नीट छात्रा रेप-मौत केस में अब जांच का दायरा आगे बढ़ता जा रहा है। जांच का फोकस अब छात्रा की पूरी डिजिटल और फिजिकल मूवमेंट पर आ गया है। अब तक 25 लोगों के DNA सैंपल लिए जा चुके हैं, जिनमें हॉस्टल संचालक के बेटे का नाम भी शामिल है। जानकारी के मुताबिक, SIT अब छात्रा की 11 दिन की ट्रैवल हिस्ट्री, कॉल डिटेल, टावर लोकेशन और मोबाइल सर्च हिस्ट्री खंगाल रही है। इससे साफ होगा कि छात्रा के साथ क्या, कब और कहां हुआ। छात्रा की सबसे ज्यादा बातचीत किससे हुई और कहां सबसे ज्यादा समय तक मोबाइल लोकेशन पाई गई। जांच में यह बात सामने आई थी कि लड़की नाबालिग थी, लिहाजा पुलिस ने पुलिस इस केस में पॉक्सो एक्ट की धराएं भी जोड़ दी हैं। एसआईटी की जांच अब तक कहां पहुंची, आगे क्या स्ट्रेटजी है? किसका सैंपल लिया गया है? सैंपलिंग पर परिजन क्या कहते हैं? पढ़िए रिपोर्ट…। DNA: अब तक 25 लोगों के सैंपल लिए, हर जानने वाले का टेस्ट होगा नीट छात्रा रेप-मौत केस में अब तक जांच एजेंसियां 25 लोगों के DNA सैंपल ले चुकी हैं। इनमें शंभू गर्ल्स हॉस्टल आने-जाने वाले युवक, हॉस्टल से जुड़े लोग, छात्रा को अस्पताल पहुंचाने में मदद करने वाले, परिजन और करीबी शामिल हैं। इस मामले में हॉस्टल संचालक के बेटे का भी DNA सैंपल लिया गया है। इससे साफ है कि SIT जांच में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरतना चाहती। FSL की जांच में छात्रा के कपड़ों से स्पर्म मिलने के बाद DNA मिलान जांच का सबसे अहम आधार बन गया है। इसी स्पर्म के DNA को सभी संदिग्ध लोगों के DNA से मैच किया जाएगा। जांच एजेंसियों का मानना है कि अगर एक भी प्रोफाइल मैच होती है तो केस की दिशा पूरी तरह साफ हो जाएगी। जज की मौजूदगी में मेडिकल गाइडलाइन के तहत DNA सैंपल लिए गए। सैंपल सील कर FSL भेजे गए हैं। SIT का कहना है कि ज्यादा से ज्यादा रेफरेंस सैंपल लेकर जांच को कोर्ट में विवाद मुक्त बनाना जरूरी है। इसी वजह से परिजनों और मददगारों के भी सैंपल लिए गए। हालांकि इस पर परिवार ने आपत्ति जताई है। ट्रैवल हिस्ट्री की बारीकी से जांच, 11 दिन की हर मूवमेंट का मैप तैयार SIT अब छात्रा की 11 दिन की पूरी ट्रैवल हिस्ट्री खंगाल रही है। जांच 27 दिसंबर से शुरू होकर 6 जनवरी तक केंद्रित है। यह देखा जा रहा है कि छात्रा पटना और जहानाबाद में कहां-कहां गई। कितनी देर रुकी और किसके संपर्क में रही। 27 दिसंबर को छात्रा अपने परिजनों के साथ पटना से जहानाबाद गई थी। 5 जनवरी की दोपहर तक वहीं रही। 5 जनवरी को ट्रेन से पटना आई और सीधे शंभू गर्ल्स हॉस्टल गई। SIT ने इस पूरे सफर में शामिल स्कॉर्पियो ड्राइवर, ऑटो चालक और ट्रेन टाइमिंग तक की पुष्टि की है। मोबाइल टावर लोकेशन, गूगल लोकेशन हिस्ट्री और CCTV फुटेज के जरिए यह जांच हो रही है कि क्या इस दौरान कोई अनजान व्यक्ति छात्रा के संपर्क में आया। जांच एजेंसियां मानती हैं कि कई बार अपराध की कड़ी अपराध स्थल से पहले जुड़ती है। इसलिए ट्रैवल हिस्ट्री को बेहद गंभीरता से देखा जा रहा है। टावर लोकेशन से पता लगा रहे, कब-कहां एक्टिव रहा मोबाइल छात्रा के मोबाइल की टावर लोकेशन हिस्ट्री SIT के लिए अहम डिजिटल सबूत बन गई है। पुलिस पता लगाने में जुटी है कि किस समय मोबाइल किस टावर से कनेक्ट था। इससे यह साफ हो जाएगा कि छात्रा घटना से पहले, दौरान और बाद में किन इलाकों में मौजूद थी। खासतौर पर 5 जनवरी की शाम से 6 जनवरी दोपहर 2 बजे तक का डेटा अलग-अलग टाइम स्लॉट में जांचा जा रहा है। हॉस्टल व अस्पताल के पास के टावर और रास्ते में आने वाले टावरों के डेटा का मिलान किया जा रहा है। SIT सूत्रों के मुताबिक, टावर डेटा को संदिग्धों के मोबाइल लोकेशन से क्रॉस किया जा रहा है। अगर किसी संदिग्ध की लोकेशन छात्रा के मोबाइल के साथ मैच करती है तो वह जांच में बड़ा सुराग माना जाएगा। यह भी देखा जा रहा है कि मोबाइल लंबे समय तक किस जगह स्थिर रहा, जिससे घटना स्थल की पुष्टि हो सकेगी। कॉल डिटेल से पता चलेगा किससे आखिरी बातचीत हुई SIT छात्रा की एक महीने की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाल रही है। देखा जा रहा है कि छात्रा ने किन-किन लोगों से बात की। किन लोगों से फोन पर ज्यादा संपर्क रहा। आखिरी कॉल किसे की गई। 5 जनवरी की रात करीब 10 बजे छात्रा ने अपने पिता से बात की थी। इस दौरान उसने किसी परेशानी की बात नहीं कही। इसके बाद छात्रा की बात किन लोगों से बात हुई या नहीं हुई। यह जांच का अहम हिस्सा है। कॉल डिटेल को हॉस्टल रजिस्टर, CCTV फुटेज और संदिग्धों के मोबाइल रिकॉर्ड से मैच किया जा रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या किसी नंबर से बार-बार कॉल या मैसेज आया, जिससे मानसिक दबाव या साजिश की आशंका हो। एक महीने की मोबाइल सर्च हिस्ट्री देखी जा रही जांच में सामने आया है कि छात्रा के मोबाइल में नींद की गोली से जुड़ी सर्च हिस्ट्री मिली है। पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि छात्रा ने किस मानसिक हालत में यह सर्च किया। इसके अलावा 5 जनवरी से 6 जनवरी दोपहर तक की सर्च हिस्ट्री को टाइमलाइन के साथ देखा जा रहा है। क्या कोई मेडिकल सर्च थी, क्या किसी दवा या लक्षण से जुड़ी जानकारी खोजी गई? इन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं। SIT का मानना है कि मोबाइल सर्च हिस्ट्री से यह संकेत मिल सकता है कि छात्रा पर कोई दबाव था या उसे किसी तरह की दवा दी गई। घटना की सीक्वेंस बना रही SIT और AIIMS की टीम SIT ने 27 दिसंबर से 11 जनवरी तक की पूरी इवेंट सीक्वेंस तैयार की है। इसमें छात्रा का घर जाना, वापस लौटना, हॉस्टल पहुंचना, अस्पताल में भर्ती होना और अंत में मौत तक की पूरी टाइमलाइन शामिल है। इस सीक्वेंस में पिता, ड्राइवर, हॉस्टल स्टाफ, डॉक्टर और रिश्तेदारों के बयान शामिल किए गए हैं। खास बात यह है कि प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल में इलाज से पहले MLC तैयार की गई, जिससे पुलिस को सूचना मिली। SIT का कहना है कि यह पूरी सीक्वेंस कोर्ट में सबूत के तौर पर रखी जाएगी ताकि साफ हो सके कि किस स्तर पर क्या हुआ और किसकी जिम्मेदारी बनती है। AIIMS की टीम ने सोमवार-मंगलवार को घटना का सीन रीक्रिएट किया है। इसमें छात्रा के हॉस्टल से अस्पताल में भर्ती होने तक के मूवमेंट को देखा गया है। परिवार बोला जांच के नाम पर टॉर्चर किया जा रहा परिवार का आरोप है कि 'जांच के नाम पर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। मृतिका के परिजन ने कहा कि प्रशासन को रिश्तों की समझ नहीं है। हर घंटे वही सवाल पूछे जा रहे हैं। मदद करने वाले रिश्तेदारों और जानकारों तक का DNA लिया गया, जिससे लोग डर गए हैं। परिवार का कहना है कि वे जांच के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन सम्मान और संवेदनशीलता जरूरी है।' उन्होंने कहा, 'पिता और बेटी में क्या रिश्ता होता है। बहन और भाई में क्या रिश्ता होता है। यह नहीं समझ रहे। जिसने मदद की उसका भी सैंपल लिया जा रहा है। क्या करना चाह रहे हैं? लड़की के परिवार से दो भाई, पिता और मां के सैंपल लिए गए हैं। मेरा एक दोस्त जिसने मदद की उसका सैंपल लिया जा रहा है। एक फुफेरा भाई है उसका टेस्ट लिया जा रहा है। परिवार से 9 लोगों का सैंपल लिया गया है। मंगलवार को चार लोगों के सैंपल लिए गए। दो तीन लोग, जिन्होंने मदद की उनका टेस्ट लिया जा रहा है।' छात्रा के परिजन का कहना है कि, 'ऐसे में कोई मदद करने आएगा? इस तरह किसी को टॉर्चर किया जाता है? एक ही बात 50 बार पूछी जा रही है। शुरुआत से गुमराह किया जा रहा है। कहा गया कि लड़की ने आत्महत्या की। 