पारा बुद्धेश्वर महादेव मंदिर परिसर के ऐतिहासिक सीताकुंड में गुरुवार को एक बार फिर बड़ी संख्या में मछलियां मरी हुई मिलीं। स्थानीय लोगों के अनुसार, डेढ़ महीने के अंदर तालाब में बड़ी संख्या में मछलियों के मरने की यह तीसरी घटना है। लगातार हो रही इन घटनाओं के बावजूद तालाब की सफाई और पानी की जांच नहीं कराई जा रही है। सुबह तालाब की सतह पर बड़ी संख्या में मरी हुई मछलियां उतराती दिखीं। कुछ ही देर में मंदिर परिसर और आसपास के लोग वहां जमा हो गए। लोगों का आरोप है कि तालाब की साफ-सफाई को लेकर संबंधित विभाग गंभीर नहीं है। तालाब में जोरदार काई जमी हुई है। मंदिर के पुजारी और अधिकारियों ने भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। मछलियों के मरने से बदबू फैल रही है स्थानीय लोगों ने बताया कि मरी हुई मछलियों के तालाब में पड़े रहने से बदबू फैल रही है। इससे मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं के साथ-साथ आसपास रहने वाले लोगों को भी परेशानी हो रही है। लोगों ने आशंका जताई कि अगर समय पर सफाई नहीं हुई, तो गंदगी और बदबू के कारण स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। मरी हुई मछलियों को तालाब से बाहर निकलवाने के लिए सेवादार और व्यापार मंडल के पदाधिकारी आगे आए। सेवादार अंश लाला, बउवा कश्यप और बुद्धेश्वर उद्योग व्यापार मंडल के मंत्री प्रियांशु गुप्ता समेत कई लोगों ने मरी मछलियों को तालाब से बाहर निकाला। इसके बाद गड्ढा खोदकर मछलियों को दफनाया गया। लोगों ने स्थायी समाधान की मांग की स्थानीय लोगों ने मांग की है कि तालाब के पानी की तुरंत जांच कराई जाए। साथ ही मछलियों की मौत के असली कारण का पता लगाया जाए। तालाब की नियमित सफाई और पानी की गुणवत्ता की निगरानी की व्यवस्था करने को भी कहा। लोगों का कहना है कि सीताकुंड धार्मिक आस्था से जुड़ा एक अहम स्थल है। ऐसे में बार-बार मछलियों की मौत की घटनाओं को नजरअंदाज करना चिंता की बात है। लोगों ने प्रशासन से इस मामले में ठोस कार्रवाई कर स्थायी समाधान की मांग की है।
गोरखपुर में साइबर अपराध से बचाव केवल स्वयं को सुरक्षित रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने परिवार और समाज को भी जागरूक करना आज के डिजिटल युग की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य के साथ थाना तिवारीपुर पुलिस ने विद्यालय की छात्राओं के बीच पहुंचकर सुरक्षा, सतर्कता, शिक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया। थानाध्यक्ष विकास कुमार सिंह, थाना तिवारीपुर के नेतृत्व में सरस्वती बालिका विद्यालय, सूरजकुंड, गोरखपुर में वृहद साइबर जागरूकता, मिशन शक्ति एवं नशा मुक्ति अभियान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कक्षा 6 से कक्षा 12 तक की लगभग 1500 छात्राओं ने सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान साइबर हेल्पडेस्क प्रभारी उपनिरीक्षक धर्मेंद्र कुमार यादव एवं आरक्षी प्रवीण पांडे ने छात्राओं से सीधे संवाद करते हुए वर्तमान समय में होने वाले साइबर अपराधों को सरल उदाहरणों के माध्यम से समझाया। छात्राओं को Call Forwarding, OTP Fraud, Digital Arrest, फर्जी कॉल एवं मैसेज, संदिग्ध लिंक, सोशल मीडिया फ्रॉड तथा ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी के बारे में जानकारी दी गई। छात्राओं को समझाया गया कि OTP, PIN, Password एवं बैंक से संबंधित गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें, अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें और किसी कॉल पर डर या दबाव में आकर पैसे ट्रांसफर न करें। साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करने तथा National Cyber Crime Reporting Portal पर शिकायत दर्ज कराने के संबंध में भी जानकारी दी गई। मिशन शक्ति के माध्यम से महिला सुरक्षा का संदेश मिशन शक्ति प्रभारी महिला उपनिरीक्षक अनिशा गौतम और उनकी टीम ने छात्राओं को 1090 एवं 1076 जैसी महत्वपूर्ण हेल्पलाइन सेवाओं के बारे में बताया। साथ ही नशीले पदार्थों से होने वाले शारीरिक, मानसिक, पारिवारिक एवं सामाजिक दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया। साइबर हेल्पडेस्क प्रभारी उपनिरीक्षक धर्मेंद्र कुमार यादव ने छात्राओं से शिक्षा, करियर और भविष्य को लेकर भी संवाद किया। उन्होंने छात्राओं को मन लगाकर पढ़ने, समय का सदुपयोग करने, मेहनत के साथ उस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. रश्मि श्रीवास्तव ने थाना तिवारीपुर पुलिस, साइबर हेल्पडेस्क टीम, मिशन शक्ति टीम की सराहना करते हुए धन्यवाद दिया।
गाजीपुर में लम्पी से बचाव के लिए तैयारी तेज:2.66 लाख पशुओं का टीकाकरण, 72 हजार वैक्सीन डोज उपलब्ध
गाजीपुर में लम्पी स्किन डिजीज के संक्रमण को देखते हुए पशुपालन विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में यह बीमारी फैल चुकी है। मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद ने बताया कि जिले में अभी तक लम्पी से संक्रमित एक भी पशु नहीं मिला है, लेकिन विभाग को अलर्ट पर रखा गया है। सीडीओ आलोक प्रसाद ने बताया कि जिले में करीब 2.66 लाख दुधारू पशुओं का टीकाकरण किया जाना है। फिलहाल 72 हजार वैक्सीन डोज उपलब्ध हैं। बॉर्डर वाले इलाकों में लगभग 19 हजार पशुओं को टीका लगाया जा चुका है। बाकी पशुओं का टीकाकरण वैक्सीन मिलने के बाद अभियान चलाकर पूरा किया जाएगा। विभाग का लक्ष्य तय समय में सभी पशुओं को वैक्सीन लगाने का है। सीडीओ ने पशुपालकों से अपील की है कि वे पशुओं को एक साथ चराने न ले जाएं और अभी पशु मेलों में जाने से बचें। जिन इलाकों में लम्पी का संक्रमण फैला है, वहां से पशु खरीदकर गाजीपुर न लाएं। अगर घर में एक से ज्यादा पशु हैं, तो हर पशु के लिए अलग चरनी और पानी की व्यवस्था रखने की सलाह दी गई है। लम्पी स्किन डिजीज एक वायरस से फैलने वाली बीमारी है। इसके मुख्य लक्षणों में तेज बुखार आना, आंख और नाक से पानी बहना, शरीर में सूजन और त्वचा पर गांठें बनना शामिल हैं। इस बीमारी से पशुओं की दूध देने की क्षमता पर भी असर पड़ सकता है। यह बीमारी संक्रमित पशु के संपर्क में आने के अलावा मच्छर और मक्खियों से भी फैल सकती है।
जोधपुर में 14 सितंबर को बारिश की संभावना:अब तक 31 प्रतिशत कम हुई बरसात; जानें कल से कैसा रहेगा मौसम
जोधपुर में मौसम गर्म बना हुआ है। सुबह से ही धूप खिली जिससे उमस बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार 13 सितंबर तक बारिश का अलर्ट नहीं है। 14 सितंबर को हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। 15 और 16 सितंबर को आंधी के साथ बारिश की संभावना है। शहर में अगस्त माह के शुरुआती कुछ दिनों के बाद से बारिश नहीं हुई है। तापमान में भी पिछले कुछ दिनों से बढ़ोतरी हुई है। वहीं, बुधवार को मौसम गर्म रहा। दिन में धूप के साथ उमस रही। अधिकतम तापमान 36.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 1.6 डिग्री अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 26.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 1.2 डिग्री अधिक है। मौसम विभाग ने आने वाले कुछ दिनों तक बारिश नहीं होने की संभावना जताई है। मानसून सीजन की 31 फीसदी कम बारिश मौसम विभाग के अनुसार 9 सितंबर तक जोधपुर में एक जून से सामान्य से 31 प्रतिशत कम बारिश हुई है। सामान्य बारिश 274.4 एमएम होनी चाहिए थी,जबकि इस बार केवल 189.2 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। जो कि मानसून सीजन क सामान्य से 31 फीसदी कम है। 13 सितंबर तक बारिश का अलर्ट नहीं, 14 को हल्की बारिश संभव मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों के लिए जोधपुर शहर में किसी भी तरह का कोई बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है। हालांकि इस दौरान बादल छाए रहेंगे। 13 सितंबर तक मौसम सामान्य रहेगा। 14 सितंबर को हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान तापमान में भी करीब 1 से 2 डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है।
कुशीनगर जिले में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक 'सेवा संकल्प अभियान' चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत जिले की सभी विधानसभाओं, विकासखंडों और ग्राम पंचायतों में लोगों की भागीदारी से कई जन कल्याणकारी और जागरूकता कार्यक्रम होंगे । इसका मकसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 साल के जनसेवा काल की उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचाना और नागरिकों को 'विकसित भारत-2047' के सामूहिक संकल्प से जोड़ना है। गुरुवार दोपहर तीन बजे मुख्य विकास अधिकारी वंदिता श्रीवास्तव ने अपने कार्यालय कक्ष में अभियान की तैयारियों और विभागों की कार्ययोजना की समीक्षा की। सीडीओ ने अधिकारियों को अभियान के सभी कार्यक्रमों की बड़े स्तर पर तैयारी करने का निर्देश दिया। सीडीओ ने इस दौरान सभी स्कूलों में प्रभात फेरी निकालने और छात्र-छात्राओं के बीच कई प्रतियोगिताएं कराने को कहा। कक्षा 5 से 8 तक ड्राइंग, कक्षा 9 से 12 तक भाषण प्रतियोगिता होगी। वहीं, उच्च शिक्षण संस्थानों में संवाद, भाषण और डिबेट प्रतियोगिताएं होंगी। इन सभी का विषय 'विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश' रखा जाएगा। उन्होंने प्रतिभागियों को डिजिटल प्रमाण पत्र दिए जाएंगे और विजेताओं के चुनाव में पारदर्शिता बरतने के निर्देश भी दिए। उत्सव और संवाद कार्यक्रम बताया गया कि अभियान के दौरान हर आंगनबाड़ी केंद्र पर तीन दिन का उत्सव और संवाद कार्यक्रम होगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का सार्वजनिक सम्मान किया जाएगा। माताओं को पोषण, स्वास्थ्य और महिला कल्याण से जुड़ी योजनाओं की जानकारी आसान भाषा में दी जाएगी। साथ ही हेल्दी बेबी प्रतियोगिता भी होगी। सीडीओ ने सभी विकासखंडों, ग्राम पंचायतों और न्याय पंचायतों में स्वच्छता अभियान चलाने का निर्देश दिया। चौराहों पर दीप भी जलाए साथ ही अभियान के दौरान मुख्य सड़कों, नए बने स्थलों, भवनों, दफ्तरों, चौराहों और खास जगहों के साथ नदियों और घाटों के आसपास भी स्वच्छता और जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने और नए बने स्थलों, सरकारी भवनों, दफ्तरों, मुख्य नदी घाटों और चौराहों पर दीप भी जलाए जाने की बात कही। अभियान में रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य शिविर, दिव्यांगों को सहायक उपकरण बांटना, ज्यादा पेड़ लगाना, वंचित बच्चों की पढ़ाई में मदद, मतदाता जागरूकता और नशामुक्ति जैसे कार्यक्रम कराने पर भी चर्चा हुई।
बालाघाट के बैहर में बैगा बच्चों की मौत के बाद गुरुवार को जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. विजय शाह ने अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने बैगा बहुल इलाकों में सड़क, बिजली, पानी और आवास की व्यवस्था एक साल में पूरी करने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के पैकेज से बैगा अंचल की तस्वीर बदलेगी। 15 दिन में खाली पद भरने के निर्देश मंत्री ने बैगा बहुल इलाकों में नर्सिंग स्टाफ और बाल विकास परियोजना के खाली पद 15 दिन में भरने के निर्देश दिए। बैगा लोगों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए बैहर, बिरसा और परसवाड़ा विकासखंड में एक-एक एंबुलेंस देने की बात भी कही। हर बैगा बस्ती तक पक्की सड़क बनाने का दावा मंत्री ने कहा कि कोई भी बैगा बस्ती पहुंचविहीन नहीं रहेगी। सभी बस्तियों में सीमेंट-कंक्रीट सड़क बनाई जाएगी। बिजली और पानी की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। बैगा परिवारों को प्रधानमंत्री आवास के लिए 2.5 लाख रुपए दिए जा रहे हैं। स्वयं सहायता समूह चलाएंगे बैगा मार्ट बैगा बहुल इलाकों में मॉल की तर्ज पर 'बैगा मार्ट' खोलने की योजना पर काम चल रहा है। इनका संचालन स्वयं सहायता समूह करेंगे। मार्ट के लिए समूहों को 5 करोड़ रुपए का कर्ज और 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान दिलाने की बात मंत्री ने कही। इन मार्ट से स्थानीय युवाओं को भी जोड़ा जाएगा। उन्हें 25 प्रतिशत छूट पर सामान मिलेगा। मार्ट में बैगा समुदाय के लोगों के लिए कपड़े और दूसरी जरूरी चीजें सस्ती दरों पर उपलब्ध कराने की योजना है। छात्रावास में अधीक्षक की रात में मौजूदगी जरूरी मंत्री ने बताया कि जनजातीय छात्रावासों में रहने वाले बच्चों का महीने में एक बार स्वास्थ्य परीक्षण और हर बच्चे का हेल्थ कार्ड बनाया जाएगा। अधीक्षक को रात में छात्रावास में ही रहना होगा। वहां नहीं रहने वाले अधीक्षक को अगले दिन कार्यमुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं। भोजन की फोटो वरिष्ठ अधिकारियों को भेजनी होगी छात्रावास में सुबह और रात के भोजन के साथ अधीक्षक को सेल्फी लेकर वरिष्ठ अधिकारी को भेजनी होगी। हर महीने पालकों की बैठक होगी। बच्चों के लिए कोचिंग की व्यवस्था भी की जाएगी। कम रिजल्ट पर अधीक्षक हटेंगे मंत्री ने कहा कि किसी छात्रावास का परीक्षा परिणाम 33 प्रतिशत से कम आने पर अधीक्षक को हटा दिया जाएगा। सभी छात्रावासों में पर्याप्त बेड, वाटर प्यूरीफायर और बिजली की सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। छात्रावासों में सोलर पैनल लगाने के लिए विभाग ने 200 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं।
वाराणसी में जेसीआई वीक सफल आयोजन:दीप्ति मेहरोत्रा टीम को मिली बधाई, सदस्यों के योगदान की सराहना हुई
वाराणसी में जेसीआई वीक 777 के सफल आयोजन पर जेसी दीप्ति मेहरोत्रा और उनकी पूरी टीम को बधाई दी गई। कार्यक्रम के कन्वेनर जेसी दीप चंद वर्मा, जेसी धीरज प्रजापति और जेसी अच्युत गोयल के प्रयासों की सराहना की गई। पूर्वाध्यक्ष एवं जोन ट्रेनर जेएफएस गौरव मेहरोत्रा और जेएफएम पंकज नागवंशी का भी कार्यक्रम में समय देने और सहयोग के लिए आभार जताया गया। पूर्वाध्यक्ष एचजीएफ नारायण अग्रवाल, जेसी रमेश टेकरीवाल और एचजीएफ अनिल पांडे के योगदान की भी विशेष रूप से सराहना की गई। जेसी उत्कर्ष बरनवाल ने कहा कि कार्यक्रम की सफलता में सभी सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए तत्परता से सहयोग करने वाले सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया।
मथुरा के बरसाना में 18-19 सितंबर को राधाष्टमी का पर्व मनाया जाएगा। इस दौरान करीब 25 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें मेले की व्यवस्थाओं की समीक्षा कर विभागों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं। बरसाना के संकरे रास्तों को देखते हुए पूरे मेला क्षेत्र को 7 जोन और 20 सेक्टर में बांटा गया है। श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 38 होल्डिंग एरिया बनाए जा रहे हैं। यहां श्रद्धालुओं को कुछ समय रोकने के बाद चरणबद्ध तरीके से मंदिर परिसर की ओर भेजा जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए श्रीजी गेट, पीली कोठी और लाड़ो गेट से प्रवेश की व्यवस्था रहेगी। वहीं जयपुर मंदिर की तरफ से निकास कराया जाएगा। भीड़ को एक ही दिशा में चलाया जाएगा, ताकि रास्तों पर आमने-सामने की भीड़ न हो। 2500 पुलिसकर्मी संभालेंगे सुरक्षा एसपी ग्रामीण सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि मेले की सुरक्षा के लिए करीब 2500 सिविल पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा 5 गुंडा दमन दल और एंटी रोमियो टीम भी तैनात रहेगी। थर्ड जेंडर श्रद्धालुओं को भी आसानी से दर्शन कराने की व्यवस्था की जाएगी। मेले में सुरक्षा और भीड़ पर नजर रखने के लिए 155 जगहों पर CCTV कैमरे लगाए जा रहे हैं। सभी कैमरों की निगरानी कंट्रोल रूम से की जाएगी। श्रद्धालुओं को लगातार दिशा-निर्देश देने के लिए पीए सिस्टम भी लगाए जाएंगे। तीन जगह खोया-पाया केंद्र बनाए जा रहे हैं। इन्हें CCTV और पीए सिस्टम से जोड़ा जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए शू स्टैंड की भी व्यवस्था की जा रही है। 10 जगह फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस के साथ पुलिसकर्मी आग की घटनाओं से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड की टीमें 10 स्थानों पर तैनात रहेंगी। मेडिकल व्यवस्था के तहत एंबुलेंस भी तैनात की जा रही हैं। एंबुलेंस के साथ पुलिसकर्मी भी रहेंगे, ताकि किसी आपात स्थिति में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के बीच तुरंत तालमेल हो सके। अधिकारियों ने कहा कि सभी विभागों के आपसी तालमेल से श्रद्धालुओं को सुरक्षित और आसानी से दर्शन कराना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है।
सुल्तानपुर में गुरुवार को शहीद वीर अब्दुल हमीद की शहादत की याद में कार्यक्रम आयोजित किया गया। पं. राम नरेश त्रिपाठी सभागार में वीर अब्दुल हमीद एसोसिएशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम शाम 4 बजे संपन्न हुआ। कार्यक्रम के बाद आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने मीडिया से बातचीत की। संजय सिंह बोले- मस्जिद गिराना पूरी तरह गैरकानूनी संजय सिंह ने कहा कि जिस मस्जिद को गिराया गया है, वह पूरी तरह गैरकानूनी है। उन्होंने कहा कि देश में 'प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट' लागू है, जिसे संसद ने पास किया है। इस कानून का उल्लंघन करने का अधिकार किसी व्यक्ति या सरकार को नहीं है। उन्होंने कहा कि इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल हैं। 1947 से पहले के धार्मिक स्थलों को लेकर कानून का हवाला संजय सिंह ने कहा कि कानून के मुताबिक 1947 से पहले बने किसी भी धार्मिक स्थल के स्वरूप में बदलाव नहीं किया जा सकता। इसमें मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा और गिरजाघर समेत सभी धार्मिक स्थल शामिल हैं। उन्होंने दावा किया कि संबंधित जमीन याकूब खान और वाहिद खान के नाम दर्ज है। उनके परिवार के पास 1911 का बिजली का बिल भी मौजूद है। संजय सिंह ने कहा कि कलेक्ट्रेट परिसर में मंदिर और मस्जिद समेत संबंधित संपत्ति याकूब खान और वाहिद खान के नाम दर्ज है, इसलिए इसे गिराने का कोई अधिकार नहीं बनता। वक्फ बोर्ड में भी दर्ज होने का किया दावा संजय सिंह ने कहा कि संबंधित मस्जिद वक्फ बोर्ड में भी दर्ज है। उन्होंने वक्फ कानून का हवाला देते हुए कहा कि लंबे समय से इस्तेमाल की जा रही किसी मस्जिद या दरगाह को गिराया नहीं जा सकता। कार्यक्रम में डीआईजी सीआरपीएफ कैंप अमेठी मदन कुमार भी मौजूद रहे। नगर पालिका की ओर से 160 फीट लंबी तिरंगा यात्रा भी निकाली गई। तिरंगा यात्रा को कार्यक्रम स्थल तक ले जाया गया।
SECL मानिकपुर परियोजना से प्रभावित भिलाई खुर्द और आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने 25 सितंबर को होने वाली पर्यावरण जनसुनवाई से पहले अपनी पुरानी और लंबित मांगों का समाधान करने की मांग की है। इस संबंध में एसईसीएल मानिकपुर प्रभावित ग्राम (भू-विस्थापित) समिति भिलाई खुर्द के तहत ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों ने कहा कि वे क्षेत्र के विकास और परियोजना के विरोध में नहीं हैं, लेकिन विकास की प्रक्रिया में उन परिवारों के अधिकारों और हितों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए, जिनकी जमीन, आजीविका और सामाजिक जीवन परियोजना से प्रभावित हुआ है। पहले मांगों का समाधान, फिर जनसुनवाई की मांग ग्रामीणों के मुताबिक, वे लंबे समय से उचित मुआवजा, रोजगार, पुनर्वास और बुनियादी सुविधाओं को लेकर प्रशासन और एसईसीएल प्रबंधन के सामने अपनी मांगें रखते आ रहे हैं। उनका कहना है कि पहले भी पर्यावरण जनसुनवाई की तारीख तय की गई थी, लेकिन प्रभावित ग्रामीणों और भूमि विस्थापित संगठन ने लंबित मांगों को लेकर आपत्ति जताते हुए विरोध दर्ज कराया था। इसके बाद जनसुनवाई टाल दी गई थी। अब एक बार फिर 25 सितंबर को जनसुनवाई प्रस्तावित है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुरानी मांगों का ठोस समाधान किए बिना जनसुनवाई कराई गई, तो प्रभावित परिवारों में असंतोष और बढ़ेगा। 1963-64 में जमीन गई, रोजगार अब तक नहीं मिला ग्रामीणों ने मांग की है कि 1963-64 में जिन किसानों की जमीन ली गई थी और उन्हें विस्थापन के बदले एसईसीएल में रोजगार नहीं मिला, उन्हें जमीन के बदले रोजगार दिया जाए। इसके साथ ही उस अवधि में अधिग्रहित जिन जमीनों के किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है, उन्हें तत्काल मुआवजा देने की मांग की गई है। पारदर्शी मुआवजा और युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता ग्रामीणों ने भूमि और संपत्तियों का उचित और पारदर्शी मुआवजा देने की मांग की है। इसके अलावा प्रभावित परिवारों के योग्य युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता, सम्मानजनक पुनर्वास और प्रभावित गांवों में सड़क, पेयजल, बिजली, शिक्षा तथा स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है। ग्रामीणों का कहना है कि परियोजना से प्रभावित परिवारों के लिए केवल मुआवजा ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके पुनर्वास और भविष्य की आजीविका की भी ठोस व्यवस्था होनी चाहिए। जनसुनवाई से पहले बैठक कर बिंदुवार समाधान की मांग ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जनसुनवाई से पहले प्रभावित परिवारों के साथ बैठक आयोजित कर एक-एक मांग पर चर्चा की जाए और तय समय सीमा में समाधान किया जाए। उनका कहना है कि पुरानी शिकायतों का निराकरण किए बिना नई जनसुनवाई कराने से प्रभावित परिवारों की समस्याएं और लंबी हो जाएंगी। मांग नहीं मानी तो कड़ा विरोध ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि इस बार भी उनकी मांगों की अनदेखी हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो जेल जाने के लिए भी तैयार हैं और जनसुनवाई का कड़ा विरोध किया जाएगा। प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि वे विकास के पक्ष में हैं, लेकिन परियोजना की प्रक्रिया में जिन परिवारों ने अपनी जमीन और आजीविका गंवाई है, उनके अधिकारों और लंबित मांगों का समाधान भी उतनी ही गंभीरता से किया जाना चाहिए।
