यूपी: देर रात प्रदेश की नौकरशाही में बड़ा फेरबदल, 14 आईएएस और 34 पीसीएस अधिकारियों के तबादले
Transfers in UP: यूपी की नौकरशाही में रविवार बड़ा फेरबदल किया गया। देर रात 14 आईएएस और 34 पीसीएस अधिकारियों के तबादले किए हैं।
मंत्री बोले- माहौल खराब कर रहे बाहरी लोग:खुद को सीएम बता दिपके ने इस्तीफा देकर कसा तंज
बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत के मामले को लेकर दो दिन से जिले में डटे कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दिपके ने रविवार को मप्र सरकार पर तंज कसते हुए खुद को मुख्यमंत्री बताकर इस्तीफा लिख दिया। राज्यपाल मंगूभाई पटेल को संबोधित पत्र उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री को भी टैग किया। इसके बाद भाजपा विधायक भगवानदास सबनानी ने कहा कि दिपके को पहले अपने दिमाग का इलाज कराना चाहिए। वहीं, बालाघाट के प्रभारी मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि बाहरी लोग वहां जाकर वातावरण खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। दिपके ने पत्र में 13 अगस्त 2026 की तारीख लिखी है। इसमें लिखा, ‘मैं तत्काल प्रभाव से मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देता हूं।’ उन्होंने प्रधानमंत्री को जनता की सेवा का मौका देने के लिए धन्यवाद देते हुए लिखा कि वे इस मौके पर साफ तौर पर नाकाम रहे हैं। बालाघाट में 30 से ज्यादा आदिवासी बच्चों की मौत के बाद उनका विवेक उन्हें पद पर बने रहने की अनुमति नहीं देता। मुआवजे पर सवाल, नदी तक पहुंचे दिपके ने कहा कि पहले प्रत्येक बच्चे के लिए 2 लाख रुपए मुआवजा घोषित किया गया। आदिवासी समुदाय के विरोध के बाद इसे बढ़ाकर 4 लाख रुपए किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि ये बच्चे मंत्रियों या विधायकों के होते तो क्या 4 लाख रुपए पर्याप्त माने जाते? दिपके कुंडेकसा, बोंदारी, कोरका, कोडबीरकोना और घाघाटोला गांव पहुंचे। वे आदिवासियों के साथ उस नदी तक भी गए, जिसका पानी लोग पी रहे हैं। दिपके ने पूछा कि बारिश में पानी गंदा हो गया है तो ग्रामीणों ने कहा कि फिर भी यही पानी पीते हैं। उन्होंने गांवों के स्कूलों की स्थिति पर भी सवाल उठाए। सबनानी बोले-दिपके किसी सदन के सदस्य नहीं भाजपा विधायक भगवानदास सबनानी ने कहा कि मप्र में मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार आपराधिक मामलों में कड़ी कार्रवाई करती है। दिपके न किसी सदन के सदस्य हैं और न ही मध्यप्रदेश कोई मखौल का स्थान है। प्रभारी मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है। स्थानीय लोग और प्रशासन इसे बेहतर करने में जुटे हैं। 2 पीएचसी एक नई एसएचसी मंजूर बालाघाट में 67 नए डॉक्टर तैनात, दूरस्थ इलाकों तक पहुंचाएंगे इलाज बालाघाट के दूरस्थ और ग्रामीण इलाकों में इलाज की पहुंच बढ़ाने के लिए 67 नए मेडिकल ऑफिसर तैनात किए गए हैं। स्वास्थ्य केंद्रों को मजबूत करने के लिए 2 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। साथ ही 2 नए पीएचसी, एक एसएचसी और 2 मोबाइल मेडिकल यूनिट शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। रविवार को डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से स्वास्थ्य व्यवस्था की समीक्षा की। गर्भवती महिलाओं और बच्चों पर फोकस हर गर्भवती महिला का समय पर पंजीयन और एएनसी जांच होगी। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं की पहचान कर फॉलोअप और दूरस्थ क्षेत्रों में बर्थ वेटिंग होम को प्रभावी बनाया जाएगा। नियमित टीकाकरण से छूटे बच्चों के लिए विशेष अभियान चलेगा। जरूरत के मुताबिक आशा और एएनएम के नए पद स्वीकृत होंगे।
पंजाब यूनिवर्सिटी (PU), चंडीगढ़ के पोस्टग्रेजुएट (MA) इतिहास सिलेबस से सिख इतिहास को अनिवार्य विषय की सूची से हटाकर वैकल्पिक श्रेणी में डाल दिया गया है। इस फैसले के सामने आते ही पंजाब की राजनीति गरमा गई है। बठिंडा से सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने इस कदम के विरोध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी को पत्र लिखकर कड़ा रोष व्यक्त किया है। सांसद बादल ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि यूनिवर्सिटी का यह फैसला पूरी तरह से पंजाब विरोधी है, जिसने पंजाबियों और सिख समुदाय के मन में भारी गुस्सा और अविश्वास पैदा कर दिया है। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन का तर्क है कि यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत किया गया है, लेकिन हरसिमरत कौर बादल का कहना है कि यह पंजाब की समृद्ध सामाजिक-सांस्कृतिक विरासत को व्यवस्थित रूप से कमजोर करने की कोशिश है। उन्होंने मांग की है कि एमए इतिहास के नए सिलेबस को तुरंत रद्द कर पुराना सिलेबस बहाल किया जाए। सिलेबस में क्या बदलाव हुआ जानिए… हरसिमरत कौर बादल ने पत्र में क्या लिखा: सिलसिलेवार जानिए… यूनिवर्सिटी प्रशासन के सामने रखी गईं 5 प्रमुख मांगें…
कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों और उनके परिजनों के लिए बीकानेर के पीबीएम अस्पताल स्थित आचार्य तुलसी रीजनल कैंसर ट्रीटमेंट एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट से एक बेहद उम्मीद भरी खबर सामने आई है। संस्थान में जल्द ही कैंसर के इलाज की सबसे आधुनिक और क्रांतिकारी विधि कार्टी सेल थेरेपी शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इस सुविधा को विकसित करने वाला बीकानेर का यह अस्पताल राजस्थान का पहला सरकारी अस्पताल बनेगा। खास बात यह है कि वर्तमान में यह अत्याधुनिक सुविधा जयपुर स्थित प्रदेश के स्टेट कैंसर सेंटर में भी उपलब्ध नहीं है। मेडिकल ऑन्कोलॉजी के एचओडी डॉ. बेनीवाल ने बताया कि कार्टी सेल थेरेपी शुरू करने के लिए जल्द ही एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की जेनेटिक इंजीनियरिंग लैब के साथ एमओयू किया जाएगा। यह थेरेपी मुख्य रूप से चौथे स्टेज (एडवांस केस) के ब्लड कैंसर, ल्यूकेमिया, लिंफोमा और मल्टीपल मायलोमा के मरीजों को दी जाएगी। थेरेपी की प्रक्रिया के दौरान जब कार्टी सेल्स शरीर में कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करते हैं, तब मरीज का इम्यून सिस्टम काफी तीव्र रिएक्शन देता है। इस तकलीफ और क्रिटिकल केयर की जरूरत को देखते हुए मरीजों को बोनमैरो ट्रांसप्लांट यूनिट के आईसीयू में 2 से 3 महीने तक भर्ती रखा जाएगा। मरीजों की 24 घंटे गहन चिकित्सीय निगरानी के लिए मुंबई के प्रतिष्ठित टाटा मेमोरियल अस्पताल से स्टाफ की विशेष ट्रेनिंग के लिए बातचीत चल रही है। आम आदमी की पहुंच में होगा 1 करोड़ तक का इलाज निजी अस्पतालों में कार्टी सेल थेरेपी का खर्च 80 लाख से 1 करोड़ रुपये तक आता है, जो आम मरीज की पहुंच से बाहर है। लेकिन राजस्थान सरकार ने आरजीएचएस के तहत इसके इलाज के लिए करीब 30 लाख रुपये की मंजूरी दी है। इससे अब साधारण आर्थिक पृष्ठभूमि के कैंसर रोगियों को भी विश्वस्तरीय और अत्याधुनिक इलाज बिल्कुल मुफ्त या बहुत कम खर्च में मिल सकेगा। कार्टी सेल थेरेपी की सुविधा शुरू करने के लिए कैंसर के डॉक्टरों से मीटिंग हो चुकी है। चुनाव आचार संहिता खत्म होने के बाद जेनेटिक लैब से एमओयू करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। डॉ. बीसी घीया, अधीक्षक, पीबीएम अस्पताल भारत ने बनाई दुनिया की सबसे सस्ती CAR-T थेरेपी : आईआईटी बॉम्बे और टाटा मेमोरियल अस्पताल द्वारा संयुक्त रूप से विकसित NexCAR19 को CDSCO से कमर्शियल मंजूरी मिल चुकी है। विदेशों में कार्टी सेल थेरेपी का खर्च 3.5 से 4 करोड़ रुपये आता है। स्वदेशी तकनीक से तैयार NexCAR19 की बदौलत भारत में यह इलाज मात्र 30 से 40 लाख रुपये में उपलब्ध है, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार से 80 से 90% तक सस्ता है। फैक्ट फाइल कैंसर के रोज मरीज आ रहे : 300-400, हर साल नए केस : 10 से 12000, इस साल का अनुमान : 1.50 लाख मरीज। क्या है कार्टी सेल थेरेपी और यह कैसे काम करती है? कार्टी सेल थेरेपी मेडिकल साइंस का एक ऐसा आधुनिक चमत्कार है, जिसे लिविंग ड्रग (जीवित दवा) भी कहा जाता है। इसमें मरीज के खून से ही श्वेत रक्त कोशिकाएं यानी टी-सेल्स निकाली जाती हैं। जेनेटिक इंजीनियरिंग के जरिए इन टी-सेल्स में बदलाव करके एक खास कृत्रिम रिसेप्टर जोड़ा जाता है। यह रिसेप्टर टी-सेल्स को एक उन्नत जीपीएस की तरह कैंसर कोशिकाओं को पहचानकर उन्हें सटीक रूप से निशाना बनाने की क्षमता देता है। इन संशोधित ‘सुपर सोल्जर’ कोशिकाओं को लैब में करोड़ों की संख्या में बढ़ाकर मरीज के खून में वापस चढ़ा दिया जाता है, जहां वे कैंसर का खात्मा करती हैं।
राजधानी में सूने मकानों को निशाना बनाने वाले नकबजन बेखौफ हैं। कोलार से मिसरोद तक एक ही रात में चोरों ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी। हाल की वारदातों में चोरों ने पुलिस को सीधी चुनौती देते हुए कोलार में ट्रैफिक एसीपी विजय कुमार दुबे के घर से करीब 10 लाख रुपए नकद, सोने के जेवर, और चांदी के सिक्के-बर्तन चोरी कर लिए। वहीं, मिसरोद की हाई-प्रोफाइल गोल्डन सिटी में तार फेंसिंग काटकर तीन बंगलों को निशाना बनाया। शहर में 1 जनवरी से 10 सितंबर तक 375 से ज्यादा नकबजनी के मामले सामने आ चुके हैं। यानी करीब साढ़े आठ महीने में औसतन हर महीने 45 घर चोरों के निशाने पर रहे। पिछले साल 452 नकबजनी हुई थीं। इस साल सितंबर के पहले सप्ताह तक ही 375 से ज्यादा मामले हो चुके हैं। यानी, पिछले साल से 10 फीसदी से अधिक वृद्धि हुई है। सीसीटीवी और अन्य सुराग के बावजूद कई मामलों में आरोपी पकड़ से बाहर हैं। रैकी कर बदमाश कर रहे वारदात बदमाश रैकी कर वारदात को अंजाम देकर आसानी से निकल जाते हैं। पुलिस को कार सवार लोगों पर शक भी नहीं होता। नकबजनी के मामलों में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं क्योंकि रिटायर्ड जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के सूने मकान में हुई लाखों रुपए की चोरी में पुलिस वारदात में शामिल गिरोह की पहचान होने का दावा कर चुकी है। कई सप्ताह बाद भी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। अब एसीपी के घर हुई चोरी ने पुलिस की चुनौती और बढ़ा दी है। हाई प्रोफाइल चोरियाें में भी पुलिस के हाथ खाली एसीपी के घर चोरी एसीपी विजय कुमार दुबे 10 सितंबर सुबह 9 बजे ड्यूटी पर गए। पत्नी वसुधा दुबे 11:30 बजे घर में ताला लगाकर उज्जैन चली गईं। रात 12:30 बजे लौटने पर गेट का ताला टूटा मिला। सीसीटीवी डीवीआर गायब था। बेडरूम से सोने के जेवर, बच्चों के कमरे से चांदी के सिक्के-बर्तन और करीब 10 लाख रुपए चोरी मिले। फुटेज में रात 10:30 बजे घर के सामने सफेद कार, कुछ लोगों आते-जाते दिखे। गोल्डन सिटी में बदमाश मिसरोद की गोल्डन सिटी सोसायटी की बाउंड्री वॉल की तार फेंसिंग 11 सितंबर सुबह कटी मिली। सीसीटीवी में रात 2 से 2:15 बजे तीन लोग तार काटकर कॉलोनी में घुसते दिखे। मकान नंबर 25 के पीछे से दरवाजे की जाली खोलने की कोशिश की। केयरटेकर राकेश के शोर मचाने पर भाग गए। मकान नंबर 45 के पीछे भी तार काटने के निशान मिले। सामान चोरी नहीं हुआ। सुरक्षा गार्ड तैनात हैं।
जयश्री गायत्री फूड्स केस:पुलिस जांच अधूरी, क्लोजर रिपोर्ट खारिज
जयश्री गायत्री फूड्स प्रोडक्शन प्राइवेट लिमिटेड के मिल्क प्रोडक्ट की करीब 15 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी और गबन के मामले में भोपाल कोर्ट ने फैसला सुनाया है। भोपाल न्यायालय के न्यायाधीश इरशाद अहमद की कोर्ट ने पुलिस की जांच और कोर्ट की सुनवाई की प्रक्रिया में कमियां पाई हैं। जिसके बाद पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट को अस्वीकार करते हुए मामला वापस मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट भोपाल को भेज दिया है। मामला हबीबगंज थाने का है, जहां 29 अगस्त 2023 को कंपनी के फाइनेंस अधिकारी प्रदीप कुमार राठौर की शिकायत पर सुनील त्रिपाठी, बलजीत शर्मा, अभिषेक त्रिपाठी, हितेश पंजाबी और वाहिद सिद्दीकी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ था। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने कंपनी के जिम्मेदार पद पर रहते हुए फर्जी फर्में बनाकर, कूटरचित इनवॉइस और फर्जी लैब रिपोर्ट बनाकर मिल्क प्रोडक्ट बटर, पनीर की चोरी कर अवैध बिक्री की। सीजेएम कोर्ट की तीन मुख्य कमियां पुलिस की मुख्य कमियां
रथयात्रा पर बांके बिहारी मंदिर में लगने वाले चांदी के रथ को इस वर्ष न लगाए जाने के बाद इसे गायब होने का आरोप लगा था। मामला सोशल मीडिया में आया तो मंदिर का प्रबंधन देख रही हाई पावर मैनेजमेंट कमेटी ने एक 3 सदस्यीय जांच समिति बना दी। वहीं जिन गोस्वामी के पास यह रथ है उनका कहना है कि वह यजमानों द्वारा बनवाया था जो उनके ट्रस्ट को दिया था न कि मंदिर को। वह भगवान का श्रृंगार करने के दौरान इसका प्रयोग करते थे। इसका मंदिर से कोई लेना देना नहीं है। रथ यात्रा पर लगता था रथ ठाकुर श्री बांके बिहारी मंदिर में रथ यात्रा समेत कई उत्सवों पर सजने वाले चांदी के रथ के साथ सिंहासन को लेकर हाई पावर्ड कमेटी ने अपनी जांच तेज कर दी है। रविवार को सीओ वृंदावन पुलिस बल के सेवायत गोस्वामी के घर जांच के लिए पहुंचे। लेकिन लिखित नोटिस जारी नहीं होने पर पुलिस को बैरंग लौटना पड़ा। इस प्रकरण को लेकर सेवायत गोस्वामी समाज ने आक्रोश जताया है। 3 सदस्यीय बनाई थी जांच समिति ठाकुर श्री बांके बिहारी मंदिर के सेवायत अधिकारी ज्ञानेंद्र गोस्वामी व बृजेन्द्र किशोर गोस्वामी द्वारा रथ यात्रा समेत कई उत्सवों पर भक्तों से दान में मिले चांदी के रथ, शेषनाग व सिंहासन सजाए जाते थे। लेकिन हाई पावर्ड कमेटी के अस्तित्व में आने के बाद इस वर्ष सेवायत गोस्वामी द्वारा चांदी के रथ, सिंहासन नहीं सजाए गए थे। जिसकी शिकायत सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका के माध्यम से की गई। उच्चतम न्यायालय से मिले निर्देश के आधार पर हाई पावर्ड कमेटी ने एमवीडीए की उपाध्यक्ष लक्ष्मी नागप्पन की अध्यक्षता में एसएसपी श्लोक कुमार एवं नगर आयुक्त ओजस्वी राज की जांच समिति नियुक्त की थी। नोटिस न होने पर बैरंग लौटी पुलिस इसी जांच को आगे बढ़ाते हुए सीओ वृंदावन संदीप सिंह और अपर नगर मजिस्ट्रेट रामप्रसाद त्रिपाठी पुलिस बल के सेवायत ज्ञानेंद्र गोस्वामी व बृजेन्द्र किशोर गोस्वामी के घर पहुंचे और चांदी का रथ व अन्य सामग्री दिखाने को कहा लेकिन सेवायत गोस्वामी द्वारा बिना किसी लिखित नोटिस के कोई भी सामग्री दिखाने से इंकार कर दिया गया। जिससे पुलिस अधिकारियों को बैरंग लौटना पड़ा। इसके कुछ समय बाद सीओ संदीप सिंह एवं अपर नगर मजिस्ट्रेट रामप्रसाद त्रिपाठी द्वारा सेवायत गोस्वामी को नोटिस जारी करते हुए भक्तों से दान में मिले चांदी के रथ, सिंहासन आदि अन्य सामग्री को सुरक्षित रखने , दान की रसीद दिखाने को कहा है। कहां है रथ सीओ वृन्दावन संदीप सिंह का कहना है कि गोस्वामी की गद्दी पर पहुंच कर जगन्नाथ रथयात्रा में श्री बांके बिहारी महाराज के सामने लगने वाले लगभग दो सौ किलो वजनी चांदी के रथ के सम्बन्ध में पूछताछ के लिये गए थे। हाई पावर कमेटी को चांदी के रथ के संबंध में शिकायत पत्र मिला था जिसमे अवगत कराया गया था की इस बार जगन्नाथ रथ यात्रा पर चांदी का रथ गोस्वामी द्वारा नही लगाया गया था। हाई पावर कमेटी के आदेश पर इसी जाँच के क्रम में गोस्वामी के गद्दी पर जाँच के लिये गए ओर एक पत्र भी गोस्वामी को दिया गया गया है. जिसमे उनके द्वारा यह भी स्पष्ट करना होगा की चांदी का रथ किसका है ओर वह वर्तमान में कहां है। गोस्वामियों ने जताया रोष इस प्रकरण को लेकर गोस्वामी समाज में काफी रोष है। उनका कहना है कि पुलिस इस तरह किसी सेवायत गोस्वामी के घर आना कतई वैधानिक नहीं है। उनका कहना है इस मामले को लेकर जल्द ही रणनीति बनाई जायेगी। प्रबन्धन समिति के सदस्य हिमांशु गोस्वामी ने बताया कि एक अगस्त को गठित की गई जांच समिति में विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और नगर आयुक्त को नामित किया गया है। फिर सीओ वृंदावन और अपर नगर मजिस्ट्रेट किस अधिकार से आए थे। यजमानों ने किया था दान इस प्रकरण को लेकर ज्ञानेंद्र गोस्वामी ने बताया कि 2013 में उनके पिता द्वारा बनाए गए ट्रस्ट को यजमानों ने चांदी का रथ बनाकर दान दिया गया था। पहली बार रथ 2013 में लगा था। इसके बाद लगातार लगता रहा,बीच में एक दो साल नहीं लग पाया। इस वर्ष वह अपने आराध्य को रथ में विराजमान करना चाहते थे लेकिन मंदिर में लगी रेलिंग और कमेटी द्वारा सहयोग न कर पाने के कारण वह रथ नहीं लग पाया। रथ में करीब 160 किलो चांदी लगी है इसके अलावा लकड़ी आदि लगी होने के कारण उसका वजन काफी है। इस रथ का मंदिर की संपत्ति होने से किसी तरह का मतलब नहीं है। बिना वजह के उनको परेशान किया जा रहा है।
भोपाल के अन्ना नगर स्थित मठ के एक ही पते से बांग्लादेशियों को जारी 40 पासपोर्ट पर केंद्रीय गृह मंत्रालय की इमिग्रेशन शाखा ने देशभर के एयरपोर्ट और बंदरगाहों पर अलर्ट जारी किया है। इनमें से किसी के भारत आने या बाहर जाने की कोशिश करते ही जांच एजेंसियों को जानकारी दी जाएगी। मप्र एसटीएफ जांच में सामने आया है कि कई संदिग्ध खुद को बौद्ध अनुयायी बताकर थाईलैंड, मलेशिया, चीन, श्रीलंका व जापान जा चुके हैं। एजेंसियां यात्राओं का मकसद, विदेशी संपर्क व अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की भूमिका जांच रही हैं। गिरोह फर्जी आधार से पैन और नगर निगम के जन्म प्रमाणपत्र बनवाकर पासपोर्ट के लिए आवेदन करता था। डबरा (ग्वालियर) में 17 संदिग्ध पासपोर्ट में एक मोबाइल नंबर मिला है। जांच छिंदवाड़ा-बैतूल तक पहुंच चुकी है। इन 4 जिलों में 70 से ज्यादा पासपोर्ट मिले हैं। इधर, गिरफ्तार आरोपियों के इनपुट पर एसटीएफ की 5 सदस्यीय टीम असम में बांग्लादेश सीमा से जुड़े नेटवर्क, सरगना और स्थानीय संपर्कों की कड़ियां तलाश रही है। पासपोर्ट बनते गए, लेकिन ये सवाल क्यों नहीं पूछे? पुलिस वेरिफिकेशन कैसे हुआ?एक ही पते से अलग-अलग लोगों के पासपोर्ट आवेदन होते रहे। इतनी बार एक पता आने के बावजूद पासपोर्ट और पुलिस सत्यापन के स्तर पर यह पैटर्न क्यों नहीं पकड़ा गया। 2. एक नंबर से 17 आवेदन कैसे?डबरा में 17 संदिग्ध पासपोर्ट में एक ही मोबाइल नंबर मिला। अलग-अलग आवेदकों में यह सीधा कॉमन लिंक था, फिर भी आवेदन संदिग्ध क्यों नहीं माने गए?
