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रेहान वाद्रा की Bikaner House प्रदर्शनी से 70 तस्वीरें हटाई गईं, Congress ने साधा निशाना

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा के बेटे और फोटोग्राफर रेहान वाद्रा की प्रदर्शनी से कई तस्वीरें हटाए जाने को लेकर बृहस्पतिवार को उस वक्त राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया जब मुख्य विपक्षी दल ने आरोप लगाया कि अंग्रेजों की तरह भाजपा और आरएसएस के लोग भी सच से डरते हैंवहीं, ‘बीकानेर हाउस सोसाइटी’ ने कहा कि कुछ तस्वीरें उसकी नीति के अनुरूप नहीं पाए जाने के कारण उन्हें हटाने को कहा गया था और शेष तस्वीरें प्रदर्शनी में लगी हुई हैं। विवाद के बीच, रेहान ने कहा कि अधिकांश कला राजनीतिक होती है और किसी कला संस्थान को राजनीतिक विषयवस्तु की अनुमति नहीं देने का फैसला नहीं करना चाहिए। रेहान ने ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा कि उनकी एकल प्रदर्शनी ‘नो आइडिया इज फाइनल’ बुधवार शाम सात बजे शुरू होनी थी और इसके उद्घाटन से करीब 24 घंटे पहले बीकानेर हाउस प्रबंधन ने उन्हें बताया कि कुछ तस्वीरें आपत्तिजनक हो सकती हैं या संस्थान की नीति के खिलाफ हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रबंधन से आपत्तियां लिखित रूप में देने को कहा, लेकिन अगले दिन दोपहर करीब साढ़े 12 बजे उन्हें बताया गया कि प्रदर्शनी में शामिल 105 तस्वीरों में से करीब 70 को हटाना होगा। रेहान के अनुसार, उन्होंने पहले ही ऐसी कुछ तस्वीरें अलग कर दी थीं जिनमें स्पष्ट रूप से राजनीतिक नारे थे। कुछ अन्य तस्वीरों में झंडे और राजनीतिक नेता दिखाई दे रहे थे और वह उनके बारे में प्रबंधन से चर्चा करने के लिए तैयार थे। उन्होंने दावा किया कि अधिकारियों ने दिल्ली में हाल में हुए विरोध प्रदर्शनों के संदर्भ में कुछ तस्वीरों को ‘राजनीतिक’ बताते हुए उन्हें हटाने को कहा। रेहान ने कहा कि उनकी टीम ने कई तस्वीरें हटा दीं, लेकिन राष्ट्रीय ध्वज वाली दो तस्वीरों को हटाने की मांग पर उन्होंने आपत्ति जताई। उनका दावा है कि जब वह प्रदर्शनी के उद्घाटन के लिए तैयार होने घर गए थे, तब अधिकारियों ने भारतीय ध्वज वाली एक तस्वीर स्वयं हटा दी। उन्होंने कहा, ‘‘अधिकांश कला राजनीतिक होती है...आप एक कला संस्थान के रूप में काम करते हुए यह नहीं कह सकते कि राजनीतिक विषयवस्तु की अनुमति नहीं है।’’