बजट में झारखंड के पर्यटन की उपेक्षा; मंईयां योजना का 10 हजार रु. भी नहीं मिला: राधाकृष्ण
झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने केंद्रीय बजट की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा था कि सरकार ने तीन कर्तव्यों को केंद्र में रखकर बजट बनाया है- विकास की गति तेज करना, क्षमताओं का निर्माण करना और यह सुनिश्चित करना कि विकास समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे। उनके वक्तव्य से उम्मीद जगी थी कि केंद्रीय बजट में कुछ ठोस और सार्थक प्रावधान देखने को मिलेंगे, पर इस बजट ने निराश किया। कृषि, उद्योग, एमएसएमई शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना, पर्यटन एवं पर्यावरण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए जो प्रावधान किए गए हैं, वे न केवल अपर्याप्त हैं, बल्कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य से कोसों दूर हैं। राज्य को उग्रवाद मिला था विरासत में, कई प्रक्षेत्रों में थी आर्थिक सहयोग की उम्मीद राज्य गठन के पूर्व झारखंंड देश के अति पिछड़ा प्रदेश बिहार का एक हिस्सा था। उग्रवाद की समस्या राज्य को विरासत में मिली। राज्य और केंद्रीय पुलिस बल की कार्रवाई से उग्रवाद नियंत्रित तो हुआ है, पर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। कई प्रक्षेत्रों में झारखंड को केंद्र से आर्थिक सहयोग की उम्मीद थी, पर बजट में नहीं मिला। खनन और उद्योग : राहत और टीस झारखंड की अर्थव्यवस्था की रीढ़ खनन है। बजट में कोयला, लिग्नाइट और लौह अयस्क की बिक्री पर टीसीएस की दर को तर्कसंगत बनाते हुए 2% करने का प्रस्ताव है। यह कर संरचना को स्पष्ट करेगा। साथ ही महत्वपूर्ण खनिजों के प्रसंस्करण के लिए पूंजीगत वस्तुओं के आयात पर सीमा शुल्क में छूट दी गई है, जो झारखंड में प्रोसेसिंग यूनिट्स लगाने के लिए निजी क्षेत्र को प्रोत्साहित कर सकता है। हालांकि यहां एक टीस भी दिखाई देती है। बजट में ‘रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट’ के लिए एक विशेष योजना की घोषणा की गई, लेकिन इसके लिए ओडिशा, केरल, आंध्रप्रदेश और तमिलनाडु का नाम लिया गया, जबकि झारखंड का नाम नदारद था। खनिज संपन्न राज्य होने के बावजूद इस हाई-टेक वैल्यू चेन से बाहर रह जाना राज्य के लिए चिंता का विषय है। इसके अलावा, पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर को औद्योगिक कॉरिडोर का नोड बनाया गया है, लेकिन झारखंड के किसी शहर के लिए ऐसी विशिष्ट घोषणा नहीं हुई । केंद्रीय बजट झारखंड के लिए संजीवनी व सवाल दोनों केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश आम बजट ने विकसित भारत के रोडमैप को स्पष्ट किया है। बजट 2026-27 झारखंड को सीधे तौर पर कोई बड़ा नया उद्योग या विशेष आर्थिक पैकेज नहीं देता, लेकिन रांची के संस्थान का उन्नयन और पूर्वोदय योजना में हिस्सेदारी राज्य के लिए सकारात्मक संकेत है। वैसे यह राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन की सक्रियता पर भी निर्भर करेगा कि वे पर्यटन और ई-बसों की केंद्रीय योजनाओं का अधिकतम लाभ कैसे उठाते हैं। यह बजट झारखंड के लिए एक मिश्रित तस्वीर पेश करता है। जहां एक ओर राजधानी रांची को स्वास्थ्य क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर की सौगात मिली है, वहीं दूसरी ओर ‘पूर्वोदय’ के नाम पर खनिज संपदा वाले इस राज्य से कुछ औद्योगिक अवसर छिटकते हुए भी दिखाई देते हैं। यहां झारखंड के लिए बजट के प्रमुख पहलुओं के विश्लेषण से लगता है कि झारखंड के लिए इस बजट की सबसे बड़ी सुर्खी स्वास्थ्य क्षेत्र से है। वित्त मंत्री ने संसद में स्वीकार किया कि उत्तर भारत में मानसिक स्वास्थ्य के लिए राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों की कमी है। इस कमी को पूरा करने के लिए रांची स्थित केंद्रीय मन: चिकित्सा संस्थान को अपग्रेड कर क्षेत्रीय शीर्ष संस्थान का दर्जा देने की घोषणा की गई है। यह न केवल रांची के लिए बल्कि पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय है। इससे राज्य में मानसिक स्वास्थ्य और ट्रॉमा केयर की सुविधाओं में व्यापक सुधार होगा और केंद्रीय फंडिंग का रास्ता साफ होगा। झारखंड की 7 प्रमुख मांगों को किया दरकिनार डॉ. धीरजमणि पाठक, अर्थशास्त्री बजट में झारखंड ‘ग्रामीण और महिला सशक्तीकरण झारखंड की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए ‘शी-मार्ट’’ की घोषणा महत्वपूर्ण है। यह योजना लखपति दीदी कार्यक्रम का विस्तार है, जिसके तहत स्वयं सहायता समूहों के लिए खुदरा आउटलेट बनाए जाएंगे। झारखंड में सखी मंडलों का नेटवर्क बहुत मजबूत है और यह योजना ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने में ‘गेम-चेंजर’ साबित हो सकती है। ‘पूर्वोदय’ का वादा : पर्यटन और परिवहन सरकार ने पूर्वी भारत (पूर्वोदय) के राज्यों को विकास का इंजन माना है। झारखंड इस योजना के केंद्र में है। बजट में पांच पूर्वोदय राज्यों में 5 नए पर्यटन स्थलों को विकसित करने का प्रस्ताव है। झारखंड को अब यह सुनिश्चित करना होगा कि वह अपनी प्राकृतिक सुंदरता (जैसे बेतला, नेतरहाट) या धार्मिक स्थलों (जैसे पारसनाथ, देवघर) के लिए इनमें से एक स्लॉट सुरक्षित करे। इसके अलावा, पूर्वोदय राज्यों के लिए 4,000 ई-बसों का प्रावधान किया गया है। रांची, जमशेदपुर और धनबाद जैसे प्रदूषण से जूझ रहे शहरों के लिए यह परिवहन व्यवस्था में सुधार का बड़ा मौका है। इलेस्ट्रेशन : गौतम चक्रवर्ती रोको-रोको... पूर्वोदय एक्सप्रेस में हमारी सीट भी कन्फर्म करो... वित्त मंत्री राधाकृष्ण ने कहा कि देश में निवेश-सकल घरेलू उत्पाद अनुपात पिछले कई वर्षों से लगातार कम हुआ है। इसे बढ़ाए बिना देश की विकास दर प्राप्त करना संभव नहीं है। इस अनुपात को बढ़ाने के लिए क्या रणनीति अपनाई जाएगी, इस विषय में बजट मौन है। बजट में विदेशी मुद्रा विनिमय दर को स्थिर करने या सोना-चांदी की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया है। कुछ वर्षों से भारतीय मुद्रा लगातार कमजोर होती जा रही है, लेकिन इन गंभीर परिस्थितियों के समाधान के लिए कोई पहल का उल्लेख नहीं है। केंद्रीय बजट में झारखंड की घोर उपेक्षा की गई। यहां के लिए न तो नई रेल लाइन-ट्रेन की घोषणा की गई और न ही कृषि सिंचाई और सामाजिक प्रक्षेत्रों को ही कोई स्थान दिया गया है। 1. मनरेगा योजना अंतर्गत केंद्र और राज्य के बीच 60% और 40% खर्च के बंटवारे से झारखंड को अतिरिक्त बोझ पड़ने पर लगभग 5000 करोड़ रुपए केंद्र से मांगा गया था। 2. खेतों की सिंचाई क्षमता की वृद्धि के िलए अगले 4 वर्षों तक लगातार झारखंड को 2000 करोड़ रुपए की मांग की गई थी। 3. माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के कर युक्तिकरण से हर वर्ष झारखंड को होनेवाले 4000 करोड़ रुपए क्षति की भरपाई की मांग केंद्र सरकार से की गई थी। 4. बिहार की तर्ज पर 10 हजार रुपए झारखंड की मइयांओं को भी उद्यमिता के लिए केंद्र से मांगा गया था। 5. झारखंड में पर्यटन के विकास के लिए बजट में कोई स्थान नहीं िदया गया। 6. विभिन्न कंपनियों के पास झारखंड का एक लाख 36 हजार करोड़ रुपए बकाया राशि का भुगतान भी नहीं किया गया। 7. झारखंड के लिए कई नई ट्रेन या रेल लाइन की घोषणा इस बजट में नहीं की गई है।
विदेश भेजने के नाम पर 6.24 लाख की ठगी, ट्रैवल एजेंट और फाइनेंसर पर केस
विदेश भेजकर नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपए की ठगी करने के आरोप में पुलिस ने ट्रैवल एजेंट और उसके फाइनेंसर साथी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। शिकायत गुरबचन सिंह निवासी शिमलापुरी (हाल निवासी फिरोज गांधी मार्केट) ने पुलिस कमिश्नर को दी थी। जांच के बाद एफआईआर दर्ज की गई। गुरबचन सिंह ने बताया कि फरवरी 2024 में फिरोज गांधी मार्केट में उसकी मुलाकात शंभू तिवाड़ी नाम के व्यक्ति से हुई, जिसने खुद को ट्रैवल एजेंट बताया और अमेरिका में नौकरी लगवाने का भरोसा दिया। आरोपी ने शुरुआत में 1.50 लाख रुपए फीस और बाद में 10 से 12 लाख रुपए खर्च का हवाला देकर किश्तों में पैसे लेना शुरू कर दिया। शिकायतकर्ता के अनुसार प्रोसेसिंग फीस, ऑफर लेटर, इंटरव्यू स्लॉट, फंड दिखाने, एंबेसी फीस, टिकट समेत कई बहानों से उससे कुल 6 लाख 24 हजार रुपए वसूल किए गए। आरोप है कि एजेंट ने शिकायतकर्ता के माता-पिता के नाम पर बैंक खाता खुलवाया और उसकी चेकबुक अपने पास रख लिए। जब अमेरिका का वीजा रिजेक्ट हो गया तो आरोपियों ने इंग्लैंड भेजने का झांसा देकर दोबारा पैसे मांगने शुरू कर दिए। जब गुरबचन सिंह ने और भुगतान करने से असमर्थता जताई तो आरोपियों ने उसे और उसके परिवार को धमकियां देनी शुरू कर दीं। इतना ही नहीं, उसके नाम पर खरीदे गए प्लॉट पर कब्जा करने का दबाव भी बनाया गया। मामले की जांच एडीसीपी (इन्वेस्टिगेशन) स्तर पर करवाई गई। जांच में सामने आया कि शिकायतकर्ता से विदेश भेजने के नाम पर पैसे तो लिए गए, लेकिन न तो उसे अमेरिका और न ही इंग्लैंड भेजा गया। साथ ही उसका पासपोर्ट और दस्तावेज भी वापस नहीं किए गए। जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने ट्रैवल एजेंट शंभू कुमार तिवाड़ी निवासी दुगरी और उसके फाइनेंसर गुरप्रीत सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 406, 120-बी और इमीग्रेशन एक्ट की धारा 24 के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की आगे जांच जारी है।
