हनुमानगढ़ में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बुधवार को जिला पर्यटन विकास समिति की बैठक आयोजित की गई। जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पर्यटन क्षेत्र के विकास हेतु कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों को एकीकृत कर एक पर्यटन सर्किट विकसित करने पर जोर दिया गया। प्रस्तावित सर्किट में हनुमानगढ़, कालीबंगा, बड़ोपल, धन्नासर और रावतसर जैसे स्थलों को शामिल करने की योजना है। अधिकारियों का मानना है कि इससे पर्यटकों को जिले की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत को एक साथ देखने का अवसर मिलेगा। धार्मिक मेलों और आयोजनों के दौरान जिले के पर्यटन स्थलों के व्यापक प्रचार-प्रसार की रणनीति पर भी विचार किया गया। सुझाव दिया गया कि प्रमुख धार्मिक स्थलों और आयोजनों के आसपास होर्डिंग, फ्लेक्स तथा अन्य प्रचार सामग्री लगाई जाए, ताकि श्रद्धालु अन्य पर्यटन स्थलों तक भी पहुंच सकें। ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होम स्टे योजना के विस्तार पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने ग्रामीण संस्कृति और स्थानीय आतिथ्य को पर्यटन से जोड़कर गांवों में रोजगार के अवसर सृजित करने पर बल दिया। प्रमुख पर्यटन स्थलों पर शौचालय, पेयजल, विश्राम कक्ष जैसी बुनियादी सुविधाएं विकसित करने के प्रस्ताव भी रखे गए। जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव ने कैमल फेस्टिवल और डेजर्ट फेस्टिवल की तर्ज पर हनुमानगढ़ में भी बहुउद्देशीय सांस्कृतिक महोत्सव आयोजित करने की संभावनाओं को तलाशने का सुझाव दिया। इसके अतिरिक्त जिले के प्रमुख प्रवेश मार्गों पर आकर्षक हेरिटेज गेट स्थापित करने और हनुमानगढ़ स्थापना दिवस पर मीडिया प्रतिनिधियों व सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को पर्यटन स्थलों का भ्रमण करवाकर प्रचार-प्रसार बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। बैठक में जिला परिषद सीईओ ओपी बिश्नोई, सहायक निदेशक लोक सेवाएं डॉ. दिव्या, रावतसर एसडीएम विनोद कुमार, पर्यटन विभाग के सहायक निदेशक महेश व्यास, पर्यटन अधिकारी पवन शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित रहे। साथ ही जिले में पर्यटन विभाग का पृथक कार्यालय स्थापित करने की आवश्यकता भी प्रमुखता से उठाई गई।
नन्हे बर्ड वॉचर्स का होरहाप में एडवेंचर: दूरबीन से पहचानीं पक्षियों की 25 प्रजातियां
पमान कंट्रोल करते हैं और मानसून लाते हैं। वहीं डीएफओ श्रीकांत वर्मा ने कहा कि जंगल स्वच्छ रहेगा, तभी इंसानों को शुद्ध प्राणवायु मिलेगी। होरहाप के चेक डैम के पास भी अधिकारियों ने निरीक्षण किया और जल संरक्षण पर चर्चा की। विश्व पर्यावरण दिवस पर होरहाप के जंगलों में प्रकृति और बचपन का एक बेहद खूबसूरत तालमेल देखने को मिला। वन विभाग के पीसीसीएफ (ED) एटी मिश्रा ने खुद गाइड बनकर बच्चों को होरहाप के घने जंगलों में मौजूद 25 अलग-अलग प्रजातियों के पक्षियों व उनके इकोसिस्टम के बारे में बारीकी से समझाया। बच्चों ने न सिर्फ बर्ड वॉचिंग की, बल्कि इन खूबसूरत पलों को कैमरों में भी कैद किया। इससे पहले सुबह 6 से 9 बजे तक चले इस अनूठे अभियान में वन विभाग के शीर्ष अधिकारी-पीसीसीएफ (हॉफ) संजीव कुमार, सीसीएफ (वाइल्डलाइफ) एसआर नटेश व डीएफओ श्रीकांत वर्मा खुद हाथों में झाड़ू थामी व जंगल से प्लास्टिक कचरा चुन बाहर निकाला।
जम्मू-कश्मीर सरकार ने आयुष की पहुंच और वेलनेस पर्यटन को मजबूत करने पर जोर दिया
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली जम्मू-कश्मीर सरकार ने मंगलवार को आयुष प्रणाली के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, इसकी पहुंच बढ़ाने और वेलनेस पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
बीते दिनों कुछ ऐसी खबरें देखने और सुनने मिली हैं, जिनसे पर्यटन पर नयी बहस शुरु होने की गुंजाइश बनी है। पर्यटन की भारत में प्राचीन परंपरा रही है।
राजस्थान से हरिद्वार गए श्रद्धालुओं की बस को डंपर ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस बेकाबू होकर सड़क पर पलट गई। हादसे में नागौर की रहने वाली एक महिला की मौत हो गई है। वहीं 25 लोग गंभीर घायल हैं। मौके पर मौजूद लोगों और पुलिस ने घायलों को बस से बाहर निकाला। हादसा सोमवार सुबह शांतिकुंज के पास हुआ। बस (AR 01 C 0963) शांतिकुंज गेट नंबर 3 के पास सर्विस लेन से हाईवे पर बैक करने के लिए हरिद्वार की तरफ मुड़ रही थी, तभी देहरादून के रायवाला की तरफ से आ रहे डंपर (UK 08 CA 8077) ने बस को सीधे टक्कर मार दी और डंपर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित एक ढाबे में जा घुसा। इस दौरान वहां खड़ी एक बोलेरो भी डंपर की चपेट में आ गई, जिससे वह क्षतिग्रस्त हो गई। घायलों को जिला अस्पताल हरिद्वार भिजवाया गया है। हरिद्वार के उपजिलाधिकारी (SDM) अजय वीर सिंह ने हादसे की जानकारी देते हुए बताया कि जिला आपदा परिचालन केंद्र से सूचना मिलते ही राहत कार्य शुरू किया गया और घटनास्थल का निरीक्षण किया गया। उन्होंने पुष्टि की कि सप्तऋषि क्षेत्र में पलटी इस बस के 26 तीर्थयात्रियों को इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया है, जिनमें से एक महिला को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया है। बस मालिक का परिवार हरिद्वार निकला था जानकारी के अनुसार, बस में 45 से ज्यादा