राय और ब्लॉग्स / बूमलाइव
बूम ने पाया कि क्षतिग्रस्त बुर्ज खलीफा का यह वीडियो वास्तविक नहीं है. AI डिटेक्शन टूल्स इसके एआई जनरेटेड होने की पुष्टि करते हैं.
दिल्ली पुलिस ने वायरल दावे का खंडन करते हुए स्पष्ट किया कि यह किसी फैसिलिटी नहीं बल्कि मार्केट फायर की घटना है.
बूम ने पाया कि यह वीडियो ईरान के साथ जारी अमेरिका-इजराइल संघर्ष से पहले का है. यह वीडियो फरवरी में न्यू जर्सी के Galloway Township के एक घर में लगी आग
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो का उत्तम नगर की घटना से कोई संबंध नहीं है. यह वीडियो फरवरी 2026 का उत्तर प्रदेश के वाराणसी का है.
US Iran Conflict: बूम ने पाया कि वायरल वीडियो असली नहीं है. DeepFake-O-Meter और HiveModeration जैसे AI डिटेक्शन टूल्स इसके एआई से बने होने की पुष्टि क
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो का हालिया ईरान-इजरायल संघर्ष से कोई संबंध नहीं है. यह वीडियो अक्टूबर 2024 से इंटरनेट पर मौजूद है.
US Iran war: वायरल हो रही तस्वीरें खामेनेई की असली तस्वीरें नहीं हैं. इन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से तैयार किया गया है.
बूम ने पाया कि वायरल दावा भ्रामक है. मूल भाषण में ट्रंप ने कहा था, 'पाकिस्तानी पीएम ने उनसे कहा था कि अगर पड़ोसी देशों के बीच परमाणु युद्ध होता तो 3.5
बूम ने पाया कि पीएम मोदी का यह वीडियो, जिसमें वह पाकिस्तान द्वारा राफेल विमानों को नष्ट किए जाने की बात मानते दिख रहे हैं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की म
बूम ने पाया कि NH-48 के ओवरहेड साइनबोर्ड के बीचों-बीच फंसी महिंद्रा थार का यह वीडियो वास्तविक नहीं है. इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से बनाया गया
बूम ने फैक्ट चेक में पाया कि आजतक ने इस तरह की कोई खबर नहीं चलाई है. वायरल वीडियो रिपोर्ट में एआई की मदद से छेड़छाड़ की गई है.
बूम ने पाया कि देवरिया में सात साल की बच्ची के साथ रेप और मर्डर के आरोपी चाचा का नाम मोहम्मद अकरम नहीं बल्कि विद्यासागर यादव है.
बूम ने पाया कि शशि थरूर के इस वीडियो में एआई की मदद से छेड़छाड़ की गई है और मूल वीडियो में एक नकली आवाज अलग से जोड़ दी गई है. कई एआई डिटेक्टर टूल्स ने
BOOM ने पाया कि इंडियन एक्सप्रेस ने ऐसी कोई खबर प्रकाशित नहीं की थी. वायरल पेपर कटिंग को डिजिटली एडिट करके तैयार किया गया है.
Hivemoderation और Undetectable.ai जैसे AI डिटेक्शन टूल्स ने पुष्टि की कि AIMIM महिला अध्यक्ष रुबीना और दीपक कुमार की मुलाकात की बताई जा रही तस्वीर आर्
बूम ने पाया कि वायरल दावा भ्रामक है. मूल वीडियो में योगी आदित्यनाथ कह रहे हैं कि मोदी जी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने दीजिए, अगले 6 महीने में 'पाक अ
बूम से बातचीत में जी मीडिया के डिजिटल विंग के ग्रुप एडिटर अनुज खरे ने वायरल ग्राफिक को फर्जी बताया है.
बूम ने पाया कि वायरल हो रही तस्वीर एडिट की गई है. मूल तस्वीर में दिख रहे शख्स यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल-नाहयान नहीं हैं.
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो असम के गुवाहाटी का है, जहां सितंबर 2025 में दिवंगत गायक जुबीन गर्ग की अंतिम यात्रा के दौरान हजारों लोग जुटे थे.
बूम ने जांच में पाया कि वायरल वीडियो में दिख रहा शव सुनील पाटणकर नाम के व्यक्ति का है और फोर्टिस अस्पताल मुलुंड में अंगदान की प्रक्रिया से जुड़ा है.
बूम ने जांच में पाया कि कैथल सिटी थाने की एसएचओ गीता रानी के एक वीडियो को संदर्भ से काटकर शेयर करते हुए भ्रामक दावा किया जा रहा है.
बूम ने जांच में पाया कि वायरल वीडियो वेनेजुएला के पैरामिलो हवाई अड्डे पर 22 अक्टूबर 2025 को हुई विमान दुर्घटना का है.
बूम ने पाया कि कॉकपिट के अंदर से रनवे की खराब विजिबिलिटी दिखाने वाला यह वीडियो पिछले 13 सालों से इंटरनेट पर मौजूद है. इसका महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अ
बूम ने पाया कि भारी बर्फबारी में फिसलती गाड़ियों का यह वीडियो मनाली का नहीं बल्कि दिसंबर 2025 का तुर्की के Malatya शहर का है.
