SENSEX
NIFTY
GOLD
USD/INR

Weather

35    C

...

जयंत पाटिल की बैठक में राकांपा (एसपी) के 9 विधायकों ने राजग में शामिल होने की जताई इच्छा

मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़े फेरबदल के संकेत मिल रहे हैं और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा-एसपी) के 10 में से 9 विधायकों ने पार्टी के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल की ओर से आहूत बैठक में भारतीय जनता पार्टी नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल होने की इच्छा जताई है। विधायकों […] The post जयंत पाटिल की बैठक में राकांपा (एसपी) के 9 विधायकों ने राजग में शामिल होने की जताई इच्छा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 14 Jul 2026 10:34 pm

भीलवाड़ा में प्रेमी युगल ने पेड़ पर रस्सी बांधकर लगाई फांसी

भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के शाहपुरा पंचायत समिति क्षेत्र के ग्राम आंटोली में मंगलवार को एक प्रेमी युगल ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतकों की पहचान ग्राम आंटोली निवासी मुकेश भील (20) एवं 16 वर्षीय नाबालिग के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच […] The post भीलवाड़ा में प्रेमी युगल ने पेड़ पर रस्सी बांधकर लगाई फांसी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 14 Jul 2026 10:29 pm

रायसेन : तांत्रिक क्रिया के दौरान कथित बलि देकर व्यापारी की हत्या, तीन आरोपी अरेस्ट

रायसेन। मध्यप्रदेश में रायसेन जिले के गैरतगंज तहसील अंतर्गत परासिया नदी किनारे मिले व्यापारी के शव के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गड़ा धन (दफीना) निकालने के लिए कथित तांत्रिक क्रिया के दौरान अपने ही साथी की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। […] The post रायसेन : तांत्रिक क्रिया के दौरान कथित बलि देकर व्यापारी की हत्या, तीन आरोपी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 14 Jul 2026 10:23 pm

भजनलाल शर्मा ने दो आरपीएस एवं एक जेल सेवा अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई को दी मंंजूरी

जयपुर। राजस्थान में कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा लगातार एक्शन मोड में हैं और उन्होंने अनियमितता एवं दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने पर राजस्थान पुलिस सेवा के दो अधिकारियों एवं जेल सेवा की एक अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की मंजूरी दी है। शर्मा ने जेल सेवा की अधिकारी को निलंबित करने तथा एक […] The post भजनलाल शर्मा ने दो आरपीएस एवं एक जेल सेवा अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई को दी मंंजूरी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 14 Jul 2026 10:18 pm

जगन गुर्जर का भाई पप्पू गुर्जर दौसा जेल में स्थानांतरित

अजमेर/दौसा/भरतपुर। राजस्थान में अजमेर की अति सुरक्षित जेल से कुख्यात डकैत जगन गुर्जर के भाई पप्पू गुर्जर को मंगलवार को सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच दौसा की केंद्रीय जेल में स्थानांतरित कर दिया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार 29 जून को अजमेर जेल में जगन गुर्जर की हत्या के बाद परिजन और ग्रामीण पप्पू गुर्जर […] The post जगन गुर्जर का भाई पप्पू गुर्जर दौसा जेल में स्थानांतरित appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 14 Jul 2026 10:14 pm

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे कार पलटने से महिला की मौत, दो घायल

अलवर। राजस्थान में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर सोमवार को एक कार पलटने से एक महिला की मौत हो गई जबकि दो लोग घायल हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार दिल्ली निवासी एक परिवार मेहंदीपुर बालाजी मंदिर में दर्शन करके दिल्ली लौट रहा था। इसी दौरान हादरहेड़ा-रोनपुर के बीच उनकी कार अचानक बेकाबू होकर पलट गई। इससे […] The post दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे कार पलटने से महिला की मौत, दो घायल appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 14 Jul 2026 10:10 pm

आज का एक्सप्लेनर:प्रोटेस्ट कॉकरोच पार्टी का, फिर सोनम वांगचुक आमरण अनशन पर क्यों; क्या सरकार मांगें मानेगी, तबीयत बिगड़ी तो क्या होगा

59 साल के सोनम वांगचुक 17 दिन से भूख हड़ताल पर हैं। सिर्फ नमक का पानी ले रहे हैं। 8.5 किलो वजन गिर चुका है। उनके पीछे बैनर कॉकरोच जनता पार्टी का है, जिसकी मांग है- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा। CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके ने कहा- सरकार बात तक करने को तैयार नहीं, मरने के लिए छोड़ दिया है। कॉकरोच पार्टी के प्रोटेस्ट में सोनम वांगचुक क्यों आमरण अनशन पर, क्या खुद अनशन तोड़ देंगे या सरकार तुड़वा देगी, जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में…सवाल-1: सोनम वांगचुक CJP के समर्थन में अनशन पर क्यों बैठे? जवाब: कॉकरोच जनता पार्टी के मुखिया अभिजीत दीपके ने 6 जून को जंतर-मंतर पर पहली बार प्रोटेस्ट करने का ऐलान किया। 2 जून को X पर वीडियो जारी करके सोनम वांगचुक ने भी समर्थन दिया, 'मैं CJP के आंदोलन से जुड़ने आ रहा हूं। CJP वाले देशप्रेमी हैं, आपको भी उनके साथ जुड़ना चाहिए।’ 6 जून को कंधे पर एक झोला टांगे और हाथों में गुलाब लेकर जंतर-मंतर पहुंचे। इस प्रोटेस्ट पर सरकार ने कोई बयान तक नहीं दिया। फिर 20 जून को CJP ने जंतर-मंतर पर दोबारा प्रोटेस्ट शुरू किया। सोनम ने भी केंद्र सरकार से 2 मांगें रखीं- धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने और पूर्ण राज्य के दर्जे की मांग। सोनम ने कहा कि इन दोनों मांगों पर 27 जून तक सरकार के जवाब का इंतजार करेंगे। फिर अनशन शुरू करेंगे और अगर एक भी मांग पूरी हुई, तो अनशन वापस भी ले लेंगे। सरकार की तरफ से कोई जवाब नहीं आया, तो रविवार, 28 जून को सोनम CJP के प्रोटेस्ट में शामिल हो गए। वामपंथी स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन ऑल इंडियन स्टूडेंट्स एसोसिएशन, यानी AISA के 6 मेंबर्स के साथ भूख हड़ताल शुरू कर दी। सोनम ने कहा, 'मैं मजबूर हूं, खुशी से यहां नहीं आया हूं। दोनों मुद्दों के समर्थन में अनशन पर बैठा हूं। लोग मुझसे पूछते हैं, 'आप लद्दाख में आंदोलन कर रहे थे, अब आप CJP के साथ क्यों हैं?' एजुकेशन, जो यहां का मुद्दा है, पिछले 40 सालों से मेरे दिल के बहुत करीब रहा है, जब मैं स्टूडेंट था तब से। जब कुछ युवा एजुकेशन सिस्टम की दिक्कतों पर आवाज उठा रहे हैं, तो मैं चुप कैसे रह सकता था?' हालांकि 13 जून को सोनम ने पत्रकारों से कहा कि अभी वह शिक्षा के मुद्दे को लेकर जंतर-मंतर पर मौजूद हैं। लद्दाख के मुद्दे पर सरकार से बातचीत जारी है, कुछ सहमति भी बनी है, लेकिन जमीन पर उतरना बाकी है। सरकार चाहे तो मानसून सत्र में ही इसका समाधान कर सकती है। सवाल-2: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के मामले पर सरकार का क्या रुख है? जवाब: CJP की मांग है कि धर्मेंद्र प्रधान तुरंत इस्तीफा दें। मई में NEET पेपर लीक के बाद एग्जाम रद्द करना पड़ा था। देश भर में 14 से ज्यादा NEET की तैयारी करने वाले बच्चों ने सुसाइड कर लिया। इसकी नैतिक जिम्मेदारी शिक्षा मंत्री को लेनी चाहिए। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के आसार नहीं दिख रहे हैं… हालांकि सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में मोदी मंत्रिमंडल में फेरबदल होने वाला है। इसमें धर्मेंद्र प्रधान से शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी लेकर कोई और मंत्रालय या बीजेपी संगठन में कोई जिम्मेदारी दी जा सकती है। सवाल-3: अगर सोनम ने अनशन नहीं तोड़ा, तो आगे क्या होगा? जवाब: कोई व्यक्ति 3 मिनट बिना ऑक्सीजन, 3 दिन बिना पानी और 3 हफ्ते बिना खाए रह सकता है। इसे सर्वाइवल का ‘रूल ऑफ थ्री’ कहते हैं। हालांकि इंसान बिना खाने के कितने दिन जिंदा रह सकता है, ये शरीर की संरचना, अनशन के दौरान हाइड्रेशन और शारीरिक बीमारी जैसी चीजों पर निर्भर करता है। डॉक्टर्स के मुताबिक कई लोग सिर्फ नमक वाला पानी पीकर ही 2 से 3 महीने तक जिंदा रह लेते हैं। जब भूख हड़ताल की वजह से व्यक्ति का वजन 10% से ज्यादा गिर जाता है, तो उसे डॉक्टर की निगरानी में रखने की सलाह दी जाती है। आमतौर पर जब शरीर को खाना नहीं मिलता, तो ऊर्जा के लिए- दिल्ली के सी. के. बिरला हॉस्पिटल में इंटरनल मेडिसिन डिपार्टमेंट के डॉ. अमित प्रकाश सिंह कहते हैं, ‘करीब दो हफ्ते के उपवास के बाद दिल, लिवर, किडनी जैसे अंग कमजोर पड़ने लगते हैं। यह जानलेवा हो सकता है। कई लोग सोनम से अनशन तोड़ने की अपील कर रहे हैं। सोनम इस पर राजी नहीं हैं। कह रहे हैं, ‘मैंने जो शुरू किया है, उसे उसके निष्कर्ष तक पहुंचाना होगा। 13 जुलाई को अभिजीत दीपके ने कहा, 'जब भी मैं उनसे अनशन खत्म करने के लिए कहता हूं, वे मुझे डांटते हैं और कहते हैं, 'तुम मेरी चिंता मत करो।' जबकि उन्हें चक्कर आते हैं। वॉशरूम तक पैदल जाना भी मुश्किल है।’ इधर CJP ने 20 जुलाई को संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के दिन ही जंतर-मंतर से संसद तक पैदल मार्च बुलाया है। सोनम ने लोगों से इसमें शामिल होने की अपील करते हुए कहा है, ‘मैं अपनी बची हुई ताकत के साथ इसमें शामिल रहूंगा। देश में आजादी से चलने और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखने का अधिकार है। इससे नहीं रोका जाना चाहिए।’ सीनियर पत्रकार अरुण दीक्षित कहते हैं, ‘अभी ऐसा नहीं लग रहा है कि सरकार सोनम की मांगों पर बहुत ध्यान देगी। हालांकि इस बीच अगर सोनम की तबीयत ज्यादा बिगड़ी, तो उनको उठाकर इलाज के लिए भेजा जा सकता है और अनशन तुड़वाया जा सकता है।’ जबरन अनशन तुड़वाने का सबसे चर्चित मामला मणिपुर की इरोम चानू शर्मिला का है। उन्होंने दुनिया की सबसे लंबी भूख हड़ताल की थी। दरअसल, 2 नवंबर 2000 को इंफाल के पास एक गांव में असम राइफल्स के जवानों की गोलीबारी में 10 नागरिकों की हत्या हुई। 4 नवंबर को सशस्त्र बलों को विशेष शक्तियां देने वाले कानून AFSPA हटानी की मांग को लेकर भूख हड़ताल शुरू की। तीसरे दिन उन्हें सरकार ने IPC की धारा 309, यानी आत्महत्या के प्रयास के तहत गिरफ्तार कर लिया और जबरन अस्पताल ले जाकर नाक में फीडिंग ट्यूब डालकर खाना देना शुरू कर दिया। 2016 तक इंफाल के सरकारी अस्पताल के एक कमरे को अस्थायी जेल बनाकर रखा गया, और उन्हें ट्यूब से जबरन फ्लूइड दिया जाता रहा। 9 अगस्त 2016 को इरोम ने खुद ही अपना अनशन खत्म कर दिया। सवाल-4: क्या इससे पहले भी सोनम ने अनशन किए, तब सरकार का क्या रुख रहा? जवाब: इससे पहले सोनम लद्दाख के मुद्दों को लेकर कई बार भूख हड़ताल और पैदल यात्राएं वगैरह कर चुके हैं। कभी सरकार के आश्वासन पर उन्होंने अनशन तोड़ा, तो कभी हिरासत में ले लिए गए.. सवाल-5: लद्दाख का मुद्दा क्या है, जिस पर सरकार से भिड़े हुए हैं सोनम? जवाब: 5 अगस्त, 2019 को जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटने के बाद लद्दाख को केंद्र-शासित प्रदेश (UT) बना दिया गया था। इससे जम्मू-कश्मीर विधान परिषद में लद्दाख का प्रतिनिधित्व लगभग खत्म हो गया और हिल डेवलपमेंट काउंसिल लेह और कारगिल (LAHDC) के जरिए लद्दाख का प्रशासनिक कामकाज शुरू हुआ। UT बनने से पहले LAHDC के पास कैबिनेट के बराबर अधिकार थे, लेकिन UT बनने के बाद इनकी ताकत सिर्फ कागजी रह गई हैं। LAHDC के पास आर्थिक मामले देखने के भी अधिकार भी नहीं हैं। लद्दाख के UT बनने के बाद से सोनम 4 मांगें कर रहे हैं… राज्यसभा में एक सीट आवंटित हो और लोकसभा सीटों की संख्या एक से बढ़ाकर दो हों, कारगिल और लेह अलग-अलग लोकसभा सीटें बनें। अगर ये मांगें मान ली जाएं, तो लद्दाख के जिलों में स्वायत्त जिला परिषदों का गठन हो सकेगा और जंगल, जमीन, पुलिसिंग, खेती आदि से जुड़े कानून बनाने का अधिकार स्थानीय लोगों को मिल जाएंगे। कई दौर की बैठकों के बावजूद अभी तक सरकार ने कोई फैसला नहीं लिया है। हालांकि 13 जुलाई को लद्दाख के प्रमुख सचिव आशीष कुंद्रा ने कहा है कि सभी 7 जिलों में ऑटोनॉमस हिल डेवेलपमेंट काउंसिल, यानी AHDC बनेगी। इस बॉडी को संविधान के आर्टिकल-371 के खास ढांचे के तहत विधायी, वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार मिलेंगे। ये दरअसल, केंद्र शासित प्रदेश और पूर्ण राज्य के बीच की व्यवस्था कही जा सकती है। आर्टिकल-371 के ही तहत महाराष्ट्र, गुजरात, मणिपुर जैसे 12 राज्यों को प्रशासन से जुड़े विशेष अधिकार मिले हुए हैं। 13 जुलाई को सोनम ने कहा कि बातचीत जारी है, लेकिन इसके जमीन पर उतरने का इंतजार है। उन्होंने ये उम्मीद भी जताई कि 20 जुलाई से शुरू हो रहे मानसून सत्र के दौरान इस पर कोई फैसला ले सकती है। सरकार चाहे, तो संसद से संविधान संशोधन विधेयक पास करवाकर लद्दाख में पूर्ण राज्य के प्रावधान लागू कर सकती है। हालांकि अभी सरकार की तरफ से कोई बयान नहीं आया है। ----------

दैनिक भास्कर 14 Jul 2026 6:16 pm

जल्द क्रिकेट खेल पाएंगी अफगानिस्तान की महिलाएं, ICC ने बनाई योजना

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने एडिनबर्ग में अपनी वार्षिक कॉन्फ्रेंस में अफ़गान शरणार्थी महिला क्रिकेटरों के विकास के लिए एक योजना बनाई है। एक विशेष टास्कफोर्स को भी फिर से बनाया और उसे 2030 तक आईसीसी के क्वालिफिकेशन में हिस्सा लेने के लिए अफ़गान रिफ्यूजी महिला टीम के लिए एक योजना बनाने की ज़िम्मेदारी दी। ICC ने अपने डायरेक्टर डॉ. रोस रिवाज़ और चीफ एग्जीक्यूटिव्स समिति की सदस्य सारा कीन को स्पेशल टास्क फोर्स में अपॉइंट करने को भी मंज़ूरी दी। वे टास्क फोर्स में इसके मौजूदा मेंबर्स (BCCI, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और ECB) के साथ शामिल होंगे और प्रोग्राम की चल रही निगरानी में मदद करेंगे, ताकि महिलाओं के लिए प्रतिनिधित्व और प्रतियोगी की ज़रूरतों को को संतुलित किया जा सके। ICC has endorsed a Development Pathway Programme for the Afghan refugee women. Details https://t.co/hz13lr4yib pic.twitter.com/t4PwXbKEgP — ICC (@ICC) July 13, 2026 डॉ. रोस रिवाज़ ने कहा: “मुझे ICC Special task force में शामिल होकर और इस ज़रूरी पहल में योगदान देकर गर्व महसूस हो रहा है। टास्क फ़ोर्स को एक साफ़ और टिकाऊ रोडमैप बनाने का काम सौंपा गया है जो अफ़गान रिफ्यूजी महिला क्रिकेटरों के लगातार विकास में मदद करे, इसके लिए सही कोचिंग, सार्थक सोच-विचार वाले प्रोग्राम और मौकों के हिसाब से सही प्रोग्राम हों। आईसीसी क्रिकेट के ज़रिए मौके बढ़ाने के लिए कमिटेड है, और मैं अपने साथी टास्क फ़ोर्स मेंबर्स, मेंबर्स और डिलीवरी पार्टनर्स के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हूँ ताकि यह पक्का हो सके कि इसे मकसद, ईमानदारी और लंबे समय तक चलने वाली सस्टेनेबिलिटी के साथ दिया जाए।” अफ़गान रिफ्यूजी महिला क्रिकेटर नाहिदा सपन ने कहा: “इस प्रोग्राम ने हमारे लिए पहले ही बहुत बड़ा बदलाव किया है, न सिर्फ़ हमें क्रिकेट खेलते रहने में मदद करके, बल्कि हमें एक साथ आकर एक टीम के तौर पर खेलने में काबिल बनाकर। हमें दूसरे देशों के खिलाड़ियों जैसे ही अधिकार और मौके मिले हैं।” अफ़गान रिफ्यूजी महिला क्रिकेटर फ़िरोज़ा अफ़गान ने कहा: “पिछले एक साल में, एक ग्रुप के तौर पर एक साथ आने और भारत और इंग्लैंड का दौरा करने के मौकों ने हमें अपनी ज़िंदगी के कुछ सबसे यादगार अनुभव दिए हैं। हम इस दिशा में काम करने के लिए तैयार हैं, और हम इस सफ़र में हर मौके का पूरा फ़ायदा उठाने के लिए पक्के इरादे वाले हैं।” ऑस्ट्रेलिया के पूर्व खिलाड़ी और It's Game On के सह संस्थापक मेल जोन्स ने कहा: “इन शानदार महिलाओं को लगातार सपोर्ट, साथ ही 2030 तक आईसीसी क्वालिफ़िकेशन के रास्तों के लिए एक साफ़ रोडमैप, उनके और उनके भविष्य के लिए एक ज़रूरी कमिटमेंट दिखाता है। यह एक मज़बूत संदेश देता है कि प्रतिभा और पक्के इरादे वाले लोग दुनिया भर में मॉडल और मौके के हक़दार हैं, और यह देखना रोमांचक है कि एक ऐसा दीर्ध कालिक रास्ता जो डेवलपमेंट और मतलब वाले प्रतियोगिता के बीच संतुलन बनाता है, साथ ही उनके अनोखे सफ़र को पहचानता है। पिछले साल उन्होंने जो विकास किया है, वह बहुत बढ़िया रही है, और मैं यह देखने के लिए इंतज़ार नहीं कर सकता कि यह टीम 2030 तक क्या हासिल करती है।” अभी ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और कनाडा में मौजूद प्लेयर्स को उनके स्थानीय क्रिकेट माहौल में जोड़ा जाता रहेगा, जो उन्हें ट्रेनिंग और खेलने के मौके देता है।इस योजना के तहत में कोचिंग के साथ-साथ उनके स्थानीय मैदान पर फ़िज़ियोथेरेपी तक की सुविधा दी जाएगी, साथ ही धीरे-धीरे गेम टाइम बढ़ाने की भी योजना है। इसके अलावा, इस प्रोग्राम में खिलाड़ियों को एक ग्रुप के तौर पर ट्रेनिंग और मुकाबला करने के मौके मिलते रहेंगे, जैसा कि पिछले 12 महीनों में भारत और इंग्लैंड के टूर में हुआ था। ऐसे सामूहिक खेलने के मौके भी धीरे-धीरे बनाए जाएंगे और 2030 तक ICC क्वालिफिकेशन टूर्नामेंट्स के लिए उनके विकास में मदद करने के लिए योजनाबद्ध नज़रिए से चुनी गई टीमों के खिलाफ होंगे।

वेब दुनिया 14 Jul 2026 5:15 pm

जब से सोनम जेल से बाहर आई, देशभर में लड़कियां पति का मर्डर कर रहीं हैं, राजा के भाई ने किसके सामने दी ये दलील

राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द कराने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में अब 21 जुलाई को सुनवाई होगी। पीड़ित परिवार ने सुप्रीम कोर्ट से न्याय की उम्मीद जताते हुए जमानत रद्द करने की मांग की है। बता दें कि इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या की वारदात में आरोपी उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द करवाने के लिए मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। इस मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी थी, लेकिन कुछ कारणों के चलते अब सुनवाई 21 जुलाई को होगी। इंदौर में रहने वाले ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी के भाई विपिन रघुवंशी का कहना है कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट से पूरी उम्मीद है। उनका विश्वास है कि 21 जुलाई को होने वाली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द कर देगा। देशभर में पतियों के मर्डर हो रहे हैं : विपिन रघुवंशी ने कहा कि जब से सोनम रघुवंशी जमानत पर बाहर आई है, उसके बाद देश के अलग-अलग हिस्सों में पत्नियों द्वारा अपने पतियों की हत्या की कई घटनाएं सामने आई हैं। उनका कहना है कि यह केवल हत्या नहीं, बल्कि पति-पत्नी के बीच विश्वास की भी हत्या है। सोनम ने जिस तरह अपने पति की हत्या की, उसने उस विश्वास को तोड़ दिया। उनका यह भी कहना है कि इसके बाद कई अन्य महिलाओं द्वारा भी इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया गया है। यदि सोनम को कड़ी सजा नहीं मिली, तो आने वाले समय में इस तरह की घटनाएं जारी रह सकती हैं। क्या था राजा रघुवंशी हत्याकांड का पूरा मामला : यह मामला तब सामने आया जब 12 मई 2025 को शादी के बाद राजा रघुवंशी और सोनम 23 मई को मेघालय में हनीमून के दौरान लापता हो गए। दोनों को आखिरी बार एक होमस्टे से चेकआउट करते हुए देखा गया था। कुछ दिन बाद उनकी किराए की स्कूटी सोहरारिम के पास लावारिस हालत में मिली। इसके बाद 2 जून को लापता होने के करीब 10 दिन बाद राजा रघुवंशी का शव ईस्ट खासी हिल्स जिले में वीसावडोंग फॉल्स के पास एक गहरी खाई से बरामद हुआ।

वेब दुनिया 14 Jul 2026 5:06 pm

Kark Sankranti 2026: सूर्य कर्क संक्रांति पर करें ये 7 शुभ कार्य, मिलेगी सूर्य देव की कृपा

Kark Sankranti Religious Remedies: सनातन धर्म में सूर्य कर्क संक्रांति का विशेष धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व माना जाता है। इस दिन सूर्य देव मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश करते हैं। कर्क संक्रांति के साथ ही 'दक्षिणायन' का आरंभ माना जाता है, जिसे देवताओं की रात्रि की शुरुआत भी कहा जाता है। ALSO READ: सूर्य का बड़ा खेल: गुरु के नक्षत्र में एंट्री से इन 3 राशियों की बढ़ सकती है टेंशन इस अवसर पर सूर्य देव की उपासना, पवित्र नदियों में स्नान, दान-पुण्य और मंत्र-जप का विशेष महत्व बताया गया है। इससे न केवल मान-सम्मान और अच्छा स्वास्थ्य प्राप्त होता है, बल्कि जीवन के सारे कष्ट भी दूर हो जाते हैं। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक किए गए शुभ कार्यों से सूर्य देव की कृपा प्राप्त होती है तथा जीवन में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।इस बार बृहस्पतिवार, 16 जुलाई 2026 को सूर्य कर्क संक्रांति पर्व मनाया जा रहा है। यदि आप सूर्य कर्क संक्रांति के दिन ये 7 शुभ कार्य करते हैं, तो आपको सूर्य देव की विशेष कृपा प्राप्त होगी... कर्क संक्रांति पर किए जाने वाले 7 शुभ कार्य 1. पवित्र नदी में स्नान या गंगाजल का छिड़काव इस दिन किसी पवित्र नदी या सरोवर में स्नान करने का विशेष महत्व है। यदि नदी पर जाना संभव न हो, तो घर पर ही नहाने के पानी में थोड़ा सा गंगाजल मिलाकर स्नान करें। इससे शारीरिक रोग और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। 2. सूर्य देव को 'विशेष अर्घ्य' देना संक्रांति के दिन सुबह सूर्योदय से पहले उठें। स्नान करने के बाद तांबे के लोटे में साफ जल लें। उसमें लाल चंदन, लाल फूल/ गुड़हल, अक्षत/ चावल और थोड़े से काले तिल मिलाकर सूर्य देव को अर्घ्य दें। अर्घ्य देते समय ॐ घृणि सूर्याय नमः मंत्र का जाप करें। 3. पूर्वजों के निमित्त तर्पण और पिंडदान कर्क संक्रांति से सूर्य दक्षिणायन होते हैं, जिसे देवताओं की रात और पितरों का दिन माना जाता है। इस दिन अपने पूर्वजों/ पितरों की तृप्ति के लिए तर्पण, पिंडदान या श्राद्ध कर्म करना बहुत कल्याणकारी होता है। इससे पितृ दोष से मुक्ति मिलती है। ALSO READ: सूर्य का कर्क राशि में गोचर, जानें मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का राशिफल 4. तांबे और गेहूं का दान शास्त्रों में संक्रांति के दिन दान का अनंत गुना फल बताया गया है। सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए इस दिन तांबे के बर्तन, गेहूं, लाल कपड़े, गुड़, लाल चंदन और घी का दान किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद व्यक्ति को अवश्य करें। 5. गायत्री मंत्र का जाप मानसिक शांति, बुद्धि की प्रखरता और सकारात्मक ऊर्जा के लिए इस दिन कम से कम 108 बार गायत्री मंत्र का जाप करें। संक्रांति की शांत बेला में किया गया गायत्री मंत्र का जाप सीधे आत्मा को बल प्रदान करता है। 6. नमक रहित भोजन/ बिना नमक का व्रत संक्रांति के दिन यदि संभव हो तो एक समय उपवास रखें या अपने भोजन में नमक का सेवन न करें। आयुर्वेद और ज्योतिष दोनों के अनुसार, संक्रांति पर नमक का त्याग करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्युनिटी/ Immunity बढ़ती है और कुंडली में सूर्य मजबूत होता है। 7. आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ जीवन में मान-सम्मान, नौकरी में उन्नति और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए संक्रांति के दिन आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना बेहद चमत्कारी माना जाता है। यदि आपके पास समय कम हो, तो आप सूर्य अष्टक का पाठ भी कर सकते हैं। सूर्य कर्क संक्रांति का पर्व श्रद्धा, सेवा और आत्मअनुशासन का संदेश देता है। इस दिन सूर्य देव की उपासना, स्नान, दान और मंत्र-जप जैसे शुभ कार्य करने से आध्यात्मिक शांति और पुण्य की प्राप्ति होने की मान्यता है। धार्मिक परंपराओं का पालन करते समय अपनी पारिवारिक परंपरा और स्थानीय मान्यताओं का भी सम्मान करना चाहिए। विशेष बात: चूंकि कर्क संक्रांति से वर्षा ऋतु और ऋतु परिवर्तन का समय शुरू होता है, इसलिए इस दिन से अपनी जीवनशैली और खान-पान में सात्विकता लाना बेहद जरूरी माना गया है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: जब मित्र के घर पधारेंगे ब्रह्मांड के राजा: सूर्य का कर्क राशि में गोचर चमकाएगा इन 4 राशियों का भाग्य

वेब दुनिया 14 Jul 2026 4:45 pm

होर्मुज में अमरीका का हस्तक्षेप मंजूर नहीं, सैन्य कार्रवाई का जवाब देंगे : ईरान

तेहरान। ईरान ने कहा है कि वह अमरीका को कभी भी होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन में हस्तक्षेप नहीं करने देगा। उसने खाड़ी देशों को भी चेतावनी दी है कि अमरीका का सहयोग ईरान के साथ युद्ध करने के बराबर माना जाएगा। ईरानी सेना के खातम-अल अंबिया केंद्रीय मुख्यालय के प्रवक्ता कर्नल इब्राहीम जुलफकारी ने एक […] The post होर्मुज में अमरीका का हस्तक्षेप मंजूर नहीं, सैन्य कार्रवाई का जवाब देंगे : ईरान appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 14 Jul 2026 3:11 pm

जब मित्र के घर पधारेंगे ब्रह्मांड के राजा: सूर्य का कर्क राशि में गोचर चमकाएगा इन 4 राशियों का भाग्य

ब्रह्मांड के सबसे तेजस्वी ग्रह और ग्रहों के राजा सूर्य देव अपनी चाल बदलने जा रहे हैं। 16 जुलाई 2026 को सूर्य देव जल तत्व की राशि कर्क में प्रवेश करेंगे और यहाँ 17 अगस्त 2026 तक विराजमान रहेंगे। कर्क राशि के स्वामी चंद्रमा हैं, जो सूर्य देव के परम मित्र माने जाते हैं। जब एक मित्र दूसरे मित्र के घर जाता है, तो माहौल उत्साह और खुशियों से भर जाता है। सूर्य का यह गोचर मुख्य रूप से 4 राशियों के लिए करियर, धन, मान-सम्मान और सेहत के मोर्चे पर सुनहरे अवसर लेकर आ रहा है। आइए देखते हैं कि सूर्य देव किन राशियों की बंद किस्मत का ताला खोलने जा रहे हैं। कन्या राशि: मुनाफे का नया आसमान और तरक्की के द्वार कन्या राशि के जातकों के लिए सूर्य देव आपकी कुंडली के 'लाभ स्थान' यानी ग्यारहवें भाव में गोचर करने जा रहे हैं। इस भाव में सूर्य का आना आपके जीवन में पैसों की तंगी को हमेशा के लिए विदा करने का संकेत है। अगर आपका बिजनेस विदेशों से या किसी दूसरे शहर से जुड़ा है, तो मानकर चलिए कि मुनाफे का ग्राफ तेजी से ऊपर भागने वाला है। नौकरीपेशा लोगों को इस दौरान प्रमोशन का तोहफा या दफ्तर में कोई बड़ा रुतबा मिल सकता है इस समय को अपने पक्ष में बनाए रखने के लिए अपनी जीवनशैली को पूरी तरह सात्विक रखें। तामसिक भोजन, शराब और किसी भी तरह के अनैतिक कामों से दूरी बनाकर रखेंगे, तो भाग्य का साथ दोगुना हो जाएगा। ALSO READ: जब सूर्य चलेंगे शनि के पुष्य नक्षत्र की राह: 5 राशियों की चमकेगी किस्मत तुला राशि: कर्मक्षेत्र में बढ़ेगा मान-सम्मान, चमकेगी साख तुला राशि वालों के लिए सूर्य देव आपके दसवें भाव यानी 'कर्म स्थान' में कदम रख रहे हैं। ज्योतिष में इस भाव में सूर्य को 'दिग्बल' (अत्यंत दिशा बल) प्राप्त होता है, जिससे आपके प्रभाव में चमत्कारी बढ़ोतरी होगी। हालांकि मित्र राशि होने की वजह से शायद उम्मीद से 19-20 का ही फर्क रहे, लेकिन फिर भी यह समय उपलब्धियों से भरा रहेगा। नौकरी में आपकी धाक जमेगी और व्यापार का विस्तार होगा। इस दौरान आप जो भी नया प्रोजेक्ट या काम शुरू करेंगे, वह भविष्य में आपके लिए एक मजबूत नींव साबित होगा। वृश्चिक राशि: भाग्य का सहारा और करियर में नए मोड़ वृश्चिक राशि के जातकों के लिए सूर्य देव अब आपके नौवें भाव यानी 'भाग्य स्थान' की यात्रा पर हैं। बिजनेस को आगे बढ़ाने के लिए की गई आपकी यात्राएं इस दौरान बेहद सफल और फायदेमंद साबित होंगी। जो लोग लंबे समय से एक अच्छी नौकरी की तलाश में थे या जॉब चेंज करना चाहते थे, उन्हें बेहतरीन ऑफर मिल सकते हैं। बस ध्यान रखें कि जल्दबाजी में वर्तमान काम को छोड़कर कोई बड़ा रिस्क न लें। इस अवधि में धर्म, अध्यात्म या किसी प्रतिष्ठित मार्गदर्शक के खिलाफ कोई भी कड़वी बात बोलने से बचें। जब भी कोई असमंजस हो, तो अपने पिता या बड़े-बुजुर्गों की सलाह लें, वह आपके लिए सही रास्ता दिखाएगी। ALSO READ: गुरु का पुष्य नक्षत्र में गोचर, करें ये 5 अचूक उपाय, धन, सुख और अच्छी सेहत का मिलेगा आशीर्वाद कुंभ राशि: दुश्मनों पर जीत और सेहत में सुधार का समय कुंभ राशि वालों के लिए सूर्य देव अब छठे भाव यानी 'शत्रु और रोग स्थान' में गोचर कर रहे हैं। इस भाव में सूर्य का बैठना आपके लिए किसी अभेद्य कवच की तरह काम करेगा। आपके विरोधी या जलने वाले लोग लाख कोशिशों के बाद भी आपका बाल बांका नहीं कर पाएंगे। पुरानी शारीरिक तकलीफों से आपको राहत मिलेगी। चूंकि कर्क एक जल तत्व की राशि है, इसलिए बस मौसमी सर्दी-जुकाम से थोड़ा सावधान रहें। नौकरी और सरकारी अटके कामों में आपको बड़ी सफलता मिलेगी। साझेदारी के बिजनेस और जीवनसाथी के साथ हल्के-फुल्के मतभेदों को सूझबूझ से सुलझा लें, समय बेहद अनुकूल है।

