जौनपुर जनपद में बीते चार दिनों तक हुई लगातार बारिश के कारण गोमती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। आपाद विभाग के प्रदीप कुमार ने बताया कि केराकत क्षेत्र में समस्या गंभीर है।
MYH - नई बिल्डिंग की फाउंडेशन स्लैब डलना शुरू:अस्पताल के अन्य हिस्सों के लिए खुदाई व सिविल वर्क जारी
एमवायएच परिसर में प्रस्तावित नए अस्पताल का निर्माण जमीन तैयार करने के शुरुआती चरण से आगे बढ़ रहा है। आरसीसी फाउंडेशन स्लैब डालने का काम शुरू हो चुका है। बड़े क्षेत्र में कांक्रीट बेस तैयार दिखाई देने लगा है, जबकि आसपास भवन के अन्य हिस्सों के लिए खुदाई और सिविल वर्क जारी है। करीब 773.07 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस अस्पताल का भूमिपूजन दिसंबर 2025 में हुआ था। मूल स्वीकृत योजना में 1450 बेड का अस्पताल प्रस्तावित है। फाउंडेशन स्लैब तैयार होने के बाद अब कॉलम और मुख्य स्ट्रक्चर का निर्माण आगे बढ़ेगा। साइट पर अब इमारत खड़ी करने का चरण शुरू हो रहा है। परियोजना में अस्पताल के साथ 550 बेड का नर्सिंग हॉस्टल, पार्किंग, ऑडिटोरियम और अन्य सुविधाएं भी विकसित की जाना हैं। जमीन तैयार होने के बाद फाउंडेशन का कामअस्पताल के लिए प्रस्तावित जमीन पर साइट क्लीयरेंस, पुराने निर्माण और अन्य बाधाएं हटाने का काम किया गया। अब बड़े हिस्से में आरसीसी फाउंडेशन स्लैब तैयार की जा रही है। इसके बाद कॉलम खड़े करने और उनके ऊपर भवन का ढांचा तैयार करने का काम आगे बढ़ेगा। योजना में कई तरह के बेड का प्रस्ताव नए अस्पताल में 1450 बेड की व्यवस्था प्रस्तावित है। इनमें शिशु रोग, शिशु सर्जरी, न्यूरो सर्जरी, ईएनटी, नेत्र, दंत, त्वचा तथा मातृ एवं शिशु सेवाओं के लिए भी बेड प्रस्तावित हैं। वार्ड निर्माण पर करीब 528 करोड़ रुपए खर्च होंगे। होस्टल, पार्किंग और ऑडिटोरियम भी 550 बेड का नर्सिंग होस्टल भी बनाया जाना है। 250 सीट का मिनी ऑडिटोरियम, सार्वजनिक पार्किंग, विद्युतीकरण, बाउंड्रीवॉल, सोलर पैनल, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, प्लंबिंग और जलापूर्ति से जुड़े काम भी शामिल हैं।
बुलंदशहर में पूर्व विधायक और सपा नेता गुड्डू पंडित ने अपनी तीसरी पत्नी अर्चना पांडा से मारपीट की है। इसका वीडियो सामने आया है। इसमें दिख रहा है कि गुड्डू पत्नी के बाल खींचकर फर्श पर घसीट रहे हैं। पत्नी चिल्ला रही हैं और उन्हें झाड़ू से मार रही हैं। दोनों के बीच 2 साल से तलाक का विवाद चल रहा है। गुड्डू पंडित ने कांग्रेसियों को भी धमकाया है। VIDEO देखिए…
भारत में गुरु ब्रह्मा, गुरु विष्णु, गुरुदेव महेश्वर सूत्र वाक्य को कुछ सरकारी शिक्षक चरितार्थ करने में जुटे हैं। आम धारणा से इतर शिक्षक बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले, इसके लिए अलग प्रयास कर रहे हैं।
नेशनल हाईवे बने ‘डेथ ट्रैप’:15 ब्लैक स्पॉट, जहां रोज दांव पर लग रही जिंदगी, 6 महीने में 27 मौतें
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में नेशनल हाईवे वाहन चालकों के लिए मुसीबत साबित हो रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में 15 ऐसे ब्लैक स्पॉट्स हैं, जहां खराब सड़क इंजीनियरिंग के कारण हादसे हो रहे हैं। 2026 में जनवरी से जुलाई के बीच 15 ब्लैक स्पॉट्स पर 27 सड़क हादसे हुए, जिनमें 27 लोगों को जान गंवानी पड़ी। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी के चेयरमैन जस्टिस एएम सप्रे ने एनएचएआई के अधिकारियों से पूछा कि हादसों को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। अधिकारियों ने जवाब दिया कि इंदौर-खलघाट हाईवे को सिक्स लेन किया जा रहा है। इस पर जस्टिस सप्रे ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सिक्स लेन बनने में 5 साल का समय लगेगा, तब तक क्या लोग मरते रहेंगे? इंदौर-देवास रूट, 4 खतरनाक स्पॉट इंदौर-देवास रूट पर चार स्पॉट हैं। इन चारों ब्लैक स्पॉट में रफ्तार, रॉन्ग-साइड और भारी वाहनों का दबाव है। शिप्रा थाना क्षेत्र के नेशनल हाईवे-52 पर ये चार ऐसे ब्लैक स्पॉट हैं, जहां हादसों का पैटर्न एक जैसा है। इन चारों स्पॉट पर बायपास होने के कारण गाड़ियां तेज गति से दौड़ती हैं। यहां बड़े लॉजिस्टिक एरिया और गोदाम होने के कारण भारी वाहनों का दबाव रहता है। स्ट्रीट लाइट्स नहीं होने से भी यहां हादसे होते हैं। अन्य बड़े ब्लैक स्पॉट्स
भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी और रोहिणी नक्षत्र में भगवान शिव की नगरी लीलाधर के अवतरण पर वात्सल्य रस का पान कर मगन हुई। बृज सरीखा उल्लास दिखा।
ऊपर Video पर क्लिक करें और देखें... आज यूपी की राजनीति और सरकारी विभागों की कौन सी बात खरी है… ------------ कल का ''बात खरी है'' भी देखें… अखिलेश से अब खुलकर दुश्मनी निभाएंगे जयंत:लूट की जयमाला पहन घर आईं बहुएं; बृजभूषण ने पकड़ लिए गुप्त शत्रु हर रोज सुबह 6 बजे दैनिक भास्कर एप पर बात खरी है देखना न भूलें…
स्मार्ट क्लासरूम में डिजिटल स्क्रीन पर बच्चे समझ रहे कि AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस काम कैसे करता है? कंप्यूटर के सामने बैठे बच्चों के कानों पर हेडफोन और मुंह पर माइक। क्लास की दीवारों पर सिलेबस को समझाने वाली पेंटिंग। बाहर कैंपस में हर तरफ हरियाली। ये सीन किसी हाईक्लास प्राइवेट स्कूल का नहीं है। हम बात कर रहे हैं मिर्जापुर के पीएम श्री कंपोजिट स्कूल की। हर दिन स्कूल में 200 से ज्यादा बच्चे पढ़ने आते हैं। इस स्कूल में पढ़ाई का जो माहौल आज दिख रहा है, वैसा 2016 से पहले नहीं था। तब बिल्डिंग खंडहर थी, कमरे में बच्चों के लिए बैठने की जगह तक नहीं थी। बाउंड्रीवॉल नहीं होने से शाम होते ही ये जगह शराबियों का अड्डा बन जाती। धीरे-धीरे अभिभावक भी बच्चों को स्कूल भेजने से डरने लगे। तब स्कूल की प्रिंसिपल बनीं मधुरिमा तिवारी। स्कूल को स्मार्ट बनाने के लिए उन्होंने अधिकारियों से मदद ली। घर-घर जाकर अभिभावकों को अच्छी पढ़ाई और माहौल का भरोसा दिलाया। फिर जो कहा, वो करके भी दिखाया। अब ये स्कूल मिर्जापुर के कॉन्वेंट स्कूलों को टक्कर दे रहा है। मधुरिमा को 2025 में राष्ट्रपति अवार्ड मिला। ये अवॉर्ड यूपी के दो ही शिक्षकों को मिला था, पहली मधुरिमा, दूसरे भदोही के रामलाल यादव थे। आज शिक्षक दिवस पर इस स्कूल के बदलने की कहानी को सिलसिलेवार पढ़िए… जमीन टूटी, बाउंड्री नहीं, बच्चे टाट पट्टी पर बैठते थे स्कूल के बदलाव की कहानी प्रिंसिपल मधुरिमा तिवारी सुनाती हैं- ये बात 2009 की है। मुझे सहायक अध्यापक की नौकरी मिली थी। पहली पोस्टिंग मिर्जापुर के मड़िहान इलाके के प्राइमरी स्कूल में हुई थी। 2 साल बाद मेरा ट्रांसफर शहर के इस स्कूल में हो गया। उस वक्त स्कूल की स्थिति क्या थी? इसके जवाब में मधुरिमा कहती हैं- ये स्कूल दो अलग-अलग कैंपस में चलता था। एक तरफ प्राइमरी और दूसरी तरफ अपर प्राइमरी स्कूल था। यहां कोई बाउंड्री नहीं बनी थी। स्कूल के अंदर बच्चे जमीन पर टाट की पट्टी बिछाकर बैठते थे। स्कूल की जमीन भी खराब थी। 2 से 3 साल के अंदर मैंने महसूस किया कि बच्चे पढ़ने के लिए नहीं आ रहे हैं। नए एडमिशन के लिए भी अभिभावक नहीं आ रहे हैं। इस वक्त तक स्कूल में 50 से भी कम बच्चे रह गए। स्कूल नहीं आने वाले बच्चों के घर जाने पर हमें पता चला कि अभिभावक स्कूल में व्यवस्थाएं नहीं होने से नाराज हैं। कई अभिभावकों ने हमसे कहा कि आपके स्कूल में क्यों भेजे, जब वहां बारिश में पानी भर जाता है, बैठने की कोई व्यवस्था नहीं है। क्या पढ़ाते होंगे आप लोग? सांसद-विधायक से मिले, अफसरों से ग्रांट मंजूर कराई, तब सही हुई बिल्डिंग मधुरिमा कहती हैं- 2016 में हम सांसद-विधायक से मिले। अधिकारियों के सामने जर्जर भवन की तस्वीरें रखी। ग्रांट सेंक्शन होने के बाद बिल्डिंग ठीक करवाई गई। सबसे पहले हमने प्राइमरी और अपर प्राइमरी, दोनों स्कूल एक ही कैंपस में किए। फिर 1 साल बाद मैं यहां की प्रिंसिपल बन गई। अब हम नई बिल्डिंग और क्लासरूम की तस्वीरें लेकर अभिभावकों के पास जाने लगे। उनसे बच्चों को दोबारा हमारे स्कूल भेजने की दरख्वास्त की। पहले ही साल में इसका असर दिखा। बच्चों की संख्या 56 से बढ़कर 132 तक पहुंच गई। यह हम लोगों के लिए एक उपलब्धि जैसा था। हमने कोशिशें जारी रखीं, हर क्लास में प्रोजेक्टर लगाए, स्कूल में हरियाली बढ़ाई। 2018 में पहला सम्मान, फिर पढ़ाने के तरीकों पर प्रयोग किए 2018 में मिर्जापुर के BSA प्रवीण तिवारी स्कूल पहुंचे। क्लास और कैंपस को देखकर उन्होंने तारीफ की। प्रशस्तिपत्र भी दिया। यह स्कूल और उसकी प्रिंसिपल के लिए पहला सम्मान था। मधुरिमा कहती हैं- इस सम्मान के बाद महसूस हुआ कि स्कूल को और बेहतर बनाना है। मेरी साथी टीचर्स ने बच्चों को पढ़ाने के नए-नए तरीकों पर काम करना शुरू किया। हर टॉपिक को रोचक तरीके से समझने, ज्यादा से ज्यादा सिलेबस को स्क्रीन पर दिखाकर समझाने की कोशिश करने लगे। बच्चों को अपने खर्च पर आईडी कार्ड देने लगे स्कूल में बच्चे साफ ड्रेस, जूते-टाई और आईडी कार्ड के साथ दिख रहे थे। इस पर मधुरिमा कहती हैं- हमारे स्कूल के आसपास कई प्राइवेट स्कूल हैं। सरकारी स्कूलों में फीस नहीं लगती, बच्चों में सरकारी और प्राइवेट स्कूल को लेकर कोई हीनभावना न पनपे, इसलिए उन्हें ड्रेस कोड में आने को कहा जाता है। कई चीजें सरकार की तरफ से नहीं मिलती हैं, उन्हें मैं और मेरा स्टाफ अरेंज करके बच्चों को देते हैं। बेटे-बेटी से सीखकर यहां बच्चों को कंप्यूटर पढ़ाती हूं… इस स्कूल में कंप्यूटर लैब है। मॉडर्न लाइब्रेरी है। बच्चों के लिए स्मार्ट क्लास है। कंप्यूटर सिस्टम लगाए गए हैं। अब सवाल आता है कि इन चीजों के बारे में बच्चों को कैसे पढ़ाया जा रहा? मधुरिमा कहती हैं- हमने बीएससी की, फिर बीएड-बीटीसी किया। यह सही बात है कि कंप्यूटर पढ़ने का वक्त नहीं मिला। लेकिन घर में एक बेटा और बेटी हैं, उनके जरिए मैंने कई चीजें सीख ली। इसके अलावा विभाग अलग-अलग समय पर हम लोगों को ट्रेनिंग देता है, उसी के जरिए यहां हम बच्चों को सिखाते हैं। ‘प्राइवेट स्कूल से नाम कटाकर यहां आने लगे अभिभावक’ इस वक्त मधुरिमा के स्कूल में कुल 221 बच्चों का नामांकन है। हमने पूछा कि अब तो लोग प्राइवेट स्कूल से नाम कटवाकर यहां आते होंगे? मधुरिमा कहती हैं- एक अभिभावक आए और कहा कि नाम लिख लीजिए। हमने नाम लिखा, लेकिन पता चला कि उन्होंने 2 महीने पहले ही प्राइवेट स्कूल में यूकेजी में एडमिशन करवाया है। हमने कहा कि आप वहां जाकर इनका नाम कटवा दीजिए, तभी यहां यू-डायस पर नाम दर्ज हो पाएगा। वह गए तो स्कूल वाले नाम ही नहीं काट रहे थे, हमने अधिकारियों की मदद ली। इसके बाद उस गरीब अभिभावक से स्कूल वालों ने 1600 रुपए लिए। जब ये बात मुझे पता चली, तो बहुत दुख हुआ। अब छात्र-छात्राओं की बात कंप्यूटर लैब में पढ़ाई कर रही छात्रा खुशी से हमने पूछा कि आसपास के लोग यह नहीं पूछते कि सरकारी स्कूल में क्यों पढ़ती हो? खुशी कहती है- जब लोग हमसे कहते हैं, तो हम उन्हें बताते हैं कि हमारे स्कूल में तुम्हारे स्कूल से कहीं ज्यादा पढ़ाई होती है। हमारा स्कूल प्राइवेट स्कूल से भी अच्छा है। यहां भी वही सब है, जो उनके महंगे स्कूलों में है। बातचीत में हमें पता चला कि खुशी के पिता कारपेंटर हैं, उनकी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वह अपनी बच्ची को प्राइवेट स्कूल में पढ़ा सकें। 'यहां सुविधाएं प्राइवेट स्कूलों से कम नहीं हैं' कंप्यूटर लैब में बैठी 8वीं की छात्रा साम्या कहती हैं- मैं पहली क्लास से पढ़ रही हूं, मेरे पापा कारपेंटर हैं, मां घर पर ही रहती हैं, यहां हमें कोई फीस नहीं देनी होती है। हमारा स्कूल बहुत अच्छा है। डिजिटल क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी है। कई चीजें जब समझ नहीं आती तो हम मैम से पूछ लेते हैं। मैम सब समझा देती हैं। ऑनलाइन क्लास में पढ़ाई कर रही 8वीं की बच्ची तमन्ना कहती हैं- मेरे पापा सिलाई मास्टर हैं। परिवार की ऐसी स्थिति नहीं कि हमें प्राइवेट स्कूल में पढ़ा पाए, इसलिए मैं यहीं पढ़ती हूं। यहां सुविधाएं किसी प्राइवेट स्कूल से कम नहीं है। सब कुछ बहुत अच्छा है। हम तो मैम से कह रहे हैं कि इस स्कूल को और आगे बढ़वा दीजिए, वरना 9वीं के लिए आर्य कन्या विद्या मंदिर में जाकर पढ़ना होगा। स्कूल में बच्चों और स्टाफ के साथ बातचीत करने के बाद समझ आया कि फिलहाल यह स्कूल अब मॉडल स्कूल जैसा हो गया है। हर वह सुविधा इस स्कूल में मौजूद है, जो पढ़ाने के लिए होनी चाहिए। दिक्कत सिर्फ स्टाफ की कमी की है। मधुरिमा के अलावा एक सहायक टीचर और एक शिक्षा मित्र हैं। यानी तीन लोग यह स्कूल संभाल रहे हैं। यहां और स्टाफ की जरूरत है, ताकि बच्चों को और बेहतर ढंग से पढ़ाया-सिखाया जा सके। ----------------- ये पढ़ें - UP में चुनाव से पहले 70 हजार नई नौकरियां: 1 लाख युवाओं को मिलेगा जॉइनिंग लेटर, जेन-जी को अपने पक्ष में करने की कोशिश में सरकार 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले योगी सरकार करीब 70 हजार नई भर्तियां निकालने की तैयारी में है। इनका विज्ञापन कभी भी जारी हो सकता है। वहीं, सरकार ने अगले 4 महीनों में 1 लाख से ज्यादा युवाओं को नियुक्ति पत्र (जॉइनिंग लेटर) देने का लक्ष्य रखा है। मुख्य सचिव एसपी गोयल खुद इसकी निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने विभागों को खाली पदों की जानकारी जल्द से जल्द संबंधित चयन आयोग को भेजने के निर्देश दिए हैं। पढ़िए पूरी खबर...
सहारनपुर में आयोजित राष्ट्रीय लोकदल (RLD) की ‘स्वाभिमान रैली’ में जयंत चौधरी से ज्यादा चर्चा उनकी पत्नी चारु चौधरी के भाषण की हो रही है। चारु ने सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव के उस बयान का सीधे जवाब दिया, जिसमें उन्होंने जयंत चौधरी को ‘चवन्नी’ कहा था। चारु ने कहा- किसी को भी यह अधिकार नहीं है कि वो आपका अपमान करें या आपको सिखाएं और समझाएं। उन्होंने कहा- इस तरह की बयानबाजी सामने वाले की मानसिकता और अहंकार दिखाती है। लोकतंत्र में सरकार किसकी बनेगी और कौन सत्ता में आएगा-जाएगा, इसका फैसला जनता करती है। चारु के इस तेवर के बाद सियासी गलियारों में कयास लगाए जा रहे हैं कि 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में जयंत अपनी पत्नी चारु चौधरी को प्रत्याशी बना सकते हैं। अगर ऐसा होता है, तो चारु चौधरी अपने परिवार की चुनावी राजनीति में कदम रखने वाली दूसरी महिला होंगी। इससे पहले जयंत की दादी यानी पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की पत्नी गायत्री देवी सक्रिय राजनीति में थीं। गायत्री देवी 1969 में इगलास और 1974 में गोकुल सीट से विधायक रहीं। 1980 में कैराना से सांसद चुनी गई थीं। 2009 से रैलियों में सक्रिय चारु को क्या 2027 में मैदान में उतारेंगे जयंत? चारु के पास तीन चीजें हैं, राजनीतिक परिवार की विरासत, लंबे समय से चुनाव प्रचार का अनुभव और खुलकर राजनीतिक भाषण देने की क्षमता। चारु मथुरा और बागपत की चौपालों पर ग्रामीण महिलाओं के बीच बेहद सहजता से अपनी बात रखती रही हैं। चारु का राजनीति से जुड़ाव नया नहीं है। वह 2009 से चुनावी प्रचार और RLD की गतिविधियों में सक्रिय रही हैं। पति जयंत चौधरी की चुनावी रैलियों में वह लगातार नजर आती रही हैं। उनके दिवंगत ससुर और पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी अजीत सिंह ने भी उनकी राजनीतिक सक्रियता को देखते हुए उन्हें पार्टी का स्टार प्रचारक बनाया था। 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान चारु ने बागपत के छपरौली में जयंत चौधरी के लिए रोड शो किया। ये करीब छह घंटे चलने वाला था, लेकिन लोगों की भीड़ और उत्साह इतना बढ़ा कि कार्यक्रम रात करीब एक बजे तक चलता रहा। 2021 में वह दिल्ली में किसान आंदोलन में भी शामिल हुई थीं। महिला किसानों के समर्थन में नजर आई थीं। पश्चिमी यूपी के ग्रामीण इलाकों में उनकी पहुंच है। 2024 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान भी वह बागपत और बड़ौत की रैलियों में सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ मंच साझा कर चुकी हैं। अब अगर RLD 2027 में उन्हें किसी जाट बहुल सीट से चुनाव लड़ाती है तो यह सिर्फ एक उम्मीदवार उतारने का फैसला नहीं होगा। इसके पीछे पश्चिमी यूपी में महिला वोट, जाट स्वाभिमान और चौधरी परिवार की राजनीतिक विरासत तीनों को एक साथ साधने की रणनीति हो सकती है। सहारनपुर में दिखा चारु चौधरी का अक्रामक अंदाज 3 सितंबर, 2026 की सहारनपुर में हुई ‘स्वाभिमान रैली’ चारु के राजनीतिक सफर में इसलिए अहम मानी जा रही है, क्योंकि इस बार उनका भाषण सीधे विपक्ष पर राजनीतिक हमला था। जयंत चौधरी के बोलने से पहले चारु को मंच पर बुलाया गया। उनका परिचय भी राजनीतिक अंदाज में कराया गया। इसके बाद चारु बिना लिखित भाषण पढ़े सीधे जनता से संवाद करती नजर आईं। उन्होंने कहा कि किसी को जनता का अपमान करने का अधिकार नहीं है। चुनाव आते-जाते रहते हैं। पार्टी सत्ता में रहे या विपक्ष में, इससे फर्क नहीं पड़ता। जनता के प्रति समर्पण हमेशा बना रहेगा। उन्होंने पश्चिमी यूपी की क्षेत्रीय पहचान और ‘चौधराहट’ को चुनावी मुद्दे से जोड़ते हुए RLD और उसके गठबंधन प्रत्याशियों को भारी मतों से जिताकर लखनऊ भेजने की अपील की। ‘चवन्नी’ वाले बयान ने बढ़ाई पश्चिमी यूपी की गर्मी दरअसल, पश्चिमी यूपी की राजनीति में यह विवाद अखिलेश यादव के उस बयान के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने जयंत चौधरी पर तंज कसते हुए कहा था कि “चवन्नी से रुपया बना दिया, फिर भी छोड़कर चले गए।” जयंत के खिलाफ इस बयान को RLD ने पश्चिमी यूपी में राजनीतिक और सामाजिक सम्मान से जोड़कर उठाया। जाट बहुल इलाकों में इसे लेकर प्रतिक्रिया सामने आई। इसी माहौल में सहारनपुर में ‘स्वाभिमान रैली’ आयोजित की गई। रैली में जयंत के साथ चारु और उनकी दोनों बेटियां भी मंच पर मौजूद थीं। जयंत भी दे चुके हैं जवाब: ‘G और J में फंसा देंगे’ इस राजनीतिक टकराव के बीच जयंत चौधरी भी अखिलेश यादव को जवाब दे चुके हैं। जयंत ने कहा कि उनकी कोशिश रहती है कि कोई दुश्मन न बने। उन्होंने कहा कि मैंने अखिलेश को छेड़ा भी नहीं, लेकिन वह बार-बार बयान दे रहे हैं। जयंत ने मंच से सपा नेताओं के वीडियो चलवाए और राजनीतिक तंज कसते हुए कहा कि ABCD की राजनीति छोड़िए, हम आपको G यानी गन्ना और J यानी जाट में फंसा देंगे, फिर SP नहीं आएगी। पंजाबी फैमिली से आने वाली चारु की जयंत से लव मैरिज चारु चौधरी का मायका कारोबारी परिवार है। वह मूल रूप से दिल्ली के एक पंजाबी परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके परिवार का साउथ दिल्ली के साउथ एक्सटेंशन इलाके में ‘जूकी’ नाम से फैशन और ज्वेलरी का कारोबार रहा है। चारु और जयंत दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्री वेंकटेश्वर कॉलेज में क्लासमेट थे। दोनों की दोस्ती आगे चलकर रिश्ते में बदली। 14 अगस्त 2003 को दोनों की शादी हुई। शादी के बाद भी चारु ने अपना प्रोफेशनल करियर जारी रखा। उन्होंने करीब ढाई साल कॉरपोरेट सेक्टर में काम किया। इसके बाद फैशन डिजाइनिंग और ज्वेलरी के अपने सपने को आगे बढ़ाने के लिए नौकरी छोड़ दी। उन्होंने दिल्ली के ज्वेलरी प्रोडक्ट डेवलपमेंट सेंटर यानी JPDC से शिक्षा ली और जेमोलॉजिकल इंस्टीट्यूट ऑफ अमेरिका से भी पढ़ाई की। फैशन डिजाइनर से उद्यमी तक का सफर चारु चौधरी ‘ज़ूकी’ नाम से मल्टी-ब्रांड और मल्टी-प्रोडक्ट स्टोर चलाती हैं। इसमें ज्वेलरी, कपड़े और डिजाइनिंग से जुड़े उत्पाद शामिल हैं। चारु के मुताबिक, मल्टी-ब्रांड स्टोर का विचार उनके दिमाग में कई साल पहले आया था, लेकिन पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण उसे जमीन पर उतारने में समय लगा। बाद में उन्होंने इस सपने को कारोबार का रूप दिया। अक्टूबर 2019 में उन्होंने टोरंटो फैशन वीक में अपना डिजाइनर फैशन कलेक्शन भी प्रदर्शित किया था। चारु जिम और फिटनेस के प्रति सजग रहती हैं। उन्हें जासूसी शोज देखना बहुत पसंद है। वह कई पत्रिकाओं की कवर पेज पर भी छप चुकी हैं। चारु और जयंत की दो बेटियां साहिरा और एलिशा हैं। ------------------------- ये भी पढ़ें - UP में चुनाव से पहले 70 हजार नई नौकरियां: 1 लाख युवाओं को मिलेगा जॉइनिंग लेटर, जेन-जी को अपने पक्ष में करने की कोशिश में सरकार 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले योगी सरकार करीब 70 हजार नई भर्तियां निकालने की तैयारी में है। इनका विज्ञापन कभी भी जारी हो सकता है। वहीं, सरकार ने अगले 4 महीनों में 1 लाख से ज्यादा युवाओं को नियुक्ति पत्र (जॉइनिंग लेटर) देने का लक्ष्य रखा है। मुख्य सचिव एसपी गोयल खुद इसकी निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने विभागों को खाली पदों की जानकारी जल्द से जल्द संबंधित चयन आयोग को भेजने के निर्देश दिए हैं। पढ़िए पूरी खबर...
