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इशान किशन और तिलक वर्मा के आतिशी अर्धशतकों से भारत ने जीती टी-20 सीरीज

जिम्बाब्वे को 90 रनों से दी शिकस्त हरारे। इशान किशन (81) और तिलक वर्मा (नाबाद 60) की शानदार अर्धशतकीय पारियों के बाद गेंदबाजों के बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत भारत ने शनिवार को दूसरे टी-20 मुकाबले में जिम्बाब्वे को 90 रनों से शिकस्त दी। इसी के साथ भारत ने तीन मैचों की सीरीज में 2-0 से […] The post इशान किशन और तिलक वर्मा के आतिशी अर्धशतकों से भारत ने जीती टी-20 सीरीज appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jul 2026 9:51 pm

RSS के शताब्दी वर्ष पर झुंझुनूं में निकली ‘एक दौड़ राष्ट्र के नाम’युवा मैराथन

राष्ट्र प्रथम की भावना से ओतप्रोत है भारत का युवा : निम्बाराम झुंझुनूं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में शनिवार को झुंझुनूं जिला मुख्यालय पर एक दौड़ राष्ट्र के नाम युवा मैराथन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करने और भारत माता के चित्र के समक्ष […] The post RSS के शताब्दी वर्ष पर झुंझुनूं में निकली ‘एक दौड़ राष्ट्र के नाम’ युवा मैराथन appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jul 2026 9:30 pm

धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा मंजूर, प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार

नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार शाम धर्मेंद्र प्रधान का मंत्रिमंडल से इस्तीफा स्वीकार कर लिया। उनकी जगह उपभोक्ता एवं खाद्य मामलों के मंत्री प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। प्रधान ने आज अपराह्न शिक्षा मंत्री के पद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा भेजा था। राष्ट्रपति भवन […] The post धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा मंजूर, प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jul 2026 9:20 pm

झुंझुनूं में 14 वर्षीय छात्रा से वरिष्ठ शिक्षक ने की छेड़छाड़, केस दर्ज

झुंझुनूं। राजस्थान में झुंझुनूं जिले के बुहाना थाना क्षेत्र में पथाना गांव स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में एक 59 वर्षीय वरिष्ठ शिक्षक पर 14 वर्षीय नाबालिग छात्रा से अश्लील हरकतें और छेड़छाड़ करने का मामला सामने आया है। मामला उजागर होने के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। इसके बाद ग्रामीणों ने विद्यालय […] The post झुंझुनूं में 14 वर्षीय छात्रा से वरिष्ठ शिक्षक ने की छेड़छाड़, केस दर्ज appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jul 2026 8:57 pm

ईरानी हमले की आशंका से नाटो सम्मेलन से लौटते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने बदला था विमान

वाशिंगटन। अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस महीने की शुरुआत में तुर्की में आयोजित नाटो सम्मेलन से लौटते समय कथित ईरानी हमले की आशंका के कारण पुराने एयर फोर्स वन विमान का इस्तेमाल किया था। सीबीएस न्यूज ने अमरीकी अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी दी है। रिपोर्ट के अनुसार अमरीकी खुफिया एजेंसियों को […] The post ईरानी हमले की आशंका से नाटो सम्मेलन से लौटते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने बदला था विमान appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jul 2026 7:59 pm

आंदोलन के पीछे कोई विदेशी हाथ नहीं : कॉकरोज जनता पार्टी

नई दिल्ली। कॉकरोज जनता पार्टी (CJP) ने शनिवार को कहा कि उनके आंदोलन के पीछे न तो कोई विदेशी हाथ था और न ही विदेशी धन, यह केवल देश के विद्यार्थियों का आंदोलन था। सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास तथा आशुतोष रांका ने कहा कि राजधानी में जन्तर मंतर पर उनके धरने दौरान कुछ उपद्रवी […] The post आंदोलन के पीछे कोई विदेशी हाथ नहीं : कॉकरोज जनता पार्टी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jul 2026 7:43 pm

सीजेपी का आंदोलन समाप्त होने के बाद सभी मेट्रो स्टेशन खुले

नई दिल्ली। नीट पेपर लीक मामले को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के देश भर में जारी आंदोलन तत्काल प्रभाव से वापस लेने के बाद दिल्ली मेट्रो ने बंद किए गए सभी मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश द्वार शनिवार शाम खोल दिए। सीजेपी से संसद मार्च के दिन से ही सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए […] The post सीजेपी का आंदोलन समाप्त होने के बाद सभी मेट्रो स्टेशन खुले appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jul 2026 7:28 pm

‘कॉकरोचों’ ने बीजेपी सरकार पर 5 बड़े डेंट मारे:‘ये सरकार झुकती नहीं’ का नैरेटिव टूटा; क्या प्रधान के इस्तीफे के बाद डैमेज कंट्रोल होगा

12 साल पुरानी केंद्र की मोदी सरकार- सख्त, अडिग और किसी भी दबाव में न झुकने वाली। मामला चाहे CAA-NRC प्रोटेस्ट का हो या संसद में बीच सत्र से 146 विपक्षी सांसदों का सस्पेंशन या फिर राहुल गांधी की सदस्यता खत्म कर दी गई हो। सरकार किसी विरोध के आगे कमजोर पड़ते नहीं दिखी। किसी मंत्री पर इस्तीफे का दबाव बना, तो कहा गया- ‘भैया यहां इस्तीफे नहीं होते।’ लेकिन 12 साल में पहली बार कॉकरोच पार्टी ने मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ले लिया। इस पूरे घटनाक्रम से कौन-से 5 बड़े डेंट लगे और क्या सरकार इससे उबर पाएगी; जानेंगे भास्कर एक्सप्लेनर में… सवाल-1: क्या इस डेंट का असर आने वाले चुनावों पर पड़ेगा? जवाब: उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड की विधानसभाओं का कार्यकाल 2027 में खत्म हो रहा है। यहां फरवरी-मार्च 2027 में चुनाव हो सकते हैं। VoteVibe के फाउंडर और इलेक्शन एनालिस्ट अमिताभ तिवारी कहते हैं, ‘प्रोटेस्ट के दौरान सरकार ने राहुल गांधी या विपक्षी से कोई बातचीत नहीं की। उसने CJP के युवा नेताओं के साथ डील करके उनकी मांगें मान लीं, ताकि विपक्ष इसे अपनी जीत न दिखा सके। जबकि कॉकरोच पार्टी कोई चुनावी मंच नहीं, बल्कि यूथ प्लेटफॉर्म है। इसलिए सीधे तौर पर बीजेपी को कोई चुनावी नुकसान होता नहीं दिखता। विपक्ष को तब फायदा हो सकता था, जब उसने मांगें न मानी होतीं।' अमिताभ के मुताबिक, ‘राम मंदिर चंदाचोरी और फिर इस मामले में युवाओं के एकजुट प्रोटेस्ट से बीजेपी के सामने हिंदुत्व, हिंदू-मुस्लिम बाइनरी और राष्ट्रवाद जैसे मुद्दों को लेकर एक नई चुनौती है, लेकिन बीजेपी को कोई चुनावी घाटा नहीं होगा। हर राज्य के चुनावी फैक्टर अलग हैं। पंजाब में सिख बनाम अन्य की राजनीति है। उत्तराखंड में मुस्लिम सिर्फ 15% है। वहां हिंदुत्व का मुद्दा नहीं हैं। उत्तर प्रदेश में भी जातीय फैक्टर ज्यादा रोल निभाता है।’ कांग्रेस को कवर करने वाले सीनियर जर्नलिस्ट आदेश रावल कहते हैं, ‘आने वाले विधानसभा चुनावों में इसका कोई असर नहीं दिखता है। पीएम मोदी के चेहरे या केंद्र सरकार के कामकाज के बजाय राज्यों में लोकल मुद्दे ज्यादा प्रभावी होते हैं।’ हालांकि आदेश ये भी कहते हैं कि युवाओं में जिस तरह का रोष है और वो जारी रहता है, तो उसका इलेक्टोरल टेस्ट 2029 के लोकसभा चुनाव में होगा। सवाल-2: क्या धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सरकार डैमेज कंट्रोल कर लेगी? जवाब: धर्मेंद्र के इस्तीफे के अलावा सरकार ने कॉकरोच पार्टी की बाकी दोनों मांगें भी मान ली हैं- प्रोटेस्टर्स पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी और NEET पेपर लीक के चलते जान गंवाने वाले बच्चों के परिवारों को एक करोड़ का मुआवजा मिलेगा। आदेश रावल कहते हैं, ‘बीजेपी हिंदुत्व, राष्ट्रवाद जैसे मुद्दों से जुड़ा विरोध होता, तो बिना किसी डैमेज के मैनेज कर लेती, लेकिन इस बार मुद्दा उनके सिलेबस से बाहर का था। इस्तीफा दिया नहीं गया, बल्कि छात्रों ने इस्तीफा लिया है। पीएम मोदी को 2 दिन में बार-बार झुकना पड़ा। सारी मांगें माननी पड़ीं। वैचारिक तौर पर कुछ डैमेज ऐसा जरूर हुआ है, सरकार का मनोबल भी टूटा है, लेकिन ये डैमेज कंट्रोल हो जाएगा। आदेश जोड़ते हैं कि बीजेपी अपनी भूल में तुरंत सुधार करना भी जानती है। देश के लोगों की याद्दाश्त बहुत लंबी नहीं है। सरकार संसद सत्र में परिसीमन बिल आदि ला सकती है, इससे पूरा ध्यान उस पर चला जाएगा। ------------------ ये खबर भी पढ़िए… इन 5 वजहों से घबराई सरकार, तब हुआ धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा; नहीं झुकते तो क्या हो जाता, आखिरकार आंदोलन खत्म शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आखिरकार इस्तीफा दे ही दिया। जंतर-मंतर पर 35 दिन से कॉकरोच जनता पार्टी का अनशन, पीएम आवास के बाहर राहुल गांधी का धरना, संसद में रोज गूंजता हंगामा और देश-दुनिया के कई शहरों में हो रहे प्रदर्शन से सरकार दबाव में थी। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 25 Jul 2026 7:17 pm

सरकार ने फर्जी एयर सुविधा 2.0 वेबसाइटों के प्रति सावधान रहने की दी सलाह

नई दिल्ली। सरकार ने हवाई यात्रियों को फर्जी एयर सुविधा 2.0 वेबसाइटों के प्रति सचेत करते हुए व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से पहले वेबसाइट का यूआरएल ध्यानपूर्वक जांचने की सलाह दी है। नागर विमानन मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि उसके संज्ञान में आया है कि कुछ फर्जी वेबसाइटें और पोर्टल एयर सुविधा 2.0 होने […] The post सरकार ने फर्जी एयर सुविधा 2.0 वेबसाइटों के प्रति सावधान रहने की दी सलाह appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jul 2026 6:58 pm

सरकार से अपनी मांगों पर आश्वासन मिलने के बाद CJP ने वापस लिया आंदोलन

नई दिल्ली। पेपर लीक के मुद्दे पर पिछले एक महीने से अधिक समय से आंदोलन चला रही कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की घोषणा और सरकार की ओर से अपनी प्रमुख मांगों को मान लिए जाने के बाद शनिवार शाम को अपना आंदोलन वापस ले लिया। राजधानी में […] The post सरकार से अपनी मांगों पर आश्वासन मिलने के बाद CJP ने वापस लिया आंदोलन appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jul 2026 6:36 pm

जौनपुर में आशिक के साथ मिलकर की पत्नी ने की पति की हत्या

जौनपुर। उत्तर प्रदेश में जौनपुर जिले के बदलापुर कोतवाली क्षेत्र में शनिवार सुबह एक युवक का शव उसके घर के बाहर बने मड़हे में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। मृतक की पहचान भलुवाही गांव निवासी चंद्रदीप गौतम (30) के रूप में हुई है। पुलिस ने मृतक की पत्नी और उसके चचेरे मामा को गिरफ्तार कर लिया […] The post जौनपुर में आशिक के साथ मिलकर की पत्नी ने की पति की हत्या appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jul 2026 6:27 pm

RSS की सख्ती ने लिखी प्रधान के इस्तीफे की स्क्रिप्ट:PM मोदी के इंस्टाग्राम पोस्ट से पहले सीक्रेट मीटिंग, 3 दिन में कैसे पलटा खेल

22 जुलाई रात 10.30 तक तय था कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देंगे। गृहमंत्री अमित शाह की जिद और PM मोदी का सपोर्ट उन्हें कुर्सी पर टिकाए हुए था। 22 जुलाई की रात 10.30 बजे एक मीटिंग हुई और ये कुर्सी डगमगाने लगी। मीटिंग RSS और BJP के बीच थी। शाह अब भी जिद पर अड़े थे, लेकिन प्रधानमंत्री का सपोर्ट अब हट चुका था। RSS के 5 पदाधिकारियों की मोदी-शाह से मीटिंग RSS की तरफ से सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले, सह सरकार्यवाह अरुण कुमार और कृष्ण गोपाल के साथ दो और पदाधिकारी मौजूद थे। दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और जेपी नड्डा मौजूद थे। ये मीटिंग न BJP दफ्तर में हुई और न ही संघ कार्यालय में। वजह थी, इस मीटिंग और उसमें हुई बातों को सीक्रेट रखना। इस मीटिंग के बारे में किसी को खबर नहीं थी। सोर्स ने बस इतना कहा कि मीटिंग शामिल लोगों में से किसी एक के घर पर हुई थी। तय हुआ PM मोदी तुरंत रात में ही जेन जी के अंदाज में बात करें सोर्स ने बताया इसी मीटिंग में तय हुआ कि PM मोदी तुरंत यानी रात में ही जेन जी के सबसे फेवरेट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए बात करेंगे। भाषा भी ऐसी हो जो जेन जी तक पहुंचे। ये तक तय हुआ कि PM डेकोरेट या निश्चिंत न दिखें। चेहरे पर चिंता और आंखों में नींद दिखे, ताकि मैसेज जाए कि वे स्टूडेंट्स की फिक्र में सोए नहीं। ऐसा इंस्टाग्राम की पोस्ट में झलका भी। इस्तीफे की स्क्रिप्ट भी तभी लिखी गई... संघ के प्रतिनिधियों ने अपनी सधी शैली में कहा कि धर्मेंद्र के इस्तीफे पर विचार करना चाहिए। आंदोलन भड़क रहा है। यूपी-पंजाब में चुनाव है। बिहार में सरकार अभी स्थिर नहीं हो पाई है। ऐसे में अगर ये आंदोलन वाकई नेपाल के जेन जी जैसा हुआ, तो सरकार कठिनाई से घिर जाएगी। आखिर में कहा गया कि ये संघ का स्पष्ट विचार है। इसके लिए 5 दिन यानी 27 जुलाई तक हमें देखना चाहिए कि पूरे देश से रिपोर्ट क्या आती है। अगर आंदोलन दब गया तो ठीक नहीं तो सोमवार को इस्तीफा दिलाना चाहिए। इन 5 दिनों में हमें पहले हर संभव कोशिश करनी चाहिए। जैसे- 1. सरकार और PM के पक्ष में नरेटिव तैयार करें। 2. ABVP के छात्रों को प्रोटेस्ट में शामिल करना ताकि वे आंदोलन में शामिल स्टूडेंट्स को समझाएं या अंदर ही अंदर आंदोलन के भीतर मतभेद पैदा करें। 3. आंदोलन में टूट डालें, जैसे विपक्ष अलग हो जाए, वांगचुक अलग और दीपके अलग। प्लान पर शुरू हुआ काम 1. दूसरे दिन रात में वांगचुक का अनशन तुड़वा दिया गया। ये मुश्किल नहीं था क्योंकि वांगचुक तैयार थे। 2. नरेटिव बनने लगा। ABVP के छात्रों तक मैसेज भेजना शुरू हुआ। 3. 25 जुलाई को ABVP से जुड़े करीब 150 स्टूडेंट्स प्रयागराज से दिल्ली पहुंचे। सुबह से जंतर-मंतर के प्रदर्शन में शामिल हो गए। जिला स्तर पर तो 23 जुलाई से ही छात्र एक्टिव हो गए थे। BJP प्लान में फेल भी पास भी सोर्स बताते हैं, ‘वांगचुक और दीपके के बीच दरार पड़ गई। वांगचुक पर डील करने के आरोप लगे। BJP इसमें कामयाब रही, लेकिन आंदोलन को बढ़ने से नहीं रोक पाई। दूसरी तरफ, ABVP की तरह समाजवादी पार्टी की यूथ विंग एक्टिव हो गई। मैसेजिंग हुई कि हर जिले में 500 युवा इकट्ठे हों। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की आग बुझ रही थी, लेकिन बिहार, यूपी में आग बढ़ने लगी। डेडलाइन से 2 दिन पहले हो गया इस्तीफा... आंदोलन भड़का तो RSS ने और स्पष्ट मैसेज भेजा। सरसंघचालक मोहन भागवत ने संदेश दिया कि जेन जी से संवाद करना चाहिए। हमारी पीढ़ी अलग थी। हम आदेश मानते थे। ये पीढ़ी संवाद चाहती है। जेन जी को उनके तरीके से समझाकर हम रास्ते में ला सकते हैं। ये संदेश सरकार और प्रधानमंत्री के नाम था। भागवत ने मीडिया में ये बोलने से पहले ही ये संदेश PM और गृहमंत्री को भेज दिया था। RSS ने साफ कहा कि अब अगर ये आंदोलन बढ़ा तो सरकार संकट में आ जाएगी। सिर्फ मोदी, शाह और RSS को पता था कि आज इस्तीफा होगा 22 जुलाई की मीटिंग में BJP की तरफ से जितेंद्र सिंह और जेपी नड्डा भी थे। हालांकि, प्रधान का इस्तीफा हुआ तो इसकी जानकारी सिर्फ अमित शाह, नरेंद्र मोदी और RSS को थी। BJP दफ्तर के अंदर तो किसी को खबर तक नहीं थी। नड्डा और जितेंद्र सिंह को भी तुरंत हुए इस इस्तीफे की खबर बाद में पता चली। अब कौन/ होगा शिक्षा मंत्री सूत्र के हिसाब से फिलहाल आंदोलन में विपक्ष, स्टूडेंट्स और सरकार के बीच की कड़ी बने जितेंद्र सिंह और जेपी नड्डा का नाम लिस्ट में सबसे आगे है। दोनों मंत्री विनम्र और बेदाग माने जाते हैं। पूरे आंदोलन में भी इन्होंने जिस तरह से मध्यस्थता का काम किया, उसकी सरहाना RSS और BJP के शीर्ष नेतृत्व ने की। इनके अलावा भी दावेदार हैं… इससे पहले किसान आंदोलन से बैकफुट में आई थी सरकार इससे पहले किसान आंदोलन के हिंसक होने के बाद सरकार ने बिल वापस लिए थे। आंदोलनकारियों के सामने झुकने का ये दूसरा मौका है। सूत्र ने कहा, आप इसे झुकना कह रही हैं, मैं रणनीति कह रहा हूं। किसान आंदोलन की वजह से बिल वापस लिए गए। उसके बाद फिर कोई किसान आंदोलन दिखा क्या। अभी शांति जरूरी थी, सो इस्तीफा ले लिया। हालांकि कहानी अभी खत्म नहीं हुई है।

दैनिक भास्कर 25 Jul 2026 6:18 pm

सीकर : नीमकाथाना में एसीजेएम संख्या-1 कोर्ट के सहायक निदेशक अभियोजन कौशल सिंह राठौड़ रिश्वत लेते अरेस्ट

सीकर। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने सीकर जिले के नीमकाथाना में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) संख्या-एक न्यायालय के सहायक निदेशक अभियोजन कौशल सिंह राठौड़ को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। ब्यूरो के पुलिस महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि राठौड़ को शुक्रवार रात रेलवे स्टेशन […] The post सीकर : नीमकाथाना में एसीजेएम संख्या-1 कोर्ट के सहायक निदेशक अभियोजन कौशल सिंह राठौड़ रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jul 2026 6:06 pm

उदयपुर में होटल की बालकनी से पिछोला झील में गिरी मासूम बालिका

उदयपुर। राजस्थान में उदयपुर शहर के पिछोला झील में शनिवार को एक बालिका की डूबकर मौत हो गई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि दिल्ली निवासी सोनू सिंह तंवर अपनी पत्नी और दो वर्षीय बच्ची के साथ उदयपुर घूमने आए थे। यह परिवार यहां पिछोला झील के किनारे होटल जगत निवास में ठहरा था। सुबह वह […] The post उदयपुर में होटल की बालकनी से पिछोला झील में गिरी मासूम बालिका appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jul 2026 5:57 pm

धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा बहुत पहले ही आ जाना चाहिए था : डोटासरा

जयपुर। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा है कि केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने आखिरकार हारकर अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सौंप दिया लेकिन यह बहुत पहले ही आ जाना चाहिए था। डोटासरा ने प्रधान के इस्तीफे के बाद अपना बयान जारी कर यह बात कही। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री […] The post धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा बहुत पहले ही आ जाना चाहिए था : डोटासरा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jul 2026 5:41 pm

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा छात्रों की जीत, अब मोदी मांगे युवाओं से माफी : कांग्रेस

नई दिल्ली। कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को देश के छात्रों और युवाओं के संघर्ष की जीत बताते हुए कहा है कि यह केवल शुरुआत है और असली लड़ाई तो अभी बाकी है। पार्टी ने कहा कि पहली मांग मान ली गई है और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के युवाओं […] The post धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा छात्रों की जीत, अब मोदी मांगे युवाओं से माफी : कांग्रेस appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jul 2026 5:35 pm

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा, कहा हाल के घटनाक्रम से मन दुःखी

नई दिल्ली। नीट पेपर लीक को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के बैनर तले विद्यार्थियों के धरना-प्रदर्शन और विपक्षी दलों के दबाव के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से त्यागपत्र दे दिया। प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा भेजा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आज दोपहर […] The post केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा, कहा हाल के घटनाक्रम से मन दुःखी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jul 2026 5:25 pm

Weekly Horoscope: 27 जुलाई से 2 अगस्त 2026 का साप्ताहिक राशिफल, जानें किस राशि के खुलेंगे भाग्य

12 Zodiac Weekly Horoscope: 27 जुलाई से 2 अगस्त 2026 का सप्ताह जुलाई और अगस्त के संधिकाल का महत्वपूर्ण समय है। इस सप्ताह ग्रहों के गोचर और चंद्रमा की बदलती स्थिति का प्रभाव सभी 12 राशियों के जीवन पर अलग-अलग रूप में दिखाई दे सकता है। किसी के लिए यह सप्ताह करियर में नई उपलब्धियां लेकर आएगा, तो किसी के लिए आर्थिक मामलों में सतर्क रहने का संकेत देगा। प्रेम संबंधों, वैवाहिक जीवन, शिक्षा, स्वास्थ्य और निवेश से जुड़े मामलों में भी ग्रहों की चाल अहम भूमिका निभा सकती है। यदि आप आने वाले सप्ताह की संभावनाओं, चुनौतियों और शुभ अवसरों के बारे में पहले से जानना चाहते हैं, तो 27 जुलाई से 2 अगस्त 2026 का यह साप्ताहिक राशिफल आपकी योजना बनाने में मददगार साबित होगा। जानिए मेष से मीन तक सभी 12 राशियों के लिए यह सप्ताह कैसा रहने वाला है... ALSO READ: मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान साप्ताहिक राशिफल (27 जुलाई से 2 अगस्त 2026) मेष (21 मार्च – 20 अप्रैल) आपके लिए करियर और व्यवसाय में उल्लेखनीय प्रगति लेकर आ सकता है। प्रभावशाली लोग आपकी क्षमता से प्रभावित होंगे और आपको सम्मान की दृष्टि से देख सकते हैं। घर-परिवार का माहौल शांत और सुखद रहेगा, जिससे मन को सुकून मिलेगा। आर्थिक रूप से फिजूलखर्ची चिंता का कारण बन सकती है, इसलिए निवेश योजनाओं की दोबारा समीक्षा करना बेहतर रहेगा। रिश्तों में संवाद की कमी दूरियां बढ़ा सकती है, इसलिए दिल की बात खुलकर कहने का प्रयास करें। काम का बढ़ता दबाव थकान दे सकता है, इसलिए स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें। विदेश यात्रा की तैयारी कर रहे लोगों को हर पहलू की अच्छी तरह जांच करनी चाहिए। संपत्ति से जुड़े मामलों में किसी बुजुर्ग की राय या हस्तक्षेप धैर्य की परीक्षा ले सकता है। विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल रहेगा और आपका आकर्षक व्यक्तित्व नए मित्र भी दिला सकता है। शुभ अंक: 9 | शुभ रंग: येलो वृषभ (21 अप्रैल – 20 मई) कार्यक्षेत्र में वरिष्ठों से मिलने वाला सहयोग और भरोसा आपके आत्मविश्वास को बढ़ाएगा। बच्चों के साथ आनंदपूर्ण समय बिताने से घर का वातावरण खुशहाल बना रहेगा। यह सप्ताह व्यस्तता से भरा रह सकता है, इसलिए बेहतर योजना और धैर्य की आवश्यकता होगी। प्रेम संबंधों में यदि नीरसता आ गई है तो रिश्ते में नई ऊर्जा भरने की जरूरत होगी। अत्यधिक मेहनत या लापरवाही स्वास्थ्य पर असर डाल सकती है, इसलिए संतुलन बनाए रखें। आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें, क्योंकि छोटी गलती भी परेशानी बढ़ा सकती है। प्रियजनों के साथ छोटी यात्रा आपको तनाव से दूर कर ताजगी दे सकती है। संपत्ति से जुड़े विवादों को समय पर सुलझाने में किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह मददगार साबित होगी। विद्यार्थी एकाग्रता बनाए रखकर शानदार प्रदर्शन कर सकते हैं। शुभ अंक: 6 | शुभ रंग: ग्रीन मिथुन (21 मई – 21 जून) नौकरी में बदलाव आपके लिए बेहतर वेतन और नए अवसर लेकर आ सकता है। आय के एक से अधिक स्रोत आपकी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाएंगे और बचत बढ़ाने में मदद करेंगे। प्रेम संबंधों में गलतफहमियों को समय रहते दूर करना जरूरी होगा, अन्यथा दूरियां बढ़ सकती हैं। परिवार और रिश्तेदारों के साथ बिताया गया समय भावनात्मक संतोष देगा। करीबी दोस्तों से मुलाकात आपको मानसिक शांति और नई ऊर्जा प्रदान करेगी। यात्रा की योजनाएं अच्छी तरह पूरी होती दिखाई दे रही हैं। संपत्ति से जुड़े लेन-देन से धीरे-धीरे लाभ मिलने के संकेत हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए समय सकारात्मक रहेगा। खुद को आराम देने और तनाव कम करने के लिए मसाज या विश्राम चिकित्सा लाभदायक साबित हो सकती है। शुभ अंक: 7 | शुभ रंग: ऑरेंज कर्क (22 जून – 22 जुलाई) नियमित खान-पान और फिटनेस पर ध्यान देने का सकारात्मक असर इस सप्ताह आपके स्वास्थ्य पर दिखाई देगा। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत और समर्पण वरिष्ठों की प्रशंसा दिला सकते हैं। प्रेम जीवन से जुड़ी कोई अच्छी खबर आप अपनों के साथ साझा करने को उत्साहित रहेंगे, हालांकि सबकी प्रतिक्रियाएं अलग-अलग हो सकती हैं। खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा, अन्यथा आर्थिक दबाव बढ़ सकता है। यात्रा योजनाओं में अचानक बदलाव संभव है, इसलिए लचीला रवैया अपनाएं। संपत्ति से जुड़े मामलों में आपके पक्ष में परिणाम आने की संभावना है। विद्यार्थियों को कठिन विषयों को समझने में आसानी होगी। सामाजिक रिश्तों में बेहतर समझ और सहयोग आपको भावनात्मक मजबूती प्रदान करेगा। शुभ अंक: 9 | शुभ रंग: सैफ्रन सिंह (23 जुलाई – 23 अगस्त) अनुशासित दिनचर्या इस सप्ताह आपके स्वास्थ्य में सकारात्मक बदलाव ला सकती है। सहकर्मियों के साथ सार्थक बातचीत आपको कार्यक्षेत्र में नए दृष्टिकोण और उपयोगी जानकारी प्रदान करेगी। विवाहित जीवन में प्रेम और अपनापन बढ़ेगा तथा साथी के साथ खूबसूरत पल बिताने का अवसर मिलेगा। घर का वातावरण खुशहाल रहेगा और सभी सदस्य उत्साहित नजर आएंगे। आर्थिक मामलों में सावधानी बरतना आवश्यक होगा और छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज करने से बचें। अच्छी योजना के साथ बनाई गई छुट्टियां अधिक आनंददायक साबित होंगी। संपत्ति खरीदने की सोच रहे लोगों को अच्छे अवसर मिल सकते हैं। विद्यार्थी अपने प्रदर्शन से संतुष्ट रहेंगे। प्रियजनों के साथ समय बिताने से मानसिक तनाव कम होगा और भावनात्मक संतुलन बना रहेगा। शुभ अंक: 17 | शुभ रंग: पर्पल कन्या (24 अगस्त – 23 सितंबर) इस सप्ताह साथी के प्रति बढ़ती रुचि और समझ आपके रिश्ते को और गहरा बना सकती है। आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी और छोटी-मोटी खुशियों पर खर्च करने से बचत पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा। आपके प्रयासों को मिलने वाली सराहना आत्मविश्वास बढ़ाएगी। तनाव कुछ हद तक बना रह सकता है, इसलिए पर्याप्त नींद और खुद की देखभाल पर ध्यान दें। कार्यस्थल पर अधिक निगरानी या दबाव आपकी उत्पादकता को प्रभावित कर सकता है, इसलिए व्यवस्थित रहना जरूरी होगा। यात्रा करते समय स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। संपत्ति से जुड़े मामलों में दीर्घकालिक लाभ मिलने की संभावना है। कुछ विद्यार्थियों को अपेक्षित परिणाम पाने के लिए बेहतर योजना और अधिक मेहनत की आवश्यकता होगी। शुभ अंक: 8 | शुभ रंग: सैफ्रन तुला (24 सितंबर – 23 अक्टूबर) परिवार का सहयोग और प्रोत्साहन आपको अपने लक्ष्यों के करीब पहुंचाने में मदद करेगा। जीवनशैली में किए गए छोटे-छोटे बदलाव स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर डालेंगे। प्रेम जीवन में किसी भी बात को लेकर जल्द निष्कर्ष न निकालें, क्योंकि गलतफहमियां आसानी से पैदा हो सकती हैं। आर्थिक मामलों में जल्दी अमीर बनने वाली योजनाओं और जोखिम भरे निवेश से दूरी बनाकर रखें। कार्यक्षेत्र में आपकी समझ और निर्णय क्षमता मजबूत रहेगी, जिससे आप सही दिशा में आगे बढ़ेंगे। छोटी यात्रा आपके मन को ताजगी दे सकती है और नया दृष्टिकोण प्रदान करेगी। संपत्ति से जुड़े मामले आपके पक्ष में सुलझते दिखाई दे रहे हैं। विद्यार्थी अपनी रचनात्मक सोच और नए विचारों से प्रभावित करेंगे। धैर्य ही इस सप्ताह आपकी सबसे बड़ी ताकत साबित होगा। शुभ अंक: 5 | शुभ रंग: वायलेट वृश्चिक (24 अक्टूबर – 22 नवंबर) इस सप्ताह आपकी आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी और एक से अधिक स्रोतों से धन प्राप्त होने के संकेत हैं। कार्यक्षेत्र में पहल करने से आपको बेहतर पद या वेतन वृद्धि का अवसर मिल सकता है। प्रेम संबंधों में स्पष्टता की कमी तनाव पैदा कर सकती है, इसलिए अपनी भावनाओं को खुलकर व्यक्त करें। स्वास्थ्य से जुड़ी किसी समस्या को नजरअंदाज न करें और समय रहते ध्यान दें। परिवार के सदस्य अपनी-अपनी जिम्मेदारियों में व्यस्त रह सकते हैं, जिससे साथ बिताने का समय कम मिलेगा। दोस्तों के कार्यक्रम बदलने से यात्रा योजनाओं में अचानक परिवर्तन संभव है। संपत्ति के दस्तावेजों की अच्छी तरह जांच करें ताकि भविष्य की परेशानियों से बचा जा सके। विद्यार्थी लगातार प्रयासों से उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। ALSO READ: Weekly Numerology Horoscope: साप्ताहिक अंक भविष्यफल (27 जुलाई से 2 अगस्त 2026): जानें आपके मूलांक का सटीक राशिफल शुभ अंक: 7 | शुभ रंग: बेबी पिंक धनु (23 नवंबर – 21 दिसंबर) कोई नया खेल या फिटनेस गतिविधि इस सप्ताह आपकी ऊर्जा और सहनशक्ति को बढ़ा सकती है। पुराने निवेशों से लाभ मिलने की संभावना है, जिससे आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। अपने मन की बात कहने से प्रेम संबंधों में समझ और निकटता बढ़ेगी। घर में अपनापन और स्नेह का वातावरण पुरानी परेशानियों को कम कर सकता है। इस समय शुरू किए गए कार्य या परियोजनाएं निकट भविष्य में अच्छे परिणाम दे सकती हैं। विदेश यात्रा नए अनुभव और रोमांच लेकर आ सकती है। हाल ही में खरीदी गई संपत्ति से अच्छा लाभ मिलने के संकेत हैं। विद्यार्थी अपनी पढ़ाई की रणनीति बदलकर बेहतर परिणाम प्राप्त कर सकते हैं। सकारात्मक सोच आपको अपनी सीमाओं से आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी। शुभ अंक: 3 | शुभ रंग: पीच मकर (22 दिसंबर – 21 जनवरी) आपकी सकारात्मक सोच इस सप्ताह सफलता की संभावनाओं को बढ़ाएगी। घर का वातावरण सुकून, अपनापन और खुशियों से भरा रहेगा। जीवनसाथी के साथ बिताया गया समय रिश्ते में प्रेम और समझ को मजबूत करेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत रहने से आप अपनी पसंद की चीजों पर खर्च कर सकते हैं। हालांकि, स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें और नियमित दिनचर्या बनाए रखें। कार्यक्षेत्र में अचानक आने वाली चुनौतियां धैर्य और समझदारी की मांग करेंगी। फिलहाल अनावश्यक यात्राओं को टालना बेहतर रहेगा। परिवार के किसी बड़े सदस्य की मदद से लाभदायक संपत्ति सौदा संभव हो सकता है। विद्यार्थियों का प्रदर्शन सराहनीय रहेगा। भावनाओं में बहकर जल्दबाजी में कोई निर्णय लेने से बचें। शुभ अंक: 8 | शुभ रंग: ब्लू कुंभ (22 जनवरी – 19 फरवरी) प्रियजनों के साथ समय बिताना आपके व्यक्तित्व के स्नेहमय पक्ष को उजागर करेगा। घर-परिवार का वातावरण सुखद और सकारात्मक बना रहेगा। प्रेम जीवन में साथी की ओर से कोई महत्वपूर्ण वादा या प्रतिबद्धता मिल सकती है। आर्थिक रूप से आप बचत करने और निवेश के नए विकल्प तलाशने में सफल रहेंगे। कार्यक्षेत्र में अपनी कमजोरियों पर काम करना आपको प्रतिस्पर्धा में आगे बनाए रखेगा। लंबे समय से चली आ रही स्वास्थ्य समस्या पर ध्यान देना जरूरी होगा। यात्रा की योजनाओं को कुछ समय के लिए टालना बेहतर रहेगा। पारिवारिक संपत्ति बेचने की इच्छा रखने वालों को अच्छा लाभ मिल सकता है। विद्यार्थी अपनी चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित कर शानदार प्रदर्शन करेंगे। शुभ अंक: 11 | शुभ रंग: मैरून मीन (20 फरवरी – 20 मार्च) अपने लक्ष्यों के प्रति आपकी प्रतिबद्धता आपको सफलता की ओर आगे बढ़ाएगी। खान-पान में अनुशासन रखने से स्वास्थ्य में स्पष्ट सुधार दिखाई देगा। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत को आर्थिक रूप से सराहा जा सकता है। प्रेम संबंधों में भावनात्मक गर्मजोशी और अपनापन आपको सुकून देगा। हालांकि, अनावश्यक खर्च आर्थिक संतुलन बिगाड़ सकता है, इसलिए सावधानी रखें। परिवार के बुजुर्गों के साथ बातचीत आपको अपनापन और भावनात्मक मजबूती देगी। व्यावसायिक यात्राओं में कुछ अप्रत्याशित देरी संभव है। संपत्ति से जुड़े मामलों में अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी होगा। पढ़ाई के लिए नए संसाधन विद्यार्थियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाएंगे और जल्द ही आपके मान-सम्मान में वृद्धि के नए अवसर सामने आ सकते हैं। ALSO READ: मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान शुभ अंक: 4 | शुभ रंग: लाइट ब्लू