रेहान ने यह भी कहा कि प्रदर्शनी का प्रारूप करीब एक सप्ताह पहले ही बीकानेर हाउस प्रबंधन के साथ साझा किया गया था और यदि तस्वीरों को लेकर आपत्ति थी तो उस पर पहले ही चर्चा की जानी चाहिए थी। दूसरी ओर, बीकानेर हाउस सोसाइटी ने एक बयान में कहा कि वह कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए समर्पित सार्वजनिक सांस्कृतिक संस्थान है और वहां आयोजित प्रदर्शनियों तथा उनसे जुड़ी गतिविधियों को बीकानेर हाउस प्रबंधन सोसाइटी की नीति का पालन करना होता है। सोसाइटी ने कहा, ‘‘रेहान वाद्रा की प्रदर्शनी ‘नो आइडिया इज फाइनल’ के तहत प्रदर्शित कुछ तस्वीरें बीकानेर हाउस प्रबंधन सोसाइटी की नीति के अनुरूप नहीं पाई गईं। इसलिए उन्हें हटाने का आग्रह किया गया।’’उसने कहा कि नीति के अनुरूप पाई गई अन्य तस्वीरें प्रदर्शनी में लगी हुई हैं। इस बीच, रेहान के पिता रॉबर्ट वाद्रा ने कहा कि उन्हें अपने बेटे और उसकी मेहनत पर गर्व है। उन्होंने कहा कि रेहान ने दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों के दौरान तस्वीरें ली थीं और प्रदर्शनी के लिए करीब एक सप्ताह पहले ही संबंधित अधिकारियों को विस्तृत सामग्री भेज दी थी। प्रियंका गांधी वाद्रा ने अपने बेटे की प्रदर्शनी से कई तस्वीरें हटाए जाने को ‘‘हास्यास्पद’’ करार देते हुए आरोप लगाया कि देश के युवाओं की आवाज दबाई जा रही है। उन्होंने ‘एक्स’ पर अपने बेटे के नाम संदेश में कहा कि जब सत्ता में बैठा कोई व्यक्ति किसी अन्य की अभिव्यक्ति से डरने लगता है तो वह उस ताकत को पहले ही खो चुका होता है, जिसे वह बचाने की कोशिश कर रहा होता है। कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा, ‘‘युवाओं की अभिव्यक्ति के खिलाफ संघ की मानसिकता पूरी तरह सामने आ रही है। जब युवा अपने मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतरते हैं और अपनी बात रखते हैं, तो आपको परेशानी होती है। जब वे कला के माध्यम से अपनी बात कहते हैं, तब भी आपको परेशानी होती है। आखिर युवा अपनी बात कैसे रखें और उनकी अभिव्यक्ति से आपको क्या समस्या है?’’उन्होंने कहा, ‘‘भारत के युवाओं की अभिव्यक्ति को लेकर अंग्रेजों को भी यही समस्या थी। युवा अपनी बात रखेंगे। उनकी बात सुनिए और देखिए। यह कला है, आखिर इससे भी आपको क्या समस्या है?’’खेड़ा ने कहा कि असल बात है कि ये लोग सच से डरते हैं।