यूपी में विधायक खुद विकास के नाम पर भ्रष्टाचार कर रहे हैं। सड़क, नाली और स्ट्रीट लाइट लगवाने के लिए ये अनुशंसा-पत्र तभी लिखते हैं, जब इन्हें 35% से 40% कमीशन मिलता है। अनुशंसा-पत्र विधायक का वह लेटर है, जिसके आधार पर CDO (चीफ डेवलपमेंट ऑफिसर) विधायक निधि से पैसा जारी करते हैं। 35 से 40% पैसा विधायक की जेब में जाने के बाद काम की क्वालिटी क्या होगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। दैनिक भास्कर ने अब तक का सबसे बड़ा खुलासा करते हुए रिश्वत लेने वाले 2 विधायकों को ऑन कैमरा बेनकाब किया। भास्कर रिपोर्टर ने NGO मैनेजर बनकर विधायकों से फंड जारी करने की डील की। विधायकों का एक ही सवाल पर फोकस था कि हमें कितना कमीशन मिलेगा? विधायकों ने हिडन कैमरे पर कमीशन लिया और विधायक निधि जारी करने के लिए अनुशंसा-पत्र दे दिया। इन 2 विधायकों में 1 भाजपा और 1 सपा का है। पढ़िए, पूरा इन्वेस्टिगेशन… सबसे पहले हमने भाजपा विधायक जय मंगल कन्नौजिया का स्टिंग किया। कन्नौजिया पर रिश्वतखोरी के आरोप लग चुके हैं। हमने एक NGO रजिस्टर कराया। फिर सोलर लाइट से जुड़ी ट्रेनिंग ली, क्योंकि हमें विधायक से सोलर लाइट लगाने के लिए ही राशि लेनी थी। विधायक से परिचय बढ़ाने के लिए हम उनके साथ 30 दिन तक गांव-गांव घूमे। सोलर लाइट के फंड के लिए विधायक से कुल 8 राउंड में डील हुई। चौथे राउंड में विधायक कन्नौजिया 35% कमीशन के बदले 10.50 लाख रुपए का काम देने को तैयार हो गए। इसके बाद हुई मीटिंग्स में उन्होंने रिश्वत ली और अनुशंसा-पत्र पर साइन करके हमें दे दिया। उनसे हुई बातचीत हूबहू पढ़िए… हमें दूसरे 40% कमीशन दे रहे, आप कितना देंगे- कन्नौजिया कन्नौजिया : दूसरे सोलर वाले 40% कमीशन दे रहे। रिपोर्टर : हम आपको 35% तक दे देंगे। कन्नौजिया : ठीक है, जिस दिन चिट्ठी लिखेंगे, उसी दिन पैसा चाहिए। रिपोर्टर : एडवांस कितना कर दें? कन्नौजिया : एडवांस क्या करेंगे, पूरा कर दीजिए। हमसे चिट्ठी लिखवा लीजिए, बात खत्म। रिपोर्टर : आप कहें तो 35% कमीशन का 20% अभी कर दें। जब लेटर जारी हो जाएगा, तब 80% कर देंगे। कन्नौजिया : ठीक, कल सुबह 11 बजे आइए। कन्नौजिया : प्रपोजल 10.50 लाख रुपए का है क्या? रिपोर्टर : 35% कमीशन 3 लाख 67 हजार 500 रुपए होगा। इसका 20% 73,500 रुपए होगा। (पैसा देते हुए) अभी 50 हजार कैश लाए हैं। बाकी बाद में। कन्नौजिया : ठीक है, कल लेते आइएगा। (2 दिन बाद हम विधायक के घर पहुंचे। यहां बाकी बचा रुपया दिया।) कुछ और रुपए दीजिए, पूरे पेमेंट का 20% देने की बात हुई थी- कन्नौजिया कन्नौजिया : ये कितना है? रिपोर्टर : 23,500 रुपए। कन्नौजिया : कितना हो गया? रिपोर्टर : 10.50 लाख का 35% 3 लाख 67 हजार 500 रुपए होता है, जो आपको देंगे। इसका 20% पहले देने की बात हुई थी, जो 73,500 रुपए होता है। 50 हजार रुपए आपको पहले दे दिए थे। कन्नौजिया : (चौंकते हुए) 73,500 रुपए। नहीं भाई (कुछ देर तक मोबाइल पर कैलकुलेटर निकालकर हिसाब-किताब जोड़ते हैं) आप हमको 20% दे रहे हैं ना। आपने कहा था कि आप हमें 35% का 20% देंगे। रिपोर्टर : हम आपको 35% का 20% ही दे रहे हैं। हमने आपको 73,500 रुपए दे दिए। अब बचे हैं- 2 लाख 94 हजार रुपए। कन्नौजिया : हमें कुछ और दीजिए भाई। हमने आपसे पूरे पेमेंट का 20% देने की बात की थी। रिपोर्टर : आप नाराज हो गए, इसलिए कुछ और देने आए हैं। कन्नौजिया : हम नाराज होने वाले व्यक्ति नहीं हैं। कुछ और देना हो तो दे दीजिए। रिपोर्टर : सर, ये 10 हजार रुपए हैं। कन्नौजिया : (पैसा लेते हुए) जाइए, एकदम मस्त होकर। कल आकर लेटर ले लीजिएगा। इस तरह विधायक कन्नौजिया ने हमसे 83,500 रुपए रिश्वत ली। अगले दिन अनुशंसा-पत्र दे दिया। आजमगढ़ जिले में मेंहनगर से सपा विधायक पूजा सरोज पर भी रिश्वत लेने के आरोप लगे हैं। हमने विधायक के रिश्तेदार और विधायक प्रतिनिधि विकास सरोज से पहचान बढ़ाई। NGO मैनेजर बनकर विधायक को सोलर लाइट और वाटर कूलर लगाने का प्रपोजल दिया। विधायक ने सैंपल मांगा तो एक सोलर लाइट खरीदकर इंस्टॉल करके बताई। 15 दिन तक उनके लोगों के साथ गांव-गांव जाकर वे स्थान चयनित किए, जहां सोलर लाइट लगानी थी। विधायक से टोटल 15 मीटिंग हुई। 12वीं मीटिंग में विधायक ने कमीशन की बात की। विधायक पूजा ने कहा- रिश्वत पर हमारा एक ही नियम- 50% एडवांस पूजा : क्या बात हुई थी? रिपोर्टर : आप हमें वर्कऑर्डर दे दीजिए, हम कुछ एडवांस कर देंगे। पूजा : (हंसते हुए) कुछ नहीं, हमारा एक ही नियम है- 50% कमीशन पहले और 50% बाद में। उसके हिसाब से विकास बात कर लेंगे। हमें कितना कमीशन मिल रहा है? रिपोर्टर : 35% तक दे पाएंगे। पूजा : कितना एडवांस देंगे, 50% या…? रिपोर्टर : 35% का 10% एडवांस कर देंगे। पूजा : पेपर (अनुशंसा-पत्र) बनने से पहले, यानी जब मैं साइन करती हूं तो 50% एडवांस मेरे पास आ जाना चाहिए। (13,500 रुपए के रेट से 200 सोलर स्ट्रीट लाइट और 20 हजार रुपए के रेट से 20 वॉटर कूलर का कुल बजट 31 लाख हुआ।) पूजा : बहुत कम अमाउंट है। करीब 10 लाख। 5 लाख ही एडवांस देना है। रिपोर्टर : 10 लाख का अभी 10% ले लीजिए। बाद में 90% और कर देंगे। पूजा : पहले आप सोलर लाइट का कमीशन कराइए। रिपोर्टर : ठीक है, 200 लाइट का बजट 27 लाख रुपए हुआ। इसका 35% यानी 9 लाख 45 हजार रुपए होता है। पूजा : 50% कितना हुआ? रिपोर्टर : करीब 5 लाख रुपए होगा। जब आप लेटर साइन करेंगी, तब 1 लाख देंगे। पैसा पास होते ही 8.45 लाख रुपए दे देंगे। पूजा : नहीं। (मोबाइल के कैलकुलेटर पर 5 लाख दिखाते हुए) आप ये लाइए, मैं लेटर पर साइन करके देती हूं। पूजा : ऐसा मत करिए। 2 दिन बाद पूरा दीजिए। इतना बड़ा अमाउंट नहीं है। रिपोर्टर : हमारे NGO की यही पॉलिसी है। पूजा : कौन है, मेरी बात कराइए। उनको बुलाइए। उल्टी-सीधी पॉलिसी लेकर चल रहे हैं। रिपोर्टर : कल आपको 25% करा दें, जो 2 लाख 36 हजार 650 रुपए बनते हैं। बाकी लेटर जारी होने के बाद। पूजा : नहीं, आप देख लो कैसे करना है? रिपोर्टर : मैम, बस 2 दिन की बात है। पूजा : उनकी पॉलिसी मुझ पर काम नहीं करेगी। बिना वजह हम उलझे हैं। ये ठीक नहीं। कुछ दिन बाद विधायक पूजा सरोज के प्रतिनिधि विकास का कॉल आया। उसने कहा- आप आए नहीं। हमने कहा- विधायक जी, 50% एडवांस पर अड़ी हैं। हम 25% दे सकते हैं। आप विधायक जी से साइन कराकर लेटर वाट्सएप पर भेज देंगे तो हम 5 लाख रुपए लेकर आ जाएंगे। विकास ने 7 दिन बाद 4 अनुशंसा पत्र भेजे। विकास ने कहा- 35% कमीशन का आधा यानी 14 लाख 17 हजार 500 रुपए लेकर आ जाओ और लेटर की हार्ड कॉपी ले जाओ। चूंकि हम विधायक को एक्सपोज कर चुके थे, इसलिए हार्ड कॉपी लेने नहीं गए। विधायकों के करीबी भी खा रहे पैसा विधायक के प्रतिनिधि विकास ने हमसे तीन बार में 10 हजार, फिर 10 हजार और फिर 5 हजार रुपए लिए। यानी विधायक निधि का 1-2% ये लोग खा रहे हैं। इसी तरह महराजगंज सदर विधायक जय मंगल कन्नौजिया के करीबी संजीव शुक्ला ने हमसे चार बार 5-5 हजार रुपए, इस तरह 20 हजार रुपए लिए। अब जानिए, MLA फंड का कहां उपयोग कर सकते हैं विधायक यूपी में प्रत्येक विधायक को हर साल 5 करोड़ रुपए विधायक निधि मिलती है। यानी 5 साल में 25 करोड़ रुपए। सड़क, नाली, खड़ंजा, सामुदायिक भवन, पेयजल, लाइट सहित कई तरह के काम करा सकते हैं। MLA फंड पर कमीशन लेना गंभीर मामला, इसमें 7 साल की सजा लखनऊ हाईकोर्ट के AGM-1 (एडिशनल गवर्नमेंट एडवोकेट) अतुल सिंह ने बताया- ‘अगर कोई विधायक कमीशन या रिश्वत लेता है तो उस पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की धारा 7 लगेगी। इसके तहत 3 से 7 साल की सजा का प्रावधान है। आरोपी विधायक के नाम पर स्वीकृत या शेष विधायक निधि के खातों को तुरंत फ्रीज किया जा सकता है। विधानसभा के स्तर पर आचरण समिति या सदाचार कमेटी मामले की जांच करती है।’ MLA फंड में रिश्वतखोरी का सिलसिला यहीं खत्म नहीं होता। जब विधायक का अनुशंसा-पत्र CDO ऑफिस जाता है तो वहां भी कर्मचारी से लेकर अफसर तक सभी का कमीशन फिक्स है। भास्कर का सबसे बड़ा खुलासा पार्ट-2 में कल पढ़िए CDO ऑफिस के अफसरों और कर्मचारियों की रिश्वत की रेट लिस्ट।------------ ये भी पढ़ें- जमीन में नहीं, केमिकल से पैदा हो रहा नया आलू:4 गुना कमाई, VIDEO में देखिए कैसे बनता है 'जहरीला' आलू यूपी में खाद्य विभाग ने एक साल में 75 टन नया आलू जब्त किया, जिसे केमिकल से तैयार किया था। यानी आलू तो पुराना था, लेकिन उसे इस तरह प्रोसेस किया गया कि वह बिल्कुल नए की तरह दिखने लगे। दैनिक भास्कर की टीम ने इस गिरोह को एक्सपोज करने के लिए इन्वेस्टिगेशन किया। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…
इंदौर को हरियाली से घिरे शहर के रूप में विकसित करने के लिए मास्टर प्लान में जमीनें सुरक्षित रखी गईं, लेकिन अब यही जमीनें धीरे-धीरे हाथ से निकल रही हैं। 2008 में लागू मास्टर प्लान में शहर के आसपास हरियाली, गार्डन, सिटी फॉरेस्ट और खुले मैदानों के लिए कुल नियोजित क्षेत्र का 10 फीसदी हिस्सा ग्रीन बेल्ट के रूप में आरक्षित किया गया था। अब जमीन मालिक इन आरक्षित जमीनों का सालों से उपयोग नहीं होने को आधार बनाकर लैंडयूज बदलवाने की कोशिश कर रहे हैं। सरकार जब ऐसे प्रस्ताव खारिज करती है तो जमीन मालिक कोर्ट पहुंचते हैं। हाई कोर्ट से अपने पक्ष में आदेश मिलते ही लैंडयूज बदलने का रास्ता खुल जाता है। सबसे गंभीर बात यह है कि ऐसे मामलों में इंदौर विकास प्राधिकरण, नगर निगम, नगरीय आवास एवं विकास विभाग सहित संबंधित विभाग कई बार आदेश के खिलाफ अपील तक नहीं करते। यानी जिस मास्टर प्लान को शहर के भविष्य की रीढ़ माना गया, उसकी जमीनें ही एक-एक करके कमजोर होती जा रही हैं। केस 1 : करोड़ों की जमीन पर मंडी बस स्टैंड का आरक्षण भी खतरे में एक गांव में पूर्व विधायक की करीब 250 करोड़ रु. की जमीन का मामला बड़ा उदाहरण है। यहां मास्टर प्लान में मंडी और बस स्टैंड के लिए जमीन आरक्षित की गई थी। प्रस्तावित लैंडयूज के मुताबिक काम नहीं हुआ तो विधायक ने याचिका दायर की। कोर्ट ने उपयोग बदलने के आदेश दिए। शासन ने अब तक इसे चुनौती नहीं दी है। केस 2 : खेती की जमीन पर मॉल को अनुमति तेजपुर गड़बड़ी की हाउसिंग सोसायटी की जमीन पर मॉल का निर्माण शुरू हुआ। जमीन खेती के लिए थी। निगम-प्रशासन ने अनुमतियां निरस्त की तो मालिक कोर्ट पहुंचा। कोर्ट ने अनुमतियों को बहाल करने के आदेश दिए। पर किसी विभाग ने चुनौती नहीं दी। केस 3 : 2.1 किमी की रोड... ग्रीन बेल्ट पर पंप और मॉल माणिक बाग ब्रिज से राजीव प्रतिमा चौराहे तक करीब 2.1 किमी सड़क के दोनों तरफ की जमीनें मास्टर प्लान में ग्रीन बेल्ट के लिए आरक्षित हैं। इसके बावजूद पूरी लेन में दोनों तरफ पेट्रोल पंप खुल चुके हैं। ग्रीन बेल्ट में मैरिज गार्डन की अनुमति हो सकती है, लेकिन अब इन गार्डन की जमीन पर भी मॉल खड़े हो रहे हैं। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने शपथ पत्र पर ही लैंडयूज बदल दिया था। सड़क में मास्टर प्लान याद, ग्रीन बेल्ट के लिए नहीं अधिवक्ता अंशुमान श्रीवास्तव के मुताबिक लैंडयूज बदले जाने के मामलों में विभाग बड़ी लापरवाही बरत रहे हैं। अफसर कोर्ट में सही तरीके से पक्ष तक नहीं रख पाते। सड़क बनानी होती है तो सरकारी विभाग निजी जमीन हासिल करने के लिए मास्टर प्लान का हवाला देते हैं, लेकिन ग्रीन बेल्ट या दूसरे आरक्षित उपयोग की जमीन का मामला कोर्ट पहुंचता है तो विभाग कमजोर पड़ जाते हैं।
कान्हा एक, भाव अनेक:इंदौर में जन्मोत्सव के 11 अनूठे रंग
शुक्रवार रात 12 बजते ही राजबाड़ा और आसपास की गलियां जयकारों से गूंज उठीं। कहीं पालने में नन्हे कृष्ण को झुलाया जा रहा था, तो कहीं अभिषेक-शृंगार के बाद भोग लग रहा था। कुछ दूरी पर मृदंग-करताल के साथ हरिनाम संकीर्तन चल रहा था, तो कहीं जन्म झांकी में कृष्ण की लीला जीवंत थी। एक ही शहर और एक ही जन्मोत्सव... लेकिन आराधना का भाव हर मंदिर में अलग था। शहर के 11 प्रमुख मंदिरों में कृष्ण भक्ति के 11 रंग देखने को मिले। कहीं नाम गूंजा, तो कहीं लीला हुई साकार ये यथा मां प्रपद्यन्ते तांस्तथैव भजाम्यहम्।मम वर्त्मानुवर्तन्ते मनुष्याः पार्थ सर्वशः॥ भावार्थ: हे अर्जुन! मनुष्य जिस भाव से मेरी शरण में आता है, मैं भी उसे उसी भाव से स्वीकार करता हूं। लोग जिस-जिस मार्ग से मेरी ओर आते हैं, वे सभी अंततः मेरे ही मार्ग पर चलते हैं। लल्ला को पालने में झूला, तो राधा-कृष्ण का अभिषेक यशोदा माता मंदिर (खजूरी बाजार): कृष्ण ‘लल्ला’ बने। जन्म के साथ पालना झूला, बधाइयां गूंजीं और वात्सल्य भाव से बालकृष्ण की सेवा हुई। गोपाल मंदिर (राजबाड़ा): राधा-कृष्ण का अभिषेक, शृंगार, भोग और आरती के साथ ठाकुरजी की सेवा का भाव प्रमुख रहा। बांके बिहारी मंदिर : तीन कृष्ण विग्रहों की आराधना के साथ महानुभाव परंपरा का अलग रंग दिखाई दिया। राधा-कृष्ण मंदिर (आड़ा बाजार) : पंचामृत व तीर्थजल से अभिषेक, विशेष पोशाक और शृंगार ने जन्मोत्सव को शृंगार-भाव दिया। कहीं सेवा घर जैसी, कहीं कृष्ण ग्रंथ में, कहीं बने गोवर्धनधारी लाल मंदिर (जूनी इंदौर) : ठाकुरजी को विशेष चांदी के वस्त्र पहनाए गए। यहां जन्मोत्सव का रंग उत्सव और सेवा का रहा। मदनमोहनजी की हवेली: ठाकुरजी को घर के सदस्य की तरह माना गया। शृंगार, भोग, बधाई और सेवा में गृहस्थ भाव नजर आया। गोवर्धननाथ मंदिर (कम्पैल): कृष्ण का दुर्लभ दस भुजाओं वाला गोवर्धनधारी स्वरूप आकर्षण का केंद्र रहा। अभिषेक, शृंगार, भोग के साथ राधेश्याम संकीर्तन चलता रहा। राधाकृष्ण प्रणामी मंदिर (गोराकुंड): कृष्ण को ग्रंथ-स्वरूप में स्मरण करते हुए श्री तारतम सागर की सेवा और पाठ हुआ। एक ही तारीख पर कृष्ण भक्ति की प्रमुख परंपराएं इस बार जन्माष्टमी का खास संयोग यह रहा कि वैष्णव, स्मार्त, पुष्टिमार्ग, गौड़ीय वैष्णव (इस्कॉन), प्रणामी-निजानंद, राधावल्लभ, रामानुज और महानुभाव परंपरा सहित कृष्ण भक्ति की सभी प्रमुख परंपराओं ने शुक्रवार को ही जन्मोत्सव मनाया। अलग-अलग पंचांग और संप्रदाय परंपराओं के कारण आमतौर पर जन्माष्टमी दो अलग-अलग दिन मनाई जाती रही है, लेकिन इस बार लंबे अंतराल के बाद जन्म की तारीख एक रही। द्वापर की कृष्ण जन्मकथा वाले योगों की रही छाया कृष्ण जन्म की परंपरा में अष्टमी तिथि, वृषभ राशि का चंद्रमा और रोहिणी नक्षत्र प्रमुख माने जाते हैं। इस बार भी अष्टमी की रात चंद्रमा वृषभ में रहा। रोहिणी नक्षत्र रात 11:04 बजे समाप्त हो गया, जबकि अष्टमी 12:13 बजे तक रही। इसलिए जन्म की निशिथ बेला में अष्टमी और वृषभ का चंद्रमा तो रहा, लेकिन रोहिणी की जगह मृगशिरा नक्षत्र आ चुका था।
गोरखपुर के स्कूलों में शिक्षक दिवस की तैयारियों के बीच सरकारी स्कूल में हेड टीचर की पिटाई का मामला सामने आया है। स्कूल देर से आने पर टीचर ने क्लास 6 में पढ़ने वाली छात्रा को मुर्गा बनाया था। यह बात जब छात्रा के पिता को पता चली तो वह नाराज हो गया। आरोप है कि स्कूल पहुंचकर सभी स्टॉफ के सामने ही हेड टीचर की पिटाई कर दी और कपड़े भी फाड़ दिए। हेड टीचर की तहरीर पर गोला थाने में छात्रा के पिता के खिलाफ मारपीट और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मुकदमा दर्ज किया गया है। इस घटना की जांच गोला थाने के उप निरीक्षक सुमित कुमार राय को सौंपी गई है। अब जानिए पूरा मामला गोला क्षेत्र के पूर्व माध्यमिक विद्यालय खिरकिटा दुबे के हेड टीचर जितेंद्र कुमार की तहरीर पर छात्रा के पिता दिलीप कुमार के खिलाफ मुकदमा लिखकर पुलिस जांच पड़ताल में जुट गई है। हेड टीचर ने तहरीर देकर बताया कि एक सितंबर की सुबह क्लास 6 की छात्रा देर से आई थी। उसको थोड़ी देर के लिए मुर्गा बनाया था। जब भी कोई छात्र देर से आता है तो उसको सजा दी जाती है। स्कूल में अनुशासन बनाए रखने के लिए यह सब जरूरी है। लेकिन इस बात की जानकारी छात्रा के पिता को हुई तो वह लड़ने स्कूल चले आए। हेड टीचर ने बताया कि पिता दिलीप कुमार को समझाया। लेकिन वह नाराज होकर मारपीट करने लगा। इस दौरान स्कूल के और स्टाफ बचाने भी आए। इसके बाद भी वह मारते पीटते हुए शर्ट भी फाड़ दिया। इस दौरान स्कूल में भी तोड़फोड़ कर नुकसान पहुंचाया। घटना से डर गए टीचर और स्टाफ घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। इस घटना से स्कूल के सभी स्टाफ बहुत डर गए हैं। हेड टीचर ने कहा कि मेरे साथ आगे भी ऐसी घटना आरोपी कर सकता है। इसलिए उसपर सख्त कार्रवाई करने की मांग की। इस घटना को लेकर पूरे क्षेत्र में चर्चा चल रही है। सभी लोग यही कह रहे हैं कि टीचर का काम ही होता है, छात्र को डांट फटकार करके पढ़ाई कराए। टीचर हमेशा छात्रों के भविष्य की चिंता करते हैं। जब स्कूल में अनुशासन नहीं रहेगा तो कोई क्या सीख पाएगा। इस संबंध में गोला थाना प्रभारी निरीक्षक चंद्रप्रकाश पांडेय ने बताया कि प्रधानाध्यापक की तहरीर के आधार पर आरोपित के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्यासे हैं 10 करोड़ के जलमीनार... कहीं मोटर फेल, सोलर टूटी तो कहीं ड्राई बोरिंग
भास्कर एक्सक्लूिसव जिले में करीब 10 करोड़ की लागत से लगे कई सोलर जलमीनार अब पानी नहीं देते हैं। विभागीय उदासीनता, सोलर प्लेट खराबी, मोटर फेल, ड्राई बोर और आपसी विवाद के कारण सैकड़ों जलमीनार शोभा की वस्तु बनकर रह गए हैं। ग्रामीणों को आज भी आधा किलोमीटर दूर से पानी ढोना पड़ रहा है। जिले में सबसे खराब स्थिति नावाडीह प्रखंड की है। सूत्रों के अनुसार यहां 65 सोलर जलमीनार डेड पड़े हैं। 2025-26 में 44 नए जलमीनार लगाए गए, लेकिन पुराने जलमीनार की मरम्मत नहीं कराई गई और उन्हें वैसे ही छोड़ दिया गया है। बता दें कि एक जलमीनार पर करीब ढाई लाख रुपए खर्च होता है, इस हिसाब से अब तक करीब 9 करोड़ 75 लाख रुपए खर्च हो चुके हैं, फिर भी ग्रामीणों को पानी नसीब नहीं हो रहा है। सबसे खराब स्थिति नावाडीह की है। मरम्मत के लिए फंड की है जरूरत पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के जेई प्रतीक कुमार सिन्हा ने बताया कि पेटरवार में विभाग के 17 जलमीनार लगे हैं, 1-2 में खराबी हो सकती है। वहीं जेई अनुपम राय ने साफ कहा कि मरम्मत के लिए फंड ही नहीं मिल रहा है। मरम्मत के लिए जल्द होगी सकारात्मक पहल प्रखंडों में जलमीनार की स्थिति का हकीकत कसमार के हिसीम पंचायत में 3 जलमीनार बंद हैं। बीपीआरओ चंदन कुमार ने बताया कि खुदीबेड़ा में मुखिया सरिता देवी से विवाद के कारण दो जलमीनार महीनों से बंद हैं। एक अन्य को चालू करने में 30 हजार रुपए खर्च है। पोंडा में 6 खराब पड़े थे, जिन्हें चार माह पहले जैसे-तैसे चालू कराया गया। जरीडीह प्रखंड में 72 जल मीनारों में से 19 अभी भी निर्माणाधीन हैं। ठेकेदार की वजह से टांड़ बालीडीह और जैना में काम लटका हुआ है। वहीं चंद्रपुरा के 12 में से 4 जलमीनार पूरी तरह डेड हैं। बेरमो प्रखंड में दो जलमीनार में जलापूर्ति की गति काफी धीमी है। चास में 4 साल पहले लगे 8 में से रितुडीह और हीरटांड़ के 2 खराब हैं, जबकि 2 के सोलर पैनल आंधी में टूट गए हैं। चंदनकियारी में 52 स्वीकृत में से 37 ही बन पाए हैं, 15 अधूरे हैं। दामोदर पुल के पास राजपूत टोला का जलमीनार ड्राई बोर के कारण फेल हो गया है। नावाडीह प्रखंड में पिछले पांच वर्षों में कुल 212 सोलर जलमीनार लगे हैं, इसमें से करीब 65 डेड है। जरीडीह प्रखंड में डेड जलमीनार।
पिछरी : कुंआ में गिरने से तीन साल की बच्ची की मौत
