IIT कानपुर ने निसर्ग अधिकारी को अपने यहां थ्रेट इंटेलीजेंस में जॉब ऑफर की है। निसर्ग अधिकारी बगैर डिग्री के सबसे कम उम्र के इंजीनियर बने है। इस बात की जानकारी IIT कानपुर के डायरेक्टर मृणेन्द्र अग्रवाल ने दी है। केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने CBSE की खामियां और सुरक्षा चूक को लेकर IIT कानपुर और IIT मद्रास के 4 लोगों की टीम से दिल्ली में मुलाकात की थी। यहीं IIT कानपुर के डायरेक्टर मृणेन्द्र अग्रवाल ने यहीं निसर्ग अधिकारी से मुलाकात की थी। 12 वीं पास निसर्ग के टैलेंट को देख कर IIT कानपुर के डायरेक्टर मृणेन्द्र अग्रवाल ने उनको जॉब ऑफर कर दी है। निसर्ग अब सबसे कम उम्र के और बगैर डिग्री के इंजीनियर बन गए है। खबर अपडेट हो रही है
गिरिडीह जिले के अहिल्यापुर थाना क्षेत्र के चिकसोरिया गांव में साइबर अपराधी को गिरफ्तार करने गई पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। इस दौरान पुलिस वाहन पर पथराव किया गया, जिससे गाड़ी के शीशे टूट गए। ग्रामीणों की भीड़ का फायदा उठाकर साइबर अपराधी पुलिस हिरासत से फरार हो गया। साइबर अपराध का आरोपी आया था ससुरालजानकारी के अनुसार, साइबर थाना प्रभारी रामेश्वर भगत के नेतृत्व में पुलिस टीम को सूचना मिली थी कि साइबर अपराधी चूरामन मंडल गांव में मौजूद है। चूरामन मंडल चमलिट्टी गांव का निवासी है और अपनी ससुराल चिकसोरिया आया हुआ था। लाठी-डंडों से हमला कर पथराव कियापुलिस ने कार्रवाई करते हुए चूरामन मंडल को पकड़ लिया था। इसी दौरान गांव में शोर मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। ग्रामीणों ने पुलिस टीम को घेर लिया और लाठी-डंडों से हमला कर पथराव शुरू कर दिया। ग्रामीण आरोपी को छुड़ाने में सफल रहेस्थिति बिगड़ते देख पुलिसकर्मियों को पीछे हटना पड़ा। इसी अफरातफरी के बीच ग्रामीण आरोपी को छुड़ाने में सफल रहे। घटना की सूचना मिलते ही गांडेय इंस्पेक्टर सहित कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। साइबर अपराधी की गांव में मौजूदगी की सूचना पर टीम कार्रवाई के लिए गई थी। आरोपी को पकड़ लिया गया था, लेकिन ग्रामीणों ने पुलिस को घेरकर पथराव किया। किसी तरह पुलिसकर्मी वहां से निकले, लेकिन पथराव में वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। इस मामले में अहिल्यापुर थाना में अलग से प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। -रामेश्वर भगत, साइबर थाना प्रभारी
पुलिस चौकी के पास दिनदहाड़े बाइक चोरी:पीलीभीत में आरोपी सीसीटीवी में कैद, लॉक तोड़कर की चोरी
पीलीभीत के पूरनपुर में एक पुलिस चौकी से कुछ ही दूरी पर दिनदहाड़े एक मोटरसाइकिल चोरी हो गई। यह पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। इस वारदात के बाद स्थानीय निवासियों में पुलिस गश्त को लेकर आक्रोश है। जानकारी के अनुसार, बंडा निवासी छात्र करन कश्यप बुधवार को पूरनपुर कस्बे के मोहल्ला साहूकारा स्थित ब्रिटिश अकादमी में पढ़ाई करने आए थे। उन्होंने अपनी मोटरसाइकिल संस्थान के बाहर खड़ी की थी। इसी दौरान एक चोर ने कुछ ही सेकंड में बाइक का लॉक तोड़ दिया और वाहन लेकर फरार हो गया। करन जब पढ़ाई पूरी कर बाहर आए, तो उन्हें अपनी बाइक गायब मिली। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने पर सामने आया कि आरोपी युवक पहले काफी देर तक अकादमी के आसपास रेकी कर रहा था। मौका मिलते ही उसने शातिर तरीके से लॉक तोड़कर बाइक चुरा ली। क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की मांग दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने स्थानीय पुलिस की कार्यशैली और सुरक्षा दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना स्थल पुलिस चौकी के बेहद करीब होने के कारण क्षेत्रवासियों में पुलिस के प्रति रोष है। क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि यह इलाका नेपाल सीमा के नजदीक है। ऐसे में आशंका है कि चोरी किए गए वाहनों को सीमा पार ले जाया जा सकता है, जिससे उनकी बरामदगी मुश्किल हो जाएगी। स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से जल्द से जल्द आरोपी की पहचान कर बाइक बरामद करने और क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की मांग की है। इस मामले पर थाना अध्यक्ष पवन पांडे ने बताया, मामला हमारे संज्ञान में है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चोर की शिनाख्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर बाइक बरामद कर ली जाएगी।
अयोध्या के राम मंदिर से करोड़ों के चढ़ावे की चोरी के मामले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने भी सवाल उठाए हैं। यूपी के एटा में अपने कार्यक्रम के दौरान शंकराचार्य ने कहा- यह कोई पहली बार चोरी का मामला नहीं हुआ है। जब से शिलान्यास हुआ, तभी से चोरियां हो रही हैं। पहले शिनान्यास हुआ था, तब चोरी हुई। फिर मंदिर बनने लगा तो प्लॉट बिकने लगे। 2 मिनट में लाखों का प्लॉट करोड़ों का हो जाता था। और अभी वाली चोरी। वहां तो पहले से ही यह सब हो रहा है। शंकराचार्य ने मंदिर ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय पर सवाल उठाते हुए कहा- जब वहां चंपत राय को बिठाया गया है तो आपको पहले ही समझ जाना चाहिए था कि आगे क्या होने वाला है…। चंपक शब्द, चंप धातु से बना है। चंप का मतलब ही होता है ‘’लेकर भाग जाना''। चंपत हो गए, मतलब लेकर भाग गए। बता दें शंकराचार्य ने उत्तर प्रदेश की सभी विधानसभा सीटों का 81 दिनों में दौरा कर रहे हैं। इस अभियान का उद्देश्य गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाना और गौ संरक्षण के प्रति जनजागरण करना है। इसी क्रम में उन्होंने जलेसर, एटा और अलीगंज विधानसभा क्षेत्रों में विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। अब शंकराचार्य का पूरा बयान पढ़िए- चोरी हुई है, ये आरोप जो लगा है, वहीं से निकलकर आया है। जो समाचार निकलकर आया है, उसके बारे में कहा है कि वहां तो लगातार चोरी हो रही है। आज पहली बार थोड़ी न हुई है। वहां जब शिलापूजन हुआ था, तब से चोरी हो रही है। कितने आरोप लग चुके हैं। पहले शिलापूजन हुआ, तब चोरी हुई। फिर जब राम जन्मभूमि मंदिर बनने लगा, तब प्लॉट बिकने लगे। 2-2 मिनट में लाख का प्लॉट करोड़ में हो जाता था। और अभी वाली चोरी। वहां तो पहले से ही यह सब हो रहा है।जब वहां चंपत राय बैठे हैं। चंपत का मतलब जानते हो? चंप धातु से चंपत शब्द बना है। चंप का मतलब ही होता है, लेकर भाग जाना। चंपत हो गए, मतलब लेकर भाग गए। अर्थात जब पहले ही चंपत राय को बैठा दिया है, तो आपको समझ जाना चाहिए कि क्या होने वाला है। उन्होंने कहा कि वह अपने राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो जनता आगामी चुनावों में सत्तारूढ़ दल के खिलाफ मतदान करे। सपा नेताओं के कार्यक्रमों में पहुंचे उन्होंने जलेसर दौरे के दौरान गौ रक्षा विषय पर उद्बोधन दिया। एटा में सपा नेता मंजीत यादव के आवास पर रात्रि विश्राम किया। इसके बाद अलीगंज में पूर्व ब्लॉक प्रमुख रामकिशोर यादव, सपा नेता गौरव यादव तथा युवा सपा नेता मुकेश यादव उर्फ मुक्का के कार्यक्रमों में शामिल हुए। मुकेश यादव के आवास पर आयोजित दरबार में उन्होंने जनसभा को संबोधित किया। अलीगंज में आयोजित सभा में शंकराचार्य ने उपस्थित लोगों को शपथ दिलाई कि यदि गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित नहीं किया गया तो वे आगामी चुनाव में सत्ता पक्ष के खिलाफ मतदान करेंगे। उन्होंने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य गाय को राष्ट्रीय पहचान दिलाना है। राम मंदिर चंदा घोटाले का लगाया आरोप सभा के दौरान शंकराचार्य ने अयोध्या राम मंदिर निर्माण से जुड़े चंदे और ट्रस्ट व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि शिलापूजन के समय से ही करोड़ों रुपये के घोटाले हुए हैं। उनका दावा था कि राम मंदिर आंदोलन की कानूनी लड़ाई भाजपा या उससे जुड़े संगठनों ने नहीं, बल्कि शंकराचार्यों, अखाड़ों के संतों और वैष्णवाचार्यों ने लड़ी थी। उन्होंने कहा कि गाय को राष्ट्रमाता घोषित कराने के लिए उन्होंने विभिन्न राजनीतिक दलों से समर्थन मांगा। उनके अनुसार अधिकांश दलों ने उनका स्वागत किया, लेकिन भाजपा कार्यालय पहुंचने से पहले उन्हें रोक दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जो पार्टी स्वयं को सबसे बड़ा हिंदूवादी बताती है, वही हिंदू हितों की अनदेखी कर रही है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में गायों का वध हो रहा शंकराचार्य ने दावा किया कि देश में देसी गायों की संख्या लगातार घट रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में गायों का वध किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव इस बार श्रीराम के नाम पर नहीं, बल्कि गौमाता के सम्मान और संरक्षण के मुद्दे पर लड़ा जाएगा। कार्यक्रम के अंत में शंकराचार्य ने उपस्थित लोगों को गौ संरक्षण का संकल्प दिलाया। इसके बाद वह अपने अगले कार्यक्रम के लिए कासगंज जिले की पटियाली विधानसभा क्षेत्र की ओर रवाना हो गए।
गुना में नाबालिग लड़की से 6 महीने से दुष्कर्म करते आ रहे आरोपी को पुलिस ने जेल भेज दिया है। आरोपी को बुधवार को पुलिस ने गिरफ्तार किया गुरूवार को कोर्ट में पेश कर जेल भेजा। मामला बमौरी थाना क्षेत्र का है। आरोपी नाबालिग को धमकाकर उसके साथ पिछले छह महीने से रेप कर रहा था। पीड़िता बोली- 6 महीने से दुष्कर्म करते आ रहा आरोपीबमौरी पुलिस ने बताया कि मंगलवार को बमौरी थाने पर 15 वर्षीय एक नाबालिग बालिका द्वारा शिकायत कराई गई थी। उसने बताया था कि परसराम भील निवासी ग्राम साजरवाड़ा के द्वारा पिछले 6 माह से गलत काम किया जा रहा है। वह उसे धमकाकर उसके साथ लगातार रेप कर रहा था। पुलिस ने उसकी शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की। SP हितिका वासल के निर्देशन में पुलिस द्वारा जिले में नाबालिगों एवं महिलाओं के विरूद्ध घटित अपराधो को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए इन मामलों में कार्यवाहियां की जा रहीं हैं। इसी क्रम में ASP मानसिंह ठाकुर के मार्गदर्शन और एसडीओपी विवेक अष्ठाना के नेतृत्व में बमौरी थाना पुलिस द्वारा थानांतर्गत नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के गंभीर मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर जेल पहुंचा दिया है। मुखबिर की सूचना से मिला आरोपीबमौरी थाना पुलिस आरोपी की तलाश में सक्रियता से जुट गई और इसके लिए अपने मुखबिर तंत्र को सुदृढ़ करते हुए आरोपी की गिरफ्तारी के सघन प्रयास किए गए। इसी क्रम में मुखबिर से मिली जानकारी पर पुलिस ने आरोपी परसराम पुत्र रमेश भील उम्र 26 साल निवासी ग्राम साजरवाड़ा थाना बमौरी जिला गुना को गिरफ्तार कर लिया गया। आवश्यक वैधानिक कार्यवाही के बाद उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
ट्रक की टक्कर से बाइक सवार किशोर की मौत:बस्ती में ननिहाल से पेट्रोल लेने निकले थे, दूसरा साथी घायल
बस्ती में गुरुवार सुबह एक सड़क हादसे में एक किशोर की मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के बस्ती-बांसी मार्ग पर गौरा तिराहे के पास सुबह करीब 5:45 बजे हुई, जब एक ट्रक और बाइक की टक्कर हो गई। मृतक की पहचान 16 वर्षीय प्रियांशु कन्नौजिया के रूप में हुई है, जिसकी मौके पर ही मौत हो गई। घायल 19 वर्षीय हिमांशु यादव को 108 एम्बुलेंस की मदद से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। प्रियांशु कन्नौजिया रुधौली थाना क्षेत्र के मझौआ कलां द्वितीय गांव का निवासी था, जबकि हिमांशु यादव नगर थाना क्षेत्र के खुटहन गांव का रहने वाला है। दोनों युवक वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के सरैया गांव स्थित अपने ननिहाल आए हुए थे। चालक के खिलाफ मुकदमा गुरुवार सुबह वे एक ही बाइक पर सवार होकर हाईवे पर पेट्रोल भरवाने जा रहे थे, तभी गौरा तिराहे पर ट्रक की चपेट में आ गए। हादसे की सूचना मिलने पर ननिहाल के लोग मौके पर पहुंचे और 108 एम्बुलेंस की मदद से दोनों को जिला अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने प्रियांशु को मृत घोषित कर दिया। मृतक किशोर की मां की तहरीर पर ट्रक और उसके चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुरानी बस्ती थानाध्यक्ष शशांक शेखर राय ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच जारी है।
भोपाल में फरार अपराधियों और वारंटियों की धरपकड़ के लिए निशातपुरा पुलिस ने एक बार फिर ईरानी डेरा अमन कॉलोनी में दबिश दी। करीब 40 पुलिसकर्मियों की टीम के साथ की गई इस कार्रवाई से इलाके में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 17 हजार रुपए के इनामी निगरानी बदमाश सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। फरार इनामी बदमाश ने पुलिस को बताया कि वह डेरे में लंबे समय से फरारी काट रहा है। पुलिस कमिश्नर संजय सिंह के निर्देश पर 10 जून की शाम ईरानी डेरे में विशेष सर्चिंग और रेड कार्रवाई की गई। पुलिस टीम ने संदिग्धों की तलाश के साथ ही फरार आरोपियों और वारंटियों की जानकारी जुटाई। जिसके बाद कार्रवाई शुरू की। कार्रवाई के दौरान निशातपुरा थाने के निगरानी बदमाश सालिग उर्फ रेहान ईरानी को पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ भोपाल सहित अलग-अलग जिलों में लूट, चोरी, जालसाजी, मारपीट और हत्या के प्रयास जैसे 24 गंभीर अपराध दर्ज हैं। तीन जिलों की पुलिस को थी तलाश आरोपी पर अलग-अलग मामलों में 17 हजार का इनाम घोषित था। इसमें थाना रानीपुर जिला बैतूल के प्रकरण में 10 हजार, कोतवाली रायसेन के मामले में 5 हजार और थाना पिपलानी भोपाल के प्रकरण में 2 हजार का इनाम शामिल है। आरोपी के खिलाफ न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट भी जारी था। रिजवान पर दर्ज हैं 15 अपराध पुलिस ने जिला पन्ना के एक मामले में संदेही रिजवान हुसैन को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार रिजवान के खिलाफ चोरी, लूट, जालसाजी और मारपीट सहित 15 गंभीर अपराध मध्यप्रदेश और अन्य राज्यों में दर्ज हैं। पूछताछ में खुल सकते हैं कई राज दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान अन्य वारदातों और गिरोह से जुड़े लोगों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। पुलिस लगातार ईरानी डेरे में रहने वाले संदिग्ध अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रख रही है। अधिकारियों का दावा है कि लगातार कार्रवाई के चलते मोबाइल झपटमारी और संपत्ति संबंधी अपराधों में कमी आई है। कार्रवाई में निशातपुरा, छोला मंदिर, गांधीनगर थाना पुलिस भी शामिल थी।
महेंद्रगढ़ में एक महिला ने फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। महिला के परिवार वालों ने पति सहित चार लोगों पर हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना कनीना क्षेत्र के गांव कपूरी निवाासी कर्ण सिंह ने सतनाली पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि उसकी 25 वर्षीय बेटी अनीता की शादी वर्ष 2020 में शंकर सिंह निवासी गांव सोहड़ी, थाना सतनाली के साथ हुई थी। अनिता की एक ढाई साल की बेटी है। कर्ण सिंह के अनुसार, शादी के कुछ समय बाद से ही अनिता को उसके दामाद शंकर, ससुर दीप सिंह, सास कृष्णा और ननद ज्योति दहेज लाने के लिए परेशान करने लगे थे। वे उसे बात-बात पर ताना मारते और मारपीट भी करते थे। पति, सास-ससुर के खिलाफ केस दर्ज इन सबसे तंग आकर अनीता ने 10 जून को शाम करीब 4 बजे अपने मकान के ऊपरी कमरे में चुन्नी से पंखे पर फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पिता ने यह भी संदेह जताया है कि उपरोक्त लोगों ने उनकी बेटी अनीता को जबरदस्ती फांसी लगाई है। सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे। सतनाली पुलिस ने लड़की के परिजनों के बयान पर पति, ससुर, सास और ननद के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शव का पोस्टमार्टम नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़ में करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया है।
एडमिशन लिया, फीस भरी, लेकिन क्लास में पढ़ाई नहीं की और कॉलेज भी नहीं गए। फिर भी हाजिरी 75% से ऊपर और एग्जाम में शामिल होकर डिग्री भी हासिल कर ली। कॉलेजों में चल रहे इस खेल पर अब महर्षि दयानंद सरस्वती यूनिवर्सिटी ने ब्रेक लगाने की तैयारी कर ली है। यूनिवर्सिटी के कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल ने इस तरह की शिकायतें मिलने पर कॉलेजों को दिशा-निर्देश जारी कर निरीक्षण दलों का गठन कर दिया है। दलों की रिपोर्ट में अगर कोई अनियमितता मिलती है तो कॉलेज के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अलग-अलग दल कॉलेजों में करेंगे औचक निरीक्षण MDS यूनिवर्सिटी अजमेर से अजमेर, भीलवाड़ा, टोंक, नागौर, ब्यावर व कुचामन-डीडवाना जिले के सरकारी व प्राइवेट कॉलेज सम्बद्ध है और इनकी संख्या साढे़ चार सौ से ज्यादा है। इसमें 121 बीएड कॉलेज है। इन सरकारी और निजी कॉलेजों में घर बैठे हाजिरी लगाने की शिकायतें लंबे समय से मिल रही थीं। छात्र सिर्फ परीक्षा देने कॉलेज आते है, बाकी सालभर रजिस्टर में उनकी हाजिरी फर्जी तरीक से लगाई जाती है। यहां शिक्षण कार्य भी नहीं होता। इन्हीं शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सख्त कदम उठाए है। यूनिवर्सिटी ने अलग-अलग निरीक्षण दल बनाए हैं। ये टीमें बिना किसी पूर्व सूचना के किसी भी कॉलेज में अचानक पहुंच जाएंगी। यहां स्टूडेन्ट्स की उपस्थिति से लेकर कॉलेज की व्यवस्थाओं का जायजा लेगी। अगर कोई अनियमितता मिलती है तो कॉलेज प्रबन्धन को जिम्मेदार माना जाएगा। यूनिवर्सिटी एक्ट के तहत इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उच्च शिक्षा निदेशालय का नियम बिल्कुल स्पष्ट है - हर छात्र-छात्रा की सालभर में कक्षा में 75% उपस्थिति अनिवार्य है। इससे कम हाजिरी पर परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं मिलती। कुलगुरु बोले- शिकायतें मिली है, होगी सख्त कार्रवाई महर्षि दयानन्द सरस्वती यूनिवर्सिटी के कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि बीएड या अन्य कोई भी कॉलेज जो यूनिवर्सिटी से सम्बद्ध है, वहां पढ़ाई का माहौल है और व्यवस्थाएं सुचारू रहे लेकिन जानकारी में आया कि कुछ जगहों पर अनियमितताएं हो रही है तो विशेष निर्देश दिए है। यूनिवर्सिटी स्तर पर निरीक्षण दलों का गठन किया है, जो सीधे रिपोर्ट कर रहे है। आशा है अगले शिक्षा स्तर से व्यवस्थाओं में सुधार होगा। अगर कोई कॉलेज फिर भी अनियमितता करता है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। …………. पढें ये खबर भी…. MDS यूनिवर्सिटी-अब पढाई के साथ कमाई भी कर सकेंगे स्टूडेंटस:3 से 8 हजार रुपए की मिलेगी आर्थिक सहायता, जानिए-क्या रहेगा पूरा प्रोसेस महर्षि दयानंद सरस्वती यूनिवर्सिटी अजमेर में अब पढाई के साथ स्टूडेंट्स कमाई भी कर सकेंगे। यूनिवर्सिटी में विद्यार्थियों के लिए एक नई पहल लर्न, अर्न व परफोर्म योजना प्रारम्भ की है, जिसके माध्यम से विद्यार्थी अब उच्च शिक्षा प्राप्त करते हुए विश्वविद्यालय परिसर में कार्य करके आर्थिक सहायता भी प्राप्त कर सकेंगे। पूरी खबर पढें
सहारनपुर के थाना जनकपुरी क्षेत्र में देहरादून रोड पर मंगलवार को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। पेट्रोल पंप के सामने हुए इस हादसे में दो थ्री-व्हीलर और एक कार आपस में टकरा गए। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों थ्री-व्हीलर में सवार करीब 7 से 8 युवतियां सड़क पर जा गिरीं। हादसे के बाद एक थ्री-व्हीलर सड़क किनारे खड़े चाय के खोखे में जा घुसा, जबकि दूसरा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। फुटेज के अनुसार, सवारियों से भरा एक थ्री-व्हीलर देहरादून रोड की ओर से आ रहा था। उसी दौरान अंबाला रोड की दिशा से दूसरा थ्री-व्हीलर भी तेज रफ्तार में पहुंच रहा था। इसी बीच पेट्रोल पंप के सामने बने कट से एक कार सड़क पार कर रही थी। बताया जा रहा है कि देहरादून रोड की ओर से आ रहे थ्री-व्हीलर ने कार में टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही थ्री-व्हीलर अनियंत्रित होकर सड़क की दूसरी ओर पहुंच गया और सामने से आ रहे दूसरे थ्री-व्हीलर से भिड़ गया। दोनों थ्री-व्हीलर की आमने-सामने की टक्कर इतनी भीषण थी कि उनमें बैठी सवारियां उछलकर सड़क पर जा गिरीं। हादसे के बाद अंबाला रोड की ओर से आ रहा थ्री-व्हीलर नियंत्रण खो बैठा और सड़क किनारे स्थित एक चाय के खोखे में जा घुसा। दुर्घटना में एक थ्री-व्हीलर को काफी नुकसान पहुंचा है। सीसीटीवी फुटेज में सड़क पर गिरी युवतियां खुद उठकर सुरक्षित स्थान की ओर जाती दिखाई दे रही हैं। स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घायलों की मदद की। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी को गंभीर चोट नहीं आई। सवारियों और दोनों चालकों को हल्की-फुल्की चोटें आई हैं।
बालाघाट में बस ने किशोरी को कुचला, मौत:ओवरटेक के दौरान हुआ हादसा, पुलिस ने जब्त किया वाहन
बालाघाट में हिट एंड रन के एक और मामले में एक किशोरी की मौत हो गई। यह घटना बुधवार शाम लांजी थाना क्षेत्र के सालेटेकरी मार्ग पर हुई, जहां दो बसों के बीच ओवरटेकिंग के दौरान एक मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी गई। हादसे में किशोरी लतेश्वरी उर्फ पिंकी परते (17) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके बुआ भाई तुलसीराम नेताम (36) घायल हो गए। तुलसीराम का इलाज जारी है। पुलिस के अनुसार, यह हादसा लांजी-सालेटेकरी मार्ग पर लोड़ामा के छापरनाला मोड़ के पास हुआ। सालेटेकरी से हैदराबाद की ओर जा रही दो बसें तेज रफ्तार से एक-दूसरे को ओवरटेक करने का प्रयास कर रही थीं। घायल तुलसीराम नेताम ने बताया कि उन्होंने बसों को निकलने के लिए अपनी मोटरसाइकिल रोककर जगह दी थी। इसके बावजूद, एक बस ने उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि तुलसीराम किनारे जा गिरे, जबकि पीछे बैठी पिंकी सड़क पर गिर गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बस किशोरी को कुचलते हुए कुछ दूरी तक घसीटती ले गई, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। तुलसीराम के हाथ, पैर और कमर में गंभीर चोटें आई हैं। तुलसीराम नेताम अपनी मामा बहन लतेश्वरी उर्फ पिंकी परते के साथ लांजी बाजार से खरीदारी कर अपने गांव लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। पिंकी छत्तीसगढ़ के बीजागढ़ निवासी थी। घटना की सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और दोनों को निजी वाहन से सिविल अस्पताल लांजी ले जाया गया। पुलिस ने शव बरामद कर सिविल अस्पताल में रखवाया था। गुरुवार को परिजनों की मौजूदगी में शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया गया और शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने दुर्घटना में शामिल बस को जब्त कर लांजी थाना परिसर में खड़ा कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
अमेठी में सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार का वीडियो वायरल करने वाले दो युवकों के खिलाफ ठेकेदार की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। इस मामले में अब कांग्रेस के पूर्व एमएलसी दीपक सिंह ने युवकों का समर्थन करते हुए प्रशासन को 7 दिन का अल्टीमेटम दिया है। दीपक सिंह ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों के खिलाफ बताया है और इस पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से बातचीत कर चेतावनी दी है कि यदि भ्रष्टाचार पर कार्रवाई के बजाय आवाज दबाने की कोशिश हुई, तो वे 'सड़क सत्याग्रह' करेंगे। अमेठी का राजनीतिक माहौल गर्मा गया पूर्व एमएलसी ने प्रशासन से यहां तक कहा कि वे उनके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज करने की तैयारी कर लें। उन्होंने जोर देकर कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले युवाओं पर मुकदमे दर्ज करना अनुचित है। युवाओं पर मुकदमे दर्ज किए जाने से अमेठी का राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। दीपक सिंह ने बताया कि उन्होंने पहले भी भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई न होने पर पदयात्रा करने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि अब जब भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वालों को मुकदमों के जरिए डराने और दबाने का प्रयास हो रहा है, तो वे केवल पदयात्रा नहीं, बल्कि 'सड़क सत्याग्रह' करेंगे। दीपक सिंह के अनुसार, संवैधानिक और प्रशासनिक दृष्टि से किसी भी शिकायत पर कार्रवाई के लिए 7 दिन का समय पर्याप्त होता है। इसलिए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को यह समय सीमा दी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इसके बाद भी भ्रष्टाचार पर कार्रवाई करने के बजाय आवाज दबाने की कोशिश हुई, तो वे हर उस युवा और नागरिक के साथ खड़े होंगे जो भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष कर रहा है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचारियों को संरक्षण देना और भ्रष्टाचार के खिलाफ बोलने वालों पर मुकदमे दर्ज करना लोकतंत्र में स्वीकार्य नहीं है।