प्रभासाक्षी 22 Oct 2026 7:03 pm

Bikaner House ने Raihan Vadra की प्रदर्शनी से तस्वीरें हटाने का किया बचाव, बताया नीति के खिलाफ

बीकानेर हाउस मैनेजमेंट सोसाइटी ने रायहान वाड्रा की प्रदर्शनी नो आइडिया इज़ फाइनल से कुछ कलाकृतियों को हटाने के अपने अनुरोध का बचाव किया है। सोसाइटी का कहना है कि कुछ तस्वीरें उनकी नीति के अनुरूप नहीं पाई गईं। सोसाइटी ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि जो कलाकृतियां उनके दिशानिर्देशों के अनुरूप हैं, उन्हें प्रदर्शित किया जाना जारी रहेगा। एक आधिकारिक बयान में, सोसाइटी ने इस बात पर जोर दिया कि बीकानेर हाउस एक सार्वजनिक सांस्कृतिक संस्थान है, जो कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है। साथ ही, यह भी कहा गया कि प्रदर्शनियों और उनसे जुड़ी गतिविधियों को सोसाइटी की नीति का पालन करना होगा। इसे भी पढ़ें: Jairam Ramesh ने Ram Mandir जमीन खरीद पर PM Modi को घेरा, चंदे में हेरफेर का लगाया आरोप यह बयान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे रेहान वाड्रा के आरोपों के बाद आया है। रेहान ने बुधवार को आरोप लगाया कि बीकानेर हाउस प्रबंधन ने उन्हें अपनी प्रदर्शित कलाकृतियों का बड़ा हिस्सा हटाने के लिए कहा। इन कलाकृतियों में छात्रों के विरोध-प्रदर्शनों को दिखाया गया था। इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में रेहान ने लिखा कि पांच घंटे पहले, बीकानेर हाउस प्रबंधन ने मुझे अपने शो ‘नो आइडिया इज़ फाइनल’ से ज़्यादातर कलाकृतियां हटाने के लिए मजबूर किया। यह शो आज शाम 7 बजे शुरू होने वाला है। इनमें दिल्ली में युवाओं के विरोध-प्रदर्शनों की तस्वीरें थीं। उनके अनुसार, यह कंटेंट ‘आपत्तिजनक’ है। उन्होंने मुझसे तिरंगे की दो तस्वीरें हटाने के लिए भी कहा। मैंने मना कर दिया है। मैं भारतीय ध्वज की तस्वीर नहीं हटाऊंगा। रेहान ने आगे कहा कि फिलहाल प्रदर्शनी आंशिक रूप से जारी रहेगी, और अगर ज़रूरत पड़ी तो वह विरोध-प्रदर्शनों की तस्वीरों के पूरे कलेक्शन को प्रदर्शित करने के लिए कोई दूसरी जगह तलाशेंगे। प्रियंका गांधी वाड्रा ने गुरुवार को 'X' पर एक पोस्ट के जरिए अपने बेटे का समर्थन किया। उन्होंने लिखा कि जब सत्ता में बैठा कोई व्यक्ति किसी दूसरे की अभिव्यक्ति से डरने लगता है, तो उसे पता भी नहीं चलता कि वह उसी सत्ता को खो चुका है जिसे वह बचाने की कोशिश कर रहा है। तुम सच के साथ खड़े रहो, और हर खूबसूरत चीज़ खुद-ब-खुद तुम्हारे पास आ जाएगी। मुझे तुम पर गर्व है, और हमेशा रहेगा। इसे भी पढ़ें: मोदी मॉडल पर चुनाव लड़ने चले थे ट्रंप, 9 सर्वे में जनता ने किया रिजेक्ट, अब 2 साल कठपुतली बनकर रहेंगे! रेहान के पिता, रॉबर्ट वाड्रा ने भी गर्व जताया और कहा कि परिवार प्रदर्शनी के लिए कोई दूसरी जगह ढूंढ लेगा। उन्होंने यह तो नहीं बताया कि यह फैसला राजस्थान सरकार के दबाव में लिया गया या किसी और वजह से, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि उनके बेटे को अपना काम प्रदर्शित करने से कोई नहीं रोक सकता। ANI से बात करते हुए रॉबर्ट वाड्रा ने कहा कि मुझे रेहान पर बहुत गर्व है। उसने देखा है कि पूरे परिवार को किन-किन चीज़ों से गुजरना पड़ा है, और उसके पिता को किन हालात का सामना करना पड़ा है। इसलिए, वह एक बहुत मजबूत इंसान है, बहुत दृढ़ विचारों वाला व्यक्ति है। वह कोई दूसरी जगह ढूंढ लेगा, और हम प्रदर्शनी किसी दूसरी जगह पर आयोजित करेंगे।

