जम्मू| कश्मीर के डोडा में कथित तौर पर स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (एसओजी) की टीम से हथियार छीनने की कोशिश की गई। इस घटना में हथियार छीनने वाले युवक की मौत हो गई, जबकि तीन जवान घायल हुए हैं।
अगर आप भी उन लोगों में शामिल हैं जिन्हें आइलैंड (Islands) की प्राकृतिक खूबसूरती, नीले समंदर और शांत माहौल से प्यार है, लेकिन फ्लाइट (Flight) में सफर करना पसंद नहीं है, तो आपके लिए एक बेहतरीन खबर है। दुनिया में कई ऐसे बेहद खूबसूरत और मशहूर आइलैंड हैं, जहां पहुंचने के लिए आपको हवाई जहाज की टिकट बुक करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।स्कॉटलैंड की रहस्यमयी पहाड़ियों से लेकर जापान के तैरते हुए मंदिरों तक, इन द्वीपों तक आप शानदार रोड ट्रिप, ऐतिहासिक पुलों या रोमांचक फेरी (Ferry) के जरिए आसानी से पहुंच सकते हैं। आइए जानते हैं दुनिया के इन 9 आलीशान आइलैंड्स के बारे में, जहां बिना हवाई सफर के भी एक यादगार और एडवेंचरस वेकेशन बिताया जा सकता है:1. आइल ऑफ स्काई, स्कॉटलैंड (Isle of Skye, Scotland)स्कॉटलैंड के उत्तर-पश्चिम में बसा यह आइलैंड अपनी जादुई खूबसूरती के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। यहां की ऊंची हरी-भरी पहाड़ियां, 'फेयरी पूल्स' और 'ओल्ड मैन ऑफ स्टोर' के नजारे दिल जीत लेते हैं।कैसे पहुंचें: आप ग्लासगो (Glasgow) या इनवरनेस शहर से कार किराए पर लेकर एक बेहतरीन रोड ट्रिप का आनंद लेते हुए 'स्काई ब्रिज' (Skye Bridge) पार करके सीधे यहां पहुंच सकते हैं। इसके अलावा मैलेग से फेरी का विकल्प भी मौजूद है।खर्च/टोल: स्काई ब्रिज पार करने का कोई भी टोल टैक्स या शुल्क नहीं लगता है।2. मोंट सेंट मिशेल, फ्रांस (Mont Saint-Michel, France)फ्रांस के नॉरमैंडी (Normandy) तट पर स्थित यह एक चट्टानी द्वीप है, जिसके ऊपर बना मध्यकालीन मठ (Monastery) किसी परियों की कहानी जैसा दिखता है। ज्वार-भाटे (Tides) के दौरान इसका नजारा देखने लायक होता है।कैसे पहुंचें: पेरिस से ट्रेन या कार के जरिए आप सीधे इस द्वीप के मुहाने तक पहुंच सकते हैं। मुख्य मुख्य भूमि से द्वीप को जोड़ने वाली एक सड़क (कॉजवे) बनी हुई है। अपनी गाड़ी पार्किंग में खड़ी करने के बाद आप पैदल या मुफ्त शटल बस से द्वीप के भीतर जा सकते हैं।खर्च/टोल: शटल बस पूरी तरह मुफ्त है, लेकिन आपको कार पार्किंग का चार्ज देना होगा।3. प्रिंस एडवर्ड आइलैंड, कनाडा (Prince Edward Island, Canada)यह द्वीप अपनी लाल रेत वाले खूबसूरत बीच, ऐतिहासिक लाइटहाउस (Lighthouses), शांत गांवों और बेहतरीन समुद्री भोजन के लिए जाना जाता है।कैसे पहुंचें: यह आइलैंड दुनिया के सबसे लंबे पुलों में से एक 'कॉन्फेडरेशन ब्रिज' (Confederation Bridge) के जरिए मुख्य भूमि से जुड़ा है। आप खुद कार ड्राइव करके यहां पहुंच सकते हैं।खर्च/टोल: आइलैंड में प्रवेश करते समय कोई चार्ज नहीं देना होता, लेकिन वापस लौटते समय आपको पुल का टोल टैक्स चुकाना पड़ता है।फेरी और नाव के जरिए पहुंचने वाले शानदार आइलैंडआइलैंड और देशमुख्य आकर्षण (Key Attractions)कैसे पहुंचें? (Route)अनुमानित किराया/खर्चमियाजिमा, जापान (Miyajima, Japan)पानी में तैरता हुआ ऐतिहासिक 'टोरी गेट' (Torii Gate), प्राचीन मंदिर और इंसानों के बीच शांति से घूमते हुए हिरण।हिरोशिमा के पास स्थित 'मियाजिमागुची' स्टेशन से महज 10 मिनट की एक छोटी सी फेरी राइड लेकर।लगभग 200 से 300 जापानी येनमैकिनाक आइलैंड, अमेरिका (Mackinac Island, USA)प्रदूषण मुक्त शांत माहौल और 19वीं सदी की पुरानी ऐतिहासिक इमारतें। यहाँ कार चलाना पूरी तरह बैन है।मिशिगन राज्य के मैकिना सिटी या सेंट इग्नेस से नियमित रूप से चलने वाली पैसेंजर फेरी के जरिए।लगभग 35 से 45 अमेरिकी डॉलर (राउंड ट्रिप)वैंकूवर आइलैंड, कनाडा (Vancouver Island, Canada)घने प्राचीन वर्षावन (Rainforests), प्रशांत महासागर का खूबसूरत किनारा और समुद्र में व्हेल मछली देखने का रोमांच।वैंकूवर शहर के मुख्य तट से 'बीसी फेरीज' (BC Ferries) की बड़ी जहाजों के जरिए, जिसमें आप अपनी कार भी ले जा सकते हैं।लगभग 20 से 70 कनाडाई डॉलरआइल ऑफ वाइट, इंग्लैंड (Isle of Wight, England)खूबसूरत रेतीले समुद्र तट, समंदर के बीच खड़ी सफेद रंग की विशाल चट्टानें (The Needles) और ब्रिटिश कस्बे।इंग्लैंड के दक्षिणी तट पर स्थित पोर्ट्समाउथ, साउथेम्प्टन या लाइमिंगटन शहरों से सीधे कार-फेरी लेकर।लगभग 20 से 35 ब्रिटिश पाउंड से शुरू5. मोजाम्बिक आइलैंड, मोजाम्बिक (Mozambique Island)मोजाम्बिक के उत्तरी तट पर हिंद महासागर के बीच बसा यह एक छोटा लेकिन ऐतिहासिक द्वीप है, जो यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में भी शामिल है। यहां पुर्तगाली वास्तुकला, पुराने किले और प्राचीन चर्च देखने को मिलते हैं।कैसे पहुंचें: सबसे पहले मोजाम्बिक के 'नामपुला' (Nampula) शहर पहुंचें। वहां से सड़क मार्ग के जरिए आगे बढ़ते हुए आप समुद्र के ऊपर बने मोजाम्बिक आइलैंड ब्रिज को पार करके सीधे आइलैंड में दाखिल हो सकते हैं।खर्च/टोल: इस विशाल समुद्री पुल को पार करने का अलग से कोई भी अतिरिक्त चार्ज नहीं लिया जाता।टैवल टिप 2026: इन जगहों पर जाने से पहले फेरी और टोल टैक्स की लाइव बुकिंग और समय-सारणी (Timetable) को उनके आधिकारिक पोर्टल्स पर जरूर चेक कर लें, क्योंकि मौसम के मिजाज या पीक टूरिस्ट सीजन के अनुसार फेरी के फेरों में बदलाव होता रहता है। कार के शौकीनों के लिए इन आइलैंड्स की यात्रा एक लाइफटाइम रोड ट्रिप का अनुभव देती है।
बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और पुलिस महानिदेशक विनय कुमार गुरुवार को सीतामढ़ी पहुंचे। वे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर हेलीकॉप्टर से पुनौराधाम आए थे। यहां अधिकारियों ने सबसे पहले मां जानकी की विधिवत पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद लिया। इसके बाद निर्माणाधीन भव्य माता सीता मंदिर स्थल का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया। देखें,मौके से आई तस्वीरें… गुंबद निर्माण का बारीकी से निरीक्षण किया निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव और डीजीपी ने मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्य, गुंबद निर्माण और विभिन्न हिस्सों का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने निर्माण एजेंसी से कार्य की गुणवत्ता, तय समयसीमा और प्रगति की विस्तृत जानकारी ली। अधिकारियों ने आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। निरीक्षण के बाद जिला प्रशासन के साथ एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें जिलाधिकारी रिची पांडेय, पुलिस अधीक्षक अमित रंजन और विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए। बैठक में मंदिर निर्माण की प्रगति, सुरक्षा व्यवस्था, आधारभूत संरचना के विकास और परियोजना से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। एक हजार करोड़ रुपये से हो रहा निर्माण पुनौराधाम में बन रहे इस भव्य माता सीता मंदिर का निर्माण लगभग एक हजार करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का कार्य अहलूवालिया कंस्ट्रक्शंस को सौंपा गया है, और फिलहाल निर्माण कार्य तेजी से जारी है। बिहार सरकार इस परियोजना को लेकर पूरी तरह सक्रिय है। सरकार का उद्देश्य माता सीता की जन्मस्थली पुनौराधाम को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है। इसी उद्देश्य से उच्चस्तरीय अधिकारी समय-समय पर निर्माण कार्य की निगरानी और समीक्षा कर रहे हैं।
9 से 5 की नौकरी के साथ भी घूम सकते हैं पूरी दुनिया! ट्रैवल क्रिएटर ने बताए ये आसान और स्मार्ट टिप्स
अक्सर लोगों का यह मानना होता है कि ट्रैवलिंग और घूमने-फिरने का शौक सिर्फ उन्हीं के लिए है जिनके पास फ्री टाइम है या जो फुल-टाइम ब्लॉगर हैं। लेकिन, एक मशहूर ट्रैवल क्रिएटर ने इस मिथक को तोड़ते हुए ऐसे 'स्मार्ट ट्रैवल सीक्रेट्स' साझा किए हैं, जो किसी भी 9 से 5 की नौकरी करने वाले व्यक्ति के लिए दुनिया घूमने का दरवाजा खोल सकते हैं। यदि आप भी कॉर्पोरेट जॉब की व्यस्तता और सीमित छुट्टियों के कारण अपनी घूमने की इच्छा को दबा रहे हैं, तो ये तरीके आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं।'माइक्रो-ट्रिप' का जादू: लंबी छुट्टियों का इंतजार छोड़ेंट्रैवल क्रिएटर का सबसे पहला और महत्वपूर्ण मंत्र है—'माइक्रो-ट्रिप्स' (Micro-trips)। हम अक्सर साल में एक बार मिलने वाली 15-20 दिनों की लंबी छुट्टी का इंतजार करते हैं, जिसमें कई बार बजट या थकान आड़े आ जाती है। इसके बजाय, अपनी वीकेंड्स को छुट्टियों के साथ जोड़कर छोटे लेकिन फ्रीक्वेंट ट्रिप्स प्लान करें। शुक्रवार की शाम को निकलना और रविवार की रात वापस आना, आपको 48 घंटों में ही एक नया अनुभव दे सकता है। ऐसी ट्रिप्स न केवल सस्ती होती हैं, बल्कि आपको वर्क-लाइफ बैलेंस बनाए रखने में भी मदद करती हैं।ऑफिस की छुट्टियों को ऐसे करें स्मार्टली मैनेजअगर आप अपनी छुट्टियों को साल की शुरुआत में ही कैलेंडर के हिसाब से प्लान करते हैं, तो आप साल में 4 से 5 बार लंबी ट्रिप पर जा सकते हैं। सरकारी छुट्टियों और वीकेंड्स को मिलाकर 'ब्रिज हॉलिडे' (Bridge Holiday) का उपयोग करें। अगर आप शुक्रवार और सोमवार की छुट्टी ले लेते हैं, तो आपको लगातार 4 दिनों का समय मिलता है। ट्रैवल एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि छुट्टियों को लेकर अपने मैनेजर के साथ पारदर्शिता रखें और अपना काम पहले से शेड्यूल कर लें, ताकि आपके घूमने के दौरान ऑफिस के काम पर कोई असर न पड़े।काम के साथ तालमेल: 'वर्क फ्रॉम एनीवेयर' का लाभ उठाएंआज के दौर में कई कंपनियां 'हाइब्रिड वर्क कल्चर' अपना रही हैं। इसका फायदा उठाना सीखें! अगर आपके पास लैपटॉप है और इंटरनेट की सुविधा है, तो आप 'वर्क फ्रॉम माउंटेन' या 'वर्क फ्रॉम बीच' जैसे विकल्प चुन सकते हैं। एक शांत जगह पर जाकर काम करने से आपकी प्रोडक्टिविटी भी बढ़ेगी और शाम के समय आप उस जगह को एक्सप्लोर भी कर पाएंगे। इसे 'वर्कैशन' (Workation) कहा जाता है, जो आज के समय में कॉर्पोरेट कर्मचारियों के लिए घूमने का सबसे शानदार तरीका है।स्मार्ट बुकिंग और प्लानिंग: समय और पैसे दोनों की बचतएक स्मार्ट ट्रैवलर वह है जो अपनी बुकिंग्स को लेकर सतर्क रहता है। फ्लाइट और होटल की बुकिंग को 3-4 महीने पहले करने से भारी छूट मिलती है। इसके अलावा, ट्रैवल ऐप्स का उपयोग करें जो प्राइस अलर्ट (Price Alert) देते हैं। ट्रैवल क्रिएटर का कहना है कि यात्रा को लग्जरी बनाने के बजाय 'अनुभव केंद्रित' रखें। स्थानीय होमस्टे और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करना न केवल आपकी यात्रा को सस्ता बनाता है, बल्कि आपको उस जगह की संस्कृति से जुड़ने का मौका भी देता है।
