Mainpuri News: थाना सीमा में उलझी रही पुलिस, किसान नदी में बहता चला गया
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Mainpuri News: वाहन की टक्कर से युवक की मौत
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Mainpuri News: सोलर पैनल की डीलरशिप दिलाने के नाम पर पांच लाख की ठगी
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Mainpuri News: दुकान में घुसकर वृद्ध पर जानलेवा हमला
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Mainpuri News: शिक्षा मित्रों को विशेष टेट परीक्षा में शामिल करने की मांग
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Mainpuri News: राष्ट्रीय कबड्डी प्रतियोगिता में भाग लेने वालीं बेटियां होंगी सम्मानित
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Mainpuri News: मेड़ बांधने पर किसान को पीटकर भगाया
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शुद्धिकरण पर टकराव बढ़ा: नितिन नवीन आ रहे हल्द्वानी, खरगे की चिट्ठी और हाई कोर्ट में याचिका
Haldwani Purification Row: शुद्धिकरण पर भाजपा और कांग्रेस में टकराव बढ़ता दिखाई दे रहा है। नितिन नवीन 9 सितंबर को हल्द्वानी आ रहे हैं। उधर, खरगे की चिट्ठी और हाई कोर्ट में जनहित याचिका डाली गई है।
Mainpuri News: मासूमियत पर हैवानियत का वार, जिंदगी के लिए आईसीयू में संघर्ष
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CO Ashoke Singh Viral Video पर Akhilesh Yadav ने दिया जवाब , जमकर वायरल | Mainpuri
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Vrindavan Shaktipeeth: मां Katyayani Temple का पौराणिक इतिहास और महारास से जुड़ा दिव्य रहस्य
वृंदावन की पावन धरती मां कात्यायनी का शक्तिपीठ मंदिर है। यह मंदिर आस्था और प्रेम का बड़ा केंद्र माना जाता है। यहां पर स्वयं देवी राधा और गोपियों ने तपस्या की थी। वृंदावन का नाम आते ही मन में सबसे पहले भगवान श्रीकृष्ण की छवि उभर आती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ब्रज भूमि की रक्षा और यहां की अधिष्ठात्री देवी मां कात्यायनी हैं। वृंदावन के राधा बाग इलाके में स्थित मां कात्यायनी मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक है। धार्मिक मान्यता के मुताबिक जब भगवान श्रीहरि विष्णु ने अपनी सुदर्शन चक्र से मां सती के शरीर के टुकड़े किए थे, तो देवी सती के केश यानी बाल इस स्थान पर गिरे थे। जिस कारण इसको उमा शक्तिपीठ भी कहा जाता है। इसे भी पढ़ें: Famous Krishna Temple: Puri Jagannath से Bhalka Tirth तक, जानिए श्रीकृष्ण के चमत्कारी Temples का रहस्य मंदिर का निर्माण इस मंदिर के निर्माण का इतिहास भी किसी चमत्कार से कम नहीं है। साल 1923 में स्वामी केशवानंद महाराज द्वारा इस मंदिर का निर्माण कराया गया था। स्वामी जी ने 33 सालों तक हिमालय की कंदराओं में कठिन तपस्या की थी। इस दौरान उनको एक दिव्य दृष्टि मिली, जिसमें उनको वृंदावन में इस लुप्त शक्तिपीठ को ढूंढने और मंदिर को स्थापित करने का आदेश मिला। स्वामी केशवानंद ने अपने योगबल से इस स्थान को पहचाना था। आज के समय में यह मंदिर भक्तों की आस्था का बड़ा केंद्र है। मंदिर की बनावट और मां की अष्टधातु की प्रतिमा यह मंदिर सफेद संगमरमर से बना है, जोकि देखने में काफी भव्य लगता है। मंदिर के मुख्य द्वार पर दो सुनहरे शेर खड़े हैं, जोकि मां की शक्ति का एहसास कराते हैं। मंदिर के गर्भगृह में मां कात्यायनी की अष्टधातु की विशाल प्रतिमा है और मां की चार भुजाएं हैं। दाहिनी भुजाओं में वर और अभय मुद्रा है। वहीं बाईं भुजाओं में कमल का पुष्प और तलवार है। मां कात्यायनी के अलावा यहां पर भगवान विष्णु, भोलेनाथ, गणेश जी और सूर्य देव की मूर्तियां भी हैं। जोकि इस मंदिर को पूर्ण पंचदेव मंदिर बनाती हैं। श्रीकृष्ण ने गोपियों के लिए रचाया 'महारास' इस मंदिर का संबंध द्वापर युग और भगवान श्रीकृष्ण से है। श्रीमद्भागवत पुराण के मुताबिक वृंदावन की गोपियों श्रीकृष्ण को अपने पति के रूप में पाना चाहती थीं। इसलिए लिए गोपियों ने पूरे कार्तिक माह यमुना नदी के किनारे मां कात्यायनी की बालू से मूर्ति बनाकर पूजा-अर्चना की थी। गोपियों की भक्ति से प्रसन्न होकर मां कात्यायनी ने उनको वरदान दिया। इस वरदान के चलते शरद पूर्णिमा की रात श्रीकृष्ण ने 16,108 रूप धारण किए थे। वहीं हर गोपी के साथ रास रचाया था। धार्मिक मान्यता है कि जो भी कुंवारे युवक-युवतियां यहां आकर मां के दर्शन करते हैं, उनके विवाह में आने वाली परेशानी दूर होती है।