हिमाचल प्रदेश के सीबीएसई स्कूलों में अब छात्रों के लिए हरे रंग की वर्दी और शिक्षकों के लिए नया ड्रेस कोड लागू होगा। स्कूल भवनों को भी ऑलिव ग्रीन और सैंड बेज रंगों से सजाया जाएगा।
कुरुक्षेत्र जिले के दिल्ली-जम्मू नेशनल हाईवे-44 (GT रोड) पर पिपली से आगे तेज रफ्तार गाड़ी ने स्कूटी को टक्कर मार दी। इस हादसे में दंपती समेत उनका 9 महीने का बच्चा घायल हो गया। गाड़ी महिला की टांगों के ऊपर से निकल गई। इस हादसे में महिला की दोनों टांगे काटनी पड़ी। सुनील कुमार प्रजापति निवासी रघुबीर नगर दिल्ली ने बताया कि वह कार वॉश का काम करता है। करीब 2 साल पहले उसकी सुमन के साथ शादी हुई थी। शादी से उनके पास 9 महीने का बेटा शिवांश है। वह अपनी पत्नी सुमन और 9 महीने के बेटे शिवांश के साथ स्कूटी पर दिल्ली से चंडीगढ़ के लिए निकला था। बेटे के साथ पहली बार बहन से मिलने जा रहे थे वे बेटे के साथ पहली बार चंडीगढ़ में अपनी बहन से मिलने जा रहे थे। 28 अगस्त तड़के करीब 3 बजे वे पिपली से कुछ आगे पहुंचे थे। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार से आ रही गाड़ी ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही वह, उसकी पत्नी सुमन और 9 महीने का बेटा सड़क किनारे जा गिरे। पत्नी टांग के ऊपर से निकली गाड़ी हादसे में सुमन को गंभीर चोटें आईं। गाड़ी उसकी पत्नी सुमन की टांग के ऊपर से निकल गई। उनको पुलिस की गाड़ी से LNJP अस्पताल कुरुक्षेत्र पहुंचाया गया। सुमन की हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उसे PGI चंडीगढ़ रेफर कर दिया। PGI चंडीगढ़ में इलाज के दौरान सुमन की दोनों टांगें काटनी पड़ीं। हादसे के भागा आरोपी ड्राइवर घटना के बाद आरोपी ड्राइवर अपनी गाड़ी लेकर फरार हो गया। उधर, पता चलने पर पुलिस LNJP अस्पताल पहुंची, लेकिन सुमन और परिवार से पुलिस का संपर्क नहीं हुआ। अब पुलिस ने सुनील के बयान लेकर अज्ञात ड्राइवर पर केस दर्ज कर लिया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
संत कमल किशोर नागर को जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। इसकी जानकारी मिलने के बाद गुरुवार को उनके सैकड़ों समर्थक खंडवा कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर सिंह को ज्ञापन सौंपकर संत नागर और उनके परिवार को सुरक्षा देने की मांग की। समर्थकों ने धमकी देने वाले व्यक्ति की पहचान कर सख्त कार्रवाई की मांग भी की। समर्थकों के अनुसार, संत कमल किशोर नागर भागवत कथाओं के जरिए जनजागरण का काम कर रहे हैं। वे धर्मांतरण रोकने, गौ-संरक्षण और लोगों को धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति जागरूक करने के मुद्दों पर भी लोगों को प्रेरित करते हैं। समर्थकों ने दावा किया कि उनके प्रयासों से कई लोगों का धर्मांतरण रुकवाया गया है। कुछ लोगों ने दोबारा हिंदू धर्म में वापसी भी की है। जन्माष्टमी कार्यक्रम में मिली धमकी भरी चिट्ठी समर्थकों के मुताबिक, 4 सितंबर को जन्माष्टमी के अवसर पर संत कमल किशोर नागर के आश्रम में रात का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस दौरान श्रद्धालुओं ने संत को शाल, श्रीफल और अन्य सामग्री भेंट की थी। बाद में इसी सामग्री के बीच एक चिट्ठी मिलने की बात सामने आई। समर्थकों का दावा है कि चिट्ठी में संत नागर को जान से मारने की धमकी दी गई थी। समर्थकों का कहना है कि चिट्ठी में संत नागर को आदिवासियों के बीच जागरूकता और गोसेवा का काम बंद करने की धमकी दी गई है। ऐसा नहीं करने पर उन्हें और उनके परिवार को जान से खत्म करने की बात लिखे होने का दावा है। इसके अलावा भागवत कथा के दौरान गोली चलाने और गंभीर परिणाम भुगतने जैसी धमकी दिए जाने की बात भी समर्थकों ने कही है। एसपी कार्यालय भी पहुंचे समर्थक धमकी भरी चिट्ठी मिलने के बाद संत के समर्थकों में आक्रोश है। उनका कहना है कि संत कमल किशोर नागर अलग-अलग स्थानों पर भागवत कथा और धार्मिक आयोजनों में शामिल होते हैं। इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा बढ़ाई जाना जरूरी है। समर्थकों ने ज्ञापन में मांग की कि धमकी वाली चिट्ठी की जांच कर इसके पीछे कौन व्यक्ति या समूह है, इसका पता लगाया जाए। आरोपी की पहचान कर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही संत कमल किशोर नागर और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। ज्ञापन देने के दौरान धर्मेंद्र सिंह राठौड़, जय पटेल, कैलाश सिंह, चंदन चंदेल, रघुवीर मंडलोई सहित बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे।
दतिया के भगुवापुरा थाना क्षेत्र में बीजासेन माता मंदिर परिसर की झोपड़ी में बैठकर डकैती की योजना बना रहे पांच युवकों को पुलिस ने पकड़ा है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के निशाने पर आलमपुर रोड स्थित एक पेट्रोल पंप था। उनके कब्जे से दो देशी कट्टे, दो कारतूस, लोहे के सब्बल, कटर और वेन्यू कार जब्त की है। पुलिस के मुताबिक, 9 सितंबर की रात सूचना मिली थी कि रामपुरा खुर्द स्थित मंदिर में कुछ लोग वारदात की तैयारी कर रहे हैं। इसके बाद भगुवापुरा, लांच, थरेट और अटरेटा पुलिस की टीम ने मंदिर परिसर की घेराबंदी कर निगरानी शुरू की। पुलिस ने मौके से पांचों युवकों को पकड़ लिया। पांचों आरोपी गिरफ्तार पकड़े गए आरोपियों की पहचान निखिल रायपुरिया (20), रानू जाटव (19), आर्यन शर्मा (24), आर्यन राठौर (22) और अंशुल राजपूत (21) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में पंडोखर थाना क्षेत्र में हुई तार चोरी की वारदात में भी आरोपियों की संलिप्तता सामने आई है। पुलिस अन्य वारदातों को लेकर भी पूछताछ कर रही है।
देवरिया में 12 अप्रैल की रात पप्पू यादव की हत्या के बाद पुलिस पर आरोपियों के रिश्तेदारों को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में रखने का आरोप लगा है। मामला अब इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया है। बुधवार को सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से थाने की CCTV रिकॉर्डिंग उपलब्ध नहीं होने की बात कही गई। पुलिस ने कैमरे या सिस्टम खराब होने का हवाला दिया। कोर्ट ने इस पर पुलिस अधिकारियों से जवाब मांगा है। मामला गौरीबाजार थाना क्षेत्र का है। 12 अप्रैल की रात हुई थी हत्या 12 अप्रैल की रात बैतालपुर के एक रेस्टोरेंट में सोपरी बुजुर्ग निवासी पप्पू यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। गौरीबाजार पुलिस ने मामले में निक्की यादव, नवनाथ यादव, उनकी पत्नी मालती देवी, बेटे मुलायम, पंचम और रंजीत समेत कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। राम सकल यादव, आनंद प्रसाद, राहुल और कुछ अज्ञात लोग भी आरोपी बनाए गए। कई आरोपियों को भेजा गया जेल पुलिस ने मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। नवनाथ यादव, मालती देवी, राम सकल यादव, आनंद प्रसाद और राहुल को जमानत मिल चुकी है। वहीं निक्की यादव, मुलायम, पंचम और रंजीत अभी जेल में हैं। महेंद्र गोंड ने अधिकारियों से की थी शिकायत आरोपियों के रिश्तेदार महेंद्र गोंड का कहना है कि वह थाने में उनसे मिलने गए थे। इसके बाद वह सोपरी गांव में नवनाथ के घर के बाहर फैला गेहूं समेटने पहुंचे। आरोप है कि इसी दौरान मृतक पक्ष के लोगों ने उनके साथ मारपीट की। महेंद्र ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने हाई कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल की। चार लोगों ने लगाया हिरासत में रखने का आरोप याचिका में महेंद्र गोंड समेत चार लोगों ने आरोप लगाया है कि उन्हें अलग-अलग समय पर गौरीबाजार थाने में गैरकानूनी तरीके से रखा गया। कुछ लोगों को करीब 10 दिन तक थाने में रखने का दावा किया गया है। याचिका में 13 अप्रैल से 24 अप्रैल के बीच की अवधि का जिक्र है। नवनाथ ने बेटियों को थाने में बैठाने का लगाया आरोप जमानत पर बाहर आए नवनाथ यादव ने भी आरोप लगाया कि घटना के बाद उनकी बेटियों अर्चना, नीरू और नंदिनी समेत दो साल की बच्ची को पुलिस कई दिनों तक थाने में बैठाए रही। महेंद्र गोंड ने इन्हीं आरोपों को लेकर अधिकारियों से शिकायत की थी। वह पेशे से राजगीर मिस्त्री हैं। 23 अप्रैल को दो आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस ने 23 अप्रैल को रंजीत और मुलायम गोंड को भगुआ ढाला के पास से गिरफ्तार किया था। पुलिस के मुताबिक रंजीत के पास से पिस्टल, कारतूस और बाइक बरामद हुई थी। इस कार्रवाई के साथ कथित हिरासत का मामला भी अब कोर्ट के सामने है। CCTV रिकॉर्डिंग को लेकर कोर्ट ने मांगा जवाब हाई कोर्ट की पीठ ने थाने की CCTV रिकॉर्डिंग पेश करने का निर्देश दिया था। सुनवाई के दौरान पुलिस ने रिकॉर्डिंग उपलब्ध नहीं होने की बात कही। पुलिस ने कैमरा या सिस्टम खराब होने का हवाला दिया। इस पर पीठ ने असंतोष जताया और पुलिस अधिकारियों से जवाब मांगा। देवरिया के एसपी अभिजीत आर. शंकर ने कहा कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इसलिए इस पर कोई टिप्पणी नहीं की जा सकती।
जयपुर में 10वीं क्लास के स्टूडेंट ने स्कूल में साथ पढ़ने वाले छात्र और उसके साथी से परेशान होकर घर में चोरी कर ली। नाबालिग ने घर से सोने-चांदी के गहने चुराकर आरोपियों को दे दिए। आरोपियों ने नाबालिग को धमकाया। और चुप रहने के लिए 5 हजार रुपए दे दिए। आखिर परिवार को घटना का पता चला। इसके बाद बुधवार को मामला दर्ज करवाया गया। पुलिस ने बताया- जयपुर के रहने वाले व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। मेरा 16 साल का बेटा प्राइवेट स्कूल की 10वीं क्लास में पढ़ता है। इसी स्कूल में पढ़ने वाले एक साथी ने मेरे नाबालिग बेटे की मुलाकात अपने परिचित से करवाई। सप्ताहभर पहले आरोपी परिचित ने नाबालिग बेटे को किराए पर गाड़ी दी। गाड़ी वापस लौटने जाने पर नाबालिग को डराया-धमकाया कि तुने गाड़ी में तोड़फोड़ कर दी है। जान से मारने की धमकी देकर डराया गया। धमकाया- तुझे गाड़ी की तोड़फोड़ कर हर्जाना देना पड़ेगा। घर में चोरी के लिए किया तैयार नाबालिग को धमकाकर जबरन रुपए देने का दबाव बनाया गया। रुपए नहीं होने की कहने पर घर में चोरी के लिए तैयार किया गया। आरोपी ने घर में रखे गहने लाकर देने के लिए कहा। घर से गहने चोरी करने के लिए आरोपी ने अपना मोबाइल भी दे दिया। आरोपी ने मोबाइल पर बातचीत कर चोरी करने के लिए डायरेक्शन दिए। फोन पर आरोपी से मिले डायरेक्शन के अनुसार नाबालिग ने अलमारी में रखे सोने-चांदी के गहने (सोने की तीन सेट बाली, हार, अंगुठी, नथ, पेंडल, चांदी का कड़ा व पायजेब जोड़ी) चोरी कर लिए। ज्वेलर को बेचे गहने, दिए 5 हजार रुपए गहने हाथ लगने पर नाबालिग को तुरंत मिलने के लिए बुलाया। गहने लेने के साथ ही मोबाइल भी वापस ले लिया। झोटवाड़ा इलाके में एक ज्वेलर को आरोपी ने गहने बेचकर रुपए ले लिए। नाबालिग को इस बारे में किसी को नहीं बताने को लेकर धमकाया गया। चुप रहने के लिए 5 हजार रुपए भी दिए। रुपए मिले तो खुली पोल 6 सितम्बर को नाबालिग बेटे के पास 5 हजार रुपए मिले। परिजनों के पूछने पर नाबालिग ने रुपए दोस्त के होना बताया। जो उसे रखने के लिए दिए है। शक होने पर परिजनों ने सख्ती से पूछा। पूछताछ के दौरान नाबालिग ने परिजनों को आपबीती सुनाई। पूरी जानकारी करने के बाद नाबालिग पीड़ित के पिता ने आरोपियों के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करवाया।
आईएएस अदिति सिंघानिया ने सिरसा जिले में ऐलनाबाद एसडीएम का कार्यभार संभाल लिया है। आज वीरवार को नवनियुक्त एसडीएम अदिति सिंघानिया ने कार्यालय में आयोजित समाधान शिविर में जन समस्याओं को सुना। काफी लोग शहर से जुड़ी विभिन्न समस्याएं लेकर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को समाधान के दिशा निर्देश दिए। उन्होंने ये भी कहा कि अधिकारी समाधान शिविर की समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान करें। एसडीएम अदिति ने कहा कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य आमजन तक सरकार की योजनाओं का क्रियान्वयन व जनता की समस्या का प्राथमिकता से समाधान करना है। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि कार्यालयों में आने वाले आम लोगों के कार्यों और शिकायतों का समय पर और प्राथमिकता के आधार पर निपटान किया जाए। प्रत्येक अधिकारी व कर्मचारी समय पर कार्यालय में पहुंचे। अधिकारियों से टीम भावना के साथ काम करने का आह्वान किया, ताकि क्षेत्र में चल रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुंचे। इसके लिए योजनाबद्ध तरीके से काम करें। इस दौरान ऐलनाबाद डीएसपी सुभाष कुमार भी मौजूद रहे। पारस भगोरिया का करनाल में हुआ तबादला इससे पहले पारस भगोरिया के पास ऐलनाबाद एसडीएम का चार्ज था। इसी सितंबर माह में एसडीएम पारस भगोरिया का यहां से नगर निगम करनाल में संयुक्त आयुक्त के पद पर तबादला हो गया। इनके बाद आईएएस अदिति सिंघानिया को चार्ज दिया गया है। आमजन को शहर से जुड़ी समस्याएं एवं विकास कार्यों करवाने से काफी उम्मीद है। 2024 बैच की आईएएस अधिकारी है अदितिगौरतलब है कि अदिति सिंघानिया हरियाणा कैडर 2024 बैच की आईएएस अधिकारी है, जिन्होंने सोमवार को ऐलनाबाद एसडीएम का पदभार संभाला है। वे ऐलनाबाद क्षेत्र में नियुक्त होने वाली पहली महिला एसडीएम हैं। इससे पहले अदिति सिंघानिया गुरुग्राम में बतौर अंडर ट्रेनिंग अधिकारी (असिस्टेंट कमिश्नर) तैनात रही है। इसके बाद उनको बतौर एसडीएम पोस्टिंग मिली है।
12 सितंबर को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत:जिला जज ने प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
मथुरा में 12 सितंबर शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत लगेगी। इसके व्यापक प्रचार के लिए गुरुवार सुबह करीब 11 बजे मथुरा जनपद न्यायालय परिसर से प्रचार वाहनों को रवाना किया गया। जिला जज विकास कुमार ने इन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये वाहन शहरी और ग्रामीण इलाकों में घूमकर लोगों को लोक अदालत के बारे में जानकारी देंगे। राष्ट्रीय लोक अदालत में कई तरह के मामलों का निपटारा आपसी सुलह-समझौते से किया जाएगा। इनमें दीवानी मामले, छोटे आपराधिक मामले, चेक बाउंस से जुड़े केस, वैवाहिक और पारिवारिक विवाद, मोटर दुर्घटना दावा और बैंक लोन वसूली से संबंधित मामले शामिल हैं। इसके अलावा बिजली और पानी के बिल से जुड़े विवाद, उपभोक्ता न्यायालय और राजस्व न्यायालय से संबंधित मामलों का भी लोक अदालत में निपटारा होगा। प्रचार वाहनों से लोगों को लोक अदालत की प्रक्रिया और इसके फायदों के बारे में बताया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग अपने रुके हुए मामलों का आपसी सहमति से समाधान कर सकें। आम लोगों से अपील की गई है कि वे 12 सितंबर को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में बड़ी संख्या में पहुंचें और अपने मामलों का निपटारा कराएं। लोक अदालत में दोनों पक्षों की सहमति से विवाद सुलझने से समय और पैसे की बचत होती है। साथ ही, लंबे समय से चले आ रहे विवाद भी खत्म हो जाते हैं। लोक अदालत में हुए समझौते के आदेश को अंतिम माना जाता है। आमतौर पर इसके खिलाफ अपील नहीं की जा सकती। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे लोक अदालत के जरिए अपने विवादों का शांतिपूर्ण समाधान कराएं।
बरेली में विभिन्न बैंक शाखाओं में पिछले चार-पांच साल से काम कर रहीं बैंक सखियों ने मानदेय बढ़ाने और समय पर भुगतान की मांग की है। बैंक सखियों का कहना है कि उन्हें फिलहाल सिर्फ 4 हजार रुपए मासिक मानदेय मिलता है। वह भी पिछले एक साल से समय पर नहीं मिल रहा है। बैंक सखियों मुस्कान, रेनुकांत और अनीता ने बताया कि वे सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक बैंक शाखाओं में बैंकिंग सेवाएं देती हैं। इसके अलावा शुक्रवार और शनिवार को गांवों में जाकर लोगों को बैंकिंग योजनाओं और सुविधाओं के बारे में जागरूक करती हैं। ग्राम समूहों से जुड़े काम भी देखती हैं। भुगतान के लिए कई स्तरों से गुजरती है प्रक्रिया बैंक सखियों के मुताबिक, पिछले एक साल से मानदेय के भुगतान में लगातार देरी हो रही है। भुगतान के लिए पहले सीएलएफ अध्यक्ष और सचिव से रिपोर्ट पर हस्ताक्षर कराने पड़ते हैं। इसके बाद ब्लॉक और जिला स्तर पर प्रक्रिया पूरी होती है। इस पूरी प्रक्रिया में कई बार दो से तीन महीने या उससे अधिक समय लग जाता है। सीधे खाते में भुगतान और स्थायी पद की मांग बैंक सखियों ने मांग की है कि उनका मानदेय सीधे बैंक खातों में भेजा जाए, ताकि भुगतान में देरी न हो। उन्होंने बैंक सखी का स्थायी पद देने और मानदेय बढ़ाकर 20 हजार रुपए प्रतिमाह करने की मांग की है। इसके अलावा नए बैंक खाते खुलवाने पर मिलने वाले इंसेंटिव का भुगतान भी सुनिश्चित करने की मांग की गई है। मांग करने वालों में सुनीता कुमारी, रामबती, दुर्गेश, मुस्कान, क्रांति, अनीता, नीतू, नीरज, मधु, रेनुकांत, केसरबती और कमलेश सहित कई बैंक सखियां मौजूद रहीं।
अयोध्या के कोटवा गांव में सरकारी अभिलेखों में दर्ज रास्ते की भूमि को लेकर दो पक्षों में जमकर मारपीट हो गई। मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। 10 सितंबर गुरुवार की प्रभारी निरीक्षक राजेश सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों पर हुई है कार्यवाही। मिली जानकारी के अनुसार, कोटवा गांव में सरकारी अभिलेखों में दर्ज रास्ते की भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत किसी ग्रामीण ने की थी। शिकायत के आधार पर बुधवार को क्षेत्रीय लेखपाल बिंदु विज्ञान सिंह मौके पर जांच करने पहुंचे थे। जांच के दौरान ही कब्जे से जुड़े दोनों पक्षों के लोग भी वहां पहुंच गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रास्ते को लेकर पहले कहासुनी शुरू हुई और देखते ही देखते बात हाथापाई तक पहुंच गई। दोनों पक्षों में जमकर लात-घूसे और लाठी-डंडे चले। इस पूरी घटना का किसी ने वीडियो बना लिया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो में कई लोग एक-दूसरे पर हमला करते हुए साफ दिखाई दे रहे हैं। वायरल वीडियो के संबंध में प्रभारी निरीक्षक थाना इनायत नगर राजेश सिंह ने बताया कि मामला रास्ते के विवाद का है। सरकारी रास्ते की पैमाइश और जांच के लिए लेखपाल गए थे, तभी दोनों पक्षों में विवाद बढ़ गया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों के लोगों को पकड़कर थाने लाया गया और दोनों के खिलाफ शांति भंग की धाराओं में विधिक कार्यवाही की गई है। गनीमत रही कि मारपीट में किसी को गंभीर चोटें नहीं आई हैं। पुलिस ने बताया कि जो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, वह बुधवार का ही है और इस मामले में आवश्यक कार्यवाही कर दी गई है। फिलहाल गांव में शांति व्यवस्था कायम है।
फतेहाबाद जिले में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने रतिया शहर के वार्ड नंबर 12 में 18 अवैध पानी और सीवरेज कनेक्शन काटे। विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर इन कनेक्शनों को बंद किया। यह कार्रवाई अवैध कनेक्शनों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग फतेहाबाद के जिला सलाहकार शर्मा चंद लाली ने बताया कि फतेहाबाद, रतिया, टोहाना, भूना और जाखल समेत जिले के सभी शहरों में अवैध कनेक्शनधारकों पर कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि जिन्होंने अभी तक अपने पानी और सीवरेज कनेक्शन वैध नहीं करवाए हैं, वे जल्द से जल्द ऐसा करवा लें। ऐसा न करने पर विभाग नियमों के अनुसार कार्रवाई करेगा। 'पानी के कनेक्शन की फीस 1000 रुपए' उन्होंने यह भी बताया कि अभी पानी के कनेक्शन की फीस एक हजार रुपए और सीवरेज कनेक्शन की फीस 500 रुपए है। सरकार ने फिलहाल करीब 10 हजार रुपए तक का रोड कट चार्ज माफ किया हुआ है। लाली ने नागरिकों से इस सुविधा का फायदा उठाकर जल्द से जल्द कनेक्शन मंजूर करवाने को कहा, क्योंकि भविष्य में रोड कट चार्ज फिर से लागू हो सकता है। कनेक्शन मंजूर करवाने के लिए रजिस्ट्री, फैमिली आईडी, आधार कार्ड, वोटर आईडी और घर के सामने खड़े होकर ली गई जीपीएस लोकेशन वाली फोटो जरूरी है। वैध कनेक्शन कराने की अपील शर्मा चंद लाली ने साफ किया कि विभाग का मकसद किसी को परेशान करना नहीं है। इसका उद्देश्य शहर की पानी और सीवरेज व्यवस्था को ठीक करना और अवैध कनेक्शनों को रोकना है। उन्होंने सभी नागरिकों से विभाग का सहयोग करने और अपने कनेक्शन जल्द वैध करवाने की अपील की। इस कार्रवाई के दौरान कनिष्ठ अभियंता दुर्गेश कुमार, पृथ्वी सिंह, खंड संयोजक कुलदीप सिंह, प्रधान शमशेर सिंह कुंडु, दलबीर सिंह धौलू, पवन कुमार, जगदीश कुमार, राममेहर सिंह और कर्ण सिंह समेत कई अन्य कर्मचारी और सहयोगी मौजूद थे।