वेब दुनिया 14 Jul 2026 3:09 pm

मुंबई की एक इमारत की लिफ्ट में नाबालिग लड़की के सामने अश्लील हरकत करने वाला अरेस्ट

मुंबई। महाराष्ट्र में मुंबई के दहिसर इलाके में लिफ्ट के अंदर नाबालिग लड़की के सामने अश्लील हरकत करने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। दहिसर पुलिस के अनुसार यह घटना जन कल्याण नगर, शांति नगर इलाके की एक रिहायशी इमारत की लिफ्ट में हुई। […] The post मुंबई की एक इमारत की लिफ्ट में नाबालिग लड़की के सामने अश्लील हरकत करने वाला अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 14 Jul 2026 2:55 pm

श्रीगंगानगर में बदमाशों ने सब्जी की रेहड़ी वाले से 25000 रुपए लूटे

श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर के कोतवाली थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह दो बदमाशों ने एक सब्जी की रेहड़ी वाले से 25 हजार रुपए लूट लिए। प्राप्त जानकारी के अनुसार नई अनाज मंडी के पीछे महाराजा जस्सासिंह मार्ग पर कृषि पंडित बलवंतसिंह चौराहे पर बजरंग शर्मा रोजाना की तरह तड़के सवा चार बजे अपनी रेहडी लेकर […] The post श्रीगंगानगर में बदमाशों ने सब्जी की रेहड़ी वाले से 25000 रुपए लूटे appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 14 Jul 2026 2:47 pm

चेन्नई : एक्ट्रेस को अश्लील फोटो खिंचवाने के लिए मजबूर करने के आरोप में फिल्म निर्माता समेत 3 अरेस्ट

चेन्नई। तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में पुलिस ने एक टेलीविजन अदाकारा को फिल्म के लिए अश्लील फोटो खिंचवाने के लिए मजबूर करने के आरोप में एक फिल्म निर्माता और दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार सालिग्रामम की रहने वाली 31 वर्ष की अभिनेत्री से नंदी रामनाथन नामक व्यक्ति ने संपर्क किया था। […] The post चेन्नई : एक्ट्रेस को अश्लील फोटो खिंचवाने के लिए मजबूर करने के आरोप में फिल्म निर्माता समेत 3 अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 14 Jul 2026 2:29 pm

चिकबल्लापुर में जज की कुर्सी पर अंधविश्वास संबंधी गतिविधि करने के आरोप में महिला अरेस्ट

चिकबल्लापुर। कर्नाटक के चिकबल्लापुर की एक अदालत में जज की कुर्सी पर कथित तौर पर अंधविश्वासों से जुड़ा काला जादू कर न्यायिक कार्यवाही को प्रभावित करने के प्रयास में एक बुजुर्ग महिला को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। आरोपी महिला की पहचान मंजुला (65) के रूप में हुई है। […] The post चिकबल्लापुर में जज की कुर्सी पर अंधविश्वास संबंधी गतिविधि करने के आरोप में महिला अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 14 Jul 2026 2:21 pm

त्रिपुरा में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में भाजपा नेता पिंटू राजन घोष अरेस्ट

अगरतला। त्रिपुरा पुलिस ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी के सिपाहीजाला जिले के नेता पिंटू राजन घोष को एक नाबालिग से दुष्कर्म करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। वह पिछले माह दर्ज हुए इस मामले का मुख्य आरोपी है। भाजपा नेताओं ने हालांकि कहा कि घोष अब पार्टी के सदस्य नहीं हैं, क्योंकि […] The post त्रिपुरा में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में भाजपा नेता पिंटू राजन घोष अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 14 Jul 2026 1:50 pm

कर्नाटक भाजपा के वरिष्ठ नेता रामचंद्र गौड़ा का निधन

बेंगलूरु। कर्नाटक भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री और राज्य में पार्टी के उदय के प्रमुख शिल्पकारों में शामिल रामचंद्र गौड़ा का मंगलवार को यहां एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह 88 वर्ष के थे। कर्नाटक विधान परिषद के पांच बार सदस्य और पूर्व कैबिनेट मंत्री रहे गौड़ा ने जनसंघ के […] The post कर्नाटक भाजपा के वरिष्ठ नेता रामचंद्र गौड़ा का निधन appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 14 Jul 2026 1:46 pm

लॉर्ड्स जीतने के बाद बेटियों ने दिल भी जीता, 2 इंग्लैंड की खिलाड़ियो को दी विदाई (Video)

270 रनों से लॉर्ड्स टेस्ट मैच को जीतने के बाद भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सदस्यों ने ड्रेसिंग रूम में जश्न मनाया लेकिन मैदान जीतने के बाद दिल भी जीत लिया। इंग्लैंड की दो महिला क्रिकेटरों टैमी ब्यूमोंट और हीथर नाइट ने लॉर्ड्स टेस्ट मैच से पहले और मैच के दौरान संन्यास की घोषणा की थी। इन दो क्रिकेटरों को ड्रेसिंग रूम में बुलाकर भारतीय टीम ने विदाई समारोह रखा। Wholesome moment as India present Tammy and Heather with a token of their appreciation pic.twitter.com/GCNpMfDI4M — England Cricket (@englandcricket) July 13, 2026 ब्यूमोंट इंग्लैंड की बेहतरीन बल्लेबाज़ों में से एक के तौर पर इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह रही हैं। वह इंग्लैंड की उन केवल दो महिला खिलाड़ियों में से एक हैं – और कुल मिलाकर इंग्लैंड की उन पांच क्रिकेटरों में से एक – जिन्होंने तीनों फ़ॉर्मेट में इंटरनेशनल शतक लगाया है। उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि 2023 विमेंस एशेज़ के दौरान ट्रेंट ब्रिज में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ़ नाबाद 208 रन की ऐतिहासिक पारी रही, जिससे वह टेस्ट में दोहरा शतक लगाने वाली इंग्लैंड की पहली महिला खिलाड़ी बनीं। वहीं इंग्लैंड महिला टीम की पूर्व कप्तान हीथर नाइट ने अपने करियर में 15 टेस्ट, 160 वनडे और 145 टी-20 मैच है। यह किसी भी दूसरी इंग्लैंड महिला क्रिकेटर के मुकाबले सबसे ज़्यादा मैच हैं। उन्होंने 2010 में इंग्लैंड के लिए पर्दापण किया था, जब वह 18 साल की उम्र में भारत दौरे के लिए चोटिल सारा टेलर की जगह टीम में आई थीं। इन दोनों खिलाड़ियों के करियर का परिकथा अंत नहीं हो पाया क्योंकि भारत ने लॉर्ड्स टेस्ट रिकॉर्ड 270 रनों से जीत लिया।यास्तिका भाटिया के शतक, दोनों पारियों में स्मृति मंधाना के अर्धशतक और क्रांति गौड़ के पंजे की बदौलत भारत ने ऐतिहासिक लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड को सोमवार को 270 रन के बड़े अंतर से हरा दिया। चौथे दिन का खेल जब शुरू हुआ तब भारत जीत से चार विकेट दूर था और स्नेह राणा ने अर्धशतक बना चुकीं एमी जोंस के रूप में भारत को दिन की पहली सफलता दिला दी। इसके बाद दीप्ति शर्मा ने इसी वॉन्ग और लॉरेन बेल को बोल्ड किया। They are the moment pic.twitter.com/PBGgZKenTT — England Cricket (@englandcricket) July 13, 2026 राणा ने एकलस्टन को 50 के निजी स्कोर पर बोल्ड करते हुए इंग्लैंड का अंतिम विकेट गिराया और भारत ने यह मुक़ाबला 270 रनों के विशाल अंतर से जीत लिया। इंग्लैंड की ओर से इस मैच में सबसे अच्छा प्रदर्शन एकलस्टन ने किया जिन्होंने अर्धशतक लगाने के साथ ही गेंदबाज़ी में दूसरी पारी में पंजा हासिल किया। भारत ने इंग्लैंड के सामने इस टेस्ट में जीत के लिए 457 रनों का लक्ष्य रखा था जिसके जवाब में तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक इंग्लैंड ने 130 के स्कोर पर छह विकेट गंवा दिए थे और जोंस अर्धशतक बनाकर खेल रही थीं। टैमी ब्यूमोंट और हीदर नाइट अपने अंतररारष्ट्रीय करियर का अंतिम मैच खेल रही थीं और दोनों को अंतिम पारी में गौड़ ने अपना शिकार बनाया।

वेब दुनिया 14 Jul 2026 1:05 pm

रूह कंपा देगा इंदौर का ये हत्‍याकांड, पत्नी को तड़पाकर मारा, नए कपड़े पहने, तिलक लगाया, ऑनलाइन मंगाया था 7 लेयर कट चाकू

इंदौर की पोस्टल असिस्टेंट उर्मिला सैनी (38) हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। पति ने पत्‍नी को बेरहमी से तड़पाकर मारा था। इतना ही नहीं, हत्‍या के बाद वो नहाया था, तिलक लगाया, साफ कपडे पहने। इसके बाद वो बच्‍चों के स्कूल पहुंचा, स्‍कूल में बच्‍चों से मुलाकात कर बेटी को मां का नेकलेस, घर की चाबी, एटीएम कार्ड दिया। इसके बाद उसने बच्‍चों से कहा कि छुट्टी के बाद वे मौसी के घर चले जाएं। यह कहकर वो फरार हो गया। दरअसल, इंदौर की पोस्टल असिस्टेंट उर्मिला सैनी की हत्‍या के मामले में पुलिस जांच में रोजाना कोई न कोई चौंकाने वाला खुलासा सामने आ रहा है। बता दें कि मृतक उर्मिला की बेटी प्रेक्षा के बयानों और पुलिस पड़ताल में आरोपी पिता अखिलेश सैनी की जो दरिंदगी सामने आई है, वह रोंगटे खड़े करने वाली है। बालों में तेल लगाया तिलक लगाया और : पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी पति अखिलेश सैनी के चेहरे पर अपने किए की शिकन तक नहीं थी। उसने खून से सने कपड़े घर के पास ही एक चेंबर में फेंक दिए। नहाकर साफ कपड़े पहने। बालों में तेल और तिलक भी लगाया। इसके बाद वह अपने बच्चों प्रेक्षा और अव्यक्त के स्कूल गया था। स्‍कूल में उसने बेटी को मां का नेकलेस, घर की चाबी, एटीएम कार्ड दिया और फरार हो गया। इसलिए TV की आवाज 100 तक बढा दी : बेटी प्रेक्षा के मुताबिक जब वह और उसका छोटा भाई स्कूल से घर पहुंचे तो घर का दरवाजा खुला हुआ था। टीवी की आवाज असामान्य रूप से तेज थी। आरोपी ने टीवी की वॉल्यूम 100 पर कर दी थी, ताकि जब वह उर्मिला पर हमला करे तो उनकी मदद की पुकार पड़ोसियों तक न पहुंच सके। अंदर पहले ही कमरे में उर्मिला रक्तरंजित हालत में मृत पड़ी थीं। मेडिकल चाकू ऑनलाइन मंगाया था : पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी अखिलेश सैनी ने पहले से ही हथियार जुटा रखे थे। घर से एक ऐसा मेडिकल नाइफ बॉक्स मिला है, जिसका इस्तेमाल बड़े ऑपरेशन या डिलीवरी के दौरान गहरे चीरे लगाने के लिए किया जाता है। परिवार का दावा है कि आरोपी ने 7 लेयर कट लगाने वाला विशेष मेडिकल चाकू ऑनलाइन मंगवाया था। कत्ल में इसी का इस्तेमाल किया। हालांकि पुलिस फिलहाल इस सामग्री की जांच कर रही है। पोस्टमॉर्टम में सामने आई हैवानियत : रिश्तेदारों और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी ने उर्मिला के सिर पर पहला भारी वार किया, ताकि वे शारीरिक रूप से असहाय हो जाए। मौत हो जाने के बाद भी आरोपी नहीं रुका, शव का जबड़ा और चार दांत टूटे हुए थे। गर्दन कटी हुई थी। पूरे चेहरे को चाकुओं से गोद दिया गया था। सीसीटीवी कैमरों से बचकर भागा : आरोपी अखिलेश सैनी ने बहुत सोच समझकर इस हत्‍या को अंजाम दिया था। फरार होने के दौरान वह रेलवे स्टेशन और सरवटे बस स्टैंड के पास सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दिया, लेकिन उसके बाद वह किसी भी कैमरे में नजर नहीं आया। वो लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा है। फिलहाल, पुलिस की 4 टीमें सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और साइबर सेल की मदद से आरोपी अखिलेश सैनी की तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं। अब पिता को तड़पा-तड़पाकर मारो : इस पूरे मामले में अपनी मां को खो चुके बच्‍चों का बुरा हाल है। बच्‍चों ने पिता के लिए सख्‍त सजा की मांग की है। बेटी प्रेक्षा ने कहा है कि जालिम पिता ने मां को तड़पा-तड़पाकर मारा था। उसे भी वही दर्द मिलना चाहिए। बता दें कि इंदौर की डाककुंज कॉलोनी के ग्राउंड फ्लोर स्थित सरकारी आवास में शनिवार को डाक विभाग की पोस्टल असिस्टेंट उर्मिला सैनी की 11 जुलाई शनिवार को उनके पति अखिलेश सैनी ने बेरहमी से हत्‍या कर दी थी। वो उर्मिला पर लगातार शक करता था। उर्मिला ने भोपाल के निशातपुरा थाने में मारपीट और प्रताड़ना की शिकायत भी दर्ज कराई थी, लेकिन हर बार आरोपी के परिजन समझौता करा देते थे। हालांकि पुलिस की जांच जारी है।

वेब दुनिया 14 Jul 2026 1:05 pm

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का पहला दिन: मां काली की पूजा विधि, मंत्र, आरती और 5 चमत्कारी उपाय

आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि तंत्र-मंत्र, साधना और विशेष मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए अत्यंत फलदायी मानी जाती है। सामान्य नवरात्रि की तरह इसमें नौ देवियों के बजाय 10 महाविद्याओं की पूजा की जाती है। प्रथम दिन मां काली (या कुछ परंपराओं में मां शैलपुत्री के स्वरूप में तांत्रिक पूजन) की आराधना की जाती है। यहाँ आषाढ़ गुप्त नवरात्रि के प्रथम दिन की पूजा विधि, आरती और 5 अचूक उपाय दिए गए हैं। दस महाविद्या: काली, तारा, षोडशी, भुवनेश्वरी, भैरवी, छिन्नमस्ता, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी, कमला। 1. प्रथम दिन की पूजा विधि प्रथम दिन की देवी: नवदुर्गा की प्रथम देवी मां शैलपुत्री और दस महाविद्या की प्रथम देवी माता कालिका। यहां पर माता कालिका की पूजा विधि और आरती। गुप्त पूजा: गुप्त नवरात्रि की पूजा को पूरी तरह गोपनीय (गुप्त) रखा जाता है। आपकी साधना के बारे में किसी बाहरी व्यक्ति को पता नहीं चलना चाहिए। कलश स्थापना व संकल्प: शुभ मुहूर्त में चौकी पर लाल वस्त्र बिछाकर मां दुर्गा की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। साथ ही कलश की स्थापना करें। हाथ में जल और अक्षत लेकर गुप्त नवरात्रि की साधना का संकल्प लें। अखंड ज्योति/दीपक: मां के सामने घी या तिल के तेल का दीपक जलाएं। यदि संभव हो तो अखंड ज्योति प्रज्वलित करें। पूजा सामग्री: मां को लाल रंग के पुष्प (विशेषकर गुड़हल या गुलाब), अक्षत, कुमकुम, सिंदूर, धूप, और दीप अर्पित करें। विशेष भोग: प्रथम दिन मां को लौंग का जोड़ा, बताशा और हलवे का भोग लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है। मंत्र जाप: एकांत स्थान पर बैठकर लाल चंदन या रुद्राक्ष की माला से इस तांत्रिक मंत्र का जाप करें:- मंत्र: ॐ क्रीं कालिकायै नमः या ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे। ALSO READ: आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 2026: 9 दिनों में किस देवी की करें पूजा? जानें हर दिन का महत्व और लाभ 2. मां काली की आरती पूजा के अंत में पूरी श्रद्धा के साथ मां की आरती करें: अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली, तेरे ही गुण गावें भारती, ओ मैया हम सब उतारें तेरी आरती। तेरे भक्त जनों पर माता भीर पड़ी है भारी। दानव दल पर टूट पड़ो माँ करके सिंह सवारी॥ सौ-सौ सिंहों से बलशाली, अष्ट भुजाओं वाली, दुष्टों को तू ही ललकारती। ओ मैया हम सब उतारें तेरी आरती॥ मां बेटे का है इस जग में बड़ा ही निर्मल नाता। पूत कपूत सुने हैं पर ना माता सुनी कुमाता॥ सब पर करुणा बरसाने वाली, अमृत बरसाने वाली, दुखियों के दुखड़े निवारती। ओ मैया हम सब उतारें तेरी आरती॥ नहीं मांगते धन और दौलत, न चांदी न सोना। हम तो मांगें मां तेरे मन में एक छोटा सा कोना॥ सबकी बिगड़ी बनाने वाली, लाज बचाने वाली, सतियों के सत को संवारती। ओ मैया हम सब उतारें तेरी आरती॥ 1. धन लाभ और बरकत के लिए: गुप्त नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा को स्वच्छ कमल का फूल या गुड़हल का फूल अर्पित करें। इसके बाद नौ दिनों तक रोज एक गुलाब का फूल चढ़ाएं। इससे आर्थिक तंगी दूर होती है। 2. नौकरी और व्यापार में तरक्की: पहले दिन एक साफ लाल रेशमी कपड़े में 11 गोमती चक्र और 11 कौड़ियां रखकर मां के चरणों में अर्पित करें। नौ दिनों बाद इन्हें अपनी तिजोरी या कार्यस्थल पर रख दें। 3. नकारात्मक ऊर्जा और तंत्र बाधा से मुक्ति: शाम के समय कपूर के ऊपर दो लौंग (साबुत) रखकर जलाएं और पूरे घर में उसका धुआं दिखाएं। इससे घर की सारी नेगेटिविटी खत्म हो जाएगी। 4. शीघ्र विवाह के योग के लिए: यदि विवाह में अड़चनें आ रही हैं, तो प्रथम दिन मां दुर्गा को शृंगार की सामग्री (मेहंदी, सिंदूर, चूड़ियां, बिंदी आदि) अर्पित करें। इससे वैवाहिक जीवन की बाधाएं दूर होती हैं। ALSO READ: आषाढ़ गुप्त नवरात्रि में जरूर करें ये 4 काम, मां दुर्गा की कृपा से खुलेंगे सुख-समृद्धि के द्वार 5. मनोकामना पूर्ति (सर्वकार्य सिद्धि): एक साबुत पानी वाला नारियल लें, उस पर कलावा (मौली) बांधें और अपनी मनोकामना कहते हुए उसे मां के चरणों में अर्पित कर दें। नौवें दिन इसे बहते जल में प्रवाहित कर दें। विशेष नोट: गुप्त नवरात्रि की पूजा में सात्विकता और पवित्रता का विशेष ध्यान रखें। इन नौ दिनों में तामसिक भोजन (प्याज, लहसुन, मांस-मदिरा) का पूरी तरह त्याग करें।

वेब दुनिया 14 Jul 2026 12:46 pm

Halharini Amavasya: हलहारिणी अमावस्या पर किए जाने वाले पितृ दोष निवारण के 10 विशेष उपाय

Pitru Dosh Remedies: हिंदू धर्म में हलहारिणी अमावस्या को पितरों के तर्पण, दान-पुण्य और आत्मिक शुद्धि के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अमावस्या तिथि पर श्रद्धा और विधिपूर्वक किए गए पितृ कर्म से पितरों की कृपा प्राप्त होती है तथा परिवार में सुख, शांति और समृद्धि का संचार होता है। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में पितृ दोष बताया गया हो अथवा परिवार में बिना वजह कलह, तरक्की में रुकावट और संतान संबंधी परेशानियां आ रही हैं, तो धार्मिक परंपराओं में इस दिन कुछ विशेष धार्मिक उपाय करने की सलाह दी जाती है। ALSO READ: Halharini Amavasya 2026: हलहारिणी अमावस्या कब है, क्या करते हैं इस दिन? आइए जानते हैं हलहारिणी अमावस्या पर किए जाने वाले 10 प्रमुख पारंपरिक उपाय। 1. पवित्र नदी में स्नान और तर्पण अमावस्या के दिन सूर्योदय से पहले किसी पवित्र नदी- जैसे गंगा, यमुना या नर्मदा में स्नान करें। इसके बाद हाथ में कुशा, जो कि एक प्रकार की घास होती है, काले तिल और जल लेकर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके अपने पितरों का स्मरण करते हुए 3 बार तर्पण यानी जल अर्पित करें। 2. पीपल के वृक्ष की पूजा और परिक्रमा पीपल के पेड़ में देवताओं के साथ-साथ पितरों का भी वास माना जाता है। अत: सुबह के समय पीपल की जड़ में कच्चा दूध, गंगाजल, काले तिल और चीनी मिला हुआ जल अर्पित करें। इसके बाद 'ॐ पितृभ्यः नमः' मंत्र का जाप करते हुए पीपल की 7 बार परिक्रमा करें। शाम को पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। 3. पंचबलि भोग अमावस्या के दिन घर में सात्विक भोजन बनाएं। ध्यान रहें कि यह बिना लहसुन-प्याज का हो। फिर भोजन तैयार होने के बाद सबसे पहले 5 विशेष हिस्से निकालें: गोबलि: गाय के लिए श्वानबलि: कुत्ते के लिए काकबलि: कौए के लिए देवादिबलि: देवताओं या अग्नि के लिए पिपीलिकादिबलि: चींटियों के लिए ये विशेष भोजन निकालने के बारे में माना जाता है कि कौए और कुत्ते के माध्यम से यह भोजन सीधे पितरों तक पहुंचता है। 4. दक्षिण दिशा में 'पितृ दीपक' जलाना अमावस्या की शाम को घर के दक्षिण कोने में या मुख्य द्वार पर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके सरसों के तेल का एक दीपक जरूर जलाएं। दक्षिण दिशा को पितरों की दिशा माना जाता है, वहां दीपक जलाने से पितृ प्रसन्न होकर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं। 5. हलहारिणी अमावस्या पर 'हल' और अन्न का दान चूंकि यह हलहारिणी अमावस्या है, इसलिए इस दिन कृषि से जुड़ी चीजों या मौसमी फसलों का दान बहुत फलदायी होता है। किसी जरूरतमंद किसान को खेती की सामग्री दान करें या किसी गरीब को गेहूं, चावल, और गुड़ का दान करें। इससे पितृ तृप्त होते हैं। ALSO READ: Devshayani Ekadashi 2026: देवशयनी एकादशी से शुरू होंगे चातुर्मास, 4 महीने के लिए लग जाएगी मंगल कार्यों पर रोक 6. गीता के 7वें अध्याय का पाठ पितरों की आत्मा की शांति और उन्हें मोक्ष दिलाने के लिए हलहारिणी अमावस्या के दिन श्रीमद्भगवद्गीता के सातवें अध्याय का पाठ करें। यदि आप स्वयं पाठ नहीं कर सकते, तो इसे घर में ऑडियो के रूप में चलाकर शांति से सुनें। पाठ का पुण्य अपने पितरों को अर्पित करें। 7. काले तिल और कुश का विशेष दान पितृ दोष से मुक्ति के लिए अमावस्या के दिन काले तिल, कुशा घास, ऊनी वस्त्र या छाते का दान करना बेहद शुभ माना जाता है। इसे किसी योग्य ब्राह्मण या जरूरतमंद व्यक्ति को आदरपूर्वक दें। 8. जल पात्र या घड़े का दान गर्मी और उमस के इस मौसम में किसी मंदिर, प्याऊ या सार्वजनिक स्थान पर पानी से भरा मिट्टी का घड़ा या कलश दान करना महादान माना गया है। राहगीरों को ठंडा जल पिलाने से पितरों की आत्मा को परम शांति मिलती है और कुंडली का पितृ दोष शांत होता है। 9. चींटियों और मछलियों को भोजन देना सुबह के समय किसी सूखे तालाब, पेड़ के नीचे या पार्क में चींटियों के लिए 'कसार' यानी भुने हुए आटे में चीनी या शक्कर मिलाकर खिलायें। इसके अलावा, आटे की छोटी-छोटी गोलियां बनाकर किसी साफ नदी या तालाब की मछलियों को खिलाएं। यह उपाय राहु-केतु के दोष को भी दूर करता है, जो अक्सर पितृ दोष का कारण बनते हैं। 10. गायत्री मंत्र या पितृ गायत्री का जाप अमावस्या के दिन शांत चित्त होकर सफेद आसन पर बैठें और गायत्री मंत्र का 108 बार जाप करें। या फिर आप इस विशेष पितृ मंत्र का जाप कर सकते हैं: 'ॐ देवताभ्यः पितृभ्यश्च महायोगिभ्य एव च नमः स्वाहायै स्वधायै नित्यमेव नमो नमः॥' विशेष नोट: हलहारिणी अमावस्या के दिन घर में किसी भी प्रकार के वाद-विवाद, कलह या तामसिक भोजन यानी मांस-मदिरा से पूरी तरह दूर रहें। मन में शांत और क्षमा का भाव रखकर किए गए उपाय ही पितरों तक पहुंचते हैं। हलहारिणी अमावस्या- FAQS प्रश्न 1. क्या हलहारिणी अमावस्या पर पितृ तर्पण किया जा सकता है? उत्तर: हां, धार्मिक परंपराओं में इस दिन पितृ तर्पण को शुभ माना जाता है। प्रश्न 2. क्या पितृ दोष के लिए केवल यही उपाय पर्याप्त हैं? उत्तर: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ये पारंपरिक उपाय हैं। विशेष अनुष्ठान के लिए योग्य आचार्य से परामर्श लेना उचित रहता है। प्रश्न 3. क्या इस दिन दान करना आवश्यक है? उत्तर: दान अनिवार्य नहीं है, लेकिन अपनी सामर्थ्य के अनुसार अन्न, वस्त्र या अन्य आवश्यक वस्तुओं का दान पुण्यदायी माना जाता है। प्रश्न 4. पितरों के लिए कौन-सा दान शुभ माना जाता है? उत्तर: काले तिल, अन्न, गुड़, वस्त्र, जल और भोजन का दान पारंपरिक रूप से शुभ माना जाता है। प्रश्न 5. क्या कौओं को भोजन कराने का महत्व है? उत्तर: कई धार्मिक परंपराओं में कौओं को पितरों का प्रतीक मानकर उन्हें भोजन अर्पित करने की परंपरा प्रचलित है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: Devshayani Ekadashi 2026: वर्ष 2026 में देवशयनी एकादशी कब है?