सवारियां राजस्थान की थी। इसमें बस नागौर जिले के जायल के गुगराली गांव की है। यह एसी कोच बस नागौर से हरिद्वार के बीच चलती है। कल इसमें बस मालिक पिंटू सिंह के परिवार के ही 15-16 लोग सवार थे। खाली बची सीटों पर सवारियों को भी बैठा लिया गया था। घायलों में भी ज्यादातर बस मालिक पिंटू सिंह के परिवार के ही लोग हैं वहीं मृतक महिला भी पिंटू सिंह के रिश्तेदार बताई जा रही है। हालांकि मृतक महिला के नाम की अभी पुष्टि नहीं हो पाई है। तस्वीरों में देखिए पूरा हादसा… अब समझिए कैसे हुआ हादसा 1. हाईवे की तरफ मुड़ रही थी बस- सोमवार सुबह हरिद्वार के सप्तऋषि इलाके में शांतिकुंज गेट नंबर 3 के पास राजस्थान के श्रद्धालुओं से भरी एक बस (AR 06 C 0963) सर्विस लेन से हाईवे की ओर मुड़ रही थी। तभी देहरादून के रायवाला की तरफ से आ रहे एक तेज रफ्तार डंपर ड्राइवर (UK 08 CB 8077) ने बस को टक्कर मार दी और डंपर से अनियंत्रित खो दिया। 2. डंपर ढाबे में घुसा, बोलेरो भी क्षतिग्रस्त- इसके बाद यात्रियों से भरी बस बीच हाईवे पर ही पलट गई। डंपर चालक ने बस को बचाने का प्रयास किया, लेकिन अनियंत्रित होकर डंपर पास के ही 'श्रीराम पंजाबी ढाबा' के अंदर जा घुसा। इस दौरान वहां खड़ी एक बुलेरो कार भी डंपर की चपेट में आकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। 3. घायल राजस्थान के रहने वाले- हादसे में राजस्थान के नागौर जिले की रहने वाली एक महिला श्रद्धालु की मौत हो गई। वह अपने भाई और परिवार के साथ हरिद्वार आई थी। बस में कुल 45 यात्री सवार थे, जिनमें से 25 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। हादसे के बाद बस में चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों और पुलिस ने बस के शीशे तोड़कर और मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला। 4. जिला अस्पताल हरिद्वार में इलाज जारी- घटना की सूचना मिलते ही शहर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक कुंदन सिंह राणा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्काल सभी घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल हरिद्वार भिजवाया। पुलिस मृतक महिला के परिजनों से संपर्क कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। हादसे के बाद हाईवे पर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाकर यातायात सुचारू कराया। प्रशासन अब दुर्घटना के सटीक कारणों की जांच कर रहा है।
खरगोन जिले में खंडवा-बड़ोदरा हाईवे पर सोमवार सुबह मगरिया फाटा के पास एक टेंपो ट्रैवलर अनियंत्रित होकर पलट गया और उसकी चपेट में एक बाइक भी आ गई। हादसे में बाइक सवार एक महिला और एक युवती की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि टेंपो ट्रैवलर में सवार 19 लोग घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है, जहां तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। सगाई समारोह में शामिल होने जा रहे थे यात्री जानकारी के अनुसार टेंपो ट्रैवलर में सवार लोग खंडवा जिले के पिपलोद क्षेत्र में आयोजित एक सगाई समारोह में शामिल होने जा रहे थे। वाहन औरंगपुरा से रवाना हुआ था और उसमें कुल 17 लोग सवार थे। सभी लोग पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए यात्रा कर रहे थे। यात्रा के दौरान जब वाहन जैतापुर थाना क्षेत्र के मगरिया फाटा के पास पहुंचा, तभी यह हादसा हो गया। सामने कार आने पर बिगड़ा संतुलन प्रारंभिक जानकारी के अनुसार टेंपो ट्रैवलर क्रमांक MP10T-1599 के सामने अचानक एक कार आ गई। चालक ने वाहन को बचाने का प्रयास किया, लेकिन इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया। अनियंत्रित हुआ टेंपो ट्रैवलर सड़क पर पलटते हुए एक बाइक क्रमांक MP10ZE-5250 पर जा गिरा। हादसा इतना अचानक हुआ कि बाइक सवारों को संभलने का मौका नहीं मिला। टक्कर और वाहन के पलटने से घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। महिला और युवती की मौके पर मौत बाइक सवार बालूसिंह अपनी पत्नी मीना व बेटी अनीता निवासी खकनार बुरहानपुर जा रहे थे। मीना व अनीता की मौत हो गई। बालू गंभीर रूप से घायल है।हादसे के बाद स्थानीय लोग और राहगीर मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया गया। सूचना मिलने पर पुलिस और एंबुलेंस भी घटनास्थल पर पहुंची। मृतकों की पहचान और अन्य आवश्यक कार्रवाई के लिए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। 15 लोग घायल, तीन की हालत गंभीर हादसे में टेंपो ट्रैवलर में सवार 15 लोग घायल हुए हैं। सभी घायलों को एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में घायलों का उपचार जारी है। जिला अस्पताल के डॉ. कुंदन सिसोदिया के अनुसार घायलों में से तीन लोगों की हालत गंभीर है। उन्हें बेहतर निगरानी और उपचार के लिए आईसीयू में भर्ती किया गया है। अन्य घायलों का भी उपचार किया जा रहा है। घायलों में अधिकांश महिलाएं शामिल हैं। चालक ने बताई हादसे की वजह टेंपो ट्रैवलर के चालक विजय बछानिया ने बताया कि वह औरंगपुरा से 17 लोगों को लेकर खंडवा जिले के पिपलोद जा रहा था। उनके अनुसार सामने अचानक एक ब्रेजा कार आ गई थी, जिसे बचाने के प्रयास में वाहन का संतुलन बिगड़ गया। चालक का कहना है कि हादसे के दौरान वह बेहोश हो गया था, इसलिए उसे यह जानकारी नहीं है कि वाहन बाइक की चपेट में कैसे आया। पुलिस चालक के बयान सहित अन्य तथ्यों की भी जांच कर रही है। घायलों