उदयपुर | राजस्थान पर्यटन विकास निगम लिमिटेड (आरटीडीसी) की उदयपुर में 4 में 3 इकाइयां बंद हैं। सिर्फ शास्त्री सर्किल स्थित कजरी होटल चालू है। यह होटल हमेशा मुनाफे में रहने वाली इकाई है। जयसमंद होटल, हल्दीघाटी गेस्टहाउस आैर गोगुंदा मोटल करीब 20 साल से बंद पड़े हैं। जयसमंद पाल पर हर रोज आैसत 1500 से ज्यादा पर्यटक आते हैं। इसके बाद भी यह पर्यटन इकाई को फिर से शुरू करने के लिए कोई प्रयास नहीं हो रही है। इस तरह हल्दीघाटी आैर गोगुंदा महाराणा प्रताप सर्किट से जुड़े पर्यटन स्थलों पर स्थित है। इस मामले को लेकर आरटीडीसी के निदेशक राजीव सूद से सपंर्क करने की कोशिश की तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। सीएम-राज्यपाल के कार्यक्रम में कैटरिंग का जिम्मा आरटीसीडी के पास रहता : दिसंबर माह में उदयपुर में आए राज्यपाल आैर कुछ माह पहले बांसवाड़ा में सीएम के दौर पर कैटरिंग का जिम्मा आरटीडीसी को मिला था। किसी भी वीवीआईपी कार्यक्रम में खाने पीने की व्यवस्था संभाले क जबकि आमजन के लिए आरटीडीसी की पर्यटन इकाई को ठीक नहीं किया जा रहा है। सिटी एंकर जयसमंद होटल में उग आईं झाड़ियां, दीवार भी क्षतिग्रस्त 11 कमरे और रेस्टोरेंट वाला जयसमंद होटल करीब 20 साल से बंद है। यह हेरिटेज महल है, जिसे होटल में बदला गया है। पाल पर बने इस होटल के कमरांे से लेक का व्यू दिखता है। अभी होटल में झाड़ियां उगी हुई है। पाल की साइड महल से कई जगह दीवार क्षतिग्रस्त है। सेंचुरी एरिया में होने यह भवन पहले वन विभाग के पास था। 1980 के दशक में यह भवन आरटीडीसी को सौंपा गया था। साल 2022 में इसे फिर से शुरू किया गया था। लेकिन लीजधारक ने होटल के बीच पाल पर स्वीमिंग पूल बनाना शुरू कर दिया था। लीज रद्द कर दी गई। 2024 में नए जिले सलंूबर का सर्किट हाउस बनाने के लिए इस भवन को चुना। आरटीडीसी ने मासिक किराया 91354 रुपए बताया। इसमें 18 प्रतिशत जीएसटी अलग था। मरम्मत पर 1 करोड़ का खर्च आ रहा था। प्रोजेक्ट अटक गया। प्रताप सर्किट से जुड़े पर्यटन स्थलों पर बनी हुई इकाई बंद n गोगुंदा मोटल : 20 साल से बंद पड़ी है। महाराणा प्रताप की राज तिलक को देखने पर्यटक पहुंचते हैं। रेस्टोरेंट बंद होने से निजी होटल, ढाबों का रुख करना पड़ता है। n हल्दीघाटी गेस्ट हाउस : यह भी 20 साल से बंद था। इसमें 1 रूम औैर रेस्टोरेंट है। म्यूजियम भी है, जिसमें हल्दी घाटी युद्ध का दर्शन होता है। हर माह हजारों पर्यटक आते हैं। इन्हें खाने-पीने के लिए निजी होटल-रेस्टोरेंट में जाना पड़ता है।
Travel Sector in Budget 2026:बजट में पर्यटन, एडवेंचर और खेलों को नया रूप देने की घोषणा की गई है. पहाड़ों में ट्रैकिंग, तटीय राज्यों में नेचर ट्रेल्स, नॉर्थ ईस्ट में बुद्ध सर्किट, 15 ऐतिहासिक स्थलों का विकास और खेलो इंडिया मिशन के जरिए पर्यटन, संस्कृति, खेल और रोजगार को एक साथ बढ़ावा दिया जाएगा.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट 2026 में भारत के 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 10,000 गाइड्स को ट्रेनिंग दी जाएगी. नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी और डिजिटल नॉलेज ग्रिड स्थापित किए जाएंगे. इसका उद्देश्य टूरिस्ट्स का अनुभव बेहतर बनाना और भारत को ग्लोबल टूरिज्म में मजबूत करना है.
होटल एसोसिएशन ने की नई ट्रेनों की मांग की, ताकि पर्यटन को मिले उड़ान
बजट में केंद्र सरकार से मेवाड़ की उम्मीद उदयपुर | होटल एसोसिएशन ने आगामी रेल बजट में उदयपुर से नई ट्रेनों की मांग को लेकर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में होटल एसोसिएशन ने उदयपुर से रेल यातायात को सुगम और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कुछ महत्वपूर्ण प्रस्तावों की पेशकश की है। एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने बताया कि रेल मंत्री को लिखे पत्र में बजट में उदयपुर-मुंबई सीधी ट्रेन, उदयपुर से मुंबई अहमदाबाद वाया वंदे भारत ट्रेन, उदयपुर से दक्षिण भारत के लिए नई ट्रेनें, चित्तौड़-अहमदाबाद वाया उदयपुर ट्रैक का डबलिकेशन की मांग की है। अग्रवाल ने कहा इन परिवर्तनों से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि रेल यात्री भी अपनी यात्रा को ज्यादा आरामदायक और सुगम अनुभव करेंगे। पत्र में यह भी अपील की गई है कि सांसद मन्नालाल रावत इस मुद्दे पर सरकार के स्तर पर समर्थन करें, ताकि उदयपुर का पर्यटन और व्यापार दोनों ही क्षेत्रों में विकास हो सके।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ी बात कह दी है. उन्होंने कहा है कि अमेरिका वेनेजुएला के ऊपर कमर्शियल एयरस्पेस फिर से खोलने जा रहा है. उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच संबंधों के एक नए दौर की शुरुआत हो रही है. इसमें अमेरिकी तेल कंपनियां वेनेजुएला में काम के मौके तलाश रही हैं.