प्रभासाक्षी 22 Oct 2026 5:58 pm

Robert Vadra ने Bikaner House फैसले पर उठाए सवाल, बोले- बेटे Raihan Vadra का काम रुक नहीं सकता

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के पति और रेहान वाड्रा के पिता, रॉबर्ट वाड्रा ने गुरुवार को अपने बेटे पर गर्व जताया। बीकानेर हाउस में उनके बेटे की फोटोग्राफी प्रदर्शनी पर आपत्तियां उठाए जाने के बाद, उन्होंने कहा कि परिवार उनके काम को प्रदर्शित करने के लिए कोई दूसरी जगह ढूंढ लेगा। वाड्रा ने कहा कि उन्हें पक्का नहीं पता कि बीकानेर हाउस का यह फैसला राजस्थान सरकार से जुड़ा है या किसी और दबाव के कारण लिया गया है। उन्होंने आगे कहा कि उनके बेटे को अपनी प्रतिभा दिखाने से रोका नहीं जाएगा। इसे भी पढ़ें: Raihan Vadra की प्रदर्शनी से तस्वीरें हटाने पर भड़के Ashok Gehlot, BJP सरकार पर साधा निशाना ANI से बात करते हुए वाड्रा ने कहा कि मुझे रेहान पर बहुत गर्व है। उसने देखा है कि पूरा परिवार किन हालात से गुजर रहा है और किन हालात से गुजरा है, और उसके पिता किन हालात से गुजरे हैं। इसलिए, वह एक बहुत मजबूत इंसान है, बहुत मजबूत इरादों वाला इंसान है। वह कोई दूसरी जगह ढूंढ लेगा, और हम इसे किसी दूसरी जगह पर करेंगे। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता कि बीकानेर हाउस का यह फैसला राजस्थान सरकार से जुड़ा है या इसके पीछे क्या दबाव हैं, लेकिन किसी युवा लड़के को अपनी प्रतिभा दिखाने से रोका नहीं जा सकता। इसलिए, हमें उसकी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए कोई दूसरी जगह ढूंढनी होगी, और वे तस्वीरें वहां जरूर लगाई जाएंगी। हमें कहीं भी इन्हें प्रदर्शित करने से कोई नहीं रोक पाएगा। वाड्रा ने यह भी कहा कि तस्वीरें विवादास्पद नहीं थीं, बल्कि वे रेहान के दृष्टिकोण और रचनात्मकता को दर्शाती थीं। उन्होंने आगे कहा कि ये तस्वीरें किसी भी तरह से विवादास्पद नहीं हैं। ये बस उसकी सोच और उसके रचनात्मक पक्ष को दिखाती हैं। जब वह खुद विरोध-प्रदर्शन वाली जगह पर मौजूद था, तब उसने ये तस्वीरें ली थीं, और इनमें कुछ भी विवादास्पद नहीं है। उन्हें इस बारे में पहले ही बता दिया गया था। इसे भी पढ़ें: Raihan Vadra की प्रदर्शनी से हटाई गईं 70 से ज्यादा तस्वीरें, Bikaner House में हुआ विवाद वाड्रा ने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि बीकानेर हाउस में रेहान वाड्रा की फोटोग्राफी प्रदर्शनी पर आपत्तियां उठाई गईं, जबकि सभी कलाकृतियों वाली PDF फाइल पहले ही जमा कर दी गई थी। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी को स्वीकार किए जाने और क्रिएटिव इंडस्ट्री के लोगों को निमंत्रण भेजे जाने से पहले, प्रशासन के पास अपनी कोई भी चिंता जताने के लिए एक हफ्ते का समय था। उन्होंने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रोटोकॉल के अनुसार PDF फाइल जमा करने के बाद भी ऐसा हुआ। वह पिछले छह-सात सालों से प्रदर्शनियां कर रहा है, और बीकानेर हाउस एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जिसका इस्तेमाल उसने कई बार किया है। वह संवेदनशीलता और प्रोटोकॉल को समझता है, और हमेशा उस सभी कंटेंट की PDF फाइल देता है जिसे प्रदर्शनी में दिखाया जाना होता है।

प्रभासाक्षी 22 Oct 2026 2:18 pm

बीकानेर हाउस में बवाल! Priyanka Gandhi Vadra के बेटे Raihan Vadra की प्रदर्शनी से हटाई गईं 75 तस्वीरें, भड़कीं प्रियंका बोलीं- 'अब यह लोकतंत्र नहीं रहा'

