयसमंद की पाल पर आयोजित होगा। इस आयोजन के जरिए जिले की विशिष्ट पहचान, संसाधनों और संस्कृति को आमजन के सामने प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा। अतिरिक्त जिला कलक्टर डॉ.दिनेश राय सापेला ने बताया कि महोत्सव में सलूंबर के पांच गौरव स्तंभों वनस्पति(पलाश), पर्यटन स्थल (जयसमंद की पाल),खेल (कबड्डी),उत्पाद (क्वार्ट्ज)और उपज(मक्का) को प्रदर्शनी,प्रयोग और प्रस्तुतीकरण के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। इसका उद्देश्य जिले की आर्थिक,सांस्कृतिक और प्राकृतिक विशेषताओं को व्यापक पहचान दिलाना है। जिला खेल अधिकारी अशोक चौधरी ने बताया कि 17 जनवरी को प्रातः 9 बजे से रा.उ.मा.वि. सलूंबर के खेल प्रांगण में रंगारंग खेल प्रतियोगिताएं होंगी, जिनमें पुरुष,महिलाएं,बच्चे और बुजुर्ग सभी भाग लेंगे। विजेताओं को मिलेंगे नकद इनाम व ट्रॉफी जिला सांख्यिकी अधिकारी शैलसिंह सौलंकी ने बताया कि सभी खेल प्रतियोगिताओं में विजेता व उपविजेता खिलाड़ियों को आकर्षक नकद पुरस्कार और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया जाएगा। जयसमंद की पाल पर दिखेगी सलूंबर की असली पहचान 18 जनवरी को जयसमंद की पाल पर पंच गौरव से जुड़े प्रदर्शनों के माध्यम से पलाश,क्वार्ट्ज,मक्का और कबड्डी के साथ-साथ जिले की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया जाएगा। यह महोत्सव सलूंबर को राज्य स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
लेकसिटी में पहली बार हुआ राजस्थान ट्रेवल एंड टूरिज्म फेयर (आरटीटीएफ) रविवार को संपन्न हुआ। चित्रकूट नगर स्थित थर्ड स्पेस में हुए तीन दिवसीय एक्सपो में देशभर से 170 ट्रेवल एजेंट पहुंचे। उदयपुर की सभी पर्यटन एसोसिएशन के प्रतिनिधि शामिल हुए। चौंकाने वाली बात यह रही कि टूरिज्म की दिशा तय करने वाले इस महत्वपूर्ण इवेंट से पर्यटन विभाग पूरी तरह नदारद रहा। विभाग ने इस आयोजन के लिए बजट तक नहीं दिया। जबकि, सरकार ने बजट में इसके लिए घोषणा कर रखी थी। विभाग की ओर से मार्केटिंग नहीं होने का नतीजा यह हुआ कि इसमें किसी भी फाइव स्टार ब्रांड ने अपनी स्टॉल नहीं लगाई। सिर्फ मिड सेगमेंट होटल चैन ही शामिल हुए। जबकि, उदयपुर अपनी पांच सितारा होटल के लिए जाना जाता है। इनकी आवभगत देखकर ही पर्यटक आकर्षित होते हैं। इस मामले को लेकर संयुक्त निदेशक सुमिता सरोच से संपर्क करने की कोशिश की तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। जयपुर मुख्यालय पर तैनात संयुक्त निदेशक नवल किशोर से बात की तो उन्होंने बताया कि उदयपुर में ट्रेड फेयर आयोजन में लोगो सपोर्ट और बजट देने के लिए फाइल आई थी। लेकिन, उच्च स्तर पर कोई निर्णय नहीं होने से बात आगे नहीं बढ़ सकी। उप मुख्यमंत्री को भी बता चुके विभाग का रवैया, फिर भी बदलाव नहीं : उदयपुर से पहले कोटा में 2 से 4 जनवरी तक ट्रेवल मार्ट का आयोजन किया गया था। उदयपुर से भी होटल व्यवसायियों ने स्टॉल लगाई थी। स्टॉल पर निरीक्षण के दौरान उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी को होटल संस्थान दक्षिण राजस्थान के अध्यक्ष सुभाष सिंह राणावत ने बताया था कि उदयपुर में भी 9 से 11 जनवरी तक ट्रेवल मार्ट का आयोजन किया जा रहा है। लेकिन, आपका विभाग हमें स्पोर्ट नहीं कर रहा है। तब डिप्टी सीएम ने प्रतिनिधियों को पूरी मदद करने का भरोसा दिया था।
