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155 रनों तक थमी गुजरात की पारी, बैंगलूरू के गेंदबाजों ने नहीं लेने दी सांस

GTvsRCB रॉयल चैलेंजर्स बैंगलूरू के गेंदबाजों ने गुजरात टाइटंस को अंत तक सांस नहीं लेने दी और अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में मेजबान टीम को 8 विकेटों के नुकसान पर 155 रनों तक समेट दिया। गुजरात के लिए सिर्फ वॉशिंगटन सुंदर ही अर्धशतक लगा पाए और बैंगलूरू की ओर से सर्वाधिक 3 विकेट रसिख डार ने लिए। रॉयल चैलेंजर्स बैंगलूरू मेजबान गुजरात टाइटंस पर इस कदर हावी रही कि टीम के गेंदबाजों ने ईकाई के तौर पर प्रदर्शन कर गुजरात के 5 विकेट 100 रनों से पहले ही गिरा दिए।गुजरात को खुशनसीब समझना चाहिए कि वॉशिंगटन सुंदर की कैच को तीसरे अंपायर ने अवैध करार दे दिया नहीं तो टीम की हालत और बुरी होती। रॉयल चैलेंजर्स बैंगलूरू ने पहले ही पॉवरप्ले में अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडयम में मेजबान टीम गुजरात टाइटंस पर शिकंजा कस लिया। बैंगलूरू ने दोनों सलामी बल्लेबाज और टूर्नामेंट के दो सबसे सफल बल्लेबाज को 4 ओवरों के भीतर ही पवैलियन रवाना कर दिया। शुरुआती झटकों के कारण गुजरात टीम पहले पॉवरप्ले का फायदा नहीं उठा सकी और महज 45 रन ही बना सकी। शुरुआती झटकों के कारण गुजरात टीम पहले पॉवरप्ले का फायदा नहीं उठा सकी और महज 45 रन ही बना सकी। Innings Break! Washington Sundar fights back but an all-round effort from #RCB restricts #GT to Scorecard https://t.co/Yz6K3q6w0X #TATAIPL | #Final | #TheFinalLeap | #RCBvGT pic.twitter.com/1nMfBYvg1D — IndianPremierLeague (@IPL) May 31, 2026 गुजरात टाइटंस (एकादश) : शुभमन गिल (कप्तान), साई सुदर्शन, जॉस बटलर (कीपर), जेसन होल्डर, वॉशिंगटन सुंदर, राहुल तेवतिया, राशिद ख़ान, निशांत सिंधु, कगिसो रबाडा, अरशद ख़ान और मोहम्मद सिराज। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (एकादश): विराट कोहली, देवदत्त पड़ीक्कल, रजत पाटीदार (कप्तान), जितेश शर्मा (कीपर), टिम डेविड, क्रुणाल पंड्या, रोमारियो शेफर्ड, भुवनेश्वर कुमार, जैकब डफी, जॉश हेजलवुड और रसिख डार सलाम।

वेब दुनिया 31 May 2026 9:21 pm

100 रनों से पहले ही गुजरात की आधी टीम आउट, बैंगलूरू ने कसा शिकंजा

GTvsRCB अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलूरू मेजबान गुजरात टाइटंस पर इस कदर हावी रही कि टीम के गेंदबाजों ने ईकाई के तौर पर प्रदर्शन कर गुजरात के 5 विकेट 100 रनों से पहले ही गिरा दिए। ताजा जानकारी तक गुजरात 14.1 ओवरों तक 5 विकेट सिर्फ 99 रनों परदे चुकी थी। पहले पॉवरप्ले में शुभमन गिल और सांई सुदर्शन का विकेट गंवाने वाली गुजरात के लिए कोई बल्लेबाज टिक के नही खेल पाया। गुजरात को खुशनसीब समझना चाहिए कि वॉशिंगटन सुंदर की कैच को तीसरे अंपायर ने अवैध करार दे दिया नहीं तो टीम की हालत और बुरी होती। फिलहाल बैंगलूरू खिताबी मुकाबले को एक लो स्कोर मैच की तरफ ले जा रही है। Ahmedabad, can you feel the heat? #RCB are on fire Updates https://t.co/Yz6K3q6w0X #TATAIPL | #Final | #TheFinalLeap | #RCBvGT pic.twitter.com/LGtUK2ucrH — IndianPremierLeague (@IPL) May 31, 2026 दोनों टीमें इस प्रकार है:- गुजरात टाइटंस (एकादश) : शुभमन गिल (कप्तान), साई सुदर्शन, जॉस बटलर (कीपर), जेसन होल्डर, वॉशिंगटन सुंदर, राहुल तेवतिया, राशिद ख़ान, निशांत सिंधु, कगिसो रबाडा, अरशद ख़ान और मोहम्मद सिराज। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (एकादश): विराट कोहली, देवदत्त पड़ीक्कल, रजत पाटीदार (कप्तान), जितेश शर्मा (कीपर), टिम डेविड, क्रुणाल पंड्या, रोमारियो शेफर्ड, भुवनेश्वर कुमार, जैकब डफी, जॉश हेजलवुड और रसिख डार सलाम।

वेब दुनिया 31 May 2026 8:47 pm

IPL Final में बैंगलूरू ने टॉस जीतकर गुजरात के खिलाफ चुनी गेंदबाजी (Video)

GTvsRCB रॉयल चैलेंजर्स बैंगलूरू के कप्तान रजत पाटीदार ने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में इंडियन प्रीमियर लीग के फाइनल में गुजरात टाइटंस के खिलाफ टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है। रॉयल चैलेंजर्स बैंगलूर ने प्लेऑफ में गुजरात टाइटंस को प्लेऑफ में हरा दिया था। इसके बाद गुजरात ने दूसरे क्वालिफायर में राजस्थान को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। Toss Update from the FINAL @RCBTweets have won the toss & will bowl first against @gujarat_titans in Ahmedabad. Updates https://t.co/Yz6K3q6w0X #TATAIPL | #Final | #TheFinalLeap | #RCBvGT pic.twitter.com/kgrF0LJ0gQ — IndianPremierLeague (@IPL) May 31, 2026 टीमें: Playing XI & Impact Player रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: रजत पाटीदार (कप्तान), विराट कोहली, टिम डेविड, जैकब बेथेल, रोमारियो शेफर्ड, जोश हेज़लवुड, नुवान तुषारा, देवदत्त पडिक्कल, जितेश शर्मा, कृणाल पंड्या, रसिख डार, भुवनेश्वर कुमार, जॉर्डन कॉक्स, सुयश शर्मा, वेंकटेश अय्यर, स्वप्निल सिंह, जैकब डफी, कनिष्क चौहान, अभिनंदन सिंह, मंगेश यादव, फिल साल्ट, सात्विक देसवाल, विकी ओस्टवाल, विहान मल्होत्रा। गुजरात टाइटंस: साई सुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), शाहरुख खान, अनुज रावत, जोस बटलर, कुमार कुशाग्र, टॉम बैंटन, ग्लेन फिलिप्स, जेसन होल्डर, निशांत सिंधू, राहुल तेवतिया, वॉशिंगटन सुंदर, साई किशोर, जयंत यादव, अरशद खान, शाहरुख खान, मानव सुथार, राशिद खान, मोहम्मद सिराज, कगिसो रबाडा, प्रसिद्ध कृष्णा, इशांत शर्मा, गुरनूर बराड़, अशोक शर्मा, ल्यूक वुड, पृथ्वी राज यारा।

वेब दुनिया 31 May 2026 7:02 pm

आज का एक्सप्लेनर:हार्दिक, पंत, रहाणे...आखिर IPL 2026 कप्तानों पर भारी क्यों पड़ गया, क्या अगले सीजन 50% कप्तान बदलेंगे; किन नए चेहरों को मौका

IPL का ये सीजन कई कप्तानों के लिए अच्छा नहीं गुजरा। पहले हार्दिक पांड्या और ऋतुराज गायकवाड़ की कप्तानी खत्म होने की खबरें आईं, फिर ऋषभ पंत का इस्तीफा आ गया...लिस्ट में और भी कई नाम शामिल हैं। आखिर इन कप्तानों के साथ ऐसा क्यों हुआ, परफॉरमेंस आड़े आई या टीमों को नए चेहरों की तलाश, जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में… ऋषभ पंत: 27 करोड़ में बिके, LSG आखिरी पायदान पर, दिया इस्तीफा IPL 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स, यानी LSG पॉइंट्स टेबल में सबसे निचले पायदान पर रही। 30 मई को LSG ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में कहा कि फ्रेंचाइजी ने ऋषभ के कप्तानी छोड़ने के अनुरोध को स्वीकार कर लिया है। LSG के क्रिकेट डायरेक्टर टॉम मूडी के मुताबिक, ‘पंत ने खुद कप्तानी से हटने की इच्छा जताई थी और फ्रेंचाइजी ने उनके फैसले को सम्मानपूर्वक स्वीकार कर लिया। ऐसा फैसला लेना कभी आसान नहीं होता।' पंत के इस्तीफा देने के पीछे 3 बड़े फैक्टर हो सकते हैं… 1. टीम का खराब प्रदर्शन, पंत प्रेशर मैनेज नहीं कर पाए 2. IPL के सबसे महंगे खिलाड़ी, लेकिन परफॉरमेंस उम्मीद से कम 3. LSG के मालिक संजीव से अनबन की खबर हार्दिक पांड्या: कोचों की बात नहीं मानी, मुंबई इंडियंस 9वें पायदान पर रही 28 मई को इंडियन एक्सप्रेस ने रिपोर्ट किया कि मुंबई इंडियंस, यानी MI के कप्तान के बतौर हार्दिक पांड्या का टेन्योर खत्म होने वाला है। टीम में बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। इसकी शुरुआत कप्तान से होगी। अखबार ने टीम से जुड़े 3 सोर्सेज के हवाले से बताया, ‘टीम का मैनेजमेंट हार्दिक को आगे कप्तान बनाए रखना नहीं चाहता। आने वाले दिनों में इंट्रोस्पेक्शन होगा। कई सवालों के जवाब देने होंगे। उसके बाद तय होगा कि क्या हार्दिक कप्तान बने रहेंगे या सिर्फ प्लेयर की तरह टीम में रहेंगे?’ हार्दिक की कप्तानी जाने के पीछे 3 बड़े फैक्टर हो सकते हैं.. 1. MI की खराब परफॉरमेंस, सीनियर खिलाड़ी भी नाकाम रहे 2. मिड-ऑर्डर में हार्दिक का परफॉरमेंस अच्छा नहीं रहा 3. कोचों से अंदरूनी विवाद ऋतुराज गायकवाड़: 3 सीजन से कप्तान, CSK 8वें पायदान पर रही पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनोज तिवारी ने 19 मई को क्रिकबज से कहा, 'IPL 2027 में ऋतुराज ही चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान होंगे, ये कहा नहीं जा सकता। CSK के लिए खेल चुके ऑफ-स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने भी मौजूदा सीजन में गायकवाड़ की परफॉर्मेंस पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, 'कप्तानी के प्रेशर के चलते वे बल्लेबाजी में भी कुछ खास नहीं कर पा रहे हैं।’ ऋतुराज की कप्तानी जाने के 3 बड़े फैक्टर हो सकते हैं… 1. CSK की कमजोर परफॉर्मेंस, गायकवाड़ प्लेयर्स को मैनेज नहीं कर पाए 2. ओपनर के तौर पर ऋतुरात का प्रदर्शन खराब रहा 3. तीन सीजन से कप्तान, एक बार भी प्लेऑफ तक नहीं ले जा पाए अजिंक्य रहाणे: KKR दूसरी बार प्लेऑफ तक नहीं पहुंची, 7वें पायदान पर फिनिश 15 मई 2026 को आउटलुक इंडिया मैगजीन ने सोर्सेज के हवाले से तीन IPL कप्तानों के नाम दिए, जिनसे कप्तानी छीनी जा सकती है। इस रिपोर्ट में ऋतुराज गायकवाड़, अक्षर पटेल और अजिंक्य रहाणे का नाम था। आउटलुक के मुताबिक, ‘रहाणे को KKR की कप्तानी मिलना 'फोर्स्ड कॉल' यानी मजबूरी में लिया फैसला था, क्योंकि टीम के पास कोई दूसरा ऑप्शन नहीं था।’ KKR ने 2024 में श्रेयस अय्यर की कप्तानी में 10 साल के इंतजार के बाद IPL खिताब जीता। हालांकि, 2025 में अय्यर पंजाब किंग्स में शामिल हो गए थे। 3 फैक्टर जिनके चलते रहाणे की कप्तानी छिन सकती है… 1. KKR का निराशाजनक सीजन, लगातार दूसरी बार प्लेऑफ से बाहर 2. एज फैक्टर और इंटरनेशनल क्रिकेट से दूरी 3. स्लो-बैटिंग और स्ट्राइक रेट पर सवाल इन 4 कप्तानों के अलावा दिल्ली कैपिटल्स (DC) के कप्तान अक्षर पटेल की कप्तानी पर भी सवाल हैं। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, ‘अक्षर बतौर कप्तान पूरी तरह नाकाम रहे। फैसले लेने के लिए वे ज्यादातर कोच हेमांग बदानी और वेणुगोपाल राव पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में अगर अगले साल उनकी कप्तानी बरकरार रहना एक चमत्कार ही होगा।’ सवाल-1: इन टीमों के नए कप्तान कौन हो सकते हैं? जवाब: 5 टीमों के नए कप्तान के लिए सबसे बड़े दावेदार हैं… LSG : मिशेल मार्श ESPN के मुताबिक LSG अगले कप्तान की दौड़ में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज मिचेल मार्श का नाम सबसे आगे है, मार्श पिछले दो सीजन से टीम के टॉप स्कोरर भी रहे हैं। इसके अलावा भारतीय युवा खिलाड़ी आयुष बडोनी के नाम की भी चर्चा है। MI: तिलक वर्मा MI के पास जसप्रीत बुमराह और सूर्यकुमार यादव का विकल्प है, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक, मैनेजमेंट युवा बैटर तिलक वर्मा पर दांव खेल सकता है। CSK: संजू सैमसन पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनोज तिवारी के मुताबिक, 'CSK IPL 2027 के लिए संजू सैमसन को चुनेगी। उनके पास RR की कप्तानी का अनुभव है और वे ऋतुराज से बेहतर फॉर्म में हैं।’ KKR: रिंकू सिंह क्रिकट्रैकर की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘KKR मैनेजमेंट 2027 में टीम की कप्तानी रिंकू सिंह को सौंप सकता है। टीम के CEO वेंकी मैसूर ने IPL 2026 से पहले उन्हें वाइस-कैप्टन बनाकर इसका संकेत दे दिया था।’ DC: ट्रिस्टन स्टब्स DC के पास मौजूदा वाइस-कैप्टन केएल राहुल का विकल्प है। हालांकि, जब वे पहले ही कप्तान बनने से मना कर चुके हैं। IPL 2026 में अक्षर की गैर-मौजूदगी में डेविड मिलर और ट्रिस्टन स्टब्स ने कप्तानी संभाली। स्टब्स युवा हैं, टीम उन्हें कप्तान बना सकती है।***** रिसर्च सहयोग - प्रथमेश व्यास----------------------------------------------------------- IPL से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… IPL 2026 ने दिए भारत को 10 फ्यूचर स्टार्स:सूर्यवंशी ने 776 रन बनाए, प्रिंस ने कोहली को बोल्ड किया; रसिख खेलेंगे फाइनल IPL का फाइनल आज अहमदाबाद में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच खेला जाएगा। इस सीजन में कई अनकैप्ड खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से टीमों की जीत में अहम भूमिका निभाई। वैभव सूर्यवंशी, प्रिंस यादव, प्रफुल हिंगे और आयुष म्हात्रे जैसे युवा सितारे चर्चा में रहे। स्टोरी में ऐसे ही 10 अनकैप्ड भारतीय प्लेयर्स, जो आने वाले समय में टीम इंडिया के लिए डेब्यू कर सकते हैं। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 31 May 2026 6:40 pm

टेस्टी फ्लेवर वाली ये आइसक्रीम खुद बनाएं, खाएं और खिलाएं

गर्मी के दिनों में आइसक्रीम खाने का मन हो तो इन टेस्टी फ्लेवर को खुद बनाएं और अपनों को खिलाएं, देखना सब कह उठेंगे वाह वाह। गुलाब कुल्फी गुलाब कुल्फी अपनी नाजुक खुशबू और शाही स्वाद के कारण हर उम्र के लोगों को बेहद पसंद आती है। इस खास कुल्फी को बनाने के लिए सबसे […] The post टेस्टी फ्लेवर वाली ये आइसक्रीम खुद बनाएं, खाएं और खिलाएं appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 31 May 2026 6:01 pm

मंदिर के रथ के पहियों से कुचलकर एक किशोर की मौत, एक घायल

चेन्नई। तमिलनाडु के नामक्कल जिले के तिरुचेंगोडु में रविवार को एक उत्सव के दौरान मंदिर के रथ के पहियों के नीचे कुचलकर एक किशोर की मौत हो गयी और एक अन्य घायल हो गया। इस हादसे पर मुख्यमंत्री विजय ने गहरा शोक व्यक्त किया है और मृतक के परिवार को पांच लाख रुपए की विशेष […] The post मंदिर के रथ के पहियों से कुचलकर एक किशोर की मौत, एक घायल appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 31 May 2026 5:44 pm

बॉबी देओल के दोनों बेटे आर्यमान और धरम भी करेंगे बॉलीवुड डेब्यू, एक्टर ने खोला अगली पीढ़ी का राज

बॉलीवुड एक्टर बॉबी देओल इन दिनों अपने करियर के सबसे बेहतरीन दौर से गुजर रहे हैं। 'एनिमल' की ब्लॉकबस्टर सफलता के बाद जहां फैंस उनकी आगामी फिल्मों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, वहीं अब देओल परिवार के फैंस के लिए एक और बड़ी खुशखबरी सामने आई है। बॉबी देओल ने कन्फर्म कर दिया है कि उनके दोनों बेटे, आर्यमान देओल और धरम देओल, जल्द ही फिल्म इंडस्ट्री में अपनी किस्मत आजमाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हाल ही में टॉक शो 'आप की अदालत' में रजत शर्मा के साथ बातचीत के दौरान, बॉबी देओल ने अपने बच्चों के करियर प्लान और उनकी छिपी हुई प्रतिभाओं पर खुलकर बात की। ALSO READ: पूजा हेगड़े ने फ्लोरल लेस ड्रेस में बढ़ाया इंटरनेट का तापमान, तस्वीरें वायरल बॉबी देओल ने कहा कि मेरे दोनों बेटे हीरो बनना चाहते हैं, अब मैं क्या कर सकता हूँ? बॉबी देओल ने इंटरव्यू में एक बेहद दिलचस्प वाकया साझा किया। उन्होंने बताया कि वह नहीं चाहते थे कि उनके बच्चे फिल्म इंडस्ट्री के उतार-चढ़ाव को देखें, इसलिए उन्होंने अपने बड़े बेटे आर्यमान देओल को पढ़ाई की तरफ प्रेरित किया। उन्होंने कहा, मैंने अपने बड़े बेटे को फाइनेंस की पढ़ाई कराई। उसने न्यू यॉर्क यूनिवर्सिटी से ऑनर्स के साथ ग्रेजुएशन पूरा किया। वह पढ़ाई में बहुत अच्छा था। मैंने सोचा था कि शायद वह फाइनेंस के क्षेत्र में कुछ अलग करेगा, अमेरिका में सेटल हो जाएगा और हम कभी-कभार उससे मिलने वहां जाया करेंगे। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था, उसका दिल हमेशा से एक्टिंग के लिए धड़कता था। कोविड के दौरान सीखी फिल्ममेकिंग और एडिटिंग आर्यमान के टैलेंट की तारीफ करते हुए बॉबी ने बताया कि लॉकडाउन का समय उनके बेटे के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। जब हर कोई घरों में बंद था, तब आर्यमान ने यूट्यूब और इंटरनेट की मदद से खुद को पूरी तरह बदल लिया। उन्होंने घर बैठे ही फिल्ममेकिंग के गुर सीखे, जिसमें वीडियो एडिटिंग, साउंड इफेक्ट्स जोड़ना और डबिंग शामिल है। इसके अलावा, उन्होंने बिना किसी कोरियोग्राफर के सिर्फ यूट्यूब वीडियो देखकर डांस की ट्रेनिंग ली और अपनी शानदार फिजीक पर कड़ी मेहनत की। में बॉबी ने एक और राज खोलते हुए बताया कि वह अपनी इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर जो तस्वीरें पोस्ट करते हैं, उनमें से ज्यादातर उनके बड़े बेटे आर्यमान ने ही क्लिक की हैं। आर्यमान ने मशहूर फोटोग्राफर अविनाश गोवारिकर के अंडर एक साल तक फोटोग्राफी की बारीकियां भी सीखी हैं। हालांकि, आर्यमान लाइमलाइट से दूर रहना पसंद करते हैं, यही वजह है कि उन्होंने अपना सोशल मीडिया अकाउंट भी बंद कर रखा है क्योंकि उन्हें फॉलोअर्स की परवाह नहीं है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें देओल परिवार की तीसरी पीढ़ी यानी धर्मेंद्र के पोतों का बॉलीवुड डेब्यू हमेशा से चर्चा का विषय रहा है। इससे पहले सनी देओल के बेटों करण और राजवीर ने भी फिल्मों में कदम रखा था। बॉबी देओल ने साफ किया कि आज का दर्शक बहुत ईमानदार और सख्त हो चुका है, इसलिए आर्यमान और धरम सीधे कैमरे के सामने आने के बजाय पहले खुद को पूरी तरह तैयार कर रहे हैं। फिलहाल, आर्यमान एक्टिंग की बारीकियां सीख रहे हैं, थिएटर और वर्कशॉप के जरिए अपनी कला को निखार रहे हैं। बॉबी का मानना है कि स्टार किड होने से सिर्फ पहला मौका मिल सकता है, लेकिन टिकने के लिए हुनर और कड़ी मेहनत ही काम आती है।

वेब दुनिया 31 May 2026 4:49 pm

हिमाचल नगर निगम चुनाव : भाजपा की मंडी, धर्मशाला, सोलन में शानदार जीत, कांग्रेस का पालमपुर पर कब्जा बरकरार

शिमला। हिमाचल प्रदेश में रविवार को घोषित हुए नगर निगम चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश के चार नगर निगमों में से तीन में शानदार जीत दर्ज की और मंडी, धर्मशाला एवं सोलन पर कब्जा जमाया जबकि सत्तारूढ़ कांग्रेस पालमपुर में अपनी सीट बरकरार रखने में कामयाब रही। इस परिणाम को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह […] The post हिमाचल नगर निगम चुनाव : भाजपा की मंडी, धर्मशाला, सोलन में शानदार जीत, कांग्रेस का पालमपुर पर कब्जा बरकरार appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 31 May 2026 4:26 pm

बारां में 7 हजार रुपए रिश्वत लेते यातायात प्रभारी उप निरीक्षक अरेस्ट

बारां। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बारां में रविवार को यातायात प्रभारी उप निरीक्षक को सात हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। ब्यूरो के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि परिवादी ने ब्यूरो की बारां चौकी में शिकायत की कि यातायात प्रभारी उप निरीक्षक चन्द्रप्रकाश ने उसकी मिट्टी रेत से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली […] The post बारां में 7 हजार रुपए रिश्वत लेते यातायात प्रभारी उप निरीक्षक अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 31 May 2026 4:16 pm

पंचकूला में उच्च क्षमता वाले बम का सफल परीक्षण, 6 किलोमीटर तक गूंजी आवाज

पंचकूला। हरियाणा के पंचकूला के रामगढ़ स्थित टर्मिनल बैलिस्टिक्स अनुसंधान प्रयोगशाला (टीबीआरएल) क्षेत्र में रविवार को उच्च क्षमता वाले बम का परीक्षण किया गया। सुरक्षा कारणों से प्रशासन ने पहले ही आसपास के गांवों के लिए परामर्श जारी कर दिया था। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सुबह करीब 11:30 बजे हुए परीक्षण के दौरान जोरदार धमाका […] The post पंचकूला में उच्च क्षमता वाले बम का सफल परीक्षण, 6 किलोमीटर तक गूंजी आवाज appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 31 May 2026 4:11 pm

इजराइली सेना ने लेबनान के बोफोर्ट किले पर कब्जा किया

तेल अवीव/बेरुत। इजराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान में अपनी सैन्य कार्रवाई तेज करते हुए लितानी नदी पार कर सामरिक रूप से महत्वपूर्ण ‘बोफोर्ट किले’ पर कब्जा कर लिया है। इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने सोशल मीडिया पर इस कामयाबी को एक बड़ी रणनीतिक जीत बताया और कहा कि यह गालिली (उत्तरी इजराइल) के […] The post इजराइली सेना ने लेबनान के बोफोर्ट किले पर कब्जा किया appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 31 May 2026 4:06 pm

खैरथल तिजारा में ट्रैक्टर की चपेट में आने से युवक की मौत

खैरथल तिजारा। राजस्थान में खैरथल तिजारा जिले के शेखपुर थाना क्षेत्र में ईशरौदा के पास शनिवार को एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर की चपेट में आने से मोटर साइकिल सवार एक युवक की मौत हो गई। पुलिस सूत्रों ने रविवार को बताया कि मृतक की पहचान अमन कुमार (26) के रूप में हुई है, जो तिजारा […] The post खैरथल तिजारा में ट्रैक्टर की चपेट में आने से युवक की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 31 May 2026 3:59 pm

‘ब्राउन’ का ट्रेलर रिलीज, करिश्मा कपूर निभाएंगी पुलिस अधिकारी की भूमिका

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री करिश्मा कपूर की आगामी क्राइम-थ्रिलर वेब सीरीज ‘ब्राउन’ का ट्रेलर रिलीज कर दिया गया है। निर्देशक अभिनय देव की इस सीरीज में करिश्मा कपूर एक ऐसी पुलिस अधिकारी के किरदार में नजर आएंगी, जो अपने निजी मानसिक संघर्षों के बीच एक सनसनीखेज हत्या की गुत्थी सुलझाने में जुटी है। ट्रेलर के अनुसार […] The post ‘ब्राउन’ का ट्रेलर रिलीज, करिश्मा कपूर निभाएंगी पुलिस अधिकारी की भूमिका appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 31 May 2026 3:55 pm

प्रयागराज : पेट्रोल पंप पर खड़ी महिला की अज्ञात वाहन ने मारी टक्कर मौके पर मौत

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के घूरपुर थाना क्षेत्र स्थित कांटी गांव के पास एचपी पेट्रोल पंप पर शनिवार देर शाम को एक सड़क हादसे में एक महिला की मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और फरार वाहन […] The post प्रयागराज : पेट्रोल पंप पर खड़ी महिला की अज्ञात वाहन ने मारी टक्कर मौके पर मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 31 May 2026 3:50 pm

चेन्नई : श्रीलंका के पुनर्वास शिविर में रहने वाली लड़की की नाइट क्लब में झगड़े के बाद हत्या

चेन्नई। तमिलनाडु के विल्लुपुरम जिले के श्रीलंकाई पुनर्वास शिविर में रहने वाली एक 18 वर्षीय लड़की की नाइट क्लब में झगड़े के बाद कार से कुचलकर हत्या कर दी गई। चेन्नई शहर में शनिवार देर रात कुछ गुस्साए युवकों ने अपनी कार से उसकी दोपहिया गाड़ी को कुचल दिया। उसके दो दोस्तों को भी चोटें […] The post चेन्नई : श्रीलंका के पुनर्वास शिविर में रहने वाली लड़की की नाइट क्लब में झगड़े के बाद हत्या appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 31 May 2026 3:29 pm

पूजा हेगड़े ने फ्लोरल लेस ड्रेस में बढ़ाया इंटरनेट का तापमान, तस्वीरें वायरल

बॉलीवुड की सबसे ग्लैमरस और स्टाइलिश एक्ट्रेसेस में से एक पूजा हेगड़े अपने फैशन सेंस से लोगों को क्लीन बोल्ड कर देती हैं। हाल ही में उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपनी कुछ ऐसी तस्वीरें शेयर की हैं, जिन्हें देखकर फैंस के दिल की धड़कनें तेज हो गई हैं। तस्वीरों में पूजा हेगड़े ऑलिव ग्रीन कलर का एक स्टनिंग स्ट्रैपलेस फ्लोरल लेस ड्रेस पहने नजर आ रही हैं। इस आउटफिट का फैब्रिक और बारीक फ्लोरल एम्ब्रॉयडरी नेट पैटर्न उन्हें एक रीगल और सेंसुअस लुक दे रहा है। स्ट्रैपलेस डिजाइन के जरिए पूजा अपने टोन्ड शोल्डर्स और कॉलरबोन को बेहद ग्रेसफुली फ्लॉन्ट करती नजर आ रही हैं। यह आउटफिट फेस्टिव सीजन और हाई-एंड फैशन पार्टीज के लिए एक परफेक्ट इंस्पिरेशन है। तस्वीरों में पूजा हेगड़े एक क्लासिक केन-बैक विंटेज चेयर पर बैठकर एक से बढ़कर एक सेक्सी पोज देती नजर आ रही हैं। कुछ तस्वीरों में वे कैमरे से नजरें चुराकर नीचे देखते हुए शर्मीला लेकिन बेहद बोल्ड पोज दे रही हैं। वहीं कुछ क्लोज-अप शॉट्स में उनका सीधे कैमरे में देखना और उनके सिडक्टिव व इंटेंस फेशियल एक्सप्रेशंस फैंस को मदहोश करने के लिए काफी हैं। हाथों में सफेद ताजे फूलों का गुलदस्ता लिए पूजा का यह अंदाज़ किसी पेंटिंग की तरह खूबसूरत और जादुई लग रहा है। पूजा ने अपने बालों को सॉफ्ट हैवी वेव्स के साथ ओपन मिडिल-पार्टेड हेयरस्टाइल दिया है, जो उनके चेहरे पर बेहद खूबसूरती से गिर रहे हैं। मेकअप की बात करें तो उन्होंने वॉर्म, जूसी और डेवी टोन सिलेक्ट किया है, जिसमें ब्लश-पिंक चीक्स और ग्लॉसी लिप्स उनके ग्लैमर को और बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कानों में लॉन्ग पर्ल और कलर्ड स्टोन ड्रॉप ईयररिंग्स पहने हैं, और हाथों में लेयर्ड गोल्ड ब्रेसलेट्स और स्टेटमेंट रिंग्स कैरी की हैं, जो इस पूरे विंटेज एस्थेटिक लुक में चार चांद लगा रहे हैं। पूजा हेगड़े का यह अवतार सोशल मीडिया पर तेजी से ट्रेंड कर रहा है। फैंस उनके कमेंट सेक्शन में फायर और हार्ट इमोजीस की बारिश कर रहे हैं।

वेब दुनिया 31 May 2026 3:10 pm

ग्रेटर नोएडा में नाइजीरियाई नागरिक का शव मिलने से सनसनी

ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में बीटा-दो थाना क्षेत्र के सिग्मा अपार्टमेंट के पास एक नाइजीरियाई नागरिक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शनिवार को बताया कि मृतक की पहचान 39 वर्षीय माइक के रूप में […] The post ग्रेटर नोएडा में नाइजीरियाई नागरिक का शव मिलने से सनसनी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 31 May 2026 1:39 pm

सोनारपुर में अभिषेक बनर्जी पर हमले के मामले में 6 अरेस्ट

कोलकाता। दक्षिण 24 परगना के सोनारपुर में शनिवार को तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इलाके से जुटाए गए वीडियो फुटेज के जरिये आरोपियों की पहचान की गयी। सोनारपुर पुलिस स्टेशन ने इस घटना के संबंध […] The post सोनारपुर में अभिषेक बनर्जी पर हमले के मामले में 6 अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 31 May 2026 1:33 pm

हैदराबाद में 9 लाख रुपए रिश्वत लेने के आरोप में पुलिस निरीक्षक अरेस्ट

हैदराबाद। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने तेलंगाना साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो (टीजीसीएसबी) से जुड़े एक पुलिस निरीक्षक को रिश्वत मांगने और लेने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। एसीबी की ओर से शनिवार रात जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार हैदराबाद स्थित टीजीसीएसबी के साइबर अपराध थाना के निरीक्षक बाथुला महेंद्र के खिलाफ आपराधिक कदाचार का […] The post हैदराबाद में 9 लाख रुपए रिश्वत लेने के आरोप में पुलिस निरीक्षक अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 31 May 2026 1:20 pm

'कोई दूसरा राम नहीं देखना चाहता', रामायणम् में रणबीर कपूर की कास्टिंग विवाद पर अरुण गोविल का बड़ा बयान

नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही 'रामायणम्' इस साल की सबसे चर्चित और प्रतीक्षित फिल्मों में से एक है। दिवाली 2026 में रिलीज होने वाली इस फिल्म का जब पहला टीज़र 'रामा अवतरण' के रूप में सामने आया, तो इसने सिनेमा जगत में तहलका मचा दिया। हालांकि, जहां एक तरफ फिल्म के भव्य विजुअल्स की तारीफ हुई, वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर रणबीर कपूर को भगवान राम के रूप में कास्ट करने पर एक बड़ी बहस छिड़ गई। कई दर्शक रणबीर को इस दिव्य भूमिका में स्वीकार करने से कतरा रहे हैं। ALSO READ: 'तारक मेहता' शो की एक्ट्रेस नेहल वडोलिया का दावा- IPL क्रिकेटर भेजता था पर्सनल मैसेज, फिर किया ब्लॉक अब इस पूरे विवाद और हो रही आलोचनाओं पर रामानंद सागर की ऐतिहासिक 'रामायण' में श्रीराम का किरदार निभाकर घर-घर में पहचाने जाने वाले अभिनेता अरुण गोविल ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। 'रामायणम्' में अरुण गोविल राजा दशरथ का किरदार निभाते नजर आने वाले हैं। वैयाइटी इंडिया को दिए इंटरव्यू में अरुण गोविल ने रणबीर कपूर की कास्टिंग को लेकर हो रही ट्रोलिंग और तुलना पर बेहद संजीदगी से बात की। उन्होंने दर्शकों के इस विरोध के पीछे के मनोविज्ञान को समझाते हुए कहा, शायद ऐसा इसलिए है क्योंकि भगवान राम के रूप में मेरा अभिनय एक पैमाना बन चुका है। वह आज भी लोगों के दिलों और दिमाग में पूरी तरह जिंदा है। अ‍रुण गोविल ने कहा, कोई भी दर्शक किसी दूसरे व्यक्ति को 'राम' के रूप में नहीं देखना चाहता। आज भी उत्तर और मध्य भारत के मेलों या नाटकों में जब श्रीराम की तस्वीरें बिकती हैं, तो उनमें मेरा ही चेहरा होता है। इसलिए दर्शकों के लिए इस बदलाव को स्वीकार करना थोड़ा मुश्किल हो रहा है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें जब अरुण गोविल से पूछा गया कि वह रणबीर कपूर को इस अवतार में कैसे देखते हैं, तो उन्होंने रणबीर की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि एक किरदार को निभाने के हर अभिनेता के अपने तौर-तरीके होते हैं। राम के रूप में मैं उनके अभिनय पर अभी कुछ नहीं कहूंगा, लेकिन इसमें कोई शक नहीं है कि रणबीर एक बेहतरीन अभिनेता और एक शानदार इंसान हैं। हर एक्टर किसी भी किरदार को अपने अनूठे अंदाज में जीता है और रणबीर ने भी भगवान राम के चरित्र को अपने अलग और अनोखे तरीके से पर्दे पर उतारा होगा। 'रामायणम्' में राजा दशरथ का किरदार निभाने पर अरुण गोविल ने कहा, शुरुआत में वह इस रोल के लिए तैयार नहीं थे, लेकिन निर्देशक नितेश तिवारी और निर्माता नमित मल्होत्रा के आग्रह पर वह मान गए, क्योंकि मेकर्स पुरानी रामायण और आधुनिक रामायणम् के बीच एक भावनात्मक जुड़ाव स्थापित करना चाहते थे। नमित मल्होत्रा के प्रोडक्शन में बन रही यह फिल्म भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे महंगी फिल्म बताई जा रही है, जिसका बजट 4,000 करोड़ रुपए से अधिक है। फिल्म को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए हॉलीवुड की दिग्गज वीएफएक्स कंपनी 'DNEG' और ऑस्कर विजेता संगीतकार हंस जिमर को जोड़ा गया है। इस फिल्म में रणबीर कपूर के अलावा साई पल्लवी माता सीता के रूप में, यश रावण के रूप में, सनी देओल हनुमान के रूप में और रवि दुबे लक्ष्मण के किरदार में नजर आएंगे। ‍'रामायण: पार्ट 1' दिवाली 2026 के मौके पर सिनेमाघरों में दस्तक देगा।

वेब दुनिया 31 May 2026 1:16 pm

'तारक मेहता' शो की एक्ट्रेस नेहल वडोलिया का दावा- IPL क्रिकेटर भेजता था पर्सनल मैसेज, फिर किया ब्लॉक

मनोरंजन जगत और क्रिकेट का नाता हमेशा से गहरा रहा है, लेकिन कभी-कभी यह जुड़ाव विवादों की वजह से सुर्खियों में आ जाता है। हाल ही में टीवी और ओटीटी की जानी-मानी अभिनेत्री नेहल वडोलिया ने एक सनसनीखेज खुलासा किया है, जिसने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। 'तारक मेहता'शो में काम कर चुकी एक्ट्रेस नेहल ने सुनो इंडिया के पॉडकास्ट में दावा किया कि आईपीएल की टीम 'राजस्थान रॉयल्स' के एक क्रिकेटर उनके सोशल मीडिया इनबॉक्स में लगातार मैसेज भेज रहे थे। ALSO READ: क्या हॉलीवुड में दिख गई महिमा चौधरी की बेटी? बेटी आरियाना की हमशक्ल देख एक्ट्रेस ने कही यह बात पॉडकास्ट के दौरान जब होस्ट ने नेहल वडोलिया से पूछा कि क्या कभी किसी नामचीन क्रिकेटर ने उन्हें सोशल मीडिया पर अप्रोच करने की कोशिश की है? इस पर नेहल ने बिना झिझक के हामी भरी। उन्होंने जो हिंट दिए, उसने इंटरनेट यूजर्स के कान खड़े कर दिए। क्रिकेटर की पहचान से पर्दा उठाए बिना नेहल ने कहा, वह इतना ज्यादा जाना-माना चेहरा नहीं है, लेकिन राजस्थान रॉयल्स का खिलाड़ी है। साथ ही उसका तलाक भी हो चुका है। जब नेहल से पूछा गया कि वह क्रिकेटर उन्हें किस तरह के मैसेज भेजता था, तो अभिनेत्री ने बताया कि वह अक्सर उनकी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर रिएक्ट करता था। वह उनकी तस्वीरों पर हॉट, ब्यूटीफुल और प्रीटी जैसे कॉम्प्लीमेंट्स लिखकर भेजा करता था। एक्ट्रेस ने किया ब्लॉक नेहल ने साफ किया कि उन्हें उस क्रिकेटर से बातचीत बढ़ाने में कोई दिलचस्पी नहीं थी। उन्होंने इस एकतरफा बातचीत को आगे बढ़ाने के बजाय उस खिलाड़ी से दूरी बनाना ही बेहतर समझा। अभिनेत्री ने कहा, अगर अभी मैं उसे मैसेज कर दूंगी, तो वह फिर से बातचीत शुरू कर देगा। लेकिन सच यह है कि मुझे उससे कोई बात ही नहीं करनी है। आखिरकार परेशान होकर नेहल ने उस क्रिकेटर को अपने सोशल मीडिया अकाउंट से हमेशा के लिए ब्लॉक कर दिया। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें करण जोशी विवाद को लेकर भी चर्चा में हैं नेहल यह पहली बार नहीं है जब नेहल वडोलिया अपने बेबाक बयानों और खुलासों को लेकर चर्चा में आई हैं। कुछ दिन पहले उन्होंने गुजराती सिनेमा के उभरते हुए अभिनेता करण जोशी पर भी इंस्टाग्राम पर आपत्तिजनक और अश्लील मैसेज भेजने के गंभीर आरोप लगाए थे। नेहल ने इस बात को साबित करने के लिए अपने सोशल मीडिया पर चैट के स्क्रीनशॉट और वीडियो प्रूफ भी शेयर किए थे। नेहल वडोलिया को एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में किसी परिचय की जरूरत नहीं है। उन्होंने कई लोकप्रिय वेब सीरीज में काम किया है, जिनमें गंदी बात 3, मस्तराम, जूली, इमली, दुनली, वुडपेकर और रसीले पड़ोसन शामिल हैं। इसके अलावा, टीवी के सबसे लोकप्रिय शो तारक मेहता का उल्टा चश्मा में बबीता जी की सहेली 'नेहा' के किरदार में भी उन्हें दर्शकों ने काफी पसंद किया था।

वेब दुनिया 31 May 2026 12:39 pm

शोभिता धुलिपाला की 5 शानदार आउटफिट्स जिसने इंटरनेट का पारा किया हाई

Sobhita Dhulipala : भारतीय काउचर वीक हमेशा एक बड़े इवेंट के रूप में देखा जाता है, और इस साल भी यह फैशन प्रेमियों और नेटिज़न्स को एक बार फिर से मंत्रमुग्ध कर दिया है। आइए नजर डालते हैं शोभिता धुलिपाला की उन 5 लुक्स पर जो सच में रैंप पर चलने के लायक हैं! ब्लश पिंक और मेटैलिक ह्यूज गाउन Instagram पर यह पोस्ट देखें Sobhita (@sobhitad) द्वारा साझा की गई पोस्ट शोभिता धुलिपाला ने एक ब्लश पिंक और मेटैलिक ह्यूज से सजे गाउन में अपने लुक को बेहतरीन बनाया। इस गाउन में माइक्रो प्लीट्स का खूबसूरत काम है जो फर्श तक बहती है। उनकी परफेक्ट मेकअप, जिसमें आंखों की शेडो, काजल, ब्लश और लिपस्टिक का बेहतरीन कॉम्बिनेशन शामिल था, इस अनूठे आउटफिट को खास बनाता है ड्रामेटिक ओवरसाइज़्ड जैकेट View this post on Instagram A post shared by Sobhita (@sobhitad) इस बोल्ड और आर्टिस्टिक आउटफिट में शोभिता धुलिपाला का लुक बहुत ही प्रभावशाली है। इस लुक में एक ड्रामेटिक, ओवरसाइज़्ड जैकेट है जिसमें फ्लोरल और एब्सट्रैक्ट पैटर्न का एक जीवंत मिक्स है। लाल, नीले और काले रंग के संयोजन के साथ इसका स्ट्रक्चर्ड सिल्हूट और शानदार डिजाइन इसे एक स्ट्रॉन्ग स्टाइल स्टेटमेंट बनाता हैं। एंफीट्राइट-एस्क गाउन View this post on Instagram A post shared by Sobhita (@sobhitad) शोभिता धुलिपाला ने एक शानदार एंफीट्राइट-एस्क गाउन में अपनी रौनक बिखेरी। यह गाउन ट्रांसपेरेंट और नेटेड डिटेल्स के साथ डिजाइन किया गया था, जो एक फैरिटेल की तरह लगता है। शियर ब्लू ब्लाउज़ और ब्लैक स्कर्ट View this post on Instagram A post shared by Sobhita (@sobhitad) शोभिता का शियर, वाइब्रेंट ब्लू ब्लाउज़ और वॉल्यूमिनस स्लीव्स के साथ ब्लैक व्रैप स्कर्ट का लुक बेहद आकर्षक था। इस लुक को स्टेटमेंट चोकर, मिनिमल मेकअप और एक चीक रिलैक्स्ड हेयरस्टाइल के साथ पूरा किया गया, जो एक सच्ची फैशनिस्टा की छवि को प्रकट करता है। सिल्वर लहंगा View this post on Instagram A post shared by Sobhita (@sobhitad) शोभिता धुलिपाला ने भारतीय काउचर वीक में एक शानदार आधुनिक सिल्वर लेहेंगा पहनकर रैंप पर छा गईं। इस चमकदार सिल्वर एन्सेम्बल में हाईली बीडवर्क और सिक्विन्स की जड़ी-बूटी है, जो इसकी विलासिता को बढ़ाती है। फिटेड बॉडीज़ इस लुक को एक शानदार आकर्षण प्रदान करता है, जबकि शीयर ड्रेपिंग फैब्रिक एक बहता प्रभाव डालता है। इन लुक्स ने शोभिता धुलिपाला की फैशन-फॉरवर्ड सेंसिबिलिटी को बेहतरीन तरीके से दर्शाया है, जो निश्चित ही इस साल के काउचर वीक की हाइलाइट रही हैं।

वेब दुनिया 31 May 2026 11:31 am

2024 NEET केस बताता है, 2026 पेपर लीक तय था:45 में से 44 को जमानत, मास्टरमाइंड पर केस नहीं; नाम बदले लेकिन मॉडल वही

5 मई 2024, NEET-UG का एग्जाम था। पेपर शुरू होने से पहले ही पता चला कि पेपर लीक हो गया है। मुख्य सेंटर पटना बताया गया, जहां साल्वर गैंग ने एक रात पहले कुछ स्टूडेंट्स को एग्जाम में आने वाले सवाल-जवाब रटवाए। इसके अलावा भी कई गड़बड़ियां सामने आईं। एग्जाम कैंसिल नहीं हुआ लेकिन आगे ऐसा न हो, इसके लिए NTA ने फुल-प्रूफ सिस्टम बनाने का दावा किया। एक कमेटी बनाई गई और उसकी सिफारिशें लागू भी की गईं। 2026 में फिर लीक हुआ और एग्जाम कैंसिल करना पड़ा। हमने 2024 के NEET पेपर लीक से जुड़े केस रिकॉर्ड, CBI चार्जशीट और पटना हाईकोर्ट के आदेश खंगाले। छानबीन और पकड़े गए लोगों के लगातार जमानत पर बाहर आने का ये सिलसिला पहले ही बता रहा था कि जल्द ही फिर पेपर लीक होना तय है। पड़ताल में 3 बड़ी बातें सामने आईं… 1. 46 गिरफ्तारियां हुईं, लगभग सभी जमानत पर बाहर केस में पहले बिहार EOW और बाद में CBI ने जांच की। कुल 46 लोग गिरफ्तार किए गए। इनमें से 45 के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हुई और 44 जमानत पर बाहर आ चुके हैं। मीडिया में मास्टरमाइंड बताए गए संजीव मुखिया के खिलाफ CBI को ज्यादा सबूत नहीं मिले, इसलिए उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल नहीं हुई और उसे डिफॉल्ट बेल मिल गई। ज्यादातर आरोपी सशर्त जमानत पर हैं। सिर्फ अमित प्रसाद महाराणा को जमानत नहीं मिली है। मामले का ट्रायल अभी शुरू नहीं हुआ है। 2. नाम बदले, लेकिन कोचिंग नेटवर्क का मॉडल वही रहा 2024 और 2026 के मामलों में आरोपियों के नाम अलग-अलग हैं, लेकिन दोनों मामलों में कोचिंग और एडमिशन कंसल्टेंसी से जुड़े नेटवर्क की भूमिका सामने आई। 2024 की जांच में ऐसे लोगों का नाम आया, जो पहले भी एंट्रेंस एग्जाम में डमी कैंडिडेट और सॉल्वर नेटवर्क से जुड़े रहे थे। इनमें कुछ आरोपी जमानत मिलने के बाद शिक्षा और काउंसलिंग के कारोबार में फिर एक्टिव मिले। 3. पांच महीने पहले से भरोसा था कि पेपर लीक करा लेंगे पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े प्रमुख आरोपी को 2024 में भरोसा था कि वो झारखंड के एक एग्जाम सेंटर के स्ट्रॉन्ग रूम से पेपर हासिल कर लेंगे। इसे देखते हुए उन्होंने एग्जाम से करीब पांच महीने पहले तैयारी शुरू कर दी। सॉल्वर गैंग तैयार किए, डमी कैंडिडेट्स की तलाश हुई और एग्जाम से पहले फ्लाइट और ट्रेन टिकट तक बुक करा दिए गए। 2023 में भी लीक करा लेने के दावे किए थे। भले 2026 केस में अलग लोग हैं, लेकिन पैटर्न सेम ही फॉलो हो रहा है। 2024 पेपर लीक नेटवर्क के 5 किरदार 2024 NEET पेपर लीक केस में जांच एजेंसियों ने जिस नेटवर्क का खुलासा किया, उसमें 5 प्रमुख किरदार सामने आए। इनमें से चार आरोपियों को 271 से 279 दिनों के अंदर ही जमानत मिल गई। वहीं, कथित मास्टरमाइंड बताए गए संजीव मुखिया के खिलाफ CBI चार्जशीट ही दाखिल नहीं कर सकी। 1. संजीव मुखियाकथित मास्टरमाइंड, लेकिन सबूत नहीं99 दिनों में जमानत मिली संजीव मुखिया को 24 अप्रैल 2025 को गिरफ्तार किया गया। शुरुआती जांच में उसका नाम सामने आया, लेकिन CBI को पर्याप्त सबूत नहीं मिले। 90 दिनों के अंदर चार्जशीट दाखिल नहीं होने पर 2 अगस्त 2025 को उसे डिफॉल्ट बेल मिल गई। हालांकि दूसरे मामलों में राहत न मिलने के कारण वो अभी जेल में है। 2. अमित कुमार सिंहसॉल्वर और कोचिंग नेटवर्क का कोऑर्डिनेटर279 दिन बाद जमानत मिली झारखंड का रहने वाला अमित कुमार सिंह नेटवर्क के प्रमुख ऑपरेटरों में था। CBI के मुताबिक, उसने राजस्थान, बिहार, झारखंड और ओडिशा से कैंडिडेट और सॉल्वर जुटाए। एग्जाम से महीनों पहले तैयारी शुरू कर दी गई थी। सॉल्वरों के आने-जाने तक की एडवांस बुकिंग कराई थी। जांच में कई कोचिंग एजेंट्स और कंसल्टेंसी नेटवर्क से उसके संबंध सामने आए। 2 जुलाई 2024 को उसे गिरफ्तार किया गया, लेकिन साल भर के अंदर ही 7 मई 2025 को जमानत मिल गई। 3. पंकज कुमार उर्फ आदित्यपेपर चोरी से लेकर सबूत मिटाने तक साजिश में शामिल272 दिन बाद जमानत मिली CBI के मुताबिक, पंकज कुमार ने एग्जाम का पेपर हासिल करने, उसे सॉल्वरों तक पहुंचाने और बाद में सबूत मिटाने में अहम भूमिका निभाई। उसने हजारीबाग के ओएसिस स्कूल से NEET का पेपर चुराकर फोटो खींची थी। फिर इसे राज गेस्ट हाउस भेजकर 9 से ज्यादा सॉल्वर से हल कराया। इसके बाद सॉल्वड पेपर की PDF बनाकर पटना, बोकारो और भुवनेश्वर भेजा, जहां पहले से जुटाए गए NEET कैंडिडेट को पेपर रटवाया गया था। हजारीबाग के राज गेस्ट हाउस और सिंदूर हाउस में इसी की मदद से कैंडिडेट को पेपर रटवाया गया था। जांच एजेंसी का दावा है कि पेपर लीक में जिन-जिन फोन का इस्तेमाल किया गया, पंकज ने वो सभी 16 फोन नष्ट कराए, ताकि सबूत ना मिले। पंकज को 17 जुलाई 2024 को गिरफ्तार किया गया था। वो एक साल भी जेल में नहीं रहा, 15 मई 2025 को सशर्त जमानत पर बाहर आ गया था। 4. राकेश रंजन उर्फ रॉकीपेपर लीक नेटवर्क का ऑपरेटरकरीब 271 दिन बाद जमानत मिली CBI ने राकेश को पेपर लीक नेटवर्क के मुख्य ऑपरेटरों में से एक बताया। ओएसिस स्कूल से पेपर लीक कराने में पंकज के साथ वो भी शामिल था। उसने पंकज से सॉल्व पेपर की PDF अपने साथी शशिकांत पासवान के फोन पर मंगवाई, जिसे हजारीबाग के सिंदूर हाउस में कैंडिडेट्स को रटवाया गया था। राकेश पूरे नेटवर्क की निगरानी कर रहा था। उसी के कहने पर पटना के लर्न प्ले स्कूल में उसके दोस्त बलदेव कुमार उर्फ चिंटू के फोन पर NEET का सॉल्वड पेपर भेजा गया था। वो गिरफ्तारी को लेकर पहले से अलर्ट था, इसीलिए पेपर लीक से जुड़ा कोई डॉक्यूमेंट उसने अपने फोन पर नहीं मंगाया था। 10 जुलाई 2024 को उसे अरेस्ट किया गया और 5 अक्टूबर 2024 को उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल हुई थी। पटना हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान राकेश के वकील ने यही दावा किया कि उसके पास से लीक से जुड़े कोई दस्तावेज नहीं मिले। 4 जुलाई 2025 को पटना हाईकोर्ट से राकेश को सशर्त जमानत मिल गई। 5. रंजीत कुमार बेउराकाउंसलिंग सेंटर से उम्मीदवारों तक पहुंचकरीब 276 दिन बाद मिली जमानत भुवनेश्वर में रंजीत कुमार बेउरा के नाम से एक ट्रस्ट और कई कंपनियां हैं। वो एक काउंसलिंग सेंटर, करियर एकेडमी एजुकेशन ट्रस्ट (CAET) का चेयरमैन है, जबकि अमित प्रसाद महाराणा और धीरेन इसी ट्रस्ट के डायरेक्टर हैं। 2024 NEET पेपर लीक मामले में रंजीत के साथ अमित प्रसाद और धीरेन को भी गिरफ्तार किया गया था। अमित ही अकेला आरोपी है, जिसे अब तक जमानत नहीं मिली है। CBI जांच में पता चला कि इनके काउंसलिंग सेंटर में इंजीनियरिंग और मेडिकल स्टूडेंट आते हैं। ये पहले स्टूडेंट और उनके पेरेंट्स से मिलकर डिटेल नोट करते हैं। फिर इनमें से ऐसे स्टूडेंट की लिस्ट बनाते हैं, जो अच्छा पैसा खर्च कर सकते हैं। इसके बाद एकेडमी का स्टाफ उन्हें अलग से अप्रोच कर समझाता कि उनके बच्चे को ज्यादा से ज्यादा नंबर कैसे मिल सकते हैं। कैसे सरकारी कॉलेज में भी एडमिशन मिल सकता है। फिर एग्जाम से पहले सॉल्वड पेपर का दावा कर लाखों रुपए की डील होती है। रंजीत की टीम ने NEET 2024 एग्जाम का फॉर्म भरते वक्त ही अपने 17 कैंडिडेट का सेंटर ओडिशा के बजाय झारखंड के हजारीबाग डलवाया था, जहां से पेपर लीक हुआ था। CBI ने सभी 17 स्टूडेंट की पहचान कर ली थी। इन्हें हजारीबाग के राज गेस्ट हाउस और सिंदूर हाउस में एग्जाम से पहले पेपर रटवाया गया था। CBI जांच में रंजीत के फोन की लोकेशन भी 3 मई से 5 मई 2024 तक हजारीबाग में ही मिली थी। पटना हाईकोर्ट में जमानत के लिए पेश हुए रंजीत के वकील ने दावा किया था कि 3 अगस्त 2023 को उसने अपनी ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन कराया था। वे जरूरतमंद और गरीब बच्चों की काउंसलिंग में मदद करते हैं। CBI को इनके पास से कोई सबूत नहीं मिला, जिससे पेपर लीक का संबंध हो। 6 मई 2025 को पटना हाई कोर्ट ने रंजीत को सशर्त जमानत दे दी थी। जमानत पर बाहर आकर रंजीत फिर से अपना करियर काउंसलिंग सेंटर चला रहा है। दैनिक भास्कर ने एक कैंडिडेट के पेरेंट बनकर फोन पर रंजीत से बात की। उसने कहा कि अभी हम 40 लाख से लेकर 1.5 करोड़ रुपए में प्राइवेट मेडिकल कॉलेज दिला सकते हैं। हमने सरकारी कॉलेज में दाखिले के लिए पूछा, तो रंजीत ने कहा कि पहले ऑफिस आइए, आमने-सामने बात होगी। सब फोन पर नहीं बता सकते। वकील बोले- CBI जांच खत्म, जमानत लेना आरोपी का हक नीट पेपर लीकल केस में एक के बाद एक आरोपियों को कैसे जमानत मिलती गई, ये जानने के लिए हमने सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट विनीत जिंदल और पटना हाईकोर्ट के वकील आकाश शंकर से बात की। आकाश लीक में गिरफ्तार एक आरोपी के वकील भी हैं। वे बताते हैं, ‘2024 के NEET पेपर लीक में पहले पटना की शास्त्री नगर पुलिस ने FIR की, बाद में EOW ने जांच की। फिर केस CBI को ट्रांसफर हो गया। अभी केस में चार्जफ्रेम हो रहे हैं और ट्रायल शुरू होना बाकी है। CBI जांच खत्म हो गई थी, इसलिए जमानत लेना आरोपी का हक है। सभी सशर्त जमानत पर बाहर हैं। ट्रायल के समय सभी को हर तारीख पर आना होगा। कोई सबूतों से छेड़छाड़ नहीं करेगा।‘ ‘दूसरी बात, आरोपियों के पास से IPC धारा-409 के तहत लीक हुआ पेपर रिकवर नहीं हुआ, इसलिए सीधे मटीरियल ऑफ एविडेंस नहीं मिला है। इस वजह से भी कई आरोपियों को जल्दी जमानत मिल गई। अगर CBI किसी भी आरोपी के खिलाफ सीधे सबूत पेश कर सकी, तो उसे IPC की धारा-409 के तहत आजीवन कारावास हो सकती है।‘ अब 2026 NEET लीक की बात2024 NEET लीक की जांच और जमानत के सिलसिलों से साफ है कि 2026 में भी सामने आए नामों को ज्यादा दिन जेल में नहीं रखा जा सकता। यहां भी IPC धारा-409 के तहत लीक हुआ पेपर रिकवर होने की संभावना कम है। आरोप है कि केमिस्ट्री लेक्चरर पीवी कुलकर्णी की पहुंच पेपर तक थी और इन्होंने रटकर ये लीक किया, ऐसे में पेपर की रिकवरी होनी मुश्किल है। कोर्ट में ये साबित करना और मुश्किल होगा। अन्य आरोपियों मनीषा वाघमारे, मनोज शिरूरे, तेजस हर्षदकुमार शाह और मनीष संजय हवलदार पर तो सिर्फ लीक नेटवर्क में शामिल होने, पेपर खरीदने और बच्चों को मुहैया कराने के ही आरोप हैं। …………………… ये खबर भी पढ़ें… NEET पेपर लीक का ब्यूटीशियन कनेक्शन NEET पेपर लीक की कड़ियां अब जुड़ने लगी हैं। इस मामले में पहले केमिस्ट्री प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी और फिर बॉटनी लेक्चरर मनीषा मांधरे अरेस्ट हुईं। अब NEET एग्जाम कराने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के अफसर के भी शामिल होने की बात सामने आ रही है। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 31 May 2026 5:29 am

आज का एक्सप्लेनर:पहले ईरान को तबाह किया, अब ट्रम्प ₹29 लाख करोड़ देकर फिर खड़ा करेंगे; अमेरिका को ऐसी डील क्यों करनी पड़ रही

एक मशहूर कहावत है- नमाज बख्शवाने गए थे, रोजे गले पड़ गए। ट्रम्प के साथ कुछ ऐसा ही हो रहा। तीन महीने पहले ईरान को घुटनों पर लाने निकले थे, आज खुद 300 अरब डॉलर का इन्वेस्टमेंट फंड लेकर उसके दरवाजे पर खड़े हैं। रिपोर्ट्स हैं कि जंग रोकने का मसौदा तैयार हो चुका है। सिर्फ ट्रम्प और खामेनेई के दस्तखत होने बाकी हैं। अमेरिका-ईरान के समझौते की शर्तें क्या हैं, इसमें ईरान कैसे फायदे में और आखिर ट्रम्प को ऐसी डील क्यों करनी पड़ रही; आज के एक्सप्लेनर में समझिए… सवाल-1: अमेरिका और ईरान के बीच किन शर्तों पर डील हो रही है?जवाबः अमेरिकी मीडिया आउटलेट Axios ने 28 मई को रिपोर्ट किया कि अमेरिका और ईरान ६० दिन के लिए सीजफायर बढ़ाने को तैयार हैं। दोनों देशों के बीच एक MoU यानी समझौता ज्ञापन पर सहमति बनी। इस पर प्रेसिडेंट ट्रम्प की फाइनल मंजूरी बाकी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस मसौदे में 5 प्रमुख शर्तें हैं… 1. होर्मुज स्ट्रेट खुलेगाः होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों के निकलने पर कोई रोक नहीं होगी। ईरान किसी जहाज से कोई टोल या ट्रांजिट फीस नहीं वसूलेगा। ईरान को 30 दिनों के अंदर होर्मुज स्ट्रेट से सभी बारूदी सुरंगें हटानी होंगी। अमेरिका भी होर्मुज के बाहर ओमान की खाड़ी से अपनी नाकाबंदी हटाएगा। 2. ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाएगाः सीजफायर के दौरान ईरान के पास मौजूद एनरिच्ड यूरेनियम के निपटारे पर ही बात की जाएगी। अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, एक ईरानी ऑफिसर ने बताया कि ईरान अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम को रोक देगा। बदले में अमेरिका ये वादा करेगा कि जब तक दोनों देशों में समझौते पर आखिरी बातचीत न हो जाए, तब तक ईरान पर प्रतिबंध नहीं बढ़ाए जाएंगे। 3. ईरान के जब्त पैसे मिलेंगे: विदेशी बैंकों में ईरान के करीब 24 अरब डॉलर फ्रीज हैं। अब समझौते के तहत उसके ये पुराने फंड रिलीज किए जा सकते हैं। अमेरिकी ऑफिसर ने कहा कि अब ईरान के पास अपनी इकॉनमी को बंधन से आजाद करने का मौका है। ईरानी न्यूज एजेंसी तसनीम के मुताबिक, ईरान के 24 अरब डॉलर में से 12 अरब डॉलर देने पर बातचीत आगे बढ़ी है। 4. इजराइल हिजबुल्लाह पर हमले रोकेगा: ईरानी अधिकारियों और एक राजनयिक के अनुसार लेबनान में लड़ाई रोकना भी समझौते में शामिल है। ट्रम्प प्रशासन को उम्मीद है कि ईरान हिजबुल्लाह और हूती जैसे मिलिटेंट ऑर्गेनाइजेशन की मदद पर बात करेगा। 5. 29 लाख करोड़ लगाकर ईरान का रीकन्स्ट्रक्शनः न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, समझौते में सबसे हैरान करने वाला संशोधन ईरान के लिए एक इन्वेस्टमेंट फंड का जिक्र है। ये फंड 300 अरब डॉलर यानी करीब 28.5 लाख करोड़ रुपए का है। एक ईरानी अधिकारी ने इसे ईरान में रीकंस्ट्रक्शन प्रोग्राम बताया। सवाल-2: अगर डील हुई, तो कौन ज्यादा फायदे में होगा?जवाबः मौजूदा समझौते में जितनी शर्तें सामने आई हैं, उनसे ईरान को ज्यादा फायदा है… ट्रम्प सिर्फ एक बात को भुना सकते हैं कि अब ईरान परमाणु बम नहीं बना सकेगा। लेकिन उसमें भी झोल है… पॉलिटिकल रिस्क कंसल्टेंसी फर्म यूरेशिया ग्रुप के सीनियर ईरान एनालिस्ट ग्रेगरी ब्रू कहते हैं, 'ये कुल मिलाकर ईरान की जीत है। उसने एक महीने से ज्यादा समय तक बमबारी झेली। होर्मुज को बंद रखा और अमेरिका के साथ अपनी शर्तों पर समझौता करके ही इसे दोबारा खोलने पर राजी हुआ। ट्रम्प ने जंग के पीछे जो टारगेट बताए थे, उनमें से कुछ भी हासिल नहीं हुआ। न ईरान में शासन बदला, न वेनेजुएला जैसी सफलता मिली, न होर्मुज खुलवा सके और न कोई बड़ा परमाणु समझौता कर पाए।' सवाल-3: आखिर अमेरिका को ऐसी डील क्यों करनी पड़ रही है?जवाबः ईरान से घाटे की डील करने के पीछे ट्रम्प और अमेरिका की 3 बड़ी मजबूरियां हैं… 1. ईरान जंग में फायदे की बजाय नुकसान हुआ 2. ट्रम्प की ईरान पर जीत दिखाने की जल्दी 3. मिड-टर्म चुनाव गंवाना नहीं चाहते ट्रम्प सवाल-4: अमेरिका-ईरान की इस डील में अभी क्या बड़ी अड़चने हैं? जवाबः दोनों देशों ने मसौदा भले तैयार कर लिया है, लेकिन दस्तखत होने से पहले कई अड़चने हैं। सबसे बड़ी अड़चन एनरिच्ड यूरेनियम को लेकर है। ईरान के पास 440 किलो एनरिच्ड यूरेनियम और 10 टन कच्चा यूरेनियम है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघई के मुताबिक, 'मौजूदा बातचीत युद्ध खत्म करने तक सीमित है, इसमें यूरेनियम का मुद्दा शामिल नहीं है। ट्रम्प ईरान के इसे किसी तीसरे देश में ले जाने पर सहमत हैं, लेकिन इसे रूस या चीन भेजने पर राजी नहीं हैं। जबकि 2015 में परमाणु समझौते के बाद ईरान ने अपने यूरेनियम का 97% रूस ही भेजा था। ईरानी मामलों के एक्सपर्ट अली वायज के मुताबिक, '10 साल पहले अमेरिका को ईरान से न्यूक्लियर डील करने में ढाई साल लग गए थे। आज के हालात कहीं ज्यादा पेचीदा हैं। अगले 60 दिनों में कोई हल निकलना मुश्किल है। होर्मुज पर भी बात बिगड़ सकती है। ईरान चाहता है कि पहले अमेरिकी नाकेबंदी हटे, फिर होर्मुज पर बात हो। वह बाद में भी ओमान के साथ मिलकर होर्मुज में टोल वसूलना चाहता है, जो ट्रम्प को मंजूर नहीं है। ईरान के भीतर कई कट्टरपंथी संगठन भी डील का विरोध कर रहे हैं। ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 29 मई को तेहरान में बड़ी रौलियां निकलीं, जिनमें अमेरिका के खिलाफ नारेबाजी हुई। ईरान किसी भविष्य में संभावित आंतरिक संघर्ष से बचना चाहता है, इसीलिए वह किसी समझौते तक पहुंचने में समय ले रहा है। सवाल-5: अगर ये डील हो गई, तो सबकुछ पहले जैसा सामान्य होने में कितना वक्त लगेगा? जवाबः ईरान की बिछाई बारूदी सुरंगें हटाने में कई हफ्ते लग सकते हैं। अमेरिकी नाकाबंदी भी ईरान से बातचीत के आधार पर धीरे-धीरे कम होगी। प्रोफेसर राजन कुमार के मुताबिक, ‘मौजूदा हालात में सीजफायर संभव है। युद्ध रुकने के बाद तेल के दाम पहले जैसे होने में 6-9 महीने लग सकते हैं, क्योंकि बड़ी तेल कंपनियां अक्सर पहले से तय कॉन्ट्रैक्ट पर तेल खरीदती-बेचती हैं। कई बार 3-6 महीने पहले ही यह तय हो चुका होता है कि कितना तेल खरीदना है और किस कीमत पर खरीदना है।’ दिल्ली बेस्ड थिंक टैंक ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन के एक्सपर्ट विवेक मिश्र बताते हैं, ‘होर्मुज में 18-20 हजार जहाज फंसे हुए हैं। इन्हें निकालने में 3 हफ्ते लग सकते हैं। इसके बाद अगले डेढ़ महीने में दोनों तरफ से जहाजों की आवाजाही सामान्य रूप से शुरू हो पाएगी।’ विवेक मिश्र कहते हैं, ‘UAE पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन OPEC से बाहर हो गया है। OPEC के सदस्य देश मिलकर तेल के प्रोडक्शन की मात्रा और तेल की कीमतें तय करते थे। अब UAE जितना चाहे उतना तेल बाजार में उतार सकता है। ऐसे में कीमत पर कंट्रोल रखना आसान नहीं होगा।’ ईरानी मामलों के एक्सपर्ट यासिर अली मिर्जा मानते हैं, ‘फिलहाल दोनों देशों को किसी डील पर पहुंचने में कम से कम 6 महीने और लग सकते हैं। ईरान की स्ट्रैटजी होर्मुज बंद करके वर्ल्ड इकॉनोमी पर दबाव बढ़ाने की है, जिसमें वो काफी हद तक सफल रहा है। ऐसे में वह आसानी से अमेरिका की शर्तें मानने वाला नहीं है।’ ***** रिसर्च सहयोग - प्रथमेश व्यास----------------------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें…ट्रम्प ने क्या मांग लिया, जिससे पाकिस्तान का सीधा इनकार:अमेरिका का गुस्सा मंजूर, इजराइल से दोस्ती क्यों नहीं कर सकता पाकिस्तान अमेरिकी थिंकटैंक अटलांटिक काउंसिल के एक्सपर्ट माइकल कुगेलमैन कहते हैं- ट्रम्प के जितना करीब जाओगे, उतना ही जोखिम बढ़ेगा। वह कुछ ऐसा मांग बैठेंगे, जो देना संभव न हो। पाकिस्तान इस वक्त उसी ‘कुआं और खाई’ की सिचुएशन में आ गिरा है। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 30 May 2026 6:38 pm