नमस्कार, दिल्ली में भारत और अफगानिस्तान के बीच पहले टी-20 से पहले भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के मैच में पहली बार ‘वंदे मातरम’ गाया गया। वहीं, दुबई में भारत ने विमेंस एशिया कप का खिताब 8वीं बार जीता। मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ में आगे बताएंगे कि SBI की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि RBI रेपो रेट बढ़ा सकता है। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... 1. स्कॉटलैंड-वेल्स और नॉर्दर्न आयरलैंड के लीडर्स कार्डिफ में मीटिंग करेंगे। तीनों देश ब्रिटेन से अलग हो सकते हैं। 2. आज से देशभर में गणेश उत्सव की शुरुआत। कल की बड़ी खबरें... 1. भारत ने अफगानिस्तान को 7 विकेट से हराया, अभिषेक के 82 रन; क्रिकेट में पहली बार वंदेमातरम गाया गया भारत-अफगानिस्तान के बीच दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए पहले टी-20 में भारत ने 7 विकेट से जीत दर्ज की। भारत ने 157 रन का टारगेट 13.4 ओवर में हासिल किया। अभिषेक शर्मा ने 32 गेंद पर 82 रन की पारी खेली। उन्होंने 7 चौके और 7 छक्के लगाए। अभिषेक ने ईशान किशन के साथ 121 रन की साझेदारी की। ईशान 42 रन बनाकर आउट हुए। मैच से पहले पहली बार वंदेमातरम गाया गया भारत और अफगानिस्तान के बीच पहले टी-20 से पहले भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के मैच में पहली बार ‘वंदे मातरम’ गाया गया। इसके बाद भारत का राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ हुआ। फिर अफगानिस्तान का राष्ट्रगान ‘द वतन अफगानिस्तान डे’ बजाया गया। पूरी खबर पढ़ें... 2. भारत ने 8वीं बार विमेंस एशिया कप फाइनल जीता, श्रीलंका को 72 रन से हराया; PCB चीफ नकवी से ट्रॉफी नहीं ली दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेल गए विमेंस एशिया कप फाइनल में भारत ने जीत हासिल की। श्रीलंका को 72 रन से हराया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट पर 183 रन बनाए थे। जवाब में श्रीलंका की टीम 20 ओवर में 111 रन पर ऑलआउट हो गई। इसके बाद हुई प्रजेंटेशन सेरेमनी में श्रीलंकाई टीम की कप्तान ने एशियन क्रिकेट काउंसिल के प्रेसिडेंट मोहसिन नकवी से उपविजेता ट्रॉफी और चेक लिया। लेकिन भारतीय टीम ने नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था। नकवी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन और पाकिस्तान सरकार में गृह मंत्री भी हैं। क्यों नहीं ली नकवी से ट्रॉफी ऑपरेशन सिंदूर के समय नकवी ने भारत विरोधी बयान दिए थे। इस वजह से 2025 में भारतीय पुरुष टीम ने भी एशिया कप जीतने के बाद उनके हाथों ट्रॉफी नहीं ली थी। भारतीय विमेंस टीम ने उसी स्टैंड पर कायम रहते हुए नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। पूरी खबर पढ़ें... 3. मायावती ने बीमार होने की अफवाहों को खारिज किया:कहा- बिल्कुल ठीक हूं; आकाश अभी भी ससुर के दिमाग से चल रहे बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपनी बीमारी की खबरों को खारिज कर दिया है। उन्होंने लखनऊ में प्रेस कॉफ्रेंस में कहा- मैं पूरी तरह स्वस्थ हूं। अपना काम कर रही हूं। मायावती बोलीं- पार्टी से निकाले गए लोग यह भ्रम फैला रहे हैं कि मैं बीमार हूं इसलिए बड़े मामलों पर भी सीधे X पर ट्वीट करके जानकारी दे रही हूं। इसी वजह से आज मैं आपके सामने आई हूं। उन्होंने कहा- इसका सबूत है कि पार्टी के इंचार्ज आलोक कुमार के पास शनिवार रात 10:04 बजे भतीजे आकाश आनंद का फोन आया। पूछा- बहनजी बीमार हैं क्या? उनका स्वास्थ्य कैसा है? आलोक कुमार ने कहा- वह बिल्कुल ठीक हैं। काम में लगी हैं। इस पर आकाश ने आलोक कुमार से कहा कि मेरी यह बात बहनजी को मत बताना और फोन रख दिया। यह गंभीर बात है। पढ़ें पूरी खबर… 4. SBI का दावा- लोन और EMI फिर महंगे होंगे: RBI रेपो रेट 0.50% तक बढ़ा सकता है, क्रूड ऑयल 100 डॉलर पार होने से महंगाई बढ़ेगी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का दावा है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया रेपो रेट बढ़ा सकता है। इससे सभी तरह के लोन और महंगे हो सकते हैं। RBI अक्टूबर की क्रेडिट पॉलिसी में रेपो रेट 0.25% बढ़ा सकता है, इसके बाद दिसंबर में भी 0.25% की बढ़ोतरी कर सकता है। SBI के मुताबिक मिडिल ईस्ट में चल रही जंग के कारण 15 दिन में इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल 100 डॉलर प्रति बैरल पार कर चुका है और इसके $105-$123 तक पहुंचने की आशंका है। आम आदमी की जेब पर क्या असर? 1. रेपो रेट बढ़ने से कर्ज की किस्त बढ़ जाती है। 2. नए ग्राहकों के लिए होम लोन, ऑटो लोन या पर्सनल लोन बढ़ी हुई ब्याज दरों पर मिलेगा। देश में महंगाई का दायरा लगातार बढ़ रहा CPI यानी कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स में 90% हिस्सेदारी रखने वाली जरूरी सामानों की संख्या जनवरी 2026 में 22 थी, जो जुलाई तक बढ़कर 53 हो गई है। पेट्रोल-डीजल, गैस, दवाइयां और इलेक्ट्रॉनिक्स बनाने की लागत बढ़ी है, जिसका सीधा असर जनता की जेब पर पड़ रहा है। पूरी खबर पढ़ें... 5. सीएम योगी कथावाचक प्रदीप मिश्रा की कथा सुनने पहुंचे, बोले- ऐसी कथाएं होती रहें, कोई बाल बांका नहीं कर सकता रायबरेली में इन दिनों कथावाचक प्रदीप मिश्रा की शिव पुराण कथा चल रही है। कथा यूपी के कैबिनेट मंत्री मनोज कुमार पांडेय करा रहे हैं। कथा में रविवार दोपहर करीब 1:15 बजे मुख्यमंत्री योगी शामिल हुए। प्रदीप मिश्रा ने योगी को माला पहनाकर आशीर्वाद दिया। योगी ने कहा- जब तक भारत में ऐसी पावन कथाएं और धार्मिक आयोजन होते रहेंगे, तब तक कोई भी देश या संस्कृति का 'बाल भी बांका' नहीं कर सकता। पढ़ें पूरी खबर… 6. BRICS के वेज डिनर पर राहुल ने सवाल उठाया: रिजिजू बोले- दुनियाभर के नेताओं को भारतीय खाना पसंद आया, कांग्रेस राजनीति कर रही राहुल गांधी ने X पोस्ट में राजनीति हो रही है। उन्होंने रविवार को पोस्ट में छोटो-भटूरे की तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा कि भारत में 80% लोग नॉन-वेजेटेरियन हैं। भारत का नॉन-वेज खाना बहुत स्वादिष्ट होता है। इसके जवाब में केंद्रीय संसदीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी X पर पोस्ट की। उन्होंने लिखा- मुझे यकीन नहीं हो रहा कि कांग्रेस पार्टी BRICS देशों के नेताओं को परोसे गए खाने के मेन्यू पर भी राजनीति कर रही है। हमारे मेहमानों ने भारतीय शाकाहारी भोजन का आनंद लिया, जो स्वाद और पोषण से भरपूर था दरअसल ,12 सितंबर को आयोजित डिनर के मेन्यू में पनीर के साथ सूखी सब्जी, चुकंदर का रायता, गुजराती खांडवी और मिलेट्स का पुलाव रखा गया था। कश्मीर की मशरूम डिश और मिठाई में फ्रूट क्रीम विद जलेबी भी परोसी गई थी। किसी भी तरह का नॉन-वेज फूड मेन्यू में शामिल नहीं था। BRICS समिट का दूसरा और आखिरी दिन रविवार को BRICS समिट का समापन हुआ। PM मोदी ने कहा कि टेक्नोलॉजी और जरूरी मिनरल्स को हथियार की तरह इस्तेमाल करना गलत है। इससे दुनिया की तरक्की पर असर पड़ता है। महामारी, जलवायु आपदाओं और सप्लाई चेन में रुकावटों ने दिखाया है कि दुनिया के देश एक-दूसरे से जुड़े हैं। पूरी खबर पढ़ें... 7. खान सर पर कई लड़कियों के शोषण का आरोप: निखिल कोचिंग के डायरेक्टर बोले- 7-8 लड़कियां मेरे संपर्क में, जल्द खुलासा करूंगा खान ग्लोबल स्टडीज के डायरेक्टर और शिक्षक फैजल खान उर्फ खान सर पर 7-8 लड़कियों के शोषण का आरोप लगाया है। पटना में निखिल कोचिंग के डायरेक्टर निखिल कुमार ने कहा है कि ऐसी लड़कियां मेरे संपर्क में हैं, जो इंसाफ चाहती हैं। मैं उनकी लड़ाई लड़ूंगा। निखिल कुमार ने आरोप लगाया है कि खान सर ने उन्हें धमकी दी है। मार्केट में खान सर के साथ की मेरी फोटो दिखाई जा रही है। कहा जा रहा है कि मैं बिक चुका हूं, लेकिन ऐसा नहीं है। खान सर की टीम बोली- छवि बिगाड़ने की कोशिश दैनिक भास्कर से खान सर की टीम ने कहा कि जब से रौशन आनंद और खान सर के बीच विवाद हुआ, तब से ही छवि बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। खान सर अंडरवर्ल्ड के DON नहीं हैं, जिनसे सभी को खतरा है। क्या खान सर सभी को धमकी देते चल रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें... 8. शाह बोले- 2029 तक 21 राज्यों में UCC लागू होगा: यहां NDA की सरकारें; अभी सिर्फ उत्तराखंड में लागू, MP–गुजरात, असम में तैयारी गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार को मुंबई में कहा कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी-एनडीए शासित 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर दी जाएगी। शाह मुंबई में भाजपा के सेवा संकल्प अभियान की लॉन्चिंग के लिए पहुंचे थे। देश में 22 राज्यों में NDA की सरकार है। इनमें उत्तराखंड में जनवरी 2025 से UCC लागू है। यानी बाकी 21 राज्यों में इसे लागू करने का लक्ष्य है। गुजरात, असम और मध्य प्रदेश में UCC लागू करने का प्रस्ताव विधानसभा से पारित हो चुका है। महाराष्ट्र, प. बंगाल और छत्तीसगढ़ ने UCC का कानून तैयार करने के लिए समितियां गठित की हैं। पूरी खबर पढ़ें… आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… 1. नेशनल: ममता बनर्जी को बागियों का ऑफर- नंदीग्राम से उपचुनाव लड़ें: हम उम्मीदवार नहीं उतारेंगे; 2021 में इसी सीट पर CM शुभेंदु से चुनाव हारी थीं (पूरी खबर पढ़ें) 2. पश्चिम बंगाल: बंगाल में 252 मदरसे बंद करने का आदेश: सरकार बोली- इनके पास बुनियादी सुविधाएं नहीं; पहले मदरसों का बजट ₹3600 करोड़ घटाया था (पूरी खबर पढ़ें) 3. नेशनल: शाह बोले- 2029 तक 21 राज्यों में UCC लागू होगा:यहां NDA की सरकारें; अभी सिर्फ उत्तराखंड में लागू, MP–गुजरात, असम में तैयारी (पूरी खबर पढ़ें) 4. इंटरनेशनल: ओमान के पास जहाज पर हमला, 14 भारतीय सवार थे:13 का रेस्क्यू हुआ, एक लापता; भारत ने हमले की निंदा की (पूरी खबर पढ़ें) 5. नेशनल: थलापति विजय ने सिल्वरस्टोन में अजीत कुमार की रेस देखी: तृषा कृष्णन सबके सामने आईं तो पीछे हटते दिखे; पत्नी ने वापस लिया है तलाक का केस (पूरी खबर पढ़ें) 6. नेशनल: मुंबई छोड़ने वाला था, तभी आया ‘हनुमान अंश’ का ऑफर: कंपोजर धीरेंद्र ने बताया- बाबा जी का स्मरण किया और 5 मिनट में बन गई धुन (पूरी खबर पढ़ें) 7. नेशनल: गोवा मेंं AAP ने गोवा फॉरवर्ड-पार्टी के साथ गठबंधन किया:अगले साल विधानसभा चुनाव; कहा- जनता को मिलेगा असली विकल्प (पूरी खबर पढ़ें) 8. एंटरटेंमेंट: सलमान के बॉडीगार्ड शेरा के बेटे अबीर करेंगे बॉलीवुड डेब्यू!: फिल्म ‘टार्जन’ में आएंगे नजर, सूरज पंचोली भी होंगे मूवी का हिस्सा (पूरी खबर पढ़ें) 9. नेशनल: मलेशियाई PM राहुल गांधी से मिले, साथ नाश्ता किया: नेता प्रतिपक्ष को गुड फ्रेंड बताया; 8 सालों में तीसरी मुलाकात, हर भारत दौरे पर मिलते हैं (पूरी खबर पढ़ें) 10. महाराष्ट्र: मुंबई में 20 बिल्लियों को मारने वाला आरोपी गिरफ्तार: गुस्से में की थी हत्या; PETA ने ₹50 हजार का इनाम रखा था (पूरी खबर पढ़ें) 11. मध्य प्रदेश: 4 सहेलियों ने छात्रा को लात-घूंसों से पीटा, VIDEO: दोस्त के साथ रिलेशनशिप से इनकार किया था; वीडियो कॉल पर माफी भी मंगवाई (पूरी खबर पढ़ें) 12. इंटरनेशनल: आतंकी लादेन की हिट लिस्ट में भारत भी था: CIA के खुफिया दस्तावेज में खुलासा; 9/11 से पहले कई देशों पर हमले की तैयारी थी (पूरी खबर पढ़ें) 13. कर्नाटक: उमर खालिद पर बनी डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग टली:बेंगलुरु में नेशनल लॉ स्कूल में कल दिखाई जानी थी, ABVP ने विरोध किया था (पूरी खबर पढ़ें) 14. इंटरनेशनल: बांग्लादेश बोला- भारत से नए सिरे से रिश्ते बनाएंगे:विदेश राज्य मंत्री ने कहा- दोनों देशों में सीधी बातचीत जरूरी, हसीना के दौर के संबंध असहज थे (पूरी खबर पढ़ें) ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... बिल्ली ₹839 करोड़ की मालकिन अमेरिका की एक बिल्ली सोशल मीडिया पर इतनी पॉपुलर है कि उससे जुड़ा बिजनेस करोड़ों तक पहुंच गया। नाला नाम की बिल्ली के इंस्टाग्राम पर 42 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। उसकी अनुमानित नेटवर्थ करीब ₹839 करोड़ बताई जाती है। पूरी खबर पढ़ें... फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… 1. आज का एक्सप्लेनर: दुश्मन देशों को एक टेबल पर लाए, चीन से पहलगाम की निंदा कराई; BRICS समिट से भारत के 5 बड़े हासिल 2. स्पाई फाइल्स: राष्ट्रपति के दोस्त को भीड़ के सामने फांसी दी:जासूसी करके 6 देशों को हराया, शराब-लड़कियों के सहारे रक्षा मंत्री बनने वाला था; पार्ट-2 3. जरूरत की खबर: कहीं आपका कॉस्मेटिक्स नकली तो नहीं?: फेक प्रोडक्ट स्किन और आंखों के लिए खतरनाक, जानें इसे पहचानने के 10 तरीके 4. साइबर लिटरेसी: गूगल रिव्यू के नाम पर स्कैम: युवक के 7 लाख ठगे, घर बैठे कमाई के झांसे में न आएं, जानें स्कैम से कैसे बचें? 5. चंद्रशेखर से बदला लेने, राजनीति में उतरेंगी रोहिणी घावरी: लिखा- स्विट्जरलैंड-टू-सत्ता; वाल्मीकि समाज को एकजुट करने में जुटीं 6. भास्कर एक्सक्लूसिव: यूपी में सरकारी दवा-उपकरण सप्लाई में ₹100 करोड़ का घोटाला:कांग्रेस के पूर्व विधायक भी आरोपी, 7 साल के रिकॉर्ड की छानबीन कर रही ED 7. भास्कर इन्वेस्टिगेशन: शैंपू-यूरिया वाला ‘जहरीला दूध’ पी रहा MP?: दुधारू पशु नहीं बढ़े, फिर 33.27 लाख टन दूध कहां से आया; देखिए कैसे बनता है ‘सफेद जहर’ 8. भास्कर एक्सक्लूसिव: राजस्थान में ऑनलाइन बाइक बुक कर ड्रग्स की सप्लाई:रैपिडो-पोर्टर जैसी एप का इस्तेमाल; स्मगलर की एक लाइन से बड़ा खुलासा 9. भास्कर एक्सक्लूसिव: बिहार का नया DGP कौन, UP-बिहार के IPS में रेस: AK-47 वाले कुंदन कृष्णन आगे, इन 6 IPS में से एक पर सम्राट लगाएंगे दांव 10. भास्कर एक्सक्लूसिव: 75 दिनों में 16 हत्याएं, हर कहानी में रिश्तेदार कातिल: कहीं बहू ने ससुर को मरवाया, कहीं चाचा ने भतीजी को जलते चूल्हे में डाला करेंट अफेयर्स करेंट अफेयर्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें... ⏳आज के दिन का इतिहास ️ मौसम का मिजाज वृष राशि के युवाओं को पहली इनकम मिलने से आत्मविश्वास बढेगा। कर्क राशि के लोगों को शुभ सूचना और नौकरी में अच्छे नतीजे मिल सकते हैं। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
मैं मुंबई से लॉकडाउन में जॉब के लिए गाजियाबाद आई थी। यहां मुझे कार से अगवा कर एक युवक ने रेप किया। मेरी 2 वीडियो बनाईं। मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी। मैं मधुबन बापूधाम थाने में रातभर बैठी रही। मेरा मेडिकल कराया गया। हालत बिगड़ने पर गाजियाबाद के सरकारी अस्पताल में दो दिन भर्ती रही, फिर जीटीबी हॉस्पिटल दिल्ली में 6 दिन भर्ती रही। मेरी FIR दर्ज नहीं हुई, पुलिस ने 1.50 लाख रुपए थमाकर कहा- जाओ। मुझे इंसाफ चाहिए। मेरे साथ जो भी हुआ, वह बताने लायक नहीं है।'' ये बातें दैनिक भास्कर से बातचीत में 35 साल की नर्स ने कहीं। पीड़ित नर्स दिल्ली के एक अस्पताल में काम कर रही है। इस समय गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन इलाके में रह रही है। पढ़िए पूरी स्टोरी… दोस्तों को फोन कर युवक बोला- आ जा, लड़की साथ में है पीड़ित नर्स ने बताया- ये घटना 25 अगस्त 2026 की है। मैं राजनगर एक्सटेंशन में अकेली रह रही थी। मोरटा के पास का रहने वाला एक युवक मुझे जानता था। उसने एक दिन अचानक मेरे पास आकर कार रोक दी। फिर जबरन गाड़ी में बैठा लिया। इसके बाद मुझे मोरटा में निर्माणाधीन बिल्डिंग के पास ले गया। वहां युवक ने मेरा रेप किया। कार में मुझे पीटा। बोला कि पुलिस के पास गई तो जान से मार दूंगा। अपने दोस्तों को फोन कर मेरे सामने कहने लगा- भाई आ जा, मेरे साथ एक लड़की है। धमकाते हुए कहा कि अभी तो मैं अकेला हूं, मेरे दोस्त भी आ गए तो अंजाम बुरा होगा। न्यूड वीडियो बनाकर वॉट्सएप ग्रुप में भेजे पीड़ित नर्स ने बताया- आरोपी युवक ने बीयर पी। मेरे न्यूड वीडियो बनाए। धमकी देते हुए कहा कि तुम मेरा कुछ नहीं कर पाओगी। मेरा फोन भी छीन लिया था। उसने किसी वॉट्सएप ग्रुप में मेरी न्यूड वीडियो भी भेजी। मैं बहुत डर गई थी। मेरे पास फोन भी नहीं था। मैं बहुत देर तक सहमी रही कि आखिर किससे मदद लूं। इसके बाद मेरा फोन फेंक दिया। मैंने किसी तरह उसकी नजरों से बचकर अपना फोन उठाया। थोड़ी देर फिर धमकाया और पीटा। मुझे चक्कर आने लगा, जब हालत बिगड़ने लगी तो कार में बैठाया और एक सोसाइटी के बाहर कार से धकेल दिया। मैंने रात 12.59 बजे 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस से मदद मांगी। पुलिस मौके पर आई, मुझे अपने साथ ले गई। मैंने लिखित शिकायत भी दी। पुलिस मुझे घटनास्थल पर भी ले गई, जहां मैंने अपने कपड़ों के बारे में बताया, लेकिन वे कपड़े पुलिस ने बरामद नहीं किए। 12 से 13 पुलिस वाले आए और मुझसे पूछताछ की पीड़ित नर्स ने कहा- करीब 12 से 13 पुलिसकर्मी आए थे, इनमें कुछ लेडीज पुलिस भी थी। सभी ने मुझसे पूछताछ की और मेरी वीडियो बनाई। उनमें दरोगा और इंस्पेक्टर थे। पुलिस मुझे मधुबन बापूधाम थाने ले गई। रात के 3 बजे से सुबह 6 बजे तक मैं थाने में रही। सुबह 6 बजे मेरा जिला अस्पताल में मेडिकल कराया। मैंने कहा कि मुझे न्याय चाहिए। मेरी रिपोर्ट दर्ज कीजिए। मैंने मेडिकल ऑफिसर से कहा कि मैं खुद भी नर्स हूं, पुलिस मेरी मदद नहीं कर रही है। दरोगा ने थमा दिए 1.50 लाख रुपए पुलिस स्टेशन के एक रविंद्र कुमार दरोगा या इंस्पेक्टर थे। उन्होंने अस्पताल से निकलते ही मेरे हाथ में 1.50 लाख रुपए कैश लाकर दिए और कहा कि अब आप जाइए। बाकी अन्य पुलिसकर्मी वर्दी तो पहने थे, लेकिन नेम प्लेट नहीं लगी थी। मेरी FIR नहीं हुई, मैंने पुलिस अधिकारियों को गाजियाबाद में मेल भेजकर पूरी घटना बताई। मानव अधिकार आयोग को भी मैंने अपनी शिकायत भेजी है। खुद स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी हूं, उसके बाद भी मेरे साथ अन्याय हो रहा है। मुझे सिर्फ न्याय चाहिए, पैसों की कोई जरूरत नहीं है। नर्स ने बताया कि मेरी हालत खराब है, मुझे फिर एडमिट होना पड़ेगा। मुझे लगा कि पुलिस FIR दर्ज कर लेगी, लेकिन यहां तो केस ही दर्ज नहीं हुआ। अब तबीयत ठीक होने पर फिर मैं सीनियर अधिकारियों को शिकायत करूंगी। ----------------------------- ये खबर भी पढ़िए- वाराणसी में 40 साल के MS डॉक्टर ने सुसाइड किया:हेरिटेज हॉस्पिटल की OT से इंजेक्शन लाए, हाथ में सुई लगाई; बेड पर लाश मिली वाराणसी में 40 साल के डॉक्टर ने सुसाइड कर लिया। शनिवार रात कमरे में उन्होंने एनेस्थीसिया का इंजेक्शन हाथ में लगाकर जान दी। बेड पर उनका शव बैठी हुई हालत में मिला। डॉ. शुभांकर गौतम हेरिटेज इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस में 3 साल से यूरोलॉजिस्ट थे। यह वाराणसी का बड़ा प्राइवेट मेडिकल कॉलेज है। शुभांकर ने एम्स से MS और फिर MCh की डिग्री हासिल की थी। पढ़ें पूरी खबर…
सोमवार को नगर निगम के 80 पार्षदों की तस्वीर साफ हो जाएगी। बीकानेर में ट्रिपल इंजन की सरकार बनेगी या कांग्रेस काबिज होगी, या फिर त्रिशंकु बोर्ड में चाबी निर्दलीयों के हाथ रहेगी, यह तय हो जाएगा। चुनाव जीतने का जश्न कुछ घंटों का होगा। असली परीक्षा तिजोरी की चाबी हाथ में लेते ही शुरू होगी। जनता आश्वासनों के बजाय हर महीने वार्डों के विकास का प्रोग्रेस रिपोर्ट कार्ड मांगेगी। नया बोर्ड विकास करेगा या पुरानी देनदारियां चुकाने में उलझ जाएगा, यह आने वाले दिन तय करेंगे। दो साल से प्रशासक काल के दौरान वार्डों की असली तस्वीर निगम के हुक्मरानों तक नहीं पहुंची। वहां बैठकर ऐसे निर्णय लिए गए जिसमें निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों का हित जुड़ा हो। वार्डवार दो साल में कोई टेंडर नहीं हुआ। जहां अफ्सरों और इंजीनियर्स को जहां लगा वहां के टेंडर कर दिए। टेंडर इस तरह से बनाए जिसमें अधिकारियों का हित जुड़ा हो। उदाहरण के तौर पर ट्रांसफर्मर पर लगने वाले टेंडर को दो बार कोर्ट से स्टे मिला मगर अफ्तसर इतने जिद्दी कि एक बार कोर्ट से स्टे के बाद भी नहीं माने। ऐसे में निगम में जनप्रतिनिधियों का हस्तक्षेप होने के बाद हालात बदलेंगे। 2 से 3 करोड़ खर्च कर मेयर बनने वाले दिग्गजों पर रहेगा दबाव करोड़ों रुपए खर्च कर मेयर का ताज पहनने वाले के सामने पैसों की भरपाई और राजनीतिक इनवेस्टमेंट की सोच हावी रहेगी। सोमवार दोपहर 12 बजे तक स्थिति साफ होते ही गुप्त राजनीति शुरू हो जाएगी। स्पष्ट बहुमत (41 से अधिक सीटें) मिलने पर निर्दलीयों की पूछ कम होगी। बहुमत 30 से 32 सीटों पर सिमटने पर निर्दलीयों को मुंहमांगी कीमत चुकानी होगी। दोनों दल संपर्क में हैं, लेकिन रेट तय नहीं हो पा रहे। 2 से 3 करोड़ खर्च कर मेयर बनने वाले दिग्गजों पर रहेगा दबाव करोड़ों रुपए खर्च कर मेयर का ताज पहनने वाले के सामने पैसों की भरपाई और राजनीतिक इनवेस्टमेंट की सोच हावी रहेगी। सोमवार दोपहर 12 बजे तक स्थिति साफ होते ही गुप्त राजनीति शुरू हो जाएगी। स्पष्ट बहुमत (41 से अधिक सीटें) मिलने पर निर्दलीयों की पूछ कम होगी। बहुमत 30 से 32 सीटों पर सिमटने पर निर्दलीयों को मुंहमांगी कीमत चुकानी होगी। दोनों दल संपर्क में हैं, लेकिन रेट तय नहीं हो पा रहे। परिणाम आते ही जीते हुए पार्षदों को तुरंत कड़ी सुरक्षा और गोपनीय ठिकानों पर बाड़ेबंदी में ले जाने की पुख्ता तैयारी है। चर्चा है कि भाजपा ने अपने पार्षदों को सुरक्षित रखने के लिए हरियाणा में जगह बुक करा ली है वहीं कांग्रेस खेमा भी प्रदेश से बाहर जाने के लिए तैयार है और कर्नाटक की ओर रुख कर सकता है। हारने वाले पार्षद तो सीधे अपने घर लौटेंगे। नए बोर्ड के सामने होंगी ये 5 बड़ी चुनौतियां सिटी बसों का घाटा: शहर में चल रहीं 5 सिटी बसों से रोजाना 12,500 रुपए का घाटा। आने को हैं 70 बसें। मनमाने एआरसी टेंडर: पार्षद न होने से अधिकारियों ने 30-30 लाख रुपए तक के मनमाने एआरसी टेंडर किए। भारी देनदारियां और टेंडर: पूर्व-पश्चिम विस क्षेत्र के लिए 90 करोड़ का टिपर-ट्रैक्टर टेंडर हुआ है। ठेकेदारों के 7-8 करोड़, करोड़ों के बिजली बिल और अमृत-2 योजना की 20% हिस्सेदारी के लिए लोन लेना पड़ा है। यूडी टैक्स का पैसा भी इसमें खपेगा। सरकारी शिविरों का बोझ: अभियानों और शिविरों के टेंट-व्यवस्था का पूरा खर्च निगम उठाता है। निगम अब तक करीब ढाई करोड़ फूंक चुका है। इसका सरकार से कोई भुगतान नहीं मिलता और काम एक ही फर्म को जाता है। मेयर और पार्षदों के मानदेय का भार: पार्षद को 5,000 रुपए प्रति माह और मेयर को 20,000 रुपए मानदेय मिलता है। 79 पार्षदों और मेयर के मानदेय का सालाना भार 49 लाख 80 हजार रुपए है। इसके अलावा मेयर की गाड़ी और अन्य खर्चे हैं।
अखिलेश यादव ने 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव के लिए नई स्ट्रैटजी बनाई है। सपा पहली बार 'पूरे प्रदेश के लिए एक ही घोषणा-पत्र' की पुरानी परंपरा को तोड़ने जा रही है। अब हर जिले का एक अलग, एक्सक्लूसिव 'माइक्रो लेवल' घोषणा-पत्र जारी करेगी। मतलब, 75 जिले, 75 अलग विजन। मुलायम सिंह यादव के समय से सपा एक ही चुनावी मेनिफेस्टो जारी करती आ रही है। अब मतदाता से 'हम प्रदेश में क्या करेंगे' की बजाय 'आपके जिले में क्या नया लाएंगे' पर सीधी बात होगी। पार्टी ने जिला स्तर के नेताओं को अपने-अपने इलाके की 5 सबसे बड़ी समस्याओं, बंद पड़े प्रोजेक्ट्स और लोकल स्तर पर रोजगार देने वाली योजनाओं का कच्चा-चिट्ठा तैयार करने का फरमान भी जारी कर दिया है। सपा की रणनीतिक बैठक 2 महीने पहले हुई थी। इसमें अखिलेश यादव और सभी जिलों के अध्यक्ष मौजूद थे। इसमें सुझाव दिया गया कि हर जिले के स्थानीय मुद्दों को चुनाव के मेनिफेस्टो में शामिल करना चाहिए। इसके फायदे भी गिनाए गए। पदाधिकारियों ने प्रस्ताव के पक्ष में कहा कि एक घोषणापत्र में सिर्फ राज्य के मुख्य मुद्दे ही जगह पाते हैं। जबकि पूर्वांचल, पश्चिम, अवध और बुंदेलखंड, सबके मुद्दे अलग हैं। लोग तभी पार्टी से जुड़ाव महसूस करेंगे, जब उनके मुद्दों को पार्टी अपने घोषणापत्र में जगह दे। सड़क, पानी, बिजली, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दे लोगों से सीधे जुड़ते हैं। पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव ने तुरंत मंजूरी भी दे दी थी। प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने सभी जिलाध्यक्षों और पदाधिकारियों से उनके जिलों में 5 बिंदुओं पर जानकारी इकट्ठा करने के लिए कहा- वरिष्ठ पत्रकार सिद्धार्थ कलहंस कहते हैं- पश्चिमी देशों में ऐसा होता है। यहां जेन-जी और जेन-अल्फा इफेक्ट भी है। हाल के दिनों में जेन-अल्फा ने अलग-अलग जिलों में स्थानीय समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया है। ये ऐसी समस्याएं होती हैं, जिन्हें दूर करना आसान होता है। पश्चिमी देशों में पार्टियां स्थानीय स्तर पर मेनिफेस्टो तैयार करती हैं। अब उसे यूपी में अखिलेश यादव लेकर आ रहे हैं। यह अच्छा कदम है। आज से पहले किसी भी दल ने जिले स्तर पर घोषणापत्र जारी नहीं किया है। बदलते दौर में यह प्रासंगिक भी होगा। जिलावार घोषणा-पत्र की 5 अहम बातें 1. स्थानीय समस्याओं का जल्द समाधान होगा जिला के घोषणापत्र का पहला आधार वहां की बुनियादी जरूरत होगी। जिन जिलों में सड़क, सिंचाई, जलभराव, पेयजल या बिजली बड़ा मुद्दा है, वहां इनसे जुड़ी योजनाएं प्राथमिकता पर बन सकेंगी। औद्योगिक जिलों में निवेश, पर्यटन क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर और धार्मिक शहरों में यात्री सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। 2. बड़े प्रोजेक्ट्स को सीधे रोजगार से जोड़ना सपा का वादा सिर्फ बुनियादी ढांचा (सड़क, पुल या भवन) खड़ा करने तक सीमित नहीं होगा। बल्कि, इन प्रोजेक्ट्स को स्थानीय रोजगार से जोड़ा जाएगा। आगरा में ‘विजन इंडिया’ कार्यक्रम के दौरान अखिलेश यादव ने आगरा को आईटी सिटी, फिरोजाबाद को ग्लास सिटी और मथुरा को हेरिटेज सिटी के रूप में विकसित करने का विजन सामने रखा था। इसके अलावा आगरा-मथुरा क्षेत्र में यमुना रिवरफ्रंट और फतेहपुर सीकरी की झील को पुनर्जीवित करने जैसी योजनाओं के जरिए स्थानीय उद्योग को बढ़ावा देने का संकेत दिया है। 3. युवा, शिक्षा और सरकारी नौकरी पर खास फोकस एजेंडे में 'जेन-जी' (Gen-Z) और युवाओं को केंद्र में रखा गया है। इसमें पेपर लीक रोकने के पुख्ता इंतजाम, आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए पारदर्शी नीति और सरकारी नौकरियों के नए अवसर शामिल हैं। इसके अलावा बंद पड़े स्कूलों को दोबारा खोलने, नए कॉलेज, यूनिवर्सिटी, आईटी हब, स्किल सेंटर और रोजगार केंद्र स्थापित करने का वादा शामिल किया जाएगा। 4. क्षेत्रवार किसानों की समस्याओं का निदान घोषणापत्र का बड़ा हिस्सा ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ा होगा। हर क्षेत्र के किसानों की जरूरत के अनुसार अलग नीतियां बनाई जाएंगी। 5. स्थानीय कारीगरों और पारंपरिक उद्योगों को संजीवनी हर जिले के पारंपरिक कारोबार को बढ़ावा देने के लिए योजनाएं लाई जाएंगी। मसलन- पूर्वी यूपी के बुनकरों की समस्याएं, कन्नौज का इत्र कारोबार, मुरादाबाद का पीतल/बर्तन उद्योग और सहारनपुर का वुडन फर्नीचर कारोबार सपा के जिला घोषणापत्र का प्रमुख हिस्सा होंगे। मेनिफेस्टो से प्रत्याशियों का एजेंडा क्लियर रहेगा सपा प्रवक्ता बोलीं- काम के आधार पर वोट मांगेंगे सपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता जूही सिंह कहती हैं- हमारा घोषणापत्र पूरी तरह से माइक्रो लेवल का होगा। प्रदेश के कई जिलों में आज अस्पताल नहीं हैं, ढेरों स्कूल बंद हो चुके हैं। आशा ज्योति केंद्र खाली पड़े हैं। सपा सरकार बनने पर इन्हें पुनर्जीवित किया जाएगा। हमारा एकमात्र मकसद रूट लेवल की समस्याओं को समझना और उनका स्थायी समाधान करना है। 2012 से 2017 के बीच अखिलेश यादव ने जो विकास कार्य किए, उन्हें जनता आज भी याद करती है। पार्टी अपने स्तर पर भी लगातार लोगों की मदद कर रही है। 2027 में प्रदेश में जनता की सरकार बनने जा रही है। ----------------------------- यह खबर भी पढ़ें- चंद्रशेखर से बदला लेने, राजनीति में उतरेंगी रोहिणी घावरी, लिखा- स्विट्जरलैंड-टू-सत्ता; वाल्मीकि समाज को एकजुट करने में जुटीं कहते हैं- इश्क और जंग में सब जायज है। कुछ ऐसा ही आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद और उनकी पूर्व प्रेमिका रोहिणी घावरी के बीच चल रहा है। जिस चंद्रशेखर को कभी राजनीति में स्थापित करने के लिए रोहिणी ने अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया था। आज वही घावरी चंद्रशेखर से बदला लेने के लिए खुद राजनीति में उतरने जा रही हैं। स्विट्जरलैंड-टू-सत्ता का रोडमैप बना चुकी रोहिणी अपने वाल्मीकि समाज को एकजुट करने में जुटी हैं। पढ़िए पूरी खबर…