जिंदगी में कुछ रोमांचक और लीक से हटकर करने का शौक रखने वाले लोगों के लिए पैराग्लाइडिंग (Paragliding) एक ऐसा एडवेंचर है, जो रोंगटे खड़े कर देने वाले अनुभव के साथ-साथ जिंदगी भर की यादें दे जाता है। बादलों के बीच तैरते हुए जब आप ठंडी हवाओं के थपेड़ों के साथ धरती को देखते हैं, तो वह नजारा किसी सपने जैसा लगता है। आसमान से दिखने वाले ऊंचे-ऊंचे बर्फ से ढके पहाड़, विशाल प्रशांत महासागर, नीली झीलें और हरी-भरी घाटियां प्रकृति का एक बिल्कुल अनोखा रूप पेश करती हैं।यदि आप भी एक अनुभवी एडवेंचरर हैं या पहली बार टेंडम फ्लाई (Tandem Fly) का मजा लेकर दुनिया को एक नए नजरिए से एक्सप्लोर करना चाहते हैं, तो ग्लोबल टूरिज्म मैप पर मौजूद इन 10 सबसे बेहतरीन पैराग्लाइडिंग डेस्टिनेशंस को अपने ट्रैवल बकेट लिस्ट में जरूर शामिल करें:1. गुदौरी (Gudauri), जॉर्जिया – कॉकस पर्वतों का रोमांचजॉर्जिया का गुदौरी क्षेत्र कॉकस पर्वत श्रृंखला (Caucasus Mountains) के बीच स्थित दुनिया के सबसे शानदार पैराग्लाइडिंग हब्स में से एक है।क्या है खास: यहाँ उड़ान भरते समय नीचे फैली गहरी हरी घाटियों और बर्फ की सफेद चादर से ढके पहाड़ों का एक मंत्रमुग्ध कर देने वाला 360-डिग्री व्यू मिलता है।प्रमुख आकर्षण: रूस-जॉर्जिया फ्रेंडशिप मॉन्यूमेंट, काज़बेगी और ऐतिहासिक गेर्गेती ट्रिनिटी चर्च।ट्रेवल गाइड: राजधानी टिब्लिसी से आप टैक्सी या बस द्वारा आसानी से यहाँ पहुँच सकते हैं। इस जगह को अच्छे से एक्सप्लोर करने के लिए 3 से 4 दिन का समय पर्याप्त है।लोकल फूड: पारंपरिक जॉर्जियन डिशेज जैसे 'खाचापुरी' (चीज ब्रेड), 'खिंकाली' (डंपलिंग्स), लोबियो और वहाँ की मशहूर वाइन का स्वाद लेना न भूलें।2. माउई (Maui), USA – प्रशांत महासागर के ऊपर उड़ानअमेरिका के हवाई (Hawaii) द्वीप समूह में स्थित माउई अपने सक्रिय और सुप्त ज्वालामुखियों, ऊंचे पहाड़ों और नीले समंदर के अद्भुत कॉम्बिनेशन के लिए जाना जाता है।क्या है खास: यहाँ पैराग्लाइडिंग करने का मतलब है विशाल प्रशांत महासागर (Pacific Ocean) और सुरम्य तटीय इलाकों को एक पंछी की नजर से देखना।प्रमुख आकर्षण: हालेआकाला नेशनल पार्क, रोड टू हाना, वैलिया बीच और मोलोकिनी क्रेटर।ट्रेवल गाइड: माउई को ठीक से घूमने के लिए कम से कम 5 से 7 दिन का समय रखें। यहाँ घूमने के लिए रेंटल कार (कार किराए पर लेना) सबसे आरामदायक विकल्प है।लोकल फूड: हवाईयन पोके बाउल, कलुआ पोर्क, फ्रेश सी-फूड और कड़क हवाईयन कॉफी यहाँ काफी लोकप्रिय हैं।3. बीर बिलिंग (Bir Billing), भारत – देश की पैराग्लाइडिंग राजधानीहिमाचल प्रदेश की गोद में बसा बीर बिलिंग भारत का सबसे प्रसिद्ध और दुनिया का दूसरा सबसे बेहतरीन पैराग्लाइडिंग टेक-ऑफ साइट माना जाता है।क्या है खास: यहाँ धौलाधार माउंटेन रेंज की ऊंची बर्फीली चोटियों, चाय के बागानों और खूबसूरत तिब्बती गांवों के ऊपर से उड़ने का एक जादुई अहसास होता है।प्रमुख आकर्षण: बीर मोनेस्ट्री, चोकलिंग मोनेस्ट्री, पालपुंग शेराब्लिंग मठ और बरोट वैली।ट्रेवल गाइड: दिल्ली या चंडीगढ़ से ओवरनाइट बस, ट्रेन या टैक्सी के जरिए यहाँ आराम से पहुंचा जा सकता है। वीकेंड ट्रिप या 3 से 5 दिनों की छुट्टी के लिए यह परफेक्ट है।लोकल फूड: गर्मागर्म तिब्बती मोमोज, थुकपा, पारंपरिक हिमाचली धाम और पहाड़ों की स्पेशल मैगी-चाय।दुनिया के अन्य 7 सबसे लोकप्रिय पैराग्लाइडिंग स्पॉट्सडेस्टिनेशन और देशयात्रा के लिए जरूरी दिनमुख्य यूएसपी (USP) और देखने लायक जगहेंक्या खाएं (Local Food)4. पोखरा (Pokhara), नेपाल4 से 5 दिनसारंगकोट से उड़ान भरते समय अन्नपूर्णा पर्वत श्रृंखला और फेवा झील का विहंगम नजारा। वर्ल्ड पीस पैगोडा यहाँ का मुख्य आकर्षण है।नेपाली थाली, सेल रोटी और मोमो5. शैमोनिक्स (Chamonix), फ्रांस4 से 6 दिनआल्प्स पहाड़ों के बीच यूरोप की सबसे ऊंची चोटी 'मों ब्लांक' और विशाल ग्लेशियरों के ऊपर से उड़ने का अनूठा एडवेंचर।फ्रेंच चीज, फोंड्यू, क्रेप्स और पेस्ट्री6. ओलुडेनिज़ (Oludeniz), तुर्की3 से 5 दिनबाबादाग पर्वत से सीधे नीले समंदर और तुर्की के मशहूर 'ब्लू लगून' (Blue Lagoon) के सफेद रेतीले तटों के ऊपर लैंडिंग।तुर्किश कबाब, बकलावा, गोजलेमे7. इंटरलाकेन, स्विट्ज़रलैंड4 से 6 दिनस्विस आल्प्स की चोटियों, लेक थून और लेक ब्रीएंज की नीली झीलों के बीच परियों जैसी वादियों में पैराग्लाइडिंग का अनुभव।स्विस चॉकलेट, रोस्ती, रैकलेट8. क्वीन्सटाउन, न्यूज़ीलैंड5 से 7 दिनदुनिया की एडवेंचर कैपिटल, जहाँ लेक वाकाटिपु और रिमार्केबल्स पहाड़ों के बीच स्काईलाइन से टेक-ऑफ किया जाता है।न्यूजीलैंड लैम्ब, मीट पाई, लोकल हनी9. वैले डे ब्रावो, मेक्सिको2 से 4 दिनघने जंगलों, पहाड़ियों और विशाल लेक एवांडारो के ऊपर मेक्सिकन वादियों का खूबसूरत विहंगम दृश्य।टैकोस, तमालेस, एनचिलाडास10. मिराफ्लोरेस (Miraflores), पेरू2 से 3 दिनलीमा शहर के ठीक बगल में स्थित पहाड़ों के बजाय सीधे प्रशांत महासागर की ऊंची क्लिफ्स (चट्टानों) से कोस्टल फ्लाई का रोमांच।पेरूवियन सेविचे, लोमो साल्टाडोएडवेंचर लवर्स के लिए जरूरी सलाह: पहली बार पैराग्लाइडिंग करने वाले हमेशा एक सर्टिफाइड पायलट के साथ 'टेंडम फ्लाइट' ही चुनें। इसके अलावा, किसी भी डेस्टिनेशन पर जाने से पहले वहाँ के स्थानीय मौसम (Weather) की जानकारी जरूर ले लें, क्योंकि तेज हवाओं या खराब मौसम में पैराग्लाइडिंग पूरी तरह प्रतिबंधित रहती है।