संभल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले प्रधानमंत्रियों में शामिल होने के उपलक्ष्य में एक विशेष हवन-पूजन का आयोजन किया। यह अनुष्ठान संभल के ऐतिहासिक सूर्यकुंड मंदिर में संपन्न हुआ। इसमें बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं, स्थानीय नागरिकों, महिलाओं और युवाओं ने भाग लेकर प्रधानमंत्री के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और देश की निरंतर प्रगति की कामना की। धार्मिक अनुष्ठान वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रख्यात चिकित्सक एवं वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. अरविंद गुप्ता रहे। हवन में आहुति देते हुए उपस्थित लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। हवन-पूजन के बाद आयोजित सभा को संबोधित करते हुए डॉ. अरविंद गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृढ़ नेतृत्व, दूरदर्शी सोच और अथक परिश्रम से भारत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री का यह कीर्तिमान देश की जनता के उनके प्रति विश्वास और समर्थन का प्रतीक है। डॉ. गुप्ता ने आगे बताया कि केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रहा है, जिससे देश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने आर्थिक, सामाजिक और अंतरराष्ट्रीय क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। कार्यक्रम में मौजूद अन्य भाजपा पदाधिकारियों ने भी प्रधानमंत्री की उपलब्धियों और सरकार की जनहितकारी योजनाओं पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर उपस्थित कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई और प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की उन्नति के लिए शुभकामनाएं व्यक्त कीं। इस कार्यक्रम में परीक्षित कुमार, विपिन गुप्ता, संजय संखधर, देवेंद्र चौधरी, पंकज गुप्ता, दिनेश कुमार जाटव, संजीव शर्मा, हिमांशु कश्यप, संतोष गुप्ता, संजय गुप्ता, पोली महावीर, सभासद राजबहादुर पासी, निधि शर्मा, आलोक भारती, अरविंद प्रजापति, सतीश जाटव, सजन श्री माली सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में विधानसभा कार्यक्रम संयोजक जयप्रकाश गुप्ता ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया।
सड़क हादसे में घायल सेल्समैन की 13वें दिन मौत:हरदोई में 29 मई को मेंढू गांव के पास हुआ था हादसा
हरदोई में 29 मई को हुए सड़क हादसे में घायल एक सेल्समैन की 13वें दिन इलाज के दौरान मौत हो गई। युवक का इलाज घर पर चल रहा था, लेकिन तबीयत बिगड़ने पर उसे मेडिकल कॉलेज लाया गया, जहां डॉक्टर ने बुधवार की रात उसे मृत घोषित कर दिया। यह हादसा शहर कोतवाली क्षेत्र के मेंढू गांव के पास हुआ था। मृतक की पहचान सांडी कस्बे के रायटोला निवासी 21 वर्षीय रोहित के रूप में हुई है। वह शहर के सर्कुलर रोड पर एक बैटरी एजेंसी में सेल्समैन के तौर पर कार्यरत थे। उनके छोटे भाई रंजीत ने बताया कि 29 मई की देर शाम रोहित बाइक से घर लौट रहे थे, तभी मेंढू गांव के पास एक ट्रैक्टर-ट्रॉली ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर के बाद रोहित बाइक समेत सिर के बल सड़क पर गिर गए, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। मौके पर मौजूद लोगों ने एंबुलेंस और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने रोहित को मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां से उन्हें बेहतर इलाज के लिए लखनऊ रेफर कर दिया गया था। शव का पंचनामा भरवा दिया गया लखनऊ में उनका इलाज चल रहा था। 9 जून की शाम डॉक्टर ने उन्हें घर ले जाने की सलाह दी, जिसके बाद परिजन उन्हें घर ले आए थे। बुधवार रात अचानक रोहित की तबीयत फिर बिगड़ गई। परिजन उन्हें तुरंत एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज लाए, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। रोहित अपने पीछे पत्नी शालिनी और दो छोटे बेटे तन्मय व अर्नव छोड़ गए हैं। शहर कोतवाल संजय त्यागी ने बताया कि शव का पंचनामा भरवा दिया गया है। परिजनों द्वारा दिए गए शिकायती पत्र और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बिठूर थानाक्षेत्र में घर का सामान लेने जा रही 6 वर्षीय बच्ची को ट्रैक्टर 20 मीटर तक घसीटता ले गया। इलाकाई लोगों बच्ची को प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद इलाकाई लोगों ने पीछा कर ट्रैक्टर चालक और हेल्पर को पकड़ा तो दोनों नशे में धुत मिले। परिजनों ने आरोपी ड्राइवर को छोड़ने का पुलिस पर आरोप लगाया है। मंधना से कल्याणपुर की ओर जा रहा था ट्रैक्टर नारामऊ निवासी पिंटू मजदूरी करते हैं, परिवार में पत्नी पूनम व तीन बच्चे रितिक, रौनी और 6 साल की रितिका है। परिजनों के मुताबिक रितिका गांव के प्राइमरी स्कूल में कक्षा एक की छात्र थी। बुधवार शाम करीब 8:30 बजे रितिका घर के पास मौजूद किराने की दुकान से घर का सामान लेने गई थी। इस दौरान मंधना से कल्याणपुर की ओर जा रहे तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने उसे टक्कर मार दी। हादसे में रितिका ट्रैक्टर के पीछे लगे हल में फंसकर करीब 20 मीटर तक घसीटती चली गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। आसपास के लोगों ने ट्रैक्टर का पीछा कर नशे में धुत चालक और हेल्पर को पकड़ कर पुलिस को सौंपा। परिजन आनन–फानन में रितिका को प्राइवेट अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतका के चाचा सुशील ने आरोप लगाया कि आरोपियों को पकड़ कर पुलिस को सौंपा गया था, लेकिन थाने से उन्हें छोड़ दिया गया। सचेंडी थाना प्रभारी दीनानाथ मिश्रा ने बताया कि आरोप निराधार है, ट्रैक्टर चालक ने घायल बच्ची का पूरा इलाज कराने का आश्वासन दिया था, जिस पर उसे छोड़ा गया था। परिजनों की तहरीर पर कार्रवाई की जाएगी।
करनाल जिले के घरौंडा क्षेत्र के गांव मुंडीगढ़ी की एक गर्भवती महिला के साथ यूपी में दहेज को लेकर मारपीट कर जान से मारने की कोशिश का मामला सामने आया है। आरोप है कि ससुराल पक्ष ने कार की मांग पूरी न होने पर महिला को पीटा, कमरे से बाहर निकाल दिया और धारदार हथियार से हमला कर घायल कर दिया। पीड़िता ने मामले की शिकायत पुलिस को की है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर ससुराल पक्ष के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता महिला फरमुदा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी शादी 25 अक्टूबर 2023 को गांव बडोली, जिला शामली (उत्तर प्रदेश) निवासी शाहरूख के साथ हुई थी। शादी में उसके माता-पिता ने अपनी क्षमता से अधिक खर्च करते हुए करीब 10-12 लाख रुपए खर्च किए और घरेलू सामान के साथ मोटरसाइकिल भी दी। इसके बावजूद ससुराल पक्ष इस दहेज से संतुष्ट नहीं था और शुरू से ही कार की मांग को लेकर उसे ताने दिए जाते थे। पहले भी दर्ज हुआ था केस, फिर कराया गया समझौता पीड़िता के अनुसार ससुराल, पक्ष के लोग लगातार गाली-गलौच और मारपीट करते रहे। उसका ससुर उस पर गलत नजर रखता था। इस मामले में पहले भी थाना घरौंडा में शिकायत दी गई थी, जिस पर 6 फरवरी 2025 को एफआईआर दर्ज हुई थी। बाद में दोनों परिवारों और कुछ समाज के लोगों के कहने पर समझौता कराया गया और उसकी मर्जी के बिना उसे फिर से ससुराल भेज दिया गया। कुछ दिन ठीक रहने के बाद फिर शुरू हुआ उत्पीड़न पीड़िता ने बताया कि ससुराल लौटने के बाद कुछ समय तक व्यवहार ठीक रहा, लेकिन जल्द ही फिर से वही स्थिति बन गई। उसकी सास कार न लाने को लेकर ताने देने लगी और मारपीट करने लगी। इसी दौरान वह गर्भवती हो गई, लेकिन परिवार की इज्जत के कारण सब सहती रही और चुप रही। 7 जून को हुआ हमला, कमरे से बाहर निकाल दिया शिकायत के मुताबिक, बीती 7 जून को उसकी ननद साइना, पति शाहरूख और सास-ससुर ने मिलकर फिर से कार की मांग को लेकर झगड़ा किया। सभी ने मिलकर उसके साथ मारपीट की, गालियां दीं और उसे कमरे से बाहर निकाल दिया। आरोप है कि उन्होंने कहा कि जब तक कार नहीं लाएगी, उसे घर में नहीं रहने देंगे और जान से मार देंगे। इसके बाद कमरे पर ताला लगाकर चले गए, जिससे वह पूरी रात बाहर बैठी रही। सुबह फिर हमला, बेहोश हुई महिला अगली सुबह सास-ससुर ने फिर झगड़ा शुरू कर दिया और कार लाने का दबाव बनाया। आरोप है कि इसी दौरान उस पर चाकू और पेंचकस से हमला किया गया, जिससे वह घायल होकर बेहोश हो गई। महिला का मेडिकल भी कराया गया है, जिसकी रिपोर्ट शिकायत के साथ पुलिस को दी गई है। पुलिस ने केस दर्ज कर शुरू की जांच इस मामले में थाना घरौंडा में शिकायत दर्ज की गई। मामले की जांच एएसआई रोहताश को सौंपी गई है। शिकायत के आधार पर आरोपी शाहरूख, उसके पिता नजीर और अन्य के खिलाफ मुकदमा बीती रात को दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नर्मदापुरम-पिपरिया स्टेट हाईवे पर आंचलखेड़ा के पास एक तेज रफ्तार सरकारी बोलेरो ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में बाइक सवार एक गर्भवती महिला समेत तीन लोग घायल हो गए। महिला की गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल के आईसीयू (ICU) में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को जब्त कर चालक पर केस दर्ज कर लिया है। दुर्घटना को अंजाम देने वाली सफेद रंग की बोलेरो (MP 02 ZA 1326) सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (STR) डिवीजन ऑफिस की है। इस वाहन पर मध्य प्रदेश शासन लिखा हुआ है। फरियादी अश्विनी मीणा (निवासी खिड़िया) ने पुलिस को बताया, “मैं, मेरे जीजाजी और दीदी सुहानी मीणा नर्मदापुरम से अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान आंचलखेड़ा में जियो पेट्रोल पंप के पास सामने से 50-60 की रफ्तार से आ रही सरकारी बोलेरो ने हमारी बाइक में टक्कर मार दी, जिससे हम तीनों सड़क पर गिर गए।” बहन को आई गंभीर चोटें, एंबुलेंस से पहुंचे अस्पतालहादसे के तुरंत बाद घायलों को एंबुलेंस की मदद से माखननगर अस्पताल लाया गया। वहां प्राथमिक उपचार देने के बाद डॉक्टरों ने तीनों को नर्मदापुरम जिला अस्पताल रेफर कर दिया। इस दुर्घटना में बाइक चालक अश्विनी और उसके जीजा को मामूली चोटें आई हैं। वहीं, गर्भवती सुहानी मीणा को ज्यादा गंभीर चोटें आई हैं। फिलहाल महिला और उसके पति का जिला अस्पताल में इलाज जारी है और सुहानी को आईसीयू वार्ड में रखा गया है। थाने में खड़ी कराई गई गाड़ी, ड्राइवर पर FIRघटना की जानकारी मिलने पर माखननगर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए टक्कर मारने वाली सरकारी बोलेरो को जब्त कर लिया है। वाहन को थाने में सुरक्षित खड़ा करा दिया गया है। पुलिस ने फरियादी अश्विनी की शिकायत के आधार पर बोलेरो के ड्राइवर के खिलाफ लापरवाही पूर्वक गाड़ी चलाने का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की आगे की जांच कर रही है।
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले 2 युवक ने TI पर मारपीट और साढ़े 23 हजार रुपए रिश्वत लेने का आरोप लगाया है। गुरुवार सुबह दोनों पानी टंकी पर चढ़ गए। उनकी मांग है कि TI को बर्खास्त किया जाएगा। कार्रवाई नहीं होने पर सुसाइड की बात कही है। पानी टंकी पर चढ़े एक युवक के कहा कि रास्ते से जबरदस्ती उठाकर TI ने हमे जानवरों की तरह हमको मारे हैं, उनका बर्खास्त किया जाए। वहीं, मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम और तहसीलदार मौके पर पहुंचे। अफसर युवकों समझाइश देने में जुटे हुए हैं। यह मामला जुआ से जुड़ा हुआ है। इधर इस मामले में TI आरोपों को गलत बताया है। उनका कहन है कि दोनों युवक जुआ फड़ चलाते हैं। फिलहाल मौके पर पहुंचे अफसर और ग्रामीण दोनों युवकों को समझाइश देकर नीचे उतारने की कोशिश कर रहे हैं। मामला हरदीबाजार थाना क्षेत्र का है। देखिए पहले ये तस्वीरें- सिलसिलेवार जानिए क्या है पूरा मामला ? जानकारी के मुताबिक, पानी टंकी पर चढ़े युवकों का नाम रफीक मोहम्मद (22) और दीपेश निर्मलकर (23) है और ग्राम नेवसा के रहने वाले है। उन्होंने हरदीबाजार TI प्रमोद कुमार डनसेना पर मारपीट और साढ़े 23 हजार रुपए रिश्वत लेने का आरोप लगाया है। मंगलवार को पुलिस ने उन्हें ग्राम सिरली के पास से पकड़ा। उनका आरोप है कि थाने ले जाकर जुआ खेलाते हो कहकर लाठी-डंडों और बेल्ट से बेरहमी से पीटा गया। उन्हें दीपका ले जाकर भागते हुए गिर गए हैं का झूठा बयान जबरन लिखवाया गया। जुआ कार्रवाई के बाद बढ़ा विवाद हालांकि, जुआ एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया। वहीं, ग्रामीणों ने पुलिस पर जबरन घरों में घुसकर लोगों को थाने ले जाने का आरोप भी लगाया है। गुरुवार सुबह कार्रवाई से नाराज रफीक और दीपेश पेट्रोल लेकर गांव के पानी टंकी पर चढ़ गए। उन्होंने आरोप लगाया है कि TI प्रमोद कुमार डनसेना बेहरमी से पीटा और छोड़ने के बदले 23,500 रुपए लिए। युवकों को समझाने में जुटा प्रशासन फिलहाल पुलिस-प्रशासन की टीम उन्हें सझाइश देने में जुटी हुई है। वहीं, जुए खिलाने के मामले गिरफ्तार अनवर अली की पत्नी शफीना बेगम ने बताया कि मंगलवार को ही पुलिस ने पति घर से गिरफ्तार अपने साथ ले गए। दूसरे दिन दोबारा आकर पति के बारे पूछा, जबकि पुलिसवाले ही उन्हें अपने साथ ले गए थे। 4 दिन से पति घर नहीं आए हैं। उन्होंने इसका जिम्मेदार पुलिसवालों के बताया। साथ ही उन्होंने पुलिस पर गुंडागर्दी का आरोप लगाया है। TI ने आरोपों को बताया निराधार इस मामले में TI प्रमोद कुमार डनसेना ने आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि दोनों युवक क्षेत्र में जुआ फड़ संचालित करते हैं। सूचना मिलने पर उन्हें पकड़ा गया था और उनके खिलाफ धारा 151 के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है।
बड़वानी में कृषि भूमि पर लगे कुएं और ट्यूबवेल से विद्युत मोटर की तांबे की केबल चोरी हो गई है। इस घटना से सिंचाई कार्य बाधित हो गया है, जिससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चार किसानों ने इस संबंध में बड़वानी पुलिस थाने में अज्ञात चोरों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। यह मामला पुराने रेस्ट हाउस के पीछे राजघाट रोड स्थित खेतों से सामने आया है। चोरों ने 10 जून की रात को दो अलग-अलग जगहों से तांबे की विद्युत केबल काट ली। चोरी गई केबल की अनुमानित कीमत करीब 30 हजार रुपये बताई जा रही है। सिर्वी मोहल्ला निवासी भगवान मुकाती, गोपाल धनगर, रोहित सोलंकी और योगेश मुकाती ने गुरुवार दोपहर को पुलिस को शिकायत दी। किसानों ने बताया कि सुबह खेत पहुंचने पर उन्हें चोरी का पता चला। उन्होंने आसपास के इलाके में तलाश की, लेकिन केबल का कोई सुराग नहीं मिला। किसान गोपाल धनगर ने बताया कि केबल चोरी होने के कारण उनकी सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है। बिना केबल के मोटर नहीं चल पा रही है, जिससे फसलों की सिंचाई करना असंभव हो गया है। यह चोरी खेती पर निर्भर किसानों के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी कर गई है। किसानों की लिखित शिकायत के आधार पर बड़वानी पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर मंडल ने रिटायर्ड रेलवे कर्मचारियों की पुनर्नियुक्ति के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस पहल के तहत विभिन्न विभागों में कुल 324 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इसका उद्देश्य रेलवे के अनुभवी मानव संसाधन का उपयोग कर परिचालन और तकनीकी कार्यों को और बेहतर बनाना है। 65 वर्ष से कम उम्र वाले पूर्व कर्मचारी पात्र नागपुर मंडल से रिटायर्ड ऐसे कर्मचारी, जिनकी आयु 65 वर्ष से कम है, वे इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं। चयनित कर्मचारियों को नागपुर मंडल के अंतर्गत ही सेवा देनी होगी। कई विभागों में विभिन्न पद शामिल इन पदों में स्टेशन मास्टर, मूवमेंट इंस्पेक्टर, यातायात निरीक्षक, शंटिंग मास्टर, कांटे वाला, ट्रेन मैनेजर (गुड्स एवं मेल-एक्सप्रेस), लोको पायलट (गुड्स, पैसेंजर एवं मेल-एक्सप्रेस), सहायक लोको पायलट, लोको सुपरवाइजर, सीनियर सेक्शन इंजीनियर (कैरिज एंड वैगन, इंजीनियरिंग एवं इलेक्ट्रिकल), कमर्शियल क्लर्क, चीफ टिकट इंस्पेक्टर, टिकट एग्जामिनर, टेक्नीशियन, असिस्टेंट टेक्नीशियन, कमर्शियल सुपरवाइजर, ट्रैकमैन, खलासी और हेल्पर जैसे पद शामिल हैं। 22 जून है अंतिम तारीख इच्छुक रिटायर्ड कर्मचारी अपने पेंशन पेमेंट ऑर्डर (PPO) और सर्विस सर्टिफिकेट के साथ निर्धारित प्रारूप में आवेदन कर सकते हैं। आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 22 जून 2026 निर्धारित की गई है। रेलवे प्रशासन पात्रता और आवश्यकता के आधार पर आवेदनों की जांच कर चयन प्रक्रिया पूरी करेगा। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि रिटायर्ड कर्मचारियों के लंबे अनुभव का लाभ विभाग को मिलेगा। अनुभवी कर्मचारियों की उपलब्धता से संचालन कार्यों में दक्षता बढ़ेगी और नई पीढ़ी के कर्मचारियों को भी उनके अनुभव से सीखने का अवसर मिलेगा। बैतूल के पूर्व मुख्य यातायात निरीक्षक अशोक कटारे ने बताया कि नागपुर मंडल के अंतर्गत रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने पात्र और इच्छुक कर्मचारियों से समय सीमा के भीतर आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन करने का आग्रह किया।
सीकर की धार्मिक नगरी खाटूश्यामजी में 26 मई को युवक करण कुमावत पर हुए हमले का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। आज सीकर के कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर चौथे दिन भी धरना जारी रहा। आज सर्व समाज के लोगों ने सीकर के जाट बाजार से कलेक्ट्रेट तक आक्रोश रैली निकाली। रैली के बाद उन्होंने एसपी कार्यालय की तरफ घुसने की कोशिश की लेकिन गेट पर ही मौजूद पुलिस ने उन्हें रोक लिया। लोगों का कहना है कि घटना को करीब दो सप्ताह से ज्यादा का समय बीत चुका है। लेकिन पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही। ऐसे में आज आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग, खाटूश्यामजी SHO पवन कुमार चौबे को सस्पेंड करने की मांग को लेकर यह आक्रोश रैली निकाली गई। संघर्ष समिति से जुड़े शिवभगवान ने कहा कि 26 मई की रात को घटना हुई थी। गेस्ट हाउस में गेस्ट ले जाने की बात पर कर्मचारी करण कुमावत पर जानलेवा हमला किया गया। घटना के बाद वह सीकर के एसके अस्पताल में एडमिट है। अब तक उसके 5 से 7 ऑपरेशन हो चुके हैं। आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर हमारे द्वारा पहले एसपी को ज्ञापन दिया गया। इसके बाद 1 जून को 3 घंटे तक खाटूश्यामजी पुलिस थाने का सांकेतिक घेराव भी किया गया था। तब SHO पवन कुमार चौबे ने आश्वासन दिया था कि 3 दिन में आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा। लेकिन उन्होंने कोई गिरफ्तारी नहीं की गई। ऐसे में 4 दिन पहले सीकर कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर धरना शुरू किया गया था। आज आक्रोश रैली निकालकर पुलिस को चेतावनी दी गई है कि जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। वरना सीकर और खाटू को बंद करवाया जाएगा।
गुमला के बिशनपुर प्रखंड अंतर्गत लापू गांव के रहने वाले 22 वर्षीय साल के रोशन भगत की सांप काटने से मौत हो गई। उसके पिता का नाम भुवनेश्वर भगत है। परिजनों के अनुसार, रोशन रात करीब 11 बजे शौच के लिए घर से बाहर खुले मैदान की ओर गया था। इसी दौरान वहां जहरीले सांप ने उसके पैर में काट लिया। सांप के काटने के बाद किसी तरह रोशन घर पहुंचा। परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिवार में अफरा-तफरी मच गई। तत्काल इलाज के लिए प्रयास शुरू किया गया। पहले झाड़फूंक का लिया सहारा, फिर ले गए अस्पताल घटना के बाद परिजन रोशन को गांव के एक ओझा के पास ले गए, जहां झाड़फूंक के जरिए इलाज कराने की कोशिश की गई। हालांकि, समय बीतने के साथ उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई। स्थिति गंभीर होते देख परिजन उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिशनपुर लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर कर दिया। रात करीब ढाई बजे रोशन को सदर अस्पताल लाया गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। इलाज शुरू करने से पहले ही चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले की सूचना मिलने पर सदर थाना के एसआई अरविंद कुमार ने अस्पताल पहुंचकर शव को कब्जे में लिया। पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
यमुनानगर में बाईपास पुल के नीचे ट्रेन की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि मृतक का चेहरा ट्रेन के नीचे आने से दो हिस्सों में कट गया। वहीं, शरीर भी ट्रेन से रगड़ खाते हुए बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। सूचना मिलते ही जीआरपी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। चेहरा कट जाने और कोई दस्तावेज बरामद न होने के कारण फिलहाल शव की शिनाख्त नहीं हो पाई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल यमुनानगर की मोर्चरी में 72 घंटे के लिए रखवा दिया है और आसपास के क्षेत्र में उसकी पहचान का प्रयास किया जा रहा है। 80 मीटर तक ट्रेन से घिसटता गया जीआरपी थाने से मामले के जांच अधिकारी एएसआई बलजीत सिंह ने बताया कि रात करीब 12 बजे उन्हें स्टेशन मास्टर से सूचना मिली थी कि बाईपास पुल के नीचे रेलवे ट्रैक क्रॉस करते समय एक व्यक्ति छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आ गया है। सूचना मिलते ही वे तुरंत मौके पर पहुंचे। वहां देखा कि डाउन लाइन पर एक शव बुरी तरह क्षतिग्रस्त पड़ा है, जिसका चेहरा दो हिस्सों में कट चुका था। शरीर भी ट्रेन की चपेट में आने से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। देखने से प्रतीत हो रहा था कि वह करीब 80 मीटर तक ट्रेन के साथ घिसटता चला गया होगा। बाजू के ऊपरी हिस्से पर शेर का मुंह बना हुआ तलाशी लेने पर मृतक के कपड़ों से कोई दस्तावेज बरामद नहीं हुआ, जिससे उसकी शिनाख्त हो सके। उसकी उम्र करीब 50 वर्ष प्रतीत हो रही है। उसके पास से एक स्क्रीन टच मोबाइल फोन मिला, जो टूटा हुआ था और उसमें सिम भी नहीं थी। मृतक की बाजू के ऊपरी हिस्से पर शेर के मुंह का टैटू बना हुआ था। उसने क्रीम कलर की पेंट डाली हुई थी। शव को कब्जे में लेकर 72 घंटे के लिए सिविल अस्पताल यमुनानगर की मोर्चरी में रखवा दिया गया है। बाजू पर बने शेर के मुंह के टैटू के आधार पर ही फिलहाल आसपास के क्षेत्र में उसकी शिनाख्त का प्रयास किया जा रहा है।