पीसीसी अध्यक्ष डोटासरा के खिलाफ मुखर हुआ माली समाज, कांग्रेस संगठन में उपेक्षा का लगाया आरोप

-राज्यसभा में प्रतिनिधित्व और संगठन में भागीदारी की उठाई मांग पुष्कर। कांग्रेस संगठन और सत्ता में माली समाज की कथित उपेक्षा को लेकर समाज के नेताओं और प्रबुद्धजनों में नाराजगी बढ़ती दिखाई दे रही है। पुष्कर स्थित अखिल भारतीय मालियान धर्मशाला में आयोजित बैठक में समाज के प्रतिनिधियों ने राजस्थान प्रदेश कांग्रेस पर संगठनात्मक नियुक्तियों […] The post पीसीसी अध्यक्ष डोटासरा के खिलाफ मुखर हुआ माली समाज, कांग्रेस संगठन में उपेक्षा का लगाया आरोप appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 30 May 2026 5:57 pm

Weekly Horoscope 1 to 7 June: साप्ताहिक राशिफल (1 से 7 जून 2026): अपने भाग्य को जानें और तैयार रहें

This week zodiac horoscope: ग्रहों की चाल में हो रहे महत्वपूर्ण परिवर्तन आपके करियर, प्रेम जीवन, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य पर सीधा प्रभाव डाल सकते हैं। इस सप्ताह कुछ राशियों के लिए भाग्य का पूरा साथ मिलेगा, जबकि कुछ को सावधानी और समझदारी से निर्णय लेने की आवश्यकता होगी। अगर आप अपने भविष्य को लेकर उत्सुक हैं और सही दिशा में कदम बढ़ाना चाहते हैं, तो यह राशिफल आपके लिए बेहद उपयोगी साबित होगा। ALSO READ: June 2026 Monthly Horoscope: मासिक राशिफल जून 2026: 12 राशियों की भविष्यवाणी, जानें भाग्य, आर्थिक स्थिति और जीवनशैली यहां पढ़ें 1 जून से 7 जून 2026 2026 तक का साप्ताहिक राशिफल... साप्ताहिक राशिफल (1 जून से 7 जून 2026 2026) मेष (21 मार्च – 20 अप्रैल) बिजनेस में भी अच्छा प्रगति होगी और कोई पुराना रुका हुआ लाभदायक काम पूरा हो सकता है। यह सप्ताह आपको आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा, लेकिन हर निर्णय सोच-समझकर लेना जरूरी होगा। काम में आपका प्रदर्शन सीनियर्स को प्रभावित करेगा और प्रमोशन या सैलरी बढ़ने के योग बन सकते हैं। परिवार और अपने लोगों का साथ आपको खुशी देगा। पार्टनर आपका पूरा साथ देगा और आपकी भावनाओं को समझेगा। अनियमित दिनचर्या से थकान हो सकती है, इसलिए हेल्दी डाइट जरूरी है। पढ़ाई में मेहनत के अनुसार अच्छे परिणाम मिलेंगे। कुल मिलाकर यह सप्ताह प्रगति और पहचान दिलाने वाला रहेगा। शुभ अंक: 6 | शुभ रंग: ब्राउन वृषभ (21 अप्रैल – 20 मई) आर्थिक रूप से शेयर या निवेश से लाभ मिल सकता है, लेकिन सावधानी जरूरी है। जीवनशैली में सुधार से सेहत बेहतर होगी और एक्सपर्ट की सलाह लेना फायदेमंद रहेगा। यह सप्ताह आपका आत्मविश्वास बढ़ाएगा और आप अपने काम आसानी से पूरा कर पाएंगे। घर में बेवजह की बहस से बचें। प्रेम जीवन में पैसों को लेकर हल्की गलतफहमी हो सकती है, इसलिए शांति से बात करें। छात्रों को दूसरों की बातों से प्रभावित हुए बिना खुद पर भरोसा रखना चाहिए। नई गतिविधियां अपनाने से मन फ्रेश रहेगा। शुभ अंक: 2 | शुभ रंग: येलो मिथुन (21 मई – 21 जून) काम में आपकी नई सोच की सराहना होगी और पुराने प्रयासों का फल मिलना शुरू होगा। यह सप्ताह आपके लिए सकारात्मक ऊर्जा लेकर आएगा और आप खुद पर ध्यान देने का समय निकाल पाएंगे। सही खान-पान और पानी की पर्याप्त मात्रा से सेहत अच्छी रहेगी। घर में सहयोग बनाए रखने से आपको अपने लिए समय मिलेगा। पार्टनर को समय न देने से हल्का तनाव हो सकता है, इसलिए बातचीत जरूरी है। छात्रों को माता-पिता और शिक्षकों की सलाह से लाभ मिलेगा। ALSO READ: Weekly Numerology Horoscope 1-7 June 2026: साप्ताहिक अंक राशिफल, जानें किस मूलांक की चमकेगी किस्मत? शुभ अंक: 6 | शुभ रंग: ब्लू कर्क (22 जून – 22 जुलाई) काम में चुनौतियां मिलेंगी, लेकिन मेहनत से आप सफल होंगे। पुराने निवेश से तुरंत लाभ न मिलने पर धैर्य रखें। यह सप्ताह आपको अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखने की सलाह देता है। परिवार के साथ समय बिताने से संतुलन बना रहेगा। प्रेम जीवन में आगे बढ़ने के संकेत हैं। योग या हल्की एक्सरसाइज से सेहत बेहतर होगी। पढ़ाई में मेहनत जरूरी है, तभी सफलता मिलेगी। शुभ अंक: 11 | शुभ रंग: नारंगी सिंह (23 जुलाई – 23 अगस्त) काम में मेहनत का फल मिलेगा और आर्थिक लाभ भी हो सकता है। यह सप्ताह थोड़ा व्यस्त और चुनौतीपूर्ण रह सकता है, इसलिए सकारात्मक सोच बनाए रखना जरूरी है। मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर ध्यान दें और मेडिटेशन अपनाएं। परिवार मुश्किल समय में आपका साथ देगा। परिवार के किसी युवा सदस्य के लिए बिजनेस की शुरुआत अच्छी रहेगी। प्रेम जीवन में खुशी और जुड़ाव रहेगा। छात्रों को मार्गदर्शन की जरूरत पड़ सकती है। किसी शांत या धार्मिक जगह की यात्रा मन को सुकून देगी। शुभ अंक: 4 | शुभ रंग: स्काई ब्लू कन्या (24 अगस्त – 23 सितंबर) नए लोगों से जुड़ाव आपके करियर को आगे बढ़ाएगा। फिलहाल बड़े आर्थिक फैसलों से बचें। प्रेम जीवन में स्थिरता और खुशी रहेगी। यह सप्ताह योजनाओं को अमल में लाने के लिए अच्छा है। लंबे समय के लक्ष्य बनाकर आगे बढ़ना फायदेमंद रहेगा। सिंगल लोगों को अपने दिल की बात कहने का मौका मिल सकता है। सप्ताह के अंत में अपने लोगों की मदद करने से खुशी मिलेगी। पढ़ाई में विदेश जाने के इच्छुक छात्रों को अच्छे संकेत मिल सकते हैं। हल्की एक्सरसाइज से फिटनेस बेहतर होगी। शुभ अंक: 22 | शुभ रंग: रेड तुला (24 सितंबर – 23 अक्टूबर) आपके काम की सराहना होगी और आत्मविश्वास बढ़ेगा। बिजनेस में अच्छा लाभ मिल सकता है। यह सप्ताह आपको अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखने में मदद करेगा। पार्टनर की छोटी-सी खुशी आपको खुश कर देगी। परिवार की समस्याएं समझदारी से सुलझेंगी। फिटनेस रूटीन में बदलाव से ऊर्जा बढ़ेगी। प्रॉपर्टी खरीदते समय कागज ध्यान से जांचें। पढ़ाई में लगातार मेहनत से सफलता मिलेगी। शुभ अंक: 5 | शुभ रंग: ग्रीन वृश्चिक (24 अक्टूबर – 22 नवंबर) आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और पार्टनर का सहयोग मिलेगा। परिवार में कुछ फैसलों से तनाव हो सकता है, इसलिए समझदारी से काम लें। यह सप्ताह आपको अपने बड़े लक्ष्यों पर टिके रहने में मदद करेगा। प्रेम जीवन अच्छा रहेगा और छोटी यात्रा से रिश्ता मजबूत होगा। पुश्तैनी प्रॉपर्टी से लाभ मिल सकता है। एक्सरसाइज और मेडिटेशन से सेहत अच्छी रहेगी। पढ़ाई में अच्छे परिणाम मिलेंगे। शुभ अंक: 8 | शुभ रंग: व्हाइट धनु (23 नवंबर – 21 दिसंबर) नए बिजनेस प्रोजेक्ट सफल हो सकते हैं। यह सप्ताह सकारात्मक ऊर्जा से भरा रहेगा। अच्छी सेहत और आत्मविश्वास आपको अलग पहचान देंगे। प्रेम जीवन में समझ और भरोसा बढ़ेगा। परिवार में खुशी और शांति बनी रहेगी। नई फिटनेस एक्टिविटी से शरीर को लाभ मिलेगा। छात्र प्रेरित रहेंगे और अच्छा प्रदर्शन करेंगे। शुभ अंक: 17 | शुभ रंग: पिंक मकर (22 दिसंबर – 21 जनवरी) काम में आपकी समझदारी बड़े प्रोजेक्ट्स में मदद करेगी। आर्थिक स्थिति बेहतर होगी और निवेश के नए विकल्प मिल सकते हैं। यह सप्ताह शुरुआत में सामान्य लगेगा, लेकिन पुराने दोस्तों से मिलकर आपका मन खुश होगा। पार्टनर के साथ आपका रिश्ता और मजबूत होगा। परिवार में मार्गदर्शन देने से सम्मान मिलेगा। सेहत धीरे-धीरे सुधरेगी। छात्रों को इस समय पढ़ाई पर पूरा ध्यान देना चाहिए। शुभ अंक: 22 | शुभ रंग: पर्पल कुंभ (22 जनवरी – 19 फरवरी) यह सप्ताह आपके लिए सहज और प्रगति देने वाला रहेगा। काम में आपकी मेहनत और आत्मविश्वास साफ नजर आएगा। आर्थिक फैसले मजबूत होंगे और स्थिति बेहतर होगी। घर में बदलाव खुशी लाएंगे। प्रेम जीवन में अपनापन और खुशी बनी रहेगी। जीवनशैली में बदलाव से सेहत सुधरेगी। छात्रों के लिए यह समय नए अवसर तलाशने का है। शुभ अंक: 4 | शुभ रंग: सैफ्रॉन मीन (20 फरवरी – 20 मार्च) आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। प्रेम जीवन में गहराई और प्रतिबद्धता बढ़ेगी। भाई-बहनों के साथ छोटी बहस हो सकती है, इसलिए शांति बनाए रखें। यह सप्ताह नए मौके लेकर आएगा और आपको उनका सही उपयोग करना होगा। टीमवर्क से सफलता मिलेगी और लोग आपके काम की सराहना करेंगे। एक्सरसाइज और सही खान-पान से सेहत बेहतर होगी। छात्रों को पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए और विवादों से बचना चाहिए। ALSO READ: Weekly Horoscope 1–7 June 2026: 01 से 07 जून तक कैसा रहेगा आपका सप्ताह? शॉर्ट में पढ़ें साप्ताहिक राशिफल शुभ अंक: 11 | शुभ रंग: पीच

वेब दुनिया 30 May 2026 5:05 pm

1 हजार IPL रन बनाने के लिए वैभव सूर्यवंशी ने खेली सिर्फ 440 गेंदें

युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल सबसे कम गेंदों में 1000 रन पूरे कर लिए हैं। उन्होंने 440 गेंदें खेलीं, जो सबसे तेज हैं। आंद्रे रसेल इससे पहले सबसे तेज थे, जिन्होंने इसके लिए 545 गेंदें खेली थीं।सूर्यवंशी IPL में 1000 रन बनाने वाली पारियों के मामले में दूसरे सबसे तेज बल्लेबाज़ हैं। शॉन मार्श ने सिर्फ़ 21 पारियों में यह मुकाम हासिल किया, जबकि लेंडल सिमंस ने 23 पारियों में, जो सूर्यवंशी के बराबर है। आईपीएल 2026 में सूर्यवंशी ने कुल 135 बाउंड्री लगाईं, जिसमें रिकॉर्ड 72 छक्के शामिल हैं, जो किसी भी टी 20 टूर्नामेंट में किसी भी बल्लेबाज़ द्वारा लगाए गए सबसे ज़्यादा छक्के हैं। इससे पहले सबसे ज़्यादा 128 बाउंड्री बटलर ने आईपीएल 2022 में लगाई थीं, जिन्होंने 83 चौके और 45 छक्के लगाए थे। सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 में 16 पारियों में 776 रन बनाए। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 237.30 रहा और इनमें से 684 रन सिर्फ़ चौकों और छक्कों से आए।सूर्यवंशी अपनी पिछली चार पारियों में नर्वस नाइनटीज में 3 बार आउट हुए हैं। अब वे आईपीएल में नाइनटीज में सबसे ज़्यादा बार आउट होने वाले बल्लेबाज़ बन गए हैं और 2014 में ग्लेन मैक्सवेल के बाद एक सीज़न में ऐसी तीन इनिंग खेलने वाले दूसरे बल्लेबाज हैं। IPL 2026 में सूर्यवंशी ने 776 रन बनाए, जो टूर्नामेंट के एक एडिशन में किसी भी बल्लेबाज द्वारा बनाए गए पांचवें सबसे ज़्यादा रन हैं। यह आरआर के लिए किसी भी बैटर के दूसरे सबसे ज़्यादा रन हैं, जो 2022 में जोस बटलर के 863 रन के बाद है।सूर्यवंशी ने एलिमिनेटर और क्वालिफायर 2 में कुल 193 रन बनाए। सिर्फ़ बटलर ने 2022 में 195 रन बनाकर IPL के किसी एक एडिशन में क्वालिफायर और एलिमिनेटर मिलाकर इससे ज़्यादा रन बनाए थे।

वेब दुनिया 30 May 2026 5:00 pm

15 साल के क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी के बॉबी देओल भी हुए मुरीद, बोले- नजर न लगे...

आईपीएल 2026 में क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी का नाम छाया हुआ है। राजस्थान रॉयल्स के 15 साल के ओपनिंग बल्लेबाज वैभव ने इस सीजन में कई रिकॉर्ड ध्वस्त किए हैं। बिहार से आने वाले इस युवा खिलाड़ी ने अपनी निडर और आक्रामक बल्लेबाजी से न केवल क्रिकेट पंडितों को हैरान किया, बल्कि बॉलीवुड के गलियारों में भी अपनी गहरी छाप छोड़ी है। हाल ही में आईपीएल क्वालिफायर-2 के मुकाबले में गुजरात टाइटंस से मिली हार के बाद राजस्थान रॉयल्स का सफर जरूर थम गया, लेकिन वैभव ने अपनी 96 रनों की आतिशी पारी से करोड़ों दिलों को जीत लिया। बॉलीवुड सेलेब्स भी उनकी जमकर तारीफ कर रहे हैं। भगवान वैभव को बुरी नजर से बचाए बॉलीवुड एक्टर बॉबी देओल ने वैभव की सराहना की है। उन्होंने अपनी अपकमिंग मूवी 'बंदर' के प्रमोशन के दौरान एक इंटरव्यू में कहा कि वो वैभव को काफी पसंद करते हैं। जब बॉबी देओल से आईपीएल और वैभव सूर्यवंशी के हालिया प्रदर्शन को लेकर सवाल पूछा गया, तो वे इस युवा खिलाड़ी की तारीफ करते नहीं थके। ALSO READ: राम चरण के MMA फाइटर बॉडीगार्ड के सामने फीके पड़े स्टार्स, जानिए कौन हैं केविन कुंटा? न्यजू 18 संग बात करते हुए बॉबी ने कहा, हां, लेकिन अभी फिल्म की शूटिंग कर रहा था, तो मिस हो गया। वैभव एक फिनोमिना हैं। मतलब, भगवान उन पर अपनी कृपा बनाए रखे, उसको नजर न लगे, क्योंकि जब कोई ऐसे खेलता है तो सब देखते हैं, जलन भी होती है और कभी-कभी अपनों की भी नजर लग जाती है। वे वाकई एक शानदार और असाधारण खिलाड़ी हैं। T 5756(i) - Sooryavanshi - १५ साल की उम्र का अद्भुत सूर्या । इस उम्र में तो हम बंटों और गुल्ली डंडा भी ठीक से नहीं खेल पा रहे थे !! — Amitabh Bachchan (@SrBachchan) May 29, 2026 अमिताभ बच्चन ने भी की सराहना बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन ने राजस्थान रॉयल्स के टूर्नामेंट से बाहर होने के बाद अपने 'X' हैंडल पर वैभव सूर्यवंशी के लिए एक बेहद खास और दिल छू लेने वाला पोस्ट साझा किया। अमिताभ ने लिखा, 'Sooryavanshi - 15 साल की उम्र का अद्भुत सूर्या। इस उम्र में तो हम बंटों और गुल्ली डंडा भी ठीक से नहीं खेल पा रहे थे!!' आईपीएल 2026 में वैभव सूर्यवंशी का प्रदर्शन किसी परीकथा जैसा रहा है। उन्होंने इस सीजन में न केवल क्रिस गेल का एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का 14 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा, बल्कि 240 से अधिक के अविश्वसनीय स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की।

वेब दुनिया 30 May 2026 4:55 pm

अहमदाबाद में एक साथ पहुंच सकते हैं IPL और बारिश, क्या होगा फाइनल का?

जहां इंडियन प्रीमियर लीग के फाइनल के लिए दर्शकों का उत्साह चरम पर है वहीं बारिश भी अहमदाबाद में फाइनल के वक्त मजा किरकिरा कर सकती है। गुजरात टाइटंस और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलूरू के बीच खेले जाने वाले फाइनल में बारिश होने की आशंका है। हालांकि मूसलाधार बारिश उसके अगले दिन होगी लेकिन यह सिर्फ अनुमान ही है। गौरतलब है कि साल 2023 का फाइनल भी अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम 2 दिन तक खेला गया था क्योंकि पहला दिन बारिश की भेंट चढ़ गया था। देश के उत्तर-पश्चिम और मध्य भागों में गर्मी का असर धीरे-धीरे कम हो रहा है, जिसका सीधा असर गुजरात में भी देखने को मिल रहा है। अगर 1 जून यानि कि अगले दिन भी बारिश ने खेल बिगाड़ा और नतीजा निकालने के लिए ओवर कम पड़े तो दोनों टीम ट्रॉफी साझा करेंगी। हालांकि खेल प्रेमी ऐसा होते हुए नहीं देखना चाहते। देख लेते हैं कि आने वाले दिनों में मौसम किस करवट बैठेगा। 30 मई: उत्तर और पूर्व गुजरात में बारिश के आसार आज से ही राज्य के विभिन्न जिलों में मानसूनी हलचल या प्री-मानसून बारिश की शुरुआत हो सकती है। उत्तर गुजरात के बनासकांठा, मेहसाणा, साबरकांठा, अरावली और पूर्वी गुजरात के पंचमहाल, दाहोद, महीसागर और छोटा उदेपुर जिलों में बिजली कड़कने के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके अलावा गीर सोमनाथ, दीव, दमन और दादरा नगर हवेली में भी हल्की बौछारें पड़ने की उम्मीद है। 31 मई: धूलभरी आंधी और तूफान के साथ बारिश का अलर्ट 31 मई को उत्तर गुजरात में बारिश की स्थिति और मजबूत होगी। इसके साथ ही दक्षिण गुजरात और सौराष्ट्र के इलाकों में भी मौसम करवट लेगा। मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और बिजली की गड़गड़ाहट के साथ झमाझम बारिश होने की संभावना है। 1 जून: अहमदाबाद-गांधीनगर समेत कई जिलों में भारी बारिश की संभावना 1 जून को उत्तर और मध्य गुजरात के अधिकांश हिस्सों, जैसे कि अहमदाबाद, गांधीनगर, पाटन, मेहसाणा, बनासकांठा, साबरकांठा, अरावली, खेड़ा, आणंद, पंचमहाल, दाहोद और महीसागर में व्यापक रूप से बारिश की चेतावनी दी गई है। वहीं सौराष्ट्र-कच्छ और दक्षिण गुजरात के कुछ हिस्सों में छिटपुट बारिश जारी रहेगी। मौसम विशेषज्ञों ने तेज हवाओं और बिजली चमकने की स्थिति को देखते हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और सावधानी बरतने की सलाह दी है।

वेब दुनिया 30 May 2026 3:21 pm

दिल्ली हाई कोर्ट ने वरुण धवन के पर्सनालिटी राइट्स को दी कानूनी सुरक्षा, फेक कंटेंट पर लगेगी लगाम

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीपफेक के इस डिजिटल युग में मशहूर हस्तियों की प्राइवेसी और उनकी पहचान पर लगातार खतरा मंडरा रहा है। इसी कड़ी में बॉलीवुड एक्टर वरुण धवन ने अपनी पहचान और व्यक्तिगत अधिकारों की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने वरुण धवन के पक्ष में एक बड़ा और महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश जारी किया है। न्यायाधीश न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की एकल पीठ ने वरुण धवन की याचिका पर सुनवाई करते हुए सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और डिजिटल इंटरमीडियरीज को सख्त निर्देश दिए हैं। ALSO READ: सोनाक्षी सिन्हा ने किराए पर दिया अपना लग्जरी अपार्टमेंट, हर महीने मिलेगा इतने लाख रुपये किराया कोर्ट ने कहा है कि अभिनेता की अनुमति के बिना उनके नाम, आवाज, चेहरे या किसी भी अन्य व्यक्तिगत विशेषता का व्यावसायिक या भ्रामक उपयोग तुरंत रोका जाए। कोर्ट में वरुण धवन की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता संदीप सेठी ने बेंच के सामने इंटरनेट पर मौजूद कई आपत्तिजनक सामग्रियां पेश कीं। अधिवक्ता ने बताया कि किस तरह एआई टूल्स का गलत इस्तेमाल करके वरुण धवन के चेहरे और आवाज के नकली वीडियो बनाए जा रहे हैं। इतना ही नहीं, कुछ वेबसाइट्स अभिनेता के नाम और तस्वीरों का इस्तेमाल करके अश्लील कंटेंट और फेक एडवरटाइजमेंट प्रमोट कर रही थीं। कोर्ट ने इन दलीलों को स्वीकार करते हुए जॉन डो के खिलाफ भी आदेश पारित किया। इसके तहत अब कोई भी अज्ञात व्यक्ति वरुण धवन की पहचान का इस्तेमाल करके नकली मर्चेंडाइज नहीं बेच पाएगा और न ही उनकी फेक वॉइस क्लोनिंग का उपयोग कर सकेगा। कोर्ट ने अभिनेता की टीम को ऐसे सभी आपत्तिजनक यूआरएल की सूची सौंपने को कहा है ताकि उन्हें तुरंत इंटरनेट से ब्लॉक और डिलीट किया जा सके। क्या होते हैं पर्सनालिटी राइट्स? पर्सनालिटी राइट्स या 'राइट ऑफ पब्लिसिटी' किसी भी व्यक्ति का वह कानूनी अधिकार है, जिसके तहत वह अपनी पहचान, नाम, आवाज और छवि के व्यावसायिक इस्तेमाल को नियंत्रित कर सकता है। भारत में कानूनन कोई भी व्यक्ति किसी सेलिब्रिटी के नाम का इस्तेमाल करके अपने ब्रांड का प्रमोशन या कमाई नहीं कर सकता जब तक कि उसने इसके लिए सेलिब्रिटी को भुगतान न किया हो या उनसे लिखित सहमति न ली हो। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें बॉलीवुड दिग्गजों की राह पर वरुण धवन वरुण धवन अपनी डिजिटल पहचान को कानूनी सुरक्षा देने वाले पहले अभिनेता नहीं हैं। एआई के बढ़ते दुरुपयोग के कारण पूरी फिल्म इंडस्ट्री इस समय सतर्क है। इससे पहले बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन, सलमान खान, अनिल कपूर, जैकी श्रॉफ, अजय देवगन, काजोल और ऐश्वर्या राय बच्चन जैसे दिग्गज कलाकार भी दिल्ली हाई कोर्ट से अपने पर्सनालिटी राइट्स को सुरक्षित करा चुके हैं। वर्क फ्रंट की बात करें तो वरुण धवन अब पूरी तरह से अपनी आगामी फिल्म के प्रमोशन में व्यस्त होने वाले हैं। वरुण जल्द ही अपने पिता और दिग्गज डायरेक्टर डेविड धवन के निर्देशन में बनी रोमांटिक-कॉमेडी फिल्म 'है जवानी तो इश्क होना है' में नजर आएंगे। इस फिल्म में उनके साथ पूजा हेगड़े और मृणाल ठाकुर मुख्य भूमिकाओं में दिखाई देंगी।

वेब दुनिया 30 May 2026 3:00 pm

अफगानिस्तान में शरणार्थियों से भरा ट्रक के पलटने से 18 की मौत, 30 घायल

काबुल। अफगानिस्तान के लघमान प्रांत के सोरखाकन इलाके में अफगान शरणार्थियों को ले जा रहा एक ट्रक शनिवार सुबह पलट गया जिसमें कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई जबकि 30 अन्य घायल हो गए। यह जानकारी स्थानीय मीडिया ने सुरक्षा अधिकारियों के हवाले से दी। टोलो न्यूज ने कहा कि घायलों को […] The post अफगानिस्तान में शरणार्थियों से भरा ट्रक के पलटने से 18 की मौत, 30 घायल appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 30 May 2026 1:55 pm

राजयोगी किड्स समर कैंप में बच्चों को मिले संस्कार, योग और आत्मविश्वास के मंत्र

अजमेर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के राजयोग भवन, वरुण सागर रोड पर आयोजित राजयोगी किड्स समर कैंप के अंतर्गत बच्चों के व्यक्तित्व विकास, आध्यात्मिक जागरूकता एवं नैतिक मूल्यों को प्रोत्साहित करने हेतु प्रेरणादायक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बच्चों, अभिभावकों एवं ब्रह्माकुमारी परिवार के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का […] The post राजयोगी किड्स समर कैंप में बच्चों को मिले संस्कार, योग और आत्मविश्वास के मंत्र appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 30 May 2026 1:40 pm

सुनेत्रा अजीत पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी का हो सकता है अस्तित्व समाप्त : संजय राउत

मुंबई। महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना के राज्यसभा सांसद और मुख्य प्रवक्ता संजय राउत ने आज संकेत दिया कि राज्य की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजीत पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी का अस्तित्व समाप्त हो सकता है या भाजपा में विलय हो सकता है। संजय राउत ने सुनेत्रा अजीत पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी […] The post सुनेत्रा अजीत पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी का हो सकता है अस्तित्व समाप्त : संजय राउत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 30 May 2026 1:34 pm

भिण्ड में हनीट्रैप गैंग की पकडी गई एक महिला मेडिकल जांच में एचआईवी पॉजिटिव पाई गई

भिण्ड। मध्यप्रदेश के भिण्ड में देहात थाना पुलिस द्वारा पकड़े गए हनीट्रैप गैंग की जांच में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। लोगों को फंसाने वाली गैंग की एक महिला मेडिकल जांच में एचआईवी पॉजिटिव पाई गई है। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भिण्ड जिला अस्पताल में हुए परीक्षण […] The post भिण्ड में हनीट्रैप गैंग की पकडी गई एक महिला मेडिकल जांच में एचआईवी पॉजिटिव पाई गई appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 30 May 2026 1:31 pm

सिद्दारमैया ने जाते-जाते शिवकुमार, राहुल के लिए खड़ी की मुश्किलें

बेंगलूरु। कर्नाटक के निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने जाते-जाते राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की तैयार की गई सामाजिक और शैक्षणिक सर्वेक्षण रिपोर्ट को मंजूर कर कांग्रेस नेतृत्व को असमंजस की स्थिति में खड़ा कर दिया है। उल्लेखनीय है कि सियासत में कभी-कभी ऐसे लम्हे आते हैं जब कोई सरकारी फाइल सिर्फ आगे नहीं बढ़ती, बल्कि उसका […] The post सिद्दारमैया ने जाते-जाते शिवकुमार, राहुल के लिए खड़ी की मुश्किलें appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 30 May 2026 1:26 pm

पश्चिम बंगाल में अगले सप्ताह भाजपा के मंत्रिमंडल का हो सकता है विस्तार

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में अगले सप्ताह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के मंत्रिमंडल का पूर्ण विस्तार होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पदभार ग्रहण करने के लगभग तीन सप्ताह बाद वह अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करने जा रहे हैं। राज्य प्रशासन और भाजपा के सूत्रों के अनुसार मंत्रियों की सूची […] The post पश्चिम बंगाल में अगले सप्ताह भाजपा के मंत्रिमंडल का हो सकता है विस्तार appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 30 May 2026 1:19 pm

कीर्ति कुल्हारी ने मेड की 10,000 रुपए सैलरी पर उठाए सवाल, यूजर्स के साथ सेलेब्स ने भी लगाई क्लास

फिल्मी सितारों की चकाचौंध भरी जिंदगी और आम इंसान की जमीनी हकीकत के बीच का अंतर एक बार फिर सोशल मीडिया पर बहस का मुद्दा बन गया है। इस बार इस विवाद के केंद्र में हैं फिल्म 'पिंक' और वेब सीरीज 'फोर मोर शॉट्स प्लीज!' फेम एक्ट्रेस कीर्ति कुल्हारी। कीर्ति कुल्हारी के एक इंटरव्यू का क्लिप इंटरनेट पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वह मुंबई में घरेलू सहायकों की सैलरी को लेकर शिकायत करती नजर आ रही हैं। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर उनकी जमकर क्लास लगाई जा रही है। ALSO READ: सोनाक्षी सिन्हा ने किराए पर किया अपना लग्जरी अपार्टमेंट, हर महीने मिलेगा इतने लाख रुपये किराया दरअसल, कीर्ति कुल्हारी ने 'बॉलीवुड बबल' को एक इंटरव्यू में मुंबई के यारी रोड इलाके में अपने नए घर में शिफ्ट होने का अनुभव साझा किया। कीर्ति ने बताया कि जब उन्होंने नए घर के लिए मेड और खाना बनाने वाले कुक से बात की, तो उनके द्वारा मांगी गई रकम सुनकर वह दंग रह गईं। कीर्ति ने में कहा, मैंने इस बारे में अपने मैनेजर से भी चर्चा की थी। मैंने अभी यारी रोड पर नया घर शिफ्ट किया है और वहां कुक और मेड ने जो रेट बताए, मैं सोच में पड़ गई कि इन रेट्स का क्या मतलब बनता है? वो दिन में सिर्फ दो घंटे के काम के लिए 10,000 रुपए चार्ज कर रही थी। उन्होंने कहा, मुझे लगा कि तुम दो घंटे के लिए आ रही हो, अपने हिसाब से काम कर रही हो और फिर 10,000 रुपए किस बात के मांग रही हो? उस वक्त हमें लगा कि क्या हमारी शक्ल देखकर ये लोग ऐसा कर रहे हैं कि इनके पास तो पैसे होंगे ही, थोड़ा और मांग लेते हैं। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। आम यूजर्स के साथ-साथ सेलेब्स ने भी कीर्ति के इस रवैये की आलोचना की। मशहूर अभिनेत्री और टेलीविजन होस्ट मिनी माथुर ने घरेलू कामगारों के अधिकारों का समर्थन करते हुए कीर्ति को आईना दिखाया। मिनी माथुर ने इस वीडियो पर कमेंट करते हुए लिखा, 'जरा सोचिए कि उनके वो 2 घंटे हमें अपने 2 घंटों में कितना कमाने के काबिल बनाते हैं। दुनिया में कहीं भी देखा जाए, तो यह राशि न्यूनतम मजदूरी से भी बेहद कम है।' मशहूर स्टैंड-अप कॉमेडियन विवेक समतानी ने तंज कसते हुए लिखा, 'यह मुश्किल से 2 डॉलर प्रति घंटा बैठता है, और यह भी बहुत ज्यादा लग रहा है? वाह!' एक यूजर ने लिखा, 'मैडम, मुंबई जैसी महंगी सिटी में सर्वाइव करने के लिए ₹10,000 बहुत ही सामान्य और बेसिक रेट है, इसे सम्मान के साथ दिया जाना चाहिए।' एक अन्य ने लिखा, 'जब आप लोग अपनी कला के 2 घंटे के लिए लाखों-करोड़ों रुपये चार्ज करते हैं, तब वह कैसे समझ में आता है?' वर्क फ्रंट की बात करें तो कीर्ति कुल्हारी को आखिरी बार हिमेश रेशमिया की फिल्म 'बैड्स रवि कुमार' में देखा गया था। इसके अलावा अमेज़न प्राइम की हिट सीरीज 'फोर मोर शॉट्स प्लीज!' के चौथे सीजन में उनके 'अंजना मेनन' के किरदार को काफी पसंद किया गया था।

