बैतूल की पवित्र नगरी मुलताई में वर्षों से लंबित ताप्ती ट्रस्ट के गठन का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। मुलताई विधायक चंद्रशेखर देशमुख ने शुक्रवार को जिला कलेक्टर बैतूल को पत्र लिखकर मध्यप्रदेश शासन से मां ताप्ती मंदिर समिति के गठन की प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने की मांग की है। विधायक देशमुख का कहना है कि वर्ष 2009 में मुलताई को पवित्र नगरी घोषित किए जाने के बावजूद आज तक ट्रस्ट का गठन नहीं हो सका है। इसके अभाव में क्षेत्र का धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन विकास प्रभावित हो रहा है। उन्होंने अपने पत्र में 23 जून 2009 को मध्यप्रदेश शासन के राजपत्र (असाधारण) में प्रकाशित अधिसूचना क्रमांक-233 का भी उल्लेख किया। विधायक ने बताया कि श्री क्षेत्र ताप्ती उद्गम स्थल पर स्थित प्राचीन मंदिरों का चिन्हांकन राजस्व विभाग और नगरपालिका परिषद मुलताई द्वारा संयुक्त रूप से कराया गया था। इसके बाद राजस्व विभाग ने 6 मई 2025 को जारी अनुवृत्ति पत्र के माध्यम से मां ताप्ती मंदिर सहित कुल 35 प्राचीन मंदिरों को राजस्व अभिलेखों में दर्ज कर लिया है। नगरपालिका परिषद भी कलेक्टर को प्रस्ताव भेज चुकीपत्र के अनुसार, मां ताप्ती उद्गम सरोवर, विभिन्न पवित्र कुंडों और ताप्ती नदी के प्रवाह क्षेत्र का भी सीमांकन कर उन्हें नगरपालिका क्षेत्र में दर्ज किया जा चुका है। इन सभी धार्मिक परिसंपत्तियों का स्वामित्व राजस्व अभिलेखों में कलेक्टर बैतूल के नाम 'सर्वराकार' के रूप में दर्ज है। विधायक देशमुख ने जोर दिया कि मध्यप्रदेश लोक न्यास अधिनियम, 1951 के प्रावधानों के तहत इन मंदिरों और संपूर्ण तीर्थ क्षेत्र के संरक्षण, प्रबंधन तथा विकास के लिए मां ताप्ती मंदिर समिति के नाम से एक शासकीय ट्रस्ट का गठन आवश्यक है। इस संबंध में नगरपालिका परिषद मुलताई भी कलेक्टर को एक प्रस्ताव भेज चुकी है। मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने अपने पत्र में उल्लेख किया था कि 2009 में पवित्र नगरी का दर्जा मिलने के बावजूद ट्रस्ट के अभाव में धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन विकास की संभावनाएं अपेक्षित गति नहीं पकड़ सकीं। प्रस्ताव के साथ राजपत्र की प्रति, 35 मंदिरों की सूची, खसरा प्रतियां और ताप्ती नदी सीमांकन रिपोर्ट भी संलग्न की गई थी। पर्यटन विकास निगम भी कर चुका है तैयारीताप्ती उद्गम क्षेत्र के विकास को लेकर मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम भी सक्रिय रहा है। 11 सितंबर 2025 को आयोजित समीक्षा बैठक में ताप्ती उद्गम स्थल के धार्मिक एवं पर्यटन विकास की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई थी। बैठक में बताया गया था कि सतपुड़ा के पठार पर स्थित मुलताई मां ताप्ती के उद्गम स्थल के रूप में देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है तथा यहां पर्यटन विकास की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। ट्रस्ट के अभाव में अटकी 15.62 करोड़ की परियोजनापर्यटन विभाग एवं मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा ताप्ती उद्गम क्षेत्र के समग्र विकास के लिए लगभग 15 करोड़ 62 लाख रुपए की विस्तृत परियोजना तैयार की जा चुकी है। इसमें मार्ग संकेतक, पेयजल व्यवस्था, सीवर लाइन, बायोडाइजेस्टर, विद्युतीकरण, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था, सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली, सीसीटीवी निगरानी, अग्निशमन प्रणाली तथा श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़े अनेक कार्य प्रस्तावित हैं। बताया जा रहा है कि ट्रस्ट का गठन नहीं होने के कारण यह महत्वाकांक्षी परियोजना अब तक धरातल पर नहीं उतर सकी है। शासन के फैसले पर टिकी निगाहेंविधायक चन्द्रशेखर देशमुख के पत्र के बाद अब निगाहें मध्यप्रदेश शासन के निर्णय पर टिक गई हैं। यदि मां ताप्ती मंदिर समिति अथवा शासकीय ट्रस्ट का गठन होता है, तो न केवल मंदिरों और उद्गम क्षेत्र के संरक्षण एवं प्रबंधन को नई दिशा मिलेगी, बल्कि धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने और मुलताई को प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
फिल्म ‘नागबंधम द सीक्रेट ट्रेजर’ अपने माइथो कंटेंट को लेकर चर्चा में हैं। इसमें भगवान शिव को खास तरीके से प्रेजेंट किया गया है। यह 3 जुलाई को रिलीज होगी। निर्देशक अभिषेक नामा ने मेकिंग से जुड़ी रोचक बातें शेयर कीं... अभिषेक बताते हैं...‘नागबंधम द सीक्रेट ट्रेजर’ एक भव्य एडवेंचर थ्रिलर फिल्म है, जो सदियों से छिपे एक रहस्य के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म में एक ऐसी जर्नी दिखाई गई है, जिसमें पौराणिक कथाएं, पवित्र मंदिर, भूले-बिसरे योद्धा, ब्रह्मकमल और एक खजाना शामिल है, जो मानवता की किस्मत बदल सकता है। यह फिल्म 5 भाषाओं तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम और हिंदी में बनी है।’अभिषेक ने बताया, ‘फिल्म की शूटिंग कई जगहों पर की गई, जिनमें हैदराबाद, विशेष रूप से तैयार किए गए स्टूडियो सेट, जंगल, पानी वाले लोकेशन और बड़े आउटडोर क्षेत्र शामिल हैं, जिन्हें कहानी की जरूरत के हिसाब से अलग-अलग दुनिया और समय को दर्शाने के लिए तैयार किया गया। सभी शेड्यूल, एक्शन सीक्वेंस, गानों और अन्य कामों को मिलाकर इस फिल्म को पूरा करने में एक साल से अधिक का समय लगा।’ देश के प्राचीन इतिहास और रहस्यमयी खजानों के प्रति रुचि से आया आइडिया अभिषेक साझा करते हैं...‘नागबंधम का मूल आइडिया भारत के प्राचीन इतिहास और रहस्यमयी खजानों के प्रति मेरी गहरी रुचि से आया। कई वर्षों तक मैंने पवित्र मंदिरों, नाग परंपराओं, खो चुकी सभ्यताओं से जुड़ी कहानियों पर रिसर्च की। कई एडवेंचर से भरी कहानियों ने प्रेरित किया।’ हर किरदार के व्यक्तित्व के हिसाब से एक्टर्स को फिल्म में चुना गया है अभिषेक कहते हैं...‘फिल्म के हर किरदार के लिए एक खास व्यक्तित्व और स्क्रीन प्रेजेंस की जरूरत थी। विराट कर्ण को इसलिए चुना गया, क्योंकि उनके भीतर मुख्य किरदार की जर्नी को दिखाने की क्षमता थी। महेश मांजरेकर और मुरली शर्मा जैसे अनुभवी कलाकारों ने फिल्म को गहराई और विश्वसनीयता दी। वहीं नाभा नटेश और दक्षा नागरकर अपने किरदारों में मजबूती और आकर्षण लाईं। जब ये कलाकार जुड़े तो हमें लगा कि ‘नागबंधम’ की दुनिया के लिए हमें बिल्कुल सही टीम मिल गई है। विराट कर्ण उन पहले कलाकारों में शामिल थे, जो इस प्रोजेक्ट से जुड़े, क्योंकि पूरी कहानी उनके किरदार के इर्द-गिर्द घूमती है। ’ करीब 110 करोड़ रुपए है लागत अभिषेक कहते हैं...‘नागबंधम’ का उद्देश्य सिर्फ मनोरंजन नहीं है। हर सेट, कॉस्ट्यूम, हथियार और फ्रेम को भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान और जुनून के साथ तैयार किया गया है। सिर्फ ट्रेजर हंट नहीं, देश की संस्कृति से लोगों को परिचय भी कराना है। इसका बजट करीब 110 करोड़ रुपए है।’ शूटिंग लोकेशन - हैदराबाद में विशेष रूप से तैयार किए गए स्टूडियो अभिषेक के मुताबिक, ‘फिल्म की शूटिंग कई जगहों पर की गई, जिनमें हैदराबाद, विशेष रूप से तैयार किए गए स्टूडियो सेट, जंगल, पानी वाले लोकेशन और बड़े आउटडोर क्षेत्र शामिल हैं, जिन्हें कहानी की जरूरत के हिसाब से अलग-अलग दुनिया और समय को दर्शाने के लिए तैयार किया गया। सभी शेड्यूल, एक्शन सीक्वेंस, गानों और अन्य कामों को मिलाकर इस फिल्म को पूरा करने में एक साल से अधिक का समय लगा।’ 10 बड़े सेट में तैयार हुई फिल्म की दुनिया ‘नागबंधम’ के लिए करीब 10 बड़े सेट तैयार किए गए। ‘फिल्म के हर हथियार और कॉस्ट्यूम को अलग तरीके से डिजाइन किया गया है। एक्शन और क्लोजअप सीन्स के लिए हथियारों के अलग-अलग संस्करण तैयार किए गए। फिल्म के इमोशन को शिद्दत से दिखाएंगे 5 भव्य गाने अभिषेक ने बताया ‘फिल्म का हर गीत इसकी कहानी को आगे बढ़ाने के साथ इससे जुड़ी अलग-अलग भावनाओं को भी दिखाता है। - एक भव्य भक्ति गीत, जो दिव्य ऊर्जा और आध्यात्मिकता का उत्सव पर है। - दूसरा रोमांटिक गीत है, जो मुख्य किरदारों के इमोशल रिश्ते को दिखाता है। - तीसरा इमोशनल गीत है, जिसमें दर्द, त्याग और आंतरिक संघर्ष नजर आएगा। - चौथा सनातन धर्म और नागा साधुओं की दुनिया से प्रेरित गीत है। - पांचवें गाने में पारिवारिक उत्सव है, जिसमें खुशी, अपनापन और परंपरा दिखेगी।