फर्रुखाबाद में जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की अध्यक्षता में बेसिक शिक्षा विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक हुई। यह बैठक गुरुवार को दोपहर 1 बजे फतेहगढ़ के कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। जिलाधिकारी ने विभाग की सभी योजनाओं की समीक्षा की और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले के स्कूलों में जो भी भवन जर्जर हैं, उन्हें एक सप्ताह के भीतर गिराने की कार्रवाई पूरी की जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में बच्चों को अच्छी पढ़ाई देना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि स्कूलों में शिक्षकों की हाजिरी, छात्रों के दाखिले और विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति पर ध्यान दिया जाए। साथ ही, पढ़ाई की गुणवत्ता भी बेहतर होनी चाहिए। मिड-डे-मील व्यवस्था को भी बेहतर रखने को कहा उन्होंने स्कूलों में जरूरी सुविधाएं जैसे साफ-सफाई, पीने का पानी, शौचालय और मिड-डे-मील व्यवस्था को भी बेहतर रखने को कहा। यह भी निर्देश दिए गए कि सरकार की सभी योजनाओं का फायदा सही छात्रों तक समय पर और साफ तरीके से पहुंचे। छात्रों को मुफ्त किताबें, यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, स्कूल बैग और दूसरी तय सुविधाएं समय से मिलें। स्कूलों में दाखिले के हिसाब से छात्रों की उपस्थिति की लगातार समीक्षा की जाए। जिन बच्चों की हाजिरी कम है, उनके माता-पिता से संपर्क करके उन्हें स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया जाए। जिलाधिकारी ने स्कूलों के निरीक्षण की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्कूलों का नियमित और असरदार निरीक्षण किया जाए, ताकि पढ़ाई की गुणवत्ता जांची जा सके। पीएम श्री स्कूलों में रंगाई-पुताई और बच्चों की पढ़ाई के लिए जरूरी दूसरे संसाधन पूरे किए जाएं। उन्होंने बेसिक शिक्षा अधिकारी को यह भी निर्देश दिए कि परिषदीय स्कूलों के निरीक्षण में जो कमियां मिलें, उन्हें तुरंत दूर किया जाए। अगर लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों के खिलाफ नियमों के हिसाब से कार्रवाई की जाए। जिलाधिकारी ने फिर दोहराया कि जिले के परिषदीय स्कूलों के जर्जर भवनों को एक सप्ताह के अंदर गिराने का काम पूरा करें। कायाकल्प योजना के तहत 19 तय मानकों को पूरा करने के लिए खंड शिक्षा अधिकारी गंभीरता से काम करें, नहीं तो सख्त कार्रवाई होगी। पीने के पानी की टंकी की सफाई 3 दिन में कराए पूर्ण सभी परिषदीय विद्यालयों में बच्चों के पीने के पानी की टंकी की सफाई 3 दिवस में पूर्ण करना सुनिश्चित कर आख्या उपलब्ध कराएं। इसके साथ ही बच्चों के सीखने के स्तर का नियमित आकलन करें तथा विद्यालयों में अनुशासन एवं सुरक्षित वातावरण बनाए रखने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़ , परियोजना निदेशक डीआरडीए कपिल कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विश्वनाथ प्रताप सिंह सहित बेसिक शिक्षा विभाग के संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
झालावाड़ में नगरीय निकाय चुनाव के दूसरे चरण के लिए 11 सितंबर को जिले के चार नगरीय निकाय क्षेत्रों में मतदान होगा। स्वतंत्र, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी मतदान कराने के लिए जिला निर्वाचन और पुलिस प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी सिलसिले में गुरुवार को जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ और एसपी अमित कुमार ने अकलेरा और मनोहरथाना क्षेत्र का दौरा कर चुनावी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। स्ट्रॉन्ग रूम और मतगणना स्थलों की जांच कलेक्टर और एसपी ने अकलेरा के स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल और मनोहरथाना के राजकीय कॉलेज में बनाए गए स्ट्रॉन्ग रूम और मतगणना स्थलों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने क्षेत्र के कई मतदान केंद्रों पर पहुंचकर वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं को भी देखा। पहले चरण की कमियों से लें सबक कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पहले चरण के मतदान के अनुभवों और सामने आई समस्याओं को ध्यान में रखते हुए दूसरे चरण में जरूरी सुधार किए जाएं। उन्होंने जरूरत के अनुसार अतिरिक्त स्टाफ की आवश्यकता होने पर समय रहते मांग भेजने के निर्देश भी दिए। मॉक पोल से लेकर ईवीएम सुरक्षा तक सख्ती कलेक्टर ने मतदान दलों को निर्देश दिए कि मॉक पोल निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पूरी सावधानी से कराया जाए। मतदान शुरू होने से पहले ईवीएम और अन्य चुनावी सामग्री की जांच सुनिश्चित की जाए। उन्होंने मतदान प्रक्रिया के दौरान ईवीएम की सुरक्षा को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। बुजुर्ग-दिव्यांगों को मिले प्राथमिकता कलेक्टर ने मतदान केंद्रों पर आने वाले प्रत्येक मतदाता के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों, दिव्यांगों और गर्भवती महिलाओं को प्राथमिकता के साथ मतदान कराया जाए। साथ ही मतदान प्रक्रिया अनावश्यक रूप से धीमी नहीं हो और मतदान के बाद मतदाता को परिसर में बेवजह रुकने न दिया जाए। कानून-व्यवस्था पर पुलिस की पैनी नजर एसपी अमित कुमार ने मतदान केंद्रों पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने असामाजिक तत्वों और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए। किसी भी अप्रिय स्थिति या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने को कहा गया। एसपी ने पुलिस और मतदान दलों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया।
शिवपुरी जिले के कोलारस विधानसभा क्षेत्र में राशन वितरण में गड़बड़ी के आरोप को लेकर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने गुरुवार को एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने क्षेत्र की सरकारी राशन दुकानों के स्टॉक और वितरण व्यवस्था की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। पार्टी का आरोप है कि पात्र हितग्राहियों को तय मात्रा में राशन नहीं मिल रहा है। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष बलभद्र सिंह धाकड़ ने कहा कि क्षेत्र की कई सरकारी राशन दुकानों को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं। कुछ मामलों में पात्र हितग्राहियों से फिंगरप्रिंट लेने के बाद भी उन्हें तय मात्रा में राशन नहीं दिया जाता। कांग्रेस का आरोप है कि कई हितग्राहियों को महीनों का राशन भी नहीं मिला है। कांग्रेस ने पूरे नेटवर्क की जांच मांगी कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मामला सिर्फ किसी एक राशन दुकान या सेल्समैन तक सीमित नहीं है। पार्टी ने क्षेत्र में कथित राशन सिंडिकेट की आशंका जताते हुए इसमें जिम्मेदार लोगों और विभागीय अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग की है। कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायतों पर कार्रवाई छोटे कर्मचारियों या सेल्समैन तक सीमित रह जाती है। पार्टी की मांग है कि राशन दुकानों के स्टॉक, वितरण और इससे जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच की जाए। एफआईआर और कार्रवाई की मांग कांग्रेस ने कोलारस विधानसभा क्षेत्र की सभी सरकारी राशन दुकानों के स्टॉक और वितरण व्यवस्था की निष्पक्ष व उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। साथ ही कथित गड़बड़ी में जिम्मेदार लोगों और अधिकारियों की भूमिका की जांच कर दोषियों के खिलाफ एफआईआर और कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी बलभद्र सिंह धाकड़ ने कहा कि अगर प्रशासन ने मामले में ठोस कार्रवाई नहीं की और गरीब हितग्राहियों को उनका राशन नहीं मिला, तो कांग्रेस आंदोलन, धरना और चक्काजाम करेगी।
बरेली में नगर निगम के कान्हा उपवन में गौवंश की खराब व्यवस्थाओं को लेकर गौ सेवकों ने मोर्चा खोल दिया है। गौवंश की दुर्दशा, चारा-पानी और इलाज में लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं। गौ सेवकों और हिंदू संगठनों ने मिलकर 'कान्हा उपवन सेवा संघर्ष समिति' बनाई है। समिति ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए प्रशासन को सात दिन का अल्टीमेटम दिया है। गौ सेवक पंकज पाठक, अरुण पटेल फौजी और हिमांशु पटेल की अगुवाई में समिति के सदस्यों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि कान्हा उपवन में गौवंश को ठीक से चारा, पानी, इलाज और जरूरी देखभाल नहीं मिल रही है। समिति ने इन शिकायतों की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। समिति ने सिर्फ मौके पर मौजूद व्यवस्थाओं की ही नहीं, बल्कि गौशाला से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच कराने की मांग की है। इसमें चारा खरीदने और उसके स्टॉक का रिकॉर्ड, भुगतान से जुड़े दस्तावेज, पशुओं के इलाज के रिकॉर्ड, मृत्यु रजिस्टर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट शामिल हैं। समिति का कहना है कि इन रिकॉर्ड की जांच से व्यवस्थाओं में गड़बड़ियों और गौवंश की मौतों की असली वजह सामने आ सकती है। ज्ञापन में नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी डॉ. हरपाल सिंह की भूमिका की भी अलग से जांच कराने की मांग की गई है। समिति ने यह भी कहा है कि मेरठ में उनकी पिछली तैनाती के दौरान गौवंश की मौत से जुड़े रिकॉर्ड को भी जांच में शामिल किया जाए। गौ सेवकों ने प्रशासन से सात दिन के अंदर इस मामले में कार्रवाई करने को कहा है। समिति का कहना है कि अगर जांच में लापरवाही, भ्रष्टाचार या पशु क्रूरता के आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषियों के खिलाफ नियमों के हिसाब से सख्त कार्रवाई हो। अगर कार्रवाई नहीं हुई, तो समिति ने आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। ज्ञापन देने वालों में विशाल सक्सेना, तरुण, सोनू ठाकुर और अन्य लोग शामिल थे।
मथुरा के अहोबा में व्यक्ति की संदिग्ध मौत:परिवार में झगड़ा चल रहा था, पुलिस कर रही जांच
मथुरा के थाना सुरीर क्षेत्र के गांव अहोबा में गुरुवार सुबह 48 वर्षीय व्यक्ति की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। मृतक की पहचान भूरा के रूप में हुई है। घर में कई दिनों से किसी बात को लेकर परिवार में झगड़ा चल रहा था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। अहोबा निवासी भूरा मेहनत-मजदूरी कर परिवार का गुजारा करता था। परिजनों के मुताबिक, गुरुवार सुबह करीब 9 बजे उसकी अचानक मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही सुरीर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों व आसपास के लोगों से पूछताछ की। पत्नी और पांच बेटियों का रो-रोकर बुरा हाल भूरा की मौत के बाद परिवार में मातम छा गया। परिजनों के अनुसार, मृतक की पांच बेटियां हैं। पति और पिता की मौत के बाद पत्नी और बेटियों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। पुलिस का कहना है कि अभी मौत की वजह साफ नहीं है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण सामने आएगा। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।
मथुरा में सरकारी जमीन पर कब्जे का आरोप:रास्ता बंद होने से किसानों को परेशानी, एसडीएम से जांच की मांग
मथुरा की महावन तहसील के कंजौली घाट बांगर में सरकारी जमीन पर कब्जे और रास्ता रोकने का मामला सामने आया है। नगला खरगा भाग के रहने वाले महावीर सिंह ने उप जिलाधिकारी महावन को शिकायत दी है। उन्होंने खसरा संख्या 829 में दर्ज जमीन को कथित अवैध कब्जे से खाली कराने की मांग की है। शिकायतकर्ता दिलीप सिंह का आरोप है की दबंगो ने सरकारी जमीन पर कब्जा कर रास्ता बंद कर दिया है। रास्ता बंद होने से बच्चा सिंह समेत आस-पास के दूसरे किसानों को अपने खेतों तक आने-जाने में दिक्कत हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों तक पहुंचने के लिए यह रास्ता बहुत जरूरी है। शिकायत में बताया गया है कि इस मामले को लेकर साल 2020 से लगातार शिकायतें की जा रही हैं। इसके बावजूद अभी तक समस्या का कोई पक्का हल नहीं निकल पाया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि राजस्व विभाग के स्तर पर मामले को बार-बार गलत तरीके से निपटाया जा रहा है, जिससे कब्जा और रास्ते की समस्या बनी हुई है। गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे दिए गए आवेदन में शिकायतकर्ता ने उप जिलाधिकारी से मौके पर जाकर मामले की जांच करने की मांग की है। साथ ही खसरा संख्या 829 की जमीन की पैमाइश कराकर सही स्थिति साफ करने को कहा है। अगर जमीन पर अवैध कब्जा मिलता है, तो उसे तुरंत खाली कराने की मांग भी की गई है। शिकायतकर्ता ने मामले में लापरवाही बरतने वाले राजस्व कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है। उनका आरोप है कि लगातार शिकायतें करने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे किसान परेशान हैं। अब बच्चा सिंह ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर सरकारी जमीन को खाली कराने और दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
डिंडौरी जिले के बजाग क्षेत्र में बिजली और मोबाइल नेटवर्क की लगातार समस्या से परेशान ग्रामीणों ने गुरुवार को प्रदर्शन किया। उन्होंने स्टेट हाईवे पर जाम लगा दिया, जिससे करीब तीन घंटे तक यातायात पर असर पड़ा। ग्रामीणों का कहना था कि इलाके में लंबे समय से बिजली सप्लाई ठप रहती है। मोबाइल नेटवर्क की दिक्कत भी बनी हुई है। इससे सरकारी कामों के साथ-साथ स्टूडेंट्स, व्यापारियों और आम लोगों को परेशानी हो रही है। ग्रामीण लोकेश पटेरिया ने बताया कि बिजली और नेटवर्क की समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों को शिकायतें और ज्ञापन दिए गए हैं। लेकिन, स्थिति में सुधार नहीं हुआ। बार-बार आश्वासन मिलने के बाद भी समस्यया बनी हुई है। समस्याओं को सुलझाने का प्रयास जाम और प्रदर्शन की खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति संभाली। बजाग थाने के निरीक्षक नरेंद्र पाल और एसडीएम पुष्पेंद्र अहके ने प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों से बात की। उन्होंने समस्याओं को सुलझाने का भरोसा दिया। समझाइश के बाद ग्रामीणों ने आंदोलन खत्म कर जाम खोल दिया। इधर, बिजली विभाग के कार्यपालन यंत्री आर.के. बघेल ने बताया कि क्षेत्र में 100 केवी का ट्रांसफार्मर बदला जा रहा है। तकनीकी काम पूरा होते ही बिजली सप्लाई फिर से शुरू कर दी जाएगी। प्रशासन ने भी संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए जरूरी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
मथुरा में गुरुवार दोपहर करीब ढाई बजे रोडवेज कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन रोडवेज विभाग के वर्कशॉप कार्यालय में 17 सूत्रीय मांगों को लेकर किया गया। इसमें उत्तर प्रदेश रोडवेज कर्मचारी संघ, भारतीय मजदूर संघ और भारतीय परिवहन मजदूर महासंघ से जुड़े सैकड़ों कर्मचारी और पदाधिकारी शामिल हुए। उन्होंने अपनी लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की। उत्तर प्रदेश रोडवेज कर्मचारी संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष जयप्रकाश शुक्ला और शाखा अध्यक्ष श्यामवीर सिंह ने बताया कि कर्मचारियों की कई मांगें लंबे समय से पूरी नहीं हुई हैं। इन्हीं मांगों को लेकर पूरे प्रदेश में प्रदर्शन हो रहा है। उनकी मुख्य मांगों में संविदा कर्मचारियों के लिए सेवा नियमावली लागू करना शामिल है। इसके अलावा, संविदा कर्मियों को खाली पदों पर नियमित करने और मृतक आश्रितों को नौकरी देने की मांग भी की जा रही है। पदाधिकारियों ने यह भी बताया कि कर्मचारियों को चिकित्सा सुविधा देने जैसी कई अन्य मांगें भी 17 सूत्रीय मांगपत्र में हैं। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से मांग उठाने के बाद भी उनका कोई समाधान नहीं हुआ है, जिससे उनमें नाराजगी है। संगठन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर जल्द कोई सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया, तो अगला प्रदर्शन क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय पर होगा। अगर तब भी मांगों का समाधान नहीं हुआ, तो 21 सितंबर को लखनऊ मुख्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इस प्रदर्शन में पूरे उत्तर प्रदेश के रोडवेज कर्मचारी शामिल होंगे। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए। उन्होंने सरकार से लंबित मांगों पर जल्द फैसला लेने की अपील की।
मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर पांच पर गुरुवार सुबह करीब 11 बजे पैंट्री कार के वेंडर और स्थानीय वेंडरों के बीच जमकर मारपीट हो गई। इस विवाद में पैंट्री कार का एक वेंडर घायल हो गया। घटना के बाद स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही जीआरपी और आरपीएफ के जवान मौके पर पहुंच गए। घायल वेंडर को इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया। घायल वेंडर प्रदीप पुत्र ओमप्रकाश आगरा के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि वह अपने साथियों के साथ मथुरा-बाड़मेर सुपरफास्ट एक्सप्रेस की पैंट्री कार में यात्रियों के लिए खाने-पीने का सामान तैयार कर बेचते हैं। प्रदीप का आरोप है कि कुछ स्थानीय वेंडर बिना अनुमति के ट्रेन में खाद्य सामग्री बेचने पहुंच जाते हैं। जब पैंट्री कार के वेंडर उन्हें ट्रेन में सामान बेचने से रोकने की कोशिश करते हैं, तो वे विवाद करने लगते हैं। प्रदीप के अनुसार, गुरुवार को भी प्लेटफार्म नंबर पांच पर स्थानीय वेंडरों को ट्रेन में खाने-पीने का सामान बेचने से रोकने को लेकर विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते दोनों पक्षों में कहासुनी के बाद मारपीट होने लगी। प्रदीप का आरोप है कि स्थानीय वेंडरों ने उनके साथ जमकर मारपीट की, जिससे वह घायल हो गए। घटना के बाद आसपास मौजूद यात्रियों और अन्य लोगों की भीड़ मौके पर इकट्ठी हो गई। सूचना मिलते ही जीआरपी पुलिस मौके पर पहुंची और घायल वेंडर को जिला अस्पताल पहुंचाया। पीड़ित ने घटना की शिकायत जीआरपी थाने में दर्ज कराई है। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर कुछ नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। जीआरपी पुलिस मामले की जांच कर रही है और मारपीट में शामिल आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
प्रयागराज में खाली पड़े 60 हजार प्राथमिक शिक्षक पदों पर भर्ती की मांग को लेकर 11 दिन से चल रहा छात्रों का आंदोलन गुरुवार को और तेज हो गया। बुधवार रात करीब 2 बजे धरना दे रहे छात्रों को हटाए जाने के बाद गुरुवार को करीब एक हजार छात्र-छात्राएं सिविल लाइंस स्थित धरना स्थल के पास पहुंच गए। पुलिस ने धरना स्थल की ओर जाने वाले रास्ते पर बैरिकेडिंग कर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं हर्ष होटल के पास जुट गए, जहां छात्राओं की भी बड़ी भागीदारी रही। मौके पर पुलिस बल तैनात रहा। प्रदर्शनकारी छात्रों ने कहा कि 60 हजार प्राथमिक शिक्षक पदों पर भर्ती की मांग को लेकर आंदोलन जारी रहेगा और सरकार की ओर से भर्ती को लेकर ठोस निर्णय होने तक वे धरना स्थल से नहीं हटेंगे। छात्रों ने आरोप लगाया कि बुधवार रात पुलिस ने धरना दे रहे कुछ साथियों को जबरन हटा दिया और प्रदर्शन के लिए लगाए गए टेंट व अन्य सामान को भी कब्जे में ले लिया। छात्रों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे, इसके बावजूद पुलिस ने कार्रवाई की। प्रदर्शन से जुड़ी तस्वीरें देखिए………
