कुंडली / खास खबर
घर में गंदगी और अव्यवस्था रहने से नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ सकता है। इसी कारण कई लोग पोछा लगाने के पानी में नमक का इस्तेमाल करते हैं।....
हिंदू धर्म में 15 दिवसीय पितृ पक्ष को पितरों के स्मरण और उनके निमित्त तर्पण, पिंडदान और अन्य अनुष्ठान करने का समय माना जाता है। देश के कई तीर्थ स्थलों
स्कंद पुराण के रेवा खंड में एक श्लोक का उल्लेख मिलता है, जो नदियों की पावनता को एक अद्भुत परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत करता है।
पितृ पक्ष में अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों को उपयोगी वस्तुओं का दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और पूर्वजों के प्रति सम्मान व्यक्त होता है
हिंदू धर्म में पितरों की आत्मा की शांति, तृप्ति और मोक्ष के लिए पिंडदान और श्राद्ध का विशेष महत्व बताया गया है।
पितरों की आत्मा की शांति और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए हिंदू धर्म में श्राद्ध और पिंडदान का विशेष महत्व माना गया है। देश में कई ऐसे तीर्थ
जयपुर के शास्त्री नगर स्थित श्री अमर हरी सीतल धाम में शुक्रवार, 25 सितम्बर को शिव स्वरूप उदासीनाचार्य भगवान श्रीचंद्रजी के 532वें प्रकाश पर्व के उपलक्
कई परिवारों और धार्मिक परंपराओं में मंदिर से मिलने वाले प्रसाद को रास्ते में चलते-फिरते खाने के बजाय किसी स्वच्छ स्थान पर बैठकर या घर पहुंचने के बाद ग
घर में घड़ी ऐसी चीज है जिसे हम रोज देखते हैं, लेकिन इसे किस जगह लगाया जाए, इस पर बहुत कम ध्यान देते हैं। ज्यादातर लोग खाली दीवार देखकर वहां घड़ी लगा द
पूर्वजों की आत्मा की शांति और तृप्ति के लिए पितृ पक्ष में तर्पण, पिंडदान और दान-पुण्य किए जाते हैं।
पितृपक्ष शुरू होते ही लाखों श्रद्धालु अपने पितरों की मुक्ति के लिए गया, प्रयागराज और हरिद्वार की ओर रुख करते हैं,
पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने वाला पितृ पक्ष इस साल 26 सितंबर से शुरू हो रहा है।
इस बार आश्विन कृष्ण पक्ष 14 दिनों का रहेगा, लेकिन श्राद्ध कर्म 16 दिनों तक किए जाएंगे। वहीं, षष्ठी और सप्तमी तिथि का श्राद्ध एक ही दिन होने के कारण एक

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