स्मार्ट ट्रैवल टेक्नोलॉजी अपडेट: आज के डिजिटल दौर में टेक्नोलॉजी ने हमारे घूमने-फिरने के तरीके को पूरी तरह से बदल दिया है। अब किसी ट्रिप पर जाने के लिए न तो आपको एजेंटों के चक्कर काटने पड़ते हैं और न ही भारी-भरकम कैश लेकर चलने की मजबूरी होती है। ट्रिप की प्लानिंग से लेकर डेस्टिनेशन पर पहुंचने, रुकने और वापस आने तक का हर काम अब स्मार्टफोन के कुछ क्लिक्स पर सिमट गया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक डिजिटल टूल्स की वजह से आज का सफर पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित, आसान और बजट-फ्रेंडली हो गया है।अगर आप भी आने वाले दिनों में किसी वेकेशन या बिजनेस ट्रिप की प्लानिंग कर रहे हैं, तो टेक्नोलॉजी से जुड़े इन 7 बड़े बदलावों को जरूर जान लें जो आपके ट्रैवलिंग एक्सपीरियंस को बिल्कुल बदल देंगे।1. एआई बेस्ड ट्रैवल प्लानिंग: आपका पर्सनल गाइड है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसअब आपको इंटरनेट पर घंटों बैठकर ट्रिप का शेड्यूल बनाने की जरूरत नहीं है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब आपकी पसंद, बजट, दिनों की संख्या और आपके इंटरेस्ट के हिसाब से पूरा कस्टमाइज्ड ट्रैवल प्लान (Itinerary) पलक झपकते ही तैयार कर देता है। एडवांस एआई चैटबॉट्स न सिर्फ आपको बेहतरीन होटल्स और फ्लाइट्स के विकल्प देते हैं, बल्कि वहां के मशहूर रेस्टोरेंट्स और घूमने लायक छिपी हुई खूबसूरत जगहों (Hidden Gems) की भी सटीक सिफारिश करते हैं। इससे समय की भारी बचत होती है और सबसे बेस्ट ऑप्शन मिलते हैं।2. डिजिटल बोर्डिंग पास और कॉन्टैक्टलेस ट्रैवल: लाइनों का झंझट खत्मएयरपोर्ट्स और अब प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर भी लंबी कतारों से मुक्ति दिलाने के लिए डिजिटल टिकटिंग और कॉन्टैक्टलेस ट्रैवल को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। ई-बोर्डिंग पास और फेस रिकग्निशन (चेहरा पहचानने वाली) जैसी आधुनिक बायोमेट्रिक तकनीकों की मदद से अब यात्री बिना किसी फिजिकल डॉक्यूमेंट या कागज के सीधे एंट्री पा सकते हैं। अपने मोबाइल से ही घर बैठे वेब चेक-इन करने की सुविधा ने यात्रियों का काफी कीमती समय बचा दिया है।3. रियल-टाइम नेविगेशन और स्मार्ट मैप्स: अनजान राहें भी हुईं आसानआज के दौर में अगर आप किसी अनजान शहर या सुदूर पहाड़ी इलाके में भी हैं, तो रास्ता भटकने का डर बिल्कुल खत्म हो चुका है। आधुनिक नेविगेशन ऐप्स सिर्फ रास्ता ही नहीं दिखाते, बल्कि आपको लाइव ट्रैफिक अपडेट, सड़क बंद होने की चेतावनी, दुर्घटनाओं की जानकारी और सबसे शॉर्टकट या वैकल्पिक रास्ते भी बताते हैं। इसके साथ ही आपके रूट पर पड़ने वाले पेट्रोल पंप, अस्पताल, एटीएम और अच्छे ढाबों या होटल्स की लोकेशन भी आपको स्क्रीन पर रियल-टाइम में दिखती रहती है।4. स्मार्ट लगेज और जीपीएस ट्रैकिंग: अब नहीं होगी सामान खोने की टेंशनअक्सर यात्रा के दौरान सबसे बड़ा डर सामान के खोने या चोरी होने का रहता है। इस समस्या का हल जीपीएस (GPS) और ब्लूटूथ आधारित स्मार्ट लगेज और ट्रैकिंग डिवाइस ने निकाल दिया है। इन बैग्स में इन-बिल्ट ट्रैकिंग सिस्टम होता है, जिससे आप अपने स्मार्टफोन पर लाइव देख सकते हैं कि आपका बैग इस वक्त कहां है। इसके अलावा, आजकल के स्मार्ट बैग्स डिजिटल लॉक, इन-बिल्ट यूएसबी चार्जिंग पोर्ट और बैग के आपसे दूर जाने पर मोबाइल पर एंटी-थेफ्ट अलर्ट भेजने जैसी सुविधाओं के साथ आते हैं।5. ऑनलाइन बुकिंग और डिजिटल पेमेंट: कैशलेस सफर का नया दौरफ्लाइट, सुपरफास्ट ट्रेन, लग्जरी बस, होटल या लोकल टैक्सी की बुकिंग अब चुटकियों में मोबाइल ऐप्स के जरिए हो जाती है। सबसे बड़ा बदलाव डिजिटल पेमेंट क्रांति से आया है। यूपीआई (UPI), डिजिटल वॉलेट, सुरक्षित इंटरनेट बैंकिंग और इंटरनेशनल फॉरेक्स कार्ड्स की मदद से अब जेब में नकदी (Cash) रखने की टेंशन खत्म हो गई है। डिजिटल लेन-देन करने पर यात्रियों को बंपर डिस्काउंट, कूपन कोड्स और कैशबैक का फायदा भी मिलता है, जिससे सफर काफी किफायती हो जाता है।6. वर्चुअल टूर और ऑगमेंटेड रियलिटी (AR): जाने से पहले देखें नजाराकई बड़ी ट्रैवल कंपनियां और टूरिस्ट स्पॉट्स अब वर्चुअल रियलिटी (VR) और ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसकी मदद से आप किसी भी होटल के कमरे या टूरिस्ट डेस्टिनेशन को बुक करने से पहले ही उसका 360-डिग्री व्यू देख सकते हैं। इससे आपको यह समझने में आसानी होती है कि असल में वह जगह कैसी दिखती है। यह तकनीक यात्रियों को गलत डेस्टिनेशन चुनने की गलती से बचाती है और बुकिंग को पारदर्शी बनाती है।7. ट्रैवल सेफ्टी और इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम: हर पल सुरक्षित रहेगा आपका सफरआधुनिक ट्रैवल ऐप्स में अब सुरक्षा को लेकर बेहद शानदार फीचर्स दिए जा रहे हैं। ये ऐप्स आपको खराब मौसम, फ्लाइट में देरी, प्राकृतिक आपदाओं या किसी क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी दिक्कतों का रियल-टाइम अलर्ट तुरंत भेज देते हैं। इसके साथ ही इन ऐप्स में मिलने वाले एसओएस (SOS) बटन, लाइव लोकेशन शेयरिंग और वन-टैप इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर जैसी सुविधाएं किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाने का काम करती हैं, जिससे अकेले सफर करने वाले यात्रियों का भरोसा काफी बढ़ा है।
यूनाइटेड होटलियर्स एसोसिएशन ने पूरे किए 6 वर्ष, पर्यटन व होटल उद्योग के विकास पर किया मंथन
उदयपुर | यूनाइटेड होटलियर्स ऑफ उदयपुर एसोसिएशन के 6 वर्ष पूर्ण होने के बलीचा स्थित एक निजी होटल में बुधवार को समारोह का आयोजन किया गया। बताया गया कि 6 साल की यात्रा में संगठन ने होटल व्यवसायियों को एक मंच पर लाकर पर्यटन और आतिथ्य उद्योग को मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एसोसिएशन के सचिव रूपम सरकार ने स्लाइड शो के माध्यम से संगठन द्वारा पिछले छह वर्षों में किए गए विभिन्न कार्यों, गतिविधियों और उपलब्धियों की जानकारी प्रस्तुत की। कार्यक्रम की शुरुआत में एसोसिएशन के अध्यक्ष यूबी श्रीवास्तव ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में आईएमए के अध्यक्ष डॉ. आनंद गुप्ता, जॉइंट डायरेक्टर पर्यटन सुमिता सरोच, डिप्टी डायरेक्टर पर्यटन शिखा सक्सेना मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं होटल संस्थान दक्षिण राजस्थान के केपी अग्रवाल, अंबालाल साहू, होटल फेडरेशन राजस्थान, उदयपुर चैप्टर के अध्यक्ष राकेश चौधरी विशिष्ट अतिथि रहे। इस दौरान दिनेश उपाध्याय, उपाध्यक्ष उज्ज्वल मेनारिया आदि मौजूद रहे।
प्रोविजनल पेंशनर्स को मिलेगा ट्रैवल कंसेशन और बुढ़ापा भत्ता