वेब दुनिया 30 May 2026 1:10 pm

June 2026 Monthly Horoscope: मासिक राशिफल जून 2026: 12 राशियों की भविष्यवाणी, जानें भाग्य, आर्थिक स्थिति और जीवनशैली

Monthly Horoscope June 2026: जून 2026 का यह महीना मेष, सिंह और मकर राशि वालों के लिए विशेष रूप से भाग्यशाली रहने वाला है। वहीं वृश्चिक और कर्क राशि वालों को थोड़ा धैर्य रखने की आवश्यकता होगी। आपके लिए ज्योतिषीय गणनाएं संकेत मात्र हैं, आपकी मेहनत और सकारात्मक दृष्टिकोण ही आपके जीवन को दिशा देता है। यहां पढ़ें करियर, स्वास्थ्य, प्रेम और धन की पूरी जानकारी... ALSO READ: ज्योतिष विश्लेषण: जून माह में कैसा रहेगा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय परिदृष्य आइए जानते हैं कि यह महीना आपके करियर, प्रेम जीवन, धन, स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति के लिए क्या संकेत दे रहा है... 1. मेष राशि (Aries) जून का महीना आपके लिए ऊर्जा और साहस से भरा रहेगा। मंगल की स्थिति आपको कार्यक्षेत्र में नेतृत्व करने का मौका देगी। जून 2026 में मेष राशि के जातकों के लिए करियर में बदलाव और नए अवसर आएंगे। आपके प्रयासों को उच्चाधिकारी सराहेंगे और प्रमोशन या नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। यदि कारोबारी हैं तो आय के नए स्रोत खुलेंगे, लेकिन खर्चों पर नियंत्रण रखें। आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी, लेकिन निवेश से पहले सोच-समझकर निर्णय लें। प्रेम जीवन में मधुरता बनी रहेगी। जीवनसाथी के साथ सामंजस्य बढ़ेगा। स्वास्थ्य के लिए नियमित व्यायाम और पर्याप्त नींद जरूरी है। प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करें। 2. वृषभ राशि (Taurus) वृषभ राशि वालों के लिए जून 2026 का महीना रोमांचक बदलाव और सकारात्मक परिणाम लाएगा। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा और मित्रों के साथ संबंध मजबूत होंगे। कार्यक्षेत्र में नए प्रोजेक्ट्स सफल रहेंगे। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर निर्णय लें। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, पर खान-पान और नींद पर ध्यान दें। बाहर के खाने से बचें, पेट की समस्या हो सकती है। इस महीने शुक्र का प्रभाव आपके व्यक्तित्व में निखार लाएगा। जीवन संबंधी भौतिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी। व्यापार में अटके हुए सौदे पूरे होंगे। निवेश के लिए यह समय उत्तम है। शुक्रवार के दिन सफेद वस्तुओं का दान करें। 3. मिथुन राशि (Gemini) मिथुन राशि के जातकों के लिए यह महीना अवसरों और चुनौतियों का मिश्रण लाएगा। यात्रा और नेटवर्किंग से लाभ मिलेगा। कार्यक्षेत्र में मेहनत का फल मिलेगा। धन के मामलों में संयम बनाएं। मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखें, ध्यान और हल्की योगाभ्यास लाभकारी रहेगा। जून 2026 की अवधि में बुध का गोचर आपकी निर्णय क्षमता को बढ़ाएगा। महीने के मध्य में कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। छात्रों के लिए शिक्षा तथा प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के योग हैं। इस समयावधि में परिवार में किसी मांगलिक कार्य की योजना बन सकती है। अपने प्रेम रिश्ते के प्रति सावधान रहें। पक्षियों को दाना डालें। 4. कर्क राशि (Cancer) कर्क राशि वालों के लिए जून 2026 का माह भावनात्मक और पारिवारिक मामलों में महत्वपूर्ण है। घर और परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। कार्यक्षेत्र में स्थिरता आएगी, पर कुछ अतिरिक्त जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। पैतृक संपत्ति से लाभ होने के संकेत हैं। कुछ लोगों को कार्यस्थल पर सहयोगियों से बहस हो सकती है, शांत रहें। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, और मानसिक तनाव से बचने के लिए ध्यान या प्राणायाम करें। इस महीने भावनात्मक फैसलों से बचें और प्रैक्टिकल बनें। कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि कर्क राशि के जातकों के लिए यह महीना मिला-जुला रहेगा। सोमवार को शिवलिंग पर कच्चा दूध अर्पित करें। 5. सिंह राशि (Leo) सिंह राशि के जातकों के लिए जून 2026 उत्साह और ऊर्जा से भरा महीना कहा जा सकता है। कार्यस्थल पर बॉस आपके काम से प्रभावित होंगे, आपकी मेहनत सराही जाएगी और नए अवसर मिलेंगे। सूर्य का प्रभाव आपको समाज में मान-सम्मान दिलाएगा। प्रशासनिक कार्यों में सफलता मिलेगी। विदेश यात्रा के अवसर बन सकते हैं। प्रेम जीवन में रोमांचक पल आएंगे। आर्थिक मामलों में सफलता के संकेत हैं, पर बढ़ते खर्चों पर नियंत्रण जरूरी है। स्वास्थ्य के लिए नियमित व्यायाम और संतुलित आहार अपनाएं। सिरदर्द या आंखों में थकान महसूस हो सकती है। छात्रों के लिए समय उत्तम रहेगा। प्रतिदिन सूर्य देव को तांबे के लोटे से अर्घ्य दें। 6. कन्या राशि (Virgo) कन्या राशि वालों के लिए जून 2026 का समय शिक्षा और करियर पर ध्यान देने का महीना है। कार्यक्षेत्र में मेहनत रंग लाएगी और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। कन्या राशि के जातकों को अपनी मेहनत का पूरा फल इस महीने मिलेगा। व्यापार में नया स्टार्टअप शुरू करने के लिए महीना शुभ है। परिवार और रिश्ते, सगे-संबंधियों में सुख-शांति बनी रहेगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन मानसिक तनाव से बचें। छात्रों तथा कारोबारियों के लिए यात्रा के योग लाभकारी होंगे। प्रेम संबंधों में गलतफहमियां दूर होंगी। गाय को हरी घास खिलाएं। 7. तुला राशि (Libra) तुला राशि के जातकों के लिए जून 2026 प्रेम और पारिवारिक संबंधों में सफलता लाएगा। तुला राशि के जातकों के लिए यह महीना संतुलन बनाने का है। रचनात्मक कार्यों से जुड़े लोगों को बड़ी पहचान मिलेगी। दांपत्य जीवन में मधुरता आएगी। मित्रों और परिवार के साथ समय सुखद बीतेगा। इस महीने सुख-साधनों पर अधिक खर्च होने की संभावना है। नौकरीपेशा है तो कार्यक्षेत्र में नई चुनौतियां आएंगी, लेकिन आपका धैर्य उन्हें पार कर देगा। व्यापारी वर्ग की आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी, पर बड़े निवेश से बचें। आपका तथा परिवारजन का स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। इस माह श्री सूक्त का पाठ करें, लाभ होगा। ALSO READ: जून 2026 के ग्रह गोचर: किस राशि पर पड़ेगा सबसे बड़ा असर? 8. वृश्चिक राशि (Scorpio) वृश्चिक राशि वाले जातकों के लिए जून 2026 करियर, नौकरी और शिक्षा में लाभकारी रहेगा। नए अवसर और प्रोजेक्ट्स सामने आएंगे। कारोबार के आर्थिक मामलों में सुधार होगा। लेकिन शत्रु पक्ष सक्रिय रह सकता है, अपनी योजनाएं गुप्त रखें। पारिवारिक और व्यक्तिगत जीवन में मधुरता बनी रहेगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, ध्यान और योग फायदेमंद रहेंगे। लव रिलेशनशिप के मामले में इस महीने आपको अपनी वाणी पर नियंत्रण रखना होगा। क्रोध में आकर कोई बड़ा फैसला न लें। साथ ही योग और ध्यान को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। शनिवार को शनि मंदिर में तिल या तिल के तेल का दान करें। 9. धनु राशि (Sagittarius) धनु राशि के जातकों के लिए जून 2026 यात्रा और नए अनुभवों का महीना है। आपके लिए जून का महीना आध्यात्मिक और सुखद रहेगा। कार्यक्षेत्र में सफलता के नए अवसर मिलेंगे। व्यापारियों की आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। प्रेम और पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी। स्वयं तथा परिवारजनों का स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, तनाव से बचने के लिए ध्यान और हल्की एक्सरसाइज अपनाएं। इस माह लंबी दूरी की यात्रा के योग हैं। कारोबारियों को पुराने निवेश से लाभ मिलेगा। आपको भाई-बहनों का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा। माथे पर केसर का तिलक लगाएं। 10. मकर राशि (Capricorn) मकर राशि वालों के लिए जून का महीना करियर में प्रगति के संकेत लाएगा। शनि की अनुकूलता आपके कार्यों में स्थिरता लाएगी। इस माह कठिन समय समाप्त हो रहा है और अच्छे दिन शुरू होंगे। नौकरी या व्यवसाय में नए अवसर मिल सकते हैं। लोहे या मशीनरी के व्यापार में बड़ा मुनाफा होगा। फिर भी आर्थिक मामलों में सतर्क रहें। परिवार में कुछ मतभेद हो सकते हैं, लेकिन आपसी संवाद से समस्याएं हल होंगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। लेकिन पुराने घुटनों या हड्डियों के दर्द से राहत मिलेगी। इस माह मजदूरों की सेवा या सहायता करें। 11. कुम्भ राशि (Aquarius) कुम्भ राशि के जातकों के लिए जून 2026 व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन में संतुलन का महीना है। करियर में स्थिरता बनी रहेगी। नए संपर्क लाभकारी साबित होंगे। धन के मामलों में सोच-समझकर निर्णय लें। आप के लिए यह महीना आत्म-चिंतन का है, अत: धार्मिक कार्यों में मन लगाना उचित रहेगा। आप अपनी जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव करेंगे। परिवार और दोस्तों के साथ संबंध मधुर रहेंगे। माता के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। वर्क-लाइफ औल लव रिलेशनशिप को बैलेंस बनाने में सफल रहेंगे। शिक्षा तथा रिसर्च फील्ड से जुड़े लोगों के लिए समय बेहतरीन है। शनिवार को पीपल के नीचे दीपक जलाएं। 12. मीन राशि (Pisces) मीन राशि वाले जातकों के लिए जून 2026 करियर में मेहनत का फल दिलाने वाला साबित होगा और नई जिम्मेदारियां सामने आएंगी। कारोबार को लेकर धन के मामलों में सुधार होगा। अचानक धन प्राप्ति के योग हैं, लेकिन कर्ज देने से बचें। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, फिर भी अधिक मानसिक तनाव से बचें। ध्यान और योग अभ्यास आपको ऊर्जा और संतुलन देंगे। मीन राशि के जातक इस महीने काफी रचनात्मक महसूस करेंगे। धार्मिक कार्यों में आपकी रुचि बढ़ेगी। यदि अविवाहित हैं तो विवाह के प्रस्ताव आ सकते है। यह महीना प्रेम और पारिवारिक जीवन में सुखद बदलाव लाएगा। गुरुवार को चने की दाल और गुड़ का दान करना लाभकारी होगा। ALSO READ: 12 साल बाद गुरु का 'महागोचर': 2 जून से कर्क राशि में आएंगे देवगुरु बृहस्पति, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, खुलेगा धन का पिटारा

वेब दुनिया 30 May 2026 11:15 am

सांसद के 246 सवालों और 36 डिबेट से कहां गया जालोर-सिरोही के लाखों परिवारों का ये प्रमुख मुद्दा 

सबगुरु न्यूज-सिरोही। सांसद लुंबाराम चौधरी की पीआर टीम ने एक एनजीओ द्वारा दिए जा रहे गैर सरकारी तमगे को उपलब्धि के रूप में दिखाने के लिए जो डेटा दिए वो डेटा खंगालने पर जो सामने आए वो सांसद के जालोर सिरोही लोकसभा के लाखों परिवारों के सपनों से जुड़े मुद्दे को दिखा ही नहीं रहा […] The post सांसद के 246 सवालों और 36 डिबेट से कहां गया जालोर-सिरोही के लाखों परिवारों का ये प्रमुख मुद्दा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 30 May 2026 10:50 am

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (30 मई, 2026)

1. मेष (Aries) Today 30 May horoscope in Hindi 2026 : करियर: आज आपके काम में कुछ चुनौतियां आ सकती हैं। लव: साथी के साथ मधुरता बनी रहेगी। धन: अनावश्यक खर्च से बचें। स्वास्थ्य: हल्की थकान महसूस हो सकती है। उपाय: घर में गाय को हरा चारा दें। ALSO READ: अधिकमास की ज्येष्ठ पूर्णिमा व्रत का महत्व, पूजन विधि और शुभ मुहूर्त 2. वृष (Taurus) करियर: नए अवसरों में सफलता और सहयोगियों का समर्थन मिलेगा। लव: प्रेम जीवन में स्थिरता रहेगी। धन: आय बढ़ेगी, खर्च पर नियंत्रण रखें। स्वास्थ्य: पर्याप्त नींद और आराम लाभकारी रहेगा। उपाय: सूर्योदय के समय सूर्य को जल अर्पित करें। 3. मिथुन (Gemini) करियर: नए प्रोजेक्ट्स में काम सफल रहेगा। लव: रिश्तों में हल्की खटास हो सकती है, संवाद बनाए रखें। धन: खर्च बढ़ सकते हैं। स्वास्थ्य: सिरदर्द या आंखों में समस्या हो सकती है। उपाय: पीले फूल किसी मंदिर में चढ़ाएं। 4. कर्क (Cancer) करियर: टीम वर्क में सफलता मिलेगी। लव: परिवार और साथी के साथ समय अच्छा बीतेगा। धन: निवेश और लेन-देन सोच-समझकर करें। स्वास्थ्य: मानसिक तनाव से बचें। उपाय: घर में लक्ष्मी जी का ध्यान और दीपक जलाना लाभदायक रहेगा। 5. सिंह (Leo) करियर: नेतृत्व की भूमिका में सफलता मिलेगी। लव: साथी के साथ संबंध मजबूत होंगे। धन: आय में सुधार होगा। स्वास्थ्य: हृदय और रक्तचाप का ध्यान रखें। उपाय: गुरुवार को हल्दी का दान करें। 6. कन्या (Virgo) करियर: आपको मेहनत का फल मिलेगा। लव: परिवार और मित्रों के साथ संबंध मधुर रहेंगे। धन: आय बढ़ेगी, खर्च संतुलित रखें। स्वास्थ्य: थकान महसूस हो सकती है। उपाय: हनुमान जी को केसरी रंग का अर्पण करें। ALSO READ: Vat Savitri Purnima 2026: वट सावित्री पूर्णिमा व्रत का महत्व, पूजन विधि और शुभ मुहूर्त 7. तुला (Libra) करियर: कार्य में सफलता, निर्णय सोच-समझकर लें। लव: प्रेम जीवन में मधुरता बनी रहेगी। धन: नए आय के स्रोत मिल सकते हैं। स्वास्थ्य: मानसिक तनाव से बचें। उपाय: किसी जरूरतमंद को भोजन दें। 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: चुनौतियां आएंगी, धैर्य और समझदारी जरूरी रहेगी। लव: सिंगल राशियों के लिए प्रेम संबंध शुभ रहेगा। धन: निवेश में लाभ संभव। स्वास्थ्य: शारीरिक थकान हो सकती है। उपाय: शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करें। 9. धनु (Sagittarius) करियर: नए विचार और योजनाएं लाभकारी बने रहेंगे। लव: परिवार और साथी के साथ समय अच्छा बीतेगा। धन: खर्च बढ़ सकते हैं। स्वास्थ्य: हल्का पेट दर्द या अपच हो सकता है। उपाय: गुरुवार को हनुमान जी को चने अर्पित करें। 10. मकर (Capricorn) करियर: मेहनत का फल मिलेगा। लव: प्रेम संबंध में समझदारी और संवाद जरूरी। धन: निवेश से लाभ होगा। स्वास्थ्य: रीढ़ और मांसपेशियों का ध्यान रखें। उपाय: शनिवार को काली वस्तु या अन्न दान करें। 11. कुम्भ (Aquarius) करियर: नए विचार और योजना लाभकारी साबित होंगे। लव: रिश्तों में मधुरता बनी रहेगी। धन: आय बढ़ेगी, खर्च संतुलित रखें। स्वास्थ्य: मानसिक थकान कम करने के लिए ध्यान लाभकारी। उपाय: हरे पौधे लगाएं। 12. मीन (Pisces) करियर: कार्य में सहयोग और स्थिरता बनी रहेगी। लव: रिश्तों में विश्वास बनाए रखें। धन: पुराने निवेश से लाभ हो सकता है। स्वास्थ्य: हड्डियों और पेट का ध्यान रखें। उपाय: शनिवार को दूध या सफेद वस्तु दान करें। ALSO READ: जून माह में रहेगी ज्येष्ठ माह की 2 एकादशियां, जानिए तिथि, मुहूर्त और पूजा विधि

वेब दुनिया 30 May 2026 7:03 am

शुभमन के शतक से गुजरात पहुंचा IPL फाइनल, राजस्थान को 7 विकेटों से रौंदा

GTvsRR गुजरात टाइटंस के कप्तान शुभमन गिल की शतकीय पारी और उनके साथी सांई सुदर्शन की अर्धशतकीय पारी की बदौलत राजस्थान रॉयल्स को क्वालिफायर 2 में 7 विकेटों से हार का मुंह देखना पड़ा। राजस्थान का सफर यहीं खत्म हुआ और गुजरात टाइंटस ने फाइनल का स्थान पाया जहां उसका अहमदाबाद में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलूरू के खिलाफ सामना होगा। 214 रनो के लक्ष्य का पीछा करते हुए गुजरात टाइटंस के सलामी बल्लेबाज ने मैच को लगभग एकतरफा बना दिया था। दोनों ही बल्लेबाजों के बीच 180 रनों की साझेदारी हो गई थी और तब तक मैच सिर्फ औपचारिकता ही बच गया था। A to the #Final @gujarat_titans make their way into the #TATAIPL 2026 finale Updates https://t.co/eupS8cBPc2 #Qualifier2 | #TheFinalLeap | #GTvRR pic.twitter.com/EeKpvawv9O — IndianPremierLeague (@IPL) May 29, 2026 गुजरात टाइटंस (प्लेइंग इलेवन): साई सुदर्शन, शुबमन गिल (कप्तान), जोस बटलर (विकेटकीपर), निशांत सिंधु, वाशिंगटन सुंदर, जेसन होल्डर, राशिद खान, रविश्रीनिवासन साई किशोर, कैगिसो रबाडा, प्रसिद्ध कृष्णा, मोहम्मद सिराज राजस्थान रॉयल्स (प्लेइंग इलेवन): यशस्वी जयसवाल, वैभव सूर्यवंशी, ध्रुव जुरेल (डब्ल्यू), रियान पराग (सी), डोनोवन फरेरा, दासुन शनाका, रवींद्र जडेजा, जोफ्रा आर्चर, नंद्रे बर्गर, ब्रिजेश शर्मा, यश राज पुंजा

वेब दुनिया 29 May 2026 11:28 pm

महाराष्ट्र में कथित तौर पर ज़हरीली शराब पीने से 14 लोगों की मौत, जांच के आदेश

पुणे। महाराष्ट्र के पुणे और पड़ोसी पिंपरी-चिंचवड़ में कथित तौर पर मेथनॉल मिली ज़हरीली शराब पीने से दो दिनों में करीब 14 लोगों की मौत हो गई। इस सिलसिले में पुलिस ने मुख्य आरोपी योगेश वानखेड़े को, शराब के अड्डे के मालिक कर्नल सिंह विर्क तथा आठ अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार किया है। इस […] The post महाराष्ट्र में कथित तौर पर ज़हरीली शराब पीने से 14 लोगों की मौत, जांच के आदेश appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 29 May 2026 11:04 pm

खुले रहेंगे पेट्रोल पंप, RPDA की प्रस्तावित हड़ताल 15 दिनों के लिए स्थगित

राज्य सरकार के सकारात्मक आश्वासन के बाद लिया निर्णय अजमेर/जयपुर। प्रदेशभर के डीलर्स द्वारा 1 जून 2026 से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन हड़ताल को राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन (आरपीडीए) ने फिलहाल 15 दिनों के लिए स्थगित कर दिया है। यह निर्णय राज्य सरकार द्वारा डीलर्स की समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक पहल और वार्ता के आश्वासन […] The post खुले रहेंगे पेट्रोल पंप, RPDA की प्रस्तावित हड़ताल 15 दिनों के लिए स्थगित appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 29 May 2026 10:55 pm

क्वालिफायर 2 में टॉस का विवाद, दूसरी बार में राजस्थान ने चुनी बल्लेबाजी (Video)

GTvsRR गुजरात टाइटंस बनाम राजस्थान रॉयल्स क्वालिफायर 2 मैच में एक बड़ा विवाद तब हो गया जब रियान पराग ने टॉस के वक्त हेड बोला और सिक्के ने टेल दिखाया लेकिन मैच रेफरी प्रकाश भट्ट को सुनाई नहीं दिया। इस कारण टॉस दुबारा शुरु हुआ और दूसरी बार में राजस्थान यह टॉस जीत गया। राजस्थान के कप्तान रियान पराग ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी। Toss update from New Chandigarh @rajasthanroyals won the toss and elected to bat first against @gujarat_titans Updates https://t.co/eupS8cBPc2 #TATAIPL | #Qualifier2 | #TheFinalLeap | #GTvRR pic.twitter.com/VuLXsWl9Ih — IndianPremierLeague (@IPL) May 29, 2026 गुजरात टाइटंस (प्लेइंग इलेवन): साई सुदर्शन, शुबमन गिल (कप्तान), जोस बटलर (विकेटकीपर), निशांत सिंधु, वाशिंगटन सुंदर, जेसन होल्डर, राशिद खान, रविश्रीनिवासन साई किशोर, कैगिसो रबाडा, प्रसिद्ध कृष्णा, मोहम्मद सिराज राजस्थान रॉयल्स (प्लेइंग इलेवन): यशस्वी जयसवाल, वैभव सूर्यवंशी, ध्रुव जुरेल (डब्ल्यू), रियान पराग (सी), डोनोवन फरेरा, दासुन शनाका, रवींद्र जडेजा, जोफ्रा आर्चर, नंद्रे बर्गर, ब्रिजेश शर्मा, यश राज पुंजा

वेब दुनिया 29 May 2026 7:16 pm

आज का एक्सप्लेनर:बिना गड़बड़ क्यों नहीं हो पा रहे बड़े एग्जाम; NEET में सेना लगानी पड़ रही, CBSE-12th में गलत मार्किंग, इसका इलाज क्या

पेपर लीक के चलते रद्द हुआ NEET-UG का एग्जाम 21 जून को दोबारा होगा। इस बार पेपर पहुंचाने से लेकर बाकी प्रोसेस में एयरफोर्स और आर्मी की मदद ली जाएगी। इधर CBSE ने 12th एग्जाम की कॉपी पहली बार डिजिटल तरीके से चेक करवाईं। बच्चों ने इसमें कई तरीके की खामियां बता दीं। मार्किंग का काम प्राइवेट कंपनी के जिम्मे था। आखिर देश के बड़े एग्जाम बिना गड़बड़ के क्यों नहीं हो पा रहे, सरकार, सिस्टम कहां फेल और इसका इलाज क्या, जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: NEET का रीएग्जाम करवाने में सेना क्यों लगानी पड़ रही? जवाब: 3 मई 2026 को देशभर के 22.79 लाख छात्रों ने NEET-UG 2026 का एग्जाम दिया। 7 मई को खबर आई कि क्वेश्चन-पेपर सोशल मीडिया पर एग्जाम से पहले ही लीक हो चुका था। 12 मई को NTA ने मामले की जांच CBI को सौंपी। अब तक इसमें 13 गिरफ्तारियां हुई हैं। अब एग्जाम 21 जून को दोबारा होगा। 28 मई को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर एक हाई-लेवल मीटिंग हुई, जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, NTA के निदेशक अभिषेक सिंह के अलावा एयरफोर्स के कई सीनियर अफसर भी मौजूद थे। अंग्रेजी अखबार हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बैठक में फैसला हुआ कि क्वेश्चन पेपर की सेटिंग से लेकर छपाई, ट्रांसपोर्टेशन और डिलीवरी की प्रक्रिया में सेना को शामिल किया जाएगा।धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि पहले ये जिम्मेदारी अकेले डाक विभाग की थी, लेकिन इस बार सभी सेंटर पर पेपर पहुंचाने में एयरफोर्स की मदद ली जाएगी। हालांकि, NTA के अधिकारियों का कहना है कि सेना की भूमिका केवल लॉजिस्टिक्स, ट्रांसपोर्टेशन या मौसम से जुड़ी किसी इमरजेंसी के दौरान ही होगी। परीक्षा की निगरानी में कोई भूमिका नहीं होगी। सवाल-2: CBSE 12th के रिजल्ट में गड़बड़ी कैसे हुई? जवाब: देशभर के कुल 17.68 लाख छात्रों ने 17 फरवरी से 10 अप्रैल के बीच 2026 की CBSE 12th बोर्ड के एग्जाम दिए। रिजल्ट आया तो, पिछली बार के 88.39% मुकाबले इस बार 85.2% स्टूडेंट्स ही पास हुए। बोर्ड एग्जाम देने वाले 22% यानी 4 लाख से ज्यादा छात्रों ने अपनी कॉपी दोबारा जांचने यानी री-इवैल्यूएशन के लिए अप्लाई किया है। कई स्टूडेंट्स ने सोशल मीडिया पर फिजिक्स और मैथ्स में कम नंबर आने की शिकायत की। इनमें JEE क्वालिफाई कर चुके स्टूडेंट्स भी हैं। स्टूडेंट्स की आंसर शीट्स में स्कैन कॉपी ब्लर होने पर भी नंबर काटे गए। दिल्ली के एक स्टूडेंट वेदांत श्रीवास्तव ने बताया कि जो फिजिक्स की आंसर शीट भेजी गई, उसमें किसी और की हैंडराइटिंग है। 28 मई को धर्मेंद्र प्रधान ने री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया में गड़बड़ियों की बात मानी और कहा कि हर शिकायत का समाधान किया जाएगा। सवाल-3: आखिर देश के बड़े एग्जाम ठीक से क्यों नहीं हो पा रहे? जवाब: अभ्यर्थियों की संख्या के आधार पर सबसे बड़े 3 एग्जाम हैं- मेडिकल कॉलेजेज में एंट्रेंस के लिए NEET-UG, इंजीनियरिंग कॉलेजेज में एडमिशन के लिए IIT-JEE मेन्स और यूनिवर्सिटीज में एंट्रेंस के लिए CUET-UG। इस साल NEET एग्जाम में 22.8 लाख, JEE में 16 लाख और CUET में 18.68 लाख स्टूडेंट्स बैठे थे। संसद की स्थायी समिति की दिसंबर 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में NTA के जरिए हुए 14 एग्जाम में से कम से कम 5 में पेपर लीक, पेपर में गलतियां, रिजल्ट में देरी जैसी दिक्कतें हुईं। UGC-NET, CSIR-NET और NEET-PG के एग्जाम रोकने पड़े और CUET-UG और PG का रिजल्ट आने में देरी हुई। इन बड़े एग्जाम में गड़बड़ के पीछे 3 बड़ी वजहें है… 1. एग्जाम एजेंसी से सेंटर तक पेपर लीक माफिया का मजबूत नेक्सस 2. पेपर की प्रिंटिंग से डिलीवरी तक का काम प्राइवेट फर्म्स पर निर्भर 3. NTA की जवाबदेही नहीं, पेपर लीक का कानून कमजोर सवाल-4: IIT-JEE, UPSC के एग्जाम में NEET जैसी गड़बड़ क्यों नहीं होती? जवाब: NEET-UG एग्जाम एक ही शिफ्ट में पूरे देश में एक साथ होता है। ये अकेला एग्जाम है, जिसे NTA ने ऑफलाइन मोड में करवाता है। इसके पीछे ये तर्क है कि आधे सवाल बायोलॉजी के होते हैं, जो न्यूमेरिक वैल्यू के बजाय सब्जेक्टिव नॉलेज के ज्यादा होते हैं। इसलिए अलग-अलग शिफ्ट में सवालों की कठिनता का स्तर बदलने से कुछ स्टूडेंट्स के साथ भेदभाव हो सकता है। ऋषिकेश शर्मा कहते हैं, ‘720 मार्क्स के NEET में एक-एक नंबर पर हजारों रैंक आती हैं। पेपर आसान होने के चलते स्कोरिंग हाई हो जाती है। सिलेक्शन 85% मार्क्स के ऊपर होता है, इसलिए विंडो बहुत छोटी है। अगर कुछ सवाल भी लीक हो जाएं, तो पूरा पेपर कॉम्प्रोमाइज हो जाता है। इसीलिए इसमें पैसे और कमाई का खेल बहुत ज्यादा होता है।’ वहीं IIT-JEE कई शिफ्ट में होता है। इसके दो एग्जाम होते हैं- मेन्स और एडवांस्ड। इसके अलावा हर शिफ्ट में एग्जाम पेपर अलग होता है। ऋषिकेश शर्मा कहते हैं कि ये पेपर मुश्किल बनाया जाता है। 25% मार्क्स लाने पर भी सिलेक्शन हो जाता है। बच्चों को सिलेक्शन के लिए बड़ी विंडो मिलती है। इसलिए नकल और पेपर लीक के गिरोहों के लिए ये एग्जाम मुफीद नहीं है। अगर किसी शिफ्ट में कोई गड़बड़ हुई भी है, तो पूरे देश में JEE के रिजल्ट पर असर नहीं पड़ता। इसी तरह UPSC के CSE के एग्जाम में बीते 5 सालों में पेपर लीक की कोई रिपोर्ट नहीं है। इसमें 3 फेज यानी प्री, मेन्स और इंटरव्यू के जरिए सिलेक्शन होता है। मेन्स एग्जाम सब्जेक्टिव होता है, यानी जवाब लिखकर देना होता है। ऐसे में नकल के जरिए किसी को पास करवाना मुश्किल होता है। शशि प्रकाश कहते हैं कि UPSC एक सेंट्रल स्ट्रक्चर के तहत एग्जाम करवाता है। साथ ही पूरे प्रोसेस में प्राइवेट वेंडर्स को काम की आउटसोर्सिंग बहुत कम होती है। इसलिए पेपर लीक की गुंजाइश कम हो जाती है। सवाल-5: बड़े एग्जाम में पेपर लीक का इलाज क्या है? जवाब: UPSC ट्यूटर प्रभात रंजन और एलन सेंटर हेड ऋषिकेश शर्मा 5 बातें कहते हैं… ***** रिसर्च सहयोग - प्रथमेश व्यास----------------------------------------------------------- नीट पेपर लीक से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… NEET पेपर लीक का ब्यूटीशियन कनेक्शन:जहां पेन ले जाना भी मना, वहां से बाहर आया पेपर, क्या कोई अफसर मास्टरमाइंड NEET पेपर लीक की कड़ियां अब जुड़ने लगी हैं। इस मामले में पहले केमिस्ट्री प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी और फिर बॉटनी लेक्चरर मनीषा मांधरे अरेस्ट हुईं। अब NEET एग्जाम कराने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के अफसर के भी शामिल होने की बात सामने आ रही है। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 29 May 2026 7:03 pm

आईपीएल 2026 : ऋषभ पंत ने लखनऊ सुपर जायंट्स की कप्तानी छोड़ी

लखनऊ। ऋषभ पंत ने आईपीएल 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) के खराब प्रदर्शन के बाद टीम की कप्तानी छोड़ दी है। एलएसजी औपचारिक रूप से यह घोषणा करती है कि ऋषभ पंत ने फ्रेंचाइजी से कप्तानी छोड़ने का अनुरोध किया है और फ्रेंचाइजी ने उनके इस अनुरोध को तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया […] The post आईपीएल 2026 : ऋषभ पंत ने लखनऊ सुपर जायंट्स की कप्तानी छोड़ी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 29 May 2026 6:59 pm

राजस्थान में ढाई साल में एक आईएएस सहित 103 अधिकारी निलंबित, 6 बर्खास्त

जयपुर। राजस्थान सरकार ने भ्रष्टाचार मुक्त तथा पारदर्शी सुशासन देने के लिए कड़े तेवर दिखाते हुए ढाई वर्ष में एक आईएएस अधिकारी सहित 103 अधिकारियों को निलंबित एवं छह अधिकारियों को सेवा से बर्खास्त किया हैं और 11 भ्रष्ट अधिकारियों की आजीवन पेंशन पर रोक लगाई है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने […] The post राजस्थान में ढाई साल में एक आईएएस सहित 103 अधिकारी निलंबित, 6 बर्खास्त appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 29 May 2026 6:50 pm

पूजा सिंह ने तोड़ा 14 साल का राष्ट्रीय हाई जंप रिकॉर्ड, एशियाई U20 एथलेटिक्स में जीता गोल्ड

X भारतीय एथलेटिक्स में एक नई उम्मीद की किरण उभरी है। 20 वर्षीय युवा हाई जंपर पूजा सिंह ने 2026 एशियाई U20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 1.93 मीटर की छलांग लगाकर नया सीनियर महिला राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम किया और भारतीय खेलों के इतिहास में एक यादगार पल गढ़ दिया। पूजा ने प्रतियोगिता की शुरुआत 1.91 मीटर की छलांग के साथ की, जिससे उन्होंने अपना खुद का U20 राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा और भारतीय महिला हाई जंप के सभी समय के रैंकिंग में दूसरे स्थान पर पहुँच गईं। लेकिन उनका प्रदर्शन यहीं खत्म नहीं हुआ। उन्होंने अगली कोशिश में 1.93 मीटर की छलांग लगाई और 2012 में ओलंपियन सहाना कुमारी द्वारा बनाए गए 1.92 मीटर के लंबे समय से कायम रिकॉर्ड को तोड़ दिया। ALSO READ: Chris Gayle का रिकॉर्ड चुकने पर क्या बोले वैभव? ‘Universe Boss’ ने कर दिया बड़ा ऐलान! देखें VIDEO AND POOJA CREATES HISTORY BY BREAKING 14 YEAR OLD NATIONAL RECORD! India's Pooja Singh cleared 1.93m & won the Gold Medal for India at Asian U20 Athletics C'ship She also breached the CWG Qualification Mark THIS IS SO HUGE FOLKS! https://t.co/87Od5vm1PI pic.twitter.com/8VCRZtfRvt — The Khel India (@TheKhelIndia) May 29, 2026 यह उपलब्धि भारतीय खेलों, विशेषकर महिला हाई जंप में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, क्योंकि पिछले 14 वर्षों में यह राष्ट्रीय रिकॉर्ड नहीं टूट पाया था। प्रतियोगिता में उनकी साहसिक शैली, दबाव में धैर्य और लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन ने साबित किया कि भारत ने एक नई पीढ़ी की एथलीट पाई है। पूजा का 1.93 मीटर का प्रदर्शन 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स की क्वालीफिकेशन मापदंड से भी ऊपर है। उनकी यह छलांग भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय मंचों पर संभावित पदकों की उम्मीद जगाती है। प्रशंसक और विश्लेषक इसे भारतीय हाई जंप के लिए मील का पत्थर मान रहे हैं। हालांकि, एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI) को यह तय करना होगा कि क्या पूजा को फेडरेशन कप के बाद होने वाले अंतिम क्वालीफिकेशन के बावजूद कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए विशेष अनुमति दी जाएगी। लेकिन प्रदर्शन की बात करें तो पूजा ने ऐसा रिकॉर्ड कायम किया है, जो उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए पूरी तरह योग्य बनाता है। पूजा सिंह ने न केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि हासिल की है, बल्कि भारतीय महिला एथलेटिक्स में भी नई उम्मीद जगाई है। उनके साहस और युवा जोश को देखते हुए, आने वाले एशियाई और कॉमनवेल्थ गेम्स में उनका नाम भारत के संभावित मेडलिस्टों की सूची में प्रमुख रहेगा।

वेब दुनिया 29 May 2026 6:39 pm

भारत विकास परिषद् की पहल : सीड बॉल कार्यशाला से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

अजमेर। भारत विकास परिषद् अजमेर मुख्य शाखा की ओर से महात्मा गांधी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के स्वामी विवेकानंद सभागार में सीड बॉल निर्माण कार्यशाला एवं पर्यावरण संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं एवं विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करते हुए अधिकाधिक वृक्षारोपण के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम में […] The post भारत विकास परिषद् की पहल : सीड बॉल कार्यशाला से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 29 May 2026 5:51 pm

'गुल्लक 5' से क्यों आउट हुए 'अन्नू भैया' वैभव राज गुप्ता, जानिए कारण!

