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Teej Special Drinks: Hariyali Teej पर घर पर बनाएं ये 5 Refreshing Drinks, मेहमान करेंगे तारीफ

हरियाली तीज का पर्व सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास होता है। इस दिन महिलाएं हरे रंग के कपड़े पहनती हैं, झूला झूलती हैं, मेहंदी लगाती हैं और घर में तरह-तरह के पकवान बनाए जाते हैं। ऐसे में अगर तीज के मौके पर आपके घर पर भी मेहमान आने वाले हैं, तो आप कुछ रिफ्रेशिंग और स्पेशल ड्रिंक्स जरूर बना लें। उसम और गर्मी भरे मौसम में ठंडी ड्रिंक मेहमानों को बेहद पसंद आती है। लेकिन हर बार मार्केट से कोल्ड ड्रिंक या पैकेज्ड जूस लाने की जगह घर पर बनी कुछ देसी ड्रिंक्स का स्वाद अलग होता है। वहीं इसकी खास बात यह है कि इसको बनाने के लिए ज्यादा मेहनत और महंगी सामग्री की जरूरत नहीं होती है। आप भी तीज की पार्टी के लिए शाही केसर ठंडाई, क्रीमी गुलाब लस्सी, नींबू-पुदीना कूलर, खट्टा-मीठा आम पन्ना और ठंडा केसर दूध बना सकती हैं। इन ड्रिंक्स को आप बर्फ, पुदीने पत्तियों, सुंदर गिलास, केसर और गुलाब की पंखुड़ियों से सजाकर सर्व करें। इन ड्रिंक्स का स्वाद मेहमानों को पसंद आएगा और वह इन ड्रिंक्स की रेसिपी आपसे जरूर पूछेंगे। शाही केसर ठंडाई सामग्री ठंडा दूध - 2 गिलास बादाम -10-12 काजू - 8-10 सौंफ - 1 चम्मच काली मिर्च - 1/2 चम्मच खसखस - 1 चम्मच इलायची - 2-3 केसर के धागे - 5-6 चीनी - 2-3 चम्मच गुलाब की पंखुड़ियां ऐसे बनाएं सबसे पहले काजू, बादाम, सौंफ, काली मिर्च, खसखस और इलायची को पानी में कुछ देर के लिए भिगो दें। फिर इनको बारीक पीसकर पेस्ट तैयार कर लें। इसके बाद दूध को ठंडा करके इसमें तैयार किया हुआ पेस्ट और चीनी डालें। केसर को थोड़ा गुनगुने दूध में भिगोकर ठंडाई मिलाएं। सभी सामग्री को अच्छे से मिलाएं और फिर कुछ देर फ्रिज में रखें। सर्व करते समय ऊपर से गुलाब की पंखुड़ियां और केसर डालें। रिच स्वाद के लिए आप थोड़ा पिस्ता भी डाल सकती हैं। गुलाब लस्सी गुलाब लस्सी हर पर्व की महफिल में अपनी जगह आसानी से बना लेती है। गुलाब की खुशबू इसको सामान्य लस्सी से और भी खास बना देती है। सामग्री ठंडा दही - 2 कप ठंडा दूध - 1/2 गुलाब का शरबत - 2-3 