प्रयागराज के नवाबगंज में सोमवार रात एक युवक की पिटाई के बाद तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने आधी रात थाना घेर लिया और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए जमकर हंगामा किया। पुलिस के आश्वासन के बाद लोग शांत होकर लौटे। रात 8:30 बजे की घटना मामला नवाबगंज के बरीबोझ गांव का है। गांव निवासी दयाशंकर गौतम के अनुसार, सोमवार रात करीब 8:30 बजे वह गांव स्थित अंबेडकर पार्क में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में पोस्टर लगा रहे थे। इसी दौरान गांव के ही कुछ लोग वहां पहुंचे और पोस्टर-बैनर फाड़ने लगे। विरोध करने पर जातिसूचक गालियां दी पीड़ित का आरोप है कि विरोध करने पर आरोपियों ने जातिसूचक गालियां दीं और उसके साथ मारपीट की। इतना ही नहीं, फायरिंग भी की जिसमें युवक के सिर पर गंभीर चोट आई। 4 अज्ञात लोग भी थे हमलावरों के साथ हमलावरों के साथ चार अज्ञात लोग भी थे, जिन्होंने जयंती मनाने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए और आक्रोशित होकर नवाबगंज थाने पहुंच गए। लोगों ने थाना परिसर का घेराव कर दिया और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गए। देर रात तक पुलिस ग्रामीणों को समझाने में जुटी रही। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीण शांत हुए और अपने घर लौटे। पुलिस का कहना है मामले में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी तक फायरिंग की पुष्टि नहीं हो पाई है। पोस्टर फाड़ने जैसी बात भी सामने नहीं आई है। डीसीपी गंगानगर कुलदीप सिंह गुनावत ने बताया कि प्रारंभिक सूचना मारपीट की मिली थी। घायल युवक को अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे घर भेज दिया गया। फिलहाल तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। जांच के बाद जो तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आईआईटी बीएचयू में छात्रों ने डायरेक्टर ऑफिस का घेराव किया। जिसके बाद डायरेक्टर ने कुछ छात्रों से मुलाकात की। छात्रों ने आरोप लगाया है कि यूथ पार्लियामेंट्री चुनाव में गड़बड़ी की गई है। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि संस्था के अधिकारी उनकी बातों को नहीं सुन रहे हैं। छात्रों ने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए तत्काल जांच और कार्रवाई की मांग की है। छात्रों का आरोप है कि कुछ उम्मीदवारों ने विभिन्न कार्यक्रमों के नाम पर फर्जी प्रमाणपत्र प्रस्तुत किए हैं। इनमें टेक्नेक्स से जुड़े दस्तावेजों के अलावा “साइंस ऑफ यूटोपिया”, “उद्यम वॉलीबॉल”, “एयरोवर्स” के कथित मेरिट सर्टिफिकेट, “कॉस्मिक क्लासिफायर” और “सोलर नेक्सस” के कॉग्निजेंस प्रमाणपत्र तथा नेशनल चेस चैंपियनशिप से जुड़े प्रमाणपत्र शामिल बताए गए हैं। छात्रों ने इन सभी दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। संस्था के मुख्य चुनाव अधिकारी को छात्रों ने लिखा पत्र छात्रों ने संस्थान के मुख्य चुनाव अधिकारी को पत्र लिखकर कहा है कि जिन उम्मीदवारों पर आरोप लगे हैं, उनकी उम्मीदवारी नियमों के अनुसार रद्द की जानी चाहिए। उनका यह भी कहना है कि जब फर्जी प्रमाणपत्रों के मामले सामने आ रहे थे, तब भी चुनाव प्रक्रिया जारी रखना गंभीर अनियमितता को दर्शाता है। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि वीपी (वाइस प्रेसिडेंट) चुनाव के दौरान एक उम्मीदवार का बहिष्कार किया गया था और कई निर्वाचित सदस्य भी अलग हो गए थे, इसके बावजूद चुनाव संपन्न कराया गया। इस पर प्रशासन से स्पष्ट जवाब मांगा गया है। 3-4 दिन में सम्पन्न होगी जांच निदेशक से मुलाकात कर लौटे एक छात्र ने बताया कि मामले की जांच में तीन से चार दिन का समय लग सकता है। हालांकि, छात्रों का कहना है कि जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, उनका विरोध जारी रहेगा। प्राक्टर प्रो. संजय सिंह ने बताया कि शाम पांच बजे तक चुनावी प्रक्रिया को शांतिपूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। किसी भी छात्र के विरुद्ध अब तक कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई है। चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी के जो भी आरोप लगे हैं, उनकी गहन जांच कराई जाएगी ताकि व्यवस्था की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बहाल हो सके।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि यदि किसी मामले में फैमिली कोर्ट (पारिवारिक न्यायालय) द्वारा पक्षकारों के अधिकारों का निर्धारण करते हुए कोई आदेश पारित कर दिया गया है, तो उस मामले को बाद में सुनवाई या समीक्षा के लिए ग्राम न्यायालय को स्थानांतरित नहीं किया जा सकता। न्यायालय ने कहा कि उच्चतर न्यायिक सेवा संवर्ग के अधिकारी द्वारा पारित आदेश की समीक्षा सिविल जज (जूनियर डिवीजन) स्तर के अधिकारी द्वारा संचालित ग्राम न्यायालय नहीं कर सकता, क्योंकि यह न्यायिक मर्यादा और पदानुक्रम के प्रतिकूल है। पारिवारिक केस में हुआ आदेश यह निर्णय न्यायमूर्ति हरवीर सिंह की एकल पीठ ने अमित कुमार राणा द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। मामले के अनुसार, याचिकाकर्ता की पत्नी विपक्षी को वर्ष 2019 में प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, बिजनौर द्वारा 3,000 रुपये मासिक भरण-पोषण देने का आदेश दिया गया था। बाद में, पत्नी के पुनर्विवाह के आधार पर याचिकाकर्ता ने धारा 127 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत भरण-पोषण आदेश को वापस लेने के लिए एक आवेदन दायर किया। इसी बीच, प्रशासनिक आदेशों के तहत यह मामला जिला न्यायालय से ग्राम न्यायालय, धामपुर स्थानांतरित कर दिया गया। ग्राम न्यायालय ने 25 मार्च 2025 और 1 अक्टूबर 2024 को आदेश पारित करते हुए याचिकाकर्ता के खिलाफ रिकवरी वारंट जारी कर दिया, जिसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने तर्क दिया कि ग्राम न्यायालय और फैमिली कोर्ट के बीच दंड प्रक्रिया संहिता के अध्याय IX (भरण-पोषण) को लेकर समवर्ती क्षेत्राधिकार होने से विसंगति पैदा हो रही है। उन्होंने तर्क दिया कि फैमिली कोर्ट एक्ट, 1984 की धारा 8(बी) स्पष्ट रूप से मजिस्ट्रेट के क्षेत्राधिकार को वर्जित करती है जहाँ फैमिली कोर्ट स्थापित है। दूसरी ओर, ग्राम न्यायालय अधिनियम, 2008 की पहली अनुसूची के भाग II के तहत ग्राम न्यायालयों को भी भरण-पोषण के मामलों में राहत देने का अधिकार दिया गया है। अदालत ने अपने विस्तृत फैसले में माना कि ग्राम न्यायालय अधिनियम, 2008 और फैमिली कोर्ट एक्ट, 1984 के बीच क्षेत्राधिकार का ओवरलैपिंग (अतिव्याप्ति) होना न केवल विसंगतिपूर्ण है, बल्कि इससे न्यायिक अनुचितता भी पैदा होती है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि भरण-पोषण का विषय विशेष रूप से परिवार न्यायालयों की योजना से संबंधित है और इसे ग्राम न्यायालयों के दायरे में लाना एक प्रकार से अनावश्यक है। हाईकोर्ट ने ग्राम न्यायालय द्वारा पारित दोनों विवादित आदेशों को रद्द कर दिया और यह व्यवस्था दी कि परिवार न्यायालयों में लंबित ऐसे मामले, जिनमें पक्षकारों के अधिकारों का निर्णय पहले ही हो चुका है , उन्हें ग्राम न्यायालय को नहीं भेजा जाना चाहिए। विशेष रूप से, दंड प्रक्रिया संहिता की धाराओं 126(2), 127 और 128 (जो अब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 145(2), 146 और 147 हैं) के तहत लंबित मामलों को ग्राम न्यायालय में स्थानांतरित करने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। हालांकि, अदालत ने यह भी साफ किया कि ग्राम न्यायालयों में सीधे नए मामले दायर करने पर कोई कानूनी रोक नहीं है। याचिकाकर्ता को छूट दी गई है कि वह पुनर्विवाह के आधार पर भरण-पोषण रोकने का अपना मामला पुनः सक्षम परिवार न्यायालय के समक्ष उठा सकता है।
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि जन्मतिथि में विसंगति के पीछे यदि याची की धोखाधड़ी की बात साबित नहीं होती है तो उसकी बर्खास्तगी जैसी कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। कोर्ट ने कहा काल्पनिक व मनगढ़ंत आरोप पर अपराध साबित हुए बगैर किसी को बर्खास्त नहीं किया जा सकता। इस टिप्पणी के साथ न्यायमूर्ति मंजूरानी चौहान की एकलपीठ ने सहायक शिक्षक की बर्खास्तगी संबंधी बेसिक शिक्षा अधिकारी मऊ का आदेश रद्द कर दिया है। मऊ का है मामला मुकदमे से जुड़े तथ्य यह हैं कि याची विजय बहादुर यादव को सभी आवश्यक पात्रता मानदंडों को पूरा करने के उपरांत बीएसए मऊ के आठ अगस्त 2014 के आदेश से सहायक अध्यापक के रूप में नियुक्ति दी गई। राजेश यादव ने 18 अक्टूबर 2018 को बीएसए से आरटीआइ के तहत याची के उन शैक्षणिक योग्यता प्रमाणपत्रों और मार्कशीट की प्रतियों की मांग की , जिनके आधार पर नियुक्ति दी गई थी। याची के अनुसार यह आवेदन कानूनी रूप से मान्य नहीं था फिर भी शिक्षा विभाग के अतिरिक्त निदेशक ने 26मार्च 2019 को जारी आदेश में उससे दस्तावेज मांगे। बीएसए ने 15 मई 2019 को नोटिस जारी किया, जिसमें याची को 30 मई 2019 को व्यक्तिगत सुनवाई के लिए उपस्थित होने के लिए कहा गया था। यह सुनवाई 30 अप्रैल 2019 को प्रस्तुत प्रमाणपत्रों और मार्कशीट में कथित विसंगतियों के संबंध में थी। याची ने तीन जून 2019 को विस्तृत उत्तर में आरोपों का जवाब दिया। इसके बाद 27 जून 2019 को बीएसए ने याची को सेवा से बर्खास्त करने तथा उसके खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने का निर्देश दिया। इस आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई। जन्म तिथि को लेकर फंसा पेंच याची के अनुसार विवादित आदेश इस गलत धारणा पर आधारित है कि 1998 के हाई स्कूल प्रमाणपत्र में दर्ज जन्मतिथि में विसंगति है। इसमें जन्मतिथि दो जुलाई 1984 बताई गई है, जबकि पूर्व माध्यमिक प्रमाणपत्र में यह सात जुलाई 1987 है। याची का कहना है कि हाई स्कूल प्रमाणपत्र का न तो उन्होंने कभी उपयोग किया है और न ही इसे किसी भी चरण में प्रस्तुत किया गया। यह उनके रिकार्ड का हिस्सा नहीं है। इसलिए पूरी तरह से अन्यायपूर्ण और कानूनी रूप से अस्थिर है। कोर्ट ने पाया कि ऐसा कोई स्पष्ट या पुष्ट आरोप नहीं है कि याची द्वारा प्रतिवादियों के समक्ष प्रस्तुत शैक्षिक दस्तावेज जाली, मनगढ़ंत या अन्यथा झूठे थे। कोर्ट ने कहा मनगढ़ंत काल्पनिक आरोप के आधार पर बिना अपराध साबित हुए सहायक अध्यापक को बर्खास्त नहीं किया जा सकता।और बी एस ए के बर्खास्तगी आदेश को रद कर याची की सेवा बहाली का निर्देश दिया है। हालांकि कि कोर्ट ने काम नहीं तो दाम नहीं के सिद्धांत को अपनाते हुए कहा कि जितनी अवधि तक याची सेवा से बाहर रहा वेतन पाने का हकदार नहीं होगा।और याचिका स्वीकार कर ली।
मध्यप्रदेश के सतना में कथित मेडिकल लापरवाही का मामला सामने आया है। किडनी स्टोन के ऑपरेशन के बाद युवक की हालत बिगड़ी और उसे रीवा रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने सतना में जमकर हंगामा किया और 20 करोड़ रुपए मुआवजे की मांग की। परिजनों ने पहले सोमवार रात को कोलगवां थाना के पास शव रखकर हाईवे जाम किया। पुलिस ने समझाइश देकर जाम खुलवाया, लेकिन इसके बाद परिजन पाठक हॉस्पिटल के बाहर शव रखकर धरने पर बैठ गए। हालात संभालने के लिए तीन थानों की पुलिस तैनात करनी पड़ी। परिवार का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों की लापरवाही से मरीज की दूसरी किडनी भी क्षतिग्रस्त हो गई। गंभीर हालत में उसे धागा बांधकर रीवा रेफर कर दिया गया, जहां उसकी मौत हो गई। पन्ना निवासी युवक का हुआ था ऑपरेशन जानकारी के मुताबिक पन्ना जिले के देवेंद्रनगर निवासी रवि रजक को किडनी में पथरी की शिकायत थी। परिजन उसे इलाज के लिए सतना के मुख्तियारगंज स्थित अस्पताल लेकर पहुंचे थे। जांच के बाद डॉक्टरों ने ऑपरेशन की सलाह दी। 4 अप्रैल को पाठक नर्सिंग होम में करीब 5 घंटे तक सर्जरी चली। आरोप है कि इसी दौरान डॉक्टरों ने लापरवाही बरती और स्वस्थ किडनी में भी कट लगा दिया। रीवा में खुली लापरवाही की परतें ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत बिगड़ने लगी, जिस पर उसे रीवा के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल रेफर किया गया। यहां जांच में सामने आया कि दूसरी किडनी पर गहरा कट था, जिसे धागे से बांधा गया था। खून का रिसाव और संक्रमण बढ़ने के कारण डॉक्टरों को दूसरी किडनी भी निकालनी पड़ी। इसके बाद मरीज की हालत लगातार बिगड़ती गई और अंततः उसकी मौत हो गई। रीवा अधीक्षक बोले- किडनी काम नहीं कर रही थी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, रीवा के अधीक्षक डॉ. अक्षय श्रीवास्तव ने बताया कि जब मरीज को यूरोलॉजी विभाग में भर्ती किया गया, तब उसकी किडनी काम करने की स्थिति में नहीं थी। उन्होंने कहा कि मरीज का अधिकांश इलाज सतना में हुआ था और रीवा में केवल डायलिसिस किया गया। इस केस की विस्तृत जानकारी फिलहाल उपलब्ध नहीं है। पिता बोले- मामूली पथरी में चली गई जान मृतक के पिता गिरधारीलाल रजक ने आरोप लगाया कि उनके बेटे को सिर्फ पथरी की समस्या थी, लेकिन इलाज में लापरवाही के कारण उसकी जान चली गई। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉ. पुष्पेंद्र सिंह, डॉ. राजीव पाठक और डॉ. राजीव सिंह की लापरवाही से यह घटना हुई। परिजनों ने तीनों डॉक्टरों पर केस दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की है। सीएसपी से महिलाओं की झड़प प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। अस्पताल की ओर जाने से रोकने पर महिलाओं की सीएसपी देवेन्द्र सिंह से बहस और झड़प हो गई। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर स्थिति नियंत्रित की गई। वीडियो में डॉक्टर ने मानी गलती घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर पुष्पेंद्र सिंह परिजनों से बातचीत करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में डॉक्टर अपनी गलती स्वीकार करते और मामले को शांत करने की अपील करते दिख रहे हैं। पहले भी की थी शिकायत परिजनों का कहना है कि उन्होंने चार दिन पहले ही सीएमएचओ डॉ. मनोज शुक्ला को लिखित शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। सीएमएचओ ने कहा है कि मामला संज्ञान में है। जांच के लिए टीम गठित की जाएगी और आरोप सही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी। 4 घंटे चला प्रदर्शन, 5 लाख पर बनी सहमति करीब 4 घंटे चले प्रदर्शन के बाद रात 11:30 बजे पुलिस, डॉक्टरों और परिजनों के बीच कई दौर की बातचीत हुई। अंततः 5 लाख रुपए के चेक और 50 हजार रुपए नगद तात्कालिक सहायता पर सहमति बनी, जिसके बाद धरना समाप्त हुआ। साथ ही आश्वासन दिया गया कि रीवा के संजय गांधी अस्पताल से पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट आने के बाद पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
राजस्थान पुलिस स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित त्रि-दिवसीय समारोह के तहत मंगलवार शाम अल्बर्ट हॉल परिसर में भव्य बैंड वादन कार्यक्रम आयोजित होगा। कार्यक्रम शाम 7:00 बजे से 8:15 बजे तक चलेगा। शाम को आयोजित कार्यक्रम में राजस्थान पुलिस बैंड की लाइव प्रस्तुति, पारंपरिक वेशभूषा में कलाकारों का प्रदर्शन, देशभक्ति और जोश से भरपूर धुनें खास आकर्षण रहेगी। कार्यक्रम आमजन के लिए खुला रहेगा। क्या रहेगा खास पुलिस बैंड के कलाकार पारंपरिक ड्रेस में पाइप और ब्रास वाद्ययंत्रों के साथ प्रस्तुति देंगे। “सारे जहां से अच्छा” सहित कई लोकप्रिय देशभक्ति धुनें बजाई जाएंगी, जो दर्शकों में उत्साह भर देंगी। जनता और सैलानियों के लिए आकर्षण रोशनी से सजे अल्बर्ट हॉल परिसर में यह कार्यक्रम स्थानीय नागरिकों और विदेशी पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण रहेगा। आयोजन का उद्देश्य पुलिस और आमजन के बीच बेहतर संवाद स्थापित करना है। जयपुर के अल्बर्ट हॉल पर आयोजित हो रहे हैं इस कार्यक्रम को लेकर राजस्थान पुलिस ने ट्रैफिक एडवाइजरी भी जारी की है । डायवर्जन जे.एल.एन. मार्ग से आने वाला ट्रैफिक आरोग्य पथ से डायवर्ट आवश्यकता पर त्रिमूर्ति सर्किल से वैकल्पिक रूट प्रवेश प्रतिबंध एम.डी. रोड से रामनिवास बाग में प्रवेश बंद एम.जी.डी. गेट से भी वाहनों की एंट्री निषेध पार्किंग व्यवस्था वीआईपी पार्किंग: मसाला चौक आमजन पार्किंग: रामनिवास बाग के निर्धारित स्थल कई मार्गों पर पार्किंग पूरी तरह प्रतिबंधित एम.डी. रोड व आरोग्य पथ को जरूरत अनुसार वन-वे किया जा सकता है पुलिस ने आमजन से अपील की है कि कार्यक्रम के दौरान वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और यातायात व्यवस्था में सहयोग दें।
इंदौर के स्कीम 78 स्थित प्रियदर्शनी महिला प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भंडार द्वारा संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकान (नं. 809305) पर गंभीर अनियमितताओं के चलते जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशन में उक्त दुकान को आगामी आदेश तक निलंबित कर दिया गया है। लगातार राशन वितरण में गड़बड़ी और पात्रता से कम राशन देने की शिकायतों के आधार पर खाद्य विभाग की जिला स्तरीय टीम ने औचक निरीक्षण किया। फूड कंट्रोलर एमएल मारू ने बताया कि जांच के दौरान गेहूं और चावल के स्टॉक में भारी अंतर पाया गया। साथ ही दुकान पर अनिवार्य रूप से लगाए जाने वाले पीला बोर्ड एवं स्टॉक बोर्ड भी अनुपस्थित मिले। जांच में यह भी सामने आया कि मार्च माह में हितग्राहियों को दो माह का राशन पात्रता अनुसार वितरित नहीं किया गया, बल्कि केवल एक माह का ही राशन दिया गया। इसके अतिरिक्त दुकान का संचालन अधिकृत विक्रेता के स्थान पर किसी अनाधिकृत व्यक्ति द्वारा किया जा रहा था। इन सभी गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए दुकान को आवंटित प्राधिकार पत्र को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। हितग्राहियों को असुविधा से बचाने के लिए उक्त दुकान को समीप की अन्य उचित मूल्य दुकान से संलग्न कर राशन वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। कलेक्टर ने चेतावनी दी है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर 14 अप्रैल (मंगलवार) को बोर्ड ऑफिस चौराहा क्षेत्र में विभिन्न कार्यक्रमों के चलते यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। ट्रैफिक पुलिस ने सुरक्षा और सुगम आवागमन के लिए डायवर्जन प्लान लागू किया है। नर्मदापुरम रोड से आने वालों के लिए रूटनर्मदापुरम रोड से आईएसबीटी और पिपलानी की ओर जाने वाले वाहन आरआरएल तिराहा, बीएसएनएल तिराहा, शक्ति नगर चौराहा, डीआरएम ऑफिस और कस्तूरबा हॉस्पिटल होते हुए गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। वहीं डीबी मॉल और जिला कोर्ट जाने वाले वाहन आरआरएल तिराहा, गणेश मंदिर और अंबेडकर फ्लाईओवर से एमपी नगर थाना चौराहा होते हुए आ-जा सकेंगे। मानसरोवर कॉम्पलेक्स से कोर्ट चौराहा रूट डायवर्ट मानसरोवर कॉम्पलेक्स से कोर्ट चौराहा जाने वाले वाहन 6 नंबर स्टॉप, व्यापम चौराहा और शौर्य स्मारक होते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे। न्यू मार्केट से ज्योति टॉकीज-आईएसबीटी के लिए बदला रूट न्यू मार्केट से ज्योति टॉकीज और आईएसबीटी जाने वाले वाहन व्यापम चौराहा, शौर्य स्मारक, वल्लभ भवन रोटरी, डीबी मॉल रोटरी और होटल रेसिडेंसी होकर ज्योति टॉकीज पहुंचेंगे। आईएसबीटी से न्यू मार्केट आने का रास्ता बदला आईएसबीटी से न्यू मार्केट की ओर आने वाले वाहन चेतक ब्रिज, ज्योति टॉकीज से राइट टर्न लेकर होटल रेसिडेंसी, डीबी मॉल रोटरी, वल्लभ भवन रोटरी और शौर्य स्मारक होते हुए जा सकेंगे।
भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के लिए आज का दिन बड़ी राहत लेकर आया है। संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर आज शाम 5 बजे बीजेपी प्रदेश कार्यालय में 'सेवा प्रकल्प' का विधिवत शुभारंभ होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल और उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल इस विशेष सहायता केंद्र की शुरुआत करेंगे। इसके बाद कार्यकर्ताओं को गंभीर बीमारियों के इलाज और डॉक्टरी परामर्श के लिए अब और कहीं भटकने की जरूरत नहीं होगी। हेल्पलाइन चालू: 9203597200 और 9203697200 पर ले सकेंगे मदद आज से ही कार्यकर्ताओं के लिए दो विशेष मोबाइल नंबर सक्रिय कर दिए जाएंगे। इन नंबरों पर कॉल करके पार्टी के सक्रिय सदस्य और उनके परिजन घर बैठे ही अनुभवी डॉक्टरों से सलाह ले सकेंगे। इस प्रकल्प का सीधा उद्देश्य 'स्वस्थ कार्यकर्ता सशक्त संगठन' की अवधारणा को जमीन पर उतारना है। बीजेपी चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक डॉ. विशाल सिंह बघेल के अनुसार, यह केंद्र प्रधानमंत्री के 'सबका साथ, सबका विकास' के संकल्प को कार्यकर्ताओं के स्वास्थ्य सुरक्षा कवच के रूप में साकार करेगा। दफ्तर में एक्सपर्ट्स का पैनल: कैंसर और हार्ट जैसी बीमारियों पर फोकस पार्टी कार्यालय में बनाए गए विशेष कक्ष में आज से चिकित्सा विशेषज्ञ अपनी सेवाएं देना शुरू करेंगे। यहां न केवल प्राथमिक स्वास्थ्य परामर्श मिलेगा, बल्कि आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज में आ रही दिक्कतों को भी मौके पर ही दूर किया जाएगा। इस प्रकल्प में कैंसर, हृदय रोग और किडनी जैसी जानलेवा बीमारियों को प्राथमिकता श्रेणी में रखा गया है। अगर किसी कार्यकर्ता को तत्काल खून की जरूरत पड़ती है, तो सेवा केंद्र की 'रक्तदान टीम' को भी आज से ही अलर्ट मोड पर रखा गया है। आर्थिक मदद के लिए खुद फॉलो-अप करेगी टीम आर्थिक रूप से कमजोर कार्यकर्ताओं के लिए यह केंद्र एक वरदान साबित होगा। आज से लागू हुई व्यवस्था के तहत, अस्पताल के एस्टीमेट और आय प्रमाण पत्र जैसे जरूरी कागजात जमा करते ही प्रकल्प की टीम सक्रिय हो जाएगी। यह टीम न केवल मुख्यमंत्री सहायता कोष और स्वेच्छा अनुदान के लिए त्वरित अनुशंसा करेगी, बल्कि संबंधित अस्पताल से संपर्क कर राशि स्वीकृत होने तक पूरा फॉलो-अप भी खुद करेगी। आवेदन की इस पूरी प्रक्रिया को बेहद सरल और पारदर्शी रखा गया है, ताकि दूर-दराज के गांवों से आने वाले कार्यकर्ता को भी समय पर इलाज मिल सके। डिजिटल होगा पूरा सिस्टम, जल्द मोबाइल ऐप भी सेवा प्रकल्प को आधुनिक बनाने के लिए आज से ही सभी आवेदनों की डिजिटल ट्रैकिंग शुरू कर दी गई है। आने वाले समय में कार्यकर्ताओं के लिए एक मोबाइल ऐप भी पेश किया जाएगा, जिससे वे सीधे अपने फोन से मदद की गुहार लगा सकेंगे। फिलहाल व्हाट्सएप और सोशल मीडिया के जरिए इस सुविधा की जानकारी प्रदेश के हर बूथ तक पहुंचाने का अभियान भी आज से तेज कर दिया गया है।
शॉर्ट सर्किट से सिटी मोटर्स वर्कशॉप में आग लगी:हरदोई में दमकल की 4 गाड़ियों ने 40 मिनट में पाया काबू