SonyLIV के सबसे पसंदीदा हिंदी शोज़ में से एक 'गुल्लक' अपने पांचवें सीजन के साथ लौट रहा है। हालांकि, इस बार वैभव राज गुप्ता आनंद मिश्रा के किरदार में नजर नहीं आएंगे। उनकी जगह अब अनंत वी जोशी ने ले ली है। इस अचानक हुए कास्ट बदलाव से शो के फैंस काफी निराश हैं। ‘गुल्लक 5’ के प्रीमियर से पहले रेडिट पर एक अनवेरिफाइड पोस्ट में वैभव के शो छोड़ने की वजह बताई गई। हालांकि, अभिनेता और ‘गुल्लक’ के मेकर्स की तरफ से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। शो के शुरू होने की उल्टी गिनती के बीच फैंस जानना चाहते हैं कि आखिर इतनी लोकप्रियता और प्यार मिलने के बाद वैभव ने शो क्यों छोड़ा। ALSO READ: IMDb पर छाया 33 साल का 'चाइल्ड एक्टर'! ऐश्वर्या राय और शाहरुख खान को पछाड़ टॉप पर पहुंचे युद्धवीर अहलावत अनवेरिफाइड रेडिट पोस्ट के मुताबिक, ‘गुल्लक’ में अन्नू का किरदार निभाकर घर-घर में मशहूर हुए वैभव राज गुप्ता ने अपनी फीस बढ़ाने की मांग की थी। पोस्ट में दावा किया गया कि पिछले सीजन में उन्हें शो के बजट के बराबर फीस दी गई थी। इस बार जब उन्होंने और ज्यादा फीस मांगी तो मेकर्स बजट की वजह से उन्हें अफॉर्ड नहीं कर पाए। इसके बाद शो को स्ट्रीम करने वाला OTT प्लेटफॉर्म SonyLIV इस मामले में शामिल हुआ और उसने स्थिति संभाली। क्योंकि ‘गुल्लक’ सीमित बजट में बनाया जाता है, इसलिए TVF और SonyLIV के लिए वैभव की फीस में और बढ़ोतरी करना संभव नहीं था। ऐसा करने पर बेसिक खर्चों में कटौती करनी पड़ती और बाकी कलाकारों की फीस भी कम करनी पड़ती। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बात को लेकर वैभव और टीम के बीच बड़ा विवाद हुआ। इसके बाद '12th Fail' से लोकप्रियता हासिल करने वाले अनंत वी जोशी को अन्नू के रोल के लिए साइन किया गया। ‘गुल्लक’ सीजन 5 में जमील खान और गीतांजलि कुलकर्णी के अलावा हर्ष मायर, सुनीता राजवार, गोपाल दत्त, हेली शाह और मनुज शर्मा भी नजर आएंगे। जमील खान शो में परिवार के मुखिया संतोष मिश्रा का किरदार निभाते हैं, जबकि गीतांजलि कुलकर्णी मां शांति मिश्रा के रोल में हैं। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें हर्ष मायर मिश्रा परिवार के सबसे छोटे बेटे अमन का किरदार निभा रहे हैं। सुनीता राजवार पड़ोसन बिट्टू की मम्मी के रोल में नजर आती हैं। शो में मिश्रा परिवार रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी परिस्थितियों जैसे करियर का दबाव, घर के खर्चे, पड़ोस की बातें, त्योहार और पारिवारिक रिश्तों को दिखाता है। ‘गुल्लक’ सीजन 5, सोनी लीव पर 5 जून को रिलीज होगा। इस शो को TVF ने बनाया है। इसका निर्देशन पलाश वासवानी, अमृत राज गुप्ता और श्रेयांश पांडे ने किया है। इस सीरीज का पहला सीजन 2019 में आया था। इसके बाद दूसरा सीजन 2021 में, तीसरा 2022 में और चौथा सीजन 2024 में रिलीज हुआ।

वेब दुनिया 29 May 2026 5:23 pm

यौन उत्पीड़न मामले में घिरे 'धुरंधर' के प्रोडक्शन डिजाइनर सैनी एस. जोहरे, POSH कमेटी ने पाया दोषी

भारतीय फिल्म इंडस्ट्री से एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मशहूर फिल्म 'धुरंधर' के प्रोडक्शन डिजाइनर सैनी एस. जोहरे पर एक महिला द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद कानून और फिल्म जगत, दोनों ने उन पर कड़ा शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। खबरों के मुताबिक, एक नामी प्रोडक्शन हाउस की आंतरिक जांच समिति (POSH) ने जोहरे को इन आरोपों में पूरी तरह दोषी पाया है, जिसके बाद इंडस्ट्री में उन्हें लेकर बड़े फैसले लिए जा रहे हैं। जोहरे का नाम फिल्म के नए ओटीटी वर्जन से हटा दिया गया है। ALSO READ: IMDb पर छाया 33 साल का 'चाइल्ड एक्टर'! ऐश्वर्या राय और शाहरुख खान को पछाड़ टॉप पर पहुंचे युद्धवीर अहलावत POSH कमेटी ने की कड़ी कार्रवाई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पीड़िता ने सबसे पहले इस मामले की शिकायत अक्टूबर 2025 में फिल्म मेकर आदित्य धर और प्रोड्यूसर लोकेश धर के प्रोडक्शन हाउस 'B62 स्टूडियोज' में दर्ज कराई थी। मामला संवेदनशील होने के कारण स्टूडियो ने तुरंत 'प्रिवेंशन ऑफ सेक्सुअल हैरेसमेंट' (POSH) कमेटी को एक्टिव कर दिया। कमेटी ने बेहद बारीकी और गंभीरता से लगभग छह महीने तक इस मामले की जांच की। मार्च के अंत और अप्रैल की शुरुआत में कमेटी ने अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपी, जिसमें सैनी एस. जोहरे को दो बड़े मामलों यौन उत्पीड़न और सबूतों के साथ छेड़छाड़ में दोषी पाया गया। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें आंतरिक जांच के अलावा, यह मामला अब कानूनी रूप से अदालत और पुलिस के पास पहुंच चुका है। दिल्ली की रहने वाली पीड़िता ने इस संबंध में चंडीगढ़ के सेक्टर-17 पुलिस स्टेशन में 20 अप्रैल को एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज कर जोहरे को गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि, बाद में उन्हें जिला अदालत से जमानत मिल गई। पीड़िता की शिकायत के अनुसार, जोहरे ने उन्हें चंडीगढ़ के ताज होटल के एक कमरे में बुलाया था, जहां उनके साथ यौन उत्पीड़न, मारपीट और अवैध रूप से बंधक बनाने जैसी वारदात को अंजाम दिया गया। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि उनके ड्रिंक में कोई नशीला पदार्थ मिलाया गया था जिससे उनकी स्थिति बिगड़ गई थी। फिल्मों और वेब सीरीज से हटाए गए क्रेडिट्स दोषी पाए जाने और विवाद बढ़ने के बाद बॉलीवुड के बड़े बैनर्स ने जोहरे से दूरी बनाना शुरू कर दिया है। 'धुरंधर' के ओरिजिनल ओटीटी वर्जन में भले ही उनका नाम हो, लेकिन 22 मई को स्ट्रीम हुए इसके स्पेशल 'रॉ एंड अनदेखा' वर्जन से सैनी एस. जोहरे का नाम पूरी तरह से हटा दिया गया है। सिर्फ B62 स्टूडियोज ही नहीं, बल्कि यशराज फिल्म्स ने भी अपनी आगामी बड़ी वेब सीरीज 'अक्का' से जोहरे के क्रेडिट्स को हटाने का फैसला किया है। इस सीरीज में कीर्ति सुरेश, राधिका आप्टे और तन्वी आज़मी मुख्य भूमिकाओं में हैं। YRF के प्रवक्ता के अनुसार, वे कार्यस्थल पर सुरक्षा और निष्पक्षता को लेकर बेहद गंभीर हैं, यही वजह है कि विवाद सामने आने के बाद यह कड़ा कदम उठाया गया है।

वेब दुनिया 29 May 2026 5:02 pm

पचपदरा एचपीसीएल रिफाइनरी में 1 जून से प्रारंभ होंगी कमीशनिंग गतिविधियां

जयपुर। हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल), राजस्थान रिफाइनरी में क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (सीडीयू) का पुनर्स्थापन कार्य तेजी से प्रगति पर हैं और रिफाइनरी में एक जून से कमीशनिंग गतिविधियां शुरू हो जाएगी। राज्य के मुख्य सचिव वी श्रीनिवास द्वारा शुक्रवार को राज्य सरकार, एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (एचआरआरएल) तथा एचपीसीएल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ […] The post पचपदरा एचपीसीएल रिफाइनरी में 1 जून से प्रारंभ होंगी कमीशनिंग गतिविधियां appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 29 May 2026 4:43 pm

सत्यापन से वंचित पेंशनधारकों का 15 दिनों में अभियान चलाकर कराया जाएगा सत्यापन : अविनाश गहलोत

जयपुर। राजस्थान के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने पेंशन सत्यापन से वंचित पेंशनधारकों का जिला स्तर पर अभियान चलाकर आगामी 15 दिनों में सत्यापन कराने के निर्देश दिए हैं। गहलोत शुक्रवार को यहां सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, विशेष योग्यजन निदेशालय एवं अनुजा निगम द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा […] The post सत्यापन से वंचित पेंशनधारकों का 15 दिनों में अभियान चलाकर कराया जाएगा सत्यापन : अविनाश गहलोत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 29 May 2026 4:07 pm

इस साल औसत से कम रहेगा मानसून : मौसम विभाग

नई दिल्ली। मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने साल 2026 के दक्षिण-पश्चिम मानसून (जून से सितंबर) के लिए अपना दूसरा दीर्घकालिक अनुमान शुक्रवार को जारी कर दिया। इसके अनुसार देश के प्रमुख कई हिस्सों में इस साल मानसून की बारिश सामान्य से कम रहने का अनुमान है। देश में बारिश के मुख्य स्रोत दक्षिण-पश्चिम मानसून के […] The post इस साल औसत से कम रहेगा मानसून : मौसम विभाग appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 29 May 2026 3:55 pm

सुप्रीम कोर्ट ने विनेश फोगाट को एशियाई खेलों के ट्रायल्स में हिस्सा लेने की अनुमति दी

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को पहलवान विनेश फोगाट को 30 और 31 मई को होने वाले एशियन गेम्स 2026 के सिलेक्शन ट्रायल्स में हिस्सा लेने की इजाज़त दे दी। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने यह आदेश तब दिया, जब वे भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) की उस याचिका पर […] The post सुप्रीम कोर्ट ने विनेश फोगाट को एशियाई खेलों के ट्रायल्स में हिस्सा लेने की अनुमति दी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 29 May 2026 3:43 pm

धौलपुर : युवती के पार्वती नदी में कूदने की आशंका के चलते तलाशी अभियान जारी

धौलपुर। राजस्थान में धौलपुर जिले के मनियां थाना क्षेत्र में बजहेरा गांव में आयोजित भागवत कथा के दौरान एक युवती के अचानक पार्वती नदी में कूदने की आशंका से हड़कंप मच गया है। गुरुवार शाम हुए इस हादसे के बाद राज्य आपदा राहत बल (एसडीआरएफ) द्वारा शुरू किया गया बचाव कार्य सुबह से जारी है। […] The post धौलपुर : युवती के पार्वती नदी में कूदने की आशंका के चलते तलाशी अभियान जारी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 29 May 2026 3:36 pm

हमीरपुर में बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल ढहने से 5 मजदूरों की मौत

हमीरपुर। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में बेतवा नदी पर बन रहे पुल का एक हिस्सा भीषण आंधी-तूफान के बीच ढह गया। मलबे में दबकर पांच मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य के दबे होने की आशंका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दुर्घटना का संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन को एसडीआरएफ के […] The post हमीरपुर में बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल ढहने से 5 मजदूरों की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 29 May 2026 3:32 pm

विवादों के बीच भी रणवीर सिंह का जलवा कायम! सुपरस्टार के अपकमिंग प्रोजेक्ट्स ने बढ़ाया एक्साइटमेंट

रणवीर सिंह को लेकर भले ही इस वक्त इंडस्ट्री में कई तरह की बहसें और चर्चाएं चल रही हों, लेकिन एक बात बिल्कुल साफ है — सुपरस्टार के पास इस समय भारतीय सिनेमा की सबसे रोमांचक फिल्मों की लाइन-अप मौजूद है। धुरंधर: द रिवेंज के साथ इतिहास रचते हुए हिंदी सिनेमा में 1000 करोड़ रुपए नेट क्लब हासिल करने वाले इकलौते भारतीय अभिनेता बनने के बाद रणवीर ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह बॉलीवुड के सबसे बड़े crowd-puller क्यों हैं। मिथकीय फिल्मों से लेकर बड़े स्केल की एक्शन ड्रामा फिल्मों तक, उनके कन्फर्म और चर्चित प्रोजेक्ट्स ने फैंस के बीच जबरदस्त एक्साइटमेंट पैदा कर दी है। 1. प्रलय – जल्द शुरू होगी शूटिंग कन्फर्म प्रोजेक्ट्स में प्रलय सबसे ज्यादा चर्चित फिल्मों में से एक है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह एक बड़े स्केल की पोस्ट-अपोकैलिप्टिक एक्शन थ्रिलर होगी, जिसे जय मेहता डायरेक्ट कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि फिल्म हिंदी सिनेमा में ज़ॉम्बी जॉनर को बिल्कुल नए अंदाज़ में पेश करेगी। भारी VFX सेटअप और बड़े बजट वाली इस फिल्म की शूटिंग जल्द शुरू होने की खबरें सामने आ रही हैं और इसके शेड्यूल भी लगभग लॉक बताए जा रहे हैं। ALSO READ: डॉन 3 विवाद को खत्म करने आगे आए सलमान खान, फरहान अख्तर-रणवीर सिंह को दी यह सलाह 2. आदित्य धर की चंद्रगुप्त – ऐतिहासिक महागाथा की चर्चा धुरंधर फ्रेंचाइज़ की जबरदस्त सफलता के बाद रणवीर सिंह और निर्देशक आदित्य धर के एक और बड़े सहयोग की चर्चाएं तेज हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार यह फिल्म चंद्रगुप्त मौर्य पर आधारित एक भव्य ऐतिहासिक महागाथा हो सकती है। हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन इंडस्ट्री में रणवीर को इस किरदार के लिए सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। फैंस पहले से ही रणवीर को महान सम्राट की तीव्रता और योद्धा रूप में देखने के लिए उत्साहित हैं। 3. भगवान शिव के किरदार की चर्चा ने बढ़ाया उत्साह सोशल मीडिया पर एक और चर्चा जोरों पर है कि रणवीर सिंह द इम्मॉर्टल्स ऑफ मेलुहा से प्रेरित एक मिथकीय ट्रिलॉजी में भगवान शिव का किरदार निभा सकते हैं। हालांकि लेखक अमीश त्रिपाठी ने हाल ही में इन खबरों को खारिज किया कि फिल्म के अधिकार फाइनल हो चुके हैं, लेकिन सिर्फ इस चर्चा ने ही फैंस के बीच जबरदस्त उत्साह पैदा कर दिया है। रणवीर की दमदार स्क्रीन प्रेजेंस और ट्रांसफॉर्मेटिव परफॉर्मेंस को देखते हुए कई लोग मानते हैं कि अगर यह प्रोजेक्ट बनता है तो वह इस बड़े किरदार में अलग ही आभा लेकर आएंगे। 4. धुरंधर फ्रेंचाइज अभी खत्म नहीं हुई है धुरंधर: द रिवेंज की ऐतिहासिक सफलता के बाद ऐसा लग रहा है कि मेकर्स इस फ्रेंचाइज़ को यहीं खत्म करने के मूड में नहीं हैं। प्रोड्यूसर ज्योति देशपांडे ने हाल ही में संकेत दिया कि धुरंधर यूनिवर्स में अभी बहुत कुछ बाकी है। इसके बाद धुरंधर 3 और संभावित स्पिन-ऑफ्स को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं। फैंस एक बार फिर रणवीर को जसकीरत के किरदार में देखने के लिए बेहद उत्साहित हैं। 5. अश्वत्थामा – मिथकीय एक्शन ड्रीम प्रोजेक्ट लंबे समय से चर्चा में रही द इम्मॉर्टल अश्वत्थामा बॉलीवुड की सबसे चर्चित मिथकीय फिल्मों में से एक बनी हुई है। हालांकि शुरुआती प्लान्स में कई बदलाव हुए बताए जाते हैं, लेकिन हालिया रिपोर्ट्स में एक बार फिर रणवीर सिंह का नाम आदित्य धर के बड़े मिथकीय प्रोजेक्ट्स से जोड़ा जा रहा है। अश्वत्थामा की विशाल दुनिया को दोबारा शुरू करने की चर्चाओं ने फैंस की उम्मीदें फिर जगा दी हैं, खासकर भारतीय सिनेमाई यूनिवर्स की हालिया सफलताओं के बाद। भले ही इन फिल्मों में से कुछ अभी सिर्फ चर्चाओं और इंडस्ट्री की अटकलों का हिस्सा हों, लेकिन एक बात तय है — रणवीर सिंह की यह लाइन-अप दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्साह पैदा कर चुकी है। और अगर इनमें से आधे प्रोजेक्ट्स भी सच साबित होते हैं, तो फैंस को पूरा भरोसा है कि रणवीर एक बार फिर एक्शन, मिथक और ऐतिहासिक महागाथाओं जैसे हर जॉनर में अपनी शानदार एक्टिंग से छा जाएंगे।

वेब दुनिया 29 May 2026 3:24 pm

18 साल की उम्र में शादी, फिर बने सिनेमा के सम्राट, जानिए पृथ्वीराज कपूर की कहानी

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता पृथ्वीराज कपूर को भारतीय सिनेमा की ऐसी महान शख्सियत के रूप में याद किया जाता है, जिन्होंने अपनी कड़क आवाज, रौबदार भाव-भंगिमाओं और दमदार अभिनय के बल पर लगभग चार दशकों तक सिने प्रेमियों के दिलों पर राज किया। 3 नवंबर 1906 को पश्चिमी पंजाब (अब पाकिस्तान) के लायलपुर शहर में जन्मे पृथ्वीराज कपूर ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा लायलपुर और लाहौर में पूरी की। उनके पिता दीवान बशेश्वरनाथ कपूर पुलिस उपनिरीक्षक थे। बाद में उनका तबादला पेशावर हो गया। पृथ्वीराज कपूर ने आगे की पढ़ाई पेशावर के एडवर्ड कॉलेज से की। उन्होंने कानून की पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी क्योंकि उस समय तक उनका रुझान थिएटर की ओर हो गया था। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें महज 18 वर्ष की उम्र में पृथ्वीराज कपूर का विवाह हो गया। वर्ष 1928 में अपनी चाची से आर्थिक सहायता लेकर पृथ्वीराज कपूर अपने सपनों के शहर मुंबई पहुंचे। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 1928 में इंपीरियल फिल्म कंपनी से जुड़कर की। वर्ष 1930 में बी. पी. मिश्रा की फिल्म सिनेमा गर्ल में उन्होंने अभिनय किया। इसके बाद एंडरसन की थिएटर कंपनी के शेक्सपियर नाटकों में भी उन्होंने अभिनय किया। लगभग दो वर्षों के संघर्ष के बाद वर्ष 1931 में प्रदर्शित पहली सवाक फिल्म आलमआरा में उन्हें सहायक अभिनेता के रूप में काम करने का अवसर मिला। वर्ष 1933 में वे कोलकाता के प्रसिद्ध न्यू थिएटर से जुड़े। वर्ष 1933 में प्रदर्शित फिल्म राजरानी और वर्ष 1934 में देवकी बोस की फिल्म सीता की सफलता के बाद उन्होंने बतौर अभिनेता अपनी पहचान बना ली।इसके बाद उन्होंने न्यू थिएटर की कई फिल्मों में अभिनय किया, जिनमें मंजिल और प्रेसिडेंट शामिल हैं। वर्ष 1937 में फिल्म विद्यापति में उनके अभिनय को दर्शकों ने काफी सराहा। वर्ष 1938 में वे चंदूलाल शाह के रंजीत मूवीटोन से जुड़े। वर्ष 1940 की फिल्म पागल में उन्होंने पहली बार एंटी-हीरो की भूमिका निभाई। वर्ष 1941 में फिल्म सिकंदर की सफलता के बाद वे कामयाबी के शिखर पर पहुंच गए। ALSO READ: IMDb पर छाया 33 साल का 'चाइल्ड एक्टर'! ऐश्वर्या राय और शाहरुख खान को पछाड़ टॉप पर पहुंचे युद्धवीर अहलावत वर्ष 1944 में उन्होंने अपनी खुद की थिएटर कंपनी “पृथ्वी थिएटर” की स्थापना की। इस थिएटर में उन्होंने आधुनिक और शहरी विचारधारा को अपनाया, जो उस समय के पारसी और पारंपरिक थिएटरों से बिल्कुल अलग थी। धीरे-धीरे दर्शकों का ध्यान थिएटर से हटने लगा, क्योंकि उस समय फिल्मों का क्रेज अधिक था। इसके बावजूद पृथ्वी थिएटर ने 16 वर्षों में 2662 शो किए, जिनमें से लगभग सभी में पृथ्वीराज कपूर ने मुख्य भूमिका निभाई। वे बीमारी की हालत में भी मंच पर प्रदर्शन करते थे। पृथ्वी थिएटर के प्रसिद्ध नाटकों में दीवार, पठान, गद्दार और पैसा शामिल हैं। उन्होंने अपने थिएटर के माध्यम से कई प्रतिभाओं को अवसर दिया, जिनमें रामानंद सागर और शंकर-जयकिशन जैसे नाम शामिल हैं। 1960 के दशक में उन्होंने फिल्मों में काम करना कम कर दिया। वर्ष 1960 की फिल्म मुगल-ए-आजम में उनके सामने अभिनय सम्राट दिलीप कुमार थे, इसके बावजूद उन्होंने अपने दमदार अभिनय से दर्शकों का ध्यान खींचा। वर्ष 1965 की फिल्म आसमान महल में उन्होंने एक और यादगार भूमिका निभाई। वर्ष 1968 की फिल्म तीन बहुरानियां में उन्होंने परिवार के मुखिया की भूमिका निभाई, जो अपनी बहुओं को सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। इसके साथ ही उन्होंने अपने पौत्र रणधीर कपूर की फिल्म कल आज और कल में भी अभिनय किया। वर्ष 1969 में उन्होंने एक पंजाबी फिल्म नानक नाम जहां है में भी काम किया, जिसकी सफलता ने पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री को नई पहचान दी। भारतीय सिनेमा में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें वर्ष 1969 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। इसके अलावा उन्हें दादा साहब फाल्के पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।भारतीय सिनेमा के इस महान अभिनेता ने 29 मई 1972 को इस दुनिया को अलविदा कह दिया।

वेब दुनिया 29 May 2026 2:59 pm

कॉकरोच पार्टी के नाम पर इंदौर में लाखों की ठगी, फिशिंग लिंक खोलते ही पलक झपकते ही खाली हो रहे खाते, कैसे बचें?

मध्य प्रदेश के इंदौर सहित प्रदेश के कई शहरों में सोशल मीडिया पर ट्रेंड हो रही कॉकरोच जनता पार्टी के नाम पर साइबर ठगी का खतरनाक खेल उजागर हुआ है, जिसमें ठग इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म के जरिये लोगों को फर्जी लिंक भेज रहे हैं। इसके बाद मिनटों में उनके बैंक खाते खाली कर दिए गए। इस नए तरीके की ठगी में साइबर ठग कॉकरोच पार्टी ज्वाइन करें, फ्री रिवॉर्ड पाएं और एक्सक्लूसिव ऑफर जैसे आकर्षक मैसेज के साथ लिंक भेजा जा रहा है, जैसे ही कोई व्यक्ति उस लिंक पर क्लिक करता है, उसके मोबाइल में बिना अनुमति के रिमोट एक्सेस एप या मालवेयर डाउनलोड हो जाता है, जिससे ठगों को पूरे फोन का कंट्रोल मिलता और वे आसानी से बैंकिंग ऐप्स, यूपीआई, ओटीपी और निजी डाटा तक अपनी पकड़ मजबूत कर लेते है। हाल ही में इंदौर में ऐसा ही एक मामला उजागर हुआ जहां एक युवक ने परिचित द्वारा भेजे गए लिंक पर भरोसा करके क्लिक कर दिया और कुछ ही मिनटों में उसके खाते से करीब एक लाख रुपए की राशि निकाल ली गई। घटना के बाद युवक ने सायबर सेल में ठगी की शिकायत की है। फिशिंग लिंक भेजकर ठगी : बता दें कि इन दिनों सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रही कॉकरोच पार्टी अब साइबर ठगों का नया हथियार बन गई है। इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर तेजी से वायरल हो रहे इस ट्रेंड का फायदा उठाकर ठग फिशिंग लिंक भेज रहे हैं। लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल का कंट्रोल ठगों के हाथ में पहुंच रहा है और फिर बैंक खाते मिनटों में खाली हो रहे हैं। ऐसे हुई पलक झपकते ठगी : इंदौर में ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां एक युवक करीब एक लाख रुपए गंवा बैठा। बताया जा रहा है कि उसके परिचित ने कॉकरोच पार्टी ज्वाइन करें नाम से एक लिंक भेजी थी। युवक ने बिना जांचे लिंक पर क्लिक कर दिया। क्लिक करते ही मोबाइल में रिमोट शेयरिंग एप डाउनलोड हो गई। इसके बाद कुछ ही देर में खाते से रुपए कटने के मैसेज आने लगे। जब तक उसे समझ आता, तब तक बड़ी रकम साफ हो चुकी थी। तेजी से वायरल हो रहे ये फर्जी लिंक : इस तरक के कई अन्य मैसेज युवाओं को मिले हैं। हालांकि, अभी तक सिर्फ एक ही मामला रिपोर्ट हुआ है। साइबर विशेषज्ञ प्रोफेसर गौरव रावल के मुताबिक, इन दिनों कॉकरोच पार्टी, कॉकरोच गेम और फ्री रिवॉर्ड जैसे नामों से फर्जी लिंक तेजी से फैलाए जा रहे हैं। ऐसे लालच देकर लेते हैं झांसे में : ठगी करने वालों का टारगेट लोगों की बैंकिंग डिटेल, यूपीआई जानकारी, ओटीपी और सोशल मीडिया अकाउंट तक पहुंच बनाना है। कई बार लिंक पर क्लिक करते ही नकली वेबसाइट खुलती है, जबकि कुछ मामलों में मोबाइल में मालवेयर इंस्टॉल हो जाता है। ठग लोगों को क्लिक हियर, एक्सक्लूसिव एक्सेस और फ्री गिफ्ट जैसे लालच देकर फंसाते हैं। क्‍या करें गलती से क्लिक हो जाए तो : साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर गलती से लिंक पर क्लिक हो जाए तो तुरंत इंटरनेट बंद करें, बैंकिंग पासवर्ड और यूपीआई पिन बदलें। मोबाइल स्कैन करें और बैंक हेल्पलाइन से संपर्क करें। साथ ही राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 और साइबर क्राइम पोर्टल पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि डॉटएक्सवायजेड, डॉट टीओपी और डॉट बज और डॉट क्लिक जैसे संदिग्ध डोमेन वाली वेबसाइटों से सावधान रहें। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें और ओटीपी या यूपीआइ पिन कभी साझा न करें। Edited By: Naveen R Rangiyal

वेब दुनिया 29 May 2026 2:40 pm

इंदौर के MY अस्‍पताल में नवजात का शव मिलने से हड़कंप, बाथरूम में पड़ा था, पुलिस ने जांच शुरू की

इंदौर के एमवाय अस्पताल में शुक्रवार की सुबह एक नवजात का शव मिलने से हड़कंप मच गया। बच्‍चे का यह शव इमरजेंसी वार्ड के सामने बने बाथरूम में मिला है। जैसे ही लोगों की नजर इस पर पड़ी, अस्‍पताल प्रशासन को खबर दी गई। इसके बाद पुलिस को बुलाया गया। सूचना के बाद एमवाय अस्‍पताल की पुलिस चौकी के पुलिस कर्मचारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की है। पुलिस ने बताया कि सुबह कुछ लोग बाथरूम पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने वहां एक नवजात का शव पड़ा देखा। लोगों ने तुरंत मौके पर मौजूद सुरक्षा गार्ड को इसकी जानकारी दी। इसके बाद सफाई कर्मचारियों की मदद से शव को बाहर निकाला गया। 3 महीने का हो सकता है बच्‍चा : शुरुआती जानकारी में नवजात की उम्र करीब तीन महीने बताई जा रही है। शव को अस्पताल के CHMO कक्ष में रखवाया गया। बाद में पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मर्चुरी भिजवा दिया। घटना के बाद सुरक्षा पर सवाल : घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। अस्पताल परिसर में सुरक्षा गार्ड तैनात हैं और कई स्थानों पर CCTV कैमरे भी लगे हुए हैं। पुलिस अब कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर पूरे मामले की जानकारी जुटाने में लगे हैं। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नवजात का शव अस्पताल के बाथरूम तक कैसे पहुंचा। यह भी पता लगाया जा रहा है कि यह बच्‍चा किस का है और कैसे इसकी मौत हुई। Edited By: Naveen R Rangiyal

वेब दुनिया 29 May 2026 1:28 pm

सिर्फ एक अंडा! वैज्ञानिकों ने बताया दिमाग तेज करने का 'सीक्रेट फॉर्मूला'