के नाम 19 घायलों में राम पिता मुकेश व भूमिका पिता संजय गोगावा, अनन्या पिता गोपाल व अंजू पति गोपाल कुरई, नवनीत पिता रमेशचंद्र जैतापुर, संगीता पति संतोष, विशाल पिता राजेंद्र, प्रभा पति कालू किरण पति रवि, दीपिका पति प्रवीण, कालू पिता मांगीलाल खरगोन, रवि पिता मांगीलाल, रानी पति नवनीत जैतापुर, ग्यारसीबाई पति मोहन उज्जैन, रंजन पति राजेंद्र, विजय पिता प्रहलाद ड्राइवर व वीर पिता विजय धामनोद, मधु पति संतोष इंदौर शामिल है। जांच में जुटी पुलिस हादसे की सूचना मिलते ही जैतापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि हादसे के समय वाहन की गति कितनी थी और दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई। पुलिस प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज कर रही है और आसपास उपलब्ध अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की जा रही है। फिलहाल घायलों का उपचार जारी है और पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है।
वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना; 80 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग हवाई यात्रा से वंचित
उदयपुर | राजस्थान सरकार की वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना-2026 के लिए आवेदन शुरू हो गए हैं। हालांकि योजना के दिशा-निर्देशों में एक ऐसा प्रावधान शामिल किया गया है, जिस पर सवाल उठ रहे हैं। देवस्थान विभाग ने 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को हवाई तीर्थ यात्रा के लिए अपात्र घोषित किया है। इसके पीछे बीमा संबंधी कारण बताए गए हैं। वहीं, भिक्षावृत्ति पर जीवनयापन करने वाले लोगों को भी योजना के दायरे से बाहर रखा गया है। 56 हजार श्रद्धालुओं को कराएंगे यात्रा, 150 करोड़ का बजट तय योजना के तहत इस वर्ष 56 हजार श्रद्धालुओं को तीर्थ यात्रा कराई जाएगी। इनमें 50 हजार यात्रियों को रेल मार्ग और 6 हजार यात्रियों को हवाई मार्ग से भेजा जाएगा। राज्य सरकार ने इसके लिए 150 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया है। दिशा-निर्देशों के अनुसार यात्रा के दौरान किसी दुर्घटना, नुकसान या अन्य कठिनाई की स्थिति में राज्य सरकार, उसके अधिकारी अथवा कर्मचारी जिम्मेदार नहीं होंगे। जीवनसाथी या एक सहायक ले जा सकते हैं: योजना में आवेदक अपने साथ जीवनसाथी या एक सहायक को ले जा सकेगा। इसकी जानकारी आवेदन के समय देना अनिवार्य होगा। सहायक की आयु 21 से 50 वर्ष के बीच होना जरूरी है और उसका शारीरिक रूप से स्वस्थ होना भी आवश्यक है। एक व्यक्ति केवल एक ही आवेदक के साथ सहायक के रूप में यात्रा कर सकेगा। विभाग का कहना है कि अधिक आयु के यात्रियों को यात्रा के दौरान सहायता उपलब्ध कराने के लिए ये शर्तें रखी गई हैं। हालांकि 80 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को हवाई यात्रा से बाहर रखने का प्रावधान चर्चा का विषय बना हुआ है।
उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत चल रहे निर्माण कार्यों का जायजा लेने के लिए शनिवार को अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा पहुंचे। उनके साथ संभागायुक्त एवं सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह, एडीजी राकेश गुप्ता, डीआईजी नवनीत भसीन, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह, एसपी प्रदीप शर्मा और विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी गोपाल डाड भी मौजूद रहे। सभी अधिकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के अनुरूप एक ही ट्रैवलर वाहन में सवार होकर निरीक्षण के लिए निकले। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सिंहस्थ 2028 के लिए श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों का अवलोकन किया। इसमें सड़क निर्माण, सिंहस्थ मेला कार्यालय, मार्ग चौड़ीकरण, गोपाल मंदिर मल्टीलेवल वाहन पार्किंग और श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए प्रस्तावित पार्किंग क्षेत्रों का निरीक्षण शामिल रहा। अपर मुख्य सचिव डॉ. राजौरा ने प्रस्तावित पार्किंग स्थलों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने निर्माण कार्यों को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने पर जोर दिया। 3 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में लेवल-1 और लेवल-2 पार्किंग स्थल चिन्हित किए संभागायुक्त एवं सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह ने बताया कि सिंहस्थ 2028 के लिए लगभग 3 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में लेवल-1 और लेवल-2 पार्किंग स्थल चिन्हित किए गए हैं। इन पार्किंग स्थलों से सिंहस्थ मेला क्षेत्र और शिप्रा नदी के नए घाटों तक पहुंचने के लिए एप्रोच रोड का निर्माण किया जाएगा, जिससे श्रद्धालु आसानी और सुविधा के साथ घाटों एवं मेला क्षेत्र तक पहुंच सकेंगे। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने गोपाल मंदिर के सामने स्थित पुराने रीगल टॉकीज परिसर, चामुंडा माता मंदिर चौराहे से फ्रीगंज को जोड़ने वाले निर्माणाधीन ब्रिज तथा मल्टीलेवल पार्किंग निर्माण कार्य का भी जायजा लिया। गुणवत्ता और समय-सीमा पर एसीएस का फोकस अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा ने निर्देश दिए कि पार्किंग स्थलों की योजना बनाते समय बारिश की स्थिति को विशेष रूप से ध्यान में रखा जाए। उन्होंने कहा कि पार्किंग से घाटों और मेला क्षेत्र तक जाने वाले मार्ग सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक होने चाहिए। बड़े और छोटे वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग क्षेत्र निर्धारित किए जाएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि पार्किंग से जुड़े मार्गों पर पर्याप्त सूचना एवं मार्गदर्शन की व्यवस्था हो, ताकि श्रद्धालुओं को आवश्यक जानकारी आसानी से मिल सके और उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। साथ ही सिंहस्थ से जुड़े महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने पर जोर दिया।
