मिसलेनियस / सत्य हिंदी
अमेरिकी चुनाव में ट्रंप और रिपब्लिकन पार्टी को लगे झटके ने नफरत, धार्मिक ध्रुवीकरण और बहुसंख्यकवाद की राजनीति पर सवाल खड़े किए हैं। वरिष्ठ पत्रकार प्र
फ्रांस से जर्मनी और सर्बिया तक युवाओं के आंदोलन क्यों तेज हो रहे हैं? पूंजीवाद, महंगाई, बेरोजगारी और अधिनायकवाद के खिलाफ दुनिया की बेचैनी पर अरुण कुमा
इसराइल के चुनाव ने लोकतंत्र की सीमाओं को उजागर कर दिया है, क्योंकि अरब मतदाताओं ने 19 सीटें हासिल की हैं। क्या नेतन्याहू के विरोधी सरकार बना पाएंगे, य
IDBI बैंक की ₹52,878 करोड़ की बिक्री पर मूल्यांकन, बोली प्रक्रिया और कर क्षतिपूर्ति को लेकर सवाल। Fairfax समूह और प्रेम वत्स से जुड़े कारोबारी फैसलों
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने सरकारी नौकरियों के चरित्र सत्यापन नियम सख्त किए हैं। जेन जी आंदोलन पर इसका असर होगा। नए आदेश में हिंसक रिजीम चेंज गतिविध
ब्राजील, हंगरी, अमेरिका और एशिया में दक्षिणपंथी राजनीति के खिलाफ बढ़ते आंदोलनों के बीच सवाल उठ रहा है कि क्या दुनिया में समाजवाद की वापसी हो रही है? व
इक़बाल हिंदुस्तानी का विश्लेषण: पढ़िए जावेद अख़्तर द्वारा मुस्लिम समाज में सुधार की मांग, पर्सनल लॉ, तीन तलाक, हलाला और रूढ़िवादिता पर क्या हैं हालात।
बिहार विधान परिषद चुनाव पर शैलेश का विश्लेषण: अनंत सिंह के विरोध के बावजूद पटना स्नातक सीट से जेडीयू के नीरज कुमार जीते, पढ़िए कैसे नीतीश कुमार के मुख
आइसा की अध्यक्ष नेहा बोरा ने दिल्ली पुलिस का पीस बॉण्ड भरने से इनकार कर लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और असहमति के अधिकार पर अहम सवाल उठाए हैं। स
चीन की घुसपैठ से लेकर SIR विरोधी आंदोलनों तक, सत्ता के रवैये और दरबारी मीडिया की भूमिका पर सवाल। क्या शांतिपूर्ण विरोध को अशांति बताकर नागरिकों को डरा
अरुणाचल प्रदेश में चीनी घुसपैठ, नो मैन्स लैंड में निर्माण, और ITBP महानिदेशक के बयान के बाद सीमा सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पढ़िए शैलेश का
यूपी में SIR के बाद एमएलसी मतदाता सूची में ‘राम ने यादव को मारा’, पिता के नाम की जगह ‘बी.कॉम’ और ‘भिखारी’ जैसी एंट्री सामने आईं। चुनाव आयोग ने सॉफ्टवे
आशुतोष की बात में वरिष्ठ पत्रकार विजय त्रिवेदी ने बताया कि किसानों की भागीदारी इस आंदोलन को एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम बना सकती है। CJP आंदोलन के बाद क
क्या बीजेपी से लोगों का मोहभंग हो रहा है, और क्या कांग्रेस इस नाराजगी का राजनीतिक फायदा उठा पाएगी? आशुतोष की बात में डॉ. कार्तिकेय बात्रा ने मोदी सरका
सर्वोच्च न्यायालय के फैसलों की स्वस्थ आलोचना, न्यायिक जवाबदेही और हालिया विवादित फैसलों पर इकबाल हिंदुस्तानी का विश्लेषण।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देशभर में हो रहे प्रदर्शनों में महिलाएं अग्रिम मोर्चे पर क्यों हैं? द डेली शो में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह न
दिल्ली समेत देशभर में 2026 के युवा आंदोलन ने पुलिस दमन और सरकारी दबाव के खिलाफ प्रतिरोध की नई तस्वीर पेश की है। शाहीन बाग, किसान आंदोलन और आदिवासी संघ
क्या विपक्ष के आंदोलन का असर अब सरकार पर दिखने लगा है? आशुतोष की बात में वरिष्ठ पत्रकार प्रभु चावला ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार
आशुतोष की बात में वरिष्ठ पत्रकार राशिद किदवई ने दिल्ली की तिरंगा यात्रा, अभिजीत दिपके और नेहा बोरा को हिरासत में लिए जाने, और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
द डेली शो में प्रोफेसर मुकेश कुमार के सवाल पर ओमकारेश्वर पांडेय ने कहा कि जिस आंदोलन की शुरुआत भले ही CJP ने की थी, लेकिन अब यह एक नेशनल मूवमेंट बन गय
'द डेली शो' के इस विशेष विश्लेषण में वरिष्ठ पत्रकार शीतल पी. सिंह ने देश भर में हो रहे आंदोलनों और प्रचार तंत्र द्वारा खबरों से ध्यान भटकाने की साजिशो
SIR विरोधी प्रोटेस्ट को लेकर इंडिया गठबंधन के अगले कदम को लेकर राहुल गांधी ने कहा कि यह सरप्राइज है। वरिष्ठ पत्रकार अरविंद मोहन का विश्लेषण पढ़िए कैसे
क्या राहुल गांधी ने विपक्ष की राजनीति की दिशा बदल दी है? ‘आशुतोष की बात’ में वरिष्ठ पत्रकार विनोद अग्निहोत्री ने चुनाव आयोग के खिलाफ INDIA ब्लॉक के मा
द डेली शो में वरिष्ठ पत्रकार पूर्णिमा त्रिपाठी ने राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और विपक्ष के अन्य नेताओं के सुप्रीम कोर्ट पहुंचने को एक अहम राजनीतिक

24 C 