बालाघाट के माओवादी हिंसा से प्रभावित 100 गांवों में खूबसूरती बिखेरेगा पर्यटन, यह है योजना
हर गांव में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जाएगी। इससे बच्चों और युवाओं को अध्ययन, डिजिटल शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के संसाधन मिलेंगे।
नक्सलवाद का असर कम होने के बाद छत्तीसगढ़ में पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, अमित शाह बोले- खुलेंगे विकास के नए द्वार
Bilaspur News: मत्स्य पर्यटन को बढ़ावा देने की पहल, बिलासपुर में स्थापित होगा फिश पार्लर
जिले में मत्स्य उत्पादों के विपणन और मत्स्य पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आईटीआई चौक के समीप मत्स्य जागरूकता केंद्र में फिश पार्लर स्थापित किया जाएगा।
Udhampur News: पर्यटन सचिव अवनी लवासा ने किया पटनीटाप, कुद और सनासर का दौरा
पर्यटन सचिव अवनी लवासा ने किया पटनीटाप, कुद और सनासर का दौरा
Kushinagar News: अशोक स्तंभ से बढ़ेगा मन्नी ताल का गौरव, पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
The Ashoka Pillar will enhance the prestige of Manni Tal and provide a boost to tourism.
उत्तराखंड : स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार का नया अवसर, पर्यटन विभाग देगा बर्ड वॉचिंग ट्रेनिंग
नैनीताल, 6 नवंबर . उत्तराखंड के नैनीताल जिले में बर्ड टूरिज्म को नई गति मिलने जा रही है. पर्यटन विभाग अब स्थानीय युवाओं को बर्ड वॉचिंग की विशेष…
नई दिल्ली, (PTI)। अब घूमने जाने का मतलब सिर्फ दोस्तों या पार्टनर के साथ छुट्टियां बिताना नहीं रह गया है। युवा अब अपने माता-पिता, दादा-दादी और परिवार के दूसरे सदस्यों के साथ भी घूमने जाना पसंद कर रहे हैं। यानी परिवार के सभी लोग एक साथ छुट्टियां बिताने और अच्छा समय गुजारने के लिए ट्रिप प्लान कर रहे हैं।एयरबीएनबी (Airbnb) के एक नए सर्वे में यह बात सामने आई है। सर्वे के मुताबिक, भारत में Gen Z और Millennials के 75% लोग परिवार की अलग-अलग पीढ़ियों के साथ घूमने जाना पसंद करते हैं। युवाओं का मानना है कि ऐसी यात्राओं से परिवार के साथ समय बिताने, नई यादें बनाने और रिश्ते मजबूत करने का मौका मिलता है।परिवार के साथ घूमने की ये हैं वजहेंसर्वे के मुताबिक, परिवार के साथ घूमने की सबसे बड़ी वजह एक-दूसरे के साथ अच्छा समय बिताना है। इसके अलावा लोग साथ में मस्ती करना और अपने रिश्तों को और मजबूत बनाना चाहते हैं।55% लोग: परिवार के साथ नई यादें बनाना चाहते हैं।52% लोग: साथ घूमना और मस्ती करना पसंद करते हैं।51% लोग: परिवार और दोस्तों के साथ अपने रिश्ते मजबूत करना चाहते हैं।सर्वे में Gen Z के 70% लोगों ने माना कि अब वे कुछ साल पहले के मुकाबले परिवार की अलग-अलग पीढ़ियों के साथ घूमना ज्यादा पसंद करते हैं। इसी वजह से होटल के बजाय पूरा घर, विला या अपार्टमेंट लेने का चलन भी बढ़ रहा है। Airbnb के मुताबिक, भारत में 5 या उससे ज्यादा लोगों वाले ऐसे समूहों की घरेलू ठहरने की जगहों को लेकर खोज में सालाना 55% से ज्यादा बढ़ोतरी हुई है, जिनके साथ बच्चे भी होते हैं।पहाड़ और गांव जैसी प्राकृतिक जगहें: 56%समुद्र तट और तटीय इलाके: 47%ऐतिहासिक और धार्मिक जगहें: 44%पूरे परिवार के घूमने-फिरने के लिए अच्छी जगहें: 59%सभी की जरूरतों के हिसाब से सही जगहें: 55%Gen Z और Millennials का ट्रैवल ट्रेंडसर्वे के मुताबिक, Gen Z के 60% से ज्यादा युवाओं ने बताया कि उन्होंने पिछले साल दोस्तों और माता-पिता, दोनों के साथ घूमने का प्लान बनाया था। वहीं, Millennials में 49% लोग दोस्तों और 46% लोग माता-पिता के साथ घूमने गए थे। Gen Z के करीब आधे युवा परिवार के साथ छुट्टियां बिताने के लिए पूरा घर, विला या अपार्टमेंट लेना पसंद करते हैं।Airbnb के आंकड़ों के मुताबिक, 5 या उससे ज्यादा लोगों वाले समूहों ने ठहरने की जगहों के लिए 80% से ज्यादा खोज भारत में घूमने के लिए की, जबकि 15% से ज्यादा खोज विदेशों के लिए हुई। बेंगलुरु, गोवा, हैदराबाद, नीलगिरि और पुडुचेरी ऐसे बड़े समूहों की पसंदीदा जगहों में शामिल रहीं।यह सर्वे Airbnb के लिए YouGov ने 28 सितंबर से 7 अक्टूबर 2026 के बीच किया था। इसमें दिल्ली-NCR, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई, कोलकाता, पुणे, अहमदाबाद, जयपुर और इंदौर के 18 से 45 साल के 2,012 लोगों ने हिस्सा लिया। इनमें 18 से 29 साल के Gen Z और 30 से 45 साल के Millennials की संख्या बराबर थी।
शहडोल: किराये के विवाद में ट्रैवल्स संचालक और बेटे पर मारपीट का आरोप, महिलाओं को भी पीटा, दो घायल
प्रयागराज से लौट रहे परिवार के साथ बस के किराये की रकम को लेकर विवाद और मारपीट का मामला सामने आया है। ट्रैवल्स संचालक और उसके बेटे पर महिलाओं से भी मारपीट करने का आरोप है। दो महिलाएं भी घायल हुई हैं।
चंडीगढ़ प्रशासन सेक्टर-17 में गो कार्टिंग शुरू करने की तैयारी कर रहा है, जिससे शहर के पर्यटन को एडवेंचर का नया आयाम मिलेगा। यह परियोजना पीपीपी मॉडल पर निजी एजेंसी के सहयोग से तिरंगा पार्क के पास लागू की जाएगी।
सियादतपुर अगुवानी को पर्यटन मॉडल बनने का इंतजार
भास्कर न्यूज| मड़ैया उत्तरवाहिनी गंगा का पावन तट, ऐतिहासिक धार्मिक पहचान और प्राकृतिक सौंदर्य। इन खूबियों के बावजूद सियादतपुर अगुवानी पंचायत को पर्यटन के आदर्श मॉडल के रूप में विकसित होने का इंतजार है। पंचायत के डुमरिया बुजुर्ग, बबराहा, अगुवानी और खनुआं राका के ग्रामीण अब विकास के अगले चरण को लेकर उम्मीद लगाए बैठे हैं। विजन 2026 में ग्रामीणों की प्राथमिकता केवल सड़क और नाली तक सीमित नहीं है, बल्कि धार्मिक पर्यटन, बेहतर शिक्षा, सुलभ स्वास्थ्य सेवा और रात में रोशनी की मुकम्मल व्यवस्था भी शामिल है। पंचायत के विभिन्न गांवों में प्राथमिक और मध्य विद्यालय संचालित हैं। लेकिन उच्च शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को दूसरे क्षेत्रों का रुख करना पड़ता है। ग्रामीणों की मांग है कि पंचायत में ही इंटर स्तरीय विद्यालयों की स्थापना की जाए। बालक और बालिकाओं के लिए पृथक संस्थानों की व्यवस्था होने से खासकर छात्राओं को लंबी दूरी तय करने की परेशानी से राहत मिलेगी। अभिभावकों का मानना है कि स्थानीय स्तर पर प्लस टू शिक्षा की सुविधा मिलने से ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिलेगा। पंचायत- सियादतपुर अगुवानी प्रमुख गांव- डुमरिया बुजुर्ग, बबराहा, अगुवानी, खनुआं राका कुल वार्ड- 19 कुल जनसंख्या- 12,963 प्रखंड मुख्यालय से दूरी- 5 किमी जिला मुख्यालय से दूरी-करीब 48 किमी प्रमुख धार्मिक स्थल- उत्तरवाहिनी अगुवानी गंगा घाट निर्मित छठ घाट की लागत- करीब 13.61 लाख रुपए
Almora News: धार्मिक पर्यटन के नक्शे पर जल्द चमकेगा उझूली का महादेव मंदिर
धार्मिक पर्यटन के नक्शे पर जल्द चमकेगा उझूली का महादेव मंदिर
Airbnb लाएगी अपना AI ट्रैवल एजेंट: 2027 की पहली छमाही में होगा लॉन्च, जानें कैसे चैटबॉट से है अलग?
एयरबीएनबी का अपना AI ट्रैवल ला रही है।ये एजेंट बुकिंग के बाद भी साथ रहेगा।ट्रैवल बुकिंग के दौरान क्या क्या हेल्प करेगा ये एजेंट?आइए जानतें हैं कैसे चैटबॉट से है बिल्कुल अलग।
Srinagar News: झेलम पर तैरता दिखेगा रेस्त्रां, पर्यटन को मिलेगा नया आकर्षण
झेलम पर तैरता दिखेगा रेस्त्रां, पर्यटन को मिलेगा नया आकर्षण
कमाई अच्छी तो खर्च भी शाही! बेंगलुरु के कपल का ट्रैवल बजट ₹9 लाख सालाना, सोशल मीडिया पर चर्चा
कमाई अच्छी तो खर्च भी शाही! बेंगलुरु के कपल का ट्रैवल बजट ₹9 लाख सालाना, सोशल मीडिया पर चर्चा
न होटल बुकिंग, न किराए की टेंशन... चीन में बुजुर्गों का अनोखा ट्रैवल ट्रेंड वायरल!
चीन में रिटायर हो चुके बुजुर्ग छुट्टियां मनाने के लिए होटल में पैसे खर्च करने के बजाय एक-दूसरे के घरों में रह रहे हैं. इस तरीके को होम स्वैपिंग कहते हैं. इसमें लोग कुछ दिनों के लिए अपना घर दूसरे को देते हैं और खुद उसके घर रहने चले जाते हैं. इससे होटल का खर्च बचता है और नए लोगों से दोस्ती करने का मौका भी मिलता है.
