मिसलेनियस / दैनिक जागरण
कार्तिक महीने में सर्दी शुरू होने पर और फाल्गुन महीने में गर्मी शुरू होने पर बाबा महाकाल की आरती के समय में बदलाव किया जाता है। इसके साथ ही भगवान के न
इस बार तिथियों के विशेष क्रम के कारण उत्सव छह दिनों तक चलेगा। 6 नवंबर को धनतेरस से आरंभ होकर 11 नवंबर को भाई दूज के साथ दीप महापर्व संपन्न होगा।
त्योहारों की पूजा के लिए तिथि के साथ-साथ शुभ मुहूर्त का विशेष ध्यान रखा जाता है। कहीं प्रदोष काल में पूजा का विधान है, तो कहीं अभ्यंग स्नान और द्वितीय
ज्योतिषीय मान्यता है कि शुभ चौघड़िया, होरा और स्थिर लग्न में की गई खरीदारी घर में समृद्धि और शुभता लाती है। नीचे स्थानीय समय के हिसाब से बताया गया है
धनतेरस पर सोना-चांदी, नए बर्तन, झाड़ू, धनिया के बीज और लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति खरीदना शुभ माना जाता है। वहीं लोहे का सामान, चाकू-कैंची, काली और कांच की
नवंबर 2026 ग्रह गोचर: बृहस्पति सिंह राशि के पहले चरण में रहेगा। तो, केतु भी उसी चरण में रहेगा। 12 नवंबर को मंगल कर्क राशि से सिंह राशि में प्रवेश करेग
अमावस्या तिथि आठ नवंबर को सुबह 11.28 बजे शुरू होगी, जो नौ नवंबर को दोपहर 12.31 बजे तक रहेगी। ऐसे में आठ नवंबर को दिनभर अमावस्या रहने के साथ रात में नि
पंचांग और कई ज्योतिषियों के ग्रहों की गणना के अनुसार, शुक्र त्योहार से पहले ज़्यादातर समय अस्त अवस्था में रहता है, लेकिन 28 अक्टूबर की रात को उसके फिर
शादी के बाद पहला करवा चौथ शादीशुदा महिलाओं के लिए बहुत खास होता है, इस व्रत में कुछ नियमों का ध्यान रखें। नई दुल्हन को करवा चौथ व्रत के नियम और विधि प
हिंदू पंचांग के अनुसार, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि 25 अक्टूबर को सुबह 11 बजकर 55 मिनट से शुरू होकर 26 अक्टूबर को सुबह 9 बजकर 41 मिनट तक
माना जाता है कि देवी लक्ष्मी और भगवान शुक्र को समर्पित शुक्रवार के आसान उपाय, अगर श्रद्धा से किए जाएं तो प्यार, खूबसूरती, खुशहाली और इमोशनल तालमेल लात
दशहरे पर असत्य पर सत्य की विजय का उत्सव मनाया जाता है। रामायण कथा के अनुसार, लंकापति रावण महाज्ञानी और नीतिशास्त्र का प्रकांड विद्वान था, इसलिए उसके व
रावण को जलाने के बाद, बहुत से लोग उसकी लकड़ी और राख को अपने घर ले आते हैं। आखिर इस परंपरा के पीछे क्या कारण हैं? तो चलिए इस सवाल का जवाब ढूंढते हैं और
शारदीय नवरात्र 2026: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि की नौवीं माला देवी सिद्धिदात्री को समर्पित है; जानें आज का शुभ रंग, प्रसाद, पूजा का महत्व औ
मां दुर्गा का तीसरा रूप चंद्रघंटा का है। चंद्रघंटा अर्थात् जिनके मस्तक पर चंद्र के आकार का तिलक है। दस हाथों के साथ मां अलग-अलग अस्त्र-शस्त्र हैं। इनक
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि के दूसरे दिन सफेद रंग शुभ माना जाता है। सफेद रंग शांति, पवित्रता और सादगी का प्रतीक है। इसलिए, कई भक्त आज सफेद क

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