राय और ब्लॉग्स / बूमलाइव
वायरल वीडियो को शूट करने वाले मुबारक हुसैन ने बूम को बताया कि घटना 11 जून को आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम स्टेशन के पास की है.
बूम ने वीडियो में दिख रहे सब इंस्पेक्टर सुशांत यादव से संपर्क किया जिन्होंने वायरल दावे का खंडन करते हुए बताया कि उन्होंने यह वीडियो साल 2025 में रिकॉ
बूम ने पाया कि वीडियो दिसंबर 2024 का है, तब केरल के एक NCC कैंप में लेफ्टिनेंट कर्नल करनैल सिंह पर फूड पॉइजनिंग से जुड़े आरोपों के बाद हमला हुआ था.
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो और तस्वीर प्रदर्शन के वास्तविक दृश्य नहीं दिखाते, बल्कि इनमें एआई की मदद से छेड़छाड़ की गई है.
बूम ने वीडियो बनाने वाले कंटेट क्रिएटर से संपर्क किया जिन्होंने बताया कि उन्होंने पटना के असली विजुअल में एआई की मदद से लाइटिंग बढ़ाकर दिखाया है.
बूम ने पाया वीडियो के साथ किया गया सांप्रदायिक दावा गलत है. घटना 2 मार्च 2026 की है, जहां बांग्लादेश के रूपगंज में चोरी के आरोप में तीन मुस्लिम महिलाओ
बूम ने पाया कि भारतीय सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी मूल वीडियो में देश की सैन्य तैयारियों पर बात कर रहे हैं.
बूम ने पाया कि वीडियो मध्य प्रदेश के मंदसौर का है, जहां एक युवक की हत्या के मामले में गिरफ्तार आरोपी घटनास्थल पर ले जाने के दौरान लंगड़ाते हुए नजर आए
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो में आरोपी असद नहीं है. वीडियो में नजर आ रहा युवक करण है, जो अप्रैल 2026 में दिल्ली के शालीमार बाग में हुई एक हत्या के मामल
बूम ने वीडियो को शूट करने वाले शेख अली से संपर्क किया जिन्होंने पुष्टि की कि फुटेज में लोग इस साल जनवरी में आयोजित हुए हुगली इज्तिमा में भाग लेते नजर
बूम ने पाया कि वायरल हो रहे दोनों वीडियो फरवरी 2026 से इंटरनेट पर मौजूद हैं और अलग-अलग घटनाओं से संबंधित हैं.
बूम ने जांच में पाया कि वायरल वीडियो में नॉर्वे की पत्रकार हेले लिंग (Helle Lyng) का सवाल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान विमानों को हुए नुकसान के बारे में नही
बूम ने जांच में पाया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ नजर आ रही यह महिला मॉडर्न कॉलेज पुणे की प्रिंसिपल निवेदिता एकबोटे हैं.
The Hindu ने वायरल पेपर क्लिप का खंडन करते हुए बताया कि यह उनके आर्काइव का असली पेज नहीं है.
बूम ने पाया कि बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने Agitation शब्द का इस्तेमाल किया था जिसे एजुकेशन समझकर गलत दावा किया जा रहा है.
बूम ने पाया कि यूपी के मेरठ में 6 मस्जिदें तोड़ने और मुसलमानों के घरों में आगजनी का दावा गलत है. यह वीडियो हापुड़ में महाराणा प्रताप की जयंती के दौरान
आईपीएस अधिकारी के करीबी सूत्रों ने बूम को बताया कि उनके पास ऐसी कोई सूचना नहीं आई है और वह फिलहाल प्रयागराज में ही पोस्टेड हैं.
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो साल 2025 का है, जब बंगाल बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने कोलकाता में पहलगाम हमले में मारे गए लोगों के परिजनों से मुलाकात की
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो उत्तर प्रदेश के प्रयागराज का है, जहां लोगों ने टी20 विश्व कप में भारत की जीत का जश्न मनाया था.
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणामों से पहले के हैं और अलग-अलग घटनाओं से जुड़े हैं.
बूम ने पाया कि दोनों वीडियो पुराने हैं और अलग-अलग घटनाओं से संबंधित हैं. इनमें से एक महाराष्ट्र से और दूसरा वीडियो बांग्लादेश से है.
बूम ने पाया कि यह वीडियो पुराना है, तब बांग्लादेश के कप्ताई लेक (Kaptai lake) में एक नाव हादसे का शिकार हो गई थी.
बूम ने पाया कि यह वीडियो पुराना है. यह इस साल मार्च में कोलकाता के हावड़ा ब्रिज पर होली के जश्न को दिखाता है.
बूम से बातचीत में झालमुड़ी विक्रेता विक्रम शॉ ने पुष्टि की है कि वायरल दावा गलत है और वह एसपीजी का हिस्सा नहीं हैं.