जैसे ही हमले का सायरन बजता, जहाज के सभी 22 कर्मचारी भागकर नीचे इंजन रूम में छिप जाते थे। बाहर आसमान में मिसाइलें, ड्रोन और फाइटर जेट चक्कर काट रहे होते थे और अंदर सब अपनी जान बचाने के लिए भगवान से प्रार्थना करते थे। रायपुर के रहने वाले रुद्रांश चौबे इस कार्गो शिप में असिस्टेंट कैप्टन और चीफ ऑफिसर हैं। उन्होंने मौत के इसी खौफ के बीच 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' के खतरनाक समुद्री रास्ते में 3 महीने बिताए$.$ ईरान और अमेरिका के बीच चल रही जंग के दौरान उनका जहाज ठीक उसी इलाके में फंस गया जहां लड़ाई चल रही थी। कई बार मिसाइलें जहाज के बिल्कुल ऊपर से गुजरीं, एक ड्रोन का टूटा हुआ मलबा भी उनके जहाज पर आकर गिरा। लगातार आते हमलों के अलर्ट ने सबकी सांसें अटका रखी थीं। यह समुद्री रास्ता इस समय कितना खतरनाक हो चुका है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बुधवार को ही एक जहाज पर हुए हमले में 3 भारतीयों की मौत हो चुकी है। 6 महीने का कॉन्ट्रैक्ट पूरा होने के बाद कंपनी ने एक स्पेशल बोट (नाव) भेजकर असिस्टेंट कैप्टन रुद्रांश और उनके साथियों को वहां से सुरक्षित बाहर निकाला। हालांकि, कतर से 32 हजार मीट्रिक टन यूरिया लेकर भारत आ रहा उनका जहाज आज भी उसी खतरनाक समुद्री इलाके में फंसा हुआ है। अपनी पहली ही नौकरी में मौत को इतने करीब से देखने वाले रुद्रांश कहते हैं कि समुद्र के बीच बिताए वे 90 दिन वे जिंदगी भर नहीं भूल पाएंगे। अब जब होर्मुज का वह समुद्री रास्ता फिर से बंद हो गया है, तो वहां बिताया एक-एक पल उनकी आंखों के सामने आ जाता है। रायपुर पहुंचे रुद्रांश से दैनिक भास्कर ने खास बातचीत की…पढ़िए पूरा इंटरव्यू:- सवाल: उस समय वहां की स्थिति कैसी थी और आप कैसे फंस गए? जवाब: हम अपना कार्गो डिस्चार्ज करने के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्षेत्र में गए थे। इसके बाद हमें अगला कार्गो लेना था, तभी पता चला कि ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ गया है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया गया है। इसकी घोषणा ईरानी नौसेना ने रेडियो के जरिए की थी। इसके बाद करीब 3 महीने तक हम उसी क्षेत्र में रहे। इस दौरान हमने कार्गो लोड और डिस्चार्ज भी किया और भारत लाने के लिए एक और कार्गो लोड किया। लंबे समय तक जहाज एंकर पर खड़ा रहा और हम वहीं फंसे रहे। सवाल: समुद्र के बीच 24 घंटे रहना पड़ता था, उस दौरान स्थिति कैसी रहती थी? जवाब: समुद्र में रहने के दौरान हर समय सतर्क रहना पड़ता था। युद्ध शुरू होने के शुरुआती दिनों में ड्रोन, मिसाइल और लड़ाकू विमानों की गतिविधियां दिखाई देती थीं। रेडियो पर लगातार अलग-अलग तरह के अलर्ट और सूचनाएं मिल रही थीं। जीपीएस स्पूफिंग जैसी घटनाएं भी हो रही थीं। शुरुआत में स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण थी, क्योंकि हमें समझ नहीं आ रहा था कि आगे क्या करना है और कहां जाना है। बाद में डीजी शिपिंग, इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन और हमारी कंपनी की ओर से जारी सुरक्षा दिशा निर्देशों का पालन कर हमने स्थिति का सामना किया। सवाल: पहली ही नौकरी और घर से दूर सीधे युद्ध के मैदान में एंट्री, मौत के इस साए के बीच खुद को और घर वालों की चिंता को कैसे संभाला? जवाब: मेरी कोशिश रहती थी कि हर दिन घरवालों को अपनी स्थिति की जानकारी दूं। समाचारों में वे लगातार हमले और तनाव की खबरें देखते थे, इसलिए उन्हें यह बताना जरूरी था कि मैं सुरक्षित हूं। सैटेलाइट कम्युनिकेशन के जरिए हम संपर्क में रहते थे। हालांकि कई बार जीपीएस स्पूफिंग और तकनीकी समस्याओं के कारण चार-पांच दिन तक बात नहीं हो पाती थी, लेकिन हम किसी तरह एक छोटा संदेश भेजकर अपने सुरक्षित होने की जानकारी दे देते थे। सवाल: क्या कभी ऐसा हुआ कि ड्रोन या मिसाइल का खतरा आपके जहाज के बेहद करीब पहुंच गया हो? जवाब: जी हां, एक बार जब हमारा जहाज बहरीन के आसपास था, तब हमारे जहाज के ऊपर एक ड्रोन विस्फोट हुआ था। उसके कुछ अवशेष जहाज पर आकर गिरे थे। इस घटना के बाद सभी लोगों को महसूस हुआ कि स्थिति वास्तव में गंभीर है। इसके अलावा मिसाइलें, ड्रोन और लड़ाकू विमान लगातार हमारे ऊपर से गुजरते दिखाई देते थे। शुरुआत में इससे काफी डर लगा, लेकिन बाद में हमने सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन किया और खुद को संभाला। सवाल: उस समय सबसे ज्यादा डर किस बात का लगता था? जवाब: डर यही था कि कहीं कोई मिसाइल या ड्रोन गलती से हमारे जहाज को निशाना न बना ले। रात में जब अलर्ट आते थे या ऊपर से लड़ाकू विमान गुजरते थे, तब मन में कई तरह के विचार आते थे। ऐसे समय में हम ईश्वर को याद करते थे और सुरक्षित रहने की प्रार्थना करते थे। सवाल: समुद्र में उतरते वक्त बड़े-बड़े सपने रहे होंगे और वहां जाकर मिसाइलें देखनी पड़ीं, पहली नौकरी का यह अनुभव कैसा रहा? जवाब: कॉलेज और एनसीसी के दौरान हमने कई आपात परिस्थितियों के बारे में पढ़ा और प्रशिक्षण लिया था कि संकट के समय कैसे काम करना चाहिए। लेकिन यह पहली बार था जब हमने ऐसी स्थिति को करीब से देखा। शुरुआत में काफी घबराहट थी और समझ नहीं आ रहा था कि क्या करें। बाद में सुरक्षा नियमों का पालन किया, आपात स्थिति में वहां से सुरक्षित निकलने की तैयारियां समझीं और एक-दूसरे की हिम्मत बढ़ाकर हालातों का सामना किया। सवाल: उस समय जहाज पर कितने लोग थे और आप लोग एक-दूसरे का मनोबल कैसे बढ़ाते थे? जवाब: हमारे जहाज पर कुल 22 क्रू मेंबर थे। उनमें सबसे कम अनुभव मेरा ही था, क्योंकि यह मेरी पहली समुद्री यात्रा और पहली नौकरी थी। हमने एक सरल तरीका अपनाया था कि युद्ध और तनाव के बारे में ज्यादा सोचने के बजाय अपने काम पर ध्यान केंद्रित करें। हमारा मानना था कि अगर हम अपना काम ठीक से करते रहेंगे तो डर हम पर हावी नहीं होगा। हमने स्थिति को एक समस्या की तरह देखा और उसके समाधान पर ध्यान दिया। इसी सोच के कारण हम युद्ध की परिस्थितियों को अपने ऊपर हावी नहीं होने दे पाए। सवाल: क्या जहाज पर खाने-पीने या दूसरी जरूरतों की कोई समस्या हुई? जवाब: नहीं, जहाज में पर्याप्त राशन और जरूरी सामान मौजूद था। असली चुनौती मानसिक दबाव था। हर दिन अनिश्चितता के बीच गुजर रहा था और किसी को नहीं पता था कि हालात कब सामान्य होंगे। सवाल: फिर आप वहां से बाहर कैसे निकले? जवाब: मेरा 6 महीने का कॉन्ट्रैक्ट पूरा हो चुका था। इसी दौरान कंपनी ने हमारे लिए खास व्यवस्था की। एक सर्विस बोट के जरिए हमें बंदरगाह तक पहुंचाया गया। मैं और मेरे साथ नौ अन्य क्रू मेंबर जहाज से उतरे। इसके बाद हम दुबई पहुंचे और वहां से हवाई मार्ग से अपने-अपने घरों के लिए रवाना हुए। सवाल: घर पहुंचने पर परिवार की क्या प्रतिक्रिया थी? जवाब: जब मैं घर पहुंचा तो परिवार के लोग काफी खुश थे। वे लगातार मेरी सुरक्षा को लेकर चिंतित थे, क्योंकि जिस क्षेत्र में हम फंसे थे, वहां की खबरें लगातार मीडिया में आ रही थीं। सुरक्षित घर लौटने पर सभी ने राहत महसूस की। मेरे माता-पिता भी काफी गर्व महसूस कर रहे थे। मुझे लगता है कि परिवार का समर्थन, उनकी दुआएं और लगातार संपर्क बनाए रखना इस पूरे दौर में मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण रहा।……………………….. ईरान-अमेरिका वॉर से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… दुबई में फंसे बिलासपुर के 3 दोस्त लौटे:9 दिन बाद वापसी, तड़के 3 बजे दिल्ली पहुंची फ्लाइट, भारत सरकार से मांगी थी मदद दुबई में पिछले 9 दिन से फंसे बिलासपुर के 3 दोस्त सुरक्षित लौट आए हैं। उनकी फ्लाइट दुबई से तड़के 3 बजे दिल्ली पहुंची है। यहां से वे रायपुर आएंगे। तीनों दोस्त घूमने के लिए दुबई गए थे, लेकिन सुरक्षा को लेकर स्थिति साफ नहीं होने के कारण उनकी वापसी में देरी हो रही थी। पढ़ें पूरी खबर…
कोटा के मोखापाडा स्थित पशु अस्पताल में पिछले चार पांच दिन से मृत पशु नहीं उठ रहे हैं। जिसके चलते यहां बदबू फेल गई है। स्थिति इतनी बदतर है कि अस्पताल में काम करना भी मुश्किल हो गया है। ऐसे में गुरूवार को अस्पातल का स्टाफ अस्पताल के बाहर ही बैठा रहा। अस्पताल स्टाफ जब अस्पताल पहुंचा तो अंदर बदबू के चलते एंट्री तक नहीं कर पाया। दरअसल, कोटा के पशु चिकित्सालय में पिछले चार पांच दिन पहले कुछ गौवंशों की मौत हो गई थी। जिन्हें उठाया नहीं गया। अस्पताल के डॉ. दिनेश ने बताया कि वर्तमान में चार पांच गौवंश मृत पडे़ हुए हैं। पशुओं के शव सड़ने लगे है, जिससे तेज बदबू पूरे अस्पताल में फैल रही है। अस्पताल का स्टाफ जैसे तैसे दो तीन दिन से काम कर रहा था लेकिन गुरूवार को जब अस्पताल में स्टाफ पहुंचा तो गेट से अंदर तक नहीं जा पाए। ऐसे में पूरा स्टाफ बाहर ही बैठ गया। इस संबध में लगातार प्रशासन, निगम को भी अवगत करवा दिया गया है लेकिन मवेशियों को उठाया नहीं जा रहा है। स्टाफ ने बताया कि इस बदबू के माहौल में काम किया ही नहीं जा सकता है। उठा हीं नही रहे मवेशीशहर में पिछले दो दिन से मुर्दा मवेशी उठाने वाले कर्मचारियों ने काम बंद कर रखा है। निगम गौशाला पूर्व चेयरमेन जितेन्द्र सिंह ने बताया कि ठेकेदार के कर्मचारियों ने अभी काम बंद कर रखा है। बुधवार को इन डेरे वालों की टपरिया भी अतिक्रमण विरोधी टीम ने हटा दी थी। जिसके बाद इन डेरे वालों ने साफ तौर पर मवेशियों को उठाने से मना कर दिया है। उन्होंने बताया कि इन डेरे वालों से बातचीत कर रहे है। कोशिश की जा रही है कि जल्द से जल्द इन मवेशियों को उठा लिया जाए। गौशाला में भी 11 मवेशी मृत पडे़नगर निगम की बंधा धर्मपुरा स्थित गौशाला में भी पिछले दो दिन से मृत मवेशी नहीं उठाए गए है। जितेन्द्र सिंह ने बताया कि गौशाला में दो दिन में मृत मवेशियों को नहीं उठाए जाने की वजह से इनकी संख्या 11 हो गई है। इनको उठाने के लिए भी हमे दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। शहर में भी कहीं से मवेशी नही उठ रहे हैं। ऐसे में इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान करवाने की कोशिश कर रहे हैं।
संतकबीरनगर में पंचायत चुनाव संघर्ष समिति ने बुधवार को जिलाधिकारी आलोक कुमार के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। समिति ने उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव जल्द कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनावों में हो रही देरी लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक मूल्यों के विपरीत है। समिति के अध्यक्ष व्यास यादव ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार 2027 के विधानसभा चुनाव के बाद पंचायत चुनाव कराने की तैयारी में है। इससे ग्रामीण लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। उन्होंने जोर दिया कि पंचायतें गांवों के विकास और स्थानीय प्रशासन की महत्वपूर्ण इकाई हैं, और समय पर चुनाव न होना लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर करता है। ज्ञापन में समिति ने बताया कि चुनाव टलने से संभावित प्रत्याशियों और पंचायत प्रतिनिधियों पर आर्थिक और मानसिक बोझ बढ़ रहा है। चुनाव की तैयारी कर रहे लोगों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे अनिश्चितता बनी हुई है। समिति ने पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन और मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन में हुई देरी पर भी सवाल उठाए और इन प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की मांग की। संघर्ष समिति ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार पंचायत चुनावों में संभावित खराब प्रदर्शन की आशंका के कारण विलंब कर रही है। समिति ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में जनता को समय पर अपने प्रतिनिधि चुनने का अधिकार है और चुनाव प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से नहीं टाला जाना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से पंचायत चुनावों की तिथि जल्द घोषित कर निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से चुनाव संपन्न कराने की मांग की है। ज्ञापन सौंपते समय इंद्रदेव सिंह, धर्मेंद्र कुमार, विनोद कुमार चतुर्वेदी, अजीत गौतम, सतीश सिंह, चंद्र प्रकाश और बलराम सहित बड़ी संख्या में समिति के पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित थे।
बुलंदशहर पुलिस NAFIS डेटा फीडिंग में प्रदेश में प्रथम:593 अपराधियों का शत-प्रतिशत डेटा दर्ज किया
बुलंदशहर पुलिस ने अप्रैल 2026 में NAFIS (नेशनल ऑटोमेटिक फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम) पोर्टल पर अपराधियों का डेटा फीड करने में पूरे उत्तर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। जिले की पुलिस ने इस अवधि में गिरफ्तार किए गए 593 अपराधियों का शत-प्रतिशत डेटा सफलतापूर्वक दर्ज किया। NAFIS सॉफ्टवेयर राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) में अपराधियों का डेटा सुरक्षित रखने के लिए उपयोग किया जाता है। उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में NAFIS सेल का गठन किया गया है, जिसका उद्देश्य अपराधियों की पहचान और उनके रिकॉर्ड को केंद्रीकृत करना है। NAFIS पोर्टल के माध्यम से देश भर में कहीं भी अपराधियों का विवरण एक क्लिक पर देखा जा सकता है। यह उन अपराधियों की पहचान करने में मदद करता है जो नाम बदलकर या छिपकर वारदात करते हैं, या जो अपने जिलों में शरीफ बनकर रहते हुए अन्य जिलों/राज्यों में अपराध करते हैं और गिरोह चलाते हैं। पहले रिकॉर्ड न होने के कारण ऐसे अपराधियों पर कार्रवाई करना मुश्किल होता था। इस प्रणाली के तहत, अपराधी की उंगलियों के निशान मशीन पर लिए जाते हैं। इसके बाद, कंप्यूटर में उनका पूरा डेटा जैसे नाम, पता, कितने थानों में मुकदमे दर्ज हैं और उनके गिरोह के बारे में विस्तृत जानकारी फीड की जाती है। यह प्रक्रिया अपराधियों का एक व्यापक और सुलभ रिकॉर्ड सुनिश्चित करती है।बुलंदशहर पुलिस ने अप्रैल 2026 के महीने में 593 गिरफ्तार अपराधियों का शत-प्रतिशत डेटा NAFIS पोर्टल पर सफलतापूर्वक दर्ज करके यह उपलब्धि हासिल की है, जिससे वे प्रदेश में अग्रणी बन गए हैं।
भारत-पाक सीमा के पास रहने वाले सीमावर्ती क्षेत्र के रेडियो श्रोताओं के लिए ऐतिहासिक सौगात देते हुए जैसलमेर के रामगढ़ में नवनिर्मित 20 किलोवाट क्षमता के नए एफएम रेडियो स्टेशन का भव्य उद्घाटन संपन्न हो गया है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण, रेल तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस आधुनिक केंद्र का वर्चुअली उद्घाटन कर जनता को समर्पित किया। इस डिजिटल क्रांति से अब भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे दूर-दराज के गांवों और ढाणियों में भी रेडियो की आवाज बिल्कुल साफ और डिजिटल क्वालिटी में सुनाई देगी। इस हाई-पावर ट्रांसमीटर के चालू होने से सीमांत क्षेत्र में राष्ट्रभक्ति और सूचना तंत्र को भारी मजबूती मिलेगी। इस दौरान जैसलमेर विधायक छोटू सिंह भाटी मौजूद रहे। दिल्ली से हुआ वर्चुअल उद्घाटन रामगढ़ के दूरदर्शन टॉवर परिसर में स्थापित किए गए इस शक्तिशाली एफएम रेडियो ट्रांसमीटर के लोकार्पण कार्यक्रम को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और राष्ट्रवादियों में भारी उत्साह देखा गया। दिल्ली से वर्चुअली जुड़े केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के आखिरी छोर पर बसे गांवों तक तकनीकी और संचार माध्यमों को पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह नया रेडियो स्टेशन न केवल मनोरंजन का साधन बनेगा, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। इस ऐतिहासिक वर्चुअल समारोह में बाड़मेर-जैसलमेर के नवनिर्वाचित सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने भी विशेष रूप से वर्चुअली जुड़कर क्षेत्रवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र में संचार सुविधाओं का विस्तार यहां के विकास में मील का पत्थर साबित होगा और लंबे समय से चली आ रही डिजिटल कनेक्टिविटी की मांग अब पूरी हो गई है। विधायक ने रिबिन काटकर किया उद्घाटन वहीं दूसरी ओर, रामगढ़ स्थित दूरदर्शन परिसर में आयोजित मुख्य जमीनी कार्यक्रम में जैसलमेर के विधायक छोटूसिंह भाटी तथा भाजपा जिलाध्यक्ष दलपत हिंगड़ा विशिष्ट अतिथि के रूप में मंच पर उपस्थित रहे। विधायक छोटूसिंह भाटी ने रिबन काटकर स्थानीय स्तर पर स्टेशन का उद्घाटन किया। अपने संबोधन में विधायक भाटी ने कहा कि सीमा पर रहने वाले देश के प्रहरियों और नागरिकों के लिए साफ आवाज में रेडियो सिग्नल मिलना एक बड़ी उपलब्धि है। इससे पाकिस्तान की तरफ से होने वाले दुष्प्रचार को रोकने और भारतीय संस्कृति व सूचनाओं को सुदूर सीमा तक प्रसारित करने में बड़ी मदद मिलेगी। बॉर्डर पर गूंजेंगे लोक गीत कार्यक्रम के दौरान जिलाध्यक्ष दलपत हिंगड़ा ने केंद्र सरकार का आभार जताते हुए कहा कि सुदूर मरुस्थलीय इलाकों में इस प्रकार के उच्च क्षमता वाले ट्रांसमीटर की स्थापना से स्थानीय लोक कलाकारों और संस्कृति को भी एक नया व मजबूत मंच प्राप्त होगा। आकाशवाणी और दूरदर्शन के वरिष्ठ अधिकारियों सहित इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रबुद्ध नागरिक और सीमावर्ती ग्रामीण उपस्थित रहे, जिन्होंने इस सौगात पर अपनी खुशी का इजहार किया।
भिवानी जिले के दुदवा गांव में बुधवार शाम खेत में पानी की पाइप बदलते समय करंट लगने से 20 वर्षीय छात्र सौरव सिंह की मौत हो गई। सौरव बीए अंतिम वर्ष का छात्र था। जानकारी के अनुसार, बुधवार शाम सौरव सिंह अपने खेत में पानी की पाइप बदल रहा था। इसी दौरान खेत के ऊपर से गुजर रही बिजली की तार की चपेट में आने से उसे करंट लगा। वह मौके पर ही अचेत होकर गिर पड़ा। परिजन उसे तुरंत लोहारू के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां प्राथमिक उपचार दिया गया। हालत गंभीर होने पर उसे उप नागरिक अस्पताल लोहारू रेफर किया गया, लेकिन वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के पिता करते हैं मजदूरी सौरव सिंह एक साधारण परिवार से था। उसके पिता मजदूरी करते हैं और माता गृहिणी हैं। परिवार में उसकी एक शादीशुदा बड़ी बहन और एक छोटा भाई है। पीपली पुलिस चौकी के जांच अधिकारी सत्यवीर सिंह ने बताया कि मृतक के पिता महेंद्र सिंह के बयान के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की गई है। शव का पोस्टमार्टम करवाकर गुरुवार को परिजनों को सौंप दिया गया। मामले की आगे की जांच जारी है। सत्यवीर सिंह ने किसानों और ग्रामीणों से अपील की है कि वे खेतीबाड़ी के कार्यों के दौरान विशेष सावधानी बरतें। उन्होंने कहा कि खेतों में काम करते समय बिजली की तारों और अन्य विद्युत उपकरणों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें, ताकि ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
कोडरमा जिले के डोमचांच प्रखंड के किसान सुमन मेहता ने आधुनिक 'त्रि-स्तरीय खेती' (थ्री लेयर फार्मिंग) तकनीक अपनाकर सफलता हासिल की है। वे सीमित जमीन से हर साल 8 लाख रुपए सालाना कमा रहे हैं। अब वो क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन गए हैं। सुमन मेहता ने बताया कि पिछले साल सितंबर में वे कृषि विभाग द्वारा आयोजित एक प्रशिक्षण के लिए मध्य प्रदेश स्थित भोपाल गए थे। वहां उन्होंने दो से पांच लेयर तक की खेती देखी। कोडरमा लौटते ही शुरू की खेतीइस तकनीक को देखकर वे काफी प्रभावित हुए और उन्होंने इसे अपने खेतों में अपनाने का फैसला किया। कोडरमा लौटने के बाद उन्होंने अपनी जमीन पर इस खेती की तैयारी शुरू कर दी। सुमन मेहता ने अपनी 1 एकड़ जमीन पर 'त्रि-स्तरीय खेती' शुरू की है। इस विधि में, वे खेत की सबसे निचली सतह पर कंद वाली फसलें जैसे अदरक और हल्दी लगाते हैं। जमीन की ऊपरी सतह पर धनिया और पालक जैसी पत्तेदार फसलें उगाई जाती हैं। इसके साथ ही, बीच-बीच में करेला और कुंदरू जैसी बेल वाली सब्जियां लगाई जाती हैं। इसके ऊपर एक मचान बना दिया जाता है। ताकि बेल वाली सब्जियां मचान पर फैले। 3 लाख की लागत, ढाई गुना से अधिक मुनाफासुमन मेहता ने बताया कि इस खेती के लिए उन्हें एक भूमि में करीब 3 लाख रुपए की लागत लगी। इसमें खेत की जुताई, मचान बनाने सहित डीप इरीगेशन के साथ साथ बीज बुवाई शामिल है। उन्होंने बताया कि जब फसल तैयार हो जाती हैं तो वे इसे स्थानीय बाजारों में बेचकर लागत से ढाई गुना (करीब 8 लाख रुपए) तक अधिक मुनाफा कमाते हैं। भीषण गर्मी में पौधों को मिल रहा प्राकृतिक संरक्षणइस खेती की खासियत यह है कि खेत में बनाए गए मचान नीचे उगाई गई फसलों के लिए प्राकृतिक तापमान नियंत्रक का काम करते हैं। मचान की छाया के कारण मिट्टी की नमी बनी रहती है और तेज धूप का सीधा असर फसलों पर नहीं पड़ता है। इससे पौधों की वृद्धि बेहतर होती है और झुलसने का खतरा भी कम हो जाता है। सुमन की मां शांति देवी ने बताया कि यह प्रयोग काफी कारगर साबित हो रहा है, इससे उत्पादन बढ़ने के साथ किसानों को अच्छा मुनाफा मिलने की भी उम्मीद है किसानों को दिखाएंगे सुमन मेहता की थ्री लेयर खेती: कृषि पदाधिकारी कृषि पदाधिकारी सुरेश स्वसी ने कहा कि वे पहले खुद जाकर सुमन मेहता के इस नई तकनीक वाली खेती का जायजा लेंगे। इसके बाद कृषि विभाग द्वारा जिन चीजों की उन्हें जरूरत होगी, उसे सुमन को मुहैया कराया जाएगा। वहीं, उन्होंने कहा कि सुमन द्वारा की जा रही इस खेती को अन्य किसानों को वहां ले जाकर दिखाएंगे ताकि बाकी किसान भी इस प्रकार की खेती कर सकें। क्या है थ्री-लेयर खेती? थ्री-लेयर खेती वैज्ञानिक तरीके से कम जगह और कम लागत में अधिक मुनाफा कमाने की एक बेहतरीन बहु-स्तरीय प्रणाली है। इसमें एक ही समय पर एक ही खेत में तीन अलग-अलग ऊंचाइयों और प्रकृतियों की फसलें उगाई जाती हैं। सुमन मेहता ने अपनी सूझबूझ से इसे अपने खेतों में इस प्रकार लागू किया है: जमीन के नीचे (पहला स्तर): सबसे निचले स्तर पर ऐसी फसलें उगाई जाती हैं जो जमीन के अंदर तैयार होती हैं, जैसे- अदरक, हल्दी या कंदमूल। इन्हें बढ़ने के लिए सीधी धूप की बहुत कम आवश्यकता होती है।जमीन के ऊपर (दूसरा स्तर): मध्यम ऊंचाई वाली फसलें जैसे पत्तेदार सब्जियां, टमाटर, मिर्च, बैंगन या गोभी, जो जमीन की सतह से कुछ फीट ऊपर तक बढ़ती हैं।मचान पर (तीसरा स्तर): सबसे ऊपरी स्तर पर बांस और तारों का एक मजबूत मचान (मंडप) तैयार किया जाता है। इस मचान पर लतर (बेल) वाली सब्जियां जैसे- करेला, लौकी, नेनुआ (तोरई), और खीरा उगाई जाती हैं। सुमन मेहता की सफलता का सफर और कमाई का गणित पारंपरिक खेती में जहां किसान साल में सिर्फ एक या दो फसलें ही ले पाते थे और मौसम की मार या बाजार के उतार-चढ़ाव के कारण अक्सर घाटे में रहते थे। वहीं सुमन मेहता ने लीक से हटकर सोचने का फैसला किया। उन्होंने कृषि विशेषज्ञों की सलाह और अपनी मेहनत के बल पर इस मॉडल को जमीन पर उतारा। लाखों की कमाई का राजथ्री-लेयर खेती की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें किसान को साल के बारह महीने किसी न किसी फसल से आमदनी होती रहती है। जब तक ऊपर मचान पर करेला या लौकी फल रही होती है, तब तक नीचे की जमीन से मिर्च या धनिया पत्ती की तुड़ाई हो जाती है, और जमीन के भीतर हल्दी या अदरक पककर तैयार हो रहा होता है। सुमन मेहता की इस त्रिकोणीय व्यवस्था से संसाधनों (पानी, खाद और लेबर) की भारी बचत होती है। एक ही बार दिए गए पानी और जैविक खाद का लाभ तीनों स्तर की फसलों को मिलता है। यही कारण है कि उनकी लागत लगभग आधी हो गई है और मुनाफा कई गुना बढ़कर लाखों में पहुंच गया है।
जयंत खदान के डेंजर जोन से पत्थर चोरी:सिंगरौली में ट्रैक्टर से चोरी का वीडियो आया सामने
सिंगरौली जिले की जयंत कोयला खदान से आज गुरुवार को पत्थर चोरी का एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो के बाद खदान की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वायरल वीडियो में कुछ लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली में बड़े-बड़े पत्थर (बोल्डर) लोड करते दिखाई दे रहे हैं। यह गतिविधि खदान के उस डेंजर जोन में हो रही है जहां आम लोगों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है। इस स्थान को खतरनाक माने जाने की दो प्रमुख वजहें हैं। पहली, जिस जगह पत्थर लोड किए जा रहे हैं वह हॉलपैक लाइन है, जहां 160 टन तक वजन लेकर भारी वाहन लगातार संचालित होते हैं। दूसरी, इस स्थान से करीब 50 मीटर की दूरी पर सक्रिय कोयला खदान शुरू हो जाती है। ऐसे संवेदनशील क्षेत्र में लोगों का पहुंचना और खुलेआम पत्थर लोड करना सुरक्षा प्रबंधन की गंभीर चूक मानी जा रही है। इस मामले में दैनिक भास्कर ने नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) के जनसंपर्क अधिकारी राम विजय सिंह से बात की। उन्होंने कहा कि यदि वीडियो सही है तो यह निश्चित रूप से सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। उन्होंने मामले की जानकारी लेने और जयंत परियोजना प्रबंधन से चर्चा करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने वीडियो भी उपलब्ध कराने को कहा है। गौरतलब है कि जयंत खदान सहित सिंगरौली की विभिन्न कोयला परियोजनाओं की ओवरबर्डन से बड़े पैमाने पर पत्थर और बोल्डर की चोरी लंबे समय से हो रही है। जिले में मकान निर्माण और अन्य कार्यों में इस्तेमाल होने वाले अधिकांश पत्थर इन्हीं खदानों से अवैध रूप से निकाले जाते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह सिलसिला वर्षों से जारी है, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण चोरी पर रोक नहीं लग पा रही है। खदान क्षेत्रों में बोल्डर गिरने और दुर्घटनाओं के कारण पहले भी कई लोगों की जान जा चुकी है, इसके बावजूद सुरक्षा नियमों की अनदेखी जारी है।
