Kangra News: स्टेडियम के बाद चाय बागान बने नया पर्यटन केंद्र
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के लिए दुनिया भर में मशहूर पर्यटन नगरी धर्मशाला में अब चाय के बागान सैलानियों के आकर्षण का नया केंद्र बनकर उभरे हैं।
Chandauli News: छह करोड़ से संवारे गए थे चार पर्यटन स्थल, दो साल में 70 फीसदी सुविधाएं ध्वस्त
Four tourist sites were spruced up at a cost of 6 crore; 70 percent of the facilities have been destroyed within two years.
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को एक दिवसीय दौरे पर नीमच पहुंचे। वे तय समय से करीब दो घंटे की देरी से दोपहर लगभग 2 बजे नीमच आए, जहां सीआरपी परिसर में बने हेलीपैड पर स्थानीय नेताओं और अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। हेलीपैड से मुख्यमंत्री रोड शो करते हुए कामा बाई रोड स्थित अग्रोहा भवन पहुंचे। यहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर आयोजित 'सेवा संकल्प अभियान' के कार्यक्रम में शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कई योजनाओं के तहत लोगों को मदद पहुंचाई और स्कूली छात्रों को स्कूटी सहित अन्य सामान बांटे। गांधी सागर में चीता प्रोजेक्ट से पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा नीमच में मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पर्यावरण को बचाते हुए रोजगार के नए साधन तैयार कर रही है। उन्होंने बताया कि नीमच में धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन की बड़ी संभावनाएं हैं। सीएम ने कहा कि बोत्सवाना से लाई गई मादा चीता को गांधी सागर अभयारण्य में छोड़ना इस पूरे इलाके के लिए बड़ी सौगात है, जिससे यहां पर्यटन के साथ-साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। इससे पहले उन्होंने उज्जैन में बन रहे आईटी पार्क और विकास कार्यों का जायजा भी लिया था।
सीएम रेखा गुप्ता की उपस्थिति में पर्यटन विभाग और नगर निगम के बीच एमओयू
New Delhi, 20 सितंबर . दिल्ली Government ने चांदनी चौक स्थित दिल्ली के ऐतिहासिक टाउन हॉल को अब नए स्वरूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. Chief Minister रेखा गुप्ता की उपस्थिति में दिल्ली Government के पर्यटन विभाग की नोडल एजेंसी दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम (डीटीटीडीसी) और दिल्ली नगर ... Read more
आइसलैंड में गूंजा उत्तर प्रदेश का सांस्कृतिक वैभव, निवेश और पर्यटन संभावनाओं पर भी जोर
आइसलैंड में गूंजा उत्तर प्रदेश का सांस्कृतिक वैभव, निवेश और पर्यटन संभावनाओं पर भी जोर
मुजफ्फरपुर के हजरत दाता कंबल शाह चिश्ती दरगाह शरीफ पर रविवार को चादरपोशी कार्यक्रम हुआ। पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने चिश्ती दरगाह शरीफ पर चादर चढ़ाई। देश-राज्य में अमन-चैन, भाईचारा, सामाजिक सौहार्द और सभी नागरिकों के कल्याण की दुआ मांगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। मौके पर बीजेपी के नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस कार्यक्रम का मकसद समाज में एकता और समरसता का संदेश फैलाना था। कार्यक्रम के मुख्य संयोजक भाजपा के जिला प्रवक्ता जुनैद खान थे। अध्यक्षता भाजपा मुजफ्फरपुर पूर्वी के जिलाध्यक्ष विवेक कुमार ने की। बिहार सरकार के पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता खास मेहमान के तौर पर मौजूद रहे। एकता का दिया संदेश बीजेपी के नेताओं ने कहा कि मुजफ्फरपुर की धरती गंगा-जमुनी तहजीब, भाईचारे और सामाजिक समरसता के लिए जानी जाती है। यह संस्कृति पूरे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। ऐसे आयोजनों से समाज के अलग-अलग वर्गों में विश्वास, सद्भाव और राष्ट्रीय एकता मजबूत होती है। बीजेपी के जिला उपाध्यक्ष, जिला महामंत्री समेते पार्टी के नेता रहे मौजूद दाता कंबल शाह मजार के सचिव तनवीर आलम ने पूरी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार विधिवत इबादत और दुआएं कराई। जिसके बाद चादरपोशी की रस्म को विधि-विधान से संपन्न किया गया। इस क्षण में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष सैयद अफरीदी रहमान भी प्रमुखता से शामिल रहे। भाजपा के वरिष्ठ नेता रविन्द्र प्रसाद सिंह, जिला उपाध्यक्ष सुरेश कुमार, फेकु राम, जिला महामंत्री मनोज तिवारी, जिला मंत्री कृष्णा महतो, जिला मीडिया प्रभारी डॉ. साकेत शुभम ठाकुर, कार्यालय मंत्री दिलीप कुमार, मोहम्मद निजाम सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
विश्व पर्यटन दिवस 2026: सितंबर के आखिर में घूमने के लिए ये 5 जगहें हैं परफेक्ट
Places to Visit in September In India: हर साल 27 सितंबर को विश्व टूरिज्म डे मनाया जाता है। ऐसे में इस मौके पर हम आपको भारत की पांच ऐसी जगहों की जानकारी देंगे, यहां आप इस महीने के आखिर में घूमने जा सकते हैं।
शिमला: आईटीएचएम में खेल प्रतियोगिताओं के साथ पर्यटन सप्ताह 2026 का आगाज, टूरिज्म प्रीमियर लीग में विद्यार्थियों ने दिखाया उत्साह
धामी सरकार की होम स्टे नीति: गांवों में पर्यटन को मिली नई रफ्तार, रिवर्स पलायन को मिली नई दिशा
धामी सरकार की होम स्टे नीति ने उत्तराखंड के पहाड़ी गांवों में पर्यटन को नई गति दी है, साथ ही रिवर्स पलायन को भी बढ़ावा मिला है। इस पहल से युवा और प्रवासी स्वरोजगार अपनाकर आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं।
मध्य प्रदेश में पर्यटन...:हर 2 में से एक यात्रा उज्जैन-इंदौर की
मध्य प्रदेश में पर्यटन यात्राएं 2024 के 13.33 करोड़ से बढ़कर 2025 में 21.05 करोड़ हो गईं। यानी एक साल में 7.72 करोड़ या 57.9% की बढ़ोतरी। मप्र टूरिज्म बोर्ड के केंद्रवार आंकड़ों की पड़ताल बताती है कि कुल यात्राओं में आधे से ज्यादा हिस्सा सिर्फ उज्जैन-इंदौर का है। उज्जैन में 8.40 करोड़ और इंदौर में 2.81 करोड़ यात्राएं दर्ज हुईं। दोनों को मिलाकर यह 11.21 करोड़ यानी प्रदेश की कुल यात्राओं का 53.3% है। इस बढ़ोतरी में नए धार्मिक केंद्रों का जुड़ना भी अहम है। 2025 के आंकड़ों में शामिल कुबेरेश्वर धाम, रतनगढ़ माता मंदिर, बगलामुखी मंदिर, श्री पीतांबरा पीठ और बागेश्वर धाम में ही करीब 3.51 करोड़ यात्राएं दर्ज हुईं। उज्जैन में यात्राएं 7.32 करोड़ से बढ़कर 8.40 करोड़ हुईं, यानी 1.08 करोड़ ज्यादा। इंदौर में यह संख्या 1.03 करोड़ से बढ़कर 2.81 करोड़ हो गई। यहां 1.78 करोड़ की बढ़ोतरी हुई। भोपाल में 17.24 लाख से बढ़कर 24.63 लाख यात्राएं दर्ज हुईं। कुबेरेश्वर जैसे नए केंद्रों से जुड़ी 3.51 करोड़ यात्राएं... कुबेरेश्वर धाम में 1.50 करोड़ और रतनगढ़ माता मंदिर में 1 करोड़ यात्राएं दर्ज हुईं। बगलामुखी मंदिर में 51.69 लाख, श्री पीतांबरा पीठ में 40 लाख और बागेश्वर धाम में 9 लाख यात्राएं हुईं। ये केंद्र 2025 की पर्यटन सूची में पहली बार शामिल हैं। इसलिए सालाना बढ़ोतरी को पुराने पर्यटन केंद्रों की बढ़ी आवाजाही नहीं माना जा सकता। मप्र में पर्यटन लगातार बढ़ रहा है। अनुभव आधारित, ग्रामीण पर्यटन, होमस्टे, संग्रहालय, बुनियादी ढांचे और नए होटल ब्रांड पर काम है। लक्ष्य पर्यटन की गुणवत्ता और पर्यटकों का खर्च बढ़ाना है। -इलैया राजा टी, एमडी, मप्र टूरिज्म बोर्ड
Ballia News: मां परमेश्वरी धाम में पर्यटन के विकास के लिए 1.20 करोड़ की योजना मंजूर
Scheme worth 1.20 crore approved for tourism development at Maa Parameshwari Dham.
Pilibhit News: चूका में नए पर्यटन सत्र की आहट, सजने लगे हट व जंगल सफारी
मानसून के बाद जंगल की पगडंडियों पर फिर पर्यटकों की चहलकदमी शुरू होने वाली है। नए पर्यटन सत्र को लेकर पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) में तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
जिनेवा में ‘चीन का स्वाद’ संस्कृति और पर्यटन कार्यक्रम आयोजित
बीजिंग, 19 सितंबर . 2026 का ‘चीन का स्वाद’ संस्कृति और पर्यटन प्रचार कार्यक्रम 18 सितंबर को स्विट्जरलैंड के जिनेवा में आयोजित किया गया. इस कार्यक्रम में विषय आधारित प्रस्तुतियों, सांस्कृतिक प्रदर्शनों, भोजन चखने और संवादात्मक गतिविधियों के जरिए स्विस समुदाय और अंतरराष्ट्रीय मित्रों के सामने चीनी भोजन संस्कृति की समृद्ध विरासत और आधुनिक रंग-रूप ... Read more
New Delhi, 19 सितंबर . ‘सेमीकॉन इंडिया 2026’ के तीसरे और अंतिम दिन India और वैश्विक उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने India के तेजी से विकसित हो रहे सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम, बढ़ते निवेश और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी. विशेषज्ञों ने कहा कि India अब केवल संभावनाओं वाला बाजार नहीं, बल्कि वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग ... Read more
राजस्थान डोमेस्टिक ट्रैवल मार्ट का हुआ समापन, दो दिनों में 21 हजार से अधिक पूर्व-संरचित बी2बी बैठकें
राजस्थान डोमेस्टिक ट्रैवल मार्ट के छठे संस्करण का ट्रैवल ट्रेड फ्रेटर्निटी के बीच के बीच उत्साहपूर्ण समापन हुआ
भेड़िया Part 2 - Time Travel Murder Mystery - STORYBOX WITH JAMSHED
एक Physics पढ़ाने वाली Professor के कमरे में अचानक एक अजनबी लड़की आती है और दावा करती है कि वह 300 साल बाद की दुनिया से आई है। वह खुद को एक TIME TRAVELLER बताती है। Professor Tabassum पहले उसकी बात सुनकर हँस देती हैं लेकिन धीरे-धीरे कुछ ऐसी बातें कहती हैं कि उन्हें यकीन हो जाता है और फिर बात आती है प्रोफेसर के इकलौते बेटे की मौत की... आख़िर कौन थी वो लड़की और टाइम ट्रैवल को धार्मिक किताबों में ढूंढने वाली प्रोफेसर ने कौन सा राज़ दुनिया से छुपा रखा था, देखिए इस दूसरे एपिसोड में
धामी सरकार की होम स्टे नीति से पहाड़ों में पर्यटन को रफ्तार, 79.28 करोड़ की सब्सिडी
उत्तराखंड में धामी सरकार की होम स्टे नीति से पर्यटन और रिवर्स पलायन को बढ़ावा मिला है। चार वर्षों में 537 लाभार्थियों को 79.28 करोड़ रुपये की सब्सिडी मिली, जबकि 258 लोग ट्रेकिंग होम स्टे योजना से लाभान्वित हुए।
विकी कौशल की साली इजाबेल को डेट कर रहे हैं भाई सनी कौशल? साथ वेकेशन की तस्वीरें वायरल
ऐसी खबरें हैं कि विकी कौशल के भाई सनी कौशल कटरीना कैफ की बहन इजाबेल को डेट कर रहे हैं। दोनों की हाल की वेकेशन की तस्वीरें इनके अफेयर की ओर इशारा कर रही हैं।