Eggs lowers Alzheimers risk: आज के दौर में खराब लाइफस्टाइल और खानपान के कारण भूलने की बीमारी यानी 'अल्ज़ाइमर' (Alzheimers) और डिमेंशिया का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। दुनिया भर के डॉक्टर और वैज्ञानिक इसे 'भविष्य की बड़ी स्वास्थ्य चुनौती' मान रहे हैं। लेकिन हाल ही में हुए वैज्ञानिक शोधों में एक बेहद चौंकाने वाला और राहत देने वाला सच सामने आया है। दिमागी कमजोरी के हजारों मरीजों का इलाज कर चुके मशहूर न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. डेल ब्रेडिसन के अनुसार, हमारे किचन में मौजूद एक बेहद साधारण-सी चीज 'अंडा' अल्जाइमर से बचाने और दिमाग को बूस्ट करने में सबसे बड़ा मददगार साबित हो सकता है। हफ्ते में सिर्फ 1 अंडा खाइए प्रसिद्ध मेडिकल जर्नल 'द जर्नल ऑफ न्यूट्रिशन' में हाल ही में प्रकाशित एक शोध के अनुसार, जो लोग हफ्ते में एक या उससे अधिक अंडे का सेवन करते हैं, उनमें अंडा न खाने वालों (या महीने में एक बार खाने वालों) की तुलना में अल्जाइमर रोग होने का खतरा 47 प्रतिशत तक कम पाया गया। यही नहीं, नियमित अंडा खाने वाले लोगों ने प्लानिंग, फोकस (एकाग्रता) और सही समय पर सही निर्णय लेने (Decision-making) से जुड़े दिमागी टेस्ट में भी बेहतरीन प्रदर्शन किया। आखिर अंडे में ऐसा क्या है? अल्जाइमर और दिमागी कमजोरी से जूझ रहे मरीजों के मस्तिष्क में आमतौर पर दो जरूरी पोषक तत्वों की भारी कमी देखी जाती है—पहला 'कोलीन' (Choline) और दूसरा ओमेगा-3 फैट का एक प्रकार 'डीएचए' (DHA)। अंडा दुनिया के उन गिने-चुने सुपरफूड्स में से है जिसमें ये दोनों तत्व एक साथ भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। 'कोलीन' का पावरहाउस : अल्जाइमर के खतरे को कम करने में अकेले 'कोलीन' की 39% भूमिका होती है। पुरुषों को रोजाना 550 मिलीग्राम और महिलाओं को 425 मिलीग्राम कोलीन की जरूरत होती है। महज एक उबले अंडे से शरीर को लगभग 150 मिलीग्राम कोलीन मिल जाता है। यह दिमाग की कोशिकाओं (Brain Cells) की बाहरी परत को मजबूत करता है और याददाश्त को बढ़ाने वाले न्यूरोट्रांसमीटर का निर्माण करता है। एंटीऑक्सीडेंट्स की ढाल : अंडे में ल्यूटिन (Lutein) जैसे एंटीऑक्सीडेंट और ओमेगा-3 फैटी एसिड होते हैं, जो दिमाग की कोशिकाओं को डैमेज होने और सूजन (Inflammation) से बचाते हैं। 'मेटाबॉलिक सिंड्रोम' से भी बचाता है अंडा डॉ. डेल ब्रेडिसन का कहना है कि अत्यधिक कार्बोहाइड्रेट वाला भोजन, शारीरिक निष्क्रियता और तनाव के कारण होने वाला 'मेटाबॉलिक सिंड्रोम' ही आगे चलकर अल्जाइमर का कारण बनता है। बुजुर्गों के लिए अंडा एक बेहतरीन डाइट है क्योंकि यह पोषक तत्वों से भरपूर है, पचाने में आसान है और शरीर में ब्लड शुगर के लेवल को अचानक बढ़ने नहीं देता। हेल्थ एक्सपर्ट्स दिमाग में कोलीन की मात्रा बढ़ाने के लिए अंडों के साथ सब्जियों और पनीर को मिलाकर खाने की सलाह देते हैं। Edited by: Vrijendra Singh Jhala

वेब दुनिया 29 May 2026 1:25 pm

कोटा : दो रेल पथ निरीक्षकों की निर्माणाधीन अंडरपास में मिट्टी ढहने से मौत

कोटा। राजस्थान में कोटा जिले के दरा रेलवे स्टेशन के पास गुरुवार को निर्माणाधीन अंडरपास में मिट्टी ढहने से उसमें दबकर दो रेल पथ निरीक्षकों की मौत हो गई। रेलवे सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कल शाम अंडरपास के निर्माण के लिये काम चल रहा था। रेल पथ निरीक्षक संजय […] The post कोटा : दो रेल पथ निरीक्षकों की निर्माणाधीन अंडरपास में मिट्टी ढहने से मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 29 May 2026 12:03 pm

बारां : अभिरूचि शिविर में विद्यार्थियों को मोबाइल के दुष्प्रभावों से अवगत कराया

बारां। विद्या भारती द्वारा संचालित आदर्श विद्या मंदिर उमा विद्यालय एवं मदनलाल भवानी शंकर गुप्त बालिका आदर्श विद्या मंदिर माधव नगर छबड़ा में आयोजित अभिरूचि शिविर संपन्न हुआ। अध्यक्षता विद्यालय समिति अध्यक्ष अशोक भार्गव ने की। प्रधानाचार्य अमृत लाल मीणा ने बताया कि समापन समारोह में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मन मोहा व भैया-बहिनों ने विविध […] The post बारां : अभिरूचि शिविर में विद्यार्थियों को मोबाइल के दुष्प्रभावों से अवगत कराया appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 29 May 2026 11:49 am

मैं भजनलाल शर्मा बोल रहा हूं, आप अपनी समस्या बताइएं

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को हेल्पलाइन पर आमजन से फोन पर सीधे बात कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। शर्मा ने शासन सचिवालय स्थित राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन 181 का निरीक्षण किया और इस दौरान यह निर्देश दिए। इस दौरान मुख्यमंत्री […] The post मैं भजनलाल शर्मा बोल रहा हूं, आप अपनी समस्या बताइएं appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 29 May 2026 11:37 am

करण जौहर ने शाहरुख खान से लेकर आलिया भट्ट तक को इंस्टाग्राम पर किया अनफॉलो, बताई वजह

बॉलीवुड के मशहूर निर्देशक-निर्माता करण जौहर सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं। हाल ही में उनके इंस्टाग्राम हैंडल पर कुछ ऐसा हुआ जिसने पूरी फिल्म इंडस्ट्री और फैंस को हैरान कर दिया। दरअसल, करण जौहर ने अपने कई बेहद करीबी दोस्तों, स्टार्स और इंडस्ट्री के सहयोगियों को इंस्टाग्राम पर अनफॉलो कर दिया है। करण जौहर ने जिन सेलेब्स को अनफॉलो किया उनमें शाहरुख खान, करीना कपूर खान, आलिया भट्ट, कार्तिक आर्यन, अनन्या पांडे और उनके पुराने दोस्त व डिजाइनर मनीष मल्होत्रा जैसे बड़े नाम शामिल है। इस सामूहिक अनफॉलो सिचुएशन के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की अफवाहें उड़ने लगीं। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें अब फिल्ममेकर ने खुद सामने आकर अनफॉलो करने की वजह बताई है। करण जौहर ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक स्टोरी शेयर कर फैंस को सच्चाई बताई। उन्होंने इसे महज एक व्यक्तिगत लाइफस्टाइल चॉइस बताया। करण जौहर ने अपनी इंस्टा स्टोरी में लिखा, यह एक डिजिटल डिटॉक्स है!!!! मैं इंस्टाग्राम पर अपना समय और ऊर्जा बचाने के लिए सभी को अनफॉलो कर रहा हूं!!! भगवान के लिए इसे नेशनल न्यूज मत बनाइए... कृपया किसी और चीज को क्लिकबैट करें! यह पूरी तरह से अप्रासंगिक है। करण के इस बयान ने यह साफ कर दिया है कि उनका किसी भी बॉलीवुड सेलिब्रिटी के साथ कोई मनमुटाव या विवाद नहीं हुआ है। वह केवल सोशल मीडिया की दुनिया से थोड़ा ब्रेक लेकर मानसिक शांति और समय का सही सदुपयोग करना चाहते हैं। फॉलोइंग लिस्ट में बचे केवल 78 लोग करण जौहर के इंस्टाग्राम पर 17 मिलियन से अधिक फॉलोअर्स हैं, लेकिन इस 'क्लीन-अप' ड्राइव के बाद उनकी फॉलोइंग लिस्ट घटकर महज 78 रह गई है। नेटिजंस ने यह भी नोटिस किया कि जहां उन्होंने अपने चहेते स्टार्स और करीबियों को हटा दिया, वहीं ग्लोबल आइकॉन प्रियंका चोपड़ा जोनास अभी भी उनकी फॉलोइंग लिस्ट में बरकरार हैं। इसके अलावा वह धर्मा प्रोडक्शंस के सीईओ अपूर्व मेहता और अदार पूनावाला जैसे कुछ बिजनेस सहयोगियों को फॉलो कर रहे हैं।

वेब दुनिया 29 May 2026 11:32 am

कर्नाटक के राज्यपाल ने स्वीकार किया सिद्दारमैया का इस्तीफा, मंत्रिपरिषद भंग

बेंगलूरु। कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री सिद्दारमैया का इस्तीफा स्वीकार कर लिया। सिद्दारमैया के अपना इस्तीफा सौंपे जाने के एक दिन बाद राज्यपाल ने यह कदम उठाया है। यहां लोक भवन से जारी एक आधिकारिक पुष्टि के अनुसार राज्यपाल ने सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद को भी तत्काल प्रभाव से भंग […] The post कर्नाटक के राज्यपाल ने स्वीकार किया सिद्दारमैया का इस्तीफा, मंत्रिपरिषद भंग appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 29 May 2026 11:28 am

पाकिस्तान की दुविधा: अब्राहम अकॉर्ड्स से जुड़े या दूर रहे?

-शामिल शम्स Abraham Accords : अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की नई मांग के बाद पाकिस्तान मुश्किल स्थिति में फंस गया है। ट्रंप ने कहा है कि ईरान युद्ध खत्म करने के लिए होने वाले किसी भी समझौते में पाकिस्तान को इजराइल के साथ रिश्ते सामान्य करने वाले तथाकथित 'अब्राहम अकॉर्ड्स' पर हस्ताक्षर करने चाहिए। ट्रंप ने सोमवार को कहा कि सऊदी अरब, पाकिस्तान और कतर जैसे देशों को भी अब्राहम अकॉर्ड्स का हिस्सा बनना चाहिए। इस समझौते की शुरुआत साल 2020 में डॉनल्ड ट्रंप के पहले राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान हुई थी। सोशल मीडिया पोस्ट में ट्रंप ने लिखा, अमेरिका ने इस जटिल मुद्दे को सुलझाने के लिए जो मेहनत की है, उसके बाद कम से कम इन सभी देशों को एक साथ अब्राहम अकॉर्ड्स का हिस्सा होना चाहिए।' उन्होंने जिन देशों का नाम लिया उनमें सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (जो पहले से सदस्य है), कतर, पाकिस्तान, तुर्की, मिस्र, जॉर्डन और बहरीन (जो पहले से सदस्य है) शामिल हैं। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि सऊदी अरब और कतर को तुरंत इस समझौते पर हस्ताक्षर करने चाहिए। बाकी देशों को भी उनका अनुसरण करना है। अब्राहम अकॉर्ड्स अमेरिका की मध्यस्थता में हुए कई समझौतों की श्रृंखला है। इसका उद्देश्य इजराइल और अरब देशों के बीच आर्थिक और राजनयिक रिश्तों को सामान्य बनाना है। इसके तहत पहला समझौता 15 सितंबर 2020 को इजराइल, संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन के बीच हुआ था। फायदे और नुकसान पर विचार कुछ पाकिस्तानी अधिकारियों ने इस मांग को खारिज कर दिया है। लेकिन अब तक सरकार या सेना की ओर से इस पर कोई साफ और एकजुट प्रतिक्रिया नहीं आई है। इस बीच, पाकिस्तान ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच चल रहे संघर्ष को खत्म कराने में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। अप्रैल में उसने अमेरिका को 28 फरवरी से शुरू हुए ईरान पर हमलों को रोकने के लिए राजी कर लिया था। पाकिस्तान अब भी युद्ध खत्म कराने की कोशिश कर रहा है। मध्यस्थ की भूमिका निभाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति कई बार पाकिस्तान की तारीफ कर चुके हैं। उन्होंने देश के सेना प्रमुख आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को अपने 'पसंदीदा' लोगों में भी बताया। ट्रंप से बढ़ती नजदीकी की वजह से इस समय पाकिस्तान की वैश्विक अहमियत बढ़ी है। लेकिन ईरान युद्ध में मध्यस्थता करने की तुलना में अब्राहम अकॉर्ड्स में शामिल होना पाकिस्तान के लिए कहीं ज्यादा मुश्किल होगा। राजनीतिक विश्लेषक रजा रूमी ने डीडब्ल्यू से कहा, अब्राहम अकॉर्ड्स में शामिल होने के फायदे जरूर हैं। लेकिन राजनीतिक तौर पर इन्हें बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जा रहा है। पाकिस्तान को वॉशिंगटन और कुछ खाड़ी देशों से कूटनीतिक समर्थन मिल जाएगा। साथ ही आर्थिक और तकनीकी अवसर भी खुल सकते हैं। हालांकि, रूमी ने चेतावनी दी कि इस कदम से पाकिस्तान को बड़े खतरे भी हो सकते हैं। वह कहते हैं, इससे फिलिस्तीन मुद्दे पर पाकिस्तान की स्थिति कमजोर पड़ सकती है, ईरान के साथ तनाव बढ़ सकता है और देश के अंदर अस्थिरता भी बढ़ने की संभावना है। पाकिस्तान इजराइल को आधिकारिक तौर पर नहीं मानता और दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध भी नहीं हैं। हालांकि, पहले दोनों पक्षों के बीच कुछ अनौपचारिक संपर्कों की खबरें सामने आ चुकी हैं। रूमी बताते हैं, जब तक फिलिस्तीन को अलग देश का दर्जा देने की दिशा में ठोस प्रगति नहीं होती, तब तक इजराइल के साथ रिश्ते सामान्य करना रणनीतिक फैसला कम और दबाव में झुकने जैसा ज्यादा लगेगा। फिलहाल इसके नुकसान, फायदों से ज्यादा दिखाई देते हैं।” सऊदी अरब का फैसला होगा अहम पाकिस्तान का अब्राहम समझौते में शामिल होना या न होना इस बात पर निर्भर करेगा कि सऊदी अरब इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाता है। इस्लामाबाद और रियाद के बीच मजबूत कूटनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंध हैं। साथ ही इस्लाम के सबसे पवित्र स्थलों के संरक्षक के रूप में सऊदी अरब को अधिकांश पाकिस्तानी बहुत सम्मान की दृष्टि से देखते हैं। रूमी के अनुसार, अगर सऊदी अरब पहले कदम उठाता है, तो पाकिस्तान के लिए इस मुद्दे पर बात करना आसान हो जाएगा। लेकिन यह उतना सरल भी नहीं होगा। इस्लामाबाद रियाद के फैसले का इस्तेमाल खुद को ढकने के लिए कर सकता है। पाकिस्तान अक्सर मध्य पूर्व से जुड़े फैसले सऊदी अरब और खाड़ी देशों के रुख को देखकर लेता है। विश्लेषक का मानना ​​है कि पाकिस्तान के लिए यह कदम अभी भी जटिल होगा। रूमी बताते हैं, पाकिस्तान कोई अरब राजशाही नहीं है। यहां की घरेलू राजनीति, धार्मिक दल, मीडिया और फिलिस्तीन के प्रति लोगों का भावनात्मक जुड़ाव इजराइल के साथ रिश्ते सामान्य करने को कहीं ज्यादा मुश्किल बना देता है। सऊदी अरब का पहला कदम रास्ता खोल सकता है। लेकिन इससे पाकिस्तान के लिए फैसला लेना आसान नहीं हो जाता। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सऊदी अरब और पाकिस्तान जैसे ट्रंप के सहयोगी देश इजराइल के साथ रिश्ते सामान्य करने की दिशा में बढ़ते भी हैं, तो यह तुरंत नहीं होगा। इसके साथ कई शर्तें जुड़ी होंगी। अंतरराष्ट्रीय मामलों की विशेषज्ञ और अमेरिका व संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की पूर्व राजदूत मलीहा लोधी ने डीडब्ल्यू से बातचीत में कहा कि पाकिस्तान इस पर तभी विचार कर सकता है, जब एक स्वतंत्र व संयुक्त फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना हो और यरुशलम उसकी राजधानी बने। वह आगे कहती हैं, यह पाकिस्तान का स्पष्ट रुख है और उसका फैसला किसी दूसरे देश के कदम पर आधारित नहीं होगा। 6 दिसंबर 2017 को डॉनल्ड ट्रंप ने आधिकारिक तौर पर यरुशलम को इजराइल की राजधानी के रूप में माना था और अमेरिकी दूतावास को तेल अवीव से यरुशलम ले जाने की घोषणा की थी। आसान नहीं होगा समाधान ट्रंप का विरोध करना पाकिस्तान के लिए महंगा पड़ सकता है। पाकिस्तान के अमेरिका के साथ गहरे आर्थिक और सैन्य संबंध हैं जो उसे अपने पडोसी और प्रतिद्वंद्वी देश भारत के साथ भू-रणनीतिक संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं। अमेरिका पाकिस्तान के लिए सबसे बड़ा निर्यात बाजार भी है। इससे उसकी कमजोर अर्थव्यवस्था को विदेशी मुद्रा मिलती है। पाकिस्तान यह भी जानता है कि आईएमएफ जैसी वैश्विक वित्तीय संस्थाओं पर वॉशिंगटन का काफी प्रभाव है। ईरान युद्ध की वजह से पाकिस्तान की ऊर्जा सप्लाई प्रभावित हुई है। इसके शुरू होने के बाद से ईंधन की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। पाकिस्तान के लिए जरूरी है कि यह युद्ध जल्द खत्म हो जाए। लेकिन ईरान युद्ध के साथ ट्रंप की अब्राहम अकॉर्ड्स वाली मांग ने पाकिस्तान को ऐसी मुश्किल स्थिति में डाल दिया है, जहां से निकलना मुश्किल होगा। रूमी के मुताबिक पाकिस्तान की सरकार जानती है कि अगर इजराइल के साथ रिश्ते सुधारने की कोशिश की गई, तो देश में इसका भारी विरोध हो सकता है। वह कहते हैं, धार्मिक पार्टियां, इस्लामी संगठन, दक्षिणपंथी मीडिया और मुख्यधारा के कई राजनीतिक नेता इजराइल को मान्यता देने के फैसले को फिलिस्तीन और पाकिस्तान की विचारधारा के साथ विश्वासघात बताएंगे। वह आगे जोड़ते हैं, यदि कोई भी सरकार ऐसा कदम उठाती है, तो देश में प्रदर्शन, संसद में आलोचना, धार्मिक नेताओं की तरफ से विरोध और सरकार पर अमेरिका या खाड़ी देशों के दबाव में काम करने के आरोप लग सकते हैं। गाजा युद्ध के बाद लोगों का गुस्सा और बढ़ गया है। पाकिस्तान अब्राहम अकॉर्ड्स में शामिल हो या नहीं, इस मुद्दे पर लिया गया उसका फैसला देश की भविष्य की दिशा तय करने वाला साबित होगा। इस रिपोर्ट में डीडब्ल्यू के इस्लामाबाद संवाददाता हारुन जंजुआ ने भी योगदान दिया है।

वेब दुनिया 29 May 2026 11:27 am

टेलर स्विफ्ट के कॉन्सर्ट में आतंकी हमले की साजिश रचने वाले व्यक्ति को 15 साल की सजा

मॉस्को। ऑस्ट्रिया की एक अदालत ने अमरीकी गायिका टेलर स्विफ्ट के वियना स्थित कॉन्सर्ट में आतंकी हमले की साजिश रचने के आरोपी इस्लामिक स्टेट आतंकी समूह (आईएस, आईएसआईएस, रूस में प्रतिबंधित) के 21 वर्षीय सदस्य को 15 साल की जेल की सजा सुनाई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अप्रैल के अंत में ओआरएफ समाचार पोर्टल […] The post टेलर स्विफ्ट के कॉन्सर्ट में आतंकी हमले की साजिश रचने वाले व्यक्ति को 15 साल की सजा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 29 May 2026 11:23 am

सहकारिता मंत्री गौतम दक के खिलाफ गाली गलौज, मारपीट का केस दर्ज

चित्तौड़गढ़। राजस्थान सरकार के सहकारिता मंत्री गौतम दक के विरुद्ध चितौड़गढ जिले के डूंगला थाने में पुलिस से गाली गलौज, मारपीट का प्रयास एवं राजकार्य में बाधा उत्पन्न करने का मामला थानाधिकारी ने दर्ज करवाया है। पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि गुरुवार देर रात थानाधिकारी डूंगला शैतान सिंह नाथावत ने यह मामला दर्ज करवाते […] The post सहकारिता मंत्री गौतम दक के खिलाफ गाली गलौज, मारपीट का केस दर्ज appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 29 May 2026 11:18 am

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (29 मई, 2026)

1. मेष (Aries) Today 29 May horoscope in Hindi 2026 : करियर: आज ऑफिस में आपके काम को एक 'मेंटॉर' या गुरु का मार्गदर्शन मिलेगा। लव: बात करेंगे तो गलतफहमियां दूर होंगी। धन: निवेश के लिए शुभ दिन। स्वास्थ्य: मानसिक रूप से ताजगी रहेगी उपाय: हनुमान जी के सामने चमेली के तेल का दीपक जलाएं। ALSO READ: Weekly Horoscope May 25 to 31: साप्ताहिक राशिफल 2026, हर राशि के लिए क्या लेकर आ रहा है नया सप्ताह 2. वृषभ (Taurus) करियर: काम का बोझ ज्यादा रह सकता है। लव: घर की शांति के लिए थोड़ा झुकना पड़े तो संकोच न करें। धन: उधारी देने से आज बचना चाहिए। स्वास्थ्य: गले और फेफड़ों का ख्याल रखें। उपाय: चीनी, चावल जैसी सफेद वस्तुओं का दान करें। 3. मिथुन (Gemini) करियर: अपनी 'कम्युनिकेशन स्किल' का फायदा उठाएं। लव: लव पार्टनर के साथ किसी बात पर हंसी-मजाक का माहौल रहेगा। धन: आय के नए स्रोत सामने आएंगे। स्वास्थ्य: दिनभर ऊर्जावान महसूस करेंगे। उपाय: गाय को हरा चारा या पालक खिलाएं। 4. कर्क (Cancer) करियर: जो लोग घर से काम कर रहे हैं, उनके लिए दिन अच्छा रहेगा। लव: परिवार में किसी बुजुर्ग की बात को लेकर तनाव हो सकता है, शांति बनाए रखें। धन: संपत्ति या जमीन से जुड़े मामलों में अच्छी खबर मिल सकती है। स्वास्थ्य: नींद पूरी न होने से थोड़ा चिड़चिड़ापन रह सकता है। उपाय: शिवलिंग पर थोड़ा सा कच्चा दूध अर्पित करें। 5. सिंह (Leo) करियर: अपनी टीम पर भरोसा रखें, सफलता सामूहिक होगी। लव: पार्टनर से अपनी भावनाएं साझा करें। धन: खर्चों की लिस्ट लंबी हो सकती है। स्वास्थ्य: हड्डियों और जोड़ों में हल्का दर्द हो सकता है। उपाय: तांबे के लोटे से सूर्य देव को जल चढ़ाएं। ALSO READ: वास्तु के अनुसार घर में रखी ये 5 चीजें बढ़ाती हैं राहु का अशुभ प्रभाव 6. कन्या (Virgo) करियर: छोटी-छोटी बारीकियों पर ध्यान देने से आपके काम की गुणवत्ता बढ़ेगी। लव: प्रेम संबंधों में आज 'इगो' को बीच में न आने दें। धन: बचत की योजना सफल होगी। स्वास्थ्य: त्वचा संबंधी एलर्जी हो सकती है। उपाय: गणेश जी को गुड़ का भोग लगाएं। 7. तुला (Libra) करियर: कलात्मक और रचनात्मक कार्यों में मन लगेगा। लव: पार्टनर के साथ किसी पुरानी याद को ताजा करेंगे। धन: धन की स्थिति संतोषजनक रहेगी। स्वास्थ्य: शुगर और बीपी के मरीज सावधानी बरतें। उपाय: किसी गरीब को दही या दूध का दान करें। 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: आज आपको अपनी मेहनत का श्रेय नहीं मिलेगा। लव: पुरानी बातों को कुरेदने से बचें। धन: आकस्मिक लाभ के योग हैं। स्वास्थ्य: सिरदर्द या माइग्रेन की समस्या हो सकती है। उपाय: बजरंग बाण का पाठ करें। 9. धनु (Sagittarius) करियर: आज के दिन का सबसे ज्यादा लाभ आपको मिलेगा। लव: दांपत्य जीवन में मधुरता रहेगी। धन: आभूषण की खरीदारी के लिए आज से बेहतर दिन नहीं हो सकता। स्वास्थ्य: आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। उपाय: माथे पर हल्दी या केसर का तिलक लगाएं। 10. मकर (Capricorn) करियर: प्राथमिकताओं की एक लिस्ट बनाएं और एक-एक करके काम निपटाएं। लव: जीवनसाथी का पूर्ण सहयोग मिलेगा, जिससे आपका बोझ कम होगा। धन: धन का लेन-देन आज लिखित में ही करें। स्वास्थ्य: घुटनों में तकलीफ हो सकती है। उपाय: पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। 11. कुंभ (Aquarius) करियर: नए विचार और टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल आपको दूसरों से आगे ले जाएगा। लव: नए संबंध बन सकते हैं। धन: रुका हुआ पैसा मिलने से आर्थिक तंगी दूर होगी। स्वास्थ्य: वायु विकार की समस्या हो सकती है। उपाय: काले तिल का दान करें। 12. मीन (Pisces) करियर: दूसरों की बातों में आकर अपना फैसला न बदलें। लव: पार्टनर के प्रति समर्पण बढ़ेगा। धन: भविष्य के लिए बड़ा निवेश करने की योजना बनेगी। स्वास्थ्य: पैरों में सूजन या थकान रह सकती है। उपाय: पीले फूलों से भगवान विष्णु की पूजा करें। ALSO READ: जून 2026 के ग्रह गोचर: किस राशि पर पड़ेगा सबसे बड़ा असर?

वेब दुनिया 29 May 2026 7:04 am

30 लाख का कर्ज चुकाने रूस गया रमैया, लौटा शव:मां बोली- एक फोन के बाद बिखरा परिवार, मॉस्को में मौत से लड़ रहे दो भारतीय

16 मई की रात ओडिशा में रहने वाले गणेश के पास छोटे भाई रमैया का फोन आया। बताया कि घर खर्च के लिए 22 हजार रुपए भेज रहा है। डेढ़ महीने पहले ही रमैया कंस्ट्रक्शन साइट पर काम करने के लिए रूस गया था। मां से भी बात हुई। कहा नाइट ड्यूटी पर है और खाना खाकर साइट जाने की तैयारी कर रहा है। सब रोज की तरह सामान्य था। अगले दिन सुबह दोबारा कॉल आया। अबकी फोन रमैया के रूम पार्टनर देवेंद्र का था। उसने बताया कि सुबह करीब 5 बजे कंपनी साइट पर यूक्रेन ने कई ड्रोन हमले किए। रमैया भी साइट पर था और हमले का शिकार हो गया। दोपहर होते-होते उसकी मौत की खबर आ गई। घटना को 10 दिन से ज्यादा बीत चुके हैं, रमैया का अंतिम संस्कार भी कर दिया गया, लेकिन गंजाम में रह रहा उनका परिवार अभी सदमे से उबर नहीं सका है। परिवार परेशान है कि रमैया के जाने के बाद बहनों की शादी के लिए लिया 30 लाख का कर्ज कौन उतारेगा। रमैया के साथ हमले में ओडिशा के दो और युवक घायल हुए हैं। दोनों का मॉस्को में इलाज चल रहा है। हर महीने 35 हजार रुपए घर भेजता, अब परिवार बेसहारा रमैया मास्को में तुर्की की ऑयल और गैस कंपनी में स्टील इरेक्टर के तौर पर काम कर रहे थे। उनके परिवार से मिलने के लिए हम गंजाम के माधबांधा गांव पहुंचे। घर पर मिले रमैया के बड़े भाई गणेश बताते हैं, ‘परिवार में माता-पिता और भाई-बहन सभी दिहाड़ी मजदूर हैं। इसी से घर का खर्च चलता है। बहनों की शादी में लिया कर्ज चुकाने के लिए रमैया रूस गया था।‘ ‘वो करीब एक साल से मास्को में कंस्ट्रक्शन सेक्टर में इलेक्ट्रिकल लाइन और स्ट्रक्चरल काम कर रहा था। इसी साल फरवरी में छुट्टी लेकर गांव लौटा था और फिर 22 मार्च को मॉस्को लौट गया था। रमैया हर महीने करीब 42 हजार रुपए की कमाई से 35 हजार घर भेज देता था। मौत से एक दिन पहले जब उससे बात हुई थी, तब भी वो परिवार की ही फिक्र में था।‘ मां बोली- हम भूखों रहने को मजबूर, अब कौन संभालेगा रमैया की मां रोते हुए कहती हैं ‘वो हमारे परिवार का सबसे बड़ा सहारा था। हम सब मजदूरी करके रोज मुश्किल से 200 से 500 रुपए कमा पाते हैं। कई दिन ऐसे भी होते हैं, जब काम नहीं मिलता और परिवार को भूखे सोना पड़ता है। अब कौन हमें सहारा देगा।‘ परिवार वालों ने बताया कि इस बार रमैया गांव लौटकर अपना छोटा-मोटा काम शुरू करना चाहता था। उसने शादी करने की भी तैयारी की थी। रमैया के चाचा नारायण दिल्ली में मजदूरी करते हैं। वे कहते हैं, ‘गरीबी और काम न मिलने की वजह से गांव के लड़के काम के लिए बाहर जाने को मजबूर हैं। हमारा रमैया भी इसीलिए बाहर गया, वरना कोई जान जोखिम में डालकर रूस क्यों जाता। अब उसके बूढ़े मां-बाप की देखभाल कौन करेगा।‘ मॉस्को में मौत से लड़ रहे ओडिशा के दो और मजदूर मॉस्को में रमैया के साथ ही ओडिशा के खेतराबासी रेड्डी और तेजेश्वर रेड्डी भी हमले का शिकार हुए हैं। दोनों अभी मॉस्को के अस्पताल में भर्ती हैं। उनके परिवारों से मिलने हम गंजाम के कोथारसिंग गांव पहुंचे। खेतराबासी के घर पर उनकी पत्नी मिलीं। उन्होंने बताया, ’गर्दन और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं। परिवार के पास उन्हें भारत लाकर इलाज कराने के पैसे नहीं हैं, इसलिए वो मॉस्को में ही हैं। कंपनी उनका इलाज करा रही है।’ उन्होंने खेतराबासी से हमारी फोन पर बात भी कराई। वे बताते हैं कि 17 मई को कुल 7 ड्रोन हमले हुए थे और करीब 15 लोग इसकी जद में आए। हमले में अकेले रमैया की ही मौत नहीं हुई, अजरबैजान का एक मजदूर भी मारा गया था। इसके अलावा गोपालपुर के रहने वाले सुनील, पारलाकहेमुंडी के चिनारा और दासरथी के साथ बेनीपुर के दुर्योधन भी घायल हुए हैं। इसके बाद तेजेश्वर रेड्डी के घर हमें उनकी मां मिलीं। उन्होंने बताया, ‘घटना के दिन दोपहर 3 बजे हमें खबर मिली। बेटे का चेहरा और हाथ-पैर सब जख्मी है।’ हमने जब पूछा कि आपके बेटे से कोई बात हुई। वे जवाब में कहती हैं, 'वो अभी बात नहीं कर पा रहा है। सिर्फ वीडियो कॉल पर हमें देखता है।' उन्होंने वीडियो कॉल कर हमें तेजेश्वर की हालत भी दिखाई। 66 लाख रुपए कंपनसेशन तय, परिवार बोला- अभी नहीं मिला रूस में इस वक्त करीब 70 हजार भारतीय काम कर रहे हैं। वहीं ओडिशा के गंजाम और केंद्रापाड़ा जिलों से सबसे ज्यादा युवा रूस में काम कर रहे हैं। गंजाम से हर साल करीब 200 और केंद्रपाड़ा से 150 युवक लोकल एजेंसियों के जरिए रूस जा रहे हैं। रमैया को रूस भेजने वाली मायकोन इंजीनियरिंग ट्रेनिंग एंड टेस्टिंग सेंटर के मालिक बासुदेव रेड्डी बताते हैं कि हमारी एजेंसी स्किल डेवलपमेंट और रिक्रूटमेंट का काम करती है। वे कहते हैं, ‘हादसे की जानकारी मिलते ही हमने मॉस्को में मौजूद कंपनी के अधिकारियों से बात की। फिर ओडिशा सरकार की मदद से डेडबॉडी भारत लाकर परिवार को सौंपी।‘ ‘इसी दौरान हमने रमैया के परिवार की कंपनी डायरेक्टर से बात कराके मुआवजे की रकम भी तय कराई। कंपनी ने 66 लाख रुपए कंपनसेशन देने की बात कही है।‘ हालांकि रमैया के परिवार का कहना है कि अब तक पूरा मुआवजा नहीं मिला है। डेथ सर्टिफिकेट और बाकी जरूरी दस्तावेजों की प्रक्रिया भी पूरी नहीं हुई है। 5 सालों में विदेश में 37,740 भारतीय मजदूरों की मौत भारत से हर साल करीब 6 से 8 लाख लोग इमिग्रेशन चेक रिक्वायर्ड (ECR) कैटेगरी के तहत विदेश काम करने जाते हैं। इसमें बड़ी संख्या दिहाड़ी मजदूरों, कंस्ट्रक्शन वर्कर, ड्राइवर, वेल्डर, इलेक्ट्रिशियन और घरेलू कामगारों की होती है। 2021 से 2025 के बीच विदेश काम करने गए 37,740 भारतीय मजदूरों की मौत दर्ज की गई। अगर इसका औसत आंकड़ा देखें तो हर दिन 20 से ज्यादा भारतीय कामगार विदेश में जान गंवा रहे हैं। सिर्फ 2025 के आंकड़े देखें तो विदेश में काम करने गए 7,854 भारतीय मजदूरों की मौत हुई। इनमें 86% से ज्यादा मौतें खाड़ी देश यूएई और सऊदी अरब में दर्ज की गईं। वहीं केंद्र सरकार ने पिछले एक साल में रूस में 26 भारतीयों की मौत की पुष्टि की है। ……………………… ओडिशा की ये खबर भी पढ़ें… 19 हजार के लिए कंकाल निकाला, अब मिले 15 लाख जीतू मुंडा, उम्र 52 साल। बदन पर सिर्फ एक कपड़ा। कंधे पर बड़ी बहन कलरा का कंकाल। कलरा के बैंक अकाउंट में 19,400 रुपए जमा थे। उनकी मौत के बाद जीतू 27 अप्रैल को पैसे निकालने बैंक पहुंचे। आरोप है कि बैंक मैनेजर ने कहा कि बहन को लाओ, तभी पैसे मिलेंगे। जीतू ने कब्र से बहन का कंकाल निकाला और तीन किमी दूर बैंक लेकर आ गए। मामला ओडिशा के क्योंझर जिले के दियानाली गांव का है। पढ़िए पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 29 May 2026 5:06 am

14 की उम्र में शरीर बना 'पेड़ की छाल’:उठो या बैठो फटने लगती है चमड़ी, मन करता है छीलकर फेंक दूं; देश का अकेला केस