बसपा सुप्रीमो मायावती को लगता है कि पार्टी से निकाले गए लोग उनके खिलाफ साजिश रच रहे हैं। रविवार (13 सितंबर) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा- कुछ लोग यह भ्रम फैला रहे हैं कि बहनजी बीमार हैं। लेकिन, मैं बिल्कुल ठीक हूं। मायावती ने इस साजिश का ठीकरा अपने भतीजे आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ पर फोड़ा। कहा कि आकाश, अशोक के कहने पर चल रहे हैं। लगता है कि अशोक का षड्यंत्र अभी जारी है। एक समय था, जब अशोक सिद्धार्थ मायावती के सबसे भरोसेमंद सहयोगी थे। लोग बसपा में उन्हें नंबर-2 का नेता मानते थे। फिर अचानक वे मायावती की नजरों में क्यों खटकने लगे? इस पूरी अदावत की कहानी लगभग डेढ़ साल पहले शुरू हुई थी। पढ़िए रिपोर्ट… बेटे की शादी से निशाने पर आए अशोक माना जा रहा है कि मायावती और अशोक सिद्धार्थ के बीच रिश्तों में खटास की शुरुआत 7 फरवरी, 2025 को हुई। आगरा में अशोक सिद्धार्थ के बेटे की आलीशान शादी हुई थी। अशोक ने इस शादी के जरिए अपना पूरा सियासी रसूख दिखाया। जिन-जिन राज्यों के वे प्रभारी रहे थे, वहां के प्रमुख बसपा नेताओं को शादी में बुलाया गया। शादी में आकाश आनंद भी मौजूद थे। लेकिन, मायावती और आकाश के पिता आनंद कुमार इससे दूर रहे। ठीक 4 दिन बाद मायावती ने लखनऊ में बैठक बुलाई। इसमें इस शादी को अशोक सिद्धार्थ और आकाश आनंद के 'शक्ति प्रदर्शन' के रूप में देखा गया। मायावती ने साफ संदेश दिया कि पार्टी में कोई दूसरा शक्ति केंद्र बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने शादी में शामिल नेताओं को चेतावनी भी दी। पहले MLC, फिर राज्यसभा सांसद बनाया अशोक सिद्धार्थ मूल रूप से फर्रुखाबाद के कायमगंज इलाके के रहने वाले हैं। राजनीति में आने से पहले वे कन्नौज में रिफ्रेक्शनिस्ट (आंखों के चश्मे का नंबर जांचने वाले) के पद पर तैनात थे। बामसेफ के जरिए वे कांशीराम और मायावती के विचारों से प्रभावित हुए। बामसेफ एससी, एसटी, ओबीसी ओर अल्पसंख्यक समुदायों के शिक्षित कर्मचारियों का एक संगठन है। अशोक ने 2007 में मायावती की सलाह पर सरकारी नौकरी से इस्तीफा दे दिया और बसपा में शामिल हो गए। 2009 में मायावती ने उन्हें एमएलसी बनाया और 2016 में राज्यसभा भेजा। उनकी पत्नी को राज्य महिला आयोग का उपाध्यक्ष बनाया गया। 2010 में पहली बार अशोक सिद्धार्थ को दक्षिण भारत में पार्टी के विस्तार के लिए भेजा गया। उन्हें तमिलनाडु-कर्नाटक जैसे राज्यों का प्रभारी बनाया गया। एक के बाद एक चुनाव हारीं, फिर भी भरोसा किया 2012 में यूपी में बसपा की सरकार चली गई। पार्टी सिर्फ 89 सीटें जीत सकी। कोशिश यह थी कि 2014 के लोकसभा में बेहतर प्रदर्शन करना है। लेकिन, ऐसा नहीं हो सका। पार्टी का खाता तक नहीं खुला। अशोक सिद्धार्थ को दक्षिण की जिम्मेदारी वापस लेकर लखनऊ-कानपुर मंडल की जिम्मेदारी दी गई। 2017 में भी बसपा बुरी तरह से चुनाव हार गई। महज 19 सीटों पर जीत मिली। 2019 के लोकसभा में सपा से गठबंधन हुआ तो 10 सीटों पर जीत मिली। हालांकि, उसके बाद गठबंधन तोड़ लिया। 2022 में विधानसभा का चुनाव अकेले लड़ा, महज 1 सीट पर पार्टी सिमट गई। इस दौरान भी मायावती का भरोसा अशोक के ऊपर बना रहा। मायावती ने लखनऊ के हिंद कॉलेज से MBBS कर रहीं अशोक सिद्धार्थ की बेटी प्रज्ञा से अपने भतीजे आकाश आनंद का रिश्त तय कर दिया। महाराष्ट्र-दिल्ली चुनावों के झटकों से बढ़ा अविश्वास महाराष्ट्र चुनाव (नवंबर 2024) : अशोक सिद्धार्थ को महाराष्ट्र का प्रभारी बनाया गया था। उन पर मनमर्जी से टिकट बांटने के आरोप लगे। यह बात मायावती तक पहुंची, तो उन्होंने तुरंत ही अशोक सिद्धार्थ को हटा दिया। पार्टी 237 सीटों पर चुनाव लड़ी और सभी पर हार गई। बसपा का वोट शेयर गिरकर महज 0.48% रह गया। दिल्ली चुनाव (फरवरी 2025) : दिल्ली चुनाव की पूरी कमान आकाश आनंद के पास थी। अशोक के करीबी नितिन सिंह प्रभारी थे। आरोप लगे कि बिना मायावती की इजाजत के कुछ प्रत्याशियों के टिकट फाइनल कर दिए गए। कई प्रत्याशियों ने अशोक सिद्धार्थ, नितिन सिंह और आकाश आनंद को लेकर मायावती से शिकायत की। चुनाव के बाद बसपा सभी 70 सीटों पर अपनी जमानत जब्त करवा बैठी। वोट शेयर सिर्फ 0.58% पर सिमट गया। अशोक के साथ आकाश भी नजरों से उतरते चले गए पार्टी से निकाले जाने के करीब 7 महीने बाद अशोक सिद्धार्थ ने मायावती से सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली। तब मायावती ने सितंबर- 2025 में उनकी पार्टी में दोबारा वापसी कराई, संगठन में जिम्मेदारी दी। लेकिन, करीब 1 साल बाद, 3 अगस्त को उन्हें फिर पार्टी से बाहर कर दिया। आरोप लगाया कि वह पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं। अशोक को पार्टी से बाहर करने के बाद मायावती के निशाने पर आकाश आनंद भी आ गए। मायावती ने जितने भी पोस्ट किए, उन सभी में आकाश को अपना भतीजा कहने के बजाय उन्हें अशोक का दामाद लिखा। 3 सितंबर को आकाश आनंद को अपरिपक्व बताते हुए उनसे सारी जिम्मेदारियां वापस ले लीं। 9 सितंबर को कहा- आकाश की वापसी तभी होगी, जब अशोक सिद्धार्थ राजनीति से संन्यास ले लें। अगले दिन सुबह अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया। लेकिन, यहां मायावती अपने वादे से पलट गईं। उन्होंने कहा कि अशोक ने संन्यास का फैसला लेने में देरी की। ससुर-दामाद की बसपा में दोबारा वापसी होगी या नहीं वरिष्ठ पत्रकार सैय्यद कासिम के मुताबिक, आकाश आनंद और अशोक सिद्धार्थ के किसी दूसरी पार्टी में जाने की संभावना न के बराबर है। दोनों नेताओं के लिए बसपा के दरवाजे हमेशा के लिए बंद नहीं हुए हैं। अतीत में भी अशोक सिद्धार्थ को 2 बार पार्टी से निकाला और फिर वापस लिया जा चुका है। मायावती का रुख अब पहले जैसा सख्त नहीं है। उन्होंने 'ससुर-दामाद' के बजाय 'श्री अशोक सिद्धार्थ' शब्द का प्रयोग किया, जो नाराजगी में नरमी की तरफ इशारा करता है। बसपा में किसी फैसले या गलती से ज्यादा अंदरूनी खेमेबाजी हावी है। पार्टी के विरोधी गुट ने आकाश आनंद को घेरने के लिए अशोक सिद्धार्थ के जरिए सियासी 'फील्डिंग' सजाई है। मायावती किसे बनाएंगी अपना उत्तराधिकारी वरिष्ठ पत्रकार रतनमणि लाल कहते हैं- 1995 के स्टेट गेस्ट हाउस कांड के बाद से मायावती के मन में अविश्वास की भावना बढ़ गई। वह आसानी से किसी पर भरोसा नहीं करतीं। अब यह अविश्वास पार्टी नेताओं से आगे बढ़कर परिवार तक पहुंचता दिख रहा। मायावती पिछले कई दशकों से पार्टी में एक ऐसे भरोसेमंद नेता की तलाश में हैं, जो उनके बाद संगठन संभाल सके। लेकिन, जब भी कोई नेता पार्टी में ज्यादा प्रभावशाली होता दिखा, उसे किनारे कर दिया। आकाश आनंद को भी उन्होंने आगे बढ़ाया। लेकिन, बाद में उन्हें अपरिपक्व बताते हुए जिम्मेदारियां वापस ले लीं। ------------------------- यह खबर भी पढ़ें- आकाश आनंद के लिए रामजी गौतम कैसे बने ‘खलनायक’, ससुर-दामाद को पार्टी से बाहर करने के पीछे की पूरी कहानी पढ़िए बसपा में चल रहा घमासान अब केवल ससुर-दामाद के संन्यास या निष्कासन तक सीमित नहीं रह गया है। इसके पीछे पार्टी के अंदर की दो सबसे शक्तिशाली लॉबियों के बीच वर्चस्व की जंग है। एक तरफ पार्टी के इकलौते राज्यसभा सांसद रामजी गौतम और उनके समर्थक हैं। पढ़िए पूरी खबर…
तीन साल पहले मप्र में मेडिकल शिक्षा में अंग्रेजी के विकल्प के रूप में हिंदी में एमबीबीएस की शुरुआत बड़े मिशन के रूप में हुई थी। 10 करोड़ खर्च कर 50 हजार हिंदी मेडिकल किताबें छापी गईं। मेडिकल कॉलेजों में ‘मंदार’ केंद्र बनाए गए और डॉक्टरों की टीमों ने रात-दिन एक करके अनुवाद किया लेकिन तीन साल बाद तस्वीर का उल्टा पहलू सामने है। ग्राउंड रिपोर्ट बताती है कि कई मंदार केंद्रों पर ताला लटका है। एक साल से कार्यसमिति की बैठक नहीं हुई और हिंदी प्रकोष्ठ के पास अलग बजट तक नहीं है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि विद्यार्थियों में हिंदी में परीक्षा लिखने का भरोसा नहीं बन पाया। उनके बीच यह धारणा घर कर गई कि हिंदी में उत्तर लिखने पर कम अंक या शून्य नंबर मिल सकते हैं। नतीजतन, द्विभाषी प्रश्नपत्र का विकल्प होने के बावजूद पिछले तीन साल में एक भी छात्र ने हिंदी में पेपर नहीं लिखा। जिस प्रयोग को देश में मेडिकल शिक्षा की भाषा बदलने का मॉडल बताया गया था, उसमें किताबें तो अलमारियों में सजा दी गईं, लेकिन वह व्यवस्था नहीं बन पाई जो छात्रों को हिंदी में डॉक्टर बनने का असली भरोसा दे सके। अब मामला नेशनल मेडिकल काउंसिल (NMC) तक पहुंच गया है, जिसने राज्य से पूरी रिपोर्ट मांगी है। मेडिकल कॉलेजों में बनाए गए मंदार केंद्रों में लटके हैं ताले 300 डॉक्टरों की टीम ने किया था 16 किताबों का अनुवाद... एमबीबीएस की किताबों के हिंदी में प्रकाशन के लिए अनुवाद पर ₹2 करोड़, प्रिंटिंग पर ₹5.5 करोड़ और मंदार केंद्रों पर ₹3 करोड़ खर्च किए गए। 16 विषयों की 16 किताबों का अनुवाद 300 से अधिक डॉक्टरों की टीम ने किया। पहले हर छात्र के हिसाब से किताबें छापी जा रही थीं। अब नए संस्करण आने पर केवल 25% से 30% प्रतियां ही कॉलेजों को मांग के आधार पर दी जाएंगी। किताबें : इंदौर में डिब्बा-बंद, रतलाम में 80 फीसदी वितरण एक ही सरकारी योजना का असर अलग-अलग जिलों के नेतृत्व की रुचि के हिसाब से भिन्न दिखाई दे रहा है। रतलाम में डीन डॉ. अनीता मूथा द्वारा हर साल पुस्तक मेला आयोजित करने से करीब 80% हिंदी किताबें विद्यार्थियों तक पहुंच चुकी हैं। जबकि इंदौर मेडिकल कॉलेज में हिंदी किताबों का सही उपयोग न होने और उनके डिब्बों में ही बंद रहने की जानकारी सामने आई है। भोपाल के जीएमसी का हाल... यहां हिंदी में मेडिकल की पढ़ाई के लिए बनाए गए मंदार केंद्र पर ताला लटका है। किताबें स्टोर में पड़ी हैं। गायब होता गया शुरुआती उत्साह... पहले सीएम व मंत्री स्तर पर 50 से अधिक समीक्षा बैठकें हुईं। छात्रों से संवाद हुए। ‘मंदार की टोली’ का सम्मान हुआ। लेकिन अब पिछले 1 साल से कार्यसमिति की कोई बैठक नहीं हुई। शिक्षक प्रशिक्षण और क्लिनिकल रिकॉर्ड बुक का निर्माण ठप है। एनएमसी ने मप्र से मांगी जानकारीराष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग ने मप्र से हिंदी माध्यम एमबीबीएस प्रयोग की पूरी रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने हिंदी के सैंपल प्रश्नपत्र, हिंदी की सैंपल उत्तर पुस्तिकाएं, वर्षवार हिंदी माध्यम चुनने वाले विद्यार्थियों का प्रतिशत समेत सारे आंकड़े मंगाए हैं।
खुशी : चाचा और भतीजे ने नीट में मारी बाजी
सिटी रिपोर्टर | बोकारो चास प्रखंड स्थित नावाडीह गांव निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक उपेंद्र नाथ शर्मा के परिवार में रविवार को उस समय जश्न का माहौल बन गया, जब एक साथ दो बेटों का चयन नीट 2026 में एमबीबीएस पढ़ाई के लिए हुआ। इस सफलता से पूरे गांव में खुशी का माहौल है। किसान सुधीर शर्मा के पुत्र विमल कुमार शर्मा का नामांकन रिम्स रांची में हुआ है। विमल ने यह सफलता अपने दूसरे प्रयास में पाई है। विमल ने 10वीं की पढ़ाई मिथिला एकेडमी सेक्टर-4 से और 12वीं की पढ़ाई वीकेएम कॉलेज चास से पूरी की थी, जिसमें उन्होंने जिले में तीसरा स्थान हासिल किया था। ब्रह्मऋषि युवा मंच के प्रवक्ता सह व्यवसायी राजा राम शर्मा के पुत्र पंकज कुमार शर्मा का चयन मेदनीराय मेडिकल कॉलेज पलामू के लिए हुआ है। पंकज ने अपने 5वें प्रयास में यह मुकाम हासिल किया है। पंकज ने 10वीं और 12वीं की परीक्षा सेंट जेवियर्स सेक्टर-1 से प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की थी। पारिवारिक रिश्ते में विमल कुमार शर्मा सेवानिवृत्त शिक्षक उपेंद्र नाथ शर्मा के भतीजे हैं, जबकि पंकज कुमार शर्मा उनके पोते हैं। इस प्रकार दोनों आपस में चाचा-भतीजा हैं। सफलता की सूचना मिलते ही माध्यमिक शिक्षक संघ बोकारो जिलाध्यक्ष बासुदेव सिंह चौधरी एवं युवा मंच के नेता माणिक सिंह रविवार को नावाडीह पहुंचे। उन्होंने चयनित दोनों छात्रों को गुलदस्ता देकर और मिठाई खिलाकर सम्मानित किया। मौके पर भूतनाथ शर्मा, मेघनाथ शर्मा, भरत महथा आदि ने बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
आसनबनी-मामरकुदर सड़क पर गड्ढे, तीन किमी को तय करने में लगता है आधा घंटा
भास्कर न्यूज | चंदनकियारी प्रखंड के साबड़ा पंचायत अंतर्गत आसनबनी से मामरकुदर तक करीब तीन किलोमीटर लंबी सड़क इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। हालत यह है कि सड़क पर गड्ढे हैं या गड्ढों के बीच कहीं सड़क बची है, यह कहना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार करीब तीन किलोमीटर के इस मार्ग पर एक हजार से अधिक छोटे-बड़े गड्ढे बन चुके हैं। इसके कारण महज तीन किलोमीटर की दूरी तय करने में लोगों को करीब आधा घंटा लग जाता है। यह सड़क अब ग्रामीणों के लिए महज आवागमन का रास्ता नहीं, बल्कि क्षेत्र की लाइफ लाइन बन चुकी है। दिन हो या रात, इस मार्ग से बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन होता है। इलेक्ट्रोस्टील वेदांता में काम करने वाले कर्मियों के लिए भी यह प्रमुख मार्ग है। इसके अलावा आसपास के गांवों के स्कूली बच्चे इसी सड़क से साइकिल से आवाजाही करते हैं। सड़क की जर्जर स्थिति के कारण हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि थोड़ी सी चूक किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। आवेदन देने के बाद भी विभाग ने नहीं भरे गड्ढे सड़क की बदहाली को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है। बताया कि सड़क निर्माण और मरम्मत की मांग स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से कई बार की जा चुकी है। बावजूद कोई ठोस पहल नहीं हुई। आखिरकार ग्रामीणों ने अपने स्तर पर चंदा जुटाकर सड़क के बड़े-बड़े गड्ढों में मिट्टी, पत्थर आदि डालकर कई जगह मरम्मत की। ग्रामीण जगन्नाथ रजवार, अंकित कुम्भकार, विश्वनाथ कुम्भकार, बानेश्वर मांझी, रामदेव शर्मा, राधु बाउरी, उमेश बाउरी, खेतु बाउरी, अर्जुन शर्मा, राणु बाउरी, राजू टुडू, दुर्गा चरण महतो, गौतम कुम्भकार आदि ने कहा कि सड़क की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भरने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो जाता है। इससे दुर्घटना होती है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि सड़क का निर्माण जल्द शुरू नहीं किया गया तो आंदोलन करने को विवश होंगे।
घर में घुसा अनियंत्रित मालवाहक, बचे लोग
चंदनकियारी | चंदनकियारी- रघुनाथपुर मुख्यपथ स्थित प्रखंड कार्यालय के समीप रविवार देर शाम एक मालवाहक वाहन अनियंत्रित होकर बिपुल मोदक के घर में घुस गया। हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ। घटना के बाद लोगों की भीड़ जुट गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बंगाल की ओर से तेज गति से आ रहा मालवाहक वाहन अचानक अनियंत्रित हो गया। वाहन घर के बाहर बने शेड को तोड़ते हुए अंदर घुस गया। टक्कर इतनी तेज थी कि आसपास के लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। मौके का दृश्य देखकर लोग दंग रह गए। जिस स्थान पर वाहन घुसा, वहां बिपुल मोदक की जेरॉक्स की दुकान चलती है। रविवार होने के कारण दुकान बंद थी। इसलिए कोई भी अनहोनी नहीं हुई।
‘फॉर्च्यून इंडिया' की टॉप-100 लिस्ट में पहली बार रूंगटा माइंस
भास्कर न्यूज| चाईबासा फॉर्च्यून इंडिया ने देश के टॉप-100 अरबपतियों की नई लिस्ट जारी की है। इस सूची में पहली बार चाईबासा के रूंगटा परिवार से जुड़ी रूंगटा माइंस भी शामिल हुई है। रूंगटा माइंस के नंदलाल रूंगटा और मुकुंद रूंगटा ने पहली बार फॉर्च्यून इंडिया की देश के टॉप-100 सबसे अमीर व्यक्तियों की सूची में 61वां स्थान हासिल किया है। यह झारखंड के प. सिंहभूम के अलावा पड़ोसी राज्य ओडिशा के खनन क्षेत्र से जुड़े रूंगटा माइंस के लिए भी बड़ी उपलब्धि है। यह प. सिंहभूम के लिए भी बड़ी उपलब्धि है। फॉर्च्यून इंडिया द्वारा जारी नवीनतम सूची के अनुसार नंदलाल रूंगटा और मुकुंद रूंगटा की कुल संपत्ति वर्ष 2026 में करीब 40 हजार करोड़ रुपये आंकी गई है। इस नेटवर्थ के साथ दोनों उद्योगपतियों को सूची में 61वें स्थान पर रखा गया है। यह पहला मौका है जब रूंगटा परिवार ने देश के सबसे अमीर 100 व्यक्तियों के क्लब में सीधी एंट्री मारी है। सूची के अनुसार देश के टॉप 2 अमीरों की संपत्ति साल भर में 1.41 लाख करोड़ रुपए घट गई। इसके बावजूद मुकेश अंबानी पहले नंबर पर हैं। गौतम अदाणी दूसरे नंबर पर हैं। टॉप-100 में 30 उद्योगपतियों की संपत्ति कुल 4.26 लाख करोड़ रुपए घटी है। इसमें मुकेश अंबानी की संपत्ति सबसे ज्यादा 82 हजार करोड़ रुपए कम हुई। अदाणी की संपत्ति 59 हजार करोड़ रुपए घटी। सावित्री जिंदल की संपत्ति में सबसे ज्यादा 1 लाख करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हुई। इन नामचीन कॉरपोरेट दिग्गजों के बीच नंदलाल और मुकुंद रूंगटा का 61वें पायदान पर जगह बनाना चाईबासा और पूरे झारखंड के कारोबारी जगत के लिए गर्व का विषय है।
बसपा को मजबूत करने के लिए अभियान तेज : सुल्तान
बोकारो | बहुजन समाज पार्टी बोकारो की बैठक रविवार को सर्किट हाउस में जिलाध्यक्ष मो. सुल्तान अहमद के नेतृत्व में हुई। बैठक में पार्टी को मजबूत करने और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी पर चर्चा की गई। जिलाध्यक्ष ने कहा कि बोकारो में बसपा का जनाधार लगातार बढ़ रहा है। सैकड़ों युवा पार्टी से जुड़ रहे हैं। आने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए संगठन को मजबूत कर रही है। जोन प्रभारी देवानंद राम ने कहा कि पार्टी के विस्तार के लिए युवाओं को अधिक से अधिक संख्या में जोड़ा जा रहा है। अकलियत समाज के बीच भाईचारा बढ़ाने के लिए कमेटियों का गठन भी किया जा रहा है। मौके पर चंदनकियारी अध्यक्ष ठाकुर लाल दास, कोषाध्यक्ष शमशेर अंसारी, जिला सचिव विनय कुमार, विजय कुमार, संतोष कुमार आदि मौजूद थे।
कोल्हान फुटबॉल टूर्नामेंट में 32 टीमें ले रही हिस्सा
बोकारो | कोल्हान स्पोर्टिंग क्लब बिरसा बासा की ओर से आयोजित 30वें कोल्हान फुटबॉल टूर्नामेंट-2026 का रविवार को कोल्हान ग्राउंड बिरसा बासा में शुरू हुआ। मुख्य अतिथि सिटी डीएसपी राजीव रंजन और समाजसेवी शशि भूषण विश्वकर्मा ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर प्रतियोगिता का उद्घाटन किया। टूर्नामेंट में कुल 32 टीमें हिस्सा लेंगी। फाइनल मुकाबला 17 सितंबर को विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर खेला जाएगा। प्रतियोगिता के विजेता को 60 हजार रुपए और उपविजेता को 40 हजार रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा। तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली टीमों को 15-15 हजार रुपए दिए जाएंगे। इसके अलावा 40 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की टीमों के लिए भी अलग प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। बताया गया कि मुकाबले के दौरान प्रत्येक टीम में नौ खिलाड़ी होंगे। मैच 20-20 मिनट के दो हाफ में खेले जाएंगे। प्रतियोगिता में केएसएफसी के नियम लागू होंगे।
हुंकार महारैली 20 सितंबर को, शामिल होगा एससी-एसटी फेडरेशन
सिटी रिपोर्टर | बोकारो सेल एससी-एसटी इम्प्लाइज फेडरेशन बोकारो यूनिट की बैठक नगर सेवा भवन के समीप अंबेडकर प्रतिमा स्थल पर हुई। अध्यक्षता बोकारो अध्यक्ष सह केंद्रीय कमेटी सदस्य शंभु कुमार ने व संचालन केंद्रीय कमेटी उपाध्यक्ष करतार सामंत ने किया। बैठक में 20 सितंबर को साजफ संयुक्त फोरम की ओर से आयोजित हुंकार महारैली में शामिल होने पर चर्चा की गई। शंभु कुमार ने कहा कि फोरम ने फेडरेशन से महारैली में शामिल होने का अनुरोध किया है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदायों के हितों की रक्षा के लिए यह जरूरी हैं। भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों पर सवाल उठाए जा रहे हैं। ऐसे में समाज के सभी वर्गों को एकजुट होकर आवाज उठाना जरूरी है। बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों ने एक स्वर से महारैली में शामिल होने पर सहमति जताई।
झारखंड के हक व अधिकार से समझौता बर्दाश्त नहीं करेगी झामुमो : मंटू यादव
सिटी रिपोर्टर|बोकारो झारखंड मुक्ति मोर्चा बोकारो की बैठक रविवार को बोकारो परिसदन में हुई। इसमें खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 के विरोध में 19 सितंबर को सभी प्रखंड मुख्यालयों पर प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन की तैयारियों पर चर्चा की गई। पार्टी नेताओं ने कार्यकर्ताओं से कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जुटने का आह्वान किया। बैठक को संबोधित करते हुए झामुमो बोकारो महानगर अध्यक्ष मंटू यादव ने कहा कि झारखंड दिशोम गुरु शिबू सोरेन के दशकों के संघर्ष, त्याग और बलिदान से अस्तित्व में आया राज्य है। गुरुजी ने जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा पर झारखंडियों के अधिकार के लिए लंबा संघर्ष किया है। ऐसे में राज्य के हक-अधिकार से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। बैठक में केंद्रीय सदस्य बीके चौधरी, धूनू हंसदा, मोहन मुर्मू, फैयाज आलम, हसन अंसारी, आकाश टुडू, मनोज हेंब्रम, सदानंद गोप, मिथुन मंडल, राकेश सिन्हा, प्रमोद तापड़िया, भागीरथ शर्मा, अमित सोरेन, रामदयाल सिंह, कालीपद महतो, कृष्णा महतो, पंकज मरांडी, चंदू सिंह मुंडा, नैयर जमाल, भोलू खान, पान बाबू केवट, किरण बाउरी आदि मौजूद थे।
श्री गुरु ग्रंथ साहिब का 422वां प्रकाश पर्व उत्साह से मना
भास्कर न्यूज | गिरिडीह श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का 422वां प्रथम प्रकाश पर्व रविवार को स्टेशन रोड स्थित गुरुद्वारा श्री गुरुसिंह सभा में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। प्रकाश पर्व को लेकर सुबह से ही गुरुद्वारे में संगत की भीड़ जुटने लगी। इस दौरान विशेष कीर्तन दरबार का आयोजन किया गया, जिसमें गुरबाणी कीर्तन से संगत निहाल हुई और पूरा गुरुद्वारा परिसर भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा। प्रकाश पर्व के अवसर पर गुरुद्वारा श्री गुरुसिंह सभा में 48 घंटे से चल रहे श्री अखंड पाठ साहिब का रविवार सुबह भोग डाला गया। इसके बाद हजूरी रागी जत्था ने पोथी परमेश्वर का थानु, साधसंगि गावहि गुण गोबिंद के एवं देहि शिवा बर मोहि इहै, शुभ करमन ते कभूं न टरूं सहित विभिन्न गुरबाणी शबदों का गायन किया। करीब दो घंटे तक चले विशेष कीर्तन से संगत आध्यात्मिक भाव में सराबोर रही। ग्रंथी ने कथा के माध्यम से श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के इतिहास और उनकी शिक्षाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब जी की शिक्षाएं मानवता, समानता, सेवा और भाईचारे का संदेश देती हैं। प्रकाश पर्व हमें इन मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने की प्रेरणा देता है। उन्होंने बताया कि सिखों के पांचवें गुरु, गुरु अर्जन देव जी ने विक्रम संवत 1661 में दरबार साहिब, अमृतसर में आदि ग्रंथ का प्रथम प्रकाश कराया था। इ सी ऐतिहासिक घटना की स्मृति में हर वर्ष प्रथम प्रकाश पर्व श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। विशेष कीर्तन के समापन के बाद अरदास की गई। इसके पश्चात संगत के बीच गुरु का अटूट लंगर बरताया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने लंगर ग्रहण किया और गुरु ग्रंथ साहिब जी के समक्ष माथा टेककर सुख-शांति की कामना की। कार्यक्रम में गुरुद्वारा के प्रधान सेवक डॉ. गुणवंत सिंह मोंगिया, सचिव नरेंद्र सिंह शम्मी, चरणजीत सिंह, सुधीर आनंद, गुरभेज सिंह, राजेंद्र सिंह, तरनजीत सिंह, गुरविंदर सिंह सलूजा समेत बड़ी संख्या में सिख समाज के लोग उपस्थित थे।