तुपकाडीह | पेटरवार थाना क्षेत्र के पिछरी उत्तरी पंचायत में शुक्रवार को मेनरोड निवासी तापस पाल की तीन वर्षीय बेटी वर्षा पाल की कुंआ में गिरने से मौत हो गई। परिजनों ने कहा कि बच्ची हमेशा की तरह घर के आंगन में खेल रही थी। कुछ देर बाद जब बच्ची को आंगन में नहीं देखा तो उसकी खोजबीन करने लगे। लेकिन बच्ची का कहीं पता नहीं लगने पर आंगन के कुआं में झगला डालने पर बच्ची को कुंआ से निकाला गया। आनन-फानन में उसे इलाज के लिए केन्द्रीय अस्पताल ढोरी ले जाया गया। जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया गया। घटना के समय परिवार के लोग दूसरे कामों में व्यस्त थे। इस कारण किसी का ध्यान नहीं गया। घटना के बाद परिजनों में मातम छाया हुआ है।
पिछरी में धूमधाम से मनाया श्रीकृष्ण जन्माष्टमी
तुपकाडीह | पेटरवार व जरीडीह प्रखंड क्षेत्र के पिछरी तुपकाडीह सहित विभिन्न पंचायतों में स्थित राधे कृष्ण मंदिर सहित अन्य देवी देवताओं के मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति एवं फोटो स्थापित कर महिला श्रद्धालुओं द्वारा श्रद्धापूर्वक श्री कृष्ण लल्ला की पूजा कर पालना में झुलाया गया। वहीं पिछरी पंचायत स्थित राधे कृष्ण मंदिर को लाइट से साज सज्जा किया गया। देर रात तक कीर्तन भजन मंडली द्वारा 24 घंटे का अखंड हरे कृष्णा, हरे कृष्णा, कृष्णा-कृष्णा हरे हरे, हरे रामा, हरे रामा भजन कीर्तन कर श्रद्धालुओं ने भजन का लुत्फ उठाया। मौके पर मंदिर के पुजारी पवन पाठक सहित ग्रामीण शामिल थे।
सिमडेगा में एसआईआर नोटिस मिलने से मतदाता हैं परेशान
सिमडेगा | जिले में एसआईआर प्रक्रिया के तहत मिल रहे नोटिसों को लेकर मतदाताओं में असमंजस है। दस्तावेज जुटाने और सुनवाई को लेकर लोग परेशान हैं। इसे देखते हुए समाजसेवी मोहम्मद शफी ने निःस्वार्थ सहायता पहल शुरू की है। वे नोटिस पाने वाले मतदाताओं को जरूरी दस्तावेजों और प्रक्रिया की जानकारी में सहयोग करेंगे। शफी ने कहा कि यह पहल पूरी तरह जनहित में है, कोई भी मतदाता मार्गदर्शन के लिए संपर्क कर सकता है। हालांकि दस्तावेजों की अंतिम पुष्टि और निर्णय का अधिकार निर्वाचन अधिकारियों के पास ही रहेगा। इधर लिए शिविर में मतदाताओं की भारी भीड़ उमड़ रही है।
खेलो झारखंड में एकलव्य स्कूल का रहा दबदबा, कई स्पर्धाओं में लहराया परचम
सिमडेगा| बांसजोर प्रखंड के एसएस प्लस टू हाई स्कूल में आयोजित खेलो झारखंड प्रतियोगिता में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने विभिन्न खेल स्पर्धाओं में अपना दबदबा कायम किया। विद्यालय के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा और दमखम का प्रभावी प्रदर्शन किया। उन्होंने कई प्रतियोगिताओं में विजेता बनने का गौरव हासिल किया। प्रतियोगिता में एकलव्य विद्यालय के खिलाड़ियों ने फुटबॉल, कबड्डी, खो-खो, 100 मीटर, 200 मीटर एवं 400 मीटर दौड़ में बेहतरीन प्रदर्शन किया। लॉन्ग जंप और हाई जंप में भी विद्यालय के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। लगातार विभिन्न स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन से एकलव्य विद्यालय के खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। छात्र-छात्राओं की इस उपलब्धि से विद्यालय परिवार में खुशी का माहौल है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक लाल मोहम्मद ने खिलाड़ियों की सफलता पर हर्ष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बच्चों ने खेल के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा के दम पर विद्यालय का नाम रोशन किया है। उन्होंने यह भी कहा कि पढ़ाई के साथ खेल बच्चों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। विद्यालय प्रबंधन का प्रयास रहेगा कि बच्चों को खेल के क्षेत्र में बेहतर अवसर और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्हें आगे बढ़ने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जाएगा।
सिमडेगा में सात दिन में महिला वर्ग में 36 और पुरुष वर्ग में अब तक 35 मैच खेले जा चुके हैं
भास्कर न्यूज | सिमडेगा सिमडेगा में चल रही मेजर ध्यानचंद हॉकी प्रतियोगिता के सातवें दिन, शुक्रवार को 18 मैच खेले गए। महिला वर्ग के चार क्वार्टर फाइनल मैच खेले गए। पुरुष वर्ग के 14 लीग मैच खेले गए। महिला वर्ग में सीओई सिमडेगा ए, एसटीसी सिमडेगा, सेंट जेवियर बरवाडीह और लोम्बोई की टीम सेमीफाइनल में पहुंची। सात दिनों में महिला वर्ग में 36 और पुरुष वर्ग में अब तक 35 मैच खेले जा चुके हैं। प्रतियोगिता में 128 मैच होंगे। महिला वर्ग के क्वार्टर फाइनल मैच खेले गए। इसमें सीओई सिमडेगा ए टीम, एसटीसी सिमडेगा की टीम, सेंट जेवियर बरवाडीह की टीम और लोम्बोई की टीम ने अपने-अपने मैच जीतकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। पुरुष वर्ग में 14 मैच खेले गए। लीग स्तर पर अब तक 7 दिनों में महिला वर्ग में 36 और पुरुष वर्ग में 35, कुल 71 मैच खेले जा चुके हैं। प्रतियोगिता में महिला-पुरुष सहित 58 टीमों के बीच 128 मैच खेले जाएंगे। एक साथ, लगातार दोनों ग्राउंड में मैच खेले जा रहे हैं। यह अपने आप में एक इतिहास बनता जा रहा है। महिला वर्ग के क्वार्टर फाइनल मैच का परिणाम इस प्रकार रहे। सीओई सिमडेगा ए- 07 गोल बनाम टाटा सीनी जलडेगा 00 गोल, मिनी शक्ति नारी सिमडेगा 00 गोल बनाम एसटीसी सिमडेगा 03 गोल, यूसी रेंगारीह 00 गोल बनाम सेंट जेवियर बरवाडीह 01 गोल, लोम्बोई 01 गोल बनाम सेंट एन्स तैंसेर 00 गोल बनाई। लिटिल टाइगर 04 गोल बनाम मिनी ब्रदर 02 गोल, कोचेडेगा ग्रामीण 00 गोल बनाम जीलिंगा ताराबोंगा 05 गोल, लोम्बोई 04 गोल बनाम एबी ब्रदर्स आसनबेड़ा 01 गोल, गोंडवाना क्लब सलडेगा 01 गोल बनाम हेठमा पंचायत 05 गोल, मास्टर ब्रदर 03 गोल बनाम कुडापानी ए 00 गोल, डिंगुरपानी 01 गोल बनाम टाटा सीनी जलडेगा 00 गोल, कुडपानी बी 09 गोल बनाम आरसी कोचेडेगा 00 गोल, केवीएस सिमडेगा ए 02 गोल बनाम पीएम श्री बासेन 00 गोल, कुरसकेला 02 गोल बनाम बिधनईन टोली 02 गोल, गोंडवाना ब्रदर 02 गोल बनाम सुरीन ब्रदर 02 गोल, आदिवासी हॉस्टल बी 00 गोल बनाम मांझी क्लब आसनबेड़ा 03 गोल, आदिवासी हॉस्टल ए 05 गोल बनाम रेगारी 02 गोल, सेंट अन्ना समटोली ए 01 गोल बनाम तैसेर ग्रामीण 00 गोल, श्री माधव हरि छात्रावास 05 गोल बनाम रेंगारबाहर पीडियापोस 00 गोल रहा। प्रतियोगिता को सफल बनाने में हॉकी सिमडेगा के तकनीकी पदाधिकारी, पंखरासियस टोप्पो की अगुवाई में, सभी तकनीकी पदाधिकारी सुबह से शाम तक लगातार कड़ी मेहनत कर रहे हैं। वे आयोजन को सफल बना रहे हैं। शनिवार सुबह 9 बजे से अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में मैच खेले जाएंगे। इधर मैच को लेकर लोगों में उत्साह है। लोगों का कहना है कि सिमडेगा हॉकी की नर्सरी है। जिले के खिलाड़ी में प्रतिभा है। वे देश और विदेश में जिले का नाम रोशन कर रहे हैं। जिले के खिलाड़ियों को सुविधाएं मिलनी चाहिए।
धूमधाम से मनी जन्माष्टमी, मंदिरों में गूंजे नंद घर आनंद भयो के जयकारे
भास्कर न्यूज | सिमडेगा जिले के बोलबा प्रखंड के मालसाड़ा खंडानिशान में भक्ति और आस्था का संगम देखने को मिला। बाइलधोवा नदी से मंत्रोच्चार के साथ पवित्र जल उठाकर भव्य कलश यात्रा निकाली गई।कलश यात्रा में सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष व बच्चे शामिल हुए,कलश यात्रा के बाद भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पूजन और अखंड हरिकीर्तन का विधिवत पूजन अनुष्ठान के पश्चात शुभारंभ हुआ। हरिकीर्तन में हरे राम-हरे कृष्ण के जयकारों से क्षेत्र भक्तिमय हो गया। कार्यक्रम म मुख्य रूप से शामिल हुए महंत उमाकांत महाराज ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को एकता के सूत्र में बांधते हैं और भगवान श्रीकृष्ण का जीवन सत्य, प्रेम और मानवता की प्रेरणा देता है। बताया गया कि सभी धार्मिक आयोजन शनिवार 5 सितंबर को पूर्णाहुति, महाआरती और भंडारे के साथ संपन्न होगा। सिमडेगा | जिले में जन्माष्टमी का पर्व आस्था और उल्लास से मनाया गया। घरों व मंदिरों में भगवान कृष्ण की पूजा हुई। महिलाओं ने दिनभर व्रत रखा। शहर के महावीर मंदिर, रामजानकी मंदिर, हनुमान वाटिका, देवराहा बाबा आश्रम, ठाकुरटोली शिव मंदिर, गुलजार गली सहित सभी मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया। फूलों से सजी पालकी में लड्डू गोपाल को स्थापित कर आधी रात को जन्मोत्सव और महाआरती हुई। रामजानकी मंदिर में फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता और श्याम मित्र मंडल द्वारा भजन संध्या हुई। महावीर मंदिर में भोजपुर के कलाकार छोटू छलिया, कुंजनगर संकट मोचन मंदिर में रेखा, ममता सिंह सहित कलाकारों ने भजनों से समां बांधा।
मां चंडी नवयुवक संघ दुर्गा पूजा समिति का गठन किया
भास्कर न्यूज| लोहरदगा शहर के मिशन चौक मंदिर प्रांगण में शुक्रवार को माँ चंडी नवयुवक संघ दुर्गा पूजा समिति की बैठक समिति के अध्यक्ष निशीथ जायसवाल की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में आगामी दुर्गापूजा को भव्य, उत्साहपूर्ण ढंग से मनाने को लेकर विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के प्रारंभ में विगत वर्ष आयोजित दुर्गापूजा के आय-व्यय का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया। इसके बाद आगामी दुर्गापूजा के सफल आयोजन को लेकर आवश्यक तैयारियों और व्यवस्थाओं पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में सर्वसम्मति से निशीथ जायसवाल को पुनः पूजा समिति का अध्यक्ष चुना गया। उपाध्यक्ष के रूप में पंकज जायसवाल, अभिषेक सिन्हा और पंकज महतो को चुना गया। सचिव के रूप में राकेश सिंघल, डब्लू जायसवाल, विनय अग्रवाल (आनंद) और गौरव अग्रवाल को जिम्मेदारी सौंपी गई। सह-सचिव के रूप में प्रशांत सिंह, धीरज अग्रवाल और रोहित गुप्ता को जिम्मेदारी दी गई। कोषाध्यक्ष के रूप में आलोक अग्रवाल (निखिल) और उज्ज्वल बंसल को चुना गया। सह-कोषाध्यक्ष के रूप में राम सिंह और नंदन अग्रवाल को चुना गया। पूजा प्रभारी की जिम्मेदारी विनय अग्रवाल, भोलू केसरी, सुनील अग्रवाल और नितेश अग्रवाल को दी गई। पंडाल प्रभारी की जिम्मेदारी राहुल महतो, उत्तम देव, रोहित साहू और राणा जय को दी गई। समिति के सदस्य के रूप में रौशन साहू, नमन अग्रवाल, राम कुमार हरि, निखिल (निक्कू), राज नायक, रिक्की जायसवाल और हरि राम को शामिल किया गया। बैठक में संरक्षक के रूप में मनोज जायसवाल, दीपक जायसवाल, सुनील जायसवाल, संजय अग्रवाल, राजकुमार केसरी, बबलू जायसवाल, अनिल अग्रवाल, संदीप अग्रवाल, दिलीप साहू, शिव कुमार अग्रवाल, श्रीकांत सिंह, उमेश भगत और संजय नायक उपस्थित रहे। बैठक में समिति के अध्यक्ष सहित पंकज जायसवाल, अभिषेक सिन्हा, पंकज महतो, राकेश सिंघल, डब्लू जायसवाल, विनय अग्रवाल (आनंद), गौरव अग्रवाल, प्रशांत सिंह, धीरज अग्रवाल, रोहित गुप्ता, आलोक अग्रवाल (निखिल), उज्ज्वल बंसल, राम सिंह, नंदन अग्रवाल, भोलू केसरी, सुनील अग्रवाल, नितेश अग्रवाल, राहुल महतो, उत्तम देव, रोहित साहू, राणा जय, रौशन साहू, नमन अग्रवाल, राम कुमार हरि, निखिल (निक्कू), राज नायक, रिक्की जायसवाल, हरि राम, मनोज जायसवाल, दीपक जायसवाल, सुनील जायसवाल, संजय अग्रवाल, राजकुमार केसरी, बबलू जायसवाल, अनिल अग्रवाल, संदीप अग्रवाल, दिलीप साहू, शिव कुमार अग्रवाल, श्रीकांत सिंह, उमेश भगत, संजय नायक के अलावा मुकेश दुबे, निश्चय वर्मा और रितेश कुमार उपस्थित रहे। मौके पर सभी सदस्यों ने आगामी दुर्गापूजा को श्रद्धा, भक्ति, आपसी समन्वय, उत्साह के साथ भव्य रूप से आयोजित करने का संकल्प लिया।
झारखंड के खनिज अधिकारों से समझौता नहीं : आलोक दूबे
लोहरदगा| लोहरदगा, झारखंड के खनिज संसाधनों और राज्य के आर्थिक अधिकारों को सीमित करने वाले माइंस एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) अमेंडमेंट एक्ट, 2026 के खिलाफ प्रदेश कांग्रेस ने आंदोलन का ऐलान किया है। प्रदेश कांग्रेस महासचिव सह लोहरदगा प्रभारी आलोक कुमार दूबे ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि झारखंड की खनिज संपदा पर पहला अधिकार राज्य और यहां की जनता का है। खनिज के लिए राज्य की जमीन, जंगल और पर्यावरण कीमत चुका रहे हैं, इसलिए आर्थिक अधिकारों को कमजोर करने का प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 7 सितंबर को राज्यपाल के समक्ष विराट रैली एवं प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद 9 से 16 सितंबर तक राज्य के सभी प्रखंड मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन आयोजित होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के. राजू और प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के नेतृत्व में हजारों कार्यकर्ता रांची पहुंचेंगे। आलोक दूबे ने कहा कि झारखंड कोई खनिज कॉलोनी नहीं है। उन्होंने बताया कि राज्य में बड़ी मात्रा में कोयला और लौह अयस्क संसाधन मौजूद हैं। बैठक में संदीप कुमार गुप्ता, प्रकाश उरांव, संतोष कुमार महतो, मुजम्मिल अंसारी सहित अन्य मौजूद थे।
धूमधाम के साथ मनाई गई श्रीकृष्ण जन्माष्टमी
लोहरदगा | ग्रेटर त्रिवेणी पब्लिक स्कूल में शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने गीत, नृत्य प्रस्तुत किए। उन्होंने भगवान कृष्ण के जीवन पर भी प्रकाश डाला। छात्रों द्वारा प्रस्तुत गीत-नृत्य काफी मनमोहक रहा। वहीं विद्यालय के प्राचार्य एस.के. झा ने कहा कि भगवान कृष्ण द्वारा दिया गया गीता का उपदेश पूरे विश्व को सत्य मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करता है। यह दर्शाता है कि मानव का कर्म ही सबसे बड़ा धर्म है। विद्यालय के शिक्षक रामचंद्र गिरि ने छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने श्रीकृष्ण पर आधारित भजन प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया। मौके पर विद्यालय के सभी शिक्षक, छात्र एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी उपस्थित थे।
शिक्षक दिवस पर शिक्षकों के नाम से लगाए जाएं दो पौधे : रवींद्र नाथ
भास्कर न्यूज|लोहरदगा लोहरदगा, शिक्षक दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पर्यावरण उत्प्रेरक एवं प्रेरक रवींद्र नाथ दत्ता ने जिले के विद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों से विशेष पौधारोपण अभियान चलाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रत्येक शिक्षक के सम्मान में कम से कम दो पौधे लगाए जाएं। उनकी सुरक्षा एवं देखभाल का संकल्प लिया जाए। रवींद्र नाथ दत्ता ने कहा कि शिक्षक समाज में ज्ञान, संस्कार और नई पीढ़ी के निर्माण के मार्गदर्शक होते हैं। इसलिए शिक्षक दिवस पर उन्हें सम्मान देने का सबसे सुंदर और स्थायी तरीका प्रकृति संरक्षण का संकल्प हो सकता है। उन्होंने कहा कि केवल पौधा लगाना ही पर्याप्त नहीं है। लगाए गए पौधों की नियमित सिंचाई, सुरक्षा और देखभाल भी सुनिश्चित करनी होगी। तभी पौधे आगे चलकर स्वस्थ वृक्ष का रूप ले सकेंगे। उन्होंने विद्यालयों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और सामाजिक संगठनों से ग्रीन जोन, ग्रीन कॉरिडोर और ऑक्सीजन पॉकेट विकसित करने की दिशा में सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक पौधे लगाने के साथ उनके संरक्षण पर ध्यान देना जरूरी है। इससे आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, स्वस्थ और हरित वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। दत्ता ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं है। यह समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। विद्यालयों में विद्यार्थियों को पौधों की देखभाल से जोड़कर उनमें प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता की भावना विकसित की जा सकती है। उन्होंने अभियान का संदेश देते हुए कहा, “गुरु सम्मान भी, प्रकृति संरक्षण भी। हर शिक्षक के नाम दो पौधे, हरित भविष्य के नाम।” उन्होंने सभी शिक्षण संस्थानों से अपील की कि शिक्षक दिवस को केवल औपचारिक कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए इसे हरित संकल्प दिवस के रूप में मनाएं। पौधारोपण के साथ उनके संरक्षण का भी संकल्प लें।
अल्पसंख्यकों के मुद्दों पर सात को राजभवन घेरेगी कांग्रेस
लोहरदगा|आगामी 7 सितंबर को प्रस्तावित राजभवन घेराव कार्यक्रम को सफल बनाने को लेकर झारखंड प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग की महत्वपूर्ण बैठक कांग्रेस कार्यालय, रांची में हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने की। इसमें प्रदेश अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष मंजूर अंसारी, लोहरदगा से वरीय प्रदेश उपाध्यक्ष मोहम्मद सगीर अंसारी समेत विभाग के पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में 7 सितंबर को होने वाले राजभवन घेराव की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा हुई। नेताओं ने कहा कि राज्य में अल्पसंख्यकों के साथ हो रहे कथित अन्याय, बेरोजगारी, महंगाई, सांप्रदायिक माहौल जैसे मुद्दों पर कांग्रेस मजबूती से आवाज उठाएगी।
पेंशनर समाज ने सांसद को सौंपा ज्ञापन
लोहरदगा |झारखंड राज्य पेंशनर समाज, जिला शाखा लोहरदगा के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को मैना बगीचा नदिया उच्च विद्यालय से जुलूस निकाला। लोकसभा सांसद सुखदेव भगत के आवास पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। वहीं ज्ञापन में वैलिडेशन एक्ट को खत्म करने, माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम 2007, विधवा बहू को पेंशन में अधिमानता, परित्यक्ता एवं विधवा पुत्री को पेंशन का अधिकार, पेंशनरों को आयकर कटौती से मुक्त करने, कोरोना काल के 18 महीनों के लंबित डीए का सूद सहित भुगतान, रेल यात्रा में पूर्व की भांति छूट, आठवें वेतन आयोग के टीओआर खत्म करने सहित अन्य मांगें शामिल हैं। वहीं सांसद ने प्रतिनिधिमंडल से कहा कि हमारे पेंशनर समाज के बुजुर्गों ने अपना पूरा जीवन देश एवं राज्य की सेवा में दिया है। उनकी पेंशन उनका हक है। वित्त अधिनियम 2025 के वैलिडेशन क्लॉज को लेकर गंभीरतापूर्वक लोकसभा में उठाऊंगा। प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री और विपक्ष के नेता राहुल गांधी को पत्र प्रेषित करूंगा। ताकि पेंशनर और उनके परिवारों को न्याय मिले। मौके पर जिला सचिव सह महासचिव महेश कुमार सिंह, राष्ट्रीय वा. चेयरमैन चंद्रकांत सिंह, मोहन मिंज, मो. जफर आलम, किसुन दास, घुरती उरांव, जयगोविंद साहू, बीरसो उरांव, वरदानी वेक कच्छप, देवमुनि कुजूर, आशामनि लकड़ा, मंजू तिग्गा, जानकी देवी, तारामनी देवी, ज्योति नाग, मेझरन कुजूर, ज्योति नाग, जतरी उरांव सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
छात्रों ने श्रीकृष्ण पर आधारित प्रस्तुत की झांकी