भास्कर न्यूज | अमृतसर पंजाब सरकार के वित्त विभाग (वित्त पेंशन पॉलिसी और तालमेल शाखा) ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए एक बड़ा राहत भरा आदेश जारी किया है। विभाग ने 23 जून 2026 को नया पत्र जारी कर, इस विषय पर 22 दिसंबर 2022 को जारी किए गए अपने पुराने आदेश को तुरंत प्रभाव से वापस ले लिया है। इस नए फैसले के तहत जिन सेवानिवृत्त कर्मचारियों के खिलाफ कोई विभागीय या न्यायिक कार्यवाही लंबित है और वे वर्तमान में प्रोविजनल पेंशन का लाभ ले रहे हैं, उन्हें अब ट्रेवल कंसेशन और बुढ़ापा भत्ता (ओल्ड एज अलाउंस) का लाभ मिल सकेगा। शासनिक विभाग यह लाभ इस शर्त पर देंगे कि यदि भविष्य में जांच का फैसला कर्मचारी के विरुद्ध आता है, तो उसे भत्तों के रूप में प्राप्त की गई पूरी राशि सरकार को वापस करनी होगी। वहीं, बरी होने वाले कर्मचारियों को नियमित पेंशन के एरियर के साथ पूरा भुगतान किया जाएगा। वित्त विभाग ने इस पत्र के जरिए सभी प्रशासनिक विभागों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे ऐसे सभी मामलों की विस्तृत समीक्षा करें जहां विभागीय कार्यवाहियां लंबे समय से लटकी हुई हैं। सरकार ने कहा है कि जानबूझकर जांच में देरी करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाए। सभी विभागों को इस आदेश के जारी होने के तीन महीने के भीतर आवश्यक कार्रवाई पूरी कर वित्त विभाग को अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपनी होगी।
राजस्थान में मानसून के इंतजार के बीच गुरुवार को जयपुर में तेज बारिश हुई। करीब आधे घंटे में 2 इंच बरसात से सड़कें पानी से डूब गईं। जगह-जगह गाड़ियां पानी में बंद हो गईं। दुकानों में पानी घुस गया। कोलकाता में भी कुछ ऐसा ही हाल रहा। दोपहर में करीब एक घंटे की बारिश से शहर की मुख्य सड़कों पर एक फीट तक पानी भर गया। कोलकाता के SSKM अस्पताल के अंदर तक पानी घुस गया। इससे मरीज और उनकी देखभाल करने वाले लोगों को काफी परेशानी हुई। बारिश से हादसों की आशंका को देखते हुए मध्य प्रदेश के इंदौर में 15 पर्यटन स्थलों में 22 अगस्त तक एंट्री बंद कर दी गई है। राज्य के शाजापुर में गुरुवार को बिजली गिरने से एक बुजुर्ग की मौत हो गई। मौसम विभाग ने कहा है कि अगले 2 से 4 दिनों में मानसून पूरे राज्य को कवर कर सकता है। इधर, यूपी में मानसून 8 दिन लेट है। यह आमतौर पर 20 जून तक आ जाता है लेकिन इस बार 15 दिनों से बिहार बॉर्डर पर रुका है। राज्य के 8 जिलों में गुरुवार को हीटवेव के हालात रहे। बिहार के 13 जिलों में तेज धूप के साथ गर्म हवा चली। पहले मैप में देखिए, कहां तक पहुंचा मानसून… देशभर से बारिश की 5 तस्वीरें… अगले 2 दिन के मौसम का हाल 27 जून: 28 जून:
अयोध्या के रुदौली विधायक रामचंद्र यादव ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की। शिष्टाचार भेंट के दौरान दोनों नेताओं के बीच क्षेत्रीय विकास, वन संरक्षण और पर्यावरण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। रामचंद्र यादव ने केंद्रीय मंत्री के सामने रुदौली क्षेत्र के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे। उन्होंने विशेष रूप से नगर पंचायत मां कामाख्या धाम में वन विभाग की ओर से विकसित किए जा रहे पार्क की प्रगति और उससे जुड़े विषयों पर चर्चा की। मां कामाख्या धाम को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर विधायक ने कहा कि मां कामाख्या धाम क्षेत्र में विकसित हो रहा पार्क पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा देगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और क्षेत्र की पहचान को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को मां कामाख्या धाम की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। रुदौली-मिल्कीपुर के वन क्षेत्रों पर विशेष चर्चा मुलाकात के दौरान रुदौली और मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्रों में वन क्षेत्र के संरक्षण और विकास का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। विधायक ने बताया कि अयोध्या जनपद का सबसे बड़ा वन क्षेत्र इन्हीं दोनों विधानसभा क्षेत्रों में स्थित है। ऐसे में यहां हरित आवरण बढ़ाने, वन संपदा के संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन को मजबूत करने के लिए विशेष योजनाओं की जरूरत है। उन्होंने क्षेत्र में वन आधारित पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी परियोजनाओं को बढ़ावा देने की भी मांग की। केंद्रीय मंत्री ने दिया सहयोग का भरोसा रामचंद्र यादव के अनुसार, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने क्षेत्र के वन क्षेत्रों के विकास और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े प्रयासों में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि वन क्षेत्रों का विकास स्थानीय अर्थव्यवस्था, पर्यटन और रोजगार को नई गति दे सकता है। मां कामाख्या धाम आने का न्योता मुलाकात के दौरान विधायक ने केंद्रीय मंत्री को मां कामाख्या धाम के दर्शन के लिए आमंत्रित किया। इस पर भूपेंद्र यादव ने कहा कि अवसर मिलने पर वह अवश्य धाम पहुंचकर दर्शन करेंगे। विधायक ने इस मुलाकात को क्षेत्र के विकास, वन संरक्षण और पर्यावरणीय परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
महू के 17 पर्यटन स्थलों पर प्रतिबंध:22 अगस्त तक प्रवेश पर रोक, हादसों की आशंका
इंदौर जिला प्रशासन ने महू तहसील के 17 पर्यटन स्थलों पर आम लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह कदम बारिश के मौसम में बढ़ते हादसों और जनहानि की आशंका को देखते हुए उठाया गया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) 2023 की धारा 163 के तहत यह आदेश जारी किया है, जो 25 जून 2026 से 22 अगस्त 2026 तक प्रभावी रहेगा। प्रशासन के अनुसार, पिछले वर्षों में बारिश के दौरान टापू, झरनों और गहरी खाइयों वाले क्षेत्रों में कई हादसे हो चुके हैं। पर्यटक अक्सर सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश कर जाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। लगातार वर्षा के कारण झरनों और नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ जाता है, जिससे खतरा और बढ़ जाता है। इन स्थानों पर नहीं मिलेगी एंट्री आदेश के तहत तिंछा फॉल, चोरल फॉल, चोरल डैम, शीतलामाता फॉल, कजलिगढ़, मेंढ़ी कुंड, जामन्या कुंड, मोहाड़ी फॉल, रस्की वाटर फॉल, लोहिया कुंड, जलजमनी, गढ़ी कुंड, टिंडिया महादेव, बाघनिया कुंड, गोगी भड़क और हथियारी खो सहित अन्य पर्यटन स्थलों के प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश पूरी तरह वर्जित रहेगा। जिला प्रशासन ने संबंधित जनपद पंचायत, नगर परिषद और नगर पालिका अधिकारियों को इन स्थलों पर चेतावनी बोर्ड लगाने तथा आवश्यक सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। संबंधित थाना प्रभारियों को आदेश का सख्ती से पालन कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 सहित अन्य प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
पंचकूला जिले में पिंजौर के सूरजपुर बाइपास पर वीरवार सुबह करीब 5 बजे एक सड़क हादसे में तीन यात्री घायल हो गए। हिमाचल प्रदेश से जयपुर जा रहा एक टेंपो ट्रैवलर आगे चल रहे ट्रक से टकरा गया। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। यह हादसा सूरजपुर-सुखोमाजरी बाइपास के पास हुआ। टेंपो ट्रैवलर नारकंडा, हिमाचल प्रदेश से जयपुर जा रहा था। वाहन में लगभग 8 से 10 यात्री सवार थे, जिन्हें चंडीगढ़ से हवाई जहाज द्वारा जयपुर जाना था। पुलिस ने घायलों को पहुंचाया अस्पताल हादसे की सूचना मिलते ही एनएचआई की एंबुलेंस, 112 पुलिस ईआरवी और 112 एंबुलेंस तुरंत मौके पर पहुंचीं। राहत एवं बचाव दल ने घायलों को वाहन से बाहर निकाला और उपचार के लिए सेक्टर-6 नागरिक अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने बताया कि हादसे में घायल हुए सभी यात्री खतरे से बाहर हैं और किसी को भी गंभीर चोट नहीं आई है। घटना के बाद कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ था, जिसे पुलिस ने जल्द ही सामान्य कर दिया। पुलिस फिलहाल दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है।