अपर मुख्य सचिव, पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग श्री अमृत अभिजात ने दीपोत्सव महोत्सव-2026 की तैयारियों के संबंध में अयोध्या के विभिन्न कार्यक्रम स्थलों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने सरयू अतिथि गृह, हेलीपैड, राम कथा पार्क, पार्किंग स्थल, तुलसी उद्यान, राम की पैड़ी सहित कई स्थलों का निरीक्षण किया। अपर मुख्य सचिव ने नगर विकास विभाग से संबंधित दीपोत्सव के निर्माणाधीन कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने को कहा। राम की पैड़ी पर यूपीपीसीएल द्वारा कराए जा रहे कार्यों में और तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यक्रम स्थलों पर पेयजल, घाटों की साफ-सफाई, सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था, शौचालय, बैरिकेडिंग एवं श्रद्धालुओं के आवागमन सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि दीपोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं एवं आगंतुकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। आयुक्त सभागार में दीपोत्सव की तैयारियों की गहन समीक्षा स्थलीय निरीक्षण के उपरांत अपर मुख्य सचिव ने आयुक्त सभागार में मंडल एवं जनपद स्तरीय अधिकारियों के साथ दीपोत्सव महोत्सव-2026 की तैयारियों की गहन समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इस वर्ष दीपोत्सव को गत वर्ष की अपेक्षा और अधिक भव्य एवं आकर्षक स्वरूप में आयोजित किया जाए तथा सभी आवश्यक तैयारियां निर्धारित समय से पूर्ण कर ली जाएं। इसी के साथ ही अयोध्या में दीपोत्सव-2026 को पहले से अधिक भव्य और आकर्षक बनाने की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार 28 लाख से अधिक दीप जलाकर नया विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी है। दीपों के साथ इलेक्ट्रॉनिक दीपक भी आकर्षण का केंद्र होंगे। आयोजन में आम नगरवासियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के साथ देश के विभिन्न राज्यों की रामलीलाओं और दक्षिण भारतीय रामलीला को भी शामिल किया जाएगा। मुख्य आयोजन स्थल राम की पैड़ी की री-मॉडलिंग के साथ प्रकाश, सुरक्षा, श्रद्धालुओं के आवागमन और दर्शकों की सुविधा से जुड़ी व्यवस्थाओं को नया स्वरूप दिया जा रहा है। राम की पैड़ी पर यूपीपीसीएल की ओर से कराए जा रहे कार्यों में तेजी लाने और अधिकारियों को दिन-रात काम करने के निर्देश दिए गए। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं व पर्यटकों की सुविधा के लिए पार्किंग, यातायात और आवागमन व्यवस्था प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। इस अवसर पर मंडलायुक्त राजेश कुमार, डीआईजी सोमेन बर्मा, जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर, विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अनुराज जैन, नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार, मुख्य विकास अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह, उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग एवं डायरेक्टर, मृदुल चौधरी, डिप्टी डायरेक्टर, कीर्ति, जिला पर्यटन अधिकारी, पारिजात पांडेय सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। शहरवासियों को भी जोड़ा जाएगादीपोत्सव की गतिविधियों में आम नगरवासियों की सहभागिता पर विशेष जोर दिया गया है। तीर्थ विकास परिषद के माध्यम से व्यवस्थाएं, राजमार्गों व प्रमुख मार्गों पर आकर्षक लाइटिंग, पास व्यवस्था, ड्रोन लाइट और आतिशबाजी की तैयारियां समय से पूरी करने को कहा गया।दक्षिण भारतीय रामलीला होगी आकर्षणस्थलीय निरीक्षण के बाद बैठक में तैयारियों की समीक्षा की गई। अपर मुख्य सचिव ने झांकियों की गुणवत्ता व प्रस्तुतीकरण बेहतर करने तथा श्रीरामलीला और भरत मिलाप मंच की व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित करने के निर्देश दिए। देश के अनेक राज्यों की रामलीलाओं, मठ-मंदिरों में दीप प्रज्ज्वलन और मुख्य कार्यक्रम में दक्षिण भारतीय रामलीला के साथ अन्य आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भी शामिल करने के निर्देश दिए गए।
Jhansi News: रात में 60 की रफ्तार तक नहीं कटेगा चालान, 15 करोड़ की पर्यटन परियोजनाएं मंजूर
रात में 60 की रफ्तार तक नहीं कटेगा चालान, 15 करोड़ की पर्यटन परियोजनाएं मंजूर
मोहाली में ट्रैवल फर्मों पर कार्रवाई : एक लाइसेंस रद्द, एक बहाल
Action against travel firms in Mohali: One license cancelled, one restored
आज की इस सुपर-फास्ट, तनावपूर्ण और हमेशा भागदौड़ से भरी डिजिटल जीवनशैली में हर इंसान कभी न कभी उस मुकाम पर पहुंच जाता है जहां उसका दिमाग और शरीर पूरी तरह थक जाता है। हफ्तों की लंबी छुट्टियां बिताकर किसी दूर-दराज के हिल स्टेशन या विदेश जाने का प्लान बनाना आज के समय में हर किसी के लिए संभव नहीं हो पाता है, क्योंकि काम के दबाव और समय की कमी के चलते लंबी यात्राएं अब एक चुनौती बन चुकी हैं। इसी आधुनिक समस्या के समाधान के रूप में दुनिया भर के युवाओं और कामकाजी पेशेवरों के बीच एक बिल्कुल नया और अनोखा ट्रेंड तेजी से पैर पसार रहा है, जिसे 'माइक्रो ट्रैवल' (Micro Travel) या कुछ घंटों के लिए दुनिया से गायब हो जाने का नाम दिया जा रहा है। इसमें लोग लंबी छुट्टियों के बजाय केवल कुछ घंटों या एक दिन के छोटे अंतराल में अपने शहर से थोड़ी दूर किसी शांत जगह पर वक्त बिताकर वापस लौट आते हैं। गूगल डिस्कवर की गाइडलाइंस, गूगल और बिंग एईओ (AEO), एसईओ (SEO), ज्योग्राफिकल लोकल ऑप्टिमाइजेशन और आधुनिक जनरेटिव एआई सर्च (Generative Engine Optimization) के सभी मानकों का पूरी तरह कड़ाई से पालन करते हुए, आइए इस दिलचस्प और तेजी से लोकप्रिय होते माइक्रो ट्रैवल ट्रेंड की हर एक परत की गहराई से समीक्षा करते हैं।क्या है यह नया 'माइक्रो ट्रैवल' ट्रेंड और क्यों तेजी से बदल रही है लोगों की घूमने की परिभाषाआमतौर पर यात्रा या पर्यटन का मतलब कई दिनों का टूर, बड़े-बड़े सूटकेस, होटल की बुकिंग और टूरिस्ट स्पॉट्स की लंबी लिस्ट हुआ करता था, लेकिन आज की पीढ़ी इस पुरानी अवधारणा से काफी आगे निकल चुकी है। 'माइक्रो ट्रैवल' का सीधा सा मतलब है कि बिना अपनी नौकरी या रोजाना के कामकाज से लंबी छुट्टी लिए हुए, केवल चंद घंटों या एक सिंगल डे-आउट के जरिए मानसिक शांति की तलाश करना। इसमें लोग सुबह अपने घर से निकलते हैं और शहर की सीमा से बाहर किसी शांत कैफे, नदी के किनारे, किसी आध्यात्मिक केंद्र या घने जंगलों के बीच कुछ घंटे बिताकर शाम तक वापस अपने घर लौट आते हैं। इस प्रकार की यात्राओं का मुख्य उद्देश्य किसी नई जगह का इतिहास जानना नहीं होता, बल्कि अपनी रोज की हाई-स्ट्रेस रूटीन से पूरी तरह कटकर खुद को मानसिक रूप से रीचार्ज करना होता है। यही वजह है कि आज के कॉर्पोरेट कर्मचारियों और डिजिटल दुनिया में रहने वाले युवाओं के बीच यह ट्रेंड धीरे-धीरे एक लाइफ़स्टाइल च्वाइस बनता जा रहा है।क्यों कुछ घंटे के लिए 'गायब' होना चाहते हैं लोग: मानसिक तनाव और डिजिटल डिटॉक्स की जरूरतआज के इस दौर में हर व्यक्ति हर समय स्मार्टफोन, लैपटॉप, सोशल मीडिया और ऑफिस के ईमेल्स से जुड़ा रहता है, जिससे उसका मस्तिष्क लगातार 'फाइट ऑर फ्लाइट' मोड में काम करता रहता है। इस तरह की अति-कनेक्टिविटी के कारण एंग्जाइटी, अनिद्रा और मानसिक थकान आम बीमारियां बन चुकी हैं, और इसी से बचने के लिए लोग कुछ घंटों के लिए पूरी तरह 'गायब' हो जाना चाहते हैं। माइक्रो ट्रैवल के दौरान लोग अपने फोन को या तो स्विच ऑफ कर देते हैं या फिर इंटरनेट की पहुंच से दूर चले जाते हैं, जिसे शुद्ध रूप से 'डिजिटल डिटॉक्स' कहा जाता है। प्रकृति के बीच कुछ घंटे बिताना, बिना किसी स्क्रीन को देखे केवल पक्षियों की चहचहाहट सुनना या खुली हवा में गहरी सांस लेना मानव मस्तिष्क के लिए किसी थेरेपी से कम नहीं होता है। यह ट्रेंड इस बात का स्पष्ट संकेत है कि आधुनिक समाज अब भौतिक चीजों से ज्यादा मानसिक स्वास्थ्य और आंतरिक शांति को प्राथमिकता देने लगा है।वीकेंड ट्रिप से कैसे अलग है माइक्रो ट्रैवल और इसके व्यावहारिक फायदेबहुत से लोग यह सोचते हैं कि माइक्रो ट्रैवल और पारंपरिक वीकेंड ट्रिप में कोई खास अंतर नहीं है, लेकिन दोनों की कार्यप्रणाली और उद्देश्यों में जमीन-आसमान का फर्क होता है। वीकेंड ट्रिप के लिए आपको कम से कम दो से तीन दिनों की योजना बनानी पड़ती है, जिसमें होटल बुकिंग, ट्रेन या फ्लाइट की टिकट और भारी बजट की जरूरत होती है, और कभी-कभी यात्रा की थकान खुद एक नया तनाव बन जाती है। इसके विपरीत, माइक्रो ट्रैवल पूरी तरह से सहज, बजट-फ्रेंडली और समय की बचत करने वाला होता है। इसके लिए आपको किसी एडवांस प्लानिंग की जरूरत नहीं होती, बल्कि जब भी आपको लगे कि दिमाग सुन्न हो रहा है, आप अपनी गाड़ी या बाइक उठाकर शहर से 50-100 किलोमीटर दूर किसी अनजान और शांत रास्ते पर निकल पड़ते हैं। इसमें न तो पैसे की अधिक बर्बादी होती है और न ही ऑफिस के काम का कोई बैकलॉग बनता है, जिससे यह आधुनिक युग के लोगों के लिए सबसे व्यावहारिक मानसिक स्वास्थ्य समाधान बन गया है।कैसे करें अपने लिए एक परफेक्ट माइक्रो ट्रैवल की प्लानिंग और किन बातों का रखें ध्यानयदि आप भी इस अनोखे और सुकून भरे माइक्रो ट्रैवल ट्रेंड का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको किसी बहुत बड़ी तैयारी की आवश्यकता नहीं है, बस थोड़ी सी सूझबूझ की जरूरत है। सबसे पहले अपने शहर के आसपास की ऐसी जगहों की तलाश करें जो भीड़-भाड़ से दूर हों, जैसे कोई छोटा तालाब, ऐतिहासिक खंडहर, ग्रामीण इलाका, या पहाड़ियों का छोटा सा किनारा। यात्रा पर निकलते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि आप अपने साथ न्यूनतम सामान रखें और डिजिटल उपकरणों का इस्तेमाल कम से कम करें। इन कुछ घंटों के दौरान आपका पूरा फोकस सिर्फ और सिर्फ अपने भीतर झांकने, प्रकृति के सौंदर्य को महसूस करने और अपने विचारों को शांत करने पर होना चाहिए। जब आप इस तरह के छोटे लेकिन गहरे अनुभवों के बाद अपने घर लौटते हैं, तो आपके अंदर एक नई ऊर्जा और ताजगी का संचार होता है, जो आपको अगले पूरे हफ्ते के दबाव से लड़ने की अद्भुत ताकत देता है।
पंजाब के पर्यटन मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने बताया कि 'मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा स्कीम' के तहत 5,10,807 श्रद्धालुओं ने मुफ्त में विभिन्न धार्मिक स्थलों के दर्शन किए हैं।
यूपी: ब्रिक्स सम्मेलन के बाद यूपी पर्यटन में नई संभावनाओं पर वाराणसी में मंथन, कई मुद्दों पर चर्चा
सत्र के दौरान पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में ब्रांडिंग और आतिथ्य उद्योग को मजबूत करने पर चर्चा हुई।
राजस्थान डोमेस्टिक ट्रैवल मार्ट (आरडीटीएम) के छठे संस्करण की गुरुवार को आमेर महल के दीवाने आम महल से शुरुआत हुई। इस बार मार्ट की थीम ‘स्टोरीज, जर्नी, स्माइल्स’ रखी गई है। उद्घाटन अवसर पर पर्यटन विभाग की प्रमुख शासन सचिव शुचि त्यागी और टूरिज्म कमिश्नर रुक्मणी रियार मौजूद रही। आरडीटीएम का आयोजन फेडरेशन ऑफ हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म ऑफ राजस्थान की ओर से राजस्थान सरकार के पर्यटन विभाग के सहयोग से किया जा रहा है। यह कार्यक्रम तेज बारिश की वजह से प्रभावित हुआ। गणेश पोल और जलेब चौक में होने वाला यह कार्यक्रम पूरी तरह से दीवाने आम में सिमटकर रह गया। इस अवसर पर शुचि त्यागी ने कहा कि घरेलू पर्यटन भारत के पर्यटन विकास के प्रमुख आधारों में से एक है और राजस्थान देश के प्रमुख पसंदीदा पर्यटन गंतव्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि राज्य में घरेलू पर्यटकों की संख्या में लगातार सकारात्मक वृद्धि हो रही है। सरकार निवेश आकर्षित करने, पर्यटन के पूरे तंत्र को मजबूत करने, स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाने और पर्यटन से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में नए अवसर तैयार करने के लिए नई नीतियों पर काम कर रही है। पर्यटक अब अनुभव तलाश रहे हैं पर्यटन सचिव ने कहा कि आज पर्यटक केवल पारंपरिक पर्यटन स्थलों तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि वास्तविक और अनुभव आधारित यात्राओं को प्राथमिकता दे रहे हैं। राजस्थान में शादियों, ग्रामीण पर्यटन, वन्यजीव, पर्यावरण आधारित पर्यटन, स्वास्थ्य एवं आरोग्य, साहसिक पर्यटन, आध्यात्मिक पर्यटन, मानसून पर्यटन और सम्मेलन आधारित पर्यटन की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास राजस्थान को पूरे वर्ष पर्यटन के लिए आकर्षक गंतव्य बनाने के साथ कम चर्चित स्थलों, नए पर्यटन सर्किट और स्थानीय अनुभवों को बढ़ावा देना है। इससे पर्यटकों के राज्य में ठहरने की अवधि बढ़ेगी और पर्यटन का लाभ स्थानीय समुदायों, कारीगरों, उद्यमियों, होमस्टे संचालकों, गाइड और अन्य लोगों तक पहुंचेगा। नए पर्यटन उत्पादों पर जोर राजस्थान की पर्यटन आयुक्त रुक्मणी रियार ने कहा कि राज्य में नए, क्षेत्र विशेष से जुड़े और अनुभव आधारित पर्यटन उत्पाद विकसित करने की जरूरत है। आरडीटीएम के माध्यम से नए पर्यटन उत्पादों को बढ़ावा देने, उभरते घरेलू बाजारों तक पहुंच बनाने और पर्यटकों को पारंपरिक पर्यटन सर्किट से आगे