राजधानी दिल्ली के प्रतिष्ठित सांस्कृतिक केंद्र बीकानेर हाउस (Bikaner House) में एक नया कलात्मक और राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा और रॉबर्ट वाड्रा के बेटे, युवा कलाकार और फोटोग्राफर रेहान वाड्रा (Raihan Vadra) ने बीकानेर हाउस प्रशासन पर कलात्मक स्वतंत्रता (Artistic Freedom) को सीमित करने का गंभीर आरोप लगाया है। रेहान के अनुसार, बीकानेर हाउस प्रशासन ने उनकी नई फोटोग्राफी प्रदर्शनी से दिल्ली में हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शनों (Protests) और युवा आंदोलनों से जुड़ी 75 तस्वीरों को जबरन हटवा दिया है। इस घटना के बाद कला जगत और राजनीतिक गलियारों में अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर बहस छिड़ गई है। प्रशासन ने इसके पीछे तस्वीरों के राजनीतिक संदर्भ और अपनी बुकिंग पॉलिसी का हवाला दिया, जबकि प्रदर्शनी का लेआउट उन्हें पहले ही दे दिया गया था। इन तस्वीरों को हटा दिए जाने के बाद, वे दोनों कमरे लगभग खाली हो गए। कलाकार का कहना है कि यह कलेक्शन उनके तीन साल के काम को दर्शाता है, न कि सिर्फ दिल्ली में हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शनों की तस्वीरों को। रेहान ने 'इंडिया टुडे' से कहा, मुझे लगता है कि कला को किसी भी तरह से सीमित करना गलत है। उन्होंने तर्क दिया कि किसी सांस्कृतिक संस्थान के लिए बड़ी संख्या में तस्वीरों को सिर्फ इसलिए हटा देना, क्योंकि उन्हें 'आपत्तिजनक' माना जा सकता है, बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है। 'नो आइडिया इज़ फाइनल' (No Idea is Final) नाम की इस प्रदर्शनी में उनके तीन साल के फोटोग्राफी के काम को शामिल किया गया है। इसमें स्ट्रीट फोटोग्राफी, युवाओं के आंदोलन और दिल्ली में हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शनों की तस्वीरें शामिल हैं। इस प्रदर्शनी में 100 से ज़्यादा तस्वीरें और कलाकृतियां हैं, जिनमें से दो कमरों में लगी 75 तस्वीरों पर प्रशासन ने आपत्ति जताई। प्रदर्शनी से पहले की घटनाओं के बारे में बताते हुए रेहान ने कहा कि उन्होंने 15 अक्टूबर को ही बीकानेर हाउस के साथ लेआउट साझा कर दिया था, और प्रशासन की ओर से उन्हें इसकी पुष्टि भी मिल गई थी। हालांकि, 20 अक्टूबर को प्रदर्शनी शुरू होने से कुछ घंटे पहले ही उन्हें बताया गया कि कुछ तस्वीरें शायद वेन्यू की बुकिंग पॉलिसी का उल्लंघन करती हैं। उन्होंने कहा, मैंने कहा कि मैं इनमें से किसी भी तस्वीर को हटाने के लिए तैयार नहीं हूं। लेकिन अगर आपको सच में कोई दिक्कत है, तो आप मुझे लिखित में दें और बताएं कि आपको किन तस्वीरों से और क्यों परेशानी है। फिर हम इस पर चर्चा कर सकते हैं, शायद मैं कुछ तस्वीरों को बदल दूं। रेहान ने बताया कि 21 अक्टूबर को दोपहर करीब 2 बजे तक प्रशासन की ओर से कोई जवाब नहीं आया। इसके बाद उन्हें बताया गया कि उन तस्वीरों को हटाना ही होगा। उन्होंने बताया कि बाद में प्रिंसिपल रेजिडेंट कमिश्नर ने उनसे कहा कि भारत और दिल्ली में जो कुछ हो रहा था, उसे देखते हुए इन तस्वीरों का समय और संदर्भ इन्हें राजनीतिक बना देता है, जो कि उस जगह की नीति के खिलाफ है। इस तर्क पर सवाल उठाते हुए, रेहान ने कहा कि किसी कलाकृति के राजनीतिक संदर्भ से यह तय नहीं होना चाहिए कि उसे प्रदर्शित किया जा सकता है या नहीं। उन्होंने बताया कि दोपहर करीब 3:30 बजे प्रशासन ने चेतावनी दी कि अगर शाम 4 बजे तक तस्वीरें नहीं हटाई गईं, तो प्रदर्शनी रद्द कर दी जाएगी और इमारत को सील कर दिया जाएगा। प्रदर्शनी शुरू होने में बस कुछ ही घंटे बचे थे, इसलिए रेहान और उनकी टीम ने शुरुआत में तस्वीरों को पलट दिया, जिससे फ्रेम का पिछला हिस्सा दर्शकों की तरफ हो गया। लेकिन, उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि तस्वीरों को पूरी तरह से हटाकर स्टोर में रख दिया जाए। रेहान के लिए यह विवाद काफी निराशाजनक था, क्योंकि बीकानेर हाउस में वे अक्सर अपनी कलाकृतियां प्रदर्शित करते रहे हैं। उन्होंने बताया कि 2021 में उन्होंने वहां अपनी पहली प्रदर्शनी लगाई थी और तब से लगभग हर साल वे वहां आते रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे इस जगह को एक ऐसी जगह मानते थे जहां कलाकार बिना किसी रोक-टोक के, विषय की परवाह किए बिना, अपना काम पेश कर सकते हैं और खुद को अभिव्यक्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा, अगर कोई चीज़ बहुत ज़्यादा राजनीतिक हो, जैसे कि उसमें नारे लिखे हों, या किसी कलाकृति में नग्नता हो, तो मैं समझ सकता हूँ। लेकिन सिर्फ इसलिए कि कोई चीज़ किसी को आपत्तिजनक लग सकती है, 75 तस्वीरों को एक साथ हटा देना सही नहीं है। रेहान ने तर्क दिया कि कोई सांस्कृतिक संस्थान कला का समर्थन करने का दावा नहीं कर सकता, अगर वह कलाकारों को अपना काम प्रदर्शित करने की आज़ादी ही न दे। उन्होंने कहा, अगर आप अभिव्यक्ति की आज़ादी को सीमित कर रहे हैं, तो आप खुद को सांस्कृतिक संस्थान या कला क्षेत्र का हिस्सा नहीं कह सकते। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या सत्ता में कोई भी राजनीतिक दल हो, नियम यही रहेंगे? उन्होंने तर्क दिया कि किसी कलाकृति को सिर्फ इसलिए नहीं हटाया जाना चाहिए क्योंकि सरकार में बैठे लोग उसके विषय से सहमत नहीं हैं। इस झटके के बावजूद, रेहान ने कहा कि वे नहीं चाहते थे कि उनकी और उनकी टीम की महीनों की मेहनत के बाद पूरी प्रदर्शनी ही रद्द हो जाए। प्रशासन को जिन तस्वीरों पर आपत्ति थी, उन्हें दो कमरों से हटा दिया गया है, जबकि प्रदर्शनी का बाकी हिस्सा योजना के अनुसार रविवार तक जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि वे दिल्ली में कोई ऐसी दूसरी जगह तलाश रहे हैं, जहाँ अगले महीने इन हटाई गई तस्वीरों को प्रदर्शित किया जा सके। दिसंबर में यह प्रदर्शनी बेंगलुरु भी जाएगी, जहाँ इन कलाकृतियों को दिखाया जाएगा। तस्वीरों को हटाए जाने के कारण बीकानेर हाउस की CCA बिल्डिंग में प्रदर्शनी वाली जगह पर खाली जगहें साफ नजर आ रही हैं; पहली मंजिल के दो कमरे लगभग खाली हैं और लाल दीवारों पर अभी भी वे कीलें दिख रही हैं, जिन पर तस्वीरें टंगी हुई थीं। बाकी खाली दीवारों पर संविधान की प्रस्तावना की प्रतियां लगा दी गई हैं। बीकानेर हाउस के एक अधिकारी ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और कहा कि उन्हें ऐसा करने की अनुमति नहीं है। प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस कदम को बेतुका बताया इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने अपने बेटे की तस्वीरों का बचाव किया। उन्होंने कहा कि इनमें कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है, ये बस कुछ घटनाओं को दर्शाती हैं। यह चेतावनी देते हुए कि अन्य कलाकारों को भी ऐसी ही पाबंदियों का सामना करना पड़ सकता है, उन्होंने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, अब यह लोकतंत्र नहीं रहा। आज उनके साथ ऐसा हुआ है, कल किसी और कलाकार के साथ होगा। एक्स (X) पर एक पोस्ट में, प्रियंका ने रेहान के प्रति अपना समर्थन जताते हुए कहा, जब सत्ता में बैठा कोई व्यक्ति किसी दूसरे की अभिव्यक्ति से डरने लगता है, तो उसे शायद इस बात का एहसास नहीं होता, लेकिन वह असल में उसी ताकत को खो चुका होता है जिसे वह बचाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने आगे कहा, तुम सच के साथ खड़े रहो, और हर खूबसूरत चीज़ खुद-ब-खुद तुम्हारे पास आ जाएगी। मुझे तुम पर गर्व है, और हमेशा रहेगा। Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi

प्रभासाक्षी 22 Oct 2026 11:17 am

‘तिरंगे वाली तस्वीरें भी हटाने को कहा’: रेहान वाड्रा ने लगाया आरोप, प्रदर्शनी को लेकर विवाद क्यों?

‘तिरंगे वाली तस्वीरें भी हटाने को कहा’: रेहान वाड्रा ने लगाया आरोप, प्रदर्शनी को लेकर विवाद क्यों?raihan vadra bikaner house exhibition censorship row

अमर उजाला 22 Oct 2026 9:54 am

Raihan Vadra की प्रदर्शनी से हटाई गईं 70 से ज्यादा तस्वीरें, Bikaner House में हुआ विवाद

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा के बेटे और फोटोग्राफर रेहान वाद्रा ने बुधवार को कहा कि बीकानेर हाउस प्रशासन ने उनकी एकल प्रदर्शनी शुरू होने से कुछ घंटे पहले दिल्ली में हालिया विरोध-प्रदर्शनों से जुड़ी उनकी कई तस्वीरें हटा दीं। प्रदर्शनी ‘नो आइडिया इज फाइनल’ का पूर्वावलोकन (प्रिव्यू) बुधवार को हुआ। यह प्रदर्शनी बृहस्पतिवार से आम लोगों के लिए खुलेगी। रेहान ने कहा कि उन्हें बुधवार को अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे बताया गया कि अगर तस्वीरें शाम पांच बजे तक नहीं हटाई गईं, तो प्रदर्शनी रद्द कर दी जाएगी। रेहान ने कहा कि उन्होंने प्रदर्शनी का विस्तृत प्रस्ताव और प्रारूप बीकानेर हाउस प्रबंधन के साथ काफी पहले साझा कर दिया था, इसके बावजूद प्रशासन ने कई तस्वीरें हटा दीं। रेहान के मुताबिक, प्रदर्शनी में शुरू में वन्यजीवन, अमूर्त कला और भारत में युवाओं के हालिया प्रदर्शनों की तस्वीरें समेत 100 से अधिक तस्वीरें शामिल थीं, जिनमें से 70 से अधिक तस्वीरें हटा दी गई हैं और करीब 40 तस्वीरें अभी प्रदर्शित हैं। उन्होंने कहा कि हटाई गई तस्वीरों में किसी तरह का राजनीतिक संदेश नहीं था और वे पिछले छह महीने के दौरान हुए विरोध-प्रदर्शनों का केवल दृश्य दस्तावेजीकरण थीं। रेहान ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “एक भारतीय कलाकार के तौर पर मुझे लगा कि जो कुछ हो रहा है, उसका दस्तावेजीकरण करना मेरा कर्तव्य है। वे कलाकारों के काम को सेंसर कर रहे हैं। मुझे नहीं पता कि वे किस बात से डरे हुए हैं। उन्होंने भारतीय ध्वज की तस्वीर तक हटा दी।”रेहान ने दावा किया कि बीकानेर हाउस प्रशासन ने तस्वीरें हटाने के पीछे मौजूदा “राजनीतिक माहौल” का हवाला दिया और कहा कि ऐसी तस्वीरों को प्रदर्शित करने का यह सही समय नहीं है। रेहान ने कहा, “मैंने तर्क दिया कि आप यह नहीं कह सकते कि राजनीतिक कला प्रदर्शित न करें, क्योंकि सारी कला राजनीतिक होती है। राजनीति के बिना कोई कला नहीं है।”रेहान की मां और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने तस्वीरें हटाए जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि यह हास्यास्पद है। वे देशभर के युवाओं की आवाज को दबा रहे हैं। इसलिए यह स्वाभाविक ही है कि वे किसी के साथ भी ऐसा करेंगे।”प्रियंका ने कहा, “विरोध-प्रदर्शनों से जुड़ी उसकी (रेहान) तस्वीरों में न तो कोई टिप्पणी थी और न ही किसी के खिलाफ कुछ अपमानजनक था। वे सिर्फ विरोध-प्रदर्शन का दृश्य के जरिये किया गया दस्तावेजीकरण थीं। स्पष्ट रूप से यही उनका (सरकार) तरीका है। अब लोकतंत्र नहीं रहा। आज यह उसके साथ हुआ है, कल किसी और कलाकार के साथ होगा।”रेहान ने एक बयान में कहा कि बीकानेर हाउस प्रबंधन ने प्रदर्शनी के उद्घाटन से कुछ घंटे पहले विरोध-प्रदर्शनों से जुड़ी तस्वीरों की “राजनीतिक प्रकृति” पर आपत्ति जताई और उन्हें हटाने का अनुरोध किया। रेहान ने कहा कि प्रदर्शनी का विस्तृत प्रस्ताव और लेआउट पहले ही प्रबंधन के साथ साझा किया जा चुका था, इसलिए उद्घाटन से 24 घंटे से भी कम समय पहले लगभग 50 प्रतिशत कलाकृतियों को हटाने का अनुरोध करना उचित नहीं था। बीकानेर हाउस के एक अधिकारी ने कहा कि वह इस मामले पर टिप्पणी करने के लिए अधिकृत नहीं हैं। बीकानेर हाउस के सीसीए भवन की पहली मंजिल पर स्थित दो बड़े कमरों की दीवारों से करीब 74 तस्वीरें हटाए जाने के बाद वहां तस्वीरों की जगह लगी कीलें नजर आ रही थीं। दीवारों पर संविधान की प्रस्तावना अंकित थी। प्रदर्शनी रविवार तक जारी रहेगी और तस्वीरें हटाए जाने के बावजूद इसका आयोजन निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार किया जा रहा है।

प्रभासाक्षी 22 Oct 2026 7:43 am