वेब दुनिया 25 Jul 2026 5:10 pm

'आदिपुरुष' पर मनोज मुंतशिर का छलका दर्द, बोले— फिल्म का बचाव करना जीवन की सबसे बड़ी भूल

साल 2023 में रिलीज हुई फिल्म 'आदिपुरुष' बॉक्स ऑफिस पर डिजास्टर साबित हुई थी। ओम राउत के निर्देशन में बनी इस फिल्म में प्रभास, सैफ अली खान और कृति सेनन लीड रोल में नजर आए थे। भव्य बजट और महाकाव्य रामायण पर आधारित होने के कारण इस फिल्म से देश और दुनिया के दर्शकों को अपार उम्मीदें थीं। हालांकि, रिलीज के तुरंत बाद फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स (VFX) और अमर्यादित संवादों के कारण इसे देशभर में भारी जन-आक्रोश का सामना करना पड़ा। उस समय टीवी चैनलों पर जाकर फिल्म और उसके संवादों का पुरजोर बचाव करने वाले मशहूर गीतकार और लेखक मनोज मुंतशिर ने अब अपनी गलती स्वीकार कर ली है। ALSO READ: शबाना आजमी की बिगड़ी तबीयत, स्वाइन फ्लू की चपेट में आईं, 5 दिन रहेंगी होम आइसोलेशन में मनोज का कहना है कि न केवल 'आदिपुरुष' के संवाद लिखना, बल्कि सार्वजनिक मंचों पर इसका बचाव करना भी उनके जीवन की सबसे बड़ी गलती है। 'टाइम्स नाउ' के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान मनोज मुंतशिर ने इस पूरे विवाद पर खुलकर अपनी बात रखी। मनोज ने खुलासा किया कि फिल्म रिलीज होने से लगभग छह महीने पहले ही जब पहला टीज़र आया था, तभी से लोगों ने इसका विरोध और ट्रोलिंग शुरू कर दी थी। उस दौरान उनकी पत्नी ने उन्हें सलाह दी थी कि वे इस प्रोजेक्ट का चेहरा न बनें और न ही इसका सार्वजनिक रूप से बचाव करें। मनोज ने कहा, आज जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूं, तो मुझे लगता है कि काश मैंने अपनी पत्नी की बात मान ली होती। उस समय मैं थोड़ा बेपरवाह था। मुझे दर्शकों के गुस्से और आघात की गहराई को समझने में कम से कम दो दिन का समय लगा। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें आदिपुरुष मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती मनोज मुंतशिर ने बिना किसी झिझक के अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा कि 'आदिपुरुष' से जुड़ना और बाद में मीडिया में जाकर उसका बचाव करना उनके करियर का सबसे शर्मनाक मोड़ था। उन्होंने कहा, आदिपुरुष मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी भूल थी, और उस फिल्म का बचाव करना उससे भी बड़ी गलती। जो कुछ भी फिल्म के आसपास हुआ, उससे मैं बेहद शर्मिंदा हूं। मैं अपने देशवासियों से उन सभी बातों के लिए हाथ जोड़कर क्षमा मांगता हूं। मनोज ने यह भी माना कि वे एक लेखक के तौर पर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम और संकटमोचन भगवान हनुमान के चरित्र के साथ न्याय करने में पूरी तरह असमर्थ रहे। मनोज ने कहा कि रिलीज के समय हनुमान जी से जुड़े उनके कुछ बयानों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया था, लेकिन वे अब उन विवादित पंक्तियों के लेखन का कोई औचित्य नहीं सिद्ध करना चाहते। उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा, अब जब मैं उन पंक्तियों को दोबारा देखता हूं, तो मुझे खुद पर शर्म आती है। मुझे नहीं पता कि उन्हें लिखते समय मेरे दिमाग में क्या चल रहा था। निदेशक ओम राउत के निर्देशन में बनी और टी-सीरीज तथा रेट्रोफाइल्स द्वारा निर्मित 'आदिपुरुष' में दक्षिण भारतीय सुपरस्टार प्रभास (राघव/भगवान राम), कृति सेनन (जानकी/सीता), सैफ अली खान (लकेश/रावण), सनी सिंह (शेष/लक्ष्मण) और देवदत्त नागे (बजरंग/हनुमान) ने मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं। लगभग 600 करोड़ के विशाल बजट में बनी यह फिल्म भारतीय सिनेमा की सबसे महंगी फिल्मों में से एक थी। 16 जून 2023 को सिनेमाघरों में उतरी इस फिल्म ने शुरुआती दिनों में बंपर ओपनिंग की, लेकिन आधुनिक टोन, विवादित संवादों और हॉलीवुड शैली के विजुअल्स के कारण दर्शकों ने इसे पूरी तरह नकार दिया। भारी विरोध के चलते निर्माताओं को बाद में फिल्म के कुछ संवाद बदलने भी पड़े थे।

वेब दुनिया 25 Jul 2026 3:21 pm

आज का एक्सप्लेनर:इन 5 वजहों से घबराई सरकार, तब हुआ धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा; नहीं झुकते तो क्या हो जाता, क्या अब आंदोलन खत्म

शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आखिरकार इस्तीफा दे ही दिया। जंतर-मंतर पर ३५ दिन से कॉकरोच जनता पार्टी का अनशन, पीएम आवास के बाहर राहुल गांधी का धरना, संसद में रोज गूंजता हंगामा और देश-दुनिया के कई शहरों में हो रहे प्रदर्शन। सभी की एक यही मांग थी। आखिर इतने दिनों से अड़े धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा क्यों दिया और अब आगे क्या होगा; जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में… i. जंतर-मंतर पर कॉकरोच पार्टी का प्रोटेस्ट: कॉकरोच जनता पार्टी 34 दिनों से जंतर-मंतर पर अनशन कर रही थी। 20-30 हजार युवा हर वक्त वहां मौजूद थे। 20 जुलाई के संसद मार्च के दौरान ‘पुलिस एक्शन’ के बाद भीड़ और बढ़ने लगी। ii. राहुल गांधी की अगुवाई में आक्रामक विपक्ष: 21 जुलाई को राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव सहित कई विपक्षी नेता पीएम आवास के पास धरने पर बैठे। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह मनाने पहुंचे ,तो राहुल ने कहा कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं होता, तब तक कोई चर्चा नहीं होगी। राहुल पीएम मोदी के माफीनामे पर भी अड़ गए। इसके बाद रोजाना राहुल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। पूरा विपक्ष इस मामले में एकट्ठा रहा। एक हफ्ते से संसद नहीं चलने दी। iii. पार्टी के भीतर नेताओं और सेलिब्रिटीज की उठती आवाजेंः बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी ने भी छात्रों की मांगों और चिंता का समर्थन किया। क्रिकेटर्स, बॉलीवुड सेलिब्रिटी, साउथ फिल्मों के स्टार्स, सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर भी युवाओं के विरोध प्रदर्शन से जुड़ने लगे थे। पेपर लीक को गंभीर मुद्दा बता रहे थे। क्या अब आंदोलन खत्म हो जाएगा? CJP प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि जब तक बाकी मांगो पर लिखित आश्वासन नहीं मिल जाती, हम हटने वाले नहीं हैं। दरअसल, कॉकरोच जनता पार्टी की जो 3 प्रमुख मांगे थी- धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, NEET पेपर लीक के कारण सुसाइड करने वाले छात्रों के परिवारवालों को मुआवजा और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई न हो। धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा होने के बाद जंतर-मंतर पर अभिजीत दीपके ने कहा- मंत्री का इस्तीफा तो हो गया है, लेकिन हमारी 2 और मांगे हैं। हम ऐसे नहीं जाएंगे। कॉकरोच एक बार घुसता है, तो निकलता नहीं है। जिन बच्चों ने सुसाइड किया उनके परिवार को एक करोड़ मुआवजा मिले। पुलिस वालों पर एक्शन होना चाहिए। ---------------- ये खबर भी पढ़िए… शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा: दीपके बोले- वे कहते थे इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते; लेकिन झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है। NEET पेपर लीक केस में उनके इस्तीफे की मांग करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी पिछले 36 दिन से जंतर-मंतर पर धरना दे रही है। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 25 Jul 2026 3:10 pm

देवशयनी एकादशी के दूसरे दिन ही क्यों आती है वामन द्वादशी? जानिए भगवान विष्णु के वामन अवतार का महत्व

देवशयनी एकादशी के ठीक अगले दिन यानी आषाढ़ शुक्ल द्वादशी तिथि को वामन द्वादशी या वामन जयंती (आषाढ़ मास वाली) के रूप में मनाया जाता है। इस बार 26 जुलाई 2026 को यह पर्व मनाया जा रहा है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी पवित्र तिथि पर भगवान विष्णु ने अपने 5वें अवतार 'वामन' के रूप में प्रकट होकर दैत्यराज बलि का उद्धार किया था और तीनों लोकों को उसके अधिकार से मुक्त कराया था। ALSO READ: Vasudev Diwadashi | वासुदेव द्वादशी आज, पढ़ें वामनावतार की रोचक कथा 1. देवशयनी एकादशी के तुरंत बाद इसे क्यों मनाते हैं? इसके पीछे एक बहुत ही सुंदर पौराणिक कथा और वचन जुड़ा हुआ है: राजा बलि का दान: भगवान वामन ने तीन पग (कदम) में नापने का वचन मांगकर दो ही पगों में स्वर्ग और पृथ्वी नाप लिए थे। तीसरा पग रखने के लिए जब कुछ नहीं बचा, तो दानवीर राजा बलि ने अपना सिर आगे कर दिया। पाताल लोक का राज्य: बलि की इस महान भक्ति और दानशीलता से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने उन्हें पाताल लोक का स्वामी बना दिया। बलि का वरदान: राजा बलि ने भगवान से वरदान मांगा कि वे हमेशा उनके साथ पाताल लोक में निवास करें। भगवान विष्णु ने अपने भक्त की इच्छा पूरी करने का वचन दे दिया। देवशयनी एकादशी से जुड़ाव: यही कारण है कि देवशयनी एकादशी पर जब भगवान विष्णु योगनिद्रा में जाते हैं, तो माना जाता है कि वे चार महीनों (चातुर्मास) के लिए पाताल लोक में राजा बलि के द्वार पर विश्राम करते हैं। द्वितीय दिवस का महत्व: जिस वामन रूप के कारण भगवान और बलि का यह संबंध बना, उसी वामन अवतार की पूजा एकादशी के अगले दिन (वामन द्वादशी) की जाती है ताकि भगवान के पाताल गमन का प्रसङ्ग संपूर्ण हो सके। 2. वामन द्वादशी का क्या महत्व है? अहंकार का नाश: यह तिथि सिखाती है कि चाहे व्यक्ति के पास कितना भी धन, बल या साम्राज्य क्यों न हो, अहंकार विनाश का कारण बनता है। भगवान वामन ने बलि का राज्य नहीं छीनना था, बल्कि उसके अहंकार को समाप्त करना था। पारण और व्रत का फल: देवशयनी एकादशी का व्रत रखने वाले श्रद्धालु वामन द्वादशी के दिन भगवान वामन की पूजा-अर्चना करने और ब्राह्मणों को दान देने के बाद ही अपने व्रत का पारण (व्रत खोलना) करते हैं। ऐसा करने से एकादशी व्रत का पूर्ण फल मिलता है। दान-पुण्य का महात्म्य: इस दिन चावल, दही, तांबे के बर्तन, और पीले वस्त्रों का दान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है और जीवन में आने वाले संकट दूर होते हैं। लक्ष्मी जी की कृपा: माना जाता है कि इस दिन भगवान वामन का पूजन करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है और अनजाने में हुए पापों से मुक्ति मिलती है। संक्षेप में: आषाढ़ शुक्ल द्वादशी का दिन भगवान विष्णु के वामन रूप की कृपा पाने और यह याद करने का दिन है कि ईश्वर के सामने समर्पण और विनम्रता ही सबसे बड़ा धर्म है।

वेब दुनिया 25 Jul 2026 2:42 pm

The Postponed Republic: How India’s Education System Betrays Its Promise

For millions in the Indian diaspora building new lives abroad, the persistent crises in India’s education system are more than distant headlines—they are unfinished chapters in our own story of aspiration and belonging. We left behind classrooms that were meant to unlock potential, only to watch from afar as those same institutions continue to falter […]

चौथी दुनिया 25 Jul 2026 1:16 pm

Asian Games में कब टकराएंगी भारत पाक की पुरुष महिला क्रिकेट टीमें?

मौजूदा चैंपियन भारत और पाकिस्तान की पुरुष और महिला क्रिकेट टीम को जापान में होने वाले एशियाई खेलों में सीधे क्वार्टर फाइनल में जगह दी गई है।भारतीय महिला टीम जापान के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी, जबकि पुरुष टीम का मुकाबला प्रारंभिक चरण के मैच के बाद तय होगा। सेमीफाइनल में भारतीय महिला टीम का सामना बांग्लादेश या चीन में से किसी एक टीम से होगा। भारतीय पुरुष टीम सेमीफाइनल में पाकिस्तान का सामना कर सकती है। एशियाई खेलों में पुरुषों की क्रिकेट प्रतियोगिता 24 सितंबर को शुरू होगी और उसका फाइनल मैच एक अक्टूबर को खेला जाएगा। महिलाओं की प्रतियोगिता 17 से 22 सितंबर तक होगी। भारतीय महिला टीम फाइनल में पाकिस्तान से भिड़ सकती है। पुरुषों की प्रतियोगिता में 10 टीमें भाग ले रही हैं। प्रारंभिक चरण में ग्रुप ए में अफगानिस्तान, जापान और नेपाल तथा ग्रुप बी में हांगकांग, चीन, मलेशिया और ओमान शामिल होंगे। Mens Asian Games - September 24 to October 1st. ODIs vs West Indies - September 27 to October 3rd. Shreyas Iyer, Ishan Kishan, Axar Patel, Nitish Kumar Reddy, Washington Sundar, Harshit Rana, Jasprit Bumrah, Arshdeep Singh will miss the West Indies ODIs. pic.twitter.com/vNkzJCR0Cp — Johns. (@CricCrazyJohns) July 24, 2026 दोनों प्रतियोगिताएं आइची प्रांत के कोरोजी एथलेटिक पार्क में टी20 प्रारूप में खेली जाएंगी।श्रेयस अय्यर भारतीय पुरुष टीम की, जबकि हरमनप्रीत कौर भारतीय महिला टीम की कप्तानी करेंगी।क्रिकेट चौथी बार एशियाई खेलों के कार्यक्रम का हिस्सा है। इससे पहले यह 2010 में ग्वांगझू, 2014 में इंचियोन और 2023 में हांगझोऊ खेलों का हिस्सा था।

वेब दुनिया 25 Jul 2026 1:00 pm

देवशयनी एकादशी पर भगवान विष्णु को सुलाने का यह है मंत्र‍

25 जुलाई 2026 को देवशयनी एकादशी का महाव्रत रखा जा रहा है। आज से 4 माह के लिए भगवान विष्णु क्षीरसागर में शयन के लिए चले जाएंगे। देवशयनी एकादशी के दिन भगवान श्री हरि विष्णु को क्षीरसागर में शयन कराने (सुलाने) के लिए नीचे दिए गए प्रसिद्ध और पौराणिक मंत्र का जाप किया जाता है। मुख्य शयन मंत्र सुप्ते त्वयि जगन्नाथ जगत् सुप्तं भवेदिदम्। विबुद्धे त्वयि बुद्धं च जगत् सर्वं चराचरम्॥ मंत्र का अर्थ: हे जगन्नाथ! आपके सो जाने पर यह संपूर्ण जगत सो जाता है और आपके जागने पर ही संपूर्ण चराचर (सजीव व निर्जीव) संसार जाग उठता है। शयन कराते समय इस मंत्र का भी जप किया जाता है: सोमनाथं नमस्कृत्य क्षीरोदं क्षीरशायिनम्। नारायणं च सर्वात्मानं योगनिद्रां नमाम्यहम्॥ मंत्र का अर्थ: क्षीरसागर में शयन करने वाले, सभी आत्माओं के आधार श्री नारायण को प्रणाम करके मैं भगवान की योगनिद्रा को नमस्कार करता हूँ। पूजा की संक्षिप्त विधि शयन कराने का समय: देवशयनी एकादशी की पूजा और आरती करने के बाद भगवान विष्णु की प्रतिमा या शालिग्राम जी को पंचामृत से स्नान कराएं। वस्त्र व श्रृंगार: उन्हें पीले वस्त्र पहनाएं और तुलसी दल, पीले फूल तथा नैवेद्य अर्पित करें। शयन प्रक्रिया: इसके बाद भगवान को एक छोटे से सुंदर बिस्तर/झूले पर विराजमान करें और ऊपर दिए गए मंत्रों का उच्चारण करते हुए भावपूर्वक उन्हें विश्राम (योगनिद्रा) कराएं। विशेष मान्‍यता: देवशयनी एकादशी से भगवान विष्णु चार महीनों के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं, जिसे चातुर्मास कहा जाता है। इसके बाद कार्तिक मास की देवउठनी एकादशी पर भगवान को पुनः जगाया जाता है।

वेब दुनिया 25 Jul 2026 12:50 pm

वैश्विक शिपिंग इंडस्ट्री का पावरहाउस: जानिए क्यों दुनिया में फिलीपींस के बाद भारत ही है नाविकों का सबसे बड़ा टैलेंट हब

हाल ही में काला सागर के रूसी जल क्षेत्र में व्यावसायिक जहाजों 'एमवी ओमोरफी' (MV Omorfi) और 'एमवी गोल्‍डन लियो' (MV Golden Lion) पर हुए घातक हमलों ने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है। इन हादसों में भारतीय क्रू मेंबर्स की दुखद मौत के बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। भारत ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई, तो वैश्विक सप्लाई चेन पूरी तरह ठप हो सकती है।इस घटना ने एक बार फिर साबित किया है कि दुनिया के समुद्री जहाजों को चलाने में भारत का योगदान कितना विशाल है। बाल्टिक एंड इंटरनेशनल मैरीटाइम काउंसिल (BIMCO) और इंटरनेशनल चैंबर ऑफ शिपिंग (ICS) की ताजी रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर के 25.65 लाख नाविकों में से 56% से अधिक हिस्सेदारी अकेले फिलीपींस, भारत, चीन, रूस और इंडोनेशिया की है। फिलीपींस के बाद भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा नाविक (Seafarers) सप्लायर देश है। आखिर वैश्विक शिपिंग इंडस्ट्री में भारतीय टैलेंट का ऐसा डंका क्यों बजता है? आइए इसके मुख्य कारणों को गहराई से समझते हैं।1. विशाल तटरेखा और प्राचीन समुद्री परंपराभारत के पास लगभग 7,500 किलोमीटर से अधिक लंबी समृद्ध तटरेखा है। गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे तटीय राज्यों का सदियों से समुद्र से गहरा व्यावसायिक व सामाजिक नाता रहा है। इन क्षेत्रों की पीढ़ियां मछली पालन, बंदरगाहों के काम और समुद्री व्यापार से जुड़ी रही हैं, जिससे यहां के युवाओं के भीतर समुद्र में काम करने का स्वाभाविक झुकाव और साहस देखने को मिलता है।2. युवाओं का जोश और अंग्रेजी भाषा पर मजबूत पकड़विशाल युवा आबादी: भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा शक्ति है। कठिन परिस्थितियों, महीनों परिवार से दूर रहने और समुद्र की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद अच्छी आय व अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर के कारण भारतीय युवा इस क्षेत्र को पहली पसंद मानते हैं।कम्युनिकेशन में बढ़त: अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर कैप्टन, मरीन इंजीनियर और क्रू मेंबर्स अलग-अलग देशों से होते हैं, जहां 'अंग्रेजी' ही संचार का एकमात्र माध्यम बनती है। भारतीय युवाओं की बेहतर अंग्रेजी समझ और संवाद क्षमता उन्हें अन्य गैर-अंग्रेजी भाषी देशों के नाविकों पर स्वाभाविक बढ़त दिलाती है।3. मजबूत समुद्री शिक्षा और एडवांस्ड टेक्निकल स्किल्सआधुनिक समुद्री जहाज अब केवल साधारण जहाजों तक सीमित नहीं हैं; वे एआई (AI), सैटेलाइट नेविगेशन, रडार सिस्टम, डिजिटल ऑटोमेशन और जटिल मरीन इंजीनियरिंग पर काम करते हैं।भारत में मौजूद विश्वस्तरीय मैरीटाइम ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट युवाओं को केवल नेविगेशन और इंजन रखरखाव ही नहीं सिखाते, बल्कि आपातकालीन प्रबंधन, आग पर काबू पाने और जीवन रक्षा उपकरणों का कड़ा अंतरराष्ट्रीय मानक प्रशिक्षण देते हैं। यही वजह है कि मरीन इंजीनियर और इलेक्ट्रो-टेक्निकल ऑफिसर के रूप में भारतीय युवाओं की सबसे ज्यादा मांग रहती है।4. अनुशासन और कैप्टन-लेवल लीडरशिप में बढ़ता दबदबासमुद्र में हुई एक छोटी सी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है। भारतीय नाविक अपने कड़े अनुशासन, टीम भावना और विपरीत परिस्थितियों में शांत रहकर निर्णय लेने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं।एक समय था जब भारतीयों की पहचान केवल निचले स्तर के क्रू मेंबर्स तक सीमित थी, लेकिन आज भारतीय कैप्टन, चीफ इंजीनियर और डेक ऑफिसर वैश्विक जहाजों की कमान संभाल रहे हैं।चुनौतियां और भविष्य की राहभले ही भारत वैश्विक शिपिंग का सबसे बड़ा पावरहाउस बन रहा है, लेकिन अभी भी प्रशिक्षण की बढ़ती लागत, कुछ संस्थानों में गुणवत्ता का अभाव और लंबे समय तक घर से दूर रहने के कारण नाविकों के मानसिक स्वास्थ्य जैसी बड़ी चुनौतियां मौजूद हैं। इसके अलावा, जहाजों पर महिला नाविकों की भागीदारी बढ़ाना भी एक बड़ा लक्ष्य है।यदि केंद्र सरकार और मरीन कंपनियां नाविकों की सुरक्षा, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और आधुनिक वेलफेयर पर ध्यान देती हैं, तो आने वाले वर्षों में भारत फिलीपींस को पछाड़कर दुनिया का नंबर-1 'मैरीटाइम टैलेंट हब' बनने की पूरी क्षमता रखता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 12:49 pm

CJP संस्थापक अभिजीत दीपके टाइफाइड की चपेट में, फिर भी जारी रखेंगे अपना आंदोलन

जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के बीच पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके बीमार हो गए। जांच में पता चला कि उन्हें टाइफाइड हो गया है। इसके बाद उन्होंने एक वीडियो जारी कर अपने समर्थकों से कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक लड़ाई जारी रहेगी। ALSO READ: 'मेट्रो, इंटरनेट और खाना बंद करा दिया, पेपर लीक नहीं रोक पाए', जंतर-मंतर प्रदर्शन के बीच राहुल गांधी का मोदी सरकार पर बड़ा हमला सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, टाइफाइड हो गया है, लेकिन जब तक धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जारी रहेगी लड़ाई नहीं देते, यह लड़ाई जारी रहेगी! उन्होंने कहा कि जैसा की आप सभी को पता था कि पिछले कुछ दिनों से मेरी तबियत खराब चल रही थी। जांच रिपोर्ट आ गई है और मुझे टाइफाइड है। मेरा इलाज जारी है। रोज सुबह शाम में आईवी (Intravenous) लग रही है। दीपके ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर जोर देते हुए आगे कहा कि मैं सभी कॉकरोच से जुड़ने वाले लोगों का धन्यवाद करना चाहूंगा, जो देशभर में शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट कर रहे हैं। इस आंदोलन को आप सभी ने सफल बना दिया है और मैं आश्वस्त हूं कि अगर इसी तरह शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट जारी रहा तो धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा जरूर होगा। Have been diagnosed with typhoid, but the fight will go on until Dharmendra Pradhan resigns! pic.twitter.com/8iHSZdF6K7 — Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) July 25, 2026 दीपके के स्वास्थ्य संबंधी मुख्य अपडेट्स: बीमारी के लक्षण: दीपके को बीते कुछ दिनों से तेज बुखार, बॉडी पेन (शरीर में दर्द) और पाचन संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। जांच में पुष्टि: डॉक्टरों द्वारा दिए गए परामर्श के बाद कराए गए ब्लड टेस्ट में टाइफाइड की पुष्टि हुई है। आंदोलन पर प्रभाव: शारीरिक रूप से बेहद कमजोर होने के बावजूद दीपके ने स्पष्ट किया कि डॉक्टरों की सलाह पर दवाइयां लेने के साथ-साथ वे अपने जारी अभियानों और विरोध-प्रदर्शनों को रोकेंगे नहीं। टाइफाइड क्या है? टाइफाइड एक गंभीर बैक्टीरियल संक्रमण है, जो टाइफाइड बुखार/ 'साल्मोनेला टाइफी नामक बैक्टीरिया के कारण होता है। यह मुख्य रूप से दूषित पानी और भोजन के सेवन से फैलता है, और यह शरीर के अंदर प्रमुख रूप से आंतों, खून और अन्य अंगों को प्रभावित करता है। टाइफाइड एक संक्रामक बीमारी है, जो अगर सही समय पर इलाज न किया जाए, तो गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है। ALSO READ: दिल्ली में आज 18 मेट्रो स्टेशन बंद, जंतर-मंतर प्रदर्शन के बीच DMRC का बड़ा फैसला टाइफाइड के कारण: 1. दूषित पानी और भोजन: टाइफाइड मुख्य रूप से दूषित पानी और खाने से फैलता है। जब व्यक्ति दूषित पानी या अस्वच्छ भोजन खाता है, तो बैक्टीरिया शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। 2. संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आना: टाइफाइड से पीड़ित व्यक्ति के मल और मूत्र में बैक्टीरिया होते हैं। अगर किसी स्वस्थ व्यक्ति ने संक्रमित व्यक्ति के मल या मूत्र से संपर्क किया हो, तो यह संक्रमण फैल सकता है। 3. स्वच्छता की कमी: अगर हाथ धोने की आदत न हो, खासकर खाना खाने से पहले, तो संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। 4. स्वास्थ्य सेवाओं की कमी: खराब जल आपूर्ति और अस्वच्छ शौचालय की स्थिति टाइफाइड के फैलने का प्रमुख कारण हो सकती है। ALSO READ: '11 किलो वजन घटा, ऑर्गन्स और ब्रेन को नुकसान हुआ', अनशन पर उठे सवालों से भड़के सोनम वांगचुक, बोले- क्या मुझे कैरेक्टर सर्टिफिकेट लेना होगा? टाइफाइड के लक्षण टाइफाइड के लक्षण आमतौर पर 1 से 3 सप्ताह के बीच दिखने लगते हैं, और इनकी गंभीरता बढ़ सकती है यदि समय पर इलाज न किया जाए। कुछ सामान्य लक्षण हैं: 1. बुखार: टाइफाइड का सबसे सामान्य लक्षण लगातार बुखार है, जो धीरे-धीरे बढ़ता है और उच्चतम स्तर तक पहुंच सकता है। बुखार 39-40C तक जा सकता है। 2. पेट दर्द: पेट में तेज दर्द और ऐंठन महसूस हो सकती है, खासकर पेट के निचले हिस्से में। 3. कमजोरी और थकान : टाइफाइड के कारण शरीर में अत्यधिक कमजोरी और थकान महसूस होती है, जिससे सामान्य कार्यों को करना मुश्किल हो सकता है। 4. दस्त और कब्ज: कुछ मरीजों को दस्त और कुछ को कब्ज की समस्या हो सकती है। 5. सिर दर्द और मिचली : सिर दर्द, उल्टी, और मिचली की समस्या भी आमतौर पर टाइफाइड के लक्षण होते हैं। 6. लाल या पीले रंग का पेट: कुछ मामलों में पेट पर लाल या पीले चकत्ते हो सकते हैं। 7. बेहोशी या भ्रम: गंभीर मामलों में, रोगी को भ्रम, चक्कर, या बेहोशी का सामना करना पड़ सकता है। टाइफाइड का उपचार टाइफाइड का इलाज मुख्य रूप से एंटीबायोटिक्स के माध्यम से किया जाता है, लेकिन यह इलाज डॉक्टर की निगरानी में होना चाहिए। उपचार में शामिल कुछ सामान्य कदम हैं: 1. एंटीबायोटिक्स : टाइफाइड का इलाज मुख्य रूप से एंटीबायोटिक्स जैसे *सीफोटेक्साइम, सीफ्रेड, एज़िथ्रोमाइसिन* या *क्लोरम्फेनीकोल* के जरिए किया जाता है। डॉक्टर लक्षणों और बैक्टीरिया के प्रकार के अनुसार उचित एंटीबायोटिक निर्धारित करेंगे। 2. हाइड्रेशन : टाइफाइड में बुखार, दस्त और उल्टी के कारण शरीर में पानी की कमी हो सकती है, इसलिए हाइड्रेशन बेहद जरूरी है। तरल पदार्थों का सेवन बढ़ाना और ऑरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ORS घोल) लेना मददगार हो सकता है। 3. आहार : हल्का और सुपाच्य भोजन जैसे खिचड़ी, दही, ताजे फल और सब्जियां खाएं। तैलीय और भारी भोजन से बचें। 4. बुखार को नियंत्रित करना : इसे नियंत्रित करने के लिए बुखार को कम करने वाली दवाइयां दी जाती हैं। 5. कृत्रिम चिकित्सा : गंभीर मामलों में, अस्पताल में इलाज की आवश्यकता हो सकती है, जिसमें फ्लूइड्स, पोषण, और मॉनिटरिंग शामिल है। 6. टीका : टाइफाइड से बचाव के लिए टीका उपलब्ध है। यदि आप उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में यात्रा करने जा रहे हैं, तो टीकाकरण करवाना अच्छा हो सकता है।