अयोध्या जिले के रौनाही थाना क्षेत्र में हुए सड़क हादसे में बाइक पर सवार दो युवकों की मौके पर मौत हो गई। वहीं, एक युवक मामूली रूप से घायल हो गया। पुलिस ने दोनों शवों की पहचान के बाद गुरुवार को पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिए। थानाध्यक्ष रतन कुमार शर्मा ने गुरुवार, 10 सितंबर को बताया कि यह हादसा रौनाही थाना के सारंगापुर ड्योढ़ी संपर्क मार्ग पर भैरवगढ़ी माइनर के पास देर रात हुआ था। एक बाइक पर तीन युवक कहीं जा रहे थे, तभी एक अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर के बाद बाइक सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर रौनाही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पाया कि मृतकों की पहचान नहीं हो सकी थी। इसके बाद पुलिस ने पहचान के प्रयास शुरू किए और पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी कर दोनों शवों को मर्चरी में रखवा दिया। थानाध्यक्ष ने बताया कि गुरुवार सुबह मृतकों की पहचान हो गई। इनमें राजू (40 साल) पुत्र सज्जन, निवासी पहाड़पुर, थाना बाबा बाजार और सूरज (35 साल) पुत्र यमुना, निवासी डीली सरैया पूरे पराग, थाना खंडासा शामिल हैं। हादसे में मामूली रूप से घायल हुए युवक की पहचान राजेश यादव पुत्र राजकरण, निवासी कन्दाईकला, थाना खंडासा के रूप में हुई है, जिसका इलाज कराया गया है। उन्होंने बताया कि दोनों मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिए गए हैं। अभी तक मृतकों के परिजनों की तरफ से कोई लिखित शिकायत थाने में नहीं दी गई है। शिकायत मिलते ही संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी। पुलिस ने अज्ञात वाहन की तलाश के लिए टीम लगाई है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी देखे जा रहे हैं।
कासगंज इलाके की ततारपुर हजारा नहर में देवर-भाभी के कूदने की आशंका के बाद पुलिस लगातार दोनों को ढूंढ रही है। मंगलवार को यह घटना होने के बाद गुरुवार को भी पुलिस ने पीएसी फ्लड यूनिट के साथ नहर में तलाश अभियान चलाया। करीब तीन घंटे तक चले इस अभियान के बावजूद दोनों का कोई सुराग नहीं मिल पाया। पुलिस ने नहर में तलाश के साथ ड्रोन कैमरे की मदद भी ली। ड्रोन से हजारा नहर के करीब दो किलोमीटर हिस्से की निगरानी की गई, लेकिन देवर-भाभी का कहीं पता नहीं चला। तीन दिन से लगातार तलाश किए जाने के बाद भी दोनों का सुराग न मिलने से परिवार की चिंता बढ़ती जा रही है। पुलिस के अनुसार, कृष्णकांत नाम के युवक ने अपने भाई पंकज को फोन कर बताया था कि वह अपनी भाभी प्रियंका के साथ नहर में कूदकर जान दे रहा है। इसके बाद कृष्णकांत का मोबाइल बंद हो गया था। मंगलवार सुबह पिकनिक प्वाइंट के पास यात्री शेड में पुलिस को दोनों के मोबाइल फोन और दूसरा सामान मिला था। सामान मिलने और फोन पर मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने दोनों के नहर में कूदने की आशंका जताई थी। फिलहाल, पुलिस और पीएसी फ्लड यूनिट की टीम लगातार नहर में दोनों की तलाश कर रही है। तीन दिन बीतने के बाद भी देवर-भाभी का कोई सुराग नहीं मिलने से यह मामला अभी भी रहस्य बना हुआ है।
लखनऊ में 10 सितंबर को नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार देने वाले युवा तैयार करने की दिशा में एमिटी विश्वविद्यालय लखनऊ परिसर ने दो दिवसीय ‘एंटरप्रेन्योरशिप सेंसिटाइजेशन सेशन एवं यंग स्पार्क 2026’ का आयोजन किया। कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के एमिटी इनोवेशन इन्क्यूबेटर (एआईआई) द्वारा किया गया, जिसमें लखनऊ कैंपस के विभिन्न संस्थानों के करीब 2000 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को उद्यमिता, नवाचार, स्टार्टअप निर्माण और इन्क्यूबेशन की संभावनाओं से परिचित कराना था। कार्यक्रम में एआईआई के सीनियर वाइस प्रेसीडेंट विजय वीर सिंह और वाइस प्रेसीडेंट संयम ढींगरा ने विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। कार्यक्रम का आयोजन प्रो वाइस चांसलर प्रोफेसर (डॉ.) अनिल वशिष्ठ और डिप्टी प्रो वाइस चांसलर विंग कमांडर डॉ. अनिल कुमार तिवारी के मार्गदर्शन में किया गया। विद्यार्थियों के अलावा फैकल्टी सदस्यों और विभिन्न विभागों के विभागाधक्षों के लिए भी एक विशेष सत्र आयोजित किया गया। सीनियर वाइस प्रेसीडेंट विजय वीर सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों में नवाचार और उद्यमिता की सोच विकसित करने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। नवीनतम बदलावों के प्रति जागरूक, संवेदनशील और प्रशिक्षित शिक्षक विद्यार्थियों के नए विचारों को सही दिशा देने के साथ उन्हें बेहतर मेंटरशिप उपलब्ध करा सकते हैं। देश को विकसित करने की दिशा में रोजगार के अवसर सृजित करने वाले उद्यमियों की अग्रणी भूमिका होगी और इसके लिए हमें ऐसे युवा उद्यमियों की आवश्यकता है जिनकी सोच में नवाचार हो। डिप्टी प्रो वाइस चांसलर विंग कमांडर डॉ. अनिल कुमार तिवारी ने कहा कि यंग स्पार्क 2026 एमिटी लखनऊ में स्टार्टअप और इन्क्यूबेशन इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने विचारों को केवल विचार तक सीमित रखने के बजाय उन्हें उद्यम में बदलने के लिए एक संरचित मार्ग उपलब्ध कराया जाएगा।
यमुनानगर में अंबेडकर विहार निवासी और लेबर कोर्ट में चालक के पद पर कार्यरत कर्मचारी साइबर ठगी का शिकार हो गया। साइबर ठगों ने उसका मोबाइल हैक करने के बाद बैंक खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए 1 लाख 70 हजार 500 रुपये निकाल लिए। पीड़ित को वारदात की जानकारी तब हुई, जब सात सितंबर को उसके मोबाइल पर बैंक खाते से रकम निकलने के मैसेज पहुंचे। पीड़ित सुरेश कुमार ने साइबर क्राइम थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि एक से तीन सितंबर के बीच उसका मोबाइल किसी तरह साइबर ठगों के नियंत्रण में आ गया था। उसे इस बात की भनक नहीं लगी। इसी दौरान आरोपियों ने मोबाइल और बैंक खाते से संबंधित जानकारी हासिल कर ली और खाते से रकम निकालनी शुरू कर दी। बैंक से आया पैसे कटने का मैसेज सुरेश के अनुसार, सात सितंबर को मोबाइल पर पीएनबी खाते से पैसे कटने के लगातार मैसेज आए। मैसेज देखकर उसने बैंक खाते की जांच की तो पता चला कि कई लेनदेन के माध्यम से कुल 1 लाख 70 हजार 500 रुपये निकाले जा चुके हैं। खाते से रकम गायब होने की जानकारी मिलते ही उसने बैंक से संपर्क कर खाते में हुई संदिग्ध गतिविधियों के बारे में बताया। इसके बाद पीड़ित ने साइबर क्राइम थाना पहुंचकर पुलिस को पूरे मामले की शिकायत दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपी तक पहुंचने का कर रही प्रयास पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि सुरेश का मोबाइल किस माध्यम से हैक किया गया और साइबर ठगों ने बैंक खाते तक पहुंच बनाकर रकम किस तरीके से ट्रांसफर की। जांच के तहत खाते से हुए सभी लेनदेन और मोबाइल की संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है। आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस साइबर तकनीक की भी मदद ले रही है।
छात्राओं से छेड़छाड़ के आरोप पर विवाद:परिजन बोले- बेगुनाह हैं, कलेक्टर से की जांच की मांग
झालावाड़ के सुनेल थाना क्षेत्र के सामिया गांव में दो कबाड़ी युवकों पर स्कूली छात्राओं से छेड़छाड़ और अपहरण की कोशिश के आरोपों को लेकर विवाद बढ़ गया है। युवकों के परिजनों और मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर के नाम एडीएम रामचंद्र को ज्ञापन सौंपकर घटनाक्रम के सभी पहलुओं की जांच की मांग की। मारपीट का वीडियो भी हुआ था वायरल समाज के प्रतिनिधिमंडल ने इम्तियाज हुसैन और अनीश अगवान की अगुवाई में ज्ञापन दिया। उन्होंने बताया कि एक दिन पहले सामिया गांव में दो कबाड़ी युवकों पर स्कूली छात्राओं के अपहरण की कोशिश और मारपीट के आरोप लगे थे। घटना के बाद युवकों के साथ मारपीट का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। प्रतिनिधिमंडल ने वीडियो वायरल करने और युवकों के साथ हुई मारपीट की भी जांच कर कार्रवाई की मांग की है। अखबार की रद्दी और कबाड़ खरीदने पहुंचे थे युवक ज्ञापन में बताया गया कि दोनों युवक मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले के बोलिया के रहने वाले हैं। वे अखबार की रद्दी और कबाड़ खरीदने के लिए सामिया गांव स्थित सरकारी स्कूल के पास पहुंचे थे। प्रतिनिधिमंडल के मुताबिक, स्कूल की छुट्टी होने के बाद बच्चे घर लौट रहे थे। इसी दौरान युवकों के वहां मौजूद होने को लेकर कुछ बच्चों में गलतफहमी हो गई और वे घबराकर वहां से भागने लगे। ग्रामीणों ने पकड़कर लगाए आरोप, मारपीट का दावा प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि स्थिति को देखते हुए दोनों युवक भी वहां से चले गए थे। आरोप है कि इसके बाद कुछ ग्रामीणों ने उन्हें पकड़ लिया और छात्राओं से छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए उनके साथ मारपीट की। इसी दौरान बनाए गए वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात भी सामने आई। वीडियो से लेकर घटनास्थल तक जांच की मांग परिजनों और समाज के लोगों ने दोनों युवकों को निर्दोष बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि सच्चाई सामने लाने के लिए सभी पक्षों के बयान, घटनास्थल की स्थिति और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की जांच की जानी चाहिए। दोषियों पर कार्रवाई, निर्दोषों को न्याय की मांग प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ नियम के अनुसार कार्रवाई हो और यदि दोनों युवक निर्दोष हैं तो उन्हें न्याय दिलाया जाए।
दमोह में प्रेमी ने अपनी प्रेमिका की बका मारकर हत्या कर दी। वारदात के बाद उसने खुद भी जहर खाकर जान देने की कोशिश की। पुलिस ने उसे पकड़कर इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत देखते हुए उसे जबलपुर रेफर किया है। घटना गुरुवार दोपहर हटा थाना क्षेत्र के बनगांव की है। महिला की पहचान बनगांव निवासी 30 वर्षीय वर्षा विश्वकर्मा के रूप में हुई है। आरोपी का नाम अज्जू उर्फ अजय दुबे है, जो बनगांव का ही रहने वाला है। आरोपी ने क्या बताया? जिला अस्पताल पहुंचने पर आरोपी ने हत्या की बात कबूल की। उसने बताया कि दोनों ने पहले से ही एक साथ मरने की योजना बनाई थी। इसी योजना के तहत उसने पहले प्रेमिका की धारदार हथियार से हत्या की और फिर खुद कीटनाशक पी लिया। तभी पुलिस ने उसे पकड़ लिया और अस्पताल ले आई। आरोपी शराब के नशे में था, इसलिए वह ठीक से जानकारी नहीं दे पा रहा था। वह प्रेमिका की कई शादियां होने का दावा भी कर रहा था, जबकि महिला की सिर्फ एक शादी होने की बात सामने आ रही है। घटना की जानकारी मिलने के बाद एसपी आनंद कलादगी भी घटनास्थल पहुंचे और मामले की जानकारी ली। डॉक्टर ने आरोपी का इलाज किया, लेकिन वह इलाज में आनाकानी कर रहा था। इसलिए उसे जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर करने की तैयारी की जा रही है। पति ससुराल ले जाने आया था महिला वर्षा विश्वकर्मा के पति मोनू विश्वकर्मा ने बताया कि आज वह अपनी पत्नी को लेने के लिए उसके मायके आए हुए थे। दोपहर करीब 12 हम लोग घर के बाहर खड़े थे। तभी अज्जू आया और वर्षा से कहा कि 2 मिनट हमें बात करनी है तो पत्नी ने पूछा कि क्या बात करनी है। तभी उसने पीछे से बका निकाला और गर्दन पर दो बार हमला कर दिया। हम लोग बचाने पहुंचे तो हम लोगों को ही मारने दौड़ा और जान से मारने की धमकी दी। तो हम अपने बेटे को लेकर एक साइड हो गए। इसके बाद वह मौके से भाग गया । पति ने बताया कि 10 साल पहले उसकी वर्ष से शादी हुई थी, उनका एक बेटा भी है, वह छतरपुर जिले के भगवा में रहते हैं। उन्हें प्रेम प्रसंग जैसी किसी भी बात की कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि यह बात तो या तो गांव वाले जानते होंगे या मेरी ससुराल की लोग बता सकते हैं। एसपी मौके पर पहुंचे घटनास्थल पहुंचे एसपी आनंद कलादगी ने बताया कि हत्या की कोई स्पष्ट वजह अभी सामने नहीं आई है। आरोपी से जानकारी ली जा रही है और परिजन के भी बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
एम्स रायबरेली में B.Sc. नर्सिंग और एलाइड एंड हेल्थकेयर प्रोफेशन्स के फ्रेशर बैच 2026 का एक प्रेरणादायक ओरिएंटेशन प्रोग्राम के ज़रिए गर्मजोशी से स्वागत किया गया। यह कार्यक्रम कार्यकारी निदेशक और सीईओ डॉ. अमिता जैन और डीन एकेडमिक्स डॉ. नीरज कुमारी के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, ताकि नर्सिंग और एलाइड एंड हेल्थकेयर प्रोफेशन्स में छात्रों के प्रोफेशनल सफ़र की औपचारिक शुरुआत हो सके। इस प्रोग्राम में छात्रों को संस्थान के एकेडमिक ढांचे, पाठ्यक्रम, क्लिनिकल लर्निंग के मौकों, आचार संहिता, छात्र सहायता प्रणालियों और भविष्य के प्रोफेशनल्स से जुड़ी उम्मीदों के बारे में जानकारी दी गई। इस प्रोग्राम में डॉ. प्रबल जोशी (नोडल ऑफिसर, एलाइड एंड हेल्थकेयर प्रोफेशन्स), डॉ. संजय यादव (रजिस्ट्रार), श्री नरेंद्र पाल सिंह चौधरी (प्रिंसिपल - कार्यवाहक) सहित कॉलेज ऑफ़ नर्सिंग के सम्मानित फैकल्टी सदस्य शामिल हुए। उनकी मौजूदगी ने नए छात्रों का हौसला बढ़ाया और उन्हें प्रेरित किया। संकाय सदस्यों के मार्गदर्शन ने युवा छात्रों को नर्सिंग और एलाइड एंड हेल्थकेयर शिक्षा के माहौल में आत्मविश्वास के साथ ढलने और इस पेशे से जुड़े मूल्यों और ज़िम्मेदारियों को समझने में मदद की। नर्सिंग और उससे जुड़े हेल्थकेयर प्रोफेशन सिर्फ़ एक करियर नहीं हैं, बल्कि देखभाल, दया, काबिलियत और मानवता की सेवा के प्रति एक समर्पण हैं। फैकल्टी सदस्यों ने स्टूडेंट्स को सीखने के हर मौके का फ़ायदा उठाने, क्लिनिकल काम में महारत हासिल करने, दूसरों के प्रति सहानुभूति रखने और अपने पूरे सफ़र के दौरान प्रोफ़ेशनल नैतिकता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। यह ओरिएंटेशन नए स्टूडेंट्स को काबिल, दयालु, आत्मविश्वासी और सामाजिक रूप से ज़िम्मेदार नर्स और हेल्थकेयर प्रोफ़ेशनल बनाने की दिशा में एक सार्थक पहला कदम था, जो हेल्थकेयर और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए तैयार हैं।
कोटपूतली। 132 केवी जीएसएस पावटा में मरम्मत और रखरखाव का काम होगा। इस वजह से शुक्रवार को बिजली सप्लाई दो चरणों में बंद रहेगी। पहला चरण सुबह 8:15 बजे से 10:15 बजे तक रहेगा। इस दौरान 33 केवी किशनपुरा फीडर की सप्लाई बंद रहेगी। दूसरा चरण सुबह 10:45 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक होगा, जिसमें 33 केवी तुलसीपुरा फीडर की सप्लाई ठप रहेगी। इस दौरान 33 केवी जीएसएस किशनपुरा, बागवास अहिरान और तुलसीपुरा से निकलने वाले सभी 11 केवी फीडरों की बिजली सप्लाई भी उस समय बंद रहेगी।
दुष्कर्म के दोषी को 10 साल की सजा:20 हजार रुपए जुर्माना भी लगा, बस्ती कोर्ट ने सुनाया फैसला
बस्ती में दुष्कर्म के एक मामले में कोर्ट ने दोषी को 10 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 20 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। यह फैसला 'ऑपरेशन कन्विक्शन' के तहत पुलिस की प्रभावी पैरवी के बाद आया। 2022 में दर्ज हुआ था केस पुलिस के मुताबिक, मुंडेरवा थाना क्षेत्र में 2 दिसंबर 2022 को एक शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया गया था। इसमें मुंडेरवा निवासी सुधीर कुमार चौधरी पुत्र चंद्रमणि चौधरी को आरोपी बनाया गया था। पुलिस ने मामले की जांच पूरी करने के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। इसके बाद मामले की सुनवाई शुरू हुई। पुलिस ने कोर्ट में की प्रभावी पैरवी मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पैरवी सेल और मुंडेरवा थाना पुलिस ने प्रभावी पैरवी की। पुलिस ने कोर्ट के समक्ष मामले से जुड़े साक्ष्यों और तथ्यों को मजबूती से रखा। 10 सितंबर को कोर्ट ने सुनाई सजा सुनवाई पूरी होने के बाद 10 सितंबर 2026 को अपर सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम, गैंगस्टर कोर्ट, बस्ती ने सुधीर कुमार चौधरी को दोषी करार देते हुए 10 साल की कठोर कैद और 20 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। गंभीर अपराधों में सजा दिलाने पर जोर पुलिस के मुताबिक, 'ऑपरेशन कन्विक्शन' के तहत गंभीर अपराधों में दोषियों को सजा दिलाने के लिए लगातार प्रभावी पैरवी की जा रही है। इसी अभियान के तहत मुंडेरवा थाना पुलिस और पैरवी सेल की प्रभावी पैरवी से इस मामले में दोषी को सख्त सजा दिलाई गई।
बरेली में बैंक कर्मचारियों की हड़ताल:बेफी ने किया प्रदर्शन का आह्वान, 5 दिवसीय कार्यसप्ताह की मांग
बरेली में बैंक यूनियनों और इंडियन बैंक एसोसिएशन के बीच गुरुवार दोपहर हुई वार्ता विफल हो गई। इसके बाद बैंक अधिकारी और कर्मचारी शुक्रवार को देशव्यापी हड़ताल पर रहेंगे। बरेली में बैंक कर्मचारियों की ओर से हड़ताल के समर्थन में सभा का आयोजन किया जाएगा। Bank Employees Federation of India (BEFI) की ओर से बरेली के बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों से हड़ताल में शामिल होने की अपील की गई है। संगठन ने बताया कि शुक्रवार सुबह 10:30 बजे इंडियन बैंक, सिविल लाइंस शाखा में हड़ताल और सभा आयोजित की जाएगी। संगठन की ओर से बैंकिंग क्षेत्र में पांच दिवसीय कार्यसप्ताह लागू करने की मांग प्रमुखता से उठाई जा रही है। कर्मचारियों का कहना है कि पांच दिन का बैंकिंग कार्यसप्ताह केवल अवकाश से जुड़ा मुद्दा नहीं है, बल्कि यह कर्मचारियों के कार्य-जीवन संतुलन और अधिकारों से भी संबंधित है। BEFI ने कर्मचारियों और अधिकारियों से एकजुट होकर हड़ताल को सफल बनाने की अपील की है। संगठन की ओर से शुक्रवार सुबह सर्किट हाउस चौराहा स्थित यूनियन बैंक शाखा के पास भी अधिक से अधिक संख्या में कर्मचारियों के एकत्र होने का आह्वान किया गया है। यहां प्रदर्शन कर अपनी मांगों को लेकर सरकार और संबंधित अधिकारियों तक संदेश पहुंचाने की बात कही गई है। संगठन की ओर से कर्मचारियों से एकजुट रहने का आह्वान करते हुए कहा गया, हमारी एकता ही हमारी पहचान है, एकता हमारी ताकत है, संघर्ष हमारा हथियार है।
इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती के बाद युवक एक युवती को दिल्ली से नोएडा ले आया। सेक्टर-71 के होटल में उसके साथ मनमानी करने की कोशिश की। युवती ने विरोध किया तो आरोपी ने उसके साथ मारपीट की। इसके बाद तेजाब डालकर जान से मारने की धमकी दी। किसी तरह युवती आरोपी के चंगुल से निकलकर भागी और परिजन को घटना की जानकारी दी। युवती के पिता की शिकायत पर फेज-3 थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। तीन साल से दिल्ली में रह रही थी युवतीमूलरूप से हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला की रहने वाली युवती पिछले करीब तीन साल से दिल्ली में रह रही है। वह वहीं नौकरी करती है। पुलिस को दी शिकायत में पिता ने बताया कि कुछ समय पहले उनकी बेटी की इंस्टाग्राम के माध्यम से भविष्य शर्मा नाम के युवक से दोस्ती हुई थी। दोनों के बीच बातचीत होने लगी थी। परिवार को इस दोस्ती की जानकारी नहीं थी। एक सितंबर को होटल लेकर आयायुवती ने परिजन को बताया कि एक सितंबर को भविष्य शर्मा उसे दोस्ती का झांसा देकर नोएडा के सेक्टर-71 स्थित एक होटल में लेकर आया था। आरोप है कि होटल के कमरे में पहुंचने के बाद युवक ने युवती के साथ मनमानी करने का प्रयास किया। युवती ने इसका विरोध किया तो दोनों के बीच विवाद हो गया। इसके बाद आरोपी ने युवती के साथ मारपीट की और तेजाब डालकर जान से मारने की धमकी दी। पुलिस कर रही जांच धमकी मिलने के बाद युवती काफी डर गई। किसी तरह वह आरोपी से बचकर होटल से बाहर निकली और परिजन को पूरी घटना बताई। इसके बाद पिता बेटी को लेकर थाने पहुंचे और पुलिस को शिकायत दी। फेज-3 थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी भविष्य शर्मा के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
अयोध्या जिले के मिल्कीपुर तहसील में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को एक साल बाद भी मानदेय नहीं मिला है। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य किया था। भुगतान न होने से कार्यकर्ताओं में गुस्सा है। 10 सितंबर गुरुवार को एसडीएम मिल्कीपुर ने बताया कि वाउचर बनवाकर भिजवा दिया गया है जल्द भुगतान होगा। अमानीगंज ब्लॉक की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सोनू पाण्डेय ने बताया कि पिछले साल SIR के दौरान सभी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने घर-घर जाकर मतदाता सत्यापन का काम किया था। इतनी मेहनत के बाद भी उन्हें 6000 रुपये का मानदेय अब तक नहीं मिला है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि SIR काम शुरू होने से पहले अधिकारियों ने भरोसा दिलाया था कि काम खत्म होते ही मानदेय उनके बैंक खाते में भेज दिया जाएगा। लेकिन एक साल होने वाला है और भुगतान अभी तक अटका हुआ है। सहायिकाओं ने बताया कि दूसरे जिलों में SIR का भुगतान हो चुका है, लेकिन मिल्कीपुर तहसील में इसे रोक दिया गया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बताया कि वे पहले से ही कम मानदेय पर काम करती हैं। ऊपर से उनसे अतिरिक्त काम भी कराया जाता है। SIR जैसे जरूरी काम में BLO के साथ मिलकर काम करने के बाद भी भुगतान न मिलना गलत है। कई कार्यकर्ताओं ने तो उधार लेकर फील्ड का काम पूरा किया था, जिसके पैसे भी उन्हें नहीं मिले हैं। इस मामले में मिल्कीपुर के उप जिलाधिकारी पवन कुमार शर्मा ने बताया कि तहसील में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने SIR का जो काम किया था, उसका बिल वाउचर बनाकर जिला मुख्यालय भेज दिया गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही ट्रेजरी से उनका भुगतान करा दिया जाएगा।