हरियाणा के अंबाला शहर में उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से कश्मीर घूमने जा रहे एक ही परिवार के लिए बुधवार की सुबह काल बनकर आई। अंबाला-जगाधरी हाईवे पर कैंट रामपुर मोड़ के पास तड़के करीब 4 बजे यात्रियों से भरी एक टेम्पो ट्रैवलर हाईवे पर मुड़ रही हाइड्रा से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि टेम्पो ट्रैवलर के परखच्चे उड़ गए और वाहन में सवार महिलाओं व बच्चों समेत एक ही परिवार के 10 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद हाईवे पर चीख-पुकार मच गई। गर्मियों की छुट्टियां बिताने जा रहे थे मिली जानकारी के अनुसार, सभी घायल सहारनपुर की पीर वाली गली के रहने वाले हैं। पूरा परिवार गर्मियों की छुट्टियां बिताने के लिए टेम्पो ट्रैवलर किराए पर लेकर कश्मीर के लिए रवाना हुआ था। जैसे ही उनकी गाड़ी सुबह तड़के अंबाला-जगाधरी हाईवे पर रामपुर मोड़ के पास पहुंची, तभी आगे एक हाइड्रा वाहन से उसकी जोरदार भिड़ंत हो गई। राहगीरों ने घायलों को बाहर निकाला राहगीरों और पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद घायलों को गाड़ी से बाहर निकाला और नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। हादसे में गंभीर रूप से घायलों में पुरुष, महिलाएं और बच्चे शामिल है। घायलों में अब्दुल वाहिद, जहांगीर आलम, गुलफाम, सलमान, अवदोत, सामत व मिस्बा, गुलअफशां और उजमा सहित 10 साल की बच्ची महिमा शामिल है। बच्ची सहित 3 को रेफर कर दिया गया है।
बैतूल जिले के सतपुड़ा अंचल में बसे हिल स्टेशन कुकरु को प्रदेश के पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की दिशा में सरकार ने कदम तेज कर दिए हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 27 और 28 जून को दो दिवसीय प्रवास पर कुकरु पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री का यह दौरा केवल प्रशासनिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे क्षेत्र के विकास और पर्यटन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री यहां रात्रि चौपाल लगाएंगे, किसी ग्रामीण परिवार के घर भोजन करेंगे और दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का श्रवण ग्रामीणों एवं कार्यकर्ताओं के साथ करेंगे। माना जा रहा है कि इस दौरान कुकरु को पर्यटन हब के रूप में विकसित करने को लेकर महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की जा सकती हैं। पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान की तैयारी कुकरु लंबे समय से अपनी प्राकृतिक सुंदरता, ठंडे मौसम और हरियाली के कारण लोगों को आकर्षित करता रहा है। अब सरकार इसे व्यवस्थित पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे को इसी अभियान का अहम हिस्सा माना जा रहा है। समुद्र तल से 1137 मीटर की ऊंचाई पर बसा है कुकरु सतपुड़ा की वादियों में स्थित कुकरु समुद्र तल से लगभग 1137 मीटर की ऊंचाई पर बसा हुआ है। घने जंगल, मनमोहक प्राकृतिक दृश्य, सुहावना मौसम और कॉफी बागान इसे मध्यप्रदेश के सबसे संभावनाशील पर्यटन स्थलों में शामिल करते हैं। वर्षों से यहां पर्यटन विकास की संभावनाओं पर चर्चा होती रही है, लेकिन अब इसे धरातल पर उतारने की तैयारी दिखाई दे रही है। पर्यटन विकास की विस्तृत योजना तैयार कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे के अनुसार कुकरु को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है। मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान इन योजनाओं को अंतिम रूप दिया जा सकता है। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड यहां होम स्टे, ग्रामीण पर्यटन और एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए कार्य कर रहा है। वहीं इको टूरिज्म कॉर्पोरेशन भी क्षेत्र के विकास के लिए अपनी अलग कार्ययोजना तैयार कर रहा है। रोजगार आधारित पर्यटन मॉडल पर रहेगा फोकस प्रशासन की कोशिश केवल पर्यटन बढ़ाने तक सीमित नहीं है। योजना यह है कि पर्यटन को स्थानीय रोजगार से जोड़ा जाए। इसके तहत ग्रामीण परिवारों को होम स्टे से जोड़ा जाएगा, स्थानीय युवाओं को पर्यटन गतिविधियों में रोजगार के अवसर दिए जाएंगे और गांव की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। एडवेंचर टूरिज्म की अपार संभावनाएं कुकरु पहले से ही एडवेंचर गतिविधियों के लिए पहचान बना चुका है। यहां पैराग्लाइडिंग, ट्रेकिंग, वैली क्रॉसिंग, रॉक क्लाइम्बिंग, बोटिंग और अन्य साहसिक गतिविधियों की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। पर्यटन विभाग इन गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है। यदि योजनाएं सफल रहीं तो कुकरु आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश का प्रमुख एडवेंचर टूरिज्म डेस्टिनेशन बन सकता है। कॉफी बागान बन सकते हैं नई पहचान कुकरु की सबसे खास पहचान यहां के कॉफी बागान हैं। मध्य भारत के चुनिंदा कॉफी उत्पादक क्षेत्रों में शामिल इस क्षेत्र में वर्तमान में लगभग 44 हेक्टेयर में कॉफी की खेती की जा रही है। प्रशासन ने कॉफी बोर्ड से भी संपर्क किया है ताकि अधिक किसानों को कॉफी उत्पादन से जोड़ा जा सके। साथ ही कॉफी आधारित पर्यटन को भी बढ़ावा देने की योजना बनाई जा रही है, जिससे क्षेत्र को नई पहचान मिल सके। रात्रि चौपाल में सुनेंगे ग्रामीणों की समस्याएं सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री अपने प्रवास के दौरान ग्रामीणों के बीच रात्रि चौपाल लगाएंगे। इस दौरान वे स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनेंगे और विकास से जुड़े सुझाव भी प्राप्त करेंगे। दूसरे दिन जनसंवाद कार्यक्रम के माध्यम से भी लोगों से सीधा संवाद करने की संभावना है। ग्रामीण परिवार के घर करेंगे भोजन मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में किसी ग्रामीण परिवार के घर भोजन करने की भी चर्चा है। इससे ग्रामीणों के साथ सीधा संवाद और सामाजिक सहभागिता का संदेश देने का प्रयास किया जाएगा। मन की बात कार्यक्रम का होगा सामूहिक श्रवण प्रवास के दूसरे दिन मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ का श्रवण ग्रामीणों, कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों के साथ करेंगे। इस कार्यक्रम को लेकर भी प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। राजनीतिक और विकासात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण दौरा राजनीतिक हलकों में मुख्यमंत्री का यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल लंबे समय से कुकरु को प्रदेश और देश के पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के प्रयासों में जुटे हैं। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री का यह प्रवास कुकरु के लिए उसी तरह का टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है, जैसा हनुवंतिया क्षेत्र के जल पर्यटन विकास के दौरान देखने को मिला था। कुकरु को मिल सकती है नई उड़ान मुख्यमंत्री के दौरे से क्षेत्र के लोगों को उम्मीद है कि कुकरु को पर्यटन, रोजगार और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में नई सौगातें मिलेंगी। यदि प्रस्तावित योजनाएं अमल में आती हैं तो कुकरु आने वाले समय में मध्यप्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी अलग पहचान बना सकता है।