चम्मच चीनी - 2 चम्मच बर्फ के टुकड़े - 2-3 गुलाब की पंखुड़ियां कटे हुए पिस्ते ऐसे बनाएं एक बड़े बर्तन में ठंडा दूध, दही, चीनी और गुलाब का शरबत डालें। इसको ब्लेंडर या मथनी से अच्छे से फेंट लें। इसमें बर्फ को डालकर एक बार फिर से ब्लेंड कर दें। गुलाबी रंग की लस्सी को लंबे गिलास में डालें और ऊपर से गुलाब की पंखुड़ियां और पिस्ता डालकर सर्व करें। अगर आपको लस्सी ज्यादा गाढ़ी लग रही है, तो उसमें ठंडा दूध मिला सकती हैं। नींबू-पुदीना कूलर ड्रिंक सामग्री नींबू - 2 पुदीने की पत्तियां - 8-10 चीनी - 2 चम्मच काला नमक - 1/2 चम्मच ठंडा पानी या सोडा बर्फ ऐसे बनाएं सबसे पहले एक गिलास में नींबू का रस, काला नमक, चीनी और पुदीने की पत्तियां डालें। फिर इनको मसलें, जिससे कि पुदीने की खुशबू अच्छे से निकल जाए। अब गिलास में बर्फ डालें और ऊपर से ठंडा पानी या फिर सोडा डालें। इसको हाथ से मिक्स करें और ऊपर से पुदीने की पत्ती और नींबू की स्लाइस से गार्निश करें। इसको आकर्षक बनाने के लिए कांच के लंबे गिलास में ड्रिंक को सर्व करें। खट्टा-मीठा आम पन्ना सामग्री कच्चे आम - 2 चीनी - 3-4 चम्मच भुना जीरा पाउडर - 1/2 चम्मच काला नमक - 1/2 चम्मच थोड़ा सा पुदीना ठंडा पानी - 2 गिलास बर्फ ऐसे बनाएं सबसे पहले कच्चे आम को भूनकर या उबालकर इसका गूदा निकाल लें। फिर इसमें काला नमक, चीनी और भुना जीरा डालकर अच्छे से मिक्स करें। इसके बाद पुदीने की पत्तियों के साथ इसको ब्लेंड कर दें। अब पल्प में ठंडा पानी मिलाएं और जरूरत के हिसाब से स्वाद को एडजस्ट करें। गिलास में आम पन्ना डालें और बर्फ डालकर सर्व करें। आप चाहें तो आम पन्ना का कॉन्संट्रेट पहले से बनाकर फ्रिज में रख लें। मसालेदार जलजीरा सामग्री ठंडा पानी - 2 गिलास भुना जीरा पाउडर - 1 चम्मच काला नमक - 1/2 चम्मच चाट मसाला - 1/2 चम्मच थोड़ा नींबू का रस सौंफ - 1/2 चम्मच मुट्ठीभर पुदीना बर्फ ऐसे बनाएं सबसे पहले सौंफ और पुदीना को थोड़े से पानी के साथ पीस लें। फिर इसको एक जग में छान लें। अब इसमें भुना जीरा, ठंडा पानी, चाट मसाला, काला नमक और नींबू का रस डालकर अच्छे से मिक्स करें। इसके बाद एक गिलास में बर्फ डालकर उसमें जलजीरा डालें और ऊपर से थोड़ा सा जीरा पाउडर छिड़ककर सर्व करें।