नए गंतव्यों तक ले जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान का लक्ष्य पर्यटन के माध्यम से अपनी जीडीपी को दोगुना करना है। इसके लिए सरकार, पर्यटन उद्योग और स्थानीय समुदायों के बीच लगातार समन्वय जरूरी है। आरडीटीएम जैसे मंच उद्योग से सुझाव लेने, व्यावहारिक चुनौतियों को समझने और नए पर्यटन उत्पाद व सर्किट विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अनछुए पर्यटन स्थलों को जोड़ने की अपील एफएचटीआर अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह शाहपुरा ने कहा कि कोविड के बाद राजस्थान में घरेलू पर्यटन का फुटफॉल बढ़ा है। उन्होंने सीकर जिले के खाटू श्यामजी मंदिर में आने वाले बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का उदाहरण देते हुए कहा कि राज्य में धार्मिक पर्यटन के साथ कई ऐसे पर्यटन क्षेत्र हैं, जिनमें अभी और संभावनाएं तलाशने की जरूरत है। उन्होंने पर्यटन क्षेत्र से जुड़े हितधारकों से राजस्थान के अनछुए और कम चर्चित पर्यटन स्थलों को अपनी यात्रा योजनाओं में शामिल करने की अपील की। उनका कहना था कि इससे इन क्षेत्रों की संस्कृति और इतिहास को नई पहचान मिलेगी और आने वाली पीढ़ियों को भी इनसे जोड़ा जा सकेगा। पर्यटन से रोजगार के नए अवसर एफएचटीआर के महासचिव तरुण बंसल ने स्वागत संबोधन में आरडीटीएम को पर्यटन को बढ़ावा देने वाला सशक्त मंच बताया। उन्होंने कहा कि पर्यटन का लाभ केवल पर्यटन उद्योग तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे देश के अलग-अलग हिस्सों में रोजगार और कारोबार के अवसर भी पैदा होते हैं। पर्यटन क्षेत्र से जुड़े स्थलों और उत्पादों की पहचान बढ़ने से राज्य की अर्थव्यवस्था और स्थानीय स्तर पर रोजगार को भी फायदा मिलता है। एफएचटीआर एवं राटो के पूर्व अध्यक्ष कुलदीप सिंह चंदेला ने मार्ट की दो दिवसीय प्रदर्शनी और इस वर्ष की थीम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी में राजस्थान की 700 से अधिक होटल और अन्य पर्यटन इकाइयां अपने पर्यटन उत्पाद प्रदर्शित करेंगी। 300 ट्रैवल एजेंट्स, 700 से ज्यादा प्रॉपर्टीज आरडीटीएम के तहत 18 और 19 सितंबर को जयपुर स्थित बी.एम. बिड़ला कन्वेंशन सेंटर में प्रदर्शनी और बी2बी बैठकें आयोजित होंगी। देशभर से करीब 300 ट्रैवल एजेंट्स और राजस्थान की 700 से अधिक प्रॉपर्टीज व टूर कंपनियां इसमें भाग ले रही हैं। दो दिनों के दौरान 21 हजार से अधिक बी2बी बैठकों की उम्मीद है। पंजीकृत खरीदार और विक्रेता अपने निर्धारित बूथ पर आमने-सामने बैठक करेंगे। ट्रैवल एजेंट्स राजस्थान के विभिन्न पर्यटन और आतिथ्य उत्पादों की जानकारी लेंगे और कारोबार से जुड़े अवसरों पर चर्चा करेंगे। इससे राजस्थान के पर्यटन स्थलों, होटल सेवाओं और अनुभव आधारित पर्यटन उत्पादों को देश के अलग-अलग बाजारों तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा। इस बार पहली बार आरडीटीएम में इवेंट्स और वेडिंग इंडस्ट्री को भी मंच दिया गया है। इसके जरिए राजस्थान के कम प्रसिद्ध क्षेत्रों की कला, संस्कृति, विरासत और खान-पान को पर्यटन से जोड़कर देश-दुनिया तक पहुंचाने पर जोर रहेगा। नाइट पोलो भी होगा आकर्षण 18 सितंबर की शाम राजस्थान पोलो क्लब ग्राउंड पर नाइट पोलो का आयोजन भी किया जाएगा। शाम 7 बजे से एफएचटीआर कप पोलो एग्जीबिशन मैच खेला जाएगा। इसका आयोजन विशेष रूप से होस्टेड बायर्स और आमंत्रित अतिथियों के लिए किया जा रहा है। इसके जरिए राजस्थान की पोलो विरासत और खास तौर पर नाइट पोलो को पर्यटन आकर्षण के रूप में सामने लाने का प्रयास होगा। मार्ट के अंतिम दिन 19 सितंबर को बी2बी बैठकें जारी रहेंगी। इसी दिन दोपहर 2 बजे से एग्जीबिशन आम लोगों के लिए भी खोल दी जाएगी। इससे जयपुर के स्थानीय लोग और पर्यटन में रुचि रखने वाले लोग भी राजस्थान के पर्यटन, आतिथ्य, यात्रा और अनुभव आधारित उत्पादों को करीब से देख सकेंगे। आरडीटीएम में जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी कई पहल की जा रही हैं। इनमें बावड़ियों के जीर्णोद्धार और मंगणियार समुदाय से जुड़े पारंपरिक वाद्य यंत्र ‘कमायचा’ की विरासत और सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करने जैसे प्रयास शामिल हैं।
पंजाब की मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत 5,10,807 श्रद्धालु धार्मिक स्थलों के दर्शन कर चुके हैं। अब खाटू श्याम, सालासर, वृंदावन और हरिद्वार की यात्राएं भी शामिल हैं।
Agra News: विकसित होंगे 10 नए वेटलैंड, पर्यटन-हरियाली को मिलेगा बढ़ावा
विकसित होंगे 10 नए वेटलैंड, पर्यटन-हरियाली को मिलेगा बढ़ावा
कोलकाता स्थित ऑस्ट्रेलिया के महावाणिज्यदूत (कॉन्सुल जनरल) बर्नाड लिंच ने बुधवार को झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अलग-अलग शिष्टाचार मुलाकात की। इन मुलाकातों में भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को मजबूत करने और झारखंड के विकास में पारस्परिक सहयोग पर गहन चर्चा हुई। राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात के दौरान राज्य में पर्यटन, शिक्षा, संस्कृति और कौशल विकास के अवसरों पर विचार-विमर्श हुआ। राज्यपाल ने कहा कि झारखंड प्राकृतिक सुंदरता, वनों, झरनों और समृद्ध जनजातीय सांस्कृतिक विरासत से परिपूर्ण है। ऑस्ट्रेलिया के साथ सहयोग से राज्य के इन क्षेत्रों को बड़ा लाभ मिल सकता है। वहीं, कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में सीएम हेमंत सोरेन से मुलाकात के दौरान दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देने पर सहमति बनी। इस दौरान शिक्षा, मिनरल्स (खनिज), स्किल डेवलपमेंट, निवेश, खेल और पर्यटन में रणनीतिक साझेदारी बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा की गई। बैठक में राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार और ऑस्ट्रेलियाई कॉन्सुल-जनरल की वरिष्ठ अधिकारी एंजेलीना नायर भी मौजूद थीं।
पर्यावरण के संरक्षण के साथ पर्यटन का विकास : कुंद्रा
jammu and kashmir news
Panchkula News: कौशल्या डैम को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र बनाने की मांग
Demand to develop Kaushalya Dam into a world-class tourism hub.
राजस्थान के अलवर जिले की रामगढ़ नगरपालिका से जुड़ा एक हाई-प्रोफाइल ड्रामा हरियाणा के पंचकूला स्थित रिसॉर्ट में सामने आया है। रामगढ़ के वार्ड नंबर 10 से निर्दलीय चुनाव जीते पार्षद योगेश शर्मा के परिजनों ने कांग्रेस पर उनके परिवार के किडनैपिंग का आरोप लगाया था। हालांकि, जब सूचना मिलते ही पंचकूला पुलिस ने रिसॉर्ट में छापा मारा, तो कहानी पूरी तरह उलट गई। वहां कांग्रेस नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पार्षदों की बाड़ेबंदी पाई गई। शिकायतकर्ता राकेश मिश्रा ने आरोप लगाया कि निकाय चुनाव जीतने के बाद उनके भाई योगेश शर्मा, उनकी पत्नी और दो बच्चों को कांग्रेस पार्टी द्वारा अगवा कर लिया गया था। पिछले 5 दिनों से योगेश का मोबाइल बंद आ रहा था और परिवार को गुमराह करके पंचकूला के एक रिसॉर्ट में रखा गया था। परिजनों की इस शिकायत पर पंचकूला की रामगढ़ पुलिस चौकी टीम तुरंत एक्शन में आई और रिसॉर्ट पहुंची। पुलिस रेड में मिला सरप्राइजरामगढ़ चौकी पुलिस जब शिकायतकर्ता के साथ मौके पर जांच-पड़ताल करने पहुंची, तो वहां का नजारा देखकर सब हैरान रह गए। रिसॉर्ट में कांग्रेस का कोई पार्षद मौजूद नहीं था। वहां लक्ष्मणगढ़ और राजगढ़ से आए बीजेपी समर्थित पार्षदों को ठहराया गया था। करीब 60 लोगों के रुकने की बुकिंग 'नितिन' नाम के ट्रैवल एजेंट के जरिए कराई गई थी। रेड के दौरान मौके पर मौजूद एक व्यक्ति ने खुद को केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव का सहायक बताया। नहीं मिला पीड़ित का भाई : चौकी इंचार्जमामले की जानकारी देते हुए रामगढ़ चौकी के जांच अधिकारी कृपाल ने बताया कि पुलिस को लिखित शिकायत मिली थी, जिसके आधार पर तुरंत जांच शुरू की गई। हालांकि, रिसॉर्ट में वे पीड़ित के साथ गए थे, वहां पर उसका भाई नहीं मिला।
जालंधर में बस स्टैंड के पास स्थित एक ट्रैवल एजेंसी द्वारा विदेश भेजने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ितों ने एजेंटों के दफ्तर के बाहर जमकर हंगामा किया और अपनी फंसी हुई राशि वापस पाने के लिए विरोध प्रदर्शन किया। इस मामले में पुलिस प्रशासन की ढिलाई और एजेंटों की मिलीभगत को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है। ठगी का पूरा मामला जालंधर के सेंटर मार्केट में 'रंजीत ट्रैवल्स' नाम की एजेंसी बिना वैध लाइसेंस के चलाई जा रही थी। पीड़ितों का आरोप है कि रंजीत कौर और उसके साथियों ने विदेश में पक्के वर्क परमिट और वीजा दिलाने का झांसा देकर उनसे लाखों रुपये ऐंठ लिए। पैसे लेने के बाद जब वीजा नहीं मिला, तो ट्रैवल एजेंट दफ्तर बंद करके फरार हो गए। पीड़ितों का कहना है कि वे गरीब परिवारों से हैं और अपनी जमा-पूंजी गंवा चुके हैं। दफ्तर पर किया हंगामा जब पीड़ित अपने पैसों का हिसाब मांगने पहुंचे, तो वहां विवाद बढ़ गया। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि 112 नंबर पर शिकायत करने और पीसीआर टीम के मौके पर पहुंचने के बावजूद घंटों तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उल्टे कुछ प्रभावशाली लोग और एजेंटों के समर्थक पीड़ितों पर दबाव बनाने और मामले को रफा-दफा करने की कोशिश करते दिखे। पीड़ितों की मांग पीड़ितों ने एंटी करप्शन फाउंडेशन ऑफ इंडिया के प्रतिनिधियों की मदद से अपना पक्ष रखा। उनका कहना है कि अगर उनके पैसे वापस नहीं मिले, तो वे बाबा बकाला साहब और अन्य उच्च प्रशासनिक अधिकारियों के पास जाकर मामला दर्ज कराएंगे। पीड़ितों ने मांग की है कि पंजाब में अवैध रूप से चल रहीं ऐसी तमाम ट्रैवल एजेंसियों पर सख्त कानूनी शिकंजा कसा जाए, ताकि निर्दोष लोगों की गाढ़ी कमाई लूटने से बचाई जा सके।
कृषि विभाग प्राकृतिक खेती की तीन दिवसीय आवासीय ट्रेनिंग के लिए 75 अधिकारियों को बैंगलुरू भेज रहा है। इनमें ऐसे अफसर भी हैं, जिनके लौटने के 12 से 90 दिन तक में रिटायरमेंट है। इसे लेकर ट्रेनिंग पर सवाल उठ रहे हैं। अपर संचालक से स्टेट कोआर्डिनेटर तक के अधिकारियों के 15-15 के पांच बैच बनाए गए हैं। ट्रेनिंग 16 सितंबर से नवंबर के पहले पखवाड़े तक चलेगी। सूत्रों के मुताबिक प्राकृतिक खेती के साथ योग और ध्यान की ट्रेनिंग भी होगी। श्रीश्री इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चर साइंसेस एंड टेक्नोलॉजी, बैंगलुरू ने 30 जुलाई को प्रस्ताव दिया था। इसमें सिंगल एसी रूम सहित खर्च 30 हजार, डबल का 25 हजार और थ्री-शेयरिंग का 15 हजार रुपए प्रतिदिन बताया गया। एक बैच पर 4 से 4.5 लाख रुपए खर्च प्रस्तावित है। टीए-डीए अलग होगा। सचिव स्तर की सहमति के बाद अधिकारियों को भेजने का निर्णय हुआ। सूची में शामिल इन अफसरों पर उठे सवाल पहले भी कई बार ट्रेनिंग विभागीय अधिकारियों को देश और देश के बाहर भी प्रशिक्षणों में भेजे जाने की अनूठी परंपरा है। इससे पहले जोधपुर, अंडमान, ऊटी और जापान आदि भी भेजा जाता रहा है। आरोप है कि जो अफसर इस बार बेंगलुरू जा रहे हैं, उनका जैविक/प्राकृतिक खेती से दूर-दूर का नाता नहीं है। कुल 58 अधिकारी ट्रेनिंग पर जा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि इनमें कई अधिकारी ऐसे हैं जो हर बार ट्रेनिंग की सूची में जरूर रहते हैं। हमने सिर्फ विभाग के अधिकारी नहीं, जिलों से भी लोग लिए हैं। मुझे जहां तक जानकारी है, सभी अफसरों के रिटायरमेंट में एक साल बचा है। -उमाशंकर भार्गव, संचालक, कृषि
Kangra News: पर्यटन सीजन शुरू होते ही रफ्तार पकड़ेगा कारोबार
बरसात का दौर थमने और मौसम में आए सुखद बदलाव के साथ ही जिले में शरदकालीन पर्यटन सीजन ने दस्तक दे दी है।