पर्यटकों को मिलेगी 5-स्टार होटल जैसी बस सुविधा:राज्य के पर्यटन स्थलों की यात्रा कर सकेंगे
राज्य के पर्यटन स्थलों की यात्रा कर सकेंगे पटनापटना से बिहार के पर्यटन स्थलों की यात्रा के लिए अगले 15 दिनों के भीतर केरा वैन (लग्जरी बस) की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। परिवहन विभाग ने इसके लिए परमिट जारी कर दिया है। पर्यटक पटना से गया, जहानाबाद, बक्सर, नवादा, राजगीर, बांका और वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व सहित राज्य के कई प्रमुख पर्यटन स्थलों की यात्रा कर सकेंगे। पटना से इस बस सेवा की न्यूनतम दूरी 250 किमी तय की गई है, जबकि अधिकतम दूरी की कोई सीमा निर्धारित नहीं की गई है। यह वैन परिवारों और छोटे समूहों के लिए उपयोगी साबित होगी। इसमें एक समय में 10 यात्री सफर कर सकेंगे। वैन में चार बड़े स्लीपर बेड और तीन आरामदायक सीटें/सोफा लगाए गए हैं, ताकि यात्रा पूरी तरह आरामदायक हो सके। 250 किमी के सफर का पैकेज 19 हजार रुपये तय किया गया है। वैन की खासियतें• फाइव-स्टार होटल जैसी सुविधाओं से लैस• चार स्लीपर बेड और प्राइवेट बेडरूम• सुसज्जित किचन (इंडक्शन, माइक्रोवेव, फ्रिज)• प्राइवेट शॉवर और वॉशरूम, जिससे होटल की जरूरत कम होगी• बड़ा एलईडी टीवी, साउंड सिस्टम और मनोरंजन उपकरण• सीसीटीवी कैमरे, फायर डिटेक्टर, जीपीएस ट्रैकिंग और इमरजेंसी निकास जैसी सुरक्षा सुविधाएं• एयर सस्पेंशन और आरामदायक रिक्लाइनर सीटें• एसी, हॉट-कोल्ड वॉटर सिस्टम और वाई-फाई सुविधा स्लीपर बसों को मॉडिफाई करने पर परमिट होगा रद्द राज्य में बसों को मॉडिफाई करने पर अब परमिट रद्द किया जाएगा। परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि कई बसें सीटर के रूप में पंजीकृत होने के बावजूद मिक्स्ड सीटर-स्लीपर कॉन्फिगरेशन में चलाई जा रही हैं, जो नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी सीटर बसें स्लीपर में परिवर्तित पाई जाएंगी, उनके परमिट तत्काल रद्द किए जाएंगे। इसके साथ ही उल्लंघन करने वाले ऑपरेटरों, आरटीओ अधिकारियों और अन्य जिम्मेदारों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने बताया कि स्लीपर बसें अब केवल मान्यता प्राप्त ऑटोमोबाइल कंपनियों या केंद्र सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त फैक्ट्रियों में ही बनाई जाएंगी। लोकल या अनधिकृत बॉडी बिल्डर्स को स्लीपर कोच बनाने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा हर स्लीपर बस में फायर डिटेक्शन सिस्टम अनिवार्य किया गया है।