वेब दुनिया 14 Jul 2026 9:04 am

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (14 जुलाई, 2026)

1. मेष राशि (Aries) Today 14 July horoscope in Hindi 2026: करियर: कार्यस्थल पर आपके काम की सराहना होगी और जूनियर आपसे सलाह लेंगे। लव: जीवनसाथी के साथ किसी महत्वपूर्ण पारिवारिक मुद्दे पर सहमति बनेगी। धन: नई संपत्ति या वाहन खरीदने के योग बन रहे हैं। स्वास्थ्य: ऊर्जा का स्तर ऊंचा रहेगा, लेकिन सावधानी रखें। उपाय: हनुमान अष्टक का पाठ करें। ALSO READ: Chaturmas 2026: वर्ष 2026 में चातुर्मास कब से कब तक रहेगा? 2. वृषभ राशि (Taurus) करियर: दफ्तर में सहकर्मियों के साथ तालमेल बिठाकर चलें। लव: प्रेम संबंधों में कुछ गलतफहमियां आ सकती हैं। धन: अचानक खर्चों की अधिकता हो सकती है। स्वास्थ्य: गले में संक्रमण या सर्दी-जुकाम की शिकायत हो सकती है। उपाय: सुंदरकांड का पाठ करें या लाल रंग का रुमाल अपने पास रखें। 3. मिथुन राशि (Gemini) करियर: व्यापार या नौकरी में किसी नई तकनीक को अपनाने से लाभ होगा। लव: पार्टनर के साथ आपसी समझ बढ़ेगी। धन: रुका हुआ पैसा वापस मिलने से आर्थिक बोझ कम होगा। स्वास्थ्य: स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। मन प्रसन्न रहेगा। उपाय: पक्षियों को दाना डालें। 4. कर्क राशि (Cancer) करियर: ऑफिस की राजनीति से खुद को दूर रखें और केवल अपने काम पर ध्यान दें। लव: मुश्किल समय में जीवनसाथी का पूरा सहयोग मिलेगा, जिससे आपका हौसला बढ़ेगा। धन: आज किसी भी बड़े वित्तीय लेन-देन या उधार देने से बचें। स्वास्थ्य: सिरदर्द और आंखों में थकान महसूस हो सकती है। उपाय: शिवलिंग पर लाल चंदन का तिलक लगाएं और जल अर्पित करें। 5. सिंह राशि (Leo) करियर: सरकारी नौकरी से जुड़े लोगों को कोई बड़ी और शुभ सूचना मिल सकती है। लव: लव लाइफ में नया उत्साह देखने को मिलेगा। धन: शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड में लंबे समय के लिए फायदा होगा। स्वास्थ्य: खुद को तरोताजा महसूस करेंगे। उपाय: उगते सूर्य को अर्घ्य दें। 6. कन्या राशि (Virgo) करियर: नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या सैलरी बढ़ने की खुशखबरी मिल सकती है। लव: अविवाहित लोगों के लिए विवाह के अच्छे रिश्ते आ सकते हैं। धन: पुराने किए गए निवेश का आज बेहतर रिटर्न मिल सकता है। स्वास्थ्य: सुबह की सैर और हल्का व्यायाम आपको ऊर्जावान बनाए रखेगा। उपाय: भगवान गणेश को सिंदूर और दूर्वा अर्पित करें। 7. तुला राशि (Libra) करियर: नौकरीपेशा के लिए आज का दिन कोई बड़ी उपलब्धि लेकर आ सकता है। लव: पार्टनर की भावनाओं को समझने का प्रयास करें। धन: धन का आगमन ठीक रहेगा, लेकिन फिजूलखर्ची से बचना होगा। स्वास्थ्य: मांसपेशियों में खिंचाव या बदन दर्द की समस्या हो सकती है। उपाय: किसी जरूरतमंद व्यक्ति को लाल मसूर की दाल का दान करें। ALSO READ: सूर्य का कर्क राशि में गोचर, जानें मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का राशिफल 8. वृश्चिक राशि (Scorpio) करियर: आज कार्यस्थल पर आपकी स्थिति मजबूत होगी। लव: पार्टनर के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। धन: पैतृक संपत्ति से जुड़े विवाद आज सुलझ सकते हैं। स्वास्थ्य: मानसिक रूप से खुद को शांत और केंद्रित महसूस करेंगे। उपाय: हनुमान जी के मंदिर में जाकर चमेली के तेल का दीपक जलाएं। 9. धनु राशि (Sagittarius) करियर: नई नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को सफलता मिल सकती है। लव: पार्टनर के साथ कहीं बाहर घूमने जाने का प्लान बन सकता है। धन: आज आपकी कोई बड़ी आर्थिक चिंता दूर हो सकती है। स्वास्थ्य: अधिक मसालेदार भोजन से लिवर से जुड़ी समस्या हो सकती है। उपाय: माथे पर केसर या हल्दी का तिलक लगाएं। 10. मकर राशि (Capricorn) करियर: अपनी कार्यशैली में सुधार करने की आवश्यकता है। लव: जीवनसाथी के साथ किसी बात को लेकर अनबन हो सकती है। धन: बड़े निवेश को आज के लिए टाल देना ही बेहतर होगा। स्वास्थ्य: और अनिद्रा की शिकायत हो सकती है। उपाय: बंदरों को गुड़ और चना खिलाएं। 11. कुंभ राशि (Aquarius) करियर: नौकरी में आपकी नई योजनाएं सफल होंगी। लव: लव पार्टनर के साथ रिश्ता और गहरा होगा। धन: सुख-सुविधाओं पर किया गया खर्च आपको संतुष्टि देगा। स्वास्थ्य: सेहत उत्तम रहेगी। उपाय: हनुमान चालीसा का 7 बार पाठ करें। 12. मीन राशि (Pisces) करियर: दफ्तर में आपके काम की लगन देखकर अधिकारी वर्ग प्रसन्न होगा। लव: पार्टनर के साथ किसी पुराने विवाद का अंत होगा। धन: आज आर्थिक उन्नति के योग हैं। स्वास्थ्य: एलर्जी से जुड़ी कोई छोटी-मोटी समस्या हो सकती है। उपाय: भगवान विष्णु के मंदिर में पीली मिठाई का भोग लगाएं। ALSO READ: गुप्त नवरात्रि 2026: पहले दिन कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त, जानें पूजा का सही समय

वेब दुनिया 14 Jul 2026 7:04 am

वंदे मातरम् मुश्किल, पहाड़े की तरह रट रहे मुस्लिम बच्चे:बंगाल के मदरसों में गाने का आदेश, मोबाइल पर सुनाकर सिखा रहे टीचर

सुबह 6:30 बजे। बेलडांगा के देवकुंडा हाई मदरसा में स्पीकर पर वंदे मातरम् बजता है। पहली लाइन खत्म होते-होते बच्चों की आवाज धीमी पड़ जाती है। ज्यादातर बच्चे सिर्फ होंठ हिला रहे होते हैं। पश्चिम बंगाल में 614 सरकारी मदरसे हैं। ज्यादातर में बीते एक महीने से यही हो रहा है। इन मदरसों में 5 लाख से ज्यादा बच्चे पढ़ते हैं। दरअसल, 19 मई को पश्चिम बंगाल के सरकारी मदरसों में आदेश आया कि बच्चों के प्रार्थना के दौरान सबसे पहले वंदे मातरम् गाना होगा। इसके बाद से टीचर स्कूलों में हर दिन बच्चों को गाने की तैयारी करवा रहे हैं। दूरदराज के एरिया में ज्यादातर मुस्लिम बच्चे सिर्फ बांग्ला जानते हैं। वंदे मातरम् के शुरुआती दो छंद संस्कृत में हैं, इसलिए टीचर बच्चों को स्पीकर या मोबाइल पर गीत सुना रहे हैं। पश्चिम बंगाल में पहली बार BJP की सरकार आई है। पहले लेफ्ट और बाद में तृणमूल कांग्रेस की सरकार ने कभी मदरसों की प्रार्थना में वंदे मातरम को अनिवार्य नहीं किया। अभी जिस वक्त वंदे मातरम् गाने का आदेश आया, तब गर्मी की छुटि्टयां चल रही थीं। अब स्कूल खुलने के बाद क्या स्थिति है, ये जानने दैनिक भास्कर की टीम अलग-अलग जिलों के 5 मदरसों और स्कूलों में पहुंची। देखिए और पढ़िए यहां क्या मिला… जगह: देवकुंडा हाई मदरसा, बेलडांगा देवकुंडा हाई मदरसे में 200 से ज्यादा बच्चे प्रार्थना के कतार में खड़े हैं। प्रिंसिपल मोहम्मद खसरु अहमद हाथ में माइक लेकर बांग्ला में कहते हैं, ‘शोबाई मोन दिये शोनो। आज आबार बोन्दे मातोरोम शिक्बो’ यानी ‘ध्यान से सुनो, आज फिर वंदे मातरम् सीखेंगे।’ अगले ही पल स्पीकर पर वंदे मातरम् बजने लगता है। गीत के दो अंतरे आए जाते हैं। देवकुंडा हाई मदरसा पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में है। मदरसों में वंदे मातरम् गाने के आदेश पर मोहम्मद खसरू कहते हैं, ‘हम पहले से ये गीत गाते आए हैं। सरकार के फैसले से परेशानी नहीं है।’ सरकारी आदेश है कि वंदे मातरम् गीत के सभी 6 अंतरे गाना है। प्रार्थना के दौरान सिर्फ दो अंतरे गाए, ऐसा क्यों? मोहम्मद खसरु जवाब देते हैं, ‘अभी बच्चे गीत सीख रहे हैं। पूरा गाना मुमकिन नहीं है, इसलिए नहीं गा रहे हैं।’ ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और जमीयत उलेमा-ए-हिंद जैसे मुस्लिम संगठन वंदे मातरम् गाने का विरोध करते हैं, लेकिन 12वीं में पढ़ने वाली सोनू यासीम को इससे गुरेज नहीं है। वे कहती हैं ‘मैंने कई बार ये गीत सुना है, लेकिन मदरसे में इसे गाते नहीं थे। इसमें परेशानी जैसा कुछ नहीं है। पहले जन-गण-मन गा रहे थे, अब वंदे मातरम् भी गाएंगे। बस इसे सीखने में टाइम लगेगा।’ जगह: रहमानिया हायर सेकेंडरी स्कूल, आसनसोल पश्चिम बंगाल बोर्ड ऑफ हायर सेकेंडरी एजुकेशन बोर्ड के उर्दू मीडियम स्कूल भी है। ज्यादातर मुस्लिम आबादी वाले इलाकों में हैं। इनमें से एक रहमानिया हाई स्कूल आसनसोल के रेलपार एरिया में है। यहां नर्सरी से 12वीं तक की पढ़ाई होती है। हम स्कूल पहुंचे, तब सुबह की प्रार्थना हो रही थी। पहले अल्लामा इकबाल का उर्दू में लिखा ‘लब पे आती है दुआ बनके तमन्ना मेरी’ गीत गाया गया और फिर जन-गण-मन। आखिर में स्कूल के एक टीचर ने बच्चों से कहा कि अब राष्ट्रगीत वंदे मातरम् बजाया जाएगा, आप सभी को सावधान की मुद्रा में इसे सुनना है। टीचर जेब से मोबाइल निकालते हैं। यू-ट्यूब पर वंदे मातरम् सर्च करते हैं। गीत बजते ही फोन स्पीकर के सामने रख देते हैं। बच्चे उसे ध्यान से सुनने लगे। हमने स्कूल के सीनियर असिस्टेंट बख्तियार आलम से पूछा, आदेश तो वंदे मातरम् गाने का है, फिर फोन से क्यों सुना रहे हैं? वे कहते हैं, ‘बच्चों के लिए नया तराना फौरन गा पाना थोड़ा मुश्किल है। हमारे यहां उर्दू में पढ़ाई होती है। बच्चे हिंदी और बांग्ला बिल्कुल नहीं जानते। वंदे मातरम् संस्कृत में हैं। इसलिए छोटे बच्चों को परेशानी हो रही है। इसके शब्द भी मुश्किल हैं। हाई स्कूल के स्टूडेंट्स ने उर्दू में तराना लिखकर दिया है, लेकिन बच्चों को बोलने में दिक्कत आ रही है।’ आपने इस परेशानी से लिए कहीं शिकायत की? बख्तियार जवाब देते हैं, ‘सरकार का आदेश है, तो मानना पड़ेगा। हम बच्चों को पहाड़े की तरह एक-दो लाइन याद करवा रहे हैं। फिलहाल स्पीकर पर गाना सुनाया जा रहा है। उम्मीद है एक-दो महीने में बच्चे गाना सीख जाएंगे।’ जगह: सैयद नजरुल इस्लाम जूनियर हाई मदरसा, आसनसोल सैयद नजरुल इस्लाम जूनियर हाई मदरसा की हालत बहुत अच्छी नहीं है। बच्चों के लिहाज से क्लास रूम कम है। एक हॉल को दो हिस्सों में बांटकर क्लास लगाई जाती है। सुबह की प्रार्थना के लिए भी जगह नहीं है। बच्चे क्लास से ही प्रार्थना में शामिल होते हैं। यहां माइक और स्पीकर खराब हैं, इसलिए मोबाइल पर ही वंदे मातरम् सुनाया जाता है। मोबाइल की आवाज जहां तक जाती है, वहीं तक के बच्चे इसे सुन पाते हैं। टीचर सैयद कबीरुद्दीन अहमद स्कूल में सुविधाओं की कमी से नाराज हैं। वे कहते हैं, ‘2011 में यहां 200 स्टूडेंट, 6 टीचर, एक हेडमास्टर और एक प्यून थे। अब करीब एक हजार स्टूडेंट हो गए, लेकिन टीचर्स उतने ही हैं।’ क्लास की हालत देखकर लगा कबीरुद्दीन की शिकायत सही है। स्कूल में लाइट नहीं थी। तेज गर्मी में लड़कियां कॉपी से हवा कर रही थीं। स्कूल में स्टॉफ रूम के नाम पर एक झोपड़ीनुमा कमरा है। इसमें एक पुराना पंखा, अलमारी और कुर्सी टेबल है। छत भी टूटी हुई है। इसे प्लास्टिक से बंद किया गया है। टीचर्स यहां सिर्फ रजिस्टर में हाजिरी लगाने आते हैं, इसके बाद क्लास में ही रहते हैं। जगह: सोदपुर कोलयिरी हाईस्कूल, आसनसोल आखिर में हम हिंदी-बांग्ला मीडियम स्कूलों में गए। दो जगह चुनीं। पश्चिम बर्धवान जिले का आसनसोल और दुर्गापुर। आसनसोल के सोदपुर कोलयिरी हाईस्कूल में हिंदी और बांग्ला दोनों में पढ़ाई होती है। यह स्कूल 5वीं से 12वीं तक है। यहां भी स्पीकर पर वंदे मातरम् बजाया गया, लेकिन बच्चे भी इस गीत को गा रहे थे। कुछ बच्चे जरूर राष्ट्रगीत गाने में असहज थे। स्कूल की टीचर इन चार्ज श्रावणी गोस्वामी कहती हैं, ‘ज्यादातर बच्चों को राष्ट्रीय गीत के दो पैराग्राफ याद हैं। गीत के शब्द बहुत कठिन है। हमने इसे क्लास के वॉट्सऐप ग्रुप में भेजा है ताकि शब्द पढ़कर आसानी से याद कर सकें। ये गीत पश्चिम बंगाल में लिखा गया। यहां के लोग इस गीत को भूले नहीं थे। सरकारी आदेश के बाद से ये प्रैक्टिस में आ गया है।’ हमने कहा कि किसी बच्चे से वंदे मातरम् गवाकर सुना सकते हैं। स्टाफ ने जवाब दिया- बच्चे असेंबली में गाते हैं, अलग से गवाकर क्या दिखाना। जगह: प्राइमरी-जूनियर हाई स्कूल, झांझरा, दुर्गापुर आखिर में हम झांझरा के प्राइमरी-जूनियर हाई स्कूल पहुंचे। यहां हिंदी और बांग्ला मीडियम में पढ़ाई होती है। स्कूल में एक तरफ फ्री प्राइमरी और दूसरी तरफ एक कमरे में जूनियर हाई सेक्शन है। इसमें एक ही क्लास में छठवी से आठवीं की क्लास चलती है। हम यहां पहुंचे तब, एक कमरे में तीनों क्लास के बच्चे थे। हमने इस बारे में जूनियर हाई स्कूल के हेड मास्टर मनोज कुमार मंडल से बात की। वे कहते हैं, ‘स्कूल 2019 में शुरू हुआ था। अभी एक कमरे में दो टीचर बच्चों को एडजस्ट करके पढ़ा रहे हैं। कई बार कम टीचर होने की शिकायत की है, लेकिन फायदा नहीं हुआ। एक टीचर को बच्चों को वंदे मातरम् सिखाने की जिम्मेदारी दी है। वे कहती हैं, अभी तो टीचर्स को ही इसे गाने में दिक्कत होती है। इसलिए हमने बच्चों को गीत लिखकर दिया है और कठिन शब्द याद करवा रहे हैं।’ धर्मगुरु बोले- वंदे मातरम् ही क्यों, ‘सारे जहां से अच्छा’ भी तो गा सकते हैंऑल इंडिया इमाम मुअज्जिन एंड सोशल वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन के प्रदेश अध्यक्ष मौलाना मोहम्मद शाकिफ कासमी सरकार के फैसले से खुश नहीं हैं। वे कहते हैं, ‘वंदे मातरम् गाने से मुसलमानों की धार्मिक भावनाओं का मसला होता है। इसकी जगह पर कोई और गाना भी हो सकता है। जन-गण-मन और सारे जहां से अच्छा, में से कोई भी एक गाना रख सकते हैं।’ उर्दू स्कूलों और मदरसों में स्पीकर पर वंदे मातरम सुनाए जाने और याद कराने के बारे में पूछने पर वे कहते हैं, ‘स्पीकर पर बजाने से धार्मिक भावनाएं आहत नहीं होती है। जिन्हें अच्छा लग रहा है, वे कर रहे हैं, इसमें कोई परेशानी की बात नहीं है।’ वंदे मातरम् पर क्यों है विवाद मुस्लिम धर्मगुरुओं को वंदे मातरम् के तीसरे, चौथे, पांचवें और छठवें छंद पर आपत्ति है, क्योंकि इसमें मातृभूमि को देवी, दुर्गा, लक्ष्मी और सरस्वती कहा गया है। आजादी की लड़ाई के वक्त मुस्लिम लीग ने भी इसे गैर-इस्लामिक बताया था। संविधान सभा ने 24 जनवरी, 1950 को वंदे मातरम् के शुरुआती दो छंदों को राष्ट्रगीत का दर्जा दिया था। 2006 में वंदे मातरम् के 100 साल पूरे होने पर केंद्र सरकार ने इसे स्कूलों में गाने का आदेश दिया। तब इस्लामिक संगठन जमात उलमा ए हिंद ने कहा कि कोई सच्चा मुसलमान वंदे मातरम् नहीं गा सकता। यूपी के देवबंद में वंदे मातरम् गाने के खिलाफ फतवा भी जारी किया गया था।

दैनिक भास्कर 14 Jul 2026 4:54 am

श्रीगंगानगर : गत्ता गोदाम में भीषण आग लगने से लाखों का नुकसान

श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर के सूरतगढ़ रोड पर स्थित एक बड़े गत्ता गोदाम में सोमवार को तड़के आग लगने से लाखों रुपए का नुकसान हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार सुबह तड़के चार बजे आग लगने की सूचना मिलने पर एक के बाद एक तीन दमकल गाड़ियों मौके पर आई। कई दमकल कर्मी और अन्य […] The post श्रीगंगानगर : गत्ता गोदाम में भीषण आग लगने से लाखों का नुकसान appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 13 Jul 2026 9:25 pm

जैसलमेर में पशुधन चिकित्सक एवं पशुधन निरीक्षक 3000 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट

जैसलमेर। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने सोमवार को जैसलमेर जिले में राजकीय प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय मोहनगढ़ के पशुधन चिकित्सक डॉ राघव डोई एवं पशुधन निरीक्षक सोनू रैगर को तीन हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। ब्यूरो की अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव ने बताया कि इन दोनों ने […] The post जैसलमेर में पशुधन चिकित्सक एवं पशुधन निरीक्षक 3000 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 13 Jul 2026 9:18 pm

भरतपुर में सेवर की खुली जेल से फरार तीन कैदियों ने जयपुर में की अपने ही दोस्त की हत्या

भरतपुर। राजस्थान में भरतपुर के सेवर की खुली जेल से फरार होकर तीन कुख्यात कैदियों द्वारा रविवार देर रात जयपुर में मानसरोवर मेट्रो स्टेशन के पास आतिश मार्केट के एक क्लब में बर्थ-डे पार्टी के दौरान चाकू घोंपकर अपने ही दोस्त की हत्या कर देने के बाद भरतपुर जेल प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। […] The post भरतपुर में सेवर की खुली जेल से फरार तीन कैदियों ने जयपुर में की अपने ही दोस्त की हत्या appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 13 Jul 2026 8:41 pm

अभिनेता शाहरुख, अजय देवगन, टाइगर श्रॉफ की ओर से जवाब प्रस्तुत

बारां। राजस्थान में विमल पान मसाला विज्ञापन से जुड़े मामले में जिला उपभोक्ता विवाद निवारण्यो ग (उपभोक्ता न्यायालय) बारां में वीरेंद्र सिंह बनाम विमल अग्रवाल परिवाद पर सोमवार को सुनवाई हुई। मामले में अभिनेता शाहरुख खान, अजय देवगन एवं टाइगर श्रॉफ की ओर से उनके अधिवक्ताओं ने न्यायालय में लिखित जवाब प्रस्तुत किया। अभिनेताओं की […] The post अभिनेता शाहरुख, अजय देवगन, टाइगर श्रॉफ की ओर से जवाब प्रस्तुत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 13 Jul 2026 8:35 pm

झुंझुनूं : चलती ट्रेन से तीन करोड़ रुपए का गोल्ड चोरी प्रकरण का खुलासा

झुंझुनूं/जयपुर/जींद। राजस्थान की झुंझुनूं जिला पुलिस और हरियाणा पुलिस की विशेष अनुसंधान टीम (एसआईटी) ने चलती ट्रेन से तीन करोड़ रुपए के सोने के जेवरात चोरी होने की सनसनीखेज वारदात का खुलासा करते हुए नवलगढ़ इलाके से तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर जमीन […] The post झुंझुनूं : चलती ट्रेन से तीन करोड़ रुपए का गोल्ड चोरी प्रकरण का खुलासा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 13 Jul 2026 8:26 pm

कालीचरण दास खण्डेलवाल सीनियर सिटीजन सोसायटी के संरक्षक मनोनीत

अजमेर। सीनियर सिटीजन सोसायटी अजमेर अधिशासी परिषद की द्विमासिक मीटिंग हरि भाऊ उपाध्याय नगर विस्तार स्थित जय अंबे सेवा समिति के वृद्धाश्रम में सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश रवि प्रकाश शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित हुई।विशिष्ट अतिथि चिरंजी लाल शर्मा रहे। मीडिया प्रभारी डॉ एसडी मिश्रा ने बताया कि कार्यकारणी ने सर्वसम्मति से समाजसेवी कालीचरण दास खण्डेलवाल […] The post कालीचरण दास खण्डेलवाल सीनियर सिटीजन सोसायटी के संरक्षक मनोनीत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 13 Jul 2026 8:15 pm

अमरनाथ यात्रा पर जा रहे गुजरात के सैनी समाज प्रतिनिधिमंडल से मिले राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रीतम सिंह सैनी

जम्मू। गणमान्य समाज संगठन (सैनी समाज) के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रीतम सिंह सैनी ने अमरनाथ यात्रा के लिए जम्मू पहुंचे गुजरात के सैनी समाज के प्रतिनिधिमंडल का गर्मजोशी से स्वागत किया। गुजरात से आए प्रतिनिधिमंडल ने सैनी से मुलाकात कर सामाजिक, सांस्कृतिक और समाज से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की। मुलाकात के दौरान सैनी समाज […] The post अमरनाथ यात्रा पर जा रहे गुजरात के सैनी समाज प्रतिनिधिमंडल से मिले राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रीतम सिंह सैनी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 13 Jul 2026 7:46 pm

इंग्लैंड के खिलाफ एकदिवसीय सीरीज कल से शुरु, इन 3 भारतीय चेहरों पर रहेगी नजर

ENGvsIND इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज में सूपड़ा साफ होने के बाद भारतीय क्रिकेट प्रशंसको की उम्मीदें एकदिवसीय क्रिकेट में कुछ अच्छी खबर सुनने की तरफ होगी क्योंकि इस प्रारुप में वरिष्ठ खिलाड़ी फैंस को हार के सिलसिले को तोड़ने का माद्दा रखते हैं क्योंकि उन्होंने भरपूर आराम लिया है।कोहली, रोहित और जसप्रीत बुमराह उस प्रारूप में खेलने के लिए वापसी कर रहे हैं। रोहित हाल ही में अफगानिस्तान सीरीज में शिरकत करते देखे गए थे। लेकिन विराट कोहली ने फरवरी में इंदौर में न्यूजीलैंड के खिलाफ अंतिम एकदिवसीय मैच खेला था। बुमराह की बात की जाए तो वह तो 2 साल से टी-20 विश्वकप के लिए तैयारी कर रहे थे। 2 बार टीम को कप जिताने के बाद अब वह अगले साल होने वाले एकदिवसीय विश्वकप की तैयारी कर रहे हैं। जसप्रीत बुमराह ने अंतिम एकदिवसीय मैच भी विश्वकप फाइनल 2023 खेला था। रोहित और कोहली ने पिछले कई वर्षों में इंग्लैंड के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की है और वह इस बात को अच्छी तरह से जानते हैं कि उनसे क्या उम्मीद की जा रही है।भारतीय टीम प्रबंधन ने रोहित और कोहली के लिए चीजें आसान बनाकर नहीं रखी हैं लेकिन अभी टीम जिस परिस्थिति से गुजर रही है उसे देखते हुए वह इन दोनों का खुले दिल से स्वागत करने के लिए विवश होगा। वनडे में जीत से टी20 की कमियों को छुपाया नहीं जा सकता लेकिन इससे खिलाड़ियों का मनोबल ज़रूर बढेगा। कप्तान शुभमन गिल की वापसी और अनुभवी केएल राहुल की मौजूदगी से भारत के पास अनुभवी बल्लेबाजों की एक शानदार चौकड़ी है, जो किसी भी मैच का रुख पलट सकती है।अगर श्रेयस अय्यर को भी इसमें शामिल कर लिया जाए, तो बल्लेबाजी इकाई को लेकर ज्यादा चिंता की कोई बात नहीं होनी चाहिए। लेकिन गेंदबाजी इकाई के लिए ऐसा नहीं कहा जा सकता है जिसे बुमराह की वापसी से मजबूती मिलेगी। भारत के नए तेज गेंदबाज गुरनूर बराड़ को इंग्लैंड की पिचों पर अपनी लेंथ को लेकर बिल्कुल अलग चुनौती का सामना करना पड़ेगा।अर्शदीप सिंह बाएं हाथ के तेज गेंदबाज के रूप में निश्चित रूप से टीम को एक नया आयाम देंगे, जबकि शिवम दुबे चौथे तेज गेंदबाज होंगे। दुबे को चोटिल हार्दिक पंड्या और नीतीश कुमार रेड्डी की अनुपस्थिति के कारण मजबूरी में टीम में शामिल किया गया है। वॉशिंगटन सुंदर और अक्षर पटेल दोनों ने ही टी20 श्रृंखला में बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में निराशाजनक प्रदर्शन किया। लेकिन शायद ही उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा क्योंकि भारतीय टीम प्रबंधन उनकी बल्लेबाजी को तवज्जो दे रहा है और वह बल्लेबाजी में टीम के सर्वश्रेष्ठ स्पिनर कुलदीप यादव से ज्यादा योगदान दे रहे हैं। इंग्लैंड के खिलाफ भारत के लिए यह फायदे की बात होगी कि मेजबान टीम ने 27 जनवरी के बाद से कोई भी वनडे मैच नहीं खेला है।बहुत सारे टी20 और कुछ टेस्ट मैच (न्यूजीलैंड के खिलाफ) खेलने के बाद इंग्लैंड को इस प्रारूप के लिए अपनी लय में लौटना होगा हालांकि टी20 में शानदार जीत से उसके खिलाड़ियों का मनोबल काफी बढ़ा होगा। बल्लेबाजी क्रम में जो रूट के शामिल होने से इंग्लैंड की बल्लेबाजी को और अधिक मजबूती मिलेगी। बल्लेबाजी में उसका दारोमदार हैरी ब्रूक, जैकब बेथेल और जोस बटलर पर टिका रहेगा।उपमहाद्वीप की पिचों की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण पिचों पर जोफ्रा आर्चर और जोश टंग जैसे सटीक गेंदबाजी करने वाले तेज गेंदबाजों का सामना करना एक अलग ही चुनौती है। भारतीय दल में अब दाएं हाथ के बल्लेबाज ज्यादा रहेंगें इस कारण सैम करन और लियाम डॉसन की भूमिका ज्यादा होगी। इंग्लैंड ने लगभग टी-20 का दल ही एकदिवसीय मैचों के लिए रखा है इस कारण कागज पर भारत बेहतर दल लग रहा है।फिल साल्ट की जगह बेन डकेट सलामी बल्लेबाजी संभालेंगे। RoKo, Captain Gill and Bumrah are all set to light up the #ENGvIND ODI series. Watch the 1st ODI tomorrow, 2:30 PM onwards, LIVE on Sony Sports Network TV… pic.twitter.com/XhoNBRslOc — Sony Sports Network (@SonySportsNetwk) July 13, 2026 टीम इस प्रकार हैं: भारत: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उप-कप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), इशान किशन (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, शिवम दुबे, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, अर्शदीप सिंह, गुरनूर बराड़, प्रिंस यादव। इंग्लैंड : हैरी ब्रूक (कप्तान), बेन डकेट, जोस बटलर (विकेटकीपर), टॉम बैंटन, जो रूट, जैकब बेथेल, विल जैक्स, रेहान अहमद, लियाम डॉसन, जेम्स कोल्स, सैम कुरेन, गस एटकिंसन, जोफ्रा आर्चर, जोश टंग, साकिब महमूद, आदिल राशिद। समय: दोपहर 3:30 बजे

वेब दुनिया 13 Jul 2026 7:07 pm

आज का एक्सप्लेनर:ट्रम्प के करीबी लिंडसे ग्राहम की यूक्रेन से लौटते ही मौत, क्या रूस ने जहर दिया; भारत पर 500% टैरिफ के लिए उकसाते थे

राष्ट्रपति ट्रम्प के बेहद करीबी सीनेटर लिंडसे ग्राहम 11 जुलाई को यूक्रेन दौरे से अमेरिका लौटे, ट्रम्प से फोन पर बात की और सोने चले गए। कुछ घंटे बाद तबीयत बिगड़ी और मौत हो गई। लिंडसे ईरान और रूस के धुर विरोधी माने जाते थे। भारत को भी निशाने पर रखा और मौत से एक दिन पहले तक 500% टैरिफ लगाने की जिद करते रहे। ग्राहम की मौत पर एक तरफ ईरानी मीडिया जश्न मना रही है, दूसरी तरफ सवाल उठ रहे हैं कि कहीं जहर देकर तो नहीं मारा गया। मौत बीमारी से हुई या कोई बड़ी साजिश; इस कंट्रोवर्सी को डिकोड करेंगे आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: लिंडसे ग्राहम की मौत की आधिकारिक वजह क्या बताई गई? जवाबः ग्राहम के ऑफिस ने आधिकारिक बयान में सिर्फ इतना बताया कि उनकी मौत ‘बीमारी की वजह’ से हुई। 12 जुलाई को वॉशिंगटन डीसी के मेडिकल एग्जामिनर ऑफिस ने प्रारंभिक ऑटोप्सी के आधार पर बताया- ‘Aortic Dissection due to Arteriosclerotic Cardiovascular Disease’ यानी धमनियों के सख्त होने की बीमारी की वजह से एओर्टा की अंदरूनी परत फट गई। दरअसल, एओर्टा इंसानी शरीर की सबसी बड़ी धमनी है। यह दिल से साफ खून लेकर पूरे शरीर में पहुंचाती है। एओर्टा की सबसे अंदरूनी परत में दरार की वजह से ग्राहम की मौत हुई। हालांकि ग्राहम का डेथ सर्टिफिकेट अभी जारी नहीं हुआ है। जहर से जुड़ी टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट आने के बाद ही कन्फर्म होगा कि मौत नेचुरल थी या किसी साजिश के तहत जहर दिया गया। 71 साल के ग्राहम यूक्रेन जाने से पहले स्वस्थ दिख रहे थे। उन्हें अगले हफ्ते एक बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करनी थी। ट्रम्प ने एनबीसी न्यूज से कहा, ‘मौत से कुछ घंटे पहले उनकी ग्राहम से बात हुई थी। ग्राहम की आवाज ठीक लग रही थी। हालांकि वह थोड़े थके हुए लग रहे थे।’ सवाल-2: ग्राहम की मौत से ईरान में जश्न क्यों मनाया जा रहा? जवाबः लिंडसे ग्राहम की मौत को ईरानी मीडिया ने सबसे बड़े दुश्मन की मौत बताया। मेहर न्यूज एजेंसी ने लिखा- ‘ग्राहम ईरान को तबाह करने का अपना सपना कब्र तक ले गए।' सरकारी न्यूज़ चैनल IRINN ने तो ग्राहम की मौत पर ईरानी जनता को बधाई तक दे दी। ग्राहम का रवैया हमेशा इजराइल समर्थक और धुर ईरान विरोधी रहा है… अमेरिकी लेखक रब्बी शमूएल ने लिखा है, ‘5 दिन पहले ईरान ने अमेरिका के महान सीनेटर को मारने की धमकी दी थी। अब उनकी मृत्यु हो गई, वो भी यूक्रेन से लौटने के अगले ही दिन।’ अमेरिकी दक्षिणपंथी पत्रकार लौरा लूमर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा है, ‘IRGC ने उन्हें मारने की धमकी दी थी। खामेनेई के अंतिम संस्कार में धमकी भरे पोस्टर लहराए जा रहे थे। रूस भी इस अंतिम संस्कार में शामिल हुआ था। वो ईरान को परमाणु हथियार देने की बात कर रहा था। अब यूक्रेन से लौटने के बाद ग्राहम की मौत हो गई। यह सब महज एक संयोग तो नहीं लगता।' सवाल 3: तो क्या ग्राहम की मौत के पीछे रूस की साजिश है? जवाबः अभी तक किसी बड़ी एजेंसी या अधिकारी ने रूसी साजिश की बात नहीं की। सबकुछ कयासों में चल रहा है… रूसी सोशियोलॉजिस्ट इगोर ईदमन के मुताबिक, ग्राहम की मौत में रूस खुफिया एजेंसियों का हाथ हो सकता है। रूस के पास उन्हें मारने का कारण भी था। ईदमन ने बेलारूस के मीडिया आउटलेट NEXTA को बताया, ‘ग्राहम यूक्रेन के सबसे बड़े समर्थक थे। उन्होंने 10 जुलाई को कीव में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया था कि उन्होंने राष्ट्रपति ट्रम्प को रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाने के लिए मना लिया है। यूक्रेन से लौटकर ग्राहम की मौत होना सबसे बड़ा संकेत देती है कि इसमें रूस का हाथ हो सकता है।’ ग्राहम अमेरिका से प्लेन के जरिए पोलैंड पहुंचे। वहां से 10-12 घंटे की ट्रेन यात्रा करके यूक्रेन की राजधानी कीव गए। इसी रास्ते से वापस भी लौटे। ईदमन के मुताबिक, इसी दौरान किसी खुफिया रूसी एजेंट को जहर देने का मौका मिल गया होगा। पूर्व CIA अधिकार माइकल सेलर्स के मुताबिक, ‘ग्राहम की हत्या के अभी कोई सबूत नहीं दिख रहे हैं। लेकिन जिन स्थितियों में उनकी मौत हुई है, उस हिसाब से इस एंगल को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इस दिशा में भी जांच होनी चाहिए।’ रूस का खुलकर विरोध करते थे ग्राहम, निशाने पर थे… सवाल-4: लिंडसे ग्राहम के निशाने पर भारत कैसे आ गया था? जवाबः लिंडसे ग्राहम ने अपने करियर में कई मौकों पर भारत को निशाना बनाया है। रूस-यूक्रेन जंग के बाद यह और बढ़ गया… ग्राहम ने भारत को रूस या अमेरिका में से किसी एक को चुनने का विकल्प भी दिया था। साथ ही कहा था, ‘मुझे विश्वास है कि वो अमेरिकी अर्थव्यवस्था को चुनेंगे।' इसके बाद ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रूसी तेल खरीदने के चलते भारत पर 25% पेनल्टी टैरिफ लगा दिया था। इससे भारत पर लगने वाला कुल टैरिफ बढ़कर 50% तक हो गया था। अगस्त 2025 में ग्रहाम ने फिर दावा किया कि भारत ने टैरिफ के दबाव के चलते रूस से तेल खरीदना कम कर दिया है। भारत पर दबाव की वजह से पुतिन जंग में समझौते के लिए तैयार हो गए हैं। सवाल-5: ग्राहम की मौत ट्रम्प के लिए कितना बड़ा झटका है, असर क्या होगा? जवाबः ग्राहम ट्रम्प के बेहद करीबी सलाहकारों में से एक थे, खासकर विदेश नीति से जुड़े मुद्दों पर। मिडिल ईस्ट में उनकी खासी दिलचस्पी थी। ग्राहम को श्रद्धांजलि देते हुए ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, 'वो हमेशा काम करते रहते थे। वो सच्चे अमेरिकी राष्ट्रभक्त थे। उन्हें बहुत याद किया जाएगा। उनकी अचानक मौत मौजूदा हालातों में कई चुनौतियां पैदा करती हैं।’ ग्राहम का अचानक निधन ट्रम्प के लिए 3 वजहों से बड़ा झटका है… 1. चुनाव के लिए महीने भर में नया उम्मीदवार चुनना होगा: नवंबर 2025 में अमेरिका में मिड-टर्म इलेक्शन होने हैं। इसमें ग्राहमी 5वीं बार साउथ कैरोलिना सीट से चुनाव लड़ने वाले थे। उनकी मौत के बाद अब 11 अगस्त तक रिपब्लिकन पार्टी को नए उम्मीदवार का चुनाव करना होगा। कई नेता अपनी दावेदारी पेश भी करने लगे हैं। यह सीट रिपब्लिकन पार्टी का गढ़ है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्राहम के अलावा जो भी इस सीट से चुनाव लड़ेगा, उसे हराना मुश्किल होगा। हालांकि लंबे समय बाद कोई नया कैंडिडेट डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए मौका भी हो सकता है। 2. लोगों को ट्रम्प के पक्ष में करने वाला हुनरमंद साथी खोया: ट्रम्प ने खुद एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में बताया कि ग्राहम कोई भी चीज अप्रूव करवा सकते थे। उन्हें लोगों से अपनी बात मनवानी आती थी। अगर मुझे डेमोक्रेटिक पार्टी के सदस्यों से भी कोई समस्या होती थी, तो वो उनसे बात कर सुलझा लेते थे। 3. सीनेट में रिपब्लिकन की बढ़त कम हुई: 100 सीटों वाली अमेरिकी सीनेट में अभी रिपब्लिकन पार्टी के पास 53 और डेमोक्रेटिक के पास 47 सीटें थीं। ग्राहम की मौत से एक सीट कम हो गई। वहीं एक अन्य सीनेटर मिच मैककोनेल अस्पताल में भर्ती हैं और सदन में उपलब्ध नहीं रहेंगे। ऐसे में पहली बार ट्रम्प के पास सदन में 4 वोटों से कम की मार्जिन होगी। क्रॉस वोटिंग होने से ट्रम्प को जरूरी बिल पास कराने में मुश्किल होगी। --------- ये खबर भी पढ़िए… टीम इंडिया वर्ल्ड चैम्पियन से ‘लूजर’ कैसे बनी; 76 रन पर ऑलआउट, आयरलैंड से सीरीज हारी, आखिर जीत का फॉर्मूला क्यों बदला इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टी-20 मैच में टीम इंडिया 125 रन से हार गई। टी-20 में ये भारत की सबसे बड़ी हार है। पिछले महीने आयरलैंड भी भारत को 2-0 से सीरीज हरा चुकी है। मार्च में टी-20 वर्ल्ड चैम्पियन बनने के बाद टीम इंडिया ने 5 मैच खेले, कोई नहीं जीता। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 13 Jul 2026 6:06 pm