प्रभासाक्षी 3 Sep 2026 1:25 pm

Janmashtami 2026 Mandir Decor Ideas: पुरानी साड़ियों से सजाएं अपना Temple, मेहमान करेंगे तारीफ

इस बार श्री कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार 4 सितंबर 2026 को मनाया जाएगा। इस त्योहार को हर साल बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। जन्माष्टमी के दिन हर कोई अपने घर के मंदिर को बेहद सुंदर और अलग-अलग तरीके से सजाते हैं। मार्केट में भी मंदिर को सजाने के लिए डेकोरेशन का सामान मिल रहा है। बस कुछ चीजों और घर में पड़ी पुरानी साड़ियों से घर का मंदिर सजा सकते हैं। पुरानी साड़ियों और गोटे से मंदिर सजाने के 5 आसान तरीके साड़ी को सुंदर पर्दा या बैकड्रॉप बनाना यदि आप कन्हा के मंदिर के पीछे के हिस्से को सजाना चाहती हैं, तो साड़ी से सुंदर पर्दा बना सकती हैं- इसके लिए चाहिए ये सामान -चमकीले रंग की पुरानी सिल्क या जॉर्जेट की साड़ी (पीला, गुलाबी या नारंगी रंग), -गोटा-पट्टी -सेफ्टी पिन -डबल-साइड टेप मंदिर के पीछे के हिस्से को सजाने का तरीका - सबसे पहले मंदिर के पीछे वाली दीवार पर साड़ी को प्लेट्स बनाकर अच्छे से फैला लें। - अब साड़ी के ऊपर की तरफ से हॉरिजेंटल डायरेक्शन में चौड़ा गोटा चिपकाएं या सुई-धागे से सिल दें। - बीच में गोटे की मदद से एक बड़ा सा डिजाइन या मंडप जैसा आकार दें। - ऐसा करने से मंदिर का पीछे का हिस्सा आकर्षक नजर आएगा। मंदिर के लिए खूबसूरत झालर और तोरण मंदिर की सजावट खूबसूरत झालर और तोरण के बिना अधूरा है। यदि आप भी अपने कान्हा के मंदिर के लिए तोरण बना सकते हैं। जरुरी सामग्री - साड़ी की बची हुई कतरन - गोटा-किनारी - ऊन या मोटा धागा - सुई मंदिर के लिए खूबसूरत तोरण बनाने और सजाने का तरीका - पुरानी साड़ी के बॉर्डर को काटकर अलग कर लें। - अब इस बॉर्डर पर अलग-अलग डिजाइन के गोटे को सिल दें। - इस मंदिर के मुख्य द्वार या चौकी के चारों तरफ तोरण की तरह लगाएं। - साड़ी के कपड़ों से छोटे-छोटे फूल बनाकर गोटे के साथ पिरोकर लंबी झालर बनाएं। - इसे आप मंदिर की छत पर लटका सकते हैं। लड्डू गोपाल की चौकी को सजाना घर में पड़ी साड़ी को कुछ चीजों के जरिए लड्डू गोपाल की चौकी को सजा सकते हैं। जरूरी सामग्री -लाल या पीले रंग का साड़ी का टुकड़ा -चौड़ा गोटा -सितारे और कुंदन लड्डू गोपाल की चौकी सजाने का तरीका - सबसे पहले आप चौकी पर साड़ी के कपड़े को लपेट दें। - अब चौकी के चारों किनारों पर गोटा-पट्टी लगाएं। - कपड़े के ऊपर गोटे और कुंदन की मदद से छोटे-छोटे फूल या स्वास्तिक का चिह्न बनाएं। - इस सजी हुई चौकी पर बाल गोपाल को विराजमान करने से पूरा लुक निखर उठेगा।

प्रभासाक्षी 2 Sep 2026 6:05 pm

Janmashtami 2026 Special: बिना Mawa और Sugar Syrup के बनाएं आटे और Gond की बर्फी, जानें आसान विधि

कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार बेहद नजदीक आ चुका है। इस बार 4 सितंबर को कृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इस खास अवसर पर घरों में बाल गोपाल के लिए भोग तैयार किया जाता है। यदि आप जन्माष्टमी पर कुछ खास बनाना चाहती हैं जो स्वादिष्ट तो हो ही, साथ ही बनाने में भी मेहनत न करनी पड़े, तो आटे और गोंद की बर्फी जरुर बनाएं। खास बात तो यह है कि इसे बनाने में न मेवे की जरुरत पड़ती है न ही चाश्ननी बनाने की झंझट। सामग्री -गेहूं का आटा- 1 कप -खाने वाला गोंद- 3 से 4 बड़े चम्मच -देसी घी- आधा कप -कद्दूकस किया हुआ गुड़ या पिसी चीनी या बूरा- तीन चौथाई कप -काजू और बादाम- 2 बड़े चम्मच -हरी इलायची पाउडर- आधा छोटा चम्मच -जायफल पाउडर- एक चौथाई छोटा चम्मच (ऑप्‍शनल) घर पर कैसे बनाएं आटे और गोंद की बर्फी? - सबसे पहले एक कड़ाही में दो बड़े चम्मच देसी घी गर्म करें। घी गर्म करने के बाद इसमें खाने वाला गोंद डाल दें। इसके बाद इसमें मीडियम फ्लेम पर लगातार चलाते हुए भून लें। गोंद जब अच्छी तरह फूल जाए और क्रिस्पी हो जाए तो इसे कड़ाही से निकालकर एक प्लेट में रख दें। - अब गोंद को थोड़ा ठंडा होने दें। फिर एक कटोरी के पेंदे या दूसरे भारी सामान की मदद से दरदरा होने तक कूट लें। इसे बहुत बारीक पाउडर बनाने की जरुरत नहीं है। - उसी कड़ाही में बचा हुआ देसी घी डाल दें और इसमें एक कप गेहूं का आटा डालें। आटे को भी एकदम लो फ्लेम पर लगातार चलाते हुए भून लें। यहां जल्दबाजी न करें, क्योंकि आटा अच्छी तरह भुना होगा, तभी बर्फी में अच्छा स्वाद आएगा। - जब आटा का रंग हल्का सुनहरा होने लगे, तो इसमें सोंधी खुशबू आने लगे तो इसमें कटे हुए काजू-बादाम या अपने मनपसंद के ड्राई फ्रूट्स डाल दें। इसमें कटा हुआ गोंद और इलायची पाउडर भी मिला सकते हैं। अब इन सभी चीजों को लो फ्लेम पर करीब एक मिनट तक अच्छी तरह मिला लें। - अब गैस बंद कर दें और इसे ठंडा होने दें। बाद में इसमें कद्दूकस किया गया गुड़ या पिसी चीनी या बूरा डालें। ध्यान रहे कि गुड़ या चीनी को गैस चालू करके नहीं मिलाना है, वरना बर्फी बहुत हार्ड हो जाएगी। - एक प्लेट या बर्फी जमाने वाली ट्रे में थोड़ा घी लगाकर उसे चिकना कर लें। तैयार मिश्रण को इसमें डालें और चम्मच या कटोरी की मदद से अच्छे से दबाकर बराबर फैला दें। ऊपर से चाहे तो थोड़ा बारीक कटे हुए काजू-बादाम भी डाल सकते हैं। - मिश्रण को करीब 15 से 20 मिनट के लिए सेट होने दें। जब यह अच्छी तरह जम जाए, तो चाकू की मदद से बर्फी को चौकोर या मनचाहे आकार में काट लें। अब इसे पूरी तरह ठंडा होने दें और फिर सावधानी से प्लेट से निकाल लें। इस तरह तैयार हो जाएगी स्वादिष्ट आटे और गोंद की बर्फी। इसे जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण को भोग के रूप में अर्पित कर सकती हैं। बर्फी बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान - गोंद को तेज आंच पर न तलें। इसको अच्छी तरह फूलने और कुरकुरा होने तक लो फ्लेम पर ही भूनें। - गेहूं के आटे को भी लो फ्लेम पर लगातार चलाते हुए भूनें ताकि वह नीचे से जले नहीं। - गोंद जब पूरी तरह से ठंडा हो जाए, तभी दरदरा कूटें। - गुड़ या बूरा डालने से पहले गैस को बंद कर दे और मिश्रण को ठंडा होने दें। - बर्फी को बहुत गर्म रहते काटने की कोशिश न करें। सेट होने के बाद ही बर्फी के शेप में काटें।

प्रभासाक्षी 28 Aug 2026 1:45 pm

Pav Bhaji Recipe: घर पर मार्केट जैसा स्वाद पाने के लिए फॉलो करें ये Secret Ingredients और Step-by-Step विधि