पड़ोसी देश नेपाल में कुदरत का भीषण कहर टूटा है। लगातार कई दिनों से हो रही मूसलाधार मानसूनी बारिश और उसके बाद आई विनाशकारी बाढ़ व लैंडस्लाइड (भूस्खलन) ने हिमालयी देश के कई हिस्सों में भारी तबाही मचाई है। कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, पुल बह चुके हैं, प्रमुख राजमार्ग कट गए हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं। इस मानवीय संकट की घड़ी में भारत ने एक बार फिर अपनी 'पड़ोसी प्रथम' (Neighbourhood First) नीति और अटूट मित्रता की मिसाल पेश करते हुए त्वरित स्तर पर राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया है। संकट की इस घड़ी में भारतीय वायुसेना (IAF) का विशेष परिवहन विमान राहत सामग्री और आपातकालीन चिकित्सा सहायता लेकर काठमांडू के त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा है। इसके साथ ही विभिन्न प्रभावित इलाकों में फंसे 166 भारतीय नागरिकों को रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाल लिया गया है।5.5 टन आपातकालीन जीवनरक्षक दवाएं और राहत सामग्री की पहली खेपनेपाल सरकार द्वारा अंतरराष्ट्रीय सहायता की अपील और विकट हालात को देखते हुए भारत सरकार के विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय ने मिशन मोड में समन्वय स्थापित किया। भारतीय वायुसेना का विशेष विमान हिंडन एयरबेस से 5.5 टन महत्वपूर्ण चिकित्सा आपूर्ति, एंटीबायोटिक्स, पेनकिलर्स, ओआरएस पैकेट्स, जल शोधन गोलियां (Water Purification Tablets) और सर्जिकल सामग्री लेकर काठमांडू पहुंचा। बाढ़ प्रभावित इलाकों में जलजनित बीमारियों (Water-borne diseases) जैसे डायरिया, हैजा और त्वचा संक्रमण फैलने का खतरा सबसे अधिक होता है। भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने हवाई अड्डे पर इस मेडिकल कंसाइनमेंट को नेपाल के स्वास्थ्य और राहत अधिकारियों को विधिवत सौंपा, ताकि इसे तुरंत दूरदराज के संवेदनशील इलाकों तक पहुंचाया जा सके।भूस्खलन और सैलाब में फंसे 166 भारतीयों को सुरक्षित किया रेस्क्यूभारी बारिश और भूस्खलन के कारण नेपाल के काठमांडू वैली, पोखरा और बॉर्डर से सटे पहाड़ी रास्तों पर कई भारतीय तीर्थयात्री, पर्यटक और पेशेवर फंस गए थे। सड़कें टूट जाने और मोबाइल नेटवर्क ठप होने से लोगों का अपने परिजनों से संपर्क टूट गया था। भारतीय दूतावास ने काठमांडू में 247 आपातकालीन हेल्पलाइन केंद्र स्थापित किया। विशेष बचाव दलों और स्थानीय नेपाली प्रशासन की मदद से भारतीय वायुसेना और स्थानीय हेलीकॉप्टरों के जरिए अत्यधिक जोखिम वाले इलाकों से 166 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। सुरक्षित निकाले गए लोगों को प्राथमिक उपचार, भोजन और सुरक्षित स्थानों पर रुकने की व्यवस्था दी गई, जहां से उन्हें भारत वापसी के लिए रवाना किया जा रहा है।नेपाल के काठमांडू और तराई इलाकों में बाढ़ का तांडवनेपाल के जल विज्ञान और मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, कई दशक बाद ऐसी मूसलाधार बारिश दर्ज की गई है। बागमती, कोसी, नारायणी और गंडक जैसी प्रमुख नदियां उफान पर हैं, जिससे निचले रिहायशी इलाके पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। काठमांडू के कई हिस्से पानी में डूबे हैं और राजधानी को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाले पृथ्वी हाईवे समेत कई मुख्य संपर्क मार्ग बड़े-बड़े पत्थरों और मलबे के गिरने से अवरुद्ध हैं। नेपाल पुलिस और सेना की टीमें नावों और हेलिकॉप्टरों से लगातार लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचा रही हैं, लेकिन खराब मौसम बचाव कार्य में लगातार रोड़ा बन रहा है।'