बूम ने पाया कि वीडियो बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान का है, जहां सासाराम स्थित मतगणना केंद्र पर बक्सों से भरा एक ट्रक अचानक स्ट्रांग रूम परिसर के
बूम ने पाया कि ब्रात्य बसु का वीडियो गूगल के SynthId का उपयोग करके एआई द्वारा जनरेट किया गया है.
बूम ने जांच में पाया कि लॉकेट चटर्जी की यह तस्वीर गूगल एआई की मदद से निर्मित की गई है.
बूम ने पाया कि बायरन बिस्वास एक रिपोर्टर के सवाल का जवाब दे रहे थे जिसमें उन्होंने जंगीपुर ईवीएम स्ट्रांग रूम में गड़बड़ी का आरोप लगाया था.
बूम ने पाया कि पूरे वीडियो में सायनी घोष भवानीपुर को 'मिनी इंडिया' बताते हुए मंच से विभिन्न धर्मों की प्रार्थनाओं का पाठ करती और इसके जरिए एकता व भाईच
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो जुलाई 2023 का है. इसका पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से कोई संबंध नहीं है.
बूम ने ग्राउंड रिपोर्टिंग में पाया कि वीडियो नोएडा के सेक्टर 6 स्थित Motherson फैक्ट्री के पास का है, जहां पुलिस ने महिला प्रदर्शनकारियों से बदसलूकी क
बूम ने पाया कि फरवरी 2026 का यह वीडियो बांग्लादेश के दिघिनाला (Dighinala) उपजिला में बांग्लादेश सेना द्वारा आयोजित एक ड्रिल को दिखाता है.
बूम ने पाया कि वीडियो 2022 का पश्चिम बंगाल के खड़गपुर का है, जहां नगर निगम चुनाव में कैंडिडेट लिस्ट को लेकर विवाद के बाद तत्कालीन BJP नेता बेबी कोल ने
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो साल 2024 में काशी विद्यापीठ में आयोजित एक कार्यक्रम का है, जहां भाषण में स्वर्णकांता शर्मा ने अपने आगे बढ़ने का श्रेय भगवान
कुशीनगर पुलिस ने इस संबंध में बताया कि बच्ची के साथ दुष्कर्म करने वाले वास्तविक आरोपी की गिरफ्तारी हो गई है, जिसका नाम सुरेंद्र सिंह है.
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो ब्राजील के Macap का है. वीडियो में कैद यह घटना 28 मार्च 2026 की है, जहां एक महिला चलती गाड़ी से कूद गई थी.
बूम ने पाया कि बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का यह वीडियो साल 2014 का है. उस समय उन्होंने राजद से अलग होकर जदयू को समर्थन देने की बात कही थी.
बूम ने पाया कि पुलिसकर्मियों द्वारा युवक को लात मारने का यह वीडियो मध्यप्रदेश के शहडोल जिले का है. इसका नोएडा प्रोटेस्ट से कोई संबंध नहीं है.
बूम ने पाया कि वीडियो को एआई-जनरेटेड वॉयसओवर का इस्तेमाल करके डिजिटल रूप से एडिट किया गया है.
वीडियो में दिखाई देने वाली विसंगतियां साफ तौर पर संकेत देती हैं कि इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से तैयार किया गया है.
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो अत्ता मुहम्मद मरी नाम के पाकिस्तानी यूजर ने एडिट किया है.
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो साल 2022 में वाराणसी में अग्निपथ स्कीम के खिलाफ हुए प्रदर्शन के दौरान का है, जहां स्थानीय दुकानदारों ने बलपूर्वक दुकानों क
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो में प्रधानमंत्री मोदी नहीं बल्कि उनके हमशक्ल सदानंद नायक हैं.
कई AI डिटेक्शन टूल्स ने संकेत दिया कि यह तस्वीर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से बनाई गई है.
बूम ने पाया कि पूरे वीडियो में ममता बनर्जी मंदिर विध्वंस पर भाजपा के दोहरे मापदंड को लेकर बोलती हुई दिखाई दे रही हैं.
बूम ने पाया कि पीएम मोदी और कपिल मिश्रा का पुराना वीडियो हालिया घटनाक्रम से जोड़कर वायरल है. लॉकडाउन की घोषणा करते पीएम मोदी का वीडियो कोरोना काल का ह
बूम ने पाया कि वायरल हो रहा वीडियो इराक के Nasiriyah स्थित एक रेस्टोरेंट में लगी आग का है.
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो अगस्त 2020 का है, तब यूएई के अजमान स्थित एक मार्केट में आग लग गई थी.
बूम ने पाया कि क्षतिग्रस्त बुर्ज खलीफा का यह वीडियो वास्तविक नहीं है. AI डिटेक्शन टूल्स इसके एआई जनरेटेड होने की पुष्टि करते हैं.
दिल्ली पुलिस ने वायरल दावे का खंडन करते हुए स्पष्ट किया कि यह किसी फैसिलिटी नहीं बल्कि मार्केट फायर की घटना है.

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