मुंबई का सिर्फ वड़ा पाव ही नहीं बल्कि यहां की पावभाजी भी काफी फेमस है। इसको मुंबई शहर की जान भी कहा जाए, तो इसमें दोराय नहीं है। यह बात सिर्फ वही जानता है, जिसने मुंबई के पावभाजी का टेस्ट चखा है। लेकिन आप इसको आसानी से मुंबई स्टाइल पाव भाजी घर पर बनाकर तैयार कर सकती हैं। सुबह का नाश्ता हो या दोपहर का लंच हो या डिनर तीनों टाइम के लिए परफेक्ट है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको मुंबई स्पेशल पावभाजी की रेसिपी बताने जा रहे हैं। सामग्री पाव - 6-7 बारीक कटे आलू - 3 फूल गोभी - 1 कप कटी टमाटर - 4 बारीक कटे प्याज - 2 छोटी बारीक कटी मटर - 1/2 कप शिमला मिर्च -1/2 कप बारीक कटी बीन्स - 1/4 कप हल्दी - 1/2 छोटी चम्मच हरी मिर्च - 1 अदरक लहसुन पेस्ट - 1/2 छोटा चम्मच नींबू का रस - 1/2 बड़े चम्मच धनिया - 2 बड़े चम्मच बारीक कटा पाव भाजी मसाला - 2-3 चम्मच मक्खन - 3-4 बड़े चम्मच लाल मिर्च - 2 चम्मच या स्वादानुसार धनिया पाउडर- 2 चम्मच तेल - 2-3 चम्मच स्वादानुसार नमक ऐसे बनाएं सबसे पहले 3 बड़े आलू को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें, जिससे कि वह जल्दी गल सकें। इसके बाद फूल गोभी, टमाटर, प्याज और शिमला मिर्च को बारीक काट लें। अब प्याज और टमाटर को छोड़कर सभी सब्जियों में बीन्स और मटर को डालकर इसमें स्वादानुसार नमक डालें और उबालने के लिए रख दें। जब सब्जियां उबल जाएं, तो इनको कुकर में ही मैश कर लें। अब गैस पर बड़ी सी कड़ाही चढ़ाएं और इसमें 2-3 चम्मच डालें। पहले लहसुन-अदरक पेस्ट और प्याज भूनें और फिर टमाटर डालें। इसके ऊपर से धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और पावभाजी मसाला डालकर थोड़ी देर पकने दें। जब मसाला तेल छोड़ने लगे, तो इसमें मैश की हुई सब्जियों को मिला दें। फिर अगर भाजी गाढ़ी लग रही है, तो इसमें आप थोड़ा पानी और मिला सकती हैं। अब इसको धीमी आंच पर 5-7 मिनट पकने दें। फिर ऊपर से नींबू का रस और धनिया पत्ते डालें और जब सर्व करें तो इसके ऊपर मक्खन डालें। इस आसान तरीके से भाजी बनकर तैयार है। वहीं पाव को बीच में काटकर रख लें। गैस पर तवा रखें और इसको मक्खन से चिकना करें। अब पाव को दोनों ओर से सेंक लें। इस आसान तरीके से आपकी मुंबई स्टाइल स्पेशल पाव भाजी बनकर तैयार है।