नेबरहुड फर्स्ट': संकट में हमेशा पहला रिस्पॉन्डर रहा भारतभारत और नेपाल के बीच सदियों पुराना 'रोटी-बेटी' और सांस्कृतिक नाता रहा है। साल 2015 के विनाशकारी भूकंप के समय भी भारत पहला देश था जिसने 'ऑपरेशन मैत्री' के तहत तत्काल एनडीआरएफ की टीमें, फील्ड अस्पताल और कई टन राहत सामग्री भेजी थी। इस बार भी भारत सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि नेपाल के लोगों को इस प्राकृतिक आपदा से उबारने के लिए भारत हर संभव मानवीय, तकनीकी और लॉजिस्टिकल सहायता देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, स्थिति की लगातार समीक्षा की जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर राहत सामग्री की अतिरिक्त खेप और बचाव उपकरण भी तुरंत भेजे जाएंगे।उत्तर प्रदेश और बिहार के सीमावर्ती जिलों में भी हाई अलर्टनेपाल की पहाड़ियों में लगातार हो रही बारिश का सीधा असर भारत के सीमावर्ती राज्यों उत्तर प्रदेश और बिहार पर भी देखने को मिल रहा है। नेपाल की नदियों से छोड़े जा रहे अतिरिक्त पानी के चलते बिहार के सुपौल, मधुबनी, पश्चिम चंपारण और उत्तर प्रदेश के बहराइच, लखीमपुर खीरी व महाराजगंज के तराई क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय प्रशासन ने नदियों के जलस्तर पर नजर रखने के लिए फ्लड कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए हैं और एनडीआरएफ (NDRF) व एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को अलर्ट मोड पर तैनात किया गया है।
खरगे ने नड्डा को लिखा पत्र: राज्यसभा में किए किसे वादे की दिलाई याद? बोले- यह करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़ा मामलाmallikarjun kharge write letter to jp nadda demand fir against haldwani purification incident
Mainpuri CO सिटी Ashok Singh ने मूंछों पर ताव देकर बोले- वीडियो बना लो, Akhilesh Yadav को दे देना
सोशल मीडिया पर इस समय उत्तर प्रदेश पुलिस के एक बड़े अधिकारी का ये वीडियो भयंकर वायरल हो रहा है. खाकी वर्दी पहने, मूंछों पर ताव देते और देश के बड़े विपक्षी नेता को सीधे कैमरे पर चुनौती देते ये हैं मैनपुरी के सीओ सिटी अशोक कुमार सिंह. साफ साफ कह रहे है कि... बना लो वीडियो और अखिलेश यादव को दिखा देना
Air Purifier खरीदने जा रहे हैं? इन 8 बातों का रखें ध्यान, वरना पैसे हो सकते हैं बर्बाद
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गंभीर प्रदूषण के बीच मैंने 1 महीने तक घर में एयर प्यूरिफायर का इस्तेमाल किया, जिससे कमरे का AQI 350+ से घटकर 40 पर आ गया। 30 दिनों के अनुभव में सुबह की खराश, छींक और सांस की तकलीफ से बड़ी राहत मिली, जिससे साफ हुआ कि यह दिखावा नहीं बल्कि फेफड़ों की सुरक्षा के लिए जरूरी है।
Mainpuri News: छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म के बाद महिलाओं में गुस्सा
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Mainpuri News: लेखपाल पर शिकायतकर्ता को धमकाने का आरोप, डीएम से शिकायत
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Mainpuri News: जिला अस्पताल को बनाया आम रास्ता, जाम में फंस रहीं एंबुलेंस
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Mainpuri News: नगला ऊसर के पास नहर में फंसा दिखा शव
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Mainpuri News: क्लीनर की गोली मारने वाले मुख्य आरोपी सहित दो गिरफ्तार
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जलील मानिकपुरी: मार डाला मुस्कुरा कर नाज़ से
jaleel manikpuri famous ghazal maar dala muskura kar naaz seजलील मानिकपुरी: मार डाला मुस्कुरा कर नाज़ से
Haldwani Purification Row: Rahul Gandhi Targeted! क्या FIR की राजनीति से बढ़ेगी Rahul की ताकत?