भाकियू जिलाध्यक्ष अतुल तोमर घर में नजरबंद:हरदोई किसान महापंचायत में शामिल होने से पहले हुई कार्रवाई
बदायूं: हरदोई में आयोजित होने वाली किसान महापंचायत में शामिल होने की तैयारी कर रहे भारतीय किसान यूनियन (भानु) बदायूं के जिलाध्यक्ष अतुल कुमार तोमर को पुलिस ने बुधवार रात उनके घर पर नजरबंद कर दिया। पुलिस ने इसे कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती कदम बताया है, जबकि किसान संगठन ने इस कार्रवाई पर नाराजगी व्यक्त की है। जानकारी के अनुसार, भाकियू (भानु) के जिलाध्यक्ष अतुल कुमार तोमर गुरुवार को हरदोई में होने वाली किसान महापंचायत में शामिल होने वाले थे। महापंचायत से एक दिन पहले ही थाना मुजरिया पुलिस उनके गांव ईसापुर बहेड़िया स्थित आवास पर पहुंच गई। पुलिसकर्मियों ने रातभर उनके घर के बाहर डेरा डाले रखा, जिससे वह अपने आवास से बाहर नहीं निकल सके। गुरुवार सुबह पुलिस बल हटने के बाद उन्हें मुक्त किया गया। जिलाध्यक्ष अतुल कुमार तोमर ने पुलिस की इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह अपने संगठन के कार्यक्रम में शांतिपूर्ण तरीके से शामिल होने जा रहे थे, इसके बावजूद उन्हें रोका गया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी किसान नेता को संगठन की महापंचायत में जाने से रोकना उचित नहीं है। प्रशासन को किसानों की आवाज सुननी चाहिए, न कि उसे दबाने का प्रयास करना चाहिए। तोमर ने आरोप लगाया कि किसानों के मुद्दों को उठाने वाले लोगों पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। वहीं, मुजरिया थाना प्रभारी निरीक्षक विदेश कुमार शर्मा ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के आदेश पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थिति सामान्य रहने पर गुरुवार सुबह उन्हें मुक्त कर दिया गया। किसान महापंचायत से पहले हुई इस कार्रवाई ने जिले में राजनीतिक और किसान संगठनों के बीच चर्चा का विषय बना दिया है। किसान संगठन इसे अधिकारों पर अंकुश बता रहे हैं, जबकि पुलिस प्रशासन कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता देने की बात कह रहा है।
महराजगंज में मानसून से पहले बाढ़ की संभावित स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने गुरुवार को व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया। इसमें एनडीआरएफ, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, पीएसी और पुलिस विभाग सहित अन्य संबंधित एजेंसियों ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया। इसका उद्देश्य बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा के दौरान राहत कार्यों को प्रभावी और समन्वित बनाना था। उल्लेखनीय है कि नेपाल की पहाड़ियों से निकलने वाली नदियाँ हर वर्ष पूर्वांचल के कई जिलों में बाढ़ का कारण बनती हैं। महराजगंज जनपद भी इससे प्रभावित होता है, जहाँ बाढ़ के दौरान कई गाँव और रिहायशी इलाके जलमग्न हो जाते हैं। इससे घरों को नुकसान पहुँचता है और किसानों की फसलें भी बर्बाद हो जाती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन मानसून से पहले ही अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है। मॉक ड्रिल के दौरान, बाढ़ प्रभावित क्षेत्र की एक काल्पनिक स्थिति बनाई गई। इसमें लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने, नावों से राहत कार्य चलाने, प्राथमिक उपचार प्रदान करने और आपातकालीन संचार व्यवस्था को सक्रिय रखने का अभ्यास किया गया। विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को आपदा के समय उनकी जिम्मेदारियों से भी अवगत कराया गया। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया कि जनपद के कई स्थानों पर मॉक ड्रिल आयोजित की जा रही है ताकि संबंधित विभाग किसी भी आपदा के लिए पूरी तरह तैयार रहें। उन्होंने पुष्टि की कि प्रशासन ने बाढ़ से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियाँ पूरी कर ली हैं। राहत सामग्री, नावें, बचाव उपकरण और आपातकालीन संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। डीएम ने जोर दिया कि आपदा के समय त्वरित कार्रवाई और बेहतर समन्वय ही जनहानि और नुकसान को कम करने का सबसे प्रभावी तरीका है। इसी उद्देश्य से सभी विभागों को सतर्क रहने और निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार काम करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि संभावित बाढ़ के दौरान जनपद के लोगों को किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े।
प्रतापगढ़ पुलिस ने टीचर से मारपीट के मामले में वांछित एक अभियुक्त कालू मीणा को बांसवाड़ा से गिरफ्तार किया है। आरोपी पर 16 फरवरी 2026 को एक अध्यापक के साथ गंभीर मारपीट करने का आरोप है। ड्यूटी से लौट रहे थे टीचर घटना 16 फरवरी 2026 को हुई थी। रिछड़ी थाना घंटाली निवासी अध्यापक गणेश लाल मीणा विद्यालय से ड्यूटी कर बाइक से घर लौट रहे थे। पीपलखूंट के नालपाड़ा जंगल में कार सवार अज्ञात बदमाशों ने उन्हें गंभीर रूप से पीटा और घायल अवस्था में छोड़कर फरार हो गए थे। इस संबंध में थाना पीपलखूंट में थाने में जांच शुरू की गई। सीसीटीवी कैमरे खंगाले पुलिस टीम ने जांच के दौरान पीपलखूंट और घंटाली कस्बे में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। संदिग्ध कार और उसमें आने-जाने वाले लोगों की पहचान की गई। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों से पूछताछ की गई। तीन महीने से चल रहा था फरार मुखबिर की सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कालू पिता दोला मीणा, निवासी छतरीपाड़ा, थाना कोतवाली, जिला बांसवाड़ा की तलाश की गई। कालू पिछले लगभग तीन महीने से फरार चल रहा था। पुलिस टीम ने छापरीपाड़ा गांव में दबिश दी और बांसवाड़ा में कैंप कर उसकी तलाश की। बांसवाड़ा से हिरासत में लिया मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने कालू को बांसवाड़ा से हिरासत में लिया और पूछताछ की। कालू ने अपने अन्य तीन साथियों के साथ मिलकर यह घटना करना स्वीकार किया। इसके बाद कालू को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य अभियुक्तों की तलाश जारी है। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान कालू पिता दोला मईड़ा, उम्र 32 साल, निवासी छतरीपाड़ा, थाना कोतवाली, बांसवाड़ा, जिला बांसवाड़ा के रूप में हुई है।
सुल्तानपुर में आजाद समाज सेवा समिति ने ग्राम नरायनपुर स्थित भूमि विवाद से जुड़े एक मामले को उठाया है। समिति ने आरोप लगाया है कि असत्य शपथपत्र और भ्रामक जानकारी के आधार पर गाटा संख्या 360 और 368 से संबंधित नक्शा स्वीकृत कराया गया है। समिति ने इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। प्रेस वार्ता में समिति के पदाधिकारी व अधिवक्ता नीरज उपाध्याय ने बताया कि संबंधित पक्ष द्वारा प्रस्तुत आवेदन में महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाया गया। उनके अनुसार, गाटा संख्या 368 का नक्शा वर्ष 1992 में पहले ही स्वीकृत हो चुका था। इसके बावजूद, इस तथ्य का उल्लेख किए बिना पुनः संयुक्त रूप से नक्शा स्वीकृत करा लिया गया, जिसे प्रशासन को गुमराह करने का प्रयास बताया गया। समिति ने यह भी आरोप लगाया कि वास्तविक क्रय भूमि से अधिक क्षेत्रफल का नक्शा स्वीकृत कराकर अन्य की भूमि पर अतिक्रमण की आशंका पैदा की गई है। इस संबंध में प्रभावित पक्ष द्वारा सक्षम न्यायालय में एक वाद दायर किया गया है, जिसकी सुनवाई जारी है। प्रेस वार्ता के दौरान वक्ताओं ने कहा कि राजस्व अभिलेखों और रिपोर्टों में भी कई विसंगतियां सामने आई हैं, जिनकी गहन जांच आवश्यक है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि किसी स्तर पर गलत जानकारी देकर नक्शा स्वीकृत कराया गया है, तो उसे निरस्त करते हुए नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। आजाद समाज सेवा समिति ने दोहराया कि वह जनहित से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रही है और भविष्य में भी न्याय एवं पारदर्शिता के लिए अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी। समिति ने उम्मीद जताई कि सक्षम प्राधिकारी तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष निर्णय लेकर न्याय सुनिश्चित करेंगे।
विदिशा के चिडोरिया पड़ायत गांव में जमीन विवाद के चलते जहर खाने वाले दंपती में से 40 वर्षीय पत्नी मुन्नीबाई दांगी की मौत हो गई है। उन्होंने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जबकि उनके 45 वर्षीय पति सुरेश दांगी की हालत गंभीर बनी हुई है। परिवार में 40 बीघा जमीन को लेकर पिछले छह साल से विवाद चल रहा था। बच्चों ने अपने ही परिजनों पर प्रताड़ना के आरोप लगाते हुए न्याय की मांग की है। पुलिस के अनुसार, सुरेश दांगी का अपने ही परिवार के अन्य सदस्यों के साथ जमीन की हिस्सेदारी और उपयोग को लेकर लंबे समय से तनाव बना हुआ था। बुधवार को हार्वेस्टर ले जाने को लेकर विवाद इतना बढ़ा कि पति-पत्नी ने जहरीला पदार्थ पी लिया। घटना के तुरंत बाद दोनों को गंभीर हालत में जिला अस्पताल लाया गया था। वहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया, जहां मुन्नीबाई की मौत हो गई और सुरेश दांगी का इलाज अभी जारी है। बेटे का आरोप- पुलिस से की थी शिकायत, वर्षों से नहीं करने दे रहे खेती बेटे विनीत दांगी का कहना है कि उनके पिता को वर्षों से खेती नहीं करने दी जा रही थी। जब वे हार्वेस्टर लेकर खेत जा रहे थे, तब विवाद किया गया। परिवार के लोग उन्हें लगातार प्रताड़ित कर रहे थे। इस संबंध में पुलिस और प्रशासन से कई बार शिकायत भी की थी, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। विनीत ने कहा कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो उन्हें न्याय व्यवस्था पर से भरोसा उठ जाएगा। बेटी बोली- ताऊ, ताई और दादी ने बनाया मानसिक दबावबेटी अंजली दांगी ने आरोप लगाया कि उसके माता-पिता पर लगातार मानसिक दबाव बनाया जा रहा था। खेत पर विवाद और कथित मारपीट से आहत होकर ही उन्होंने जहर खाने जैसा कदम उठाया। अंजली ने अपने ताऊ, ताई, दादी और परिवार के अन्य सदस्यों को इसका जिम्मेदार ठहराया है। उसने इन सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उनकी तुरंत गिरफ्तारी की मांग की है। बच्चों के भविष्य पर संकट, मामले की जांच में जुटी पुलिससुरेश और मुन्नीबाई के चार बच्चे हैं, जिनमें तीन बेटियां और एक बेटा शामिल हैं। सबसे बड़ी बेटी की हाल ही में शादी हुई है, जबकि बाकी तीनों बच्चे अभी पढ़ाई कर रहे हैं। मां को खोने और पिता के जीवन के लिए संघर्ष करने के कारण इन बच्चों के भविष्य पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। वहीं, इस पूरे मामले में पुलिस का कहना है कि घटना की गहनता से जांच की जा रही है। जमीन विवाद, जहर खाने के कारणों और परिजनों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों की बारीकी से पड़ताल हो रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
देहलनपुर गांव में दीवार तोड़कर घर में चोरी:2 लाख की नकदी, सोने-चांदी के गहने और अहम दस्तावेज पार
बारां जिले के देहलनपुर गांव में बुधवार रात चोरों ने एक घर में सेंध लगाई। चोर दीवार तोड़कर अंदर घुसे और नकदी, जेवरात तथा महत्वपूर्ण दस्तावेज चुरा ले गए। घटना का पता गुरुवार सुबह चला, जिसके बाद पीड़ित ने हरनावदाशाहजी थाने में मामला दर्ज कराया है। देहलनपुर निवासी जगदीश लोधा अपने परिवार के साथ घर के बाहर बरामदे में सो रहे थे। सुबह जब उन्होंने कमरे का दरवाजा खोलने का प्रयास किया, तो वह नहीं खुला। काफी मशक्कत के बाद दरवाजा खोलने पर कमरे का सारा सामान बिखरा हुआ मिला। पीछे की दीवार तोड़कर घुसे चोरजांच के दौरान पता चला कि चोर अलमारी के पीछे की दीवार तोड़कर कमरे में दाखिल हुए थे। पीड़ित के अनुसार, चोर लगभग 2 लाख रुपए नकद, एक सोने का मंगलसूत्र, चांदी की कनकती, पायजेब सहित कुल 2 किलो से अधिक चांदी के आभूषण चुरा ले गए। इसके अलावा घर में रखे कुछ आवश्यक दस्तावेज और बच्चों की पढ़ाई से संबंधित मूल प्रमाण पत्र भी गायब मिले। रोटियां और आम भी खाकर गए चोरमकान के पीछे कुछ सामान बिखरा हुआ पड़ा मिला। परिजनों ने बताया कि चोर घर में रखी रात की बची रोटियां और आम भी खाकर गए थे। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पीड़ित की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों ने पुलिस से चोरी का जल्द खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है।
अखिलेश की बेटी पर टिप्पणी से सपा में आक्रोश:SP आफिस पहुंचे कार्यकर्ता, दोषियों पर कार्रवाई की मांग
मैनपुरी में समाजवादी पार्टी ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की पुत्री के संबंध में सोशल मीडिया पर की जा रही कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों का कड़ा विरोध किया है। पार्टी ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। जिला अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री आलोक कुमार शाक्य के नेतृत्व में बड़ी संख्या में सपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। इनमें जिला महासचिव रामनारायण बाथम, पूर्व विधायक राजकुमार उर्फ राजू यादव और किशनी विधायक इंजीनियर बृजेश कठेरिया भी शामिल थे। ज्ञापन में कहा गया है कि पिछले दो दिनों से कुछ अज्ञात लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अखिलेश यादव की पुत्री के बारे में असत्य, अमर्यादित और अनर्गल टिप्पणियां प्रसारित कर रहे हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि कुछ शरारती तत्व जानबूझकर ऐसे पोस्ट और टिप्पणियां साझा कर रहे हैं, जिनसे परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। सपा नेताओं ने इसे समाज में तनाव और वैमनस्य पैदा करने वाला एक सुनियोजित षड्यंत्र और आपराधिक कृत्य बताया। सपा ने प्रशासन से मांग की है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जा रहे इन भ्रामक और आपत्तिजनक पोस्टों को तत्काल हटाया जाए। साथ ही, पोस्ट करने और उन्हें साझा करने वाले व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ आईटी एक्ट तथा अन्य संबंधित धाराओं के तहत कठोर कार्रवाई की जाए। जिलाध्यक्ष आलोक कुमार शाक्य ने कहा कि समाजवादी पार्टी अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के परिवार के खिलाफ की जा रही अमर्यादित टिप्पणियों को बर्दाश्त नहीं करेगी और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की। किशनी विधायक इंजीनियर बृजेश कठेरिया ने भी सोशल मीडिया के दुरुपयोग को गलत बताते हुए ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की वकालत की ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। सपा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि दोषियों के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
चूरू के सदर थाना क्षेत्र में बुधवार रात बिसाउ रोड स्थित कॅरियर कॉलेज के पास एक 19 वर्षीय युवक अचेत अवस्था में मिला। युवक के पास एक छोटी जहर की बोतल भी बरामद हुई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया। सदर पुलिस युवक को डीबी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड लेकर पहुंची, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवा दिया। मामले की जांच में जुटी पुलिसगुरुवार को मृतक की पहचान हनुमानगढ़ जिले के कनवानी रावतसर निवासी 19 वर्षीय मंगल सिंह के रूप में हुई।सदर थाना के एएसआई गिरधारीलाल सैनी ने बताया कि युवक के पास जहर की एक छोटी बोतल मिली है। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है। परिजनों के आने के बाद होगा खुलासाप्राथमिक जानकारी के अनुसार मृतक का एक बड़ा भाई पंजाब में रहता है। युवक चूरू किस उद्देश्य से आया था, कब आया था, वह क्या काम करता था और उसकी वैवाहिक स्थिति क्या थी, इन सभी तथ्यों की जानकारी परिजनों के आने के बाद ही सामने आ सकेगी। पोस्टमॉर्टम के बाद आगे की कार्रवाईपुलिस ने बताया कि परिजनों के पहुंचने के बाद मामला दर्ज कर शव का पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अमेठी पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। थाना रामगंज पुलिस ने गैंगेस्टर एक्ट में वांछित चल रहे 23 वर्षीय अभियुक्त आकाश कुमार चौधरी को गिरफ्तार किया है। यह अभियुक्त झारखंड के हजारीबाग का निवासी है और गोकशी के मामले में भी वांछित था। पुलिस अधीक्षक सरवणन टी के निर्देशन और सीओ अमेठी मनोज कुमार मिश्र के नेतृत्व में एक टीम ने मुखबिर की सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आकाश चौधरी को हिरासत में लिया। अभियुक्त का पूरा नाम आकाश कुमार चौधरी पुत्र पुनीत महतो है, जो घसकोड़ी, थाना बरकटा, जनपद हजारीबाग, झारखंड का रहने वाला है। पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार अभियुक्त का आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ थाना रामगंज में मु0अ0सं0 104/2025 धारा 109, 132, 61(2) बीएनएस व 3/5(क)/8 उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज है। इस कार्रवाई को निरीक्षक कृष्ण मोहन सिंह के नेतृत्व में उपनिरीक्षक दयाराम कनौजिया, हेड कांस्टेबल बालेन्द्र यादव और हेड कांस्टेबल हेमन्त कुमार की टीम ने अंजाम दिया। पुलिस अब अभियुक्त से पूछताछ कर उसके गैंग के अन्य सदस्यों और आपराधिक गतिविधियों के बारे में विस्तृत जानकारी जुटा रही है।
शामली में समाजवादी महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में सैकड़ों समाजवादी पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन जिलाधिकारी आलोक यादव को सौंपा। ज्ञापन में पूर्व मुख्यमंत्री और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव तथा उनके परिवार के खिलाफ सोशल मीडिया पर की जा रही कथित अभद्र टिप्पणियों पर कड़ी आपत्ति जताई गई। सपा नेताओं ने ऐसी टिप्पणियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की और कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी। सपा पदाधिकारियों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से अखिलेश यादव के परिवार को निशाना बनाकर आपत्तिजनक और अमर्यादित टिप्पणियां की जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अयोध्या में राम मंदिर दर्शन के बाद से कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स द्वारा लगातार उनके परिवार, विशेषकर उनकी बेटी के खिलाफ टिप्पणी की जा रही है। सपा नेताओं का कहना है कि अखिलेश यादव ने हमेशा राजनीतिक संवाद में शालीनता और उच्च आदर्शों का पालन किया है। उन्होंने ऐसे लोगों की पहचान कर तत्काल गिरफ्तारी और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में राज्य सरकार से उनकी बेटी पर सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की गई है, ताकि सार्वजनिक सामाजिक जीवन की गरिमा बनी रहे। सपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि इस प्रकार की टिप्पणियों को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ आम नागरिकों और महिलाओं में भी रोष व्याप्त है। इस दौरान समाजवादी पार्टी और समाजवादी महिला सभा के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कोटा ग्रामीण पुलिस ने 1 करोड़ 56 लाख रुपए की पंजाब निर्मित अवैध अंग्रेजी शराब की खेप जब्त की है। ये शराब मध्यप्रदेश के रास्ते गुजरात लेकर जा रहे दो तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा दो मिनी ट्रकों को भी जब्त किया गया है। पुलिस से बचने के लिए ट्रकों के पीछे गुप्त केबिन बना रखे थे। मुख्य शराब तस्कर ड्राइवरों को केवल जीपीएस लोकेशन के माध्यम से निर्देश देता था। गुजरात नंबर के मिनी ट्रक जब्त कोटा ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर ने बताया कि जिले में अवैध शराब तस्करी की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना कनवास और थाना मण्डाना पुलिस ने अलग-अलग जगहों पर नाकाबंदी कर कार्रवाई की गई। दोनों मामलों में गुजरात नंबर के मिनी ट्रकों से कुल 539 पेटियां अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की गई। जब्त शराब में रॉयल स्टेज और रॉयल चैलेंज ब्रांड की 16 हजार 956 क्वार्टर और 2 हजार 64 बोतल शामिल हैं। मामले में बाड़मेर निवासी गणेश जाट और जालौर निवासी बीराराम जाट को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों के कब्जे से तस्करी में उपयोग में लिए जाने वाले वाहन और मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। ट्रकों के केबिन के पीछे बना रखे थे गुप्त बॉक्स जांच में सामने आया कि तस्करों ने शराब की तस्करी के लिए वाहनों को विशेष रूप से मॉडिफाई कराया था। ट्रकों के केबिन के पीछे गुप्त बॉक्स बनाए गए थे, जिनमें शराब छिपाकर परिवहन किया जा रहा था। कनवास थाना क्षेत्र में मिनी ट्रक नंबर जीजे-03 बीजेड-3034 से 245 पेटियां शराब बरामद की गई, जबकि मण्डाना थाना क्षेत्र में मिनी ट्रक नंबर जीजे-03 बीडब्ल्यू-7246 से 294 पेटियां शराब पकड़ी गई। तस्करों को जीपीएस लोकेशन के माध्यम से मिलता था आदेश पुलिस के अनुसार- यह शराब कोटा ग्रामीण क्षेत्र से होकर मध्यप्रदेश के रास्ते गुजरात पहुंचाई जा रही थी। पूछताछ में पता चला कि मुख्य शराब तस्कर वाहन चालकों को केवल जीपीएस लोकेशन के माध्यम से निर्देश देता था। चालकों को यह तक जानकारी नहीं होती थी कि शराब कहां से भरी गई है और किस स्थान पर खाली की जानी है। गंतव्य से पहले किसी होटल या ढाबे पर वाहन खड़ा कर दिया जाता था, जहां से मुख्य तस्करों के लोग माल रिसीव कर लेते थे। इस पूरी कार्रवाई में बीरबल कॉन्स्टेबल की विशेष भूमिका रही।
बलरामपुर जिले के कोटरहिटांड क्षेत्र में नहर निर्माण कार्य के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। सिंदूर नदी तट पर काम कर रही अजाक्स मशीन अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे चालक मशीन के नीचे दब गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए करोड़ों रुपए की लागत से नहर निर्माण कार्य किया जा रहा है। बुधवार (10 जून) देर शाम ग्राम सेंदुर के कोटरहिटांड क्षेत्र में निर्माण कार्य के दौरान यह हादसा हुआ। मशीन के नीचे दबने से चालक की मौत प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार्य के दौरान अजाक्स मशीन अचानक संतुलन खो बैठी और पलट गई। मशीन चला रहे सनावल-पचावल निवासी रामदयाल उसके नीचे दब गए। हादसा इतना गंभीर था कि उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास मौजूद मजदूरों और कर्मचारियों ने राहत कार्य शुरू किया, लेकिन मशीन के भारी वजन के कारण तत्काल शव नहीं निकाला जा सका। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे जनप्रतिनिधि और अधिकारी हादसे की सूचना मिलने पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष धीरज सिंहदेव मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस, राजस्व विभाग और निर्माण एजेंसी की टीम घटनास्थल पर पहुंची और संयुक्त रूप से बचाव अभियान शुरू किया। देर रात तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन मशीन के नीचे दबे चालक के शव को निकालने के लिए देर रात तक रेस्क्यू अभियान चलाया गया। काफी मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला जा सका। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सिंचाई परियोजना का हिस्सा है निर्माण कार्य बताया जा रहा है कि यह नहर निर्माण कार्य क्षेत्रीय विधायक एवं कृषि मंत्री रामविचार नेताम के प्रयासों से स्वीकृत सिंचाई परियोजना का हिस्सा है। परियोजना के माध्यम से क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया जाना है। दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू हादसे के बाद निर्माण कार्य को फिलहाल अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। पुलिस और प्रशासन ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती तौर पर मशीन के अनियंत्रित होकर पलटने को हादसे की वजह माना जा रहा है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि विस्तृत जांच और तकनीकी परीक्षण के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