वेब दुनिया 25 Jul 2026 11:19 am

Devshayani Ekadashi Katha: देवशयनी/ हरिशयनी एकादशी की व्रत कथा

Hari Shayani ekadashi katha: हरिशयनी एकादशी, जिसे देवशयनी एकादशी या आषाढ़ी एकादशी भी कहा जाता है आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन से भगवान विष्णु चार महीनों के लिए क्षीरसागर में योगनिद्रा के लिए चले जाते हैं, जिसे 'चातुर्मास' कहा जाता है। ALSO READ: Devshayani Ekadashi 2026: देवशयनी एकादशी से शुरू होंगे चातुर्मास, 4 महीने के लिए लग जाएगी मंगल कार्यों पर रोक मान्यता है कि जो व्यक्ति हरिशयनी एकादशी का व्रत श्रद्धापूर्वक करता है, उसके जाने-अनजाने में किए गए सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। यह व्रत सभी प्रकार की मनोकामनाओं को पूरा करने वाला और जीवन में सुख-समृद्धि लाने वाला माना गया है। यहां हरिशयनी/ देवशयनी एकादशी पर राजा मांधाता की प्रमुख कथा, पारंपरिक तथा पौराणिक व्रत कथा दी गई है: देवशयनी एकादशी व्रत कथा पौराणिक कथा के अनुसार, मांधाता नाम के एक अत्यंत चक्रवर्ती, धर्मनिष्ठ और प्रजापालक राजा थे। उनके राज्य में प्रजा बहुत सुखी, समृद्ध और धर्म-कर्म में लीन रहती थी। एक समय उनके राज्य में लगातार तीन वर्षों तक भयंकर अकाल पड़ा। वर्षा न होने के कारण नदियां-तालाब सूख गए, फसलें नष्ट हो गईं और प्रजा अन्न-जल के बिना व्याकुल होने लगी। राज्य में यज्ञ, हवन और पूजा-पाठ आदि अनुष्ठान भी बंद होने लगे। अपनी प्रजा का दुख देखकर राजा मांधाता अत्यंत दुखी हुए। वे सोचने लगे कि उनसे ऐसा कौन-सा पाप हुआ है, जिसकी सजा पूरी प्रजा भुगत रही है। ऋषी अंगिरा से भेंट प्रजा के कष्ट दूर करने का उपाय खोजने के लिए राजा मांधाता सेना के साथ वन की ओर प्रस्थान कर गए। वन में भटकते हुए वे महर्षि अंगिरा के आश्रम पहुंचे। राजा ने ऋषिवर को प्रणाम किया और अपने आने का कारण बताया। महर्षि अंगिरा ने राजा से कहा: 'हे राजन्! यह सतयुग है। इस युग में छोटा-सा पाप भी बड़ा फल देता है। आपके राज्य में एक ऐसा व्यक्ति निवास कर रहा है जो धर्म के नियमों के विरुद्ध तपस्या कर रहा है, जिसके कारण यह अकाल पड़ा है।' राजा मांधाता ने कहा, 'हे ऋषिवर! मैं किसी निरपराध को दंड नहीं दे सकता। कृपया मुझे ऐसा कोई सुलभ उपाय बताएं जिससे मेरी प्रजा का कल्याण हो और वर्षा हो सके।' देवशयनी एकादशी का व्रत तब महर्षि अंगिरा ने राजा को उपाय बताते हुए कहा: 'हे राजन! तुम आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की हरिशयनी/ देवशयनी एकादशी का विधि-विधान से व्रत करो। इस व्रत के प्रभाव से तुम्हारे राज्य में शीघ्र ही उत्तम वर्षा होगी और प्रजा के सभी कष्ट दूर हो जाएंगे।' महर्षि अंगिरा के वचनों को सुनकर राजा मांधाता अपने नगर लौट आए। आषाढ़ शुक्ल एकादशी आने पर राजा ने अपनी पूरी प्रजा और मंत्रियों के साथ मिलकर अत्यंत श्रद्धा एवं विधि-विधान से हरिशयनी एकादशी का व्रत और पूजन किया। व्रत का फल व्रत के प्रभाव से भगवान श्री हरि विष्णु अत्यंत प्रसन्न हुए। देखते ही देखते राज्य में घनघोर बादल छा गए और मूसलाधार वर्षा होने लगी। सूखी धरती फिर से हरी-भरी हो गई, फसलें लहलहाने लगीं और पूरी प्रजा अन्न-धन से परिपूर्ण हो गई। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: देवशयनी एकादशी 2026: जरूर पढ़ें भगवान विष्णु की आरती और चालीसा, मिलेगा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद

वेब दुनिया 25 Jul 2026 11:12 am

आधी रात सलमान खान का धमाकेदार पोस्ट, रिप्ड बॉडी दिखाकर ट्रोल्स को दिया करारा जवाब

बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं। वह हर मुद्दे पर अपनी राय रख रहे हैं। हाल ही में उन्होंने नीट पेपर लीक को लेकर चल रहे आंदोलन पर भी पोस्ट शेयर की थी। वहीं अब सलमान खान ने आधी रात को ऐसी पोस्ट शेयर की, जिसने फैंस के बीच हलचल मचा दी है। सलमान खान ने जिम में पसीना बहाते हुए तस्वीरें शेयर की है। तस्वीरों में सलमान अपनी शर्ट उतारकर शीशे के सामने रिप्ड एब्स और मजबूत बाइसेप्स फ्लॉन्ट करते नज़र आ रहे हैं। ALSO READ: दीपिका चिखलिया ने साई पल्लवी के 'सीता' लुक पर उठाए सवाल, बोलीं- शास्त्रों में ऐसा वर्णन नहीं उनकी इस लीन और स्लिम बॉडी को देखकर फैंस दंग रह गए हैं। बढ़ती उम्र के बावजूद सलमान खान की यह मस्कुलर फिजीक सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और फैंस उनके इस नए लुक पर जमकर प्यार लुटा रहे हैं। A post shared by Salman Khan (@beingsalmankhan) सोशल मीडिया पर अक्सर किसी न किसी मुद्दे पर ट्रोलिंग का शिकार होने वाले सलमान खान ने इस बार अपने आलोचकों को चुप कराने के लिए एक अलग ही रास्ता चुना। तस्वीरों को शेयर करने के साथ ही उन्होंने एक ऐसा 'क्रिप्टिक कैप्शन' लिखा, जिसकी चर्चा अब हर तरफ हो रही है। सलमान ने कैप्शन की शुरुआत में लिखा, सलमान खान डर गया... और इसके ठीक आगे जोड़ा— हम्मम, जो डर गया समझो मर गया! बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें सलमान खान का यह अंदाज़ उनके उन ट्रोल्स के लिए करारा जवाब माना जा रहा है जो हाल के दिनों में उन्हें लेकर तरह-तरह की बातें बना रहे थे। हालांकि, सलमान ने इस पोस्ट में स्पष्ट तौर पर किसी का नाम नहीं लिया है, लेकिन उनके एटीट्यूड और कैप्शन से साफ है कि वे अपने आलोचकों से बिल्कुल बेपरवाह हैं। सलमान की इस पोस्ट पर अब तक लाखों लाइक्स और हजारों कमेंट्स आ चुके हैं। यूजर्स कमेंट सेक्शन में उन्हें असली लायन, दबंग खान और जिम मोटिवेशन जैसे टाइटल्स दे रहे हैं। फिटनेस फ्रीक युवाओं के लिए 50 के पार की उम्र में सलमान का यह ट्रांसफॉर्मेशन किसी प्रेरणा से कम नहीं है।

वेब दुनिया 25 Jul 2026 11:05 am

LIVE: CJP धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ी, क्या आज निकलेगा हल?

Latest News Today Live Updates in Hindi : सीजेपी प्रतिनिधिमंडल आज दोपहर को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ जितेंद्र सिंह से मुलाकात करेगा। प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर अड़े हुए हैं। सभी की नजरें इस बात पर टिकी हुई है कि सरकार का इस मामले में क्या रूख है?

वेब दुनिया 25 Jul 2026 9:31 am

Japan Heatwave & Dress Code: दफ्तरों में शॉर्ट्स पहनकर पहुंचे पुरुष, तो शुरू हो गया 'लेग हेयर हैरेसमेंट' विवाद! जानें क्या है पूरा मामला

जापान इन दिनों भीषण और ऐतिहासिक गर्मी की मार झेल रहा है। देश के कई हिस्सों में तापमान 35 से 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। कड़कती धूप और बेतहाशा उमस के बीच सरकार बिजली बचाने और कर्मचारियों को गर्मी से राहत देने के उपाय तलाश रही है।इसी सिलसिले में टोक्यो प्रशासन ने कंपनियों से अपील की कि वे अपने कर्मचारियों को आरामदायक और हल्के कपड़े पहनने की छूट दें। सरकार की इस सलाह के बाद कई निजी और सरकारी दफ्तरों ने अपने पुरुष कर्मचारियों को पहली बार हाफ पैंट या शॉर्ट्स (Shorts) पहनकर ऑफिस आने की इजाजत दे दी। यह कदम जापान के बहुचर्चित 'कूल बिज' (Cool Biz) अभियान का हिस्सा है, जिसका मकसद एसी (AC) का इस्तेमाल कम करके बिजली की बचत करना है।दफ्तरों में शुरू हुई नई बहस: क्या है 'सुनेहारा'?जैसे ही पुरुष कर्मचारी हाफ पैंट पहनकर ऑफिस पहुंचे, सोशल मीडिया पर विवाद और बहस छिड़ गई।'लेग हेयर हैरेसमेंट' (Leg Hair Harassment): कुछ महिला कर्मचारियों और सोशल मीडिया यूजर्स ने कहा कि ऑफिस में पुरुषों के पैरों के घने बाल देखकर उन्हें अनकम्फर्टेबल और असहज महसूस होता है।इंटरनेट पर लोगों ने मजाक-मजाक में इस स्थिति को 'सुनेहारा' (Sunehara) या 'लेग हेयर हैरेसमेंट' कहना शुरू कर दिया। हालांकि, यह कोई आधिकारिक या कानूनी शब्द नहीं है, लेकिन सोशल मीडिया पर यह तेजी से ट्रेंड करने लगा।महिलाओं ने उठाए ड्रेस कोड और समानता पर सवालइस पूरे मामले में बात केवल पुरुषों के पैरों के बालों तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने कार्यस्थल पर जेंडर इक्वालिटी (Gender Equality) और ड्रेस कोड के नियमों पर एक बड़ी बहस को जन्म दे दिया:सख्त नियम: महिला कर्मचारियों का कहना है कि आज भी कई जापानी कंपनियों में महिलाओं के लिए ड्रेस कोड बेहद सख्त हैं। उन्हें भयंकर गर्मी में भी स्टॉकिंग्स (Stockings) या टाइट्स पहननी पड़ती हैं।समानता की मांग: महिलाओं का तर्क है कि अगर पुरुषों को गर्मी से राहत देने के लिए शॉर्ट्स पहनने जैसी छूट दी जा सकती है, तो महिलाओं के लिए भी मेकअप, हाई हील्स और भारी कपड़ों के सख्त नियमों को लचीला बनाया जाना चाहिए। नियम सभी के लिए एक समान होने चाहिए।जनता की राय बंटी, पुरुषों ने ढूंढा नया रास्ताएक हालिया सर्वे में करीब 800 लोगों से इस संबंध में राय मांगी गई:53.5% लोगों का मानना था कि ऑफिस के प्रोफेशनल माहौल को बनाए रखने के लिए पुरुषों को शॉर्ट्स पहनने से बचना चाहिए।46.5% लोगों का कहना था कि प्रदर्शन कपड़ों से नहीं, काम से तय होता है; इसलिए भीषण गर्मी में आराम को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।विवाद से बचने और दफ्तर के एटीकेट को ध्यान में रखते हुए कई पुरुष कर्मचारियों ने अब नया रास्ता तलाश लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कई पुरुष अब लेजर हेयर रिमूवल (Laser Hair Removal) क्लीनिकों का रुख कर रहे हैं ताकि शॉर्ट्स पहनते समय पैरों के बाल दिखाई न दें।बदलते मौसम के साथ बदलते वर्क कल्चर पर चर्चाजापान में शुरू हुई यह अनूठी बहस दर्शाती है कि ग्लोबल वार्मिंग और बदलते मौसम का असर अब पारंपरिक वर्क कल्चर (Work Culture) पर भी पड़ने लगा है। एक तरफ जहां कार्यस्थल पर सहजता, स्वास्थ्य और समानता को प्राथमिकता देने की मांग उठ रही है, वहीं दूसरी तरफ दफ्तरों के प्रोफेशनल आचार-व्यवहार को बनाए रखने की चुनौती भी सामने आ रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 8:11 am

सिर फूटा, पैर टूटा, पट्‌टी बांधकर जंतर-मंतर पर डटे प्रदर्शनकारी:फूल लेकर खड़े थे, लाठियां मिलीं; 10 साल का वैभव बोला- मंत्री के इस्तीफे तक यहीं रहूंगा

तारीख: 20 जुलाई जगह: दिल्ली का जंतर-मंतर कॉकरोच जनता पार्टी ने चलो संसद मार्च निकाला। वे NEET पेपर लीक को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने अभी बैरिकेड्स पार भी नहीं किए थे और पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। 100 से ज्यादा प्रदर्शनकारी घायल हुए। कुछ अब भी अस्पताल में हैं, बाकी डिस्चार्ज होकर फिर से जंतर-मंतर पर डट गए हैं। अब ये घायल प्रदर्शनकारी क्या चाहते हैं, पढ़िए ये रिपोर्ट… अहेली, दिल्ली 20 साल की अहेली दिल्ली यूनिवर्सिटी से इंग्लिश ऑनर्स कर रही हैं। 20 जुलाई को यहां आईं। अहेली बताती हैं, ‘मार्च शुरू होने से पहले हमसे कहा गया था कि अगर पुलिस मारने भी आए, तो शांत रहते हुए उन्हें फूल देना है। हम लोग फूल लेकर खड़े थे। तभी भीड़ के बीच एक एम्बुलेंस घुस आई। शायद पुलिस-प्रशासन भगदड़ के हालात बनाना चाहता था, क्योंकि एम्बुलेंस के अंदर कोई नहीं था।‘ ‘जब एम्बुलेंस के साथ ही हमारे कुछ लोगों ने आगे बढ़ने की कोशिश की, तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस ने न लड़की देखी, न लड़का। सबको बुरी तरह पीटा। लड़कियों के कपड़े फाड़े, हमारी आंख के सामने 10-12 साल के बच्चों के सिर फोड़ दिए।‘ वे कहती हैं, ‘मेरे कई दोस्तों ने 2024 में भी NEET का पेपर दिया था, लेकिन लीक हो गया। मेरे साथियों का सपना टूट गया और उन्हें दूसरी जगहों पर एडमिशन लेना पड़ा। मैं भी दिल्ली UPSC पास करने का सपना लेकर आई हूं, लेकिन लगता नहीं कि इस सरकार के राज में वो पूरा हो पाएगा।‘ विशाल, यूपी के झांसी से 18 साल के विशाल ने अभी 12वीं पास की है। प्रोटेस्ट में शामिल होने के लिए झांसी से उनके साथ और भी 50 लोग आए थे। विशाल बताते हैं, ‘हम एक साथ सोनम वांगचुक का पोस्टर लेकर जनपथ मेट्रो स्टेशन पहुंचे थे। वहां पुलिस ने हमें ये कहकर रोका कि एक जगह इकट्ठा होकर बैठ जाओ, तब बैरिकेड हटाकर अंदर दाखिल कराएंगे। हम जैसे ही बैठे, तो पुलिस ने पीटना शुरू कर दिया।‘ ‘पुलिस के साथ सिविल ड्रेस में कुछ गुंडे भी थे, जिन्होंने हमें जानवरों की तरह पीटा। उन्होंने लड़कियों के साथ जानबूझकर बदसलूकी की और उनके कपड़े फाड़े। हमारे साथ इतनी ज्यादती की गई कि जैसे हम किसी दूसरे देश से आए हों। हम यहां इंसाफ की लड़ाई लड़ने आए थे, लेकिन पुलिस एकदम जानवर और हैवान बन गई।‘ पिटाई के दौरान विशाल का पैर टूट गया है। सामान गायब हो गया। वे अपना टूटा पैर दिखाकर कहते हैं, ‘अब बताइए इसके भरोसे क्या कोई फिजिकल टेस्ट पास कर पाएंगे। ये देश अब रहने लायक नहीं बचा।‘ इस हाल में भी विशाल जंतर-मंतर पर डटे हुए हैं। वे कहते हैं, ‘जब तक धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं होता, तब तक हम यहां से नहीं हटेंगे। चाहे जान क्यों न चली जाए।‘ अनिल सिंह, मध्यप्रदेश के किसान अनिल सिंह ने चलो संसद मार्च के दौरान लाठियां खाईं, घायल हुए लेकिन पीछे नहीं हटे। माथे और हाथ पर पट्टी बांधे वो धरनास्थल पर जमे हुए हैं। अनिल कहते हैं, ‘हमारी आखिरी मंजिल जीत होगी और व्यवस्थाओं में बदलाव होगा। देश हमारा है, सिर्फ उनका नहीं है। हम जैसे चाहेंगे, इसे चलाएंगे। इस देश के लिए हमने कुर्बानी दी है, उन्होंने क्या किया।’ हमने पूछा यहां आने के लिए किसने प्रेरित किया। वे जवाब में कहते हैं, 'जब भी इतिहास पढ़ते हैं, इसकी जरूरत महसूस होती है। फिर बिहार में भरत तिवारी का मामला हो या RTI एक्टविस्टों के मारे जाने का मामला। ये सरकार खुद क्रांतिकारी खड़े कर रही है।' स्वरा खान, दिल्ली जामिया की रहने वाली 23 साल की स्वरा खान भी मार्च के दौरान घायल हुईं। उनके हाथों पर पट्टी बंधी है। चोट की वजह से आंखें सूजी हैं। वे बताती हैं कि पुलिस ने उन्हें डिटेन करने के बाद जेल में मारा। तबीयत सही नहीं, इसलिए आवाज बैठ गई है। लिहाजा ज्यादा बात नहीं कर सकीं। हर्ष, यूपी के कानपुर से कानपुर से आए हर्ष NEET की तैयारी कर रहे हैं। वे कहते हैं, ‘जवानों ने मुझे रोककर लात-घूसे और लाठियां मारी। हम पर आंसू गैस के गोले बरसाए। पुलिस वालों ने लड़कियों के प्राइवेट पार्ट में डंडे डालने की कोशिश की। छोटे बच्चों को मारा। हमें प्रताड़ित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी और सरकार हमें ही गुंडा बता रही है।‘ हर्ष अभी धरना स्थल पर जमे हुए हैं। वे कहते हैं, ‘धर्मेंद्र प्रधान को हमारा शुक्रगुजार होना चाहिए, क्योंकि आज से एक साल पहले उन्हें कोई जानता भी नहीं था। हमने जब प्रोटेस्ट किया, तो देश को पता चला कि शिक्षा मंत्री कौन है। धर्मेंद्र प्रधान में अगर शर्म बची हो, तो इस्तीफा दें।‘ वैभव, यूपी के आगरा से 10 साल के वैभव आगरा से अपनी मां के साथ जंतर-मंतर आए हैं। मां फलों का ठेला लगाती हैं। वैभव कहते हैं कि धमेंद्र प्रधान जब तक इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक वे यहीं रहेंगे। अभिषेक सिंह, यूपी के प्रयागराज से दिल्ली में UPSC की तैयारी कर रहे अभिषेक सिंह बताते हैं, 'उस दिन बाकी साथियों के साथ हम शांतिपूर्ण मार्च निकाल रहे थे। केरलम हाउस तक ही पहुंचे थे कि तभी पुलिस ने बैरिकेड्स लगा दिए। भीड़ ज्यादा थी, इसलिए संभालना मुश्किल हो गया। दिल्ली पुलिस ने अचानक टियर गैस और लाठीचार्ज शुरू कर दिया।' 'पुलिस की कार्रवाई बहुत बर्बर थी। सैकड़ों युवाओं को चोटें आईं। सबसे बुरा सलूक प्रदर्शनकारी लड़कियों के साथ किया गया। पुलिस कर्मियों ने उनके साथ बदसलूकी की। मुझे पुलिस ने स्टेज से नीचे फेंक दिया। मेरे पैर काम नहीं कर रहे थे। लाठीचार्ज के बीच मैं एक साथी की मदद से वहां से भाग सका। …………………. ये खबर भी पढ़ें… कॉकरोच आंदोलन से BJP में चिंता, लेकिन प्रधान नहीं हटेंगे 22 जुलाई, वक्त करीब 12 बजे। दिल्ली में BJP हेडक्वॉर्टर के 5वें फ्लोर पर पार्टी के महामंत्री जुटने शुरू हुए। 15-20 मिनट के अंदर आठों महामंत्री एक साथ थे। उनके अलावा भी कई पदाधिकारी भी पहुंच गए। मसला कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट से बना माहौल था। BJP में हमारे सूत्र बताते हैं कि पहली बार BJP ऑफिस में बैठक हुई। 3 घंटे तक चली इस मीटिंग में प्रोटेस्ट के असर को खत्म करने की स्ट्रैटजी पर बात हुई। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 25 Jul 2026 4:34 am

जंतर-मंतर पर घायल हुई साक्षी पर पुलिस का पहरा क्यों:ICU, लिफ्ट, कॉरिडोर में जवान तैनात; रिपोर्टर को रोका, परिवार खामोश

दिल्ली के राममनोहर लोहिया अस्पताल की पांचवी मंजिल। यहीं 21 साल की साक्षी भर्ती है। साक्षी 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में शामिल होने जंतर-मंतर गई थी। तभी पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। भगदड़ मची और साक्षी भीड़ के नीचे दब गई। इसके बाद से साक्षी अस्पताल में है। कहानी बस इतनी नहीं है। मैं साक्षी से मिलने अस्पताल गई तो एक अजीब बात महसूस हुई। गेट पर, लिफ्ट के बाहर और साक्षी के वार्ड के बाहर हर जगह पुलिस है। क्यों समझ नहीं आया। साक्षी तक पहुंचने की कोशिश की तो पुलिसवालों ने रोक दिया। क्यों का जवाब मिल गया। ये सब सिर्फ इसलिए कि कोई साक्षी तक न पहुंच पाए। अंदर साक्षी के भाई, मां और बुआ-फूफा हैं। मैंने तीन दिन तक साक्षी से मिलने की कोशिश की। पहला दिन तीन लेयर में पुलिस सिक्योरिटी, ICU के बाहर पहरा अस्पताल की इमरजेंसी बिल्डिंग के कॉरिडोर में 5 पुलिसवाले बैठे थे। यहां एक गार्ड ने पूछा-कहां जाना है। मैंने कहा- तीसरे प्लोर पर है। उसने कहा- यहां से एंट्री बंद है, दूसरी तरफ से जाइए। वहां लिफ्ट भी है। मैं लिफ्ट के पास पहुंची। यहां पुलिसवालों की दूसरी लेयर थी। लिफ्ट में मिले दो पुलिसवालों से पूछा- साक्षी से मिलवा सकते हैं। जवाब मिला- नहीं मिलवा सकते। कल या परसों आइए, मिलवा देंगे। इसके बाद मैं पांचवीं मंजिल पर पहुंची। यहां भी 5 से 6 पुलिसवाले बैठे थे। जिस ICU में साक्षी का इलाज चल रहा है, उसके बाहर भी पहरा है। यानी आप अस्पताल में बेरोकटोक आ-जा सकते हैं, लेकिन साक्षी के बारे में पूछते ही सबके कान खड़े हो जाते हैं। परिवार के अलावा किसी को साक्षी के पास तक नहीं पहुंचने दिया जा रहा। पता चला कि पॉलिटिकल लीडर भी साक्षी से मिलना चाहते थे, लेकिन परिवार ने मना कर दिया। डॉक्टरों ने बताया- हालत स्थिर, खतरे से बाहर सुबह से शाम हो गई, लेकिन मैं साक्षी तक नहीं पहुंच पाई। अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों से उसकी तबीयत के बारे में पूछती रही। दो डॉक्टरों ने बताया कि साक्षी की हालत फिलहाल स्थिर है। वह खतरे से बाहर है। इसके बावजूद उसे इमरजेंसी ICU में ही रखा गया है। हालत स्थिर है तो ICU में क्यों रखा है? डॉक्टरों ने इस सवाल का जवाब नहीं दिया। परिवार भी मिलने को तैयार नहीं मैंने खुद को साक्षी का दोस्त बताकर उसके परिवार से बात करने की कोशिश की। वे भी असहज लगे। थोड़े घबराए से। उन्होंने बात करने से इनकार कर दिया। बुआ-फूफा बोले- क्या जानना है, हमारे पीछे मत आओ। इसके बाद वे चले गए। दूसरा दिन फिर अस्पताल पहुंचे, लेकिन अंदर जाने से रोक दिया अगले दिन मैं एक बार फिर RML अस्पताल पहुंची। सिक्योरिटी उतनी ही सख्त। इस बार ICU तक भी नहीं जाने दिया। परिवार से मिलने की कोशिश भी पूरी नहीं हो पाई। तीसरा दिन अस्पताल से घर तक पहुंची पड़ताल 24 जुलाई को मुझे साक्षी के घर का पता चला। उनका घर RML अस्पताल से लगभग 20 किमी दूर छतरपुर में है। घर पहुंचकर आसपास के लोगों से बात की। ज्यादातर पड़ोसियों को साक्षी के साथ हुई घटना के बारे में पता नहीं है। उन्होंने बताया कि साक्षी के पिता सुभाष मिश्रा रिटायर्ड शिक्षक हैं। उनका परिवार ज्यादा मेलजोल नहीं रखता। इलाके में शांत और सभ्य परिवार के तौर पर जाना जाता है। दादी और बहन ने सुनाई पूरी कहानी मैं साक्षी के घर पहुंची। घर में उसकी दादी और बहन वर्तिका थीं। मैंने उन्हें बताया कि मैं साक्षी की दोस्त हूं। वर्तिका घटना वाले दिन उसके साथ थी। उसने बताया कि भगदड़ के दौरान मैं भी गिर गई थी। मेरे दोनों घुटनों में चोट लगी थी। हालांकि, साक्षी को ज्यादा चोट लगी। वो वहीं बेहोश हो गई। तभी साक्षी की दादी बोल पड़ी। बोलीं- वह गलती से वहां चली गई थी। मैंने पूछा- उसकी हालत कैसी है? दादी बोलीं- अब ठीक है फिर ICU में क्यों रखा हुआ है? वो बेहोश हो गई थी। ICU में तो बहुत सीरियस होने पर रखते हैं? अब ICU में नहीं है। वार्ड में है। बात कर रही है? हां। बात कर रही है। हाथ-पैर हिला रही है। वहां उसकी मम्मी, भाई और बुआ हैं। कॉकरोच जनता पार्टी वाले नहीं आए? नहीं आए। वे कहां आएंगे, उन्हें कोई मतलब नहीं है। इसी दौरान साक्षी की मां से हमारी फोन पर बात हुई। वे बोलीं- आप हमारे घर कभी मत जाना। अगर हमारे बारे में कहीं भी आपके जरिए कुछ भी छपा, तो बहुत गलत होगा। बस, इतना ही मुझे बताना है। अभी साक्षी की हालत कैसी है 24 जुलाई को अस्पताल से जारी मेडिकल बुलेटिन में बताया है कि साक्षी को गंभीर हालत में लाया गया था। उसका इलाज चल रहा है। उन्हें करीब 48 घंटे पहले वेंटिलेटर से हटा दिया गया था। वह पूरी तरह होश में हैं। हालत स्थिर है। हालांकि, उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। साक्षी के बारे में हमने कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष से बात की। उन्होंने बताया कि हमारी टीम लगातार उनके संपर्क में है। सौरभ उनके भाई से बात कर रहे हैं। अच्छी बात है कि उनकी हालत स्थिर है। उन्हें जो भी मेडिकल या लीगल हेल्प चाहिए होगी, हम देंगे। ……………………………….. प्रदर्शन में घायल इरशाद की कहानी भी पढ़िए जवान ने बंदूक तानी, लोग कहते रहे हम आतंकवादी नहीं हैं, फिर फायर 25 साल के इरशाद शेख दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में एडमिट हैं। चेहरे और आंख पर जख्म के निशान हैं। गुरुग्राम में नौकरी करने वाले इरशाद 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर चल रहे प्रोटेस्ट में गए थे। तभी पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। इरशाद ने महसूस किया कि उनकी पीठ जल रही है। सीने, गले और चेहरे पर घाव हैं। उनसे खून टपक रहा था। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 25 Jul 2026 4:33 am

डेनिम स्कर्ट, हाथ में पिस्टल और बॉयफ्रेंड संग प्लेन हाईजैक:पीरियड का खून दिखाकर भागी महिला, सबसे खतरनाक कमांडो हमले की कहानी; पार्ट-1