Mainpuri News: स्वाइन फ्लू पर हाई अलर्ट, बिना अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे अधिकारी
स्वाइन फ्लू पर हाई अलर्ट, बिना अनुमति के मुख्यालय नहींछोड़ेंगेअधिकारी
Xiaomi का नया Air Purifier 6 देखकर लोग बोलेंगे- AC है या Purifier? 3.5 मिनट में साफ हवा का मजा
Xiaomi ने भारत में Mijia Smart Air Purifier 6 लॉन्च किया है, जिसमें PentaClean टेक्नोलॉजी और 443m/h CADR मिलता है। इसकी कीमत 20 हजार रुपये से कम रखी गई है।
सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse 2026) का खगोलीय और धार्मिक घटनाक्रम हमेशा से ही देश और दुनिया भर में विशेष कौतूहल और आस्था का केंद्र रहा है। सनातन परंपरा में ग्रहण और उसके सूतक काल को अत्यंत संवेदनशील समय माना जाता है। जब भी सूर्य ग्रहण या चंद्र ग्रहण का समय निकट आता है, तो भारतीय घरों में सदियों से चली आ रही एक जानी-पहचानी परंपरा तुरंत सक्रिय हो जाती है—घर की बुजुर्ग महिलाएं और बड़े-बुजुर्ग पीने के पानी के मटके, दूध, दही, पके हुए भोजन और सूखे अनाजों में हरे तुलसी के पत्ते (Tulsi Leaves / Holy Basil) डाल देते हैं। धार्मिक मान्यता है कि तुलसी दल डालने से भोजन ग्रहण के दुष्प्रभावों से अशुद्ध नहीं होता और ग्रहण समाप्त होने के बाद भी खाने योग्य बना रहता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि हमारे पूर्वजों द्वारा शुरू की गई यह रीत केवल एक धार्मिक आस्था है, या इसके पीछे कोई गहरा जैविक, रासायनिक और वैज्ञानिक आधार छिपा है? आइए, आधुनिक विज्ञान, बायोकेमिस्ट्री और आयुर्वेद के नजरिए से समझते हैं कि ग्रहण में तुलसी डालने का असली रहस्य क्या है और यह हरा पत्ता हमारे शरीर के लिए किस प्रकार अमृत का काम करता है।ग्रहण के दौरान खाने-पीने की चीजों में तुलसी डालने की धार्मिक और पौराणिक मान्यतासनातन धर्मग्रंथों और पुराणों में तुलसी को केवल एक पौधा नहीं, बल्कि साक्षात 'विष्णुप्रिया' और महाऔषधि का दर्जा दिया गया है। पद्म पुराण और स्कंद पुराण के अनुसार, तुलसी में सभी तीर्थों और देवताओं का वास माना जाता है। ग्रहण काल को राहु-केतु के प्रभाव और नकारात्मक ऊर्जा के संचरण का समय माना गया है।शास्त्रों के अनुसार, ग्रहण के दौरान वातावरण में सूक्ष्म नकारात्मक तरंगें और अशुद्धियां बढ़ जाती हैं, जो भोजन और जल को दूषित कर सकती हैं। तुलसी को सबसे पवित्र और सात्विक वनस्पति माना गया है। ऐसी मान्यता है कि जिस भोजन में तुलसी का पत्ता स्पर्श कर रहा होता है, उस पर राहु के दोष या ग्रहण के नकारात्मक प्रभावों का कोई असर नहीं होता और वह प्रसाद स्वरूप शुद्ध बना रहता है। सूतक काल शुरू होने से पहले ही तुलसी के पत्ते तोड़कर रख लिए जाते हैं, क्योंकि ग्रहण काल में तुलसी के पौधे को छूना या उसके पत्ते तोड़ना वर्जित माना जाता है।विज्ञान क्या कहता है? रेडिएशन और बैक्टीरिया से भोजन की सुरक्षा का सचजब हम इस परंपरा की आधुनिक विज्ञान और भौतिकी के नियमों के आधार पर समीक्षा करते हैं, तो हमारे प्राचीन ऋषियों-मुनियों की असाधारण वैज्ञानिक दृष्टि सामने आती है।ग्रहण के दौरान जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है, तो सूर्य से आने वाली प्राकृतिक पराबैंगनी किरणों (Ultraviolet Rays) और प्रकाश तरंगों का संतुलन अचानक बदल जाता है। सूर्य का प्राकृतिक प्रकाश वातावरण में मौजूद बैक्टीरिया और हानिकारक सूक्ष्मजीवों को नष्ट करने का काम करता है। ग्रहण के समय जब यह प्राकृतिक प्रकाश अवरुद्ध होता है, तो हवा में मौजूद हानिकारक रोगाणु (Pathogens) और बैक्टीरिया तेजी से सक्रिय हो जाते हैं। इसके साथ ही कई प्रकार की कॉस्मिक किरणें (Cosmic Radiations) वातावरण में फैलती हैं।