वरिष्ठ नागरिक तीर्थयात्रा योजना-2026' के तहत जिले के बुजुर्गों को तीर्थयात्रा पर भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बुधवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग की अध्यक्षता में जिले के पात्र आवेदकों के चयन के लिए पारदर्शी तरीके से लॉटरी निकाली गई। 2213 का कोटा, प्राप्त हुए 1976 आवेदन देवस्थान विभाग द्वारा संचालित इस योजना के तहत झुंझुनूं जिले के लिए वर्ष 2026 में कुल 2213 यात्रियों का कोटा निर्धारित किया गया है। इस कोटे में रेल यात्री 1972 और हवाई यात्री 241 निर्धारित थे। योजना के प्रति जिले के बुजुर्गों में काफी उत्साह देखने को मिला। लॉटरी प्रक्रिया के लिए विभाग को कुल 1976 आवेदन प्राप्त हुए थे। इन सभी आवेदनों की जांच के बाद पात्र पाए गए आवेदकों के चयन के लिए आज लॉटरी का आयोजन किया गया, जिसके माध्यम से चयनित यात्रियों की सूची तैयार की गई है। लॉटरी प्रक्रिया को पूरी तरह से निष्पक्ष और पारदर्शी रखा गया। इस दौरान जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे चयन प्रक्रिया से जुड़ी सभी औपचारिकताएं सरकारी नियमों के अनुसार समयबद्ध तरीके से पूरी करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की इस अनूठी योजना का मुख्य उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को उनके जीवन के इस पड़ाव पर प्रमुख धार्मिक स्थलों की सहज और सुगम यात्रा का अवसर प्रदान करना है। लॉटरी प्रक्रिया के दौरान विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। पर्यटन विभाग के उपनिदेशक देवेंद्र चौधरी, आईटी विभाग की उपनिदेशक दीपा राणासरिया, देवस्थान विभाग की सहायक लेखाधिकारी सुनीला सैनी सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
प्रकृति प्रेमियों और रोमांच के शौकीनों के लिए 'वर्ल्ड रेनफॉरेस्ट डे' (विश्व वर्षावन दिवस) अपने भीतर के घुमक्कड़ को जगाने का एक बेहतरीन मौका है। भारत अपनी विविध भौगोलिक संरचनाओं के कारण कई ऐसे अद्भुत और घने वर्षावनों (Rainforests) का घर है, जिनकी हरियाली, वन्यजीव (Wildlife) और अनछुए रास्ते आपको एक अलग ही दुनिया में ले जाते हैं।यदि आप भी कंक्रीट के जंगलों और शहरों की भागदौड़ से दूर असली प्रकृति, एडवेंचर और शांति का अनुभव करना चाहते हैं, तो भारत के ये 7 सबसे शानदार फॉरेस्ट गेटवे आपके लिए एक परफेक्ट वीकेंड या लॉन्ग ट्रिप का विकल्प बन सकते हैं। आइए जानते हैं इन जादुई जंगलों की खासियत, पहुँचने का तरीका और बजट।1. साइलेंट वैली नेशनल पार्क (Silent Valley National Park), केरलनीलगिरी की पहाड़ियों में स्थित साइलेंट वैली नेशनल पार्क को भारत के सबसे प्राचीन और अनछुए सदाबहार वनों (Evergreen Forests) में गिना जाता है।खासियत: जैसा कि नाम से ही साफ है, यह जंगल अपनी असीम शांति के लिए जाना जाता है। यहाँ पाए जाने वाले दुर्लभ 'लॉयन-टेल्ड मकाक' (शेर जैसी पूंछ वाले बंदर) को देखने दुनिया भर से लोग आते हैं।कैसे पहुँचें: आप कोयम्बटूर या पलक्कड़ से सड़क मार्ग द्वारा आसानी से यहाँ पहुँच सकते हैं। यहाँ ट्रैकिंग का अनुभव बेहद जादुई होता है।2. पेरियार नेशनल पार्क (Periyar National Park), थेक्कडी, केरलयदि आप एक ऐसा जंगल टूर चाहते हैं जो पूरी तरह से टूरिस्ट-फ्रेंडली हो और जहाँ एडवेंचर के साथ-साथ आराम भी मिले, तो थेक्कडी स्थित पेरियार आपके लिए बेस्ट है।मुख्य आकर्षण: यहाँ की लेक बोट सफारी (Lake Boat Safari) सबसे बड़ा अट्रैक्शन है, जहाँ बोटिंग करते हुए हाथियों के झुंड, बायसन और अन्य जंगली जानवरों को पानी पीते हुए बेहद करीब से देखा जा सकता है।यात्रा और बजट: कोच्चि (Kochi) से सड़क मार्ग द्वारा लगभग 4-5 घंटे का सफर तय करके आप यहाँ पहुँच सकते हैं। यहाँ बेहतरीन इको-रिसॉर्ट्स और होमस्टे उपलब्ध हैं। प्रतिदिन का खर्च लगभग ₹2,000 से ₹5,000 तक आता है।3. अगुम्बे (Agumbe), कर्नाटक: दक्षिण का चेरापूंजीपश्चिमी घाट की गोद में बसे अगुम्बे को भारत का चेरापूंजी ऑफ साउथ भी कहा जाता है। अत्यधिक बारिश के कारण यहाँ एक रहस्यमयी और घना क्लाउड फॉरेस्ट (Cloud Forest) विकसित हुआ है।रोमांच की वजह: यह जगह दुनिया भर में 'किंग कोबरा' रिसर्च सेंटर और घने जंगलों के बीच ट्रेकिंग के लिए मशहूर है। मानसून के समय यहाँ के झरने और धुंध से ढकी पहाड़ियाँ देखने लायक होती हैं।यात्रा और बजट: मैंगलोर या उडुपी से सड़क मार्ग द्वारा अगुम्बे आसानी से पहुँचा जा सकता है। छोटे और पारंपरिक होमस्टे के कारण यह ट्रिप काफी बजट-फ्रेंडली रहती है, जहाँ प्रतिदिन का खर्च मात्र ₹1,500 से ₹3,000 तक आता है।4. वायनाड (Wayanad), केरलवायनाड आराम और एडवेंचर का एक बेहतरीन संतुलन पेश करता है। यह इलाका अपने धुंध से ढके पहाड़ों, प्राचीन गुफाओं और मसालों के बागानों के लिए जाना जाता है।खासियत: यहाँ आप घने जंगलों के बीच स्थित झरनों (Waterfalls), एडक्कल गुफाओं (Edakkal Caves) को एक्सप्लोर कर सकते हैं और स्पाइस प्लांटेशन रिसॉर्ट्स में ठहरने का अनूठा आनंद ले सकते हैं।यात्रा और बजट: कोझिकोड (Kozhikode) से मात्र 3 घंटे का सफर तय करके आप वायनाड पहुँच सकते हैं। यहाँ ठहरने और घूमने का दैनिक खर्च ₹2,000 से ₹4,500 के बीच बैठता है।5. दिहिंग पटकाई नेशनल पार्क (Dehing Patkai), असम: पूर्व का अमेजनपूर्वोत्तर भारत के असम में स्थित दिहिंग पटकाई को पूर्व का अमेजन (Amazon of the East) कहा जाता है। यह भारत का एकमात्र ऐसा तराई क्षेत्र का वर्षावन है जो अविश्वसनीय बायोडायवर्सिटी से समृद्ध है।वाइल्डलाइफ: यहाँ हॉर्नबिल पक्षी, एशियाई हाथी, और कई दुर्लभ प्रजाति के जीव-जंतु पाए जाते हैं। स्थानीय असमिया होमस्टे और वहाँ का पारंपरिक भोजन इस यात्रा के अनुभव को और भी प्रामाणिक बना देता है।यात्रा और बजट: डिब्रूगढ़ (Dibrugarh) से आप आसानी से इस नेशनल पार्क तक पहुँच सकते हैं। यहाँ ट्राइबल कल्चर को करीब से देखने का मौका भी मिलता है। यहाँ का प्रतिदिन का औसत बजट ₹2,500 से ₹5,000 तक रहता है।6. नामदफा नेशनल पार्क (Namdapha), अरुणाचल प्रदेशयदि आप बेहद रिमोट, अनछुए और असली खतरनाक जंगल का अनुभव करना चाहते हैं, तो नामदफा से बेहतर कोई जगह नहीं है। यह भारत के सबसे बड़े और सबसे ऊँचे राष्ट्रीय उद्यानों में से एक है।रोमांच: यहाँ की घनी वनस्पतियों के बीच 'बिग कैट्स' (बाघ, तेंदुआ, क्लाउडेड लेपर्ड और स्नो लेपर्ड) का वास है। यहाँ के अनछुए ट्रेल्स और बेसिक कैंपिंग सुविधाएं आपको आदिम काल के जंगलों का अहसास कराती हैं।यात्रा और बजट: असम के तिनसुकिया या डिब्रूगढ़ से यहाँ के लिए यात्रा शुरू की जा सकती है। यहाँ पहुँचना और सफर थोड़ा कठिन है, लेकिन एडवेंचर लाजवाब है। यहाँ प्रतिदिन का खर्च ₹3,000 से ₹7,000 तक हो सकता है।7. ग्रेट निकोबार बायोस्फीयर रिजर्व, अंडमान और निकोबारयह भारत का सबसे विशिष्ट और एक्सक्लूसिव रेनफॉरेस्ट डेस्टिनेशन है, जहाँ आपको घने उष्णकटिबंधीय वर्षावन (Tropical Rainforest) और विशाल नीले समुद्र का एक साथ अद्भुत कॉम्बिनेशन देखने को मिलता है।खासियत: यह रिजर्व अपनी अनूठी द्वीप-पारिस्थितिकी (Island Ecosystem) और विशालकाय लेदरबैक कछुओं के लिए जाना जाता है।नियम और बजट: इसकी संवेदनशीलता को देखते हुए यहाँ जाने के लिए सरकार से विशेष परमिट (Permit) लेना अनिवार्य होता है। यहाँ यात्रा और ठहरने का खर्च थोड़ा प्रीमियम श्रेणी में आता है, जो प्रतिदिन ₹5,000 से ₹12,000 तक जा सकता है।
वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना : अजमेर जिले के 1 हजार 688 वरिष्ठ नागरिक करेंगे तीर्थ यात्रा
केन्द्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी ने निकाली लॉटरी ट्रेन से 1504 और हवाईमार्ग से 184 करेंगे यात्रा अजमेर। देवस्थान विभाग की प्रमुख योजना वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना-2026 के तहत इस बार जिले के एक हजार 677 तीर्थयात्रियों को रेलमार्ग तथा 205 को हवाईमार्ग से विभिन्न धार्मिक स्थलों की यात्रा करवाई जाएगी। इसके लिए केन्द्रीय कृषि […] The post वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना : अजमेर जिले के 1 हजार 688 वरिष्ठ नागरिक करेंगे तीर्थ यात्रा appeared first on Sabguru News .