90 गोलियां पाई गईं। फिर उसके साथ रेप कहां हुआ?' लड़की की मदद करने वाले एक युवक का सैंपल लिया गया है। उसके भाई ने कहा, 'मेरे भाई की गलती बस इतनी है कि उसने बताया कि कौन से हॉस्पिटल में इलाज कराना चाहिए। मेरे भाई को हमें बताए बिना रातभर थाने में रखा गया। आज उसका सैंपल लिया गया है।' SIT की शुरुआती लापरवाही: 5 बड़े पॉइंट 1- नाबालिग होने के संकेत के बावजूद POCSO देर से शुरुआती दस्तावेजों और पारिवारिक बयानों में छात्रा की उम्र 18 साल से कम होने के संकेत थे। इसके बावजूद शुरुआती FIR में POCSO एक्ट नहीं जोड़ा गया। नाबालिग से जुड़े केस में यह देरी कानूनी रूप से गंभीर चूक मानी जाती है। 2- घटनास्थल को तुरंत सील नहीं किया गया शंभू गर्ल्स हॉस्टल में छात्रा के कमरे और आसपास के इलाके को तुरंत सील नहीं किया गया। इससे सबूत से छेड़छाड़, सफाई या मूवमेंट की आशंका बनी। फॉरेंसिक प्रोटोकॉल के मुताबिक यह शुरुआती स्तर की बड़ी लापरवाही मानी जाती है। 3- CCTV फुटेज तुरंत जब्त नहीं की गई घटना के बाद पहले 24 घंटे के CCTV फुटेज जब्त करना सबसे अहम होता है। हॉस्टल, आसपास की गलियों और रास्तों के कैमरों का डेटा समय पर सुरक्षित नहीं किया गया। इससे फुटेज डिलीट या ओवरराइट होने का खतरा बढ़ा। 4- मेडिकल सबूत को गंभीरता से नहीं लिया गया प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल में MLC तैयार होने और चोट के संकेत मिलने के बाद भी जांच की रफ्तार नहीं बढ़ी। शुरुआती स्तर पर रेप के एंगल को मजबूती से नहीं पकड़ा गया। इससे जांच की दिशा कमजोर पड़ती चली गई। 5- परिवार से संवेदनशील तरीके से पूछताछ नहीं शुरुआती दिनों में परिवार और रिश्तेदारों से बार-बार एक जैसे सवाल पूछे गए। परिजनों का आरोप है कि पूछताछ का तरीका ठीक नहीं है। इससे भरोसा कमजोर हुआ।
उदयपुर में फरवरी के महीने में आने-जाने वाले रेल यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। शादियों के सीजन और पर्यटन की भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे ने ट्रेनों में लंबी वेटिंग खत्म करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। उदयपुर सिटी से दिल्ली सराय रोहिल्ला के बीच चलने वाली ट्रेन में अब यात्रियों को बर्थ के लिए ज्यादा जद्दोजहद नहीं करनी होगी, क्योंकि इसमें स्लीपर क्लास के दो अतिरिक्त डिब्बे बढ़ा दिए गए हैं। यह सुविधा दिल्ली से 1 फरवरी और उदयपुर से 2 फरवरी से शुरू होकर पूरे महीने लागू रहेगी। रेलवे का यह फैसला खासतौर पर उन छात्र-छात्राओं, व्यापारियों और नौकरीपेशा लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जो अक्सर दिल्ली-उदयपुर रूट पर कंफर्म टिकट न मिलने से परेशान रहते थे। उत्तर पश्चिम रेलवे ने पूरे राजस्थान के रेल नेटवर्क को राहत देते हुए 50 जोड़ी ट्रेनों में कुल 124 अतिरिक्त डिब्बे जोड़ने का निर्णय लिया है। इनमें स्लीपर से लेकर फर्स्ट एसी और साधारण श्रेणी तक के कोच शामिल हैं। रेलवे के इस 'मेगा प्लान' से उन हजारों यात्रियों को सीधा फायदा होगा, जो पीक सीजन के कारण मजबूरन बसों या महंगे विकल्पों का चुनाव कर रहे थे। अब 1 मार्च तक इन अतिरिक्त कोचों की वजह से रेल सफर न केवल आसान होगा, बल्कि वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों के टिकट भी आसानी से कंफर्म हो सकेंगे।
जयपुर: राजस्थान पर्यटन में आया जबरदस्त उछाल! पर्यटन आयुक्त रुक्मणि रियाड़ ने बताया कि निवेश और नवाचार के संगम से घरेलू पर्यटकों की संख्या में 9.74% की वृद्धि हुई है। नई पर्यटन नीति 2025 और अंतरराष्ट्रीय मार्केटिंग के दम पर राजस्थान अब वैश्विक फिल्म शूटिंग और पर्यटन का प्रमुख केंद्र बन रहा है। जानिए कैसे किलों और महलों की विरासत अब आधुनिक पर्यटन के नए युग में कदम रख रही है।
कपूरथला में विदेश भेजने के नाम पर ठगी:12.50 लाख रुपये वसूले, 4 ट्रैवल एजेंटों पर FIR दर्ज
कपूरथला जिले में विदेश भेजने के नाम पर एक व्यक्ति से 12.50 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। गांव किशन सिंह वाला के रहने वाले जागीर सिंह की शिकायत पर डीएसपी सब-डिवीजन शीतल सिंह की जांच के बाद सिटी थाना कपूरथला में चार ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस को दी शिकायत में जागीर सिंह ने बताया कि आरोपियों ने उसके बेटे और पत्नी को विदेश भेजने का झांसा दिया था। उन्होंने इस एवज में उनसे बड़ी रकम वसूल ली, लेकिन न तो उन्हें विदेश भेजा और न ही पैसे वापस किए। मुख्य आरोपी दविंदर सिंह नामजद पुलिस ने इस मामले में लुधियाना के गुरु रविदास नगर फोकल प्वाइंट के रहने वाले दविंदर सिंह को नामजद किया है। दविंदर सिंह की कंपनी का नाम नेवा इंटरप्राइजेज बताया जा रहा है, जिसका कार्यालय प्लॉट नंबर 322, इंडस्ट्रियल एरिया, आरके रोड, चीमा नगर, मोती नगर थाना, लुधियाना में स्थित है। बता दे कि दविंदर सिंह के साथ ही उसके कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों जगवीर सिंह, माही शर्मा, रिया शर्मा के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। जांच में जुटी पुलिस डीएसपी सब-डिवीजन शीतल सिंह की जांच पूरी होने के बाद थाना सिटी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 406, 420, 120-बी और 13 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