दोपहर के 1 बजे हैं। जंगल के ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर कार हिचकोले खा रही है। तेज गर्मी से गला लगातार सूख रहा है। करीब 2 घंटे बाद जंगलों में कुछ झोपड़ियां नजर आती हैं। इन्हीं झोपड़ियों में से एक के सामने हमारी कार रुकी। झोपड़ी के बाहर एक लड़की बेजान सी खड़ी नजर आई। उसकी मटमैली शर्ट और हाफ पैंट के बाहर जितना भी शरीर दिख रहा है, वह बेहद डरावना है। उसकी चमड़ी बंजर जमीन सी फटी-फटी या यूं कह लें पेड़ की छाल जैसी है। उसके शरीर से दुर्गंध आ रही है, मानो मांस का कोई टुकड़ा सड़ रहा हो। एक पल को लगा कि उल्टी हो जाएगी, तो तुरंत बैग से मास्क निकाला और लगा लिया। मुझे देखते ही लड़की सहम गई और मां को आवाज देते हुए दीवार के सहारे अकड़ी-अकड़ी सी भागने लगी। दैनिक भास्कर हर शुक्रवार ला रहा है ऐसी ही दुर्लभ बीमारियों की सीरीज- ऐ जिंदगी। मैं नीरज झा पहले एपिसोड के लिए पहुंचा हूं छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा के कौड़ गांव। गांव अब छाल बन रही इसी लड़की से पहचाना जाता है। मुझे देखकर बच्ची भागी तो उसकी आवाज सुनकर मां बाहर आ गईं। मैंने अपने बारे में बताया और आने की वजह भी। बच्ची की मां का नाम सुबी है। उन्होंने बताया कि बेटी का नाम जागेश्वरी है। वो बताती हैं- ‘साल 2012 था और महीना अप्रैल का, जब जागेश्वरी का जन्म हुआ। तीन महीने की ही हुई थी कि इसके पैर की खाल पर हल्के-हल्के कांटे उभरने लगे। हम पढ़े-लिखे नहीं हैं। लगा किसी ने कुछ तंत्र-मंत्र कर दिया है। ओझा-तांत्रिकों को दिखाया। झाड़-फूंक करवाई। देवी को बलि भी चढ़ाई, लेकिन हुआ कुछ नहीं।’ ‘कुछ महीने बाद जागेश्वरी के शरीर की पूरी चमड़ी कांटे जैसी हो गई। जब भी खेलने घर से बाहर जाती, आस-पास के बच्चे भूत-भूत कहकर चिढ़ाते। आखिर परेशान होकर इसने बाहर निकलना ही छोड़ दिया। अब इस बीमारी के साथ जागेश्वरी भी 14 साल की हो गई है।’ वह बताती हैं, ‘जागेश्वरी अंजान लोगों को देखकर डर जाती, जैसे आपको देखकर डर गई। पहले तो हम दिनभर इसकी देखभाल करते थे, लेकिन इसे ही देखते रहेंगे तो पेट कैसे भरेंगे। अब इसे छोड़कर खेत में काम करने चले जाते हैं। इसे कभी स्कूल नहीं भेजा। बच्चे चिढ़ाते हैं, मास्टर भी कहां ऐसे बच्चे को पढ़ाएंगे। एक दिन, कुछ रिश्तेदार घर आए, तो उन्होंने हमें गीदम कस्बे में इलाज कराने को कहा। जब मैं जागेश्वरी को लेकर गीदम के अस्पताल पहुंची, तो डॉक्टर समेत सभी लोग मुंह बिगाड़ने लगे। बोले- छी! ये लड़की कैसी दिखती है। इसे क्या हो गया?’ जब डॉक्टर को भी कुछ समझ नहीं आया तो हम घर लौट आए। घर से अस्पताल 20 किलोमीटर दूर है। कौन बार-बार जाता। घर में खाने को दाना नहीं, इलाज कहां से कराएं। बुखार-खांसी होती, तो जड़ी-बूटी से ठीक हो जाती। रास्ता तो आपने देखा ही है। यहां पैदल चलना भी मुश्किल है। बारिश में सोचिए क्या हाल होता होगा। अभी आप आए हैं, पता तो चल ही गया होगा। यहां कुछ नहीं है, हमने तो बिजली भी दो साल पहले ही देखी।' मैंने सुबी से कहा कि एक बार जागेश्वरी से बात करनी है। सुबी उसे समझाने लगीं, करीब आधे घंटे बाद वो घर से बाहर आई। बड़ी मुश्किल से उसे एक स्टूल पर बैठाया। जागेश्वरी की आंखों में आंसू थे। सिर से पांव तक, पेट से जांघ और पीठ तक, पूरे शरीर की चमड़ी पेड़ की छाल जैसी हो गई है। कई जगह घाव भी हैं। सिर्फ चेहरा, हथेली और पैर के तलवे अछूते हैं। कान के ऊपरी हिस्से में अभी कांटेदार उभार आ रहे हैं। मैंने जागेश्वरी से पूछा- बहुत दर्द होता है? गर्दन हिलाते हुए जागेश्वरी गोंडी भाषा में बोली- 'हां बहुत ज्यादा। अकड़न की वजह से हाथ-पैर सीधे नहीं कर पाती। लंगड़ाकर, दीवार के सहारे बमुश्किल इस कोने से उस कोने तक चल पाती हूं। शरीर की चमड़ी खिंचती है, मन करता है अपनी खाल को खुरपी से छीलकर फेंक दूं।’ करीब ही खाट पर बैठी सुबी, बेटी जागेश्वरी के कपड़े ऊपर करके पूरा शरीर दिखाती है। कहती हैं- ‘इसकी पूरे शरीर की चमड़ी ऐसी ही है। रोज घुट-घुटकर जीते हुए देख रहे हैं। कहीं जाती नहीं। एक साल पहले इसकी बड़ी बहन की शादी थी, तो एक कोने में दुबकी बैठी रही। बाहर नहीं निकली, नहीं तो रिश्तेदार डर जाते। आज भी पास ही एक गांव में रिश्तेदार के बेटे की शादी है। हमें जाना है।' मैंने पूछा- जागेश्वरी भी जाएगी? चेहरे पर बिना किसी भाव के सुबी बोली- ‘कैसे जाएगी सर? शरीर ही ऐसा है। ठीक से चल-फिर नहीं पाती। बाहर के लोग भी देखते हैं, तो डर जाते हैं। दस तरह के सवाल पूछते हैं।’ सुबी की आवाज में गुस्सा और तंज दोनों है। गुस्सा इसलिए कि जागेश्वरी बस जी रही है और तंज इसलिए कि उसके हालात कभी ठीक नहीं होंगे। थोड़ी देर बाद मैंने फिर सुबी से पूछा- जागेश्वरी को क्या बीमारी है, ये कब पता चला? सुबी बोली- ‘2019 में। यहां डॉक्टर आए थे। लोगों ने कहा- बच्ची को वहां दिखा लो। बड़े डॉक्टर देखेंगे, तो ठीक हो जाएगी। इसके पापा और चाचा इसे डॉक्टरों के पास ले गए। डॉक्टर दंग रह गए। तुरंत एंबुलेंस बुलाई और जागेश्वरी को रायपुर के बड़े अस्पताल भेज दिया। पापा-चाचा भी साथ गए। वहां हफ्तेभर तो डॉक्टरों को पता ही नहीं चला कि जागेश्वरी को कौन-सी बीमारी है। करीब एक महीने तक बेटी भर्ती रही। मुंबई से रिपोर्ट आई। तब हमें बताया कि दुनिया में इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है। मुझे तो बीमारी का नाम भी पता नहीं। इसके बाद, सुबी मुझे एक पर्चा दिखाती हैं। जिसमें बीमारी का नाम- इकथियोसिस हिस्ट्रिक्स लिखा है। सुबी बताती हैं- जब तक यह अस्पताल में भर्ती थी, तो पूरी चमड़ी ठीक हो गई। घर आते वक्त डॉक्टर ने कुछ दवाइयां दी थीं। कुछ दिन दवाई लगाई, लेकिन जब खत्म हो गई, तो बंद कर दी। अब अस्पताल इतना दूर है कि दवा लेने कौन जाए। आने-जाने का भाड़ा भी लगता है, वो कहां से लाएं। डॉक्टर भी सिर्फ नाम के हैं। बच्ची को देखने कोई नहीं आता। मैं अकेली क्या-क्या करूं। सरकार से अब तक केवल 13 हजार रुपए की मदद मिली है। न ही विकलांग सर्टिफिकेट बना है, न ही इस बीमारी का। सुनने में आया है कि ऐसे लोगों को सरकार 600 रुपए महीना देती है। लेकिन वो मदद भी नहीं मिली। इसी बीच, जागेश्वरी जमीन पर बैठने की कोशिश करती है, लेकिन उसके घुटने मुड़ नहीं रहे। हाथों का भी ऐसा ही हाल है। घर में शौचालय नहीं है। मां कहती हैं- जैसे-तैसे खेत में जाती है। 2021 में इसके पिता की गले के कैंसर से मौत हो गई। मेरी उम्र भी ढल चुकी है। मैं कमाऊं या इसकी देखभाल करूं। तीन और बच्चे हैं। सिर्फ इसे ही देखूंगी, तो बाकी का क्या होगा? मेरे बाकी तीनों बच्चे ठीक हैं। पति थे, तो सहारा था। अब जब तक मैं जिंदा हूं, इसकी देखभाल कर रही हूं। मरने के बाद इसका क्या होगा, पता नहीं। मेरी भी उम्र अब कितनी ही बची है।’ सुबी थोड़ा रुककर पूछती हैं- हमें शादी में जाना है। कुछ और तो नहीं पूछना? अब मैं वहां से चल पड़ता हूं। जागेश्वरी की हालत देखने के बाद मन में कई सवाल उठ रहे हैं। जैसे- यह बीमारी क्यों होती है? इसकी दवाएं कौन-कौन सी हैं? क्या बच्ची कभी ठीक हो पाएगी? इन सभी सवालों का जवाब खोजने के लिए मैं दंतेवाड़ा से रायपुर मेडिकल कॉलेज के लिए निकलता हूं। वहां मेरी मुलाकात डर्मेटोलॉजिस्ट डिपार्टमेंट के हेड डॉक्टर मृत्युंजय सिंह से हुई। इन्होंने ही 2019 में जागेश्वरी का इलाज किया था। मैंने उनसे जागेश्वरी की बीमारी का जिक्र किया। थोड़ी देर बाद वो बोले- ‘हां-हां, याद आ गया। अरे वो बहुत खतरनाक केस था। ऐसा केस मेरे सामने क्या, देश में भी शायद पहली बार ही आया होगा। हम लोगों ने इसके बारे में पढ़ा था, लेकिन प्रैक्टिकली देखने को भी मिलेगा, सोचा नहीं था। 2019 में जब जागेश्वरी को यहां लाया गया, तो उसकी हालत बहुत खराब थी। एक महीने तक इलाज चला। तब तो वह ठीक हो गई थी। मैंने बताया कि अब उसकी हालत और बिगड़ गई है। डॉ. मृत्युंजय बोले- ‘हां, बीमारी ही ऐसी है। इस बीमारी से इंसान मरता तो नहीं है, लेकिन आम लोगों की तरह जी भी नहीं पाता। चमड़ी इस कदर सूखकर फटने लगती है। यह ऐसी बीमारी है, जिसका पूरी तरह इलाज संभव नहीं है। इसे सिर्फ मैनेज और कंट्रोल किया जा सकता है। जब वह बच्ची हमारे पास आई, तो सबसे पहले उसे भर्ती किया गया। उसकी बायोप्सी और जेनेटिक एनालिसिस के लिए सैंपल मुंबई भेजे। निजी अस्पतालों में इन जांचों का खर्च करीब 50 हजार रुपए तक पहुंच जाता है, क्योंकि जेनेटिक टेस्ट काफी महंगा होता है।’ जागेश्वरी की हालत देखकर भीतर तक डर और बेचैनी उतर जाती है। शरीर पर पेड़ की छाल जैसी जमी सख्त परतें, हर हरकत में खिंचाव और दर्द… यह सब देखकर अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं कि वह हर दिन किस तकलीफ से गुजरती होगी। सबसे बड़ा सवाल यही है- जिस दर्द को देखकर बाहर वाले सिहर उठते हैं, उसे 14 साल की यह बच्ची आखिर कब तक सहती रहेगी? 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दैनिक भास्कर 29 May 2026 5:00 am

आज का एक्सप्लेनर:कर्नाटक में सीएम बदलने के पीछे की कहानी; कांग्रेस का मास्टरस्ट्रोक या बीजेपी के भाग्य खुले, दांव पर हैं 62% अहिंदा वोटर्स

कर्नाटक में कांग्रेस ने कार्यकाल के बीच सीएम बदल दिया। 77 साल के सिद्धारमैया की जगह 64 साल के डीके शिवकुमार लेंगे। कहा जा रहा है कि ये फैसला एक सीक्रेट डील के तहत हुआ। लेकिन बीजेपी को दो तैयार मुद्दे मिल गए- ओबीसी नेता की अनदेखी और दागदार छवि वाले नेता को कुर्सी। आखिर कांग्रेस ने अचानक क्यों बदला सीएम और चुनाव से 23 महीने पहले हुआ यह फेरबदल कांग्रेस के लिए फायदेमंद होगा या नुकसानदेह? जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में… बैक-स्टोरीः कर्नाटक में सीएम कुर्सी की खींचतान और एक सीक्रेट डील मई 2023 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव हुए। सिद्धारमैया की सोशल इंजीनियरिंग और डीके शिवकुमार की मेहनत और इलेक्शन मैनेजमेंट की बदौलत कांग्रेस को बहुमत मिला। 224 में से 135 सीटें। सीएम की कुर्सी पर सिद्धारमैया और डीके दोनों ने दावा किया। बंद कमरे में 5 दिन मैराथन बैठकें हुईं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, महासचिव केसी वेणुगोपाल और कर्नाटक के प्रभारी रणदीप सुरजेवाला शामिल हुए। आखिरकार 19 मई 2023 को कांग्रेस आलाकमान ने सिद्धारमैया को सीएम और डीके को डिप्टी सीएम बनाने की घोषणा हुई। घोषणा के बाद डीके से एक पत्रकार ने पूछा- क्या कर्नाटक में ये सरकार 5 साल चलेगी, सिद्धारमैया के साथ सीएम पद को लेकर विवाद तो नहीं होगा? डीके ने हल्की मुस्कान के साथ कहा- कर्नाटक में 5 साल तक कांग्रेस सरकार चलेगी। सिद्धारमैया के 5 साल सीएम रहने पर उन्होंने कुछ नहीं कहा। डीके के जेस्चर से कयास लगने लगे कि कर्नाटक में ढाई-ढाई साल के सीएम पर बात बनी है। कांग्रेस कवर करने वाले सीनियर जर्नलिस्ट आदेश रावल बताते हैं, ‘कांग्रेस आलाकमान की उस मीटिंग में तय किया गया कि सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार ढाई-ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री बनेंगे। तब डीके चाहते थे कि इस फैसले का ऐलान किया जाए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।' 20 नवंबर 2025 को जब सिद्धारमैया के कार्यकाल के ढाई साल पूरे हुए, तब भी लामबंदियां और बयानबाजियां शुरू हुईं। डीके और उनके समर्थक ‘सीक्रेट डील’ को पूरा करने का दबाव बना रहे थे, जबकि सिद्धारमैया इससे इनकार कर रहे थे। ऐसे में आलाकमान ने दोनों नेताओं को दिल्ली बुलाकर समझाइश दी। इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया। सीएम कुर्सी छोड़ने को तैयार नहीं थे सिद्धारमैया 20 मई 2026 को सिद्धारमैया के 3 साल पूरे हो गए। सीएम बदलने की चर्चा फिर शुरू हुई। कांग्रेस आलाकमान ने सीएम सिद्धारमैया को अचानक दिल्ली तलब किया। कहा गया- आप सुबह 11 बजे तक दिल्ली के इंदिरा भवन (कांग्रेस मुख्यालय) पहुंचे। 5 दशकों से राजनीति करने वाले सिद्धारमैया समझ गए माजरा क्या है। सो उन्होंने इंदिरा भवन जाने से पहले पावर शो किया। दिल्ली के कर्नाटक भवन में अपने वफादारों के साथ ब्रेकफास्ट मीटिंग की। मेज पर सिद्धारमैया के चारों ओर जी परमेश्वर, सतीश जारकीहोली और एचसी महादेवप्पा जैसे उनके खास मंत्री बैठे थे। कुछ विधायक भी मौजूद थे। 11 बजते ही इंदिरा भवन में हलचल शुरू हो गई। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल, कर्नाटक कांग्रेस प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला, सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार एक-एक करके कांग्रेस मुख्यालय पहुंचे। बैठक शुरू हुई। पहली बैठक में खड़गे, राहुल, वेणुगोपाल और सुरजेवाला शामिल हुए। 2 घंटे तक ये बातचीत हुई। इसके बाद सिद्धारमैया और डीके को अंदर बुलाया गया। बातचीत हुई और लंच हुआ। हालांकि राहुल लंच के लिए अपने घर चले गए, जहां उन्होंने सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा से बातचीत की। रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रियंका चाहती थीं कि कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन हो। इसके बाद राहुल फिर इंदिरा भवन पहुंचे। सीनियर जर्नलिस्ट आदेश रावल के मुताबिक, मीटिंग में सिद्धारमैया को दो ऑफर दिए गए। पहला कि आप राज्यसभा आइए और सेंट्रल लीडरशिप में काम करिए। दूसरा कि आपके बेटे को यतींद्र सिद्धारमैया को कैबिनेट मंत्री बनाया जाए। इस पर सिद्धारमैया ने कहा कि उन्हें परिवार और करीबियों से सलाह-मशवरा करना है। इसके लिए उन्होंने वक्त मांगा। शाम पौने 6 बजे वेणुगोपाल, सुरजेवाला, सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार इंदिरा भवन से बाहर निकले। तब मीडिया से बातचीत करते हुए वेणुगोपाल ने कहा- जो अटकलें लगाई जा रही हैं, वे सिर्फ अटकलें हैं। इनमें कोई सच्चाई नहीं है। बैठक में राज्यसभा और विधान परिषद (MLC) चुनावों पर चर्चा हुई। 28 मई को मंत्रियों के साथ नाश्ता, दोपहर में इस्तीफा 28 मई को सिद्धारमैया ने बेंगलुरू में अपने आवास पर ब्रेकफास्ट मीटिंग की, जिसमें डीके शिवकुमार समेत पूरा मंत्रिमंडल शामिल हुआ। यहां सिद्धारमैया ने ऐलान किया कि मैं कुर्सी छोड़ रहा हूं। संसदीय कार्य मंत्री एचके पाटिल ने बताया कि मीटिंग में डीके शिवकुमार के नाम पर मुहर लगी। वह अगले सीएम होंगे। मीटिंग में डीके ने सिद्धारमैया के पैर छुए। फिर सिद्धारमैया ने उन्हें गले लगा लिया। सिद्धारमैया ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मुलाकात के लिए समय मांगा था। लेकिन राज्यपाल पारिवारिक स्वास्थ्य कारणों के चलते बेंगलुरू से बाहर हैं। अभी वे इंदौर में हैं। ऐसे में सिद्धारमैया ने लोकभवन पहुंचकर राज्यपाल के विशेष सचिव प्रभु शंकर को अपना इस्तीफा सौंपा। नियमों के मुताबिक, राज्यपाल जब राज्य में न हों, तब सीएम लिखित इस्तीफा राजभवन के अधिकारियों को ई-मेल, फैक्स के जरिए या खुद जाकर दे सकते हैं। राज्यपाल बाद में उसे स्वीकार करते हैं। इस्तीफा मंजूर होने तक मौजूदा सीएम ही पद पर रहेंगे। वहीं, डीके शिवकुमार भी कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे सकते हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि उनकी जगह सतीश जोरकीहोली ले सकते हैं, जो सिद्धारमैया के खास सिपहसलार हैं और अभी कर्नाटक कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष हैं। डीके के सीएम बनने में अभी एक और पेंच है। खबरें हैं कि डीके शिवकुमार का शपथ ग्रहण समारोह सिद्धारमैया के राज्यसभा नामांकन के बाद होगा। राज्यसभा नामांकन की आखिरी तारीख 8 जून है। चुनाव से 23 महीने पहले सिद्धारमैया से कुर्सी क्यों खाली करवाई गई? अप्रैल-मई 2028 में कर्नाटक में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। 23 महीने पहले सीएम बदलने के पीछे एक्सपर्ट्स 5 बड़ी वजहें बताते हैं… 1. आने वाले चुनावों पर फोकस: राहुल गांधी चाहते हैं कि कर्नाटक में ऐसा नेता हो जो अगले 10-15 साल तक राजनीति कर सके। 2028 में फिर से सरकार बनाए और 2029 में लोकसभा की ज्यादा सीटें जिता सके। 2028 तक सिद्धारमैया करीब 80 साल के हो जाएंगे। ये बात डीके के फेवर में जाती है। 2. वक्त रहते पार्टी की बगावत मैनेज करनाः कांग्रेस आलाकमान जानता है कि ज्यादातर विधायक सिद्धारमैया के साथ हैं। वे कांग्रेस के एकमात्र ओबीसी सीएम भी हैं। ऐसे में पार्टी ये बदलाव बेहद सावधानी से करना चाहती है, ताकि सिद्धारमैया का सम्मान बना रहे और बगावत की स्थिति न बने। अगर कोई बगावत जैसी स्थिति बने, तो उसे समय रहते मैनेज किया जा सके। 3. सिद्धारमैया का एंटी-इन्कम्बेंसी फैक्टरः सिद्धारमैया के दूसरे कार्यकाल में भ्रष्टाचार के भी गंभीर आरोप लगे हैं। मैसूर अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी स्कैम में तो सीधे सिद्धारमैया के परिवार को घेरा जा रहा है। इसके चलते उनके परिवार को 14 प्लॉट छोड़ने पड़े। सिद्धारमैया के खिलाफ एंटी-इन्कमबेंसी फैक्टर एक्टिव हो सकता है। जिसे बीजेपी-JDS भुना सकती है। 4. वोक्कालिगा समुदाय का दबावः डीके कर्नाटक के रसूखदार वोक्कालिगा (15%) समुदाय के सबसे बड़े नेता बनकर उभरे हैं। उनके समर्थकों ने साफ कर दिया था कि अगर डीके को नजरअंदाज किया, तो यह पूरे समुदाय का अपमान माना जाएगा। इससे ओल्ड मैसूर में कांग्रेस का आधार पूरी तरह खिसक सकता था। ओल्ड मैसूर बेल्ट में 61 विधानसभा सीटें हैं, जिनमें से 39 कांग्रेस के पास हैं, यानी 64% सीटें। हालांकि यहां की 12 लोकसभा सीटों में से सिर्फ 2 कांग्रेस के पास है। 5. डीके कांग्रेस के संकटमोचकः डीके की छवि कांग्रेस में ‘संकटमोचक’ और ‘फंड मैनेजर’ की है। 2023 के चुनावी हलफनामे के मुताबिक, डीके के पास 1413.7 करोड़ रुपए की संपत्ति है। उनका माइनिंग, रियल एस्टेट, एजुकेशन और ट्रांसपोर्ट का कारोबार है। वो दूसरे राज्यों में भी कांग्रेस के इलेक्शन मैनेजमेंट में माहिर हैं। नवंबर 2025 में उन्होंने कहा था- मेरी कोशिश है कि मैं राज्य में 100 कांग्रेस ऑफिस बनवाऊं। Vote Vibe के फाउंडर और इलेक्शन एनालिस्ट अमिताभ तिवारी मानते हैं कि लीडरशिप चेंज को लेकर कांग्रेस का इंटेंशन अच्छा है, लेकिन ये दांव उल्टा भी पड़ सकता है। तो क्या इस उठापटक का फायदा बीजेपी उठा सकती है? बीजेपी 66 सीटों के साथ अभी कर्नाटक में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है। पिछले दो विधानसभा चुनावों में 36%, जबकि 2024 के लोकसभा में 46% वोट मिले। वहीं उसकी साथी JDS के पास 19 सीटें हैं। उसके पास भी करीब 15% वोट शेयर है। राज्य के लिंगायत (17%) समुदाय में बीजेपी मजबूत है। कद्दावर नेता बीएस येदुरप्पा भी लिंगायत हैं और उनकी इस पर मजबूत पैठ है। एचडी देवगौड़ा की JDS के साथ अलायंस कर बीजेपी ने वोक्कालिगा में भी सेंध लगाई है। दरअसल, देवगौड़ा वोक्कालिगा समुदाय से आते हैं। उन्हें समुदाय में ‘मण्णिना मगा’ यानी धरतीपुत्र कहा जाता है। सिद्धारमैया की जगह डीके शिवकुमार के सीएम बनाने से बीजेपी दो नैरेटिव बना सकती है… 1. कांग्रेस में अहिंदा वोटर्स की अनदेखी हो रही 2. डीके पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों पर घेराबंदी क्या इस फेरबदल से कांग्रेस को नुकसान होगा? पॉलिटिकल एनालिस्ट बीएस मूर्ति मानते हैं कि पार्टी को इतिहास से सबक लेना चाहिए। जब कांग्रेस ने लिंगायत नेता वीरेंद्र पाटिल को सीएम पद से हटाया था, तब लिंगायत वोटर्स कांग्रेस से अलग हो गए। उत्तर कर्नाटक में कई चुनावों में कांग्रेस को संघर्ष करना पड़ा। सिद्धारमैया के मामले में भी ऐसा हो सकता है। आदेश रावल के मुताबिक अभी जातीय समीकरणों का हिसाब लगाना जल्दबाजी होगा। डीके के सामने चुनौती होगी कि वे वोक्कालिगा वोटर्स को एकजुट कर कांग्रेस से जुड़े और अहिंदा वोटर्स को बरकरार रखें। अमिताभ तिवारी बताते हैं कि कर्नाटक में अभी तक माना जाता था कि बीजेपी लिंगायत, JDS वोक्कालिगा और कांग्रेस अहिंदा सीएम बना सकती है। लेकिन डीके के सीएम बनने से ये नैरेटिव बदल जाएगा। वोक्कालिगा वोटर्स को लगेगा कि कांग्रेस और JDS दोनों ही उनकी कम्युनिटी से सीएम बना सकते हैं। वहीं लिंगायत अभी भी बीजेपी की ओर देख रही है। ऐसे में अकेले पड़ चुके अहिंदा को बीजेपी साध सकती है। इसके लिए बीजेपी डॉमिनेंट क्लास पॉलिटिक्स करने का टैग हटाएगी, जैसा कि उसने बाकी राज्यों में किया। इसी जातीय समीकरण को साधने के लिए डीके शिवकुमार के साथ 2-3 डिप्टी सीएम बनाए जा सकते हैं। इसको लेकर दलित समुदाय के जी परमेश्वर और लिंगायत कम्युनिटी के एमबी पाटिल का नाम सबसे आगे चल रहा है। वहीं इस्तीफा देने के बाद सिद्धारमैया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें उन्होंने राज्यसभा जाने और नेशनल पॉलिटिक्स में एक्टिव होने का ऑफर ठुकरा दिया। कहा कि 50 साल का मेरा पॉलिटिकल करियर है, जो एक खुली किताब है। सिद्धारमैया ने कहा है कि वे कर्नाटक राजनीति में सक्रिय रहेंगे। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि सिद्धारमैया भीतरखाने कोई दांव न चल दे, जिससे कांग्रेस के लिए मुश्किल हो। फिलहाल सिद्धारमैया ने भी कोई ऐसा बयान या संकेत नहीं दिया है, जो कांग्रेस के लिए दिक्कतें पैदा करे। हालांकि उनका बगावत का इतिहास रहा है। उन्होंने JDS का साथ छोड़कर कांग्रेस का दामन थामा। अब भी उनके पास बड़ा वोटबैंक है और दर्जनों विधायक उनके लॉयलिस्ट हैं। -------- कर्नाटक की राजनीति से जुड़ी खबर भी पढ़िए… कर्नाटक के CM सिद्दारमैया का इस्तीफा: बोले- आलाकमान ने जो कहा, मैंने किया; मंत्री बोले- डीके शिवकुमार अगले मुख्यमंत्री होंगे कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने गुरुवार को इस्तीफा दे दिया। उन्होंने बेंगलुरु में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा, ‘मैंने पहले ही कहा था कि हाईकमान जब कहेगा, मैं इस्तीफा दे दूंगा। कल हाईकमान ने कहा और आज मैंने इस्तीफा दे दिया।’ पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 28 May 2026 5:24 pm

बंगाल में गाय की कुर्बानी पर रोक, हिंदू क्यों नाराज:बोले- दीदी से परेशान होकर सरकार बदली, BJP ने 2500 करोड़ का धंधा बिगाड़ा

पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर में रहने वाले सुखदेव मंडल खेती-किसानी करते हैं। इसी से परिवार का खर्च चलता है। इस साल बेटी की शादी करनी है, इसलिए साल भर पहले बैंक से लोन लेकर मवेशी खरीदे। उम्मीद थी कि बकरीद पर बिक जाएंगे और शादी-ब्याह का खर्च निकल जाएगा, लेकिन बंगाल सरकार के एक फैसले ने उनकी उम्मीद तोड़ दी। 13 मई यानी बकरीद से 15 दिन पहले बंगाल सरकार ने एक नोटिस जारी किया। इसमें गोहत्या से जुड़े 1950 के कानून और 2018 के कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कहा गया कि बिना 'फिटनेस सर्टिफिकेट' किसी भी गाय-भैंस की कुर्बानी नहीं दी जाएगी। इस फैसले के बाद सुखदेव परेशान हैं कि वो मवेशी लेकर कहां जाएं। उनका खर्च कैसे उठाएं और बैंक का लोन कैसे अदा करें। वे कहते हैं, ‘किसी को फांसी देने से पहले भी वक्त मिलता है, हमें वो भी नहीं मिला।‘ 28 मई यानी आज बकरीद है। फैसले से मुस्लिम भी नाखुश हैं। उन्हें कुर्बानी के लिए जानवर नहीं मिल रहे हैं। हिंदू व्यापारी बोले…दीदी से परेशान होकर सरकार बदली, BJP ने धंधा चौपट किया बंगाल में पशु हाट बाजारों से करीब 3.7 करोड़ लोगों की रोजी-रोटी सीधे जुड़ी है। बंगाल में बकरीद पर करीब तीन हफ्ते के लिए पशुओं का बाजार लगता है। इस दौरान करीब ₹2000 से 2,500 करोड़ का व्यापार होता है। सिर्फ कोलकाता और उसके आसपास के इलाकों में रोज 1 से 2 करोड़ रुपए का कारोबार होता है। इस काम से जुड़े सुखदेव गुस्से में कहते हैं, ‘सरकार के फैसले ने हमारा व्यापार ठप्प कर दिया है। इस उम्मीद में बैंकों से लोन लिया था कि कुर्बानी के बाद पैसा भर देंगे। साल भर गाय-भैंस को खिलाया। जब बेचने की बारी आई, तो नया नियम आ गया। अब सरकार ही बताए कि कर्ज कैसे चुकाएं। बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और परिवार खर्च कहां से निकालें।‘ ‘दीदी के 15 साल की खराब नीतियों के चलते सरकार बदली। जय श्री राम बोलकर राज्य में नई सरकार लाए, लेकिन अब BJP सरकार की नीतियों ने हमारी परेशानी बढ़ा रखी है। अब लगता है कि सुवेंदु बाबू की सरकार भी बदलनी पड़ेगी।’ पूर्व मेदिनीपुर के सिलीपल्ली मोहल्ले में रहने वाले सुखदेव अकेले नहीं हैं। श्यामल मंडल भी रुंधे गले से यही दिक्कतें गिनाते हैं, ‘बैंक वाले घर पर पैसा लेने आ रहे हैं। गहने गिरवी रखकर पशुओं को पाला। अब इस फैसले से सड़क पर आ गए हैं। अगर सरकार ने साथ नहीं दिया, तो जहर खाने के सिवा हमारे पास दूसरा कोई रास्ता नहीं बचेगा।‘ पास में खड़े कृष्णबदर गुस्से में कहते हैं, ‘सरकार मुसलमानों को सबक सिखाने के चक्कर में हिंदुओं का बुरा कर रही है। कुर्बानी मुसलमान देते हैं, लेकिन इसका व्यापार तो हिंदू ही कर रहे हैं। गांव में सभी दलित हिंदुओं ने कुर्बानी के वक्त बेचने के लिए 8 से 10 गाय और बकरियां पाली हैं। साल भर इन्हें दाना-पानी दिया, ताकि मुनाफा कमा सकें।‘ ‘पशु खरीदने और पालने के लिए बैंक से 10 लाख रुपए लोन लिया था। अब सरकार बताए कि ये कैसे भरें। पशुओं को दाना-पानी कैसे खिलाएं।‘ ‘नए नियम-कायदों ने फंसाया, BJP वाले अलग धमका रहे’ इसके बाद हम हावड़ा पहुंचे। यहां संकराली में ज्यादातर परिवार दूध का व्यापार करते हैं। जब गाय या भैंस दूध देना बंद कर देती है, तो उसे बेच देते हैं। यहां मिली सोमा सुधका कहती हैं, ‘पिछले 16 साल से ये काम कर रही हूं। हर साल कुर्बानी के समय पशु बेचते हैं और उसी समय अगले साल के लिए नए खरीद लेते हैं। फिर साल भर उन्हें पालते हैं। अब जब इस साल बिकेंगे ही नहीं, तो इतने पशुओं को हम कहां से खाना खिलाएंगे।’ ’कुर्बानी से पहले फिटनेस टेस्ट करवाने की बात कही गई है। हमें नहीं पता कि इसका टेस्ट कहां होगा। हम सब इन नियम-कायदों में फंस गए हैं। जिनसे एडवांस पैसे लिए हैं, वो वापस मांग रहे हैं।’ यहीं मिले बरुण घोष भी दूध व्यापारी हैं। वो इस बात से परेशान हैं कि अगर अब बुजुर्ग हो चुकी गायें नहीं बिकीं, तो उधार कहां से चुकाएंगे और धंधा कैसे चलाएंगे। वे कहते हैं, ‘हम शहर में रहते हैं, यहां कहीं गाय-भैंसों को चरने के लिए भी नहीं छोड़ सकते हैं। खटाल में इतनी गाय-भैंसों के रहने के लिए जगह नहीं है। सरकार को ये फैसला थोड़ा पहले लेना चाहिए था, ताकि हम जैसे छोटे व्यापारी अपने लिए दूसरा रास्ता तलाश सकें।‘ मुस्लिम पक्ष की बात…‘बकरों के दाम दोगुने हुए, कुर्बानी भी नहीं दे पाएंगे’ गाय की कुर्बानी पर लगी रोक से हिंदू ही नहीं मुस्लिम भी परेशान हैं। मुर्शिदाबाद के रहने वाले समीम रहमान का कहना है कि इस बार बंगाल के कई घरों में कुर्बानी नहीं हो रही है। पहले कुछ परिवार मिलकर गाय-भैंस की कुर्बानी करते थे, लेकिन नए नियम के चलते इन्हें नहीं ले पा रहे हैं। वहीं गाय की बिक्री बंद होने के बाद बकरे के दाम दोगुने हो गए हैं, जिसका खर्च उठा पाना मुमकिन नहीं है। बेलडांगा के रहने वाले रहमान शेख कहते हैं, ‘हमारी मांग है कि सरकार बाकी राज्यों में भी बूचड़खाने बंद करे, लेकिन इससे नुकसान हिंदू भाइयों का ही है।‘ यहीं मिले शाहरुबद्दीन शेख खुद कुर्बानी से पहले बेलडांगा के हाट में गाय बेचते रहे हैं। वे कहते हैं, ‘बकरीद से पहले हाट में लगातार दो-तीन हफ्ते व्यापार होता है। इस बार भी हाट में गाय बेचने लाई गई थीं, लेकिन नया नियम आने के बाद सब कुछ बदल गया। मुझे भी काफी नुकसान हुआ। हिंदू भाईयों को ज्यादा नुकसान हुआ है।‘ ‘मैं खुद गाय की कुर्बानी देता था, लेकिन अबकी बकरे की दूंगा। गाय की बिक्री न होने से इस बार बकरे के दाम भी बढ़ गए हैं।‘ बकरीद पर हर साल कितने पशुओं की कुर्बानी दी जाती है, इसका कोई आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। बंगाल के पशुपालन विभाग से जारी पिछले एक साल का आंकड़ा देखें तो 2025 में राज्य में मांस के लिए करीब 4.76 करोड़ बकरे और करीब 1.33 लाख गाय, बैल, सांड काट दिए गए। मौलाना बोले- अगर गाय की कुर्बानी हुई, तो आंदोलन करेंगे कुर्बानी के फैसले पर आसनसोल के एक मौलाना नाम न लिखने की शर्त कहते हैं, ‘जरूरी नहीं है कि सभी कुर्बानी दें। जो सक्षम हैं, वो बकरे या भेड़ की कुर्बानी दे सकते हैं। इस बार गाय की कुर्बानी नहीं होगी।‘ वहीं, ऑल इंडिया इमाम मुअज्जिन एंड सोशल वेलफेयर ऑर्गनाइजेशन (AIIMSWO) के स्टेट जनरल सेक्रेटरी मौलान अब्दुर रज्जाक कहते हैं, ‘हमने राज्य के सभी 26 जिलों में मस्जिद से ऐलान करवाया है कि इस बार बकरीद पर गाय की कुर्बानी नहीं होगी। कुरान में भी कहीं गाय की कुर्बानी का जिक्र नहीं है।‘ वे आगे कहते हैं, ‘कई मुस्लिम संगठन अलग-अलग जगहों पर गाय की कुर्बानी का बहिष्कार कर रहे हैं। इसके बाद भी अगर कहीं ऐसा हुआ, तो हम वहां आंदोलन करेंगे।’ क्या पहले कभी कुर्बानी को लेकर ऐसे नियम-कायदे बनाए गए। इसके जवाब में वे कहते हैं, ’ऐसा पहली बार हो रहा है, लेकिन इसका कोई सियासी मतलब नहीं है। राजनीतिक पार्टियां आती हैं और चली जाती हैं, लेकिन हमारी एक ही मांग है कि सरकार जो भी कानून बनाए, उसे पूरी तरह लागू करे। ऐसा न हो कि हमें कुर्बानी के लिए मना कर दिया जाए और बाद में गायें कहीं और सप्लाई हो जाएं।’ ………………. ये खबर भी पढ़ें… बंगाल में दीदी को हराने वाले BJP के 5 किरदार बंगाल में BJP की मौजूदा जीत की कहानी के कई किरदार हैं। शुरुआत अमित शाह और उनका दाहिना हाथ रहे सुनील बंसल से। साथ ही तीसरे अहम किरदार शिवप्रकाश सिंह से, जो BJP के राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री हैं। इसके अलावा दो किरदार और हैं। पढ़िए इस रिपोर्ट में पांचों किरदार की कहानी…