वैश्विक स्तर पर इबोला वायरस को लेकर बढ़ती चिंता के बीच छत्तीसगढ़ में भी स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। राजधानी रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर यात्रियों की स्क्रीनिंग शुरू कर दी गई है। एयरपोर्ट पर जांच काउंटर बनाए गए हैं, जहां बाहरी राज्यों और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की स्वास्थ्य जांच के साथ उनकी ट्रैवल हिस्ट्री की भी जांच की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने एयरपोर्ट पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं। यात्रियों की थर्मल स्कैनिंग और स्वास्थ्य जांच अनिवार्य कर दी गई है। इसके अलावा संदिग्ध लक्षण मिलने पर तत्काल आइसोलेशन और उपचार की व्यवस्था भी की गई है। इसके लिए एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति की गई है। WHO ने जताई चिंता अफ्रीकी देशों, खासकर कांगो और युगांडा में इबोला संक्रमण के बढ़ते मामलों के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने वैश्विक स्तर पर चिंता जताई है। इसके बाद भारत समेत कई देशों ने निगरानी बढ़ा दी है। फिलहाल भारत में इबोला का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन एहतियात के तौर पर केंद्र और राज्य सरकारें सतर्क हैं। केंद्र सरकार ने बढ़ाई निगरानी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने हाल ही में कहा था कि देश में फिलहाल इबोला का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन एयरपोर्ट, बंदरगाहों और सीमावर्ती क्षेत्रों में स्क्रीनिंग और निगरानी बढ़ा दी गई है। साथ ही ICMR और अन्य एजेंसियों को सर्विलांस और टेस्टिंग के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
गयाजी में आज बेरोजगार युवाओं के लिए एक दिवसीय रोजगार शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर अवर प्रादेशिक नियोजनालय केंदुई में लगेगी। इसमें निजी क्षेत्र की प्रतिष्ठित संस्था फ्रीडम एम्प्लॉयबिलिटी एकेडमी की ओर से शिक्षक पदों के लिए योग्य अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत कुल 22 रिक्त पदों पर नियुक्ति की जाएगी। शिक्षक पद के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता स्नातक निर्धारित की गई है। आयु सीमा 18 साल से 45 साल तक तय की गई है। 14 हजार हर महीने मिलेगी सैलरी चयनित उम्मीदवारों को प्रतिमाह ₹14,500 वेतन दिया जाएगा। इसके अलावा, ट्रैवल और आवास भत्ता, पेड लीव और मेडिकल इंश्योरेंस जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। रोजगार शिविर का आयोजन सुबह 10:30 बजे से शाम 4:00 बजे तक होगा। इच्छुक अभ्यर्थियों से अपील की गई है कि वे अपने बायोडाटा, शैक्षणिक प्रमाण पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित समय पर शिविर में पहुंचें। नियोजनालय प्रशासन ने बताया कि अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ऐसे शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि स्थानीय स्तर पर नौकरी के अवसर मिल सकें। जिला जनसंपर्क पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि रोजगार शिविर की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से निशुल्क होगी और किसी भी अभ्यर्थी से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। युवाओं को दलालों या फर्जी एजेंसियों से सावधान रहने की सलाह दी गई है।
नक्सलवाद के खात्मे के बाद अब छत्तीसगढ़ में पर्यटन को बढ़ाने का जिम्मा टाटा को
नक्सलवाद खत्म होने के बाद राज्य के पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में टाटा समूह की एंट्री होने जा रही है। टाटा समूह की होटल कंपनी इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (आईएचसीएल) ने राज्य में 500 करोड़ रुपये से अधिक निवेश की रुचि दिखाई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव की मौजूदगी में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में कंपनी के प्रतिनिधियों ने पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में बड़े निवेश की योजना साझा की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक सुंदरता, जलप्रपातों, जंगलों और समृद्ध आदिवासी संस्कृति से भरपूर राज्य है। सरकार का लक्ष्य राज्य की वास्तविक पहचान और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करना है। पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिए जाने के बाद प्रदेश में होटल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश की संभावनाएं तेजी से बढ़ी हैं। पर्यटकों के लिए बेहतर ठहराव, परिवहन तथा आधुनिक सुविधाओं के विकास के माध्यम से छत्तीसगढ़ को आकर्षक पर्यटन गंतव्य बनाया जा सकता है। बैठक में इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड के प्रतिनिधियों ने बताया कि कंपनी छत्तीसगढ़ में हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में लगभग 500 करोड़ रुपये से अधिक निवेश की योजना पर कार्य कर रही है। इसे शीघ्र आगे बढ़ाया जाएगा। इससे प्रदेश में पर्यटन अधोसंरचना मजबूत होगी। रोजगार के नए अवसरों का सृजन होगा। बैठक में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा, मुख्य सचिव विकास शील, प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, वित्त सचिव डॉ. रोहित यादव, निवेश आयुक्त ऋतु सेन, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, उद्योग सचिव रजत कुमार, पर्यटन विभाग सचिव डॉ. एस. भारतीदासन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। बस्तर और सरगुजा पर फोकस: छत्तीसगढ़ में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड की एक हाई-लेवल एक्सपर्ट टीम जल्द ही बस्तर, सरगुजा, वन क्षेत्रों और पांचों शक्तिपीठों का ग्राउंड सर्वे करेगी। इस सर्वे के जरिए पर्यटकों की आवाजाही और स्थानीय सुविधाओं का आकलन किया जाएगा, जिसके आधार पर इन क्षेत्रों में लक्जरी होटल, विला और मोटल शुरू करने की अंतिम रूपरेखा तैयार होगी। बस्तर और सरगुजा पर फोकस होने के 4 मुख्य कारण हैं: - नियमों में बड़ी छूट: नीति के अनुसार रायपुर, बिलासुपर व दुर्ग में न्यूनतम 150 कमरों के 5-स्टार होटल की शर्त है, जबकि बस्तर-सरगुजा के सुदूर क्षेत्रों में पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना मात्र 50 कमरों के 3-स्टार लक्जरी रिसॉर्ट्स बनाने की विशेष छूट है। - ज्यादा सरकारी मदद : नई औद्योगिक नीति में बस्तर और सरगुजा संभागों में निवेश करने पर सामान्य क्षेत्रों से अधिक वित्तीय सब्सिडी और टैक्स छूट का प्रावधान है, जिससे लागत कम होती है। - तैयार सरकारी संपत्तियां: छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के सबसे बड़े और आलीशान रिसॉर्ट्स (जैसे चित्रकोट का दंडामी और मैनपाट का कर्मा रिसॉर्ट) यहीं हैं, जिन्हें टाटा सीधे टेकओवर कर सकता है। - इको और रिलिजियस टूरिज्म: बस्तर के वॉटरफॉल्स (चित्रकोट), मैनपाट की वादियां और दंतेवाड़ा व सूरजपुर जैसी प्रमुख शक्तिपीठें यहां हैं, जो पर्यटकों के लिहाज से अच्छा है। निवेश के लिए अनुकूल वातावरण: ओपीवित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार ने निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया है। सभी आवश्यक अनुमतियों की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया गया है। 500 करोड़ से अधिक निवेश करने वाले उद्योगों को बी-स्पोक पॉलिसी के तहत विशेष प्रोत्साहन और अतिरिक्त लाभ दिए जाएंगे। होटल के लिए 6 प्राइम लोकेशन पर जमीन देने का विकल्प सरकार टाटा को नए सिरे से होटल बनाने के लिए 6 प्राइम लोकेशंस पर जमीन का विकल्प दे रही है, जिसमें मैनपाट के टाइगर पॉइंट के पास 7 एकड़, अमृतधारा जलप्रपात के पास 13 एकड़, और सिरपुर पुरातत्व स्थल के पास 9 एकड़, रतनपुर-खुटाघाट डैम बिलासपुर के गिधौरी में 10 एकड़, शिवनाथ नदी तट बलौदाबाजार-सिमगा के चंडिया पत्थर में 6.4 एकड़ जमीन, कोदार जलाशय महासमुंद के कोकडी में 20.6 एकड़ जमीन। वे रिसॉर्ट्स जिन्हें टाटा सीधे ले सकती है चित्रकोट दंडामी रिसॉर्ट (बस्तर): 20.37 एकड़ में फैला हुआ (26 कमरे)। {धंकुल एथनिक रिसॉर्ट (कोंडागांव, बस्तर): 2.5 एकड़, जो ‘शिल्प शहर’ (ढोकरा आर्ट) के लिए मशहूर है। {सैला टूरिस्ट रिसॉर्ट और कर्मा एथनिक रिसॉर्ट (मैनपाट, सरगुजा): क्रमशः 14.7 एकड़ और 20 एकड़ में फैले आलीशान रिसॉर्ट्स, जो तिब्बती संस्कृति और वेडिंग डेस्टिनेशन के लिए मशहूर हैं। हिल मैना हाईवे ट्रीट (कांकेर): नेशनल हाईवे-30 पर स्थित। पुराने कड़े नियमों के कारण पहले 5 बार इसके टेंडर फ्लॉप हो चुके हैं। अब नए नियमों के तहत टाटा जैसी बड़ी कंपनियों को सीधे नॉमिनेशन पर यह संपत्तियां दी जा सकती हैं।
अशोकनगर जिले की ग्राम पंचायतों में प्राचीन मूर्तियों के संरक्षण और सुरक्षा के लिए अब संग्रहालय बनाए जाएंगे। यह पहल कलेक्टर साकेत मालवीय के निर्देश और जिला पंचायत सीईओ राजेश जैन के मार्गदर्शन में शुरू की गई है। कई ग्राम पंचायतों में प्राचीन मूर्तियां लंबे समय से अव्यवस्थित स्थिति में रखी हुई हैं। उचित रखरखाव के अभाव में इन ऐतिहासिक धरोहरों का क्षरण हो रहा था। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने इन्हें सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संरक्षित करने का निर्णय लिया है। इन संग्रहालयों का मुख्य उद्देश्य प्राचीन मूर्तियों को सुरक्षित रखना है। साथ ही, इनके माध्यम से पर्यटक भी इन मूर्तियों का अवलोकन कर जिले की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत से परिचित हो सकेंगे। इस दिशा में ग्राम पंचायत तूमैंन में एक संग्रहालय का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इसके अतिरिक्त, ग्राम पंचायत मल्हारगढ़, थूबोन और कदवाया में भी प्राचीन मूर्तियों के संरक्षण के लिए संग्रहालय स्थापित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