कोटपूतली में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा 7 सितंबर से सात दिन का खाद्य सुरक्षा जांच अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत, जांच दल ने बहरोड़ बस स्टैंड पर मौजूद मिष्ठान भंडार से चाउमीन का सैंपल लिया। दुकान में साफ-सफाई ठीक न मिलने पर फर्म को सुधार नोटिस दिया गया। इसी तरह, कस्बे में मौजूद रिटेल मार्ट की जांच की गई। यहां से बेसन लड्डू और कच्ची घानी सरसों तेल के दो सैंपल लिए गए। जांच दल ने कसवाना में मौजूद रेस्टोरेंट और किचन की भी जांच की। जांच के दौरान रसोई में खाने-पीने की चीजों का सही ढंग से रखरखाव और साफ-सफाई नहीं मिली, जिस पर सुधार नोटिस दिया गया। साथ ही, खाना बनाने में इस्तेमाल हो रहे पनीर में मिलावट की आशंका होने पर उसका सैंपल भी लिया गया। कोटपूतली में मौजूद महालक्ष्मी मिष्ठान भंडार की जांच की गई। यहां साफ-सफाई की कमी थी, दुकान में चूहे, मक्खियां और मच्छर मिले। खाने-पीने की चीजें खुले में रखी थीं और उनका सही ढंग से रखरखाव नहीं किया गया था, जिसके कारण सुधार नोटिस दिया गया। दुकान में रखी करीब 200 किलोग्राम दूषित मिठाई, घेवर, चासनी और बेसन को वहीं नष्ट करवा दिया गया। सभी दुकानों से लिए गए सैंपल को जांच के लिए भेजा है।
नूंह जिले के शहीद हवलदार रशीद अहमद की पत्नी मुबीना ने अपने पति को स्थायी सम्मान दिलाने की मांग की है। उन्होंने डीसी अखिल पिलानी को पत्र सौंपकर एक सरकारी स्कूल का नाम शहीद रशीद अहमद के नाम पर रखने की गुहार लगाई है। रशीद अहमद देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए थे। मुबीना ने मांग की है कि राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नूंह या होडल चौक स्थित स्कूल का नाम शहीद रशीद अहमद के नाम पर रखा जाए। उनका कहना है कि इससे आने वाली पीढ़ियां भी उनके बलिदान को याद रख सकेंगी। छत्तीसगढ़ में ड्यूटी के दौरान हुए थे शहीद पत्र के अनुसार, वार्ड नंबर-1, हामिद कॉलोनी नूंह निवासी हवलदार रशीद अहमद 3 सितंबर 2005 को छत्तीसगढ़ में ड्यूटी के दौरान शहीद हुए थे। शहीद की पत्नी ने बताया कि उनके पति की शहादत के सम्मान में स्कूल का नाम उनके नाम पर रखने का प्रस्ताव पहले भी पुलिस उपमहानिरीक्षक कार्यालय, गुरुग्राम के माध्यम से भेजा जा चुका है। मुबीना के मुताबिक, अप्रैल 2022 से मई 2026 तक लगातार पत्र व्यवहार के बावजूद करीब 4 साल बाद भी इस मांग पर कोई अंतिम फैसला नहीं हो सका है। शहीद परिवार अब प्रशासन से जल्द निर्णय की उम्मीद कर रहा है। डीसी बोले-संबंधित कमेटी को सौंप दिया पत्र शहीद की पत्नी ने कहा कि जिस जवान ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राण दिए, उसके नाम को किसी शिक्षण संस्थान से जोड़ना सिर्फ परिवार का सम्मान नहीं है। यह पूरे क्षेत्र और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का विषय होगा। उन्होंने प्रशासन से जल्द फैसला लेने और स्कूल का नाम शहीद हवलदार रशीद अहमद के नाम पर रखने की मांग की। इस मामले पर डीसी अखिल पिलानी ने बताया कि शहीद की पत्नी द्वारा दिया गया पत्र संबंधित कमेटी को सौंप दिया गया है। उन्होंने आगे की कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं।
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह 'सनातन स्वाभिमान यात्रा' शुरू कर रहे हैं। यह पदयात्रा 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी के पावन पर्व पर महाकाल की नगरी शिवधाम (उज्जैन) से शुरू होगी, जो बुंदेलखंड के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल ओरछा होते हुए प्रभु श्री राम की नगरी रामधाम (अयोध्या) तक जाएगी। दिग्विजय सिंह ने स्पष्ट किया कि यह यात्रा पूरी तरह गैर-राजनीतिक है और इसका उद्देश्य किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल का समर्थन या विरोध करना नहीं, बल्कि धर्म के नाम पर पारदर्शिता, सत्य और श्रद्धा की रक्षा करते हुए सामाजिक सद्भाव स्थापित करना है। धर्म ध्वजा, सुप्रीम कोर्ट का ध्येय वाक्य और चंदे में धांधली का आरोप इस पदयात्रा के दौरान दिग्विजय सिंह अपने हाथों में पांच रंगों की धर्म ध्वजा लेकर चलेंगे। यात्रा का मुख्य ध्येय वाक्य यतो धर्मस्ततो जयः (अर्थात जहां धर्म है, वहीं विजय है) रखा गया है, जो भारत के सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) का भी आधिकारिक ध्येय वाक्य है। एक विशेष वीडियो संदेश जारी करते हुए पूर्व सीएम ने राम जन्मभूमि आंदोलन (1988-89) के दौर को याद किया। उन्होंने कहा कि विश्व हिंदू परिषद द्वारा चलाए गए राम शिला पूजन अभियान में वैचारिक मतभेदों के बावजूद उन्होंने भी अपनी सामर्थ्य अनुसार दान दिया था। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि संघ, विहिप और भाजपा से जुड़े लोगों द्वारा चंदे और चढ़ावे की राशि का भारी दुरुपयोग किया गया है। करोड़ों रुपये के घपले का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के पैसे से निजी संपत्तियां और वाहन खरीदे गए हैं। उन्होंने अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े लोगों और चम्पत राय पर भी गंभीर आरोप लगाए। गूगल फॉर्म जारी: जन-जागरण अभियान से जुड़ने की अपील दिग्विजय सिंह ने सनातन धर्म में आस्था रखने वाले आम नागरिकों, श्रद्धालुओं और धर्म के नाम पर हो रहे कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने के इच्छुक लोगों से इस यात्रा में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया है। जन-भागीदारी को आसान बनाने के लिए उन्होंने एक आधिकारिक गूगल फॉर्म भी जारी किया है, जिसके जरिए देशभर से कोई भी व्यक्ति अपना ऑनलाइन पंजीयन करा सकता है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि विजयादशमी का पर्व अधर्म पर धर्म की जीत का संदेश देता है, और इसी भावना के साथ वे शिवधाम से रामधाम तक निकलकर इस संदेश को जन-जन तक पहुंचाएंगे। 3000 किलोमीटर से ज्यादा की दो बार पदयात्राएं कर चुके हैं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के लिए इतनी लंबी पैदल यात्रा का यह पहला अनुभव नहीं है; वे पूर्व में भी कई ऐतिहासिक पदयात्राएं सफलतापूर्वक पूरी कर चुके हैं। इससे पहले वे 30 सितंबर 2017 से शुरू करके 3,300 किलोमीटर लंबी अत्यंत कठिन नर्मदा परिक्रमा पदयात्रा पूरी तरह पैदल तय कर चुके हैं। इसके अतिरिक्त, सितंबर 2022 में आयोजित 'भारत जोड़ो यात्रा' के दौरान भी उन्होंने कन्याकुमारी से लेकर कश्मीर तक पूरे 4,000 किलोमीटर से अधिक के मार्ग पर निरंतर पदयात्रा की थी।
TRF Bonus: कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, 12.44% बोनस पर बनी सहमति; खाते में आएंगे 91 हजार रुपये तक
TRF Bonus Agreement:टीआरएफ कंपनी और लेबर यूनियन के बीच 12.44 प्रतिशत बोनस पर समझौता हुआ, जिससे जमशेदपुर के 154 कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। यह राशि अधिकतम 91,022 रुपये और न्यूनतम 29,634 रुपये होगी, जिसका भुगतान 18 सितंबर तक बैंक खातों में कर दिया जाएगा।
सुल्तानपुर में गुरुवार को जिला युवा अधिकारी कार्यालय में MY भारत के जिला युवा अधिकारी सुधीर पांडेय ने 3 बजे मीडिया से बात की। उन्होंने VBYLD क्विज 2027 के आयोजन और इसके पंजीकरण अभियान की जानकारी दी। इस क्विज का मकसद युवा कार्यक्रमों में उनकी ज्ञानवर्धक भागीदारी बढ़ाना है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्विज की रूपरेखा, उद्देश्य, पंजीकरण प्रक्रिया और युवाओं की भागीदारी जैसे मुख्य बिंदुओं पर चर्चा हुई। मीडिया से इस कार्यक्रम को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने में सहयोग मांगा गया। सुधीर पांडेय ने बताया कि सुल्तानपुर के 15 से 29 साल के युवा इस क्विज में हिस्सा ले सकते हैं। इसका उद्देश्य विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की ज्ञानवर्धक भागीदारी तय करना है। उन्होंने कहा कि पूरे देश के हर जिले से चुने गए युवा प्रधानमंत्री के साथ अपने विचार साझा कर पाएंगे। यह एक ऐसा मंच होगा, जहां वे सीधे नीति निर्माताओं से बात कर सकेंगे, जो आमतौर पर संभव नहीं होता। पांडेय ने यह भी बताया कि यह क्विज हर साल राष्ट्रीय युवा दिवस पर होता है, जो स्वामी विवेकानंद के जन्मदिन पर मनाया जाता है। पंजीकरण 30 सितंबर तक चलेगा, जिसमें स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थानों के छात्र भाग ले सकते हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि देश का भविष्य युवा ही तय करेंगे। अगर युवा उदासीन हो जाएंगे और फैसलों से दूर रहेंगे, तो देश आगे नहीं बढ़ पाएगा। सुधीर पांडेय ने बताया कि विभाग ग्रामीण और शहरी युवाओं की प्रतिभा निखारने के लिए काम कर रहा है। इसके लिए ब्लॉक और जिला स्तर पर कई खेलकूद प्रतियोगिताएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम और युवा उत्सव आयोजित किए जा रहे हैं। इन आयोजनों का मुख्य मकसद युवाओं को खेलकूद, राष्ट्र निर्माण और सामाजिक विकास से जोड़ना है। साथ ही, उन्हें 'माई भारत' (MY Bharat) पोर्टल के जरिए सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है।
ग्रेटर नोएडा में त्योहारों से पहले अवैध पटाखों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी है। दादरी पुलिस ने गुरुवार को चेकिंग के दौरान बोलेरो पिकअप से 20 कार्टून अवैध पटाखे बरामद किए। पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बरामद पटाखों की कीमत करीब 4 लाख रुपए बताई जा रही है। पुलिस ने पटाखों के साथ बोलेरो पिकअप भी जब्त कर ली है। एनटीपीसी कट के पास पकड़ी गाड़ी थाना प्रभारी नीरज मिश्रा के मुताबिक, पुलिस को मुखबिर से अवैध पटाखों की सूचना मिली थी। इसके बाद टीम ने एनटीपीसी कट के पास चेकिंग शुरू की। इसी दौरान एक महिंद्रा बोलेरो पिकअप को रोककर तलाशी ली गई। गाड़ी में शिवकुमार और रामकुमार सवार थे। तलाशी के दौरान अलग-अलग तरह के पटाखों के 20 कार्टून मिले। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया और पटाखों समेत गाड़ी को जब्त कर लिया। हाथरस और बदायूं के रहने वाले हैं आरोपी पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार शिवकुमार हाथरस के चमनपुरा का रहने वाला है, जबकि रामकुमार बदायूं के टॉटपुर कर्सरी का निवासी है। दोनों फिलहाल बादलपुर के अच्छेजा गांव में रह रहे थे। पुलिस ने दोनों के खिलाफ दादरी थाने में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। कहां से लाए थे पटाखे, जांच जारी पुलिस के मुताबिक, आरोपी अवैध पटाखे बेचकर कमाई करने की फिराक में थे। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि पटाखे कहां से लाए गए थे और इन्हें कहां ले जाया जा रहा था। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के आधार पर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।
बारां जिले में मौसमी बीमारियों के साथ डेंगू, चिकनगुनिया और स्वाइन फ्लू की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। विभाग ने ‘स्वास्थ्य दल आपके द्वार’ अभियान का दूसरा चरण शुरू किया है, जो 7 सितंबर से 30 सितंबर तक चलेगा। अभियान के तहत स्वास्थ्यकर्मी घर-घर पहुंचकर बीमारियों की रोकथाम और मरीजों की पहचान का काम करेंगे। अस्पतालों में तैयारियां मजबूत करने के निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. जगदीश कुशवाह ने जिले के सभी अस्पतालों को स्वाइन फ्लू और मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अस्पतालों में दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता, जांच और इलाज के साथ संदिग्ध मरीजों की निगरानी व्यवस्था दुरुस्त रखने को कहा है। मच्छरों के लार्वा की होगी जांच डिप्टी सीएमएचओ डॉ. निशांत सैनी ने बताया कि अभियान के दौरान आशा कार्यकर्ता, एएनएम, सीएचओ और डोमेस्टिक ब्रीडिंग चेकर्स की टीमें घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं। इस दौरान घरों और आसपास मच्छरों के लार्वा की जांच की जा रही है। साथ ही एंटी-लार्वा गतिविधियां भी संचालित की जा रही हैं। बुखार के मरीजों की जांच, नालियों में डाला जा रहा MLO अभियान के तहत बुखार के मरीजों की ब्लड स्लाइड ली जा रही है और जरूरत के अनुसार घरों में दवा का छिड़काव किया जा रहा है। नगर निकाय और पंचायती राज विभाग के सहयोग से नालियों में एमएलओ (मिनरल ऑयल) डाला जा रहा है, ताकि मच्छरों के पनपने पर रोक लगाई जा सके। लार्वा मिला तो नोटिस और चालान स्वास्थ्य विभाग ने मच्छरों की रोकथाम के लिए कार्रवाई भी सख्त रखी है। जिन घरों में मच्छर का लार्वा पाया जाएगा, वहां नोटिस जारी कर चालान की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही लोगों को घरों में पानी जमा नहीं होने देने और मौसमी बीमारियों से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें विभाग के अनुसार तेज बुखार, ठंड लगना, लगातार खांसी, गले में खराश, नाक बहना, सिरदर्द, बदन दर्द और अत्यधिक थकान स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षण हो सकते हैं। बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचकर डॉक्टर से सलाह लेने की अपील की गई है।
गुलजार सिंह की सुसाइड के बाद परिवार के आरोपों पर भड़के प्रताप बाजवा, कहा- गिरफ्तारी होनी चाहिए
पंजाब कांग्रेस नेता प्रताप बाजवा ने गुलजार सिंह के परिवार द्वारा जबरन अंतिम संस्कार के आरोपों के बाद वित्त मंत्री हरपाल चीमा की तत्काल गिरफ्तारी और बर्खास्तगी की मांग की है।
देशभर में जंगली जानवरों को पकड़कर उनके शरीर के अलग-अलग हिस्सों को बेचने वाले गिरोह में एमपी का भी एक गिरोह सामने आया है। डीआरआई (डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस) ने देशभर में दस दिन के अंतराल में की गई कार्रवाई में सीधी में एक तेंदुए की खाल के साथ तीन आरोपियों की गिरफ्तारी की है। इनके पास से एक और तेंदुए की खाल की बरामदगी गिरफ्तारी के बाद भी अब तक नहीं हो सकी है। एमपी में तेंदुए की खाल के साथ गिरफ्तार युवकों के संबंध सीधी, मऊगंज और यूपी के बलिया जिले से हैं। पीआईबी के अनुसार पिछले 10 दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में हुई 6 कार्रवाई में दो तेंदुए की खाल, 180 जिंदा इंडियन स्टार कछुए, 12 जिंदा टोके गेको, करीब 24 किलो पैंगोलिन के शल्क और 500 ग्राम बाघ की हड्डियां बरामद हुई हैं। इन मामलों में 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह बात सामने आई है कि कछुओं को कपड़े की 6 थैलियों में छिपाकर ले जाया जा रहा था, तो बोलेरो और महिंद्रा थार जैसे वाहनों से वन्यजीवों के अंगों की तस्करी हो रही थी। DRI ने वन विभाग और वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो के साथ मिलकर ये कार्रवाई की। चालीस लाख से एक करोड़ तक में सौदा इस कार्रवाई के बाद सीधी जिले के वन विभाग के एसडीओ ने मीडिया को दिए बयान में कहा है कि डीआरआई भोपाल से आई टीम की जांच के दौरान यह बात सामने आई कि सीधी में पकड़े गए आरोपी बड़े तेंदुए की खाल बेचने की बात कर रहे थे। यह सौदा व्यापारी को दिखाते समय हो रहा था और तीस लाख, चालीस लाख और एक करोड़ तक के सौदे की चर्चा इनके द्वारा सीधी में एक मैरिज गार्डन और होटल में की जा रही थी। इस बीच आरोपियों को शक हुआ को थार गाड़ी में रखी गई खाल दिखाने को कहा गया और बाद में एक तेंदुए की खाल बरामद कर आरोपी गिरफ्तार किए गए। एसडीओ के अनुसार डीआऱआई की टीम कह रही थी कि दो खालें हैं लेकिन मिली एक ही है। बताया गया कि पकड़े गए आरोपी मऊगंज जिले के हनुमना क्षेत्र के रहने वाले वीरादेही अनमोल सिंह, नन्हीं गांव का अभिषेक सिंह, लल्लन सिंह भी है। लल्लन आदिवासी है। ये फंदा लगाकर शिकार करते हैं। यहीं पर अभिषेक सिंह का फार्म हाउस है। अनमोल सिंह के संपर्क में रहने वाला सुंदरम मास्टर माइंड है जो बलिया का रहने वाला है। इसमें नागपुर की एक महिला का भी नाम शामिल बताया जाता है। टीम का दावा है कि यह नेटवर्क मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और दिल्ली तक फैला हुआ है। आरोपियों द्वारा पूछताछ के दौरान सुंदरम बलिया (बिहार), अंजली नागपाल (नागपुर, महाराष्ट्र) एवं दिल्ली निवासी राम बिहारी के नाम भी सामने आए है। सीधी डीएफओ ने शिकार में प्रयुक्त हथियार जब्त होने की जानकारी दी वन मंडल अधिकारी सामान्य वन मण्डल सीधी के अनुसार 5 सितंबर 2026 को डीआरआई भोपाल यूनिट द्वारा सीधी शहर में थार गाड़ी से दो युवकों को एक तेंदुए की खाल के साथ पकड़ा गया। आरोपियों ने बताया कि उन्होंने ग्राम धनुहीनार पोस्ट बीरादेही तहसील हनुमना, जिला मऊगंज स्थित क्षेत्र में तेन्दुए का शिकार किया था। इनके कब्जे से तेंदुए के शिकार में प्रयुक्त सामग्री खूंटी, तार, चाकू आदि बरामद किए गए। उधऱ इसी मामले में एसडीओ वन मंडल सीधी ने कहा कि डीआरआई ने दो तेंदुओं की खाल होने की बात कही थी। फिलहाल एक ही मिल सकी है। दूसरे छोटे तेंदुआ की खाल भी बरामद करने का प्रयास किया जा रहा है।
बिजनौर में पानी निकासी के लिए नाला बनाने के दौरान घरों के बाहर बने रैंप तोड़े जाने पर अनुपम और जनक विहार कॉलोनी के दर्जनों लोग नाराज हो गए। गुरुवार को वो कलेक्ट्रेट पहुंचे और डीएम को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने जबरन रैंप तोड़ने का आरोप लगाते हुए संयुक्त टीम से जांच कराने की मांग की। दरअसल, मंगलवार को तहसील प्रशासन की टीम साईं विहार कॉलोनी में नाला खोदने पहुंची थी। टीम के साथ बुलडोजर भी था। साईं विहार और अनुपम विहार कॉलोनियों में नाला खोदने का काम शुरू होते ही लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया। साईं विहार कॉलोनी के लोगों ने घरों के बाहर बने रैंप तोड़े जाने पर आपत्ति जताई। इसके बावजूद टीम ने बुलडोजर चलाकर कई रैंप तोड़ दिए। इस दौरान महिलाओं और कॉलोनी के लोगों ने विरोध भी किया था। गुरुवार दोपहर करीब एक बजे कॉलोनी के दर्जनों लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने डीएम को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि वे अनुपम विहार और जनक विहार कॉलोनी के रहने वाले हैं। ये कॉलोनियां साल 2000 में बसी थीं, जबकि साईं विहार कॉलोनी इनके पीछे साल 2015 में बनी। कॉलोनी के लोगों का आरोप है कि साईं विहार कॉलोनी, जनक विहार कॉलोनी से नीचे तल पर बसी है। इस वजह से जनक विहार की नाली ऊंची है। साईं विहार कॉलोनी के लोगों ने नाली को नीचा करने के लिए एसडीएम कोर्ट में एक आवेदन दिया था। इस आवेदन पर नोटिस जारी हुए और जवाब भी दिया गया। लेकिन जवाब को नजरअंदाज करते हुए 21 अगस्त को एक आदेश जारी कर दिया गया। लोगों ने ज्ञापन में तहसीलदार सदर पर भी कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस के साथ तहसील की टीम ने उन लोगों के रैंप भी तोड़े हैं, जिनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं था। उन्होंने डीएम से पूरे मामले की संयुक्त टीम बनाकर जांच कराने की मांग की है। की इस मौके पर योगेंद्र कुमार ,उदयवीर सिंह, नौबहार सिंह ,अनूप कुमार, तेजपाल सिंह, वीरपाल सिंह ,गंगा प्रसाद ,सतीश कुमार, सहित दर्जन लोग मौजूद रहे।
गोंडा में जिला प्रशासन ने गुरुवार शाम करीब 4 बजे गोंडा-उतरौला रोड पर अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की। राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक और सब्जी मंडी के सामने बुलडोजर चलाकर 20 से ज्यादा अस्थाई दुकानें और अन्य अतिक्रमण हटाए गए। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा। सड़क के दोनों ओर किया था कब्जा प्रशासन के मुताबिक, गोंडा मनकापुर बस स्टॉप से लेकर सब्जी मंडी तक सड़क के दोनों ओर लोगों ने अस्थाई दुकानें लगाकर अतिक्रमण कर रखा था। इससे सड़क संकरी हो गई थी और राहगीरों को आने-जाने में परेशानी होती थी। अतिक्रमण के कारण इस मार्ग पर आए दिन जाम की स्थिति बनती थी। हादसों की आशंका भी बनी रहती थी। प्रशासन ने अतिक्रमणकारियों को पहले कई बार जगह खाली करने की चेतावनी और नोटिस दिए थे, लेकिन इसके बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया। कार्रवाई के दौरान खुद सामान हटाते दिखे दुकानदार गुरुवार को नगर पालिका, जिला प्रशासन और तहसील की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। लोक निर्माण विभाग की सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाकर उसे खाली कराया गया। कार्रवाई के दौरान कई दुकानदार खुद ही अपनी अस्थाई दुकानें और सामान हटाते नजर आए। इसके बाद टीम ने बुलडोजर से बाकी अतिक्रमण को हटा दिया। दोबारा कब्जा किया तो होगी कार्रवाई नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि सड़क के दोनों ओर अवैध रूप से अतिक्रमण किया गया था। अस्थाई दुकानें और अन्य कब्जे होने के कारण लोगों को परेशानी हो रही थी। अतिक्रमणकारियों को पहले भी कई बार नोटिस देकर हटने के लिए कहा गया था। इसके बाद गुरुवार को बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण हटाया गया। सदर तहसीलदार मनीष ने बताया कि अतिक्रमण को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। जिला प्रशासन और नगर पालिका की ओर से कई बार लोगों को अतिक्रमण हटाने के लिए कहा गया था, लेकिन उन्होंने इसे नहीं हटाया। उन्होंने बताया कि नगर पालिका, जिला प्रशासन और तहसील की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाया है। अगर दोबारा किसी ने सरकारी जमीन पर कब्जा किया तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