उज्जैन में विदेश यात्रा का सपना एक रिटायर्ड अधिकारी और उनके परिवार के लिए महंगा साबित हुआ। इंस्टाग्राम पर देखी गई एक ट्रैवल एजेंसी की रील के झांसे में आकर उन्होंने वियतनाम टूर पैकेज के नाम पर 3.50 लाख रुपए गंवा दिए। पुलिस जांच में एजेंसी फर्जी निकली है और आरोपी की तलाश की जा रही है। नीलगंगा थाना क्षेत्र के प्रकाश नगर निवासी सेवानिवृत्त अधिकारी हरिप्रकाश वाडिया ने साइबर सेल और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2025 में इंस्टाग्राम पर एक विज्ञापन देखकर उन्होंने भोपाल स्थित ड्रीम डेस्टिनेशन ट्रैवल एजेंसी से संपर्क किया था। एजेंसी से जुड़े जुनैद नामक व्यक्ति ने परिवार के साथ वियतनाम यात्रा के लिए पैकेज ऑफर किया, जिसमें वीजा, हवाई टिकट, होटल और खाने-पीने सहित कुल खर्च 6 लाख 80 हजार रुपए बताया गया। प्रस्ताव पसंद आने पर हरिप्रकाश वाडिया ने 3 लाख 50 हजार रुपए तीन किस्तों में आरोपी के खाते में जमा करा दिए। शेष राशि वीजा और टिकट मिलने के बाद देने की बात तय हुई थी। आरोपी ने भरोसा दिलाया था कि वीजा दिल्ली एयरपोर्ट पर ही उपलब्ध करा दिया जाएगा। दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने पर पता चला टूर रद्द निर्धारित तिथि पर परिवार दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचा तो जुनैद ने फोन कर बताया कि उनकी पोती का वीजा तैयार नहीं हुआ है, इसलिए पूरा टूर रद्द किया जा रहा है। इसके बाद आरोपी कई दिनों तक परिवार को अलग-अलग बहाने बनाकर उलझाता रहा और बाद में उसका मोबाइल फोन बंद हो गया। साइबर सेल और पुलिस में की शिकायत ठगी का एहसास होने पर हरिप्रकाश वाडिया ने पहले साइबर सेल में शिकायत की और बाद में नीलगंगा थाने में एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस द्वारा एजेंसी का सत्यापन कराया गया तो वह फर्जी पाई गई। नीलगंगा थाना प्रभारी तरुण कुरील ने बताया कि आरोपी की तलाश की जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाले आकर्षक ऑफर्स के झांसे में न आएं। किसी भी ट्रैवल एजेंसी को भुगतान करने से पहले उसका पंजीकरण, कार्यालय, पुराने ग्राहकों की जानकारी और वीजा प्रक्रिया की प्रामाणिकता की जांच अवश्य करें।
झारखंड के वन क्षेत्रों में मानसून के दौरान तीन महीने तक सन्नाटा पसरा रहेगा। वन एवं पर्यावरण विभाग ने एक जुलाई से 30 सितंबर तक सभी प्रकार की गतिविधियों पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। इसका मुख्य उद्देश्य वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और नए लगाए जाने वाले पौधों को बेहतर वातावरण देना है। इस अवधि में पर्यटन, जंगल सफारी, सड़क निर्माण, बिजली टावर लगाने जैसे सभी कार्य पूरी तरह बंद रहेंगे। पलामू टाइगर रिजर्व और दलमा समेत सभी प्रमुख वन क्षेत्रों में यह नियम सख्ती से लागू किया जाएगा। विभाग का मानना है कि बारिश के समय मानव गतिविधियों में कमी से वन्यजीवों को प्राकृतिक रूप से विचरण करने का अवसर मिलता है और नए पौधों के पनपने की संभावना बढ़ जाती है। इको टूरिज्म से जुड़ी कुछ तस्वीरें देखें…. 10 लाख पौधे लगाने का टारगेट, जल संचयन पर जोर मानसून के इन तीन महीनों में राज्य भर में दस लाख से अधिक पौधे लगाने की योजना तैयार की गई है। विभाग ने इसके लिए विशेष रणनीति बनाई है। जिसमें कच्ची संरचनाओं के जरिए पानी का संचयन प्रमुख भूमिका निभाएगा। पलामू क्षेत्र में जून तक औसत से कम बारिश होने के कारण पौधों की सिंचाई एक चुनौती बन गई है। ऐसे में टैंकर और स्थानीय संसाधनों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। कृषि वानिकी विशेषज्ञों का कहना है कि जुलाई से सितंबर के बीच अधिक बारिश होती है। लेकिन जून में लगाए गए पौधों को बचाने के लिए अतिरिक्त प्रयास जरूरी हैं। यही कारण है कि इस बार पौधरोपण के साथ-साथ संरक्षण पर भी बराबर ध्यान दिया जा रहा है। मानसून के बाद इको टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा वन विभाग मानसून के बाद पर्यटन गतिविधियों को नए स्वरूप में शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इको टूरिज्म का दायरा बढ़ाने के साथ जंगल सफारी के लिए बैट्री चालित वाहनों की संख्या 25 तक करने की योजना है। इसके अलावा वन क्षेत्रों में स्थित आवासीय परिसरों में सोलर आधारित बिजली व्यवस्था लागू की जाएगी। पलामू टाइगर रिजर्व और लातेहार में प्रस्तावित सफारी परियोजनाओं को भी मानसून के बाद तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। विभाग का लक्ष्य है कि पर्यावरण संरक्षण के साथ पर्यटन को संतुलित तरीके से विकसित किया जाए, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिले और जंगल का प्राकृतिक संतुलन भी बना रहे।
नवादा-पावापुरी नई रेललाइन परियोजना को लेकर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। रेलवे की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी किए जाने के बाद गिरियक अंचल के कई गांवों की जमीन अधिग्रहण के दायरे में आ गई है। इस परियोजना के तहत नवादा से पावापुरी रोड स्टेशन तक लगभग 25.10 किलोमीटर लंबी नई रेललाइन का निर्माण किया जाएगा। रेलवे के सहायक अभियंता शशिकांत पांडेय ने बताया कि अधिसूचना जारी होने के बाद अब प्रभावित भूखंडों की विस्तृत सूची जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को भेजी जा रही है, जिसके बाद भूमि का मूल्यांकन कर मुआवजा निर्धारण एवं भुगतान की प्रक्रिया जल्द ही शुरू कर दी जाएगी। इस परियोजना के लिए गिरियक अंचल के कुल नौ मौजों की भूमि को चिह्नित किया गया है, जिसके तहत सैकड़ों भूखंड प्रभावित हो रहे हैं। सरकारी अधिसूचना के मुताबिक, पुरी मौजा के सबसे अधिक 309 प्लॉट और सतौआ के 189 प्लॉट इस परियोजना की जद में आए हैं। इसके अलावा दशरथपुर के 141, मरकट्टा के 94, इसुआ के 82, प्यारेपुर के 47, जलालपुर के 28, नसीरपुर के 26 और पावा मौजा के 14 प्लॉटों का अधिग्रहण किया जाएगा। इस भूमि अधिग्रहण को लेकर यदि किसी भी भूमि से संबंधित हितबद्ध व्यक्ति को कोई आपत्ति है, तो वे राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित होने की तिथि से 30 दिनों के भीतर अपनी आपत्तियां लिखित रूप में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, नालंदा के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं। प्रभावित व्यक्ति आपत्ति दर्ज करा सकते हैं आपत्ति दर्ज कराने वाले सभी भू-स्वामियों को सक्षम प्राधिकारी की ओर से व्यक्तिगत रूप से अथवा उनके विधि व्यवसायी के माध्यम से अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा। सभी आपत्तियों की गहन सुनवाई और आवश्यक जांच-पड़ताल के बाद सक्षम प्राधिकारी उन्हें स्वीकार या अस्वीकार करने संबंधी अंतिम आदेश जारी करेंगे, जिसे अधिनियम की धारा 20 (घ) की उपधारा (2) के तहत अंतिम माना जाएगा। प्रभावित व्यक्ति भूमि के रेखांकन और अन्य संबंधित अभिलेखों का निरीक्षण सक्षम प्राधिकारी के कार्यालय में जाकर कर सकते हैं। पर्यटन, व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे इस नई रेललाइन के निर्माण से नवादा जिला सीधे पावापुरी रोड स्टेशन तथा राजगीर-बख्तियारपुर रेलखंड से जुड़ जाएगा। रेलवे की योजना के अनुसार इस नए मार्ग पर नवादा के बाद समाय, आदमपुर और पावापुरी नाम से तीन नए स्टेशन विकसित किए जाएंगे। स्थानीय लोगों में इस परियोजना को लेकर काफी उत्साह है और उनका मानना है कि रेल सेवा शुरू होने से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन, व्यापार, शिक्षा तथा रोजगार के अवसरों को बड़ा बढ़ावा मिलेगा, जिससे नवादा और नालंदा क्षेत्र के बीच का आवागमन बेहद सुगम और तीव्र हो जाएगा।
हर चंदेरी साड़ी पर लगेगा जीआई टैग:कलेक्टर की बैठक में संरक्षण, विपणन और पर्यटन बढ़ाने पर अहम फैसले