समंदर किनारे मौनी रॉय का सिजलिंग अवतार, लेटेस्ट वेकेशन तस्वीरों ने बढ़ाया इंटरनेट का पारा
मौनी रॉय अक्सर अपनी ग्लैमरस तस्वीरों से सोशल मीडिया पर तहलका मचाती रहती हैं। अपनी एक्टिंग और डांस के साथ-साथ मौनी अपने फैशन सेंस के लिए भी जानी जाती हैं। हाल ही में उन्होंने अपने वेकेशन की कुछ तस्वीरें इंस्टाग्राम पर शेयर की हैं, जो देखते ही देखते वायरल हो गई हैं। लेटेस्ट तस्वीरों में मौनी अपनी बोल्डनेस और स्टाइल का जलवा बिखेर रही हैं। तस्वीरों में वह समंदर के पानी में ब्लैक कलर की बिकिनी पहने सिजलिंग अंदाज में पोज देती दिख रही हैं। मौनी को अक्सर समुद्र के किनारे समय बिताना पसंद है। उनकी लेटेस्ट पोस्ट्स में वह नीले समंदर और ढलते सूरज के बीच सुकून के पल बिताती नजर आ रही हैं। तस्वीरों में वह कभी आराम फरमाती तो कभी अपने दोस्तों के साथ चिल करती दिख रही हैं। चाहे वह ब्लैक मोनोकिनी हो या फ्लोई मैक्सी ड्रेस, मौनी का हर लुक उनके फैंस के लिए एक स्टाइल स्टेटमेंट बन जाता है। फैंस मौनी की टोन्ड बॉडी और कर्वी फिगर की जमकर तारीफ कर रहे हैं। जैसे ही मौनी ने ये तस्वीरें पोस्ट कीं, कमेंट सेक्शन में 'हॉट', 'गॉर्जियस' और फायर वाले इमोजी की बाढ़ आ गई। मौनी रॉय न केवल अपनी तस्वीरों बल्कि अपने काम को लेकर भी सुर्खियों में हैं। हाल ही में उन्हें अक्षय कुमार के साथ शो 'व्हील ऑफ फॉर्च्यून' के प्रोमो में देखा गया। वह जल्द ही मेगास्टार चिरंजीवी के साथ फिल्म 'विश्वंभरा' में नजर आएंगी।
फरीदाबाद जिले में आज हरियाणा पर्यटन मंत्री अरविंद शर्मा सूरजकुंड परिसर पहुंच रहे है। मंत्री यहां पर 31 जनवरी से शुरू हो रहे सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले की तैयारियों की समीक्षा करेंगे। इससे पहले प्रशासन के अधिकारी भी तैयारियों को लेकर परिसर का दौरा कर चुके है। 31 जनवरी से शुरू होगा मेला सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले का आयोजन 31 जनवरी से 15 फरवरी तक किया जाएगा। वर्ष 2013 में सूरजकुंड क्राफ्ट मेला को राष्ट्रीय स्तर से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्नत किया गया और इसका नाम सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय मेला रखा गया। उपराष्ट्रपति करेंगे मेले का उद्घाटन इस बार मेले का उद्घाटन उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के द्वारा किया जाएगा। उनके साथ हरियाणा सीएम नायब सिंह सैनी, कैबिनेट मंत्री मनोहर लाल सहित हरियाणा सरकार के मंत्री एवं विधायक भी कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे। 42.5 एकड़ में फैले मेला परिसर इस बार मेला परिसर का दायरा बढ़ाया गया है। 42.5 एकड़ में फैले मेला परिसर में 1300 स्टॉल बनाई गई है। वर्ष 2025 के लगे 38वें मेले में 44 से अधिक देशों के 635 प्रतिभागियों ने भाग लिया तथा 15 लाख से अधिक पर्यटकों ने मेले का भ्रमण किया था। जबकि 1188 शिल्पकारों ने भाग लिया था। फास्टैग से मिलेगी स्मार्ट सुविधा मेला परिसर के पाथवे पर विभिन्न जिलों की पहचान को दर्शाने वाले डिजाइन बनाए जाएंगे। हर शिल्प और जिले के लिए विशेष साइनेज और क्यूआर कोड लगाए जाएंगे, जिनके जरिए पर्यटक शिल्प निर्माण प्रक्रिया और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि की जानकारी ले सकेंगे। पूर्वोत्तर भारत की संस्कृति की भी झलक इस बार सूरजकुंड मेले में पूर्वोत्तर भारत की संस्कृति भी खास तौर पर प्रदर्शित की जाएगी। अरुणाचल प्रदेश के तवांग मठ, असम के कामाख्या मंदिर और मेघालय की खासी हिल्स जैसे पर्यटन स्थलों की झलक के साथ-साथ आठों पूर्वोत्तर राज्यों की लोक कला, पारंपरिक वेशभूषा और खानपान पर्यटकों को आकर्षित करेगा। 600 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों से निगरानी सुरक्षा व्यवस्था के तहत मेले को 6 पुलिस जोन में बांटा गया है। कुल 5 प्रवेश द्वार बनाए गए हैं, जिनमें VVIP गेट भी शामिल है। सभी प्रवेश द्वारों पर DFMD और HHMD लगाए गए हैं। मेला परिसर में 600 से अधिक सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। इसके अलावा 12 मचान, 10 पिकेट, डॉग स्क्वायड, बम निरोधक दस्ता और ड्रोन के माध्यम से भी निगरानी रखी जाएगी। यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए 11 सामान्य पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। पार्किंग और यातायात नियंत्रण के लिए यातायात पुलिस तैनात रहेगी। इसके साथ ही 4 पीसीआर और 6 राइडर दिन-रात दो शिफ्टों में गश्त करेंगी।
नीट छात्रा के मोबाइल लोकेशन व ट्रैवल हिस्ट्री पर डीएनए सैंपल ले रही एसआईटी