The Odyssey Preview: क्रिस्टोफर नोलन की 23900 करोड़ रुपये की फिल्म में मिथक, रोमांच और तकनीक का संगम

हॉलीवुड के मशहूर निर्देशक क्रिस्टोफर नोलन अपनी नई फिल्म 'द ओडिसी' (The Odyssey) के जरिए एक बार फिर दर्शकों को ऐसी दुनिया में ले जाने वाले हैं, जहां रोमांच, रहस्य, युद्ध, प्रेम और संघर्ष का अद्भुत मेल देखने को मिलेगा। यह फिल्म प्राचीन यूनानी कवि होमर के प्रसिद्ध महाकाव्य 'ओडिसी' पर आधारित है, जिसे विश्व साहित्य की सबसे महान रचनाओं में गिना जाता है। लंबे समय से इस कहानी पर फिल्म बनाने की चर्चा होती रही, लेकिन नोलन इसे आधुनिक तकनीक और अपने खास सिनेमाई अंदाज में बड़े पर्दे पर उतार रहे हैं। इस फिल्म का बजट 250 मिलियन डॉलर या लगभग 23900 करोड़ रुपये है। कहानी क्या है? फिल्म की कहानी युद्ध के बाद इथाका के राजा ओडीसियस की घर वापसी की रोमांचक यात्रा पर आधारित है। युद्ध जीतने के बाद भी उनका संघर्ष खत्म नहीं होता। घर लौटने के दौरान उन्हें समुद्र के देवताओं के क्रोध, रहस्यमयी द्वीपों, राक्षसों, जादूगरनी सर्सी, एक-आंख वाले दैत्य साइक्लोप्स और कई खतरनाक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। यह सफर केवल शारीरिक नहीं बल्कि मानसिक और भावनात्मक परीक्षा भी है। इसी वजह से यह कहानी आज भी दुनिया भर के पाठकों और फिल्म प्रेमियों को आकर्षित करती है। फिल्म की सबसे बड़ी खासियत 'द ओडिसी' को अब तक की सबसे महत्वाकांक्षी फिल्मों में माना जा रहा है। क्रिस्टोफर नोलन इस फिल्म को अत्याधुनिक IMAX कैमरों से शूट कर रहे हैं ताकि दर्शकों को विशाल समुद्री युद्ध, प्राचीन सभ्यताओं और रोमांचक दृश्यों का वास्तविक अनुभव मिल सके। फिल्म में बड़े पैमाने पर वास्तविक लोकेशन, विशाल सेट और कम से कम कंप्यूटर ग्राफिक्स का उपयोग करने की कोशिश की गई है। यही नोलन की फिल्मों की पहचान भी रही है। दमदार स्टारकास्ट फिल्म में मैट डेमन मुख्य भूमिका में नजर आएंगे और वह ओडीसियस के किरदार में नजर आएंगे। उनके साथ टॉम हॉलैंड, ऐन हैथवे, चार्लीज़ थेरॉन, रॉबर्ट पैटिनसन, जैसे कई बड़े कलाकार शामिल हैं। इतनी बड़ी स्टारकास्ट ने फिल्म को पहले ही चर्चा का विषय बना दिया है। निर्देशक क्रिस्टोफर के बारे में क्रिस्टोफर नोलन को आधुनिक दौर के सबसे प्रभावशाली फिल्म निर्देशकों में गिना जाता है। उन्होंने इन्सेप्शन, इंटरस्टेलर, डनकर्क, द डार्क नाइट ट्रिलॉजी और ओपेनहाइमर जैसी विश्वप्रसिद्ध फिल्में बनाई हैं। उनकी फिल्मों की पहचान जटिल लेकिन दिलचस्प कहानी, शानदार सिनेमैटोग्राफी, वास्तविक लोकेशन और तकनीकी उत्कृष्टता है। 'ओपेनहाइमर' की सफलता के बाद 'द ओडिसी' को लेकर दर्शकों की उम्मीदें और भी बढ़ गई हैं। फिल्म से जुड़े रोचक तथ्य यह फिल्म होमर के लगभग तीन हजार वर्ष पुराने महाकाव्य का आधुनिक सिनेमाई रूप है। बताया जा रहा है कि इसे कई देशों में वास्तविक लोकेशन पर शूट किया गया है। फिल्म में IMAX तकनीक का बड़े स्तर पर उपयोग होगा और इसे अब तक की सबसे भव्य फिल्मों में शामिल माना जा रहा है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार इसका बजट भी हॉलीवुड की सबसे महंगी फिल्मों में गिना जा सकता है। रिलीज से काफी पहले ही दुनिया भर के दर्शकों और फिल्म विशेषज्ञों के बीच इसे लेकर जबरदस्त उत्सुकता देखी जा रही है। क्यों खास है 'द ओडिसी'? यह फिल्म केवल एक पौराणिक कहानी नहीं बल्कि साहस, धैर्य, परिवार, नेतृत्व और कभी हार न मानने की भावना का प्रतीक है। यदि क्रिस्टोफर नोलन अपनी पिछली फिल्मों की तरह यहां भी कहानी और तकनीक का बेहतरीन संतुलन बना पाए, तो 'द ओडिसी' वर्ष की सबसे यादगार और चर्चित हॉलीवुड फिल्मों में शामिल हो सकती है।

वेब दुनिया 13 Jul 2026 4:59 pm

देवशयनी एकादशी 2026: कई शुभ योगों का दुर्लभ संयोग, ये 5 उपाय जरूर करें

आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवशयनी एकादशी कहा जाता है। हिंदू धर्म में इस तिथि का विशेष महत्व है, क्योंकि इसी दिन से भगवान श्री हरि विष्णु अगले चार महीनों के लिए क्षीरसागर में योग निद्रा में चले जाते हैं और चातुर्मास की शुरुआत होती है। इस पर यह तिथि 25 जुलाई 2026 को है। इस वर्ष देवशयनी एकादशी पर अमृतसिद्धि योग, शिववास योग, ब्रह्म योग, इंद्र योग, सूर्य और उच्च के गुरु का पुष्य नक्षत्र संयोग आदि कई दुर्लभ और शुभ योगों का संयोग बन रहा है, जो इस दिन किए जाने वाले पूजा-पाठ और उपायों के फल को कई गुना बढ़ा देंगे। यदि आप भी अपने जीवन में सुख-समृद्धि, मानसिक शांति और कर्ज से मुक्ति चाहते हैं, तो इस शुभ संयोग में ये 5 विशेष उपाय जरूर करें। 1. केसर मिश्रित दूध से नारायण का अभिषेक देवशयनी एकादशी के शुभ संयोग में भगवान विष्णु का दक्षिणावर्ती शंख में केसर मिश्रित दूध या गंगाजल भरकर अभिषेक करें। इसके बाद उन्हें पीले रंग के वस्त्र, पीले फूल और पीले फल अर्पित करें। ऐसा करने से भगवान विष्णु अत्यंत प्रसन्न होते हैं और साधक की आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं। 2. तुलसी पूजा और दीपदान तुलसी जी को भगवान विष्णु की परम प्रिय माना गया है। एकादशी की शाम को तुलसी के पौधे के सामने गाय के घी का दीपक जलाएं और ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करते हुए तुलसी जी की 11 या 21 बार परिक्रमा करें। ध्यान रहे कि एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते नहीं तोड़े जाते और न ही उनमें जल चढ़ाया जाता है, इसलिए केवल दीपदान और परिक्रमा ही करें। 3. विष्णु सहस्रनाम या स्तोत्र का पाठ चूंकि भगवान विष्णु इसके बाद चार महीनों के लिए निद्रा में चले जाएंगे, इसलिए उन्हें प्रसन्न करने के लिए देवशयनी एकादशी पर 'विष्णु सहस्रनाम' या 'नारायण कवच' का पाठ अवश्य करें। यदि पाठ करना संभव न हो, तो इसे शांत मन से श्रवण करें। इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और सुख-शांति का वास होता है। 4. पीले अनाज और वस्त्रों का दान शुभ योगों के इस महासंयोग में दान करने का महत्व बहुत बढ़ जाता है। इस दिन किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद व्यक्ति को पीले रंग की वस्तुएं जैसे- चना दाल, केला, सोना, हल्दी, या पीले वस्त्र दान करें। इस दान से कुंडली में गुरु ग्रह मजबूत होता है, जिससे करियर और व्यापार में आ रही बाधाएं दूर होती हैं। 5. पीपल के वृक्ष पर अर्घ्य और प्रार्थना शास्त्रों के अनुसार पीपल के पेड़ में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का वास होता है। एकादशी के दिन सुबह के समय पीपल के वृक्ष पर जल अर्पित करें और शाम को वहां एक दीपक जलाकर अपनी मनोकामना कहें। यह उपाय कर्ज से मुक्ति दिलाने और अटके हुए धन को वापस पाने के लिए बेहद अचूक माना जाता है।

वेब दुनिया 13 Jul 2026 4:50 pm

दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल ने पत्नी की गोली मारकर की हत्या

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस के एक हेड कांस्टेबल ने रविवार देर रात पूर्वी दिल्ली के विनोद नगर इलाके में पत्नी की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी। यह घटना पत्नी के जन्मदिन पर दोनों के बीच हुए विवाद के बाद हुई। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस के अनुसार […] The post दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल ने पत्नी की गोली मारकर की हत्या appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 13 Jul 2026 3:52 pm

झारखंड के पलामू जिले में अंधविश्वास की भेंट चढ़ा 12 वर्षीय मासूम, चाचा ने चाकू मारकर की भतीजे की हत्या

रांची। झारखंड के पलामू जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र के रबदा गांव में सोमवार सुबह चाचा ने अपने ही 12 वर्षीय भतीजे की चाकू मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मृतक की पहचान रबदा गांव निवासी साधु बैठा के 12 वर्षीय पुत्र रोशन बैठा के […] The post झारखंड के पलामू जिले में अंधविश्वास की भेंट चढ़ा 12 वर्षीय मासूम, चाचा ने चाकू मारकर की भतीजे की हत्या appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 13 Jul 2026 3:46 pm

सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल मदरसा स्टाफ की नियमतीकरण की याचिका खारिज की

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के मदरसों में अपनी नियुक्ति के लिए मान्यता की मांग करने वाले 350 शिक्षकों एवं अन्य स्टाफ की याचिका सोमवार को खारिज कर दी। पश्चिम बंगाल मदरसा सेवा आयोग अधिनियम 2008 को कलकत्ता उच्च न्यायालय की एकल न्यायाधीश पीठ ने असंवैधानिक करार दिया था, जिसके बाद इन सभी […] The post सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल मदरसा स्टाफ की नियमतीकरण की याचिका खारिज की appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 13 Jul 2026 3:39 pm

तमिलनाडु में गो-हत्या पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: हाई कोर्ट के पूर्ण प्रतिबंध वाले आदेश पर लगाई रोक

सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को राज्य में गो-हत्या रोकने के लिए मद्रास हाई कोर्ट द्वारा दिए गए निर्देश पर रोक लगा दी है। राज्य में अब गो-हत्या पर हाई कोर्ट के आदेश की वजह से बकरीद के समय लगा प्रतिबंध हट गया है। ALSO READ: अब इस तरह होगी अयोध्या राम मंदिर में CEO की नियुक्ति, कौन कर सकता है इस पद के लिए आवेदन न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने मामले पर सुनवाई करते हुए नोटिस जारी किया और अगली सुनवाई तक हाईकोर्ट के फैसले के प्रभाव पर रोक लगाने का आदेश दिया। विजय सरकार ने दी थी हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती तमिलनाडु की सी जोसेफ विजय सरकार ने प्रदेश में गाय और बछड़े की हत्या पर पूरी तरह से बैन लगाने के मद्रास हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। इस केस में तमिलनाडु सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील और कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने पैरवी की थी। ALSO READ: भारत में फिर बढ़ने लगे कोरोना के मामले: कुमार सानू के बेटे जान अस्पताल में भर्ती क्या थी सिंंघवी की दलील? सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी कि हाई कोर्ट का आदेश तमिलनाडु एनिमल प्रिजर्वेशन एक्ट,1958 का विरोधाभासी है। इसके तहत सक्षम अधिकारी द्वारा जारी सर्टिफिकेट के आधार पर 10 साल से ज्यादा उम्र की वह गाय, जो कि काम में इस्तेमाल या बच्चा देने लायक नहीं हैं, उनकी हत्या की अनुमति है। सरकार ने यह भी तर्क दिया कि मौजूदा कानून पशुओं के वध को नियंत्रित करते हैं, लेकिन वे इस पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का प्रावधान नहीं करते। गौरतलब है कि मद्रास हाई कोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करने के बाद 27 मई, 2027 को तमिलनाडु में गो-हत्या पर पूर्ण पाबंदी वाला आदेश जारी किया था। अपने आदेश में मद्रास हाई कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के उन फैसलों को भी शामिल किया था, जिसमें कहा गया था कि बकरीद के लिए गाय की कुर्बानी आवश्यक नहीं है।

वेब दुनिया 13 Jul 2026 3:27 pm

अमरीकी हमलों के जवाब में ईरान ने तीन देशों में सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना

तेहरान। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (आईआरजीसी) ने दक्षिणी ईरान पर रविवार रात हुए अमेरिकी हवाई हमलों के जवाब में सोमवार तड़के जॉर्डन, बहरीन और कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। आईआरजीसी ने एक बयान में कहा कि अमरीका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर कथित हमलों को आधार बनाकर दक्षिणी […] The post अमरीकी हमलों के जवाब में ईरान ने तीन देशों में सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 13 Jul 2026 3:26 pm

​पाकिस्तान के आबिद अली के खिलाफ एशिया चैंपियन खिताब की भिड़ंत से पहले संग्राम सिंह ने भारत को गौरवान्वित करने का लिया संकल्प ! कहा तिरंगा लहराएगा

भारतीय कुश्ती के दिग्गज और अजेय मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) फाइटर संग्राम सिंह ने 19 जुलाई को कुआलालंपुर, मलेशिया में पाकिस्तान के आबिद अली के खिलाफ होने वाली अपनी बहुप्रतीक्षित 'एशिया चैंपियन खिताब' की भिड़ंत से पहले पूरा आत्मविश्वास जताया है। उन्होंने कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय तिरंगा लहराने के एकमात्र उद्देश्य के साथ रिंग (केज) में उतर रहे हैं। ​इस मुकाबले से जुड़ी आधिकारिक प्री-फाइट प्रेस कॉन्फ्रेंस नई दिल्ली के 'द ललित' होटल में आयोजित की गई। इस दौरान संग्राम सिंह, पीएमएमए (PMMA) मलेशिया के अध्यक्ष इस्माइल मरज़ुकी बिन, पीएमएमए के सीईओ मोहम्मद हाकिम बिन लुकमान अब्दुल्ला, आयोजन समिति के सदस्य, संग्राम की कोचिंग टीम के प्रतिनिधि और मीडिया कर्मी मौजूद रहे। ​भारत बनाम पाकिस्तान के इस मुकाबले ने कॉम्बैट स्पोर्ट्स (युद्धक खेलों) के प्रशंसकों के बीच पहले से ही भारी उत्साह पैदा कर दिया है, और इस मैच के विजेता को 'एशिया चैंपियन' का ताज पहनाया जाएगा। ​संग्राम सिंह का अब तक का सफर ​दो बार के राष्ट्रमंडल (कॉमनवेल्थ) हेवीवेट कुश्ती चैंपियन और भारत के सबसे सम्मानित पेशेवर पहलवानों में से एक, संग्राम सिंह ने पेशेवर एमएमए (MMA) में कदम रखने के बाद से इतिहास रचा है। ​धमाकेदार शुरुआत: उन्होंने जॉर्जिया में पाकिस्तान के अली रज़ा नासिर को मात्र 90 सेकंड में हराकर अपने सफर की शानदार शुरुआत की थी। ​अजेय रिकॉर्ड: इसके बाद उन्होंने नीदरलैंड में ट्यूनीशिया के हाकिम ट्रैबेल्सी और अर्जेंटीना में फ्रांस के फ्लोरियन कौडियर पर जीत दर्ज की। वर्तमान में उनका पेशेवर एमएमए रिकॉर्ड 3-0 का है और वे अजेय हैं। ​ऐतिहासिक जीत: अर्जेंटीना में मिली उनकी जीत ने उन्हें अर्जेंटीना की धरती पर पेशेवर एमएमए मुकाबला जीतने वाला पहला भारतीय बना दिया। ​रिंग से इतर, संग्राम सिंह युवा मामले और खेल मंत्रालय के तहत 'फिट इंडिया आइकन' के रूप में काम करते हैं। उन्हें आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा 'स्वच्छ भारत और विकसित भारत' अभियानों के लिए ब्रांड एंबेसडर भी नियुक्त किया गया था। उनके इस अंतरराष्ट्रीय एमएमए अभियान को वैश्विक स्तर पर फिटनेस, स्वस्थ जीवन शैली और भारतीय एथलीटों को बढ़ावा देने के प्रयासों के तहत फिट इंडिया, युवा मामले और खेल मंत्रालय का भी समर्थन प्राप्त है। ​ ​संग्राम सिंह ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा: जब भी मैं केज (रिंग) में कदम रखता हूँ, तो मैं सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि 145 करोड़ भारतीयों के लिए लड़ता हूँ। भारत बनाम पाकिस्तान मुकाबला हमेशा खास होता है, चाहे खेल कोई भी हो, और मैं इस मुकाबले से जुड़ी भावनाओं को पूरी तरह समझता हूँ। मैंने अपने प्रतिद्वंद्वी के प्रति पूरे सम्मान और अनुशासन के साथ ट्रेनिंग की है, लेकिन एक बार जब केज बंद हो जाएगा, तो मेरा एकमात्र मिशन यह सुनिश्चित करना होगा कि भारत का झंडा सबसे ऊपर लहराए। मेरा मानना है कि फिटनेस, समर्पण और मानसिक ताकत किसी भी एथलीट के सबसे बड़े हथियार होते हैं। ​भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के उप महानिदेशक मयंक श्रीवास्तव (IPS) ने कहा: “संग्राम सिंह उन मूल्यों के प्रतीक हैं जिन्हें भारतीय खेल बढ़ावा देना चाहते हैं—अनुशासन, लचीलापन, दृढ़ संकल्प और उत्कृष्टता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता। एक कुशल पहलवान से एक अजेय पेशेवर एमएमए एथलीट बनने का उनका सफर इस बात का प्रेरणादायक उदाहरण है कि कड़ी मेहनत से क्या हासिल किया जा सकता है। हमें यह देखकर खुशी हो रही है कि भारतीय खिलाड़ी वैश्विक मंच पर नए खेलों में अपनी पहचान बना रहे हैं। हम संग्राम को शुभकामनाएं देते हैं क्योंकि वे इस महत्वपूर्ण चैंपियनशिप में देश की उम्मीदें लेकर जा रहे हैं। उनका यह सफर अनगिनत युवा भारतीयों को फिटनेस और खेल में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित करेगा।” ​उम्र के बंधन को तोड़ते हुए संग्राम ने आगे कहा: लोग 40 साल की उम्र के बाद एमएमए शुरू करने के मेरे फैसले पर सवाल उठा रहे थे, लेकिन मैं यह साबित करना चाहता था कि जुनून की कोई उम्र नहीं होती। मेरा उद्देश्य सिर्फ खिताब जीतना नहीं है, बल्कि युवा भारतीयों को जीवन जीने के तरीके के रूप में फिटनेस, अनुशासन और खेलों को अपनाने के लिए प्रेरित करना भी है। मैं भारत सरकार, फिट इंडिया, युवा मामले और खेल मंत्रालय और उन सभी को धन्यवाद देता हूँ जिन्होंने मेरे इस सफर का समर्थन किया है। ​उनके कोच भूपेश कुमार ने भारतीय फाइटर पर पूरा भरोसा जताते हुए कहा: संग्राम ने अपनी तैयारी में कोई कसर नहीं छोड़ी है। पिछले दो वर्षों में उनकी कुश्ती की पृष्ठभूमि, उनके स्ट्राइकिंग (प्रहार) करने के तरीके, कंडीशनिंग और मानसिक क्रूरता में जबरदस्त सुधार हुआ है। हम आबिद अली का सम्मान करते हैं, लेकिन संग्राम भारत के लिए एक और यादगार प्रदर्शन करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। ​खेल के जरिए एकता का संदेश ​PMMA मलेशिया के अध्यक्ष, इस्माइल मरज़ुकी बिन ने एशियाई कॉम्बैट स्पोर्ट्स के बढ़ते कद की सराहना की: एशिया चैंपियन खिताब एशिया में मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स के भविष्य का प्रतिनिधित्व करता है। भारत और पाकिस्तान में खेल को लेकर एक अलग ही जुनून है, और यह मुकाबला इस क्षेत्र से उभरती हुई बेहतरीन प्रतिभाओं को प्रदर्शित करेगा। हमें इस स्तर के एथलीटों को एक मंच पर लाने में गर्व और बेहद खुशी हो रही है। ​PMMA के सीईओ मोहम्मद हाकिम बिन लुकमान अब्दुल्ला ने कहा कि यह आयोजन खेल के माध्यम से एकता का प्रतीक है:कॉम्बैट स्पोर्ट्स में सम्मान, अनुशासन और प्रतिस्पर्धा के जरिए देशों को एकजुट करने की अनूठी क्षमता होती है। हमें विश्वास है कि यह चैंपियनशिप एशिया की प्रमुख एमएमए प्रतियोगिताओं में से एक बनेगी, और हम संग्राम सिंह और आबिद अली जैसे विशिष्ट एथलीटों की भागीदारी की सराहना करते हैं। ​आयोजकों के अनुसार, एशिया चैंपियन खिताब की यह भिड़ंत हाल के वर्षों में भारत-पाकिस्तान के बीच सबसे बड़े कॉम्बैट स्पोर्ट्स मुकाबलों में से एक होने की उम्मीद है। यह एशियाई फाइटर्स को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान करेगी। यूरोप और दक्षिण अमेरिका में जीत का परचम लहरा चुके अजेय संग्राम सिंह अब पाकिस्तान के आबिद अली के खिलाफ 'एशिया चैंपियन खिताब' के लिए भिड़ेंगे और अपने करियर में एक और ऐतिहासिक अध्याय जोड़ने की कोशिश करेंगे।

वेब दुनिया 13 Jul 2026 3:22 pm

राम मंदिर चढ़ावा गड़बड़ी मामले में सीबीआई जांच की मांग पर केंद्र, उप्र सरकार, ट्रस्ट को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या राम मंदिर चढ़ावे में गड़बड़ी और धन के दुरुपयोग के आरोपों की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग वाली याचिकाओं पर सोमवार को केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किया। न्यायालय ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष […] The post राम मंदिर चढ़ावा गड़बड़ी मामले में सीबीआई जांच की मांग पर केंद्र, उप्र सरकार, ट्रस्ट को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 13 Jul 2026 3:13 pm

सूर्य का शनि के पुष्य नक्षत्र में गोचर, जानें मेष से मीन तक सभी 12 राशियों पर इसका प्रभाव

ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के राजा सूर्य देव का नक्षत्र परिवर्तन बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। 20 जुलाई 2026 को सूर्य देव पुनर्वसु नक्षत्र से निकलकर शनि के स्वामित्व वाले और नक्षत्रों के राजा माने जाने वाले पुष्य नक्षत्र में प्रवेश करने जा रहे हैं। वे इस नक्षत्र में 3 अगस्त 2026 तक विराजमान रहेंगे। सूर्य और शनि के बीच भले ही शत्रुता का भाव हो, लेकिन पुष्य नक्षत्र को बेहद शुभ, पोषण करने वाला और समृद्धि देने वाला माना गया है। जब मान-सम्मान के कारक सूर्य इस कल्याणकारी नक्षत्र में आते हैं, तो यह सभी 12 राशियों के जीवन में बड़े बदलाव लेकर आता है। आइए जानते हैं कि इसगोचर का आपकी राशि पर क्या प्रभाव पड़ेगा। मेष राशि: सुख-सुविधाओं ALSO READ: सूर्य का कर्क राशि में गोचर, जानें मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का राशिफल में वृद्धि मेष राशि के जातकों के लिए यह नक्षत्र परिवर्तन बेहद शुभ है। कार्यक्षेत्र में आपको कोई बड़ी जिम्मेदारी या नया प्रोजेक्ट मिल सकता है। भूमि, भवन या वाहन खरीदने के प्रबल योग बनेंगे। माता के पक्ष से पूरा सहयोग और लाभ मिलेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। वृषभ राशि: करियर में मान-सम्मान और नई शुरुआत आपके लिए 20 जुलाई से शुरू हो रहा यह गोचर एक नई ऊर्जा लेकर आ रहा है। करियर के क्षेत्र में बड़ा उछाल देखने को मिलेगा। किसी नए निवेश या प्रॉपर्टी संबंधी कार्यों में पैसा लगाना आपके लिए मुनाफे का सौदा साबित होगा। सहकर्मियों का पूरा साथ मिलेगा। मिथुन राशि: आर्थिक मजबूती और धन लाभ मिथुन राशि वालों के लिए सूर्य का पुष्य नक्षत्र में जाना आर्थिक रूप से शानदार परिणाम देगा। आपकी वाणी के प्रभाव से अटके हुए काम पूरे होंगे। पैतृक संपत्ति से लाभ या अचानक धन लाभ के योग हैं। निवेश करने के लिए यह समय बहुत उत्तम है। ALSO READ: मंगल का चंद्रमा के नक्षत्र में प्रवेश, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, मंगलदेव बरसाएंगे कृपा कर्क राशि: पद-प्रतिष्ठा में लाभ, पर वाणी पर रखें संयम कर्क राशि वालों के लिए यह गोचर करियर में नए अवसर लाएगा, लेकिन चूंकि सूर्य शनि के नक्षत्र में हैं, इसलिए आपको कार्यस्थल पर वरिष्ठ अधिकारियों या बॉस के साथ वाद-विवाद से बचना चाहिए। अपने गुस्से और अहंकार पर काबू रखें तथा वाहन सावधानी से चलाएं। ALSO READ: मंगल का चंद्रमा के नक्षत्र में प्रवेश, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, मंगलदेव बरसाएंगे कृपा सिंह राशि: आत्मविश्वास में बढ़ोतरी और सफलता चूंकि सूर्य देव आपकी ही राशि के स्वामी हैं, इसलिए उनके नक्षत्र बदलने से आपके आत्मविश्वास और पराक्रम में जबरदस्त इजाफा होगा। समाज में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी। सरकारी क्षेत्रों या उच्च अधिकारियों से सीधा लाभ मिल सकता है। पुरानी स्वास्थ्य समस्याओं से राहत मिलेगी। कन्या राशि: किस्मत का मिलेगा पूरा साथ कन्या राशि वालों के लिए यह गोचर भाग्यशाली रहेगा। आपके रुके हुए सरकारी काम पूरे होने की प्रबल संभावना है। छात्रों के लिए यह समय उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता का संकेत दे रहा है। अपनी वाणी में विनम्रता बनाए रखें, काम अपने आप बनते चले जाएंगे। तुला राशि: सूझबूझ से मिलेगी स्थिरता तुला राशि के लिए यह गोचर जीवन में स्थिरता लेकर आ रहा है। यह समय आपको अनुशासित होकर काम करने की प्रेरणा देगा। जल्दबाजी में कोई भी व्यावसायिक समझौता या निर्णय न लें। पारिवारिक विवादों को बातचीत से सुलझाने का यह सबसे उत्तम समय है। वृश्चिक राशि: भाग्य का साथ और लाभकारी यात्राएं वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह गोचर भाग्य के बंद दरवाजे खोल सकता है। आपके अटके हुए कामों को गति मिलेगी। छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी सफलता मिल सकती है। व्यावसायिक या धार्मिक यात्राओं के योग बनेंगे, जो भविष्य में लाभदायक रहेंगी। धनु राशि: मिले-जुले परिणाम, सेहत का रखें ध्यान धनु राशि वालों के लिए यह गोचर मिले-जुले परिणाम देगा। आर्थिक मामलों में आपको थोड़ी सावधानी बरतनी होगी। अचानक से कुछ अनपेक्षित खर्च सामने आ सकते हैं। इस दौरान खान-पान का ध्यान रखें और पैतृक संपत्ति से जुड़े मामलों में कोई जल्दबाजी न दिखाएं। मकर राशि: सुख-समृद्धि का संचार चूंकि पुष्य नक्षत्र के स्वामी शनि देव हैं और मकर राशि के स्वामी भी शनि हैं, इसलिए यह गोचर आपके लिए अत्यंत फलदायी साबित होगा। आर्थिक लाभ और पारिवारिक खुशहाली का योग है। आप लंबे समय से सोचे गए किसी बड़े प्रोजेक्ट को इस दौरान धरातल पर उतार सकते हैं। कुंभ राशि: विरोधियों पर विजय, पर सहकर्मियों से न उलझें कुंभ राशि वालों के लिए यह गोचर कोर्ट-कचहरी या विवादित मामलों में सफलता दिलाने वाला रहेगा। आप अपने शत्रुओं पर हावी रहेंगे। हालांकि, कार्यक्षेत्र में अपने वरिष्ठों और सहकर्मियों के साथ तालमेल बिठाकर चलें और अनावश्यक बहस से पूरी तरह दूर रहें। मीन राशि: फोकस बनाए रखने की जरूरत मीन राशि के जातकों को इस अवधि में अपने लक्ष्यों के प्रति पूरी तरह केंद्रित रहना होगा। विद्यार्थियों को पढ़ाई में अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है। प्रेम संबंधों और प्रियजनों के साथ बातचीत करते समय थोड़ा पोलाइट (विनम्र) रहें, ताकि कोई गलतफहमी पैदा न हो। शुभ फल पाने के उपाय इस गोचर काल का अधिकतम लाभ उठाने के लिए: रोज सुबह तांबे के लोटे से सूर्य देव को जल (अर्घ्य) अर्पित करें। नियमित रूप से ॐ आदित्याय नमः मंत्र का जाप करें। पुष्य नक्षत्र के स्वामी शनि देव को प्रसन्न करने के लिए शनिवार के दिन जरूरतमंदों की मदद करें।