नेशनल हाईवे-62 (नागौर-बीकानेर) पर टेम्पो ट्रैवलर और ट्रक की आमने-सामने की टक्कर हो गई। हादसे में टेम्पो ट्रैवलर में सवार 3 लोगों की मौत हो गई। 13 लोग घायल हो गए। एक्सीडेंट बीकानेर के नोखा थाना क्षेत्र में चरकड़ा बाइपास पर बुधवार देर रात करीब 3:30 बजे हुआ। टेम्पो ट्रैवलर में सवार सभी लोग नाथद्वारा (राजसमंद) में श्रीनाथ मंदिर से दर्शन कर बीकानेर लौट रहे थे। थानाधिकारी अरविंद भारद्वाज ने बताया- टेम्पो ट्रैवलर नाथद्वारा से बीकानेर की ओर जा रहा था। बीकानेर से नागौर की तरफ जा रहे तेज रफ्तार ट्रक से चरकड़ा बाइपास के पास उसकी टक्कर हो गई। ट्रक इतनी तेज रफ्तार में था कि सड़क किनारे घर के बाहर खाट पर सो रहे 5-6 लोगों से करीब 60 फीट की दूरी पर जाकर रुका। ट्रक ड्राइवर मौके से फरार हो गया। टेम्पो ट्रैवलर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। देखें, हादसे से जुड़ी PHOTOS… पुलिस ने टेम्पो ट्रैवलर में फंसे लोगों को बाहर निकाला हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से टेम्पो ट्रैवलर में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला और सीएचसी नोखा पहुंचाया। वहां डॉक्टर्स ने टेंपो ट्रैवलर ड्राइवर मोहम्मद आरिफ (45) निवासी सरदारशहर (चूरू), बीकानेर निवासी जयश्री (30) पत्नी आशीष और सरदारशहर निवासी विष्णु (26) को मृत घोषित कर दिया। आशीष पुत्र मोहनलाल राकांवत, सोनी पत्नी बंशीलाल, कनुश्री, हिमांशी, भारती, बजरंगलाल, मितांशु, रितिका, जीविका, मयंक, संतोष, मीनाक्षी और निधि घायल हुए। सभी घायलों को प्राथमिक इलाज के बाद पीबीएम अस्पताल बीकानेर रेफर किया गया। प्रत्यक्षदर्शी बोला- ट्रक थोड़ा और आगे आता तो बड़ा हादसा हो जाता टक्कर के बाद ट्रक सड़क से उतरकर करीब 30 फीट अंदर तक चला गया था। जिस घर के पास ट्रक रुका, वहां से करीब 30 फीट दूर किसान के पशु बंधे हुए थे। वहीं परिवार के 5-6 लोग ट्रक से लगभग 60 फीट की दूरी पर सो रहे थे। प्रत्यक्षदर्शी कन्हैयालाल ने बताया- रात में हम बाहर ही सो रहे थे। हमारे पशु भी बाहर बंधे हुए थे। अचानक ट्रक आकर रुका तो हमारी नींद खुली। ट्रक ने घर के चारों ओर लगी तारबंदी भी तोड़ दी। अगर ट्रक थोड़ा भी आगे बढ़ जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। बाद में हमने ही शीशा तोड़कर टेम्पो ट्रैवल में फंसे लोगों को बाहर निकलवाया। जीजा-साली की मौत तीन बहनें भारती, सोनू और जयश्री अपने पति और बच्चों के साथ 23 मई को घूमने निकली थीं। परिवार माउंट आबू, हल्दीघाटी, सांवरिया सेठ और श्रीनाथजी के दर्शन कर बीकानेर लौट रहा था। जयश्री, विष्णु की साली थी। दोनों की हादसे में मौत हो गई। जयश्री का पति आशीष, विष्णु की पत्नी भारती (27), सोनू (33) पत्नी बजरंग, कनुश्री (9) पुत्री आशीष और कृतिका (11) पुत्री बजरंग गंभीर घायल हैं। उनका बीकानेर के पीएमबी हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। बाकी सभी घायलों को प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है। वहीं गंभीर घायल मयंक पुत्र बजरंग को कोठारी हाॅस्पिटल में भर्ती करवाया गया है। आशीष बीकानेर के धरणीधर एरिया का निवासी है और प्राइवेट हाॅस्पिटल में कंपाउंडर है। विष्णु सरदारशहर में मेडिकल शाॅप चलाता था। … एक्सीडेंट की यह खबर भी पढ़ें… पुष्कर में डेजर्ट सफारी के दौरान अवैध कैंपर पलटी:उदयपुर से आए टूरिस्ट परिवार के 18 लोग घायल; जेएलएन अस्पताल में चल रहा इलाज पुष्कर में डेजर्ट सफारी के दौरान कैंपर पलट गई। हादसे में उदयपुर से पुष्कर घूमने आए 18 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने घायलों को जेएलएन अस्पताल पहुंचाया। जहां उनका इलाज जारी है। (पूरी खबर पढ़ें)
आगरा के चौपाटी में जिप लाइन से गिरकर फिरोजाबाद के 16 साल के लड़के की मौत हो गई। बेटे की लाश को गोद में रखकर माता-पिता रोते-बिलखते रहे। मौके पर न फर्स्ट एड मिला, न ही एडवेंचर एक्टिविटी का संचालन संभाल रही ईओडी कंपनी का कोई कर्मचारी मदद को आगे आया। असहाय माता-पिता बेटे की जिंदगी बचाने के लिए चीखते-चिल्लाते रहे। आखिर में बेटे ने उनकी गोद में ही दम तोड़ दिया। माता-पिता की शिकायत पर पुलिस ने एडवेंचर कंपनी 'एवरी अदर डे एडवेंचर प्राइवेट लिमिटेड' के मालिक, मैनेजर और सेफ्टी इंचार्ज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मैनेजर और सेफ्टी इंचार्ज को जेल भेज दिया गया है। इस कंपनी के दो मालिक हैं, लेकिन उन पर अभी कार्रवाई नहीं हुई है। न ही आगरा विकास प्राधिकरण (ADA) के किसी अधिकारी की जिम्मेदारी तय की गई है। जानिए कुनाल की मौत के 5 जिम्मेदार कौन हैं, जिनकी वजह से भयानक हादसा हुआ। ईओडी कंपनी के सेफ्टी इंचार्ज की जिम्मेदारी क्या थी? पहली- जिप लाइन राइड से पहले कुनाल को सुरक्षा संबंधी जरूरी जानकारी देनी चाहिए थी। दूसरी- राइड के दौरान क्या करना है और क्या नहीं, इस बारे में बताना चाहिए था। तीसरी- बेल्ट का हुक ठीक से न लगाने में क्या दिक्कत हो सकती है, यह बताना चाहिए था। ये जरूरी चीजें कुनाल को देनी चाहिए थी, लेकिन नहीं दी गईं ईओडी कंपनी की तरफ से मैनेजर की क्या जिम्मेदारी थी? पहली- चौपाटी के संचालन, रख-रखाव, सुरक्षा मानकों और सरकारी गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित कराना। दूसरी- एडवेंजर स्पोर्ट्स की मशीनों और सभी राइड की नियमित जांच और रख-रखाव कराना। तीसरी- राइड से पहले बेल्ट और अन्य सुरक्षा उपकरणों की सही तरीके से जांच कराना। कंपनी के डायरेक्टर की क्या जिम्मेदारियां थी? पहली- कंपनी की सभी एडवेंचर गतिविधियों और संचालन की निगरानी करना। दूसरी- सुरक्षा नीति और सेफ्टी स्टैंडर्ड तय कर उनका पालन सुनिश्चित करना। तीसरी- राइड्स, उपकरणों और इंफ्रास्ट्रक्चर के नियमित