पुलिस मुख्यालय रोजाना कर रहा केस की समीक्षा नीट छात्रा के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में एसआईटी ने बुधवार को हॉस्टल संचालक के बेटे समेत नौ लोगों का ब्लड सैंपल डीएनए टेस्ट के लिए लिया। अबतक एसआईटी इस केस की गुत्थी सुलझाने के लिए 25 लोगों का सैंपल ले चुकी है। इनमें उसके माता-पिता, भाई, मामा और करीबी परिजन भी हैं। बेउर जेल में बंद मनीष कुमार रंजन के साथ ही हॉस्टल आने-जाने वाले युवकों का भी सैंपल लिया गया। जब तक किसी की डीएनए फ्रेमिंग उसके कपड़े से मिले स्पर्म के डीएनए से नहीं मिलेगी, एसआईटी सैंपल लेती रहेगी। कितने का सैंपल लेगी, इसको लेकर एसआईटी के पास कोई ठोस जवाब नहीं है। सूत्रों के अनुसार, तीन संदिग्धों को पुलिस ने पूछताछ के लिए उठाया है। पुलिस मुख्यालय में इस केस की रोजाना समीक्षा हो रही है। डीजीपी से लेकर आलाधिकारी एसआईटी से रोज फीडबैक ले रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल : आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए एसआईटी कितने लोगों का सैंपल लेगी? एसआईटी अपनी जांच से क्यों नहीं किसी को गिरफ्तार कर सकी? कब तक एफएसएल रिपोर्ट के इंतजार में रहेगी? अगर किसी का डीएनए नहीं मिला तो एसआईटी क्या करेगी? इन सवालों का जवाब देने की स्थिति में कोई पुलिस अधिकारी नहीं है। कोर्ट के आदेश पर चित्रगुप्तनगर थाने में पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज इस मामले में कोर्ट के आदेश के बाद चित्रगुप्तनगर थाने में पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। यह एक्ट के लग जाने के बाद एसआईटी हरेक एंगल पर छानबीन करने में जुटी है। सूत्रों के अनुसार, एसआईटी छात्रा के एक महीने की ट्रैवल हिस्ट्री और डिजिटल हिस्ट्री निकाल कर जांच करने में जुटी है। एसआईटी का सबसे ज्यादा फोकस 26 दिसंबर से लेकर जनवरी तक की डिजिटल हिस्ट्री पर है। 26 दिसंबर से पहले छात्रा के पटना में कहीं जाने या किसी से बात करने के साक्ष्य मिले तो उन लोगों का भी सैंपल लिया जाएगा। सीआईडी की एफएसएल टीम ब्लड सैंपल की जांच करने में जुटी है। डीएनए रिपोर्ट आने में अभी देर लगेगी। वहीं एसआईटी को अभी विसरा रिपोर्ट भी नहीं मिली है, जिससे यह साफ हो जाएगा कि उसकी मौत कैसे हुई? छात्रा 26 दिसंबर को पटना से परिजनों के साथ जहानाबाद गई थी। 5 जनवरी को वह ट्रेन से अकेली लौटी। 6 जनवरी को हॉस्टल में उसकी तबीयत खराब हुई। उसे 6 जनवरी को सहज सर्जरी में एडमिट किया गया। उसी दिन प्रभात अस्पताल और फिर मेदांता अस्तपाल में भर्ती किया गया। मेदांता में 11 जनवरी को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
कानपुर के एक ट्रैवल्स संचालक ने वाराणसी के एक होटल संचालक पर अपनी दो लग्जरी कारें बेचने का आरोप लगाया है। संचालक ने ये कारें मासिक किराए पर दी थीं, लेकिन तीन महीने से भुगतान न मिलने पर जब वह वाराणसी पहुंचे, तो उन्हें पता चला कि उनकी गाड़ियां बेच दी गई हैं। इस मामले में कानपुर के चकेरी थाने में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। चकेरी के गिरिजा नगर निवासी कुलवीर सिंह अपनी ट्रैवल्स कंपनी चलाते हैं। उन्होंने अपनी हुंडई वरना और हुंडई ऑरा कारें लालबंगला निवासी सक्षम जायसवाल के माध्यम से वाराणसी के होटल प्रकाश पैलेस के संचालक हिमांशु गुप्ता को मासिक किराए पर दी थीं। तीन महीने तक कारों का किराया न मिलने पर कुलवीर सिंह और सक्षम जायसवाल वाराणसी स्थित हिमांशु गुप्ता के अस्सी घाट स्थित होटल पहुंचे। वहां उन्हें दोनों कारें नहीं मिलीं। पूछने पर हिमांशु ने बताया कि उसने सौरभ गुप्ता के साथ मिलकर दोनों कारें बेच दी हैं। जब कुलवीर ने दोबारा संपर्क करने की कोशिश की, तो आरोपियों ने अपने नंबर बंद कर लिए। इसके बाद कुलवीर सिंह ने चकेरी थाने में मुकदमा दर्ज कराया। थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि मामले में कार्रवाई की जा रही है। कारों की बरामदगी के लिए एक टीम वाराणसी भेजी गई है। बरामदगी के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नीट छात्रा रेप-मौत केस में अब जांच का दायरा आगे बढ़ता जा रहा है। जांच का फोकस अब छात्रा की पूरी डिजिटल और फिजिकल मूवमेंट पर आ गया है। अब तक 25 लोगों के DNA सैंपल लिए जा चुके हैं, जिनमें हॉस्टल संचालक के बेटे का नाम भी शामिल है। जानकारी के मुताबिक, SIT अब छात्रा की 11 दिन की ट्रैवल हिस्ट्री, कॉल डिटेल, टावर लोकेशन और मोबाइल सर्च हिस्ट्री खंगाल रही है। इससे साफ होगा कि छात्रा के साथ क्या, कब और कहां हुआ। छात्रा की सबसे ज्यादा बातचीत किससे हुई और कहां सबसे ज्यादा समय तक मोबाइल लोकेशन पाई गई। जांच में यह बात सामने आई थी कि लड़की नाबालिग थी, लिहाजा पुलिस ने पुलिस इस केस में पॉक्सो एक्ट की धराएं भी जोड़ दी हैं। एसआईटी की जांच अब तक कहां पहुंची, आगे क्या स्ट्रेटजी है? किसका सैंपल लिया गया है? सैंपलिंग पर परिजन क्या कहते हैं? पढ़िए रिपोर्ट…। DNA: अब तक 25 लोगों के सैंपल लिए, हर जानने वाले का टेस्ट होगा नीट छात्रा रेप-मौत केस में अब तक जांच एजेंसियां 25 लोगों के DNA सैंपल ले चुकी हैं। इनमें शंभू गर्ल्स हॉस्टल आने-जाने वाले युवक, हॉस्टल से जुड़े लोग, छात्रा को अस्पताल पहुंचाने में मदद करने वाले, परिजन और करीबी शामिल हैं। इस मामले में हॉस्टल संचालक के बेटे का भी DNA सैंपल लिया गया है। इससे साफ है कि SIT जांच में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरतना चाहती। FSL की जांच में छात्रा के कपड़ों से स्पर्म मिलने के बाद DNA मिलान जांच का सबसे अहम आधार बन गया है। इसी स्पर्म के DNA को सभी संदिग्ध लोगों के DNA से मैच किया जाएगा। जांच एजेंसियों का मानना है कि अगर एक भी प्रोफाइल मैच होती है तो केस की दिशा पूरी तरह साफ हो जाएगी। जज की मौजूदगी में मेडिकल गाइडलाइन के तहत DNA सैंपल लिए गए। सैंपल सील कर FSL भेजे गए हैं। SIT का कहना है कि ज्यादा से ज्यादा रेफरेंस सैंपल लेकर जांच को कोर्ट में विवाद मुक्त बनाना जरूरी है। इसी वजह से परिजनों और मददगारों के भी सैंपल लिए गए। हालांकि इस पर परिवार ने आपत्ति जताई है। ट्रैवल हिस्ट्री की बारीकी से जांच, 11 दिन की हर मूवमेंट का मैप तैयार SIT अब छात्रा की 11 दिन की पूरी ट्रैवल हिस्ट्री खंगाल रही है। जांच 27 दिसंबर से शुरू होकर 6 जनवरी तक केंद्रित है। यह देखा जा रहा है कि छात्रा पटना और जहानाबाद में कहां-कहां गई। कितनी देर रुकी और किसके संपर्क में रही। 