वेब दुनिया 13 Jul 2026 3:05 pm

कर्नाटक लोक सेवा आयोग अध्यक्ष शिवशंकरप्पा एस साहूकार को राज्यपाल ने किया निलंबित

बेंगलूरु। कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कर्नाटक लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष शिवशंकरप्पा एस साहूकार को अपने संवैधानिक पद का दुरुपयोग करने के आरोप में सोमवार को निलंबित कर दिया। आयोग के अध्यक्ष पर अपनी दो बेटियों को आरक्षण का गलत लाभ लेकर सरकारी नौकरी देने का आरोप है। राज्यपाल ने आयोग अध्यक्ष पर […] The post कर्नाटक लोक सेवा आयोग अध्यक्ष शिवशंकरप्पा एस साहूकार को राज्यपाल ने किया निलंबित appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 13 Jul 2026 3:04 pm

‘जुरासिक पार्क’अभिनेता सैम नील का 78 वर्ष की उम्र में निधन

वेलिंगटन। हॉलीवुड के वरिष्ठ अभिनेता और जुरासिक पार्क तथा द पियानो जैसी चर्चित फिल्मों में अपनी दमदार अभिनय क्षमता के लिए चर्चित सैम नील का निधन हो गया। वह 78 वर्ष के थे। नील का सोमवार को ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में निधन हो गया। उनके आधिकारिक सोशल मीडिया पेज पर जारी बयान में कहा गया […] The post ‘जुरासिक पार्क’ अभिनेता सैम नील का 78 वर्ष की उम्र में निधन appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 13 Jul 2026 2:58 pm

आषाढ़ अमावस्या 2026: पितरों की कृपा पाने और पितृदोष से मुक्ति के 5 अचूक उपाय

हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व है, और जब बात आषाढ़ महीने की अमावस्या की हो, तो इसका आध्यात्मिक मूल्य और भी बढ़ जाता है। आषाढ़ अमावस्या को पितरों के तर्पण, श्राद्ध और दान-पुण्य के लिए बेहद पवित्र माना गया है। यदि आपकी कुंडली में पितृदोष है या जीवन में बिना वजह परेशानियां आ रही हैं, तो इस दिन कुछ खास कार्य करके आप अपने पितरों को प्रसन्न कर सकते हैं। आइए जानते हैं उन 5 मुख्य कार्यों के बारे में, जिन्हें करने से पितरों का आशीर्वाद मिलता है और पितृदोष से मुक्ति मिलती है। 1. पवित्र नदी में स्नान और तर्पण आषाढ़ अमावस्या के दिन सूर्योदय से पहले किसी पवित्र नदी, सरोवर या तीर्थ स्थल पर स्नान करने का विधान है। यदि नदी पर जाना संभव न हो, तो घर पर ही नहाने के पानी में थोड़ा सा गंगाजल मिलाकर स्नान करें। इसके बाद अंजलि में जल, काले तिल, कुश और जौ लेकर पितरों का ध्यान करते हुए उन्हें तर्पण दें। ऐसा करने से पितरों की आत्मा तृप्त होती है और वे वंशजों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं। ALSO READ: आषाढ़ कृष्ण चतुर्दशी और अमावस्या का संयोग आज, यदि कर लिए ये 5 कार्य तो चमक जाएगी किस्मत 2. पिंडदान और श्राद्ध कर्म यदि किसी कारणवश पूर्वजों की पुण्यतिथि पर उनका श्राद्ध न किया जा सका हो, तो आषाढ़ अमावस्या इसके लिए सर्वोत्तम तिथि है। इस दिन योग्य ब्राह्मणों के माध्यम से आदरपूर्वक पितरों के निमित्त पिंडदान या तर्पण करवाना चाहिए। दोपहर के समय (कुतुप मुहूर्त में) किया गया श्राद्ध सीधे पितरों तक पहुंचता है और इससे कुंडली में मौजूद गंभीर से गंभीर पितृदोष भी शांत होता है। 3. पंचबलि भोग और ब्राह्मण भोज अमावस्या के दिन सात्विक भोजन बनाएं और उसका एक हिस्सा सबसे पहले अग्नि को समर्पित करें। इसके बाद शास्त्रों के अनुसार 'पंचबलि' निकालें, यानी भोजन के पांच हिस्से करके उन्हें क्रमशः गाय, कुत्ते, कौए, देवादि और चींटियों को खिलाएं। इसके उपरांत आदरपूर्वक ब्राह्मणों को भोजन कराएं और अपनी सामर्थ्य के अनुसार वस्त्र, अनाज या दक्षिणा देकर उन्हें विदा करें। माना जाता है कि कौए और गाय के रूप में पितर ही हमारा दिया भोग स्वीकार करते हैं। ALSO READ: हलहारिणी अमावस्या की पौराणिक कथा 4. पीपल के वृक्ष की पूजा और दीपदान पीपल के पेड़ में देवताओं के साथ-साथ पितरों का भी वास माना गया है। आषाढ़ अमावस्या के दिन सुबह के समय पीपल के वृक्ष पर जल में दूध, काले तिल और गंगाजल मिलाकर अर्पित करें। इसके बाद शाम के समय पीपल के जड़ के पास सरसों के तेल का एक दीपक (दीपदान) जलाएं और अपने पितरों की शांति के लिए प्रार्थना करें। ध्यान रहे कि इस दिन पीपल के वृक्ष की परिक्रमा करना भी अत्यंत शुभ फलदायी होता है। 5. तिल, अन्न और गुप्त दान अमावस्या की तिथि दान के बिना अधूरी मानी जाती है। इस दिन जरूरतमंदों या किसी गरीब व्यक्ति को काले तिल, सफेद वस्त्र, छाता, चप्पल, घी या मौसमी फलों का दान करें। आषाढ़ के महीने में गर्मी और बारिश का मौसम होता है, इसलिए इस समय जल का दान करना (जैसे प्याऊ लगवाना या पानी का मटका दान करना) महापुण्य का काम माना जाता है। इस प्रकार के दान से पितर अत्यंत प्रसन्न होकर घर में खुशहाली का वरदान देते हैं। ALSO READ: Halharini Amavasya 2026: हलहारिणी अमावस्या कब है, क्या करते हैं इस दिन? ALSO READ: Halharini Amavasya: हलहारिणी अमावस्या पर किए जाने वाले पितृ दोष निवारण के 10 विशेष उपाय

वेब दुनिया 13 Jul 2026 2:39 pm

सारण : खेत में काम करने गई युवती से सामूहिक दुष्कर्म, 4 आरोपी अरेस्ट

छपरा। बिहार में सारण जिले के मांझी थाना क्षेत्र में खेत में अकेली काम करने गयी एक युवती से दुष्कर्म करने वाले चार युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस सूत्रों ने आज बताया कि डुमरी गांव की एक युवती अकेले अपने खेत में काम कर रही थी। इसी दौरान उसे खेत में […] The post सारण : खेत में काम करने गई युवती से सामूहिक दुष्कर्म, 4 आरोपी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 13 Jul 2026 1:42 pm

बालोतरा : ट्रेलर के पीछे कार के टकराने से 5 लोगों की मौत, 3 घायल

बालोतरा। राजस्थान में बालोतरा जिले के पचपादरा थाना क्षेत्र में रविवार देर रात को ट्रेलर के पीछे स्कॉर्पियो कार के टकराने से पांच लोगों की मौत हाे गई जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गये हैं। पुलिस सूत्रों ने सोमवार को बताया कि बीती देर रात भांडियावास के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर तेज रफ्तार स्कॉर्पियो […] The post बालोतरा : ट्रेलर के पीछे कार के टकराने से 5 लोगों की मौत, 3 घायल appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 13 Jul 2026 1:34 pm

वाराणसी में होटल पर पुलिस का छापा, देह व्यापार का भंडाफोड़

वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में सिगरा थाना क्षेत्र स्थित एक होटल में रविवार शाम को पुलिस ने छापेमारी कर देह व्यापार का भंडाफोड़ करते हुए पांच युवतियों, दो ग्राहकों तथा होटल के दो संचालकों समेत कुल 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सोमवार को बताया कि अनैतिक देह व्यापार की सूचना पर […] The post वाराणसी में होटल पर पुलिस का छापा, देह व्यापार का भंडाफोड़ appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 13 Jul 2026 1:29 pm

London Trip: प्रधानमंत्री से पब्लिक तक मेट्रो, सिटी बस में सफर करते हैं

London Trip 3: लंदन की यातायात व्यवस्था पर नजर डालते हैं। वहां मेट्रो और सिटी बसों की बात करते हैं। मेट्रो को वहां अंडरग्राउंड व ट्यूब कहते हैं। लंदन शहर की आबादी 91 लाख है तो उपनगरों को मिलाकर डेढ़ करोड़ लोग रहते हैं। वहां यातायात का प्रमुख साधन लोक परिवहन ही है। याने मेट्रो व सिटी बस। 543 मेट्रो में रोजाना 32 लाख लोग यात्रा करते हैं। इनमें कुल 4 हजार डिब्बे लगे होते हैं। ये शुक्रवार, शनिवार को 24 घंटे चलती हैं, जबकि अन्य दिनों में सुबह 5 से रात 12 बजे तक। दूसरी तरफ करीब 9 हजार डबल डेकर सिटी बस में 50 लाख लोग सफर करते हैं। यहां की मेट्रो दुनिया की पहली सेवा है, जो 1863 में प्रारंभ हुई थी, जब और कहीं सोचा भी नहीं जा रहा होगा। 272 स्टेशन के साथ 402 किमी लंबे मार्ग पर यह यात्रा होती है। इसे मुंबई के साथ देखें तो यहां आबादी शहर की 2 करोड़ है और उपनगर सहित 2.35 करोड़ है। 2342 लोकल ट्रेन चलती हैं, जिनमें रोजाना 75 लाख लोग यात्रा करते हैं। वहीं 2600 सिटी बसों में 25 लाख लोग सफर करते हैं। ALSO READ: Trip To London : लंदन में न सड़क पर धरने-प्रदर्शन, न चक्का जाम चूंकि इन दिनों इंदौर में मेट्रो का काम चल रहा है और आंशिक रूप से शुरू भी हुई है तो इस पर बात करते हैं। इंदौर की आबादी करीब 35 लाख है। मेट्रो को पूरी तरह से शुरू होने में न्यूनतम 5 वर्ष तो लगेंगे ही। तब तक लोक परिवहन के तौर पर सिटी बस,ऑटो रिक्शा, ई-रिक्शा, नगर सेवा पर निर्भरता है। इंदौर में 35 लाख की आबादी पर 16.33 लाख दो पहिया व 3.38 लाख चार पहिया वाहन पंजीकृत हैं। इनमें कुछ आसपास के इलाकों के भी होंगे। यहां 5.88 लाख आवास हैं। इसका मतलब प्रत्येक दूसरे घर में कार है और प्रत्येक घर में औसत तीन दो पहिया वाहन है। जबकि लंदन की 90 लाख आबादी 37 लाख घरों में रहती है। यहां 80 प्रतिशत लोग मेट्रो व सिटी बस में सफर करते हैं। ALSO READ: Trip To London: पाउंड को रुपए में गिनेंगे तो चाय भी नहीं पी सकेंगे वहां 26.3 लाख कारें व 1.30 लाख दोपहिया वाहन पंजीकृत हैं। वहां अत्यधिक धनी व्यक्ति ही कार में आना-जाना करता है, क्योंकि शहर में पार्किंग बहुत मंहगी है। सेंट्रल लंदन में दिन भर के लिए 15 से 50 पाउंड (एक पाउंड 130 रुपए का है) तक चार्ज हैं, भले ही एक घंटे में वापस चले जाएं। मोहल्लों में भी बाहरी व्यक्ति को सड़क के दोनों ओर कार पार्क करने की अनुमति तो मिलती है, लेकिन उसके भी चार्ज हैं, जो 4.90 से 7.20 पाउंड (529 से 760 रुपए) तक है। रहवासी के लिए मासिक शुल्क है। याने वहां फ्री फोकट में कुछ नहीं है। मेट्रो में एक रूट के 6 पाउंड लगते हैं, लेकिन 16 पाउंड में दिन भर किसी भी रूट पर आ-जा सकते हैं। इंदौर में लोक परिवहन की दयनीय स्थिति किसी से छुपी नहीं है, लेकिन यह भी उतना ही सच है कि हम लोक परिवहन का उपयोग करना भी नहीं चाहते। हमें ठेठ दुकान व घर तक अपने ही वाहन से जाना है। मेट्रो को तो अभी गिनें ही नहीं। तब लोक परिवहन में केवल 350 सिटी बसें हैं। 20 हजार ऑटो रिक्शा व 8 हजार ई-रिक्शा हैं। 20 लाख पंजीकृत कार-दोपहिया में से यदि 5 लाख भी इंदौर की सड़क पर चलते होंगे तो कल्पना कर लीजिए कि शहर में यातायात का किस कदर सत्यानाश होता रहेगा। वैसे, लोक परिवहन का उपयोग एक आदत होती है, जो हमारी अभी तो नहीं है। हम स्वयं के वाहन से ही आना-जाना अपनी शान समझते हैं, जबकि लंदन या यूरोप में प्रधानमंत्री, मंत्री, मेयर, अधिकारी, करोड़पति, सेलिब्रिटी भी मेट्रो में सफर कर लेते हैं। (क्रमश:)। लेखक स्वतंत्र पत्रकार हैं।

वेब दुनिया 13 Jul 2026 1:29 pm

बैंकॉक के बार में भीषण आग, 27 लोगों की मौत, 22 की हालत गंभीर

बैंकॉक। थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक के मनोरम चतुचक जिले में रविवार देर रात एक बार में भीषण आग लगने से कम से कम 27 लोगों की मौत हो गई, जबकि 22 अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। बैंकॉक पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार 63 से अधिक घायलों का विभिन्न अस्पतालों में उपचार चल रहा है। […] The post बैंकॉक के बार में भीषण आग, 27 लोगों की मौत, 22 की हालत गंभीर appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 13 Jul 2026 1:23 pm

यामल बनाम एमबाप्पे, क्या स्पेन रोक पाएगा फ्रांस के विश्वकप फाइनल जाने का सिलसिला?

फीफा विश्वकप में फ्रांस की टीम बेहतरीन दिखाई दी है। अगर सेनेगल का मैच हटा दे तो हर मैच में टीम का दबदबा रहा है। वहीं स्पेन की बात करें तो टीम ने सातवें मुकाबले में अपना पहला गोल खाया था। मतलब मंगलवार को पहले सेमीफाइनल का मुकाबला बेहतरीन आक्रमण पंक्ति और सुदृढ रक्षात्मक पंक्ति के बीच होगा। फ्रांस एमबाप्पे के प्रदर्शन के कारण लगातार तीसरी बार सेमीफाइनल में पहुंचा अगर वह फाइनल जीत जाता है तो लगातार 3 बार फाइनल पहुंचने वाली टीम भी वह बन जाएगा। फ्रांस ने 2022 में अर्जेंटीना से हारने से पहले रूस में खेले गए विश्वकप में क्रोएशिया को मात देकर खिताब पाया था। France's route to the Semi-final #FIFAWorldCup pic.twitter.com/3c7PbsiCjj — FIFA World Cup (@FIFAWorldCup) July 12, 2026 लेकिन इस बार उसके सामने खड़ी है स्पेन जो कई मौकों पर फ्रांस के सामने बड़े मुकाबले में आकर खड़ी हो जाती है। इन दोनों टीमों का मुकाबला अक्सर टूर्नामेंट के ऐसे ही मोड़ पर होता है।फ्रांस जब विश्व कप फुटबॉल टूर्नामेंट के पहले सेमीफाइनल में स्पेन का सामना करेगा तो दिग्गज खिलाड़ी किलियन एमबाप्पे और युवा स्ट्राइकर लामिन यामल के बीच रोचक जंग देखने को मिल सकती है। फ्रांस और स्पेन किसी बड़ी प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में फिर से आमने-सामने होंगे। यह दोनों टीम दो साल पहले यूरोपीय चैंपियनशिप में एक दूसरे से भिड़ी थीं।स्पेन ने उस मैच में 2-1 से जीत हासिल की थी। उस मैच में यामल ने गोल किया था जो तब 16 वर्ष के थे। स्पेन ने फाइनल में इंग्लैंड को हराकर यूरो कप का खिताब अपने नाम किया। Spain's route to the Semi-final #FIFAWorldCup pic.twitter.com/os0ksOZMOG — FIFA World Cup (@FIFAWorldCup) July 12, 2026 नाक में चोट लगने के बाद एमबाप्पे उस टूर्नामेंट में खास कमाल नहीं दिखा पाए थे जबकि माइकल ओलिस और डेसिरे डोए जैसे उभरते सितारों को अभी सफलता हासिल करनी बाकी थी।दो साल बाद फ्रांस को मौजूदा विश्व कप की सबसे प्रभावशाली टीम माना जा रहा है जिसकी अग्रिम पंक्ति में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं। सबकी निगाह हालांकि एमबाप्पे पर टिकी रहेगी जिन्होंने अभी तक टूर्नामेंट में संयुक्त रूप से सर्वाधिक गोल किए हैं। स्पेन को टूर्नामेंट में आने से पहले यामल और साथी विंगर निको विलियम्स की चोटों से जूझना पड़ा। स्पेन को पिछले दो दौर में पुर्तगाल और बेल्जियम को हराने के लिए स्थानापन्न खिलाड़ी मिकेल मेरिनो के अंतिम क्षणों में किए गए गोल पर निर्भर रहना पड़ा।विश्व कप या यूरो कप में ये दोनों देश कई बार आमने-सामने आ चुके हैं। यूरो कप 1984 के फाइनल में फ्रांस ने स्पेन को हराया था।

वेब दुनिया 13 Jul 2026 1:20 pm

आमिर खान-गौरी स्प्रैट की शादी बनी राजनीतिक मुद्दा, नितेश राणे बोले- क्या इसे लव जिहाद का उदाहरण माना जाए?

आमिर खान-गौरी स्प्रैट की शादी बनी राजनीतिक मुद्दा, नितेश राणे बोले- 'क्या इसे लव जिहाद का उदाहरण माना जाए बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान की तीसरी शादी अब सिर्फ निजी जिंदगी की खबर नहीं रह गई है, बल्कि इस पर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे ने आमिर खान और गौरी स्प्रैट की शादी को लेकर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने पूछा कि क्या इस तरह के मामलों को ‘लव जिहाद’ के उदाहरण के तौर पर देखा जाना चाहिए। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। नितेश राणे ने सेलिब्रिटीज को लेकर कही बड़ी बात अहिल्यानगर जिले के शिरडी में एक कार्यक्रम के दौरान नितेश राणे ने कहा कि जब बड़ी हस्तियां अपनी निजी जिंदगी में इस तरह के फैसले लेती हैं, तो समाज को इस पर विचार करना चाहिए। उन्होंने हिंदू समुदाय के लोगों से अपील की कि वे किसी भी सेलिब्रिटी को समर्थन देने से पहले सोच-समझकर फैसला लें। राणे ने सवाल उठाते हुए कहा कि ‘लव जिहाद’ का चेहरा कौन है और क्या आमिर खान इस तरह की चर्चा का हिस्सा नहीं बन रहे हैं? उन्होंने कहा कि जो युवा उनकी फिल्मों को देखते हैं और उन्हें बड़ा स्टार बनाते हैं, उन्हें भी ऐसे मामलों पर अपनी राय बनाते समय सोचने की जरूरत है। फिल्मों के बहिष्कार को लेकर भी दिया बयान मंत्री नितेश राणे ने यह भी कहा कि लोगों को यह तय करना चाहिए कि वे किन हस्तियों को अपना समर्थन देना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग ऐसी हस्तियों को सेलिब्रिटी का दर्जा देते हैं, उन्हें अपने फैसलों और सोच पर दोबारा विचार करना चाहिए। 5 जुलाई को आमिर खान ने की तीसरी शादी गौरतलब है कि अभिनेता आमिर खान ने 5 जुलाई को मुंबई के बांद्रा स्थित अपने पाली हिल आवास पर एक निजी समारोह में शादी की थी। उन्होंने वेलनेस और ब्यूटी प्रोफेशनल गौरी स्प्रैट के साथ नई जिंदगी की शुरुआत की। दोनों शादी से पहले करीब एक साल तक रिलेशनशिप में थे। रीना दत्ता और किरण राव के बाद गौरी बनीं आमिर की जीवनसाथी आमिर खान की यह तीसरी शादी है। इससे पहले उन्होंने रीना दत्ता से पहली शादी की थी। इसके बाद उन्होंने फिल्ममेकर किरण राव से दूसरी शादी की, लेकिन बाद में दोनों का तलाक हो गया। अब आमिर खान ने गौरी स्प्रैट के साथ तीसरी शादी की है।

वेब दुनिया 13 Jul 2026 1:05 pm

गुप्त नवरात्रि 2026: पहले दिन कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त, जानें पूजा का सही समय

साल 2026 में आषाढ़ माह की गुप्त नवरात्रि 15 जुलाई, 2026, दिन बुधवार से शुरू होकर 23 जुलाई, 2026, दिन गुरुवार तक रहेगी। इस नवरात्रि में साधना का खास महत्व माना गया है। यदि आप पूजा और साधना करने जा रहे हैं तो जानिए कलश स्थापना और पूजा का शुभ मुहूर्त। कलश,तिथि,घटस्थापना मुहूर्त: कलश और घटस्थापना मुहूर्त: सुबह 06:09 बजे से 10:33 तक। पूजा का शुभ मुहूर्त: दिन में 10:49 से 12:30 तक, शाम को 5:33 से 7:15 और 8:37 से 9:56 तक। प्रतिपदा तिथि प्रारम्भ- 14 जुलाई 2026 को मध्यरात्रि 03:12 बजे से। प्रतिपदा तिथि समाप्त- 15 जुलाई 2026 को सुबह 11:50 बजे तक। नवरात्रि की शुरुआत: कैसे करें सही समय पर घटस्थापना और क्यों जरूरी हैं नियम? शारदीय हो या गुप्त, नवरात्रि की नौ दिवसीय दिव्य उत्सव का आगाज़ 'घटस्थापना' (जिसे हम कलश स्थापना भी कहते हैं) के साथ होता है। यह सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि साक्षात आदि शक्ति माँ दुर्गा का अपने घर में आह्वान करने का सबसे पवित्र अनुष्ठान है। हमारे शास्त्रों में इसके लिए बेहद कड़े और स्पष्ट नियम बताए गए हैं, क्योंकि माना जाता है कि गलत समय पर की गई घटस्थापना से देवी मां रुष्ट भी हो सकती हैं। इसीलिए, अमावस्या के दिन और रात के समय कलश स्थापना करना पूरी तरह वर्जित है। मूर्हत का सही गणित: कब करें स्थापना? कलश स्थापना के लिए समय का सही चुनाव करना बेहद जरूरी है। इसके लिए शास्त्रों में कुछ विशेष नियम तय किए गए हैं: प्रतिपदा का पहला तिहाई भाग: प्रतिपदा तिथि के दिन का शुरुआती एक-तिहाई हिस्सा घटस्थापना के लिए सबसे उत्तम और फलदायी माना जाता है। अभिजित मुहूर्त का विकल्प: यदि किसी कारणवश आप सुबह के शुभ समय में स्थापना न कर पाएं, तो दोपहर का 'अभिजित मुहूर्त' सबसे श्रेष्ठ बैकअप प्लान है। मध्याह्न से पहले का नियम: सबसे जरूरी बात यह ध्यान रखनी चाहिए कि घटस्थापना हमेशा हिंदू मध्याह्न (दोपहर) से पहले, प्रतिपदा तिथि रहते ही कर ली जाए। नक्षत्र, योग और लग्न का खास तालमेल मुहूर्त की गणना करते समय ज्योतिषीय पहलुओं का भी पूरा ध्यान रखा जाता है: किसे टालें: कलश स्थापना के समय 'चित्रा नक्षत्र' और 'वैधृति योग' को टालने की सलाह दी जाती है। हालांकि ये पूरी तरह प्रतिबंधित नहीं हैं, फिर भी इनसे बचना बेहतर माना जाता है। द्वि-स्वभाव लग्न (कन्या लग्न): ज्योतिष में शुभ काम के लिए द्वि-स्वभाव लग्न को प्राथमिकता दी जाती है। शारदीय नवरात्रि के दौरान सूर्योदय के समय कन्या लग्न (जो कि द्वि-स्वभाव लग्न है) प्रभावी होता है। इसलिए यदि समय अनुकूल हो, तो इसी लग्न में घटस्थापना करना बेहद शुभ होता है। भूलकर भी इन समयों पर न करें कलश स्थापना शास्त्रों के अनुसार, कुछ समय ऐसे होते हैं जब शुभ शक्तियां सुप्त होती हैं या उनका प्रभाव कम होता है। इसलिए निम्नलिखित समय पर घटस्थापना कभी न करें: दोपहर का समय (मध्याह्नकाल) रात्रि का समय सूर्योदय होने के बाद के 16 घटी (लगभग 6 घंटे 24 मिनट) बीत जाने के बाद का समय। (नोट: यदि आप इस वर्ष की आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की योजना बना रहे हैं, तो इसके लिए आप संपूर्ण आषाढ़ गुप्त नवरात्रि कैलेंडर की मदद से सटीक तिथियां देख सकते हैं।)

वेब दुनिया 13 Jul 2026 12:53 pm

पर्यावरण संरक्षण की मिसाल: 35 स्थानीय प्रजातियों के पौधे रोपकर अहमदाबाद ने स्थापित किया वैश्विक कीर्तिमान

पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के संकल्प को साकार करने के लिए अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (AMC) ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। अहमदाबाद के भाड़ज इलाके में आयोजित एक महा-अभियान के तहत, महज एक घंटे के भीतर मियावाकी पद्धति से 3 लाख 61 हजार से अधिक पौधे लगाकर 'गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड' (Guinness World Record) स्थापित किया गया है। लगभग 91,006 वर्ग मीटर के विशाल क्षेत्र में चलाया गया यह अभियान शहर के पर्यावरणीय विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा। यह ऐतिहासिक वृक्षारोपण अभियान केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री तथा गांधीनगर लोकसभा के सांसद अमित शाह की गरिमामयी उपस्थिति और मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। इस अवसर पर राज्य के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष, शहरी विकास मंत्री, अहमदाबाद के मेयर, मुख्य सचिव और म्युनिसिपल कमिश्नर सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी और अधिकारी उपस्थित थे। उत्तर-पश्चिम जोन के थलतेज वार्ड में गोता-गोधवी कैनाल के पास स्थित इस स्थल पर सभी गणमान्य लोगों ने खुद पौधा लगाकर अपना अमूल्य योगदान दिया। 25 हजार से अधिक स्वयंसेवकों की सक्रिय जनभागीदारी इस महा-अभियान की भव्य सफलता के पीछे एक अनुकरणीय जनभागीदारी रही। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए AMC के सभी विभागों के कर्मचारियों के साथ-साथ स्कूल बोर्ड, BAPS संस्था, CREDAI, पुलिस स्टाफ, NCC के छात्र और विभिन्न शैक्षणिक व सामाजिक संगठनों (NGOs) ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कुल 25,000 से अधिक उत्साही स्वयंसेवकों और पर्यावरण-प्रेमी नागरिकों ने एक साथ मिलकर श्रमदान किया और इस रिकॉर्ड-ब्रेकिंग अभियान को हकीकत में बदला। मियावाकी पद्धति और 35 स्थानीय प्रजातियों का बेहतरीन समन्वय इस वृक्षारोपण अभियान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें जापानी 'मियावाकी पद्धति' का उपयोग किया गया है, जो बहुत कम समय में घने जंगल तैयार करने के लिए जानी जाती है। इसके तहत पर्यावरण के अनुकूल करीब 35 स्थानीय (Indigenous) प्रजातियों के पौधे रोपे गए हैं। ये स्वदेशी पेड़ भविष्य में जैव विविधता के संरक्षण, वायु प्रदूषण में कमी, कार्बन सोखने, तापमान नियंत्रण और शहर के ग्रीन कवर को बढ़ाने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। सतत शहरी विकास और वैश्विक स्तर पर मिली नई पहचान अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन द्वारा आयोजित यह वैश्विक रिकॉर्ड केवल एक दिन के कार्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों को एक स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण सौंपने के दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। इस अभियान के जरिए अहमदाबाद ने वैश्विक स्तर पर पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अपनी एक मजबूत और नई पहचान बनाई है। जनभागीदारी और प्रशासन के इस बेहतरीन तालमेल से लिया गया यह कदम अहमदाबाद को अधिक हरा-भरा, स्वच्छ और सतत (Sustainable) शहर बनाने की दिशा में आगे ले जाएगा।

वेब दुनिया 13 Jul 2026 11:27 am

सुप्रीम कोर्ट की घटना पर जस्टिस मार्कंडेय काटजू: न्यायपालिका में घटते जनविश्वास और न्यायिक स्वतंत्रता पर गंभीर सवाल

जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने सुप्रीम कोर्ट की हालिया घटना की निंदा करते हुए न्यायपालिका में घटते जनविश्वास, न्यायिक स्वतंत्रता और न्याय व्यवस्था की चुनौतियों पर अपने विचार रखे हैं

हस्तक्षेप 13 Jul 2026 11:05 am

Monsoon Health Tips: बारिश में फिट कैसे रहें?