प्रभासाक्षी 25 Aug 2026 2:23 pm

पकौड़े ज्यादा तेल क्यों सोखते हैं? बैटर की ये गलतियां हो सकती हैं जिम्मेदार

पकौड़े खाना आखिर किसको अच्छा नहीं लगता। अक्सर लोग मेहमानों के आने पर या फिर शाम की चाय के साथ गरमा-गरम पकौड़े खाना काफी पसंद करते हैं। पकौड़े खाने में तो बेहद ही टेस्टी लगते हैं, लेकिन इनके साथ एक समस्या यह होती है कि वे बहुत अधिक ऑयली बन जाते हैं। अमूमन यह माना जाता है कि तेल पर्याप्त गर्म ना होने या फिर बहुत ज्यादा तेल कड़ाही में होने की वजह से ऐसा हुआ। लेकिन हर बार ऐसा ही हो, यह जरूरी नहीं है। आपको शायद जानकर हैरानी हो, लेकिन पकौड़े कितना तेल सोखेंगे, इसमें बैटर का टेक्सचर और उसमें की गई छोटी-सी गलती भी बड़ी भूमिका निभाती है। जो चलिए जानते हैं ऐसी कौन-सी बैटर गलतियां हैं, जिनकी वजह से पकौड़े कुरकुरे होने के बजाय हैवी और ऑयली हो जाते हैं- इसे भी पढ़ें: Kaju Katli का स्वाद भी होगा फेल, इस Raksha Bandhan ट्राई करें ये Special Coconut Barfi रेसिपी बहुत पतला बैटर होना पकौड़े के बैटर को लेकर की जाने वाली यह सबसे आम गलती है। जब बेसन में जरूरत से ज्यादा पानी डाल दिया जाता है, तो बैटर सब्जी की सतह पर एक मजबूत परत बनाने के बजाय पतली कोटिंग करता है। ऐसे में तलते समय यह कोटिंग जल्दी सिकुड़ सकती है और उसकी संरचना में छोटे-छोटे खाली स्थान बन सकते हैं। यही जगह बाद में तेल को पकड़ने लगती है। बैटर हमेशा इतना गाढ़ा हो कि सब्जी को डुबोने पर उसके चारों तरफ एक समान परत चढ़े, लेकिन इतना भी गाढ़ा न हो कि बेसन की मोटी, आटे जैसी परत बन जाए। बैटर को बहुत ज्यादा गाढ़ा कर देना कुछ लोग पतले बैटर से परेशान होकर उसमें बार-बार बेसन डालते जाते हैं और यह गलती भी तेल सोखती जाती है। दरअसल, ऐसा करने से बैटर इतना भारी हो जाता है कि पकौड़े की बाहरी परत मोटी बनने लगती है। मोटी परत के अंदर मौजूद नमी को बाहर निकलने में ज्यादा समय लगता है। अगर पकौड़ा सही तरीके से नहीं पकता, तो बाहर से तैयार दिखने के बावजूद अंदर नमी रह सकती है। बैटर में नमक बहुत पहले डाल देना यह एक छोटी-सी गलती नजर आती है, लेकिन सब्जी वाले पकौड़ों में इससे बड़ा फर्क पड़ सकता है। दरअसल, नमक सब्जियों से पानी बाहर खींचता है। अगर प्याज या दूसरी नमीयुक्त सब्जियों को नमक डालकर काफी देर तक छोड़ दिया जाए, तो वे अतिरिक्त पानी छोड़ सकती हैं और आपका बैटर धीरे-धीरे पतला हो सकता है। इसलिए, आप यह तरीका आजमाएं। बेसन की मात्रा शुरुआत में जरूरत से बहुत ज्यादा न रखें, बल्कि प्याज के नमी छोड़ने के बाद बैटर की वास्तविक कंसिस्टेंसी देखकर जरूरत के अनुसार बेसन एडजस्ट करें। - मिताली जैन

प्रभासाक्षी 18 Aug 2026 5:39 pm

Washing Machine से आ रही बदबू बन सकती है Bacteria का घर, इन Smart Tips से मिनटों में पाएं समाधान