इंटरनेट और सोशल मीडिया पर अक्सर 'PM Free Yatra Yojana' नाम से खबरें और लिंक्स प्रसारित होते हैं, लेकिन प्रशासनिक दृष्टि से केंद्र सरकार स्तर पर इस नाम से कोई एकल केंद्रीकृत पोर्टल संचालित नहीं है। वास्तव में, भारत के विभिन्न राज्यों द्वारा अपने-अपने प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों के लिए 'मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना' या 'वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना' के नाम से यह कल्याणकारी कार्यक्रम चलाया जाता है।इस योजना के अंतर्गत 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुर्गों को देश के प्रमुख धार्मिक और आध्यात्मिक स्थलों (जैसे अयोध्या, काशी विश्वनाथ, रामेश्वरम, द्वारकाधीश, पुरी, वैष्णो देवी, अमृतसर और शिरडी) की यात्रा पूरी तरह सरकारी खर्च पर कराई जाती है। इसमें ट्रेन या एसी बस का किराया, आवास (होटल/धर्मशाला), भोजन, शुद्ध पेयजल और सुरक्षा की व्यवस्था राज्य सरकार द्वारा वहन की जाती है। मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में यह योजना अलग-अलग रूप में सक्रिय है।योजना के लिए मुख्य पात्रता और शर्तेंविभिन्न राज्यों में नियमों में मामूली अंतर हो सकता है, परंतु सामान्य दिशा-निर्देश इस प्रकार निर्धारित हैं:आयु सीमा: आवेदक की न्यूनतम आयु 60 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए (कुछ राज्यों में महिलाओं को 58 वर्ष में भी पात्रता दी जाती है)।स्थानीय निवास: आवेदक संबंधित राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए।आय सीमा: आवेदक आयकर दाता (Income Tax Payer) नहीं होना चाहिए। कई राज्यों में वार्षिक पारिवारिक आय ₹1.80 लाख से ₹2.50 लाख के भीतर होना अनिवार्य है।शारीरिक स्वास्थ्य: आवेदक शारीरिक व मानसिक रूप से यात्रा के लिए सक्षम होना चाहिए और किसी संक्रामक या गंभीर बीमारी से ग्रसित नहीं होना चाहिए।एकल लाभ नियम: आवेदक ने पिछले 3 से 5 वर्षों के दौरान राज्य सरकार की किसी अन्य मुफ्त तीर्थ यात्रा योजना का लाभ न लिया हो।अटेंडेंट (सहायक) की सुविधा: 70 या 75 वर्ष से अधिक आयु के अकेले यात्रा करने वाले बुजुर्गों अथवा 60% से अधिक दिव्यांगजनों को अपने साथ एक अटेंडेंट (देखभालकर्ता) ले जाने की अनुमति मिलती है।आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेजआवेदन करने से पहले आवेदक के पास निम्नलिखित प्रमाण पत्र तैयार होने चाहिए:पहचान का प्रमाण: आधार कार्ड या वोटर आईडी कार्ड।निवास प्रमाण पत्र: राज्य का मूल निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड या बिजली का बिल।आयु प्रमाण: जन्म प्रमाण पत्र, 10वीं की अंकतालिका या आधार कार्ड।आय प्रमाण पत्र: सक्षम राजस्व अधिकारी द्वारा जारी वैध आय प्रमाण पत्र या बीपीएल राशन कार्ड।मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट: किसी सरकारी चिकित्सा अधिकारी (MBBS डॉक्टर) द्वारा जारी स्वास्थ्य प्रमाण पत्र।पासपोर्ट साइज फोटो और मोबाइल नंबर: हालिया रंगीन फोटो और आधार से लिंक सक्रिय फोन नंबर।ऑनलाइन व ऑफलाइन आवेदन करने की पूरी प्रक्रियातीर्थ यात्रा के लिए आवेदन करने का माध्यम संबंधित राज्य की व्यवस्था पर निर्भर करता है:1. ऑनलाइन आवेदन प्रक्रियाअपने राज्य के आधिकारिक ई-डिस्ट्रिक्ट या तीर्थ दर्शन पोर्टल (जैसे edistrict.delhi.gov.in, dewasthan.rajasthan.gov.in आदि) पर जाएं।पोर्टल पर Citizen Login / New Registration के जरिए पंजीकरण करें।'मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना' या 'वरिष्ठ नागरिक तीर्थ दर्शन' के लिंक पर क्लिक करें।फॉर्म में अपनी व्यक्तिगत जानकारी, पसंदीदा तीर्थ स्थल और स्वास्थ्य विवरण भरें।जरूरी दस्तावेजों की स्कैन कॉपी अपलोड करें और फॉर्म सबमिट करके रसीद संख्या (Application ID) डाउनलोड कर लें।2. ऑफलाइन आवेदन प्रक्रियाअपने जिले के तहसील कार्यालय, जनपद पंचायत, उप-मंडल अधिकारी (SDM) कार्यालय या स्थानीय सेवा केंद्र से निर्धारित फॉर्म प्राप्त करें।फॉर्म को स्पष्ट अक्षरों में भरें और दस्तावेजों की स्व-प्रमाणित फोटोकॉपी साथ लगाएं।भरे हुए फॉर्म को अंतिम तिथि से पहले संबंधित कार्यालय में जमा कर पावती रसीद प्राप्त करें।चयन प्रक्रिया और फर्जी खबरों से बचावतीर्थ यात्रा के लिए प्राप्त आवेदनों की छंटनी के बाद यदि आवेदकों की संख्या निर्धारित कोटे से अधिक होती है, तो चयन पारदर्शी कंप्यूटराइज्ड लॉटरी (Draw of Lots) के माध्यम से किया जाता है। चयनित यात्रियों को यात्रा की तारीख, स्पेशल ट्रेन का समय और स्टेशन पर रिपोर्टिंग की जानकारी सीधे एसएमएस और फोन कॉल के माध्यम से दी जाती है।नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे व्हाट्सएप या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फैल रहे अनधिकृत PM Yatra लिंक्स पर क्लिक करके अपनी निजी जानकारी साझा न करें और किसी भी प्रकार का शुल्क न दें, क्योंकि यह योजना पूरी तरह निःशुल्क है। आवेदन केवल अपने राज्य की आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत सरकारी दफ्तर से ही करें।
20 लाख पर्यटकों का शहर, पर्यटन थाने में 50 में से 28 पद खाली, सीआई खुद चुनावी ड्यूटी में
हर साल देश-दुनिया से आने वाले करीब 20 लाख पर्यटकों की आवभगत करने वाली लेकसिटी में सैलानियों की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाला पर्यटन थाना बदहाली का शिकार है। थाने में स्वीकृत पदों के मुकाबले आधे से भी कम जाब्ता है। स्टाफ की भारी कमी और बचे हुए जवानों की अन्य ड्यूटियों में तैनाती के कारण शहर में पर्यटकों को परेशान करने वाले लपकों (दलालों) पर नकेल कसना और फर्जीवाड़े को रोकना पुलिस के लिए चुनौती बन गया है। वर्ष 2012-13 के राज्य बजट में जयपुर और जोधपुर के साथ उदयपुर में भी पर्यटन थाना स्थापित करने की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति दी गई थी। इसके तहत थाने के लिए निरीक्षक (सीआई), सब-इंस्पेक्टर, एएसआई, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल सहित कुल 50 पद स्वीकृत किए गए थे। हालात ये हैं कि अभी 28 पद खाली हैं और 22 पुलिसकर्मियों के भरोसे पूरे शहर की पर्यटन सुरक्षा व्यवस्था है। सबसे बुरी स्थिति कांस्टेबलों की है। इनके स्वीकृत 38 पदों के मुकाबले 13 कांस्टेबल ही तैनात हैं। दोनों उपनिरीक्षकों (एसआई) और दो में से एक चालक का पद भी खाली है। दूसरी ड्यूटियों में भेजने से बिगड़ी व्यवस्था जिस जाब्ते को सैलानियों को सुरक्षित माहौल देने, पंजीकृत गाइडों के हित रक्षा और पर्यटन संबंधी शिकायतों के निस्तारण में लगना चाहिए, उसे आए दिन दूसरी ड्यूटियों में भेजा जाता है। वीवीआईपी मूवमेंट, जुलूस-प्रदर्शन, त्योहार, नाकाबंदी और अंबेरी पुलिया पर रोज की ड्यूटी में पर्यटन थाने के जवानों को तैनात कर दिया जाता है। पर्यटन विभाग की उपनिदेशक शिखा सक्सेना का कहना है कि शहर के प्रमुख प्रवेश मार्गों और बस-रेलवे स्टेशनों पर पहुंचते ही पर्यटकों को घेरने का काम शुरू हो जाता है। लपके सैलानियों को गुमराह कर मनमाने शोरूमों तक ले जाते हैं और मोटा कमीशन वसूलते हैं। इससे पंजीकृत गाइडों का रोजगार प्रभावित होता है और शहर की छवि भी धूमिल होती है। हालात पर भास्कर ने सीआई दयालाल से बात की तो उन्होंने यह कहकर जवाब देने में असमर्थता जता दी कि वे खुद इन दिनों चुनावी ड्यूटी में व्यस्त हैं, जिससे थाने की कार्यप्रणाली पूरी तरह प्रभावित हो रही है।
Srinagar News: सीमांत पर्यटन को नई उड़ान... फरकियान में केरन हेरिटेज सेंटर का उद्घाटन
सीमांत पर्यटन को नई उड़ान... फरकियान में केरन हेरिटेज सेंटर का उद्घाटन
हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के बीच पर्यटन को नई गति देने के लिए धर्मशाला-मैक्लोडगंज और भद्रवाह को संयुक्त पर्यटन सर्किट से जोड़ने की पहल शुरू हो गई है।
मेरठ में किराये की लग्जरी गाड़ियां फर्जी दस्तावेजों के सहारे दूसरे राज्यों में बेचने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। हरियाणा की कलानौर पुलिस ने परतापुर पुलिस के साथ मिलकर यह कार्रवाई की। आरोपियों ने सरकारी विभागों में गाड़ियां लगवाने का भरोसा देकर ट्रैवल कंपनियों से 12 से ज्यादा वाहन किराये पर लिए थे। शुरुआत में किराया और किस्तें समय पर देकर कंपनी संचालक का भरोसा जीता। इसके बाद फर्जी RC और आधार कार्ड तैयार कर गाड़ियों की पहचान बदली और उन्हें दूसरे राज्यों में कम कीमत पर बेचने लगे। एक थार रॉक्स में लगे GPS की मदद से पुलिस आरोपियों तक पहुंची। सरकारी विभागों में गाड़ी लगवाने का दिया झांसा पुलिस के मुताबिक, हरियाणा के कलानौर निवासी हरीश कुमार ट्रैवल कंपनी चलाते हैं। उनकी कंपनी कई राज्यों में टैक्सी और लग्जरी वाहन उपलब्ध कराती है। आरोप है कि बागपत निवासी प्रियांशु ने सरकारी विभागों में गाड़ियां लगवाने की बात कहकर उनसे 12 से ज्यादा लग्जरी वाहन किराये पर लिए। शुरुआत में प्रियांशु ने किराया और किस्तें समय पर दीं। इससे हरीश को उस पर भरोसा हो गया। बाद में आरोपियों ने गाड़ियों को बेचने का काम शुरू कर दिया। फर्जी RC और आधार से बदलते थे पहचान जांच में गाजियाबाद निवासी राजेंद्र उर्फ मोटू का नाम सामने आया। पुलिस के मुताबिक, वह घर पर फर्जी RC तैयार करता था। आधार कार्ड में नाम और पता बदलकर वाहनों की नई पहचान बनाई जाती थी। इसके बाद दीपक और चेतन की मदद से नंबर प्लेट बदली जाती थी। फिर गाड़ियों को दूसरे राज्यों में कम कीमत पर बेच दिया जाता था। GPS से मिला मेरठ में सुराग काफी समय तक गाड़ियों की जानकारी नहीं मिलने पर हरीश ने पुलिस में शिकायत की। हरियाणा पुलिस ने वाहनों की तलाश शुरू की। इसी दौरान एक थार रॉक्स में लगे GPS की लोकेशन मेरठ के परतापुर इलाके में मिली। जांच में पता चला कि आरोपियों ने वहां एक व्यक्ति को लग्जरी गाड़ी बेचने का सौदा किया था। उससे 80 हजार रुपये भी ले लिए थे। दस्तावेजों पर शक होने पर खरीदार ने पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस ने खरीदार से आरोपियों को फोन कराया। उन्हें बाकी रकम लेने के बहाने मौके पर बुलाया गया। जैसे ही आरोपी वहां पहुंचे, कलानौर पुलिस और परतापुर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मंगलवार को परिजनों संग सरायकेला-खरसावां स्थित