तुलसी के पत्ते में अद्भुत बायोकेमिकल और एंटी-रेडिएशन गुण होते हैं:एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-माइक्रोबियल कवच: तुलसी के पत्तों में 'यूजेनॉल' (Eugenol), 'कार्वैक्रोल' (Carvacrol) और 'कैरियोफिलीन' जैसे शक्तिशाली वाष्पशील तेल (Volatile Oils) पाए जाते हैं। ये तत्व प्राकृतिक रूप से कीटाणुनाशक होते हैं और भोजन में किसी भी प्रकार के बैक्टीरिया को पनपने नहीं देते।रेडिएशन सोखने की अद्भुत क्षमता: कई वैज्ञानिक अनुसंधानों से यह साबित हुआ है कि तुलसी के पौधे और उसके पत्तों में विद्युत-चुंबकीय विकिरण (Electromagnetic Radiation) और हानिकारक किरणों को अवशोषित करने की असाधारण क्षमता होती है। जब तुलसी का पत्ता भोजन या पानी में डाला जाता है, तो यह तरल पदार्थों के रासायनिक संतुलन को बिगड़ने से रोकता है और भोजन में होने वाले ऑक्सीडेशन (Fermentation/Spoilage) की प्रक्रिया को धीमा कर देता है।भोजन का प्राकृतिक प्रिजर्वेशन: दूध और पके हुए भोजन में नमी होने के कारण वे ग्रहण के समय सबसे तेजी से खराब होते हैं। तुलसी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स भोजन के पीएच (pH) लेवल को स्थिर रखते हैं, जिससे भोजन बासी या विषैला होने से बच जाता है।केवल ग्रहण ही नहीं, रोजाना तुलसी का सेवन करने से मिलते हैं ये 7 चमत्कारी स्वास्थ्य लाभआयुर्वेद में तुलसी को 'औषधियों की रानी' (Queen of Herbs) कहा गया है। यह साधारण सा दिखने वाला हरा पत्ता हमारे शरीर के संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। दैनिक जीवन में इसका सेवन करने से शरीर को ये प्रमुख फायदे मिलते हैं:1. रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को बनाता है फौलादी: तुलसी में प्रचुर मात्रा में विटामिन सी, जिंक और शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स मौजूद होते हैं। यह हमारे शरीर की टी-हेल्पर कोशिकाओं और नेचुरल किलर सेल्स को सक्रिय करती है, जिससे मौसमी फ्लू, वायरल संक्रमण और बदलते मौसम की बीमारियों से शरीर सुरक्षित रहता है।2. फेफड़ों और श्वसन तंत्र के लिए रामबाण: तुलसी के पत्तों में कफ निस्सारक (Expectorant) गुण होते हैं। यह छाती में जमे बलगम को पिघलाकर बाहर निकालती है। दमा (Asthma), ब्रोंकाइटिस, पुरानी खांसी और गले की खराश से जूझ रहे मरीजों के लिए तुलसी की चाय या काढ़ा अत्यंत लाभकारी होता है।3. प्राकृतिक स्ट्रेस बस्टर और डिप्रेशन से राहत: तुलसी एक शक्तिशाली 'एडाप्टोजेन' (Adaptogen) है। यह शरीर में तनाव पैदा करने वाले हार्मोन 'कोर्टिसोल' (Cortisol) के स्तर को नियंत्रित करती है। रोज सुबह तुलसी के पत्तों का अर्क पीने से मानसिक तनाव, घबराहट और एंग्जायटी से राहत मिलती है और मन शांत रहता है।4. ब्लड शुगर और डायबिटीज को करता है नियंत्रित: क्लिनिकल अध्ययनों के अनुसार, तुलसी के पत्ते अग्न्याशय (Pancreas) की बीटा कोशिकाओं के कार्य में सुधार करते हैं और इंसुलिन संवेदनशीलता को बढ़ाते हैं। नियमित सेवन से खाली पेट का ब्लड शुगर (Fasting Glucose) और भोजन के बाद का शुगर लेवल संतुलित रहता है।