‘स्पाई फाइल्स’ सीरीज में आज कहानी दुनिया के सबसे खतरनाक कमांडो मिशन ‘ऑपरेशन थंडरबोल्ट’ की… तारीख थी 27 जून 1976, इजराइल के तेल अवीव का बेन गुरियन एयरपोर्ट सुबह की गुनगुनी धूप से चमक रहा था। रनवे पर एयर फ्रांस की फ्लाइट-139 खड़ी थी। यह एयरबस कंपनी का विमान था, किसी उड़ते हुए आलीशान महल जैसा। प्लेन में 228 यात्री और 12 क्रू मेंबर्स थे। पायलट थे सेकेंड वर्ल्ड वॉर में लड़ चुके कैप्टन माइकल बैकोस। सुबह के ठीक 8 बजकर 59 मिनट पर विमान ने उड़ान भरी। इसे ग्रीस के एथेंस में रुकते हुए पेरिस जाना था। दोपहर 12 बजे विमान एथेंस में लैंड हुआ। यहां 45 मिनट का ठहराव था। इस दौरान 38 यात्री प्लेन से उतरे। अब नए यात्रियों को सवार होना था। तब एथेंस एयरपोर्ट पर कड़ी चेकिंग नहीं होती थी। ऊपर से उस रोज एयरपोर्ट अथॉरिटी के कई लोग हड़ताल पर थे। इसी बीच चार लोग बड़े-बड़े बैग टांगे विमान की तरफ बढ़े। इनमें 30-32 साल की एक लड़की थी, जिसने ब्लू डेनिम स्कर्ट और टॉप पहन रखा था। जैसे ही सिक्योरिटी अफसर तलाशी के लिए आगे बढ़ा, लड़की ने झुंझलाकर कहा- ‘अरे फिर से जांच? हद है! जहां से आए हैं, वहां पहले ही चेकिंग हो चुकी है।’ लड़की की बात सुनकर अफसर झेंप गया। उसने बिना जांच किए सिर्फ टिकट देखकर जाने का इशारा कर दिया। 4 में से 2 के पास फर्स्ट क्लास का टिकट था और 2 के पास इकोनॉमी क्लास का। चारों अपनी सीट पर जाकर बैठ गए। एथेंस से 56 नए यात्री विमान में चढ़े, यानी अब कुल यात्रियों की संख्या 246 हो चुकी थी। दोपहर ठीक साढ़े 12 बजे, विमान ने पेरिस के लिए उड़ान भरी। अंदर हंसी-ठिठोली और बच्चों की किलकारियां गूंज रही थी। विमान बादलों को चीरता हुआ आगे बढ़ रहा था। तभी फर्स्ट क्लास की सीट पर बैठे एक शख्स ने डेनिम स्कर्ट पहनी लड़की का हाथ थाम लिया। उसने धीमी आवाज में मुस्कुराते हुए पूछा- ‘डर तो नहीं लग रहा?’ लड़की ने कहा- ‘मुझे डर है कि इस मिशन में तुम्हें ना खो दूं।’ उस शख्स ने उसका माथा चूमा और फुसफुसाया- ‘हम इतिहास लिखने जा रहे हैं डार्लिंग। तैयार हो?' लड़की ने मुस्कुराते हुए कहा- ‘मैं कुछ भी कर गुजरने को तैयार हूं।’ ठीक 8 मिनट बाद, दोनों अपनी सीट से उठ खड़े हुए। गले लगे। एक दूसरे को चूमा और फिर फुर्ती से अपने बैग की चेन खोल ली। अगले ही पल दोनों के एक हाथ में पिस्टल और दूसरे हाथ में हैंड ग्रेनेड था। पिस्टल ताने वह शख्स सीधे कॉकपिट की तरफ भागा और लड़की गलियारे में पोजीशन लेकर बैठ गई। ये सब देखकर कुछ यात्री चीखने लगे। पायलट ने हड़बड़ाकर फ्लाइट इंजीनियर से कहा- ‘जल्दी बाहर जाओ। शायद आग लग गई है। तुरंत काबू करो।’ फ्लाइट इंजीनियर ने जैसे ही कॉकपिट का दरवाजा खोला, उस शख्स ने इंजीनियर की कनपट्टी पर पिस्टल सटा दी। अंदर बैठा पायलट चिल्ला उठा- ‘प्लीज, उसे मत मारो।’ उसने झपटकर पायलट का ऑक्सीजन मास्क और माइक्रोफोन छीन लिया। फिर ऐलान किया- ‘सब लोग ध्यान से सुनो… यह प्लेन हाईजैक हो चुका है। अब प्लेन का नया नाम 'हाइफा' है।’ उसने पायलट की कनपट्टी पर पिस्टल सटाते हुए कहा- ‘फौरन प्लेन का रुख मोड़ो... इसे लीबिया ले चलो।’ पायलट ने कुछ कहना चाहा, लेकिन उसने पिस्टल की नोक उसकी कनपट्टी पर और जोर से गड़ा दी। पायलट ने प्लेन का रूख मोड़ दिया। यात्री सन्न थे। आगे क्या होने वाला था किसी को पता नहीं… इसी बीच इकोनॉमी क्लास में बैठे उनके दो और साथी खड़े हो गए। उनमें से एक लंबे बालों वाला लड़का था, जिसने लाल शर्ट और भूरे रंग का पैंट पहना था। दूसरे की घनी मूछें थीं, उसने लंबा पैंट और पीली शर्ट पहन रखी थी। दोनों ने पिस्टल तान ली और दौड़ते हुए फर्स्ट-क्लास कंपार्टमेंट की तरफ बढ़े। गलियारे में डरी-सहमी एयरहोस्टेस खड़ी थी। उसके हाथ-पैर कांप रहे थे, लेकिन वो यात्रियों से कह रही थी- ‘प्लीज... प्लीज सब शांत हो जाओ।’ लेकिन लोगों का रोना-चीखना बंद नहीं हो रहा था। 5-7 मिनट बाद, महिला हाईजैकर और उसके दो साथी कुछ यात्रियों घसीटते हुए फर्स्ट क्लास से इकोनॉमी क्लास की तरफ लाने लगे। हाईजैकर अंग्रेजी में चिल्ला रही थी- ‘सिट ऑन फ्लोर!’ तभी एक इजराइली खड़ा होकर विरोध करने लगा। हाईजैकर तमतमा गई। उसने अपने साथी से कहा- ‘इसका इलाज करना जरूरी है।’ उसके साथी ने इजराइली को धक्का देकर फर्श पर गिरा दिया। महिला हाईजैकर उछलकर उसकी छाती पर बैठ गई और मुक्के मारने लगी। कुछ देर बाद जब महिला के हाथ दुखने लगे, तो उसने पिस्टल के बट से मारना शुरू कर दिया। इजराइली लगातार चीखता रहा, फिर शांत पड़ गया। इसी बीच कुछ यात्री चुपके से गले की चेन तोड़कर फेंकने लगे। असल में इन लोगों ने 'डेविड का सितारा' पहन रखा था, जो यहूदियों की पहचान का प्रतीक है। ठीक वैसे ही जैसे ईसाइयों के लिए 'क्रॉस' या इस्लाम में 'चांद-तारा' होता है। इधर, तेल अवीव के एयर ट्रैफिक कंट्रोल, यानी एटीसी में खलबली मची थी। रडार स्क्रीन पर दिख रहा एयर फ्रांस 139 अचानक गायब हो गया था। किसी को समझ नहीं आ रहा था कि विमान के साथ क्या हुआ है। उस वक्त इजराइली प्रधानमंत्री यित्झाक राबिन मंत्रियों के साथ मीटिंग कर रहे थे। तभी उनके सैन्य सहायक ब्रिगेडियर पोरान दौड़ते हुए कमरे में दाखिल हुए। उन्होंने पीएम को एक पर्ची दी। उस पर लिखा था- 'तेल अवीव से पेरिस जा रहा एयर फ्रांस 139 अगवा कर लिया गया है।’ छोटे कद के राबिन, इजराइली सेना के प्रमुख रह चुके थे। वे पर्ची को एकटक देखते रहे। फिर उन्होंने पर्ची के पीछे कुछ लिखा और पोरन को दे दिया। पीएम ने सिगरेट जलाई और लंबा कश भरते हुए विदेश मंत्री आलोन से कहा- ‘हमारा एक विमान हाईजैक हो चुका है। फौरन स्पेशल टास्क फोर्स बनाओ। उसमें मुझे भी रखना।’ एक घंटे बाद… यरुशलम का कमांड सेंटर। दीवारों पर लगे नक्शे और स्क्रीन पर जलती-बुझती लाइटें। पीएम बेहद परेशान थे। वे सिगरटे पीते हुए कमरे में इधर-उधर टहल रहे थे। पीछे कैबिनेट मंत्री चुपचाप बैठे थे। पीएम ने कानून मंत्री की तरफ देखते हुए पूछा- ‘कानूनी तौर पर इन यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है?' कानून मंत्री ने फौरन जवाब दिया- ‘सर, फ्रांस सरकार की।’ ‘तो फौरन फ्रांस सरकार से संपर्क कीजिए। उनसे कहिए कि वे अपना आधिकारिक बयान जारी करें।’ पीएम ने कहा। तभी सैन्य सहायक पोरान कमरे में दाखिल हुए। उनके हाथ में फिर से एक छोटी सी पर्ची थी। उन्होंने पर्ची पीएम की तरफ बढ़ा दी। अब सबकी निगाहें राबिन पर टिक गई। राबिन ने पर्ची खोली। तेज आवाज में पढ़ना शुरू किया- ‘विमान में 230 यात्री सवार हैं, जिनमें से 83 इजराइली हैं। लीबियाई सरकार ने विमान को बेनगाजी में उतरने की इजाजत दे दी है।’ राबिन ने सिगरेट का लंबा कश खींचते कहा- ‘कम से कम हमें यह तो पता है कि यात्री कहां हैं, लेकिन आगे उनके साथ क्या होगा, नहीं पता। ये भी नहीं मालूम कि हाईजैकर कौन हैं, उनका मकसद क्या है?’ अगले आधे घंटे तक कमांड सेंटर में मीटिंग चलती रही, लेकिन कोई रास्ता नहीं सूझा। दोपहर 2 बजे विमान लीबिया के बेनगाजी एयरपोर्ट के रनवे पर जाकर खड़ा हो गया। हाईजैकरों ने विमान की खिड़कियां बंद कर दीं। एसी भी बंद कर दिए। गर्मी, उमस और भूख से यात्री बेहाल थे, लेकिन कोई किसी से कुछ कह नहीं रहा था। कई यात्री मान चुके थे कि किसी भी वक्त विमान को धमाके से उड़ाया जा सकता है। तभी एक ब्रिटिश महिला चीखने लगी। उसका चेहरा पीला पड़ चुका था, बदन पसीने से लथपथ था। उसने रोते हुए कहा- ‘मैं प्रेग्नेंट हूं। बहुत तेज दर्द हो रहा है। मुझे कुछ हो जाएगा।’ हाईजैकर ने डांटते हुए कहा- ‘चीखो मत, मैं डॉक्टर को बुलाती हूं।’ यात्रियों के बीच से एक डॉक्टर को लाया गया। डॉक्टर ने उसे देखने के लिए हाथ आगे बढ़ाया, तभी महिला ने धीमे से कहा, ‘मुझे हर हाल में यहां से निकलना है... तुम संभाल लेना।’ डॉक्टर ने भी धीरे से कहा- ‘लीबिया में उतरने से बेहतर है तुम हमारे साथ रहो।’ महिला बुदबुदाई- ‘मुझे उतरना ही है।’ अब डॉक्टर खड़ा हुआ और हाईजैकर से कहा- ‘इसे मेडिकल इमरजेंसी की जरूरत है।’ महिला हाईजैकर को लगा कि डॉक्टर झूठ बोल रहा है। उसने रनवे पर तैनात एक लीबियाई डॉक्टर को अंदर बुला लिया। नया डॉक्टर क्या करने वाला था…सबकी निगाहें उस पर टिक गईं। डॉक्टर ने महिला की जांच की। फिर कहा- ‘इसे कोई बीमारी नहीं है, नाटक कर रही है।’ अब ब्रिटिश महिला ने अपने कपड़ों का एक हिस्सा हटाया और प्राइवेट पार्ट से निकलता हुआ खून दिखा दिया। वह रोते हुए चिल्लाई, ‘अगर मैं जल्दी अस्पताल नहीं पहुंची, तो गर्भपात हो जाएगा। मेरा बच्चा भी मर जाएगा।’ खून देखकर हाईजैकर घबरा गई। उसने अपने साथियों से कहा, ‘इसे नीचे उतार दो। वैसे भी यह हमारे काम की नहीं है।’ महिला गिरते-संभलते सीढ़ियों से उतरने लगी। उसके कपड़ों पर खून के धब्बे थे। हाईजैकर को यकीन हो चुका था कि यह सच बोल रही है। महिला विमान से उतरकर एग्जिट गेट की तरफ बढ़ गई। आगे चलकर ये महिला कुछ बड़ा करने वाली थी, बहुत बड़ा… इधर, विमान रनवे पर घंटों खड़ा रहा। हाईजैकर अंदर-बाहर आते-जाते रहे। खुद भर-भर पेट खाना खाया, लेकिन यात्रियों को कुछ नहीं दिया। आखिरकार, रात 9 बजकर 50 मिनट पर विमान के इंजनों में फिर से गड़गड़ाहट हुई। लोग सोचने लगे- ‘दमिश्क, बगदाद, बेरुत या वापस तेल अवीव? आखिर ये विमान को कहां ले जा रहे हैं?’ दहशत चरम पर थी। डेनिम स्कर्ट वाली लड़की खिड़की से बाहर अंधेरे को निहार रही थी। तभी उसका साथी पीछे आकर खड़ा हो गया। उसने लड़की के बिखरे बालों सहलाते हुए कहा, ‘अगर इस जंग से हम जिंदा निकले, तो एक सुंदर सा घर बनाएंगे। जहां सिर्फ मैं, तुम और समुद्र की लहरें होंगी, लेकिन तब तक... हमें बेदर्द बनना होगा।’ लड़की पिस्टल का बट कसकर पकड़ते हुए बोली- ‘उस सपने को थोड़ा इंतजार करने दो।’ रात करीब 10 बजे। जगह- लंदन का हीथ्रो एयरपोर्ट। लीबिया में गर्भपात की बात कहकर उतरी ब्रिटिश महिला एग्जिट गेट से निकलने ही वाली थी कि दो लड़कों ने उसका रास्ता रोक लिया। महिला चौंककर पीछे हटी। ‘आप लोग कौन हैं? मुझे जाने दीजिए।’ एक लड़के ने कहा- ‘मैडम, हम आपकी सुरक्षा के लिए हैं। आप एयर फ्रांस की फ्लाइट से आई हैं। कृपया हमारे साथ चलिए।’ वे महिला को लेकर वीआईपी कॉरिडोर की तरफ चल पड़े। कुछ ही मिनटों में तीनों एक बंद कमरे में थे। कुर्सी पर बैठी महिला घबराई हुई थी। उसके हाथ-पैर कांप रहे थे। लड़के ने कहा- ‘डरिए नहीं। हम कोई आतंकी नहीं हैं। उस प्लेन में हमारे कई लोग बंद हैं। आपकी मदद चाहिए।’ महिला रोने लगी- ‘वह नरक जैसा था। मैं अंदर होती तो अब तक मर गई होती। मैंने बस बाहर निकलने के लिए वो सब किया।’ लड़का- ‘क्या किया आपने?’ ‘मुझे पीरियड्स आए थे। मैंने उस खून को हाईजैकर को दिखाकर कहा मिसकैरेज होने वाला है। इमरजेंसी मेडिकल सपोर्ट चाहिए। उन लोगों ने मुझे नीचे उतार दिया।’ कांपते हुए महिला ने बताया। तभी दूसरे लड़के ने कहा- 'बहादुर हो आप। वेल डन। ये बताइए कि कुल कितने हाईजैकर थे? उनके पास हथियार कौन से थे? महिला बोली- ‘चार... कुल चार लोग हैं। उनके पास ऑटोमैटिक पिस्टल और हैंडग्रेनेड है।’ ‘क्या वे अरबी बोल रहे थे? उनका हुलिया कैसा था?’ लड़के ने पूछा। महिला ने कुछ सोचते हुए कहा- ‘दो तो पक्के तौर पर फिलिस्तीनी लग रहे थे... लेकिन बाकी के दो बहुत साफ अंग्रेजी बोल रहे थे, उनका लहजा जर्मन था। उनमें एक औरत भी थी।’ अब लड़के ने एक भारी-भरकम एलबम महिला की तरफ सरकाते हुए कहा- ‘मैं पन्ने पलट रहा हूं, आप ध्यान से देखिए। क्या इनमें से कोई चेहरा उस विमान में था?’ उसने पहला पन्ना पलटा। कई ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीरें दिखीं। महिला ने सिर हिलाया- ‘नहीं।’ उसने दूसरा पन्ना पलटा। महिला ठिठक गई। उसने उंगली दो तस्वीरों पर रख दी। चीखते हुए कहा- ‘यह वही औरत है। इसके साथ यह आदमी है। यही दोनों पूरे प्लेन को कंट्रोल कर रहे थे। प्रेमी-प्रेमिका मालूम पड़ रहे थे।’ दोनों लड़कों ने डायरी पर सबकुछ नोट किया। फिर कार में बिठाकर महिला को सुरक्षित घर छोड़ दिया। असल में ये दोनों लड़के इजराइली खुफिया एजेंसी मोसाद के एजेंट थे। उधर, विमान को लीबिया से उड़ान भरे पांच घंटे बीत चुके थे। पायलट थकान से चूर था, लेकिन हाईजैकर की पिस्टल अभी भी उसकी गर्दन पर टिकी हुई थी। तभी केबिन में महिला हाईजैकर ने अनाउंस किया- ‘हम कंपाला में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। खिड़कियां बंद कर लें और सीट बेल्ट बांध लें।’ ‘कंपाला?’ यात्री हैरान थे। ज्यादातर लोगों को पता ही नहीं था कि यह युगांडा की राजधानी है। तड़के ठीक 3:20 पर, घुप अंधेरे में विमान युगांडा के एंटेबे एयरपोर्ट पर उतरा। पलक झपकते युगांडा के 100 से ज्यादा सैनिकों ने विमान को घेर लिया। यात्रियों को लगा शायद सेना उन्हें बचाने आ गई है, लेकिन असल में वे कसाई नाम से मशहूर तानाशाह ईदी अमीन के जाल में फंस चुके थे। थोड़ी देर बाद एग्जिट गेट खुला। तीन और हथियारबंद अंदर घुसे। दरवाजा बंद हो गया। आगे क्या होगा किसी को कुछ नहीं पता था… खौफ के साये में और 5 घंटे गुजर गए। सुबह 8 बजे विमान का अगला दरवाजा खुला। एक काली मर्सिडीज गेट के ठीक सामने आकर रुकी। उसमें से दो शख्स उतरे। एक लंबा और नीली वर्दी वाला और दूसरा- भारी-भरकम शरीर वाला, जिसकी वर्दी मेडलों से सजी थी। विमान के भीतर बैठे एक यात्री ने फुसफुसाते हुए बगल में बैठे मुसाफिर से पूछा- ‘तुम जानते हो यह कौन है?’ ‘नहीं, कौन है?’ ‘यह युगांडा का राष्ट्रपति ईदी अमीन है। यह कसाई है। इसने अपने ही हजारों लोगों को मरवा दिया है। मैंने तो सुना है इंसानों का भी मांस खा जाता है।’ तभी पीछे से एक बुजुर्ग यहूदी बोल पड़ा- ‘तुम ठीक कह रहे हो। इसके फ्रीज से कई इंसानी खोपड़ियां मिली थीं। हर सुबह उन खोपड़ियों से बातें करता है कि देखो, कहा था ना मुझसे पंगा मत लेना।’ फर्स्ट क्लास की खिड़की से अमीन को देखकर एक महिला हंस पड़ी। दूसरी ने पूछा- ‘इस हालत में तुम्हें हंसी आ रही है?’ उसने धीरे से कहा- ‘तुम्हें पता है, बाहर जो सनकी खड़ा है, ब्रिटेन की महारानी से शादी करना चाहता है।’ ‘प्लीज मजाक मत करो, मेरी जान निकली जा रही है।’ महिला ने उसका हाथ कसकर दबाते हुए कहा। उस महिला ने कहा- ‘सच कह रही हूं। इसने महारानी को चिट्ठी भी लिखी थी।’ ‘क्या लिखा था?’ महिला बोली- ‘इसने लिखा था- प्यारी एलिजा, अगर एक असली मर्द को देखना चाहती हो, तो कंपाला आ जाओ।’ दूसरी महिला ने उसे घूरते हुए कहा- ‘यह हैवान तो हम यहूदियों को जिंदा चबा जाएगा।’ पहली महिला- 'हां ये लोग उसी की तैयारी कर रहे हैं।' दोपहर 12 बजे यात्रियों को विमान से उतारकर एयरपोर्ट के बगल में बने 'ओल्ड टर्मिनल' हॉल में ले जाकर बंद कर दिया गया। हाईजैकरों के साथ-साथ युगांडा के सैनिकों ने पूरे टर्मिनल को घेर रखा था। पूरी रात यात्री कमरे में बंद रहे। अगले दिन यानी 29 जून को हाईजैकरों ने दुनिया के सामने अपनी 2 मांगे रखीं। पहली- इजराइल, केन्या, पश्चिम जर्मनी और स्विट्जरलैंड की जेलों में बंद 53 फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई। दूसरी- 50 मिलियन अमेरिकी डॉलर नकद। डेडलाइन थी- ‘1 जुलाई 1976, दोपहर 2:00 बजे तक मांगें पूरी नहीं हुईं, तो सभी बंधक मार दिए जाएंगे।’ उसी शाम 5 बजे की बात है। इजराइली पीएम राबिन अपने दफ्तर में अकेले बैठे थे। एक हाथ में व्हिस्की का ग्लास और दूसरे हाथ में सिगरेट। तभी रक्षा मंत्री पेरेस पहुंचे। राबिन ने उन्हें देखते ही कहा- ‘मैं इन हत्यारों के आगे झुक जाऊंगा। कैदियों को रिहा कर दूंगा।’ रक्षा मंत्री ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा- ‘हम हार नहीं मानेंगे। मिलिट्री एक्शन लेंगे।’ पीएम राबिन ने चिल्लाते हुए कहा- 'एंटेबे यहां से 4 हजार किलोमीटर दूर है। बीच में दुश्मन देशों का एयरस्पेस। हमारे विमान वहां कैसे पहुंचेंगे?’ रक्षा मंत्री ने कुछ कहा नहीं। थोड़ी देर बाद चुपचाप वहां से निकल गए, लेकिन उनकी खामोशी के पीछे एक ऐसा प्लान चल रहा था, जिसके बारे में हाईजैकरों ने सपने में भी नहीं सोचा था। अब रात के करीब 2 बज चुके थे। ओल्ड टर्मिनल हॉल के मेन गेट पर पहरा दे रही डेनिम स्कर्ट वाली हाईजैकर चश्मा उतारकर आंखें मल रही थी। तभी उसका साथी वहां पहुंच गया। उसने कॉफी का कप उसकी तरफ बढ़ाते हुए कहा- ‘हमारी खूंखार शेरनी थक गई है क्या?’ लड़की ने उसके कंधे पर अपना सिर टिकाते हुए कहा- 'हां, शेरनी भी थकती है। हम हैवान नहीं हैं। बस अपने मकसद के लिए लड़ रहे हैं।’ उस शख्स ने उसके हाथों को चूमते हुए कहा- ‘ थोड़ा आराम कर लो। 1 जुलाई को दुनिया हमारी मुट्ठी में होगी।’ 30 जून की सुबह करीब 10 बजे का वक्त। महिला हाईजैकर बंधकों के पास पहुंची। उसके हाथ में एक लिस्ट थी। उसने कहा- ‘सभी अपने-अपने पासपोर्ट हाथों में ले लें। जैसे ही आपका नाम पुकारा जाए, बाईं तरफ के कमरे में चले जाएं।’ उसने नाम पुकारने शुरू किए। सारे के सारे इजराइली नाम। इस तरह इजराइली अलग कमरे में और गैर-इजराइली अलग कमरे में शिफ्ट कर दिए गए। यह हूबहू वैसा ही नजारा था, जैसा दूसरे विश्व युद्ध के दौरान नाजी जर्मनी के कैंपों में था। अब उल्टी गिनती शुरू हो चुकी थी। दीवारों पर टंगी घड़ियों की हर टिक-टिक के साथ 100 से ज्यादा जिंदगियों पर मौत का खौफ गहराता जा रहा था... इजराइल के पास बचे थे सिर्फ 24 घंटे। तभी मोसाद के दफ्तर में फोन बजा। एक अफसर ने दौड़कर फोन उठाया। दूसरी तरफ से आई आवाज को सुनते ही वह खुशी से उछल पड़ा। आगे क्या होगा…पूरी कहानी कल यानी रविवार को पढ़िए आपरेशन थंडरबोल्ट पार्ट-2 रेफरेंस :

दैनिक भास्कर 25 Jul 2026 4:31 am

कोर्ट की कार्यवाही को अनधिकृत रूप से सोशल मीडिया मंचों पर डालने, साझा करने पर सुप्रीम कोर्ट की रोक

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक अंतरिम आदेश जारी कर न्यायालय की कार्यवाही के ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग को बिना संबंधित न्यायालय की पूर्व अनुमति के सोशल मीडिया तथा अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर डालने, एडिट करने, शेयर करने या उससे कमाई करने पर रोक लगा दी है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची […] The post कोर्ट की कार्यवाही को अनधिकृत रूप से सोशल मीडिया मंचों पर डालने, साझा करने पर सुप्रीम कोर्ट की रोक appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Jul 2026 11:00 pm

रवनीत सिंह बिट्टू ने केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दिया

नई दिल्ली। केंद्रीय रेल एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सलाह पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि भारत के […] The post रवनीत सिंह बिट्टू ने केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दिया appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Jul 2026 10:50 pm

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के 47 अधिकारियों की सेवाएं समाप्त

नई दिल्ली। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने की दिशा में कदम उठाते हुए शुक्रवार को 47 अधिकारियों की सेवाएं समाप्त कर दी। शिक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई एजेंसी में व्यापक सुधार प्रक्रिया के तहत की गई है। उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई केवल सेवा […] The post राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के 47 अधिकारियों की सेवाएं समाप्त appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Jul 2026 10:02 pm

उदयपुर में बिजली के टूटे तार की चपेट में आने से युवक की मौत

उदयपुर। राजस्थान में उदयपुर के हिरन मगरी थाना क्षेत्र में लकड़वास गांव में शुक्रवार को 11 केवी बिजली लाइन के तार की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि लहरी लाल बागरिया (48) शुक्रवार सुबह दूध लेने के लिए घर से निकला, जहां पास ही बिजली की […] The post उदयपुर में बिजली के टूटे तार की चपेट में आने से युवक की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Jul 2026 9:41 pm

हनुमानगढ़ में संदिग्ध उर्वरक कारखाने में कृषि विभाग की कार्रवाई

हनुमानगढ़। राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले के भादरा क्षेत्र में किसानों को नकली या अवैध री-पैक उर्वरक बेचने वाले एक संदिग्ध कारखाने पर कृषि विभाग ने कार्रवाई की है। खुफिया सूचना के आधार पर हुई इस छापेमारी में फैक्ट्री से बड़ी मात्रा में खाद, उर्वरक और पैकिंग सामग्री जब्त की गई है। प्रारंभिक जांच में लाइसेंस […] The post हनुमानगढ़ में संदिग्ध उर्वरक कारखाने में कृषि विभाग की कार्रवाई appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Jul 2026 9:37 pm

पाक मीडिया की रिपोर्ट निराधार, भारत जानबूझकर नहीं छोड़ रहा पानी, मानसूनी बारिश है कारण

नई दिल्ली। भारत ने पाकिस्तान के मीडिया में आ रही इन रिपोर्टों को पूरी तरह से निराधार बताया है जिनमें आरोप लगाया गया है कि भारत जानबूझकर पानी छोड़ कर पाकिस्तान में बाढ की स्थिति उत्पन्न कर रहा है। भारत का कहना है कि चेनाब नदी में पानी की वृद्धि जम्मू और आसपास के क्षेत्रों […] The post पाक मीडिया की रिपोर्ट निराधार, भारत जानबूझकर नहीं छोड़ रहा पानी, मानसूनी बारिश है कारण appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Jul 2026 9:27 pm

बाराबंकी में किशोरी का धर्मांतरण कर कराया निकाह

बारबंकी। उत्तर प्रदेश में बाराबंकी जिले के कोतवाली फतेहपुर में तैनात रहे सिपाही की मदद से युवक ने पहले तो किशोरी का ब्रेनवाश कर धर्मांतरण कराया फिर मजार पर मौलाना के पास जा कर निकाह करा दिया। आरोप है कि आरोपी लगातार किशोरी का यौन उत्पीड़न करता रहा। गर्भवती होने पर दो बार गर्भपात तक […] The post बाराबंकी में किशोरी का धर्मांतरण कर कराया निकाह appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Jul 2026 9:22 pm

कपड़ा व्यापारी से 60 लाख रुपए की रंगदारी मांगने वाले गिरोह का पर्दाफाश

अलवर। राजस्थान में कोटपूतली-बहरोड़ जिले के बासदयाल थाना क्षेत्र में कराणा कस्बे में कपड़ा व्यापारी से 60 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को अवैध हथियार सहित गिरफ्तार और एक नाबालिग को निरुद्ध किया है। पुलिस सू्त्रों ने शुक्रवार को बताया कि आरोपियों ने व्यापारी को धमकी दी थी […] The post कपड़ा व्यापारी से 60 लाख रुपए की रंगदारी मांगने वाले गिरोह का पर्दाफाश appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Jul 2026 9:17 pm

जल प्रबंधन से जल आत्मनिर्भरता का राष्ट्रीय मॉडल बनेगा राजस्थान : भजनलाल शर्मा

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में जल सुरक्षा को नई दिशा मिली हैं और उनके नेतृत्व में डबल इंजन सरकार के इन्हीं प्रयासों से राजस्थान आने वाले समय में जल प्रबंधन एवं जल संचयन का राष्ट्रीय मॉडल बनेगा। शर्मा शुक्रवार को यहां जयपुर […] The post जल प्रबंधन से जल आत्मनिर्भरता का राष्ट्रीय मॉडल बनेगा राजस्थान : भजनलाल शर्मा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Jul 2026 9:13 pm

अरबपति बॉस्केटबॉल खिलाड़ी टाइ लॉसन वोदका चुराने के आरोप में अरेस्ट

कोलोराडो। अपने एनबीए करियर के दौरान 60 मिलियन डॉलर (लगभग 500 करोड़ रुपए) से अधिक की कमाई करने वाले अमरीका की प्रसिद्ध बास्केटबॉल टीम डेनवर नगेट्स के पूर्व पॉइंट गार्ड टाइ लॉसन को 34 डॉलर (लगभग 2800 रुपए) की वोदका की बोतल चुराने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। 38 वर्षीय पूर्व खिलाड़ी को […] The post अरबपति बॉस्केटबॉल खिलाड़ी टाइ लॉसन वोदका चुराने के आरोप में अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Jul 2026 8:45 pm

बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने खराब सेहत का हवाला देकर पद छोड़ा

ढाका। बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का हवाला देते हुए शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनका कार्यकाल अप्रैल 2028 तक चलना था, लेकिन उन्होंने स्वास्थ्य कारणों से करीब दो साल पहले ही त्यागपत्र दे दिया। उन्होंने अपना त्यागपत्र संसद के अध्यक्ष हाफिज उद्दीन अहमद को सौंपा। इसके बाद […] The post बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने खराब सेहत का हवाला देकर पद छोड़ा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Jul 2026 8:37 pm

जेएनयू ने छात्रों को सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन से दूर रहने की दी नसीहत

नई दिल्ली। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध-प्रदर्शन में अपने छात्रों और अन्य संबंधित लोगों को शामिल होने से बचने की नसीहत देते हुए सुप्रीमकोर्ट के निर्देशों का सख्ती से पालन करने को एडवाइजरी जारी किया है। गौरतलब है कि यह एडवाइजरी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे […] The post जेएनयू ने छात्रों को सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन से दूर रहने की दी नसीहत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Jul 2026 8:32 pm

पैलेट गन से घायल छात्र को साथ लाकर राहुल गांधी ने सरकार पर साधा निशाना

नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को 10 जनपथ स्थित आवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में हालिया छात्र आंदोलन के दौरान कथित रूप से पैलेट गन से घायल हुए हरियाणा के छात्र साहिल को मीडिया के सामने पेश किया। इस मौके पर गांधी ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे […] The post पैलेट गन से घायल छात्र को साथ लाकर राहुल गांधी ने सरकार पर साधा निशाना appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Jul 2026 8:25 pm

भीलवाड़ा में आंट गांव स्थित सौर संयंत्र लाखों रुपए के ताम्बे के तार चोरी

भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के बिजोलिया थाना क्षेत्र में आंट गांव स्थित एक सौर संयंत्र परिसर से अज्ञात बदमाश करीब पांच हजार मीटर लंबा ताम्बे का तार काटकर ले गए। चोरी गए तार की अनुमानित कीमत करीब पांच लाख रुपए बताई जा रही है। चोर वारदात को अंजाम देने के बाद मौके पर लगे […] The post भीलवाड़ा में आंट गांव स्थित सौर संयंत्र लाखों रुपए के ताम्बे के तार चोरी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Jul 2026 8:14 pm

पहाड़पुर रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा गार्ड की पत्थर मारकर हत्या

भरतपुर। राजस्थान में भरतपुर के बंशी पहाड़पुर रेलवे स्टेशन पर गुरुवार की रात एक सुरक्षा गार्ड की एक अन्य यात्री ने पत्थर मार कर हत्या कर दी। राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) सूत्रों ने बताया कि गुजरात में सुरक्षा गार्ड की नौकरी करने वाले संतोष को लखनऊ में उतरकर हरदोई जाना था। सफर के दौरान ट्रेन […] The post पहाड़पुर रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा गार्ड की पत्थर मारकर हत्या appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Jul 2026 8:09 pm

प्रकृति से अलग होने का सवाल ही नहीं : दिया मिर्ज़ा

मुंबई। अभिनेत्री और पर्यावरण संरक्षण की मुखर समर्थक दिया मिर्ज़ा ने कहा है कि मनुष्य और प्रकृति एक-दूसरे से अलग नहीं हैं तथा धरती ही हमारी असली पहचान है। दिया मिर्ज़ा के सहयोग से बनी लघु फिल्म ‘पन्हा’ को विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में सराहना मिल रही है। फिल्म को ऑल लिविंग थिंग्स […] The post प्रकृति से अलग होने का सवाल ही नहीं : दिया मिर्ज़ा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Jul 2026 8:05 pm

सूरतगढ़ में ससुर की हत्या करने के आरोप में दामाद अरेस्ट

श्रीगंगानगर। राजस्थान में सूरतगढ़ में विगत मंगलवार को एक बुजुर्ग लक्ष्मीनारायण सोनी (71) की हत्या के मामले में पुलिस ने उसके दामाद को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि लक्ष्मीनारायण सोनी की पुत्री रेखा का विवाह सूरतगढ़ निवासी राधाकृष्ण सोनी (37) से हुआ था। पति-पत्नी का आपस में विवाद चल रहा […] The post सूरतगढ़ में ससुर की हत्या करने के आरोप में दामाद अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Jul 2026 7:59 pm

Share Bazaar लगातार 5वें दिन टूटा, Sensex 332 अंक फिसला, Nifty भी आया 23800 के नीचे

Share Market Update News : भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को यानी आज भारतीय शेयर बाजार लगातार 5वें दिन गिरावट के साथ बंद हुए। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका द्वारा नए व्यापार शुल्कों के कारण बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिली। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 331.62 अंक यानी 0.43 प्रतिशत फिसलकर 76059.77 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह एक समय 916.96 अंक यानी 1.20 प्रतिशत लुढ़ककर 75474.43 तक गिर गया था। वहीं एनएसई का निफ्टी 102.15 अंक यानी 0.43 प्रतिशत लुढ़ककर 23767.45 अंक पर बंद हुआ। भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को यानी आज भारतीय शेयर बाजार लगातार 5वें दिन गिरावट के साथ बंद हुए। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका द्वारा नए व्यापार शुल्कों के कारण बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिली। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 331.62 अंक यानी 0.43 प्रतिशत फिसलकर 76059.77 पर बंद हुआ। ALSO READ: Share Bazaar में चौथे दिन भी गिरावट, Sensex 364 अंक लुढ़का, Nifty भी 24000 के नीचे कारोबार के दौरान यह एक समय 916.96 अंक यानी 1.20 प्रतिशत लुढ़ककर 75474.43 तक गिर गया था। वहीं एनएसई का निफ्टी 102.15 अंक यानी 0.43 प्रतिशत लुढ़ककर 23767.45 अंक पर बंद हुआ। महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फाइनेंस, भारती एयरटेल, एशियन पेंट्स और इंफोसिस कंपनियां प्रमुख रूप से नुकसान में रहीं। एशियाई बाजारों की कमजोरी से भी घरेलू स्तर पर बिकवाली का दबाव बढ़ा। वैश्विक बाजारों में उथल-पुथल के बीच ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में करीब 4 फीसदी की गिरावट आई, जिससे यह 96.73 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। डॉलर की मजबूत मांग और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण भारतीय रुपया भी दबाव में रहा। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 96.52 के स्तर पर बंद हुआ, जो कि इसके 2 महीने के निचले स्तर (96.67) के बेहद करीब है। ALSO READ: Share Bazaar में भारी गिरावट, Sensex 715 अंक लुढ़का, Nifty भी 24000 के नीचे पिछले 5 कारोबारी सत्रों में बीएसई सेंसेक्स में कुल 2091.68 अंक यानी 2.67 प्रतिशत की गिरावट देखी गई, जबकि एनएसई निफ्टी 566.85 अंक यानी 2.32 प्रतिशत टूट गया। दक्षिण कोरिया का सूचकांक कॉस्पी 5.72 प्रतिशत लुढ़क गया, जबकि जापान का निक्की, चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग सूचकांक भी नुकसान में रहे। ALSO READ: Share Bazaar लगातार दूसरे दिन टूटा, Sensex 238 अंक लुढ़का, Nifty में भी आई गिरावट इससे पहले यानी गुरुवार को पश्चिम एशिया में जारी संकट और कच्चे तेल की कीमत में तेजी के असर से भारतीय शेयर बाजार में लगातार चौथे दिन गिरावट आई। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्‍स 363.66 अंक या 0.47 प्रतिशत लुढ़ककर 76391.39 के स्‍तर पर आ गया, जबकि एनएसई का निफ्टी 126.65 अंक या 0.53 प्रतिशत टूटकर 23869.60 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान अडाणी पोर्ट्स और बजाज फाइनेंस में सबसे ज्यादा गिरावट आई।