हरदोई के शाहजहांपुर रोड स्थित एक वर्कशॉप में सोमवार देर रात शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गई। चार फायर बिग्रेड की मदद से करीब 40 मिनट में आग पर काबू पाया गया। हालांकि लाखों के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। आग लगते ही इलाके में हड़कंप मच गया और वर्कशॉप से उठती ऊंची लपटों को देखकर आसपास के लोग दहशत में आ गए। मामला कोतवाली देहात थाना क्षेत्र का है। देखिए 3 तस्वीरें… स्थानीय लोगों ने तुरंत वर्कशॉप मालिक नसीम अली को सूचना दी। जिसके बाद उन्होंने फायर ब्रिगेड को बुलाया। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। आग की तीव्रता अधिक होने के कारण आसपास के फायर स्टेशनों से अतिरिक्त फायर टेंडर बुलाने पड़े। करीब 40 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद चार फायर टेंडरों की मदद से आग पर काबू पाया जा सका। इस दौरान मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए। वर्कशॉप के अंदर खड़ी दो सीएनजी गाड़ियों को आग फैलने से पहले ही फायर ब्रिगेड कर्मियों और स्थानीय लोगों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि वर्कशॉप में रखे मोटर पार्ट्स, स्क्रैप मटेरियल और प्लास्टिक का सामान जलकर खाक हो गया। घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। फायर ऑफिसर महेश प्रताप सिंह ने बताया कि आग पर काबू पा लिया गया है और प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने का कारण माना जा रहा है। हालांकि वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। नुकसान का आकलन अभी नहीं हो सका है, लेकिन वर्कशॉप मालिक ने बड़े आर्थिक नुकसान की आशंका जताई है।
मुरैना में वन रक्षक की हत्या और चंबल नदी पर बने पुल की नींव तक अवैध खनन के मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार पर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने इन घटनाओं को गंभीर बताते हुए राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने सुनवाई के दौरान टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि रेत माफिया पुल की नींव तक खोद रहे हैं और वन अधिकारियों को कुचलकर मार रहे हैं, तो ऐसे में राज्य सरकार की भूमिका पर सवाल खड़े होते हैं। कोर्ट ने पूछा कि यदि पुल गिर जाता है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। अवैध खनन पर सरकार की भूमिका पर सवालसुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि ये घटनाएं संकेत देती हैं कि या तो राज्य सरकार अवैध खनन रोकने में विफल रही है या फिर इसमें अधिकारियों की मिलीभगत हो सकती है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि यह सब राज्य सरकार की निगरानी में हो रहा है, जो बेहद चिंताजनक है। पुल की नींव तक की गई खुदाईजानकारी के अनुसार, राजस्थान और मध्य प्रदेश को जोड़ने वाला नेशनल हाईवे-44 का चंबल पुल मुरैना के राजघाट क्षेत्र में स्थित है। इस पुल के कई पिलरों के नीचे रेत माफिया द्वारा करीब 15 फीट तक खुदाई किए जाने की बात सामने आई है, जिससे संरचना की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है। वन रक्षक हत्या मामले में मांगी रिपोर्टसुप्रीम कोर्ट ने वन रक्षक की हत्या के मामले में अब तक की जांच की स्थिति रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज पेश करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया है, जो 17 अप्रैल को सुनाया जाएगा। सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ राज्यों में वन अधिकारियों को रेत माफिया पर कार्रवाई के लिए विशेष अधिकार दिए गए हैं। इसी तरह मध्य प्रदेश समेत अन्य राज्यों ने भी केंद्र से ऐसे अधिकारों की मांग की है, ताकि अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके। बता दें कि 8 अप्रैल को वन आरक्षक की ट्रेक्टर से कुचल कर हत्या के बाद सुप्रीम कोर्ट ने स्वयं इस मामले को संज्ञान में लिया है और वन आरक्षक हरकेश गुर्जर को हत्या के मामले में मुरैना पुलिस से जानकारी मांगी गई। इसमें सोमवार को मुरैना पुलिस की ओर से अपनी दलील में हत्या के तीनों आरोपी को गिरफ्तार बताए। यह भी पूछा सुप्रीम कोर्ट नेक्या मुरैना पुलिस प्रशासन को चंबल नदी में अवैध रेत उत्खनन होता दिखाई नहीं देता क्या प्रशासन अंधा है। अवैध उत्खनन रोकने के क्या क्या प्रयत्न किए गए? यह क्यों रुक नहीं पा रहा? इस सब की जानकारी सुप्रीक कोर्ट ने मांगी है। यह भी पढ़ें… BJP नेताओं के ट्रैक्टर ने वन रक्षक को कुचला, मौत:मुरैना में मंडल मंत्री-उपाध्यक्ष हैं पार्टनर मुरैना में रेत का अवैध परिवहन कर रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली ड्राइवर ने वन रक्षक को कुचल दिया। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात दिमनी थाना इलाके में रानपुर गांव चौराहे के पास बुधवार सुबह करीब 6 बजे की है। पुलिस ने बताया कि वन विभाग की 6 सदस्यीय टीम रूटीन गश्त पर निकली थी। इसी दौरान सामने से रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली आती दिखी। टीम ने रुकने का इशारा किया तो ड्राइवर विनोद कोरी ने रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर भागने की कोशिश की। पूरी खबर पढ़िए…
6 और गांवों में जमीन अधिग्रहण की तैयारी:नया गोरखपुर के लिए GDA बना रहा लैंड बैंक
गोरखपुर में बढ़ती आबादी के बीच आवासीय जरूरतों को पूरा करने की कवायद भी शुरू हो गई है। इसके लिए 6000 एकड़ में नया गोरखपुर विकसित किया जा रहा है। पहले चरण में गुरुकुल सिटी बसाई जाएगी। कुछ गांवों में जमीन अधिग्रहण किया जा रहा है। अब गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) और जमीन लेने की तैयारी में है। इसके लिए 6 और गांवों में अधिग्रहण किया जाएगा। सदर एवं चौरी चौरा तहसील के इन गांवों में जमीन अधिग्रहण के लिए अनिवार्य अर्जन और लैंड पुलिंग पर भी विचार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण-नए शहर प्रोत्साहन योजना के तहत GDA की ओर से कुछ गांवों में अनिवार्य अर्जन की प्रक्रिया चल रही है। भविष्य में बैजनाथपुर, कुसम्ही,भैंसहा, रुद्रापुर, अराजी मतौनी और अराजी बसडीला में भूमि अधिग्रहण करने की तैयारी है। इन गांवों का दौरा GDA और तहसील की टीमों ने संयुक्त रूप से कर लिया है। बातचीत के आधार पर तय होगा मुआवजाइन गांवों में पहले लोगों से बातचीत की जाएगी कि वे अपनी जमीन दे दें। लोगों से बातचीत में जमीन अधिग्रहण की दर तय की जाएगी। सर्कल रेट के 4 गुना के बराबर मुआवजा देने का विकल्प दिया जा सकता है। किसानों को चिह्नित कर अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। लैंडपुलिंग के विकल्प भी देखेंगेजीडीए की बोर्ड बैठक में यह तय किया गया है कि लैंड पुलिंग के जरिए भी जमीन ली जाएगी। किसानों से आपसी सहमति के आधार पर जमीन खरीदने की तैयारी है। इसके अलावा किसानों से बातचीत की जाएगी। अगर इसपर बात नहीं बनी तो अनिवार्य अर्जन की ओर जाएंगे। सर्कल रेट न बढ़ने से किसान विरोध मेंGDA की ओर से पहले भी इस तरह के प्रयास किए गए हैं लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। किसान सर्कल रेट बढ़ाए बिना इस मुद्दे पर बात करने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में यह तय माना जा रहा है कि आने वाले समय में अनिवार्य अर्जन की राह पर ही GDA को जाना होगा।
ललितपुर में कन्या भोज के बाद 9 बच्चों समेत10 लोगों की तबीयत बिगड़ गई। सभी को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। घटना सोमवार शाम को थाना बार अंतर्गत ग्राम मार्रोली स्थित हनुमान मंदिर में हुई। एक ग्रामीण ने कन्या भोज का आयोजन किया था, जिसमें खीर-पूड़ी परोसी गई थी। एक घंटे बाद बिगड़ी तबियतभोजन करने के करीब एक घंटे बाद गांव की निशा पुत्र जयसिंह (14), शुभी पुत्री राघवेंद्र (3), वृष्टि पुत्री राघवेंद्र (6), चंदा पुत्र स्वर्गीय विंदा (8), मनीषा पुत्री पहाड़ सिंह (3), सुहाना पुत्री चंद्रभान (4), निशा पुत्र अमोल (17), शिवनय पुत्री बलराम (3), प्राची पुत्री अरविंद (5) और अंगूरी पति जगत सिंह (40) को उल्टियां होने लगीं। तबीयत बिगड़ने पर सभी को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) बार ले जाया गया। वहां हालत में सुधार न होने पर उन्हें रात करीब 11 बजे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। मेडिकल कॉलेज में सभी बीमार लोगों का इलाज जारी है।
बदायूं के बिल्सी क्षेत्र में जमीन विवाद हिंसक हो गया। पुलिस की मौजूदगी में महिलाओं पर लाठियों से हमला किया गया, जिसका वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।बदायूं जिले के बिल्सी कोतवाली क्षेत्र के अहमदनगर असोली गांव में जमीन विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। सोमवार को हुए इस विवाद में महिलाओं पर लाठियों से हमला किया गया, जबकि मौके पर पुलिस भी मौजूद थी। बताया जा रहा है कि गांव में दो पक्षों के बीच जमीन को लेकर पुराना विवाद चल रहा था, जो अचानक बढ़ गया और दोनों ओर से लाठी-डंडे चलने लगे। हालात बिगड़ते देख डायल 112 को सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद महिलाओं पर लाठियां बरसाई जाती रहीं और पुलिस समय रहते हस्तक्षेप नहीं कर सकी। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें लोग एक-दूसरे पर हमला करते नजर आ रहे हैं और पुलिसकर्मी स्थिति को नियंत्रित करने में असफल दिख रहे हैं। वीडियो में कुछ लोग यह कहते भी सुनाई दे रहे हैं कि पुलिस ने मौके से आरोपियों को नहीं पकड़ा। पुलिस के अनुसार, एक पक्ष की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और उसी पक्ष को ज्यादा चोटें आई हैं। पुलिस का कहना है कि वीडियो वायरल करने वाले लोग भी आरोपियों में शामिल हैं, जिन्हें बुलाकर मेडिकल परीक्षण कराया गया है। एसपी देहात डॉ. हृदेश कठेरिया ने बताया- मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है। सीओ बिल्सी केके तिवारी ने पुष्टि की कि जमीन विवाद में मारपीट हुई थी। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों का मेडिकल कराया गया है और मामले की जांच जारी है।
संभल के शिक्षा विभाग में बड़ा फेरबदल किया गया है। नए शिक्षा सत्र की शुरुआत के साथ ही सात खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) का तबादला कर दिया गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) अलका शर्मा ने सोमवार को इस संबंध में आदेश जारी किया। जारी तबादला सूची के अनुसार, मुंशीलाल पटेल को खंड शिक्षा अधिकारी बनियाखेड़ा नियुक्त किया गया है। उनके पास बहजोई और चंदौसी सर्किल का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा। अन्य तबादलों में, पोप सिंह को खंड शिक्षा अधिकारी असमोली और विनोद कुमार को खंड शिक्षा अधिकारी पंवासा बनाया गया है। विनोद कुमार मेहरा को रजपुरा की जिम्मेदारी दी गई है। अरुण कुमार को खंड शिक्षा अधिकारी गुन्नौर नियुक्त किया गया है। अंशुल कुमार को संभल का खंड शिक्षा अधिकारी बनाया गया है, जहां वे नगर संभल का भी कार्यभार देखेंगे। देवेंद्र कुमार सिंह को जुनावई का खंड शिक्षा अधिकारी नियुक्त किया गया है। गौरतलब है कि इस फेरबदल से एक दिन पहले, जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने भी चार पीसीएस अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया था। इसमें गुन्नौर और चंदौसी के एसडीएम भी शामिल थे।
मिर्जापुर के सुंदर घाट पर डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 135वीं जयंती की पूर्व संध्या पर दीपोत्सव का आयोजन किया गया। इस दौरान गंगा तट हजारों दीपों की रोशनी से जगमगा उठा। उपस्थित लोगों ने संविधान निर्माता को श्रद्धांजलि अर्पित की। पहले दीपोत्सव की तस्वीरें देखिए… इस आयोजन का नेतृत्व समाजवादी छात्र सभा के छात्र नेता आकाश यादव ने किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं और स्थानीय लोगों ने भाग लिया। सपा नेता राजेश भारती ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय संविधान देश के जनमानस को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने की प्रेरणा देता है। उन्होंने संविधान की रक्षा को सभी की जिम्मेदारी बताया और इसके दुरुपयोग के खिलाफ समाज को एकजुट रहने का आह्वान किया। छात्र नेता आकाश यादव ने जानकारी दी कि घाट को करीब 10 हजार दीपों से सजाया गया था। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य डॉ. अम्बेडकर के विचारों को जन-जन तक पहुंचाना और युवाओं को उनके आदर्शों से जोड़ना है। दीपोत्सव में शामिल लोगों ने डॉ. अम्बेडकर के बताए मार्ग पर चलने तथा समाज में समानता, न्याय और भाईचारे को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।
संभल सांसद बर्क बोले-अखिलेश की टिप्पणी सही:पुलिस-प्रशासन पर लगाए सत्ता के इशारे पर काम करने के आरोप
संभल से सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने सपा विधायकों को लेकर अखिलेश यादव की टिप्पणी का समर्थन किया। साथ ही उन्होंने पुलिस-प्रशासन पर सत्ता के दबाव में काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने सोमवार रात अपने आवास पर मीडिया से बातचीत के दौरान यह बात कही। सांसद बर्क ने संभल एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई और बरेली साउथ एसपी अंशिका वर्मा के जोधपुर में आयोजित रिसेप्शन में शामिल हुए सपा विधायकों पर अखिलेश यादव की टिप्पणी को लेकर कहा, “जब हमारे नेता ने टिप्पणी कर दी है, तो मुझे कुछ कहने की जरूरत नहीं है। वो हमारे नेता हैं और उनकी बात ही अंतिम है। मैं समझता हूं कि उन्होंने जो कहा है, वह सही है।” उन्होंने कहा कि वह अपने नेता के खिलाफ बयान नहीं दे सकते और अखिलेश यादव ने लोगों की भावना को ध्यान में रखकर ही बयान दिया होगा। पुलिस-प्रशासन पर निशाना साधते हुए बर्क ने आरोप लगाया कि अधिकारी सत्ता के इशारे पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि संवैधानिक रूप से मिली मजहबी स्वतंत्रता को कोई नहीं छीन सकता, हालांकि लोगों को परेशान जरूर किया जा सकता है। योगी आदित्यनाथ के कुओं को कब्जा मुक्त कराने के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासन ने इस कार्रवाई के जरिए अपनी पीठ थपथपाने का काम किया है और सरकार की नजरों में अच्छा बनने की कोशिश की है। बर्क ने कहा कि जिन कुओं की बात की जा रही है, उनका उपयोग समय के साथ बंद हो गया था और किसी ने उन पर कब्जा नहीं किया था। अगर अब उन्हें फिर से चालू किया जा रहा है, तो इसमें कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि सभी धर्मों के लोगों को अपने-अपने धार्मिक कार्य करने की संवैधानिक आजादी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनका मजहब किसी अन्य धर्म में हस्तक्षेप की इजाजत नहीं देता और सभी को अपने अधिकारों के तहत स्वतंत्रता मिलनी चाहिए।
मुरादाबाद में संविधान वाटिका में लेजर शो:अंबेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर संविधान यात्रा जीवंत हुई
डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर मुरादाबाद में एक विशेष आयोजन किया गया। बुद्धि विहार स्थित संविधान साहित्य वाटिका पार्क में लेजर लाइट शो के जरिए भारतीय संविधान की यात्रा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। इस आयोजन में प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने भाग लिया। यह आयोजन मुरादाबाद स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत विकसित संविधान साहित्य वाटिका पार्क में हुआ। लेजर लाइट शो में संविधान निर्माण से लेकर अब तक के महत्वपूर्ण संशोधनों को दर्शाया गया। रंग-बिरंगी रोशनी और आधुनिक तकनीक का उपयोग कर भारतीय लोकतंत्र की इस ऐतिहासिक विरासत को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। यह कार्यक्रम भारत के संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर को समर्पित था। इसमें डॉ. अंबेडकर के योगदान, संविधान निर्माण में उनकी भूमिका और देश के लोकतांत्रिक मूल्यों को विशेष रूप से उजागर किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को संविधान और उसके महत्व से जोड़ने में सहायक हैं। आम नागरिकों ने भी लेजर शो के माध्यम से संविधान की जानकारी को रोचक और प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की प्रशंसा की। अंबेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर आयोजित यह कार्यक्रम शहरवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। देर रात तक संविधान साहित्य वाटिका पार्क में लोगों की भीड़ उमड़ी रही।
मऊ में ड्यूटी पर तैनात सिपाही को लगी गोली:राइफल रखते समय हुआ हादसा, वाराणसी रेफर
मऊ में ड्यूटी पर तैनात एक सिपाही को उसकी राइफल से गोली लग गई। यह घटना तब हुई जब सिपाही दीपक कुमार चौहान (28) कचहरी के सदर मालखाने की सुरक्षा ड्यूटी पर थे। गोली उनके दाहिने कंधे में लगी, जिसके बाद उन्हें गंभीर हालत में वाराणसी रेफर किया गया है। घटना सदर मालखाने में तब हुई जब सिपाही अपनी राइफल रख रहे थे। अचानक गोली चलने से वहां अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस विभाग के उच्चाधिकारी, जिनमें एसपी कमलेश बहादुर, एएसपी अनूप कुमार और सीओ सिटी क्रिश राजपूत शामिल थे, तत्काल जिला अस्पताल पहुंचे। जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने घायल सिपाही को वाराणसी के हायर सेंटर रेफर कर दिया। डॉक्टर शाहिद कमाल ने बताया कि गोली दाहिने कंधे के आर-पार हो गई थी, लेकिन सिपाही खतरे से बाहर है। एसपी कमलेश बहादुर ने बताया कि सिपाही दीपक कुमार चौहान चंदौली के रहने वाले हैं और पुलिस लाइन गार्द में तैनात थे। उनकी ड्यूटी कचहरी के सदर मालखाने में लगाई गई थी। एसपी ने पुष्टि की कि असलहा रखते समय ही गोली चली थी। सिपाही को बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर भेजा गया है।
प्रयागराज में बढ़ती गर्मी और हीटवेव (लू) के खतरे को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। सोमवार को संगम सभागार में जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में हीटवेव और पेयजल व्यवस्था को लेकर स्टीयरिंग ग्रुप और संबंधित विभागों के साथ बैठक हुई। इसमें सभी अधिकारियों को जरूरी व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। डीएम ने साफ कहा कि गर्मी में लोगों और पशुओं को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए गांवों में तालाब और पोखरे भरवाने, हैंडपंप और पानी की टंकियों को चालू हालत में रखने के निर्देश दिए गए। जहां हर साल टैंकर से पानी सप्लाई होती है, वहां अभी से तैयारी करने को कहा गया। पानी, छांव और इलाज पर खास जोर डीएम ने गेहूं खरीद केंद्रों और सरकारी दफ्तरों में पेयजल और छांव की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। साथ ही स्वास्थ्य विभाग को ओआरएस, दवाएं, क्लोरीन टेबलेट और कीटनाशक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। गौशालाओं और पशुओं के लिए भी निर्देश गर्मी को देखते हुए सभी गौशालाओं में हरा चारा, पानी, टीकाकरण और शेड की व्यवस्था करने को कहा गया। पशुओं में बीमारी रोकने के लिए भी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए। बिजली और आग से बचाव की तैयारी विद्युत विभाग को जर्जर और झूलते तार ठीक करने, शॉर्ट सर्किट से बचाव और ट्रांसफार्मर समय पर बदलने के निर्देश दिए गए। साथ ही फायर विभाग को अलर्ट रहने और आग लगने की घटनाओं को रोकने के उपाय करने को कहा गया। शहर और गांव में सुधार के निर्देश नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में टूटी पाइपलाइन, हैंडपंप और नलकूपों की मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए। अस्पताल, होटल, मॉल और कोचिंग सेंटरों में फायर और इलेक्ट्रिक सेफ्टी ऑडिट कराने को भी कहा गया। कूलिंग और राहत की व्यवस्था डीएम ने कूल रूम, प्याऊ, पानी के छिड़काव और रैन बसेरों में पंखा, लाइट और पानी की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। डीएम ने कहा कि लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगी और सभी विभाग समय रहते तैयारी पूरी कर लें।
मथुरा में अवैध मिठाई फैक्ट्री पर छापा:अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में बन रही डोडा बर्फी, सामग्री सीज
मथुरा में खाद्य सुरक्षा विभाग ने सोमवार को एक अवैध मिठाई निर्माणशाला पर छापा मारा। यह कार्रवाई आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन धीरेन्द्र प्रताप सिंह के निर्देश पर, सहायक आयुक्त (खाद्य) द्वितीय के मार्गदर्शन में और मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ज्ञानपाल सिंह के नेतृत्व में की गई। छापेमारी के दौरान अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में डोडा बर्फी का निर्माण होते पाया गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी जितेन्द्र सिंह को मिली अभिसूचना के आधार पर जयसिंहपुरा क्षेत्र में बिरला मंदिर के पास स्थित डॉ. बी.सी. गोयल हॉस्पिटल के पीछे संचालित इस इकाई पर छापा मारा गया। यह निर्माणशाला दिनेश गर्ग द्वारा अवैध रूप से चलाई जा रही थी। टीम ने मौके से डोडा बर्फी और अंगूरी आटा के नमूने लिए। इसके अतिरिक्त, निर्माणशाला में रखी लगभग 97 किलोग्राम डोडा बर्फी, 17 टिन रिफाइंड सोयाबीन ऑयल, 750 किलोग्राम चीनी, 500 किलोग्राम सूजी और 200 किलोग्राम अंगूरी आटा (दलिया) सहित कुल 1.27 लाख रुपये की सामग्री सीज की गई। इसी अभियान के तहत, छटीकरा स्थित अग्रवाल स्वीट पर भी कार्रवाई की गई। यहां से पेड़े का नमूना लिया गया और लगभग 12 किलोग्राम दूषित पेड़ा नष्ट कराया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 3600 रुपये थी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी अरुण कुमार ने गांव हरनौल स्थित रामू डेयरी से पनीर का नमूना भी संग्रहित किया। अधिकारियों के अनुसार, कुल चार खाद्य नमूनों को जांच के लिए राजकीय खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ललितपुर जिले के पाली थाना क्षेत्र में मधुमक्खियों के हमले से एक चरवाहे की मौत हो गई। सोमवार दोपहर ग्राम जमुनधाना कला के मजरा सुरउआ निवासी प्रागी पाल (55) अपनी बकरियां चराने जंगल गए थे। प्रागी पाल गांव के पास जंगली इलाके में बकरियां चरा रहे थे। बकरियों के चरने के दौरान वह एक पेड़ के पास बैठ गए। इसी दौरान वहां मौजूद मधुमक्खियों ने उन पर अचानक हमला कर दिया और शरीर पर कई जगह काट लिया। मधुमक्खियों के हमले से बचने के लिए उन्होंने भागने का प्रयास किया, लेकिन गंभीर रूप से घायल होने के कारण वह मौके पर ही बेहोश हो गए। घटना की जानकारी मिलने पर उनके पुत्र सीताराम और भतीजे राजेश तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। वे अचेत प्रागी पाल को इलाज के लिए शहर के मेडिकल कॉलेज ले गए। मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद देर शाम परिजन शव को घर ले गए।
मेरठ में 5 सेकेंड में बुलेट चोरी:CCTV में कैद वारदात, स्कूटर का लॉक नहीं टूटा तो बाइक ले भागा चोर