लोहरदगा| शहर के एमजी रोड स्थित डिवाइन स्पार्क पब्लिक स्कूल के प्रांगण में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व शुक्रवार को मनाया गया। जिसके मुख्य अतिथि विद्यालय के संचालक वीके बालान्जिनप्पा थे। उन्होंने कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने बच्चों से कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अत्याचार और अधर्म बढ़ता है, तब-तब सत्य और धर्म की जीत होती है। आज के इस पवित्र दिन को हम केवल उत्सव न मनाएँ। श्रीकृष्ण के विचारों को अपने जीवन में अपनाएँ। प्रधानाचार्य चन्द्रशेखर ने कहा कि वासुदेव का पूरा जीवन हमें प्रेम, करुणा और कर्म का संदेश देता है। श्रीमद्भागवत गीता के माध्यम से हमें अपने कर्तव्यों का पालन करने की सीख मिलती है। कार्यक्रम में लगभग 50 छात्र एवं छात्राओं ने राधा और कृष्ण का स्वांग धरकर विद्यालय आए थे। इसे देखकर सभी अभिभावकों ने बहुत बड़ाई की। सभी बच्चों ने श्रीकृष्ण के अलग-अलग रूपों पर झांकी भी प्रस्तुत की। कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के उमर शाह, शफकत जहां, बूशरा नाज, नाज परवीन, सगुफी सारा, सायमा फिरदौस, सुमीत कुमार, रफीया परवीन एवं सायमा गुजफ्फर आदि शिक्षक एवं शिक्षिकाओं का सहयोग रहा।
लोहरदगा में बिजली आपूर्ति व्यवस्था चरमराई 35 की जगह 16 मेगावाट की हो रही आपूर्ति
भास्कर न्यूज|लोहरदगा जिले में बारिश और तेज हवाओं के बीच बिजली आपूर्ति व्यवस्था इन दिनों संकट से गुजर रही है। शहरी क्षेत्रों में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर होने के बावजूद ग्रामीण इलाकों में उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली नहीं मिल पा रही है। लगातार ट्रिपिंग, बार-बार बिजली कटौती और लोकल फॉल्ट के कारण घंटों आपूर्ति बाधित रहने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार जिले की आवश्यकता के अनुरूप पर्याप्त बिजली उपलब्ध नहीं हो पा रही है। वहीं, विभिन्न स्थानों पर फॉल्ट होने से भी आपूर्ति प्रभावित हो रही है।जिले में करीब 35 मेगावाट बिजली की जरूरत है, जबकि वर्तमान में महज 15 से 16 मेगावाट ही आपूर्ति हो पा रही है। कम आपूर्ति का असर शहरी क्षेत्र के कुछ हिस्सों के साथ ग्रामीण इलाकों के करीब 1.20 लाख उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। शहरी क्षेत्र के कई मोहल्लों में पिछले 24 घंटे के दौरान महज 10 से 12 घंटे ही बिजली मिल सकी। खासकर रात में फॉल्ट के नाम पर लंबे समय तक बिजली गुल रहने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश और तेज हवा के दौरान बिजली संकट और गंभीर हो जाता है। जिले के कई क्षेत्रों में बिजली के तार पुराने और जर्जर हो चुके हैं। उलझे और जर्जर तार निर्बाध विद्युत आपूर्ति में बड़ी बाधा बने हुए हैं। पेशरार प्रखंड क्षेत्र में बिछाए गए 11 हजार वोल्ट के बिजली तार लंबे समय से जर्जर स्थिति में हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों की ओर से कई बार तार बदलने की मांग की गई, लेकिन ठोस पहल नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी है। शहर के विभिन्न मोहल्लों में भी फेज उड़ने और लोकल फॉल्ट की समस्या बढ़ी है। लंबे समय तक बिजली गुल रहने से लोगों का खर्च भी बढ़ गया है। घरों और दुकानों में इनवर्टर का इस्तेमाल बढ़ा है, जबकि पेट्रोल पंप संचालकों के अनुसार बिजली की स्थिति खराब होने पर जनरेटर चलाने के लिए प्रतिदिन करीब 400 से 500 लीटर अतिरिक्त डीजल की खपत हो रही है। {लगातार जर्जर तारों को बदलने और खराब पड़े ट्रांसफार्मरों को बदलने की प्रक्रिया जारी है। वहीं उन्होंने कहा कि बरसात में थोड़ी बहुत समस्या बढ़ती है, जिसे सुचारू रूप से आपूर्ति कराने पर बल दिया जाता है।{ -अज्जू कच्छप,सहायक विद्युत अभियंता
पुलिस ने चलाया जागरूकता अभियान, बच्चों को बांटी सामग्री
मेदिनीनगर | स्वयंसेवी संगठन सेसा ने मेदिनीनगर सदर प्रखंड क्षेत्र के कुंडेलवा में नि:शुल्क नेत्र जांच सह चश्मा वितरण समारोह का आयोजन किया। शिविर का उद्घाटन मेदिनीनगर के पूर्व जिला परिषद सदस्य अर्जुन सिंह एवं मुखिया संगीता देवी ने संयुक्त रूप से किया। अध्यक्षता सेसा के निदेशक डॉ. जसवीर बग्गा ने की। संचालन और धन्यवाद ज्ञापन सेसा के महासचिव डॉ. कौशिक मल्लिक ने किया। महासचिव डॉ. कौशिक मल्लिक ने बताया कि शिविर में सनी कुमार एवं श्याम सुंदर साहू ने नेत्र जांच सहायक के रूप में अपनी सेवा दी। शिविर में 263 लोगों की आंखों की जांच की गई। इनमें 138 लोगों को नि:शुल्क चश्मा दिया गया। 46 लोगों में मोतियाबिंद पाए जाने पर उन्हें अन्यत्र ऑपरेशन हेतु सलाह दी गई। शिविर के सफल आयोजन में अजय कुमार, ज्योति टोप्पो, अजीत कुमार, विकास कुमार, संदीप कुमार का विशेष सहयोग रहा। भास्कर न्यूज | लातेहार पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव के निर्देश पर शुक्रवार को गारू थाना क्षेत्र के सुदूरवर्ती, पूर्व में घोर नक्सल प्रभावित गांव भीतर पंडरा में पुलिस की ओर से जन-जागरूकता बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्रामीणों को नक्सली शोषण से मुक्त, भयमुक्त, आत्मविश्वासपूर्ण जीवन जीने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की कि किसी भी तरह की समस्या, संदिग्ध गतिविधि या आपात स्थिति की जानकारी तत्काल थाना को दें। आपात स्थिति में डायल 112 पर सूचना देने के संबंध में भी ग्रामीणों को जागरूक किया गया। बैठक में अंधविश्वास से दूर रहने, बच्चों को नियमित रूप से शिक्षित करने, नशामुक्त समाज के निर्माण, महुआ शराब और हंडिया जैसी नशीली चीजों का पूर्ण बहिष्कार करने को लेकर ग्रामीणों को जानकारी दी गई। पुलिस ने ग्रामीणों से बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने, उन्हें बेहतर भविष्य के लिए प्रोत्साहित करने की अपील की। इस दौरान स्थानीय छोटे-छोटे बच्चों के बीच कॉपी, कलम, पेंसिल, रबर, कटर एवं चॉकलेट का वितरण किया गया। पठन-पाठन सामग्री पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे। पुलिस ने बच्चों को नियमित स्कूल जाने, मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रोत्साहित किया। पुलिस की इस पहल का उद्देश्य सुदूरवर्ती, पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीणों के बीच विश्वास मजबूत करना, भय का माहौल समाप्त करना, शिक्षा और जागरूकता के माध्यम से समाज को मुख्यधारा से जोड़ना है।
शिक्षक दिवस पर लातेहार के 21 शिक्षक होंगे सम्मानित
लातेहार | शिक्षक दिवस के अवसर पर जिले में बेहतर कार्य करने वाले शिक्षकों को राज्य एवं जिला स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। राज्य स्तर पर सम्मानित होने वाले शिक्षकों में गारू प्रखंड स्थित पीएम श्री उत्क्रमित प्लस टू हाईस्कूल के प्रभारी प्राचार्य धर्मेंद्र कुमार उपाध्याय का नाम शामिल है। बरवाडीह के शिक्षक नंददेव राम का नाम भी शामिल है। जिला शिक्षा पदाधिकारी गौतम साहू ने बताया कि शिक्षक दिवस पर जिला स्तर पर समारोह आयोजित किया जाएगा। इसमें जिले के 21 शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। समारोह का आयोजन जिला समाहरणालय के सभागार में होगा। चयनित शिक्षकों को उनके उत्कृष्ट कार्य और शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा। राज्य स्तर पर चयनित दोनों शिक्षकों को भी उनके उल्लेखनीय कार्य के लिए सम्मान मिलेगा।
फादर मैकनामारा स्टेडियम में फुटबॉल प्रतियोगिता हुई, संत जोसेफ बनी चैंपियन
भास्कर न्यूज | महुआडांड़ संत जोसेफ विद्यालय परिसर स्थित फादर मैकनामारा स्टेडियम में शुक्रवार को छेछाड़ी जेसुइट मुन्ना फुटबॉल टूर्नामेंट के बालक अंडर-14 वर्ग का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में क्षेत्र के चार विद्यालयों की टीमों ने भाग लिया। उन्होंने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। टूर्नामेंट में संत जोसेफ उच्च विद्यालय, महुआडांड़, संत जेवियर मध्य विद्यालय, पकरीपाठ, संत लिवन्स मध्य विद्यालय, तुन्दटोली तथा संत मेरीज मध्य विद्यालय, चीरोपाठ की टीमों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों के बीच रोमांचक और कड़ा मुकाबला देखने को मिला। उत्कृष्ट खेल कौशल का प्रदर्शन करते हुए संत जोसेफ उच्च विद्यालय, महुआडांड़ की टीम ने प्रतियोगिता का खिताब अपने नाम किया। संत जेवियर मध्य विद्यालय, पकरीपाठ की टीम उपविजेता रही। प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने बेहतर तालमेल, अनुशासन और खेल भावना का परिचय दिया। उन्होंने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। विजेता टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रतियोगिता में कुल 14 गोल किए। उपविजेता टीम ने भी बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया। उसने 10 गोल दागे। प्रतियोगिता के समापन पर विजेता एवं उपविजेता टीमों के खिलाड़ियों को मेडल, कप और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर बताया गया कि प्रतियोगिता की विजेता और उपविजेता दोनों टीमें अब जोनल स्तर की बालक अंडर-14 फुटबॉल प्रतियोगिता में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करेंगी। इस मौके पर संत जोसेफ विद्यालय के प्राचार्य फादर दिलीप एक्का समेत कई शिक्षकगण और छात्र-छात्राएं मौजूद थे। महुआडांड़ में आयोजति जेसुइट मुन्ना फुटबॉल टूर्नामेंट के खिलाड़ी।
इटखोरी चौक पर गड्ढा, बारिश में बढ़ा हादसे का खतरा
इटखोरी | इटखोरी चौक स्थित हनुमान मंदिर के पास सड़क पर बड़ा और गहरा गड्ढा बना है। राहगीरों, ऑटो चालकों, स्थानीय दुकानदारों को परेशानी हो रही है। बारिश में गड्ढे में पानी भर जाता है। गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। दोपहिया वाहन चालकों के दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों ने बताया कि गड्ढे में अचानक वाहन का पहिया पड़ते ही चालक का संतुलन बिगड़ जाता है। चौक पर वाहनों, राहगीरों की लगातार आवाजाही रहती है। खतरा बढ़ गया है। दुकानदारों ने कहा कि जलजमाव, कीचड़, धूल से व्यापार प्रभावित हो रहा है। राहगीरों, ऑटो चालकों ने जिला प्रशासन, संबंधित विभाग से गड्ढे की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। लोगों ने कहा कि बड़े हादसे का इंतजार नहीं होना चाहिए। समय रहते समस्या का समाधान किया जाए। गड्ढे के कारण वाहनों की रफ्तार कम करनी पड़ती है, जिससे चौक पर कई बार जाम की स्थिति भी बन जाती है। पैदल चलने वाले लोगों को भी सड़क पार करने में परेशानी होती है। रात के समय पर्याप्त रोशनी नहीं रहने पर यह गड्ढा और खतरनाक हो जाता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि बारिश के दौरान स्थिति और गंभीर हो जाती है। सड़क पर जमा पानी के कारण वाहन चालकों को गड्ढे का सही अंदाजा नहीं मिल पाता।
पत्थलगडा: प्रवासी मजदूर की मुंबई में मौत, अचानक तबीयत बिगड़ गई थी
पत्थलगडा | प्रखंड के नोनगांव पंचायत के अनगड़ा गांव निवासी प्रवासी मजदूर लुलू भुइयां (उम्र 38 वर्ष)की महाराष्ट्र के मुंबई में तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। लुलू भुइयां पिता जीतू भुईंया रोजगार की तलाश में मुंबई गया था और वहीं मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। तबीयत खराब होने पर उसके सहयोगी उसे अस्पताल लेकर गए। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। शुक्रवार को लुलू भुइयां का शव गांव पहुंचा तो अनगड़ा गांव में मातम पसर गया। परिजनों के चीत्कार से माहौल गमगीन हो गया। मृतक अपने पीछे पत्नी और चार छोटे-छोटे बच्चों को छोड़ गया है। वह परिवार का एकमात्र कमाऊ सदस्य था। उसकी मौत से परिवार के सामने भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि लुलू मेहनत-मजदूरी कर किसी तरह अपने परिवार का खर्च चलाता था। बेहतर रोजगार और आमदनी की उम्मीद में वह मुंबई गया था लेकिन बीमारी ने उसकी जान ले ली।
परी-सोनी का नेतरहाट स्कूल में चयन
इटखोरी | नगवां गांव की दो छात्राओं, परी रानी और सोनी कुमारी, ने नेतरहाट इंदिरा गांधी आवासीय विद्यालय में चयन हासिल किया है। परी रानी दुशासन शर्मा और नीलम कुमारी की पुत्री है। सोनी कुमारी सुनील यादव और रिंकी देवी की पुत्री है। सोनी कुमारी ने शिक्षक दुशासन शर्मा के मार्गदर्शन में तैयारी की। शर्मा ने बताया कि सहयोगी शिक्षक अमित के योगदान से बच्चों को बेहतर मार्गदर्शन मिला। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी उनके मार्गदर्शन में कई विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल हुए हैं। दोनों छात्राओं ने आगे भी पढ़ाई जारी रखने की बात कही। परी रानी ने आईएएस अधिकारी और सोनी कुमारी ने डॉक्टर बनने की इच्छा जताई।
इटखोरी कृषि फार्म में जन्माष्टमी पर 101 महिलाओं ने किया सामूहिक पूजन
इटखोरी |श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर इटखोरी के प्रसिद्ध मां भद्रकाली मंदिर के पुजारी सतीश उर्फ मंटू बाबा के पुत्र शेखर कुमार भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप में नजर आए। कृष्ण की मनमोहक वेशभूषा धारण कर हाथों में बांसुरी लिए शेखर ने जब कृष्णलीला का रूप प्रस्तुत किया, तो श्रद्धालु भक्तिभाव में डूब गए। माथे पर मोर मुकुट, पीतांबर वस्त्र, गले में माला और हाथों में बांसुरी लिए उनका बाल कृष्ण का स्वरूप बेहद आकर्षक लग रहा था। उनके इस रूप ने जन्माष्टमी के धार्मिक माहौल को और भी भक्तिमय बना दिया। बांसुरी हाथ में लेकर कृष्ण के बाल स्वरूप की झलक प्रस्तुत करते हुए शेखर को देखने के लिए श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा गया। + इटखोरी | इटखोरी कृषि फार्म के पुराने अखाड़ा स्थल पर संकट मोचन सेवा समिति के सौजन्य से श्रीकृष्ण जन्माष्टमी भव्य माहौल में मनाई गई। बजरंगबली मंदिर सहित पूरे परिसर को सुगंधित फूलों, रंग-बिरंगी रोशनी, दूधिया लाइटों से सजाया गया। परिसर में भव्य पंडाल बना। आकर्षक सेल्फी प्वाइंट भी बनाया गया। पंडाल में देर रात तक धार्मिक, सांस्कृतिक कार्यक्रम चले। भजन-कीर्तन हुआ। प्रवचन हुआ। बच्चों ने कृष्णलीला, रासलीला, मनमोहक झांकियां पेश कीं। भगवान श्रीकृष्ण का अभिषेक हुआ। विधिवत पूजन हुआ। मंगल आरती हुई। इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद बांटा गया। फिर विशाल भंडारा हुआ। देर रात तक भीड़ जुटी रही। भंडारे में स्थानीय व्यवसायियों, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों ने सहयोग किया। अन्नदान किया। आयोजन का खास क्षण तब आया, जब व्रत रखीं 101 श्रद्धालु महिलाओं ने एक साथ सामूहिक पूजन-अर्चना की। समिति के अनुसार इटखोरी में ऐसा सामूहिक पूजन पहली बार हुआ। पूरे आयोजन के दौरान कृषि फार्म का पुराना अखाड़ा स्थल श्रद्धा, भक्ति के रंग में डूबा रहा। देर रात तक भजन-कीर्तन, भंडारा चलता रहा। एक-दूसरे को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण का जयघोष करते हुए एक-दूसरे को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। जन्मोत्सव के बाद भगवान को माखन-मिश्री, पंजीरी, फल और अन्य प्रसाद अर्पित किया गया। जन्माष्टमी को लेकर शहर के विभिन्न मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। रंग-बिरंगी लाइटिंग, फूलों और सजावटी सामग्री से मंदिरों की खूबसूरती देखते ही बन रही थी। रात में रोशनी से जगमगाते मंदिर श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने रहे। मंदिरों में देर रात तक भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना का दौर चलता रहा। रात 12 बजते ही गूंज उठा मंदिर परिसर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का मुख्य आकर्षण रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव रहा। रात करीब नौ बजे से ही शहर के विभिन्न मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी थी। जैसे-जैसे मध्यरात्रि का समय नजदीक आता गया, मंदिरों में भक्तों की संख्या बढ़ती गई। रात 12 बजते ही भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की खुशी में मंदिरों में आरती शुरू हुई। इस दौरान ‘नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की...’ जैसे सोहर गीतों और भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठे।
आंदोलनकारी छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस ले राज्य सरकार: सीता सोरेन
भास्कर न्यूज | दुमका दुमका जिला के जामा विधानसभा की पूर्व विधायक सीता मुर्मू सोरेन ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर जेपीएससी-जेएसएससी सीजीएल परीक्षाओं में सुधार को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों पर दर्ज मुकदमे मानवीय आधार पर तत्काल वापस लेने की मांग की है। 4 सितंबर को लिखे इस पत्र में उन्होंने कहा है कि पारदर्शिता की मांग करने वाले निर्दोष परीक्षार्थियों पर आपराधिक मुकदमा चलाना अन्यायपूर्ण है। पत्र में सीता सोरेन ने लिखा कि जेपीएससी और जेएसएससी सीजीएल की परीक्षाओं में विसंगतियों, पेपर लीक की आशंकाओं और पारदर्शिता की कमी को लेकर राज्य के युवाओं में भारी आक्रोश और निराशा का माहौल बना था। उन्होंने कहा कि छात्रों ने अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के तहत शांतिपूर्ण प्रदर्शन का सहारा लिया, जो कानून-व्यवस्था बिगाड़ने के लिए नहीं बल्कि रोजगार और सुरक्षित भविष्य की स्वाभाविक मांग थी। बावजूद इसके आंदोलन के दौरान कई होनहार छात्रों पर विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर दी गई। पूर्व विधायक ने पत्र में तीन प्रमुख बिंदुओं पर मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित किया है जिसमें आपराधिक मुकदमा दर्ज होने से छात्रों का करियर बर्बाद होने की कगार पर है। भविष्य में सरकारी नौकरी के सत्यापन में इन्हें गंभीर बाधाओं का सामना करना पड़ेगा।मध्यम और गरीब परिवारों से आने वाले ये छात्र पहले से ही परीक्षा अनियमितता से जूझ रहे हैं। त्वरित और सकारात्मक निर्णय लें सीएम सीता सोरेन ने मुख्यमंत्री से विनम्र आग्रह करते हुए कहा कि आंदोलन के दौरान जिन परीक्षार्थियों और छात्र नेताओं पर मुकदमे दर्ज हुए हैं, उनकी समीक्षा कर संबंधित विभाग को इन्हें अविलंब वापस लेने का निर्देश दिया जाए। उन्होंने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री झारखंड के युवाओं के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए इस पर त्वरित और सकारात्मक निर्णय लेंगे। गौरतलब है कि परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन बीते कई हफ्तों से जारी है। सरकार पहले ही 14वीं जेएसएससी परीक्षा रद्द कर मामले की जांच सीआईडी को सौंप चुकी है, वहीं छात्र नेता अब भी सीबीआई जांच की मांग पर अड़े हैं।
कच्चा मकान के ढहने से बेघर हुए परिवार के लोग
दुमका | लगातार हो रही मूसलाधार बारिश की वजह से काठीकुंड प्रखंड के रामपुर गांव में शुक्रवार को एक कच्चा मकान ढह गया। हालांकि इस घटना में किसी जानमाल की क्षति नहीं हुई। पीड़ित परिवार के चमक लाल राणा और सोनू राणा ने बताया कि कई दिनों की लगातार बारिश से मिट्टी की दीवारें अचानक गिर गईं। गनीमत रही कि परिवार के सदस्य समय रहते बाहर निकल आए जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। कहा कि घर ढह जाने से अब उनलोगों को सिर छुपाने के लिए कोई ठिकाना नहीं है। वर्तमान में दोनों परिवार घर के बाहर बने एक अस्थायी चाला में शरण लेने को विवश हैं। परिवारों और स्थानीय ग्रामीणों ने अंचल कार्यालय से आपदा राहत कोष के तहत अविलंब राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की है।
हाई-वोल्टेज तार की चपेट में आने से ट्रक चालक की मौत