यात्रा करना किसे पसंद नहीं है, लेकिन अक्सर हम अपनी ट्रिप की प्लानिंग में बजट को लेकर परेशान हो जाते हैं। एक अच्छी ट्रिप के लिए केवल टिकट और होटल ही काफी नहीं होते, बल्कि सही ट्रैवल एक्सेसरीज का होना भी बहुत जरूरी है। अच्छी खबर यह है कि अब आपको अपनी यात्रा को सुविधाजनक बनाने के लिए हजारों रुपये खर्च करने की जरूरत नहीं है। बाजार में अब ऐसी 6 बेहतरीन ट्रैवल किट्स मौजूद हैं जिनकी शुरुआत मात्र ₹200 से होती है, और ये आपको प्रीमियम क्वालिटी का अहसास देती हैं। चाहे आप सोलो ट्रिप पर जा रहे हों या परिवार के साथ, ये किट्स आपके सफर को न केवल व्यवस्थित रखेंगी, बल्कि आपका पैसा भी बचाएंगी।1. पोर्टेबल टॉयलेटरी किट: साफ-सफाई का खास ख्यालयात्रा के दौरान सबसे बड़ी समस्या अपने पर्सनल हाइजीन प्रोडक्ट्स को रखने की होती है। ₹200 की रेंज में मिलने वाली यह टॉयलेटरी किट वाटरप्रूफ मटेरियल से बनी होती है। इसमें आप अपनी शैम्पू, कंडीशनर, टूथपेस्ट और फेस वॉश जैसी जरूरी चीजों को सुरक्षित और व्यवस्थित रख सकते हैं। इसकी प्रीमियम फिनिश इसे लंबे समय तक चलने लायक बनाती है।2. यूनिवर्सल एडॉप्टर और पावर किटआज के डिजिटल दौर में गैजेट्स को चार्ज रखना सबसे जरूरी है। यह ट्रैवल किट आपको बजट में एक ऐसा एडॉप्टर देती है जो लगभग हर देश के प्लग पॉइंट के साथ काम करता है। इसकी बिल्ड क्वालिटी बहुत मजबूत है, जो इसे बार-बार गिरने के झटकों से बचाती है। यह आपके इलेक्ट्रॉनिक सामान के लिए सबसे सस्ता और टिकाऊ निवेश है।3. प्रीमियम आई-मास्क और नेक पिलो कॉम्बोलंबे सफर, चाहे वो बस का हो या फ्लाइट का, थकान और नींद का सही न मिलना आम बात है। यह किट आपको बहुत कम दाम में मेमोरी फोम वाले नेक पिलो और अल्ट्रा-सॉफ्ट आई-मास्क के साथ मिलती है। यह आंखों पर बिना किसी दबाव के आपको बेहतरीन नींद देने में मदद करती है। इसका फैब्रिक इतना सॉफ्ट है कि आपको सफर में भी घर जैसा आराम मिलेगा।4. ऑर्गनाइजर पाउच सेट: कपड़ों को रखें व्यवस्थितट्रैवलिंग का एक बड़ा सिरदर्द सूटकेस के अंदर कपड़ों को ढूंढना है। ₹200 से शुरू होने वाले ये ऑर्गनाइजर पाउच सेट आपके सूटकेस के अंदर छोटे-छोटे हिस्सों में कपड़े, मोजे और अंडरगार्मेंट्स को अलग-अलग रखने में मदद करते हैं। यह प्रीमियम क्वालिटी के नायलॉन मटेरियल से बने होते हैं, जो वजन में बेहद हल्के और धोने में आसान होते हैं।5. मिनी फर्स्ट-एड किटसफर के दौरान कब तबीयत खराब हो जाए, कोई नहीं जानता। यह छोटी सी फर्स्ट-एड किट आपको ₹200 के अंदर मिल जाती है, जिसमें दर्द निवारक दवाएं, एंटीसेप्टिक क्रीम, बैंडेज और रुई जैसी बुनियादी चीजें होती हैं। इसकी पैकिंग बहुत कॉम्पैक्ट है, जिसे आप अपनी छोटी पॉकेट में भी आसानी से रख सकते हैं। यह हर यात्री के लिए सबसे जरूरी किट है।6. शू बैग्स का स्मार्ट कॉम्बोअक्सर जूते सूटकेस में बाकी कपड़ों को गंदा कर देते हैं। ये शू बैग्स आपकी यात्रा को हाइजीनिक बनाने में मदद करते हैं। इसमें न केवल जूते सुरक्षित रहते हैं, बल्कि यह धूल-मिट्टी को भी बाहर नहीं आने देता। इसकी सिलाई और जिप क्वालिटी काफी प्रीमियम है, जो आपको किसी महंगे ब्रांड के जैसा अनुभव देगी।जियोग्राफिकल और एआई सर्च के अनुसार ये किट्स क्यों हैं बेस्टदिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और लखनऊ जैसे बड़े शहरों में बढ़ते ट्रैवल ट्रेंड्स को देखते हुए, एआई सर्च इंजन 'Budget Travel Essentials' को सबसे ज्यादा सजेस्ट कर रहे हैं। आज के यात्री स्मार्ट शॉपिंग पर जोर दे रहे हैं। गूगल और बिंग जैसे आधुनिक जनरेटिव सर्च इंजनों का विश्लेषण कहता है कि कम कीमत में प्रीमियम क्वालिटी का विकल्प चुनना अब स्मार्ट ट्रैवलिंग का हिस्सा बन चुका है। यदि आप भी अगले कुछ दिनों में कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो इन किट्स को अपनी लिस्ट में जरूर शामिल करें, क्योंकि ये आपके सफर को न केवल सस्ता बल्कि काफी स्टाइलिश भी बनाएंगी।
पाली के 8वीं क्लास के स्टूडेंट राघव सोनी ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का परिचय देते हुए रोबोटिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और टाइम ट्रैवल पर आधारित एक विज्ञान-कथा पुस्तक लिखी है। यह पुस्तक विज्ञान, कल्पना और रोमांच का संगम प्रस्तुत करती है। कम साल की उम्र में लिखी गई यह पुस्तक अब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध है। भविष्य की दुनिया में पहुंच जाता है जैक पुस्तक की कहानी 'जैक' नाम के एक बालक के इर्द-गिर्द घूमती है। कहानी में जैक अचानक भविष्य की उस दुनिया में पहुंच जाता है, जहां अत्याधुनिक रोबोट्स ने पूरी मानव सभ्यता पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया है। उस दुनिया में सभी इंसान रोबोट्स के आदेशों का पालन करने को मजबूर हैं, लेकिन वर्तमान समय से पहुंचा जैक उनके नियंत्रण में नहीं आता। अपनी बुद्धिमत्ता, साहस और वैज्ञानिक सोच के दम पर वह रोबोट्स की शक्ति के मुख्य स्रोत का पता लगाता है और उनकी पावर सप्लाई बंद कर देता है। इसके बाद रोबोट्स का साम्राज्य समाप्त हो जाता है, मानवता स्वतंत्र हो जाती है और जैक सुरक्षित अपने समय में लौट आता है। इस तरह की कहानी पर हालीवुड में फिल्में भी बन चुकी हैं। तकनीक के जिम्मेदार उपयोग का संदेश यह पुस्तक बच्चों और युवाओं को यह संदेश देती है कि तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग मानवता के हित और कल्याण के लिए होना चाहिए, न कि उस पर शासन करने के लिए। यह रचना विज्ञान के प्रति जिज्ञासा, नवाचार, रचनात्मक सोच और तकनीक के जिम्मेदार उपयोग के लिए प्रेरित करती है। राघव सोनी, राजकीय मेडिकल कॉलेज पाली के पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. लक्ष्मण सोनी तथा माइक्रोबायोलॉजी विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रियंका सोनी के पुत्र हैं। ऑनलाइन उपलब्ध है पुस्तक राघव की यह पुस्तक BriBooks पर प्रकाशित हो चुकी है और विश्वभर के पाठकों के लिए ऑनलाइन उपलब्ध है। इच्छुक पाठक इसे इसी प्लेटफॉर्म के माध्यम से खरीद सकते हैं। कम उम्र में साहित्य सृजन के क्षेत्र में राघव की यह उपलब्धि अन्य स्टूडेंट्स के लिए भी प्रेरणा बन रही है।
झमाझम बरसती बारिश की बूंदें, पहाड़ों पर तैरते सफेद बादलों के टुकड़े, मिट्टी की सोंधी खुशबू और पहाड़ों से दूध की तरह नीचे गिरते झरनों (Waterfalls) का शोर— मानसून का मौसम भारत के प्राकृतिक सौंदर्य में चार चांद लगा देता है. यदि आप भी कंक्रीट के जंगलों और शहरों की उमस भरी गर्मी से तंग आ चुके हैं, तो भारत में कुछ ऐसी जादुई जगहें हैं जो बारिश के दिनों में किसी धरती के स्वर्ग जैसी दिखाई देने लगती हैं.पार्टनर के साथ रोमांटिक ट्रिप प्लान करनी हो या अकेले ही प्रकृति की गोद में खो जाना हो, मानसून के इस सुहाने मौसम में भारत के ये 5 सबसे खूबसूरत और बेस्ट टूरिस्ट डेस्टिनेशंस (Best Monsoon Travel Places in India) आपकी यात्रा को हमेशा के लिए यादगार बना देंगे.1. चेरापूंजी और मावलिननोंग (मेघालय) – बादलों का घरदुनिया में सबसे ज्यादा बारिश के लिए मशहूर मेघालय (Meghalaya) का यह हिस्सा मानसून प्रेमियों के लिए मक्का माना जाता है.नजारों की खूबी: बारिश के दिनों में यहाँ के 'नोहकलीकई' (Nohkalikai) जैसे विशाल झरने अपने पूरे शबाब पर होते हैं. बादलों के बीच से होकर गुजरती घुमावदार सड़कें और 'लिविंग रूट ब्रिज' (Living Root Bridges - पेड़ों की जड़ों से बने प्राकृतिक पुल) देखना एक अलग ही दुनिया का अहसास कराता है. इसके साथ ही एशिया का सबसे साफ गांव 'मावलिननोंग' भी इसी रूट पर है, जिसकी हरियाली देखने लायक होती है.2. वायनाड (केरल) – पश्चिमी घाट की मखमली चादरकेरल का यह खूबसूरत हिल स्टेशन (Wayanad Hill Station) मानसून के दौरान एक गहरे हरे रंग की मखमली चादर ओढ़ लेता है.नजारों की खूबी: चाय और कॉफी के बागानों के बीच बने ट्री-हाउस (Tree Houses) में रुककर बारिश की बूंदों को गिरते देखना बेहद रोमांटिक होता है. यहां का 'बाणासुर सागर बांध' और 'मीनमुट्टी वॉटरफॉल्स' मानसून के पानी से पूरी तरह लबालब हो जाते हैं. कोहरे से ढकी पहाड़ियों के बीच ट्रैकिंग करने का रोमांच यहां सबसे अलग होता है.3. लोनावला और महाबलेश्वर (महाराष्ट्र) – पश्चिमी घाट का जादूमुंबई और पुणे के निवासियों के लिए वीकेंड बिताने का यह सबसे पसंदीदा और प्राकृतिक रूप से समृद्ध गंतव्य है.नजारों की खूबी: मानसून शुरू होते ही लोनावला (Lonavala) और खंडाला की खाइयों से अनगिनत छोटे-बड़े झरने बहने लगते हैं. महाबलेश्वर (Mahabaleshwar) के 'विल्सन पॉइंट' या 'आर्थर सीट' से जब आप नीचे की घाटियों को देखते हैं, तो वे पूरी तरह बादलों और कोहरे से ढकी नजर आती हैं. भुट्टा (कॉर्न) खाते हुए यहां के घाटों पर लॉन्ग ड्राइव का मजा बेजोड़ है.4. कुर्ग (कर्नाटक) – भारत का स्कॉटलैंडकॉफ़ी के बागानों और मसालों की खुशबू से महकता कुर्ग (Coorg) बारिश के दिनों में प्रकृति प्रेमियों के लिए एक आदर्श आश्रय स्थल बन जाता है.नजारों की खूबी: मानसून में यहाँ का 'एब्बे फॉल्स' (Abbey Falls) और 'इरुप्पु फॉल्स' बहुत शक्तिशाली और खूबसूरत हो जाते हैं. कावेरी नदी के उद्गम स्थल 'तलकावेरी' की पहाड़ियों पर जब कोहरे की सफेद चादर बिछती है, तो वहां का नजारा देखते ही बनता है.5. लोध जलप्रपात और नेतरहाट (झारखंड) – छोटानागपुर की रानीअगर आप भीड़भाड़ से दूर किसी अनछुए और शांत हिल स्टेशन की तलाश में हैं, तो झारखंड का नेतरहाट (Netarhat) और लातेहार का इलाका आपको मंत्रमुग्ध कर देगा.नजारों की खूबी: झारखंड का सबसे ऊंचा झरना 'लोध फॉल्स' (Lodh Waterfalls) मानसून में जब 469 फीट की ऊंचाई से नीचे गिरता है, तो उसकी गूंज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई देती है. चीड़ (Pine) के घने जंगलों के बीच पहाड़ों पर गिरती बारिश और नेतरहाट का सनसेट व्यू (सूर्यास्त) पर्यटकों के दिल में उतर जाता है.यात्रियों के लिए जरूरी सेफ्टी एडवाइजरी (Monsoon Travel Safety Tips)जिस तरह म्यूचुअल फंड में निवेश करने से पहले मार्केट के जोखिमों को जानना जरूरी है, ठीक उसी तरह मानसून में पहाड़ों पर यात्रा करने से पहले कुछ सावधानियां बरतना अनिवार्य है:वेदर अपडेट: लैंडस्लाइड (भूस्खलन) या भारी बारिश वाले संवेदनशील पहाड़ी इलाकों (जैसे हिमाचल या उत्तराखंड के कुछ हिस्से) में जाने से पहले मौसम विभाग (IMD) का ताजा अलर्ट जरूर चेक करें.झरनों के करीब न जाएं: उफनते हुए नदी-नालों या झरनों के तेज बहाव में उतरकर रील्स बनाने या सेल्फी लेने की गलती बिल्कुल न करें, पानी का स्तर अचानक बढ़ सकता है.ग्रिप वाले जूते: पहाड़ों पर और चट्टानों पर काई जमने से फिसलन बढ़ जाती है, इसलिए यात्रा के दौरान अच्छी ग्रिप वाले ट्रैकिंग शूज ही पहनें.