औरंगाबाद के कलेक्ट्रेट कैंपस स्थित अनुग्रह नारायण सिंह नगर भवन में सोमवार को जिला का 54वां स्थापना दिवस मनाया गया। बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग और जिला प्रशासन की देखरेख में आयोजित समारोह का उद्घाटन प्रभारी मंत्री संतोष कुमार सुमन ने किया। जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने प्रभारी मंत्री को पौधा एवं अंगवस्त्र (शाल) भेंट कर सम्मानित किया। साथ ही जिला प्रशासन की ओर से उपस्थित सभी विधायकों एवं विशिष्ट अतिथियों को भी पौधा एवं शाल देकर सम्मान प्रदान किया गया, जिससे पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। उद्घाटन सत्र के बाद जिले के 54वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों द्वारा केक काटा गया। पूरे समारोह स्थल पर हर्षोल्लास और उत्सव का माहौल देखने को मिला। वक्ताओं ने अपने संबोधन में जिले की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, विकास यात्रा और भविष्य की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। संतोष सुमन बोले- जिला विकास के नए आयाम छू रहा है कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री ने कहा कि औरंगाबाद जिला आज विकास के नए आयाम छू रहा है। सड़क संपर्क के विस्तार, ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली और पेयजल की उपलब्धता, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, शिक्षा के क्षेत्र में नए विद्यालयों और महाविद्यालयों की स्थापना तथा कृषि एवं सिंचाई योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जिले की तस्वीर बदली है। देव सूर्य मंदिर, उमगा, कर्मा, रफीगंज जैसे क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से भी तेजी से विकसित हो रहे हैं। सांस्कृतिक सत्र कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा, जिसमें जिले के स्थानीय कलाकारों ने नृत्य और संगीत की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। लोकनृत्य, लोकगीत और पारंपरिक प्रस्तुतियों के माध्यम से औरंगाबाद की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और लोक परंपराओं का प्रभावशाली प्रदर्शन किया गया। दर्शकों ने कलाकारों की प्रस्तुतियों को खूब सराहा और तालियों से उनका उत्साहवर्धन किया। गया जिले से 1972 में अलग होकर अस्तित्व में आया था औरंगाबाद औरंगाबाद जिला का गठन वर्ष 1972 में गया जिले से अलग होकर किया गया था। ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से समृद्ध यह जिला कालांतर में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सड़क और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में निरंतर प्रगति करता रहा है। स्थापना दिवस हर वर्ष 26 जनवरी के आसपास मनाया जाता है, जो जिले के गौरवशाली इतिहास और विकास यात्रा को याद करने का अवसर प्रदान करता है। समारोह में विधायक प्रकाश चंद्र, विधायक त्रिविक्रम नारायण सिंह, विधायक ललन राम, जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा, उप विकास आयुक्त अनन्या सिंह समेत अन्य जिला स्तरीय वरीय पदाधिकारी मौजूद रहे। इनके अलावा, अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह, अपर समाहर्ता (आपदा एवं लोक शिकायत) जयप्रकाश नारायण, अपर समाहर्ता (आपदा) उपेंद्र पंडित, अपर समाहर्ता (विशेष शाखा) मोहम्मद सादुल हसन खां, जिला पंचायती राज पदाधिकारी इफ्तेखार अहमद, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी रत्ना प्रियदर्शनी, जिला योजना पदाधिकारी अविनाश प्रकाश, जिला परिवहन पदाधिकारी सुनंदा कुमारी, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी कुमार पप्पू राज समेत अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, स्कूली छात्र-छात्राएं, मीडिया प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे।
गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) की छुट्टियों में अगर आप परिवार या दोस्तों के साथ घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो छत्तीसगढ़ का बस्तर बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है। प्राकृतिक सुंदरता, घने जंगल, ऊंचे-ऊंचे झरने, धार्मिक स्थल और एडवेंचर ट्रैकिंग यहां सब कुछ एक साथ देखने को मिलता है। चित्रकोट और तीरथगढ़ जैसे विश्व प्रसिद्ध जलप्रपातों से लेकर धुड़मारास का होम-स्टे ईको टूरिज्म, मट्टी मरका का ‘बीजापुर का गोवा’, नीलम सरई और नंबी जैसे ट्रैकिंग स्पॉट, ढोलकल शिखर पर विराजे गणपति तक बस्तर में 13 से ज्यादा ऐसे पर्यटन स्थल हैं, जो सुकून और रोमांच दोनों का अनुभव कराते हैं। जगदलपुर, दंतेवाड़ा और बीजापुर में ठहरने की बेहतर सुविधाएं, हवाई-रेल-सड़क कनेक्टिविटी और किफायती होटल विकल्प बस्तर को छुट्टियों के लिए और भी आकर्षक बनाते हैं। ऐसे ही 13 से ज्यादा टूरिस्ट स्पॉट के बारे में हम आपको बता रहे हैं, जहां ट्रैकिंग, एडवेंचर्स से लेकर दार्शनिक जगहों का एक साथ आनंद मिलेगा। जानिए बस्तर के प्रमुख पर्यटन स्थल 1. चित्रकोट- बस्तर के संभागीय मुख्यालय जगदलपुर से महज 39 किमी की दूरी पर चित्रकोट जल प्रपात स्थित है। जानकार बताते हैं कि जल प्रपात का आकार घोड़े की नाल की तरह है। यहां इंद्रावती नदी का पानी लगभग 90 फीट की ऊंचाई से नीचे गिरता है। बारिश के दिनों में 7 से ज्यादा धाराएं नीचे गिरती हैं, तो वहीं अभी ठंड के समय में 2 से 3 धाराएं गिर रही हैं, जिसकी खूबसूरती देखने और प्रपात के नीचे बोटिंग करने की सुविधा है। चित्रकोट वाटर फॉल के नीचे एक छोटी सी गुफा में चट्टानों के बीच शिवलिंग स्थित है। जल प्रपात से नीचे गिरने वाले पानी से सालभर शिवलिंग का जलाभिषेक होता है। कहा जाता है कि नाविक यहां भोलेनाथ की पूजा अर्चना करते हैं। हालांकि, बारिश के दिनों में शिवलिंग तक पहुंचा नहीं जा सकता। लेकिन सर्दियों में पर्यटकों के कहने पर ही नाविक शिवलिंग तक लेकर जाते हैं। ऐसे पहुंच सकते हैं पर्यटक चित्रकोट वॉटरफॉल तक पहुंचना पर्यटकों के लिए काफी आसान है। रायपुर से जगदलपुर और हैदराबाद से जगदलपुर तक हवाई सेवा भी शुरू हो चुकी है। इसके अलावा किरंदुल-विशाखापट्नम रेल मार्ग, सड़क मार्ग से भी पर्यटक पहुंच सकते हैं। चित्रकोट तक सड़कों का जाल बिछा हुआ है। रायपुर, ओडिशा, आंध्रप्रदेश से लेकर देश के किसी भी कोने से पर्यटक पहुंच सकते हैं। इन तीनों सेवाओं का लाभ लेने वाले पर्यटकों को पहले जगदलपुर संभागीय मुख्यालय आना पड़ता है, फिर यहां से जलप्रपात तक जाना पड़ता है। पानी का रंग सफेद मोतियों की तरह 2. तीरथगढ़- तीरथगढ़ जल प्रपात बस्तर के कांगेर घाटी नेशनल पार्क में स्थित है। इस जल प्रपात की खास बात है कि इसमें पानी सीढ़ी नुमा आकार में नीचे गिरता है। अभी ठंड के समय पानी का रंग सफेद मोतियों की तरह दिखता है, जो बेहद आकर्षण का केंद्र है। बस्तर की हसीन वादियों के बीच तीरथगढ़ प्रपात है। ऐसे पहुंचे तीरथगढ़ संभागीय मुख्यालय जगदलपुर से करीब 40 से 