5. दिल की सेहत और बैड कोलेस्ट्रॉल का सफाया: तुलसी में मौजूद यूजेनॉल रक्तचाप (Blood Pressure) को सामान्य रखने में मदद करता है और धमनियों में एलडीएल (खराब कोलेस्ट्रॉल) और ट्राइग्लिसराइड्स के जमाव को रोकता है, जिससे दिल के दौरे और स्ट्रोक का खतरा कम होता है।6. पाचन क्रिया में सुधार और गैस-कब्ज से मुक्ति: तुलसी पाचक रसों और एंजाइमों के स्राव को उत्तेजित करती है। यह पेट में बनने वाले अत्यधिक एसिड को न्यूट्रलाइज करती है, जिससे एसिडिटी, पेट फूलना, खट्टी डकारें और अपच की समस्या जड़ से समाप्त होती है।7. शरीर का प्राकृतिक डिटॉक्स और चमकदार त्वचा: तुलसी रक्त को प्राकृतिक रूप से शुद्ध (Blood Purifier) करती है। यह शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालकर त्वचा के मुंहासों, दाग-धब्बों और एग्जिमा जैसी समस्याओं को दूर करती है, जिससे चेहरे पर प्राकृतिक निखार आता है।तुलसी का पत्ता कभी चबाकर क्यों नहीं खाना चाहिए? जानिए दंत विशेषज्ञों की रायअक्सर लोग सुबह उठकर तुलसी के पत्तों को सीधे दांतों से चबाकर खा लेते हैं, लेकिन दंत चिकित्सकों (Dentists) और आयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार ऐसा करना दांतों के लिए बेहद नुकसानदेह साबित हो सकता है।तुलसी के पत्तों में प्राकृतिक रूप से पारे (Mercury) और आयरन के सूक्ष्म तत्व पाए जाते हैं। इसके साथ ही इसमें कुछ अम्लीय घटक होते हैं। जब हम तुलसी के पत्ते को दांतों से बार-बार चबाते हैं, तो यह पारा और एसिड सीधे दांतों के बाहरी सुरक्षा कवच यानी 'इनेमल' (Tooth Enamel) के संपर्क में आता है। इससे दांतों का इनेमल घिसने लगता है, दांतों में पीलापन, संवेदनशीलता (Sensitivity) और कीड़े लगने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए तुलसी के पत्तों को कभी भी चबाना नहीं चाहिए, बल्कि पानी के साथ सीधे निगल लेना चाहिए या फिर काढ़े और चाय के रूप में इसका उपयोग करना चाहिए।आयुर्वेद के अनुसार तुलसी के सेवन का सही तरीका और समयतुलसी का पूरा औषधीय लाभ प्राप्त करने के लिए इसे सही विधि से ग्रहण करना आवश्यक है:सुबह खाली पेट सेवन: सुबह ब्रश करने के बाद 4 से 5 ताजे तुलसी के पत्तों को एक गिलास गुनगुने पानी के साथ सीधे निगल लें।तुलसी-अदरक का हर्बल काढ़ा: पानी में 5-6 तुलसी के पत्ते, थोड़ा सा अदरक, एक चुटकी काली मिर्च और दालचीनी डालकर 5 मिनट तक उबालें। छानकर थोड़ा शहद मिलाकर पिएं। यह काढ़ा शरीर की ऊर्जा और इम्यूनिटी को तुरंत बूस्ट करता है।तुलसी जल: रात को तांबे या कांच के जग में पानी भरकर उसमें 8-10 तुलसी के पत्ते डाल दें। दिन भर इस पानी को पिएं, यह शरीर को अंदर से डिटॉक्सिफाई करता है।सनातन धर्म की परंपराएं केवल अंधानुकरण नहीं हैं, बल्कि उनके पीछे गहन वैज्ञानिक और प्राकृतिक ज्ञान समाहित है। सूर्य ग्रहण के दौरान भोजन में तुलसी डालने की रीत हमारे पूर्वजों के उसी उन्नत विज्ञान का प्रतीक है, जो आज भी मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रासंगिक है।
Detective Tanya Puri:
Tanya Puri Shocking Revelation:
हीरो बनने आए लेकिन बन गए बॉलीवुड के सबसे खूंखार विलेन, एक क्लिक में पढ़िएAmrish Puri का पूरा फ़िल्मी सफर
जब बॉलीवुड के सबसे खूंखार विलेन को 20 दिन तक नसीब नही हुई सूरज की रौशनी, जानेAmrish Puri का ये दिलचस्प किस्सा
Happy Birthday Amrish Puri:लाहौर में जन्मे अमरीश पूरी जानिए कैसे बने बॉलीवुड के सबसे बड़े खलनायक,दिलचस्प है फिल्मी सफर