अग्निवीर भर्ती का जिलेवार शेड्यूल जारी:14 से 25 सितंबर तक जाट रेजीमेंट सेंटर में होगी भर्ती रैली
बरेली में अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए सेना ने जिलेवार भर्ती कार्यक्रम जारी कर दिया है। जाट रेजीमेंट सेंटर में 14 से 25 सितंबर तक अलग-अलग जिलों और तहसीलों के युवाओं की भर्ती होगी। इसमें अग्निवीर जनरल ड्यूटी, टेक्निकल और ट्रेड्समैन की भर्ती शामिल है। भर्ती में वही युवा शामिल हो सकेंगे, जिन्होंने 1 से 12 जून 2026 के बीच हुई ऑनलाइन कॉमन एंट्रेंस एग्जाम (CEE) पास की है। अभ्यर्थियों को एडमिट कार्ड में दी गई तारीख और समय के अनुसार ही भर्ती स्थल पर पहुंचना होगा। 14 सितंबर से टेक्निकल भर्ती से शुरुआत14 सितंबर को अग्निवीर टेक्निकल के लिए बरेली, बदायूं, फर्रुखाबाद, हरदोई और संभल के युवा शामिल होंगे। 15 सितंबर को सीतापुर, पीलीभीत, बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती और शाहजहांपुर के युवा टेक्निकल भर्ती में शामिल होंगे। इसी दिन लखीमपुर खीरी के ट्रेड्समैन 8वीं और 10वीं पास अभ्यर्थियों की भर्ती भी होगी। 16 सितंबर से जनरल ड्यूटी की भर्ती16 सितंबर को लखीमपुर खीरी और बहराइच के युवाओं की अग्निवीर जनरल ड्यूटी भर्ती होगी। 17 सितंबर को बलरामपुर, श्रावस्ती, सीतापुर और हरदोई की बिलग्राम तहसील के युवा शामिल होंगे। 18 सितंबर को हरदोई जिले के युवाओं की भर्ती होगी। 19 सितंबर को संभल और 20 सितंबर को शाहजहांपुर के युवाओं की भर्ती होगी।21 सितंबर को पीलीभीत और फर्रुखाबाद की कायमगंज तहसील के युवा शामिल होंगे। 22 सितंबर को फर्रुखाबाद जिले की अमृतपुर, फर्रुखाबाद और फतेहगढ़ तहसील के अभ्यर्थियों की भर्ती होगी। 23 से 25 सितंबर तक बरेली-बदायूं की बारी23 सितंबर को बदायूं की बिल्सी, दातागंज और सहसवान तहसील के युवाओं की भर्ती होगी। 24 सितंबर को बदायूं की बिसौली तहसील के साथ बरेली की मीरगंज, नवाबगंज और बहेड़ी तहसील के अभ्यर्थी शामिल होंगे।25 सितंबर को बरेली जिले की फरीदपुर, बरेली और आंवला तहसील के युवाओं की अग्निवीर जनरल ड्यूटी भर्ती होगी। मूल दस्तावेज साथ लाने होंगेसेना भर्ती कार्यालय ने अभ्यर्थियों से कहा है कि वे एडमिट कार्ड में दी गई तारीख और समय पर ही जाट रेजीमेंट सेंटर पहुंचें। शैक्षिक योग्यता, निवास, पहचान समेत सभी जरूरी दस्तावेजों की मूल प्रतियां साथ लानी होंगी। सेना ने युवाओं को दलालों और एजेंटों से दूर रहने की सलाह दी है। भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी और मेरिट के आधार पर होगी। किसी भी अवैध माध्यम से भर्ती कराने के नाम पर पैसा मांगने वालों से सावधान रहने को कहा गया है। जिलेवार अग्निवीर भर्ती कार्यक्रम 14 सितंबर: अग्निवीर टेक्निकल — बरेली, बदायूं, फर्रुखाबाद, हरदोई और संभल। 15 सितंबर: अग्निवीर टेक्निकल — सीतापुर, पीलीभीत, बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती और शाहजहांपुर। लखीमपुर खीरी के ट्रेड्समैन 8वीं और 10वीं पास अभ्यर्थी। 16 सितंबर: अग्निवीर जनरल ड्यूटी — लखीमपुर खीरी और बहराइच। 17 सितंबर: अग्निवीर जनरल ड्यूटी — बलरामपुर, श्रावस्ती, सीतापुर और हरदोई की बिलग्राम तहसील। 18 सितंबर: अग्निवीर जनरल ड्यूटी — हरदोई। 19 सितंबर: अग्निवीर जनरल ड्यूटी — संभल। 20 सितंबर: अग्निवीर जनरल ड्यूटी — शाहजहांपुर। 21 सितंबर: अग्निवीर जनरल ड्यूटी — पीलीभीत और फर्रुखाबाद की कायमगंज तहसील। 22 सितंबर: अग्निवीर जनरल ड्यूटी — फर्रुखाबाद की अमृतपुर, फर्रुखाबाद और फतेहगढ़ तहसील। 23 सितंबर: अग्निवीर जनरल ड्यूटी — बदायूं की बिल्सी, दातागंज और सहसवान तहसील। 24 सितंबर: अग्निवीर जनरल ड्यूटी — बदायूं की बिसौली तहसील और बरेली की मीरगंज, नवाबगंज व बहेड़ी तहसील। 25 सितंबर: अग्निवीर जनरल ड्यूटी — बरेली की फरीदपुर, बरेली और आंवला तहसील।
प्रतापगढ़ के अचलपुर स्थित राजकीय जनजातीय बालिका आश्रम छात्रावास की छात्राओं ने जिला कलेक्टर से शिकायत की है। छात्राओं ने छात्रावास में मूलभूत सुविधाओं की कमी और साफ-सफाई से जुड़ी समस्याओं को लेकर यह शिकायत दर्ज कराई है। छात्राओं ने बताया कि उन्हें समय पर और पर्याप्त भोजन नहीं मिलता है। सुबह के नाश्ते में सिर्फ पोहा दिया जाता है, इसके अलावा कोई और नाश्ता नहीं मिलता। छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें खुद ही साफ-सफाई करनी पड़ती है। शिकायत में छात्राओं ने कहा कि छात्रावास की जिम्मेदार मैडम नियमित रूप से मौजूद नहीं रहती हैं। वे सिर्फ भोजन के समय फोटो खिंचवाने के लिए आती हैं। तबीयत खराब होने पर उनके परिवार को सूचना देने में भी परेशानी होती है। छात्राओं ने जिम्मेदार मैडम के समय पर छात्रावास नहीं पहुंचने का आरोप लगाते हुए उन्हें हटाने की मांग की है।
कौशांबी जिले के कोखराज थाना क्षेत्र में एक युवक की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। यह घटना गुरुवार सुबह करीब 11 बजे भरवारी टीकरडीह गांव के पास डीएफसी रेलवे लाइन पर हुई। जानकारी के अनुसार, नौढ़िया आमद करारी निवासी राजा (35) अपने पिता दौलत के बेटे थे। वह किसी काम से टीकरडीह जा रहे थे। जब वह टीकरडीह गांव के पास रेलवे लाइन पार कर रहे थे, तभी प्रयागराज की ओर जा रही एक मालगाड़ी की चपेट में आ गए। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। भरवारी की सिंघिया चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। घटना की जानकारी मिलने पर परिजन भी रोते-बिलखते मौके पर पहुंचे। मृतक के भाई राममिलन ने बताया कि राजा गांव से टीकरडीह जाने की बात कहकर निकले थे। इस दुर्घटना से परिवार में दुख का माहौल है।
गाजियाबाद जिले में प्रशासन ने भूमाफिया के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इन पर गरीब और आम लोगों की जमीन पर अवैध कब्जा करने और धोखाधड़ी करने का आरोप है। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ के निर्देश पर तहसील स्तर पर बनी भूमाफिया टास्क फोर्स इन मामलों की जांच कर रही है। जिले में अब तक 13 लोगों को भूमाफिया के तौर पर पहचाना गया है। इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रस्ताव संबंधित अधिकारियों को भेजे जा रहे हैं। प्रशासन के मुताबिक, तहसील स्तर पर एसडीएम की अध्यक्षता में भूमाफिया टास्क फोर्स बनाई गई है। इस फोर्स को जमीन से जुड़े विवादों, अवैध कब्जे और धोखाधड़ी की शिकायतों की जांच का जिम्मा सौंपा गया है। जांच में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां एक ही जमीन को कई लोगों को बेचा गया है या उस पर अवैध कब्जा किया गया है। जिन मामलों में एफआईआर दर्ज है या कोर्ट-प्रशासन में लंबित हैं, उनमें सबूतों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। 13 नए लोगों को भूमाफिया के रूप में पहचाना टास्क फोर्स की जांच में कुल 13 नए लोगों को भूमाफिया के रूप में पहचाना गया है। इनमें सबसे ज्यादा 10 लोग लोनी तहसील के हैं। इसके अलावा सदर तहसील से दो और मोदीनगर तहसील से एक व्यक्ति को भी चिन्हित किया गया है। इन सभी के खिलाफ भूमाफिया के तौर पर कार्रवाई के प्रस्ताव संबंधित अधिकारियों को भेजे जा रहे हैं। प्रशासन ने बताया कि जिन लोगों को चिन्हित किया गया है, उनके मामलों में संबंधित विभाग और अधिकारी दस्तावेजों व सबूतों की जांच कर रहे हैं। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियमों के हिसाब से आगे की कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि गरीब और आम लोगों की जमीन पर अवैध कब्जे या धोखाधड़ी की शिकायतों को सबसे पहले देखा जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों की जांच कर सही मामलों में सख्त कार्रवाई की जाए और पीड़ितों की समस्याओं को जल्द से जल्द हल किया जाए।
झारखंड में बड़े अपराधियों पर नकेल कसने के बावजूद छोटे व नए अपराधी रंगदारी मांगकर कारोबारियों को परेशान कर रहे हैं। पुलिस ने सात महीनों में 193 अपराधियों को गिरफ्तार किया है, लेकिन रंगदारी की घटनाएं थम नहीं रही हैं।
अखिल भारतीय जाट महासभा के युवा जिलाध्यक्ष मुकुल चौधरी को जान से मारने की धमकी मिली है। धमकी देने वाली महिला ने खुद को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की पत्नी बताया। पुलिस जांच में महिला का जयपुर कनेक्शन सामने आया है। यह मामला दो सितंबर को मुकुल चौधरी के सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी करने से जुड़ा है। उन्होंने वीडियो में लॉरेंस बिश्नोई समेत अन्य गैंग के बारे में बात की थी। इसके बाद बुधवार को उन्हें एक अनजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाली महिला ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई की पत्नी बताया और मुकुल को जान से मारने की धमकी दी। आरोप है कि महिला ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और हथियारों के साथ अपनी फोटो भी भेजी। धमकी मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। पुलिस ने मोबाइल नंबर और अन्य तकनीकी सबूतों की जांच शुरू की। जांच में पता चला कि धमकी देने वाली महिला जयपुर में है। इसके बाद एसओजी और पुलिस की एक टीम आरोपी महिला को पकड़ने के लिए जयपुर रवाना हो गई है। पुलिस अब महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ करेगी। पुलिस खंगालेगी पूरा नेटवर्क पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि महिला ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई की पत्नी बताकर मुकुल चौधरी को धमकी क्यों दी? क्या उसने खुद ही यह कॉल की या किसी अन्य व्यक्ति के कहने पर मुकुल को निशाना बनाया गया? पुलिस पूछताछ में इन बिंदुओं पर जवाब तलाशेगी। हथियारों वाली फोटो भेजने और धमकी देने के पीछे की मंशा भी जांच के दायरे में है। पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पुलिस टीम महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ करेगी। धमकी देने की वजह और मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका की भी जांच की जाएगी। धमकी के बाद परिवार में दहशत मुकुल चौधरी का कहना है कि धमकी भरी कॉल के बाद वह और उनका परिवार डर के माहौल में है। परिवार के लोग घर से बाहर निकलने में भी भय महसूस कर रहे हैं। पुलिस की टीम आरोपी महिला तक पहुंचने के बाद अब यह पता लगाने में जुटेगी कि धमकी महज डराने के लिए दी गई थी या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश थी।
सोनीपत में पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट के कर्मचारी ने फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। उसका शव आवासीय बिल्डिंग में लटका मिला। परिजनों का कहना है कि आज ही एक फाइनेंसर 40 हजार रुपए देने का दबाव बना रहा था। मृतक की मां नीतू के अनुसार, बेटा हिमांशु फाइनेंसर को 40 हजार रुपए मांग रहा था। उसने कहा था, आज फाइनेंसरों को उनके पैसे नहीं दिए तो वे उठाकर ले जाएंगे। घटना ओल्ड हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में हुई। हम इस खबर को अपडेट कर रहे हैं…
विंग्स टू होप में विशेष बच्चों को बांटे फल-खिलौने:मुरादाबाद के प्रयास स्कूल में टीचरों का भी सम्मान
मुरादाबाद के गांधीनगर स्थित प्रयास स्कूल फॉर स्पेशल चिल्ड्रन में गोल्डन लायनेस आर्यन क्लब मुरादाबाद ने 'विंग्स टू होप' कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम का मकसद विशेष बच्चों के साथ समय बिताकर उन्हें खुशी देना और उनके बीच सेवा व अपनापन बढ़ाना था। क्लब की सदस्यों ने बच्चों को फल, खिलौने, बिस्किट, टॉफी, चिप्स और दूसरे सामान बांटे। उपहार पाकर बच्चों के चेहरों पर खुशी दिखी। कार्यक्रम की शुरुआत क्लब के संस्थापक सुदेश आर्य और अध्यक्ष रेखा सिंह ने दीप जलाकर की। इसके बाद सभी ने मिलकर गायत्री मंत्र बोला। क्लब की सदस्यों ने बच्चों से बात की और उनके साथ समय बिताया। इस दौरान बच्चों के साथ अपनापन दिखा। इस मौके पर प्रयास स्कूल के शिक्षकों को भी उनके समर्पण और सेवा के लिए उपहार व प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। क्लब के पदाधिकारियों ने कहा कि विशेष बच्चों के विकास और शिक्षा के लिए शिक्षक जिस लगन से काम कर रहे हैं, वह समाज को प्रेरणा देता है। ऐसे शिक्षक समाज के लिए मिसाल बने हैं और बच्चों को आगे बढ़ने का मौका देने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इस सेवा कार्य में क्लब की सचिव सीमा रस्तोगी, कोषाध्यक्ष संध्या अग्रवाल और रीजन चेयरपर्सन रति रस्तोगी का खास सहयोग रहा। कार्यक्रम में कल्पना, अंजू, सुषमा, यामिनी समेत क्लब की दूसरी सदस्य भी शामिल थीं।
हरदोई। शाहाबाद में गुरुवार को विश्व हिंदू परिषद (विहिप) का 62वां स्थापना दिवस मनाया गया। ब्लॉक सभागार में शाम 4 बजे आयोजित कार्यक्रम में विहिप के क्षेत्र धर्म प्रसार प्रमुख (पूर्वी उत्तर प्रदेश) राजेश जैन मुख्य वक्ता रहे। उन्होंने युवाओं से देश की संस्कृति और धर्म को जानने, समझने और अपनाने की अपील की। 'जेन जी को अपनी संस्कृति और धर्म को पहचानना होगा' राजेश जैन ने कहा कि भारत की जेन जी को अपनी संस्कृति और धर्म को पहचानना, जानना और अपनाना होगा। इससे समाज और देश का कल्याण होगा। उन्होंने कहा कि अपने आदर्शों, महापुरुषों और भगवान को भूलकर आगे बढ़ने का असर देश की स्थिति पर पड़ा है। उन्होंने कहा कि भारत के भविष्य को सही दिशा देने में संत समाज की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। भगवद्गीता के श्लोक का उल्लेख करते हुए उन्होंने धर्म की रक्षा और अधर्म के विरोध की बात कही। 'धर्म की रक्षा के लिए कार्यकर्ताओं को आगे आना होगा' राजेश जैन ने कहा कि जब-जब धर्म की हानि और अधर्म की वृद्धि होती है, तब धर्म की स्थापना के लिए प्रयास जरूरी हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि धर्म पर खतरा आने पर प्रत्येक कार्यकर्ता को उसकी रक्षा के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने ईसाई मिशनरियों का भी जिक्र किया। कहा कि भारत में ईसाई मिशनरियां अपने स्तर पर काम कर रही हैं और विहिप का प्रत्येक कार्यकर्ता उन्हें अपने उद्देश्य में सफल नहीं होने देगा। संतों ने राम मंदिर आंदोलन को बताया उदाहरण कार्यक्रम की अध्यक्षता रामेश्वर दयाल गुप्ता ने की। पूज्य महंत आत्मानंद गिरि और साध्वी डॉ. कमलेश ने आशीर्वचन दिए। उन्होंने कहा कि विहिप लगातार हिंदू समाज के लिए काम कर रहा है। राम मंदिर आंदोलन इसका प्रमुख उदाहरण रहा है। सैकड़ों लोग कार्यक्रम में हुए शामिल कार्यक्रम में जिला संगठन मंत्री अभिषेक, जिला कार्याध्यक्ष मोहित, जिला मंत्री गौरव, जिला उपाध्यक्ष मनोज, जिला सह मंत्री राहुल नागेंद्र, प्रचार प्रमुख अक्षतानंद, जिला धर्म प्रसार हिमांशु, जिला संयोजक शुभम, शाहाबाद नगर अध्यक्ष रविंद्र, नगर संयोजक शिवम, प्रखंड अध्यक्ष विपिन और प्रखंड संयोजक कुंवरपाल सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
देवरिया में प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री और पथरदेवा विधायक सूर्य प्रताप शाही के माता-पिता स्वर्गीय राजेंद्र किशोर शाही और स्वर्गीय रामप्यारी देवी की पुण्यतिथि पर शुक्रवार को श्रद्धांजलि सभा होगी। इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। यह श्रद्धांजलि सभा 11 सितंबर को सुबह 10:30 बजे कसया रोड स्थित पलक लॉन, देवरिया में आयोजित की जाएगी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रचार प्रमुख सुभाष जी इस कार्यक्रम में विशेष प्रबोधन देंगे। स्वर्गीय राजेंद्र किशोर शाही को एक जाने-माने वकील, समाजसेवी और साहित्यकार के रूप में याद किया जाता है। वह पथरदेवा विधानसभा क्षेत्र के पकहां गांव के रहने वाले थे। इस श्रद्धांजलि सभा में भाजपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं के अलावा इलाके के लोगों के भी शामिल होने की उम्मीद है। पलक लॉन पहुंचकर श्रद्धांजलि सभा में शामिल कार्यक्रम में मौजूद लोग स्वर्गीय राजेंद्र किशोर शाही और स्वर्गीय रामप्यारी देवी के चित्र पर फूल चढ़ाकर उन्हें श्रद्धांजलि देंगे। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक दोपहर 12:20 बजे हेलीकॉप्टर से पुलिस लाइन पहुंचेंगे। इसके बाद 12:30 बजे वह कार्यक्रम स्थल पलक लॉन पहुंचकर श्रद्धांजलि सभा में शामिल होंगे। दोपहर 2:10 बजे वह देवरिया से हेलीकॉप्टर से गोरखपुर के लिए रवाना हो जाएंगे।
हिमाचल प्रदेश में सुक्खू सरकार मानसून सत्र के बाद एक्शन मोड में है। शुक्रवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में 50 हजार नौकरियों के लक्ष्य पर मंथन होगा।
कानपुर में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से किनारे बसे गांवों में बाढ़ का असर दिखने लगा है। भोपाल पुरवा, बनिया पुरवा और भगवानदीन पुरवा में पानी पहुंच चुका है। हालांकि अभी गांवों के घरों तक पानी नहीं पहुंचा है, लेकिन रास्ते जलमग्न हो गए हैं। कई जगह ग्रामीणों को पानी के बीच से होकर निकलना पड़ रहा है। हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने भगवानदीन पुरवा जाने वाले रास्ते पर नाव की व्यवस्था कराई है। ग्रामीणों से दिक्कतों की जानकारी ली डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह और तहसीलदार सदर विनय द्विवेदी ने जिला प्रशासन की टीम के साथ बाढ़ प्रभावित गांवों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर बाढ़ के कारण हो रही दिक्कतों की जानकारी ली। डीएम ने बताया कि गंगा का पानी बढ़ा है। ग्रामीणों की आवाजाही के लिए नाव चलवाई जा रही है। जरूरत पड़ने पर ग्रामीणों को गांव से बाहर शिफ्ट कर टेंट लगाने की व्यवस्था भी की जाएगी। ग्रामीण बोले- चारों ओर पानी, निकलना मुश्किल ग्रामीण सोनेलाल ने बताया कि पानी बढ़ने से गांव से निकलने और आने-जाने में परेशानी हो रही है। वहीं भोपाल पुरवा निवासी रामगुलाम ने बताया कि चारों ओर पानी ने गांव को घेर लिया है। ग्रामीणों को पानी मंझाकर निकलना पड़ रहा है। पानी बढ़ने के कारण ट्रैक्टर भी नहीं चल पा रहा है। चेतावनी बिंदु से ऊपर पहुंचा पानी गंगा बैराज के अपस्ट्रीम में जलस्तर 114.63 मीटर और डाउनस्ट्रीम में 114.28 मीटर दर्ज किया गया है। यहां चेतावनी बिंदु 114 मीटर और खतरे का निशान 115 मीटर है। यानी दोनों तरफ पानी चेतावनी बिंदु से ऊपर पहुंच चुका है। वहीं, शुक्लागंज में गंगा का जलस्तर 113.02 मीटर दर्ज किया गया है। यहां चेतावनी बिंदु 113 मीटर और खतरे का निशान 114 मीटर है। शुक्लागंज में भी पानी चेतावनी बिंदु को पार कर चुका है।
हरियाणा विजिलेंस एवं एंटी करप्शन ब्यूरो यूनिट जींद ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए स्टेट जीएसटी के ईटीओ (ETO) द्वेश साहू और एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) अजय शर्मा को 3 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी ईटीओ ने फर्म के एक भारी-भरकम नोटिस पर कार्रवाई न करने के एवज में 5 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। ब्यूरो के मुताबिक, शिकायतकर्ता की फर्म 'मेसर्स अमन लेयलैंड, जींद' को एसजीएसटी एवं सीजीएसटी एक्ट, 2017 की धारा 74 के तहत 75,29,559 रुपये का नोटिस जारी किया गया था। आरोप है कि ईटीओ द्वेश साहू ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए इस नोटिस के संबंध में कोई सख्त कार्रवाई न करने की एवज में 5 लाख रुपये की मांग की। ईटीओ ने यह घूस वसूलने के लिए निजी सीए अजय शर्मा को जरिया बनाया था। विजिलेंस ने बिछाया जाल शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस टीम ने मामले का सत्यापन किया और योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप लगाया। टीम ने निजी सीए अजय शर्मा को ईटीओ के लिए 3 लाख रुपये नकद लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया। आरोपी सीए के पास से रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर ली गई है। इस संबंध में थाना SV ACB, करनाल में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 और 7ए के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और मामले में आगे की जांच जारी है।