दुमका |जामा थाना क्षेत्र के भैरवपुर गांव में शुक्रवार को हाई-वोल्टेज तार की चपेट में आने से 27 वर्षीय रविंद्र राउत नामक ट्रक चालक की मौत हो गई। स्वजन के मुताबिक रविंद्र राउत पैर में चोट लगने के कारण करीब 15 दिन पहले वह घर आया था। शुक्रवार को वह घर के समीप स्थित कुएं में स्नान करने के दौरान 11 हजार वोल्ट की बिजली लाइन की चपेट में आकर मूर्छित होकर मौके पर ही गिर गया। स्वजन आनन-फानन में इलाज के लिए दुमका के फूलोझानो मेडिकल कालेज अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। इसके बाद आवश्यक कार्रवाई व पोस्टमार्टम कराने के बाद शव स्वजन को सौंप दिया गया। मृतक अपने पीछे पत्नी और दो छोटे-छोटे बच्चों को छोड़ गया है।बताया गया कि मृतक अपने पीछे पत्नी और दो छोटे-छोटे बच्चों को छोड़ गया है। घटना के बाद परिवार के सामने आर्थिक और सामाजिक संकट भी खड़ा हो गया है।
जमशेदपुर के जुगसलाई में देर रात घटना:प्रतिबंधित मांस बेचने पर बवाल, पुलिस ने फायरिंग कर खदेड़ा
जुगसलाई के ईदगाह मैदान के पास होटल में प्रतिबंधित मांस बेचने को लेकर शुक्रवार रात भारी बवाल हुआ। बिष्टुपुर रामदासभट्टा ग्वाला बस्ती और जुगसलाई गद्दी मोहल्ला के एक ही समुदाय के दो पक्ष आपस में भिड़ गए। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पुलिस के लिए भीड़ नियंत्रित करना मुश्किल हो गया। इसके बाद पुलिस ने पहले लाठीचार्ज किया। फिर तीन राउंड हवाई फायरिंग कर लोगों को खदेड़ा। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और क्यूआरटी की तैनाती कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार उपद्रवियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाला जा रहा है। बिष्टुपुर से बाछी चोरी के बाद हुआ विवादबिष्टुपुर से बाछी चोरी होने के बाद शुरू हुआ विवाद रामदासभट्ठा ग्वालाटोली से शुक्रवार को एक बाछी चोरी हो गई। मवेशी मालिक तलाश करते हुए जुगसलाई पहुंचे। वहां पता चला कि ईदगाह मैदान के पास हाेटल में उस बाछी का मांस बेचा गया है। इसके बाद विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते दोनों पक्षों के लोग जुट गए। मामला शांत करने के लिए होटल मालिक 20 हजार रुपए देने को तैयार हो गया। लेकिन कुछ लोगों ने इसका विरोध किया। इसके बाद दोनों पक्षों के लोग आपस में भिड़ गए।
धालभूमगढ़ की कानस पंचायत में प्रज्ञा केंद्र पड़ा ठप, ग्रामीणों की परेशानी बढ़ी
धालभूमगढ़| प्रखंड क्षेत्र की कानस पंचायत भवन स्थित प्रज्ञा केंद्र पिछले कई महीनों से पूरी तरह निष्क्रिय पड़ा है। इससे स्थानीय ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, लगभग एक साल से प्रज्ञा केंद्र में कोई भी ऑपरेटर नहीं बैठ रहा है। इस कारण डिजिटल सेवाएं और आवश्यक प्रमाण-पत्र बनवाने जैसे कार्य पूरी तरह ठप हैं।सरकारी योजनाओं, जाति, आय, आवासीय प्रमाण पत्र या अन्य ऑनलाइन कार्यों के लिए ग्रामीणों को मजबूरी में दूर-दराज की दुकानों या अन्य क्षेत्रों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इससे लोगों का समय और पैसा, दोनों अतिरिक्त खर्च हो रहे हैं। पूरे मामले पर कानस पंचायत भवन में प्रज्ञा केंद्र का संचालन करने वाले ऑपरेटर लखविंदर सोरेन से बातचीत की गई। उन्होंने बताया कि पिछले कई महीनों से निजी और घरेलू कारणों से व्यस्त रहने के कारण वे प्रज्ञा केंद्र को नियमित समय नहीं दे पाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इतने लंबे समय से केंद्र बंद है। आम जनता की सुध लेने वाला कोई नहीं है। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है। इससे लोगों को ऑनलाइन के लिए दूर नहीं भटकना पड़ेगा।
25 टन लोडिंग क्षमता व डीएफसी फीडर रूट के अनुरूप बनेगा रेलखंड दक्षिण पूर्व रेलवे के आद्रा रेल डिवीजन में चांडिल-दामोदर के बीच तीसरी रेल लाइन का काम जल्द शुरू होगा। रेलवे ने परियोजना के लिए 614 करोड़ रुपए का ई-टेंडर जारी किया है। काम 36 महीने में पूरा करने का लक्ष्य है। परियोजना ईपीसी मोड में होगी। इसमें तीसरी लाइन के साथ पुल, लेवल क्रॉसिंग, सिग्नलिंग-टेलीकम्युनिकेशन और विद्युतीकरण के काम भी शामिल हैं। तीसरी लाइन 25 टन लोडिंग क्षमता और डीएफसी फीडर रूट के अनुरूप विकसित की जाएगी। इसमें 2x25 केवी ओवरहेड उपकरण की स्थापना और कमीशनिंग होगी। इनडोर-आउटडोर सिग्नलिंग, टेलीकम्युनिकेशन और भूमिगत केबल का काम भी होगा। लेवल क्रॉसिंग पर रबराइज्ड पैड, इलेक्ट्रिक लिफ्टिंग बैरियर और स्लाइडिंग बूम गेट लगाए जाएंगे। परियोजना में बड़े और छोटे पुलों की नींव, सब-स्ट्रक्चर और रिटेनिंग वॉल बनाए जाएंगे। पुलों से जुड़े काम के लिए करीब 54.33 करोड़ रुपए का प्रावधान है। मुख्य प्रोजेक्ट कार्य के लिए करीब 418.27 करोड़, उपयोगिता स्थानांतरण के लिए 8.36 करोड़ और आकस्मिक कार्यों के लिए 20.91 करोड़ रुपए रखे गए हैं। टेंडर प्रक्रिया 9 अक्टूबर से शुरू होगी और 23 अक्टूबर अंतिम तिथि है। 16 सितंबर को प्री-बिड कांफ्रेंस होगी। औद्योगिक क्षेत्रों को होगा फायदातीसरी लाइन बनने से आद्रा रेल डिवीजन में रेलखंड की क्षमता बढ़ेगी और ट्रेनों के संचालन के लिए अतिरिक्त ट्रैक मिलेगा। 25 टन लोडिंग क्षमता से माल परिवहन मजबूत होगा। इसका फायदा बर्नपुर, दुर्गापुर, चांडिल, गम्हरिया, राउरकेला और झारसुगड़ा जैसे औद्योगिक क्षेत्रों को मिल सकता है। इससे औद्योगिक परिवहन और माल ढुलाई तेज होने की उम्मीद है।- केशवमणि, रिटायर एडीआरएम
झारखंड में मानसून के दौरान कई जिलों में हो रही तेज बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर से डूबने का खतरा बढ़ गया है। राज्य की छोटी नदियों में अचानक तेज बहाव के साथ पानी बढ़ने से स्थिति काफी भयावह हो जाती है। पिछले तीन वर्षों के आंकड़ों के अनुसार, विभिन्न कारणों से 951 लोगों की पानी में डूबने से मौत हुई है। सबसे ज्यादा गढ़वा में 71 और लोहरदगा में 70 मौतें हुई हैं। 2024-25 में लोहरदगा में सबसे ज्यादा 37, 2025-26 में गढ़वा में 50 और 2026-27 में अगस्त तक जमशेदपुर में सबसे ज्यादा 16 लोगों के डूबने से मौत हुई हैं। मिली जानकारी के अनुसार, प्रभावित परिवारों को प्रति मृतक 4 लाख रुपए का मुआवजा दिया जा चुका है। इस तरह तीन वर्षों में आपदा प्रबंधन विभाग ने 951 मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए के हिसाब से कुल 38 करोड़ 4 लाख रुपए का भुगतान किया है। आंकड़ों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य में 324, 2025-26 में 499 और 2026-27 में अगस्त तक 128 लोगों की डूबने से मौत हो चुकी है। इन मौतों में बाढ़ या नदियों में डूबने के साथ-साथ तालाब और डोभे में डूबने की घटनाएं भी शामिल हैं। तीन साल में हर दिन औसतन एक की मौत डूबने से मौतों में 54 प्रतिशत का इजाफा वित्तीय वर्ष 2024-25 में पानी में डूबने से 324 मौतें हुई थीं। अगले वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह आंकड़ा बढ़कर 499 हो गया। यानी एक साल में 175 अधिक मौतें हुईं। यह करीब 54% की वृद्धि है। हालांकि, 2026-27 के आंकड़े अभी सिर्फ अगस्त तक के हैं। इस साल 3 जिलों में ही 46 की जा चुकी है जानवित्तीय वर्ष 2026-27 में अगस्त तक पानी में डूबने से हुई 128 मौतों में जमशेदपुर में 16, गढ़वा में 15 और हजारीबाग में 15 मौतें हुई हैं। इन तीन जिलों में ही 46 मौतें हुईं, जो इस अवधि में हुई कुल मौतों का करीब 36% है। इसके बाद सिमडेगा में 11, रामगढ़ में 10 और धनबाद में 9 लोगों की जान गई है। तीन साल में जिलेवार मौतें (2026-27 का आंकड़ा अगस्त तक)
भाजपा ने प्रदेश के सात में से छह मोर्चों के अध्यक्षों की घोषणा कर दी है। सीमा सिंह को प्रदेश भाजपा महिला मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि मनोज वाजपेयी महतो को प्रदेश भाजपा ओबीसी मोर्चा की कमान मिली है। भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के प्रदेश अध्यक्ष का नाम फिलहाल होल्ड पर रखा गया है। प्रदेश भाजपा महामंत्री गणेश मिश्रा ने शुक्रवार को नए अध्यक्षों की सूची जारी की। शशांक भाजयुमो अध्यक्ष की दौड़ से बाहर प्रदेश भाजपा युवा मोर्चा के निवर्तमान अध्यक्ष शशांक राज को प्रदेश भाजपा कार्यसमिति का सदस्य बनाया गया है। कार्यसमिति में उनका नाम आने के साथ यह लगभग स्पष्ट हो गया था कि उन्हें दोबारा युवा मोर्चा का अध्यक्ष नहीं बनाया जाएगा। हालांकि, नए अध्यक्ष के नाम पर संगठन के स्तर पर अभी एक राय नहीं बन पाई है। अध्यक्ष पद के लिए शशांक राज के अलावा श्रीनिवास और अजातशत्रु के नाम पर भी विचार हुआ है। संगठन में सहमति नहीं बनने की स्थिति में इन तीनों नामों से अलग किसी नए चेहरे को भी जिम्मेदारी दी जा सकती है।
अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए संतुलित और बीमारी के अनुकूल आहार इलाज का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। लेकिन रांची सदर अस्पताल में मरीजों की थाली के साथ खिलवाड़ हो रहा है। यहां मरीजों को न मानकों के अनुरूप आहार मिलता है और न ही डाइट चार्ट का पालन हो रहा है। चाहे सामान्य बीमारी वाले मरीज हों या फिर गंभीर बीमारी से पीड़ित, सभी को रोजाना एक ही तरह का भोजन दिया जाता है। यही नहीं, भोजन परोसने के लिए भी जंग लगे बर्तनों का इस्तेमाल होता है। यह स्थिति तब है, जब आउटसोर्स कंपनी को सिर्फ नौ महीने में ही 1.37 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया। यह खुलासा महालेखाकार (कैग) की ऑडिट रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट में सिर्फ भोजन की गुणवत्ता पर ही सवाल नहीं उठाए गए हैं, बल्कि पानी की उपलब्धता, डाइट रजिस्टर, मरीजों के पोषण आकलन,रसोई की स्वच्छता, गुणवत्ता जांच और रसोइयों के स्वास्थ्य परीक्षण तक में गंभीर कमियां गिनाई गई हैं। यह ऑडिट जनवरी 2017 से जनवरी 2026 तक के लिए की गई थी। ऑडिट में रोकड़ बही, विपत्र बही, वेतन नामावली, आवंटन पंजी, पत्राचार-खरीद व योजना की फाइल, प्रगति रिपोर्ट और कोषागार विवरणी की जांच की गई थी। जानिए...कैग की रिपोर्ट में और क्या-क्या खामियां गिनाईं मरीजों का नहीं हुआ पोषण आकलन अस्पताल में डायटिशियन का पद स्वीकृत है। लेकिन मरीजों का पोषण आकलन नहीं किया गया। ऑडिट में पाया गया कि मरीजों की कैलोरी जरूरत निर्धारित करने, आहार संबंधी परामर्श देने और बीमारी के अनुसार भोजन की योजना तैयार करने की प्रक्रिया नहीं अपनाई गई। यह कमी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि हर मरीज की भोजन संबंधी जरूरत अलग होती है। मधुमेह, कुपोषण, ऑपरेशन के बाद की स्थिति, गंभीर बीमारी या उच्च प्रोटीन की जरूरत वाले मरीजों के लिए भोजन की मात्रा और प्रकृति अलग होती है। भोजन की गुणवत्ता जांचने की भी कोई व्यवस्था नहींरिपोर्ट में भोजन की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक भोजन की गुणवत्ता जांचने की अस्पताल में कोई एसओपी नहीं थी। आउटसोर्स एजेंसी के साथ हुए अनुबंध में भी अस्पताल प्रबंधन की ओर से भोजन की गुणवत्ता जांच का पर्याप्त प्रावधान शामिल नहीं था। आहार सेवा का आंतरिक मूल्यांकन और उसके परिणामों का भी आकलन नहीं किया गया। कैग ने इसे आउटसोर्स एजेंसी पर कमजोर निगरानी और नियंत्रण का संकेत माना है। इसे तत्काल सुधारने की जरूरत बताई है। रसोई में न मास्क-दस्ताने, न कर्मचारियों का स्वास्थ्य परीक्षण... ऑडिट टीम ने रसोई और भोजन व्यवस्था का भौतिक निरीक्षण किया था। इसमें पाया कि रसोई के कर्मचारी न तो मास्क का प्रयोग करते हैं, न दस्ताने का। इन कर्मचारियों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण भी नहीं हो रहा था। क्योंकि इनके स्वास्थ्य परीक्षण का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था। यही नहीं, आउटसोर्स एजेंसी के साथ किए गए अनुबंध में भी इन कर्मचारियों के स्वास्थ्य परीक्षण का प्रमाण नहीं था।
तीन चरणों में रची गई थी धांधली की पटकथा जेपीएससी की सहायक वन संरक्षक (एसीएफ) और वन क्षेत्र पदाधिकारी (एफआरओ) परीक्षा में भी बड़े पैमाने पर धांधली हुई थी। करीब 100 अभ्यर्थियों को पास कराने के लिए करोड़ों रुपए वसूले गए थे। गिरफ्तार आरोपियों से सीआईडी की पूछताछ में यह खुलासा हुआ है। इन अभ्यर्थियों को पास कराने के लिए तीन चरणों में काम किया गया। पहले चरण में पीटी पास कराने के लिए प्रति अभ्यर्थी पांच लाख रुपए वसूले गए। वहीं दूसरे चरण में मुख्य परीक्षा में औसत अंक पाने वाले छात्रों के नंबर बढ़वाने के लिए संबंधित परीक्षकों से संपर्क साधा गया। जो अभ्यर्थी ज्यादा सवालों के जवाब नहीं दे पाए, उनकी कॉपी जेपीएससी के स्ट्रॉन्ग रूम से निकालकर मॉडल उत्तरों के जरिए लिखवाई गई। यह सनसनीखेज खुलासा होने के बाद सीआईडी अब आरोपियों के बयानों से मिले तथ्यों की पुष्टि में जुट गई है। परीक्षा परिणाम, ओएमआर शीट और मुख्य परीक्षा की मूल उत्तर पुस्तिकाओं का फॉरेंसिक व तकनीकी सत्यापन कराया जा रहा है। जानिए...पास कराने के लिए कैसे-कैसे हथकंडे अपनाएस्ट्रॉन्ग रूम से निकाली गई थी 30 उत्तर पुस्तिकाएंसीआईडी ने टीडीपीएल के कर्मचारी प्रदीप कुमार को 24 जुलाई को गिरफ्तार किया था। उसने कबूला कि उसने एसीएफ व एफआरओ की मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं जेपीएससी के स्ट्रॉन्ग रूम से निकाली थी। कुल 30 कॉपियां निकालकर टीडीपीएल के निदेशक रामबीर को सौंपी थी। इसके बाद इसमें उत्तर लिखवाए गए। फिर इसे वापस स्ट्रॉन्ग रूम में रख दिया गया। खाली ओएमआर भरने के लिए दिल्ली-लखनऊ से आई थी टीमटीडीपीएल के निदेशक रामबीर सिंह ने बताया कि एफआरओ परीक्षा के दौरान अभय तिवारी, धर्मेंद्र और आनंद ने 15 अभ्यर्थियों के रोल नंबर दिए थे। इन अभ्यर्थियों से 8 से 10 लाख रुपए में डील हुई थी। ऐसे करीब 50 अभ्यर्थियों का काम कराया गया था। खाली ओएमआर शीट भरने के लिए दिल्ली-लखनऊ से विशेष टीम बुलाई गई थी। 40 अभ्यर्थियों की कॉपियों में पीडीएफ एडिटर से बदले उत्तरटीडीपीएल के एक कर्मचारी संजय कुमार ने बताया कि एफआरओ मुख्य परीक्षा में 25 और एसीएफ मुख्य परीक्षा में 15 अभ्यर्थियों की कॉपियों में पीडीएफ एडिटर टूल से उत्तर बदलकर उन्हें पास कराया गया था। एक अन्य आरोपी उस्मान ने भी करीब 100 अभ्यर्थियों के अनुचित साधनों के जरिए दोनों परीक्षाएं पास कराने की जानकारी दी है। सीजीएल परीक्षा : दस्तावेज सत्यापन के लिए जेएसएससी ऑफिस पहुंची सीआईडी सीजीएल परीक्षा में गड़बड़ी मामले में सीआईडी की टीम शुक्रवार को एक बार फिर नामकुम स्थित जेएसएससी ऑफिस पहुंची। करीब चार घंटे तक कागजातों की जांच की। उधर, शुक्रवार को सीआईडी ने 20 और संदिग्धों से पूछताछ की। अब तक जांच एजेंसी 250 अभ्यर्थियों व संदिग्धों से पूछताछ कर चुकी है। इनसे परीक्षा केंद्र, मूल आवास और मोबाइल नंबर और अन्य जानकारी ली जा रही है। वैसे संदिग्धों का कॉल डिटेल्स भी निकाला जा रहा है, जिनपर सिंडिकेट के संपर्क में रहने का संदेह है।
सरकारी स्कूलों में ड्रॉपआउट रोकने और विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए शुरू किए गए ‘सीटी बजाओ, उपस्थिति बढ़ाओ’ अभियान के लिए रांची के जिला शिक्षा अधीक्षक बादल राज को राष्ट्रीय सम्मान मिला। सिमडेगा जिले में वर्ष 2023 में शुरू किए गए ‘सीटी बजाओ, उपस्थिति बढ़ाओ’ अभियान का असर स्कूलों में दिखा। अभियान शुरू होने से पहले जिले के सरकारी स्कूलों में छात्रों की औसत उपस्थिति 48 प्रतिशत थी, जो बढ़कर 76 प्रतिशत तक पहुंच गई। इस सफलता के बाद वर्ष 2024 में अभियान को रांची जिले में भी लागू किया गया। यहां अभियान शुरू होने से पहले विद्यार्थियों की उपस्थिति 60 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 78 प्रतिशत हो चुकी है। सकारात्मक परिणाम के बाद इसे पूरे झारखंड में लागू किया गया। सीटी बजते ही जुटते हैं बच्चे, साथ जाते हैं स्कूलसिटी बजाओ उपस्थिति बढ़ाओ अभियान की शुरुआत साल 2023 में डीआईईटी सिमडेगा द्वारा ग्रामीण क्षेत्र के एक स्कूल में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की गई थी। छात्रों को सीटी वितरित की गई। स्कूल जाते समय, स्कूल का मॉनिटर सीटी बजाकर उसी स्कूल के छात्रों को इकट्ठा करता है और फिर वे सभी एक साथ स्कूल जाते हैं। न्यूनतम संसाधनों के साथ शुरू की गई यह पहल काफी लोकप्रिय हुई और इसे अन्य स्थानों पर भी अपनाया गया। ‘रांची स्पीक’ पहल से छात्रों में अभिव्यक्ति की क्षमता बढ़ीस्कूलों में ‘रांची स्पीक’ पहल भी शुरू की गई है। जिसका विचार जिला शिक्षा अधीक्षक को स्कूलों के निरीक्षण के दौरान आया। उन्होंने देखा कि स्कूलों में छात्र घबराए हुए और अंतर्मुखी थे और उनमें अभिव्यक्ति की क्षमता बहुत कम या न के बराबर थी। छात्रों को उनके स्तर के अनुसार एक विषय दिया गया और उन्हें उस पर तैयारी करनी थी और फिर अपने विचार किसी अन्य भाषा में व्यक्त करने थे। इस पहल से छात्रों में बोलने को लेकर आत्मविश्वास बढ़ा है। नई दिल्ली में नवाचार के लिए सम्मानित किया गया गुरुवार को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान (एनआईईपीए) में वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 में नवाचार के तहत उन्हें सम्मानित किया गया। चांसलर प्रो. रमा शंकर दुबे, पूर्व एनसीईआरटी निदेशक प्रो. जेएस राजपूत और वाइस चांसलर प्रो. शशिकला वंजारी ने उन्हें पुरस्कार दिया। अभियान की शुरुआत सिमडेगा में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में हुई थी। बाद में इसे पूरे झारखंड में लागू किया गया।
विकास कार्यों के लिए लिया गया पावर ब्लॉक:किता-सिल्ली रेलखंड पर आज कई ट्रेनों का परिचालन प्रभावित
रांची रेल मंडल के किता-सिल्ली रेलखंड पर विकास कार्य के लिए 5 सितंबर 2026 को ब्लॉक लिया जाएगा। इससे कई ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहेगा। यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने कुछ ट्रेनों का आंशिक समापन व प्रारंभ करने का निर्णय लिया है, जबकि कुछ ट्रेनें पूरी तरह रद्द रहेंगी। गोमो तक चलेगी बर्द्धमान-हटिया मेमू: ट्रेन संख्या 13503/13504 वर्द्धमान–हटिया–वर्द्धमान मेमू एक्स. का 5 सितंबर को गोमो पर आंशिक समापन व प्रारंभ होगा। गोमो-हटिया-गोमो का परिचालन रद्द होगा। आद्रा तक जाएगी खड़गपुर एक्सप्रेस: ट्रेन संख्या 18035/18036 खड़गपुर-हटिया-खड़गपुर एक्सप्रेस का आंशिक समापन व प्रारंभ आद्रा स्टेशन से होगा। आद्रा-हटिया-आद्रा के बीच ट्रेन नहीं चलेगी।मुरी से चलेगी आसनसोल-रांची मेमू : ट्रेन संख्या 63598/63597 आसनसोल-रांची-आसनसोल मेमू पैसेंजर का आंशिक समापन व प्रारंभ मुरी स्टेशन से होगा। मुरी-रांची-मुरी के बीच इस ट्रेन का परिचालन रद्द रहेगा।ये ट्रेनें रद्द रहेंगी : 58663/58664 और 58665/58666 हटिया-सांकी-हटिया पैसेंजर ट्रेनें 5 सितंबर को पूरी तरह रद्द रहेंगी।
डॉ. अनिमा का गोस्सनर कॉलेज में योगदान, विभावि में डॉ. जमाल से मांगा रिलीविंग लेटर