27 दिसंबर को छात्रा अपने परिजनों के साथ पटना से जहानाबाद गई थी। 5 जनवरी की दोपहर तक वहीं रही। 5 जनवरी को ट्रेन से पटना आई और सीधे शंभू गर्ल्स हॉस्टल गई। SIT ने इस पूरे सफर में शामिल स्कॉर्पियो ड्राइवर, ऑटो चालक और ट्रेन टाइमिंग तक की पुष्टि की है। मोबाइल टावर लोकेशन, गूगल लोकेशन हिस्ट्री और CCTV फुटेज के जरिए यह जांच हो रही है कि क्या इस दौरान कोई अनजान व्यक्ति छात्रा के संपर्क में आया। जांच एजेंसियां मानती हैं कि कई बार अपराध की कड़ी अपराध स्थल से पहले जुड़ती है। इसलिए ट्रैवल हिस्ट्री को बेहद गंभीरता से देखा जा रहा है। टावर लोकेशन से पता लगा रहे, कब-कहां एक्टिव रहा मोबाइल छात्रा के मोबाइल की टावर लोकेशन हिस्ट्री SIT के लिए अहम डिजिटल सबूत बन गई है। पुलिस पता लगाने में जुटी है कि किस समय मोबाइल किस टावर से कनेक्ट था। इससे यह साफ हो जाएगा कि छात्रा घटना से पहले, दौरान और बाद में किन इलाकों में मौजूद थी। खासतौर पर 5 जनवरी की शाम से 6 जनवरी दोपहर 2 बजे तक का डेटा अलग-अलग टाइम स्लॉट में जांचा जा रहा है। हॉस्टल व अस्पताल के पास के टावर और रास्ते में आने वाले टावरों के डेटा का मिलान किया जा रहा है। SIT सूत्रों के मुताबिक, टावर डेटा को संदिग्धों के मोबाइल लोकेशन से क्रॉस किया जा रहा है। अगर किसी संदिग्ध की लोकेशन छात्रा के मोबाइल के साथ मैच करती है तो वह जांच में बड़ा सुराग माना जाएगा। यह भी देखा जा रहा है कि मोबाइल लंबे समय तक किस जगह स्थिर रहा, जिससे घटना स्थल की पुष्टि हो सकेगी। कॉल डिटेल से पता चलेगा किससे आखिरी बातचीत हुई SIT छात्रा की एक महीने की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाल रही है। देखा जा रहा है कि छात्रा ने किन-किन लोगों से बात की। किन लोगों से फोन पर ज्यादा संपर्क रहा। आखिरी कॉल किसे की गई। 5 जनवरी की रात करीब 10 बजे छात्रा ने अपने पिता से बात की थी। इस दौरान उसने किसी परेशानी की बात नहीं कही। इसके बाद छात्रा की बात किन लोगों से बात हुई या नहीं हुई। यह जांच का अहम हिस्सा है। कॉल डिटेल को हॉस्टल रजिस्टर, CCTV फुटेज और संदिग्धों के मोबाइल रिकॉर्ड से मैच किया जा रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या किसी नंबर से बार-बार कॉल या मैसेज आया, जिससे मानसिक दबाव या साजिश की आशंका हो। एक महीने की मोबाइल सर्च हिस्ट्री देखी जा रही जांच में सामने आया है कि छात्रा के मोबाइल में नींद की गोली से जुड़ी सर्च हिस्ट्री मिली है। पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि छात्रा ने किस मानसिक हालत में यह सर्च किया। इसके अलावा 5 जनवरी से 6 जनवरी दोपहर तक की सर्च हिस्ट्री को टाइमलाइन के साथ देखा जा रहा है। क्या कोई मेडिकल सर्च थी, क्या किसी दवा या लक्षण से जुड़ी जानकारी खोजी गई? इन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं। SIT का मानना है कि मोबाइल सर्च हिस्ट्री से यह संकेत मिल सकता है कि छात्रा पर कोई दबाव था या उसे किसी तरह की दवा दी गई। घटना की सीक्वेंस बना रही SIT और AIIMS की टीम SIT ने 27 दिसंबर से 11 जनवरी तक की पूरी इवेंट सीक्वेंस तैयार की है। इसमें छात्रा का घर जाना, वापस लौटना, हॉस्टल पहुंचना, अस्पताल में भर्ती होना और अंत में मौत तक की पूरी टाइमलाइन शामिल है। इस सीक्वेंस में पिता, ड्राइवर, हॉस्टल स्टाफ, डॉक्टर और रिश्तेदारों के बयान शामिल किए गए हैं। खास बात यह है कि प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल में इलाज से पहले MLC तैयार की गई, जिससे पुलिस को सूचना मिली। SIT का कहना है कि यह पूरी सीक्वेंस कोर्ट में सबूत के तौर पर रखी जाएगी ताकि साफ हो सके कि किस स्तर पर क्या हुआ और किसकी जिम्मेदारी बनती है। AIIMS की टीम ने सोमवार-मंगलवार को घटना का सीन रीक्रिएट किया है। इसमें छात्रा के हॉस्टल से अस्पताल में भर्ती होने तक के मूवमेंट को देखा गया है। परिवार बोला जांच के नाम पर टॉर्चर किया जा रहा परिवार का आरोप है कि 'जांच के नाम पर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। मृतिका के परिजन ने कहा कि प्रशासन को रिश्तों की समझ नहीं है। हर घंटे वही सवाल पूछे जा रहे हैं। मदद करने वाले रिश्तेदारों और जानकारों तक का DNA लिया गया, जिससे लोग डर गए हैं। परिवार का कहना है कि वे जांच के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन सम्मान और संवेदनशीलता जरूरी है।' उन्होंने कहा, 'पिता और बेटी में क्या रिश्ता होता है। बहन और भाई में क्या रिश्ता होता है। यह नहीं समझ रहे। जिसने मदद की उसका भी सैंपल लिया जा रहा है। क्या करना चाह रहे हैं? लड़की के परिवार से दो भाई, पिता और मां के सैंपल लिए गए हैं। मेरा एक दोस्त जिसने मदद की उसका सैंपल लिया जा रहा है। एक फुफेरा भाई है उसका टेस्ट लिया जा रहा है। परिवार से 9 लोगों का सैंपल लिया गया है। मंगलवार को चार लोगों के सैंपल लिए गए। दो तीन लोग, जिन्होंने मदद की उनका टेस्ट लिया जा रहा है।' छात्रा के परिजन का कहना है कि, 'ऐसे में कोई मदद करने आएगा? इस तरह किसी को टॉर्चर किया जाता है? एक ही बात 50 बार पूछी जा रही है। शुरुआत से गुमराह किया जा रहा है। कहा गया कि लड़की ने आत्महत्या की। 