धातकीडीह जाने के क्रम में प्रसिद्ध चांडिल डैम का परिभ्रमण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने डैम की विहंगम प्राकृतिक सुंदरता और शांत परिवेश का आनंद लिया। उन्होंने झारखंड की इस अनुपम प्राकृतिक धरोहर को राज्य के पर्यटन मानचित्र पर और अधिक मजबूती से स्थापित करने की इच्छा व्यक्त की। डैम परिसर के भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने सरायकेला-खरसावां के डीसी के साथ डैम के विकास से संबंधित चर्चा की। मुख्यमंत्री ने चांडिल डैम के बहुआयामी विकास, बेहतर पर्यटन संवर्धन, जल प्रबंधन, चांडिल परियोजना के कार्यों में गति प्रदान करने तथा बिजली उत्सर्जन एवं संवर्धन के लिए कार्य योजना बनाने इत्यादि कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पर्यटन और स्थानीय रोजगार को मिलेगा बढ़ावा मुख्यमंत्री ने चर्चा के दौरान कहा कि चांडिल डैम में इको-टूरिज्म की असीम संभावनाएं हैं। उन्होंने डीसी को निर्देशित किया कि यहां आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा, बुनियादी सुविधाओं और नौकायन (बोटिंग) को और अधिक सुव्यवस्थित व आधुनिक बनाया जाए। उन्होंने कहा कि पर्यटन की इन गतिविधियों से स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित किए जाएंगे। सस्टेनेबल ब्लूप्रिंट तैयार करने का निर्देश मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चांडिल डैम और उसके आसपास के क्षेत्र के समग्र विकास के लिए एक दीर्घकालिक और पर्यावरण-अनुकूल (सस्टेनेबल) ब्लूप्रिंट तैयार करने का निर्देश दिया, ताकि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना इस क्षेत्र का कायाकल्प किया जा सके। इस अवसर पर मुख्यमंत्री की पत्नी सह विधायक कल्पना सोरेन, विधायक सविता महतो, सोमेश चंद्र सोरेन, प्रमंडलीय आयुक्त कोल्हान रविरंजन कुमार विक्रम, डीसी सरायकेला-खरसावां नीतीश कुमार सिंह, एसडीएम चांडिल नितिन शिवम गुप्ता सहित जिला प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी उपस्थित रहे।
मनाली के रांगड़ी स्थित एक होटल में दिल्ली का टैक्सी ड्राइवर बेसुध अवस्था में मिला। उसे उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनाली पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान 49 वर्षीय वीरपाल निवासी नंद नगरी, दिल्ली के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार वीरपाल होटल कलिंगा ग्रैंड, रांगड़ी में टेंपो ट्रैवलर (नंबर यूपी14 पीटी 3098) में बेसुध मिला था। उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस को मृतक के शरीर पर बाहरी चोट का कोई निशान नहीं मिला है। साथी बोला-बेसुध अवस्था में मिला मृतक के साथी मुन्ना पारस ने पुलिस को बताया कि वीरपाल पिछली रात गाड़ी में शराब पी रहा था। सुबह वह बेसुध अवस्था में मिला। साथी ने उसकी मौत को लेकर किसी तरह का संदेह जाहिर नहीं किया है। पुलिस ने परिजनों को दी सूचना थाना प्रभारी मुनीश राज शर्मा ने बताया कि पुलिस ने मृतक के बेटे को सूचना दे दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए मनाली अस्पताल के शवगृह में रखा गया है। परिजनों के पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। पुलिस के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का पता चलेगा और नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।
Kerala Travel Hack: केरल की इस खूफिया जगह पर छिपा है नेचुरल वाटर पार्क! बिना एक रुपया खर्च किए लें खतरनाक वाटर स्लाइड का मजा
Travel Tips: सर्दियों में छुट्टियां मनाने जा सकते है आप भी इन जगहों पर, खुश हो जाएगा परिवार
इंटरनेट डेस्क। समुद्र के बीच पर घूमने फिरने और मौज मस्ती करने का मन है तो यह मौसम आपके लिए बड़ा ही अच्छा है। क्यों कि सर्दियों की शुरूआत हो चुकी हैं। आप इस समय समुद्र किनारे घूमने जाने का प्लान बना सकते है और बच्चों के साथ जा सकते है। यहां आपका ज्यादा पैसा भी खर्च नहीं होगा। वरकला बीच केरल का वरकला बीच भी घूमने के लिए सबसे अच्छी जगह है। यहां आप डाइविंग, अंडरवॉटर एडवेंचर को भी एन्जॉय कर सकते हैं। आप भी यहां अपने परिवार के साथ आ सकते है और यहां के बीच पर एंजाय कर सकते है। कोवलम बीच केरल का कोवलम बीच भी आपकों काफी पसंद आएगा। यह जगह भारत में सालों से पर्यटकों के लिए पसंदीदा बनी हुई है। यहां विंटर के मौसम में काफी सैलानी पहुंचते है। आप भी यहां पर छुटिट्या एंजाय कर सकती है। pc- booking.com
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि नक्सलवाद के अवरोध दूर होने के बाद छत्तीसगढ़ में पर्यटन विकास की अपार संभावनाएं खुली हैं, खासकर बस्तर क्षेत्र में। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा, हस्तशिल्प को बाजार मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, जिससे राज्य समृद्ध बनेगा।
Travel Tips: Odisha Tourism और Rajasthan के ये 4 बड़े Festivals सर्दियों के सफर को बनाएंगे खास
घूमने-फिरने का असली मजा सर्दियों के मौसम में आता है। भारत में नवंबर से फरवरी के बीच हर ओर तरफ अलग-अलग रौनक देखने को मिलती है। कहीं रेगिस्तान में ऊंटों का मेला लगता है, तो कहीं पर आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से भर जाता है। अगर आप भी इस बार सर्दियों की छुट्टियों में सिर्फ पुरानी इमारतें देखने की जगह कुछ अलग और खास एक्सपीरियंस करना चाहती हैं। तो आपको एक नया ट्रैवल प्लान बनाना चाहिए। दरअसल, सर्दियों में भारत के अलग-अलग राज्यों में कई बड़े फेस्टिवल्स होते हैं। जहां पर आप स्थानीय लोगों का रहन-सहन, खाना-पीना, संस्कृति और परंपराओं को देख और समझ सकती हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको 4 ऐसे शानदार फेस्टिवल डेस्टिनेशंस के बारे में बताने जा रहे हैं। जहां पर कम से कम एक बार आपको जरूर जाना चाहिए। इसे भी पढ़ें: Travel Tips: Jaisalmer के रेगिस्तान और Varanasi की देव दीपावली से नवंबर की Vacation बनाएं यादगार पुष्कर कैमल फेयर, राजस्थान हर साल राजस्थान के पुष्कर में अक्टूबर-नवंबर के दौरान 5 दिनों का पुष्कर मेला लगता है। यह दुनिया के सबसे बड़े मवेशी मेलों में से एक है। यहां पर आरको लोक संगीत, रंग-बिरंगे बाजार और राजस्थानी संस्कृति का खूबसूरत रूप देखने को मिलेगा। इस मेले में सिर्फ जानवर खरीदे या बेचे नहीं जाते हैं, बल्कि सबसे लंबी मूंछें दिखाने, मटका फोड़ने और दुल्हन की तरह सजने जैसे कई मजेदार कॉम्पिटिशन होते हैं। यहां तक कि लोकल पुष्कर क्लब और विदेश से आए विदेशी पर्यटकों के बीच फुटबॉल मैच खेला जाता है। ऐसे में अगर आप भी यहां पर घूमने जा रही हैं, तो ब्रह्मा मंदिर और पुष्कर झील जरूर देखने जाएं। जानिए कब जाएं पुष्कर मेला 17 से 24 नवंबर 2026 के बीच होने जा रहा है। इस मेले की जगह के पास रुकें और सुबह-सुबह के समय घूमने निकलें और उस समय फोटो भी अच्छी आती है और रौनक भी देखने लायक होती है। कोणार्क डांस फेस्टिवल, ओडिशा साल 1986 में गुरु गंगाधर प्रधान ने कोणार्क डांस फेस्टिवल की शुरुआत की थी। जोकि भारत के सबसे बड़े क्लासिकल डांस फेस्टिवल्स में से एक होता है। ओडिशा टूरिज्म की ओर से होने वाले इस 5 दिनों के इवेंट में देशभर में बेस्ट डांसर्स हिस्सा लेते हैं। यहां पर आपको कोणार्क सूर्य मंदिर के सामने स्टेज पर ओडिसी, कत्थक, कुचिपुड़ी, भरतनाट्यम, मोहिनीअट्टम और मणिपुरी जैसे शानदार डांस शो देखने का मौका मिलेगा। इसके अलावा शाम को डांस परफॉर्मेंस देखने के अलावा दिन में सूर्य मंदिर देख सकती हैं। इसके साथ ही चंद्रभागा बीच पर इंटरनेशनल सैंज आर्ट फेस्टिवल भी लगता है और आप भी वहां पर जा सकती हैं। जानिए कब जाएं बता दें कि 01 से 05 दिसंबर 2026 तक यह फेस्टिवल चलेगा। साल 2027 की डेट्स के लिए ओडिशा टूरिज्म की वेबसाइट चेक कर सकती हैं। कोणार्क के पास भुवनेश्वर एयरपोर्ट है, जोकि करीब 65 किमी दूर है। आप कोणार्क के अलावा पुरी और भुवनेश्वरी घूमने का प्लान कर सकती हैं। जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल, राजस्थान अगर आपको भी नई-नई किताबों को पढ़ने और नई-नई बातों को जानना पसंद है। तो आपको जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में जाना चाहिए। जयपुर का यह फेमस फेस्टिवल के दौरान इस शहर को दुनिया भर के कवियों, लेखकों, पत्रकारों और इतिहासकारों का ठिकाना बना देता है। यहां पर इतिहास, साइंस, राजनीति और समाज से जुड़े ढेरों टॉपिक्स पर बातचीत होती है। आप सुबह के समय किसी राइटर की बातों को सुन सकती हैं और दोपहर में किसी टेक्नोलॉजी की डिबेट में शामिल हो सकती हैं। इसके अलावा आप यहां पर किताबों की दुकानों पर घूमने के साथ-साथ नए-नए लोगों से बातचीत कर सकती हैं। इसके साथ ही जयपुर के मार्केट एक्सप्लोर कर सकती हैं। वहीं जयपुर के जायके का स्वाद लेना न भूलें। जानिए कब जाएं जयपुर में 14 स 18 जनवरी 2027 के बीच यह फेस्टिवल होगा। यहां पर जाने से पहले पूरा प्रोग्राम चेक करने के साथ अपना रजिस्ट्रेशन जरूर कराएं। अधिक भीड़ से बचने के लिए दो सेशंस के बीच थोड़ा गैप रखें। जिससे कि आप आराम से घूम सकें। अंतर्राष्ट्रीय पतंग महोत्सव और मकर संक्रांति, गुजरात मकर संक्रांति को गुजरात में उत्तरायण कहा जाता है। इस दौरान पूरा गुजरात अपनी-अपनी छतों पर होता है और चारों ओर पतंगबाजी की धूम रहती है। अहमदाबाद के साबरमती रिवरफ्रंट पर इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल भी मनाया जाता है। जिसमें दुनियाभर से लोग अपनी-अपनी खूबसूरत पतंगों के साथ पहुंचते हैं। यहां पर आसमान में उड़ती रंग-बिरंगी पतंगों के अलावा खाना भी जबरदस्त होता है। गुड़-तिल की मिठाइयां, उंधियू, चिक्की और गरमा-गरम जलेबी इस त्योहार के उत्साह को दोगुना कर देती हैं। जानिए कब जाएं साबरमती रिवरफ्रंट पर 10 से 14 जनवरी 2027 के बीच यह फेस्टिवल चलेगा। इस फेस्टिवल में शामिल होने के लिए और अहमदाबाद में रुकने के लिए पहले से बुकिंग करके रखें। धूप से बचने के लिए टोपी पहनें। इसके अलावा कांच वाले मांझे से दूर रहें, जिससे के चोट न लगे। इन बातों का रखें खास ध्यान फेस्टिव सीजन के दौरान शहरों में होटल और टिकट काफी महंगे हो जाते हैं। इसलिए बुकिंग पहले से करवा लेनी चाहिए। हर एक जगह का अपना स्वाद होता है, जैसे गुजरात का उंधियू, जयपुर की कचौड़ी आदि, इसलिए लोकल फूड चखना न भूलें। आप जहां भी घूमने जा रहे हैं, वहां के लोकल लोगों से बातचीत करें और त्योहारों की दिलचस्प कहानियों को सुनें और समझें।