मेरठ में वाहन चोरों के हौसले एक बार फिर बुलंद नजर आए। मेरठ के लिसाड़ीगेट थाना क्षेत्र में एक शातिर चोर ने महज 5 सेकेंड में बुलेट मोटरसाइकिल चोरी कर ली। पूरी वारदात पास में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। 15 घंटे में लोहिया नगर पुलिस ने आरोपी को जामिया रेजिडेंसी से गिरफ्तार कर लिया और बुलेट बाइक भी बरामद कर ली। स्कूटर नहीं खुला, तो बुलेट उठा ले गयाघटना श्यामनगर रोड स्थित गली नंबर-2, हाजी काशिम वाली गली की है। CCTV फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि चोर पहले गली में खड़ी एक स्कूटी का लॉक तोड़ने की कोशिश करता है। काफी प्रयास के बाद भी जब वह स्कूटर का लॉक नहीं तोड़ पाया, तो उसने पास में खड़ी बुलेट मोटरसाइकिल को निशाना बना लिया। बिना स्टार्ट किए ही 5 सेकेंड में चोरीवीडियो में देखा जा सकता है कि चोर ने बेहद तेजी और चालाकी से बुलेट को बिना स्टार्ट किए ही पैदल खींचकर वहां से फरार हो गया। पूरी घटना महज 5 सेकेंड में अंजाम दी गई, जिससे इलाके के लोग भी हैरान हैं। 21 और 43 सेकेंड के वीडियो आए सामनेघटना से जुड़े 21 सेकेंड और 43 सेकेंड के दो अलग-अलग CCTV फुटेज सामने आए हैं, जिनमें चोर की हरकतें स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही हैं। पहले वह स्कूटी के साथ छेड़छाड़ करता है और फिर बुलेट लेकर मौके से फरार हो जाता है। सोतीगंज बंद, फिर भी जारी वाहन चोरीगौरतलब है कि मेरठ का सोतीगंज इलाका कभी चोरी के वाहनों के कटान के लिए प्रसिद्ध रहा है। प्रशासन द्वारा कार्रवाई के बाद वहां कटान बंद किया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद शहर में वाहन चोरी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इससे आशंका जताई जा रही है कि कहीं न कहीं अब भी अवैध रूप से वाहनों का कटान किया जा रहा है। 15 घंटे में पुलिस ने चोर को किया गिरफ्तार, बाइक भी की बरामदहालांकि 15 घंटे में लोहिया नगर पुलिस ने आरोपी को जामिया रेजिडेंसी से गिरफ्तार कर लिया और बुलेट बाइक भी बरामद कर ली। आरोपी साद पुत्र वसीम है, जो दवाई नगर, थाना नौचंदी का रहने वाला है। उसने पूछताछ में बताया कि बाइक लिसाड़ी गेट क्षेत्र से चोरी की थी।
न्यायिक आदेशों का पालन न करने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में अलीगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नीरज कुमार जादौन हाजिर हुए। इस दौरान सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि कुछ भ्रम के कारण उनके कार्यालय में एसएसपी के व्यक्तिगत हलफनामे की जानकारी नहीं हो पाई। इस लापरवाही पर कोर्ट ने नाराजगी जताई और एसएसपी की उपस्थिति माफ कर दी। यह आदेश न्यायमूर्ति समित गोपाल ने योगेश की याचिका पर दिया है। जवाबी हलफनामा दाखिल करना था याची ने अलीगढ़ के टप्पल थाने में दर्ज मुकदमे की कार्यवाही रद्द करने की मांग करते हुए याचिका की। कोर्ट ने याचिका में जवाबी हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया था। कई महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस प्रशासन ने जवाब दाखिल नहीं किया तो कोर्ट ने एसएसपी को तलब किया था। कोर्ट के आदेश के अनुपालन में एसएसपी हाजिर हुए। साथ ही विपक्षी की ओर से दाखिल जवाबी हलफनामे की कॉपी याची को दी गई। याची के वकील ने प्रत्युत्तर हलफनामा दाखिल करने के लिए तीन सप्ताह का समय मांगा। कोर्ट ने उन्हें समय देते हुए ने मामले की अगली सुनवाई के लिए छह मई की तारीख लगा दी और तब तक के लिए अंतरिम आदेश (यदि कोई हो) को प्रभावी रखने का निर्देश दिया।
गाजीपुर में कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने नोएडा में हुए श्रमिक प्रदर्शन को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने इसे संभावित साजिश बताते हुए मुजफ्फरनगर में प्रस्तावित सीएम रैली से जोड़कर भी आशंका जताई। अनिल राजभर ने नोएडा में हुए श्रमिक प्रदर्शन को एक बड़ी साजिश का हिस्सा बताया है। उन्होंने गाजीपुर में कहा कि यह घटना सामान्य नहीं है और इसके पीछे सुनियोजित रणनीति हो सकती है। सोमवार देर शाम मऊ से वाराणसी जाते समय गाजीपुर में रुके मंत्री ने कहा कि इस घटना का उद्देश्य मुजफ्फरनगर में मुख्यमंत्री की प्रस्तावित रैली को प्रभावित करना भी हो सकता है। उन्होंने यहां तक कहा कि इस मामले में आतंकी एंगल से भी इनकार नहीं किया जा सकता। मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के विकास में श्रमिकों की अहम भूमिका है। उन्होंने श्रमिकों से अपील की कि वे किसी भी साजिश का हिस्सा न बनें और शांति बनाए रखें। महिला आरक्षण बिल को लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी। राजभर ने कहा कि “लड़कों से गलती हो जाती है” जैसी मानसिकता रखने वाले लोग आज महिला हित की बात कर रहे हैं, जो सवाल खड़े करता है। उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। वहीं, आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह द्वारा चुनाव आयोग पर उठाए गए सवालों पर मंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना विपक्ष की पुरानी आदत बन चुकी है। राजभर ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के बाद बिहार और असम में चुनाव हुए। लेकिन किसी मतदाता ने कोई आपत्ति नहीं जताई और अब तक किसी ने यह नहीं कहा कि उसका वोट गलत तरीके से हटाया गया है।
टीईटी के विरोध में शिक्षकों ने निकाला मशाल जुलूस:मथुरा में सैकड़ों शिक्षकों ने किया जोरदार प्रदर्शन
मथुरा में सोमवार को अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के बैनर तले शिक्षकों ने टीईटी के विरोध में मशाल जुलूस निकाला। सैकड़ों की संख्या में शिक्षकों ने सेठ बीएन पोद्दार इंटर कॉलेज से होली गेट तक पैदल मार्च किया और अपनी नाराजगी व्यक्त की। यह मशाल जुलूस शाम करीब 6 बजे शुरू हुआ। इसमें शामिल शिक्षकों ने हाथों में कैंडल और मशाल लेकर टीईटी के खिलाफ नारेबाजी की। 'शिक्षक एकता जिंदाबाद' जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के इस फैसले का कड़ा विरोध किया। शिक्षकों का कहना है कि उनकी नियुक्ति के समय टीईटी की अनिवार्यता लागू नहीं थी। ऐसे में अब उन्हें इसके दायरे में लाना अनुचित है। उन्होंने इस निर्णय को 'तुगलकी फरमान' बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की। शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। शिक्षक नेता देवेंद्र सारस्वत ने सरकार से शिक्षकों की समस्याओं को गंभीरता से समझने की अपील की। उन्होंने कहा कि ऐसे निर्णय लेने से पहले शिक्षकों से संवाद आवश्यक है। सारस्वत के अनुसार, यह आंदोलन शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा के लिए है और इसे जारी रखा जाएगा। मशाल जुलूस के दौरान स्थानीय प्रशासन व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्क रहा। पूरे कार्यक्रम में शांति व्यवस्था बनी रही, हालांकि शिक्षकों में सरकार के प्रति गहरा आक्रोश स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
कौशांबी में युवक ने फांसी लगाई:बहन ने ससुरालियों पर प्रताड़ना का आरोप लगाया, जांच में जुटी पुलिस
कौशांबी के कड़ा धाम कोतवाली क्षेत्र में एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने बहन के ससुराल वालों पर प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। कड़ा धाम कोतवाली क्षेत्र के कड़ा निवासी विकास मौर्य ने सोमवार शाम को फांसी लगा ली। मृतक के पिता तरुण कुमार मौर्य ने थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने बेटी के ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के अनुसार, तरुण कुमार मौर्य ने अपनी बेटी प्रीति मौर्य की शादी 11 मार्च 2023 को फतेहपुर निवासी सौरभ उर्फ प्रिंस से की थी। शादी के बाद से ही बेटी के ससुराल वालों से संबंध बिगड़ गए थे। बीते 16 मार्च 2026 को मंझनपुर में एक विवाद भी हुआ था। इसके बाद से ससुराल वाले विकास को फोन पर धमकियां दे रहे थे कि वे उसकी बहन को जलाकर मार डालेंगे और परिवार को दुर्घटना में खत्म कर देंगे। इन लगातार मिल रही धमकियों से परेशान होकर विकास ने सोमवार शाम को यह कदम उठाया। जब तक परिजनों को घटना की जानकारी हुई, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। कड़ा धाम कोतवाली के थाना प्रभारी विनीत सिंह ने बताया कि परिजनों की तहरीर के आधार पर जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सतना में कथित तौर पर डॉक्टरों की लापरवाही के कारण सोमवार को एक युवक की रीवा में मौत हो गई। किडनी स्टोन के ऑपरेशन के बाद युवक को रीवा रेफर किया गया था। इस घटना से नाराज परिजनों ने सतना पहुंचकर जमकर हंगामा किया और मुआवजे की मांग की। परिजनों ने पहले कोलगवां थाना के पास शव रखकर हाईवे जाम किया। पुलिस द्वारा हटाए जाने के बाद, उन्होंने पाठक हॉस्पिटल के बाहर शव रखकर धरना प्रदर्शन किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तीन थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। परिजनों की मांग है कि अस्पताल के डॉक्टरों पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए। इसके साथ ही, मृतक के परिवार को 20 करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए। किडनी के इलाज के लिए भर्ती किया थापरिजनों का आरोप है कि युवक को किडनी के इलाज के लिए भर्ती किया गया था। ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों की लापरवाही से उसकी दूसरी किडनी भी क्षतिग्रस्त हो गई, जिसमें धागा बांधकर उसे रीवा रेफर कर दिया गया। रीवा में मरीज की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, पन्ना जिले के देवेंद्रनगर निवासी रवि रजक को किडनी में पथरी की शिकायत थी। परिजन उसे इलाज के लिए सतना के मुख्तियारगंज स्थित स्टार मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल लेकर पहुंचे थे। जांच के बाद डॉक्टरों ने एक किडनी में गंभीर समस्या बताते हुए ऑपरेशन की सलाह दी। 4 अप्रैल को पाठक नर्सिंग होम में मरीज का करीब पांच घंटे तक ऑपरेशन चला। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने लापरवाही बरती और दूसरी स्वस्थ किडनी में भी कट लगा दिया। ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत बिगड़ने लगी। स्थिति गंभीर होते देख अस्पताल प्रबंधन ने उसे रीवा के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल रेफर कर दिया। रीवा पहुंचने पर जांच और इमरजेंसी ऑपरेशन के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए, जिसके बाद मरीज की मौत हो गई। दूसरी किडनी में बंधा था धागाबताया गया कि दूसरी किडनी पर गहरा कट था, जिसे धागे से बांध दिया गया था। इससे खून का रिसाव हुआ और किडनी ने काम करना बंद कर दिया। रीवा के डॉक्टरों ने स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन संक्रमण और आंतरिक क्षति अधिक होने के कारण दूसरी किडनी को भी निकालना पड़ा। इसके बाद मरीज की हालत लगातार बिगड़ती गई और अंतत: उसकी मौत हो गई। पिता ने लगाए डॉक्टरों पर गंभीर आरोपमृतक के पिता गिरधारीलाल रजक ने आरोप लगाया कि उनके बेटे को मामूली पथरी की समस्या थी, लेकिन पाठक अस्पताल के डॉ पुष्पेंद्र सिंह, डॉ राजीव पाठक और डॉ राजीव सिंह लापरवाही के कारण उसकी जान चली गई। उन्होंने बताया कि पहले सोनोग्राफी में पथरी की पुष्टि हुई थी, जिसके बाद उन्हें किडनी विशेषज्ञ के पास भेजा गया। डॉक्टरों के कहने पर बेटे को पाठक नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया और ऑपरेशन कर दिया गया, लेकिन इलाज के नाम पर गंभीर लापरवाही की गई। सीएसपी से भिडीं महिलाएंघटना के बाद परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा। सोमवार देर रात उन्होंने कोलगवां थाना के सामने चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया गया। स्थिति बिगड़ते देख पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाइश देकर मामला शांत कराया। इसके बाद पाठक हॉस्पिटल के पास शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान सीएसपी देवेन्द्र सिंह और महिलाओं के बीच झड़प भी देखने को मिली। दरअसल महिलाओं को अस्पताल की ओर नहीं जाने दिया जा रहा था, ऐसे में वह आक्रोशित हो गईं। वायरल वीडियो में गिड़गिड़ाते नजर आए डॉक्टरपाठक हॉस्पिटल में किडनी का ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर पुष्पेन्द्र सिंह का एक वीडियो भी सामने आया। इसमें डॉक्टर पुष्पेन्द्र सिंह और मृतक के परिजनों के बीच बातचीत हो रही है। इस बातचीत में डॉक्टर ने अपनी गलती स्वीकारी। साथ ही इस मामले में तूल न देने की गुजारिश कर रहे हैं। यही नहीं वे अपनी जिम्मेदारी रीवा के अस्पताल पर थोपते हुए दिखाई दे रहे हैं। सीएमएचओ को पहले दे चुके थे शिकायतपरिजनों ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, पोस्टमार्टम विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम से कराया जाए और दोषी डॉक्टरों व अस्पताल प्रबंधन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। बताया जाता है कि डॉक्टरों की लापरवाही के संबंध में परिजनों ने चार दिन पहले सीएमएचओ डॉ मनोज शुक्ला को लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन इस पर कोई एक्शन नहीं लिया गया। सतना सीएमएचओ डॉ मनोज शुक्ला का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है। टीम बनाकर प्रकरण की जांच कराई जाएगी। यदि आरोप प्रमाणित पाए गए तो संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मध्य प्रदेश में एमपी बोर्ड 10वीं और 12वीं के लाखों छात्रों का इंतजार जल्द खत्म होगा। स्कूल शिक्षा विभाग के मुताबिक 15 अप्रैल सुबह 11 बजे रिजल्ट जारी किया जाएगा। इस बार करीब 16 लाख छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बताया कि रिजल्ट से पहले क्रॉस चेकिंग और वैरिफिकेशन तेजी से पूरा किया गया। हर स्तर पर जांच की गई, ताकि कोई गलती न रहे। रिजल्ट “फुलप्रूफ” रखा गया है, जिससे छात्रों को परेशानी न हो। 10वीं में 9 लाख से ज्यादा छात्र शामिल प्रदेश में 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में 16 लाख से अधिक छात्र शामिल हुए। इनमें करीब 9 लाख 7 हजार छात्र 10वीं और लगभग 7 लाख छात्र 12वीं में बैठे। परीक्षा के लिए 3856 केंद्र बनाए गए थे। 100 नकल प्रकरण, मुरैना में सबसे ज्यादा नकल रोकने के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड, सीसीटीवी और प्रश्नपत्र वितरण की वीडियोग्राफी की व्यवस्था की गई थी। इसके बावजूद प्रदेश में करीब 100 नकल प्रकरण सामने आए। मुरैना में सबसे ज्यादा 41 और भोपाल में 20 मामले दर्ज हुए। एक्सपर्ट की सलाह- बच्चों पर दबाव न डालें डॉक्टरों और काउंसलर्स ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों पर दबाव न डालें और मानसिक सहयोग दें। गांधी मेडिकल कॉलेज की डॉ. रुचि सोनी ने कहा कि हर बच्चा अच्छा रिजल्ट चाहता है, लेकिन ऐसा हमेशा संभव नहीं होता। एक परीक्षा जीवन तय नहीं करती। बच्चों के तनाव में होने पर उनसे बात करें और उनका साथ दें। समय पर रिजल्ट से मिलेगी राहत शिक्षा विभाग का उद्देश्य समय पर रिजल्ट जारी करना है, ताकि छात्र बिना देरी अगली कक्षा या कोर्स में प्रवेश ले सकें। तय समय पर परिणाम आने से छात्रों और अभिभावकों को राहत मिलेगी।
इंदौर के एरोड्रम इलाके में टाटा नमक की नकली पैकिंग करने वाली फैक्ट्री पर पुलिस ने दबिश दी। यहां से 840 पैकेट नकली नमक और 1850 किलो कच्चा माल और मशीनरी जब्त की। पूछताछ में ये बात निकलकर सामने आई है कि आरोपी दिल्ली से पैकेजिंग का सामान बुलवाता था। सोमवार को पुलिस ने मामले का खुलासा किया। एरोड्रम टीआई तरुण सिंह भाटी ने बताया कि इंदौर में टाटा कंज्यूमर प्रोटक्ट लिमिटेड के टेक्निकल एक्सपर्ट ने लिखित शिकायत की थी कि इंदौर में कंपनी के ब्रांड टाटा नमक की नकली पैकेजिंग कर बाजार में बेचा जा रहा है। इससे कंपनी और शासन को आर्थिक नुकसान हो रहा है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने लोकनायक नगर में एक जगह पर दबिश दी और मौके से जितेंद्र गुप्ता को पकड़ा। वह बड़े स्तर पर नकली नमक की पैकेजिंग करने का काम कर रहा था। उसके पास से लगभग 1 लाख रुपए से ज्यादा माल जब्त किया है। इसमें मुख्य रूप से 840 पैकेट (1 किलो) नकली टाटा नमक, 1850 किलो कच्चा नमक, 980 खाली ब्रांडेड पैकेजिंग, 32 खाली कट्टे, वेइंग मशीन, पैकिंग मशीन, सिलाई मशीन और डिजिटल तराजू जब्त किया है। दिल्ली से बुलवाता था पैकेजिंग का सामान आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह नकली पैकेजिंग का सामान (ब्रांडेड कट्टे/पॉलीथिन) दिल्ली से मंगवाता था और स्थानीय स्तर पर सस्ते कच्चे नमक को पैक कर टाटा नमक के नाम से आसपास के इलाकों में बेचता था। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर लिया है। उससे पूछताछ कर ओर भी जानकारी निकाली जा रही है।
सिंगरौली में आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में विधायक रामनिवास शाह का बयान काफी चर्चा में है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि 33% आरक्षण से महिलाओं को बराबरी का हक तो मिलेगा, लेकिन असली बदलाव तब आएगा जब 'सरपंच पति' जैसी मानसिकता खत्म होगी। इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री के भाषण का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया। 'सरपंच पति' वाली सोच बदलनी होगी विधायक रामनिवास शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को बराबरी का दर्जा देना चाहते हैं, इसीलिए आरक्षण की व्यवस्था की गई है। उन्होंने यह भी माना कि आज भी कई जगहों पर महिलाएं खुलकर काम नहीं कर पा रही हैं और उनके अधिकारों का इस्तेमाल घर के पुरुष कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि समाज को 'सरपंच पति' या 'पार्षद पति' वाले ढर्रे से बाहर निकलना होगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यह बदलाव धीरे-धीरे ही आएगा। महिलाओं ने किया समर्थन कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं ने भी विधायक की बात का समर्थन किया। एक महिला हितग्राही ने कहा कि महिलाओं की पहचान उनके पति के पद से होना गलत है, उन्हें खुद आत्मनिर्भर और सशक्त बनना चाहिए। प्रधानमंत्री का संबोधन और सम्मान प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में महिलाओं की आत्मनिर्भरता और लोकतंत्र में उनकी भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। इस मौके पर देवसर विधायक राजेंद्र मेश्राम, कलेक्टर गौरव बैनल और अन्य बड़े अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में अलग-अलग क्षेत्रों में बेहतरीन काम करने वाली महिलाओं को सम्मानित भी किया गया।
कृषि, पशुपालन समेत 60 से ज्यादा कॉलेजों में एडमिशन के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार प्रवेश परीक्षाओं के लिए 27 अप्रैल तक ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। जबकि परीक्षा 21 जून 2026 को आयोजित होने की संभावना है। पीएटी और पीपीवीटी प्रवेश परीक्षा राज्य के सभी 33 जिला मुख्यालयों में निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। इन विश्वविद्यालयों के कॉलेजों में मिलेगा एडमिशन प्रवेश परीक्षा के जरिए इन विश्वविद्यालयों के अंतर्गत संचालित कॉलेजों में दाखिला मिलेगा— 60 से ज्यादा कॉलेजों में सीटें इन प्रवेश परीक्षाओं के माध्यम से 33 कृषि कॉलेज, 4 कृषि इंजीनियरिंग कॉलेज, 17 उद्यानिकी कॉलेज, 1 वानिकी कॉलेज, 1 फूड टेक्नोलॉजी कॉलेज, 1 पशु चिकित्सा कॉलेज, 1 डेयरी टेक्नोलॉजी कॉलेज, 1 मत्स्य पालन कॉलेज में प्रवेश दिया जाएगा। ऑनलाइन करना होगा आवेदन अभ्यर्थी व्यापम की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के दौरान परीक्षा शुल्क का भुगतान भी ऑनलाइन ही करना होगा। स्थानीय उम्मीदवारों को शुल्क वापसी छत्तीसगढ़ के स्थानीय निवासी अभ्यर्थी जो परीक्षा में शामिल होंगे, उनका परीक्षा शुल्क शासन के नियमों के अनुसार वापस कर दिया जाएगा। यह परीक्षा कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों में करियर बनाने वाले छात्रों के लिए बड़ा मौका है।
वाणिज्य, उद्योग, आबकारी और श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन की अध्यक्षता में 13 अप्रैल को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) शासी परिषद की बैठक आयोजित हुई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के स्वीकृत कार्यों की प्रगति, पूर्ण कार्यों की कार्योत्तर स्वीकृति, नई कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई और अनुमोदन किया गया। मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के सहयोग से जिले में विकास कार्य तेज गति से आगे बढ़ रहे हैं। डीएमएफ मद से कोरबा जिले में अतिरिक्त विकास सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि स्वीकृत कार्यों में स्कूल भवन, आंगनबाड़ी भवन, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल व्यवस्था, सड़क निर्माण, पुल निर्माण शामिल हैं। मंत्री ने सभी कार्यों को तय समयसीमा में पूरा करने, गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) से जुड़े कार्यों पर संतोष व्यक्त किया। डीएमएफ से कोरबा को नई पहचान मिलेगी सांसद ज्योत्सना महंत ने कहा कि डीएमएफ से कोरबा को नई पहचान मिलेगी। उन्होंने खनन प्रभावित क्षेत्रों में प्रदूषण नियंत्रण, राखड़ बांध समस्या, पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान देने की बात कही।उन्होंने गर्मी के मौसम में पेयजल उपलब्धता, बारिश से पहले स्वास्थ्य केंद्रों में दवाओं की आपूर्ति, जर्जर स्कूल भवनों के सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। विधायक प्रेमचंद पटेल ने कौशल विकास, रोजगार सृजन, दलहन-तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देने का सुझाव दिया। विधायक तुलेश्वर मरकाम ने डीएमएफ निर्माण पोर्टल को जनहित में उपयोगी बताया। उच्च प्राथमिकता कार्यों पर खर्च होगी कलेक्टर कुणाल दुदावत ने बताया कि डीएमएफ नियमों में संशोधन कर वित्तीय वर्ष 2026-27 से लागू किया गया है। इस योजना का उद्देश्य खनन के दुष्प्रभाव कम करना, प्रभावित क्षेत्रों में जीवन स्तर सुधार करना है। लगभग 70 प्रतिशत राशि शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, पर्यावरण जैसे उच्च प्राथमिकता कार्यों पर खर्च होगी। 30 प्रतिशत राशि अन्य अधोसंरचना विकास पर उपयोग होगी। जिले के 5 विकासखंडों के 564 गांव प्रत्यक्ष प्रभावित क्षेत्र के रूप में चिन्हित हैं। 15 किलोमीटर क्षेत्र प्रत्यक्ष प्रभावित, 25 किलोमीटर क्षेत्र अप्रत्यक्ष प्रभावित माना जाएगा। नई योजनाएं और अनुमोदन बैठक में गुरु घासीदास विश्वविद्यालय के सहयोग से बेसलाइन सर्वे पर आधारित पर्सपेक्टिव योजना निर्माण, एंडोमेंट फंड गठन, परियोजना प्रबंधन इकाई चयन, डिजिटल सशक्तिकरण हेतु वेबसाइट और पोर्टल विकास, थर्ड पार्टी ऑडिट, टोल-फ्री नंबर सहित कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 519.11 करोड़ रुपए की प्राप्ति हुई। इसके विरुद्ध 1498 कार्यों के लिए 529.24 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई।