संवेदक संघ ने की शोकसभा, मंत्री को दी श्रद्धांजलि
गांडेय | कस्तूरबा गांधी विद्यालय की छात्राओं ने व्यवसायिक शिक्षा के तहत पेंटिंग और दूसरी कलाकृतियां तैयार कीं। छात्राओं की कला देख अभिभावक गदगद हुए। अभिभावकों ने छात्राओं की मेहनत की सराहना की। स्कूल प्रबंधन के प्रयासों की भी तारीफ की। कस्तूरबा बालिका आवासीय विद्यालय में व्यवसायिक शिक्षा के तहत हेल्थ केयर, ब्यूटी एंड वेलनेस, पेंटिंग सिखाई जा रही है। छात्राएं वॉल पेंटिंग बना रही हैं। सोहराय पेंटिंग बना रही हैं। साउथ अफ्रीकन पेंटिंग बना रही हैं। मिथिला पेंटिंग बना रही हैं। वर्ली पेंटिंग बना रही हैं। आदिवासी पेंटिंग बना रही हैं। वेस्ट मटेरियल से सजावट की वस्तुएं भी तैयार कर रही हैं। अभिभावक-शिक्षक बैठक के दौरान स्कूल प्रबंधन ने बच्चों की कलाकृतियों की प्रदर्शनी लगाई। अभिभावकों को छात्राओं के हुनर से रूबरू कराया। मौके पर वार्डन अमन जहां, शिक्षक ब्रह्मदेव कुमार, शिक्षिका मार्सेला सोरेन, लिली हेंब्रम, निशा कुमारी, गायत्री कुमारी, शारदा कुमारी, श्वेता किस्कू मौजूद रहीं। गिरिडीह |नगर निगम संवेदक संघ की ओर से रविवार को नरेंद्र सिन्हा चिल्ड्रन पार्क में झारखंड सरकार के मंत्री एवं गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार सोनू के आकस्मिक निधन पर शोकसभा एवं श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इसके बाद उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई।संघ के अध्यक्ष विकास सिन्हा ने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू का असमय निधन उनके परिवार के साथ-साथ पूरे गिरिडीह और झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने जनसेवा के माध्यम से गिरिडीह के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका अचानक चले जाना सभी के लिए बेहद पीड़ादायक है।सुदिव्य कुमार सोनू के सरल स्वभाव, जनसेवा और विकास के प्रति समर्पण को हमेशा याद किया जाएगा। उनके निधन से गिरिडीह ने एक कर्मठ और जनहित के प्रति समर्पित जनप्रतिनिधि खो दिया है। शोकसभा में भरत मिश्रा, मंगल सिंह, राजीव सिंह, प्रवीण राय, रणधीर सिंह, मिथलेश पटेल, सूरज साव, रोहित जमुआर, हर्ष कुमार, अफरीदी शेख आदि थे।
मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू को दी गई श्रद्धांजलि
गिरिडीह | ऑल इंडिया चंद्रवंशी युवा एसोसिएशन जिला कमेटी) के तत्वावधान में रविवार को न्यू परिसदन भवन में एक शोक व श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान गिरिडीह के विधायक एवं झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री स्व. सुदिव्य कुमार सोनू को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।कार्यक्रम में उपस्थित एसोसिएशन के पदाधिकारियों, सदस्यों और स्थानीय नागरिकों ने स्व. सोनू के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।एसोसिएशन के प्रदेश संयोजक अजीत कुमार पप्पू ने उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को याद करते हुए कहा कि गिरिडीह के विकास और आम जनता की समस्याओं के समाधान में उनका योगदान अविस्मरणीय रहेगा। समाज के प्रत्येक वर्ग के साथ-साथ चंद्रवंशी समाज के प्रति भी उनका विशेष लगाव रहा।
एनएच किनारे घर में घुसा छर्री लदा बेकाबू ट्रक
नावाबाजार | मेदिनीनगर-औरंगाबाद मुख्य पथ पर नावाबाजार थाना क्षेत्र के बाना में एक छर्री-लदा ट्रक सड़क किनारे स्थित घर में घुस गया। घटना रविवार की अहले सुबह करीब तीन बजे की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार छर्री-लदा बड़ा ट्रक पड़वा मोड़ की तरफ से औरंगाबाद की ओर जा रहा था। इसी दौरान ट्रक बाना में सड़क किनारे स्थित सुरेन्द्र भुइयां के घर में घुस गया। हालांकि जिस ओर ट्रक घुसा, उस तरफ परिवार का कोई सदस्य नहीं सोया था। घटना की जानकारी मिलते ही नावाबाजार पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई की। थाना प्रभारी संजय कुमार यादव ने बताया कि घटना देखने से प्रथम दृष्टया यह दुर्घटना ट्रक चालक को अचानक नींद आ जाने के कारण हुई है। सुरेन्द्र का घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है।
कार्यकर्ता संकल्प अभियान से जन-जन तक पहुंचाएंगे सेवा का संदेश : राज सिन्हा
सिटी रिपोर्टर | बोकारो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन एवं जनसेवा के 25 वर्षों के गौरवपूर्ण सफर को समर्पित भारतीय जनता पार्टी का ‘सेवा संकल्प अभियान’ 17 सितंबर से 18 अक्टूबर तक पूरे देश में आयोजित किया जाएगा। अभियान के तहत बोकारो में होने वाले विभिन्न सेवा एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की जानकारी देने के लिए रविवार को बोकारो परिसदन में प्रेस कांफ्रेंस की गई। संबोधित करते हुए धनबाद विधायक राज सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 25 वर्षों का सार्वजनिक जीवन राष्ट्रसेवा, गरीब कल्याण और जन समर्पण का प्रेरणादायी उदाहरण है। उन्होंने सत्ता को कभी लक्ष्य नहीं माना, बल्कि सेवा को अपना संकल्प और राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में गरीबों को आवास, शौचालय, उज्ज्वला गैस, नल से जल, जनधन खाते और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का लाभ पहुंचाने का कार्य हुआ है। कहा कि सेवा संकल्प अभियान केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और राष्ट्रनिर्माण के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास है। कार्यकर्ताओं से अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया। राज सिन्हा ने अभियान के तहत आयोजित होने वाले 14 प्रकार के कार्यक्रमों की जानकारी दी। इनमें आशीर्वाद का दीया, 25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत, जननी सेवा गाथा, आंगन का उत्सव, कहानी बदलाव की, विकसित भारत संकल्प यात्रा, सेवा ज्योति यात्रा, वडनगर से वाराणसी जल जन और सेवा संकल्प यात्रा, सेवा मेरा योगदान और मोटरसाइकिल यात्रा सहित अन्य कार्यक्रम शामिल हैं। मौके पर बोकारो जिलाध्यक्ष सुरेंद्र राज, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रोहित लाल सिंह, कृष्ण कुमार मुन्ना, संजय सिन्हा, रामलाल सोरेन, अर्चना सिंह, एंजेला सिंह, दिलीप श्रीवास्तव, अशोक पप्पू, अनिल सिंह, मनोज सिंह, भानु प्रताप सिंह, नीरज कुमार, हरीश सिंह, ब्रज दुबे, कुलदीप माहथा, विशाल गौतम, राजेश घोषाल, मनोज पाण्डेय, विकास माहथा, प्रकाश कुमार, प्रमोद महतो, विकास मोदक, सक्षम, महाराज आदि मौजूद थे।
छह माह से राशन नहीं उठाने वाले कार्ड होंगे निष्क्रिय, डुप्लीकेट लाभुकों का भी सत्यापन
भास्कर न्यूज | गिरिडीह गिरिडीह जिले में राशन कार्डधारियों के सत्यापन को लेकर अब सख्ती बढ़ने वाली है। छह माह से राशन नहीं उठाने वाले साइलेंट राशन कार्ड को निष्क्रिय किया जाएगा। वहीं आधार आधारित मिलान में डुप्लीकेट लाभुक के रूप में चिह्नित होने वाले लाभुकों का भी सत्यापन कराया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया 1 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी। झारखंड सरकार के खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अपर सचिव संजय कुमार ने राज्य के सभी उपायुक्तों को इस संबंध में निर्देश जारी किया है। निर्देश के अनुसार, छह माह से खाद्यान्न नहीं उठाने वाले राशन कार्डों को प्रत्येक माह की 21 तारीख को चिह्नित किया जाएगा और अगले माह की एक तारीख से उन्हें स्वत: निष्क्रिय कर दिया जाएगा। निष्क्रिय किए गए राशन कार्डधारियों को तीन माह के भीतर ई-केवाईसी और आवश्यक सत्यापन कराना अनिवार्य होगा। निर्धारित अवधि में ई-केवाईसी और सत्यापन नहीं कराने पर संबंधित राशन कार्ड को रद्द कर दिया जाएगा। इससे लंबे समय से राशन नहीं लेने वाले कार्डों की पहचान कर वास्तविक लाभुकों का रिकॉर्ड दुरुस्त करने में मदद मिलेगी। डुप्लीकेट लाभुकों को मिलेगा सत्यापन का मौका विभागीय निर्देश में आधार आधारित मिलान के माध्यम से डुप्लीकेट लाभुक के रूप में पहचाने गए लोगों के लिए भी प्रक्रिया निर्धारित की गई है। ऐसे लाभुकों को निष्क्रिय किया जाएगा और परिवार के मुखिया को एसएमएस के माध्यम से इसकी सूचना दी जाएगी। इसके बाद सत्यापन एवं ई-केवाईसी पूरा करने के लिए तीन माह का समय दिया जाएगा। निर्धारित अवधि में सफल सत्यापन होने पर लाभुक को पात्र राशन कार्ड में सक्रिय किया जाएगा और उसका नाम अन्य राशन कार्डों से हटा दिया जाएगा। वहीं, समय पर ई-केवाईसी पूरा नहीं करने पर संबंधित राशन कार्ड से लाभुक का नाम हटा दिया जाएगा।
कार की टक्कर से बाइक सवार की मौत, चाची घायल
भास्कर न्यूज | गिरिडीह पीरटांड़ थाना क्षेत्र के बरदेही विशनपुर निवासी 35 वर्षीय बाइक सवार उमेश भोक्ता की सड़क हादसे में मौत हो गई। घटना रविवार दोपहर करीब तीन बजे नगर थाना क्षेत्र के झंडा मैदान के पास हुई। बताया गया कि उमेश अपनी चाची प्रमिला देवी के साथ बाइक से बेंगाबाद से घर लौट रहे थे। इसी दौरान झंडा मैदान के पास एक अज्ञात चारपहिया वाहन ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक चला रहे उमेश भोक्ता सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। बाइक पर पीछे बैठी उनकी चाची प्रमिला देवी को भी चोट लगी। हादसे के बाद मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने दोनों घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया। यहां चिकित्सक ने गंभीर रूप से घायल उमेश भोक्ता की जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक की चाची प्रमिला देवी ने बताया कि रविवार सुबह उमेश किसी आवश्यक काम से बाइक लेकर बेंगाबाद गए थे। काम पूरा करने के बाद दोनों बाइक से बरदेही विशनपुर स्थित घर लौट रहे थे इसी दौरान हादसा हुआ। घटना के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। परिजनों और स्थानीय लोगों ने पुलिस से अज्ञात वाहन की पहचान कर चालक के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। परिजनों के अनुसार उमेश भोक्ता मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। उमेश की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। हादसे के बाद गांव में भी मातम का माहौल है।
जिले के 3147 सरकारी स्कूलों में केवल एक स्थायी एचएम, बाकी 3146 प्रभारियों के भरोसे
भास्कर न्यूज | गिरिडीह गिरिडीह जिले के सरकारी स्कूलों में प्रधानाध्यापकों की कमी का असर विद्यालयों के शैक्षणिक और प्रशासनिक संचालन पर पड़ रहा है। जिले में कुल 3147 सरकारी स्कूल हैं, लेकिन इनमें केवल प्लस टू हाई स्कूल बेंगाबाद में एक स्थायी प्रधानाध्यापक कार्यरत हैं। शेष 3146 स्कूल प्रभारी प्रधानाध्यापकों के भरोसे संचालित हो रहे हैं। लंबे समय से चली आ रही इस प्रभारी व्यवस्था के कारण नियमित शिक्षण के साथ प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालने वाले शिक्षकों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है। स्थिति यह है कि पिछले 9 वर्षों से प्रधानाध्यापक पद पर न तो नई नियुक्ति हुई है और न ही शिक्षकों को नियमित प्रोन्नति मिल सकी है। इससे वर्षों से प्रोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे शिक्षकों में असंतोष है। वहीं, स्कूलों में प्रशासनिक निर्णय, विभागीय पत्राचार, विद्यालय विकास कार्य, मध्याह्न भोजन योजना और शिक्षकों की मॉनिटरिंग समेत कई जिम्मेदारियां प्रभारी एचएम को ही संभालनी पड़ रही हैं।स्थायी प्रधानाध्यापक को विद्यालय संचालन और प्रशासनिक निर्णय लेने के लिए निर्धारित अधिकार प्राप्त होते हैं। इसके विपरीत प्रभारी प्रधानाध्यापक को सीमित अधिकारों और वित्तीय शक्तियों के साथ विद्यालय की बड़ी जिम्मेदारियां संभालनी पड़ती हैं। उन्हें बच्चों को पढ़ाने के साथ विभागीय कामकाज, रिकॉर्ड संधारण, मध्याह्न भोजन, विद्यालय विकास और अन्य प्रशासनिक कार्य भी देखने होते हैं। इससे उनके नियमित शिक्षण कार्य के लिए उपलब्ध समय प्रभावित होता है। 877 मध्य विद्यालयों में एचएम का पद ही नहीं जिले के 877 मध्य विद्यालयों में प्रधानाध्यापक का पद ही स्वीकृत नहीं है। ऐसे विद्यालयों का संचालन प्रभारी व्यवस्था के तहत किया जा रहा है। खासकर उत्क्रमित मध्य विद्यालयों की स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इन स्कूलों में कक्षा 6 से 8 तक पढ़ाई के लिए स्नातक प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति हुई और ग्रेड-4 शिक्षकों को सहायक आचार्य के पद पर समायोजित किया गया, लेकिन एचएम के पदों के सृजन पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया। 450 बच्चे वाले उत्क्रमित स्कूल में भी एचएम का पद नहीं शिक्षा का अधिकार अधिनियम के प्रावधानों के तहत स्कूलों में आवश्यक शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। जिले में ऐसी स्थिति सामने आ रही है, जहां अपेक्षाकृत कम छात्र संख्या वाले सामान्य मध्य विद्यालयों में एचएम का पद स्वीकृत है, जबकि कई उत्क्रमित मध्य विद्यालयों में छात्र संख्या अधिक होने के बावजूद प्रधानाध्यापक का पद स्वीकृत नहीं है। पद स्वीकृत नहीं होने के कारण इन स्कूलों में नियमित एचएम की नियुक्ति भी संभव नहीं हो पा रही है।
देवी धाम में दुर्गापूजा समिति की बैठक भव्य पंडाल बनेगा, शोभायात्रा निकलेगी
भास्कर न्यूज | गढ़वा देवी धाम परिसर में रविवार को दुर्गापूजा समिति की बैठक आयोजित की गई। अध्यक्षता विनोद चंद्रवंशी ने की। बैठक में इस वर्ष दुर्गापूजा को भव्य और आकर्षक तरीके से मनाने को लेकर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही पूजा समिति की नई कमेटी का गठन किया गया। इस दौरान सर्वसम्मति से शंभू प्रजापति को अध्यक्ष, कौशल चंद्रवंशी को उपाध्यक्ष, गौतम चंद्रवंशी को सचिव, राजेश ठाकुर को उपसचिव तथा मुन्ना कश्यप को कोषाध्यक्ष चुना गया। समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने निर्णय लिया कि पिछले वर्षों की तरह इस वर्ष भी देवी धाम में भव्य पूजा-अर्चना के साथ आकर्षक पंडाल का निर्माण कराया जाएगा। समिति के सचिव गौतम चंद्रवंशी ने बताया कि इस वर्ष पूजा को और विशेष बनाने की तैयारी है। वृंदावन से कथा वाचक को बुलाकर एकम से अष्टमी तक प्रवचन कराया जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक कार्यक्रमों के साथ जुलूस के दिन भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा में राम, लक्ष्मण, माता सीता और भगवान शंकर के विराट स्वरूप आकर्षण का केंद्र रहेंगे। उन्होंने कहा कि इस बार शोभायात्रा को पिछले वर्षों की तुलना में अलग और भव्य स्वरूप देने की तैयारी है। उन्होंने बताया कि अष्टमी के दिन श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया जाएगा। वहीं दुर्गा मंडप को आकर्षक विद्युत सज्जा से सजाया जाएगा। इसके लिए बाहर से कलाकारों को बुलाकर विशेष लाइटिंग की व्यवस्था कराई जाएगी।
योग जागरूकता के लिए चलाया गया अभियान
भास्कर न्यूज | गढ़वा पतंजलि योग समिति सह भारत स्वाभिमान ट्रस्ट की गढ़वा जिला इकाई की ओर से फॉरेस्ट कॉलोनी स्थित नियमित योग कक्षा परिसर से योग जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान के तहत योग साधकों ने पथ संचलन निकालकर लोगों को नियमित योग के प्रति जागरूक किया। पथ संचलन फॉरेस्ट कॉलोनी परिसर से शुरू होकर कचहरी रोड और फॉरेस्ट ऑफिसर कॉलोनी होते हुए वापस फॉरेस्ट कॉलोनी पहुंचा। कार्यक्रम की शुरुआत नियमित योग कक्षा के संचालन से हुई। योग साधकों ने विभिन्न योगाभ्यास एवं प्राणायाम किए। इसके बाद सभी साधक पथ संचलन में शामिल हुए। इस दौरान योग के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए घर-घर जाएंगे, सबको योग सिखाएंगे, करें योग, रहें निरोग, भारत माता की जय और वंदे मातरम् से नारों का उद्घोष किया गया। योग साधकों ने लोगों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नियमित रूप से योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की। मौके पर लोगों ने कहा कि अभियान का उद्देश्य लोगों को योग के शारीरिक और मानसिक लाभों के प्रति जागरूक करना तथा अधिक से अधिक लोगों को नियमित योगाभ्यास से जोड़ना है। संगठन के सदस्यों ने कहा कि बदलती जीवनशैली और बढ़ते तनाव के दौर में योग स्वस्थ जीवन का प्रभावी माध्यम है। नियमित योग और प्राणायाम से शरीर को स्वस्थ रखने के साथ मानसिक शांति भी प्राप्त की जा सकती है। पथ संचलन के बाद योग साधक वापस फॉरेस्ट कॉलोनी परिसर पहुंचे। जहां शांति पाठ के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।
ग्रामीणों के सहयोग से योगीवीर बाबा मंदिर की ढलाई, उमड़ी लोगों की भीड़
भास्कर न्यूज | केतार प्रखंड के लोहरगाड़ा गांव में रविवार को योगीवीर बाबा मंदिर की ढलाई का कार्य धार्मिक उत्साह और ग्रामीणों की सहभागिता के बीच संपन्न हुआ। ढलाई कार्य का शुभारंभ मुखिया प्रतिनिधि सीताराम शर्मा एवं हरिहरपुर ओपी प्रभारी नसीम अंसारी ने फीता काटकर किया। मंदिर का निर्माण ग्रामीणों के आर्थिक सहयोग और श्रमदान से कराया जा रहा है। मंदिर की ढलाई में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने श्रमदान कर अपनी भागीदारी निभायी। इस दौरान ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला। मुखिया प्रतिनिधि सीताराम शर्मा ने कहा कि ग्रामीणों की एकजुटता और आपसी सहयोग से धार्मिक एवं सामाजिक कार्यों को मजबूती मिलती है। योगीवीर बाबा का मंदिर गांव के लोगों की आस्था का केंद्र है। मंदिर निर्माण में ग्रामीणों का सहयोग और श्रमदान सराहनीय है। हरिहरपुर ओपी प्रभारी नसीम अंसारी ने भी ग्रामीणों के इस सामूहिक प्रयास की सराहना की। कार्यक्रम में रामाकांत मेहता, राम विजय मेहता, बसंत मेहता, रामप्रताप मेहता, विमलेश्वर मेहता, मुनि लाल मेहता सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे।
कस्तूरबा विद्यालय में एसएमसी का पुनर्ठगठन अनिता अध्यक्ष और कामिनी बनीं उपाध्यक्ष
कांडी| प्रखंड मुख्यालय स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में विद्यालय प्रबंधन समिति का पुनर्गठन किया गया। प्रखंड संसाधन केंद्र द्वारा प्रतिनियुक्त पर्यवेक्षक संकुल साधनसेवी अरुण कुमार की उपस्थिति में समिति का पुनर्गठन सम्पन्न हुआ। इस दौरान महिला अभिभावकों की माता समिति के द्वारा अनिता देवी को अध्यक्ष व कामिनी देवी को उपाध्यक्ष पद पर चयन किया गया।इस मौके पर विद्यालय की वार्डन आर ऊषा सहित बड़ी संख्या में अभिभावक व शिक्षक शिक्षिका उपस्थित थे। गढ़वा | गढ़वा जिला क्रिकेट लीग सत्र 2026-27 की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसके तहत गढ़वा जिला क्रिकेट संघ द्वारा जिले के पुरुष और महिला क्रिकेट खिलाड़ियों का निबंधन 15 सितंबर से 30 सितंबर तक किया जाएगा। संघ ने जिले के सभी वर्गों के खिलाड़ियों से निर्धारित अवधि के अंदर अपना निबंधन कराने की अपील की है। निबंधन के लिए खिलाड़ी सहिजना रोड स्थित गढ़वा जिला क्रिकेट संघ के कार्यालय, प्रिंस सेनेटरी, सहिजना रोड, गढ़वा के कैंपस में संपर्क कर सकते हैं। निबंधन की प्रक्रिया प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम पांच बजे तक होगी। इस संबंध में संघ के सचिव राघवेंद्र नारायण सिंह ने जिले के सभी इच्छुक पुरुष और महिला खिलाड़ियों से समय पर निबंधन कराने का आग्रह किया है। उन्होंने बताया कि निबंधन के लिए खिलाड़ियों को अपने साथ डिजिटल जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, माता-पिता का वोटर कार्ड, बैंक पासबुक, स्कूल बोनाफाइड, तीन वर्षों की मार्कशीट और एक पासपोर्ट साइज फोटो लाना अनिवार्य होगा। संघ की ओर से खिलाड़ियों से अपील की गई है कि वे सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित समय सीमा में कार्यालय पहुंचकर निबंधन की प्रक्रिया पूरी कर लें। केतार| मातृ हिंदी दिवस के अवसर पर रविवार को केतार प्रखंड स्तरीय आईडीपी केंद्र परिसर में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में रोजगार मेला के लिए प्रशिक्षण पूरा कर चुके दर्जनों छात्र-छात्राओं की मौजूदगी में केक काटकर मातृ हिंदी दिवस की शुभकामनाएं दी गईं। कार्यक्रम का नेतृत्व आईडीपी प्रखंड कार्यालय के प्रबंधक श्याम कुमार ने किया। इस दौरान प्रशिक्षणार्थियों को हिंदी भाषा के महत्व के साथ-साथ शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों के प्रति जागरूक किया गया। प्रशिक्षण पूरा करने वाले छात्र-छात्राओं में कार्यक्रम को लेकर उत्साह देखा गया। मौके पर प्रशिक्षण केंद्र के निदेशक श्याम बिहारी राम, रूपेश कुमार, वाल्मीकि रजक, रोहित कुमार, पूजा कुमारी, नीतू कुमारी सहित दर्जनों प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।
गढ़वा| भीबीडीए रक्तदान संगठन के संयोजक रक्तवीर विवेक तिवारी की पहल पर संगठन के सदस्य आशुतोष उपाध्याय ने सदर अस्पताल स्थित ब्लड बैंक पहुंचकर रक्तदान कर एक जरूरतमंद महिला की जान बचाई। मुसहर समाज की महिला सीमा देवी की हालत बेहद नाजुक थी। उसका हिमोग्लोबिन स्तर 7.0 तक पहुंच गया था। वहीं गर्भ में ही उसके बच्चे की मौत हो जाने के कारण उसकी स्थिति और गंभीर हो गई थी। महिला की गंभीर स्थिति की जानकारी मिलते ही भीबीडीए के सदस्य आशुतोष उपाध्याय सक्रिय हुए और तत्काल रक्तदान किया। समय पर रक्त मिलने से सीमा देवी को उपचार में मदद मिली और उसकी जान बचाई जा सकी। विवेक तिवारी ने कहा कि भीबीडीए संगठन पूरी तरह सेवा भावना से संकल्पित होकर जरूरतमंदों की मदद कर रहा है। संगठन जात-पात और भेदभाव से ऊपर उठकर वर्षों से हर वर्ग और समाज के लोगों के लिए लगातार काम कर रहा है। साथ ही विभिन्न प्रखंडों में रक्तदान शिविर भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सके। रक्तदाता आशुतोष उपाध्याय ने कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए। जरूरतमंद मरीजों के लिए किया गया रक्तदान किसी के जीवन की रक्षा कर सकता है। उन्होंने लोगों से समय-समय पर रक्तदान करने की अपील करते हुए कहा कि इससे समाज की सेवा के साथ रक्तदान की संस्कृति भी मजबूत होगी।
गणपति बप्पा को घर लाने की तैयारी, बाजारों में उमड़ी भीड़
सिटी रिपोर्टर | बोकारो गणेश चतुर्थी को लेकर शहर में उत्साह का माहौल है। घरों में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करने के लिए श्रद्धालु खरीदारी में जुटे हैं। रविवार को सेक्टर-12 मोड़ स्थित प्रतिमा बाजार में महिलाओं की भीड़ देखने को मिली। महिलाएं अपनी पसंद की गणेश प्रतिमा खरीदकर घर ले जाती नजर आईं। महिलाओं ने बताया कि गणेश पूजा उनके लिए आस्था और परिवार की सुख-समृद्धि का पर्व है। भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और बुद्धि-विवेक का देवता माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य से पहले गणेश जी की पूजा करने की परंपरा है। मान्यता है कि गणपति की आराधना से जीवन के संकट दूर होते हैं और कार्यों में सफलता मिलती है। गणेश चतुर्थी पर घरों में प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है।
झोलाछाप के इलाज से युवती गंभीर, सदर अस्पताल में भर्ती
गढ़वा| मेराल थाना क्षेत्र के औरैया गांव में झोलाछाप चिकित्सक के कथित इलाज के दौरान एक 16 वर्षीय युवती की हालत गंभीर हो गई। इसके बाद परिजन आनन-फानन में उसे इलाज के लिए गढ़वा सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों की देखरेख में उसका इलाज चल रहा है। फिलहाल उसकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार औरैया गांव निवासी कमलेश चौधरी की 16 वर्षीय पुत्री पुष्पा कुमारी को करीब दो दिन पहले बुखार आया था। परिजनों ने उसका इलाज कराया, जिसके बाद उसकी तबीयत में सुधार हो गया था। हालांकि, अचानक दोबारा बुखार आने पर परिजन उसे गांव में ही इलाज कराने के लिए ले गए। परिजनों का आरोप है कि इसी दौरान झोलाछाप चिकित्सक ने पुष्पा कुमारी को एक इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगने के कुछ ही देर बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। उसकी हालत गंभीर होता देख परिजन घबरा गए और उसे तत्काल गढ़वा सदर अस्पताल लेकर पहुंचे। सदर अस्पताल में चिकित्सकों ने युवती की जांच के बाद इलाज शुरू किया। फिलहाल पुष्पा कुमारी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। घटना के बाद झोलाछाप चिकित्सकों द्वारा बिना पर्याप्त चिकित्सकीय जांच के मरीजों का इलाज किए जाने को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं।
मछली पकड़ने गए युवक की बरवादह नदी में डूबने से मौत