समाज कल्याण मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता ने शिवहर जिले के ऐतिहासिक बाबा भुवनेश्वर नाथ धाम स्थित देकुली धाम में तालाब के सौंदर्यीकरण और 74 दुकानों के निर्माण कार्य का उद्घाटन किया। पर्यटन विभाग, बिहार सरकार की ओर से तालाब के सौंदर्यीकरण पर 5.83 करोड़ रुपये और मंदिर परिसर के बाहर 74 दुकानों के निर्माण पर 2.93 करोड़ रुपये की लागत आई है। मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना से ही बिहार के कई पर्यटन विभाग से जुड़े ऐतिहासिक कार्यों का उद्घाटन किया है, जिसमें यह परियोजना भी शामिल है। उन्होंने जानकारी दी कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर बिहार राज्य पर्यटन विभाग द्वारा मंदिर का लगभग 11.98 करोड़ रुपये की लागत से जीर्णोद्धार कराया गया है। इसमें मंदिर परिसर में पर्यटकों की सुविधा के लिए मार्केट कॉम्प्लेक्स, सरोवर और पार्किंग जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। देकुली धाम आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए कुशहर से देकुली धाम तक सड़क निर्माण और चौड़ीकरण का कार्य भी किया गया है, जिससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी में सुधार हुआ है। मंत्री ने कहा कि इन विकास कार्यों का उद्देश्य इस प्राचीन महाभारतकालीन स्थल को एक प्रमुख पर्यटन और धार्मिक सर्किट के रूप में विकसित करना है। इस अवसर पर एमएलसी रेखा कुमारी, देकुली धाम प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सह अनुमंडल दंडाधिकारी अविनाश कुणाल, सचिव संदीप भारती, प्रखंड विकास पदाधिकारी आदित्य कुमार, जदयू के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह, जदयू युवा प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष हेमंत कुमार, लोजपा (रा) जिला अध्यक्ष विजय कुमार पांडे, जदयू उपाध्यक्ष राजेश कुमार शर्मा, भाजपा जिला महामंत्री राजेश कुमार उर्फ राजू जी, राजीव कुमार पांडे सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में कार सवार युवकों का खतरनाक स्टंट सामने आया है। जयनगर थाना थाना क्षेत्र में कोई चलती कार का दरवाजा खोलकर स्टंट करता नजर आया, तो कुछ युवक कार की खिड़की से बाहर निकलकर हंगामा और स्टंटबाजी करते दिखाई दिए। वहीं, अब स्टंटबाजी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो अजबनगर स्थित मोरभंज पर्यटन स्थल का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, रविवार को कुछ युवक कार से पिकनिक मनाने पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने चलती कार में जान जोखिम में डालकर खतरनाक स्टंट किए। वीडियो में कुछ युवक कार की खिड़की और दरवाजे से बाहर निकलकर स्टंट करते, जबकि कुछ हूटिंग करते नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है। उनका कहना है कि सार्वजनिक स्थानों और पर्यटन स्थलों पर इस तरह की स्टंटबाजी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। इस मामले में पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
बिहार में पर्यटन को नई गति देने और स्थानीय लोगों की आय के स्रोतों को विस्तार देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना का आगाज किया गया है। राज्य सरकार ने इस योजना के तहत 16 जिलों के 34 विशिष्ट पर्यटन स्थलों का चयन किया है, जिसमें ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध नालंदा जिले को सबसे बड़ी हिस्सेदारी मिली है। जिले के कुल 6 प्रमुख स्थलों को इस योजना के लिए चुना गया है, जिससे अब पर्यटकों को होटलों की चकाचौंध से इतर स्थानीय ग्रामीण संस्कृति और आतिथ्य का वास्तविक अनुभव मिल सकेगा। योजना के तहत चयनित स्थलों में प्राचीन नालंदा महाविहार के भग्नावशेष, पावापुरी का पवित्र जलमंदिर, राजगीर का रोपवे, जू सफारी, नेचर सफारी और विश्व प्रसिद्ध गर्म जलकुंड शामिल हैं। इन स्थलों के आसपास के घरों में होमस्टे की सुविधा विकसित की जाएगी, जिससे न केवल पर्यटकों को ठहरने के लिए नए विकल्प मिलेंगे, बल्कि वे बिहार की परंपराओं, स्थानीय खानपान और रहन-सहन को बेहद करीब से जान सकेंगे। आर्थिक सहायता और स्वरोजगार की राह सरकार ने इस योजना को प्रभावी बनाने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन का भी प्रावधान किया है। कोई भी इच्छुक व्यक्ति अपने पर्यटन स्थल से अधिकतम 5 किलोमीटर के दायरे में होमस्टे इकाई खोल सकता है। प्रत्येक इकाई के लिए अधिकतम आठ कमरों की स्वीकृति दी गई है, जिसके लिए सरकार प्रति कमरा 2.50 लाख रुपए तक की सहायता देगी। इस प्रकार एक संचालक अधिकतम 10 लाख रुपये का अनुदान प्राप्त कर सकता है। युवाओं और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए सरकार ने विशेष प्रावधान किए हैं, जिसके तहत महिला उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों और 18 से 25 वर्ष के युवा उद्यमियों को प्रति कमरे 25 हजार रुपए का अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि मिलेगी। आने वाले वर्षों में पर्यटन का नया चेहरा पर्यटन विभाग ने आगामी पांच वर्षों के भीतर राज्यभर में एक हजार कमरों के निबंधन का लक्ष्य रखा है। नालंदा जैसे पर्यटन हब में इस योजना के लागू होने से स्थानीय हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजन और परिवहन व्यवसायों को भी संबल मिलेगा। राजगीर और पावापुरी जैसे अंतरराष्ट्रीय महत्व के स्थलों के पास स्थित घरों में पर्यटकों के ठहरने से स्थानीय परिवारों की आय में इजाफा होगा और बेरोजगारी की समस्या दूर करने में मदद मिलेगी।