चांडिल डैम की बदलेगी तस्वीर! पर्यटन सुविधाओं से लेकर बिजली उत्पादन तक; CM हेमंत सोरेन ने दिए निर्देश
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने चांडिल डैम का दौरा कर उसके विकास और पर्यटन संभावनाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को डैम को प्रमुख पर्यटन केंद्र बनाने, जल प्रबंधन सुधारने और बिजली उत्पादन की दिशा में काम करने के निर्देश दिए।
Kathua News: ऑल सीजन फ्लावर गार्डन से वादियों में सालभर महकेगा पर्यटन
jammu and kashmir news
हरियाणा में अब बिना रजिस्ट्रेशन नहीं चलेगी ट्रैवल एजेंसी, फर्जी एजेंटों पर लगेगी लगाम
हरियाणा सरकार ने ट्रैवल एजेंटों पर शिकंजा कसने के लिए नए नियम बनाए हैं, जिसके तहत सभी एजेंटों को पंजीकरण और पुलिस सत्यापन कराना अनिवार्य होगा।
होंडा ने EICMA 2026 में नया ADV125 एडवेंचर स्कूटर पेश किया है।इसमें 125cc इंजन के साथ 12.5 PS की पावर मिलेगी।स्कूटर का माइलेज 47.6 km/l और टॉप स्पीड 97 km/h है।
नई बाइक खरीदने का प्लान है?: 2027 में लॉन्च हो सकते हैं क्रूजर और एडवेंचर सेगमेंट के कई नए मॉडल, देखें लिस्ट
Lucknow News: ट्रैवल एजेंसी के मैनेजर और कर्मी को पीटा
ट्रैवल एजेंसी के मैनेजर और कर्मी को पीटा
Travel Tips: Jaisalmer के रेगिस्तान और Varanasi की देव दीपावली से नवंबर की Vacation बनाएं यादगार
साल के आखिरी महीनों में कई लोग घूमने का प्लान करते हैं। ऐसे में अगर आप भी नवंबर में कुछ दिन सुकून के बिताना चाहती हैं। तो बता दें कि भारत में इस दौरान कई जगहों पर मौसम बेहद सुहावना रहता है। जिससे नई जगहों पर जाना और भी मजेदार और यादगार हो सकता है। अगर आपको ऐतिहासिक किले देखने का शौक है, पहाड़ों की वादियों और प्रकृति के बीच वक्त बिताना पसंद है, तो भारत में ट्रैवल लवर्स के लिए कई शानदार ऑप्शन मौजूद हैं। ऐसे में इस महीने अलग-अलग जगहें आपकी छुट्टियों को अधिक खास बना सकती हैं। कहीं पहाड़ों की ठंडी हवाएं और खूबसूरत वादियां आपके मन को मोह लेंगी। वहीं कहीं समुद्र किनारे सुकून भरे पल बिताने का समय मिलेगा। आध्यात्मिक और ऐतिहासिक स्थलों की सैर भी कर सकती हैं। ऐसे में अगर नवंबर महीने में अगर आप भी कुछ नया एक्सप्लोर करना चाहती हैं, तो हम आपको कुछ ऐसी जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां पर घूमने का एक्सपीरियंस काफी शानदार रहेगा। इसे भी पढ़ें: Uttarakhand के Munsiyari में ₹3000 के Budget में दिखेगी पंचचूली, ऐसे करें Trip प्लान अमृतसर नवंबर के महीने में आप पंजाब के अमृतसर को एक्सप्लोर कर सकते हैं। यहां पर आपको इतिहास, धार्मिक आस्था और देशभक्ति का अनोखा अनुभव दे सकता है। यहां पर स्थित गोल्डन टेंपल की खूबसूरती और शांत वातावरण पर्यटकों के बीच फेमस है। इसके अलावा आप जलियांवाला बाग का इतिहास देख सकती हैं और वाघा-अटारी बॉर्डर पर होने वाली बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी का अनुभव ले सकती हैं। हम्पी, कर्नाटक अगर आपको भी मंदिरों, पुराने किलों और ऐतिहासिक इमारतों को करीब से देखने का शौक है। तो आप नवंबर के महीने में कर्नाटक की हम्पी को एक्सप्लोर कर सकती हैं। यहां की प्राचीन वास्तुकला और विजयनगर साम्राज्य के अवशेष अतीत के गौरवशाली इतिहास को बयां करते हैं। यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल के रूप में प्रसिद्ध हम्पी में पत्थरों से बने रथ, ऐतिहासिक खंडहर और भव्य मंदिर को देखने के लिए जा सकती हैं। नवंबर में यहां का मौसम सुहावना रहता है। कुर्ग, कर्नाटक अगर आप भी प्रकृति के बीच रहकर सुकून भरे पल बिताना चाहती हैं, तो नवंबर में आप कर्नाटक के कुर्ग घूमने के लिए जा सकती हैं। यह अपने कॉफी के बागानों, हरियाली और खूबसूरत पहाड़ियों के लिए फेमस है। आप यहां पर एबी फॉल्स के खूबसूरत नजारे देख सकती हैं। कॉफी बागानों में घूम सकती हैं और रोमांच पसंद लोग ट्रेकिंग कर सकते हैं। नवंबर के महीने में इस जगह की खूबसूरती को करीब से देख पाएंगी। एलेप्पी, केरल केरल का अलप्पुझा को एलेप्पी के नाम से भी जाना जाता है। इसको लैगून, सुंदर झीलों और नहरों की वजह से 'पूर्व का वेनिस' भी कहा जाता है। यह अपने खूबसूरत हाउसबोट और बैकवॉटर के लिए पर्यटकों के बीच फेमस है। यहां पर ऊंचे-ऊंचे नारियल के पेड़ों और हरियाली से घिरे जलमार्गों में हाउसबोट की सैर करना एक यादगार एक्सपीरियंस हो सकता है। पानी के किनारे बसे गांव, स्थानीय लाइफस्टाइल और पारंपरिक घरों को करीब से जानने समझने का मौका मिलेगा। नवंबर में यहां जाना अच्छा ऑप्शन हो सकता है। जैसलमेर, राजस्थान नवंबर में आप राजस्थान के जैसलमेर को एक्सप्लोर कर सकती हैं। सुनहरे रेत के टीलों, ऐतिहासिक किलों और तारों से सजे आसमान के बीच समय बिताने का एक्सपीरियंस काफी अलग होगा। आप सोनार किला और पुरानी हवेलियां घूम सकती हैं और ऊंट सफारी का आनंद ले सकती हैं। हालांकि अगर आप कुछ अलग एक्सपीरियंस करना चाहती हैं, तो रेगिस्तान में कैंपिंग भी कर सकती हैं। लेकिन रात के समय यहां का तापमान कम हो सकता है, इसलिए अपने साथ गर्म कपड़े जरूर रखें। शिलॉन्ग नवंबर के महीने में घूमने के लिहाज से शिलॉन्ग के शानदार ऑप्शन हो सकता है। मेघालय की खूबसूरत पहाड़ों की नगरी में आपको सुहावना वातावरण, हरे-भरे नजारे और स्थानीय संस्कृति को करीब से जानने का मौका मिलता है। मानसून के बाद यहां की प्राकृतिक सुंदरता देखने लायक होती है। वहीं नवंबर में यहां पर आयोजित होने वाला चेरी ब्लॉसम फेस्टिवल भी शिलॉन्ग की रौनक को कई गुना बढ़ा देता है। वाराणसी अगर आप भी नवंबर में धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभवों के साथ घूमने का प्लान कर रही हैं। तो आपको वाराणसी जाना चाहिए। गंगा किनारे बसा यह शहर बेहद खूबसूरत है। सुबह के समय में नाव की सैर, मंदिरों के दर्शन और शाम को भव्य गंगा आरती देख सकती हैं। वहीं नवंबर में यहां पर देव दीपावली मनाई जाती है, जिसको देख सकती हैं। इस दौरान घाट हजारों दीपों से जगमगा उठते हैं। कच्छ का रण नवंबर में स्थानीय संस्कृति को करीब से जानने के लिए आप गुजरात के कच्छ जा सकती हैं। यहां पर दूर-दूर तक फैली सफेद नमक की जमीन और रेगिस्तान जैसा नजारा आपका मन मोह लेगा। कच्छ का रण उत्सव इसकी खूबसूरती को अधिक बढ़ा देता है। यहां पर आप पारंपरिक नृत्य, हस्तशिल्प, लोक संगीत और गुजराती परंपराओं का आनंद ले सकती हैं। हालांकि ट्रिप प्लान करने के पहले रण उत्सव की डेट और कार्यक्रमों का शेड्यूल जरूर चेक कर लें।
पांच नवंबर को खुलेगा शहीद स्मारक, कैंट बनेगा पर्यटन केंद्र
भास्कर न्यूज | अम्बाला कैंट की पहचान अब सैन्य इतिहास और व्यापार के साथ पर्यटन केंद्र के रूप में भी बनेगी। 1857 की क्रांति को समर्पित शहीद स्मारक का 5 नवंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उद्घाटन करेंगे। करीब 800 करोड़ रुपए की लागत से तैयार इस स्मारक में 22 गैलरियां बनाई गई हैं। इन्हें देखने में करीब 6 घंटे लगेंगे। 63 मीटर ऊंचे मेमोरियल टावर पर स्काई कैफे, हाई स्पीड लिफ्ट और दूरबीन से शहर देखने की सुविधा भी होगी। ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने रविवार को बीपीएस प्लेनेटोरियम में भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अम्बाला की धरती से आजादी की पहली लड़ाई का बिगुल बजा था और इस इतिहास पर हर नागरिक को गर्व होना चाहिए। विज ने कहा कि हरियाणा के स्कूल और कॉलेजों के विद्यार्थियों को स्मारक निशुल्क दिखाने की योजना है, ताकि नई पीढ़ी आजादी के संघर्ष और गुमनाम शहीदों के योगदान को समझ सके। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से 5 नवंबर को गांधी ग्राउंड में होने वाले उद्घाटन कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का आह्वान किया। विज के अनुसार, उन्होंने हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर स्मारक की जानकारी दी थी। शाह ने इसके निर्माण की सराहना की। 22 गैलरियों में दिखेगी 1857 की क्रांति की कहानी स्मारक में 1857 की क्रांति और देश के अलग-अलग हिस्सों में हुए संघर्षों को प्रदर्शित किया जाएगा। शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए अलग गैलरी बनाई गई है, जहां श्रद्धांजलि देने वालों का डिजिटल रिकॉर्ड भी रखा जाएगा। परिसर में 2500 दर्शकों की क्षमता वाला ओपन एयर थिएटर, फूड कोर्ट और वॉटर बॉडीज बनाई गई हैं। लाइट, लेजर और साउंड शो के माध्यम से भी इतिहास को दिखाया जाएगा। मेमोरियल टावर में दो हाई स्पीड लिफ्ट और सबसे ऊपरी मंजिल पर स्काई कैफे बनाया गया है। पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से कारोबार को मिलेगा लाभ विज ने कहा कि स्मारक शुरू होने से छावनी में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी। इससे होटल, खानपान, परिवहन और बाजार से जुड़े कारोबार को लाभ मिलने की उम्मीद है। उन्होंने चंडीगढ़ की तर्ज पर अम्बाला में टूरिस्ट बस चलाने का विचार भी रखा। इसके प्रस्तावित रूट में शहीद स्मारक, साइंस सेंटर, बैंक स्क्वेयर और सुभाष पार्क को शामिल करने की योजना है। पर्यटकों को सदर बाजार में खरीदारी का अवसर भी मिलेगा।
Bahraich News: कतर्नियाघाट में पर्यटन सत्र शुरू, पांच तक बुकिंग फुल
कतर्नियाघाट में पर्यटन सत्र शुरू, पांच तक बुकिंग फुल
Bijnor News: पांच माह बाद फिर अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में शुरू हुआ पर्यटन
Tourism resumes in Amangarh Tiger Reserve after five months