सोमवार को पानीपत जिले के इसराना के ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपमंडल इसराना से मतलौड़ा तक सीधी सड़क बनाने की मांग को लेकर एसडीएम नवदीप सिंह नैन को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व बीजेपी के पूर्व जिला प्रधान धर्मपाल जागलान ने किया। ग्रामीणों ने बताया कि वर्तमान में इसराना और मतलौड़ा के बीच आवागमन के लिए लोगों को पानीपत होकर जाना पड़ता है, जिससे लगभग 50 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। यह दोनों स्थान एक ही विधानसभा क्षेत्र में आते हैं। मतलौड़ा के लोगों को आना पड़ा है इसराना धर्मपाल जागलान ने कहा कि मतलौड़ा के निवासियों को अपने कार्यों के लिए एसडीएम इसराना के पास आना पड़ता है। इसी तरह, इसराना के लोगों को हल्का इसराना के विधायक और हरियाणा के पंचायत एवं विकास मंत्री कृष्ण लाल पंवार से मिलने के लिए उनके पैतृक निवास मतलौड़ा जाना पड़ता है। घटकर रह जाएगी 20 किलोमीटर दूरी प्रतिनिधिमंडल ने तर्क दिया कि सीधी सड़क बनने से यह दूरी घटकर मात्र 20 किलोमीटर रह जाएगी। इससे दोनों ओर के लोगों को आने-जाने में काफी सुविधा होगी और उनके निजी कार्यों में लगने वाला समय भी बचेगा। उन्होंने मंत्री कृष्ण लाल पवार से भी इस मांग पर विचार करने का आग्रह किया। ग्रामीणों का मानना है कि सीधी सड़क बनने से क्षेत्र में आपसी भाईचारा बढ़ेगा और विकास कार्यों को गति मिलेगी।
सुलतानपुर में पूर्व बीज विकास निगम अध्यक्ष राणा अजीत प्रताप सिंह को बड़ी राहत मिली है। उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने उनकी हिरासत को अवैध घोषित कर दिया है। जिसके बाद उन्हें जेल से रिहा करने का आदेश दिया। वहीं सोमवार की रात में जेल से रिहा कर दिया गया। राणा अजीत प्रताप सिंह द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने हिरासत की प्रक्रिया में गंभीर खामियां पाईं। अदालत ने स्पष्ट किया कि नियमानुसार आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया था, जिससे उनकी गिरफ्तारी और हिरासत कानूनी रूप से वैध नहीं मानी जा सकती। न्यायालय के इस फैसले के तुरंत बाद, जेल प्रशासन ने रिहाई की प्रक्रिया पूरी की। रिहाई की खबर मिलते ही समर्थकों में खुशी फैल गई, जिन्होंने इसे न्याय की जीत बताया। इस पूरे प्रकरण को लेकर प्रशासनिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि न्यायालय के आदेश के बाद संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी समीक्षा की जा सकती है। सच्चाई धीरे-धीरे सबके सामने आ रही राणा अजीत सिंह ने कहा कि भले ही न्याय मिलने में थोड़ा समय लगा हो, लेकिन सच्चाई धीरे-धीरे सबके सामने आ रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि जो भी शेष तथ्य हैं, वे जल्द ही उजागर होंगे।विरोधियों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कुछ लोग उन्हें बदनाम करने और परेशान करने के लिए इस स्तर की घटिया राजनीति पर उतर आए हैं। उन्होंने इसे एक सुनियोजित षड्यंत्र बताया। उन्होंने कहा कि ईश्वर उन लोगों को सद्बुद्धि दे जो इस तरह के षड्यंत्र रचते हैं। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि इस तरह की राजनीति का भविष्य में उन लोगों को बुरा परिणाम भुगतना पड़ेगा। पढ़िए पूरा मामला…सुल्तानपुर में जमीनी विवाद को लेकर हुए बवाल में पूर्व मंत्री राणा अजीत प्रताप सिंह और उनके पुत्र समेत आठ आरोपियों को सोमवार शाम जेल भेज दिया गया था। जहां घर में घुसकर मारपीट और फायरिंग का आरोप है। पीड़ित जिलाजीत यादव ने पुलिस को दी तहरीर में बताया - गांव के अरविंद यादव से उनका पुराना जमीनी विवाद चल रहा। आरोप है कि इसी विवाद के चलते राणा अजीत प्रताप सिंह, उनके पुत्र अभिजीत सिंह समेत कई लोग हथियारों के साथ उनके घर में घुस आए थे। शिकायत के अनुसार, हमलावर पिस्टल, रिवाल्वर और लाठी-डंडों से लैस थे। उन्होंने जान से मारने की नीयत से हमला किया और फायरिंग भी की, जिसमें कई लोग घायल हो गए थे। घटना के बाद पुलिस अधीक्षक ने लापरवाही बरतने पर अखंडनगर थाना प्रभारी संत कुमार सिंह को निलंबित कर दिया था। पुलिस ने देर रात कार्रवाई करते हुए राणा अजीत प्रताप सिंह, उनके पुत्र अभिजीत सिंह, आदित्य सिंह, विक्कू सिंह उर्फ शिवा, अभिषेक प्रताप सिंह, रितिक राय, अजय प्रताप सिंह और संजीत यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
जयपुर में “वाह विरासत” के बैनर तले आयोजित जनरल मैनेजर्स एक्सचेंज प्रोग्राम (GMX) ने राजस्थान की हॉस्पिटैलिटी और वेडिंग इंडस्ट्री को नई दिशा देने की मजबूत पहल की। इस आयोजन में राज्य के प्रमुख स्टार होटलों के जनरल मैनेजर्स और इंडस्ट्री से जुड़े विशेषज्ञ एक मंच पर जुटे, जहां वर्तमान चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर गहन मंथन हुआ। वेडिंग इंडस्ट्री के जाने-माने नाम ऋतुराज खन्ना इस आयोजन के प्रमुख संयोजक रहे। कार्यक्रम में ट्रेवल और होटल सेक्टर से जुड़े कई प्रमुख व्यक्तित्वों की उपस्थिति रही, जिनमें कुलदीप सिंह चंदेला(HRAR), महेंद्र सिंह (अध्यक्ष RATO), सुरेंद्र सिंही शाहपुरा (प्रेसिडेंट FHTR), हितेंद्र शर्मा (अध्यक्ष FOREM) और भगत सिंह शामिल रहे। “वाह विरासत” के संस्थापक अरशद हुसैन और सह-संस्थापक मनीष तांबी के नेतृत्व में इस कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। मनीष तांबी विरासत हेरिटेज रेस्टोरेंट के मैनेजिंग डायरेक्टर भी हैं, जो अपनी पारंपरिक राजस्थानी रॉयल हॉस्पिटैलिटी के लिए प्रसिद्ध है। कार्यक्रम की शुरुआत साईं बाबा मंदिर के महंत ओमप्रकाश शर्मा द्वारा पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसने आयोजन को सांस्कृतिक और आध्यात्मिक गरिमा प्रदान की। इस कार्यक्रम में हॉस्पिटैलिटी, टूरिज्म और वेडिंग सेक्टर से जुड़े प्रमुख संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ राजस्थान के विभिन्न स्टार होटलों के जनरल मैनेजर्स ने सक्रिय भागीदारी निभाई। इससे यह आयोजन इंडस्ट्री के लिए एक महत्वपूर्ण नेटवर्किंग और नॉलेज-शेयरिंग प्लेटफॉर्म बनकर उभरा। GMX के दौरान वेडिंग टूरिज्म के तेजी से बढ़ते ट्रेंड, डेस्टिनेशन वेडिंग्स की बढ़ती मांग, लक्ज़री हॉस्पिटैलिटी में नवाचार और इंडस्ट्री में आपसी सहयोग को मजबूत करने जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि राजस्थान अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, भव्य लोकेशन्स और बेहतरीन आतिथ्य के दम पर राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में अपनी पहचान को और मजबूत कर सकता है। यह आयोजन न केवल विचार-विमर्श का मंच बना, बल्कि भविष्य में होटल्स, वेडिंग प्लानर्स और अन्य संबंधित इकाइयों के बीच मजबूत साझेदारियों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित हुआ। “वाह विरासत” की यह पहल जयपुर और पूरे राजस्थान को वेडिंग और हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर मानी जा रही है।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने रिफाइनरी को लेकर कुछ भी नहीं किया। सीएम और डिप्टी सीएम की लड़ाई में रिफाइनरी का कुछ काम नहीं हुआ। होटलों में बैठे रहे। आपस में लड़ते रहे। वे सोमवार की शाम करीब 7 बजे बाड़मेर भाजपा कार्यालय पहुंचे। 21 अप्रैल को होने वाली पीएम नरेंद्र मोदी सभा को लेकर पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई। इस मौके पर उन्होंने मीडिया से भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि रिफाइनरी में हमें बहुत कुछ मिलेगा। करीब 90 हजार कर्मचारी डायरेक्ट और इनडायरेक्ट रोजगार प्राप्त करेंगे। इससे राजस्थान को प्रचुर मात्रा में पेट्रोल, डीजल, गैस, केरोसिन भी मिलेगा। रेलवे लाइनें बिछेगी। पानी के लिए पाइप लाइन बिछेगी। पाली, जोधपुर और बालोतरा का सीवरेज का पानी फिल्टर करके रिफाइनरी को देने के लिए डीपीआर तैयार होगी। उन्होंने कहा कि अभी नाचना से शुद्ध पानी रिफाइनरी में जा रहा है। इलाके और सीवरेज का पानी ट्रिट करके रिफाइनरी को देने का प्रस्ताव है। पचपदरा के पहले और अब के हालातों में काफी अंतरराठौड़ ने कहा कि पहले पचपदरा के क्या हालात थे, अब जमीन की कीमतें बढ़ गई है। कितनी होटलें, हॉल, सड़कों को सदृढीकरण हुआ। इस इलाके लिए रिफाइनरी वरदान साबित होगी। अरब देशों में युद्ध की स्थिति में पीएम नरेंद्र मोदी की कूटनीति की बदौलत जहाजों में तेल और गैस भी आती रही। किसी भी देश की हिम्मत नहीं हुई कि हमारे जहाज को छेड़ें। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी 21 को रिफाइनरी का लोकापर्ण करने आ रहे है, वह महापुरुष है। मैं इसलिए कह रहा हूं कि इनका कोई व्यक्तिगत परिवार नहीं है। उनका परिवार 140 करोड़ देशवासी है। पूर्व सीएम पर भी किया पलटवारपूर्व सीएम अशोक गहलोत के रिफाइनरी को लेकर वसुंधरा को बोलने का हक के बयान पर पलटवार करते हुए प्रदेशायक्ष ने कहा- ठीक कह रहे हैं। हमारी ही नेता वसुंधरा है। अशोक गहलोत बहुत बड़े आदमी है। तीन बार के सीएम है। मैं उनकी व्यक्तिगत रूप से इज्जत करता हूं। उन्होंने कहा कि गहलोत के रिफाइनरी में एमओयू में 3736 करोड़ रुपए प्रति वर्ष बिना ब्याज के 15 साल तक देना तय हुआ है। हमारी सरकार ने उसी कंपनी से हिस्सेदारी में एमओयू किया। अगर मेरी बात गलत है तो मैं एबीसीडी शुरू कर दूगा। फर्क नहीं आए तो उनको बोल देना। चुनाव करवाना निर्वाचन आयोग का कामपूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के चुनाव नहीं कराने के बयान पर मदन राठौड़ ने कहा कि चुनाव करवाना निर्वाचन आयोग का काम है। जो एक स्वतंत्र संस्था है। वे जब चुनाव करने की घोषणा कर देंगे। तब हमें चुनाव लड़ने के लिए मैदान में आना ही होगा। हमारे खिसकाने से नहीं खिसकता है। सरकार की मंशा चलती नहीं है। निर्वाचन आयोग तय करता है।
राजनांदगांव जिले में जुआ और सट्टा कारोबार के खिलाफ पुलिस का अभियान जारी है। बसंतपुर पुलिस ने क्लब चौक के पास से एक युवक को मोबाइल और सट्टा पट्टी के माध्यम से सट्टा खिलाते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से नगदी सहित सट्टा सामग्री जब्त की गई है। दरअसल पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि क्लब चौक के पास एक व्यक्ति कागज की पर्चियों और मोबाइल के जरिए पैसों का दांव लगवाकर सट्टा खिला रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर दबिश दी। इस दौरान आरोपी को सट्टा पट्टी लिखते हुए पकड़ा गया। जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई पूछताछ में उसकी पहचान बसंतपुर वार्ड क्रमांक 46 निवासी योगेश साहू (27) के रूप में हुई। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से मोबाइल, दो सट्टा पट्टी, एक डॉट पेन और 920 रुपये नगद जब्त किए।आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 6 और 7 के तहत केस 6 दर्ज किया गया है। न्यायिक रिमांड पर भेजा जेल गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर में असामाजिक तत्वों और अवैध गतिविधियों जैसे शराब, जुआ और सट्टा में संलिप्त लोगों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
आलीराजपुर नगर के व्यस्त टाकीज चौराहे पर सोमवार रात करीब 8:30 बजे एक डीपी में आग लग गई। आबकारी नियंत्रण कक्ष के समीप स्थित पोल से अचानक उठी आग की लपटों ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। 15 फीट ऊंची उठीं लपटें प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि डीपी से करीब 15 फीट ऊंची लपटें उठ रही थीं। शॉर्ट सर्किट की आशंका के बीच लोगों ने तुरंत अपने वाहनों को सुरक्षित स्थान पर हटाया और बिजली विभाग को सूचना दी। आग की तीव्रता के कारण पूरे इलाके में धुएं का गुबार छा गया। दमकल और बिजली कंपनी ने पाया काबू सूचना मिलते ही बिजली कंपनी की टीम और दमकल वाहन मौके पर पहुंचे। बिजली सप्लाई बंद कर काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इस दौरान सुरक्षा की दृष्टि से आसपास के लोगों को दूर कर दिया गया था। आधे नगर में छाया अंधेरा इस हादसे के कारण आलीराजपुर नगर के आधे से अधिक हिस्से की बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। बिजली कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल करने में 1 से 2 घंटे का समय लग सकता है। विभाग अब आग लगने के कारणों की जांच कर रहा है।
कोरबा पुलिस ने ‘सजग कोरबा-सतर्क कोरबा’ अभियान के तहत चोरी के दो अलग-अलग मामलों का खुलासा किया है। साथ ही नाबालिग सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पहली घटना पीपरपारा कोहड़िया निवासी हंसराज खाण्डे से संबंधित है। उन्होंने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 01 अप्रैल से 06 अप्रैल 2026 के बीच जब वे परिवार सहित विवाह कार्यक्रम में बाहर गए थे, तब अज्ञात चोरों ने घर का ताला तोड़ दिया। चोरों ने अलमारी और गुल्लक से नकदी, लगभग 35 किलो चावल, गैस सिलेंडर और स्पाइस कंपनी का होम थिएटर चोरी कर लिया था। इस मामले में थाना में अपराध क्रमांक 301/2026 धारा 331(4), 305(क) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया गया। सीएसईबी कॉलोनी स्थित मकान में चोरी की दूसरी घटना दूसरी घटना में पोड़ी बहार निवासी अटल अमित बाघ ने 08 अप्रैल 2026 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 07 अप्रैल की शाम उनके मौसा ग्लेडबिन कुमार के सीएसईबी कॉलोनी स्थित मकान का ताला तोड़कर चोरी की गई। चोर अलमारी से 35 हजार रुपए नकद और चांदी के सिक्के सहित कुल 40 हजार रुपए की संपत्ति ले गए। इस मामले में अपराध क्रमांक 303/2026 धारा 331(4), 305(ई), 3(5) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। जांच में गिरोह की संलिप्तता का खुलासा जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से चोरी करने की बात स्वीकार की। यह भी सामने आया कि आरोपी पूर्व में इसी क्षेत्र में हुई अन्य चोरियों में शामिल रहे हैं। इनमें तीन आरोपी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। दो आरोपी गिरफ्तार, सामान बरामद गिरफ्तार आरोपियों में पुराना काशीनगर निवासी 21 वर्षीय प्रभात दास दीवान उर्फ लाल और एक विधि से संघर्षरत बालक शामिल है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1 हजार रुपए नकद और चोरी में उपयोग की गई मोटरसाइकिल बरामद की है। विधि से संघर्षरत बालक को 12 अप्रैल 2026 को किशोर न्याय बोर्ड कोरबा के समक्ष प्रस्तुत कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। पुलिस की अपील और सुरक्षा संदेश पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर कार्रवाई की गई है। कोरबा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि घर से बाहर जाते समय सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत डायल 112 पर दें।
सदर बाजार की टीचर प्रियंका बिस्वास की मौत की गुत्थी सुलझने के बजाय उलझती जा रही है। पुलिस को अपने सवालों के जवाब नहीं मिल पा रहे हैं, जिसके बाद पुलिस ने प्रियंका के पिता भानु बिस्वास की काउंसलिंग कराने का निर्णय लिया है। सोमवार को टीम उन्हें लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंची भी लेकिन चिकित्सक तब तक उठ चुके थे। पहले एक नजर पूरे मामले पर सदर बाजार के तेली मोहल्ला निवासी उदय भानु बिस्वास के घर से विगत शुक्रवार की रात पुलिस ने उनकी बेटी प्रियंका का सड़ा गला शव बरामद किया था। पिछले कई महीने से उदय भानु बिस्वास और उनकी बेटी प्रियंका को किसी रिश्तेदार ने नहीं देखा था। शुक्रवार शाम उदय भानु बिस्वास को रिश्तेदारों ने मेरठ के बेगम बाग इलाके से बरामद किया और घर लेकर आ गए। घर खुला तो अंदर प्रियंका की सड़ी गली लाश देखकर सब हक्के-बक्के रह गए। 1 दिसंबर को हो गई थी प्रियंका की मौतपुलिस ने पूछताछ की तो पता चला कि 1 दिसंबर, 2025 को प्रियंका की मौत हो गई थी। 5 दिन तक पिता उदय भानु बिस्वास बेटी के शव के साथ रहा। दुर्गंध को मिटाने के लिए परफ्यूम छिड़कता रहा लेकिन जब हालत बिगड़ने लगे तो वह सब को कमरे में छोड़कर और मकान का ताला लगाकर वहां से चला गया। रिश्तेदारों के फोन करने पर उदय भानु बिस्वास बताता था कि वह देहरादून है और प्रियंका उसी के साथ है। उदय भानु बिस्वास की होगी काउंसलिंग3 दिन से ज्यादा बीत चुके हैं लेकिन प्रियंका के साथ कब, क्या हुआ, इसकी पुष्ट जानकारी पुलिस को नहीं मिल पा रही है। उदय भानु बिस्वास केवल यही बताता रहा कि प्रियंका को काला पीलिया हुआ था। वह झाड़ फूंक के जरिए, उसका उपचार कराता था लेकिन वह नहीं बच सकी। पुलिस उदय भानु बिस्वास की मानसिक स्थिति पर फोकस कर रही है और मनोरोग विशेषज्ञ से काउंसलिंग करने जा रही है। मंगलवार को चिकित्सकों का पैनल होगा तैयारउदय भानु बिस्वास को लेकर सोमवार को सदर बाजार थाने की पुलिस लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज के मनोरोग विभाग में पहुंची थी लेकिन जब तक पुलिस वहां पहुंचती तब तक चिकित्सा उठ चुके थे। अब पुलिस मंगलवार को दोबारा मेडिकल कॉलेज जाएगी। तीन मनोरोग चिकित्सक की टीम उदय भानु बिस्वास की काउंसलिंग शुरू करेगी। उदय भानु बिस्वास के घर लटका ताला इस वारदात के खुलासे के बाद तेली मोहल्ले के लोगों में दहशत है। खासकर उस गली के लोग, जिसमें उदय भानु बिस्वास का घर था, वह मंजर नहीं भूल पा रहे हैं जो पुलिस द्वारा प्रियंका की लाश मिलने के बाद बयां किया गया था। आसपास रहने वाले रिश्तेदार भी डरे हुए हैं। हालांकि उस घर पर अब ताला लटका हुआ है। सीएमओ बोले- हड्डी का डीएनए टेस्ट कराएंगे CMO डॉ अशोक कटारिया ने बताया प्रियंका का जब शव मिला तो वह केवल कंकाल था। शरीर के अंदर के अंग भी बेकार हो चुके थे, जिसके बाद पोस्टमार्टम हो चुका है। क्योंकि यह पता चलना जरूरी है कि कंकाल प्रियंका का है, इसलिए उसकी हड्डी को लैब में डीएनए जांच के लिए भेजा जा रहा है। प्रियंका के पिता उदय भानु बिस्वास की मनोचिकित्सकों से काउंसलिंग कराई जाएगी।
अज्ञात वाहन की टक्कर से 2 की मौत:वाड्रफनगर में 1 की हालत गंभीर; पुलिस फरार चालक की तलाश में जुटी
बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर क्षेत्र में रविवार रात एक सड़क हादसे में दो युवकों की मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना भगवानपुर–मेंढारी रोड पर हुई, जहां एक अज्ञात वाहन ने बाइक सवार तीन युवकों को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। दूसरे घायल युवक ने अम्बिकापुर ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। तीसरे घायल युवक का इलाज जारी है। मृतकों की पहचान अजय कुशवाहा (24) और धर्मेन्द्र विश्वकर्मा (22) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि तीनों युवक एक ही गैरेज में काम करते थे और घटना के समय एक ही बाइक पर सवार थे। अजय कुशवाहा वाड्रफनगर के पास कोटराही गांव का निवासी था, जबकि धर्मेन्द्र विश्वकर्मा झारखंड का रहने वाला था। हादसे के बाद अज्ञात वाहन चालक मौके से फरार हो गया। वाड्रफनगर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फरार आरोपी वाहन चालक की तलाश में जुट गई है।
सीधी जिले के जमोड़ी थाना क्षेत्र सोमवार रात करीब 8 बजे एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो और बाइक की भिड़ंत हो गई। अंतर्गत पनवार स्कूल के पास हुए इस भीषण हादसे में दो युवक गंभीर घायल हो गए, जिनमें से एक की हालत चिंताजनक होने पर उसे प्राथमिक उपचार के बाद रीवा रेफर किया गया है। टोल प्लाजा से लौटते समय हादसा नौगवाधीर सिंह निवासी बीरभान रावत (20) अपने साथी आर्यन रावत (16) को टोल प्लाजा से लेकर बाइक द्वारा घर लौट रहा था। इसी दौरान काले रंग की स्कॉर्पियो (MP 53 ZD 8208) ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार दोनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे। घायल का हाथ काटने की नौबत हादसे में बीरभान रावत के दाहिने हाथ की नस बुरी तरह कट गई है। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने घाव की गंभीरता को देखते हुए हाथ काटने तक की आशंका जताई है। बेहतर इलाज के लिए उसे तत्काल रीवा के संजय गांधी अस्पताल भेजा गया है। आर्यन रावत को मामूली चोटें आई हैं। जमोड़ी TI दिव्य प्रकाश त्रिपाठी ने बताया- हादसे की सूचना मिलते ही घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। फिलहाल पुलिस को किसी भी पक्ष की ओर से औपचारिक आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। शिकायत मिलते ही वाहन चालक पर कार्रवाई की जाएगी।
जशपुर में 56 लाख का गांजा जब्त:ओडिशा से UP ले जा रहे 2 इंटर-स्टेट तस्कर, दिल्ली पासिंग कार जब्त
छत्तीसगढ़ की जशपुर पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने कार से भारी मात्रा में अवैध गांजा बरामद कर दो इंटर-स्टेट तस्करों को गिरफ्तार किया है। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत 54 लाख रुपए है, जबकि तस्करी में प्रयुक्त कार सहित कुल जब्ती 56 लाख रुपए की बताई जा रही है। मामला पत्थलगांव थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार आरोपी ओडिशा के संबलपुर से गांजा लेकर छत्तीसगढ़ के रास्ते उत्तरप्रदेश ले जा रहे थे। रायगढ़ जिले की लैलूंगा पुलिस को मुखबिर से इसकी सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर संदिग्ध कार का पीछा किया जा रहा था। पुलिस ने पुरानी बस्ती के पास मुख्य मार्ग पर नाकाबंदी कर दी। दोपहर करीब 2 बजे संदिग्ध टोयोटा इलियट कार (DL-3CB-5298) को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन चालक ने वाहन तेज गति से भगाने की कोशिश की। पुलिस टीम ने पीछा किया, जिसके दौरान कार अनियंत्रित होकर नाले के गड्ढे में फंस गई। पिछली सीट के नीचे मिला गांजा कार के गड्ढे में फंसने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। तलाशी के दौरान कार की पिछली सीट के नीचे छिपाकर रखी गई 7 प्लास्टिक बोरियों से 108 पैकेट गांजा बरामद हुआ। इसका कुल वजन 112 किलो 770 ग्राम पाया गया। आरोपियों के पास गांजे से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं मिले, जिसके बाद पुलिस ने गांजा और वाहन को जब्त कर लिया। छत्तीसगढ़ के रास्ते उत्तरप्रदेश ले जाया जा रहा था गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संजीव कुमार नट (30), निवासी इटावा (उत्तरप्रदेश) और विजय पंडित (28), मूल निवासी वैशाली (बिहार) और वर्तमान पता लोनावाला, पुणे (महाराष्ट्र) के रूप में हुई है। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि गांजा ओडिशा के संबलपुर से खरीदा गया था और इसे छत्तीसगढ़ के रास्ते उत्तरप्रदेश ले जाया जा रहा था। नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश जारी दोनों आरोपियों के खिलाफ पत्थलगांव थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(B)(2)(C) के तहत केस दर्ज कर कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है। SSP बोले- अवैध नशा कारोबार पर सख्त कार्रवाई जारी एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार सख्त अभियान चलाया जा रहा है। अंतरराज्यीय स्तर पर गांजा तस्करी करने वाले आरोपियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। इस मामले में भी त्वरित कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में गांजा जब्त किया गया है। तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