हरियाणा के हांसी से हरिद्वार घूमने गए दो युवकों की रुड़की के पास सड़क हादसे में मौत हो गई। इस घटना से दोनों परिवारों में गहरा सदमा पहुंचा है। पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। मृतकों का अंतिम संस्कार गुरुवार को किया गया। मृतकों की पहचान हांसी की रूपनगर कॉलोनी निवासी 22 वर्षीय रजत भाटिया और उत्तम नगर निवासी 23 वर्षीय रवि कुमार के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि दोनों गहरे दोस्त थे और सोमवार को बाइक से हरिद्वार घूमने निकले थे। सोमवार को घूमने के लिए घर से निकले मृतक रजत भाटिया के भाई नितेश ने जानकारी दी कि दोनों युवक सोमवार को घर से निकले थे। बुधवार शाम को उन्हें फोन पर सूचना मिली कि रुड़की के पास उनकी बाइक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। इस दुर्घटना में दोनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, रवि कुमार अविवाहित था और घर से बिना बताए निकला था। रजत भाटिया अपनी बाइक से गया था। रजत ने लगभग एक साल पहले प्रेम विवाह किया था और वह एक निजी दुकान पर कार्य करता था। इस अचानक हुई घटना से दोनों परिवार सदमे में हैं। आज लाए गए दोनों के शव, अंतिम संस्कार हादसे की सूचना मिलते ही परिजन रुड़की (हरिद्वार) पहुंचे। कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद दोनों शवों को हांसी लाया गया। गुरुवार को दोनों युवकों का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में परिजन, रिश्तेदार, मित्र और क्षेत्रवासी शामिल हुए। इस घटना के बाद रूपनगर कॉलोनी और उत्तम नगर सहित पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने भी हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदनाएं प्रकट की हैं।
SC महिलाओं ने जमीन से अवैध कब्जा हटाने की:दन्नाहार के जवापुर गांव में अपनी भूमि पर कब्जे का आरोप
मैनपुरी के दन्नाहार क्षेत्र स्थित जवापुर गांव की अनुसूचित जाति की महिलाओं ने अपनी भूमि पर कथित अवैध कब्जे का आरोप लगाते हुए प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित महिलाओं ने अधिकारियों को शिकायती पत्र सौंपकर भूमि से कब्जा हटवाने और उन्हें पुनः अधिकार दिलाने की अपील की है। शिकायत के अनुसार, ग्राम जवापुर निवासी रामबेटी (स्वर्गीय रामणीत जाटव की पत्नी), पुष्पा (बालविधान की पत्नी), जशोदा (वासुदेव की पत्नी) और महादेवी (बरेलाल की पत्नी) के नाम दर्ज भूमि पर गांव के ही कुछ लोगों ने कथित तौर पर दबंगई से कब्जा कर लिया है। आरोप है कि विपक्षी पक्ष भूमि खाली करने को तैयार नहीं है और लगातार उस पर कब्जा बनाए हुए है। पीड़ित महिलाओं का कहना है कि उनकी भूमि गांव से सटी हुई है, जिसके कारण उस पर अवैध रूप से कब्जा किया गया है। उन्होंने बताया कि कई बार कहने के बावजूद कब्जाधारी भूमि छोड़ने को तैयार नहीं हैं। महिलाओं ने प्रशासन से मामले की जांच कर अवैध कब्जा हटवाने तथा उन्हें उनकी भूमि का कब्जा दिलाने की मांग की है। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि वे अनुसूचित जाति से संबंध रखती हैं और न्याय के लिए प्रशासन की ओर देख रही हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से शीघ्र कार्रवाई कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कदम उठाने का आग्रह किया है। इस संबंध में, एसडीएम अभिषेक कुमार सिंह ने बताया कि शिकायती पत्र आज ही प्राप्त हुआ है। उन्होंने आश्वासन दिया कि क्षेत्रीय लेखपाल और एक टीम को मौके पर भेजकर भूमि की नापतोल कराई जाएगी और पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाया जाएगा। शिकायतकर्ताओं ने यह भी बताया कि वे वर्तमान में गांव में नहीं रह रही हैं और उन्होंने आज ही जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपा है।
पन्ना जिला मुख्यालय में खाना बनाते समय एक बीएससी छात्रा गंभीर रूप से झुलस गई। यह घटना गुरुवार 11 जून को हुई, जब खौलती हुई दाल गिरने से छात्रा घायल हो गई। उसे तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार, अमानगंज की मूल निवासी आरती कुशवाहा (20 वर्ष), पिता सुनील कुशवाहा, वर्तमान में पन्ना के किशोर जू मंदिर के पास किराए के कमरे में रहती है। वह पीएम श्री छत्रशाल स्नात्कोत्तर महाविद्यालय में बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा है। खाना बनाते समय अचानक खौलती दाल उसके ऊपर गिर गई, जिससे उसके चेहरे और हाथ बुरी तरह झुलस गए। पीड़ित छात्रा के माता-पिता आर्थिक रूप से कमजोर हैं और आजीविका के लिए जिले से बाहर मजदूरी करते हैं। घर में कोई बड़ा सदस्य मौजूद न होने के कारण, आसपास के लोगों और छात्रा की मौसी ने तुरंत उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में ड्यूटी डॉक्टर सुधीर सिंह चौहान ने छात्रा का प्राथमिक उपचार शुरू किया। डॉक्टर चौहान ने बताया कि आरती के चेहरे और हाथों पर गंभीर चोटें आई हैं। हालांकि, समय पर इलाज मिलने के कारण उसकी हालत फिलहाल स्थिर है और उपचार जारी है।
पीजी कॉलेज झालावाड़ में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए काली बाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना तथा देवनारायण छात्रा स्कूटी एवं प्रोत्साहन राशि योजना की अस्थाई वरीयता सूची जारी कर दी गई है। आयुक्तालय कॉलेज शिक्षा राजस्थान, जयपुर द्वारा उन छात्राओं की सूची प्रकाशित की गई है जिन्होंने इन योजनाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। स्कूटी योजना प्रभारी डॉ. रामकिशन माली ने बताया कि अस्थाई सूची में शामिल छात्राएं अपने सभी विवरणों की सावधानीपूर्वक जांच करें। यदि जनाधार से संबंधित किसी भी जानकारी में त्रुटि है तो उसे समय रहते ठीक कराना आवश्यक है। जनाधार संबंधी त्रुटियां ई-मित्र से होंगी ठीकछात्रा का नाम, पिता या पति का नाम, जन्मतिथि, जाति, श्रेणी, विशेष योग्यजन वर्ग, मोबाइल नंबर, अल्पसंख्यक वर्ग अथवा बैंक खाते से जुड़ी जानकारी में गलती होने पर छात्राएं ई-मित्र के माध्यम से जनाधार में संशोधन करवाकर छात्रवृत्ति आवेदन पत्र की प्रोफाइल ऑनलाइन अपडेट कर सकती हैं। इन मामलों में लिखित आपत्ति कर सकेंगी छात्राएंडॉ. माली ने बताया कि 12वीं कक्षा के प्राप्तांक, प्रतिशत, संकाय (कला, विज्ञान, वाणिज्य), स्कूल का प्रकार (राजकीय या निजी), बोर्ड संबंधी जानकारी या दोहरे नाम एवं दोहरे वर्ग में आवेदन जैसी त्रुटियों के लिए छात्राएं निर्धारित प्रारूप ‘परिशिष्ट-व’ में लिखित आपत्ति प्रस्तुत कर सकती हैं। 18 जून तक जमा कराने होंगे आवेदनसंशोधन या आपत्ति संबंधी आवेदन 18 जून तक कॉलेज के प्राचार्य अथवा स्कूटी योजना प्रभारी को व्यक्तिगत रूप से प्रस्तुत करने होंगे। निर्धारित प्रारूप आयुक्तालय की वेबसाइट अथवा कॉलेज से प्राप्त किया जा सकता है। नियत तिथि के बाद नहीं होगी सुनवाईकॉलेज प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित तिथि के बाद किसी भी प्रकार का ऑनलाइन या ऑफलाइन संशोधन अथवा आपत्ति स्वीकार नहीं की जाएगी। इसके लिए संबंधित छात्रा स्वयं जिम्मेदार होगी। समस्या समाधान के लिए समिति से करें संपर्ककॉलेज के प्राचार्य प्रो. रामकल्याण मीणा ने बताया कि संशोधन या आपत्ति से संबंधित किसी भी समस्या के समाधान के लिए छात्राएं महाविद्यालय समय में स्कूटी योजना समिति के सदस्यों से संपर्क कर सकती हैं। विभाग या योजना परिवर्तन के इच्छुक विद्यार्थियों को भी निर्धारित तिथि तक आवश्यक प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
देवरिया में दो बाइकों की टक्कर:डिवाइडर कट पार करते समय शटरिंग मिस्त्री की मौत, एक घायल
देवरिया जिले के पोखरभिंडा के समीप गोरखपुर-देवरिया मार्ग पर बुधवार रात दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में एक शटरिंग मिस्त्री की मौत हो गई, जबकि उसका साथी घायल हो गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। गौरीबाजार थाना क्षेत्र के पोखरभिंडा गांव निवासी राजकुमार निषाद (48) पुत्र स्वर्गीय चोकट निषाद शटरिंग का काम करते थे। बुधवार रात वह अपने गांव के साथी दिलीप (40) के साथ बाइक से कहीं जा रहे थे। जानकारी के अनुसार, वे गांव के सामने गोरखपुर-देवरिया मार्ग पर डिवाइडर कट पार कर नकटा पुल की ओर जा रहे थे। तेज रफ्तार बाइक ने टक्कर मारी इसी दौरान सामने से आ रही एक तेज रफ्तार बाइक ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइक सवार सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की सूचना पर दोनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौरीबाजार ले जाया गया। राजकुमार निषाद की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज, देवरिया रेफर किया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घायल दिलीप का उपचार जारी है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है। राजकुमार निषाद अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र थे। उनके पिता का निधन पहले ही हो चुका था, और परिवार की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं पर थी। वह शटरिंग का काम करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके परिवार में पत्नी हेमंता देवी, चार पुत्रियां (वीनीता, सुकन्या, स्मिता और सोनम) तथा एक पुत्र अमरेंद्र हैं। वह अपने बच्चों की पढ़ाई और परिवार के भविष्य के लिए लगातार मेहनत कर रहे थे।
कैथल जिले में दो बाइकों की आमने सामने की टक्कर में एक युवक की टांग टूट गई और एक की बाजू टूट गई। हादसा गांव तितरम में शेरूखेड़ी रोड पर हुआ। जब एक बाइक पर युवक सिसला धाम से पूजा कर लौट रहा था, जब दूसरी बाइक पर कैथल से सड़क बनाने वाले मजदूर गांव तितरम क्षेत्र में जा रहे थे। जैसे ही तितरम पहुंचे, तो दोनों की टक्कर हो गई। टक्कर लगने के बाद दोनों सड़क पर गिर गए और लोग मौके पर इकट्ठे हो गए। राजौंद आईटीआई के कर्मचारी जोगिंद्र सिंह ने तुरंत इसकी सूचना डायल 112 पर दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और युवक की सहायता से दोनों को कैथल नागरिक अस्पताल में पहुंचाया। घायलों की पहचान कैथल निवासी किशोर अजय व तितरम निवासी धीरज के रूप में हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। दोनों घायलों का इलाज जारी प्रत्यक्षदर्शी राजेंद्र ने बताया कि सुबह करीब साढ़े आठ बजे वह राजौंद से अपने घर जा रहा था। जैसे ही वह गांव तितरम में शेरूखेड़ी मोड़ के पास पहुंचा तो देखते ही देखते उसके सामने दो बाइक आमने सामने टकरा गई। वहां पर तुरंत लोगों की भीड़ जमा हो गई। उसने तुरंत एक युवक को कहकर डायल 112 पर कॉल की और सूचना दी। वे डायल 112 की गाड़ी में दोनों को कैथल लेकर आ गए। अभी दोनों को नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। जोगिंद्र ने बताया कि हादसे में एक करीब 14 साल का किशोर और एक 27 साल का युवक घायल हुए हैं। किशोर की टांग टूटी हुई है और बाजुओं पर भी गंभीर चोटें लगी हैं। वहीं दूसरे युवक की भी बाजू टूट गई है, उसके सिर में भी काफी चोटें हैं। मामले की जांच में जुटी पुलिस अंबाला रोड पर आरकेएम पैलेस के पास रहने वाले राजू ने बताया कि वे कैथल में सड़क बनाने का काम करते हैं। आज भी वे तितरम क्षेत्र में सड़क बनाने के लिए जा रहे थे। हादसे में उसके बेटे की टांग टूट गई है। तितरम थाना एसएचओ रवि कुमार ने बताया कि इस संबंध में पुलिस के पास सूचना आई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
शहजान हत्याकांड, परिजन पुलिस कार्रवाई से असंतुष्ट:दो आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग, 3 भेजे गए जेल
बागपत शहर कोतवाली क्षेत्र में शहजान हत्याकांड के मामले में परिजन पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट हैं। उनका आरोप है कि इस मामले में अभी भी दो मुख्य आरोपी फरार हैं, जिनकी तत्काल गिरफ्तारी की जानी चाहिए। पुलिस ने प्रेम प्रसंग के चलते हुई इस हत्या में अब तक फरमान, इमरान और शाहरुख नामक तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। मृतक शहजान के परिजन आज एसपी कार्यालय पहुंचे और पुलिस पर अधूरे खुलासे का आरोप लगाया। परिजनों का दावा है कि गिरफ्तार किए गए तीन अभियुक्तों के पिता और भाई इस हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ता हैं और वे अभी भी फरार हैं। परिजनों के अनुसार, शहजान की हत्या सुनियोजित तरीके से की गई थी और शव को एक प्लॉट में फेंका गया था। परिजनों ने आरोपियों के मकान पर बुलडोजर चलाने की भी मांग की है। यह मामला चार दिन पहले तब सामने आया था जब शहर कोतवाली क्षेत्र के एक प्लॉट में शहजान का शव मिला था। घटना से जुड़ा एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था, जिसमें दो आरोपी शहजान के शव को रिक्शे में ले जाते हुए दिखाई दिए थे। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया था कि शहजान का प्रेम प्रसंग गिरफ्तार आरोपियों की भतीजी से चल रहा था, जिसके चलते उसकी हत्या की गई। हालांकि, मृतक के परिजन पुलिस की इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं और उनका कहना है कि उनके बेटे की हत्या सुनियोजित तरीके से की गई थी। परिजनों ने फरार दो अन्य आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। पुलिस अधीक्षक ने इस मामले में जांच कराकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
जबलपुर में युवकों ने घरों पर फेंके बम:एक लाख रुपए की वसूली मांगने का आरोप; वीडियो आया सामने
जबलपुर के माढ़ोताल थाना क्षेत्र की करमेता बस्ती में 8 से 10 बदमाशों ने एक घर पर बम फेंककर इलाके में दहशत फैला दी। बुधवार को हुई इस घटना का वीडियो सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है। जानकारी के मुताबिक, बदमाशों ने सुमित चौबे के घर को निशाना बनाया। बमबाजी के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के बाद डरे-सहमे लोग घरों से बाहर निकले और पुलिस थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। साथ ही सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को सौंपे गए हैं। एक लाख रुपए की वसूली मांगने का आरोप मामले में क्षेत्र के शातिर बदमाश सौरभ यादव का नाम सामने आया है। आरोप है कि उसने एक लाख रुपए की अवैध वसूली की मांग की थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोपी पहले भी कई आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। पुलिस पर उठ रहे सवाल घटना के बाद से इलाके में डर और नाराजगी का माहौल है। लोगों का कहना है कि दिनदहाड़े बमबाजी जैसी घटना के बावजूद आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर आरोपियों की तलाश कर रही है।
भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के 18 जून को प्रस्तावित बैतूल दौरे को लेकर प्रशासनिक तैयारियां अंतिम चरण में हैं। राष्ट्रपति ब्रह्मकुमारी संस्था द्वारा आयोजित आध्यात्मिक जागृति से जनजातीय समाज का सशक्तिकरण कार्यक्रम में शामिल होंगी। प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने सभी व्यवस्थाएं समय पर और प्रोटोकॉल के अनुरूप करने के निर्देश दिए हैं। संभागायुक्त श्रीकांत बनोठ सहित अन्य अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल और हेलीपैड निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर तैयारियों की समीक्षा की। 10 किलोमीटर रूट पर ट्रैफिक डायवर्ट राष्ट्रपति के आगमन को लेकर सबसे बड़ी चुनौती उन्हें हेलीपैड से कार्यक्रम स्थल तक लगभग 10 किलोमीटर सड़क मार्ग से सुरक्षित पहुंचाना है। सुरक्षा कारणों से इस दौरान कई स्थानों पर यातायात को अस्थायी रूप से रोका या डायवर्ट किया जा सकता है। प्रशासन और पुलिस विभाग इसके लिए अलग-अलग रूट प्लान तैयार कर रहे हैं, ताकि आमजन को कम से कम असुविधा हो और राष्ट्रपति का काफिला समय पर कार्यक्रम स्थल तक पहुंच सके। चार हेलीपैड बनाए जानकारी के अनुसार, राष्ट्रपति के हेलीकॉप्टर की लैंडिंग के लिए बैतूल बाजार क्षेत्र में टोल नाके से पहले मिलानपुर के पास चार हेलीपैड तैयार किए जा रहे हैं। इनमें तीन हेलीपैड राष्ट्रपति के काफिले के लिए तथा एक राज्यपाल के लिए प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री के लिए अलग से न्यू बैतूल पुलिस ग्राउंड या किसी अन्य स्थल पर हेलीपैड बनाए जाने पर भी विचार किया जा रहा है। सुरक्षा मानकों के अनुसार हेलीपैड के 350 मीटर के दायरे में कोई ऊंची बाधा नहीं होनी चाहिए, इसी कारण स्थल चयन और निर्माण कार्य में विशेष सावधानी बरती जा रही है। प्रारंभिक चर्चा में लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम के पास हेलीपैड की संभावना पर विचार हुआ था, लेकिन तकनीकी और सुरक्षा कारणों से इसे उपयुक्त नहीं माना गया। चार हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की जा रही राष्ट्रपति के कार्यक्रम के लिए लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में लगभग चार हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की जा रही है। अब तक करीब तीन हजार लोगों का पंजीयन हो चुका है, जिनमें लगभग 2400 जनजातीय समाज के प्रतिनिधि शामिल हैं। शहर के गणमान्य नागरिकों को भी आमंत्रित किया जा रहा है। कार्यक्रम में प्रवेश केवल पासधारकों को ही मिलेगा। एक हजार पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे सुरक्षा व्यवस्था के तहत जिले में लगभग एक हजार पुलिस अधिकारी और जवान तैनात किए जाएंगे। राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया जा रहा है। पुलिस, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के बीच लगातार समन्वय बैठकों का दौर जारी है। कार्यक्रम के मंच की रूपरेखा भी राष्ट्रपति भवन को अनुमोदन के लिए भेजी गई है। प्रस्तावित डायस प्लान के अनुसार मंच पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास (डी.डी.) उइके तथा ब्रह्मकुमारी संस्था की तीन वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहेंगी। अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद मंच व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जाएगा। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राष्ट्रपति के दौरे के दौरान प्रोटोकॉल का अक्षरशः पालन किया जाए। उन्होंने हेलीपैड, सुरक्षा, भोजन, आवागमन, चिकित्सा, पेयजल, स्वच्छता, फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी सहित सभी व्यवस्थाएं समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए हैं। राष्ट्रपति के स्टाफ और सुरक्षा अधिकारियों के ठहरने की व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जा रही हैं। प्रशासन का दावा है कि कार्यक्रम की सभी तैयारियां निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी कर ली जाएंगी और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बनाकर लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
महू में राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के विरोध में गुरुवार को कांग्रेस ने गांधी प्रतिमा, कोतवाली चौक पर धरना-प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन सुबह करीब 11.30 बजे शुरू हुआ, जिसमें कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्यसभा चुनाव में लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी की गई। उन्होंने सत्ता के दुरुपयोग और सुनियोजित षड्यंत्र के तहत मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त कराने का दावा किया। इसे संविधान और लोकतंत्र पर सीधा हमला बताया गया। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर आयोजित इस धरने में वक्ताओं ने कहा कि नामांकन निरस्त करने की कार्रवाई पूरी तरह अलोकतांत्रिक है। उन्होंने लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए इस निर्णय को वापस लेने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। धरना-प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। कार्यक्रम में महू विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और विभिन्न मोर्चा संगठनों के कार्यकर्ता मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए पार्टी का संघर्ष जारी रहेगा।
सरकारी आवास के नाम पर लाखों की ठगी:कानपुर में दलित युवक से धोखाधड़ी, FIR दर्ज
कानपुर में सरकारी आवास योजना के तहत मकान दिलाने का झांसा देकर एक दलित युवक से लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित अमित गौतम ने जाजमऊ निवासी सत्यम तिवारी और आजाद नगर निवासी नौशाद अली पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है। अमित गौतम के अनुसार, दिसंबर 2023 में सत्यम तिवारी ने उन्हें बताया कि सरकारी आवास योजना के तहत कॉलोनी आवंटन के लिए फॉर्म भरे जा रहे हैं। तिवारी ने कथित तौर पर 45 हजार रुपये देने पर आवास की गारंटी का वादा किया। इस पर विश्वास कर अमित ने 20 हजार रुपये नकद दिए। बाद में, सत्यम तिवारी और नौशाद अली कथित रूप से फर्जी आवंटन पत्र और रसीद लेकर अमित के पास पहुंचे और शेष राशि भी ले ली। आरोप है कि दोनों ने एक वेबसाइट का लिंक देकर पीड़ित का नाम सूची में दिखाया, जिससे अमित का भरोसा और बढ़ गया। कॉलोनी का कब्जा दिलाने के नाम पर उनसे अतिरिक्त धनराशि की मांग की गई। शिकायत के अनुसार, मई 2024 में अमित ने नौशाद अली के बैंक खाते में कई किश्तों में हजारों रुपये जमा किए। काफी समय बीतने के बाद भी जब अमित को न तो कॉलोनी मिली और न ही कब्जा, तो उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी। आरोप है कि दोनों आरोपियों ने पैसे लौटाने से साफ इनकार कर दिया। पीड़ित का यह भी आरोप है कि विरोध करने पर आरोपियों ने उन्हें रास्ते में रोककर गाली-गलौज की, मारपीट की और जातिसूचक अपशब्द कहे। अमित गौतम ने जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है। अमित गौतम ने बताया कि जब वह शिकायत दर्ज कराने जाजमऊ थाने पहुंचे, तो उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। बाद में जांच-पड़ताल में उन्हें पता चला कि आरोपियों और उनके कथित साथियों के खिलाफ पहले से भी विभिन्न थानों में मुकदमे दर्ज हैं। पीड़ित ने गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। जाजमऊ थाना प्रभारी संजय पांडेय ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