भास्कर न्यूज | केतार प्रखंड के परती कुशवानी पंचायत अंतर्गत बघौता टोला में शनिवार की शाम बरवादह नदी में मछली पकड़ने के दौरान 38 वर्षीय सत्येंद्र सिंह की डूबने से मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। परिजन और ग्रामीण नदी की ओर दौड़े और काफी मशक्कत के बाद सत्येंद्र को पानी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार, सत्येंद्र सिंह शनिवार शाम करीब छह बजे मछली पकड़ने के लिए बरवादह नदी में उतरे थे। इसी दौरान वह नदी के गहरे पानी में चले गए और देखते ही देखते डूब गए। आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाया और परिजनों को सूचना दी। इसके बाद ग्रामीणों ने नदी में उतरकर उनकी तलाश शुरू की। काफी प्रयास के बाद उन्हें बाहर निकाला गया, लेकिन जान नहीं बचाई जा सकी। सूचना मिलने पर केतार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी ली। पुलिस ने पंचनामा की प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को कब्जे में लिया और रविवार को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, गढ़वा भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने सोन नदी के किनारे शव का अंतिम संस्कार कर दिया। छह माह में आधा दर्जन हादसे, नदियां बन रहीं जानलेवा केतार प्रखंड में नदियों में डूबने की घटनाएं लगातार चिंता बढ़ा रही हैं। पिछले छह माह के दौरान सोन नदी समेत प्रखंड की अलग-अलग नदियों में डूबने की करीब आधा दर्जन घटनाएं हो चुकी हैं। हर हादसे के बाद कुछ दिनों तक प्रशासनिक सक्रियता दिखती है, लेकिन नदी किनारे सुरक्षा और ग्रामीणों में जागरूकता को लेकर स्थायी इंतजाम नजर नहीं आते। इन घटनाओं में पाचाडूमर गांव की जूली कुमारी और खुशबू कुमारी के सोन नदी में नहाने के दौरान डूबने की घटना सबसे चर्चित रही। खुशबू की तलाश में प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने करीब 10 दिनों तक दिन-रात अभियान चलाया, लेकिन काफी प्रयास के बावजूद उसका शव बरामद नहीं हो सका। इसके बाद अब बरवादह नदी में सत्येंद्र की मौत ने एक बार फिर नदी में बढ़ते हादसों और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पूर्व सीएम चंपाई ने सचिव को सड़क के लिए की थी अनुशंसा
स्टेट हाइवे अथॉरिटी ऑफ झारखंड (साज) के अधीन होगा निर्माण कार्य भास्कर न्यूज| राजनगर राजनगर से सरायकेला तक लगभग 15 किमी बाईपास मार्ग के पुनर्निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। लगभग 25 करोड़ की लागत से 80-100 टन क्षमता वाली मजबूत सड़क बनाई जाएगी। इसके लिए डीपीआर बनकर तैयार हो गया है। एक सप्ताह के अंदर इसका टेंडर निकाला जाएगा। सड़क निर्माण कार्य एजेंसी स्टेट हाइवे अथॉरिटी ऑफ झारखंड (साज) के अधीन होगा। उक्त बातों की जानकारी पूर्व सीएम व स्थानीय विधायक चंपाई सोरेन के प्रतिनिधि सनद आचार्य (टुलू) ने मीडिया को दी। उन्होंने जर्जर सड़क के निर्माण में देरी के तकनीकी कारणों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह बाईपास सड़क वर्ष 2012 में स्वीकृत हुई थी। तब इसकी क्षमता 40 टन थी। जब सड़क बनकर तैयार हुई, तब इस पर 80 से 100 टन के भारी मालवाहक वाहनों का परिचालन होने लगा। इससे यह सड़क बहुत कम समय में ही जर्जर हो गई। इससे स्वाभाविक रूप से जनता का आक्रोश बढ़ने लगा। बीते दिनों उपायुक्त के निर्देश पर इस सड़क पर पुनर्निर्माण तक भारी मालवाहक वाहनों के लिए रोक का आदेश दिया गया। परंतु जानकारी के अभाव में भारी वाहन चालक सड़क पर वाहन लेकर जा रहे थे। उन्हें तत्काल रोक दिया गया है। सनद आचार्य ने कहा कि पूर्व सीएम व स्थानीय विधायक चंपाई सोरेन राजनगर-सरायकेला बाईपास मार्ग के पुनर्निर्माण के लिए लगातार प्रयासरत थे। उन्होंने स्टेट हाइवे अथॉरिटी ऑफ झारखंड (साज) के सचिव को बकायदा छह मिनट का वीडियो विजुअल प्रेषित किया था। इसमें 40 टन क्षमता वाली इस सड़क पर 80 से 100 टन के भारी वाहनों का परिचालन दिखाया गया था। इसके बाद साज ने इसे गंभीरता से लिया। चंपाई सोरेन की अनुशंसा पर पुनर्निर्माण के लिए डीपीआर तैयार किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि जिले की कई सड़कों और विकास कार्यों का टेंडर चंपाई सोरेन के मुख्यमंत्रीत्वकाल में हुआ था। उनका काम आज धरातल पर दिखाई दे रहा है।
मलेरिया पर कोल्हान में हाई अलर्ट, तीन जिलों के 17 प्रखंडों पर खास नजर
भास्कर न्यूज| सरायकेला बारिश के मौसम में मलेरिया के बढ़ते खतरे को देखते हुए पूरे कोल्हान में स्वास्थ्य विभाग हाई अलर्ट मोड में आ गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक ने तीनों जिलों के सिविल सर्जनों को पत्र भेजकर पिछले वर्ष के आंकड़ों और सर्वे को आधार बनाते हुए मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में सघन जांच, निगरानी और आवश्यक कार्रवाई तेज करने का निर्देश दिया है। सरायकेला-खरसावां में खरसावां, कुचाई, सरायकेला, गम्हरिया और नीमडीह को विशेष फोकस में रखा गया है। इन क्षेत्रों के पिछले आंकड़ों ने विभाग की चिंता बढ़ाई है। वहीं पश्चिमी सिंहभूम में टोंटो, सोनुवा, नोवामुंडी, मनोहरपुर, मझगांव, चक्रधरपुर, गोइलकेरा, जगन्नाथपुर और कुमारडुंगी में मलेरिया के आंकड़े काफी चौंकाने वाले रहे हैं। इसी तरह पूर्वी सिंहभूम में डुमरिया, घाटशिला, मुसाबनी और पोटका को संवेदनशील मानते हुए विभाग ने पहले से ही कार्रवाई शुरू कर दी है। स्वास्थ्य विभाग ने इन इलाकों में मलेरिया की सघन जांच, संदिग्ध मरीजों की तत्काल जांच और संक्रमित पाए जाने पर आवश्यक उपचार सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही मच्छरों के प्रजनन स्थलों पर नियंत्रण और लोगों को बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया गया है। विभाग का मानना है कि पिछले साल के हॉटस्पॉट को चिन्हित कर समय रहते कार्रवाई करने से इस वर्ष मलेरिया के प्रसार पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। बारिश के बीच मलेरिया के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अब मच्छरों के खिलाफ सीधी जंग छेड़ दी है। पूरे राज्य में हाई अलर्ट के बीच सरायकेला-खरसावां जिले में आईआरएस (इनडोर रेजिडुअल स्प्रे) के दूसरे राउंड के तहत डीडीटी छिड़काव अभियान शुरू कर दिया गया है। यह अभियान अगले 90 दिनों तक चलेगा। जिले में 54 कर्मचारी ग्रासरूट स्तर पर घर-घर पहुंचकर डीडीटी का छिड़काव करेंगे। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार वर्ष 2025 के आंकड़ों में जिले के कुछ क्षेत्रों में मलेरिया का एपीआई चिंता बढ़ाने वाला रहा है। सरायकेला हुदु में एपीआई 22.40 दर्ज किया गया। यह जिले में सबसे अधिक है। इसके बाद चाड़कपाथर में एपीआई 19.00 रहा। इन दोनों क्षेत्रों में मलेरिया का संक्रमण अन्य इलाकों की तुलना में अधिक पाया गया है। इसी को देखते हुए हाई-रिस्क क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया जा रहा है। डीडीटी छिड़काव के जरिए घरों की दीवारों पर मच्छररोधी प्रभाव बनाए रखने का प्रयास किया जाएगा। सिविल सर्जन डॉक्टर सरयू प्रसाद ने कहा कि जिले में व्यापक स्तर पर यह अभियान चलाया जा रहा है। इसमें मलेरिया-प्रभावित क्षेत्रों को चिह्नित कर विशेष छिड़काव किया जा रहा है। मलेरिया संक्रमण की कड़ी को गांव और घर के स्तर पर ही तोड़ने का लक्ष्य है। अभियान के दौरान स्वास्थ्यकर्मी लोगों को मच्छरदानी के नियमित इस्तेमाल, घर के आसपास पानी जमा नहीं होने देने और बुखार होने पर तत्काल जांच कराने के प्रति जागरूक करेंगे।
बहन के साथ दुष्कर्म के संदेह में महिला ने लकड़ी से पीटकर की वृद्ध की हत्या
चाईबासा| अपनी 12 वर्षीया बहन के साथ दुष्कर्म किए जाने के संदेह में 23 वर्षीया महिला द्वारा 63 वर्षीय वृद्ध की जलावन लकड़ी से पीट-पीटकर हत्या किए जाने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। घटना शहर से सटे मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत गितिलपी गांव की है। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेने के बाद रविवार को सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। इस मामले में पुलिस ने आरोपी महिला को हिरासत में ले लिया है। ग्रामीणों ने बताया कि मंझारी थाना क्षेत्र अंतर्गत सोना पोस निवासी मृतक सुभाष मटिया, मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत गितिलपी गांव में अपने दामाद दुर्गा चरण सवैंया के घर रहकर मजदूरी करता था। इससे उसका परिवार चलता था। वह राजमिस्त्री के साथ-साथ कविराज का काम भी जानता था। घटना के संबंध में मृतक की बेटी तथा ग्रामीणों ने बताया कि 23 वर्षीय महिला रसमणि देवी की 12 वर्षीय छोटी बहन ने शनिवार को अपनी दीदी से शिकायत की कि सुभाष मटिया ने उसके साथ दुष्कर्म किया है। इसे लेकर गांव में दोनों परिवारों के बीच शनिवार को विवाद भी हुआ था। ग्रामीणों ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। इसे लेकर ग्रामीणों ने रविवार को गांव में बैठक भी बुलाई थी। लेकिन अपराह्न करीब चार बजे महिला ने जलावन लकड़ी का टुकड़ा लेकर वृद्ध सुभाष मटिया के दामाद दुर्गा चरण सवैंया के घर पहुंची। वहां कमरे के अंदर सुभाष मटिया नींद में सोया हुआ था। उस समय घर पर कोई नहीं था। कमरे के अंदर घुसते ही महिला ने नींद में सो रहे सुभाष मटिया के सिर और सीने पर जलावन लकड़ी से वार कर उसकी हत्या कर दी। इसकी जानकारी होने पर सुभाष मटिया के दामाद तथा ग्रामीण उसे बचाने के लिए सदर अस्पताल पहुंचे। लेकिन सदर अस्पताल के चिकित्सक ने जांच के बाद मटिया को मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस ने महिला को हिरासत में ले लिया। भास्कर न्यूज| चाईबासा पश्चिमी सिंहभूम जिले के हाट गम्हारिया थाना से 500 मीटर की दूरी पर पुलिस जीप के पीछे बाइक टकराने से गंभीर रूप से घायल बाइक चालक, 30 वर्षीय रूईया माबुरूसाई निवासी वीरेंद्र खंडाईत की मौत सदर अस्पताल ले जाने के क्रम में रास्ते में ही हो गई। वहीं, साथ में बाइक पर बैठे मंगल सिंह खंडाईत भी घायल है। मामूली चोट के कारण गांव स्थित स्वास्थ्य केंद्र में इलाज कराया गया। वीरेंद्र खंडाईत व गांव के मंगल सिंह खंडाईत बाइक से झींकपानी जोड़ापोखर साप्ताहिक हाट जा रहे थे। मिली जानकारी के मुताबिक, हाट गम्हारिया थाना से करीब 500 मीटर की दूरी पर थाना की एक जीप तेज रफ्तार में एक ट्रक का पीछा कर रही थी। इसी क्रम में तेज रफ्तार पुलिस जीप अचानक रुक गई। वहीं पीछे से आ रही बाइक अनियंत्रित होकर पुलिस जीप से टकरा गई। इस घटना में बाइक चालक वीरेंद्र खंडाईत के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में अंदरूनी गंभीर चोटें आईं। पीछे बैठे बाइक सवार मंगल सिंह खंडाईत को मामूली चोट लगी। इधर बाइक टकराने के बाद पुलिस जीप वहां से निकल गई। गंभीर रूप से घायल वीरेंद्र को ई-रिक्शा चालक के सहयोग से मंगल सिंह खंडाईत गम्हरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने गंभीर हालत देखते हुए चाईबासा सदर अस्पताल रेफर कर दिया। मामूली रूप से चोटिल मंगल खंडाईत ने वीरेंद्र को चाईबासा सदर अस्पताल पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। दूसरे दिन रविवार को अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी। इसी क्रम में गांव के मुंडा तथा समाजसेवी झींकपानी निवासी जितेंद्र गोप ने पुलिस अधीक्षक को दूरभाष पर इसकी जानकारी दी। इसके बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर थाना पुलिस सक्रिय हुई। गांव पहुंच पुलिस ने कागजी प्रक्रिया पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल ले गई। वहां थाना पुलिस ने कांग्रेसी नेता दिकू सवैया एवं समाजसेवी जितेंद्र गोप की उपस्थिति में मृतक की पत्नी के बयान पर संबंधित मामला दर्ज किया। इस संबंध में झींकपानी के समाजसेवी जितेंद्र गोप ने कहा कि उनके प्रयास से पुलिस ने मामला दर्ज किया। पोस्टमार्टम कराया गया। थाना पुलिस ने मृतक के परिवार को इतना डराया कि वे शव को बिना पोस्टमार्टम कराए ही गांव ले गए। इस घटना में पुलिस की भूमिका पर कई सवाल उठ रहे हैं। पुलिस जीप से टकराने के बावजूद जीप सवार थाना के पुलिसकर्मियों ने घायल बाइक चालक को मानवता के नाते इलाज के लिए अस्पताल तक नहीं पहुंचाया। मृतक की पत्नी चंपू खंडाईत ने बताया कि उनकी दो छोटी-छोटी बच्चियां हैं। एक 3 व दूसरी 2 साल की है। पति के गुजर जाने से दोनों बच्चों के लालन-पालन की समस्या उनके सामने आ गई है। वीरेंद्र राज्य से बाहर मजदूरी करता था।
दिनदहाड़े बक्सा का ताला तोड़ कर नकद 45 हजार सहित ढाई लाख का गहना लेकर चोर चंपत
जैंतगढ़| जगन्नाथपुर थाना अंतर्गत मुंडुई गांव में चोर ने दिनदहाड़े सुधीर प्रधान के घर में घुसकर बक्से का ताला तोड़ दिया। बक्से में रखे ढाई लाख के जेवर और 45 हजार रुपये नकद लेकर वह चंपत हो गया। घटना रविवार दोपहर एक बजे की है। पीड़ित सुधीर प्रधान ने बताया कि दोपहर में वह ऑटो लेकर जैंतगढ़ आया था। सुधीर का अपना ऑटो है। वह स्वयं उसे चलाता है। उसकी पत्नी और बेटा नहाने गए थे। 15 मिनट बाद वे नहाकर लौटे। उन्होंने देखा कि घर खुला है। बक्से का ताला भी टूटा है। बक्से में रखे ढाई लाख रुपये के जेवर और 45 हजार रुपये नकद गायब थे। पत्नी ने इसकी सूचना अपने पति सुधीर को दी। सुधीर तुरंत घर पहुंचा। उसने देखा। उसने इसकी सूचना जगन्नाथपुर थाना को दी। सूचना पाकर थाना प्रभारी टिंकू कुमार दास, एएसआई राजेश कुमार राय दल-बल के साथ घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने जांच-पड़ताल की। उन्होंने मामला दर्ज किया। वे गहन जांच में जुट गए हैं। थाना प्रभारी टिंकू दास ने कहा कि जल्द ही इस घटना का उद्भेदन किया जाएगा।
भाजपाइयों ने शहीद दिवस पर राम भगवान केरकेट्टा को दी श्रद्धांजलि
चाईबासा| भाजपा नगर अध्यक्ष राकेश पोद्दार के नेतृत्व में रविवार को शहीद राम भगवान केरकेट्टा का शहादत दिवस मनाया गया। शहादत दिवस के अवसर पर पोस्ट ऑफिस चौक स्थित शहीद राम भगवान केरकेट्टा की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पार्चन किया गया। इसमें मुख्य रूप से पूर्व मंत्री बड़कुंवर गागराई, पूर्व विधायक जवाहरलाल बानरा, जिला परिषद सदस्य राजश्री सवैया उपस्थित थीं। पूर्व मंत्री बडकुंवर गागराई ने कहा कि हमें शहीद राम भगवान केरकेट्टा पर गर्व है। वे चाईबासा के थे। कारगिल युद्ध में उन्हें वीरगति प्राप्त हुई। युवाओं को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए।
बप्पा के स्वागत में सजा सरायकेला बाजार, आस्था में बढ़ा कारोबार
भास्कर न्यूज| सरायकेला गणेश चतुर्थी को लेकर सरायकेला बाजार में आस्था के साथ कारोबार का रंग भी चढ़ गया है। भगवान गणेश की प्रतिमाओं से लेकर पूजा सामग्री, फल-मूल और सजावटी सामान की खरीदारी के लिए बाजार में चहल-पहल बढ़ गई है। खासकर पुराना बस स्टैंड स्थित बाजार में रविवार को पूजा सामग्री और फल-मूल खरीदने के लिए लोगों की भीड़ दिखी। सरायकेला बाजार में इस बार दो हजार से लेकर 40 हजार रुपये तक की गणेश प्रतिमाएं उपलब्ध हैं। खरीदारों की सबसे अधिक पसंद दो से चार फीट की प्रतिमाएं बनी हुई हैं। इनकी कीमत करीब तीन हजार से 15 हजार रुपये तक है। बड़ी प्रतिमाओं की मांग मुख्य रूप से सार्वजनिक पूजा समितियों की ओर से है। सरायकेला मुख्यालय में गणेश पूजा की पुरानी परंपरा भी इस बार भव्य रूप ले रही है। संजय चौक स्थित उदय संघ और थाना चौक स्थित योंग क्लब में वर्षों से गणेश पूजा का आयोजन होता आ रहा है। गोपी होटल रोड में भी गणेश पूजा का आयोजन किया जा रहा है। थाना चौक पर इस बार 11 फीट की भव्य गणेश प्रतिमा स्थापित की जाएगी। पूजा-अर्चना भी होगी। दूसरी ओर, गोपी होटल रोड में भगवान श्री जगन्नाथ के स्वरूप में गणेश प्रतिमा श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेगी। बाजार में गणेश पूजा के लिए फल-मूल, फूल, नारियल, पूजन सामग्री और अन्य आवश्यक सामान की खरीदारी तेज हो गई है। पुराना बस स्टैंड क्षेत्र की दुकानों पर सुबह से ही खरीदारों की आवाजाही बनी रही। इससे छोटे दुकानदारों और फल विक्रेताओं को भी त्योहार के दौरान कारोबार बढ़ने की उम्मीद है। सरायकेला में गणेश चतुर्थी के बाजार में इस बार प्रतिमाओं की पसंद में खास बदलाव नजर आ रहा है। बड़ी और बेहद महंगी प्रतिमाओं के बजाय दो से चार फीट की प्रतिमाएं सबसे अधिक पसंद की जा रही हैं। घरों और छोटे स्तर पर होने वाले आयोजनों के लिए श्रद्धालु तीन हजार से 15 हजार रुपये तक की प्रतिमा खरीद रहे हैं। सार्वजनिक पूजा समितियां बड़ी प्रतिमाओं को प्राथमिकता दे रही हैं। घरेलू खरीदार मध्यम आकार की प्रतिमाओं को अधिक सुविधाजनक मान रहे हैं। इस पसंद का असर मूर्तिकारों और प्रतिमा विक्रेताओं के कारोबार पर भी दिख रहा है। अलग-अलग बजट के अनुसार प्रतिमाएं उपलब्ध हैं। इससे खरीदारों को विकल्प मिल रहा है। पूजा सामग्री और फल-मूल की बिक्री ने भी बाजार की रौनक बढ़ा दी है। यानी सरायकेला में इस बार बप्पा की भक्ति सिर्फ पंडालों तक सीमित नहीं है। घर-घर की पूजा ने भी बाजार में कारोबार की नई रौनक ला दी है।
उरांव समाज ने शहीद राम भगवान को दी श्रद्धांजलि
चाईबासा| कारगिल शहीद राम भगवान केरकेट्टा के 27वें पुण्यतिथि के अवसर पर आदिवासी उरांव समाज संघ के द्वारा चाईबासा पोस्ट ऑफिस चौक स्थित उनके प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी गई। श्रद्धांजलि सभा में आदिवासी उरांव समाज संघ के स्त्री-पुरुष युवा-युक्तियों के अलावे आदिवासी हो युवा महासभा के पदाधिकारीगण एवं सदस्यगण भारी संख्या में उपस्थित रहे। इनमें मुख्य रूप से अनिल लकड़ा,सहदेव किस्पोट्टा,लालू कुजूर,बाबूलाल बरहा,लक्ष्मण बरहा,दुर्गा खलखो,भरत कुजूर,पंकज खलखो,भरत खलखो,वार्ड पार्षद लक्ष्मी कच्छप,सुनीता खलखो,विजय लक्ष्मी लकड़ा,निर्मला लकड़ा,सावित्री कच्छप आदि मौजूद रहे।
संताली भाषा व ओलचिकी को बचाना सभी की जिम्मेदारी : जोबा
भास्कर न्यूज| राजनगर राजनगर प्रखंड क्षेत्र के बाघरायसाई गांव स्थित आदिवासी कला-सांस्कृतिक भवन में रविवार को सत्य नारायण सोशियो इकोनॉमी एंड रिसर्च सेंटर की ओर से संताली भाषा और ओलचिकी लिपि के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 20 विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद जोबा माझी उपस्थित थीं। विशिष्ट अतिथि के रूप में झामुमो नेता प्रो. कालीपद सोरेन, केंद्रीय सदस्य बिशु हेम्ब्रम, बुद्धिजीवी मोर्चा के जिलाध्यक्ष दुर्गा लाल मुर्मू, प्रखंड अध्यक्ष रामसिंह हेम्ब्रम, उपाध्यक्ष भक्तू मार्डी उपस्थित थे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद जोबा माझी ने कहा कि पंडित रघुनाथ मुर्मू द्वारा विकसित ओल चिकी लिपि के प्रचार-प्रसार के 100 वर्ष पूरे होना पूरे समाज के लिए गौरव की बात है। अपनी भाषा और लिपि को बचाए रखने के लिए समाज के लोगों को ओल चिकी सीखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि संताली भाषा व ओलचिकी को बचाना सभी की जिम्मेदारी है। आज हम हिंदी, अंग्रेजी, बंगला और उड़िया समेत कई भाषाएं सीखते हैं। इसके साथ अपनी संताली भाषा और ओल चिकी लिपि का ज्ञान भी होना चाहिए। सांसद ने कहा कि संताली भाषा में शिक्षा तथा ओल चिकी के शिक्षकों की आवश्यकता से सरकार को अवगत कराया जा चुका है। उन्होंने शिक्षकों से बच्चों को संताली भाषा एवं ओल चिकी के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। 348 ने राजनगर व 195 विद्यार्थियों ने घाटशिला सेंटर पर दी थी परीक्षा ज्ञात हो कि सत्य नारायण सोशियो इकोनॉमी एंड रिसर्च सेंटर की ओर से संताली भाषा एवं संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से 30 अगस्त को राजनगर और घाटशिला केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की गई थी। राजनगर में 348 तथा घाटशिला में 195 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी थी। इनमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 20 विद्यार्थियों को रविवार को आयोजित कार्यक्रम में प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर झामुमो केंद्रीय सदस्य बिशु हेम्ब्रम, बुद्धिजीवी मोर्चा के जिलाध्यक्ष दुर्गा लाल मुर्मू, प्रखंड अध्यक्ष रामसिंह हेम्ब्रम, उपाध्यक्ष भक्तू मार्डी, केंद्र के संस्थापक सत्य नारायण मुर्मू, परीक्षा नियंत्रक राजकुमार मार्डी, सुनील मुर्मू, दीपक हांसदा, जयराम मुर्मू मौजूद थे।
बिरसा मुंडा के नाम पर स्थापित स्टेडियम के गेट पर दिशोम गुरु की प्रतिमा लगाना उचित नहीं : गागराई
भास्कर न्यूज| सरायकेला सरायकेला जिला मुख्यालय स्थित भगवान बिरसा मुंडा स्टेडियम के मुख्य गेट पर दिसोम गुरु शिबू सोरेन की प्रतिमा स्थापित किए जाने के प्रस्ताव को लेकर विभिन्न आदिवासी संगठनों का विरोध तेज हो गया है। रविवार को सिद्ध-कान्हू पार्क में आदिवासी-मूलवासी संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठक हुई। इसमें प्रतिमा स्थापना के विरोध में 18 सितंबर को विशाल रैली और प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया। आयोजकों के अनुसार, रैली में झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों से करीब डेढ़ लाख लोगों के शामिल होने की संभावना है। बैठक में तय रणनीति के अनुसार विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले लोग खरसावां प्रखंड से जुलूस के रूप में सरायकेला जिला मुख्यालय पहुंचेंगे। इसके बाद करीब सात किलोमीटर की पैदल यात्रा कर जिला समाहरणालय तक पहुंचकर प्रदर्शन किया जाएगा। संगठनों ने इसे अपने आंदोलन की बड़ी कड़ी बताया। उन्होंने व्यापक जनभागीदारी की तैयारी शुरू कर दी है। बैठक में आंदोलन को व्यापक रूप देने और सरकार के निर्णय के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने की रणनीति पर भी चर्चा की गई। बैठक में आदिवासी हो महासम्मेलन के जिला अध्यक्ष एवं पूर्व मुखिया गणेश गागराई ने कहा कि वे दिसोम गुरु शिबू सोरेन का विरोध नहीं करते, वे उनका सम्मान करते हैं। भगवान बिरसा मुंडा के नाम पर स्थापित स्टेडियम के मुख्य गेट पर शिबू सोरेन की प्रतिमा स्थापित किया जाना उचित नहीं है। इसी मुद्दे पर राज्य सरकार के निर्णय का विरोध करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि बृहद रूप से इसका विरोध किया जाएगा। इसमें सभी प्रखंडों से हजारों की संख्या में लोग शामिल होंगे। बैठक में आदिवासी हो महासम्मेलन के जिला अध्यक्ष एवं पूर्व मुखिया गणेश गागराई, कोल सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु बानरा, मानकी मुंडा संघ के जिला अध्यक्ष झारखंड बोदरा, झारखंड आंदोलनकारी मंच के जिला अध्यक्ष धनपति सरदार, दिवाकर सरदार, सावित्री कुदादा, संतोषी महतो, जितेन प्रधान, पवन महतो सहित रांची से पहुंचे अजय पहन, सुखलाल मुंडा, मंगल मंडल, तेजराज सिंह मुंडा समेत विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे।
शिक्षा से जोड़ने की पहल, मेढ़ना खुर्द में ग्रामीण युवक-युवतियों के लिए साप्ताहिक कंप्यूटर केंद्र शुरू
भास्कर न्यूज | गढ़वा डिजिटल और ऑनलाइन दौर में कंप्यूटर शिक्षा अब जरूरत बन चुकी है। इसी जरूरत को देखते हुए गढ़वा प्रखंड के मेढ़ना खुर्द गांव में ग्रामीण युवक-युवतियों को कंप्यूटर शिक्षा से जोड़ने की पहल शुरू की गई है। उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय मेढ़ना खुर्द में रविवार को सॉफ्टवेयर इंजीनियर पंकज कुमार तिवारी ने साप्ताहिक कंप्यूटर शिक्षा केंद्र की शुरुआत की। मौके पर लोगों ने कहा कि केंद्र के माध्यम से गांव के बच्चों और युवक-युवतियों को नियमित रूप से कंप्यूटर का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए शुरुआती चरण में दो लैपटॉप उपलब्ध कराए गए हैं। केंद्र की शुरुआत करते हुए सॉफ्टवेयर इंजीनियर पंकज कुमार तिवारी ने कहा कि आज के डिजिटल दौर में कंप्यूटर का ज्ञान हर व्यक्ति के लिए जरूरी हो गया है। ग्रामीण क्षेत्रों के युवक-युवतियां अभी भी इस जरूरी हुनर से काफी हद तक दूर हैं। खासकर गांव की बेटियों को कंप्यूटर शिक्षा हासिल करने में अधिक परेशानी होती है। आर्थिक और आवागमन संबंधी कारणों से वे शहर जाकर प्रशिक्षण नहीं ले पाती हैं। ऐसे में गांव में ही कंप्यूटर शिक्षा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। पंकज पिछले पांच सालों में 300 बच्चों को कंप्यूटर का प्रशिक्षण दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक रविवार को केंद्र पर कंप्यूटर और लैपटॉप उपलब्ध रहेंगे। ताकि ग्रामीण बच्चे-बच्चियां नियमित रूप से प्रशिक्षण ले सकें। फिलहाल दो लैपटॉप से केंद्र की शुरुआत की गई है। बच्चों की संख्या और जरूरत के अनुसार भविष्य में और लैपटॉप व कंप्यूटर उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र शुरू करने का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों और युवाओं को डिजिटल शिक्षा से जोड़कर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देना है। ग्रामीण बच्चों को मिलेगा आगे बढ़ने का अवसर : मौके पर भाजपा ग्रामीण मंडल अध्यक्ष विकास कुमार तिवारी ने कहा कि सॉफ्टवेयर इंजीनियर पंकज कुमार तिवारी की ओर से चलाया जा रहा कंप्यूटर शिक्षा अभियान सराहनीय है। इस तरह की पहल से ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को आधुनिक तकनीक से जुड़ने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि मेढ़ना खुर्द में प्रशिक्षण केंद्र खुलने से गांव के बच्चों और युवक-युवतियों को कंप्यूटर सीखने के लिए शहर का रुख नहीं करना पड़ेगा। कार्यक्रम में ओमप्रकाश पासवान, गुंजन पासवान, बबलू पासवान, शैलेश पासवान, निखिल उपाध्याय, जय हिंद पासवान सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद थे। कंप्यूटर कक्षा में उपस्थित बच्चे और प्रशिक्षक पंकज। कोरोना काल से गांवों में जारी है अभियान पंकज कुमार तिवारी ने बताया कि बच्चों को कंप्यूटर शिक्षा से जोड़ने का यह अभियान कोरोना काल से लगातार चल रहा है। इसके तहत बौलिया, डुमरिया, डटमा, अशया, रंका, बरदागा, गिजना समेत अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में कंप्यूटर शिक्षा केंद्र शुरू किए गए हैं। इन केंद्रों पर लैपटॉप और कंप्यूटर सिस्टम के माध्यम से बच्चों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अब मेढ़ना खुर्द के बच्चों को भी गांव में ही कंप्यूटर सीखने का अवसर मिलेगा।
चोरी के आरोप में युवक गिरफ्तार, भेजा गया जेल
गढ़वा| पुलिस ने चोरी के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। गिरफ्तार व्यक्ति बरवाडीह थाना क्षेत्र के सरइ डीह गांव निवासी सलीम अंसारी का पुत्र सुलेमान अंसारी 20 वर्ष बताया गया है। इस संबंध में पुलिस ने बताया कि सुलेमान अंसारी चिनिया रोड से फल बेचने वाला एक ठेला को ताला तोड़कर चोरी कर लिया था। इसके बाद कल्याणपुर गांव निवासी उमेश प्रसाद ने गढ़वा थाने में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए आवेदन दिया था। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर लोगों के सहयोग से उसे गिरफ्तार कर लिया।