Monsoon Immunity Tips: बारिश का मौसम जहां एक ओर भीषण गर्मी से राहत देता है, वहीं दूसरी ओर यह कई मौसमी बीमारियों और संक्रमणों का खतरा भी बढ़ा देता है। विशेष रूप से मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी मच्छरजनित बीमारियां मानसून के दौरान तेजी से फैल सकती हैं। बारिश के कारण जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल वातावरण बन जाता है, जिससे संक्रमण का जोखिम बढ़ जाता है। ऐसे में केवल स्वादिष्ट मानसूनी व्यंजनों का आनंद लेना ही नहीं, बल्कि अपनी सेहत और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है। ALSO READ: बरसात के मौसम में ये 5 आसान योगासन कर सकते हैं आपकी इम्युनिटी की रक्षा अगर आप भी इस मानूसन में बीमार पड़ने के बजाय रिमझिम फुहारों का लुत्फ उठाना चाहते हैं, तो इन 5 आसान टिप्स को अपनाकर आप खुद को बिल्कुल फिट रख सकते हैं: 1. डाइट में करें थोड़ा बदलाव यानी खान-पान पर कंट्रोल बारिश के मौसम में पकौड़े और चाट-पकौड़ी खाने का मन सबसे ज्यादा करता है, लेकिन यही सबसे बड़ी गलती होती है। स्ट्रीट फूड से तौबा: इस मौसम में बाहर का खुला खाना, कटी हुई सब्जियां, फल और गंदा पानी 'टायफायड' और 'डायरिया' जैसी बीमारियों का कारण बनते हैं। इसलिए बाहर खाने से बचें। हरी पत्तेदार सब्जियों को कहें 'ना': बारिश में पालक, मेथी, बंदगोभी जैसी पत्तेदार सब्जियों में कीड़े और बैक्टीरिया पनपने का खतरा सबसे ज्यादा होता है। अगर खाएं भी, तो उन्हें गुनगुने पानी और नमक से अच्छी तरह धोकर, उबालकर ही खाएं। इम्यूनिटी बूस्टर अपनाएं: अपनी चाय या काढ़े में अदरक, तुलसी, काली मिर्च, लौंग और हल्दी का इस्तेमाल बढ़ा दें। 2. पानी उबालकर ही पीएं मानसून में जल जनित रोग बहुत तेजी से फैलते हैं क्योंकि इस मौसम में पीने के पानी के सोर्स जल्दी दूषित हो जाते हैं। हमेशा पानी को उबालकर और छानकर पीएं। अगर आप ट्रेवल कर रहे हैं, तो केवल सीलबंद भरोसेमंद ब्रांड का ही पानी पीएं। शरीर को हाइड्रेटेड रखना इस मौसम में भी उतना ही जरूरी है जितना गर्मी में। 3. पर्सनल हाइजीन/ व्यक्तिगत स्वच्छता का रखें खास ध्यान नमी के कारण इस मौसम में फंगल इन्फेक्शन और स्किन एलर्जी बहुत आम हो जाती है। भीगने पर तुरंत नहाएं: अगर आप बारिश के पानी में भीग गए हैं, तो घर आकर साफ पानी और एंटी-बैक्टीरियल साबुन से तुरंत नहाएं और खुद को अच्छी तरह सुखाएं। गीले कपड़े और जूते न पहनें: कपड़ों या जूतों में थोड़ी भी नमी हो, तो उन्हें न पहनें। फंगल इन्फेक्शन से बचने के लिए पैरों को साफ और सूखा रखें। एक छोटा सा मंत्र: इस मौसम में 'ताजा खाएं, उबला पानी पीएं और एक्टिव रहें'। मानसून का मजा तभी है जब आपकी सेहत एकदम चकाचक हो! 4. घर के अंदर ही करें वर्कआउट बारिश की वजह से अक्सर मॉर्निंग वॉक या जिम जाना छूट जाता है, जिससे लोग सुस्त महसूस करने लगते हैं। लेकिन फिटनेस से नो कॉम्प्रोमाइज! अगर बाहर बारिश हो रही है, तो घर के अंदर ही योग, स्ट्रेचिंग, जुम्बा या स्किपिंग/ रस्सी कूदना जैसे कार्य करें। आप 20-30 मिनट का कोई भी होम वर्कआउट यूट्यूब की मदद से कर सकते हैं। इससे आपका मेटाबॉलिज्म सही रहेगा और वजन भी कंट्रोल में रहेगा। 5. मच्छरों से रहें सावधान मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी खतरनाक बीमारियां मानसून की ही देन हैं क्योंकि जमा पानी में मच्छर तेजी से अंडे देते हैं। अपने घर के आसपास, कूलरों में, गमलों या टायरों में पानी जमा न होने दें। सोते समय मच्छरदानी या मॉस्किटो रिपेलेंटका इस्तेमाल जरूर करें। पूरी आस्तीनके कपड़े पहनें। ALSO READ: Monsoon Special Recipes: मानसून की 5 बेहतरीन रेसिपीज, देखते ही मुंह में आ जाएगा पानी अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

वेब दुनिया 13 Jul 2026 9:20 am

14 साल पहले 'कॉकटेल' ने बदली थी दीपिका पादुकोण की किस्मत, वेरोनिका आज भी है फैंस की फेवरेट

बॉलीवुड एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण, सैफ अली खान और डायना पेंटी स्टारर फिल्म 'कॉकटेल' को रिलीज हुए 14 साल पूरे हो गए हैं। दीपिका पादुकोण ने होमी अदजानिया द्वारा डायरेक्टेड फिल्म 'कॉकटेल' में रिबेलियस वेरोनिका की भूमिका निभाकर सभी को चौंका दिया था। यह परफॉर्मेंस उनके बेहतरीन करियर की सबसे खूबसूरत और वर्सेटाइल किरदारों में से एक माना जाता है। यह खास भूमिका दीपिका पादुकोण के करियर में एक अहम मोड़ साबित हुई और यह उनकी सबसे यादगार परफॉर्मेंस में से एक बन गई। पेचीदा किरदार होने के बावजूद, दीपिका के वेरोनिका के किरदार में मौजूद रॉ, परफेक्ट न होने ने दर्शकों के साथ गहरा जुड़ाव बनाया है, और यही वाह सारी चीजें हैं जिसने फिल्म को सबसे यादगार किरदारों में से एक बना दिया है। ALSO READ: ब्लैक लहंगे में जाह्नवी कपूर का कातिलाना अंदाज, डीप-नेक ब्लाउज ने लूटी महफिल वेरोनिका एक कॉम्प्लिकेटेड इंसान थीं। उसके माता-पिता और अब तक के पार्टनर्स ने उसके साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया था, और समाज ने उसे 'ईजी गर्ल' का नाम दे दिया था। इन निर्णयों से बचने और अपने कोमल, संवेदनशील स्वभाव को फिर से खोजने की उसकी कहानी ने उसे दर्शकों से रिलेट करने वाला और दिलचस्प बना दिया। लोगों को दीपिका की परफॉर्मेंस बहुत पसंद आई, क्योंकि उसमें हंसी, संवेदनशीलता और आत्मविश्वास का बेहतरीन मेल था। फिल्म में उन्होंने एक ऐसी महिला का किरदार निभाया जिसे समाज ने धोखा दिया, लेकिन वह अपने अनोखे तरीके से लड़ने के लिए तैयार थी। यह किरदार हर किसी के साथ कनेक्ट करता है, चाहे उनकी उम्र, समय या लिंग कुछ भी हो। दिलचस्प बात यह है कि दीपिका को पहले शांत स्वभाव वाली मीरा का किरदार निभाने का ऑफर मिला था, लेकिन उन्होंने अपनी सूझबूझ पर भरोसा किया और वेरोनिका का किरदार निभाने का फैसला किया। उनका यह फैसला ने उनके करियर के लिए न सिर्फ बेहतर बल्कि बड़ा टर्निंग प्वाइंट भी साबित हुआ। इस किरदार के बारे में एक बार बात करते हुए दीपिका पादुकोण ने एक इंटरव्यू में कहा था, मेरा हमेशा से मानना ​​रहा है कि जब आप अपने हर किरदार में खुद का एक छोटा सा हिस्सा डालते हैं, तो आप उस किरदार का एक हिस्सा हमेशा अपने साथ रखते हैं। और इसलिए, वेरोनिका हमेशा मेरे द्वारा स्क्रीन पर निभाए गए सबसे खास किरदारों में से एक रहेगी; एक ऐसा किरदार जिसने मेरे लिए प्रोफेशनल रूप से बहुत कुछ बदला और मुझे पर्सनली प्रभावित किया। आज की तारीख में दीपिका पादुकोण भारत की सबसे बड़ी फीमेल स्टार और एक ग्लोबल आइकॉन हैं। फिल्म कॉकटेल ने उनके करियर को बदल दिया और एक एक्टर के रूप में उनकी वर्सेटिलिटी को दिखाया, जिससे साबित हुआ कि वह इंडस्ट्री की सबसे टैलेंटेड और एक्टिव स्टार्स में से एक हैं।

वेब दुनिया 13 Jul 2026 7:30 am

4 बड़े बच्चों की मां नहीं बनना चाहती थीं हेमा मालिनी, मां के कहने पर साइन की थी 'बागबान'

बॉलीवुड की 'ड्रीम गर्ल' यानी हेमा मालिनी ने अपने दशकों लंबे करियर में एक से बढ़कर एक सुपरहिट फिल्में दी हैं। उन्होंने पर्दे पर जो भी किरदार निभाया, उसे हमेशा के लिए अमर कर दिया। लेकिन क्या आप जानते हैं कि उनके करियर की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में से एक 'बागबान' (2003) को हेमा मालिनी लगभग रिजेक्ट करने वाली थीं? हेमा मालिनी इस फिल्म में काम करने के मूड में बिल्कुल नहीं थीं। आइए जानते हैं उस दिलचस्प किस्से के बारे में, जिसने हेमा मालिनी के करियर को एक नया मोड़ दे दिया। ALSO READ: 'धमाल 4' की कमाई में दूसरे दिन 50% का उछाल, शनिवार को किया इतना बॉक्स ऑफिस कलेक्शन साल 2003 में जब निर्देशक रवि चोपड़ा पारिवारिक ड्रामा फिल्म 'बागबान' की स्क्रिप्ट लेकर हेमा मालिनी के पास पहुंचे, तो कहानी सुनकर हेमा असमंजस में पड़ गईं। दरअसल, हेमा मालिनी लंबे समय के बाद बड़े पर्दे पर वापसी करने जा रही थीं। एक इंटरव्यू में इस बात का खुलासा करते हुए हेमा मालिनी ने बताया था, जब रवि चोपड़ा मुझे 'बागबान' की कहानी सुना रहे थे, तो मेरी मां (जया चक्रवर्ती) भी वहीं बैठी हुई थीं। कहानी सुनने के बाद मैंने अपनी मां से धीरे से कहा कि इसमें तो 4 इतने बड़े लड़कों की मां का रोल है, मैं भला यह कैसे कर सकती हूं? लंबे समय बाद वापसी करते हुए मुझे इस तरह के रोल से शुरुआत क्यों करनी चाहिए? हेमा मालिनी को डर था कि इतने बड़े बच्चों की मां का किरदार निभाने से उनकी 'ड्रीम गर्ल' वाली इमेज पर असर पड़ सकता है। हेमा मालिनी भले ही इस रोल को लेकर तैयार नहीं थीं, लेकिन उनकी मां जया चक्रवर्ती को फिल्म की स्क्रिप्ट में छिपा हुआ जादू समझ आ गया था। उन्होंने तुरंत हेमा की हिचकिचाहट को खारिज कर दिया। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें हेमा मालिनी ने आगे बताया था, मेरी मां ने मुझसे कहा— 'नहीं-नहीं, तुम्हें यह फिल्म हर हाल में करनी ही होगी। इस फिल्म की कहानी बहुत खूबसूरत है और तुम्हारा किरदार बेहद दमदार है।' मां के बार-बार समझाने और उनके दबाव के बाद आखिरकार मैंने कहा, ठीक है, मैं यह फिल्म करूंगी। मल्टीस्टारर 'बागबान' और अमिताभ-हेमा की एवरग्रीन केमिस्ट्री रवि चोपड़ा के निर्देशन में बनी 'बागबान' सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा की एक कल्ट क्लासिक बन चुकी है। फिल्म में हेमा मालिनी के अपोजिट बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन नजर आए थे। सालों बाद जब यह जोड़ी स्क्रीन पर लौटी, तो उनकी केमिस्ट्री ने आग लगा दी।

वेब दुनिया 13 Jul 2026 7:02 am

1 साल में 1300% रिटर्न, ऑफिस की जगह फोटोकॉपी शॉप:पेनी स्टॉक्स वाली 6 कंपनियों की पड़ताल; काम बंद, प्लांट की जमीन पर जंगल

सिर्फ एक साल में 130 से 1300% तक रिटर्न। 8 से 10 रुपए का शेयर कुछ ही महीनों में 100 रुपए के पार पहुंच गया। दैनिक भास्कर की टीम ने शेयर बाजार में लिस्टेड और भरपूर मुनाफा देने वाली गुजरात की ऐसी 6 कंपनियों की पहचान की और उनके रजिस्टर्ड पते पर पहुंची। वहां जो मिला, उसने कई सवाल खड़े कर दिए। जिन कंपनियों के शेयर रॉकेट की तरह भाग रहे थे, कहीं उनके बंद ऑफिस मिले, कहीं वीरान प्लॉट और कहीं फोटोकॉपी की दुकान। इन सभी कंपनियों के रजिस्टर्ड ऑफिस और कुछ के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट गुजरात में ही हैं। बाजार की भाषा में जिन शेयरों को पेनी स्टॉक कहा जाता है, उनमें संदिग्ध तरीके से भारी उतार-चढ़ाव दिखा। इन कंपनियों में प्रमोटर होल्डिंग में भी चौंकाने वाले बदलाव दिखे हैं। स्टॉक मार्केट के डेटा का एनालिसिस करने वाली वेबसाइट Screeners से मिले आंकड़ों को देखने के बाद कई सवाल खड़े हुए। इस इन्वेस्टिगेशन में जो पता चला, वह शेयर बाजार में पैसा लगाने वाले छोटे-बड़े निवेशकों के लिए जानना और समझना जरूरी है। हो सकता है कि इन कंपनियों के शेयर आपके पोर्टफोलियो में भी हों। ऐसा होने पर आपकी कमाई जोखिम में पड़ सकती है। 1. सप्तक केमिकल: ऑफिस की जगह फोटोकॉपी की दुकान एक साल में निवेशकों का पैसा 1300 गुना करने वाली कंपनी सप्तक केमिकल का रजिस्टर्ड ऑफिस आधिकारिक दस्तावेजों के मुताबिक, तीर्थस्थान डाकोर के मोहन चेंबर कॉम्प्लेक्स में है। कागजों पर यह केमिकल कंपनी है, लेकिन मोहन चेंबर की दुकान नंबर-3 पर पहुंचते ही हैरानी हुई। वहां न कोई कॉर्पोरेट ऑफिस था और न ही फैक्ट्री। वहां 'चामुंडा जेरॉक्स' नाम की एक दुकान थी, जो बंद मिली। बोर्ड पर लिखे नंबर के आधार पर दुकान के मालिक जिग्नेश भावसार से संपर्क किया गया। वे मौके पर पहुंचे और सप्तक केमिकल्स के बारे में जो जानकारी दी, उसने एक अलग तस्वीर सामने रख दी। जिग्नेशभाई ने बताया, ‘वे लोग कभी यहां आते नहीं थे। करीब 5 साल बाद बार-बार सरकारी जांच होने लगी, तो मैंने जगह देने से मना कर दिया। इसके बाद किराया भी बंद हो गया। इसके बावजूद सरकारी रिकॉर्ड में आज भी यही पता दर्ज है। करीब छह महीने पहले दिल्ली से भी अधिकारी जांच के लिए आए थे।’ सवाल यह है कि जिस कंपनी के ऑफिस की जगह 88 फीट की फोटोकॉपी की दुकान हो, जहां कोई कर्मचारी नहीं हो, कोई कारोबार नहीं हो, वह कंपनी एक साल में 1300% का रिटर्न कैसे दे सकती है? आखिर एक केमिकल कंपनी का ऐसा कौन-सा बिजनेस मॉडल है। इतना ही नहीं, पिछले एक साल में कंपनी के प्रमोटरों ने भी अपने हिस्से के शेयर बेचना शुरू कर दिया है। मार्च 2026 के आंकड़ों के अनुसार कंपनी में प्रमोटरों की हिस्सेदारी घटकर करीब 12.5% रह गई है। बाकी हिस्सेदारी आम शेयरधारकों के पास है। यह तो सिर्फ शुरुआत थी। हमारी टीम जैसे-जैसे गुजरात के अलग-अलग जिलों में दूसरी कंपनियों के ऑफिस और प्लांट के पते पर पहुंची, नए खुलासे होते गए। हमारी लिस्ट में अगली कंपनी थी उमिया ट्यूब्स। 2. उमिया ट्यूब्स: ट्यूब बनाने वाली कंपनी के पते पर जंगल कंपनी के रजिस्टर्ड प्लांट का पता साबरकांठा जिले के तलोद के पास तोरणिया गांव का था। उम्मीद थी कि यहां ट्यूब बनाने का बड़ा प्लांट होगा, जहां भारी मशीनरी भी देखने को मिलेगी। मौके पर पहुंचने के बाद लगा जैसे रास्ता ही गलत आ गए हों। वहां कोई फैक्ट्री नहीं थी। आसपास के लोगों से पूछताछ में पता चला कि जिस वीरान जमीन पर कांटेदार झाड़ियां और बबूल उगे हुए थे, इसी जमीन पर कागजों में उमिया ट्यूब्स का प्लांट दर्ज है। यहां से हमारी टीम कंपनी के रजिस्टर्ड ऑफिस पहुंची। गांधीनगर के सेक्टर-11 में बने ऑफिस के बाहर कंपनी का छोटा सा बोर्ड लगा था, लेकिन शटर पर ताला मिला। ऑफिस का बड़ा हिस्सा पार्टीशन करके किसी और को ऑफिस के लिए किराए पर दिया गया था। प्रमोटरों ने तीन साल में 46% शेयर बेचे पास के ऑफिस में मौजूद एक शख्स से इस बारे में सवाल किया। उसने कहा कि ऑफिस और प्लांट कहीं और शिफ्ट हो गए हैं, लेकिन डॉक्युमेंट अब भी यहीं आते हैं। अब इस कंपनी के शेयर में आए संदिग्ध बदलाव को नीचे दिए गए ग्राफिक्स के जरिए समझिए। फिलहाल उमिया ट्यूब्स में प्रमोटरों की हिस्सेदारी घटकर करीब 4% रह गई है, जबकि लगभग 96% शेयर आम निवेशकों के पास हैं। सितंबर 2023 में प्रमोटरों की हिस्सेदारी करीब 50% थी। ऐसे में ढाई साल के भीतर इतना बड़ा बदलाव आखिर क्यों आया? जब प्लांट और रजिस्टर्ड ऑफिस के नाम पर कुछ भी नहीं मिला, तो यह कंपनी शेयर बाजार में करीब 175% का रिटर्न कैसे दे रही है, यह एक गंभीर सवाल है। 3. संगीनीता केमिकल्स: सिक्योरिटी गार्ड ने बताया, प्लांट तीन महीने से बंद संगीनीता केमिकल्स का प्लांट गांधीनगर जिले के छत्राल GIDC फेज-4 में है। वहां पहुंचने पर पिछली दो कंपनियों की तरह ही मेन गेट पर ताला लटका मिला। पास ही एक दुकान थी। कंपनी के बारे में पूछने पर दुकानदार ने बताया कि कंपनी कुछ समय पहले ही बंद हो चुकी है। कैंपस के अंदर सिर्फ एक सिक्योरिटी गार्ड था। उसने भी कहा कि कंपनी का प्लांट पिछले तीन महीनों से बंद है। यहां कोई कामकाज नहीं हो रहा। ऑफिस में 4-5 कर्मचारी, अधिकारी बोले- 10 दिन बाद आना इसके बाद टीम गांधीनगर के सेक्टर-11 में कंपनी के रजिस्टर्ड ऑफिस पहुंची। वहां चार-पांच कर्मचारी मौजूद थे, लेकिन मुख्य चेंबर खाली था। कर्मचारियों ने कंपनी के कामकाज से जुड़े किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया। स्टाफ ने हमारी बात अपने एक सीनियर अधिकारी से फोन पर कराई। हमने कंपनी की मौजूदा स्थिति के बारे में सवाल किए। फोन पर बात करने वाले अधिकारी ने कहा, ‘फिलहाल इस पर बात नहीं कर सकता। आप 10 दिन बाद आइए।’ इसके बाद उन्होंने फोन काट दिया। इतना ही नहीं, कर्मचारियों ने उस अधिकारी का नंबर भी नहीं दिया। ध्यान देने वाली बात यह है कि छत्राल में संगीनीता केमिकल्स का प्लांट बंद है। कंपनी की तिमाही बिक्री में 29.36% की गिरावट दर्ज हुई है, इसके बावजूद शेयर बाजार में इसका शेयर लगातार ऊपर जा रहा है। वहीं प्रमोटरों की हिस्सेदारी भी घटकर सिर्फ 25% रह गई है। पहले यह करीब 60% थी। 4. AVI पॉलिमर्स: दरवाजे पर ताला और मकड़ी के जाले कागजों में AVI पॉलिमर्स का ऑफिस अहमदाबाद के पॉश इलाके वस्त्रापुर के नालंदा कॉम्प्लेक्स में दर्ज है। हमारी टीम वहां पहुंची तो ऑफिस के गेट पर मकड़ी के जाले लगे थे। पहली नजर में ही ऐसा लगा कि यह ऑफिस कई साल से नहीं खुला है। दरवाजे पर एक पर्ची लगी थी, जिस पर लिखा था कि यहां आने वाले सभी दस्तावेज ऑफिस नंबर-96 में जमा कराएं। इसके बाद हमारी टीम ऑफिस नंबर-96 पहुंची। वहां मौजूद स्टाफ ने हमें ग्राहक समझते हुए पूछा, ‘क्या आप ऑफिस किराये पर लेने आए हैं।’ हमने कंपनी के बारे में पूछा तो उन्होंने मालिक का मोबाइल नंबर दिया। मालिक से बात हुई तो उन्होंने कंपनी के बारे में चौंकाने वाला जवाब दिया। उन्होंने कहा, ‘यह कंपनी तो काफी समय पहले बंद हो चुकी है।’ कंपनी में प्रमोटरों की हिस्सेदारी सिर्फ 1% के आसपास रह गई है, यानी मालिक लगभग पूरी तरह कंपनी से बाहर निकल चुके हैं। इसके बावजूद रिकॉर्ड में कंपनी का तिमाही लाभ (प्रॉफिट वैरिएशन) 1283.78% दर्शाया गया है और शेयर ने 143.45% का रिटर्न दिया है। 5. केस्टोरा एग्री: एक ही पते पर दो-दो कंपनियां अहमदाबाद के नवरंगपुरा स्थित निर्माण कॉम्प्लेक्स में केस्टोरा एग्री कमोडिटीज का ऑफिस होने का जिक्र आधिकारिक दस्तावेजों में है। हमारी टीम वहां पहुंची तो ऑफिस के बाहर लगे बोर्ड पर केस्टोरा एग्री के साथ बड़े अक्षरों में हरिगोपाल स्टील एंड मेटल प्राइवेट लिमिटेड का भी नाम लिखा मिला। ऑफिस पर ताला भी लगा हुआ था। आसपास के लोगों ने बताया कि यह ऑफिस रेगुलर कभी खुलता ही नहीं। एग्री कमोडिटीज के नाम से चल रही इस कंपनी की तिमाही बिक्री (क्वार्टर सेल्स वैरिएशन) शून्य है, यानी कोई नया कारोबार नहीं हो रहा। इसके बावजूद शेयर बाजार में इसका शेयर लगातार तेजी से बढ़ रहा है। केस्टोरा एग्री के शेयरों से प्रमोटरों ने भी बनाई दूर सितंबर 2023 में केस्टोरा एग्री कमोडिटीज लिमिटेड में पब्लिक शेयरहोल्डिंग करीब 73% और प्रमोटर होल्डिंग लगभग 26% थी। मार्च 2026 तक स्थिति पूरी तरह बदल गई। प्रमोटरों ने ज्यादातर हिस्सेदारी बेच दी और उनके पास सिर्फ 5% शेयर बचे। वहीं 94% से ज्यादा हिस्सेदारी आम शेयरधारकों के पास पहुंच गई। 6. गुरुकृपा जेम्स: लिस्ट में सिर्फ एक कंपनी, जहां कामकाज सामान्य मिला इस लिस्ट में सिर्फ गुरुकृपा जेम्स ऐसी कंपनी थी, जिसका अहमदाबाद के आश्रम रोड स्थित चार मंजिला ऑफिस चलता हुआ मिला। वहां कर्मचारी काम करते हुए दिखाई दिए। ग्राउंड रियलिटी में सब कुछ सामान्य लगा। हालांकि वहां से जानकारी मिली कि कंपनी का नाम बदलकर अब भक्ति ज्वेल्स कर दिया गया है। इसके बावजूद शेयर बाजार में कंपनी का नाम गुरुकृपा जेम्स ही है। ध्यान देने वाली बात यह भी है कि सितंबर 2023 में कंपनी में प्रमोटर होल्डिंग करीब 40% थी, जो अब घटकर 9.76% रह गई है। वहीं तिमाही मुनाफे में 84.66% की भारी गिरावट दर्ज की गई है। इसके बावजूद कंपनी के शेयर ने एक वर्ष में 209.32% का रिटर्न दिया है। अब निवेशकों को क्या समझना चाहिए… शेयर बाजार की सामान्य धारणा है कि जिस कंपनी के भविष्य में अच्छा प्रदर्शन करने की उम्मीद होती है, उसके प्रमोटर अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर रखते हैं। यहां जिन छह कंपनियों की जांच की गई, उनमें लगातार प्रमोटर होल्डिंग घटती दिखाई दे रही है। AVI पॉलिमर्स में तो यह घटकर केवल 1.11% रह गई है। इसका सीधा अर्थ यही है कि प्रमोटरों ने अपने ज्यादातर शेयर या तो आम निवेशकों को बेच दिए हैं या फिर ऑपरेटरों के पास पहुंच गए हैं। मुनाफा और शेयर की चाल, दोनों में मेल नहीं सप्तक केमिकल का मुनाफा आधा रह गया। केस्टोरा एग्री का मुनाफा 84.72% घट गया। इसके बावजूद इन कंपनियों के शेयरों के भाव लगातार ऊंचाई पर बने हुए हैं। यह सामान्य बाजार सिद्धांत के बिल्कुल उलट स्थिति है। इतना ही नहीं, ये सभी माइक्रो-कैप कंपनियां हैं। ऐसी छोटी कंपनियों में ऑपरेटरों के लिए शेयर की कीमतों को मनचाहे तरीके से ऊपर या नीचे ले जाना आसान माना जाता है। इस इन्वेस्टिगेशन से यह स्पष्ट होता है कि ग्राउंड लेवल पर इन कंपनियों की ओर से किसी बड़े प्रोडक्शन या सक्रिय कारोबारी गतिविधि के पर्याप्त संकेत नहीं मिले। सामान्य निवेशक 100% से ज्यादा रिटर्न देखकर लालच में आकर इन शेयरों की खरीदारी करते हैं, तब कुछ ‘समझदार लोग’ ऊंचे भाव पर अपने शेयर बेचकर मुनाफा वसूल लेते हैं। बाजार की भाषा में इसे डंपिंग कहा जाता है। इसके बाद यदि शेयर में लगातार लोअर सर्किट लगने लगें तो आम निवेशकों की पूंजी फंस सकती है। ऐसी स्थिति में शेयर बेचने के लिए खरीदार तक नहीं मिलते और निवेशकों का पैसा लंबे समय तक अटकने या डूबने का जोखिम बना रहता है। दैनिक भास्कर ने 29 जून 2026 को इन सभी छह कंपनियों को ई-मेल भेजकर उनके शेयरों में दिखाई दे रहे असामान्य रुझान पर आधिकारिक जवाब मांगा था। 10 दिन से ज्यादा समय बीत जाने के बावजूद किसी भी कंपनी ने कोई जवाब नहीं दिया। हमने शेयर बाजार की गतिविधियों पर निगरानी रखने वाली संस्था SEBI को भी आधिकारिक ई-मेल आईडी पर इन कंपनियों के शेयरों में दर्ज असामान्य तेजी के बारे में जानकारी भेजी गई और पूछा गया कि इस मामले में क्या कार्रवाई की जा सकती है। SEBI की ओर से ऑटो-जनरेटेड जवाब मिला, जिसमें कहा गया कि इस तरह की शिकायत संबंधित कंपनी के शेयरधारक ही दर्ज करा सकते हैं।

दैनिक भास्कर 13 Jul 2026 5:17 am

क्या यूक्रेन से हारने वाला है रूस:क्रीमिया फिसल रहा, तेल के लिए लंबी कतारें, पुतिन बोले- मुश्किल दौर; यूक्रेन ने कैसे बाजी पलटी

24 फरवरी 2022 को रूस ने यूक्रेन पर हमला किया। दुनियाभर के मिलिट्री एक्सपर्ट्स बोले- रूस 24 घंटे के भीतर यूक्रेन को घुटनों पर ला देगा। लेकिन 4 साल, 4 महीने और 18 दिन की जंग के बाद रूस खुद बेहाल दिख रहा है। राष्ट्रपति पुतिन ने जंग के दौरान पहली बार माना कि देश मुश्किल में है। क्या छोटा-सा यूक्रेन वाकई सुपरपावर रूस को हरा देगा; मंडे मेगा स्टोरी में 4 चैप्टर्स में पूरी कहानी… **** ग्राफिक्स: द्रगचंद्र भुर्जी और विपुल शर्मा ------- ये खबर भी पढ़िए… मेलोनी की सिगरेट, पुतिन का अमर होने वाला प्लान:वर्ल्ड लीडर्स आपस में क्या बातें करते हैं; पीएम मोदी कैसे करते हैं तैयारी 16 जून 2026। G7 की सालाना बैठक से पहले अनौपचारिक बातचीत चल रही थी। इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी बोलीं- आज सुबह 3 कॉफी पीकर आई हूं। जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने फौरन पूछा- और एक सिगरेट? ये गपशप वायरल हो गई। लोगों ने देखा कि दुनिया के सबसे ताकतवर लोग भी आपस में हम-आप जैसे ही बातें करते हैं। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 13 Jul 2026 5:03 am

कतर के दिवंगत अमीर के सम्मान में भारत में सोमवार को एक दिन का राजकीय शोक

नई दिल्ली। भारत ने कतर के दिवंगत अमीर शेख हमद बिन ख़लीफ़ा अल-थानी के सम्मान में देशभर में सोमवार को एक दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। कतर के अमीर का रविवार को निधन हो गया। विदेश मंत्रालय ने बताया कि शोक के दिन पूरे देश में उन सभी भवनों पर, जहां नियमित […] The post कतर के दिवंगत अमीर के सम्मान में भारत में सोमवार को एक दिन का राजकीय शोक appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 12 Jul 2026 10:48 pm

श्रावण-भादौ में महाकाल मंदिर के पट खुलने और भस्म आरती के समय में होगा बदलाव

उज्जैन। मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रावण-भादौ मास के दौरान मंदिर के पट खुलने तथा भस्म आरती के समय में परिवर्तन किया गया है। नई व्यवस्था 30 जुलाई से 7 सितंबर तक प्रभावी रहेगी। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष एवं कलेक्टर रोशन कुमार सिंह की अध्यक्षता में रविवार […] The post श्रावण-भादौ में महाकाल मंदिर के पट खुलने और भस्म आरती के समय में होगा बदलाव appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 12 Jul 2026 9:50 pm

नितिन नबीन से मिले नरोत्तम मिश्रा, दतिया में हुए प्रदर्शन के मुद्दे पर रखी अपनी बात

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं मध्य प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने रविवार को यहां पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात की और दतिया में हुए विरोध-प्रदर्शन पर अपना पक्ष रखा। गौरतलब है कि भाजपा ने दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया […] The post नितिन नबीन से मिले नरोत्तम मिश्रा, दतिया में हुए प्रदर्शन के मुद्दे पर रखी अपनी बात appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 12 Jul 2026 9:39 pm

अलवर में खेत की तारबंदी को लेकर दो भाइयों के परिवार भिड़े, 13 घायल

अलवर। राजस्थान में अलवर जिले के मालाखेड़ा थाना क्षेत्र में बड़ा गांव नैथला में रविवार सुबह खेत की तारबंदी को लेकर दो सगे भाइयों के परिवाराें में हुए खूनी संघर्ष में 13 लोग घायल हो गए। सूचना मिलने पर मालाखेड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल मालाखेड़ा अस्पताल पहुंचाया। यहां प्राथमिक उपचार […] The post अलवर में खेत की तारबंदी को लेकर दो भाइयों के परिवार भिड़े, 13 घायल appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 12 Jul 2026 9:15 pm