फिरोजाबाद के विद्युत विभाग में वर्षों से मीटर रीडिंग और बिलिंग का काम कर रहे कर्मचारियों ने आउटसोर्सिंग कंपनियों के कथित शोषण से मुक्ति दिलाने और उन्हें आउटसोर्सिंग सेवा निगम में शामिल करने की मांग उठाई है। रविवार को मीटर रीडरों ने सिरसागंज स्थित पर्यटन मंत्री ठा. जयवीर सिंह के आवास पर पहुंचकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि विद्युत विभाग में लंबे समय से सेवाएं दे रहे मीटर रीडरों का डाटा शासन को उपलब्ध कराया जाए। साथ ही उन्हें आउटसोर्सिंग सेवा निगम में शामिल करने के लिए जरूरी कार्रवाई की जाए। मीटर रीडरों का कहना है कि वे कई साल से घर-घर जाकर मीटर रीडिंग और बिजली बिल बनाने का काम कर रहे हैं। कोरोना महामारी के दौरान भी उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर सेवाएं जारी रखीं। इसके बावजूद उन्हें अलग-अलग आउटसोर्सिंग कंपनियों के अधीन काम करना पड़ रहा है। स्मार्ट मीटर लगने से रोजगार पर संकट मीटर रीडरों ने आरोप लगाया कि आउटसोर्सिंग कंपनियां उनके वेतन में कटौती करती हैं और समय से भुगतान भी नहीं किया जाता। वहीं, स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद मीटर रीडिंग का काम प्रभावित हुआ है। इससे उनके सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है और परिवार के भरण-पोषण में परेशानी हो रही है। मीटर रीडरों ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के हितों और भविष्य को सुरक्षित करने के लिए आउटसोर्सिंग सेवा निगम की व्यवस्था कर रहे हैं। ऐसे में बिजली विभाग की महत्वपूर्ण सेवाओं से जुड़े मीटर रीडरों को भी इस व्यवस्था में शामिल किया जाना चाहिए।
तवांग में अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मार्ट का शुभारंभ
तवांग। पर्यटन मंत्रालय ने अरुणाचल प्रदेश सरकार एवं और कई पूर्वोत्तर राज्यों के सहयोग से अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मा
Travel Tips: Arunachal Pradesh में Tawang और Sela Pass की सैर बना देगी आपकी ट्रिप यादगार
भारत का नॉर्थ ईस्ट अपनी अनोखी संस्कृति, प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। इन खूबसूरत राज्यों में अरुणाचल प्रदेश भी शामिल है। जिसको अक्सर हरे-भरे जंगलों, नदियों, बर्फ से ढकी पहाड़ियों और झरनों की वजह से प्रकृति प्रेमियों का स्वर्ग कहा जाता है। ऐसे में अगर आप भी भीड़भाड़ से दूर किसी शांत और रोमांचक जगह की यात्रा करना चाहती हैं, तो अरुणाचल प्रदेश को अपनी ट्रैवल बकेट लिस्ट में जरूर शामिल करना चाहिए। यहां पर आपको हिमालय की शानदार चोटियों से लेकर खूबसूरत घाटियां, प्राचीन बौद्ध मठ और स्थानीय जनजातीय संस्कृति भी देखने को मिलेगी। तवांग, बोमडिला, जीरो वैली और सेला पास जैसे पर्यटन स्थल आपकी ट्रिप को यादगार बना देंगे। इसे भी पढ़ें: Nainital से Bhimtal तक, Lucknow के पास Summer Vacation के लिए बेहतरीन हैं ये 4 जगहें क्यों खास है अरुणाचल प्रदेश हिमालय की खूबसूरती अरुणाचल प्रदेश में आपको हिमालय का बेहद खूबसूरत नजारा देखने को मिलता है। बादलों से घिरी चोटियों, घने जंगल, ऊंचे पहाड़ और घुमावदार पहाड़ी आपकी रोड ट्रिप को यादगार बना देंगी। सुबह के समय जब पहाड़ों पर धूप पड़ती है, तो यह नजारा बेहद आकर्षक और खूबसूरत नजर आता है। फोटोग्राफी पंसद करने वाले लोगों को यहां पर कई शानदार दृश्य देखने को मिल जाएंगे। तवांग यह अरुणाचल प्रदेश के सबसे फेमस पर्यटन स्थलों में से एक है। यहां पर स्थित तवांग मठ ऐतिहासिक और आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद अहम माना जाता है। पहाड़ों के बीत स्थित यह क्षेत्र अपने शांत वातावरण और खूबसूरत प्राकृतिक नजारों के लिए जाना जाता है। तवांग की यात्रा के दौरान आपको रास्ते में पहाड़ी नजारे और ऊंचाई वाले क्षेत्र देखने को मिलेंगे। सेला पास ऊंचाई पर स्थित सेला पास अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए फेमस है। यहां पर बर्फ से ढके पहाड़ और झीलों का नजारा आपका मन मोह लेंगे। हालांकि ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम तेजी से बदल जाता है। इसलिए यात्रा से पहले मौसम की जानकारी जरूर लें। जीरो वैली जीरो वैली अपने शांत वातावरण और हरियाली के लिए जाना जाता है। यहां के खूबसूरत पहाड़, खेत और स्थानीय संस्कृति आपको एकदम अलग अनुभव देते हैं। जो लोग प्रकृति के करीब समय बिताना चाहते हैं, उनके लिए यह जगह एकदम परफेक्ट है। अनोखी जनजातीय संस्कृति बता दें कि अरुणाचल प्रदेश की सबसे बड़ी खासियत में से एक यहां की विविध जनजातीय संस्कृति है। राज्य में अलग-अलग समुदायों की अपनी परंपराएं, त्योहार, भाषा, पहनावा और खान हैं। इसके अलावा आप यहां पर स्थानीय त्योहारों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान यहां की की विविधता को करीब से जान सकते हैं। एडवेंचर लवर्स के लिए है खास कैंपिंग, फोटोग्राफी, पहाड़ी ट्रैकिंग और प्रकृति के करीब रहने की इच्छा रखने वाले अरुणाचल प्रदेश की यात्रा को रोमांचक बना सकते हैं। हालांकि कुछ इलाकों में स्थानीय नियम और परमिट लागू होते हैं, इसिलए यात्रा से पहले ऑफिशियल दिशा-निर्देश जरूर देख लें। शहरों की भीड़ से दूर मिलेगा सुकून अगर आप भी कुछ दिनों के लिए शहर की भागदौड़ से दूर जाना चाहते हैं, तो आपको अरुणाचल प्रदेश प्रकृति के बीच सुकून का अनुभव दे सकता है। यहां पर पहाड़ों की शांति और साफ वातावरण आपकी ट्रिप को यादगार बना देंगे। इन बातों का रखें ध्यान अरुणाचल प्रदेश की यात्रा करने से पहले यहां के मौसम, सड़क की स्थिति, स्थानीय यात्रा के नियम और परमिट आदि की जानकारी कर लें। पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक से मौसम बदल जाता है, इसलिए दवाएं और कपड़े आदि रखें।
माइक्रो-केशन से मिरर ट्रिपिंग तक, Gen Z के ये 5 ट्रैवल ट्रेंड्स हैं सबसे हटके
घूमना हर किसी को पसंद होता है लेकिन Gen Z ने नए ट्रैवल ट्रेंड्स खोज निकाले हैं। अब तक लोग सिर्फ घूमने जाते हैं लेकिन नई पीढ़ी घूमने के साथ सुकून, आराम के लिए भी ट्रिप प्लान करती हैं। चलिए इन ट्रेंड्स के बारे में विस्तार से बताते हैं।
Winter Travel Calendar: पुष्कर मेले से Kite Festival तक, सर्दियों के 4 प्रमुख उत्सव
सर्दियों के मौसम में घूमने का एक अलग ही मजा होता है। इस दौरान लोग कहीं न कहीं ट्रिप का प्लान करते हैं। भारत में नवंबर से फरवरी के बीच हर तरफ अलग ही रौनक देखने को मिलती है। विंटर सीजन के समय कहीं रेगिस्तान में ऊंटों का मेला लगता है, तो कहीं आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से भर जाता है। यदि आप इस बार सर्दी की छुट्टियों में सिर्फ पुरानी इमारतें देखने के जगह कुछ अलग और खास एक्सपीरियंस कर सकते हैं। आइए आपको ट्रैवल का प्लान बताते हैं। भारत के 4 शानदार फेस्टिवल डेस्टिनेशंस इस लेख में हम आपको बताएंगे कि 4 ऐसे शानदार फेस्टिवल डेस्टिनेशंस के बारे में, जहां आपको कम से कम एक बार जरुर जाना चाहिए। आइए आपको बताते है- पुष्कर कैमल फेयर, राजस्थान (नवंबर) हर साल अक्टूबर-नवंबर में राजस्थान के पुष्कार में 5 दिनों का पुष्कर मेला लगता है। यह दुनिया का सबसे बड़ा मवेशी मेलों में से एक हैं। यहां आपको रंग-बिरंगे बाजार, लोक संगीत और राजस्थानी कल्चर का खूबसूरत रुप देखने को मिलता है। असल में यहां पर केवल जानवर खरीदे और बेचे नहीं जाते बल्कि मटका फोड़ने, सबसे लंबी मूंछें दिखाने और दुल्हन की तरह सजने जैसे कई मजेदार कॉम्पिटिशन भी होते हैं। यहां तक कि लोकल पुष्कर क्लब और बाहर से आए विदेशी पर्यटकों के बीच फुटबॉल मैच भी खेला जाता है। यहां पर आप पुष्कर झील और भगवान ब्रह्मा के मशहूर मंदिर देखने जरुर जाएं। कब जाएं- मेला 17 से 24 नवंबर 2026 के बीच आयोजित होगा। ट्रैवल टिप- मेले के आसपास की जगहों पर रुके और सुबह-सुबह घूमने निकलें। इस दौरान फोटो अच्छी आएगी और मेला में रौनक देखने को मिलेगी। कोणार्क डांस फेस्टिवल, ओडिशा (दिसंबर) असल में इस डांस फेस्टिवल की शुरुआत गुरु गंगाधर प्रदान ने कोर्णाक ने 1986 में की थी, जो आज भारत के सबसे बड़े क्लवासिकल डांस फेस्टिवल में से एक है। ओडिशा टूरिज्म की तरफ से होने वाले इस 5 दिनों के इवेंट में देशभर से बेस्ट डांसर्स हिस्सा लेने आते हैं। यहां पर कोर्णाक सूर्य मंदिर के समाने स्टेज पर ओडिसी, भरतनाट्यम, कत्थक, कुचिपुड़ी, मोहिनीअट्टम और मणिपुरी जैसे शानदार डांस शो देखने को मिलते हैं। कब जाएं- यह फेस्टिवल 1 से 5 दिसंबर 2026 तक चलेगा। ट्रैवल टिप- कोर्णाक के सबसे नियर भुवनेश्वर एयरपोर्ट है, जो यहां से करीब 65 किलोमीटर दूर है। आप कोर्णाक के साथ ही पुरी और भुवनेश्वर का घूमने का प्लान बना सकती है। जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल, राजस्थान (जनवरी) यदि आपको किताबें पढ़ने और नई-नई बातें जानने का बेहद शौक है, तो जयपुर का लिटरेचर फेस्टिवल जरुर जाएं। यहां पर दुनिया भर के लेखकों, कवियों, इतिहासकारों और पत्रकारों का ठिकाना बना रहता है। यहां पर किताबों, राजनीति, इतिहास, साइंस और समाज से संबंधित टॉपिक्स पर बातचीत होती है। वहीं, आप किताबों की दुकानों को एक्सप्लोर कर सकती हैं। बाद में आप जयपुर के बाजारों में घूम सकते हैं। कब जाएं- साल 2027 में यह फेस्टिवल 14 से 18 जनवरी के बीच जयपुर में होगा। ट्रैवल टिप- जाने से पहले पूरा प्रोग्राम देख लें और अपना रजिस्ट्रेशन जरुर कराएं। अंतर्राष्ट्रीय पतंग महोत्सव और मकर संक्रांति, गुजरात (जनवरी) हर सार गुजरात में मकर संक्रांति को उत्तरायण कहते हैं। इस अवधि में पूरा गुजरात अपनी-अपनी छतों पर होता है और पतंगबाजी की घूम मची रहती है। वहीं, अहमदाबाद के साबरमती रिवरफ्रंट पर इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल मनाया जाता है। यहां आसमान में उड़ती रंग-बिरंगी पतंगों के साथ ही खाना भी एकदम जबरदस्त मिलता है। कब जाएं- 10 से 14 जनवरी 2027 के बीच साबरमती रिवरफ्रंट पर यह फेस्टिवल चलेगा। ट्रैवल ट्रिप- अहमदाबाद रुकने के लिए होटल की बुकिंग पहले से ही कर लें। धूप से बचने के लिए टोपी पहनें और पक्के या कांच वाले मांझे से थोड़ा दूर रहे, जिससे चोट न लगे।
फ्रांस में करीना-सैफ का फैमिली वेकेशन, तैमूर-जेह संग देखें खूबसूरत तस्वीरें
करीना कपूर और सैफ अली खान इन दिनों फ्रांस में छुट्टियां मना रहे हैं। सैफ ने वेकेशन की कुछ तस्वीरें शेयर की हैं, जिनमें परिवार का मस्ती भरा अंदाज और कैजुअल लुक देखने को मिल रहा है।
Nainital से Bhimtal तक, Lucknow के पास Summer Vacation के लिए बेहतरीन हैं ये 4 जगहें
उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों का शहर लखनऊ जितना अपनी ऐतिहासिक इमारतों के लिए जाना जाता है, उतना की अपनी संस्कृति के लिए भी जाना जाता है। ऐतिहासिक इमारतों से भरपूर लखनऊ शहर प्राचीन काल से ही तहजीब और अदब का नमूना पेश करता आया है। लखनऊ में आपको जितनी खूबसूरती इमारतें मिलेंगी, यहां की संस्कृति और खाना भी वैसा ही है। वैसे तो यह शहर अपने आप में बेहद खूबसूरत है, लेकिन गर्मियों में यह शहर काफी गर्म हो जाता है। ऐसे में अगर आप भी किसी ऐसी जगह की तलाश में हैं, जहां पर सुकून के साथ-साथ छुट्टियों का भी पूरा मजा उठाया जा सके। तो हम आपको आज इस आर्टिकल के जरिए लखनऊ से करीब 400 किमी से कम दूरी पर स्थिति कुछ ऐसे हिल स्टेशन के बारे में बताने जा रहे हैं, जोकि बेहद खूबसूरत हैं और आप यहां अपने परिवार के साथ जा सकते हैं। इसे भी पढ़ें: Travel Tips: Manipur घूमने का प्लान है तो Imphal में Kangla Fort और Loktak Lake जरूर देखें नैनीताल लखनऊ से करीब 381 किमी दूर स्थित नैनीताल हिल स्टेशन बेहद खास और खूबसूरत है। यहां पर आप नैनी झील, नैना देवी मंदिर, टिफिन टॉप और स्नो व्यू पॉइंट जैसी जगहों को एक्सप्लोर कर सकते हैं। उत्तराखंड में कुमाऊं पहाड़ियों की तलहटी में बसा नैनीताल लखनऊ के पास सबसे ज़्यादा घूमे जाने वाले हिल स्टेशनों में से एक है। यहां पर पूरे साल मौसम सुहावना रहता है। वहीं यह जगह फैमिली ट्रिप के लिए बेस्ट है। भीमताल उत्तराखंड का भीमताल भी एक बेहद शांत और खूबसूरत हिल स्टेशन है। इस जगह की खासियत यहां का अनोखा और शांत माहौल है। यहां पर आप भीमताल झील, पैडल बोटिंग, बर्ड वाचिंग और प्रकृति के बीच सैर करने का मजा ले सकते हैं। लखनऊ से भीमताल की दूरी करीब 367 किमी है। यह जगह अपने आप में खूबसूरती को समेटे हुए है। भीमताल चीड़, ओक और झाड़ियों के घने जंगलों से घिरा है। इसके अलावा आप यहां पर कुछ फेमस मंदिरों के भी दर्शन कर सकते हैं। चंपावत उत्तराखंड में बसा चंपावत सबसे कम आबादी वाले जिलों में शामिल है। यह उत्तराखंड राज्य के पूर्वी हिस्से है और बेहद खूबसूरत जिला है। यहां पर आपको प्रकृति, पौराणिक कथाएं, इतिहास और आध्यात्मिकता का अनोखा संगम देखने को मिलता है। कुमाऊं क्षेत्र में हिमालय की शानदार पहाड़ियों से घिरे चंपावत के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। आप भी अगर किसी नई जगह की तलाश में हैं, तो यह जगह आपके लिए है। लखनऊ से यह जगह करीब 367 किमी दूर है। नौकुचियाताल उत्तराखंड का नौकुचियाताल झील के किनारे बसा एक खूबसूरत और छोटा गांव है। यह जगह उन लोगों के लिए बेस्ट है, जोकि प्रकृति के करीब रहना चाहते हैं और सुकून की तलाश में हैं। यह मुख्य रूप में यह जगह नौ कोनों वाली झील के लिए प्रसिद्ध है, जोकि करीब 1 किमी लंबी और 40 मीटर गहरी है। ऐसे में अगर आप लखनऊ में रहते हैं, तो इस बार की छुट्टियों में फैमिली के साथ यहां पर जा सकते हैं। लखनऊ से यहां की दूरी करीब 368 किमी है।
Rajasthan news: बगरू में NH-48 पर भीषण हादसा, टेंपो ट्रैवलर की ट्रेलर से टक्कर में 3 की मौत
24 अक्टूबर, शनिवार: राजस्थान के बगरू में NH-48 पर देर रात टेंपो ट्रैवलर और ट्रेलर की टक्कर में 3 लोगों की मौत हो गई और दो दर्जन से अधिक घायल हो गए, घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
Travel Tips: Manipur घूमने का प्लान है तो Imphal में Kangla Fort और Loktak Lake जरूर देखें
इंफाल एयरपोर्ट बेहद खूबसूरत है। यहां की ताजी हवा और खुला आकाश आपका मन मोह लेगा। मणिपुरी शैली की हरी छतों वाला यह छोटा और बेहद खूबसूरत एयरपोर्ट इतना सहज है कि आप फ्लाइट से उतरकर पैदल ही भवन में जा सकते हैं। महानगरों की भागदौड़ से दूर इस शहर की अपनी खासियत है। ऐसे में अगर आप भी मणिपुर जाने का प्लान कर रही हैं। तो यह आर्टिकल आपके लिए है। क्योंकि हम आपको बताने जा रहे हैं कि आप मणिपुर के इंफाल में कौन-कौन सी जगहों को एक्सप्लोर कर सकती हैं। इमा मार्केट शहर के बीचों-बीच इमा मार्केट है। यह महिलाओं यानी की माताओं द्वारा चलाया जाने वाला बाजार है। यह मार्केट सिर्फ महिलाओं द्वारा चलाई जाती है। आप यहां से फनेक, ब्लाउज, शॉल, दुपट्टे, चादर, गमछे और भी कई तरह की चीजें ले सकती हैं। इसे भी पढ़ें: Bird Watching के शौकीनों के लिए बेस्ट हैं ये 5 जगहें, सर्दियों में दिखेंगे रंग-बिरंगे पक्षी कांगला किला की सैर आपको इंफाल में दो जगहें जरूर देखनी चाहिए। पहली कांगला किला और दूसरा लोकताल लेक। कांगला फोर्ट शहर के बीच इंफाल नदी के किनारे स्थित है। मेतेई भाषा में इसका अर्थ है जमीन का मुख्य भाग। मणिपुरी भाषा भी भारत की 22 आधिकारिक भाषाओं की लिस्ट में से एक है। यहां के राजवंश के शासकों की कांगला फोर्ट राजधानी हुआ करता था और आज भी मणिपुर के लोगों के लिए गौरवपूर्ण ऐतिहासिक स्थल है। इस फोर्ट के मुख्य द्वार पर सिंह की आकृति की दो मूर्तियां लगी हैं, जिनको देवताओं का देव कहा जाता है। यहां पर घूमने के लिए गोल्फ कार्ट की सुविधा मौजूद है। मणिपुरी भाषा भी भारत की 22 आधिकारिक भाषाओं की सूची में से एक है। कांगला फोर्ट राजधानी हुआ करता था और आज भी मणिपुर के निवासियों के लिए एक गौरवपूर्ण ऐतिहासिक स्थल है। इसके अलावा आप यहां पर कांगला संग्रहालय, बोट म्यूजियम और पुरातत्व संग्रहालय देख सकते हैं। सानामाही मंदिर और पखंबा मंदिर आप सानामाही मंदिर और पखंबा मंदिर को देख सकते हैं। सानामाही मेतेई वास्तुकला का बेजोड़ नमूना है। इस मंदिर के ऊपर सींगों की आकृति बनी है, जिसको मेतेई लोग पवित्र और शुभ मानते हैं। यहां पर कई दर्शनीय स्थल है, जैसे राजा बोधचंद्र की समाधि और महाराजा नरसिंह की घोड़े पर सवार मूर्ति आदि। इसके अलावा यहां महाराजा नरसिंह द्वारा बनवाया गया श्री गोविंद जी मंदिर भी देख सकते हैं। लोकताक लेक आप इस दौरान लोकताल लेक भी जा सकते हैं। यह पूरे नॉर्थ ईस्ट की सबसे बड़ी और फ्रेश वाटर लेक है। इसकी खासियत है कि झील के ऊपर तैरते हुए भूखंड हैं, जिनको स्थानीय भाषा में 'फुम्डी' भी कहा जाता है। फुम्डी वनस्पति और अन्य जैविक तत्वों से बना एक बायोमास होता है, जो जमीन की शक्ल ले लेता है, लेकिन पानी के ऊपर तैरता रहता है। मोइरांग के पास लोकताक झील स्थित है, जहां आईएनए का संग्रहालय भी है। इस संग्रहालय में नेताजी सुभाष चंद्र बोस और उनकी सेना से संबंधित वस्तुएं देख सकते हैं। वहीं आप इंडियन पीस मेमोरियल देख सकते हैं। यह स्मारक उन भारतीय शहीदों की याद में बनाया गया है, जोकि सेकेंड वर्ल्ड वॉर में आजाद हिंद फौज के तहत जापानी सेना के साथ मिलकर लड़े थे। इस रेड हिल के पास उन्होंने ब्रिटिश सेना को हराया था। इन बातों का रखें खास ध्यान ट्रेन से इंफाल जाने के लिए आपको सबसे पहले दीमापुर या गुवाहाटी जाना होगा। यहां से इंफाल के लिए बस ले सकते हैं। इसके अलावा देश के सभी प्रमुख शहरों से फ्लाइट द्वारा भी आप यहां पर जा सकते हैं। आप सितंबर से लेकर अप्रैल के लिए बीच का समय इंफाल जाने के लिए सबसे बेहतर होता है। क्योंकि इस दौरान यहां का मौसम सुहावना रहता है। मणिपुर राज्य में यात्रा करने के लिए भारतीय नागरिकों को राज्य सरकार से आपको इनर लाइन परमिट लेना जरूरी है। अब यह सुविधा ऑनलाइन मौजूद है। आप मणिपुर सरकार के ऑफिशियल पोर्टल पर जाकर इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा आप इसको कोलकाता, दिल्ली और गुवाहाटी स्थित मणिपुर भवन से भी प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही आपको इंफाल एयरपोर्ट पर भी यह उपलब्ध है।
Travel Tips: Dussehra पर रावण दहन नहीं, Bisrakh और Baijnath जैसे गांवों में होती है पूजा
भारत देश में आपको कई ऐसे अनोखे गांव मिल जाएंगे, जिनकी रहस्यमयी कहानियां सुनकर लोग हैरान रह जाते हैं। भारत अपनी अनोखी परंपराओं और प्राचीन मान्यताओं के लिए विदेशों में भी फेमस है। यहां पर आपको कदम-कदम पर इतिहास के अलग-अलग रंग देखने को मिल जाएंगे। वहीं दशहरे के मौके पर रावण, कुंभकरण और मेघनाद जैसे दानवों के पुतले जलाए जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में कुछ ऐसे गांव भी हैं, जहां पर रावण दहन नहीं बल्कि उनकी पूजा-अर्चना की जाती है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको इन अनोखे गांव के बारे में बताने जा रहे हैं। बैजनाथ, कांगड़ा हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित बैजनाथ में रावण ने घोर तपस्या करके भगवान शिव को प्रसन्न किया था। यहीं पर रावण ने महादेव को अपने 10 सिर अर्पित किए थे। वहीं दशानन की अटूट भक्ति की वजह से यहां के स्थानीय लोग रावण को महादेव का परम भक्त मानते हैं। यहां पर दशहरे के मौके पर रावण दहन की बजाय लोग दीपक जलाकर पूजा करते हैं। इसे भी पढ़ें: भारत-तिब्बत सीमा पर 3,450 मीटर ऊंचाई पर बसा है Chitkul, Kinnaur के इस गांव का रास्ता बिसरख गांव उत्तर प्रदेश के बिसरख गांव का नाम लंकापति रावण के पिता महर्षि विश्रवा के नाम पर पड़ा था। इसलिए इस गांव के लोग दशानन को अपना बेटा मानते हैं। यही वजह है कि यहां पर कभी रामलीला का आयोजन नहीं होता है और न ही दशहरा के मौके पर रावण दहन किया जाता है। इस गांव में दशहरा के दिन शोक का माहौल रहता है। वहीं रावण की आत्मा की शांति के लिए विशेष पूजा भी की जाती है। मंदसौर मध्य प्रदेश के मंदसौर के स्थानीय लोग दशानन रावण को अपने क्षेत्र का दामाद मानते हैं। इस जगह का प्राचीन नाम 'दशपुर' था। जिसको रावण की पत्नी मंदोदरी का मायका माना जाता है। मंदसौर के खानपुरा में दशहरे के दिन रावण दहन नहीं किया जाता है। वहीं महिलाएं जब रावण की प्रतिमा के सामने से गुजरती है, तो दामाद होने के नाते उसके सम्मान में घूंघट निकालती हैं। बस्तर और दक्षिण भारत मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में गोंड और बैगा आदिवासी समुदाय के लोग ताड़का को अपनी रक्षक और कुलदेवी के रूप में मानते हैं। वहीं कर्नाटक के कोलार और मांड्या जिले में भी ऐसे गांव हैं, जहां पर ताड़का की शक्तियों और रावण के ज्ञान का आदर किया जाता है। यहां के निवासी दीपक जलाकर उनकी पूजा करते हैं। कैसे पहुंचे इन अनोखे गांवों तक बता दें कि इस सभी जगहों पर आप ट्रेन या फ्लाइट के जरिए पहुंच सकती हैं। नजदीकी रेलवे स्टेशन या एयरपोर्ट पर पहुंचते ही आप कई लोकल टैक्सी या कैब आसानी से मिल जाएंगी। जिससे आप इन गांवों तक पहुंच सकती हैं।
इटली में रोमांटिक वेकेशन पर जहीर खान और सागरिका
एक्ट्रेस सागरिका घाटगे और पूर्व क्रिकेटर जहीर खान ने इटली वेकेशन की तस्वीरें इंटरनेट पर शेयर की हैं. दोनों ने वहां के खूबसूरत नजारे भी दिखाए हैं. कपल ने इटली के टस्कन में सुकून के पल बिताए.