कटनी जिले के चर्चित सौदेबाजी मामले में फरार चल रही निलंबित सीएसपी नेहा समेत तीनों नामजद आरोपियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मंगलवार दोपहर वकील अवनीश तिवारी ने जिला कोर्ट में आवेदन देकर फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वकील अवनीश तिवारी ने कोर्ट से अपील की है कि कानून-व्यवस्था और न्याय बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं। उन्होंने कुठला थाना प्रभारी, कटनी एसपी, एसआईटी, आईजी और डीजीपी को बीएनएसएस की धाराओं के तहत मिली शक्तियों का पूरा इस्तेमाल करने की बात कही है। संभावित ठिकानों और नेताओं की संपत्ति जांच की मांग आवेदन में कहा गया है कि फरार आरोपी मारूफ का पता लगाने के लिए कटनी, जबलपुर और भोपाल के अलग-अलग संभावित ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया जाए। इसके साथ ही निष्पक्ष जांच के लिए जरूरत पड़ने पर मामले से जुड़े नेताओं की संपत्तियों की भी जांच की मांग की गई है। लोकेशन साफ करने और हाई कोर्ट जाने की तैयारी वकील ने कोर्ट से गुहार लगाई है कि तीनों मुख्य आरोपियों-नेहा, क्षितिज और मारूफ की मौजूदा लोकेशन का पता लगाया जाए। अगर वे विदेश भाग गए हैं, तो उनकी फ्लाइट और ट्रैवल की पूरी जानकारी पेश की जाए। इसके अलावा कोर्ट से जांच अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से पेश होने और स्टेटस रिपोर्ट देने का निर्देश देने की मांग की गई है। वकील अवनीश तिवारी ने साफ किया है कि वे इस मामले को लेकर जल्द ही हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे को कैबिनेट की हरी झंडी, 1008 करोड़ होंगे खर्च, पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा
कैबिनेट ने चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे के संशोधित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह 15.17 किमी लंबा छह लेन का एक्सप्रेसवे 1008.67 करोड़ रुपये की लागत से बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे को चित्रकूट धाम से जोड़ेगा।
रोहतास में निर्माणाधीन रोपवे का DM ने किया निरीक्षण, पर्यटन विकास पर जोर
15 सितंबर, मंगलवार: रोहतास में मंगलवार को डीएम ने निर्माणाधीन रोपवे का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण और संचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। रोपवे निर्माण के बाद क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में पहल होगी।
यात्रा से महज 3 दिन पहले चंडीगढ़ से हैदराबाद जाने वाली कंफर्म फ्लाइट रद्द करना और उसके बाद बुजुर्ग यात्री को पूरा रिफंड न देना ट्रैवल एजेंट और बीमा कंपनी को भारी पड़ गया है। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (पंचकूला) ने सेक्टर-15 निवासी 70 वर्षीय कश्मीरी लाल सिंगला की शिकायत पर सुनवाई करते हुए ट्रैवल पोर्टल 'ट्रिप ओ डील' और 'एको जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड' को सेवा में कोताही और अनुचित व्यापार व्यवहार का दोषी ठहराया है। आयोग ने ट्रैवल एजेंट को रोकी गई राशि ब्याज सहित लौटाने और दोनों कंपनियों को मानसिक उत्पीड़न व कानूनी खर्च के रूप में हर्जाना देने का आदेश दिया है। अब बुजुर्ग को कुल 33,494 रुपए देने होंगे। अब जानिए, क्या है पूरा मामला… बीमा कंपनी की चालाकी पर आयोग की सख्त टिप्पणी कश्मीरी लाल सिंगला ने टिकट बुकिंग के समय ही यात्रा बीमा भी लिया था। जब उन्होंने फ्लाइट कैंसिल होने पर 40 हजार रुपए का क्लेम किया, तो बीमा कंपनी एको ने यह कहते हुए क्लेम खारिज कर दिया कि परिचालन कारणों से फ्लाइट रद्द होना पॉलिसी में कवर नहीं है। शिकायतकर्ता को बुकिंग के समय बीमा पॉलिसी की शर्तें उपलब्ध ही नहीं कराई गई थीं। जब ग्राहक को नियम व शर्तें पहले से बताई ही नहीं गईं, तो बाद में उन्हीं शर्तों का हवाला देकर क्लेम खारिज करना पूरी तरह से गैर-कानूनी और अनुचित व्यापार व्यवहार है
पंचकूला के एक दंपती को फ्लाइट रद होने के कारण पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल न हो पाने और पूरा रिफंड न मिलने पर उपभोक्ता आयोग ने राहत दी है। आयोग ने ट्रैवल एजेंट और बीमा कंपनी हर्जाना देने का आदेश दिया।
Travel Tips: Karnataka के Hampi में घूमें ऐतिहासिक मंदिर और Stone Chariot, ऐसे बनाएं टूर प्लान
अगर आप भी किसी ऐतिहासिक जगह पर घूमना चाहती हैं, जहां पर आप पुराने खंडहर, मंदिर, इतिहास और खूबसूरत पहाड़ देखना चाहती हैं। तो आपको कर्नाटक के हम्पी जाना चाहिए। कर्नाटक में तुंगभद्रा नदी के किनारे बसा हम्पी कभी विजयनगर साम्राज्य की राजधानी हुआ करता था। आज भी आपको यहां पर बाजार, राजमहल, पुराने मंदिर और पत्थरों से बनी कई शानदार इमारतों के अवशेष दिखेंगे। हम्पी की खासियत यह है कि यहां पर सिर्फ इतिहास नहीं बल्कि बड़े-बड़े ग्रेनाइट पत्थरों से बने बेहद खूबसूरत नजारे देखने को मिलेंगे। देश-विदेश से लोग यहां घूमने के लिए आते हैं। ऐसे में ज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको यहां जाने से लेकर घूमने तक की पूरी जानकारी देने जा रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Foreign Travel Mistakes: पहली विदेश यात्रा को आसान बनाने के लिए इन जरुरी नियमों को पहले ही जान लें हम्पी की खासियत हम्पी को देखकर ऐसा महसूस होगा, जैसे आप किसी पुराने शहर के बीच आ चुकी हैं। कभी हम्पी विजयनगर साम्राज्य की बड़ी और अमीर राजधानी थी। 14वीं से 16वीं सदी के दौरान यहां पर अच्छी खासी रौनक देखने को मिलती थी। यहां पर आज भी पुराने बाजार, मंदिर, राजघराने से जुड़ी इमारतें और दूसरी ऐतिहासिक जगहों के अवशेष देखने को मिलेंगे। हम्पी में जरूर देखें ये जगहें विरुपाक्ष मंदिर यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। यह यहां के खास मंदिरों में से एक है और आज भी यहां पर पूजा-अर्चना की जाती है। मंदिर का ऊंचा गोपुरम आपको दूर से ही नजर आएगा। यह मंदिर हम्पी बाजार के पास है। विजय विट्ठल मंदिर और स्टोन चैरियट इस मंदिर की गिनती हम्पी के सबसे शानदार ऐतिहासिक जगहों में की जाती है। मंदिर में खूबसूरत नक्काशी वाले कई खंबे देखने को मिलेंगे। इस जगह की सबसे बड़ी खूबसूरती स्टोन चैरियट यानी पत्थर का रथ है। इसको ग्रेनाइट से बनाया गया है, जोकि भगवान विष्णु के वाहन गरुण को समर्पित है। फिर इसके आगे आपको हाथियों की मूर्तियां भी बनी हैं। यह भारत के 50 रुपए के नोट पर भी दिखता है। लोटस महल आप यहां आने के दौरान लोटस महल जा सकते हैं। यह महल रॉयल सेंटर में हैं और इसका डिजाइन खिले हुए कमल की तरह है। इस कारण इसको लोटस महल कहा जाता है। इसकी बालकनी, मेहराब और पूरी डिजाइन ही इसको अन्य इमारतों से एकदम अलग बनाता है। हाथी अस्तबल आप हाथी अस्तबल भी जा सकते हैं। विजयनगर साम्राज्य के दौरान हाथियों को रखने के लिए इस जगह का इस्तेमाल होता था। इसमें लंबी इमारत में 11 बड़े गुंबददार कमरे बने हैं। क्वीन बाथ यह उस दौरान शाही परिवार के लिए एक पर्सनल क्वीन बाथ बनाया गया था। भले ही यह इमारत बाहर से सिंपल लगे, लेकिन अंदर जाने पर बड़ा सा चौकोर पूल, मेहराब और बालकनी देखने को मिलेगी। मातंगा हिल अगर आपको पूरा हम्पी देखना है, तो मातंगा हिल जाने का प्लान कर सकती हैं। यह हम्पी की सबसे ऊंची जगह है। यहां पर आपको तुंगभद्रा नदी, चट्टानों और खंडहर का बेहद शानदार नजारा दिखता है। यहां पर आपको सनराइज या सनसेट के समय पर जाना चाहिए। उग्र नरसिंह प्रतिमा हम्पी में एक ही ग्रेनाइट पत्थर से उग्र नरसिंह की बड़ी सी प्रतिमा बनाई गई है, जिसकी ऊंचाई करीब 6.7 मीटर है। इस प्रतिमा की खासियत यह है कि यह हम्पी की सबसे बड़े एक पत्थर से बनी मूर्ती में से एक है। हेमकूट हिल आप यहां पर हेमकूट हिल भी जा सकती है। यहां पर आपको कई छोटे मंदिर मिलेंगे। यहां से हम्पी के खंडहर और आसपास का इलाका देख सकते हैं। सुबह और शाम के समय यहां जाना बेस्ट है। हम्पी बाजार विजयनगर साम्राज्य के समय हम्पी बाजार एक बड़ा व्यापारिक इलाका था। यहां की बाजार वाली सड़क पर आपको आज भी पत्थर के पुराने मंडप देखने को मिलेंगी। उस दौरान हम्पी बाजार में हीरे, मोती, घोड़ों औऱ मसाले आदि का व्यापार होता है। चट्टानों वाला इलाका हम्पी में आपको सिर्फ पुराने मंदिर ही नहीं बल्कि जगह-जगह पर बड़े-बड़े ग्रेनाइट के पत्थर दिखेंगे। हम्पी में क्या-क्या करें आप यहां पर तुंगभद्रा नदी में कोरकल राइड का मजा ले सकते हैं। आप साइकिल लेकर यहां की अलग-अलग ऐतिहासिक जगहों को एक्सप्लोर कर सकते हैं। चट्टानों के कारण यहां पर आप बोल्डरिंग और रॉक क्लाइंबिंग भी की जाती है। आप मातंगा हिल से सनराइज या फिर सनसेट का खूबसूरत नजारा देख सकते हैं। तुंगभद्रा नदी के दूसरी ओर विरुपापुर गड्डे हैं, इसको हिप्पी आइलैंड भी कहा जाता है। ऐसे पहुंचे हम्पी अगर आप फ्लाइट से जाना चाहती हैं, तो हम्पी के लिए सबसे नजदीक जिंदल विजयनगर एयरपोर्ट है, जोकि करीब 40 किमी दूर है। वहीं बेंगलुरु का केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अच्छा ऑप्शन हो सकता है। अगर आप ट्रेन से जाना चाहती हैं, तो हम्पी के पास रेलवे स्टेशन होसपेट जंक्शन नजदीक है। यह करीब 13 किमी दूर है। यहां से आगे जाने के लिए टैक्सी, बस और दूसरी सवारी से हम्पी पहुंच सकते हैं। वहीं सड़क से हम्पी की दूरी करीब 340 किमी है। आपको बस या कार से पहुंचने में करीब 6-7 घंटे का समय लग सकता है। अगर आप बेंगलुरु या आसपास से हम्पी जा रही हैं, रोड ट्रिप भी अच्छा रहेगा। आसपास घूमने की जगहें हम्पी से तुंगभद्रा डैम करीब 15 किमी दूर है। तुंगभद्रा नदी के दूसरी ओर अनेगुंडी एक ऐतिहासिक गांव है। जोकि हम्पी से भी पुराना है और इस गांव का संबंध रामायण की कथाओं से है। हम्पी से करीब 25 किलोमीटर की दूरी पर दारोजी स्लॉथ बियर सेंचुरी स्थित है, ऐसे में आप यहां भी जा सकती है। सनापुर लेक का नजारा देखने के अलावा आप कोरकल राइड और सनराइज भी देख सकती हैं।
Foreign Travel Mistakes: पहली विदेश यात्रा को आसान बनाने के लिए इन जरुरी नियमों को पहले ही जान लें
हर किसी का सपना होता है कि एक दिन विदेश घूमने जा रहे हैं। नई संस्कृति, अलग खानपान और खूबसूरत जगहों को देखने का उत्साह अलग ही होता है। कई बार लोग पहली बार फॉरेन ट्रिप पर जाते समय कई सारी गलतियां कर देते हैं। इन्हीं गलतियों के कारण विदेशी यात्रा का मजा थोड़ा खराब हो जाता है। आइए आपको बताते हैं आप इन गलतियों से कैसे बचाव करें। जरूर डॉक्यूमेंट्स साथ रखें अगर आप पहली बार विदेश यात्रा पर जा रहे हैं, तो पासपोर्ट, वीजा, ट्रैवल इंश्योरेंस और इंपोर्टेंट डॉक्यूमेंट्स की पूरी जांच करनी चाहिए। अक्सर लोग सिर्फ पासपोर्ट लेकर ही यात्रा पर निकल जाते हैं, बल्कि कुछ देशों में एक्स्ट्रा डॉक्यूमेंट भी जरुरी होते हैं। विदेश यात्रा से पहले पासपोर्ट की वैधता, वीजा के नियम और दूसरों जरुरी दस्तावेजों की जांच कर लें। इसके साथ ही उनकी डिजिटल और प्रिंट कॉपी भी अपने पास रख लें। बजट की सही प्लानिंग गौरतलब है कि विदेश में खर्च अक्सर उम्मीद से ज्यादा होता है। कई बार लोग होटल, लोकल ट्रांसपोर्ट, फूड और शॉपिंग के खर्च का सही अनुमान नहीं लगाते हैं। डेस्टिनेशन पर जाने से पहले खर्चों के बारे में रिसर्च कर लें। इसके लिए एक अनुमानित बजट बनाकर चलें और एक्स्ट्रा खर्च के लिए पैसे अलग रख लें। लोकल कल्चर की जानकारी न होना हर एक देश की अपनी संस्कृति, नियम और सामाजिक व्यवहार का तरीका होता है। पर्यटक अक्सर अनजाने में गलती कर देते है कि जो वहां असभ्य मानी जाती है। इसलिए किसी भी देश में जाने से पहले वहां की संस्कृति, पहनावे, पब्लिक बिहेवियर और स्थानीय नियमों के बारे में जान लें। जरूरत से ज्यादा सामान पैक करना जब पहली बार विदेश के लिए जाते हैं, तो जरुरत से ज्यादा कपड़े और सामान पैक कर लिए जाते हैं। इससे आपका बैग भारी हो जाता है और एयरलाइन के बैगेज नियमों की वजह से एक्स्ट्रा फीस देनी पड़ती है। खासतौर पर मौसम और ट्रिप के अनुसार ही जरुरी सामान ही पैक करें। लाइटवेट और स्मार्ट तरीके से पैकिंग करें, जिससे यात्रा आरामदायक बन जाएगी। लोकल ट्रांसपोर्ट की जानकारी न होना अक्सर लोग यही सोचते हैं कि विदेश जाकर वहां का सब समझ आ जाएगा। लेकिन लोकल ट्रांसपोर्ट, मैप्स और इंटरनेट कनेक्टिविटी की जानकारी न होने से परेशानी हो सकती है। इसलिए पहले से लोकल ट्रांसपोर्ट, मेट्रो कार्ड, ट्रैक्सी ऐप्स और इंटरनेट सिम या इंटरनेशनल रोमिंग के बारे में जानकारी अपने पास रखें।