बूम ने पाया कि यह वीडियो सितंबर 2025 का है, जब केंद्र सरकार ने नई जीएसटी दरें लागू की थीं. तब यूपी सीएम ने सड़क पर उतर कर जीएसटी रिफॉर्म के बारे में ल
बूम ने पाया कि अविमुक्तेश्वरानंद का वायरल वीडियो क्रॉप्ड है. मूल वीडियो में वह मुस्लिम और हिंदू धर्म में अंतर समझा रहे थे, जिसके एक हिस्से को मूल संदर
बूम ने जांच में पाया कि योगी आदित्यनाथ ने 2015 में शाहरुख खान की तुलना आतंकवादी हाफिज सईद से करते हुए यह बयान दिया था तब वह यूपी के सीएम नहीं थे.
एआई डिटेक्टर टूल Deepfake-O-Meter, Hive Moderation और वॉइस डिटेक्टर टूल Hiya इन वीडियो के एआई से बने होने की पुष्टि करते हैं.
बूम ने जांच में पाया कि वीडियो भारत का नहीं है, वीडियो में दिख रही ट्रेन पर इसके बांग्लादेश से होने के पक्के सबूत मौजूद हैं.
कई एआई डिटेक्टर टूल्स ने इसकी पुष्टि की है कि मोहम्मद सिराज की यह तस्वीर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से बनाई गई है.
बूम ने जांच में पाया कि वीडियो वास्तविक घटना का नहीं हैं, इसे आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की मदद से बनाया गया है.
बूम ने पाया कि यह तस्वीर कनाडा में रह रहीं ईरान की महिला शरणार्थी Melika Barahimi की है. तस्वीर ओंटारियो प्रांत के रिचमंड हिल शहर के एक पार्किंग स्थल
बूम ने जांच में पाया कि वायरल वीडियो ग्रीस के थेसालोनिकी शहर का है. 1 नवंबर 2025 को रैपर लेक्स के शो के बाद युवाओं और पुलिस के बीच झड़प हो गई थी.
वीडियो में दिख रही महिला फ्रांस की एक्टिविस्ट कैमिली इरोस हैं, उन्होंने बूम से पुष्टि की कि यह वीडियो पेरिस में ईरान के लोगों के समर्थन में हुए प्रदर्
बूम ने पाया कि यह वीडियो आरएसएस के शताब्दी वर्ष के अवसर पर 5 अक्टूबर 2025 को रतलाम में हुए पथ संचलन का है.
बूम ने पाया कि मूल वीडियो में अर्नब गोस्वामी राहुल गांधी के 'मोहब्बत की दुकान' वाले नारे की आलोचना करते हुए राहुल के हवाले से पीएम मोदी के लिए कही बात
बूम ने पाया कि शाहरुख खान के इस वीडियो में AI क्लोनिंग की मदद से नकली आवाज अलग से जोड़ी गई है.
बूम ने जांच में पाया कि वायरल वीडियो जुलाई 2024 का है. वेनेजुएला में राष्ट्रपति चुनाव के परिणामों का विरोध करते हुए लोगों ने निकोलस मादुरो के खिलाफ प्
बूम ने जांच में पाया कि बांग्लादेश में दीपू चंद्र दास की हत्या के संदर्भ में अभिनेता संजय दत्त और सलमान खान के वायरल वीडियो में AI की मदद से फर्जी आवा
बूम ने पाया कि स्थानीय लोगों और पुलिस के बीच टकराव का वीडियो 3 दिसंबर 2025 का छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले का है. वहीं दूसरा वीडियो गुजरात के भरूच जिले के
बूम ने पाया कि वीडियो बांग्लादेश के ढाका कॉलेज के एक छात्र अब्दुल मोमिन का है. वीडियो नवंबर 2025 में देश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ हुए
बूम ने पाया कि सलमान खान ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है. एआई डिटेक्टर टूल Deepfake-O-Meter और एआई वॉइस डिटेक्टर टूल Hiya ने वीडियो के एआई से बने होने की
बूम ने पाया कि इस स्क्रिप्टेड वीडियो को आरव मावी नाम के एक कंटेंट क्रिएटर ने बनाया है.
बूम ने जांच में पाया कि वायरल वीडियो वास्तविक घटना का नहीं है, इसे आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का प्रयोग करते हुए बनाया गया है.
बूम ने जांच में पाया कि दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता के मैदान पर स्थित मंच पर पहुंचने पर कुछ दर्शकों ने AQI के नारे लगाए.
बूम ने पाया कि वायरल तस्वीर एक अन्य पाकिस्तानी मूल के नवीद अकरम की है, जो वर्तमान में सिडनी में अपना बिजनेस रन करते हैं. दोनों के नाम एक होने की वजह स
बूम ने पाया कि राष्ट्रपति भवन में रूसी राष्ट्रपति पुतिन के लिए आयोजित राजकीय भोज वाले मूल मेन्यू कार्ड में इस तरह की कोई शाब्दिक गलती नहीं थी.
बूम ने जांच में पाया कि वायरल वीडियो रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन के 11 दिसंबर 2017 को सीरिया के अघोषित दौरे से जुड़ा हुआ है.
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो असल में तेलुगू फिल्म Tappinchukoleru की शूटिंग के दौरान का है. इस फिल्म में भोपाल के स्टंट राइडर और एक्टर आदिल काजमी ने एक
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो में दिख रही महिला ऑस्ट्रेलिया की Ellie-Jean Coffey हैं. यह वीडियो उदयपुर का नहीं बल्कि ऑस्ट्रेलियाई आउटबैक के Kimberley क्

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