90 गोलियां पाई गईं। फिर उसके साथ रेप कहां हुआ?' लड़की की मदद करने वाले एक युवक का सैंपल लिया गया है। उसके भाई ने कहा, 'मेरे भाई की गलती बस इतनी है कि उसने बताया कि कौन से हॉस्पिटल में इलाज कराना चाहिए। मेरे भाई को हमें बताए बिना रातभर थाने में रखा गया। आज उसका सैंपल लिया गया है।' SIT की शुरुआती लापरवाही: 5 बड़े पॉइंट 1- नाबालिग होने के संकेत के बावजूद POCSO देर से शुरुआती दस्तावेजों और पारिवारिक बयानों में छात्रा की उम्र 18 साल से कम होने के संकेत थे। इसके बावजूद शुरुआती FIR में POCSO एक्ट नहीं जोड़ा गया। नाबालिग से जुड़े केस में यह देरी कानूनी रूप से गंभीर चूक मानी जाती है। 2- घटनास्थल को तुरंत सील नहीं किया गया शंभू गर्ल्स हॉस्टल में छात्रा के कमरे और आसपास के इलाके को तुरंत सील नहीं किया गया। इससे सबूत से छेड़छाड़, सफाई या मूवमेंट की आशंका बनी। फॉरेंसिक प्रोटोकॉल के मुताबिक यह शुरुआती स्तर की बड़ी लापरवाही मानी जाती है। 3- CCTV फुटेज तुरंत जब्त नहीं की गई घटना के बाद पहले 24 घंटे के CCTV फुटेज जब्त करना सबसे अहम होता है। हॉस्टल, आसपास की गलियों और रास्तों के कैमरों का डेटा समय पर सुरक्षित नहीं किया गया। इससे फुटेज डिलीट या ओवरराइट होने का खतरा बढ़ा। 4- मेडिकल सबूत को गंभीरता से नहीं लिया गया प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल में MLC तैयार होने और चोट के संकेत मिलने के बाद भी जांच की रफ्तार नहीं बढ़ी। शुरुआती स्तर पर रेप के एंगल को मजबूती से नहीं पकड़ा गया। इससे जांच की दिशा कमजोर पड़ती चली गई। 5- परिवार से संवेदनशील तरीके से पूछताछ नहीं शुरुआती दिनों में परिवार और रिश्तेदारों से बार-बार एक जैसे सवाल पूछे गए। परिजनों का आरोप है कि पूछताछ का तरीका ठीक नहीं है। इससे भरोसा कमजोर हुआ।
उदयपुर में फरवरी के महीने में आने-जाने वाले रेल यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। शादियों के सीजन और पर्यटन की भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे ने ट्रेनों में लंबी वेटिंग खत्म करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। उदयपुर सिटी से दिल्ली सराय रोहिल्ला के बीच चलने वाली ट्रेन में अब यात्रियों को बर्थ के लिए ज्यादा जद्दोजहद नहीं करनी होगी, क्योंकि इसमें स्लीपर क्लास के दो अतिरिक्त डिब्बे बढ़ा दिए गए हैं। यह सुविधा दिल्ली से 1 फरवरी और उदयपुर से 2 फरवरी से शुरू होकर पूरे महीने लागू रहेगी। रेलवे का यह फैसला खासतौर पर उन छात्र-छात्राओं, व्यापारियों और नौकरीपेशा लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जो अक्सर दिल्ली-उदयपुर रूट पर कंफर्म टिकट न मिलने से परेशान रहते थे। उत्तर पश्चिम रेलवे ने पूरे राजस्थान के रेल नेटवर्क को राहत देते हुए 50 जोड़ी ट्रेनों में कुल 124 अतिरिक्त डिब्बे जोड़ने का निर्णय लिया है। इनमें स्लीपर से लेकर फर्स्ट एसी और साधारण श्रेणी तक के कोच शामिल हैं। रेलवे के इस 'मेगा प्लान' से उन हजारों यात्रियों को सीधा फायदा होगा, जो पीक सीजन के कारण मजबूरन बसों या महंगे विकल्पों का चुनाव कर रहे थे। अब 1 मार्च तक इन अतिरिक्त कोचों की वजह से रेल सफर न केवल आसान होगा, बल्कि वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों के टिकट भी आसानी से कंफर्म हो सकेंगे।
ग्रीनलैंड के टॉप 10 पर्यटन स्थल: सुंदर प्रकृति, बर्फ, फजॉर्ड और रोमांच की अनोखी दुनिया
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कॉरिडोर में कृष्ण: 'कुंज गलियों' का पर्यटन
15 मई 2025 को, भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने उत्तरप्रदेश सरकार को मथुरा के बांके बिहारी मंदिर के आसपास 5 एकड़ भूमि अधिग्रहित करने की अनुमति दी थी
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भोजपुरी एक्ट्रेस मोनालिसा हिंदी टीवी इंडस्ट्री में भी अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी मोनालिसा की जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। वह अपनी ग्लैमरस तस्वीरों से तहलका मचाती रहती हैं। मोनालिसा इन दिनों थाइलैंड में वेकेशन एंजॉय कर रही ...
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टीवी एक्ट्रेस हिना खान भले ही कैंसर से जंग लड़ रही हैं, लेकिन वह अपनी लाइफ को खुलकर जी रही हैं। इस गंभीर बीमारी से जंग लड़ते हुए वह लाइफ का हर पल एंजॉय कर रही हैं। हिना खान इन दिनों मालदीव में वेकेशन एंजॉय कर रही हैं। मालदीव में वेकेशन मनाते हुए ...