45 किमी की दूरी पर यह वाटरफॉल है। पर्यटक रायपुर और हैदराबाद से जगदलपुर तक हवाई सेवा और बस से आ सकते हैं। जगदलपुर से सड़क मार्ग से केशलूर होते हुए तीरथगढ़ जल प्रपात तक पहुंचा जा सकता है। तीरथगढ़ तक यात्री बसें भी चलती हैं। इसके अलावा पर्यटक कार या फिर दोपहिया वाहनों में भी जा सकते हैं। होम स्टे ईको टूरिज्म से अंतरराष्ट्रीय पहचान 3. धुड़मारास- बस्तर के धुड़मारास गांव ने कयाकिंग, बैंबू राफ्टिंग और होम स्टे ईको टूरिज्म से अंतरराष्ट्रीय पहचान बना ली है। UN के 60 देशों के बेस्ट गांव की लिस्ट में धुड़मारास देशभर में इकलौता है। UN टूरिज्म ने बेस्ट टूरिज्म विलेज के लिए 55 गांवों का चयन किया है। इसके अपग्रेडेशन (उन्नयन) लिस्ट में 20 गांव शामिल हैं। ऐसे पहुंचे धुड़मारास बस्तर के संभागीय मुख्यालय जगदलपुर से करीब 40 किमी दूर कोटमसर पंचायत का धुड़मारास आश्रित गांव है। कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में तीरथगढ़-कोटमसर चौक से महज 2 से 3 किमी आगे सुकमा की तरफ जाना पड़ता है। फिर यहां एक चौक से लेफ्ट साइड धुड़मारास गांव के लिए रास्ता जाता है। कुछ दूर कच्चा रास्ता है, लेकिन इससे आगे पक्की सड़क है। बीजापुर जिले का गोवा मट्टी मरका 4. मट्टी मरका- यह स्पॉट बीजापुर जिले के भोपालपट्नम ब्लॉक में है। भोपालपट्नम से लगभग 20 किमी दूर मट्टी मरका गांव में इंद्रावती नदी किनारे दूर तक बिछी सुनहरी रेत और पत्थरों के बीच से कल-कल बहती इंद्रावती नदी का सौंदर्य देखते ही बनता है। नदी छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की सीमा बनाते हुए बहती है। मट्टी मरका को बीजापुर जिले का गोवा भी कहा जाता है। ट्रैकिंग करने वालों के लिए रोमांचक सफर 5. नीलम सरई जलप्रपात- बीजापुर जिले के उसूर ब्लॉक में स्थित नीलम सरई जलधारा हाल ही के कुछ साल पहले सुर्खियों में आई है। स्थानीय युवाओं की टीम ने इस नीलम सरई जल प्रपात को लोगों के सामने लाया। उसूर के सोढ़ी पारा से लगभग 7 किमी दूर तीन पहाड़ियों की चढ़ाई को पार कर यहां पहुंचा जा सकता है। नीलम सरई जलप्रपात तक का सफर ट्रैकिंग के लिए ही माना जाता है। बस्तर की वादियों के बीच ट्रैकिंग करने वालों के लिए यहां का सफर रोमांच भरा होता है। बस्तर की सबसे ऊंची जलधारा 6. नंबी वाटरफॉल- बीजापुर जिले के उसूर ग्राम से 8 किमी पूर्व की ओर नड़पल्ली ग्राम को पार करने के बाद नंबी ग्राम आता है। इस गांव से 3 किमी जंगल की ओर दक्षिण दिशा में पहाड़ पर बहुत ही ऊंचा जलप्रपात है। जिसे नीचे से देखने पर एक पतली जलधारा बहने के समान दिखाई देती है। इसलिए इसे नंबी जलधारा कहते हैं। धरती की सतह से लगभग 300 फीट की उंचाई से गिरने वाले इस जलधारा को देखकर यह कहा जाता है कि यह बस्तर की सबसे ऊंची जलधारा है। पत्थरों का गांव के नाम से प्रसिद्ध 7. पत्थरों का परिवार- नीलम सरई से मात्र तीन किमी की दूरी पर एक बेहद शानदार पर्यटन स्थल दोबे स्थित है। दोबे को पत्थरों का परिवार या फिर पत्थरों का गांव भी कहा जाता है। क्योंकि यहां चारों तरफ पत्थरों से बनी हुई अद्भुत कलाकृतियां देखी जा सकती है। बड़े-बड़े पत्थरों से बनी हुई कलाकृतियां किसी किले के समान लगती है। चट्टानों की खोह रात गुजारने के लिए बेहद सुकून दायक जगह मानी जाती है। 2 साल पहले इस इलाके की खोज स्थानीय युवाओं ने की थी। निरंतर बहने वाले जलप्रपात के लिए प्रसिद्ध 8. लंका पल्ली जल प्रपात- बीजापुर जिला मुख्यालय से 33 किमी दूर दक्षिण दिशा की ओर आवापल्ली गांव है। यहां से पश्चिम दिशा में लगभग 15 किमी पर लंकापल्ली गांव बसा हुआ है। जो यहां साल के 12 महीने निरंतर बहने वाले जलप्रपात के लिए प्रसिद्ध है। प्रकृति की गोद में शांत एवं स्वच्छंद रूप से अविरल बहते इस जलप्रपात को लोग गोंडी बोली में बोक्ता बोलते हैं। नाइट कैंपिंग और ट्रैकिंग के लिए यह एक शानदार जगह है। गोदावरी नदी पर इंचमपल्ली बांध परियोजना 9. इंचमपल्ली बांध - तारलागुड़ा क्षेत्र के चंदूर-दुधेड़ा गांव की सीमा से लगे गोदावरी नदी पर इंचमपल्ली बांध परियोजना अपने आप में ऐतिहासिक है। जिसका सर्वेक्षण एवं निर्माण कार्य 1983 में शुरू होना बताया जाता है। गोदावरी नदी में छत्तीसगढ़ की सीमा से शुरू की गई इस बांध में लगभग 45 से 50 फीट ऊंची और 100 से 200 फीट लंबी, 10 से 12 फीट चौड़ी तीन दीवारें बनी हैं। तीनों दीवारों को जोड़ती लगभग 12 से 15 फीट ऊंची एक और दीवार भी बनी है। ये इलाका हिस्टोरिकल प्लेस की तरह नजर आता है। इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस नहीं करते काम 10. झारालावा जल प्रताप - छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के झिरका के जंगल में खूबसूरत झारालावा जल प्रपात स्थित है। जानकार बताते हैं कि यह बस्तर का पहला ऐसा जल प्रपात है जिसके पास जाने से इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस काम करना बंद कर देता है, जिसकी मुख्य वजह यहां स्थित चट्टानों की चुम्बकीय शक्ति है। इस जल प्रपात तक पहुंचने के लिए कोई सुगम रास्ता भी नहीं है। कुछ दूर बाइक से फिर कई किमी तक पैदल चलना पड़ता है। बीच में एक-दो छोटे बरसाती नाले भी पड़ते हैं। इस प्रपात से सालभर पानी नीचे गिरता है। गहरी खाई और खूबसूरत नजारा 11. मिचनार हिल टॉप - जगदलपुर से 40 तो वहीं चित्रकोट जल प्रपात से 25 किमी की दूरी पर मिचनार की खूबसूरत पहाड़ी स्थित है। हाल ही में इस जगह के बारे में लोगों को पता चला था। हालांकि यह भी एक तरह का ट्रैकिंग प्लेस है। खड़ी पहाड़ में चढ़कर टॉप पर पहुंचा जाता है। जिसके बाद गहरी खाई और यहां का खूबसूरत नजारा देखने लायक होता है। बाहुबली जल प्रपात के नाम से फेमस 12. हांदावाड़ा जल प्रपात- दंतेवाड़ा-नारायणपुर जिले की सीमा पर अबूझमाड़ में खूबसूरत हांदावाड़ा जल प्रपात स्थित है। साल 2004 के बाद हांदावाड़ा जलप्रपात के बारे में लोगों को जानकारी लगी थी। लेकिन यहां पहुंचने की राह आसान नहीं है। इंद्रावती नदी के पाहुरनार घाट में अब पुल निर्माण का काम हो चुका है। इसलिए पर्यटकों की पहली चुनौती यहां खत्म हो गई है। हांदावाड़ा जल प्रपात तक पहुंचने पक्की सड़क भी नहीं है। बारिश के दिनों में यह जल प्रपात बेहद खूबसूरत है। यहां बाहुबली मूवी की शूटिंग की अफवाह उड़ी थी, इसलिए इसे बाहुबली जल प्रपात के नाम से भी जाना जाता है। भगवान परशुराम और गणेश जी के युद्ध की किवदंती 13. ढोलकल शिखर- दंतेवाड़ा जिले के ढोलकल शिखर पर करीब ढाई से तीन हजार फीट की ऊंचाई पर गणपति विराजे हैं। गणपति जी से लोगों की आस्था जुड़ी है। साथ ही कई किवंदतियां भी हैं। बताया जाता है कि भगवान परशुराम और गणेश जी का यहां युद्ध हुआ था। इसके बाद यहां एक दंत वाले गणेश जी की मूर्ति स्थापित की गई थी। हालांकि, इसकी पुष्टि अब तक नहीं हो पाई है। गांव के बुजुर्गों और कहानी के अनुसार यह जानकारी सामने आई थी। वर्तमान में यहां हर साल ढोलकल महोत्सव का भी आयोजन किया जाता है। लोगों का मानना है कि गणेश जी क्षेत्र की रक्षा करते हैं। हर जिला मुख्यालय में रुकने की व्यवस्था जगदलपुर में 50 से ज्यादा होटल हैं। जिसमें 500 से लेकर 3500 रुपए तक एक दिन का किराया है। 