बुलंदशहर पुलिस ने चार शातिर अभियुक्तों को किया जिलाबदर:डीएम के आदेश पर 6 महीने के लिए जनपद से बाहर
बुलंदशहर की चोला पुलिस ने गुंडा एक्ट के तहत चार शातिर अभियुक्तों को जिलाबदर किया है। जिलाधिकारी के आदेश पर इन सभी को छह महीने के लिए जनपद की सीमा से बाहर किया गया है। यह कार्रवाई एक सप्ताह के भीतर की गई है। पुलिस के अनुसार, दो दिन पहले चोला थाना क्षेत्र निवासी एस पी ठाकुर उर्फ सतेंद्र सोलंकी पुत्र लाल सिंह उर्फ अन्कपाल सिंह (निवासी खानपुर) और अमित पुत्र सुभाष (निवासी नगला वंशी) को जिलाबदर किया गया था। इसके बाद, 13 अप्रैल 2026, सोमवार को चोला थाना पुलिस ने नरेश पुत्र देवी चरण (निवासी निठारी) और सुनील उर्फ टाइगर पुत्र शिशपाल उर्फ शशिपाल (निवासी निठारी) को भी जिलाबदर किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिंह के निर्देश पर चोला पुलिस ने इन अपराधियों के निवास स्थान पर मुनादी कराई। मुनादी के बाद, उन्हें जनपद की सीमा से बाहर कर दिया गया। पुलिस ने बताया कि इन जिलाबदर अपराधियों के खिलाफ थाना चोला में मारपीट, चोरी, लूट और अन्य अपराधों के कई मामले पहले से दर्ज हैं। यह कार्रवाई अगले छह माह तक प्रभावी रहेगी।
मंदसौर शहर के शुक्ला चौक क्षेत्र में रविवार रात एक युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने सोमवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। बता दें कि 21 वर्षीय साहिल अय्यूब शाह निवासी मदारपुरा अपने साथियों के साथ एक चाय की दुकान पर बैठा था। इसी दौरान अमन नामक युवक वहां पहुंचा और ‘घूरकर देखने’ की बात को लेकर विवाद करने लगा। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और आरोपी ने साहिल पर चाकू से कई वार कर दिए। घटना के दौरान बीच-बचाव करने आए रहीम मुन्ना शाह पर भी आरोपी ने हमला कर दिया, जिससे उसके हाथ में गंभीर चोट आई है। घायल का इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है। घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने साहिल को मृत घोषित कर दिया। तीन महीने पहले हुई थी शादीपरिजनों के अनुसार, साहिल की शादी महज तीन महीने पहले ही हुई थी। वह रविवार शाम घर से यह कहकर निकला था कि जल्द लौट आएगा, लेकिन कुछ देर बाद उसकी मौत की खबर पहुंच गई, जिससे परिवार में शोक की लहर है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि करीब छह महीने पहले दोनों के बीच विवाद हुआ था। आरोपी को यह शक था कि साहिल उसे घूरकर देखता है, जिससे नाराज होकर उसने वारदात को अंजाम दिया। दरगाह में छिपा था, भागते समय घायलवारदात के बाद आरोपी शहर के अलग-अलग इलाकों से होते हुए एक दरगाह में छिप गया। पुलिस को सूचना मिलने पर जब टीम वहां पहुंची तो आरोपी भागने की कोशिश में गड्ढे में कूद गया, जिससे वह घायल हो गया। पुलिस ने उसे मौके से गिरफ्तार कर जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज पुलिस अभिरक्षा में जारी है। हत्या और हत्या के प्रयास का केस दर्जसिटी कोतवाली थाना पुलिस ने आरोपी अमन आमीन शाह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में हत्या और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है। सीएसपी जितेंद्र भास्कर ने बताया कि घटना के बाद पुलिस लगातार आरोपी की तलाश में जुटी थी। मुखबिर से सूचना मिलने पर उसे दबोच लिया गया। आरोपी का पूर्व में कोई आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है। यह भी पढ़ें… घूरकर देखने पर दोस्तों के सामने चाकू मारकर हत्या, शव के पास रोती रही मां मंदसौर जिले में घूरकर देखने पर चाय पी रहे युवक की हत्या कर दी गई। आरोपी ने युवक पर चाकू से कई वार किए। सीने में गहरे घाव हुए और अधिक खून बहने से मौके पर मौत हो गई। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के शुक्ला चौक का है। जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान 21 वर्षीय साहिल पिता अय्यूब शाह, निवासी मदारपुरा के रूप में हुई है। हमले में रहीम (पिता मुन्ना शाह) भी घायल हुआ। आरोपी ने उसके हाथ और अन्य जगहों पर वार किए, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। पूरी खबर पढ़िए…
फतेहगढ़ साहिब की अनाज मंडियों में भारतीय खाद्य निगम (FCI) द्वारा भेजे गए बारदाने की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। कई मंडियों में खराब और घटिया क्वालिटी का बारदाना मिलने से किसानों और आढ़तियों की चिंता बढ़ गई है। पूर्व विधायक कुलजीत सिंह नागरा ने इसे एक बड़ा घोटाला बताते हुए जांच की मांग की है। किसानों का कहना है कि खराब बारदाने के कारण गेहूं की फसल को सुरक्षित तरीके से स्टोर करना मुश्किल हो रहा है। पहले से ही मंडियों में खरीद प्रक्रिया धीमी चल रही है, जिसके चलते किसान अपनी फसल लेकर कई दिनों से इंतजार कर रहे हैं। अब बारदाने की समस्या ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी है। पूर्व विधायक नागरा ने किया मंडी का दौरा, हालात का लिया जायजा इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, पूर्व विधायक कुलजीत सिंह नागरा ने चनार्थल कलां अनाज मंडी का दौरा किया। उन्होंने मौके पर हालात का जायजा लिया, जहां बड़ी मात्रा में बारदाना खराब हालत में पाया गया। नागरा ने इसे गंभीर लापरवाही बताया, जिससे किसानों को भारी नुकसान हो सकता है। FCI अधिकारियों से की बात, डिप्टी कमिश्नर को अवगत कराया नागरा ने इस मुद्दे पर FCI के वरिष्ठ अधिकारियों से बात की और फतेहगढ़ साहिब की डिप्टी कमिश्नर को भी मामले से अवगत कराया। उन्होंने तत्काल खराब बारदाने को बदलने की मांग की, ताकि किसानों को और अधिक असुविधा न हो। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह एक बड़ा घोटाला है और इसकी गहन जांच होनी चाहिए। बोली न लगने से फसल की बिक्री में देरी, किसान परेशान मंडियों में मौजूद किसानों ने यह भी बताया कि बोली न लगने के कारण उनकी फसल की बिक्री में देरी हो रही है। कई किसान कई दिनों से मंडियों में डेरा डाले हुए हैं, लेकिन खरीद शुरू नहीं हो पा रही है और उन्हें कोई ठोस समाधान भी नहीं मिल रहा है।
जयपुर शहर में यातायात व्यवस्था मजबूत करने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने विशेष प्लान तैयार किया है। इस प्लान के तहत ट्रैफिक पुलिस में टीआई से लेकर एडिशनल डीसीपी के पदों में बढ़ोतरी की जाएगी। साथ ही ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता सुधार के लिए उनकी पुरानी वर्दी को नई वर्दी से रिप्लेस किया जाएगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर जयपुर ट्रैफिक पुलिस ने देश के प्रमुख महानगरों की यातायात व्यवस्थाओं का अध्ययन एवं फील्ड विजिट करने के बाद समीक्षा कर व्यापक सुधार की रूपरेखा बनाई है। इस इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम को चरणबद्ध रूप से शहर में लागू किया जाएगा। साथ ही यादगार से सांगानेर तक मॉडल ट्रैफिक कॉरिडोर के रुप में विकसित किया जाएगा। वहीं ट्रैफिक की निगरानी एवं जाम की स्थिति का आकलन करने के लिए ड्रोन का उपयोग भी किया जाएगा। यादगार से सांगानेर तक बनेगा मॉडल ट्रैफिक कॉरिडोरप्लान के तहत शुरुआती चरण में टोंक रोड को यादगार से सांगानेर तक मॉडल ट्रैफिक कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा। इस कॉरिडोर पर नगर निगम और जेडीए के कॉर्डिनेशन से अलग-अलग काम करवाए जाएंगे। इसमें सड़क डिजाइन में आवश्यक सुधार करते हुए असुरक्षित कट्स (मीडियन ओपनिंग) को बंद किया जाएगा। वहीं पैदल यात्रियों के लिए सेफ फुटपाथ का निर्माण, यू-टर्न और क्रॉसिंग पॉइंट्स का टेक्निकली कार्य शामिल किए जाएंगे। ट्रैफिक सिग्नल की टाइमिंग को भी रीयल टाइम यातायात दबाव के अनुसार डायनेमिक बनाया जाएगा। ट्रैफिक इंस्पेक्टर्स को मिलेंगी मॉडिफाइड मोटरसाइकिल जयपुर ट्रैफिक पुलिस के बेड़े में 20 मॉडिफाइड मोटरसाइकिलें भी शामिल होंगी। यह मोटरसाइकिल ट्रैफिक इंस्पेक्टर्स को मिलेंगी। इन्हें विशेष रूप से डिजाइन किया गया है। इससे ट्रैफिक इंस्पेक्टर भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में तेज मूवमेंट कर सकेंगे। ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग भी बढ़ाया जाएगा। इसमें अभय कमांड सेंटर से जुड़े अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरों की स्थापना शामिल है। इससे रियल टाइम मॉनिटरिंग संभव होगी। ट्रैफिक पुलिस में पहले से ज्यादा अधिकारीनए प्लान के तहत ट्रैफिक पुलिस के प्रशासनिक ढांचे में भी बदलाव होगा। अब जयपुर शहर में अब एडीसीपी (ट्रैफिक) के पदों की संख्या 2 से बढ़ाकर 4 करने से जयपुर शहर के प्रत्येक पुलिस जिले में एक-एक एडीसीपी (ट्रैफिक) की तैनाती सुनिश्चित होगी। इससे निर्णय लेने की प्रक्रिया में तेजी आएगी तथा बेहतर निरीक्षण संभव होगा। इसी प्रकार एसीपी (ट्रैफिक) के पदों की संख्या भी 4 से बढ़ाकर 8 करने से प्रत्येक पुलिस जिले में 2 एसीपी (ट्रैफिक) नियुक्त किए जाएंगे। इससे निगरानी, प्रवर्तन एवं समन्वय का कार्य अधिक प्रभावी ढंग से संचालित हो सकेगा। वहीं, ट्रैफिक इंस्पेक्टर (टीआई) की संख्या 15 से बढ़ाकर 20 करने से प्रत्येक पुलिस जिले में औसतन 5 टीआई की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। इससे स्थानीय स्तर पर जवाबदेही एवं नियंत्रण में सुधार हो पाएगा।
श्रीराम नगरी अयोध्या में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती की पूर्व संध्या पर पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडे पवन व सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने श्रद्धा, सम्मान और उत्साह के साथ उन्हें नमन किया। नगर निगम अयोध्या के सरदार पटेल नगर वार्ड में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों की सहभागिता रही।सोमवार सायंकाल चूड़ामणि चौराहे के निकट स्थित बाबा साहब की प्रतिमा स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया। इसके बाद सपा पार्षद इंद्रावती यादव व उनके प्रतिनिधि मिथिलेश यादव उर्फ सोनू तथा पूर्व मंत्री तेजनारायण पांडेय ‘पवन’ सहित अन्य नेताओं व कार्यकर्ताओं ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने बाबा साहब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प भी लिया।मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पूर्व मंत्री तेजनारायण पांडेय ‘पवन’ ने अपने संबोधन में कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा से डॉ. भीमराव अंबेडकर की विचारधारा और भारतीय संविधान के मूल्यों को सर्वोपरि मानती रही है। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने देश को जो अधिकार दिए, उन्हें अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना समाजवादियों की प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में कुछ शक्तियां संविधान की मूल भावना से छेड़छाड़ करने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन समाजवादी विचारधारा के लोग इसे किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देंगे।उन्होंने बाबा साहब के योगदान को विस्तार से बताते हुए कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर का सपना एक ऐसे भारत का निर्माण करना था, जहां सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक समानता हो। वे चाहते थे कि समाज का हर वर्ग, विशेषकर वंचित और कमजोर तबका, स्वतंत्रता और समान अवसरों का पूर्ण लाभ उठा सके। उन्होंने जातिवाद और सांप्रदायिकता के खिलाफ संघर्ष करते हुए शिक्षा और सामाजिक जागरूकता को परिवर्तन का सबसे बड़ा माध्यम बताया। इस अवसर पर पार्षद प्रतिनिधि मिथिलेश यादव ‘सोनू’ ने कहा कि जयंती की पूर्व संध्या पर बाबा साहब को नमन करते हुए सभी ने उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल नगर वार्ड में प्रत्येक वर्ष इस अवसर पर कार्यक्रम आयोजित कर बाबा साहब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है, ताकि नई पीढ़ी उनके संघर्ष और योगदान से प्रेरणा ले सके।कार्यक्रम की शुरुआत में मिथिलेश यादव ‘सोनू’ द्वारा मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री तेजनारायण पांडेय ‘पवन’ सहित अन्य अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। इसके बाद उपस्थित जनसमूह ने क्रमवार बाबा साहब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के कई पदाधिकारी, कार्यकर्ता तथा सरदार पटेल नगर वार्ड के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में बाबा साहब के बताए मार्ग पर चलने और उनके सिद्धांतों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन सामूहिक श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुआ। इस मौके पर दशरथ कुंड वार्ड पार्षद प्रतिनिधि शिवकुमार यादव लूलुर, जिला महासचिव शिक्षक सभा धनश्याम यादव, रवि यादव, वैभव सिंह, विद्वान सिंह, विकास वर्मा,राजेश कनौजिया, समीर,अमित यादव, सत्येंद्र पटेल, अतुल कुमार,वीरेंद्र गौतम, राम बदल, मुकेश यादव सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहें।
ललितपुर जिले में सोमवार शाम संत शिरोमणि श्री सेन जी महाराज की 426वीं जयंती मनाई गई। आदर्श सेन समाज कल्याण समिति के तत्वावधान में सेन समाज ने तुवन मंदिर परिसर में यह आयोजन किया। इस अवसर पर नगर में एक शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें समाज के अनेक लोग शामिल हुए। तुवन मैदान से शुरू हुई इस शोभायात्रा में सबसे आगे सिर पर कलश लिए महिलाएं चल रही थीं। उनके पीछे घोड़े पर सवार बच्चे धर्म ध्वजा लेकर चल रहे थे। डीजे पर बज रहे सामाजिक और धार्मिक गानों पर युवा थिरकते हुए आगे बढ़ रहे थे, जबकि अखाड़े के युवा अपने करतब दिखा रहे थे। देखें, 3 तस्वीरें… शोभायात्रा में सेन समाज के अनेक लोग रथ पर सवार थे, वहीं बग्गियों पर झांकियां भी चल रही थीं। शोभायात्रा का नगर में जगह-जगह लोगों द्वारा स्वागत किया गया। समाजवादी पार्टी ने भी शोभायात्रा पर पुष्प वर्षा की। यह शोभायात्रा तुवन मैदान से शुरू होकर घंटाघर, सावरकर चौक और तालाबपुरा होते हुए वापस तुवन मैदान में समाप्त हुई। इस आयोजन में सेन समाज के कई सदस्य उपस्थित रहे।
कासगंज शहर में सोमवार शाम शिक्षक संगठनों ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के विरोध में मशाल जुलूस निकाला। यह जुलूस सोरों गेट से शुरू होकर विभिन्न मार्गों से होते हुए प्रभुपार्क पहुंचा। इसमें शिक्षक संगठनों के साथ अन्य सामाजिक संगठनों के 150 से अधिक लोग शामिल हुए। जुलूस के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी नाराजगी व्यक्त की। शिक्षकों का आरोप है कि TET की वर्तमान व्यवस्था उनके हितों के विपरीत है और इससे योग्य अभ्यर्थियों को नुकसान हो रहा है। उन्होंने सरकार से इस परीक्षा को तत्काल वापस लेने की मांग की। प्रभुपार्क में पहुंचकर शिक्षकों ने एक सभा आयोजित की। इसमें उन्होंने TET के विरोध में अपना पक्ष रखा और आगे की रणनीति पर चर्चा की। इस दौरान आंदोलन को तेज करने का निर्णय लिया गया। शिक्षकों ने घोषणा की कि 3 मई को लखनऊ में TET के विरोध में एक बड़ा धरना-प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें प्रदेशभर के शिक्षक शामिल होंगे। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देती और TET को वापस नहीं लेती है, तो इसका असर आगामी चुनावों में देखने को मिलेगा। उन्होंने सरकार से शिक्षकों की समस्याओं को गंभीरता से लेने और जल्द समाधान निकालने की अपील की, अन्यथा आंदोलन के उग्र होने की बात कही।
सुलतानपुर में आगामी डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती को शांतिपूर्ण और भव्य तरीके से संपन्न कराने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में अयोध्या रेंज के डीआईजी सोमेन वर्मा ने सोमवार रात सुलतानपुर का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। डीआईजी सोमेन वर्मा ने बताया कि अयोध्या रेंज के सभी जिलों में अंबेडकर जयंती बड़े उत्साह के साथ मनाई जाती है। खासकर अंबेडकर नगर और सुलतानपुर में बड़ी संख्या में कार्यक्रम और जुलूस आयोजित होते हैं, जिन्हें देखते हुए विशेष सतर्कता बरती जा रही है। उन्होंने बताया कि अंबेडकर नगर में तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं और वहां का ट्रैफिक डायवर्जन प्लान भी जल्द ही सार्वजनिक किया जाएगा, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो। सुलतानपुर में की गई समीक्षा के बाद डीआईजी ने संतोष जताया। उन्होंने कहा कि जिले में सुरक्षा के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की गई है और स्थानीय पुलिस अधीक्षक (एसपी) स्वयं व्यवस्थाओं की निगरानी कर रही हैं। पुलिस प्रशासन का मुख्य फोकस कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आपसी भाईचारे को मजबूत करने पर है। बड़े जुलूसों और आयोजनों को ध्यान में रखते हुए सुचारू यातायात व्यवस्था के लिए विशेष रूट प्लान तैयार किए गए हैं। डीआईजी सोमेन वर्मा ने विश्वास जताया कि पुलिस की मुस्तैदी और प्रशासन के समन्वय से अंबेडकर जयंती का आयोजन शांतिपूर्ण और गरिमापूर्ण ढंग से संपन्न होगा।
प्रतापगढ़ में आंबेडकर जयंती के मद्देनजर जिले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने देर शाम भारी पुलिस बल के साथ शहर के प्रमुख बाजारों और चौराहों पर फ्लैग मार्च किया। इस दौरान सुरक्षा तैयारियों का जायजा लिया गया और ड्रोन कैमरों से निगरानी की गई। एसपी दीपक भूकर ने आंबेडकर चौराहे पर पहुंचकर आमजन से बातचीत की और सुरक्षा व्यवस्था पर उनका फीडबैक लिया। उन्होंने लोगों से शांति, सौहार्द और आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की। जुलूस मार्गों की निगरानी के लिए भी ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे हर गतिविधि पर बारीकी से नजर रखी जा सके। पुलिस प्रशासन ने संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के साथ-साथ भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए शहर के संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। फ्लैग मार्च के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र लाल, सीओ सिटी प्रशांत राज और नगर कोतवाल सुभाष यादव भी पुलिस टीम के साथ मौजूद रहे और सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाली। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि आंबेडकर जयंती के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि आमजन की सुरक्षा सर्वोपरि है और पुलिस किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
कपूरथला के गांव शिव दयालवाला में एक व्यक्ति 25 साल बाद अपने घर लौटा है। हंसा सिंह नामक यह व्यक्ति मानसिक रूप से परेशान बताया जा रहा है। उसकी वापसी ने परिवार के सामने एक जटिल स्थिति पैदा कर दी है, क्योंकि उसकी पत्नी ने उसके छोटे भाई से शादी कर ली थी। हंसा सिंह के लापता होने के बाद परिवार ने उसे मृत मान लिया था। तीन साल तक इंतजार करने के बाद, सामाजिक रीति-रिवाजों के अनुसार, उसकी पत्नी का विवाह उसके छोटे भाई से करवा दिया गया था। इस विवाह को 22 साल हो चुके हैं और उनके दो बच्चे भी हैं। अचानक लापता हो गया हंसा कपूरथला जिले का निवासी हंसा सिंह 25 साल पहले अचानक लापता हो गया था। परिवार ने उसे खोजने के लिए हर संभव प्रयास किया, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। तीन साल तक उसकी तलाश जारी रही, जिसके बाद परिवार ने उसकी वापसी की उम्मीद छोड़ दी थी। हाल ही में, उत्तर प्रदेश के नरथूर के नए बाजार में एक व्यक्ति फटे कपड़ों और लंबी दाढ़ी के साथ घूमता हुआ मिला। स्थानीय लोगों ने संदेह होने पर पुलिस को सूचना दी। थाना प्रभारी रविंदर प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे और उस व्यक्ति से पूछताछ की। शुरुआत में वह स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रहा था, लेकिन बाद में उसने अपना नाम हंसा सिंह बताया। हंसा सिंह की वापसी ने परिवार के सामने एक अनूठी चुनौती खड़ी कर दी है, जहां उसके छोटे भाई और पत्नी के 22 साल के वैवाहिक जीवन और उनके बच्चों का भविष्य भी दांव पर है। पुलिस ने गंभीरता से की जांच पुलिस ने गंभीरता से जांच शुरू की और आस-पास के लोगों की मदद से उसकी पहचान करने की कोशिश की। पंजाब पुलिस से भी संपर्क किया गया। 72 घंटे के अंदर परिवार वाले नरथूर पहुंच गए। पहले तो वह उसे पहचान नहीं पाए क्योंकि 25 साल में उसका हुलिया बदल गया था। लेकिन जब भाइयों और गांव के सरपंच ने उससे बचपन की यादों और घटनाओं के बारे में पूछा, तो वह इमोशनल हो गया और उसकी आंखों में आंसू आ गए। परिवार के लिए यह बहुत खुशी का पल था कि जो सदस्य हमेशा के लिए खो गया था, वह वापस मिल गया। लेकिन इससे एक बड़ी समस्या भी खड़ी हो गई। हंसा के लौटने से परिवार मुश्किल में सबसे बड़ी चुनौती उसकी पत्नी विमला देवी के सामने है, अब वह किसे प्राथमिकता दें? एक तरफ उनके पहले पति हंसा सिंह हैं जो 25 साल बाद लौटे हैं, दूसरी तरफ सुख सिंह हैं जिन्होंने 22 साल तक उनका साथ दिया और उनके बच्चों के पिता हैं। इस घटना ने न सिर्फ इमोशनली बल्कि सामाजिक और कानूनी तौर पर भी एक बड़ी पहेली खड़ी कर दी है। परिवार बहुत मुश्किल हालात में है। इस पूरे मामले में नरथूर पुलिस की भूमिका की भी काफी तारीफ हो रही है। उन्होंने उस व्यक्ति की संवेदनशीलता से पहचान की जिसे लोग भिखारी समझ रहे थे, उसकी देखभाल की, उसे नए कपड़े दिए और धैर्य से उससे बात करके उसे उसके परिवार से मिला दिया।