बॉलीवुड के दिग्गज गायकों में शुमार अभिजीत भट्टाचार्य का विवादों से पुराना नाता रहा है। वह अक्सर अपने बयानों की वजह से विवादों में घिरे रहते हैं। अब एक बार फिर से अभिजीत ने कुछ ऐसा कह दिया है, जिसकी वजह से सोशल मीडिया पर उनकी जमकर आलोचना हो रही है। दरअसल, गायक हाल ही में रियलिटी शो 'सुपरस्टार सिंगर 3' में गए थे। यहाँ उन्होंने एक मुद्दे पर अपनी राय साझा करते हुए टिप्पणी की कि शादी में गाने से सिंगर्स की औकात कम हो जाती है। उनकी ये बात शो की जज नेहा कक्कड़ को पसंद नहीं आई और दोनों के बीच तीखी बहस हो गयी। नेहा ने टिप्पणी की कि कोई काम छोटा या बड़ा नहीं होता है। अब पंजाबी सिंगर मिलिंद गाबा अपनी को-सिंगर के सपोर्ट में उतर आये हैं और एक वीडियो साझा करते हुए उन्होंने अभिजीत पर जबरदस्त वार किया है। इसे भी पढ़ें: Ibrahim Ali Khan Instagram Debut | सैफ अली खान के बेटे इब्राहिम ने किया ग्रैंड इंस्टाग्राम डेब्यू, कहा- अपनी विरासत खुद बनाउंगा अभिजीत भट्टाचार्य ने क्या कहा था? 'सुपरस्टार सिंगर 3' के लेटेस्ट एपिसोड में, सलमान और आर्यन की परफॉर्मेंस के बाद अभिजीत भट्टाचार्य ने शादियों में परफॉर्म करने वाले गायकों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा, 'कोई भी पैसा दिया या शादी में गाने लगे, उसमें औकात कम होती है। मेरी औकात है, मैं बोल देता हूं, मैं नहीं गाऊंगा। दुनिया की कोई ताक़त तुम्हें बर्दाश्त नहीं कर सकती।' नेहा इन कमेंट्स से खुश नहीं थीं और उन्होंने कहा कि इंसान अपनी मेहनत से कमाता है और शादियों में गाने में कोई बुराई नहीं है। नेहा ने कहा कि कोई किसी गायक को अपनी शादी में इसलिए बुलाता है क्योंकि वे उससे प्यार करते हैं और सम्मान देते हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता और अगर किसी को शादी में परफॉर्म करने के लिए बुलाया जाता है तो जाना चाहिए। इसे भी पढ़ें: Bhojpuri Actress Amrita Pandey Death | भोजपुरी एक्ट्रेस अमृता पांडे की मौत में पुलिस ने अब तक क्या किया खुलासा? अभिजीत भट्टाचार्य पर मिलिंद गाबा का पलटवार अभिजीत भट्टाचार्य की टिप्पणी मिलिंद गाबा को पसंद नहीं आयी और सिंगर ने चुप रहने की बजाय इसका जवाब देना पसंद किया। मिलिंद ने अपने अंदाज में अभिजीत की टिप्पणी का जवाब दिया। मिलिंग ने अभिजीत की जवानी के दिनों का एक वीडियो साझा किया, जिसमें वह स्कूल के स्टेज पर परफॉरमेंस देते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो के ऊपर लिखा है कि शादियों में नहीं, स्कूल कार्यकर्मों में हाँ। इस वीडियो एक साथ मिलिंग ने लिखा, 'कोई दादा-दादी, चाचा-चाची आपको बता नहीं सकते और न ही आपकी औकात फिक्स कर सकते हैं। नेहा कक्कड़ को बड़ा सम्मान।' View this post on Instagram A post shared by MusicMG (@millindgaba)
Amar Singh Chamkila की पहली पत्नी का खुलासा, अमरजोत के परिवार ने सब कुछ ले लिया था, मैं असहाय थी
जब से अमर सिंह चमकीला नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई है, इम्तियाज अली निर्देशित इस फिल्म को व्यापक प्रशंसा मिल रही है। यह फिल्म प्रसिद्ध पंजाबी गायक की यात्रा पर आधारित है, जिसे नकाबपोश बंदूकधारियों ने गोली मार दी थी। उसकी दूसरी पत्नी अमरजोत की भी हत्या कर दी गई। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, दिवंगत गायक की पहली पत्नी गुरमेल कौर ने अपने यूट्यूब चैनल पर लव पंजाब के साथ एक साक्षात्कार में साझा किया कि कैसे अमरजोत के परिवार ने उनसे सब कुछ ले लिया। इसे भी पढ़ें: तारक मेहता का उल्टा चश्मा के सोढ़ी लापता होने से पहले डिप्रेशन में थे? गोगी ने किया खुलासा गुरमेल ने क्या साझा किया साक्षात्कार के दौरान, गुरमेल ने अपनी यात्रा के बारे में खुलकर बात की और पंजाबी में कहा: “उनके निधन के बाद मैंने बहुत सारी कठिनाइयाँ देखी हैं। वह हमारे जीवन की रोशनी थे, लेकिन एकमात्र कमाने वाले भी थे। बच्चे बहुत छोटे थे और मैं असहाय थी। हमने उनकी कमाई का एक पैसा भी नहीं देखा, क्योंकि उनकी मृत्यु के बाद अदालती मामले शुरू हो गए। वे 15 साल तक चले, लेकिन आख़िरकार हमारी जीत हुई। जज ने हमारे गाँव के लोगों से गवाहों के बयान लिये। उन्होंने गवाही दी कि मैं उनकी पत्नी थी। उनके गुजरने के बाद काफी मुश्किलें आईं। मैं पैसे भी कमाऊंगा और परिवार भी चलाऊंगा। हमारा सबसे छोटा बेटा अपने पिता का निधन सहन नहीं कर सका और एक कार से कुचलकर उसकी मृत्यु हो गई। वह बहुत कठिन समय था. लेकिन मैंने यह सुनिश्चित किया कि मेरी बेटियों को शिक्षा मिले।” इसे भी पढ़ें: Bhojpuri Actress Amrita Pandey Death | भोजपुरी एक्ट्रेस अमृता पांडे की मौत में पुलिस ने अब तक क्या किया खुलासा? चमकीला की हत्या के बाद क्या हुआ? उसने आगे कहा कि चमकीला कभी-कभी अमरजोत को अपने साथ ले आती थी और गुरमेल उनकी मेजबानी करता था। “हमारे बीच कोई घरेलू विवाद नहीं था, लेकिन चमकीला की मृत्यु के बाद, उन्होंने हमारा घर साफ़ कर दिया। उन्होंने घर सहित सब कुछ ले लिया। एक चम्मच भी पीछे नहीं छोड़ा. लेकिन उस वक्त उनसे लड़ने की ताकत किसमें थी. उनके निधन के बाद उनके पास मुझसे मिलने का कोई कारण नहीं था। अमर सिंह चमकीला पंजाबी गायक और उनकी पत्नी की वास्तविक जीवन की कहानी पर आधारित है जिनकी कम उम्र में हत्या कर दी गई थी। दिलजीत दोसांझ ने चमकीला का किरदार निभाया था जबकि परिणीति चोपड़ा ने उनकी गायिका-पत्नी अमरजोत का किरदार निभाया था। यह 12 अप्रैल को नेटफ्लिक्स पर रिलीज़ हुई।
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Elvish Yadav पर एक और FIR दर्ज, सिंगर Rahul Yadav Fazilpuria भी पुलिस के रडार पर
Elvish Yadav-Rahul Yadav Fazilpuria New Case: यूट्यूबर एल्विश यादव की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही। शनिवार को बादशाहपुर थाना पुलिस ने एल्विश यादव और हरियाणवी सिंगर राहुल यादव फाजिलपुरिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। पूरा मामला क्या है? आइए जानते हैं। 32 बोर गाने में दुर्लभ प्रजाति के सांपों का इस्तेमाल 32 बोर गाना महज कुछ माह पहले ही आया था। जिसमें एल्विश यादव और सिंगर राहुल यादव फाजिलपुरिया (Elvish Yadav and Rahul Yadav Fazilpuria) गले में दुर्लभ प्रजाति के सांपों डालकर डांस करते नजर आए थे। तब ‘पीपल फॉर एनिमल’ एनजीओ की तरफ से सौरभ गुप्ता ने शिकायत दर्ज कराई थी। ऐसे में शनिवार को कोर्ट के आदेश पर बादशाहपुर थाना पुलिस ने दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर ली। ये भी पढ़ें: Ravi Kishan ने अद्भुत स्टाइल में दोनों हाथों से बजाया डमरू, ‘मसान होली’ वाली वीडियो वायरल गुरुग्राम कोर्ट के आदेश पर हुई कार्रवाई गुरुग्राम अदालत ने याचिका पर संज्ञान लेते हुए दो दिन पहले फाजिलपुरिया व एल्विश यादव के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए थे। उन पर सांपों को अवैध रूप से प्रयोग और वन्यजीवों के प्रति कू्ररता सीआरपीसी की धारा 156(3) के साथ आईपीसी की धारा 294 के तहत शनिवार केस दर्ज कर लिया।