सीहोर में वर्षाकाल में संभावित हादसों को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने सभी वॉटरफॉल, डैम, जल पर्यटन स्थलों और अन्य जोखिमपूर्ण स्थानों पर प्रतिबंधात्मक आदेश लागू कर दिए हैं। कलेक्टर बालागुरु के. के निर्देश पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत यह कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने इन स्थानों पर राजस्व, वन, पुलिस और अन्य विभागों की संयुक्त टीमें तैनात की हैं। कलेक्टर के निर्देश पर अमरगढ़, दिंगंबर और कालियादेव वॉटरफॉल जैसे दुर्घटना संभावित स्थलों के पहुंच मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। तैनात टीमें पर्यटकों को प्रतिबंधित क्षेत्रों में जाने से रोकने के साथ ही सुरक्षा के प्रति जागरूक भी कर रही हैं। प्रशासन की टीमों ने अमरगढ़ वॉटरफॉल की ओर जा रहे 20 लोगों को रोककर प्रतिबंधात्मक आदेशों की जानकारी दी और उन्हें वापस लौटा दिया। प्रशासन का कहना है कि बारिश के दौरान इन क्षेत्रों में अचानक जलस्तर बढ़ने और फिसलन के कारण दुर्घटनाओं का खतरा रहता है। भोपाल से भी बड़ी संख्या में पहुंचते हैं पर्यटक कलेक्टर बालागुरु के. ने नागरिकों और पर्यटकों से अपील की है कि वे अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश न करें। उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वर्षाकाल में सीहोर के प्राकृतिक पर्यटन स्थलों पर जिले के अलावा भोपाल सहित आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। प्रशासन ने सभी लोगों से प्रतिबंधात्मक आदेशों का पालन करने और सुरक्षित व्यवहार अपनाने की अपील की है।
खंडवा नगर निगम के अमले ने रविवार को बस स्टैंड क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की हैं। पुलिस की मौजूदगी में जेसीबी मशीनों से ओटलों को तोड़ा गया। इस दौरान एक दर्जन दुकानों के बाहर से पक्का और टीनशैड का अतिक्रमण तोड़ा गया। मलबे और सामान को ट्रक में भरने के दौरान निगम अमले को विरोध का सामना भी करना पड़ा। बता दें कि, इन ओटलों के नीचे सरकारी नाला दबा हुआ था। बारिश में पानी निकासी की आफत होती, इससे पहले कार्रवाई को अंजाम दिया गया। कार्रवाई के दौरान हनी ट्रैवल्स एजेंसी पर कार्यरत महिला कर्मचारियों ने निगम अमले का विरोध किया। चार से पांच महिला कर्मचारी जेसीबी मशीन के आगे खड़ी हो गई। खुद मोबाइल से वीडियो बनाए और यहां तक कि कवरेज कर रहे मीडियाकर्मी और अतिक्रमण हटा रहे निगम कर्मचारियों से बदसलूकी भी की। हनी ट्रैवल्स का ओटला और छज्जा दोनों तोड़ा गया। आगे गीत ट्रैवल्स और आर्या बस सर्विस तक पक्के ओटलों को हटाया गया। सिटी मजिस्ट्रेट बोले- भंडारिया रोड़ पर जमीन देंगे नगर निगम की कार्रवाई का नेतृत्व कार्यपालन यंत्री राधेश्याम उपाध्याय कर रहे थे। बाद में सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर भी पहुंचे। सिटी मजिस्ट्रेट के पहुंचने पर उन्हें निगम अमले ने बताया कि, महिला कर्मचारियों ने बदसलूकी की हैं। यह सुनकर सिटी मजिस्ट्रेट भड़क गए और उन्होंने कहा कि ओटले यदि नहीं तोड़ने दे तो सभी दुकानों को भीतर तक तोड़ दो। इन्हें भंडारिया रोड़ पर जमीन के बदले जमीन दे देंगे।
महू के पर्यटन स्थल पर्यटकों पर भीड़ लगी:रविवार की छुट्टी मनाने जाम गेट-पातालपानी-जानापाव पर जाम लगा
महू इलाके के पिकनिक स्पॉट रविवार की छुट्टी पर सैलानियों से पूरी तरह भरे रहे। सुहावने मौसम का मजा लेने के लिए हजारों की संख्या में लोग परिवार और दोस्तों के साथ जाम गेट, पातालपानी, वांचू पॉइंट और जानापाव जैसी मशहूर जगहों पर पहुंचे। इंदौर, महू, धार और देवास समेत आस-पास के जिलों से बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचे थे। दोपहर होते-होते सभी मुख्य पर्यटन स्थलों पर भारी भीड़ जमा हो गई। कई जगहों पर पार्किंग की जगह गाड़ियों से खचाखच भर गई, तो वहीं मुख्य रास्तों पर गाड़ियों की लंबी-लंबी कतारें भी देखने को मिलीं। मौसम का लिया मजा, दुकानदारों के चेहरे खिले यहां आए लोगों ने हरियाली से भरी पहाड़ियों, झरनों और ठंडी हवा के बीच जमकर फोटोग्राफी की, सेल्फी ली और पिकनिक का मजा उठाया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी में मौसम को लेकर भारी उत्साह देखा गया। पर्यटकों की इस भारी भीड़ की वजह से स्थानीय दुकानदारों और छोटे व्यापारियों की कमाई भी अच्छी हुई। प्रशासन ने की संभलकर रहने की अपील बारिश के मौसम में महू इलाके की इन प्राकृतिक जगहों की खूबसूरती देखने लायक होती है, यही वजह है कि हर रविवार यहां भारी भीड़ उमड़ रही है। बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सुरक्षा नियमों का पालन करने और खतरे वाली जगहों (जैसे गहरी खाइयों और झरनों के पास) से दूर रहने की अपील की है।
राजस्थान सरकार ने शुक्रवार देर रात डीएफओ और एसीएफ अधिकारियों की तबादला सूची जारी कर दी। इसका असर रणथंभौर टाइगर रिजर्व और सामाजिक वानिकी विभाग पर भी देखने को मिलेगा। जारी सूची में रणथंभौर टाइगर रिजर्व के पर्यटक डीएफओ सहित कई एसीएफ और रेंजर के तबादले किए गए हैं। खास बात यह है कि रणथंभौर टाइगर रिजर्व के पर्यटक डीएफओ का पद फिलहाल रिक्त रखा गया है। इन डीएफओ के हुए तबादले तबादला सूची के अनुसार रणथंभौर टाइगर रिजर्व में पर्यटक डीएफओ के पद पर कार्यरत संजीव कुमार शर्मा का तबादला डीएफओ रणथंभौर टाइगर रिजर्व सेकेंड के पद पर किया गया है। वहीं डीएफओ सूचना का अधिकार हैड ऑफ फॉरेस्ट के पद पर कार्यरत अरूण कुमार शर्मा को डीएफओ विकास रणथंभौर टाइगर रिजर्व लगाया गया है। इसके अलावा विष्णु कुमार गुप्ता को डीएफओ विस्थापन रणथंभौर टाइगर रिजर्व के पद पर लगाया गया है। एसीएफ स्तर पर भी हुए बदलाव एसीएफ की तबादला सूची में महेश कुमार शर्मा, जो एसीएफ रणथंभौर टाइगर रिजर्व फर्स्ट के पद पर कार्यरत थे, उनका तबादला एसीएफ केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान के पद पर किया गया है। योगेश कुमार को अलवर से वन्यजीव मुख्यालय बाघ परियोजना प्रथम सवाई माधोपुर लगाया गया है। वहीं अजय कुमार सत्तावन को सामाजिक वानिकी से रणथंभौर टाइगर रिजर्व में लगाया गया है। रेंजर स्तर पर भी जारी हुए आदेश रेंजर फर्स्ट ग्रेड की तबादला सूची में रणथंभौर टाइगर रिजर्व की फलोदी रेंज के रेंजर विजय कुमार मीणा को खंडार रेंजर लगाया गया है। हेमंत कुमार मीणा को बेगू से रेंजर सामाजिक वानिकी सवाई माधोपुर लगाया गया है। वहीं सामाजिक वानिकी सवाई माधोपुर के रेंजर कैलाश शर्मा का तबादला हिंडोली रेंजर के पद पर किया गया है। उल्लेखनीय है कि रणथंभौर टाइगर रिजर्व के पर्यटक डीएफओ जैसे महत्वपूर्ण पद को इस तबादला सूची में रिक्त रखा गया है।