कई बार हम जल्दबाजी या भूलवश वॉशिंग मशीन में गीले कपड़े धोकर लंबे समय के लिए छोड़ दें। जब बाद में मशीन खोलते हैं, तो कपड़ों से एक अजीब सी सीलन और तेज गंदी बदबू आने लगती है। क्या आपके साथ भी ऐसा अक्सर होता है। दरअसल, नम और बंद जगह पर कपड़ों के ज्यादा समय तक पड़े रहने से उनमें बैक्टीरिया और फंगस पनपने लगते हैं, जोकि बदबू की वजह बनता है। इसके कारण न सिर्फ कपड़े देर तक छोड़ना है, बल्कि कई बार मशीन की सफाई न होना होता है। अगर आप भी इस परेशानी से परेशान हो चुके हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको कुछ ऐसे टिप्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आपको इस समस्या से छुटकारा दिला सकते हैं। वॉशिंग मशीन में कपड़े छोड़ने से क्यों आने लगती है बदबू जब धुले हुए गीले कपड़े बंद ड्रम में रहते हैं, तो यह पूरी तरह से गर्म और नर्म रहते हैं। हवा न मिलने पर यहां फंगस, बैक्टीरिया और फफूंद पनपने लगते हैं। देर तक मशीन में कपड़ों को छोड़ना अगर आप भी धुले हुए गीले कपड़ों तक घंटों तक बंद मशीन में रखती हैं, तो इससे नमी बाहर नहीं निकल पाती है। जिस कारण बैक्टीरिया पनपने लगती है। यह कपड़ों से बदबू आने की वजह बनता है। क्या करें कपड़े मशीन में धोने के फौरन बाद ही धूप या हवादार जगह पर सूखने के लिए डालें। अगर किसी कारण से कपड़े देर तक छूट जाएं, तो उनको बिना डिटर्जेंट के आधा चम्मच सिरका डालकर मशीन चलाएं। फौरन मशीन का दरवाजा बंद करना आमतौर पर हम सभी लोग मशीन से कपड़े निकालने के बाद मशीन का दरवाजा बंद कर देते हैं। लेकिन अगर आप भी ऐसा करती हैं, तो यह बदबू आने की वजह बन सकता है। क्या करें कपड़ों को मशीन से निकालने के बाद उसके दरवाजे को कम से कम 15 से 20 मिनट के लिए खुला छोड़ दें। ऐसा करने से मशीन में मौजूद नमी, हवा और डिटर्जेंट की महक निकल जाएगी। रबर सील में गंदगी जमना फ्रंट-लोड वॉशिंग मशीन की रबर सील में साबुन, पानी और गंदगी जमा रहती है। वहीं हवा न मिलने पर काली फफूंद और बैक्टीरिया पनप जाती है। वहीं कपड़ों को धोते समय नमी और गंदगी उसके संपर्क में आती है। जिससे तेज गंदी बदबू आने लगती है। क्या करें हर सप्ताह एक सूखे या सिरके में डूबे कपड़े से रबर सील के अंदरूनी हिस्से को पहले अच्छे से साफ कर लें। ऐसा करने से आपको इस समस्या के कारण परेशान नहीं होना पड़ेगा। ज्यादा डिटर्जेंट का इस्तेमाल करना कई बार कपड़े धोने के लिए हम मशीन में एक साथ ज्यादा डिटर्जेंट डाल देते हैं। भले ही हमें यह आदत सामान्य लगती है, लेकिन ऐसा सही नहीं है। ज्यादा सर्फ या डिटर्जेंट का इस्तेमाल करने से कपड़ों और ड्रम में साबुन का अवशेष रह जाता है। जोकि सड़कर बदबू पैदा करता है। इससे आप इन तरीकों से छुटकारा पा सकते हैं। क्या करें वॉशिंग मशीन में हमेशा कपड़े के हिसाब से ही डिटर्जेंट डालते हैं। प्रयास करें कि लिक्विड डिटर्जेंट का इस्तेमाल करना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि यह पाउडर से बेहतर होता है। वॉशिंग मशीन ड्रम की नियमित सफाई जिस तरह से घर में मौजूद अन्य गैजेट्स की सफाई जरूरी होती है। तो उसी तरह वॉशिंग मशीन की क्लीनिंग भी जरूरी होती है। लंबे समय तक इस्तेमाल के बाद मशीन के ड्रम और पाइपों में गंदगी और स्केल जम जाती है। जिससे कपड़े धोने के बाद भी बदबू आती है। क्या करें महीने में एक बार मशीन को खाली चलाना चाहिए। इसके लिए ड्रम में गर्म पानी के साथ 2 कप सिरका या बेकिंग सोडा डालकर पूरा साइकिल चलाएं। ऐसा करने से न सिर्फ मशीन साफ होगी, बल्कि कपड़ों से बदबू भी नहीं आएगी।

प्रभासाक्षी 18 Aug 2026 2:15 pm