Backpackers और Solo Travelers के लिए Dharamshala के करीब Naddi Village बना नया ठिकाना
बारिश और ठंड के बीच का मौसम बेहद सुहावना होता है। ज्यादातर लोग इस मौसम में काम से छुट्टी लेकर फैमिली या फिर दोस्तों के साथ घूमने के लिए जाते हैं। इस मौसम में हिमाचल प्रदेश की हसीन वादियों में बसा धर्मशाला एक्सप्लोर करने लायक होता है। हालांकि अधिकतर लोग छु्ट्टियों में धर्मशाला या मैक्लोडगंज जाने का प्लान करते हैं। लेकिन इन जगहों पर पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको एक ऐसी खूबसूरत जगह के बारे में बताने जा रहे हैं, जोकि धर्मशाला से करीब 15 किमी की दूरी पर है। बैकपैकर्स, ब्लॉगर्स और सोलो ट्रैवलर्स के लिए यह ऑफबीट डेस्टिनेशन जन्नत साबित हो सकती है। इसे भी पढ़ें: Travel Tips: कम बजट में 2 दिन का सुकून देंगे Delhi NCR के पास स्थित Morni Hills और Sariska नड्डी गांव अक्सर लोग छुट्टियों पर भीड़भाड़ वाली जगह पर जाने से कतराते हैं। ऐसे में अगर आपका भी धर्मशाला या मैक्लोडगंज जाने का प्लान भारी भीड़, ट्रैफिक जाम और महंगे होटलों की वजह से कैंसिल हो रहा है। तो आपको धर्मशाला से कुछ ही दूरी पर मौजूद एक बेहद खूबसूरत जगह पर जाना चाहिए। धर्मशाला और मैक्लोडगंज में हमेशा आपको पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिलेगी। इस वजह से यहां के होटल भी काफी महंगे होते हैं। लेकिन आप धर्मशाला से कुछ किमी दूर स्थित नड्डी गांव जा सकती हैं। यह गांव कल-कल बहती पहाड़ी नदियों, खूबसूरत झरनों के दृश्यों और देवदार के लंबे पेड़ों के लिए जाना जात है। आप यहां पर सिर्फ 300 से 500 रुपए में होमस्टे या बेड बुक कर सकती हैं। यहां पर आप पहाड़ों की विशाल चोटियों के खूबसूरत नजारों को निहार सकती हैं। ट्रैकिंग और लोकल फूड नड्डी गांव में कई बेहद खूबसूरत ट्रैकिंग और हाइकिंग रूट्स बने हुए हैं। जोकि खासकर ट्रैकिंग पसंद करने वाले लोगों के लिए बेस्ट हैं। वहीं इन रास्तों पर आपको छिपे हुए पहाड़ी नाले, झरने और हरे-भरे जंगल देखने को मिलेंगे। आप यहां पर पारंपरिक खाने का स्वाद ले सकती हैं। यहां पर आपको मोमोज और सिड्डू जैसी कई स्वादिष्ट पहाड़ी डिशेज खाने को मिल जाएंगी। ऐसे जाएं नड्डी गांव बता दें कि यहां का नजदीकी एयरपोर्ट कांगड़ा एयरपोर्ट है, जोकि धर्मशाला से करीब 13 किमी दूर है। वहीं सबसे नजदीक पठानकोट रेलवे स्टेशन है। आप दिल्ली या चंडीगढ़ से सीधे स्लीपर बस से धर्मशाला पहुंच सकती हैं। फिर आप कैब या शेयरिंग ऑटो बुक करके इस खूबसूरत गांव पहुंच सकती हैं।
Travel Tips: कम बजट में 2 दिन का सुकून देंगे Delhi NCR के पास स्थित Morni Hills और Sariska
वीकेंड आते ही दिल्ली की भागदौड़ से दूर किसी शांत और सुकून वाली जगह पर जाने का मन करता है। लेकिन इसमें बजट और समय दोनों ही बाधा बनते हैं। अगर आपके पास सिर्फ दो दिन का समय है और करीब 5000 रुपए का ही बजट है, तो आप दिल्ली-एनसीआर से कई बेहद खूबसूरत और शांत जगहों पर जाने का प्लान कर सकती हैं। वहीं इन ट्रिप के लिए लंबी छुट्टी और ज्यादा खर्च की भी जरूरत नहीं होगी। दिल्ली के आसपास कई ऐसी जगहें हैं, जहां पर आपको एक ही ट्रिप में झील, जंगल, पहाड़ और हरियाली देखने को मिल सकती है। ऋषिकेश गंगा, पहाड़ और एडवेंचर का अनुभव एक साथ लेने के लिए ऋषिकेश एक बेहतरीन जगह है। अगर आपकी लिस्ट में पहाड़ों के अलावा रोमांच और नदी भी शामिल है, तो आपके लिए ऋषिकेश परफेक्ट जगह है। दिल्ली से बस के जरिए यहां पहुंचना आसान है। इसे भी पढ़ें: Navratri पर Kanpur के Ghatampur स्थित मां कूष्मांडा मंदिर के दर्शन करने की Travel Guide मोरनी हिल्स मोरनी हिल्स पर आपको पहाड़ और झील दोनों का अनुभव मिल सकता है। दिल्ली से वीकेंड ट्रिप के लिए यह एक परफेक्ट ऑप्शन है। पंचकूला जिले में स्थित हरियाणा का यह प्रमुख हिल स्टेशन है। यहां आप पहाड़ियों के अलावा टिक्कर ताल की खूबसूरती को निहार सकेंगे। झील के आसपास का पहाड़ी वातावरण और हरियाली आपको सुकून देने का काम करती है। दो दिन की ट्रिप में यहां घूमना और आसपास के इलाकों को देखना संभव है। बजट कम रखना हो, तो आपको परिवहन और होमस्टे का ऑप्शन चुना जा सकता है। लैंसडाउन जंगल और शांत पहाड़ के बीच सुकून की छुट्टियां बिताने के लिए लैंसडाउन बेहद खूबसूरत जगह हैं। उत्तराखंड के लैंसडाउन उन लोगों के लिए खास आकर्षण है, जो कि भीड़भाड़ से दूर शांत पहाड़ी माहौल में समय बिताना चाहते हैं। देवदार के पेड़, आसपास के जंगल और पहाड़ी रास्ते इस जगह को खास बनाते हैं। यहां पर आप वीकेंड में जा सकते हैं। वहीं बजट में यात्रा के लिए होमस्टे और यात्रा पर खर्च को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है। नैनीताल अगर आप भी थोड़ा लंबा सफर करने के लिए तैयार हैं, तो आपको नैनीताल में झील और पहाड़ दोनों मिल जाएंगे। आप नैनी झील के आसपास घूम सकते हैं, पहाड़ी नजारे देख सकते हैं और माल रोड पर वॉक करते हुए अपने समय को खास बना सकते हैं। हालांकि पीक सीजन में यहां के होटल और परिवहन आदि महंगे हो सकते हैं। इसलिए 5 हजार के बजट में आने-जाने के लिए ऑफ-पीक डेट, बस यात्रा और बजट स्टे चुनना ज्यादा सही रहेगा। सरिस्का दिल्ली के आसपास जंगल सफारी के साथ-साथ वीकेंड ट्रिप का मजा लेने के लिए आप सरिस्का जा सकते हैं। अगर आपको भी पहाड़ों से ज्यादा जंगल पसंद हैं, तो राजस्थान के सरिस्का जाना चाहिए। सरिस्का टाइगर रिजर्व में आप जंगल सफारी का मजा ले सकते हैं। आप आसपास के ऐतिहासिक स्थलों और अरावली के प्राकृतिक वातावरण को भी देख सकेंगे। हालांकि जंगल सफारी की फीस और उपलब्धता अलग हो सकती है, इसलिए पहले ऑफिशियल जानकारी देखना सही होगा।
Navratri पर Kanpur के Ghatampur स्थित मां कूष्मांडा मंदिर के दर्शन करने की Travel Guide
शारदीय नवरात्रि में हर जगह भक्तिमय माहौल देखने को मिल रहा है। भक्तजन देवी दुर्गा की पूजा-अर्चना कर रहे हैं और व्रत भी रख रहे हैं। शारदीय नवरात्र में हर दिन मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरुपों की पूजा की जाती है। कल यानी 14 अक्तूबर को नवरात्रि का चौथा दिन है और इस दिन मां कूष्मांडा की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां कूष्मांडा ने अपनी मुस्कान से पूरे ब्रह्मांड की रचना की थी। यदि आप इस दिन मां के दर्शन करने के लिए किसी खास मंदिर जाने का प्लान कर रही हैं, तो यह लेख आपके लिए है। असल में उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के घाटमपुर में मां कूष्मांडा देवी का चमत्कारी मंदिर है। खासकर इस मंदिर में जमीन पर लेटी हुई दिखने वाली मां की पिंडी है, जिससे पूरे साल पानी रिसता रहता है। आइए आपको यहां पर जाने के लिए पूरी ट्रैवल गाइड बताते हैं। कानपुर में मां कूष्मांडा का मंदिर कहां है? अगर आप इस मंदिर के दर्शन करना चाहते हैं, तो आप कानपुर के घाटमपुर तहसील में मां कूष्मांडा का मंदिर है। यह मंदिर अनोखी पिंडी के लिए जाना जाता है। इस मंदिर में मां की पिंडी जमीन पर लेटी हुई और इसका आकार भी आम मूर्तियों से काफी अलग है। पिंडी के दो मुख होने के कारण इसका आखिरी सिरा अभी तक किसी को समझ नहीं आया है। कानपुर के कूष्मांडा मंदिर जाने का सही समय क्या है? मंदिर सुबह 6 बजे से लेकर रात 9 बजे तक दर्शन के लिए खुला रहता है। हालांकि, त्योहारों या सर्दियों के मौसम में समय में बदलाव भी होता है। नवरात्रि के दिन जाने से पहले मंदिर का समय एक बार जरुर पता करें। मंदिर के आसपास कहां रुक सकती हैं? यदि आप किसी दूसरे शहर से मां के दर्शन करने जा रहे हैं, तो आप एक दिन से ज्यादा रुकना चाहते है, तो आप घाटमपुर में होटल या गेस्ट हाउस आपको मिल जाएंगे। वहीं, आपको कानपुर के बर्रा इलाके में भी स्टे देखने को मिलेगा। बस रुम बुक करने से पहले मंदिर से उसकी दूरी, आने-जाने की सुविध और किराया जरुर पता कर लें। कानपुर के मां कूष्मांडा मंदिर कैसे पहुंचें? ट्रेन से: कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन से आपको घाटमपुर जाने के लिए टैक्सी, ऑटो या बस का ऑप्शन मिल जाएगा। सड़क: असल में कानपुर शहर सड़क के रास्ते उत्तर प्रदेश के कई शहरों से कनेक्टेड है। जब आप कानपुर पहुंचे जाए, तो यहां से घाटमपुर जाने के लिए बस, टैक्सी आपको मिल जाएगी। हवाई जहाज से: कानपुर एयरपोर्ट पहुंचने के बाद टैक्सी या कैब से घाटमपुर पहुंच सकते हैं। मां कूष्मांडा मंदिर के दर्शन के लिए कितने समय का प्लान बनाएं? आप यहां पर दो दिन का प्लान बना सकती हैं। पहले दिन पहुंचकर फ्रेश होकर मंदिर के दर्शन करें। जिसके बाद कुछ नाश्ता या खाना खाकर दूसरी जगहों को एक्सप्लोर करें। आप कानपुर के और भी खूबसूरत मंदिरों के दर्शन कर सकते हैं- -बिठूर -गंगा बैराज -कानपुर जू -मोती झील -जेके मंदिर -इस्कॉन मंदिर -जैन ग्लास मंदिर -कानपुर मेमोरियल चर्च
बॉलीवुड के सबसे चहेते और पावर कपल्स में शुमार कियारा आडवाणी और सिद्धार्थ मल्होत्रा इन दिनों अपनी जिंदगी के बेहद खूबसूरत फेज का आनंद ले रहे हैं। पहली बार माता-पिता बनने के लगभग एक साल बाद यह कपल अब अपने दूसरे बच्चे का स्वागत करने के लिए पूरी तरह ...