जेपीएससी... एक ही दिन सदस्य पद से इस्तीफा, पर योगदान के नियम अलग, जेपीएससी सदस्य पद से दोनों ने दिया था इस्तीफा शिक्षक दिवस शुक्रवार को है। इस अवसर पर देशभर में शिक्षकों के सम्मान में विविध एक्टिविटी आयोजित की जाएगी। शिक्षकों के बीच झारखंड की उच्च शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा एक सवाल सुर्खियों में है। क्या एक ही संवैधानिक संस्था से लौटने वाले दो शिक्षकों के लिए योगदान की प्रक्रिया अलग-अलग हो सकती है? मामला झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के तीन सदस्यों के इस्तीफे के बाद अपने मूल शैक्षणिक संस्थानों में लौटने का है। आयोग में नियुक्ति से जुड़ी गड़बड़ियों और उठे विवादों के बीच तीनों सदस्यों ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया था। इनमें डॉ. जमाल अहमद और डॉ. अनिमा हांसदा हैं, जो झारखंड के विश्वविद्यालयों से जुड़े शिक्षक हैं, जबकि डॉ. अजीता भट्टाचार्य यूपी के उच्च शिक्षण संस्थान की हैं। डॉ. अनिमा हांसदा रांची यूनिवर्सिटी से संबद्ध गोस्सनर कॉलेज में टीचर हैं। आयोग सदस्य पद से इस्तीफा स्वीकार होने के बाद उन्होंने अपने मूल संस्थान में योगदान कर दिया। दूसरी ओर डॉ. जमाल अहमद विनोबा भावे विश्वविद्यालय के संत कोलंबा कॉलेज के शिक्षक हैं, लेकिन उनका मूल संस्थान में योगदान से संबंधित आवेदन अब तक लंबित है। योगदान के लिए रिलीविंग का होना जरूरी डॉ. जमाल अहमद की योगदान प्रक्रिया इसलिए अटकी हुई है, क्योंकि आयोग सदस्य पद से इस्तीफा के बाद जेपीएससी द्वारा जारी किया जाने वाला रिलीविंग लेटर अभी तक कॉलेज प्रबंधन और विभावि को प्राप्त नहीं हुआ है। इसी दस्तावेज के अभाव में उनके मूल संस्थान में योगदान की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई है। क्या संवैधानिक पद से त्यागपत्र स्वीकार होने के बाद मूल शैक्षणिक संस्थान में लौटने के लिए अलग से रिलीविंग लेटर अनिवार्य है? मेरा सवाल प्रक्रिया को लेकर हैमैंने अपने मूल संस्थान विभावि के संत कोलंबा कॉलेज में योगदान के लिए आवेदन दिया है। आयोग सदस्य के पद से त्यागपत्र मंजूर हो चुका है, लेकिन योगदान की प्रक्रिया रिलीविंग लेटर के कारण लंबित है। सवाल यह है कि यदि आयोग के दूसरे सदस्य के मामले में बिना रिलीविंग के मूल संस्थान में योगदान की प्रक्रिया पूरी हो सकती है, तो मेरे मामले में इसे अनिवार्य क्यों माना जा रहा है? यदि रिलीविंग लेटर अनिवार्य है तो इसका स्पष्ट नियम या प्रावधान बताया जाना चाहिए। - डॉ. जमाल अहमद, पूर्व सदस्य, जेपीएससी
ट्रेनों में तेजी से भर रही हैं सीटें; विमानों का किराया भी चढ़ा दशहरे की छुट्टियों में इस बार रांची के लोगों का सफर सिर्फ घूमने-फिरने तक सीमित नहीं है, बल्कि धार्मिक स्थलों के दर्शन पर निकलने की तैयारी भी तेज हो गई है। परिवार के साथ छुट्टियां बिताने और धार्मिक स्थलों पर जाने के लिए लोगों ने ट्रेन, फ्लाइट और बसों में अभी से टिकट बुक कराना शुरू कर दिया है। इसका असर बुकिंग पर साफ दिखाई दे रहा है। 8 से 20 अक्टूबर के बीच प्रयागराज, पुरी, देवघर, जम्मू और दिल्ली जाने वाली कई ट्रेनों में सीटें तेजी से भर रही हैं। कई ट्रेनों में स्लीपर की ज्यादातर सीटें फुल हो चुकी हैं, तो किसी में एसी श्रेणी में गिनी-चुनी सीटें ही बची हैं। कई ट्रेनों में वेटिंग और आरएसी की स्थिति भी बन गई है। वहीं फ्लाइट्स में भी डिमांड बढ़ने और डायनेमिक फेयर के कारण किराया बढ़ने लगा है। खास बात यह है कि यात्रियों की पसंद में इस बार धार्मिक शहर सबसे ऊपर नजर आ रहे हैं। कोई काशी विश्वनाथ मंदिर और अयोध्या में रामलला के दर्शन की तैयारी कर रहा है, तो कोई पुरी के जगन्नाथ मंदिर व देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम जाने की योजना बना रहा है। दशहरे की लंबी छुट्टियों ने इस धार्मिक पर्यटन को और रफ्तार दे दी है। ट्रेनों में बढ़ती बुकिंग बता रही है कि इस बार रांची से बड़ी संख्या में लोग ‘देव दर्शन’ के साथ दशहरा मनाने की तैयारी में हैं। किस ट्रेन में कितनी सीटें बुक हुईं रांची से कोलकाता 18616 रांची-हावड़ा क्रियायोग एक्सप्रेस: स्लीपर में करीब 75% सीटें फुल। 15,16 और 17 अक्टूबर को स्लीपर में आरएसी। 18628 रांची-हावड़ा इंटरसिटी: एसी बोगियों में 35 से 75 सीटें ही उपलब्ध। नॉन एसी चेयरकार में भी टिकट तेजी से बुक हो रहे हैं। रांची से प्रयागराज 12873 हटिया-आनंदबिहार टीआरएम: सेकेंड-थर्ड एसी में 1 से 6 सीटें उपलब्ध। स्लीपर में वेटिंग।12877 रांची-नईदिल्ली गरीब रथ : अक्टूबर में सभी दिन वेटिंग, 7 से 30 वेटिंग।18609 रांची-एलटीटी एक्स.: 7, 14 और 21 अक्टूबर को सभी श्रेणियों में वेटिंग।रांची से पुरी 18451 तपस्विनी एक्सप्रेस: एक-दो दिन छोड़कर सभी श्रेणियों की सीटें 80 प्रतिशत से ज्यादा फुल। रांची से जम्मू और दिल्ली18309 संबलपुर -जम्मू : सप्ताह में दो दिन, एसी बोगियों और स्लीपर में ज्यादातर दिन वेटिंग या आरएसी। 12817 हटिया-आनंदविहार : 16 से 21 अक्टूबर के बीच कई दिन वेटिंग या सीटें काफी कम। रांची से देवघर 18603 रांची-गोड्डा एक्सप्रेस : स्लीपर क्लास में 80% से ज्यादा सीटें फुल।15027 संबलपुर- गोरखपुर एक्सप्रेस : स्लीपर में दस प्रतिशत सीटें भी उपलब्ध नहीं, कई तिथियों में वेटिंग। दुर्गा पूजा में कोलकाता का हवाई किराया बढ़ाकोलकाता में दुर्गा पूजा के भव्य पंडालों को देखने के लिए इस बार भी देशभर से बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। इसका असर हवाई किराए पर भी दिखने लगा है। कोलकाता आने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ने से हवाई टिकटों की मांग बढ़ गई है। 16 से 24 अक्टूबर तक कोलकाता का सामान्य फ्लाइट किराया 5500 से 10000 रुपए तक पहुंच गया है। सामान्य दिनों में इसी रूट का किराया करीब 4,000 रुपए रहता है। यानि पूजा के दौरान यात्रियों को करीब 1500 से 6000 रुपए तक अधिक खर्च करने पड़ रहे हैं। इसका असर अन्य प्रमुख शहरों के किराए पर भी पड़ा है। दिल्ली, चेन्नई, भुवनेश्वर, मुंबई और पटना के लिए फ्लाइट किराया सामान्य दिनों की तुलना में 10 से 25 प्रतिशत तक अधिक है। ऐसे में पूजा के दौरान कोलकाता आने-जाने की योजना बना रहे यात्रियों को टिकट के लिए अधिक राशि खर्च करनी पड़ेगी। बढ़ी बुकिंग, दशहरे में बसें फुल होने की उम्मीद : एसोसिएशन टूर एंड ट्रैवल एजेंट एसोसिएशन ऑफ झारखंड के अध्यक्ष अमरदीप सहाय ने बताया कि ट्रेन में बुकिंग खुलते ही यात्री तेजी से टिकट करा रहे हैं। इस बार धार्मिक स्थलों की ओर जाने का रुझान अधिक है। बसों को लेकर पूछताछ शुरू हो गई है। यात्री वाराणसी, देवघर, छत्तीसगढ़ और कोलकाता के लिए जानकारी ले रहे हैं। सहाय के अनुसार, 5 अक्टूबर के बाद दशहरे की छुट्टियों में बसों में भारी भीड़ रहेगी। अगले कुछ दिनों में बसों की सीटें तेजी से बुक हो सकती हैं। वहीं, 7-8 अक्टूबर से लेकर विजयादशमी तक ट्रेनों की बुकिंग में भी तेजी आई है और कई ट्रेनों में वेटिंग चल रही है। कोलकाता में देश का सबसे बड़ा दुर्गा पूजा आयोजन होने के कारण रांची से कोलकाता के लिए भी बड़ी संख्या में लोग बुकिंग करा रहे हैं।
17 प्रत्याशियों को सिंबल नहीं देना कांग्रेस के ही लोगों की साजिश थी
भास्कर न्यूज | भीलवाड़ा नगर निगम चुनाव में कांग्रेस के 17 प्रत्याशियों के चुनाव चिह्न समय पर निर्वाचन अधिकारी को पेश नहीं हुए। प्रत्याशी चुनाव मैदान से बाहर हो गए। मामला अब बड़ा राजनीतिक विवाद बन गया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व सदस्य, पूर्व नेता प्रतिपक्ष संजय पेड़ीवाल ने शुक्रवार को पत्रकार वार्ता की। उन्होंने कांग्रेस संगठन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भीलवाड़ा कांग्रेस के भीतर कमल कांग्रेस सक्रिय है। इसने सुनियोजित तरीके से पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों की बलि चढ़ा दी। पेड़ीवाल ने चुनावी गणित रखा। उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव में भाजपा को 44 प्रतिशत वोट मिले थे। कांग्रेस को 32 प्रतिशत वोट मिले थे। इस बार 8 प्रतिशत वोटों का स्विंग कांग्रेस के पक्ष में आता तो पार्टी का मत प्रतिशत भाजपा से आगे निकल जाता। स्पष्ट बहुमत का बोर्ड बन सकता था। उन्होंने कहा कि संगठन की अंदरूनी गड़बड़ियों ने कांग्रेस से यह अवसर छीन लिया। उन्होंने जिला कांग्रेस अध्यक्ष की भूमिका पर सवाल उठाए। कहा कि पूरे प्रकरण की नैतिक जिम्मेदारी उनकी बनती है। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को पूरे मामले की जानकारी भेजी। उच्च स्तरीय जांच की मांग की। दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। पेड़ीवाल ने कहा कि कांग्रेस में टिकट वितरण, सिंबल प्रक्रिया को कुछ नेताओं ने निजी हितों का माध्यम बना दिया। उन्होंने कहा कि समर्पित कार्यकर्ताओं की जगह पैराशूट उम्मीदवारों को टिकट दिए गए। अंतिम समय तक सिंबल जमा नहीं होने देना लापरवाही नहीं है। यह गंभीर साजिश है। करीब चार दशक से कांग्रेस से जुड़े पेड़ीवाल भावुक भी नजर आए। पेड़ीवाल ने चेतावनी दी कि यदि प्रदेश नेतृत्व दोषियों पर कार्रवाई नहीं करता तो वे कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व तक मामला पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मिलने का समय मांग रहे हैं, समय नहीं मिला तो उनके आवास के बाहर भी शांतिपूर्ण धरने पर बैठेंगे। इसके साथ ही उन्होंने चुनाव से पहले भीलवाड़ा जिला कांग्रेस कार्यालय स्थित गांधी प्रतिमा के सामने एक दिवसीय धरने की भी घोषणा की। पेड़ीवाल ने कहा कि शहर में चर्चा है कि कांग्रेस पार्षदों की खरीद-फरोख्त और बाड़ेबंदी की तैयारी पहले से की जा रही थी। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोग चेयरमैन बनाने के नाम पर पार्षदों का समर्थन दिलाने के सौदे कर रहे हैं। उन्होंने पार्षदों से होटल राजनीति छोड़ जनता के बीच रहने की अपील की। राहुल गांधी व खड़गे तक ले जाएंगे मामला
शिक्षक दिवस पर आज पहली बार खुले मंच पर दिखेगा एमएलवी का 360 डिग्री
भीलवाड़ा | शिक्षक दिवस पर एमएलवी कॉलेज में इस बार सिर्फ शिक्षक सम्मान या औपचारिक कार्यक्रम नहीं होगा, बल्कि कॉलेज पहली बार अकादमिक ज्ञान और उपलब्धियों को प्रदर्शनी के रूप में रखेगा। शुक्रवार को MLV @360 : स्पेक्ट्रम-स्पार्क-ज्ञान संपदा आयोजन में भारतीय ज्ञान परंपरा, मनीषियों और अलग-अलग विभागों की शैक्षणिक उपलब्धियां एक ही परिसर में देखने को मिलेंगी। कॉलेज के सभी विभागों के विद्यार्थी भारतीय ज्ञान परंपरा और उसके मनीषियों पर आधारित प्रदर्शनी तैयार करेंगे। वहीं विभाग अपनी पुस्तकें, शोध पत्र, शोध ग्रंथ और अन्य अकादमिक उपलब्धियां भी प्रदर्शित करेंगे। आयोजन का दूसरा प्रमुख आकर्षण खुला गुरु-शिष्य संवाद होगा। शिक्षक दिवस के मौके पर विद्यार्थी और शिक्षक खुले मंच पर संवाद करेंगे। कॉलेज प्रबंधन के अनुसार करीब 5 हजार नियमित एवं पूर्व विद्यार्थियों, सेवानिवृत्त प्रोफेसरों और शहर के विभिन्न क्षेत्रों के लोगों के शामिल होने की संभावना है। इससे पूर्व विद्यार्थियों और वर्तमान पीढ़ी को भी एक मंच पर आने का अवसर मिलेगा। मुख्य अतिथि ओस्तवाल ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज के वाइस प्रेसिडेंट राजेंद्र ओस्तवाल होंगे। विशिष्ट अतिथियों में प्रमुख शिक्षाविद एवं पूर्व प्राचार्य डॉ. श्यामसुंदर भट्ट, प्रोफेसर बीएल मालवीय और संगम विश्वविद्यालय के डीन प्रोफेसर राजकुमार चतुर्वेदी शामिल होंगे। कार्यक्रम सुबह 10 बजे शुरू होगा। इसके बाद शिक्षक-विद्यार्थी संवाद सहित विभिन्न गतिविधियां होंगी। आयोजन संयोजक डॉ. मनीष रंजन ने बताया कि कार्यक्रम हिंदी विभाग एवं इतिहास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में हो रहा है।
बूंदाबांदी ने बदला मौसम, बारिश फिर भी 2 एमएम
भीलवाड़ा | जिले में शुक्रवार को दिनभर बादल छाए रहे और रुक-रुककर बूंदाबांदी होती रही। बारिश इतनी कम रही कि अधिकांश जगह सड़कें तक ठीक से नहीं भीग सकीं, लेकिन मौसम सुहावना बना रहा। गर्मी और उमस से लोगों को राहत मिली। गुरुवार को तापमान में आई गिरावट शुक्रवार को भी बरकरार रही। दिन का तापमान 28.8 डिग्री दर्ज हुआ, जबकि रात का तापमान बढ़कर 25 डिग्री हो गया। गुरुवार को रात का तापमान 23.1 डिग्री था। जल संसाधन विभाग के अनुसार गुरुवार से शुक्रवार तक 24 घंटे में जिले में सिर्फ 2 एमएम बारिश दर्ज हुई। इसके साथ ही जिले में मानसून सीजन की कुल बारिश 329 एमएम ही पहुंची है। यह सामान्य बारिश का करीब 51 प्रतिशत है। यानी मानसून सीजन में अब तक करीब आधी बारिश ही हो पाई है।
11,884 उप-प्राचार्यों की वरिष्ठता पर फिर बढ़ी कानूनी उलझन
भीलवाड़ा | राजस्थान शिक्षा विभाग में सितंबर 2025 में 11,884 उप-प्राचार्यों की नियमित डीपीसी के बाद तय की गई वरिष्ठता को लेकर विवाद एक बार फिर अदालतों के बीच नया मोड़ लेता दिख रहा है। हाईकोर्ट की डबल बेंच के फैसले के बाद उप-प्राचार्य अब उसी निर्णय के खिलाफ रिव्यू पिटिशन दायर कराने और इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका के माध्यम से राज्य सरकार से प्रभावी पैरवी की मांग कर रहे हैं। उप-प्राचार्यों का कहना है कि सितंबर 2025 की डीपीसी उस समय लागू विभागीय नियमों के आधार पर हुई थी और वरिष्ठता निर्धारण में कार्यग्रहण तिथि को आधार बनाया गया था। उनका तर्क है कि शिक्षा विभाग में लंबे समय से वरिष्ठता के मामलों में नियमित सेवा और कार्यग्रहण को प्रमुख मानक माना जाता रहा है, इसलिए बाद में आधार बदलने से नियुक्ति प्रक्रिया में अस्थिरता पैदा होगी। उनका दावा है कि यदि मौजूदा आधार में बदलाव कर नए प्रावधानों को पिछली तिथि से लागू किया गया, तो इसका असर केवल उप-प्राचार्यों तक सीमित नहीं रहेगा।
सेंट जोसेफ स्कूल में मनाया जन्माष्टमी उत्सव
झालावाड़| सेंट जोसेफ इंटरनेशनल स्कूल, गोपालपुरा झालावाड़ में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व हर्षोल्लास एवं भक्तिभाव के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान नन्हे विद्यार्थी भगवान श्रीकृष्ण एवं राधा का रूप धर कर विद्यालय पहुंचे, उन्होंने सभी का मन मोह लिया। विद्यार्थियों ने श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप एवं उनकी लीलाओं से संबंधित मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। विद्यालय की प्रधानाचार्य कृतिका अत्रे ने विद्यार्थियों को भगवान श्रीकृष्ण के जीवन एवं आदर्शों से प्रेरणा लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन सत्य, कर्म, प्रेम, मित्रता, धैर्य एवं कर्तव्यनिष्ठा का संदेश देता है।
जन्माष्टमी पर सूमर में बारिश के बीच मंदिरों में खास शृंगार
जन्माष्टमी पर्व पर कस्बा कृष्ण भक्ति में सराबोर नजर आया। दिनभर रुक-रुककर बारिश हुई। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह बना रहा। कस्बे के विभिन्न मंदिरों में विशेष सजावट हुई। आकर्षक शृंगार किया गया। धार्मिक आस्था का माहौल बना रहा। श्री महाकालेश्वर मंदिर में भगवान महाकाल का श्रीकृष्ण स्वरूप में विशेष शृंगार किया गया। कस्बे के प्राचीन लक्ष्मीनाथ मंदिर में भी जन्माष्टमी पर विशेष सजावट की गई। श्री धरणीधर मंदिर सहित अन्य मंदिरों में भी विशेष शृंगार किए।
रायपुर में 12 से ज्यादा झांकियां सजाई
रायपुर| कस्बे से क्षेत्र में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का पर्व धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मंदिरों में भगवान कृष्ण का आकर्षण शृंगार कर मंदिरों का फूलों से सजाया गया। मंदिरों में आकर्षक विद्युत सजावट कर आयोजन किया गया। 12 से ज्यादा स्थानों पर झांकियों का आयोजन किया गया। ग्रामीण अंचलों में भी श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर भजन कीर्तन का दौर चला। मंदिरों में आकर्षक सजावट कर भगवान शृंगार किया। बारिश के चलते आयोजकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
बैरागढ़ में हांडी फोड़ प्रतियोगिता
भालता| बैरागढ़ में शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया गया। मुख्य अतिथि मोनू कुमार सोनी ने कार्यक्रम की शुरुआत की।विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रकार की सांस्कृतिक और खेल प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर भाग लिया। मुख्य आकर्षण मटकी फोड़ प्रतियोगिता रही, जिसमें बच्चों की टोलियों ने पूरे जोश के साथ हिस्सा लिया। अशोक कुमार, शिवसिंह, धनराज, निशा, काली बाई व छात्र-छात्राएं सहित अभिभावक मौजूद रहे। प्रधानाचार्य राकेश कुमार ने भगवान की भक्ति व आस्था का महत्व बताया।
प्राचीन रमणिक नाथ जी मंदिर में पंचामृत अभिषेक
झालावाड़| श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर शुक्रवार को झालावाड़ स्थित गढ़ परिसर के अंदर विराजमान प्राचीन भगवान रमणिक नाथ जी का भव्य पंचामृत अभिषेक किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल और वैदिक मंत्रोच्चार से गूंज उठा। पुष्टिमार्गीय सेवा परंपरा के अनुसार आयोजित इस विशेष अभिषेक को विद्वान पंडितों द्वारा संपन्न कराया गया। इसमें मुख्य रूप से पं. लक्ष्मण लाल शुक्ला, प्रणव शुक्ला, प्रशांत शुक्ला, केशव शुक्ला और पुनीत शुक्ला द्वारा भगवान का विधि-विधान से अभिषेक और विशेष पूजन-अर्चन किया गया। इस अवसर पर भगवान के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। पंडित प्रशांत शुक्ला ने बताया कि मंदिर के इतिहास के बारे में बताया जाता है कि भगवान रमणिक नाथ जी की यह अलौकिक मूर्ति सन 1806 में झालरापाटन से लाकर झालावाड़ के इस गढ़ परिसर में स्थापित की गई थी।
भारी बारिश के मद्देनजर पहली से 12वीं तक के स्कूलों में अवकाश घोषित
झालावाड़| मौसम विभाग जयपुर व कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ के निर्देशानुसार जिले में भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए शनिवार को कक्षा 1 से 12वीं तक के समस्त राजकीय एवं गैर-राजकीय विद्यालयों में अवकाश घोषित किया गया है। मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, समग्र शिक्षा रामसिंह मीणा की ओर से जारी आदेश के अनुसार जिले में भारी वर्षा की चेतावनी एवं विद्यार्थियों की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। आदेश के तहत समस्त शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक कार्मिकों को विद्यालय में निर्धारित समय पर उपस्थित होकर राजकीय कार्य संपादित करना होगा। विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए अवकाश रहेगा, जबकि शिक्षण एवं अन्य स्टाफ अपने निर्धारित दायित्वों का निर्वहन करेंगे।
खाटूश्यामजी जा रहे 16 रिश्तेदारों से भरी पिकअप डिवाइडर से टकराकर पलटी, सभी गंभीर घायल
भास्कर न्यूज | झालावाड़ नेशनल हाईवे-52 पर सुनेल तिराहे के सामने शुक्रवार तड़के खाटूश्यामजी दर्शन के लिए जा रही सवारियों से भरी पिकअप डिवाइडर से टकराकर सड़क किनारे पलट गई। हादसे में वाहन में सवार 16 लोग घायल हो गए। राहगीरों ने घायलों को बाहर निकालकर झालावाड़ के एसआरजी अस्पताल पहुंचाया, जहां सभी का प्राथमिक उपचार किया गया। पुलिस के अनुसार किसी को गंभीर चोट नहीं आई है। कुछ लोगों को तो प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। अस्पताल चौकी प्रभारी भीम सिंह ने बताया कि वाहन में सवार सभी लोग मध्यप्रदेश के रायसेन जिले के बरेली थाना क्षेत्र के गुराडिया गांव के रहने वाले हैं। वे रिश्तेदार हैं और एक साथ खाटूश्यामजी दर्शन के लिए जा रहे थे। शुक्रवार सुबह करीब 4 से 5 बजे के बीच सुनेल तिराहे के सामने उनका वाहन डिवाइडर से टकरा गया। टक्कर के बाद वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। एक्सीडेंट में पिकअप पलटने से 16 जने घायल हो गए। सभी एसआरजी अस्पताल लाया गया, लेकिन यहां न तो पर्याप्त ट्रॉली थी और ना ही ट्रॉली मैन। पूरी इमरजेंसी वार्ड में एक ट्रॉली मैन था। अस्पताल चौकी पर मौजूद पुलिस कांस्टेबल रामनरेश मीना ने मानवता दिखाते हुए ट्रॉली मैन की मदद की और स्वयं स्ट्रेचर खींचते हुए मरीजों को वार्ड तक पहुंचाया। मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस कांस्टेबल की सराहना की और अस्पताल प्रशासन ने इमरजेंसी में पर्याप्त स्ट्रेचर और ट्रॉली मैन की व्यवस्था करने की मांग की। गनीमत रही, सभी को मामूली चोटें ही आईं गुराडिया गांव से रात में निकले थे दर्शन के लिए रायसेन के गुराडिया गांव से रिश्तेदारों का समूह पिकअप में सवार होकर खाटूश्यामजी दर्शन के लिए रवाना हुआ था। रातभर सफर के बाद शुक्रवार तड़के झालरापाटन पहुंचने के दौरान सुनेल तिराहे के पास हादसा हो गया। डिवाइडर से टकराने के बाद पिकअप पलट गई। हादसे के बाद मौके पर मौजूद राहगीरों ने वाहन में फंसे लोगों को बाहर निकालने में मदद की और उन्हें अस्पताल पहुंचाया। ये 16 लोग हुए घायल हादसे में सविता किराड़, जसवंत, कृष्ण सिंह, प्रमोद धाकड़, दर्शन किराड़, अनिता, विमला बाई, रामविलास, नेतराम, तुलसा बाई, शिवम धाकड़, महक, मानसिंह, विनीता, चालक हीरालाल और गुड्डी बाई घायल हुए हैं। सभी को एसआरजी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद प्राथमिक उपचार किया। हादसे में 16 लोग घायल हुए, लेकिन राहत की बात यह रही कि किसी को गंभीर चोट नहीं लगी। एसआरजी अस्पताल में उपचार के बाद घायलों की स्थिति सामान्य बताई गई है। हादसा तड़के होने के कारण हाईवे पर आवाजाही कम थी। इससे राहत कार्य में भी ज्यादा परेशानी नहीं हुई।
