गैलरी / दैनिक जागरण
14 सितंबर 2026 को मनाई जाने वाली गणेश चतुर्थी से पहले ऑनलाइन गणपति प्रतिमा खरीदने का चलन बढ़ रहा है। जानिए क्या ऑनलाइन मूर्ति मंगाना शास्त्रसम्मत है,
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान और दिग्गज खिलाड़ी रिकी पोंटिंग ने एकदिवसीय क्रिकेट को लेकर चिंता जताई है।
स्वप्न शास्त्र में खुद की दोबारा शादी का सपना देखने के कई शुभ और अशुभ मायने बताए गए हैं। यह सपना जीवन में नई शुरुआत, समस्याओं से मुक्ति, मानसिक बदलाव
इस साल की गणेश चतुर्थी उन लोगों के लिए बहुत ज़रूरी है जो राहु-केतु दोष से जूझ रहे हैं या राहु महादशा, केतु महादशा या उनकी अंतरदशा जैसे ग्रहों के दौर स
श्रीगणेश का सम्मान करने के लिए किए जाने वाले अनुष्ठान भक्ति और प्रार्थना के कार्य हैं ताकि किसी के जीवन में समृद्धि, ज्ञान और बाधाओं को दूर करने के लि
रसोई का स्वाद बढ़ाने वाली हरी इलायची केवल एक मसाला नहीं, बल्कि ज्योतिष और वास्तु में सौभाग्य का प्रतीक भी है। किसी भी महत्वपूर्ण काम पर जाते समय जेब य
शिक्षक दिवस के विशेष अवसर पर जानिए संत कबीरदास जी के वे 5 कालजयी दोहे, जो गुरु-शिष्य के पावन संबंध, गुरु के ज्ञान और जीवन में उनकी अतुलनीय महिमा को बे
इस वर्ष षष्ठी तिथि दो सितंबर की सुबह छह बजकर 12 मिनिट से शुरू होकर तीन सितंबर की सुबह चार बजकर 25 मिनिट पर समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार हल षष्ठी क
वर्तमान में शुक्र कन्या राशि में स्थित हैं और 2 सितंबर को राशि परिवर्तन कर अपनी स्वराशि तुला में प्रवेश करेंगे। शुक्र के तुला राशि में प्रवेश करते ही
2026 में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की सही तारीख को लेकर संशय दूर हो गया है। पंचांग के अनुसार 4 सितंबर की मध्यरात्रि में अष्टमी तिथि होने के कारण 4 सितंबर 2
इस साल कजरी तीज सोमवार, 31 अगस्त को मनाई जाएगी। यह त्योहार उत्तर भारतीय पूर्णिमांत कैलेंडर के अनुसार भाद्रपद महीने में कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को पड
28 अगस्त को राखी बांधने का शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 47 मिनिट से प्रारंभ होगा। इसके अलावा दोपहर 11 बजकर 44 मिनिट से 12 बजकर 35 मिनिट तक अभिजीत मुहूर्त र
एक साढ़ेसाती लगभग ढाई साल के तीन समय की होती है, क्योंकि शनि एक राशि में ढाई साल तक घूमता है। आम तौर पर किसी व्यक्ति के जीवन में शनि की साढ़ेसाती तीन
न्यूमरोलॉजी या अंकशास्त्र में हर नंबर का एक खास महत्व होता है। किसी व्यक्ति का 'रूट नंबर' उसकी जन्म तारीख के आधार पर तय होता है। अब आइए पूरी तरह से ज
अगर आपको भी किसी प्रकार की चिंंता सता रही है तो आप रामचरित मानस की चौपाइयों का पाठ कर सकते हैं। इसकी चौपाइयों का पाठ करने से भय, कष्ट, दुख, रोग आदि द

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