2-3 रिसॉर्ट हैं। जगदलपुर तक हवाई और रेल कनेक्टिविटी भी है। सड़क मार्ग के माध्यम से ओडिशा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश महाराष्ट्र जैसे राज्यों से बड़ी आसानी से पहुंच सकते हैं। वहीं जगदलपुर से दंतेवाड़ा और बीजापुर की भी सीधी सड़कें हैं। इन दोनों जिलों में कुल 15 से 20 होटल हैं। यहां भी 800 से लेकर 2500 रुपए तक होटल आसानी से मिल जाएगा। दंतेवाड़ा तक विशाखापट्टनम और ओडिशा से रेल कनेक्टिविटी भी है।
दमोह में 77वां गणतंत्र दिवस समारोह उत्साहपूर्वक मनाया गया। मुख्य कार्यक्रम स्टेडियम में आयोजित हुआ, जहाँ प्रदेश के पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने सुबह 9 बजे राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली। उन्होंने मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन भी किया। इस अवसर पर कलेक्टर सुधीर कोचर और पुलिस अधीक्षक श्रुतकीर्ति सोमवंशी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। राष्ट्रगान के बाद मंत्री ने परेड का निरीक्षण किया। परेड में पुलिस, होमगार्ड, एनसीसी और स्काउट के प्लाटून शामिल हुए। सभी प्लाटून ने अतिथि को सलामी देते हुए मार्च पास्ट किया। समारोह में विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा आकर्षक झांकियों का प्रदर्शन किया गया। स्कूली बच्चों ने देशभक्ति से ओत-प्रोत गीतों पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। अपने उत्कृष्ट कार्य के लिए सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी द्वारा सम्मानित किया गया। दमोह जिले में सरकारी और निजी संस्थाओं में भी गणतंत्र दिवस के अवसर पर तिरंगा फहराया गया, जिससे पूरे जिले में उत्सव का माहौल रहा। कार्यक्रम में दमोह विधायक जयंत मलैया, जिला पंचायत अध्यक्ष रंजिता पटेल के साथ गणमान्य लोगों की मौजूदगी रही।
राष्ट्रीय पर्यटन दिवस पर जिले में महासफाई अभियान पर्यटन स्थलों और सार्वजनिक स्थानों की हुई सफाई
गढ़वा | राष्ट्रीय पर्यटन दिवस 2026 के मौके पर रविवार को जिले के सभी अधिसूचित पर्यटक स्थलों और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर महा सफाई अभियान चलाया गया। इस अभियान का आयोजन जिला प्रशासन, गढ़वा और जिला पर्यटन कार्यालय के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। नगर परिषद गढ़वा और नगर पंचायत नगर उंटारी के सहयोग से यह अभियान सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। महा सफाई अभियान के तहत जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर विशेष रूप से साफ-सफाई की गई। इनमें पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण श्री बंशीधर राधिका मंदिर (श्रेणी ए), मां गढ़ देवी मंदिर (श्रेणी बी), राजा पहाड़ी शिव मंदिर (श्रेणी सी), रामलला मंदिर (श्रेणी डी) और गोसायबाग मैदान (श्रेणी डी) शामिल हैं। इन स्थलों पर जमी गंदगी हटाई गई, कचरे का निस्तारण किया गया और परिसर को स्वच्छ व आकर्षक बनाया गया। साथ ही जिले के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर भी सफाई अभियान चलाया गया। विशेष रूप से अंतरराज्यीय बस स्टैंड, गढ़वा सहित अन्य चिन्हित स्थानों पर साफ-सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया गया। अभियान के दौरान सफाई कर्मियों ने पूरे उत्साह के साथ कार्य करते हुए पर्यटक एवं आमजन के लिए स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करने का प्रयास किया। मौके पर नगर परिषद गढ़वा व नगर पंचायत नगर उंटारी के संबंधित पदाधिकारी, कार्यालय कर्मी व सफाई कर्मी शामिल थे। सभी ने मिलकर स्वच्छता अभियान को सफल बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। अधिकारियों ने आमजनों से अपील की कि वे पर्यटक स्थलों और सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग करें और गंदगी न फैलाएं। उन्होंने कहा कि स्वच्छ वातावरण न केवल पर्यटन को बढ़ावा देता है, बल्कि जिले की सकारात्मक छवि भी प्रस्तुत करता है। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने और पर्यटन स्थलों को संरक्षित रखने का संदेश दिया गया।
नोएडा के थाना सेक्टर-63 पुलिस ने ट्रैवल टिकट बुकिंग और वेकेशन पैकेज के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान विशाल कुमार राय के रूप में हुई है। उसे मैनुअल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से मध्य प्रदेश के रीवा से पकड़ा गया। आरोपी गैंगस्टर एक्ट के एक मामले में फरार चल रहा था। उसके कब्जे से एक टैबलेट और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने ट्रैवल टिकट बुकिंग के नाम पर दो लोगों से क्रमशः 1 लाख 40 हजार रुपये और 84 हजार रुपये की धोखाधड़ी की थी। इसके अलावा, उसने कई अन्य लोगों से भी लाखों रुपये की ठगी की है। इस संबंध में थाना सेक्टर-63 में कई मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी के खिलाफ इसी थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई थी। पूछताछ में विशाल कुमार राय ने बताया कि वह “Country Holiday Travels India Pvt Ltd” और “A Country Holiday Ins And Suits” नाम की कंपनियों का मालिक है। उसकी कंपनियां लोगों को वेकेशन पैकेज बेचती थीं। जब ग्राहक पैकेज के तहत सेवा लेने की कोशिश करते थे, तो कंपनी जानबूझकर अगली तारीखें देकर बुकिंग टालती रहती थी। इससे कई ग्राहक परेशान होकर पीछे हट जाते थे और आरोपी को बिना सेवा दिए ही मुनाफा हो जाता था। जो ग्राहक लगातार दबाव बनाते थे, उन्हें आरोपी सेवा दे देता था और उनसे सकारात्मक रिव्यू ले लेता था। इन रिव्यूज को वह अपनी कंपनी की वेबसाइट पर अपलोड करता था, जिससे अन्य लोग प्रभावित होकर उसकी कंपनियों से जुड़ जाते थे। इसी तरीके से आरोपी ने बड़ी रकम कमाई। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर मामले में अन्य पीड़ितों और नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।