11 सितंबर को धार आएंगे मुख्यमंत्री मोहन यादव:जिला स्तरीय जन विश्वास अभियान शिविर में होंगे शामिल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 11 सितंबर को धार आएंगे। उनके दौरे से एक दिन पहले गुरुवार को धार कलेक्ट्रेट में तैयारियां तेज रहीं। कलेक्ट्रेट परिसर के अंदर कई सरकारी दफ्तरों में दिनभर साफ-सफाई और रंगाई-पुताई का काम चलता रहा। अधिकारी और कर्मचारी भी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे रहे। मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान कुछ सरकारी कार्यालयों का जायजा लिए जाने की संभावना को देखते हुए भी तैयारियां की जा रही हैं। जिला स्तरीय जन विश्वास अभियान शिविर में शामिल होंगे मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव धार में आयोजित जिला स्तरीय जन विश्वास अभियान शिविर में शामिल होंगे। शिविर में लोगों से बातचीत, व्यापारियों से संवाद और आम शिकायतों के निराकरण पर जोर रहेगा। इस दौरान मुख्यमंत्री लोगों की समस्याएं सुनने के साथ प्रशासनिक व्यवस्थाओं की जानकारी भी ले सकते हैं। कलेक्ट्रेट में व्यवस्थाओं को दिया जा रहा अंतिम रूप मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने कलेक्ट्रेट परिसर में व्यवस्थाएं तेज कर दी हैं। सरकारी कार्यालयों में साफ-सफाई के साथ रंगाई-पुताई का काम भी कराया जा रहा है। अधिकारी और कर्मचारी कार्यक्रम से जुड़ी व्यवस्थाओं को पूरा करने में लगे हैं। कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जिला स्तरीय जन विश्वास अभियान शिविर में शामिल होने के लिए धार आ रहे हैं। कार्यक्रम की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अब 11 सितंबर को होने वाले शिविर में मुख्यमंत्री का दौरा और लोगों से संवाद मुख्य केंद्र में रहेगा।
राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर गुरुवार को राजगढ़ जिला कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की बैठक हुई। कार्यक्रम 19 सितंबर को इंदौर में प्रस्तावित है। बैठक में अधिक से अधिक छात्रों की भागीदारी सुनिश्चित करने और युवाओं तक कार्यक्रम का संदेश पहुंचाने पर चर्चा की गई। प्रभारी प्रशिक्षक प्रज्ञा फिलिप्स ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था “वेंटिलेटर पर” है। माता-पिता बच्चों की पढ़ाई पर खर्च करते हैं, लेकिन डिग्री हासिल करने के बाद भी कई युवाओं के सामने रोजगार की समस्या रहती है। उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं की समस्याएं सुनने और उनकी आवाज उठाने के लिए राहुल गांधी इंदौर आ रहे हैं। NEET प्रभावित छात्रों से संपर्क करने को कहा प्रज्ञा फिलिप्स ने युवा कांग्रेस और NSUI कार्यकर्ताओं से राजगढ़ जिले के अधिक से अधिक छात्रों तक पहुंचने की अपील की। उन्होंने खासतौर पर पचोर और सारंगपुर क्षेत्र के NEET प्रभावित छात्रों से संपर्क करने को कहा। उन्होंने उन छात्रों से संपर्क करने की बात कही, जिन्हें दोबारा परीक्षा देनी पड़ी या जिनका परिणाम अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा। कार्यकर्ताओं से बारकोड स्कैन कर छात्रों का रजिस्ट्रेशन कराने और सोशल मीडिया के जरिए कार्यक्रम की जानकारी पहुंचाने की अपील की गई। खिलचीपुर नाके पर रजिस्ट्रेशन स्टॉल कार्यक्रम के लिए राजगढ़ में रजिस्ट्रेशन अभियान शुरू किया गया है। कांग्रेस की ओर से खिलचीपुर नाके पर स्टॉल लगाया गया है। यहां छात्रों को कार्यक्रम की जानकारी देने के साथ बारकोड स्कैन कर रजिस्ट्रेशन कराया जा रहा है। बैठक में पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेंद्र सिंह बघेल, पूर्व ऊर्जा मंत्री एवं कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रियव्रत सिंह, कांग्रेस प्रभारी प्रशिक्षक प्रज्ञा फिलिप्स, पूर्व विधायक रामप्रसाद दांगी, बापू सिंह तंवर, हेमराज कल्पोनी, कृष्ण मोहन मालवीय, रामचंद्र दांगी, रघु परमार, जिला पंचायत अध्यक्ष चंदर सिंह सौंधिया और पूर्व जिलाध्यक्ष प्रकाश पुरोहित सहित पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बांसवाड़ा में नगर परिषद चुनाव का मतदान पूरा होने के बाद जोड़-तोड़ की राजनीति से बचने और संख्या बल को एकजुट रखने के लिए कांग्रेस ने अपने 59 वार्डों के उम्मीदवारों की बाड़ेबंदी शुरू कर दी है। चुनाव प्रक्रिया पूरी होते ही कांग्रेस खेमे ने अपने पाले के पार्षदों को सुरक्षित ठिकानों पर भेजना शुरू कर दिया, ताकि बोर्ड गठन के दौरान किसी प्रकार की उठापटक से बचा जा सके। बामणिया के फार्म हाउस से हुए रवाना जानकारी के मुताबिक के विधायक और जिलाध्यक्ष अर्जुनसिंह बामणिया के मलवासा स्थित फार्म हाउस पर कांग्रेस के नवनिर्वाचित पार्षद और उम्मीदवार इकट्ठा हुए। यहां बस से 56 उम्मीदवार साथ में गया है। यहां रणनीति तय करने के बाद सभी को एक निजी बस में सवार कर सुरक्षित स्थान के लिए रवाना किया गया। इस दौरान कांग्रेस नेता राकेश सेठिया ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि बस में कुल 56 उम्मीदवार सवार होकर रवाना हुए हैं, जबकि बाकी बचे 3 पार्षद उम्मीदवार किसी कारणवश अलग गाड़ी से उनके पीछे-पीछे आ रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बोर्ड गठन में बहुमत का आंकड़ा साधने और क्रॉस वोटिंग रोकने के लिए इस बाड़ेबंदी को एक अचूक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।
सिरसा की जिला जेल में कुछ बंदियों ने जेल कर्मचारी और वार्डर के साथ झगड़ा कर लिया। विवाद इतना बढ़ गया कि कुछ बंदियों ने जेल कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार किया और आरोप है कि अभद्रता की और एक वार्डर की वर्दी तक फाड़ दी। इन सभी पर चोरी, छीनाझपटी और एनडीपीएस सहित विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमें दर्ज है। जानकारी के अनुसार, जिला जेल में यह झगड़ा बुधवार रात को हुआ। जब बंदियों को बैरक में भेजा जा रहा था। उस समय कुछ बंदियों ने वार्डर दिलबाग सिंह और विनोद के साथ कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर बाकी बंदी भी वहां पहुंचे और उनके साथ झगड़ा कर लिया। इस मामले में डीएसपी जेल की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने 6 बंदियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। शिकायत में आरोप लगाया कि हमलावरों में से एक बंदी ने वार्डर की वर्दी पकड़कर धक्का-मुक्की करने लगा, जिससे वर्दी फट गई। बंदी बलजीत सिंह व पवन कुमार ने वार्डर के साथ पहले बहस की और बाद में अन्य बंदियों ने उसके साथ मिलकर झगड़ा कर लिया। इसके बाद इसकी सूचना जेल प्रशासन को दी गई। वहीं, जेल प्रशासन ने कहा, इसकी शिकायत पुलिस को दे दी गई है। बंदियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया हुड्डा चौकी प्रभारी ने बताया कि वार्डर के साथ झगड़े का मामला सामने आया है। ये बुधवार रात की घटना है। मामले में आरोपी बंदियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले में जांच जारी है।
नरसिंहपुर जिले में अवैध शराब की बिक्री और शराब दुकानों पर ओवररेटिंग के मुद्दे पर बहुजन चेतना विकास मोर्चा ने आंदोलन की चेतावनी दी है। गुरुवार को नरसिंहपुर में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राधेश्याम मेहरा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आबकारी विभाग के कामकाज पर सवाल उठाए। मेहरा ने बताया कि संगठन ने 1 सितंबर 2026 को कलेक्टर और आबकारी विभाग को ज्ञापन दिया था। इसमें गांवों में अवैध शराब बिक्री और ओवररेटिंग पर कार्रवाई की मांग की गई थी। उनका आरोप है कि ज्ञापन देने के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। संगठन ने कलेक्टर को दिए आवेदन में कहा है कि कार्रवाई न होने के विरोध में 30 सितंबर 2026 को जिला आबकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया जाएगा। इसके लिए प्रशासन से अनुमति मांगी गई है। पार्टी प्रदेश अध्यक्ष राधेश्याम मेहरा ने कहा कि अगर शिकायतें मिलने के बाद भी आबकारी विभाग कार्रवाई नहीं करता है, तो संगठन आंदोलन के जरिए अपनी आवाज उठाएगा। उन्होंने प्रशासन से अवैध शराब की बिक्री पर तुरंत रोक लगाने और ओवररेटिंग की शिकायतों की जांच करने की मांग की। आवेदन में यह भी कहा गया है कि प्रदर्शन के दौरान कोई गलत स्थिति बनी तो प्रशासन जिम्मेदार होगा। संगठन ने प्रशासन से तय तारीख पर प्रदर्शन की अनुमति देने की मांग की है।
नगरीय निकाय चुनाव 2026 के दूसरे चरण में शुक्रवार 11 सितंबर को नैनवां, हिंडोली, कापरेन और लाखेरी नगरपालिकाओं में मतदान होगा। मतदान की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। दूसरे और आखिरी प्रशिक्षण के बाद गुरुवार को मतदान दल ईवीएम और चुनाव सामग्री लेकर अपने-अपने मतदान केंद्रों के लिए रवाना हो गए। चुनाव में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए मतदान शुरू होने से एक घंटे पहले यानी सुबह 6 बजे सभी केंद्रों पर मॉक पोल कराया जाएगा। चारों नगर पालिकाओं में दिया गया अंतिम प्रशिक्षण गुरुवार को चारों नगर पालिका मुख्यालयों पर मतदान दलों को दूसरा और आखिरी प्रशिक्षण दिया गया। नैनवां के सरकारी कॉलेज में आयोजित प्रशिक्षण में अतिरिक्त जिला कलेक्टर (सीलिंग) रमेश देव भी मौजूद रहे। उन्होंने मतदान दलों को पूरी ईमानदारी, सावधानी और जिम्मेदारी के साथ चुनाव प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। ईवीएम से लेकर जरूरी दस्तावेजों की दी जानकारी प्रशिक्षण के दौरान एक्सपर्ट ट्रेनर्स ने मतदान कर्मचारियों को ईवीएम की कंट्रोल यूनिट और बैलेट यूनिट के संचालन की जानकारी दी। साथ ही मतदान के दौरान इस्तेमाल होने वाले जरूरी कागजात और चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी सावधानियों के बारे में भी बताया गया। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद सभी मतदान दलों को वाहनों से उनके निर्धारित मतदान केंद्रों पर भेजा गया। ऐसे चलेगी मतदान की प्रक्रिया प्रशिक्षण में मतदान अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियां भी विस्तार से समझाई गईं। पहले मतदान अधिकारी मतदाता की पहचान की जांच करेंगे। इसके लिए मतदाता को फोटोयुक्त पहचान पत्र दिखाना होगा। पहचान सत्यापित होने के बाद दूसरे मतदान अधिकारी मतदाता रजिस्टर में हस्ताक्षर करवाएंगे और बाएं हाथ की पहली उंगली पर अमिट स्याही लगाएंगे। इसके बाद तीसरे मतदान अधिकारी की जिम्मेदारी बैलेट यूनिट की होगी। वे मतदाता को वोट डालने के लिए मशीन तैयार करेंगे। उम्मीदवारों और एजेंटों के सामने सील होगी ईवीएम मतदान से पहले होने वाले मॉक पोल में चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार, उनके चुनाव एजेंट और मतदान एजेंट मौजूद रह सकते हैं। इस दौरान उन्हें ईवीएम के संचालन की प्रक्रिया भी समझाई जाएगी। मॉक पोल पूरा होने के बाद मौजूद उम्मीदवारों और एजेंटों के सामने ही ईवीएम की कंट्रोल यूनिट को सील किया जाएगा। इसके बाद ही वास्तविक मतदान शुरू होगा।
कटनी जिले के विजयराघवगढ़ में तैनात महिला डेंटिस्ट ने स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों पर आरोप लगाए हैं। डॉक्टर का कहना है कि उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। पिछले 18 महीने से उनका वेतन भी नहीं मिला है। पीड़ित डॉक्टर ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। पुलिस से मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। महिला थाने पहुंचीं डॉ. मुस्कान सोनी ने गुरुवार को पुलिस को शिकायत पत्र दिया। इसमें उन्होंने बताया कि वे विजयराघवगढ़ स्वास्थ्य केंद्र में डेंटिस्ट के पद पर काम करती हैं। पिछले लगभग डेढ़ साल (18 महीने) से उन्हें वेतन नहीं मिला है। डॉक्टर का कहना है कि जब भी वे अपने रुके हुए वेतन के बारे में बात करने अधिकारियों के पास जाती हैं, तो उन्हें धमकाया और अपमानित किया जाता है। डॉ. मुस्कान सोनी ने ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (बीएमओ) डॉ. विनोद दूबे और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. राज सिंह पर आरोप लगाए हैं। उनके मुताबिक, ये अधिकारी जानबूझकर उनकी हाजिरी (अटेंडेंस) को लेकर दिक्कतें पैदा करते हैं। साथ ही, दूसरे स्टाफ के सामने उनके साथ गलत भाषा का इस्तेमाल किया जाता है। महिला डॉक्टर के अनुसार, उन्हें लगातार मानसिक तनाव, दबाव और डर के माहौल में काम करना पड़ रहा है। इस लगातार हो रही परेशानी के कारण उन्होंने अपनी शारीरिक और मानसिक सुरक्षा को लेकर डर जताया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की जांच कराई जाए, उन्हें काम करने की जगह पर सुरक्षा मिले और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो।
अशोकनगर से ग्वालियर भेजा गया गेहूं रास्ते से गायब होने के मामले में कोतवाली पुलिस ने ट्रक बरामद कर लिया है। पुलिस ने ट्रक को घाटी गांव से बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक ट्रक को छिपाकर रखा गया था। मामले में ट्रक के ड्राइवर रुस्तम को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू की थी। 834 कट्टे गेहूं ग्वालियर भेजा था शिकायतकर्ता मनोज कुमार जैन ने पुलिस को बताया कि 5 सितंबर को उनकी फर्म से 834 कट्टे यानी करीब 250.20 क्विंटल गेहूं ग्वालियर की मुकुल फूड्स प्रोडक्ट फर्म के लिए भेजा गया था। गेहूं ट्रांसपोर्ट के जरिए ट्रक में भरकर ग्वालियर डिलीवरी के लिए रवाना किया गया था। माल 6 सितंबर को ग्वालियर पहुंचना था, लेकिन फर्म को पूरा गेहूं नहीं मिला। ड्राइवर से संपर्क के बाद भी नहीं लौटा ट्रक माल नहीं पहुंचने पर फर्म की ओर से ट्रक ड्राइवर रुस्तम से संपर्क किया गया। उसे माल वापस अशोकनगर लाने के लिए कहा गया, लेकिन आरोप है कि ड्राइवर ने ट्रक वापस लाने से मना कर दिया। इसके बाद ट्रक मालिक रिंक सिंह गुर्जर से भी संपर्क किया गया, लेकिन ट्रक वापस नहीं भेजा गया। घाटी गांव में छिपाकर रखा था ट्रक शिकायत मिलने के बाद कोतवाली पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ट्रक को घाटी गांव से बरामद कर लिया। पुलिस के अनुसार ट्रक को वहां छिपाकर रखा गया था। इसके साथ ही पुलिस ने ड्राइवर को भी गिरफ्तार कर लिया। जांच जारी हैं कोतवाली थाना प्रभारी रवि प्रताप सिंह चौहान ने बताया कि मामले में ट्रक बरामद कर ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की जांच अभी जारी है। पुलिस गेहूं गायब होने की पूरी स्थिति और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
रेवाड़ी के नगर परिषद क्षेत्र में नालों की डी-सिल्टिंग और सफाई के कार्य को लेकर शिकायत सामने आई है। शिकायतकर्ता साकेत ढींगरा ने शहरी स्थानीय निकाय विभाग के प्रधान सचिव को पत्र भेजकर आरोप लगाया था कि कई स्थानों पर नालों की सफाई का काम संतोषजनक ढंग से नहीं हुआ और इसके बावजूद ठेकेदार को भुगतान किए जाने की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए। उन्होंने पूरे कार्य की मौके पर भौतिक जांच कराने की मांग भी की थी। शिकायत में कहा गया कि कथित तौर पर काम पूरा होने के बाद भी कई नाले गाद, कचरे और अन्य सामग्री से भरे हुए हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार इससे जलभराव, दुर्गंध, मच्छरों की समस्या और बारिश के दौरान जनस्वास्थ्य संबंधी परेशानी पैदा हो सकती है। पत्र में वार्डवार नालों का भौतिक निरीक्षण कर टेंडर की शर्तों, निर्धारित स्पेसिफिकेशन और कार्य की मात्रा के अनुसार काम पूरा होने की पुष्टि करने की मांग की गई है। करीब 1.39 करोड़ से हुए थे 6 कार्यउपलब्ध दस्तावेज में नालों की सफाई और डी-सिल्टिंग से जुड़े छह कार्य दर्ज हैं। इनमें मुख्य बाजार नाला, नई वाली चौक से ऑटो मार्केट नाला, बावल रोड व नया बाजार नाला, दिल्ली रोड-नारनौल रोड-कालाका रोड सहित बाहरी नालों की सफाई तथा सेक्टर क्षेत्रों के नालों की सफाई शामिल है। नगर परिषद ने शिकायत को लिया रिकॉर्ड परनगर परिषद रेवाड़ी के कार्यकारी अभियंता की ओर से 9 सितंबर 2026 को जारी पत्र में कहा गया है कि शिकायत में उठाए गए मुद्दों को रिकॉर्ड पर लिया गया है और विभागीय स्तर पर उनकी जांच की जा रही है। नगर परिषद ने अपने जवाब में बताया कि उसके पास संबंधित स्थानों पर डी-सिल्टिंग और ड्रेन-क्लीनिंग कार्य से जुड़े रिकॉर्ड और दस्तावेज उपलब्ध हैं। इनमें कार्य की फोटो, वीडियो, जीपीएस/लोकेशन आधारित फोटो-वीडियो, तारीख और समय का विवरण तथा बंद नालों की आंतरिक वीडियोग्राफी शामिल होने की बात कही गई है। इसके अलावा स्थानीय निवासियों, दुकानदारों और संबंधित निर्वाचित प्रतिनिधियों से प्राप्त हस्ताक्षर/स्वीकृति से जुड़े दस्तावेज भी उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है। नगर परिषद ने यह भी कहा कि बारिश के बाद खुले और बंद नालों की स्थिति बदल सकती है। ऐसे में वर्तमान स्थिति से यह जरूरी नहीं कि उस समय की स्थिति का पूरा पता चले, जब डी-सिल्टिंग और सफाई का कार्य किया गया था। 14 सितंबर को कार्यालय बुलायानगर परिषद ने शिकायतकर्ता को 14 सितंबर 2026 को दोपहर 12 बजे नगर परिषद कार्यालय पहुंचने के लिए कहा है। पत्र के अनुसार वहां उपलब्ध रिकॉर्ड, फोटो, वीडियो, जीपीएस/लोकेशन आधारित सामग्री और नालों की आंतरिक वीडियोग्राफी शिकायतकर्ता को दिखाई जाएगी, ताकि कार्य से संबंधित वास्तविक स्थिति उनके संज्ञान में लाई जा सके। मामले में अब यह देखना अहम होगा कि उपलब्ध दस्तावेज और मौके की जांच के आधार पर नालों की सफाई का काम टेंडर की शर्तों के अनुरूप हुआ था या नहीं।
नरसिंहपुर जिले के तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र में नेशनल हाइवे-45 पर गुरुवार को ट्रक ने सड़क पर बैठी आठ गायों को कुचल दिया। सभी गायों की मौके पर ही मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, HR 45 D 8647 नंबर का एक ट्रक तेज रफ्तार से जा रहा था। इसी दौरान सड़क पर बैठी गायें उसकी चपेट में आ गईं। हादसे के समय ट्रक में 6 भैंसें भी लदी हुई थीं। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय गौ सेवक मौके पर पहुंचे। गायों की मौत देखकर उनमें गुस्सा था। स्थिति को देखते हुए पुलिस भी तुरंत मौके पर पहुंची और हालात को संभाला। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया है। ट्रक को भी जब्त कर लिया गया है। हादसे में मरी हुई गायों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। इसके बाद उन्हें दफनाया जाएगा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। हादसे के कारणों, ट्रक की गति और अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है।
भोपाल के ईदगाह हिल्स इलाके में ग्राहक का इंतजार कर रही महिला तस्कर को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। आरोपी महिला निर्माणाधीन मल्टी के पीछे झोले में गांजा लेकर खड़ी थी। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ा। तलाशी लेने पर झोले से 2 किलो 30 ग्राम गांजा बरामद हुआ। जब्त गांजे की कीमत करीब 60 हजार रुपए बताई गई है। पुलिस के मुताबिक आरोपी महिला पहले भी एनडीपीएस एक्ट के मामले में गिरफ्तार हो चुकी है। क्राइम ब्रांच की टीम बुधवार को फरार आरोपियों की तलाश और अपराधों की विवेचना के सिलसिले में ईदगाह हिल्स इलाके में गश्त कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर ने सूचना दी कि निर्माणाधीन मल्टी के पीछे एक महिला गांजा लेकर खड़ी है और ग्राहक का इंतजार कर रही है। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर संदिग्ध महिला को पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम सुषमा यादव (55), निवासी स्वरूप नगर रेलवे कॉलोनी, गंजबासौदा, जिला विदिशा बताया। तलाशी के दौरान उसके झोले में पारदर्शी पन्नी में रखा गांजा मिला। 2025 में भी दर्ज हो चुका है NDPS का केस पुलिस ने गांजा जब्त कर आरोपी महिला के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार सुषमा यादव के खिलाफ वर्ष 2025 में थाना बासौदा में भी एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज हो चुका है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी महिला गांजा कहां से लेकर आई थी और इसे किन ग्राहकों तक पहुंचाना था। साथ ही उसके पुराने नेटवर्क और संपर्कों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
जोबट नगर में करीब एक हफ्ते से चल रही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बीच गुरुवार को साप्ताहिक हाट बाजार में दुकानदारों की परेशानी सामने आई। कृष्ण मंदिर के पास पोस्ट ऑफिस के सामने फुटपाथ पर दुकान लगाने पहुंची यशोधरा वर्मा को नगर परिषद की टीम ने रोक दिया। इसके बाद महिला भावुक होकर रोने लगीं। महिला बोली- छोटी दुकान से चलता है घर यशोधरा वर्मा ने कहा कि इसी छोटी सी दुकान से उनके परिवार का गुजारा होता है। अगर यहां दुकान नहीं लगाने दी जाएगी तो परिवार का खर्च चलाना मुश्किल होगा। महिला के रोने के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने भी कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए। दुकानदारों ने नोटिस नहीं देने की बात कही कई दुकानदारों और आम लोगों ने आरोप लगाया कि अतिक्रमण हटाने से पहले उन्हें कोई नोटिस नहीं दिया गया। उनका कहना है कि नगर परिषद की टीम कई दिनों से उन्हें दुकान लगाने से रोक रही है। दुकानदारों के मुताबिक, हाट बाजार में दुकान लगाकर ही उनकी रोजी-रोटी चलती है। विधायक प्रतिनिधि ने समान कार्रवाई की मांग की विधायक प्रतिनिधि मोनू बाबा ने नगर परिषद की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि अतिक्रमण हटाना है तो पूरे नगर में एक जैसी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल छोटे दुकानदारों को हटाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। दुकानदारों के लिए व्यवस्थित जगह देने की मांग भी की। जर्जर मकानों पर चिपकाए नोटिस नगर परिषद की टीम ने शहर में जर्जर हो चुके कुछ मकानों को भी चिन्हित किया और उन पर नोटिस चिपकाए। कार्रवाई को लेकर नगर परिषद का आधिकारिक बयान फिलहाल सामने नहीं आया है।