वेब दुनिया 24 Jul 2026 7:21 pm

22.80 KMPL माइलेज और 1300 KM रेंज वाली Honda ZR-V Hybrid SUV भारत में लॉन्च

होंडा कार्स इंडिया ने भारतीय बाजार के लिए अपनी नई फ्लैगशिप SUV Honda ZR-V पेश कर दी है। हालांकि, पहली नजर में यह SUV हर खरीदार के लिए नहीं लगती। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि इसे CBU (Completely Built Unit) के रूप में भारत लाया जाएगा, जिससे इसकी कीमत काफी प्रीमियम रहने की उम्मीद है। ऐसे में इसका मुकाबला कई दमदार सात-सीटर प्रीमियम SUVs से होगा। ALSO READ: Honda ADV160 भारत में पेश, देश का पहला E85 इंजन वाला मैक्सी स्कूटर जल्द होगा लॉन्च Honda ZR-V न तो बहुत बड़ी SUV है और न ही इसमें हाई-परफॉर्मेंस पेट्रोल इंजन दिया गया है। इसके बजाय कंपनी ने इसमें स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड पावरट्रेन दिया है, जो स्पोर्टी ड्राइविंग की बजाय बेहतर माइलेज और स्मूद परफॉर्मेंस पर फोकस करता है। हर किसी के लिए नहीं है Honda ZR-V ALSO READ: Honda ADV160 भारत में पेश, देश का पहला E85 इंजन वाला मैक्सी स्कूटर जल्द होगा लॉन्च होंडा का मानना है कि ZR-V उन ग्राहकों के लिए है जो दिखावटी फीचर्स की बजाय भरोसेमंद इंजीनियरिंग, क्वालिटी और लंबे समय तक टिकाऊ कार को प्राथमिकता देते हैं। कंपनी की पुरानी Honda CR-V भी इसी सोच के साथ आई थी। भले ही उसकी कीमत ज्यादा थी और उसकी बिक्री सीमित रही, लेकिन जिन ग्राहकों ने उसे खरीदा, उन्होंने उसकी गुणवत्ता और विश्वसनीयता की हमेशा सराहना की। Honda ZR-V भी उसी परंपरा को आगे बढ़ाती दिखाई देती है। यूरोपीय डिजाइन वाली प्रीमियम क्रॉसओवर डिजाइन की बात करें तो Honda ZR-V का लुक काफी हद तक यूरोपीय क्रॉसओवर जैसा है। इसका डिजाइन सादगी के साथ प्रीमियम अहसास देता है और समय के साथ भी आकर्षक बना रहेगा। SUV में: इंटरनेशनल Honda Civic से प्रेरित स्लिम LED हेडलैंप पहली जनरेशन Audi Q7 जैसी रियर स्टाइलिंग Maserati से प्रेरित फ्रंट ग्रिल बॉडी-कलर्ड क्लैडिंग ड्यूल-फंक्शन एग्जॉस्ट टिप्स 18-इंच अलॉय व्हील्स जैसे डिजाइन एलिमेंट्स दिए गए हैं। दिखावे से ज्यादा भरोसे पर जोर Honda ZR-V में कई ऐसे आकर्षक और दिखावटी फीचर्स नहीं दिए गए हैं, जो आजकल प्रीमियम SUVs में आम हो चुके हैं। इसके बजाय कंपनी ने उन फीचर्स और इंजीनियरिंग पर फोकस किया है, जो लंबे समय तक टिकाऊ और भरोसेमंद साबित हों। यही वजह है कि यह SUV हर ग्राहक के लिए नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए है जो प्रीमियम गुणवत्ता, मजबूत हाइब्रिड तकनीक और लंबे समय तक बेहतर ओनरशिप अनुभव चाहते हैं। ALSO READ: Rahul Gandhi : राहुल गांधी का मोदी सरकार पर निशाना, बोले- क्या छात्र फिर कभी देख पाएगा? CJP प्रदर्शन में पैलेटगन के इस्तेमाल का आरोप सीमित संख्या में होगी उपलब्ध Honda ZR-V को भारत में सीमित संख्या में उपलब्ध कराया जाएगा। कंपनी का लक्ष्य बड़े पैमाने पर बिक्री नहीं, बल्कि चुनिंदा ग्राहकों को प्रीमियम हाइब्रिड SUV का विकल्प देना है। क्या हैं फीचर्स Honda ZR-V: इंजन, माइलेज और फीचर्स नई Honda ZR-V में 2.0-लीटर, 4-सिलेंडर पेट्रोल इंजन के साथ डुअल-मोटर स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड सिस्टम दिया गया है। यह पावरट्रेन संयुक्त रूप से 184 हॉर्सपावर (hp) की पावर और 315Nm का टॉर्क जनरेट करता है। इंजन की पावर e-CVT ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के जरिए फ्रंट व्हील्स तक पहुंचती है। कंपनी के अनुसार यह हाइब्रिड SUV सिर्फ 7.9 सेकंड में 0 से 100 किमी/घंटा की रफ्तार पकड़ सकती है। इसकी अधिकतम स्पीड 172 किमी/घंटा (इलेक्ट्रॉनिक रूप से सीमित) है। माइलेज की बात करें तो Honda ZR-V हाइब्रिड 22.80 किमी प्रति लीटर का प्रमाणित (Certified) फ्यूल इकोनॉमी देने का दावा करती है। कंपनी के मुताबिक, यह SUV एक फुल टैंक में लगभग 1,300 किलोमीटर तक की ड्राइविंग रेंज प्रदान कर सकती है। Honda ZR-V के प्रमुख फीचर्स 9-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम 10.25-इंच डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर वायरलेस Android Auto और Apple CarPlay 4-वे पावर एडजस्टेबल को-ड्राइवर सीट मेमोरी फंक्शन के साथ 8-वे इलेक्ट्रिक एडजस्टेबल ड्राइवर सीट पैनोरमिक सनरूफ डुअल-जोन ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल वायरलेस फोन चार्जिंग 12-स्पीकर Bose प्रीमियम साउंड सिस्टम पावर्ड टेलगेट एम्बिएंट लाइटिंग सेफ्टी फीचर्स 8 एयरबैग लेवल-2 ADAS (एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम) टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (TPMS) 360-डिग्री सराउंड व्यू कैमरा

वेब दुनिया 24 Jul 2026 6:44 pm

राहुल बोलने उठे तो रोक दिया, फिर नहीं आया मौका:खड़गे ने कहा- प्रधानमंत्री सदन में आकर जवाब दें, 3 दिन के लिए टली संसद की कार्यवाही

संसद के मानसून सत्र के पांचवें दिन भी पेपर लीक का मुद्दा दोनों सदनों पर हावी रहा। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अपनी बात रखने के लिए खड़े हुए, लेकिन पीठासीन अधिकारी जगदंबिका पाल ने उन्हें तुरंत बोलने की अनुमति नहीं दी। उन्होंने कहा कि पहले सदन के पटल पर जरूरी पत्र रखे जाएंगे, उसके बाद उन्हें अवसर दिया जाएगा। हालांकि, लगातार हंगामे के कारण वह मौका नहीं आ सका और लोकसभा की कार्यवाही 27 जुलाई सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। सुबह 11 बजे लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने पेपर लीक और छात्रों पर कथित लाठीचार्ज का मुद्दा उठाते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। अध्यक्ष ओम बिरला ने सदस्यों से अपनी-अपनी सीटों पर लौटने और सदन चलने देने की अपील की, लेकिन शोर-शराबा नहीं थमा। इसके बाद कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। दोपहर 12 बजे सदन की बैठक दोबारा शुरू हुई। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन को बताया कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना आमरण अनशन खत्म कर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और इस संबंध में दोपहर 1 बजे होने वाली कैबिनेट बैठक में कड़े कानून पर भी विचार होगा। इस पर विपक्ष का हंगामा फिर तेज हो गया। राहुल गांधी अपनी बात रखने के लिए खड़े हुए, लेकिन पीठासीन अधिकारी जगदंबिका पाल ने कहा कि सदन की कार्यसूची के अनुसार पहले पटल पर पत्र रखे जाएंगे, उसके बाद उन्हें बोलने का अवसर दिया जाएगा। पत्र रखे जाने की प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही नारेबाजी और बढ़ गई। कार्यवाही सुचारु नहीं हो सकी और राहुल गांधी अपनी बात नहीं रख पाए। अंततः लोकसभा की बैठक 27 जुलाई सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। उधर, राज्यसभा में भी सुबह 11 बजे कार्यवाही शुरू हुई। करीब पांच मिनट बाद सभापति ने सदन के पटल पर दस्तावेज रखने की प्रक्रिया शुरू कराई। इसी दौरान नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई और पेपर लीक का मुद्दा उठाने के लिए खड़े हुए। हंगामे के बीच कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। दोपहर 12 बजे राज्यसभा की बैठक फिर शुरू हुई। मल्लिकार्जुन खड़गे ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई और कहा कि प्रधानमंत्री को स्वयं सदन में आकर इस पूरे मामले पर बयान देना चाहिए। सत्ता पक्ष की ओर से इसका विरोध हुआ और सदन में शोर-शराबा बढ़ गया। इसके बाद कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। दोपहर 2 बजे राज्यसभा की बैठक फिर शुरू हुई, लेकिन विपक्ष का हंगामा जारी रहा। उपसभापति हरिवंश ने बार-बार व्यवस्था बनाए रखने की अपील की, लेकिन स्थिति सामान्य नहीं हुई। करीब सात मिनट बाद राज्यसभा की कार्यवाही भी 27 जुलाई सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। इस तरह संसद का एक और दिन पेपर लीक के मुद्दे पर गतिरोध की भेंट चढ़ गया। सरकार चर्चा और कड़े कानून की बात करती रही, जबकि विपक्ष शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और प्रधानमंत्री के बयान की मांग पर कायम रहा। सदन के भीतर बहस शुरू होने से पहले ही हंगामा इतना बढ़ गया कि दोनों सदनों में कोई सार्थक चर्चा नहीं हो सकी। वीडियो देखने के लिए ऊपर थंबनेल पर क्लिक करें…

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 6:42 pm

आज का एक्सप्लेनर:अचानक बैकफुट पर क्यों दिखने लगी सरकार, 24 घंटे में 5 बड़े फैसले; क्या धर्मेंद्र प्रधान को हटाना ही पड़ेगा

कॉकरोच जनता पार्टी का प्रोटेस्ट, विपक्ष का हंगामा और बीते 24 घंटे में सरकार के 5 बड़े फैसले। दिल्ली का माहौल तेजी से बदल रहा है। पीएम मोदी ने NEET पेपर लीक मुद्दे पर पहली बार ‘फ्रेंड्स’ कहकर सेल्फी मोड में वीडियो मैसेज दिया। सरकार ने कॉकरोच पार्टी से 24 घंटे का समय मांगा है। सरकार के 5 बड़े फैसले क्या-क्या हैं, इससे क्या होगा, क्या शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा बड़े आंदोलन की वजह बनेगा, जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: बीते 24 घंटे में सरकार ने कौन से 5 बड़े फैसले लिए? जवाब: ये 5 फैसले हैं… 1. पीएम मोदी पहली बार बोले, पेपर लीक पर फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाएंगे 2. CJP से उनकी शर्त पर मुलाकात, मांगों के लिए समय मांगा 3. लिखित आश्वासन देकर सोनम वांगचुक का अनशन तुड़वाया 4. पेपर लीक मामलों के लिए 3 फास्ट-ट्रैक कोर्ट बने 5. शिक्षा विभाग के सचिव बदले सवाल-2: तो क्या सरकार वाकई बैकफुट पर है? जवाब: पिछले 24 घंटे के पीएम मोदी और सरकार के एक्शन और मीटिंग के बाद आए CJP और नड्डा के बयानों से साफ है कि सरकार दबाव में है। हालांकि ये कहना भी ठीक नहीं है, कि सरकार पूरी तरह बैकफुट पर आ गई है। इसके पीछे 2 तर्क हैं… 1. सोनम के अनशन का दबाव सरकार ने कम कर लिया 2. CJP के साथ आया विपक्ष, झुकना राजनीतिक हार जैसा सवाल-3: धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा होगा या नहीं? जवाब: धर्मेंद्र प्रधान हटाए जा सकते हैं, लेकिन अलग तरह से। विजय त्रिवेदी के मुताबिक, ‘ये तय है कि धर्मेंद्र प्रधान की फाइल शिक्षा मंत्रालय से शिफ्ट हो गई है। अभी संसद में कोई न कोई बिल आएगा, जिस पर चर्चा शुरू होगी। ये मुद्दे थोड़े दब जाएंगे, इस बीच धर्मेंद्र प्रधान को कोई और मंत्रालय दे दिया जाएगा या फिर बीजेपी संगठन में भी कोई अहम जिम्मेदारी दी जा सकती है। सवाल-4: तो फिर CJP के प्रोटेस्ट का आगे क्या होगा? जवाब: CJP ने जंतर-मंतर के मंच से ऐलान किया है, ‘25 जुलाई दोपहर 3.30 बजे सरकार ने दोबारा मिलने बुलाया है। अगले 2-3 दिन में इस्तीफा नहीं हुआ, तो CJP 20 जुलाई की तरह दोबारा रैली बुलाएगी। अब कॉल नेशनल लेवल पर होगा।’ हालांकि विजय त्रिवेदी कहते हैं कि अब आंदोलन और बड़ा हो, इसकी उम्मीद कम है। अब तक सरकार और CJP में दो मुलाकातें हो चुकी हैं। जब आप बातचीत की मेज पर आ जाते हैं, तो फिर विरोध बढ़ने की वजह कम हो जाती है। CJP की दो मांगें सरकार मान लेगी, ये हो सकता है कि मुआवजा एक करोड़ की बजाय कुछ कम दे, लेकिन फिर भी इन पर सहमति बन जाएगी। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के मामले पर भी कोई न कोई समझौता होने की उम्मीद ज्यादा है। ------------------------ ये खबर भी पढ़िए… धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा अब तक क्यों नहीं हुआ, 5 पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स से समझिए; क्या आगे भी नहीं हटाए जाएंगे जंतर-मंतर पर 33 दिन से कॉकरोच जनता पार्टी का अनशन, सोनम वांगचुक की 25 दिनों की भूख हड़ताल, पीएम आवास के बाहर राहुल गांधी का धरना, संसद में रोज गूंजता हंगामा और अब देश के सभी जिलों में प्रदर्शन का आह्वान। सभी की एक ही मांग है- शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 6:38 pm

कब होगा गौरी व्रत 2026 प्रारंभ, जानें सही डेट, पूजा विधि और महत्व

Gauri Festival 2026: हिंदू धर्म में गौरी व्रत, माता पार्वती को समर्पित एक अत्यंत पवित्र व्रत माना जाता है। यह व्रत आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि यानी देवशयनी एकादशी से शुरू होकर पूर्णिमा/ गुरु पूर्णिमा तक 5 दिनों तक चलता है। यह व्रत मुख्य रूप से अखंड सौभाग्य, सुखी वैवाहिक जीवन, योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति और परिवार की खुशहाली के लिए रखा जाता है। ALSO READ: Vijaya Parvati Vrat 2026: विजया पार्वती व्रत कब से होगा प्रारंभ, क्या है इस व्रत का महत्व यह पवित्र अनुष्ठान मुख्य रूप से मां गौरी/ माता पार्वती और भगवान शिव को समर्पित है। विशेषकर अविवाहित कन्याएं मनचाहे वर की कामना और विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु तथा वैवाहिक सुख के लिए यह व्रत श्रद्धापूर्वक करती हैं। वर्ष 2026 में गौरी व्रत 25 जुलाई 2026 (शनिवार) से प्रारंभ होकर 29 जुलाई 2026 (बुधवार) तक चलेगा। गुजरात और पश्चिमी भारत की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा में गौरी व्रत का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तप और व्रत किए थे। उसी स्मृति में गौरी व्रत का पालन किया जाता है। इस दौरान माता गौरी और भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा की जाती है तथा सात्विक जीवन अपनाने का विशेष महत्व बताया गया है। कब होगा गौरी व्रत 2026 प्रारंभ, जानें सही डेट, पूजा विधि और महत्व गौरी व्रत 2026: सही तिथि और शुभ मुहूर्त एकादशी तिथि प्रारंभ- 24 जुलाई 2026 को 09:12 ए एम बजे एकादशी तिथि समाप्त- 25 जुलाई, 2026 को 11:34 ए एम बजे गौरी व्रत शनिवार, 25 जुलाई 2026 को 25 जुलाई पूजा के शुभ मुहूर्त: व्रत प्रारंभ/ प्रथम दिन: 25 जुलाई 2026, शनिवार देवशयनी एकादशी को प्रातःकालीन पूजा: सुबह 07:21 बजे से 09:03 बजे तक अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से 12:55 बजे तक प्रदोष काल (संध्या पूजा): शाम 07:17 बजे से रात 08:34 बजे तक गौरी व्रत बुधवार, 29 जुलाई 2026 को समाप्त व्रत समापन व पारण/ अंतिम दिन: 29 जुलाई 2026, बुधवार गुरु पूर्णिमा को। गौरी व्रत का महत्व पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तप किया था। इसलिए अविवाहित कन्याएं योग्य, संस्कारी और गुणी पति की प्राप्ति या मनचाहा जीवनसाथी पाने के लिए यह व्रत रखती हैं। विवाहित महिलाएं अपने पति की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और दांपत्य जीवन में प्रेम-सौहार्द बनाए रखने के लिए इस व्रत का पालन करती हैं। इस व्रत में 5 दिनों तक बिना नमक का सात्विक भोजन करने से शरीर का शोधन होकर मन में संयम व सकारात्मकता आती है। गौरी व्रत की सरल एवं सटीक पूजा विधि गौरी व्रत में 'ज्वारे' बोने और उनके पूजन की मुख्य परंपरा है: प्रथम दिन ज्वारा बोना: व्रत के पहले दिन एक मिट्टी के पात्र में मिट्टी भरकर उसमें सात प्रकार के अनाज- जैसे गेहूं, जौ आदि बोए जाते हैं। प्रतिमा स्थापना: पूजा स्थल पर माता गौरी पार्वती और भगवान शिव की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। पूजा: प्रतिदिन स्नान-ध्यान के बाद मां गौरी को कुमकुम, अक्षत, सिंदूर, लाल पुष्प और धूप-दीप अर्पित करें। भगवान शिव को जल, बेलपत्र, धतूरा और पुष्प अर्पित करें। जवारा पर जल का छिड़काव करें और उस पर कॉटन का धागा/ नाड़ा लपेटकर पूजा करें। कथा और प्रार्थना: गौरी व्रत की कथा का श्रवण करें। माता गौरी की आरती करें और सुख-समृद्धि व अखंड सौभाग्य की प्रार्थना करें। अलूणा व्रत/ बिना नमक का नियम: इस व्रत के दौरान 5 दिनों तक भोजन में नमक का उपयोग पूरी तरह वर्जित होता है। व्रती केवल दूध, फल या बिना नमक का सात्विक आहार ही ग्रहण करते हैं। अंतिम दिन विसर्जन एवं पारण: 29 जुलाई को अंतिम दिन की पूजा के बाद ज्वारा को किसी पवित्र नदी या जलाशय में विसर्जित किया जाता है। इसके बाद ही नमक युक्त भोजन ग्रहण कर व्रत का पारण किया जाता है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: Parvati Jayanti 2026: पार्वती जयंती, जानिए क्या है इस दिन का महत्व और कथा

वेब दुनिया 24 Jul 2026 5:04 pm

होंडा ने लॉन्च की सात नई मोटरसाइकिल और स्कूटर

नई दिल्ली। होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया ने शुक्रवार को भारतीय बाजार के लिए 10 नई मोटरसाइकिलों और स्कूटरों का विस्तारित पोर्टफोलियो पेश किया जिनमें सात बिल्कुल नए मॉडल है जबकि तीन मॉडल नए रंग विकल्पों के साथ अपडेट किए गए हैं। कंपनी ने बताया कि यह लाइनअप क्रूज़िंग, एडवेंचर टूरिंग, रोडस्टर, लाइफस्टाइल राइडिंग, इलेक्ट्रिक […] The post होंडा ने लॉन्च की सात नई मोटरसाइकिल और स्कूटर appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Jul 2026 4:40 pm

अमरीका ने भारत समेत 60 देशों पर लगाया 10 फीसदी टैरिफ

वाशिंगटन। अमरीका ने भारत समेत दुनिया के 60 देशों की ओर से बंधुआ मजदूरी और श्रम कानूनों का उल्लंघन कर बने सामान के आयात पर कड़ा प्रतिबंध न लगाने के कारण इन देशों पर विशेष सीमा शुल्क लगाने का फैसला किया है। अमरीकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) जेमिसन ग्रीर ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के स्पष्ट निर्देशों […] The post अमरीका ने भारत समेत 60 देशों पर लगाया 10 फीसदी टैरिफ appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Jul 2026 4:17 pm

नीट पेपर लीक : केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा-छात्रों के हित सुरक्षित करने के लिए 10 कदम आगे बढ़ रही है सरकार

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय को आश्वासन दिया कि वह छात्रों की सुरक्षा और राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) की शुचिता बनाए रखने के लिए व्यापक कदम उठा रही है। यह आश्वासन न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ के समक्ष इस वर्ष कथित नीट प्रश्न पत्र लीक […] The post नीट पेपर लीक : केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा-छात्रों के हित सुरक्षित करने के लिए 10 कदम आगे बढ़ रही है सरकार appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Jul 2026 4:11 pm

धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे पर सीजेपी और सरकार के बीच बात अटकी, शनिवार को फिर होगी बैठक

नई दिल्ली। नीट पेपर लीक मामले पर आंदोलन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और सरकार के बीच शुक्रवार को लंबी बातचीत हुई जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दोनों पक्षों में सहमति नहीं बन सकी और सीजेपी ने साफ कहा कि उनका इस्तीफा होने तक आंदोलन जारी रहेगा। […] The post धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे पर सीजेपी और सरकार के बीच बात अटकी, शनिवार को फिर होगी बैठक appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Jul 2026 4:05 pm

देवशयनी एकादशी 2026: जरूर पढ़ें भगवान विष्णु की आरती और चालीसा, मिलेगा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद

देवशयनी एकादशी पर श्रीहरि विष्णु और माता तुलसी की उपासना करते हैं। इस दिन पूजा के बाद दोनों की आरती और चालीसा का पाठ करना चाहिए। चलिए जानते हैं- देव प्रबोधन मंत्र, श्री विष्णु आरती, श्री विष्णु चालीसा, माता तुलसी की आरती और चालीसा पाठ। देव प्रबोधन मंत्र:- ब्रह्मेन्द्ररुदाग्नि कुबेर सूर्यसोमादिभिर्वन्दित वंदनीय, बुध्यस्य देवेश जगन्निवास मंत्र प्रभावेण सुखेन देव। विष्णु स्तुति-Shree Vishnu Stuti शान्ताकारं भुजंगशयनं पद्मनाभं सुरेशं विश्वाधारं गगन सदृशं मेघवर्ण शुभांगम्। लक्ष्मीकांत कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यं वन्दे विष्णु भवभयहरं सर्व लौकेक नाथम्।। यं ब्रह्मा वरुणैन्द्रु रुद्रमरुत: स्तुन्वानि दिव्यै स्तवैवेदे:। सांग पदक्रमोपनिषदै गार्यन्ति यं सामगा:। ध्यानावस्थित तद्गतेन मनसा पश्यति यं योगिनो यस्यातं न विदु: सुरासुरगणा दैवाय तस्मै नम:।। विष्णु जी की आरती-Vishnu ji ki aarti ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी! जय जगदीश हरे। भक्तजनों के संकट क्षण में दूर करे॥ जो ध्यावै फल पावै, दुख बिनसे मन का। सुख-संपत्ति घर आवै, कष्ट मिटे तन का॥ ॐ जय...॥ मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूं किसकी। तुम बिनु और न दूजा, आस करूं जिसकी॥ ॐ जय...॥ तुम पूरन परमात्मा, तुम अंतरयामी॥ पारब्रह्म परेमश्वर, तुम सबके स्वामी॥ ॐ जय...॥ तुम करुणा के सागर तुम पालनकर्ता। मैं मूरख खल कामी, कृपा करो भर्ता॥ ॐ जय...॥ तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति। किस विधि मिलूं दयामय! तुमको मैं कुमति॥ ॐ जय...॥ दीनबंधु दुखहर्ता, तुम ठाकुर मेरे। अपने हाथ उठाओ, द्वार पड़ा तेरे॥ ॐ जय...॥ विषय विकार मिटाओ, पाप हरो देवा। श्रद्धा-भक्ति बढ़ाओ, संतन की सेवा॥ ॐ जय...॥ तन-मन-धन और संपत्ति, सब कुछ है तेरा। तेरा तुझको अर्पण क्या लागे मेरा॥ ॐ जय...॥ जगदीश्वरजी की आरती जो कोई नर गावे। कहत शिवानंद स्वामी, मनवांछित फल पावे॥ ॐ जय...॥ (समाप्त) विष्णु चालीसा-Vishnu Chalisa दोहा विष्णु सुनिए विनय सेवक की चितलाय। कीरत कुछ वर्णन करूं दीजै ज्ञान बताय। चौपाई नमो विष्णु भगवान खरारी। कष्ट नशावन अखिल बिहारी॥ प्रबल जगत में शक्ति तुम्हारी। त्रिभुवन फैल रही उजियारी॥ सुन्दर रूप मनोहर सूरत। सरल स्वभाव मोहनी मूरत॥ तन पर पीतांबर अति सोहत। बैजन्ती माला मन मोहत॥ शंख चक्र कर गदा बिराजे। देखत दैत्य असुर दल भाजे॥ सत्य धर्म मद लोभ न गाजे। काम क्रोध मद लोभ न छाजे॥ संतभक्त सज्जन मनरंजन। दनुज असुर दुष्टन दल गंजन॥ सुख उपजाय कष्ट सब भंजन। दोष मिटाय करत जन सज्जन॥ पाप काट भव सिंधु उतारण। कष्ट नाशकर भक्त उबारण॥ करत अनेक रूप प्रभु धारण। केवल आप भक्ति के कारण॥ धरणि धेनु बन तुमहिं पुकारा। तब तुम रूप राम का धारा॥ भार उतार असुर दल मारा। रावण आदिक को संहारा॥ आप वराह रूप बनाया। हरण्याक्ष को मार गिराया॥ धर मत्स्य तन सिंधु बनाया। चौदह रतनन को निकलाया॥ अमिलख असुरन द्वंद मचाया। रूप मोहनी आप दिखाया॥ देवन को अमृत पान कराया। असुरन को छवि से बहलाया॥ कूर्म रूप धर सिंधु मझाया। मंद्राचल गिरि तुरत उठाया॥ शंकर का तुम फन्द छुड़ाया। भस्मासुर को रूप दिखाया॥ वेदन को जब असुर डुबाया। कर प्रबंध उन्हें ढूंढवाया॥ मोहित बनकर खलहि नचाया। उसही कर से भस्म कराया॥ असुर जलंधर अति बलदाई। शंकर से उन कीन्ह लडाई॥ हार पार शिव सकल बनाई। कीन सती से छल खल जाई॥ सुमिरन कीन तुम्हें शिवरानी। बतलाई सब विपत कहानी॥ तब तुम बने मुनीश्वर ज्ञानी। वृन्दा की सब सुरति भुलानी॥ देखत तीन दनुज शैतानी। वृन्दा आय तुम्हें लपटानी॥ हो स्पर्श धर्म क्षति मानी। हना असुर उर शिव शैतानी॥ तुमने ध्रुव प्रहलाद उबारे। हिरणाकुश आदिक खल मारे॥ गणिका और अजामिल तारे। बहुत भक्त भव सिन्धु उतारे॥ हरहु सकल संताप हमारे। कृपा करहु हरि सिरजन हारे॥ देखहुं मैं निज दरश तुम्हारे। दीन बन्धु भक्तन हितकारे॥ चहत आपका सेवक दर्शन। करहु दया अपनी मधुसूदन॥ जानूं नहीं योग्य जप पूजन। होय यज्ञ स्तुति अनुमोदन॥ शीलदया सन्तोष सुलक्षण। विदित नहीं व्रतबोध विलक्षण॥ करहुं आपका किस विधि पूजन। कुमति विलोक होत दुख भीषण॥ करहुं प्रणाम कौन विधिसुमिरण। कौन भांति मैं करहु समर्पण॥ सुर मुनि करत सदा सेवकाई। हर्षित रहत परम गति पाई॥ दीन दुखिन पर सदा सहाई। निज जन जान लेव अपनाई॥ पाप दोष संताप नशाओ। भव-बंधन से मुक्त कराओ॥ सुख संपत्ति दे सुख उपजाओ। निज चरनन का दास बनाओ॥ निगम सदा ये विनय सुनावै। पढ़ै सुनै सो जन सुख पावै॥ (समाप्त) तुलसी माता की आरती-Tulsi Mata Aarti जय जय तुलसी माता सब जग की सुख दाता, वर दाता जय जय तुलसी माता ।। सब योगों के ऊपर, सब रोगों के ऊपर रुज से रक्षा करके भव त्राता जय जय तुलसी माता।। बटु पुत्री हे श्यामा, सुर बल्ली हे ग्राम्या विष्णु प्रिये जो तुमको सेवे, सो नर तर जाता जय जय तुलसी माता ।। हरि के शीश विराजत, त्रिभुवन से हो वन्दित पतित जनो की तारिणी विख्याता जय जय तुलसी माता ।। लेकर जन्म विजन में, आई दिव्य भवन में मानवलोक तुम्ही से सुख संपति पाता जय जय तुलसी माता ।। हरि को तुम अति प्यारी, श्यामवरण तुम्हारी प्रेम अजब हैं उनका तुमसे कैसा नाता जय जय तुलसी माता ।। (समाप्त) श्री तुलसी चालीसा-Shri Tulsi Chalisa ।। दोहा ।। जय जय तुलसी भगवती सत्यवती सुखदानी। नमो नमो हरी प्रेयसी श्री वृंदा गुन खानी।। श्री हरी शीश बिरजिनी, देहु अमर वर अम्ब। जनहित हे वृन्दावनी अब न करहु विलम्ब ।। ।। चौपाई ।। धन्य धन्य श्री तलसी माता। महिमा अगम सदा श्रुति गाता ।। हरी के प्राणहु से तुम प्यारी। हरीहीं हेतु कीन्हो ताप भारी।। जब प्रसन्न है दर्शन दीन्ह्यो। तब कर जोरी विनय उस कीन्ह्यो ।। हे भगवंत कंत मम होहू। दीन जानी जनि छाडाहू छोहु ।। सुनी लख्मी तुलसी की बानी। दीन्हो श्राप कध पर आनी ।। उस अयोग्य वर मांगन हारी। होहू विटप तुम जड़ तनु धारी ।। सुनी तुलसी हीं श्रप्यो तेहिं ठामा। करहु वास तुहू नीचन धामा ।। दियो वचन हरी तब तत्काला। सुनहु सुमुखी जनि होहू बिहाला।। समय पाई व्हौ रौ पाती तोरा। पुजिहौ आस वचन सत मोरा ।। तब गोकुल मह गोप सुदामा। तासु भई तुलसी तू बामा ।। कृष्ण रास लीला के माही। राधे शक्यो प्रेम लखी नाही ।। दियो श्राप तुलसिह तत्काला। नर लोकही तुम जन्महु बाला ।। यो गोप वह दानव राजा। शंख चुड नामक शिर ताजा ।। तुलसी भई तासु की नारी। परम सती गुण रूप अगारी ।। अस द्वै कल्प बीत जब गयऊ। कल्प तृतीय जन्म तब भयऊ।। वृंदा नाम भयो तुलसी को। असुर जलंधर नाम पति को ।। करि अति द्वन्द अतुल बलधामा। लीन्हा शंकर से संग्राम ।। जब निज सैन्य सहित शिव हारे। मरही न तब हर हरिही पुकारे ।। पतिव्रता वृंदा थी नारी। कोऊ न सके पतिहि संहारी ।। तब जलंधर ही भेष बनाई। वृंदा ढिग हरी पहुच्यो जाई ।। शिव हित लही करि कपट प्रसंगा। कियो सतीत्व धर्म तोही भंगा ।। भयो जलंधर कर संहारा। सुनी उर शोक उपारा ।। तिही क्षण दियो कपट हरी टारी। लखी वृंदा दुःख गिरा उचारी ।। जलंधर जस हत्यो अभीता। सोई रावन तस हरिही सीता ।। अस प्रस्तर सम ह्रदय तुम्हारा। धर्म खंडी मम पतिहि संहारा ।। यही कारण लही श्राप हमारा। होवे तनु पाषाण तुम्हारा।। सुनी हरी तुरतहि वचन उचारे। दियो श्राप बिना विचारे ।। लख्यो न निज करतूती पति को। छलन चह्यो जब पारवती को ।। जड़मति तुहु अस हो जड़रूपा। जग मह तुलसी विटप अनूपा ।। धग्व रूप हम शालिगरामा। नदी गण्डकी बीच ललामा ।। जो तुलसी दल हमही चढ़ इहैं। सब सुख भोगी परम पद पईहै ।। बिनु तुलसी हरी जलत शरीरा। अतिशय उठत शीश उर पीरा ।। जो तुलसी दल हरी शिर धारत। सो सहस्त्र घट अमृत डारत ।। तुलसी हरी मन रंजनी हारी। रोग दोष दुःख भंजनी हारी ।। प्रेम सहित हरी भजन निरंतर। तुलसी राधा में नाही अंतर ।। व्यंजन हो छप्पनहु प्रकारा। बिनु तुलसी दल न हरीहि प्यारा ।। सकल तीर्थ तुलसी तरु छाही। लहत मुक्ति जन संशय नाही ।। कवि सुन्दर इक हरी गुण गावत। तुलसिहि निकट सहसगुण पावत ।। बसत निकट दुर्बासा धामा। जो प्रयास ते पूर्व ललामा ।। पाठ करहि जो नित नर नारी। होही सुख भाषहि त्रिपुरारी ।। ।। दोहा ।। तुलसी चालीसा पढ़ही तुलसी तरु ग्रह धारी । दीपदान करि पुत्र फल पावही बंध्यहु नारी ।। सकल दुःख दरिद्र हरी हार ह्वै परम प्रसन्न । आशिय धन जन लड़हि ग्रह बसही पूर्णा अत्र ।। लाही अभिमत फल जगत मह लाही पूर्ण सब काम। जेई दल अर्पही तुलसी तंह सहस बसही हरीराम ।। तुलसी महिमा नाम लख तुलसी सूत सुखराम। मानस चालीस रच्यो जग महं तुलसीदास ।। (समाप्त)

वेब दुनिया 24 Jul 2026 3:17 pm

दीपिका चिखलिया ने साई पल्लवी के 'सीता' लुक पर उठाए सवाल, बोलीं- शास्त्रों में ऐसा वर्णन नहीं

नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'रामायणम्' को लेकर दर्शकों में जबरदस्त क्रेज देखा जा रहा है। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साउथ सुपरस्टार यश रावण, सनी देओल हनुमान और साई पल्लवी माता सीता की भूमिका में नजर आने वाले हैं। हालांकि, फिल्म के भव्य सेट और स्टार कास्ट के बीच अब स्टार्स के 'लुक' को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। 1987 में रामानंद सागर के कालजयी धारावाहिक 'रामायण' में माता सीता का अमर किरदार निभाने वाली अभिनेत्री दीपिका चिखलिया ने नितेश तिवारी की इस नई 'रामायणम्' में साई पल्लवी की कास्टिंग और उनके संभावित 'सीता' लुक पर अपनी बेबाक राय रखी है। ALSO READ: 'मुसाफिर कैफे' की एक्ट्रेस वेदिका पिंटो ने बताया क्यों लव स्टोरी देखना करती हैं पसंद वैरायटी इंडिया संग इंटरव्यू में जब दीपिका चिखलिया से साई पल्लवी के सीता के रोल में चुने जाने पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने साई पल्लवी की अभिनय क्षमता की जमकर तारीफ की। दीपिका ने कहा, साई पल्लवी एक बेहद प्रतिभाशाली और बेहतरीन अभिनेत्री हैं, इसमें कोई दो राय नहीं है। लेकिन वह परदे पर सीता के रूप में कैसी दिखेंगी, यह देखना अभी बाकी है। दीपिका ने शास्त्रों का हवाला देते हुए बताया कि धार्मिक ग्रंथों में देवी सीता के सौंदर्य और शारीरिक बनावट का एक खास वर्णन मिलता है। दीपिका चिखलिया ने गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित 'रामचरितमानस' का संदर्भ देते हुए कहा कि मूल ग्रंथों में माता सीता के शारीरिक लक्षणों के बारे में स्पष्ट रूप से लिखा गया है। दीपिका चिखलिया के अनुसार, रामचरितमानस में सीता जी की बादामी आंखें, एक निश्चित कद-काठी और विशिष्ट चेहरे के लक्षणों का वर्णन है। रामानंद सागर जी ने 1987 में जब मेरी कास्टिंग की थी, तो उन्होंने इन शास्त्रीय विवरणों का बहुत बारीकी से ध्यान रखा था। इसके अलावा, धार्मिक ग्रंथों में कहीं भी सीता जी के घुंघराले बालों का जिक्र नहीं मिलता है। दीपिका के इस बयान को साई पल्लवी के स्वाभाविक रूप से घुंघराले बालों से जोड़कर देखा जा रहा है। उनका मानना है कि पौराणिक किरदारों को परदे पर उतारते समय दर्शकों की आस्था और शास्त्रों के विवरण का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है। दीपिका चिखलिया ने यह भी जोर देकर कहा कि 1980 के दशक का 'रामायण' शो आज भी लोगों की यादों में पूरी तरह ताजा है। कोरोना लॉकडाउन के दौरान जब इसे दोबारा प्रसारित किया गया, तो नई पीढ़ी ने भी इसे उतना ही प्यार दिया। ऐसे में किसी भी नए रूपांतरण के लिए रामानंद सागर वाली छवि को मिटा पाना या उसकी जगह ले पाना बेहद चुनौतीपूर्ण होगा। टाइपकास्ट होने का दर्द भी किया साझा अपनी निजी जिंदगी और करियर पर बात करते हुए दीपिका ने यह भी साझा किया कि 'सीता' का किरदार निभाने का उनके करियर पर गहरा असर पड़ा। उन्होंने बताया कि उस आइकॉनिक छवि के कारण उन्हें बाद में बॉलीवुड में विविध रोल मिलने बंद हो गए, क्योंकि इंडस्ट्री और जनता उन्हें सीता के रूप के अलावा किसी और अवतार में स्वीकार ही नहीं कर पाई। बता दें कि रामायण की यह भव्य सिनेमैटिक रीटेलिंग दो भागों में रिलीज होने के लिए तैयार है, जिसका निर्माण वैश्विक स्तर की तकनीक और विजुअल इफेक्ट्स के साथ किया जा रहा है। फिल्म का पहला भाग दिवाली 2026 और दूसरा भाग दिवाली 2027 में सिनेमाघरों में दस्तक देगा।

वेब दुनिया 24 Jul 2026 3:17 pm

जोक्स ….. वो पड़ोसन से मेरी शिकायत कर रही थीं

1.सुबह-सुबह सास ने बहू से कहा, “बहू, आज चाय में पहले जैसी बात नहीं है।” बहू मुस्कुराकर बोली, “मम्मीजी, पहले वाली चाय तो तब बनती थी, जब आप सुबह मुझे प्यार से उठाती थीं।” सास ने हैरानी से पूछा, “मैंने कब प्यार से उठाया?” बहू बोली, “इसलिए तो चाय में पहले जैसी बात नहीं रही!” […] The post जोक्स ….. वो पड़ोसन से मेरी शिकायत कर रही थीं appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Jul 2026 3:16 pm

OTT Release Today (24 July 2026): विक्रांत मैसी की 'मुसाफिर कैफे' से लेकर केके मेनन की 'आदर्श बाल विद्यालय' तक, आज रिलीज हुईं ये फिल्में और सीरिज!