पारिवारिक विवाद में फांसी लगाकर महिला ने किया आत्महत्या का प्रयास
गढ़वा| मेराल थाना क्षेत्र के कजराठ गांव निवासी भुवनेश्वर चौधरी का पुत्र सुकन चौधरी 32 वर्ष में जहर खाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। उसे इलाज के लिए गढ़वा सदर अस्पताल में भर्ती किया गया है। परिजनों ने बताया कि सुकन चौधरी को आपसी घरेलू किसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच आपस में विवाद हो गया था। इससे आक्रोशित होकर उसने कीटनाशक खा लिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद उसे एक निजी क्लीनिक में इलाज के लिए भर्ती किया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया। गढ़वा| धुरकी थाना क्षेत्र के कदवा गांव निवासी रंजन यादव की पत्नी रिंकू देवी 25 वर्ष ने फांसी लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। उसे इलाज के लिए गढ़वा सदर अस्पताल में भर्ती किया गया है। घटना के संबंध में परिजनों ने बताया कि रिंकू देवी अपने ससुराल से भवनाथपुर थाना क्षेत्र के मकरी गांव अपने मायके रक्षाबंधन में आई थी। इसके बाद से वह अपने मायके में ही रुकी थी। किसी बात को लेकर उसके परिवार के लोगों के साथ आपस में विवाद हो गया था। इसके बाद वह अपने मायके में ही गले में रस्सी बांधकर घर में फांसी लगा लिया। इसके बाद पड़ोस के एक लड़का ने उसे फोन पर बात करने के लिए खोजने के लिए गया हुआ था। उसने देखा कि रिंकू देवी फांसी पर झूल रही है।
जेपीएससी की भर्ती परीक्षाओं में धांधली की जांच कर रही सीआईडी को पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पता चला है कि गड़बड़ी के मुख्य सूत्रधार अभय तिवारी ने न सिर्फ जेपीएससी के अंदरूनी तंत्र में अपनी पैठ बनाई, बल्कि बाहर भी तकनीकी एक्सपर्ट और दलालों का ऐसा मजबूत सिंडिकेट खड़ा किया, जो पूरे सिस्टम को अपने हिसाब से चला रहा था। जांच में पता चला है कि अभय तिवारी ने इस सिंडिकेट को मुख्य रूप से तीन स्तंभों के आधार पर तैयार किया था। इन तीन स्तंभों पर खड़ा किया नेटवर्क 1. आयोग के शीर्ष अधिकारियों का सीधा संरक्षण : अभय तिवारी के सिंडिकेट को जेपीएससी के तत्कालीन चेयरमैन एल ख्यांगते और उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता का सीधा संरक्षण प्राप्त था। इसी संरक्षण के बल पर वह बेखौफ होकर परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने और अभ्यर्थियों से वसूली का तंत्र चलाने में कामयाब रहा। 2. जमीन दलालों और एजेंटों का नेटवर्क : अभ्यर्थियों की खोज करने और उनसे पैसे वसूलने के लिए अभय तिवारी ने ऐसे लोगों का सहारा लिया, जिनका स्थानीय स्तर पर मजबूत नेटवर्क था। अभय ने लोहरदगा के बिजवाली गांव के बुद्धेश्वर भगत को अपने सिंडिकेट से जोड़ा, जो 2004 तक गांव में ठेकेदारी करता था। 2006 में वह जमीन की दलाली में उतरा। फिर रांची में नेशनल हेल्थ मिशन के नामकुम मुख्यालय में संविदा पर कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी शुरू की व जमीन दलाली का काम जारी रखा। वर्ष 2022 में उसकी अभय तिवारी से मुलाकात हुई व वह उसके सिंडिकेट में शामिल हो गया।
रोजगार की तलाश में बड़ी संख्या में झारखंड के मजदूर दूसरे राज्यों में जाते हैं, लेकिन सभी का सरकारी रिकॉर्ड तैयार नहीं हो पाता। ऐसे में बाहर किसी दुर्घटना या संकट की स्थिति में उनके परिवारों तक मुआवजा और सरकारी सहायता पहुंचाना मुश्किल हो जाता है। अब संत अन्ना की पुत्रियों का धर्मसंघ ऐसे प्रवासी श्रमिकों का रिकॉर्ड तैयार कर सरकार को उपलब्ध कराने की पहल करेगा। धर्मसंघ की 11 कमीशन में से सोशल वर्क कमीशन को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। कमीशन के सदस्यों की टीम गठित कर काम शुरू किया जाएगा। रांची प्रोविंस की सोशल वर्क कमीशन कॉर्डिनेटर सिस्टर ललिता रोशनी लकड़ा ने बताया कि कई युवा रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में जाते हैं, लेकिन उनका पंजीकरण नहीं हो पाता। धर्मसंघ सरकार के साथ मिलकर ऐसे श्रमिकों की पहचान और सहायता का प्रयास करेगा। यह निर्णय संत अन्ना की पुत्रियों के धर्मसंघ की 13वीं साधारण महासभा में लिया गया। लोवाडीह स्थित संत अन्ना जनरलेट में हुई महासभा में कई मुद्दों पर चर्चा हुई। इसमें देश-विदेश से 59 सदस्यों ने हिस्सा लिया। महासभा का मार्गदर्शन एक्सआईएसएस के निदेशक फादर जोसेफ मारियानुस कुजूर ने किया। इस दौरान 11 आयोगों की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। प्रवासी श्रमिकों की मदद के लिए मेन नेटवर्क से जुड़ेगा धर्मसंघ धर्मसंघ प्रवासी श्रमिकों की सहायता के लिए माइग्रेंट असिस्टेंस एंड इंफॉर्मेशन नेटवर्क (मेन) के साथ मिलकर काम करेगा। मेन एक सहयोगी अखिल भारतीय नेटवर्क है, जिसकी शुरुआत जेसुइट कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया ने अंतर-राज्यीय और राज्य के भीतर पलायन करने वाले श्रमिकों को सहायता, मार्गदर्शन और जरूरी समर्थन देने के उद्देश्य से की है। इसके माध्यम से प्रवासी श्रमिकों को जरूरत के अनुसार जानकारी और सहयोग उपलब्ध कराने का प्रयास होगा। धर्मसंघ विभिन्न सामाजिक और सहयोगी संगठनों को भी इस पहल से जोड़ेगा, ताकि संकट में फंसे श्रमिकों तक समय पर मदद पहुंच सके और उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा सके। चारों प्रोविंस में काम करेगा धर्मसंघ प्रवासी मजदूरों के कल्याण की यह पहल पूरे कांग्रीगेशन में की जाएगी। रांची, गुमला, मध्य प्रदेश और जलपाईगुड़ी के चार प्रोविंस के साथ यूरोप और अंडमान से दूसरे राज्यों में काम करने गए लोगों का रिकॉर्ड भी संबंधित सरकार को उपलब्ध कराया जाएगा। महिला श्रमिकों को सुरक्षित माहौल में काम मिले, यह सुनिश्चित करने के लिए धर्मसंघ एडवोकेट की मदद लेगा। धर्मसंघ की 1129 सिस्टर शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सेवा समेत विभिन्न क्षेत्रों में सेवाएं दे रही हैं।
रात में सोने के समय मोबाइल पर रील्स देखने और सोशल मीडिया चलाने की आदत युवाओं के स्वास्थ्य के लिए नई चिंता बन रही है। एक हालिया पब्लिकेशन का हवाला देते हुए पटना के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. निशांत त्रिपाठी ने बताया कि मोबाइल के ज्यादा इस्तेमाल और स्क्रीन की रोशनी के संपर्क से शरीर के हार्मोनल सिस्टम में बदलाव को लेकर अध्ययन सामने आ रहे हैं। हालांकि मोबाइल स्क्रीन को सीधे हार्ट अटैक का कारण नहीं कहा जा सकता, लेकिन देर रात तक स्क्रीन देखने से दिमाग सक्रिय रहता है, नींद प्रभावित होती है और शरीर की प्राकृतिक लय बदलती है। इसके साथ बदलती जीवनशैली, धूम्रपान, तंबाकू और शारीरिक गतिविधि की कमी मिलकर हृदय रोग का खतरा बढ़ा सकती है। डॉ. निशांत रांची के होटल बीएनआर चाणक्य में आयोजित प्रिवेंटिव हार्ट समिट-2026 में शामिल होने पहुंचे थे, इस दौरान उन्होंने दैनिक भास्कर से बातचीत में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आज युवा रात में भी मोबाइल पर सक्रिय रहते हैं। कई लोग सोने के समय बिस्तर पर लेटकर एक-दो घंटे तक रील्स और सोशल मीडिया देखते हैं। पहले ऐसी जीवनशैली नहीं थी। कोविड के बाद मोबाइल और सोशल मीडिया का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है और इसका असर लोगों की दिनचर्या पर भी पड़ा है। हार्ट अटैक का जोखिम शुरू होने के साथ ही रोकथाम पर ध्यान देना जरूरी मोबाइल और स्क्रीन टाइम को किस तरह देखते हैं? - स्क्रीन टाइम का हार्ट अटैक से सीधा संबंध अभी साबित नहीं हुआ है। लेकिन यह समझना होगा कि देर रात तक मोबाइल देखने से दिमाग लगातार सक्रिय रहता है और नींद का प्राकृतिक चक्र बिगड़ता है। शरीर दिन में सक्रिय और रात में आराम के लिए बना है। देर रात तक स्क्रीन पर रहने से यह लय प्रभावित होती है। इससे शरीर में ऐसे बदलाव हो सकते हैं, जो लंबे समय में स्वास्थ्य पर खराब असर डालें। इसलिए सोने के समय मोबाइल से दूरी जरूरी है। ऐसा भी देखा जाता है कि जांच रिपोर्ट सामान्य है, बावजूद लोगों को हार्ट अटैक हो गया? - हां, ऐसा हो सकता है। ज्यादातर मरीजों में कोई न कोई जोखिम कारक होता है, लेकिन कुछ लोगों में सामान्य जांच के बावजूद बीमारी का खतरा रह सकता है। ऐसे चयनित मरीजों में एचएस-सीआरपी, एपो-बी और एलपी(ए) जैसे विशेष परीक्षण उपयोगी हो सकते हैं। जरूरत पड़ने पर सीटी स्कैन से भी हृदय की नसों में कैल्शियम या प्लाक जमा होने का पता लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हार्ट डिजीज का इलाज शुरू होने के बाद नहीं, बल्कि जोखिम शुरू होने के साथ ही रोकथाम पर ध्यान देना जरूरी है। बीमारी जिस दिन हार्ट अटैक के रूप में सामने आती है, उसकी शुरुआत कई साल पहले हो चुकी हो सकती है। हार्ट डिजीज से बचने के लिए आम आदमी क्या करे? - सबसे जरूरी है कि बीमारी होने का इंतजार न करें। डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, ज्यादा वजन, धूम्रपान, व्यायाम की कमी या परिवार में कम उम्र में हार्ट अटैक का इतिहास है तो व्यक्ति को पहले से ही जोखिम में मानना चाहिए। अपना ब्लड प्रेशर, शुगर, कोलेस्ट्रॉल और वजन नियमित रूप से जांचते रहें। धूम्रपान और नशे से बचें, तनाव कम करें, पर्याप्त नींद लें और नियमित व्यायाम करें।
राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद खान एवं खनिज विकास (एमएमडीआर) संशोधन अधिनियम-2026 लागू हो गया है। इसके साथ ही अब झारखंड सरकार का केंद्र पर कोयला रॉयल्टी और जमीन लगान का बकाया 1.36 लाख करोड़ का दावा खत्म हो गया। क्योंकि इस कानून में स्पष्ट है कि कोई भी राज्य खनिज पर केाई सेस नहीं लगाएगा। न ही किसी पिछले बकाए का भुगतान होगा। अब झारखंड सरकार इस कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगी। इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। एमएमडीआर एक्ट की धारा 2 में भी संशोधन किया गया है। जिससे अब केंद्र सरकार का नियंत्रण केवल खानों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि खनिज युक्त भूमि तक बढ़ गया है। वहीं धारा 3 में खनिज युक्त भूमि की एक नई परिभाषा जोड़ी गई है। केंद्र सरकार के इस संशोधित अधिनियम से पुराने कानून और सुप्रीम कोर्ट के निर्णयादेश तत्काल प्रभाव से निष्प्रभावी हो गए हैं। धारा 9डी में एक और प्रावधान जोड़ा गया है। यह प्रावधान किसी भी अन्य कानून, न्यायालय के निर्णय, डिक्री या आदेश के बावजूद प्रभावी होगा-अर्थात इसे ‘नॉन-ऑब्स्टैंट’ खंड कहा जाता है, जो कर, उपकर या शुल्क इस अधिनियम के लागू होने से पहले राज्य सरकार द्वारा वसूल नहीं किया गया या जमा नहीं हुआ था, उसे अब पूरी तरह ‘अमान्य’ घोषित कर दिया जाएगा। यानी राज्य का जो बकाया पैसा अभी तक वसूला नहीं जा सका, वह अब कानूनी रूप से समाप्त माना जाएगा। वह सबकुछ जो आपके लिए जानना जरूरी है वर्ष 2022 से बकाए की मांग कर रहा है झारखंड पहली बार मार्च 2022 में सीएम हेमंत सोरेन ने केंद्र से बकाया 1.36 लाख करोड़ के भुगतान की मांग उठाई थी। मुख्य रूप से सरकारी कंपनियों द्वारा कोयला खनन से जुड़े बकाये के रूप में इसे पेश किया था । फिर 4 दिसंबर 2022 को मुख्य सचिव सुखदेव सिंह ने केंद्र को पत्र लिखकर इस राशि पर दावा किया। मार्च 2025 में विधानसभा में सरकार ने इस मामले को उठाया था मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को भी लिखा था पत्र इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था। इसमें कहा था-मैं आपका ध्यान एक गंभीर मुद्दे की ओर आकर्षित कर रहा हूं, जो राज्य के विकास की राह में बाधाएं पैदा कर रहा है। कोयला कंपनियों पर हमारा बकाया 1.36 लाख करोड़ रुपए है। कानून में प्रावधानों और न्यायिक घोषणाओं के बावजूद कोयला कंपनियां भुगतान नहीं कर रही हैं। ये सवाल आपके कार्यालय, वित्त मंत्रालय और नीति आयोग सहित विभिन्न मंचों पर उठाए गए हैं। लेकिन अभी तक यह 1.36 लाख करोड़ का भुगतान नहीं किया गया है। बकाया राशि का भुगतान न होने के कारण झारखंड का विकास और आवश्यक सामाजिक-आर्थिक परियोजनाएं बाधित हो रही हैं। ड्राफ्ट तैयार, वकील का नाम फाइनल हो रहा : राधाकृष्ण वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि इस संशोधन अधिनियम के लागू हो जाने से झारखंड सरकार का केंद्र पर कोयला रॉयल्टी और जमीन लगान का बकाया 1.36 लाख करोड़ रुपए का दावा खत्म हो गया है। झारखंड सरकार इसके खिलाफ दोनों फ्रंट पर लड़ेगी। इस मुद्दे को लेकर हम जनता के बीच जाएंगे। दूसरा रास्ता सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का है। इसकी पूरी तैयारी हो चुकी है। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट जाने का आदेश भी दे दिया है। केस फाइल करने के लिए वकील का नाम फाइनल हो रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा शासित केंद्र सरकार ने बड़े व्यवसायियों और पूंजीपतियों को आर्थिक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से इस कानून में संशोधन किया है। यह झारखंड के लिए काला कानून है, जो भारत के संघीय संबंधों को कमजोर करने वाला है।
गोरखपुर में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा। अभियान के तहत 17 सितंबर को प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर जिले के करीब 5.5 लाख लाभार्थियों के घर ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाया जाएगा। ग्रामीण और नगरीय क्षेत्र के लाभार्थियों के साथ सरकारी कार्यालयों, शिक्षण और चिकित्सा संस्थानों समेत विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर भी दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासन प्रमुख के रूप में 25 वर्ष की सेवा यात्रा पूरी होने के उपलक्ष्य में किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जिले के प्रभारी मंत्री एवं प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने रविवार को अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की थी। जिले में 17 सितंबर को प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर मनाए जाने वाले ‘सेवा दिवस’ के अवसर पर ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों दीप जलाने का अभियान चलेगा। सेवा संकल्प अभियान को लेकर गोरखपुर जनपद में बनी कार्ययोजना के अनुसार 17 सितंबर को ग्रामीण क्षेत्र के 5 लाख 25000 लाभार्थियों तथा नगर निगम एवं नगर पंचायत के 25000 लाभार्थियों के घर दीप प्रज्ज्वलित किया जाएगा। इसके साथ ही 1273 ग्राम सचिवालय, 701 अमृत सरोवरों, 53 अन्नपूर्णा भवनों, 25 प्रमुख अवस्थापना स्थलों, 21 प्रमुख तीर्थस्थलों, नगर निगम और नगर पंचायत के 12 प्रमुख स्थलों प्रमुख पार्कों तथा 10 प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर भी ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाया जाएगा। दीप प्रज्ज्वलन का यह कार्यक्रम शाम 7 बजे होगा। शिक्षण संस्थानों, चिकित्सा संस्थानों और सरकारी सरकारी कार्यालयों पर भी दीप प्रज्ज्वलन के दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। 17 सितंबर को ही एम्स, बीआरडी मेडिकल कॉलेज और जिला चिकित्सालय में विशेष रक्तदान शिविर आयोजित करने की भी कार्ययोजना तय की गई है। चिकित्सा केंद्रों में स्थानीय जनप्रतिनिधि फल वितरण के अभियान से भी जुड़ेंगे। अभियान का एक महत्वपूर्ण पहलू ‘सेवा सेतु’भी है। इसके तहत सितंबर के आखिरी दिन से 10 अक्टूबर के बीच हर विकासखंड और जिला मुख्यालय पर 'सेवा सेतु' अभियान चलाया जाएगा। इसमें एक सप्ताह के सरकारी योजनाओं के शिविर लगेंगे। पेंशन, आवास, शौचालय, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड सहित जिन भी कल्याणकारी योजनाओं के लिए कोई व्यक्ति पात्र है, उसे शिविर के माध्यम से योजना से जोड़ा जाएगा और संभव हो तो शिविर के दौरान ही लाभ उपलब्ध कराया जाएगा। औद्योगिक विकास मंत्री ने कहा-फैक्ट्रियों में भी जले दीया औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' भी रविवार को गोरखपुर पहुंचे थे। उन्होंने गीडा के अधिकारियों के साथ बैठक में कहा कि पूरे कार्यालय में 17 सितंबर को दीया जलाया जाए। इसके साथ ही गीडा की सभी फैक्ट्रियों में भी दीप जलाने की व्यवस्था की जाए। इसके लिए उद्यमियों से बात हो।
देपालसर के तारागढ़ी गणेश मंदिर में मेला आज, 1151 किलो के लड्डू का लगेगा भोग
देपालसर स्थित तारागढ़ी गणेश धाम मंदिर में सोमवार को गणेश चतुर्थी महोत्सव मनाया जाएगा। पुजारी सुनील गोस्वामी ने बताया कि इस मौके पर मेला भरेगा। मेले को लेकर ग्रामीणों के सहयोग से अलग-अलग बेरिकेड्स लगाए गए हैं। मेले में छाया-पानी की व्यवस्था की गई है। मेले में सुरक्षा व शांति व्यवस्था को लेकर पुलिस का जाब्ता भी तैनात रहेगा। गणेश सेवा समिति की ओर से भगवान गणेश को 1151 किलो के केसरिया लड्डू का भोग लगाया जाएगा। भोग लगाने के बाद दिन भर श्रद्धालुओं को इसका प्रसाद वितरित किया जाएगा। समिति पिछले 25 वर्षों से केसरिया लड्डू का भोग लगा रही है।
बाबा रामदेव का जन्मोत्सव मनाया
कस्बे के बाबा रामदेव मंदिर में रविवार को भादवा सुदी दूज पर बाबा रामदेव का जन्मोत्सव मनाया गया। जन्मोत्सव को लेकर मंदिर परिसर को सजाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह पांच बजे महाआरती के साथ हुई। श्रद्धालुओं ने बाबा रामदेव के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। बाबा को श्रद्धापूर्वक छप्पन भोग अर्पित किया गया। दोपहर में मंदिर में भजन संध्या हुई, जिसमें जयपुर की गायिका पूजा जांगिड़ ने भजनों की प्रस्तुतियां देकर माहौल को भक्तिमय बना दिया। आयोजन में पुजारी बाबूलाल, रामरतन कंदोई, रतन सिद्धमुखिया, बालकिशन सरावगी आदि ने सहयोग किया। सुबह पांच बजे महाआरती के बाद दीपक कंदोई, राकेश कंदोई, आनंद दाहिमा आदि ने श्रद्धालुओं को छप्पन भोग का प्रसाद वितरित किया।
अपहरण और दुष्कर्म के आरोपी को 12 घंटे में पकड़ा, हिरासत से भागने की कोशिश में घायल
जिले में 14 वर्षीय नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने आरोपी को घटना के 12 घंटे के अंदर गिरफ्तार कर लिया। एसपी निश्चय प्रसाद एम ने बताया कि 12 सितंबर को पुलिस को सूचना मिली थी। इसमें बताया गया कि एक कार सवार व्यक्ति 14 साल की नाबालिग का अपहरण कर चूरू की तरफ ले जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरे जिले में सख्त नाकाबंदी की गई। उन्होंने बताया कि कोतवाली पुलिस ने सतर्कता दिखाते हुए आरोपी को चूरू में घुसने से पहले ही कार समेत पकड़ लिया। पुलिस ने अपहृत नाबालिग को भी सुरक्षित बरामद कर लिया। एसपी ने बताया कि परिजनों की रिपोर्ट पर थाने में मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच एएसपी डॉ. कृष्णा सामरिया की देखरेख में शुरू की गई है। पुलिस ने नाबालिग का मेडिकल जांच करवाकर जरूरी इलाज करवाया। मौके से मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट ने तकनीकी सबूत जुटाए हैं। पुलिस के अनुसार रविवार को आरोपी की जानकारी के आधार पर उस जगह की जांच की जा रही थी, जहां नाबालिग के साथ कथित दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया था। इसी दौरान आरोपी ने पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश की। भागते समय वह वहां पड़े पत्थरों के बीच गिर गया, जिससे उसके पैर में चोटें आईं। चोट लगने के बाद आरोपी को इलाज के लिए सरकारी अस्पताल ले जाया गया। पुलिस का कहना है कि मामले में जांच अभी जारी है। मामले से जुड़े अन्य तथ्यों और सबूतों की भी जांच की जा रही है।
भ्रूण हत्या के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी
गायत्री शक्तिपीठ में रविवार को पन्नाधाय व बाबा रामदेव बाल संस्कार केंद्र के वार्षिकोत्सव पर मातृ शक्ति सम्मेलन हुआ। इस दौरान गर्भस्थ शिशु संरक्षण समिति चूरू की तरफ से संगोष्ठी हुई। संगोष्ठी में माता-बहनों को बचपन में ही बच्चों में अच्छे संस्कार लाने के बारे में जानकारी दी गई तथा विस्तार से चर्चा की गई। समिति की तरफ से भ्रूण हत्या के दुष्प्रभाव व समाज में व्याप्त विसंगति पर विचार रखे गए। इस अवसर पर संस्था की महिला प्रभारी गायत्री गोरसिया ने मातृ शक्ति को भ्रूण हत्या नहीं करने व समाज में जागरूकता लाने की शपथ दिलाई गई।
राजगढ़ में 18-19 को जुटेंगे शिक्षक, शिक्षा की चुनौतियों व समस्याओं को लेकर करेंगे मंथन
शिक्षकों की समस्याओं से लेकर शिक्षा व्यवस्था की वर्तमान चुनौतियों तक विभिन्न मुद्दों पर मंथन के लिए जिलेभर के शिक्षक राजगढ़ में जुटेंगे। राजस्थान शिक्षक संघ जिला शाखा का 64वां जिला स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन 18 व 19 सितंबर को जाट भवन राजगढ़ में आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन में अखिल भारतीय किसान सभा राज्य महासचिव गुरुचरण सिंह मोड़ मुख्य वक्ता होंगे। शिक्षाविद नरेंद्र दूत तथा भादरा पूर्व विधायक कामरेड बलवान पूनिया भी शिक्षक समुदाय को संबोधित करेंगे। सम्मेलन को लेकर राजगढ़ उपशाखा की बैठक आयोजित कर तैयारियों को अंतिम रूप देने को लेकर चर्चा की गई। जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सीगड़ व जिला मंत्री वेदपाल मलिक ने कहा कि शैक्षिक सम्मेलन केवल शिक्षकों की समस्याओं को उठाने का मंच नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की दिशा और वर्तमान चुनौतियों पर सामूहिक चिंतन का अवसर भी है। उन्होंने जिलेभर के शिक्षकों से सम्मेलन में अधिकाधिक भागीदारी का आह्वान किया। उपशाखा अध्यक्ष संजय खीचड़ व मंत्री सतीश जांगिड़ ने बताया कि सम्मेलन को सफल बनाने के लिए पदाधिकारी व सदस्य शिक्षक साथियों से संपर्क कर रहे हैं। बैठक को प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रतनसिंह पूनिया व महेंद्र सिंह पूनिया ने भी संबोधित किया। इस दौरान जिला व ब्लॉक कार्यकारिणी पदाधिकारी और शिक्षक सदस्य मौजूद रहे। बैठक में सम्मेलन के प्रचार तथा अधिकाधिक शिक्षकों की भागीदारी सुनिश्चित करने को लेकर आवश्यक निर्णय लिए गए। बैठक में जिला कार्यकारिणी के राजेंद्र सामरिया, रामचंद्र प्रजापत, हवासिंह पूनिया तथा ब्लॉक कार्यकारिणी के सुखवीर पूनिया, दरिया सिंह प्रजापत, पवन पूनिया, सुरेश नायक, सत्यवीर धानिया, बलवान कड़वासरा, मुकेश कालीरावणा, ओमप्रकाश मुहाल सहित कई अन्य लोग भी मौजूद रहे।
पिंडवाडा: सुबह 7 बजे से तहसील तक रास्ता बंद रहेगा
नगर पालिका आम चुनाव 2026 की मतगणना को लेकर प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। मतगणना 14 सितंबर को सुबह 8 बजे बाबूलाल शिवलाल जोगातर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में होगी। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए निर्वाचित सदस्यों, अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के विजय जुलूस पर रोक रहेगी। रिटर्निंग अधिकारी एवं उपखंड अधिकारी नरेंद्र जांगिड़ ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार परिणाम घोषित होने के बाद भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू रहेगी। निर्वाचित अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों को किसी भी तरह का विजय जुलूस निकालने की अनुमति नहीं होगी। मतगणना के चलते सुबह 7 बजे से मतगणना समाप्त होने तक पशु चिकित्सालय से तहसील कार्यालय तक का मार्ग नो-ट्रैफिक जोन रहेगा। इस मार्ग पर सभी प्रकार के वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। यातायात के लिए तहसील कार्यालय से पुलिस थाने के पास होकर पेंशन भवन रोड की ओर वैकल्पिक मार्ग तय किया गया है। प्रशासन ने आमजन और वाहन चालकों से डायवर्जन रूट का उपयोग करने तथा यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की है। रिटर्निंग अधिकारी ने संबंधित अभ्यर्थियों, अभिकर्ताओं तथा निर्वाचन अधिकारियों-कर्मचारियों को पहचान पत्र जारी किए हैं। बिना पहचान पत्र के किसी को भी मतगणना कक्ष में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। नगर पालिका अध्यक्ष पद का निर्वाचन 21 सितंबर को और उपाध्यक्ष पद का निर्वाचन 22 सितंबर को होगा।
नंदीशाला से निकालेंगे कलश यात्रा
खेमी शक्ति मंदिर रोड स्थित जमन वाटिका में दस दिवसीय महोत्सव मनाया जाएगा। सुबह 8:15 बजे बगड़ रोड स्थित नंदीशाला से कलश की यात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद प्रतिमा स्थापना की जाएगी। आयोजन स्थल पर रोजाना सुबह-शाम आरती होगी। 24 सितंबर को आरती के बाद विसर्जन यात्रा निकाली जाएगी। इसी प्रकार मणि विहार कॉलोनी में चार दिवसीय महोत्सव शुरू होगा। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि सुबह 9:15 बजे पुराना पोस्ट ऑफिस स्थित अखाड़े के बालाजी मंदिर परिसर से कलश यात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद सुबह 12:15 बजे मूर्ति स्थापना की जाएगी। आयोजन स्थल पर मंगवार को दोपहर 2:15 बजे मनोरंजन कार्यक्रम व बुधवार को खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा।
समूहगान प्रतियोगित में प्रिंस इंटरनेशनल स्कूल तृतीय
भारत विकास परिषद सीकर की ओर से उत्तर-पूर्व प्रांत स्तरीय राष्ट्रीय समूहगान प्रतियोगिता में प्रिंस इंटरनेशनल स्कूल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विद्यार्थियों ने हिन्दी और संस्कृत में सामूहिक गायन पेश किया था। विद्यालय की ओर से लक्की, दीक्षा, तमन्ना, साईना, वीनी, चित्रा, हर्षिता सहित छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। प्रस्तुति में तेजस, प्रियश ने भी सहयोग दिया। संगीत शिक्षक रवि भट्ट, पुलकेश ने विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया। चेयरमैन डॉ. जीएल कालेर ने कहा कि यह सफलता विद्यार्थियों की मेहनत का नतीजा है। संस्थान निदेशक निर्मल कालेर ने विजेता टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक गतिविधियों में भागीदारी से व्यक्तित्व विकास होता है। एकेडमिक डायरेक्टर समीर शर्मा, प्रिंसिपल अनिता पंत शर्मा, महेंद्र सैनी सहित सभी शिक्षकों ने विद्यार्थियों को बधाई दी।