कानपुर के परमट स्थित सुप्रसिद्ध बाबा आनंदेश्वर धाम में गुरुवार को बाबा भोलेनाथ का भव्य और अलौकिक श्रृंगार किया गया। फूलों, फलों और प्राकृतिक सामग्री से सजे इस विशेष स्वरूप के दर्शन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिर में फूलों का विशाल चक्र बनाया गया था। नीले फूलों से पवित्र स्वास्तिक उकेरा गया, जबकि किनारों को गुलाबी कमल से सजाया गया। रुद्राक्ष के साथ ताजी लीची की मालाएं और पत्तों पर लिखे 'राम-राम' ने श्रृंगार की शोभा को और बढ़ा दिया। बाबा के इस मनमोहक स्वरूप के दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। श्रृंगार के बाद शंख, घंटों और घड़ियालों की गूंज के बीच महाआरती का आयोजन हुआ, जिसमें सैकड़ों भक्तों ने हिस्सा लिया। पूरा आनंदेश्वर धाम शिवभक्ति और श्रद्धा के माहौल से गुंजायमान रहा। फूलों और फलों से सजा बाबा का अलौकिक दरबार गुरुवार को मंदिर के सेवादारों और महंतों ने मिलकर बाबा का ऐसा मनमोहक श्रृंगार किया कि मंदिर में प्रवेश करते ही भक्तों की नजरें वहीं टिक गईं। बाबा के गर्भगृह से लेकर पूरे प्रांगण तक को बेहद खूबसूरत तरीके से सजाया गया था। बाबा के ठीक सामने पीले और नारंगी रंग के गेंदे और जरबेरा के फूलों से एक विशाल और आकर्षक पुष्प चक्र बनाया गया था, जो दरबार की शोभा बढ़ा रहा था। केंद्र में नीले फूलों का 'स्वास्तिक' और कोनों पर खिले कमल बाबा आनंदेश्वर महादेव के आज के श्रृंगार में शिवलिंग के बीचों-बीच पीले रंग के धरातल पर नीले रंग के फूलों का उपयोग करके एक बेहद पवित्र 'स्वास्तिक' का चिन्ह बनाया गया था, जो पूरे श्रृंगार की दिव्यता को और बढ़ा रहा था। सिर्फ यही नहीं, इस पूजा और श्रृंगार को शाही और आध्यात्मिक रूप देने के लिए चारों कोनों और किनारों पर खिले हुए गुलाबी कमल के फूलों को विशेष रूप से सजाया गया था। रुद्राक्ष और लीची की अनोखी माला ने खींचा ध्यान आज बाबा के श्रृंगार में एक बेहद अनोखा और रचनात्मक प्रयोग भी देखने को मिला, जिसकी चर्चा हर भक्त की जुबान पर रही। पीले पुष्प चक्र के चारों तरफ शिवप्रिया रुद्राक्ष की मालाओं के साथ ताजी लीची (फल) को एक सुंदर कतार में सजाकर एक अनोखी माला का रूप दिया गया था। इसके साथ ही, बाबा के प्रिय भोग और मिष्ठान को भी छोटी-छोटी कटोरियों में सजाकर उनके समक्ष अर्पित किया गया था।
रेणु डांसर हत्याकांड में पुलिस को सफलता:तीन लोग हिरासत में, जल्द होगा है खुलासा
बागपत के सिसाना गांव में रेणु उर्फ डांसर हत्याकांड में पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस ने मामले में तीन लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ जारी है। पुलिस अधिकारियों ने जल्द ही पूरे मामले का खुलासा होने की उम्मीद जताई है। रेणु उर्फ डांसर का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की थी। मामले की जांच कर रही पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, स्थानीय पूछताछ और अन्य सुरागों के आधार पर इन तीन लोगों को हिरासत में लिया है। उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि हत्या के पीछे की असली वजह और अन्य संबंधित तथ्य सामने आ सकें। एसआई सत्यम ने बताया कि प्रथम दृष्टया जांच में सामने आया है कि रेणु उर्फ डांसर की पीट-पीटकर हत्या की गई थी। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि मामले से जुड़े हर पहलू की गहनता से जांच की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हत्या के पीछे के कारणों की भी पड़ताल की जा रही है। गांव में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। तीनों संदिग्धों से पूछताछ जारी है और पुलिस को उम्मीद है कि इस हत्याकांड का पूरा खुलासा जल्द ही कर दिया जाएगा।
गाजियाबाद के जिस एक्स मुस्लिम यूट्यूबर सलीम वास्तिक का गला रेता गया था, 25 अप्रैल को दिल्ली पुलिस ने उसे अरेस्ट कर जेल भेजा। अब सलीम वास्तिक की 2 वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुईं हैं। पुलिस इन वीडियो की जांच कर रही है। हालांकि अधिकारियों ने वीडियो की पुष्टि नहीं की है। डीसीपी गाजियाबाद सुरेंद्रनाथ तिवारी ने बताया की वीडियो सामने आई हैं, लेकिन इनकी जांच कराई जा रही है। सलीम के घर पर पता कराया तो यह जांच में आया कि घर नहीं आया। डीसीपी ने आगे कहा कि यह मामला उम्रकैद का था, दिल्ली की कोर्ट ने उसे जेल भेजा और दिल्ली की जेल से बाहर आया या नहीं यह भी जांच कराई जा रही है। दिल्ली पुलिस से पूरे मामले में जानकारी की जा रही है। वीडियो में क्या बोल रहा जानिए सलीम वास्तिक की एक वीडियो सामने आई है, हां भाई जिहादियों देख लो, जगह देख लो कौन सी है। तिहाड़ जेल के बाहर की जगह है। जिहादियों अब कमर कसने का समय आ गया है। मैं मुसलमानों को पढ़ाई लिखाई की तरफ लेकर जाउंगा। मुसलमानों को तरक्की की तरफ लेकर जाउंगा। वीडियो रात में लाइट के समय की है, पीछे बिजली की हाईटेंशन लाइन का पोल है, हाथ में एक छड़ी लिए हुए सलीम दिख रहा है। एक दूसरा वीडियो भी इंस्टाग्राम पर वायरल हो रहा है। सलीम ने कहा कि मैं बाहर हूं, सच्चा आदमी कभी परेशान नहीं हो सकता। थोड़ी बहुत अड़चने आ सकती हैं, जिस चीज में मैं अदंर हुआ हूं वही आदमी बाहर आ सकता हूं। हालांकि सलीम ने इस वीडियो में जेल प्रशासन पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि मैं वीआईपी श्रेणी में रहकर आया हूं, कि छोड़ तो मुझे 10 दिन बाद ही, लेकिन मुझसे कहा कि तुम्हें बकरीद के बाद ही छोड़ेंगे। तुम्हारा भाई इज्जत के साथ रहकर आया हूं, मुसलमान कौम के लिए काम करूंगा। हम उन्हें मौलाना नहीं बनना देखना चाहते। मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग देता था, स्टूडेंट का किडनैप किया दिल्ली पुलिस के मुताबिक, सलीम खान उर्फ सलीम वास्तिक दिल्ली के एक स्कूल में मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग देता था। इसी स्कूल में उत्तर-पूर्वी दिल्ली के कारोबारी का 13 साल का बेटा संदीप भी पढ़ता था। सलीम ने अपने साथी अनिल के साथ स्कूल जाते समय संदीप का अपहरण किया था। दोनों ने PCO से कॉल कर 30 हजार रुपए की फिरौती मांगी। मांग पूरी न होने पर कारोबारी पिता को बच्चे की हत्या की धमकी दी। बाद में दोनों ने बच्चे की हत्या कर दी। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने सलीम और अनिल की निशानदेही पर बच्चे का शव बरामद किया। सलीम पर मुकदमा चला। 1997 में कोर्ट ने सलीम और उसके साथी अनिल को उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके बाद सलीम ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर उम्रकैद की सजा रद्द करने की मांग की। हालांकि, 2011 में हाईकोर्ट ने फैसला सुनाते हुए उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा। सलीम वास्तिक को 14 चाकू मारे गए थे 27 फरवरी 2026 को दिनदहाड़े इस्लाम धर्म छोड़ चुके सलीम वास्तिक के ऑफिस में घुसकर उस पर जानलेवा हमला किया गया था। पुलिस के मुताबिक, बिना नंबर प्लेट की बाइक से आए नकाबपोश हमलावरों ने सलीम पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए थे और गला रेतने की कोशिश की थी। चीखने पर हमलावर उसे अधमरा छोड़कर फरार हो गए थे। शोर सुनकर पड़ोसी पहुंचे और परिवार को सूचना दी। परिजन सलीम को अस्पताल ले गए, जहां से उसे गुरु तेग बहादुर अस्पताल (जीटीबी) रेफर कर दिया गया था। उसके शरीर पर 14 बार चाकू मारे गए थे। वह करीब एक महीने तक दिल्ली के अस्पताल में भर्ती रहा और उसके दो ऑपरेशन हुए। पुलिस ने हमला करने वाले दो सगे भाइयों गुलफाम और जीशान को एनकाउंटर में ढेर कर दिया था। पुलिस का दावा है कि सलीम वास्तिक इस्लाम धर्म पर वीडियो बनाता था और अपने ज्यादातर वीडियो में धर्म की कमियां बताता था। इसी वजह से जीशान और गुलफाम ने उस पर हमला किया था। 7 साल पहले मुस्लिम धर्म छोड़ नास्तिक बना सलीम गाजियाबाद के सलीम वास्तिक का मूल घर शामली जिले में है। 20 साल पहले वह शामली से निकलकर गाजियाबाद के लोनी इलाके की अशोक विहार कॉलोनी में बस गया। परिवार में उसके अलावा पत्नी और एक बेटा उस्मान खान है। सलीम पहले कंस्ट्रक्शन का काम करता था। कुछ समय तक उसने मौलवी का काम भी किया। बाद में उसका इस्लाम धर्म से मोहभंग हो गया। सात साल पहले उसने इस्लाम धर्म छोड़ दिया और अपने नाम के साथ ‘वास्तिक’ जोड़ लिया। सलीम ने अपने घर से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर अली गार्डेन कॉलोनी में जमीन ली और वहीं मकान बनवाया। इसमें उसने अपना ऑफिस खोला और यहीं से काम करने लगा। सलीम का अलग-अलग टीवी चैनलों से एग्रीमेंट था, जहां वह धार्मिक डिबेट में जाता रहता था। वह वहां एक्स-मुस्लिम की हैसियत से डिबेट करता था और इस्लाम से जुड़ी बातें रखता था। बाद में उसने अपना यूट्यूब चैनल ‘सलीम वास्तिक 0007’ नाम से बनाया और इस्लाम व मदरसों की शिक्षा पर सवाल उठाने लगा। हलाला, हदीस और तीन तलाक पर वह अक्सर बात करता था। इन विषयों पर चर्चा करते हुए वह कुरान की आयतों को कोट करता था। उसके इन वीडियो पर मुस्लिम वर्ग के कई लोग गालियां लिखते और धमकियां देते थे।
आगरा कैंट रेलवे स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर क्षतिग्रस्त सड़क और बड़े-बड़े गड्ढों को लेकर गुरुवार सुबह हिंदू महासभा के कार्यकर्ताओं ने अनोखा प्रदर्शन किया। संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता सड़क पर बने गहरे गड्ढों में बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान उन्होंने हाथों में पोस्टर भी लिए हुए थे, जिन पर सड़क ध्वस्त, अधिकारी मस्त, जनता पस्त जैसे नारे लिखे थे। और यही नारे लगाते हुए नजर आए। हिंदू महासभा का कहना है कि आगरा कैंट रेलवे स्टेशन शहर का प्रमुख प्रवेश द्वार है, जहां से प्रतिदिन हजारों यात्री और देश-विदेश से आने वाले पर्यटक गुजरते हैं। स्टेशन के बाहर सड़क पर कई बड़े गड्ढे बने हुए हैं, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में स्थिति और गंभीर हो सकती है तथा दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है। हिंदू महासभा की अध्यक्ष मीरा राठौर का कहना है कि यहां जो पर्यटक आते है ताजमहल देखने के लिए वो वहां पहुंचने से पहले हॉस्पिटल पहुंच जाते होंगे। वहीं अगर यहां से गर्भवती महिला जाती है तो वह सुरक्षित नहीं पहुंच पाती होंगी। प्रदर्शन के दौरान शताब्दी एक्सप्रेस से उतरने वाले यात्रियों और पर्यटकों को गड्ढों से बचाते हुए सुरक्षित रास्ते से निकाला गया। सड़क पर प्रदर्शन और हंगामे की सूचना मिलने पर जीआरपी और थाना सदर बाजार पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने स्थिति को संभाला और नगर निगम के अधिकारियों को भी मौके पर बुलाया। हिंदू महासभा की जिला अध्यक्ष मीरा राठौर के नेतृत्व में संगठन ने नगर निगम अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए सड़क की तत्काल मरम्मत और गड्ढों को भरवाने की मांग की। संगठन का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो जनहित में आगे भी आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन में मीरा राठौर, निशा ठाकुर, बंटी देवी, मनीष पंडित, महानगर अध्यक्ष विशाल कुमार, विपिन राठौर, नितेश भारद्वाज, बबलू निषाद, केशव कुशवाह समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बांसवाड़ा में सदर थाना के सागदोड गांव में बीती रात सड़क किनारे लहूलुहान हालत में युवक पड़ा मिला। वहां से गुजर रहे राहगीरों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। युवक को तुरंत महात्मा गांधी अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। युवक का सिर फटे होने से उसका काफी खून बह चुका था। कुशलगढ़ का रहने वाला था युवक सदर थाना पुलिस ने शव को एमजी अस्पताल के मॉर्च्युरी में रखवाया। ड्राइविंग लाइसेंस के आधार पर मृतक की पहचान हुई। मृतक का नाम प्रकाश डामोर पुत्र रामचंद्र डामोर है, जो कि मुंदरी हमीरपुरा कुशलगढ़ का निवासी था। पुलिस ने पहचान स्थापित होने के बाद मृतक के परिजनों को सूचित दे दी। सिर फटने से हुई मौत सदर थानाधिकारी रुपसिंह ने बताया- हादसा रात करीब साढ़े 11 बजे हुआ था। सूचना पर पुलिस मौके पर पहूंची थी। युवक का सिर फटने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। परिजनों की रिपोर्ट आने पर शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सुपुर्द कर दिया जाएगा। जांच में जुटी पुलिस सदर थाना पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है कि यह हादसा कैसे हुआ? युवक को किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मारी थी या स्वयं अनियंत्रित होकर गिरा था यह स्पष्ट नहीं हो पाया है।
सवाई माधोपुर में जिला कलेक्टर काना राम की पहल पर जिले में रास्ता खोलो अभियान ने ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की राह आसान की है। दरअसल, जनसुनवाई के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे ज्यादा रास्तों पर अतिक्रमण की शिकायतें आई थी। जिसे कलेक्टर ने गंभीरता से लेते हुए। इस अभियान की शुरूआत की। 1 मई से 8 जून तक प्रत्येक बुधवार और शुक्रवार को चलाए गए विशेष अभियान के दौरान 1,914 चिन्हित प्रकरणों में से कुल 830 रास्ते खुलवाए जा चुके हैं, जिससे हजारों परिवारों को सीधा लाभ मिला है। इन तहसीलों में खुले रास्ते रास्ता खोलो अभियान में बौंली तहसील में सर्वाधिक 158 रास्ते खुलवाए गए। इसके अतिरिक्त खण्डार में 97, बामनवास में 87, मलारना डूंगर में 95, चौथ का बरवाड़ा में 72, मित्रपुरा में 71, बरनाला में 64 , गंगापुर सिटी में 58, वजीरपुर में 50, सवाई माधोपुर तहसील में 49 तथा तलावड़ा 29 रास्ते खुलवाकर ग्रामीणों को बड़ी राहत प्रदान की गई। यह बोले जिला कलेक्टर जिला कलेक्टर काना राम ने कहा- रास्ता खोलो अभियान में चिन्हित लगभग 2 हजार प्रकरणों में से लगभग 830 रास्ते खुलवाए जा चुके हैं। वर्षों से बंद रास्ते खुलने से किसानों और ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। ग्रामीणों की वर्षों पुरानी समस्याओं के समाधान की दिशा में यह अभियान सवाई माधोपुर जिले में सुशासन और जनसेवा का एक सफल मॉडल बनता जा रहा है। जिलेवासियों से आपसी सहमति और सहयोग से अभियान को सफल बनाने और 30 जून तक अधिकाधिक प्रकरणों के समाधान में सहभागिता निभाने की अपील की।
केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को जयपुर दौरे के दौरान मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MNIT) में मेकर्स लैब का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद कर नवाचार, तकनीक और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने पर जोर दिया। केंद्रीय मंत्री ने विवेकानंद लेक्चर थिएटर कॉम्प्लेक्स में आयोजित कार्यक्रम में मेकर्स लैब का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में संस्थान के अधिकारी, शिक्षक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे। विद्यार्थियों के साथ संवाद के दौरान उन्होंने देश में तकनीकी विकास, डिजिटल इंडिया, नवाचार और रोजगार के नए अवसरों पर चर्चा की। इससे पहले केंद्रीय मंत्री सुबह जयपुर पहुंचने के बाद आकाशवाणी केंद्र पहुंचे। यहां उन्होंने वर्चुअल माध्यम से जैसलमेर के रामगढ़ में 20 किलोवाट एफएम ट्रांसमीटर का शुभारंभ किया। इस अवसर पर प्रसार भारती के अध्यक्ष प्रसून जोशी भी मौजूद रहे। नए एफएम ट्रांसमीटर के शुरू होने से सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों को बेहतर रेडियो प्रसारण सुविधा मिल सकेगी। इसके बाद केंद्रीय मंत्री MNIT पहुंचे और मेकर्स लैब का उद्घाटन कर विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। उन्होंने कहा कि देश के युवा नवाचार और तकनीक के क्षेत्र में नई संभावनाएं तैयार कर रहे हैं तथा ऐसे संस्थान भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। अपने दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री कृषि अनुसंधान केंद्र में आयोजित विकसित भारत संकल्प सम्मेलन में भी शामिल होंगे।
फरीदाबाद के सूरजकुंड थाना क्षेत्र के सेक्टर-46 स्थित सर्वम सोसाइटी में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगा ली। घटना के बाद मौके पर पहुंचे मृतका के परिजनों ने पति और ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप लगाते हुए सोसाइटी परिसर में जमकर हंगामा किया। स्थिति तनावपूर्ण होती देख सूरजकुंड थाना पुलिस के साथ अतिरिक्त पुलिस बल और क्राइम ब्रांच की टीम को भी मौके पर बुलाना पड़ा। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए ईएसआईसी अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। सूरजकुंड थाना प्रभारी प्रहलाद कुमार ने बताया कि पुलिस को रात करीब 10 बजे सूचना मिली थी कि सेक्टर-46 स्थित सर्वम सोसाइटी के एक फ्लैट में एक विवाहिता ने फांसी लगा ली है। किराए के फ्लैट में रहता है दंपती सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। कुछ समय बाद मृतका के परिजन भी मौके पर पहुंच गए। परिजनों ने युवती की मौत को आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए उसके पति पर हत्या का आरोप लगाया और हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस के अनुसार मृतका की पहचान 23 वर्षीय सरसा के रूप में हुई। उसकी शादी करीब डेढ़ वर्ष पहले फरीदाबाद के सेक्टर-21सी निवासी प्रवीण के साथ हुई थी। शादी के बाद कुछ समय तक दोनों परिवार के साथ रहे, लेकिन पारिवारिक अनबन के कारण पिछले कुछ महीनों से पति-पत्नी सेक्टर-46 स्थित सर्वम सोसाइटी में किराए के फ्लैट में अलग रह रहे थे। पति-पत्नी में हुई किसी बात को लेकर अनबन प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घटना वाली रात पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। इसके बाद सरसा अपने कमरे में चली गई। काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं आने पर प्रवीण ने उसे आवाज लगाई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उसने खिड़की से अंदर झांककर देखा तो सरसा पंखे से लटकी हुई दिखाई दी। यह देखकर उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी और अपने परिजनों को भी बुला लिया। मृतका मूल रूप से गुरुग्राम के बिलासपुर क्षेत्र की रहने वाली थी। सूचना मिलने पर उसके मायके पक्ष के लोग भी मौके पर पहुंच गए। परिजनों का आरोप है कि सरसा की हत्या कर उसे आत्महत्या का रूप देने के लिए पंखे से लटकाया गया है। वहीं पुलिस का कहना है कि फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। परिजनों ने नहीं की पुलिस से शिकायत : थाना प्रभारी थाना प्रभारी प्रहलाद कुमार ने बताया कि मामले की गहनता से जांच की जाएगी। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। अभी तक मृतका के परिजनों की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है। शिकायत मिलने के बाद उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल शव को ईएसआईसी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है और परिजनों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
सिद्धार्थनगर जिले के चिल्हिया थाना क्षेत्र स्थित बेलवा गांव में अज्ञात चोरों ने घर के बाहर खड़ी एक मोटरसाइकिल चुरा ली। यह घटना बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात को हुई। पीड़ित परिवार ने वाहन की काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद चिल्हिया पुलिस को मामले की तहरीर दी गई है। कृषि विभाग में बाबू के पद पर कार्यरत अविनाश धर द्विवेदी अपनी पत्नी के साथ नौगढ़ में रहते हैं। उनका पैतृक घर बेलवा गांव में चिल्हिया रेलवे स्टेशन के पीछे है। चोरों ने रात के समय घर के बाहर खड़ी उनकी लगभग एक वर्ष पुरानी मोटरसाइकिल का लॉक तोड़कर उसे चुरा लिया और मौके से फरार हो गए। घटना के समय अविनाश धर द्विवेदी के पिता अर्जुन द्विवेदी, माता, उनकी ससुराल से आई बहन और भाई विकास द्विवेदी घर में मौजूद थे। विकास द्विवेदी बिहार में लेक्चरर हैं और अवकाश पर घर आए हुए थे। घर में चार लोगों की मौजूदगी के बावजूद चोरों ने इतनी सफाई से वारदात को अंजाम दिया कि किसी को भनक तक नहीं लगी। गुरुवार सुबह जब परिजन घर से बाहर निकले, तो मोटरसाइकिल अपने स्थान पर नहीं मिली। परिवार के सदस्यों ने पहले आसपास के क्षेत्रों में और परिचितों से पूछताछ कर खोजबीन की, लेकिन बाइक का कोई पता नहीं चल सका। इसके बाद पुलिस को चोरी की सूचना दी गई। मोटरसाइकिल बरामद करने की मांग पीड़ित अविनाश धर द्विवेदी ने चिल्हिया थाने में अज्ञात चोरों के खिलाफ कार्रवाई करने और मोटरसाइकिल बरामद करने की मांग करते हुए लिखित तहरीर दी है। हालांकि, अभी तक इस मामले में मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। इस घटना के बाद गांव में भी चर्चा का माहौल है। ग्रामीणों ने रिहायशी इलाके से बाइक चोरी होने को चिंताजनक बताया है और क्षेत्र में रात्रि गश्त बढ़ाने तथा चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने की मांग की है। चिल्हिया थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि मामले में तहरीर प्राप्त हो गई है। पुलिस घटना की जांच कर रही है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है तथा अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। बेलवा गांव में हुई इस घटना ने एक बार फिर वाहन मालिकों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते चोरी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया तो ऐसे मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है। फिलहाल पीड़ित परिवार को अपनी मोटरसाइकिल की बरामदगी और पुलिस कार्रवाई का इंतजार है।
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक फैसले में झूठी रिश्वत शिकायत करने के आरोपी व्यक्ति को राहत देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि किसी व्यक्ति की शिकायत के आधार पर भ्रष्टाचार का मामला दर्ज होता है और बाद में शिकायत झूठी साबित हो जाती है, तो शिकायतकर्ता के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। जस्टिस मनीषा बत्रा ने गुरदेव सिंह की याचिका खारिज करते हुए निचली अदालतों के आदेशों को बरकरार रखा। इसके साथ ही उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 182 के तहत चल रही कार्रवाई जारी रखने का रास्ता साफ हो गया है। हाईकोर्ट ने कहा कि निचली अदालतों के आदेश सही हैं और उनमें कोई कानूनी गलती नहीं है। इसी कारण अदालत ने गुरदेव सिंह की याचिका खारिज कर दी। अब उसके खिलाफ झूठी शिकायत देने के मामले में कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। अब 4 पॉइंट्स में पढ़ें क्या है पूरा मामला:- हाईकोर्ट ने दोनों दलीलें ठुकराईं हाईकोर्ट ने कहा कि शिकायत झूठी होने का तथ्य डॉक्टर के बरी होने के बाद 1 अप्रैल 2009 को सामने आया था। इसके बाद 3 नवंबर 2009 को कलंदरा दायर किया गया, जो कानून में निर्धारित एक वर्ष की अवधि के भीतर था। इसलिए कार्रवाई समय-सीमा से बाहर नहीं मानी जा सकती। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जिस विभाग के डीएसपी स्तर के अधिकारी के समक्ष शिकायत दर्ज हुई थी, उसी विभाग के समान रैंक के दूसरे अधिकारी द्वारा कलंदरा दायर किया जाना पूरी तरह वैध है। ऐसे मामलों में अधिकारी का नाम नहीं, बल्कि उसका पद और विभाग महत्वपूर्ण होता है।
पंचकूला में जासूसी के आरोपों की जांच के दौरान सेना के अधिकारियों द्वारा जब्त किए एक हवलदार के मोबाइल फोन से कमांड अस्पताल (पश्चिमी कमान), चंडीमंदिर के महिला वॉशरूम में रिकॉर्ड किए वीडियो और तस्वीरें मिलने का मामला सामने आया है। जिला कोर्ट-मार्शल ने आरोपी हवलदार को दोषी ठहराते हुए सेवा से बर्खास्त कर दिया और एक वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। हालांकि, सशस्त्र बल न्यायाधिकरण (AFT) की चंडीगढ़ बेंच ने अपील लंबित रहने तक उसकी शेष सजा निलंबित करते हुए जमानत दे दी है। त्वचा रोग इलाज के लिए अस्पताल में था भर्ती मामले के अनुसार, 45 वर्षीय हवलदार मोरे संदीप सदाशिव वर्ष 2020 में मुख्यालय 474 इंजीनियर ब्रिगेड में तैनात था। 24 जून 2022 को वह त्वचा संक्रमण के इलाज के लिए कमांड अस्पताल (पश्चिमी कमान), चंडीमंदिर पहुंचा था। जांच के बाद उसे खुजली (स्केबीज) होने का पता चला और 30 जून को अस्पताल में भर्ती कर लिया गया। जब्त मोबाइल से मिले 28 वीडियो-फोटो 25 जुलाई 2022 को सैन्य खुफिया (मिलिट्री इंटेलिजेंस) अधिकारियों ने संदिग्ध जासूसी गतिविधियों से जुड़ी गोपनीय जानकारी की जांच के लिए उसका मोबाइल फोन जब्त किया। दो दिन बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।फोन की जांच के दौरान अधिकारियों को महिला वॉशरूम के भीतर रिकॉर्ड किए गए 28 वीडियो और तस्वीरें मिली। आरोप है कि सदाशिव ने 21 से 25 जुलाई 2022 के बीच अस्पताल के महिला शौचालय में मोबाइल फोन छिपाकर महिलाओं के निजी क्षणों की रिकॉर्डिंग की थी। यह वॉशरूम उस वार्ड के सामने स्थित था, जहां वह भर्ती था। IPC की धारा 354C के तहत आरोप सेना अधिकारियों ने उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354C (वॉययूरिज्म) के तहत कार्रवाई की। यह धारा किसी महिला की सहमति के बिना उसके निजी कृत्य को देखना, रिकॉर्ड करना या उसकी तस्वीर लेना अपराध मानती है। कोर्ट-मार्शल ने सुनाई सजा अंबाला में हुई जिला कोर्ट-मार्शल की कार्यवाही में सदाशिव को दोषी पाया गया। 24 मार्च 2026 को उसे एक वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। साथ ही सेना से बर्खास्त कर दिया गया और उसका सैन्य पद भी घटा दिया गया। AFT ने कहा- अपील पर जल्द फैसला संभव नहीं 29 मई को सशस्त्र बल न्यायाधिकरण (AFT) की चंडीगढ़ बेंच में मामले की सुनवाई हुई। आरोपी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश सहगल ने दलील दी कि सदाशिव नौ महीने से अधिक समय जेल में बिता चुका है और उसकी सजा तीन वर्ष से कम है, इसलिए अपील लंबित रहने तक सजा निलंबित की जानी चाहिए। न्यायमूर्ति सुधीर मित्तल और लेफ्टिनेंट जनरल रवींद्र पाल सिंह की पीठ ने माना कि इस वर्ष दायर अपील पर निकट भविष्य में अंतिम फैसला आने की संभावना नहीं है। इसके बाद ट्रिब्यूनल ने शेष कारावास की सजा निलंबित करते हुए आरोपी को जमानत और जमानती बांड भरने की शर्त पर राहत दे दी।