अगर आप इस वीकेंड घर बैठे कुछ नया और मजेदार देखने का प्लान बना रहे हैं, तो आपके लिए शानदार खबर है। आज यानी 24 जुलाई 2026 (शुक्रवार) को OTT प्लेटफॉर्म्स पर फिल्मों और वेब सीरीज का बड़ा धमाका हुआ है। नेटफ्लिक्स, अमेज़न प्राइम वीडियो, सोनी लिव और जियो-हॉटस्टार पर रोमांस, कॉमेडी, सस्पेंस और एक्शन से भरपूर कई बड़ी टाइटल स्ट्रीम हो चुके हैं। आइए जानते हैं आज की सबसे चर्चित OTT रिलीज की पूरी लिस्ट: वीकेंड की टॉप OTT रिलीज (24 जुलाई 2026) 1. मुसाफिर कैफे (Musafir Cafe) प्लेटफॉर्म: Netflix स्टारकास्ट: विक्रांत मैसी, वेदिका पिंटो, महिमा मकवाना जॉनर: रोमांटिक ड्रामा खासियत: मशहूर लेखक दिव्य प्रकाश दुबे के उपन्यास 'मुसाफिर कैफे' पर आधारित यह सीरीज प्यार, ब्रेकअप और जिंदगी में मिलने वाले दूसरे मौकों की भावुक कहानी पेश करती है। अगर आपको हल्की-फुल्की और दिल को छू लेने वाली लव स्टोरी पसंद हैं, तो यह आपकी वॉचलिस्ट में सबसे ऊपर होनी चाहिए। ALSO READ: 'मुसाफिर कैफे' की एक्ट्रेस वेदिका पिंटो ने बताया क्यों लव स्टोरी देखना करती हैं पसंद 2. आदर्श बाल विद्यालय (Adarsh Baal Vidyalaya) प्लेटफॉर्म: Amazon Prime Video स्टारकास्ट: केके मेनन, अर्चना पूरन सिंह, नवीन कस्तूरिया जॉनर: कॉमेडी ड्रामा खासियत: बिस्वापति सरकार और समीर सक्सेना द्वारा बनाई गई यह 7-एपिसोड की वेब सीरीज एक खस्ताहाल सरकारी स्कूल की कहानी है। केके मेनन इसमें एक अनोखे हेडमास्टर के किरदार में नजर आ रहे हैं जो स्कूल की किस्मत बदलने की जुगत में लगे हैं। 3. पल्लीचट्टंबी (Pallichattambi) प्लेटफॉर्म: SonyLIV स्टारकास्ट: टोविनो थॉमस, कायादू लोहार (पृथ्वीराज सुकुमारन का स्पेशल कैमियो) भाषा: हिंदी, मलयालम, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ जॉनर: पीरियड एक्शन ड्रामा खासियत: दक्षिण भारतीय सिनेमा की यह बहुचर्चित एक्शन-ड्रामा फिल्म 1990 के दशक के इडुक्की की पृष्ठभूमि पर आधारित है। हाई-वोल्टेज एक्शन और दमदार बैकग्राउंड स्कोर के शौकीनों के लिए यह बेहतरीन विकल्प है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें 4. कॉन सिटी (Con City) प्लेटफॉर्म: Netflix स्टारकास्ट: अर्जुन दास, अन्ना बेन, योगी बाबू जॉनर: क्राइम कॉमेडी खासियत: एक साधारण परिवार की कहानी जो अचानक आई मुसीबतों से निपटने के लिए एक बड़ा ठगी का जाल बुनती है। क्राइम और कॉमेडी का यह अनूठा संगम आपको शुरू से अंत तक बांधे रखेगा। 5. स्टुअर्ट फेल्स टू सेव द यूनिवर्स (Stuart Fails to Save the Universe) प्लेटफॉर्म: JioHotstar स्टारकास्ट: केविन सुसमैन, लॉरेन लापकस जॉनर: साई-फाई कॉमेडी खासियत: 'द बिग बैंग थ्योरी' के फैंस के लिए यह स्पिन-ऑफ सीरीज किसी तोहफे से कम नहीं है। इसमें कॉमिक बुक स्टोर के मालिक स्टुअर्ट की मजेदार दुनिया को दिखाया गया है। इस वीकेंड पॉपकॉर्न तैयार रखें और अपनी पसंद के जॉनर के हिसाब से बिंज-वॉचिंग की शुरुआत करें!

वेब दुनिया 24 Jul 2026 3:00 pm

अंगुल गैंगरेप मामले में 4 दोषियों को 20 साल की कठोर कैद की सज़ा

भुवनेश्वर। ओडिशा में अंगुल की फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय ने 21 वर्षीय महिला और एक नाबालिग लड़की के साथ 2024 के अंगुल गैंगरेप मामले में सभी चार आरोपियों को 20 साल की कठोर कैद की सज़ा सुनाई है। अंगुल के अतिरिक्त ज़िला और सत्र न्यायाधीश (फ़ास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय) ने शुक्रवार को चार आरोपियों को […] The post अंगुल गैंगरेप मामले में 4 दोषियों को 20 साल की कठोर कैद की सज़ा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Jul 2026 2:47 pm

भीलवाड़ा : खेत में बिजली गिरने से बुजुर्ग और बालिका की मौत

भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा के रायपुर थाना क्षेत्र में गुरुवार को बिजली गिरने से नाना और उनकी सात वर्षीय दोहिती की मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शव रायपुर अस्पताल के शवगृह में रखवाए। शुक्रवार सुबह पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद शव सौंप दिए गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार […] The post भीलवाड़ा : खेत में बिजली गिरने से बुजुर्ग और बालिका की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Jul 2026 1:54 pm

बहराइच में मासूम बालक के साथ कुकर्म और हत्या के दोषी को मृत्यु दंड

बहराइच। उत्तर प्रदेश में बहराइच जिले की एक विशेष अदालत ने सात वर्षीय बालक के साथ दुष्कर्म कर उसकी निर्मम हत्या करने के मामले में दोषी अभियुक्त को घटना के लगभग दो माह के भीतर मृत्यु दण्ड की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर एक लाख रुपए का अर्थदण्ड भी लगाया गया है। […] The post बहराइच में मासूम बालक के साथ कुकर्म और हत्या के दोषी को मृत्यु दंड appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Jul 2026 1:50 pm

पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए दिल्ली हाईकोर्ट ने गठित किया फास्टट्रैक कोर्ट

नई दिल्ली। केन्द्र सरकार द्वारा पेपर लीक के मामलों की सुनवाई के लिए फास्टट्रैक कोर्ट गठित करने का निर्णय लिए जाने के कुछ ही घंटों में दिल्ली उच्च न्यायालय ने ऐसे कोर्ट का गठन कर अनु ग्रोवर बालिगा को विशेष न्यायाधीश नियुक्त किया है। पेपर लीक मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्टट्रैक कोर्ट गठित […] The post पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए दिल्ली हाईकोर्ट ने गठित किया फास्टट्रैक कोर्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Jul 2026 1:44 pm

गुजरात के असिस्टेंट कोच विजेता दहिया को इंस्टा पर मिलने लगी गालियां, बोले मैं कॉकरोच नहीं

इंडियन प्रीमियर लीग में गुजरात टाइटंस के असिस्टेंट कोच विजेता दहिया को कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता में से एक विजेता दहिया के हमनाम होने की सजा कुछ ऐसे मिली की लोगों ने उनको उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर गालियां बरसाना शुरु कर दिया। इंस्टा पर गालियां इतनी बढ़ गई कि ऐसे में उन्हें स्टेटस अपलोड कर यह साबित करना पड़ा कि वह कॉकरोच जनता पार्टी वाले विजेता दहिया नहीं है। गौरतलब है कि सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के साथ जंतर मंतर पर छात्र आंदोलन का समर्थन कॉकरोच जनता पार्टी शुरुआत से कर रही है। 1973 में जन्मे विजेता दहिया शुरुआत से ही गुजरात टाइटंस के कोचिंग स्टाफ से जुड़े है। हालांकि इस बार समान नाम होने के कारण उन पर फोटो शेयरिंग एप्प इंस्टाग्राम पर गालियां बरसाई गई। Insta story of GT's assistant coach Lol, people think he is CJP's 'Vijeta Dahiya'. pic.twitter.com/C5DGINBkPC — Mohit (@Warlock_mohit) July 23, 2026 साल 2022 में बनी गुजरात टाइटंस के सफर की बात करें तो टीम ने अपने पहले ही संस्करण में राजस्थान रॉयल्स को हराकर इंडियन प्रीमियर लीग जीता। इसके बाद वह अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टे़डियम में उपविजेता रही। साल 2024 में भी टीम प्लेऑफ में पहुंची वहीं साल 2025 में टीम को निराशा हाथ लगी। इसके अलावा साल 2026 में टीम वापस उपविजेता बनी।

वेब दुनिया 24 Jul 2026 1:15 pm

सोनम वांगचुक ने 26 दिन बाद तोड़ा आमरण अनशन, सीजेपी का आंदोलन जारी रखने का किया ऐलान

नई दिल्ली। शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर 26 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने गुरुवार देर रात अपना अनशन समाप्त कर दिया लेकिन शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर सड़कों पर उतरी कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक अपना आंदोलन जारी […] The post सोनम वांगचुक ने 26 दिन बाद तोड़ा आमरण अनशन, सीजेपी का आंदोलन जारी रखने का किया ऐलान appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Jul 2026 1:00 pm

'किक' के 12 साल: सलमान खान के सामने नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी ने ऐसे रचा बॉलीवुड का यादगार विलेन का किरदार

किक के 12 साल पूरे होने पर, इसकी सबसे मशहूर परफॉर्मेंस में से एक नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी का शिव गजरा का यादगार किरदार है। बॉलीवुड के सबसे खास विलेन में से एक माना जाने वाला यह किरदार अपनी डरावनी, अप्रत्याशितता, डार्क ह्यूमर और यादगार तरीकों के लिए सबसे अलग था। फिल्म की एनिवर्सरी पर, इस वर्सेटाइल एक्टर ने शिव की मशहूर जीभ चटकाने और डरावनी हंसी के पीछे की प्रेरणा बताई। बेरहम, थोड़ा पागल और अंदाज़ा लगाना नामुमकिन, शिव गजरा ने किक में एक अनोखा साइकोलॉजिकल पहलू लाया। सलमान खान के साथ, नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी ने फिल्म के सबसे यादगार हीरो-विलेन डायनामिक्स में से एक दिया। इस आइकॉनिक एक्टर ने अपनी डरावनी डायलॉग डिलीवरी, सिग्नेचर टंग क्लिक और डरावनी हाई-पिच हंसी के ज़रिए डर और डार्क ह्यूमर को बैलेंस किया, जिससे शिव बॉलीवुड के सबसे यादगार विलेन में से एक बन गए। किरदार की यादगार अजीब बातों के बारे में बताते हुए, नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी ने बताया, टंग-किक करने की आवाज असल में उन बारीकियों में से एक थी जिसे हम अपने थिएटर के दिनों में अक्सर शामिल करते थे। जहां तक किक में दिखने वाली डरावनी हंसी की बात है, वह अक्स में मनोज बाजपेयी की परफॉर्मेंस से इंस्पायर्ड थी। ALSO READ: YRF की मेगा रोमांटिक-एक्शन फिल्म की रिलीज डेट का ऐलान, अहान पांडे और शरवरी मचाएंगे धमाल उन्होंने कहा, मैं उस फिल्म में उनके निभाए गए किरदार से बहुत इम्प्रेस हुआ था और मैंने उसे बहुत करीब से देखा था। तो हाँ, मैंने उस किरदार से कुछ इंस्पिरेशन ली, लेकिन इसे यूनिक और ऑडियंस के लिए ज़्यादा एंगेजिंग बनाने के लिए अपना टच भी दिया। यह खुलासा एक परफॉर्मर के तौर पर नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी की कला को दिखाता है। हर रोल में घुलने-मिलने के लिए मशहूर, उन्होंने अपने थिएटर बैकग्राउंड को अपनी क्रिएटिविटी के साथ मिलाकर एक ऐसा विलेन बनाया, जिसकी साइकोलॉजिकल अनप्रेडिक्टेबिलिटी और डार्क विट यादगार रहेगी। बारह साल बाद भी, शिव गजरा नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी की सबसे मशहूर परफॉर्मेंस में से एक है। किक की एनिवर्सरी के साथ, उनके आने वाले प्रोजेक्ट्स थम्मा 2, तुम्बाड 2, ब्लाइंड बाबू और सेक्शन 108 का भी उतना ही इंतज़ार है, जिससे दर्शक उनके अगले यादगार किरदार को जानने के लिए उत्सुक हैं।

वेब दुनिया 24 Jul 2026 12:55 pm

YRF की मेगा रोमांटिक-एक्शन फिल्म की रिलीज डेट का ऐलान, अहान पांडे और शरवरी मचाएंगे धमाल

यश राज फिल्म्स (YRF) एक बार फिर बड़े पर्दे पर एक भव्य और धमाकेदार सिनेमाई अनुभव लाने की तैयारी में है। आदित्य चोपड़ा और ब्लॉकबस्टर निर्देशक अली अब्बास ज़फ़र की जोड़ी ने अपनी अगली अनटाइटल्ड रोमांटिक-एक्शन ड्रामा फिल्म की आधिकारिक रिलीज़ डेट की घोषणा कर दी है। यह बहुप्रतीक्षित फिल्म 26 मार्च, 2027 (गुड फ्राइडे) के लंबे और खास वीकेंड पर सिनेमाघरों में दस्तक देगी। निर्माताओं ने इस बड़े त्यौहार का चुनाव बॉक्स ऑफिस पर एक नया इतिहास रचने के इरादे से किया है। ALSO READ: खेसारी लाल यादव के इवेंट में स्ट्रीट डॉग से बदसलूकी, वीडियो देख भड़कीं मलाइका अरोड़ा फिल्म की स्टार कास्ट इस समय ट्रेड और सिने-प्रेमियों के बीच सबसे बड़ा चर्चा का विषय बनी हुई है। फिल्म में अहान पांडे, शरवरी, बॉबी देओल और ऐश्वर्य ठाकरे अहम किरदार में नजर आने वाले हैं। फिल्म का कैनवास काफी विशाल रखा गया है। मेकर्स के अनुसार, इस रोमांटिक एक्शन ड्रामा की शूटिंग बड़े पैमाने पर यूनाइटेड किंगडम (UK) की खूबसूरत और अंतरराष्ट्रीय लोकेशंस पर की गई है। यूके के विशाल लोकेशंस के साथ-साथ वाईआरएफ स्टूडियोज में भी इसके प्रमुख और थ्रिलिंग एक्शन सीन्स को शूट किया गया है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें निर्देशक अली अब्बास ज़फ़र और निर्माता आदित्य चोपड़ा की जोड़ी जब भी साथ आती है, बॉक्स ऑफिस पर बड़ा धमाका होता है। यह दोनों की बतौर निर्माता-निर्देशक 5वीं साझेदारी है। इससे पहले यह जोड़ी कई सुपरहिट और ब्लॉकबस्टर फिल्में दे चुकी है। जिसमें मेरे ब्रदर की दुल्हन, गुंडे, सुल्तान और टाइगर ज़िंदा है शामिल है। अब करीब एक दशक बाद दोनों एक बार फिर एक बड़े बजट की एक्शन-रोमांस कहानी के लिए साथ आए हैं, जिससे इंडस्ट्री की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। फिल्म में अली अब्बास ज़फ़र का सिग्नेचर स्टाइल देखने को मिलेगा, जहां इमोशनल लव स्टोरी के साथ-साथ इंटरनेशनल लेवल का हैंड-टू-हैंड कॉम्बैट और चेज़ सीन्स का तड़का लगाया गया है। हालांकि अभी तक फिल्म के आधिकारिक शीर्षक और इसके टीज़र/ट्रेलर से जुड़ी जानकारी गुप्त रखी गई है, लेकिन स्टार कास्ट और मेकर्स के ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए यह तय है कि यह फिल्म 2027 की सबसे बड़ी रिलीज़ में से एक साबित होने वाली है।

वेब दुनिया 24 Jul 2026 12:45 pm

'स्पाइडर-मैन' और बड़ी हिंदी फिल्मों के बीच फंसी राजकुमार राव की फिल्म, मेकर्स ने पोस्टपोन की 'प्रहार'

बॉलीवुड एक्टर राजकुमार राव की बहुचर्चित कोर्टरूम ड्रामा 'प्रहार' का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। लेकिन अब फैंस के लिए एक निराश करने वाली खबर सामने आई है। 7 अगस्त को सिनेमाघरों में राजकुमार राव को वकील के दमदार किरदार में देखने का इंतजार कर रहे फैंस को अब थोड़ा और सब्र करना होगा। दिनेश विजन की बैनर कंपनी 'मैडॉक फिल्म्स' ने फिल्म की तय रिलीज डेट को आगे बढ़ा दिया है। गौरतलब है कि मैडॉक फिल्म्स के लिए यह लगातार दूसरा झटका माना जा रहा है। हाल ही में श्रद्धा कपूर स्टारर फिल्म 'ईथा' की रिलीज डेट में बदलाव की खबरें आई थीं और अब 'प्रहार' की टलने से फिल्म गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। ALSO READ: रणबीर कपूर की 'रामायणम्' का ट्रेलर हुआ पोस्टपोन, नमित मल्होत्रा ने बताई खास वजह बॉक्स ऑफिस पर था 'महा-मुकाबला' बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट के अनुसार, मैडॉक फिल्म्स ने अपने स्टेकहोल्डर्स और ट्रेड एक्सपर्ट्स के साथ लंबी चर्चा के बाद ही यह कड़ा फैसला लिया है। फिल्म को डिले करने की मुख्य वजह सिनेमाघरों में आने वाले हफ्तों का 'ओवरक्रॉउडेड रिलीज शेड्यूल' बताया जा रहा है। इंडस्ट्री से जुड़े सूत्रों की मानें तो 7 अगस्त की तारीख 'प्रहार' के लिए कमर्शियल लिहाज से काफी जोखिम भरी साबित हो सकती थी। 7 अगस्त से ठीक एक हफ्ता पहले 30 जुलाई को मार्वल/सोनी की बड़ी फिल्म 'Spider-Man: Brand New Day' सिनेमाघरों में दस्तक दे रही है, जिसका क्रेज युवाओं में पहले से ही सिर चढ़कर बोल रहा है। ठीक एक हफ्ते बाद यानी 14 अगस्त को दो बड़ी हिंदी फिल्में— 'बंटवारा 1947' और 'आवारापन 2' रिलीज होने के लिए तैयार हैं। ऐसे में 7 अगस्त को रिलीज होने पर 'प्रहार' को अपनी कमाई के लिए सिर्फ 6-7 दिनों का ही 'क्लियर विंडो' मिल पाता। 'प्रहार' एक ऐसी कंटेंट-ड्रिवन कंटेंट फिल्म है, जिसे वर्ड ऑफ माउथ का फायदा उठाने के लिए बॉक्स ऑफिस पर लंबे समय तक टिके रहने के लिए सांस लेने की जगह चाहिए। प्रमोशन का न होना दे रहा था बड़ा संकेत फिल्म की रिलीज डेट में महज दो हफ्ते बचे थे, लेकिन मेकर्स की तरफ से कोई टीजर, ट्रेलर या कोई बड़ा प्रमोशनल इवेंट देखने को नहीं मिल रहा था। बॉलीवुड के गलियारों में इस बात की चर्चा पहले ही शुरू हो चुकी थी। निर्माता दिनेश विजन अपनी फिल्मों के आक्रामक और अनोखे प्रमोशनल कैंपेन के लिए जाने जाते हैं। जब इतनी कम अवधि के बावजूद फिल्म का बज तैयार नहीं किया जा रहा था, तब ट्रेड एनालिस्टों को यह समझने में ज्यादा वक्त नहीं लगा कि 'प्रहार' की रिलीज टलना लगभग तय है। 'उज्ज्वल निकम' की कहानी पर आधारित है फिल्म फिल्म 'प्रहार' भारत के जाने-माने स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर उज्ज्वल निकम के जीवन और उनके ऐतिहासिक अदालती मुकदमों पर आधारित है। उज्ज्वल निकम वही वकील हैं जिन्होंने 26/11 मुंबई आतंकी हमले के दोषी अजमल कसाब को फांसी के फंदे तक पहुंचाने में अहम कानूनी भूमिका निभाई थी। फिल्म में राजकुमार राव, उज्ज्वल निकम के मुख्य किरदार को निभाते नजर आएंगे। उनके अलावा फिल्म में वामिका गब्बी, जयदीप अहलावत और सिकंदर खेर भी अहम किरदार में हैं। फिल्म का निर्देशन अविनाश अरुण ने किया है। फिलहाल मेकर्स ने फिल्म की नई रिलीज डेट का ऐलान नहीं किया है।

वेब दुनिया 24 Jul 2026 11:23 am

रणबीर कपूर की 'रामायणम्' का ट्रेलर हुआ पोस्टपोन, नमित मल्होत्रा ने बताई खास वजह

नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही महत्वाकांक्षी महागाथा 'रामायणम्' को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह है। हाल ही में दिल्ली में आयोजित एक भव्य इवेंट में चुनिंदा मीडिया और फैंस को इस फिल्म का 4 मिनट का खास ट्रेलर दिखाया गया था। इसके बाद से ही आम जनता के बीच इस ट्रेलर को देखने की उत्सुकता सातवें आसमान पर थी। 'रामायणम्' के बहुप्रतीक्षित ट्रेलर को 24 जुलाई की सुबह जारी किया जाना था। लेकिन ट्रेलर रिलीज से ठीक कुछ घंटे पहले फिल्म के निर्माता नमित मल्होत्रा ने एक बहुत बड़ा और सकारात्मक अपडेट शेयर करते हुए ट्रेलर की रिलीज को आगे बढ़ाने की घोषणा कर दी। ALSO READ: देशभक्ति की फिल्मों के बादशाह मनोज कुमार की अनसुनी कहानी, क्यों कहा जाता था 'भारत कुमार'? दरअसल, सैन डिएगो कॉमिक-कॉन के मंच पर फिल्म की स्टार कास्ट और मेकर्स की मौजूदगी के बीच एक ऐतिहासिक डील पक्की हुई। नमित मल्होत्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक नोट शेयर कर फैंस को यह खुशखबरी दी कि 'रामायण' को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट द्वारा डिस्ट्रीब्यूट किया जाएगा। A post shared by Namit Malhotra (@iamnamitmalhotra) नमित मल्होत्रा ने कहा, आज हमारी 'रामायण' के लिए एक बेहद खास लम्हा है। 'रामायण' को पूरी दुनिया तक ले जाने का मेरा सपना अब सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट के साथ हमारी पार्टनरशिप के जरिए सच हो रहा है। इसी बड़े बदलाव के कारण, अब हम अपनी फिल्म का ट्रेलर वैश्विक स्तर पर एक नई तारीख पर लॉन्च करेंगे। 100 साल के भारतीय सिनेमा के लिए गर्व का क्षण निर्माताओं का मानना है कि सोनी पिक्चर्स जैसे हॉलीवुड के दिग्गज स्टूडियो के साथ हाथ मिलाने से भारतीय सिनेमा का कद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और ऊंचा होगा। इस डील के बाद 'रामायणम्' को दुनिया भर में किसी भी बड़ी वैश्विक हॉलीवुड ब्लॉकबस्टर फिल्म की तरह ही भव्य रूप से सिनेमाघरों में प्रदर्शित किया जाएगा। San Diego Comic Con में स्टार्स ने बिखेरा जलवा ट्रेलर टलने से पहले, गुरुवार को सैन डिएगो कॉमिक-कॉन में 'रामायण' की टीम ने एक खास पैनल में हिस्सा लिया। इस ऐतिहासिक इवेंट में फिल्म के मुख्य कलाकार रणबीर कपूर, कन्नड़ सुपरस्टार यश, निर्देशक नितेश तिवारी और निर्माता नमित मल्होत्रा एक साथ मंच पर नजर आए। मेकर्स का विजन और फिल्म का स्केल देखकर विदेशी मीडिया भी काफी प्रभावित नजर आया। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें नितेश तिवारी द्वारा निर्देशित यह पौराणिक फिल्म दो भागों में दर्शकों के सामने आएगी। फिल्म की स्टार कास्ट बेहद विशाल और प्रभावशाली है। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी माता सीता, यश लंकापति रावण, सनी देओल हनुमान, रवि दुबे लक्ष्मण और अरुण गोविल राजा दशरथ के किरदार में दिखेंगे फिल्म का पहला भाग इसी साल नवंबर (दिवाली) के मौके पर सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए तैयार है। अंतरराष्ट्रीय डिस्ट्रीब्यूशन का रास्ता साफ होने के बाद अब बहुत जल्द फिल्म की नई ट्रेलर रिलीज डेट की घोषणा की जाएगी।

वेब दुनिया 24 Jul 2026 10:54 am

स्विस बैंक की पोल पट्टी खोलने वाले जर्मन वकील पर मुकदमा

ओंकार सिंह जनौटी टैक्स चुकाए बिना ही उसका रिटर्न डकार लिया गया। यूरोप में इसी तरह से करीब 140 अरब यूरो की धांधली हुई। इस पर्दाफाश करने वाले जर्मन वकील पर अब स्विट्जरलैंड मुकदमा बहाल कर रहा है। जर्मन वकील टेंशन फ्री हैं। ALSO READ: जहां जन्मा था हिटलर, वहां बना पुलिस स्टेशन एकार्ट जाइथ, जर्मनी में एक जाने माने और लोकप्रिय कॉरपोरेट वकील हैं। कंपनियों को टैक्स, पॉलिसी और श्रम कानूनों के मामले में सलाह मशविरा देने वाले जाइथ को टैक्स चोरों का भांडा फोड़ने वाले साहसी वकील के तौर पर भी देखा जाता है। अब स्विट्जरलैंड में 69 साल के इसी वकील के खिलाफ मुकदमा शुरू होने जा रहा है। स्विट्जरलैंड के सुप्रीम कोर्ट ने इसकी अनुमति दे दी है। यह जानकारी सामने आने के बाद जाइथ ने कहा कि वह इस फैसले से बिल्कुल भी हैरान नहीं हैं। स्विस प्रशासन का आरोप है कि जाइथ ने आर्थिक जासूसी करते हुए स्विस बैंक के इंटरनल डॉक्यूमेंट्स जर्मन अधिकारियों को दिए। इन दस्तावेजों के आधार पर 2012 में जर्मनी और यूरोप में टैक्स रिटर्न धांधली के एक बड़े मामले का पर्दाफाश हुआ। लाभांश कर (डिविडेंड टैक्स) से जुड़ी इस धांधली ने यूरोप की अलग अलग ट्रेजरियों को करीब 140 अरब यूरो की चपत लगाई। जर्मनी को 30 अरब यूरो से ज्यादा का नुकसान हुआ। ALSO READ: 5,000 किलोमीटर की फ्लाइटों पर ईयू का उत्सर्जन शुल्क कैसे हो रही थी टैक्स धांधली असल में 2012 से पहले टैक्स सिस्टम में एक बड़ी कमजोरी मौजूद थी। तब टैक्स सर्टिफिकेट जारी होते थे और इनसे दावा किया जा सकता था कि कंपनी या शेयरों के लाभांश पर टैक्स चुकाया गया है। बैंक, शेयर कारोबारी और निवेशक, लाभांश भुगतान की तारीख के आस पास बहुत ही जटिल तरीके से स्टॉक ट्रेडिंग करते थे। इस दौरान हुए सौदों के दस्तावेज से पता ही नहीं चलता था कि शेयर का असली मालिक कौन है। डिविडेंड के साथ और डिविडेंड के बिना वाले, शेयरों की खरीद फरोख्त इतनी तेजी से होती थी कि टैक्स विभाग, रास्ता भटक जाता था। इसके बाद कई मामलों में एक ही स्टॉक से हुए फायदे पर चुकाए टैक्स को लेकर दो पार्टियों ने कैपिटल गेन टैक्स का रिटर्न फाइल किया। दोनों को टैक्स रिटर्न का पैसा मिला, जबकि हकीकत में कैपिटल गेन टैक्स सिर्फ एक ही पार्टी ने या कुछ मामलों में किसी ने भी नहीं चुकाया था। इस धांधली को 'कम-एक्स फ्रॉड स्कैंडल' नाम दिया गया। 2012 में जर्मन प्रशासन ने टैक्स सिस्टम में मौजूद इस छेद को बंद कर दिया। लेकिन तब तक हुई जांच में पता चला कि जर्मनी को करीब 36 अरब यूरो का नुकसान हो चुका है। यह जर्मन इतिहास की सबसे बड़ी टैक्स धांधली है। फ्रांस, इटली, डेनमार्क और बेल्जियम को भी इस तरीके से बड़ी चपत लगाई गई। ALSO READ: दोहरे मापदंडों के चलते घिरे दिग्गज जर्मन नेता का इस्तीफा जाइथ ने कैसे खोली स्विस स्टाइल टैक्स चोरी की पोल स्विट्जरलैंड के कानून के तहत बैंक, अपने ग्राहकों की वित्तीय सूचना और पहचान को गोपनीय रखने के लिए बाध्य हैं। 2013 में जर्मन फॉर्मेंसी स्टोर कारोबारी एरविन म्युलर के केस की पैरवी करते समय एक स्विस बैंक के ऐसे ही दस्तावेज जाइथ के हाथ लग गए। स्विस बैंक की कम-एक्स डीलों की वजह से म्युलर को लाखों यूरो का नुकसान हुआ था और जाइथ इसी केस को देख रहे थे। जांच के दौरान पता चला कि म्युलर ने स्विट्जरलैंड के बैंक जाराजिन के एक फंड में निवेश किया था। इस पैसे को बैंक ने म्युलर को बिना बताए कम-एक्स लेन देनों में गैरकानूनी ढंग से इनवेस्ट किया। जब इन लेन देनों को पता चला को म्युलर को लाखों यूरो का नुकसान झेलना पड़ा। दस्तावेजों की पड़ताल के दौरान, कई देशों तक फैले अरबों यूरो की धांधली का पता चला। स्विस सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद जर्मन शहर श्टुटगार्ट में रहने वाले जाइथ ने कहा, बहुत ही गंभीर अपराधों की जांच, जिसमे गोपनीय जानकारी रखने वाले भी शामिल हों, इसकी कामना भी की जाती है और यूरोपीय कानूनी तंत्र के तहत इसकी अनुमति भी है। मुझे नहीं लगता कि स्विट्जरलैंड खुद, यूरोपीय लीगल सिस्टम से बाहर रहना पसंद करेगा। ओबामा और यूरोपीय संघ ने कैसे टैक्स चोरी की पनाहगाह रहे देशों को कसा 1713 में जिनेवा के प्रशासन ने एक नियम बनाया कि वे अपने ग्राहकों की जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखेंगे। इसके बाद यूरोप के राजा और कुलीन वर्ग के बीच स्विट्जरलैंड पैसा जमा करने की सबसे सुरक्षित तिजोरी बन गया। 1934 में स्विट्जरलैंड ने आधिकारिक रूप से इस नियम को बैंक सीक्रेसी कानून में बदल दिया। इसके बाद अगले 70 बरसों में स्विट्जरलैंड की कुल बैंक संपत्ति का आधा हिस्सा विदेशी खाताधारकों का बैंक बैलेंस था। स्विट्जरलैंड की देखा देखी लक्जमबर्ग और लिष्टेनश्टाइन जैसे यूरोपीय देशों ने भी की और इन देशों को टैक्स हेवेन कहा जाने लगा। सन 2000 के बाद स्विस बैंकों ने दुनिया भर के अमीरों के बीच यह प्रचार शुरू किया कि उनके बैंक में रखे धन की जानकारी ग्राहक के अलावा और किसी को नहीं होती है। सीक्रेसी कानून और अमीरों के बीच ऐसे प्रचार ने स्विट्जरलैंड को टैक्स चोरी और काले धन का मुख्य अड्डा बना दिया। 2007 के आस पास अमेरिकी अधिकारियों ने स्विटजरलैंड में पैसा छुपाने वाले अमेरिकियों की जांच शुरू की। इसमें सामने आए मामलों की गंभीरता को देखते हुए 2010 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने FATCA नाम का कानून बनाया। इसके तहत सभी विदेशी संस्थानों को अमेरिकी करदाताओं से जुड़ी जानकारी अमेरिका की इंटरनल रेवेन्यू सर्विस (IRS) को देनी ही होगी। काले धन और टैक्स चोरी के मामले में ओबामा का साथ तत्कालीन जर्मन चांसलर अंगेला मैर्केल व अन्य यूरोपीय नेताओं ने भी दिया। इन पक्षों ने आनाकानी कर रही स्विस सरकार पर इतना दबाव डाला कि स्विट्जरलैंड को कई विदेशी नागरिकों से जुड़ी जानकारी देने पर सहमत होना पड़ा।