अशोकनगर जिले के चंदेरी स्थित हैंडलूम पार्क में शुक्रवार को कलेक्टर की अध्यक्षता में एसपीवी और मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग की संयुक्त बैठक हुई। इसमें चंदेरी साड़ियों के संरक्षण, विपणन और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में नकली चंदेरी साड़ियों की बिक्री रोकने के लिए प्रत्येक साड़ी पर जीआई (भौगोलिक संकेतक) टैग लगाने का सुझाव दिया गया। नगर के मास्टर वीवर्स और बुनकरों ने यह प्रस्ताव रखा। प्रस्तावित टैग में बुनकर का नाम, ताने-बाने का विवरण और साड़ी निर्माण में लगा समय अंकित होगा। कलेक्टर ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे शीघ्र लागू करने पर जोर दिया, जिससे साड़ियों की मौलिकता सुरक्षित रहेगी और नकली उत्पादों पर नियंत्रण होगा। कलेक्टर ने हथकरघा विभाग को हैंडलूम पार्क के लिए एक समर्पित वेबसाइट बनाने का निर्देश दिया। इसका उद्देश्य देश-विदेश के ग्राहकों को सीधे उच्च गुणवत्ता वाली असली चंदेरी साड़ियां खरीदने की सुविधा प्रदान करना है। इसके अतिरिक्त, मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) को नोडल एजेंसी नियुक्त किया गया है, जो डिजाइनिंग, मार्केटिंग और उत्पादन में तकनीकी सहयोग देगी। बैठक के दौरान चंदेरी साड़ी संग्रहालय की स्थापना और हैंडलूम पार्क में दुकानों के आवंटन पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग के स्थानीय गाइडों को चंदेरी पर्यटन के प्रचार-प्रसार में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया गया, और कलेक्टर ने नव प्रशिक्षित गाइडों को प्रमाण-पत्र वितरित किए। इस अवसर पर एसडीएम मनीष धनगर सहित हथकरघा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य संबंधित प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
खासतौर पर ऐसी कई सफर होते हैं जो किसी खास मौसम से जरुर जुड़े होते हैं। भारत में मॉनसून की रोड ट्रिप भी ऐसी ही एक यात्रा है। बारिश के दौरान रोड ट्रिप करने का अलग ही मजा होता है। बारिश से सड़कों से मिट्टी गायब हो जाती है, अचानक से कई जगहों पर झरने दिखाई देने लगते हैं। हाईवे पर अचानक से किसी फिल्म के सीन जैसे लगते हैं। मॉनसून के मौसम में ड्राइव का आनंद लेने का एक अलग ही मजा होता है। इस दौरान सफर करने से काफी सुकून मिलता है। मॉनसून के मौसम में चारों तरफ हरियाली, मनमोहक झरने और धुंध से ढके पहाड़ देखने को मिलते हैं। इस लेख में हम आपको भारत की सबसे खूबसूरत रोड ट्रिप्स के बारे में बताते हैं, जिनका सबसे ज्यादा मजा बरसात के मौसम में आता है। मुंबई से लोनावला बारिश के मौसम में मुंबई से लोनावला का रास्ता मॉनसून में गाड़ी चलाने के लिए सबसे बेहतरीन है। यहां बरसात में वेस्टर्न घाट हरे-भरे एकदम स्वर्ग जैसे नजर आने लगते हैं, यहां जगह-जगह पर झरने और तैरते हुए बादल दिखाई देते हैं। खंडला घाट के आस-पास का सफर और भी जादुई लगता है, जहां पहाड़ों पर धुंध छा जाती है और सड़के किनारे बेचने वाले गरमा-गरम भुट्टा और कटिंग चाय का आनंद आ जाता है। यह सफर खूबसूरती और ताजगी से भरा होता है। यह जगह भारत की पसंदीदा जगहों में से एक है। यहां पहुंचने के लिए करीब 1 घंटा 50 मिनट लगता है। बेंगलुरु से कूर्ग मॉनसून के मौसम में बेंगलुरु से कूर्ग का रास्ता बेहद खूबसूरत हो जाता है। हल्की बारिश में चमकने कॉफी के बागान चमकने लगते हैं, जंगल और भी घने हो जाते हैं और हवा मिट्टी का ताजी व भीनी-भीनी खुशबू घुल जाती है। मॉनसून के दौरान कूर्ग के झरने और भी खूबसूरत हो जाती हैं, जिससे रास्ते में रुकना बहुत सुखद अनुभव बन जाता है। यहां का ठंडा मौसम और घुमावदार सड़कें इसे आराम से घूमने-फिरने के लिए बेहतरीन जगह बनाते हैं। बेंगलुरु से कूर्ग जाने के लिए कम से कम 5 घंटे का समय लगता है। दिल्ली से लैंसडाउन यदि आप उत्तर भारत में रहते हैं और मॉनसून सीजन का आनंद लेना चाहते हैं, तो आप दिल्ली से लैंसडाउन तक की ड्राइव कर सकते हैं। भीड़-भाड़ वाले हिल स्टेशनों के मुकाबले मॉनसून में शांति से घूमने का एक अच्छा डेस्टिनेशन है। जैसे ही सड़के गढ़वाल की पहाड़ियों पर ऊपर की ओर जाती है, नजारा बहुत ही सुंदर दिखाई देता है। शहर की भागदौड़ शोर-शराबे की जगह धुंध में लिपटे चीड़ के जंगल बहुत ही खूबसूरत लगते हैं। बरसात के मौसम में यहां काफी शांति देखने को मिलती है। दिल्ली से लैंसडाउन पहुंचने के लिए लगभग 6 घंटे लगते हैं। ईस्ट कोस्ट रोड से चेन्नई से पुडुचेरी चेन्नई और पुडुचेरी को जोड़ने वाली ईस्ट कोस्ट रोड साल भर खूबसूरत रहती है, लेकिन मॉनसून के दौरान यहां की समुद्री सुंदरता और भी खास हो जाती है। इस रोड ट्रिप पर एक तरफ बंगाल की खाड़ी और दूसरी तरफ बारिश से भीगी सड़कें, यहां गाड़ी चलाने का अनुभव सुकून देने वाला और किसी फिल्म के सीन जैसा लगता है। आसमान में छाए बादल, टकराती लहरें और समुद्र की हवा मिलकर ऐसा माहौल बनाते हैं, जैसा किसी और मौसम में मिलना मुश्किल है। यहां जाने के लिए लगभग 7.5 घंटे लगते हैं। शिलांग से चेरापूंजी शिलांग और चेरापूंजी के बीच का सफर शायद ही भारत की सबसे बेहतरीन मॉनसून रोड ट्रिप है। दुनिया में सबसे ज्यादा बारिश मेघालय में होती है और मॉनसून के दौरान यह इलाका अविश्वसनीय रूप से हरा-भरा हो जाता है। सड़कों पर बादल तैरते हैं, झरने पूरे जोर-शोर से बहने लगते हैं और यहां की घाटियों धुंध में आप खो जाएंगे। हर मोड़ किसी पोस्टकार्ड जैसा सुंदर लगता है, जिससे नेचर लवर के लिए यह सफर यादगार बन जाएगा। शिलांग से चेरापूंजी पहुंचने में करीब 1 घंटा 40 मिनट लगते हैं। जयपुर से उदयपुर मानसून का नाम सुनते ही शायद राजस्थान का ख्याल सबसे पहले न आए, लेकिन जयपुर से उदयपुर तक की यात्रा इस रेगिस्तानी राज्य का एक अलग और सुकून भरा दर्शाती है। बरसात के दौरान अरावली की पहाड़ियां हरी-भरी हो जाती हैं, झीलें पानी से भर जाती हैं और मौसम ठंडा होने के कारण घूमना-फिरना बहुत सुखद हो जाता है। मानसून उदयपुर के महलों और झील के नजारों में एक रोमांटिक एहसास भी घोल देता है।
बरसात के मौसम में घूमने का एक अलग ही आनंद होता है। मॉनसून में चारों तरफ हरियाली, ठंडी हवाएं और पानी की हल्की बौछर मन को सुकून देती है। इस मौसम में कई लोग ट्रिप पर जरुर जाते हैं। हालांकि, मॉनसून में कई समस्याएं भी देखने को मिलती है। जब हम कहीं घूमने जाते हैं, तो काफी दिक्कतों का सामना भी करना पड़ सकता है। अगर आप बारिश के समय ट्रैवलिंग करने का प्लान बना रहे हैं, तो कुछ चीजों को अपने पास जरुर रखें, ताकि आपको ट्रिप पर किसी भी प्रकार की समस्या न आए। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि ट्रैवल बैग में कुछ जरुरी चीजों को शामिल करें, जिससे आपकी ट्रिप आसान और सुरक्षित बन जाए। रेनकोट मॉनसून ट्रैवलिंग में सबसे जरुरी है रेनकोट अपने बैग में रखना। अचानक होने वाली तेज बारिश से बचने के लिए रेनकोट बहुत जरुरी है। इसके अलावा, आप फोल्डेबल छाता रख सकते हैं, जो फैशन का ध्यान रखने के साथ-साथ आपको बारिश से भी बचाएगा। एक्सट्रा कपड़े यदि आप बारिश में भीग जाते हैं, तो लंबे समय तक गीले कपड़े पहनना नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए अपने बैग में डार्क कलर के ड्राई फिट या कॉटन के कपड़े पहन सकते हैं। जब आपके कपड़े भीग जाएं, तो इन्हें पहन सकते हैं। माइक्रोफाइबर तौलिया कपड़ो के साथ ही अपने बैग में माइक्रोफाइबर तौलिया जररु रखें जो बहुत ही हल्की होती है। इसके साथ ही यह बैग में कम जगह घेरती है और आसानी से रखी जा सकती है। अगर आपके साथ बच्चे ट्रैवल कर रहे है, तो भी आपके काफी काम आ सकती है। वॉटरप्रूफ बैग कवर कहीं आप ट्रिप पर जाएं, तो अपने साथ वॉटरप्रूफ बैग कवर जरुर साथ लें जाएं। ऐसा करने से आपका बैग भीगने से बच जाएगा और उसके अंदर का जरुरी सामान भी सुरक्षित रहेगा। जिससे आपका सामान सुरक्षित रहेगा और आप आराम से मौसम का आनंद ले सकेंगे। जिप लॉक बैग मॉनसून की ट्रिप पर जाने के लिए सबसे जरुरी है कि जिप लॉक बैग अपने पास रखें। मोबाइल फोन, वॉलेट, जरुरी कार्ड्स, रुपए और कीमती चीजों को आप जिप लॉक बैग में रख सकते हैं। इस बैग में आप किसी भी तरह का सामान रख सकते हैं जो पानी से खराब हो सकता है। फर्स्ट एड किट हमेशा अपनी ट्रिप को सुरक्षित और यादगार बनाने के लिए अपने पास फर्स्ट एड किट रख सकते हैं। किसी को भी कोई भी छोटी-मोटी हेल्थ प्रॉब्लम हो, तो उपचार कर सकते हैं। क्योंकि अक्सर ट्रैवलिंग के दौरान मेडिकल स्टोर आसानी से नहीं मिलती हैं पावर बैंक मॉनसून ट्रिप के लिए अपने साथ हमेशा पावर बैंक जरुर रखें। कई बार बारिश-तूफान के चलते काफी समस्या हो जाती है या फिर लाइट चली जाती है, तो ऐसे में ट्रैवल के दौरान पावर बैंक जरुर रखें, जिससे आप अपने फोन चार्ज कर सकते हैं। अगर आपके फोन की बैटरी लंबे समय तक नहीं चलती हैं, तो आप फोन चार्ज करने के लिए बैग में पावर बैंक जरुर रख सकते हैं।
बीते दिनों कुछ ऐसी खबरें देखने और सुनने मिली हैं, जिनसे पर्यटन पर नयी बहस शुरु होने की गुंजाइश बनी है। पर्यटन की भारत में प्राचीन परंपरा रही है।
कड़कड़ाती सर्दी में बिकिनी पहन पूल में उतरीं रुबीना दिलैक, जापान वेकेशन की दिखाई झलक
टीवी की संस्कारी बहू रुबीना दिलैक रियल लाइफ में काफी ग्लैमरस हैं। वह अक्सर फैंस के साथ अपनी हॉट एंड सिजलिंग तस्वीरें शेयर करती रहती हैं। रुबीना वह छोटे पर्दे की हाई पेड एक्ट्रेसेस में शुमार है। हाल ही में रुबीना ने अपनी जापान ट्रिप की तस्वीरें फैंस ...