राष्ट्रीय पर्यटन दिवस के अवसर पर कानपुर दर्शन पर्यटन यात्रा का शुभारंभ किया गया। पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सोसायटी फॉर टूरिज्म डेवलपमेंट द्वारा आयोजित इस यात्रा को मुख्य अतिथि डॉ. इंद्र मोहन रोहतगी ने यूनाइटेड पब्लिक स्कूल परिसर से हरी झंडी दिखाई। इस दौरान विद्यालय के विद्यार्थी, शिक्षकगण और पर्यटन सोसायटी से जुड़े पदाधिकारी मौजूद रहे। डॉ. इंद्र मोहन रोहतगी ने इस अवसर पर कहा कि कानपुर कला और संस्कृति की दृष्टि से एक समृद्ध शहर है, जिसमें पर्यटकों को आकर्षित करने की पूरी क्षमता है। उन्होंने जोर दिया कि यदि शहर की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को सही ढंग से प्रस्तुत किया जाए, तो कानपुर पर्यटन के क्षेत्र में अपनी एक नई पहचान बना सकता है। टूरिज्म डेवलपमेंट सोसाइटी के संस्थापक डॉ. सिधांशु राय ने बताया कि कानपुर पौराणिक, धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों का संगम है। उन्होंने सुझाव दिया कि मेडिकल टूरिज्म, आर्टिफिशियल टूरिज्म और ग्रामीण पर्यटन जैसे नए उभरते आयामों पर काम करके कानपुर को एक प्रमुख पर्यटन हब के रूप में विकसित किया जा सकता है। इससे न केवल शहर की पहचान बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। सोसाइटी के कोषाध्यक्ष रोचक रोहतगी ने विद्यार्थियों को अपने शहर के पर्यटन स्थलों की जानकारी होने के महत्व पर बल दिया, ताकि वे अपनी संस्कृति और विरासत से परिचित हो सकें। वहीं, सोसाइटी के सचिव गोपाल द्विवेदी ने बताया कि टूरिज्म समिति कानपुर के पर्यटन पर एक ब्रोशर और वेबसाइट तैयार कर रही है, जिसके माध्यम से शहर की पर्यटन संभावनाओं को घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों तक पहुंचाया जाएगा। डॉल्फिन डेवलपर्स के आनंद गुप्ता ने एक महत्वपूर्ण योजना का खुलासा किया। कानपुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों को एक ही पार्क में प्रदर्शित करने की योजना बनाई जा रही है। इस परियोजना पर टूरिज्म डेवलपमेंट सोसाइटी और डॉल्फिन डेवलपर्स मिलकर काम करेंगे, जो भविष्य में शहर के लिए एक बड़ा आकर्षण साबित होगा। इस कानपुर दर्शन पर्यटन यात्रा के तहत यूनाइटेड पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने बिठूर का भ्रमण किया। वहां स्थित कानपुर संग्रहालय को देखकर विद्यार्थी अत्यंत प्रभावित हुए और उन्होंने शहर के गौरवशाली इतिहास को करीब से जाना।
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय पर्यटन दिवस के अवसर पर पर्यटन स्थलों की फोटो प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। यह प्रदर्शनी उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस–2026 के अंतर्गत लगाई गई थी। इसका उद्घाटन विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह ने किया। प्रदर्शनी में शाही पुल के विविध छायाचित्रों के माध्यम से मानवीय संवेदनाओं, जीवन और सामाजिक संबंधों को सजीव रूप में प्रस्तुत किया गया। वहीं ब्रज की रंगों से सराबोर होली, दशाश्वमेध घाट, सारनाथ तथा प्रयागराज के कुंभ के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृश्य दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। पहले 2 तस्वीरें देखिए... उद्घाटन अवसर पर डॉ. विनोद कुमार सिंह ने कहा कि भारत की संस्कृति अत्यंत समृद्ध और विविधतापूर्ण है। उन्होंने विशेष रूप से उत्तर प्रदेश को धार्मिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बताया। उनके अनुसार, काशी, अयोध्या, मथुरा जैसे धार्मिक स्थल हों या आगरा, झांसी जैसी ऐतिहासिक धरोहर, प्रदेश का हर क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से विशिष्ट महत्व रखता है। डॉ. सिंह ने आगे कहा कि इस प्रकार की फोटो प्रदर्शनियां विद्यार्थियों और युवाओं को देश की सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के साथ-साथ पर्यटन के प्रति जागरूकता एवं संवेदनशीलता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस समारोह के समन्वयक प्रो. प्रदीप कुमार ने बताया कि यह फोटो प्रदर्शनी एक सप्ताह तक विद्यार्थियों के लिए लगाई जाएगी। इसका उद्देश्य उन्हें उत्तर प्रदेश की संस्कृति, परंपरा और ऐतिहासिक विरासत को निकट से जानने का अवसर प्रदान करना है। फोटो प्रदर्शनी का संयोजन नोडल अधिकारी डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर द्वारा किया गया। इस अवसर पर उप कुलसचिव अजीत कुमार सिंह, प्रो. मुराद अली, डॉ. आशुतोष सिंह, डॉ. श्याम कन्हैया सिंह, डॉ. मनोज पांडे, डॉ. धीरेंद्र चौधरी, डॉ. प्रेमांशु सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
भारत आज 'राष्ट्रीय पर्यटन दिवस' को 'अतिथि देवो भव' के मूल मंत्र के साथ मना रहा है। देश की ऐतिहासिक विरासत, प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विविधता को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने के लिए सरकार ने कई बड़ी घोषणाएं की हैं। जानिए कैसे इको-टूरिज्म और डिजिटल इंडिया के माध्यम से भारत पर्यटन के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है और क्यों 2026 पर्यटन के लिए क्रांतिकारी साल साबित होगा।
एम्स्टर्डम प्रशासन शहर में बढ़ते प्रदूषण और ओवर-टूरिज्म को रोकने के लिए क्रूज जहाजों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहा है। पर्यावरण और ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा के लिए उठाए जा रहे इस क्रांतिकारी कदम से वैश्विक पर्यटन उद्योग में खलबली मच गई है। जानिए क्यों दुनिया का सबसे लोकप्रिय शहर अपने बंदरगाह से विशाल जहाजों को विदा करने की तैयारी में है।
नेतरहाट में बढ़ा पर्यटन, युवाओं का पलायन भी रुका
संजीत गुप्ता | लातेहार झारखंड का लातेहार जिला आज राज्य के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में तेजी से उभर रहा है। राष्ट्रीय पर्यटन दिवस के अवसर पर यह कहना गलत नहीं होगा कि यहां पर्यटन केवल घूमने-फिरने तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि यह स्थानीय विकास, रोजगार और सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बनता जा है। यह कहने में कोई अतिशयोक्ति नहीं की नेतरहाट और बेतला जैसे विश्वसनीय प्राकृतिक स्थलों ने लातेहार को पर्यटन मानचित्र पर एक मजबूत पहचान दिलाई है। नेतरहाट, जिसे छोटानागपुर की रानी भी कहा जाता है। यह अपनी वादियों, सूर्योदय–सूर्यास्त, पाइन वन, जलप्रपातों और शांत वातावरण के लिए प्रसिद्ध है। वहीं पलामू टाइगर रिजर्व अंतर्गत बेतला नेशनल पार्क में जंगल सफारी, वन्यजीव दर्शन, ऐतिहासिक राजा मेदिनी राय पलामू किला और प्राकृतिक ट्रेल्स के कारण पर्यटकों का बड़ा आकर्षण केंद्र है। इन दोनों स्थलों के साथ लोध जलप्रपात, घाघरी जलप्रपात, कोयल व्यू प्वाइंट, मैग्नोलिया पॉइंट, ताहिर टॉप और जंगल ट्रेल्स, सुगा बांध, मिर्चईया फॉल जैसे अन्य पर्यटन स्थल लातेहार को एक संपूर्ण पर्यटन सर्किट बनाते हैं।