प्रतापगढ़ में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई है। समाजवादी पार्टी अधिवक्ता सभा के जिलाध्यक्ष राजू यादव ने पुलिस अधीक्षक से इस मामले में कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में बताया गया है कि सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर कुछ व्यक्तियों द्वारा अदिति यादव के संबंध में अभद्र, आपत्तिजनक और असत्यापित सामग्री प्रसारित की जा रही है। इन पोस्टों में व्यक्तिगत आरोप लगाए गए हैं। राजू यादव ने आरोप लगाया है कि ऐसी सामग्री एक महिला की गरिमा, सम्मान और प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचा सकती है। उन्होंने कहा कि यह भ्रामक प्रचार न केवल व्यक्तिगत छवि को नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि समाज में भ्रम और अशांति भी फैला सकता है। शिकायतकर्ता ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही, ऐसे आपत्तिजनक कंटेंट को तत्काल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटवाया जाए। पुलिस अधीक्षक से इस मामले की उचित जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अपेक्षा की गई है।
नागौर के मेड़ता सिटी-नागौर रोड पर रेण के पास गुरुवार को मानकियावास से बुटाटी धाम दर्शन करने जा रही महिलाओं से भरी कार का एक्सीडेंट हो गया। हादसा अर्टिगा कार और पिकअप के बीच हुआ। कार में सवार 6 महिलाएं और एक 7 साल का बच्चा घायल हो गए। जिनमें से दो महिलाओं की हालत गंभीर बनी हुई है। हादसे के बाद चालक पिकअप छोड़कर वहां से भाग गया। जिसकी पुलिस तलाश कर रही है। सभी लोग मानकियावास से बुटाटी धाम दर्शन के लिए जा रहे थे। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलने पर 108 एम्बुलेंस मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को तुरंत मेड़ता सिटी अस्पताल पहुंचाया। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने जायजा लिया मेड़ता रोड़ थानाधिकारी दयानन्द शर्मा ने बताया- एर्टिगा कार और पिकअप के बीच रेण बाईपास के पास हादसे की सूचना रेण चौकी को मिली थी। सूचना के तुरंत बाद रेण चौकी इंचार्ज तुरंत मौक़े पर पहुंच गए थे। मौके पर पहुंच कर घटनास्थल का जायजा लिया है। हादसे में 7 लोग घायल हुए। जिनको मेड़ता सिटी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हाइवे से हटाया गया है। पिकअप चालक की तलाश की जा रही है। विधायक और बीसीएमओ पहुंचे अस्पताल सड़क हादसे की सूचना मिलते ही मेड़ता विधायक लक्ष्मण राम कलरू और बीसीएमओ डॉ. महेंद्र तुरंत अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायलों की कुशलक्षेम जानी और डॉक्टरों को बेहतर इलाज के निर्देश दिए। अस्पताल में डॉ. बिंदा, डॉ. दौलत और ललित की मेडिकल टीम घायलों के उपचार में जुटी है। हादसे में ये लोग हुए घायल इस सड़क हादसे में संतोष (55) पत्नी खींवराज, कमला देवी (60) पत्नी छोटूराम, रामेश्वरी देवी (55) पत्नी सुगनाराम, किसनाई देवी (60) पत्नी सीताराम, मंजू (33) पत्नी रामाकिशन, बलवीर (7) पुत्र रामाकिशन (बच्चा), रुक्मणि देवी (35) पत्नी सुरेश घायल हुए है।
सूरजपुर जिले के चंदौरा थाना क्षेत्र में बुधवार देर रात एक सड़क हादसे में दो युवकों की मौके पर मौत हो गई। यह घटना बनारस मुख्य मार्ग पर स्थित छुई नाला के समीप हुई। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, सीजी 30 जे 3419 नंबर की एक पल्सर बाइक तेज रफ्तार में जा रही थी। छुई नाला के पास बाइक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे एक गड्ढे में जा गिरी। हादसा इतना गंभीर था कि बाइक सवार दोनों युवकों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। 1 ही मृतक की पहचान हो पाई,जांच में पुलिस टीम मृतकों में से एक की पहचान बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर स्थित रामनगर निवासी प्रिंस के रूप में हुई है। दूसरे युवक की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। घटना की सूचना मिलते ही चंदौरा पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शवों को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है।
जैसलमेर में भीषण गर्मी और लू का असर लगातार बना हुआ है। जिले में अधिकतम तापमान 43.0 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27.6 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने 13 जून को तेज आंधी और अच्छी बारिश की संभावना जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं इस बार मानसून के सामान्य तिथि से करीब सात दिन देरी से पहुंचने और औसत बारिश में 10 प्रतिशत कमी रहने का अनुमान भी व्यक्त किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी 13 जून (शनिवार) को जैसलमेर और आसपास के इलाकों में तेज आंधी के साथ अच्छी बारिश होने की संभावना है, जिसके लिए बाकायदा 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है। इस प्री-मानसून गतिविधि से पारे में गिरावट आएगी और न्यूनतम तापमान कम होकर 28 से 29 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे आगामी दूसरे सप्ताह में जिलेवासियों को भीषण गर्मी से बड़ी निजात मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग के अनुमान- मानसून 7 दिन देरी से आएगा जिले में मानसून में देरी मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, इस बार प्रदेश में मानसून अपनी सामान्य तिथि से करीब 7 दिन की देरी से यानी जून के अंत तक प्रवेश करेगा। साथ ही, इस सीजन में औसत बारिश में 10% की कमी रहने की आशंका है। इसे देखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने स्थानीय किसानों के लिए जरूरी गाइडलाइन जारी की है। किसानों को बड़ी सलाह- जल्दबाजी में न करें बुआई पहली हल्की बारिश देखते ही खेतों में न उतरें। जब तक 50 से 75 एमएम तक अच्छी बारिश न हो जाए और मिट्टी में 15-20 सेमी गहरी नमी न बैठ जाए, तब तक बुआई रोकना ही समझदारी है। कम बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए इस बार बाजरा, ग्वार, मूंग और तिल जैसी कम पानी वाली पारंपरिक फसलों को ही प्राथमिकता दें।
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर यूनिवर्सिटी के सात स्टूडेंट्स का सिलेक्शन 'इको नेटवर्क' के प्रोग्राम SAGE 2026 (सस्टेनेबिलिटी एम्बेसडर्स ग्लोबल एक्सचेंज) में जूनियर एम्बेसडर के रूप में हुआ है। चुने गए सभी स्टूडेंट्स बुधवार को बेंगलुरु के लिए रवाना हो गए हैं, जहां वे पूरी तरह से फंडेड ट्रेनिंग और वर्कशॉप में हिस्सा लेंगे। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद वे समाज के बीच जाकर अपने प्रोजेक्ट्स पर काम करेंगे। स्टूडेंट्स को यह बड़ा मौका सामाजिक संस्था 'मेधा' और यूनिवर्सिटी के एम्प्लॉयमेंट ब्यूरो, गाइडेंस एंड प्लेसमेंट सेल के सहयोग से मिला है। इस प्रोग्राम के लिए पूरे उत्तर प्रदेश से सिर्फ 15 स्टूडेंट्स चुने गए हैं। इनमें लखनऊ से छह, आगरा से दो और सबसे ज्यादा गोरखपुर के डीडीयू से सात स्टूडेंट्स शामिल हैं। इन स्टूडेंट्स का हुआ सिलेक्शन यूनिवर्सिटी के इन 7 स्टूडेंट्स का सिलेक्शन कड़े कॉम्पिटिशन, आइडिया टेस्ट और पर्सनल इंटरव्यू के बाद किया गया है। जिनमें अंशिका त्रिपाठी (बीए ऑनर्स, थर्ड ईयर), अविनाश यादव (एमए, सेकेंड ईयर- इंग्लिश), मोहम्मद यूसुफ (बीएससी ऑनर्स, थर्ड ईयर- एग्रीकल्चर), मोहम्मद सादिक (बीकॉम, थर्ड ईयर), निर्मलेंदु (बीएससी एग्रीकल्चर, फोर्थ ईयर), प्रिया यादव (एमए, सेकेंड ईयर- ज्योग्राफी), सृष्टि जायसवाल (एमए, फर्स्ट ईयर- सोशियोलॉजी) शामिल हैं। क्या है इको नेटवर्क और SAGE प्रोग्राम?इको नेटवर्क एक ग्लोबल प्लेटफॉर्म है, जो साइंस, समाज, सरकारी नीति बनाने वालों, कंपनियों और लोकल लोगों को एक साथ जोड़कर पर्यावरण और समाज से जुड़ी समस्याओं जैसे क्लाइमेट चेंज, खेती-बाड़ी, हेल्थ, पानी की देखरेख और साफ-सुथरे शहरों पर काम करता है। तीन हिस्सों में आयोजित होगा SAGE इसी नेटवर्क का एक मुख्य प्रोग्राम है जो युवाओं को लीडरशिप सिखाता है। यह प्रोग्राम तीन हिस्सों में होगा। पहला हिस्सा- बुधवार से शुरू हो रहा है, जिसमें भारत और विदेशों के एक्सपर्ट्स स्टूडेंट्स को गहरी ट्रेनिंग देंगे। दूसरे हिस्से में स्टूडेंट्स अपने आइडियाज को जमीन पर उतारने के लिए कम्युनिटी बीच प्रोजेक्ट्स पर काम करेंगे।जबकि तीसरे हिस्से में प्रोजेक्ट के असर की जांच होगी, रिपोर्ट लिखी जाएगी और उसका प्रजेंटेशन दिया जाएगा। स्टूडेंट्स के अंदर लीडरशिप क्वालिटी डेवेलोप होगी इस प्रोग्राम से स्टूडेंट्स के अंदर लीडरशिप क्वालिटी आएगी। उन्हें काम का असली एक्सपीरिएंस मिलेगा। बड़े एक्सपर्ट्स का मार्गदर्शन मिलेगा और देश-विदेश के लोगों से नेटवर्क बनाने का मौका मिलेगा। साथ ही उनकी बातचीत करने की कला (कम्युनिकेशन स्किल) और पर्सनालिटी भी निखरेगी। यह कामयाबी बच्चों के टैलेंट को दिखाती- वीसी यूनिवर्सिटी की वीसी प्रो. पूनम टंडन ने स्टूडेंट्स को बधाई देते हुए कहा कि यह कामयाबी हमारे बच्चों के टैलेंट को दिखाती है। जागरूक और जिम्मेदार युवा ही भविष्य में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। वहीं, प्लेसमेंट सेल के डायरेक्टर प्रो. अजय कुमार शुक्ल ने भी स्टूडेंट्स को शुभकामनाएं दी और कहा कि ऐसे मौकों से स्टूडेंट्स का नजरिया बदलता है और वे अपने करियर में बहुत आगे जाते हैं।
जौनपुर में आंधी-तूफान से कई गांवों की बिजली ठप:50 से अधिक गांवों में 8 घंटे से बाधित विद्युत सेवा
जौनपुर में गुरुवार भोर में आए तेज आंधी-तूफान के कारण मौसम अचानक बदल गया। इससे जिले के 50 से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई, जो पिछले आठ घंटों से ठप है। आंधी के कारण कई स्थानों पर पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए। बक्शा में एक पेड़ गिरा, वहीं शंभूगंज बाजार में एक पेड़ और दो बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। नौपेड़वां के महिमापुरडीह में भी एक पेड़ गिरने से विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई। कुछ स्थानों पर राहत कार्य पूरा होने के बाद विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी गई है। सुबह 10:30 बजे शंभूगंज, 10:35 बजे बक्शा, 10:40 बजे रेलवे, और 10:55 बजे बबुरा तथा सुजियामऊ फीडर सामान्य हो गए। बक्शा पावर हाउस के सभी फीडर भी अब सामान्य स्थिति में हैं। हालांकि, मुफ्तीगंज और गौराबादशाहपुर क्षेत्रों में सुबह 3 बजे से बिजली आपूर्ति अभी तक बहाल नहीं हो पाई है। इन क्षेत्रों में कई जगह पेड़-पौधे गिरने के कारण विद्युत आपूर्ति बाधित है और बहाली में अभी और समय लगने की संभावना है। भदेवरा, असवारा, भूइली, बारी और अमरा गांवों में भी बिजली नहीं आई है।
हरियाणा के पानीपत स्थित समालखा में ट्रिपल मर्डर कर दिया गया। तीन लोगों पर 100KM की रफ्तार से स्कॉर्पियो चढ़ाकर मार दिया गया। मृतकों में दो दोस्त और एक अन्य व्यक्ति शामिल हैं। तीनों को पुरानी रंजिश के चलते कुचला गया। हत्या को हादसा दिखाने के लिए आरोपियों ने एक्सिडेंट दिखाया। वारदात बुधवार की रात करीब 8:45 बजे डिकाडला-आटा रोड पर हुई। जानकारी के अनुसार, गांव डिकाडला निवासी नरेंद्र सिंह (46) और विनोद (48) स्कूटी पर खेत से घर लौट रहे थे। रास्ते में उन्हें अनिप गाहल्याण (36) मिल गए। तीनों खड़े होकर आपस में बात कर रहे थे, तभी आटा की तरफ से आ रही एक स्कॉर्पियो ने उन्हें टक्कर मार दी और चालक वाहन सहित फरार हो गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि नरेंद्र और अनिप की मौके पर ही मौत हो गई। विनोद ने पानीपत ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। तीनों मृतक शादीशुदा थे। नरेंद्र खेतीबाड़ी के साथ प्रॉपर्टी का भी काम करते थे, जबकि अनिप ने बी-टेक किया हुआ था। परिजनों ने इसे साजिश बताते हुए गांव के ही कुछ लोगो पर रंजिश के चलते हत्या के आरोप लगाए है। वहीं, इस मामले में समालखा DSP नरेंद्र कादियान ने बताया कि परिजनों की शिकायत पर हत्या के मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की तीन टीमें गठित कर दी है।खबर अपडेट की जा रही है…
चर्चित होटल कारोबारी विनीत राय हत्याकांड के फरार आरोपी और एक लाख रुपये के इनामी शंकर पांडे के न्यायालय में आत्मसमर्पण करने की सूचना के बाद बुधवार को जिला न्यायालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। पुलिस ने पूरे कोर्ट परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया। एसपी सिटी राकेश कुमार मिश्रा और सीओ सिटी शेखर सिंह के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। न्यायालय के सभी प्रमुख प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई और आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति की सघन जांच के बाद ही परिसर में प्रवेश दिया गया। एसपी सिटी राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि विनीत राय हत्याकांड में नामजद चार आरोपियों में से शंकर पांडे, आलोक दुबे और सोनू यादव अभी फरार हैं। इन तीनों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित है। उन्होंने यह भी बताया कि शंकर पांडे के खिलाफ हत्या और अपहरण के मामले में न्यायालय से दो वारंट जारी हैं। गौरतलब है कि 29 मई की रात करीब 11 बजे गाजीपुर शहर के घोराबाजार क्षेत्र स्थित बिंदु होटल के मालिक आलोक राय के पुत्र विनीत राय की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पीड़ित परिवार की तहरीर पर चार लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले का एक आरोपी कमलेश चौधरी पुलिस मुठभेड़ में मारा जा चुका है, जबकि शंकर पांडे, आलोक दुबे और सोनू यादव अब भी फरार हैं। पुलिस लगातार उनकी तलाश में दबिश दे रही है।
बस्ती में पेड़ की टहनी से टकराई बाइक, मौत:इलाज के दौरान गई जान, कप्तानगंज की ओर जाते समय हादसा
बस्ती जिले के कप्तानगंज थाना क्षेत्र में गुरुवार को एक सड़क हादसे में 22 वर्षीय युवक की मृत्यु हो गई। युवक अपनी बाइक से नगर क्षेत्र से कप्तानगंज की ओर जा रहा था, तभी रास्ते में पेड़ की टहनी से टकराकर गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना पर पहुंची एंबुलेंस ने उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कप्तानगंज पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान कप्तानगंज के मानिकरपुर निवासी 22 वर्षीय उमेश चौधरी पुत्र रामलखन के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, उमेश किसी काम से नगर क्षेत्र गया था और कप्तानगंज लौट रहा था। रास्ते में उसकी बाइक अचानक पेड़ की एक टहनी से टकरा गई। टक्कर के बाद वह सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और तत्काल एंबुलेंस की मदद से उसे सीएचसी कप्तानगंज भेजा गया। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे की सूचना मिलने पर परिजनों में दुख का माहौल है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थानाध्यक्ष आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि युवक की बाइक पेड़ की टहनी से टकराने से यह हादसा हुआ है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
हाथरस जंक्शन पर मिला बुजुर्ग का शव:पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा, मजदूरी करता था
हाथरस जंक्शन कस्बे में रेलवे स्टेशन के पास एक बुजुर्ग का शव मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। यह घटना कल देर रात की है, जब रेलवे स्टेशन के निकट संदिग्ध अवस्था में शव देखा गया। काफी देर जब उसकी पहचान नहीं हुई तो पुलिस ने उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया और उसकी पहचान में जुट गई। मृतक की पहचान बाद में उसके परिवार के सदस्यों द्वारा 60 वर्षीय यादराम पुत्र मावसीराम के रूप में की गई। वह कस्बा मेंडू, हाथरस जंक्शन का निवासी था। यादराम हाथरस जंक्शन रेलवे स्टेशन पर जूते-चप्पल की मरम्मत का काम करता था। वह अविवाहित था। परिवार के सदस्यों ने पोस्टमार्टम गृह पहुंचकर भी शव की पहचान की। उन्होंने किसी भी प्रकार की अनहोनी या संदेह से इनकार किया है।
फरीदाबाद पुलिस ने मुठभेड़ के बाद चोरी की वारदातों में वांछित हिस्ट्रीशीटर अपराधी सोनू को गिरफ्तार कर किया है। यह कार्रवाई अपराध शाखा सेक्टर-85 और अपराध शाखा सेंट्रल की संयुक्त टीम ने गुरुवार सुबह की। पुलिस और आरोपी के बीच मुठभेड़ आईएमटी से मच्छगर गांव जाने वाले रास्ते पर हुई। क्राइम ब्रांच एसीपी वरुण दहिया ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि घरों में चोरी की वारदातों में वांछित आरोपी सोनू क्षेत्र में आने वाला है। सूचना के आधार पर अपराध शाखा की टीम ने इलाके में निगरानी शुरू कर दी और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी। इसी दौरान पुलिस ने आरोपी को बाइक पर आते हुए देखा और उसे रुकने का इशारा किया। दोस्त से मिलकर दिल्ली वापस लौट रहा था पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी अपने मच्छगर गांव में रहने वाले एक दोस्त से मिलकर वापस दिल्ली जा रहा था। जब क्राइम ब्रांच की टीम ने उसे रोकने का प्रयास किया तो उसने बाइक मोड़कर भागने की कोशिश की। पुलिस के पीछा करने पर आरोपी ने खुद को घिरता देख पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। एसीपी वरुण दहिया के अनुसार, आरोपी ने पुलिस पर चार राउंड फायर किए। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। दोनों तरफ से हुई फायरिंग के दौरान पुलिस की एक गोली सीधे आरोपी के दाहिने पैर में लगी, जिससे वह बाइक से गिरकर सड़क पर गिर गया। इसके बाद पुलिस टीम ने तुरंत उसे दबोच लिया और हिरासत में ले लिया। यहां देखें फोटो… अस्पताल में कराया गया भर्ती घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने मौके से हथियार भी बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपी से उसके आपराधिक नेटवर्क, साथियों और हाल ही में हुई चोरी की वारदातों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस के अनुसार सोनू एक शातिर और हिस्ट्रीशीटर अपराधी है। वह थाना पल्ला क्षेत्र में घरों में चोरी के मामलों में वांछित चल रहा था। उसके खिलाफ नोएडा सहित विभिन्न स्थानों पर गैंगस्टर एक्ट, हत्या के प्रयास, चोरी, लूटपाट और अन्य गंभीर अपराधों से जुड़े कुल 28 आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है और उसकी गिरफ्तारी से कई मामलों के खुलासे होने की उम्मीद है। फिलहाल पुलिस उससे गहन पूछताछ कर रही है और उसके अन्य साथियों की तलाश में जुटी हुई है।
विदिशा में रेत कारोबार को लेकर चल रहे वर्चस्व के विवाद ने बुधवार रात हिंसक रूप ले लिया। दो कारोबारी पक्षों के बीच हुए झगड़े में एक युवक से मारपीट की गई, उसके वाहन में तोड़फोड़ की गई और बायपास के पास खड़े एक डंपर में आग लगा दी गई। घटना की सूचना पर पुलिस और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। रुपयों की मांग को लेकर विवाद सामने आया पीड़ित जावेद खान, जो स्वयं रेत कारोबार से जुड़े हैं, ने आरोप लगाया है कि देर रात दीपक यादव, जितेंद्र यादव और नितेश यादव ने उन्हें रोककर रुपयों की मांग की। विरोध करने पर आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की और उनके वाहन में तोड़फोड़ कर दी। इसके बाद बायपास के पास खड़े उनके डंपर में आग लगा दी गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड की टीम लगभग आधे घंटे की देरी से पहुंची, लेकिन दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक डंपर को भारी नुकसान हो चुका था। घटना में घायल जावेद खान का उपचार जारी है। पुलिस ने पीड़ित जावेद खान की शिकायत पर दीपक यादव, जितेंद्र यादव और नितेश यादव (निवासी करैयाखेड़ा रोड) के खिलाफ नामजद मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच जारी है। वर्चस्व की लड़ाई में आग लगाने की आशंका प्रारंभिक तौर पर पुलिस इस मामले को रेत कारोबार में वर्चस्व और दबदबे की लड़ाई से जोड़कर देख रही है। देर रात हुई आगजनी और मारपीट की इस घटना ने जिले में रेत कारोबार से जुड़े विवादों को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
बहराइच में किशोरियों में आत्मविश्वास (सेल्फ एस्टीम) और सकारात्मक शारीरिक छवि (पॉजिटिव बॉडी इमेज) विकसित करने के उद्देश्य से एक दिवसीय जिला स्तरीय समागम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बाल विवाह और दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनवंत और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में भाग लिया और किशोरियों का उत्साहवर्धन किया। यूनीसेफ के सहयोग से जिले के विभिन्न ब्लॉकों में 6,900 बच्चों को इन विषयों पर एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया था। प्रशिक्षण के बाद समुदाय के बीच जागरूकता फैलाने का उत्कृष्ट कार्य करने वाली 70 किशोरियों को इस समागम में सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में नवाबगंज, बलहा, जरवल, हुजूरपुर, चित्तौरा, महसी और विशेश्वरगंज सहित सात ब्लॉकों से कुल 70 किशोरियों और 29 आशा कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, बाल संरक्षण अधिकारी दिनेश कुमार, जिला स्वास्थ्य सूचना अधिकारी बृजेश सिंह और यूनीसेफ के मंडलीय बाल संरक्षण सलाहकार डॉ. अनिल कुमार द्विवेदी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरकेएसके) के जिला सलाहकार राकेश गुप्ता ने सफलतापूर्वक किया।
सीधी में दो बाइकों की टक्कर, चार युवक गंभीर घायल:दो की नहीं हुई पहचान, पडरा बाईपास पर हादसा
सीधी जिले के पडरा बाईपास पर गुरुवार सुबह करीब 11 बजे जियो पेट्रोल पंप के पास सड़क हादसा हो गया। यहां दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर में चार युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। जिला अस्पताल में चल रहा इलाज स्थानीय लोगों की सूचना पर 108 एंबुलेंस टीम मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल जिला चिकित्सालय सीधी पहुंचाया गया। डॉक्टरों के अनुसार सभी घायलों के पैरों में गंभीर फ्रैक्चर हुए हैं और उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। दो एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाए गए घायल 108 एंबुलेंस सेवा से जुड़े गौरव तिवारी और रामप्रकाश साकेत ने बताया कि चारों युवक सड़क पर गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़े थे। स्थिति को देखते हुए दो एंबुलेंस बुलाकर सभी को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। रामप्रकाश साकेत के अनुसार, दो युवक बेहोशी की हालत में थे। घायलों में दो की पहचान मुकेश रावत और जित्तू रावत निवासी कुदारी, बहरी थाना क्षेत्र के रूप में हुई है, जबकि दो अन्य घायलों की पहचान अभी नहीं हो सकी है। पुलिस कर रही जांच घटना की जानकारी मिलने के बाद कुरवाही थाना पुलिस सक्रिय हो गई। उपनिरीक्षक विवेक द्विवेदी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर सामने आई है। पुलिस का कहना है कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है और विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।