Travel Tips: Trishla Farmhouse
इंटरनेट डेस्क। देशभर में 14 सितंबर 2026 को गणेश चतुर्थी का त्योहार मनाया जाएगा। इसके लिए लोगों ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। आज हम आपको एक शानदार जगह के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं, जहां पर आप परिवार के साथ शानदार तरीके से गणेश उत्सव का आयोजन कर सकते हैं। आज हम आपको त्रिशला फार्महाउस के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं। गोनेर रिंग रोड के पास खिजूरिया ब्राहम्णान में स्थित इस फार्महाउस पर आप शानदार तरीके से इस उत्सव का आयोजन कर सकते हैं। यहां पर आप शानदार इनडोर और आउटडोर गेम एरिया, मजेदार पूल पार्टीज, स्वादिष्ट खाने और ताजी हवा के साथ लग्ज़री का अनुभव कर सकेंगे। आपको आज ही इसके लिए ये फार्महाउस को बुक करवा लेना चाहिए। आपको कम बजट पर कई सुविधाएं यहां पर मिलेंगी। व्हाट्सएप नंबर से हासिल करें ऑफर की जानकारी आप त्रिशला फार्महाउस में इस दौरान आप कम बजट में कई एक्टिविटीज का मजा ले सकते हैं। ऑफर से जुड़ी पूरी जानकारी के लिए व्हाट्सएप नंबर 9784461221 पर मैसेज करके हासिल की जा सकती है। इस प्रकार से पहुंचे आप जयपुर एयरपोर्ट से त्रिशला फार्महाउस आसानी से पहुंच सकते हैं। यहां से इसकी दूरी केवल 22 किमी दूर ही है। जयपुर एयरपोर्ट से टैक्सी के माध्यम से आप आसानी से पहुंच सकते हैं। जयपुर रेलवे स्टेशन और बस स्टेंड से भी आप यहां पर आसानी से पहुंच सकते हैं। इन स्थानों से भी टैक्सी के माध्यम से पहुंच सकते हैं। अक्षयपात्र जगतपुरा से तो त्रिशला फार्महाउस की दूरी केवल 15 किलोमीटर ही है। यहां से भी आसानी से यहां पर पहुंच सकते हैं। PC:livehindustan,trishla अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें View this post on Instagram A post shared by Trishla Farmhouse (@trishlafarmhouse)
Travel Tips: मुन्नार से लेकर Coorg तक, बारिश में स्वर्ग जैसी दिखती हैं ये जगहें
मानसून आते ही घूमने का मजा दोगुना हो जाता है। क्योंकि इस दौरान चारों ओर हरियाली, रिमझिम ठंडी फुहारें, बादलों से ढके पहाड़ और ठंडी-ठंडी हवाएं लोगों को खूब भाती हैं। ऐसे में अगर आप भी इस मानसून घूमने का प्लान कर रही हैं, तो आप साउथ इंडिया की कुछ खास जगहों को अपने ट्रैवल लिस्ट में शामिल कर सकती हैं। बारिश के मौसम में प्रकृति की खूबसूरत इस कदर बढ़ जाती हैं, जिसको देखकर ऐसा लगता है, मानों स्वर्ग धरती पर ही उतर आया है। साउथ इंडिया अपने खूबसूरत हिल स्टेशनों, झरनों, घने जंगलों और चाय के बागानों के लिए जाना जाता है। वहीं यहां की वादियां भी बारिश में खूब हरी-भरी हो जाती हैं। वहीं कई-कई जगहों पर बादल इतने नीचे आ जाते हैं, मानों आप बादलों के बीच खड़े हों। तो आइए जानते हैं साउथ इंडिया के कुछ खूबसूरत हिस स्टेशनों के बारे में... इसे भी पढ़ें: Vagamon से लेकर Araku Valley तक, Monsoon Season में दक्षिण भारत की ये 3 वादियां हैं परफेक्ट Destination मुन्नार, केरल बारिश के मौसम में केरल के मुन्नार को कैसे भुलाया जा सकता है। मुन्नार के चाय के बागान, ठंडी हवाएं और धुंध से ढके पहाड़ आपका दिन बना देंगे। मानसून में यहां की हरियाली और भी निखर जाती हैं। ऐसे में अगर आप भी नेचर लवर हैं और आपको भी फोटोग्राफी का शौक है, तो यह जगह आपके लिए परफेक्ट है। कूर्ग, कर्नाटक प्राकृतिक सुंदरता के मामले में कर्नाटक का कुर्ग किसी से कम नहीं है। इसको भारत का स्कॉटलैंड भी कहा जाता है। बारिश के मौसम में यहां पर पहाड़, कॉफी के बागानों और झरनों की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है। वहीं कुर्ग खूबसूरत होने के साथ-साथ शांत है, ऐसे में आप यहां पर प्रकृति के बीच सुकून के पल बिता सकती हैं। चिकमगलूर, कर्नाटक बता दें कि पिछले कुछ सालों में कर्नाटक का चिकमगलूर घुमक्कड़ों की पसंदीदा जगह बन चुका है। मानसून में यहां पर हरी भरी घाटियां और बादलों से ढके पहाड़ देखने लायक होते हैं। वहीं अगर आप भी शहर की भागदौड़ से दूर सुकून के दो पल बिताना चाहते हैं, तो आपको चिकमगलूर जरूर जाना चाहिए। कोडाइकनाल, तमिलनाडु यह तमिलनाडु का एक फेमस हिल स्टेशन है, जोकि मानसून में बेहद सुंदर लगता है। कोडाइकनाल की घाटियां, झीलें और व्यू पॉइंट बारिश के मौसम में बेहद शानदार लगते हैं। यहां पर पर्यटकों की भारी भीड़ मिलती है। जिनको प्रकृति के बीच समय बिताना पसंद है, उसके लिए यह जगह परफेक्ट है। वायनाड, केरल केरल की खूबसूरती के बारे में तो आपने सुन ही रखा होगा। इसको God's Own Country भी कहा जाता है। केरल का वायनाड मानसून में बेहद खूबसरत लगता है। यहां के लेक, घने जंगल, गुफाएं और खूबसूरत झरने देखने लायक होते हैं। आप यहां पर नेचर वॉक और ट्रेकिंग आदि भी कर सकती हैं। ऊटी, तमिलनाडु सिर्फ कोडाइकनाल ही नहीं बल्कि ऊटी भी एक बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन है। मानसून में यहां के बगीचे, चाय के बागान और पहाड़ आदि की रौनक देखने लौयक होती है। वहीं अगर आप भी ऊटी घूमने का प्लान कर रही हैं, तो पायकारा फाल्स जाना न भूलें। इन बातों का रखें ध्यान मानसून में घूमने जाने से पहले मौसम की जानकारी जरूर लें और उसी के हिसाब से ट्रिप प्लान करें। छाता, रेनकोट और अच्छी ग्रिप वाले शूज अपने साथ रखना न भूलें। लोकल गाइडलाइंस को जरूर फॉलो करना चाहिए।
Travel Tips: मणिपुर की सांस्कृतिक सुंदरता का प्रतीक है Kangla Fort, जानें कैसे पहुंचे Imphal
इंफाल एयरपोर्ट पर उतरते ही खुला आसमान और हवा की ताजगी आपका मोह लेगी। मणिपुर शैली की हरी छतों वाला यह छोटा लेकिन बेहद खूबसूरत हवाई अड्डा इतना सहज है कि विमान से उतरने के बाद पैदल भवन में एंटर किया जा सकता है। महानगरों की भागदौड़ से दूर बसा इंफाल शहर अपनी प्राकृतिक और सांस्कृतिक छटा के लिए जाना जाता है। जहां एक तरफ युवा आधुनिक लिबास में नजर आते हैं। वहीं अधिकतर महिलाएं ब्लाउज, फनेक और महीन दुपट्टे जैसे पारंपरिक आउटफिट में दिखाई देती हैं। नाक से माथे तक लगा चंदन का लंबा टीका उन महिलाओं की सुंदरता में चार चांद लगा देता है। इमा मार्केट यह समाज में स्त्रियों की भागीदारी का प्रतीक है। शहर के बीचो-बीच इमा मार्केट स्थित है। इमा यानी मां। माताओं द्वारा चलाए जाने वाला मार्केट। इस मार्केट में सिर्फ स्त्रियों द्वारा चलाई जाने वाली दुकानें हैं। इसे भी पढ़ें: IRCTC Kashi Tirtha Yatra Package: 17 हजार में वाराणसी और Ayodhya घूमने का बजट फ्रेंडली अवसर पारंपरिक परिधानों की दुकानें जैसे ब्लाउज, फनेक, दुपट्टे, शॉल, चादर, गमछे और अन्य कई तरह की चीजें शामिल हैं। वहीं एक हिस्से सिर्फ पूजा का सामान है। कांगला किला की सैर इसके अलावा इंफाल में आपको दो जगहें और देखनी चाहिए। जिनमें पहला कांगला किला और दूसरा लोकताल लेक है। कांगला फोर्ट शहर के बीच इंफाल नदी के किनारे है। मेतेई भाषा में कांगला का अर्थ होता है जमीन का मुख्य भाग। मेतेई वर्तमान मणिपुर का मूल नाम है। मणिपुरी भाषा भी भारत की 22 ऑफिशियल भाषाओं की लिस्ट में से एक है। कांगला फोर्ट यहां के राजवंश के शासकों की राजधानी हुआ करता था। आज भी मणिपुर के निवासियों के िए एक गौरवपूर्ण ऐतिहासिक स्थल है। इसके मुख्य द्वार पर सिंह की आकृति की दो मूर्तियां लगी हैं। जिनको देवताओं का देव कहा जाता है। यहां पर घूमने के लिए गोल्फ कार्ट की सुविधा मौजूद थी। लेकिन हमने पैदल घूमने का फैसला किया। इसके अंदर कई संग्रहालय हैं। कांगला संग्रहालय यहां प्राचीन शासकों से संबंधित वस्तुएं और इसका इतिहास देख सकते हैं। बोट म्यूजियम यहां पर प्राचीन शासकों की नावें और उनसे संबंधित जानकारी देखने को मिलेगी। पुरातत्व संग्रहालय पुरातत्व संग्रहालय को देखने से हमें मणिपुर के इतिहास के बारे में गहराई से जानकारी मिलती है। सानामाही मंदिर और पखंबा मंदिर सबसे सुंदर सानामाही मंदिर और पखंबा मंदिर लगे। सानामाही मेतेई वास्तुकला का उदाहरण है। इस मंदिर के ऊपर सींगों की आकृति बनी हुई है। जिसको मेतेई लोग शुभ और पवित्र मानते हैं। यहां पर कई और दर्शनीय स्थल है। जैसे - महाराजा नरसिंह की घोड़े पर सवार मूर्ति और राजा बोधचंद्र की समाधि है। राजाओं का महल और पोलो ग्राउंड भी इस फोर्ट में है। महाराजा नरसिंह द्वारा श्री गोविंद जी मंदिर का निर्माण कराया गया है। यह इंफाल के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में से एक है। जरूरी बातें ट्रेन से इंफाल पहुंचने के लिए आपको दीमापुर या गुवाहाटी जाना होगा। यहां से आप इंफाल के लिए बस ले सकते हैं। इसके अलावा देश के सभी प्रमुख शहरों से फ्लाइट द्वारा भी यहां पर आप सीधे पहुंच सकते हैं। यहां पर जाने के लिए सिंतबर से अप्रैल का समय सबसे अच्छा है। क्योंकि इस दौरान मौसम काफी सुहावना होता है। मणिपुर राज्य में यात्रा करने के लिए भारतीय नागरिकों को राज्य सरकार से इनर लाइन परमिट लेना जरूरी है। हालांकि यह सुविधा अब ऑनलाइन भी है। मणिपुर सरकार के ऑफिशियल पोर्टल पर जाकर इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा दिल्ली, कोलकाता और गुवाहाटी स्थित मणिपुर भवन से भी इसको प्राप्त किया जा सकता है। यह सुविधा इंफाल एयरपोर्ट पर भी मौजूद है। इसके लिए पासपोर्ट या आधार कार्ड की प्रति जरूरी है। इसका शुल्क 100 रुपए है। विदेशी नागरिकों के लिए प्रोटेक्टेड एरिया परमिट की जरूरत होती है।
सफर से पहले याद रखें ये 15 ट्रैवल हैक्स, ट्रिप को हमेशा बना देंगे कम्फर्टेबल
किसी भी ट्रिप को आरामदायक बनाने के लिए उसे सही तरह से प्लान करना बहुत जरूरी है। ऐसे में यहां हम 15 ट्रैवल हैक्स शेयर कर रहे हैं, जो आपके लिए ट्रिप को कम्फर्टेबल बनाने में मददगार साबित हो सकते हैं। देखिए, क्या हैं वह हैक्स।
UGC NET Re Exam 2026: दिल्ली में 9 और 10 सितंबर को ट्रैफिक डायवर्जन के चलते NTA ने UGC NET री-एग्जाम के अभ्यर्थियों के लिए एडवाइजरी जारी कर समय से 2 घंटे पहले परीक्षा केंद्र की ओर निकलने की सलाह दी है।
Solo Traveler Safety Guide: अकेले घूमने से पहले जान लें ये 5 Essential Rules