पर्यटन के विस्तार से स्थानीय लोगों विशेषकर जनजातीय समुदाय के लोगों में उल्लेखनीय बदलाव आया है। होटल, होम-स्टे, कॉटेज, टूर गाइड, वाहन संचालन, स्थानीय भोजन, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से जुड़े कार्यों में बड़ी संख्या में युवाओं और महिलाओं को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार मिला है। युवाओं की पर्यटन व्यवसाय में बढ़ती भागीदारी से पलायन की समस्या में कमी आई है। अब स्थानीय युवा अपने ही क्षेत्र में सम्मानजनक रोजगार पा रहे हैं और अपनी परंपराओं, लोककला व संस्कृति को जीवित रखते हुए आत्मनिर्भर बन रहे हैं। पर्यटन ने यहां छोटे व्यापार, परिवहन सेवा, गाइडिंग और खाद्य व्यवसाय को भी बढ़ावा दिया है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है। ^पर्यटन विशेषज्ञ लातेहार टूरिज्म के गोविंद पाठक बताते हैं कि यदि सड़क, संचार, प्रशि क्षण, ठहराव सुवि धाओं और प्रचार प्रसार पर और ध्यान दिया जाए, तो लातेहार राज्य का प्रमुख ईको-ट रिज्म केंद्र बन सकता है। नेतरहा –बेतला पर्यटन मॉडल यह भी दर्शाता है कि प्राकृतिक धरोहरों का संरक्षण करते हुए विकास संभव है। यही कारण है कि स्थानीय समुदाय के लिए रोजगार, आत्मनि र्भरता और सम्म नजनक जीवन का माध्यम बन रहा है।^ -गोव दिपक, पर्यटन विशेषज्ञ
कपूरथला में विदेश भेजने के नाम पर ठगी:80 हजार में दुबई भेजने का दिया झांसा, ट्रैवल एजेंट पर केस दर्ज
कपूरथला जिले में पुलिस ने दुबई भेजने के नाम पर 80 हजार रुपए की ठगी के आरोप में एक ट्रैवल एजेंट के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई एक युवक की शिकायत पर की गई है।तलवंडी पाई गांव के रहने वाले मदन लाल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह अपने बेटे को दुबई भेजना चाहते थे। इस दौरान उनका संपर्क काहना गांव के ट्रैवल एजेंट पिंदरपाल से हुआ। पिंदरपाल ने दावा किया कि उसने कई लोगों को विदेश भेजा है और वह उनके बेटे को भी दुबई भेज देगा। विदेश भेजने के नाम पर ठगी शिकायतकर्ता के अनुसार, बातचीत तय होने के बाद ट्रैवल एजेंट ने उनसे अलग-अलग तारीखों पर कुल 80 हजार रुपए ले लिए। हालांकि, न तो उनके बेटे को दुबई भेजा गया और न ही कोई प्रक्रिया पूरी की गई।जब पीड़ित ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी ने टालमटोल करना शुरू कर दिया और पैसे लौटाने से इनकार कर दिया। जांच में जुटी पुलिस इसके बाद पीड़ित ने थाना कोतवाली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।पुलिस ने शिकायत की जांच की और आरोपों को सही पाया। परिणामस्वरूप, आरोपी ट्रैवल एजेंट के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
अयोध्या में मंडलायुक्त राजेश कुमार ने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री को राम मंदिर की एक दिव्य फोटो भेंट की। बैठक में अयोध्या मंडल में संचालित विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति और भावी कार्य योजनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। मंडलायुक्त ने मुख्यमंत्री को प्रमुख परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति से भी अवगत कराया। भेंट के दौरान बुनियादी ढांचे के विकास, सड़क, पेयजल, विद्युत, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े कार्यों के साथ-साथ पर्यटन और तीर्थ विकास परियोजनाओं पर भी चर्चा हुई। मंडलायुक्त ने बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए यातायात, स्वच्छता, सुरक्षा और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। इसके अलावा स्मार्ट सिटी परियोजना, सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था, नगर सौंदर्यीकरण और आवासीय योजनाओं की प्रगति पर भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी विकास कार्यों को गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए और कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने अयोध्या मंडल के समग्र विकास को प्रदेश की प्राथमिकताओं में रखते हुए अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए।
ग्रीनलैंड के टॉप 10 पर्यटन स्थल: सुंदर प्रकृति, बर्फ, फजॉर्ड और रोमांच की अनोखी दुनिया
ग्रीनलैंड आर्कटिक का एक अद्भुत देश है, जो अपने विशाल ग्लेशियरों, तैरते हिमखंडों (Icebergs), और रंगीन घरों के लिए प्रसिद्ध है। यहां की प्राकृतिक सुंदरता और साहसिक गतिविधियां इसे अनोखा बनाती हैं। यहाँ घूमने के लिए 10 बेहतरीन जगहें हैं।
बिहार के किसी जिले में होटल, कॉन्फ्रेंस हॉल, एम्यूजमेंट पार्क, आदि का निर्माण करने पर पर्यटन विभाग कुल लागत में 30% तक वित्तीय मदद देगा। ये बातें पर्यटन सचिव नीलेश रामचंद्र देवरे ने बिहार पर्यटन नीति के 21 उद्यमियों के साथ आज एक महत्वपूर्ण बैठक करते हुए कही। पर्यटन सचिव ने कहा कि विभाग का लक्ष्य है कि हर जिले में पर्यटकीय सुविधाओं का निर्माण हो ताकि पर्यटकों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़े। एम्प्लॉयमेंट प्रोवाइडर बनकर विकसित बिहार में अपना योगदान दें नीलेश रामचंद्र देवरे ने कहा कि उद्यमी उच्चस्तरीय पर्यटकीय सुविधाएं, जिसमें बेहतर आवासन के लिए सुविधायुक्त स्टार होटल, साफ-सुथरे और व्यवस्थित प्रसाधन केंद्र युक्त मार्गीय सुविधाओं से लेकर कॉन्फ्रेंस हॉल, एम्यूजमेंट पार्क आदि का निर्माण करने के लिए पर्यटन विभाग पर्यटन नीति के तहत कुल लागत में 30% तक वित्तीय मदद दे रहा है। इसका लाभ उठाएं और एम्प्लॉयमेंट प्रोवाइडर बनकर विकसित बिहार बनाने में अपना योगदान दें। लोन निर्गत करने में लाई जाएगी तेजी पर्यटन सचिव ने इस बैठक में अनुदान के लिए प्रथम स्टेज की स्वीकृति प्राप्त कर चुके उद्यमियों को दूसरे स्टेज यानी वित्तीय स्वीकृति के लिए आवेदन करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी उद्यमी को बैंक द्वारा लोन निर्गत करने में देरी की जा रही है तो वे हमें जानकारी दें। पर्यटन विभाग बैंकों के प्रतिनिधियों के साथ भी बैठक कर लोन लेने में मदद करेगा।
कड़कड़ाती सर्दी में बिकिनी पहन पूल में उतरीं रुबीना दिलैक, जापान वेकेशन की दिखाई झलक
टीवी की संस्कारी बहू रुबीना दिलैक रियल लाइफ में काफी ग्लैमरस हैं। वह अक्सर फैंस के साथ अपनी हॉट एंड सिजलिंग तस्वीरें शेयर करती रहती हैं। रुबीना वह छोटे पर्दे की हाई पेड एक्ट्रेसेस में शुमार है। हाल ही में रुबीना ने अपनी जापान ट्रिप की तस्वीरें फैंस ...