पहली वर्षगांठ पर पंचनिधि आयुर्वेद का जांच शिविर
गणेश चतुर्थी के मौके पर पंचनिधि आयुर्वेद क्लिनिक अपनी स्थापना के एक साल पूरे होने पर बसंत विहार में निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया जाएगा। डॉ. निकिता जानू ने बताया कि शिविर में बीपी, शुगर, वजन, बीएमआई की सामान्य जांच के साथ आयुर्वेद परामर्श मिलेगा। जरूरत पर पंचकर्म थैरेपी भी की जाएगी। शिविर में प्रकृति परीक्षण कराया जाएगा। स्वस्थ जीवनशैली पर मार्गदर्शन दिया जाएगा। योग का महत्व बताया जाएगा। आयुर्वेदिक आहार को दिनचर्या में शामिल करने पर विशेषज्ञ डॉक्टर जानकारी देंगे। जोड़ों के दर्द, बवासीर, पाचन की समस्या, तनाव, त्वचा रोग सहित दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं पर भी निशुल्क परामर्श मिलेगा। उन्होंने बताया कि गणेश विसर्जन के दिन 25 सितंबर तक इलाज कराने वाले सभी लोगों को थेरेपी पर 50% छूट मिलेगी।
प्रियांशु के सुसाइड मामले में जांच की मांग
अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अत्याचार विरोधी जिला संघर्ष समिति ने डूमरा में छात्र प्रियांशु मेघवाल की आत्महत्या के मामले में जांच की मांग की है। समिति के अध्यक्ष डॉ. जगदीश बरवड़ ने बताया कि समिति सदस्यों ने उसके घर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की और मौजूद समाज बंधुओं व ग्रामीणों से भी बात की। समिति ने घटना के वास्तविक कारणों को लेकर जानकारी जुटाई। मौके पर मौजूद पुलिस प्रशासन से संविधान सम्मत, निष्पक्ष व न्यायोचित कार्रवाई की मांग की। इस दौरान समिति के संरक्षक प्रोफेसर जयलाल सिंह, महासचिव देवकरण महरिया, मनीराम, रामनिवास भूरिया आदि सदस्य मौजूद थे।
पर्युषण महापर्व : जिनालयों में भक्तामर स्तोत्र का सामूहिक पाठ और विशेष पूजा-अर्चना हुई
श्री आबू अनादरा तलेटी स्थित संघवी भैरू तारक तीर्थ धाम में पर्युषण महापर्व पर भगवान सहस्रफणा पार्श्वनाथ की प्रतिमा पर रेशम और चांदी की आंगी रची गई। 25 वर्ष पहले मालगांव निवासी संघवी भैरमल हुकमीचंद बाफना परिवार ने इस तीर्थ का निर्माण कराया था। पर्व को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह है। यहां साध्वीश्री समर्पणलीनाश्रीजी की निश्रा में 164 महिला आराधक जप-तप और आराधना कर रही हैं। इस चातुर्मास का आयोजन तीर्थ संस्थापक परिवार की सुपुत्री दांतराई निवासी कमी बेन प्रकाश भाई सिसोदिया की ओर से कराया जा रहा है। नवकार मंत्र का जाप: जैन समाज ने पर्युषण महापर्व के छठे दिन को जप दिवस के रूप में मनाया। श्रद्धालुओं ने नवकार मंत्र सहित अन्य जैन मंत्रों का जाप किया। उद्देश्य मन को शांत करना रहा। आत्म-चिंतन पर जोर रहा। जिनालयों में सुबह से भक्ति का माहौल रहा। भक्तांबर स्तोत्र का सामूहिक पाठ हुआ। विशेष पूजा-अर्चना हुई। भगवान का पक्षाल अभिषेक हुआ। महापर्व में तपस्वियों की साधना तेज रही। कई आराधकों ने अष्टम तप सहित कठिन उपवास आगे बढ़ाए।
हॉट वार्डों पर सब की नजर... यहां के नतीजों से सभापति की तस्वीर साफ होगी
नगर परिषद सवाई माधोपुर के 60 वार्डों के चुनाव का परिणाम सोमवार दोपहर 12 बजे तक घोषित हो जाएगा। वर्ष 2020 के चुनाव की तरह इस बार भी भाजपा-कांग्रेस दोनों ही दलों को स्पष्ट बहुमत मिलने के आसार कम हैं। पिछले चुनाव की तरह इस बार भी निर्दलीयों के सहारे ही बोर्ड गठन की संभावना ज्यादा है। मतदान आंकलन के अनुसार भाजपा 27 से 30 और कांग्रेस की 22 से 25 सीटों का अनुमान है, जबकि 9 से 13 तक निर्दलीयों की भी संभावना है। हालांकि, सोमवार को दोपहर 12 बजे तक परिणाम घोषित होने पर ही तस्वीर साफ हो पाएगी। फिलहाल, दोनों पार्टियों की बाड़ाबंदी कैंप में मौजूद संभावित जिताऊओं के साथ 231 प्रत्याशियों की धड़कन बढ़ी हुई है। गौरतलब है कि 2020 के निकाय चुनाव में कांग्रेस 27, भाजपा 22, सीपीआई 1 व 10 निर्दलीय जीते थे। इस बार सत्तारूढ़ दल भाजपा बहुमत के आंकड़े से दूर रहने पर भी यहां िनर्दलीयों के बूते दांव-पेंच से बोर्ड बनाने की जुगत में है। यही सियासी गठजोड़ का प्रयास कांग्रेस के रणनीतिकारों का भी है। कांग्रेस मुस्लिम व एससी बाहुल्य वार्डों में सीटें जीतने को सुरक्षित मान रही है, वहीं भाजपा का आंकलन पिछली बार से 5-7 सीटें ज्यादा जीतने का है। परिणाम घोषणा के बाद यहां सभापति पद के दावेदारों की तस्वीर साफ हो पाएगी। राजनीतिक पार्टियां परिषद व पालिकाओं में जातिगत समीकरण साधने के हिसाब से भी सभापति पद का चेहरा मैदान में उतारेंगी। इस बार सभापति का पद ओबीसी आरक्षित है। जाट, माली, गुर्जर व मुस्लिम गद्दी समाज के विजेता पार्षदों में से ही ये चेहरे सामने आएंगे। लिहाजा, भाजपा में कृषि मंत्री डॉ.किरोड़ीलाल मीना और कांग्रेस में पूर्व विधायक दानिश अबरार की पसंद और ना पसंद भी मायने रखेगी। . सामान्य वार्ड 56 से ओबीसी वर्ग की भाजपा प्रत्याशी मेवा चौधरी कांग्रेस की सीमा श्रीमाल को शिकस्त दे सकती हैं। मेवा सभापति के प्रमुख चेहरों में भी शामिल हैं। . ओबीसी वार्ड 19 से दोनों दलों के पिछड़े वर्ग के नेता सत्यनारायण धाकड़ व कांग्रेस के कमलेश सैनी को निर्दलीय से मिली टक्कर से भाजपा या निर्दलीय को सीट मिल सकती है। . वार्ड 49 में 26 साल बाद कांग्रेस के दिग्गज नेता अजीजुद्दीन और भाजपा से कन्हैयालाल सैनी का मुकाबला रोचक रहा। दोनों की कांटे की टक्कर में भाजपा बाजी पलटने की स्थिति में भी है। . ओबीसी वार्ड 22 से भाजपा के विकास लखवानी और कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष गिर्राज गुर्जर में से यहां गुर्जर या निर्दलीय बाजी मार सकते हैं। . वार्ड 60 से भाजपा की कौशल कंवर गौतम और कांग्रेस से ज्योति कंवर के मुकाबले को निर्दलीय डिंपर कंवर ने त्रिकोणीय बनाया, यहां भाजपा और निर्दलीय की संभावना। . वार्ड 55 से भाजपा की माया गोयल और कांग्रेस की शैलू गौतम में सीधा मुकाबला नजदीकी रहा, मगर भाजपा का पलडा भारी पड़ सकता है। आंकलन रिपोर्ट के अनुसार भाजपा से वार्ड 1 में सुभाष वर्मा व 2 में सुरेंद्र महावर खाता खोल सकते हैं। वार्ड 8 में राधादेवी, 9 में केदार सैनी और निर्दलीय, 10 में राधा, 12 में सुनीता, 15 में नीरज मीना, 16 में गीतादेवी, 19 में सत्यनारायण व निर्दलीय, 23 में मेघा वर्मा, 25 में महेश, 27 में परवीन बानो, 29 में दीपक शर्मा, 31 में सौरभ व निर्दलीय, 33 में अविनाश व निर्दलीय, 35 में ममता, 41 में अनिल शर्मा, 42 में श्रीचरण, 43 मनीष जैन,44 में मुन्नी सैनी, 46 में लक्ष्मी सैनी, 47 नीलम सैनी, 48 में रविशंकर, 53 में भगवान सिंह गुर्जर, 54 में सीमा, 55 में माया गोयल, 56 में मेवा चौधरी, 57 में राकेश चंडालिया मतगणना में बढ़त ले सकते हैं। वहीं कांग्रेस से वार्ड 3 में किशोरसिंह, 4 में भीमराज, 5 में जोधराज, 6 में शैलेंद्र चौधरी, 7 में ऊषा, 11 में निर्मलासिंह व निर्दलीय, 13 में सिराजुद्दीन, 14 में गंगाबाई, 17 में तूफानसिंह, 18 में विनोद कुमार, 20 में लवलेश व निर्दलीय, 22 में गिर्राज गुर्जर व निर्दलीय, 24 में अरसलन व निर्दलीय, 26 में नियाज अहमद, 30 में आवेश, 32 में इमरान अहमद, 34 में शाही परवीन, 37 में जाहिद मोहम्मद, 38 इशरत, 39 में जहीर मोहम्मद, 40 में संगीता वर्मा, 50 में दिनेश, 51 में अजय कुमार, 52 में रियाजुद्दीन, 58 में संजय काउंटिंग में आगे रह सकते हैं। जबकि वार्ड 21,28,36,45,49, 59 व 60 में मुकाबला नजदीकी होने से स्थिति स्पष्ट नहीं।
सवाई माधोपुर जिले में अवैध बजरी खनन, परिवहन में पुलिस की संलिप्तता के आरोप पहले भी लग चुके हैं। कई अधिकारियों पर कार्रवाई भी हुई। इसके बाद भी बजरी के खेल में खाकी पर दाग नहीं धुल रहे। इस मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने चौथ का बरवाड़ा के पूर्व थाना प्रभारी महेंद्र शर्मा पर केस दर्ज किया है। आरोप है कि बजरी से भरे चार ट्रैक्टर-ट्रॉली छोड़ने के बदले एक लाख रुपए की रिश्वत मांगी गई। परिवादी और थाना प्रभारी के बीच कॉल रिकॉर्डिंग के आधार पर जयपुर कार्यालय में मामला दर्ज हुआ। एसीबी के केस में सामने आया कि पूर्व थाना प्रभारी महेंद्र शर्मा ने सरदार गुर्जर निवासी गणेशगंज, तहसील चौथ का बरवाड़ा के बजरी से भरे चार ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़े। आरोप है कि ट्रैक्टर-ट्रॉली छोड़ने, बिना रोक-टोक आगे पहुंचाने के बदले एक लाख रुपए मांगे। बाद में 50 हजार रुपए पर सहमति बनी। इसके बाद राशि लेकर ट्रैक्टर छोड़ दिए गए। इस दौरान परिवादी सरदार गुर्जर ने डिजिटल सबूत जुटाए। एसीबी मुख्यालय जयपुर में शिकायत दी। मुख्यालय ने फोन रिकॉर्डिंग, अन्य डिजिटल सबूत की जांच की। इसके बाद केस दर्ज किया। मामले की जांच के लिए विशेष टीम भी बनाई गई है। मामले में यह भी सामने आया कि घटना स्थानांतरण से चार-पांच दिन पहले की है। थाना प्रभारी ने रजमाना रोड से चार ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़कर थाने में खड़े कराए थे। सेटलमेंट होने के बाद छोड़ने का आरोप है। यह भी बताया जा रहा है कि ऐसे कई मामले पहले से थे। इसी व्यक्ति से कई बार राशि ली जा चुकी थी। परेशान होकर परिवादी ने एसीबी में शिकायत की। चौथ का बरवाड़ा तहसील क्षेत्र में बजरी का अवैध खनन, परिवहन किसी से छुपा नहीं है। पिछले साल बजरी के मामले में पुलिस अधीक्षक ग्रामीण लाभूराम, चौथ का बरवाड़ा के तत्कालीन थाना प्रभारी सुमन कुमार को विभाग ने बजरी में संलिप्तता पर सस्पेंड किया था। इसके बाद भी यहां अवैध खनन नहीं रुका। पुलिस की वर्दी पर दाग लगने का सिलसिला भी नहीं थमा। पूर्व थाना प्रभारी महेंद्र शर्मा का इसी साल जुलाई में धौलपुर जिले में स्थानांतरण हुआ था। थाना प्रभारी पर लगे गंभीर आरोपों से पूरे महकमे में हड़कंप है।
सवाईमाधोपुर में सिम्पोजियम, चुनौतियों पर पैगम्बर की शिक्षाओं की गहन चर्चा
जमाअत-ए-इस्लामी हिन्द सवाईमाधोपुर ने आलनपुर सर्किल स्थित एक होटल में वर्तमान समय की चुनौतियां और पैगम्बर मुहम्मद की शिक्षाएं विषय पर सिम्पोजियम किया। इसमें अलग-अलग धर्मों और सामाजिक क्षेत्रों के प्रबुद्धजन शामिल हुए। वक्ताओं ने मौजूदा सामाजिक, नैतिक, मानवीय चुनौतियों पर बात रखी। उनके समाधान पर विचार रखे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जमाअत-ए-इस्लामी हिन्द के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रोफेसर मुहम्मद सलीम इंजीनियर ने की। उन्होंने कहा कि समाज के सामने कई तरह की चुनौतियां हैं। समाधान सिर्फ कानून से संभव नहीं। समाधान सिर्फ भौतिक प्रगति से भी नहीं। मानवीय मूल्य मजबूत करने होंगे। नैतिकता जरूरी है। न्याय जरूरी है। करुणा जरूरी है। आपसी सम्मान जरूरी है। जमाअत-ए-इस्लामी हिन्द राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष मुहम्मद नाज़िमुद्दीन ने कहा कि समाज में धार्मिक और सामाजिक विभाजन की प्रवृत्तियां बढ़ रही हैं। इन्हें कम करने के लिए संवाद जरूरी है। एक-दूसरे को समझना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग आस्था और विचार के बावजूद मानवता, इंसाफ, सद्भाव, सेवा, नैतिक जीवन ऐसे मूल्य हैं, जो सभी को जोड़ते हैं। मानव धर्म आश्रम के महात्मा धनी आनंद ने कहा कि धर्म का मूल उद्देश्य इंसान को बेहतर बनाना है। समाज में प्रेम, शांति, सद्भाव स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि जरूरत है कि लोग अपने-अपने धर्म की श्रेष्ठ शिक्षाओं को जीवन में उतारें। एक-दूसरे की आस्थाओं का सम्मान करें। वक्ताओं ने कहा कि चुनौतियों का सामना टकराव से नहीं होगा। संवाद से होगा। शिक्षा से होगा। सामाजिक जिम्मेदारी से होगा। सिम्पोजियम में विभिन्न धर्मों और सामाजिक वर्गों के लोगों ने सहभागिता की। उद्देश्य समुदायों के बीच संवाद बढ़ाना रहा। पैगम्बर मुहम्मद की शिक्षाओं के मानवीय और सामाजिक पक्ष पर चर्चा रही।
आचार्य ताराचंद शास्त्री को ‘महर्षि गौतम समाज रत्न’ से किया सम्मानित
महर्षि गौतम समाज में उल्लेखनीय सेवाओं एवं सामाजिक क्षेत्र में योगदान के लिए आचार्य पंडित ताराचंद शास्त्री को जयपुर में ‘महर्षि गौतम समाज रत्न’ की उपाधि से अलंकृत किया गया। महर्षि गौतम समाज वैवाहिक सेवा संस्थान जयपुर की ओर से परशुराम भवन, विद्याधर नगर, जयपुर में सम्मान समारोह हुआ। सांसद मंजू शर्मा मुख्य अतिथि रहीं। संस्था के प्रधान सेवक रविशंकर शर्मा एवं महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश जोशी ने आचार्य पंडित ताराचंद शास्त्री को समाज के लिए किए गए
सीता माता जानकी मैया का मेला 23 से, भजन संध्या-कन्हैया पद दंगल होंगे
नीमली खुर्द की अरावली पर्वतमाला में स्थित सीता माता जानकी मैया के मेले को लेकर सीता माता विकास समिति की बैठक हुई। बैठक में मेले के आयोजन, धार्मिक कार्यक्रम, व्यवस्थाओं पर चर्चा हुई। बैठक समिति अध्यक्ष भैरूलाल मीना की अध्यक्षता में हुई। समिति के अनुसार इस बार 23 से 26 सितंबर तक धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
शब्द से सिद्धि की ओर ले जाता है जप अनुष्ठान : पारसमल दुगड़
तेरापंथ धर्मसंघ के पर्युषण महापर्व में महत्वपूर्ण दिन होता है जप दिवस। पर्युषण में हम शरीर से तप करते हैं, वाणी से क्षमा मांगते हैं, और मन से साधना करते हैं। मन की साधना का सबसे सरल और शक्तिशाली साधन है जप। जप का अर्थ है एक ही पवित्र मंत्र, एक ही नाम का बार-बार मानसिक आवर्तन, जिससे मन का मैल धुले और आत्मा निर्मल बने। उक्त विचार तेरापंथ भवन आदर्श नगर में श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा आदर्श नगर, सवाई माधोपुर के तत्वावधान में आयोजित पर्युषण महापर्व आराधना के छठे दिन तप दिवस पर प्रवक्ता उपासक पारसमल दुगड़ ने व्यक्त किए।
मेले को लेकर रेलवे ने बढ़ाए ट्रेन के दो अतिरिक्त फेरे
श्री त्रिनेत्र गणेश लक्खी मेला-2026 के अवसर पर अतिरिक्त यात्रीभार को देखते हुए रेल प्रशासन नेद्वारा यात्रियों की सुविधा के लिए सवाई माधोपुर-दुर्गापुरा-स वाई माधोपुर के बीच गाड़ी संख्या 05494/05493 अनारक्षित स्पेशल ट्रेन के संचालन को दो अतिरिक्त फेरों के लिए बढ़ाया गया है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि गाड़ी संख्या 05494 सवाई माधोपुर-दुर्गापुरा स्पेशल ट्रेन सवाई माधोपुर से 13-14 सितम्बर को रात 20:50 बजे प्रस्थान कर चौथ का बरवाड़ा 21:23 बजे, वनस्थली निवाई 22:18 बजे, सांगानेर 23:40 बजे पहुंचकर अगले दिन 00:25 बजे दुर्गापुरा पहुंचेगी। इसी प्रकार गाड़ी संख्या 05493 दुर्गापुरा-सवाई माधोपुर स्पेशल ट्रेन दुर्गापुरा से 14-15 सितम्बर को रात 2:30 बजे प्रस्थान कर सांगानेर 2:38 बजे, वनस्थली निवाई 3:14 बजे तथा चौथ का बरवाड़ा 3:58 बजे पहुंचकर सुबह 5:20 बजे सवाई माधोपुर पहुंचेगी। यह ट्रेन दोनों दिशाओं में चौथ का बरवाड़ा, वनस्थली निवाई एवं सांगानेर स्टेशनों पर ठहरेगी।
गणेश मेले में उमड़ा श्रद्धालु, जगह-जगह भंडारे
रणथंभौर स्थित त्रिनेत्र गणेशजी के लक्खी मेले में रविवार को श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही रणथंभौर मार्ग पर पदयात्रियों और श्रद्धालुओं की कतार नजर आई। गाजे-बाजे के साथ श्रद्धालु नाचते-गाते और जयकारे लगाते हुए गणेशजी के दर्शन के लिए आगे बढ़ते रहे। मेले के चलते पूरे मार्ग पर धार्मिक उत्साह और भक्ति का माहौल बना रहा। जगह-जगह लगाए गए भंडारों पर भी दिनभर चहल-पहल रही। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सेवा के लिए विभिन्न स्थानों पर भंडारे लगाए गए हैं। भंडारों में सेवादार श्रद्धालुओं को भोजन और जलपान कराते नजर आए। कहीं सब्जी-पूड़ी तो कहीं कचौरी, पोहा, फल, मिठाइयां, सेव, शरबत, चाय-कॉफी सहित विभिन्न प्रकार की खाद्य सामग्री प्रसादी के रूप में वितरित की जा रही है। भंडारा संचालकों और सेवादारों द्वारा श्रद्धालुओं की मान-मनुहार कर उन्हें प्रसादी ग्रहण कराई जा रही है। कई स्थानों पर पदयात्रियों के लिए बैठने और विश्राम की भी व्यवस्था की गई है। जगह-जगह सफाईकर्मी तैनात, कचरा दिखते ही उठाया: मेले के दौरान सफाई व्यवस्था को लेकर नगर परिषद की टीम भी सक्रिय दिखाई दी। रणथंभौर मार्ग पर जगह-जगह सफाईकर्मी तैनात रहे। जहां कहीं भी सड़क या आसपास कचरा दिखाई देता, सफाईकर्मी उसे एकत्र कर वाहनों में भरकर ले जाते नजर आए। भंडारों के आसपास अधिक भीड़ और खाद्य सामग्री के वितरण के कारण कचरा फैलने की आशंका रहती है, ऐसे में सफाईकर्मियों की टीम लगातार निगरानी करती रही। प्रशासन की ओर से मेले में सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सफाईकर्मियों की सक्रियता के कारण मार्ग पर जगह-जगह जमा होने वाले कचरे को तत्काल हटाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस और ट्रैफिक पुलिस भी मुस्तैद: मेले में बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिसकर्मी भी विभिन्न स्थानों पर तैनात रहे। पुलिसकर्मी लगातार निगरानी करते हुए भीड़ और यातायात व्यवस्था पर नजर रखते दिखाई दिए। भंडारों और भीड़ वाले स्थानों पर व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मी सक्रिय रहे। वहीं ट्रैफिक पुलिस की टीम भी यातायात व्यवस्था संभालने में जुटी रही। मार्ग पर पदयात्रियों की संख्या अधिक होने के कारण वाहनों की आवाजाही प्रभावित नहीं हो और श्रद्धालुओं को सुरक्षित रास्ता मिल सके, इसके लिए यातायात पुलिसकर्मी लगातार व्यवस्था संभालते रहे। भंडारों के सामने वाहनों के अनावश्यक ठहराव को रोकने, यातायात को व्यवस्थित रखने का प्रयास किया गया। खिलौनों से लेकर खान-पान तक की दुकानें सजी: मेले में श्रद्धालुओं के साथ बाजार भी पूरी तरह सज गया। रणथंभौर मार्ग और मेले के आसपास विभिन्न प्रकार की दुकानें लगी हुई हैं। बच्चों के लिए खिलौनों की दुकानें आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। इसके अलावा खान-पान, प्रसाद, पूजा सामग्री, घरेलू सामान और अन्य जरूरत की वस्तुओं की दुकानें भी सजी हुई हैं। मेले में आने वाले श्रद्धालु जहां गणेशजी के दर्शन और पूजा-अर्चना कर रहे हैं, वहीं बच्चे और परिवार के अन्य सदस्य मेले में लगी दुकानों पर खरीदारी करते नजर आए। गाजे-बाजे के साथ निकली पदयात्राएं: मेले की सबसे खास तस्वीर पदयात्राओं के दौरान देखने को मिली। श्रद्धालुओं के समूह गाजे-बाजे के साथ जयकारे लगाते हुए गणेश धाम की ओर बढ़ते रहे।
एक दिन, दो पर्व: सुबह शिव-पार्वती की पूजा तो दोपहर में होगी गणेश स्थापना
धार्मिक पर्वों के लिहाज से इस वर्ष सोमवार का दिन बेहद खास रहने वाला है। पंचांग के अनुसार करीब 49 साल बाद हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी का पर्व एक ही दिन मनाया जाएगा। तिथियों के विशेष संयोग के चलते इस दिन सुबह सुहागिन महिलाएं हरतालिका तीज का निर्जला व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना करेंगी, वहीं दोपहर में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर गणेश चतुर्थी का उत्सव शुरू किया जाएगा। एक ही दिन दो प्रमुख पर्व आने से श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है। ज्योतिषाचार्य पंडित ताराचंद शास्त्री के अनुसार इस बार हरतालिका तीज की पूजा के लिए सुबह का समय विशेष महत्वपूर्ण रहेगा। तीज पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 6:10 से 7:06 बजे तक बताया गया है। महिलाएं इस दौरान भगवान शिव-पार्वती की पूजा कर अखंड सौभाग्य, पति की दीर्घायु और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करेंगी। इसके बाद दोपहर में भगवान गणेश की पूजा का क्रम शुरू होगा। गणेश चतुर्थी पर प्रतिमा स्थापना और पूजन के लिए मध्याह्न काल सुबह 11:17 से दोपहर 1:19 बजे तक रहेगा। श्रद्धालु इस दौरान विधि-विधान से भगवान गणेश की स्थापना कर पूजा-अर्चना करेंगे और गणेश उत्सव का शुभारंभ करेंगे। तिथियों के संयोग से बना दुर्लभ अवसर: धार्मिक पंचांग के अनुसार इस वर्ष तृतीया तिथि के विस्तार और चतुर्थी तिथि के प्रवेश के कारण दोनों पर्व एक ही दिन पड़ रहे हैं। सोमवार सुबह 7:08 बजे तक चतुर्थी तिथि का प्रवेश हो जाएगा। इसी वजह से गणेश चतुर्थी का पर्व भी इसी दिन मनाया जाएगा। सामान्य तौर पर हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी अलग-अलग दिनों में मनाई जाती हैं, लेकिन इस बार तिथियों के विशेष मेल के कारण दोनों पर्व एक ही दिन होने से यह अवसर धार्मिक दृष्टि से विशेष माना जा रहा है। गणेश चतुर्थी पर घर-घर विराजेंगे गणपति: अगले दिन ऋषि पंचमी, घरों और मंदिरों में तैयारियां शुरू हरतालिका तीज की पूजा के बाद दोपहर में गणेश चतुर्थी का उत्सव शुरू होगा। श्रद्धालु अपने घरों और मंदिरों में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करेंगे। विधि-विधान से गणेश पूजन कर परिवार की सुख-समृद्धि और विघ्न-बाधाओं के निवारण की कामना की जाएगी। गणेश चतुर्थी को भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस दिन गणपति स्थापना के साथ कई स्थानों पर सामूहिक पूजा और धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। पंचांग के अनुसार इसके अगले दिन 15 सितंबर को ऋषि पंचमी का पर्व रहेगा जो सुबह करीब 7:44 बजे के बाद प्रारंभ होगी। इस दिन सप्तऋषियों की पूजा करने की धार्मिक परंपरा है। हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी के बाद ऋषि पंचमी आने से धार्मिक पर्वों का यह क्रम लगातार जारी रहेगा। एक ही दिन दो प्रमुख पर्व आने को लेकर महिलाओं और श्रद्धालुओं में उत्साह है। घरों में तीज की पूजा सामग्री, सुहाग की सामग्री और प्रसाद की तैयारियां की जा रही हैं। वहीं गणेश चतुर्थी के लिए गणेश प्रतिमाओं की खरीदारी और स्थापना की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। मंदिरों में भी विशेष सजावट और पूजा-अर्चना की तैयारियां की जा रही हैं।
पुलिस अधीक्षक ने मेले की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया
रणथंभौर दुर्ग स्थित प्रथम पूज्य भगवान त्रिनेत्र गणेश जी मेला में श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला लगातार जारी है। मेले की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस अधीक्षक ज्येष्ठा मैत्रेयी ने मेला क्षेत्र के साथ श्रद्धालुओं के आने-जाने वाले प्रमुख मार्गों का निरीक्षण किया। एसपी ने भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा इंतजाम और पुलिस जाब्ते की तैनाती का जायजा लिया। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों को श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम आवागमन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिस प्रशासन की ओर से मेले के दौरान भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए विशेष सतर्कता बरती जा रही है। एसपी ने कहा कि भगवान त्रिनेत्र गणेश जी के मेले में आए श्रद्धालुओं की सुरक्षा जिला पुलिस की उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
दुस्साहस : मां के साथ सो रही दो साल की मासूम का अपहरण
मलारना डूंगर थाना क्षेत्र के एक गांव में शनिवार देर रात मां के साथ घर के बरामदे में सो रही 2 साल की मासूम बच्ची के अपहरण का मामला सामने आया। बच्ची के गायब होने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने रात करीब 12 से सुबह 7 बजे तक लगातार करीब 7 घंटे सर्च अभियान चलाया। पुलिस की चार टीमों ने खेतों, रास्तों और अमरूद के बगीचों सहित आसपास का पूरा इलाका खंगाला। आखिरकार सुबह करीब 7 बजे बच्ची सकुशल मिल गई। पुलिस ने आरोपी को डिटेन कर लिया। भाड़ौती पुलिस चौकी प्रभारी फतेह लाल मीणा के अनुसार एक गांव में बच्ची आई हुई थीं। बताया गया कि इटावा बालाजी के दर्शन करने के बाद वह यहां ठहरी थीं। शनिवार रात मां अपनी बच्ची के साथ घर के बरामदे में सो रही थीं। इसी दौरान रात में बच्ची को किसी व्यक्ति ने उठा लिया और वहां से फरार हो गया। बच्ची के गायब होने का पता चलने पर परिजनों में हड़कंप मच गया। आसपास तलाश करने के बाद भी बच्ची का पता नहीं चला तो बालिका की मां ने मलारना डूंगर थाने में सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएचओ मांगेलाल यादव के नेतृत्व में चार पुलिस टीमें गठित की गईं। इनमें भाड़ौती चौकी प्रभारी फतेह लाल मीणा सहित पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस टीमों ने रात करीब 12 बजे से सुबह 7 बजे तक लगातार तलाशी अभियान चलाया। पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी बच्ची को लेकर एक बगीचे की तरफ गया है। इसके बाद पुलिस टीमों ने बगीचे के साथ आसपास के खेतों, कच्चे रास्तों और संभावित स्थानों पर सर्च अभियान चलाया। पुलिसकर्मियों ने करीब सात घंटे तक लगातार तलाश की। सुबह करीब 7 बजे पुलिस को सफलता मिली और बच्ची सकुशल बरामद हो गई। पोक्सो एक्ट में मामला एएसपी कर रहे जांच बालिका की मां की रिपोर्ट पर मलारना डूंगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। मामला पोक्सो एक्ट से जुड़ा होने के कारण इसकी जांच एएसपी सतीश वर्मा कर रहे है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और अपहरण के पीछे के कारणों सहित पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी है। पुलिस के सात घंटे चले सर्च अभियान के बाद मासूम के सकुशल मिलने से परिजनों के साथ ग्रामीणों ने भी राहत की सांस ली। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
गणेश चतुर्थी आज : 9 साल बाद शहरभर में 100+ पांडालों में बारह दिनों तक विराजेंगे विघ्नहर्ता'