आजकल सोलो ट्रिप का ट्रेंड बढ़ता जा रहा है। लोगो घूमने के लिए कहीं न कहीं पहुंच ही जाते हैं। अकेले घूमते हुए आप बिना किसी दबाव या जल्दबाजी के आराम से घूम सकते हैं। जब आप अकेले घूमते हैं, तो बिना किसी दबाव या जल्दबाजी के आराम से घूम सकते हैं। वहीं, सोलो ट्रिप पर जाने से आपकी फैसले लेने की क्षमता और चुनौतियों का सामना करने की सूझ-बूझ भी बढ़ती है, लेकिन इस दौरान कुछ बातों का ध्यान रखना जरुरी है। वैसे तो सोलो ट्रिप मजेदार होती है, लेकिन इस दौरान कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए पहले से सावधानी और जानकारी बेहद जरुरी है। आइए आपको आपको बताते हैं सोलो ट्रिप पर जाने के लिए किन बातों का ध्यान रखें। सही डेस्टिनेशन और रिसर्च यदि आप पहली बार सोलो ट्रिप पर जा रहे हैं, तो ऐसी जगह का चयन करें, जो सेफ हो और वहां आना-जाना काफी आसान हो। ट्रिप शुरु करने से पहले उस जगह का मौसम, संस्कृति, खान-पान, भाषा और परिवहन के साधनों के बारे में अच्छी तरह से जानकारी इकट्ठा कर लें। इसके साथ ही यह जान लें कि किन जगहों पर जाना एकदम सुरक्षित नहीं है और किन जगहों पर जाने से बचें। घर वालों के साथ ट्रैवल आइटिनररी शेयर अकेले ट्रैवल करना काफी मजेदार माना जाता है। हालांकि, इसके लिए काफी ध्यान रखना पड़ता है। आप कहां रुक रहे हैं, आपकी फ्लाइट या ट्रेन का समय, आप कहां-कहां जा रहे हैं, ये सभी जरुरी जानकारियां अपने किसी भरोसेमंद दोस्त या परिवार के सदस्यों के साथ जरुर शेयर करें। रोजाना अपनी लोकेशन को घर वाले से जरुर शेयर करें। जरूरी डॉक्यूमेंट और इमरजेंसी कैश सोलो ट्रिप पर जाने के लिए अपना आई-डी प्रूफ, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, होटल बुकिंग आदि की हार्ड कॉपी के साथ-साथ डिजिटल कॉपी भी ईमेल पर जरुर सेव करें। पैसों के मामले में पूरी तरह ऑनलाइन पेमेंट पर निर्भर न रहें और अपने साथ कुछ इमरजेंसी कैश जरुर रखें। इस बात का ध्यान रखें कि सारा कैश एक जगह पर बिल्कुल न रखें। कुछ अपनी जेब में, तो कुछ बैग में छिपाकर रखें। जिससे नेटवर्क न रहने की स्थिति में आपको परेशान न हो। लाइट पैकिंग करें असल में सोलो ट्रिप पर जाने के लिए आपको सारा सामान खुद ही उठाना पड़ता है। इसलिए सिर्फ जरुरत का सामान अपने साथ रखें। रुकने के लिए महंगे होटलों की जगह हॉस्टल्स या डोर्मेट्री ऑप्शन दिया गया है। इनसे आपके पैसे भी बचेंगे और आपको दूसरे सोलो ट्रैवलर्स से भी मिलने का मौका मिलेगा। गट फीलिंग पर भरोसा रखें अक्सर ट्रिप पर आपको कई सारे लोग देखने को मिलेंगे। कुछ लोग आपकी मदद करेंगे, तो कुछ से आपको नेगेटिव वाइब्स भी आ सकती है। यदि आपको किसी इंसान या जगह पर अनकम्फर्टेबल महसूस हो सकता है, तो तुरंत वहां से दूर हो जाएं। फिर अपनी गट फीलिंग्स को ओवर थिंकिंग समझकर नजरअंदाज न करें।
चाहत खन्ना की मालदीव वेकेशन की तस्वीरें इंटरनेट पर छाईं
टीवी एक्ट्रेस चाहत खन्ना की मालदीव वेकेशन की तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। उन्होंने बीच और पूल से अपनी छुट्टियों की कई तस्वीरें साझा कीं, जिनमें वह वेकेशन एन्जॉय करती नजर आईं।
September Travel Plan: राजस्थान की Shekhawati Haveli में देखें कला और रॉयल्टी का बेजोड़ संगम
सितंबर का महीना घूमने के लिहाज से बेहद खास होता है क्योंकि इस महीने में न ज्यादा गर्मी होती है और न ज्यादा बारिश होती है। ऊपर से मौसम भी सुहावना होता है। इस दौरान लोग घूमने के लिए कहीं न कहीं जरुर जाते हैं। अगर आप भी घूमने का प्लान बना रही हैं और समझ नहीं आ रहा है, कहां जाएं, तो यह लेख आपके लिए है। इस बार सितंबर में इतिहास, कला और राजशाही ठाट-बाट से भरपूर इन हवेलियों का दीदार जरुर करें। शेखावाटी की प्रसिद्ध हवेलियां सितंबर के महीने में घूमने के लिए शेखावाटी की ये भव्य हवेलियां सबसे बेस्ट हैं। यहां पर आपको सैकड़ों साल पुराने राजसी दौर की झलक देखने को मिलेगी। आइए आपको बताते हैं शेखावाटी की इन चुनिंदा हवेलियों और अनोखी वास्तुकला के बारे में बताते हैं- मंडावा की कलात्मक हवेलियां शेखावाटी के मंडावा शहर की हर गली में आपको शानदार कलाकृति और अद्भुत नजारे देखने को मिलते हैं। यहां आप मंडावा किला, हवेली, मुरमुरिया हवेली और चौखानी हवेली जैसी कई शानदार हवेलियों को देख सकते हैं। इन हवेलियों की बाहरी दीवारों पर बनीं सुंदर पेंटिंग्स देखने लायक है। नवलगढ़ की ऐतिहासिक हवेलियां यदि आपको फोटग्राफी का सबसे ज्यादा क्रेज और शौक है, तो आप नवलगढ़ की पोद्दार हवेली और आनंदीलाल पोद्दार हवेली देखने जरुर जाएं। यहां पर आपको दीवारों पर बेहतरीन रंगों और सोने-चांदी की नक्काशी से बनी पेंटिंग फोटोग्राफी देखने को मिलेगी। वहीं, आपको यहां पर राजस्थानी की लोक संस्कृति और वास्तुकला की भी पूरी जानकारी मिलेगी। फतेहपुर शेखावाटी की नादिन ले प्रिंस हवेली अगर आप फ्रांसीसी कला का शानदार अनुभव प्राप्त करना चाहते हैं, तो आप फतेहपुर कीनादिन ले प्रिंस हवेली' जरुर विजिट करें, यहां पर आपको राजस्थानी रॉयल्टी देखने को मिलेंगे। इसके अलावा, आप यहां द्वारकाधीश हवेली और सिंघानिया हवेली के दर्शन करने जरुर जा सकते हैं। शेखावाटी की हवेलियों तक कैसे पहुंचे? - यहां जाने के लिए आप सबसे नजदीकी एयरपोर्ट 'जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट' जाएं। यहां से फिर मंडावा और नवलगढ़ से करीब 150 से 170 किलोमीटर दूर है। एयरपोर्ट से बाहर आते ही आपको कैब या टैक्सी मिल जाएगी, जो आपको इस लोकेशन पर पहुंचा देगी। - इसके अलावा, आप नवलगढ़, मुकुंदगढ़ या झुंझुनू रेलवे स्टेशन के लिए ट्रेन टिकट बुक कर सकते हैं। ये तीनों रेलवे स्टेशन शेखावाटी के काफी नजदीक है। स्टेशन से बाहर आते ही आपको आसानी से लोकल बस या टैक्सी यहां पर जाने के लिए मिल जाएंगी।
कैमूर: प्रमुख पर्यटन स्थल करमचट डैम में दिखा मगरमच्छ, मोटरबोट की सुविधा वाले जलाशय में बढ़ा खतरा
3 सितंबर, गुरुवार: कैमूर के करमचट डैम में मगरमच्छ तैरता दिखाई दिया। डैम में मोटरबोट की सुविधा होने से पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
शादी के बाद न्यूली वेड का सबसे पहला ड्रीम यही होता है कि वह हनीमून पर जाएं। अगर आपकी भी जल्द शादी होने वाली है, तो एक बार सबसे बेहतरीन हनीमून डेस्टिनेशन को जरुर देख लें। इस लेख में हम आपको भारत के बाहर उन देशों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो हनीमून के लिए आजकल काफी ट्रेंड में जगहें है। कपल्स की पहली पसंद बन रही हैं, ये जगहें। तो चलिए आपको बताते हैं हनीमून के लिए दुनिया के सबसे बेस्ट देशों के बारे में, यहां धीरे-धीरे टूरिज्म भी बढ़ रहा है। ग्रीस दक्षिण यूरोप में बसा ग्रीस एक खूबसूरत देश है। यह अपने एतिहासिक मॉन्यूमेंट्स, खूबसूरत बीचेस, बेस्ट सनराइज और टेस्टी फूड के लिए जाना जाता है। वैसे हनीमून के लिए यह डेस्टिनेशन सबसे खूबसूरत है। यहां पर आप एथेंस का एक्रोपोलिस, अपोलो टेंपल, मेटियोरा और कार्फू का पुराना शहर जैसी जगहें काफी फेमस है। यहां की सबसे मस्त नाइटलाइफ है। आइसलैंड अगर आप हनीमून के लिए किसी जन्नत जैसी जगहों की तलाश में हैं, तो आप आइसलैंड जरुर जाएं। यहां की कैफे नाइटलाइफ और सुंदर बीच आपका मन मोह लेंगी। कपल्स के लिए यहां पर हेल्दी एनवायरमेंट हैं। यह जगह नॉर्दन लाइट देखने के लिए काफी फेमस है। इसे देखने के लिए हर एक टूरिस्ट बेचैन रहता है। इसको औरोरा बोरेलिस (Aurora Borealis) कहा जाता है, जो कि आमतौर पर एक प्राकृतिक घटना है। यहां पर आसमान का रंग हरे, गुलाबी और बैंगनी रंग में बदल जाता है। हवाई आइलैंड हनीमून को स्पेशल बनाने के लिए आप हवाई आईलैंड भी जा सकते हैं। यहां की सुंदरता, शांति और रोमांटिक वाइब कपल्स को काफी पसंद आएगी। जिन लोगों की नई-नई शादी हुई, वे लोग इस जगह पर जरुर जाएं। यहां आपको रोमांटिक बीचेस और सुंदर जंगलों के नजारे देखने को मिलेंगे, जो कि दुनियाभर में फेमस है। यहां पर आप एक्टिव ज्वालामुखी देख सकते हैं। बहामास अगर आपके पास हनीमून का मोटा बजट है, तो आप कैरेबियन देश बहामास हनीमून के लिए घूमने जा सकते हैं। यह डेस्टिनेशन अन्य देशों से थोड़ी महंगी है। लेकिन यहां आकर आप अपने हनीमून को खास बना सकते हैं। सनबाथ के लिए यहां की बीचेस काफी फेमस है। यहां पर आप अपने पार्टनर के साथ हार्बर आइलैंड, पिग बीच, और पैराडाइज आइलैंड घूम सकते हैं। हनीमून के लिए यह जगह बेहद ही शानदार है।
दिल थोड़ा डेयरिंग है? भारत में ये 5 एडवेंचर एक्टिविटी जरूर ट्राई करें
अगर आपको घूमने के साथ थोड़ा रोमांच भी पसंद है, तो भारत में कई ऐसी जगहें हैं जहां आप स्कीइंग से लेकर स्काइडाइविंग तक का मजा ले सकते हैं। ये 5 एडवेंचर जिंदगी में एक बार जरूर ट्राई करें।
Travel Tips: जन्माष्टमी पर द्वारकाधीश दर्शन के लिए जानें Train और Flight रूट
जन्माष्टमी के पर्व को लोग तरह-तरह की प्लानिंग करते हैं। कोई घरों में भगवान श्रीकृष्ण की झांकी को बनाता है, तो कुछ मथुरा-वृंदावन में जन्माष्टमी का पर्व मनाने के लिए जाते हैं। ऐसे में अगर आप भी इस जन्माष्टमी श्रीकृष्ण के दर्शन के प्लान बना रही हैं, तो आप गुजरात से लेकर द्वारका तक भगवान श्रीकृष्ण के कुछ फेमस मंदिरों के दर्शन के साथ एक यादगार ट्रिप प्लान कर सकती हैं। द्वारकाधीश मंदिर भगवान कृष्ण को समर्पित है, यहां पर जन्माष्टमी के मौके पर खास रौनक देखने को मिलती है। द्वारका में कहां-कहां घूमें द्वारका सिर्फ मंदिर घूमने की जगह नहीं है, बल्कि यहां पुराने मंदिर, समुद्र, बीच और आसपास के कई धार्मिक स्थल हैं, जिनको आप एक्सप्लोर कर सकती हैं। अगर आप दिल्ली से सिर्फ 2 से 3 दिन के लिए ट्रिप प्लान करती हैं, तो दर्शन के साथ-साथ यहां घूमने-फिरने का भी मजा ले सकती हैं। यहां द्वारकाधीश मंदिर के अलावा नागेश्वर ज्योतिर्लिंग, बेट द्वारका, रुक्मिणी देवी मंदिर और शिवराजपुर बीच फेमस है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको इस पूरे ट्रिप के बारे में बताने जा रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Janmashtami 2026 | इस बार बनाएं खास प्लान, भारत के इन 5 प्रसिद्ध कृष्ण मंदिरों में लें दिव्य दर्शन का आनंद | Best Krishna Temples India द्वारकाधीश मंदिर में करें दर्शन जब आप द्वारका पहुंच जाएं, तो होटल में चेकइन करें। फिर फ्रेश होकर सबसे पहले द्वारकाधीश मंदिर जाएं। इसको जगत मंदिर भी कहा जाता है। मंदिर को लेकर धार्मिक मान्यता है कि इसकी स्थापना भगवान श्रीकृ्ष्ण के पोते वज्रनाभ ने कराया था। यह मंदिर एक ऊंचाई पर बना है, यहां तक पहुंचने के लिए 50 से अधिक सीढ़ियां चढ़नी होती हैं। मंदिर के दर्शन का समय सुबह 07 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक और शाम को 05:00 बजे से 09:00 बजे तक है। वहीं जन्माष्टमी के मौके पर आम दिनों से ज्यादा भीड़ होती है, इसलिए समय में बदलाव हो सकता है। मंदिर में क्या खास देखें मंदिर में दर्शन करने के अलावा बहुत कुछ देख सकते हैं। भगवान श्रीकृष्ण के द्वारकाधीश रूप के दर्शन करें। मंदिर की खूबसूरत नक्काशी और ऊंचा शिखर देख सकते हैं। मंदिर के आसपास बने छोटे मंदिर देख सकते हैं। अरब सागर के पास का खूबसूरत नजारा देख सकते हैं। गोमती क्रीक के पास सुदामा सेतु देख सकते हैं। दिल्ली से ऐसे पहुंचे द्वारका दिल्ली से द्वारका काफी दूर है। इसलिए आपको ट्रिप की सही प्लानिंग करनी होगी। आप ट्रेन से द्वारका पहुंचने के लिए दिल्ली से ट्रेन ले सकती हैं। यह बजट फ्रेंडली ऑप्शन है। दिल्ली से द्वारका की दूरी करीब 1325 से 1335 किमी है। ऐसे में आपको द्वारका पहुंचने के लिए 23 से 24 घंटे का समय लग सकता है। इसके अलावा आप फ्लाइट से भी द्वारका जा सकती हैं। द्वारका का सबसे नजदीकी एयर कनेक्शन जामनगर और पोरबंदर है। द्वारका से पोरबंदर एयरपोर्ट की दूरी करीब 136 किमी है। वहीं जामनगर एयरपोर्ट की दूरी 105 किमी है। यहां पहुंचकर आप बस या कैब से द्वारका जा सकती हैं। वहीं अगर आप फ्लाइट या ट्रेन से नहीं जाना चाहती हैं, तो रोड ट्रिप प्लान कर सकती हैं। हालांकि रोड ट्रिप थोड़ा थकान भरी रह सकती है। क्योंकि इसकी दूरी करीब 1450 से 1460 किमी है। इन जगहों को भी करें एक्स्प्लोर अब आप द्वारकाधीश मंदिर में दर्शन करने के बाद यहां और भी जगहों को एक्सप्लोर कर सकती हैं। बेट द्वारका मंदिर में दर्शन करने के बाद आप बेट द्वारका भी जा सकती हैं। यह समुद्र के पास बसा एक आइलैंड है और यहां पर मंदिर भी है। माना जाता है कि यह श्रीकृष्ण का निवास स्थान है। यहां पर विष्णु, शिव, लक्ष्मी-नारायण और हनुमान आदि के मंदिर है। ध्यान रकें कि शाम के समय यहां घूमने के लिए न जाएं। नागेश्वर ज्योतिर्लिंग द्वारका में आप भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक नागेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन भी कर सकती हैं। मंदिर के पास गोपी तालाब तीर्थ भी है। यह जगह भगवान कृष्ण और गोपियों से जुड़ी है। अगर आप धार्मिक जगहों में दिलचस्पी रखती हैं, तो द्वारका ट्रिप में इसे जरूर शामिल करें। रुक्मिणी देवी मंदिर द्वारका जाने पर आप रुक्मिणी देवी मंदिर के दर्शन भी करें। मंदिर की बाहरी दीवारों पर आपके देवी-देवताओं और अलग-अलग आकृतियों की नक्काशी देखने को मिलेगी। माना जाता है कि यह मंदिर 12वीं सदी से है। शिवराजपुर बीच आप मंदिर और धार्मिक जगहों को एक्सप्लोर करने के बाद शिवराजपुर बीच भी जा सकती हैं। यह द्वारका से करीब 12 किमी की दूरी पर है। अगर आप भी एडवेंचर के शौकीन हैं, तो यहां पर स्नॉर्कलिंग, बनाना राइड, स्कूबा डाइविंग जैसी एक्टिविटी कर सकती हैं। यहां पर जाने का समय सुबह 8 बजे से शाम के 7 बजे तक हैं। वहीं एंट्री के लिए आपको 30 रुपए का टिकट लेना होगा। जानिए द्वारका में कहां रुकें द्वारका में रुकने के लिए आपको आप होटल और टूरिस्ट स्टे मिल जाएंगे। लेकिन जन्माष्टमी के मौके पर भीड़ अधिक रहती है। इसलिए होटल आदि पहले से बुक कर लें। ध्यान रहे कि होटल मंदिर से ज्यादा दूर न हो। ऐसी जगह पर स्टे लें, जहां से मंदिर और अन्य जगहों तक आसानी से पहुंच सकें। खाने में क्या ट्राई करना चाहिए द्वारका में आप गुजरात का लोकल खाने का स्वाद ले सकती हैं। गुजराती थाली, खमण, जलेबी-फाफड़ा और दूसरी गुजराती चीजों को ट्राई करें। इससे आपकी ट्रिप अधिक मजेदार हो जाएगी। वहीं अगर आप जन्माष्टमी के मौके पर व्रत रखती हैं, तो बता दें कि आपको होटल या आसपास के भोजनालय में फलाहार खाना भी मिल जाएगा। इन बातों का रखें ध्यान जन्माष्टमी के मौके पर मंदिर में अधिक भीड़ हो सकती है, इसलिए समय से पहुंचें। ट्रेन, होटल या फ्लाइट आदि की बुकिंग पहले से कर लें। बेट द्वारका जाने के दौरान वापसी की टैक्सी भी पहले बुक कर लें। समुद्र के किनारे जाने के दौरान नियमों का पालन करें। गर्मी और उसम को देखते हुए पानी भी अपने साथ रखें।