गोवा में वेकेशन एंजॉय कर रहीं कृष्णा श्रॉफ, शेयर की खूबसूरत तस्वीरें
कृष्णा श्रॉफ निश्चित रूप से जानती हैं कि लोगों का ध्यान कैसे आकर्षित करना है- चाहे वह उनकी MMA चॉप्स हों या उनकी वेकेशन की तस्वीरें। कृष्णा इस दिनों गोवा की धूप और बीच पर छुट्टियां मना रही हैं। इसी बीच कृष्णा श्रॉफ ने सोशल मीडिया पर अपनी ट्रॉपिकल ...
कैंसर के ट्रीटमेंट जंग के बीच वेकेशन मनाने मालदीव पहुंचीं हिना खान, शेयर की खूबसूरत तस्वीरें
टीवी एक्ट्रेस हिना खान भले ही कैंसर से जंग लड़ रही हैं, लेकिन वह अपनी लाइफ को खुलकर जी रही हैं। इस गंभीर बीमारी से जंग लड़ते हुए वह लाइफ का हर पल एंजॉय कर रही हैं। हिना खान इन दिनों मालदीव में वेकेशन एंजॉय कर रही हैं। मालदीव में वेकेशन मनाते हुए ...
Tejasswi Praksh-Karan Kundrra नहीं हुए अलग,रोमांटिक वेकेशन एन्जॉय कर रहा है कपल करीबी दोस्त ने खोला राज
सोशल मीडिया पर भारतीय क्रिकेट टीम के हरफनमौला खिलाड़ी हार्दिक पंड्या और उनकी पत्नी नतासा स्टेनकोविक के अलग होने की अफवाहें जोरों पर हैं। यह सब तब शुरू हुआ जब नतासा ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से 'पांड्या' उपनाम हटा दिया। प्रशंसकों ने यह भी देखा कि वह आईपीएल मैचों के दौरान स्टैंड्स से गायब थीं। हालांकि, तमाम अटकलों के बावजूद इस जोड़े ने इस मामले पर चुप्पी साध रखी है। दूसरी ओर, एक ताजा रिपोर्ट से पता चलता है कि हार्दिक विदेश में किसी अज्ञात स्थान पर छुट्टियां मना रहे हैं। विस्तार से जानने के लिए आगे पढ़ें। इसे भी पढ़ें: Shabana Azmi ने Shashi Kapoor के साथ इंटीमेट सीन करने से किया था इंकार, सुपरस्टार ने कह दिया था एक्ट्रेस को 'बेवकूफ लड़की' | Read All About नताशा स्टेनकोविक से अलगाव की अफवाहों के बीच हार्दिक पंड्या विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं हार्दिक पंड्या की पत्नी नतासा स्टेनकोविक के साथ निजी जिंदगी हाल ही में चर्चा का विषय बनी हुई है। क्रिकबज द्वारा रविवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि अलगाव की अफवाहों के बीच क्रिकेटर विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं। अभी लोकेशन का नाम सामने नहीं आया है। इसे भी पढ़ें: Anant Ambani और Radhika Merchant Pre-Wedding Party! तारों भरी रात से लेकर टोगा पार्टी तक, जानें इस बार क्या-क्या होगा खास यह बताया गया है कि इंडियन प्रीमियर लीग से अपनी टीम के बाहर होने के बाद क्रिकेटर ने देश छोड़ दिया। कठिन अवधि के बाद तरोताजा होने के लिए, उन्होंने विदेश में एक सप्ताह की छुट्टी का विकल्प चुना। हार्दिक के शीघ्र ही न्यूयॉर्क में टी20 विश्व कप 2024 के अभ्यास सत्र के लिए भारतीय टीम में फिर से शामिल होने की उम्मीद है। विशेष रूप से, आईपीएल 2024 में मुंबई इंडियंस के लिए रोहित शर्मा की जगह हार्दिक के नेतृत्व की काफी आलोचना हुई। पूरे सीज़न में भारतीय क्रिकेटर को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। इस बीच, वह पेशेवर असफलताओं से जूझ रहे थे। उनकी निजी जिंदगी सुर्खियों में आ गई। कुछ दिन पहले हार्दिक ने अपने सोशल मीडिया पर ढेर सारी तस्वीरें और वीडियो शेयर किए थे। वीडियो में उन्हें पूल में तैरते हुए अच्छा समय बिताते हुए दिखाया गया, जबकि फोटो में वह एक खूबसूरत बैकग्राउंड के साथ पोज दे रहे थे। इसे छोटा और सरल रखते हुए, उन्होंने पोस्ट को कैप्शन दिया था, रिचार्जिंग। पोस्ट के जवाब में, कई प्रशंसकों ने उनके टिप्पणी अनुभाग में बाढ़ ला दी, अपना अटूट समर्थन दिखाया और आगामी विश्व कप के लिए उनकी जय-जयकार की। एक यूजर ने लिखा, “हार्दिक पंड्या जल्द ही टी20 वर्ल्ड कप में वापस आ रहे हैं,” एक अन्य फैन ने लिखा, “हार्दिक टी20 में अपने पुराने मॉडल के साथ आएं और अपने नफरत करने वालों को चुप करा दें। जबकि एक तीसरे फैन ने लिखा, “मजबूत वापसी भाई।” इसके अतिरिक्त, एक प्रशंसक ने लिखा, अपना भाई शेर था और रहेगा तू टेंशन माउंट लेना रे। एक अन्य प्रशंसक ने कहा, कोई बात नहीं हम सब आपके साथ हार्दिक हमारे हीरो हैं। एक अन्य प्रशंसक ने कहा, हार्दिक भाई विश्व कप में वापसी करेगा। हार्दिका पंड्या की पत्नी नतासा ने अलगाव की अफवाहों पर प्रतिक्रिया दी दूसरी ओर, अलगाव की अफवाहों के बीच हार्दिक की पत्नी को शनिवार को पहली बार शहर में देखा गया। अपनी नवीनतम आउटिंग में, उन्हें एक कैफे से बाहर निकलते समय एक करीबी दोस्त के साथ देखा गया था। जाने से पहले एक्ट्रेस ने शटरबग्स के लिए पोज दिए। दरअसल, एक पिता ने उनसे तलाक के बारे में पूछा। हालांकि, इसके जवाब में एक्ट्रेस ने सवाल को नजरअंदाज करने का फैसला किया और सम्मानजनक चुप्पी बनाए रखी. जाने से पहले, उसने बस इतना कहा, बहुत-बहुत धन्यवाद और अपनी प्रतीक्षारत कार की ओर बढ़ गई। अपनी नवीनतम आउटिंग के दौरान, जब वह अपने दोस्त के साथ एक कैफे से बाहर निकली, तो उसे गुलाबी शर्ट के साथ सफेद टॉप और शॉर्ट्स पहने देखा गया। दो महीने पहले एक नौका पर बॉलीवुड अभिनेत्री को प्रस्ताव देने के बाद, हार्दिक और नतासा ने लगभग चार साल पहले 31 मई, 2020 को शादी कर ली थी। उनके पहले बच्चे, अगस्त्य का जन्म 30 जुलाई, 2020 को हुआ था। अपनी तीसरी शादी की सालगिरह मनाते हुए, हार्दिक और नतासा ने उदयपुर में एक भव्य समारोह के साथ अपनी प्रतिज्ञाओं को भी नवीनीकृत किया था। View this post on Instagram A post shared by Hardik Himanshu Pandya (@hardikpandya93) View this post on Instagram A post shared by Viral Bhayani (@viralbhayani)
शादी के तीन महीने बाद हनीमून पर निकलेRakul Preet Singh औरJackky Bhagnani, वेकेशन से वायरल हुई एक्ट्रेस की तस्वीरें
एक बार फिर सिनेमा घरो में दस्तक देने जा रही है क्रिस्टोफ़र नोलन की स्पेस एडवेंचर फिल्मInterstellar,10वीं सालगिरह पर होगी री-रिलीज़