दैनिक भास्कर 28 May 2026 5:20 am

पाकिस्तान ने ट्रम्प की मांग ठुकरा दी, अब आगे क्या:अगर इजरायल से दोस्ती कर ली, तो क्या कयामत आ जाएगी

अमेरिकी थिंकटैंक अटलांटिक काउंसिल के एक्सपर्ट माइकल कुगेलमैन कहते हैं- ट्रम्प के जितना करीब जाओगे, उतना ही जोखिम बढ़ेगा। वह कुछ ऐसा मांग बैठेंगे, जो देना संभव न हो। पाकिस्तान इस वक्त उसी ‘कुआं और खाईं’ की सिचुएशन में आ गिरा है। 25 मई की रात ट्रम्प ने पाकिस्तान समेत 6 मुस्लिम देशों को कहा कि वे 'अब्राहम अकॉर्ड्स' पर दस्तखत करें, यानी इजराइल को देश मानें और उससे दोस्ती करें। सबसे पहले पाकिस्तान ने ही मना कर दिया। आखिर क्यों और अब होगा क्या, जानेंगे भास्कर एक्सप्लेनर में… 1947: पाकिस्तान बनते ही दुश्मनी की शुरूआत बात नवंबर 1947 की है। भारत को आजाद हुए अभी कुछ ही महीने हुए थे और पाकिस्तान भी नया-नया बना था। संयुक्त राष्ट्र में एक अहम वोटिंग हुई- फिलिस्तीन को दो हिस्सों में बांटने का प्रस्ताव। एक हिस्सा यहूदियों को, एक अरबों को। पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना ने तब चेतावनी दी कि यह बंटवारा हुआ तो मुस्लिम उम्मा (मुस्लिम देश) खिलाफ उठ खड़ी होगी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का अरबों को पूरा समर्थन रहेगा और उस प्रस्ताव के खिलाफ वोट भी किया। 14 मई 1948 को इजराइल बना। पाकिस्तान ने उसे मान्यता देने से इनकार कर दिया। जब पाकिस्तानी पायलट ने इजराइली जेट गिराए यह दुश्मनी सिर्फ कागजी बयानों तक नहीं रही। जून 1967 में अरब-इजराइल के बीच 'छह दिन की जंग' छिड़ी। पाकिस्तान ने अपने पायलट मिस्र, जॉर्डन और सीरिया की वायुसेनाओं में भेजे। 5 जून 1967 को इजराइली जेट जॉर्डन के माफ्रक एयरबेस पर हमला करने आए। जॉर्डन ने पाकिस्तानी पायलट सैफुल आजम को तैनात किया। आजम ने दो इजराइली विमान मार गिराए। अगले दिन उन्हें इराक भेजा गया, जहां उन्होंने दो और इजराइली विमान ध्वस्त किए। यह किस्सा आज भी पाकिस्तान में गर्व के साथ सुनाया जाता है। इस दुश्मनी की गहराई का अंदाजा एक और बात से लगाएं। पाकिस्तान के पासपोर्ट पर आज भी बड़े अक्षरों में छपा है- 'Not Valid for Israel', यानी यह पासपोर्ट इजराइल के लिए मान्य नहीं है। दुनिया में लगभग हर देश का पासपोर्ट हर देश के लिए वैध होता है। लेकिन पाकिस्तान ने अपने नागरिकों के दस्तावेज पर ही अपनी विदेश नीति लिख दी है। जब मुशर्रफ ने दरवाजा खटखटाया, फिर दबे पांव लौट आए इस 78 साल के इतिहास में एक दिलचस्प मोड़ 2005 में आया। पाकिस्तानी जनरल परवेज मुशर्रफ ने पर्दे के पीछे इजराइल से संपर्क शुरू किया। तुर्किए की मदद से 1 सितंबर 2005 को इस्तांबुल में पाकिस्तानी विदेश मंत्री खुर्शीद कसूरी और इजराइली विदेश मंत्री सिल्वान शालोम की मुलाकात हुई। दोनों देशों के बीच यह पहली सार्वजनिक और आधिकारिक बातचीत थी। इसके कुछ दिन बाद मुशर्रफ UN में इजराइली प्रधानमंत्री एरियल शेरॉन से मिले। किसी पाकिस्तानी शासक का इजराइली नेता से पहला सार्वजनिक मेलजोल था। मुशर्रफ इजराइल के बारे में इंटरव्यू देने वाले पहले पाकिस्तानी मुस्लिम नेता बने और अमेरिका में वर्ल्ड जूइश कांग्रेस को संबोधित करने वाले पहले मुस्लिम नेता भी। लेकिन इसके बाद पाकिस्तान में भूचाल आ गया। मुत्ताहिदा मजलिस-ए-अमल, जमात-ए-इस्लामी और जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम जैसे कट्टपंथी धार्मिक संगठनों ने मुशर्रफ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। सड़कों पर हिंसक प्रदर्शन होने लगे। मुशर्रफ पर ‘इस्लाम और फिलिस्तीन से गद्दारी’ करने के आरोप लगे। अपनी कुर्सी बचाने के लिए मुशर्रफ को कदम पीछे खींचने पड़े। 2003 में जब मुशर्रफ ने कैंप डेविड दौरे पर इजराइल से बेहतर रिश्तों की बात की थी, तब भी इसे फौरन दबा दिया गया था, क्योंकि पाकिस्तान में इसकी तीखी प्रतिक्रिया हुई थी। 2005 की कोशिश भी आगे नहीं बढ़ी। यही पाकिस्तान की असली मुश्किल है। ऊपर से नेता चाहें भी, तो नीचे जनता और धार्मिक संगठन इसे नहीं होने देंगे। आज ट्रम्प ने इजराइल से दोस्ती की मांग क्यों रखी 23 मई को ट्रम्प ने सऊदी अरब, कतर, पाकिस्तान, तुर्किये, मिस्र और जॉर्डन के नेताओं से वर्चुअल बैठक की। दो दिन बाद ट्रूथ सोशल पर लिखा कि ईरान से बातचीत आगे बढ़ रही है, लेकिन इन सभी देशों को 'अब्राहम अकॉर्ड्स' पर साइन करना होगा। अब्राहम अकॉर्ड्स ट्रम्प ने ही अपने पहले कार्यकाल 2020 में बनाया था। मकसद था कि मुस्लिम देश इजराइल को मान्यता दें और उससे रिश्ते बनाएं। अब तक UAE, बहरीन, मोरक्को, सूडान और कजाकिस्तान इस पर दस्तखत कर चुके हैं। ट्रम्प के पोस्ट में एक लाइन और थी- 'कुछ देशों के पास इसमें शामिल न होने की एक-दो वजहें हो सकती हैं।' जानकार इसे पाकिस्तान के लिए 'बाहर निकलने का दरवाजा' मान रहे हैं। शायद ट्रम्प पाकिस्तान को इससे बाहर रखने के लिए तैयार हों। पाकिस्तान ने साफ मना कर दिया पिछले साल भी चर्चा थी कि पाकिस्तान अब्राहम अकॉर्ड साइन करने वाला है। तब पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने कहा था कि हम तब तक इजरायल को मान्यता नहीं देंगे, जब तक आजाद फिलिस्तीन नहीं बनता। ट्रम्प की मांग के बाद रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने पाकिस्तानी न्यूज चैनल 'समा टीवी' से कहा, 'हम ऐसे किसी समझौते में शामिल नहीं होंगे, जो हमारी सोच के खिलाफ हो।' अमेरिकी थिंकटैंक अटलांटिक काउंसिल में दक्षिण एशिया के सीनियर फेलो माइकल कुगेलमैन मानते हैं कि इजराइल को लेकर पाकिस्तान का रूख अटल है। फिलहाल अब्राहम अकॉर्ड में शामिल होना पाकिस्तान के लिए मुमकिन नहीं है। पाकिस्तान की पूर्व एम्बेसडर डॉ. मलीहा लोधी के मुताबिक, ट्रम्प की मांग को गंभीरता से नहीं लेना चाहिए। ईरान के साथ होने वाले संभावित समझौते की रिपब्लिकन पार्टी और इजरायली लॉबी आलोचना कर रही है। ट्रम्प इसी का जवाब देने की कोशिश कर रहे हैं। पाकिस्तान, सऊदी अरब या कोई भी मुस्लिम देश इजरायल को मान्यता नहीं देगा और अब्राहम अकॉर्ड में शामिल नहीं होगा। यह इनकार इतनी आसानी से क्यों आया? क्योंकि पाकिस्तान के लिए इजराइल को मानने की कीमत सिर्फ कूटनीतिक नहीं, घरेलू राजनीतिक है। पाकिस्तान में इमरान खान की पार्टी पहले से ही सरकार के खिलाफ है। इस पर तहरीक-ए-तालिबान जैसे कट्टरपंथी संगठन भी हैं। इजराइल से दोस्ती की खबर आते ही इन सबको सड़कों पर उतरने का बड़ा मुद्दा मिल जाएगा। इसकी धार्मिक वजह भी है। पाकिस्तान खुद को इस्लामिक दुनिया का मसीहा मानता है और इकलौता इस्लामिक देश है, जिसके पास परमाणु बम है। ऐसे में इजराइल को देश मानना पाकिस्तान की सोच के खिलाफ है। ऐसा करने से इस्लामिक दुनिया में उसकी साख मिट्टी में मिल जाएगी। लेकिन ट्रम्प को 'न' कहना भी महंगा पड़ सकता है पाकिस्तान आर्थिक रूप से बेहद कमजोर स्थिति में है। 2024 में IMF से मिला 7 अरब डॉलर का कर्ज पाकिस्तान का 24वां बेलआउट था। किसी भी देश के लिए सबसे ज्यादा। पाकिस्तान का कुल कर्ज उसकी GDP के 70% से ज्यादा है और सरकार की आधी से ज्यादा कमाई सिर्फ कर्ज का ब्याज चुकाने में चली जाती है। IMF में अमेरिका के पास सबसे ज्यादा 16.5% वोटिंग अधिकार हैं। अगर वाशिंगटन ने पाकिस्तान के खिलाफ खड़े होने का फैसला किया, तो इस्लामाबाद के लिए अगला लोन मिलना मुश्किल हो जाएगा। इसके अलावा पाकिस्तान की वायुसेना का सबसे ताकतवर विमान अमेरिकी F-16 है। इसकी मरम्मत, सॉफ्टवेयर अपडेट और तकनीकी सहायता के लिए पाकिस्तान पूरी तरह अमेरिका पर निर्भर है। पिछले साल ट्रम्प प्रशासन ने इसके रखरखाव के लिए 397 मिलियन डॉलर मंजूर किए थे। पाकिस्तान ने ईरान और अमेरिका के बीच बिचौलिया बनकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी साख बढ़ाने की कोशिश की। ट्रम्प ने इसके बदले में शहबाज शरीफ को 'दोस्त' और आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर को 'पसंदीदा फील्ड मार्शल' कहा। फिलहाल पाकिस्तान ने ट्रम्प की मांग पर 'नहीं' कह दिया है। अब देखना यह है कि ट्रम्प इस 'नहीं' को सुनते हैं, या अनसुना कर देते हैं। ----------- ये भी खबर बढ़िए… भारत पर अचानक इतना प्यार क्यों लुटाने लगे ट्रम्प; कोई बड़ी जरूरत या सिर्फ डैमेज कंट्रोल, रूबियो की यात्रा के मायने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो हाल ही में दिल्ली आएं। इस बीच पीएम मोदी को व्हाइट हाउस का निमंत्रण मिला है। ट्रम्प का भी बयान आया- ‘मुझे पीएम मोदी से प्यार है, पीएम मोदी महान हैं।’ पिछले कुछ महीनों से दोनों देशों के रिश्तों में खटास थी। फिर यह गर्मजोशी क्यों? ट्रम्प का यह प्यार असली है या सिर्फ डैमेज कंट्रोल? पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 28 May 2026 5:19 am

ब्लैकबोर्ड-लड़के को पेड़ से जंजीर में बांधा, ताला जड़ा:कहा- खाट में बांधने पर खाट सिर पर लेकर घूमता है, मां को जंजीर में बांधा

खेत के बीचोबीच एक पेड़ से जंजीरों में बंधा युवक जोर-जोर से चीख रहा है- भाग जाऊंगा… भाग जाऊंगा… नाम है- पीरे खान। वह बीच-बीच में पेशाब जाने के लिए कह रहा है। तभी घर से एक महिला बाहर निकलती हैं। नाम है चांदनी। यह पीरे की भाभी हैं। वह पीरे के पास पहुंचती हैं। पहले जंजीर में लगा ताला खोलती हैं, फिर पीरे को खोलती हैं। ऐसा लग रहा है, जैसे किसी जानवर को खोला जा रहा हो। चांदनी, पीरे को पकड़कर खेत में ले जाती हैं। कुछ देर बाद वापस लौटती हैं। फिर उन्हें उसी पेड़ से जंजीर में बांध देती हैं… और ताला लगा देती हैं। स्याह कहानियों की सीरीज ब्लैकबोर्ड में मैं नीरज झा इस बार कहानी लाया हूं राजस्थान के बाड़मेर से, जहां अस्पताल न होने से मानसिक रूप से बीमार लोगों को जंजीरों में बांधकर रखा गया है। बाड़मेर की शिव तहसील से 40 किलोमीटर दूर कानासर गांव। तापमान करीब 48 डिग्री। यहां एक घर के चारों तरफ जहां तक नजर जा रही है, सिर्फ रेत नजर आ रही है। दुपट्टे से चेहरा छुपाए चांदनी बताती हैं, ‘एक महीने से सोई नहीं हूं। पीरे की मानसिक हालत बहुत खराब है। रोज शाम को जोर-जोर से चीखते हैं। कंकड़-पत्थर जो हाथ लगे, उसी से मारने दौड़ते हैं। जंजीर खोल दूं, तो रात में भाग जाते हैं। अब तो जिंदगी पहाड़ लगने लगी है,’ यह कहकर चांदनी घर में पानी लाने चली जाती हैं। 22 साल के पीरे खान चारपाई पर बेसुध लेटे हैं। करीब ही उनकी 65 साल की मां कम्मी खातून मटमैले कपड़े पहने बैठी हैं। मेरी नजर पेड़ में बंधी जंजीर और उसमें लगे ताले पर पड़ी। पूछने पर कम्मी खातून मारवाड़ी लहजे में कहती हैं- 'क्या करूं? बेटे को भेड़-बकरी की तरह इसी पेड़ में जंजीर से बांधकर रखती हूं। जब भी इसकी जंजीर खुली छोड़ी, कई-कई दिन गायब रहा। बड़ी मुश्किल से मिलता है। अब जंजीर में ताला लगा देती हूं, ताकि यह खोलकर भाग न सके। मैं क्या ही बताऊं। बाड़मेर और जोधपुर के अस्पतालों से लेकर दरगाहों तक के चक्कर लगा चुकी हूं, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। पिछले दो सालों से इसे ऐसे ही पेड़ से बांधकर रखा है। खाना-पीना, सोना-जागना, लैट्रिन-पेशाब, सब इसी पेड़ के आस-पास करता है।’ मेरी मोटी जंजीर बंधे पीरे खान के पैर पर जाती है। जंजीर की रगड़ से उनके पैरों की चमड़ी काली पड़ चुकी है। कई जगह छिली हुई है। कम्मी बताती हैं, ‘यह बड़ा बेटा है। 10 साल पहले बीमारी से पति की मौत हो गई। उसके बाद यह भेड़ चराकर कुछ कमाई करता था। अप्रैल 2022 की बात है। अचानक यह बड़बड़ाने लगा। कुछ दिन बाद एक खेत से दूसरे खेत तक दौड़ने लगा। घर के पास ही एक श्मशान घाट है। वहां भी जाता था। गांववाले कहने लगे- यह जरूर श्मशान गया होगा, तभी इसके ऊपर कोई भूत-प्रेत आ गया है। इसे किसी तांत्रिक के पास ले जाओ। एक मौलवी के पास गई। उन्होंने कई ताबीज दिए। बोले- ‘इसके ऊपर भूत का साया है, धीरे-धीरे सब ठीक हो जाएगा।’ हम भी उसी उम्मीद में इसे घर ले आए, लेकिन कुछ ही महीनों में हालत पहले से भी ज्यादा बिगड़ गई। अब यह अचानक जोर-जोर से चीखने लगा। सामने जो भी आता- ईंट, पत्थर या कोई सामान, उठाकर फेंककर मारता। आखिर मजबूर होकर हमने इसे रस्सियों से खाट में बांधना शुरू कर दिया, लेकिन रस्सियां भी ज्यादा देर इसे रोक नहीं पाती थीं। कई बार तो पूरी खाट सिर पर उठाकर गांव की गलियों में निकल पड़ता। एक बार इसे एक दरगाह पर ले गई। मौलाना ने हल्की झाड़-फूंक के बाद कहा- सुबह ठीक से झाड़-फूंक करूंगा। रातभर वहीं रही। सुबह उठी, तो यह गायब था। कई दिनों की तलाश के बाद यह बाड़मेर में भटकता मिला। तब से मेरे रिश्तेदारों ने इसे लाकर पेड़ से बांध दिया। जंजीर खोलकर भागे न इसलिए उसमें ताला भी लगा दिया। इस बातचीत के दौरान पीरे हमें देख रहे हैं। उनके गले में दो-तीन ताबीज हैं। तभी उनके चचेरा भाई शफी घर आ जाता है। शफी मेरे पास बैठकर बताते हैं- दो बार किसी तरह पैसा जुटाकर बाड़मेर और जोधपुर के अस्पताल ले गए, लेकिन कुछ नहीं हुआ। वहां से भागकर चला आया। क्या करें? दिहाड़ी न करें, तो घर का चूल्हा नहीं जलेगा। दिनभर में ढाई-तीन सौ रुपए ही कमा पाते हैं। कहां से इलाज करवाएं? इससे भी बड़ी दिक्कत बाड़मेर यहां से 90 किलोमीटर और जोधपुर 200 किलोमीटर दूर है।’ शफी बताते हैं- ‘पहले यह बिल्कुल भला-चंगा था, हंसता-बोलता था। लेकिन अब हालत ऐसी हो गई है कि हर त्योहार इसी पेड़ के नीचे पड़ा रहता है। पिछले दो सालों से इसकी पूरी जिंदगी इन्हीं जंजीरों में कैद होकर रह गई है। इसका छोटा भाई नसीर मेरे साथ काम करता है। उसी की कमाई से घर चल रहा है।' वह बताते हैं- बाड़मेर में कई ऐसे गांव हैं, जहां मानसिक रूप से बीमार लोगों को जंजीर से बांधकर रखा गया है। कानासर से करीब 150 किलोमीटर दूर खारी गांव है। वहां भी ऐसा ही मामला है। अब मैं खारी गांव के लिए निकल पड़ता हूं। खारी पहुंचने के बाद पैदल करीब डेढ़ किलोमीटर दूर एक झोपड़ी के पास पहुंचा, जहां 55 साल के दूद्धा राम मिले। उनकी 45 साल की पत्नी मोड़ी देवी झोपड़ी के बाहर जंजीरों में बंधी पड़ी हैं। दूद्धा राम ने मेरे पैर पकड़ लिए, उनकी आंखें भर आई। कांपती आवाज में बोले- ‘तीन साल से पत्नी को जंजीरों में बांधकर रखा है। इसे देखता हूं, तो कलेजा फट जाता है, लेकिन क्या करूं, कोई रास्ता नहीं बचा।’ 5 साल पहले की बात है। बेटी की शादी की थी। तब यह एकदम ठीक थी। उसके बाद पता नहीं क्या हुआ, अचानक लोगों को मारने-पीटने लगी। एक दिन मेरे हाथ पर जोर से डंडा मार दिया। हाथ में घड़ी थी, इसलिए बच गया, नहीं तो हाथ टूट जाता। इसी तरह घर के पास रास्ते से जो भी आता-जाता, उसे पत्थर फेंककर मारती। गांववालों ने डर के मारे इस रास्ते से आना-जाना छोड़ दिया। एक दिन मजबूरी में जंजीर खरीदकर लाया और इसे बांध दिया। तब से यह यहीं दिन-रात पड़ी रहती है।' वह बताते हैं- हमारा एक बेटा और एक बेटी है। मैं बचपन से विकलांग हूं, पैर में लकवा है,’ इतना कहते-कहते दूद्धा राम की आंखें फिर से डबडबा जाती हैं। वह अपने 18 साल के बेटे जोगा राम को घर से डॉक्टर की पर्ची लाने को कहते हैं। आगे बताते हैं- महाजन से 10 हजार रुपए कर्ज लेकर किसी तरह एक बार इसे जोधपुर ले गया था, लेकिन दवा खाते ही और बीमार पड़ गई। इस बीच घर में काफी खोजबीन के बाद जोगा राम सीटी स्कैन की रिपोर्ट लेकर आते हैं। कहते हैं, ‘हम लोग बहुत पढ़े-लिखे नहीं हैं। रिपोर्ट ज्यादा समझ नहीं पाते। आप ही जरा देखिए।' वह रिपोर्ट मुझे पकड़ा देते हैं। जोगा कहते हैं- पापा शुरू से विकलांग हैं। पहले वह दिहाड़ी पर काम करने जाते थे। जब मैं बड़ा हुआ, तो इन्हें काम करने से रोक दिया। अब मेरी ही कमाई से घर चलता है। मम्मी की हालत ऐसी है, क्या करूं? मजबूरी में इन्हें जंजीर से बांधकर रखना पड़ रहा है। किसे अच्छा लगता है कि अपनी मां को जंजीर से बांधकर रखे। कई ओझाओं और तांत्रिकों के पास गया, लेकिन कुछ नहीं हुआ। यहीं के रहने वाले हरीश अब मुझे बताते हैं- ‘यहां से करीब 10-15 किलोमीटर दूर केकड़ गांव है। वहां एक महिला को पिछले 15 सालों से ऐसे ही बांधकर रखा गया है।’ हरीश की बात सुनते ही उनके साथ उस गांव की ओर निकल पड़ा। गांव पहुंचते ही दूर एक झोपड़ी दिखी। अंदर 65 साल की तुग्गी देवी बैठी हैं। सामने रखी सब्जी-रोटी खा रही हैं। जैसे ही उनकी नजर मेरे कैमरे पर पड़ती है, वे अचानक उठ खड़ी हुईं और पास आकर मुझे जोर से धक्का दे दिया। करीब खड़े तुग्गी देवी के जेठ के बेटे दुर्गा राम दौड़कर आए और उन्हें संभाला। वह बताते हैं- 'कैमरा देखकर यह ऐसा ही करने लगती हैं। डर जाती हैं। इनका कोई बच्चा नहीं है। 15-20 साल से ऐसी ही हालत में हैं। इनकी तबीयत अचानक खराब हो गई। गांव-गांव घूमने लगीं। लोगों को डंडे-पत्थर से मारती थीं। कई बार इनका एक्सीडेंट हो चुका। तब जाकर हम लोगों ने इन्हें जंजीर बांधा। अब यहीं पड़ी रहती हैं। इन्हें इस हालत में देखकर तकलीफ होती है। हमारे छोटे बच्चे इन्हें देखकर क्या सोचते होंगे, लेकिन क्या करूं?’ तभी तुग्गी देवी के देवर मंगदा राम आते हैं। पास बैठकर बताते हैं, ‘जब ये ठीक थीं, तो घर का सारा काम करती थीं। पहले अचानक चुप रहने लगीं, फिर लोगों को मारने-पीटने लगीं। हमें लगा कि किसी ने इन पर भूत-प्रेत कर दिया है। ओझाओं से झाड़-फूंक करवाई, ताबीज भी पहनाए, लेकिन कोई असर नहीं हुआ। अब कभी-कभी तो मन में यही आता है कि भगवान इन्हें जल्दी अपने पास बुला ले, ताकि इनकी और हमारी यह तकलीफ खत्म हो सके। इस तरह जंजीर से बांधकर रखना दर्द देता है, लेकिन कर ही क्या सकता हूं।’ इस तरह कई गांव घूमने के बाद अब शाम हो चुकी है। रास्ते में मिट्ठरा गांव आता है। मेरे साथी कहते हैं, ‘यहां भी इसी तरह का एक मरीज है। वह कई महीनों से घर में बंद है। चलेंगे क्या?’ अब यहां से निकल और करीब आधे घंटे में उस घर पर पहुंचा। यहां एक कमरे की खिड़की से एक महिला किसी को लोटे में पानी भरकर देती हैं, लेकिन अचानक भीतर से लोटा बाहर आकर गिरता है। महिला ने जिसे पानी दिया था, उसने लोटा बाहर फेंक दिया था। हम नजदीक पहुंचे। देखा कमरे में एक 20 साल की लड़की परमेश्वरी चटाई पर लेटी हुई है। 40 साल की पारू देवी पल्लू संभालते हुए बोलती हैं, ‘यह मेरी बेटी है। ढाई महीने से ऐसी ही पड़ी है। इसे इतना गुस्सा आता है कि किसी का भी गला पकड़ लेती है। इसीलिए कमरे में बंद करके रखती हूं। अभी पानी दिया, तो लोटा बाहर फेंक दिया। पता नहीं इसे क्या हो गया है। झाड़-फूंक का भी कोई असर नहीं है। एक दिन यह स्कूल से आई। अचानक गीत गाने लगी। हमें लगा इस पर भूत आ गया है। एक ओझा के पास लेकर गई, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। अभी कमरा खोल दूं, तो बाहर निकलकर जो भी हाथ में आएगा, उसी से मारने दौड़ पड़ेगी। इसलिए खिड़की से ही खाना-पानी देती हूं। इस बीच मैंने कई बार परमेश्वरी को आवाज दी, लेकिन वह नहीं बोली। बेसुध लेटी रही। मेरे साथी बताते हैं, ‘यहां मानसिक रोगियों को सही समय पर इलाज नहीं मिलता, इसलिए इनके परिवार इन्हें जंजीर से बांधकर रखने को मजबूर हैं।’ अब मैं बाड़मेर पहुंचता हूं। जिले के चीफ मेडिकल एंड हेल्थ ऑफिसर विष्णु राम विश्नोई के पास। विष्णु राम बताते हैं, ‘बाड़मेर में ही नहीं, पूरे देश में मानसिक रोगी हैं। बाड़मेर में 3 साल पहले मानसिक इलाज की सुविधा नहीं थी, इसलिए लोगों को जोधपुर जाना पड़ता था। अब यहां इलाज है, लेकिन लोग जागरूक नहीं हैं। हम लोग गांव-गांव आशा वर्कर्स से ऐसे मरीजों के बारे में पता लगवाते हैं, लेकिन बड़ी दिक्कत यह है कि यहां घर दूर-दूर हैं। कुछ घरों के बीच एक-एक किलोमीटर की दूरी है। इसलिए हेल्थ वर्कर्स हर घर तक नहीं पहुंच पाते। हमें जहां भी ऐसे मानसिक रोगियों की जानकारी मिलती है, उनका रेस्क्यू कराते हैं। किसी इंसान को जंजीर से बांधकर रखना अमानवीय है। हालांकि, सरकार की अब तक ऐसी कोई विशेष नीति नहीं बना पाई है, जिसके जरिए इन लोगों की पहचान कर ठीक से इलाज किया जा सके। लोगों का झाड़-फूंक में ज्यादा यकीन है। इससे मरीज की हालत बिगड़ती जाती है। परिवार मरीजों का पूरा इलाज नहीं कराते, जिससे बीमारी बढ़ जाती है।’ बातचीत खत्म होने के बाद मैं वापस लौटता हूं। लेकिन रास्ते भर एक सवाल पीछा करता है- आखिर किसी इंसान को जानवर की तरह जंजीर से कैसे बांधा जा सकता है? मरीजों की इस हालत पर मेडिकल अफसर विष्णु राम विश्नोई के चेहरे पर मुझे जरा भी चिंता नहीं दिखी। उनका दावा है कि आशा वर्कर्स गांव-गांव जाकर मानसिक रोगियों की पहचान करती हैं। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भी लाती हैं। लेकिन जिन परिवारों से मेरी बात हुई, उनमें से किसी ने भी नहीं बताया कि उनके यहां कभी कोई आशा वर्कर्स आई थीं। --------------------------------------- 1- ब्लैकबोर्ड-'तुम ईसाई बन गए, बाप की लाश नाले में बहाओ':22 दिन तक सड़ती रही लाश, सरपंच बोला- अंतिम संस्कार किया तो बीवी-बच्चों के बारे में सोच लेना ‘7 जनवरी 2025। सुबह के 10 बजे थे। पापा की किडनी फेल होने की वजह से मौत हो गई थी। देखते ही मां रो-रोकर बेहाल हो गई। शव बरामदे में रखते ही चीख-पुकार मच गई। सभी रिश्तेदार घर पहुंचने लगे। सभी कहने लगे- अंतिम संस्कार की तैयारी करो। जब तक लाश दरवाजे पर रहेगी, सब रोते रहेंगे। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें 2- ब्लैकबोर्ड-पत्नी के घरवालों ने नंगा करके पीटा, नस काटकर सुसाइड:पत्नी ने कॉलर पकड़कर मांगे 20 लाख तो फांसी लगाई; तंग पतियों की स्याह कहानियां ‘20 जनवरी 2025 की बात है। शाम के 4 बजे थे। मैं अपने दोनों पोतों को स्कूल से लेकर घर लौट रही थी। रास्ते में मेरा छोटा बेटा नितिन बाइक से आ रहा था। उसने कहा- मम्मी, बाइक पर बैठ जाओ। फिर हम उसके साथ घर आए। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें

दैनिक भास्कर 28 May 2026 5:19 am