ग्वालियर में महिला से दुष्कर्म का आरोपी ननदोई अरेस्ट

ग्वालियर। मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले के पिछोर-डबरा थाना क्षेत्र में घर में अकेली महिला से कथित दुष्कर्म और उसके पति से मारपीट करने के आरोप में पुलिस ने आरोपी ननदोई को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार 28 वर्षीय महिला ने शिकायत दर्ज कराई कि शनिवार रात उसका पति खेत पर सिंचाई के […] The post ग्वालियर में महिला से दुष्कर्म का आरोपी ननदोई अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 12 Jul 2026 9:09 pm

अलवर : खेत में कुंड में डूबने से दो बालकों की मौत

अलवर। राजस्थान में अलवर जिले की ग्राम पंचायत द्वारापुर में रविवार को खेत में बने कुंड में नहाने गए दो बालकों की डूबने से मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, द्वारापुर गांव के छह बच्चे रविवार दोपहर को गांव के पास स्थित एक खेत में छोटे कुंड में नहाने गए थे। नहाने के दौरान […] The post अलवर : खेत में कुंड में डूबने से दो बालकों की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 12 Jul 2026 9:03 pm

भारत विकास परिषद अजमेर ने चलाया ‘जस्ट थ्रो एंड गो’सीड बॉल अभियान

दो दिन में 2000 से अधिक सीड बॉल पहाड़ियों क्षेत्रों में उछाली अजमेर। पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से भारत विकास परिषद् मुख्य शाखा अजमेर की ओर से जस्ट थ्रो एंड गो सीड बॉल अभियान चलाया गया। अभियान के तहत दो दिनों में 2000 से अधिक सीड बॉल अजमेर की पहाड़ी क्षेत्रों एवं […] The post भारत विकास परिषद अजमेर ने चलाया ‘जस्ट थ्रो एंड गो’ सीड बॉल अभियान appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 12 Jul 2026 8:50 pm

जीवदया के तहत 200 अशक्त गोवंश को अर्पित किया हरा चारा और गुड़

दिगंबर जैन महासमिति महिला एवं युवा महिला संभाग ने किया सेवा कार्य अजमेर। श्री दिगंबर जैन महासमिति महिला एवं युवा महिला संभाग, अजमेर की सरावगी मोहल्ला इकाई की ओर से जीवदया के तहत नागफानी स्थित आनंद गोपाल गौशाला में सेवा कार्य आयोजित किया गया। इस दौरान 200 अशक्त गोवंश को हरा चारा एवं गुड़ अर्पित […] The post जीवदया के तहत 200 अशक्त गोवंश को अर्पित किया हरा चारा और गुड़ appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 12 Jul 2026 8:44 pm

गुरु और गुरु पूर्णिमा का महत्व

आषाढ़ पूर्णिमा; यानी साधक और शिष्य जिस दिन की अत्यंत उत्सुकता (आतुरता) से प्रतीक्षा करते हैं, वह गुरु पूर्णिमा का मंगलमय दिन है। शिष्य के संपूर्ण जीवन में समाए हुए सर्वशक्तिमान और सर्वज्ञ गुरु के चरणों में कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए, और साधना के अगले लक्ष्य को प्राप्त करने का संकल्प लेने के लिए […] The post गुरु और गुरु पूर्णिमा का महत्व appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 12 Jul 2026 8:39 pm

तेलंगाना के शाबाद में 6 लोगों की हत्या के आरोपी की तलाश में 9 टीमें जुटीं

हैदराबाद। तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले के शाबाद मंडल के दैवालागुडा गांव में छह लोगों की हत्या के मुख्य आरोपी को पकड़ने के लिए नौ विशेष टीमें तैनात की गई हैं। पुलिस उपायुक्त योगेश गौतम ने रविवार को आरोपी के बारे में रिपोर्टों पर साफ किया कि राजकुमार अभी भी फरार है और लोगों से अपील […] The post तेलंगाना के शाबाद में 6 लोगों की हत्या के आरोपी की तलाश में 9 टीमें जुटीं appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 12 Jul 2026 6:23 pm

आज का एक्सप्लेनर:3 देशों से क्या-क्या लेकर लौटे पीएम मोदीः ऑस्ट्रेलिया से यूरेनियम, इंडोनेशिया से बंदरगाह की डील; ये चीन-अमेरिका को कितना खलेगा

पीएम मोदी 6 जुलाई की सुबह नई दिल्ली से इंडोनेशिया के लिए निकले थे। फिर ऑस्ट्रेलिया होते हुए न्यूजीलैंड पहुंचे। वे 6 दिनों में 3 देशों का दौरा करके 12 जुलाई की सुबह दिल्ली लौट आए। करीब 144 घंटे के इस मैराथन दौरे से क्या-क्या लेकर लौटे पीएम मोदी और भारत के लिए उसके मायने क्या हैं; जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में… पहला पड़ाव था- इंडोनेशिया का जकार्ता। ये पीएम मोदी की चौथी इंडोनेशियाई यात्रा थी। उन्होंने राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो से मुलाकात की। दो दिन के टूर में उन्होंने इंडोनेशियाई संसद में भाषण दिया। दोनों देशों के बीच 14 समझौतों पर साइन हुए। इनमें 2 डील सबसे अहम हैं- 1. सबांग पोर्ट डीलभारत और इंडोनेशिया मिलकर सुमात्रा के उत्तर में सबांग पोर्ट डेवलप करेंगे। इंडोनेशिया ने मई 2018 में ही भारत को इसका न्योता दिया था। तब पीएम मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान इसके लिए ज्वॉइंट टास्क फोर्स बनाने का फैसला हुआ था। 2023 तक प्रोजेक्ट को लेकर एक स्टडी भी हुई। अब समझौते पर साइन होने से काम आगे बढ़ पाएगा। सबांग समुद्र में गहरे पानी वाला पोर्ट है। ये 50 हजार टन के जहाजों, पनडुब्बियों और युद्धपोतों को भी संभाल सकता है। पोर्ट में भारत कितना इन्वेस्टमेंट करेगा और ये कब तक पूरा होगा, अभी ये जानकारी सामने नहीं आई है। दोनों देशों ने अंडमान-निकोबार और इंडोनेशिया के आचे व सुमात्रा द्वीपों के बाकी हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर करने पर भी सहमति जताई है। भारत के लिए डील के मायने 2. ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम की सप्लाईDRDO के तहत आने वाले ब्रह्मोस एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड और इंडोनेशिया के रक्षा मंत्रालय के बीच ये एग्रीमेंट हुआ है। इसके तहत भारत इंडोनेशिया को ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सिस्टम देगा। इंडोनेशिया ने पहले 10 करोड़ डॉलर में ब्रह्मोस की 12 मिसाइल्स की एक बैटरी लेने का प्रपोजल दिया था। अब इसे दोगुना कर दिया गया है। अनुमान हैं कि पूरी डील करीब 63 करोड़ डॉलर की हो सकती है। इसमें मिसाइल सिस्टम के अलावा ट्रेनिंग और लॉजिस्टिक सपोर्ट भी शामिल है। इस पैकेज में सरफेस-टू-सरफेस और एयर-लॉन्च्ड, यानी मिसाइल के दोनों सुपरसोनिक वैरिएंट शामिल हैं, जिनकी रेंज 300 किलोमीटर है। ब्रह्मोस भारत के सुखोई-30 MKI जैसे लड़ाकू विमानों पर तैनात है। इंडोनेशिया भी अपने सुखोई-30 बेड़े में इसे इंटीग्रेट करेगा। इस डील के साथ फिलीपींस और वियतनाम के बाद इंडोनेशिया ब्रह्मोस खरीदने वाला तीसरा देश बन जाएगा। भारत डायनेमिक्स लिमिटेड, BDL और इंडोनेशियाई कंपनी 'रिपब्लिकॉर्प' के बीच भारत की एस्ट्रा Mk-1 एयर-टू-एयर मिसाइल को लेकर भी समझौता हुआ है। भारत के लिए डील के मायने बाकी अहम डील पीएम मोदी का दूसरा पड़ाव था- ऑस्ट्रेलिया का मेलबर्न। वे यहां 8 और 9 जुलाई को रहे। पीएम मोदी और ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बानीज के बीच तीसरी सालाना भारत-ऑस्ट्रेलिया समिट हुई। दोनों देशों के बीच 18 समझौते और घोषणाएं हुईं। इनमें दो डील सबसे अहम हैं- 1. यूरेनियम सप्लाई डीलभारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 2014 में ‘सिविल न्यूक्लियर कोऑपरेशन एग्रीमेंट’ हुआ था। इसके तहत ऑस्ट्रेलिया से भारत को यूरेनियम की सप्लाई होनी थी, लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने सप्लाई बेहद सीमित रखी। उसको चिंता थी कि यूरेनियम का इस्तेमाल परमाणु हथियार बनाने में हो सकता है। अब दोनों देशों ने उसी एग्रीमेंट को अमल में लाने के लिए 'एडमिनिस्ट्रेटिव अरेंजमेंट' पर साइन किए हैं। यानी अब ऑस्ट्रेलिया भारत को जरूरत भर का यूरेनियम एक्सपोर्ट करेगा। संयुक्त बयान में कहा गया है कि ये सप्लाई सिर्फ यूरेनियम के शांतिपूर्ण इस्तेमाल, यानी बिजली वगैरह बनाने के लिए होगी। सप्लाई की निगरानी इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी, यानी IAEA करेगी। ऑस्ट्रेलिया किस कीमत पर और कितना यूरेनियम देगा, सप्लाई कब होगी, अभी ये डिटेल्स सामने नहीं आए हैं। भारत के लिए डील के मायने 2. क्रिटिकल मिनरल्स प्रोडक्शन भारत और ऑस्ट्रेलिया ने लीथियम, कोबाल्ट और रेयर अर्थ एलिमेंट्स की सप्लाई चेन मजबूत करने के लिए समझौता किया है। इसे ‘क्रिटिकल मिनरल्स पार्टनरशिप’ कहा जा रहा है। इसके तहत सरकारी एजेंसियों और प्राइवेट कंपनियों के बीच लॉन्ग-टर्म ऑफटेक, रिफाइनिंग और वैल्यू-एडिशन के लिए निवेश की व्यवस्था तय हुई है। यानी दोनों देशों की कंपनियां मिलकर मिनरल्स की सप्लाई में लंबे समय के लिए इन्वेस्टमेंट करेंगी। कच्चे माल की खरीद के अलावा प्रोसेसिंग और रिफाइनिंग भी मिलकर होगी। भारत के लिए डील के मायने बाकी अहम डील पीएम मोदी का आखिरी पड़ाव था- न्यूजीलैंड का ऑकलैंड। वे 10 और 11 जुलाई को यहां रहे। ये पिछले 40 सालों में किसी भारतीय पीएम की पहली न्यूजीलैंड यात्रा थी। इससे पहले 1986 में तब के पीएम राजीव गांधी न्यूजीलैंड गए थे। पीएम मोदी और न्यूजीलैंड के पीएम क्रिस्टोफर लक्सन के बीच बातचीत हुई। इसके बाद 10 समझौते और 8 इनिशिएटिव की घोषणा हुई। इनमें 2 चीजें सबसे अहम थीं- 1. फ्री ट्रेड एग्रीमेंट और रोडमैप टू 2030मार्च 2025 में भारत और न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर बातचीत शुरू हुई और दिसंबर 2025 में पूरी हुई। 27 अप्रैल 2026 को इस पर औपचारिक साइन हुए। यानी ये डील मोदी की मौजूदा यात्रा से पहले ही हो चुकी थी। अब इस यात्रा में इसे 'स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप' के लेवल पर अपग्रेड किया गया। यानी तय हुआ कि FTA जल्द ही लागू करने ट्रेड बढ़ाया जाएगा। साथ ही 'इंडिया-न्यूजीलैंड रोडमैप टू 2030' नाम का एक दस्तावेज जारी किया गया। इसके तहत दोनों देश ट्रेड, डिफेंस, समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद, खेती, एजुकेशन और टेक्नोलॉजी के सेक्टर में पार्टनरशिप बढ़ाएंगे। 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार दोगुना करके करीब 7 बिलियन न्यूजीलैंड डॉलर, यानी 35 हजार करोड़ रुपए तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। FTA के तहत भारत न्‍यूजीलैंड को केमिकल्‍स, प्रोसेसिंग फूड, एग्रीकल्चर प्रोडक्‍ट्स वगैरह की सप्‍लाई करेगा। इस सामान पर जीरो टैरिफ लगेगा। वही न्‍यूजीलैंड से कीवी सहित दूसरे फल, लकड़ी और क्रिटिकल्‍स मिनरल्स वगैरह आएंगे। एग्रीमेंट के तहत पहले दिन से ही न्यूजीलैंड के 57 % सामान पर जीरो टैरिफ लागू हो जाएगा। इस पर भी सहमति बनी है कि न्‍यूजीलैंड भारत में अगले 15 सालों में 20 अरब डॉलर, यानी करीब 1.72 लाख करोड़ रुपए का निवेश करेगा। भारत के लिए डील के मायने 2. डिफेंस और मैरिटाइम पार्टनरशिपदोनों देशों ने डिफेंस में आपसी साझेदारी, लॉजिस्टिक सपोर्ट और जॉइंट नेवी एक्सरसाइज बढ़ाने पर सहमति जताई है।इसका मतलब है कि दोनों देशों की नेवी एक-दूसरे के पोर्ट और मैरीटाइम फैसिलिटीज का इस्तेमाल कर सकेंगे। भारत के लिए डील के मायने बाकी अहम डील ----- ये खबर भी पढ़ें… आज का एक्सप्लेनर:5 देशों से क्या लेकर लौटे पीएम मोदी; UAE तेल रिजर्व भरेगा, नीदरलैंड्स क्रिटिकल मिनरल देगा, मेलोनी से भी डील PM मोदी 15 मई 2026 की सुबह नई दिल्ली से UAE के लिए निकले। फिर नीदरलैंड्स, स्वीडन, नॉर्वे होते हुए इटली पहुंचे। वे 6 दिनों के भीतर 5 देशों का दौरा कर 21 की सुबह दिल्ली लौट आए। करीब 140 घंटे के इस मैराथन दौरे से क्या-क्या लेकर लौटे पीएम मोदी और भारत के लिए उसके मायने क्या हैं, पूरी खबर में पढ़िए…

दैनिक भास्कर 12 Jul 2026 6:19 pm

विदेश मंत्रालय ने की जीएफएस गैलेक्सी जहाज पर हुए हमले की निंदा, भारतीय चालक दल का एक सदस्य अभी भी लापता

नई दिल्ली। भारत ने ओमान तट के निकट वाणिज्यिक पोत जीएफएस गैलेक्सी पर हुए हमले की रविवार को कड़ी निंदा की। विदेश मंत्रालय ने बताया कि पोत पर सवार 11 भारतीय नागरिकों में से 10 को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि एक भारतीय चालक दल का सदस्य अब भी लापता है। मंत्रालय ने अपने […] The post विदेश मंत्रालय ने की जीएफएस गैलेक्सी जहाज पर हुए हमले की निंदा, भारतीय चालक दल का एक सदस्य अभी भी लापता appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 12 Jul 2026 6:17 pm

कपिल सिब्बल, आप किस दुनिया में रह रहे हैं? शिक्षा सुधार, संविधान और व्यवस्था पर जस्टिस मार्कंडेय काटजू का बड़ा सवाल

जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने कपिल सिब्बल के शिक्षा सुधार संबंधी विचारों पर सवाल उठाते हुए कहा कि भारत की शिक्षा व्यवस्था और राजनीतिक ढांचा गहरे संरचनात्मक संकट से गुजर रहे हैं

हस्तक्षेप 12 Jul 2026 6:14 pm

धार में शादी का दबाव बनाने पर प्रेमी ने की महिला की हत्या

धार। मध्यप्रदेश के धार जिले में एक महिला की हत्या के मामले का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए उसके कथित प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और मृतका का मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार 10 जुलाई को कोतवाली […] The post धार में शादी का दबाव बनाने पर प्रेमी ने की महिला की हत्या appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 12 Jul 2026 6:13 pm

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर संघर्ष तेज, अमरीका-ईरान के बीच ताजा हमले

वाशिंगटन। होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ गया है। दोनों देशों ने रविवार को एक-दूसरे पर नए सिरे से हमले किए। अमरीका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमले करने का दावा किया, जबकि ईरान ने जवाबी कार्रवाई में खाड़ी क्षेत्र में अमरीकी सैन्य […] The post होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर संघर्ष तेज, अमरीका-ईरान के बीच ताजा हमले appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 12 Jul 2026 6:08 pm

मदन दिलावर के अलवर दौरे के बाद 8 ग्राम विकास अधिकारियों के तबादले

अलवर। राजस्थान के शिक्षा एवं पंचायत राज मंत्री मदन दिलावर ने अलवर दौरे के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में बदहाल सफाई व्यवस्था और जलभराव की स्थिति देखने को मिलने पर गहरी नाराजगी जताई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार उनके दौरे के कुछ ही घंटों बाद जिले की आठ ग्राम पंचायतों के ग्राम विकास अधिकारियों (बीडीओ) के […] The post मदन दिलावर के अलवर दौरे के बाद 8 ग्राम विकास अधिकारियों के तबादले appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 12 Jul 2026 6:01 pm

ईरान ने की होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा

तेहरान। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा की है। अमरीका की ओर से किए गए हमले के बाद ईरान की सेना ने यह घोषणा की। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कहा है कि जब तक इस इलाके में अमरीका का दखल खत्म नहीं हो जाता, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य […] The post ईरान ने की होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 12 Jul 2026 5:55 pm

ब्लैक लहंगे में जाह्नवी कपूर का कातिलाना अंदाज, डीप-नेक ब्लाउज ने लूटी महफिल

बॉलीवुड की यंग जनरेशन की सबसे चर्चित और फैशनेबल अभिनेत्रियों में से एक, जाह्नवी कपूर अपने लुक्स के साथ एक्सपेरिमेंट करने से कभी पीछे नहीं हटतीं। हाल ही में उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर कुछ ऐसी तस्वीरें साझा की हैं, जिन्हें देखकर फैंस की धड़कनें तेज हो गई हैं। इस बार जाह्नवी ने ऑल-ब्लैक एथनिक लुक चुना है, जिसमें उनका ग्लैमर और बोल्डनेस साफ झलक रही है। ALSO READ: ‍गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा का बॉलीवुड डेब्यू, बेटे यशवर्धन संग पहली बार बड़े पर्दे पर आएंगी नजर जाह्नवी कपूर के इस लुक की सबसे बड़ी यूएसपी उनका खूबसूरत ब्लैक लहंगा है। उन्होंने एक डीप-नेकलाइन वाला ब्लाउज कैरी किया है, जिस पर चमकीले रंगों की बेहद बारीक और हैवी एम्ब्रॉयडरी की गई है। ब्लाउज के निचले हिस्से पर लगे रंग-बिरंगे लटकन उनके लुक को थोड़ा फंकी और अट्रैक्टिव टच दे रहे हैं। इसके साथ ही, लहंगे के बॉर्डर पर की गई हेरिटेज कढ़ाई और लाल रंग की पाइपिंग उनके पूरे आउटफिट को शाही लुक दे रही है। साथ में ब्लैक शीयर दुपट्टा उनके इस स्टाइल को मुकम्मल कर रहा है। तस्वीरों में जाह्नवी कपूर का कॉन्फिडेंस देखने लायक है। कभी वह कैमरे की तरफ देखकर अपनी नशीली आंखों से जादू बिखेर रही हैं, तो कभी साइड प्रोफाइल फ्लॉन्ट करते हुए कैंडिड पोज दे रही हैं। वह अपना परफेक्ट फिगर और एब्स फ्लॉन्ट करती नजर आ रही हैं। जाह्नवी ने न्यूड-ग्लॉसी मेकअप, सटल ब्लश और माथे छोटी सी लाल बिंदी के साथ अपना लुक कम्प्लीट किया है। जाह्नवी ने अपने बालों को वेवी रखते हुए खुला छोड़ा है, जो उनके कंधों पर बिखरकर उनके लुक को और भी सिडक्टिव बना रहे हैं। ज्वेलरी की बात करें तो, उन्होंने कानों में बड़े झुमके, हाथों में मैचिंग भारी कंगन और नाक में एक छोटी सी नथ पहनी है, जो उनके इस एथनिक ग्लैमर को और अधिक निखार रही है। जाह्नवी की इन तस्वीरों पर कमेंट्स की बाढ़ आ गई है। एक यूजर ने लिखा, ट्रेडिशनल कपड़ों में आपकी खूबसूरती का कोई मुकाबला नहीं है। वहीं दूसरे ने कमेंट किया, ब्लैक कलर आप पर बेहद सूट करता है।

वेब दुनिया 12 Jul 2026 2:54 pm

रोहित चंदेल ने कबूल की नाबालिग का पीछा करने की बात! कोर्ट ने भेजा जेल

'पंड्या स्टोर' और 'काशीबाई बाजीराव बैलाल' जैसे लोकप्रिय शोज में अपनी एक्टिंग का दम दिखा चुके मशहूर टीवी अभिनेता रोहित चंदेल को मुंबई की घाटकोपर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। रोहित पर उनकी ही एक 16 वर्षीय नाबालिग सह-कलाकार ने पीछा करने, मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और मारपीट करने का संगीन आरोप लगाया है। नाबालिग पीड़िता की शिकायत के बाद पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए 10 जुलाई को अभिनेता को हिरासत में ले लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने रोहित के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। ALSO READ: ‍गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा का बॉलीवुड डेब्यू, बेटे यशवर्धन संग पहली बार बड़े पर्दे पर आएंगी नजर रोहित ने कबूला सच, कोर्ट ने भेजा जेल घाटकोपर पुलिस स्टेशन के सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर (PI) विट्ठल लक्ष्मण आर्डेकर ने इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए मीडिया को बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर तुरंत अदालत में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। सीनियर पीआई के मुताबिक, पूछताछ के दौरान रोहित ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार नहीं किया है। उसने स्वीकार किया है कि वह दहिसर से इतनी दूर घाटकोपर सिर्फ उस नाबालिग लड़की से मिलने आता था। लड़की द्वारा बार-बार मना करने और ब्लॉक करने के बाद भी वह लगातार संपर्क साधने की कोशिश कर रहा था। पुलिस का कहना है कि अब यह पूरी तरह अदालत पर निर्भर करता है कि रोहित कितने समय तक सलाखों के पीछे रहेगा। क्या है पूरा मामला? पीड़िता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, रोहित चंदेल पिछले काफी समय से उसे परेशान कर रहा था। नाबालिग ने अपनी शिकायत में कहा कि उसने रोहित का नंबर ब्लॉक कर दिया था और उसे साफ तौर पर दूरी बनाए रखने को कहा था। इसके बावजूद, रोहित ने अपने पर्सनल नंबर और कई अन्य अलग-अलग मोबाइल नंबरों से लगातार उसका पीछा करना और कॉल करना जारी रखा। वह लड़की पर लगातार बात करने का दबाव बना रहा था। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें मामले ने तब तूल पकड़ा जब बीती 5 जुलाई को रोहित ने कथित तौर पर लड़की के घर (आवासीय इमारत) के पास जाकर उसे रोका। शिकायत के मुताबिक, रोहित ने वहां न सिर्फ पीड़िता के साथ बहस और गाली-गलौज की, बल्कि उसके साथ मारपीट भी की। 2014 में 'हर मुश्किल का हल अकबर बीरबल' से करियर की शुरुआत करने वाले रोहित ने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए 90 से ज्यादा ऑडिशन दिए थे। हाल ही में 2 जून 2026 को स्टार प्लस और जियोहॉटस्टार पर रिलीज हुए म्यूजिकल ड्रामा 'सैरब' में वह मुख्य भूमिका 'ईशान' के रूप में नजर आ रहे थे। इस बड़े विवाद के बाद अब उनके करियर और इस शो के भविष्य पर भी तलवार लटक गई है।

वेब दुनिया 12 Jul 2026 1:01 pm

जब प्राण की फीस अमिताभ बच्चन से भी ज्यादा थी, जानिए बॉलीवुड के सबसे बड़े विलेन की कहानी

बॉलीवुड में प्राण एक ऐसे अभिनेता के तौर पर याद किया जाता है, जिन्होंने खलनायकी के क्षेत्र में एकछत्र राज किया और अपने अभिनय का लोहा मनवाया। प्राण का जन्म 12 फरवरी 1920 को दिल्ली में एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। उनके पिता केवल कृष्ण सिकंद सरकारी ठेकेदार थे। उनकी कंपनी सड़कें और पुल बनाने के ठेके लिया करती थी। पढ़ाई पूरी करने के बाद प्राण अपने पिता के काम में हाथ बंटाने लगे। एक दिन पान की दुकान पर उनकी मुलाकात लाहौर के मशहूर पटकथा लेखक वली मोहम्मद से हुई। वली मोहम्मद ने प्राण की सूरत देखकर उनसे फिल्मों में काम करने का प्रस्ताव दिया। प्राण ने उस समय वली मोहम्मद के प्रस्ताव पर ध्यान नहीं दिया लेकिन उनके बार-बार कहने पर वह तैयार हो गए। ALSO READ: आमिर खान की तीसरी शादी पर मचा बवाल, बिहार में बजरंग दल ने फूंका एक्टर का पुतला, लगाए गंभीर आरोप फिल्म यमला जट से प्राण ने अपने सिने करियर की शुरूआत की। फिल्म की सफलता के बाद प्राण को यह महसूस हुआ कि फिल्म इंडस्ट्री में यदि वह करियर बनाएगें तो ज्यादा शोहरत हासिल कर सकते है। इस बीच भारत-पाकिस्तान बंटवारे के बाद प्राण लाहौर छोड़कर मुंबई आ गए। प्राण ने लगभग 22 फिल्मों में अभिनय किया और उनकी फिल्में सफल भी हुई लेकिन उन्हें ऐसा महसूस हुआ कि मुख्य अभिनेता की बजाय खलनायक के रूप में फिल्म इंडस्ट्री में उनका भविष्य सुरक्षित रहेगा। वर्ष 1948 में उन्हें बॉम्बे टॉकीज की निर्मित फिल्म जिद्दी में बतौर खलनायक काम करने का मौका मिला। फिल्म की सफलता के बाद प्राण ने यह निश्चय किया कि वह खलनायकी को ही करियर का आधार बनाएंगे। इसके बाद प्राण ने लगभग चार दशक तक खलनायकी की लंबी पारी खेली और दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। जब प्राण रूपहले पर्दे पर फिल्म अभिनेता से बात करते होते तो उनके बोलने के पहले दर्शक बोल पड़ते यह झूठ बोल रहा है, इसकी बात पर विश्वास नहीं करना यह प्राण है, इसकी रग-रग में मक्कारी भरी पड़ी है। वर्ष 1958 में प्रदर्शित फिल्म अदालत में प्राण ने इतने खतरनाक तरीके से अभिनय किया कि महिलाएं हॉल से भाग खड़ी हुईं और दर्शकों को पसीने आ गए। सत्तर के दशक में प्राण खलनायक की छवि से बाहर निकलकर चरित्र भूमिका पाने की कोशिश में लग गए। वर्ष 1967 में निर्माता-निर्देशक मनोज कुमार ने अपनी फिल्म उपकार में प्राण को मलंग काका का एक ऐसा रोल दिया जो प्राण के सिने करियर का मील का पत्थर साबित हुआ। फिल्म उपकार में प्राण ने मलंग काका के रोल को इतनी शिद्दत के साथ निभाया कि लोग प्राण के खलनायक होने की बात भूल गए। सदी के खलनायक प्राण की जीवनी भी लिखी जा चुकी है जिसका टाइटल 'एंड प्राण' रखा गया है। पुस्तक का यह टाइटल इसलिए रखा गया है कि प्राण की अधिकतर फिल्मों में उनका नाम सभी कलाकारों के पीछे 'और प्राण' लिखा हुआ आता था। कभी-कभी उनके नाम को इस तरह पेश किया जाता था एबॉव आल प्राण। प्राण ने अपने चार दशक से भी ज्यादा लंबे सिने करियर में लगभग 350 फिल्मों मे अपने अभिनय का जौहर दिखाया। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें प्राण के मिले सम्मान पर यदि नजर डालें तो अपने दमदार अभिनय के लिये वह तीन बार सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता के फिल्म फेयर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। वर्ष 2013 में प्राण को फिल्म जगत के सर्वश्रेष्ठ सम्मान दादा साहब फाल्के पुरस्कार दिया गया था। प्राण को उनके करियर के शिखर काल में फिल्म के नायक से भी ज्यादा भुगतान किया जाता था। डॉन फिल्म में काम करने के लिए उन्हें नायक अमिताभ बच्चन से ज्यादा रकम मिली थी। अपने दमदार अभिनय से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करने वाले प्राण 12 जुलाई 2013 को इस दुनिया को अलविदा कह गए।

वेब दुनिया 12 Jul 2026 11:24 am

चीन के मिसाइल परीक्षण से किन देशों की चिंता सबसे ज्यादा बढ़ी

इसी महीने चीनी नौसेना ने दक्षिण प्रशांत महासागर में एक मिसाइल का परीक्षण किया। चीनी सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, एक परमाणु पनडुब्बी ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में मिसाइल दागी, जिसमें नकली हथियार (डमी वॉरहेड) लगा हुआ था। प्रशांत क्षेत्र ...