निरीक्षण और रख-रखाव की व्यवस्था करना। चौथी- सरकारी नियमों, लाइसेंस और सुरक्षा गाइडलाइन का पालन कराना। ईओडी कंपनी का पूरा नाम एवरी अदर डे एडवेंचर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है। ये आगरा के अलावा गाजियाबाद और दिल्ली में भी है। कंपनी ने आगरा की इस चौपटी को लीज पर ले रखा है। ऐसे में चौपटी में व्यवस्थाओं और उनके संचालन की पूरी जिम्मेदारी इन्हीं की है। एडवेंचर के लिए ए-वन गुणवत्ता वाली सेफ्टी किट उपलब्ध कराने, ट्रेंड स्टाफ की भर्ती करने, समय-समय पर स्टाफ को गाइड करने में इनसे लापरवाही हुई। दूसरी डायरेक्टर के तौर पर इनकी क्या जिम्मेदारी थी? पहली- प्रशिक्षित और योग्य स्टाफ की नियुक्ति सुनिश्चित करना। दूसरी- जोखिम प्रबंधन, इमरजेंसी प्लान और बीमा जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना। तीसरी- कंपनी के संचालन में लापरवाही या सुरक्षा चूक रोकने के लिए निगरानी बनाए रखना। चौपाटी में इंतजाम सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी इनकी थी। जिप लाइन से गिरने के बाद कुनाल को चौपाटी पर प्राथमिक उपचार तक नहीं मिल पाया। ऐसे में डायरेक्टर के तौर पर इनकी जिम्मेदारी थी कि एडवेंचर एक्टिविटी के दौरान प्राथमिक उपचार की व्यवस्था है या नहीं, यह सुनिश्चित करना। लेकिन, इसमें लापरवाही बरती गई। आगरा डेवलेपमेंट अथॉरिटी की क्या जिम्मेदारी थी? पहली- व्यावसायिक गतिविधियों, पार्क, मनोरंजन स्थल और निर्माण को तय नियमों के तहत अनुमति देना। दूसरी- सुरक्षा मानकों और लाइसेंस की शर्तों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी जांच करना। तीसरी- सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की सुरक्षा से जुड़े इंतजाम सुनिश्चित कराना। ईओडी कंपनी एक करार के तहत ठेके पर चौपाटी और यहां एडवेंचर एक्टिविटी का संचालन कर रही थी। लेकिन, यह प्रॉपर्टी आगरा डेवलपमेंट अथॉरिटी (ADA) की ही है। ऐसे में मनोरंजन स्थल चौपटी का निरीक्षण करना, सेफ्टी नियमों की निगरानी करना इनकी जिम्मेदारी थी। प्रॉपर्टी पर किसी लापरवाही की वजह से कहीं मौत का खेल तो नहीं खेला जा रहा, ये एडीए को सुनिश्वित करना था। एडीए की निगरानी में चूक हुई। ADA उपाध्यक्ष एम. अरुन्मोली का कहना है कि चौपाटी हादसे की जांच के लिए 5 सदस्यीय कमेटी बनाई है। प्राधिकरण के सचिव संजय कुमार के नेतृत्व में कमेटी जांच कर रही है। एक-दो दिन में रिपोर्ट आ जाएगी। 9 साल के लिए हुआ है एग्रीमेंट इस ईओडी कंपनी ने अक्टूबर, 2025 में आगरा में चौपाटी के संचालन और एडवेंचर एक्टिविटीज शुरू की थीं। एम. अरुन्मोली आगरा विकास प्राधिकरण (ADA) की उपाध्यक्ष हैं। इन्हीं के कार्यकाल में कंपनी को संचालन का ठेका दिया गया था। इस कंपनी का ADA से 9 साल के लिए एग्रीमेंट हुआ है। 9 साल बाद समीक्षा होने के बाद एक बार फिर से 6 साल के लिए इस कंपनी को ठेका देने का भी प्रावधान है। इस तरह से कंपनी, चौपाटी का 15 साल तक संचालन कर सकती है। 1.8 करोड़ सालाना में हुआ एग्रीमेंट ईओडी एडवेंचर कंपनी आगरा के अलावा दिल्ली और गाजियाबाद में भी एम्यूजमेंट पार्क चलाती है। ADA से लगभग 1.8 करोड़ हर साल में करार हुआ है। अब चौपाटी के बारे में जानते हैं… ताजमहल के पूर्वी गेट से लगभग 3 किलोमीटर दूर ताज नगरी फेज-2 स्थित जोनल पार्क में चौपाटी विकसित की गई है। इसके एक कोने में कई भोजनालय हैं। जहां आगरा के स्थानीय और देश के अन्य हिस्सों के स्वादिष्ट व्यंजन मिलते हैं। परिवार के साथ सुबह की सैर और शाम बिताने के लिए शानदार जगह के रूप में इसे विकसित किया गया है। इसका शुभारंभ नवंबर- 2023 में हुआ था। यहां लगभग 800 से 1000 लोग रोज आते हैं। जिनमें से रोज 400 से 600 युवा एडवेंचर राइड करते हैं। ईओडी एडवेंचर कंपनी के चौपाटी में जिप लाइनिंग, जिप साइकिलिंग, गो कार्टिंग, बुलराइड जैसे एडवेंचर स्पोर्ट्स हैं। ये कंपनी जिप लाइन एक्टिविटी की प्रति व्यक्ति 400 रुपए टिकट देती है। चौपाटी में एंट्री बंद हादसे के बाद से ही चौपाटी को बंद कर दिया गया है। 25 मई (सोमवार) की सुबह से ही चौपाटी के मुख्य गेट पर अंदर से ताला लगा दिया गया। टिकट विंडो बंद कर दी गई है। हादसे के बाद चौपाटी के अंदर और बाहर सन्नाटा पसरा हुआ है। इक्का-दुक्का कर्मचारी ही अंदर नजर आ रहे हैं। ये टीम कर रही जांच हादसे के बाद एडीए उपाध्यक्ष एम. अरुन्मोली ने एडीए सचिव संजय कुमार के नेतृत्व में 5 सदस्यीय कमेटी बनाई है। इसमें एडीए सचिव के अलावा चीफ इंजीनियर, टाउन प्लानर, एक्सईएन, प्रवर्तन अधिकारी शामिल हैं। ये टीम चौपाटी और यहां एडवेंचर एक्टिविटी का संचालन कर रही ईओडी कंपनी, कंपनी के साथ हुई करार की शर्तों के अनुपालन और हादसे के कारण की जांच कर रही है। अब घटना के बारे में जानिए…आगरा में फिरोजाबाद के चूड़ी कारोबारी पंकज अग्रवाल के 16 साल के बेटे कुनाल की 24 मई (रविवार) को जिप लाइन झूले से गिरकर मौत हो गई थी। वह मां-बाप और भाई के सामने ही 45 फीट ऊंचे झूले से सिर के बल नीचे गिरा। लड़का जैसे ही जिप लाइन में एक छोर से दूसरे छोर की तरफ बढ़ा, उसकी सेफ्टी बेल्ट का हुक टूट गया था। रेलिंग से टकराता हुआ नीचे गिर गया था। मौके पर ही तड़प-तड़पकर मौत हो गई थी। बेटा जब जिप लाइन झूले पर था, तो नीचे मां और भाई वीडियो बना रहे थे। पूरा हादसा उनके फोन में रिकॉर्ड हो गया। कुनाल का परिवार फिरोजाबाद से आगरा घूमने आया था। माता-पिता बेटे की लाश से लिपटकर रोते-रोते बेसुध हो गए थे। पिता ने रोते हुए कहा था कि जिप लाइन संचालक की लापरवाही की वजह से मेरा बेटा चला गया। मैं तो उसे घुमाने लाया था, अब उसकी लाश कैसे घर लेकर जाऊं? ------------------------- ये खबर भी पढ़िए- मां-बाप के साथ बेटे की आखिरी सेल्फी, पिता बोले- वो मंजर कभी नहीं भूल सकता तस्वीर में दिख रही ये खुशियां इतने चंद लम्हों की होंगी, इसका अंदाजा कुनाल को भी नहीं था। बाबा खाटू श्याम के दर से लौटकर जब वो 45 फीट ऊंचे जिप लाइन झूले पर बैठा, तो किसी ने नहीं सोचा था कि वह मौत का बुलावा साबित होगा। मोबाइल के फ्रेम में कैद उसकी ये आखिरी मुस्कान ताउम्र उसकी मां और पिता के सूनेपन में गूंजती रहेगी। पढ़ें पूरी खबर…