कॉरिडोर में कृष्ण: 'कुंज गलियों' का पर्यटन
15 मई 2025 को, भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने उत्तरप्रदेश सरकार को मथुरा के बांके बिहारी मंदिर के आसपास 5 एकड़ भूमि अधिग्रहित करने की अनुमति दी थी
स्विमिंग पूल किनारे मोनालिसा का सिजलिंग अंदाज, वेकेशन से शेयर की बोल्ड तस्वीरें
भोजपुरी एक्ट्रेस मोनालिसा हिंदी टीवी इंडस्ट्री में भी अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी मोनालिसा की जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। वह अपनी ग्लैमरस तस्वीरों से तहलका मचाती रहती हैं। मोनालिसा इन दिनों थाइलैंड में वेकेशन एंजॉय कर रही ...
गोवा में वेकेशन एंजॉय कर रहीं कृष्णा श्रॉफ, शेयर की खूबसूरत तस्वीरें
कृष्णा श्रॉफ निश्चित रूप से जानती हैं कि लोगों का ध्यान कैसे आकर्षित करना है- चाहे वह उनकी MMA चॉप्स हों या उनकी वेकेशन की तस्वीरें। कृष्णा इस दिनों गोवा की धूप और बीच पर छुट्टियां मना रही हैं। इसी बीच कृष्णा श्रॉफ ने सोशल मीडिया पर अपनी ट्रॉपिकल ...
Tejasswi Praksh-Karan Kundrra नहीं हुए अलग,रोमांटिक वेकेशन एन्जॉय कर रहा है कपल करीबी दोस्त ने खोला राज
सोशल मीडिया पर भारतीय क्रिकेट टीम के हरफनमौला खिलाड़ी हार्दिक पंड्या और उनकी पत्नी नतासा स्टेनकोविक के अलग होने की अफवाहें जोरों पर हैं। यह सब तब शुरू हुआ जब नतासा ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से 'पांड्या' उपनाम हटा दिया। प्रशंसकों ने यह भी देखा कि वह आईपीएल मैचों के दौरान स्टैंड्स से गायब थीं। हालांकि, तमाम अटकलों के बावजूद इस जोड़े ने इस मामले पर चुप्पी साध रखी है। दूसरी ओर, एक ताजा रिपोर्ट से पता चलता है कि हार्दिक विदेश में किसी अज्ञात स्थान पर छुट्टियां मना रहे हैं। विस्तार से जानने के लिए आगे पढ़ें। इसे भी पढ़ें: Shabana Azmi ने Shashi Kapoor के साथ इंटीमेट सीन करने से किया था इंकार, सुपरस्टार ने कह दिया था एक्ट्रेस को 'बेवकूफ लड़की' | Read All About नताशा स्टेनकोविक से अलगाव की अफवाहों के बीच हार्दिक पंड्या विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं हार्दिक पंड्या की पत्नी नतासा स्टेनकोविक के साथ निजी जिंदगी हाल ही में चर्चा का विषय बनी हुई है। क्रिकबज द्वारा रविवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि अलगाव की अफवाहों के बीच क्रिकेटर विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं। अभी लोकेशन का नाम सामने नहीं आया है। इसे भी पढ़ें: Anant Ambani और Radhika Merchant Pre-Wedding Party! तारों भरी रात से लेकर टोगा पार्टी तक, जानें इस बार क्या-क्या होगा खास यह बताया गया है कि इंडियन प्रीमियर लीग से अपनी टीम के बाहर होने के बाद क्रिकेटर ने देश छोड़ दिया। कठिन अवधि के बाद तरोताजा होने के लिए, उन्होंने विदेश में एक सप्ताह की छुट्टी का विकल्प चुना। हार्दिक के शीघ्र ही न्यूयॉर्क में टी20 विश्व कप 2024 के अभ्यास सत्र के लिए भारतीय टीम में फिर से शामिल होने की उम्मीद है। विशेष रूप से, आईपीएल 2024 में मुंबई इंडियंस के लिए रोहित शर्मा की जगह हार्दिक के नेतृत्व की काफी आलोचना हुई। पूरे सीज़न में भारतीय क्रिकेटर को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। इस बीच, वह पेशेवर असफलताओं से जूझ रहे थे। उनकी निजी जिंदगी सुर्खियों में आ गई। कुछ दिन पहले हार्दिक ने अपने सोशल मीडिया पर ढेर सारी तस्वीरें और वीडियो शेयर किए थे। वीडियो में उन्हें पूल में तैरते हुए अच्छा समय बिताते हुए दिखाया गया, जबकि फोटो में वह एक खूबसूरत बैकग्राउंड के साथ पोज दे रहे थे। इसे छोटा और सरल रखते हुए, उन्होंने पोस्ट को कैप्शन दिया था, रिचार्जिंग। पोस्ट के जवाब में, कई प्रशंसकों ने उनके टिप्पणी अनुभाग में बाढ़ ला दी, अपना अटूट समर्थन दिखाया और आगामी विश्व कप के लिए उनकी जय-जयकार की। एक यूजर ने लिखा, “हार्दिक पंड्या जल्द ही टी20 वर्ल्ड कप में वापस आ रहे हैं,” एक अन्य फैन ने लिखा, “हार्दिक टी20 में अपने पुराने मॉडल के साथ आएं और अपने नफरत करने वालों को चुप करा दें। जबकि एक तीसरे फैन ने लिखा, “मजबूत वापसी भाई।” इसके अतिरिक्त, एक प्रशंसक ने लिखा, अपना भाई शेर था और रहेगा तू टेंशन माउंट लेना रे। एक अन्य प्रशंसक ने कहा, कोई बात नहीं हम सब आपके साथ हार्दिक हमारे हीरो हैं। एक अन्य प्रशंसक ने कहा, हार्दिक भाई विश्व कप में वापसी करेगा। हार्दिका पंड्या की पत्नी नतासा ने अलगाव की अफवाहों पर प्रतिक्रिया दी दूसरी ओर, अलगाव की अफवाहों के बीच हार्दिक की पत्नी को शनिवार को पहली बार शहर में देखा गया। अपनी नवीनतम आउटिंग में, उन्हें एक कैफे से बाहर निकलते समय एक करीबी दोस्त के साथ देखा गया था। जाने से पहले एक्ट्रेस ने शटरबग्स के लिए पोज दिए। दरअसल, एक पिता ने उनसे तलाक के बारे में पूछा। हालांकि, इसके जवाब में एक्ट्रेस ने सवाल को नजरअंदाज करने का फैसला किया और सम्मानजनक चुप्पी बनाए रखी. जाने से पहले, उसने बस इतना कहा, बहुत-बहुत धन्यवाद और अपनी प्रतीक्षारत कार की ओर बढ़ गई। अपनी नवीनतम आउटिंग के दौरान, जब वह अपने दोस्त के साथ एक कैफे से बाहर निकली, तो उसे गुलाबी शर्ट के साथ सफेद टॉप और शॉर्ट्स पहने देखा गया। दो महीने पहले एक नौका पर बॉलीवुड अभिनेत्री को प्रस्ताव देने के बाद, हार्दिक और नतासा ने लगभग चार साल पहले 31 मई, 2020 को शादी कर ली थी। उनके पहले बच्चे, अगस्त्य का जन्म 30 जुलाई, 2020 को हुआ था। अपनी तीसरी शादी की सालगिरह मनाते हुए, हार्दिक और नतासा ने उदयपुर में एक भव्य समारोह के साथ अपनी प्रतिज्ञाओं को भी नवीनीकृत किया था। View this post on Instagram A post shared by Hardik Himanshu Pandya (@hardikpandya93) View this post on Instagram A post shared by Viral Bhayani (@viralbhayani)
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