वेब दुनिया 12 Jul 2026 8:32 am

भारत ने जानबूझकर आतंकियों से अपना विमान हाईजैक कराया:नकली बंदूक, लकड़ी का हैंडग्रेनेड, RAW की वो चाल जिससे पाकिस्तान के टुकड़े हुए; ऑपरेशन गंगा पार्ट-2

भास्कर सीरीज ‘स्पाई फाइल्स’ में आप पढ़ रहे हैं- ‘ऑपरेशन गंगा।’ पार्ट-1 में आपने पढ़ा- 30 जनवरी 1971 को दो कश्मीरी लड़कों ने पिस्तौल और हैंडग्रेनेड दिखाकर भारत के यात्री विमान ‘गंगा’ को हाईजैक कर लिया। वे विमान को लाहौर ले गए और भीड़ के सामने पेट्रोल डालकर आग लगा दी। हाईजैकर्स की मांग थी कि हिंदुस्तान अपने जेलों में बंद उनके 36 साथियों को रिहा करे, लेकिन भारत तैयार नहीं हुआ। दुनियाभर में हड़कंप मच गया। भारत के लोग गुस्से में थे, लेकिन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और RAW प्रमुख मुस्कुरा रहे थे… क्या थी पूरी कहानी जानते हैं ‘ऑपरेशन गंगा’ पार्ट-2 में… इस कहानी की शुरुआत होती है साल 1956 से। पूर्वी पाकिस्तान यानी आज के बांग्लादेश के चटगांव की पहाड़ियों में बना एक सीक्रेट मिलिट्री कैंप। कंट्रोल रूम में कुछ फौजी नक्शों पर उंगलियां फेर रहे थे। ये पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के अफसर थे। इन्हीं में से एक ने सिगार का धुआं उड़ाते हुए कहा- ‘फिजो साहब, असम और नगालैंड में ऐसी आग लगाओ कि दिल्ली की हुकूमत बुझा न पाए।’ फिजो ने मुस्कुराते हुए राइफल उठाई और कहा- ‘दिल्ली बहुत दूर है और हमारे जंगल बहुत घने। हमें तबाही मचाने से कोई रोक नहीं पाएगा।’ फिजो का पूरा नाम अंगामी जापु फिजो था। वह नगा उग्रवादी था और अलग नगालैंड बनाना चाहता था। ISI ने उसे ना सिर्फ पनाह दी थी, बल्कि हथियारों, गुरिल्ला वॉर की ट्रेनिंग और पैसों से पाट दिया था। 1960 तक पाकिस्तान यही खेल मिजोरम में भी शुरू कर चुका था। वह मिजो नेशनल फ्रंट को मोहरा बनाकर मिजोरम को भी भारत से तोड़ना चाहता था। इस खेल में चीन भी कूद चुका था, जो चटगांव के रास्ते चरमपंथियों को हथियार सप्लाई कर रहा था। भारत के सामने सबसे बड़ा खतरा था- 'सिलिगुड़ी कॉरिडोर' यानी 'चिकन नेक'।’ पश्चिम बंगाल में 22 किमी. चौड़ा ये हिस्सा पूरे पूर्वोतर को भारत से जोड़ने का अकेला जमीनी रास्ता है। अगर पाकिस्तान इस पर कब्जा कर लेता, तो पूर्वोत्तर के सातों राज्य भारत से कट जाते। RAW के पूर्व अफसर आरके यादव अपनी किताब ‘मिशन आर एंड ए डब्ल्यू’ में लिखते हैं- ‘प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने RAW प्रमुख आरएन काव से कहा- ‘अगर पाकिस्तान हमारे नॉर्थ-ईस्ट को तोड़ने के लिए पूर्वी पाकिस्तान की जमीन का इस्तेमाल कर रहा है, तो क्यों न हम उस जमीन को ही अलग कर दें?’ काव साहब कुछ देर सोचते रहे, फिर बोले- ‘ठीक है मैडम। कुछ करते हैं।’ दिसंबर 1970 में पाकिस्तान में पहला आम चुनाव हुआ। कुल 300 सीटों में से बहुमत के लिए 151 सीट चाहिए थीं। पूर्वी पाकिस्तान के शेख मुजीब-उर-रहमान की 'आवामी लीग' ने 160 सीटें जीत लीं, जबकि पश्चिमी पाकिस्तान के जुल्फिकार अली भुट्टो को सिर्फ 81 सीट मिलीं। मुजीब का प्रधानमंत्री बनना तय था, लेकिन रावलपिंडी में बैठे तानाशाह राष्ट्रपति याह्या खान को एक बंगाली का हुकूमत चलाना बर्दाश्त नहीं था। दिन बीतते गए, पर उन्होंने मुजीब को सत्ता नहीं सौंपी। नतीजा यह हुआ कि पूर्वी पाकिस्तान की सड़कों पर 'जॉय बांग्ला' के नारे गूंजने लगे। इसी बीच लंदन में बैठे एक सोर्स ने RAW को खबर भेजी कि पाकिस्तान अपने पूर्वी हिस्से में बड़े मिलिट्री एक्शन की तैयारी में है। वह वहां गुपचुप तरीके से हथियार, रसद और सैनिक भेज रहा है। ऐसे में RAW चीफ काव ने PM इंदिरा को सुझाव दिया- ‘हम पाकिस्तान के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर देते हैं। फिर उसे श्रीलंका होकर पूर्वी पाकिस्तान जाना पड़ेगा, जो काफी लंबा रास्ता है। पूर्वी हिस्से में उसकी पकड़ ढीली पड़ जाएगी।’ PM ने जवाब दिया- ‘सुझाव तो ठीक है, लेकिन इसके लिए कोई ठोस वजह चाहिए होगी। अंतरराष्ट्रीय नियमों के चलते हम अचानक ऐसा कदम नहीं उठा सकते। काव मुस्कुराए और बोले- ‘हम कोई न कोई रास्ता निकाल लेंगे।’ यहीं से RAW ने अपने सीक्रेट मिशन की बिसात बिछानी शुरू कर दी… अब एक साल पीछे चलते हैं… साल 1969, पाकिस्तान के पेशावर में एक आलीशान बंगला। यह घर था कश्मीरी अलगाववादी नेता डॉ. फारूख हैदर का। उस शाम डायनिंग टेबल पर लजीज कश्मीरी पुलाव और कबाब परोसे गए थे। दस्तरखान के एक तरफ अलगाववादी नेता मकबूल भट्ट बैठा था और दूसरी तरफ 19 साल का हाशिम कुरैशी। मकबूल, कश्मीर की कथित आजादी के लिए नेशनल लिब्रेशन फ्रंट चला रहा था। उस पर हत्या के कई मुकदमे थे। भारत में उसे फांसी की सजा सुनाई जा चुकी थी। वहीं, कश्मीर का रहने वाला हाशिम एक रिश्तेदार की शादी में पाकिस्तान गया था। उसके भीतर कश्मीर को लेकर कुछ करने की छटपटाहट थी। मकबूल इस बात को ताड़ चुका था और कई दिनों से उसका ब्रेनवॉश करने में जुटा था। अचानक, रेडियो पर आवाज गूंजी- ‘आज कराची हवाई अड्डे पर इरिट्रिया के दो चरमपंथियों ने इथियोपिया के एक जहाज पर फायरिंग की है। जहाज को भारी नुकसान पहुंचा है।’ मकबूल कुर्सी से छलांग मारकर उठ खड़ा हुआ। उसने टेबल पर मुक्का मारते हुए कहा- ‘देखा तुम लोगों ने? दुनिया हमारी चीखें नहीं सुनती, लेकिन जब जहाज हवा में हिचकोले खाता है, तो पूरी दुनिया के कान खड़े हो जाते हैं। हमें ऐसा ही कुछ करना होगा।’ मकबूल ने हाशिम के कंधे पर हाथ रखा। ‘हाशिम... अगर हम तुम्हें एक हिंदुस्तानी जहाज को अगवा करने की ट्रेनिंग दें, तो क्या तुम कौम के लिए इसे अंजाम दे पाओगे?’ हाशिम जोश में था। उसने तुरंत जवाब दिया- ‘आप हुक्म कीजिए। मैं तैयार हूं।’ मकबूल ने उसकी आंखों में देखते हुए कहा- ‘तो फिर जुबान समझें?’ हाशिम ने बिना सोचे कहा- ‘जी बिल्कुल।’ हाशिम की ट्रेनिंग शुरू हो गई। भाग-दौड़ से लेकर हथियार चलाने तक। कुछ महीने बाद मकबूल ने उसे फिर से मिलने बुलाया। मकबुल ने कहा- ‘सुनो हाशिम, अब तुम्हें कश्मीर वापस जाना है। श्रीनगर से उड़ने वाले एक जहाज को अगवा करके रावलपिंडी लाना है। बदले में हम हिंदुस्तान की जेलों में बंद अपने 36 साथियों को छुड़ाएंगे। दुनिया को भी पता चलना चाहिए कि कश्मीरी अपनी लड़ाई लड़ रहे हैं।’ हाशिम ने मुस्कुराते हुए कहा- ‘ठीक है जनाब। तैयारी करता हूं।’ मकबूल ने उसे एक पर्ची थमाते हुए कहा- ‘वहां पहुंचकर इस पते पर चले जाना। हथियार और बाकी का जरूरी सामान वहीं मिल जाएगा।’ ‘जी…खुदा हाफिज’ कहकर हाशिम वहां से निकल पड़ा। साल 1970 की एक सर्द शाम। भारत-पाकिस्तान बॉर्डर के पास श्रीनगर सेक्टर में सीमा सुरक्षा बल यानी BSF की एक टुकड़ी गश्त पर थी। तभी अंधेरे में एक साया रेंगता हुआ दिखा। 'कौन है वहां? हाथ ऊपर करो।' जवान ने राइफल तानते हुए आवाज लगाई। 19-20 साल के एक लड़के ने अपने हाथ ऊपर उठा लिए- 'गोली मत चलाना भाई, मैं सरेंडर कर रहा हूं।' BSF के जवानों ने उसे घेरकर दबोच लिया। तलाशी ली गई, तो उसके पास से पाकिस्तानी दस्तावेज, नक्शे और विदेशी करेंसी बरामद हुई। BSF के अफसर ने उसकी छाती पर राइफल तानते हुए पूछा- ‘कौन हो तुम? किसने भेजा है?’ लड़के ने चुप्पी साध ली, तो अफसर ने एक थप्पड़ जड़ दिया, 'बोलता क्यों नहीं?' लड़के ने गिड़गिड़ाते हुए कहा, 'साहब, मैं तो कश्मीरी हूं। पास के गांव का रहने वाला। रास्ता भटक गया था।' अफसर ने जवानों से कहा- ‘ये ऐसे नहीं खुलेगा। हेडक्वार्टर ले चलो।’ BSF के जवान उसे लेकर हेडक्वार्टर की तरफ चल पड़े। अगली सुबह…. एक बंद कमरे में वो लड़का पसीने से तरबतर बैठा था। सामने BSF के दो अफसर बैठे थे। एक घंटे की सख्त पूछताछ और 'थर्ड डिग्री' टॉर्चर के बाद लड़का टूट गया। उसने हांफते हुए कहा, ‘साहब, मत मारो। सब सच-सच बताता हूं।’ लड़के ने राज खोल दिया- ‘मेरा नाम हाशिम है। मकबूल भट्ट ने भेजा है। मैं हिंदुस्तान का एक हवाई जहाज हाईजैक करने आया हूं।’ किताब ‘द वॉर दैट मेड आर एंड ए डब्ल्यू’ के मुताबिक- ‘अफसर ने मुस्कुराते हुए तंज कसा- ‘अच्छा… एक जहाज अगवा कर लेने से कश्मीर आजाद हो जाएगा?’ हाशिम ने झट से जवाब दिया- 'मेरा निशाना वो जहाज था, जिसे इंदिरा गांधी का बेटा राजीव उड़ाता है।' कमरे में सन्नाटा छा गया। दोनों अफसर एक-दूसरे को देखते रह गए। मामला देश की प्रधानमंत्री के बेटे और सुरक्षा से जुड़ा था। अफसरों ने फौरन यह खबर BSF के डीजी केएफ रुस्तमजी तक पहुंचाई। रुस्तमजी ने फौरन फोन घुमाया और पूरी कहानी RAW चीफ को बता दी। जल्द ही दिल्ली में एक गोपनीय बैठक बुलाई गई। बंद कमरे में सिर्फ तीन लोग थे- PM इंदिरा गांधी, RAW चीफ आरएन काव और BSF के डीजी केएफ रुस्तमजी। RAW प्रमुख ने सुझाव दिया- ‘हम हाशिम से सौदा करेंगे।’ ‘कैसा सौदा?’ इंदिरा ने पूछा। ‘डबल एजेंट बनने का सौदा। हम हाशिम के सामने दो विकल्प रखेंगे- या तो वो हमारे लिए काम करे या फिर पूरी जिंदगी जेल में सड़े।' काव ने जवाब दिया। प्रधानमंत्री ने उनकी तरफ देखा- ‘आपको लगता है वह इस बात के लिए तैयार होगा?’ RAW प्रमुख बोले- ‘कोशिश करके देखते हैं।’ अगली सुबह, श्रीनगर के इंटरोगेशन रूम का दरवाजा खुला। इस बार अफसरों के हाथों में डंडा नहीं, चाय की प्याली थी। एक अफसर ने आगे बढ़कर हाशिम के कंधे पर हाथ रखा और कहा- 'देखो, तुम्हारी उम्र अभी बहुत कम है। जेल गए तो जिंदगी बर्बाद हो जाएगी। हम तुम्हें एक मौका दे सकते हैं। तुम जहाज हाईजैक करो, हम नहीं रोकेंगे। बदले में तुम्हें वो करना होगा, जो हम कहेंगे।’ हाशिम असमंजस में पड़ गया- ‘लेकिन... इसमें मेरा क्या फायदा?’ ‘तुम पाकिस्तान की नजर में हीरो बन जाओगे। तुम्हारी जान भी बचेगी और दुनिया को लगेगा कि तुमने हिंदुस्तानी एजेंसियों को चकमा दे दिया।' अफसर ने उसे समझाया। हाशिम ने कहा- ‘मैं कुछ समझा नहीं।’ अफसर ने चाय की प्याली उसकी तरफ बढ़ाते हुए कहा- 'पहले चाय पियो।’ हाशिम ने चुपचाप कप ले लिया। अफसर ने बताया- ‘घबराओ मत, हम तुम्हें फंसा नहीं रहे हैं। तुम अपने प्लान के मुताबिक जहाज हाईजैक करके पाकिस्तान ले जाओ। इस काम में हम तुम्हारी मदद करेंगे। बस हमारी एक ही शर्त है।' ‘क्या शर्त है?’ हाशिम ने पूछा। अफसर बोला, ‘तुम यह बात किसी को नहीं बताओगे।’ हाशिम ने कुछ देर सोचा, फिर सिर हिलाकर कहा- ‘मैं तैयार हूं। क्या करना होगा मुझे?’ अफसर ने दोबारा उसके कंधे को थपथपाया- 'अभी आराम से यहीं रहो, खाओ-पियो। वक्त आने पर हम तुम्हें सब समझा देंगे।’ हाशिम को बेंगलुरु के एक सेफ हाउस में भेज दिया गया। पूरे मामले को इतना सीक्रेट रखा गया कि किसी दूसरी एजेंसी को तो दूर, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री तक को भनक नहीं लगी। पाकिस्तान में बैठे हाशिम के आका भी इससे बेखबर थे। कुछ दिनों बाद हाशिम को BSF में भर्ती कर लिया गया। उसे जॉइनिंग लेटर भी दे दिया गया। उसकी ड्यूटी श्रीनगर हवाई अड्डे पर लगाई गई। हाशिम ने हफ्तों तक रेकी की। लोग किस गेट से आते हैं, कहां से जाते हैं और दस्तावेजों की जांच कहां-कहां होती है, उसकी नजर हर कोने पर थी। रेकी करते हुए हाशिम को अहसास हुआ कि अकेले दम पर किसी जहाज को अगवा करना मुमकिन नहीं होगा। उसने यह बात RAW अफसर को बताई। अफसर ने कहा- ‘तुम अपने हिसाब से कोई साथी ढूंढ लो, बस ध्यान रखना कि उसे प्लान की भनक नहीं लगनी चाहिए।’ हाशिम ने चचेरे भाई अशरफ कुरैशी को चुना। अशरफ सीधा-साधा और जज्बाती लड़का था। हाशिम ने धीरे-धीरे उसका ब्रेनवॉश कर दिया। वह मिशन के लिए तैयार भी हो गया। अब बारी थी हथियारों के इंतजाम की। एक रोज हाशिम की नजर उर्दू अखबार के कोने में छपे विज्ञापन पर पड़ी, जिसमें लिखा था- 'असली जैसी दिखने वाली खिलौना बंदूकें घर बैठे मंगाएं।' हाशिम ने बंदूक का ऑर्डर दे दिया। उधर, अशरफ ने घर के पिछले हिस्से में बैठकर लकड़ी से एक हथगोला बनाया और बाजार से पेंट लाकर उसे पोत दिया। देखने में वह असली ग्रेनेड जैसा लगने लगा। अब हाईजैक के लिए जहाज की व्यवस्था करनी थी। RAW ने इंडियन एयरलाइंस के कबाड़ हो चुके विमान गंगा को चुना। इस फोकर फ्रेंडशिप विमान को भारतीय सेना पहले ही डिकमीशन कर चुकी थी। अब स्क्रिप्ट तैयार थी। तारीख तय की गई- 30 जनवरी 1971… श्रीनगर एयरपोर्ट पर धुंध छाई हुई थी। रनवे पर 'गंगा' उड़ान भरने के लिए तैयार था। कैप्टन एम.के. कचरू कॉकपिट में बैठकर कंट्रोल पैनल की जांच कर रहे थे। यात्रियों की कतार में हाशिम और अशरफ भी शामिल हो गए। हाशिम की जेब में वह खिलौना बंदूक थी और अशरफ के पास लकड़ी का ग्रेनेड। RAW के गुप्त निर्देशों के चलते एयरपोर्ट पर उनकी गंभीर चेकिंग नहीं हुई। विमान में 28 यात्री और 4 क्रू मेंबर्स सवार हुए। ठीक 11:30 बजे 'गंगा' ने जम्मू के लिए उड़ान भरी। करीब 20 मिनट बाद, जब विमान पूरी ऊंचाई पर था, अचानक हाशिम अपनी सीट से उठा। उसने जेब से नकली पिस्तौल निकाली और हवा में लहराते हुए चिल्लाया- ‘कोई अपनी जगह से नहीं हिलेगा। जहाज हाईजैक हो चुका है।’ उधर, अशरफ ने लकड़ी का ग्रेनेड निकाला और उसकी पिन खींचने का नाटक करते कहा- ‘किसी ने चालाकी दिखाई, तो मैं जहाज को उड़ा दूंगा।’ विमान के भीतर चीख-पुकार मच गई। हाशिम कॉकपिट का दरवाजा धक्का देकर अंदर घुसा। कैप्टन ने मुड़कर देखा तो पिस्तौल उनकी कनपटी पर तनी थी। ‘जहाज का रुख बदलो। इसे सीधे रावलपिंडी ले चलो।' हाशिम ने चिल्लाते हुए कहा। कैप्टन ने बिना घबराए जवाब दिया- ‘इसमें फ्यूल बहुत कम है। हम रावलपिंडी नहीं जा पाएंगे। तुम कहो तो इसे लाहौर ले जा सकते हैं।’ कुछ देर आनाकानी करने के बाद हाशिम विमान को लाहौर ले जाने पर राजी हो गया। दोपहर 1 बजकर 30 मिनट पर 'गंगा' लाहौर के रनवे पर उतरा। पाकिस्तानी फौज और पुलिस ने उसे चारों तरफ से घेर लिया। हाशिम और अशरफ का जोरदार स्वागत किया गया। पाकिस्तान के कद्दावर नेता जुल्फिकार अली भुट्टो ने रनवे पर आकर उन्हें गले लगाया। पाकिस्तान दोनों को हीरो मान चुका था। 2 फरवरी की शाम हाशिम ने पाकिस्तानी अफसरों से पेट्रोल और माचिस की मांग की। अफसरों ने बिना सोचे-समझे यह सामान उन्हें मुहैया करा दिया। हाशिम ने विमान के भीतर पेट्रोल छिड़का और आग लगा दी। ‘गंगा’ धू-धू कर जलने लगा। पाकिस्तानी टीवी चैनल इसे लाइव दिखा रहे थे। भीड़ तालियां बजा रही थी। अगली सुबह, 3 फरवरी 1971 को भारत ने अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन के नियमों का हवाला देते हुए पाकिस्तान के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर दिया। इस पाबंदी के बाद पश्चिमी पाकिस्तान से पूर्वी पाकिस्तान जाने का सीधा रास्ता कट गया। पाकिस्तान को कोई फ्लाइट, फौज या रसद ढाका भेजनी होती, तो उन्हें अरब सागर से होते हुए, श्रीलंका का चक्कर लगाकर जाना पड़ता था। यह बेहद लंबा सफर था। उधर, पूर्वी पाकिस्तान में बंगाली विद्रोहियों ने बगावत कर दी थी। वे पाकिस्तानी फौज से खुली जंग लड़ रहे थे। RAW ने इसके लिए उन्हें ट्रेनिंग दी थी। हथियार मुहैया कराए थे। आखिरकार बौखलाए पाकिस्तान ने 3 दिसंबर 1971 की शाम अमृतसर, पठानकोट, श्रीनगर सहित भारत के कई हवाई ठिकानों पर बमबारी शुरू कर दी। इन हमलों के तुरंत बाद भारत ने भी जंग का ऐलान कर दिया। पाकिस्तान फंस चुका था। भारत का एयरस्पेस तो उसके लिए बंद था ही, रही-सही कसर भारत ने श्रीलंका पर कूटनीतिक दबाव बनाकर पूरी कर दी। श्रीलंका ने भी पाकिस्तान को रीफ्यूलिंग की सहूलियत नहीं दी। नतीजा ये हुआ कि पाकिस्तानी फौज कमजोर पड़ गई। महज 13 दिनों के भीतर घुटने टेक दिए। 16 दिसंबर 1971 को ढाका के रेसकोर्स मैदान में पाकिस्तानी जनरल एएके नियाजी ने अपने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर कर दिया। पाकिस्तान के दो टुकड़े हुए। एक नए मुल्क का जन्म हुआ- बांग्लादेश। जब जंग खत्म हुई, तब पाकिस्तान को समझ आया कि उसके साथ खेल हो चुका है। हाशिम और अशरफ, जिन्हें वो हीरो मानकर पलकों पर बिठा रखा था, उन्हें फौरन गिरफ्तार कर लिया गया। हाशिम को कई साल पाकिस्तान की जेल में काटने पड़े। जेल से छूटने के बाद वह नीदरलैंड्स चला गया। साल 2000 में भारत लौटा, लेकिन दिल्ली एयरपोर्ट पर ही वो गिरफ्तार कर लिया गया। उस पर देशद्रोह और विमान अपहरण के मामले दर्ज किए गए। 2001 में उसे जमानत मिल गई। तब से वह जेल से बाहर है और श्रीनगर में रहता है। यह सबकुछ RAW के इसी सीक्रेट मिशन की बदौलत हुआ। हालांकि, भारत सरकार और RAW ने कभी आधिकारिक रूप से इसे स्वीकार नहीं किया। RAW के काम करने का तरीका भी यही है। अब ऑपरेशन गंगा की पहली कड़ी भी पढ़िए : कश्मीरी आतंकी भारत का विमान हाईजैक करके पाकिस्तान ले गए:पेट्रोल डालकर जला दिया, देश गुस्से में था, लेकिन प्रधानमंत्री मुस्कुराने लगीं; ऑपरेशन गंगा पार्ट-1 रेफरेंस : 1. Mission RAW : By R.K. Yadav 2. The Kaoboys of RAW : By B. Raman 3. The War that Made RAW : By Anusha Nandakumar and Sandeep Saket 4. India, Pakistan and the Secret Jihad : By Praveen Swami

दैनिक भास्कर 12 Jul 2026 4:59 am

आज का एक्सप्लेनर:क्या केतन की हत्या के मामले में सिया बच जाएगी, कैसे साबित होगा धक्का किसने दिया; पुलिस की थ्योरी पर सवाल क्यों

‘सिया गोयल ने बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी के साथ मिलकर मंगेतर केतन अग्रवाल को लोहगढ़ किले से धक्का देकर मार डाला। क्योंकि वो केतन से शादी नहीं करना चाहती थी।’ पुणे पुलिस की ये थ्योरी पूरे देश को याद हो चुकी है। लेकिन ये बात कहने में जितनी आसान है, कोर्ट में साबित करना उतना ही मुश्किल। तो क्या केतन अग्रवाल की हत्या मामले में सिया बच जाएगी, पुलिस कैसे साबित करेगी सिया ने ही धक्का दिया; समझेंगे आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: पुलिस ने सिया को किस आधार पर केतन की हत्या का आरोपी बनाया है? जवाब: पुलिस के मुताबिक, 18 जून 2026 की सुबह करीब 10 बजे लोहगढ़ किले की चोटी पर मौजूद सिया चीखी। गार्ड्स पहुंचे, तो सिया ने बताया- मेरा मंगेतर केतन फिसलकर खाई में गिर गया है।' सिया ने ही घरवालों को भी फोन किया। अगले दिन इंस्टाग्राम पर लिखा- ‘केतन तुम मुझे मेरे जन्मदिन पर अकेला छोड़ गए। वापस आ जाओ।’ केतन अग्रवाल के माता-पिता ने लोनावला ग्रामीण पुलिस स्टेशन के ऑफिसर्स से कहा कि उन्हें केतन की मौत में किसी गलत इरादे का शक नहीं है। पुलिस भी इसे एक्सीडेंट मान रही थी। लेकिन इसके बाद जांच में 5 ऐसी बातें सामने आईं, जिसके आधार पर सिया और चेतन को हत्या का आरोपी बनाया गया… 1. केतन के घर वालों को सिया पर शक हुआ 2. सिया ने पुलिस के सामने अपने बयान बदले 3. किले के CCTV फुटेज में गर्मी में हुडी पहने दिखा शख्स 4. हत्या वाले दिन चेतन का इंटरनेट पूरे दिन बंद 4. सिया की चेतन के नंबर पर 2000 से ज्यादा कॉल्स सवाल-2: क्या सिया को दोषी साबित करने के लिए ये 5 आधार काफी नहीं, और क्या जरूरी? जवाब: हत्या के मामले में आरोपी को 2 तरीके से दोषी साबित किया जा सकता है… 1. हत्या का कोई पुख्ता सबूत मौजूद हो भारतीय कानून में हत्या का आरोप साबित करने के लिए तीन चीजें बेहद जरूरी होती हैं- हत्या का मोटिव, यानी इरादा, हत्या में इस्तेमाल हथियार, आरोपी का मौके पर मौजूद होना और हत्या का चश्मदीद गवाह। सुप्रीम कोर्ट के वकील विराग गुप्ता कहते हैं, ‘मान लीजिए किसी की हत्या हो और मौके पर ही आरोपी और हत्या में इस्तेमाल हुआ हथियार बरामद हो जाएं, जिसकी पोर्टमार्टम रिपोर्ट से भी पुष्टि हो जाए, तो हत्या का मामला चलेगा। अभियोजन पक्ष या पुलिस घटना के CCTV फुटेज, वीडियो, ऑडियो रिकॉर्डिंग, वारदात के गवाह या किसी दूसरे सबूत के जरिए यह साबित करेंगे कि आरोपी ने ही हत्या की है। इसके बाद कोर्ट आरोपी को दोषी करार दे देगा।’ केतन के मामले में पुलिस का मानना है कि उसे चेतन या सिया ने खाई में धक्का दिया था, जिससे उनकी मौत हो गई। विराग गुप्ता के मुताबिक, कोर्ट सिया और केतन को तभी दोषी मानेगा, जब सबूतों से ये साबित हो जाए कि केतन न ही खुद फिसला, न उसका संतुलन बिगड़ा, बल्कि उसे जानबूझकर चेतन या सिया ने या दोनों ने मिलकर धक्का दिया था। हालांकि अभी तक पुलिस के पास इसका कोई सबूत नहीं है। एक पुलिस ऑफिसर ने कहा है, ‘केतन की हत्या के समय किले पर 208 लोग मौजूद थे। हमें उम्मीद है कि किसी न किसी ने कोई आपत्तिजनक फोटोग्राफिक सबूत कैद किया होगा।' पुलिस ने कोर्ट से चेतन और सिया के लाई-डिटेक्टर टेस्ट की परमिशन मांगते हुए कहा था कि उसके पास घटना का कोई चश्मदीद गवाह नहीं है और न ही कोई ऐसा सबूत है, जिससे साबित हो सके कि केतन को धक्का देकर किसने मारा। पुलिस ने ये अर्जी वापस भी ले ली है। 2. हत्या की परिस्थिति से जुड़े सबूत मौजूद हों हत्या का वीडियो न हो, तो भी हत्या साबित की जा सकती है और आरोपी को दोषी ठहराया जा सकता है। अदालतें परिस्थितिजन्य सबूतों के आधार पर भी हत्या के मामलों में सजा सुनाती हैं। परिस्थितिजन्य सबूतों का मतलब है कि किसी व्यक्ति की हत्या के पीछे की वजह या मोटिव, हत्या के समय आरोपियों की लोकेशन, हत्या के तरीके से जुड़े सबूत सभी आपस में अच्छे से जुड़े हों। किसी भी तरह कोई एक भी कड़ी ऐसी न हो, जिससे ये गुंजाइश बने कि आरोपी बेकसूर भी हो सकता है। विराग गुप्ता कहते हैं कि केतन की हत्या के समय का कोई मटेरियल एविडेंस नहीं मिल पाता, तो पुलिस ने केतन की हत्या के पीछे जो कहानी, सुराग और हत्या का जो मोटिव बताया है, अभियोजन पक्ष को उसे कोर्ट में सबूतों के साथ साबित करना होगा। पुलिस को इस पूरे मामले से जुड़े लोगों के फोन रिकॉर्ड, CCTV फुटेज, केतन की मौत की लोकेशन से जुड़े सबूत जुटाने होंगे। इन सबके आधार पर यह साबित करना होगा कि सिया और चेतन के पास केतन को मारने की पर्याप्त वजह थी और उन दोनों ने ही केतन की हत्या की है। पुलिस का एक दावा ये भी है कि उसके पास चेतन और सिया के कबूलनामे हैं, जिनमें उन्होंने केतन की हत्या की बात स्वीकार की है। हालांकि पुलिस को दिए बयान में कोई आरोपी अपना जुर्म कबूल ले, तो भी CRPC या BNS कानून के तहत इसकी कोर्ट में कोई अहमियत नहीं होती। सवाल-3: तो क्या हत्या के आरोप से बच भी सकते हैं सिया-चेतन? जवाब: अक्सर परिस्थितिजन्य सबूतों के आधार पर हत्या के मामले में आरोपी बरी भी हो जाते हैं। आपने कई फैसलों में कोर्ट की ये टिप्पणी सुनी होगी- सबूतों की कमी के चलते आरोप साबित नहीं किया जा सका। दरअसल, इसके पीछे सुप्रीम कोर्ट के बनाए हुए नियम हैं। 1952 में एक फैसले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अदालतों को आगाह किया था कि किसी शक को सबूत न समझा जाए। फिर 1984 में सुप्रीम कोर्ट ने एक और मामले में 5 सिद्धांत बताए… सिया के वकील तनवीर अहमद मीर कहते हैं कि अभियोजन पक्ष केवल ये दिखाकर केस नहीं जीत सकता कि कई चीजें संदिग्ध लग रही हैं। घटना की हर परिस्थिति खुद में साबित हो, और फिर वो अगली कड़ी से भी जुड़ती हो, ये भी साबित हो कि केतन की मौत की दूसरी कोई संभव वजह नहीं है। अगर एक भी कड़ी टूटती है, तो आरोपियों को संदेह का फायदा मिलेगा। केतन के मामले में पुलिस को हर दावा, सबूत में बदलना होगा। साबित करना होगा कि सिया शादी से नाखुश थी और यही हत्या का मोटिव था। चेतन के साथ उसका रिश्ता, कैफे में हुई दोनों की मुलाकात और दोनों के प्लान को रिहर्सल से साबित करना होगा। सिर्फ ये साबित करना काफी नहीं होगा कि दोनों का व्यवहार संदिग्ध है, बल्कि ये फोन, चैट रिकॉर्ड, CCTV फुटेज से ये साबित करना होगा कि वो हत्या की साजिश कर रहे थे। मीर कहते हैं कि इसके अलावा सबसे जरूरी ये साबित करना होगा कि केतन गिरा कैसे? उस पॉइंट की ढलान, कहां पर गिरा, केतन के जूते, गिरने की दिशा, उनकी चोटें, फिसलने की संभावना, ये सभी चीजें मायने रखेंगी। कई संभावनाएं हो सकती हैं- केतन खद फिसले, या कोई बहस हुई, उस दौरान गिर गए, किसी एक ने धक्का दिया, या दोनों ने उकसाया, या हाथापाई में ऐसा हुआ। पुलिस को बाकी सभी संभावनाओं को खारिज करके ये साबित करना होगा कि केतन को धक्का दिया गया। सवाल-4: क्या पहले भी कोर्ट ने ऐसे फैसले दिए हैं? जवाब: हां, आरुषि-हेमराज हत्याकांड इसकी लैंडमार्क मिसाल है। 13 साल की आरुषि तलवार और तलवार दंपति के नौकर हेमराज की 2008 में नोएडा में हत्या कर दी गई थी। आरुषि की लाश उसके बेडरूम में, जबकि हेमराज की लाश छत पर मिली थी। केतन के मामले की तरह ही ये दोहरा हत्याकांड नेशनल लेवल पर सनसनी बन चुका था। आरुषि के माता-पिता- राजेश और नूपुर तलवार के बारे में कहा जा रहा था कि दोनों ने ऑनर-किलिंग की है। 2013 में CBI कोर्ट ने दोनों को दोषी भी करार दे दिया, लेकिन 4 साल बाद इलाहाबाद हाई-कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया। सिया के वकील मीर ने ही उनका भी केस लड़ा था। इस मामले में भी हाई कोर्ट ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को लेकर 5 सिद्धांतों के आधार पर निचली अदालत का फैसला पलट दिया था। अभियोजन पक्ष ये साबित करने में नाकाम रहा था कि घटना की रात तलवार के घर में कोई बाहरी व्यक्ति नहीं आ सकता था। मीर ने कोर्ट में ये कल्पना दी कि राजेश तलवार का कंपाउंडर, कृष्णा थडाराई को भी पहले संदिग्ध माना गया था। हो सकता है कि उसने हत्याएं की हों। तलवार दंपति को बचाने के लिए मीर को ये साबित करने की जरूरत नहीं थी कि कृष्णा ने असल में हत्याएं की थीं। बस उन्हें अपनी कल्पना को इतना भरोसेमंद बनाना था कि तलवार के दोषी होने पर संदेह पैदा हो जाए। ------- ये खबर भी पढ़िए… शादी से बचने के लिए सीधे मंगेतर की हत्या, मना क्यों नहीं कर सकी; रोमांटिक पोस्ट डाले, चार सुराग से सुलझी गुत्थी पुणे शहर से 64 किमी दूर लोहगढ़ किला। 18 जून 2026 की सुबह करीब 10 बजे किले की चोटी से एक चीख गूंजी। गार्ड्स पहुंचे, तो वहां मौजूद 20 साल की सिया ने बताया- मेरा मंगेतर केतन फिसलकर खाई में गिर गया है। सिया ने ही घरवालों को भी फोन किया। अगले दिन इंस्टाग्राम पर लिखा- ‘केतन तुम मुझे मेरे जन्मदिन पर अकेला छोड़ गए। वापस आ जाओ।’ पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 11 Jul 2026 6:09 pm