यूपी के गौतमबुद्धनगर जिले (नोएडा/ग्रेटर नोएडा) में सोमवार को हुए हिंसक प्रदर्शन के पीछे गहरी साजिश है। नोएडा पुलिस का कहना है कि जिन लोगों ने आगजनी और तोड़फोड़ की, वह फैक्ट्री कर्मचारी नहीं थे। बल्कि कर्मचारियों की आड़ में शामिल उपद्रवी थे। गौतमबुद्धनगर की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने ‘दैनिक भास्कर’ से बात करते हुए कहा, इस पूरे मामले में किसी बड़ी और गहरी साजिश की बू आ रही है। क्योंकि मामला शांत हो चुका था और फिर अचानक कुछ लोग निकलते हैं जो श्रमिक नहीं होते हैं, तोड़फोड़ और आगजनी शुरू कर देते हैं। ये भीड़ अचानक आसपास के गांवों से निकल कर आई। बातचीत के बाद श्रमिक साइलेंट हो गऐ थे और आसपास के गांवों से निकली टोलियों ने बवाल शुरू कर दिया। ऐसे में अब सवाल उठ रहे हैं कि प्रदर्शन अचानक हिंसक कैसे हो गया? इसके पीछे कौन हैं? क्या इंटेलिजेंस को ऐसा कोई इनपुट था? यह प्रदर्शन किसके खिलाफ है- कंपनी प्रबंधन, ठेकेदार, प्रशासन या सरकार? पढ़िए रिपोर्ट…. रातों-रात बने हजारों वॉट्सऐप ग्रुप कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बताया, इस आंदोलन को हिंसक बनाने के लिए रातों-रात कई वॉट्सऐप ग्रुप बनाए गए और क्यूआर कोड के माध्यम से कर्मचारियों को ऐसे ग्रुप से जोड़ा गया। कर्मचारियों को प्रदर्शन को हिंसक और उग्र बनाने के लिए उकसाया गया। लक्ष्मी सिंह बताती हैं कि हरियाणा में हुए प्रदर्शन के बाद से ही हम लोग सजग थे और इसे देखते हुए संवेदनशील स्थानों पर फोर्स तैनात भी कर दी गई थी। लेकिन बाहरी तत्वों के शामिल होने का अंदेशा नहीं था, जिससे कुछ देर के लिए स्थिति बिगड़ गई, लेकिन जल्द ही उसे काबू में कर लिया गया। हिरासत में 150 से ज्यादा लोग पुलिस कमिश्नर ने बताया, इस हिंसा में शामिल 150 लोगों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। ये भी चेक किया जा रहा है कि जो लोग पकड़े गए हैं उसमें कर्मचारी कितने हैं और बाहरी लोग कितने हैं? जो बाहरी लोग इस हिंसा में शामिल हुए उनका मकसद क्या था? इसके पीछे कौन से संगठन थे जो पूरी तरह से संगठित होकर और पूरी प्लानिंग के साथ माहौल को खराब करने की कोशिश कर रहे थे? प्रदर्शन का कोई लीडर नहींसूत्रों का कहना है कि चार दिन से चल रहे प्रदर्शन का कोई लीडर नहीं था। अलग-अलग कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारी एक जगह इकट्ठा होते थे। फिर भीड़ बढ़ने लगती थी। बीते 9 अप्रैल से यही हो रहा था। पहले दिन जब प्रदर्शनकारी बैठे थे तो उनसे बात करने पुलिस और प्रशासन के लोग पहुंचे थे। प्रदर्शन में आगे आगे रहने वाले कई कर्मचारियों ने खुद को बातचीत में शामिल होने से ये कहते हुए मना कर दिया था कि वे नेता नहीं हैं। सरकार का दावा- पहले बन गई थी सहमतियोगी सरकार की ओर से दावा किया जा रहा है कि इस मामले में कर्मचारियों से बातचीत हो गई थी। जिन मुद्दों पर वे आंदोलन कर रहे थे, उसे लेकर कई सहमति भी बन गई थी। लेकिन कुछ प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इस सहमति में केवल कर्मचारियों की राय ली गई थी, इंडस्ट्री मालिकों की सहमति नहीं थी। जब तक इडस्ट्री के मालिक न्यूनतम मजदूरी देने, आठ घंटे तक काम कराने, आठ घंटे से अधिक समय तक काम कराने के बदले ओवरटाइम देने, नाइट ड्यूटी अलाउंस नियमानुसार देने जैसी मांगों पर सहमत नहीं होंगे, तब तक प्रशासन, श्रम और इंडस्ट्री डिपार्टमेंट से समझौते का कोई औचित्य नहीं हैं। कर्मचारियों ने करीब तीन चार महीने पहले स्थानीय श्रम उपायुक्त से भी इस मुद्दे पर बात की थी, श्रम उपायुक्त ने भी मांगों को पूरी कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन बात नहीं बनी। श्रम उपायुक्त की ओर से इस संबंध में जिलाधिकारी को भी अवगत कराया गया था। न बड़ा संगठन न राजनैतिक कनेक्शन के सुबूतप्रदर्शन में अभी तक कोई बड़ा संगठन सामने नहीं आया है, लेकिन शासन स्तर पर इस बात के इनपुट मिले हैं कि सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस के कुछ पदाधिकारी इसे आंदोलन को पर्दे के पीछे से समर्थन कर रहे थे। जिसके बाद प्रदर्शन इंडस्ट्री मालिकों, मजूदरी ठेकेदारों और प्रशासन के खिलाफ हो गया है। इतना ही नहीं प्रदर्शन बढ़कर ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद और गाजियाबाद तक को अपनी चपेट में ले लिया। हालांकि जिम्मेदारों का कहना है कि आंदोलन का अभी तक कोई राजनीतिक कनेक्शन सामने नहीं आया है। फैक्ट्री कर्मचारियों की क्या है नाराज़गी?कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें न्यूनतम वेतन पर काम करना पड़ रहा है। महंगाई के इस दौर में पालन पोषण मुश्किल हो रहा है। वेतन 10 से 12 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। 12 घंटे काम कराया जा रहा है। ओवर टाइम दिया ही नहीं जाता और शोषण जो होता है वह अलग। रविवार के समझौते के बावजूद कुछ श्रमिक संतुष्ट नहीं हुए या योजनाबद्ध तरीके से सड़क पर उतर आए। सरकार ने अब तक क्या कदम उठाए?इस बवाल की जांच नोएडा पुलिस कर रही है। वहीं श्रमिकों की मांगों को लेकर एक हाईलेवल कमेटी का गठन किया गया है। ये कमेटी नोएडा पहुंच भी गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्रमिकों को सम्मानजनक वेतन दिया जाए, उनकी सुरक्षा पुख्ता की जाए, 24 घंटे संवाद हो सके, माहौल बिगाड़ने वालों पर सख्त एक्शन लिए जाए और औद्योगिक इलाकों में सतर्कता बरती जाए। इस उपद्रव की साजिश में जो भी शामिल होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील प्रशासन कर्मचारियों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है। कर्मचारियों को समझाने की कोशिशें की जा रही हैं। नोएडा डीएम मेधा रुपम ने कहा- ‘अफवाहों पर ध्यान न दें। कंपनियों के साथ बैठक में अहम फैसले लिए गए हैं। वर्कप्लेस पर यौन उत्पीड़न रोकथाम समिति गठित की जाएगी। इसकी अध्यक्ष महिला ही होगी। शिकायत पेटियां रखी जाएंगी। कर्मचारियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाएगा। हर महीने की 10 तारीख तक वेतन का एकमुश्त भुगतान कर दिया जाएगा। वेतन पर्ची अनिवार्य रूप से दी जाएगी।’ ----------------------- यह खबर भी पढ़िए… नोएडा में फैक्ट्री कर्मचारियों ने क्यों बवाल मचाया?:4 दिन पहले हरियाणा में 35% सैलरी बढ़ी, UP के कर्मचारियों की डिमांड क्या है? यूपी में नोएडा और ग्रेटर नोएडा का इंडस्ट्रियल इलाका सोमवार को अचानक उबल उठा। 9 अप्रैल से जारी फैक्ट्री कर्मचारियों का प्रदर्शन हिंसक हो गया। हजारों कर्मचारी सड़कों पर उतर आए। पुलिस के कई वाहनों में आग लगा दी और पत्थरबाजी की। बवाल की वजह से नेशनल हाईवे-9 पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिससे दफ्तर जाने वाले लोग घंटों फंसे रहे। सीएम योगी तक को शांति की अपील करनी पड़ी। अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर हिंसा क्यों भड़की, हरियाणा कनेक्शन क्या है और कहां चूक हुई? पढ़िए रिपोर्ट…
राजधानी लखनऊ में संस्कारवान पीढ़ी के निर्माण का संदेश देने वाला भव्य आयोजन देखने को मिला। गांधी भवन में भावी माता अभिनंदन समारोह के तहत 251 गर्भवती महिलाओं का गर्भोत्सव संस्कार संपन्न हुआ। कार्यक्रम का आयोजन अखिल विश्व गायत्री परिवार के सहयोग से किया गया। समारोह में प्रांतीय समन्वयक डॉ. संगीता सारस्वत ने गर्भकाल से जुड़े वैज्ञानिक और पारंपरिक पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गर्भ में ही शिशु के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास की नींव रखी जाती है। आहार, दिनचर्या, योग, प्राणायाम और गर्भ संवाद जैसे विषयों पर प्रस्तुति के माध्यम से महिलाओं को जागरूक किया गया। संस्कारवान पीढ़ी का निर्माण समाज बेहद जरूरी है मुख्य अतिथि डॉ. नरेंद्र अग्रवाल ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान समय में संस्कारवान पीढ़ी का निर्माण समाज और देश के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने ऐसे आयोजनों को सामाजिक जागरूकता के लिए महत्वपूर्ण बताया।आयोजन को सफल बनाने में जिला समन्वयक अतुल सिंह समेत गायत्री परिवार के कई कार्यकर्ताओं का योगदान रहा। एजीएसपी टीम की बहनों के प्रयासों से यह कार्यक्रम भव्य रूप से संपन्न हुआ। ये लोग रहे मौजूद कार्यक्रम में डॉ. अमित सिंह, सीमा अग्रवाल, डॉ. सुगना वर्मा, डॉ. बीना श्रीवास्तव, डॉ. प्रज्ञा, डॉ. अंजू अग्रवाल, डॉ. ममता सचान और डॉ. ममता पुरवार सहित कई चिकित्सक मौजूद रहे। सभी अतिथियों को टीका लगाकर और पौधे भेंट कर सम्मानित किया गया।
भोपाल के तलैया थाना क्षेत्र में किन्नर के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। फरियादिया सिमी गुरु पल्लवी (27), निवासी दंगा अखाड़े वाली गली भोईपुरा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह 9 अप्रैल की रात करीब 10:45 बजे अपने दोस्त जहीर मिया के साथ एक्टिवा से काली मंदिर से भारत टाकीज की ओर जा रही थी। पीड़िता के मुताबिक, जैसे ही वह पत्ती बाजार के पास पहुंची, पीछे से बाइक पर आए एक युवक ने उसे रोकते हुए अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और एक्टिवा पर बैठे व्यक्ति को लेकर सवाल करने लगा। विरोध करने पर आरोपी ने अपने पास रखी किसी वस्तु से सिमी के दाहिने कंधे के पास वार कर दिया, जिससे उसे चोट आई। हमले के बाद आरोपी फरार हो गया वार करने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। घटना के बाद पीड़िता सीधे थाने पहुंची, जहां से पुलिस ने उसे हमीदिया अस्पताल भेजकर इलाज कराया।
रामपुर के थाना सिविल लाइन क्षेत्र स्थित बरेली गेट घंटाघर के पास सोमवार शाम करीब साढ़े सात बजे कूड़े के ढेर में भीषण आग लग गई। आग लगने से इलाके में घना धुआं फैल गया, जिससे आसपास के लोगों को सांस लेने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। धुएं के कारण आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ की शिकायतें सामने आईं, खासकर सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए स्थिति गंभीर हो गई। कई स्थानीय निवासी अपने घरों से बाहर निकल आए। स्थानीय निवासियों इमरान और शादाब ने बताया कि इस स्थान पर लंबे समय से सड़क पर ही कूड़ा फेंका जाता है। उनका आरोप है कि कोई अज्ञात व्यक्ति अक्सर इसमें आग लगा देता है, जिससे यह घटना बार-बार होती है। आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड को बुलाया गया। दमकल टीम ने करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सड़क पर कूड़ा फेंकने की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है। उन्होंने जानबूझकर कूड़े में आग लगाने वाले तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की भी अपील की। लोगों का कहना है कि तेज हवा के कारण आग कभी भी विकराल रूप ले सकती है और बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। आम आदमी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष फैसल लाल का कार्यालय भी इसी क्षेत्र में है। उन्होंने बताया कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार स्थानीय प्रशासन को लिखा है। हैरानी की बात यह है कि नगर पालिका अध्यक्ष भी उन्हीं की पार्टी से हैं, इसके बावजूद सड़क किनारे कूड़ा फेंका जाता है और इसमें अक्सर आग लगती है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती।
अपहरण और मारपीट मामले में सपा नेता गिरफ्तार:बांदा पुलिस ने भेजा जेल, बेटे और अन्य की तलाश
बांदा में दिनदहाड़े अपहरण और मारपीट के मामले में समाजवादी पार्टी के एक नेता को गिरफ्तार किया गया है। नरैनी थाना पुलिस ने सपा के पूर्व जिला महासचिव जगमोहन यादव को नरैनी कस्बे से पकड़ा। पुलिस उनके बेटे और अन्य सहयोगियों की तलाश कर रही है। नरैनी सीओ कृष्णकांत त्रिपाठी ने बताया कि रविवार को नरैनी कस्बे के निवासी राजाराम गर्ग उर्फ धोनी का सपा नेता जगमोहन यादव ने अपने बेटे और कुछ साथियों के साथ अपहरण कर लिया था। अपहरणकर्ता धोनी को एक अल्टो कार में भरकर ले गए और उसके साथ मारपीट की। धोनी किसी तरह अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छूटने में कामयाब रहे, जिसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी पलाश बंसल ने आरोपियों को पकड़ने के लिए अलग-अलग टीमें गठित कीं। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस लगातार अभियुक्तों के ठिकानों पर दबिश दे रही थी। सोमवार को पुलिस ने मुख्य अभियुक्त जगमोहन यादव, जो कालिंजर रोड, नरैनी के निवासी हैं, को गिरफ्तार कर लिया। जगमोहन समाजवादी पार्टी के पूर्व जिला महासचिव हैं। सीओ ने यह भी बताया कि घटना में शामिल अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
उदयपुर के मुख्य अग्निशमन अधिकारी बाबूलाल चौधरी को अपने विभाग में उत्कृष्ट सेवा कार्यों को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अंतर्गत महानिदेशालय अग्निशमन सेवा, नागरिक सुरक्षा एवं होमगार्ड द्वारा ‘फायर सर्विस वीक-2026’ के अवसर पर उन्हें डीजी-एफएस, सीडी एवं एचजी का ब्रॉन्ज डिस्क एवं प्रशंसा प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि इस श्रेणी में राजस्थान से यह सम्मान पहली बार किसी अधिकारी को मिल रहा है। चौधरी का चयन उनके उत्कृष्ट योगदान, आपदा प्रबंधन में प्रभावी भूमिका तथा अग्निशमन सेवाओं में उल्लेखनीय कार्यों के आधार पर किया गया है। चौधरी ने अपने कार्यकाल के दौरान कई चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में साहस, तत्परता और सूझबूझ का परिचय दिया है। शहर एवं आसपास के क्षेत्रों में लगी भीषण आग की घटनाओं पर त्वरित नियंत्रण, रेस्क्यू ऑपरेशन में कुशल नेतृत्व तथा आधुनिक तकनीकों के उपयोग से उन्होंने अग्निशमन सेवाओं को नई दिशा प्रदान की है। सज्जनगढ़ सेंचुरी में लगी आग के दौरान दिन-रात जंगल में रहकर आग को कंट्रोल करने का एक बड़ा काम भी इसमें शामिल है। नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने भी चौधरी के साथ साथ इस उपलब्धि का श्रेय पूरी अग्निशमन टीम, वरिष्ठ अधिकारियों को दिया है। आयुक्त ने कहा कि यह सम्मान कार्मिकों के मन में और अधिक समर्पण एवं निष्ठा के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा।
हरदोई में हत्या और लूट के एक चर्चित मामले में अपर सत्र न्यायाधीश कुसुमलता की अदालत ने दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों दोषियों पर 17-17 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना 28 नवंबर 2015 की है। कोथावां निवासी प्रेमचंद्र गुप्ता अपनी बाइक से मंगलापुर में श्याम बिहारी के घर एक मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे, लेकिन वापस घर नहीं लौटे। परिजनों द्वारा तलाश करने पर कोथावां से मंगलापुर मार्ग पर एक नाले के पास प्रेमचंद्र की चप्पलें और संघर्ष के निशान मिले। इसके बाद मृतक के पुत्र मोहन गुप्ता ने बेनीगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया। तहरीर में श्याम बिहारी, उसके पुत्र विजय और एक अन्य व्यक्ति पर वारदात को अंजाम देने की आशंका जताई गई थी। पुलिस विवेचना के दौरान मामला पलट गया और जांच में माधौगंज थाना क्षेत्र के ग्राम पड़रा लखनपुर निवासी बबलू तथा बेनीगंज थाना क्षेत्र के ग्राम नगवां निवासी सुनील कुमार के खिलाफ साक्ष्य मिले। इसके आधार पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने दोनों अभियुक्तों को दोषी ठहराया। अपर सत्र न्यायाधीश कुसुमलता ने दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए 17-17 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
लखनऊ में मशाल जुलूस निकाल कर विरोध किया गया। अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ (AIJTF) के बैनर तले हजरत गंज स्थित बीएन सिंह की प्रतिमा से विरोध मार्च निकाला गया। इस दौरान शिक्षकों ने TET अनिवार्यता का विरोध किया। हाथों में मशाल लेकर सैंकड़ों की संख्या में शिक्षकों ने विरोध में हिस्सा लिया। ‘शिक्षकों के सम्मान की लड़ाई है’ प्रदर्शन में शामिल शिक्षक संघ के अध्यक्ष सुरेश जायसवाल ने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 से पूर्व सेवारत शिक्षकों की सेवा शर्तों की सुरक्षा के लिए TET अनिवार्यता के विरोध में मशाल जुलूस निकाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2009 से पूर्व सेवारत शिक्षकों पर शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता थोपे जाने का विरोध करते हैं। यह आंदोलन केवल टेट अनिवार्यता के विरोध का नहीं बल्कि शिक्षकों के अधिकारों के सम्मान और सेवा सुरक्षा की रक्षा का आंदोलन है। ‘TET की अनिवार्यता खत्म हो’ सुरेश जायसवाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने जो आदेश दिया है कि 2010 से पहले की जो शिक्षकों की भर्ती है, उन्हें TET पास करना जरूरी है हम इसका विरोध करते हैं। 2010 आरटीई एक्ट के तहत पुराने शिक्षकों पर यह नियम लागू नहीं होता है। यह नियम नए लोगों पर लागू होता है पुराने पर नहीं। हम चाहते हैं कि इस TET की अनिवार्यता को तत्काल वापस लिया जाए। अगर अनिवार्यता को खत्म नहीं किया गया तो हम शिक्षक सड़क से लेकर सदन तक लड़ाई लड़ेंगे पीछे हटने वाले नहीं है। ‘सभी विभागों में लागू हो नियम’ उन्होंने कहा कि हम सभी शिक्षकों ने कमर कस लिया है और हम दिल्ली तक घेराव करने के लिए तैयार हैं। हम तमाम शिक्षक किसी भी स्थिति में पीछे हटने वाले नहीं है। सरकार कहती है कि ये छात्रों के हित में है हम भी इसे मानते हैं मगर यह कहां की गुंडागर्दी है कि 25 साल के युवक से 57 साल के शिक्षक का मुकाबला करवाया जाए। कोई भी नियम पुराने और नए समय के अंतर को देखते हुए लागू होता है। उम्र के हिसाब से हमारा विभाग TET करवाए हमें कोई आपत्ति नहीं है अगर 25 साल वाले से हमारी तुलना न हो। अगर हमारे विभाग में यह नियम लागू हुआ है तो सभी विभागों में इस तरीके के नियम लागू हो अगर हम पर लागू नहीं होता है तो हम इसका सड़क से लेकर सदन तक विरोध करेंगे।
लखनऊ में विश्व शांति के लिए शांति मार्च:डॉ. अंबेडकर महासभा ने युद्ध समाप्ति की मांग उठाई
लखनऊ में सोमवार को विश्व शांति और युद्ध की समाप्ति की मांग को लेकर एक शांति मार्च निकाला गया। डॉ. अंबेडकर महासभा के सहयोग में आयोजित किया गया। इस मार्च में सैकड़ों बौद्ध भिक्षु और आंबेडकर अनुयायी शामिल हुए। प्रतिभागियों ने 'युद्ध नहीं, बुद्ध चाहिए' और 'नफरत मिटाओ-शांति बढ़ाओ' जैसे नारों के साथ वैश्विक शांति का संदेश दिया। यह शांति मार्च डॉ. अंबेडकर महासभा कार्यालय से शुरू होकर हजरतगंज स्थित आंबेडकर प्रतिमा स्थल तक पहुंचा। मार्च में शामिल भिक्षुओं और अनुयायियों ने हाथों में तख्तियां लेकर 'विप्लव नहीं शांति चाहिए' और 'सबका साथ, सबका विकास-विश्व शांति का आधार' जैसे संदेश प्रदर्शित किए। पूरे मार्ग पर शांति, सद्भाव और सामाजिक एकता का माहौल बना रहा। दुनिया के कई देश संघर्ष और अस्थिरता से जूझ रहे उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अपने आवास पर मार्च को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज दुनिया के कई देश संघर्ष और अस्थिरता से जूझ रहे हैं। ऐसे समय में भगवान बुद्ध के करुणा और मैत्री के विचार ही मानवता को स्थायी शांति का मार्ग दिखा सकते हैं। मौर्य ने बताया कि जब वे बुद्ध के अवशेष लेकर रूस गए थे, तब लाखों लोग दर्शन के लिए उमड़े थे, जो बुद्ध के विचारों की वैश्विक स्वीकार्यता को दर्शाता है। परमाणु हथियारों की बढ़ती होड़ पर भी चिंता व्यक्त की कार्यक्रम में वक्ताओं ने परमाणु हथियारों की बढ़ती होड़ पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि चीन, रूस और अमेरिका जैसे देश लगातार अपने हथियारों का जखीरा बढ़ा रहे हैं, जो मानवता के लिए एक बड़ा खतरा है। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि युद्ध की स्थिति बनती है, तो इसका असर केवल मनुष्यों पर ही नहीं, बल्कि पर्यावरण, पशु-पक्षियों और पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। मार्च के समापन के बाद उपमुख्यमंत्री आवास पर भिक्षुओं को चीवर दान किया गया और अनुयायियों को खीर प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर सामाजिक सद्भाव और भाईचारे का संदेश भी दिया गया। इस कार्यक्रम में भिक्षु शीलरतन, भन्ते प्रज्ञासार, प्रमोद कुमार सरोज, अमरनाथ प्रजापति, खुशीलाल, सर्वेश पाटिल, डॉ. सत्यादोहरे और रामचंद्र पटेल सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे।
ए.पी. सेन मेमोरियल गर्ल्स पीजी कॉलेज में अंबेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। राष्ट्रीय सेवा योजना और एआईएच विभाग के सहयोग में हुए इस कार्यक्रम का निर्देशन प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव ने किया। इसमें छात्राओं ने पोस्टर, कोलाज और निबंध प्रतियोगिताओं के माध्यम से डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर के विचारों को प्रस्तुत किया। पोस्टर और कोलाज प्रतियोगिताओं में छात्राओं ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। मूल्यांकन के बाद शिवानी को प्रथम, अंशिका को द्वितीय, महक को तृतीय और यशिका को सांत्वना पुरस्कार के लिए चुना गया। इन रचनाओं में सामाजिक समानता और शिक्षा के महत्व का संदेश स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। छात्राओं ने अपने विचार व्यक्त किए निबंध प्रतियोगिता में भी छात्राओं ने अपने विचारों को प्रभावी ढंग से व्यक्त किया। निर्णायक प्रो. माधुरी यादव के मार्गदर्शन में मानसी, साधना, मीनाक्षी और यशिका को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए चयनित किया गया। उनके निबंधों में डॉ. भीमराव अंबेडकर के जीवन और विचारों की गहराई झलक रही थी। विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया कार्यक्रम के दौरान कॉलेज परिसर में डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। शिक्षिकाओं, कर्मचारियों और छात्राओं ने उनके विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. कीर्ति गौड़, वैशाली अवस्थी और विभागाध्यक्ष प्रो. निधि सिद्धार्थ सहित बड़ी संख्या में शिक्षिकाएं, कर्मचारी और लगभग 85 छात्राएं उपस्थित थीं। कार्यक्रम का समापन पुरस्कार वितरण और अल्पाहार के साथ हुआ।
जमीन दिलाने के नाम पर 5.50 लाख की ठगी:3 आरोपी गिरफ्तार, फर्जी आधार से खुद को मालिक बताकर किया सौदा
अयोध्या जिले के थाना पूराकलन्दर पुलिस ने जमीन बेचने के नाम पर 5.50 लाख रुपए की ठगी करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने संजय वर्मा (25) और अंकित यादव (24) को उसरू नहर किनारे से पकड़ा, जबकि तीसरे आरोपी अनिकेत यादव को मसौधा तिराहे के पास से देर रात गिरफ्तार किया गया। पीड़िता राधा शर्मा ने शिकायत में बताया कि आरोपियों ने मकान निर्माण के लिए जमीन दिलाने का झांसा दिया। फर्जी आधार कार्ड के जरिए खुद को जमीन का मालिक बताकर सौदा तय किया और 7 से 9 जनवरी 2026 के बीच करीब 5.50 लाख रुपए नगद व ऑनलाइन ले लिए। तय तारीख पर रजिस्ट्री नहीं कराई और बाद में फरार हो गए। पैसे मांगने पर आरोपियों ने जान-माल की धमकी दी। मामले में केस दर्ज कर पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। मुख्य आरोपी संजय वर्मा सहित अन्य के खिलाफ आपराधिक इतिहास भी सामने आया है।
लखनऊ में एमएसएमई व्यापार शिखर सम्मेलन:उद्योग संवाद के सहयोग से उद्यम रत्न अवार्ड भी दिए गए
लखनऊ के गोमती नगर स्थित होटल रेनेसा में उद्योग संवाद के सहयोग में एमएसएमई व्यापार शिखर सम्मेलन और उद्यम रत्न अवार्ड समारोह का आयोजन किया गया । कार्यक्रम में बड़ी संख्या में व्यापारी, उद्यमी और गणमान्य लोग शामिल हुए। मुख्य अतिथि दयाशंकर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश की तरक्की में व्यापारी वर्ग की सबसे बड़ी भूमिका है। जब व्यापारी मजबूत होंगे तो प्रदेश अपने आप आगे बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में बेहतर माहौल के चलते करीब 40 लाख का निवेश आ चुका है। सरकार की योजना है कि हर बस अड्डे पर ओडीओपी उत्पादों के लिए अलग स्टॉल लगाए जाएं, जिससे रोजगार के नए अवसर बनें। ई-मार्केटिंग के दौर में व्यापारी खुद को ब्रांड बना लेगा विशिष्ट अतिथि राकेश राठौर ने कहा कि आज के ई-मार्केटिंग के दौर में जो व्यापारी खुद को ब्रांड बना लेगा, वह उद्योगपति बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा। उन्होंने व्यापार में नई तकनीक अपनाने पर जोर दिया।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अमित गुप्ता ने कहा कि व्यापारी और उद्यमी किसी भी समाज की रीढ़ होते हैं। वे केवल व्यापार नहीं करते, बल्कि अर्थव्यवस्था को गति देते हैं और रोजगार भी पैदा करते हैं। उन्होंने ओडीओपी उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने की जरूरत बताई। उद्यम रत्न अवार्ड-2026 से सम्मानित किया गया समारोह में इंद्र प्रकाश गुप्ता, छवि गोयल, आशीष गुप्ता, मोहम्मद सूफियान, जुलाइकमा बीवी, राजेश गुप्ता और जॉय चोपड़ा को उद्यम रत्न अवार्ड-2026 से सम्मानित किया गया।इस मौके पर विधायक विनय वर्मा समेत कई व्यापारी और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम में व्यापार को बढ़ावा देने और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