धमतरी। जिले में गौवंश के अवैध परिवहन के खिलाफ सिहावा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने एक पिकअप वाहन में क्रूरतापूर्वक ले जाए जा रहे चार गौवंश मवेशियों को मुक्त कराया। कार्रवाई में पिकअप वाहन और मवेशियों समेत कुल 5 लाख 42 हजार रुपए का सामान जब्त किया गया है। देवपुर चौक पर घेराबंदी कर रोका पिकअप पुलिस के मुताबिक, सिहावा थाना पुलिस को नगरी-सिहावा मुख्य मार्ग पर ग्राम देवपुर चौक के पास गौवंश के अवैध परिवहन की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी की और संदिग्ध पिकअप वाहन को रोककर जांच की। तलाशी के दौरान वाहन में चार गौवंश को क्रूरता से भरकर ले जाना पाया गया। पुलिस ने मवेशियों को वाहन से सुरक्षित बाहर निकाला और मौके से तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। तीनों आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें तानसिंह साहू (19), निवासी बड़ेपारा, घुंटुला, भोजराम यादव (19), निवासी बाजारपारा, घुंटुला और करणसिंह यादव (29), निवासी ग्राम भैंसासांकरा, थाना नगरी शामिल हैं। वाहन समेत 5.42 लाख का सामान जब्त पुलिस के अनुसार, बरामद चार गौवंश की अनुमानित कीमत 42 हजार रुपए है। पिकअप वाहन की कीमत को मिलाकर कुल 5 लाख 42 हजार रुपए का सामान जब्त किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
NDPS केस में महंत दूजपुरी गिरफ्तार:कैथल के बाबा लदाना में की थी साधु की हत्या, कमरे से मिला सुल्फा
कैथल के गांव बाबा लदाना में स्थित डेरा बाबा राजपुरी के महंत रहे दूजपुरी को चौंकी संगतपुरा पुलिस ने सुल्फा तस्करी मामले में गिरफ्तार कर लिया गया। इससे पहले आरोपी महंत हत्या के मामले में जेल में बंद था। पूछताछ के लिए उसे प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पांच दिन पुलिस रिमांड हासिल किया गया है। डेरे में की थी हत्या बता दें कि दो सितंबर को आरोपी महंत दूजपुरी ने डेरे में रह रहे साधु शिव शंकर पुरी की हत्या कर दी थी। उसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। जब न्यायालय के आदेशानुसार 7 सितंबर को ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार कैथल रविन्द्र सिंह, हल्का पटवारी ईश्वर सिंह, कानूनगो राजेश, डीएसपी मुख्यालय कैथल बीर भान तथा थाना सदर प्रभारी एसआई कुलदीप सिंह की टीम द्वारा डेरा बाबा राजपुरी में तलाशी ली तो तलाशी के दौरान महंत दूजपुरी के विश्राम कक्ष में बनी अलमारी के अंदर से पॉलीथिन में रखा 639 ग्राम नशीला पदार्थ चरस (सुल्फा) बरामद हुआ था। डीएसपी बीर भान ने बताया कि इस बारे में थाना सदर में मामला दर्ज कर लिया गया था। आगामी जांच चौंकी संगतपुरा प्रभारी एसआई बलराज सिंह द्वारा करते हुए आरोपी को अदालत के आदेशानुसार प्रोडक्शन वारंट पर लिया गया। जेल में बंद था महंत आरोपी महंत दूजपुरी डेरे में साधु शिव शंकर पुरी की हत्या के मामले में जिला कैथल जेल में बंद था। आरोपी से व्यापक पूछताछ के लिए अदालत से आरोपी का 5 दिन पुलिस रिमांड हासिल किया गया है। पुलिस द्वारा आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में शेयर बाजार में निवेश और तंत्र-मंत्र के जरिए पैसे दोगुने करने का झांसा देकर करीब 4 करोड़ रुपए की ठगी के मामले में पुलिस ने दूसरे आरोपी को गिरफ्तार किया है। ठगी और कर्ज के बढ़ते दबाव से परेशान पीड़ित कोमल साहू ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। मर्ग जांच में मिले सुसाइड नोट, बैंक स्टेटमेंट और मोबाइल डेटा से ठगी का खुलासा हुआ। मामले के मुख्य आरोपी मो. अजीज खान को पुलिस पहले ही इंदौर से गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अब सबूतों के आधार पर योगेंद्र कुमार साहू (37) को 9 सितंबर को गिरफ्तार किया गया, जिसे कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। अब जानिए पूरा मामला मामला 17 अक्टूबर 2025 का है। पीड़ित कोमल साहू ने मानसिक तनाव के चलते जहर खा लिया था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने मर्ग जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को मृतक के पास से सुसाइड नोट मिला। इसके अलावा पुलिस ने बैंक स्टेटमेंट और मोबाइल से मिले डेटा की भी जांच की। इन सबूतों के आधार पर पुलिस को पता चला कि मुख्य आरोपी मो. अजीज खान ने तंत्र-मंत्र और शेयर ट्रेडिंग के जरिए रकम दोगुनी करने का लालच देकर पीड़ित से करीब 4 करोड़ रुपए ले लिए थे। ठगी और कर्ज के दबाव में उठाया आत्मघाती कदम पुलिस जांच के मुताबिक, पीड़ित पर कर्जदाताओं का दबाव लगातार बढ़ रहा था। दूसरी ओर, उसके साथ बड़ी रकम की धोखाधड़ी हो चुकी थी। इन परिस्थितियों के कारण वह काफी मानसिक तनाव में था। इसी परेशानी में उसने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। मामले में पुलिस ने थाना सिटी कोतवाली में अपराध क्रमांक 130/2026 दर्ज किया। आरोपियों के खिलाफ धारा 318(4), 108 और 3(5) बीएनएस के तहत कार्रवाई की गई है। मुख्य आरोपी इंदौर से पहले ही गिरफ्तार मामले की जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी सबूतों के आधार पर इंदौर के मुख्य आरोपी मो. अजीज खान (57) को 3 अप्रैल 2026 को इंदौर से गिरफ्तार किया था। इसके बाद उसे जेल भेज दिया गया था। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को मामले में योगेंद्र कुमार साहू की भूमिका के बारे में जानकारी मिली। साक्ष्य जुटाने के बाद पुलिस ने उसे 9 सितंबर को गिरफ्तार कर लिया। अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच पुलिस ने आरोपी योगेंद्र कुमार साहू, निवासी कुतुलबोड़ भांठागांव, थाना लालबाग, जिला राजनांदगांव को न्यायालय में पेश किया। कोर्ट के आदेश पर उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। पुलिस के मुताबिक, मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस साक्ष्य जुटा रही है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सिरसा जिले के नाथूसरी चौपटा क्षेत्र में दड़बा कलां गांव के पास शेरांवाली नहर वीरवार दोपहर को अचानक टूट गई। नहर टूटने से करीब 25 एकड़ धान की फसल में पानी भर गया। सूचना मिलने पर सिंचाई विभाग ने नहर को नहराना हेड से बंद कराया। इसके बाद नहर का टूटा तटबंध को बांधने का काम शुरू किया गया। जानकारी के अनुसार, दड़बा कलां गांव के पास 31 हजार बुर्जी के पास वीरवार दोपहर करीब 3 बजे नहर अचानक टूट गई। खेतों में काम कर रहे किसानों ने तुरंत सिंचाई विभाग के कर्मचारियों को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और नहर को नहराना हेड से बंद करवाया। कर्मचारियों ने बताया कि वे पांच मिनट पहले ही वहां से गुजरे थे। अचानक नहर का किनारा करीब 40 फीट तक धंस गया, जिससे पानी तेजी से खेतों में फैलने लगा। अधिकारियों ने बताया कि नहर से पानी पूरी तरह बंद होने के बाद मरम्मत का काम शुरू किया जाएगा। किसानों की मांग है कि सरकार इस नुकसान की भरपाई करवाए।
मंडला के जिला अस्पताल में बुधवार को मंडला और डिंडौरी जिले के 26 हज यात्रियों का मेडिकल चेकअप किया गया। मध्य प्रदेश राज्य हज कमेटी भोपाल के निर्देश पर लगाए गए इस शिविर में मंडला के 22 और डिंडौरी के 4 यात्रियों की जांच हुई। राहत की बात यह रही कि सभी यात्री जांच में एकदम फिट पाए गए हैं। जिला हज कमेटी और हज वेलफेयर सोसाइटी के सहयोग से लगे इस कैंप में यात्रियों की पुरानी बीमारियों, बीपी और शुगर की बारीकी से जांच की गई। हज कमेटी ऑफ इंडिया की गाइडलाइन के मुताबिक सभी जरूरी मेडिकल टेस्ट किए गए, ताकि यात्रा के दौरान किसी को परेशानी न हो। अप्रैल 2027 में रवाना होंगे यात्री कमेटी सदस्यों ने बताया कि हज यात्रा अप्रैल 2027 के पहले हफ्ते में शुरू होगी। मंडला क्षेत्र के यात्री ज्यादातर नागपुर या मुंबई से उड़ान भरते हैं। चेकअप के दौरान डॉक्टरों ने यात्रियों को अपनी नियमित दवाएं साथ रखने और सफर के दौरान मिलने वाली इमरजेंसी मेडिकल सुविधाओं की पूरी जानकारी दी।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक ही रात दो किराना दुकानों में चोरी की घटना सामने आई। चोर दुकानों का छप्पर तोड़कर अंदर घुसे और कैश के साथ चांदी के सिक्के और बिस्किट चोरी कर फरार हो गए। चोरी की कुल कीमत लाखों रुपए बताई गई है। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी की पहचान कर उसे राजनांदगांव के चिचोला के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की गई 6 लाख 30 हजार 286 रुपए की संपत्ति बरामद की है। मामले में पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। यह पूरी घटना घरघोड़ा थाना क्षेत्र की है। अब जानिए पूरा मामला जानकारी के मुताबिक, 23-24 अगस्त की दरम्यानी रात घरघोड़ा के जयस्तंभ चौक स्थित संतोष किराना दुकान में चोरी हुई। चोर दुकान की छत पर लगी टीन शीट और दीवार के बीच बनी जगह से फॉल सीलिंग तोड़कर अंदर दाखिल हुआ। चोर ने दुकान के गल्ले में रखे करीब 4 लाख रुपए नकद और चांदी के सिक्के व बिस्किट चोरी कर लिए। इसके बाद चोर ने पास की गोकुलचंद मामराज किराना दुकान को भी निशाना बनाया। यहां भी उसने टीन शीट और दीवार के बीच की जगह से फॉल सीलिंग तोड़कर दुकान में प्रवेश किया। चोर गल्ले में रखे करीब 90 हजार रुपए नकद और अन्य सामान लेकर फरार हो गया। एक ही रात में दो दुकानों में चोरी होने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। 100 से ज्यादा CCTV कैमरों की जांच पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के इलाके में लगे 100 से ज्यादा CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में दिख रहे संदिग्ध के हुलिए के आधार पर उसकी पहचान ग्राम बरपाली नवाडीह के संतोष चौहान (32) के रूप में हुई। घटना के बाद घर से फरार था आरोपी पुलिस टीम ने आरोपी के घर पर दबिश दी, लेकिन वह वहां नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने घटना के बाद उसकी गतिविधियों की जानकारी जुटानी शुरू की। जांच में पता चला कि आरोपी ने चोरी के पैसों से लैलूंगा की तमन्ना मोबाइल दुकान से नया मोबाइल खरीदा था। पुलिस ने तकनीकी जांच के जरिए आरोपी की तलाश जारी रखी। इसी दौरान उसकी लोकेशन नागपुर में मिली। इसके बाद रायगढ़ पुलिस की टीम आरोपी की तलाश में तुरंत नागपुर रवाना हो गई। चिचोला बस स्टैंड के पास पकड़ा गया आरोपी पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए आरोपी नागपुर से भी भागने की कोशिश कर रहा था। पुलिस टीम ने उसका पीछा किया और राजनांदगांव जिले के चिचोला बस स्टैंड के पास घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। इसके बाद पुलिस आरोपी को हिरासत में लेकर घरघोड़ा थाना लाई। पूछताछ में आरोपी ने जयस्तंभ चौक स्थित दोनों किराना दुकानों में चोरी करना स्वीकार किया। बारिश का फायदा उठाकर की चोरी पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह दोनों दुकानों में अक्सर सामान खरीदने जाता था। 23 अगस्त की रात तेज बारिश हो रही थी। उसने इसी का फायदा उठाकर चोरी की योजना बनाई। आरोपी पहले संतोष किराना दुकान की छत पर चढ़ा। इसके बाद टीन शीट के किनारे से फॉल सीलिंग तोड़कर दुकान के अंदर घुस गया। CCTV कैमरे में चेहरा पहचान में न आए, इसके लिए उसने चेहरे पर गमछा बांध रखा था। चोरी के पैसों से खरीदा नया मोबाइल आरोपी ने दुकान के गल्ले से अलग-अलग नोट, चांदी के सिक्के और चांदी का बिस्किट चोरी किया। इसके बाद उसने पास की गोकुलचंद मामराज किराना दुकान में भी फॉल सीलिंग तोड़कर प्रवेश किया। यहां से उसने नकद रुपए, चिल्हर सिक्के, हल्दी, मसाले, साबुन, काजू, बादाम और अन्य सामान की चोरी की। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि चोरी के पैसों से उसने लैलूंगा की तमन्ना मोबाइल दुकान से 19 हजार 300 रुपए में सैमसंग कंपनी का नया मोबाइल खरीदा। इसके अलावा चोरी की रकम में से करीब 25 हजार रुपए घूमने-फिरने और खाने-पीने में खर्च करने की बात भी आरोपी ने पुलिस को बताई। 6.30 लाख रुपए से ज्यादा की चोरी की संपत्ति बरामद पुलिस ने आरोपी के पास से दोनों दुकानों से चोरी की गई 2 लाख 64 हजार 146 रुपए नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा 1 किलो 508 ग्राम चांदी, जिसकी अनुमानित कीमत 3 लाख 46 हजार 840 रुपए है, भी मिली है। पुलिस ने आरोपी के पास से सैमसंग कंपनी का एंड्रॉएड मोबाइल और सफेद-संतरा रंग का चेकदार गमछा भी बरामद किया है। बरामद सामान की कुल अनुमानित कीमत 6 लाख 30 हजार 286 रुपए है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। यहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। तकनीकी जांच से आरोपी तक पहुंची पुलिस SSP शशि मोहन सिंह ने कहा कि अपराध करने के बाद आरोपी कहीं भी भाग जाए, पुलिस की तकनीकी निगरानी और लगातार प्रयास से वह बच नहीं सकता। घरघोड़ा चोरी के मामले में पुलिस टीम ने 100 से ज्यादा CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके बाद तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान की गई। पुलिस ने नागपुर से राजनांदगांव तक आरोपी का पीछा किया और उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने चोरी की गई संपत्ति भी बरामद कर ली है।
गोरखपुर में जेसीआई मिडटाउन की ओर से 'जेसी वीक 2026' के तहत गुरुवार को 'गोरखपुर गॉट टैलेंट 6.0' का भव्य आयोजन किया गया। इस खास मंच पर शहर के स्कूली बच्चे अपने हुनर का जलवा बिखेरा। प्रोग्राम का सबसे बड़ा आकर्षण सोलो और ग्रुप डांस कॉम्पिटिशन रहा, जहां युवा कलाकार अपने थिरकते कदमों, शानदार तालमेल और एक से बढ़कर एक डांस परफॉर्मेंस से ऑडिएंस का दिल जीत लिया। स्टेज पर रंगारंग डांस की धूम के साथ-साथ स्टूडेंट्स के लिए ग्रुप डिस्कशन और क्विज जैसी दिमागी वाली प्रतियोगिताएं भी रखी आयोजित की गई। इसके जरिए बच्चों को अपनी बात रखने और अपनी जानकारी साबित करने का बेहतरीन मौका मिलेगा। देखिए तस्वीरें… इसके अलावा पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए 'वेस्ट शोकेस 2026 – वेस्ट टू वंडर' का भी आयोजन किया जाएगा। इसमें हिस्सा लेने वाले बच्चों ने बेकार और कबाड़ की चीजों का इस्तेमाल करके अपनी कलात्मक सोच से काम की और खूबसूरत चीजें बनाकर प्रदर्शित किया। सुबह 9 बजे से शुरू होने वाला यह प्रोग्राम देर शाम तक चला। वीडियो देखने के लिए ऊपर फोटो पर क्लिक करें
बारां में अग्रवाल महिला जागृति संगठन ने गुरुवार को कृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया। यह पावन पर्व श्री सत्यनारायण मंदिर में आयोजित हुआ, जहां 56 भोग और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। मंदिर परिसर को बहुत सुंदर तरीके से सजाया गया था। यहां का माहौल पूरी तरह भक्तिमय था। भगवान श्री सत्यनारायण को 56 भोग अर्पित किए गए। संगठन की संस्थापिका मंजू गर्ग और अध्यक्ष उर्मिला बंसल ने बताया कि सभी महिला सदस्य यशोदा, श्रीकृष्ण और राधा रानी के रूप में तैयार होकर कार्यक्रम में शामिल हुईं। वे पारंपरिक और सुंदर वेशभूषा में सजी हुई थीं। मनीषा जिंदल, मीना मंगल, दीप्ति अग्रवाल, ज्योति गोयल, सुधा गोयनका, मंजू बंसल, नीलू गर्ग, चंचल मित्तल, लक्ष्मी जैन, राखी गोयल समेत कई सदस्यों ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। इन शानदार प्रस्तुतियों के लिए उन्हें इनाम देकर सम्मानित किया गया। हेमलता गर्ग, शीला सिंघल और दमयंती बंसल ने बताया कि मंदिर में छप्पन भोग की सुंदर झांकी सजाई गई और भगवान को भोग लगाया गया। इस दौरान सभी अग्र सदस्याओं ने बधाई गीत गाए और एक-दूसरे को कृष्ण जन्मोत्सव की शुभकामनाएं दीं। श्रद्धालुओं ने भजनों पर झूमते हुए भक्ति गीतों का खूब आनंद लिया। कार्यक्रम के आखिर में सामूहिक आरती हुई। इसके बाद सभी श्रद्धालुओं में प्रसाद बांटा गया। इस मौके पर शीला गोयल, शकुंतला गुप्ता, सविता गोयल, मंजू बंसल, श्यामा अग्रवाल, आशा गुप्ता, राधा मित्तल, पुष्पलता, मनीषा गोयल, मीनाक्षी गर्ग, लीला गोयल, ललिता, इंदु, प्रियंका, सरोज गर्ग, नेहा गुप्ता, शशि गुप्ता सहित संगठन की कई पदाधिकारी और सदस्य मौजूद थीं।
गुना की बंद पड़ी नारायणपुरा शक्कर फैक्ट्री को दोबारा शुरू कराने की मांग को लेकर किसानों ने प्रदर्शन किया। नारायणपुरा शक्कर कारखाना चालू करो संघर्ष समिति के बैनर तले किसान शास्त्री पार्क में एकत्रित हुए। यहां से कलेक्ट्रेट तक रैली निकाली गई और प्रशासन को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर फैक्ट्री जल्द शुरू कराने की मांग की गई। समिति ने मांगें पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। शास्त्री पार्क से कलेक्ट्रेट तक निकली रैली किसान शास्त्री पार्क में एकत्रित हुए, जहां वक्ताओं ने फैक्ट्री शुरू कराने की मांग को लेकर अपनी बात रखी। इसके बाद रैली शुरू हुई। रैली लक्ष्मीगंज, सदर बाजार, निचला बाजार, हाय रोड और हनुमान चौराहा होते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंची। यहां प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया। 8 साल से बंद है शक्कर कारखाना ज्ञापन में कहा गया कि नारायणपुरा शक्कर कारखाना पिछले 8 साल से बंद पड़ा है। जब कारखाना संचालित होता था, तब किसानों सहित आसपास के लोगों के लिए रोजगार और आर्थिक तरक्की के अवसर बढ़े थे। सैकड़ों स्थायी कर्मचारियों को रोजगार मिला था और आसपास के लोगों को भी काम मिलता था। किसान गन्ने की फसल उगाकर अच्छा लाभ कमाने लगे थे। 2000 में शुरू हुआ, 2017 में कर दिया बंद समिति के अनुसार कारखाना वर्ष 2000 में शुरू हुआ था। इसे अचानक घाटे में बताकर 2017 में बंद कर दिया गया। कारखाना बंद होने के बाद किसानों और कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। किसान और कर्मचारी लगातार आंदोलन कर कारखाना दोबारा शुरू कराने की मांग उठा रहे हैं। महापंचायत और बाइक रैली भी कर चुके हैं ज्ञापन में कहा गया कि किसानों ने पहले भी किसान महापंचायत और बाइक रैली सहित कई आंदोलन किए हैं। इन आंदोलनों के जरिए शासन और प्रशासन को कारखाना शुरू कराने की मांग से अवगत कराया गया, लेकिन अभी तक मांग पूरी करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। बकाया राशि और सुरक्षा की भी मांग समिति ने बंद पड़े नारायणपुरा शक्कर कारखाने को दोबारा शुरू करने के साथ किसानों और कर्मचारियों की पूर्व की बकाया राशि का तत्काल भुगतान करने की मांग की है। कारखाना परिसर में आए दिन होने वाली चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने और सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने की भी मांग रखी गई है। समिति ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
धौलपुर पुलिस ने अवैध हथियारों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से एक 315 बोर का देसी कट्टा, एक 32 बोर की पिस्टल और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। इस कार्रवाई के दौरान एक स्कॉर्पियो वाहन भी जब्त किया गया। यह कार्रवाई नगर निकाय चुनाव 2026 के दौरान शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए चलाए जा रहे गश्त अभियान का हिस्सा थी। पुलिस के मुताबिक, कांस्टेबल नरेंद्र सिंह की टीम थाना क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान डीएसटी प्रभारी मुकेश कुमार एएसआई से मिली सूचना पर तगावली रोड स्टेशन के पास एक संदिग्ध स्कॉर्पियो को रोका गया। तलाशी लेने पर वाहन में अवैध हथियार मिले। पुलिस ने हथियार धौलपुर में बेचने के लिए लाए दो आरोपियों रवि यादव और जितेंद्र कुमार यादव को गिरफ्तार किया। उनके साथ खरीदार समीर, सोहिल खान और मौसम उर्फ मुंछन को भी पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रवि यादव (27 वर्ष, पुत्र वीरसिंह यादव, निवासी धोर्रा थाना एत्मादपुर, जिला आगरा) और जितेंद्र कुमार यादव (35 वर्ष, पुत्र देवेंद्र सिंह, निवासी छिरवाई थाना एत्मादपुर, जिला आगरा) के रूप में हुई है। खरीदारों में समीर (27 वर्ष, पुत्र यासीन खान, निवासी बटऊपुरा पुराना शहर धौलपुर), सोहिल खान (23 वर्ष, पुत्र मंसूर खान, निवासी कोटला पुराना शहर धौलपुर) और मौसम उर्फ मुंछन (33 वर्ष, पुत्र भैय्ये, निवासी राजाकाशी छत्ता कश्मीरी बाजार कोतवाली आगरा) शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 111(2)(बी) और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। आगे की पूछताछ और जांच शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी रामकिशन यादव, डीएसटी प्रभारी मुकेश कुमार एएसआई सहित पुलिस टीम की भूमिका रही। यह कार्रवाई एसपी विकास सांगवान के निर्देश पर और एएसपी वैभव शर्मा तथा सीओ प्रदीप नेहरा के मार्गदर्शन में की गई।
पंजाब में स्माइल योजना के तहत अमृतसर और पटियाला में 590 भिक्षावृत्ति करने वालों की पहचान हुई। 32 का पुनर्वास किया गया, अब लुधियाना और जालंधर में सर्वे होगा।