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सोशल मीडिया पर भारतीय क्रिकेट टीम के हरफनमौला खिलाड़ी हार्दिक पंड्या और उनकी पत्नी नतासा स्टेनकोविक के अलग होने की अफवाहें जोरों पर हैं। यह सब तब शुरू हुआ जब नतासा ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से 'पांड्या' उपनाम हटा दिया। प्रशंसकों ने यह भी देखा कि वह आईपीएल मैचों के दौरान स्टैंड्स से गायब थीं। हालांकि, तमाम अटकलों के बावजूद इस जोड़े ने इस मामले पर चुप्पी साध रखी है। दूसरी ओर, एक ताजा रिपोर्ट से पता चलता है कि हार्दिक विदेश में किसी अज्ञात स्थान पर छुट्टियां मना रहे हैं। विस्तार से जानने के लिए आगे पढ़ें। इसे भी पढ़ें: Shabana Azmi ने Shashi Kapoor के साथ इंटीमेट सीन करने से किया था इंकार, सुपरस्टार ने कह दिया था एक्ट्रेस को 'बेवकूफ लड़की' | Read All About नताशा स्टेनकोविक से अलगाव की अफवाहों के बीच हार्दिक पंड्या विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं हार्दिक पंड्या की पत्नी नतासा स्टेनकोविक के साथ निजी जिंदगी हाल ही में चर्चा का विषय बनी हुई है। क्रिकबज द्वारा रविवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि अलगाव की अफवाहों के बीच क्रिकेटर विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं। अभी लोकेशन का नाम सामने नहीं आया है। इसे भी पढ़ें: Anant Ambani और Radhika Merchant Pre-Wedding Party! तारों भरी रात से लेकर टोगा पार्टी तक, जानें इस बार क्या-क्या होगा खास यह बताया गया है कि इंडियन प्रीमियर लीग से अपनी टीम के बाहर होने के बाद क्रिकेटर ने देश छोड़ दिया। कठिन अवधि के बाद तरोताजा होने के लिए, उन्होंने विदेश में एक सप्ताह की छुट्टी का विकल्प चुना। हार्दिक के शीघ्र ही न्यूयॉर्क में टी20 विश्व कप 2024 के अभ्यास सत्र के लिए भारतीय टीम में फिर से शामिल होने की उम्मीद है। विशेष रूप से, आईपीएल 2024 में मुंबई इंडियंस के लिए रोहित शर्मा की जगह हार्दिक के नेतृत्व की काफी आलोचना हुई। पूरे सीज़न में भारतीय क्रिकेटर को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। इस बीच, वह पेशेवर असफलताओं से जूझ रहे थे। उनकी निजी जिंदगी सुर्खियों में आ गई। कुछ दिन पहले हार्दिक ने अपने सोशल मीडिया पर ढेर सारी तस्वीरें और वीडियो शेयर किए थे। वीडियो में उन्हें पूल में तैरते हुए अच्छा समय बिताते हुए दिखाया गया, जबकि फोटो में वह एक खूबसूरत बैकग्राउंड के साथ पोज दे रहे थे। इसे छोटा और सरल रखते हुए, उन्होंने पोस्ट को कैप्शन दिया था, रिचार्जिंग। पोस्ट के जवाब में, कई प्रशंसकों ने उनके टिप्पणी अनुभाग में बाढ़ ला दी, अपना अटूट समर्थन दिखाया और आगामी विश्व कप के लिए उनकी जय-जयकार की। एक यूजर ने लिखा, “हार्दिक पंड्या जल्द ही टी20 वर्ल्ड कप में वापस आ रहे हैं,” एक अन्य फैन ने लिखा, “हार्दिक टी20 में अपने पुराने मॉडल के साथ आएं और अपने नफरत करने वालों को चुप करा दें। जबकि एक तीसरे फैन ने लिखा, “मजबूत वापसी भाई।” इसके अतिरिक्त, एक प्रशंसक ने लिखा, अपना भाई शेर था और रहेगा तू टेंशन माउंट लेना रे। एक अन्य प्रशंसक ने कहा, कोई बात नहीं हम सब आपके साथ हार्दिक हमारे हीरो हैं। एक अन्य प्रशंसक ने कहा, हार्दिक भाई विश्व कप में वापसी करेगा। हार्दिका पंड्या की पत्नी नतासा ने अलगाव की अफवाहों पर प्रतिक्रिया दी दूसरी ओर, अलगाव की अफवाहों के बीच हार्दिक की पत्नी को शनिवार को पहली बार शहर में देखा गया। अपनी नवीनतम आउटिंग में, उन्हें एक कैफे से बाहर निकलते समय एक करीबी दोस्त के साथ देखा गया था। जाने से पहले एक्ट्रेस ने शटरबग्स के लिए पोज दिए। दरअसल, एक पिता ने उनसे तलाक के बारे में पूछा। हालांकि, इसके जवाब में एक्ट्रेस ने सवाल को नजरअंदाज करने का फैसला किया और सम्मानजनक चुप्पी बनाए रखी. जाने से पहले, उसने बस इतना कहा, बहुत-बहुत धन्यवाद और अपनी प्रतीक्षारत कार की ओर बढ़ गई। अपनी नवीनतम आउटिंग के दौरान, जब वह अपने दोस्त के साथ एक कैफे से बाहर निकली, तो उसे गुलाबी शर्ट के साथ सफेद टॉप और शॉर्ट्स पहने देखा गया। दो महीने पहले एक नौका पर बॉलीवुड अभिनेत्री को प्रस्ताव देने के बाद, हार्दिक और नतासा ने लगभग चार साल पहले 31 मई, 2020 को शादी कर ली थी। उनके पहले बच्चे, अगस्त्य का जन्म 30 जुलाई, 2020 को हुआ था। अपनी तीसरी शादी की सालगिरह मनाते हुए, हार्दिक और नतासा ने उदयपुर में एक भव्य समारोह के साथ अपनी प्रतिज्ञाओं को भी नवीनीकृत किया था। View this post on Instagram A post shared by Hardik Himanshu Pandya (@hardikpandya93) View this post on Instagram A post shared by Viral Bhayani (@viralbhayani)
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