श्रीगंगानगर शहर में 14 सितंबर से शुरू हो रहे गणेशोत्सव को लेकर श्रद्धा और उत्साह चरम पर है। 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी पर शहरभर में 100 से अधिक छोटे-बड़े पूजा पांडालों में विघ्नहर्ता' की स्थापना की जाएगी। पहली बार शहर में पर्यावरण-संरक्षण की अनूठी मिसाल देखने को मिल रही है, जहां अब तक 5,000 से ज्यादा मिट्टी की इको-फ्रेंडली प्रतिमाओं की रिकॉर्ड तोड़ अग्रिम बिक्री हो चुकी है। यह 12 दिवसीय उत्सव न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनेगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति देगा। इस दिन गणेश स्थापना का सबसे शुभ और मुख्य मध्याह्न मुहूर्त सुबह 11:02 बजे से दोपहर 1:31 बजे तक रहेगा। पंचांग की तिथियों के विस्तार और विशेष योग के कारण इस बार 9 साल बाद गणेश उत्सव 12 दिनों का मनाया जा रहा है, जो 14 सितंबर से 25 सितंबर तक रहेगा। खास बात है कि इस दिन सौभाग्य और समृद्धि का त्योहार हरतालिका तीज मनाया जाएगा। विद्वानों के अनुसार 14 सितंबर को भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि, सुबह 7:28 बजे तक है। इसके बाद चतुर्थी हो जाएगी। सूर्योदय तृतीया तिथि में होने से उदयातिथि के मान से पूरे दिन सुबह से लेकर देर रात तक तीज की पूजा होगी। सोमवार को चित्रा और स्वाति नक्षत्र के युग्म संयोग के साथ ब्रह्म-ऐन्द्र योग में सुहागिनें हरितालिका तीज का व्रत करेंगी। सुहागिनें पति की लंबी आयु, सुखी दांपत्य जीवन और सुख-समृद्धि की कामना से निराहार, निर्जला व्रत रखेंगी। मिट्टी से भगवान शिव एवं माता पार्वती की प्रतिमा बनाकर उसे वेदोक्त मंत्रो से विधिवत पूजा-अर्चना कर पौराणिक कथाओं को सुनेगीं। तीज के दिन वस्त्र दान को महादान बताया गया है। गणेश चतुर्थी के दिन नई कार, सोना और चांदी की खरीदारी को बहुत शुभ और समृद्धि दायक माना जाता है। गणेश स्थापना के शुभ मुहूर्त : { प्रातःकाल मुहूर्त: सुबह 7:06 से 7:44 तक { मध्याह्न (मुख्य) मुहूर्त: सुबह 11:02 से दोपहर 1:31 तक गणेश चतुर्थी के साथ ही जिले के व्यापार जगत में त्योहारी बूम आ गया है। आगामी 12 दिनों के दौरान शहर में कई क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां तेज रहेंगी। मोदक, लड्डू और भोग सामग्री के लिए हलवाइयों को अग्रिम थोक ऑर्डर मिले हैं। प्रतिदिन के भंडारों और प्रसादी से हलवाई उद्योग में भारी उछाल आया है। 100 से अधिक पांडालों के लिए वाटरप्रूफ डोम, साउंड सिस्टम, एलईडी स्क्रीन और थीम-बेस्ड डेकोरेशन का करोड़ों का व्यवसाय बुक हुआ है। रोजाना पूजन और भव्य शृंगार के चलते स्थानीय फूल उत्पादकों व फल विक्रेताओं की मांग में तीन से चार गुना वृद्धि दर्ज की गई है। पारंपरिक परिधानों, पूजा सामग्री, धूप-दीप और हवन सामग्रियों की बिक्री में जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है। आगामी 10 दिनों तक बप्पा की भक्ति के साथ-साथ शहर के बाजारों में भी खासी रौनक और नकदी का तेज प्रवाह देखने को मिलेगा, जिससे व्यापारियों के चेहरे खिल उठे हैं। माटी के गणेश की धूम: शहर के मुख्य बाजारों, मटका चौक, मीरा चौक और सद्भावना नगर आदि जगहों पर मूर्तिकारों के पास प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) के बजाय शुद्ध मिट्टी से बनी प्रतिमाओं की जबरदस्त मांग दर्ज की गई है। घरों में स्थापना के लिए 1 से 3 फीट तक की और सार्वजनिक पंडालों के लिए 5 से 11 फीट तक की मिट्टी की प्रतिमाएं हाथों-हाथ बिक चुकी हैं। 10 दिनों में 100 से ज्यादा पांडालों में गूंजेगा गणपति बप्पा मोरया : शहर के विभिन्न प्रमुख चौराहों, रिहायशी कॉलोनियों और मुख्य बाजारों में 10 दिनों तक सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों की धूम रहेगी। कई बड़े पांडालों में आकर्षक विद्युत सज्जा और भव्य झांकियां तैयार की गई हैं। इन पंडालों में सुबह-शाम महाआरती, भजन संध्या और 10वें दिन भव्य विसर्जन शोभायात्रा के आयोजन होंगे।
जयपुर नगर निगम चुनाव में मतदान खत्म होते ही असली सियासी खेल शुरू हो गया है। भाजपा ने अपने पार्षद प्रत्याशियों की बाड़ाबंदी कर उन्हें एक जगह रखा है। प्रत्याशियों को सीधे मतगणना स्थल भेजने के बजाय सामूहिक रूप से नियंत्रित रखने की रणनीति पर काम किया जा रहा है। पहली बार ऐसा होगा कि अपने वार्ड में अभिकर्ता ही बैठेगा और जीतने वाले पार्षद बाद में अपने-अपने रिटर्निंग ऑफिसर से जीत का प्रमाण-पत्र लेंगे। बाड़ाबंदी वाले ठिकाने पर रविवार को दिनभर भाजपा नेताओं का आना-जाना लगा रहा। पार्टी में बड़ी चिंता बागियों और निर्दलीयों को लेकर है। ज्यादा निर्दलीय होने से बोर्ड का गणित बहुमत के बजाय नतीजों के बाद बनने वाले समीकरणों पर निर्भर कर सकता है। मेयर के संभावित चेहरे पर चर्चा सबसे बड़ा सवाल अब मेयर के चेहरे को लेकर है। भाजपा के भीतर चर्चा है कि यदि पार्टी बहुमत हासिल करती है तो मेयर के लिए परकोटे के किसी वार्ड से चेहरा चुना जाए या बाहरी वार्डों में पार्टी के मजबूत प्रदर्शन और आबादी के आधार पर किसी पार्षद को आगे किया जाए। एकीकृत 150 वार्ड वाले नए जयपुर नगर निगम में यह फैसला पार्टी के लिए राजनीतिक और क्षेत्रीय संतुलन दोनों लिहाज से अहम होगा।आज नतीजों के बाद असली खेल शुरू मतगणना सोमवार को सुबह 8 बजे से प्रस्तावित है। निगम के 150 वार्डों का परिणाम सामने आने के बाद ही साफ होगा कि भाजपा-कांग्रेस में किसके पास बोर्ड बनाने के लिए पर्याप्त संख्या है। इस बार 63.55% मतदान हुआ है और निर्दलीयों की भूमिका को लेकर दोनों दलों की चिंता बढ़ी हुई है। परिणाम आने तक प्रत्याशियों को एकजुट रखना और परिणाम के बाद उन्हें पाले में रखना सबसे बड़ी राजनीतिक चुनौती होगी।
एक पिता ने बेटे को खिलाड़ी बनाने का सपना देखा। किसान परिवार से आने वाले मंजीत सिंह ने इस सपने को हकीकत में बदलने के लिए अपना कारोबार तक छोड़ दिया। सीमित संसाधनों के बीच बेटे के प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं और यात्राओं का खर्च उठाया। मेहनत रंग लाई तो सिद्धार्थ चौधरी ने शॉटपुट में देश-प्रदेश का नाम रोशन किया। अब वही सिद्धार्थ हजारों किलोमीटर दूर अमेरिका में अपने खेल और पढ़ाई का नया अध्याय शुरू करने जा रहा है। मगर इस कामयाबी के बीच एक टीस भी है, राजस्थान में चार साल से बकाया पुरस्कार राशि का इंतजार आज भी खत्म नहीं हुआ है। उपलब्धियों की लंबी फेहरिस्त : 2023 में एशियन अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण जीता। 2024 में साउथ एशियन जूनियर चैंपियनशिप में स्वर्ण और एशियन अंडर-20 चैंपियनशिप में कांस्य पदक। 2022 में एशियन यूथ चैंपियनशिप में कांस्य। राष्ट्रीय स्तर पर वह जूनियर चैंपियनशिप, फेडरेशन कप और खेलो इंडिया यूथ गेम्स में स्वर्ण जीत चुके हैं। यहां खिलाड़ी को पढ़ाई और खेल में संतुलन बनाना पड़ता है और विश्वविद्यालय ‘स्टूडेंट एथलीट’ तैयार करने पर जोर देता है। मेरा सपना अब भी साफ है, विदेश में मिली सुविधाओं का इस्तेमाल कर भारत के लिए बेहतर प्रदर्शन करना।’ -सिद्धार्थ चौधरी, अंतरराष्ट्रीय शॉटपुट खिलाड़ी जूनियर लेवल पर कई रिकॉर्ड हैं सिद्धार्थ के नाम राजस्थान के अंतरराष्ट्रीय शॉटपुटर सिद्धार्थ चौधरी ने जूनियर स्तर पर एशिया में स्वर्ण सहित छह अंतरराष्ट्रीय पदक जीते हैं। उनके नाम अंडर-18 इंडिया रिकॉर्ड, जूनियर साउथ एशियन रिकॉर्ड और यूथ नेशनल रिकॉर्ड भी हैं। सिद्धार्थ के पिता एवं कोच मंजीत सिंह का दावा है कि राज्य की विभिन्न उपलब्धियों के लिए घोषित करीब 15-20 लाख रुपए की पुरस्कार राशि अभी बकाया है। परिवार के अनुसार, इस संबंध में कई बार खेल विभाग और संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया गया, लेकिन पुरस्कार राशि नहीं मिल सकी। स्पोर्ट्स मीडिया कोर्स भी करेंगे : अमेरिका की नॉर्थ कैरोलिना स्थित हाई प्वाइंट यूनिवर्सिटी ने सिद्धार्थ की प्रतिभा को पहचान दी। विवि ने चार वर्ष की उच्च शिक्षा और खेल के लिए करीब 6 करोड़ रु. की स्कॉलरशिप दी है। सिद्धार्थ अंतरराष्ट्रीय लेवल के कोचों के साथ तैयारियां शुरू कर दी हैं।
नगर निगम उदयपुर चुनाव-2026 में 11 सितंबर को हुए मतदान के बाद सोमवार को आरसीए परिसर में सुबह 8 बजे से मतगणना होगी। 80 वार्डों के चुनावी समर में उतरे 220 प्रत्याशियों में से 80 विजेता पार्षदों की घोषणा होगी। निगम बोर्ड पर भाजपा का लगातार 7वीं बार कब्जा होगा या कांग्रेस 30 साल बाद वापसी करेगी, इसकी तस्वीर दोपहर 12 से 1 बजे तक साफ हो जाएगी। भाजपा के सभी 80 प्रत्याशी भीलवाड़ा में बाड़ेबंदी में हैं। जीतने वाले प्रत्याशी मेयर चुनाव तक बाड़ेबंदी में रहेंगे, जबकि हारने वालों को मुक्त कर दिया जाएगा। भाजपा को अपनों की बगावत का डर है, इसलिए वह प्रत्याशियों को मतगणना स्थल पर नहीं लाएगी। मेयर चुनाव के समय ही पार्षदों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई जाएगी, ताकि वे मेयर-डिप्टी मेयर के लिए मतदान कर सकें। अगर भाजपा-कांग्रेस के विजेता पार्षदों में अंतर 5-10 सीट का रहा तो निर्दलीय व अन्य दलों के संभावित 5-8 पार्षदों की मांग-मान-मनुहार बढ़ेगी। दोनों दल एक-दूसरे के पार्षदों को तोड़ने की कोशिश भी करेंगे। ऐसी स्थिति में कांग्रेस आनन-फानन में बाड़ेबंदी करेगी, जिसकी अंदरखाने तैयारी हो चुकी है। औसतन 2 पार्षदों की सुरक्षा में 1 बाउंसर तैनात करने की योजना है। बगावत का खौफ : प्रत्याशियों को गणना पर नहीं लाएगी भाजपा उदयपुर भाजपा में मेयर पद के लिए प्रमोद सामर, पारस सिंघवी, दिनेश भट्ट, अतुल चंडालिया, महेंद्र सिंह शेखावत, यशवंत आंचलिया और आकाश वागरेचा के बीच घमासान है। कांग्रेस में हितांशी शर्मा, पूनम राठौड़ और अरुण टांक के बीच मेयर/नेता प्रतिपक्ष बनने की जंग है। सूत्रों के अनुसार दोनों दलों के कुछ नेता एक-दूसरे के सियासी गठजोड़ के सहारे मेयर पद हासिल करने की कोशिश में हैं। प्रदेश नेतृत्व को इसकी भनक लग चुकी है और क्षेत्रीय नेताओं से पल-पल की अपडेट ली जा रही है। भाजपा में दावेदारों का विरोध बढ़ा तो संघ विचारधारा के किसी निर्विवाद, चुनाव नहीं लड़ने वाले चेहरे को मेयर बनाने का विकल्प भी खुला है। बाद में एक सीट खाली कर उसे पार्षद बनाया जा सकता है। ऐसे आएगा परिणाम विजय जुलूस, आतिशबाजी पर रहेगा प्रतिबंध नगर निकाय आम चुनाव-2026 की मतगणना के दौरान कानून-व्यवस्था के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी गौरव अग्रवाल ने धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। परिणाम घोषित होने के बाद विजय जुलूस, भीड़ एकत्र करना, वाहनों के काफिले, पटाखे-आतिशबाजी और उत्तेजक नारेबाजी पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। शपथ अनिवार्य, बिना इसके न पर्चा, न वोट मतगणना में किसी प्रत्याशी या राजनीतिक दल के पार्षदों की गैर-मौजूदगी से परिणाम पर असर नहीं पड़ेगा। राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 की धारा 37 के तहत चुनाव जीतने के बाद हर प्रत्याशी को रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) के समक्ष पद एवं गोपनीयता की शपथ लेना अनिवार्य है। मेयर चुनाव में मतदान से पहले सभी विजयी पार्षदों को शपथ लेनी होगी। बिना शपथ प्रक्रिया पूरी किए कोई निर्वाचित सदस्य मेयर के चुनाव में मताधिकार का प्रयोग नहीं कर सकेगा। शपथ मेयर चुनाव से पहले कभी भी ली जा सकती है। पार्षद निर्वाचित हुए बिना भी इस पद की योग्यता रखने वाला व्यक्ति मेयर बन सकता है, जिसकी विधिक प्रक्रिया बाद में पूरी की जा सकेगी। मनीष शर्मा, अधिवक्ता व डॉ. गिरिराज सिंह चौहान, विभागाध्यक्ष, सुविवि लोक प्रशासन
आज यातायात व्यवस्था में बदलाव:बोहरा गणेशजी मार्ग, भट्टा से सूरजपोल रोड पर नो एंट्री
गणेश चतुर्थी और नगर निगम चुनाव की मतगणना के चलते सोमवार को शहर में ट्रैफिक व्यवस्था में कई बदलाव रहेंगे। बोहरा गणेशजी मंदिर मार्ग प्रवेश बंद : प्रतापनगर से उत्तरी सुंदरवास के पीछे होकर जो रोड़ आ रही है जो बोहरा गणेश जी मन्दिर हो यूनिवर्सिटी व बोहरा गणेश जी मंदिर से धूलकोट हो महासतियां आयड़ तक सभी प्रकार के वाहनों का आवागमन निषेध रहेगा। यहां रहेगी पार्किंग : प्रतापनगर व सुंदरवास की तरफ ज्ञानगढ़ हाउस से पहले उत्तरी सुंदरवास रोड किनारे। आयड़ की तरफ धूलकोट तिराया महासतियां तिराया रोड किनारे। विवि रोड की तरफ विवि मेन गेट से पहले बेकनी पुलिया जाने वाले रोड की तरफ रोड़ को छोड़कर साइड में रहेगी। कुम्हारों का भट्टा से सूरजपोल प्रवेश बंद : मेवाड़ मोटर्स गली, सूरजपोल से कुम्हारों का भट्टा तक सभी तरह के वाहनों की नो एंट्री। ट्रैफिक उदियापोल से रोडवेज बस स्टैंड के पीछे से होकर कुम्हारों का भट्टा आ-जा सकेगा। भट्टा से सूरजपोल आने वाला यातायात दुर्गा नर्सरी, शास्त्री सर्किल होकर देहली गेट की ओर जा सकेगा। यहां रहेगी पार्किंग : मतगणना में लगे अधिकारी-कर्मचारी और राजनीतिक दलों के एजेंटों के वाहनों की पार्किंग राजकीय फतह उच्च माध्यमिक विद्यालय में रहेगी।
अब बेल वाली सब्जियों की खेती पर 50 प्रतिशत सब्सिडी:उद्यान विभाग की नई पहल, किसानों को मिलेगा संबल
पारंपरिक खेती के पैटर्न को बदलकर मुनाफे की राह पकड़ रहे जिले के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। कम जमीन में सब्जियों के बेहतर और हाई-क्वालिटी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए उद्यान विभाग पहली बार सपोर्ट सिस्टम पर 50 प्रतिशत तक अनुदान (सब्सिडी) दे रहा है। राष्ट्रीय बागवानी मिशन (MIDH) के तहत शुरू हुई इस योजना का सीधा लाभ इसी सत्र से पात्र किसानों को मिलने लगेगा। किसान 0.40 से लेकर अधिकतम 2 हेक्टेयर तक खेती पर ले सकेंगे सब्सिडी का लाभ उद्यान विभाग के उप निदेशक डॉ. हीरसिंह राठौड़ ने बताया कि योजना का मुख्य मकसद आधुनिक तकनीक से कम क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण उत्पादन लेना है। इसके लिए सपोर्ट सिस्टम की प्रति हेक्टेयर यूनिट कॉस्ट 20 हजार रुपए तय की गई है, जिस पर 50% अनुदान मिलेगा। किसान न्यूनतम 0.40 हेक्टेयर से लेकर अधिकतम 2.00 हेक्टेयर तक के रकबे पर आनुपातिक आधार पर यह लाभ ले सकते हैं। विभाग ने इस वर्ष जिले के लिए श्रेणीवार कुल 70 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया है। यह सब्सिडी मुख्य रूप से टमाटर सहित बेल वाली फसलों-जैसे खीरा, लौकी, तोरई, करेला और टिंडा की खेती वाले किसानों को देंगे। सपोर्ट सिस्टम के फायदे फल जमीन से संपर्क में नहीं आते, खराब नहीं होते-पैदावार भी ज्यादा सपोर्ट सिस्टम बांस, तार या जाली का ढांचा होता है। इससे बेल को सही सहारा मिलता है। बेल जमीन पर फैलने के बजाय ऊपर बढ़ती है। इससे कम जगह में अधिक पैदावार होती है। फल जमीन के संपर्क में नहीं आते, इसलिए सड़ने व खराब होने की आशंका कम रहती है। पौधों में हवा और धूप का बेहतर संचार होता है। फल की गुणवत्ता- आकार बेहतर रहता है। तोड़ाई, निराई-दवा का छिड़काव आसान।
भाजपा के पंजाब प्रभारी सतीश पूनिया ने पंजाब की भगवंत मान सरकार पर तीखा प्रहार किया है। पूनिया ने राज्य में बढ़ते नशे, गैंगवार और भ्रष्टाचार के मुद्दे उठाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी शिरोमणि अकाली दल के साथ कोई गठबंधन नहीं करेगी। पार्टी 117 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। नशे ने बर्बाद की जवानी: पंजाब के गांव और घर ड्रग्स की चपेट में आकर तबाह हो गए हैं। एक दिल दहला देने वाली घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि एक ही मां के पांचों बेटे नशे के कारण मौत के मुंह में चले गए। अरविंद केजरीवाल ने 90 दिन में नशा खत्म करने का दावा किया था। करीब पौने पांच साल बीत जाने के बाद भी स्थिति बदतर हुई है। राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। पूनिया ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सीएम की पत्नी ने एक रेप के आरोपी को बचाने के लिए रिश्वत ली है। भाजपा की रणनीति और नशामुक्ति अभियान 18 से 30 सितंबर तक पंजाब में नशे के विरुद्ध लोक जागरण यात्रा निकाली जाएगी। इसका समापन जालंधर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। पूनिया ने भरोसा जताया कि जिस तरह देश के 150 जिलों से नक्सलवाद खत्म किया गया है, वैसे ही 2029 तक देश को पूरी तरह नशामुक्त किया जाएगा। राजनीति में धनबल, क्षेत्रवाद और जातिवाद की चर्चा भले ही होती हो, लेकिन युग बदलने के बावजूद सादगी और कठिन परिश्रम का कोई शॉर्टकट नहीं है। 1952 में हमारी 3 सीटें थीं, 2019 में 300 पार पहुंचे सतीश पूनिया ने कहा कि 21 अक्टूबर 1951 को जनसंघ की स्थापना हुई। 1952 के पहले चुनाव में महज 3 सीटें और 3% वोट मिले। उस दौर में पार्टी का मजाक उड़ाते हुए नारे लगते थे- इस दिए में तेल नहीं, सरकार बनाना खेल नहीं। अटल- आडवाणी के दौर में 13 दिन, फिर 13 महीने, अंततः 5 साल की अटल सरकार बनी। परमाणु परीक्षण, किसान क्रेडिट कार्ड, फसल बीमा और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जैसे अहम फैसलों ने जनता में विश्वास जगाया।
आधार से जुड़ी डिजिटल सेवा:अब बैंक के मोबाइल एप में होगा चेहरे से आधार सत्यापन
आधार से जुड़ी डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल करने वालों के लिए राहत की खबर है। अब चेहरे से आधार सत्यापन के लिए अलग से ऐप डाउनलोड करने की जरूरत नहीं होगी। बैंक, बीमा और अन्य वित्तीय संस्थान अपने मोबाइल ऐप में ही आधार फेस ऑथेंटिकेशन की सुविधा जोड़ सकेंगे। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने आधार फेस ऑथेंटिकेशन एसडीके और सैंडबॉक्स लॉन्च किया है। अभी चेहरे से आधार सत्यापन के लिए ‘फेस आरडी’ जैसे अलग ऐप की जरूरत पड़ती थी। नई व्यवस्था में एक ऐप में ही सुविधा मिलेगी। खाता खोलने से ई-केवाईसी तक में उपयोग ग्राहक मोबाइल कैमरे के सामने रहकर चेहरे के जरिए अपनी पहचान सत्यापित कर सकेगा। इससे ऑनलाइन सेवाओं में पहचान सत्यापन की अतिरिक्त प्रक्रिया कम होगी। आधार फेस ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल पेंशनभोगियों के डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र, आयुष्मान भारत में लाभार्थी पंजीकरण, डीबीटी योजनाओं, आधार आधारित भुगतान, मोबाइल सिम के ई-केवाईसी, पीएम किसान जैसी सेवाओं में भी उपयोग होगा।
नगर परिषद बाड़मेर:4 राउंड में 55 वार्ड के नतीजे प्रत्येक राउंड में 14 टेबलें लगी
नगर परिषद बाड़मेर के चुनावों को लेकर 4 राउंड में ही 55 वार्डों का रिजल्ट क्लियर हो जाएगा। पीजी कॉलेज में प्रत्येक राउंड के लिए 14 टेबलें लगाई गई हैं। प्रथम राउंड में 1 से 14 वार्ड, दूसरे राउंड में 15 से 30 वार्ड, तीसरे राउंड में 31 से 45 वार्ड, चौथे राउंड में 46 से 55 वार्ड क्लियर हो जाएंगे। चौहटन के 20 वार्डों के लिए 5-5 टेबलों पर 4 राउंड होंगे। प्रथम राउंड में 1 से 5 वार्ड, दूसरे में 6 से 10, तीसरे में 11 से 15, चौथे राउंड में 16 से 20 वार्डों की गणना होगी। गणना के नतीजे आने के बाद विजेता प्रत्याशियों को विजय जुलूस की छूट नहीं है। उम्मीदवार निकाल नहीं सकेंगे विजय जुलूस बाड़मेर जिले में नगरीय निकाय आम चुनाव 2026 को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष रूप से संपन्न कराने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों की पालना में चुनाव परिणामों के बाद निकाले जाने वाले विजय जुलूसों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। रिटर्निंग अधिकारी वीरमाराम ने बताया कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बाड़मेर जिले के संबंधित नगरीय निकाय क्षेत्रों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू की गई है। उनके मुताबिक चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी भी निर्वाचित सदस्य, अध्यक्ष या उपाध्यक्ष की ओर से जीत के बाद विजय जुलूस नहीं निकाला जाएगा।
वेटरनरी विश्वविद्यालय में बीवीएससी एंड एएच सत्र 2026-27 के प्रवेश में अभ्यर्थियों की ओर से ऑनलाइन भरी गई कॉलेज और सीट की चॉइस महत्वपूर्ण होगी। विश्वविद्यालय की ओर से जारी काउंसलिंग कार्यक्रम के अनुसार अलग-अलग राउंड में सीट आवंटन अभ्यर्थियों की ऑनलाइन भरी गई पसंद और उपलब्ध सीटों के आधार पर किया जाएगा। इसलिए रजिस्ट्रेशन के दौरान कॉलेज और सीट का विकल्प सावधानी से भरना होगा। प्रवेश के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और चॉइस फिलिंग की प्रक्रिया रविवार से शुरू हो गई है। अभ्यर्थी 22 सितंबर शाम 5 बजे तक रजिस्ट्रेशन करवा सकेंगे। इसमें राज्य, मैनेजमेंट, एनआरआई, एनआरआई स्पॉन्सर्ड सहित संबंधित श्रेणियों की सीटों के लिए विकल्प भरे जा सकेंगे। काउंसलिंग 24 सितंबर से शुरू होगी। पहली राउंड का अलॉटमेंट लेटर 25 सितंबर शाम 5 बजे के बाद जारी होगा। राज्य कोटा में आवंटित सीट के लिए 29 सितंबर और मैनेजमेंट कोटा के लिए 30 सितंबर को सुबह 9 बजे बीकानेर के कॉलेज ऑफ वेटरनरी एंड एनिमल साइंस के ऑडिटोरियम में रिपोर्ट करना होगा। यहां मूल दस्तावेजों का सत्यापन, फीस जमा और अपग्रेडेशन फॉर्म की प्रक्रिया होगी। दूसरे राउंड का अलॉटमेंट 3 अक्टूबर और तीसरी राउंड का 12 अक्टूबर को जारी किया जाएगा। प्रदेश के 14 वेटरनरी कॉलेजों में करीब 1240 सीटें निर्धारित है। 440 मैनेजमेंट सीटें, दूसरे राज्यों के लिए भी रास्ता प्रदेश के 11 निजी वेटरनरी कॉलेजों में मैनेजमेंट कोटे की करीब 440 सीटें हैं। तीन चरणों की केंद्रीकृत काउंसलिंग के बाद भी यदि ये सीटें खाली रहती हैं तो पात्र दूसरे राज्यों के विद्यार्थियों को भी प्रवेश का अवसर दिया जा सकेगा। इससे निजी कॉलेजों में खाली रहने वाली सीटें भरने में आसानी होगी। वेटरनरी कॉलेजों में बीवीएससी-एएच कोर्स में प्रवेश के काउंसलिंग का शेड्यूल घोषित कर दिया गया है। काउंसलिंग तीन राउंड में होगी। प्रो. प्रवीण बिश्नोई, सदस्य सचिव स्नातक प्रवेश, वेटरनरी विश्वविद्यालय, बीकानेर
टोल पर ऑटो चेक होंगे वाहनों के दस्तावेज:फिटनेस, इंश्योरेंस और पीयूसी की वैधता सिस्टम खुद जांचेगा
परिवहन विभाग ने हाइवे पर वाहनों के दस्तावेजों की जांच के लिए लागू ई-डिटेक्शन प्रणाली को लेकर सख्ती शुरू कर दी है। अब राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहनों के जरूरी दस्तावेजों की इलेक्ट्रॉनिक जांच होगी। वाहन का फिटनेस प्रमाणपत्र, इंश्योरेंस, पीयूसी सहित जरूरी दस्तावेज वैध नहीं पाए जाने पर सिस्टम ई-चालान जनरेट करेगा। परिवहन एवं सड़क सुरक्षा आयुक्त की ओर से जारी पत्र के अनुसार ई-डिटेक्शन से जारी ई-चालानों की जांच और सुनवाई के लिए परिवहन अधिकारियों को अधिकृत किया गया है। विभाग के अनुसार यह व्यवस्था जुलाई में शुरू की गई थी। प्रारंभिक चरण में ट्रायल के बाद अब इसे प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है और ई-चालान बनने भी शुरू हो गए हैं। गलत चालान पर दर्ज कराएं ऑनलाइन आपत्ति यदि वाहन का चालान गलत बन गया है या चालान जारी होने के समय संबंधित दस्तावेज वैध थे, तो वाहन मालिक अपना पक्ष रख सकता है। इसके लिए नेक्स्ट जेन ई-चालान पोर्टल पर जरूरी सबूतों के साथ ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करानी होगी। विभाग द्वारा नामित जीआरओ (परिवेदना निस्तारण अधिकारी) पोर्टल पर ही आपत्ति का निस्तारण करेंगे। विभाग के अनुसार आपत्ति का निस्तारण 30 दिन के भीतर किया जाएगा। उधर, एआरटीओ बीकानेर संजीव चौधरी ने बताया कि हाइवे पर ई-डिटेक्शन प्रणाली से चालान बनने शुरू हो गए हैं। वाहन मालिक चालान में आपत्ति होने पर नेक्स्ट जेन ई-चालान पोर्टल पर मय सबूत ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। इसका निस्तारण जीआरओ 30 दिन में पोर्टल पर ही करेंगे।
जिले में लंबे समय से रूठा मानसून अब एक बार फिर से एक्टिव मोड में आ गया है। रविवार को दिनभर आसमान में घने बादल तो छाए रहे, लेकिन मेघ बरसे नहीं। बारिश नहीं होने के कारण तीखी उमस और गर्मी ने आमजन को खासा परेशान किया। रविवार को बाड़मेर का अधिकतम तापमान 39.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान 30.2 डिग्री दर्ज किया गया। जिले में पिछले करीब एक महीने से बारिश का दौर थमा हुआ है, जिसका सबसे ज्यादा खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। बारिश की उम्मीद लगाए बैठे किसानों को मिलेगी राहत, पारा घटेगा लगातार बढ़ रही उमस और गर्मी के बीच मौसम विभाग के अनुसार अब सोमवार को जिले में तेज बारिश होने की प्रबल संभावना है। यदि सोमवार को अच्छी बारिश होती है, तो न केवल आमजन को इस झुलसाने वाली गर्मी से राहत मिलेगी, बल्कि सूखने की कगार पर पहुंच चुकी फसलों के लिए भी यह बारिश संजीवनी का काम करेगी।मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून की बेरुखी और हवाओं के बदले रुख के कारण यह स्थिति बनी है।
पारंपरिक खेती में जहां किसान लागत निकालने के बाद प्रति बीघा बमुश्किल 10 हजार रुपए ही बचा पाते हैं, वहीं विदिशा के ग्राम हरूखेड़ी के एक युवा किसान ने अपनी वैज्ञानिक सोच और आधुनिक तकनीकों के दम पर खेती को असली मायनों में लाभ का धंधा बनाकर दिखा दिया है। 31 वर्षीय उन्नत किसान दीवानसिंह राजपूत अब गेहूं और चने जैसी पारंपरिक फसलों को छोड़कर टमाटर, तरबूज और मिर्च की खेती से प्रति बीघा 50 हजार रुपए तक का शुद्ध मुनाफा कमा रहे हैं। दीवान सिंह ने सीड टेक्नोलॉजी से बीएससी (कृषि) की पढ़ाई की है। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने पहले एक एग्रीकल्चर कंपनी में नौकरी की। 3 से 4 महीने में 2.5 लाख तक की बचतदीवानसिंह बताते हैं कि टमाटर की फसल 3 से 4 महीने तक लगातार उत्पादन देती है। एक एकड़ में टमाटर लगाने की लागत लगभग 2 लाख रुपए आती है, जबकि इससे 2 से 2.5 लाख रुपए प्रति एकड़ तक का शुद्ध मुनाफा हो जाता है। इसी तरह 3 महीने की तरबूज की फसल से भी प्रति बीघा 50 हजार रुपए के आसपास बचत हो रही है। अब अमरूद और शिमला मिर्च पर भी दांवसफलता से उत्साहित किसान देवेंद्र ने इस बार अपने खेतों में नया प्रयोग किया है। 1100 पौधे रोपे- बारिश के इस सीजन में 'गोल्डन पिंक' वैरायटी के अमरूद (जामफल) के 1100 पौधे लगाए हैं। शिमला मिर्च की खेती- टमाटर और मिर्च के सफल प्रयोग के बाद अब बड़े पैमाने पर शिमला मिर्च की फसल की शुरुआत की है।