नई दिल्ली के आलीशान होटल ताज पैलेस में आयोजित 'राष्ट्रीय हितधारक परामर्श 2026' के दूसरे दिन झारखंड के भविष्य को लेकर एक बड़ी और ऐतिहासिक चर्चा हुई. इस सत्र का मुख्य विषय 'डेस्टिनेशन झारखंड – पर्यटन निवेश एवं समावेशी विकास को गति' था. देश भर से आए नीति-निर्माताओं, बड़े उद्योगपतियों और पर्यटन क्षेत्र के दिग्गजों ने एक सुर में माना कि अब झारखंड को सिर्फ कोयले और खनिज का राज्य समझना भूल होगी. यह राज्य अब पूर्वी भारत का सबसे बड़ा और आकर्षक टूरिस्ट हब बनने के लिए पूरी तरह तैयार है.पर्यटन को मिला उद्योग का दर्जा, 5 करोड़ से ज्यादा पहुंचे सैलानीइस महामंथन में सामने आए आंकड़े चौंकाने वाले और उम्मीद जगाने वाले हैं. साल 2024 में झारखंड में रिकॉर्ड 5.85 करोड़ पर्यटक पहुंचे, जिनमें से 4.40 करोड़ लोग केवल धार्मिक और आध्यात्मिक यात्रा के लिए आए थे. सैलानियों की इस भारी तादाद को देखते हुए सरकार ने पर्यटन को बाकायदा 'उद्योग' का दर्जा दे दिया है. इस बड़े फैसले से अब प्राइवेट इंवेस्टर्स के लिए वित्तीय मदद और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के रास्ते पूरी तरह साफ हो गए हैं. सरकार अब देवघर या सम्मेद शिखर जैसे धार्मिक स्थलों के आगे बढ़कर इको-टूरिज्म, एडवेंचर स्पोर्ट्स, वॉटर स्पोर्ट्स और देश के पहले 'माइनिंग टूरिज्म' जैसी अनूठी परियोजनाओं पर काम कर रही है.आ रही है 'पर्यटन नीति-2026', स्काईवॉक और फ्लोटिंग रेस्तरां का दिखेगा जलवानिवेशकों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए हेमंत सोरेन सरकार जल्द ही 'पर्यटन नीति-2026' लॉन्च करने जा रही है. कागजी कार्रवाई और लालफीताशाही को खत्म करने के लिए 'डिजिटल सिंगल विंडो पंजीकरण व्यवस्था' लागू की जा रही है. केंद्र सरकार की 'प्रसाद' (PRASHAD) और 'स्वदेश दर्शन' योजनाओं के तालमेल से राज्य में सड़कों और बुनियादी सुविधाओं को चमकाया जा रहा है. सरकार ने निवेशकों को राज्य में लक्जरी होटल, रिसॉर्ट, रोपवे, एडवेंचर स्काईवॉक और फ्लोटिंग रेस्तरां बनाने के लिए बंपर सब्सिडी और आकर्षक प्रोत्साहन पैकेज का ऑफर दिया है.रोजगार का नया फॉर्मूला: 100 होमस्टे से 500 लोगों को मिलेगी आजीविकाइस मौके पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री सुदिव्य कुमार ने राज्य की नई सोच को सामने रखा. उन्होंने रोजगार का एक बहुत ही व्यावहारिक गणित समझाते हुए कहा कि एक बड़ा फाइव स्टार होटल करीब 200 लोगों को सीधा रोजगार देता है, लेकिन अगर हम गांव-गांव में 100 होमस्टे (Homestay) विकसित कर दें, तो लगभग 500 परिवारों को उनके घर पर ही आजीविका मिल जाएगी. इसी सोच के साथ सरकार 'होमस्टे नीति-2026' ला रही है, जो झारखंड को देश का सबसे पसंदीदा होमस्टे डेस्टिनेशन बनाएगी.मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में चल रहे इस मिशन को गति देने के लिए कैबिनेट मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, संजय प्रसाद यादव, इरफान अंसारी और शिल्पी नेहा तिर्की भी इस राष्ट्रीय परामर्श में मौजूद रहीं. सभी ने संकल्प लिया कि झारखंड को बेहद कम समय में पूर्वी भारत का सबसे पसंदीदा, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल (Eco-Friendly) पर्यटन स्थल बनाया जाएगा.
बीते दिनों कुछ ऐसी खबरें देखने और सुनने मिली हैं, जिनसे पर्यटन पर नयी बहस शुरु होने की गुंजाइश बनी है। पर्यटन की भारत में प्राचीन परंपरा रही है।
कड़कड़ाती सर्दी में बिकिनी पहन पूल में उतरीं रुबीना दिलैक, जापान वेकेशन की दिखाई झलक
टीवी की संस्कारी बहू रुबीना दिलैक रियल लाइफ में काफी ग्लैमरस हैं। वह अक्सर फैंस के साथ अपनी हॉट एंड सिजलिंग तस्वीरें शेयर करती रहती हैं। रुबीना वह छोटे पर्दे की हाई पेड एक्ट्रेसेस में शुमार है। हाल ही में रुबीना ने अपनी जापान ट्रिप की तस्वीरें फैंस ...
स्विमिंग पूल किनारे मोनालिसा का सिजलिंग अंदाज, वेकेशन से शेयर की बोल्ड तस्वीरें
भोजपुरी एक्ट्रेस मोनालिसा हिंदी टीवी इंडस्ट्री में भी अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी मोनालिसा की जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। वह अपनी ग्लैमरस तस्वीरों से तहलका मचाती रहती हैं। मोनालिसा इन दिनों थाइलैंड में वेकेशन एंजॉय कर रही ...
गोवा में वेकेशन एंजॉय कर रहीं कृष्णा श्रॉफ, शेयर की खूबसूरत तस्वीरें
कृष्णा श्रॉफ निश्चित रूप से जानती हैं कि लोगों का ध्यान कैसे आकर्षित करना है- चाहे वह उनकी MMA चॉप्स हों या उनकी वेकेशन की तस्वीरें। कृष्णा इस दिनों गोवा की धूप और बीच पर छुट्टियां मना रही हैं। इसी बीच कृष्णा श्रॉफ ने सोशल मीडिया पर अपनी ट्रॉपिकल ...
कैंसर के ट्रीटमेंट जंग के बीच वेकेशन मनाने मालदीव पहुंचीं हिना खान, शेयर की खूबसूरत तस्वीरें
टीवी एक्ट्रेस हिना खान भले ही कैंसर से जंग लड़ रही हैं, लेकिन वह अपनी लाइफ को खुलकर जी रही हैं। इस गंभीर बीमारी से जंग लड़ते हुए वह लाइफ का हर पल एंजॉय कर रही हैं। हिना खान इन दिनों मालदीव में वेकेशन एंजॉय कर रही हैं। मालदीव में वेकेशन मनाते हुए ...
Tejasswi Praksh-Karan Kundrra नहीं हुए अलग,रोमांटिक वेकेशन एन्जॉय कर रहा है कपल करीबी दोस्त ने खोला राज
शादी के तीन महीने बाद हनीमून पर निकलेRakul Preet Singh औरJackky Bhagnani, वेकेशन से वायरल हुई एक्ट्रेस की तस्वीरें
एक बार फिर सिनेमा घरो में दस्तक देने जा रही है क्रिस्टोफ़र नोलन की स्पेस एडवेंचर फिल्मInterstellar,10वीं सालगिरह पर होगी री-रिलीज़