घर में घुसकर 55 लाख के सोना-चांदी जेवरात और नकदी चोरी के मामले में फलासिया थाना पुलिस ने तीनों आरोपियों से चोरी का माल बरामद कर लिया है। चोरों ने ये जेवरात अपने घर के पीछे खाली जमीन में गाढ़ रखे थे और कुछ जेवरात खेत में गाढ़ दिए थे। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर ये माल बरामद किया। बता दें, चोरी के बाद तीनों आरोपियों ने जेवरात अलग-अलग तीन हिस्से में बांट दिए थे। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने माल बरामदगी के लिए इनसे सख्ती से पूछताछ की। जिसके बाद जेवरात बरामद हुए। थानाधिकारी सीताराम ने बताया कि चोरी कोल्यारी कस्बे में स्थित एक घर में 17 मई को हुई थी। जिसके बाद आरोपी लक्ष्मण पुत्र थावरा, प्रकाश वडेरा और रमेश वडेरा को जंगलों से गिरफ्तार किया था। कमरों और अलमारी का ताला तोड़कर चोरी की थानाधिकारी ने बताया कि 18 मई 2026 को शेरसिंह पुत्र भगवत सिंह राजपूत ने थाने में रिपोर्ट दी थी। जिसमें बताया था कि 17 मई को वह और उनकी पत्नी उदयपुर किसी काम से गए थे। बेटा-बहू घर में ही थे। चोर मौका पाकर रात में पीछे के रास्ते से घर में घुसे। चोरों ने कमरों के ताले तोड़े, अलमारी का लॉकर तोड़ा और सोना-चांदी के जेवरात और नकदी चोरी कर ले गए। सुबह बेटा-बहू के जागने पर चोरी का पता चला। इनपुट: दुष्यंत पूर्बिया,झाड़ोल
महाराजगंज जिला मुख्यालय पर दिव्यांग और विधवा महिलाओं ने प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएम आवास) के तहत घर उपलब्ध कराने की मांग को लेकर जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल को एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन आम आदमी पार्टी (आप) दिव्यांग प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष विनोद कुमार मौर्य के नेतृत्व में दिया गया। महिलाओं ने जिलाधिकारी को दिए अपने पत्र में बताया कि वे गरीब और असहाय दिव्यांग महिलाएं हैं। उनके पास रहने के लिए घर तो हैं, लेकिन वे सभी कच्चे मकान हैं। उन्होंने निवेदन किया कि उनके प्रार्थना पत्र पर ध्यान देते हुए ग्राम सभा में जांच कराई जाए और उन्हें पीएम आवास तथा आसरा आवास योजना का लाभ दिया जाए। महिलाओं ने यह भी बताया कि इससे पहले भी आवास के लिए एक प्रार्थना पत्र दिया गया था, लेकिन अधिकारियों ने उस पर कोई संज्ञान नहीं लिया। उन्होंने मांग की कि विधवा, गरीब और जरूरतमंद व्यक्तियों की जांच कर उन्हें पात्र पाए जाने पर प्रधानमंत्री तथा मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने का आदेश दिया जाए। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने दिव्यांग महिलाओं को आश्वासन दिया कि जल्द ही एक टीम गठित कर मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जिनके पास रहने के लिए घर नहीं है, उनके लिए आवास की व्यवस्था की जाएगी। इस अवसर पर विनोद कुमार मौर्य के साथ गीता, रेखा, आशा, अनीता, अमरावती, मंजू, उमा, देवंती, संध्या, अंगिरा सहित कई अन्य महिलाएं उपस्थित थीं।
भाजपा नेता एनपी कुशवाहा समेत चार पर मुकदमा:कुशीनगर में मंदिर की जमीन के फर्जी बैनामे का आरोप
कुशीनगर में एक मंदिर की भूमि के कथित फर्जी बैनामे के मामले में भाजपा नेता एनपी कुशवाहा (नथुनी प्रसाद कुशवाहा) समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इन पर धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में आरोप लगाए गए हैं। यह मामला पडरौना नगर के अंबे चौक के पास स्थित वन शक्ति देवी मंदिर की जमीन से संबंधित है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पडरौना कोतवाली क्षेत्र के जटहा रोड निवासी लालबाबू गुप्ता की तहरीर पर यह मुकदमा दर्ज किया गया है। शिकायत के अनुसार, ग्राम जंगल बेलवा स्थित गाटा संख्या-1195 की आठ डिसमिल भूमि मूल रूप से नाजिर पुत्र नेपाल के नाम दर्ज थी। इसी भूमि पर वन शक्ति देवी मंदिर स्थित है। शिकायतकर्ता ने बताया कि नाजिर मंदिर के पुजारी थे और उनकी मृत्यु लगभग 50 वर्ष पहले हो चुकी है। उनका कोई उत्तराधिकारी नहीं है। ग्रामीणों के सहयोग से मंदिर का जीर्णोद्धार और निर्माण कार्य चल रहा है। आरोप है कि मृतक नाजिर के नाम से फर्जी आधार कार्ड तैयार कराया गया। शिकायत में यह भी कहा गया है इसके बाद भाजपा नेता एनपी कुशवाहा ने 27 जुलाई 2024 को इस भूमि का बैनामा अपने नाम करा लिया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि इस फर्जीवाड़े में गवाहों और अन्य लोगों की भी भूमिका रही है। प्रभारी निरीक्षक ओमप्रकाश तिवारी ने जानकारी दी कि मामले में एनपी कुशवाहा (निवासी कन्नौजिया वार्ड पूर्वी, लाजपतनगर पडरौना), गवाह पारसनाथ कुशवाहा (निवासी जंगल सुखपुरा), राजेंद्र (निवासी जंगल वनवीरपुर) और एक अज्ञात विक्रेता के विरुद्ध धोखाधड़ी सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पु लिस मामले की विवेचना कर रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। तहरीर में दावा किया गया है कि नाजिर की मृत्यु करीब पांच दशक पहले हो चुकी थी, फिर भी उनके नाम से आधार कार्ड बनवाकर जमीन की रजिस्ट्री कराई गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि बैनामे के दस्तावेज में जिस व्यक्ति की फोटो लगी है, उसकी उम्र लगभग 30 वर्ष प्रतीत होती है, जबकि वास्तविक खातेदार का निधन वर्षों पहले हो चुका है। इसे फर्जीवाड़े का एक बड़ा प्रमाण बताया जा रहा है। आरोप निराधार, छवि खराब करने की साजिश : एनपी कुशवाहा मामले में नामजद भाजपा नेता एनपी कुशवाहा ने आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि उन्होंने जमीन की रजिस्ट्री कराने से पहले पूरी जांच-पड़ताल कराई थी तथा क्षेत्रीय लेखपाल से भी भूमि की स्थिति की जानकारी ली थी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग अब उसे मंदिर की जमीन बताकर विवाद खड़ा कर रहे हैं और उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। एफआईआर दर्ज होने पर उन्होंने कहा कि बिना समुचित जांच के मुकदमा दर्ज किया गया है। वह इस मामले को न्यायालय में ले जा रहे हैं और कानूनी तरीके से अपना पक्ष रखेंगे। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों को भी न्यायालय में जवाब देना पड़ेगा। मामले को लेकर जिले में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी है।
संभल हिंसा से जुड़े एक मुकदमे में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 21 नामजद और 800-900 अज्ञात लोगों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने इस मामले में सभी कानूनी कार्रवाई को चार सप्ताह के लिए स्थगित करने का आदेश दिया है। यह मामला संभल कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कोट पूर्वी स्थित एक विवादित धार्मिक स्थल से जुड़ा है। कोर्ट के आदेश पर 24 नवंबर 2024 को श्री हरिहर मंदिर बनाम शाही जामा मस्जिद का सर्वे चल रहा था। इसी दौरान हजारों की भीड़ जमा हो गई और हिंसा भड़क उठी। इस घटना में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि एसपी, सीओ, इंस्पेक्टर, एसडीएम सहित सैकड़ों लोग घायल हुए थे। संभल कोतवाली के पूर्व इंस्पेक्टर अनुज कुमार तोमर की शिकायत पर अपराध संख्या 337/2024 दर्ज की गई थी, जिसमें 21 अभियुक्तों को नामजद किया गया था। इलाहाबाद हाईकोर्ट की सिंगल बेंच में अभियुक्तों के अधिवक्ता इरशाद अहमद ने दलीलें पेश कीं। राज्य सरकार के अधिवक्ता ने नोटिस स्वीकार करते हुए जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा। न्यायमूर्ति वाणी रंजन अग्रवाल ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद मामले को चार सप्ताह बाद सूचीबद्ध करने का आदेश दिया। साथ ही, तब तक सभी कानूनी कार्रवाई को स्थगित रखने का निर्देश दिया। पुलिस की एफआईआर को 20 फरवरी 2025 और 15 मई 2025 को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। याचिका दायर होने के एक साल एक महीने बाद कोर्ट ने यह संज्ञान लिया है। अभियुक्तों पर भारतीय न्याय संहिता (B.N.S.) की धारा 191(2), 191(3), 190, 109(1), 125(A), 125(B), 221, 132, 121(1), 121(2), 324(4), 223(B), 326(F), आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम की धारा 7, सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम की धारा 3/4 और आर्म्स एक्ट की धारा 3/25/27 एवं 3/25 के तहत आरोप लगाए गए हैं। अधिवक्ता इरशाद अहमद ने तर्क दिया कि ये सभी आरोप दुर्भावनापूर्ण, झूठे और निराधार हैं, जिनका एकमात्र उद्देश्य आवेदकों को परेशान करना था। सुब्हान, मुन्ना, फैज आलम, अब्दुल अली, अकबर अली, मो. आजम खान, नईम, मो. जावेद, जैद, मुस्तफा हसन, राजू, अजहरुद्दीन, मुन्नाब्बर अली, हैदर अली, मो. अली, मो. हुसैन, दिलनावाज, असद अली, अजहर अली, शेर मोहम्मद, असद, मो. वसीम, इमरान को इलाहाबाद हाईकोर्ट की सिंगल बेंच से चार सप्ताह की राहत मिली है। आपको बता दें कि 19 नवंबर 2024 को हिंदू पक्ष की ओर से संभल की शाही जामा मस्जिद को श्रीहरिहर मंदिर होने का दावा सिविल सीनियर डिवीजन कोर्ट चंदौसी में पेश किया गया। कोर्ट के आदेश पर उसी दिन शाम को पहले चरण का सर्वे हुआ और दूसरे चरण का सर्वे 24 नवंबर 2024 को किया गया। इस दौरान हजारों की संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। सर्वे को बाधित करते हुए हिंसा भड़क गई, पुलिस पर पथराव-फायरिंग की गई, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई। एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई, चर्चित ASP अनुज चौधरी, डिप्टी कलेक्टर सहित 29 पुलिसकर्मी घायल हुए। संभल कोतवाली एवं थाना नखासा में कुल 12 एफआईआर दर्ज की गई, जिसमें सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क एवं सपा विधायक इकबाल महमूद के बेटे सुहैल इक़बाल सहित कई लोगों को नामजद करते 2750 से अधिक लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया, हालांकि चार्जशीट में साक्ष्य नहीं मिलने के आधार पर विधायक पुत्र का नाम निकाल दिया गया। जामा मस्जिद के सदर जफर अली एडवोकेट सहित 158 अभियुक्तों को जेल भेज चुकी है, जिसमें 3 महिलाएं और संभल हिंसा के मुख्य साजिशकर्ता फरार गैंगस्टर शारिक साठा के तीन गुर्गे मुल्ला अफरोज, वारिस एवं गुलाम भी शामिल हैं। मुल्ला अफरोज पर NSA लगा है। हालांकि इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद जफर अली को बीती 1 अगस्त 2025 को मुरादाबाद जेल से रिहा कर दिया गया था। 24 मार्च को उन्हें जेल भेजा गया था और 131 दिन के बाद जेल से बाहर आए थे। आपको बता दें कि कई अभियुक्तों की जमानत इलाहाबाद हाईकोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट से हो चुकी है।
बरेली में बुधवार रात आए आंधी-तूफान ने जमकर तबाही मचाई है। तेज हवाओं के कारण एक पेट्रोल पंप की छत उड़ गई, वहीं घर के आंगन में सो रहे एक युवक पर दूर से उड़कर आया सोलर पैनल गिरने से उसकी दर्दनाक मौत हो गई। अलग-अलग घटनाओं में 5 लोग घायल भी हुए हैं। आंधी और बारिश के कारण सैकड़ों पेड़, कई यूनिपोल और बिजली के पोल गिर गए, जिससे बिजली व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई। आंधी तूफान पहले भी मचा चुका है तबाही कुछ समय पहले भमोरा थाना क्षेत्र में आई आपदा के बाद एक बार फिर उसी तरह के तूफान ने शहर को दहला दिया है। तूफान से भारी नुकसान हुआ है और बिजली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है। शहर के कई इलाकों में बुधवार रात से ही बिजली गुल है, जिससे पूरे जिले में ब्लैकआउट जैसी स्थिति बनी रही। जगह-जगह पेड़ और बिजली के खंभे तारों पर गिर गए, जिससे बिजली तंत्र चरमरा गया है। करीब 10 घंटे तक आपूर्ति बाधित रही और गुरुवार दोपहर 12 बजे तक भी कई क्षेत्रों में बिजली बहाल नहीं हो सकी है। कैंट क्षेत्र में सोलर पैनल गिरने से युवक की मौत 10 जून की रात आई तेज आंधी के कारण थाना कैंट क्षेत्र में दो दुखद घटनाएं हुईं। पहली घटना में नकटिया निवासी 25 वर्षीय केरी सिंह पुत्र रामपाल अपने घर के आंगन में सो रहे थे। आंधी के दौरान पड़ोसी के मकान की छत से सोलर पैनल उड़कर उनके ऊपर जा गिरा, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए और उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। पुलिस द्वारा पंचायतनामा और पोस्टमार्टम की कार्यवाही की जा रही है। इसी घटना में पड़ोस की 17 वर्षीय सविता पुत्री मैकुलाल के पैर में भी गंभीर चोट आई है, जिनका इलाज चल रहा है। उनके पैरो में फ्रैक्चर हुआ है। आश्रम में पेड़ गिरने से चार लोग घायल दूसरी घटना थाना कैंट क्षेत्र स्थित संत मनी आश्रम परिसर की है, जहां आंधी के कारण एक पुराना पीपल का पेड़ गिर गया। आश्रम में बैठे 4 व्यक्ति इसकी चपेट में आ गए। घायलों में मोहनपुर निवासी हरीश (26) के हाथ में फ्रैक्चर आया है, रवि (30) के सिर व कमर में चोटें आईं हैं और पप्पू उर्फ मोंटी (75) के सिर में गंभीर चोट लगी है। ये तीनों जिला अस्पताल में उपचाराधीन हैं। वहीं, चौथे घायल रामभरी (50) को मामूली चोटें आई थीं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया है। इतना ही नहीं एक ऑटो के ऊपर एक पेड़ गिरने से उसमें बैठा एक युवक भी गंभीर रूप से घायल हो गया।
बच्ची से दुष्कर्म मामले में लापरवाही पर कार्रवाई:अमरोहा में रहरा इंस्पेक्टर लाइन हाजिर
अमरोहा एसपी लखन सिंह यादव ने रहरा थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अखिलेश प्रधान को लाइन हाजिर कर दिया है। माना जा रहा है कि यह कार्रवाई तीन दिन पूर्व थाना क्षेत्र में आठ साल की दलित बच्ची से दुष्कर्म के मामले में लापरवाही बरतने की शिकायत मिलने के बाद की गई है। दरअसल, तीन दिन पहले रहरा थाना क्षेत्र में एक आठ साल की दलित बच्ची के साथ पड़ोसी मुस्लिम युवक ने खेत पर ले जाकर दुष्कर्म किया था। पुलिस ने कुछ घंटों के भीतर ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। इसके साथ ही आरोपी के घर के कुछ अवैध हिस्से को बुलडोजर से ढहा दिया गया था। बताया जा रहा है कि इस मामले में लापरवाही बरतने की शिकायतें डीआईजी और एसपी स्तर तक पहुंची थीं, जिसके बाद एसपी ने यह कदम उठाया। फिलहाल, एसपी ने पूर्व में जिले के बछरायूं थाने के थानाध्यक्ष रहे दरोगा अमित तोमर को रहरा थाने भेजा है, लेकिन अभी तक किसी को भी थाने की कमान नहीं सौंपी गई है। मालूम रहे कि एसपी लखन सिंह यादव जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए काफी सतर्क रहते हैं। उनका स्पष्ट कहना है कि कार्य में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हाल ही में, एसपी ने लापरवाही बरतने के आरोप में नौगावां सादात थाना प्रभारी बालेंद्र यादव, मुंडा खेड़ा चौकी इंचार्ज परविंदर मलिक और दो सिपाहियों को निलंबित किया था।
जयपुर में एक किसान के बैंक अकाउंट से 5 लाख रुपए का साइबर फ्रॉड का मामला सामने आया है। फास्टैग रिचार्ज के दौरान ऑनलाइन एप पर ऑप्शन खुलते गए। ऑपशन भरने के दौरान बीच में छोड़ने पर बैंक अकाउंट में सेंध लगाकर साइबर क्रिमिनर्ल्स ने रुपए निकाल लिए। करणी विहार थाने में पीड़ित ने साइबर फ्रॉड की बुधवार को FIR दर्ज करवाई है। एसआई बृजेश यादव ने बताया कि करणी विहार के मीनावाला निवासी 52 साल के व्यक्ति ने मामला दर्ज करवाया है। वह खेती बाड़ी का काम करते है। 5 जून को ऑनलाइन पेमेंट एप के जरिए उनका बेटा फास्टैग रिचार्ज कर रहा था। फास्ट टैग रिचार्ज के दौरान कई ऑप्शन खुलते गए। खुले गए ऑप्शन में पूछे गए सवाल को टैग कर भरा गया। काफी बार ऑप्शन खुलने पर बीच में ही छोड़कर बंद कर दिया। आरोप है कि साइबर क्रिमिनर्ल्स ने इसका ही फायदा उठाकर बैंक अकाउंट में सेंध लगाई। ऑनलाइन सिस्टम हैक कर बैंक अकाउंट से 5.07 लाख रुपए निकाल लिए। मोबाइल पर मिले मैसेज के बाद साइबर फ्रॉड का एहसास होने पर मामला दर्ज करवाया गया।
औरैया एसपी ने किया पुलिस विभाग में फेरबदल:5 निरीक्षक और 2 उपनिरीक्षकों के कार्यक्षेत्र बदले गए
औरैया जनपद में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती ने पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल किया है। एसपी द्वारा जारी आदेश के तहत 5 निरीक्षक और 2 उपनिरीक्षकों सहित कई थानों के प्रभारियों को बदला गया है। प्रभारी निरीक्षकों के स्तर पर हुए इन बदलावों में विनेश कुमार को एरवाकटरा थाने से हटाकर बिधूना थाने का नया प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है। वहीं, ललितेश नारायण त्रिपाठी को अजीतमल थाने से स्थानांतरित कर बेला थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी क्रम में रमेश सिंह को सहार थाने से हटाकर अजीतमल थाने भेजा गया है। जबकि गंगादास गौतम को बेला थाने से एरवाकटरा थाने का प्रभार दिया गया है। उपनिरीक्षक स्तर पर भी एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। उपनिरीक्षक जितेंद्र कुमार तिवारी को निजाई चौकी से हटाकर सहार थाने का प्रभारी नियुक्त किया गया है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती ने बताया कि यह फेरबदल जनपद में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से किया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नए प्रभारियों के आने से थानों की कार्यशैली में तेजी आएगी और आम जनता को बेहतर पुलिसिंग का लाभ मिलेगा।
ग्वालियर के माधौगंज थाना क्षेत्र के गंजी वाला मोहल्ला में आवारा कुत्तों से लोग परेशान है। मोहल्ले के रहवासियों का कहना है कि 7-8 आवारा कुत्ते लगातार लोगों पर हमला कर रहे हैं और अब तक कई लोग उनका शिकार हो चुके हैं। समस्या से परेशान रहवासियों ने बुधवार को पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचकर शिकायत की और कार्रवाई की मांग की। लोगों का आरोप है कि नगर निगम से शिकायत करने पर कुछ डॉग लवर्स उन्हें धमका रहे हैं। रहवासी रवि श्रीवास और अन्य लोगों ने बताया कि कुत्तों के कारण बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। रात के समय बाइक सवारों पर भी कुत्ते झपट पड़ते हैं, जिससे हादसों का खतरा बना रहता है। लोगों का कहना है कि कई बार नगर निगम को शिकायत की गई, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। शिकायत के बाद बढ़ा विवाद रहवासियों का आरोप है कि जब उन्होंने नगर निगम की हेल्पलाइन पर शिकायत की तो कुछ डॉग लवर्स इलाके में पहुंच गए और कुत्तों को पकड़ने का विरोध करने लगे। लोगों का कहना है कि उन्हें यह तक कहा गया कि यदि कुत्तों को हटाने की कोशिश की गई तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 6 महीने में 12 हजार लोग बने शिकार एक हजार बिस्तर अस्पताल की डॉग बाइट ओपीडी के आंकड़ों के मुताबिक पिछले छह महीनों में करीब 12 हजार लोग कुत्तों के काटने का शिकार हो चुके हैं। इनमें निजी अस्पतालों और क्लीनिकों में इलाज कराने वाले मरीज शामिल नहीं हैं। ऐसे में वास्तविक संख्या इससे भी अधिक हो सकती है। नगर निगम ने बताई परेशानी नगर निगम के सहायक नोडल अधिकारी गौरव परिहार ने बताया कि शिकायत मिलने पर टीम भेजकर कुत्तों को पकड़ने की कार्रवाई की जाती है, लेकिन कई बार डॉग लवर्स के विरोध के कारण परेशानी आती है। उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में पकड़े गए कुत्तों को भी छुड़ा लिया जाता है। परिहार के अनुसार नगर निगम रोजाना करीब 30 कुत्तों की नसबंदी कर रहा है और पिछले छह महीनों में लगभग 5 हजार कुत्तों की नसबंदी व टीकाकरण किया जा चुका है। डॉग लवर्स ने भी रखा पक्ष डॉग लवर नम्रता सक्सेना का कहना है कि यदि कोई कुत्ता आक्रामक है या लोगों को नुकसान पहुंचा रहा है तो उसी पर कार्रवाई होनी चाहिए। सभी कुत्तों को पकड़ना या उनके रहने-खाने की व्यवस्था खत्म करना उचित नहीं है। शहर के कई इलाकों में बढ़ी समस्या ग्वालियर के हजीरा, चार शहर का नाका, बिरलानगर, बहोड़ापुर, किलागेट, बड़ा बाजार, नया बाजार और दाल बाजार जैसे कई इलाकों में आवारा कुत्तों की समस्या लगातार सामने आ रही है। हाल ही में जीवाजी यूनिवर्सिटी परिसर में सुबह सैर करने आए आठ लोगों पर भी कुत्तों ने हमला कर दिया था। नए शेल्टर होम बनाने की तैयारी नगर निगम का कहना है कि समस्या के समाधान के लिए नए डॉग शेल्टर होम तैयार किए जा रहे हैं। शिकायत वाले क्षेत्रों से कुत्तों को पकड़कर वहां रखा जाएगा और जरूरत पड़ने पर उनका इलाज व नसबंदी भी कराई जाएगी। रहवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर आंदोलन करेंगे।
यमुना किनारे मिला अज्ञात युवती का शव:जालौन में पुलिस शिनाख्त में जुटी, फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए
जालौन के थाना कुठौंद क्षेत्र के शंकरपुर चौकी अंतर्गत ग्राम शनगढ़ के पास यमुना नदी किनारे गुरुवार सुबह एक अज्ञात युवती का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। शव नदी के पानी में तैरता हुआ बालू घाट के किनारे पहुंचा था। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, फॉरेंसिक टीम तथा क्षेत्राधिकारी जालौन मौके पर पहुंचे और जांच-पड़ताल शुरू कर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा युवती की पहचान कराने के प्रयास तेज कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार सुबह करीब सात बजे शंकरपुर चौकी पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम शनगढ़ के निकट यमुना नदी के बालू घाट के किनारे एक युवती का शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक जगदंबा प्रसाद दुबे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उनके निर्देश पर चौकी प्रभारी रामबीर सिंह एवं पुलिस कर्मियों ने ग्रामीणों की सहायता से शव को नदी से बाहर निकलवाया। घटना की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्राधिकारी जालौन शैलेंद्र बाजपेई भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। वहीं फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य एकत्र कर जांच शुरू की। पुलिस अधिकारियों ने आसपास के लोगों से पूछताछ कर युवती की पहचान कराने का प्रयास किया। पुलिस के अनुसार मृतका की उम्र लगभग 22 वर्ष प्रतीत हो रही है। युवती ने आसमानी नीले रंग की जींस तथा सफेद डिजाइन वाली काली कुर्ती पहन रखी थी। उसके पैरों में गेरुआ रंग की चप्पलें थीं। प्रथम दृष्टया शव कुछ समय पुराना प्रतीत हो रहा है और आशंका जताई जा रही है कि वह नदी के बहाव के साथ बहकर यहां पहुंचा होगा। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। साथ ही आसपास के जनपदों और थानों में युवती के हुलिए की जानकारी भेजकर उसकी पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है।
अंबिकापुर-बिलासपुर मुख्यमार्ग पर उदयपुर पेट्रोल पंप के पास बुधवार शाम तेज रफ्तार बाइक अज्ञात वाहन से जा टकराई। हादसे में बाइक चला रहे टीचर की मौके पर मौत हो गई, जबकि साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के दौरान तेज बारिश हो रही थी, इस कारण कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं मिला। मामला उदयपुर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, केसगवां मिडिल स्कूल में पदस्थ टीचर प्रदीप कश्यप (50) बुधवार शाम अपने साथी भुनेश्वर राजवाड़े (32) के साथ सीडी डिलक्स बाइक पर सवार होकर शाम करीब 6 बजे उदयपुर से लखनपुर की ओर जा रहे थे। झमाझम बारिश के बीच नेशनल हाईवे-30 पर विवान फ्यूल्स पेट्रोल पंप के पास उनकी बाइक अज्ञात वाहन से टकरा गई। हादसे में दोनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना राहगिरों ने डायल 112 की टीम को दी। टीचर की मौत, दूसरा सवार घायल डायल 112 की टीम ने दोनों को तत्काल हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने जांच के बाद प्रदीप कश्यप को मृत घोषित कर दिया। वहीं भुनेश्वर राजवाड़े को अंबिकापुर रेफर कर दिया गया है। टीचर और सवार दोनों के सिर में चोटें आई थीं। दोनों ने हेलमेट नहीं पहना था। हादसे का कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं हादसे के दौरान आंधी और तेज बारिश के कारण मार्ग पर आवागमन रुका हुआ था। गाड़ियों को ड्राइवरों ने सड़क किनारे भी खड़ा कर दिया था। आवागमन नहीं होने के कारण हादसे का कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं मिला है। उदयपुर पुलिस ने टीचर के शव का पोस्टमॉर्टम कराया और शव परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