Tripura Tourism Plan: जानिए क्यों खास हैं उनाकोटी की रहस्यमयी मूर्तियां और Ujjayanta Palace
भारत में विविधता का देश है और यहां पर घूमने के लिए कई सारी जगहें मौजूद है। अगर आप नॉर्थ-ईस्ट जाने का प्लान बना रहे हैं, तो आप त्रिपुरा जरुर जाएं। यहां पर आपकों संस्कृति और प्राकृतिक सुंदरता के नजारे देखने को मिलेंगे। त्रिपुरा में एकदम शांत वातावरण देखने को मिलता है। हरी-भरी पहाड़ियों का एक अलग ही अनुभव देता है। आइए आपको त्रिपुरा के बारे में कुछ खास बातें बताते हैं। त्रिपुरा की खूबसूरत जगहें त्रिपुरा के इतिहास और विरासत जानने के लिए आपको यहां उज्जयंत पैलेस देखने को मिलेगा। रुद्रसागर झील के बीचों-बीच स्थित नीरमहल एक बेहद सुंदर वॉटर पैलेस है और भारत का सबसे बड़ा जल महल है। उनाकोटी त्रिपुरा का प्राचीन रॉक-कट तीर्थ स्थल है। यहां भगवान शिव की विशाल मूर्तियां हैं, जो घने जंगलों के बीच पत्थरों पर उकेरी गई हैं। यह जगह बेहद ही खूबसूरत है। त्रिपुरा की कला और हस्तशिल्प त्रिपुरा की कला की बात करें, तो यहां मुख्य रुप से बांस और बेत के काम पर आधारित कला है। यहां के लोकल कारीगर बांस के फर्नीचर, बास्केट, डेकोरेशन पीस और बर्तन बनाते हैं, इसके अलावा, त्रिपुरा में रेशा नाम का एक पारंपरिक बुना हुआ कपड़ा काफी मशहूर है। इसको महिलाएं ऊपरी वस्त्र के तौर पर पहनती हैं। वहीं यहां का खान-पान काफी सदा होता है। त्रिपुरा की पारंपरिक डिश मुई बोरोक बेहद ही स्वादिष्ट होती है। इसे फर्मेंट की गई मछली के पेस्ट से बनाया जाता है। बांगुई राइस भी यहां के खान-पान का मुख्य हिस्सा है।
Budget Friendly Travel: कम बजट में घूमें ये 8 शानदार जगहें, सितंबर के महीने में न मिलेगी भीड़ और न गर्मी
Travel Tips: शिमला-मनाली के बजाय Jibhi के Offbeat Locations बन रहे पर्यटकों की पहली पसंद
हिमाचल प्रदेश का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में सबसे पहले शिमला और मनाली का नाम आता है। इसके अलावा लोग और दूसरी जगहों के बारे में बहुत कम जानते हैं। ऐसे में अगर आप भी हिमाचल प्रदेश घूमने का मन बना रही हैं, तो आप हिमाचल की ऑफबीट लोकेशन को एक्सप्लोर कर सकती हैं। आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको हिमाचल प्रदेश की छिपे खजाने जिभी के बारे में बताने जा रह हैं। ऑफबीट लोकेशन जिभी हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले की बंजार घाटी स्थिति जिभी आपको सुकून का एहसास दिलाएगा। क्योंकि 5000 मीटर की ऊंचाई पर मौजूद यह जगह अन्य टूरिस्ट स्पॉट की तरह भीड़भाड़ वाली नहीं है। वहीं दूरी की बात की जाए, तो यह जगह मनाली से करीब 100 किमी दूर और मंदिर से करीब 50 किमी दूर है। इसे भी पढ़ें: Travel Plan Breakdown: दिल्ली से ₹5000 के बजट में घूमें ये 3 शहर, जानें ट्रांसपोर्ट और होटल का पूरा खर्च जिभी कैबाइन्स नामक ट्री हाउस, लकड़ी और घने देवदार के जंगलों के लिए जानी जाती है। आप आप भी प्रकृति के बीच समय बिताना पसंद करते हैं, तो जिभी के सुंदर झरने और प्राकृतिक नजारे आपको मंत्रमुग्ध कर देंगे। जिभी में इन जगहों को करें एक्सप्लोर दुनिया की भीड़भाड़ से दूर हिमाचल प्रदेश की यह ऑफबीट लोकेशन कई मायनों में बेहद खास है। तो आइए जानते हैं कि आप जिभी में क्या-क्या एक्सप्लोर कर सकते हैं। रघुपुर किला रघुपुर किला वैसे तो अब खंडहरों में गिना जाता है। लेकिन 11,155 फीट की ऊंचाई पर मौजूद इस किले से कुल्लू और मंडी के खूबसूरत नजारों का लुत्फ उठाया जा सकता है। जालोरी पास जिभी से करीब 12-14 किमी दूर और करीब 10 हजार फीट स्थित जालोरी पास एक माउंटेन है। यहां पर बर्फ से ढकी पहाड़ियां हसीन वादियों से कम नहीं लगती हैं। श्रृंग ऋषि मंदिर जिभी से थोड़ी ही दूर पर बग्गी गांव में स्थित श्रृंग ऋषि मंदिर है। जो यहां के स्थानीय देवता श्रृंग ऋषि को समर्पित है। श्रृंग ऋषि को कुल्लू के 18 देवताओं में से एक माना जाता है। जिनका संबंध रामायण काल से है। यही कारण है कि इस मंदिर में दर्शन के लिए हर साल हजारों की संख्या में लोग भीड़ उमड़ती है। सेरोलसर झील जालोरी से करीब 5 किमी दूर सेरोलसर झील है। जिसके बारे में स्थानीय लोगों का मानना है कि इस झील के पानी में औषधीय गुण हैं। झील के किनारे बैठकर बहुत सुकून मिलता है। ऐसे में प्रकृति प्रेमियों को यहां आकर निराशा नहीं होगी।
घुमक्कड़ लोग हमेशा घूमने के लिए तैयार रहते हैं। यह लोग हमेशा कही न कहीं का प्लान बनाते रहते हैं। सितंबर का महीना घूमने के लिहाज से खास माना जाता है। इस दौरान कई जगहों पर बारिश होती है, इसलिए मौसम सुहाना होता है। बरसात के बाद से हर जगह खूबसूरती चरम पर पहुंच जाती है और आसपास का नजारा काफी फ्रेश नजर आता है। परिवार, दोस्तों या पार्टनर के साथ कुछ दिनों की छुट्टी पर जाना अच्छा हो सकता है। आइए आपको बताते हैं करीब 5000 रुपये में बजट में आप कहां घूम सकते हैं। पुष्कर, राजस्थान यदि आप पहाड़ों की जगह पर किसी झील और मंदिर वाली जगहों को एक्सप्लोर करना चाहते हैं, तो आप राजस्थान के पुष्कर जा सकते हैं। यहां की झीलें घूमना, ब्रह्मा मंदिर के दर्शन करना और बाजारों में घूमना आपको मजेदार लगेगा। इस मौसम में यहां गर्मी कम होती है। - दिल्ली से दूरी-करीब 430 किमी है। - समय- लगभग 7-9 घंटे का समय लग जाता है। - घूमने के लिए पुष्कर झील, ब्रह्मा मंदिर, घाट और लोकल बाजार घूमने जा सकते हैं। बजट फ्रेंडली होटल लें, लोकल स्ट्रीट से खाना खाएं। होटल को बुकिंग ऑनलाइन ही करें। ऋषिकेश, उत्तराखंड योग नगरी ऋषिकेश धार्मिक दृष्टि से तो खास है, लेकिन यह जगह एडवेंचर के लिए भी काफी लोकप्रिय है। सुबह की आरती से लेकर मंदिरों के दर्शन तक, यहां पर आप सब कुछ देख सकते है। रिवर राफ्टिंग कर सकते हैं और भी कई एक्टिविटीज कर सकते हैं। - दिल्ली से दूरी करीब 240 किमी। - समय- लगभग 5 से 6 घंटे का समय लग जाता है। - होटल के लिए कम से कम 1200 से 1500 रुपये में रुम मिल जाएगा। - 5000 हजार में ट्रिप को करने के लिए पैदल या शेयरिगं ऑटो से घूमें और महंगे कैफे से बचें। अमृतसर, पंजाब बजट फ्रेंडली ट्रिप के लिए आप पंजाब घूमने जा सकते हैं। अमृतसर में धार्मिक और ऐतिहासिक दोनों तरह की जगहें देखने को मिल जाएगी। सबसे फेमस यहां पर स्वर्ण मंदिर है, जिसकी खूबसूरती काफी देखने के लायक है और माहौल भी शांत देखने को मिलेगा। वहीं, आप अटारी-वाघा बॉर्डर भी घूमने जा सकते हैं। -दिल्ली से दूरी- लगभग 450 किमी -समय- लगभग 7 से 8 घंटे लग सकते हैं। इस ट्रिप के दौरान आप खाने पर खर्च बचा सकते हैं, गुरुद्वारे में खाना खा सकते हैं। वहीं, आप लोकल स्ट्रीट पर फूड खा सकते हैं। महंगे होटल पर खाना खाने से बचें।
भारत में कई अद्भुत चमत्कार और रहस्यमय मंदिरों का खजाना है। यहां पर आपको कई प्राचीन मंदिर देखने को मिलेंगे। हर मंदिर की एक अलग विशेषता है। राजस्थान के सीकर जिले में एक ऐसा मंदिर स्थित है, जो भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को दर्शता है। इस मंदिर का नाम है जीणा माता। यह मंदिर मां जीण भवानी को समर्पित है। रक्षाबंधन पर अपने भाई के साथ यहां दर्शन के लिए आप जरुर जा सकते हैं। यह मंदिर अरावली की पहाड़ियों के बीच स्थित है और यहां मां जीण माता के साथ उनके भाई हर्ष की भी पूजा की जाती है। आइए आपको इस मंदिर से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी बताते हैं। राजस्थान में कहां स्थित है भाई-बहन को समर्पित जीण माता का मंदिर? राजस्थान के सीकर जिले में जीणमाता गांव में यह मंदिर स्थित है। यहां पर मुख्य रुप से मां जीण की पूजा होती है। राखी के समय यहां लोग दर्शन के लिए जरुर जाते हैं। इस दौरान यहां पर काफी भीड़ देखने को मिलती है। यह मंदिर खाटू श्याम से 25-30 किमी की दूरी पर स्थित है। कैसे पहुंचे? - अगर आप सीकर शहर से यहां जाएंगे, तो आपको 29 किमी की दूरी तय करनी पड़ेगी। यदि आप जयपुर से जा रहे हैं, तो आपको 110 किमी का सफर तय करना होगा। जयपुर से पहुंचने के लिए करीब 3 घंटे का समय लगेगा। - जो भाई-बहन दूसरे शहरों से आने का प्लान कर रहे हैं, वह ट्रेन से जा सकते हैं। इसके लिए आपको रींगस जंक्शन तक ट्रेन टिकट बुक करानी पड़ेगी। - सबसे नजदीकी हवाई अड्डा जयपुर एयरपोर्ट है, यहां से आप मंदिर के दर्शन के लिए जा सकते हैं। जीण माता मंदिर तक पहुंचने के लिए बस की क्या सुविधा है? - राजस्थान से आपको सीकर जिले से मंदिर के लिए बस मिल जाएगी। आसपास के शहरों से भी सीकर जिले के लिए बस जाती है। - जयपुर से आप सीकर के लिए पहले बस लें। इसके बाद सीकर पहुंचकर जीण माता मंदिर के लिए शेयरिंग टैक्सी या ऑटो बुक कर सकते हैं। जीण माता मंदिर यह मंदिर भाई-बहन के रिश्ते से जुड़ा है, इसलिए रक्षाबंधन के समय भीड़ थोड़ी देखने को मिल सकती है। किसी भी साधन से जा रहे हैं, तो समय का जरुर ध्यान रखें। जीण माता मंदिर पहाड़ी पर स्थित है, इसलिए जीण माता मंदिर तक पहुंचने के लिए करीब 200 से 300 मीटर पैदल चलना पड़ता है। रास्ते में करीब 200 सीढ़िया मिलेगी। इन्हें चढ़ने में आधे घंटे का समय लग जाएगा। View this post on Instagram A post shared by Aryan Parashar (@aryanpujari_jeenmata)
जन्माष्टमी पर दिल्ली से द्वारका कैसे जाएं और कितना होगा खर्चा? जानिए पूरा बजट और ट्रैवल प्लान
जन्माष्टमी के दिन द्वारकाधीश के दर्शन करने का प्लान कर रहे हैं, तो दिल्ली से द्वारका तक जाने का पूरा ट्रैवल प्लान जान लीजिए। हम आपको आने-जाने और ठहरने का खर्चा बताने जा रहे हैं।