मधुबनी के हरलाखी प्रखंड स्थित ऐतिहासिक फुलहर गिरजा स्थान को पर्यटन विभाग विकसित करेगा। बिहार सरकार ने भगवान राम और माता सीता के प्रथम मिलन स्थल के रूप में चर्चित इस स्थान को पर्यटन स्थल घोषित किया है। पर्यटन मंत्री अरुण शंकर प्रसाद 14 जनवरी को यहां भूमि पूजन करेंगे। इस ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के स्थल को पर्यटन मानचित्र पर लाने के उद्देश्य से बिहार सरकार के पर्यटन विभाग ने करोड़ों रुपये की राशि आवंटित की है। इस राशि से फुलहर गिरजा स्थान पर एक भव्य मंदिर और फुलवारी का निर्माण किया जाएगा।भूमि पूजन समारोह की तैयारियां तेज हो गई हैं। जानकी मंदिर जनकपुर और विश्वामित्र स्थान के महंतों के साथ-साथ ग्रामीण समाजसेवी भी इसमें सक्रिय रूप से जुटे हैं। शिलान्यास मिथिलांचल की आध्यात्मिक परंपराओं को करेगी मजबूत रविवार शाम को एक विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता बिशौल विश्वामित्र आश्रम के महंत ब्रजमोहन दास ने की। इसमें दर्जनों संत-महंत शामिल हुए।विश्वामित्र स्थान के महंत बृजमोहन दास ने बताया कि यह शिलान्यास मिथिलांचल की आध्यात्मिक परंपराओं को मजबूत करने वाला एक महत्वपूर्ण कदम होगा। मंदिर के महंत ने कहा कि फुलहर गिरजा रामायण कालीन महत्व का स्थान है, जहां भगवान राम ने माता जानकी से पहली बार दर्शन किए थे।भव्य मंदिर के निर्माण से यहां पूजा-अर्चना की सुविधा बढ़ेगी, जबकि फुलवारी पर्यटकों को प्राकृतिक सौंदर्य प्रदान करेगी। बिहार सरकार की इस पहल से स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे और मिथिला की धार्मिक पर्यटन की संभावनाएं मजबूत होंगी। हरलाखी प्रखंड के ग्रामीणों में इस विकास को लेकर उत्साह व्याप्त है।कार्यक्रम में मधुबनी जिले सहित पूरे मिथिला क्षेत्र के साधु-संत, सामाजिक कार्यकर्ता, ग्रामीण नेता और भक्तगण उपस्थित रहेंगे। पर्यटन विभाग ने इस स्थान को विकसित करने के लिए योजनाबद्ध प्रयास शुरू कर दिए हैं। जानकी मंदिर जनकपुर के महंतों को भी शिलान्यास के लिए आमंत्रित किया गया है।
कड़कड़ाती सर्दी में बिकिनी पहन पूल में उतरीं रुबीना दिलैक, जापान वेकेशन की दिखाई झलक
टीवी की संस्कारी बहू रुबीना दिलैक रियल लाइफ में काफी ग्लैमरस हैं। वह अक्सर फैंस के साथ अपनी हॉट एंड सिजलिंग तस्वीरें शेयर करती रहती हैं। रुबीना वह छोटे पर्दे की हाई पेड एक्ट्रेसेस में शुमार है। हाल ही में रुबीना ने अपनी जापान ट्रिप की तस्वीरें फैंस ...
कॉरिडोर में कृष्ण: 'कुंज गलियों' का पर्यटन
15 मई 2025 को, भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने उत्तरप्रदेश सरकार को मथुरा के बांके बिहारी मंदिर के आसपास 5 एकड़ भूमि अधिग्रहित करने की अनुमति दी थी
स्विमिंग पूल किनारे मोनालिसा का सिजलिंग अंदाज, वेकेशन से शेयर की बोल्ड तस्वीरें
भोजपुरी एक्ट्रेस मोनालिसा हिंदी टीवी इंडस्ट्री में भी अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी मोनालिसा की जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। वह अपनी ग्लैमरस तस्वीरों से तहलका मचाती रहती हैं। मोनालिसा इन दिनों थाइलैंड में वेकेशन एंजॉय कर रही ...