वेब दुनिया 24 Jul 2026 9:22 am

कारपोरेट घरानों के ताबेदारों के खिलाफ सोशलिस्टों की ललकार

कारपोरेट घरानों के ताबेदारों के खिलाफ सोशलिस्टों की ललकार 84वें भारत छोड़ो आंदोलन दिवस पर दिल्ली में युवा सोशलिस्ट पहल का शिक्षा के सौदागर सत्ता छोड़ो  प्रदर्शन “शिक्षा का स्तर गिर रहा है इसलिए छंटी भर्ती हो [केवल चुनिंदा विद्यार्थियों को कॉलेज/यूनिवर्सिटी में दाखिल दिया जाए], ऐसी आवाज हिंद सरकार और शिक्षाशास्त्रियों ने उठाई है। ... इसलिए जबरदस्त मांग होनी चाहिए कि नए-नए विश्वविद्यालय और कॉलेज खुलें, उपयुक्त परीक्षा पास कर लेने के बाद हर विद्यार्थी को मनचाही शिक्षा लेने का अधिकार हो, तीसरी अथवा दूसरी श्रेणी में उत्तीर्णता का फर्क बिल्कुल न किया जाए, और शिक्षा सस्ती हो। स्कूल और कॉलेजों में फीसें कम हो जाएं। हो सके, बिल्कुल न हो।” डॉ राममनोहर लोहिया कौन हैं शिक्षा के सौदागार: कांग्रेस पार्टी, जिसने 1991 में बाजार-अर्थव्यवस्था लागू करके संविधान के बरखिलाफ शिक्षा के निजीकरण, व्यावसायीकरण और ग्लोबीकरण का रास्ता खोला; भाजपा/आरएसएस, जिसने शिक्षा पर दो बड़े उद्योगपतियों – कुमार मंगलम बिड़ला और मुकेश अंबानी – की कमिटी बना कर शिक्षा के निजीकरण, व्यावसायीकरण और ग्लोबीकरण की प्रक्रिया को मजबूती और तेजी प्रदान की। नई शिक्षा नीति 2020 उस दिशा में एक लंबी छलांग है; एनडीए और यूपीए में शामिल सभी राजनीतिक पार्टियां जो इस पूरी प्रक्रिया में शामिल रही हैं; राजनीतिक सुभीता और संरक्षण पाकर शिक्षा के बाजार में मुनाफाखोरी के लिए प्रतिस्पर्धा में जुटे छोटे-बड़े व्यवसायी; वे ‘धर्मात्मा’ (फिलेंथ्रोपिस्ट) जो निजी स्कूलों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों में वैश्विक स्तर की शिक्षा देने के नाम पर शिक्षा का व्यवसाय करते हैं; संवैधानिक पदों पर आसीन विशिष्ट/अतिविशिष्ट महानुभाव जो निजी विश्वविद्यालयों के कार्यक्रमों में भागीदारी करते हैं; देश के शिक्षाविद, शिक्षक और बुद्धिजीवी जो यूजीसी/सरकारी कमिटियों में रहते हुए इस संविधान-विरोधी काम को अंजाम देने में सरकारों के साथ रहे हैं; देश के विद्वान शिक्षक जिन्होंने अपना कैरियर सार्वजनिक महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में बनाया, लेकिन निजी और विदेशी विश्वविद्यालयों की नौकरी बजाते और उनका विरुद गाते हैं; एनजीओ जगत के वे लोग जो शिक्षा/ज्ञान के बाजार-चरित्र और बाजार-अर्थव्यवस्था को बनाए रख कर शिक्षा-सुधारों के टोटकों के नाम पर देशी-विदेशी अनुदान और पद-पुरस्कार लेते हैं और शिक्षा के संघर्ष को दबाने और भटकाने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। हमारी मान्यता: संविधान-निर्माता, खास कर डॉक्टर अंबेडकर शिक्षा के अधिकार को संविधान के खंड 3 में मौलिक अधिकारों के साथ रखना चाहते थे। उसे संविधान के खंड 4 में राज्य के नीति-निर्देशक तत्वों के साथ इस संकल्प के साथ रखा गया कि स्वतंत्र भारत में शिक्षा के अधिकार का लक्ष्य जल्दी ही हासिल कर लिया जाना चाहिए – यानि दस वर्षों में। लेकिन यह संवैधानिक संकल्प कभी पूरा नहीं हुआ। उल्टे, भारत के नेताओं और बुद्धिजीवियों ने इस संकल्प के विरुद्ध कानून बना कर शिक्षा को बाजारवाद का ग्रास बना दिया। इस सारी प्रक्रिया को उलटना होगा। इसके लिए:  नवउदारवादकालीन सभी संविधान-विरोधी कानूनों को निरस्त किया जाए ताकि संविधान-सम्मत शिक्षा-व्यवस्था की अविलंब बहाली और मजबूती हो सके; पहली से स्नातकोत्तर कक्षा तक सभी को समान और उम्दा गुणवत्ता वाली शिक्षा देने की जिम्मेदारी राज्य की हो; देश के प्रत्येक विद्यार्थी को उसकी पसंद के विषय/कोर्स में दाखिला सुलभ कराने की जिम्मेदारी राज्य की हो; जो विद्यालय, महाविद्यालय और विश्वविद्यालय सरकारी अनुदान (सस्ती जमीन और कर्ज आदि के रूप में) से कायम किए गए हैं उन सभी का सार्वजनीकरण किया जाए; वर्तमान शिक्षा मौजूदा पूंजीवादी बाज़ार व्यवस्था के लिए कुशल मजदूर पैदा करने तक सीमित कर दी गई है। शिक्षा का साम्प्रदायीकरण समाज में संकीर्णता, अंधविश्वास और तर्कहीनता को बढ़ावा दे रहा है। इस शिक्षा-विरोधी स्थिति को समाप्त कर विज्ञान, वाणिज्य, समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र, मानविकी, कला, टेक्नॉलाजी, मेडिकल, प्रबंधन आदि विषयों की शिक्षा का कंटेंट और भाषा ऐसी हो कि प्रत्येक विषय में मौलिक अवदान करने वाले तर्कशील नागरिकों का निर्माण हो सके; कुल मिला कर, शिक्षा/ज्ञान के बाजारोन्मुख चरित्र और अर्थव्यवस्था को जनोन्मुख बनाया जाए; शिक्षा के सवाल पर समग्रता में चर्चा के लिए संसद और विधानसभाओं का विशेष सत्र बुलाया जाए। देश में जड़ जमा चुकी कारपोरेट राजनीति के तहत कारपोरेट हितों और सांप्रदायिकता की पोषक सरकार को उपर्युक्त मांगों का ज्ञापन देना एक निरर्थक कवायद ही होगी। जन-जागृति एकमात्र रास्ता है। जैसा कि प्रोफेसर अनिल सदगोपाल ने कहा है, देश की संघर्षशील जनता को जल, जंगल, जमीन और जीविका की लड़ाई में शिक्षा के हक की लड़ाई को भी शामिल करना होगा। यह पर्चा देश की जन पंचायत में पेश किया गया ज्ञापन है। भारत छोड़ो आंदोलन दिवस (9 अगस्त) के ऐतिहासिक मौके पर हमारी अपील है कि भारतीय जनता के संवैधानिक अधिकारों का विभिन्न क्षेत्रों में संघर्ष करने वाले प्रगतीशील संगठन, समूह एवं व्यक्ति शिक्षा के निजीकरण, व्यावसायीकरण और ग्लोबीकरण को समाप्त करने का बीड़ा उठाएं। युवा सोशलिस्ट पहल का मानना है कि भारत के राष्ट्रीय जीवन पर कसे नवसाम्राज्यवादी शिकंजे को नष्ट करने के लिए सबसे पहले शिक्षा को गुलामी की जंजीरों से मुक्त करने की जरूरत है। आप साथियों सहित सादर आमंत्रित हैं स्थान: जंतर मंतर तारीख: 9 अगस्त 2026 समय: पूर्वाह्न 10 बजे से अपराह्न 2 बजे तक अगस्त के शहीदों को भूलो मत भूलो मत युवा सोशलिस्ट पहल 11 - राजपुर रोड नई दिल्ली -110054 संपर्क: डॉ हिरण्य हिमकर, बंदना पांडे, नीरज

हस्तक्षेप 24 Jul 2026 8:17 am

26 दिन बाद खत्म हुआ सोनम वांगचुक का अनशन, CJP का प्रदर्शन जारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून लाने की घोषणा और शिक्षा सचिव विनित जोशी को हटाए जाने के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया। वे नीट पेपर लीक मामले को लेकर 26 दिनों से अनशन पर थे। सोनम वांगचुक का अनशन खत्म होने के बाद भी जंतर मंतर पर सीजेपी का प्रदर्शन जारी है। आज दोपहर 12:30 बजे सरकार और सीजेपी प्रतिनिधिमंडल के बीच बातचीत होगी। ALSO READ: PM मोदी का छात्रों के नाम Video संदेश, पेपर लीक पर और सख्त होगा कानून, कैबिनेट लाएगी नया बिल वांगचुक ने एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा- कई राजनीतिक दलों के 65 सांसदों ने मुझसे अनशन खत्म करने की अपील की थी। लंबी बातचीत और कुछ शर्तों पर सहमति बनने के साथ-साथ देश में संभावित हिंसा की आशंका को देखते हुए मैंने यह फैसला लिया है। नड्डा ने जूस पिलाकर खत्म कराया अनशन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह गुरुवार रात करीब 12.30 बजे गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल पहुंचे। नड्डा ने वांगचुक को जूस पिलाकर उनका अनशन खत्म कराया। वांगचुक के अनशन खत्म होने से अभिजीत दीपके खुश वांगचुक के अनशन खत्म करने पर कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने खुशी जताई। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी रहेगा। सरकार के लिखित आश्वासन पर तोड़ा अनशन बताया जा रहा है कि सोनम वांगचुक ने सरकार के 2 लिखित आश्वासन पर अपना अनशन समाप्त किया है। सरकार ने लिखित आश्वासन दिया है कि अगर छात्र हिंसक नहीं हैं, तो उनके खिलाफ दर्ज मामले वापस ले लिए जाएंगे। सरकार ने आत्महत्या करने वालों के परिवारों को मुआवजा देने पर विचार करने का आश्वासन भी दिया है। गौरतलब है कि वांगचुक ने 28 जून को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। हालत बिगड़ने पर उन्हें 18 जुलाई को सफदरजंग अस्तापल में भर्ती कराया गया। हाईकोर्ट के आदेश पर 21 जुलाई को उन्हें मेदांता अस्पताल शिफ्ट किया गया था।

वेब दुनिया 24 Jul 2026 7:24 am

देशभक्ति की फिल्मों के बादशाह मनोज कुमार की अनसुनी कहानी, क्यों कहा जाता था 'भारत कुमार'?

मनोज कुमार का नाम ऐसे फिल्मकार-अभिनेता के रूप में याद किया जाता है, जिन्होंने देशभक्ति की भावना से परिपूर्ण फिल्मों के जरिये दर्शकों के दिलों पर राज किया। मनोज कुमार मूल नाम हरिकिशन गिरी गोस्वामी का जन्म 24 जुलाई 1937 को हुआ था। जब मनोज कुमार महज दस वर्ष के थे तब उनका पूरा परिवार राजस्थान के हनमुनगढ़ जिले में आकर बस गया। बचपन के दिनों में मनोज कुमार ने दिलीप कुमार अभिनीत फिल्म 'शबनम' देखी थी। इस फिल्म में दिलीप कुमार के निभाए किरदार से मनोज कुमार इस कदर प्रभावित हुए कि उन्होंने भी फिल्म अभिनेता बनने का फैसला कर लिया। ALSO READ: रणवीर सिंह की 'प्रलय' में हुई इस साउथ हसीना की एंट्री, हॉलीवुड स्टाइल एक्शन से होगा हिंदी डेब्यू मनोज कुमार ने अपनी स्नातक की शिक्षा दिल्ली के मशहूर हिंदू कॉलेज से पूरी की। इसके बाद बतौर अभिनेता बनने का सपना लेकर वह मुंबई आ गए। बतौर अभिनेता मनोज कुमार ने अपने सिने करियर की शुरुआत वर्ष 1957 में प्रदर्शित फिल्म 'फैशन' से की। फिल्म में मनोज कुमार ने छोटी सी भूमिका निभायी थी। वर्ष 1957 से 1962 तक मनोज कुमार फिल्म इंडस्ट्री मे अपनी जगह बनाने के लिये संघर्ष करते रहे। फिल्म फैशन के बाद उन्हें जो भी भूमिका मिली वह उसे स्वीकार करते चले गए। इस बीच उन्होंने कांच की गुडि़या, रेशमी रूमाल, सहारा, पंयायत, सुहाग सिंदूर, हनीमून, पिया मिलन की आस जैसी कई बी ग्रेड फिल्मों मे अभिनय किया लेकिन इनमें से कोई भी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हुई। मनोज कुमार के अभिनय का सितारा निर्माता-निर्देशक विजय भट्ट की वर्ष 1962 में प्रदर्शित क्लासिक फिल्म 'हरियाली और रास्ता' से चमका। फिल्म में मनोज कुमार के अपोजिट माला सिन्हा थी। मनोज कुमार और माला सिन्हा की जोड़ी को दर्शकों ने बेहद पसंद किया। वर्ष 1964 में मनोज कुमार की एक और सुपरहिट फिल्म 'वह कौन थी' प्रदर्शित हुई। फिल्म में उनकी नायिका की भूमिका साधना ने निभाई। रहस्य और रोमांच से भरपूर इस फिल्म में साधना की रहस्यमय मुस्कान के दर्शक दीवाने हो गए। वर्ष 1965 में ही मनोज कुमार की एक और सुपरहिट फिल्म गुमनाम भी प्रदर्शित हुई। इस फिल्म में रहस्य और रोमांस के ताने-बाने से बुनी, मधुर गीत-संगीत और ध्वनि के कल्पनामय इस्तेमाल किया गया था। वर्ष 1965 में ही मनोज कुमार को विजय भट्ट की फिल्म 'हिमालय की गोद' में काम करने का मौका मिला जो टिकट खिड़की पर सुपरहिट साबित हुई। इस फिल्म में भी मनोज कुमार की नायिका माला सिन्हा थी। वर्ष 1965 में प्रदर्शित फिल्म 'शहीद' मनोज कुमार के सिने करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में शुमार की जाती है। देशभक्ति के जज्बे से परिपूर्ण इस फिल्म में मनोज कुमार ने भगत सिंह की भूमिका को रूपहले पर्दे पर जीवंत कर दिया। फिल्म से जुड़ा दिलचस्प तथ्य है कि मनोज कुमार के ही कहने पर गीतकार प्रेम धवन ने इस फिल्म के गीत लिखे साथ ही फिल्म का संगीत भी दिया। उनके रचित गीत 'ऐ मेरे प्यारे वतन' और 'मेरा रंग दे बसंती चोला' आज भी उसी तल्लीनता से सुने जाते हैं, जिस तरह उस दौर में सुने जाते थे। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें वर्ष 1965 में भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध की समाप्ति के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री ने देश में किसान और जवान की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए 'जय जवान जय किसान' का नारा दिया और मनोज कुमार से इसपर फिल्म बनाने की पेशकश की। बाद में मनोज कुमार ने फिल्म उपकार का निर्माण किया। वर्ष 1967 में प्रदर्शित फिल्म 'उपकार' में मनोज कुमार ने किसान की भूमिका के साथ ही जवान की भूमिका में भी दिखाई दिए। फिल्म में उनके चरित्र का नाम भारत था बाद में इसी नाम से वह फिल्म इंडस्ट्री में मशहूर हो गए। वर्ष 1970 में मनोज कुमार के निर्माण और निर्देशन में बनी एक और सुपरहिट फिल्म 'पूरब और पश्चिम' प्रदर्शित हुई। फिल्म के जरिए मनोज कुमार ने एक ऐसे मुद्दे को उठाया जो दौलत के लालच में अपने देश की मिट्टी को छोड़कर पश्चिम में पलायन करने को मजबूर है। वर्ष 1972 में मनोज कुमार के सिने करियर की एक और महत्वपूर्ण फिल्म 'शोर' प्रदर्शित हुई। वर्ष 1974 में प्रदर्शित फिल्म 'रोटी कपड़ा और मकान' मनोज कुमार के करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में शुमार की जाती है। इस फिल्म के जरिए मनोज कुमार ने समाज की अर्थव्यवस्था पर गहरी चोट की साथ ही आम आदमी की जिंदगी में जरूरी रोटी, कपड़ा और मकान के मुद्दे को उठाया। वर्ष 1976 में प्रदर्शित फिल्म 'दस नंबरी' की सफलता के बाद मनोज कुमार ने लगभग पांच वर्षो तक फिल्म इंडस्ट्री से किनारा कर लिया। वर्ष 1981 में मनोज कुमार ने फिल्म 'क्रांति' के जरिए अपने सिने करियर की दूसरी पारी शुरू की। दिलचस्प बात है इसी फिल्म के जरिए मनोज कुमार के आदर्श दिलीप कुमार ने भी अपने सिने करियर की दूसरी पारी शुरू की थी। देशभक्ति के जज्बे से परिपूर्ण फिल्म में मनोज कुमार और दिलीप कुमार की जोड़ी को जबरदस्त सराहना मिली। वर्ष 1983 में अपने पुत्र कुणाल गोस्वामी को फिल्म इंडस्ट्री में स्थापित करने के लिए मनोज कुमार ने फिल्म 'पेन्टर बाबू' का निर्माण किया लेकिन कमजोर पटकथा और निर्देशन के कारण फिल्म टिकट खिड़की पर औंधे मुंह गिरी। फिल्म की असफलता से मनोज कुमार ने लगभग छह वर्ष तक फिल्म निर्माण से किनारा कर लिया। वर्ष 1989 में मनोज कुमार एक बार फिर से फिल्म निर्माण और निर्देशन के क्षेत्र में वापस आए और फिल्म 'क्लर्क' का निर्माण किया, लेकिन दुर्भाग्य से यह फिल्म भी टिकट खिड़की पर असफल साबित हुई। वर्ष 1999 में प्रदर्शित फिल्म 'जय हिंद' बतौर निर्माता-निर्देशक मनोज कुमार के सिने करियर की अंतिम फिल्म साबित हुई जो टिकट खिड़की पर बुरी तरह नकार दी गई। मनोज कुमार अपने सिने करियर में सात फिल्मफेयर पुरस्कार से सम्मानित किए गए। इन सबके साथ ही फिल्म के क्षेत्र में मनोज कुमार के उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए उन्हें वर्ष 2002 में पद्मश्री पुरस्कार, वर्ष 2008 में स्टार स्क्रीन लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार और वर्ष 2016 में दादा साहब फाल्के पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।

वेब दुनिया 24 Jul 2026 7:05 am

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (24 जुलाई, 2026)

1. मेष (Aries) Today Horoscope Rashifal 24 July 2026: करियर: आपके आत्मविश्वास से रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं। कार्यक्षेत्र में नए अवसर प्राप्त होंगे। लव: जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बिताने का अवसर मिलेगा। प्रेम संबंधों में मधुरता बनी रहेगी। धन: आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। निवेश से लाभ मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य: ऊर्जा बनी रहेगी, लेकिन अधिक काम से थकान हो सकती है। उपाय: हनुमान जी को चमेली का तेल और सिंदूर अर्पित करें। ALSO READ: Asha Dashami Vrat 2026: आशा दशमी का महत्व और कथा 2. वृषभ (Taurus) करियर: नौकरी में वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। व्यापार में प्रगति के संकेत हैं। लव: प्रेमीसंग रिश्तों में विश्वास बढ़ेगा। परिवार का पूरा सहयोग मिलेगा। धन: अचानक धन लाभ के योग बन रहे हैं। अनावश्यक खर्चों से बचें। स्वास्थ्य: खानपान पर ध्यान दें, पेट संबंधी परेशानी हो सकती है। उपाय: भगवान विष्णु को पीले पुष्प अर्पित करें। 3. मिथुन (Gemini) करियर: विद्यार्थियों के लिए दिन शुभ रहेगा। नौकरीपेशा को नए प्रोजेक्ट में सफलता मिलने के योग हैं। लव: प्रेम जीवन में खुशियां आएंगी। साथी के साथ भविष्य की योजनाएं बना सकते हैं। धन: आय में वृद्धि होगी। रुका हुआ धन वापस मिल सकता है। स्वास्थ्य: मानसिक तनाव कम रहेगा। योग और ध्यान लाभदायक रहेगा। उपाय: गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें। 4. कर्क (Cancer) करियर: कार्यक्षेत्र में धैर्य और संयम बनाए रखें। जल्दबाजी से बचना बेहतर रहेगा। लव: परिवार और जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। रिश्तों में मधुरता बनी रहेगी। धन: खर्च बढ़ सकते हैं, इसलिए बजट बनाकर चलें। स्वास्थ्य: मौसम के कारण सर्दी-जुकाम या एलर्जी हो सकती है। उपाय: शिवलिंग पर जल और बेलपत्र अर्पित करें। 5. सिंह (Leo) करियर: नौकरी में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। लव: प्रेम संबंध मजबूत होंगे। अविवाहित लोगों को विवाह प्रस्ताव मिल सकता है। धन: आय के नए स्रोत खुल सकते हैं। स्वास्थ्य: स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। नियमित व्यायाम करें। उपाय: सूर्यदेव को तांबे के लोटे से जल अर्पित करें। 6. कन्या (Virgo) करियर: कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत रंग लाएगी। नई योजनाओं पर काम शुरू हो सकता है। लव: जीवनसाथी के साथ गलतफहमियां दूर होंगी। प्रेम संबंधों में विश्वास बढ़ेगा। धन: बचत बढ़ाने में सफलता मिलेगी। स्वास्थ्य: कमर दर्द या थकान की शिकायत हो सकती है। उपाय: भगवान गणेश को मोदक का भोग लगाएं। ALSO READ: Vijaya Parvati Vrat 2026: विजया पार्वती व्रत कब से होगा प्रारंभ, क्या है इस व्रत का महत्व 7. तुला (Libra) करियर: कार्यक्षेत्र में टीमवर्क से सफलता मिलेगी। नए संपर्क भविष्य में लाभ देंगे। लव: प्रेम जीवन रोमांटिक रहेगा। दांपत्य जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी। धन: आर्थिक लाभ के अच्छे योग हैं। स्वास्थ्य: आंखों और गर्दन की देखभाल करें। उपाय: मां लक्ष्मी को गुलाबी या कमल का फूल अर्पित करें। 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: कार्यक्षेत्र में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन अंततः सफलता आपके पक्ष में रहेगी। लव: जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। पुराने मतभेद दूर हो सकते हैं। धन: अचानक धन प्राप्ति के योग बन रहे हैं। स्वास्थ्य: तनाव से बचें और पर्याप्त आराम करें। उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें। 9. धनु (Sagittarius) करियर: व्यापार विस्तार और नई नौकरी के अवसर मिल सकते हैं। लव: साथी के साथ यात्रा या किसी शुभ कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। धन: आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। निवेश से लाभ मिलेगा। स्वास्थ्य: स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। नियमित दिनचर्या अपनाएं। उपाय: केले के वृक्ष की पूजा करें। 10. मकर (Capricorn) करियर: वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। मेहनत का उचित परिणाम प्राप्त होगा। लव: परिवार के साथ सुखद समय बिताएंगे। रिश्तों में प्रेम बढ़ेगा। धन: धन संचय के लिए दिन अनुकूल है। स्वास्थ्य: जोड़ों के दर्द या थकान की शिकायत हो सकती है। उपाय: शनि देव को सरसों का तेल अर्पित करें। 11. कुंभ (Aquarius) करियर: नई योजनाओं में सफलता मिलेगी। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ सकती है। लव: जीवनसाथी के साथ संबंध मधुर रहेंगे। प्रेम संबंधों में विश्वास बढ़ेगा। धन: कारोबारियों को निवेश और बचत दोनों में लाभ मिलेगा। स्वास्थ्य: मानसिक शांति के लिए ध्यान और प्राणायाम करें। उपाय: पीपल के वृक्ष के नीचे तिल के तेल का दीपक जलाएं। 12. मीन (Pisces) करियर: नौकरी और व्यापार दोनों में प्रगति के संकेत हैं। नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। लव: प्रेम जीवन सुखद रहेगा। परिवार के साथ आनंददायक समय बिताएंगे। धन: आर्थिक लाभ होगा और रुका हुआ धन मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य: स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। पर्याप्त पानी पिएं और संतुलित आहार लें। उपाय: भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करें। ALSO READ: मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 5 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन; धन-करियर में मिल सकता है बड़ा लाभ

वेब दुनिया 24 Jul 2026 7:04 am

पैलेट्स से जख्मी इरशाद से बोले नड्डा-प्रोटेस्ट में क्यों गए:हॉस्पिटल ने मेडिकल रिपोर्ट नहीं दी, ठीक होकर फिर जंतर-मंतर जाऊंगा

25 साल के इरशाद शेख दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में एडमिट हैं। चेहरे और आंख पर जख्म के निशान हैं। गुरुग्राम में नौकरी करने वाले इरशाद 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर चल रहे प्रोटेस्ट में गए थे। तभी पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। इरशाद ने महसूस किया कि उनकी पीठ जल रही है। सीने, गले और चेहरे पर घाव हैं। उनसे खून टपक रहा था। आरोप है कि रैपिड एक्शन फोर्स के एक जवान ने पैलेट गन चलाई, जिससे इरशाद जख्मी हो गए। मैं 23 जुलाई को इरशाद से मिलने हॉस्पिटल पहुंची। ENT डिपार्टमेंट में उनका इलाज चल रहा है। डिपार्टमेंट के गेट पर खड़े सिक्योरिटी गार्ड ने मुझे रोक दिया। कई बार कोशिश करने के बाद मैं इरशाद तक पहुंच गई। उस वक्त डॉक्टर कमरे में मौजूद थे। बातचीत के दौरान इरशाद ने अपना मोबाइल नंबर दिया और कहा कि आप मुझे सीधे मैसेज कर दीजिए। फिर फोन पर हमारी बात हुई। इरशाद ने कहा कि मैं उनसे मिलूं। हॉस्पिटल स्टाफ ने इरशाद से मिलने से रोका मैं दोबारा हॉस्पिटल पहुंची, तो गार्ड और स्टाफ ने मुझे फिर रोक दिया। इरशाद ने दो बार अस्पताल स्टाफ से कहा कि वह मुझसे मिलना चाहते हैं। इसके बावजूद मुझे अंदर नहीं जाने दिया गया। कहा कि आप बाहर बैठिए। मैंने कहा- इरशाद ने बुलाया है। गार्ड ने जवाब दिया- नहीं बुलाया है। कुछ देर बार बोला- रुकिए मैं पूछता हूं। इसी दौरान एक शख्स स्टाफ के साथ आए। वे खुद को गवर्नमेंट एम्पलाई बता रहे थे। उन्होंने स्टाफ से कहा कि इरशाद से किसी को न मिलने दिया जाए। कुछ देर बाद इरशाद ने फोन पर कहा कि मैं अपने सवाल वॉट्सऐप पर भेज दूं। समझ नहीं आया कि इरशाद खुद मिलना चाहते थे, तब उनसे क्यों नहीं मिलवाया गया। ये अस्पताल प्रशासन का फैसला था या सुरक्षा एजेंसियों का या किसी और का, इसका जवाब नहीं मिला। मैं अस्पताल के बाहर इंतजार करती रही। कुछ देर बाद इरशाद का एक दोस्त बाहर आया। उसने दावा किया कि केंद्र सरकार में मंत्री जेपी नड्डा इरशाद से मिलने आए थे। उसी के बाद इरशाद के आसपास सख्ती बढ़ी है। कुछ देर बाद इरशाद का फोन आया। उन्होंने बताया कि अब मेरी हालत ठीक है। पढ़िए पूरी बातचीत… सवाल: क्या आपको पैलेट गन से चोट लगी है? जवाब: हां। मेरे चेहरे और दाहिनी कंधे पर 40 से ज्यादा पैलेट्स लगे हैं। सवाल: उस दिन क्या हुआ था? जवाब: मैं करीब 3:30 बजे कनॉट प्लेस पहुंचा। वहां से जंतर-मंतर की तरफ चला गया। उधर पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स के जवान थे। अचानक उन्होंने लाठीचार्ज शुरू कर दिया। हम लोग पीछे की तरफ भागे। प्रदर्शन कर रहे सभी लोग नई उम्र के थे। तभी जवानों ने टियर गैस दागना शुरू कर दिया। सभी कनॉट प्लेस की तरफ आ गए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि हम आतंकवादी नहीं हैं। हम यहां अपनी मांगें लेकर आए हैं। वे सभी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का नारा लगा रहे थे। मैंने देखा कि रैपिड एक्शन फोर्स के एक जवान ने अपनी गन हमारी तरफ तान दी। हमें लगा कि डराने के लिए ऐसा कर रहा है। तभी फायर की आवाज सुनाई दी। मेरी बायीं आंख, चेहरे और कंधे पर गोली के छर्रे धंस गए। शरीर से खून बहने लगा। उस वक्त मैं होश में था। आसपास मौजूद लोगों ने खून रोकने की कोशिश की। एक स्कूटी रोककर मुझे लेडी हॉर्डिंग हॉस्पिटल के इमरजेंसी वार्ड में एडमिट किया। सवाल: क्या आपको मेडिकल रिपोर्ट नहीं मिली है? जवाब: मैंने रिपोर्ट मांगी थी। बताया गया कि अभी इलाज और सर्जरी की प्रोसेस चल रही है। इसलिए फिलहाल पूरी रिपोर्ट नहीं दी जा सकती। डिस्चार्ज के वक्त रिपोर्ट दे देंगे। सवाल: जेपी नड्डा आपसे मिलने आए थे, उनसे क्या बात हुई? जवाब: उन्होंने मेरा नाम-पता पूछा। फिर कहा कि मैं प्रदर्शन में क्यों शामिल था। मैंने उन्हें बताया कि मैं छोटे भाई-बहनों के भविष्य के लिए वहां गया था। फिर उन्होंने कहा, तुम्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है। तुम जल्द ही ठीक हो जाओगे। सवाल: क्या अभिजीत दीपके या उनके किसी साथी ने आपसे बात की है? जवाब: नहीं, मेरा उनसे कोई संपर्क नहीं है। मैं किसी पार्टी का समर्थन नहीं करता। मेरा मकसद था कि हम अपनी आवाज उठा सकें और सरकार के सामने मांगें रख सकें। सवाल: अपने साथ हुए हादसे पर क्या कहेंगे? जवाब: मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरे साथ ऐसा होगा। इसके बाद भी मुझे कोई पछतावा नहीं है कि मैं वहां गया। मैं यह सोचकर नहीं गया था कि मेरे साथ ऐसा कुछ होगा। अगर फिर मौका मिला, तो मैं दोबारा वहां जाऊंगा। सवाल: यानी आप खुद को इस आंदोलन का हिस्सा मानते हैं? जवाब: जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन का हिस्सा बना रहूंगा। सवाल: आपने कहा था कि मैं आपकी दोस्त बनकर मिलने आ सकती हूं। डायरेक्टर के सामने आपने कहा कि मुझे जानते ही नहीं हैं। ऐसा क्यों? जवाब: नहीं, ऐसी बात नहीं थी। अस्पताल के अधिकारियों ने कहा था कि किसी को भी मुझसे मिलने न दिया जाए। मैंने कहा था कि कोई दोस्त आए तो मिल सकता है, लेकिन मुझे बताया गया था कि उसे फोन जमा कराना होगा। मेरा इलाज चल रहा है, इसलिए मुझे भी हॉस्पिटल के नियम मानने पड़ेंगे। सवाल: आप नर्वस दिख रहे थे। क्या आपके ऊपर कोई सरकारी दबाव है? जवाब: कोई दबाव नहीं है। यहां मैं अकेला पेशेंट नहीं हूं। और भी मरीज हैं। उनकी प्राइवेसी का ध्यान रखना है। मुझे किसी ने डराया-धमकाया नहीं है। सवाल: दिल्ली पुलिस ने कहा है कि प्रोटेस्ट के दौरान पैलेट गन इस्तेमाल नहीं हुई हैं। इस पर क्या कहेंगे? जवाब: मैं भी दावे के साथ नहीं कह सकता, लेकिन ये उसी तरह की चीज है। अगर पैलेट गन इस्तेमाल होती है, तो उसके पार्टिकल्स बॉडी में घुस जाते हैं। यही मेरे साथ हुआ है। दिल्ली पुलिस या फिर सरकार ने भले इसे नहीं माना, लेकिन मुझे लगता है कि ये पैलेट गन हो सकती है। सवाल: सरकार से क्या कहना चाहेंगे?जवाब: अगर पैलेट गन पर बैन है, तो कैसे इस्तेमाल हो सकती है। इसकी जांच होनी चाहिए कि कौन इसे इस्तेमाल कर रहा है। पैलेट गन का दावा सच निकला तो दिल्ली का पहला केस होगा लेफ्ट के स्टूडेंट विंग AISA के कार्यकर्ता दानिश के मुताबिक, रैपिड एक्शन फोर्स के वर्दीधारी जवान ने पैलेट गन से फायर किया गया था। अगर ये दावे सही हुए तो पहली बार होगा कि दिल्ली में सिविल प्रोटेस्ट में पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया। दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पैलेट गन इस्तेमाल नहीं की गई है। ये दावे झूठे और भ्रामक हैं। इन अफवाहों को आगे न बढ़ाएं। पैलेट गन इस्तेमाल के नियम क्या हैं