चांदराई | निकट वलदरा गांव से शुक्रवार सुबह 15 श्रद्धालुओं का बाइक यात्रा दल लोकदेवता बाबा रामदेव के धाम रामदेवरा (रूणिचा) के लिए रवाना हुआ। यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व श्रद्धालुओं ने स्थानीय बाबा रामदेव मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली और जनकल्याण की कामना की। बाइक यात्रा दल में करण मीणा, जितेंद्र जोगसन, गोविंद सिंह, जीवनदास संत, मांगीलाल, उम्मेद पारंगी, रमेश मीणा, नारायणलाल, श्रवण, घीसाराम, माधाराम, सुमेर मियां, धनराज, भतेश पारंगी आदि रहे।
कैंसर पीड़ित शिक्षक का इलाज अटका, जयपुर से भी स्वीकृति नहीं
इस शिक्षक दिवस पर सरकारी शिक्षक अल्लारक खां पठान की पीड़ा का जिक्र। जो तीन साल से गाल ब्लैडर और लिवर कैंसर से जूझ रहे हैं। वे बीमारी से ज्यादा इलाज की स्वीकृति की प्रक्रिया से परेशान हैं। अब तक 35 कीमो थैरेपी हो चुकी है। अब इम्यूनोथेरेपी की भी सलाह के लिए आरजीएचएस की स्वीकृति प्रक्रिया के चलते 15 दिन से इलाज रुका हुआ है। पठान के अनुसार एक सप्ताह की थैरेपी पर ही करीब 30 हजार रुपए का खर्च आता है। आरजीएचएस में स्वीकृति की सीमा और प्रक्रिया के कारण उपचार समय पर नहीं हो पा रहा है। अल्लारक खां पठान जिला उपाध्यक्ष, प्राशि, अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, पाली से जुड़े हैं। उपचार की स्वीकृति के लिए ऑनलाइन पत्रावली जयपुर भेजी, लेकिन समय पर अनुमति नहीं मिली। एमडीएम मेडिकल कॉलेज से दो पत्र भरवाए कर एसएसओ आइडी से ऑनलाइन एसएमएस स्टेट कैंसर इंस्टिट्यूट ऑनलाइन करवाया गया कॉल आने पर जयपुर भी जाकर आ गए। पठान का कहना है कि कैंसर जैसे गंभीर रोगों के मरीजों के लिए प्रक्रिया सरल और त्वरित होनी चाहिए। चिकित्सक की अनुशंसा के आधार पर आवश्यक जीवनरक्षक उपचार को तत्काल स्वीकृति मिलनी चाहिए।
निर्दलीयों को अनोखे चुनाव चिन्ह, किसी को नौका तो किसी प्रत्याशी को बांसुरी
झालावाड़| नगर निकाय चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित होने के साथ ही चुनावी मैदान में दिलचस्प नजारा देखने को मिला। प्रत्याशियों को ऐसे अनोखे चुनाव चिन्ह मिले हैं, जो अब उनके प्रचार का प्रमुख हिस्सा बनने वाले हैं। निर्दलीय प्रत्याशियों को आवंटित चुनाव चिन्हों में नौका, बांसुरी, अलमारी, सेब, सिलाई मशीन, चारपाई, चहकी और बिजली का खंभा शामिल हैं। भवानीमंडी में नौका 2 प्रत्याशियों को, बांसुरी 4 को, अलमारी 5 को, सेब 2, सिलाई मशीन 8, चारपाई 1, चहकी 1 को, बिजली का खंभा 1 को चुनाव चिन्ह आवंटित किया गया है। खास बात यह है कि अलग-अलग और रोचक चुनाव चिन्हों के कारण इस बार प्रचार भी चर्चा का विषय है।
मतदान दिवस पर अनिवार्य होगा सवैतनिक अवकाश
झालावाड़| नगरीय निकाय चुनाव के लिए राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के तहत मतदान दिवस पर कर्मचारियों को सवैतनिक अवकाश देने के आदेश जारी किए गए हैं। श्रम आयुक्त राजस्थान, जयपुर पूजा पार्थ ने सभी औद्योगिक व वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को निर्देश दिया है कि संबंधित निकाय क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों, जिनमें कैजुअल श्रमिक भी शामिल हैं, को मतदान के दिन वेतन सहित छुट्टी दी जाए। पहले चरण का मतदान 9 सितंबर व दूसरे चरण का मतदान 11 सितंबर को होगा। आदेश के अनुसार अवकाश के कारण किसी कर्मचारी की मजदूरी में कटौती नहीं की जाएगी। अवकाश से इनकार या वेतन कटौती को कानून का उल्लंघन माना जाएगा। इधर, नगर परिषद चुनाव में नाम वापसी के बाद उम्मीदवारों की तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई है। शुक्रवार को चुनाव चिह्न मिलने के बाद प्रत्याशियों के पास वोटरों को साधने के लिए 4 से 6 दिन रहेंगे। इसके बाद प्रचार पर रोक लग जाएगी।
मतदान से 48 घंटे पहले शराब की बिक्री और सेवन पर रोक
झालावाड़| नगरीय निकाय चुनाव में मतदान को लेकर जिले में शराब की बिक्री, वितरण और सेवन पर प्रतिबंध रहेगा। राज्य निर्वाचन आयोग के चुनाव कार्यक्रम के तहत निकायों में 9 और 11 सितंबर को मतदान होना है। वित्त (आबकारी) विभाग ने मतदान समाप्ति से पूर्व 48 घंटे की अवधि में शराबबंदी के आदेश जारी किए हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी (कलेक्टर) अजय सिंह राठौड़ ने बताया कि प्रथम चरण के मतदान के लिए संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में 7 सितंबर शाम 6 बजे से 9 सितंबर शाम 6 बजे तक तथा द्वितीय चरण के लिए 9 सितंबर शाम 6 बजे से 11 सितंबर शाम 6 बजे तक शराब की बिक्री, वितरण और सेवन पर रोक रहेगी।इसके अलावा मतगणना दिवस 14 सितंबर को भी सूखा दिवस घोषित किया गया है।
दो दिन से बारिश... प्रचार में कमी नहीं, छाते लेकर वोट मांगने निकले प्रत्याशी
निकाय चुनाव के पहले चरण के मतदान से ठीक पहले गुरुवार से शुरू हुई झमाझम बारिश शुक्रवार को भी दिनभर जारी रही। सुबह तेज बारिश के कारण प्रत्याशी घरों से बाहर नहीं निकल सके। गलियों में कीचड़ और फिसलन के चलते डोर-टू-डोर जनसंपर्क भी थम गया। काफी इंतजार के बाद भी बारिश नहीं थमी तो भाजपा-कांग्रेस के प्रत्याशी और निर्दलीय उम्मीदवार छाते लेकर समर्थकों के साथ वोट मांगने निकल पड़े। प्रत्याशी गलियों में मतदाताओं के घर पहुंचे और बारिश के बीच ही संपर्क किया। समर्थक भी हाथों में छाते लेकर प्रत्याशियों के साथ चलते नजर आए। प्रत्याशी इंद्रदेव से भी प्रार्थना करते दिखे कि मतदान के दिन मौसम साफ रहे, ताकि असर वोटिंग प्रतिशत पर नहीं पड़े।
दो दिन की बारिश से बीसलपुर में एक सेमी पानी बढ़ा
जिले में दो दिन से मानसून की सक्रियता का असर अब बीसलपुर बांध के जलस्तर पर भी दिखाई देने लगा है। बांध में एक सेमी पानी की बढ़ोतरी हुई है। गत दिनों बांध का गेज 314.7 आरएल मीटर था, जो शुक्रवार सुबह बढ़कर 314.8 आरएल मीटर पहुंच गया। त्रिवेणी पर पानी का स्तर 2.30 मीटर चल रहा है। जिससे बांध में पानी की आवक हो रही है। हालांकि बांध की पूर्ण भराव क्षमता 315.50 आरएल मीटर है। इस मानसून सीजन में बीसलपुर का जलस्तर एक समय 314.10 आरएल मीटर तक पहुंचा था। इसके बाद मानसून की सक्रियता कमजोर होने से बांध में पानी की आवक प्रभावित हुई और जलस्तर में गिरावट आने लगी। सितंबर की शुरुआत में भी बांध का स्तर घटकर करीब 314.07 आरएल मीटर तक पहुंच गया था। अब पिछले दो दिनों में बारिश के बाद फिर मामूली बढ़ोतरी दर्ज हुई है। सिंचाई विभाग के जिले में स्थित 30 बांधों में शुक्रवार सुबह 8 बजे तक कुल 68.17 प्रतिशत पानी उपलब्ध था। सहोदरा, ठिकरिया, भानपुरा, मानसागर और अरनिया बांध शत-प्रतिशत भर चुके हैं। माशी बांध में भी 94 प्रतिशत से अधिक पानी है। इसके बावजूद पिछले साल की तुलना में इस समय जिले के बांधों में पानी कम है। गत वर्ष इस अवधि तक अधिकांश बांध भर चुके थे, जबकि इस बार मानसून की सुस्ती के कारण जलभराव अपेक्षाकृत कम रहा। गुरुवार रात जिले के अधिकांश हिस्सों में बारिश हुई। शुक्रवार सुबह तक गलवा में 35 मिमी, गलवानिया में 35, निवाई में 33, मासी बांध पर 5, ठिकरिया में 25, टोंक में 12, लांबाहरिसिंह, टोडा व पीपलू में 2-2, पनवाड़ में 2 तथा मालपुरा में 1 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम की यह सक्रियता फिलहाल बांधों के लिए राहत लेकर आई है, लेकिन बीसलपुर में अच्छी बढ़ोतरी के लिए कैचमेंट में लगातार बारिश की जरूरत बनी हुई है।
टोंक में 59 सीटों पर 244 प्रत्याशी आमने-सामने
टोंक| नगर परिषद चुनावों को लेकर शुक्रवार को निर्वाचन आयोग की तरफ से राजनीतिक दलों व निर्दलीय को चुनाव चिन्ह आवंटित किए गए। टोंक में कांग्रेस-भाजपा के अलावा बहुजन समाज पार्टी, आम आदमी पार्टी और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के अलावा निर्दलीय भी चुनाव लड़ रहे हैं। राजनीतिक दलों को उनका स्थायी चुनाव चिन्ह दिया गया वहीं, निर्दलीयों को रोजमर्रा में काम आने वाली चीजों में से चुनाव चिन्ह आवंटित किए गए। टोंक में बहुजन समाज पार्टी, आम आदमी पार्टी और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के प्रत्याशी कुछ सीटों पर ही चुनाव लड़ रहे है। टोंक में 59 सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं। यहां कुल 244 प्रत्याशी चुनाव मैदान में है।
कृष्ण जन्माष्टमी पर विशेष झांकी सजाई गई
कस्बे के 500 साल पुराने नगर सेठ मोर मुकुट श्री बंशीवाला मंदिर में कृष्ण जन्माष्टमी दो दिवसीय महोत्सव शुरू हुआ। पुजारी महावीर प्रसाद पाराशर ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव दुर्लभ एवं विशेष ज्योतिषीय संयोगों के बीच मनाया गया। जन्माष्टमी पर कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र और शुक्रवार का संयोग बन रहा है। अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र और शुक्रवार या सोमवार के मेल को जयंती योग कहा जाता है, जो अत्यंत शुभ व फलदायी माना गया है।द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय भी ऐसा ही संयोग बना था। इस बार चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में रहेगा, जिससे मानसिक शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा की वृद्धि मानी जाती है। साथ ही सर्वार्थ सिद्धि और सुकर्मा योग भी बन रहे हैं, जिससे व्रत, पूजा, जप और धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष फल प्राप्त होगा।जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की मुख्य पूजा निशीथ काल में की गई। इस दौरान सभी मंदिरों व श्री बंशीवारा मंदिर में भगवान का पंचामृत अभिषेक, श्रृंगार,भजन कीर्तन महाआरती कर माखन-मिश्री व पंजीरी का भोग लगाकर प्रसाद वितरण किया गया।
विद्यार्थियों ने बैंकिंग क्षेत्र की कार्यप्रणाली के लिए किया शैक्षणिक भ्रमण
वनस्थली |क्षेत्र के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों ने बैंकिंग क्षेत्र की कार्यप्रणाली एवं सेवाओं की व्यावहारिक जानकारी हासिल करने के उद्देश्य से बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा लाम्बाहरिसिंह का शैक्षणिक भ्रमण किया। प्रधानाचार्य किशन लाल जाट ने विद्यार्थियों को हरी झंडी दिखाकर भ्रमण के लिए रवाना किया। भ्रमण के दौरान बैंक अधिकारियों ने विद्यार्थियों को खातों के प्रकार, जमा-निकासी प्रक्रिया, एटीएम, चेक, डिजिटल बैंकिंग, यूपीआई सहित विभिन्न बैंकिंग सेवाओं की जानकारी दी। विद्यार्थियों ने बैंकिंग क्षेत्र में रोजगार एवं करियर की संभावनाओं को भी समझा तथा अधिकारियों से प्रश्न पूछकर जिज्ञासाओं का समाधान किया। इस अवसर पर व्यावसायिक शिक्षा प्रभारी सत्यनारायण स्वामी, मंजू श्रेष्ठि एवं दयाशंकर गुर्जर उपस्थित रहे।
छौरिया बालाजी का लक्खी मेलेा भरा, भक्त उमड़े
वनस्थली| गांव छौरिया में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी आराध्य वीर हनुमान बालाजी धाम छौरियां पर वार्षिक लक्खी मेले का आयोजन किया गया। श्रद्धालु संजय शर्मा ने बताया कि मेले को लेकर श्रद्धालुओं द्वारा बाबा का अभिषेक करके बाबा का अलौकिक श्रृंगार किया गया । श्रद्धालु प्रेमप्रकाश शर्मा ने बताया कि मेले में कलाकारों द्वारा रंगारंग व सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। जिसको देखने के लिए दूरदराज के गांवों से हजारों श्रद्धालु आए। व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न समितियों का सहयोग रहा।|
कृष्ण भोग पर बालकों को खिलाई खीर पूड़ी
वनस्थली | क्षेत्र के राहोली विद्यालय में कृष्ण भोग का आयोजन किया गया। विद्यालय के शिक्षकों ने बताया कि शिक्षिका व भामाशाह शिवानी सुगंधी के द्वारा विद्यालय के सभी बालकों के लिए कृष्ण भोग का आयोजन किया गया। इस दौरान कक्षा 1 से 9 तक के सभी विद्यार्थियों को उपहार भी वितरित किए गए । इस अवसर पर ही प्रधानाचार्या रामप्रसाद जाट द्वारा विद्यालय के सभी विद्यार्थियों का स्वागत किया गया। इस दौरान विद्यालय के समस्त स्टाफ व बालकों के द्वारा भामाशाह शिक्षिका शिवानी सुगंधी का साफा व माला पहनाकर सम्मान किया गया।
नगरफोर्ट में मनाया कृष्ण जन्माष्टमी पर्व
नगरफोर्ट| नगरफोर्ट तहसील मुख्यालय सहित क्षेत्र में शुक्रवार को श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर्व हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया। नगरफोर्ट सहित क्षेत्र में भक्त जनों ने विभिन्न मंदिरों में भगवान की सजीव झांकियां सजाई गई। पूरा कस्बा भगवान श्री कृष्ण के जयकारों से गुंजायमान था। सभी मंदिरों में हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की उद्घोष लग रहे थे। मंदिरों में श्रद्धालुओं की काफी भीड़ रही।
एक पेड़ मां यशोदा के नाम’ अभियान में रोपे पौधे
वन मंडल की ओर से नवीन पौधशाला, आवां में जिला स्तरीय वन महोत्सव आयोजित किया गया। जिला प्रभारी सचिव विश्वमोहन शर्मा ने मुख्य आतिथ्य में एक पेड़ मां यशोदा के नाम’ मुहिम के तहत 1000 से अधिक पौधों का पौधारोपण किया। साथ ही अधिकारियों और कर्मचारियों ने पौधों के संरक्षण व नियमित देखभाल का संकल्प भी लिया। जिला सचिव ने कहा कि पौधारोपण केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की निरंतर जिम्मेदारी है। लगाए गए पौधों की देखभाल सुनिश्चित होने पर ही पौधारोपण का उद्देश्य पूरा होगा। आवां प्रशासक (सरपंच) दिव्यांग भारद्वाज ने हरित राजस्थान के संकल्प को साकार करने के लिए आमजन की भागीदारी को जरुरी बताया। कलेक्टर टीना डाबी ने कहा कि जिले में हरित क्षेत्र बढ़ाने के लिए अधिकाधिक पौधे लगाने के साथ उनके संरक्षण पर भी विशेष ध्यान देना जरूरी बताते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक भागीदारी की अपील की। एसपी रोशन मीणा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण समाज की साझा जिम्मेदारी बताते हुए लोगों को प्रकृति के प्रति जागरूक करने के लिए ऐसे जनभागीदारी वाले कार्यक्रमों को जरुरी बताया। डीसीएफ संदीप छलानी ने वन विभाग की ओर से संचालित पौधारोपण व संरक्षण गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि अभियान के तहत लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल पर भी जोर दिया जा रहा है। एसीएफ अनुराग महर्षि ने बताया कि कार्यक्रम कठपुतली नृत्य और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से वन एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के सा-साथ आमजन को अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस लाइन में 600 पौधे रोपे : हरियालो राजस्थान अभियान के तहत रिजर्व पुलिस लाइन, टोंक में पौधारोपण हुआ। एसपी रोशन मीणा व एएसपी रतनलाल भार्गव के निर्देश पर पुलिस लाइन परिसर में विभिन्न प्रजातियों के 600 पौधे लगाए गए। पुलिस लाइन प्रभारी निरीक्षक बृजमोहन देवराज बताया कि पुलिस अधिकारियों, जवानों सहित स्टाफ सदस्यों ने उत्साहपूर्वक पौधारोपण कर उनके संरक्षण और नियमित देखभाल का संकल्प लिया। वही अभियान के तहत पुलिस लाइन परिसर में चरणबद्ध तरीके से अब तक कुल 1800 छायादार व फलदार पौधे लगाए जा चुके हैं।
रोडवेज बसों की कमी से बेबस यात्री, निजी वाहनों में दोगुना किराया देने को मजबूर
यहां से गुजरने वाले स्टेट हाईवे-37 ए पर पिछले कई वर्षों से रोडवेज बसों की कमी क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। पिछले कई वर्षों से पर्याप्त बसों का संचालन नहीं होने से यात्रियों को मजबूरन निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। रोडवेज बसों की कमी का फायदा निजी वाहन चालक उठा रहे हैं और यात्रियों से दोगुना किराया वसूल रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि समस्या को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन समाधान नहीं हुआ। करीब 10 माह पहले ग्रामीणों ने उपमुख्यमंत्री एवं परिवहन मंत्री प्रेमचंद बैरवा को ज्ञापन सौंपकर रोडवेज बसों की संख्या बढ़ाने की मांग की थी। इसके बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। कस्बे से दूदू जाने के लिए पहली रोडवेज बस सुबह 7:45 बजे मिलती है, लेकिन मालपुरा जाने के लिए सुबह 9:45 बजे से पहले कोई रोडवेज बस उपलब्ध नहीं है। मालपुरा उपखंड मुख्यालय होने के साथ ही क्षेत्र का प्रमुख व्यापारिक केंद्र है। क्षेत्र के विद्यार्थी भी उच्च शिक्षा के लिए प्रतिदिन मालपुरा आते-जाते हैं। ऐसे में पर्याप्त बस सेवा नहीं होने से विद्यार्थियों सहित आम यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों के अनुसार दोपहर 2 बजे बाद पचेवर से तथा मालपुरा जाने के लिए तथा दोपहर 3:30 बजे बाद मालपुरा से पचेवर आने के लिए रोडवेज बस की सुविधा नहीं है।
कीचड़ में धंसा मालवाहक, धक्का लगाकर निकालना पड़ा
टोंक| खाल के बालाजी मंदिर के सामने बारिश के बाद सड़क पर जमा कीचड़ से आवागमन मुश्किल हो गया है। शुक्रवार को यहां एक मालवाहक वाहन कीचड़ में धंस गया। वाहन को निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। तस्वीर में वाहन का पहिया कीचड़ में धंसा और आसपास जमा पानी व बदहाल रास्ता साफ नजर आ रहा है। मंदिर के सामने से रोज श्रद्धालुओं और राहगीरों की आवाजाही रहती है। बारिश के बाद कीचड़ के कारण पैदल चलना और दोपहिया वाहनों से निकलना भी मुश्किल हो रहा है। फिसलने और वाहन फंसने का खतरा बना हुआ है। स्थानीय निवासी कमलेश सोलंकी ने बताया कि यहां रास्ते और जल निकासी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। बारिश होते ही हालात बिगड़ जाते हैं। उन्होंने नगर परिषद से कीचड़ हटवाने, रास्ता समतल कराने और स्थायी जल निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है।
अखिल भारतीय गुर्जर महासभा (राजस्थान इकाई) ने वनस्थली निवासी सीताराम गुर्जर को निवाई तहसील अध्यक्ष पद पर नियुक्त किया है। महासभा के टोंक जिलाध्यक्ष एसआर फागणा ने नियुक्ति पत्र जारी करते हुए उन्हें संगठन की जिम्मेदारी सौंपी। संगठन ने उम्मीद जताई कि वे निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए समाज हित में निरंतर कार्य करेंगे।
कृषि कनेक्शन के लिए रुपए जमा फिर भी पोल नहीं लगाए
बाड़मेर ग्रामीण क्षेत्र के किसान पन्नाराम गोदारा ने जेवीवीएनएल बाड़मेर ग्रामीण के एईएन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। किसान के मुताबिक उन्होंने कृषि विद्युत कनेक्शन के लिए आवेदन किया। बाद में 35 हजार 250 रुपए की मांग राशि जमा की। रसीद भी मिली। इसके अलावा 2650 रुपए लोड शुल्क अलग से जमा कराया गया। किसान का आरोप है कि भुगतान के बाद भी अब तक करीब 200 मीटर लाइन के लिए जरूरी तीन पोल नहीं लगाए गए। इसी वजह से कनेक्शन नहीं मिल पाया। किसान ने कहा कि कंपनी 90 दिन में कनेक्शन देने की बात करती है। उनके मामले में 1226 दिन बीत चुके हैं।
शहर में 5 दिन में फायरिंग का चौथा मामला सामने आया है। अंबामाता थाना क्षेत्र में गुरुवार देर रात धाक जमाने के लिए हिस्ट्रीशीटर और उसके साथियों ने युवक के मकान के बाहर गोलियां बरसाईं। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई कर 12 घंटों में 3 आरोपियों को गिरफ्तार और एक नाबालिग को डिटेन कर लिया। आरोपी भीलवाड़ा और डबोक में छिपे थे। वहां से लाते समय हिस्ट्रीशीटर समेत तीन आरोपियों ने रास्ते में लघुशंका के बहाने भागने का प्रयास किया। इस दौरान खड्डे में गिरने से तीनों के पैर टूट गए। इन्हें पकड़ने के दौरान कांस्टेबल फिरोज की नाक पर भी चोट आई। एएसपी उमेश ओझा ने बताया कि अंबामाता के धोली मगरी निवासी हिस्ट्रीशीटर इस्माइल उर्फ बड़ा मेवाती उर्फ मन्नू की मल्लातलाई के गरीब नवाज कॉलोनी निवासी मोहम्मद आरिफ व अरबाज खान से वर्चस्व को लेकर लंबे समय से रंजिश है। गुरुवार रात 1:17 बजे बड़ा मेवाती अपने साथी धोली मगरी निवासी समीर मेवाती उर्फ बिट्टू, गरीब नवाज कॉलोनी निवासी ताज मोहम्मद उर्फ शेरा और एक नाबालिग को लेकर आरिफ और अरबाज के घर के बाहर पहुंचा। मकान पर बीयर की बोतलें फेंकी। इसके बाद गेट पर फायरिंग करके सभी भाग गए। लघुशंका के बहाने गाड़ी रुकवाई, भागने की कोशिश में टूट गई टांगें पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए नाकाबंदी करवाई। फिर उनकी लोकेशन निकाली। इसमें तीन आरोपियों के भीलवाड़ा और एक के डबोक में छिपा होना पाया। डीएसटी प्रभारी भरत योगी व अंबामाता थानाधिकारी हुकम सिंह मय टीम ने रात में तीनों को भीलवाड़ा के छापरी गांव से दबोचा। नाबालिग को डबोक से पकड़ा। वह महिलाओं के कपड़े पहनकर छिपा था। पुलिस शुक्रवार दोपहर आरोपियों को उदयपुर ला रही थी। चीरवा टनल के पास उन्होंने लघुशंका के बहाने गाड़ी रुकवाई व भागने लगे। संतुलन बिगड़ने से खड्डे में गिरने से तीनों के पैरों में चोट आई। एक कांस्टेबल भी घायल हुआ। सभी का एमबी हॉस्पिटल में इलाज करवा गया। अरबाज पिस्टल लेकर मारने गया था, बदले में हिस्ट्रीशीटर ने की फायरिंग अरबाज और बड़ा मेवाती एक ही इलाके में रहते हैं। दोनों में वर्चस्व की रंजिश है। मेवाती हिस्ट्रीशीटर इमरान कूंजड़ा गिरोह का सदस्य है। कुछ माह पहले बड़ा मेवाती ने अरबाज को बाइक से कट मारकर धमकाया था। मोहल्ला छोड़कर चले जाने के लिए भी धमकाया था। इसलिए तीन माह पहले अरबाज खान पिस्टल लेकर बड़ा मेवाती को धमकाने उसके घर गया था। वहां से पुलिस ने उसे दबोच लिया था। इसके बाद से बड़ा मेवाती उससे बदला लेने की फिराक में था। अरबाज को भी इस बारे में पता था। ऐसे में वह आरिफ को बॉडीगार्ड के रूप में साथ रखता था। आरिफ जिम में प्रोटीन बेचने का काम करता है। इन्हें डराने धमकाने के लिए हिस्ट्रीशीटर ने फायरिंग कर दी।
नगर निगम चुनाव में परिसीमन के बाद हरिभाऊ उपाध्याय नगर में अजब स्थिति सामने आई है। शिव मंदिर के पास एक ही कतार में बने तीन मकान अलग-अलग वार्डों में शामिल हैं। नतीजा यह कि वार्ड 1 से 3 तक के प्रत्याशी यहां वोट मांगने पहुंच रहे हैं। क्षेत्रवासी अरुणा दाधीच ने बताया कि उनका मकान नंबर 65 है और ऑनलाइन पोर्टल पर उनका वार्ड नंबर 1 दर्ज है। वहीं उनके बेटे अनीष और पुत्रवधू का वार्ड नंबर 2 बताया जा रहा है। उनके अनुसार कुछ मतदाताओं के पते में हरिभाऊ उपाध्याय नगर की जगह बीके कौल नगर दर्ज है। पड़ोस के मकान नंबर 66 निवासी पुष्पेंद्र अग्रवाल के पांच परिजन के वोट वार्ड नंबर 3 में दर्ज हैं, जबकि परिवार के दो सदस्यों के मतदाता रिकॉर्ड की जानकारी नहीं मिल रही है। इसके आगे स्थित मकान नंबर 67 वार्ड नंबर 2 में शामिल है। ऐसे में एक ही गली में आसपास रहने वाले परिवार अलग-अलग वार्डों में बंट गए हैं। प्रत्याशी भी इन मकानों को अपने-अपने वार्ड का बताकर वोट मांग रहे हैं। क्षेत्रवासियों ने इस संबंध में बीएलओ को सूचना दी है।
गोगा नवमी पर चल समारोह आज, अध्यक्ष बने शुभम
अकोदिया| भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की नवमी पर मनाया जाने वाला गोगा नवमी पर्व इस साल शनिवार को मनाया जाएगा। इस अवसर पर अकोदिया में गोगा देव का भव्य चल समारोह एवं जुलूस निकाला जाएगा। आयोजन को लेकर वीर गोगा देव समिति का गठन किया गया है। समिति में संतोष सारवान को अध्यक्ष, सोनू चौहान को उपाध्यक्ष, जितेंद्र रानवे को सचिव, मनीष रानवे को सहसचिव और रवि तमोलिया को कोषाध्यक्ष बनाया गया है। श्री गोगाजी लोक कल्याण समिति अकोदिया के अध्यक्ष संतोष सारवान ने बताया कि गोगा नवमी आयोजन को लेकर समाजजनों द्वारा तैयारियां की जा रही हैं। चल समारोह की तैयारियों को लेकर वीर गोगा देव समिति एवं वाल्मीकि समाज के नगुलाल, किशन, ओमप्रकाश पिंटू, सुनील, मनोहर अखिले सहित अन्य समाजजनों ने लोगों से समारोह में शामिल होने की अपील की।
शंखनाद के साथ मना श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, दही हांडी फोड़ी
तिलावद| बाजार चौक स्थित गोपाल मंदिर में जन्माष्टमी पर्व धूमधाम और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। मंदिर को फूलों की मालाओं और रंगोली से सजाया गया, वहीं आकर्षक झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहीं। भजन-कीर्तन मंडली ने रात तक हारमोनियम और ढोलक की ताल पर भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं पर आधारित भजनों की प्रस्तुति दी। मंदिर में पंडित राधेश्याम बैरागी ने भगवान श्रीकृष्ण का आकर्षक श्रृंगार किया। रात 12 बजे शंखनाद के साथ मंदिर के पट खोले गए। ढोल-नगाड़े और ताशे की गूंज के बीच श्रद्धालुओं ने ‘आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की’ के जयघोष के साथ महाआरती की। भगवान श्रीकृष्ण को माखन-मिश्री और पंचामृत का भोग लगाया गया। पिछले 24 घंटे से रिमझिम बारिश के बावजूद जन्माष्टमी का उत्साह कम नहीं हुआ। बच्चों ने उत्साहपूर्वक दही हांडी फोड़ी और भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की खुशियां मनाईं।
हौसले की पाठशाला में पढ़ा रहे जिंदगी का सबक
भास्कर संवाददाता | विदिशा शिक्षक का दायित्व सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं होता। वह अपने संघर्ष, आचरण और समर्पण से विद्यार्थियों के जीवन को दिशा देता है। शिक्षक दिवस पर विदिशा और शमशाबाद के दो शिक्षकों की कहानी शिक्षा के प्रति निष्ठा और असाधारण हौसले की मिसाल है। शमशाबाद के बिंदु कुमार पटेल दोनों आंखों से दृष्टिबाधित होने के बावजूद 20 साल से विद्यार्थियों को पढ़ा रहे हैं, तो विदिशा के पंकज भार्गव ने अध्यापन के साथ पहलवानी में पहचान बनाई और अपने पिता का 26 साल पुराना अधूरा सपना पूरा किया। 20 साल से पढ़ा रहे बिंदु पटेल पीएमश्री बालक उमावि शमशाबाद में पदस्थ शिक्षक बिंदु कुमार पटेल दोनों आंखों से दृष्टिबाधित हैं। इसके बावजूद वे वर्ष 2006 से सामाजिक विज्ञान पढ़ा रहे हैं। अध्यापन के शुरुआती दौर में मोबाइल और इंटरनेट आसानी से उपलब्ध नहीं थे। वे किसी अन्य व्यक्ति से लेसन टेप रिकॉर्डर में पाठ रिकॉर्ड करवाते थे। रिकॉर्डिंग सुनकर पाठ याद करते और अगले दिन कक्षा में विद्यार्थियों को पढ़ाते थे। वर्ष 2018 के बाद स्मार्टफोन उनके लिए आंखों और किताब का काम करने लगा। अब वे यू-ट्यूब और गूगल पर विषय से जुड़ी सामग्री सुनकर तैयारी करते हैं और कक्षा में विद्यार्थियों को पढ़ाते हैं। आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने पढ़ाई जारी रखी।
शिक्षक दिवस पर तोहफा: विदिशा को मिले 465 नए प्राइमरी शिक्षक, आदेश जारी
भास्कर संवाददाता | विदिशा शिक्षक दिवस पर विदिशा जिले के सरकारी स्कूलों को बड़ी राहत मिली है। शिक्षक वर्ग-3 की भर्ती प्रक्रिया के तहत जिले में 465 नए प्राइमरी शिक्षकों की नियुक्ति के आदेश जारी हो गए हैं। इनमें से 418 शिक्षक दस्तावेज सत्यापन के बाद ज्वाइन भी कर चुके हैं। जिले में प्राइमरी शिक्षकों के 508 पद खाली थे, जिनमें से 465 पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी हो गई है। अब 43 पद रिक्त रह गए हैं। नई भर्ती से उन स्कूलों में राहत मिलने की उम्मीद है, जहां नियमित शिक्षकों की कमी के कारण अतिथि शिक्षकों के भरोसे पढ़ाई चल रही थी। जिले में वर्ग-1 से 3 तक 3 हजार से अधिक अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं। नियमित शिक्षकों की नियुक्ति के बाद कई स्कूलों में अतिथि शिक्षकों पर निर्भरता कम होगी। गुरुवार को भी नवनियुक्त शिक्षक अपनी आमद देने के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों के पास पहुंचे। अब तक 418 शिक्षकों के दस्तावेजों का सत्यापन पूरा कर उनका रिकॉर्ड ऑनलाइन दर्ज किया जा चुका है। डीईओ कार्यालय की स्थापना शाखा में आमद देने के बाद शिक्षक अपनी निर्धारित लोकेशन के लिए रवाना हो गए। अगले कुछ दिनों में वे संबंधित स्कूलों में कार्यभार संभालेंगे। जिला शिक्षा अधिकारी एनके अहिरवार का कहना है कि नई भर्ती से स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर होगी।
SATI में ड्रेस टेंडर पर घमासान: दो माह बाद भी विद्यार्थी बिना यूनिफॉर्म
भास्कर संवाददाता | विदिशा एसएटीआई में नवप्रवेशित विद्यार्थियों की यूनिफॉर्म और ब्लेजर खरीदी की प्रक्रिया सवालों के घेरे में है। टेंडर की बिड खुले दो महीने से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि विद्यार्थियों को किस मिल या ब्रांड का कपड़ा उपलब्ध कराया जाएगा। कॉलेज का नया सत्र शुरू हुए भी एक महीने से अधिक हो चुका है, इसके बावजूद छात्रों को यूनिफॉर्म नहीं मिल सकी है। यूनिफॉर्म खरीदी के लिए टेंडर की बिड 3 जुलाई को खोली गई थी। प्रक्रिया में चार फर्मों ने हिस्सा लिया था। इनमें से श्याम अपैरल्स, अहमदाबाद को तकनीकी रूप से अयोग्य घोषित किया गया। बाकी फर्मों की प्रक्रिया के बाद भी अब तक कपड़े के ब्रांड को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। टेंडर में प्रतिष्ठित ब्रांड की शर्त : टेंडर की शर्तों में प्रतिष्ठित और मानक ब्रांड के कपड़े को प्राथमिकता देने का उल्लेख किया गया था। इसके बावजूद अभी तक ब्रांड का नाम स्पष्ट नहीं होने से वेंडर्स और सप्लाई से जुड़े पक्षों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म कब तक मिलेगी, इसे लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। कपड़ा किस ब्रांड का होगा, यह भी तय करें वेंडर्स का कहना है कि केवल सप्लाई करने वाली फर्म का चयन पर्याप्त नहीं है। कपड़ा किस ब्रांड या मिल का होगा, इसकी स्पष्ट जानकारी भी जरूरी है। इस बार पहली बार नवप्रवेशित छात्रों को यूनिफॉर्म के साथ ब्लेजर भी दिया जाना है। ऐसे में खरीदी और सप्लाई में देरी होने से विद्यार्थियों को परेशानी हो सकती है। कमेटी की देखरेख में काम, नॉर्म्स के तहत ही देंगे ऑर्डर ^ड्रेस खरीदी की प्रक्रिया जारी है। इसके लिए एक विशेष कमेटी बनाई गई है, जिसकी देखरेख में पूरा काम हो रहा है। नए एडमिशन के कारण थोड़ी देरी हुई है। हम पहले से किसी ब्रांड या कंपनी का नाम घोषित नहीं कर सकते। डॉ. वाई.के. जैन, डायरेक्टर, एसएटीआई विदिशा
बारिश का दौर जारी, भदभदा के गेट खुलने से बेतवा का जलस्तर बढ़ने की आशंका, आज रेड अलर्ट
भास्कर संवाददाता | विदिशा जिले में पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने 5 सितंबर को विदिशा सहित आसपास के क्षेत्र में रेड अलर्ट जारी किया है। लगातार बारिश के चलते भोपाल के बड़े तालाब का जलस्तर भी फुल टैंक लेवल (एफटीएल) तक पहुंच गया है। ऐसे में भदभदा डैम के गेट खोले जाने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसका असर आगे चलकर विदिशा में बेतवा नदी के जलस्तर पर पड़ने की आशंका है। भदभदा डैम का जलस्तर शुक्रवार 4 सितंबर की शाम 7 बजे 1666.80 फीट दर्ज किया गया, जबकि कोलांस नदी का जलस्तर 5.50 फीट रहा। 30 जून से बड़े तालाब के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और अब तक करीब 8 फीट की वृद्धि दर्ज की जा चुकी है। एफटीएल तक पहुंचने के बाद अधिकारियों को डैम के गेट खोलने सहित आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। नदी किनारे बसे गांवों में सतर्कता जरूरी भोपाल में लगातार बारिश और भदभदा डेम से पानी छोड़े जाने की स्थिति में इसका असर बेतवा नदी के जलस्तर पर पड़ सकता है। ऐसे में नदी किनारे बसे गांवों और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे नदी और निचले क्षेत्रों में जाने से बचें। जलस्तर बढ़ने की स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें और किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें।
बारिश में भी नहीं थमा कृष्ण भक्तों का उत्साह, तीन किमी निकला जन्माष्टमी चल समारोह
भास्कर संवाददाता | विदिशा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर शुक्रवार को विदिशा आस्था और उल्लास से सराबोर रहा। यादव समाज के तत्वावधान में निकले श्रीकृष्ण जन्माष्टमी चल समारोह में रिमझिम बारिश भी श्रद्धालुओं का उत्साह नहीं रोक सकी। सैकड़ों श्रद्धालु करीब तीन किलोमीटर तक कृष्ण भजनों और जयकारों के साथ झूमते हुए चले। ‘हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की’ के जयघोष से शहर गूंजता रहा। चल समारोह दोपहर करीब एक बजे अग्रवाल धर्मशाला से शुरू हुआ। माधवगंज, निकासा, तिलक चौक, बड़ा बाजार और बजरिया होते हुए शाम करीब पांच बजे रामलीला चौराहा स्थित राधाकृष्ण मंदिर पहुंचा। यहां धर्मसभा, आरती और प्रसादी वितरण के साथ समारोह का समापन हुआ। समारोह में ओपन चलित मंच आकर्षण का केंद्र रहा नोएडा से आए कलाकारों ने राधा-कृष्ण का रूप धारण कर भजनों पर प्रस्तुतियां दीं। बैंड-बाजे और डीजे की धुन पर युवा, महिलाएं और बुजुर्ग भी थिरकते नजर आए। मार्ग में शहरवासियों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। श्रद्धालुओं के बीच माखन-मिश्री का प्रसाद वितरित किया गया। जिलेभर से समाजजन शामिल हुए। लाल-पीले परिधानों में महिलाओं की बड़ी संख्या में भागीदारी रही। ये रहे मौजूद: विधायक मुकेश टंडन, भाजपा नेता श्यामसुंदर शर्मा, वन विकास निगम उपाध्यक्ष राममोहन बघेल, कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित रघुवंशी, मलखान सिंह यादव, हरि सिंह यादव सहित समाजजन मौजूद रहे।
शिक्षक दिवस पर विशेष: विदिशा के सुपर टीचर्स , जो पढ़ाते ही नहीं, जिंदगी संवारते हैं
भास्कर संवाददाता | विदिशा शिक्षा सिर्फ किताबों और परीक्षा के अंकों तक सीमित नहीं है। एक शिक्षक की भूमिका बच्चों को विषय का ज्ञान देने से कहीं आगे होती है। वह उनके व्यक्तित्व, सोच और भविष्य को भी आकार देता है। विदिशा जिले के कुछ शिक्षकों ने अपने निजी प्रयासों, नवाचार और समर्पण से इस भूमिका को नई पहचान दी है। किसी ने स्कूल परिसर को हरा-भरा गुरुकुल बना दिया, तो किसी ने पढ़ाई को खेल और तकनीक से आसान बनाया। कोई छात्राओं को हुनर सिखाकर आत्मनिर्भर बना रहा है तो कोई बच्चों में राष्ट्रभक्ति के संस्कार डाल रहा है। पर्यावरण संरक्षण का गुरुकुल 3 हजार पौधों को सींचकर बनाया हरा-भरा परिसर, कोरोना काल में भी नहीं टूटने दिया पौधों की देखभाल का सिलसिला स्कूल : सौंथर हाई स्कूल, विदिशा से 27 किमी दूर विशेषता : 2 बीघा परिसर में ‘गुरुकुल वाटिका’ वर्ष 2019 में शुरू हुई छोटी-सी पहल आज 3 हजार पेड़-पौधों से सजे हरे-भरे परिसर में बदल चुकी है। प्रभारी प्राचार्य मोतीलाल गौड़ और स्कूल के अन्य शिक्षकों ने पौधों को सिर्फ लगाया ही नहीं, बल्कि उन्हें परिवार के सदस्य की तरह सींचा। असर : स्कूल का परिसर हरियाली से भर गया और पढ़ाई में भी बेहतर परिणाम मिले। 10वीं का परीक्षा परिणाम वर्ष 2024-25 में 100% और 2025-26 में 92% रहा। खेल-खेल में इनोवेटिव पढ़ाई रोल प्ले और खुद तैयार किए वीडियो से सामाजिक विज्ञान को बनाया रोचक, नवाचार की एमपी बोर्ड से लेकर पीएम कर्मयोगी पोर्टल तक पहुंची पहचान शिक्षिका : आभा पाराशर, माध्यमिक शिक्षिका स्कूल : महारानी लक्ष्मीबाई (एमएलबी) हायर सेकंडरी स्कूल, विदिशा कक्षा 9वीं से 12वीं तक की छात्राओं को पढ़ाने के दौरान वे रोल प्ले और खुद तैयार किए एजुकेशनल वीडियो का इस्तेमाल करती हैं। इससे छात्राओं की विषय में रुचि बढ़ी और कठिन विषय आसानी से समझ में आने लगे। असर : 10वीं के बेहतर परिणाम के लिए तैयार की गई ‘रिपीट रैंकर्स’ पुस्तक में उन्होंने योगदान दिया। वे एमपी बोर्ड की सदस्य भी हैं। उनके दो एजुकेशनल वीडियो प्रधानमंत्री कर्मयोगी मिशन पोर्टल पर भी प्रदर्शित किए जा रहे हैं। संस्कारों से बच्चों के आचरण में ला रहे बदलाव शिक्षक : इमरान उर्र रहमान स्कूल : हाई स्कूल, करैया हाट इमरान उर्र रहमान के लिए स्कूल में पढ़ाई के साथ बच्चों में राष्ट्रभक्ति और अनुशासन की भावना विकसित करना भी उतना ही जरूरी है। उनकी कक्षा में शिक्षक के प्रवेश करते ही बच्चे ‘जय हिंद’ कहकर उनका स्वागत करते हैं।असर : बच्चों के व्यवहार में अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना विकसित हो रही है।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर में डला ताला, लौट रहे मरीज
पथरिया | सिरोंज विकासखंड के ग्राम जगतर में शासन की ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था बदहाल नजर आ रही है। लाखों रुपये की लागत से उप स्वास्थ्य केंद्र को आयुष्मान आरोग्य मंदिर का स्वरूप दिया गया। मकसद था कि ग्रामीणों को गांव में ही प्राथमिक उपचार, जांच, नि:शुल्क दवाइयां मिलें। ग्रामीणों का आरोप है कि केंद्र अधिकांश समय बंद रहता है। मुख्य गेट पर ताला लटका रहता है। ग्रामीणों के अनुसार केंद्र पर पदस्थ स्वास्थ्यकर्मियों, एएनएम, कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर की उपस्थिति नियमित नहीं है। मरीज उपचार की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं। ताला लगा मिलता है। निराश होकर लौटना पड़ता है। सबसे अधिक असर गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं, बच्चों पर पड़ रहा है। नियमित एएनसी जांच, टीकाकरण, जरूरी दवाओं की सुविधा प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बुखार, उल्टी-दस्त, चोट, अन्य सामान्य बीमारियों में भी 15 से 20 किलोमीटर दूर सिरोंज जाना पड़ता है। गरीब परिवारों को निजी वाहन, इलाज पर अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। कई बार समय पर उपचार नहीं मिलने से गंभीर स्थिति बन जाती है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, कलेक्टर, स्वास्थ्य विभाग से केंद्र का तत्काल निरीक्षण कराने की मांग की है। कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने की मांग की है। चेतावनी दी है कि जल्द व्यवस्था नहीं सुधरी तो आंदोलन करेंगे। बीएमओ से