बागपत में शातिर चोर गिरफ्तार:लाखों के जेवर और नकदी बरामद, मुकदमा दर्ज
बागपत थाना कोतवाली पुलिस ने एक शातिर चोर को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान मविकला निवासी निटू पुत्र संजय के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, यह आरोपी लंबे समय से क्षेत्र में चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा था और पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने दबिश देकर निटू को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके पास से चोरी के 15 हजार रुपये नकद बरामद हुए। इसके अतिरिक्त, सोने का एक गले का सेट, दो झुमके, एक नाक का टॉप्स, चांदी के दो जोड़ी बिछुए और दो जोड़ी पायल भी मिली हैं। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से सोनाटा कंपनी की दो घड़ियां भी बरामद की हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी निटू के खिलाफ पहले भी चोरी के कई मामले दर्ज हैं। वह लगातार पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था। गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ की जा रही है, जिससे क्षेत्र में हुई अन्य चोरी की वारदातों का भी खुलासा होने की संभावना है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। उसे जल्द ही न्यायालय में पेश किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।
हरदोई में अवैध डेयरियों पर नगर पालिका का शिकंजा:खजांची टोला से अभियान शुरू, FIR की तैयारी
हरदोई शहर में नगर पालिका प्रशासन ने अवैध रूप से संचालित डेयरियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। अतिक्रमण प्रभारी अमित सिंह के नेतृत्व में पालिका कर्मियों की टीम ने खजांची टोला क्षेत्र में कार्रवाई की, जहां कई डेयरियां नियमों के विपरीत संचालित पाई गईं। जांच में बाबू रईस और नवाब नामक व्यक्तियों द्वारा डेयरियों का संचालन सामने आया। मौके पर निरीक्षण के दौरान पाया गया कि ये डेयरियां निर्धारित मानकों का पालन नहीं कर रही थीं और बिना वैध अनुमति के चलाई जा रही थीं। इस पर अतिक्रमण प्रभारी ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए और संबंधित संचालकों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू की। अतिक्रमण प्रभारी अमित सिंह ने बताया कि बाबू रईस और नवाब के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के लिए पत्राचार किया गया है। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद इन डेयरियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शहर में अवैध रूप से संचालित डेयरियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यह अभियान लगातार जारी रहेगा। नगर पालिका की इस कार्रवाई से क्षेत्र के अन्य डेयरी संचालक सतर्क हो गए हैं। अतिक्रमण प्रभारी ने बताया कि मंगलवार को भी यह अभियान जारी रहेगा और अन्य क्षेत्रों में भी अवैध डेयरियों की जांच की जाएगी। नगर पालिका ने स्पष्ट किया है कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
कोंडागांव जिले में शादी का झांसा देकर एक युवती का लंबे समय तक यौन शोषण करने के आरोप में फरसगांव पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी 12 अप्रैल 2026 को पीड़िता की ओर से शिकायत दर्ज कराने के बाद हुई। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी अजय मरकाम (27), ग्राम पल्ली का निवासी है। वह पिछले कई सालों से पीड़िता के संपर्क में था। पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि आरोपी साल 2018 से उसके साथ प्रेम संबंध में था। पीड़िता के मुताबिक, आरोपी ने उसे शादी का झांसा देकर लगातार शारीरिक संबंध बनाए। उसने साल 2024 तक शादी का आश्वासन दिया, लेकिन जब पीड़िता ने शादी के लिए दबाव बनाया तो आरोपी टालमटोल करने लगा। शादी से किया इनकार साल 2024 में जब पीड़िता आरोपी के घर पहुंची, तो उसने शादी से साफ इनकार कर दिया। शिकायत के आधार पर फरसगांव थाना में अपराध क्रमांक 46/2026, धारा 69 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। न्यायिक रिमांड पर भेजा जेल पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी अजय मरकाम को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों में लगातार त्वरित और कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
अंबेडकर जयंती पूर्व संध्या पर जले 135 दीपक:गोरखपुर के लोगों को दिया गया समरसता का संदेश
गोरखपुर में सोमवार को हिंदू सुरक्षा सेवा संघ की महानगर इकाई द्वारा डॉ.भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती की पूर्व संध्या पर अंबेडकर चौक स्थित उनकी प्रतिमा के सामने श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान संगठन के कार्यकर्ताओं ने बाबा साहब को याद करते हुए 135 दीपक जलाए और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी ने बाबा साहब के बताए रास्ते पर चलने और समाज में समानता एवं भाईचारे को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। दीप प्रज्वलन की शुरुआत वरिष्ठ समाजसेवी और शिक्षाविद डॉ. राजेश चंद्र गुप्ता विक्रमी ने की। उन्होंने कहा कि बाबा साहब के विचारों को हर व्यक्ति तक पहुंचाना जरूरी है, ताकि आने वाली पीढ़ियों में समानता और भाईचारे की भावना मजबूत हो सके। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संगठन के प्रदेश प्रभारी जितेंद्र वर्मा पल्लू एडवोकेट ने कहा कि बाबा साहब राष्ट्रीय समरसता के प्रतीक हैं। उन्होंने संविधान बनाकर समाज के कमजोर, शोषित और वंचित वर्गों को अधिकार दिलाने का काम किया। उनके विचार आज भी समाज को एकजुट करने का मार्ग दिखाते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि बाबा साहब के विचारों को अपने जीवन में अपनाएं और समाज को जातियों में बांटने के बजाय एकता के सूत्र में बांधें, ताकि देश की एकता और अखंडता मजबूत हो सके।
युवक ने फावड़े से युवती की हत्या की:15 सालों से कर रहा था परेशान, वारदात को अंजाम देकर आरोपी फरार
हरदोई के मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के गढ़ी रसूलपुर में सोमवार शाम एक युवक ने फावड़े से हमला कर 26 साल की युवती की हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी युवक मौके से फरार हो गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मृतक युवती की पहचान ग्राम गढ़ी रसूलपुर निवासी रामरहीस कुशवाहा की पुत्री शिल्पी के रूप में हुई है। शिल्पी अपनी मां के साथ घरेलू कामों में हाथ बंटाती थीं। रामरहीस ने करीब 7 साल पहले शिल्पी की शादी मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के नया गांव निवासी गोविंद से की थी। शादी के लगभग दो साल बाद शिल्पी का अपने पति और ससुराल वालों से मनमुटाव हो गया था। इसके बाद ससुराल और मायके वालों के बीच पंचायत हुई। फिर शिल्पी अपने मायके लौट आई और तब से वहीं रह रही थी। इस संबंध में पति पत्नी का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। रामरहीस का आरोप है कि गांव का ही एक युवक शिल्पी को ब्लैकमेल कर रहा था। यह युवक शादी से पहले और शादी के बाद भी शिल्पी को लगातार 15 सालों से परेशान कर रहा था। इसी वजह से रामरहीस ने दो साल पहले अपना पुराना मकान छोड़कर गांव की उत्तर दिशा में स्थित दूसरे मकान में रहना शुरू कर दिया था। सोमवार शाम शिल्पी कूड़ा डालने के लिए मकान से बाहर निकली थीं। आरोप है कि इसी युवक ने उस पर फावड़े से हमला कर दिया। शिल्पी ने झोपड़ी की ओर भागने की कोशिश की, लेकिन युवक ने उसकी गर्दन पर फावड़ा मार दिया। गंभीर चोट लगने से शिल्पी की मौके पर ही मौत हो गई। घटनास्थल पर परिजनों और गांव वालों की भीड़ जमा हो गई, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही सीओ बिलग्राम रवि प्रकाश सिंह और कोतवाल शिवाकांत पांडेय अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
लखनऊ के नवयुग कन्या महाविद्यालय में वाणिज्य विभाग की ओर से आयोजित तीन दिवसीय कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रशिक्षण कार्यशाला का समापन सम्मान समारोह के साथ हुआ। कार्यक्रम कॉलेज परिसर में आयोजित किया गया, जिसमें छात्राओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। यह कार्यशाला लखनऊ प्रबंधन संघ और हेल्प यू शैक्षिक एवं परोपकारी न्यास के सहयोग से नवाचार एवं उद्यमिता प्रकोष्ठ के तहत आयोजित की गई। तीन दिनों तक चली इस कार्यशाला में छात्राओं को एआई के विभिन्न आधुनिक टूल्स का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रोफेशनल दक्षता में स्पष्ट सुधार देखने को मिला प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं ने संवादात्मक लेखन, शोध कार्य, रूपांकन निर्माण, प्रेजेंटेशन तैयार करने, भाषा सुधार, ध्वनि निर्माण और व्यावसायिक संपर्क जैसे विषयों पर काम करना सीखा। इससे उनकी लेखन क्षमता, रिसर्च स्किल और प्रोफेशनल दक्षता में स्पष्ट सुधार देखने को मिला। समापन समारोह में डॉ. रूपल अग्रवाल और सीए देवेश अग्रवाल की उपस्थिति रही। प्राचार्या प्रो. मंजुला उपाध्याय ने छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि आज के दौर में एआई की समझ बेहद जरूरी हो गई है और ऐसे प्रशिक्षण विद्यार्थियों के भविष्य को मजबूत बनाते हैं। ये रही मौजूद कार्यक्रम में भाग लेने वाली सभी छात्राओं को प्रमाण-पत्र दिए गए, जबकि बेहतर प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को प्रशिक्षुता के अवसरों की जानकारी भी दी गई।इस दौरान प्रो. संगीता शुक्ला, प्रो. शर्मिता नंदी, डॉ. सुनीता सिंह, प्रो. सरोज रानी और डॉ. अरिमा पांडे मौजूद रहीं। कार्यक्रम का संचालन व संयोजन डॉ. चंप्रीत कौर ने किया।
बाड़मेर कांग्रेस कार्यालय को आवंटित जमीन पर सोमवार को हाईकोर्ट से स्टे मिल गया। कोर्ट ने आदेश में लिखा कि नगर परिषद 10 अप्रैल को जारी किए नोटिस पर अगली सुनवाई होने तक याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई दमनात्मक कार्रवाई नहीं की जाए। कोर्ट ने दोनों पक्षों की विवादित भूमि के संबंध में यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष लक्ष्मणसिंह गोदारा का कहना है कि हाईकोर्ट ने हमारी याचिका को सुनते हुए हमें स्टे दिया है। जिला कांग्रेस को मिला है 1999.90 वर्ग मीटर जमीन का पट्टा नगर परिषद ने कांग्रेस को 1999.90 वर्ग मीटर जमीन का पट्टा दिया है। लेकिन जमीन के पट्टे और मौके पर मौजूद स्थिति में जमीन के आकार में अंतर आ रहा है। आवंटित जमीन के आसपास रहने वाले ग्रामीणों का दावा है कि जमीन उनकी है। इस बीच शिकायतों के बाद नगर परिषद ने 10 अप्रैल को एक नोटिस जारी करते हुए लिखा था कि आवंटित जमीन से संबंधित कई शिकायतें मिली हैं, जिनकी जांच प्रक्रियाधीन है। ऐसे में निर्माण कार्य को रोकने के लिए 6 अप्रैल को नोटिस दिया था, लेकिन उसके बाद से ही लगातार निर्माण कार्य चल रहा है। शुक्रवार(10 अप्रैल) को 2 घंटे में निर्माण कार्य को हटाने के निर्देश देते हुए पूरे निर्माण को ध्वस्त करने की चेतावनी दी गई थी। यूआईटी सचिव को सौंपी गई है जांचकांग्रेस कमेटी आवंटित जमीन पर धरने पर बैठ गई और जिला प्रशासन की कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच यूआईटी सचिव को दी गई है। वो इस सप्ताह में कलेक्टर को जांच रिपोर्ट सौपेंगे। हालांकि जिला कांग्रेस कमेटी ने हाईकोर्ट की शरण ली। कोर्ट के समक्ष याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि चारदीवारी का निर्माण भवन निर्माण के समान नहीं है, इसलिए नोटिस उचित नहीं है। याचिकाकर्ता को आशंका है कि उसकी ओर से बनाई चार दीवारी को तोड़ा जा सकता है।
जौनपुर में अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के तत्वावधान में शिक्षकों ने टीईटी (TET) परीक्षा की अनिवार्यता के विरोध में एक विशाल मशाल जुलूस निकाला। यह जुलूस बीआरपी इंटर कॉलेज के प्रांगण से शुरू होकर कलेक्ट्रेट स्थित शहीद स्मारक पर समाप्त हुआ। जुलूस के दौरान शिक्षकों ने 'नो टेट' और 'आरटीई एक्ट' जैसे नारे लगाए। उन्होंने अपनी सेवा सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया। इस मशाल जुलूस का नेतृत्व उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. राजेश सिंह मुन्ना और जिलाध्यक्ष संजय सिंह ने किया। इसमें अटेवा के जिलाध्यक्ष चंदन सिंह, यूटा के जिलाध्यक्ष डॉ. हेमंत सिंह, पूर्व माध्यमिक विद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष सुशील उपाध्याय, विशिष्ट बीटीसी संघ के राम मूरत यादव, पीएसपी के जिलाध्यक्ष सुधीर सिंह, मंत्री विकास सिंह, टीएससीटी के अरविंद यादव, शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष संदीप यादव और एससी-एसटी के जिलाध्यक्ष सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। शिक्षक नेता डॉ. विजय रघुवंशी, रुद्रसेन सिंह, काशी नंदन मिश्रा और कई शिक्षिकाएं भी उपस्थित थीं। शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। ज्ञापन में केंद्र सरकार से टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग की गई। शिक्षकों ने अपील की कि मानसून सत्र में लोकसभा में विधेयक लाकर पूरे भारतवर्ष के शिक्षकों को इस कानून से मुक्ति दिलाई जाए। उन्होंने तर्क दिया कि यह कानून असंवैधानिक है और इसे केवल शिक्षकों पर लागू नहीं किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि एक लोकतांत्रिक देश में 25 लाख शिक्षकों पर इसे लागू करना मानवता और नैसर्गिक न्याय के विरुद्ध है। शिक्षकों ने आरटीई एक्ट के तहत बनाए गए संवैधानिक नियमों का पालन करते हुए टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता को तत्काल समाप्त करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं और उन्हें इस कानून से मुक्ति नहीं मिली, तो वे दिल्ली और लखनऊ की सड़कों पर बड़ा आंदोलन करने को विवश होंगे। शिक्षकों ने खुद को राष्ट्र निर्माता और सरकार की आंख व चेतना बताया।
अंबेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर विविध कार्यक्रम:लखनऊ के अटल बिहारी डिग्री कॉलेज में आयोजन
लखनऊ के अटल बिहारी वाजपेई नगर निगम डिग्री कॉलेज में भारत रत्न डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर की 135वीं जयंती की पूर्व संध्या पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर पर 'बाबा साहब अंबेडकर का व्यक्तित्व एवं कृतित्व' विषय पर व्याख्यानमाला, निबंध लेखन और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं हुईं। कार्यक्रम का शुभारंभ बाबा साहब के चित्र पर पुष्पांजलि और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। लखनऊ विश्वविद्यालय की प्रो. रीता चौधरी और उत्तर प्रदेश सचिवालय के समीक्षा अधिकारी प्रशांत कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। प्राचार्य डॉ. सुभाष चंद्र पाण्डेय ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। अतिथियों का स्वागत अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर किया गया। समानता को जीवन के मूल सिद्धांत के रूप में स्थापित किया प्रो. रीता चौधरी ने अपने संबोधन में डॉ. अंबेडकर के जीवन मूल्यों और विचारों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि संविधान निर्माण में उनके योगदान ने भारत के सामाजिक ढांचे और लोकतंत्र को मजबूत आधार प्रदान किया। प्रो. चौधरी ने कहा कि अंबेडकर ने सामाजिक लोकतंत्र, समानता और बंधुत्व को जीवन के मूल सिद्धांत के रूप में स्थापित किया। प्राचार्य डॉ. सुभाष चंद्र पाण्डेय ने कहा कि हर महापुरुष के तीन प्रकार के अनुयायी होते हैं—भक्त, आलोचक और स्वार्थी। उन्होंने अंबेडकर के सच्चे अनुयायी बनने और उनके विचारों को जीवन में उतारने की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रशांत कुमार ने अंबेडकर के जीवन को दृढ़ संकल्प और ज्ञान की शक्ति का प्रेरणादायक उदाहरण बताया। सशक्तिकरण के मार्ग पर चलने का आह्वान किया सह-संयोजक डॉ. पूनम उत्तम ने अंबेडकर की विरासत को मार्गदर्शक बताते हुए ज्ञान और सशक्तिकरण के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। निबंध प्रतियोगिता में मधु पाल ने प्रथम, ज्योति कुशवाह ने द्वितीय और विनय मोहन शुक्ल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में अमन वर्मा पहले, नेहा कुमारी दूसरे और अंकिता कुमारी गौड़ तीसरे स्थान पर रहीं।कार्यक्रम का संचालन डॉ. पूनम उत्तम ने किया, जबकि संयोजक डॉ. ओम प्रकाश पाण्डेय ने सभी उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के बैनर तले टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता के विरोध में चल रहा आंदोलन अब तेज हो गया है। सोमवार को आंदोलन के दूसरे चरण में जनपद सोनभद्र में शिक्षकों ने एक विशाल मशाल जुलूस निकाला। इस जुलूस में बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल हुए। यह जुलूस रॉबर्ट्सगंज के नेहरू पार्क से शुरू होकर बढ़ौली चौराहे तक पहुंचा, जहां एक सभा के साथ समाप्त हुआ। मशाल जुलूस के दौरान शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वर्ष 2001 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता थोपना पूरी तरह से अन्यायपूर्ण है। उनका तर्क है कि टीईटी की व्यवस्था वर्ष 2011 में लागू की गई थी, ऐसे में उससे पहले नियुक्त शिक्षकों को इस दायरे में लाना न्यायसंगत नहीं है। महासंघ के जिला संयोजक और उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश संगठन मंत्री योगेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि 1 सितंबर 2025 को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिया गया निर्णय व्यावहारिक दृष्टिकोण से उचित नहीं है। उन्होंने मांग की कि आरटीई एक्ट में संशोधन कर 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से मुक्त किया जाए। जिला अध्यक्ष राजकुमार मौर्य ने भी अपने संबोधन में कहा कि किसी भी प्रक्रिया के बीच में नियम बदलना न्यायसंगत नहीं होता। उन्होंने जोर दिया कि जिन शिक्षकों की नियुक्ति उस समय की निर्धारित योग्यताओं के आधार पर हुई थी, उनसे वर्षों बाद नई योग्यता की अपेक्षा करना गलत है। इससे शिक्षकों में व्यापक असंतोष है। शिक्षकों ने बताया कि आंदोलन के प्रथम चरण में देशभर के लाखों शिक्षकों द्वारा प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर विरोध दर्ज कराया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी के चलते अब आंदोलन का दूसरा चरण शुरू किया गया है। महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो तीसरे चरण में देशभर की राज्य राजधानियों में बड़े पैमाने पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक शिक्षकों को न्याय नहीं मिल जाता।
छत्तीसगढ़ के धमतरी में पुलिस ने नशे के खिलाफ कार्रवाई करते हुए हेरोइन (चिट्टा) बेचते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से कार और नकदी सहित कुल 2.29 लाख रुपए का सामान जब्त किया है। दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। यह कार्रवाई कोतवाली थाना क्षेत्र में की गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि धमतरी बस स्टैंड के पीछे एक मारुति सुजुकी स्विफ्ट कार (CG-13-C-4422) में दो युवक अवैध मादक पदार्थ हेरोइन की बिक्री के लिए ग्राहकों की तलाश कर रहे हैं। सूचना मिलते ही धमतरी पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी कर दबिश दी। 2.29 लाख का सामान जब्त तलाशी के दौरान संदिग्धों के कब्जे से 10.30 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत 47,000 रुपए है। इसके अलावा पुलिस ने 12,000 रुपए नकद, स्विफ्ट कार, एक आईफोन और एक वीवो Y31 स्मार्टफोन भी जब्त किया। जब्त किए गए कुल सामान की कीमत 2 लाख 29 हजार रुपए आंकी गई है। न्यायिक रिमांड पर भेजा जेल गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान कमर रजा (28 वर्ष), निवासी सदर बाजार धमतरी, और मोहम्मद शोएब अख्तर (26 वर्ष), निवासी केला बड़ी दुर्ग, थाना पदमनामपुर, जिला दुर्ग के रूप में हुई है। दोनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
पलवल में लाखों के सोना और नकदी लूट मामले में तीन अंतर्राज्यीय गैंग के सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी सीआईए पलवल और शहर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने की है। आरोपियों ने एक सर्राफा कारोबारी के ड्राइवर और कर्मचारी से 30 तोला सोना और 31 लाख रुपए नकद लूटे थे। डीएसपी क्राइम अनिल कुमार ने बताया कि यह घटना 2 अप्रैल को हुई थी। शिकायतकर्ता विकास जैन ने पुलिस को बताया था कि लुटेरों ने खुद को राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) का अधिकारी बताकर नेशनल हाईवे-19 पर हुडा चौक के पास उनकी कार रोकी थी। 30 तोला सोना और 31 लाख रुपए लूटे आरोपियों ने कार ड्राइवर राजकुमार और कर्मचारी विजय से 30 तोला सोना और 31 लाख रुपए नकद लूट लिए। वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश कार में सवार कर्मचारी का अपहरण कर अपने साथ ले गए थे। बाद में उसे गुरुग्राम में छोड़कर सोना और नकदी लेकर फरार हो गए। सीसीटीवी फुटेज खंगाले इस संबंध में शहर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लुटेरों की गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर दिए थे। इस ब्लाइंड लूट मामले की जांच के लिए सीआईए पलवल और शहर थाना की एक संयुक्त टीम गठित की गई थी। टीम ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और साइबर तकनीकी व खुफिया जानकारी का इस्तेमाल किया। आरोपी गिरफ्तार 10 अप्रैल को लूट में शामिल आरोपी लक्ष्मण को गिरफ्तार किया गया और उसे पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। आरोपी से वारदात में इस्तेमाल किया गया मोबाइल भी बरामद किया गया है। अब इसी टीम ने ग्रीनफील्ड कॉलोनी फरीदाबाद के पास से दिल्ली निवासी विजेंद्र कुमार और अमित, और झज्जर निवासी नरेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया है। अर्टिगा गाड़ी के जरिए रेकी करता था डीएसपी ने बताया कि जांच में सामने आया है कि आरोपी विजेंद्र गैंग के अन्य सदस्यों को नकली पहचान पत्र, मोहरें और फर्जी नंबर प्लेट आदि उपलब्ध कराता था। जबकि आरोपी अमित कुमार अर्टिगा गाड़ी के जरिए रेकी करता था। और लूट वारदात के दौरान भी गाड़ी पर ड्राइवर था आरोपियों पर दर्ज हैं कई केस जबकि आरोपी नरेंद्र कुमार इस लूट की प्लानिंग में शामिल था और उस दिन लूट कि वारदात में शामिल था। आरोपी बिजेंदर के खिलाफ लूट तथा धोखाधड़ी के 15 संगीन मामले दर्ज है, जबकि आरोपी अमित के खिलाफ दो मामले लूट के दर्ज होने मिले हैं। अन्य राज्यों से भी रिकार्ड खंगलवाया जा रहा है। आरोपियों से बरामदगी व अन्य सदस्यों के बारे में पूछताछ के लिए कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया है।