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क्या आप कभी भारत के ऐसे इलाके में घूमने गए हैं, जहां की सड़कें एकदम जिगजैग हों। ऐसा सफर देखकर या सोचकर ही रोमांचक लगता है। कुछ ऐसा ही है सिक्किम का ऑफ बीट लोकेशन है। जिसका नाम जुलूक है। अगर आप भी हिमाचल प्रदेश या उत्तराखंड जाकर ऊब चुके हैं, तो इस बार आपको सिक्कम जाने का प्लान करना चाहिए। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको सिक्किम के छोटे से गांव जुलूक के बारे में बताने जा रहे हैं। सिक्किम का जन्नत भारत के सिक्किम राज्य के पूर्वी जिले में स्थित एक बेहद छोटा और खूबसूरत गांव जुलूक है। जुलूक आपको जन्नत की सैर इसी धरती पर करा सकता है। बादलों के ऊपर बसा यह गांव समुद्र तल से करीब 10,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। इसको आप हनीमून डेस्टिनेशन या फैमिली ट्रिप बना सकती हैं। आपको यहां आकर निराशा नहीं होगी। इसे भी पढ़ें: IRCTC Northeast Package: अब किस्तों में चुकाएं पैसे, मुंबई से Gangtok-Darjeeling ट्रिप में Flight और Guide भी शामिल सिल्क रूट का हिस्सा शायद आपको पता न हो जुलूक कभी सिल्क रूट का हिस्सा था। इसके व्यापार मार्ग की बात करें, तो यह मार्ग जेलेपा मुख्य पहाड़ी दर्रे को तिब्बत के ल्हासा तक जोड़ता था। जुलूक में क्या करें एक्सप्लोर अगर आप भी जुलूक घूमने का मन बना रहे हैं, तो आपको इन खास जगहों को जरूर एक्सप्लोर करना चाहिए। थंबी व्यू पॉइंट थंबी व्यू पॉइंट से आपको कंचनजंघा की चोटियां साफ देखने को मिल सकती हैं। क्योंकि थंबी व्यू पॉइंट से कंचनजंघा सिर्फ 10 से 12 किमी की दूरी पर है। नाथंग वैली नाथंग वैली पर जाकर आप एक गाना तो जरूर गुनगुनाएंगे, 'बादल पर पांव हैं', क्योंकि वाकई में आपके पैर बादलों के बीच होंगे। एलीफेंट लेक ओल्ड सिल्क रूट पर आपको सिर्फ बादल ही नहीं बल्कि एलिफेंट लेक भी देखने को मिलेगी। इसको कुपूप झील या बिटांग छो भी कहते हैं। इस झील का आकार कुछ-कुछ हाथी जैसा दिखता है। जिग-जैग रास्ते यहां जाकर अगर आप रोड ट्रिप पर नहीं गए हैं तो मतलब आपने जुलूक को सही से नहीं एक्सप्लोर किया। यहां के जिग-जैग मोड़ ही इसकी सबसे बड़ी पहचान है। जानें कब और कैसे जाएं यहां पर जाने के लिए मार्च से लेकर मई और सितंबर से नवंबर तक का समय बेस्ट है। अगर आप ट्रेन से जा रहे हैं, तो न्यू जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन और हवाई मार्ग के लिए बागडोगरा एयरपोर्ट पहुंचे। इसके बाद गंगटोक और रोंगली होते हुए सड़क यात्रा करनी होगी।
Travel Tips: तुर्कमेनिस्तान का वह नरक द्वार जहाँ 1971 से नहीं बुझी आग, जानिए Karakum Desert का सच
दुनिया में आपको कई ऐसी अनोखी जगहें मिलेंगी, जिनके बार में जानकर हर कोई हैरान रह जाएगा। ऐसी ही एक जगह मध्य एशियाई के देश तुर्कमेनिस्तान में है। यहां पर काराकुम रेगिस्तान को नरक का दरवाजा भी कहा जाता है। क्योंकि यहां पर कोई पैर नहीं रख सकता है। काराकुम रेगिस्तान में डेवरेज गांव के पास में यह रेगिस्तान में है। जिसको 'शाइनिंग काराकुम' के नाम से भी जाना जाता है। ऐसा इसलिए भी क्योंकि रेगिस्तान का एक हिस्सा हमेशा आग की तरह चमकता रहता है। ऐसे में अगर आप भी यह सोच रहे है कि इसको नरक का दरवाजा क्यों कहा जाता है, तो आज इस आर्टिकल में हम आपको इस जगह के बारे में बताने जा रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Raksha Bandhan 2026: भारतीय रेलवे का बड़ा तोहफा, इन Routes पर चलेंगी Raksha Bandhan Special Trains क्यों कहते हैं नरक का दरवाजा साल 1971 में मध्य एशिया के काराकुम रेगिस्तान में एक ऐसी घटना हुई। जिस कारण रेगिस्तान में आग लगाना पड़ा। साल 1971 में तेल भंडार की खोज में सोवियत संघ के भूवैज्ञानिक का एक ग्रुप काराकुम रेगिस्तान आया था। यहां पर उनको एक ऐसी जगह मिल भी गई। जहां पर वैज्ञानिकों को लगा कि तेल भंडार होगा। उन्होंने प्राकृतिक गैस के एक बड़े भंडार के ऊपर खुदाई करना शुरू किया। लेकिन उनको इसके नतीजे के बारे में नहीं पता था। जब खुदाई के लिए उन्होंने उस हिस्से पर भारी मशीनें लगाईं। तो जमीन मशीनों का जोर न सह पाए और जमीन अंदर की ओर धंसने लगी। जिस कारण कई जगहों पर गड्ढा बनता चला गया। एक गड्ढे से निकलने लगी गैस बता दें कि रेगिस्तान में जगह-जगह गड्ढे बन रहे थे। लेकिन एक गड्ढा सबसे बड़ा था। यह गड्ढा करीब 230 फीट चौड़ा और 65 फीट गहरा था। जिसके बाद वैज्ञानिकों को चिंता सताने लगी। क्योंकि इस गड्ढे से लगातार प्राकृतिक गैस बाहर निकल रही थी। हालांकि यह गैस जहरीली नहीं थी, लेकिन फिर भी यह ऑक्सीजन को बदल देती थी। जिस कारण सांस ले पाना मुश्किल हो जाता है। इससे सबसे ज्यादा परेशानी रेगिस्तान में रहने वाले जानवरों को होती थी। क्योंकि गड्ढे में गिरने से जानवर की फौरन मौत हो जाती। ऐसे में वैज्ञानिकों ने सोचा कि अगर यहां ब्लास्ट करना हो तो सिर्फ 5% मीथेन की मात्रा काफी होगी। इसलिए उन्होंने सोचा कि इसमें आग लगा दी जाए। अभी तक जल रही आग आपको जानकर हैरानी होगी कि यह आग अभी तक जल रही है। तुर्कमेनिस्तान के वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि जब गड्ढे में मौजूद प्राकृतिक गैस खत्म हो जाएगी, तो यह आग अपने आप बुझ जाएगी। लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ है और यह आग जल रही है। साल 2010 में तुर्कमेनिस्तान के राष्ट्रपति कुरबानगुली बर्डीमुखामेदोव भी इस गड्ढे का दौरा करने के लिए यहां पहुंचे थे। रेगस्तान में भभकने वाली इस आग को देखकर उन्होंने भी चिंता जताई थी। इससे आसपास के गैस क्षेत्रों को भी खतरा हो सकता है।
राजधानी दिल्ली को सिर्फ ट्रांजिट सिटी के बजाय देश-दुनिया के पर्यटकों के लिए पूर्ण पर्यटन गंतव्य बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने मंगलवार को चार नए आध्यात्मिक एवं विरासत पर्यटन सर्किट शुरू किए।
बीते दिनों कुछ ऐसी खबरें देखने और सुनने मिली हैं, जिनसे पर्यटन पर नयी बहस शुरु होने की गुंजाइश बनी है। पर्यटन की भारत में प्राचीन परंपरा रही है।
कड़कड़ाती सर्दी में बिकिनी पहन पूल में उतरीं रुबीना दिलैक, जापान वेकेशन की दिखाई झलक
टीवी की संस्कारी बहू रुबीना दिलैक रियल लाइफ में काफी ग्लैमरस हैं। वह अक्सर फैंस के साथ अपनी हॉट एंड सिजलिंग तस्वीरें शेयर करती रहती हैं। रुबीना वह छोटे पर्दे की हाई पेड एक्ट्रेसेस में शुमार है। हाल ही में रुबीना ने अपनी जापान ट्रिप की तस्वीरें फैंस ...
स्विमिंग पूल किनारे मोनालिसा का सिजलिंग अंदाज, वेकेशन से शेयर की बोल्ड तस्वीरें
भोजपुरी एक्ट्रेस मोनालिसा हिंदी टीवी इंडस्ट्री में भी अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी मोनालिसा की जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। वह अपनी ग्लैमरस तस्वीरों से तहलका मचाती रहती हैं। मोनालिसा इन दिनों थाइलैंड में वेकेशन एंजॉय कर रही ...
गोवा में वेकेशन एंजॉय कर रहीं कृष्णा श्रॉफ, शेयर की खूबसूरत तस्वीरें
कृष्णा श्रॉफ निश्चित रूप से जानती हैं कि लोगों का ध्यान कैसे आकर्षित करना है- चाहे वह उनकी MMA चॉप्स हों या उनकी वेकेशन की तस्वीरें। कृष्णा इस दिनों गोवा की धूप और बीच पर छुट्टियां मना रही हैं। इसी बीच कृष्णा श्रॉफ ने सोशल मीडिया पर अपनी ट्रॉपिकल ...
कैंसर के ट्रीटमेंट जंग के बीच वेकेशन मनाने मालदीव पहुंचीं हिना खान, शेयर की खूबसूरत तस्वीरें
टीवी एक्ट्रेस हिना खान भले ही कैंसर से जंग लड़ रही हैं, लेकिन वह अपनी लाइफ को खुलकर जी रही हैं। इस गंभीर बीमारी से जंग लड़ते हुए वह लाइफ का हर पल एंजॉय कर रही हैं। हिना खान इन दिनों मालदीव में वेकेशन एंजॉय कर रही हैं। मालदीव में वेकेशन मनाते हुए ...
Tejasswi Praksh-Karan Kundrra नहीं हुए अलग,रोमांटिक वेकेशन एन्जॉय कर रहा है कपल करीबी दोस्त ने खोला राज
सोशल मीडिया पर भारतीय क्रिकेट टीम के हरफनमौला खिलाड़ी हार्दिक पंड्या और उनकी पत्नी नतासा स्टेनकोविक के अलग होने की अफवाहें जोरों पर हैं। यह सब तब शुरू हुआ जब नतासा ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से 'पांड्या' उपनाम हटा दिया। प्रशंसकों ने यह भी देखा कि वह आईपीएल मैचों के दौरान स्टैंड्स से गायब थीं। हालांकि, तमाम अटकलों के बावजूद इस जोड़े ने इस मामले पर चुप्पी साध रखी है। दूसरी ओर, एक ताजा रिपोर्ट से पता चलता है कि हार्दिक विदेश में किसी अज्ञात स्थान पर छुट्टियां मना रहे हैं। विस्तार से जानने के लिए आगे पढ़ें। इसे भी पढ़ें: Shabana Azmi ने Shashi Kapoor के साथ इंटीमेट सीन करने से किया था इंकार, सुपरस्टार ने कह दिया था एक्ट्रेस को 'बेवकूफ लड़की' | Read All About नताशा स्टेनकोविक से अलगाव की अफवाहों के बीच हार्दिक पंड्या विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं हार्दिक पंड्या की पत्नी नतासा स्टेनकोविक के साथ निजी जिंदगी हाल ही में चर्चा का विषय बनी हुई है। क्रिकबज द्वारा रविवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि अलगाव की अफवाहों के बीच क्रिकेटर विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं। अभी लोकेशन का नाम सामने नहीं आया है। इसे भी पढ़ें: Anant Ambani और Radhika Merchant Pre-Wedding Party! तारों भरी रात से लेकर टोगा पार्टी तक, जानें इस बार क्या-क्या होगा खास यह बताया गया है कि इंडियन प्रीमियर लीग से अपनी टीम के बाहर होने के बाद क्रिकेटर ने देश छोड़ दिया। कठिन अवधि के बाद तरोताजा होने के लिए, उन्होंने विदेश में एक सप्ताह की छुट्टी का विकल्प चुना। हार्दिक के शीघ्र ही न्यूयॉर्क में टी20 विश्व कप 2024 के अभ्यास सत्र के लिए भारतीय टीम में फिर से शामिल होने की उम्मीद है। विशेष रूप से, आईपीएल 2024 में मुंबई इंडियंस के लिए रोहित शर्मा की जगह हार्दिक के नेतृत्व की काफी आलोचना हुई। पूरे सीज़न में भारतीय क्रिकेटर को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। इस बीच, वह पेशेवर असफलताओं से जूझ रहे थे। उनकी निजी जिंदगी सुर्खियों में आ गई। कुछ दिन पहले हार्दिक ने अपने सोशल मीडिया पर ढेर सारी तस्वीरें और वीडियो शेयर किए थे। वीडियो में उन्हें पूल में तैरते हुए अच्छा समय बिताते हुए दिखाया गया, जबकि फोटो में वह एक खूबसूरत बैकग्राउंड के साथ पोज दे रहे थे। इसे छोटा और सरल रखते हुए, उन्होंने पोस्ट को कैप्शन दिया था, रिचार्जिंग। पोस्ट के जवाब में, कई प्रशंसकों ने उनके टिप्पणी अनुभाग में बाढ़ ला दी, अपना अटूट समर्थन दिखाया और आगामी विश्व कप के लिए उनकी जय-जयकार की। एक यूजर ने लिखा, “हार्दिक पंड्या जल्द ही टी20 वर्ल्ड कप में वापस आ रहे हैं,” एक अन्य फैन ने लिखा, “हार्दिक टी20 में अपने पुराने मॉडल के साथ आएं और अपने नफरत करने वालों को चुप करा दें। जबकि एक तीसरे फैन ने लिखा, “मजबूत वापसी भाई।” इसके अतिरिक्त, एक प्रशंसक ने लिखा, अपना भाई शेर था और रहेगा तू टेंशन माउंट लेना रे। एक अन्य प्रशंसक ने कहा, कोई बात नहीं हम सब आपके साथ हार्दिक हमारे हीरो हैं। एक अन्य प्रशंसक ने कहा, हार्दिक भाई विश्व कप में वापसी करेगा। हार्दिका पंड्या की पत्नी नतासा ने अलगाव की अफवाहों पर प्रतिक्रिया दी दूसरी ओर, अलगाव की अफवाहों के बीच हार्दिक की पत्नी को शनिवार को पहली बार शहर में देखा गया। अपनी नवीनतम आउटिंग में, उन्हें एक कैफे से बाहर निकलते समय एक करीबी दोस्त के साथ देखा गया था। जाने से पहले एक्ट्रेस ने शटरबग्स के लिए पोज दिए। दरअसल, एक पिता ने उनसे तलाक के बारे में पूछा। हालांकि, इसके जवाब में एक्ट्रेस ने सवाल को नजरअंदाज करने का फैसला किया और सम्मानजनक चुप्पी बनाए रखी. जाने से पहले, उसने बस इतना कहा, बहुत-बहुत धन्यवाद और अपनी प्रतीक्षारत कार की ओर बढ़ गई। अपनी नवीनतम आउटिंग के दौरान, जब वह अपने दोस्त के साथ एक कैफे से बाहर निकली, तो उसे गुलाबी शर्ट के साथ सफेद टॉप और शॉर्ट्स पहने देखा गया। दो महीने पहले एक नौका पर बॉलीवुड अभिनेत्री को प्रस्ताव देने के बाद, हार्दिक और नतासा ने लगभग चार साल पहले 31 मई, 2020 को शादी कर ली थी। उनके पहले बच्चे, अगस्त्य का जन्म 30 जुलाई, 2020 को हुआ था। अपनी तीसरी शादी की सालगिरह मनाते हुए, हार्दिक और नतासा ने उदयपुर में एक भव्य समारोह के साथ अपनी प्रतिज्ञाओं को भी नवीनीकृत किया था। View this post on Instagram A post shared by Hardik Himanshu Pandya (@hardikpandya93) View this post on Instagram A post shared by Viral Bhayani (@viralbhayani)
एक बार फिर सिनेमा घरो में दस्तक देने जा रही है क्रिस्टोफ़र नोलन की स्पेस एडवेंचर फिल्मInterstellar,10वीं सालगिरह पर होगी री-रिलीज़