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 5:34 am

शादी के दिन आंतें फटीं, 5 महीने खुला रहा पेट:सूप पिया तो छाती से बह निकला, हनीमून पर भी नहीं जा पाया

दुर्लभ बीमारियों की सीरीज 'ऐ जिंदगी' में आज कोलकाता के जगदीशपुर में रहने वाले 31 साल के सुभजीत कर्माकर का दर्द। भास्कर रिपोर्टर नीरज झा ने ये पूरी कहानी सुनी और उन्हीं की जुबानी हू-ब-हू आपके सामने रख दी… '6 मार्च 2022 की शाम। कोलकाता के एक बैंक्वेट हॉल में हमारी शादी की पार्टी चल रही थी। मेहमानों की भीड़ थी। सभी बधाइयां दे रहे थे, फोटो खिंचवा रहे थे। कोई लिफाफा दे रहा था, तो कोई गिफ्ट। सामने पूरा परिवार, रिश्तेदार और दोस्त गानों की धुन पर झूम रहे थे। इसी बीच, मेरे पेट में तेज दर्द उठा। जैसे-जैसे समय बीत रहा था, दर्द बढ़ता जा रहा था। मुझे सिर्फ बर्दाश्त करना था, न करता तो सभी का मजा खराब हो जाता। रात करीब 1 बजे पार्टी खत्म हुई। 2 बजे हम घर पहुंचे। अपने कमरे में जाते ही मैं दर्द के मारे पलंग पर गिर पड़ा। मैं पसीना-पसीना था। पत्नी घबरा गई। बार-बार पूछने लगी- क्या हुआ? मैंने कराहते हुए कहा- दर्द बहुत तेज है। अलमारी में दवा रखी है, दे दो। पत्नी ने फौरन टेबलेट निकाली और दे दी। मैंने दवा तो खा ली, लेकिन असर नहीं हुआ। पूरी रात छटपटाते हुए कभी बिस्तर पर लेटता, तो कभी कमरे में टहलता। मेरी शादी की पहली रात ऐसे ही बीत गई। सुबह 7 बजते ही हम दोनों डॉक्टर के पास पहुंचे। उन्होंने सीटी स्कैन कराने को कहा। रिपोर्ट देखी तो डॉक्टर बोले- ‘फैटी लिवर है। इसी वजह से दर्द हो रहा है। उबला और हल्का खाना खाइए। उन्होंने कुछ दवाइयां दीं, कहा- आराम हो जाएगा। दो-तीन दिन तो राहत मिली, लेकिन कुछ खाते ही गले में अजीब सा दर्द होता। ऐसा लगता, जैसे- गले में कोई खुरदरी चीज रगड़कर नीचे जा रही हो। हर निवाले के साथ दर्द और जलन बढ़ती जा रही थी। हफ्तेभर बाद फिर तेज दर्द उठा। खड़ा होना, बैठना, यहां तक कि सांस लेना मुश्किल हो गया। हम दोनों बिना देर किए दूसरे डॉक्टर के पास पहुंचे। डॉक्टर ने कई जांचें कराईं और बताया कि मेरी बड़ी आंत 6-7 जगह से फट गई है। तुरंत ऑपरेशन कराना होगा। सर्जरी में देरी हुई तो इंफेक्शन फैल जाएगा। जान को भी खतरा हो सकता है। दो दिन बाद हम हनीमून के लिए मनाली जाने वाले थे। लेकिन सारा प्लान धरा का धरा रह गया। डॉक्टर के केबिन से बाहर निकलते हुए मेरी नजर पत्नी मोमिता पर पड़ी। वह चुप थी, लेकिन उसकी आंखों में घबराहट साफ नजर आ रही थी। बीमारी से कहीं ज्यादा डर उसके टूटते सपनों का था। तभी पत्नी ने मेरा हाथ कसकर पकड़ा और बोली- जब सर्जरी ही एकमात्र रास्ता है, तो फौरन करवा लो। घूमने कभी और चलेंगे। सर्जरी का खर्च 5 लाख रुपए था। शादी में ही 15-20 लाख रुपए खर्च हो चुके थे। सेविंग्स भी काफी कम बची थी, इसलिए दोस्तों से पैसे उधार लेकर अस्पताल में जमा कराए। मुझे तुरंत ऑपरेशन थिएटर ले गए। एनेस्थीसिया दिया। रात में जब होश आया, तो सबसे पहले नजर छाती और पेट पर पड़ी। पेट खुला हुआ था, उसे कवर करने के लिए एक बैग जैसा कुछ लगा था। मैंने देखते ही डॉक्टर से पूछा- क्या सर्जरी पूरी नहीं हुई? पेट में ये क्या लगा दिया। उन्होंने बताया कि आंतों के साथ-साथ भोजन नली भी फट गई थी, इसलिए उसकी भी सर्जरी करनी पड़ी। आंत को जोड़ने के लिए पहले सर्जिकल स्टेपल लगाए। फिर मेडिकल स्यूचर (टांके) लगाए, लेकिन अंदर की परत इतनी पतली हो गई थी कि टांके टिक ही नहीं पाए। आंतें बार-बार फट रही थीं। आंतों पर दबाव न पड़े, इसलिए पेट पर स्टूल बैग लगाया है। इससे ही स्टूल यानी पॉटी पास होगी। जब तक अंदरूनी घाव भर नहीं जाता, तब तक खाना भी फीडिंग ट्यूब से दिया जाएगा। चार-पांच महीने में घाव सूख जाएंगे। तब पेट और भोजन नली की सर्जरी होगी। हॉस्पिटल का खर्च बहुत ज्यादा था, इसलिए घर आ गया। हर रोज एक नर्स घर आकर ड्रेसिंग करती थी। उसमें हर दिन 3-5 हजार रुपए खर्च होते थे। 5 महीने बाद यानी 15 अगस्त को मैं डॉक्टर को दिखाने गया। उन्होंने घाव देखकर कहा- अब टांके लग सकते हैं। दोबारा भर्ती हो जाओ। इसबार सर्जरी का खर्च 30 लाख रुपए था। ये सुनते ही मैं घबरा गया। 5 महीने से बेड पर था। कोई कमाई नहीं थी। आखिर कहां से लाता इतने पैसे। तब पत्नी ने कहा कि वो अपने सारे जेवर बेच देगी। दोस्तों ने भी क्राउडफंडिंग के जरिए 10 लाख रुपए जुटाए। बाकी रकम का इंतजाम उधार लेकर किया। डॉक्टर ने सर्जरी की। भोजन नली और पेट की सर्जरी करके टांके लगाए। एक-दो दिन बाद वॉशरूम गया, तो नेचुरल रास्ते से स्टूल पास हुआ। तब मोमिता अस्पताल में नहीं थी। मैंने मैसेज कर उसे बताया कि अब मैं ठीक हो गया हूं। करीब दो घंटे बाद हॉस्पिटल के स्टाफ ने पूछा- खाने में कुछ लोगे। मैंने सूप ऑर्डर किया। जैसे ही सूप पिया, छाती के ऊपर कुछ गिला-गिला सा महसूस हुआ। मैं हैरान रह गया। सूप पिया मुंह से, ये पेट और छाती पर कहां से आ गया। नर्स ने तुरंत डॉक्टर को बुलाया। डॉक्टर ने स्टाफ से कहा- ऑपरेशन थिएटर में ले चलो। टांके खुल गए हैं। आंत फट गई है, इसलिए तुरंत सर्जरी करनी होगी। डॉक्टरों ने दोबारा ऑपरेशन किया, लेकिन शरीर के टिशू इतने कमजोर हो चुके थे कि टांके टिक ही नहीं पाए। तमाम कोशिशों के बावजूद, उन्हें सर्जरी बीच में ही छोड़नी पड़ी। जब होश आया, तो देखा पेट पहले की तरह खुला था। आंतें दिख रही थीं। बाद में एक खास बैग (वूंड मैनेजमेंट बैग) मेरे पेट पर लपेट दिया, ताकि इंफेक्शन न हो। मेरी हालत बिगड़ती जा रही थी। ब्लड प्रेशर गिरकर 45/80 तक पहुंच गया। डॉक्टर ने पत्नी से कह दिया कि बचने की उम्मीद कम है। कुछ भी हो सकता है। हालांकि पत्नी और पापा दोनों ने उम्मीद नहीं छोड़ी। कोलकाता के कई बड़े अस्पतालों में रिपोर्ट दिखाई। सबका यही कहना था कि ऐसे मामलों में सिर्फ 20-30 परसेंट लोग ठीक हो पाते हैं। दिल्ली, मुंबई, चेन्नई न जाने कितने शहरों के डॉक्टरों को कॉल किया। केस समझाया, लेकिन सबने मना कर दिया। आखिर में हैदराबाद के AIG अस्पताल के डॉक्टरों को रिपोर्ट भेजी। उन्होंने कहा- वादा नहीं कर सकते, लेकिन पूरी कोशिश करेंगे। इसके बाद हम हैदराबाद पहुंच गए। करीब 30 दिनों तक जांच हुई। एक डॉक्टर ने मेरी स्किन देखकर कहा- जेनेटिक टेस्ट कराना होगा। 5 दिन बाद पता चला कि मुझे वैस्कुलर एह्लर्स-दानलोस सिंड्रोम (vEDS) है। डॉक्टर बोले- इसी बीमारी की वजह से आंतें बार-बार फट रही है। टांके भी खुल रहे हैं। इसके बाद 14 डॉक्टरों की टीम ने 8 घंटे सर्जरी की। ऑपरेशन कामयाब रहा, लेकिन साढ़े तीन महीने तक अस्पताल में रहना पड़ा। पैसे खत्म हो गए। पापा ने मजबूरी में 3.5 बीघा जमीन सिर्फ 50 लाख रुपए में बेच दी, जिसकी कीमत आज 4 करोड़ से ज्यादा है। तीन बार सर्जरी और अस्पताल के तमाम खर्चे मिलाकर अब तक करीब सवा करोड़ रुपए लग चुके हैं। मुझपर अब भी 8 लाख रुपए का कर्ज है। एक सर्जरी बाकी है, जिसमें 50 लाख रुपए और लगेंगे। तब तक स्टूल बैग लगाकर रहना पड़ेगा। इस बीमारी ने मुझसे सुहागरात, रोमांस, हनीमून… सब छीन लिया। हर हफ्ते हॉस्पिटल जाना, चेकअप करवाना, ड्रेसिंग कराना, यही मेरी जिंदगी है। सब खो चुका हूं, लेकिन जीने की हिम्मत है। खुद को संभालने के लिए किताबें पढ़ता हूं। लेकिन बीमारी से पहले मेरी जिंदगी ऐसी नहीं थी। 2016 में कंप्यूटर साइंस से बीटेक करने के बाद मैं नौकरी के लिए बेंगलुरु चला गया था। सब ठीक चल रहा था, तभी कोरोना के कारण कोलकाता लौटना पड़ा। यहीं से वर्क फ्रॉम होम करता रहा। फिर 2022 में मोमिता से लव मैरिज कर ली। हम दोनों एक-दूसरे को बचपन से जानते थे। साथ पढ़े थे। शायद, इसलिए मुश्किल वक्त में भी वो मेरा हाथ थामे हुए है। बीमारी की वजह से नौकरी छूटी, लेकिन मोमिता ने मुझे हौसला दिया। आखिर मुझे एक मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी मिल गई है, जिससे अब घर खर्च चल रहा है। हालांकि, मुझे उसकी बहुत चिंता होती है। सोचता हूं, उस पर क्या बीतती होगी। रिश्तेदार भी उसे ताने देते हैं। कहते हैं- कैसी किस्मत लेकर आई है। शादी होते ही पति को अस्पताल पहुंचा दिया। अगर मुझे अपनी बीमारी के बारे में कुछ भी पता होता तो शादी न करता। कम से कम मेरे साथ उसकी जिंदगी तो न बर्बाद होती। मैंने उससे कई बार कहा, तुम चाहो तो दूसरी शादी कर लो। वो हमेशा मना कर देती है। इस बीमारी से पहले मैं हर दिन जिम जाता था, दौड़ता था। वजन भी 72 किलो था, लेकिन बीमारी के कारण घटकर 37 किलो रह गया है। मेरी पुरानी फोटो देखकर कोई पहचान भी नहीं पाएगा।' सुभजीत अपना दर्द बयां कर रहे थे, तभी कमरे में एक बुजुर्ग आते हैं। सुभजीत बताते हैं- ये मेरे पापा हैं। इनका नाम रवींद्र नाथ कर्मकार हैं। रवींद्र बेटे की ओर देखते हुए कहते हैं- जब यह पांच साल का था, तभी इसकी मां गुजर गई। दो साल बाद बड़े बेटे को तेज बुखार आया था और अचानक उसकी मौत हो गई। आज तक पता नहीं चला कि उसकी मौत किस बीमारी से हुई। तब मैं कोलकाता में बाटा इंडिया में क्लर्क था। पत्नी के जाने के बाद घर में सुभजीत की देखभाल करने वाला कोई नहीं बचा, इसलिए नौकरी छोड़नी पड़ी। शादी के बाद जब इसकी बीमारी सामने आई और एक के बाद एक सर्जरी होने लगी, तो मन घबराने लगा। भगवान से यही प्रार्थना करता हूं कि किसी तरह मेरा बेटा ठीक हो जाए। सुभजीत की कहानी सुनने के बाद भास्कर रिपोर्टर नीरज झा कोलकाता स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ चाइल्ड हेल्थ के जेनेटिक डिपार्टमेंट पहुंचे। वहां डिपार्टमेंट हेड डॉ. दिपांजना दत्ता से मुलाकात की। डॉ. दत्ता को सुभजीत की बीमारी के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि एह्लर्स-दानलोस सिंड्रोम (EDS) का ही एक प्रकार 'वैस्कुलर EDS' है। यह एक जेनेटिक बीमारी है। शरीर के COL3A1 जीन में खराबी के कारण सही मात्रा या गुणवत्ता में 'कोलेजन' नहीं बन पाता। जैसे घर को जोड़ने और मजबूत बनाने के लिए सीमेंट की जरूरत होती है, वैसे ही शरीर की कोशिकाओं और अंगों को मजबूती देने के लिए कोलेजन नाम का प्रोटीन जरूरी है। इस बीमारी में त्वचा बहुत पतली, लचीली और नाजुक हो जाती है। ब्लड प्रेशर थोड़ा सा भी बढ़ने पर नसों के फटने का खतरा रहता है। वैस्कुलर EDS में आंतें फट जाती हैं। इस बीमारी में मांसपेशियां और टिशू इतने पतले हो जाते हैं कि कागज की तरह फटने लगते हैं। सर्जरी के दौरान या बाद में टांके टिक नहीं पाते। घाव देरी से भरते हैं। बचपन में इस बीमारी के लक्षण साफ नजर नहीं आते। जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता है, शरीर लचीला होने लगता है। पाचन से जुड़ी समस्याएं बढ़ जाती हैं। उम्र के साथ-साथ यह बीमारी पूरे शरीर में फैलकर जानलेवा रूप ले लेती है। यह बीमारी माता-पिता से बच्चे में ऑटोसोमल डॉमिनेंट पैटर्न के जरिए आती है। हमारे शरीर में हर जीन की दो कॉपी होती हैं। एक कॉपी मां और दूसरी पिता से मिलती है। 'डॉमिनेंट' बीमारी का मतलब है कि अगर बच्चा माता या पिता में से किसी एक से प्रभावित COL3A1 जीन लेता है, तो उसे यह बीमारी हो सकती है। यदि माता या पिता में से किसी एक को ‘वैस्कुलर EDS’ है, तो उनके हर बच्चे में यह बीमारी ट्रांसफर होने का खतरा 50 प्रतिशत रहता है। दुनिया भर में लगभग 2 लाख लोगों में से केवल 1 व्यक्ति को यह बीमारी होती है। वर्तमान में इसकी कोई जीन थेरेपी या स्थायी इलाज नहीं है। -------------------------------------------------------- ऐ जिंदगी सीरीज की यह खबर भी पढ़ें… 1- सिर से जुड़ीं दो बहनें अब अलग नहीं होना चाहतीं: सलमान खान ने बहन बनाया, इलाज का वादा किया, अब फोन तक नहीं उठाते ये हैं सबा और फरहा। उम्र 24 साल। दोनों का जन्म एक दिन, एक समय और एक ही मां की कोख से हुआ, सो ये जुड़वां कहलाती हैं। लेकिन… इनके जिस्म अलग-अलग नहीं, सिर से आपस में जुड़े हैं। वो भी इस तरह कि दोनों एक दूसरे को देख नहीं सकतीं। आईने में भी नहीं, अगर एक का रुख आईने की तरफ होता है तो दूसरी का उसके उलट। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें… 2- चेहरे पर मांस के लोथड़े देख लोग कहते हैं भूत: शक्ल देखकर 5 लोग गड्ढे में जा गिरे, मां बोली-मरेगा तभी बला टलेगी ऊपर आपने जो तस्वीर देखी, उनका नाम है मिथुन चौहान। उम्र 29 साल। जो भी इन्हें पहली बार देखता है, डर जाता है। भूत कहता है या जानवर। दुर्लभ बीमारियों की सीरीज ‘ऐ जिंदगी’ के लिए इस बार इन्हीं की तलाश है। मैं नीरज झा इसी तलाश में पहुंचा पटना से करीब 150 किलोमीटर दूर नवादा जिले के नारदीगंज ब्लॉक। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 4:58 am

‘पेपर लीक में फास्ट-ट्रैक कोर्ट से सजा मिलेगी’:लेकिन ये होगा कैसे, 3 बड़े लूपहोल, अबतक 45 में सिर्फ 2 पेपर-लीक में सजा

NEET पेपर लीक प्रोटेस्ट, संसद मार्च और फिर पुलिस का लाठीचार्ज। विपक्ष ने पीएम आवास तक घेरा, लेकिन पीएम मोदी एक शब्द नहीं बोले। फिर 23 जुलाई की सुबह उन्होंने X पर लिखा- 'युवाओं के हित से ज्यादा जरूरी कुछ भी नहीं है। पेपर लीक के दोषियों को सजा देने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स बनेंगे। युवाओं के भविष्य के साथ खेलने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।' देर रात एक वीडियो मैसेज में भी कहा- 'फास्ट-ट्रैक कोर्ट का प्रपोजल 24 जुलाई, शुक्रवार की कैबिनेट बैठक में रखेंगे। अगले सप्ताह संसद में इससे जुड़ा बिल पास कराने की कोशिश की जाएगी।' इधर दिल्ली हाई कोर्ट ने पेपर लीक के मामले देखने के लिए फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट भी बना दी। तो क्या अब फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने से सारी दिक्कतें दूर हो जाएंगी या इसमें भी कोई बड़ा लूपहोल; जानेंगे भास्कर एक्सप्लेनर में… सवाल-1: एग्जाम में गड़बड़ी के मामलों में अब तक कितने लोगों को सजा हुई है?जवाब: 2002 से 2025 तक 45 बड़े एग्जाम में पेपर लीक हुआ। इन सब में 1-1 लाख या उससे ज्यादा बच्चे बैठे थे। अब तक सिर्फ 2 मामलों में सजा सुनाई गई। ये सारी जानकारियां इंडियन एक्सप्रेस की इन्वेस्टिगेशन में सामने आई हैं। जिन दो मामलों में दोषी ठहराए गए, वो रेलवे भर्ती बोर्ड से जुड़े हैं… पहला मामला, 2002: 23 साल बाद सजा, लेकिन सारे दोषियों को जमानत दूसरा मामला, 14 साल बाद सजा, मुख्य आरोपी जमानत पर बाहर सवाल-2: NEET 2026 के मामले में अब तक क्या हुआ है?जवाब: 3 मई 2026 को हुआ NEET-UG एग्जाम पेपर लीक के खुलासे के बाद 12 मई को रद्द कर दिया गया। अभी CBI, राजस्थान SOG और राज्यों की पुलिस जांच कर रही हैं। 13 आरोपी गिरफ्तार हुए। इसमें NTA की पेपर-सेटिंग कमेटी से जुड़े दो एक्सपर्ट भी हैं- पुणे की बायोलॉजी की लेक्चरर मनीषा गुरुनाथ मंधारे और केमिस्ट्री के प्रोफेसर पी. वी. कुलकर्णी। एग्जाम करवाने वाली संस्था नेशनल टेस्टिंग एजेंसी, NTA ने 21 जून को कड़ी सुरक्षा में दोबारा एग्जाम करवाया। इसका नतीजा भी आ गया है। पेपर लीक में दिल्ली का राउज एवेन्यू कोर्ट सुनवाई कर रहा है। सभी 13 आरोपियों की ज्यूडिशियल कस्टडी 24 जुलाई तक बढ़ा दी गई है। CBI ने अभी तक चार्जशीट दाखिल नहीं की है और कहा है कि अभी कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। 24 जुलाई को कोर्ट में आरोपियों की हिरासत बढ़ाए जाने पर सुनवाई होनी है। सवाल-3: आखिर पेपर लीक रोकने का कानून और इसकी खामियां क्या हैं? जवाब: जून 2024 तक पेपर लीक के लिए कोई एक सेंट्रल कानून नहीं था। धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और जालसाजी के लिए IPC की 420, 120B और 467-471 जैसी धाराओं में मुकदमा दर्ज होता था। इनमें जमानत की कोई सख्त शर्तें नहीं हैं। हालांकि कुछ राज्यों ने अलग से नकल-विरोधी भी कानून बनाए, मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट भी शामिल किया। उत्तर प्रदेश में कुछ मामलों में गैंगस्टर एक्ट भी लगाया गया। ये कानून काफी नहीं थे, 2024 में NEET-UG और UGC के एग्जाम में धांधली के बाद, 21 जून 2024 को केंद्र सरकार ने पेपर लीक के खिलाफ नया कानून लागू किया। इसका नाम है- सार्वजानिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम। इस कानून के मुताबिक, पेपर लीक करना, इसमें मदद करना, गलत तरीके से OMR शीट हासिल करना, नकल करवाना, एग्जाम के लिए कंप्यूटर नेटवर्क वगैरह से छेड़छाड़, एग्जाम से जुड़ी फर्जी वेबसाइट बनाने या परीक्षक को धमकी जैसे कामों को सजा के दायरे लाया गया है। ये सभी अपराध गैर-जमानती हैं, जिनमें दो कैटेगरी में सजा का प्रावधान है- सुप्रीम कोर्ट के वकील विराग गुप्ता कहते हैं कि सिर्फ कानून बना देना काफी नहीं है। कानूनी प्रक्रिया, कोर्ट में सुनवाई के दौरान लूपहोल्स का फायदा उठाकर अपराधी बच निकलते हैं। इसके कुछ उदाहरण देखिए… 2006: रेलवे पेपर लीक, यूपी के 2 विधायक आरोपी 2015: UPPSC प्री एग्जाम, अब तक जांच अधूरी 2016: यूपी PSC, RO/ARO भर्ती, क्लोजर रिपोर्ट पर कोई सुनवाई नहीं लखनऊ के सेंटर पर पेपर लीक हुआ। जांच के बाद CB-CID ने 2018 में क्लोजर रिपोर्ट दी। हालांकि जब कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया, तो एजेंसी ने दूसरी क्लोजर रिपोर्ट दी।इस पर अब तक कोई फैसला नहीं हुआ है। 2016: कर्नाटक PUC, सभी आरोपी बरी कर्नाटक ‘प्री यूनिवर्सिटी कोर्स’ पेपर लीक में सीनियर ऑफिसर्स सहित 19 लोग गिरफ्तार हुए।हालांकि 2024 में बेंगलुरु सेशन कोर्ट ने जांच में गंभीर खामियों का हवाला देकर सबको बरी कर दिया। 2021: राजस्थान सब-इंस्पेक्टर भर्ती, अधिकारी को जमानत 2025 में राजस्थान हाई कोर्ट ने कहा कि राजस्थान पब्लिक सर्विस कमीशन, RPSC के अंदरूनी लोगों ने ही पेपर लीक करवाया।आरोपी RPSC मेंबर रामू राम नायका जमानत पर हैं। बाकी दो मेंबर- मंजू शर्मा और संगीता आर्या ने इस्तीफा दे दिया। उन्हें कोई सजा नहीं हुई। 2024: NEET-UG, CBI कोर्ट में सुनवाई जारी सवाल-4: क्या फास्ट ट्रैक कोर्ट बनने से पेपर लीक की दिक्कतें दूर हो जाएंगी?जवाब: बहुत मुश्किल है, क्योंकि इसमें 3 बड़ी अड़चनें हैं… 1. फास्ट ट्रैक कोर्ट पर केंद्र सरकार का सीधा कंट्रोल नहीं फास्ट ट्रैक कोर्ट्स, यानी FTCs को कंट्रोल करने वाला कोई केंद्रीय कानून नहीं है। इन पर राज्य सरकारों का नियंत्रण है। 21 मार्च 2025 को लोकसभा में एक सवाल के जवाब में केंद्र सरकार ने कहा- ‘FTCs और उनका कामकाज राज्य और UTs और राज्यों के हाई कोर्ट्स के अधीन है।’ आगे कहा गया, ‘संविधान के आर्टिकल 233 के तहत, डिस्ट्रिक्ट, निचली कोर्ट्स और FTCs में जजों की नियुक्ति राज्य के हाई कोर्ट की सिफारिश और राज्य के गवर्नर के अधीन है। इस प्रक्रिया में केंद्र सरकार की कोई सीधी भूमिका नहीं है।’ 2. हर मामला तेजी से निपटाना मुश्किल 3. जल्दबाजी से गलत फैसले का खतरा सुप्रीम कोर्ट में वकील विराग गुप्ता कहते हैं, POCSO, ड्रग्स एक्ट और दूसरे गंभीर मामलों में भी जिन फास्ट ट्रैक कोर्ट से जल्द न्याय देने की बात की गई, वो भी व्यावहारिक तौर पर सफल नहीं है। नए क्रिमिनल कानूनों में भी 3 साल के भीतर न्याय की बात है, लेकिन जिला अदालतों में ही सबसे ज्यादा पेंडिंग मामले हैं।’ सवाल-5: इससे पहले जो फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए गए, वो कैसा काम कर रहे?जवाब: देश में अभी 2 तरह के फास्ट ट्रैक कोर्ट हैं- 1. फास्ट ट्रैक कोर्ट, FTC 2. फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट, FTSC भारतीय न्याय संहिता, यानी BNS में सिफारिश है कि मुकदमों का निपटारा 2 साल और यौन अपराधों का निपटारा 2 महीने के अंदर होना चाहिए। वहीं FTSC योजना के तहत टारगेट है कि ये हर 3 महीने में 42 मुकदमों के हिसाब से सालाना 165 मामलों का निपटारा करें। हालांकि तेजी से काम करने के बावजूद फास्ट ट्रैक कोर्ट जरूरत भर मुकदमों की सुनवाई नहीं कर पा रहे… ये खबर भी पढ़ें… आज का एक्सप्लेनर:धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा अब तक क्यों नहीं हुआ, 5 पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स से समझिए; क्या आगे भी नहीं हटाए जाएंगे जंतर-मंतर पर 33 दिन से कॉकरोच जनता पार्टी का अनशन, सोनम वांगचुक की 25 दिनों की भूख हड़ताल, पीएम आवास के बाहर राहुल गांधी का धरना, संसद में रोज गूंजता हंगामा और अब देश के सभी जिलों में प्रदर्शन का आह्वान। सभी की एक ही मांग है- शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 4:48 am

सवाईमाधोपुर में बालक ने सिक्का निगला, चिकित्सकों ने समय रहते बचाया

सवाईमाधोपुर। राजस्थान में सवाईमाधोपुर में परिवार के लोगों की लापरवाही से एक मासूम बच्चे के प्राण संकट में पड़ गए, लेकिन समय रहते चिकित्सकों ने अनहोनी को टाल दिया। चिकित्सा सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि सवाई माधोपुर शहर निवासी जनिद के बेटे अहद (छह) ने खेलते समय गलती से पांच रुपए का सिक्का निगल […] The post सवाईमाधोपुर में बालक ने सिक्का निगला, चिकित्सकों ने समय रहते बचाया appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Jul 2026 10:19 pm

सरकार ने सीजेपी को बातचीत के लिए बुलाया; प्रदर्शनकारियों ने अडंगा लगाया

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को कॉकरोच जनता पार्टी को स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के आवास या कार्यालय में बातचीत के लिए केंद्र सरकार का निमंत्रण दोहराया लेकिन जंतर-मंतर पर मौजूद सीजेपी नेतृत्व ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया और जोर देकर कहा कि कोई भी बैठक तटस्थ स्थान पर होनी […] The post सरकार ने सीजेपी को बातचीत के लिए बुलाया; प्रदर्शनकारियों ने अडंगा लगाया appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Jul 2026 10:04 pm

दिल्ली पुलिस ने घायल 21 वर्षीय प्रदर्शनकारी युवती के मौत के दावों को किया खारिज

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को 20 जुलाई को भगदड़ में घायल हुई 21 वर्षीय युवती की सेहत के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि उसकी हालत स्थिर है और डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने उस युवती की मेडिकल हालत के बारे में जानकारी देते […] The post दिल्ली पुलिस ने घायल 21 वर्षीय प्रदर्शनकारी युवती के मौत के दावों को किया खारिज appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Jul 2026 9:39 pm

पुनीत जैन होंगे सिरोही नगर कांग्रेस मंडल के नए अध्यक्ष

सिरोही। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने संगठन विस्तार के तहत सिरोही निवासी पुनीत कुमार जैन को नगर कांग्रेस कमेटी, सिरोही का अध्यक्ष नियुक्त किया है। नियुक्ति की घोषणा के बाद नगर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल है। पुनीत कुमार जैन कांग्रेस की मजबूत पारिवारिक पृष्ठभूमि से जुड़े हैं। वे पूर्व नगर कांग्रेस अध्यक्ष स्वर्गीय […] The post पुनीत जैन होंगे सिरोही नगर कांग्रेस मंडल के नए अध्यक्ष appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Jul 2026 9:21 pm

भीलवाड़ा में माणिक्यलाल वर्मा राजकीय महाविद्यालय का संस्थापन अधिकारी रिश्वत लेते अरेस्ट

भीलवाड़ा। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने गुरुवार को माणिक्यलाल वर्मा राजकीय महाविद्यालय भीलवाड़ा के संस्थापन अधिकारी शिव नुवाल को 40 हजार रुपए की रिश्वत लेने पर गिरफ्तार किया। ब्यूरो की अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव ने बताया कि एसीबी भीलवाडा द्वितीय को शिकायत मिली कि परिवादी की फर्म द्वारा माणिक्यलाल वर्मा राजकीय महाविद्यालय […] The post भीलवाड़ा में माणिक्यलाल वर्मा राजकीय महाविद्यालय का संस्थापन अधिकारी रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Jul 2026 9:14 pm

पेपर लीक मुद्दे पर कांग्रेस ने सरकार पर बढ़ाया दबाव, राहुल के साथ विपक्षी नेता पहुंचे गांधी स्मृति

नई दिल्ली। पेपर लीक मुद्दे पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही कांग्रेस पार्टी ने सरकार पर दबाव बढ़ाने के लिए पार्टी के नेताओं और सदस्यों का एक बड़ा हुजूम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में गुरुवार शाम राजधानी में गांधी समृति पर पहुंच गया। बिना किसी पूर्व […] The post पेपर लीक मुद्दे पर कांग्रेस ने सरकार पर बढ़ाया दबाव, राहुल के साथ विपक्षी नेता पहुंचे गांधी स्मृति appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Jul 2026 9:08 pm

मारुति सुज़ुकी की आगामी नई ब्रेज़ा को भारत एनसीएपी में 5-स्टार सुरक्षा रेटिंग

नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुज़ुकी इंडिया की आगामी नई ब्रेज़ा को भारत न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम (भारत एनसीएपी) के तहत वयस्क यात्री सुरक्षा और बाल यात्री सुरक्षा दोनों में 5-स्टार सुरक्षा रेटिंग प्राप्त हुई है। कंपनी ने गुरुवार को बताया कि 24 जुलाई को पेश होने वाली नई ब्रेजा […] The post मारुति सुज़ुकी की आगामी नई ब्रेज़ा को भारत एनसीएपी में 5-स्टार सुरक्षा रेटिंग appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Jul 2026 9:01 pm

जंतर-मंतर के आसपास मोबाइल इंटरनेट सेवाएं रात 12 बजे तक के लिए बंद

नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के धरना और विरोध-प्रदर्शन के बीच जंतर-मंतर के आसपास मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। सूत्रों ने बताया कि फिलहाल इंटरनेट सेवाएं गुरुवार रात 12 बजे तक के लिए बंद हैं। दूरसंचार सेवा प्रदाताओं द्वारा ग्राहकों को फोन पर भेजे जा रहे संदेश में लिखा है कि […] The post जंतर-मंतर के आसपास मोबाइल इंटरनेट सेवाएं रात 12 बजे तक के लिए बंद appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Jul 2026 8:45 pm

इंटरनेट या दुकानें बंद कराने से बात नहीं बनेगी, प्रधान को हटाना पड़ेगा : कांग्रेस

नई दिल्ली। कांग्रेस ने सरकार पर छात्रों के आंदोलन को दबाने के लिए इंटरनेट बाधित करने और कनॉट प्लेस की दुकानों और कार्यालयों पर पाबंदी लगाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि इन उपायों से समस्या नहीं सुलझेगी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाना ही पड़ेगा। कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने प्रधानमंत्री […] The post इंटरनेट या दुकानें बंद कराने से बात नहीं बनेगी, प्रधान को हटाना पड़ेगा : कांग्रेस appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Jul 2026 8:32 pm