Travel Tips: Vrindavan के Chhatikara में स्थित Char Dham Mandir में करें चार धामों के दर्शन
वृंदावन का नाम आते ही लोगों के मन में सबसे पहले राधा-कृष्ण और मंदिरों के बारे में ख्याल आता है। यहां पर देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु के दर्शन के लिए आते हैं। लेकिन वृंदावन के छटीकरा इलाके में एक ऐसा मंदिर भी हैं, जहां पर आपको एक ही स्थान पर अलग-अलग देवी-देवताओं के दर्शन हो सकते हैं। इसको चारधाम मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। यहां पर आपको राधा-कृष्ण धाम, शिव धाम, शनि धाम और वैष्णो माता धाम देखने को मिलेंगे। चार धाम मंदिर बड़ा होने के साथ-साथ काफी ज्यादा बड़ा भी है। ऐसे में अगर आप भी वृंदावन जाने का प्लान कर रही हैं, तो आप चार धाम को भी अपनी ट्रिप में शामिल कर सकती हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको इस बारे में पूरी जानकारी देने जा रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Lepchajagat में WBFDC लॉज और Homestay से निहारें Kanchenjunga, प्रकृति प्रेमियों के लिए बेस्ट वृंदावन में चार धाम मंदिर वृंदावन के छटीकरा इलाके में चार धाम मंदिर है। मथुरा और आगरा की ओर जाते समय NH-2 से इस जगह की बड़ी मूर्तियां दूर से ही नजर आने लगती हैं। यहां पर भगवान शिव और मां वैष्णो देवी की बड़ी मूर्तियां शामिल हैं। जो इस मंदिर की खास पहचान है। यहां पर एक बड़ा धार्मिक परिसर है, जिसको अलग-अलग देवी-देवताओं के दर्शन के लिए बनाया गया है। एक जगह कर सकेंगे चार धामों के दर्शन इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां पर आपको चार अलग-अलग धामों के दर्शन एक साथ हो जाएंगे। इसमें राधा-कृष्ण धाम, शनि धाम, शिव धाम और वैष्णो देवी धाम शामिल हैं। शनि धाम चार धाम मंदिर के शनि धाम में आप शनिदेव के भी दर्शन कर सकते हैं। यहां पर शनिवार को बड़ी संख्या में भक्त आते हैं और शनिदेव पर तेल अर्पित कर पूजा करते हैं। तो वहीं कई लोग परिवार की सुख-समृद्धि और जीवन में स्थिरता की कामना लेकर मंदिर में आते हैं। यहां की खासियत है कि आपको यहां भरपूर शांति मिलेगी। राधा-कृष्ण धाम राधा-कृष्ण धाम भी इस मंदिर का बेहद खूबसूरत हिस्सा है। यहां पर भगवान कृष्ण और राधारानी की सुंदर प्रतिमाएं हैं। यह तो सभी लोग जानते हैं कि वृंदावन का संबंध भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं से जुड़ा है। इसलिए यहां पर बने इस राधा-कृष्ण धाम को लोग देखने क लिए आते हैं। यहां पर भजन-कीर्तन और आरती होती है, वहीं राधाष्टमी और जन्माष्टमी के मौके पर इस मंदिर को विशेष रूप से सजाया जाता है। शिव धाम यहां पर शिव धाम में शिवलिंग और महादेव की खूब बड़ी प्रतिमा है। भगवान भोलेनाथ की मूर्ति की ऊंचाई करीब 175 फीट है। ऐसे में जो भी वृंदावन आता है, वह यहां पर आकर भगवान शिव के दर्शन जरूर करता है और कई लोग तो फोटो भी क्लिक कराते हैं। वैष्णो माता धाम चार धाम मंदिर में वैष्णो देवी का धाम भी है। यहां पर आप माता के अलग-अलग स्वरूपों के दर्शन कर सकते हैं। नवरात्रि के दौरान यहां पर खास आयोजन होते हैं। इस दौरान लोग बड़ी संख्या में मंदिर पहुंचते हैं। वहीं यहां पर आपको महादेव के साथ माता की 141 फीट ऊंची मूर्ती देखने को मिलेगी। ऐसी है मंदिर की बनावट चार धाम मंदिर में आपको पुरानी पारंपरिक मंदिर शैली के साथ-साथ मॉडर्न डिजाइन का बेहतरीन कॉम्बिनेशन देखने को मिलेगा। यहां एक बड़ा सा मेन गेट, सुंदर सा परिसर और अलग-अलग देवी-देवताओं की मूर्तियां लगी हैं। मंदिर में अच्छी खासी लाइटिंग की भी व्यवस्था है। साथ ही देवी-देवताओं की सुंदर मूर्तियां और सजावट के कारण यहां की खूबसूरती देखने लायक होती है। चार धाम मंदिर जाने का समय और अन्य जानकारी अगर आप भी वृंदावन के चार धाम मंदिर जाने का प्लान कर रही हैं, तो उससे पहले ये जरूरी बातें नोट कर लें। स्थान - छटीकरा, वृंदावन दर्शन का समय - सुबह 7 बजे से दोपहर 1 बजे तक शाम का समय - शाम को 4 बजे से रात 8:30 बजे तक यहां पर कोई एंट्री फीस नहीं है।
विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर रविवार को दिल्ली के प्रमुख ऐतिहासिक स्मारकों में पर्यटकों को निशुल्क प्रवेश मिलेगा।
चाहत खन्ना की मालदीव वेकेशन की तस्वीरें इंटरनेट पर छाईं
टीवी एक्ट्रेस चाहत खन्ना की मालदीव वेकेशन की तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। उन्होंने बीच और पूल से अपनी छुट्टियों की कई तस्वीरें साझा कीं, जिनमें वह वेकेशन एन्जॉय करती नजर आईं।
प्रेग्नेंट दीपिका और बेटी दुआ को लेकर वेकेशन पर निकले रणवीर सिंह! बेबी बंप फोटोज देख चहक उठे फैंस
Ranveer Singh Deepika Padukone Photos Fact Check:
Gaurav Khanna माता-पिता के साथ मसूरी वेकेशन पर निकले, बारिश में फंसे तो ऐसे किया एन्जॉय
एक्टर गौरव खन्ना सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं। एक्टर लगातार अपने फैंस के साथ अपनी जिंदगी से जुड़े अपडेट शेयर कर रहे हैं। हाल ही में गौरव ने एक नया वीडियो शेयर कर बताया कि वह अपने माता-पिता के साथ मसूरी वेकेशन पर गए हैं। गौरव ने वीडियो में उस कार की झलक भी दिखाई, जिसमें वह अपनी मां और पिता के साथ सफर कर रहे हैं। पहाड़ों की ओर जाते हुए गौरव काफी खुश नजर आए। वीडियो में उन्होंने कहा, बादलों के बीच में जाते हुए। इस वीडियो के साथ उन्होंने मसूरी का नाम भी लिखा। बारिश में फंसे गौरव खन्ना मसूरी पहुंचने के बाद गौरव ने एक और वीडियो शेयर किया, जिसमें वह बारिश का मजा लेते नजर आए। उन्होंने बताया कि वहां बारिश काफी तेज हो रही थी। गौरव ने कहा कि उन्होंने छतरी भी ली थी, लेकिन तेज बारिश की वजह से उनके हाल खराब हो गए। इसके बाद गौरव एक रेस्टोरेंट में चाय पीते नजर आए। उन्होंने कहा कि ट्रिप पर इतनी बारिश में आएंगे तो ऐसा होना ही है, लेकिन यही तो ट्रिप का मजा है। वीडियो के आखिर में गौरव ने मजाकिया अंदाज में कहा, मजा भी है। इसे भी पढ़ें: Tumbbad 2 की रेकी के दौरान हुआ बड़ा खुलासा: उसी खौफनाक हवेली में टीम को मिला 8 साल पुराना रहस्यमयी खजाना! फैंस ने गौरव के वेकेशन को बताया जरूरी गौरव खन्ना के ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। फैंस को उनका अपने माता-पिता के साथ समय बिताना काफी पसंद आ रहा है। कई फैंस का मानना है कि गौरव को इस तरह के ब्रेक और वेकेशन की जरूरत थी। कुछ फैंस ने गौरव और उनकी पत्नी आकांक्षा चमोला के रिश्ते को लेकर भी कमेंट किए। फैंस का कहना है कि आकांक्षा से अलग रहने के बाद गौरव के लिए परिवार के साथ समय बिताना और घूमना अच्छा है। इसे भी पढ़ें: Pune में घर खरीदने के बाद अब शादी की जिम्मेदारियों पर क्या बोले Parth Samthaan गौरव खन्ना और आकांक्षा चमोला का अभी तक नहीं हुआ तलाक गौरव खन्ना और आकांक्षा चमोला की शादी और तलाक को लेकर लंबे समय से चर्चा होती रही है। लॉकअप 2 में गौरव, आकांक्षा को सपोर्ट करने पहुंचे थे। उस दौरान एक्टर ने बताया था कि दोनों अभी भी कानूनी तौर पर शादीशुदा हैं और उनका तलाक नहीं हुआ है। वहीं, लॉकअप 2 के बाद आकांक्षा चमोला ने भी बताया था कि अभी तक तलाक के पेपर साइन नहीं हुए हैं। फिलहाल दोनों अपने-अपने प्रोजेक्ट्स में बिजी हैं। इस बीच गौरव अपने माता-पिता के साथ मसूरी ट्रिप का आनंद लेते नजर आ रहे हैं।
राजधानी दिल्ली को सिर्फ ट्रांजिट सिटी के बजाय देश-दुनिया के पर्यटकों के लिए पूर्ण पर्यटन गंतव्य बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने मंगलवार को चार नए आध्यात्मिक एवं विरासत पर्यटन सर्किट शुरू किए।
कड़कड़ाती सर्दी में बिकिनी पहन पूल में उतरीं रुबीना दिलैक, जापान वेकेशन की दिखाई झलक
टीवी की संस्कारी बहू रुबीना दिलैक रियल लाइफ में काफी ग्लैमरस हैं। वह अक्सर फैंस के साथ अपनी हॉट एंड सिजलिंग तस्वीरें शेयर करती रहती हैं। रुबीना वह छोटे पर्दे की हाई पेड एक्ट्रेसेस में शुमार है। हाल ही में रुबीना ने अपनी जापान ट्रिप की तस्वीरें फैंस ...
स्विमिंग पूल किनारे मोनालिसा का सिजलिंग अंदाज, वेकेशन से शेयर की बोल्ड तस्वीरें
भोजपुरी एक्ट्रेस मोनालिसा हिंदी टीवी इंडस्ट्री में भी अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी मोनालिसा की जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। वह अपनी ग्लैमरस तस्वीरों से तहलका मचाती रहती हैं। मोनालिसा इन दिनों थाइलैंड में वेकेशन एंजॉय कर रही ...
गोवा में वेकेशन एंजॉय कर रहीं कृष्णा श्रॉफ, शेयर की खूबसूरत तस्वीरें
कृष्णा श्रॉफ निश्चित रूप से जानती हैं कि लोगों का ध्यान कैसे आकर्षित करना है- चाहे वह उनकी MMA चॉप्स हों या उनकी वेकेशन की तस्वीरें। कृष्णा इस दिनों गोवा की धूप और बीच पर छुट्टियां मना रही हैं। इसी बीच कृष्णा श्रॉफ ने सोशल मीडिया पर अपनी ट्रॉपिकल ...
कैंसर के ट्रीटमेंट जंग के बीच वेकेशन मनाने मालदीव पहुंचीं हिना खान, शेयर की खूबसूरत तस्वीरें
टीवी एक्ट्रेस हिना खान भले ही कैंसर से जंग लड़ रही हैं, लेकिन वह अपनी लाइफ को खुलकर जी रही हैं। इस गंभीर बीमारी से जंग लड़ते हुए वह लाइफ का हर पल एंजॉय कर रही हैं। हिना खान इन दिनों मालदीव में वेकेशन एंजॉय कर रही हैं। मालदीव में वेकेशन मनाते हुए ...
Tejasswi Praksh-Karan Kundrra नहीं हुए अलग,रोमांटिक वेकेशन एन्जॉय कर रहा है कपल करीबी दोस्त ने खोला राज
शादी के तीन महीने बाद हनीमून पर निकलेRakul Preet Singh औरJackky Bhagnani, वेकेशन से वायरल हुई एक्ट्रेस की तस्वीरें
एक बार फिर सिनेमा घरो में दस्तक देने जा रही है क्रिस्टोफ़र नोलन की स्पेस एडवेंचर फिल्मInterstellar,10वीं सालगिरह पर होगी री-रिलीज़