संभल में पांच साल पहले आलू के विवाद में एक युवक की हत्या के मामले में दो सगे भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। जिला सत्र न्यायाधीश डॉ. विदुषी सिंह ने सोमवार को यह फैसला सुनाया। दोनों दोषियों पर 30-30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। दोषियों की पहचान कल्लू उर्फ अय्यूब और फारुख उर्फ नेता पुत्र साबिर निवासी रुकनुद्दीन सराय, थाना नखासा के रूप में हुई है। जिला शासकीय अधिवक्ता राहुल दीक्षित ने बताया कि कोर्ट ने दोनों आरोपियों को धारा 302/34 में 25,000 रुपये और धारा 201/34 में 5,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। फारुख को पुलिस ने वर्ष 2021 में गिरफ्तार कर जेल भेजा था और तब से वह जेल में ही बंद है। उसकी जमानत इलाहाबाद हाईकोर्ट से भी खारिज हो गई थी। यह पूरा घटनाक्रम संभल के थाना नखासा क्षेत्र के हसनपुर रोड स्थित एक कोल्ड स्टोरेज से जुड़ा है। मृतक सलीम और उसके भाई अबरार ने कोल्ड स्टोरेज मालिक कौसर खां के माध्यम से आरोपियों को 2000 आलू के कट्टे रखने के लिए 2 लाख रुपये दिलवाए थे। हालांकि, आरोपियों ने केवल 500 कट्टे जमा किए और शेष नहीं किए। जब सलीम और अबरार ने आरोपियों से पैसे वापस करने या आलू जमा करने का तकादा करना शुरू किया, तो दोनों भाइयों ने मिलकर सलीम की हत्या कर दी। सलीम का शव दीपा सराय निवासी असजद और मोहल्ला ठेर निवासी अनुराग के कोल्ड स्टोरेज में पानी में तैरता हुआ मिला था। घटना की सूचना असजद के भाई कासिम ने तत्कालीन थाना प्रभारी धर्मपाल सिंह को फोन पर दी थी।
अयोध्या मे अधिवक्ता पर जानलेवा हमले का मामला:7 आरोपियों पर लगा गैंगस्टर एक्ट, पुलिस की सख्त कार्रवाई
कोतवाली अयोध्या पुलिस ने अधिवक्ता आलोक सिंह पर हुए जानलेवा हमले के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए सात आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार, यह हमला पूर्व नियोजित साजिश के तहत किया गया था, जिसमें आरोपियों ने मिलकर रामघाट निवासी अधिवक्ता को गोली मारकर हत्या का प्रयास किया। इस संगीन वारदात के बाद पुलिस ने त्वरित जांच करते हुए आरोपियों की आपराधिक गतिविधियों का ब्योरा जुटाया और उन्हें संगठित अपराध में लिप्त पाए जाने पर गैंगस्टर एक्ट के तहत निरुद्ध किया। जिन आरोपियों पर कार्रवाई की गई है, उनमें मोहित पाण्डेय, धीरज पाण्डेय, धर्मवीर पाण्डेय, पवन कुमार यादव, सूरज निषाद, अताउल्लाह शाह और सरवन उर्फ श्रवण निषाद शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ कठोर विधिक कार्रवाई जारी है और इस तरह के अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर एक सख्त संदेश गया है।
राजगढ़ नगर परिषद चुनाव से जुड़े कथित फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामले में कोर्ट ने आगे सुनवाई से इनकार कर दिया। अदालत ने नगर परिषद अध्यक्ष सवेरा महेश जायसवाल के खिलाफ दायर परिवाद को खारिज कर दिया है। न्यायालय ने प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर प्रथम दृष्टया किसी भी आपराधिक प्रकरण में संज्ञान लेने योग्य आधार नहीं पाया। नगर परिषद अध्यक्ष सवेरा महेश जायसवाल की ओर से अधिवक्ता दिनेश बैरागी ने पैरवी की। उन्होंने तर्क दिया कि परिवाद दर्ज करने के पर्याप्त आधार मौजूद नहीं हैं। वहीं, परिवादी अंजली अजय जायसवाल की ओर से अधिवक्ता डी.एस. चौहान उपस्थित हुए। फर्जी जाति प्रमाण इस्तेमाल करने का आरोप थायह मामला वर्ष 2022-23 के नगर परिषद चुनाव से संबंधित है। आरोप था कि सवेरा जायसवाल ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के नाम पर फर्जी जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर चुनाव लड़ा और निर्वाचित हुईं। परिवादी पक्ष ने सूचना के अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त जानकारी का हवाला देते हुए प्रमाण पत्र के रिकॉर्ड में विसंगतियां होने का दावा किया था। सुनवाई के दौरान परिवादी पक्ष ने अंजली जायसवाल, अजय जायसवाल और जाति प्रमाण पत्र शाखा प्रभारी हेमंत खलिया के बयान किए। हालांकि, न्यायालय ने स्पष्ट किया कि केवल मौखिक साक्ष्यों या प्रारंभिक स्तर की जानकारी के आधार पर किसी जाति प्रमाण पत्र को फर्जी घोषित नहीं किया जा सकता। इसके लिए सक्षम प्राधिकारी या राज्य स्तरीय जाति सत्यापन समिति द्वारा विधिवत जांच आवश्यक होती है। प्रस्तुत साक्ष्यों से प्रमाणित नहीं हो सके आरोपअदालत ने यह भी पाया कि परिवादी द्वारा किसी सक्षम समिति में शिकायत या उसकी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई थी। साथ ही, धोखाधड़ी से संबंधित भारतीय दंड संहिता की धाराओं के आवश्यक तत्व भी प्रस्तुत साक्ष्यों से प्रमाणित नहीं हो सके। इन्हीं आधारों पर न्यायालय ने भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468 और 471 के तहत संज्ञान लेने से इंकार कर दिया। दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 203 के तहत परिवाद को निराधार मानकर खारिज कर दिया गया। इस फैसले के बाद, इस मामले में फिलहाल न्यायिक प्रक्रिया समाप्त हो गई है।
सवाई माधोपुर के पुराने शहर में फिर से लेपर्ड का मूवमेंट नजर आया है। यहां पुराने शहर के डूंगर पाड़ा इलाके में आज लेपर्ड का मूवमेंट नजर आया। यहां लेपर्ड चहल-कदमी करते हुए सीसीटीवी फुटेज में कैद हुआ है। वीडियो सामने आने के बाद फिर से स्थानीय लोगों को चिंताएं बढ़ गई है। सीसीटीवी फुटेज में कैद हुआ लेपर्ड दरअसल, आज सुबह करीब 4 बजे का एक सीसीटीवी में एक लेपर्ड का मूवमेंट शहर की गलियों में बेखौफ घूमता नजर आ रहा है। यह घटना पुराने शहर के डूंगर पाड़ा की बताई जा रही है। जहां ओम प्रकाश खंगार के मकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में एक लेपर्ड साफ तौर पर दिखाई दिया। वीडियो में देखा जा सकता है कि लेपर्ड घर के बाहर बैठे कुत्तों पर अचानक हमला करने की कोशिश करता है। हालांकि, कुत्तों के भौंकने और प्रतिक्रिया के कारण लेपर्ड घबरा जाता है और वहां से भाग निकलता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। शहर के रिहायशी इलाकों में लेपर्ड की मौजूदगी को लेकर वन विभाग को कई बार सूचित किया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। जिससे लोगों में भय का माहौल बना हुआ है और रात के समय घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए और किसी प्रकार की जनहानि होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी वन विभाग की होगी। आपको बता दें कि इससे पहले वन विभाग की ओर से पिंजरा एक दो लेपर्ड को पकड़ा भी जा चुका है, लेकिन फिर से लेपर्ड के मूवमेंट से लोगों में भय का माहौल है।
मेरठ के इंचौली थाना क्षेत्र के नगली ईशा गांव में उत्तर प्रदेश सरकार के 'मिशन शक्ति 5.0' अभियान के तहत एक विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक देहात के निर्देश पर, तथा क्षेत्र अधिकारी के मार्गदर्शन में एंटी रोमियो टीम, मिशन शक्ति टीम और बाल कल्याण टीम ने यह कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें बाल कल्याण अधिकारी (CWO) ने ग्रामीण महिलाओं और किशोरियों को बच्चों के अधिकारों और उनके विकास से संबंधित सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। बाल कल्याण अधिकारी ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के बारे में बताया, जिसके तहत बेटियों के जन्म से लेकर उनकी शिक्षा तक सरकार आर्थिक सहायता प्रदान करती है। उन्होंने बाल विवाह को कानूनी अपराध बताते हुए महिलाओं से अपील की कि वे अपनी बेटियों का कम उम्र में विवाह न करें, बल्कि उन्हें शिक्षित कर आत्मनिर्भर बनाएं। शिविर में बच्चों के कुपोषण को दूर करने के लिए 'पुष्टाहार' के महत्व पर भी चर्चा की गई। महिलाओं को आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से मिलने वाले सूखे राशन और बच्चों के नियमित टीकाकरण के बारे में जागरूक किया गया। अधिकारी ने बाल श्रम और अनाथ बच्चों के संबंध में जानकारी देने की अपील की, ताकि उन्हें 'उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना' के तहत सहायता मिल सके। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई। इनमें बच्चों के शोषण या बाल श्रम की शिकायत के लिए 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन), महिलाओं की सुरक्षा और सहायता के लिए 1090 (वूमेन पावर लाइन), और किसी भी आपातकालीन स्थिति के लिए 112 (इमरजेंसी सर्विस) शामिल हैं। इस दौरान मिशन शक्ति अभियान और एंटी रोमियो स्क्वायड के कार्यों के बारे में भी विस्तृत जानकारी एसआई दिव्या चौधरी ने दी। उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित और सशक्त बनाना है।
दतिया के बड़ेरा धनौटी में गेहूं की फसल जली:5 बीघा फसल राख, सरकारी फायर ब्रिगेड में आई तकनीकि खराबी
पंडोखर थाना क्षेत्र के ग्राम बड़ेरा धनौटी मौजे में सोमवार दोपहर करीब 1 बजे अचानक लगी आग ने किसान राकेश राजपूत के खेत में खड़ी गेहूं की फसल को चपेट में ले लिया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और करीब पांच बीघा में फैली पूरी फसल जलकर राख हो गई। ग्रामीणों ने तत्काल आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तेज लपटों और हवा के कारण आग पर काबू पाना संभव नहीं हो सका। सूचना मिलने पर पण्डोखर धाम की निजी फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया। समय रहते आग पर काबू पा लेने से आसपास के खेतों में खड़ी अन्य फसल को बचा लिया गया। सरकारी फायर ब्रिगेड में आई खराबीवहीं, सरकारी फायर ब्रिगेड भी मौके पर पहुंची, लेकिन तकनीकी खामी के चलते मौके पर निष्क्रिय रही। बताया गया कि पानी सप्लाई का पाइप फटा होने के कारण वह आग बुझाने में उपयोग नहीं हो सकी। इस लापरवाही ने आपातकालीन सेवाओं की तैयारियों और रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है। राजस्व विभाग द्वारा नुकसान का आंकलन किए जाने की बात कही जा रही है।
औराई विकासखंड के डेरवा भवानीपुर गांव में भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती की पूर्व संध्या पर सोमवार को स्वच्छता अभियान और दीपोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया। ग्राम सभा डेरवा में स्थित डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा स्थल पर आयोजित इस कार्यक्रम में सांसद डॉ. विनोद बिंद ने भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ प्रतिमा स्थल की साफ-सफाई की। उन्होंने बाबा साहेब के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए दीप प्रज्ज्वलित किए। इस अवसर पर सांसद डॉ. विनोद बिंद ने कहा कि बाबासाहेब के आदर्शों पर चलकर ही समाज से भेदभाव, छुआछूत और अन्य कुरीतियों को समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से बाबा साहेब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में कमलेश सिंह, अनिल त्रिपाठी, केपी मिश्रा, रामदास सरोज, शिवम तिवारी, रतन गौतम, होरीलाल गौतम, राजाराम सिंह, सुरेश प्रधान, हीरालाल गौतम सहित कई लोग उपस्थित रहे।
शिमला पुलिस ने मादक पदार्थों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत दो नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बीते दिनों एक आरोपी से 9.17 ग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद किया था।इसके बाद पुलिस ने अब मामले में तहकीकात करते हुए 'बैकवर्ड लिंकेज' के आधार पर मुख्य सप्लायर को दबोच लिया है। पुलिस के अनुसार थाना रोहडू के अधिकार क्षेत्र में गश्त के दौरान पुलिस टीम ने एक संदिग्ध व्यक्ति को रोका और तलाशी लेने पर उसके कब्जे से 9.17 ग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद हुआ। आरोपी की पहचान सार्थक (29 वर्ष), पुत्र श्री संदीप सूद, निवासी गांव समाला, डाकघर व तहसील रोहडू, जिला शिमला के रूप में हुई। उसके खिलाफ पुलिस थाना रोहडू में NDPS अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया। इसके बाद पुलिस ने मामले की गहन जांच के दौरान, शिमला पुलिस ने सार्थक के बैंक खातों, टेलीकॉम रिकॉर्ड और मोबाइल फोन का विश्लेषण किया। तकनीकी जांच से मुख्य आरोपी को पकड़ा डिजिटल और वित्तीय साक्ष्य जुटाने के बाद यह सामने आया कि रोहडू और चिड़गांव क्षेत्र में चिट्टा तस्करी का एक संगठित गिरोह सक्रिय है। तकनीकी और वैज्ञानिक जांच के आधार पर, इस गिरोह के मुख्य संचालक के रूप में अमित गुप्ता (30 वर्ष) जिला बाराबांकी की पहचान हुई। अमित गुप्ता लखनऊ में रहकर सार्थक और अन्य स्थानीय युवकों के माध्यम से 'लोकेशन बेस्ड डिलीवरी' के तहत अलग-अलग स्थानों पर कम मात्रा में चिट्टा रखवाकर उसकी अवैध खरीद-फरोख्त करता था। आरोपी अमित गुप्ता की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम को लखनऊ भेजा गया, लेकिन वह वहां से फरार हो गया। लगातार प्रयासों के बाद, शिमला पुलिस ने 11 अप्रैल 2026 को आरोपी अमित गुप्ता को चंडीगढ़ से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को आज कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 14 अप्रैल 2026 तक का पुलिस रिमांड मिला है। मामले के हर पहलू पर जांच जारी है।
सवायजपुर स्थित परमहंस राम मंगल दास कन्या विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में सोमवार को छात्राओं की सेहत को लेकर खास जागरूकता शिविर लगाया गया। नीमा (NIMA) के स्थापना दिवस सप्ताह के समापन पर आयोजित इस कैंप में 152 छात्राओं की हीमोग्लोबिन की मुफ्त जांच की गई। इस दौरान डॉक्टरों ने छात्राओं को सर्वाइकल कैंसर के खतरों और एनीमिया (खून की कमी) से बचने के आसान उपाय समझाए। आयुर्वेद से कैंसर को मात: गिलोय और सहजन बनेंगे ढाल शिविर में नीमा वूमेन्स फोरम की सचिव आयुर्वेदाचार्य डॉ. वंदना पाठक ने छात्राओं को बताया कि कैंसर और एनीमिया जैसी बीमारियों से डरने के बजाय जागरूक होने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हमारी रसोई और आसपास मौजूद गिलोय, हल्दी, आंवला, नीम, तुलसी और सहजन जैसी चीजें किसी वरदान से कम नहीं हैं। इनके नियमित सेवन और जंक फूड से दूरी बनाकर गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। साथ ही, बच्चों के लिए 'स्वर्ण प्राशन' को उनकी इम्यूनिटी बढ़ाने का सबसे कारगर तरीका बताया। 152 छात्राओं की जांच, बांटी गई दवाएं और डाइट चार्ट कैंप के दौरान कॉलेज की 152 छात्राओं के खून की जांच की गई ताकि उनमें एनीमिया के स्तर का पता लगाया जा सके। जांच के बाद जरूरत के मुताबिक छात्राओं को मुफ्त दवाएं और सेहतमंद रहने के लिए जरूरी खाद्य सामग्री का वितरण भी किया गया। डॉक्टरों की टीम ने छात्राओं को पीरियड्स के दौरान स्वच्छता रखने के महत्व पर व्याख्यान दिया और बताया कि कैसे छोटी-छोटी सावधानियां भविष्य में बड़े स्वास्थ्य संकट को टाल सकती हैं। सर्वाइकल कैंसर के लिए टीकाकरण ही बचाव डॉक्टरों ने विशेष रूप से एचपीवी (HPV) वायरस से होने वाले सर्वाइकल कैंसर पर चर्चा की। छात्राओं को समझाया गया कि समय पर टीकाकरण करवाकर इस जानलेवा बीमारी के जोखिम को खत्म किया जा सकता है। इसके साथ ही दिनचर्या में सुधार और आयुर्वेद के नियमों का पालन करने की सलाह दी गई।
मिर्जापुर के जीडी बिनानी पीजी कॉलेज में मिशन शक्ति फेज-5 के तहत टॉक शो विद माई आइडियल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि महिला आयोग की उपाध्यक्ष नीलम प्रभात ने छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने और अपने अंदर के डर को खत्म करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि लड़कियों को किसी भी प्रकार की झिझक या भय में रहने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए। प्रभात ने जोर देकर कहा, “अगर आप अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हैं और आत्मविश्वास से भरी हैं, तो कोई भी बाधा आपको आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती। डर को अपनी कमजोरी न बनने दें, बल्कि उसे अपनी ताकत में बदलें।” नीलम प्रभात ने छात्राओं को अपने लक्ष्य निर्धारित करने, निरंतर मेहनत करने और जीवन की चुनौतियों का सामना करने की प्रेरणा दी। उन्होंने यह भी बताया कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण का मजबूत आधार है। विशिष्ट अतिथियों में मंजरी राव, अपराजिता सिंह और प्रो. वीणा सिंह भी उपस्थित थीं। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए छात्र-छात्राओं को मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर वंदना मिश्रा ने किया। मिशन शक्ति फेज-5 के तहत आयोजित गतिविधियों की विस्तृत रिपोर्ट प्रोफेसर आत्रेई अध्या चटर्जी ने प्रस्तुत की। इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत भी किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्राचार्य प्रो. अशोक कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
महाकुंभ के दौरान चर्चा में आई वायरल गर्ल ‘मोनालिसा’ शादी करने के बाद से दोबारा से सुर्खियों में हैं। पिछले दो दिन से सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है जिसमें दावा किया जा रहा है कि उनका पति उन्हें ढूंढने राजस्थान पहुंचा है। दरअसल, वीडियो बनाने वाला शख्स वायरल गर्ल का पति फरमान खान नहीं है, राजस्थान के बालोतरा जिले का रहने वाला अरविंद कुमार जोशी है। सबसे पहले जानिए इस वीडियों में क्या है? इस वायरल वीडियो में अरविंद कुमार जोशी खुद को फरमान के तौर पर पेश करते हुए नजर आ रहा है। इस वीडियो में वो बोल रहा है कि, 'मैं अजमेर पुष्कर आया हुआ हूं, मैं उसे (वायरल गर्ल) ढूंढने आया हूं। उसका अजमेर में पता नहीं लग पाया। मैं जोधपुर जा रहा हूं। पता करेंगे। जोधपुर में हॉल्ट है तो आप किसी को पता चले तो मुझे बताएं। इस मामले में दैनिक भास्कर एप की टीम ने अरविंद कुमार जोशी से बात की। इसमें बातचीत में अरविंद ने विस्तार से बताया कि उसने ये वीडियो क्यों और कब बनाया, लेकिन इससे पहले जानिए कि वायरल वीडियो में क्या है? सवाल: आपने ऐसा वीडियो क्यों बनाया? अरविंद: खबरों में फरमान और वायरल गर्ल को लेकर चर्चाएं थी। मेरी शक्ल फरमान से मिलती है। लोगों ने कहा कि तू उसके जैसा दिखता है। सोचा एक-दो वीडियो बनाऊंगा तो वायरल हो जाऊंगा। बस उसी मकसद से वीडियो बनाया, कोई और इरादा नहीं था। वीडियो अपलोड करने के दो-चार घंटे तक अच्छा रिस्पॉन्स मिला, लेकिन बाद में कमेंट्स में धमकियां आने लगीं। सवाल: ये वीडियो आपने कब और क्यों बनाया ? अरविंद: 11 अप्रैल को पुष्कर स्थित ब्रह्माजी मंदिर के पास वीडियो बनाया। दरअसल, मैं एक कैब ड्राइव करता हूं। पर्यटकों को राजस्थान के फैमस प्लेस पर घूमाता हूं। उस दिन मैं कुछ सवारियों को लेकर अजमेर जिले के पुष्कर गया था। सवारी घूमने गई थी। मैं वहां अकेला खड़ा था। उसी दौरान में मैंने मनोरंज के लिए ये वीडियो शूट कर लिया। सवाल: वीडियो को कितने व्यू मिले। लोगों की क्या प्रतिक्रिया आ रही है? अरविंद: शुरुआत में मैंने वीडियो बना तो लिया था, लेकिन ये नहीं पता था कि इतना वायरल चला जाएगा। वीडियो अपलोड करते ही लोग इसे शेयर करने लगे। लोगों की प्रतिक्रिया आने लगी। अब उस वीडियो पर 11 मिलियन से ज्यादा व्यू आ चुके हैं। अब लोगों को जब सच्चाई पता चली कि मैं फरमान नहीं हूं तो लोग बोल रहे हैं कि मैं फरमान का ही आदमी हूं। उसने पैसे दिए हैं, जबकि ऐसा कुछ नहीं है। सवाल: क्या वीडियो बनाने का अफसोस है? अरविंद: मैंने सामान्य वीडियो बनाया था। आजकल हर कोई रोस्ट और कंटेंट बनाता है। मैंने सोचा मेरा चैनल भी मोनेटाइज हो जाएगा और वीडियो चल जाएगा। इसके अलावा मेरा किसी कोई गलत इरादा नहीं था। जानिए, कौन है वायरल गर्ल वायरल गर्ल प्रयागराज महाकुंभ 2025 में चर्चा में आई थी। 11 मार्च को केरल के फरमान से शादी करने के बाद वो फिर चर्चा में आई। इसके परिजनों ने दावा किया गया था कि वो नाबालिग है। अब बीते 9 अप्रैल को राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) ने बताया कि वो नाबालिग है। इसके बाद पॉक्सो एक्ट के तहत फरमान खान के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कानपुर के छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) में चल रही ऑल इंडिया पुरुष खो-खो चैम्पियनशिप के दूसरे दिन कई रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। मेजबान कानपुर विश्वविद्यालय ने सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय को हराया, जबकि मंगलौर विश्वविद्यालय ने दिल्ली विश्वविद्यालय को कड़े मुकाबले में शिकस्त दी। मेजबान कानपुर विश्वविद्यालय और सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय के बीच हुए मुकाबले में कानपुर ने शानदार प्रदर्शन किया। कानपुर के खिलाड़ियों ने आक्रामक खेल दिखाते हुए पुणे को 34-26 के स्कोर से 8 अंकों के अंतर से हराया। इस जीत के साथ कानपुर ने टूर्नामेंट में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। दिन का एक अन्य रोमांचक मुकाबला दिल्ली विश्वविद्यालय और मंगलौर विश्वविद्यालय के बीच खेला गया। यह मैच बेहद करीबी रहा, जिसमें दोनों टीमें अंत तक संघर्ष करती रहीं। मंगलौर विश्वविद्यालय ने दिल्ली को 34-30 के स्कोर से 4 अंकों के अंतर से हराकर जीत दर्ज की। अन्य मुकाबलों में भी कई विश्वविद्यालयों ने जीत हासिल की। डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर विश्वविद्यालय ने बीएनयू को 42-24 के बड़े अंतर से हराया। हरियाणा की चौधरी देवी लाल यूनिवर्सिटी, सिरसा ने कल्याणी यूनिवर्सिटी को 36-26 से शिकस्त दी। इसके अलावा, नांदेड़ की स्वामी रामानंद तीर्थ मराठवाड़ा यूनिवर्सिटी ने सिदो-कान्हू बिरसा विश्वविद्यालय को 9 अंकों से पीछे छोड़ते हुए जीत दर्ज की। अंतिम राउंड की ओर बढ़ता रोमांचप्रतियोगिता के अन्य मैचों में कालीकट यूनिवर्सिटी ने विद्यासागर यूनिवर्सिटी को 28-18 से हराया, जबकि कर्नाटक की दावणगेरे यूनिवर्सिटी ने हेमचंद यादव यूनिवर्सिटी पर 32-23 से जीत दर्ज की। पंजाब की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) और मुंबई यूनिवर्सिटी के बीच भी कड़ा मुकाबला हुआ, जिसमें LPU ने 33-27 के स्कोर के साथ बाजी मारी। अब सबकी नजरें टूर्नामेंट के अगले चरणों पर टिकी हैं, जहां मुकाबला और भी कड़ा होने की उम्मीद है। जिस तरह से टीमें प्रदर्शन कर रही हैं, उसे देखकर साफ है कि फाइनल तक का सफर किसी भी टीम के लिए आसान नहीं होगा।