Tejasswi Praksh-Karan Kundrra नहीं हुए अलग,रोमांटिक वेकेशन एन्जॉय कर रहा है कपल करीबी दोस्त ने खोला राज
सोशल मीडिया पर भारतीय क्रिकेट टीम के हरफनमौला खिलाड़ी हार्दिक पंड्या और उनकी पत्नी नतासा स्टेनकोविक के अलग होने की अफवाहें जोरों पर हैं। यह सब तब शुरू हुआ जब नतासा ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से 'पांड्या' उपनाम हटा दिया। प्रशंसकों ने यह भी देखा कि वह आईपीएल मैचों के दौरान स्टैंड्स से गायब थीं। हालांकि, तमाम अटकलों के बावजूद इस जोड़े ने इस मामले पर चुप्पी साध रखी है। दूसरी ओर, एक ताजा रिपोर्ट से पता चलता है कि हार्दिक विदेश में किसी अज्ञात स्थान पर छुट्टियां मना रहे हैं। विस्तार से जानने के लिए आगे पढ़ें। इसे भी पढ़ें: Shabana Azmi ने Shashi Kapoor के साथ इंटीमेट सीन करने से किया था इंकार, सुपरस्टार ने कह दिया था एक्ट्रेस को 'बेवकूफ लड़की' | Read All About नताशा स्टेनकोविक से अलगाव की अफवाहों के बीच हार्दिक पंड्या विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं हार्दिक पंड्या की पत्नी नतासा स्टेनकोविक के साथ निजी जिंदगी हाल ही में चर्चा का विषय बनी हुई है। क्रिकबज द्वारा रविवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि अलगाव की अफवाहों के बीच क्रिकेटर विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं। अभी लोकेशन का नाम सामने नहीं आया है। इसे भी पढ़ें: Anant Ambani और Radhika Merchant Pre-Wedding Party! तारों भरी रात से लेकर टोगा पार्टी तक, जानें इस बार क्या-क्या होगा खास यह बताया गया है कि इंडियन प्रीमियर लीग से अपनी टीम के बाहर होने के बाद क्रिकेटर ने देश छोड़ दिया। कठिन अवधि के बाद तरोताजा होने के लिए, उन्होंने विदेश में एक सप्ताह की छुट्टी का विकल्प चुना। हार्दिक के शीघ्र ही न्यूयॉर्क में टी20 विश्व कप 2024 के अभ्यास सत्र के लिए भारतीय टीम में फिर से शामिल होने की उम्मीद है। विशेष रूप से, आईपीएल 2024 में मुंबई इंडियंस के लिए रोहित शर्मा की जगह हार्दिक के नेतृत्व की काफी आलोचना हुई। पूरे सीज़न में भारतीय क्रिकेटर को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। इस बीच, वह पेशेवर असफलताओं से जूझ रहे थे। उनकी निजी जिंदगी सुर्खियों में आ गई। कुछ दिन पहले हार्दिक ने अपने सोशल मीडिया पर ढेर सारी तस्वीरें और वीडियो शेयर किए थे। वीडियो में उन्हें पूल में तैरते हुए अच्छा समय बिताते हुए दिखाया गया, जबकि फोटो में वह एक खूबसूरत बैकग्राउंड के साथ पोज दे रहे थे। इसे छोटा और सरल रखते हुए, उन्होंने पोस्ट को कैप्शन दिया था, रिचार्जिंग। पोस्ट के जवाब में, कई प्रशंसकों ने उनके टिप्पणी अनुभाग में बाढ़ ला दी, अपना अटूट समर्थन दिखाया और आगामी विश्व कप के लिए उनकी जय-जयकार की। एक यूजर ने लिखा, “हार्दिक पंड्या जल्द ही टी20 वर्ल्ड कप में वापस आ रहे हैं,” एक अन्य फैन ने लिखा, “हार्दिक टी20 में अपने पुराने मॉडल के साथ आएं और अपने नफरत करने वालों को चुप करा दें। जबकि एक तीसरे फैन ने लिखा, “मजबूत वापसी भाई।” इसके अतिरिक्त, एक प्रशंसक ने लिखा, अपना भाई शेर था और रहेगा तू टेंशन माउंट लेना रे। एक अन्य प्रशंसक ने कहा, कोई बात नहीं हम सब आपके साथ हार्दिक हमारे हीरो हैं। एक अन्य प्रशंसक ने कहा, हार्दिक भाई विश्व कप में वापसी करेगा। हार्दिका पंड्या की पत्नी नतासा ने अलगाव की अफवाहों पर प्रतिक्रिया दी दूसरी ओर, अलगाव की अफवाहों के बीच हार्दिक की पत्नी को शनिवार को पहली बार शहर में देखा गया। अपनी नवीनतम आउटिंग में, उन्हें एक कैफे से बाहर निकलते समय एक करीबी दोस्त के साथ देखा गया था। जाने से पहले एक्ट्रेस ने शटरबग्स के लिए पोज दिए। दरअसल, एक पिता ने उनसे तलाक के बारे में पूछा। हालांकि, इसके जवाब में एक्ट्रेस ने सवाल को नजरअंदाज करने का फैसला किया और सम्मानजनक चुप्पी बनाए रखी. जाने से पहले, उसने बस इतना कहा, बहुत-बहुत धन्यवाद और अपनी प्रतीक्षारत कार की ओर बढ़ गई। अपनी नवीनतम आउटिंग के दौरान, जब वह अपने दोस्त के साथ एक कैफे से बाहर निकली, तो उसे गुलाबी शर्ट के साथ सफेद टॉप और शॉर्ट्स पहने देखा गया। दो महीने पहले एक नौका पर बॉलीवुड अभिनेत्री को प्रस्ताव देने के बाद, हार्दिक और नतासा ने लगभग चार साल पहले 31 मई, 2020 को शादी कर ली थी। उनके पहले बच्चे, अगस्त्य का जन्म 30 जुलाई, 2020 को हुआ था। अपनी तीसरी शादी की सालगिरह मनाते हुए, हार्दिक और नतासा ने उदयपुर में एक भव्य समारोह के साथ अपनी प्रतिज्ञाओं को भी नवीनीकृत किया था। View this post on Instagram A post shared by Hardik Himanshu Pandya (@hardikpandya93) View this post on Instagram A post shared by Viral Bhayani (@viralbhayani)
शादी के तीन महीने बाद हनीमून पर निकलेRakul Preet Singh औरJackky Bhagnani, वेकेशन से वायरल हुई एक्ट्रेस की तस्वीरें
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