कैंसर के ट्रीटमेंट जंग के बीच वेकेशन मनाने मालदीव पहुंचीं हिना खान, शेयर की खूबसूरत तस्वीरें
टीवी एक्ट्रेस हिना खान भले ही कैंसर से जंग लड़ रही हैं, लेकिन वह अपनी लाइफ को खुलकर जी रही हैं। इस गंभीर बीमारी से जंग लड़ते हुए वह लाइफ का हर पल एंजॉय कर रही हैं। हिना खान इन दिनों मालदीव में वेकेशन एंजॉय कर रही हैं। मालदीव में वेकेशन मनाते हुए ...
Tejasswi Praksh-Karan Kundrra नहीं हुए अलग,रोमांटिक वेकेशन एन्जॉय कर रहा है कपल करीबी दोस्त ने खोला राज
सोशल मीडिया पर भारतीय क्रिकेट टीम के हरफनमौला खिलाड़ी हार्दिक पंड्या और उनकी पत्नी नतासा स्टेनकोविक के अलग होने की अफवाहें जोरों पर हैं। यह सब तब शुरू हुआ जब नतासा ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से 'पांड्या' उपनाम हटा दिया। प्रशंसकों ने यह भी देखा कि वह आईपीएल मैचों के दौरान स्टैंड्स से गायब थीं। हालांकि, तमाम अटकलों के बावजूद इस जोड़े ने इस मामले पर चुप्पी साध रखी है। दूसरी ओर, एक ताजा रिपोर्ट से पता चलता है कि हार्दिक विदेश में किसी अज्ञात स्थान पर छुट्टियां मना रहे हैं। विस्तार से जानने के लिए आगे पढ़ें। इसे भी पढ़ें: Shabana Azmi ने Shashi Kapoor के साथ इंटीमेट सीन करने से किया था इंकार, सुपरस्टार ने कह दिया था एक्ट्रेस को 'बेवकूफ लड़की' | Read All About नताशा स्टेनकोविक से अलगाव की अफवाहों के बीच हार्दिक पंड्या विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं हार्दिक पंड्या की पत्नी नतासा स्टेनकोविक के साथ निजी जिंदगी हाल ही में चर्चा का विषय बनी हुई है। क्रिकबज द्वारा रविवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि अलगाव की अफवाहों के बीच क्रिकेटर विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं। अभी लोकेशन का नाम सामने नहीं आया है। इसे भी पढ़ें: Anant Ambani और Radhika Merchant Pre-Wedding Party! तारों भरी रात से लेकर टोगा पार्टी तक, जानें इस बार क्या-क्या होगा खास यह बताया गया है कि इंडियन प्रीमियर लीग से अपनी टीम के बाहर होने के बाद क्रिकेटर ने देश छोड़ दिया। कठिन अवधि के बाद तरोताजा होने के लिए, उन्होंने विदेश में एक सप्ताह की छुट्टी का विकल्प चुना। हार्दिक के शीघ्र ही न्यूयॉर्क में टी20 विश्व कप 2024 के अभ्यास सत्र के लिए भारतीय टीम में फिर से शामिल होने की उम्मीद है। विशेष रूप से, आईपीएल 2024 में मुंबई इंडियंस के लिए रोहित शर्मा की जगह हार्दिक के नेतृत्व की काफी आलोचना हुई। पूरे सीज़न में भारतीय क्रिकेटर को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। इस बीच, वह पेशेवर असफलताओं से जूझ रहे थे। उनकी निजी जिंदगी सुर्खियों में आ गई। कुछ दिन पहले हार्दिक ने अपने सोशल मीडिया पर ढेर सारी तस्वीरें और वीडियो शेयर किए थे। वीडियो में उन्हें पूल में तैरते हुए अच्छा समय बिताते हुए दिखाया गया, जबकि फोटो में वह एक खूबसूरत बैकग्राउंड के साथ पोज दे रहे थे। इसे छोटा और सरल रखते हुए, उन्होंने पोस्ट को कैप्शन दिया था, रिचार्जिंग। पोस्ट के जवाब में, कई प्रशंसकों ने उनके टिप्पणी अनुभाग में बाढ़ ला दी, अपना अटूट समर्थन दिखाया और आगामी विश्व कप के लिए उनकी जय-जयकार की। एक यूजर ने लिखा, “हार्दिक पंड्या जल्द ही टी20 वर्ल्ड कप में वापस आ रहे हैं,” एक अन्य फैन ने लिखा, “हार्दिक टी20 में अपने पुराने मॉडल के साथ आएं और अपने नफरत करने वालों को चुप करा दें। जबकि एक तीसरे फैन ने लिखा, “मजबूत वापसी भाई।” इसके अतिरिक्त, एक प्रशंसक ने लिखा, अपना भाई शेर था और रहेगा तू टेंशन माउंट लेना रे। एक अन्य प्रशंसक ने कहा, कोई बात नहीं हम सब आपके साथ हार्दिक हमारे हीरो हैं। एक अन्य प्रशंसक ने कहा, हार्दिक भाई विश्व कप में वापसी करेगा। हार्दिका पंड्या की पत्नी नतासा ने अलगाव की अफवाहों पर प्रतिक्रिया दी दूसरी ओर, अलगाव की अफवाहों के बीच हार्दिक की पत्नी को शनिवार को पहली बार शहर में देखा गया। अपनी नवीनतम आउटिंग में, उन्हें एक कैफे से बाहर निकलते समय एक करीबी दोस्त के साथ देखा गया था। जाने से पहले एक्ट्रेस ने शटरबग्स के लिए पोज दिए। दरअसल, एक पिता ने उनसे तलाक के बारे में पूछा। हालांकि, इसके जवाब में एक्ट्रेस ने सवाल को नजरअंदाज करने का फैसला किया और सम्मानजनक चुप्पी बनाए रखी. जाने से पहले, उसने बस इतना कहा, बहुत-बहुत धन्यवाद और अपनी प्रतीक्षारत कार की ओर बढ़ गई। अपनी नवीनतम आउटिंग के दौरान, जब वह अपने दोस्त के साथ एक कैफे से बाहर निकली, तो उसे गुलाबी शर्ट के साथ सफेद टॉप और शॉर्ट्स पहने देखा गया। दो महीने पहले एक नौका पर बॉलीवुड अभिनेत्री को प्रस्ताव देने के बाद, हार्दिक और नतासा ने लगभग चार साल पहले 31 मई, 2020 को शादी कर ली थी। उनके पहले बच्चे, अगस्त्य का जन्म 30 जुलाई, 2020 को हुआ था। अपनी तीसरी शादी की सालगिरह मनाते हुए, हार्दिक और नतासा ने उदयपुर में एक भव्य समारोह के साथ अपनी प्रतिज्ञाओं को भी नवीनीकृत किया था। View this post on Instagram A post shared by Hardik Himanshu Pandya (@hardikpandya93) View this post on Instagram A post shared by Viral Bhayani (@viralbhayani)
शादी के तीन महीने बाद हनीमून पर निकलेRakul Preet Singh औरJackky Bhagnani, वेकेशन से वायरल हुई एक्ट्रेस की तस्वीरें
एक बार फिर सिनेमा घरो में दस्तक देने जा रही है क्रिस्टोफ़र नोलन की स्पेस एडवेंचर फिल्मInterstellar,10वीं सालगिरह पर होगी री-रिलीज़

